अजमेर के रामगंज थाना क्षेत्र के कंचन नगर स्थित हस्ती विहार कॉलोनी में चोरों ने एक सूने मकान को निशाना बनाकर करीब 5 लाख रुपए के सोने-चांदी के आभूषण और नकदी चोरी कर ली। वारदात उस समय हुई, जब पूरा परिवार रिश्तेदार के यहां जन्मदिन की पार्टी में गया हुआ था। रात को लौटने पर घर का लॉकर टूटा मिला और सामान बिखरा पड़ा था। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जन्मदिन पार्टी में गया था परिवार पीड़ित महिला टीना ने बताया कि वह अपने पति राजेश बालोटिया, जो एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं, और बच्चों के साथ रात करीब 8 बजे कंचन नगर स्थित अपने बड़े पापा के घर जन्मदिन की पार्टी में शामिल होने गई थीं। घर से निकलते समय मुख्य दरवाजे पर ताला लगाया गया था। महिला ने बताया कि बारिश की आशंका को देखते हुए उन्होंने पड़ोस में रहने वाली महिला से घर पर नजर रखने का आग्रह किया था। पड़ोसी रात में तीन बार घर देखने आई, तब तक बाहर का ताला सुरक्षित था। चौथी बार जब वह खिड़की बंद करने पहुंची तो अंदर रसोई के पास का दरवाजा खुला मिला और अलमारी का लॉकर टूटा हुआ दिखाई दिया। इसके बाद उसने तुरंत फोन कर परिवार को सूचना दी। लौटे तो बिखरा मिला सामान रात करीब 9:30 बजे परिवार घर पहुंचा तो अंदर का ताला और अलमारी का लॉकर टूटा मिला। कमरे का सामान बिखरा पड़ा था और अलमारी में रखे सोने-चांदी के आभूषण व नकदी गायब थी। चोरी हुए सामान में करीब दो तोला सोने की आड़, एक तोला सोने की चेन, बच्चों की दो जोड़ी सोने की बालियां, सोने का टीका व नथ, चांदी की पायल तथा 50 हजार रुपए नकद शामिल हैं। परिवार के अनुसार चोरी से करीब 5 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना की सूचना देने के बावजूद रामगंज थाना पुलिस समय पर मौके पर नहीं पहुंची। बाद में पुलिस कंट्रोल रूम से संपर्क करने पर पुलिस टीम पहुंची और घटनास्थल का मौका-मुआयना कर जांच शुरू की। परिवार ने पुलिस से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी और चोरी का सामान बरामद करने की मांग की है।
सतना में जिले का पहला जेन-जी थीम आधारित नेक्स्ट जनरेशन (एन-जेन) पोस्ट ऑफिस शुरू हो गया है। इंडिया पोस्ट ने गुरुवार को सतना मेडिकल कॉलेज परिसर में इसका शुभारंभ किया। मुख्य पोस्ट मास्टर जनरल विनीत माथुर ने इसका उद्घाटन किया। यह जबलपुर रीजन का अपनी तरह का पहला पोस्ट ऑफिस है, जो पारंपरिक डाकघरों की छवि को बदलकर युवाओं को 'वर्क कैफे' जैसा अनुभव देगा। इस नए पोस्ट ऑफिस का इंटीरियर आधुनिक वर्क कैफे की तर्ज पर डिजाइन किया गया है, जो नई पीढ़ी की जरूरतों को ध्यान में रखता है। यहां फ्री वाई-फाई, आरामदायक बैठने की व्यवस्था, लैपटॉप और मोबाइल चार्जिंग पॉइंट, कॉफी वेंडिंग मशीन, किताबों और बोर्ड गेम्स से सुसज्जित बुक-बूथ जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसका उद्देश्य है कि विद्यार्थी और युवा डाक सेवाओं का उपयोग करने के साथ-साथ पढ़ाई, काम और संवाद के लिए भी इस स्थान का उपयोग कर सकें। खुद ही पार्सल और डाक बुक कर सकेंगेमुख्य डाकघर के जनसंपर्क अधिकारी अभिषेक खरे ने बताया कि एन-जेन पोस्ट ऑफिस को 'डू-इट-योरसेल्फ' (डीआईवाई) अवधारणा पर विकसित किया गया है। ग्राहक यहां सेल्फ-बुकिंग कियोस्क के माध्यम से खुद ही पार्सल और डाक बुक कर सकेंगे। इसके अलावा, क्यूआर कोड आधारित तत्काल भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध है, जो पूरी प्रक्रिया को तेज और आसान बनाएगी। पोस्ट ऑफिस में एक 'माय स्टाम्प' काउंटर भी स्थापित किया गया है, जहां ग्राहक अपनी पसंद की तस्वीर या डिजाइन के साथ व्यक्तिगत डाक टिकट प्रिंट करा सकते हैं। इंडिया पोस्ट का मानना है कि यह पहल युवाओं को आधुनिक, डिजिटल और सुविधाजनक डाक सेवाओं से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की बसंतपुर थाना पुलिस ने पशु तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक पिकअप वाहन से तीन भैंसों को बरामद किया है। पशुओं को कथित तौर पर क्रूरतापूर्वक भरकर उत्तर प्रदेश ले जाया जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, 7 जुलाई को सूचना मिली थी कि महिंद्रा पिकअप (UP61BT8960) में पशुओं को ठूंस-ठूंसकर भरकर उत्तर प्रदेश ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर बसंतपुर थाना गेट के सामने नाकाबंदी कर संदिग्ध वाहन को रोका गया। क्रूरतापूर्वक भरी मिलीं तीन भैंसें वाहन की तलाशी के दौरान उसमें तीन भैंसों को अत्यंत संकुचित और क्रूरतापूर्ण तरीके से भरा हुआ पाया गया। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में आशंका है कि पशुओं को बूचड़खाने ले जाया जा रहा था। इसके बाद वाहन और पशुओं को जब्त कर दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया गया। उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं आरोपी गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमन यादव (20) निवासी वाराणसी और साहिल कुमार (20) निवासी गाजीपुर, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला दोनों आरोपियों के खिलाफ बसंतपुर थाने में छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की धारा 4, 6, 10 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(1)(घ) के तहत अपराध दर्ज किया गया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस टीम की रही अहम भूमिका इस कार्रवाई में प्रशिक्षु उपनिरीक्षक मनीष साहू, प्रधान आरक्षक विनोद सागर और आरक्षक विवेक कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
झमाझम बारिश से धौलपुर तरबतर, गर्मी से राहत:किसानों के खिले चेहरे, खेतों में पहुंची बुवाई लायक नमी
धौलपुर जिले में गुरुवार देर रात शुरू हुई झमाझम बारिश शुक्रवार सुबह तक रुक-रुककर जारी रही। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से उमस भरी गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिली और तापमान में गिरावट दर्ज की गई। वहीं, कई स्थानों पर जलभराव से लोगों को परेशानी हुई, लेकिन खरीफ फसलों की बुवाई के लिए खेतों में पर्याप्त नमी मिलने से किसानों में खुशी का माहौल है। मौसम हुआ सुहावना, गर्मी से राहत देर रात शुरू हुई बारिश सुबह तक रुक-रुक कर होती रही। तेज हवाओं के साथ हुई वर्षा ने पूरे जिले का मौसम बदल दिया। लंबे समय से उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिली और तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बारिश के बाद वातावरण खुशनुमा हो गया। जलभराव से राहगीरों को हुई परेशानी लगातार बारिश के कारण सुबह कई सड़कों पर पानी भर गया। कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनने से राहगीरों और वाहन सवारों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। निचले इलाकों में पानी जमा होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई। किसानों के लिए बारिश बनी राहत समय पर हुई बारिश किसानों के लिए फायदेमंद साबित हुई है। खरीफ फसलों की बुवाई के लिए खेतों में पर्याप्त नमी पहुंच गई है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह बारिश खरीफ सीजन की फसलों के लिए लाभदायक रहेगी, जिससे किसानों के चेहरे पर खुशी दिखाई दी। मौसम विभाग ने जारी किया पूर्वानुमान मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दिनों में भी जिले के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर जाने से बचने की अपील की है।
बलरामपुर में मानसून ने दी दस्तक:झमाझम बारिश से गर्मी-उमस से राहत, अगले 48 घंटे तक वर्षा के आसार
गुरुवार को बलरामपुर में मानसून ने दस्तक दी। सुबह से ही जिले में घने काले बादल छाए रहे। दोपहर 12:20 बजे बारिश शुरू हुई, जिससे मौसम सुहावना हो गया और तापमान में गिरावट दर्ज की गई। लंबे समय से गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों को इससे राहत मिली। बारिश से सड़कों पर आवाजाही कर रहे लोगों को तत्काल राहत मिली। किसानों में भी खुशी का माहौल देखा गया, क्योंकि यह बारिश खरीफ फसलों की बुवाई और खेतों की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, कुछ निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी सामने आई। मौसम विभाग के अनुसार, सक्रिय मानसूनी प्रणाली और कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से अगले 24 से 48 घंटों तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। विभाग ने यह भी बताया कि कुछ स्थानों पर तेज बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। लोगों को खराब मौसम में खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इस मौसमी बदलाव से आम लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली है। किसानों को भी अच्छी बारिश की उम्मीद है। यदि आगामी दिनों में इसी तरह वर्षा होती रही, तो जिले में कृषि गतिविधियों को गति मिलेगी और जल स्रोतों का जलस्तर भी सुधरेगा।
भिलाई में शेयर ट्रेडिंग और गोल्ड ETF में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। निवेशकों का दावा है कि पूरे छत्तीसगढ़ में 1000 से 1500 लोगों से करीब 1000 करोड़ रुपए तक की धोखाधड़ी की गई है। बुधवार को निवेशकों ने मुख्य आरोपी योगेश साहू को कोर्ट परिसर से पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद सुपेला थाना पुलिस ने एरिना कैपिटल के संचालक योगेश साहू, मेघा साहू, गोविंद साहू, राजेंद्र साहू, पद्मा साहू, लोमश साहू और ज्ञानप्रकाश साहू व उसके साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि आरोपी ने पूरे प्रदेश के लोगों को ठगी का शिकार बनाया है। करीब 1000 से ज्यादा लोगों ने झांसे में आकर पैसा इन्वेस्ट किया है। 1000 से 1200 करोड़ रुपए की ठगी प्रदेश भर में की गई है। पुलिस ने देर रात तक 7 आरोपियों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया है। मामला सुपेला थाना का है। रिटायर्ड बीएसपी कर्मचारी भी शिकारशिकायतकर्ता और रिटायर्ड बीएसपी कर्मचारी राजू नामदेव ने सुपेला थाना प्रभारी को दी शिकायत में बताया कि ऐरिना कैपिटल के संचालक योगेश साहू, मेघा साहू, गोविंद साहू, राजेंद्र साहू, पद्मा साहू, लोमश साहू और ज्ञानप्रकाश साहू ने लोगों को निवेश पर हर महीने 10 प्रतिशत तक मुनाफा और रकम दोगुनी करने का झांसा दिया। आरोपियों का कार्यालय स्मृति नगर, सुपेला में बताया गया है। राजू नामदेव के मुताबिक वर्ष 2025 में उनकी मुलाकात योगेश साहू और राजेंद्र साहू से हुई थी। दोनों ने शेयर ट्रेडिंग और निवेश का ऐसा प्लान बताया, जिसमें कम समय में रकम दोगुनी होने का दावा किया गया। भरोसा दिलाने के लिए कई निवेशकों के मुनाफे के स्टेटमेंट भी दिखाए गए। इसके बाद उन्होंने 21 मार्च 2025 को अपने बैंक खाते से 15 लाख रुपए योग अकाउंटिंग एंड फाइनेंशियल सर्विस के खाते में ट्रांसफर कर दिए। शिकायत के अनुसार शुरुआत में कुछ समय तक सब कुछ सामान्य रखा गया, लेकिन पिछले 9 से 10 महीने से न तो मुनाफा मिला और न ही मूल रकम वापस की गई। कई बार फोन करने और ऑफिस जाने के बाद भी सिर्फ आश्वासन मिलता रहा। इसके बाद उन्हें अपने साथ ठगी होने का अहसास हुआ। इन लोगों से भी ठगी हुईशिकायत में यह भी कहा गया है कि सिर्फ राजू नामदेव ही नहीं, बल्कि कई अन्य लोगों से भी बड़ी रकम ली गई। आरोप है कि शदाब सिद्दीकी से 1.61 करोड़ रुपए, इन्द्रेश कुमार बांगरे से 1.12 करोड़ रुपए, विद्यानंद चंद्र दत्ता और अंकित दत्ता से 23 लाख रुपए तथा अरुण कुमार और प्रज्ञा दुबे से 63 लाख रुपए निवेश के नाम पर लिए गए। इनके अलावा भी कई लोगों के साथ धोखाधड़ी की बात सामने आई है। अभी कई शिकायतकर्ता धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि जल्द ही प्रदेश भर में इसके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो सकती है। 2025 में आरोपी के खिलाफ दर्ज हुआ था मामलाबताया जा रहा है कि मुख्य आरोपी आरोपी योगेश साहू के खिलाफ पहले से भी मामले दर्ज हैं। सुपेला और स्मृति नगर थाने में उसके खिलाफ पहले केस दर्ज हो चुके हैं और दोनों मामलों में उसे जमानत मिल चुकी है। बुधवार को वह अपने वकील के साथ कोर्ट पहुंचा था। इसकी जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में निवेशक कोर्ट पहुंच गए और उसे पकड़कर पहले कोतवाली थाना ले गए। बाद में मामला सुपेला थाना क्षेत्र का होने के कारण उसे सुपेला पुलिस के हवाले कर दिया गया। शिकायतकर्ताओं ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने, सभी निवेशकों की रकम वापस दिलाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। दूसरे शिकायकर्ता ने कहा मेरा भी डेढ़ करोड़ का नुकसानइसी मामले में शिकायतकर्ता विवेक सिंह ने भी पुलिस अधीक्षक को अलग से शिकायत दी है। उन्होंने बताया कि उनकी मुलाकात आरोपी पक्ष के लोगों से एक रेस्टोरेंट में हुई थी। वहां उन्हें गोल्ड ETF और शेयर ट्रेडिंग में निवेश का प्लान बताया गया। दावा किया गया कि हर महीने 10 प्रतिशत तक लाभ मिलेगा और कुछ समय में रकम दोगुनी हो जाएगी। उन्होंने और उनके पिता ने अलग-अलग समय पर करीब 46 लाख रुपए निवेश किए। विवेक सिंह का दावा है कि उन्होंने खुद करीब 74 लाख रुपए ट्रांसफर किए हैं। परिचितों के जरिए उनका कुल निवेश करीब डेढ़ करोड़ रुपए तक पहुंच गया। उनका कहना है कि सिर्फ उनके ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में लोगों के पैसे फंसे हुए हैं। पूरे प्रदेश में लोग हुए हैं शिकारशिकायकर्ता विवेक सिंह का दावा है कि पूरे छत्तीसगढ़ में 1000 से 1500 लोग इस निवेश योजना का शिकार हुए हैं और ठगी की रकम 1000 करोड़ रुपए से ज्यादा हो सकती है। उनका कहना है कि पुलिस यदि गंभीरता से जांच करे तो पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि चार महीने पहले शिकायत देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। बुधवार को जब पता चला कि आरोपी कोर्ट आया है तो निवेशकों ने उसे खुद पकड़ लिया। विवेक ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी के परिजनों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी और गाली-गलौज की। उन्होंने इस संबंध में भी पुलिस को आवेदन देने की बात कही है। पुलिस ने शुरू की जांचफिलहाल सुपेला थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब निवेश से जुड़े दस्तावेज, बैंक खातों के लेन-देन और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस मामले में कितने लोग प्रभावित हुए हैं और कुल कितनी रकम का निवेश कराया गया।
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में नाबालिग बेटी से दूर रहने की हिदायत देने से नाराज युवक ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसके पिता पर जानलेवा हमला कर दिया। सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण पिता 8 दिनों तक कोमा में रहा। बुधवार को उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। जानकारी के अनुसार, मृतक का नाम गौकरण साहू (35) है, जो खेती-किसानी करता था। वहीं, मुख्य आरोपी भानुप्रताप जैन (18) पार्सल डिलीवरी बॉय के रूप में काम करता था। हालांकि पुलिस ने हमले के 24 घंटे के भीतर सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। देवरी थाना प्रभारी मनीष शेंडे ने गौकरण साहू की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103 के तहत भी मामला दर्ज कर लिया गया है। यह घटना पिनकापार चौकी क्षेत्र के ग्राम संबलपुर की है। देखिए पहले ये तस्वीरें- पढ़िए हमले की सिलसिलेवार पूरी कहानी… दरअसल, 30 जून की देर रात गौकरण साहू परिवार के साथ घर में सो रहे थे। इसी दौरान भानुप्रताप अपने 5 साथियों के साथ दो बाइक और एक स्कूटी से गांव पहुंचा। प्लानिंग के तहत 2 आरोपी बाहर निगरानी करते रहे, जबकि 4 आरोपी घर में घुस गए। आरोपियों ने लाठी-डंडों और लकड़ी के राफ्टर से गौकरण साहू के सिर, पीठ और कमर पर ताबड़तोड़ वार किए। शोर सुनकर रिश्तेदार और उसकी 13 साल बेटी जाग गई। इसके बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। हमले में गौकरण के सिर पर गंभीर चोटे आई। 24 घंटे में छह आरोपी गिरफ्तार, हथियार-वाहन जब्त घटना के बाद देवरी पुलिस ने फॉरेंसिक टीम, डॉग स्क्वॉड, साइबर सेल और सीसीटीवी फुटेज की मदद से महज 24 घंटे के भीतर छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में खपराभाठ, हाल अंबेडकर चौक टंकी मरौदा, थाना नेवई (दुर्ग) निवासी भानुप्रताप जैन (18), नीरज रस्तोगी (18), तुषार निर्मलकर (20), दिनेश ढीमर (25), कुंदन यादव (18) और बहेराभाठा, थाना देवरी (बालोद) निवासी दीपेश पटेल (18) शामिल हैं। आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल लाठी-डंडे, लकड़ी का राफ्टर, दो मोटरसाइकिल और एक स्कूटी जब्त की गई। एक सप्ताह तक जिंदगी की जंग हमले में गंभीर रूप से घायल गौकरण साहू को पहले राजनांदगांव में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर उसे भिलाई के हाईटेक अस्पताल रेफर किया गया। करीब 8 दिन तक कोमा में रहने के बाद बुधवार को उसकी मौत हो गई। शाम करीब 5 बजे गांव के मुक्तिधाम में उसका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में उनकी दोनों बेटियां रूपाली साहू और दीप्ति साहू ने पिता की अर्थी को कंधा दिया। नाबालिग बेटी से जान-पहचान बनी हमले की वजह पुलिस जांच के मुताबिक करीब डेढ़ साल पहले मुख्य आरोपी भानुप्रताप जैन की गौकरण साहू की नाबालिग बेटी से जान-पहचान को लेकर विवाद हुआ था। गौकरण ने भानुप्रताप और उसके माता-पिता को बुलाकर फटकार लगाई थी और बेटी से दूर रहने की हिदायत दी थी। इसी बात की रंजिश में आरोपियों ने बदला लेने की साजिश रच डाली। हालांकि, पुलिस ने हमले के 24 घंटे के भीतर ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भी दाखिर कर दिया गया है। …………………. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… बालोद में डेढ़ साल पुरानी रंजिश में पिता पर हमला: बेटी से बात करने से रोकने का लिया बदला; भिलाई से 6 आरोपी अरेस्ट छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में बेटी से बात करने से मना करने पर युवक ने अपने साथियों के साथ मिलकर पिता पर जानलेवा हमला कर दिया। आरोपियों ने देर रात पीड़ित के घर में घुसकर लाठी-डंडों से उसकी बेरहमी से पिटाई की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पढ़ें पूरी खबर…
अंबेडकरनगर में नहर किनारे युवती का दुपट्टा और चप्पल मिले:मानसिक रूप से अस्वस्थ, पुलिस कर रही तलाश
अंबेडकरनगर के सम्मनपुर थाना क्षेत्र के टंडवा सिसारा गांव में गुरुवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवती का दुपट्टा और चप्पल गांव के बाहर नहर की पटरी पर मिले। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और युवती के नहर में डूबने की आशंका जताते हुए उसकी तलाश शुरू कर दी है। लापता युवती की पहचान टंडवा सिसारा निवासी राम प्रताप की 24 वर्षीय पुत्री प्रीति के रूप में हुई है। सदस्यों ने तलाश शुरू की परिजनों के अनुसार, प्रीति मानसिक रूप से अस्वस्थ थी और उसका इलाज पीजीआई टांडा से चल रहा था। परिजनों ने बताया कि बुधवार रात प्रीति शौच के लिए घर से निकली थी। देर रात तक वापस न लौटने पर परिवार के सदस्यों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। गुरुवार सुबह गांव के बाहर नहर की पटरी पर ग्रामीणों ने प्रीति का दुपट्टा और उसकी चप्पलें पड़ी देखीं। इस जानकारी से गांव में सनसनी फैल गई और तुरंत पुलिस को सूचित किया गया। गोताखोरों की मदद से तलाश सम्मनपुर थानाध्यक्ष अभिषेक त्रिपाठी ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। नहर में युवती के डूबने की आशंका के चलते गोताखोरों की मदद से उसकी गहन तलाश शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह नहर में डूबने का मामला प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने परिजनों से पूछताछ कर आवश्यक जानकारी जुटाई है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और क्षेत्र में शांति व्यवस्था पूरी तरह से कायम है।
फिरोजाबाद के रसूलपुर थाना क्षेत्र में बुधवार को एक युवक का शव नाले में मिला। मृतक की पहचान 25 वर्षीय अरुण चक के रूप में हुई है, जो क्षेत्र में किराने की दुकान चलाता था। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घटनास्थल के पास अरुण की स्कूटी भी खड़ी मिली। उसके सिर पर चोट के निशान थे, जिससे पुलिस इसे संदिग्ध हत्या का मामला मान रही है। पोस्टमार्टम के बाद गुरुवार दोपहर 12 बजे परिजनों ने शव को रसूलपुर थाने के पास रखकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप है कि दूसरे समुदाय के एक युवक ने अरुण की हत्या की है। उन्होंने पुलिस से हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की। धरने में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और हिंदू संगठन के कार्यकर्ता शामिल हुए। भाजपा के पूर्व विधायक शिव सिंह चक भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और उनकी अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलाने की मांग की। इस दौरान थाने के बाहर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। परिजनों ने स्पष्ट किया कि जब तक हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक वे अरुण का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। उन्होंने पुलिस से मामले का शीघ्र खुलासा कर दोषियों को कानून के दायरे में लाने की अपील की। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत की और उन्हें निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों और अन्य तकनीकी व वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। जांच के बाद सामने आए तथ्यों के अनुरूप नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मंदसौर शहर की नई आबादी स्थित स्पर्श मदर एंड चाइल्ड केयर क्लीनिक के बाहर गुरुवार सुबह प्रसूता की मौत के बाद हंगामा हो गया। परिजन शव लेकर क्लीनिक पहुंचे और डॉक्टर पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की जानकारी जुटाने में लगी रही। ऑपरेशन से हुआ था जुड़वा बेटियों का जन्म रतलाम जिले के बोरवनी निवासी 26 वर्षीय पूजा कुंवर का उपचार डॉ. रोशनी जैन के क्लीनिक पर चल रहा था। परिजनों के अनुसार, 24 जून को उन्हें मंदसौर के अनुयोग हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। 25 जून को ऑपरेशन के जरिए उन्होंने जुड़वा बेटियों को जन्म दिया। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। अहमदाबाद में इलाज के दौरान हुई मौत महिला की हालत गंभीर होने पर 26 जून को उन्हें अहमदाबाद रेफर किया गया। वहां 8 जुलाई तक उनका उपचार चला, लेकिन बुधवार रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। गुरुवार सुबह परिजन शव लेकर स्पर्श मदर एंड चाइल्ड केयर क्लीनिक पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप परिजनों का आरोप है कि महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए समय पर रेफर नहीं किया गया। उनका यह भी दावा है कि उपचार के दौरान चढ़ाए गए ब्लड में थक्के (क्लॉट) होने की जानकारी अहमदाबाद के डॉक्टरों ने दी थी, जिससे महिला की हालत और बिगड़ गई। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। समाचार लिखे जाने तक क्लीनिक की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
