पानीपत शहर के पुराना औद्योगिक थाना क्षेत्र की एक कॉलोनी में 17 वर्षीय नाबालिग स्कूली छात्रा के साथ घर में घुसकर गलत नीयत से छेड़खानी करने का मामला सामने आया है। पीड़िता की सतर्कता और शोर मचाने पर आरोपी युवक मौके से भाग निकला। पुलिस ने शिकायत के आधार पर पड़ोसी युवक के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घर में अकेली पाकर घुसा पड़ोसी युवक दर्ज एफआईआर के अनुसार, 9वीं कक्षा में पढ़ने वाली 17 वर्षीय नाबालिग छात्रा 2 सितंबर की दोपहर करीब 3 बजे अपने घर पर अकेली सो रही थी। इसी दौरान पड़ोस का रहने वाला युवक विजय मौका देखकर उसके घर में जबरन दाखिल हो गया। आरोपी ने किशोरी को अकेली पाकर उसके साथ गलत नीयत से छेड़छाड़ और बदतमीजी शुरू कर दी। किशोरी ने दिखाई समझदारी, शोर सुनते ही भागा आरोपी अचानक हुई इस हरकत से किशोरी घबराई नहीं, उसने सूझबूझ का परिचय देते हुए आरोपी को चकमा दिया और जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। किशोरी की आवाज सुनकर आसपास के लोगों के एकत्र होने के डर से आरोपी युवक उसे छोड़कर मौके से तुरंत फरार हो गया। पोक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज, जांच जारी घटना के समय किशोरी के माता-पिता घर पर नहीं थे। परिजनों के घर लौटने पर पीड़िता ने आपबीती बताई, जिसके बाद परिजन उसे लेकर पुराना औद्योगिक थाने पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी विजय के खिलाफ BNS की धारा 64, 62, 74 और पोक्सो एक्ट की धारा 8 व 18 के तहत केस दर्ज कर लिया है।
शहडोल जिले की बुढार जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत कुम्हारी के बरतर में आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-1 का परिसर बारिश के बाद पानी से भर गया है। हालात ऐसे हैं कि छोटे बच्चों को पानी और फिसलन के बीच से होकर आंगनबाड़ी पहुंचना पड़ रहा है। परिसर से पानी निकालने की अब तक कोई व्यवस्था नहीं की गई है। इससे बच्चों के गिरने और चोट लगने का डर बना हुआ है। पानी के बीच से होकर पहुंच रहे बच्चे भारी बारिश के बाद आंगनबाड़ी केंद्र के आसपास काफी पानी जमा हो गया है। केंद्र तक पहुंचने के रास्ते पर भी पानी और फिसलन है। छोटे बच्चों को इसी रास्ते से होकर अंदर जाना पड़ रहा है। बच्चों का कहना है कि परिसर में पानी देखकर उन्हें डर लगता है। पैर फिसलने पर गिरने और चोट लगने की चिंता रहती है। कम उम्र होने के कारण बच्चों के लिए पानी और फिसलन वाले रास्ते से निकलना और मुश्किल हो जाता है। हर साल होती है जलभराव की समस्या ग्रामीण सुरेश सिंह ने बताया कि बारिश के मौसम में आंगनबाड़ी परिसर में पानी भरने की समस्या हर साल आती है। इसके बावजूद पानी की निकासी के लिए स्थायी इंतजाम नहीं किए गए हैं। ग्रामीण प्रेमलाल तंवर ने पंचायत और प्रशासन से तत्काल पानी निकालने की मांग की है। उन्होंने परिसर को सुरक्षित बनाने और बच्चों के आने-जाने के लिए रास्ता ठीक कराने की भी मांग की है। अधिकारी बोले- टीम भेजकर समस्या दूर करेंगे महिला एवं बाल विकास विभाग के उप संचालक राकेश खरे ने बताया कि जल्द ही टीम भेजकर आंगनबाड़ी केंद्र की स्थिति देखी जाएगी। उन्होंने परिसर में बनी अव्यवस्था को दूर कराने की बात कही है।
'हमारे पास दो लूम हैं। दोनों 10 दिन से बंद हैं क्योंकि लूम में पानी आ गया है। इसके निकलने में अभी समय लगेगा। तब तक कारोबार बंद है और घर का भरण-पोषण कैसे करें। इसके बारे में सोचना पड़ता है। क्योंकि जा तक पूरी जमीन सूख नहीं जाएगी लूम स्टार्ट नहीं होगा। वरना मकान के साथ ही साथ साड़ी को भी नुकसान होगा। ऐसे में सरकार को चाहिए की हमारी मदद करे।' ये कहना है वाराणसी के नक्खीघाट के बाढ़ग्रस्त क्षेत्र हिदायत नगर के इकबाल अहमद का; इकबाल के अलावा उनके घर के आस-पास कई बुनकरों के लूम में पानी घुस गया है। जहां तक जाना भी सम्भव नहीं है। इकबाल की मानें तो उनके घर में भी जैसे-जैसे पानी बढ़ेगा वो सभी लोग ऊपर के तल पर शिफ्ट हो जाएंगे। वाराणसी में गंगा का जलस्तर शनिवार की सुबह 3 सेंटीमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से घट रहा है। लेकिन वरुणा का पानी अभी स्थिर है। एनडीआरफ की टीम लगातार वरुणा में पेट्रोलिंग कर लोगों से बाढ़ से क्षेत्र से दूर जाने की चेतावनी दे रही है। स्थानीय अभी भी पानी बढ़ने की आशंका से चिंतित हैं। ऐसे में दैनिक भास्कर नक्खीघाट के हिदायतनगर में पहुंचकर यहां के साड़ी कारोबारियों से बातचीत किया और जाना की आखिर उन्हें कैसी दिक्कतों का बाढ़ में सामना करना पड़ता है। सबसे पहले देखिये वरुणा में बाढ़ की तीन तस्वीरें… अब जानिए क्या कहा लोगों ने जिनका कारोबार बंद है… लूम डूबने से बंद हो गया कारोबार नक्खीघाट के हिदायत नगर के रहने वाले इकबाल अहमद के घर में साड़ी की बुनाई से गुजर-बसर होता है। लेकिन उनके घर में पानी 5 फिट तक भरा हुआ है। वरुणा के किनारे बसे इकबाल अहमद ने बताया - यह हमारा कारोबार है। इसी लूम पर हम साड़ी बुनते हैं। यह डूब गया है और काम बंद हो गया है। कारोबार डूबने से हम लोगों का हाथ कट सा गया है। हम कैसे दाल-रोटी चला रहे हैं। ये हम जानते हैं। ये मशीन खाली है क्योंकि डूब गई है। इसको जब कपड़ा पहनाएंगे तो पैसा लगेगा लेकिन हमारे पर अब कोई पूंजी नहीं है। सरकार हम लोगों की कुछ मदद करे तो हमें दिक्कत नहीं होगी। पानी आने और उतरने में एक महीने का समय लगेगा। उसके बाद इसे फिर से चालू किया जा सकेगा। चोरी का रहता है डर इकबाल ने कहा - घर-परिवार के लिए महंगाई से लड़ ही रहे हैं। बाढ़ में जब पानी आता है तो हम लोग नीचे का हिस्सा बंद करके ऊपर के हिस्से में चले जाते हैं। यदि हम मकान छोड़कर जाएं तो यहां चोरियों का डर रहता है। ऐसे में हम लोग इसी मकान ऊपरी तल पर रहते हैं। बाढ़ का पानी उतरने के बाद इसकी साफ-सफाई में भी कई दिन लगेंगे। कारोबार हो जाता है बाढ़ में चौपट बेलाल अहमद ने बताया - बाढ़ आने के बाद हम औरतों को और बच्चों को ऊंचे स्थानों पर या किराय के मकानों में भेज देते हैं। लेकिन जब बाढ़ का पानी ज्यादा बढ़ता है तो हमें भी घर छोड़कर जाना पड़ता है। क्योंकि मकान का कोई भरोसा नहीं है। मकान में रहना भी जरूरी रहता है। क्योंकि अक्सर चोरियां होती हैं और ये चोरी जब बाढ़ तैरती है तब पता चलती है। इसलिए यहां रहते हैं। बेलाल ने कहा की हमें कोई मदद सरकारी नहीं मिलती। जबकि हमारा कारोबार बाढ़ में चौपट हो जाता है। बेलाल के यहां भी लूम है जो डूबा हुआ है। लूम पर साड़ियां थी जिन्हे आधे में हटाना पड़ा इसी इलाके के इस्लाम ने बताया - हमारे घर में दो लूम थे दोनों पर साड़ियां लगी थीं। रात में अचानक पानी भरा तो साड़ियों को अधूरे में हटाना पड़ा। इससे हमें काफी नुकसान हुआ है। क्योंकि वह साड़ी अब दोबारा नहीं बन पाएगी और उसका मेटेरियल बर्बाद जाएगा। हर बार वाराणसी में हजारों हैंडलूम और पावर लूम डूब जाते हैं और तीन महीने कारोबार ठप रहता है। क्योंकि पानी तीन महीनों में कभी बढ़ता और कभी घटता है। ऐसे में काम शुरू है किया जा सकता है।
भाजपा ने निकाय चुनाव को सत्ता के खुले दुरुपयोग और धनबल का खेल बना दिया: Dotasra
जयपुर। प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा पर निकाय चुनाव में सत्ता का दुरुपयोग और धनबल का खेल करने का आरोप लगाया है। उन्होंने एक वीडियो शेयर कर सोशल मीडिया के माध्यम से बड़ी बात कही है। डोटासरा ने एक्स के माध्यम से कहा कि भाजपा ने निकाय चुनाव को सत्ता के खुले दुरुपयोग और धनबल का खेल बना दिया, जहां निवार्चन आयोग मूकदर्शक और सत्ता तानाशाह बनी हुई है। मालपुरा की महिला प्रत्याशी को सुनिए और समझिए कि आखिर चुनाव जीतने के लिए भाजपा सरकार के मंत्री, विधायक और बड़े नेता क्या-क्या हथकंडे अपना रहे हैं। कांग्रेस नेता ने इस संबंध में आगे कहा कि मालपुरा कोई अकेला मामला नहीं है। पूरे प्रदेश में कांग्रेस और निर्दलीय प्रत्याशियों पर दबाव डालकर नामांकन वापस करवाने के गंभीर मामले हैं। जालोर वार्ड नंबर 18, बीदसर वार्ड नंबर 15, बांसवाड़ा वार्ड नंबर 12 और 34, तखतगढ़ वार्ड नंबर 22, आहोर वार्ड नंबर 18, सांभर वार्ड नंबर 12, सुजानगढ़ वार्ड नंबर 41, बाड़ी धोलपुर वार्ड नंबर 23 जैसे प्रदेश में सैकड़ों मामले हैं जहां भाजपा द्वारा सत्ता का दुरुपयोग कर डराने-धमकाने और नामांकन वापस लेने के लिए दबाव बनाया। भाजपा को बताना चाहिए क्या वो इस तरह सत्ता और डर के दम पर नगर निकाय चुनाव जीतना चाहती है पूर्व शिक्षा मंत्री डोटासरा ने कहा कि पाली के वार्ड नंबर 1 में भाजपा ने निर्दलीय प्रत्याशी के साथ क्या किया, पूरे प्रदेश ने देखा है। भाजपा को बताना चाहिए क्या वो इस तरह सत्ता और डर के दम पर नगर निकाय चुनाव जीतना चाहती है? मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जी .. क्या भाजपा ऐसे जीतेगी चुनाव? PC: X अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
किन्नर ने लगाया लिंग परिवर्तन कराने का आरोप, चार लाख रुपये और बुलेट लेने की भी शिकायत।
फरीदाबाद में ब्लड की कमी से जूझ रहा ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल अब सामाजिक संगठनों की मदद से इसको दूर करेगा। हर महीने अस्पताल में मरीजों के ऑपरेशन के लिए 1000 से 1200 यूनिट की जरूरत होती है। लेकिन करीब 500 यूनिट तक ब्लड कम रह जाता है। जिसके चलते मरीजों के परिजनों को बाहर से ब्लड की व्यवस्था करनी पड़ती है। ईएसआईसी में चल रहे है शिविर एनआईटी-3 स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में रोजना रक्तदान शिविर चल रहे है। इनको ब्लड की कमी को पूरा करने के लिए रोजाना लगाया जाता है। पिछले करीब 1 महीने से अस्पताल ने शिविर को शुरू किया हुआ है। जिसमें महीने भर में 700 से ज्यादा यूनिट ब्लड एकत्रित किया जा चुका है। लेकिन उसके बाद भी ब्लड की कमी हो रही है। एक महीने से रोज लगाए जा रहे रक्तदान शिविर ब्लड की कमी को पूरा करने के लिए अस्पताल प्रबंधन की ओर से पिछले करीब एक महीने से लगातार रक्तदान शिविर लगाए जा रहे हैं। अस्पताल परिसर में रोजाना रक्तदान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से अब तक एक महीने में 700 से अधिक यूनिट ब्लड एकत्रित किया जा चुका है। इसके बावजूद अस्पताल की जरूरत के मुकाबले रक्त की उपलब्धता कम बनी हुई है। ऑपरेशन के समय नहीं करना पड़े इंतजार ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के डीन डॉ. कालिदास चव्हाण दत्तात्रेय ने बताया कि रक्तदान शिविरों का मुख्य उद्देश्य अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में ब्लड का भंडार बनाए रखना है। अस्पताल में जब पर्याप्त ब्लड उपलब्ध रहेगा तो ऑपरेशन के समय मरीजों को रक्त की व्यवस्था के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इसके साथ ही मरीजों के परिजनों को भी बाहर से ब्लड लेने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। अस्पताल प्रबंधन ने सामाजिक एवं औद्योगिक संगठनों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर सहयोग करने की अपील की है।
मुरैना में जन्माष्टमी पर दर्दनाक हादसा, कंटेनर ने पैदल जा रही महिलाओं को रौंदा, तीनों की मौत
दल घर जा रही महिलाओं को तेज रफ्तार कंटेनर ने टक्कर मार दी। हादसे में तीन महिलाओं की मौत हो गई।
पंजाब में अकाली दल के सामने पंथक वोट बैंक को एकजुट करने की बड़ी चुनौती है।
जौनपुर जिले के 50 से ज्यादा सरकारी प्राइमरी स्कूलों में बारिश का पानी भर गया है। इन स्कूलों में मिट्टी डालकर परिसर को ऊंचा करने और पानी निकालने की व्यवस्था ठीक करने के निर्देश दिए गए थे। बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) समीर ने इन स्कूलों में मिट्टी डलवाने के लिए पंचायतों को पत्र लिखा था। हालांकि, अभी तक किसी भी स्कूल में यह काम शुरू नहीं हो पाया है। BSA ने यह भी निर्देश दिया था कि अगर रोज सफाई संभव न हो, तो रोस्टर बनाकर सफाई की जाए। BSA समीर ने बताया कि स्कूल परिसरों में पानी भरने की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने पंचायतों को पत्र जारी कर जल्द से जल्द स्कूलों को पहचान कर परिसर में मिट्टी डलवाने का काम कराने को कहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि लापरवाही मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी। जिले के कई स्कूलों में पानी भरने की समस्या गंभीर है। मछलीशहर ब्लॉक के जरीना और जलालाबाद परिषदीय स्कूलों में पानी भरा है। बक्शा के मगरेसर गांव में प्राथमिक स्कूल तक जाने वाले रास्ते पर पानी भरने से लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। करंजाकला ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक स्कूल मल्हनी और भकुरा गांव के प्राथमिक विद्यालय में भी पानी भरा है। जगमलपुर प्राथमिक विद्यालय में पानी भरने से छात्रों को परेशानी हो रही है। सिकरारा के कंपोजिट स्कूल बभनौली और प्राथमिक विद्यालय शेरवां में भी पानी भरा हुआ है। जिले में बाढ़ कंट्रोल के लिए 58 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। इसके अलावा 149 नाविक और 49 गोताखोर भी तैयार रखे गए हैं। जिले में खतरे का निशान 70 मीटर और चेतावनी बिंदु 69 मीटर है, जबकि अभी जलस्तर 69.80 मीटर दर्ज किया गया है। बाढ़ कंट्रोल के लिए फोन नंबर 05452-260119 भी जारी किया गया है।
देहरादून की 11 वर्षीय आराध्या रावत ने आइटीसी ग्रैंड भारत में राष्ट्रीय गोल्फ खिताब 10 स्ट्रोक से जीता।
लखनऊ के चौक स्थित प्राचीन द्वारिकाधीश मंदिर में शुक्रवार को कृष्ण जन्मोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल मंदिर पहुंचीं और भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की शुभकामनाएं दीं। राज्यपाल ने भगवान श्रीकृष्ण को छप्पन भोग अर्पित किया। मंदिर परिसर में इस दौरान भक्ति और धार्मिक उत्सव का माहौल रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन किए और प्रसाद ग्रहण किया। श्रीकृष्ण छठी उत्सव की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं जन्मोत्सव के साथ ही मंदिर में श्रीकृष्ण छठी उत्सव की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। आयोजक मंडल के मुताबिक छठी उत्सव में भगवान को 56 थाल में 56 प्रकार के भोग अर्पित किए जाएंगे। इसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा। उत्सव के दौरान वृंदावन से आए कलाकार भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और रासलीला का मंचन करेंगे। धार्मिक कार्यक्रमों के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। आयोजकों ने बताया कि द्वारिकाधीश मंदिर में हर साल कृष्ण जन्मोत्सव और छठी उत्सव पर विशेष आयोजन होता है। इसमें शहर के अलग-अलग इलाकों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में उत्तम कपूर, सुनील खन्ना, संदीप सोंधी, अनुराग मिश्रा, मनीष गुप्ता और अमित टंडन समेत आयोजक मंडल के सदस्य जुटे रहे।
1930 पर तत्काल शिकायत करने से ठगी की रकम को होल्ड कराने की संभावना बढ़ती है।
मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित जटाशंकर धाम में भारी बारिश के बाद गोमुख से पानी मंदिर में आकर भगवान शिव का अद्भुत जलाभिषेक हुआ।
अयोध्या लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों को सितंबर की शुरुआत में हुई बारिश से राहत मिली है। अयोध्या में पिछले चार दिनों से रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार 3 सितंबर सुबह 8:30 बजे से 4 सितंबर सुबह 8:30 बजे तक अयोध्या में 42.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इस दौरान न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 30.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 11 सेमी ऊपर बना हुआ है। बारिश से धान की फसल को फायदा बारिश से खेतों में नमी बढ़ी है। धान और अन्य खरीफ फसलों को इसका फायदा मिलने की उम्मीद है। किसानों को फिलहाल सिंचाई से राहत मिली है। हालांकि, लगातार बारिश होने पर निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। सरयू का जलस्तर खतरे के निशान के पार बारिश के बीच सरयू नदी का जलस्तर भी बढ़ा है। 3 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार अयोध्या में सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से 11 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया था। इसके बाद नदी किनारे के इलाकों में प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। 5 और 6 सितंबर को भी बारिश की संभावना IMD के अयोध्या पूर्वानुमान के मुताबिक 5 और 6 सितंबर को एक-दो दौर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। दोनों दिन अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
करनाल में पेशाब करने के लिए बाइक रोकी:पीछे से आए 3 बदमाश बैग ले गए , कंडक्टर का पैसों से भरा था बैग
करनाल जिला के असंध थाना क्षेत्र में बाइक रोककर पेशाब कर रहे निजी बस के कंडक्टर का पैसों से भरा बैग चोरी होने का मामला सामने आया है। पीछे से एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए तीन व्यक्ति कंडक्टर की बाइक पर रखा बैग उठाकर फरार हो गए। बैग में करीब 22 हजार रुपए नकद और टिकट मशीन थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ड्यूटी खत्म कर घर लौट रहा था गांव राहड़ा निवासी संजय शर्मा पुत्र ताराचंद शर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह निजी बस एचआर-45-सी-5707 पर कंडक्टर है। 4 सितंबर को ड्यूटी खत्म करने के बाद वह मोटरसाइकिल से अपने घर गांव राहड़ा जा रहा था। रास्ते में पेशाब करने के लिए उसने अपनी मोटरसाइकिल सड़क किनारे रोक दी और पेशाब करने लगा। इसी दौरान पीछे से एक मोटरसाइकिल पर तीन व्यक्ति आए। मोटरसाइकिल का नंबर संजय शर्मा को पता नहीं चल पाया। आरोपियों ने उसकी मोटरसाइकिल पर रखा पैसों का बैग उठाया और मौके से फरार हो गए। बैग में करीब 22 हजार रुपए नकद और एक टिकट मशीन रखी हुई थी। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कीसंजय शर्मा ने मामले की शिकायत थाना असंध को दी है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। जाँच अधिकारी पवन कुमार मामले की जाँच कर रहे है। पुलिस का कहना है कि आसपास के सीसीटीवी कैमरो को चेक किया जाएगा, ताकि आरोपियों का कोई सुराग लग सके। आरोपियों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।
राज्यकर विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्वालियर रोड टोल प्लाजा पर 250 किलो चांदी की खेप पकड़ी है। शुक्रवार दोपहर हुई इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया। बरामद चांदी की बाजार कीमत करीब ढाई करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। विभाग ने चांदी और वाहन दोनों को सीज कर दिया है। विभाग को मुखबिर से सूचना मिली थी कि गुजरात से भारी मात्रा में चांदी बिना वैध दस्तावेजों के ग्वालियर होते हुए आगरा लाई जा रही है। इस पर असिस्टेंट कमिश्नर (ग्रेड-1) पंकज गांधी के नेतृत्व में टीम ने ग्वालियर रोड टोल प्लाजा पर जाल बिछाया। टोल पर वाहनों की सघन चेकिंग शुरू की गई। जैसे ही संदिग्ध वाहन टोल पर पहुंचा, टीम ने उसे रोककर घेर लिया। शुरुआत में चालक ने अधिकारियों को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर वह टूट गया। वाहन की तलाशी लेने पर उसमें सफेद बोरियों में भरकर रखी गई 250 किलो चांदी मिली। चालक और उसके साथ मौजूद दो लोग चांदी से संबंधित कोई पक्का बिल, ई-वे बिल या जीएसटी से जुड़ा दस्तावेज नहीं दिखा पाए। जांच में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया। अधिकारियों ने बताया कि राजकोट की एक फर्म के नाम पर बिल बनाए गए थे, लेकिन बिल में दर्शाई गई मात्रा से करीब दोगुना माल वाहन में लदा हुआ था। आशंका है कि टैक्स चोरी के लिए जानबूझकर कम मात्रा दिखाई गई थी। असिस्टेंट कमिश्नर पंकज गांधी ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला बड़े पैमाने पर जीएसटी चोरी का लग रहा है। चांदी कहां से लाई गई, किसे सप्लाई की जानी थी और इसमें कौन-कौन शामिल है, इसकी गहन जांच की जा रही है। विभाग ने संबंधित फर्मों के रिकॉर्ड खंगालने शुरू कर दिए हैं।
अयोध्या स्थित भव्य श्रीराममंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व इस बार विशेष धार्मिक उल्लास और भव्यता के साथ मनाया गया। आधी रात जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ, पूरा राम मंदिर परिसर ‘जय कन्हैया लाल की’ के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने तालियां बजाकर और भक्ति पदों का गायन कर भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की खुशियां मनाईं। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह को देखते हुए श्रीराम मंदिर को रात में विशेष रूप से खोला गया। मंदिर में रात 11:30 बजे से लेकर देर रात 1 बजे तक विशेष दर्शन एवं जन्मोत्सव कार्यक्रम का आयोजन हुआ। मंदिर में पहली बार इतनी भव्यता के साथ यह उत्सव मनाया गया। मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य से पहले विधि-विधान से महाभिषेक और आरती की गई। इसके बाद श्रीकृष्ण जन्म की घोषणा होते ही मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में डूब गया। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के बाद विशेष स्तुतियों का गायन किया गया। इसके साथ ही मध्यरात्रि में भक्ति पदों और पारंपरिक भजनों की स्वर लहरियां गूंजती रहीं। श्रद्धालु तालियों की गड़गड़ाहट के साथ भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में झूम उठे। ‘हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की’ जैसे जयघोषों से पूरा परिसर गुंजायमान हो गया। जन्मोत्सव के इस दृश्य ने राम मंदिर की आध्यात्मिक आभा को और भी दिव्य बना दिया। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के इस विशेष आयोजन में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देव गिरि, ट्रस्ट के सदस्य एवं निर्मोही अखाड़ा के सदस्य महंत देवेंद्र दास तथा व्यवस्था प्रमुख आचार्य इंद्रदेव सहित अन्य प्रमुख संत और पदाधिकारी मौजूद रहे। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर बने भव्य मंदिर में भगवान श्रीराम के साथ श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का आयोजन श्रद्धा और सनातन परंपरा के अद्भुत संगम का प्रतीक बना। मध्यरात्रि में हुए इस आयोजन ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद से भर दिया। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ ही मंदिर परिसर में उल्लास, भक्ति और आस्था का ऐसा वातावरण बना, जिसे श्रद्धालु लंबे समय तक याद रखेंगे।
बिजनौर को नूरपुर क्षेत्र के ग्राम धमरौली में शनिवार सुबह करीब 5 बजे टहलने निकले यादव महासभा के जिलाध्यक्ष मृतक ओमप्रकाश यादव (65) को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। सुबह राहगीरों ने ओमप्रकाश यादव का शव देखा। मौके पर भीड़ इकट्ठा हो गई। मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। ओमप्रकाश यादव शनिवार सुबह अपने घर से टहलने निकले थे। घर से करीब एक किलोमीटर दूर नूरपुर-बिजनौर स्टेट हाईवे पर ईदगाह के पास किसी वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में उनकी मौके पर ही जान चली गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने पास लिया। परिजनों को घटना की जानकारी दी गई। परिजनों के पहुंचने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। ओमप्रकाश यादव वरिष्ठ सपा नेता भी थे और बिजनौर के यादव महासभा के जिलाध्यक्ष थे। उनकी मौत की खबर से इलाके में दुख का माहौल है। पोस्टमार्टम के बाद शव करीब दो बजे उनके घर पहुंचेगा। परिजनों को सांत्वना देने के लिए राजनीतिक और सामाजिक लोग उनके घर पहुंच रहे हैं। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। ओमप्रकाश यादव अपने मिलनसार स्वभाव के लिए जाने जाते थे। उन्होंने यादव समाज में हुए कई विवादों को अपने अच्छे व्यवहार से सुलझाया था। उनकी मौत को यादव समाज और सपा के लिए एक नुकसान माना जा रहा है। खबर अपडेट की जा रही है….
