सिरसा में एक दोस्त की दूसरे दोस्त ने सिर पर ईंट मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान देवेंद्र सिंह के रूप में हुई है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनाक्रम का जायजा लिया। जांच के लिए फोरंसिक टीम को भी बुलाया गया है। अभी मामले में जांच जारी है। जानकारी के अनुसार, ये घटना जिले के रोड़ी में हुई है और बुधवार रात्रि करीब 10.30 बजे से 11 बजे की है। मृतक देवेंद्र मूलरूप से बिहार का रहने वाला था। वह अपने दोस्त जानकार रवि सिंह के साथ अपने कमरे पर था। उसी वक्त दोनों ने पहले साथ में शराब पी। शराब पीने के बाद दोनों का आपस में झगड़ा हो गया। रवि ने पास में पड़ी इंटरलॉक ईंट उठाकर देवेंद्र के सिर पर मार दी। जिससे देवेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गया और कुछ देर बाद दम तोड़ दिया। रवि घटना को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गया। रोड़ी थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पंजाब में आज दोपहर 12 बजे के बाद पावर सप्लाई लाइन में कोई फॉल्ट आता है तो उसे ठीक होने में घंटों लग जाएंगे। PSPCL में पावर कंप्लेंट सॉल्व करने वाला स्टाफ दोपहर 12 बजे से हड़ताल शुरू कर देगा। जिससे सप्लाई सिस्टम में आए फॉल्ट को दूर करने में रेगुलर कर्मचारयों को काफी वक्त लग जाएगा। वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने पावरकॉम (PSPCL) और ट्रांस्को ठेका कर्मचारी यूनियन के साथ आज होने वाली बैठक मुल्तवी कर दी। बैठक मुल्तवी होने से यूनियन में भारी रोष है और यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष बलिहार सिंह ने 30 अप्रैल को दोपहर 12 बजे से पूर्ण हड़ताल पर जाने का ऐलान कर दिया है। इससे पहले टेक्निकल स्टाफ पहले से ही “वर्क टू रूल” मोड में काम कर रहा है। ऐसे में बिजली लाइन में कोई फॉल्ट या खराबी आने पर मरम्मत में भारी देरी हो सकती है और उपभोक्ताओं को लंबे पावरकट का सामना करना पड़ सकता है। 16 दिन की हड़ताल के बाद दिया था मीटिंग का टाइम पावरकॉम एंड ट्रांस्को ठेका मुलाजिम यूनियन पंजाब के प्रदेश प्रधान बलिहार सिंह ने बताया कि यूनियन ने 16 दिनों तक लगातार हड़ताल की थी। उस समय सरकार ने लिखित आश्वासन दिया था कि ठेका कर्मचारियों को विभाग में नियमित करने समेत उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई की जाएगी। इसी सिलसिले में 30 अप्रैल को वित्त मंत्री के साथ बैठक तय थी, लेकिन आखिरी वक्त पर बैठक रद्द कर दी गई। बलिहार सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार बार-बार बातचीत से मुकर रही है, जिससे कर्मचारियों में गहरा रोष फैल गया है। यूनियन ने साफ चेतावनी दी है कि अगर मांगों का जल्द समाधान नहीं निकला तो संघर्ष तेज किया जाएगा। पावरकॉम में 5500 के करीब ठेका मुलाजिमयूनियन के प्रधान बलिहार सिंह ने बताया कि पावरकॉम (PSPCL) में करीब 5500 ठेका कर्मी काम कर रहे हैं। इन कर्मचारयों के पास सबसे हाई रिस्क का काम है। बिजली सप्लाई लाइन की मेंटेनेंस, कंप्लेंट को सोल्व करना जैसे काम कर्मचारियों के पास हैं। कई ठेका कर्मचारियों की मौत हो चुकी है लेकिन सरकार उनके लिए कुछ नहीं कर रही है। हड़ताल का पब्लिक पर सीधा असर ठेका मुलाजिमों की हड़ताल का सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। बिजली फॉल्ट आने पर बहाली में काफी देरी, खासकर ग्रामीण इलाकों में लंबे समय तक पावरकट, ट्रांसफॉर्मर खराब होने पर कई दिनों तक बिजली गुल रहने की आशंका, गर्मी के बढ़ते मौसम में हालात और बिगड़ने की संभावना है। दरअसल टेक्निकल स्टाफ पहले से ही सीमित क्षमता में काम कर रहा है, इसलिए मरम्मत कार्यों में भारी देरी तय है। एक मई को हरपाल चीमा के घर का घेराव यूनियन ने 1 मई को संगरूर में बड़ा प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। बलिहार सिंह ने बताया कि एक मई को संगरूर में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के घर का घेराव करेंगे। इसके बाद बिजली मंत्री और मुख्यमंत्री के आवास का घेराव भी किया जाएगा। बलिहार सिंह ने कहा कि कर्मचारी अपने परिवारों और बच्चों के साथ प्रदर्शन में शामिल होंगे ताकि सरकार पर दबाव बनाया जा सके।
सतना के हार्डवेयर गोदाम में चोरी के 2 आरोपी गिरफ्तार:पुलिस ने 65 हजार का सामान बरामद किया
सतना सिटी कोतवाली पुलिस ने हार्डवेयर गोदाम में हुई चोरी का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से चोरी का 65 हजार रुपये का सामान भी बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, कंपनी बाग स्थित शीतल खेड़ा निवासी पुराना पावर हाउस के हार्डवेयर गोदाम में कुछ बदमाशों ने ताला तोड़कर चोरी की घटना को अंजाम दिया था। चोरों ने सामान चुराने के बाद वहां दूसरा ताला लगा दिया और चाबी अपने साथ ले गए थे। बीते 19 अप्रैल को चोरी का पता चलने पर पीड़ित ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। टीआई रावेन्द्र द्विवेदी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिरों और साइबर सेल की मदद से सुराग जुटाए। जांच के दौरान, पुलिस ने पुरानी आबकारी निवासी अमर उर्फ मोटू (42 वर्ष) पुत्र बद्री प्रसाद वर्मा और आकाश (32 वर्ष) पुत्र गुलाबचंद्र वर्मा को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर चोरी किया गया 65 हजार रुपये कीमत का सामान बरामद किया गया। इसके बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
मैहर जिले में भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को गुरुवार सुबह बड़ी राहत मिली। सुबह करीब 8 बजे अचानक मौसम ने करवट ली और तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश शुरू हो गई। आसमान में काले बादल छाने से दिन में ही अंधेरा छा गया, जिससे लोगों को तपती गर्मी से सुकून मिला। पिछले कई दिनों से जिले का तापमान 43 डिग्री के आसपास बना हुआ था। तेज धूप और लू के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया था। पंखे और कूलर भी गर्मी कम करने में बेअसर साबित हो रहे थे। सुबह हुई इस बारिश ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया और तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। नागरिकों ने भीषण गर्मी से मिली राहत बारिश के साथ बादलों की तेज गर्जना और बिजली की कड़कड़ाहट भी हुई। तेज हवाओं के कारण कुछ इलाकों में हल्का प्रभाव देखा गया, लेकिन कुल मिलाकर इस मौसम परिवर्तन ने लोगों को बड़ी राहत प्रदान की है। अचानक बदले मौसम से किसानों के चेहरे खिल उठे, वहीं आम नागरिकों ने भीषण गर्मी से मिली इस राहत का स्वागत किया। मौसम विभाग के अनुसार, 2 दिनों में भी मौसम में इसी तरह के बदलाव की संभावना है, जिससे गर्मी से और राहत मिलने की उम्मीद है।
बालोतरा पुलिस ने अवैध बजरी खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध बजरी से भरे 4 डंपर को जब्त किया है। वहीं 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से बजरी माफिया को लेकर पूछताछ कर रही है। एसपी रमेश ने बताया- अवैध खनन के कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई एवं संदिग्ध ठिकानों को ध्वस्त कर अवैध खनन पर रोकने के लिए स्पेशल अभियान चलाया जा रहा है। एएसपी हरफूल सिंह पचपदरा डीएसपी विकास कुमार के सुपरविजन में कल्याणपुर थानाधिकारी भंवरसिंह के नेतृत्व में डीएसटी टीम और कल्याणपुर पुलिस ने गांव पिंडारण में कार्रवाई की। टीम ने बजरी से भरे वाहनों को रुकवाकर रवन्ना और परमिट को चैक किया गया। चार डंपर ड्राइवरों के पास कोई लीगल डॉक्यूमेंट नहीं मिला। इस पर पुलिस टीम ने चार डंपरों को जब्त किया गया। टीम ने गफूर खान पुत्र भंवरे खान निवासी जवारहपुरा पचपदरा, मदनलाल पुत्र धुडाराम निवासी सरवड़ी, चुतराराम पुत्र रुपाराम निवासी कल्याणपुर, भंवराराम पुत्र भीयाराम निवासी थोरियों की ढाणी, नागाणा मंडली को गिरफ्तार किया गया। इनके खिलाफ अवैध बजरी खनन एवं परिवहन किए जाने पर ड्राइवरों के खिलाफ मामला दज्र किया गया। इन आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। कार्रवाई में डीएसटी एएसआई आईदानराम, उदयसिंह, धर्मेद्र कुमार, मुकेश कुमार और पचपदरा थाने के एएसआई जामीन खान, कांस्टेबल हरिराम और अभिषेक शामिल रहे।
मध्यप्रदेश के जबलपुर में बुधवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में बाइक सवार दंपत्ति की मौत हो गई, जबकि उनकी एक साल की मासूम बच्ची को खरोंच तक नहीं आई। हादसा तिलवारा पुल पर रात करीब 11 बजे हुआ, जहां तेज रफ्तार पिकअप ने बाइक को टक्कर मार दी। पुलिस ने पीछा कर वाहन को जब्त कर लिया, पर वाहन चालक फरार हो गया। माढ़ोताल निवासी नारायण उर्फ बंटी केवट (32) पत्नी शालनी केवट (30) को ससुराल दलपतपुर से लेकर घर ग्राम ओरैया जा रहे थे। गोद में एक साल की बच्ची भी थी। तिलवारा के बड़े पुल पर पहुंचते ही सफेद पिकअप ने बाइक को टक्कर मार दी। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि टक्कर लगते ही नारायण कई फीट ऊपर उछलने के बाद जमीन पर गिर गए, जबकि पत्नी शालनी तिलवारा पुल से करीब 50 फीट नीचे नर्मदा नदी में गिर गईं। डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया स्थानीय लोगों की सूचना पर तिलवारा थाना पुलिस और डायल 108 मौके पर पहुंची। नारायण को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पुल के नीचे नर्मदा नदी में गिरी महिला को जब तक बाहर निकाला, तब तक उसकी भी मौत हो चुकी थी। तिलवारा थाना पुलिस ने वाहन को जब्त कर लिया है और चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतक के पर्स में रखे दस्तावेजों के आधार पर देर रात परिजनों को सूचना दी गई। सड़क किनारे पड़ी थी बच्ची घटना के समय मां की गोद में बैठी एक साल की बच्ची भी सड़क किनारे पड़ी थी, जिसे कि खरोंच तक नहीं आई। मौके पर पहुंचे लोगों ने बच्ची को उठाया और गले से लगा लिया। आज होगा पोस्टमार्टम दुर्घटना में मृत पति-पत्नी का आज पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसके बाद शव परिवार वालों को सौंप दिए जाएंगे। सड़क किनारे खड़ा मिला वाहन थाना प्रभारी ब्रजेश मिश्रा टीम के साथ घटनास्थल पहुंचे और फौरन पिकअप वाहन का पीछा करना शुरू कर दिया। कुछ ही दूर पर वाहन यूपी 70 एमटी 8621 सड़क किनारे खड़ा मिला, जिसका चालक गायब था। पुलिस ने वाहन को जब्त कर चालक की तलाश शुरू कर दी है। थाना प्रभारी ने बताया कि नारायण प्राइवेट जॉब करता था, उसकी पत्नी शालनी कई दिनों से मायके दलपतपुर में थी। बुधवार दोपहर वह बाइक क्रमांक एमपी 20 एमडब्ल्यू से लेने गया था। रात को पत्नी और बच्ची को लेकर जब वह वापस घर ग्राम ओरैया जा रहा था, तभी हादसा हो गया।
बालाघाट जिले के लांजी थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात हुए एक सड़क हादसे में दो बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों की पहचान वारी निवासी मंगल पांचे (65) और सीताराम फुल्हारे (52) के रूप में हुई है। उन्हें लांजी के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। जानकारी के अनुसार, दोनों बुजुर्ग लांजी से बाइक से दहेज का सामान लेकर अपने गांव वारी लौट रहे थे। कालीमाटी और नीमटोला के बीच एक अज्ञात चौपहिया वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइक समेत सड़क पर गिर पड़े। हादसे में उनके सिर, पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। टक्कर मारने के बाद अज्ञात वाहन चालक मौके से फरार हो गया। सड़क संकरी होने से हादसा स्थानीय लोगों के मुताबिक, घटना स्थल पर पुलिया के पास पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं है। सड़क भी संकरी है और इस मार्ग पर भारी वाहनों का आवागमन अधिक रहता है, जिससे शाम के समय दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। डॉक्टरों ने बताया है कि दोनों बुजुर्गों की हालत खतरे से बाहर है, हालांकि उन्हें गंभीर चोटें आई हैं। गौरतलब है कि लांजी क्षेत्र में हाल के दिनों में सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि देखी जा रही है।
गोंडा में सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण को लेकर के बड़ी कार्रवाई करते हुए 371 वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। यह कार्रवाई वक्फ दस्तावेजों में खामियों और अनिवार्य जानकारी के अभाव के कारण की गई है। प्रशासन ने धार्मिक सामुदायिक संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता लाने के लिए यह कदम उठाया है।केंद्र सरकार ने वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण और पारदर्शिता के लिए 'उम्मीद' (UMMEED) पोर्टल पर पंजीकरण प्रक्रिया शुरू की थी। इस दौरान पंजीकरण तिथि, क्षेत्रफल, स्थापना का समय, और मुतवल्ली (प्रबंधक) की शैक्षिक योग्यता व नियुक्ति पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज मांगे गए थे। निर्धारित सूचनाएं और पूर्ण जानकारी उपलब्ध न होने के कारण बोर्ड ने इन संपत्तियों का पंजीकरण रद्द करने का निर्णय लिया। हालांकि, यह रद्दीकरण अंतिम नहीं है। बोर्ड ने प्रभावित पक्षकारों और प्रबंधकों को अपनी गलतियां सुधारने का अवसर दिया है। जिन संपत्तियों का पंजीकरण रद्द हुआ है, उनके आवेदक 5 जून तक सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ 'उम्मीद' पोर्टल पर दोबारा आवेदन कर सकते हैं। दोबारा पंजीकरण के लिए आधिकारिक पहचान पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो, पते का प्रमाण, मुतवल्ली का नियुक्ति पत्र, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, धर्म और शैक्षिक योग्यता का विवरण देना अनिवार्य होगा। विभागीय सूत्रों और वक्फ निरीक्षक अनिल कुमार के अनुसार, इस कार्रवाई से प्रभावित होने वाली संपत्तियों में सबसे अधिक संख्या कब्रिस्तानों और मस्जिदों की है। सूची में छोटे मोहल्लों की मस्जिदों से लेकर बड़े सार्वजनिक कब्रिस्तान, मदरसे, ईदगाह, इमामबाड़ा, दरगाह और आय अर्जित करने वाली व्यावसायिक वक्फ संपत्तियां भी शामिल हैं। जिले में लगभग 1100 से अधिक वक्फ संपत्तियां सूचीबद्ध की गई थीं, जिनमें से एक तिहाई से अधिक पर यह कार्रवाई हुई है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के रिकॉर्ड को पारदर्शी बनाना और अवैध कब्जों या गलत प्रबंधन को रोकना है। अब सभी की नजरें 5 जून की समय सीमा पर टिकी हैं, ताकि इन धार्मिक स्थलों का वैधानिक दर्जा बहाल हो सके। गोंडा वक्फ निरीक्षक अनिल कुमार ने इसकी पुष्टि की है कि 371 संपत्ति का पंजीकरण खामियों के चलते निरस्त किया गया है।
हरियाणा के हिसार में सब्जी मंडी पुल पर CIA इंचार्ज पवन कुमार से हुए विवाद के मामले में पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला की याचिका पर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में आज सुनवाई होगी। इससे पहले हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने हिसार एसपी को एफिडेविट दाखिल करने के निर्देश दिए थे। दुष्यंत चौटाला ने 23 अप्रैल को याचिका दायर की थी। इसमें हिसार पुलिस पर एफआईआर दर्ज करने समेत कई आरोप लगाए। दुष्यंत का कहना है कि वह एसपी को चार बार कॉल कर चुके हैं, लेकिन उन्हें एफआईआर की कॉपी नहीं दी गई। उनका यह भी आरोप है कि पूरे घटनाक्रम में डीएसपी खुद दोषी हैं, फिर भी जांच उन्हीं को सौंपी गई है। वहीं इस मामले में दो और पिटीशन हाईकोर्ट में लगाई गई हैं। अब यहां पढ़िए पूर्व डिप्टी CM की पिटीशन में क्या... 1. जांच स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग हाईकोर्ट में दायर याचिका में याची दुष्यंत ने मामले में आरोपियों के खिलाफ ना केवल एफआईआर दर्ज कराने की मांग की, बल्कि जांच को हरियाणा पुलिस से हटाकर किसी स्वतंत्र एजेंसी जैसे, सीबीआई, चंडीगढ़ या पंजाब पुलिस को सौंपने का अनुरोध भी किया है। हिसार के पुलिस अधीक्षक द्वारा मामले में कार्रवाई नहीं किए जाने के चलते दुष्यंत चौटाला हाई कोर्ट पहुंचे हैं।2. जान से मारने की धमकी देने का आरोप दुष्यंत चौटाला की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि 17 अप्रैल को हिसार में उनके काफिले को एक सफेद बोलेरो वाहन ने रोक लिया। इसमें सादे कपड़ों (सिविल ड्रेस) में मौजूद पुलिस अधिकारी, जिनमें- इंस्पेक्टर पवन कुमार प्रमुख रूप से शामिल है, ने हथियार लहराते हुए उन्हें और उनके सुरक्षाकर्मियों को धमकाया। याची दुष्यंत ने कोर्ट को बताया कि वे वाई-प्लस सुरक्षा श्रेणी के तहत संरक्षित हैं। बावजूद इसके ऐसी घटना होना बेहद गंभीर है। याचिका के अनुसार उनके निजी सुरक्षा अधिकारियों ने भी घटना की पुष्टि करते हुए अलग-अलग शिकायतें दी हैं, जिनमें जान से मारने की धमकी तक का जिक्र है। 3. झूठे मुकदमे दर्ज करने की साजिश याचिका के अनुसार हरियाणा पुलिस ने इस घटना के बाद निष्पक्ष कार्रवाई के बजाय याची के परिजनों और समर्थकों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कर दबाव बनाने की कोशिश की। विशेषकर 7 अप्रैल की एक घटना को आधार बनाकर दर्ज एफआईआर को प्रतिशोधात्मक कार्रवाई बताया गया है। दुष्यंत चौटाला ने कोर्ट के समक्ष यह भी दलील दी कि घटना के बावजूद पुलिस ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की और न ही एफआईआर दर्ज की गई है।4. साक्ष्य प्रभावित करने की आशंका याचिका के अनुसार मामले को दबाने और साक्ष्यों को प्रभावित करने की आशंका जताई गई है। साथ ही कोर्ट से सीसीटीवी फुटेज समेत सभी संबंधित रिकॉर्ड संरक्षित करने के निर्देश देने की मांग की गई है। यहां पढ़िए पूरा विवाद... 1. विवाद की जड़ (GJU घटनाक्रम): 15 अप्रैल 2026 को जेजेपी के युवा प्रदेशाध्यक्ष दिग्विजय चौटाला के नेतृत्व में छात्र संगठन यूनिवर्सिटी में कार्यक्रम करना चाहते थे, लेकिन अनुमति न मिलने पर हंगामा हुआ। यूनिवर्सिटी प्रशासन का आरोप है कि छात्रों ने VC ऑफिस के गेट को तोड़ने का प्रयास किया और तोड़फोड़ की, जिसके बाद पुलिस ने केस दर्ज किया।2. जेजेपी के आरोप (पुलिस कार्रवाई पर सवाल): पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बदले की भावना से कार्रवाई की और उनके कार्यकर्ताओं के साथ बदसलूकी की। जेजेपी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने रात में घरों में घुसकर छापेमारी की और महिलाओं के साथ गलत व्यवहार किया।दुष्यंत चौटाला ने दावा किया कि CIA इंचार्ज ने उनके काफिले को रोकने की कोशिश की और बंदूक तानी।
अमेठी में तेज हवा के साथ बारिश:ओले गिरने के बाद से तापमान में गिरावट, गर्मी से मिली निजात
अमेठी में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। जिले में अचानक हल्की बारिश शुरू हो गई है। बादलों की तेज गड़गड़ाहट के साथ हल्की हवाएं भी चल रही हैं। पिछले 24 घंटों से अमेठी का मौसम खराब बना हुआ है। बुधवार दोपहर को अचानक मौसम बदला था, जिसके बाद पूरे जिले में जोरदार बारिश के साथ ओले गिरे थे। तेज हवाओं के कारण जनजीवन भी प्रभावित हुआ था। आज सुबह मौसम साफ था और धूप भी खिली हुई थी। हालांकि, सुबह करीब 8:30 बजे आसमान में काले बादल छा गए और तेज गड़गड़ाहट के साथ हल्की बारिश फिर से शुरू हो गई, जो लगातार जारी है। इस बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। वहीं, ठंडी बूंदों ने मौसम में हल्की ठंडक घोल दी है।बादलों की गड़गड़ाहट लगातार जारी हैं और अनुमान जताया जा रहा है कि अभी और बारिश होगी।
उदयपुर का जगदीश मंदिर अपना 374वां पाटोत्सव मना रहा है। आज से दो दिवसीय कार्यक्रम होंगे। इस मंदिर का इतिहास का भी बड़ा रोचक है। लोक मान्यता है कि महाराणा जगत सिंह प्रथम को जगन्नाथ स्वामी ने स्वप्न में दर्शन दिए थे। उन्होंने उदयपुर में उनकी प्रतिमा स्थापित करने का संकेत दिया था। इसके बाद मेवाड़ के शासक महाराणा जगत सिंह प्रथम ने साल 1651 ईस्वी में मंदिर का निर्माण करवाया था। वैशाख पूर्णिमा पर इस मंदिर में भगवान की मूर्ति स्थापित की गई थी। 50 से ज्यादा स्तंभों पर खड़े इस मंदिर के स्तंभों और दीवारों पर बारीक नक्काशी की गई है, जिसमें हाथी, घोड़े, नृत्य और विभिन्न पौराणिक कथाओं के दृश्य उकेरे गए हैं। मंदिर की वास्तुकला में इंडो-आर्यन और मारू-गुर्जर शैली का सुंदर समन्वय देखने को मिलता है। इस मंदिर के बारे का इतिहास के रोचक किस्से को पढ़िए- 1- मूर्ति प्रतिष्ठा के समय हुआ था चमत्कार जगदीश मंदिर के अंदर की सीढ़ियों पर पुजारी परिषद की ओर से इतिहास की जानकारी दी गई है। एक बार नियम भंग होने पर जगन्नाथ पुरी मंदिर के कपाट बंद हो गए थे, जिससे व्यथित होकर महाराणा ने अन्न-जल त्याग दिया था। तब भगवान ने उन्हें स्वप्न में आदेश दिया कि वे मेवाड़ में ही मंदिर बनवाएं। इसके बाद डूंगरपुर के शरण पर्वत से भगवान की प्रतिमा लाई गई थी। प्रतिष्ठा के समय चमत्कार हुआ था। भगवान को पहले चढ़ाए गए चार सोने के कड़े नई मूर्ति में स्वतः धारण हो गए। इसे भगवान के मेवाड़ आगमन का संकेत माना गया और महाराणा की श्रद्धा और भी दृढ़ हो गई। 2- जगन्नाथपुरी मंदिर में पहनाए कड़े प्रतिमा को करवाए थे धारण पुजारी परिषद के अनुसार- जब मूर्ति प्रतिष्ठा का समय नजदीक आया तो महाराणा जगत सिंह के मन में शंका उत्पन्न हुई कि प्रभु का पदार्पण इस प्रतिमा में होगा या नहीं। इसी विचार में सोये महाराणा को भगवान ने स्वप्न दिया कि जगन्नाथपुरी मंदिर में तुमने मुझे जो चार सोने के कड़े पहनाये थे, वो ही कड़े मूर्ति प्रतिष्ठा के समय इस नव प्रतिमा के हाथों में अपने आप धारण हो जाएंगे तो समझ लेना कि मैं मेवाड़ में आ गया हूं। वास्तव में ऐसा ही हुआ। तब महाराणा को विश्वास हो गया कि भगवान का मेवाड़ में पदार्पण हो गया है। इसके बाद महाराणा संग्राम सिंह द्वितीय ने करीब 9 लाख रुपए की लागत से मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया और इसकी भव्यता को पुनः स्थापित किया। मंदिर की वास्तुकला में इंडो-आर्यन और मारू-गुर्जर शैली इस भव्य मंदिर का निर्माण मेवाड़ के शासक महाराणा जगत सिंह प्रथम ने साल 1651 ईस्वी में करवाया था। मंदिर की वास्तुकला में इंडो-आर्यन और मारू-गुर्जर शैली का सुंदर समन्वय देखने को मिलता है। 50 से ज्यादा स्तंभों पर खड़े इस मंदिर के स्तंभों और दीवारों पर बारीक नक्काशी की गई है, जिसमें हाथी, घोड़े, नृत्य और विभिन्न पौराणिक कथाओं के दृश्य उकेरे गए हैं। उदयपुर के राजकीय मीरा कन्या महाविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. चंद्रशेखर शर्मा के अनुसार- मंदिर ऊंचे चबूतरे पर बना हुआ है और सड़क स्तर से इसकी ऊंचाई लगभग 79 फीट है। पुजारी परिषद तलहटी से इसे 125 फीट ऊंचा बताते है। मंदिर तक पहुंचने के लिए 32 सीढ़ियां बनाई गई हैं। गर्भगृह में काले पत्थर से बनी भगवान विष्णु (जगदीश) की चतुर्भुज प्रतिमा स्थापित है, जो अत्यंत आकर्षक और मनमोहक है। तीन मंजिल ऊंचा मंदिर है। यहां पर छोटे-छोटे मंदिर भी बने हुए डॉ. चंद्रशेखर शर्मा बताते है कि मंदिर परिसर में सूर्य, देवी, शिव और गणेश के छोटे-छोटे मंदिर भी बने हुए हैं, जो इसकी पंचायतन शैली को दर्शाते हैं। मंदिर में स्थापित विशाल प्रशस्ति शिलालेख मेवाड़ के इतिहास को समझने में महत्वपूर्ण स्रोत माना जाता है। मंदिर के वास्तुकारों-भाणा और मुकुंद थे और उनको उत्कृष्ट निर्माण के लिए महाराणा की ओर से जागीर देकर सम्मानित किया गया था। नरू बारहठ अपने 21 साथियों सहित हुए थे बलिदान कालांतर में देखें तो इस मंदिर ने संघर्ष भी देखा है। मुगल शासक औरंगजेब के काल में मंदिर पर आक्रमण हुआ था, जिसमें इसकी रक्षा करते हुए नरू बारहठ ने अपने साथियों के साथ बलिदान दिया था। महाराणा राजसिंह के समय औरंगजेब ने यहां पर आक्रमण किया था। तब जगदीश मंदिर की रक्षा के लिए नरू बारहठ अपने 21 साथियों सहित यहां पर बलिदान हो गए थे। इस ऐतिहासिक स्थल के बारे में तीन महीने पहले ही महत्वपूर्ण जानकारी युक्त शिलालेख यहां स्थापित किया गया था। वैशाख शुक्ल पूर्णिमा को यहां विशेष पाटोत्सव होता पुजारी परिषद के अनुसार- वि.स. 1708 दितीय वैशाखी पूर्णिमा को इसका प्रतिष्ठा समारोह हुआ था। धार्मिक परंपराओं के तहत प्रतिवर्ष वैशाख शुक्ल पूर्णिमा को यहां विशेष पाटोत्सव मनाया जाता है। इस अवसर पर भगवान का विशेष श्रृंगार, अभिषेक, 56 भोग और ध्वजारोहण किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं।