यमुनानगर में इन दिनों सढ़ौरा नगर पालिका लगातार चर्चा का विषय बनी हुई है। कल ही भाजपा नेता और सेनेटरी इंस्पेक्टर की बहस का वीडियो सामने आया था। वहीं आज नपा अधिकारियों के साथ मारपीट और जातिसूचक शब्द कहने के मामले में आरोपी विधवा महिला का एक ऑडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस ऑडियो में महिला अपने बेटे के साथ आत्महत्या करने की बात कह रही है। साथ ही उसने नगर पालिका चेयरपर्सन व एमसी सहित कुछ नपा अधिकारियों को मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। ऑडियो सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। दूसरी ओर, नगर पालिका चेयरपर्सन ने महिला के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें झूठा और बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि वह संबंधित महिला को जानती तक नहीं हैं और पहली बार उनका नाम इसी मामले में सुन रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह इस मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक से शिकायत करेंगी और महिला के खिलाफ मानहानि का मुकदमा भी दायर करेंगी। नपा अधिकारियों के साथ मारपीट का आरोप बता दें कि शनिवार को सढौरा नगर पालिका की टीम मेन बाजार में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने पहुंची थी। अधिकारियों का आरोप है कि दिल्ली कॉम्पलेक्स के सामने बर्तनों की दुकान चलाने वाली सोनिया और उसके बेटे कृष्णा ने नगर पालिका टीम के साथ गाली-गलौज की। आरोप है कि दोनों ने सेनेटरी इंस्पेक्टर से चालान बुक छीनकर फाड़ दी और टीम के सदस्यों को जातिसूचक शब्द कहे। पुलिस ने इस मामले में मां-बेटे के खिलाफ केस दर्ज किया था। इसके बाद अब महिला का यह कथित ऑडियो सामने आया है। पढ़िए महिला ने वारयरल ऑडियो में क्या कहा… वायरल ऑडियो में आरोपी महिला कह रही है, हमने इतनी बड़ी कोई गल्ती नहीं की थी और न ही नगर पालिका के ऊपर कोई लड़ाई-झगड़ा किया। मगर कानून अंधा है, जोकि हमारे पीछे हाथ धोकर पड़ा हुआ है। हमारी न तो नपा चेयरपर्सन शालिनी ने कोई सुनवाई की और न ही किसी और ने। हमारे ऊपर तीन-चार साल से यह गेम खेली जा रही है, लेकिन इस गेम का मेन कौन है यह नहीं पता। महिला आगे कहती है, पहले मुझे और अब मेरे बच्चे को निशाना बनाया जा रहा है। हमें बदनाम किया जाता है और अखबारों में हमारे नाम दिए जाते हैं। ऑडियो में महिला कहती है, मेरी शादी को 19 साल हो गए हैं और 11 साल मेरे पति की मृत्यु को हो चुके हैं, लेकिन मेरी आज तक यहां किसी ने नहीं सुनी। तंग होगर बच्चे के साथ सुसाइड कर रही हूं महिला आगे कहती है, मेरे अपने ही हैं जो मेरे लिए साजिश रच रहे हैं। मुझे सब पता है कि कौन मुझे बदनाम करना चाहता है। मैं जिंदगी से तंग होकर अपने बच्चे के साथ आज सुसाइड कर रहे हैं। हमारे मरने की जिम्मेदार नपा चेयरपर्सन शालिनी, एमसी और तीन अन्य लड़के हैं। ऑडियो में महिला आरोप लाग रही हैै कि इन्होंने मुझसे पांच लाख रुपए की डिमांड की है। हमारे झूठे पर्चे कटवाए हैं। अब मैं अपनी जिंदगी से बहुत तंग हो चुकी हूं। किसी ने मेरी कोई सुनवाई नहीं की। मैं इज्जतदार परिवार से हूं, लेकिन इन्होंने मेरी हिम्मत तोड़ दी। थैंक्यू सो मच सढौरा वालों, तुम जीत गए महिला आगे कहती है, पहले सिर्फ मां को शिकार बनाया जाता था, लेकिन अब बेटे को भी शिकार बनाया जा रहा है। मैं सुबह नौ बजे से लेकर रात तक अपने बच्चे के साथ दुकान पर बैठती हूं। हमें जीने नहीं दिया। नगर पालिका वालों ने हमें पांच दिनों से इतना परेशान कर दिया था कि हमें सुसाइड करना पड़ रहा है। थैंक्यू सो मच सढौरा वालों, तुम जीत गए और हम मां-बच्चा हार गए। ऑडियो के आखिर में महिला कहती है, आज जब हम मरेंगे तो हमें कंधा देने मत आना, हमारी आत्मा रोएगी। क्योंकि हमारी सुनवाई नहीं हुई। मेरे सास-ससुर के पास भी मत आना, क्योंकि उनका बेटा पहले ही जा चुका है और अब उनकी बहू व पोता भी जा रहे हैं। मैं श्राप देकर जा रही हूं कि जिन-जिन का हाथ है उनका कभी अच्छा नहीं होगा। आज जब हमारी डेड बॉडी सढौरा के बीच आएंगी तो कोई रोना मत। चेयरपर्सन बोलीं- महिला को जानती तक नहीं इस मामले में सढौरा नगर पालिका चेयरपर्सन शालिनी शर्मा ने दैनिक भास्कर से बातचीत में महिला द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को झूठा बताया। उन्होंने कहा कि वह इस महिला को जानती तक नहीं हैं और न ही आज तक उनकी उससे कोई मुलाकात हुई है। महिला ने उनके ऊपर बेबुनियाद आरोप लगाए हैं, जिससे उनकी छवि खराब हुई है। चेयरपर्सन ने कहा कि वह इस मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक से मिलेंगी और महिला के खिलाफ मानहानि का केस भी करेंगी। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले नगर पालिका की टीम बाजार में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के लिए पहुंची थी। उसी दौरान उक्त महिला और उसके बेटे ने टीम के साथ मारपीट की, जातिसूचक शब्द कहे और सेनेटरी इंस्पेक्टर की चालान बुक छीनकर फाड़ दी थी। इसी मामले में पुलिस ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
अलवर शहर में टेल्को चौराहे के पास शालीमार योजना में जीएसटी के असिस्टेंट कमिश्नर ओमप्रकाश के घर हुई लूट के 5 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। बदमाशों ने पूरे परिवार को बंधक बनाकर मारपीट की थी। इस दौरान बदमाश 15 से 20 तोला सोने के जेवर लूट ले गए थे। पुलिस का दावा है कि 5 दिनों में 1000 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए हैं, लेकिन अभी तक बदमाशों का कोई ठोस सुराग नहीं लगा है। हालांकि, अधिकारी जल्द खुलासे का दावा कर रहे हैं। जीएसटी के सहायक कमिश्नर ओमप्रकाश का कहना है कि रात को भी कोई पुलिस सुरक्षा नहीं है। अभी पूरा परिवार डरा हुआ है। डर के कारण अपने मेहमानों को बुला लेते हैं। अभी हमारी कोई सुरक्षा नहीं है। हालांकि पुलिस का कहना है कि पीड़ित परिवार से बराबर मिल रहे हैं। उनका पूरा ख्याल रखना भी हमारी जिम्मेदारी है। चकमा देने के लिए बदले रास्ते सूत्रों के अनुसार बदमाशों ने पुलिस को चकमा देने के लिए पूरी प्लानिंग के साथ वारदात को अंजाम दिया था। भागने के लिए ऐसे रास्तों का इस्तेमाल किया गया जहां पुलिस को गच्चा (मिसगाइड) दिया जा सके। हालांकि, पुलिस का कहना है कि उनके हाथ कुछ अहम सबूत लगे हैं और टीमें अपराधियों के बेहद करीब है। 'मारने की धमकी दी थी...' दहशत में कमिश्नर का परिवार वारदात के बाद अब ओमप्रकाश के बेटा-बेटी स्कूल तो जाने लगे हैं, लेकिन बदमाशों के न पकड़े जाने से पूरा परिवार खौफ में है। पीड़ित असिस्टेंट कमिश्नर ओमप्रकाश ने बताया पुलिस जांच तो कर रही है, लेकिन वारदात के वक्त बदमाशों ने हमें जान से मारने की धमकी दी थी। जब तक वे पकड़े नहीं जाते, परिवार में डर का माहौल है जीएसटी असिस्टेंट कमिश्नर के घर लूट:परिवार को डेढ़ घंटे तक बंधक बनाया, बचाने आए बेटे का सिर फोड़ा; बदमाशों ने आम भी खाए
हनुमानगढ़ के पीलीबंगा थाना क्षेत्र में गुरुवार को एक ट्रैक्टर-ट्रॉली सूरतगढ़ ब्रांच नहर में गिर गई। लबाना गांव के पास हुए इस हादसे में 3 लोग सवार थे। इनमें से 2 लोग तैरकर सुरक्षित बाहर आ गए, जबकि एक युवक नहर के तेज बहाव में बह गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की सहायता से लापता युवक की तलाश के लिए बचाव अभियान शुरू किया। यह घटना तब हुई जब गौ सेवा समिति की ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार मंजूर खां, उनके बेटे गुलाम खां और रोहित नामक युवक पास की ढाणी से पशुओं के लिए चारा लेने जा रहे थे। लबाना गांव के पुल के पास अचानक ट्रैक्टर-ट्रॉली का संतुलन बिगड़ गया, जिससे वाहन सीधे सूरतगढ़ ब्रांच नहर में जा गिरा। पिता बच गया, बेटा नहर में बह गयाहादसे के बाद मंजूर खां और रोहित तैरकर सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे। लेकिन गुलाम खां नहर के तेज बहाव में बह गया। दोनों ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और पुलिस को सूचित किया। पीलीबंगा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थानीय लोगों के सहयोग से युवक की तलाश शुरू की। काफी देर तक लापता युवक का कोई सुराग नहीं मिल सका। पुलिस नहर के बहाव वाले क्षेत्रों में लगातार खोजबीन कर रही है और आवश्यक संसाधनों का उपयोग कर रही है।त्रलापता युवक के परिजनों का घटना के बाद से बुरा हाल है। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से बचाव अभियान तेज करने की मांग की है। पुलिस ने बताया कि नहर में लापता युवक की तलाश लगातार जारी है और संबंधित विभागों के सहयोग से यह अभियान चलाया जा रहा है।
बारिश में डूबा पीपलशाह गांव, घरों में घुसा पानी:मुजफ्फरनगर में मकानों में दरारें, पशुओं का चारा बहा
मुज़फ्फ़रनगर में पहली ही मूसलाधार बारिश ने चरथावल क्षेत्र के पीपलशाह गांव में विकास की पोल खोल दी। गांव में जल निकासी व्यवस्था ध्वस्त होने से घरों, गलियों और पशुशालाओं तक पानी भर गया। हालात से नाराज ग्रामीणों के बीच पहुंचे भारतीय किसान यूनियन के नेता विकास शर्मा ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए चेतावनी दी कि जब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा, तब तक आंदोलन पानी के बीच ही जारी रहेगा। विकास शर्मा ने बताया कि गांव में जलभराव की समस्या को लेकर कई बार प्रशासन और खंड विकास अधिकारी चरथावल को अवगत कराया गया था। उन्होंने मांग की थी कि पानी की निकासी के लिए पाइपलाइन डालकर स्थायी व्यवस्था की जाए, लेकिन अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि लगातार जलभराव के कारण ग्रामीणों के घरों में पानी घुस गया है। पशुओं के नीचे तक पानी भर गया है और उनका भूसा भी बह गया। रसोई तक पानी पहुंचने से लोगों के सामने भोजन बनाने तक का संकट खड़ा हो गया है। भाकियू नेता ने आरोप लगाया कि जलभराव के कारण कई मकानों में दरारें पड़ने लगी हैं और उनके गिरने का खतरा बढ़ गया है। इसके अलावा गांव में सांप और जहरीले कीड़े घरों तक पहुंच रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि एक ग्रामीण को जहरीले कीड़े ने काट लिया, जिससे उसके शरीर पर गंभीर सूजन और चकत्ते पड़ गए। ग्रामीणों के साथ पानी में खड़े होकर प्रदर्शन कर रहे विकास शर्मा ने कहा कि प्रशासन ने समय रहते जलनिकासी की व्यवस्था कर दी होती तो आज गांव के लोगों को इस परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक जलभराव की समस्या का समाधान नहीं होगा, तब तक ग्रामीणों के साथ आंदोलन जारी रहेगा।
लुधियाना के हैबोवाल इलाके में एक थार चालक ने लापरवाही और तेजी से गाड़ी चलाते हुए एक बेजुबान (आवारा कुत्ते) को बुरी तरह कुचल दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। जब मोहल्ले वालों और डॉग फीडर्स ने घटना का विरोध किया, तो आरोपी अपनी गलती मानने के बजाय गुंडागर्दी पर उतर आया और अपनी पैंट में लगी पिस्टल लोगों को डराने-धमकाने लगा। पुलिस ने शिकायतकर्ता के बयानों के आधार पर आरोपी थार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।रोती हुई लड़की ने भागते हुए मांगी मदद गोगी मार्केट, हकीकत नगर और आस-पास के इलाकों में डॉग्स को फीड करने वाले शिकायतकर्ता परमजीत सिंह वासी गुरु नानक देव नगर ने बताया कि वह पिछले 6 साल से रोजाना करीब 150 आवारा कुत्तों को खाना खिलाने की सेवा कर रहे हैं।रात करीब 10:30 बजे जब वह अपनी गली में डॉग्स को फीड करने के लिए निकले थे, तभी एक लड़की रोती और भागती हुई उनके पास आई। उसने घबराते हुए बताया कि एक थार गाड़ी वाले ने एक डॉग के ऊपर गाड़ी चढ़ा दी है और उसे मदद चाहिए। विरोध करने पर तान दी पिस्टल शिकायतकर्ता ने बताया कि जब वे लोग तुरंत मौके पर पहुंचे तो देखा कि थार के नीचे आने से डॉग की मौत हो चुकी थी और वहां सब कुछ साफ किया जा रही थी। मोहल्ले के लोग भी वहां इकट्ठा हो गए थे। आरोपी की पहचान रविंदर सिंह के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह चंडीगढ़ से यहाँ अपने ससुराल में आया हुआ था। जब परमजीत और वहां मौजूद लोगों ने उसकी इस बेरहमी और लापरवाही के लिए उसे रोकने की कोशिश की और विरोध जताया, तो आरोपी ने अपनी पैंट में रखी हुई पिस्टल लोगों को दिखाकर जान से मारने की धमकी दी और वहां दहशत फैलाने की कोशिश की हैबोवाल पुलिस ने दर्ज किया मामला हैबोवाल पुलिस स्टेशन ने परमजीत सिंह की शिकायत और बयानों के आधार पर आरोपी रविंदर सिंह (वासी गुरु नानक देव नगर, हैबोवाल कलां) के खिलाफ U/S 325 BNS के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब आरोपी की गिरफ्तारी और असले (हथियार) के लाइसेंस की जांच करने में जुट गई है।
करनाल जिले के गांव मुनक में हुई भारी बारिश के कारण एक दिव्यांग व्यक्ति के मकान की छत गिर गई। हादसा उस समय हुआ जब मकान मालिक और उसकी पत्नी छत पर बरसाती पॉलीथिन डालने के लिए चढ़े हुए थे। उनके मकान की छत पहले से ही टपक रही थी। जैसे ही दोनों ऊपर पहुंचे, छत की कई कड़ियां अचानक टूट गईं और पूरी छत भरभराकर गिर गई। गनीमत रही कि उस समय घर के अंदर कोई नहीं था। बच्चे स्कूल जा चुके थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया। अगर यह घटना रात के समय होती और परिवार के सदस्य अंदर सो रहे होते, तो जानमाल का भारी नुकसान हो सकता था। दोनों पति-पत्नी भी हैं दिव्यांग, बाल-बाल बचे बुधवार को हादसे के वक्त सुखबीर और उसकी पत्नी छत पर ही मौजूद थे। दोनों शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं, फिर भी किसी तरह खुद को संभालते हुए नीचे आए और उनकी जान बच गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि छत काफी जर्जर हालत में थी और बारिश के चलते अचानक ढह गई। घटना के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और परिवार की मदद की। दिहाड़ी मजदूरी कर पाल रहा परिवार सुखबीर का कहना है कि वह बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखता है। वह दिहाड़ी मजदूरी कर अपने बच्चों का पालन-पोषण करता है। महंगाई के इस दौर में जहां सामान्य व्यक्ति के लिए भी घर चलाना मुश्किल हो रहा है, वहीं दिव्यांग दंपती के सामने और भी बड़ी चुनौती है। परिवार के पास आय का कोई स्थायी साधन नहीं है। ऐसे में घर की छत गिरने से उनकी स्थिति और भी खराब हो गई है। सामान हुआ खराब, मुआवजे की मांग छत गिरने से घर के अंदर रखा बेड और अन्य सामान मलबे और पानी में भीगकर खराब हो गया। परिवार के पास अब रहने और सोने तक की व्यवस्था नहीं बची है। पीड़ित सुखबीर ने शासन और प्रशासन से आर्थिक सहायता व मुआवजे की मांग की है, ताकि वह अपने घर की मरम्मत करा सके और परिवार को सुरक्षित रख सके।
घुटनों तक पानी में आदिवासी बेटी की विदाई:बारिश में सड़क कीचड़ में तब्दील; जलभराव के बीच निकली डोली
टीकमगढ़ जिले के ग्रामीण इलाकों में बारिश के कारण सड़कों की हालत बदहाल है। गुरुवार को जतारा जनपद के ग्राम पंचायत बैरवार में एक आदिवासी बेटी की विदाई के दौरान ग्रामीणों को घुटनों तक भरे पानी से होकर गुजरना पड़ा। वहीं, पलेरा जनपद में भी सडोरी से कड़राई तक की सड़क दलदल में तब्दील हो गई है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। घटना बैरवार गांव की है, जहां मुख्य मार्ग पर गड्ढों में घुटनों तक पानी भर गया था। ऐसी स्थिति में गांव के लोग बेटी की डोली लेकर विदाई के लिए निकले। इस दौरान ग्रामीणों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ा, जिसका एक वीडियो भी सामने आया है। मुख्य मार्ग पर लंबे समय से जलभराव की समस्या ग्रामीणों का कहना है कि मुख्य मार्ग पर लंबे समय से जलभराव की समस्या बनी हुई है। संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों द्वारा बार-बार शिकायतें करने के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेने और सड़क पर जल निकासी की व्यवस्था कर आमजन को इस समस्या से राहत दिलाने की मांग की है। इस मामले में जतारा जनपद के प्रभारी सीईओ मनीष शेंडे ने बताया कि बैरवार में खस्ताहाल सड़क की जानकारी मिली है और संबंधित इंजीनियर को मौके पर भेजकर मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए हैं। दो गांवों को जोड़ने वाली सड़क भी खस्ताहाल जिले में सड़कों की बदहाली का दूसरा मामला पलेरा जनपद की ग्राम पंचायत देरी से सामने आया है। सडोरी गांव से लेकर कड़राई के बीच दो गांवों को जोड़ने वाली सड़क भी खस्ताहाल है। गांव के भागीरथ लोधी ने बताया कि आपात स्थिति में, जैसे किसी की तबीयत खराब होने या महिलाओं की डिलीवरी के लिए एंबुलेंस भी इस सड़क पर नहीं आ पाती है। सड़क की अत्यधिक खराब स्थिति के कारण ग्रामीणों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
गुरुग्राम के सेक्टर-85 इलाके में गुरुवार सुबह तेज रफ्तार इनोवा कार ने एक ऑटो रिक्शा को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में ऑटो चालक की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ऑटो के परखच्चे उड़ गए और वह पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी इनोवा चालक अपनी गाड़ी को छोड़कर मौके से फरार हो गया। यह दर्दनाक हादसा बुधवार सुबह करीब 7:00 बजे सेक्टर-85 स्थित मशहूर एलान मॉल के समीप मुख्य सड़क पर हुआ। चश्मदीदों के मुताबिक एक सफेद रंग की इनोवा कार बेहद तेज रफ्तार में आ रही थी। चालक गाड़ी की गति पर नियंत्रण नहीं रख पाया और उसने आगे जा रहे ऑटो रिक्शा को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही ऑटो हवा में उछलकर सड़क पर कई बार पलटा। सुबह का समय होने के कारण सड़क पर ट्रैफिक कम था, लेकिन हादसे की गूंज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े। मृतक उत्तर प्रदेश का रहने वाला हादसे में जान गंवाने वाले ऑटो चालक की पहचान 20 वर्षीय अंकेश के रूप में हुई है। अंकेश मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले के झौआ गांव का रहने वाला था। वह अपने परिवार के भरण-पोषण और आजीविका कमाने के लिए गुरुग्राम आया हुआ था और यहां के ढोरका गांव में किराए के मकान में रहता था। अंकेश ऑटो चलाकर प्रतिदिन अपना गुजारा करता था। महज 20 वर्ष की उम्र में अंकेश की मौत की खबर सुनते ही उसके ढोरका गांव स्थित निवास और उत्तर प्रदेश में रहने वाले उसके परिजनों में कोहराम मच गया है। शव का पोस्टमार्टम कराया घटना के तुरंत बाद स्थानीय राहगीरों ने इसकी सूचना नियंत्रण कक्ष के माध्यम से पुलिस को दी। सूचना मिलते ही सेक्टर थाना पुलिस की टीम और एम्बुलेंस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने गंभीर रूप से लहूलुहान अंकेश को पास के नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने अंकेश के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल के शवगृह में भिजवा दिया। पुलिस ने मृतक के परिजनों को इस अनहोनी की जानकारी दे दी है, जिसके बाद वे गुरुग्राम के लिए रवाना हो चुके हैं। फरार आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज हादसे के बाद आरोपी इनोवा चालक अपनी गाड़ी को दुर्घटनास्थल के पास ही छोड़कर भाग गया। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल क्षतिग्रस्त ऑटो और आरोपी की इनोवा कार दोनों को अपने कब्जे में लेकर थाने पहुंचा दिया है। पुलिस ने इनोवा के नंबर के आधार पर उसके मालिक और घटना के समय गाड़ी चला रहे आरोपी चालक के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत लापरवाही से गाड़ी चलाने और लापरवाही के कारण मौत का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही इस मामले की जांच कर रहे आईओ अशोक कुमार ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। हमने दोनों वाहनों को कब्जे में ले लिया है। फरार इनोवा चालक की पहचान करने और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगी हुई है। एलान मॉल और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि यह साफ हो सके कि हादसा किस वजह से हुआ।
बिलासपुर शहर में बुधवार सुबह हुई बारिश के दौरान नेहरू चौक से इंदिरा सेतु जाने वाली सड़क पर एक पुराना गंगा इमली का पेड़ गिर गया। घटना के कारण सड़क के एक हिस्से पर करीब दो घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। सूचना मिलने के बाद नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर पेड़ हटाया। जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 5 बजे पेड़ अचानक सड़क पर गिर गया। इंदिरा सेतु रोड पर यातायात व्यवस्था के लिए लगाए गए लोहे के डिवाइडर के एक ओर पेड़ गिरने से उस लेन में वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई। मुख्य मार्ग पर लगा जाम इंदिरा सेतु मार्ग अरपा पार की बस्तियों के साथ-साथ रतनपुर, कोरबा और सीपत की ओर जाने वाला प्रमुख मार्ग है। पेड़ गिरने से इस रास्ते पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और लोगों को डिवाइडर की दूसरी ओर से होकर गुजरना पड़ा। नगर निगम ने हटाया पेड़ राहगीरों की सुरक्षा को देखते हुए नगर निगम की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर पेड़ की कटाई शुरू की। कर्मचारियों ने पेड़ को काटकर सड़क से हटाया, जिसके बाद यातायात सामान्य किया गया। सुबह 7 बजे तक बहाल हुई आवाजाही जोन कमिश्नर प्रवेश कश्यप ने बताया कि सुबह करीब 7 बजे तक पेड़ को पूरी तरह हटाकर सड़क साफ कर दी गई थी। इसके बाद इंदिरा सेतु मार्ग पर यातायात सामान्य रूप से शुरू हो गया।
शामली जनपद के थानाभवन विधानसभा क्षेत्र के ग्राम मादलपुर में समाजवादी पार्टी ने पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक एवं सभी वंचित वर्ग) चौपाल का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में स्थानीय सपा नेताओं ने आगामी चुनावों में एकजुट होकर प्रत्याशी को मजबूत बनाने के लिए दिशा-निर्देश दिए। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सांसद इकरा हसन रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि समाजवादी पार्टी पीडीए के सम्मान, अधिकार और सामाजिक न्याय की लड़ाई पूरी मजबूती के साथ लड़ रही है। उन्होंने जनता से संगठन को मजबूत करने तथा समाजवादी विचारधारा को घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान किया। सपा शामली के जिलाध्यक्ष चौधरी सुरेंद्र सिंह ताना जी ने कहा कि पीडीए की एकजुटता ही समाजवादी पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने आगामी समय में संगठन को और मजबूत बनाकर जनहित के मुद्दों पर संघर्ष तेज करने की बात कही। इस कार्यक्रम का आयोजन समाजवादी महिला सभा की जिलाध्यक्ष अर्चना चौधरी और वरिष्ठ समाजवादी नेता सच्चू प्रधान ने किया। उन्होंने सभी अतिथियों एवं क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी की नीतियों को जनता का भरपूर समर्थन मिल रहा है। समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने का संकल्प चौपाल के दौरान सामाजिक सद्भाव, भाईचारे और वर्ष 2027 में सपा मुखिया अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में जनता की समस्याओं को भी सुना गया तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, किसानों की आय, महिलाओं की सुरक्षा, युवाओं के भविष्य एवं बुनियादी सुविधाओं को लेकर समाजवादी पार्टी की नीतियों व योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