बांसवाड़ा नगर परिषद चुनाव में कई रोचक मुकाबले सामने आए हैं। वार्ड 20 में दो भाई आमने-सामने हैं, जबकि दो बहनें अलग-अलग वार्डों से भाजपा और कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं।
सहारनपुर में कलक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जारी है। इसके साथ ही कलेक्ट्रेट परिसर के पांचों गेट सील किए गए हैं। किसी भी बाहरी व्यक्ति को एंट्री नहीं दी गई है।
कपूरथला के थाना सुभानपुर के अंतर्गत गांव बूटां में देर रात दो पक्षों के बीच हुए विवाद के बाद सिविल अस्पताल में भी जमकर हंगामा हो गया।
सवाई माधोपुर में गुरुवार शाम से शुरू हुआ बारिश का दौर लगातार जारी है। शुक्रवार को पूरे दिन और रात बारिश होती रही। शनिवार सुबह भी रुक-रुककर रिमझिम बारिश जारी रही। लगातार बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली है, लेकिन कई जगह सामान्य जनजीवन भी प्रभावित हुआ है। 24 घंटे में 1296 एमएम बारिश दर्ज जिले के सभी 20 रेन गेज सेंटर पर पिछले 24 घंटे में कुल 1296 एमएम बारिश दर्ज की गई। यह इस सीजन में एक दिन में हुई सबसे ज्यादा बारिश है। दो दिन की बारिश के बाद जिले की औसत बारिश के आंकड़े में भी बढ़ोतरी हुई है। सवाई माधोपुर में अब तक औसत बारिश का आंकड़ा 503.9 एमएम पहुंच गया है। जिले में औसत बारिश 675 एमएम है। 6 सितंबर तक बारिश का दौर मौसम विभाग के अनुसार नए मौसम सिस्टम के कारण बारिश का दौर 6 सितंबर तक जारी रह सकता है। विभाग ने सवाई माधोपुर में 5 और 6 सितंबर को बारिश का अलर्ट जारी किया है। तेज बारिश के कारण सवाई माधोपुर जिले के स्कूलों में शनिवार को छुट्टी भी घोषित की गई है। तलावड़ा में सबसे ज्यादा बारिश पिछले 24 घंटे में अलग-अलग जगहों पर बारिश का आंकड़ा इस तरह रहा: इन आंकड़ों में तलावड़ा में सबसे ज्यादा 131 एमएम बारिश हुई। वहीं बौंली में सबसे कम 30 एमएम बारिश दर्ज की गई।
एटा कोतवाली देहात क्षेत्र में महिंद्रा एजेंसी के पास शुक्रवार देर रात रोडवेज बस ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में 5 साल के मासूम समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति घायल हो गया। पुलिस ने घायलों को एटा के वीरांगना अवंती बाई मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने दो लोगों को मृत घोषित कर दिया। घायल का इलाज चल रहा है। हादसा शुक्रवार रात करीब 11:30 बजे हुआ। बताया जा रहा है कि बाइक सवार एटा में आयोजित जन्माष्टमी कार्यक्रम देखने आ रहे थे। इसी दौरान महिंद्रा एजेंसी के पास रोडवेज बस से उनकी बाइक की टक्कर हो गई। घायल गोविंद के मुताबिक, वे रात करीब 11:30 बजे एटा आ रहे थे। इसी दौरान रोडवेज बस ने अचानक कट मारा और बाइक बस में जा घुसी। गोविंद ने बताया कि बाइक पर कुल पांच लोग सवार थे। बच्चे समेत दो की मौत पुलिस के मुताबिक, हादसे में देतई, थाना मिरहची निवासी श्याम सुंदर (पुत्र राजेंद्र) और गंगानगर, कोतवाली देहात निवासी 5 वर्षीय अर्जुन (पुत्र पवन) की मौत हुई है। गोविंद घायल हुआ है, जिसका मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। मृतक श्याम सुंदर के छोटे भाई ने बताया कि वे कृष्ण जन्माष्टमी देखने एटा जा रहे थे। हनुमान गढ़ी के पास रोडवेज बस ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में उनके भाई और एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि भाई के दोस्त का इलाज चल रहा है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस हादसे की परिस्थितियों और बस चालक के संबंध में जांच कर रही है।
सिवनी के धनोरा विकासखंड मुख्यालय में रेस्ट हाउस चौराहे और अस्पताल के पास लगी स्ट्रीट लाइटें पिछले कुछ दिनों से बंद हैं। रात में इन जगहों पर अंधेरा रहने से मरीजों, उनके परिजनों और राहगीरों को परेशानी हो रही है। बारिश के मौसम में अंधेरे के कारण सांप-बिच्छू जैसे जहरीले जीवों का डर भी बना हुआ है। चार दिशाओं को जोड़ता है मुख्य चौराहा रेस्ट हाउस चौराहा धनोरा का प्रमुख रास्ता है। यहां से घंसौर, कहानी, पिंडरई और पलारी की ओर लोग और वाहन आते-जाते हैं। चौराहे के पास ही अस्पताल है, जहां रात में भी मरीज और उनके परिजनों का आना-जाना लगा रहता है। स्ट्रीट लाइट बंद होने के कारण अस्पताल आने-जाने वाले लोगों को अंधेरे में रास्ता पार करना पड़ रहा है। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को ज्यादा परेशानी हो रही है। बारिश में जहरीले जीवों का भी डर इन दिनों रुक-रुककर बारिश हो रही है। सड़क किनारे और खाली जगहों पर पानी और नमी बनी हुई है। ऐसे में सांप, बिच्छू और दूसरे कीड़े-मकौड़े निकलने का डर रहता है। अंधेरा होने से राहगीरों को इन्हें देख पाना भी मुश्किल हो जाता है। लोगों ने जल्द सुधार की मांग की स्थानीय निवासी संदीप मर्सकोले और अन्य लोगों ने संबंधित विभाग से बंद स्ट्रीट लाइटों को जल्द ठीक कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि खराब बल्ब और बिजली के उपकरण बदले जाएं और पूरे इलाके की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था की जांच की जाए। स्थानीय लोगों ने बारिश के मौसम को देखते हुए मुख्य चौराहे और अस्पताल के आसपास रात में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था जल्द शुरू कराने की मांग की है।
पाली में शुक्रवार रात 12 बजे कृष्ण जन्माष्टमी पर शहर के मंदिरों और कई मोहल्लों में बने पांडाल में कान्हा के जन्म की रस्म निभाई गई। रात 12 बजते ही मंदिरों में घंटे-घड़ियाल, ढोल-नगाड़े, झांझ-मजीरे और मृदंग बजने लगे। शंख की आवाज के बीच पंचगव्य से भगवान का अभिषेक किया गया और पूजा की गई। मंदिरों में लगाए कृष्ण के जयकारे शहर के गीता सत्संग भवन, गोपीनाथ मंदिर, रघुनाथ मंदिर, वेंकटेश मंदिर और खौड़ का बास चारभुजा मंदिर में श्रद्धालुओं ने कृष्ण जन्म पर भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाए। मंदिरों में श्रद्धालुओं को मिश्री-माखन और पिंजरी का प्रसाद दिया गया। इसके बाद शहरवासी अपने घरों की ओर रवाना हुए और घर पहुंचकर व्रत खोला। पानी दरवाजा से वेंकटेश मंदिर तक रात में मेले जैसा माहौल रहा। रात 12 बजे भैरूघाट चौराहे पर युवाओं ने दही हांडी फोड़ी। कई मंदिरों में रात 12 बजे तक भजन-कीर्तन भी हुए। 251 किलो विदेशी फूलों से सजाया दरबार पानी दरवाजा स्थित गोपीनाथ मंदिर को खास तरीके से सजाया गया। मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी कई झांकियां लगाई गईं। शहरवासियों ने भगवान के दर्शन किए और यहां फोटो भी खिंचवाए। मंदिर में 251 किलो विदेशी फूलों से भगवान खाटू श्याम का दरबार सजाया गया। यह लोगों के लिए खास आकर्षण का केंद्र रहा। इसी तरह रघुनाथ मंदिर, वेंकटेश मंदिर, गीता सत्संग भवन और भैरूघाट स्थित ब्राह्मण स्वर्णकार समाज के भवन में भी सजावट की गई। बच्चों को कृष्ण के गेटअप में लेकर पहुंचे मंदिरों में दर्शन के लिए सैकड़ों शहरवासी अपने छोटे बच्चों को भगवान श्रीकृष्ण के गेटअप में सजाकर लेकर पहुंचे। कई बच्चों को राधा-कृष्ण के गेटअप में भी सजाया गया था। मंदिरों में पहुंचे ये बच्चे लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे। फोटो में देखे कृष्ण जन्माष्टमी की झलकियां
पढ़ें 5 सितंबर 2026 की सुबह की बड़ी खबरें और अन्य समाचार
IMD ने उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बारिश के साथ कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया है. इस दौरान दिल्ली में भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी-बिजली की संभावना है.
कोटकपूरा के श्री राधाकृष्ण मंदिर में जन्माष्टमी पर झांकियां रही आकर्षक का केंद्र
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जन्माष्टमी पर रोशनी से सराबोर हुआ दुर्गियाना मंदिर
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अब आधार कार्ड के बिना भी मिलेगी पेंशन, किस राज्य के सीएम ने किया ये एलान?
अब सामाजिक सुरक्षा पेंशन के पात्र लाभार्थियों को आधार कार्ड न होने पर भी खाता-आधारित भुगतान मिलेगा।
मनगढ़ के भक्ति मंदिर में शुक्रवार आधी रात 12 बजे रोहिणी नक्षत्र में भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य हुआ। भगवान के जन्म लेते ही मंदिर में उत्सव का माहौल बन गया। पूरा मंदिर परिसर 'जय कन्हैया लाल की' और 'हाथी-घोड़ा-पालकी' के जयकारों से गूंज उठा। भक्तों ने उपहार अर्पित किए और भगवान की आरती उतारी। इसके बाद सोहर, बधाई गीत और संकीर्तन का दौर शुरू हो गया। देर रात तक चले जन्मोत्सव से पूरा मनगढ़ भक्तिमय हो गया। भगवान के अभिषेक के बाद श्रद्धालुओं को पंचामृत का प्रसाद बांटा गया। कान्हा की एक झलक पाने के लिए भक्तों में बहुत उत्साह था। रात करीब दो बजे तक भजन-कीर्तन और जन्मोत्सव के कार्यक्रम चलते रहे। इसके बाद भगवान को शयन कराया गया और मंदिर के दरवाजे बंद कर दिए गए। मंदिर के बाहर पटाखों और आतिशबाजी से पूरा इलाका रोशन हो गया। शाम होते ही मंदिर में जुटी भीड़ शाम होते ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने लगी। रात दस बजे सत्संगियों और भक्तों ने संकीर्तन शुरू किया। रात करीब 11 बजे मंदिर के पुजारी राजेंद्र तिवारी ने भगवान श्रीकृष्ण का पंचामृत से अभिषेक करना शुरू किया। इसके बाद श्रद्धालु आधी रात का बेसब्री से इंतजार करने लगे। रोहिणी नक्षत्र में ठीक रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य हुआ। भगवान के जन्म लेते ही मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने 'जय कन्हैया लाल की' और 'हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की' के जयकारे लगाए। भक्तों ने भगवान को उपहार अर्पित किए। इसके बाद आरती हुई और जन्म के सोहर, बधाई गीत तथा संकीर्तन शुरू हो गए। मंदिर परिसर में भक्ति और उल्लास का ऐसा माहौल था कि हर कोई कृष्ण भक्ति में डूबा हुआ दिखा। देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं लिए शुक्रवार का दिन खास रहा। सुबह से ही कृपालु धाम मनगढ़ के भक्ति मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ जुटने लगी थी। श्रद्धालु राधा-कृष्ण के दर्शन कर निहाल हो रहे थे। मंदिर परिसर में सजाई गईं विभिन्न झांकियां भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। परिवार के साथ पहुंचे लोग झांकियों के सामने सेल्फी लेते नजर आए। वहीं पूतना उद्धार लीला की झांकी में पूतना की चीत्कार सुनकर श्रद्धालु रोमांचित हो उठे। कृपालु धाम मनगढ़ में आयोजित श्रीकृष्ण जन्मोत्सव समारोह में शामिल होने के लिए स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ ही गैर जनपदों और देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। सुबह से ही मनगढ़ की ओर श्रद्धालुओं का रेला लगा रहा। निजी वाहनों के अलावा प्रयागराज, लखनऊ और कानपुर की ओर से आने वाली यात्री ट्रेनों में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली।
बालोद जिले के रानीमाई मंदिर के पास पिछले 59 दिनों से घूम रहे एक घायल भालू को वन विभाग ने पकड़ लिया है। भालू को पिंजरे में कैद किया गया। भालू के पिछले दाहिने पैर में गंभीर चोट थी। इस चोट के कारण वह करीब डेढ़ महीने से तीन पैरों पर चल रहा था। शाम होते ही वह रानीमाई मंदिर और आसपास के गांवों में खाने की तलाश में पहुंच जाता था। वन विभाग ने मंदिर के पास एक पिंजरा लगाया था। इसमें गुड़ और नारियल रखा गया था। इनकी खुशबू से आकर्षित होकर भालू पिंजरे में घुस गया और फंस गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह भालू कई बार होटलों में घुसकर भजिया खा जाता था। एक बार तो इसने कड़ाही का तेल भी पी लिया था। वन विभाग ने भालू को इलाज के लिए जंगल सफारी भेज दिया है। पहले देखिए ये तस्वीरें- 16 जुलाई को सड़क पार करते वीडियो हुआ था वायरल घायल भालू की मौजूदगी पहली बार 16 जुलाई 2026 को सामने आई थी। उस समय घायल अवस्था में भालू के सड़क पार करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में उसके पिछले पैर में चोट दिखाई दे रही थी और वह लंगड़ाते हुए सड़क पार कर रहा था। इसके बाद से वन विभाग उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहा था। होटल से भजिया खाया और तेल पी गया घायल भालू लगातार भोजन की तलाश में मंदिर और आस पास के गांव तक पहुंच रहा था। बताया जा रहा है कि रात होते ही रानीमाई मंदिर के पास स्थित होटल से वह बचा हुआ भजिया खा लेता था और वहां रखा तेल भी पी जाता था। इसके अलावा मंदिर परिसर के आसपास जलाए गए दिए का तेल भी पी जाता था। भालू के लगातार मंदिर और गांवों के आसपास घूमने से ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में डर का माहौल बना हुआ था। पैरों के निशान से ट्रैक कर रहा था वन विभाग भालू की एक्टिविटी पर बालोद वन विभाग लगातार नजर रख रहा था। टीम ने उसके पैरों के निशान और आने-जाने वाले जगहों की निगरानी की। शाम के समय भालू के मंदिर की ओर आने का पैटर्न सामने आने के बाद उसे सुरक्षित पकड़ने की रणनीति बनाई गई। संभावित स्थान पर पिंजरा लगाया गया और उसमें गुड़ और नारियल रखा गया। रात में भालू पिंजरे में पहुंचा और वन अमले ने उसे सुरक्षित पकड़ लिया। इलाज के लिए जंगल सफारी भेजा रेस्क्यू के बाद भालू को सुरक्षित पिंजरे में रखकर रायपुर स्थित जंगल सफारी भेजा गया। वहां वन्यजीव विशेषज्ञ उसकी स्वास्थ्य जांच और घायल पैर का इलाज करेंगे। इलाज के बाद उसकी स्थिति में सुधार होने पर वन विभाग आगे की प्रक्रिया तय करेगा। स्वस्थ होने के बाद उसे जंगल में उसके प्राकृतिक वातावरण में छोड़ने की तैयारी की जाएगी। कई जगह सामने आ चुकी भालुओं की मौजूदगी बालोद जिले में पिछले कुछ समय से भालुओं की एक्टिविटी लगातार सामने आ रही हैं। डौंडी, दल्लीराजहरा और बालोद वन परिक्षेत्र के अलावा गुरुर के सियादेवी और नारागांव क्षेत्र में भी भालू देखे जाने की सूचनाएं मिली है। दल्लीराजहरा के माइंस क्षेत्र के वार्ड-1 और 2 तथा राजहरा बाबा क्षेत्र में भी भालू की मौजूदगी सामने आई है। कुछ दिन पहले जिला अस्पताल परिसर में आधी रात भालू घूमता हुआ पाया गया था। पर्यावरण पार्क और तांदुला बांध के आसपास भी भालू देखे जाने की घटनाएं सामने आ चुकी है। ……………………… इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… भाई-बहन को मारकर शवों को नोचता रहा भालू, LIVE VIDEO:कांकेर में खेत में काम करते समय किया हमला, 3 की मौत, 1 गंभीर छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में एक मादा भालू ने हमला कर भाई और बहन की जान ले ली। मारने के बाद वह उनके शवों को नोचती रही, जिसका लाइव वीडियो भी सामने आया है। घटना बुधवार दोपहर की है। हमले में एक ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसे रायपुर रेफर किया गया है। घटना नरहरपुर वन परिक्षेत्र के लारगांव मरकाटोला गांव की है। पढ़ें पूरी खबर…
रोहतक में नगर पालिका सफाई कर्मचारियों ने सरकार द्वारा नोटिस जारी करने पर विरोध जताया और स्पष्ट कहा कि जब तक 13 मई को हुआ समझौता लागू नहीं किया जाता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। सरकार के खिलाफ यह आर-पार की लड़ाई है, जिसे अंजाम तक पहुंचाकर ही छोड़ेंगे। नगर पालिका कर्मचारी संघ के जिला प्रधान शंभू टांक ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को 31वां दिन है, लेकिन अभी तक सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। कर्मचारियों की मांग पूरी करने की बजाय आंदोलन को तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कर्मचारियों की आवाज को दबाया जा रहा है, जिसे सहन नहीं किया जाएगा। लाठीचार्ज, गिरफ्तारी के बाद अब जारी किए नोटिसशंभू टांक ने कहा कि सरकार ने कर्मचारियों के आंदोलन को तोड़ने के लिए पहले लाठीचार्ज करवाया। उसके बाद कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया। फायर ब्रिगेड के दो नेताओं को सस्पेंड किया गया। अब सफाई कर्मचारियों को नोटिस जारी किए गए है, जिससे कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ गया। शंभू टांक ने कहा कि सरकार ने नोटिस जारी करते हुए 5 सितंबर तक काम पर लौटने के आदेश दिए, लेकिन वह केसों से डरने वाले नहीं है। जब तक 13 मई को सरकार के साथ हुआ समझौता लागू नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। आज भाजपा मंत्रियों व विपक्ष के नेता को देंगे ज्ञापनशंभू टांक ने बताया कि आज प्रदेशभर में भाजपा के मंत्रियों को ज्ञापन देते हुए जवाब मांगा जाएगा। साथ ही विपक्ष के नेता को भी ज्ञापन दिया जाएगा। वहीं, 10 से 12 सितंबर तक गांवों में जाकर जन भागेदारी को सुनिश्चित किया जाएगा और 13 सितंबर को कुरुक्षेत्र में पंचायत करके सीएम को ज्ञापन देकर जवाब मांगा जाएगा।
नेपाल में आई बाढ़ के कारण पानीपत के टेक्सटाइल उद्योग को भारी नुकसान हुआ है, जिससे 450 करोड़ रुपये का व्यापार बाधित हो गया है।
लुधियाना के डाबा थाना क्षेत्र में पालतू कुत्ते को लेकर हुए विवाद के बाद एक व्यक्ति ने परिवार से गाली-गलौज करने, महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार करने और बाद में 10-12 अज्ञात लोगों को साथ लाकर जान से मारने की धमकियां देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी और उसके अज्ञात साथियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, 16 अगस्त 2026 को वह अपने मायके घर गली नंबर-2, आजाद नगर, शिमलापुरी में मौजूद था। इसी दौरान उसे घर के पालतू कुत्ते ‘नन्नी’ के जोर-जोर से भौंकने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर जब वह गली में गए तो सामने रहने वाला आरोपी गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी, निवासी गली नंबर-1, बसंत नगर, लुधियाना, छत पर खड़ा होकर उसके कुत्ते पर पत्थरबाजी कर रहा था। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने और उसके परिवार ने आरोपी से कुत्ते पर पत्थर फेंकने का कारण पूछा। इस पर आरोपी ने उसके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। शोर सुनकर शिकायतकर्ता की बहनें जो नाबालिग है वह भी बाहर आ गई । आरोप है कि इसके बाद गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी ने दोनों लड़कियों के साथ भी गाली-गलौज की और कथित तौर पर अश्लील इशारे करने लगा। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि इस दौरान आरोपी ने उसके साथ गलत तरीके से टच भी किया। परिवार ने अपनी इज्जत को ध्यान में रखते हुए घर के अंदर चले जाने का फैसला किया। कुछ समय बाद आरोपी दोबारा 10-12 अज्ञात लोगों को साथ लेकर उनके घर के बाहर पहुंच गया। शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी और उसके साथ आए लोगों ने घर के बाहर खड़े होकर गाली-गलौज की और परिवार को जान से मारने की धमकियां दीं। शिकायत के आधार पर थाना डाबा पुलिस ने आरोपी गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी और 10-12 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ धारा 74, 126(2), 351(2) और 191(3) BNS के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी के साथ मौजूद अन्य लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