धौलपुर पुलिस जिले में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के लिए ऑपरेशन गरिमा अभियान चला रही है। एसपी विकास सांगवान के निर्देशन और एएसपी वैभव शर्मा के सुपरविजन में यह अभियान पूरे जिले में सक्रिय रूप से चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को पुराना शहर टाउन चौकी इंचार्ज एएसआई लोकेंद्र सिंह के नेतृत्व में एक पुलिस टीम ने निजी स्कूल की छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए। कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं को नए कानूनों के प्रावधान, साइबर सुरक्षा, गुड टच-बैड टच, राजकॉप सिटीजन ऐप सहित महिला सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई। स्कूल-कॉलेजों, हॉस्टलों, सार्वजनिक स्थानों पर विशेष निगरानीएसपी सांगवान ने बताया कि ऑपरेशन गरिमा का उद्देश्य आमजन, युवाओं, स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों को महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों और उनी सजा के बारे में जागरूक करना है। साथ ही, किसी भी संदिग्ध गतिविधि या शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। अभियान के तहत जिलेभर के बालिका स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग सेंटरों, गर्ल्स हॉस्टलों, सार्वजनिक स्थानों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। रेलवे स्टेशन सहित ट्रेन, बस, जीप और ऑटो जैसे विभिन्न परिवहन साधनों पर भी पुलिस की पैनी नजर बनी हुई है। पुलिस द्वारा महिला हेल्पलाइन 1090 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, ताकि छात्र-छात्राएं जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता प्राप्त कर सकें। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
शिवपुरी जिले के कोलारस जनपद की कोटा पंचायत के छिपौल गांव में वर्षों पुराना पेयजल संकट समाप्त हो गया है। ग्रामीणों को नदी का गंदा पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा था। समस्या सामने आने के बाद कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर गांव में नया बोरवेल स्थापित किया गया है, जिससे अब ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है। छिपौल गांव के लगभग 1500 ग्रामीण लंबे समय से गंभीर पेयजल संकट से जूझ रहे थे। गांव में मौजूद एकमात्र हैंडपंप कई वर्षों से खराब था, जबकि दूसरा हैंडपंप भी पुराना होकर बंद हो चुका था। ग्रामीणों की कई शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा था। पेयजल की अनुपलब्धता के कारण ग्रामीणों को पास की नदी पर निर्भर रहना पड़ता था। यह नदी उनके लिए पीने, नहाने और अन्य घरेलू उपयोग का एकमात्र स्रोत थी। नदी का पानी स्वच्छ न होने के कारण गांव में बीमारियों का खतरा बना हुआ था, जिससे विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा था। नदी के बीच गड्ढे खोदकर पानी निकालना पड़ता था। गर्मी के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती थी। नदी का जलस्तर कम होने पर ग्रामीणों को नदी के बीच गड्ढे खोदकर पानी निकालना पड़ता था। यह प्रक्रिया न केवल कठिन थी, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी अत्यधिक जोखिम भरी थी। समस्या को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लिया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग की टीम गांव पहुंची और नए बोरवेल की खुदाई का कार्य शुरू किया गया। पीएचई विभाग के कार्यपालन यंत्री (ईई) शुभम अग्रवाल ने बताया कि बोरवेल में लगभग 650 फीट की गहराई पर 2 इंच पानी मिला था, जिसे बाद में 800 फीट तक गहरा किया गया। उन्होंने कहा कि गर्मियों में इस गहराई पर पानी मिलना एक अच्छी स्थिति है और यह जलस्रोत लंबे समय तक गांव की पेयजल आवश्यकताओं को पूरा करेगा। बोरवेल तैयार होने के बाद अब गांव में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो गई है। इससे ग्रामीणों को नदी के गंदे पानी से निजात मिली है। ये खबर भी पढ़े- 1500 ग्रामीण नदी का गंदा पानी पीने को मजबूर: गड्ढा खोदकर पानी निकालते हैं, हैंडपंप खराब, बोले- चुनाव के समय ही नजर आते हैं नेता
भाजपा सांसद व फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत से जुड़े किसानों के अपमान और राजद्रोह के बहुचर्चित मामले में आज स्पेशल कोर्ट (एमपी-एमएलए) में अहम सुनवाई होगी। इससे पहले 3 अप्रैल 2026 को दोनों पक्षों की बहस पूरी हो चुकी थी और कोर्ट ने 16 अप्रैल को निर्णय के लिए तिथि नियत की थी। लेकिन उस दिन किसी कारण सुनवाई नहीं हो सकी और फैसला टल गया। इसके बाद अदालत ने 30 अप्रैल 2026 की नई तिथि तय की। अब इस पूरे मामले में आज की सुनवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां प्रार्थना पत्र और मुख्य प्रकरण दोनों पर कार्यवाही होगी। हिमाचल प्रदेश के मंडी लोकसभा क्षेत्र से सांसद कंगना रनौत के विरुद्ध किसानों के अपमान एवं राजद्रोह से जुड़े मामले में आज न्यायाधीश अनुज कुमार सिंह की स्पेशल कोर्ट में सुनवाई होगी। उल्लेखनीय है कि 3 अप्रैल 2026 को मामले में दोनों पक्षों की बहस पूरी हो चुकी थी और इसके बाद कोर्ट ने 16 अप्रैल को निर्णय के लिए तिथि निर्धारित की थी, लेकिन उस दिन निर्णय नहीं हो सका। इसके बाद कोर्ट ने 30 अप्रैल 2026 की तिथि नियत की, जिस पर आज सुनवाई होनी है। इसी बीच 21 अप्रैल 2026 को कंगना रनौत की अधिवक्ता द्वारा आगरा पहुंचकर कोर्ट में एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। इस प्रार्थना पत्र में कहा गया कि माननीय न्यायालय द्वारा वह वादी पक्ष को इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी एक्ट पर बहस करने तथा पत्रावली में दस्तावेज अंकित करने का अतिरिक्त अवसर दिया गया, जिससे वादी पक्ष को महत्वपूर्ण लाभ मिला है। कोर्ट ने विपक्षी पक्ष के इस प्रार्थना पत्र को रिकॉर्ड पर लेते हुए 30 अप्रैल 2026 की तिथि इस पर सुनवाई के लिए नियत की थी। आज कोर्ट में इस प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के साथ-साथ मुख्य मामले में भी कार्यवाही की जाएगी, जिस पर सभी पक्षों की नजर बनी हुई है।
डीग सीएमएचओ डॉ. विजय सिंघल ने जिला अस्पताल में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीन लगवाकर टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने आमजन को इस टीके के महत्व के प्रति जागरूक भी किया। डॉ. सिंघल ने बताया कि यह टीका पहले केवल निजी अस्पतालों में उपलब्ध था, जिसकी लागत 4 से 5 हजार रुपए प्रति खुराक थी। अब सरकार ने इसे पूरी तरह फ्री कर दिया है, जिससे बड़ी संख्या में लोग इसका लाभ उठा सकेंगे। 9 से 14 साल की बेटी को जरूर लगवाएं टीकासीएमएचओ ने अपनी बेटी के साथ स्वयं टीका लगवाकर समाज को एक सकारात्मक संदेश दिया। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी 9 से 14 साल की बेटियों को यह टीका अवश्य लगवाएं। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस आयु वर्ग में टीकाकरण सबसे अधिक प्रभावी होता है। सर्वाइकल कैंसर से रोकथाम के लिए है HPV वैक्सीनडॉ. सिंघल ने यह भी बताया कि एचपीवी वैक्सीन महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर) की रोकथाम में अत्यंत प्रभावी है। भारत सहित विश्वभर में हर साल लाखों महिलाएं इस बीमारी से अपनी जान गंवाती हैं, जिसे समय पर टीकाकरण से काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।उन्होंने जोर देकर कहा कि यह पहल महिलाओं के स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और सभी पात्र व्यक्तियों को इसका लाभ उठाना चाहिए।
मथुरा में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने पुलिस महकमे में फेरबदल किया है। जारी इस प्रशासनिक बदलाव के तहत कई निरीक्षक और उपनिरीक्षकों के कार्यक्षेत्र में परिवर्तन किया गया है। जारी आदेश के अनुसार, निरीक्षक कमलेश सिंह को थाना छाता से स्थानांतरित कर थाना कोसीकलां का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है। वहीं, निरीक्षक उमेश चन्द्र त्रिपाठी को थाना जैत से हटाकर छाता थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। निरीक्षक जगदम्बा सिंह को मॉनीटरिंग सेल से स्थानांतरित कर थाना नौहझील का प्रभारी नियुक्त किया गया है। अरविन्द निर्वाल को पुलिस लाइन से मॉनीटरिंग सेल का प्रभारी बनाया गया है। उपनिरीक्षक सोनू सिंह को नौहझील से स्थानांतरित कर जैत थाने का थानाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसी क्रम में निरीक्षक प्रमोद कुमार को थाना जैत से हटाकर वृन्दावन थाना में अतिरिक्त निरीक्षक अपराध द्वितीय के पद पर तैनात किया गया है। निरीक्षक विवेक कुमार को जैत से नौहझील में अतिरिक्त निरीक्षक अपराध के रूप में नियुक्त किया गया है। इसके अलावा, उपनिरीक्षक संजीव कुमार को थाना जैत से स्थानांतरित कर कोतवाली के कृष्णानगर चौकी प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, उपनिरीक्षक विपिन तोमर को कृष्णानगर चौकी से हटाकर जैत थाने में वरिष्ठ उपनिरीक्षक के रूप में तैनात किया गया है। एसएसपी श्लोक कुमार द्वारा किए गए इस फेरबदल को जनपद में कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इन नई तैनातियों से कार्यप्रणाली में सुधार आएगा और अपराध नियंत्रण में प्रभावी मदद मिलेगी।
आज के कॉम्पिटिशन के दौर में जहां कई युवा करियर को लेकर कन्फ्यूजन में रहते हैं, वहीं 24 साल की मेहंदी तोषनीवाल ने कम उम्र में सीएस बनकर और फिर एजुकेशन फील्ड चुनकर अलग रास्ता बनाया। 21 साल में सीएस बनने के बाद उन्होंने कॉर्पोरेट जॉब छोड़ी और अब प्राइवेट इंस्टीट्यूशन के प्लेटफार्म पर GEN Z गुरु और GEN Z एजुकेटर के रूप में हजारों स्टूडेंट्स को पढ़ा रही हैं। उनका पढ़ाने का तरीका आसान और समझने लायक है, जिससे स्टूडेंट जल्दी सीख पाते हैं। वे स्टूडेंट्स को पढ़ाई के साथ आगे बढ़ने और मेहनत करने के लिए भी प्रेरित करती हैं। मेहंदी कहती है कि मैं फ्यूचर में यह देखना चाहती हूं कि जितने भी बच्चे अपनी जिंदगी में कुछ अलग करना चाहते हैं, उन्हें एजुकेशन प्रोवाइड कर सकूं और उनकी जिंदगी में चेंज ला सकूं। जब वे सोचें कि उन्हें सीएस बनना है, तो उनके दिमाग में मेरा चेहरा आए कि हां, इनकी तरह सीएस बनना है, ऑल इंडिया रैंक अचीव करनी है और कम एज में सीएस बनकर सबको प्राउड फील करवाना है। सक्सेस का रास्ता आसान नहीं होता मेहंदी तोषनीवाल ने बताया- 21 साल की उम्र में कंपनी सेक्रेटरी की डिग्री पूरी की। यह सफलता पहली कोशिश में हासिल की और सीएस एग्जीक्यूटिव लेवल पर ऑल इंडिया रैंक 21 लाई। सीएस की तैयारी के दौरान सफर आसान नहीं था। रोजाना 12 से 13 घंटे तक पढ़ाई की और कई बार खुद को एक कमरे तक सीमित रखना पड़ा। इस दौरान सोशल लाइफ लगभग खत्म हो गई, जिससे मेंटल प्रेशर बढ़ा और सेल्फ कॉन्फिडेंस कम हुआ। कई बार वे डिमोटिवेट भी हुईं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। सक्सेस का रास्ता आसान नहीं होता, लेकिन लगातार एफर्ट से हर मुश्किल को पार किया जा सकता है। लॉ सब्जेक्ट बना स्ट्रॉन्ग प्वाइंट मेहंदी ने कहा- शुरू से लॉ (कानून) सब्जेक्ट में रुचि थी। सीएस की पढ़ाई में कंपनी लॉ और अन्य लीगल सब्जेक्ट उन्हें समझने में आसान लगे। जहां कई स्टूडेंट्स इसे रटने वाला सब्जेक्ट मानते हैं, वहीं इसे समझकर पढ़ा और प्रैक्टिकल तरीके से अप्लाई करने पर जोर दिया, इसी वजह से उन्होंने इस सब्जेक्ट को स्ट्रांग प्वाइंट बनाया और बाद में इसे पढ़ाने का फैसला लिया। कॉर्पोरेट जॉब छोड़ चुना टीचिंग सीएस बनने के बाद उन्होंने अहमदाबाद में करीब एक साल कॉर्पोरेट सेक्टर में काम किया। जॉब सुरक्षित थी, लेकिन उन्हें अपने काम में संतुष्टि नहीं मिली। उन्हें महसूस हुआ कि उनका असली जुनून कुछ और है। बचपन से पढ़ाने का शौक होने के कारण उन्होंने नौकरी छोड़कर एजुकेशन और मेंटरशिप को चुना। कम उम्र में टीचिंग, शुरुआत में चुनौतियां टीचिंग के क्षेत्र में कदम रखने के बाद मेहंदी को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। कम उम्र होने के कारण कई लोग उन्हें गंभीरता से नहीं लेते थे और उन्हें कई बार स्टूडेंट समझ लिया जाता था। लेकिन उन्होंने अपने पढ़ाने के तरीके से धीरे-धीरे अपनी पहचान बनाई। आज वे सीएस एग्जीक्यूटिव के SBIL सब्जेक्ट को आसान तरीके से समझाने के लिए जानी जाती हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म से बढ़ी पहुंच मेहंदी सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर एक्टिव रहती हैं। इंस्टाग्राम और यूट्यूब के जरिए वे स्टूडेंट्स को पढ़ाती है। उनके कंटेंट से स्टूडेंट्स को पढ़ाई और करियर दोनों में मदद मिलती है। उनके वीडियो और पोस्ट्स स्टूडेंट्स को पढ़ाई के साथ-साथ मोटिवेट भी करते हैं और समझाने की कोशिश करती हैं कि सफलता एक दिन में नहीं मिलती, बल्कि यह लगातार कोशिशों का परिणाम होती है। हजारों स्टूडेंट्स के लिए रोल मॉडल आज मेहंदी हजारों स्टूडेंट्स के लिए मोटिवेशन बन चुकी हैं। खासकर जो कम उम्र में सीएस बनना चाहते हैं, उनके लिए वे एक रोल मॉडल हैं। वे स्टूडेंट्स को मेंटल स्ट्रॉन्ग बनने और फेलियर से सीखने की सलाह देती हैं। सीएस से मिलती है इंडिपेंडेंस मेहंदी का कहना है कि सीएस केवल डिग्री नहीं, बल्कि इंडिपेंडेंस और फ्रीडम देता है। इससे व्यक्ति अपने फैसले खुद ले सकता है और अपने सपनों को पूरा कर सकता है। उन्होंने कहा कि मैं फ्यूचर में यह देखना चाहती हूं कि जो बच्चे अपनी जिंदगी में कुछ अलग करना चाहते हैं, उन्हें एजुकेशन मिले। उनकी जिंदगी में चेंज लाना चाहती हूं। परिवार का मिला सपोर्ट मेहंदी की शुरुआती पढ़ाई बिरला शिक्षा केंद्र से हुई। उन्होंने मुंबई से ऑनलाइन क्लास लेकर सीएस की तैयारी की। उनके पिता गोविंद लाल तोषनीवाल कांकरोली में एसबीआई बैंक में मुख्य प्रबंधक हैं और मां साधना हाउस वाइफ हैं। उनका छोटा भाई 22 साल की उम्र में पहली कोशिश में CA एग्जाम क्लियर कर चुका है।
सतना में भीषण गर्मी के बीच बुधवार रात से मौसम में अचानक बदलाव देखा गया। गुरुवार सुबह से तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी का सिलसिला जारी है, जिससे लोगों को तेज धूप और गर्मी से राहत मिली है। बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 42.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। वहीं, न्यूनतम तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट के साथ यह 28.2 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। हालांकि, बुधवार को दिन भर तेज धूप और बादलों की आवाजाही के बावजूद गर्मी से खास राहत नहीं मिली थी। उमस और तपिश ने जनजीवन को प्रभावित किया था, लेकिन गुरुवार सुबह हुई बूंदाबांदी से स्थिति में सुधार हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में बने पश्चिमी विक्षोभ और पूर्वी उत्तर प्रदेश-हरियाणा में बने ऊपरी चक्रवात के कारण एक ट्रफ लाइन मणिपुर से मध्य प्रदेश तक बनी हुई है। इन्हीं मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से सतना समेत रीवा संभाग में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। इस दौरान गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश तेज हवाओं के साथ होने की संभावना है।
सहारनपुर में अवैध खनन से जुड़े डंपरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। थाना बिहारीगढ़ क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक तेज रफ्तार अज्ञात डंपर की चपेट में आने से 45 वर्षीय किसान की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद डंपर चालक मौके से फरार हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा रही थी। लेकिन परिजन बिना कार्रवाई के शव को अपने साथ ले गए। मामला थाना बिहारीगढ़ क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 5 बजे एक ट्रैक्टर-ट्रॉली भूसा भरकर उत्तराखंड के हसनावाला से सहारनपुर के रसूलपुर गांव की ओर जा रही थी। ट्रॉली में कई लोग सवार थे। जैसे ही वाहन अमानतगढ़ स्थित नानकसर ढाबे के पास सर्विस रोड पर पहुंचा, तभी पीछे से आ रहे एक अज्ञात डंपर ने ओवरटेक करने के प्रयास में ट्रैक्टर को साइड से टक्कर मार दी। टक्कर लगने से ट्रैक्टर के बोनट पर बैठे रसूलपुर निवासी इरशाद उर्फ भूरा (45) सड़क पर गिर पड़े। गिरते ही वो डंपर के पहियों के नीचे आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद चालक डंपर लेकर फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही भगवानपुर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने परिजनों से शव का पोस्टमॉर्टम कराने का अनुरोध किया, लेकिन परिजनों के इनकार के बाद पंचनामा भरकर शव उन्हें सौंप दिया गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सहारनपुर में अवैध खनन से जुड़े डंपर बिना नंबर प्लेट और ओवरलोड होकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं। खास बात ये है कि स्कूल आने-जाने के समय भी ये वाहन बेखौफ चलते हैं, जिससे हादसों का खतरा लगातार बना रहता है। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। खनन के डंपर लगातार लोगों की जान ले रहे हैं। कुछ महीने पहले भी एक परिवार के 5 लोगों की हादसे में मौत हुई थी। उनकी गाड़ी के ऊपर खनिज का डंपर गिर गया था। लेकिन आज तक भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
हरियाणा में बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर शुक्रवार एक मई को सभी सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों का अवकाश रहेगा। इस बारे में शिक्षा विभाग ने लैटर भी जारी किया है। जिसमें सख्त आदेश दिए हैं कि इस दिन स्कूल संचालक किसी भी गतिविधियों के लिए स्कूल नहीं बुला सकते। खंड शिक्षा अधिकारी नारनौल ने 1 मई 2026, शुक्रवार को बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर खंड नारनौल के सभी सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों में स्थानीय अवकाश घोषित किया है। इस संबंध में सभी विद्यालय प्रमुखों को आदेश जारी कर दिए गए हैं। स्कूल रहेंगे पूर्णतय बंद जारी पत्र के अनुसार, बुद्ध पूर्णिमा के दिन सभी स्कूल पूर्णतः बंद रहेंगे। बीईओ ने स्पष्ट किया कि कुछ विद्यालयों द्वारा अवकाश के दिनों में विद्यार्थियों को पढ़ाई या अन्य गतिविधियों के लिए बुलाने की शिकायतें सामने आती रही हैं, जो नियमों के विरुद्ध है। अवहेलना करने पर होगी कार्रवाई खंड शिक्षा अधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि अवकाश के दिन किसी भी प्रकार की शैक्षणिक या अन्य गतिविधि के लिए विद्यार्थियों को विद्यालय न बुलाया जाए। आदेशों की अवहेलना करने वाले विद्यालयों के खिलाफ विभागीय एवं प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित स्कूल मुखिया की होगी। सख्ती से किया जाए पालन इसके अलावा सभी क्लस्टर हेड्स को भी निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के स्कूलों में आदेशों की पालना सुनिश्चित करें और किसी प्रकार की उल्लंघना पाए जाने पर रिपोर्ट कार्यालय को भेजें। शिक्षा विभाग के इस आदेश से विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि घोषित स्थानीय अवकाश का सख्ती से पालन किया जाए।
शाहजहांपुर में देर रात एक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक कप्तान सिंह (33) की मौत हो गई। कप्तान सिंह मजीदपुर ग्राम प्रधान मंगू के भाई थे। यह घटना भटपुरा चंदू ओवरब्रिज के पास हुई, जब एक तेज रफ्तार बोलेरो ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। परिजनों के अनुसार, कप्तान सिंह किसी काम से कस्बे में गए थे और रात करीब 11 बजे अपनी बाइक से घर लौट रहे थे। थाना पुवायां क्षेत्र के भटपुरा चंदू ओवरब्रिज के पास पहुंचते ही उनकी बाइक को एक बोलेरो ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कप्तान सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद बोलेरो चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मृतक के परिवार को जानकारी दी। परिजनों के पहुंचने के बाद पुलिस ने शव का पंचनामा भरने की कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने फरार बोलेरो चालक की तलाश भी शुरू कर दी है। कप्तान सिंह खेतीबाड़ी करके पत्नी नीलेश, पांच साल के बेटे सार्थक और एक साल की बेटी बिट्टू का पालन पोषण करते थे। मृतक कप्तान के बड़े भाई मंगू ग्राम प्रधान हैं। रात करीब 11 बजे कप्तान कस्बे में किसी काम से आए थे। वापस लौटते समय बोलेरो ने पीछे से टक्कर मारी। जिसके बाद बोलेरो डिवाइडर पर चढ़ गई और चालक बोलेरो छोड़कर भाग गया। टक्कर लगने से बाइक सवार कप्तान सिंह की मौके पर मौत हो गई।
छतरपुर जिले के ईशानगर थाना क्षेत्र के ग्राम सलैया में बुधवार को एक तालाब में डूबने से दो बच्चों की मौत हो गई। दोनों बच्चों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना से पूरे गांव में मातम छा गया है। जानकारी के अनुसार, ग्राम सलैया निवासी 13 वर्षीय प्रिंस अहिरवार (पिता राधाचरण अहिरवार) और 13 वर्षीय अभी अहिरवार (पिता हल्ले भाई अहिरवार) बुधवार को घर से तालाब में नहाने गए थे। बताया गया है कि दोनों बच्चे बिना किसी वयस्क की निगरानी के तालाब में उतरे थे। गहराई में जाने के कारण वे डूब गए और बाहर नहीं निकल पाए। जब बच्चे काफी देर तक घर नहीं लौटे, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। तालाब के पास पहुंचने पर ग्रामीणों की सहायता से दोनों बच्चों को बाहर निकाला गया। उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही तहसीलदार दुर्गेश तिवारी के साथ प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी मनोज गोयल ने बताया कि दोनों बच्चों के शवों का पोस्टमार्टम कराया गया और फिर परिजनों को सौंप दिया गया। शाम को उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। दोनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। दो मासूमों की एक साथ मौत से ग्रामीण स्तब्ध हैं। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने तालाबों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और बच्चों की निगरानी को लेकर सवाल उठाए हैं, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
आजमगढ़ में युवक की हत्या करने वाला गिरफ्तार:कूलर को लेकर झगड़ा हुआ था, चाकू से हमला किया
आजमगढ़ जिले के जीयनपुर थाना क्षेत्र में एक दिन पूर्व शादी समारोह में जयमाल के समय कूलर की हवा को लेकर हुए विवाद के बाद चाकूबाजी की घटना को अंजाम देने वाले आरोपी नीरज निषाद को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया गया है। एक दिन पूर्व शादी समारोह में कूलर की हवा को लेकर विवाद हुआ था। जिसके बाद चाकूबाजी की गई थी इस चाकू बाजी में चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। जिनमें एक की मौत हो गई। जबकि तीन का इलाज चल रहा है। मामले की जानकारी मिलने के बाद जिले के बड़ी संख्या में अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर अधिकारियों को घटना के खुलासे के निर्देश दिए गए थे। इस मामले में नीरज निषाद सहित 9 के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था। कंट्रोल फायरिंग में हुई गिरफ्तारी जीयनपुर थाने के नए प्रभारी विनय कुमार सिंह रात्रि में अपनी टीम के साथ मुबारकपुर तिराहे के पास चैकिंग कर रहे थे इसी दौरान तीन संदिग्ध व्यक्तियों को रोकने का इशारा किया पर वह भागने लगे। और पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस द्वारा की गई कंट्रोल फायरिंग में एक अभियुक्त के दाहिने पैर में गोली लगी है जबकि दो साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। घायल अभियुक्त को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। फरार और आरोपी की पहचान आशीष निषाद और सोनू निषाद के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि अपने साथियों के साथ मिलकर बारात में विवाद में शामिल था। जिसमें चाकू लगने से एक व्यक्ति की मौत हुई थी घटना के बाद सभी आरोपी फरार हो गए थे। आरोपी के कब्जे से तमंचा कारतूस भी बरामद किया गया है।
उत्तर प्रदेश चेस स्पोर्ट्स एसोसिएशन और सीतापुर शिक्षा संस्थान द्वारा 22 से 29 अप्रैल 2026 तक एक राज्य स्तरीय चेस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। फ़िडे (FIDE) द्वारा मान्यता प्राप्त इस प्रतियोगिता में रायबरेली के भाई-बहन आभास कुमार श्रीवास्तव और आभ्या श्रीवास्तव ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। रायबरेली निवासी आभास कुमार श्रीवास्तव ने अंडर-19 श्रेणी में अपनी रणनीतिक क्षमता का प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान प्राप्त किया। उन्होंने इसी प्रतियोगिता की अंडर-17 श्रेणी में भी अपनी प्रतिभा दिखाते हुए चौथा स्थान हासिल किया। इसी प्रतियोगिता में, आभास की बहन सुश्री आभ्या श्रीवास्तव ने अंडर-9 बालिकाओं की श्रेणी में चौथा स्थान प्राप्त किया। दोनों भाई-बहनों ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया। उनकी माँ डॉ. भावना श्रीवास्तव जनपद में वरिष्ठ कोषाधिकारी के पद पर कार्यरत हैं।
पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोंटो थाना क्षेत्र के रूटुगुटू जंगल में बुधवार को सुरक्षाबलों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नक्सलियों के एक सुरक्षित ठिकाने को ध्वस्त कर दिया। सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन और पुलिस की संयुक्त टीम ने सर्च ऑपरेशन के दौरान एक लाख रुपए के इनामी नक्सली इसराइल पूर्ति उर्फ अमृत को मुठभेड़ में मार गिराया। वह सागेन दस्ते का सक्रिय सदस्य था। लंबे समय से पुलिस की सूची में वांछित था। मुठभेड़ के बाद इलाके में चलाए गए सर्च अभियान में हथियारों के साथ बड़ी मात्रा में नक्सली सामग्री भी बरामद की गई है। इस कार्रवाई को कोल्हान क्षेत्र में नक्सल नेटवर्क पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है। 45 मिनट तक चली गोलीबारी, भागे अन्य नक्सली पुलिस के अनुसार, 24 अप्रैल की रात गोइलकेरा के दुगुनिया गांव में नक्सलियों ने पुलिस मुखबिरी के आरोप में पूर्व नक्सली रमेश चांपिया उर्फ चांबरा की हत्या कर दी थी। घटना के बाद सागेन अंगरिया के नेतृत्व में नक्सली दस्ते के सदस्य कोल्हान के जंगलों में छिप गए थे। इसकी खुफिया सूचना मिलते ही सुरक्षाबलों ने गोइलकेरा और टोंटो क्षेत्र में व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इसी दौरान बुधवार तड़के रूटुगुटू जंगल में नक्सलियों से आमना-सामना हो गया। दोनों ओर से करीब 45 मिनट तक फायरिंग हुई, जिसमें इसराइल पूर्ति मारा गया। सुरक्षाबलों का दबाव बढ़ता देख अन्य नक्सली घने जंगलों का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे। सुरक्षित रास्ते दिखाने में था एक्सपर्ट इसराइल पूर्ति मूल रूप से गोइलकेरा थाना क्षेत्र के सांगाजाटा गांव का निवासी था। वह संगठन में एरिया कमांडर स्तर के नक्सलियों का करीबी और भरोसेमंद सदस्य माना जाता था। कोल्हान के दुर्गम जंगलों की भौगोलिक जानकारी होने के कारण वह दस्ते को सुरक्षित रास्ते उपलब्ध कराने और सुरक्षाबलों की गतिविधियों पर नजर रखने में अहम भूमिका निभाता था। उसके खिलाफ पुलिस मुखबिरी के शक में ग्रामीणों की हत्या, अपहरण और आईईडी ब्लास्ट जैसी कई गंभीर घटनाओं में संलिप्तता के मामले दर्ज थे। हाल ही में हुए रमेश चांपिया हत्याकांड में भी उसकी सक्रिय भूमिका सामने आई थी। उसकी मौत को नक्सली संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। कोल्हान में सक्रिय 20-30 नक्सलियों का दस्ता एसपी अमित रेणु ने बताया कि कोल्हान के जंगलों में 20 से 30 हथियारबंद नक्सलियों के सक्रिय होने की सूचना के बाद लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। सैकड़ों जवान इलाके में तैनात कर घेराबंदी की गई है। जानकारी के मुताबिक, नक्सली सारंडा क्षेत्र से निकलकर कोल्हान के जंगलों में डेरा जमाए हुए हैं। सुरक्षाबलों की यह कार्रवाई नक्सलियों के बढ़ते मूवमेंट पर लगाम लगाने की दिशा में अहम मानी जा रही है।
प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच अब मौसम में हल्का बदलाव देखने को मिल रहा है। पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में कोई बड़ा परिवर्तन दर्ज नहीं किया गया, लेकिन मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि अगले 2 दिनों में तापमान 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। इसके बाद अगले 3 दिनों तक तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं होगा, यानी गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले 5 दिनों तक छत्तीसगढ़ के सभी संभागों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। इस दौरान तेज हवा (40 से 50 किमी प्रति घंटा) चल सकती है और बिजली गिरने का भी खतरा बना रहेगा। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। तापमान की बात करें तो सबसे अधिक अधिकतम तापमान 44C राजनांदगांव में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 25.3C जगदलपुर में रिकॉर्ड हुआ। कई सिस्टम एक साथ सक्रिय मौसम में बदलाव की वजह दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश के आसपास साइक्लोन सर्कुलेशन एक ट्रफ लाइन दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश से नागालैंड तक फैली हुई है। ये बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश और असम से होकर गुजर रही है। वहीं एक अन्य ट्रफ पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश से बांग्लादेश की ओर सक्रिय है। इन सभी सिस्टम्स का असर प्रदेश के मौसम पर पड़ रहा है। कल के लिए पूर्वानुमान और चेतावनी मौसम विभाग के अनुसार, कल प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। इसके साथ ही गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की चेतावनी जारी की गई है। विशेषकर खुले स्थानों और खेतों में काम करने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। अगले 2 दिनों का आउटलुक आने वाले 2 दिनों तक भी इसी तरह का मौसम बना रहेगा। प्रदेश में कहीं-कहीं हल्की बारिश, आंधी और गरज-चमक के साथ मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। तापमान में हल्की गिरावट के चलते गर्मी से कुछ राहत मिलने की संभावना है। रायपुर का लोकल फोरकास्ट रायपुर में आज बादल छाए रह सकते हैं। गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। यहां अधिकतम तापमान 43C और न्यूनतम तापमान 29C के आसपास रहने का अनुमान है। लोगों के लिए सलाह मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि तेज हवा और आंधी के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर संरचनाओं से दूर रहें। गरज-चमक के समय खुले स्थानों में खड़े होने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें। किसानों को भी मौसम को देखते हुए अपनी गतिविधियों की योजना बनाने की सलाह दी गई है।
मैरिज सिंडिकेट का इनामी बदमाश गिरफ्तार:शादी के नाम पर ठगी करने वाले आरोपी को दबोचा
डीग जिले में पुलिस ने शादी का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले 'मैरिज सिंडिकेट' को बड़ा झटका दिया है। डीग की डीएसटी और कैथवाड़ा थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 5 हजार रुपये के इनामी बदमाश याहया को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी 'ऑपरेशन शिकंजा' के तहत की गई है। गिरफ्तार आरोपी याहया फर्जी मैरिज ब्यूरो के मास्टरमाइंड सैकुल का भाई है। ये दोनों भाई नीमला गांव से ठगी का यह गिरोह चला रहे थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी याहया के खिलाफ अकेले कैथवाड़ा थाने में 10 गंभीर मामले दर्ज हैं। चारों तरफ से घेरकर दबोचाएसपी शरण कांबले ने बताया कि 28 अप्रैल को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाया। एएसआई जोगेंद्र सिंह और डीएसटी प्रभारी सुल्तान सिंह के नेतृत्व में टीम ने नीमला चौराहे पर घेराबंदी की। इनामी बदमाश याहया ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसे चारों ओर से घेरकर पकड़ लिया। यह बदमाश लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से फरार था और उस पर 5,000 रुपए का इनाम घोषित था। पुलिस ने याहया के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस गिरफ्तारी से इलाके के उन लोगों ने राहत की सांस ली है जो इस गिरोह की ठगी का शिकार हुए थे।
महिलाओं ने निर्धन परिवारों को दिया गृहस्थी का सामान:तीन बेटियों के विवाह में की आर्थिक सहायता
टीकमगढ़ में निर्धन परिवारों की बेटियों के विवाह में मदद के लिए दो महिला संगठन आगे आए हैं। राष्ट्रीय परशुराम मातृशक्ति संगठन ने एक बेटी के विवाह में आर्थिक सहायता और गृहस्थी का सामान भेंट किया, जबकि राष्ट्रीय ब्राह्मण महिला संगठन ने दो अन्य बेटियों के विवाह के लिए गृहस्थी का सामान प्रदान किया। राष्ट्रीय परशुराम मातृशक्ति संगठन की सदस्य नीतू द्विवेदी ने बताया कि एक आर्थिक रूप से कमजोर बेटी की मां ने विवाह के लिए मदद मांगी थी। संगठन की महिलाओं ने इस पर चर्चा की और बुधवार रात बेटी के विवाह में पहुंचकर आर्थिक मदद के साथ गृहस्थी और सुहाग का सामान भेंट किया। वहीं, राष्ट्रीय ब्राह्मण महिला संगठन की ओर से शिवानी खेवरिया ने जानकारी दी कि दो बेटियों के परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण संगठन की महिलाओं ने उनकी मदद का बीड़ा उठाया। संगठन ने मिलकर दोनों बेटियों को विवाह के लिए आवश्यक सामान भेंट किया। इस अवसर पर सभी महिलाएं अपनी ओर से भी उपहार लेकर पहुंची थीं। इस मौके पर राष्ट्रीय ब्राह्मण महिला संगठन की सदस्य शिवानी खेवरिया, रजनी रावत, कल्पना शर्मा, ऊषा दीक्षित, गीता मिश्रा, शशि शुक्ला, रामकुमारी द्विवेदी, नीरज द्विवेदी और रेखा शर्मा मौजूद रहीं। राष्ट्रीय परशुराम मातृशक्ति संगठन की ओर से नीरज द्विवेदी, मधु मिश्रा, प्रीति उपाध्याय, रिचा शर्मा, हेमा रानी द्विवेदी, मालती तिवारी, सौरभ शर्मा, राघवेंद्र तिवारी, बंटी तिवारी और रुद्र पुरोहित शामिल रहे।
जींद और करनाल जिले की सीमा पर जम्मू-कटरा नेशनल हाईवे किनारे तेली खेड़ा गांव के पास एक कार में आग लग गई। कुछ ही मिनटों में लाखों रुपये की यह कार जलकर खाक हो गई। गनीमत रही कि हादसे के वक्त कार में कोई मौजूद नहीं था। मामले में जांच अब असंध पुलिस पुलिस को सौंपी गई है। जानकारी के अनुसार, कार मोहम्मद खेड़ा गांव के रास्ते पर खड़ी थी। अचानक उसमें से धुआं निकलने लगा और देखते ही देखते आग की लपटों ने पूरी कार को घेरे में ले लिया। खेतों में काम कर रहे लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह कार मोहम्मद खेड़ा गांव के एक युवक की थी। युवक ने इसे सितंबर 2024 में फाइनेंस पर खरीदा था और इसकी कई किस्तें अभी भी बकाया थीं। घटना की गंभीरता को देखते हुए अलेवा थाना पुलिस ने जांच शुरू की थी। हालांकि, भौगोलिक सीमा असंध क्षेत्र में आने के कारण अब यह मामला असंध थाना पुलिस को सौंप दिया गया है। अलेवा थाना प्रभारी आत्मा राम ने बताया कि तेली खेड़ा के पास कार में आग लगने की सूचना मिली थी। जांच में पता चला कि कार फाइनेंस पर थी और उसकी कई किस्तें बकाया थीं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिस स्थान पर यह घटना हुई, वह पोपड़ा गांव की जमीन है, जो असंध थाना क्षेत्र के अंतर्गत आती है।
लखनऊ से बुढ़वल जा रही ट्रेन में यात्रियों के बैग गलती से बदल गए। दोनों बैगों में जेवरात, नकदी, कपड़े और अन्य कीमती सामान था, जिसकी कुल कीमत करीब 5.56 लाख रुपए बताई गई। सूचना मिलते ही GRP और RPF क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने कुछ घंटों में बैग ट्रेस कर दोनों यात्रियों को उनका सामान सुरक्षित लौटा दिया। घटना ट्रेन संख्या 15203 की है। गोमतीनगर निवासी सुप्रिया शबनम अपने परिवार के साथ S-3 कोच की सीट नंबर 19 पर यात्रा कर रही थीं। उनके पास लाल रंग का बैग था, जिसमें जेवरात, नकदी और कपड़े रखे थे। उसी कोच में सीट नंबर 17, 18 और 20 पर अन्य यात्री भी सफर कर रहे थे, जो बुढ़वल स्टेशन पर उतर गए। बैग बदलने की सूचना GRP को दी उतरते समय वे गलती से सुप्रिया का बैग अपने साथ ले गए और अपना बैग वहीं छोड़ गए। बैग बदलने की जानकारी होने पर सुप्रिया ने तुरंत GRP को सूचना दी। इसके बाद अपराध आसूचना शाखा लखनऊ और RPF पोस्ट बुढ़वल की टीम हरकत में आई। अधिकारियों ने सर्विलांस, मोबाइल डेटा और ग्राउंड इंटेलिजेंस की मदद से बैग लेकर उतरे यात्री की पहचान की। जांच के दौरान टीम सीतापुर जिले के रामपुर मथुरा क्षेत्र स्थित गोंडा देवरिया गांव पहुंची, जहां ओमकार नामक यात्री के पास महिला का बैग बरामद हुआ। पूछताछ में सामने आया कि दोनों यात्रियों के बैग गलती से आपस में बदल गए थे। 5.56 लाख रुपए का सामान वापस मिला जीआरपी और आरपीएफ के अनुसार एक बैग में जेवरात, नकदी, कपड़े और अन्य सामान समेत करीब 5.36 लाख रुपए का माल था, जबकि दूसरे बैग में लगभग 25 हजार रुपए कीमत के जेवर व कपड़े थे। दोनों बैगों की कुल कीमत 5.56 लाख रुपए आंकी गई। इसके बाद दोनों पक्षों को RPF पोस्ट बुढ़वल बुलाकर सत्यापन कराया गया और उनका सामान सही-सलामत वापस सौंप दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि त्वरित कार्रवाई, तकनीकी सर्विलांस और ग्राउंड इंटेलिजेंस के चलते लाखों रुपए का सामान सुरक्षित बरामद कर लिया गया। वहीं, सुरक्षित सामान वापस मिलने पर यात्री ने खुशी जाहिर की है।
राजधानी जयपुर के अलग-अलग इलाकों से एक बार फिर बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी गंभीर समस्याएं सामने आई हैं। मुरलीपुरा, विद्याधर नगर, गणपति नगर और झोटवाड़ा सहित कई क्षेत्रों में सीवर ओवरफ्लो, टूटी सड़कें, सार्वजनिक शौचालयों में गंदगी और सड़कों पर अतिक्रमण जैसी समस्याओं ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। कहीं सड़कों पर बहता सीवर लोगों की आवाजाही में बाधा बन रहा है, तो कहीं जाम और बदबू से हालात बिगड़ रहे हैं। हालांकि, भास्कर समाधान सेगमेंट के जरिए जब लोगों ने अपनी समस्याएं उठाईं, तो कुछ मामलों में प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई कर राहत भी दी। खासतौर पर लक्ष्मी नारायण पुरी इलाके में बंद पड़ी रोड लाइट्स को ठीक करवाने में सक्रिय भूमिका निभाने वाली नगर निगम की XEN निधि जैन आज की ‘पब्लिक के स्टार’ बनीं। आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें। श्री निवास नगर की सड़कों पर बह रहा सीवर का पानी मुरलीपुरा के श्री निवास नगर से नीरज ने बताया कि रोड नंबर-6 स्थित सब्जी मंडी के पास पिछले 4 से 5 दिनों से सीवर लाइन ओवरफ्लो हो रही है। गंदा पानी लगातार सड़क पर बह रहा है, जिससे राहगीरों और स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी हो रही है। लोगों का कहना है कि बदबू और गंदगी के कारण आसपास का माहौल खराब हो गया है और बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। टूटी सड़क पर बह रहा सीवर का पानी विद्याधर नगर के नींदड़ गांव से अनीता ने खराब सड़क और सीवर की दोहरी समस्या को उठाया। उन्होंने बताया कि गांव की सड़क लंबे समय से टूटी हुई है और उसकी मरम्मत नहीं हुई है। ऊपर से सीवर का पानी भी सड़क पर बह रहा है, जिससे हालात और खराब हो गए हैं। लोगों को रोजाना आने-जाने में दिक्कत हो रही है और बारिश के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। कचरे से भरा गणपति नगर का पब्लिक टॉयलेट गणपति नगर के जैकोब मार्ग से सुरेश कुमार शर्मा ने सार्वजनिक शौचालय की बदहाली की शिकायत दर्ज करवाई। उन्होंने बताया कि जगदीश महाराज मंदिर के सामने बने सुलभ शौचालय में पिछले 6 महीनों से कचरे और गंदगी का ढेर लगा हुआ है। इससे न तो शौचालय उपयोग के लायक बचा है और न ही आसपास का वातावरण स्वच्छ रह पाया है। क्षेत्र में लगातार बदबू फैल रही है और लोगों को काफी परेशानी हो रही है। ठेले वालों के कारण हो रही जाम की समस्या झोटवाड़ा की गुलाब बड़ी कॉलोनी से आशीष ने सड़क पर ठेले वालों के अतिक्रमण की समस्या बताई। उन्होंने कहा कि मेडिकल सेंटर से बोरिंग चौराहा तक सड़क पर ठेले वालों का कब्जा है। स्थिति ऐसी है कि गाड़ी तो दूर, पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। खासतौर पर शाम के समय यहां जाम की स्थिति बन जाती है, जिससे स्थानीय लोगों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित होता है। सीवर की समस्या का हुआ समाधान वहीं कुछ इलाकों में ‘भास्कर समाधान’ के जरिए राहत भी मिली। शास्त्री नगर की ललिता कॉलोनी से शंकर जांगिड़ ने एक साल से भरे पड़े सीवर चैंबर की समस्या उठाई थी। उन्होंने बताया था कि सीवर चैंबर भरा होने से आसपास गंदगी फैल रही थी। शिकायत प्रकाशित होने के बाद संबंधित विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सीवर की सफाई करवाई और समस्या का समाधान किया। इससे स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिली। लक्ष्मी नारायण पुरी इलाके से राजेंद्र खींची ने बताया कि पिछले दो दिनों से पूरी गली की रोड लाइट्स बंद थीं, जिससे रात के समय हर तरफ अंधेरा रहता था। लोगों को सुरक्षा को लेकर चिंता थी और चोरी-दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई थी। समस्या सामने आने के बाद नगर निगम की XEN निधि जैन ने तुरंत संज्ञान लिया और लाइट्स को ठीक करवाया। आज की 'पब्लिक के स्टार' बनीं निधि जैन निधि जैन की तत्परता और संवेदनशीलता के कारण इलाके में रोशनी लौट आई और लोगों को राहत मिली। इसी वजह से उन्हें आज की ‘पब्लिक के स्टार’ के रूप में सराहा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सभी अधिकारी इसी तरह तेजी से कार्रवाई करें, तो शहर की कई समस्याएं जल्द हल हो सकती हैं। ‘भास्कर समाधान’ लगातार आमजन और प्रशासन के बीच एक मजबूत कड़ी बनता जा रहा है। जहां लोग अपनी समस्याएं खुलकर सामने रख रहे हैं, वहीं जिम्मेदार विभाग भी समाधान की दिशा में सक्रिय हो रहे हैं। यही पहल शहर को अधिक स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभा रही है। पब्लिक की आवाज बन रहा “भास्कर समाधान” ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सामने रखने के लिए मदद कर रहा है। लोगों से मिले शानदार रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अधिकारियों को सीधे मिल रही समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपना एक्शन बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उसके अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहेंगे तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे भी कॉल कर सकेंगे। भास्कर एप से समस्याओं के समाधान की ये खबरें भी पढ़िए… 1.जयपुर की कई कॉलोनियों की जनता परेशान:गंदा पानी, गलियों में अंधेरा, टूटी सड़कें; 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हिंदी फिल्म ‘डुग डुग’ का ट्रेलर राजस्थान में चर्चा में बना हुआ है। ट्रेलर में दिखाई गई बाइक (लूना), आस्था और चमत्कार वाली कहानी सीधे ओम बन्ना धाम (बुलेट बाबा) से मेल खाती नजर आ रही है। राजस्थान की लोक आस्था के बड़े प्रतीक पर बनी इस फिल्म को लेकर लोगों में कई सवाल हैं। कोई इसे अंधविश्वास पर तंज कह रहा है तो कोई हास्य व्यंग्य की कहानी मान रहा है। फिल्म के लेखक-निर्देशक ऋत्विक पारीक ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में इन्हीं सवालों के खुलकर जवाब दिए… सवाल : ट्रेलर रिलीज के बाद राजस्थान के दर्शकों से क्या रिएक्शन मिला है? जवाब : ट्रेलर से हमें अच्छा ही रेस्पॉन्स मिला है। हालांकि लोगों के मन में थोड़े सवाल भी हैं कि क्या आप सही चीज तो दिखा रहे हो न? अब ये तो आप जब फिल्म देखोगे तो अपने आप समझ में आ जाएगा कि सब कुछ सही है। इसमें हमने ऐसा कुछ दिखाया नहीं है जो सही नहीं हो। सवाल : डुग डुग फिल्म से बतौर लेखक और डायरेक्टर आप क्या कहना चाहते हैं? जवाब : लोगों को ट्रेलर देखकर लग रहा है कि ये अंधविश्वास पर है या धर्म पर सवाल कर रही है। पर यह फिल्म पूरी तरह से इस बात पर आधारित है कि आपके विचार ही आपकी वास्तविकता को आकार देते हैं। ये ठीक उसी तरह है कि जब आप किसी चीज में बहुत ज्यादा विश्वास करते हैं तो वो मैनिफेस्ट हो जाती है। ऐसे में इस बिलीफ और मैनिफेस्टेशन का जरिया कुछ भी हो सकता है- ये एक बाइक भी हो सकती है, एक मूर्ति भी हो सकती है और बिना किसी माध्यम के भी हो सकता है। आपकी सोच ही आपका यूनिवर्स बनाती है, हम इस फिल्म में यही एक्सप्लेन करना चाहते हैं। सवाल : इस फिल्म की स्क्रिप्ट लिखते समय आपने ओम बन्ना धाम की घटना को कितना फॉलो किया और कितना फिक्शन बनाया? जवाब : ये मिक्स है। हमने डायरेक्ट उन पर नहीं रखा है। हमें सरकार ने भी कहा था कि आप ये बताओ कि आपने नाम, कास्ट और कुछ भी ऐसा मेंशन नहीं किया है। इसीलिए हमने बाइक बदल दी और बाकी सब चीजें भी बदली हैं। हालांकि ये थोड़ा उनसे सिमिलर ही है, जितना हम कर सकते थे। बाकी कुछ फिक्शन भी हैं, जैसे नाट्य रूपांतरण। हमने ये भी सुनिश्चित किया है कि किसी को कुछ बुरा न लगे। ऐसा कुछ इस फिल्म में रखा ही नहीं है तो सेंसर भी ये देखकर हैरान था कि अब इसमें कट कहां लगाएं। हमने फिल्म में रंग भी लिए तो इसका भी पूरा ध्यान रखा कि ये ऐसे हों कि अलग दिखें। क्योंकि हमारे यहां लाल रंग दुर्गा माता का हो गया, शिव जी के लिए कुछ लोग काला रंग मानते हैं और हरा रंग इस्लाम का हो गया। ऐसे में हमारे सामने ये भी चैलेंज था कि इनके लिए रंग क्या काम में लें। तो बाद में ये आइडिया आया कि इनकी गाड़ी का ही रंग काम में लेंगे। सीट का रंग गुलाबी और बॉडी नीली है तो मुख्य किरदार ठाकुर साहब के जाने के बाद लोगों ने यही कलर उठा लिए और वो कलर ही उनकी आइडेंटिटी बन जाते हैं। सवाल : ओम बन्ना (बुलेट बाबा) की सच्ची घटना आपको पहली बार कब और कैसे पता चली? जवाब : मेरी दादी मां ने इसके बारे में मुझे बताया था। मैं खुद जयपुर से हूं तो पूरा बचपन यहीं मालवीय नगर के आस-पास ही बीता है। दादी मां मुझे खाटू श्याम जी, सालासर और कई मंदिरों में ले जाती थीं तो ये सब देखा हुआ ही है। अब ये याद नहीं है कि वहां पहली बार कब गया था। आप जयपुर में हैं तो गोविंददेव जी कैसे पता हैं? बस यही मामला है। शायद मैं नौवीं क्लास में था जब हम जोधपुर गए थे, तब की बात होगी। तब लगा था कि कमाल है भाई, ये क्या चीज है! बाद में इसी इंस्पिरेशन को लेकर फिल्म बनाई है। सवाल : फिल्म में मुख्य किरदार की मौत के बाद बाइक (लूना) का ‘चमत्कार’ दिखाया गया है? क्या आपने असली ओम बन्ना घटना के गवाहों या स्थानीय लोगों से बात की थी? जवाब : हां, उनकी कहानी तो हमने सुनी हुई है। मैं सीधा जोधपुर और पाली के अपने रिश्तेदारों को फोन लगाता था और वो बताते थे। इसके अलावा न्यूज पर भी काफी मटेरियल था। फिल्म में एक सीन है कि जब रिपोर्टर आता है तो वो भी एंड तक बुलेट पर ही दिखता है। ये आइडिया हमें एक न्यूज से ही मिला था। स्टोरी की रिसर्च तो ऐसी है कि सब देखा हुआ है, पर जो मेन रिसर्च थी वो आर्ट और डिजाइनिंग में थी। इसके लिए हमने पेंटिंग्स का सहारा लिया था। हमने पिक्चर में काफी चीजें लोगों को पेंटिंग्स के जरिए भी समझाने का प्रयास किया है। ये लोकल हैंड पेंटर ने किया और इसमें काफी मेहनत लगी है। सवाल: फिल्म में कॉमेडी-सटायर के रूप में क्यों चुना गया? जवाब : मैं इस फिल्म से दोनों पॉइंट ऑफ व्यू बताना चाह रहा था। लोग देखें तो उन्हें लगे कि ये क्या है? इसीलिए हमने जब इसे ग्लोबली दिखाया तो फिल्म के बीच में इंटरवल के समय डिस्क्लेमर डाला कि ये रियल घटना पर बनाई गई फिल्म है। अगर हम ये स्टार्टिंग में डाल देते तो उन्हें लगता कि ऐसे ही लिख रखा है। अब ज्यादा मैं आपको बता नहीं सकता, लेकिन फिल्म के अंत में आप मानेंगे कि सटायर तो है, पर इसके साथ ही वो पहलू भी समझेंगे कि कुछ ऊपरी ताकतें हैं, जिन्हें डिस्क्राइब नहीं किया जा सकता, पर वो हैं। इंसान का काम ही यही है कि ऐसी चीजों के लिए सवाल करो। सवाल: क्या आपको लगता है कि फिल्म रिलीज के बाद कुछ लोग इसे धार्मिक भावनाओं को ठेस मान सकते हैं? आप ऐसे विवाद को कैसे हैंडल करते हैं? जवाब : अब जब कोई फिल्म देखेगा तो उसे पता चल जाएगा कि कुछ पावर तो है। बाकी जिसने नहीं देखी है, उसे तो क्या ही कह पाऊंगा। आप फिल्म देखेंगे तो समझ ही जाएंगे कि मैंने अपना काम सही से कर दिया है। बाकी मैं इस बारे में ज्यादा सोचता नहीं हूं। मेरा क्लियर फंडा है, जिसे मैंने अपने कमरे की दीवार पर भी लिख रखा है कि अगर आप निडर हैं तो ज्यादा सोचते नहीं हैं और जो सच्ची सोच है वो निडरता से ही आती है। मेरा तो काम ही सोचना और लिखना है। ये बिल्कुल ईमानदारी वाली बात है। अब जो होगा, वो देखा जाएगा। एंटी-सिपेट (पूर्वानुमान) नहीं करना है। आज आप कुछ भी सच्चाई दिखाओगे तो ये तो होगा ही। अगर ज्यादा सोचेंगे तो फिर सच्ची घटनाओं को आप लिख ही नहीं पाओगे। सवाल: मुख्य किरदार को 40 साल का शराबी ठाकुर बनाया गया है और बाकी भी शराब का काफी कनेक्शन है, यह क्या है? जवाब : ये सब फिल्म में मैंने बता रखा है और फिल्म देखने पर ज्यादा क्लियर भी हो ही जाएगा। ये भी उसी थॉट शेपिंग रियलिटी का ही असर है कि आप कुछ भी प्रसाद चढ़ा रहे हो। पुराने जमाने में बलि देकर उसे चढ़ाया जाता था। आपके अंदर आपने जो बिलीफ बैठा लिया है तो वो काम करता है। ये तो मैं भी मानता हूं और शायद यूनिवर्स का नियम है। सवाल : क्या आपने ओम बन्ना परिवार से अनुमति लेने के लिए प्रयास किया…उनसे कोई बात हुई थी? जवाब : जब फिल्म का आइडिया आया और मैंने इसे बनाने का काम शुरू किया था तो मैं बच्चा ही था। मतलब 27 साल का था और जोश-जोश में ही ये फिल्म बना दी थी। वहां मंदिर भी गया था और पूछताछ की, पंडित जी से भी बात हुई थी। लेकिन वो ही था कि आप इंस्पिरेशन तो ले ही सकते हो। अब फिल्म डायरेक्टली बनाओ तो ही पूछोगे। सवाल: अगर ओम बन्ना परिवार या स्थानीय लोग फिल्म देखने आएं तो आप उनसे क्या कहना चाहेंगे? क्या उन्हें फिल्म देखने बुलाया है? जवाब : अभी ये मैंने सोचा नहीं है। वो भी फिल्म देखने के बाद समझ जाएंगे और उन्हें फिल्म देखने के लिए बुलाने के बारे में तो प्रोड्यूसर ही कुछ बता सकते हैं। मैं तो बस फिल्म कंप्लीट करने में लगा हुआ हूं। बाकी इसके बारे में देखते हैं। सवाल: आपने राजस्थान के कितने मंदिरों (बुलेट बाबा सहित) का दौरा किया? इसमें सबसे हैरान करने वाली बात क्या थी? जवाब : मेहंदीपुर बालाजी, करणी माता मंदिर आदि कई मंदिर गया। मेहंदीपुर बालाजी हमेशा से मेरे लिए कुछ खास रहा है। वहां हमेशा लगता है कि बाप रे इधर मत जाओ, उधर मत जाओ, ये मत खाओ। लेकिन अब अगली फिल्म कोई हॉरर सटायर तो नहीं आ रही है, बल्कि कॉस्मिक हॉरर है। दूसरी बिल्कुल जयपुर की ही स्टोरी है। हालांकि अभी इन दोनों के बारे में ज्यादा नहीं बता सकता। दुनिया में इधर-उधर देखते हैं तो कई फनी एलिमेंट्स सामने आते हैं लेकिन अब धार्मिक और आस्था के टॉपिक को शायद ही दोबारा फिल्म में रखूं। जो कहना था वो इसी फिल्म से कह दिया है। सवाल : राजस्थान की ग्रामीण संस्कृति, बोली और लोक-परंपराओं को फिल्म में कितनी जगह दी गई है? जवाब : ये पूरी फिल्म ही करीब-करीब राजस्थानी भाषा में ही है। क्योंकि सब कुछ जयपुर के आस-पास में ही फिल्माया गया है तो इसमें जयपुर की ही लोकल लैंग्वेज है। आर्टिस्ट भी यहीं के हैं। एक आर्टिस्ट जो भरतपुर से ट्रांसफर होकर आता है वो अपने भरतपुरी स्टाइल में बोलता है। बाकी कुछ-कुछ हिंदी भी है। सवाल : TIFF (टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ) 2021 में प्रीमियर के बाद 5 साल इंतजार और अब 8 मई 2026 को फिल्म रिलीज हो रही है, इतना गैप क्यों रहा? जवाब : पहले दिन से यही था कि हमें ये थिएटर में ही रिलीज करनी है। ये फिल्म भी इसी तरह से थिएटर के अंदाज में ही डिजाइन की गई है। टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में इसका पहला प्रीमियर IMAX में हुआ था, जो दुनिया की सबसे बड़ी स्क्रीन्स में से एक है। इसके बाद हमें कॉन्फिडेंस आया और बाद में इसे थिएटर में लाने के लिए ही इतना समय लगा। सवाल: पहली फिल्म होने के नाते अनुराग कश्यप, निखिल आडवाणी, विक्रमादित्य मोटवानी और वासन बाला जैसे नामों को एक्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर के रूप में पाना कैसा लगा? जवाब : एक और नाम है रंजन सिंह, जो बतौर एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर बैक एंड पर सब कुछ देख रहे थे। इनके अलावा भी जो बाकी लोग फिल्म से जुड़े हैं, उनसे फिल्म को बहुत सपोर्ट मिलता है। ये सब बहुत बड़े नाम हैं। जाहिर सी बात है कि उन्हें इसमें कुछ अच्छा लगा होगा। इन सभी का जुड़ना बहुत ही अच्छी बात है और मैं तो बेहद ग्रेटफुल फील कर रहा हूं। मैंने कभी सोचा ही नहीं था कि इस फिल्म से इतने सारे लोग जुड़ेंगे। सब कहते हैं कि धैर्य का फल मीठा होता है तो हमें इन सबके साथ थोड़ा ज्यादा ही मीठा फल मिल गया है। अब देखते हैं आगे क्या होता है। जयपुर के रहने वाले हैं फिल्ममेकर जयपुर में जन्मे और पले-बढ़े ऋत्विक पारीक एक फिल्ममेकर, लेखक और इलस्ट्रेटर हैं, जो वर्तमान में मुंबई में रहते हैं। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने एक विज्ञापन एजेंसी में आर्ट डायरेक्टर के रूप में की थी। वहां उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार जीतने वाले विज्ञापन अभियानों पर काम किया। एक साल बाद उन्होंने ये एजेंसी छोड़ दी और फिल्म मेकिंग में करियर बना लिया। ‘डुग डुग’ एक सटायर और कॉमेडी फिल्म है। इस फिल्म को ऋत्विक पारीक ने ही लिखा है। इस फिल्म को अनुराग कश्यप, निखिल आडवाणी, विक्रमादित्य मोटवानी और वसन बाला जैसे फिल्ममेकर बतौर एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर सपोर्ट कर रहे हैं। क्या है ओम बन्ना की कहानीओम बन्ना का पूरा नाम ओम सिंह राठौड़ था। वे राजस्थान के पाली जिले के चोटिला गांव के ठाकुर जोग सिंह राठौड़ के पुत्र थे। 1988 में एक सड़क हादसे में उनकी मौत हो गई थी। दुर्घटना के बाद पुलिस ने बाइक को रोहट थाने में रख दिया। दावा किया जाता है कि इसके अगले दिन वो बाइक थाने से गायब होकर दुर्घटना स्थल पर पहुंच गई। पुलिस ने फिर बाइक ले जाकर तेल खाली किया, चेन से बांधा और सुरक्षा बढ़ाई। फिर भी बाइक बार-बार थाने से भागकर उसी जगह पर लौट आती। इसी चमत्कार के दावे के चलते बाद में उन्हें बुलेट बाबा कहा जाने लगा। धीरे-धीरे वहां ओम बन्ना धाम बन गया, जहां बाइक को फूल-माला चढ़ाकर पूजा जाता है।
बरेली के क्योलड़िया थाना क्षेत्र में नाबालिग युवती से दुष्कर्म के दो आरोपियों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। नाबालिग युवती के साथ 28 अप्रैल को दुष्कर्म की घटना हुई थी, पुलिस ने 24 घंटे में आरोपियों को धर दबोचा। जिसमें साकिब और मुनीश पर युवती को बहला-फुसलाकर दुष्कर्म करने का आरोप है। केस दर्ज होने के बाद से दोनों आरोपी फरार चल रहे थे। पीड़िता को धमकाने की भी मिली थी शिकायतपुलिस को 29 अप्रैल को सूचना मिली कि दोनों आरोपी पीड़िता के परिवार पर दबाव बना रहे हैं। आरोप था कि साकिब और मुनीश तमंचा दिखाकर पीड़िता को केस वापस लेने की धमकी दे रहे थे। इस इनपुट के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई तेज कर दी और दोनों की तलाश शुरू कर दी। मुखबिर की सूचना पर मंदिर के पास घेराबंदीरात करीब 11 बजे पुलिस को मुखबिर से जानकारी मिली कि दोनों आरोपी मधुनगला मंदिर के पास बाइक और हथियारों के साथ खड़े हैं और किसी वारदात की फिराक में हैं। उपनिरीक्षक देशराज सिंह के नेतृत्व में टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। जैसे ही पुलिस टीम करीब पहुंची, दोनों आरोपी बाइक से भागने लगे। कच्चे रास्ते पर बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। इसी दौरान साकिब ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। हालात को देखते हुए पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ में पैर में गोली लगने से घायल हुआ साकिबजवाबी फायरिंग में साकिब के पैर में गोली लग गई और वह मौके पर ही गिर पड़ा। पुलिस ने उसे दबोच लिया। उसके पास से एक .315 बोर का तमंचा, एक खोखा कारतूस, एक जिंदा कारतूस और स्प्लेंडर बाइक बरामद हुई है। घायल आरोपी को तुरंत नवाबगंज सीएचसी भेजा गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। दूसरा आरोपी चाकू के साथ गिरफ्तारघटना के दौरान ही पुलिस ने दूसरे आरोपी मुनीश को भी मौके से गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से एक अवैध चाकू बरामद हुआ है। दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। मुठभेड़ की सूचना मिलते ही फील्ड यूनिट भी मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू की।
भगत सिंह सेना के सुप्रीमो और देवली-उनियारा क्षेत्र से उप चुनाव लड़ चुके नरेश मीणा बुधवार देर रात घाड़ थाने के पास सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को समय पर हॉस्पिटल नहीं पहुंचाने पर थाने पहुंचकर धरने पर बैठ गए। वे शादी से लौटते समय थाने से 40-50 मीटर दूर लहूलुहान हालत में पड़े बाइक सवार को देखकर रुके। पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उन्होंने एसपी को जानकारी दी, जिसके बाद करीब दस मिनट में कार की व्यवस्था कर घायल को दूनी हॉस्पिटल भेजा गया। शादी से लौटते समय दिखा घायल नरेश मीणा ने बताया कि वह दूनी क्षेत्र के मुगलाना गांव में धाकड़ समाज की शादी में शामिल होकर रात करीब 9 बजे नगरफोर्ट की ओर जा रहे थे। इसी दौरान घाड़ थाने से करीब 40-50 मीटर दूर सड़क हादसे में एक बाइक सवार गंभीर हालत में पड़ा मिला। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि दूनी निवासी भागचंद मिस्त्री रोड पर सांड आने से हादसे का शिकार हो गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। इसकी सूचना पुलिस को दी गई थी। पुलिस पर मदद नहीं करने का आरोप ग्रामीणों ने बताया कि सूचना के बाद भी पुलिस ने घायल को हॉस्पिटल पहुंचाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की। नरेश मीणा ने आरोप लगाया कि थाने में मौजूद लक्ष्मण सिंह ने ग्रामीणों से कहा कि उनके पास कोई जीप नहीं है और कोई सहायता नहीं की गई। घायल के सिर पर बांधी साफा घायल के सिर से लगातार खून बहता देख नरेश मीणा ने अपनी साफा उसके सिर पर बांधी और प्राथमिक मदद दी। इसके बाद वे थाने पहुंचे, जहां उन्हें कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं मिला। थाने में बैठकर किया विरोध पुलिसकर्मियों के रवैये से नाराज होकर नरेश मीणा थाने में ही धरने पर बैठ गए और एसपी को पूरे मामले की जानकारी दी। इस दौरान सोशल मीडिया पर सूचना फैलने पर उनके समर्थक और आसपास के लोग भी थाने पहुंचने लगे। एसपी के निर्देश पर हॉस्पिटल भेजा गया घायल एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत पुलिसकर्मियों को घायल को हॉस्पिटल पहुंचाने के निर्देश दिए। करीब दस मिनट में कार की व्यवस्था कर घायल को लहूलुहान हालत में दूनी हॉस्पिटल भिजवाया गया। धरने के बाद समारोह के लिए रवाना घायल को हॉस्पिटल पहुंचाने के बाद नरेश मीणा धरने से उठे और अपने कुछ साथियों के साथ नगरफोर्ट की ओर शादी समारोह में चले गए।
गोरखपुर के पीपीगंज थाना क्षेत्र में 15 वर्षीय किशोरी से रेप का मामला सामने आया है। आरोप है कि किशोरी के प्रेमी ने घर के पीछे मिलने के लिए बुलाकर वारदात को अंजाम दिया। मंगलवार को हुई घटना की जानकारी बुधवार को परिजनों ने पुलिस को दी। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपी को हिरासत में ले लिया। किशोरी की मां ने तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया है। 15 वर्षीय किशोरी की पिछले डेढ़ वर्ष से घर के पास के ही एक युवक से दोस्ती हो गई थी। दोनों के बीच होने वाली बातचीत की जानकारी परिजनों को होने पर भाई ने आपत्ति जताई थी, जिसके बाद बातचीत बंद हो गई थी। पिछले कुछ दिनों से दोनों के बीच फिर से बातचीत होने लगी थी। मंगलवार की देर रात किशोरी, प्रेमी के बुलाने पर उससे मिलने चली गई। किशोरी ने अपनी मां से की शिकायत आरोप है कि युवक किशोरी को अपने मामा के खाली घर में लेकर चला गया और उसके साथ जबरन रेप किया। इसके बाद किशोरी चुपचाप घर चली गई। बुधवार को किशोरी ने अपनी मां को पूरी घटना बताई। इसके बाद परिजनों के साथ किशोरी थाने पहुंची। वहीं किशोरी के भाई ने पहले सामूहिक दुष्कर्म की सूचना दे दी थी। पुलिस ने पूछताछ की तो मामला प्रेम संबंध का निकला। इस संबंध में एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि किशोरी से रेप की घटना में मुकदमा दर्ज कर आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है। अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
अवैध शराब बेचने वाले युवक को पकड़ कर ला रही रेलवे रोड पुलिस पर हमले किए जाने का मामला सामने है। आप है कि भीड़ ने पुलिस कर्मियों से धक्कामुक्की और हाथापाई करते हुए आरोपी को छुड़ा लिया। सूचना पर कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है। अवैध शराब बिक्री की मिली थी सूचना घटना मंगलवार रात की बताई जा रही है। पुलिस को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति अवैध तरीके से शराब बेच रहा है। रेलवे रोड थाने की पुलिस एक्शन में आ गई। दरोगा कुंवर आकाश के साथ दो पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और युवक को दबोच लिया। यह युवक स्कूटी की डिग्गी में शराब भरकर बैठा था और उन्हें बेच रहा था। भीड़ ने पुलिस के साथ की धक्कामुक्की दरोगा कुंवर आकाश ने युवक से पूछताछ की तो उसने अपना नाम राजू सोनकर बताया। इसके बाद पुलिस युवक को पकड़ कर लाने लगी। आरोप है कि राजू सोनकर के परिवार के लोग इकट्ठा हो गए और उन्होंने पुलिसकर्मियों से धक्कामुक्की शुरू कर दी। आरोपी लाठी डंडे भी ले आए। आरोपी युवक को पुलिस से छुड़ाया देखते देखते मामला बिगड़ गया। राजू के परिवार के लोग आक्रामक हो गए और उन्होंने पुलिस के चंगुल से राजू सोनकर को छुड़ा लिया। परिवार में शामिल बेटे समर व एकलव्य, पत्नी सुमन सोनकर के अलावा 10-12 लोगों ने राजू सोनकर को पुलिस से छुड़ा लिया। इस दौरान धक्का मुक्की में दरोगा की वर्दी फट गई। कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंचीहंगामे की सूचना पुलिसकर्मियों ने वायरलेस सेट पर फ्लैश की। कुछ देर बाद ही दो थानों की पुलिस वहां आ गई। पुलिस कर्मियों ने आरोपी राजू सोनकर के घर पर दबिश डाली लेकिन आरोपी ताला लगाकर वहां से फरार हो गए। इस मामले में पुलिस की तरफ से मुकदमा दर्ज किया गया है। सीओ बोलीं- गिरफ्तारी के प्रयास जारी सीओ कैंट नवीन शुक्ला ने बताया कि दरोगा कुंवर आकाश की तहरीर पर आरोपी व उसके परिवारजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सभी आरोपियों को चिन्हित किया जा रहा है। जल्द सभी की गिरफ्तारी की जाएगी।
भदोही में जूस विक्रेता पर हमला:जातिसूचक गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी देने वाले दो गिरफ्तार
भदोही के गोपीगंज थाना क्षेत्र में गन्ना जूस विक्रेता और उसके परिवार पर धारदार हथियार से हमला करने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इन पर जातिसूचक गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। यह घटना गोपीगंज के शिवपुरी कॉलोनी निवासी रमन सोनकर की शिकायत पर सामने आई। रमन ने बताया कि उनकी गन्ना जूस की दुकान पर उनका बेटा नीरज सोनकर और दामाद प्रिंस सोनकर जूस निकाल रहे थे। तभी अबरार, बाबा, आर्यन, सकलैन, हसनैन, टीपू और हैदर उर्फ पालू नामक व्यक्ति वहां आए और ठेला हटाने को कहा। मना करने पर उन्होंने रमन का हाथ तोड़ दिया और जातिसूचक गालियां देते हुए जान से मारने की नीयत से रॉड, डंडे और धारदार हथियार से हमला किया। इस हमले में नीरज सोनकर, प्रिंस सोनकर, रमन सोनकर और धीरज सोनकर गंभीर रूप से घायल हो गए। नीरज सोनकर की नाक की हड्डी टूट गई। रमन सोनकर की तहरीर के आधार पर गोपीगंज थाने में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। भदोही के पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने जनपद में अपराधों पर त्वरित कार्रवाई और वांछित अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में गोपीगंज पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान हैदर अली उर्फ हैदर (46 वर्ष) पुत्र अबरार अली और मोहम्मद सकलैन अली (31 वर्ष) पुत्र अबरार अली के रूप में हुई है। दोनों चुड़िहारी मोहल्ला, गोपीगंज, भदोही के निवासी हैं। उन्हें झीरिया पुल जीटी रोड से गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया।
अमेठी एसपी सरवणन टी ने रात में सुरक्षा जांची:गौरीगंज और जायस में 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' की हकीकत परखी
अमेठी एसपी सरवणन टी ने देर रात जिले की सुरक्षा व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने गौरीगंज और जायस कस्बों में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' की हकीकत परखी और पुलिसकर्मियों की मौजूदगी व वाहनों की चेकिंग की। एसपी के अचानक पहुंचने से दोनों थाना क्षेत्रों के पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया। 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' अमेठी एसपी के निर्देश पर पूरे जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाया जा रहा है। यह अभियान रात 12 बजे से सुबह 5 बजे तक चलता है। इस ऑपरेशन के तहत पुलिस अब तक कई अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि अपराध की योजना बना रहे कई अन्य अपराधी भी सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं। इसी ऑपरेशन की जमीनी हकीकत जानने के लिए एसपी सरवणन टी देर रात अचानक गौरीगंज पहुंचे। वहां उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से जानकारी ली और उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके बाद एसपी का काफिला बिना किसी पूर्व सूचना के जायस कस्बा पहुंचा। जायस में उन्होंने चौराहों पर तैनात पुलिसकर्मियों से बातचीत की और उन्हें अपराधों पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाने तथा अपराधियों को पकड़ने के संबंध में निर्देश दिए। इस दौरान एसपी ने खुद सड़कों पर आ-जा रही गाड़ियों को रुकवाकर उनकी सघन चेकिंग की। चेकिंग के दौरान गाड़ी चालकों ने बताया कि वे किसी शादी समारोह से लौटकर अपने घर जा रहे थे। एसपी करीब दो घंटे तक दोनों थाना क्षेत्रों में मौजूद रहे। उनकी अचानक मौजूदगी की खबर से दोनों थाना क्षेत्रों में तैनात पुलिसकर्मियों में अफरा-तफरी का माहौल रहा।
फतेहपुर में खखरेरू पुलिस ने गुरुवार रात एक मुठभेड़ के दौरान 25,000 रुपये के इनामी और हिस्ट्रीशीटर अभियुक्त गुड्डू उर्फ सोहेल कुरैशी को गिरफ्तार किया है। मुठभेड़ में अभियुक्त के बाएं पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने नहर पटरी के पास घेराबंदी की यह मुठभेड़ खखरेरू थाना क्षेत्र के भीमपुर नहर पुलिया तिराहे से सड़वापार जाने वाली नहर पटरी पर करीब 50 मीटर दूर ग्राम भीमपुर में हुई। अभियुक्त गुड्डू उर्फ सोहेल कुरैशी, पुत्र मो. नवाब, निवासी बहलोलपुर ऐलई, थाना खागा, जनपद फतेहपुर, लगभग 25 वर्ष का है। वह मु0अ0सं0 77/2026 और मु0अ0सं0 61/2026 में वांछित था। 17 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं आरोपी पर पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त खागा थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ प्रदेश के विभिन्न जनपदों में 17 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस उसके अन्य आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटा रही है। अभियुक्त के कब्जे से एक अवैध तमंचा 315 बोर, एक जिंदा कारतूस 315 बोर, एक खोखा कारतूस 315 बोर, तमंचे की नाल में फंसा एक जिंदा कारतूस, दो बकरियां और 2,010 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। दो बकरी चोरी के मामलों में वांछित खखरेरू थाना प्रभारी विद्या प्रकाश ने बताया कि अभियुक्त दो बकरी चोरी के मामलों में वांछित था। पहला मामला बलेन्द्र कुमार पुत्र शिवभजन, निवासी मुबारकपुर गेरिया का है, जिनकी 16 अप्रैल 2026 की रात घर के बाहर से दो बकरियां चोरी हो गई थीं। खखरेरू पुलिस बोली- कार्रवाई जारी दूसरा मामला उग्रसेन लोधी पुत्र शिवबालक, निवासी हरदासपुर थोन का है। उन्होंने 27 मार्च 2026 को शाम करीब 6 बजे अपनी बकरियों को जंगल से चराकर लाते समय तालाब के पास एक चार पहिया वाहन से एक बकरा चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। खखरेरू पुलिस द्वारा इस संबंध में आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
चित्रकूट में गेहूं खरीद का निरीक्षण:नोडल अधिकारी ने किसानों को सुविधा के दिए निर्देश
उत्तर प्रदेश शासन के विशेष सचिव ग्रामीण विकास एवं चित्रकूट के नोडल अधिकारी जयनाथ यादव ने जिले के विभिन्न गेहूं क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने और किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो। निरीक्षण के दौरान नोडल अधिकारी ने राजापुर, पहाड़ी उत्तरी और कर्वी मंडी स्थित खाद्य विभाग, पीसीएफ तथा भारतीय खाद्य निगम के केंद्रों का दौरा किया। अधिकारियों ने बताया कि जिले में गेहूं खरीद का कुल लक्ष्य 17 हजार मीट्रिक टन निर्धारित है। इसके सापेक्ष अब तक 1,224 किसानों से 5,715 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। कुल 3,615 किसानों ने पंजीकरण कराया है। किसानों को अब तक 14.35 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। जिले में कुल 35 क्रय केंद्र संचालित हैं और खरीद का प्रतिशत 33 फीसदी तक पहुंच गया है। शासन द्वारा गेहूं खरीद की अंतिम तिथि 15 जून निर्धारित की गई है। नोडल अधिकारी ने निर्देश दिए कि क्रय केंद्रों से भारतीय खाद्य निगम तक गेहूं की डिलीवरी में तेजी लाई जाए। चकबंदी गांवों के किसानों का सत्यापन प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को केंद्रों पर अनावश्यक इंतजार न करना पड़े, इसके लिए टोकन व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए और खरीद प्रक्रिया को सुचारु किया जाए। साथ ही, केंद्रों पर सुरक्षित भंडारण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व चंद्रशेखर, एसडीएम सदर अजय यादव, जिला खाद्य विपणन अधिकारी अविनाश कुमार झा, मंडी सचिव और क्षेत्रीय विपणन अधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
ग्वालियर के बहुचर्चित जेसी मिल्स लिमिटेड विवाद में अब समाधान की उम्मीद तेज हो गई है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने साफ संकेत दिए हैं कि इस लंबे समय से लंबित मामले को अब और टाला नहीं जाएगा। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की एकल पीठ ने बुधवार को सुनवाई के दौरान स्पष्ट कहा कि अब इस मामले में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कोर्ट ने 13 मई को अंतिम बहस की तारीख तय करते हुए निर्देश दिया कि मुख्य याचिका के साथ सभी लंबित अंतरिम आवेदनों पर भी उसी दिन संयुक्त रूप से सुनवाई होगी। सुनवाई के दौरान अधिवक्ताओं ने आपसी सहमति से तारीख आगे बढ़ाने का आग्रह किया, लेकिन कोर्ट ने इस पर नाराजगी जताते हुए सख्त रुख अपनाया और स्पष्ट कर दिया कि अब मामला टलने नहीं दिया जाएगा। इस बीच, मजदूर कांग्रेस ने एक नया आवेदन पेश कर पूर्व में गठित कमेटी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि कमेटी ने श्रमिकों के दावों का सही मूल्यांकन नहीं किया और कई बकाया मामलों को अनदेखा कर दिया। फिलहाल करीब 7,844 मजदूरों के दावे लंबित बताए जा रहे हैं। दूसरी ओर, आधिकारिक परिसमापक ने इस आपत्ति का विरोध करते हुए कहा कि जब रिटायर्ड जिला जज एस.एस. त्रिवेदी की अध्यक्षता वाली कमेटी काम कर रही थी, तब किसी ने कोई आपत्ति नहीं जताई। अंतिम चरण में इस तरह के मुद्दे उठाना केवल प्रक्रिया को लंबा करने की कोशिश है। 1997 से लंबित है यह मामलासाल 1997 से लंबित यह विवाद ग्वालियर के औद्योगिक इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। इस मामले के चलते हजारों मजदूर परिवारों की कई पीढ़ियां आर्थिक संकट झेल चुकी हैं। ऐसे में हाईकोर्ट का सख्त रुख इस बात का संकेत है कि अब इस लंबे विवाद को जल्द ही अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचाया जा सकता है।
रामगढ़ जिले के भदानीनगर ओपी क्षेत्र अंतर्गत मतकमा चौक स्थित राजनंदनी मैरेज पैलेस एंड रेस्टोरेंट में एक सगाई समारोह के दौरान अचानक बड़ा हादसा हो गया। सेंट्रल सौंदा निवासी ममता कुमारी और चितरपुर रजरप्पा प्रोजेक्ट निवासी विशाल कुमार की सगाई धूमधाम से चल रही थी। परिजनों और रिश्तेदारों की मौजूदगी में पुरोहित द्वारा विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई जा चुकी थी। अंगूठी पहनाने की तैयारी हो रही थी। इसी बीच दुल्हन ममता को कपड़े बदलने के लिए परिजन कमरे में ले गए। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि अगले ही पल खुशियां मातम में बदल जाएंगी। समारोह में अफरातफरी मच जाएगी। निर्माणाधीन दीवार गिरी, मलबे में दबे लोग जैसे ही ममता अपने परिजनों के साथ कमरे में पहुंची, उसी समय बगल में स्थित राजघराना बिल्डिंग मटेरियल मॉल की निर्माणाधीन दीवार भरभराकर गिर गई। दीवार की ऊंचाई अधिक होने के कारण उसका मलबा एस्बेस्टस की छत को तोड़ते हुए सीधे कमरे में आ गिरा। अंदर मौजूद लोग मलबे में दब गए। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई। समारोह में शामिल लोग बचाव के लिए दौड़ पड़े। काफी मशक्कत के बाद परिजनों ने मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला। घायलों को तत्काल भुरकुंडा सीसीएल अस्पताल पहुंचाया। इस दुर्घटना में दुल्हन ममता कुमारी को सिर में गंभीर अंदरूनी चोट लगी। वहीं 2 वर्षीय कियांश और डेढ़ वर्षीय बच्ची फुचकी को भी गंभीर चोटें आईं। इसके अलावा करिश्मा कुमारी, आरती कुमारी, रानी कुमारी समेत कई अन्य लोग घायल हुए, जबकि बचाव के दौरान आर्यन का हाथ जख्मी हो गया। संचालक और स्टाफ फरार, मुआवजे पर बनी सहमति हादसे के तुरंत बाद मैरेज हॉल का संचालक और वहां मौजूद स्टाफ मौके से फरार हो गया, जिससे परिजनों का गुस्सा भड़क उठा। परिजनों ने आरोप लगाया कि मलबे में गिरे लोहे के एंगल में करंट दौड़ रहा था, लेकिन बिजली आपूर्ति बंद नहीं की गई। जिससे फंसे लोगों को करंट का झटका लगता रहा। सूचना मिलते ही पतरातू इंस्पेक्टर सत्येंद्र सिंह, भदानीनगर ओपी प्रभारी मो. अख्तर अली और एसआई सोमाय सोय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। परिजन लगातार संचालक को बुलाने और जिम्मेदारी तय करने की मांग करते रहे। करीब तीन घंटे बाद संचालक के पहुंचने पर घायल लोगों के इलाज और समारोह में हुए खर्च की भरपाई को लेकर सहमति बनी, जिसके बाद मामला शांत हुआ।