गामड़ी देवल में चोर बेखौफ, पुलिस पर उठे सवाल:ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर सुरक्षा मांगी
डूंगरपुर के सदर थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत गामड़ी देवल में लगातार हो रही चोरी की वारदातों से परेशान ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। उन्होंने पुलिस प्रशासन की शिथिलता और बढ़ती आपराधिक गतिविधियों के विरोध में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने चोरियों के जल्द खुलासे और गांव में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने की मांग की है। गामड़ी देवल के ग्रामीणों ने बताया कि पिछले तीन वर्षों से गांव में लगातार चोरियां हो रही हैं। पूर्व में बाबूलाल डामोर, अशोक कुमार अहारी, दाई नाथा पटेल, कचरू यादव, कांतिलाल कलाल और रवि कुमार जैन सहित कई लोगों के यहां चोरी की घटनाएं हुई हैं। इन सभी मामलों की शिकायतें सदर थाना और देवल पुलिस चौकी में दर्ज कराई गई थीं। ग्रामीणों के अनुसार, लंबे समय के बाद भी पुलिस एक भी चोरी का खुलासा नहीं कर पाई है, जिससे चोरों के हौसले बुलंद हैं और गांव में भय का माहौल बना हुआ है। हाल ही में 7 जुलाई 2026 की रात को भी चोरों ने एक साथ कई घरों और दुकानों के ताले तोड़ दिए। वारदात स्थल से धारदार हथियार और लोहे के औजार भी बरामद हुए हैं। ग्रामीणों ने पुलिस की गश्त प्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि गश्त के दौरान पुलिस की गाड़ी का सायरन सुनकर बदमाश पहले ही सतर्क हो जाते हैं और छिप जाते हैं। पुलिस के जाने के बाद वे आसानी से वारदातों को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं। इसके अतिरिक्त, गांव में चल रही अवैध शराब की दुकानें और बाहरी संदिग्ध व्यक्तियों की आवाजाही भी अपराध बढ़ने का एक कारण है। प्रदर्शन के बाद जिला कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने अस्थाई पुलिस चौकी स्थापित करने, पिछले तीन वर्षों की सभी लंबित चोरियों का जल्द खुलासा करने और गांव में संचालित अवैध शराब की दुकानों को तुरंत बंद कराने की मांग की है।
गुना नगरपालिका में नामांतरण प्रकरण निपटाने के लिए गुरुवार को एक नया प्रभार दिया गया है। राजस्व विभाग के एक पटवारी को लंबित नामांतरण के परीक्षण के लिए लगाया गया है। प्रदेश की नगरपालिकाओं में यह पहला मामला है जब इस तरह का प्रभार दिया गया है। बता दें कि नगरपालिका में मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 के तहत काम होता है। नगरपालिका की अपनी राजस्व टीम होती है, जिसमें राजस्व निरीक्षक सहित अन्य लोग होते हैं और वही नामांतरण के मामलों को देखते हैं। उनके बाद नामांतरण की फाइल CMO और फिर अध्यक्ष के हस्ताक्षर के लिए जाती है। उनके हस्ताक्षर के बाद ही नामांतरण होता है। राजस्व विभाग के पटवारी को लगायानगरपालिका में अब लंबित नामांतरण प्रकरणों के भौतिक परीक्षण के लिए राजस्व विभाग के पटवारी को लगाया गया है। SDM गुना ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार, गुना ग्रामीण तहसील के बरखेड़ा गिर्द के पटवारी सौरभ बंसल को अगले एक महीने के लिए प्रकरणों का परीक्षण करने के लिए प्रभार दिया गया है। कलेक्टर के निर्देश पर यह आदेश जारी किया गया है। नपा में नामांतरण के 629 मामले पेंडिंगवर्तमान में नगरपालिका में नामांतरण के 629 मामले पेंडिंग हैं। ये सभी CMO के हस्ताक्षर स्तर पर लटके हुए हैं। सबसे ज्यादा मामले 2025 और 2026 में पेंडिंग हुए। इस दौरान डिप्टी कलेक्टर को नपा CMO का प्रभारी था। वर्ष 2025 के 260 और वर्ष 2026 के 255 प्रकरण पेंडिंग हैं। नगरपालिका के नामांतरण मामलों में पटवारी को प्रभार देने से पदों के बीच असमंजस बढ़ने की संभावना भी बढ़ गई है। नपा के राजस्व निरीक्षक के हस्ताक्षर के बाद पटवारी उनका परीक्षण करेगा, जबकि राजस्व निरीक्षक पद के मामले में पटवारी से ऊपर होता है। ऐसे में दोनों में सामंजस्य बैठने में परेशानियां सामने आ सकती हैं।
एक साल तक लिवइन में रहने के बाद दो बच्चों की मां और उसके प्रेमी ने रेऊना में मंगलवार देर रात ट्रेन के आगे एक साथ लेटकर सुसाइड कर लिया था। दोनों के शव मरने के बाद भी एक–दूसरे से लिपटे मिले। प्रेमिका की शादी हो चुकी थी, उसके दो बेटियां है। बेटियों को ससुराल में छोड़ कर वह एक साल से प्रेमी के संग रह रही थी। गुरुवार सुबह मृतक प्रेमी के परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। परिजनों ने महिला के परिजनों पर हत्या करने का आरोप लगाया। पानीपत में हुई थी सुमित और ज्योति की मुलाकात रेऊना थानाक्षेत्र के गौरा गांव निवासी किसान रोहित कुमार ने बताया कि उनके परिवार में पत्नी राजलक्ष्मी तीन बेटेब्रह्मप्रकाश, शिव प्रकाश व सुमित उर्फ उदय प्रकाश (26) व तीन बेटियां हैं। ब्रह्म प्रकाश गुजैनी में किराए के मकान में परिवार संग रहकर मजदूरी करता, शिव प्रकाश दिल्ली में मजदूरी करता है, जबकि सुमित गांव में ही रहकर मजदूरी करता था। पिता ने बताया कि एक साल पहले सुमित पानीपत में काम करने गया था, जहां उसकी मुलाकात बारा दौलतपुर रहने वाले छोटे से हुई थी। इस दौरान सुमित के प्रेम संबंध छोटे की पत्नी ज्योति से हो गए थे। इसके बाद ज्योति अपनी दो बेटियों को छोड़कर सुमित के साथ गांव आ गई थी। दोनों एक साल से घर से अलग लिवइन रिलेशनशिप में रह रहे थे। परिजनों ने बताया कि अगस्त माह में छोटे घर आया था, जिसपर उसने पत्नी से साथ चलने को कहा तो दोनों पक्षों में हंगामा हो गया था। मामला रेऊना थाने पहुंचा, जहां ज्योति ने पति के साथ रहने से इंकार कर दिया था। उसके बाद से दोनों बारा दौलतपुर में किराए के कमरे में साथ रह रहे थे। मंगलवार देर रात सुमित और ज्योति के शव कानपुर बांदा रेलवे लाइन पर पड़े मिले। स्टेशन मास्टर सुधीर सक्सेना ने बताया कि रात 8 चित्रकूट एक्सप्रेस निकलने के बाद शव पड़े मिले थे। जिसकी जानकारी उन्होंने जीआरपी को दी। जीआरपी ने दोनों को शवों को बुधवार को पोस्टमार्टम भिजवाया था, परिजनों के न होने के कारण शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका था। गुरुवार को मृतक सुमित के परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे, लेकिन ज्योति के घर से कोई नहीं आया। भाई बोला–सुसाइड नहीं मर्डर हैमृतक के भाई ब्रह्म प्रकाश ने बताया कि ज्योति के बहनोई ने गांव के एक युवक के साथ मिलकर मोहर्रम के दिन घरवालों को धमकाया था। बताया कि इसके बाद घटना के दिन यानी मंगलवार की दोपहर इन्हीं लोगों ने बाजार में सुमित को अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। भाई ब्रह्मप्रकाश का आरोप है कि ज्योति के बहनोई व अन्य लोगों ने सुमित व ज्योति की हत्या की और आत्महत्या दर्शाने के लिए शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया। पिता रोहित कुमार ने बताया कि गांव में आने के बाद सुमित, ज्योति के साथ ससुराल भी रहने के लिए गया था, जहां दोनों 8 दिनों तक साथ रहे थे। जहां ज्योति का बहनोई भी आया था, जिस पर सुमित से उसका विवाद भी हुआ था। झगड़े के दौरान ज्योति के बहनोई ने उसे धमकाया भी था। घर से जेवर व अनाज ले गई थी ज्योति मृतक सुमित की मां राजलक्ष्मी ने बताया कि मोहर्रम के दिन ज्योति घर आई थी, उस दौरान घर पर वह अकेली थीं। ज्योति ने जबरन बक्से का ताला तोड़ उसकी तोड़ियां और 8 हजार रुपए ले लिए। विरोध करने पर उसे धक्का देकर गिरा दिया। इतना ही नहीं घर में रखा अनाज भी ज्योति अपने साथ ले गई थी। पिता रोहित ने बताया कि हम लोगों ने उसे बहू मान लिया था, अगर वो हमसे मांग कर ले जाती तो भी हम खुशी–खुशी उसे सब दे देते। परिवार ने दिया ज्योति को बहू का मान पोस्टमार्टम हाउस में गुरुवार को सुमित के तो परिजन आ गए, लेकिन ज्योति के घर से कोई नहीं आया। भाई ब्रह्मप्रकाश ने बताया कि उन्होंने ज्योति के घरवालों को फोन किया तो उसके परिवार वालों ने उसकी शक्ल देखने से भी इंकार कर दिया और उन्हें धमकाया भी, कि शव लेकर गांव आओं तब तुम्हें देखेंगे। इधर कागजी कार्रवाई में देर होने पर परिवार ने ज्योति को बहू मानते हुए उसके पंचायतनामें में पति की जगह पर सुमित का नाम दर्ज कराया। परिजनों ने कहा कि वह बेटे सुमित के साथ ज्योति का अंतिम संस्कार भी पूरे विधि–विधान से करेंगे। मौत भी नहीं कर पायी उन्हें जुदा पानीपत में रहने के दौरान ज्योति और सुमित का प्यार ऐसा परवान चढ़ा कि दोनों ने एक साथ जीने मरने की कसमें खा ली। सुमित के प्यार में ज्योति अपने पति और दो बेटियों को ठुकराने को राजी हो गई। इसके बाद दोनों एक साथ रहने लगे, लेकिन समाज को यह मंजूर नही हुआ। जिस पर दोनों को आए दिन धमकियां मिलने लगी, जिसके बाद दोनों ने सुसाइड करने का फैसला लिया। दोनों एक दूजे का हाथ पकड़ ट्रेन के आगे लेट गए, जब उनके शव पुलिस को मिले तो वह भी आपस में लिपटे हुए थे।
हरियाणा में हिसार के ऋषि नगर में श्मशान घाट रोड पर पुलिस ने एक युवक को भ्रूण फेंकते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया कि बदनामी के डर से उसने अपनी प्रेमिका का गर्भपात कराया था और वह उस भ्रूण को ठिकाने लगाने के इरादे से वहां आया था। पुलिस के अनुसार, युवक और युवती दोनों मूल रूप से सिटी थाना क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले हैं और वर्तमान में ऋषि नगर में रह रहे हैं। जांच अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। बता दें कि बुधवार को ईआरवी गाड़ी में सवार एसएसआई सोमबीर और एलएससी सुमन सेक्टर 14 पार्ट-2 में गश्त पर थे। इसी दौरान पुलिस टीम को सूचना मिली कि श्मशान घाट रोड पर एक संदिग्ध युवक घूम रहा है। टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर युवक को दबोच लिया। जब उसकी तलाशी ली गई, तो उसके पास से एक पॉलीथिन बरामद हुआ, जिसके अंदर भ्रूण रखा हुआ था। भ्रूण को सिविल अस्पताल पहुंचायापुलिस ने भ्रूण को तुरंत नागरिक अस्पताल भिजवा दिया है। पूछताछ में युवक ने स्वीकार किया कि गांव की ही एक युवती से उसका पिछले 6-7 साल से प्रेम प्रसंग चल रहा है। इस दौरान उसकी प्रेमिका गर्भवती हो गई, जिसके बाद समाज में बदनामी से बचने और बच्चे के जन्म को रोकने के लिए दोनों ने आपसी सहमति से गर्भपात कराने का फैसला किया था। हिसार में पहले भी मिल चुके हैं भ्रूण… 11 सितंबर 2024: राजगढ़ मार्ग स्थित गुरु गोरखनाथ जी राजकीय महाविद्यालय के टीचिंग ब्लॉक की दूसरी मंजिल पर बने महिला शौचालय में कन्या भ्रूण मिला था। चिकित्सकों की टीम ने जब पोस्टमार्टम किया तो पता चला कि भ्रूण साढ़े छह माह की लड़की का था। 23 जनवरी 2024: जवाहर नगर की गली नंबर 6 में एक कुत्ता मुंह में नवजात का सिर लेकर घूम रहा था। पुलिस ने कई जगह के सीसीटीवी खंगाले, लेकिन कुछ पता नहीं चल सका। मार्च 2023: राजीव नगर के पास से नाले में 5 महीने का मृत भ्रूण मिला था। एचटीएम थाना पुलिस को लोगों ने बताया कि नाले से कॉलोनी के कुछ बच्चे नारियल निकाल रहे थे, तभी उन्हें एक थैला दिखा, जिसमें भ्रूण था। पुलिस ने अज्ञात महिला के खिलाफ मामला दर्ज किया था। 04 जनवरी 2023: राजगढ़ मार्ग पर पुलिस नाके के पास बालसमंद नहर पुल के सर्विस मार्ग पर एक मिठाई के डिब्बे में क्षत-विक्षत दो भ्रूण मिले थे। जांच में पता चला कि वे भ्रूण जुड़वा लड़कियों के थे।
बरेली में गुरुवार तड़के एक स्लीपर बस हाईवे पर बेकाबू होकर पलट गई। हादसे में बस में सवार 50 से अधिक यात्री घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं और सभी घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया। राहत की बात यह रही कि सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। हादसा गुरुवार सुबह करीब 4 बजे सीबीगंज थाना क्षेत्र के परधौली गांव के पास हुआ। बस दिल्ली से पीलीभीत के पूरनपुर जा रही थी। शुरुआती जांच में चालक को झपकी आने के कारण बस का संतुलन बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। बस पलटते ही मची चीख-पुकार पुलिस के मुताबिक, प्राइवेट स्लीपर बस दिल्ली से यात्रियों को लेकर पीलीभीत के पूरनपुर जा रही थी। जब बस सीबीगंज थाना क्षेत्र के परधौली गांव के पास पहुंची, तभी वह अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। हादसे के समय बस में करीब 50 से अधिक यात्री सवार थे। सुबह का समय होने के कारण अधिकांश यात्री बस में सो रहे थे। अचानक बस पलटते ही अफरा-तफरी मच गई। महिलाएं, बच्चे और पुरुष चीखने-चिल्लाने लगे। कई यात्री सीटों के बीच फंस गए। स्थानीय लोगों और पुलिस ने उन्हें बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। पुलिस और एंबुलेंस ने चलाया राहत अभियान घटना की सूचना डायल-112 पर दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंच गईं। सभी घायलों को एंबुलेंस से अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार सभी घायल खतरे से बाहर हैं। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चालक को झपकी आने के कारण बस का संतुलन बिगड़ सकता है। हालांकि पुलिस अन्य संभावित कारणों की भी जांच कर रही है। बस को कब्जे में लेकर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
नीमच में युवक ने किया सुसाइड:रात 2 बजे घर में फंदे पर लटका मिला शव, पड़ोसी को कॉल आया, तब पता चला
नीमच सिटी थाना क्षेत्र के जामा मस्जिद इलाके में एक 40 वर्षीय व्यक्ति ने घर में फांसी लगा ली। घटना बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात की है। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम करवाकर जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान जामा मस्जिद निवासी इदरीश मंसूरी (40 वर्ष) पुत्र सफी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, इदरीश ने रात करीब 2 बजे अपने घर के ऊपरी कमरे में फांसी लगाई। कुछ देर बाद जब वह नजर नहीं आया, तो उसकी पत्नी उसे ढूंढते हुए कमरे की तरफ गईं। कमरा अंदर से बंद था। काफी मशक्कत के बाद दरवाजा खोलने पर इदरीश का शव फंदे पर लटका मिला। घटना के तुरंत बाद, घबराए परिजन और पड़ोसियों ने रात करीब 3 बजे इदरीश को जिला चिकित्सालय पहुंचाया। हालांकि, डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सुबह सूचना मिलने पर सिटी पुलिस अस्पताल पहुंची और शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने बताया कि आत्महत्या के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है। पड़ोसी और प्रत्यक्षदर्शी इरशाद हुसैन ने बताया कि घटना नीमच सिटी जामा मस्जिद के पीछे हुई। उन्होंने बताया, 'रात करीब पौने तीन बजे (2:45 AM) मेरी बहन का फोन भाई के पास आया कि कुछ गड़बड़ हुई है। दोनों भाई तुरंत वहां पहुंचे। उनके घर के ऊपरी कमरे का दरवाजा खोला। अंदर इदरीश भाई फंदे पर लटके हुए थे। उन्होंने किस वजह से फांसी लगाई, इसका कारण फिलहाल सामने नहीं आया है।
डूंगरपुर नगर परिषद द्वारा आयोजित 'शहरी सेवा शिविर' आमजन को त्वरित राहत प्रदान कर रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से लोगों के कार्य तुरंत निपटाए जा रहे हैं, जिससे परिषद को भी राजस्व प्राप्त हो रहा है। परिषद अब तक कुल 15 सफल शिविरों का आयोजन कर चुकी है। इन शिविरों में पट्टे जारी करने, नामांतरण और केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाया गया है। उदयपुर संभाग में ऑनलाइन पट्टा निस्तारण के मामले में डूंगरपुर नगर परिषद पहले स्थान पर है। नगर परिषद डूंगरपुर के आयुक्त प्रकाश डूडी ने बताया कि सरकार के निर्देश पर चलाए जा रहे शहरी सेवा शिविर अभियान में आमजन के कार्यों को मौके पर ही निपटाकर राहत दी जा रही है। उन्होंने कहा कि अब तक आयोजित 15 कैंपों में जनहित के कार्यों का बड़े पैमाने पर निस्तारण किया गया है। शिविरों के दौरान विभिन्न प्रकार के 186 पट्टे जारी किए गए हैं और 117 नामांतरण पत्र वितरित किए जा चुके हैं। उपविभाजन और एकीकरण के 37 प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि 63 भवन निर्माण अनुमतियां जारी की गईं। इसके अतिरिक्त 50 संपत्तियों से यूडी टैक्स एकत्र किया गया है और 12 फायर एनओसी जारी की गई हैं। जन्म, मृत्यु और विवाह पंजीकरण के लगभग 747 प्रमाण पत्र भी इन कैंपों के माध्यम से जारी कर आमजन को राहत प्रदान की गई है। सरकारी योजनाओं का मिला सीधा लाभ शिविरों में केवल निकाय स्तर के काम ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री आवास योजना और स्वनिधि योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी सुनिश्चित किया जा रहा है | पीएम आवास योजना (2.0) के तहत 16 लाभार्थियों को दूसरी किस्त और 8 लाभार्थियों को तीसरी किस्त जारी की जा चुकी है। पीएम स्वनिधि योजना में स्ट्रीट वेंडर्स और छोटे व्यापारियों को संबल देने के लिए 71 नए आवेदन भरवाए गए हैं। वहीं, बैंकों के समन्वय से 35 आवेदकों को लोन राशि वितरित की जा चुकी है।गाड़िया लोहार व घुमंतु वर्ग को निशुल्क पट्टे नगरपरिषद आयुक्त डूडी ने बताया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप, घुमंतु, अर्ध-घुमंतु और गाड़िया लोहार वर्ग के परिवारों का सर्वे कर उन्हें निशुल्क पट्टे देने की कार्रवाई गति पकड़ रही है। चिन्हित 13 आवेदकों के ऑनलाइन आवेदन कराए गए, जिनमें से 8 प्रकरणों को एम्पावर्ड कमेटी के समक्ष रखकर निशुल्क पट्टे वितरित कर दिए गए हैं। शेष 4 आवेदकों के लिए भी जल्द ही कमेटी की बैठक बुलाकर पट्टे जारी करने की अनुशंसा की जाएगी।ऑनलाइन पट्टा निस्तारण में डूंगरपुर संभाग में नंबर-1 स्वायत्त शासन विभाग द्वारा 12 जून से अब तक की गई समीक्षा के अनुसार डूंगरपुर नगर परिषद ने ऑनलाइन रिकॉर्ड दर्ज करने जैसे 90A, लीज डीड पोर्टल, म्यूटेशन, एसजीआरसी, बीपीएस, यूडी टैक्स, फायर एनओसी, ट्रेड लाइसेंस आदि के मामले में प्रदेश के कुल 308-309 नगरीय निकायों में 11वां स्थान हासिल किया है। वहीं, पूरे उदयपुर संभाग में ऑनलाइन पट्टों के डिस्पोजल (निस्तारण) के मामले में डूंगरपुर परिषद प्रथम स्थान पर बनी हुई है। शहरी सेवा शिविर अभियान के तहत 15 जुलाई तक 5 और कैंप आयोजित होने शेष हैं। परिषद प्रशासन इन आगामी शिविरों में कार्यों की गति को और तेज कर राजस्थान के 'टॉप-10' निकायों में शामिल होने का प्रयास कर रहा है। अधिकारियों ने शहरवासियों से राज्य सरकार द्वारा दी जा रही इन विशेष छूटों और सुविधाओं का समय रहते अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है |
बलरामपुर में 'विकास आपके द्वार' अभियान 13वें दिन बुधवार शाम तक चला। अब तक इसके तहत 2,322 पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिला। यह अभियान जनपद के सभी 9 विकास खंडों की ग्राम पंचायतों में विशेष शिविरों के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। गुरुवार सुबह 11 बजे मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अभियान की शुरुआत से अब तक कुल 12,074 लोग लाभान्वित हो चुके हैं। इन शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। प्रशासनिक अधिकारियों और संबंधित विभागों के कर्मचारियों ने पारदर्शिता और सरलता सुनिश्चित करते हुए पात्र लाभार्थियों का चयन किया और उन्हें विभिन्न योजनाओं से जोड़ा। इन शिविरों में आमजन की समस्याओं को भी सुना गया और कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया। जनपद प्रशासन के समन्वित प्रयासों के कारण यह अभियान शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक पात्र नागरिक तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में प्रभावी साबित हो रहा है। प्रशासन का लक्ष्य केवल योजनाओं का वितरण करना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के हर पात्र व्यक्ति को सरकारी सुविधाओं से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना भी है। अधिकारियों ने बताया कि 'विकास आपके द्वार' अभियान आगामी दिनों में भी जारी रहेगा। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र व्यक्ति जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
महराजगंज के चौक थाना क्षेत्र में गुरुवार को दोपहर 12 बजे उस समय हड़कंप मच गया, जब नेपाल की एक आर्केस्ट्रा डांसर ने नशे की हालत में आम के पेड़ पर चढ़कर आत्महत्या का प्रयास किया। महिला ने अपने गले में फंदा भी लगा लिया था। चौक पुलिस ने सूझबूझ का परिचय देते हुए उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। यह घटना बजाज एजेंसी के पास हुई, जहां बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए थे। सूचना मिलते ही चौक थाना प्रभारी मनीष पटेल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बिना किसी जल्दबाजी के धैर्य से काम लिया और महिला को काफी देर तक समझाने-बुझाने का प्रयास किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला काफी देर तक पेड़ पर बैठी रही और नीचे उतरने से इनकार कर रही थी। पुलिस लगातार उससे बातचीत करती रही। काफी मान-मनौव्वल के बाद महिला शांत हुई और पुलिस ने उसे सुरक्षित पेड़ से नीचे उतार लिया। पुलिस की तत्परता और सूझबूझ से महिला की जान बच गई। चौक थाना प्रभारी मनीष पटेल ने बताया कि प्रथम दृष्टया महिला नेपाल की रहने वाली प्रतीत होती है। वह मानसिक रूप से अस्वस्थ अथवा नशे के प्रभाव में लग रही थी। उसे सुरक्षित थाने लाया गया है, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि वह महराजगंज कैसे पहुंची और इस तरह का कदम उठाने के पीछे क्या कारण रहे। महिला के परिजनों और संबंधित लोगों से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है। मामले की जांच जारी है। घटना के दौरान मौके पर काफी भीड़ जुट गई थी। पुलिस ने लोगों को दूर हटाकर रेस्क्यू अभियान चलाया, जिससे कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। महिला के सुरक्षित बच जाने पर स्थानीय लोगों ने चौक पुलिस की सराहना की।
