कोरबा पुलिस ने मिनीमाता कन्या महाविद्यालय में हुई चोरी की दो घटनाओं का खुलासा किया है। मानिकपुर पुलिस ने मामले में तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से चोरी की गई एल्युमीनियम की खिड़कियों के फ्रेम और चोरी में इस्तेमाल किया गया लोहे का सब्बल बरामद किया गया है। पुलिस के मुताबिक, चोर कॉलेज की इमारत में घुसकर पुरानी एल्युमीनियम की खिड़कियां चोरी कर ले गए थे। मामले में मानिकपुर चौकी में दो अलग-अलग केस दर्ज किए गए थे। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। पुलिस ने मौके का जायजा लिया और आसपास के लोगों से पूछताछ की। इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों को पकड़कर पूछताछ की। पूछताछ में तीनों के दोनों चोरी की घटनाओं में शामिल होने की बात सामने आई। उनकी निशानदेही पर चोरी का सामान भी बरामद कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में सागर कश्यप (22), आकाश उरांव उर्फ टब्बरी (21) और ईश्वर बंजारे (21) शामिल हैं। तीनों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से आगे की कार्रवाई की गई। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी को चोरी का सामान बेचते हुए या किसी संदिग्ध व्यक्ति के बारे में जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी।
आज के तेजी से बदलते तकनीकी युग में रोजगार हासिल करने के लिए सिर्फ किताबी ज्ञान काफी नहीं है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए शनिवार को लखनऊ के राजाजीपुरम स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में एक दिवसीय करियर काउंसलिंग शिविर का आयोजन किया गया। यह महत्वपूर्ण आयोजन महाविद्यालय के करियर काउंसलिंग एवं प्लेसमेंट सेल और लखनऊ विश्वविद्यालय के 'सेवायोजन सूचना एवं मंत्रणा केन्द्र' के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। डिग्री के साथ तकनीकी ज्ञान से मिलेगी सफलता कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. (डॉ.) शिवानी श्रीवास्तव ने छात्राओं का मार्गदर्शन किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि आज के कड़े प्रतिस्पर्धी दौर में केवल डिग्री हासिल कर लेना रोजगार की गारंटी नहीं है। भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए विद्यार्थियों को रोजगारपरक कौशल (Skills), तकनीकी ज्ञान और आत्मविश्वास से लैस होना पड़ेगा। उन्होंने छात्राओं को अपनी रुचि व क्षमताओं को पहचानने और एक लक्ष्य तय कर निरंतर सीखते रहने के लिए प्रेरित किया। AI रोजगार के लिए खतरा नहीं इस शिविर का मुख्य आकर्षण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आयोजित विशेष जागरूकता सत्र रहा। तकनीकी बदलावों को समझाते हुए विशेषज्ञों ने छात्राओं से कहा कि बदलते दौर में AI को रोजगार के लिए एक खतरे या चुनौती के रूप में देखने के बजाय, इसे नए अवसरों और अपनी कार्यक्षमता (Efficiency) बढ़ाने वाले आधुनिक टूल के रूप में अपनाना चाहिए। छात्राओं ने विशेषज्ञों से किए सवाल इसके बाद हुए ओपन इंटरैक्टिव सत्र में छात्राओं ने अपने करियर, रोजगार और AI के प्रभाव से जुड़े कई सवाल विशेषज्ञों के सामने रखे। विशेषज्ञों ने उनकी सभी जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें व्यावहारिक सुझाव दिए और खुद को बाजार की मांग के अनुरूप लगातार अपडेट और 'अपस्किल' करने की सलाह दी। कार्यक्रम के सूत्रधार डॉ. विशाल वर्मा रहे, जिन्होंने कार्यक्रम का बेहतरीन संचालन करते हुए विशेषज्ञों और छात्राओं के बीच एक सार्थक संवाद स्थापित किया। अंत में प्रो. (डॉ.) मिशु सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, विशेषज्ञों, प्राचार्या, प्राध्यापकों एवं छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया। यह शिविर छात्राओं के लिए भविष्य की तैयारी करने का एक बेहद उपयोगी मंच साबित हुआ।
चंडीगढ़ से शराब की तस्करी का एक बड़ा अंतरराज्यीय नेटवर्क सामने आया है, जिसमें पिछले दो महीनों में पांच राज्यों में 2371 से अधिक पेटियां पकड़ी गई हैं।
गुरुग्राम जिले में फर्रुखनगर में मुख्य बस स्टैंड से दाबोदा मोड़ तक चल रहे सड़क निर्माण कार्य के कारण फाजिलपुर मोड़ मार्ग को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इस मार्ग पर फिलहाल केवल दोपहिया वाहन जैसे बाइक, स्कूटर और साइकिल ही गुजर पा रहे हैं। भारी वाहनों जैसे ट्रक और बसों की आवाजाही अगले 15 से 20 दिनों तक प्रभावित रहेगी। नगर पालिका कार्यालय के मोड़ से लेकर फाजिलपुर मोड़ से पहले स्थित एक मोहल्ले तक सड़क मार्ग को बंद किया गया है। इसके चलते वाहन चालकों को आवागमन के लिए वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करना होगा। नगर पालिका के जेई प्रदीप कुमार ने बताया कि, फाजिलपुर मोड़ पर चल रहे सड़क निर्माण कार्य को पूरा करने में लगभग 15 से 20 दिन का समय लग सकता है। निर्माण कार्य पूरा होने तक इस मार्ग पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित या प्रभावित रहेगा। इन वैकल्पिक मार्गों का करना होगा प्रयोग नगर पालिका कार्यालय की ओर से आने-जाने वाले वाहन चालक झज्जर रोड की तरफ से वैकल्पिक मार्ग का उपयोग कर सकेंगे। यह मार्ग गुरुग्राम और झज्जर की ओर आवागमन के लिए उपलब्ध रहेगा। इसी तरह, हेली मंडी से जमालपुर और फाजिलपुर की ओर जाने वाले वाहनों को कॉलोनी की तरफ से वैकल्पिक रास्ते का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। सड़क निर्माण के कारण आगामी 15 से 20 दिनों तक वाहन चालकों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। स्थानीय लोग निर्माण कार्य की गति और निर्धारित समय में इसके पूरा होने पर नजर बनाए हुए हैं।
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में तृणमूल युवा नेता पापाई घोष के घर से सात अवैध हथियार और 186 गोलियां बरामद की गईं।
इटावा में फ्रेंड्स कालोनी थाना क्षेत्र के अड्डा पाय निवासी 10वीं की छात्रा को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में पुलिस ने नामजद आरोपित को शनिवार दोपहर 3 बजे गिरफ्तार कर लिया। किशोरी के न्यायालय में बयान दर्ज होने के बाद मुकदमे में अपहरण के साथ दुष्कर्म, आपराधिक धमकी और पॉक्सो एक्ट की धाराएं बढ़ाई गई हैं। पिता ने दर्ज कराई थी रिपोर्ट किशोरी के पिता ने बीते मंगलवार को औरैया जिले के अजीतमल थाना क्षेत्र के कमालपुर निवासी 19 वर्षीय अवनीश पुत्र कृष्णकांत राठौर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि अवनीश किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर किशोरी की तलाश की थी। घर से गिरफ्तार किया आरोपित उपनिरीक्षक दयाशंकर ने पुलिस टीम के साथ कार्रवाई करते हुए आरोपित अवनीश को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार किशोरी को बरामद करने के बाद उसके न्यायालय में बयान दर्ज कराए गए। बयान के आधार पर विवेचना में पहले दर्ज धाराओं के साथ अन्य गंभीर धाराएं जोड़ी गई हैं। इन धाराओं में बढ़ी कार्रवाई पुलिस के अनुसार मुकदमे में बीएनएस की धारा 137(2) जोड़ी गई है, जो नाबालिग को विधि-विरुद्ध तरीके से ले जाने से संबंधित है। इसके अलावा बीएनएस की धारा 64(1) दुष्कर्म और धारा 351(3) आपराधिक धमकी से संबंधित है। पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4 के तहत भी कार्रवाई की गई है। न्यायालय में पेश किया गया पुलिस ने बढ़ाई गई धाराओं के आधार पर आरोपित को न्यायालय में पेश किया। मामले में किशोरी के न्यायालयीन बयान को विवेचना का महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और न्यायालय में दर्ज बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कुशीनगर के उदित नारायण पीजी कॉलेज, पडरौना में NCC 50 UP बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल हरीश चंद्र ने शनिवार को कॉलेज का दौरा किया। उन्होंने NCC परफॉर्मेंस ऑडिट के तहत कैडेट्स के प्रशिक्षण, अनुशासन और गतिविधियों का निरीक्षण किया। इस दौरान कर्नल हरीश चंद्र ने कैडेट्स से संवाद किया और उन्हें बेहतर नेतृत्व तथा राष्ट्रसेवा की भावना के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कॉलेज पहुंचने पर NCC कैडेट्स ने सैन्य अनुशासन के साथ उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। निरीक्षण के दौरान, कमांडिंग ऑफिसर ने कैडेट्स की परेड, वर्दी की गुणवत्ता, अनुशासन और प्रशिक्षण व्यवस्था का बारीकी से आकलन किया। उन्होंने NCC से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों की भी समीक्षा की। कर्नल हरीश चंद्र ने कैडेट्स से उनके प्रशिक्षण के अनुभवों, विभिन्न कैंपों में भागीदारी और भविष्य की योजनाओं के संबंध में बातचीत की। कर्नल हरीश चंद्र ने अपने संबोधन में कहा कि NCC केवल सैन्य प्रशिक्षण का माध्यम नहीं है। यह युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और सामाजिक जिम्मेदारी विकसित करने का एक सशक्त मंच है। बड़ी संख्या में NCC कैडेट्स उपस्थित रहे उन्होंने कैडेट्स से पढ़ाई के साथ-साथ शारीरिक दक्षता और व्यक्तित्व विकास पर भी विशेष ध्यान देने का आग्रह किया। कर्नल ने देशभक्ति और जिम्मेदारी की भावना के साथ समाज और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का संदेश दिया। कॉलेज की प्राचार्य प्रो. ममता मणि त्रिपाठी ने बताया कि NCC विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और नेतृत्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कमांडिंग ऑफिसर के दौरे और मार्गदर्शन को कैडेट्स के लिए प्रेरणादायक बताया। इस अवसर पर लेफ्टिनेंट नरेंद्र त्रिपाठी (एएनओ), कॉलेज के शिक्षकगण और बड़ी संख्या में NCC कैडेट्स उपस्थित थे। कैडेट्स ने कमांडिंग ऑफिसर के मार्गदर्शन को अपने भविष्य के लिए उपयोगी बताते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया।
नरसिंहपुर जिले के चांवरपाठा जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम काचरकोना में खराब सड़क के कारण एक बुजुर्ग की मौत का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की हालत खराब होने के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी। इसके बाद एक बुजुर्ग को ट्रैक्टर-ट्रॉली से अस्पताल ले जाया गया लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई। बारिश से सड़क पर कीचड़ और पानी भरा जानकारी के मुताबिक बुजुर्ग की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। गांव से खैरी मौजा तक जाने वाला रास्ता लंबे समय से कच्चा और जर्जर है। बारिश के कारण सड़क पर कीचड़ और पानी भर गया था। ग्रामीणों ने बताया की इस वजह से एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाई। इसके बाद परिजनों को बुजुर्ग को ट्रैक्टर-ट्रॉली से अस्पताल ले जाना पड़ा। ग्रामीणों ने बताया कि रास्ता खराब होने के कारण उन्हें काफी परेशानी हुई। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में बुजुर्ग की मौत हो गई। परिवार का कहना है कि समय पर एंबुलेंस और इलाज मिल जाता तो स्थिति अलग हो सकती थी। लंबे समय से पक्की सड़क की मांग ग्रामीणों के मुताबिक, सड़क निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है। सरपंच और जनपद पंचायत के अधिकारियों को पक्की सड़क के लिए कई बार आवेदन दिए गए हैं। ग्रामीणों ने तत्काल मुरम-मिट्टी डालकर रास्ता सुधारने की मांग भी की थी। उनका कहना है कि इसके बावजूद सड़क की स्थिति में स्थायी सुधार नहीं हुआ। बच्चों और किसानों को भी परेशानी खराब सड़क के कारण ग्रामीणों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ता है। बारिश के मौसम में स्कूली बच्चों के आवागमन पर भी असर पड़ता है। किसानों को भी खाद-बीज लाने और उपज बाहर ले जाने में दिक्कत होती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की है। जब तक पक्की सड़क नहीं बनती, तब तक ग्रामीणों ने मार्ग को आवागमन योग्य बनाने की मांग की है।
बागपत में एआरटीओ विपिन कुमार के नेतृत्व में परिवर्तन योजना अभियान के तहत कार्रवाई की गई। खेकड़ा के काठा-पाठशाला रोड पर चलाए गए इस अभियान में 10 वर्ष पुराने डीजल और 15 वर्ष पुराने पेट्रोल वाहनों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए। अभियान के दौरान पांच टेंपो जब्त किए गए। इन वाहनों को नियमानुसार स्क्रैप सेंटर में कटान के लिए भेज दिया गया है। परिवहन विभाग की इस कार्रवाई से पुराने वाहन चलाने वाले मालिकों में हड़कंप मच गया। एआरटीओ विपिन कुमार ने बताया कि यह अभियान जनपद में प्रतिदिन जारी रहेगा। उन्होंने वाहन मालिकों से अपील की कि वे 10 वर्ष से अधिक पुराने डीजल और 15 वर्ष से अधिक पुराने पेट्रोल वाहनों का संचालन बंद कर दें। वाहन मालिकों को सलाह दी गई विपिन कुमार ने कहा कि वाहन मालिक परिवर्तन योजना के तहत अपने पुराने वाहनों को स्क्रैप कराकर मिलने वाली छूट और अन्य लाभों का फायदा उठाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वाले पुराने वाहनों के खिलाफ भविष्य में भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। वाहन मालिकों को सलाह दी गई है कि वे समय रहते अपने पुराने वाहनों को नियमानुसार स्क्रैप कराकर कार्रवाई से बचें।
अलवर निकाय चुनाव में मेयर बनाने की रणनीति के साथ भाजपा पूरी ताकत से मैदान में उतर गई है। पार्टी अपने संभावित प्रत्याशियों के साथ-साथ कांग्रेस और निर्दलीय उम्मीदवारों की भी विस्तृत जानकारी जुटा रही है, ताकि चुनाव के बाद बनने वाले समीकरणों का पहले से आकलन किया जा सके। पिछली बार 19 निर्दलीय प्रत्याशियों की जीत ने नगर निगम की सत्ता के गणित को प्रभावित किया था। ऐसे में भाजपा इस बार कोई जोखिम नहीं लेना चाहती और हर वार्ड के राजनीतिक समीकरण पर नजर रख रही है। बीजेपी नेता एक फॉर्मेट के जरिए यह पता लगाने में जुटे है कि किस वार्ड से कौन-कौन बीजेपी और कांग्रेस के मजबूत लोग हैं, जो चुनाव लड़ सकते हैं। इसके अलावा निर्दलीय कौन हो सकते हैं। जानकार मान रहे हैं कि बीजेपी ने अभी से मेयर व चेयरमैन बनाने की रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। कहीं से नंबर कम रहे तो किसे अपने खेमे में लाया जा सकता है। यह भी हो सकता है कि चुनाव से पहले कोई रणनीति हार-जीत के लिए की जा सकती है। दूसरी तरफ कांग्रेस के नेताओं ने संभावित दावेदारों से बायोडाटा लिया है और पर्यवेक्षक एक-एक दावेदार के बारे में आमजन से उनकी राय जान रहे हैं, ताकि मजबूत प्रत्याशी मैदान में उतर सके। पिछली बार भी निर्दलियों ने जिताया था पिछले 2019 के नगर निकाय के चुनावों में अलवर से 65 में से 19 पार्षद निर्दलीय जीते थे। बीजेपी के 27 पार्षद जीतने के बावजूद सभापति कांग्रेस का बना था। उस समय प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी। इसलिए कांग्रेस ने जोड़-तोड़ करने में सफल रही थी। इस बार देश में जेन जी का आंदोलन भी सामने आया। उसके बाद नए वोटर का चुनावों के प्रति रुझान बढ़ा है। हार-जीत तय कर सकते हैं नए वोटर जानकार मान रहे हैं कि अगले चुनावों में नए वोटर हार-जीत तय कर सकते हैं। इसलिए माना जा रहा है कि जेन जी का जिधर अधिक रुझान रहा। वो प्रत्याशी मजबूत हो सकता है। इस कारण पार्टियों ने टिकट का चयन सही नहीं किया तो निर्दलियों की संख्या बढ़ भी सकती है। फिर निर्दलीय ही मेयर का चयन करने में अहम भूमिका रखेंगे। जानिए किस वार्ड से कौन लड़ सकेगा -
विदेश भेजने के नाम पर 9.10 लाख ठगे:फर्जी वीजा और एयर टिकट दिया, 2 दिन पहले कहा- टिकट कैंसिल हो गई
सीकर में युवक को इजरायल भेजने के नाम पर 9.10 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। एजेंट ने रुपए लेकर फर्जी वीजा और एयर टिकट दे दिया। अब एजेंट पैसे भी वापस नहीं दे रहा। पीड़ित युवक ने एसपी ऑफिस में शिकायत देकर दादिया पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है। गुंगारा निवासी सांवरमल ने एसपी ऑफिस में शिकायत देकर बताया- सीकर शहर निवासी राजेश कुमार ने इजरायल भेजने के नाम पर 9.10 लाख लिए। इसके बाद फर्जी वीजा और फर्जी एयर टिकट देकर कहा कि 14 जुलाई को तुम आबू धाबी होते हुए इजरायल चले जाना। 12 जुलाई को राजेश ने कॉल करके कहा कि तुम्हारी टिकट कैंसिल हो गई। विदेश जाने की टिकट नहीं दी इसके बाद सांवरमल सीकर में बस डिपो के पास स्थित राजेश कुमार के ऑफिस विक्की मैनपॉवर चला गया। तब राजेश ने कहा कि एक-दो दिन में टिकट बनाकर तुम्हें दे देंगे। लेकिन आज तक टिकट नहीं दी। सांवरमल ने शिकायत में बताया कि उसने पहले 31 जुलाई को दादिया पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी। लेकिन उस मामले में कोई भी कार्रवाई नहीं हुई। शिकायत की जांच करने वाले अनुसंधान अधिकारी ने कहा कि राजेश को बुलाकर पूछताछ की जाएगी। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। अधिकारी बदलने की मांग सांवरमल ने शिकायत में कहा कि दूसरे अनुसंधान अधिकारी से मामले की जांच करवाई जाए। फिलहाल एसपी ऑफिस में दी शिकायत के आधार पर दादिया थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
बस्ती में किसान पिता ने ग्राम विकास अधिकारी बनकर लौटे अपने बेटे का ग्रैंड वेलकम किया। उसे हाथी पर बिठाकर ढोल नगाड़ों के साथ घर लाया। इस दौरान गांव के लोग रास्ते में उसके स्वागत के लिए खड़े रहे। जुलूस में आगे बैंड-बाजा चल रहा था। पीछे ग्रामीणों की भीड़। हाथी पर सवार युवक को देखकर ग्रामीणों ने तालियां बजाकर बधाई दी। इसके बाद फूलों की माला पहनाकर स्वागत किया। इस हाथी को 10 हजार रुपये में बुक किया गया था। स्वागत के बाद पूरे गांव में मिठाई बांटी गई। पूरा मामला बस्ती जिले के हर्रैया थाना क्षेत्र का है। दो विजुअल देखिए अब समझिए पूरा मामला केशवपुर गांव के महेंद्र कुमार पांडे किसान हैं। परिवार में पत्नी के अलावा परिवार में दो बेटियां अन्नू, अंजू और तीन भाई अनूप, अवनीश और आशीष हैं। इनमें अवनीश (28) चौथे नंबर पर हैं। अवनीश दिल्ली में रहकर करीब 10 साल से प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। एक महीने पहले उनका सेलेक्शन ग्राम विकास अधिकारी के पद पर हुआ। ये खबर जैसे ही महेंद्र को मिली तो वो खुशी से झूम उठे। उन्होंने बेटे के ग्रैंड वेलकम की तैयारी की। शुक्रवार को अवनीश पांडे ट्रेन से लखनऊ और वहां से कार से शाम को बस्ती अपने गांव पहुंचे। गांव के प्रवेश द्वार पर महेंद्र कुमार पांडे ने बेटे के स्वागत लिए परिवार के साथ हाथी और बैंड बाजा लेकर खड़े थे। बेटे के आते ही उन्होंने उसकी पीठ थपथपाई। इसके बाद उसे हाथी पर बिठाया। करीब एक किमी तक हाथी पर बैंज बाजों की धुन पर नाचते हुए पूरे गांव में घूमे। कई बार असफल हुए, हिम्मत नहीं हारी अवनीश पांडे कक्षा आठ तक हर्रैया के गजाधर सिंह विद्यालय में पढ़े। इसके बाद उन्होंने राम कुमार विक्रम सिंह इंटर कॉलेज से इंटर पास किया। इसके बाद अवनीश ने लखनऊ विश्वविद्यालय में ग्रेजुएशन किया। इसके बाद वे दिल्ली के मुखर्जी नगर में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते रहे। इस दौरान उन्हें कई बार असफलता का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपनी मेहनत जारी रखी। हर शुभ काम में घर का हाथी बनता है हिस्सा अवनीश की सफलता पर हाथी से जुलूस निकालने की वजह भी खास है। परिवार के पास हाथी पहले से है और घर में होने वाले शुभ कार्यों में हाथी बुलाया जाता है। इसलिए बेटे की नौकरी लगने पर भी परिवार ने हाथी पर बैठाकर उसका स्वागत किया। हालांकि इस मौके पर कोई भोज नहीं हुआ। परिवार ने गांव भर में लड्डू बनवाकर लोगों को मिठाई खिलाई और बेटे की सफलता की खुशी साझा की। ---------- ये खबर भी पढ़ें- अयोध्या में रिश्वत दीजिए, रामलला के दर्शन कीजिए, ज्यादा पैसे दोगे तो दरोगा साथ जाएगा, रील भी बनवाएगा; स्टिंग में देखिए पूरी सौदेबाजी ‘राममंदिर में दर्शन हो जाएंगे। मजिस्ट्रेट साहब के यहां से प्रोटोकॉल जारी करा देंगे, फिर दरोगा खुद ले जाएगा और दर्शन कराएगा।’ यह कहना है अयोध्या में राममंदिर के बाहर दर्शन कराने वाले दलाल शुभम दुबे का। यह पैसे लेकर दर्शन कराने वाले गिरोह में शामिल है। चार्ज है- 7300 रुपए। जबकि, राममंदिर में दर्शन के लिए कोई शुल्क नहीं है। पढ़ें पूरी खबर
बंगाल: भांगड़ विस्फोट मामले में पूर्व TMC विधायक शौकत मोल्ला पर लगी UPA की धारा
एनआईए ने दक्षिण 24 परगना के भांगड़ बम विस्फोट मामले में पूर्व तृणमूल विधायक शौकत मोल्ला के खिलाफ यूएपीए की धारा जोड़ी है।
निकाय चुनाव: भाजपा में 88 दावेदारों ने दिए आवेदन:पार्टी टिकट के लिए उम्मीदवारों ने जताई दावेदारी
सिरोही जिले में नगर निकाय चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी को विभिन्न वार्डों से चुनाव लड़ने के इच्छुक 88 दावेदारों के आवेदन प्राप्त हुए हैं। आवेदन प्रक्रिया को लेकर कार्यकर्ताओं और संभावित प्रत्याशियों में उत्साह देखने को मिल रहा है। इच्छुक उम्मीदवार 23 अगस्त, रविवार तक अपने आवेदन जमा करवा सकते हैं। वरिष्ठ नेताओं के समक्ष रखे आवेदन दावेदारों ने अपने आवेदन राज्यमंत्री ओटाराम देवासी, सांसद लुम्बाराम चौधरी, जिलाध्यक्ष डॉ. रक्षा भंडारी, जिला महामंत्री गणपतसिंह राठौड़ और मंडल अध्यक्ष चिराग रावल जैसे वरिष्ठ नेताओं के समक्ष प्रस्तुत किए। पार्टी स्तर पर टिकट के लिए सामने आए दावेदारों से नेताओं ने संवाद भी किया। संगठन और वार्ड स्तर की तैयारियों पर जोर भाजपा जिला मीडिया प्रभारी रोहित खत्री ने बताया कि पार्टी पदाधिकारियों ने सभी दावेदारों से संवाद करते हुए संगठन को मजबूत बनाने और वार्ड स्तर पर प्रभावी जनसंपर्क बढ़ाने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। आगामी चुनाव में पार्टी की स्थिति मजबूत करने को लेकर भी दावेदारों से चर्चा की गई। आवेदन के बाद होगी प्रत्याशी चयन प्रक्रिया आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पार्टी स्तर पर सभी दावेदारों के नामों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके बाद योग्य और जिताऊ प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। टिकट को लेकर बड़ी संख्या में आवेदन मिलने से नगर निकाय चुनाव में भाजपा के भीतर दावेदारों की सक्रियता बढ़ती नजर आ रही है।