बिजनौर के फरीदपुर भोगी गांव में एक महिला द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। घटना के दो दिन बाद महिला के कमरे से सुसाइड नोट बरामद हुआ है। इसमें एक युवक पर उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने पति की तहरीर पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फरीदपुर भोगी निवासी रणवीर सिंह की पत्नी मोनिका देवी ने दो दिन पहले घर में फंदे से लटककर जान दे दी थी। घटना के बाद परिजनों ने मायके पक्ष को सूचना देकर शव का अंतिम संस्कार कर दिया था। बुधवार को परिजनों ने कमरे की तलाशी ली तो सुसाइड नोट मिला। नोट में मोनिका ने अपने पति और परिवार से माफी मांगते हुए लिखा कि एक युवक उसे लगातार परेशान कर रहा था। वह किसी को यह बात बता नहीं पा रही थी, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया। नोट में दो बार उत्पीड़न का जिक्र किया गया है। मायके में वीडियो कॉल कर रोई थी महिला आत्महत्या से पहले महिला ने अपने मायके में वीडियो कॉल भी की थी। उस दौरान वह रो रही थी, लेकिन परिजनों ने इसे सामान्य पति-पत्नी का विवाद समझकर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। बाद में महिला ने फंदा लगा लिया, जबकि उसकी दो बेटियां पास में चारपाई पर सो रही थीं। ‘डिजिटल अरेस्ट’ और पैसे की मांग की चर्चा गांव में यह भी चर्चा है कि महिला को किसी ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर रखा था और उसे धमकाकर पैसों की मांग की जा रही थी। साथ ही गांव के ही एक युवक द्वारा परेशान किए जाने की बात भी सामने आ रही है, जिससे महिला मानसिक तनाव में थी। पति ने दी तहरीर, पुलिस को दिए तीन नंबर महिला के पति रणवीर ने शहर कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने पुलिस को तीन मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराए हैं, जिनसे महिला के फोन पर लगातार कॉल आती थीं। बताया गया कि अंतिम संस्कार के दौरान भी एक युवक ने वीडियो कॉल की थी। एसपी बोले- साइबर एंगल की भी जांच एसपी अभिषेक झा ने बताया कि 28 अप्रैल की सुबह महिला की आत्महत्या की सूचना पुलिस को नहीं दी गई थी और परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया था। बाद में सुसाइड नोट मिलने की जानकारी हुई, जिसमें एक युवक द्वारा परेशान किए जाने का जिक्र है। परिजनों ने साइबर अपराध की आशंका भी जताई है। फिलहाल तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर जांच की जा रही है।
गाजियाबाद के नन्दग्राम थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात एक नई कार अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में चालक भी घायल हो गया। जिसके बाद नंदग्राम पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी ली। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और क्रेन की मदद से कार को सड़क से हटवाया। पुलिस ने बताया कि चालक नशे की हालत में था, जो सही नहीं बता पा रहा था। शराब पीकर चल रहा था कार पुलिस ने बताया कि श्मशान घाट के सामने मोहननगर से गाजियाबाद जाने वाले रोड पर एक नई वेगनआर कार ने ट्रक को ओवरटेक करते समय नियंत्रण खो दिया। इसके बाद कार 2 बार पलट गई। हादसे में कार सवार युवक मामूली रूप से घायल हुआ है। कार चला रहा युवक नशे में धुत बताया जा रहा है। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई है। नंदग्राम SHO का कहना है कि इस मामल ेमें कोई तहरीर नहीं आई है।
मावली क्षेत्र के पलाना कलां और भानसोल ग्रिड सब-स्टेशन (GSS) पर आवश्यक रखरखाव और मरम्मत कार्य के कारण गुरुवार को बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। विद्युत विभाग के अनुसार, यह कटौती सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक कुल 4 घंटे के लिए की जाएगी। जेईएन रितु यादव ने बताया कि इस मरम्मत कार्य के चलते संबंधित जीएसएस से जुड़े 10 गांवों की विद्युत सप्लाई प्रभावित होगी। यह कार्य सुचारु बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है। प्रभावित होने वाले मुख्य गांवों में पलाना कलां, पलाना खुर्द, सिंधु, महूड़ा, प्रकाशपुरा, मण्डप, झरना, कमलेश पोलिकेम, भानसोल रेड शेड और भानसोल गडवाड़ा शामिल हैं। विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे बिजली कटौती के समय को ध्यान में रखते हुए अपने आवश्यक कार्य सुबह 8 बजे से पहले ही निपटा लें। विभाग ने इस दौरान उपभोक्ताओं से सहयोग की अपेक्षा की है ताकि मरम्मत कार्य समय पर पूरा किया जा सके।
मुरादाबाद के कांठ थाना क्षेत्र में एक किसान पर तेंदुए के हमले के बाद वन विभाग ने बुधवार को रायपुर खुर्द गांव के जंगल में सर्च अभियान चलाया। इस दौरान कई खेतों में तेंदुए के पंजों के निशान मिले हैं। विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है। डिप्टी वन रेंजर पुष्पेंद्र सिंह और वन दरोगा राजेंद्र सिंह के नेतृत्व में एक टीम ने रायपुर खुर्द के जंगल में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान भी कई खेतों में तेंदुए के पंजों के निशान पाए गए। वन अधिकारियों ने ग्रामीणों और किसानों को अकेले या बच्चों के साथ खेतों में न जाने की सलाह दी है। तेंदुए की मौजूदगी से रायपुर खुर्द सहित डुडैला, महमूदपुर भगवानदास, पहाड़मऊ, मिलक, दुम्हैला खालसा, मुख्त्यारपुर नवादा, सिरसा, ठाट और खतापुर जैसे कई गांवों के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। यह घटना मंगलवार सुबह की है, जब रायपुर खुर्द निवासी किसान कपिल देव सिंह अपने खेत में गन्ने का बीज काट रहे थे। इसी दौरान तेंदुए ने उन पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। ग्रामीणों ने खेत को घेर लिया था, लेकिन तेंदुआ भाग निकला। मौके पर तेंदुए के तीन शावक मिले थे, जिन्हें वन विभाग के अधिकारियों ने खेत में ही सुरक्षित रखवाया था। कांठ के डिप्टी वन रेंजर पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि रायपुर खुर्द गांव में तेंदुए की तलाश जारी है और उसके पंजों के निशान मिले हैं। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि खेत में मिले तीनों शावकों को मादा तेंदुआ कहीं और ले गई है। विभाग ने पिंजरा लगवाने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा है और अनुमति मिलने पर इसे स्थापित किया जाएगा। उन्होंने क्षेत्र के लोगों से सतर्क रहने और तेंदुआ या उसके शावक दिखने पर तत्काल सूचना देने की अपील की है।
छिंदवाड़ा: जिले में जनगणना 2027 के पहले चरण की शुरुआत 1 मई से होने जा रही है। इस चरण में मकानों की गणना और हाउस लिस्टिंग का काम 30 मई 2026 तक किया जाएगा। इसके लिए जिले में 2925 प्रगणक और 498 सुपरवाइजर्स तैनात किए गए हैं, जो घर-घर जाकर निर्धारित 34 प्रश्नों के आधार पर जानकारी जुटाएंगे। इससे पहले 16 से 30 अप्रैल तक स्व-गणना (Self Enumeration) का काम चला, जिसमें अब तक जिले के करीब 22 हजार नागरिक अपनी जानकारी दर्ज करा चुके हैं। इस प्रदर्शन के साथ छिंदवाड़ा जिला प्रदेश के टॉप-5 में शामिल हो गया है। कलेक्टर ने की तैयारियों की समीक्षा कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी हरेंद्र नारायण ने कलेक्टर कार्यालय में बैठक लेकर तैयारियों का जायजा लिया। बैठक में सभी एसडीएम, चार्ज अधिकारी और जनगणना से जुड़े अधिकारी शामिल हुए। फील्ड के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिला और चार्ज स्तर पर कंट्रोल रूम तुरंत सक्रिय किए जाएं और प्रगणकों को सभी जरूरी संपर्क नंबर उपलब्ध कराए जाएं। प्रगणकों को दी गई विशेष किट जनगणना कार्य में लगे कर्मचारियों को किट वितरित की जा रही है, जिसमें कैप, पानी की बोतल और अन्य जरूरी सामग्री शामिल है। गर्मी को देखते हुए फर्स्ट एड किट और इलेक्ट्रॉल साथ रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कंट्रोल रूम के पास एम्बुलेंस तैनात रखने को भी कहा गया है। फ्रॉड से सावधान रहने की अपील प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि जनगणना के नाम पर किसी भी तरह के फ्रॉड से सतर्क रहें। जनगणना के दौरान न तो ओटीपी मांगा जाएगा और न ही कोई दस्तावेज। अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति जानकारी मांगता है तो उसकी पहचान जरूर जांचें। सभी अधिकृत प्रगणकों के पास क्यूआर कोड युक्त वैध आईडी होगी, जिसे स्कैन कर सत्यापन किया जा सकता है। लोगों से सहयोग की अपील प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि जब प्रगणक घर पहुंचे तो उन्हें सहयोग करें और पूछे गए सभी 34 सवालों के सही जवाब दें, ताकि जनगणना का कार्य सुचारु रूप से पूरा हो सके।
एटा में किशोरी से छेड़छाड़ का विरोध करने पर उसके परिजनों को लाठी-डंडों से पीटा गया। इस घटना में एक ही पक्ष के छह लोग घायल हो गए। पुलिस ने घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है। पीड़ितों के अनुसार, बुधवार शाम पंद्रह साल की किशोरी खेतों की ओर शौच के लिए जा रही थी, तभी गांव के कुछ लड़कों ने उसके साथ छेड़छाड़ की और फब्तियां कसीं। किशोरी ने घर लौटकर अपने परिजनों को पूरी बात बताई। घटना रिजोर थाना क्षेत्र की है। परिजनों ने इसकी शिकायत रिजोर थाना पुलिस से की। जब परिजन शिकायत कर गांव लौटे ही थे, तभी लाठी-डंडों से लैस आरोपी पक्ष के करीब डेढ़ दर्जन लोगों ने उन पर हमला कर दिया। इस मारपीट में एक ही पक्ष के छह लोग घायल हुए। मारपीट में घायल हुए लोगों में फरीदपुर (पुत्र रत्ना, 21 वर्ष), रहीस (पुत्र फत्ते खान, 35 वर्ष), जाहिद (पुत्र रहीश, 18 वर्ष), चंदो (पत्नी रत्ना, 40 वर्ष), साहिल (पुत्र टेनी, 17 वर्ष) और रोहित (पुत्र टेनी, 18 वर्ष) शामिल हैं। गांव के चुलैया, कलामुद्दीन, इंसाफ, आसीन और ज़शान मुहम्मद पर किशोरी से छेड़छाड़ का आरोप है। घायलों ने साजुद्दीन (पुत्र मुखिया), शफी मुहम्मद, जैनुद्दीन और आस मुहम्मद सहित पंद्रह लोगों पर लाठी-डंडों से पीटने का आरोप लगाया है। पीड़ित पक्ष के मदनमोहन (काल्पनिक नाम) ने बताया, मेरी बेटी खेत में शौच के लिए गई थी, तभी गांव के लड़कों ने छेड़छाड़ कर दी। हम लोग थाने शिकायत करने गए थे और वापस लौट रहे थे। तभी बीस से पच्चीस लोगों ने लाठी-डंडों से पीटना शुरू कर दिया। हम पांच-छह लोग ही थे और सभी को चोटें आई हैं। मामले पर थाना प्रभारी प्रदीप कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रकरण संज्ञान में है। घायलों का मेडिकल परीक्षण करवाया गया है और आरोपियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। सामने आए वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि किस तरह दबंग लाठी-डंडों से लोगों को पीट-पीटकर अधमरा कर रहे हैं। पुलिस इस वीडियो की भी जांच कर रही है।
मिर्जापुर के हलिया थाना क्षेत्र के नदना गांव निवासी 21 वर्षीय शीतला प्रसाद पर मध्य प्रदेश के खमारडीह गांव में एक बारात के दौरान हमला किया गया। यह घटना बुधवार रात डीजे पर गाना बजाने को लेकर हुए विवाद के बाद हुई। हमले में युवक का सिर फट गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके बाद उसे मिर्जापुर ट्रामा सेंटर रेफर किया गया। बारातियों ने सिर पर चूल्हे से मारा जानकारी के मुताबिक, शीतला प्रसाद बारात में शामिल होने के लिए खमारडीह, मध्य प्रदेश गए थे। डीजे पर गाना बजाने को लेकर बारातियों से उनकी कहासुनी हो गई। आरोप है कि बारातियों ने शीतला प्रसाद को डीजे ऑपरेटर समझ लिया और उनके सिर पर चूल्हे से वार कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल को मिर्जापुर हायर सेंटर भेजा घायल युवक को उसके परिजनों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हलिया में भर्ती कराया। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे मिर्जापुर के हायर सेंटर रेफर कर दिया। युवक के सिर में गहरी चोट लगी है और उसका उपचार जारी है। लालगंज के सीओ अमर बहादुर ने बताया कि पुलिस मामले की जानकारी जुटा रही है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
गुरुग्राम नगर निगम में सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पदों के लिए बहुप्रतीक्षित चुनाव आज होने जा रहा है। सवा साल के लंबे इंतजार के बाद हो रहे इस चुनाव को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश के बाद निगम आयुक्त ने इस संबंध में आधिकारिक नोटिस जारी किया था। चुनावी प्रक्रिया सुबह 11 बजे हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान (हिपा) के कॉन्फ्रेंस हॉल में शुरू होगी। बैठक की अध्यक्षता मेयर राजरानी मल्होत्रा करेगी। चुनाव में नगर निगम के 36 निर्वाचित पार्षद अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। 'राव बनाम राव' की रोचक जंग हालांकि भाजपा के पास 36 में से 24 पार्षदों के साथ स्पष्ट बहुमत है, लेकिन असली मुकाबला पार्टी के भीतर दो दिग्गज गुटों के बीच माना जा रहा है। एक ओर केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह का खेमा है, तो दूसरी ओर हरियाणा के कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह के समर्थक हैं। दोनों ही नेता अपने-अपने चहेते पार्षदों को इन महत्वपूर्ण पदों पर काबिज देखना चाहते हैं। इसलिए महत्वपूर्ण यह चुनाव अटका हुआ विकास: इन पदों के खाली होने से फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट कमेटी (FCC) जैसी महत्वपूर्ण समितियां सही से काम नहीं कर पा रही हैं जिससे शहर के कई बड़े प्रोजेक्ट्स लटके हुए थे। राजनीतिक दबदबा: यह चुनाव दक्षिण हरियाणा की राजनीति में वर्चस्व की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम प्रशासन ने चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि यदि सर्वसम्मति नहीं बनी, तो गुप्त मतदान (बैलेट पेपर) के जरिए विजेता का फैसला होगा। आज दोपहर बाद तक साफ हो जाएगा कि गुरुग्राम के इन दो अहम पदों का ताज किसके सिर सजेगा।
भीलवाड़ा शहर में इलेक्ट्रिसिटी मेंटेनेंस वर्क के चलते अलग-अलग क्षेत्रों में 2 से साढ़े चार घंटे तक बिजली सप्लाई बंद रहेगी। एवीएनएल के सहायक अभियंता के अनुसार 11 केवी के विभिन्न फीडरों पर सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक अलग-अलग समय पर पावर कट रहेगा। विभाग ने उपभोक्ताओं को पहले से तैयारी करने की सलाह दी है ताकि काम प्रभावित न हो। इन क्षेत्रों में सुबह 8 से 9:30 बजे तक कट 11 केवी टेलीफोन एक्सचेंज फीडर से जुड़े पुलिस लाइन एरिया, संतोषी माता मंदिर, संतोष कॉलोनी और तिवारी भवन के आसपास बिजली बंद रहेगी। इसी समय 11 केवी इंडस्ट्री फीडर से जुड़े लेबर कॉलोनी, जवाहर नगर, पार्सल चौराहा, सब्जी मंडी, पुलिस चौकी, शनि देव मंदिर और चारभुजा मंदिर क्षेत्र भी प्रभावित रहेंगे। सुबह 8 से 12 बजे तक इन इलाकों में असर 11 केवी सिटी फर्स्ट फीडर से जुड़े आजादनगर ए, बी और सी सेक्टर, एलआईसी कार्यालय, एमएलवी कॉलेज और स्टाफ कॉलोनी, पांसल चौराहा, एकता कॉलोनी और कुम्भा सर्किल में सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक बिजली सप्लाई बंद रहेगी। सुबह 7:30 से दोपहर 12 बजे तक कट आरसी व्यास क्षेत्र में 11 केवी कम्युनिटी हॉल फीडर से जुड़े इलाकों में सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक बिजली बंद रहेगी। विभाग ने दी पहले से तैयारी की सलाह विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने जरूरी काम पावर कट से पहले निपटा लें, ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
उदयपुर की मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी को अगले महीने में अपना नया स्थाई कुलपति मिल सकता है। राजभवन में इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब केवल नाम की घोषणा बाकी है। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने सर्च कमेटी की ओर से तय किए गए पांच नामों का इंटरव्यू लिया है। इस दौड़ में सबसे मजबूत दावेदार के रूप में प्रोफेसर एस.एस. सारंगदेवोत का नाम सामने आ रहा है। यूनिवर्सिटी के गलियारों में चर्चा है कि राजस्थान विद्यापीठ के कुलपति प्रोफेसर एस.एस. सारंगदेवोत फिलहाल इस रेस में सबसे आगे चल रहे हैं। उनके पास प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्यों का लंबा अनुभव है, जो उनके पक्ष में जा सकता है। उनके अलावा प्रोफेसर अल्पना कटेजा और प्रोफेसर कैलाश डांगा के नामों पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है। प्रोफेसर अल्पना फिलहाल राजस्थान यूनिवर्सिटी, जयपुर की कुलपति हैं, वहीं प्रोफेसर डांगा जोधपुर के जेएनवीयू में रसायन विभाग के सीनियर प्रोफेसर रह चुके हैं। बाहरी पैनल को प्राथमिकता का चलन खास बात यह है कि सर्च कमेटी की लिस्ट में शामिल दो नाम प्रोफेसर सीमा मलिक और डॉक्टर आनंद पालीवाल स्थानीय हैं। सीमा मलिक सुखाड़िया यूनिवर्सिटी के अंग्रेजी विभाग की पूर्व अध्यक्ष और रिटायर्ड प्रोफेसर हैं, जबकि आनंद पालीवाल यूनिवर्सिटी के लॉ कॉलेज में वर्तमान में डीन के पद पर कार्यरत हैं। माना जा रहा है कि स्थानीय होने के कारण इनकी संभावना थोड़ी कम हो सकती है, क्योंकि अक्सर बाहरी पैनल को प्राथमिकता देने का चलन रहा है। 6 महीने से कार्यकारी कुलपति के भरोसे चल रहा काम सुखाड़िया यूनिवर्सिटी पिछले करीब 6 महीने से स्थाई कुलपति के बिना है। वर्तमान में कोटा यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर बी.पी. सारस्वत के पास यहां का अतिरिक्त प्रभार है। वे कोटा में व्यस्त रहने के कारण यहां पूरा समय नहीं दे पा रहे हैं, जिससे यूनिवर्सिटी के कई जरूरी काम अटके हुए हैं। ऐसे में नए कुलपति की नियुक्ति छात्र हित और यूनिवर्सिटी के विकास के लिए काफी अहम मानी जा रही है। हालांकि यूनिवर्सिटी के वीसी के रूप में बी.पी. सारस्वत के नाम की भी चर्चा है। सर्च कमेटी ने 500 आवेदनों में से चुने थे ये नाम राजभवन की ओर से बनाई गई 4 सदस्यीय सर्च कमेटी ने करीब 500 आवेदन मिलने के बाद काफी मंथन किया था। इस कमेटी में कोटा यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति प्रोफेसर कैलाश सोडाणी, डॉ. बीओयू अहमदाबाद के कुलपति प्रोफेसर अम्मी उपाध्याय, जेएनवीयू के कुलपति प्रोफेसर पवन कुमार शर्मा और वेटरनरी यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर त्रिभुवन शर्मा शामिल थे। इस कमेटी ने ही 12 अप्रैल को राज्यपाल को पांच नामों का पैनल सौंपा था, जिनके इंटरव्यू अब जयपुर स्थित लोकभवन में पूरे हो चुके हैं। राज्यपाल ने सर्च कमेटी की लिस्ट के अलावा भी कुछ संभावित नामों पर चर्चा की है, जिससे यह मुकाबला और भी रोचक हो गया है।
रणथम्भौर टाइगर रिजर्व में वन एवं वन्यजीव सुरक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से कर्मचारियों की एक तबादला सूची जारी की गई है। में बदलाव किया गया है। इसे लेकर रणथंभौर टाइगर रिजर्व फर्स्ट के डीएफओ मानस सिंह ने एक आदेश जारी किया गया है। यह वनकर्मी हुए इधर से उधर डीएफओ सिंह की ओर से जारी आदेश के अनुसार सहायक वनपाल मुकेश कुमार गुर्जर को लकड़दा नाका (रेंज कुण्डेरा) से ट्रांसफर कर नाका गुढ़ा के अधीन मानसरोवर चौकी (रेंज सवाई माधोपुर) लगाया गया है। इसी तरह सहायक वनपाल प्रकाश चंद जाट को नाका बोदल (रेंज फलौदी) से नाका कालीभाट (रेंज फलौदी) में ट्रांसफर किया गया है। वहीं वनरक्षक अमित चौधरी को मानसरोवर चौकी (रेंज सवाई माधोपुर) से नाका बोदल (रेंज फलौदी) भेजा गया है। वनरक्षक काली मीना को अमरेश्वर चौकी (रेंज सवाई माधोपुर) से सिंहद्वार चौकी (बीट रण संख्या-4) में लगाया गया है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में रणथंभौर टाइगर चैकिंग के लिए भी एक टीम का गठन किया गया था। इसे लेकर वन विभाग ने आदेश जारी किया है।
बरेली में टेम्प्रेचर 32°C:तेज हवा चलने से गर्मी कम महसूस हो रही, आज बारिश के आसार
बरेली में पूरे अप्रैल भर झुलसाने वाली गर्मी के बाद महीने के आखिरी दिन मौसम ने करवट ले ली। सुबह हल्की धूप के साथ ठंडी हवाएं चलती रहीं, जिससे लोगों को राहत महसूस हुई। अधिकतम तापमान गिरकर करीब 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो पिछले कई दिनों के मुकाबले काफी कम है। मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। यानी दिन में कभी भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। एक दिन पहले भी सुबह बूंदाबांदी हुई थी, जिसके बाद पूरे दिन बादल और ठंडी हवाओं ने मौसम को सुहाना बना दिया था। आज भी कुछ ऐसा ही ट्रेंड रहने की संभावना जताई गई है। 40 पार से सीधे 32 पर आया पाराबरेली में पिछले कई दिनों से तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के पार जा रहा था। कई दिन तो पारा 43 डिग्री तक पहुंच गया था, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया था। लेकिन अब अचानक आई गिरावट ने लोगों को बड़ी राहत दी है। बाजारों और सड़कों पर भी अब लोगों की आवाजाही बढ़ती नजर आ रही है। पूरा अप्रैल बना ‘हीट वेव’ का महीनाइस बार अप्रैल महीने में भीषण गर्मी ने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। हालात ऐसे हो गए थे कि बैसाख में ही जेठ जैसी तपिश महसूस होने लगी थी। दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा छा जाता था और लोग घरों में कैद रहने को मजबूर थे। पंखे और कूलर भी बेअसर साबित हो रहे थे। पिछले 10 साल में ऐसा रहा अप्रैल का हालअगर पिछले एक दशक के अप्रैल महीने पर नजर डालें तो इस बार की गर्मी सबसे ज्यादा खतरनाक मानी जा रही है।2016 और 2019 में तापमान 41 डिग्री के आसपास पहुंचा था2017 और 2018 में अधिकतम तापमान 39-40 डिग्री के बीच रहा2020 में लॉकडाउन के दौरान तापमान थोड़ा नियंत्रित रहा और 38 डिग्री तक ही सीमित रहा2021 और 2022 में पारा 40-41 डिग्री तक गया2023 में भीषण गर्मी दर्ज हुई और तापमान 42 डिग्री तक पहुंचा2024 और 2025 में गर्मी ने नया ट्रेंड सेट किया, जहां कई दिनों तक पारा 42-43 डिग्री के बीच बना रहाऔर 2026 में अप्रैल ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए 43 डिग्री के पार तक दस्तक दी आगे और बढ़ेगी गर्मी, दो जेठ का असरमौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार गर्मी अभी और सताएगी। खास बात यह है कि इस साल दो जेठ के महीने पड़ रहे हैं, जिससे हीट वेव की अवधि लंबी हो सकती है। ऐसे में मई और जून में और ज्यादा गर्मी पड़ने के संकेत मिल रहे हैं। सतर्क रहने की जरूरतहालांकि फिलहाल मौसम ने थोड़ी राहत दी है, लेकिन यह राहत ज्यादा दिनों तक टिकेगी नहीं। ऐसे में लोगों को सलाह दी जा रही है कि गर्मी से बचाव के उपाय जारी रखें, पानी ज्यादा पिएं और दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज गुरुवार को पाली जिले रोहट क्षेत्र के नया चेण्डा गांव के दौरे पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रमानुसार मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा हेलीकॉप्टर से सुबह 11.05 बजे उदयपुर एयरपोर्ट से रवाना होकर सुबह करीब 11.50 बजेनया चेण्डा रोहट हेलीपेड पहुंचेंगे। वे हेलीपेड से रवाना होकर 12 बजे श्री राजेश्वर भगवान आंजणी माता धाम पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री शर्मा दोपहर 12 बजे से एक बजे तक नवनिर्मित कन्या कॉलेज भवन का लोकार्पण एवं कन्या गुरुकुल का 10वां स्थापना दिवस समारोह में भाग लेंगे। दोपहर 01.10 बजे हेलीकॉप्टर से नया चेण्डा हेलीपेड से उदयपुर एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे। जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट डॉक्टर रविन्द्र गोस्वामी ने एक आदेश जारी किया। जिसके तहत कार्यक्रम स्थल के आस-पास के क्षेत्र में 10 किलोमीटर के एरिया में ड्रोन उड़ाने पर 01 मई तक पाबंदी रहेगी। सुरक्षा को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
भोपाल के रवीन्द्र भवन स्थित हंसध्वनि सभागृह में आज कृषि कर्मयोगी उन्नमुखीकरण प्रशिक्षण एवं कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है । इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल होंगे। सीएम आज मुख्यमंत्री किसान कल्याण डैश बोर्ड, CM किसान हेल्प लाईन और पैक्स सदस्यता वृद्धि अभियान का शुभारंभ करेंगे । मुख्यमंत्री के साथ किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री ऐदल सिंह कंषाना, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्य मंत्री लखन पटेल और मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास मंत्री नारायण सिंह पवार व संबंधित विभागों के प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहेंगे। अलग-अलग सत्रों को ये वक्ता संबोधित करेंगे