करनाल के निसिंग थाना क्षेत्र के गांव कुचपुरा में 5 जुलाई की रात को हुई युवक जसविंद्र की हत्या के मामले में पुलिस कार्रवाई से असंतुष्ट परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। गुरूवार को रायसन गांव के रहने वाले मृतक के परिजन बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ जिला सचिवालय में एसपी से मिलने के लिए पहुंचे। इस दौरान लोगों ने निसिंग पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे। परिजनों का कहना है कि पुलिस ने मामले में केवल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर खानापूर्ति की है, जबकि मुख्य आरोपी, उसकी मां, बहन और अन्य लोग अभी भी खुले घूम रहे हैं। मृतक की बहन मंजू ने आरोप लगाया कि पुलिस की कार्रवाई अधूरी है और उन्हें न्याय नहीं मिल रहा। परिजनों का आरोप- पुलिस कर रही है खानापूर्ति मृतक की बहन मंजू ग्रामीणों के साथ एसपी कार्यालय पहुंची। उसने आरोप लगाया कि पुलिस ने केवल देवर सागर और ससुर ऋषिपाल को गिरफ्तार किया है, जबकि उसका पति मनीष, सास और ननद अभी तक गिरफ्त से बाहर हैं। मंजू ने कहा कि जिन लोगों ने उसके भाई जसविंद्र को मौत के घाट उतारा, उन्हें भी सख्त सजा मिलनी चाहिए। परिजनों का कहना है कि पुलिस जानबूझकर मामले को कमजोर कर रही है। उन्होंने चेताया कि अगर जल्द सभी आरोपियों को नहीं पकड़ा गया तो वे आगे कड़ा कदम उठाने को मजबूर होंगे। 5 जुलाई की रात को हुआ था हमला, चाकुओं से गोदकर हत्या घटना 5 जुलाई की रात की है। रायसन गांव निवासी 28 वर्षीय जसविंद्र की कुचपुरा गांव में हत्या कर दी गई थी। जसविंद्र की शादी करीब एक साल पहले हुई थी। परिजनों के अनुसार, जसविंद्र अपनी बहन मंजू को बचाने के लिए अपने भाइयों श्रवण और अमृत लाल के साथ कुचपुरा जा रहा था। जैसे ही वे गांव के अड्डे पर पहुंचे, रास्ते में ससुराल पक्ष के लोगों ने उनकी गाड़ी को रुकवा लिया। इसके बाद जसविंद्र पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। 20 लाख रुपए की मांग, बहन ने फोन कर बुलाया था मृतक के छोटे भाई अमृत ने बताया कि घटना से पहले शाम को उसकी बहन मंजू का फोन आया था। उसने कहा कि उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया गया है और उसे वहां से ले जाया जाए। अमृत के मुताबिक, जब उन्होंने जीजा मनीष को फोन किया तो उसने 20 लाख रुपए की मांग की और कहा कि पैसे दो, नहीं तो अपनी बहन को ले जाओ। इसके बाद तीनों भाई कुचपुरा पहुंचे। वहां मनीष ने गाड़ी रुकवा दी और उसी दौरान मनीष और उसके छोटे भाई सागर ने जसविंद्र पर चाकुओं से कई वार किए। घटना के समय मनीष के पिता ऋषिपाल, मां और बहन भी मौके पर मौजूद थे। परिजनों का आरोप है कि सभी ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। दहेज प्रताड़ना के भी आरोप, पहले से चल रहा था विवाद मौसेरे भाई कपिल ने आरोप लगाया कि मंजू को शादी के बाद से ही दहेज के लिए परेशान किया जा रहा था। उसके साथ लगातार मारपीट होती थी। परिवार का कहना है कि इसी विवाद के चलते यह घटना हुई। दो आरोपी गिरफ्तार, सड़क पर घुमाया गया घटना के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। 6 जुलाई को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। शिकायत के आधार पर ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। 7 जुलाई को पुलिस ने सागर और उसके पिता ऋषिपाल को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को कोर्ट में पेश कर एक दिन की रिमांड पर लिया गया। रिमांड पूरी होने के बाद पुलिस ने दोनों को सड़कों पर घुमाया। इस दौरान सागर का सिर भी मुंडवाया गया। इसके बावजूद परिजन संतुष्ट नहीं हैं और बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए हैं।
करौली जिले में पाचना बांध से जल निकासी को लेकर चल रहे विवाद के बीच प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। सोशल मीडिया पर भड़काऊ टिप्पणियों को रोकने के लिए जिले में इंटरनेट सेवा अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है। हालांकि विरोध प्रदर्शनों और चक्काजाम का असर अब कम हो रहा है, और अधिकांश मार्गों पर यातायात बहाल हो गया है। पाचना बांध से जल निकासी की मांग को लेकर कई स्थानों पर धरना प्रदर्शन और चक्काजाम किए गए थे। इन प्रदर्शनों के कारण हिंडौन, गंगापुर, करौली और महवा सहित प्रमुख सड़क मार्ग प्रभावित हुए थे, जिससे यातायात बाधित हो गया था। समझाइश के बाद स्थिति में हुआ सुधारप्रशासन पुलिस और जनप्रतिनिधियों की लगातार समझाइश के बाद स्थिति में सुधार हुआ। बुधवार देर रात तक चली बातचीत के बाद अधिकांश प्रमुख मार्गों पर यातायात धीरे-धीरे सुचारु हो गया है। रोडवेज और निजी बसों का संचालन भी दोबारा शुरू करने की तैयारी की जा रही है। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने भी आधी रात को विभिन्न धरना स्थलों का दौरा किया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर रास्ते खोलने की अपील की, जिसके बाद कई स्थानों से जाम हटा लिया गया। शेष स्थानों पर भी जल्द यातायात सामान्य होने की संभावना है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बंद किया इंटरनेटकानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से प्रशासन ने मंगलवार रात करीब 12 बजे से पूरे करौली जिले में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दीं। यह कदम सोशल मीडिया पर भड़काऊ और अभद्र टिप्पणियों के प्रसार को रोकने के लिए उठाया गया है, ताकि शांति भंग न हो। पुलिस ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट और टिप्पणियां करने के आरोप में दोनों समुदायों के कुछ लोगों के खिलाफ अलग-अलग थानों में मुकदमे दर्ज किए हैं। पुलिस ने चेतावनी दी है कि अफवाह फैलाने, भड़काऊ सामग्री साझा करने या कानून व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अपुष्ट सूचना या अफवाह पर विश्वास नहीं करें, सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करें और जिले में शांति एवं सौहार्द बनाए रखने में सहयोग करें।
मूसलाधार बारिश के बीच सदर तहसील परिसर में भारतीय किसान यूनियन द्वारा शुरू किया गया धरना-प्रदर्शन बुधवार देर शाम करीब 7 बजे प्रशासन के साथ हुई सफल वार्ता के बाद समाप्त हो गया। दिनभर चले प्रदर्शन के दौरान सैकड़ों किसानों ने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन के नाम 11 सूत्रीय मांगपत्र नगर मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौड़ को सौंपा था। देर शाम प्रशासन और किसान नेताओं के बीच हुई बैठक में कई बिंदुओं पर सहमति बनने के बाद भारतीय किसान यूनियन ने धरना समाप्त करने की घोषणा कर दी। हालांकि संगठन ने साफ कर दिया कि यदि तय समय में मांगों पर अमल नहीं हुआ तो आंदोलन दोबारा शुरू किया जाएगा। भाकियू जिलाध्यक्ष नवीन राठी के नेतृत्व में किसानों ने तहसील परिसर में जोरदार प्रदर्शन करते हुए तहसील और राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार, दाखिल-खारिज और आय प्रमाण पत्र के नाम पर कथित अवैध वसूली, राशन कार्ड की समस्याएं, अवैध कब्जे, स्मार्ट मीटर, जलभराव समेत कई मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। किसानों ने आरोप लगाया कि आमजन और किसानों को सरकारी कार्यालयों में लगातार परेशान किया जा रहा है। धरना-प्रदर्शन के दौरान संगठनात्मक विस्तार भी किया गया। भाकियू जिलाध्यक्ष नवीन राठी ने मोनू बालियान बरवाला को भारतीय किसान यूनियन का जिला महासचिव नियुक्त किया। उनके मनोनयन पर कार्यकर्ताओं ने स्वागत करते हुए संगठन को और मजबूत बनाने का संकल्प लिया। धरने के दौरान पुरकाजी ब्लॉक अध्यक्ष मोनू चौधरी ने सदर तहसील में दाखिल-खारिज और फर्द में नाम चढ़ाने के नाम पर कथित अवैध वसूली का आरोप लगाया। उन्होंने शहर कोतवाल पर किसान यूनियन के युवा जिलाध्यक्ष का अपमान करने और तानाशाही रवैया अपनाने का भी आरोप लगाया। नगर मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर सहित प्रशासनिक अधिकारियों के साथ किसान नेताओं की वार्ता हुई। बैठक में किसानों द्वारा उठाए गए सभी बिंदुओं पर चर्चा हुई और कई मामलों के समाधान का आश्वासन दिया। वार्ता सफल रहने के बाद भारतीय किसान यूनियन ने धरना समाप्त कर दिया। भाकियू ने कहा कि फिलहाल प्रशासन को समस्याओं के समाधान के लिए समय दिया गया है, लेकिन यदि वादे पूरे नहीं हुए तो किसान फिर से सड़क पर उतरने में देर नहीं करेंगे।
गोरखपुर में 'संघर्षगाथा' किताब का गुरुवार की सुबह 10 बजे जटाशंकर गुरुद्वारे में भव्य विमोचन किया गया। यह किताब दुनिया का सबसे लंबा तिरंगा बनाने वाली समिति के केंद्रीय संयोजक और युवा लेखक रघुबंश हिंदू ने लिखी है। यह उनकी पांचवी किताब है। कार्यक्रम की शुरुआत गुरु ग्रंथ साहिब के आगे मत्था टेकने और गुरुवाणी के कीर्तन के साथ हुई। इस मौके पर गुरुद्वारा कमेटी ने लेखक को सिरोपा (सम्मानित कपड़ा) देकर उनके सामाजिक और देशहित के कामों की तारीफ की। इस किताब में इतिहास, विज्ञान, खेल और अलग-अलग क्षेत्रों में नाम कमाने वाले दुनिया के मशहूर लोगों की कहानियां हैं। इसके साथ ही, गोरखपुर से शुरू हुए 'विश्व के सबसे लंबे तिरंगे' के अभियान और उससे जुड़े पांच वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के सफर को भी इसमें शामिल किया गया है। महान हस्तियों के संघर्ष, त्याग का सफर विमोचन कार्यक्रम के दौरान गुरुद्वारा प्रमुख सरदार जसपाल सिंह ने कहा कि 'संघर्षगाथा' समाज को सही दिशा दिखाने वाली किताब है। इसमें दुनिया की महान हस्तियों के संघर्ष, उनके त्याग, अनुशासन और कामयाबी के सफर को बहुत आसान भाषा में लिखा गया है। उन्होंने कहा कि इस किताब को पढ़ने से युवाओं के अंदर भरोसा, पॉजिटिव सोच और देश के लिए कुछ करने का जज्बा मजबूत होगा। किताब में शामिल हैं तिरंगा अभियान के 5 वर्ल्ड रिकॉर्डलेखक रघुबंश हिन्दू ने बताया कि उनकी यह पांचवीं किताब युवाओं को मेहनत और संघर्ष की ताकत समझाने के लिए है। इस किताब में इतिहास, विज्ञान, खेल और अलग-अलग क्षेत्रों में नाम कमाने वाले दुनिया के मशहूर लोगों की कहानियां हैं। इसके साथ ही, गोरखपुर से शुरू हुए 'विश्व के सबसे लंबे तिरंगे' के अभियान और उससे जुड़े पांच वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के सफर को भी इसमें शामिल किया गया है। उन्हें पूरा भरोसा है कि यह किताब युवाओं में देशभक्ति, लीडरशिप और सही सोच को बढ़ाएगी। ये लोग रहे मौजूदइस खास मौके पर सरदार जसपाल सिंह, लेखक रघुबंश हिन्दू, राजेंद्र सिंह, एडवोकेट मनीष कुमार मिश्रा, आदित्य दूबे, वैद्य सुरेंद्र प्रसाद तिवारी, दिलीप साही और राम अवतार निषाद समेत शहर के कई बड़े और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
भारतीय किसान संघ की प्रदेश स्तरीय बैठक भोपाल स्थित पशुपालन विभाग संचालनालय में आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता विभाग के मुख्य सचिव उमाकांत उमराव ने की। बैठक में मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ के प्रदेश संगठन मंत्री महेश चौधरी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसमें पशुपालन और डेयरी क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई, जिसमें किसानों की जमीनी समस्याओं से शासन को अवगत कराया गया। बैठक में मध्यभारत प्रांत से भरत पटेल, मालवा प्रांत के कोषाध्यक्ष एवं पशुपालन-डेयरी आयाम प्रमुख शामिल हुए। बड़वानी जिले से जिला मंत्री कमल तोमर, देवास जिला मंत्री शेखर पटेल और इंदौर से हंसराज नागर भी उपस्थित थे। तीनों प्रांतों के पदाधिकारी और पशुपालन आयाम प्रमुखों ने भी इसमें भाग लिया। किसानों के हित में महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए गए। इनमें सभी पालतू पशुओं का समयबद्ध टीकाकरण, देशी गौवंश का नस्ल सुधार, संतुलित एवं पौष्टिक पशु आहार की उपलब्धता सुनिश्चित करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, देशी गाय के दूध का बेहतर मूल्य तय करने और किसानों को बकरी पालन के लिए प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया गया। प्रत्येक चयनित ग्राम में नंदीशाला स्थापित कर उच्च गुणवत्ता वाले कृत्रिम गर्भाधान की व्यवस्था विकसित करने का सुझाव भी दिया गया। 'सार्थक' ऐप को अधिक प्रभावी बनाने की मांग बैठक में पशु चिकित्सकों की कार्यप्रणाली को 'सार्थक' ऐप के माध्यम से अधिक प्रभावी बनाने की मांग की गई। आवारा और अनुपयोगी नंदियों की नसबंदी कराने का सुझाव भी दिया गया। बेहतर गर्भाधान सुविधा के लिए चयनित गांवों की संख्या 4,000 से बढ़ाकर 10,000 करने तथा पशुपालन विभाग द्वारा शासकीय योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने की भी मांग रखी गई। इस बैठक में पशुपालन एवं डेयरी विभाग के संचालक डॉ. पी.एस. पटेल, सांची बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. संजय गोवाणी, कुक्कुट विकास निगम के प्रबंध संचालक सत्यनिधि शुक्ला उपस्थित थे। नानाजी देशमुख वेटरनरी विज्ञान विश्वविद्यालय, जबलपुर के रजिस्ट्रार एस.एस. तोमर और गोसंवर्धन बोर्ड के रजिस्ट्रार डॉ. अनूप अग्रवाल सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक के समापन पर भारतीय किसान संघ ने विश्वास व्यक्त किया कि शासन पशुपालकों और किसानों से जुड़े इन मुद्दों पर सकारात्मक पहल करेगा। इससे प्रदेश में पशुपालन एवं डेयरी क्षेत्र को नई गति मिलने की उम्मीद है।
प्रयागराज शहर में ट्रैफिक पुलिस ने शुक्रवार सुबह डग्गामार बसों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया। एसीपी ट्रैफिक निकिता श्रीवास्तव के नेतृत्व में मेडिकल चौराहे से सीएमपी कॉलेज तक गहन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान अवैध रूप से सवारियां भर रही चार डग्गामार बसों को पकड़कर ट्रैफिक लाइन भेज दिया गया। पुलिस की कार्रवाई से मौके पर हड़कंप मच गया, जबकि बसों के चालक और कंडक्टर वाहन छोड़कर फरार हो गए। कार्रवाई की तस्वीरें देखिए… रोडवेज बस अड्डे के सामने भर रही थीं सवारियांजांच के दौरान पता चला कि ये बसें रोडवेज के अस्थायी बस अड्डे के सामने सड़क किनारे अवैध रूप से खड़ी कर विभिन्न रूटों के लिए सवारियां भर रही थीं। इससे सड़क पर जाम की स्थिति बन रही थी और आम लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।पुलिस पहुंचते ही मच गया हड़कंपट्रैफिक पुलिस की टीम लेकर एसीपी ट्रैफिक निकिता दोपहर 12 बजे के करीब जैसे ही मौके पर पहुंचीं, बस संचालकों में अफरा-तफरी मच गई। कार्रवाई से बचने के लिए चालक और कंडक्टर बसें छोड़कर भाग निकले। पुलिस ने चारों बसों को कब्जे में लेकर ट्रैफिक लाइन भिजवा दिया। शिकायत के बाद हुई कार्रवाईबताया गया कि मेडिकल चौराहे से सीएमपी कॉलेज जाने वाले मार्ग पर लंबे समय से डग्गामार बसें अवैध रूप से खड़ी कर सवारियां भर रही थीं। इससे ट्रैफिक व्यवस्था लगातार प्रभावित हो रही थी। शुक्रवार सुबह भी इस संबंध में अधिकारियों को शिकायत मिली, जिसके बाद तत्काल अभियान चलाकर कार्रवाई की गई।लगातार चलाया जाएगा अभियानएडीसीपी ट्रैफिक पुष्कर वर्मा ने बताया कि पकड़ी गई चारों बसों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि शहर में अवैध रूप से संचालित वाहनों और ट्रैफिक व्यवस्था बाधित करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी वाहन संचालक को बख्शा नहीं जाएगा।
चंडीगढ़ सेक्टर-17 मटका चौक पर ट्रैफिक पुलिस के साथ हाथों में जागरूकता संबंधी बोर्ड लेकर खड़े किए गए 2 युवकों गौरव अरोड़ा और लवजोत सिंह की ड्यूटी दूसरे ही दिन बदल दी गई। दोनों को बुधवार को शहर के व्यस्त चौराहे पर ट्रैफिक नियमों के प्रति वाहन चालकों को जागरूक करने के लिए लगाया गया था, लेकिन वीरवार को उन्हें सेक्टर-29 स्थित ट्रैफिक पुलिस लाइन के अंदर ड्यूटी पर भेज दिया गया। सूत्रों के अनुसार, पहले दिन दोनों युवकों की वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया तथा मीडिया में काफी चर्चा में रहीं। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर उनकी ड्यूटी खुले चौराहे की बजाय ट्रैफिक पुलिस लाइन के अंदर उस शाखा में लगा दी गई, जहां चालानों से संबंधित कार्य होता है। दोनों युवकों को 4 दिनों तक प्रतिदिन 2 घंटे ट्रैफिक पुलिस के साथ खड़े होकर लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने और नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए गए थे। पहले दिन उन्होंने सेक्टर-17 स्थित मटका चौक पर यह जिम्मेदारी निभाई थी। एलांते मॉल के पास लगनी थी ड्यूटी सूत्रों का कहना है कि वीरवार सुबह दोनों युवकों की ड्यूटी इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एलांते मॉल के पास लगाई जानी थी। इसकी जानकारी मिलने पर कुछ मीडियाकर्मी भी वहां पहुंच गए। हालांकि बाद में कार्यक्रम में बदलाव कर दिया गया और दोनों को सेक्टर-29 ट्रैफिक पुलिस लाइन के अंदर भेज दिया गया। बताया जा रहा है कि अंतिम समय में स्थान बदलने के कारण मीडियाकर्मियों को वहां कोई गतिविधि नहीं मिली। इसके बाद पता चला कि दोनों युवकों को ट्रैफिक लाइन के अंदर ड्यूटी दी गई है। बाहर की बजाय अंदर ड्यूटी इस पूरे मामले के बाद कई सवाल उठ रहे हैं। चंडीगढ़ में ज्यादातर ट्रैफिक चालान अब ऑनलाइन किए जाते हैं और लोग उनका भुगतान भी ऑनलाइन ही करते हैं। ट्रैफिक पुलिस लाइन में बहुत कम लोग चालान भरने आते हैं। ऐसे में सवाल यह है कि जिन 2 युवकों को सड़क पर खड़े होकर लोगों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक करना था, उन्हें ट्रैफिक पुलिस लाइन के अंदर क्यों लगाया गया। वहां आम लोगों की आवाजाही बहुत कम होती है। पहले दिन खूब हुई थी चर्चा बुधवार को गौरव अरोड़ा और लवजोत सिंह सेक्टर-17 के मटका चौक पर ट्रैफिक पुलिस के साथ हाथों में ट्रैफिक नियमों से जुड़े संदेश वाले बोर्ड लेकर खड़े रहे। दोनों वहां से गुजरने वाले वाहन चालकों से ट्रैफिक नियमों का पालन करने, हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने और सुरक्षित तरीके से वाहन चलाने की अपील कर रहे थे। करीब 2 घंटे तक चले इस जागरूकता अभियान के दौरान ट्रैफिक पुलिस भी उनके साथ मौजूद रही। इस दौरान की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया और मीडिया में पूरे दिन चर्चा का विषय बने रहे। ये है पूरा मामला… ड्रंकन ड्राइव नाके पर रोकी थी फॉर्च्यूनर बीते रविवार 5 जुलाई को आधी रात सेक्टर-34/35 की डिवाइडिंग रोड पर लगे ड्रंकन ड्राइव नाके पर पुलिस ने फॉर्च्यूनर को जांच के लिए रोका। गाड़ी में तीन युवक सवार थे। इनमें से 2 युवक शराब के नशे में थे और पुलिस कार्रवाई का विरोध करने लगे। कभी चालान काटने, कभी गाड़ी इम्पाउंड करने और कभी वीडियो बनाने को लेकर वे पुलिसकर्मियों से बहस करते रहे। 3 घंटे तक सड़क पर हंगामा चलता रहा मौके पर मौजूद महिला मार्शल सुखजीत कौर समेत अन्य पुलिसकर्मियों और राहगीरों ने उन्हें शांत कराने की कोशिश की, लेकिन दोनों किसी की बात सुनने को तैयार नहीं हुए। करीब तीन घंटे तक सड़क पर हंगामा चलता रहा। इसके बाद सेक्टर-36 थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस टीम के आने के बाद भी दोनों युवक नहीं माने और पुलिस की गाड़ी में बैठने को लेकर भी बहस करने लगे। पुलिस ने दोनों को सीआरपीसी की धारा 107/151 के तहत गिरफ्तार कर हवालात में बंद कर दिया। आरोपियों की पहचान समराला (लुधियाना) निवासी गौरव अरोड़ा और लवजोत सिंह गौसल के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार लवजोत गाड़ी चला रहा था और उसके शरीर में शराब की मात्रा 238 एमजी पाई गई। तीसरा युवक नशे में नहीं था और उसने पुलिस से सामान्य तरीके से बात की। जज ने VIDEO देख जताई नाराजगी दोनों आरोपी अपनी इम्पाउंड गाड़ी छुड़वाने के लिए सीजेएम कोर्ट पहुंचे। ट्रैफिक पुलिस की महिला मार्शल सुखजीत कौर भी कोर्ट में मौजूद रहीं। उन्होंने रात 10 बजे से सुबह 3 बजे तक हुई पूरी घटना की वीडियो अदालत में दिखाई। वीडियो देखने के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों के व्यवहार पर नाराजगी जताई और उन्हें फटकार लगाई। अदालत ने दोनों आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया और उनके ड्राइविंग लाइसेंस तीन महीने के लिए निलंबित करने के आदेश दिए।
संतकबीरनगर में 48 घंटे से रुक-रुक कर बारिश:तापमान 7 डिग्री गिरा, किसानों को राहत, खेतों में लगा पानी
संतकबीरनगर जिले में पिछले 48 घंटों से रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण मौसम में बड़ा बदलाव आया है। बुधवार देर रात से शुरू हुई बारिश गुरुवार को भी जारी रही, जिससे तापमान में 7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। इस बदलाव से लोगों को उमस और तेज गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार, लगातार बारिश के चलते तापमान सामान्य से 7 डिग्री कम हुआ है। बुधवार को दिनभर में लगभग 2 मिमी वर्षा होने का अनुमान था। मंगलवार से ही क्षेत्र में रुक-रुक कर बारिश हो रही थी, जिसमें मंगलवार रात को अच्छी वर्षा दर्ज की गई। बुधवार को भी 86 प्रतिशत बारिश की संभावना जताई गई थी, जो पूरी हुई। मानसून के सक्रिय होने से खेती-किसानी के कार्यों में तेजी आई है। किसान अब खेतों की जुताई, धान की रोपाई और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई में जुट गए हैं। पर्याप्त नमी मिलने से सिंचाई की आवश्यकता कम हुई है, जिससे किसानों की लागत में भी कमी आने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने पूरे सप्ताह बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है। बुधवार से सोमवार तक क्षेत्र में बारिश का सिलसिला बना रह सकता है। इस अवधि में तापमान 27 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, जबकि बारिश की संभावना 46 से 75 प्रतिशत तक बनी रहेगी। यह आगामी सप्ताह किसानों और आम लोगों दोनों के लिए राहत भरा रहने की उम्मीद है।
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) की एलडीसी भर्ती परीक्षा में कथित पेपर लीक और नकल के आरोपों को लेकर कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज ने कहा है कि मामले को छिपाने के बजाय तत्काल कार्रवाई की गई और अब एफआईआर के बाद पूरी सच्चाई सामने आएगी। दरअसल, एलडीसी भर्ती परीक्षा के दौरान जैसलमेर में सामने आए घटनाक्रम के बाद परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे थे। इस पर बोर्ड अध्यक्ष आलोक राज ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा- ये नकल कराने का मामला था या पेपर लीक? जिला प्रशासन या बोर्ड ने मामला छिपाया या तुरंत जांच शुरू की? इसका निर्णय जनता खुद करे। एफआईआर दर्ज हो चुकी है। अब यह भी खुलासा होगा कि लाइट गुल हुई या करवाई गई। उन्होंने आगे लिखा- बोर्ड पहले ही बता चुका था कि परीक्षा के सभी कक्षों में करीब 28 हजार सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। क्या है मामला 5 जुलाई को राज्य में एलडीसी (लिपिक ग्रेड-द्वितीय) परीक्षा दो पारियों में हुई थी। इस दौरान जैसलमेर के राजकीय मॉडल स्कूल सेंटर पर परीक्षा शुरू होने के बाद परीक्षार्थियों ने आरोप लगाया कि खिड़की के रास्ते प्रश्न पत्र किसी अज्ञात व्यक्ति को दिया गया। साथ ही प्रशासन पर लापरवाही और खिड़की के रास्ते पेपर बाहर भेजकर नकल कराने के गंभीर आरोप भी लगाए गए। इसके बाद सेंटर पर विवाद की स्थिति बन गई थी।सांसद बेनीवाल ने सरकार को घेरा वहीं, बाड़मेर-जैसलमेर से सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने इस पूरे मामले को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए कहा- जैसलमेर में एलडीसी भर्ती परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले में 72 घंटे बाद एफआईआर दर्ज होना सरकार के उन दावों की पोल खोलता है, जिनमें परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और पेपर लीक मुक्त बनाने की बात कही जाती रही है। बेनीवाल ने आरोप लगाया कि परीक्षा दो पारियों में आयोजित हुई थी और दूसरी पारी शुरू होते ही प्रश्नपत्र को परीक्षा केंद्र की खिड़की से बाहर फेंककर लीक किए जाने के आरोप सामने आए। इतने गंभीर मामले को केवल नकल का मामला बताना कई तरह की आशंकाओं को जन्म देता है, जबकि आरोप सीधे पेपर लीक के हैं। सीसीटीवी रिकॉर्डिंग से छेड़छाड़ के आरोप सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि परीक्षा केंद्र के सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग से छेड़छाड़ और फुटेज हटाए जाने जैसी बातें भी सामने आ रही हैं। उनके अनुसार यदि ऐसा हुआ है तो यह पूरे मामले को दबाने की कोशिश की ओर संकेत करता है। इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जानी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। पुरानी भर्ती परीक्षाओं की भी जांच की मांग उम्मेदाराम बेनीवाल ने केवल एलडीसी भर्ती परीक्षा ही नहीं, बल्कि, पूर्व में हुई सभी भर्ती परीक्षाओं की भी उच्च स्तरीय स्वतंत्र एजेंसी या विशेष समिति से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई परीक्षाओं में सुनियोजित तरीके से धांधली कर परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और परिचितों को चयनित कराने के आरोप पहले भी लगते रहे हैं। उन्होंने मांग की कि जिन परीक्षा केंद्र अधीक्षकों, वीक्षकों और रिलीवरों की बार-बार संवेदनशील भर्ती परीक्षाओं में ड्यूटी लगाई गई। उनके चयन के कारणों, उन पर लगे आरोपों और उनसे जुड़े चयनित अभ्यर्थियों की भी व्यापक जांच कराई जाए। ये भी पढ़ें… एलडीसी परीक्षा में खिड़की से पेपर बाहर भेजने का आरोप:प्रशासन ने रिपोर्ट कर्मचारी चयन बोर्ड भेजी, निर्देश अनुसार कार्रवाई होगी जैसलमेर में रविवार को एलडीसी (लिपिक ग्रेड-द्वितीय) परीक्षा के दौरान राजकीय मॉडल स्कूल सेंटर पर लगे नकल के आरोपों के मामले में सोमवार को प्रशासन ने रिपोर्ट राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड को भेज दी। अतिरिक्त जिला कलेक्टर (एडीएम) परसाराम सैनी ने बताया कि परीक्षार्थियों की शिकायतों के आधार पर प्रकरण तैयार कर बोर्ड को भेजा गया है। अब बोर्ड से मिलने वाले निर्देशों के अनुसार आगे की कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी। (पूरी खबर पढ़ें)