गाजीपुर के सुभाष नगर महाजन टोली स्थित कंपोजिट विद्यालय के मिड-डे मील (MDM) खाते में वित्तीय अनियमितता और फर्जी मुहर के आरोप सिद्ध होने पर प्रधानाचार्य मनोज कुमार सिंह को निलंबित कर दिया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग ने यह कार्रवाई की है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उपासना रानी वर्मा ने बताया कि जांच में प्रधानाचार्य के खिलाफ लगे आरोप सही पाए गए। यह मामला विद्यालय के MDM खाते से वर्ष 2022 से 2026 के बीच हुए लेनदेन से संबंधित है। बैंक लेनदेन विवरण के अनुसार, खाते से अलग-अलग तारीखों में कई बार नकद निकासी की गई। इसमें 10 अगस्त 2023 को 45 हजार रुपये और 19 अक्टूबर 2023 को 9 हजार रुपये सहित कुल लगभग 6.97 लाख रुपये की नकद निकासी दर्ज है। इसी अवधि में, 24 अगस्त 2022 को 49,370 रुपये और 19 मई 2023 को 48,916 रुपये, यानी कुल 98,286 रुपये प्रधानाचार्य की पत्नी रेनू सिंह के एसबीआई खाते में NEFT के माध्यम से ट्रांसफर किए गए थे। दो सदस्यीय जांच टीम का गठन किया मामले में वार्ड-5 के सभासद शनि चौरसिया ने चेक पर किए गए हस्ताक्षर को अपना मानने से इनकार किया था। उन्होंने दावा किया था कि चेक पर वार्ड-5 की जगह वार्ड-13 की मुहर लगी थी। इसके बाद बैंक से चेक का भुगतान होने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठे थे। प्रधानाचार्य मनोज कुमार सिंह ने पहले बताया था कि सभासद से हस्ताक्षर कराने के लिए चेक दिए जाने के बाद सभासद उसे लेकर अंदर चले जाते थे। उन्हें इस बात की जानकारी नहीं होती थी कि चेक पर किसकी मुहर लगती थी और कौन हस्ताक्षर करता था। उनके अनुसार, चेक बैंक पहुंचने के बाद नकद रकम लेकर वापस आया जाता था। बैंक ने किस आधार पर चेक का भुगतान किया, इस पर प्रधानाचार्य ने कहा था कि इसकी जानकारी बैंक ही दे सकता है। मामले की आगे की पड़ताल के लिए दो सदस्यीय जांच टीम का गठन किया गया है।
अयोध्या में एंटी करप्शन टीम द्वारा एक लेखपाल की गिरफ्तारी के विरोध में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू कर दिया है। इसी क्रम में शनिवार को महावन तहसील परिसर में सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक लेखपालों ने कार्य बहिष्कार कर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने थाना दिवस का भी पूर्ण बहिष्कार किया। धरने का नेतृत्व लेखपाल संघ के महावन तहसील अध्यक्ष पवन कुमार ने किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या में उनके साथी लेखपाल को दुर्भावनापूर्ण तरीके से फंसाया गया है। संघ ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। लेखपालों ने बताया कि आंदोलन के पहले चरण में काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया गया था। प्रांतीय नेतृत्व के निर्देश पर पूर्ण कार्य बहिष्कार किया गया। लेखपाल तहसील परिसर में धरने पर बैठकर अपनी मांगें उठा रहे थे। धरनारत लेखपालों ने अयोध्या प्रकरण की जांच स्वतंत्र अथवा विशेष जांच एजेंसी से कराने की मांग की। उनका कहना था कि इससे घटना की वास्तविकता सामने आ सकेगी और दोषी तथा निर्दोष का निर्धारण हो पाएगा। उन्होंने पीड़ित लेखपाल को न्याय दिलाने की बात कही। संघ पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मामले में निष्पक्ष जांच कराकर न्याय नहीं दिलाया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। धरने के दौरान लेखपालों ने नारे लगाए। इस मौके पर महावन तहसील के बड़ी संख्या में लेखपाल और संघ के सदस्य मौजूद रहे।
लखनऊ में शनिवार को किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में विरोध प्रदर्शन हुआ । केजीएमयू के गेट नंबर 1 पर एमबीबीएस के इंटर्न छात्र-छात्राएं मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि वर्तमान में उन्हें हर महीने करीब 12 हजार रुपये मानदेय मिलता है। जिसे बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रति माह किए जाने की मांग कर रहे हैं। स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे MBBS और BDS इंटर्न डॉक्टरों ने कहा कि लंबे समय में मांग कर रहे हैं मगर सुनवाई नहीं हुई। लगातार नजरअंदाज के जाने से परेशान होकर प्रदर्शन शुरू किया । प्रदर्शन में केजीएमयू के अलावा लोहिया संस्थान, गोरखपुर, मेरठ समेत अन्य मेडिकल कॉलेजों के इंटर्न डॉक्टर भी शामिल हुए । स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द ही सुनवाई नहीं हुई तो भूख हड़ताल शुरू कर देंगे। मेधावी दीप्ति शर्मा भी प्रदर्शन में शामिल प्रदर्शन में केजीएमयू के दीक्षांत समारोह में चांसलर और हीवेट सहित 19 पदक हासिल करने वाली मेधावी छात्रा दीप्ति शर्मा भी शामिल हुईं । इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि मौजूदा स्टाइपेंड उनकी जरूरतों के लिहाज से पर्याप्त नहीं है, इसलिए इसे बढ़ाया जाना चाहिए। बढ़ती हुई महंगाई के हिसाब से ₹12 हजार बहुत कम है। बहुत सारे छात्र आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं। ऐसे में परिजनों से भी ज्यादा आर्थिक सहायता नहीं ले सकते। फिलहाल परिवार वाले उम्मीद करते हैं कि हम उनकी आर्थिक सहायता करें मगर अधिकतर छात्रों को हर महीन घर से पैसे मंगवाने पड़ जाते हैं।
लखनऊ में 22 अगस्त को पं. दीन दयाल उपाध्याय राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजाजीपुरम में 19 यूपी गर्ल्स बटालियन एनसीसी के तत्वावधान में शनिवार को ‘बालिकाओं की व्यक्तिगत एवं मासिक धर्म स्वच्छता’ विषय पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम ब्रिगेडियर पुनीत श्रीवास्तव, वीएसएम, ग्रुप कमांडर, एनसीसी ग्रुप लखनऊ के निर्देशन तथा कर्नल (डॉ.) दिनेश कुमार पाठक, कमांडिंग ऑफिसर, 19 यूपी गर्ल्स बटालियन एनसीसी और प्राचार्य प्रो. शिवानी श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में हुआ। इसमें विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के करीब 200 एनसीसी कैडेट्स ने प्रतिभाग किया। स्वच्छता और पोषण की दी जानकारी विशेषज्ञ वेरोनिका कौल, रिया चौधरी और गौरव सोनी ने छात्राओं को व्यक्तिगत स्वच्छता, मासिक धर्म स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षित आदतों तथा मासिक धर्म उत्पादों के उचित उपयोग और निस्तारण की जानकारी दी। साथ ही मासिक धर्म से जुड़ी भ्रांतियों और मिथकों को दूर किया गया। प्रेजेंटेशन से समझाए सुरक्षित तरीके पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन, ऑडियो-विजुअल माध्यम और व्यावहारिक प्रदर्शन से छात्राओं को वैज्ञानिक जानकारी दी गई। प्रश्नोत्तर सत्र में कैडेट्स ने स्वास्थ्य संबंधी सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने समाधान किया। विशेषज्ञों को किया सम्मानित कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए कर्नल (डॉ.) दिनेश कुमार पाठक और प्रो. शिवानी श्रीवास्तव ने विशेषज्ञों को सम्मानित किया। इस अवसर पर लेफ्टिनेंट कर्नल दीप्ति, सीनियर जीसीआई विनिता श्रीवास्तव और महाविद्यालय के प्राध्यापक मौजूद रहे। कार्यक्रम का समन्वय डॉ. नेहा जैन ने किया। कार्यशाला का उद्देश्य छात्राओं में स्वच्छता, स्वास्थ्य जागरूकता, गरिमा और आत्मविश्वास बढ़ाना रहा।
उच्चतर शिक्षा विभाग, हरियाणा के निर्देशानुसार राजकीय महाविद्यालय उकलाना में चल रही दाखिला प्रक्रिया के मद्देनजर रविवार, 23 अगस्त को भी महाविद्यालय खुला रहेगा। विद्यार्थियों की सुविधा को देखते हुए इस दिन फिजिकल काउंसलिंग के साथ दाखिले से संबंधित अन्य आवश्यक कार्य भी किए जाएंगे। महाविद्यालय प्रशासन के अनुसार, रविवार को सुबह 10 बजे से शाम 4:30 बजे तक विद्यार्थी महाविद्यालय पहुंचकर फिजिकल काउंसलिंग में भाग ले सकेंगे। जिन विद्यार्थियों ने अभी तक ऑनलाइन दाखिला फॉर्म नहीं भरा है, उनके लिए भी महाविद्यालय में विशेष व्यवस्था की गई है। ऐसे विद्यार्थी आवश्यक दस्तावेजों के साथ कॉलेज पहुंचकर मौके पर ही ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भर सकेंगे। फार्म भरने, दस्तावेजों की जांच में स्टाफ करेगा सहयोग महाविद्यालय में तैनात स्टाफ विद्यार्थियों को आवेदन फॉर्म भरने, दस्तावेजों की जांच तथा दाखिले से जुड़ी अन्य प्रक्रियाओं में आवश्यक सहयोग प्रदान करेगा। इससे उन विद्यार्थियों को विशेष रूप से राहत मिलेगी, जो किसी कारणवश निर्धारित समय में ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पाए हैं। महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. रेखा सलूजा ने बताया कि उच्चतर शिक्षा विभाग के निर्देशों के अनुरूप विद्यार्थियों को दाखिले के लिए हरसंभव सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे इस अवसर का लाभ उठाते हुए निर्धारित समय पर महाविद्यालय पहुंचें और अपनी प्रवेश प्रक्रिया पूरी करें। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे सभी आवश्यक मूल दस्तावेज और उनकी प्रतियां साथ लेकर आएं, ताकि दाखिले की प्रक्रिया को बिना किसी परेशानी के पूरा किया जा सके। प्राचार्या ने कहा कि महाविद्यालय का प्रयास है कि कोई भी इच्छुक विद्यार्थी केवल दाखिला प्रक्रिया की जानकारी या तकनीकी परेशानी के कारण उच्च शिक्षा से वंचित न रहे।
नरसिंहपुर जिले में शिक्षा व्यवस्था की बदहाली सामने आई है। जनपद पंचायत चांवरपाठा क्षेत्र की सरकारी प्राथमिक शाला दतली टोला, ककरा घाट का भवन जर्जर हो चुका है। यहां करीब 20 बच्चे जान जोखिम में डालकर पढ़ने को मजबूर हैं। बारिश शुरू होते ही स्कूल की छत से पानी टपकने लगता है। कमरों में सीमेंट और प्लास्टर गिरने का खतरा बना रहता है। तेज बारिश के दौरान बच्चों को एक ही हॉल में सिमटकर बैठना पड़ता है। छत से टपकते पानी से बच्चों की किताबें और कॉपियां भीग जाती हैं। जर्जर छत और दीवारों को देखकर शिक्षक और अभिभावक बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। बारिश के दिनों में कई बच्चे डर के कारण स्कूल आने से भी कतराने लगे हैं। टीचर ने क्या कहा? स्कूल के प्राथमिक शिक्षक गोकल प्रसाद जाटव ने बताया कि अधिक बारिश होने पर पूरी छत से पानी टपकता है। स्कूल के दो कमरों का सीमेंट भी गिर रहा है। बरामदा ही कुछ हद तक सुरक्षित रहता है, लेकिन तेज बारिश में वहां भी पानी पहुंच जाता है। गांव में बच्चों की कक्षाएं संचालित करने के लिए कोई बड़ा वैकल्पिक भवन उपलब्ध नहीं है। शिक्षक के अनुसार, स्कूल भवन की समस्या को लेकर प्रधान पाठक द्वारा कई बार शासन को प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं। हालांकि, अब तक भवन निर्माण या मरम्मत के लिए कोई राशि या स्वीकृति नहीं मिली है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर जिम्मेदार विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों कर रहा है? मासूमों की जिंदगी दांव पर लगी है, लेकिन जिम्मेदारों की नींद कब टूटेगी, यह एक बड़ा प्रश्न है।
लखीमपुर खीरी में सदर कोतवाली पुलिस ने ई-रिक्शा चोरी की दो घटनाओं का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी के दो ई-रिक्शा बरामद किए हैं। आरोपियों को महेवागंज-बनवारीपुर रोड पर चोरी किए गए ई-रिक्शों की बैटरियां खोलते समय पकड़ा गया। सदर कोतवाली प्रभारी राजेश कुमार सिंह के अनुसार, 19 अगस्त को कचहरी के पास से और 20 अगस्त को खीरी एसपी कार्यालय के पास से ई-रिक्शा चोरी हुए थे। इन घटनाओं के बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और संदिग्धों की पहचान कर उनकी तलाश शुरू की। पुलिस कर रही कार्रवाई शनिवार दोपहर करीब 1:30 बजे पुलिस टीम को सूचना मिली कि चोरी के ई-रिक्शा महेवागंज-बनवारीपुर रोड पर हैं और आरोपी उनकी बैटरियां खोल रहे हैं। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर चारों आरोपियों को पकड़ लिया। पूछताछ में उनकी पहचान इमरान, मोहम्मद सुयेब, मोहम्मद सुहेल और शादाब के रूप में हुई। ये सभी आरोपी महेवागंज क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं। पुलिस ने दोनों ई-रिक्शों को कब्जे में लेकर आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
विदिशा की लटेरी तहसील से करीब 27 किमी दूर भीलाखेड़ी खुर्द गांव में सड़क और पुल नहीं है। आजादी के 79 साल बाद भी ग्रामीणों को गांव से बाहर जाने के लिए करीब 200 फीट चौड़ी भरका नदी पार करनी पड़ती है। सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों को होती है। गांव के करीब 15 से 20 बच्चे रोज नदी पार कर स्कूल जाते हैं। कभी उनके परिजन तो कभी शिक्षक उन्हें नदी पार कराते हैं। नदी के दूसरी तरफ प्राथमिक स्कूल है। इसलिए बच्चों के पास जाने का यही रास्ता है। नदी पार करते समय कई बार उनके बैग पानी में गिर जाते हैं। किताबें भीग जाती हैं। दरअसल, भरका नदी 2 नदियों के मिलने से बनी है। सामान्य दिनों में इसमें दो से तीन फीट पानी रहता है। बारिश में जंगल और आसपास के इलाकों से पानी आने पर जलस्तर बढ़ जाता है। इस बारिश में नदी करीब चार बार उफान पर आ चुकी है। पानी करीब 6 से 7 घंटे में उतरता है। तब तक ग्रामीण गांव से बाहर नहीं निकल पाते। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में दोपहिया और चार पहिया वाहन भी नहीं पहुंच सकते। ग्रामीण अपने वाहन नदी के दूसरे किनारे खड़े करते हैं। इसके बाद पैदल नदी पार कर गांव जाते हैं। बीमार लोगों को भी इसी रास्ते से ले जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि दो दिन पहले एक गर्भवती महिला की तबीयत बिगड़ गई थी। चार युवकों ने उसे कंधे पर उठाया। इसके बाद नदी पार कर अस्पताल पहुंचाया गया। कई बार कर चुके हैं पुल की मांग ग्रामीणों का कहना है कि वे सड़क और पुल के लिए कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से मांग कर चुके हैं। अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ है। सड़क और पुल नहीं होने के कारण कई परिवार गांव छोड़कर दूसरे स्थानों पर चले गए। उनकी खेती गांव में है। इसलिए उन्हें आज भी रोज नदी पार कर खेतों तक जाना पड़ता है। बारिश में बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है। नदी का पानी बढ़ने पर उनका स्कूल जाना बंद हो जाता है। मंदिर तक पहुंचने में भी परेशानी होती है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी।
सूबेदारगंज-बांद्रा स्पेशल ट्रेन के समय में बदलाव:तकनीकी कारणों से बदला समय, 24 और 31 अगस्त को चलेगी
प्रयागराज रेल प्रशासन ने सूबेदारगंज से बांद्रा टर्मिनस के बीच चलने वाली साप्ताहिक सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन के समय में तकनीकी कारणों से बदलाव किया है। इसके अतिरिक्त, नियमित ट्रेनों के संचालन के कारण कानपुर सेंट्रल और सूबेदारगंज से लोकमान्य तिलक टर्मिनस के लिए चलने वाली दो स्पेशल ट्रेनों के कई फेरे रद्द किए गए हैं। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले संशोधित समय और यात्रा की तारीख की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। गाड़ी संख्या 04125 सूबेदारगंज-बांद्रा टर्मिनस सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन प्रत्येक सोमवार को सूबेदारगंज से रवाना होगी। यह ट्रेन 24 और 31 अगस्त 2026 को दो फेरे लगाएगी। यह ट्रेन सूबेदारगंज से सुबह 5:50 बजे प्रस्थान कर सुबह 6:55 बजे फतेहपुर, 8:20 बजे गोविंदपुरी, 10:18 बजे इटावा और दोपहर 12:25 बजे टूंडला पहुंचेगी। इसके बाद यह ईदगाह, फतेहपुर सीकरी, रूपबास, बयाना, गंगापुर सिटी, सवाई माधोपुर और कोटा होते हुए रतलाम, वडोदरा, सूरत और वापी से गुजरेगी। ट्रेन के बांद्रा टर्मिनस पहुंचने का निर्धारित समय मंगलवार सुबह 9:30 बजे है। वापसी में, गाड़ी संख्या 04126 बांद्रा टर्मिनस-सूबेदारगंज स्पेशल ट्रेन 25 अगस्त और 1 सितंबर 2026 को मंगलवार को बांद्रा टर्मिनस से शाम 5 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन अगले दिन बुधवार को सूबेदारगंज पहुंचेगी। नियमित ट्रेनों के संचालन के कारण गाड़ी संख्या 04151/04152 कानपुर सेंट्रल-लोकमान्य तिलक टर्मिनस-कानपुर सेंट्रल साप्ताहिक स्पेशल के कई फेरे रद्द किए गए हैं। गाड़ी संख्या 04151 के 11, 18 और 25 सितंबर 2026 के फेरे तथा गाड़ी संख्या 04152 के 12, 19 और 26 सितंबर 2026 के फेरे निरस्त रहेंगे। इसी प्रकार, गाड़ी संख्या 04115/04116 सूबेदारगंज-लोकमान्य तिलक टर्मिनस-सूबेदारगंज साप्ताहिक स्पेशल के फेरे भी नियमित ट्रेनों के संचालन के कारण रद्द किए गए हैं। गाड़ी संख्या 04115 के 27 अगस्त 2026 से प्रत्येक गुरुवार और गाड़ी संख्या 04116 के 28 अगस्त 2026 से प्रत्येक शुक्रवार के निर्धारित फेरे 26/27 दिसंबर 2030 तक निरस्त रहेंगे। रेलवे ने यात्रियों से एक बार फिर अनुरोध किया है कि वे यात्रा की योजना बनाने से पहले संबंधित ट्रेनों की अद्यतन स्थिति और समय की पुष्टि रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या पूछताछ सेवा के माध्यम से कर लें।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा कि स्ट्रीट वेंडर्स को बेदखल करने से पहले सर्वे और सुनवाई का अवसर दिया जाना चाहिए। जस्टिस एके प्रसाद ने नगर निगम बिना वैधानिक सर्वे और प्रभावित दुकानदारों का पक्ष सुने बिना उन्हें अपनी जगह से नहीं हटा सकता। कोर्ट ने बिलासपुर के 121 छोटे कारोबारियों को व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर देते हुए 90 दिनों के भीतर बेदखली आदेश पर फैसला लेने कहा है। तब तक याचिकाकर्ताओं को दी गई अंतरिम राहत बरकरार रहेगी। हाईकोर्ट के इस फैसले से कोनी में ठेला व गुमटी लगाने वाले व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है। दरअसल, नगर निगम के जोन क्रमांक 8 के तहत कोनी क्षेत्र में गुमटी और ठेला लगाकर कारोबार करने वाले 121 स्ट्रीट वेंडरों को बेदखली नोटिस जारी किया गया था। इस आदेश को कोनी व्यापारी कल्याण संघ ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। इसमें बताया गया कि कोनी क्षेत्र में लगभग 121 छोटे दुकानदार लंबे समय से अपनी दुकानें संचालित कर रहे हैं। ये दुकानें नाली के पीछे और मुख्य सड़क से लगभग 10 से 15 फीट की दूरी पर हैं, जिससे यातायात में किसी भी प्रकार की रुकावट नहीं होती। बिना सर्वे व सुनवाई का मौका दिए बेदखली नोटिस याचिकाकर्ताओं का कहना था कि इसके बावजूद निगम प्रशासन ने बिना कोई कानूनी सर्वे किए और बिना वेंडिंग जोन चिन्हित किए सीधे दुकानें हटाने के लिए नोटिस जारी कर दिया। स्ट्रीट वेंडर्स (प्रोटेक्शन ऑफ लाइवलीहुड एंड रेगुलेशन ऑफ स्ट्रीट वेंडिंग) एक्ट 2014 की धारा 3 और राज्य की 2016 की नियमावली के तहत जब तक वेंडरों का अनिवार्य सर्वे पूरा नहीं हो जाता और उन्हें वेंडिंग सर्टिफिकेट जारी नहीं कर दिया जाता, तब तक किसी भी स्ट्रीट वेंडर को बेदखल या विस्थापित नहीं किया जा सकता। संघ ने निगम से वैकल्पिक जगह उपलब्ध कराने की मांग की, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया। दुकानों को दूसरी जगह ले जाने का फैसलानगर निगम की ओर से कहा गया कि निगम ने दुकानदारों को तुर्काडीह पुल के पास वैकल्पिक स्थान पर स्थानांतरित करने का फैसला पहले ही ले लिया था। दावा किया कि दुकानदारों ने सहमति भी दी थी, लेकिन वे अब नई जगह पर शिफ्ट होने को तैयार नहीं हैं। वहीं, शासन की ओर से कहा गया कि यह विवाद पूरी तरह से नगर निगम के नोटिस और कार्रवाई से जुड़ा है। हाईकोर्ट ने कहा- पहले नियमों के तहत सर्वे कराएंसुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने निर्देश दिया कि निगम प्रशासन सबसे पहले कानून के तहत सभी 121 वेंडरों का विधिवत सर्वे कराए, उनके लिए उचित वेंडिंग जोन का निर्धारण करे और फिर नियमानुसार उनके पुनर्वास या जगह आवंटन पर विचार करे। हर दुकानदार को अपनी बात रखने का पूरा मौका मिलना चाहिए और आदेश की कॉपी मिलने के 90 दिनों के भीतर प्रक्रिया पूरी की जाए। जानिए क्या है स्ट्रीट वेंडर्स एक्टस्ट्रीट वेंडर्स एक्ट 2014 देश भर के रेहड़ी-पटरी और ठेला लगाने वाले छोटे कारोबारियों को कानूनी सुरक्षा देने वाला कानून है। इसका मुख्य उद्देश्य वेंडरों को प्रशासनिक उत्पीड़न और मनमाने ढंग से की जाने वाली बेदखली से बचाना है। अधिनियम की धारा 3 के अनुसार स्थानीय निकायों के लिए सभी स्ट्रीट वेंडरों का अनिवार्य सर्वे कराना और उन्हें वेंडिंग सर्टिफिकेट व पहचान पत्र जारी करना अनिवार्य है। इसके तहत शहरों में वेंडिंग और नॉन-वेंडिंग जोन तय करने का प्रावधान है। यदि किसी वजह से वेंडरों को हटाना जरूरी हो, तो उन्हें पहले उचित नोटिस देना और वैकल्पिक स्थान पर पुनर्वासित करना अनिवार्य होता है। इस पूरी व्यवस्था के संचालन के लिए टाउन वेंडिंग कमेटी गठित करने का नियम है, जिसमें 40 प्रतिशत भागीदारी स्ट्रीट वेंडरों की होती है।
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के राम मंदिर चढ़ावे को लेकर दिए गए बयान के विरोध और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का लगातार प्रदर्शन कानपुर में कर रहे थे, बीते दिनों सोशल मीडिया पर विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ किए गए पोस्ट के बाद कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमों के खिलाफ कांग्रेस ने शनिवार को कानपुर के फूलबाग स्थित गांधी प्रतिमा पर धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में कांग्रेस के यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम भी शामिल हुए। धरने का नेतृत्व कांग्रेस ग्रामीण जिला अध्यक्ष ने किया। सैंकड़ों की संख्या में कांग्रेस पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने फूलबाग में नारेबाजी की। ‘कानपुर में कानून व्यवस्था का राज नहीं’ कांग्रेस यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, कानपुर में ऐसा लगता है कि कोई कानून व्यवस्था का राज नहीं है। ऐसा लग रहा है कि विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के इशारे पर प्रशासन काम कर रहा है। राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता अगर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं या विपक्ष की भूमिका निभा रहे हैं, तो उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसी उत्पीड़न के खिलाफ कांग्रेस आज कानपुर में धरना प्रदर्शन कर रही है। सोशल मीडिया पोस्ट के बाद दर्ज हुआथा मुकदमाकांग्रेस कार्यकर्ताओं पर सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जाने के बाद मुकदमा दर्ज होने का मामला भी प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस का आरोप है कि पार्टी कार्यकर्ताओं को राजनीतिक दबाव में निशाना बनाया जा रहा है।कांग्रेस नेताओं ने कहा कि विपक्ष की आवाज दबाने के बजाय प्रशासन को निष्पक्ष तरीके से कार्रवाई करनी चाहिए। प्रदर्शन के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। खबर अपडेट की जा रही है…