अलवर में सुबह 3 घंटे से बारिश:शहर की सड़कें बनी तालाब;कई कॉलोनियों में डेढ़ फीट तक पानी भरा
अलवर शहर में शनिवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली। तड़के करीब 5 बजे रिमझिम बारिश शुरू हुई, इसके बाद सुबह 7:30 बजे के आसपास बारिश ने जोर पकड़ लिया। करीब एक घंटे तक हुई झमाझम बारिश से शहर के कई हिस्सों में सड़कें जलमग्न हो गईं। फ्रेंड्स कॉलोनी में डेढ़ फीट से ज्यादा पानी भर गया, जिससे वाहन चालकों को आवाजाही में परेशानी हुई। कई दुकानों में भी पानी घुस गया। जवाहर नगर, नेहरू नगर और मेहताब सिंह का नोहरा क्षेत्र की कुछ कॉलोनियों में भी जलभराव रहा। देखे बारिश से जुड़े PHOTOS… बारिश के कारण वार्ड 45, 46 और 47 में कुछ पार्षद प्रत्याशियों के कार्यालयों में भी पानी घुस गया। टेल्को चौराहा, जेल चौराहा, ट्रांसपोर्ट नगर, तुलेड़ा सहित शहर और जिले के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हुई। शहर में जलभराव की स्थिति को लेकर एक बार फिर नालों की सफाई और पानी निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। कई जगह नालियों का पानी सड़क पर आने से हालात और बिगड़ गए। इधर, किसानों की चिंता भी बढ़ी: ग्रामीण क्षेत्रों में तेज बारिश से खेतों में पानी भर गया। इन दिनों कई किसान प्याज की बुवाई कर रहे हैं। किसानों के अनुसार लगातार तेज बारिश होने पर प्याज के बीज के ऊपर की मिट्टी बहने या जमने से अंकुरण प्रभावित हो सकता है, जिससे उत्पादन कम होने की आशंका है। इससे पहले शुक्रवार को भी जिले के कुछ क्षेत्रों में बारिश दर्ज की गई थी। मौसम विभाग के अनुसार 5 और 6 सितंबर को बादल छाए रहने, हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना है। इसके बाद 7 सितंबर से मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने का अनुमान है।
कानपुर नगर निगम में भ्रष्टाचार का एक नया मामला सामने आया है। एक फर्म संचालक ने एक ही वार्ड में नौ अत्याधुनिक कूड़ा घर बना डाले, जबकि नियमानुसार एक वार्ड में चार अत्याधुनिक कूड़ाघर बनाए जा सकते हैं।
राजस्थान के इसबगोल की खरीद और प्रोसेसिंग से जुड़े किसान व उद्यमी गुजरात और राजस्थान में लागू GST की अलग-अलग दरों से परेशान हैं। गुजरात में प्राकृतिक, कच्चे और बिना प्रसंस्करण वाले इसबगोल बीज पर 0% GST का फैसला है, जबकि राजस्थान में मंडियों और गोदामों में रखे इसबगोल बीज पर 5% GST लगाया गया है। एसोसिएशन का कहना है कि इस अंतर के चलते प्रदेश की मंडियों में इसबगोल की खरीद और नीलामी प्रभावित हो रही है। राजस्थान इसबगोल प्रोसेसर्स एसोसिएशन ने राज्य सरकार से 12 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाली 57वीं GST काउंसिल की बैठक में यह मुद्दा उठाने की मांग की है। एसोसिएशन ने साथ ही प्राकृतिक और कच्चे इसबगोल बीज पर पूरे देश में एक समान 0% GST लागू करने की मांग की है। राजस्थान में देश के कुल इसबगोल उत्पादन का 75% से ज्यादा होता है, ऐसे में उद्योग और किसानों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। गुजरात-राजस्थान में अलग-अलग फैसलों से बढ़ी परेशानी एसोसिएशन अध्यक्ष संदीप कुमार ने बताया कि गुजरात AAR के 29 मई 2026 के फैसले में प्राकृतिक, कच्चे और बिना प्रसंस्करण वाले इसबगोल बीज को ताजा मानते हुए शून्य GST लागू किया गया है। वहीं राजस्थान AAR के 27 जुलाई 2026 के आदेश में मंडियों और APMC में नीलामी के लिए आने वाले तथा गोदामों और शेड में रखे इसबगोल बीज को प्रोसेस्ड ड्राई मानकर 5% GST लगाया गया है। इससे राजस्थान की मंडियों में खरीद प्रभावित हो रही है। 90% इसबगोल निर्यात, GST रिफंड में फंस रही वर्किंग कैपिटल महासचिव विभोर गोयल ने कहा कि इसबगोल के बीज वातावरण से स्वाभाविक रूप से नमी ग्रहण करते हैं। मंडी या गोदाम में रखने से इसे सुखाया हुआ या प्रोसेस्ड नहीं माना जा सकता। राजस्थान से करीब 90% इसबगोल का निर्यात होता है। निर्यातकों को GST रिफंड मिलता है, लेकिन रिफंड में वर्किंग कैपिटल फंसने से प्रोसेसिंग इकाइयों का नकदी प्रवाह प्रभावित हो रहा है। पूरे देश में एक समान GST की मांग एसोसिएशन ने मांग की है कि APMC से खरीदे गए प्राकृतिक और कच्चे इसबगोल बीज पर पूरे देश में समान रूप से शून्य GST की सिफारिश की जाए। साथ ही GST काउंसिल की स्पष्टता आने तक राजस्थान GST विभाग AAR के विवादित फैसले को लागू न करे और मंडियों में इसबगोल की नीलामी व खरीद प्रक्रिया सामान्य कराई जाए। एसोसिएशन का कहना है कि राजस्थान में 5% GST जारी रहने पर प्रोसेसिंग इकाइयों के गुजरात जाने का खतरा है, जिससे मंडियों, परिवहन, भंडारण और रोजगार पर असर पड़ेगा।
भदोही जनपद में जन्माष्टमी का पर्व शुक्रवार की मध्य रात्रि धूमधाम से मनाया गया। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव होते ही पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। हर तरफ 'नंद के घर नंदलाल भयो, जय कन्हैया लाल की' के जयकारे गूंजने लगे। पुलिस लाइन में पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन किया। इस दौरान पुलिस विभाग के बच्चों ने राधा-कान्हा के रूप में सांस्कृतिक और भक्ति गीतों पर नृत्य प्रस्तुत किया। जिला बार एसोसिएशन में भी जन्माष्टमी का कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां जिला पंचायत अध्यक्ष मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। जिला कारागार और हरिहरनाथ मंदिर परिसर में भी भगवान श्रीकृष्ण की जन्माष्टमी धूमधाम से मनाई गई। हरिहरनाथ मंदिर परिसर में रात 12 बजते ही भगवान श्रीकृष्ण की जन्म लीला से संबंधित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा। जिले के ग्रामीण इलाकों से लेकर नगर तक हर जगह रात 12 बजे तक भक्ति गीत बजते रहे और जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। पुलिस लाइन, जिला बार एसोसिएशन, जिला कारागार और हरिहरनाथ मंदिर पर भगवान श्रीकृष्ण की लीला की विभिन्न झांकियां भी सजाई गई थीं। बिजली की आकर्षक झालरों के बीच ये झांकियां बेहद सुंदर लग रही थीं, जिन्हें देखने के लिए नगर के लोग पहुंचे।
विदिशा में आवारा मवेशियों की समस्या लगातार बढ़ रही है। सड़कों, बाजारों और कॉलोनियों में घूमते सांड लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। शुक्रवार शाम सब्जी मंडी में दो सांड आपस में भिड़ गए। करीब 10 मिनट तक चली इस लड़ाई के दौरान मंडी में अफरा-तफरी मच गई। सांडों ने रास्ते में लगी सब्जी और फल की कई दुकानों को चपेट में ले लिया। दुकानों का सामान सड़क पर बिखर गया और कई विक्रेताओं को नुकसान उठाना पड़ा। वहीं, आसपास खड़े दोपहिया वाहन भी खराब हो गए। लोग इधर-उधर भागते दिखेइस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों सांड आपस में लड़ते नजर आ रहे हैं। सांडों को लड़ता देख लोग इधर-उधर भागते दिखे। सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि मंडी में इस तरह की घटनाएं अब आम होती जा रही हैं। उन्होंने नगर पालिका से आवारा मवेशियों को पकड़कर सुरक्षित जगह पहुंचाने की मांग की है। शहर में आवारा मवेशियों से परेशानी का यह पहला मामला नहीं है। दो दिन पहले रॉयल सिटी में भी दो सांडों की लड़ाई में कई वाहन खराब हो गए थे। इसके अलावा, कुछ दिन पहले गल्ला मंडी और काछी मोहल्ले में भी सांडों की लड़ाई के दौरान कई दोपहिया वाहन खराब हुए थे। एक बच्चा भी सांडों की लड़ाई की चपेट में आने से बाल-बाल बचा था। हमले की घटना सामने आ चुकीअरिहंत विहार कॉलोनी में भी सांड के हमले की घटना सामने आ चुकी है। यहां सुबह वॉक कर रहे एक बुजुर्ग पर सांड ने हमला कर दिया था, जिससे उन्हें चोट आई थी। इस घटना के बाद कॉलोनी के बुजुर्गों में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि पहले वे सुबह-शाम नियमित रूप से घूमने निकलते थे, लेकिन सड़कों पर घूमते सांडों के कारण अब उन्होंने बाहर निकलना कम कर दिया है। शहर के लोगों का कहना है कि आवारा मवेशियों की समस्या सिर्फ ट्रैफिक तक सीमित नहीं है, बल्कि अब यह लोगों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन रही है। मंडी में भी आए दिन ऐसा होता हैसब्जी विक्रेता मनोज ने बताया कि मंडी में आए दिन सांडों की लड़ाई होती रहती है। लड़ाई के दौरान सांड दुकानों में घुस जाते हैं, जिससे सब्जी-फल और अन्य सामान खराब हो जाता है। दुकानदारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। वहीं, सड़कों पर घूम रहे मवेशी लोगों को भी मार देते हैं, जिससे चोट लगने का खतरा बना रहता है। लोगों का कहना है कि निराश्रित मवेशियों की समस्या लगातार बढ़ रही है। आए दिन होने वाली घटनाओं को देखते हुए नगर पालिका को अभियान चलाकर इन मवेशियों को पकड़ना चाहिए और उन्हें गोशाला में सुरक्षित पहुंचाना चाहिए, ताकि लोगों और दुकानदारों को राहत मिल सके।
शाजापुर के मावि कांजा में पदस्थ शिक्षक हेमंत वैद्य को शिक्षक दिवस पर शनिवार को राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार दिया जाएगा। भोपाल में होने वाले कार्यक्रम में उन्हें विद्यार्थियों की पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन, नए तरीकों से पढ़ाने और स्कूल के विकास में योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। उन्हें प्रशस्ति पत्र, शाल-श्रीफल और 25 हजार रुपए की पुरस्कार राशि मिलेगी। छात्रों ने परीक्षाओं में किया बेहतर प्रदर्शन हेमंत वैद्य के मार्गदर्शन में मावि कांजा के विद्यार्थियों ने पिछले 10 साल में कई परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन किया है। इनमें नेशनल मीन्स कम मेरिट छात्रवृत्ति परीक्षा, ओलिंपियाड और विज्ञान मेले जैसी प्रतियोगिताएं शामिल हैं। वैद्य स्कूल में गणित और विज्ञान पढ़ाने के साथ प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। वे डाइट और राज्य स्तर पर दूसरे शिक्षकों को भी पढ़ाने के नए तरीकों को लेकर मार्गदर्शन देते हैं। गांव वालों की मदद से स्कूल में बढ़ीं सुविधाएं ग्रामीण क्षेत्र के इस स्कूल में गांव वालों के सहयोग से कई सुविधाएं जोड़ी गई हैं। स्कूल में कंप्यूटर लैब, 7 किलोवाट का सोलर प्लांट, स्मार्ट बोर्ड, नया फर्नीचर और सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। भोपाल में राज्यपाल, सीएम और शिक्षा मंत्री रहेंगे मौजूद शिक्षक दिवस पर 5 सितंबर को भोपाल में होने वाले कार्यक्रम में राज्यपाल, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मौजूद रहेंगे। इसी कार्यक्रम में हेमंत वैद्य को राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार दिया जाएगा। उनके चयन पर शिक्षा विभाग और स्कूल परिवार ने खुशी जताई है।
बालोतरा इलाके से एक युवती को रील शूट-प्रमोशन का झांसा देकर कथित तौर पर देह व्यापार से जुड़े नेटवर्क और एक तांत्रिक के साथ गलत एक्टिविटी में शामिल किए जाने के आरोप लगाए है। युवती को अहमदाबाद ले जाया गया। वहां पर संदिग्ध एक्टिविटी लगने पर भागकर अपने गांव आ गई। युवती ने थाने में रिपोर्ट दी है। पुलिस ने परिवाद दर्ज पूरे मामले की जांच कर रही है। पीड़िता ने गुरुवार को गुड़ामालानी थाने में परिवाद पेश कर पूरे मामले की शिकायत की। उसने पुलिस से मामले की गहन जांच करने, कथित नेटवर्क का पता लगाने और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता का दावा किया कि इलाके की कई युवतियां कथित तौर पर इस जाल में फंस चुकी है। हालांकि इन आरोपों की पुलिस ने अभी पुष्टि नहीं की है। पूरे मामले की वास्तविकता पुलिस जांच के बाद स्पष्ट हो पाएगी। पीड़ित के अनुसार बाड़मेर और बालोतरा इलाके की युवतियां को कथित तौर पर दलालों के जरिए अहमदाबाद भेजा जा रहा है। वहां एक तांत्रिक के साथ बैठाकर कथित रूप से गलत एक्टिविटी करवाई जाती है। इसके बदले पैसे दिए जाते है। अंदेशा जताया है कि इस क्षेत्र में इस प्रकार का कोई बड़ा गिरोह एक्टिव हो सकता है। रील शूट- प्रमोशन का झांसा देकर ले जाते युवतियां पीड़िता का आरोप है कि एक बड़ा गिरोह एक्टिव है। जो सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने वाली युवतियां को निशाना बनाता है। युवतियों को सोशल मीडिया प्रमोशन, रील और वीडियों शूट के साथ अधिक पैसे दिलाने का लालच देकर दूसरे शहर और राज्यों में ले जाया जाता है। अहमदाबाद ले जाने पर संदिग्ध एक्टिविटी लगने पर भागी पीड़िता ने बताया- उसे भी रील और वीडियो शूट का काम दिलाने की बात कहकर अहमदाबाद ले जाया गया था। वहां पहुंचने के बाद परिस्थितियां संदिग्ध लगी और उसके साथ कथित तौर पर गलत हरकतें की गई। उसे किसी गंभीर अनहोनी का अंदेशा हुआ तो वह वह से भागने में सफल हो गई। जांच कर रहे है पुलिस का कहना है कि युवती की ओर से परिवाद मिला है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच और सत्यापन शुरू कर दिया गया है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर प्राथमिकी दज्र कर नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जमशेदपुर के जुगसलाई थाना क्षेत्र में ईदगाह मैदान के पास शुक्रवार रात प्रतिबंधित पशु चोरी कर उसका मांस होटल में बेचने की सूचना को लेकर एक ही समुदाय के दो पक्ष आमने-सामने आ गए। विवाद देखते ही देखते हिंसक हो गया और बिष्टुपुर रामदास भट्ठा ग्वाला बस्ती तथा जुगसलाई गद्दी मोहल्ला के सैकड़ों लोग मौके पर जुट गए। दोनों पक्षों के लोग लाठी-डंडों से लैस थे। भीड़ ने एक-दूसरे पर पथराव शुरू कर दिया। पुलिस ने स्थिति संभालने के लिए लाठीचार्ज किया और तीन राउंड हवाई फायरिंग की। इसके बाद भीड़ मौके से हट गई। पुलिस ने घटनास्थल से तीन खोखे बरामद किए हैं। भीड़ की ओर से फायरिंग होने की बात से पुलिस ने इनकार किया है। घटना के बाद इलाके में पुलिस बल और क्यूआरटी तैनात कर दी गई। पुलिस ने आसपास की गलियों में खड़े लोगों को भी घर भेजा। देर रात डीएसपी सुमित क्यूआरटी के साथ मौके पर पहुंचे। सीसीटीवी फुटेज से पशु चोरी का सुराग जानकारी के अनुसार गुरुवार रात बिष्टुपुर के रामदास भट्ठा ग्वाला बस्ती में लालू गद्दी के घर के पास से जुगसलाई इस्लामनगर की स्कॉर्पियो (जेएच05-6870) से एक प्रतिबंधित पशु चोरी किया गया था। पशु मालिक ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर वाहन का पीछा करते हुए जुगसलाई इस्लामनगर स्थित ईदगाह मैदान तक पहुंचकर जानकारी जुटाई। वहां पता चला कि ईदगाह मैदान के पास केजीएन होटल के मालिक सगुआ कुरैशी और उसके बेटे फेकू कुरैशी ने कथित तौर पर चोरी किए गए पशु का मांस पकाकर बेचा है। इसी सूचना के बाद दोनों पक्षों में विवाद शुरू हुआ। देखते ही देखते मामला हंगामे में बदल गया। सूचना मिलने पर जुगसलाई थाना प्रभारी गुलाम रब्बानी पुलिस बल के साथ पहुंचे और लोगों को समझाकर शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ का आक्रोश बढ़ता गया। स्कॉर्पियो में 3-4 मवेशी रखने की जगह पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि जिस स्कॉर्पियो से बिष्टुपुर रामदास भट्ठा ग्वाला बस्ती से गाय की बछिया चोरी की गई थी, उसका इस्तेमाल पहले भी शहर के अलग-अलग इलाकों से पशु चोरी करने में किया जाता रहा है। पुलिस के अनुसार स्कॉर्पियो के अंदर सिर्फ ड्राइवर की सीट लगी थी और बाकी सीटें हटा दी गई थीं। इससे वाहन में एक साथ तीन से चार मवेशियों को आसानी से रखा जा सकता था। पुलिस अब स्कॉर्पियो को जब्त करने की प्रक्रिया में जुटी है। साथ ही घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पूरे मामले की जांच की जा रही है।
प्रतापगढ़ के कंधई थाना क्षेत्र में मानसिक रूप से अस्वस्थ 21 वर्षीय युवती से छेड़खानी, मारपीट और दुष्कर्म के प्रयास का मामला सामने आया है। युवती की भाभी की शिकायत पर पुलिस ने गांव के हरिकेश सिंह उर्फ गजन सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है। पीड़िता की भाभी के मुताबिक, उनके पति और देवर काम के सिलसिले में घर से बाहर गए थे। बुधवार रात करीब 9:30 बजे उनकी 21 वर्षीय ननद घर के पास लगे नल पर हाथ-पैर धोने गई थी। आरोप है कि इसी दौरान हरिकेश सिंह उर्फ गजन सिंह ने उसका मुंह दबाया और घर के पीछे सुनसान स्थान पर ले गया। परिजनों के अनुसार, वहां युवती के साथ छेड़खानी और जबरदस्ती की गई। काफी देर तक युवती के घर नहीं लौटने पर उसकी भाभी उसे तलाशने निकलीं। कुछ देर बाद युवती घर से थोड़ी दूरी पर घबराई हुई हालत में मिली। परिजनों का कहना है कि उसके होंठ और चेहरे पर चोट के निशान भी थे। शिकायत के बाद FIR, आरोपी गिरफ्तार घटना के बाद परिजनों ने गंभीर उत्पीड़न की आशंका जताते हुए कंधई थाने में शिकायत दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में FIR दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। क्षेत्राधिकारी पट्टी प्रदीप सिंह ने बताया कि हरिकेश सिंह उर्फ गजन सिंह को गिरफ्तार किया गया है। घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों और जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