छतरपुर में शादी के नाम पर ठगी का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र की दुर्गा कॉलोनी में रहने वाले एक परिवार को कथित “लुटेरी दुल्हन” ने बड़ा झटका दिया। शादी के महज दो दिन बाद ही दुल्हन गहने और कीमती सामान लेकर फरार हो गई, जबकि शादी तय कराने वाला बिचौलिया भी गायब है। 24 अप्रैल को हुई थी शादी, जटाशंकर धाम में रचाया गया विवाह पीड़ित मनोज अहिरवार (मूल निवासी ग्राम सैला) की शादी 24 अप्रैल 2026 को जटाशंकर धाम में आकांक्षा नाम की युवती से हुई थी। यह रिश्ता पड़ोस में रहने वाले विक्की सेन नाम के बिचौलिये ने करीब 1.5 लाख रुपए लेकर तय कराया था। शादी के बाद परिवार खुशी-खुशी गांव सैला पहुंचा, जहां परंपरागत रस्में निभाई जा रही थीं। साड़ी खरीदने के बहाने बाजार गई और हो गई फरार 26 अप्रैल को दुल्हन ने साड़ी खरीदने की बात कही। इसके बाद मनोज, बिचौलिया विक्की सेन और एक अन्य युवक आकाश प्रजापति उसे महाराजपुर बाजार लेकर गए। बाजार की भीड़ का फायदा उठाकर दुल्हन गहने और कीमती सामान समेटकर वहां से फरार हो गई। हैरानी की बात यह रही कि कुछ ही देर में बिचौलिया विक्की और उसका साथी आकाश भी गायब हो गए। फोन पर धमकी, लौटाने से किया इनकार घटना के बाद जब मनोज ने बिचौलिये को फोन किया, तो उसने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। आरोप है कि विक्की सेन ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी। इस पूरे घटनाक्रम के बाद पीड़ित परिवार सदमे में है। घर गिरवी रखकर की थी शादी मनोज के पिता अच्छेलाल अहिरवार ने बताया कि उन्होंने बेटे की शादी के लिए घर गिरवी रखकर पैसे जुटाए थे। “हमें क्या पता था कि हमारे साथ इतना बड़ा धोखा हो जाएगा। अब न पैसा बचा है और न ही बहू,” उन्होंने कहा। पुलिस में शिकायत, कार्रवाई की मांग पीड़ित परिवार ने सिविल लाइन थाने में आवेदन देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही लूटे गए जेवरात और पैसे वापस दिलाने की गुहार लगाई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
300 बार फर्जी कॉल करके डॉयल-112 को किया परेशान:बाराबंकी पुलिस ने युवक पर दूसरी बार केस दर्ज किया
बाराबंकी में पीआरवी (112) पर बार-बार झूठी सूचनाएं देकर पुलिस को परेशान करने के मामले में एक युवक के खिलाफ दूसरा मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी ने इस बार हद पार करते हुए करीब 300 फर्जी कॉल कर डाले। पुलिस ने जांच के बाद उसके खिलाफ फिर से कार्रवाई शुरू की है। दरियाबाद थाने में तैनात दारोगा अतर सिंह की तहरीर पर तारापुर निवासी ललित मोहन पांडेय के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि नवंबर माह में आरोपी ने महज पांच दिनों के भीतर 13 बार पीआरवी को फोन किया। हर बार टीम मौके पर पहुंची, लेकिन आरोपी न तो मौके पर मिला और न ही फोन उठाया। 112 मुख्यालय से रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच की। जांच में सामने आया कि आरोपी अब तक 300 से अधिक बार फर्जी कॉल कर चुका है। इसके बाद उसके खिलाफ दूसरा मुकदमा दर्ज किया गया। इससे पहले जुलाई माह में भी दारोगा सुधीर तिवारी ने ललित मोहन पांडेय के खिलाफ झूठी सूचना देने का केस दर्ज कराया था। उस मामले में पुलिस चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर चुकी है। कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि आरोपी पीआरवी के साथ-साथ सीयूजी नंबर पर भी बार-बार कॉल कर पुलिस को परेशान करता था। फिलहाल नए मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
छत्तीसगढ़ बोर्ड 10वीं-12वीं के नतीजों में लड़कियों ने बाजी मारी है। 12वीं बोर्ड में कुल 83.04% स्टूडेंट्स पास हुए हैं। टॉप 10 मेरिट लिस्ट में 43 स्टूडेंट्स के नाम हैं। इसमें 33 लड़कियां हैं। बलौदाबाजार जिले के पलारी स्थित सरस्वती शिशु मंदिर के छात्र जिज्ञासु वर्मा ने टॉप किया है। जिज्ञासु ने 98.60 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। 10वीं में 77.15% स्टूडेंट्स पास हुए हैं। 42 स्टूडेंट्स मेरिट में आए हैं, इनमें 26 लड़कियां शामिल हैं। टॉप 3 में महासमुंद जिले की 2 लड़कियों ने 99% के साथ टॉप किया है। इनमें एकलव्य इंग्लिश स्कूल अर्जुंदा की संध्या नायक और एकलव्य स्कूल बलौदा की परीरानी प्रधान शामिल है। तीसरे नंबर पर मुंगेली के अंशुल शर्मा है, इन्होंने भी 99% लाया है। साय सरकार ने टॉपर्स को 1.5 लाख देने का ऐलान किया है। टॉपर जिज्ञासु वर्मा ने दैनिक भास्कर को बताया कि आगे इंजीनियर बनना चाहते हैं। उनके पिता किराना दुकान चलाते हैं। 8वीं रैंक लाने वाली हिमशिखा गुप्ता ने कहा कि स्कूल के अलावा यूट्यूब और चैट जीपीटी से पढ़ाई की है। 12वीं में ओमनी को 98.20% मार्क्स मिले 12वीं बोर्ड में बेमेतरा जिले के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम स्कूल की छात्रा ओमनी वर्मा ने 98.20% अंकों के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। तीसरे स्थान पर रायगढ़ जिले के गवर्नमेंट बॉयज हायर सेकेंडरी स्कूल छाल के छात्र कृष महंत रहे, जिन्होंने 97.80 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। 10वीं की टॉपर संध्या डिप्टी कलेक्टर बनना चाहती हैं 10वीं बोर्ड की टॉपर संध्या किसान परिवार से आती हैं, रिजल्ट जारी होने के बाद उन्होंने भविष्य में डिप्टी कलेक्टर बनने की बात कही। अंशुल के पिता इंश्योरेंस एडवाइजर, उन्होंने 11th में मैथ्स लेकर JE की तैयारी करने की बात कही। परीरानी प्रधान ने डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करने की इच्छा जताई। लड़कियों का दबदबा कायम 12वीं परीक्षा में लड़कियों ने एक बार फिर बेहतर प्रदर्शन करते हुए 86.04 प्रतिशत रिजल्ट हासिल किया, जबकि लड़कों का परिणाम 78.86 प्रतिशत रहा। करीब 2.44 लाख विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे, जिनमें से लगभग 2.02 लाख छात्र-छात्राएं पास हुए। 10वीं बोर्ड परीक्षा में करीब 3 लाख 21 हजार स्टूडेंट्स ने एग्जाम दिया था, इनमें 77.15% स्टूडेंट्स पास हुए हैं। 42 स्टूडेंट्स मेरिट में आए हैं, इनमें 26 लड़कियां शामिल हैं। राज्य सरकार ने टॉपर्स को डेढ़ लाख देने का ऐलान किया है। …………………….. 10वीं 12वीं रिजल्ट से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… छत्तीसगढ़ बोर्ड 12th रिजल्ट, लड़कियों ने फिर मारी बाजी: जिज्ञासु ने किया टॉप, पिता की किराना दुकान, टॉपर बोली- पढ़ाई में AI की ली मदद छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) की 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 के नतीजे जारी हो गए हैं। कुल 83.04% स्टूडेंट्स पास हुए हैं। टॉप 10 मेरिट लिस्ट में 43 स्टूडेंट्स के नाम हैं। इसमें 33 लड़कियां हैं। बलौदाबाजार जिले के पलारी स्थित सरस्वती शिशु मंदिर के छात्र जिज्ञासु वर्मा ने टॉप किया है। जिज्ञासु ने 98.60 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। पढ़ें पूरी खबर छत्तीसगढ़ 10th बोर्ड रिजल्ट, टॉप 10 में 26 लड़कियां:टॉपर्स को मिलेंगे डेढ़ लाख, महासमुंद की संध्या-परीरानी, मुंगेली के अंशुल शर्मा को 99% मिले छत्तीसगढ़ 10वीं बोर्ड का रिजल्ट जारी कर दिया गया है। टॉप 3 में महासमुंद जिले की 2 लड़कियों ने 99% के साथ टॉप किया है। इनमें एकलव्य इंग्लिश स्कूल अर्जुंदा की संध्या नायक और एकलव्य स्कूल बलौदा की परीरानी प्रधान शामिल है। तीसरे नंबर पर मुंगेली के अंशुल शर्मा है, इन्होंने भी 99% लाया है। पढ़ें पूरी खबर
प्रतापगढ़ में सड़क हादसा, राजमिस्त्री की मौत:ट्रैक्टर ने बाइक सवार को टक्कर मारी, चालक फरार
प्रतापगढ़ में एक सड़क हादसे में 55 वर्षीय राजमिस्त्री की मौत हो गई। यह घटना नवाबगंज थाना क्षेत्र के रामनगर बाजार के पास बुधवार देर शाम हुई, जब एक ट्रैक्टर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। मृतक की पहचान रायबरेली जिले के माधोपुर सुल्तानपुर गांव निवासी राजाराम प्रजापति के रूप में हुई है। वह अपनी पत्नी अनीता देवी के साथ कुंडा तहसील के कंदई गांव में एक रिश्तेदारी में आयोजित बधाई कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। जानकारी के अनुसार, बुधवार रात करीब 8 बजे रामनगर बाजार के पास सड़क किनारे खड़े एक ट्रैक्टर को चालक ने अचानक पीछे किया। इसी दौरान राजाराम की बाइक ट्रैक्टर से टकरा गई। हादसे में राजाराम प्रजापति को सीने और सिर में गंभीर चोटें आईं। उनकी पत्नी अनीता देवी इस दुर्घटना में बाल-बाल बच गईं। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायल राजाराम को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कालाकांकर ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पत्नी अनीता देवी ने बताया कि हादसे के वक्त उनके पति ने हेलमेट पहना हुआ था, लेकिन टक्कर इतनी भीषण थी कि उन्हें जानलेवा चोटें आईं। हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फरार ट्रैक्टर चालक की तलाश जारी है।
बदायूं में बुद्ध पूर्णिमा पर्व पर कछला गंगा घाट पर लाखों श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है। गंगास्नान के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। श्रद्धालुओं का आगमन आज रात से ही शुरू होने की उम्मीद है। परंपरा के अनुसार, भक्त रात्रि में गंगा तट पर पूजा-अर्चना करेंगे और प्रातःकाल स्नान, कथा-श्रवण तथा दान-पुण्य करेंगे। घाट क्षेत्र में भंडारों का भी आयोजन किया जाएगा। पर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी (डीएम) अवनीश कुमार राय और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अंकिता शर्मा ने कछला गंगा घाट का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उनके साथ एएसपी सिटी अभिषेक कुमार सिंह भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान, डीएम और एसएसपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा, घाट पर निरंतर निगरानी, भीड़ नियंत्रण और स्नान के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोकने पर जोर दिया। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं के सुरक्षित आवागमन, सुव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था और यातायात संचालन को लेकर भी निर्देश दिए। घाट क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, बैरिकेडिंग, उचित प्रकाश व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय रखने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रहेगी, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से गंगास्नान कर सकें। निरीक्षण के दौरान, एडीएम (ई) अरुण कुमार, एसडीएम सदर मोहित कुमार, क्षेत्राधिकारी उझानी सुनील कुमार सिंह और थाना प्रभारी उझानी प्रवीण कुमार सहित कई अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
मुजफ्फरनगर जनपद के बेहड़ा अस्सा गांव के ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने गांव को सीधी बस सेवा से जोड़ने की दिशा में अहम कदम उठाते हुए बेहड़ा अस्सा से मां शाकुंभरी धाम तक रोडवेज बस संचालन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक की ओर से इस प्रस्ताव पर मुहर लगने के बाद अब बस सेवा शुरू होने का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। जानकारी के अनुसार, इस नई बस सेवा के मई माह के पहले सप्ताह से शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, अभी किराया निर्धारण और स्टॉपेज को लेकर अंतिम निर्णय होना बाकी है। बताया जा रहा है कि एक-दो दिन में लखनऊ मुख्यालय से इस संबंध में अंतिम स्वीकृति मिल सकती है, जिसके बाद बस संचालन की आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी। प्रस्तावित रूट के अनुसार, बस सुबह बेहड़ा अस्सा गांव से रवाना होगी और पहला स्टॉप सिखेड़ा गांव में रहेगा। इसके बाद बस पानीपत-खटीमा राष्ट्रीय राजमार्ग से होते हुए मुजफ्फरनगर रोडवेज बस स्टैंड पहुंचेगी। वहां से आगे बढ़ते हुए यह बस देवबंद और सहारनपुर होते हुए मां शाकुंभरी धाम तक जाएगी। वापसी में भी बस इसी रूट का पालन करेगी। यह बस सेवा रोजाना संचालित होगी, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में बड़ी सहूलियत मिलेगी। खासतौर पर धार्मिक यात्रियों और दैनिक सफर करने वाले लोगों के लिए यह सेवा काफी लाभदायक साबित होगी। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से इस रूट पर बस सेवा की मांग की जा रही थी, जिसे अब जाकर मंजूरी मिली है। बस के संचालन से न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि क्षेत्रीय संपर्क और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
पाली जिले के सांडेराव थाना क्षेत्र में मिलावटी घी बनाकर बाजार में बेचने के मामले में सांडेराव थाना पुलिस ने पिता पुत्र को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार बालोतरा के गुडामलानी निवासी पिता-पुत्र सिंदरू से लेकर सांडेराव तक मिलावटी घी बनाते और बेचते पकड़े गए। सिंदरू स्थित सरकारी स्कूल के पास खाली मकान में बेटा प्रकाश विश्नोई (22) बड़े कढ़ाई में 50 लीटर पॉम ऑयल में एसेंस डालकर नकली घी बना रहा था। टीम के आते ही घबरा गया। 100 लीटर मिलावटी घी भी मिला। जिसे यहां से प्लास्टिक के ड्रम में भरकर पुलिस ने जब्त कर लिया। इसके बाद टीम सांडेराव पहुंची। यहां बालाजी डेयरी पर पिता पेमाराम (55) पुत्र निंबाराम विश्नोई मिलावटी घी को 450 से 500 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से बेच रहा था। जहां से भी टीम ने 60 लीटर जब्त किया। पुलिस ने बाप-बेटे को गिरफ्तार किया। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को सिंदरू में नकली घी बनाने की सूचना मिली थी। सांडेराव के एसएचओ श्यामराज मय जाब्ते के साथ दबिश दी। कढाई में खौल रहे 50 लीटर घी सहित प्लास्टिक के ड्रम में पड़े 100 लीटर नकली घी से सैंपल लेकर जब्त किया। सिंदरू में पॉम ऑयल के 130 खाली टीन भी मिले हैं। पेमाराम ने कबूला-500 के भाव में बेचते थेपेमाराम ने पुलिस के सामने कबूला कि पाम ऑयल को गर्म कर उसमें मलाई मिलाते थे ताकि वह असली देशी घी जैसा दिखे। बिना किसी ब्रांड मार्का के इस घी को वे 480 से 500 प्रति किलो के हिसाब से बेचते थे।
गर्मी के समय चारभुजानाथ मंदिर में फव्वारा सेवा शुरू:आरती के बाद परिसर में छोड़ा जाता पानी
मेवाड़ के चारभुजानाथ मंदिर में गर्मी के दौरान वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया से फव्वारा सेवा शुरू की गई है, जो आषाढ़ शुक्ल नवमी तक जारी रहेगी। मंदिर परिसर में रोजाना दोपहर 3 बजे भगवान के सामने फव्वारा चलाया जाता है, जिससे वातावरण ठंडा बना रहता है। संध्या आरती से पहले इसे बंद कर दिया जाता है और आरती के बाद पानी परिसर में प्रवाहित किया जाता है। इस दौरान बच्चे पानी में खेलते नजर आते हैं और श्रद्धालु भी इसे देखते हैं। मौसम के अनुसार सेवा की परंपरा निभाई जाती है मंदिर में पांडव कालीन परंपरा के अनुसार सालभर मौसम के अनुरूप सेवा का क्रम चलता है। गर्मी के समय विशेष रूप से फव्वारा सेवा शुरू की जाती है, ताकि भगवान की सेवा और परिसर का वातावरण दोनों अनुकूल बनाए रखे जा सकें। दोपहर 3 बजे शुरू होता है फव्वारा मंदिर में रोजाना दोपहर 3 बजे के बाद भगवान के सामने फव्वारा चलाया जाता है। इससे परिसर में ठंडक बनी रहती है। संध्या आरती से पहले फव्वारा बंद कर दिया जाता है ताकि आरती की प्रक्रिया में कोई व्यवधान न हो। आरती के बाद पानी परिसर में छोड़ा जाता है आरती पूरी होने के बाद फव्वारे का पानी मंदिर परिसर में प्रवाहित किया जाता है। इसी दौरान पुजारी परिवार के बच्चे उस पानी में खेलते और नहाते हैं। बच्चों के खेलने का दृश्य आकर्षण बना फव्वारे के पानी में खेलते हुए बच्चे सीढ़ियों से फिसलते हुए बाहर आते हैं, जिसे देखने के लिए श्रद्धालु भी रुकते हैं। यह परंपरा लंबे समय से चली आ रही है और आज भी उसी तरह जारी है।
लखनऊ के यासीनगंज इलाके में सड़क हादसे में एक लड़के की मौत हो गई। मृतक की पहचान अभिनय (19) के रूप में हुई है। उसने हाल ही में 12वीं की परीक्षा पास की थी। परिजनों के मुताबिक, अभिनय बुधवार रात करीब 11 बजे बिना बताए अपने दो दोस्तों के साथ घर से निकला था। देर रात करीब 12 बजे मां सरोज ने बेटे का फोन किया तो दोस्तों ने बताया कि उसका एक्सीडेंट हो गया है और हालत गंभीर है। उसे तत्काल ऐरा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलते ही परिजन घबराकर अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने अभिनय को मृत घोषित कर दिया। परिजनों का आरोप है कि हादसे के बाद उसके साथ मौजूद दोस्त उसे गंभीर हालत में अस्पताल छोड़कर मौके से फरार हो गए। पिता मनोज ने बेटे की मौत को संदिग्ध बताकर जांच की मांग की है।
आमेर में देर रात एक प्लाईवुड गोदाम में भीषण आग लग गई। आग लगने से गोदाम में रखा करीब 15 लाख का सामान जलकर राख हो गया। दमकल की 12 गाड़ियों ने डेढ़ घंटे में आग पर काबू पाया। घटना दिल्ली रोड स्थित राई की कोठी क्षेत्र में गुरुवार देर रात करीब 12.40 बजे की है। आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। दूर-दूर तक धुंआ उठने लगा। स्थानीय निवासी मोहन ने बताया कि गोदाम के ऊपर से बिजली के तार जा रहे थे। उनमें बुधवार रात से ही स्पार्किंग हो रही थी। इसी वजह से आग लगी। मोहन ने कहा कि मेरी पत्नी को सबसे पहले आग का पता चला, उसने मुझे नींद से जगाकर उठाया। तब गोदाम से जुड़े लोग स्थानीय आग को बुझाने का प्रयास कर रहे थे। शुरुआत में स्थानीय लोगों ने बाल्टी और अन्य संसाधनों से आग बुझाने का प्रयास किया। लेकिन 15 मिनट में दमकल की गाड़ियां आ गई थी जिन्होंने आग पर काबू पाया। गोदाम के मालिक ने बताया कि- प्लाईवुड इवेंट का गोदाम था जिसमें रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटे हैं। देखिए आग लगने की फोटोज…
लखनऊ के बाबा साहब भीमराव आंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय (BBAU) में मंगलवार देर शाम शुरू हुआ छात्रों का धरना गुरुवार को भी जारी रहा। बुधवार को दिन भर चले धरना और प्रदर्शन के बीच छात्रों की तरफ से 11 सूत्रीय मांग पत्र सामने आया। जिसमें मेस संचालक के खिलाफ FIR कराने के अलावा डीन और वॉर्डन का पद से इस्तीफा देने की मांग भी शामिल हैं।इस बीच BBAU के हॉस्टल की मेस में गंदगी का एक वीडियो भी बुधवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में खुली नाली और बेहिसाब गंदगी के बीच मेस कर्मी बर्तन धुलता दिख रहा हैं। इसके अलावा एक अन्य वीडियो में सिक्युरिटी इंचार्ज से स्टूडेंट्स की पुलिस की मौजूदगी में बहस होती भी दिख रही हैं। वहीं, दूसरी तरफ BBAU प्रशासन की तरफ से कुछ लोगों पर गलत नरेटिव सेट कर कैंपस में माहौल खराब करने का आरोप लगाया गया हैं। जांच के लिए टीम गठित प्रवक्ता डॉ. रचना गंगवार के मुताबिक मंगलवार रात कुलपति आवास में जबरन घुसने के मामले की जांच के लिए समिति गठित की गई है। दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। 20 अप्रैल को छात्रा को बुखार आने पर विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य केंद्र से दवाएं ली। बाद में वह स्थानीय अभिभावक के साथ अवकाश लेकर वाराणसी घर चली गई। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रावास में खराब भोजन परोसने के आरोपों को निराधार बताया है। इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है। कुछ शरारती छात्र मामले को गलत तरीके से पेश कर विश्वविद्यालय में माहौल बिगाड़ रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत छात्रा की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हैं। 6 तस्वीरें देखिए- छात्रा की मौत पर नहीं बुलाई गई कंडोलेंस मीट जूलॉजी के स्टूडेंट विराल भारती कहते हैं कि यूनिवर्सिटी की एक छात्रा की मौत हो जाती है पर कैंपस में विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से कंडोलेंस मीट तक नहीं बुलाई जाती है। बुधवार को सामान्य दिनों की तरह ही कामकाज हुआ। उसे श्रद्धांजलि देकर एक दिन का अवकाश किया जाना चाहिए था।
अजमेर की हरिभाऊ उपाध्याय नगर थाना पुलिस ने 46 लाख की लूट के मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों को जेल से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया है। फिलहाल लूटी गई रकम बरामद नहीं हुई। पुलिस ने आरोपियों को रिमांड पर लिया है और पूछताछ कर रही है। एएसआई जयलाल मीणा ने बताया-गिरफ्तार आरोपित तेजा चौक माकड़वाली, अजमेर निवासी दीपक गुर्जर उर्फ दीपू उर्फ डिफाल्टर (22) पुत्र लालाराम बजाड़ और गुर्जर बस्ती पहाड़गंज, अजमेर निवासी अजय गुर्जर उर्फ ललित (23) पुत्र जगदीश गुर्जर है। पुलिस दोनों की तलाश कर रही थी। ये बार-बार अपनी लोकेशन बदल रहे थे। लेकिन पुलिस की टीम उनके हर ठिकाने पर पीछा करते हुए पहुंच रही थी। पुलिस के डर से दोनों ने अपने वकील के जरिए तीन दिन पूर्व अदालत में पेश हो गए। जिन्हें अदालत ने न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया। जिन्हें पुलिस ने सेन्ट्रल जेल से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर लिया। जिनको कोर्ट के समक्ष पेश कर रिमाण्ड पर लिया है। पुलिस दोनों आरोपियों से लूट की रकम बरामद करने का प्रयास कर रही है। यह था मामला पीड़ित शक्तिनगर, सुभाष नगर निवासी हरसिमरन सिंह सोढ़ी ने थाने में 2 जनवरी को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 46 लाख लूट की वारदात 21 दिसंबर 2025 को हरिभाऊ उपाध्याय नगर थाना क्षेत्र के ज्ञान विहार की थी। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था, जिसमें बदमाश सोढ़ी की कार में तोड़फोड़ कर डिक्की में रखा बैग निकालते दिखे थे। बाद में पुलिस को वारदात में शामिल राहुल गुर्जर के केंद्रीय बस स्टैंड पर मौजूद होने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने उसे दबोच लिया। उसके बाद से ही पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी थी। यह खबर भी पढ़ें….. बदमाशों ने युवक से 46 लाख लूटे; VIDEO:कार के शीशे तोड़कर डिक्की से निकाले रुपए; पीछा किया तो टक्कर मारने की कोशिश की अजमेर में बदमाशों ने युवक से 46 लाख रुपए लूट लिए। युवक ने अपने दोस्त के घर के पास कार रोकी, तभी पीछे से एक बोलेरो कैंपर आई। गाड़ी से 3 बदमाश डंडे लेकर उतरे, उनका मुंह ढका हुआ था। बदमाशों ने कार के कांच तोड़ दिए और डिक्की में रखे 46 लाख रुपए लूटकर पुष्कर की तरफ भाग गए। (पढ़ें पूरी खबर)
छतरपुर : जिले के भगवां थाना क्षेत्र के रामटौरिया बस स्टैंड पर दिनदहाड़े एक चाट दुकानदार के अपहरण की कोशिश का सनसनीखेज मामला सामने आया है। दबंगों ने सरेआम दुकानदार के साथ मारपीट की और उसे जबरन गाड़ी में डालकर ले जाने का प्रयास किया। हालांकि मौके पर मौजूद लोगों की सतर्कता से वारदात नाकाम हो गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुरानी रंजिश में हमला, बीच बाजार मचा हड़कंप जानकारी के अनुसार पीड़ित जग्गी पटेल रामटौरिया बस स्टैंड पर चाट का ठेला लगाता है। बुधवार को वह रोज की तरह दुकान चला रहा था, तभी पुरानी रंजिश के चलते गौरीशंकर यादव हलावनी अपने एक साथी के साथ वहां पहुंचा। दोनों ने अचानक दुकानदार पर हमला बोल दिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। मारपीट कर जबरन गाड़ी में डालने की कोशिश प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आरोपियों ने पहले जग्गी के साथ जमकर मारपीट की और फिर उसे घसीटते हुए अपनी गाड़ी की ओर ले जाने लगे। वे उसे जबरदस्ती वाहन में डालकर अगवा करना चाहते थे। इस दौरान दुकानदार की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़े और बीच-बचाव किया। भीड़ की हिम्मत से नाकाम हुई वारदात स्थानीय लोगों ने एकजुट होकर आरोपियों को घेरने की कोशिश की, जिससे घबराकर दोनों मौके से फरार हो गए। लोगों की तत्परता से दुकानदार की जान बच गई। घटना के बाद इलाके में काफी देर तक तनाव का माहौल बना रहा। वीडियो वायरल, पुलिस जांच में जुटी घटना का वीडियो किसी ने मोबाइल में कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है और फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। बस स्टैंड पर सुरक्षा पर उठे सवाल दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने बस स्टैंड की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके।