बंगाल: TMC के शासनकाल में जारी जन्म प्रमाणपत्रों की होगी गहन जांच, BDO और SDO को मिली जिम्मेदारी
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस शासन के पिछले पांच वर्षों (जनवरी 2021-दिसंबर 2025) के दौरान जारी जन्म प्रमाणपत्रों की जांच होगी।
जौनपुर में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने की पहल:'ज्ञान का पिटारा' टूलकिट विमोचित, जागरूकता रथ रवाना
जौनपुर में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने और विद्यालय से बाहर रह रही लड़कियों को शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से एक नई पहल की गई है। जन विकास संस्थान, नौपेड़वा द्वारा संचालित मैत्री परियोजना के तहत शनिवार को 12 बजे शिक्षा मिशन–ज्ञान का पिटारा' टूलकिट का विमोचन किया गया। इसके साथ ही एक बालिका शिक्षा जागरूकता रथ को भी रवाना किया गया। यह जागरूकता रथ जिले के मड़ियाहूं, रामपुर और रामनगर विकासखंडों के 40 चयनित गांवों में पहुंचेगा। इसका मुख्य लक्ष्य बालिकाओं, उनके अभिभावकों और समुदाय को बालिका शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करना है।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी समीर ने 'ज्ञान का पिटारा' टूलकिट का विमोचन किया और जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी समीर ने कहा कि बालिकाओं की शिक्षा समाज और देश के विकास की महत्वपूर्ण आधारशिला है। उन्हें शिक्षा से जोड़ना केवल उनके व्यक्तिगत विकास के लिए ही नहीं, बल्कि एक सशक्त, शिक्षित और समानतापूर्ण समाज के निर्माण के लिए भी आवश्यक है। उन्होंने ऐसे जागरूकता अभियानों को समुदाय में शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण बनाने में महत्वपूर्ण बताया। जन विकास संस्थान के निदेशक राजमणि ने बताया कि उनका संस्थान अनामांकित और विद्यालय से बाहर रह रही बालिकाओं का शत-प्रतिशत नामांकन और उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने जोर दिया कि बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ना एक सशक्त और शिक्षित समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम प्रबंधक अवधेश कुमार यादव ने जानकारी दी कि 'ज्ञान का पिटारा' टूलकिट बच्चों के लिए सीखने की प्रक्रिया को रोचक, सहज और सहभागी बनाने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि जागरूकता रथ के माध्यम से समुदाय और अभिभावकों तक पहुंच बनाकर बालिकाओं के नामांकन, नियमित उपस्थिति और शिक्षा की निरंतरता के लिए जागरूक किया जाएगा। उनका प्रयास है कि कोई भी बालिका शिक्षा से वंचित न रहे और प्रत्येक बालिका को सीखने, आगे बढ़ने तथा अपने सपनों को साकार करने का समान अवसर मिले।
सोनीपत में 63 वर्षीय बुजुर्ग की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। बुजुर्ग का शव सड़क किनारे झाड़ियों के पास पड़ा मिला। घटना की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और पुलिस को मामले की जानकारी दी। परिजनों ने गांव के ही एक युवक पर हत्या का शक जताया है। उनका आरोप है कि बुजुर्ग सुबह घर से उक्त युवक के साथ बाइक पर निकले थे। इसी दौरान सामने आए CCTV फुटेज में भी एक युवक बुजुर्ग को बाइक पर अपने साथ ले जाता हुआ दिखाई दे रहा है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल में पोस्टमॉर्टम करवा परिजनों को सौंप दिया है। सुबह युवक के साथ बाइक पर निकले थे रामदेव गन्नौर के गांव पुगथला के रहने वाले दीपक ने बताया कि उसके पिता रामदेव गांव में ‘पुजारी’ के नाम से जाने जाते थे। वह सुबह करीब सात बजे गांव के ही एक युवक के साथ बाइक पर घर से निकले थे। इसके कुछ समय बाद परिजनों को जानकारी मिली कि राजलुगढ़ी और गन्नौर के बीच एक बुजुर्ग का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे तो शव रामदेव का मिला। घटना से जुड़े अलग-अलग CCTV फुटेज देखिए… CCTV फुटेज में युवक के साथ जाते दिखे परिजनों के मुताबिक घटना से जुड़े अलग-अलग CCTV फुटेज भी सामने आए हैं। इसमें कथित तौर पर गांव का ही युवक रामदेव को बाइक पर अपने साथ ले जाता हुआ दिखाई दे रहा है। इसी आधार पर परिवार ने युवक पर हत्या में संलिप्त होने का शक जताया है। हालांकि हत्या के वास्तविक कारण और घटना में युवक की भूमिका पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। झाड़ियों के पास मिला बुजुर्ग का शव रामदेव का शव राजलुगढ़ी और गन्नौर के बीच मिलने के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। घटना की जानकारी पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से संबंधित तथ्यों और परिस्थितियों की जानकारी जुटाई है। नागरिक अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सोनीपत नागरिक अस्पताल पहुंचाया। यहां चिकित्सकों ने जांच के बाद रामदेव को मृत घोषित कर दिया। पुलिस द्वारा शव के संबंध में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों से मौत के कारणों को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है। परिवार ने निष्पक्ष जांच की मांग की बुजुर्ग की मौत के बाद परिवार में मातम का माहौल है। बेटे दीपक ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। परिजनों का कहना है कि जिस युवक के साथ रामदेव घर से निकले थे, उसकी भूमिका की गहनता से जांच की जानी चाहिए। CCTV और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच पुलिस मामले में CCTV फुटेज समेत अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। बुजुर्ग घर से किस परिस्थिति में निकले, उनके साथ कौन युवक था और बाद में उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इन सभी पहलुओं को जांच में शामिल किया जा रहा है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हत्या की पूरी वजह और आरोपी की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी। गन्नौर थाना पुलिस थाना प्रभारी बीरसिंह का कहना है कि पुलिस मामले में जांच कर रही है और सीसीटीवी के आधार पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
प्रयागराज में 23 अगस्त को राज्य स्तरीय सीनियर पुरुष एवं महिला तैराकी प्रतियोगिता के लिए जिला एवं मंडल स्तरीय चयन ट्रायल आयोजित किया जाएगा। यह प्रतियोगिता वाराणसी में 30 अगस्त से 1 सितंबर तक होगी। क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी शिव कुमार यादव ने बताया कि चयन ट्रायल सुबह 11 बजे से प्रयागराज एक्वाटिक के स्विमिंग पूल में होगा। इसमें प्रदर्शन के आधार पर खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा। इस मंडलीय चयन ट्रायल में फतेहपुर, कौशाम्बी और प्रतापगढ़ जिलों की टीमों को भी शामिल होना है। क्षेत्रीय खेल कार्यालय ने संबंधित जिला खेल अधिकारियों को अपनी-अपनी जनपद की टीमों को निर्धारित समय पर भेजने के निर्देश दिए हैं। इस प्रक्रिया के बाद चयनित खिलाड़ी प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में प्रयागराज मंडल का प्रतिनिधित्व करेंगे। ट्रायल में हिस्सा लेने के इच्छुक खिलाड़ियों को अपने साथ आवश्यक दस्तावेज लाने होंगे। इनमें आधार कार्ड, नगर निगम द्वारा जारी जन्म प्रमाणपत्र, स्कूल बोनाफाइड, एड्रेस प्रूफ और पासपोर्ट साइज फोटो शामिल हैं। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही खिलाड़ियों को ट्रायल में भाग लेने की अनुमति मिलेगी। इसलिए अभ्यर्थियों को सभी जरूरी कागजात के साथ ट्रायल स्थल पर पहुंचने की सलाह दी गई है। ट्रायल के संबंध में अधिक जानकारी के लिए जिला तैराकी संघ प्रयागराज के सचिव विकास चंद्र श्रीवास्तव से संपर्क किया जा सकता है। क्षेत्रीय खेल कार्यालय ने उनसे चयन समिति में स्वयं या अपने प्रतिनिधि को उपस्थित होकर टीम चयन में सहयोग करने का अनुरोध किया है। क्षेत्रीय खेल अधिकारी ने मदन मोहन मालवीय स्टेडियम के जीवन रक्षक शिवबाबू निषाद और अंशकालिक मानदेय तैराकी प्रशिक्षक मुकेश निषाद को इस चयन ट्रायल को आयोजित कराने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी बृजेश कुमार और पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती ने औरैया स्थित पीएम श्री नवोदय विद्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक, प्रशासनिक, सुरक्षा, स्वच्छता और छात्र-छात्राओं की सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों की शिक्षा, स्वास्थ्य, भोजन, आवासीय व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, विद्युत व्यवस्था और परिसर की साफ-सफाई के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। जिलाधिकारी ने विद्यालय प्रशासन को निर्देश दिए कि शासन की शिक्षा और बाल कल्याण से संबंधित योजनाओं का लाभ पात्र विद्यार्थियों तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जाए। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, डिजिटल शिक्षा, कौशल विकास, खेलकूद और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर सरकार के जोर को रेखांकित किया। सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती ने विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए और प्रवेश-निकास व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधों तथा आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों की जानकारी ली। इस दौरान, दोनों अधिकारियों ने विद्यालय के भोजनालय का भी निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने भोजन की गुणवत्ता और तैयार करने की प्रक्रिया को परखा। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने छात्र-छात्राओं के साथ बैठकर भोजन किया और उनसे पढ़ाई, विषयों की समझ तथा विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में संवाद किया। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, अनुशासन, खेलकूद और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया। जिलाधिकारी ने स्वच्छ, सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराने तथा विद्यार्थियों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया के नियमित चरण पूरे हो गए हैं। विश्वविद्यालय के वाराणसी और बरकछा परिसरों में उपलब्ध स्नातक की कुल 4,826 सीटों में से 4,720 सीटों पर प्रवेश हो चुका है। इस तरह अब तक 97.80 प्रतिशत सीटें भर गई हैं। विश्वविद्यालय ने शेष रिक्त सीटों पर दाखिले के लिए स्पॉट राउंड की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के नियमित चरण के बाद अब बची सीटों को स्पॉट राउंड के माध्यम से भरा जाएगा। इसके लिए इच्छुक अभ्यर्थियों का पंजीकरण 21 अगस्त से शुरू हो गया है। अभ्यर्थी 24 अगस्त तक स्पॉट राउंड के लिए अपना पंजीकरण करा सकेंगे। इसके बाद 25 अगस्त को स्पॉट राउंड के तहत सीटों का आवंटन किया जाएगा। बीपीए और बीएफए की सीटें शामिल नहीं विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि 4,826 सीटों और 97.80 प्रतिशत दाखिले के आंकड़े में बैचलर ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स (बीपीए) और बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स (बीएफए) पाठ्यक्रमों की सीटें शामिल नहीं हैं। इन दोनों पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए व्यावहारिक परीक्षाओं का चरण अभी जारी है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इन परीक्षाओं की प्रक्रिया जल्द पूरी होने की उम्मीद है। इसके बाद इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश की स्थिति भी स्पष्ट होगी। 25 अगस्त को होगा सीट आवंटन स्पॉट राउंड के लिए पंजीकरण प्रक्रिया 24 अगस्त तक चलेगी, जबकि सीटों का आवंटन 25 अगस्त को किया जाएगा। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे प्रवेश से संबंधित सभी जरूरी जानकारी, दिशा-निर्देश और आगे के अपडेट के लिए बीएचयू के आधिकारिक प्रवेश पोर्टल को नियमित रूप से देखते रहें।
फायर सेफ्टी के अभाव में ट्रेड सेंटर सील:इंदौर में बायपास पर नगर निगम की रिमूवल टीम ने की कार्रवाई
इंदौर में शनिवार को नगर निगम की टीम ने कार्रवाई की। इंद्रप्रस्थ चौराहे के समीप ट्रेड सेंटर पर नगर निगम के अधिकारियों ने फायर सेफ्टी व्यवस्था का निरीक्षण किया। जांच के दौरान मौके पर आवश्यक अग्नि सुरक्षा इंतजाम नहीं पाए गए, जिसके बाद नगर निगम की टीम ने कार्रवाई करते हुए ट्रेड सेंटर को सील कर दिया। आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था होना जरूरी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यावसायिक संस्थान, मॉल या भवन में फायर सेफ्टी उपकरण और आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था होना बेहद जरूरी है। आग लगने की स्थिति में फायर एक्सटिंग्विशर, अलार्म, इमरजेंसी एग्जिट और अन्य सुरक्षा साधन लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह कार्रवाई लोगों को जागरूक करने का भी संदेश है कि फायर सेफ्टी को नजरअंदाज न करें और समय-समय पर सुरक्षा व्यवस्था की जांच करवाएं। बताया जा रहा है कि ट्रेड सेंटर में करीब 300 दुकानें-ऑफिस है। लिंक रोड निर्माण में बाधक पर निर्माण हटाए गए जोन 19 में विशेष केंद्रीय सहायता योजना के तहत 29.52 करोड़ की लागत से इंदौर बायपास स्थित होटल प्राइड से सिटी फॉरेस्ट तक लगभग 2.40 किलोमीटर लंबी एवं 30 मीटर चौड़ी लिंक रोड बनाने का काम किया जा रहा है। भवन अधिकारी वैभव देवलासे ने बताया कि इस सड़क बनाने के काम में बाधक अवैध निर्माण को हटाने के लिए शनिवार को नगर निगम की रिमूवल टीम ने कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान 8 बाउंड्रीवाल, 2 पक्के आरसीसी स्ट्रक्चर और 1 दुकान को जेसीबी से हटाया गया।
शुक्रवार देर रात मेरठ में हरिद्वार से कांवड़ लेकर एटा लौट रहे कांवड़ियों की पिकअप में पीछे से ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे में कई कांवड़िए घायल हो गए। मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, टक्कर इतनी तेज थी कि पिकअप में बैठे कुछ कांवड़ियों के पैर भी गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि दो लोगों के पैर कट गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। कांवड़ियों ने किसी तरह घायलों और बच्चों को गाड़ी से बाहर निकाला। दैनिक भास्कर से बातचीत में घटना को अपनी आंखों से देखने वाले प्रवेश ने बताया कि वे एटा जिले के रहने वाले हैं और हरिद्वार से कांवड़ लेकर लौट रहे थे। रास्ते में कांवड़िए थक गए थे, इसलिए उन्होंने गाड़ी सड़क किनारे रोक दी थी। कुछ लोग कांवड़ बदलने के लिए नीचे उतर रहे थे, जबकि कुछ लोग गाड़ी में बैठ गए थे। कुछ लोग बाहर भी खड़े थे। प्रवेश ने बताया कि गाड़ी लगभग रुक चुकी थी और सभी लोग आराम कर रहे थे। तभी पीछे से एक ट्रक आया और खड़ी गाड़ी में तेज टक्कर मार दी। जो लोग टक्कर को देख पाए, वे गाड़ी से दूर हट गए। कुछ लोग गाड़ी में पैर लटकाकर बैठे थे, उनके पैरों में गंभीर चोट आई। प्रवेश ने बताया कि उनकी दीदी रंजना के पैर कट गए। एक अन्य व्यक्ति के पैर भी कटे हैं। उन्होंने बताया कि गाड़ी में करीब 50 से 55 लोग थे। हादसे के बाद सभी लोग घायलों और बच्चों को गाड़ी से बाहर निकालने में जुट गए। जब ट्रक चालक को देखने पहुंचे तो वह मौके पर नहीं था। घायल रामप्रकाश ने बताया- पता ही नहीं चला हादसा कैसे हुआ घायल रामप्रकाश ने बताया कि वे हरिद्वार से कांवड़ लेकर एटा लौट रहे थे। उन्हें पता ही नहीं चला कि हादसा कैसे हुआ। उन्होंने कहा कि यह भी पता नहीं चल पाया कि कितने लोग घायल हुए हैं। रामप्रकाश ने बताया कि वे एटा के सेना कला के रहने वाले हैं। हादसे में घायल ज्यादातर लोग भी उसी गांव के हैं और सभी परिवार के लोग हैं। कांवड़ियों ने कहा- आराम करने के लिए गाड़ी खड़ी की थी मौके पर मौजूद अन्य कांवड़ियों ने बताया कि वे हरिद्वार से एटा जा रहे थे। कुछ कांवड़िए आगे चल रहे थे और बाकी लोग गाड़ी में थे। करीब 40 लोग यहां आराम कर रहे थे। कांवड़ियों के मुताबिक, आर्मी के दो जवानों ने भी गाड़ी को साइड में खड़ा करने के लिए कहा था। गाड़ी खड़ी करने के बाद वे आराम कर रहे थे, तभी पीछे से ट्रक आया और गाड़ी में टक्कर मार दी। कांवड़ियों ने बताया कि हादसे में करीब 15 से 20 लोगों को चोट आई है। घायलों में बच्चे भी शामिल हैं। उनका कहना है कि गाड़ी खड़ी थी, इसलिए इसमें उनकी कोई गलती नहीं थी। कौशल किशोर ने बताया- कांवड़ बदलने के लिए रुके थे कौशल किशोर ने बातचीत में बताया कि वे हरिद्वार से एटा लौट रहे थे। पिकअप में करीब 40 लोग थे। रास्ते में कांवड़ बदलने के लिए गाड़ी रोकी थी। इसी दौरान पीछे से आए ट्रक ने खड़ी गाड़ी में टक्कर मार दी। कौशल ने बताया कि हादसे में करीब 10 से 12 लोगों को चोट आई है। कुछ लोगों के पैर भी कट गए। उन्होंने कहा कि हादसे के बाद एंबुलेंस भी काफी देर से पहुंची। तब तक कांवड़िए ही घायलों को संभालते रहे और उन्हें गाड़ी से बाहर निकालते रहे।
सुकमा जिले के पोलमपल्ली ग्राम पंचायत में आयोजित विशेष ग्राम सभा में गांव की पारंपरिक व्यवस्था, सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक सौहार्द से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से कई प्रस्ताव पारित किए। इसके बाद ग्राम सभा के निर्णयों को सार्वजनिक करने के लिए गांव में सूचना एवं चेतावनी पट्ट लगाया गया है। धार्मिक गतिविधियों के लिए पूर्व अनुमति जरूरी सूचना पट्ट में कहा गया है कि ग्राम सभा की पूर्व अनुमति के बिना गांव की सीमा में धार्मिक सभाएं, प्रचार-प्रसार और धर्मांतरण से संबंधित गतिविधियां नहीं की जा सकेंगी। पादरियों, मिशनरी संस्थाओं और प्रचारकों के गांव में प्रवेश तथा घर-घर प्रचार के लिए भी ग्राम सभा को पहले सूचना देकर अनुमति लेना अनिवार्य बताया गया है। पारंपरिक संस्कृति के संरक्षण पर जोर विशेष ग्राम सभा में जनजातीय रीति-रिवाज, पारंपरिक आस्था, संस्कृति और सामाजिक पहचान के संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया। ग्रामीणों ने गांव में शांति और सामाजिक एकता बनाए रखने के लिए सामूहिक प्रतिबद्धता जताई। ग्राम सभा के प्रस्ताव में कहा गया है कि स्थानीय व्यवस्था या ग्राम सभा के निर्णयों का उल्लंघन होने पर नियमानुसार प्रशासन को सूचना दी जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की मांग की जाएगी। पेसा अधिनियम के अधिकारों पर हुई चर्चा बैठक में पेसा अधिनियम, 1996 के तहत ग्राम सभा को प्राप्त अधिकारों और जिम्मेदारियों पर भी चर्चा हुई। ग्रामीणों को ग्राम सभा की भूमिका और सामुदायिक हितों से जुड़े निर्णयों के बारे में जानकारी दी गई। जनपद पंचायत सदस्य पोलमपल्ली मड़कम भीमा ने बताया कि विशेष ग्राम सभा का उद्देश्य गांव की परंपरा, संस्कृति और सामाजिक एकता को सुरक्षित रखना है। उन्होंने कहा कि सूचना पट्ट के जरिए ग्राम सभा के फैसलों को सार्वजनिक किया गया है, ताकि गांव में शांति, सौहार्द और आपसी सम्मान की भावना बनी रहे।
उमरिया जिले के चंदिया थाना क्षेत्र में एक सूने मकान को निशाना बनाते हुए चोरों ने लाखों की नगदी और जेवरात चुरा लिए। मकान मालिक मोहम्मद हारुन खान अपने परिवार के साथ गांव गए हुए थे, तभी यह वारदात हुई। चोरों ने घर से करीब 1 लाख 85 हजार रुपए नगद और तीन लाख रुपए से अधिक कीमत के सोने-चांदी के जेवरात पर हाथ साफ किया। पुलिस ने शुक्रवार रात इस मामले में केस दर्ज किया है और चोरों की तलाश कर रही है। यह घटना चंदिया नगर परिषद कार्यालय के सामने स्थित मोहम्मद हारुन खान के मकान में हुई। हारुन खान अपने परिवार सहित पड़ोसी जिले कटनी के ग्राम सोनारी गए हुए थे। घर सूना पाकर चोरों ने मकान में प्रवेश किया और अलमारी सहित अन्य स्थानों को खंगालकर नगदी व जेवरात लेकर फरार हो गए। चोरी की वारदात के बाद घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई। इसमें एक संदिग्ध व्यक्ति घर से बाहर निकलता हुआ दिखाई दिया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्ध की पहचान और उसकी तलाश में जुटी हुई है। यह फुटेज पुलिस जांच के लिए एक अहम सुराग माना जा रहा है। हारुन खान ने शनिवार को पुलिस को बताया कि उनके घर से 1 लाख 85 हजार रुपए नगद और लगभग तीन लाख रुपए से अधिक कीमत के सोने-चांदी के आभूषण चोरी हुए हैं। शिकायत मिलने के बाद चंदिया पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे अन्य सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाल रही है,ताकि संदिग्ध के आने-जाने के रास्ते और उसके संभावित साथियों के बारे में जानकारी मिल सके। पुलिस चोरी की इस वारदात में शामिल आरोपियों की तलाश कर रही है।