हरदोई शहर में विकास कार्यों को तेज करने और बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए शनिवार को शहर के बड़े हिस्से में बिजली सप्लाई पर असर पड़ेगा। बिजली विभाग अलग-अलग तकनीकी कामों के लिए दो अलग-अलग समय पर शटडाउन ले रहा है, जिससे हजारों परिवारों को दिक्कत हो सकती है। लखनऊ मार्ग चौड़ीकरण के दौरान बिजली की लाइनों को शिफ्ट किया जा रहा है। इस काम में रास्ते में आ रहे पेड़ों की कटाई-छंटाई वन विभाग मन्नापुरवा क्षेत्र में कर रहा है। सुरक्षा के लिए सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक (कुल 5 घंटे) टाउन 2 फीडर की बिजली बंद रहेगी। इससे नरेश नगर, मन्नापुरवा, चांद बेहटा, धन्नुपुरवा, इंद्रप्रस्थ कॉलोनी, इंदिरा नगर कॉलोनी और लखनऊ चुंगी क्षेत्र प्रभावित रहेंगे। वहीं, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (टेस्टिंग) के निर्देश पर 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र सिटी के पावर ट्रांसफार्मरों और उपकेंद्र का जरूरी टेस्ट किया जाना है। इसके चलते सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक (कुल 2 घंटे) सिटी उपकेंद्र से जुड़े इलाकों में बिजली सप्लाई आंशिक रूप से बंद रहेगी। इस दौरान शहर के नुमाइश चौराहा, कौशलपुरी, सिनेमा चौराहा, बड़ा चौराहा, वैटगंज, आजाद नगर, सुभाष नगर, पुराना बोर्डिंग हाउस, सिविल लाइन, बावन चुंगी, आलू थोक आदि इलाके में रहने वाले लोग बिना बिजली के परेशान हो सकते हैं। जूनियर इंजीनियर (मन्नापुरवा), जूनियर इंजीनियर (सिटी) और सब-डिविजनल ऑफिसर प्रथम ने उपभोक्ताओं से सहयोग मांगा है। उन्होंने नागरिकों को सलाह दी है कि वे सुबह 11 बजे से पहले ही पानी जमा कर लें, ताकि 2 से 5 घंटे तक चलने वाली इस कटौती के दौरान कोई असुविधा न हो। काम खत्म होते ही सप्लाई तुरंत चालू कर दी जाएगी।
राजस्थान के टोंक, अजमेर और जयपुर के लिए पानी के बड़े स्रोत बीसलपुर बांध में फिर पानी आने लगा है। पिछले 24 घंटे में बांध के कैचमेंट एरिया में बारिश हुई। इससे बांध में 2 सेंटीमीटर पानी की आवक हुई है। शनिवार को बांध का जलस्तर 314.10 आरएल मीटर दर्ज किया गया। बांध की भरने की क्षमता 315.50 आरएल मीटर है। यानी बांध को पूरा भरने के लिए अभी सवा मीटर से ज्यादा पानी की जरूरत है। काले बादल छाए, बूंदाबांदी जारी पानी की आवक शुरू होने के साथ मौसम भी बदला है। आसमान में काले बादल छाए हुए हैं। कई जगह रुक-रुककर हल्की बूंदाबांदी हो रही है। मौसम में ठंडक आने से लोगों को गर्मी से राहत मिली है और मौसम सुहाना हो गया है। मौसम विभाग और जल संसाधन विभाग के अनुसार, अगर कैचमेंट एरिया में बारिश का यह दौर जारी रहता है और तेज बारिश होती है तो आने वाले दिनों में बीसलपुर बांध भर सकता है। बांध भरने से किसानों को रबी की फसलों के लिए भी पर्याप्त पानी मिल सकेगा। जिले में 24 घंटे में 24 एमएम बारिश बीती रात जिले के कई हिस्सों में तेज और हल्की बारिश हुई। इससे जिले के बांधों और तालाबों में पानी बढ़ा है। शनिवार सुबह 8 बजे तक पिछले 24 घंटे में जिले में औसत 24 एमएम बारिश दर्ज की गई। इस साल जिले की औसत बारिश 654.94 एमएम है। इसके मुकाबले शनिवार सुबह 8 बजे तक जिले में 396.65 एमएम बारिश हो चुकी है। यह कुल औसत बारिश का 60.56 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश गलवानिया में 62 एमएम हुई। इसके अलावा निवाई में 53 एमएम और गलवा में 40 एमएम बारिश दर्ज की गई। जयपुर-अजमेर की पानी की चिंता कम होगी बीसलपुर बांध से केवल खेती के लिए ही पानी नहीं मिलता, बल्कि जयपुर, अजमेर, टोंक और आसपास के जिलों में पीने का पानी भी पहुंचता है। पिछले कुछ दिनों में बांध में पानी की आवक कम हो गई थी। इससे बांध के भरने को लेकर चिंता बढ़ रही थी। अब त्रिवेणी और खारी-डाई नदियों के बहाव वाले इलाकों में फिर बारिश होने लगी है। इससे बांध के गेज में सुधार हुआ है। अभी त्रिवेणी का गेज 230 नीट है।
पंजाब में ऑनलाइन धमकी देकर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश के सोलन में एक युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान हरियाणा के पंचकूला जिले के कालका के रहने वाले अमन के रूप में हुई है, जिसकी उम्र करीब 24 साल थी। पुलिस ने मामले में मंथन और अंकुश नाम के दो युवकों को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम करीब 8:30 बजे चौक बाजार में कुछ युवकों के बीच किसी बात को लेकर बहस हो गई। देखते ही देखते यह विवाद बढ़ गया और चाकूबाजी हो गई। पुलिस के मुताबिक, मंथन ने अमन पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया। तीनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया इसी झगड़े में मंथन की उंगली भी कट गई और बीच-बचाव करने आए अंकुश को भी चोट लगी। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तीनों घायल युवकों को सोलन के स्थानीय अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद अमन को मृत घोषित कर दिया। एक दिन पहले हुआ था झगड़ा बताया जा रहा है कि मृतक अमन हरियाणा के कालका का रहने वाला था और टैक्सी चलाता था। पुलिस के अनुसार, घटना से एक दिन पहले भी दोनों युवकों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। कोर्ट से रिमांड पर लेगी पुलिस सोलन एसपी टी साई वर्मा ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों आरोपी मंथन और अंकुश को गिरफ्तार कर लिया। शुरुआती इलाज के बाद उन्हें सदर थाना ले जाया गया, जहां से आज उन्हें कोर्ट में पेश कर रिमांड मांगी जाएगी। एसपी ने कहा कि युवकों के बीच झगड़े की वजह अभी साफ नहीं है और पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।
गाजीपुर में गंगा का जलस्तर शनिवार सुबह से घटने लगा है, लेकिन तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं है। सुबह 8 बजे नदी का जलस्तर 63.630 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 63.105 मीटर से 52 सेंटीमीटर ऊपर है। पानी करीब 1 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घट रहा है। इसके बावजूद रेवतीपुर के निचले इलाकों में बाढ़ का असर बरकरार है और कई परिवार घर छोड़कर सड़कों के किनारे रहने को मजबूर हैं। रेवतीपुर के नगदिलपुर, वीरउपुर और हसनपुरा गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। बाहरी सड़कों के साथ गलियों में भी पानी भर गया है। अनुसूचित जनजाति/वनवासी आबादी वाले हिस्सों के अलावा रामवृक्ष का पुरवा, महुआबारी, बहोरीक राय की दलित बस्ती, भीखमदेव और शुक्ल टोली में भी जलभराव से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। टोंगा, डेढ़गांवा, कल्याणपुर, पकड़ी, गोपालपुर और पटकनिया में भी पानी पहुंच गया है। निचले इलाकों के परिवार सामान लेकर सुरक्षित जगहों की ओर जा रहे हैं। कई लोगों ने मुख्य सड़कों के किनारे अस्थाई ठिकाने बना लिए हैं। घरों में पानी घुसने से खाना बनाने और रोजमर्रा के कामकाज पर भी असर पड़ा है। पिछले साल के पीक से 1.06 मीटर नीचे शनिवार सुबह दर्ज जलस्तर वर्ष 2025 के अधिकतम स्तर 64.690 मीटर से करीब 1.06 मीटर नीचे है। वहीं, यह उच्च बाढ़ स्तर 65.220 मीटर से 1.59 मीटर कम है। हालांकि नदी अभी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, इसलिए निचले इलाकों में सतर्कता जरूरी बनी हुई है। एक नजर में गंगा का स्तर सामान्य जलस्तर: 59.906 मीटर चेतावनी बिंदु: 62.100 मीटर खतरा बिंदु: 63.105 मीटर शनिवार सुबह जलस्तर: 63.630 मीटर उच्च बाढ़ स्तर: 65.220 मीटर जलस्तर में बदलाव: 1 सेमी प्रति घंटे की गिरावट गंगा का जलस्तर घटना बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत का संकेत है, लेकिन रेवतीपुर की बस्तियों में अब भी भरा पानी हालात की गंभीरता बता रहा है। तटवर्ती परिवार लगातार नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं।
मंडला के ज्ञानदीप इंग्लिश मीडियम हायर सेकेंडरी स्कूल में शुक्रवार रात श्रीकृष्ण पर्व का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में कलाकारों ने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं पर नृत्य-नाटिकाएं प्रस्तुत कीं। गोवर्धन धारण और कृष्ण-सुदामा मिलन की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का ध्यान खींचा। सिवनी के कलाकारों ने भक्ति गीत भी पेश किए। गोवर्धन उठाने की लीला दिखाई जबलपुर की डॉ. नेहा विश्वकर्मा और उनके साथियों ने गोवर्धन धारण पर नृत्य-नाटिका पेश की। इसमें श्रीकृष्ण के गोवर्धन पर्वत उठाने की लीला को नृत्य के जरिए दिखाया गया। प्रस्तुति के दौरान दर्शक काफी देर तक कार्यक्रम से जुड़े रहे। कृष्ण-सुदामा की दोस्ती दिखाई इसके बाद जबलपुर की मोहिनी मोघे और उनके साथियों ने सुदामा मिलन पर नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की। इसमें कृष्ण और सुदामा की दोस्ती और उनके आपसी प्रेम को दिखाया गया। भक्ति गीतों से माहौल हुआ भक्तिमय सिवनी के रुद्रकांत ठाकुर और उनके साथियों ने भक्ति गीतों की प्रस्तुति दी। गीतों के दौरान दर्शकों ने भी कार्यक्रम का आनंद लिया। संस्कृति विभाग और न्यास ने कराया आयोजन कार्यक्रम श्रीकृष्ण पाथेय न्यास और मध्यप्रदेश संस्कृति विभाग ने जिला प्रशासन के सहयोग से कराया। सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रफुल्ल मिश्रा, अपर कलेक्टर हुनेद्र घोरमारे और एसडीएम शैलेंद्र चौधरी समेत कई लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में अतिथियों ने कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना की। आयोजन के जरिए श्रीकृष्ण की लीलाओं को नृत्य और संगीत के जरिए लोगों तक पहुंचाया गया।
घर-घर गूंजा ‘नंद के आनंद भए’:अलीगढ़ में बच्चों ने राधा-कृष्ण बनकर मोहा मन, घर-घर मची रही धूम
घड़ी की सुई जैसे ही रात 12 पर पहुंची, मंदिरों के साथ शहर के घर-घर में ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारे गूंज उठे। शंखनाद और घंटे-घड़ियालों के बीच लड्डू गोपाल का जन्म हुआ। परिवारों ने कान्हा का पंचामृत से अभिषेक कर माखन-मिश्री, मेवा-मिष्ठान और पंजीरी का भोग लगाया। इस दौरान घरों में बच्चों को राधा-कृष्ण के रूप में सजाकर जन्माष्टमी मनाई गई। कहीं बच्चे कान्हा बनकर मटकी फोड़ते नजर आए तो कहीं राधा के रूप में सजे बच्चों ने लोगों का मन मोह लिया।मंदिरों में आधी रात जन्मे कन्हैया, झांकियों ने मोहा मनशहर से देहात तक मंदिरों में देर रात तक जन्माष्टमी का उत्सव चलता रहा। भक्तों ने लड्डू गोपाल को पालने में झुलाया और भगवान के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। मंदिरों में फूल बंगला, हिंडोले, आकर्षक झांकियां और छप्पन भोग सजाए गए। रावणटीला स्थित चेतन आश्रम में बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। बच्चों की प्रतिभा के साथ मटकी फोड़ प्रतियोगिता भी आकर्षण का केंद्र रही। श्री अचलेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव और भगवान विष्णु के भव्य दर्शन कराए गए।शहर से देहात तक देर रात तक उत्सवमामू भांजा के राधा-कृष्ण मंदिर, सिद्धपीठ खेरेश्वर धाम, खैर बाईपास नादा चौराहा, मंदिर श्री बृज द्वारिकाधीश, आगरा रोड स्थित नीम करोरी बाबा मंदिर, मसूदाबाद के राधा-माधव मंदिर, श्री गौरी मंदिर, श्री नटराज मंदिर, कामाख्या मंदिर, महेंद्र नगर के काली मंदिर और सूर्य विहार के दुर्गा मंदिर में भी विशेष आयोजन हुए।
बांसवाड़ा में कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर शुक्रवार रात पारंपरिक मटकी फोड़ प्रतियोगिता हुई। इस बार प्रतियोगिता शहर के कुशलबाग मैदान के बजाय भारत माता मैदान में रखी गई। इसे देखने के लिए हजारों की संख्या में शहरवासी पहुंचे। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल की ओर से हुए इस आयोजन में युवाओं ने पिरामिड बनाकर मटकियां फोड़ीं। 18 मटकियां बांधी गईं प्रतियोगिता में कुल 18 मटकियां बांधी गई थीं। मैदान में 'गोविंदा आला रे' और 'हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की' के जयकारे लगते रहे। शहर की अलग-अलग व्यायामशालाओं के पहलवानों ने मटकी फोड़ने के लिए पिरामिड बनाए। युवाओं ने संतुलन और ताकत का इस्तेमाल करते हुए मटकी तक पहुंचने की कोशिश की। इन व्यायामशालाओं के पहलवान शामिल हुए प्रतियोगिता में भारत माता, मारुति, खोडियार माता, कालिका माता, वनेश्वर महादेव, पवनपुत्र, पंचमुखी और पांडव व्यायामशाला समेत शहर की प्रमुख व्यायामशालाओं और दूसरे अखाड़ों के पहलवानों को बुलाया गया था। मैदान में युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। मटकी तक पहुंचने के लिए हर टीम पूरी ताकत लगाती नजर आई। पहली मटकी आलोक वाल्मीकि ने फोड़ी प्रतियोगिता की पहली मटकी पवनपुत्र व्यायामशाला के आलोक वाल्मीकि ने फोड़ी। उन्होंने अच्छा संतुलन बनाते हुए मटकी तक पहुंचकर उसे फोड़ा। इसके बाद भारत माता व्यायामशाला के मोहनदास ने साथियों के साथ मिलकर दूसरी मटकी फोड़ी। खोडियार माता व्यायामशाला की टीम ने तीसरी मटकी फोड़ी। मटकी फूटने के साथ ही मैदान में तालियां और जयकारे गूंजने लगे। संत और कई अतिथि मौजूद रहे कार्यक्रम में संत रामस्वरूप महाराज, विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष मोहन पटेल, कार्यक्रम संयोजक प्रदुम्न सिंह, प्रांत संयोजक करण सिंह, संपर्क प्रमुख अजीत सिंह कोशिश, पूर्व मंत्री धनसिंह रावत और हकरू मईडा मौजूद रहे। इसके साथ ही विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कई कार्यकर्ता, बड़ी संख्या में महिलाएं और शहरवासी भी कार्यक्रम में पहुंचे। रात 11 बजे हुआ कार्यक्रम का समापन कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के लिए पुलिस जवान भी मैदान में मौजूद रहे। युवाओं के मटकी फोड़ने के साथ कई पहलवानों ने करतब भी दिखाए। कार्यक्रम रात 11 बजे खत्म हुआ। इसके बाद विजेता गोविंदा टीमों और पहलवानों को सम्मानित किया गया। इसी के साथ बांसवाड़ा में जन्माष्टमी का पर्व उत्साह के साथ संपन्न हुआ।
बुलंदशहर के स्याना में दो शातिर बदमाशों को जिलाबदर किए जाने के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो गया। वीडियो में जिलाबदर किए गए बदमाशों को उनके समर्थक फूल-माला पहनाते और फूलों की बारिश करते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई और कानून का खौफ जैसे सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, पुलिस ने अभी वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। कोतवाली प्रभारी रामनारायण सिंह के नेतृत्व में यूपी गुंडा नियंत्रण अधिनियम की धारा 3(1) के तहत कार्रवाई की गई। अपर जिलाधिकारी प्रशासन, बुलंदशहर के आदेश पर मोहल्ला चौधरियान निवासी शब्बू चौधरी उर्फ शबाहत हुसैन को 6 महीने और कुरैशियान पट्टी निवासी मतलूब पुत्र इस्लाम को 3 महीने के लिए जिले से बाहर किया गया है। दोनों के खिलाफ मारपीट, बलवा और एससी/एसटी एक्ट समेत कई मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। वीडियो में समर्थकों की भीड़, फूल बरसाते दिखे जिलाबदर की कार्रवाई के तुरंत बाद सामने आए कथित वीडियो में दोनों आरोपियों को हंसते हुए दिखाया जा रहा है। वीडियो में उनके साथ समर्थकों की भीड़ चल रही है और फूल-माला पहनाकर तथा फूल बरसाकर उन्हें जिले की सीमा से बाहर विदा किए जाने का दावा किया जा रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में चर्चा है कि जिलाबदर जैसी सख्त कार्रवाई का आरोपियों पर कितना असर हुआ। कुछ लोग सवाल उठा रहे हैं कि यदि वीडियो में दिखाई जा रही विदाई जिलाबदर की कार्रवाई के दौरान हुई है तो क्या उस समय पुलिसकर्मी भी मौके पर मौजूद थे? फिलहाल पुलिस ने वायरल वीडियो की सत्यता और उसमें दिखाई दे रहे लोगों की पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। वीडियो के तेजी से प्रसारित होने के बाद कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
शिक्षा, चिकित्सा, प्रबंधन, कानून और दिव्यांगजन अधिकारों के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए उदयपुर के पेनेशिया डिसेबिलिटी के अध्यक्ष डॉ. अरविंदर सिंह को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। उन्हें उच्चतम शैक्षणिक उपलब्धियों और दिव्यांगजन अधिकारों की सशक्त पैरवी के लिए ‘नेशनल आइकॉन अवॉर्ड’ प्रदान किया गया। आईआईटी नई दिल्ली में आयोजित भारत@2047 : नेतृत्व एवं वैचारिक शिखर सम्मेलन 2026 में यह सम्मान पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. शशि थरूर ने प्रदान किया। डॉ. सिंह को यह सम्मान उनकी असाधारण शैक्षणिक उपलब्धियों और दिव्यांगजनों के अधिकारों के लिए लगातार किए जा रहे प्रयासों के लिए दिया गया। चिकित्सा विशेषज्ञ होने के साथ उन्होंने प्रबंधन, विधि, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, संचार और नेतृत्व सहित विभिन्न क्षेत्रों में उच्च शिक्षा प्राप्त की है। शारीरिक दिव्यांगता की चुनौतियों के बावजूद डॉ. सिंह ने शिक्षा, उद्यमिता और सामाजिक नेतृत्व के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। उदयपुर के अर्थ डायग्नोस्टिक्स के सीईओ अरविंद सिंह को स्वतंत्रता दिवस 2026 पर भी सम्मानित किया था।