जोधपुर कमिश्नरेट के अभय कमांड सेंटर में गीता भवन के पास जिंदा बम होने की सूचना से मंगलवार देर रात पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस अफसरों ने आनन-फानन में मौके पर पहुंचकर सघन तलाशी ली, तो सूचना पूरी तरह झूठी निकली। इसके बाद पुलिस ने बम की झूठी सूचना देने वाले शातिर के बारे में छानबीन की। टेक्निकल जांच के बाद पुलिस ने जिस शख्स को पकड़ा, वो शराबी निकला, जिसने पत्नी से झगड़े के गुस्से में ऐसी हरकत की थी। पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) कमल शेखावत ने बताया कि 28 अप्रैल की रात को अभय कमांड एवं कंट्रोल सेंटर पर एक शख्स ने फोन कर बताया कि गीता भवन के पास एक जिंदा बम पड़ा है और वह किसी भी समय फट सकता है। इस गंभीर सूचना पर कंट्रोल रूम ने तुरंत खांडा फलसा थाना पुलिस और रात्रिकालीन गश्त अधिकारी (एडीसीपी-यातायात) शालिनी राज को अलर्ट किया। पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर चप्पे-चप्पे की जांच की, लेकिन वहां कोई बम नहीं मिला। पत्नी से हुआ था झगड़ा बम की झूठी सूचना से फैली सनसनी को गंभीरता से लेते हुए उच्चाधिकारियों ने तुरंत कॉलर का पता लगाने के निर्देश दिए। बुधवार को पुलिस ने तकनीकी जांच कर नंबर की लोकेशन निकाली, जो बासनी हड्डी मील इलाके की आई। इसके बाद 29 अप्रैल की रात को बासनी थानाधिकारी नितिन दवे की अगुवाई में एएसआई सुमेरसिंह, हेड कॉन्स्टेबल कमलेश कुमार, कॉन्स्टेबल राजेश और भागीरथ की टीम ने हड्डी मील इलाके में दबिश दी। नशे में किया कंट्रोल रूम को फोन यहां से पुलिस टीम ने हरीश हरदास (40) पुत्र बुधाराम वाल्मिकी को हिरासत में लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी हरीश ने बताया कि उसका अपनी पत्नी से झगड़ा हुआ था। जिसके बाद उसने शराब के नशे में पुलिस कंट्रोल रूम को यह झूठी सूचना दे दी। फिलहाल पुलिस ने उसे शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया है।
पंचकूला नगर निगम चुनाव में वार्ड 4, 5 और 6 इस बार बेहद अहम बन गए हैं, जहां पंजाबी और वैश्य मतदाताओं का दबदबा चुनावी नतीजों को प्रभावित करेगा। तीनों वार्डों में BJP और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर है, जबकि कुछ जगह बागी उम्मीदवार भी मुकाबले को रोचक बना रहे हैं। पिछली जीत के अंतर कम रहने से मुकाबला और कड़ा हो गया है। दैनिक भास्कर एप ने यहां के निवासियों से वार्ड के मुद्दों पर बातचीत की, तो लोगों ने बताया कि स्थानीय स्तर पर पार्किंग, सफाई, पब्लिक यूटिलिटी, शराब ठेका और लावारिस कुत्तों जैसी समस्याएं मतदाताओं के लिए प्रमुख मुद्दे बनी हुई हैं। जिनको लेकर वार्ड में आने वाले कैंडिडेट से लोग सवाल करने वाले हैं। वार्ड 4 में पंजाबी-वैश्य वोटर निर्णायक वार्ड-5: पंजाबी- वैश्य-ब्राह्मण वोट बहुल वार्ड पंजाबी-वैश्य बिरादरी का वार्ड-6 में दबदबा:
बालोतरा के गुड़ामालानी क्षेत्र के बारासण गांव में 23-24 अप्रैल की रात लगाए गए लोहे के जाल में फंसकर एक हिरण गंभीर रूप से घायल हो गया, जिससे उसका पैर टूट गया। सूचना मिलने पर वन विभाग और वन्यजीव प्रेमी मौके पर पहुंचे और हिरण को धोरीमन्ना स्थित अमृता देवी रेस्क्यू सेंटर पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है। मामले में वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सहित दो लोगों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। दरअसल, गोगाजी मंदिर के पास शिकारियों ने जमीन में लोहे का जाल बिछाया था। इसी जाल में हिरण फंस गया, जिससे उसका एक पैर टूट गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों और वन्यजीव प्रेमियों ने मौके पर पहुंचकर उसे जाल से बाहर निकाला और रेस्क्यू के लिए भेजा। सूचना पर वन विभाग के रेंजर श्रीराम विश्नोई टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने वहां से लोहे का जाल जब्त किया और आसपास के लोगों से पूछताछ कर संदिग्धों के घरों में दबिश दी। घटना के बाद वन्यजीव प्रेमियों में आक्रोश रहा और उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। धोरीमन्ना रेस्क्यू सेंटर में चल रहा इलाज घायल हिरण को तुरंत धोरीमन्ना स्थित अमृता देवी रेस्क्यू सेंटर ले जाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। वन्यजीव प्रेमियों की सक्रियता से समय रहते हिरण को उपचार मिल सका। वन विभाग ने मौके से जाल जब्त किया सूचना मिलने पर वन विभाग के रेंजर श्रीराम विश्नोई टीम के साथ मौके पर पहुंचे। टीम ने घटनास्थल का मुआयना कर लोहे का जाल जब्त किया और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की। इसके बाद संदिग्धों के घरों पर दबिश दी गई। आरोपी के घर से खाल और पका मांस मिला डीएफओ वन संरक्षक सविता दहिया के निर्देशन में धोरीमन्ना वन विभाग की टीम ने बारासण में कार्रवाई की। तलाशी के दौरान आरोपी के घर से खाल और पका हुआ मांस बरामद किया गया, जिससे शिकार की पुष्टि हुई। मुख्य आरोपी सहित दो गिरफ्तार वन विभाग ने हीराराम पुत्र सुजाराम और उसके साथी भाटीराम को गिरफ्तार किया। दोनों से पूछताछ के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई में वन विभाग की टीम में विमला, नरेश कुमार, तीजो, धोली, रामजीवन गोदारा और ओमप्रकाश विश्नोई शामिल रहे। ------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- इससे जुड़ी खबर पढ़ें… बाड़मेर– लोहे के फंदे से हिरण का पांव टूटा:जमीन में दबा रखा था, लोगों ने पहुंचाया रेस्क्यू सेंटर, एक व्यक्ति डिटेन बालोतरा में शिकारियों ने कुंड (फंदा बनाकर) से हिरण का शिकार करने का प्रयास किया। लोहे के फंदे की चपेट में आने से हिरण का एक पैर टूट गया। पूरी खबर पढ़ें
हरियाणा के हांसी-भिवानी रोड पर मंगलवार रात एक प्राइवेट बस में लगी आग में मारे गए दो लोगों की पहचान डीएनए रिपोर्ट के आधार पर कर ली गई है। पुलिस ने मृतकों की पहचान सुनील और बलजीत के रूप में की है।मृतकों में हरियाणा पुलिस की सीआईडी शाखा में कार्यरत सुनील शामिल हैं। वह भिवानी जिले के गांव बड़सी के निवासी थे और बवानी खेड़ा से बस में सवार हुए थे। परिजनों द्वारा दी गई जानकारी और पुलिस की लोकेशन ट्रेसिंग के आधार पर सुनील के बस में होने का संदेह था, जिसकी पुष्टि अब डीएनए रिपोर्ट से हो गई है। एक जिंदल फैक्ट्री में करता था काम वहीं दूसरे मृतक की पहचान भिवानी की शिव कॉलोनी के बलजीत के रूप में हुई है। बलजीत हिसार स्थित जिंदल फैक्ट्री में कार्यरत थे। उनकी पहचान भी डीएनए रिपोर्ट के माध्यम से सुनिश्चित की गई है। पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में लगातार जुटे हुए हैं। हालांकि, बस में आग लगने का वास्तविक कारण या धमाका कैसे हुआ, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। कारणों का पता लगाने में जुटे अधिकारी अधिकारी तकनीकी खराबी, शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य कारण की जांच कर रहे हैं। जांच अधिकारी नीर सिंह ने पुष्टि की है कि डीएनए रिपोर्ट के आधार पर मृतकों की पहचान हुई है और पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। मृतकों के परिजनों को दिया था आश्वासन गौरतलब है कि बस में लगी भयंकर आग के बाद मृतकों के शव पहचान के लायक नहीं बचे थे। जिस कारण परिजन डीएनए रिपोर्ट की मांग कर रहे थे। प्रशासन ने मामले की गहन जांच का आश्वासन दिया है, ताकि हादसे के असली कारणों का जल्द से जल्द खुलासा किया जा सके।
सतना के सभापुर थाना क्षेत्र में एक दिव्यांग युवती को अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस संबंध में केस दर्ज कर मुख्य आरोपी को हिरासत में ले लिया है, जिससे पूछताछ जारी है। टीआई शंखधर द्विवेदी ने बताया कि मंगलवार रात को कोटर क्षेत्र के एक गांव में बारात आई थी। वधू पक्ष के साथ गांव के कई परिवार भी बारात के स्वागत में शामिल थे। इन्हीं में 20 वर्षीय मूक-बधिर और मानसिक रूप से कमजोर युवती भी मौजूद थी। विवाह की रस्में शुरू होने के दौरान कुछ युवक युवती को बहला-फुसलाकर मैरिज गार्डन से बाहर ले आए। वहां पहले से खड़ी अपनी गाड़ी में ले जाकर किशन सिंह नामक युवक ने उसके साथ दुष्कर्म किया, जबकि तीन अन्य युवक बाहर निगरानी करते रहे। सीडब्ल्यूसी की मदद से विशेषज्ञ बुलाकर बयान दर्ज हुआ काफी देर तक ज्यादती करने के बाद आरोपियों ने पीड़िता को छोड़ दिया। वह किसी से कुछ बता नहीं पाई, लेकिन उसकी हालत देखकर परिजनों को संदेह हुआ। इशारों में बातचीत के बाद बुधवार को परिजन शिकायत लेकर थाने पहुंचे। पुलिस ने महिला थाना स्टाफ और सीडब्ल्यूसी की मदद से विशेषज्ञ बुलाकर युवती का बयान दर्ज किया। जिसमें काफी मुश्किलें आई लेकिन इशारों में बताकर युवती ने आरोपियों के बारे में बताया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 70(1), 64(2)(आई), 64(2)(के) और दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम की धारा 92(डी) के तहत मामला दर्ज किया है। टीआई शंखधर द्विवेदी ने बताया कि बुधवार देर शाम तक मुख्य आरोपी किशन को हिरासत में ले लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है। फरार अन्य साथियों की तलाश तेज कर दी गई है।
भिंड जिले के नयागांव थाना क्षेत्र के ग्राम सगरा में करीब तीन साल पहले अवैध बिजली तारों की चपेट में आने से युवक की मौत के मामले में सत्र न्यायालय ने फैसला सुनाया है। कोर्ट ने लापरवाही बरतने वाले आरोपी केशव सिंह को दोषी मानते हुए 7 साल के सश्रम कारावास और कुल 10 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। सजा सुनाए जाने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। घटना के वक्त मृतक भोलू उर्फ आदित्य बटाई के खेत की जुताई कर रहा था, तभी ट्यूबवेल के लिए बिछाए गए खुले तारों से ट्रैक्टर टकरा गया था जिससे उसे करंट लग गया। ट्यूबवेल के लिए डाले थे अवैध तार, ग्रामीणों की चेतावनी भी अनसुनी की आरोपी केशव सिंह ने ग्राम सगरा में अपने ट्यूबवेल के लिए एलटी (LT) लाइन से अवैध रूप से तार डाल रखे थे। ये तार खेत में गाड़े गए खंभों के नीचे से निकाले गए थे और समय के साथ इनकी प्लास्टिक कोटिंग भी हट गई थी, जिससे वे पूरी तरह खुले और खतरनाक हो गए थे। ग्रामीणों ने कई बार आरोपी केशव सिंह को इन तारों को हटाने के लिए कहा था, लेकिन उसने ग्रामीणों की बातों को अनसुना कर दिया और घोर लापरवाही बरती। खेत जोतते समय ट्रैक्टर में फैला करंट, मौके पर हुई मौत करीब तीन साल पहले भोलू उर्फ आदित्य ने यह खेत बटाई (हिस्से) पर लिया था। घटना वाले दिन वह ट्रैक्टर से खेत की जुताई कर रहा था। इसी दौरान उसका ट्रैक्टर नीचे झूल रहे अवैध तारों की चपेट में आ गया। तारों की कोटिंग हटी होने के कारण ट्रैक्टर में करंट दौड़ गया और भोलू गंभीर रूप से इसकी चपेट में आ गया। जोरदार करंट लगने के कारण भोलू की मौके पर ही मौत हो गई थी। कोर्ट में 13 गवाह पेश हुए, दो धाराओं में मिली सजा हादसे के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 और 238 के तहत प्रकरण दर्ज किया। विवेचना पूर्ण होने के बाद मामला सत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मृतक के परिजनों, चिकित्सकों और पुलिसकर्मियों सहित 13 गवाह पेश किए। सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराया। कोर्ट ने धारा 105 के तहत 7 वर्ष के सश्रम कारावास और 7000 रुपए जुर्माना तथा धारा 238 के तहत 3 वर्ष के सश्रम कारावास और 3000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।
मोकलसर क्षेत्र में सी-15 फाटक के पास खड़ी एक स्विफ्ट कार में देर रात करीब 9 बजे अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरी कार जलकर राख हो गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार काफी समय से वहां खड़ी थी। अचानक वाहन से धुआं उठता दिखाई दिया और कुछ ही क्षणों में आग ने विकराल रूप ले लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि आसपास मौजूद लोग घबरा गए। ग्रामीणों ने खुद संभाला मोर्चा घटना के बाद ग्रामीणों ने तुरंत अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। लोगों ने बाल्टियों और उपलब्ध संसाधनों से आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन तेज लपटों के कारण सफलता नहीं मिल सकी। बाद में स्थानीय लोगों ने पानी के टैंकर की मदद ली। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी। बड़ा हादसा टला, कार में नहीं था कोई सवार राहत की बात यह रही कि आग लगने के समय कार में कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। इससे किसी बड़े हादसे या जनहानि की आशंका टल गई। यदि कार में कोई सवार होता तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। क्षेत्र में फायर ब्रिगेड की सुविधा ही नहीं घटना के बाद क्षेत्र में फायर ब्रिगेड सुविधा की कमी को लेकर लोगों में नाराजगी देखी गई। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नगर पालिका क्षेत्र होने के बावजूद यहां आग बुझाने की स्थायी व्यवस्था नहीं है। लोगों का आरोप है कि आगजनी जैसी घटनाओं के दौरान समय पर सहायता नहीं मिलने से आमजन को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में जल्द से जल्द फायर ब्रिगेड की स्थायी व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि इससे भविष्य में ऐसी घटनाओं के दौरान समय रहते राहत पहुंचाई जा सकेगी और बड़े नुकसान से बचाव संभव होगा।
लुधियाना की आम आदमी पार्टी (AAP) की मेयर इंद्रजीत कौर के पति रवि आनंद उर्फ लक्की अब कानूनी शिकंजे में घिर गए हैं। लेडी प्रिंसिपल के साथ अश्लील चैट करने के मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी। पुलिस इस मामले की डबल इंक्वायरी कर रही है। एक तरफ साइबर सेल चैटिंग और कॉल रिकॉर्डिंग की तकनीकी जांच कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ पूरे प्रकरण की जांच एसीपी नॉर्थ को सौंपी गई है। पुलिस लेडी प्रिंसिपल का मोबाइल कब्जे में लेगी और उसके जरिए आईपी एड्रेस, कॉल डिटेल्स और वॉइस सैंपल लेकर आरोपी की आवाज की पुष्टि करेगी। लेउी प्रिंसिपल साइबर सेल के पास पेश हो गई है और उनके बयान ले लिए गए हैं। साइबर सेल ने उनसे मोबाइल मांगा है। हालांकि उन्होंने अभी पुलिस को मोबाइल नहीं दिया है। लेडी प्रिंसिपल का कहना है कि इस बारे में अपने वकील से बात करेगी और फिर मोबाइल जांच के लिए देगी। लेडी प्रिंसिपल ने डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (इन्वेस्टिगेशन) हरपाल सिंह के सामने अपनी लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने विस्तार से बताया कि मेयर के पति रवि आनंद ने उनके साथ अश्लील बातचीत की, हॉट-सेक्सी मैसेज भेजे और बार-बार फिगर फोटो तथा प्राइवेट पार्ट की तस्वीरें मांगीं। लेडी प्रिंसिपल की शिकायत डीसीपी हरपाल सिंह ने एसीपी नॉर्थ को जांच के लिए भेज दी है। लेडी प्रिंसिपल का कहना है कि अब उसे उम्मीद है कि न्याय जरूर मिलेगा। उनका कहना है कि अभी मेयर पति के खिलाफ उनके पास और भी सबूत हैं। साइबर थाने में बयान, अब मोबाइल और वॉइस सैंपल की तैयारी लेडी प्रिंसिपल साइबर क्राइम थाने में भी पेश हुईं और अपना विस्तृत बयान दर्ज कराया। साइबर सेल ने चैटिंग, व्हाट्सएप नंबर, आईपी एड्रेस और कॉल डिटेल्स की जांच शुरू कर दी है। अब पुलिस लेडी प्रिंसिपल का मोबाइल कब्जे में लेगी और फॉरेंसिक जांच करवाएगी। फॉरेंसिक जांच से यह साबित किया जाएगा कि चैट और कॉल रवि आनंद की हैं या नहीं। जानकारी के अनुसार पुलिस दोनों पक्षों के वॉइस सैंपल लेकर जांच करेगी ताकि कॉल रिकार्डिंग में जो आवाज है उसकी पुष्टि हो सके। लेडी प्रिंसिपल डीसीपी को दी शिकायत में बताई पूरी कहानी…
सतना जिले के मझगवां ब्लॉक के पथरा-सुरांगी गांव में 22 अप्रैल को मिले चार माह के जुड़वा गंभीर कुपोषित बच्चों में से एक सुप्रांशी उर्फ प्रियांशी प्रजापति की मौत के मामले की जांच जारी है। जिला स्तर के बाद अब राज्य स्तरीय टीम भी इस मामले की जांच कर रही है। राज्य टीम ने कुपोषित बच्चों की देखभाल में लापरवाही स्वीकार की है, जिसके बाद पांच स्वास्थ्यकर्मियों को नोटिस जारी किए गए हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की पांच सदस्यीय राज्य स्तरीय टीम बुधवार को मझगवां पहुंची। टीम को दो हिस्सों में बांटा गया। पहली टीम में आशा सेल के वरिष्ठ उपनिदेशक डॉ. राकेश बोहरे और स्टेट कंसल्टेंट डॉ. अमित द्विवेदी शामिल थे। उन्होंने सुरांगी स्थित मृत बच्ची सुप्रांशी के घर पहुंचकर जांच की। डॉ. बोहरे ने सुप्रांशी की दादी और चाचा से बच्ची के जन्म के बाद लगे टीकों, स्वास्थ्य और महिला बाल विकास टीम द्वारा दी गई देखभाल के बारे में पूछताछ की। टीम को सुप्रांशी के घर में आयरन की गोलियां और सिरप भी मिले, जिसके संबंध में परिजनों से दवा न खिलाने की जानकारी ली गई। डॉ. बोहरे ने स्वीकार किया कि मझगवां ब्लॉक में कुपोषित बच्चों की देखरेख में लापरवाही हो रही है। उन्होंने मौके से ही बीएमओ डॉ. रूपेश सोनी को सुपरवाइजर के.सी. सिंह और करुणा पांडेय को नोटिस जारी कर जवाब मांगने के निर्देश दिए। इस टीम में डीपीएम डॉ. राकेश कर्ष, डीसीएम डॉ. ज्ञानेश मिश्रा और विक्रम प्रजापति भी शामिल थे। टीम ने पालदेव और चौबेपुर का भी दौरा किया। उधर, चाइल्ड हेल्थ की डिप्टी डायरेक्टर डॉ. हिमानी यादव के नेतृत्व में दूसरी टीम महतैन कैमहा और अर्जुनपुर पहुंची। कैमहा में 6 अप्रैल को 11 माह 20 दिन की मासूम भारती मवासी पुत्री राजललन की बुखार और डायरिया से पीड़ित होने के बाद मौत हो गई थी। डॉ. हिमानी यादव ने जांच में पाया कि मैदानी अमला बच्चों की सही तरीके से जांच नहीं कर रहा है। इसके साथ ही टीकाकरण में भी लापरवाही बरती जा रही है। स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने पर डिप्टी डायरेक्टर ने बीएमओ को निर्देश दिए कि लापरवाही बरतने वाली एएनएम मंजू साहू, अंजू सिंह और अर्जुनपुर की सीएचओ संगीता द्विवेदी को नोटिस जारी कर जवाब-तलब करें। उन्होंने राज्यस्तर से भी सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। टीम में स्टेट कंसलटेंट डॉ भरत जैन और डॉ आरती पांडेय के साथ मझगवां बीएमओ डॉ रुपेश सोनी भी शामिल रहे। टीम ने मझगवां में बैठक लेकर आवश्यक निर्देश भी दिए। जिला अस्पताल भी पहुंचे मझगवां जाने से पहले एनएचएम की टीम बुधवार को सुबह 9 बजे जिला अस्पताल पहुंची। सूत्रों की मानें तो सुबह 9 बजे टीम को ओपीडी में सिर्फ एक-दो डॉक्टर ही मिले। इंजेक्शन रूम और टीकाकरण कक्ष भी बंद मिला। इस लापरवाही पर आपत्ति जताते हुए उन्होंने व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने लेबररूम का भी जायजा लिया। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ अमर सिंह, आरएमओ डॉ शरद दुबे और डॉ एमएस तोमर मौजूद रहे।
चंडीगढ़ नगर निगम सदन की बैठक आज (30 अप्रैल) मेयर सौरभ जोशी की अध्यक्षता में होगी। एक महीने के भीतर यह दूसरी बैठक है, जिससे राजनीतिक माहौल पहले से ही गरमाया हुआ है। सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों को लेकर तीखी बहस होने की संभावना जताई जा रही है। बैठक में शहर के विकास से जुड़े करोड़ों रुपए के प्रोजेक्ट्स पर चर्चा होगी। पहले से लंबित कई प्रस्तावों को मंजूरी देने के साथ-साथ 24 नए और सप्लीमेंट्री प्रस्ताव भी पेश किए जाएंगे। विकास कार्यों पर रहेगा फोकस नए प्रस्तावों में सड़कों की मरम्मत प्रमुख मुद्दा रहेगा। रोड डिवीजन नंबर-1 के अंतर्गत आने वाली सड़कों और पार्किंग क्षेत्रों की री-कारपेटिंग के लिए 1710.93 लाख रुपए का संशोधित बजट पास किया जा सकता है। इसके अलावा शहर की सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अटावा, बुड़ैल, मलोया, कजहेड़ी और डड्डूमाजरा समेत 10 इलाकों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए औपचारिक समझौते का प्रस्ताव रखा जाएगा। सड़क कार्यों में तेजी लाने के लिए 242.67 लाख रुपए की लागत से 4 टिप्पर और 3 हाइड्रोलिक एक्सकेवेटर-कम-लोडर खरीदने पर भी चर्चा होगी। गीले कचरे को जैविक खाद में बदलने के लिए एंजाइमेटिक ऑर्गेनिक कंपाउंड आधारित नए प्रोजेक्ट को स्विस चैलेंज मोड में शुरू करने का प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल है। सदन की बैठक में ये प्रस्ताव आएंगे मौजूदा पाइपलाइन में लीकेज और बार-बार खराबी की समस्या के कारण पानी की बर्बादी हो रही है। नई पाइपलाइन बिछाने से पानी की सप्लाई सुचारु और नियमित हो सकेगी। इससे क्षेत्र के निवासियों को कम दबाव और गंदे पानी की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। यह प्रोजेक्ट भविष्य में बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाएगा, ताकि लंबे समय तक समस्या न हो। नया प्लांट लगाने की तैयारी शहर में बागवानी कचरे के प्रबंधन के लिए 60 टीपीडी क्षमता का नया प्लांट लगाने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। यह प्रोजेक्ट रॉयल्टी बेसिस पर होगा। मेसर्स पलक एग्रो इंडस्ट्रीज ने प्रति मीट्रिक टन 92.50 रुपए रॉयल्टी देने की सहमति दी है। कंपनी को मौजूदा 30 टीपीडी प्लांट का संचालन भी करना होगा। यह ठेका 7 साल के लिए होगा, जिसे प्रदर्शन के आधार पर 3 साल और बढ़ाया जा सकता है। बैठक में स्ट्रीट वेंडर सरला सिंह के बकाया माफ करने के मामले पर भी विचार किया जाएगा। टाउन वेंडिंग कमेटी ने बकाया न भरने पर उसका सर्टिफिकेट रद्द कर दिया था, लेकिन अपीलेट अथॉरिटी ने 15 सितंबर 2025 को मामले पर पुनर्विचार के निर्देश दिए थे।
विदिशा के अरवरिया गांव में लगी आग:तीन हार्वेस्टर, जीप और अनाज जलकर राख, लाखों का नुकसान
विदिशा जिले के अरवरिया गांव में भीषण आग लगने से लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। इस घटना में तीन हार्वेस्टर, एक जीप, अन्य कृषि उपकरण और घरों में रखा हजारों क्विंटल अनाज जलकर राख हो गया। ग्रामीणों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला। बताया जा रहा है कि आग अचानक भड़की और तेज हवाओं के कारण तेजी से फैलती चली गई। देखते ही देखते, कृषि मशीनें और घरों में रखा सालभर की मेहनत का अनाज आग की चपेट में आ गया। इस हादसे के बाद कई परिवारों के सामने खाने का संकट खड़ा हो गया है। किसान रेवा राम बघेल ने बताया कि आग से उन्हें भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि नरवाई जलाने पर रोक के कारण वे अपने खेत साफ नहीं कर पाए। बघेल के अनुसार, आग कहीं और से फैलते हुए गांव तक पहुंची और उनका सब कुछ जलाकर राख कर दिया। ग्राम सरपंच प्रमोद मिश्रा ने प्रशासन से जले हुए गेहूं की खरीदी में मदद की मांग की है। ग्रामीणों ने दमकल के देर से पहुंचने पर भी नाराजगी जताई। किसान आयुष बघेल का कहना है कि यदि फायर ब्रिगेड समय पर पहुंचती तो नुकसान कम हो सकता था। कुछ ग्रामीणों का मानना है कि आग 4-5 किलोमीटर दूर से फैलते हुए गांव तक पहुंची थी। वहीं, अन्य लोगों ने बिजली के तारों से आग लगने की आशंका जताई है। एसडीएम क्षितिज शर्मा ने बताया कि आग काफी भीषण थी और इसके कारणों की जांच की जा रही है। फिलहाल, प्रशासन आग से हुए नुकसान का आकलन करने में जुटा है। देखे तस्वीरें
अलवर के मौजपुर में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर चलती कार में आग लग गई। हादसे में 5 लोग जिंदा जल गए। रेस्क्यू टीम को आग बुझाने के बाद अर्टिगा कार में से केवल हड्डियां मिलीं हैं। कार ड्राइवर आग लगते ही बाहर कूद गया था। उसे गंभीर हालत में जयपुर रेफर किया है। कार सवार परिवार श्योपुर (मध्य प्रदेश) के चैनपुरा के रहने वाला था। बेटे की नौकरी की मन्नत पूरी होने पर वैष्णो देवी दर्शन कर लौट रहा था। पुलिस को आशंका है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी। एक्सीडेंट बुधवार रात 11 बजे हुआ। CNG के कारण भड़की आग अलवर ASP प्रियंका रघुवंशी ने बताया कि रात करीब 11.15 बजे लक्ष्मणगढ़ पुलिस को कार में आग की जानकारी मिली थी। रात करीब 11.30 बजे फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंच गई थी। आग बुझाने में करीब 15 मिनट का समय लगा। आशंका है कि सीएनजी के कारण आग तेजी से भड़की थी। इसलिए कार सवारों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। पोटलियों में रखी हड्डियां, मृतकों में एक नाबालिग पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मृतकों में 3 महिलाएं, एक नाबालिग बच्ची और एक पुरुष है। सभी की केवल हड्डियां मिलीं हैं, इन्हें अलग-अलग पोटलियों में रखा गया है। शवों की पहचान के लिए डीएनए सैंपल लिए जाएंगे। …. एक्सप्रेसवे पर गाड़ी में आग से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर पिकअप में 4 लोग जिंदा जले:3 की मौत, सीट पर चिपक गए शव, एक गंभीर घायल जयपुर रेफर अलवर के रैणी एरिया में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर चार महीने पहले एक पिकअप में आग लग गई थी। हादसे में 3 लोगों की बुरी तरह जलने से मौके पर ही मौत हो गई। पूरी खबर पढ़िए…