लखनऊ में सीएम योगी ने शनिवार को चीनी की उपलब्धता की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चीनी की कमी नहीं है। चीनी मिलों में 179.38 लाख कुंतल चीनी मौजूद है। उन्होंने अफवाह फैलाने और चीनी की कालाबाजारी करने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। योगी ने कहा कि जून-जुलाई में चीनी मिलों ने 235 लाख कुंतल चीनी बेची है। जरूरत पड़ने पर 15 अक्टूबर से चीनी मिलें शुरू की जाएंगी। जिलाधिकारियों को चीनी मिलों और दुकानदारों के गोदामों की जांच कराने को कहा गया है। डीलर 30 दिन से ज्यादा का चीनी स्टॉक नहीं रख सकेंगे। एक समय में 400 टन से ज्यादा चीनी भी नहीं रख सकते। बल्क कंज्यूमर 15 दिन से ज्यादा का स्टॉक नहीं रख सकेंगे। सीएम के आदेश के बाद जिलों में जांच शुरू हो गई है। बागपत में चीनी के दाम बढ़ने और ज्यादा स्टॉक की आशंका पर एसडीएम दिग्विजय सिंह और सीओ सुकन्या शर्मा ने एक चीनी गोदाम पर छापा मारा। बरेली में डीएम अविनाश सिंह ने अधिकारियों और चीनी स्टॉकिस्टों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि शासन के आदेश के अनुसार कोई व्यापारी 4 हजार क्विंटल से ज्यादा चीनी का स्टॉक नहीं रख सकता। नोएडा में जिलाधिकारियों ने अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें चीनी की उपलब्धता और स्टॉक की स्थिति की जानकारी ली गई। दो तस्वीरें देखिए डीलर 30 दिन से ज्यादा का स्टॉक नहीं रख सकेंगे प्रदेश में उपलब्ध चीनी में सहकारी मिलों के पास 23.60 लाख कुंतल, निगम की मिलों के पास 5.28 लाख कुंतल और निजी मिलों के पास 150.50 लाख कुंतल स्टॉक है। प्रदेश में हर महीने करीब 4 लाख टन चीनी की खपत होती है। पेराई सत्र 2025-26 में 48 लाख किसानों को 32,554 करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान किया गया। वहीं, 2026-27 में 28.14 लाख हेक्टेयर में गन्ने की खेती और करीब 90 लाख टन चीनी उत्पादन का अनुमान है। नोएडा में चीनी की कालाबाजारी रोकने के लिए तहसीलवार टीमें गठित नोएडा में चीनी की जमाखोरी और मुनाफाखोरी रोकने के लिए तहसील और क्षेत्रवार टीमें बनाई गई हैं। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अजीत कुमार सिंह ने बताया कि चीनी का पर्याप्त स्टॉक है, फिर भी कीमत बढ़ने और जमाखोरी की शिकायतों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। टीमों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार जांच और कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि तय सीमा से ज्यादा चीनी का स्टॉक रखने और मुनाफाखोरी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
शासकीय स्कूल में भरा पानी, छात्र बेंच पर बैठे:कटनी के हीरापुर कौड़िया में जलभराव से पढ़ाई प्रभावित
कटनी जिले में पिछले दो दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। कटनी विकासखंड के ग्राम हीरापुर कौड़िया स्थित शासकीय माध्यमिक शाला में जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई है। शुक्रवार का एक वीडियो शनिवार को सामने आया, जिसमें कक्षाओं में घुटनों तक पानी भरा दिखाई दे रहा है और छात्र व शिक्षक बेंच-टेबल पर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, स्कूल परिसर के पास की नाली की लंबे समय से सफाई नहीं की गई थी। बारिश के पानी की उचित निकासी न होने के कारण नाली का गंदा पानी उफनकर सीधे स्कूल के कमरों में घुस गया, जिससे कक्षाओं में घुटनों तक पानी भर गया। बच्चों को खतरा इस जलभराव से छात्रों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है, साथ ही जहरीले कीड़े-मकोड़ों के प्रवेश का डर भी बना हुआ है। इन विपरीत परिस्थितियों के बावजूद, शिक्षक टेबल-बेंच पर चढ़कर बच्चों को पढ़ाने का प्रयास करते दिखे। स्थानीय ग्रामीण रघुवीर रजक ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि और शिक्षकों को बच्चों की छुट्टी कर देनी चाहिए थी, लेकिन लापरवाहीपूर्वक कक्षाएं संचालित की गईं, जिससे कोई बड़ी घटना हो सकती थी। उन्होंने जल्द से जल्द जलभराव की समस्या के समाधान की मांग की। जलभराव में क्लास लगाने की जांच होगी इस मामले पर जिला शिक्षा अधिकारी एसएन पांडे ने बताया कि जलभराव की स्थिति में कक्षाएं कैसे संचालित हुईं, इसकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने समस्या के स्थायी निराकरण का प्रयास करने का आश्वासन भी दिया। जल्द होगा समस्या का निवारण हीरापुर कौड़िया की सरपंच प्रणिता पटेल ने बताया कि विद्यालय में बाउंड्रीवाल का कार्य चल रहा है, जिसके कारण जलभराव की स्थिति बनी है। उन्होंने जल्द ही समस्या का निराकरण कराने की बात कही।
फर्रुखाबाद में झमाझम बारिश से जलभराव:सुबह से छाए थे बादल, 48 घंटे में 12 मिमी बारिश हुई दर्ज
फर्रुखाबाद में शनिवार दोपहर सवा दो बजे तेज बारिश शुरू हुई। लगभग 40 मिनट तक हुई झमाझम बारिश के बाद हल्की बूंदाबांदी जारी रही। इस बारिश के कारण शहर के कई मोहल्लों में जलभराव हो गया, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। जिले में सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए थे। शुक्रवार रात को भी तेज बारिश हुई थी, जबकि शनिवार सुबह हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई थी। दोपहर 2:15 बजे के बाद हुई बारिश ने स्थिति को बदल दिया। लोगों को हुई परेशानी शहर के नेकपुर कला, केशव नगर जाने वाले रास्ते और गल्लामंडी के पास भारी जलभराव देखा गया। लाल सराय पानी की टंकी के पास भी पानी भर गया। इससे बाइक सवारों, ई-रिक्शा चालकों और पैदल चलने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शहर के अलावा देहात क्षेत्रों जैसे राजेपुर और अमृतपुर में भी बारिश हुई। बीते 48 घंटों में सदर तहसील क्षेत्र में कुल 12 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। हालांकि शाम साढ़े चार बजे तक शहर में बूंदाबांदी जारी है। अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस है। जबकि न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा और अनंतनाग जिलों में NIA नेOGW नेटवर्क के खिलाफ बड़ी छापेमारी की है। इस कार्रवाई में संदिग्धों के घरों की तलाशी ली गई और ड्रग्स-टेरर लिंक की जांच सहित कई महत्वपूर्ण सुराग जुटाए जा रहे हैं।
बदायूं एसपी सिटी ने कछला घाट का निरीक्षण किया:कांवड़ यात्रा के लिए सुरक्षा-यातायात व्यवस्था परखी
बदायूं में कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को कड़ा कर दिया है। इसी क्रम में शनिवार दोपहर 3 बजे अपर पुलिस अधीक्षक नगर अभिषेक कुमार सिंह ने कछला गंगा घाट और कांवड़ मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए। अपर पुलिस अधीक्षक ने 'जीरो इंसिडेंट, जीरो एक्सीडेंट' के लक्ष्य के साथ पूरी सतर्कता बरतने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी लगातार भ्रमणशील रहकर सुरक्षा पर पैनी नजर रखें। एएसपी सिटी ने कछला गंगा घाट पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था का गहनता से अवलोकन किया। इसमें बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, स्वच्छता और पार्किंग सुविधाओं की जांच की गई। उन्होंने घाट पर भीड़ बढ़ने की स्थिति में नियंत्रण और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों की भी समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान यातायात प्रबंधन को लेकर भी महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए। बाईपास की ओर बने नए हाईवे पर कछला की तरफ से दोपहिया वाहन उझानी की ओर जा सकेंगे, लेकिन उन्हें वापसी की अनुमति नहीं होगी। दोपहिया और चारपहिया वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थल से आगे जाने की इजाजत नहीं होगी। एएसपी ने प्रभारी निरीक्षक उझानी और यातायात निरीक्षक को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी वाहन को अनधिकृत रूप से पुल या घाट की ओर न जाने दिया जाए। उन्होंने रूट डायवर्जन, बैरियर, पार्किंग और वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा, ताकि कांवड़ियों के साथ-साथ आम राहगीरों को भी आवागमन में कोई असुविधा न हो। अभिषेक कुमार सिंह ने कांवड़ मार्ग, प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर तैनात पुलिसकर्मियों को पूरी मुस्तैदी और सतर्कता से ड्यूटी करने के निर्देश दिए। उन्होंने दोहराया कि कांवड़ियों की सहायता और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस और संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा। इस निरीक्षण के दौरान क्षेत्राधिकारी उझानी सुनील कुमार सिंह, प्रभारी निरीक्षक उझानी प्रवीण कुमार सिंह, चौकी प्रभारी कछला सहित अन्य पुलिस अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
लखनऊ के वृंदावन योजना स्थित हिमालयन एन्क्लेव फेज-1 में वरिष्ठ नागरिक दिवस के अवसर पर जिगीषा सोसाइटी की ओर से एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में अक्षरधाम दिल्ली से आए संतों के सानिध्य में वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों के बीच पारिवारिक और अध्यात्मिक विषय पर चर्चा हुई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बुजुर्गों के सम्मान, उनकी भावनाओं और मनोदशा को समझना था। संतों ने नई पीढ़ी को संस्कारवान बनाने और पुरानी पीढ़ी के साथ बेहतर तालमेल स्थापित करने के तरीके बताए। उन्होंने बच्चों में ऐसे संस्कार विकसित करने पर जोर दिया, जिससे वे बुजुर्गों का सम्मान करें, उनकी भावनाओं को समझें और आवश्यकता पड़ने पर उनकी सेवा करें। परिवार के साथ बैठने की आदत डालनी चाहिए त्यागनिष्ठ स्वामी महाराज ने आचरण की शुद्धता और संस्कारों के महत्व के बारे में बताया । उन्होंने सुझाव दिया कि परिवार के सदस्यों को प्रतिदिन कम से कम पांच मिनट साथ बैठने की आदत डालनी चाहिए और साथ भोजन करने का प्रयास करना चाहिए। इससे संस्कार एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक आसानी से पहुँचते हैं। विवेक रत्न स्वामी महाराज और शुद्धस्वरूप स्वामी महाराज ने भी परिवार में संवाद और बुजुर्गों के सम्मान को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को परिवार की परंपराओं और मूल्यों से जोड़ने में बुजुर्गों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ये मौजूद रहे इस कार्यक्रम में हिमालयन एन्क्लेव फेज-1 और फेज-2 के आरडब्ल्यूए सदस्य तथा कई वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे। जिगीषा सोसाइटी की ओर से आशुतोष गुप्ता, संजय शर्मा, देवराज त्रिपाठी सहित अन्य सदस्य मौजूद थे। आरडब्ल्यूए सदस्यों ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए संस्था का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी ऐसे संवाद कार्यक्रम आयोजित करने के लिए उन्हें आमंत्रित किया।
हरियाणा में महेंद्रगढ़ जिले की सतनाली थाना पुलिस ने 10 लाख 50 हजार रुपये की कथित चोरी की झूठी सूचना देने के मामले का खुलासा करते हुए शिकायतकर्ता के खिलाफ ही भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 217 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस पीआरओ नरेश कुमार के अनुसार 20 अगस्त को गुड़िया खेड़ा (सिरसा) निवासी प्रेम कुमार ने डायल-112 पर सूचना दी थी कि उसके नौकर विकास, निवासी नंगथला (हिसार), ने दुकान में बने मकान की अलमारी से 10 लाख 50 हजार रुपये चोरी कर लिए हैं। तोशाम से हिरासत में लिया सूचना मिलते ही सतनाली पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तकनीकी सहायता से विकास को तोशाम बस स्टैंड से हिरासत में लिया और पूछताछ के लिए थाने ले आई। इसके बाद दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर मामले की गहन जांच की गई। जांच में मिला झूठा जांच में शिकायतकर्ता का चोरी का आरोप झूठा पाया गया। पुलिस को 10.50 लाख रुपये की चोरी के संबंध में कोई साक्ष्य नहीं मिला। पूछताछ में सामने आया कि विकास प्रेम कुमार के यहां नौकरी छोड़कर अपने घर जाना चाहता था। इसी बात से नाराज होकर उस पर दबाव बनाने के लिए प्रेम कुमार ने चोरी की झूठी सूचना पुलिस को दी थी। शिकायतकर्ता पर मामला दर्ज जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने शिकायतकर्ता प्रेम कुमार के खिलाफ लोक सेवक को झूठी सूचना देने के आरोप में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 217 के तहत कानूनी कार्रवाई की। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी व्यक्ति को परेशान करने, नुकसान पहुंचाने या उसके खिलाफ पुलिस कार्रवाई कराने के उद्देश्य से झूठी सूचना देना कानूनन अपराध है। पुलिस के अनुसार, डायल-112 पर सूचना देना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है, लेकिन सूचना तथ्यात्मक और सत्य होनी चाहिए। झूठी सूचना देने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। क्या है BNS की धारा 217? भारतीय न्याय संहिता की धारा 217 के तहत यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर लोक सेवक को ऐसी झूठी सूचना देता है, जिससे किसी निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई हो सकती है या उसे नुकसान पहुंच सकता है, तो यह दंडनीय अपराध है। इस धारा में एक वर्ष तक का कारावास, 10 हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
अयोध्या नगर निगम के महापौर गिरीश पति त्रिपाठी के आवास से कुछ ही दूरी पर स्थित लक्ष्मण घाट वार्ड और छोटी देवकली के बीच सड़क निर्माण को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। मकसूदन स्कूल से लोटनी भवानी मंदिर स्कूल तक अयोध्या विकास प्राधिकरण की ओर से सड़क बनाई जा रही है। स्थानीय लोगों ने निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर आपत्ति जताई है। कहीं ऊंची, कहीं नीची बनाई जा रही सड़क मोहल्लेवासियों का आरोप है कि सड़क का निर्माण निर्धारित मानकों के अनुसार नहीं हो रहा है। कई स्थानों पर सड़क ऊंची है तो कहीं काफी नीची बनाई जा रही है। इससे बारिश के दौरान जलभराव की समस्या बढ़ने की आशंका है। सीवर चैंबर की स्थिति भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी है। कहीं चैंबर सड़क से ऊंचे हैं तो कहीं नीचे रह गए हैं। कई स्थानों पर सीवर के ऊपर रखे पत्थर खुले पड़े हैं। इससे राहगीरों के गिरने और दुर्घटना होने का खतरा बना हुआ है। एक माह से चल रहा निर्माण स्थानीय लोगों के मुताबिक सड़क निर्माण शुरू हुए करीब एक माह हो चुका है। इसके बावजूद निर्माण कार्य की गुणवत्ता की नियमित निगरानी नहीं की जा रही है। लोगों ने अधिकारियों से मौके पर पहुंचकर जांच कराने की मांग की है। पार्षद प्रतिनिधि ने भी उठाए सवाल पार्षद प्रतिनिधि महेंद्र शुक्ला ने कार्यदायी संस्था पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण सही तरीके से नहीं किया जा रहा है। ऊंचाई में अंतर के कारण जलभराव की समस्या पैदा होगी। सीवर चैंबर पर खुले पड़े पत्थरों से हादसे का खतरा भी बना हुआ है। आंदोलन की चेतावनी मोहल्लेवासियों ने संबंधित विभाग से निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने और सड़क को निर्धारित मानकों के अनुसार दुरुस्त कराने की मांग की है। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो वे संबंधित विभाग के खिलाफ आंदोलन करेंगे।
पानी बचाओ महासंघ का कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन:देवरिया के बड़े पोखरे के संरक्षण और सुंदरीकरण की मांग
देवरिया में पानी बचाओ महासंघ ने शनिवार को दिन में तीन बजे कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। महासंघ ने शहर की घनी आबादी के बीच स्थित बड़े पोखरे के संरक्षण और सुंदरीकरण की मांग की। उनका कहना है कि यह पोखरा लंबे समय से गंदगी और जलकुंभी से पटा है, जिससे आसपास दुर्गंध फैल रही है और जलजनित बीमारियों का खतरा बना हुआ है। ज्ञापन में बताया गया कि यह पोखरा देवरिया पुलिस लाइन, मान्यवर कांशीराम शहरी आवास, पुलिस लाइन मंदिर और डॉ. बीआर आंबेडकर राजकीय अनुसूचित जाति छात्रावास के बीच बड़े क्षेत्रफल में स्थित है। घनी आबादी के बीच होने के कारण इसकी साफ-सफाई और संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। महासंघ के पदाधिकारियों ने बताया कि पोखरे में जलकुंभी और गंदगी के कारण स्थिति गंभीर है। चारों तरफ दुर्गंध फैली रहती है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि पोखरे में गिरने और जलकुंभी में फंसने की घटनाओं से जनहानि के साथ-साथ पशुओं की मौत का भी खतरा बना रहता है। महासंघ ने नगर पालिका परिषद देवरिया के अंतर्गत आने वाले इस प्रमुख जलस्रोत को संरक्षित कर व्यापक सुंदरीकरण कराने की मांग की। इसमें पोखरे की सफाई के साथ-साथ चारों तरफ सीढ़ियों और पक्के घाटों का निर्माण शामिल है। इससे जलस्रोत का संरक्षण होगा और आसपास के क्षेत्र की सुंदरता भी बढ़ेगी। ज्ञापन देने वालों ने जोर दिया कि जलस्रोतों का संरक्षण पर्यावरण और जनस्वास्थ्य दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। पोखरे के सुंदरीकरण से स्वच्छ और स्वस्थ देवरिया की दिशा में सकारात्मक पहल होगी, साथ ही शहर में लुप्त होते जा रहे पारंपरिक जलस्रोतों को बचाने का संदेश भी जाएगा। प्रदर्शन और ज्ञापन के दौरान दीनानाथ कुशवाहा, बद्री नारायण दूबे, पृथ्वीनाथ प्रजापति, डॉ. रामनाथ चौहान, ओमजी धनगर, दिग्विजय चौबे, जग प्रकाश सिंह, राम इकबाल यादव, पारसनाथ गुप्ता, राजीव गुप्ता, शीतल प्रसाद, हरिहर यादव, दुर्गा सिंह, मुन्ना यादव, काशी भाई, शिवलोचन चौहान, संजय सिंह, प्रमोद कुमार, संदीप वर्मा, दरोगा यादव, मुक्तिनाथ सिंह, रत्नेश मिश्रा, रामाश्रय यादव, दीनदयाल शर्मा, धर्मी आजाद, गायत्री पटेल, कुंती देवी, साबरा खातून, अहमदी बेगम, कमलेश देवी समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
हजारीबाग जिले के ईचाक थाना क्षेत्र के देवकुली गांव में मकई चोरी के मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया। एक भतीजे ने अपने सगे चाचा पर कथित तौर पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना गांव में सनसनी का कारण बन गई। मृतक की पहचान सुनील ठाकुर के रूप में हुई है, जबकि आरोपी भतीजे का नाम छोटू कुमार है। घटना के बाद से आरोपी फरार है। मृतक के परिजनों के अनुसार, विवाद तब शुरू हुआ जब छोटू कुमार ने घर के पास स्थित बाड़ी में लगे मकई की चोरी का आरोप अपने चाचा सुनील ठाकुर पर लगाया। इस आरोप के बाद दोनों पक्षों के बीच बहस बढ़ गई, जो जल्द ही हाथापाई और मारपीट में बदल गई। परिजनों का आरोप है कि इसी दौरान छोटू कुमार ने सुनील ठाकुर पर हमला कर दिया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। सुनील ठाकुर की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और फिर पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी छोटू कुमार घटनास्थल से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया है। परिजनों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और न्याय की मांग की है। घटना के बाद से परिवार में मातम पसरा हुआ है। ईचाक थाना प्रभारी गौतम कुमार ने बताया कि पुलिस को घटना की जानकारी मिली है। पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंचकर स्थानीय लोगों और परिजनों से पूछताछ कर रही है। उन्होंने कहा कि घटना के कारणों और पूरे विवाद की जांच की जा रही है। थाना प्रभारी ने यह भी बताया कि आरोपी फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, लेकिन उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
भिण्ड वन विभाग में लकड़ी के परिवहन के लिए जारी होने वाली टीपी को लेकर एसडीओ और रेंजर के बीच विवाद सामने आया है। एसडीओ रामकुमार ने रेंजर कृतिका शुक्ला के खिलाफ वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की है। शिकायत में टीपी जारी करने के नाम पर किसानों पर दबाव बनाने और अवैध रूप से राशि लेने के आरोप लगाए गए हैं। मामले की जांच डीएफओ भिण्ड को सौंपी गई है। रेंजर को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। वहीं रेंजर ने आरोपों को निराधार बताया है। गोरमी के शिविर में सामने आया मामला गोरमी में 7 अगस्त को मुख्यमंत्री जन विकास शिविर आयोजित किया गया था। शिविर में किसानों की शिकायतों के निराकरण के दौरान वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर मामला सामने आया। इसके बाद एसडीओ रामकुमार ने वन मंडलाधिकारी सामान्य वन मंडल भिण्ड और सीसीएफ ग्वालियर-चंबल को पत्र भेजकर रेंजर कृतिका शुक्ला के खिलाफ विभागीय जांच की मांग की। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि किसानों के खेतों में फसल की कटाई के बाद लकड़ी के परिवहन के लिए टीपी जारी करने के नाम पर दबाव बनाया जा रहा है। साथ ही अवैध रूप से राशि लेने की बात भी कही गई है। एसडीओ ने यह भी कहा है कि टीपी जारी होने की संख्या कम होने से विभाग के राजस्व संग्रहण पर असर पड़ा है और राजस्व की हानि हुई है। पहले की शिकायतों का भी दिया हवाला एसडीओ की शिकायत में कहा गया है कि रेंजर कृतिका शुक्ला के खिलाफ पहले भी अलग-अलग स्तरों पर शिकायतें मिल चुकी हैं। शिकायत में यह आरोप भी लगाया गया है कि वरिष्ठ अधिकारियों पर महिला उत्पीड़न का मामला दर्ज कराने की धमकी देकर दबाव बनाने का प्रयास किया जाता है। एसडीओ ने मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोप सही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। एसडीओ बोले- शिविर में अभद्रता की गई एसडीओ फोरेस्ट रामकुमार ने बताया कि महिला अधिकारी होने का हवाला देकर उनके खिलाफ गलत शिकायत करने की धमकी दी जाती है। उन्होंने कहा कि 7 अगस्त को गोरमी में आयोजित शिविर में व्यवस्थाओं को लेकर पूछने पर उनके साथ अभद्रता की गई। उनका कहना है कि पूर्व में पदस्थ एसडीओ फोरेस्ट के साथ भी इसी तरह का व्यवहार किया गया था। रेंजर बोलीं- शिविर में कोई विवाद नहीं हुआ रेंजर कृतिका शुक्ला ने आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि शिविर के दौरान उनका किसी से कोई विवाद नहीं हुआ। शिविर में कलेक्टर से लेकर वन विभाग का स्टाफ मौजूद था। यदि कोई विवाद हुआ होता तो वहां मौजूद स्टाफ भी इसकी पुष्टि कर सकता था। कृतिका शुक्ला ने आरोप लगाया कि उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने एससी-एसटी एक्ट में फंसाने की धमकी दिए जाने की आशंका भी जताई। उनका कहना है कि शिविर 7 अगस्त को हुआ था, जबकि उनके खिलाफ शिकायत 11 अगस्त को की गई। उन्होंने कहा कि जांच में पूरा मामला स्पष्ट हो जाएगा। सीसीएफ बोले- जांच के बाद स्थिति साफ होगी सीसीएफ लवित भारती ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। दोनों पक्षों से संबंधित जांच रिपोर्ट मांगी गई है। डीएफओ भिण्ड को जांच सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।