औरैया के बेला में शुक्रवार शाम जन्माष्टमी का सामान लेकर घर लौट रहे 35 वर्षीय अरुण कुमार की सड़क हादसे में मौत हो गई। बेला-दिबियापुर मार्ग पर नुनारी मोड़ के पास उनकी बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे से टकरा गई। हादसे में अरुण गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों की सूचना पर डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची। घायल अरुण को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेला ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें तिर्वा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। इलाज के दौरान अरुण ने दम तोड़ दिया। अरुण की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। वह चिरौली गांव के रहने वाले थे और करनाल में मुर्गी फार्म पर काम करते थे। रक्षाबंधन पर वह घर आए थे। परिवार में पत्नी बिटोली और तीन बच्चे हैं। पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। बाजार से सामान लेकर घर जा रहे थे परिजनों के मुताबिक शुक्रवार शाम करीब छह बजे अरुण बाइक से बेला बाजार गए थे। वहां से जन्माष्टमी का सामान लेकर वह घर लौट रहे थे। बेला-दिबियापुर मार्ग पर नुनारी मोड़ के पास अचानक बाइक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे से जा टकराई। टक्कर के बाद अरुण सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। डायल-112 टीम मौके पर पहुंची और उन्हें अस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर मेडिकल कॉलेज रेफर सीएचसी बेला में प्राथमिक उपचार के बाद अरुण की हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें तिर्वा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। परिजन उन्हें लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। बेला थाना प्रभारी अमर बहादुर सिंह ने बताया कि युवक की इलाज के दौरान मौत हुई है। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए औरैया चिचौली भेज दिया है। हादसे की जांच की जा रही है। करनाल में मुर्गी फार्म पर करते थे काम परिजनों ने बताया कि अरुण कुमार करनाल में मुर्गी फार्म पर काम करते थे। रक्षाबंधन पर वह घर आए थे। परिवार को क्या पता था कि जन्माष्टमी की तैयारी के लिए बाजार से सामान लेकर लौट रहे अरुण दोबारा घर नहीं पहुंचेंगे। अरुण के तीन बच्चे हैं। 11 वर्षीय बेटी परी, 8 वर्षीय बेटी पीहू और 4 वर्षीय बेटा राम है। वह चार भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके भाई मनोज, राघवेंद्र और उदय प्रताप हैं। हादसे के बाद पत्नी बिटोली और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
लखीमपुर खीरी: जय कन्हैया लाल की गूंज से गूंजा शहर, धूमधाम से मनाई गई जन्माष्टमी
लखीमपुर खीरी: जय कन्हैया लाल की गूंज से गूंजा शहर, धूमधाम से मनाई गई जन्माष्टमी
भीलवाड़ा नगर निगम चुनाव में वार्ड 26 से निर्दलीय प्रत्याशी सन्नी ओड़ को चित्तौड़गढ़ की सदर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसे साल 2023 में दर्ज जानलेवा हमले और मारपीट के मामले में पकड़ा है। सन्नी चुनाव मैदान में है और शुक्रवार को उसे चुनाव चिन्ह कैंची मिला था। चित्तौड़गढ़ पुलिस शुक्रवार को भीलवाड़ा पहुंची और कोतवाली पुलिस की मदद से उसे गिरफ्तार कर लिया। लंबे समय से था वांटेड पुलिस के अनुसार सन्नी ओड़ इस मामले में लंबे समय से वांटेड था। वह कोर्ट में होने वाली पेशियों पर भी नहीं पहुंच रहा था। सदर थाना पुलिस को उसके भीलवाड़ा में होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम शुक्रवार को भीलवाड़ा पहुंची। यहां कोतवाली पुलिस की मदद से सन्नी को गिरफ्तार किया गया। 2023 के जानलेवा हमले के मामले में गिरफ्तारी सदर थानाधिकारी प्रेमसिंह ने बताया कि सन्नी ओड़ पुत्र हजारीलाल ओड़, ओड़ों का खेड़ा का रहने वाला है। उसके खिलाफ साल 2023 में जानलेवा हमला और मारपीट करने का मामला दर्ज हुआ था। इसी मामले में पुलिस ने उसे भीलवाड़ा से गिरफ्तार किया है। पुलिस अब उसे कोर्ट में पेश करेगी। इसके बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। शुक्रवार को मिला था कैंची चुनाव चिन्ह सन्नी ओड़ वार्ड 26 से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ रहा है। शुक्रवार को उसे चुनाव चिन्ह कैंची आवंटित हुआ था। नामांकन दाखिल करने और चुनाव प्रचार के बीच हुई गिरफ्तारी से अब वार्ड 26 के चुनावी समीकरण को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। नामांकन में आपराधिक मामलों की जानकारी दी थी सन्नी ने चुनाव नामांकन के साथ जो शपथ पत्र दिया था, उसमें उसके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की जानकारी भी दी गई है। अब चुनाव के दौरान उसकी गिरफ्तारी के बाद वार्ड 26 के चुनाव पर इसका क्या असर पड़ेगा, इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
दमोह के तेंदूखेड़ा नगर से लगे मलंगाहार इलाके में दिखे जंगली जानवर को वन विभाग ने लकड़बग्घा बताया है। शुक्रवार रात गश्त के दौरान रेंजर श्रेयांश जैन को वही जानवर फिर दिखाई दिया। उन्होंने उसका वीडियो बनाया, जिसके बाद बाघ होने की अफवाह पर विराम लग गया। जानवर की पहचान होने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। बाघ होने की सूचना से फैला था डर कुछ दिन पहले एक युवक ने मलंगाहार इलाके में जंगली जानवर देखा था। उसने वन विभाग को इसकी जानकारी देते हुए इसे बाघ बताया था। युवक के अनुसार जानवर आकार में काफी बड़ा था। इसके बाद आसपास के इलाके में बाघ होने की बात फैल गई। रेंजर श्रेयांश जैन ने बताया कि खेतों की रखवाली करने वाले लोगों से भी बाघ होने की सूचना मिली थी। इसके बाद वन विभाग की टीम को अलर्ट किया गया और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए इलाके में गश्त बढ़ाई गई। गश्त के दौरान रेंजर ने बनाया वीडियो शुक्रवार रात गश्त के दौरान रेंजर को उसी इलाके में जंगली जानवर दिखाई दिया। उन्होंने उसका वीडियो बना लिया। वीडियो में जानवर की पहचान लकड़बग्घे के रूप में हुई। रेंजर ने वीडियो सोशल मीडिया पर भी साझा किया, जिससे लोगों के बीच फैला डर कम हुआ। रेंजर ने बताया कि इस क्षेत्र में तेंदुआ और लकड़बग्घा सहित कई तरह के जंगली जानवर हैं, लेकिन बाघ होने की जानकारी नहीं है। पहले जानवर का आकार बड़ा देखकर युवक ने उसे बाघ समझ लिया था। खेतों में रात रुकने से डर रहे थे ग्रामीण बाघ होने की अफवाह के बाद आसपास के ग्रामीण और खेतों में रहने वाले लोग रात में रुकने से डर रहे थे। वन विभाग की गश्त और जानवर की पहचान सामने आने के बाद अब ग्रामीणों का डर कम हुआ है। लोग फिर से रात में खेतों में रुकने लगे हैं।
लखीमपुर खीरी के बेहजम ब्लॉक स्थित प्राथमिक विद्यालय रतसिया के प्रधानाध्यापक प्रमोद कुमार को राज्य स्तरीय पुरस्कार-2025 के लिए चुना गया है। उन्हें शनिवार को सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उन्हें विद्यालय में बेहतर नामांकन, छात्रों की नियमित उपस्थिति और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने में उनके खास प्रयासों के लिए मिला है। साल 2018 से विद्यालय ने शिक्षा और सुविधाओं के क्षेत्र में काफी सुधार किया है। अभी यहां करीब 350 छात्र पढ़ रहे हैं, जो 20 गांवों से आते हैं। सत्र 2026-27 में करीब 90 नए दाखिले हुए हैं। विद्यालय में नवोदय, विद्या ज्ञान, अटल आवासीय और सर्वोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षाओं की खास तैयारी भी कराई जाती है। यहां स्मार्ट क्लास, एक हजार से ज्यादा किताबों वाली लाइब्रेरी, वाटर कूलर, फर्नीचर और खेल सामग्री जैसी कई सुविधाएं भी मौजूद हैं। सरकारी स्कूल की बदली तस्वीर, लगातार बढ़ते नामांकन और विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने की पहल ने प्राथमिक विद्यालय रतसिया के प्रधानाध्यापक प्रमोद कुमार को राज्य स्तर पर पहचान दिलाई है। राज्य स्तरीय पुरस्कार-2025 के लिए चयनित प्रधानाध्यापक प्रमोद कुमार को शनिवार को सम्मानित किया जाएगा। उनके चयन की जानकारी के बाद शिक्षक संगठनों और शिक्षकों में खुशी है। शहर मुख्यालय से करीब 18 किलोमीटर दूर गोला-मोहम्मदी रोड पर स्थित विकास क्षेत्र बेहजम का प्राथमिक विद्यालय रतसिया वर्ष 2018 तक सामान्य विद्यालय की श्रेणी में था। पिछले आठ वर्षों में विद्यालय ने शिक्षा, सुविधाओं और नामांकन के क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलाव किया। अब स्थिति यह है कि कई अभिभावक निजी स्कूलों से बच्चों के नाम कटवाकर प्राथमिक विद्यालय रतसिया में दाखिला करा रहे हैं। वर्तमान में विद्यालय में करीब 350 विद्यार्थियों का नामांकन है। आसपास के करीब 20 गांवों से बच्चे ऑटो के माध्यम से विद्यालय पहुंचते हैं। शैक्षिक सत्र 2026-27 में अब तक करीब 90 बच्चों के नवीन नामांकन हुए हैं। नामांकन के सापेक्ष विद्यार्थियों की उपस्थिति भी करीब 80 प्रतिशत तक रहती है। प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सफलता विद्यालय की पहचान विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने को लेकर भी बनी है। यहां जवाहर नवोदय विद्यालय, विद्या ज्ञान स्कूल, अटल आवासीय विद्यालय और सर्वोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षाओं की अलग से तैयारी कराई जाती है। इन परीक्षाओं में विद्यार्थियों के चयन से विद्यालय की उपलब्धियों में लगातार इजाफा हुआ है। निजी स्कूलों जैसी सुविधाएं विद्यालय में बच्चों को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सुविधाओं का भी विस्तार किया गया है। शुद्ध और ठंडे पेयजल के लिए वाटर कूलर, पर्याप्त फर्नीचर, मल्टीपल हैंडवॉश, पंखों से युक्त कक्षा-कक्ष, आकर्षक मैदान और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध है। एक हजार से अधिक पुस्तकों से सुसज्जित पुस्तकालय के साथ प्रोजेक्टर और कंप्यूटर से युक्त स्मार्ट क्लास भी है। खेल सामग्री तथा बालक-बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय की व्यवस्था भी की गई है। विद्यालय में सुबह संगीत के साथ प्रार्थना कराई जाती है, जिससे बच्चों के लिए प्रार्थना स्थल को रोचक और आनंदमय बनाया गया है। प्रधानाध्यापक प्रमोद कुमार विद्यालय की उपलब्धियों का श्रेय शिक्षकों की मेहनत, अभिभावकों के सहयोग और अधिकारियों के मार्गदर्शन को देते हैं। उन्होंने जिलाधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारी के सहयोग के साथ शासन की शिक्षा के प्रति सकारात्मक सोच को भी विद्यालय की सफलता में महत्वपूर्ण बताया।
सीएम योगी का दौरा: आज आजमगढ़ और वाराणसी में होंगे मुंख्यमंत्री, काशी विश्वनाथ के करेंगे दर्शन
कालभैरव और श्री काशी विश्वनाथ के दर्शन करेंगे। इसके बाद बाबतपुर एयरपोर्ट से लखनऊ के लिए रवाना हो जाएंगे।
संतकबीर नगर के दो शिक्षकों को शनिवार को राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। गोरखपुर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के हाथों दोनों शिक्षकों को सम्मान मिलेगा। पुरस्कार पाने वालों में हीरालाल रामनिवास इंटर कॉलेज, खलीलाबाद के प्रधानाचार्य अरुण कुमार ओझा और इसी विद्यालय के प्रवक्ता डॉ. अभिषेक सिंह शामिल हैं। दोनों के नाम राज्य पुरस्कार के लिए फरवरी में घोषित किए गए थे। गणित प्रवक्ता अरुण कुमार ओझा को राज्य शिक्षक पुरस्कार-2025 के लिए चुना गया है। वह 1 जुलाई 2006 से लगातार शिक्षा के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे हैं। 1 अप्रैल 2025 से वह विद्यालय के प्रधानाचार्य पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। करीब दो दशक के शिक्षण कार्यकाल में उन्होंने विद्यार्थियों के शैक्षिक विकास के साथ विद्यालय की शैक्षिक, सामाजिक और सहशैक्षिक गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभाई। एनसीसी, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता अभियान, विज्ञान गतिविधियों और विभिन्न शैक्षिक-सामाजिक कार्यक्रमों के जरिए उन्होंने विद्यार्थियों में अनुशासन, राष्ट्रप्रेम, वैज्ञानिक सोच और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में योगदान दिया। प्रधानाचार्य बनने के बाद शिक्षण व्यवस्था में सुधार प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी संभालने के बाद उनके नेतृत्व में विद्यालय में अनुशासन, शिक्षण व्यवस्था और शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार पर जोर दिया गया। उनके कार्यों और योगदान को देखते हुए उन्हें राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। वहीं, जिले में शनिवार को 30 शिक्षकों को जिला स्तर के पुरस्कार से भी सम्मानित किया जाएगा। इससे शिक्षक दिवस के मौके पर जिले के शिक्षकों के लिए सम्मान का यह दिन खास बन गया है।
चंदेसरा के द्वारिकाधीश मंदिर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस मौके पर भगवान द्वारिकाधीश का खास श्रृंगार किया गया। मंदिर में भगवान श्री कृष्ण के जन्म और बाल लीलाओं के साथ वासुदेव जी की विशेष झांकी भी सजाई गई थी। पूरे आयोजन और झांकी का काम शयन आरती ग्रुप ने संभाला। श्रद्धालुओं के लिए मटकी फोड़ कार्यक्रम भी रखा गया था, जिसमें गांव वालों ने जोश के साथ हिस्सा लिया। जन्माष्टमी पर आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग चंदेसरा पहुंचे। उन्होंने भगवान द्वारिकाधीश के खास श्रृंगार और झांकी के दर्शन किए। रात 12 बजे भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव पर विशेष पूजा और आरती की गई। देर रात तक पूरे मंदिर परिसर में भक्ति और उत्सव का माहौल बना रहा।
मौसम विभाग ने कोटा संभाग में आज और कल बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। जिले में पिछले 2 दिन से रुक-रुक कर रिमझिम बारिश हो रही है। आज तीसरे दिन भी जिले में बादल छाए हैं। तापमान में गिरावट होने से मौसम खुशनुमा बना हुआ है। इधर नवनेरा बांध के कैचमेंट क्षेत्र में हो रही बारिश व अन्य नदियों से पानी की आवक हो रही है। आज शनिवार को बांध के 7 गेट 13 मीटर खोले गए हैं। 67 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। बांध में पानी की आवक को देखते हुए डिस्चार्ज और बढ़ाया जा सकता है। शुक्रवार को बांध से 20 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही थी। शहर में शुक्रवार को रुक-रुक कर हल्की बारिश होती रही। अधिकतम तापमान 25.8 डिग्री और न्यूनतम 23.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शाम साढ़े 5 बजे तक 3.8 एमएम बारिश हुई। न्यूनतम तापमान में गिरावट होने से मौसम में ठंडक बढ़ी है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार- इस मानसून सीजन में अब तक औसत से 30% कम बारिश हुई है। सामान्यतया जिले में 4 सितंबर तक औसत 666.1 मिमी बारिश होती है। इस सीजन में अभी तक 461.2 मिमी बारिश हुई है।
लुधियाना में जन्माष्टमी के मौके पर गोबिंद गौ धाम में उमड़े श्रद्धालु।
लुधियाना में जन्माष्टमी के मौके पर गोबिंद गौ धाम में उमड़े श्रद्धालु।
हरियाणा के पंचकूला जिले के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में आज शनिवार को राज्य शिक्षक पुरस्कार समारोह का आयोजन किया जाएगा। जिसमें 78 टीचरों को स्टेट टीचर अवॉर्ड सम्मानित किया जाएगा। इनमें सबसे ज्यादा 13 नाम शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा के गृह जिले पानीपत से हैं। सरकार ने साल 2024 के लिए 40 और 2025 के लिए 38 नाम जारी किए हैं। हरियाणा के राज्यपाल और सीएम सैनी राज्य शिक्षक पुरस्कार समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले टीचरों को सम्मानित करेंगे। बता दें कि एजुकेशन डिपार्टमेंट के प्रिंसिपल सेक्रेटरी विजय सिंह दहिया की ओर से लेटर जारी किया था। शिक्षक दिवस (5 सितंबर) पर यह अवॉर्ड मिलेंगे। जिसमें एक लाख रुपए कैश अवॉर्ड, सिल्वर मेडल-सर्टिफिकेट दिया जाएगा। इसके साथ ही इन टीचर्स को 2 एडवांस इंक्रीमेंट भी दिए जाएंगे। शिक्षा मंत्री के जिले से 13 टीचर्स शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के गृह जिले से 13 टीचर्स को इस बार सम्मानित किया जाएगा। 2025 के लिए 7 टीचर्स और 2024 के लिए 6 टीचर्स को ये अवार्ड दिया जाएगा। वहीं, सबसे कम हिसार, झज्जर, महेंद्रगढ़ और फरीदाबाद में 2024 सेशन के लिए एक टीचर को सम्मानित किया जाएगा। 2025 में 8 जिलों से केवल एक-एक टीचर शिक्षक अवार्ड 2025 के लिए पानीपत के बाद भिवानी से सबसे अधिक 5 टीचर्स सम्मानित होंगे। वहीं, सिरसा, फतेहाबाद, नूंह, फरीदाबाद, रोहतक, करनाल, यमुनानगर और चरखी दादरी से केवल एक-एक टीचर इस इस अवार्ड के लिए सिलेक्ट हुए।
रेणुकूट के पिपरी स्थित रिहंद बांध का जलस्तर शनिवार सुबह 871.8 फीट पर पहुंच गया। हालांकि कैचमेंट एरिया में बारिश रुकने के बाद बांध में पानी की आवक कम हुई है। इसके चलते फिलहाल बांध का एक फाटक खोलकर नियंत्रित तरीके से पानी की निकासी की जा रही है, जबकि बाकी फाटक बंद रखे गए हैं। बांध से पानी की निकासी और जलस्तर पर सिंचाई विभाग व जल विद्युत निगम के अधिकारी लगातार नजर बनाए हुए हैं। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश शर्मा ने बताया कि केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) से मिली जानकारी के आधार पर पानी की निकासी को नियंत्रित किया जा रहा है। आयोग ने बांध में इनफ्लो कम होने की सूचना दी है। जल विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता शशिकांत राय के मुताबिक रिहंद बांध की सभी छह टरबाइन लगातार चल रही हैं। इससे बिजली उत्पादन जारी है। एक फाटक से निकलने वाले पानी और छह टरबाइनों से छोड़े जा रहे पानी को मिलाकर बांध से करीब 29 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है। इनफ्लो घटा, इसलिए एक फाटक से ही निकासी कैचमेंट एरिया में बारिश थमने के बाद बांध में पानी की आवक कम हुई है। इसी वजह से फिलहाल एक ही फाटक से पानी छोड़ा जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। बारिश बढ़ी तो और फाटक खोलने पर फैसला अधिकारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में अगर कैचमेंट एरिया में दोबारा बारिश होती है और बांध में पानी की आवक बढ़ती है, तो स्थिति का जायजा लिया जाएगा। इनफ्लो और जलस्तर की स्थिति के आधार पर जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त फाटक खोलने का फैसला किया जाएगा। छह टरबाइन से जारी है बिजली उत्पादन जल विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता शशिकांत राय ने बताया कि बांध की सभी छह टरबाइन चालू हैं। टरबाइनों से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है और बिजली उत्पादन भी जारी है। फाटक और टरबाइनों से होने वाली निकासी को मिलाकर करीब 29 हजार क्यूसेक पानी बांध से डिस्चार्ज हो रहा है। फिलहाल रिहंद बांध का जलस्तर और पानी की आवक अधिकारियों की निगरानी में है। कैचमेंट एरिया में बारिश की स्थिति के अनुसार आगे पानी की निकासी बढ़ाने या घटाने का निर्णय लिया जाएगा।