महाराष्ट्र के ठाणे में हॉस्पिटल के अंदर डॉक्टरों से मारपीट के मामले में शिवसेना (शिंदे गुट) के पार्षद रमेश म्हात्रे को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके तीन साथियों को भी पकड़ा गया है। वहीं, एक डॉक्टर ने नौकरी से इस्तीफा देकर ठाणे छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि यहां डर का महौल है। अब कभी वापस नहीं लौटूंगा। घटना सोमवार को कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (KDMC) के शास्त्री नगर अस्पताल की है। अस्पताल के NICU में कोई बेड खाली नहीं था। इसलिए डॉक्टर सृष्टि बाविस्कर और डॉ. वैभव सालुंखे ने नवजात के परिजनों को दूसरे अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी। परिजन इससे नाराज हो गए। उन्होंने शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे को अस्पताल बुला लिया। वह अपने तीन साथियों के साथ अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ से मारपीट की। मारपीट की 4 तस्वीरें… डॉक्टर बोले- गुंडे नजर रख रहे हैं, अब कभी नहीं लौटूंगा मारपीट का शिकार हुए एक डॉक्टर ने मीडिया से कहा कि घटना के बाद वह खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। उन्होंने नौकरी से इस्तीफा दे दिया है और ठाणे छोड़ दिया है। डॉक्टर ने कहा, मैंने इस्तीफा दे दिया है क्योंकि बहुत डर का माहौल है। गुंडे हम पर नजर रख रहे हैं। दूसरे डॉक्टर काम करना चाहें तो करें, लेकिन मैं अब कभी ठाणे वापस नहीं लौटूंगा। शिंदे ने पार्षद को फटकार लगाई, पार्टी ने नोटिस भेजा राज्य के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने गुरुवार को कहा कि डिप्टी CM एकनाथ शिंदे ने आरोपी पार्षद को फटकार लगाई है। उन्होंने कहा कि महिला डॉक्टर पर हाथ उठाना गलत है और शिवसेना इस घटना का समर्थन नहीं करती। मामले में किसी तरह का राजनीतिक हस्तक्षेप भी नहीं किया गया। कल्याण से सांसद श्रीकांत शिंदे समेत शिवसेना के कई नेताओं और विपक्ष ने घटना की आलोचना की है। ठाणे सांसद नरेश म्हास्के ने बताया कि पार्टी ने आरोपी पार्षद को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। ---------------- ये खबर भी पढ़ें… भाजपा मंत्री नितेश राणे को 1 महीने जेल की सजा:मुंबई-गोवा हाइवे पर NHAI इंजीनियर पर कीचड़ फेंका था; 29 आरोपी बरी महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे को सिंधुदुर्ग कोर्ट ने इंजीनियर पर कीचड़ फेंकने के मामले में एक महीने की जेल की सजा सुनाई। कोर्ट ने कहा कि जनप्रतिनिधि (सांसद, विधायक या पार्षद) कानून अपने हाथ में नहीं ले सकते। पूरी खबर पढ़ें…
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के पस्ता थाना पुलिस ने शादी समारोह से चोरी हुई बाइक का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। मामले में तीन विधि से संघर्षरत अपचारी बालकों को भी चिन्हित कर बाल न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस ने चोरी की गई बाइक बरामद कर ली है। पुलिस के अनुसार, ग्राम उफिया निवासी संतोष राम तिग्गा ने 11 मई को पस्ता थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वह अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने आए थे और अपनी हीरो ग्लैमर (CG 15 CV 3711) बाइक घर के आंगन में खड़ी की थी। अगले दिन सुबह बाइक गायब मिली। मुखबिर की सूचना से मिला सुराग जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम खटवाबरदर निवासी अनिवेश नाग (19) के पास चोरी की बाइक है। हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर उसने अपने तीन साथियों के साथ चोरी करना स्वीकार कर लिया। बिना लॉक की बाइक देखकर बनाई योजना आरोपी ने बताया कि 11 मई की रात चारों युवक एक शादी समारोह से लौट रहे थे। रास्ते में दूसरे शादी समारोह में कई बाइक खड़ी देखीं। उनमें से बिना लॉक लगी हीरो ग्लैमर बाइक को अपनी चाबी से स्टार्ट कर चोरी कर लिया और वहां से फरार हो गए। पहचान छिपाने के लिए तोड़े बाइक के पार्ट्स पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पहचान छिपाने के लिए सिंयासरई जंगल के पास बाइक की बैक लाइट, मडगार्ड और वाइजर तोड़कर फेंक दिए। इसके बाद अनिवेश बाइक को अपने घर ले गया और परिजनों से कहा कि वह इसे दोस्त से मांगकर लाया है। बाइक बरामद, आरोपी जेल भेजा पुलिस ने अनिवेश नाग के घर से चोरी की गई मोटरसाइकिल बरामद कर जब्त कर ली। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। वहीं, मामले में शामिल तीनों विधि से संघर्षरत अपचारी बालकों को नियमानुसार बाल न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है।
मुरादाबाद में खेत से मिले महिला के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, महिला की हत्या धारदार हथियार से गला रेतकर की गई। वहीं, हत्या से पहले दुष्कर्म की आशंका भी जताई गई है। इसकी पुष्टि के लिए पोस्टमार्टम टीम ने स्लाइड तैयार कर जांच के लिए भेजी है। महिला का शव बुधवार को गांव मौढ़ा तैय्या स्थित एक खेत में मिला था। शव का चेहरा और शरीर का कुछ हिस्सा जला हुआ था। पुलिस का मानना है कि पहचान छिपाने के लिए आरोपी ने चेहरा जलाने की कोशिश की। फिलहाल महिला की शिनाख्त नहीं हो सकी है और पुलिस मामले की जांच में जुटी है। इंस्पेक्टर पाकबड़ा सुनील कुमार ने बताया कि गांव मौढ़ा तैय्या निवासी किसान कल्लू सिंह के खेत में बुधवार को महिला का शव पड़ा होने की सूचना मिली थी। सूचना पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। महिला ने प्लाजो और कुर्ती पहन रखी थी। टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के मुताबिक, खेत मालिक कल्लू सिंह का बेटा प्रदीप पशुओं के लिए चारा लेने खेत में गया था। इसी दौरान उसकी नजर खेत में पड़े महिला के शव पर पड़ी। शव का चेहरा और शरीर का कुछ हिस्सा जला हुआ था। इसके बाद उसने पुलिस को सूचना दी। पोस्टमार्टम में हत्या की पुष्टि बुधवार देर रात आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि महिला की हत्या धारदार हथियार से गला रेतकर की गई थी। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने दुष्कर्म की आशंका को देखते हुए स्लाइड तैयार कर जांच के लिए भेजी है। रिपोर्ट आने के बाद ही इसकी पुष्टि हो सकेगी। पुलिस के अनुसार, मृतका की उम्र करीब 34 वर्ष प्रतीत हो रही है। अभी तक उसकी पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस का मानना है कि आरोपी ने महिला की पहचान छिपाने के उद्देश्य से उसका चेहरा जलाया, ताकि शव की शिनाख्त न हो सके। इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने बताया कि महिला की पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही मामले के सभी पहलुओं की जांच कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
सीहोर में जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती ने पुराने भोपाल-इंदौर मार्ग पर ग्राम पचामा के पास बन रही सड़क के निर्माण कार्य में भारी लापरवाही और सीधे तौर पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उन्होंने 40 करोड़ रुपए की लागत से बन रही इस सड़क की गुणवत्ता और योजना पर गंभीर सवाल उठाए, जिसमें जनता के पैसे के दुरुपयोग की बात कही गई है। राजीव गुजराती ने ट्रांसफार्मर और बिजली के खंभों के सामने खड़े होकर बताया कि नियमानुसार किसी भी सड़क के चौड़ीकरण या निर्माण से पहले बिजली के खंभों को हटाया जाता है और सड़क का समतलीकरण किया जाता है। हालांकि, इस परियोजना में लोक निर्माण विभाग की कार्यशैली इसके विपरीत है। जिलाध्यक्ष बोले- डामर की एक परत भी बिछा दीउन्होंने बताया कि पहले सड़क का सरफेस बना दिया गया और उस पर डामर की एक परत भी बिछा दी गई है, जबकि बिजली के खंभे अभी तक नहीं हटाए गए हैं। गुजराती ने चिंता व्यक्त की कि बाद में इन खंभों को हटाने से नवनिर्मित सड़क की मजबूती पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने आगे कहा कि लगभग 40 करोड़ रुपए की भारी-भरकम लागत से बन रही इस सड़क की गुणवत्ता इतनी घटिया है कि पहली ही बरसात में यह जगह-जगह से धंसने लगी है। उन्होंने यह भी बताया कि नवनिर्मित नालियां भी अभी से टूट चुकी हैं और तेज गति से गाड़ी चलाने पर सड़क का असंतुलन साफ महसूस होता है। निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच की मांगराजीव गुजराती ने इस पूरे मामले को विभाग की घोर लापरवाही और सीधा भ्रष्टाचार करार दिया है। उन्होंने मांग की कि इस घटिया निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच की जाए, संबंधित ठेकेदार और गैर-जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तत्काल सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाए और जनता के पैसे की बर्बादी को तत्काल रोका जाए। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग का कहना है कि सड़क निर्माण अधिकारियों की देखरेख में हो रहा है।
गुरुग्राम जिले में फर्रुखनगर थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए लापता हुई एक बच्ची को महज एक घंटे में सकुशल बरामद कर लिया। बच्ची को उसके परिजनों को सौंप दिया गया, जिन्होंने पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया। पुलिस के अनुसार, 8 जुलाई को फर्रुखनगर थाने में एक महिला ने अपनी सात वर्षीय बेटी के गुमशुदा होने की शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने बताया कि उसकी बेटी शाम को बालाजी बस्ती में खेलने गई थी, लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटी। सूचना मिलते ही थाना पुलिस ने बच्ची की तलाश के लिए तत्काल अभियान शुरू किया। थाना पुलिस, पीसीआर राइडर और अन्य स्टाफ सहित लगभग 50 पुलिसकर्मियों की एक टीम ने आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी जांची गई। पुलिस के त्वरित और लगातार प्रयासों के परिणामस्वरूप, बच्ची को बालाजी बस्ती के पास एक बाजार से एक घंटे के भीतर सुरक्षित ढूंढ लिया गया। कानूनी प्रक्रिया पूरी कर परिजनों को सौंपा आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बच्ची को उसके परिजनों को सौंप दिया गया। परिवार ने गुरुग्राम पुलिस का धन्यवाद किया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह उनका कर्तव्य है और भविष्य में भी ऐसी किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि वे छोटे बच्चों पर विशेष निगरानी रखें और उन्हें अकेले बाहर न भेजें। यदि कोई बच्चा गुम हो जाता है, तो तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या चौकी में सूचना दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
धौलपुर जिले के मनियां थाना क्षेत्र के कैलाशपुरा गांव में लगातार बारिश के बीच बुधवार देर रात एक दो मंजिला मकान अचानक ढह गया। हादसे के समय दूसरी मंजिल पर सो रहे एक ही परिवार के छह लोग मलबे में दब गए। ग्रामीणों ने तत्काल राहत अभियान चलाकर सभी को बाहर निकाला। घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां एक की गंभीर हालत को देखते हुए हायर सेंटर रेफर किया गया, जबकि पांच का इलाज जारी है। बारिश के बीच देर रात बड़ा हादसा हादसा गुरुवार देर रात मनियां थाना क्षेत्र के कैलाशपुरा गांव में हुआ। परिवार के सदस्य मकान की दूसरी मंजिल पर सो रहे थे, तभी दो मंजिला मकान अचानक भरभराकर ढह गया। देखते ही देखते पूरा परिवार मलबे में दब गया। ग्रामीणों ने चलाया राहत अभियान मकान गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंचे। सभी ने मिलकर राहत कार्य शुरू किया और मलबे में फंसे परिवार के सभी छह सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला। एक गंभीर, पांच घायलों का इलाज जारी ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज शुरू किया। इनमें से एक व्यक्ति की हालत गंभीर होने पर उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया, जबकि अन्य पांच घायलों का इलाज जिला अस्पताल में जारी है। बारिश से कमजोर हुआ था मकान प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण मकान कमजोर हो गया था। इसी वजह से उसके ढहने की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची तथा हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी।
महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल में गांव बसीरपुर में प्रस्तावित मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब को लेकर चल रहे विवाद के बीच गुरुवार को गांव बसीरपुर, तलोट, घाटाशेर और छिलरो के किसानों ने संयुक्त प्रेसवार्ता कर परियोजना का खुलकर समर्थन किया। किसानों ने कहा कि उन्होंने अपनी जमीन पूरी तरह अपनी इच्छा से हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (HSIDC) को दी है। जमीन अधिग्रहण में किसी प्रकार की जबरदस्ती या फर्जी हस्ताक्षर नहीं हुए हैं और कुछ लोग राजनीतिक लाभ के लिए किसानों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। सरकार ने प्रति एकड़ 30 लाख मुआवजा दिया किसानों ने कहा कि उनकी जमीन की वास्तविक बाजार कीमत 10 से 12 लाख रुपए प्रति एकड़ से अधिक नहीं थी, जबकि सरकार ने उन्हें लगभग 30 लाख रुपए प्रति एकड़ का मुआवजा दिया। ऐसे में वे दिए गए मुआवजे से संतुष्ट हैं। जिन किसानों को किसी प्रकार की आपत्ति है, उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया हुआ है और मामला वहीं विचाराधीन है। ऐसे मुद्दे पर अनावश्यक राजनीति करना उचित नहीं है। सबसे बड़ा प्रोजेक्ट प्रेसवार्ता में किसानों ने कहा कि मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब महेंद्रगढ़ जिले का सबसे बड़ा विकास प्रोजेक्ट है। इसके शुरू होने से क्षेत्र में बड़े स्तर पर निवेश आएगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार मिलने की संभावना बढ़ेगी। साथ ही परिवहन, व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी, जिससे आने वाली पीढ़ियों का भविष्य बेहतर होगा। भाईचारा खराब करने की कोशिश किसानों ने कहा कि कुछ लोग उन्हें आंदोलन में शामिल होने के लिए लगातार गुमराह कर रहे हैं और गांवों का भाईचारा खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे अनपढ़ नहीं हैं, बल्कि पढ़े-लिखे किसान हैं और सभी दस्तावेजों को अच्छी तरह पढ़ने और समझने के बाद ही अपनी जमीन HSIDC को दी है। पूर्व मंत्री पर आरोप निराधार उन्होंने दावा किया कि पूरे भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पारदर्शी रही है तथा परियोजना में कहीं भी किसी प्रकार का भ्रष्टाचार नहीं हुआ। किसानों ने पूर्व मंत्री डॉ. अभय सिंह पर लगाए जा रहे आरोपों को भी निराधार बताते हुए कहा कि विकास कार्यों को राजनीतिक विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से अपील की कि परियोजना को समय पर पूरा कराया जाए ताकि क्षेत्र का विकास प्रभावित न हो। प्रेसवार्ता में किसान सुरेंद्र (बसीरपुर), सुभाष, रामपाल सहित चारों गांवों के अनेक किसान उपस्थित रहे।
उन्नाव में सांड से टकराकर पिता की मौत:घायल बेटा बोला एम्बुलेंस समय से नही पहुंची
उन्नाव में बुधवार देर रात एक सड़क हादसे में 50 वर्षीय किसान राम बिलास की मौत हो गई, जबकि उनका बेटा गुड्डू घायल हो गया। यह हादसा बेहटामुजावर थाना क्षेत्र में हरदोई-उन्नाव सीमा के पास एक आवारा सांड से बाइक टकराने के कारण हुआ। परिजनों ने आरोप लगाया है कि समय पर एम्बुलेंस न मिलने के कारण राम बिलास की जान चली गई।राम बिलास अपने पुत्र गुड्डू के साथ आसीवन थाना क्षेत्र के बहादुरखेड़ा गांव से हरगोपुर स्थित रिश्तेदारी में एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। जब उनकी बाइक बेहटा मुजावर थाना क्षेत्र के अरगू पुर के पास सर्विस रोड पर पहुंची, तभी अचानक एक सांड सामने आ गया। गुड्डू ने बताया कि उन्होंने बाइक को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश की, लेकिन सांड से टक्कर हो गई। टक्कर के बाद पिता-पुत्र दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मदद की और एम्बुलेंस को सूचना दी।हालांकि, गुड्डू के अनुसार, एम्बुलेंस समय पर घटनास्थल पर नहीं पहुंच सकी। इसके बाद शादी समारोह में मौजूद लोगों ने एक चारपहिया वाहन की व्यवस्था की और दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया। इलाज के दौरान राम बिलास की मौत हो गई, जबकि गुड्डू का उपचार जारी है। गुरुवार सुबह पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे गुड्डू ने बताया कि उनके परिवार में वह अकेला बेटा है और उनकी एक बहन है। पिता की मौत से पूरा परिवार सदमे में है। उन्होंने प्रशासन से हरसंभव सहायता दिलाने की मांग की और कहा कि यदि समय पर बेहतर सहायता मिलती तो शायद उनके पिता की जान बचाई जा सकती थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना की सूचना संबंधित थाना पुलिस को दे दी गई है और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। राम बिलास अपने पीछे एक पुत्र, एक पुत्री और परिवार को छोड़ गए हैं। वह खेती-किसानी कर घर का खर्च चलाते थे।
पेंड्रा-कोटमी मुख्य मार्ग पर कोयले से लदा एक तेज रफ्तार ट्रेलर अनियंत्रित होकर खुज्जी नाला पुल की रेलिंग तोड़ते हुए नीचे नाले में जा गिरा। हादसे में ट्रेलर का केबिन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन चालक सूझबूझ से बाहर निकल गया और उसकी जान बच गई। जानकारी के अनुसार, ट्रेलर कंचनपुर से कोयला लोड कर चांपा की ओर जा रहा था। खुज्जी नाला पुल के पास चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा, जिसके बाद ट्रेलर पुल की निर्माणाधीन रेलिंग तोड़ते हुए सीधे नाले में जा गिरा। केबिन चकनाचूर, चालक को मामूली चोट दुर्घटना के बाद ट्रेलर का अगला हिस्सा और केबिन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। चालक ने तुरंत केबिन का दरवाजा खोलकर बाहर निकलने में सफलता हासिल की। हादसे में उसे केवल मामूली चोटें आई हैं। मौके पर जुटी लोगों की भीड़ घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। हादसे की जानकारी स्थानीय प्रशासन को भी दे दी गई है। दुर्घटना के कारण पुल की हाल ही में बनाई जा रही रेलिंग को भी भारी नुकसान पहुंचा है। पुलिस और संबंधित विभाग मामले की जांच में जुटे हैं।
सिद्धार्थनगर में युवाओं को मुफ्त 'ओ' लेवल और सीसीसी प्रशिक्षण:पिछड़े वर्ग के लिए 20 जुलाई तक आवेदन
सिद्धार्थनगर में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने शिक्षित बेरोजगार युवाओं को रोजगारपरक कंप्यूटर शिक्षा से जोड़ने के लिए 'ओ' लेवल और सीसीसी कंप्यूटर प्रशिक्षण योजना शुरू की है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत संचालित इस योजना में पात्र अभ्यर्थियों को एनआईईएलआईटी (NIELIT) से मान्यता प्राप्त संस्थानों में निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। आवेदन की अंतिम तिथि 20 जुलाई निर्धारित की गई है। जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी राजन ने बताया कि इस योजना का लाभ केवल उन्हीं पिछड़ा वर्ग के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को मिलेगा, जो किसी अन्य शिक्षण संस्थान से छात्रवृत्ति प्राप्त नहीं कर रहे हैं। आवेदक की वार्षिक पारिवारिक आय एक लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। साथ ही, उसकी आयु 35 वर्ष से कम और न्यूनतम शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट (10+2) उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। तीन संस्थानों में प्रशिक्षण की व्यवस्था उन्होंने बताया कि जिले में एनआईईएलआईटी से मान्यता प्राप्त तीन संस्थानों में प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। देवेन्द्र नाथ इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (डीएनआईआईटी) में 'ओ' लेवल और सीसीसी दोनों पाठ्यक्रम संचालित होंगे। वहीं, न्यू उमा टेक्निकल डिग्री कॉलेज में सीसीसी तथा उमा टेक्निकल डिग्री कॉलेज में 'ओ' लेवल का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। योजना के लिए इच्छुक अभ्यर्थी विभाग की वेबसाइट backwardwelfareup.gov.in और obccomputertraining.upsdc.gov.in पर 20 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन जन सेवा केंद्र, साइबर कैफे या निजी इंटरनेट के माध्यम से भी किया जा सकता है। जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी ने स्पष्ट किया कि ऑनलाइन आवेदन के दौरान सभी सूचनाएं सही दर्ज करना और शैक्षिक व अन्य आवश्यक अभिलेख अपलोड करना अनिवार्य है। अभ्यर्थियों का आवेदन पूर्ण नहीं ऑनलाइन आवेदन पत्र की डाउनलोड की गई प्रति को सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ अंतिम तिथि तक जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी कार्यालय, द्वितीय तल, कलेक्ट्रेट भवन, सिद्धार्थनगर में जमा करना होगा। केवल ऑनलाइन आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों का आवेदन पूर्ण नहीं माना जाएगा। उन्होंने पात्र युवाओं से समय रहते आवेदन करने की अपील की। अधिकारी ने कहा कि यह योजना युवाओं को आधुनिक तकनीकी दक्षता प्रदान कर रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