हनुमानगढ़ के डबली कलां ग्राम पंचायत क्षेत्र के मिर्जावाली मेर स्थित GSS पर शनिवार को ग्रामीणों ने बिजली निगम के खिलाफ प्रदर्शन किया। लो-वोल्टेज और बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों ने नलकूपों की मोटरें जलने, घरेलू विद्युत उपकरण खराब होने और सिंचाई प्रभावित होने की शिकायत करते हुए जल्द समाधान की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि कम वोल्टेज के कारण नलकूपों की मोटरें ठीक से काम नहीं कर पा रही हैं और कई मोटरें जल चुकी हैं। इसके अलावा घरों में लगे फ्रिज, कूलर और अन्य विद्युत उपकरण भी खराब हो गए हैं। फसल संकट के बीच सिंचाई पर असर ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र में पहले से ही कम बारिश और नहरी पानी की अपर्याप्त उपलब्धता के कारण फसलें संकट में हैं। ऐसे में नलकूपों से सिंचाई प्रभावित होने से किसानों की चिंता और बढ़ गई है। लो-वोल्टेज के कारण मोटरों के संचालन में परेशानी आने से कई किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। 24 घंटे थ्री-फेस बिजली की मांग धरने के दौरान ग्रामीणों ने नलकूपों के लिए 24 घंटे थ्री-फेस बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग रखी। उनका कहना था कि पर्याप्त वोल्टेज के साथ नियमित बिजली मिलने पर ही किसान नलकूपों के जरिए फसलों की सिंचाई कर सकेंगे। जली मोटरों का सर्वे और मुआवजा मांगा ग्रामीणों ने लो-वोल्टेज के कारण जली नलकूप मोटरों का सर्वे करवाकर प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग भी की। इसके साथ ही डबली कलां पंप हाउस से जलभराव की निकासी की उचित व्यवस्था करने की मांग अधिकारियों के समक्ष उठाई गई। कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई और बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने बिजली निगम के अधिकारियों से मौके पर पहुंचकर समस्याओं का समाधान करने तथा नियमित और पर्याप्त वोल्टेज में बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
मेरठ में अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित कथित अवैध मस्जिद को हटाने की मांग को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि मस्जिद सरकारी भूमि पर बिना अनुमति के बनाई गई है। उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की। अधिवक्ताओं ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि मस्जिद के कथित इमाम मंसूल और उनके बेटे फैज पर जिज्ञासा चौहान उर्फ नेहा नाम की महिला को बहला-फुसलाकर अपहरण करने का आरोप है। अधिवक्ताओं के मुताबिक, इस संबंध में सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज है, लेकिन महिला की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी अब तक नहीं हुई है। अधिवक्ताओं ने दावा किया कि कथित घटना कचहरी-कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद से जुड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि मस्जिद सरकारी भूमि पर बिना नक्शा पास कराए और बिना अनुमति के बनाई गई है। साथ ही, वहां असामाजिक तत्वों के जमावड़े का भी आरोप लगाया। ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने महिला को जल्द बरामद करने, नामजद आरोपी फैज समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कथित अवैध निर्माण की जांच कर मस्जिद को हटाने तथा परिसर में किसी भी तरह की गैरकानूनी गतिविधि मिलने पर कार्रवाई की मांग भी की।
लुधियाना में आम आदमी पार्टी के विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने पायल हलके में 28 नव-नियुक्त आंगनवाड़ी वर्करों और हेल्परों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। अनाज मंडी पायल में आयोजित समारोह के दौरान 12 आंगनवाड़ी वर्करों और 16 हेल्परों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। इस मौके पर विधायक ग्यासपुरा ने कहा कि भगवंत मान सरकार सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता और योग्यता को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार अब तक 70 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दे चुकी है, जिनमें पायल हलके के करीब 1250 युवा शामिल हैं। विधायक ने कांग्रेस सरकार पर साधा निशाना विधायक ने पिछली कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनावों के दौरान ‘घर-घर नौकरी’ का वादा किया गया था, लेकिन सत्ता में रहते हुए आम लोगों के लिए पर्याप्त रोजगार के अवसर नहीं बनाए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के दौरान प्रभावशाली परिवारों को लाभ पहुंचाने की राजनीति होती रही। ग्यासपुरा ने पूर्व विधायक लखबीर सिंह लख्खा को चुनौती देते हुए कहा कि वह अपने कार्यकाल में दी गई सरकारी नौकरियों का पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक करें। उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी की सरकार बिना किसी सिफारिश और भ्रष्टाचार के युवाओं को रोजगार उपलब्ध करा रही है। अकाली दल और भाजपा के संभावित गठबंधन पर भी उन्होंने टिप्पणी की और कहा कि पंजाब के लोग आने वाले समय में इन दोनों दलों को स्वीकार नहीं करेंगे। समारोह में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और क्षेत्र के लोग मौजूद रहे।
संभल की तीन तहसीलों में लेखपालों ने अयोध्या में एक साथी की गिरफ्तारी के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने थाना समाधान दिवस का बहिष्कार करते हुए मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा, जिसमें एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई को 'फर्जी' बताया गया। यह प्रदर्शन शनिवार को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक संभल, चंदौसी और गुन्नौर तहसील परिसरों में हुआ। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर लेखपालों ने नारेबाजी की और एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई का विरोध किया। लेखपालों ने आरोप लगाया कि अयोध्या में लेखपाल उत्कर्ष दीप को गलत तरीके से फंसाया गया है, जिसका पूरे प्रदेश में विरोध किया जा रहा है। जिला मंत्री मुकेश कुमार शर्मा ने बताया कि लेखपाल ग्राम सचिवालय में शासन की मंशा के अनुरूप कार्य कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या की घटना में डिजिटल कैमरे की रिकॉर्डिंग में भी लेखपाल के हाथ में पैसे नहीं दिखाई दे रहे थे, इसके बावजूद उन पर कार्रवाई की गई। लेखपाल संघ ने स्पष्ट किया कि वे भ्रष्टाचार का पूरी तरह विरोध करते हैं, लेकिन किसी लेखपाल को गलत तरीके से फंसाकर गिरफ्तार करना उचित नहीं है। संघ का कहना है कि ऐसी कार्रवाई से लेखपाल और उनके परिवार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। जिलाध्यक्ष अनिल कुमार ने बताया कि यह कार्य बहिष्कार और धरना एक दिन के लिए था। उन्होंने दोहराया कि प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर थाना दिवस का बहिष्कार किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या में एक साथी की जेब में जबरन पैसे डालकर एंटी करप्शन टीम द्वारा फंसाया गया है। संघ ने कहा कि यदि कोई लेखपाल वास्तव में दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन गलत तरीके से फंसाने की कार्रवाई का विरोध जारी रहेगा। प्रदेश संगठन से अगले निर्देश मिलने के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।
हाथरस में दाऊजी महाराज मेले की तैयारी शुरू:डीएम-एसपी ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया, दिए निर्देश
हाथरस में ब्रज क्षेत्र के प्रसिद्ध श्री दाऊजी महाराज राजकीय मेले की तैयारियां शुरू हो गई हैं। अगले महीने से शुरू होने वाले इस मेले की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी (डीएम) अतुल वत्स ने आज शनिवार को दोपहर 3 बजे के लगभग मेला परिसर का भ्रमण किया। उनके साथ पुलिस अधीक्षक (एसपी) चिरंजीव नाथ सिन्हा और संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान, डीएम ने प्रवेश और निकासी के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित करने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य भीड़ के दबाव को कम करना और आवागमन को सुचारु बनाए रखना है। उन्होंने पार्किंग स्थल को व्यवस्थित करने और वाहनों के लिए पर्याप्त जगह सुनिश्चित करने को भी कहा। आपात स्थिति में श्रद्धालुओं की सुरक्षित निकासी के लिए वैकल्पिक मार्ग विकसित करने और उनका पूर्व परीक्षण कराने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने मेला परिसर में साफ-सफाई, जल निकासी, स्थायी इंटरलॉकिंग, विद्युत पोलों को सुरक्षा की दृष्टि से कवर करने और पर्याप्त वॉच टावर लगाने पर जोर दिया। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए दुकानों और झूलों के लिए अलग-अलग क्षेत्र निर्धारित करने को कहा गया, ताकि भीड़ नियंत्रण में आसानी हो। डीएम ने कहा कि श्री दाऊजी महाराज का मेला राजकीय और ऐतिहासिक-धार्मिक महत्व का है, इसलिए ऐसी स्थायी और बहुउपयोगी व्यवस्थाएं बनाई जाएं, जिनका भविष्य में भी उपयोग हो सके। इससे व्यवस्थाएं मजबूत होंगी और हर साल होने वाले खर्च में भी कमी आएगी। यह रहे मुख्य रूप से मौजूद... इस निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ), अपर जिलाधिकारी (एडीएम), अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी), उप जिलाधिकारी सदर, क्षेत्राधिकारी पुलिस, जिला पर्यटन अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग, अधिशासी अभियंता विद्युत, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका हाथरस सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
Haldwani Post Office Rakhi Box:डाक विभाग ने रक्षाबंधन के लिए हल्द्वानी प्रधान डाकघर में प्रीमियम राखी गिफ्ट बॉक्स लॉन्च किए हैं। इन बॉक्स में राखी, पूजा सामग्री और अन्य उपहार शामिल हैं, जिनकी कीमत 500 रुपये है और इनकी काफी मांग है।
कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र में पांच साल में रकम दोगुनी करने का झांसा देकर निवेश कराने का मामला सामने आया है। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद रकम वापस न मिलने पर पीड़ित ने रियल एस्टेट कंपनी YACL India Real Estate Ltd. Co. से जुड़े लोगों पर निवेश के नाम पर रकम हड़पने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने शनिवार दोपहर करीब दो बजे कल्याणपुर थाने में तहरीर देकर मामले की जांच, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और रकम वापस दिलाने की मांग की। पुलिस ने तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित का आरोप- रकम वापस मांगने पर करते रहे टालमटोल पुलिस को दी गई तहरीर के मुताबिक, शिकायतकर्ता को जमीन में निवेश के नाम पर कंपनी की ओर से आकर्षक योजना बताई गई थी। उसे भरोसा दिलाया गया था कि पांच वर्ष के लिए रकम जमा करने पर निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद निवेश की रकम दोगुनी होकर वापस मिलेगी। योजना और रकम दोगुनी होने के लालच में शिकायतकर्ता ने करीब एक लाख रुपये निवेश कर दिए। पीड़ित का आरोप है कि रकम जमा कराने के दौरान कंपनी से जुड़े लोगों ने निर्धारित अवधि पूरी होने पर मूलधन के साथ लाभ की रकम लौटाने का भरोसा दिया था। पांच साल की अवधि पूरी होने के बाद जब उसने अपनी जमा रकम और वादे के मुताबिक लाभ की राशि मांगी तो कंपनी से जुड़े लोग भुगतान करने के बजाय टालमटोल करने लगे। शिकायतकर्ता के मुताबिक, उसने कई बार कंपनी के जिम्मेदार लोगों से संपर्क कर रकम वापस मांगी। हर बार जल्द भुगतान करने का आश्वासन दिया गया, लेकिन रकम नहीं लौटाई गई। पीड़ित ने तहरीर में करीब दो लाख रुपये की रकम फंसे होने की बात कही है। निवेश और लेनदेन के दस्तावेज पुलिस को देगा पीड़ित पीड़ित का कहना है कि कंपनी की ओर से किए गए वादे और भरोसे के आधार पर उसने रकम निवेश की थी। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद भुगतान नहीं मिलने पर उसे कंपनी की योजना पर संदेह हुआ। इसके बाद उसने पुलिस से शिकायत कर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की। पीड़ित ने कंपनी से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच करने, निवेश और लेनदेन से संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल कराने और उसकी रकम वापस दिलाने की मांग की है। शिकायतकर्ता का कहना है कि वह आरोपों से संबंधित जानकारी और लेनदेन के दस्तावेज पुलिस को उपलब्ध कराएगा। दस्तावेज और बैंक लेनदेन की होगी जांच कल्याणपुर थाना प्रभारी केशव कुमार तिवारी ने बताया कि मामले में तहरीर मिली है। लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। निवेश से संबंधित दस्तावेज, बैंक लेनदेन और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की जाएगी। जांच में तथ्य सामने आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राज्य निर्वाचन आयोग ने झुंझुनूं जिले के सभी 19 शहरी निकायों में चुनाव कार्यक्रम बदल दिया है। झुंझुनूं के जिन निकायों में पहले फेज में 9 सितंबर को वोटिंग होनी थी, वहां अब दूसरे फेज में 11 सितंबर को वोटिंग होगी। जिन निकायों में दूसरे फेज में 11 सितंबर को वोंटिंग होनी थी, वहां अब पहले फेज में 9 सितंबर को वोटिंग होगी। राज्य निर्वाचन आयोग का कहना है कि 10 और 11 सितंबर को मंदिरों में भादवा अमावस्या की वार्षिक पूजा-अर्चना में देशभर से लाखों की संख्या में श्रद्धालु झुंझुनूं आते हैं। वार्षिक पूजा-अर्चना के दौरान काफी संख्या में पुलिस जाप्त लगाया जाता है। मंदिरों के आस-पास के भवनों में पोलिंग सेंटर बनाए गए हैं। इस वजह से चुनाव कार्यक्रम में बदलाव किया गया है। झुंझुनूं जिले अब ये होगा निकाय चुनाव का कार्यक्रम
ललितपुर पहुंचे प्रभारी मंत्री दानिश अंसारी:चीनी मूल्य वृद्धि और सपा शासन पर दिए बयान
शनिवार को प्रदेश सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज राज्यमंत्री और ललितपुर जिले के प्रभारी मंत्री दानिश आजाद अंसारी एक दिवसीय दौरे पर ललितपुर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कलेक्ट्रेट सभागार में एक प्रेस वार्ता को संबोधित किया और विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा बैठक ली। प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों ने उनसे चीनी के बढ़ते दामों को लेकर सवाल किया। जवाब में राज्यमंत्री अंसारी ने कहा कि सरकार उन 'बेसिक चीजों' के दाम नियंत्रित करती है, जिनका दुरुपयोग होता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि सरकार आम नागरिकों को बेहतर से बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए काम कर रही है। मंत्री अंसारी ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के कार्यकाल में 700 से अधिक दंगे हुए थे और अपराधियों के हाथों में थानों को गिरवी रखने का काम हुआ। उन्होंने कहा कि सपा शासन में महिलाएं रात में सड़कों पर अकेली निकलने से डरती थीं और उनमें भय का माहौल बना हुआ था, जबकि अपराधियों के हौसले बुलंद थे। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को विकास के रास्ते पर लाने का श्रेय दिया। इसके साथ ही, उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर 'वंदे मातरम' का विरोध करने और देश को बांटने की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी निजी राजनीति के लिए 'वंदे मातरम' का विरोध कर रही है। ललितपुर मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों के ड्यूटी से आए दिन गायब रहने के सवाल पर प्रभारी मंत्री अंसारी ने जांच कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि समय-समय पर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों द्वारा मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया जाएगा। प्रेस वार्ता से पहले प्रभारी मंत्री ने भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में कोर कमेटी की बैठक ली और फिर कलेक्ट्रेट सभागार में जिले के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। समीक्षा बैठक में उन्होंने विकास कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। इस दौरान राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ, सदर विधायक रामरतन कुशवाहा,जिला पंचायत प्रशासक कैलाश निरंजन,भाजपा जिलाध्यक्ष हरिश्चंद्र रावत, जिलाधिकारी सत्य प्रकाश और पुलिस अधीक्षक संजीव वाजपेई सहित अनेक अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य शनिवार रात प्रयागराज पहुंचेंगे। दो दिवसीय दौरे में वे विकास कार्यों की समीक्षा के साथ पार्टी पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से बैठक करेंगे। रविवार को प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत रसोइयों के सम्मान समारोह में ऑनलाइन शामिल होंगे। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक और प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। रात 8:15 बजे पहुंचेंगे बमरौली एयरपोर्ट केशव प्रसाद मौर्य रात करीब 8:15 बजे बमरौली एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां से रात 8:50 बजे सर्किट हाउस पहुंचकर रात्रि विश्राम करेंगे। रविवार को बैठकों का दौर रविवार सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित प्रधानमंत्री पोषण योजना के रसोइयों के सम्मान समारोह में ऑनलाइन शामिल होंगे। दोपहर 12 बजे सर्किट हाउस में पार्टी पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे। इसमें विकास कार्यों और संगठन से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले की विकास योजनाओं और सरकारी कार्यों की समीक्षा करेंगे। बैठकों के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करेंगे। ‘टेस्ट ऑफ यूपी कॉन्क्लेव’ में होंगे शामिल शाम 6:30 बजे नैनी स्थित रामांशा इन होटल एंड रिसॉर्ट में आयोजित ‘टेस्ट ऑफ उत्तर प्रदेश कॉन्क्लेव’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यहां प्रदेश की संस्कृति, खानपान और स्थानीय उत्पादों से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी।
चूरू जिले के राजलदेसर थाना क्षेत्र में शनिवार को एक दीवार का पिलर गिरने से 18 वर्षीय युवती की मौत हो गई। यह घटना वार्ड 35 में हुई। हादसे के समय युवती घर में दीवार के पास गाय चरा रही थी। इसी दौरान अचानक दीवार का एक पिलर उस पर गिर गया। युवती पिलर के नीचे दब गई, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। परिजनों ने तुरंत युवती को राजलदेसर के सरकारी अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। राजलदेसर पुलिस के अनुसार, वार्ड 35 निवासी सांवरमल जाट ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि उनकी बेटी ज्याना की मौत पिलर गिरने से हुई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को मोर्चरी में रखवाया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
हापुड़ में गौरव त्यागी हत्याकांड के बाद शनिवार दोपहर मृतक के गांव मोहम्मदपुर आजमपुर में एक महापंचायत का आयोजन किया गया। इसमें ग्रामीणों और परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने गांव का नाम बदलकर 'गौरव नगर' रखने, आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने और एनकाउंटर की मांग उठाई। पंचायत के बाद ग्रामीणों ने एडीएम संदीप कुमार को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि मुकदमे की सुनवाई पूरी होने तक मृतक के परिवार को पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए। पीड़ित परिवार के लिए सरकार से एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी देने की भी मांग की गई। इसके अतिरिक्त, मृतक की पत्नी के नाम शस्त्र लाइसेंस जारी करने की भी अपील की गई। ग्रामीणों ने मृतक के दोनों बच्चों की 12वीं तक की पढ़ाई किसी अच्छे कॉन्वेंट स्कूल में हॉस्टल सुविधा के साथ निशुल्क कराने की मांग की। ज्ञापन में बच्चों को 12वीं के बाद स्नातक तक की शिक्षा उपलब्ध कराने की मांग भी शामिल थी। पंचायत में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर लोगों में गहरा आक्रोश देखा गया। ग्रामीणों ने जोर देकर कहा कि हत्या के आरोपियों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए, जिससे भविष्य में अपराध करने वालों में कानून का भय पैदा हो। आरोपियों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई और एनकाउंटर की मांग भी प्रमुखता से दोहराई गई। मृतक की बहन सपना ने पंचायत में अपने भाई की हत्या से उपजे परिवार के दर्द को साझा किया और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष ज्ञानेश्वर त्यागी ने कहा कि गौरव की स्मृति को बनाए रखने के लिए मोहम्मदपुर आजमपुर गांव का नाम बदलकर 'गौरव नगर' किया जाना चाहिए। एडीएम संदीप कुमार ने ग्रामीणों को उनकी मांगों और ज्ञापन पर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि ज्ञापन को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा और शासन स्तर से संबंधित मांगों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान एएसपी विनीत भटनागर, सीओ अनीता चौहान, SDM प्रेमपाल समेत अन्य अफसर मौजूद रहे।
हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) और बिजली विभाग में अनुबंध के आधार पर कार्यरत कर्मचारियों ने उकलाना से कांग्रेस विधायक नरेश सेलवाल से मुलाकात की और अपनी समस्याओं से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान विधायक नरेश सेलवाल ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। शुक्रवार को विधायक से मुलाकात के दौरान कहा कि, कर्मचारियों ने सरकार से वर्षों से सेवाएं दे रहे अनुबंधित कर्मचारियों को नियमित करने सहित अन्य सुविधाएं देने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने विधायक को बताया कि बिजली विभाग में फील्ड और नॉन-फील्ड स्तर पर बड़ी संख्या में युवा लंबे समय से अनुबंध आधार पर सेवाएं दे रहे हैं। कर्मचारी विभाग के महत्वपूर्ण और कई बार जोखिमपूर्ण कार्यों को पूरी जिम्मेदारी के साथ निभा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें नियमित कर्मचारियों के समान वेतन और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। पक्की नौकरी और समान वेतन की मांग कर्मचारियों ने ज्ञापन के माध्यम से HKRN एवं अनुबंधित कर्मचारियों को नियमित करने, समान काम-समान वेतन लागू करने, निर्धारित पे-स्केल देने, बेहतर मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध करवाने, भर्ती एवं पदोन्नति में पारदर्शी व्यवस्था तथा नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग रखी। कर्मचारियों का कहना था कि लंबे समय से सेवा देने के बावजूद उन्हें भविष्य की नौकरी को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। उन्होंने सरकार से उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर स्थायी समाधान निकालने की मांग की।