गढ़ रोड पर स्थित राधा गोविंद कॉलेज और अस्पताल समेत पूरे परिसर की खरीद में 11 करोड़ रुपये की स्टांप चोरी का मामला सामने आया है। संस्था के खिलाफ स्टांप चोरी का केस दर्ज कर नोटिस जारी करने की तैयारी चल रही है। राधा गोविंद कॉलेज और अस्पताल को अप्रैल 2025 में श्री कृष्ण शिक्षा प्रसार समिति ने मेसर्स रुहेलखंड एजुकेशनल चैरिटेबल ट्रस्ट को बेचा था। इस खरीद के लिए कुल तीन बैनामे किए गए थे। इनमें 19.12 करोड़ रुपये का स्टांप और निबंधन शुल्क जमा किया गया था। जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने इस संपत्ति की बिक्री के बैनामों में जमा किए गए स्टांप शुल्क की जांच का आदेश दिया था। इसके लिए एक जांच टीम बनाई गई। इसमें एडीएम वित्त, एआईजी निबंधन, एसडीएम सदर, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी और उद्यान विभाग के अधिकारी शामिल थे। टीम को संपत्ति का भौतिक परीक्षण कर वहां मौजूद जमीन, भवन, भवनों में रखी सामग्री, मशीनें, परिसर में लगे पेड़ और अन्य चीजों का मूल्यांकन करने को कहा गया था। इसी मूल्यांकन के आधार पर स्टांप शुल्क की गणना करने का निर्देश दिया गया था। जांच टीम ने कॉलेज और अस्पताल के भवन और परिसर का कई बार निरीक्षण किया और उसका मूल्यांकन किया। पूरी संपत्ति का मूल्यांकन 375 करोड़ रुपये से ज्यादा पाया गया। इस मूल्यांकन राशि पर स्टांप और निबंधन शुल्क की राशि 30 करोड़ रुपये से अधिक तय की गई है। तीनों बैनामों में संस्था ने करीब 19 करोड़ रुपये का स्टांप शुल्क जमा किया था। जांच में पता चला कि संपत्ति खरीदने वाली संस्था पर 11 करोड़ रुपये से ज्यादा का स्टांप शुल्क बकाया है। इस बकाया राशि की वसूली के लिए स्टांप केस दर्ज किया गया है। सहायक आयुक्त स्टांप और सहायक महानिरीक्षक निबंधन शर्मा नवीन कुमार एस ने बताया कि मूल्यांकन और जांच में 11 करोड़ रुपये से अधिक के स्टांप शुल्क की कमी पाई गई है। इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी गई है। स्टांप केस दर्ज कर लिया गया है। इसकी सुनवाई जिलाधिकारी, एडीएम वित्त या एआईजी निबंधन में से किसी एक अधिकारी की कोर्ट में होगी। कोर्ट कौन सा होगा, यह जिलाधिकारी तय करेंगे। संस्था को नोटिस भी जारी किया जाएगा।
पटना में गंगा घाटों तक जाने वाले रास्ते बंद, बाढ़ के खतरे के बीच नगर निगम अलर्ट
पटना में गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण नगर निगम अलर्ट मोड पर है, नदी से सटे इलाकों की लगातार निगरानी की जा रही है और पानी के रिसाव को रोकने के लिए नालों को बंद किया गया है।
भदोही में यूपी-112 की पीआरवी टीम ने एक महिला की जान बचाई है। महिला गोपीगंज थाना क्षेत्र के रेलवे फाटक सराय जगदीश के पास रेलवे ट्रैक पर आत्महत्या का प्रयास कर रही थी। पुलिस को शुक्रवार रात 10:42 बजे इस घटना की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पीआरवी-6746 तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हुई। मौके पर मौजूद कॉलर ने बताया कि एक महिला रेलवे ट्रैक पर आत्महत्या करने की कोशिश कर रही है। पीआरवी कर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए महिला को समझाया। पुलिस ने करीब 35 साल की इस महिला को सुरक्षित रेलवे ट्रैक से हटा दिया। यह महिला गोपीगंज थाना क्षेत्र के पन्नुपुर की रहने वाली है। पुलिस की सूझबूझ और संवेदनशीलता से महिला की जान बच गई और उसका आत्महत्या का प्रयास नाकाम हो गया। स्थानीय लोगों ने पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता की खूब तारीफ की। इस टीम में कमांडर उपनिरीक्षक संतोष कुमार पांडेय, पायलट मुख्य आरक्षी आनंद यादव और उपकमांडर कांस्टेबल राहुल कुमार मिश्रा शामिल थे।
हमीरपुर जिले के कुरारा थाना क्षेत्र अंतर्गत बेरी गांव में शुक्रवार शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। गांव निवासी किशन निषाद की 18 महीने की मासूम बेटी कल्लो शाम के वक्त घर में खेल रही थी। खेलते-खेलते वह अचानक घर में रखी स्टील की पानी की टंकी के पास पहुंच गई और संतुलन बिगड़ने के कारण उसमें गिर गई। कुरारा थाना अध्यक्ष प्रिंस दीक्षित के अनुसार, मासूम कल्लो को नहलाने के लिए परिजनों ने स्टील की टंकी में पानी भरकर रखा हुआ था। इसी दौरान बच्ची की मां दूध दुहने और अन्य घरेलू काम निपटाने के लिए घर से बाहर गई हुई थी। जब मां काम खत्म कर वापस लौटी, तो बच्ची पानी की टंकी में डूबी हुई मिली। मासूम को पानी में देखते ही घर में हड़कंप मच गया और चीख-पुकार मच गई। अस्पताल पहुंचने से पहले ही थमी सांसें परिजन आनन-फानन में बच्ची को टंकी से निकालकर तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कुरारा ले गए। हालांकि, तब तक काफी देर हो चुकी थी। अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने 18 महीने की कल्लो को मृत घोषित कर दिया। बच्ची की मौत की खबर मिलते ही माता-पिता पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। गांव में पसरा सन्नाटा, पुलिस जांच में जुटी मासूम की इस तरह अचानक हुई मौत से पूरे बेरी गांव में शोक और मातम का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। थाना अध्यक्ष ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई है और मामले की कानूनी कार्रवाई व जांच में जुटी हुई है।
CM Samrat Choudhary Flood Survey: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 5 सितंबर 2026 को बिहार के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों, जैसे बेगूसराय, मुंगेर और भागलपुर का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। यह दौरा गंगा के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ संकट के बीच राहत व बचाव कार्यों का आकलन करने के लिए है।
सवाई माधोपुर जिले में शुक्रवार को जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। पुराने शहर, बजरिया, आलनपुर और हाउसिंग बोर्ड समेत जिले के अलग-अलग कस्बों और गांवों के मंदिरों में विशेष सजावट की गई। सुबह से मंदिरों में पूजा-पाठ, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम शुरू हो गए थे। भगवान श्रीकृष्ण के बाल रूप, राधा-कृष्ण की लीलाओं और अलग-अलग धार्मिक प्रसंगों पर झांकियां सजाई गईं। ये झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहीं। सुबह से शुरू हुआ बारिश का दौर देर रात तक चलता रहा। इसके बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं आई। लोग बारिश के बीच भी बड़ी संख्या में मंदिरों में पूजा करने और भगवान के दर्शन करने पहुंचे। रात 12 बजे मंदिरों में ठाकुरजी को पंचामृत से स्नान कराया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं को धनिये की पंजीरी का प्रसाद बांटा गया। सवाई माधोपुर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी झलकियां.. विजयेश्वर मंदिर में रंग-बिरंगी सजावट बजरिया स्थित श्री विजयेश्वर धर्मार्थ ट्रस्ट (शिव मंदिर) में जन्माष्टमी को लेकर खास तैयारियां की गई थीं। मंदिर परिसर को फूलों, रंग-बिरंगी रोशनी और अलग-अलग सजावटी सामान से सजाया गया। यहां बरसाना से आए कारीगरों ने कई तरह की झांकियां तैयार की थीं। ये झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का मुख्य केंद्र रहीं। बच्चों ने सजाई राधा-कृष्ण और माखन चोरी की झांकी पुराने शहर के तेलन पंसेरी बालाजी मंदिर में छोटे बच्चों ने राधा-कृष्ण की झांकी सजाई। दंडवीर बालाजी मंदिर में फूल बंगला की झांकी सजाई गई। वहीं पुराने शहर के ठठेरा कुंड स्थित आदर्श विद्या मंदिर के बच्चों ने भी कई सजीव झांकियां तैयार कीं। बच्चों ने राधा-गोविंद और माखन चोरी जैसी झांकियां सजाईं। इन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। महारास की लीला भी दिखाई ठठेरा कुंड इलाके में बच्चों ने महारास की लीला की सजीव झांकी प्रस्तुत की। यहां भगवान भूतनाथ की सजीव झांकी भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। अंगारेश्वर महादेव मंदिर में भी विशेष झांकी सजाई गई। इसके दर्शन के लिए लोग देर रात तक पहुंचते रहे। बारिश के बावजूद लोग देर रात तक अपने आराध्य देव के दर्शन करने के लिए मंदिरों में पहुंचते रहे।
लखीमपुर खीरी में जन्माष्टमी का पर्व:मंदिरों और सदर कोतवाली में सजीं आकर्षक कृष्ण की झांकियां
लखीमपुर खीरी में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व शुक्रवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक मंदिरों में विशेष सजावट की गई। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह नजर आया। लखीमपुर सदर कोतवाली को रंग-बिरंगी झालरों और आकर्षक विद्युत सजावट से सजाया गया। कोतवाली परिसर में बनाई गईं भगवान श्रीकृष्ण की मनमोहक झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं। झांकियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और मोबाइल फोन से तस्वीरें व वीडियो बनाते नजर आए। जिले के विभिन्न मंदिरों में भी जन्माष्टमी को लेकर विशेष तैयारियां की गई थीं। मंदिरों को फूलों, रोशनी और रंग-बिरंगी सजावट से सजाया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप के दर्शन किए और पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। रात होते-होते मंदिरों में भजन-कीर्तन और कृष्ण के जयकारों से माहौल भक्तिमय हो गया। मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ ही श्रद्धालुओं ने शंख और घंटियां बजाकर उत्सव मनाया। जगह-जगह प्रसाद का वितरण भी किया गया।
सिद्धार्थनगर में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता के विरोध में अखिल भारतीय जूनियर हाई स्कूल (पूर्व माध्यमिक) शिक्षक संघ ने 5 सितंबर यानी शिक्षक दिवस पर काली पट्टी बांधकर स्कूलों में पढ़ाने की अपील की है। संगठन ने इसे टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ संघर्ष का पहला चरण बताया है। संघ के मुताबिक, देशभर के शिक्षक भी काली पट्टी बांधकर विरोध जताएंगे। संगठन के जिलाध्यक्ष रमेश चंद्र मिश्र और महामंत्री कलीमुल्लाह ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि 5 साल से अधिक सेवाकाल वाले शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य करना उचित नहीं है। लंबे समय से शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षकों के अनुभव और सेवा को देखते हुए इस नियम पर दोबारा विचार किया जाना चाहिए। पदाधिकारियों ने कहा कि अगर 5 साल से ज्यादा सेवा वाले शिक्षकों के लिए पात्रता परीक्षा जरूरी है तो अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भी ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए। केवल शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य करना उचित नहीं है। केंद्र सरकार से अध्यादेश लाने की मांग संघ ने बताया कि राष्ट्रीय और प्रांतीय नेतृत्व के निर्देश पर शिक्षक दिवस के दिन शिक्षक हाथों में काली पट्टी बांधकर स्कूलों में पढ़ाएंगे। यह विरोध टीईटी की अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों की एकजुटता का संदेश देगा। संगठन ने केंद्र सरकार से अध्यादेश लाकर 5 साल से अधिक सेवाकाल वाले शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से बाहर करने की मांग की है। साथ ही जिले के सभी शिक्षकों से विरोध कार्यक्रम में शामिल होकर संगठन की मांग के समर्थन में एकजुटता दिखाने की अपील की है।
बदायूं के उसहैत इलाके में गंगा का कटान अब गांवों के साथ बांधों की सुरक्षा के लिए भी चुनौती बन गया है। पथरामई में गंगा बांध के बिल्कुल करीब बह रही है। तेज कटान के कारण बांध का किनारा भी प्रभावित होने लगा है। खतरा बढ़ता देख बाढ़खंड ने यहां बचाव कार्य तेज कर दिया है। बांध के कमजोर हिस्से पर ईंटों का फर्श बिछाया जा रहा है, ताकि नदी की सीधी धार से बांध को नुकसान से बचाया जा सके। पथरामई के अलावा भुंडी और रैपुरा में भी कटान लगातार जारी है। भुंडी में करीब 500 बीघा जमीन गंगा में समा चुकी है, जिससे उसहैत बांध पर भी खतरा बढ़ गया है। रैपुरा में नदी लगातार जमीन काट रही है। वहीं कदम नगला की स्थिति सबसे गंभीर है। यहां करीब 90 फीसदी गांव गंगा में समा चुका है और कटान अब भी जारी है। बाढ़ प्रभावित और सतर्क किए गए गांवों में ठकुरी नगला, जटा, प्रेमी नगला, जसवंत नगला, रैपुरा और कदम नगला शामिल हैं। वहीं दल नगला, कमलैयापुर, असमया रफतपुर, अहमद नगर बछौरा, बल्ले नगला, कमलू नगला, बेहटी, भकरी, चेतराम नगला, कोनका नगला और टिकाई खाम समेत कई गांवों की जमीन बाढ़ और कटान से प्रभावित हुई है। नरौरा से 83,835, बिजनौर से 1.17 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा बाढ़ नियंत्रण कक्ष की शनिवार सुबह 4 बजे की रिपोर्ट के मुताबिक, नरौरा से 83,835 क्यूसेक और बिजनौर से 1,17,513 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। हरिद्वार से छोड़े गए पानी की जानकारी नहीं मिल सकी। ऐसे में बाढ़खंड की नजर गंगा के जलप्रवाह पर बनी हुई है। बहाव बढ़ने पर पथरामई और उसहैत बांध पर दबाव और बढ़ सकता है। गंगा का कटान अब गांवों से आगे बढ़कर बांधों की सुरक्षा के लिए खतरा बनता जा रहा है। पथरामई में ईंटों का फर्श बिछाकर बांध को बचाने की कोशिश की जा रही है। अब चिंता इस बात की है कि नदी की तेज धार कहीं बचाव कार्य को पार कर बांध को अपनी चपेट में न ले ले।
फतेहपुर में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। भाद्रपद कृष्ण अष्टमी की आधी रात 12 बजते ही शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक ‘जय कन्हैया लाल की, हाथी घोड़ा पालकी’ के जयकारे गूंज उठे। मंदिरों और घरों में आरती के साथ बाल गोपाल का जन्मोत्सव मनाया गया। भक्तों ने केक काटकर कान्हा का स्वागत किया और प्रसाद बांटा। जन्माष्टमी का मुख्य आयोजन पुलिस लाइन और 12वीं वाहिनी पीएसी परिसर में हुआ। पुलिस लाइन में जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने परिवार के साथ भगवान श्रीकृष्ण की महाआरती की। वहीं, पीएसी परिसर स्थित राधा जानकी मंदिर में आकर्षक झांकियां और रंग-बिरंगी बिजली की सजावट की गई। इन्हें देखने के लिए देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। शहर के तामेश्वर मंदिर, बांके बिहारी मंदिर और अयोध्या कुटी के साथ बिंदकी तहसील के कैलाश मंदिर और बहुआ कस्बे के बांके बिहारी मंदिर में भी विशेष पूजा-अर्चना हुई। कान्हा के जन्म के बाद भक्तों ने केक काटा। माखन-मिश्री और धनिया की पंजीरी का प्रसाद वितरित किया गया। थानों में भजन-कीर्तन, घरों में हुआ अभिषेक जिले के सभी थानों और पुलिस चौकियों को रंग-बिरंगी झालरों से सजाया गया। यहां भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ, जिसमें पुलिसकर्मियों के साथ स्थानीय लोगों ने भी हिस्सा लिया। पूजा के बाद श्रद्धालुओं और वहां आने वाले लोगों को प्रसाद बांटा गया। घरों में भी महिलाओं ने व्रत रखकर बाल गोपाल का दूध, दही और गंगाजल से अभिषेक किया। रात 12 बजे शंख, घड़ियाल और सोहर गीतों के बीच भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया। जन्म के साथ ही पूरा जिला भक्तिमय माहौल में डूब गया।
राजसमंद जिले में जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। जिले के पुष्टिमार्गीय मंदिरों के साथ चारभुजा और सेवंत्री में भी विशेष कार्यक्रम हुए। नाथद्वारा के श्रीनाथजी मंदिर में सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पूरे दिन मंदिर में श्रीकृष्ण के जयकारे गूंजते रहे। पंचामृत अभिषेक से शुरू हुआ जन्मोत्सव पुष्टिमार्ग की प्रधान पीठ श्रीनाथजी मंदिर में जन्माष्टमी के दिन उत्सव की शुरुआत मंगला झांकी में पंचामृत अभिषेक से हुई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने श्रृंगार झांकी, राजभोग झांकी और भोग आरती के दर्शन किए। दिनभर मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। श्रीकृष्ण के जयकारों से मंदिर और आसपास का माहौल भक्तिमय बना रहा। रिसाला चौक से निकली कृष्ण लीलाओं की झांकियां शाम को नगर के रिसाला चौक से भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित झांकियों की शोभायात्रा निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और श्रद्धालु शामिल हुए। श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए शोभायात्रा के साथ चलते रहे। शोभायात्रा में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनकी लीलाओं से जुड़ी आकर्षक झांकियां शामिल थीं। रात 12 बजे 21 तोपों से सलामी शोभायात्रा के बाद रात 9:30 बजे जागरण के दर्शन खुले। ये दर्शन करीब रात 11:30 बजे तक चले। इसके बाद मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए। रात 12 बजे जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ, मंदिर से बिगुल बजाया गया। इसके साथ ही रिसाला चौक में रखी दो तोपों से 21 बार सलामी दी गई। तोपों की आवाज इतनी तेज होती है कि आसपास के गांवों तक सुनाई देती है। इससे ग्रामीण इलाकों में भी कान्हा के जन्म की सूचना और बधाई का संदेश पहुंचता है। 350 साल पुरानी है तोपों से सलामी की परंपरा श्रीनाथजी मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय तोपों से सलामी देने की परंपरा करीब 350 साल पुरानी है। इस खास परंपरा को देखने और भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का साक्षी बनने के लिए देश-दुनिया से श्रद्धालु नाथद्वारा पहुंचते हैं। आज नंदोत्सव में केसर वाला दूध-दही छिड़का जा रहा जन्माष्टमी के अगले दिन शनिवार को श्रीनाथजी मंदिर में नंदोत्सव मनाया जा रहा है। मंदिर के सेवाकर्मियों के साथ तिलकायत परिवार के लोग केसर वाला दूध और दही छिड़ककर नंदोत्सव की परंपरा निभा रहे हैं। मंदिर परिसर में उत्सव का माहौल बना हुआ है। श्रद्धालु नंदोत्सव के इस खास आयोजन का आनंद ले रहे हैं।
नहटौर में पुलिस की पैदल गश्त:बाजारों और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा
बिजनौर के नहटौर थाना क्षेत्र में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने तथा नागरिकों में सुरक्षा की भावना मजबूत करने के उद्देश्य से नहटौर पुलिस ने सघन पैदल गश्त (फ्लैग मार्च) अभियान चलाया। इस दौरान पुलिस बल ने नगर के मुख्य मार्गों, प्रमुख बाजारों और अत्यधिक भीड़भाड़ वाले संवेदनशील इलाकों का जायजा लिया। पुलिस टीम ने बाजार क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों, बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों तथा अकारण खड़े युवकों से पूछताछ की और तलाशी ली। पैदल गश्त के दौरान अधिकारियों ने स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों से बातचीत कर उनकी सुरक्षा संबंधी समस्याएं जानीं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को देने की अपील की। व्यस्त चौराहों और मुख्य सड़कों पर अवैध अतिक्रमण करने वालों तथा यातायात बाधित करने वाले वाहन चालकों को सख्त हिदायत दी गई। पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया कि क्षेत्र में शांति भंग करने या कानून हाथ में लेने वाले अराजक तत्वों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान का नेतृत्व थाना प्रभारी ने पुलिस बल के साथ किया। पुलिस की इस सक्रियता से नगरवासियों और व्यापारियों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है, वहीं असामाजिक तत्वों में हड़कंप का माहौल देखने को मिला। पुलिस प्रशासन के अनुसार, क्षेत्र में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए इस तरह का गश्त अभियान आगे भी नियमित रूप से जारी रहेगा।
महराजगंज में पिकअप भिड़ी:दो युवक घायल, गैस कटर से वाहन काटकर निकाला बाहर; सीएचसी में भर्ती
महराजगंज में बृजमनगंज के कोल्हुई-बृजमनगंज मार्ग पर शनिवार तड़के बहदुरी गांव के पास तेज रफ्तार पिकअप बेकाबू होकर हादसे का शिकार हो गई। हादसे में पिकअप सवार दो युवक घायल हो गए। टक्कर इतनी तेज थी कि वाहन का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और दोनों युवक अंदर फंस गए। शनिवार सुबह करीब 5:15 बजे कंट्रोल रूम-112 से पुलिस को हादसे की सूचना मिली। सब इंस्पेक्टर राजकुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वहां UP56 AT 7005 नंबर की पिकअप क्षतिग्रस्त हालत में मिली। वाहन का दरवाजा टूटने के कारण खुल नहीं रहा था, जिससे दोनों युवक अंदर फंसे थे। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से बचाव कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद गैस कटर से पिकअप के टूटे हिस्से को काटकर दोनों घायलों को बाहर निकाला गया। दोनों घायलों का सीएचसी में इलाज पुलिस के मुताबिक, घायल युवकों की पहचान बबलू पुत्र बरसाती और करण पुत्र शिवचरण के रूप में हुई है। दोनों लक्ष्मीपुर एकमा, थाना पुरंदरपुर के रहने वाले हैं। उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बृजमनगंज में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। पुलिस के अनुसार, पिकअप कोल्हुई से बृजमनगंज की ओर जा रही थी। बहदुरी गांव के पास चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका, जिससे हादसा हो गया। फिलहाल मौके पर स्थिति सामान्य है। किसी पक्ष की ओर से पुलिस को शिकायत नहीं दी गई है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
बुलंदशहर में कांग्रेस नेता अर्चना पांडा से मारपीट के मामले में पूर्व विधायक श्रीभगवान शर्मा उर्फ गुड्डू पंडित के खिलाफ FIR दर्ज हुई है। अर्चना पांडा ने आरोप लगाया है कि पूर्व विधायक ने उनके घर में घुसकर मारपीट की, गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने अपनी और 9 साल के बेटे की सुरक्षा की भी मांग की है। सीओ सिटी प्रखर पांडेय ने बताया कि FIR दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। अर्चना पांडा के मुताबिक, 2 सितंबर 2026 को पूर्व विधायक गुड्डू पंडित अचानक उनके घर पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने दरवाजा तोड़ने की कोशिश की। दरवाजा खोलने में देर होने पर उन्होंने अभद्र और अश्लील बातें कहते हुए गाली-गलौज की। अर्चना का आरोप है कि गेट खुलते ही पूर्व विधायक ने उनके बाल पकड़कर मारपीट की। साथ ही उन पर घर खाली करने का दबाव बनाया। पुराना विवाद, कई मुकदमे कोर्ट में चलने का दावा अर्चना पांडा ने बताया कि पूर्व विधायक और उनके परिवार से उनका पुराना विवाद चल रहा है। इससे जुड़े कई मुकदमे कोर्ट में विचाराधीन हैं। उनका दावा है कि उनके 9 वर्षीय बेटे समर प्रताप शर्मा के संपत्ति का कानूनी वारिस होने और उनकी बढ़ती राजनीतिक-सामाजिक सक्रियता के कारण पूर्व विधायक और उनके समर्थक उनसे रंजिश रखते हैं। अर्चना ने यह भी आरोप लगाया कि इससे पहले सार्वजनिक स्थानों पर भी उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान करने की कोशिश की गई। भागकर बचाई जान, वीडियो फुटेज पुलिस को सौंपा अर्चना के मुताबिक, घटना के दौरान उन्होंने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई और पुलिस से संपर्क किया। उन्होंने दावा किया कि घटना का वीडियो फुटेज उनके पास है। इसे पेनड्राइव में सबूत के तौर पर पुलिस को सौंपा गया है। उन्होंने नारी सम्मान और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आरोपी के खिलाफ उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग की है। पूर्व विधायक बोले- हरिद्वार में था, वीडियो पुराना वहीं, पूर्व विधायक श्रीभगवान शर्मा उर्फ गुड्डू पंडित ने अर्चना पांडा के सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि घटना के समय वह हरिद्वार में बाबा रामदेव के आश्रम में मौजूद थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि वायरल किया जा रहा वीडियो पुराना है और उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि FIR दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मुरैना के रामपुर कलां में पानी की जरूरत ने निजी स्तर पर एक सप्लाई व्यवस्था खड़ी कर दी। करीब 17 हजार आबादी वाले गांव में एक निजी बोर से 12 साल से घरों तक पानी पहुंच रहा है। दीवारों, बालकनियों और बिजली के खंभों पर बिछी काली पाइपलाइनें इस व्यवस्था का नेटवर्क बता रही हैं। पानी की जरूरत वाले घर इस बोर से कनेक्शन लेकर हर महीने तय राशि चुका रहे हैं। आधे घंटे की सप्लाई के लिए 200 और एक घंटे के लिए 400 रुपए मासिक लिए जाते हैं। बोर मूल रूप से खेती के लिए कराया गया था, लेकिन खेती बंद होने के बाद इसमें पर्याप्त पानी मिलने पर आसपास के घरों को सप्लाई शुरू की गई। समय के साथ कनेक्शन बढ़ते गए और निजी बोर गांव के बड़े हिस्से के लिए पानी का नियमित स्रोत बन गया। खास बात यह है कि जहां सरकारी स्तर पर पानी की स्थायी व्यवस्था नहीं हो सकी, वहीं निजी स्तर पर 12 साल से सप्लाई चल रही है। प्रशासन अब नए बोर और बंद पड़े स्रोतों की जांच के जरिए समस्या का स्थायी समाधान करने की बात कह रहा है। तीन तस्वीरें देखिए… खंभों से घरों तक पहुंची पाइपलाइन गांव की गलियों में पानी की इस व्यवस्था के निशान साफ दिखाई देते हैं। काली पाइपें कहीं बिजली के खंभों के सहारे हैं तो कहीं मकानों की दीवारों और बालकनियों से होकर घरों तक पहुंच रही हैं। कई जगह पुरानी पाइपों में लीकेज और टूट-फूट भी है। इसके बावजूद लोगों के लिए यही व्यवस्था सबसे भरोसेमंद पानी का साधन बनी हुई है। ग्रामीणों के मुताबिक गांव में हैंडपंप तो हैं, लेकिन कई जगह पर्याप्त पानी नहीं मिलता। कुछ जगहों पर पुराने स्रोत बंद हो चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बड़े बोर कराकर स्थायी व्यवस्था की जा सकती है, लेकिन वर्षों से समस्या जस की तस है। ग्रामीण बोले- नेता चुनाव में पानी का वादा करते हैं खेती के लिए था बोर, अब पानी बेचना ही कारोबार निजी बोर संचालक मोनू धाकड़ के मुताबिक उनके पिता ने खेत में खेती के लिए बोर कराया था। उसमें अच्छा पानी निकला। बाद में खेती बंद हो गई और आसपास के लोगों को पानी की जरूरत थी, इसलिए बोर से सप्लाई शुरू कर दी। अब यही उनका काम है। उनके अनुसार आधे घंटे की सप्लाई के 200 रुपए और एक घंटे के 400 रुपए प्रतिमाह लिए जाते हैं। पहले उनके पिता यह व्यवस्था संभालते थे, अब वे खुद देखते हैं। प्रशासन बोला-टीम भेजकर देखेंगे गांव के हालात जिला पंचायत सीईओ कमलेश भार्गव का कहना है कि रामपुर क्षेत्र में पानी की समस्या की जानकारी है। प्रशासन समय-समय पर योजनाओं के तहत बोर भी कराता रहा है। अब स्थिति की वास्तविकता देखने के लिए टीम भेजी जाएगी। जरूरत के अनुसार नए बोर कराए जाएंगे और बंद पड़े बोर की भी जांच कराई जाएगी। उनका कहना है कि जल्द समस्या दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
बुलंदशहर के कोतवाली देहात इलाके के भाईपुरा गांव में 25 साल के अबुबकर की शुक्रवार देर रात चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि एक रिश्तेदार ने पुरानी दुश्मनी में इस वारदात को अंजाम दिया। आरोपी पक्ष ने मृतक के परिवार पर पुलिस कार्रवाई न करने का दबाव बनाया, जिसके चलते पीड़ित परिवार ने पुलिस को सूचना नहीं दी। परिवार अबुबकर के शव को दफनाने की तैयारी कर रहा था। इसी बीच किसी ने पुलिस को खबर दे दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुक्रवार रात 9 बजे तक इस मामले में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। गांव भाईपुरा के मोहसिन ने बताया कि उनके छोटे भाई अबुबकर गुजरात में वेल्डिंग का काम करते थे। उनकी शादी नहीं हुई थी। कुछ दिनों से वह गांव आए हुए थे। मोहसिन ने बताया कि करीब एक साल पहले उनके एक रिश्तेदार उनके घर के ऊपर से बिजली के तार डाल रहे थे। अबुबकर ने इसका विरोध किया था, जिस पर दोनों में मारपीट भी हुई थी। इस बात को लेकर रिश्तेदार अबुबकर से दुश्मनी रखता था और कई बार जान से मारने की धमकी भी दे चुका था। मोहसिन ने बताया कि रिश्तेदार होने के कारण उन्होंने पुलिस से शिकायत नहीं की थी। अबुबकर शुक्रवार रात करीब 8 बजे शांव के चौराहे पर बैठे थे। इसी दौरान आरोपी ने उन पर चाकू से हमला कर दिया। पेट और हाथों पर चाकू के वार से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद आरोपी के परिवार के लोग ही अबुबकर को इलाज के लिए बुलंदशहर ले गए, लेकिन उनकी मौत हो गई। अबुबकर पांच भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके बड़े भाई मोहसिन और रहीस बुलंदशहर की नवीन मंडी में बोझ उठाने का काम करते हैं। बबलू और शाहरुख सऊदी अरब में नौकरी करते हैं। उनके पिता असगर और मां महरून सांस की बीमारी से परेशान हैं। सीओ सिटी प्रखर पांडेय ने बताया कि अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मेरठ में शनिवार को सुबह की शुरुआत बारिश के साथ हुई। बीते दिन भी रुक-रुककर बारिश होने से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली। शनिवार सुबह बारिश के बाद मौसम सुहावना बना हुआ है। आसमान में बादल छाए रहने से तापमान में भी गिरावट की संभावना है। बीते दिन मेरठ में अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री सेल्सियस तक रहने का अनुमान है। तापमान में गिरावट और बारिश के चलते लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही के अनुसार अगले 24 घंटे मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहने की संभावना है। इस दौरान बादल छाए रहने के साथ बारिश हो सकती है। इससे उमस और गर्मी से राहत मिलने के आसार हैं। हालांकि बदलते मौसम के साथ स्वास्थ्य संबंधी सावधानी बरतने की भी जरूरत है। बारिश के बाद तापमान में उतार-चढ़ाव और वातावरण में नमी बढ़ने से फ्लू व वायरल इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में लोगों को बारिश में भीगने से बचने, गीले कपड़े तुरंत बदलने और साफ-सफाई का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। जून से अब तक सामान्य से 74% ज्यादा बारिश मेरठ में इस मानसून सीजन में अब तक बारिश का आंकड़ा सामान्य से काफी ज्यादा रहा है। 1 जून से अब तक जिले में 74 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून की सक्रियता बनी रहने से आने वाले दिनों में भी बारिश के दौर जारी रहने की संभावना है।
अजमेर में सुबह से बादल छाए हैं और रिमझिम बरसात का दौर जारी है। बरसात के कारण मौसम सुहावना हो गया है। कल रात को भी बारिश हुई थी, जिससे गर्मी और उमस से राहत मिली है। जिले में 24 घंटे में न्यूनतम तापमान में 3.5 डिग्री की कमी हुई है। सुबह न्यूनतम तापमान 20.8 दर्ज किया गया, वहीं बीते 24 घंटों में 24 एमएम बरसात दर्ज की गई। औसम बरसात जिले में अब तक 390 एमएम होनी चाहिए, जो अब तक 443 एमएम हो चुकी है। लेकिन ये बरसात भी पिछले साल के मुकाबले कम है। मौसम विभाग के सप्ताहवार पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों में कुछ बढ़ोतरी हो सकती है। 7 सितंबर के बीच मेघगर्जन के साथ कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार सप्ताहवार आंकलन पहला सप्ताह- 7 सितंबर तक: 7 सितंबर तक बीच कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। दूसरा सप्ताह- 8 से 14 सितंबर: 8 सितंबर के बाद बारिश की संभावना कम हो जाएगी। सप्ताह का अधिकांश हिस्सा सूखा रहने के आसार हैं। इस दौरान बादल तो आएंगे, लेकिन व्यापक बारिश की संभावना कम रहेगी। तीसरा सप्ताह-15 से 21 सितंबर: सप्ताह के अंतिम दिनों में बारिश की गतिविधियां फिर बढ़ सकती हैं। तीसरे सप्ताह के अंत और चौथे सप्ताह की शुरुआत में बारिश का एक और दौर बनने की संभावना है। चौथा सप्ताह-22 से 30 सितंबर: महीने के अंतिम हिस्से में मौसम सूखा रहने के आसार हैं। इसके चलते सितंबर में कुल बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना जताई गई है। 10 साल में सितंबर की बारिश का रिकॉर्ड भी उतार-चढ़ाव वाला अजमेर में सितंबर की बारिश का पिछले 10 साल का रिकॉर्ड काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा है। इस दौरान 5 साल बारिश सामान्य से ज्यादा और 5 साल सामान्य से कम रही। 2016 में सितंबर में सिर्फ 15.3 एमएम, 2017 में 48.4 एमएम और 2022 में 16.8 एमएम बारिश हुई थी। इसके उलट 2021 में 208.7 एमएम, 2024 में 172 एमएम और 2025 में सबसे ज्यादा 270.6 एमएम बारिश दर्ज की गई। अन्य वर्षों में 2018 में 101.6, 2019 में 108, 2020 में 64.8 और 2023 में 76.2 एमएम बारिश हुई। अजमेर में सितंबर की औसत बारिश करीब 86.7 एमएम है।
इटावा में जसवंतनगर के श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में नगला तौर गांव में भजन संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। भजन गायकों ने भगवान श्रीकृष्ण के मनमोहक भजनों की प्रस्तुति देकर माहौल को भक्तिमय बना दिया। देर रात तक श्रद्धालु भजनों पर झूमते रहे। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से कार्यक्रम स्थल गूंज उठा। आयोजकों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया और सभी से भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। कार्यक्रम में भजन व कथा गायिका निशा शास्त्री ने प्रस्तुति दी।
भागलपुर में गंगा नदी खतरे के निशान से 48 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है, जिससे गांवों और बस्तियों में पानी घुस गया है। नदी अपने सर्वकालिक उच्चतम बाढ़ स्तर से केवल 70 सेंटीमीटर नीचे है, जिसके कारण लोग सुरक्षित स्थानों पर पलायन कर रहे हैं।
भुवनेश्वर में मंदिर से देवी की मूर्ति चोरी, ओडिशा में एक साल में 15 से अधिक मंदिरों में हुई चोरी
भुवनेश्वर के बालियंता थाना क्षेत्र में मां बूढ़ी ठाकुराणी मंदिर से शुक्रवार रात अज्ञात बदमाशों ने मूर्ति चोरी कर ली, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश है। पुलिस मामले की जांच कर रही है, जबकि ओडिशा में मंदिरों में चोरी की बढ़ती घटनाओं ने धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर चिंता बढ़ा दी है।
दिल्ली: अब ड्रोन बताएगा जाम की लंबाई, ट्रैफिक पुलिस को मिलेगा रियल-टाइम अपडेट
दिल्ली में अब जल्द ही लंबे लाम से मुक्ति मिलेगी। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस अब ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल कर लंबे जाम की ट्रेल देखेगी। यानि की जाम कितना लंबा है और कहां से लगना शुरू हुआ और आगे कहां तक जा रहा है।