करनाल में दहेज प्रताड़ना का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां शादी के कुछ महीनों बाद ही विवाहिता को दहेज में कार के लिए 5 लाख रुपए की मांग पूरी न करने पर मारपीट कर घर से निकाल दिया गया। महिला ने आरोप लगाया कि उसे लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया, यहां तक कि गर्भधारण न होने पर ताने दिए गए और जबरदस्ती कथित तांत्रिक द्वारा दिया गया पदार्थ भी खिलाया। महिला पुलिस सेल में जांच के बाद अब तरावड़ी थाना पुलिस ने पति, सास-ससुर और ननद के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। शादी में 20 लाख खर्च, बाइक सहित दिया गया था दहेज पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी शादी 5 मार्च 2025 को गांव गौरगढ़ निवासी विजय कुमार के साथ हुई थी। शादी में उसके पिता ने करीब 20 लाख रुपए खर्च किए थे, जो उन्होंने अपनी कंबाइन मशीन पर लोन लेकर जुटाए थे। दहेज में सोने-चांदी के जेवर, कपड़े, फर्नीचर, बर्तन सहित काफी सामान दिया गया था। पति को सोने की अंगूठी, चांदी का कड़ा, घड़ी और एक हीरो होंडा मोटरसाइकिल दी गई थी। ससुर देवी सिंह, सास बिमला और ननद रीटा को भी अलग-अलग जेवर और सामान दिया गया था। पीड़िता ने आरोप लगाया कि शादी के बाद उसकी सास ने बहला-फुसलाकर उसके मायके और ससुराल दोनों तरफ से मिले सभी जेवर अपने पास रख लिए। शुरू से ही दहेज को लेकर ताने और मारपीट शिकायत के अनुसार, ससुराल पहुंचते ही उसे दहेज को लेकर ताने दिए जाने लगे। आरोपी कहते थे कि वह उनके स्तर का दहेज नहीं लाई और कार की जगह सिर्फ बाइक देकर शादी कर दी गई। पति विजय कुमार के गुरुग्राम में नौकरी करने के बावजूद उसे लगातार प्रताड़ित किया जाता रहा। सास-ससुर और ननद द्वारा उकसाने पर पति भी मारपीट करता था। गर्भधारण न होने पर तांत्रिक के पास ले गए, जबरन खिलाया पदार्थ पीड़िता ने बताया कि शादी के दो-तीन महीने बाद ही उस पर बच्चा पैदा करने का दबाव बनाया जाने लगा। जब गर्भ टेस्ट निगेटिव आया तो उसे गालियां दी गईं और इलाज कराने का दबाव बनाया गया। सास बिमला एक तांत्रिक के पास गई और वहां से लाई गई सामग्री उसे जबरदस्ती खिलाई गई। इसका स्वाद काली मिर्च और राख जैसा था, जिससे वह बीमार हो गई। खाने तक में भेदभाव, मजदूर की तरह कराया काम पीड़िता के अनुसार, उससे पूरे घर का काम करवाया जाता था और खाने के समय भी उसे गिनकर रोटी दी जाती थी। सब्जी, अचार और दूध तक नहीं दिया जाता था। उसे बंधुआ मजदूर की तरह रखा जाता था। यह सब उसने अपने माता-पिता को बताया, लेकिन उन्होंने समय के साथ सुधार की उम्मीद में उसे सहन करने को कहा। रक्षाबंधन के मौके पर भी ससुराल पक्ष ने उसके साथ मारपीट की। उसका भाई राखी बंधवाने आया था, तभी सास ने झगड़ा किया और पति व ननद ने उसे भाई के सामने ही पीटा। आरोप है कि सास ने गर्म चावल उसके हाथ पर डालकर उसे जला दिया। करवा चौथ पर मायके भेजकर 5 लाख की मांग करवा चौथ के समय उसे मायके भेज दिया गया और कहा गया कि कार खरीदने के लिए 5 लाख रुपये लेकर ही वापस आना। पति ने फोन पर भी यही शर्त रखी और पैसे न मिलने पर उसे लेने नहीं आया। पंचायत में समझौता, फिर भी नहीं बदले हालात दीवाली के बाद 23 नवंबर 2025 को दोनों पक्षों के बीच पंचायत हुई, जिसमें समझौते के बाद उसे ससुराल ले जाया गया। लेकिन उसी दिन फिर से मारपीट शुरू हो गई। सास, ससुर और ननद ने पति को उकसाकर उसके साथ मारपीट करवाई और उसे कमरे में बंद कर भूखा रखा गया। बार-बार 5 लाख की मांग, अंत में घर से निकाला पीड़िता ने बताया कि उससे लगातार 5 लाख रुपए लाने का दबाव बनाया गया। पैसे न देने पर बीती 4 जनवरी को पति विजय कुमार, ससुर देवी सिंह, सास बिमला और ननद रीटा ने मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया। उसका सारा जेवर और सामान अपने पास रख लिया गया और उसे सिर्फ तीन कपड़ों में मायके छोड़ दिया गया। जाते समय उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई। दो पंचायतें भी बेनतीजा, ससुराल पक्ष मांग पर अड़ा रहा इसके बाद 6 अप्रैल और 3 मई को लाडवा में दो पंचायतें हुईं, जिनमें दोनों पक्षों के रिश्तेदार और बिचौलिये शामिल हुए। लेकिन ससुराल पक्ष 5 लाख रुपये की मांग पर अड़ा रहा और बिना पैसे लिए बहू को घर लाने से इनकार कर दिया। महिला सेल जांच के बाद दर्ज हुआ केस पीड़िता की शिकायत पर महिला सेल करनाल में जांच की गई। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद तरावड़ी थाना में 8 जुलाई को मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने पति विजय कुमार, ससुर देवी सिंह, सास बिमला और ननद रीटा के खिलाफ केस दर्ज किया है। मामले की जांच एलएचसी मोनिका को सौंपी गई है। अब पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद की विशेष सचिव दिव्या मित्तल तीन दिवसीय शासकीय दौरे पर मिर्जापुर पहुंची हैं। दौरे के दौरान वह जिले में संचालित विकास योजनाओं और प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा कर रही हैं। गुरुवार दोपहर 1:30 बजे वह कछवा क्षेत्र स्थित सारनाथ मंदिर में भगवान शिव का दर्शन-पूजन करेंगी। विशेष सचिव अपने प्रवास के दौरान जिले में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर रही हैं। वह संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर योजनाओं के क्रियान्वयन, प्रगति और लंबित कार्यों की जानकारी ले रही हैं तथा आवश्यक दिशा-निर्देश भी दे रही हैं। अधिकारियों से लेंगी योजनाओं की जानकारी समीक्षा बैठकों में विभिन्न विभागों के अधिकारी अपने-अपने कार्यों का ब्यौरा प्रस्तुत कर रहे हैं। विशेष सचिव योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का आकलन कर आवश्यक सुधार संबंधी निर्देश दे रही हैं। दिव्या मित्तल पूर्व में मिर्जापुर की जिलाधिकारी रह चुकी हैं। ऐसे में उनके दौरे को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय लोगों में विशेष उत्सुकता देखी जा रही है। उनके आगमन को लेकर विभिन्न विभागों ने तैयारियां भी की हैं।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का निरीक्षण करने निकले केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितीन गडकरी गुरुवार सुबह रतलाम जिले की बार्डर पर 5 मिनट रुके। कलेक्टर मिशा सिंह से जिले से गुजर रहे 8 लेन के बारे में बातचीत की। इसके बाद 19 गाड़ियों के काफिले के साथ वह निकल गए। रतलाम जिले से गुजर रहे 8 लेन पर कहीं भी नहीं रुके। उनसे मिलने के लिए कोई बीजेपी का नेता भी नहीं पहुंचा। मंत्री गडकरी पहले बुधवार रात रतलाम रुकने वाले थे। लेकिन उनके प्रोग्राम में बदलाव के चलते वह मंदसौर जिले के गरोठ में रात रुके थे। गुरुवार सुबह वह 8.15 बजे वहां से रवाना हुए। सुबह 10.25 बजे वह रतलाम जिले के असावती थाना अंतर्गत 8 लेन सीमा पर पहुंचे। प्रोटोकाल के तहत कलेक्टर मिशा सिंह, एसपी अमित कुमार समेत पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी पहले से वहां पहुंच गए। 5 मिनट के लिए गडकरी का काफिला रतलाम सीमा के एंट्री प्वाइंट पर रुका। गडकरी अपनी कार से नीचे उतरे। कलेक्टर व एसपी ने मंत्री की आगवानी की। इस दौरान मंत्री गडगरी ने 8 लेन मार्ग को देखा। चलते हुए कलेक्टर मिशा सिंह से जिले से गुजर रहे 8 लेन के बारे में जानकारी ली। नेशनल हाइवे पर जो पैच वर्क के काम चल रहे है उनको फटाफट कराने को कहा। इसके बाद वह अपने काफिले के साथ रवाना हो गए। जिले में कहीं भी नहीं रुके। चाक चौबंद थी व्यवस्थानितिन गडकरी के दौरे को देखते हुए 8 लेन पर पुलिस व प्रशासन की व्यवस्था चाक चौबंद थी। 8 लेन पर बाइक व अन्य वाहन सवार कोई नहीं आए। इसके लिए पुलिस बल तैनात कर रखा था। 8 लेन पर गडकरी के काफिले के दौरान कोई बीच में ना आए इसको लेकर भी पुलिस प्रशासन अलग-अलग स्थानों पर बीच में तैनात रहा। रास्ते में कई जगह लोग उनसे मिलकर 8 लेन की खामियां बताना चाहते थे। लेकिन उनका काफिला नहीं रुका। बता दें कि गडकरी बुधवार को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का निरीक्षण करने राजस्थान पहुंचे थे। उन्होंने लबान इंटरचेंज (बूंदी) से दरा टनल (कोटा) तक करीब 90KM की दूरी में एक्सप्रेस-वे का निरीक्षण किया। निरीक्षण करते हुए वह बाय रोड गुजरात जा रहे हैं।
मेदिनीनगर-रांची मुख्य मार्ग (नेशनल हाईवे 39) के निर्माण कार्य के दौरान गुरुवार को चियांकी में स्थानीय लोगों और प्रशासन के बीच झड़प हो गई। ग्रामीणों द्वारा पत्थरबाजी किए जाने पर पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस घटना में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिन्हें मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटनास्थल पर सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय पांडेय और एसडीपीओ राजेश यादव सहित कई पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। स्थिति को नियंत्रण में करने के बाद सड़क निर्माण में बाधा बन रहे मकानों को बुलडोजर से गिराया गया। इस दौरान कुछ देर के लिए सड़क जाम की स्थिति भी बनी रही। मकानों-दुकानों के तोड़ने का विरोधजिस इलाके में यह झड़प हुई, वहां सदर एसडीएम ने बुधवार को ही शुक्रवार तक के लिए निषेधाज्ञा (धारा 144) लागू कर दी थी। गुरुवार को प्रशासन के पहुंचने पर लोग एकजुट होकर हंगामा करने लगे। एनएचएआई के कर्मी जेसीबी लेकर सड़क की मापी के बाद मकानों और दुकानों को तोड़ना चाहते थे, जिसका स्थानीय रैयतों ने विरोध किया। मुआवजा कम मिलने का आरोपस्थानीय रैयतों का आरोप है कि कई लोगों को जमीन का मामला कोर्ट में विचाराधीन होने के कारण मुआवजा नहीं मिला है, जबकि कुछ अन्य कम मुआवजा मिलने का आरोप लगाकर सड़क निर्माण का विरोध कर रहे थे। वहीं, सदर एसडीओ संजय पांडेय ने बताया कि सभी रैयतों का मुआवजा भू-अर्जन विभाग को एनएचएआई की ओर से दिया जा चुका है। एसडीओ ने स्पष्ट किया कि मुआवजा राशि उपलब्ध कराने के 60 दिनों के बाद नियमानुसार एनएचएआई सड़क निर्माण कर सकती है। इधर, प्रशासन की सख्ती को देखते हुए लोगों ने खुद ही अपने मकानों से सामान निकालना शुरू कर दिया है।
राजस्थान के मानसिक स्वास्थ्य शोधकर्ता और शिवयोग आचार्य डॉ. ईशान शिवानंद ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उनकी किताब 'द प्रैक्टिस ऑफ इम्मोर्टलिटी' को 2026 के प्रतिष्ठित नॉटिलस बुक अवार्ड में गोल्ड अवार्ड मिला है। पूर्वी अध्यात्म (स्पिरिचुअलिटी ऑफ ईस्टर्न थॉट) कैटेगरी में मिले इस सम्मान के बाद डॉ. ईशान शिवानंद का नाम उन वैश्विक हस्तियों की सूची में शामिल हो गया है, जिन्हें पहले भी यह सम्मान मिल चुका है। इनमें दलाई लामा, मलाला युसुफजई और एकहार्ट टोले जैसे नाम शामिल हैं। बरसों की साधना पर आधारित है किताब बताया गया कि 'द प्रैक्टिस ऑफ इम्मोर्टलिटी' कोई सैद्धांतिक किताब नहीं, बल्कि डॉ. ईशान शिवानंद की वर्षों की साधना और अनुभवों पर आधारित संस्मरण है। उन्होंने यह ज्ञान अपने पिता और गुरु के सानिध्य में प्राप्त किया, जिसे बाद में उन्होंने 'योगा ऑफ इम्मोर्टल्स' पद्धति के रूप में विकसित किया। वैज्ञानिक शोध में भी मिली मान्यता डॉ. ईशान शिवानंद का दावा है कि उनकी 'योगा ऑफ इम्मोर्टल्स' पद्धति को अंतरराष्ट्रीय मेडिकल जर्नल्स में प्रकाशित शोधों में भी प्रभावी माना गया है। इसी ज्ञान और साधना को वह पिछले करीब 20 साल से शिवयोग कम्युनिटी के माध्यम से राजस्थान के लोगों तक पहुंचा रहे हैं। रिलीज होते ही बनी बेस्ट सेलर मई 2025 में प्रकाशित होने के बाद यह किताब 'यूएसए टुडे' की नेशनल बेस्ट सेलर बनी। भारत में भी यह अमेजन पर पहले ही सप्ताह में नंबर-1 पर पहुंच गई। फिलहाल यह किताब 15 देशों में उपलब्ध है और हिंदी व मराठी सहित सात भाषाओं में इसका अनुवाद हो चुका है।
झारखंड के वासेपुर का गैंगस्टर अंबिकापुर में 13 सालों तक छिपकर रह रहा था, जो झारखंड पुलिस के पहुंचने पर साथी के साथ भाग निकला। अब सरगुजा आईजी को ज्ञापन सौंपकर भाजपा पार्षद आलोक दुबे ने संदिग्धों की जांच की मांग की है। आईजी के निर्देश पर तीनों थानों की पुलिस ने किराएदारों का वेरिफिकेशन के लिए अभियान शुरू किया है। झारखंड के धनबाद में साल 2001 में डॉन फहीम खान की मां और मौसी की गोली मारकर हत्या करने वाला मुख्य आरोपी शब्बीर खान अपने सहयोगी जावेद के साथ अंबिकापुर में 13 सालों तक छिपकर रह रहा था। उसने पार्टनर बैदुल खान के साथ मिलकर बसें और कई एम्बुलेंस चलवा रहा था। इसके अलावे वह जमीन के कारोबार में भी लगा था। एक सप्ताह पहले झारखंड पुलिस सब्बीर और जावेद को गिरफ्तार करने पहुंची तो दोनों भाग निकलने में कामयाब रहे। शब्बीर एक वाहन से ओडिशा पहुंच गया। पुलिस ने गैंगस्टर के सहयोगी और पार्टनर बस संचालक बैदुल खान (57) के खिलाफ कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि बैदुल खान ने यह जानते हुए कि शब्बीर आलम भगोड़ा घोषित है, उसे अपने यहां पनाह दी। देखिए तस्वीरें… पुलिस ने शुरू किया वेरीफिकेशन अंबिकापुर में गैंगस्टर के सालों तक छिपे रहने का खुलासा होने के बाद पार्षद आलोक दुबे ने सरगुजा आईजी को ज्ञापन सौंपकर बाहरी लोगों की जांच की मांग की थी। पार्षद ने कहा कि शहर में बड़ी संख्या में बाहरी लोग रह रहे हैं। बिना पड़ताल किए उन्हें किराए का मकान दे रहे हैं। इनमें कई लोगों के आपराधिक गतिविधि में शामिल होने की आशंका है। इनमें पश्चिम बंगाल से आए संदिग्ध लोग भी शामिल हैं। सरगुजा आईजी दीपक कुमार झा ने पुलिस अमले को किरायेदारों के जांच के निर्देश दिए हैं। आईजी के निर्देश पर आज 9 जुलाई को पुलिस अधिकारी,कर्मचारियों की बड़ी टीम ने जांच शुरू की। कोतवाली पुलिस टीम शमीम और राजहंस बस के गैरेज में भी पहुंची और वहां रह रहे लोगों से पूछताछ की। जो भी बाहरी व्यक्ति मिला, उसका दस्तावेज मांगा जा रहा है। गांधीनगर,सुभाषनगर सहित अन्य मोहल्लों में किराए के मकानों में रह रहे लोगों की जानकारी देते हुए दस्तावेज भी मांगे जा रहे हैं। जांच में सभी लोगों का रिकार्ड भी जमा कराया जा रहा है, जिसका उनके गृहक्षेत्र से सत्यापन भी कराया जाएगा। पहले भी पकड़े जा चुके हैं अपराधी अंबिकापुर के गांधीनगर क्षेत्र में इसके पहले पुलिस ने हरियाणा के फौजी गैंग के अपराधियों को गिरफ्तार किया था। गैंग के सदस्य यहां किराए के मकान में रह रहे थे और जमीन विवादों में लठैती करने आए थे। एक व्यवसायी से गैंग के सदस्यों ने 10 लाख रुपए से अधिक की अवैध उगाही की थी और वे हथियारों के साथ पकड़े गए थे। पश्चिम बंगाल के संदिग्धों की भी जांच पार्षद आलोक दुबे ने आईजी को सौंपे गए ज्ञापन में कहा है कि, बड़ी संख्या में पश्चिम बंगाल के लोग भी अंबिकापुर में रह रहे हैं, जिनकी जांच जरूरी है। इनमें कई अपराधी भी हो सकते हैं। ये लोग यहां घूम-घूमकर फेरी लगाने का काम करते हैं।
दमोह जिले के जबेरा थाना अंतर्गत सिंग्रामपुर में बुजुर्ग की घर की चौखट पर सांप के डसने से मौत हो गई। परमू रैकवार (55) को बुधवार रात करीब तीन बजे बाथरूम जाते समय सांप ने डस लिया था। उन्हें इलाज के लिए शासकीय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों के अनुसार, बुजुर्ग अपने कमरे से बाथरूम के लिए बाहर निकल रहे थे। जैसे ही उन्होंने दरवाजे की चौखट पर पैर रखा, वहां पहले से बैठे एक जहरीले सांप ने उन्हें डस लिया। मृतक के बेटे बृजेश रैकवार ने बताया कि पिता के चिल्लाने की आवाज सुनकर वह तुरंत दरवाजे के पास पहुंचे। उन्होंने वहां से एक सांप को जाते हुए देखा और अपने पिता को नीचे बैठा पाया। बृजेश तत्काल अपने पिता को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जबेरा ले गए। आज शव परिजनों को सौंपा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद परमू रैकवार को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना सिंग्रामपुर चौकी पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मर्ग कायम किया।गुरुवार दोपहर पंचनामा कार्रवाई के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया और परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मामले को जांच में लिया है और विस्तृत छानबीन कर रही है। बारिश का मौसम शुरू होते ही दमोह जिले में सर्पदंश की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी मौतों की संख्या अधिक है। जिला अस्पताल में सर्पदंश के इलाज के लिए आवश्यक इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं, ताकि मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।
दिल्ली में सरदार सरोवर परियोजना से जुड़े अंतरराज्यीय भुगतान विवाद के समाधान पर हुए समझौते को लेकर कांग्रेस ने मोहन सरकार पर बड़ा हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को चुनौती देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी, आप राजा हरिश्चंद्र नहीं हो कि जो कह देंगे, जनता उसे सच मान लेगी। पटवारी ने सवाल किया कि जब मध्यप्रदेश ने सरदार सरोवर परियोजना में हुए नुकसान के आधार पर 7,669 करोड़ रुपए का दावा किया था, तो आखिर वह दावा क्यों छोड़ दिया गया। पटवारी ने पूरे समझौते पर श्वेत पत्र जारी करने और विधानसभा में चर्चा कराने की मांग की। नर्मदा एमपी की जीवन रेखा भोपाल स्थित अपने निवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पटवारी ने कहा कि नर्मदा मध्यप्रदेश की जीवनरेखा है और सरदार सरोवर बांध बनने से सबसे अधिक नुकसान भी प्रदेश को ही हुआ। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा कृषि भूमि, वन क्षेत्र और आदिवासी परिवारों का विस्थापन मध्यप्रदेश में हुआ। पुनर्वास का सबसे बड़ा बोझ भी प्रदेश ने उठाया, इसलिए तत्कालीन गणना के आधार पर मध्यप्रदेश ने 7,669 करोड़ रुपए का दावा किया था। पटवारी ने आरोप लगाया कि अब सरकार इस दावे का कोई उल्लेख नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार यह प्रचार कर रही है कि गुजरात की लगभग 1,500 करोड़ रुपए की देनदारी को 231 करोड़ रुपए में निपटाकर 1,268 करोड़ रुपए की बचत कर ली गई, लेकिन यह नहीं बता रही कि मध्यप्रदेश के हजारों करोड़ रुपए के दावे का क्या हुआ। किस आधार पर फैसला लिया सरकार बताए पटवारी ने कहा, मुख्यमंत्री जी यह बताएं कि किस कानूनी और वित्तीय आधार पर यह फैसला लिया गया। क्या इस पर कैबिनेट में चर्चा हुई? क्या विधानसभा में विपक्ष को विश्वास में लिया गया? क्या पर्यावरणविदों और विषय विशेषज्ञों से राय ली गई? पटवारी ने दावा किया कि दिल्ली जाते समय विमान में उनके साथ इस बैठक में शामिल होने जा रहे अधिकारी भी थे। अधिकारियों ने उन्हें बताया था कि सरदार सरोवर से जुड़ी लगभग 7,500 करोड़ रुपए की देनदारियों को लेकर पूरी तैयारी के साथ बैठक में जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब सरकार स्पष्ट करे कि इतना बड़ा दावा आखिर समाप्त कैसे हो गया। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री पर व्यक्तिगत हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश की आर्थिक और मूलभूत समस्याओं को समझने की क्षमता सरकार में दिखाई नहीं देती। उन्होंने आरोप लगाया कि ढाई साल में सरकार मध्यप्रदेश को समृद्ध बनाने का कोई स्पष्ट विजन पेश नहीं कर सकी है। एमपी पर 5.61 लाख करोड़ रुपए का कर्ज पटवारी ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य पर 5.61 लाख करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज हो चुका है और सरकार लगातार नए कर्ज लेकर प्रचार-प्रसार तथा सरकारी आयोजनों पर खर्च कर रही है। हाल ही में 3,600 करोड़ रुपए का नया कर्ज लेने का भी उन्होंने उल्लेख किया। उन्होंने मांग की कि सरकार सरदार सरोवर समझौते का पूरे दस्तावेज सार्वजनिक करे और बताए कि मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र तथा राजस्थान के बीच किन शर्तों पर सहमति बनी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि यदि मध्य प्रदेश का दावा उचित था तो उसे क्यों छोड़ा गया और यदि दावा उचित नहीं था तो पहले वह दावा किस आधार पर किया गया था। जीतू पटवारी के सरकार से सवाल अब जानिए क्या है पूरा मामला? नर्मदा नदी पर बने सरदार सरोवर बांध को लेकर मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान के बीच पिछले करीब तीन दशकों से वित्तीय लेन-देन का विवाद चल रहा था। मध्य प्रदेश का दावा था कि बांध से उसकी सबसे अधिक जमीन, जंगल और गांव डूबे हैं, इसलिए गुजरात उसे 7,669 करोड़ रुपए का मुआवजा दे। दूसरी ओर गुजरात परियोजना की बढ़ी हुई लागत का हिस्सा मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों से मांग रहा था। मंगलवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की मौजूदगी में चारों राज्यों ने वन टाइम सेटलमेंट पर हस्ताक्षर कर विवाद खत्म कर दिया। समझौते में क्या तय हुआ? मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान, गुजरात को 550-550 करोड़ रुपए देंगे। तीनों राज्यों से गुजरात को कुल 1,650 करोड़ रुपए मिलेंगे। केंद्र सरकार की मध्यस्थता में चारों राज्यों ने पुराने सभी वित्तीय दावों को समाप्त करने पर सहमति बनाई। वर्षों से लंबित विवाद का स्थायी समाधान हो गया। सबसे ज्यादा नुकसान मध्य प्रदेश को क्यों हुआ? डूब क्षेत्र की कुल 37,533 हेक्टेयर जमीन में 55.5% हिस्सा मध्य प्रदेश का है। 178 गांव जलमग्न हुए, बाद में संख्या बढ़कर 192 तक पहुंच गई। 2014 में बांध की ऊंचाई बढ़ने से 5,000 हेक्टेयर से अधिक अतिरिक्त जमीन डूब गई। बड़ी मात्रा में खेती की जमीन, जंगल और सरकारी ढांचे प्रभावित हुए।
बस्ती में दो ट्रकों की आमने-सामने टक्कर, चालक की मौत:दूसरा गंभीर घायल, पुलिस ने सड़क से जाम हटवाया
बस्ती में बस्ती–डुमरियागंज मार्ग पर गुरुवार सुबह करीब 6 बजे बेलहरा चौराहे के पास दो ट्रकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस हादसे में एक ट्रक चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे ट्रक का चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। दुर्घटना के बाद मार्ग पर कुछ देर के लिए यातायात बाधित रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों ट्रक तेज रफ्तार में थे और अचानक आमने-सामने आ गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहनों के अगले हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। एक ट्रक चालक केबिन में फंस गया और उसने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। दूसरे चालक को गंभीर चोटें आईं। हादसे की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण और राहगीर तुरंत मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने घायल चालक को वाहन से बाहर निकाला और उसे तत्काल इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा। चिकित्सकों के अनुसार, घायल चालक की हालत गंभीर बनी हुई है। दुर्घटना के कारण बस्ती–डुमरियागंज मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने क्षतिग्रस्त ट्रकों को सड़क से हटवाकर यातायात को सामान्य कराया। पुलिस ने मृत चालक के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