बालाघाट जिले के बिरसा विकासखंड के आदिवासी अंचल में महामारी फैलने से 24 बच्चों की मौत हो गई है। इन मौतों का मुख्य कारण टीकाकरण में कमी, मलेरिया और कुपोषण बताया जा रहा है। शनिवार को प्रभावित गांवों का दौरा करने पहुंचे डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री ने इस मामले में लापरवाही बरतने पर सख्त कार्रवाई की। उन्होंने टीकाकरण अधिकारी डॉ. परेश उपलप और मलेरिया अधिकारी मनीषा जुनेजा को तत्काल प्रभाव से उनके प्रभार से हटा दिया। मछुरदा पहुंचकर ग्रामीणों से की चर्चा डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने महामारी से प्रभावित ग्राम मछुरदा का दौरा किया और ग्रामीणों से बातचीत की। चर्चा के दौरान एक ग्रामीण महिला ने बताया कि गांव में अस्पताल तो है, लेकिन डॉक्टर उपलब्ध नहीं हैं। इस पर मंत्री ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) से जानकारी ली और अस्पताल में एएनएम (Auxiliary Nurse Midwife) तैनात करने के निर्देश दिए। दशकों बाद नक्सल मुक्त क्षेत्र है निरीक्षण के बाद मीडिया से बात करते हुए मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि यह क्षेत्र दशकों बाद नक्सल मुक्त हुआ है। सरकार यहां के आदिवासियों को मुख्यधारा में लाने और उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य तथा रोजगार में भागीदारी बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने आगे बताया कि निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि प्रभावित गांवों में टीकाकरण, मलेरिया से बचाव के लिए दवा छिड़काव और कुपोषण दूर करने के लिए विशेष प्रयासों की आवश्यकता है। इसके लिए प्रशासनिक अमला सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। विशेष अभियान शुरू करेंगे बीमारी से प्रभावित गांवों में बच्चों को खसरा-रूबेला जैसी संक्रामक बीमारियों से बचाने के लिए एक विशेष टीकाकरण अभियान शुरू किया गया है। मंत्री ने यह भी बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में जागरूकता की कमी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार इन गांवों में फैली बीमारी को लेकर गंभीर है और मुख्यमंत्री स्वयं इसकी निगरानी कर रहे हैं। ग्रामीणों को सरकारी व्यवस्था पर भरोसा नहीं मंत्री ने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सरकार अनुशासनात्मक और अन्य कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगी। आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित गांवों में अतिरिक्त मानव संसाधन भी तैनात किया जाएगा। उन्होंने स्वीकार किया कि ग्रामीणों में डॉक्टरों और सरकारी व्यवस्था पर भरोसा नहीं है। मंत्री ने आश्वासन दिया कि बैगा आदिवासियों के स्वास्थ्य को लेकर कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी और यदि किसी विशेषज्ञ या संसाधन की आवश्यकता है, तो प्रशासन प्रस्ताव बनाकर भेजे। टेक होम राशन को लेकर उन्होंने बताया कि इसके विकल्प के आधार पर दिया जा रहा है।
सीकर में 21 साल के राहुल कुमार की कांवड़ यात्रा चर्चा में है। राहुल कांवड़ के एक पलड़े में अपनी दादी लच्छी देवी को बैठाकर यात्रा कर रहे हैं। राहुल शेखावाटी के मिनी हरिद्वार तीर्थराज लोहार्गल के गौमुख से जल भरकर 45 किलोमीटर की यात्रा कर रहे हैं। राहुल ने बताया- 20 अगस्त को दोपहर 2 बजे कांवड़ में एक तरफ दादी और दूसरी तरफ जल भरकर रवाना हुए। पहले दिन रात को रामपुरा और दूसरे दिन पिपराली में आराम किया। अब तीसरा सीकर में रहेगा। चौथे दिन 23 अगस्त को शाम 7 बजे तक गांव रामपुरा पहुंचने की उम्मीद है। राहुल ने बताया- कांवड़ के दोनों पलड़ों का कुल वजन करीब 81 किलो है। एक पलड़े में 42 किलो जल से भरी लोहे की मटकियां रखी हैं। वहीं, दूसरे पलड़े में दादी चौकी पर बैठी हैं। 20 तारीख को कार से लोहार्गल पहुंचा। पहले सोचा था लोहार्गल से एक-एक क्विंटल जल लेकर आएंगे। फिर श्रवण कुमार का एक भजन सुना। मैंने सोचा कि आज के युग में भी सतयुग होना जरूरी है। कांवड़ जल तो हर कोई लाता है। कांवड़ ऐसी लानी चाहिए कि दुनिया में मिसाल बने। इसलिए मैं लोहार्गल से दादी को कांवड़ में बैठाकर ला रहा हूं। इसमें परिवार के लोग भी साथ हैं। परिवार भी साथ राहुल ने बताया- कांवड़ के मुख्य बांस के चारों तरफ फॉम लपेटा गया है। मजबूत रस्सियों से बांधकर भगवान भोलेनाथ का नाम लेकर आगे बढ़ रहे हैं। हर 100 मीटर के बाद हल्का आराम लेकर फिर आगे का सफर तय करते हैं। राहुल के साथ साथी बनवारी लाल बरवड़, रोहित शर्मा समेत परिवार के इंद्रपाल शेषमल और मनोज बरवड़ भी सहयोग कर रहे हैं। दादी बोली- श्मशान जाने का टाइम है, बच्चों ने तीर्थयात्रा करवा दी दादी लच्छी देवी ने कहा- घर के बच्चे ऐसे हैं, जो तीर्थ करवा रहे हैं। मेरा कुछ नहीं है, सिर्फ बैठी हूं। सारी मेहनत ये बच्चे कर रहे हैं। भगवान सबको ऐसे नाती-पोते दे। अब तो श्मशान जाने का टाइम है, लेकिन बच्चों ने तीर्थयात्रा करवा दी। पहले भी ला चुके जल बता दें कि राहुल बिजली के तार बिछाने का काम करता है। राहुल पहले भी 2 बार तीर्थराज लोहार्गल से 51 लीटर जल की कावड़ गांव रामपुरा ले जा चुके हैं।
रतलाम नागालैंड नंबर के कंटेनर में कंबलों के नीचे छिपाकर ले जाया जा रहा106.47 किलो डोडाचूरा शुक्रवार देर रात पुलिस ने पकड़ा है। शनिवार को पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया कि इसकी कीमत करीब 30 लाख रुपए बताई गई है। डोडाचूरा नीमच से 6 कट्टों में भरकर महाराष्ट्र के मालेगांव ले जाया जा रहा था। पुलिस ने कंटेनर जब्त कर नीमच और राजस्थान के चित्तौड़गढ़ के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एक आरोपी मौके से फरार हो गया। एएसपी राकेश पंद्रों ने कहा कि शुक्रवार रात बिलपांक थाना प्रभारी को सूचना मिली थी कि कंटेनर क्रमांक NL 01 AA 6956 में डोडाचूरा भरकर सातरूंडा होते हुए इंदौर की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना के बाद पुलिस टीम ने सातरूंडा क्षेत्र में घेराबंदी की। इंदौर जाने वाली रोड के किनारे ले-बाय पर कंटेनर खड़ा मिला। पुलिस ने कंटेनर की तलाशी ली तो उसमें कंबल रखे मिले। कंबलों के नीचे 6 कट्टों में डोडाचूरा छिपाकर रखा गया था। वजन कराने पर कुल 106.47 किलो डोडाचूरा मिला। पुलिस को देखकर एक आरोपी भागा कंटेनर में तीन लोग सवार थे। पुलिस को देखकर एक व्यक्ति मौके से भाग गया। पकड़े गए आरोपियों ने अपना नाम मोहनलाल (42) पिता बगदीराम माली, निवासी बराड़ा, सरवनिया महाराज के पास, थाना जावद, जिला नीमच और प्रेमचंद (53) पिता केसुराम धाकड़, निवासी ग्राम रामपुरिया, थाना बेगूं, जिला चित्तौड़गढ़ बताया। पुलिस ने दोनों को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर डोडाचूरा और कंटेनर जब्त कर लिया है। नीमच से डोडाचूरा लाने की बात कबूली पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे डोडाचूरा नीमच के अनिल सिंह राजपूत से लेकर आए थे। पुलिस अब डोडाचूरा उपलब्ध कराने वाले अनिल सिंह राजपूत और फरार आरोपी अनिल सिंह सोंधिया राजपूत निवासी संगराणा घाटी, जिला नीमच की तलाश कर रही है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार दोनों आरोपियों को शनिवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड लिया जाएगा।
जम्मू-कश्मीर में आयुष्मान भारत-सेहत स्कीम के तहत निजी अस्पतालों और डायलिसिस सेंटरों को पिछले 8 महीनों से भुगतान नहीं मिला है, जिससे वे गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। अस्पताल मालिकों ने उप-राज्यपाल से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है।
महू में पातालपानी-कालाकुंड हेरिटेज ट्रेन शुरू:मरम्मत के कारण हुई देरी; हफ्ते में 3 दिन चलेगी
महू में पातालपानी-कालाकुंड हेरिटेज ट्रेन का संचालन फिर से शुरू हो गया। शनिवार सुबह 11.05 बजे ट्रेन पातालपानी स्टेशन से रवाना हुई। पहले दिन यात्रियों की संख्या कम रही। यह प्रदेश की पहली हेरिटेज ट्रेन है। पहले दिन रेलवे के अधिकारी भी ट्रेन में मौजूद रहे। उन्होंने रास्ते और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। पारंपरिक स्वरूप में रखी गई ट्रेन ट्रेन पातालपानी झरने के सामने बने स्टॉप पर पहुंची तो यात्रियों में उत्साह नजर आया। कई यात्री स्टेशन के बजाय इसी स्टॉप से ट्रेन में बैठे। उन्होंने रास्ते में प्राकृतिक नजारों का आनंद लिया। इस बार हेरिटेज ट्रेन को पारंपरिक स्वरूप में रखा गया है। ट्रेन को गहरे लाल रंग और पारंपरिक परिवेश में रखा गया है। इससे पुराने दौर की रेल यात्रा की झलक मिलती है। कोचों की मरम्मत के कारण संचालन में हुई देरी इस साल मानसून के दौरान हेरिटेज ट्रेन का संचालन शुरू होने में देरी हुई। बताया गया कि ट्रेन के कोच मरम्मत के लिए राजस्थान के बीकानेर भेजे गए थे। इस कारण इस बार ट्रेन तय समय से देर से शुरू हुई। ट्रेन का समय और किराया ट्रेन पातालपानी से सुबह 11.05 बजे रवाना होगी। यह दोपहर 1.05 बजे कालाकुंड पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन कालाकुंड से दोपहर 3.34 बजे चलेगी। यह शाम 4.30 बजे पातालपानी स्टेशन पहुंचेगी। ट्रेन सप्ताह में तीन दिन चलेगी। इसका संचालन शुक्रवार, शनिवार और रविवार को होगा। AC चेयर कार का किराया 265 रुपए प्रति व्यक्ति है। नॉन AC चेयर कार में जनरल टिकट 20 रुपए प्रति व्यक्ति है।
लुधियाना के जस्सियां रोड स्थित आमेवी स्वीट्स फैक्ट्री पर शनिवार को फूड सेफ्टी विभाग की टीम ने छापेमारी की। टीम को यहां अनहाइजेनिक तरीके से गंदगी में तैयार की जा रही अलग-अलग प्रकार की मिठाइयां मिलीं। विभाग ने करीब 3 क्विंटल मिठाइयां जब्त की हैं। इनके सैंपल भी लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए लैब में भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सूचना मिलने पर टीम ने की छापेमारी फूड सेफ्टी विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, उन्हें जस्सियां रोड स्थित मिठाई फैक्ट्री में अनहाइजेनिक तरीके से मिठाइयां तैयार किए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद टीम ने फैक्ट्री में पहुंचकर जांच की। इस दौरान बड़ी मात्रा में अलग-अलग तरह की मिठाइयां तैयार मिलीं। 3 क्विंटल के करीब मिठाइयां मिलीं अधिकारियों ने बताया कि फैक्ट्री से करीब 3 क्विंटल मिठाइयां बरामद हुई हैं। विभाग की टीम ने मिठाइयों के सैंपल भी लिए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, मौके पर मिली मिठाइयों को खाने योग्य नहीं माना जा रहा है। इन्हें नष्ट करवाने की कार्रवाई की जाएगी। वेस्टेज मिठाइयों और चाशनी के इस्तेमाल का आरोप डीएचओ आशीष चावला ने बताया कि जांच के दौरान ऐसी मिठाइयां मिली हैं, जिन्हें कथित तौर पर साफ-सफाई के उचित मानकों के बिना तैयार किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि जानकारी के अनुसार मिठाइयां तैयार करने में पुरानी या वेस्टेज मिठाइयों और चाशनी का इस्तेमाल किया जा रहा था। ऐसी सामग्री से तैयार खाद्य पदार्थ स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। सैंपल जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई आशीष चावला ने बताया कि फूड सेफ्टी टीम की ओर से फैक्ट्री के खिलाफ चालान की कार्रवाई की जाएगी। मौके से लिए गए सैंपलों को जांच के लिए भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई होगी। विभाग की ओर से जब्त मिठाइयों को नष्ट करवाने की प्रक्रिया भी की जाएगी।
चाईबासा-चक्रधरपुर मुख्य मार्ग पर बाईहातु गांव के पास शनिवार दोपहर इंडियन ऑयल का एक पेट्रोल-डीजल टैंकर अनियंत्रित होकर पलट गया। टैंकर अंदर से दो भागों में बंटा हुआ था। एक हिस्से में पेट्रोल और दूसरे में डीजल भरा हुआ था, जो हादसे के बाद सड़क पर बहने लगा। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और बाल्टी-डिब्बे लेकर सड़क पर फैले ईंधन को इकट्ठा करने लगे। टैंकर चालक रवींद्र राम ने बताया कि वह खूंटी से पेट्रोल और डीजल लेकर चाईबासा से लगभग 10 किलोमीटर आगे स्थित एक पेट्रोल पंप जा रहा था। चालक के अनुसार, सामने से आ रहे एक बड़े डंपर को देखकर उन्होंने टैंकर पर से नियंत्रण खो दिया, जिससे वाहन सड़क पर पलट गया। घटना की जानकारी मिलते ही मुफस्सिल थाना प्रभारी बिनोद कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने ईंधन इकट्ठा कर रहे ग्रामीणों को रोका और उन्हें घटनास्थल से दूर हटाया। पुलिस ने लोगों को पेट्रोल और डीजल के अत्यधिक ज्वलनशील होने के बारे में समझाया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, थाना प्रभारी ने तत्काल अग्निशमन विभाग को सूचित किया। फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और सुरक्षा व्यवस्था संभाली। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित किया और लोगों से टैंकर से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की। हादसे के बाद घटनास्थल पर कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया था। पुलिस और अग्निशमन कर्मियों की त्वरित कार्रवाई से एक संभावित बड़ी आगजनी की घटना टल गई। इस दुर्घटना में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
रीवा में लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। नगर निगम प्रशासन प्रभावित लोगों तक भोजन, नाश्ता, पेयजल और दवाइयां पहुंचाने में जुटा है। वहीं, पानी उतरने के बाद जलभराव वाले क्षेत्रों में अव्यवस्थित कॉलोनियों और नियम विरुद्ध निर्माण की जांच की तैयारी शुरू कर दी गई है। महापौर अजय मिश्रा ‘बाबा’ ने कहा कि बाढ़ की स्थिति सामान्य होने के बाद ऐसे क्षेत्रों को चिन्हित किया जाएगा, जहां उचित जल निकासी के बिना कॉलोनियां विकसित की गई हैं। ऐसे निर्माण भी देखे जाएंगे, जिनसे प्राकृतिक जल निकासी प्रभावित हुई है। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान सामने आई जलभराव की समस्या की समीक्षा की जाएगी। नालियों, नालों और प्राकृतिक जल निकासी के रास्तों पर अतिक्रमण या अव्यवस्थित निर्माण के कारण पानी की निकासी प्रभावित होने वाले क्षेत्रों की पहचान की जाएगी। बाढ़ राहत कार्य जारी महापौर ने राहत किचन का निरीक्षण किया। उन्होंने खुद भोजन चखा और बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए दोनों समय भोजन और नाश्ते की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। रसोई में साफ-सफाई और भोजन की गुणवत्ता भी देखी। फिलहाल नगर निगम की प्राथमिकता बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाना है। प्रभावित परिवारों को भोजन, स्वच्छ पेयजल और जरूरी दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रभावित वार्डों में सफाई के साथ ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव भी कराया जा रहा है। बाढ़ का पानी उतरने के बाद होगा सर्वे बाढ़ का पानी उतरने के बाद नगर निगम की टीम जलभराव वाले क्षेत्रों का सर्वे करेगी। इसमें नालियों और जल निकासी के रास्तों की स्थिति देखी जाएगी। इसके साथ अव्यवस्थित कॉलोनियों और नियम विरुद्ध निर्माण को भी चिन्हित किया जाएगा। जरूरत के अनुसार नोटिस देने और कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होगी। महापौर ने अधिकारियों को राहत कार्य के साथ भविष्य में जलभराव की समस्या रोकने के लिए स्थायी समाधान पर काम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक जल निकासी में बाधा डालने वाले अवैध निर्माण और अव्यवस्थित विकास को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
आजमगढ़ में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत तरवां पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट में वांछित आरोपी हीरालाल यादव को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी को सरायभादी गांव की सीमा में उसके घर से करीब 700-800 मीटर दूर खेत से पकड़ा गया। कार्रवाई थानाध्यक्ष राजीव कुमार सिंह के नेतृत्व में की गई। पुलिस के अनुसार, गैंग का सरगना जामवन्त यादव उर्फ जमुना यादव है। उसके खिलाफ आजमगढ़, गाजीपुर और वाराणसी में लूट, हत्या के प्रयास, रंगदारी, गैंगस्टर एक्ट, अवैध असलहा और एनडीपीएस एक्ट समेत 32 मुकदमे दर्ज हैं। हीरालाल के खिलाफ तरवां थाने में हत्या के प्रयास, मारपीट और धमकी समेत चार मामले दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक, 2021 में मिट्टी उठाने के विवाद में जामवन्त और हीरालाल पर एक व्यक्ति के घर पहुंचकर गाली-गलौज करने और अवैध तमंचे से फायरिंग करने का आरोप लगा था। वहीं, 2025 में वाराणसी के मिर्जामुराद में हुई लूट की जांच में भी जामवन्त समेत अन्य आरोपियों के नाम सामने आए थे। इसके बाद पुलिस ने गैंगचार्ट तैयार कर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की।
कैलारस शक्कर कारखाने को दोबारा शुरू कराने की मांग को लेकर पिछले 8 दिनों से चल रहा आंदोलन शनिवार को स्थगित कर दिया गया। प्रदेश सरकार द्वारा कारखाना चलाने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर विज्ञप्ति जारी किए जाने के बाद संघर्ष समिति ने यह निर्णय लिया। आम जनता, सभी दलों और सामाजिक संगठनों के आग्रह तथा जौरा विधायक पंकज उपाध्याय की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उनका आमरण अनशन भी समाप्त करा दिया गया। पूर्व मंत्री ने जूस पिलाकर खत्म कराया अनशन शक्कर कारखाना परिसर में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने जूस पिलाकर विधायक पंकज उपाध्याय का आमरण अनशन समाप्त कराया। इस दौरान बड़ी संख्या में महिला-पुरुष, कांग्रेस कार्यकर्ता और सामाजिक एवं जन संगठनों से जुड़े लोग मौजूद रहे। सरकार के फैसले का स्वागत, रखी मांगें संघर्ष समिति और विधायक की ओर से मुख्यमंत्री एवं कलेक्टर मुरैना के नाम संयुक्त हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपा गया। इसमें प्रमुख मांगें: आंदोलन स्थगित, संघर्ष जारी रखने का ऐलान आमसभा को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री गोविंद सिंह ने कहा कि आंदोलन फिलहाल स्थगित किया गया है, समाप्त नहीं। जरूरत पड़ने पर सभी को फिर से संघर्ष के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि एकजुट होकर किए गए संघर्ष के कारण सरकार को कारखाना चलाने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू करनी पड़ी। सभा में विधायक दिनेश गुर्जर, पूर्व विधायक बैजनाथ कुशवाहा, जिला अध्यक्ष मधु राज तोमर, माकपा नेता ओमप्रकाश श्रीवास सहित कई नेता मौजूद रहे। सभी ने आंदोलन की सफलता पर कार्यकर्ताओं को बधाई दी और जरूरत पड़ने पर आगे भी संघर्ष जारी रखने की बात कही।
सतना बरौंधा थाना क्षेत्र के अधवा गांव में शुक्रवार से लापता 38 वर्षीय महिला का शव शनिवार दोपहर खेत के पास बने तालाब में मिला। मृतका की पहचान महतैन निवासी कमला (38) पति रामदुलारे मवासी के रूप में हुई है। शव मिलने की सूचना के बाद गांव में सनसनी फैल गई। परिजनों के अनुसार, कमला शुक्रवार दोपहर धान के खेत में काम करने गई थी। काम खत्म होने के बाद वह घर नहीं लौटी। देर शाम तक घर नहीं पहुंचने पर परिजनों और ग्रामीणों ने आसपास उसकी तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चला। ग्रामीणों ने उतराता देखा शवशनिवार दोपहर करीब 2 बजे खेत के पास स्थित तालाब में ग्रामीणों ने महिला का शव उतराता देखा। सूचना मिलने पर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और शव को तालाब से बाहर निकाला। जानकारी मिलते ही बरौंधा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। महिला की मौत डूबने से हुई या इसके पीछे कोई अन्य कारण है, इसका पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद चलेगा। पुलिस ने मर्ग कायम कर घटना की परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है।
महेंद्रगढ़ में सीआईए महेंद्रगढ़ की टीम ने एक युवक को 5 ग्राम 98 मिलीग्राम हेरोइन सहित गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई नशा तस्करी के खिलाफ की गई है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक फैजल खान ने बताया कि सीआईए महेंद्रगढ़ की टीम गश्त के दौरान बस अड्डा आदलपुर पर मौजूद थी। इसी दौरान पुलिस टीम को सूचना मिली कि आशीष नामक युवक अवैध हेरोइन लेकर आकोदा खेल स्टेडियम के सामने मौजूद है और उसे बेचने के लिए ग्राहक का इंतजार कर रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने तुरंत रेडिंग पार्टी का गठन किया और बताए गए स्थान पर पहुंची। पुलिस टीम को देखकर मौके पर मौजूद युवक ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसे काबू कर लिया। पूछताछ में युवक ने अपना नाम आशीष, निवासी वार्ड नंबर-1, महेंद्रगढ़ बताया। तलाशी में बरामद हुई हेरोइन नियमानुसार, एक राजपत्रित अधिकारी की मौजूदगी में युवक की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उसकी जेब से एक पॉलिथीन बरामद हुई, जिसमें संदिग्ध अवैध मादक पदार्थ हेरोइन मौजूद था। बरामद पदार्थ का इलेक्ट्रॉनिक कांटे पर नियमानुसार वजन किया गया, जो 5 ग्राम 98 मिलीग्राम पाया गया। पुलिस ने बरामद अवैध मादक पदार्थ को कब्जे में लेकर आरोपी आशीष को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत थाना सदर महेंद्रगढ़ में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस कर रही मामले की जांच पुलिस द्वारा मामले की गहनता से जांच की जा रही है। आरोपी से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल करते हुए यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वह मादक पदार्थ कहां से लेकर आता था और इस गिरोह में अन्य कौन-कौन शामिल हैं।