छत्तीसगढ़ की राजनीति में ऐसे कई चेहरे हैं, जिनके करियर की शुरुआत पॉलिटिक्स से नहीं, बल्कि क्लासरूम से हुई। कभी हाथ में चॉक और सामने बच्चों की क्लास होती थी, लेकिन वक्त के साथ इन नेताओं ने शिक्षक की नौकरी छोड़कर राजनीति का रास्ता चुना। इसके बाद किसी ने विधायक बनकर अपनी पहचान बनाई, तो किसी ने मंत्री की जिम्मेदारी संभाली और कोई पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जैसे अहम पद तक पहुंचा। यानी बच्चों को पढ़ाने से शुरू हुआ सफर आगे चलकर छत्तीसगढ़ की राजनीति में बड़ी जिम्मेदारियों तक पहुंचा। क्लासरूम से सियासत तक का सफर इन नेताओं में किसी के हाथ में कभी चॉक हुआ करता था, तो किसी के हाथ में रजिस्टर। क्लासरूम में सामने बैठे बच्चों को पढ़ाते थे, उन्हें सवालों के जवाब समझाते थे और जिंदगी में आगे बढ़ने का रास्ता बताते थे। लेकिन वक्त बदला और इन शिक्षकों की जिंदगी ने भी करवट ली। क्लासरूम से निकलकर ये लोग राजनीति के मैदान में आए और फिर जनता के बीच अपनी जगह बनाई। छत्तीसगढ़ की राजनीति में ऐसे कई नाम हैं, जिन्होंने राजनीति में आने से पहले शिक्षक की भूमिका निभाई। कोई स्कूल में बच्चों को पढ़ाता था, कोई कॉलेज में लेक्चरर था, तो कोई शिक्षाकर्मी रहा। शिक्षक दिवस पर बात ऐसे ही नेताओं की, जिन्होंने कभी ब्लैकबोर्ड पर बच्चों का भविष्य लिखने में मदद की और बाद में राजनीति के मैदान में अपना भविष्य लिखा। रामविचार नेताम: सरकारी शिक्षक से मंत्री तक का सफर बलरामपुर के सनावल गांव से आने वाले नेताम की शुरुआती जिंदगी बहुत सामान्य थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्हें नौकरी मिली, लेकिन उन्होंने बैंक की नौकरी के बजाय शिक्षक बनना चुना रामविचार नेताम बलरामपुर इलाके के रामचंद्रपुर ब्लॉक के चाकी गांव के शासकीय प्राथमिक स्कूल में शिक्षक रहे। यानी राजनीति में आने से पहले उनका रोज का काम बच्चों को पढ़ाना था। गांव में रहते हुए ही उनका सामाजिक जुड़ाव बढ़ा और लोगों के बीच काम करने का मौका मिला। फिर धीरे-धीरे शिक्षक से सामाजिक कार्यकर्ता और उसके बाद नेता बनने का सफर शुरू हुआ। 1990 में उन्होंने पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा। उस वक्त छत्तीसगढ़ अलग राज्य नहीं बना था और क्षेत्र मध्यप्रदेश का हिस्सा था। चुनाव जीता तो राजनीति उनकी जिंदगी का स्थायी हिस्सा बन गई।इसके बाद वे लगातार बड़े होते गए। विधायक बने, राज्य और केंद्र की राजनीति में जिम्मेदारियां संभालीं और कई बार मंत्री रहे। आज वे छत्तीसगढ़ सरकार में मंत्री हैं। यानी जिस शख्स ने कभी प्राथमिक स्कूल के बच्चों को पढ़ाया, वही आगे चलकर राज्य की सरकार में फैसले लेने वाली टीम का हिस्सा बना। विजय शर्मा: फिजिक्स की क्लास से डिप्टी सीएम की कुर्सी तक कवर्धा से आने वाले विजय शर्मा ने भौतिक शास्त्र यानी फिजिक्स में एमएससी की। पढ़ाई पूरी करने के बाद 1996 से 1998 के बीच उन्होंने रायपुर के सेंट्रल कॉलेज, प्रगति कॉलेज और इंजीनियरिंग कॉलेज में लेक्चरर के तौर पर काम किया। वहां वे फिजिक्स पढ़ाते थे। मतलब उस दौर में उनका दिन राजनीति के मंच पर नहीं, बल्कि कॉलेज की क्लास में बीतता था। सामने छात्र होते थे, विषय फिजिक्स होता था और काम था उन्हें समझाना। हालांकि छात्र जीवन से ही उनका राजनीति से जुड़ाव था। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जरिए वे सक्रिय राजनीति की तरफ बढ़े। बाद में संगठन में जिम्मेदारियां बढ़ती गईं। 2023 में भाजपा ने उन्हें कवर्धा से विधानसभा चुनाव में उतारा। उन्होंने तत्कालीन मंत्री मोहम्मद अकबर को हराकर पहली बार विधानसभा में कदम रखा। और पहली ही बार विधायक बनने के बाद कहानी यहीं नहीं रुकी। उन्हें राज्य सरकार में उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी मिली। आज विजय शर्मा के पास सरकार की बड़ी जिम्मेदारियां हैं। लेकिन उनके राजनीतिक सफर के पीछे एक ऐसा दौर भी है, जब वे रायपुर के कॉलेजों में फिजिक्स के लेक्चरर हुआ करते थे। टंकराम वर्मा: सरकारी शिक्षक से कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा की कहानी भी क्लासरूम से शुरू होती है। उन्होंने उच्च शिक्षा हासिल करने के बाद सरकारी शिक्षक के रूप में काम किया। बाद में वे शिक्षा विभाग की नौकरी से रिटायर हुए। उनके करियर का यह हिस्सा इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि राजनीति में आने से पहले उन्होंने गांव-कस्बे की शिक्षा व्यवस्था को बहुत करीब से देखा। शिक्षक की नौकरी के दौरान ही उनका सामाजिक और राजनीतिक जुड़ाव बढ़ता गया। आगे चलकर वे भाजपा से जुड़े और संगठन में काम करते रहे। एक समय ऐसा भी आया जब वे भाजपा के वरिष्ठ नेता रमेश बैस के साथ जुड़े और बाद में मंत्री के निजी सहायक के रूप में भी काम किया। यानी एक तरफ स्कूल की नौकरी का अनुभव था, दूसरी तरफ राजनीति और संगठन को करीब से देखने का मौका। 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें बलौदाबाजार से मैदान में उतारा। उन्होंने जीत दर्ज की और पहली बार विधानसभा पहुंचे। इसके बाद जिस नेता ने कभी सरकारी स्कूल में बच्चों को पढ़ाया था, वही छत्तीसगढ़ सरकार में कैबिनेट मंत्री की कुर्सी तक पहुंच गया। शिक्षक से मंत्री बनने का यह सफर शायद उनकी कहानी का सबसे बड़ा मोड़ है। मोहन मरकाम: शिक्षाकर्मी से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और मंत्री तक मोहन मरकाम की कहानी थोड़ी अलग है। वे नियमित सरकारी शिक्षक नहीं, बल्कि शिक्षाकर्मी के तौर पर शिक्षा विभाग से जुड़े रहे। उन्होंने शिक्षाकर्मी वर्ग-1 और वर्ग-2 के रूप में काम किया। यानी राजनीति में पूरी तरह आने से पहले उनका एक बड़ा हिस्सा स्कूल और शिक्षा व्यवस्था के बीच गुजरा। छात्र जीवन से ही उनका राजनीतिक झुकाव था। लेकिन राजनीति में सक्रिय भूमिका बढ़ने के साथ उन्होंने सरकारी नौकरी छोड़ दी। 1990 में कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता लेने के बाद उनका राजनीतिक सफर आगे बढ़ा। शुरुआती दौर में टिकट नहीं मिली, चुनावी कोशिशें हुईं, लेकिन मंजिल तुरंत नहीं मिली। फिर 2008 में वे कोंडागांव से विधानसभा पहुंचे। इसके बाद उनका राजनीतिक कद लगातार बढ़ता गया। 2019 में उन्हें छत्तीसगढ़ कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। इसके बाद 2023 में उन्हें भूपेश बघेल सरकार में मंत्री भी बनाया गया। यानी कभी स्कूल में शिक्षाकर्मी के तौर पर काम करने वाला एक युवा आगे चलकर प्रदेश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टियों में से एक का प्रदेश अध्यक्ष बना और फिर सरकार में मंत्री भी। डोमनलाल कोर्सेवाड़ा: 26 साल पढ़ाया, रिटायरमेंट के बाद राजनीति में आए डोमनलाल कोर्सेवाड़ा की कहानी शायद इस पूरी सूची में सबसे लंबी शिक्षक पारी वाली कहानियों में से एक है। उन्होंने 1972 में सहायक शिक्षक के रूप में नौकरी शुरू की। शुरुआत प्राथमिक शाला साजा, गुंडरदेही ब्लॉक से हुई। इसके बाद 1987 में वे उच्च श्रेणी शिक्षक बने और आगे चलकर व्याख्याता के पद तक पहुंचे। करीब 26 साल तक शिक्षा के क्षेत्र में काम करने के बाद 1998 में वे व्याख्याता के पद से रिटायर हुए। लेकिन नौकरी से रिटायर होने के बाद सार्वजनिक जीवन से रिटायर नहीं हुए। राजनीति और सामाजिक गतिविधियों से उनका जुड़ाव पहले से था। बाद में भाजपा की राजनीति में सक्रिय हुए और 2023 में अहिवारा से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे। यानी जिस व्यक्ति ने 1972 में शिक्षक के रूप में करियर शुरू किया था, उसने करीब ढाई दशक बाद राजनीति में एक नई पारी शुरू की। रामपुकार सिंह: शिक्षक की नौकरी से लंबी राजनीतिक पारी पत्थलगांव की राजनीति का बड़ा नाम रामपुकार सिंह भी कभी शिक्षक हुआ करते थे। राजनीति में आने से पहले उन्होंने शिक्षक का पेशा संभाला। बाद में सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हुए और पत्थलगांव की राजनीति में उनकी पकड़ लगातार मजबूत होती गई। उनका राजनीतिक सफर बाकी कई नेताओं से लंबा रहा है। वे कई बार विधायक बने और विधानसभा में वरिष्ठ सदस्यों में गिने गए। 2018 में तो विधानसभा में उन्हें प्रोटेम स्पीकर की जिम्मेदारी भी दी गई थी। यानी जिनका करियर कभी शिक्षक के रूप में शुरू हुआ था, वे आगे चलकर विधानसभा के वरिष्ठतम चेहरों में शामिल हुए। यह कहानी बताती है कि राजनीति में आने के बाद भी शिक्षक की नौकरी से मिला अनुशासन और लंबे समय तक लोगों के बीच काम करने का अनुभव किस तरह किसी नेता के सफर में काम आ सकता है। चंद्रदेव राय: शिक्षाकर्मी आंदोलन से विधानसभा तक चंद्रदेव राय की कहानी सीधे उस दौर से जुड़ती है जब छत्तीसगढ़ में शिक्षाकर्मियों का आंदोलन बड़ा मुद्दा हुआ करता था। उन्होंने 2003 में शिक्षाकर्मी के रूप में नौकरी शुरू की और लगातार अध्यापन कार्य किया। बाद में वे शिक्षाकर्मी संगठन से जुड़े और कर्मचारी नेता के तौर पर भी सक्रिय हुए। यानी स्कूल में पढ़ाने के साथ-साथ वे शिक्षाकर्मियों की समस्याओं और उनके अधिकारों की आवाज उठाने लगे। यही सक्रियता धीरे-धीरे उन्हें राजनीति की तरफ ले गई। 2018 में कांग्रेस के टिकट पर बिलाईगढ़ विधानसभा से चुनाव लड़ा और पहली बार विधायक बने। इसके बाद वे संसदीय सचिव भी रहे। उनकी कहानी में एक खास बात यह है कि वे सिर्फ शिक्षक से सीधे नेता नहीं बने, बल्कि शिक्षाकर्मी आंदोलन के रास्ते राजनीति तक पहुंचे। सावित्री मंडावी: क्लासरूम से चुनावी मैदान तक सावित्री मंडावी की कहानी भी शिक्षक दिवस के मौके पर खास तौर पर याद करने लायक है। वे रायपुर के कटोरा तालाब स्थित एक सरकारी स्कूल में लैक्चरर थीं। यानी राजनीति में आने से पहले उनकी दुनिया भी क्लासरूम और बच्चों के बीच थी। उनके पति मनोज मंडावी के निधन के बाद 2022 में भानुप्रतापपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव की घोषणा हुई। इसके बाद उन्होंने शिक्षिका की नौकरी से इस्तीफा दिया और राजनीति के मैदान में उतर गईं। कांग्रेस ने उन्हें उम्मीदवार बनाया और उन्होंने चुनाव जीत लिया। इसके बाद एक शिक्षिका सीधे विधानसभा की सदस्य बन गईं। आज भी जब वे विधानसभा में बोलती हैं तो उनके परिचय में यह बात जुड़ी रहती है कि राजनीति में आने से पहले वे शिक्षिका थीं। चातुरी नंद: व्याख्याता की नौकरी छोड़ी, राजनीति में उतरीं सरायपाली की विधायक चातुरी नंद राजनीति में आने से पहले वे शासकीय व्याख्याता थीं। सरकारी नौकरी छोड़कर उन्होंने राजनीति का रास्ता चुना। 2023 में कांग्रेस ने उन्हें सरायपाली से टिकट दिया। पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा और पहली ही कोशिश में जीत हासिल कर विधायक बन गईं। उनके शिक्षक वाले दौर की एक तस्वीर 2024 में फिर देखने को मिली। अपने बचपन के स्कूल पहुंचीं तो खुद को बच्चों से दूर नहीं रख पाईं और क्लासरूम में जाकर करीब 30 मिनट तक बच्चों को साइंस पढ़ाया। यानी विधायक बनने के बाद भी शिक्षक वाली भूमिका उनसे पूरी तरह अलग नहीं हुई। विक्रम उसेंडी: शिक्षक से प्रदेश भाजपा अध्यक्ष तक विक्रम उसेंडी ने भी राजनीति में आने से पहले शिक्षक के तौर पर काम किया। पढ़ाने की नौकरी के बाद उनका जुड़ाव भाजपा संगठन से बढ़ा और धीरे-धीरे वे सक्रिय राजनीति में आ गए। इसके बाद उन्होंने चुनावी राजनीति में अपनी जगह बनाई। वे विधायक बने, फिर लोकसभा पहुंचे और सांसद के तौर पर भी काम किया। संगठन में उनकी जिम्मेदारियां भी बढ़ती गईं और उन्हें प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की कमान भी मिली। लंबे राजनीतिक सफर के बाद एक बार फिर वे विधानसभा की राजनीति में हैं। यानी जिस सफर की शुरुआत कभी शिक्षक के रूप में हुई थी, वह विधायक, सांसद और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की जिम्मेदारियों से गुजरते हुए फिर विधानसभा तक पहुंचा। अजीत जोगी: शिक्षक से मुख्यमंत्री तक का सफर शिक्षक से राजनीति में आने वालों में सबसे बड़ा नाम अजीत जोगी का रहा। छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री बनने से पहले जोगी ने रायपुर के इंजीनियरिंग कॉलेज में अध्यापन किया था। 1964-65 के दौरान वे इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ाते थे। इसके बाद उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा का रास्ता चुना और आईएएस अधिकारी बने। बाद में आईएएस की नौकरी छोड़कर सक्रिय राजनीति में आए। कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा पहुंचे, राज्यसभा सांसद रहे और राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। 2000 में छत्तीसगढ़ अलग राज्य बना तो वे इसके पहले मुख्यमंत्री बने। उनकी पत्नी डॉ. रेणु जोगी का भी शिक्षा से जुड़ाव रहा। राजनीति में आने से पहले वे इंदौर और रायपुर के मेडिकल कॉलेजों में नेत्र विभाग में प्रोफेसर थीं। बाद में कोटा से विधायक बनीं। यानी एक ही परिवार में पति पहले कॉलेज में पढ़ाते रहे और आगे चलकर मुख्यमंत्री बने, जबकि पत्नी मेडिकल कॉलेज की प्रोफेसर से विधायक बनीं। शिक्षक से नेता बने कई और चेहरे… शिक्षक से राजनीति में आने वालों की फेहरिस्त सिर्फ मौजूदा नेताओं तक सीमित नहीं है। छत्तीसगढ़ की राजनीति में कई ऐसे चेहरे रहे हैं, जिन्होंने पहले स्कूल या कॉलेज में पढ़ाया और बाद में चुनावी राजनीति में उतरकर विधायक, सांसद और मंत्री तक का सफर तय किया। पूर्व केंद्रीय मंत्री और आदिवासी नेता अरविंद नेताम भी शिक्षक से नेता बने। राजनीति में आने से पहले उन्होंने अध्यापन का काम किया। इसके बाद सक्रिय राजनीति में आए और कांकेर से कई बार सांसद रहे। वे 4 बार विधायक भी रहे और केंद्र सरकार में मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। डॉ. शक्राजीत नायक कॉलेज में प्रोफेसर रहे। बाद में राजनीति में आए और रायगढ़ से विधायक चुने गए। वे छत्तीसगढ़ सरकार में मंत्री भी रहे। खास बात यह रही कि उनका राजनीतिक सफर भाजपा और कांग्रेस, दोनों दलों से जुड़ा रहा। नंदकुमार साय भी राजनीति में आने से पहले शिक्षक रहे। बाद में भाजपा के बड़े आदिवासी नेताओं में शामिल हुए। वे कई बार सांसद रहे और भाजपा के राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण पदों पर रहे। बाद में उन्होंने कांग्रेस का दामन थामा और राज्य सरकार में भी जिम्मेदारी संभाली। पूर्व विधायक देवलाल दुग्गा भी शिक्षक रहे। राजनीति में आने के बाद विधायक बने और आगे चलकर अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाली। सिद्धनाथ पैकरा भी शिक्षक से राजनीति में आए नेताओं में रहे। वे सामरी विधानसभा सीट से विधायक रहे और रमन सिंह सरकार के दौरान संसदीय सचिव की जिम्मेदारी संभाली। उनके राजनीतिक सफर में चुनावी जीत के साथ हार का दौर भी आया। पुराने दौर के कई आदिवासी और ग्रामीण इलाकों के नेताओं की राजनीति की शुरुआत भी स्कूलों से हुई। झतिरूराम बघेल, राजाराम तोड़ेम, अंतूराम कश्यप, भुसरूराम नाग, अघन सिंह ठाकुर, मंतूराम पवार, संपत सिंह भंडारी और डॉ. रामलाल भारद्वाज जैसे नाम भी शिक्षक या मास्टर के रूप में काम करने के बाद राजनीति में आए। इसी कड़ी में कृष्ण कुमार ध्रुव का नाम भी आता है। वे पहले शिक्षक थे और बाद में राजनीति में सक्रिय हुए। विधायक बनने के बाद विधानसभा तक पहुंचे। इन नेताओं के राजनीतिक सफर का दौर अलग-अलग रहा। किसी ने पंचायत और स्थानीय राजनीति से शुरुआत की, किसी ने विधानसभा का चुनाव लड़ा तो किसी ने लोकसभा तक का सफर तय किया। लेकिन इनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत राजनीति की कुर्सी से नहीं, बल्कि स्कूल की कक्षा से हुई थी। शिक्षक दिवस पर इन नेताओं की कहानी इसलिए भी खास है, क्योंकि ये सिर्फ राजनीति में पहुंचे शिक्षकों की कहानी नहीं है। ये उस सफर की कहानी है, जिसमें एक शिक्षक पहले बच्चों का भविष्य संवारने की कोशिश करता है और बाद में पूरे समाज के लिए काम करने की जिम्मेदारी उठाता है। …………………… शिक्षकों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… टीचर्स डे, 68 शिक्षक होंगे सम्मानित, 4 को स्मृति पुरस्कार:खैरागढ़ के राजेश, कोरबा के कामता, दुर्ग की प्रज्ञा और सारंगढ़ की प्रियंका का चयन 5 सितंबर टीचर्स डे पर छत्तीसगढ़ के 68 शिक्षकों को राज्य शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। शिक्षा के क्षेत्र में नए प्रयोग के लिए इनमें से 4 शिक्षकों को स्मृति पुरस्कार भी दिया जाएगा। राज्य शिक्षक सम्मान और स्मृति पुरस्कार समारोह शनिवार को रायपुर के लोकभवन स्थित छत्तीसगढ़ मंडपम में सुबह 11 बजे होगा। पढ़ें पूरी खबर
नशे के खिलाफ पदयात्रा: चंडीगढ़ में स्कूली बच्चों ने ली नशे के खिलाफ शपथ, प्रशासक ने दिखाई हरी झंडी
चंडीगढ़ की सुखना लेक पर शुक्रवार को नशे के विरुद्ध एक विशाल पदयात्रा का आयोजन किया गया।
बिलासपुर जिले के कोटा क्षेत्र में पिस्टल की नोक पर लूट और चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले एक गिरोह के 6 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरोह में शामिल आरोपियों के बीच लूटे हुए गहने और पैसे के बंटवारे को लेकर विवाद हो गया। जिससे उनकी पोल खुल गई। पुलिस ने मास्टरमाइंड समेत 6 आरोपियों को पकड़ा है। इनके पास से वारदात में इस्तेमाल की गई एक पिस्टल, लूटे गए सोने के जेवरात, एक कार, एक बाइक और 6 मोबाइल फोन सहित लूट का पूरा माल बरामद किया गया है। एएसपी ग्रामीण मधुलिका सिंह ने बताया कि, 8 जुलाई को बेलगहना रेलवे स्टेशन से 7,430 रुपए का कलेक्शन लेकर जा रहे एक रेलवे कर्मचारी को सलका डैम मोड़ के पास धक्का देकर उसका बैग लूट लिया था। इसके बाद 18 जुलाई को आरोपियों ने बुर्का पहनकर राजकुमारी जायसवाल के घर पर धावा बोला। वहां उन्होंने मारपीट की और हथियार का भय दिखाकर करीब 50 हजार रुपए के सोने के जेवर लूट लिए। लूट की रकम के बंटवारे को लेकर विवाद से खुली पोल पुलिस के मुताबिक, दोनों मामलों की जांच के दौरान संदेहियों पर नजर रखी जा रही थी और मुखबिरों को भी सक्रिय किया गया था। लूट के करीब डेढ़ महीने बाद 2 सितंबर को कोटा पेट्रोल पंप के पास लुटेरों के बीच आपस में मारपीट हो गई। इनमें से एक युवक सीधे थाने पहुंच गया और मारपीट की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जब विवाद के कारणों को लेकर अलग-अलग तरीके से सख्ती से पूछताछ की, तो शिकायतकर्ता ने पूरी सच्चाई उगल दी। इसके बाद पुलिस ने गुरुवार को दिनभर धरपकड़ अभियान चलाकर सभी आरोपियों को दबोच लिया और शुक्रवार को मामले का विधिवत खुलासा किया। मास्टर माइंड ने दो साथियों के साथ मिलकर बनाई योजना एएसपी मधुलिका सिंह ने बताया कि गिरोह का मुख्य सूत्रधार मंझगांव निवासी राकेश जायसवाल था। उसने अपने साथी दिव्यांशु जायसवाल और आदर्श तिवारी के साथ मिलकर इन वारदातों की साजिश रची थी। वारदात के लिए आरोपी सनी सिंह उन्हें मध्य प्रदेश के रीवा ले गया था, जहां उसने अपने भाई के जरिए अवैध पिस्टल उपलब्ध कराई। जेवर बेचकर रकम बांटने की थी योजना पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सोने के आभूषण समेत घटना में इस्तेमाल सामान बरामद किया है। आरोपियों ने लूट की रकम और गहनों को आपस में मिलकर बांटने की योजना बनाई थी। पुलिस ने मामले में राकेश जायसवाल (35) निवासी- मंझगांव कोटा, दिव्यांशु जायसवाल (24) निवासी- बिल्लीबंद कोटा, आदर्श तिवारी (26) निवासी- मौहारखार कोटा, हर्ष नामदेव (25) निवासी- कोटा, हर्ष सोनी (24) निवासी- फिरंगीपारा कोटा और सनी सिंह (35) निवासी- मस्जिदपारा कोटा को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। सर्राफा कारोबारी को बेचा था लूट का सोना लूट के बाद आरोपियों ने हर्ष नामदेव के माध्यम से फिरंगीपारा निवासी सर्राफा कारोबारी हर्ष सोनी को सोने के जेवर बेच दिए थे। आरोपियों के साथ ही चोरी के आभूषण खरीदने वाले हर्ष सोनी और हथियार सप्लायर सनी सिंह को गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी रजनेश सिंह ने पुलिस टीम की इस सफलता पर उनकी सराहना करते हुए नकद इनाम की घोषणा की है।