रक्षा मंत्री एवं लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह के जन्मदिवस की पूर्व संध्या पर गुरुवार को राजधानी के सहकारिता भवन में 'शिक्षक शौर्य दिवस' का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन स्ववित्त पोषित विद्यालय प्रबंधक संगठन की ओर से किया गया, जिसमें शिक्षा और राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक शामिल हुए। उनके साथ भाजपा लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी सहित कई गणमान्य लोग मंच पर मौजूद रहे। शिक्षकों के योगदान को किया गया सम्मानित कार्यक्रम के दौरान शिक्षा और संस्कार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधकों को सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों का भविष्य ही नहीं गढ़ते, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और नैतिक मूल्यों को समाज की सबसे बड़ी ताकत बताया। शिक्षा और राष्ट्रसेवा का दिया संदेश कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यालय प्रबंधक, शिक्षक और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया। समापन पर सभी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के दीर्घायु, स्वस्थ एवं सफल जीवन की कामना की। साथ ही 'शिक्षक शौर्य दिवस' के माध्यम से शिक्षा, संस्कार और राष्ट्रसेवा के मूल्यों को समाज में आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।
रायबरेली में रातापुर-गल्ला मंडी मार्ग की बदहाली को लेकर स्थानीय व्यापारियों और देवानंदपुर के सभासद जयप्रकाश वर्मा ने अनोखा प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क के गहरे गड्ढों में धान के पौधे लगाकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। यह प्रदर्शन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'गड्ढामुक्त प्रदेश' के दावों पर सवाल उठाता है। यह मार्ग रायबरेली शहर को अयोध्या और लखनऊ-प्रयागराज हाईवे से जोड़ता है। तीन किलोमीटर लंबी इस सड़क का निर्माण और चौड़ीकरण वर्ष 2013 में हुआ था। लगभग 13 वर्षों से यह सड़क बदहाल है और अब पूरी तरह उखड़ चुकी है। 100 से अधिक छोटे-बड़े गड्ढे इस मार्ग पर 100 से अधिक छोटे-बड़े गड्ढे बन चुके हैं। जिले की प्रमुख गल्ला मंडी इसी मार्ग पर स्थित होने के कारण यहां व्यावसायिक वाहनों का भारी दबाव रहता है। आंकड़ों के मुताबिक, प्रतिदिन लगभग 50,000 लोग, जिनमें स्कूली बच्चे भी शामिल हैं, इस मार्ग से गुजरते हैं। सड़क की खराब स्थिति के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं और लोग चोटिल होते हैं। देवानंदपुर के सभासद जयप्रकाश वर्मा ने बताया कि पिछले 15 वर्षों में जिला अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री के 'आईजीआरएस' (IGRS) पोर्टल तक दर्जनों शिकायतें की जा चुकी हैं। हालांकि, हर बार उन्हें केवल कोरा आश्वासन ही मिला। वर्मा ने यह भी कहा कि यह सड़क सबसे ज्यादा राजस्व देने वाली सड़कों में से एक है, फिर भी रायबरेली का कोई भी जनप्रतिनिधि इसकी सुध लेने को तैयार नहीं है। बारिश के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है। सड़कों को दुरुस्त करने का आश्वासन स्थानीय लोगों का आरोप है कि लगभग दो-तीन महीने पहले जिले के प्रभारी मंत्री राकेश सचान ने बारिश से पहले सभी सड़कों को दुरुस्त करने का आश्वासन दिया था, लेकिन जमीनी हकीकत में कोई बदलाव नहीं आया है।
शिवपुरी शहर कोतवाली पुलिस ने गुरुवार को एक बस मालिक की शिकायत पर उसके पूर्व ड्राइवर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। ड्राइवर पर बस वापस न करने और उसे कथित तौर पर गुरुग्राम में गिरवी रखने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, सईसपुरा पीपल वाले कुआं निवासी 33 वर्षीय मुकेश खटीक ने शिकायत दर्ज कराई। मुकेश बस संचालन का कार्य करते हैं और उनके नाम पर दो बसें पंजीकृत हैं। करीब 14 महीने पहले उन्होंने अम्बाह निवासी संतोष तिवारी को अपनी बस क्रमांक MH18BG1257 पर ड्राइवर के रूप में नियुक्त किया था। यह बस ग्वालियर-इंदौर रूट पर चलती थी। आरोप- किस्तें भरने का कहकर बस ली थी मुकेश खटीक ने बताया कि बस से अपेक्षित आय न होने के कारण उन्होंने इसे शिवपुरी बस स्टैंड पर खड़ा कर दिया था। 10 जनवरी 2026 को संतोष तिवारी ने बस को अपने संचालन में लेने और उसकी मासिक किस्तें भरने का भरोसा दिया। मुकेश ने विश्वास में आकर परिचितों की मौजूदगी में बस की चाबी संतोष को सौंप दी, हालांकि इस संबंध में कोई लिखित समझौता नहीं हुआ था। शिकायतकर्ता के मुताबिक, संतोष तिवारी ने न तो बस के लोन की किस्तें जमा कीं और न ही तय राशि का भुगतान किया। जब भी बस वापस मांगी गई, वह टालमटोल करता रहा। जून 2026 में मुकेश की संतोष से आखिरी बार बात हुई थी, जिसके बाद से उसका मोबाइल बंद है और वह संपर्क में नहीं है। जानकारी मिली की गुरुग्राम में बस गिरवी रखीमुकेश ने पुलिस को बताया कि उन्होंने अपने स्तर पर जानकारी जुटाई, जिससे पता चला कि संतोष तिवारी ने उनकी बस को गुरुग्राम में गिरवी रख दिया है। इस जानकारी के बाद उन्होंने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई और बस वापस दिलाने तथा आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने शिकायत की जांच के बाद आरोपी संतोष तिवारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सिंगरौली जिले की देवसर जनपद पंचायत के ग्राम कठदहा में लाखों रुपए की लागत से बना एक चकडेम पहली ही बारिश में ढह गया। निर्माण पूरा होने के लगभग 15 दिन बाद ही यह चकडेम मामूली बारिश का दबाव भी नहीं झेल सका और पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ गए हैं। ग्रामीणों ने निर्माण में अनियमितता और गुणवत्ता से समझौता करने का आरोप लगाया है। टूटे हुए चकडेम का एक वीडियो गुरुवार को सामने आया है। दैनिक भास्कर ने मामले पर देवसर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) सूरज मिश्रा से बात की। उन्होंने बताया कि उन्हें चकडेम के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिली है और वे मौके के निरीक्षण के लिए रवाना हो रहे हैं। सीईओ बोले- दोषियों पर होगी कार्रवाई सीईओ मिश्रा के अनुसार, इस चकडेम का मूल्यांकन अभी तक नहीं हुआ है। निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत थी। यह भी जांच की जाएगी कि निर्माण कार्य का भुगतान हुआ है या नहीं और यदि हुआ है तो कितनी राशि जारी की गई है। सूरज मिश्रा ने कहा कि पूरे मामले की तकनीकी जांच कराई जाएगी। यदि निर्माण में अनियमितता या लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट होगा कि चकडेम का ढहना तकनीकी कमी का परिणाम था या निर्माण में गंभीर अनियमितताओं का।
बालोतरा में हिरण शिकार का करते 3 लोगों को ग्रामीणों ने पकड़ लिया। इसके बाद ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी। इन तीनों के पास से हिरण के अवशेष (मांस) और शिकार के दौरान काम में ली जाने वाली टॉर्च, कटर, बाइक समेत अन्य सामान भी मिला है। वन विभाग ने तीन युवकों को डिटेन किया है। वहीं हिरण का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। मामला कोलू और कानोड़ रोड का बुधवार देर रात का है। तीनों युवकों से पूछताछ जारी है। ग्रामीणों ने पीछा कर पकड़ा रेंजर रूपाराम ने बताया- पनावड़ा गांव निवासी तीन लोग धमाराम, जुंझाराम और प्रहलादराम को डिटेन किया है। वह तीनों कोलू गांव में रात को टॉर्च की मदद से हिरण का शिकार कर रहे थे। इस दौरान ग्रामीणों और वन्यजीव प्रेमियों ने शिकारियों को पकड़ने के लिए गए। ग्रामीणों को देख वह तीनों अपनी बाइक से भाग निकले। उन्हें पकड़ने के लिए ग्रामीणों ने बोलेरो से उनका पीछा किया। इसके बाद उन्हें कानोड़ रोड पर पकड़ लिया। ग्रामीणों ने रात को बायतु वन विभाग टीम को सूचना दी गई। तीनों युवकों से पूछताछ जारी रेंजर रूपाराम ने बताया- तीनों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही इन लोगों से शिकार में काम में लेने वाले उपकरण भी बरामद किए है। विभाग ने वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।
नूंह जिले के आलदोका गांव में गुरुवार सुबह श्री अखंड रामायण पाठ की शुरुआत कलश यात्रा के साथ हुई। शिव मंदिर (छैंपी वाला) से निकली इस यात्रा में सैकड़ों महिलाएं और श्रद्धालु भगवान के जयकारे लगाते हुए शामिल थे। हालांकि, गांव की फिरनी पर कीचड़ और जलभराव के कारण श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्रा के दौरान कई स्थानों पर गंदा पानी जमा होने और कीचड़ के कारण महिलाओं व बुजुर्गों को संभलकर चलना पड़ा। इस स्थिति से ग्रामीणों में रोष फैल गया। उन्होंने ग्राम पंचायत के खिलाफ नाराजगी व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि जल निकासी और सड़क की समस्या वर्षों से बनी हुई है, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ है। धार्मिक आयोजन पर भी ठीक नहीं कराया रास्ता ग्रामीणों ने बताया कि जब धार्मिक आयोजनों के लिए भी रास्ते ठीक नहीं हो पाते, तो आम दिनों में गांव के लोगों की परेशानी का अंदाजा लगाया जा सकता है। उनका कहना था कि हर बारिश के बाद फिरनी तालाब जैसी हो जाती है। इस संबंध में जब सरपंच बहादुर सिंह से बात की तो उन्होंने बताया कि फिरनी का निर्माण पिछली पंचायत के कार्यकाल में हुआ था। उस समय सड़क के दोनों ओर पानी निकासी के लिए नालियां नहीं बनाई गई थीं, जिसके कारण बरसात का पानी सड़क पर भर जाता है और फिरनी कई जगहों से क्षतिग्रस्त हो गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि समस्या उनके संज्ञान में है और जल्द ही रास्ते की मरम्मत तथा जल निकासी की व्यवस्था कराई जाएगी। शुक्रवार को होगा अखंड पाठ का समापन इस बीच, श्री अखंड रामायण पाठ का धार्मिक आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ जारी है। शुक्रवार सुबह पाठ का समापन होगा, जिसके बाद हवन, विशाल भंडारा, सांस्कृतिक रागनी, भजन संध्या और अतिथियों का सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। आयोजन समिति ने आसपास के गांवों के श्रद्धालुओं से बड़ी संख्या में पहुंचकर धर्म लाभ लेने और प्रसाद ग्रहण करने की अपील की है।
अमेठी में 4 बीईओ और 4 बीडीओ के ट्रांसफर:जामो बीईओ शोभनाथ को बहादुरपुर ब्लॉक का अतिरिक्त प्रभार
अमेठी जिले के बेसिक शिक्षा विभाग में चार खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) संजय तिवारी ने रिक्त पदों के कारण यह जिम्मेदारी दी है, ताकि शासकीय कार्यों में कोई बाधा न आए। यह आदेश देर रात जारी किया गया। जामो के खंड शिक्षा अधिकारी शोभनाथ को बहादुरपुर ब्लॉक का अतिरिक्त प्रभार मिला है। जगदीशपुर के खंड शिक्षा अधिकारी राम ललित को बाजार शुकुल ब्लॉक की जिम्मेदारी दी गई है। इसी तरह, भादर के खंड शिक्षा अधिकारी शिवकुमार को गौरीगंज ब्लॉक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, जबकि मुसाफिरखाना के खंड शिक्षा अधिकारी सतीश सिंह सिंहपुर ब्लॉक की अतिरिक्त जिम्मेदारी संभालेंगे। बीएसए संजय तिवारी ने बताया कि यह व्यवस्था रिक्त पदों के सापेक्ष की गई है। अतिरिक्त प्रभार वाले अधिकारी अपने मूल ब्लॉक के साथ-साथ नए ब्लॉक की भी शैक्षणिक व्यवस्था को सुचारू रखेंगे। विभागीय सूत्रों के अनुसार, इन रिक्त पदों पर जल्द ही स्थायी नियुक्तियों की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।बीएसए संजय तिवारी द्वारा देर रात आदेश जारी किया है। वहीं, जिला विकास अधिकारी वीरभानु सिंह ने भी बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। इसके तहत जिले के चार ब्लॉकों में नए खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) की तैनाती की गई है। यह बदलाव विकास कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से किया गया है। जारी आदेश के अनुसार, हौसिला प्रसाद को बाजार शुकुल ब्लॉक का नया बीडीओ बनाया गया है। वहीं, दिव्या सिंह को अमेठी ब्लॉक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। श्री प्रकाश पांडेय को भेटुआ ब्लॉक का खंड विकास अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके अतिरिक्त, प्रवीण शुक्ल को शाहगढ़ ब्लॉक का नया बीडीओ बनाया गया है। उन्हें संग्रामपुर ब्लॉक का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है, जिससे अब वे दोनों ब्लॉकों की जिम्मेदारी संभालेंगे। जिला विकास अधिकारी वीरभानु सिंह ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप जनपद में विकास योजनाओं को गति देने और उनके बेहतर क्रियान्वयन के लिए यह बदलाव किया गया है।
ललितपुर में सांड ने छात्र को उछाला, VIDEO:स्कूल जाते समय हादसा, छात्र को नहीं आई चोट
उत्तर प्रदेश के ललितपुर शहर में एक सांड ने स्कूल जा रहे 12 वर्षीय छात्र को हवा में उछाल दिया। यह घटना गुरुवार सुबह करीब 8 बजे हुई, जिसमें छात्र को कोई गंभीर चोट नहीं आई और वह उठकर स्कूल चला गया। पूरी घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। यह वाकया गुरुवार सुबह 7:59 बजे के आसपास आजादपुरा तृतीय मोहल्ले में गोविंद सागर बांध की ओर जाने वाले मार्ग पर मां शारदा स्कूल के पास हुआ। छात्र तीन अन्य छात्रों के साथ स्कूल जा रहा था, तभी सामने से आए एक सांड ने उसे लगभग चार फीट ऊपर उछाल दिया। छात्र सड़क पर गिरा, लेकिन उसे कोई गंभीर चोट नहीं लगी। वह तुरंत उठा और अपने स्कूल चला गया। घटना के बाद सांड भी वहां से चला गया। यह वीडियो दोपहर करीब 11 बजे सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। हालांकि, अभी तक छात्र की पहचान नहीं हो पाई है। शहर की सड़कों पर घूम रहे आवारा जानवरों की समस्या को देखते हुए, ललितपुर नगर पालिका परिषद ने एक टीम बनाई है। यह टीम आवारा जानवरों को पकड़कर ग्राम दैलवारा स्थित कान्हा गौ स्थल में छोड़ रही है।
अयोध्या के राम मंदिर के बाद एमपी के आगर-मालवा के नलखेड़ा स्थित बगलामुखी मंदिर में भी दान चोरी का मामला सामने आया है। ऐसे में उज्जैन पहुंचे अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी महाराज और महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद ने मंदिरों की व्यवस्था को लेकर बड़े सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि बड़े मंदिरों में पुजारियों और कर्मचारियों के लिए बिना जेब वाली ड्रेस, ड्रेस कोड और मेटल डिटेक्टर जैसी व्यवस्था लागू की जानी चाहिए। 'पुजारियों के कुर्ते में जेब नहीं होनी चाहिए' महंत रवींद्र पुरी महाराज ने कहा कि सनातन धर्म को बदनाम करने की कोशिश की जाती है। इसलिए मंदिरों में ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिससे किसी तरह के विवाद की गुंजाइश न रहे। उन्होंने कहा कि हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में यह व्यवस्था लागू की गई है कि किसी भी पुजारी की यूनिफॉर्म में जेब नहीं होगी। मंदिरों में पूजा के दौरान धोती-कुर्ता पहना जाता है, लेकिन अब कुर्ते में जेब नहीं रखी जाती। उन्होंने कहा कि कई बार श्रद्धालु सीधे पुजारी की जेब में पैसे रख देते हैं। बाद में उसकी तस्वीर या वीडियो सामने आने पर गलत संदेश जाता है। अगर जेब ही नहीं होगी तो श्रद्धालु दान सीधे दानपेटी में डालेंगे और विवाद भी नहीं होगा। 'पुजारियों का खर्च ट्रस्ट उठाए' रवींद्र पुरी ने कहा कि पुजारियों को उनकी जरूरत के अनुसार वेतन और अन्य सुविधाएं ट्रस्ट की ओर से दी जानी चाहिए। उनका कहना था कि जब ट्रस्ट उनकी जिम्मेदारी उठाएगा तो उन्हें श्रद्धालुओं से सीधे पैसे लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। 'ड्रेस कोड और मेटल डिटेक्टर जरूरी' चारधाम मंदिर ट्रस्ट के संचालक एवं महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद ने कहा कि मंदिरों में हो रही ऐसी घटनाएं सनातन धर्म की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं। उन्होंने कहा कि सभी बड़े मंदिरों में कर्मचारियों और पुजारियों के लिए ड्रेस कोड लागू होना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि मंदिर में ड्यूटी पर आने वाले प्रत्येक कर्मचारी की मेटल डिटेक्टर से जांच हो। ड्यूटी पर आने और वापस जाने, दोनों समय उनकी जांच की जाए, ताकि किसी भी तरह की चोरी या गड़बड़ी की संभावना खत्म हो सके। ये खबर भी पढ़ें… अयोध्या राम मंदिर के बाद बगलामुखी मंदिर में चढ़ावा चोरी अयोध्या के राम मंदिर के साथ अब मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध बगलामुखी मंदिर का नाम चढ़ावा चोरी में जुड़ गया है। शिकायत के बाद आगर-मालवा कलेक्टर प्रीति यादव ने जांच कमेटी बना दी। 7 दिन में कमेटी रिपोर्ट पेश करेगी कि गड़बड़ी कहां, कितने की और कैसे की गई? इससे पहले दैनिक भास्कर ने पड़ताल की तो पता चला कि जिस समिति को लेकर इतना हो-हल्ला हो रहा है, वह नियम विरुद्ध बनी है और करीब तीन साल से वह अफसरों के सामने ही लोगों से दान ले रही थी। पूरी खबर पढ़ें…
सागर के देवरी थाना क्षेत्र में जमीन के नामांतरण को लेकर पटवारी और किसान के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद में मारपीट में बदल गया। मामले में पटवारी ने देवरी थाने पहुंचकर शिकायत की। शिकायत पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच में लिया है। वहीं दूसरे पक्ष ने भी देवरी थाने पहुंचकर शिकायती आवेदन दिया है। जिसमें उन्होंने पटवारी पर नामांतरण करने के एवज में रिश्वत मांगने और गालीगलौज कर मारपीट करने का आरोप लगाया है। शिकायत पर पुलिस जांच कर रही है। गालीगलौज के बाद फिर गर्दन पकड़ीपुलिस के अनुसार, फरियादी पटवारी विनोद अहिरवार ने थाने में शिकायत करते हुए बताया कि 15 जून को देवरी से मेरा तबादला मालथौन हो गया है। 3 जुलाई को देवरी से रिलीव हो गया हूं। तीन साल से देवरी में पटवारी हल्का नंबर-20 बेलढाना में पदस्थ था। पृथ्वी वार्ड में किराए से रहता था। बुधवार को किराए के कमरे का सामान पैक कर रहा था। इसी दौरान नर्मदा प्रसाद उर्फ गुल्ली पटेल निवासी पटेल वार्ड अपने बेटे सुमित पटेल और अमित पटेल के साथ आए। उन्होंने जमीन के नामांतरण को लेकर बोला तो मैंने बताया कि जमीन पर स्टे लगा हुआ है। इसलिए नामांतरण नहीं हो पाया है। इसी बात को लेकर उन्होंने गालीगलौज शुरू कर दी। विरोध किया तो गर्दन पकड़कर मारपीट की। विवाद होते देख आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बीचबचाव कर मामला शांत कराया। शिकायत पर पुलिस ने नर्मदा पटेल, सुमित और अमित पटेल के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच में लिया है। रिश्वत में दिए 3 हजार वापस लेने गया थादूसरा पक्ष नर्मदा पटेल ने मामले को लेकर देवरी थाने में शिकायती आवेदन दिया है। शिकायत में बताया कि 5 जनवरी को तहसीलदार कोर्ट में नामांतरण के लिए आवेदन किया था। लेकिन पटवारी ने नामांतरण संबंधी कार्रवाई नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि पटवारी 80 हजार रुपए की रिश्वत की मांग कर रहे थे। इससे पहले 3 हजार रुपए पटवारी को दिए थे। इसी बीच उनका ट्रांसफर हो गया। नामांतरण नहीं हुआ। उनसे 3 हजार रुपए वापस लेने के लिए गया तो पटवारी ने गालीगलौज करते हुए जूता फेंककर मारने की कोशिश की। मामले में पटवारी विनोद अहिरवार ने कहा कि रिश्वत मांगने वाले आरोप निराधार है। उक्त जमीन पर कोर्ट का स्टे है। इसलिए नामातंरण नहीं हो पाया है। पटवारी की शिकायत पर मामला दर्ज कियादेवरी थाना के एसआई समरथ सीमन ने बताया कि पटवारी विनोद अहिरवार ने मारपीट की शिकायत की है। शिकायत पर तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच में लिया है। दूसरे पक्ष ने भी शिकायती आवेदन दिया है। जिसमें पटवारी द्वारा रिश्वत की मांग करने का आरोप लगाया गया है। मामले में जांच की जा रही है।
रायपुर जिला क्रिकेट संघ (आरडीसीए) की ओर से 2027-28 सीजन के लिए खिलाड़ियों का ट्रायल जारी है। अंडर-16 कैटेगरी का ट्रायल पूरा हो गया है। जिसमें 289 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। अब 10 और 11 जुलाई को अंडर-19 खिलाड़ियों का ट्रायल आयोजित किया जाएगा। यह ट्रायल 6 स्लॉट में होगा। 7 और 8 जुलाई को तेलीबांधा स्थित आरडीसीए इंडोर स्टेडियम में अंडर-16 खिलाड़ियों का ट्रायल लिया गया। खिलाड़ियों को 4 स्लॉट में बुलाया गया। पहला स्लॉट सुबह 8:30 बजे से शुरू हुआ। ट्रायल के दौरान खिलाड़ियों को उनकी स्किल के आधार पर अलग-अलग ग्रुप में बांटा गया। इसमें ओपनिंग बैटर, मिडिल ऑर्डर बैटर, फास्ट बॉलर और स्पिन बॉलर की परफॉर्मेंस देखी गई। आरडीसीए ने 22 से 29 जून तक सभी एज ग्रुप के खिलाड़ियों का रजिस्ट्रेशन किया था। इसके बाद 7 जुलाई से अलग-अलग कैटेगरी के ट्रायल शुरू किए गए हैं। अब अगले चरण में 10 और 11 जुलाई को अंडर-19 कैटेगरी के खिलाड़ियों का ट्रायल होगा।
आम आदमी पार्टी (AAP) ने वर्ष 2028 के छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव पूरी ताकत से लड़ने का ऐलान किया है। पार्टी ने खुद को प्रदेश में एक ईमानदार और जवाबदेह राजनीतिक विकल्प बताया है। बुधवार को बीजापुर में आयोजित प्रेसवार्ता में पार्टी के प्रदेश सह प्रभारी सौरभ झा ने कहा कि AAP लोकतंत्र, संविधान, जल, जंगल, जमीन और आदिवासियों के अधिकारों के मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। साथ ही विपक्षी दलों के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी पूरे प्रदेश में संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान और जनसंवाद के जरिए अपनी पकड़ मजबूत कर रही है। बैलाडीला खनन पर उठाए सवाल सौरभ झा ने बस्तर के कई स्थानीय मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने बैलाडीला डिपॉजिट-4 में प्रस्तावित खनन पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि ग्राम सभाओं की वास्तविक सहमति के बिना प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है, तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आदिवासियों के जल, जंगल और जमीन के अधिकारों से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। बाघ की खाल तस्करी की जांच की मांग उन्होंने इंद्रावती टाइगर रिजर्व में सामने आए बाघ की खाल तस्करी मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। साथ ही सरकार से वन्यजीवों की नई गणना सार्वजनिक करने और पूरे तस्करी नेटवर्क का खुलासा करने की मांग भी की। नशा तस्करी रोकने के लिए विशेष अभियान की मांग सौरभ झा ने कहा कि बीजापुर की सीमा महाराष्ट्र और तेलंगाना से लगी होने के कारण यह इलाका नशा तस्करों का ट्रांजिट कॉरिडोर बनता जा रहा है। उन्होंने मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग की। निर्दोष आदिवासियों के मामलों की समीक्षा की मांग नक्सलमुक्ति के सरकारी दावों का जिक्र करते हुए सौरभ झा ने कहा कि नक्सली मामलों में वर्षों से जेलों में बंद निर्दोष आदिवासियों के मामलों की समीक्षा होनी चाहिए। उन्होंने गांवों में बनाए गए अस्थायी सुरक्षा कैंप हटाकर वहां स्कूल और अस्पताल शुरू करने की भी मांग की।