प्रतापगढ़ में नगर निकाय और पंचायत चुनावों के मद्देनजर मतदाताओं को जागरूक करने के उद्देश्य से राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में स्वीप (Systematic Voters’ Education and Electoral Participation) गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं को मतदान की शपथ दिलाई गई। लोकतंत्र को मजबूत बनाने की अपील कॉलेज के प्राचार्य बनवारी लाल मीणा ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने में मतदान की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सभी पात्र मतदाताओं से बिना किसी दबाव या प्रलोभन के अपने मताधिकार का प्रयोग करने का आग्रह किया। मेहंदी और रंगोली बनाकर मतदान के प्रति किया जागरूक स्वीप गतिविधियों के तहत महाविद्यालय परिसर में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। छात्र-छात्राओं ने हाथों पर मेहंदी लगाकर और रंगोली बनाकर मतदान के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों ने लोगों से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाने और मतदान के दिन अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के स्टाफ सदस्य और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। परिसर में आयोजित इन जागरूकता गतिविधियों ने विद्यार्थियों में मतदान के प्रति उत्साह और जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा दिया।
लुधियाना में रह रही 15 साल की गर्लफ्रेंड से मिलने उसका बॉयफ्रेंड करीब 1000 किलोमीटर दूर प्रयागराज से पहुंच गया। यहां उसने पहले लड़की को घर से बाहर बुलाया और फिर शादी का झांसा देकर अपने साथ भगा ले गया। परिवारवालों को जब बेटी के गायब होने का पता चला, तो उन्होंने तलाश शुरू की। करीब 2 हफ्ते तक कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद परिवारवालों ने पुलिस को बॉयफ्रेंड का मोबाइल नंबर दिया। पुलिस ने मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की, तो दोनों के फोकल पॉइंट इलाके में होने का पता चला। शनिवार सुबह परिवार वहां पहुंचा और लड़की को सड़क पर घूमते हुए पकड़ लिया। कुछ देर बाद बॉयफ्रेंड भी वहां पहुंच गया। परिवारवालों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। परिवारवालों का कहना है कि बॉयफ्रेंड ने बेटी से रेप किया है। पुलिस अब लड़की का मेडिकल टेस्ट करवाएगी, जिससे पता चल सके कि उसके साथ रेप हुआ या नहीं। यूपी से लुधियाना आकर गर्लफ्रेंड को भगाने की पूरी कहानी जानिए… 14 दिन साथ रही लड़की, परिवार ने रेप की आशंका जताई लड़की के परिवारवालों का कहना है कि वह करीब 14 दिन तक बॉयफ्रेंड के साथ रही। इस दौरान उसके साथ रेप किया गया है। पुलिस अब लड़की का मेडिकल करवाएगी। मेडिकल रिपोर्ट और जांच के आधार पर ही यह साफ हो पाएगा कि उसके साथ रेप हुआ है या नहीं। जांच अधिकारी राज गोपाल के अनुसार, आरोपी को पकड़ लिया गया है। उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। फिलहाल अपहरण और लड़की को कैद में रखने से संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई है। अगर लड़की के मेडिकल और जांच में रेप की पुष्टि होती है, तो एफआईआर में संबंधित धाराएं जोड़ी जाएंगी। ----------------------------- ये खबर भी पढ़ें- अयोध्या में रिश्वत दीजिए, रामलला के दर्शन कीजिए, ज्यादा पैसे दोगे तो दरोगा साथ जाएगा, रील भी बनवाएगा; स्टिंग में देखिए पूरी सौदेबाजी ‘राममंदिर में दर्शन हो जाएंगे। मजिस्ट्रेट साहब के यहां से प्रोटोकॉल जारी करा देंगे, फिर दरोगा खुद ले जाएगा और दर्शन कराएगा।’ यह कहना है अयोध्या में राममंदिर के बाहर दर्शन कराने वाले दलाल शुभम दुबे का। यह पैसे लेकर दर्शन कराने वाले गिरोह में शामिल है। चार्ज है- 7300 रुपए। जबकि, राममंदिर में दर्शन के लिए कोई शुल्क नहीं है। पढ़ें पूरी खबर
इंदौर जिले के सांवेर क्षेत्र के धरमपुर में शनिवार को मिड-डे मील खाने के बाद 38 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। बच्चों ने भोजन करने के कुछ देर बाद पेट दर्द, चक्कर और सिरदर्द की शिकायत की। उन्हें उपचार के लिए इंदौर के अरविंद अस्पताल लाया गया, जहां 19 बच्चों को भर्ती किया गया है। इनमें 4 बच्चों को आईसीयू में रखा गया है। डॉक्टरों के मुताबिक किसी भी बच्चे की हालत गंभीर नहीं है। सभी को करीब 6 घंटे ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। इनमें से एक बच्ची को तीन दिन पहले से बुखार आ रहा था। घटना ग्राम सिंहाना के शासकीय माध्यमिक विद्यालय की है। शनिवार को स्कूल में दोपहर करीब 1:30 बजे बच्चों को मिड-डे मील के तहत कढ़ी-चावल परोसे गए थे। खाना खाने के कुछ समय बाद बच्चों ने तबीयत खराब होने की शिकायत की। इसके बाद स्कूल प्रबंधन ने परिजन को सूचना दी और बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। फूड पॉइजनिंग की आशंका, जांच के बाद होगी पुष्टि एक साथ कई बच्चों की तबीयत बिगड़ने से फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इसकी वजह भोजन की गुणवत्ता थी या कोई अन्य कारण। भोजन के सैंपल की जांच और स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। प्रशासन की टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है। भोजन कहां तैयार किया गया, स्कूल तक कैसे पहुंचा और बच्चों को परोसने से पहले उसकी गुणवत्ता की जांच हुई थी या नहीं, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है। डॉक्टर बोले- सभी बच्चे खतरे से बाहर अरविंद अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, भर्ती बच्चों की हालत स्थिर है। उन्हें निगरानी में रखा गया है। इनमें एक बच्ची को तीन दिन से बुखार भी था। डॉक्टर बच्चों की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। परिजन अस्पताल पहुंचे बच्चों के बीमार होने की सूचना मिलते ही उनके परिजन अस्पताल पहुंच गए। फिलहाल सभी का इलाज चिकित्सकों की निगरानी में चल रहा है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मामले से जुड़ी जानकारी जुटा रही है। जून में भी सामने आया था मामला इंदौर में स्कूल के भोजन की गुणवत्ता को लेकर जून 2026 में भी मामला सामने आया था। शिशुकुंज स्कूल में बड़ी संख्या में बच्चों के बीमार होने के बाद प्रशासन ने स्कूल की रसोई सील कर जांच शुरू की थी। निरीक्षण के दौरान एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री मिलने की बात भी सामने आई थी।
महेंद्रगढ़ पुलिस ने युवक का अपहरण कर मारपीट करने के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त कैंपर वाहन और तीन लाठियां भी बरामद की हैं। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। डीएसपी मुख्यालय भारत भूषण ने बताया कि 18 अगस्त को मिली शिकायत के आधार पर सिटी नारनौल थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया। शिकायतकर्ता गौरव, निवासी गांव नांगतिहाड़ी, ने बताया कि 14 अगस्त को वह अपने खेत से घर लौट रहा था। इसी दौरान सुल्तान एकेडमी के पास एक कैंपर वाहन ने उसका रास्ता रोक लिया। दो हजार रुपए छीनने का आरोप शिकायत के अनुसार, कैंपर में सवार मोनू और गौरा नीचे उतरे और डंडों व लाठियों से उसकी पिटाई कर जबरन वाहन में बैठा लिया। इस दौरान दिलबाग कैंपर चला रहा था। आरोप है कि आरोपी उसे मारपीट करते हुए नसीबपुर बस अड्डे की ओर ले गए, जहां अन्य लोगों ने भी उसके साथ मारपीट की। आरोपियों ने उसकी जेब से दो हजार रुपये और मोबाइल फोन भी छीन लिया। जयपुर किया रेफर मारपीट के बाद आरोपी गौरव को नसीबपुर बस स्टैंड के पास छोड़कर फरार हो गए। राहगीरों ने इसकी सूचना परिजनों को दी, जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। गंभीर चोटों के चलते चिकित्सकों ने उसे जयपुर रेफर कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और 19 अगस्त को तीन आरोपियों दिलबाग निवासी नांगतिहाड़ी, मोनू निवासी नसीबपुर तथा गौरा निवासी जैलाफ को गिरफ्तार कर लिया। दो दिन का लिया रिमांड गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। रिमांड के दौरान उनकी निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त कैंपर वाहन और तीन लाठियां बरामद की गईं। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद आरोपियों को दोबारा अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जिला जेल भेज दिया गया। अन्य की तलाश पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। महेंद्रगढ़ पुलिस ने कहा है कि लड़ाई-झगड़े, अपहरण और मारपीट जैसी घटनाओं में शामिल आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हरदा में सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अन्नापुरा के पास शनिवार सुबह दो पक्षों के बीच मारपीट हो गई। विवाद में दोनों पक्षों के कुल छह लोग घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद अस्पताल में दोनों पक्षों के लोगों की भीड़ जुटने पर पुलिस बल तैनात किया गया। स्कूल में बच्चों के विवाद से शुरू हुआ मामला एएसपी अमित कुमार मिश्रा ने बताया कि विवाद शुक्रवार को सरस्वती शिशु मंदिर में बच्चों के बीच हुए झगड़े से शुरू हुआ था। 11वीं कक्षा के छात्र वासु विश्नोई, पिता केवलराम विश्नोई के साथ मारपीट हुई थी। मामले में सिटी कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। जिम में आमने-सामने आए दोनों पक्ष इसी विवाद को लेकर शनिवार सुबह प्रताप कॉलोनी स्थित एक जिम में दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। इस दौरान योगेश पिता मोहन जाट के साथ मारपीट हुई। घटना के बाद दोनों पक्षों के लोग जिला अस्पताल पहुंच गए, जहां पुलिस ने शांति व्यवस्था के लिए बल तैनात किया। छह लोग घायल मारपीट में एक पक्ष से सामरधा निवासी केवलराम विश्नोई (46), उनके छोटे भाई रामफूल विश्नोई और रोहित विश्नोई (32) घायल हुए हैं। वहीं, दूसरे पक्ष से ओम (42), ओमप्रकाश जाट (50) और योगेश जाट घायल हुए हैं। सभी का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। दोनों पक्षों के आरोप, पुलिस जांच में जुटी सामरधा के लोगों का आरोप है कि 8 से 10 लोगों ने वासु विश्नोई के साथ मारपीट की थी। वहीं, छोटी हरदा के लोगों का कहना है कि शनिवार सुबह जिम पहुंचे योगेश जाट के साथ 10 से 15 लोगों ने मारपीट की। पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता आशुतोष रांका और टीम को ग्रामीणों ने पीटकर खदेड़ दिया। रांका 21 अगस्त जयपुर के बगरू एरिया के एक सरकारी स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे थे। आरोप है कि पुलिस जानबूझकर अनजान बनी रही। इधर CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने भी 48 घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं करने पर जयपुर पहुंचकर धरना देने की चेतावनी दी है। क्या वाकई पुलिस मूकदर्शक बनी रही? CJP राजस्थान में इतना फोकस क्यों बढ़ा रही है? क्यों अपने स्कूल कैंपेन के लिए राजस्थान को चुना गया? जानेंगे आज के राजस्थान एक्सप्लेनर में... सवाल- 1: क्या पुलिस ने CJP टीम को जानबूझकर पिटने दिया? जवाब : सीजेपी ने 20 अगस्त को सोशल मीडिया पर दो सरकारी स्कूलों के निरीक्षण की घोषणा की थी। मारपीट की घटना के बाद सीजेपी ने दावा किया कि पुलिस को इसकी पहले से जानकारी थी, लेकिन मौके पर नहीं पहुंची। सीजेपी के आरोपों पर शिवदासपुरा एसएचओ राजेश गौतम का कहना है- ग्रामीणों ने सुबह 2 बार सीजेपी कार्यकर्ताओं को समझाइश कर लौटा दिया था। जानकारी करने पर पता चला कि वहां शांति का माहौल है। उसके बाद सीजेपी टीम के फिर से पहुंचने पर ग्रामीण भड़क गए और मारपीट कर दी। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस टीम जब तक मौके पर पहुंची, सीजेपी कार्यकर्ता वहां से जा चुके थे। सवाल-2 : क्या CJP राजस्थान में ज्यादा एक्टिव दिख रही है?जवाब : दिल्ली में जंतर-मंतर प्रोटेस्ट से पहले और उसके बाद भी CJP राजस्थान में सक्रिय नजर आ रही है। टीम के कोर मेंबर्स के बढ़ते दौरे इसी ओर इशारा करते हैं… सवाल-3 : आखिर सीजेपी का राजस्थान पर इतना फोकस क्यों है? जवाब : फौरी तौर पर इसकी 4 बड़ी वजह दिख रही है… 1. कोर टीम के 2 अहम सदस्य राजस्थान से सीजेपी की कोर टीम के अहम सदस्य आशुतोष रांका जयपुर में जन्मे हैं। IIT कानपुर से इंजीनियरिंग की। लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर्स कर चुके हैं। राजस्थान में शिक्षा और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर वे पहले से ही काम कर चुके हैं। लिहाजा उन्हें यहां की स्कूलों और एजुकेशन सिस्टम के बारे में पहले से अच्छा खासा इनपुट-फीडबैक है। सीजेपी कोर टीम के मेंबर दीपक बालियान अलवर में जन्मे हैं। पॉलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया है। उन्हें ग्रासरूट मोबिलाइजेशन, यानी जमीनी लेवल पर संगठन और संख्याबल जुटाने का अच्छा अनुभव है। 2. ‘स्कूल ठीक करो’ कैंपेन के लिए सबसे सही लोकेशन शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने 30 जनवरी को विधानसभा में जर्जर सरकारी स्कूल भवनों की जानकारी दी थी। जिसके मुताबिक, जिला स्तरीय सर्वे में 3,768 स्कूल भवन जर्जर पाए गए। उस समय 2558 भवनों को आधिकारिक रूप से जर्जर घोषित कर दिया था। जबकि 41,178 स्कूलों में मरम्मत कार्य की जरूरत बताई गई थी। इसके बाद कुछ स्वीकृतियां और मंजूरी भी दी गई थी। 3. सरकार के फैसलों से कैंपेन ट्रिगर हो गया सीजेपी के अभियान के बीच माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने आउटसाइडर के लिए कड़े नियम लागू कर दिए। स्कूलों में बिना अनुमति वीडियोग्राफी-फोटोग्राफी पर बैन लगा दिया। इसी फैसले से सीजेपी का कैंपेन ट्रिगर हो गया। सीजेपी ने सरकार पर इस आदेश को भी वापस लेने का दबाव बनाया है। राजस्थान में इस अभियान को स्कूल ठीक होने तक जारी रखने का ऐलान कर रखा है। 4. बीजेपी शासित राज्य, कैंपेन की बड़ी जीत की उम्मीद दिल्ली में जंतर-मंतर प्रोटेस्ट के बाद सीजेपी ने प्रेशर ग्रुप की तरह काम करने का ऐलान किया था। राजस्थान में बीजेपी की सरकार है। रांका पहले से शिक्षा से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं। उनके पास इससे जुड़ा अच्छा-खास इनपुट भी है। राजस्थान सहित देशभर में भी सरकारी स्कूलों की हालत को लेकर सवाल उठते रहे हैं। लिहाजा सरकार के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अगर राजस्थान की स्कूलों में भी बदलाव आता है तो इसे भी अब सीजेपी की बड़ी जीत की तरह पेश किया जाएगा। सवाल 4 : आखिर स्कूल का मुद्दा उठाने गई CJP टीम की पिटाई क्यों हुई? जवाब : जयपुर के पास रामपुरा-कंवरपुरा गांव का सरकारी प्राथमिक स्कूल जर्जर हो गया था। सुरक्षा को देखते हुए बच्चों को दूसरी जगह टीनशेड के नीचे शिफ्ट किया गया था। सीजेपी ने इस स्कूल का दौरा करने की घोषणा की थी। 21 अगस्त की सुबह करीब 8 बजे सीजेपी के 4 कार्यकर्ता स्कूल का निरीक्षण करने पहुंचे। इस ग्राफिक से समझिए आगे का घटनाक्रम… रांका ने आरोप लगाया कि पुलिस को पहले से सूचना थी, फिर भी मौके पर नहीं पहुंची। रांका ने 48 घंटे में आरोपियों की गिरफ्तारी और शिक्षा विभाग का स्कूलों में बिना अनुमति वीडियोग्राफी-फोटोग्राफी पर बैन का आदेश वापस लेने की मांग की। इन तस्वीरों से देखिए सीजेपी कार्यकर्ताओं से मारपीट की घटना …… ये खबर भी पढ़ें… जयपुर- CJP से मारपीट, 24 घंटे बाद स्कूल शिफ्ट:ग्रामीण-सीजेपी की एक-दूसरे के खिलाफ FIR; रांका बोले-दिलावर ने अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारी जयपुर में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और ग्रामीणों के बीच शुक्रवार को बगरू विधानसभा क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक स्कूल रामपुरा कंवरपुरा के निरीक्षण को लेकर विवाद हुआ था। विवाद के 24 घंटे बाद शनिवार सुबह स्कूल को 50 मीटर दूर बिल्डिंग में शिफ्ट कर दिया गया। पूरी खबर पढ़ें…
मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में रॉन्ग साइड से आ रहे बाइक सवार को ट्रक ने कुचल दिया। बाइक ट्रक के नीचे आ गई और बाइक सवार के ऊपर से पहिए गुजर गए। हादसे में बाइक सवार की तड़प-तड़पकर मौत हो गई। मामला रसूलिया चंदननगर मेन रोड का है। शनिवार को हादसे का CCTV फुटेज सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, मृतक की पहचान 70 वर्षीय मदनलाल वर्मा के रूप में हुई है। मदनलाल ऑर्डनेंस फैक्ट्री से रिटायर्ड थे। उनकी हड्डियां चकनाचूर हो गई हैं। शरीर पर घसीटने की वजह से कई जगह चोट के निशान हैं। SBI ATM से रुपए निकालने गए थे पिता मृतक के बेटे राजेंद्र वर्मा ने बताया- मदनलाल SBI ATM से रुपए निकालने गए थे। वह गुरुवार सुबह करीब 8:30 बजे पैसे निकालकर घर लौट रहे थे। रसूलिया चंदननगर मेन रोड पर करीब 200 से 300 मीटर तक डिवाइडर है। इससे समय ज्यादा लग रहा था। उन्हें सही रास्ते से घर जाने के लिए करीब 200 मीटर अतिरिक्त घूमना पड़ता। इसी दूरी को बचाने के लिए उन्होंने बाइक रॉन्ग साइड डाल दी। इसी दौरान ओवरब्रिज की ओर से आ रहे ट्रक से उनकी बाइक टकरा गई। बाइक ट्रक के नीचे आ गई CCTV फुटेज में दिख रहा है कि बाइक को सामने आता देख ट्रक चालक ने ब्रेक लगाकर हादसा रोकने की कोशिश की, लेकिन तब तक बाइक ट्रक की चपेट में आ चुकी थी। बाइक ट्रक के नीचे आ गई। मदनलाल गंभीर रूप से घायल हो गए। सड़क पर लहूलुहान हालत में पड़ा रहा बाइक सवार हादसे के बाद बुजुर्ग सड़क पर लहूलुहान हालत में पड़े दिखाई दिए। CCTV फुटेज में घायल बुजुर्ग तड़पते दिख रहे हैं। आसपास के लोग मदद के लिए पहुंचे। गंभीर हालत में मदनलाल को जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक के बेटे राजेंद्र वर्मा ने बताया- हादसे के कुछ देर बाद मोहल्ले के लोगों ने परिवार को फोन कर जानकारी दी। मामले में थाने में शिकायत की गई है। ट्रक का नंबर भी पुलिस को बताया गया है। हालांकि, अभी FIR दर्ज नहीं हुई है। हादसे के दो दिन तक बाइक घटनास्थल पर सड़क किनारे पड़ी रही। फरार ट्रक ड्राइवर की तलाश की जा रही देहात थाना प्रभारी ऊषा मरावी ने बताया कि एक्सीडेंट में बुजुर्ग की मौत हुई है। मर्ग कायम कर मामले की जांच की जा रही है। हादसे के बाद फरार ट्रक ड्राइवर की तलाश की जा रही है। आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। ट्रक की भी जब्ती की जाएगी। ट्रक के नीचे आ गई बाइक CCTV फुटेज में सुबह करीब 8:27 बजे मदनलाल वर्मा बाइक से रॉन्ग साइड आते दिखाई दे रहे हैं। इसी दौरान ओवरब्रिज की ओर से एक ट्रक शहर की तरफ जा रहा था। ट्रक चालक ने ब्रेक लगाकर हादसा रोकने की कोशिश की, लेकिन बाइक ट्रक के नीचे आ गई। हादसे में मदनलाल गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। SBI ATM से रुपए निकालकर घर लौट रहे थे मृतक के बेटे राजेंद्र वर्मा ने बताया कि उनके पिता ऑर्डनेंस फैक्ट्री से रिटायर्ड थे। गुरुवार सुबह करीब 8:30 बजे वे SBI ATM से रुपए निकालकर घर लौट रहे थे। कुछ देर बाद मोहल्ले के लोगों ने फोन कर हादसे की जानकारी दी। राजेंद्र ने बताया कि मामले में थाने में शिकायत की गई है। ट्रक का नंबर भी पुलिस को बताया गया है। हालांकि, अभी FIR दर्ज नहीं हुई है। 200 मीटर बचाने के लिए रॉन्ग साइड गए हादसे वाली जगह सड़क के एक तरफ SBI का ATM है और दूसरी तरफ घर जाने का रास्ता है। हादसे रोकने के लिए सड़क पर 200 से 300 मीटर लंबे डिवाइडर बनाए गए हैं। सही रास्ते से घर जाने के लिए करीब 200 मीटर घूमकर आना पड़ता है। इसी दूरी को बचाने के लिए मदनलाल ने बाइक रॉन्ग साइड डाल दी और ट्रक की चपेट में आ गए। हादसे के 2 दिन बाद भी सड़क किनारे पड़ी रही बाइक हादसे के दो दिन बाद शनिवार तक मृतक की बाइक घटनास्थल के पास सड़क किनारे पड़ी रही। शनिवार दोपहर तक देहात थाना पुलिस ने बाइक जब्त नहीं की थी। देहात थाना प्रभारी ऊषा मरावी ने बताया कि एक्सीडेंट में बुजुर्ग की मौत हुई है। मर्ग कायम कर मामले की जांच की जा रही है।
जबलपुर जिले के पश्चिम विधानसभा क्षेत्र की चंदन कॉलोनी और पनागर की निभोरा पंचायत में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। चंदन कॉलोनी में सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया है, जबकि निभोरा में खेतों और घरों में पानी घुस गया है। चंदन कॉलोनी में जलभराव के कारण छोटे बच्चों की पढ़ाई बाधित हुई है और वे घरों में कैद हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बंद नालों और जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण यह स्थिति बनी है। नगर निगम हेल्पलाइन पर बार-बार शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई है, और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि भी अनुपस्थित हैं। पानी की निकासी नहीं होने से खेतों में पानी पनागर तहसील की निभोरा पंचायत में रिंग रोड निर्माण कर रही वीआरएस कंपनी पर लापरवाही का आरोप है। पानी की उचित निकासी न होने से बारिश का पानी खेतों और लोगों के घरों में घुस गया है। कंपनी द्वारा क्षतिग्रस्त की गई नल-जल योजना की पाइपलाइन भी दुरुस्त नहीं की गई है। निभोरा में पानी की टंकी और ट्रांसफार्मर के पास भारी जलभराव से इलाके में करंट फैलने का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। इससे ग्रामीण भयभीत और आक्रोशित हैं। चक्काजाम के बाद भी नहीं सुधरे हालात प्रशासनिक संवेदनहीनता का आलम यह है कि शिकायतों और चक्का जाम के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। छतरपुर से आने-जाने वाले यात्रियों सहित आम जनता का संपर्क मुख्य मार्गों से कट गया है, और पुलिया निर्माण न होना शासन के दावों पर सवाल उठाता है। स्थानीय निवासियों के आक्रोश के बाद जब मामले की शिकायत सीधे आला अधिकारियों से की गई, तब जाकर प्रशासन हरकत में आया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जल निकासी और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की मरम्मत का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन करेंगे।