दतिया जिला अस्पताल के सबसे संवेदनशील हिस्से एसएनसीयू में सुरक्षा नियमों का पालन कराना एक वार्ड बॉय को इतना भारी पड़ गया कि, उसे जान से मारने की धमकी मिल गई। मंलगवार शाम को एक युवक ने न केवल मर्यादाएं लांघीं, बल्कि अस्पताल परिसर में ही वार्ड बॉय पर कट्टा तानकर जान से मारने की धमकी दी। करीब 30 मिनट तक अस्पताल में दहशत का माहौल बना रहा, जबकि वहां नवजात बच्चों की माएं मौजूद थी। घटना का वीडियो बुधवार शाम सामने आया है। सोहिल मंसूरी की पत्नी की हाल ही में डिलीवरी हुई थी। उसके नवजात बच्चे को एसएनसीयू में भर्ती कराया गया था। नियम के मुताबिक, फीडिंग रूम में पुरुषों का प्रवेश वर्जित है, क्योंकि वहां अन्य महिलाएं भी अपने बच्चों को दूध पिलाती हैं। वार्ड बॉय सुमित बाल्मीकि ने जब सोहिल को अंदर जाने से रोका और नियमों का हवाला दिया, तो सोहिल आपा खो बैठा। कट्टा लेकर पहुंचा था सोहिल उसने पहले वार्ड के अंदर ही गाली-गलौज की और फिर सुमित को बात करने के बहाने बाहर बुलाया। जैसे ही सुमित बाहर आया, सोहिल ने कमर से कट्टा निकालकर सीधे उसकी कनपटी पर तान दिया। वहां मौजूद सुरक्षाकर्मी और अन्य कर्मचारी राजकुमार व राहुल जब बीच-बचाव करने आए, तो आरोपी ने उन्हें भी गोली मारने की धमकी दी। हैरानी की बात यह है कि वारदात को अंजाम देने के बाद भी आरोपी काफी देर तक अस्पताल परिसर में ही रहा और दहशत फैलाता रहा लेकिन चौकी पुलिस बाहर तक नहीं निकली। चर्चा है कि बदमाश बाद में चौकी में जाकर भी बैठा और पुलिसकर्मी से काफी देर तक बातचीत करता रहा। इस दौरान पीड़ित वार्ड बॉय भी वहां मौजूद था। इस घटना से अस्पताल स्टाफ में भारी आक्रोश है। सूचना मिलने पर पुलिस बुधवार सुबह मौके पर पहुंची। सीसीटीवी फुटेज खंगाले। सीसीटीवी में सोहिल मंसूरी स्पष्ट रूप से कट्टा लहराते और कर्मचारियों को धमकाते हुए दिख रहा है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
लुधियाना में चोरों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब दिन के उजाले में भी घर सुरक्षित नहीं हैं। थाना सदर के अंतर्गत आते धांदरा रोड स्थित गोल्डन सिटी-2 में एक बंद मकान को निशाना बनाते हुए शातिर चोरों ने 1 लाख 38 हजार रुपए कैश और सोने-चांदी के जेवर चोरी कर लिए। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत और जांच के बाद दो लोगों को नामजद करते हुए उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। काम पर गया था परिवार, पत्नी लौटी तो उड़े होश गोल्डन सिटी-2 के रहने वाले शिकायतकर्ता कमलेश ने पुलिस को बताया कि 24 अप्रैल 2026 को वह रोजमर्रा की तरह अपने घर को ताला लगाकर काम पर चला गया था। घर पर कोई नहीं था। दोपहर करीब 2:30 बजे जब उसकी पत्नी सुषमा वापस घर लौटी तो उसने देखा कि मकान का ताला टूटा हुआ है। अंदर जाकर देखा तो सारा सामान बिखरा पड़ा था। घर में रखा कीमती सामान गायब था। कैश के साथ ये जेवरात ले गए चोर पीड़ित परिवार के मुताबिक चोरों ने घर में रखी 1,38,000 रुपए की नकदी पर हाथ साफ किया। इसके साथ ही गहनों के बॉक्स से एक सोने का लॉकेट (2 ग्राम), भारी चांदी की पायल (लगभग 100 ग्राम), सोने के टॉप्स (डेढ़ ग्राम), चांदी का कमरबंद, बच्चों के 3 सोने के लॉकेट और 3 चांदी के लॉकेट भी चोरी कर लिए गए। जांच के बाद दो आरोपी नामजद, तलाश जारी वारदात के बाद पीड़ित परिवार ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी और अपने स्तर पर भी इसकी भनक लगाने की कोशिश की। शिकायतकर्ता के अनुसार छानबीन में यह बात सामने आई कि इस चोरी की घटना को हरजिंदर सिंह और मनजीत सिंह नामक व्यक्तियों ने अंजाम दिया है। मामले पर कार्रवाई करते हुए थाना सदर पुलिस ने 29 अप्रैल को कमलेश के बयानों के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 112(2), 305, 307, 331(3), और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
सेवड़ा नगर में नल-टोटी चोरी, VIDEO:स्कूल के पास एक मकान से टोटी चुराते दिखा युवक
दतिया के सेवड़ा नगर में इन दिनों नल की टोटियां और पाइप चोरी करने वाले अज्ञात चोरों ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। नगर के अलग-अलग इलाकों में पिछले एक महीने से मकानों के बाहर लगे नल, स्कूल भवनों, मंदिरों और सरकारी परिसरों से टोटियां चोरी होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। बुधवार शाम को स्वामी मोहल्ला स्थित नंबर-1 स्कूल के पास एक मकान से टोटी चोरी करते युवक का सीसीटीवी फुटेज सामने आया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। फुटेज में एक युवक दिनदहाड़े मकान के बाहर पहुंचकर नल की टोटी निकालते दिखाई दे रहा है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई है। नगरवासियों का कहना है कि छोटी-छोटी चोरी की घटनाएं अब लगातार होने लगी हैं, जिससे लोगों में असुरक्षा का माहौल बन रहा है। समाजसेवी भूपेंद्र राणा ने बताया कि नगर में पिछले कई दिनों से मकानों, मंदिरों और सरकारी भवनों से नल की टोटियां और पाइप चोरी किए जा रहे हैं। कई बार पुलिस थाने में शिकायत और आवेदन दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक चोरों का सुराग नहीं लग पाया है। बुधवार को सामने आए CCTV वीडियो के आधार पर नगरवासियों ने थाना प्रभारी को आवेदन देकर आरोपी की पहचान कर कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो चोरी की घटनाएं और बढ़ सकती हैं। फिलहाल पुलिस मामले में जांच की बात कह रही है।
काशी विश्वनाथ धाम की रिप्लिका को बुधवार को PM मोदी को विधायकों ने गिफ्ट किया। इस कलाकृति में 200 ग्राम चांदी लगी है। इसमें गोल्ड पॉलिश भी की गई है। जिसमें दोनों शिखर, त्रिशूल और नंदी जी की आकृति भी है। इसे एक सप्ताह में पांच आर्टिजंस ने तैयार किया है। इसे बनाने में एक सप्ताह का समय लगा है, जिसकी कीमत 75 से 80 हजार रुपए है। दैनिक भास्कर ने गुलाबी मीनाकारी से बने विश्वनाथ धाम की रिप्लिका बनाने वाले मास्टर आर्टिजन कुंज बिहारी से बात की। उन्होंने कहा- जैसे ही यह मीनाकारी का विश्वनाथ धाम तोहफे में दिया गया। मेरे पास दिल्ली और अन्य शहरों के व्यापारियों के फोन आने शुरू हो गए हैं। करीब 12 घंटे में 20 पीस का ऑर्डर मिल चुका है। प्रधानमंत्री को इसके पहले राम मंदिर मीनाकारी का भेंट किया गया था, जिसका दीपावली पर करोड़ों का कारोबार हुआ था। पढ़िए रिपोर्ट… देखिए विश्वनाथ धाम की रिप्लिका से जुड़ी 4 तस्वीरें … एक सप्ताह में 5 लोगों ने तैयार किया वाराणसी के कोतवाली थानाक्षेत्र के दूध गली इलाके के रहने वाले कुंज बिहारी ने काशी में गुलाबी मीनाकारी को संजो कर रखा है। समय-समय पर इनके प्रोडक्ट्स को पीएम, सीएम और अन्य लोग मेहमानों को स्वागत के लिए देते हैं। गुलाबी मीनाकारी का एक खास प्रोडक्ट श्रीकाशी विश्वनाथ धाम की रिप्लिका वाराणसी पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी दी गई। प्रधानमंत्री को दी गई इस रिप्लिका के बारे में कुंज बिहारी ने बताया कि 5 लोगों की टीम ने इसे एक सप्ताह में तैयार किया है। अधिकारियों के निर्देश मिलने पर तैयार किया नेशनल अवार्डी और गुलाबी मीनाकारी के मास्टर आर्टिजन कुंज बिहार ने बताया - हमें एक 10 दिन पहले अधिकारियों से बाबा विश्वनाथ धाम की एक रिप्लिका बनाने का निर्देश मिला था। यह किसे दिया जाना है। यह मुझे नहीं पता था। इसके बाद मैं और 4 युवा महिला आर्टिजंस ने गुलाबी मीनाकारी के काम से विश्वनाथ धाम की आकृति एक सप्ताह में तैयार की। जिसमें मंदिर के दोनों शिखर, त्रिशूल, और नंदी जी की आकृति बनाई गई है। सबने किए अलग-अलग काम कुंज बिहारी ने बताया - गुलाबी मीनाकारी में अलग-अलग स्टेप्स होते हैं। जैसे- कोई डिजाइन बनाने में, कोई उसे गढ़ने में, कोई उस पर मीनाकारी करने में एक्सपर्ट होता है। ऐसे में पांच लोगों की टीम ने इसे अलग-अलग स्टेप्स में तैयार किया। बहुत हर्ष की बात है कि इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को काशी के तीन मंत्रियों ने श्री काशी विश्वनाथ धाम में ही दिया। 200 ग्राम चांदी से बना है धाम कुंज बिहारी ने बताया - गुलाबी मीनाकारी का काम चांदी के स्ट्रक्चर पर होता है। चांदी ठंडी होती है। इसलिए इस पर मीना टिक जाता है और उसमे शाइनिंग भी आ जाती है। यह विश्वनाथ धाम की रिप्लिका 200 ग्राम चांदी से बनाई गई है। साथ ही इसके शिखर पर गोल्ड पॉलिश की गई है। इस पूरे विश्वनाथ धाम की कीमत 75 से 80 हजार के बीच में है। 12 घंटे में मिले 20 ऑर्डर कुंज बिहारी ने बताया प्रधानमंत्री को जैसे ही यह मीनाकारी का विश्वनाथ धाम तोहफे में दिया गया। मेरे पास दिल्ली और अन्य शहरों के के व्यापारियों के फोन आने शुरू हो गए हैं। करीब 12 घंटे में 20 पीस का ऑर्डर मिल चुका है। प्रधानमंत्री को इसके पहले राम मंदिर मीनाकारी का भेंट किया गया था। जिसका दीपावली पर करोड़ों का कारोबार हुआ था। जानिए इसे बनाने वाली नारी शक्तियों ने क्या कहा? और कैसे इसे तैयार किया ? विश्वनाथ धाम की रिप्लिका पर चांदनी ने की मीनाकारी चांदनी यादव ने बताया - मैं गाय घाट पर ही रहती हूं और कुंज बिहारी सर के घर दूध लेकर आती थी। उस समय उन्हें ये सब करते हुए देखती थी तो मेरा भी मन किया और 10 साल से मैं इसे सीख रही हूं। चांदनी ने बताया कि गुलाबी मीनाकारी में कई स्टेप में काम होता है। इसमें मीनाकारी करना मुझे बहुत पसंद है। चांदी के स्ट्रक्चर पर मीना चढ़ाना मुझे बहुत पसंद है। चांदनी ने बताया - आज जो विश्वनाथ धाम प्रधानमंत्री को दिया गया है। उसे हमने बहुत ही प्यार से बनाया है। प्रधानमंत्री नारियों के लिए जो कर रहे हैं। उससे हम उनका धन्यवाद करते हैं। चांदनी ने बताया कि बहुत ही खास था इसे बनाना। डिजाइन बनाने में माहिर हैं तनु गुलाबी मीनाकारी की आर्टिजन तनु यादव ने बताया- मुझे गुलाब मीनाकारी सीखते हुए 5 साल हो गए हैं। मुझे पहले से आर्ट करने का शौक था। मेरी बड़ी बहन यहां कुंज बिहारी अंकल के यहां गुलाबी मीनाकारी का काम करती थी। उसे देखकर मेरा भी मन हुआ और मैंने भी सीखना शुरू कर दिया। इस विश्वनाथ धाम को बनाने के लिए हम 4 महिलाओं और कुंज बिहारी सर ने छोटे-छोटे काम करके इसे एक सप्ताह में बनाया और बहुत खुशी हो रही कि इसे प्रधानमंत्री को दिया गया। प्रधानमंत्री लगातार हमारे प्रोडक्ट्स को देश ही नहीं विदेश में भी पहुंचा रहे हैं। अब जानिए गुलाबी मीनाकारी का इतिहास … 16 वीं शताब्दी में मुगलों ने शुरू की थी मीनाकारी मीनाकारी यानी इनेमलिंग की शुरुआत मुगलों ने 16 वीं शताब्दी में की थी। कुंज बिहारी ने बताया कि इसमें सेफ इनेमल पर गुलाबी कलर के स्ट्रोक होते हैं। इसे करने वाले ही मीनाकार कहलाते हैं। कुंज ने बताया कि इसमें देवी-देवताओं की धार्मिक मूर्तियां, पारंपरिक आभूषण, सजावटी सामान और फूल, पक्षी और जानवर आदि बनाए जाते हैं। तीन प्रकार की मीनाकारी में प्रसिद्ध है बनारसी मीनाकारी कुंज बिहारी ने बताया कि मीनाकारी तीन प्रकार की होती आई है। इसमें एक रंग खुला मीना, पंच रंगी मीना और गुलाबी मीनाकारी। एक रंग खुला मीना में केवल सोने की रेखा उजागर की जाती है। वहीं पंच रंग में हरा, हल्का नीला, सफेद, गहरा नीला और लाल कलर का प्रयोग किया जाता है। वहीं बनारस की प्रसिद्ध गुलाबी मीनाकारी में चांदी पर गुलाबी रंग से मीनाकारी की जाती है। बाजार ने तोड़ दी थी उद्योग की कमर गुलाबी मीनाकारी को संजो के रखे हुए गुलाबी मीनाकारी के आर्टिजन कुंज बिहारी ने बताया कि गुलाबी मीनाकारी बनारस से खत्म होने की कगार पर थी। बाजार में सही मूल्य न मिलने और खरीद न होने की वजह से इसके पारंपरिक आर्टिजन इससे किनारा कर रहे थे। नई पीढ़ी इस तरफ नहीं देख रही थी क्योंकि यह बहुत ही बारीक काम है। ऐसे में यह उद्योग और कला धीरे-धीरे बंद हो चुकी थी। हमें किसी भी प्रकार का ऑर्डर नहीं मिल रहा था।2015 में जीआई टैग मिलने के बाद बदल गई तस्वीर जीआई टैग एक्सपर्ट पद्मश्री डॉ. रजनीकांत ने बताया कि साल 2014 में एनडीए सरकार बनने के बाद सरकार ने आर्टिजंस के ऊपर ध्यान दिया। साल 2015 में बनारसी गुलाबी मीनाकारी को जीआई टैग मिला। यह कला स्थापित होना शुरू हो गई। सरकार ने इसकी ब्रांडिंग की और इसे बाजार दिलाया। आज हर साल करोड़ों का टर्न ओवर इस कला से आर्टिजन कमा रहे हैं। मोदी सरकार ने इस कला के लिए बाजार मुहैया कराया और आज इसमें दोबारा से रौनक लौट आई है। -------------------------------- ये खबर भी पढ़िए- 7 करोड़ में बनिए अमिताभ बच्चन के पड़ोसी: बिग बी अयोध्या के निवासी या केवल इन्वेस्टर, जानिए उनकी तीनों प्रॉपर्टी का सच ‘अयोध्या का सरयू घाट आस्था और प्रगति का एक अनोखा संगम बन चुका है…। यहां आने लगे हैं करोड़ों लोग… दुनिया के कोने-कोने से। स्वागत है आपका… अयोध्या के इस स्वर्णिम काल में, जिसका मैं भी निवासी हूं…।’ एक वीडियो में अमिताभ बच्चन खुद को अयोध्या का निवासी बता रहे हैं। पिछले महीने खबर आई थी कि अमिताभ बच्चन ने अयोध्या में तीसरी प्रॉपर्टी खरीद ली। पढ़ें पूरी खबर...
लखनऊ में सुबह से चल रही ठंडी हवा:आंधी-बारिश का यलो अलर्ट; अगले 2 दिन में घट सकता है 4 डिग्री तापमान
लखनऊ में सुबह से पुरवा ठंडी हवा चल रही है। बुधवार दोपहर बाद आई आंधी और हल्की बारिश के बाद मौसम का मिजाज बदला हुआ है। आज गुरुवार को भी बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग की ओर से आंधी आने और हल्की बारिश का यलो अलर्ट जारी है। अगले 2 दिनों में 4 डिग्री तक तापमान गिरने की संभावना है। आज अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के ऊपर नहीं जाएगा। बुधवार को अधिकतम तापमान 39.3 डिग्री सेल्सियस रहा। यह सामान्य से 0.2 डिग्री अधिक रहा। वहीं, न्यूनतम तापमान 27.3 डिग्री सेल्सियस रहा। यह सामान्य से 4.2 डिग्री अधिक रहा। अधिकतम आर्द्रता 72 फीसदी और न्यूनतम आर्द्रता 23 फीसदी रही। लखनऊ समेत प्रदेश में लू समाप्त मौसम विभाग ने बताया कि लखनऊ समेत उत्तर प्रदेश में में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। तापमान में तेज गिरावट दर्ज होने से प्रदेश को भीषण गर्मी और लू से राहत मिली है। फिलहाल, प्रदेश में लू की स्थिति लगभग समाप्त हो गई है। लखनऊ समेत प्रदेश के कई अन्य हिस्सों में भी 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं दर्ज की गईं। मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि बेमौसम बारिश का यह दौर शुक्रवार तक जारी रह सकता है। इससे मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश के इलाकों में अगले 24 घंटे में तापमान 2 से 4 डिग्री तक और गिर सकता है। कल की 3 तस्वीरें- 2-3 दिन बाद फिर गिरेगा पारा मई की शुरुआत के 2-3 दिनों में बारिश कम होगी। उसके बाद 4-5 मई को अगला पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होगा। इसके असर से लखनऊ समेत प्रदेश में फिर से बारिश बढ़ने और तापमान में दोबारा गिरावट आने की संभावना है।
चित्तौड़गढ़ के यात्रियों को राहत देते हुए रेलवे ने मदार से मडगांव के बीच 3 मई को एक तरफा ट्रेन चलाने का फैसला किया है। ट्रेन मदार जंक्शन से शाम 7:55 बजे रवाना होकर करीब 32 घंटे 45 मिनट में मडगांव पहुंचेगी। चित्तौड़गढ़ से गोवा तक लगभग 29 घंटे का सफर रहेगा, जिससे जिले के यात्रियों को पहली बार सीधा विकल्प मिलेगा। यह स्पेशल ट्रेन राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और गोवा, इन पांच राज्यों को आपस में जोड़ेगी। बता दे कि आजतक चित्तौड़गढ़ से गोवा के लिए कोई भी ट्रेन नहीं है। ट्रेन में चित्तौड़गढ़ से गोवा का होगा लगभग 29 घंटे सफर उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार गाड़ी संख्या 09607 मदार-मडगांव एक तरफा स्पेशल रेलसेवा 3 मई, रविवार को चलाई जाएगी। यह ट्रेन मदार जंक्शन (अजमेर) से शाम 7 बजकर 55 मिनट पर रवाना होगी और करीब 32 घंटे 45 मिनट का लंबा सफर तय करते हुए तीसरे दिन सुबह 4 बजकर 40 मिनट पर मडगांव पहुंचेगी। यह ट्रेन लगभग 1751 किलोमीटर की दूरी तय करेगी, जो इसे लंबी दूरी की जरूरी स्पेशल ट्रेनों में शामिल करती है। इस ट्रेन से चित्तौड़गढ़ से गोवा तक लगभग 29 घंटे में पहुंच सकते है। इन प्रमुख स्टेशनों पर होगा ठहराव यह स्पेशल ट्रेन अपने सफर के दौरान कई अहम स्टेशनों पर रुकेगी। इसमें अजमेर, बिजयनगर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, नीमच, मंदसौर, रतलाम, वडोदरा, भरूच, सूरत, वापी, वसई रोड, पनवेल, रोहा, मानगांव, खेड, चिपलुन, संगमेश्वर, रत्नागिरी, राजापुर रोड, वैभववाड़ी रोड, कणकवली, कुडाल, सावंतवाड़ी रोड, थिविम और करमली जैसे स्टेशन शामिल हैं। इन स्टेशनों पर ठहराव से अलग-अलग क्षेत्रों के यात्रियों को इस ट्रेन का लाभ मिलेगा। चित्तौड़गढ़ में देर रात पहुंचेगी ट्रेन यह ट्रेन रात 11 बजकर 25 मिनट पर चित्तौड़गढ़ स्टेशन पहुंचेगी और यहां 5 मिनट रुकने के बाद रात 11 बजकर 30 मिनट पर आगे के लिए रवाना हो जाएगी। इस ठहराव से जिले के यात्रियों को देर रात भी यात्रा का विकल्प मिलेगा, खासकर उन लोगों के लिए जो गोवा या बीच के राज्यों में सफर करना चाहते हैं। कुल 22 कोच होंगे, लिनन की नहीं होगी सुविधा इस स्पेशल ट्रेन में कुल 22 कोच लगाए जाएंगे, जिनमें 2 सेकंड एसी, 6 थर्ड एसी, 1 थर्ड एसी इकोनॉमी, 7 स्लीपर (शयनयान), 4 सामान्य श्रेणी और 2 पावरकार डिब्बे शामिल हैं। हालांकि, यात्रियों को इस ट्रेन में लिनन यानी चादर और कंबल की सुविधा नहीं मिलेगी, इसलिए एसी कोच में यात्रा करने वाले यात्रियों को अपना इंतजाम खुद करना होगा। यह स्पेशल ट्रेन चित्तौड़गढ़ सहित पूरे मेवाड़ क्षेत्र के यात्रियों के लिए एक बड़ी सुविधा साबित होगी।
जैसलमेर जिले के अड़बाला गांव निवासी आईटीबीपी के असिस्टेंट कमांडेंट रघुनाथ सिंह भाटी का बुधवार सुबह दिल्ली के सैन्य हॉस्पिटल में निधन हो गया। वे पश्चिम बंगाल में चुनाव ड्यूटी पूरी कर लौटते समय 13 अप्रैल को सड़क हादसे में घायल हो गए थे और तब से उनका इलाज चल रहा था। उनका पार्थिव देह दिल्ली से जोधपुर होते हुए सड़क मार्ग से जैसलमेर लाया जा रहा है। गुरुवार सुबह गांव अड़बाला में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। हादसे के बाद दिल्ली में चल रहा था इलाज अड़बाला गांव निवासी रघुनाथ सिंह भाटी पुत्र आम्ब सिंह लंबे समय से दिल्ली में तैनात थे। कार्य की व्यस्तता के चलते वे काफी समय से गांव नहीं आ पाए थे। हाल ही में उनकी ड्यूटी पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान लगाई गई थी। ड्यूटी पूरी कर साथियों के साथ लौटते समय 13 अप्रैल को उनकी गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में उनके पैर में फ्रैक्चर हुआ और गंभीर अंदरूनी चोटें आईं। इसके बाद उन्हें दिल्ली के सैन्य हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां बुधवार सुबह उनका निधन हो गया। हवाई मार्ग से जोधपुर पहुंचा पार्थिव देह शहीद अधिकारी का पार्थिव देह बुधवार को दिल्ली से हवाई मार्ग के जरिए जोधपुर लाया गया। इसके बाद सड़क मार्ग से शव को जैसलमेर के लिए रवाना किया गया। गुरुवार सुबह उनका पार्थिव देह पैतृक गांव अड़बाला पहुंचेगा। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की तैयारी गुरुवार सुबह अड़बाला गांव में अंतिम संस्कार की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आईटीबीपी के अधिकारी और स्थानीय प्रशासन की मौजूदगी में उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी। इस दौरान राजकीय सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया जाएगा।
पिछले 24 घंटे के अंदर देश में अलग-अलग मौसम देखने को मिला। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात में कई जगह पारा 40 से 46C के बीच रहा। हालांकि, आंधी और हल्की बारिश से कई इलाकों में तापमान 2 से 3C तक घट भी गया। यूपी का बांदा 45.8C के साथ सबसे गर्म रहा। राजस्थान-मध्य प्रदेश के ज्यादातर जिलों में तापमान 40C से ज्यादा रहा। एमपी में भोपाल और सीधी सबसे ज्यादा गर्म रहे। यहां पारा 43C से ज्यादा रहा। यूपी में आंधी-बारिश से प्रदेश में 13 लोगों की मौत हो गई। सुल्तानपुर में सबसे ज्यादा 7 मौतें हुईं। 21 लोग घायल हो गए। अयोध्या- अमेठी में 2-2, प्रयागराज और गाजीपुर में 1-1 की जान गई। अगले 2 दिन के मौसम का हाल 1 मई: 2 मई: देशभर के मौसम से जुड़ी तस्वीरें… नॉर्थ-ईस्ट के 7 राज्यों में बारिश पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर के सभी 7 राज्यों में भी बारिश हुई। मिजोरम में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कई जिलों में स्कूल दूसरे दिन भी बंद रहे। खराब मौसम के चलते केदारनाथ धाम, फाटा, सोनप्रयाग, सर्सी और गुप्तकाशी में हेलीकॉप्टर सेवाएं रोक दी गईं हैं। मौसम विभाग ने बिहार, झारखंड, बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश में आंधी, बारिश और ओले गिरने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा रेड अलर्ट पर हैं। एक साथ तीन सिस्टम एक्टिव, इसलिए मौसम के ऐसे हालात दरअसल, देश में कई मौसमी सिस्टम एक साथ एक्टिव हो गए हैं। उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर एक्टिव वेस्टर्न डिस्टरबेंस, उत्तर से पूर्व तक फैली ट्रफ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी, ये तीनों मिलकर अस्थिर मौसम बना रहे हैं। जिन क्षेत्रों तक नमी नहीं पहुंच रही, वहां जमीन बेहद गर्म होने से लू चल रही है। मौसम के ऐसे हालात पूरी तरह असामान्य नहीं हैं। अप्रैल-मई में प्री-मानसून गतिविधियां शुरू होती हैं। पर इस बार कई सिस्टम एक साथ ज्यादा एक्टिव हैं। इसी कारण मौसम का असर ज्यादा तेज दिख रहा है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस यानी ठंडी और नम हवाओं का सिस्टम है। भूमध्यसागर क्षेत्र से उत्तर भारत तक आता है। अभी उत्तरी पाकिस्तान व आसपास के क्षेत्रों पर सक्रिय है। असर जम्मू-कश्मीर, हिमाचल व उत्तराखंड तक है। उत्तर भारत के मैदानों में इसी वजह से आंधी-बारिश हो रही है। ट्रफ लाइन यानी यह कम दबाव की पट्टी है। गर्म और नम हवाओं के मिलने का मार्ग बनाती है। पश्चिमी विक्षोभ की ठंडी और खाड़ी से आई नम हवा ट्रफ के साथ मिलने पर आंधी, बारिश और ओलावृष्टि होती है। राज्यों से मौसम की खबरें… 1. राजस्थान: आज 8 जिलों में बारिश और आंधी की चेतावनी, चित्तौड़गढ़ सबसे गर्म वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के असर से बुधवार दोपहर जोधपुर और कोटा संभाग के क्षेत्रों में मौसम बदल गया। प्रदेश के कई जिलों में बारिश के साथ ओले गिरे। इससे लोगों को भीषण गर्मी और हीटवेव से राहत मिली है। 10 से ज्यादा शहरों का पारा 40C से नीचे दर्ज किया गया। आज भी 8 जिलों में बारिश और आंधी का यलो अलर्ट है। पढ़ें पूरी खबर… 2. मध्य प्रदेश: आधे प्रदेश में बारिश का अलर्ट, भोपाल-सीधी सबसे गर्म शहर बुधवार को सीधी प्रदेश में सबसे गर्म रहा। यहां तापमान 43.8C तक पहुंच गया। वहीं भोपाल में पारा 43.7C रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग की मानें तो 2 मई से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव हो रहा है। इसके असर से आज आधे प्रदेश में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। पढ़ें पूरी खबर… 3. उत्तर प्रदेश: वाराणसी में 100 किमी रफ्तार से चली हवा; 35 जिलों में आज फिर आंधी-बारिश का अलर्ट प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में मौसम ने राहत दी। राजधानी लखनऊ समेत वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या सहित करीब 20 जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की बारिश का दौर चला। राजधानी लखनऊ समेत वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या समेत करीब 20 जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की बारिश का दौर चला। पढ़ें पूरी खबर…
चंबल नदी से अवैध रेत उत्खनन को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद मुरैना जिले में पुलिस और प्रशासन ने चेकिंग अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में रामपुर थाना पुलिस ने गोदाम मोहल्ला रोड पर चेकिंग के दौरान चंबल की अवैध रेत से भरे एक बिना नंबर के आयशर ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त किया है। पुलिस ने मौके पर दस्तावेज पेश न कर पाने पर आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ खनिज और वन्य जीव अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गोदाम मोहल्ला रोड पर चेकिंग में पकड़ाया सिल्वर ट्रैक्टर अवैध रेत परिवहन पर रोक लगाने के लिए जिले भर में जगह-जगह चेकिंग पॉइंट बनाए गए हैं। रामपुर पुलिस ने भी गोदाम मोहल्ला रोड पर चेकिंग पॉइंट लगाया था। इसी दौरान एक सिल्वर रंग का बिना नंबर वाला आयशर ट्रैक्टर ट्रॉली में रेत भरकर वहां से गुजरा। पुलिस टीम ने उसे रोककर चालक से रेत परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे। चालक कोई भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सका, जिसके बाद पुलिस ने ट्रैक्टर को जब्त कर लिया और चालक को गिरफ्तार कर खनिज अधिनियम के तहत कार्रवाई की। टीआई बोले- ड्यूटी टीम ने रोका, वन्य जीव अधिनियम में केस कार्रवाई को लेकर रामपुर थाना प्रभारी आर. के. वर्मा ने बताया, अवैध रेत परिवहन रोकने गोदाम मोहल्ला रोड पर चेकिंग की जा रही थी तभी अवैध रेत का ट्रैक्टर ट्राली दिखाई दिया। जिसे ड्यूटी टीम के द्वारा रोका गया और चालक को गिरफ्तार किया है। ट्रेक्टर पर चम्बल रेत वन्य जीव अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।