रायपुर में रैली, जुलूस, सार्वजनिक खेल मैदान में कार्यक्रम, पंडाल या अस्थायी ढांचा लगाने के लिए अब पहले से अनुमति लेना जरूरी होगा। इसके लिए नगर निगम ने संबंधित जोन कार्यालयों को अनुमति देने की जिम्मेदारी दी है। इच्छुक व्यक्ति या संस्था कार्यालयीन दिनों में तय समय के दौरान संबंधित जोन कमिश्नर कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। 7 दिन पहले देना होगा आवेदन नगर निगम के मुताबिक, रैली-जुलूस या सार्वजनिक स्थान पर किसी आयोजन के लिए कम से कम 7 दिन पहले निर्धारित प्रारूप में आवेदन करना अनिवार्य होगा। आवेदन के साथ संबंधित विभागों की अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) भी जमा करनी होगी। इन 4 विभागों की NOC जरूरी होगी: - अनुविभागीय दंडाधिकारी/राजस्व विभाग - पुलिस विभाग - जिला सेनानी, होमगार्ड एवं अग्निशमन विभाग - बिजली विभाग के कार्यपालन अभियंता या सहायक अभियंता जोन कार्यालय से मिलेगी अनुमति छत्तीसगढ़ नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के निर्देशों के तहत नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने सार्वजनिक खेल मैदान, आयोजन, पंडाल और अस्थायी संरचना से संबंधित अनुमति के लिए संबंधित जोन कमिश्नरों को अधिकृत किया है। इसलिए रैली-जुलूस या किसी सार्वजनिक आयोजन के लिए लोगों को नगर निगम मुख्यालय के बजाय संबंधित जोन कार्यालय में आवेदन करना होगा। रैली-जुलूस के बाद सफाई का शुल्क दोगुना नगर निगम ने रैली-जुलूस के बाद सफाई व्यवस्था के लिए लिया जाने वाला शुल्क भी बढ़ा दिया है। मेयर इन काउंसिल की 23 सितंबर 2025 की बैठक के संकल्प और सामान्य सभा के 29 अक्टूबर 2025 के संकल्प के अनुसार अब प्रति आयोजन 1000 रुपए सफाई शुल्क लिया जाएगा। पहले यह शुल्क 500 रुपए था। यानी सफाई शुल्क को दोगुना कर दिया गया है। निगम ने लोगों से समय पर आवेदन करने कहा नगर निगम ने आयोजन करने वाले व्यक्ति और संस्थाओं से अपील की है कि अनुमति के लिए निर्धारित प्रारूप में समय पर आवेदन करें और सभी जरूरी NOC साथ में जमा करें। इससे आयोजन के दौरान अनुमति से जुड़ी किसी तरह की परेशानी से बचा जा सकेगा।
कोरबा जिले के उरगा थाना क्षेत्र के खरवानी गांव में एक सूने मकान को चोरों ने निशाना बनाया। अज्ञात आरोपियों ने घर का ताला तोड़कर करीब 30 हजार रुपए नकद, सोने-चांदी के आभूषण समेत लाखों रुपए का घरेलू सामान चोरी कर लिया। वारदात के बाद चोर रसोई में गैस सिलेंडर का रेगुलेटर खुला छोड़ गए। घर लौटने पर परिजनों को गैस की तेज बदबू आई। उन्होंने तत्काल खिड़की-दरवाजे खोले और गैस बंद की, जिससे बड़ा हादसा टल गया। घर का सामान बिखरा मिला पीड़ित परिवार के मुताबिक, चोरों ने अलमारी और बक्सों के ताले तोड़कर उनकी तलाशी ली। घर से नकदी और जेवर के अलावा कांसे के बर्तन, इंडक्शन चूल्हा, नए कपड़े, साड़ियां, चावल समेत अन्य घरेलू सामान भी चोरी किया गया। वारदात के बाद घर का पूरा सामान अस्त-व्यस्त मिला। परिवार कार्यक्रम में गया था, लौटने पर पता चला मकान मालिक का परिवार एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए घर से बाहर गया हुआ था। वापस लौटने पर उन्हें घर का ताला टूटा मिला और अंदर सामान बिखरा हुआ था। रसोई में गैस का रेगुलेटर खुला होने के कारण पूरे घर में गैस की गंध फैली थी। परिजनों ने तुरंत गैस बंद कर घर को हवादार किया और पुलिस को सूचना दी। गैस खोलना लापरवाही या साजिश? उरगा थाना प्रभारी नवीन पटेल ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाल रही है और संदिग्धों की तलाश की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि चोरों ने गैस का रेगुलेटर क्यों खुला छोड़ा। यह महज लापरवाही थी या चोरी के बाद आग लगाकर सबूत मिटाने की कोशिश, इसकी भी जांच की जा रही है। पुलिस कोरबा के साथ पड़ोसी जिले जांजगीर-चांपा में भी संभावित आरोपियों की पतासाजी कर रही है।
विदिशा के अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज में स्टूडेंट्स और कर्मचारियों वीडियो नहीं बना पाएंगे। प्रशासन ने वीडियो बनाने और फोटो खींचने पर रोक लगा दी है। कॉलेज प्रशासन ने 21 अगस्त को यह आदेश जारी किया। कॉलेज प्रशासन ने कहा कि जरूरी काम के लिए पहले अनुमति लेनी होगी। हालांकि आदेश में छात्र-छात्राओं और कर्मचारियों का ही उल्लेख है। बाहरी लोगों के लिए वीडियो बनाने पर अलग से कोई रोक नहीं बताई गई है। दरअसल, हाल ही में अस्पताल परिसर के दो वीडियो सामने आए थे। वीडियो में एक लड़की लिफ्ट के अंदर वीडियो बनाती दिख रही है। दूसरे वीडियो में दो युवतियां बेसमेंट में डांस करती नजर आ रही हैं। वीडियो सामने आने के बाद कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे। अस्पताल में मरीज, उनके परिजन और कर्मचारी आते-जाते हैं। ऐसे में लिफ्ट और बेसमेंट में वीडियो बनने से निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए। जिसके बाद यह आदेश आया है। आदेश में बाहरी लोगों का जिक्र नहीं कॉलेज के आदेश में छात्र-छात्राओं और कर्मचारियों का ही उल्लेख है। बाहरी लोगों के लिए वीडियो बनाने पर अलग से कोई रोक नहीं बताई गई है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या बाहरी लोग कॉलेज परिसर में आकर वीडियो या रील बना सकते हैं, जबकि रोक केवल छात्र-छात्राओं और कर्मचारियों पर लगाई गई है। कॉलेज प्रशासन ने बाहरी लोगों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की है। डीन से सवाल किए, जवाब नहीं मिला मामले को लेकर कॉलेज के डीन से सवाल किए गए लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद कॉलेज प्रशासन ने वीडियो और फोटो को लेकर आदेश जारी कर दिया। आदेश में कहा गया है कि कॉलेज और अस्पताल परिसर में किसी भी छात्र-छात्रा या कर्मचारी को बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के वीडियो बनाने या फोटो खींचने की अनुमति नहीं होगी। अगर किसी पढ़ाई, सरकारी काम या दूसरे अधिकृत काम के लिए वीडियो या फोटो लेना जरूरी है, तो पहले संबंधित अधिकारी से अनुमति लेनी होगी। कॉलेज ने सभी छात्र-छात्राओं और कर्मचारियों को आदेश का पालन करने को कहा है। बिना अनुमति वीडियो या फोटो बनाने पर नियम के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
सागर। जिला अधिवक्ता संघ सागर के द्विवार्षिक चुनाव 2026-2028 के लिए शुक्रवार को हुई वोटिंग के बाद शनिवार को मतगणना की गई। न्यायालय परिसर में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में मतगणना हुई। अध्यक्ष पद पर अधिवक्ता अंकलेश्वर दुबे उर्फ अन्नी दुबे और संजय द्विवेदी के बीच कांटे का मुकाबला रहा, जिसमें अन्नी दुबे ने 7 वोट से जीत दर्ज की। वह चौथी बार सागर जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष चुने गए हैं। इन पदों पर भी हुआ निर्वाचन उपाध्यक्ष पद महिला वर्ग में रश्मि तनेजा, सचिव पद पर जितेन्द्र लखन राठौर, सह-सचिव पद पर अरविंद नेमा, सह-सचिव महिला वर्ग में ऐनी गोस्वामी, कोषाध्यक्ष पद पर आरती जैन और सह-कोषाध्यक्ष पद पर उमाशंकर विनोदे ने जीत हासिल की है। उपाध्यक्ष पद के परिणाम को लेकर पुनर्मतगणना की जा रही है। 15 पदों के लिए 49 प्रत्याशी मैदान में चुनाव में अध्यक्ष समेत 15 सदस्यीय कार्यकारिणी के लिए 49 प्रत्याशी मैदान में थे। कुल 1336 अधिवक्ताओं ने मतदान किया था। कार्यकारिणी में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष पुरुष-महिला, सचिव, सह-सचिव पुरुष-महिला, कोषाध्यक्ष, सह-कोषाध्यक्ष, पुस्तकालय अध्यक्ष सहित महिला और पुरुष कार्यकारिणी सदस्यों के पद शामिल हैं। पहली बार महिला कोषाध्यक्ष चुनी गईं नई व्यवस्था के तहत कोषाध्यक्ष पद पर पहली बार महिला का निर्वाचन हुआ है। चुनाव परिणामों की घोषणा निर्वाचन अधिकारी केपी दुबे ने की।
पाली में शनिवार दोपहर 2 बजे गोपेश्वर महादेव मंदिर के सामने तालाब में 3 साल के मासूम की डूबने से मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। परिवार शनिवार को सिरोही जिले के शिवगंज थाना क्षेत्र में दशामाता की मूर्ति विसर्जन के लिए गया था। इस दौरान पैर फिसलने मासूम तालाब में गिर गई। हाथ में कपड़े लिए मासूम की मां तालाब किनारे रोती रही। रेस्क्यू टीम ने ढाई घंटे के बाद मासूम की बॉड़ी को तालाब से बाहर निकाला। परिवार सुमेरपुर क्षेत्र का रहने वाला है। मामला शिवगंज थाना क्षेत्र का है। पैर फिसलने से अचानक तालाब में गिरी मासूम जानकारी के अनुसार, सुमेरपुर से श्रद्धालु दशामाता की मूर्ति विसर्जन के लिए शिवगंज पहुंचे थे। इसी दौरान पाली जिले के सुमेरपुर के हाऊसिंग बोर्ड निवासी रमेश बागरी की 3 साल की मासूम बेटी चंद्रिका का तालाब के किनारे खड़ी थी। पैर फिसलने से वह तालाब में गिर गई। बालिका के तालाब में गिरते ही परिजनों और श्रद्धालुओं में हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद लोगों ने मासूम को ढूंढने की कोशिश की। ढाई घंटे चला रेस्क्यू घटना की सूचना मिलते ही शिवगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। रेस्क्यू अभियान शुरू किया। कलेक्ट्रेट कार्यालय में तैनात सिविल डिफेंस सिरोही के गोताखोरों की टीम मुकेश राणा के नेतृत्व में घटनास्थल पर पहुंची। सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ की टीमें तालाब में बालिका की तलाश शुरू की करीब ढाई घंटे रेस्क्यू के बाद मासूम की बॉडी बरामद की गई। हादसे की खबर फैलने के बाद तालाब के आसपास बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। वहीं, मासूम के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। हाथ में कपड़े लेकर इंतजार करती रही मां मासूम चंद्रिका की मां ने बताया- मैं तालाब में माता की आरती कर रही थी। इतने में मेरी बेटी मेरे पास आई और बोली की मां मुझे कपड़े निकालकर दो। मैंने कपड़े निकालकर दे दी। उसके बाद वो वहीं खड़ी थी। फिर मुझे पता ही नहीं चला की वो कब पानी में चली गई।
पीथमपुर में एक नवविवाहिता नर्सिंग छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने के बाद उसका पति शव को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में छोड़कर फरार हो गया था। इसके बाद पुलिस ने मृतका की पहचान भोपाल के मंडीदीप निवासी पूनम प्रजापत के रूप में की है। गुरुवार और शुक्रवार की मध्य रात्रि पूनम को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था। डॉक्टरों द्वारा उसे मृत घोषित करते ही पति मौके से भाग गया। एक दिसंबर 2023 में किया प्रेम विवाद पूनम ने 1 दिसंबर 2023 को प्रेम विवाह किया था। इस शादी के बाद से उसका अपने परिजनों से सीधा संपर्क नहीं था। परिवार को इस विवाह के बारे में लगभग एक महीने पहले ही पता चला था। वह बीते 4 अगस्त से अपने पति के साथ विश्वास नगर में जावेद नामक व्यक्ति के मकान में किराए पर रह रही थी। उसका पति औद्योगिक क्षेत्र में नौकरी की तलाश कर रहा था। मकान मालिक के अनुसार, करीब चार-पांच दिन पहले दोनों परीक्षा देने की बात कहकर बाहर गए थे। दोनों के मोबाइल बंद थे सूचना मिलने पर पीथमपुर पहुंचे मृतका के बड़े भाई दीपक प्रजापति ने बताया कि पूनम और उसके पति दोनों के मोबाइल फोन बंद आ रहे हैं। पति के इस तरह शव छोड़कर गायब हो जाने के कारण परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर गहनता से छानबीन करने और आरोपी को गिरफ्तार कर सख्त सजा दिलाने की मांग की है। रिपोर्ट आने पर होगा खुलासा पोस्टमार्टम करने वाली डॉक्टर अजीता मिश्रा के अनुसार, शव का पोस्टमार्टम पूरा कर लिया गया है। हालांकि, मौत के सटीक कारणों का खुलासा विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। पुलिस ने फिलहाल जीरो पर कायमी कर मामले की आगे की जांच के लिए केस किशनगंज थाने भेज दिया है।
सिवनी जिले के कान्हीवाड़ा थाना क्षेत्र में शनिवार दोपहर करीब 1:30 बजे पुलिस ने वाहनों की जांच के दौरान किन्नर समाज के लोगों से भरी दो बसों को रोक लिया। बसों में बड़ी संख्या में किन्नर सवार थे। बसों को अचानक रोके जाने पर मौके पर मौजूद किन्नरों ने आपत्ति जताई और कुछ देर के लिए सड़क पर बैठ गए, जिससे यातायात बाधित हो गया। हालांकि, पुलिस अधिकारियों और किन्नर समाज के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत के बाद स्थिति सामान्य हुई और बसों को आगे जाने की अनुमति दे दी गई। पुलिस कर रही थी चेकिंग जानकारी के अनुसार, किन्नर समाज के लोग महाराष्ट्र से दो बसों में सवार होकर सिवनी जिले के पलारी क्षेत्र की ओर जा रहे थे। कान्हीवाड़ा में पुलिस ने नियमित वाहन चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान, दोनों बसों में बड़ी संख्या में किन्नर समाज के लोगों को देखकर पुलिस ने वाहनों को रोककर पूछताछ शुरू की। अधिकारी ने क्या बताया? कान्हीवाड़ा थाना प्रभारी संतोष पन्द्रे ने बताया कि पूछताछ में सामने आया कि किन्नर समाज के लोग पलारी के पास स्थित एक परिवार से मिलने जा रहे थे। पिछले वर्ष उनके समाज के एक सदस्य का निधन हो गया था। उसी सिलसिले में समाज के लोग मृतक के परिजन से मिलने और सामाजिक परंपरा के अनुसार मुलाकात करने पलारी जा रहे थे। पुलिस के अनुसार, बसों को किसी विशेष कार्रवाई के तहत नहीं रोका गया था। यह नियमित वाहन जांच का हिस्सा था, जिसमें यात्रियों की संख्या अधिक होने के कारण पूछताछ की गई थी। पुलिस और किन्नर समाज के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत के बाद स्थिति स्पष्ट हुई और दोनों बसों को उनके गंतव्य की ओर जाने दिया गया। घटना के दौरान थाना परिसर के सामने कुछ समय के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। पुलिस ने समझाइश देकर स्थिति को सामान्य किया। इसके बाद दोनों बसें अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गईं। मामले में किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है।
महेंद्रगढ़ पुलिस ने भैंस चोरी के एक मामले में कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने चोरी की गई भैंस, कटड़ी और वारदात में प्रयुक्त पिकअप गाड़ी भी बरामद कर ली है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक फैजल खान ने बताया कि 20 अगस्त की रात करीब 8 बजे थाना सदर महेंद्रगढ़ पुलिस को जेरपुर पाली निवासी शिव कुमार ने शिकायत दी थी। शिव कुमार के अनुसार, 20 अगस्त की सुबह लगभग 3 बजे उसकी भैंस और कटड़ी चोरी हो गई थी। काफी तलाश के बाद भी उनका कोई पता नहीं चला, जिसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। एक आरोपी के खिलाफ पहले से दर्ज हैं छह केस गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सोनू निवासी पाली, भीम सिंह निवासी पाली और रिजवान निवासी घोड़ली, जिला मेरठ, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। सीआईए महेंद्रगढ़ टीम ने तीनों आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए थाना सदर महेंद्रगढ़ को सौंप दिया है। आरोपी सोनू के खिलाफ पहले भी छह मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें चोरी, लूट और मारपीट से संबंधित मामले शामिल हैं। पुलिस उसके पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड की भी गहनता से जांच कर रही है। जिला पुलिस महेंद्रगढ़ ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति के साथ चोरी या संपत्ति संबंधी कोई वारदात होती है, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। समय पर सूचना मिलने से पुलिस को आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी करने तथा चोरी की गई संपत्ति को बरामद करने में मदद मिलती है।
पंजाब कांग्रेस के भीतर चल रही सियासी कलह और तीखी बयानबाजी के बीच एक बड़ा कानूनी विवाद सामने आया है। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा को मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा है। सेवानिवृत्त IPS अधिकारी मोहम्मद मुस्तफा पंजाब की पूर्व कैबिनेट मंत्री व कांग्रेस विधायक रजिया सुल्ताना के पति हैं। विवाद की शुरुआत तब हुई जब पूर्व आईपीएस अधिकारी मोहम्मद मुस्तफा ने एक डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म को एक इंटरव्यू दिया। इस इंटरव्यू के दौरान मुस्तफा ने राजा वड़िंग के नेतृत्व, उनकी बुद्धिमत्ता, क्षमता और राजनीतिक निर्णय लेने की शक्ति को लेकर तीखे हमले किए थे। यह इंटरव्यू टीवी और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर काफी प्रसारित और शेयर किया गया था। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के जरिए पहुंचाया 3 पेज का नोटिस वड़िंग ने 3 पन्नों का यह कानूनी नोटिस 21 अगस्त को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के वकील निखिल घई के माध्यम से जारी किया गया। जिसमें वड़िंग के आरोप हैं कि मोहम्मद मुस्तफा ने एक डिजिटल प्लेटफॉर्म को दिए साक्षात्कार में उनकी बुद्धिमत्ता, क्षमता, निर्णय लेने की शक्ति और नेतृत्व योग्यताओं पर बेहद व्यक्तिगत टिप्पणियां की थीं। राजा वड़िंग का कहना है कि ये टिप्पणियां किसी नीति या निर्णय की वस्तुनिष्ठ आलोचना नहीं थीं, बल्कि एक राजनीतिक नेता के रूप में उनकी छवि और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का जानबूझकर किया गया प्रयास था। बिना शर्त लिखित और सार्वजनिक रूप से माफी मांगें मुस्तफा वड़िंग के वकील ने नोटिस में लिखा कि मोहम्मद मुस्तफा तुरंत प्रभाव से ऐसी मानहानिकारक टिप्पणियां करने या उन्हें प्रसारित करने से रोकें। मुस्तफा बिना शर्त लिखित और सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और संबंधित समाचार चैनल और मीडिया प्लेटफॉर्म से उस साक्षात्कार के कंटेंट को तुरंत हटाया जाए। वहीं, नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि मीडिया प्लेटफॉर्म से कंटेंट हटाने मात्र से मोहम्मद मुस्तफा अपनी मूल टिप्पणियों के उत्तरदायित्व से मुक्त नहीं होंगे। फिलहाल इस नोटिस पर मोहम्मद मुस्तफा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
फरीदाबाद के डबुआ में 28 साल की एक विवाहिता की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मृतका के परिजनों का आरोप है उसके पति ने मारपीट कर हत्या की है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। डबुआ थाना पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। मृतका का पहचान चंचल (28) गाजियाबाद के सालीमार गार्डन के रूप में हुई है। शादी के बाद चंचल के दो बच्चे हैं, जिनमें 3 साल की बेटी हर्षु, 2 साल का बेटा नक्शु है। मृतका ने 12वीं क्लास तक की पढ़ाई की हुई है। मृतका के भाई विकास ने बताया कि शादी के समय बताया गया था की भगवान दास किसी निजी कंपनी में काम करता है। लेकिन शादी के बाद पता चला की वह कोई काम नहीं करता और जुआ खेलता है। विकास ने बताया कि चंचल (28) की शादी फरीदाबाद के डबुआ के रहने वाले भगवान दास उर्फ धर्मेन्द्र के साथ 2018 में हुई थी। शादी के बाद से उसका पति चंचल के साथ मारपीट करने लगा था। मारपीट की वजह से शादी के दो 2 महीने बाद ही वह अपने मायके जाकर रहने लगी। 4 साल बाद 2021 में भगवान दास के परिवार के लोग चंचल के परिवार को मनाकर ससुराल ले आए। बहन बोली- सट्टा लगाता, चंचल को परेशान करता मृतका कि बहन नीतू ने बताया कि चंचल का पति भगवान दास शुरू से ही जुआ और सट्टा खेलता था। शादी के बाद से वह चंचल को पैसे के लिए परेशान करता था। जुआ में चंचल के कई सोने के गहने बेचकर पैसे हार चुका था। चंचल पर वह लगातार पैसे देने का दबाव बनाता था। उसी ने बहन को मारा। चंचल ने बहन को कॉल कर दी थी जानकारी नीतू ने बताया कि मौत से करीब 20 मिनट पहले चंचल का उसके पास कॉल आया था। जिसमें उसने बताया था कि भगवान दास का कॉल आए तो बोल देना कि उसके सोने के झुमके मां के पास रखे हैं। भगवान दास वे झुमके बेचकर जुआ खेलना चाहता है। नीतू ने बताया कि चंचल का कॉल के कटने के 20 मिनट बाद भगवान दास उसकी दूसरी बहन के पास फोन आया और कहा कि चंचल ने फांसी लगा ली है। मारपीट कर हत्या करने का आरोप नीतू और उसके परिवार के लोगों ने भगवान दास और उसके परिवार पर चंचल के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि चंचल के चेहरे पर चोट के निशान मिले हैं। पति ने पहले चंचल के साथ मारपीट की और फिर उसे फांसी पर लटका दिया। जांच अधिकारी बोले- पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार पुलिस जांच अधिकारी नितेश ने जानकारी देते हुए बताया कि पोस्टमार्टम कराकर शव को परिजनों को सौंप दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो पाएगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
79 मवेशियों की तस्करी का भंडाफोड़:दो आरोपी गिरफ्तार, जंगल के रास्ते डिंडौरी ले जाते पकड़े गए
शहडोल में सोहागपुर थाना पुलिस ने जमुआ गांव के पास मवेशी तस्करी का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने शनिवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 79 मवेशियों को मुक्त कराया। आरोपियों ने बताया कि वे इन मवेशियों को जंगल के रास्ते पैदल डिंडौरी ले जा रहे थे। पुलिस को सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति बड़ी संख्या में मवेशियों को रस्सियों से बांधकर जंगल के रास्ते डिंडोरी की ओर ले जा रहे हैं। इस जानकारी पर सोहागपुर पुलिस ने जमुआ गांव के पास घेराबंदी की। पुलिस टीम को देखकर आरोपियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन उन्हें पकड़ लिया गया। मौके से सभी 79 मवेशियों को भी सुरक्षित किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनूपपुर जिले के करण पठार क्षेत्र निवासी छोटू यादव और अशोक सिंह गोंड के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मवेशियों को बुढार के बिरहुली के विभिन्न स्थानों से इकट्ठा किया गया था। उन्हें वाहनों के बजाय पैदल जंगल के रास्ते डिंडोरी ले जाया जा रहा था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन मवेशियों को कहाँ ले जाया जा रहा था और इस तस्करी में कौन-कौन अन्य लोग शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि मुक्त कराए गए सभी मवेशियों को सुरक्षित रखने के लिए एक किसान के सुपुर्द किया गया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।