पंजाब की एक युवती का विदेश भेजने का झांसा देकर लाखों रुपए की ठगी करने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने युवती को वर्क वीजा पर यूरोप भेजने का झांसा दिया और पैसे हड़प लिए। मामला श्रीगंगानगर जिले के सदर थाना क्षेत्र का है। यूरोप के लिए वीजा लगाना था एसपी को दी शिकायत में जसप्रीत कौर निवासी परस राम नगर, बठिंडा (पंजाब) ने बताया- वह वर्क वीजा पर यूरोप जाना चाहती थी। इस दौरान उसे श्रीगंगानगर के कपिल बंसल इंटरनेशनल एजुकेशन ग्रुप के बारे में पता चला। जिसके बाद जसप्रीत कौर ने 29 दिसंबर 2025 को श्रीगंगानगर आकर कपिल बंसल को अपने सारे डॉक्यूमेंट और शुरुआती 20 हजार कैश दे दिए। बाद में 11 जनवरी 2026 तक टोटल 3.50 लाख रुपए कैश व ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से दिए। युवती को यूरोप जाने का टोटल खर्च 9.50 लाख रुपए बताया गया था। बाकी पैसे यूरोप पहुंचने पर जमा करने की बात हुई थी। दुबई रूट से भेजने की बात कही कपिल बंसल की पत्नी पूनम ने जसप्रीत को बताया कि वीजा दुबई रूट से लगेगा। वहां काम करने के बाद एम्प्लॉयी आईडी बनाकर यूरोप भेज दिया जाएगा। 18 जनवरी 2026 को आरोपी ने जसप्रीत कौर को 2 फरवरी की दुबई टिकट बुक करने को कहा। टिकट बुक हो गई, लेकिन कुछ दिन बाद एंट्री पास न आने का बहाना बनाकर वापस बुला लिया। फोन उठाना बंद किया जसप्रीत कौर ने बार-बार फॉलोअप किया तो आरोपी अलग-अलग बहाने बनाने लगे। फोन उठाना बंद कर दिया। ऑफिस में जाने पर मिलते ही नहीं थे। आखिरकार 30 मई 2026 तक भेजने का आश्वासन दिया और कहा कि अगर नहीं भेज पाए तो सारा पैसा लौटा देंगे। 30 मई के बाद भी जब कुछ नहीं हुआ तो जसप्रीत कौर ने ऑफिस और घर पर कई बार जाकर पैसे वापस मांगे। आरोपी टालमटोल करते रहे और अंत में पैसे लौटाने से मना कर दिया। जिसके बाद जसप्रीत ने पहले सदर थाना, श्रीगंगानगर में शिकायत दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाद में एसपी के समक्ष पेश हुई। फिलहाल सपा के आदेश पर सदर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच एएसआई सतवीर सिंह कर रहे हैं।
भोपाल में गुरुवार सुबह आयशर कॉलेज के पास एथेनॉल से भरे एक टैंकर के केबिन में अचानक आग लग गई। घटना सुबह करीब 11:15 बजे की है। आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और एक ही फायर ब्रिगेड वाहन की मदद से आग पर काबू पा लिया। समय रहते आग बुझ जाने से बड़ा हादसा टल गया। प्राथमिक जानकारी के अनुसार टैंकर में एथेनॉल भरा हुआ था। इसकी पुष्टि संबंधित डिपो के अधिकारियों ने की है। राहत की बात यह रही कि आग केवल टैंकर के केबिन तक सीमित रही और एथेनॉल से भरे टैंकर हिस्से तक नहीं पहुंची। इससे किसी बड़े विस्फोट या जनहानि की आशंका टल गई। दमकल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है। शुरुआती जांच में इसे अज्ञात कारणों से लगी आग माना जा रहा है। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कुछ ही देर में स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया। घटना के समय ट्रक चालक मौके पर मौजूद नहीं मिला। ऐसे में आग कैसे लगी और चालक कहां गया, इसे लेकर भी जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग पूरे मामले की पड़ताल में जुटे हैं। अधिकारियों का कहना है कि ट्रक का केबिन पूरी तरह जल गया है, लेकिन टैंकर में भरा एथेनॉल पूरी तरह सुरक्षित है। इसी वजह से एक संभावित बड़ा हादसा टल गया। आग लगने की घटना के दौरान आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई थी, हालांकि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। तस्वीरों में देखें
रीवा में पंचायत घोटाले पर सख्त एक्शन:सरपंच पद से हटाया, सचिव समेत तीन पर गिरफ्तारी के आदेश
रीवा जिले में पंचायतों में वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में जिला पंचायत प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। सोहागी ग्राम पंचायत के सरपंच को पद से बर्खास्त कर दिया गया है, जबकि दो अन्य पंचायतों से जुड़े तीन लोगों के खिलाफ जेल वारंट जारी किए गए हैं। दोनों मामलों में शिकायत के बाद जांच में अनियमितताओं की पुष्टि हुई थी। सोहागी सरपंच पद से बर्खास्त, सचिव निलंबित त्योंथर जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत सोहागी के सरपंच शेषमणि मिश्र को मध्य प्रदेश पंचायती राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 की धारा 40 के तहत पद से पृथक कर दिया गया है। शिकायतकर्ता राजीव कुमार दुबे की शिकायत पर गठित जांच दल ने वित्तीय अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि की थी। पंचायत सचिव मनपूर्ण प्रसाद शुक्ल को भी निलंबित कर उनका मुख्यालय जनपद पंचायत त्योंथर निर्धारित किया गया है। बेटे को वेंडर बनाकर भुगतान करने का आरोप जांच में सामने आया कि सरपंच शेषमणि मिश्र ने पंचायत के विकास कार्यों में अपने पुत्र आशुतोष मिश्र को वेंडर बनाया। इसके माध्यम से करीब 35.17 लाख रुपये का नियम विरुद्ध भुगतान किया गया। तीन लोगों के खिलाफ जारी हुआ जेल वारंट जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मेहताब सिंह गुर्जर ने ग्राम पंचायत देवरा कोठार के पूर्व सरपंच रावेंद्र सिंह, फरहदी के तत्कालीन सचिव राजबहोर यादव और ग्राम रोजगार सहायक नारायण प्रसाद मिश्रा के खिलाफ जेल वारंट जारी किया है। जांच में विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितताओं और शासकीय राशि के गबन के आरोप प्रमाणित होने के बाद वसूली के निर्देश दिए गए थे, लेकिन राशि जमा नहीं होने पर पंचायत राज अधिनियम की धारा 92 के तहत कार्रवाई की गई। पुराने मामलों की कार्रवाई भी चर्चा में जिले में पंचायतों से जुड़े कई पुराने मामलों में रिकवरी और जेल वारंट की कार्रवाई अभी भी लंबित है। कई मामलों में आरोपियों के खिलाफ पहले भी वारंट जारी किए जा चुके हैं, लेकिन उन पर कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी है।
युवा कांग्रेस के संगठनात्मक चुनावों को लेकर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में सरगर्मियां तेज हो गई हैं। जिला स्तर से लेकर ब्लॉक स्तर तक के अलग-अलग पदों के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस बार के चुनाव में युवा नेताओं के बीच कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है। मिली जानकारी के अनुसार, जिले की कमान संभालने के लिए अकेले जिलाध्यक्ष पद पर 7 दावेदारों ने अपनी किस्मत आजमाई है। इनमें एक महिला उम्मीदवार भी शामिल हैं। इसके साथ ही जिला महासचिव और अलग-अलग ब्लॉक के अध्यक्ष पदों के लिए भी बड़ी संख्या में नामांकन दर्ज किए गए हैं। जिलाध्यक्ष और जिला महासचिव पद के लिए कई दावेदार मैदान में जिलाध्यक्ष पद के लिए अजय कुमार पुलस्त, नवीन जायसवाल, राहुल तिवारी, सतीश नागेश, शुभम पेन्द्रो, तपेश्वर कुमार और यशोदा मार्को (महिला उम्मीदवार) मैदान में हैं। वहीं, जिला महासचिव पद के लिए कुल 12 प्रत्याशियों ने अपनी दावेदारी पेश की है। इनमें अनुराधा पुरी, अनवरुल कादिर खान, अर्जुन दास मानिकपुरी, कुलदीप पैकरा, नीलेश कुशवाहा, प्रियंशु गुर्जर, पुष्पेंद्र पाव, राम चंद्र, रविशंकर प्रजापति, रेखा मरावी, सूरज सूरज और विनोद विनोद शामिल हैं। मंडलों में भी नामांकन को लेकर दिखा उत्साह मरवाही विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले प्रमुख मंडलों में भी दावेदारों ने उत्साह के साथ अपने पर्चे दाखिल किए हैं। गौरेला ग्रामीण मंडल से दीवान सिंह मरावी, दुर्गेश राठौर, कौशल राठौर, प्रभु सिंह भानु, राकेश कुमार, शादाब अंसारी ने नामांकन किया है। पेंड्रा ग्रामीण मंडल से लाल सिंह श्याम, राजमोहन वासुदेव, संतोष कुमार, सूरज भान सिंह ने दावेदारी पेश की है। मरवाही मंडल से अरमान अंसारी, भानू प्रताप सिंह, ईश्वर सिंह, जॉय सेमसन, कृष्ण कुमार आर्मो, निखिल कुमार ने नामांकन दाखिल किया है। मतदान की तारीखों का होगा ऐलान युवा कांग्रेस चुनाव प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, सभी प्राप्त नामांकनों की स्क्रूटनी (दस्तावेजों की जांच) की जाएगी। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम रूप से पात्र उम्मीदवारों की सूची और मतदान की तारीखों का आधिकारिक ऐलान किया जाएगा। फिलहाल, सभी गुटों के युवा नेताओं ने अंदरूनी तौर पर मतदाताओं को साधने की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
सिरसा जिले में रोड़ी थाना क्षेत्र के झोरड़रोही-थिराज रोड पर बुधवार रात एक बोलेरो की टक्कर से बाइक सवार एक युवक की मौत हो गई। इस हादसे में दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना बुधवार रात करीब 8:15 बजे गांव गुड़ा रजवाहा के पुल के पास हुई। बोलेरो ड्राइवर टक्कर मारने के बाद गाड़ी सहित मौके से फरार हो गया। घायलों को कराया गया अस्पताल में भर्ती मृतक की पहचान गांव भीमां निवासी बलविंदर सिंह पुत्र जेठू सिंह के रूप में हुई है। घायलों में मिठ्ठू सिंह पुत्र काका सिंह और बलजीत सिंह पुत्र खंडा सिंह, दोनों गांव भीमां के निवासी हैं। सूचना मिलने पर डायल-112 पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने बलविंदर सिंह को मृत घोषित कर दिया, जबकि अन्य दो घायलों का इलाज जारी है। जानकारी के अनुसार, तीनों युवक एक ही बाइक पर गांव पंजुआना से अपने गांव भीमां लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ।
भिवानी शहर के चिड़ियाघर रोड़ पर NSUI ने एचटेट को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन शंकर धूपड़ का पुतला फूंका और कहा कि एचटेट में खामियां करने के लिए लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। अन्यथा बड़े स्तर पर आंदोलन होगा। NSUI जिला अध्यक्ष मंजीत लांग्यान ने कहा कि एचटेट पेपर में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा जो गलतियां की हुई थी। कुछ प्रश्न पत्रों में प्रिंटिंग गलती थी ओर कुछ पश्न गलत थे। उसके विरोध में व एग्जाम देने वाले अभ्यार्थियों के समर्थन में आज विरोध प्रदर्शनक या गया है। विरोध स्वरूप शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन शंकर धूपड़ का पुतला फूंका गया है। शिक्षा बोर्ड चेयरमैन पद के लायक नहीं उन्होंने कहा कि जब शंकर धूपड़ शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन बने तो कह रहे थे कि शिक्षा बोर्ड का अच्छा वातावरण रखूंगा। कोई भी गलतियां नहीं होगी, जो पहले एचटेट में गलतियां हो चुकी है, वह नहीं होगी। लेकिन उन्होंने आते ही पहली ही एचटेट परीक्षा में खामियां दिखा दी कि वे शिक्षा बोर्ड चेयरमैन पद के लायक नहीं हैं। शिक्षा मंत्री व सीएम का पुतला फूकेंगे मंजीत लांग्यान ने कहा कि आज केवल शिक्षा बोर्ड चेयरमैन का पुतला फूंका है, क्योंकि शिक्षा बोर्ड चेयरमैन के अंतर्गत आता है। हम सरकार से मांग करते हैं कि जिनके द्वारा पेपर गलत किया गया है, उनके ऊपर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। अगर कार्रवाई नहीं करते हैं, तो हरियाणा के शिक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री का भी पुतला फूंका जाएगा।
प्रयागराज में साइबर ठगों ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय के ज्वाइंट रजिस्ट्रार हर्ष कुमार का व्हाट्सएप हैक कर लिया। इसके बाद उनके परिचितों को मैसेज भेजे और पैसों की मांग की। उन्होंने बुधवार को कर्नलगंज थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया है। ज्वाइंट रजिस्ट्रार के मोबाइल नंबर पर सात जुलाई की दोपहर करीब 2:28 बजे अज्ञान नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने बताया कि उनका एक पार्सल आया है और उसे घर पर प्राप्त करने के लिए एक कोड डायल करने को कहा। उन्होंने जैसे ही बताए गए कोड को डायल किया, उनका व्हाट्सएप अकाउंट ने काम करना बंद कर दिया। परिचितों को भेजे जाने लगे रुपये मांगने वाले संदेश कुछ ही देर बाद उनके परिचितों के फोन आने लगे। लोगों ने बताया कि उनके व्हाट्सएप नंबर से संदेश भेजकर तत्काल रुपये की मांग की जा रही है। कई परिचितों ने ऐसे संदेशों के स्क्रीनशॉट और अन्य विवरण भी उन्हें उपलब्ध कराए, जिन्हें उन्होंने अपनी शिकायत के साथ पुलिस को सौंपा है। साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, साइबर ठग पार्सल डिलीवरी, केवाईसी अपडेट या बैंक संबंधी बहाने बनाकर लोगों से विशेष कोड डायल करवा रहे हैं। *21 जैसे कॉल फॉरवर्डिंग कोड सक्रिय होने पर ओटीपी और कॉल अपराधियों तक पहुंच सकते हैं। जिसके जरिए व्हाट्सएप समेत अन्य सेवाओं का दुरुपयोग किया जाता है। पुलिस अफसरों का कहना है कि ऐसे किसी भी अज्ञात कोड को डायल करने से बचें।
झालावाड़ में 50 लाख की स्मैक-चरस जब्त:तीन तस्कर गिरफ्तार, अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच शुरू
झालावाड़ जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कोतवाली थाना पुलिस ने दो अलग-अलग कार्रवाइयों में करीब 50 लाख रुपए कीमत की 250.13 ग्राम स्मैक और 86.15 ग्राम चरस बरामद कर तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर पुलिस अब मादक पदार्थों के स्रोत और संभावित अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क की जांच में जुटी है। विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि जिले में अपराध नियंत्रण और नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भागचंद मीणा और पुलिस उपाधीक्षक हर्षराज सिंह के निर्देशन में कोतवाली थानाधिकारी मुकेश कुमार मीणा के नेतृत्व में गठित टीम ने दोनों कार्रवाइयों को अंजाम दिया। नाकाबंदी में दो तस्कर स्मैक सहित गिरफ्तार पहली कार्रवाई देवरीघाटा क्षेत्र में नाकाबंदी के दौरान की गई। यहां पुलिस ने 250.13 ग्राम स्मैक के साथ नरेश गुर्जर (25) निवासी चौथ का बरवाड़ा (सवाई माधोपुर) और मोर सिंह गुर्जर (25) निवासी बनेठा (टोंक) को गिरफ्तार किया। ईदगाह रोड पर चरस के साथ तीसरा आरोपी दबोचा दूसरी कार्रवाई ईदगाह रोड के पास की गई, जहां पुलिस ने 86.15 ग्राम चरस के साथ शाहरुख (24) निवासी संजय कॉलोनी, झालावाड़ को गिरफ्तार किया। तस्करी नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही पुलिस कोतवाली थानाधिकारी मुकेश मीणा ने बताया कि तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मादक पदार्थ कहां से लाए गए थे, इन्हें किसे सप्लाई किया जाना था और इस कारोबार में कौन-कौन लोग शामिल हैं। अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की भी जांच की जा रही है। कार्रवाई करने वाली टीम की सराहना पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने कोतवाली थाना पुलिस और जिला स्पेशल टीम की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार और सख्ती से जारी रहेगा।
इंदौर में चलती बस में लगी आग:टायर फटने से हुआ हादसा, समय रहते सभी यात्रियों को उतारा गया
इंदौर के शिप्रा थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह करीब 11 बजे रीवा से इंदौर आ रही जय अंबे ट्रेवल्स की बस में अचानक आग लग गई। हादसा शिप्रा थाने के सामने हुआ। राहत की बात रही कि बस में सवार सभी यात्रियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। टायर फटने के बाद लगी आग पुलिस के मुताबिक, चलती बस का अचानक टायर फट गया। इसके बाद चालक ने बस को संभालने की कोशिश की। इसी दौरान घर्षण के कारण बस के अगले हिस्से में आग लग गई। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पा लिया। हादसे में किसी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है। यात्रियों को दूसरी बस से इंदौर भेजा गया घटना के बाद पुलिस ने सभी यात्रियों को दूसरी बस से इंदौर रवाना किया। बस में आग लगने से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई थी। हालांकि, इस हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। आग लगने के कारणों की जांच पुलिस ने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर टायर फटने के बाद हुए घर्षण को आग लगने की वजह माना जा रहा है।
रायपुर जिले की 99 सरकारी स्वास्थ्य संस्थाओं को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) का प्रमाणन मिल गया है। इसके साथ ही रायपुर सबसे अधिक NQAS प्रमाणित स्वास्थ्य संस्थाओं वाला छत्तीसगढ़ का पहला जिला बन गया है। जिले की 2 स्वास्थ्य संस्थाओं के परिणाम अभी भारत सरकार से आने बाकी हैं, जबकि 3 संस्थानों का राष्ट्रीय स्तर पर मूल्यांकन होना शेष है। NQAS केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय का गुणवत्ता मूल्यांकन कार्यक्रम है। इसके तहत सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों का मरीजों की सुरक्षा, संक्रमण नियंत्रण, इलाज और जांच की गुणवत्ता, दवा उपलब्धता, स्वच्छता, रिकॉर्ड प्रबंधन, जैव-चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन और अन्य मानकों पर विस्तृत आकलन किया जाता है। तय मानकों पर सफल होने के बाद ही संस्थानों को यह प्रमाणन दिया जाता है। मॉनिटरिंग और टीमवर्क बनी वजह कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने इस उपलब्धि पर स्वास्थ्य विभाग की टीम को बधाई देते हुए कहा कि, जिले में सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि लगातार मॉनिटरिंग और टीमवर्क के कारण स्वास्थ्य संस्थाएं गुणवत्ता के नए मानक स्थापित कर रही हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी ने कहा कि, NQAS प्रमाणन स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि मरीजों की सुरक्षा, संक्रमण नियंत्रण, स्वच्छता और सेवा व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है, जिससे रायपुर प्रदेश में सर्वाधिक NQAS प्रमाणित स्वास्थ्य संस्थानों वाला पहला जिला बन सका है।
डीडवाना-कुचामन पुलिस ने मादक पदार्थों के नष्टीकरण अभियान के तहत कार्रवाई की है। पुलिस ने विभिन्न प्रकरणों में जब्त 90 किलो से ज्यादा अवैध मादक पदार्थों को नष्ट किया। इनकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 13 लाख 64 हजार 100 रुपए आंकी गई है। यह कार्रवाई पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार की गई। पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारेलाल शिवरान के निर्देशन में जिला स्तरीय औषधि व्ययन समिति की निगरानी में जिले के 4 थाना क्षेत्रों के 7 मामलों में जब्त मादक पदार्थों को नष्ट किया गया।नष्ट किए गए मादक पदार्थों में 90 किलो 540 ग्राम डोडा पोस्त और 6 ग्राम एमडीएमए शामिल थे। इनका नष्टीकरण वैज्ञानिक एवं विधिक प्रक्रिया के तहत किया गया। एसपी ने बताया कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई करते हुए जब्त मादक पदार्थों का समयबद्ध नष्टीकरण सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि इनका दोबारा दुरुपयोग नहीं हो सके।
बाराबंकी जिला अस्पताल के निलंबित वरिष्ठ परामर्शदाता (सर्जन) डॉ. रोहित प्रसाद के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। उनके ओपीडी कक्ष की अलमारी और अभिलेख सील कर दिए गए। यह कार्रवाई महानिदेशक स्वास्थ्य के निर्देश पर गठित चार सदस्यीय चिकित्सकों की समिति ने की है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. जयप्रकाश मौर्य की अध्यक्षता में गठित इस समिति ने डॉ. प्रसाद के कक्ष की तलाशी ली। समिति ने आवश्यक अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद संबंधित रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने के लिए अलमारी को सील कर दिया। यह पूरी कार्रवाई विभागीय जांच के तहत की गई है। डॉ. रोहित प्रसाद को चिकित्सा अनुभाग-2 द्वारा जारी शासनादेश के तहत हाल ही में तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया था। उन पर समय पर ओपीडी में न बैठने, ऑपरेशन थिएटर में अनुपस्थित रहने, मरीजों और अस्पताल कर्मियों से अभद्र व्यवहार करने तथा वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना करने जैसे गंभीर आरोप हैं। उन पर उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के नियम-3 के उल्लंघन का भी आरोप है। निलंबन अवधि के दौरान डॉ. प्रसाद को अपर निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, अयोध्या मंडल कार्यालय से संबद्ध किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता भी देय होगा, और उनकी उपस्थिति इसी कार्यालय में दर्ज की जाएगी। शासन ने इस मामले की विभागीय जांच के लिए निदेशक (पैरामेडिकल), चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, उत्तर प्रदेश, लखनऊ को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई निर्धारित की जाएगी। अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष के हस्ताक्षर से जारी इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग में हलचल है। अब सभी की निगाहें विभागीय जांच की रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाली अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
बरेली में गुरुवार सुबह से आसमान में घने बादल छाए हैं। रुक-रुक कर बारिश हो रही है। पिछले 24 घंटे से जिले के कई इलाकों में बारिश का सिलसिला जारी है। इससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली है। मौसम विभाग ने गुरुवार को अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जताया है। मौसम विभाग ने बरेली समेत आसपास के जिलों के लिए अगले पांच दिनों का येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग का कहना है कि इस दौरान रुक-रुक कर बारिश होगी और कई जगह मध्यम से तेज वर्षा हो सकती है। लोगों को जलभराव वाले क्षेत्रों और बिजली गिरने की घटनाओं से सतर्क रहने की सलाह दी गई है। अगले पांच दिन जारी रहेगा बारिश का दौर गुरुवार सुबह से बरेली का मौसम पूरी तरह बदला हुआ है। आसमान में घने बादल छाए हैं और बीच-बीच में बारिश हो रही है। बुधवार को भी जिले में अच्छी बारिश हुई थी। लगातार हो रही बारिश से तापमान में गिरावट आई है और लोगों को भीषण गर्मी व उमस से राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले पांच दिनों तक बरेली और आसपास के इलाकों में रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कई स्थानों पर मध्यम से तेज बारिश हो सकती है। बादल छाए रहेंगे और तापमान सामान्य से कम बना रहेगा। शहर में जलभराव, लोगों को परेशानी बारिश से जहां गर्मी से राहत मिली है, वहीं कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बनी हुई है। सड़कों पर फिसलन बढ़ गई है, जिससे वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बारिश के कारण बाजारों में भी लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। किसानों के लिए राहत की बारिश बारिश को किसानों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है। कृषि विभाग के अनुसार, खेतों में पर्याप्त नमी बनने से धान समेत खरीफ की फसलों की बुवाई और रोपाई में तेजी आएगी। इससे किसानों को सिंचाई पर होने वाला खर्च भी कम होगा। मौसम में बदलाव के साथ वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम और पेट संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि बारिश में भीगने के बाद तुरंत सूखे कपड़े पहनें, दूषित पानी और खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बचें। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की भी अपील की गई है।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के बहुचर्चित फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट केस की जांच अब पूरी हो चुकी है। खुद को एमबीबीएस, एमआरसीपी और इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट बताने वाला आरोपी डॉ. नरेन्द्र विक्रमादित्य यादव अपोलो अस्पताल में कंसल्टेंट बनकर मरीजों की एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी करता रहा। जांच में फर्जी नाम, संदिग्ध डिग्री और पहचान पत्रों का एंगल भी सामने आया। पुलिस ने आरोपी डॉ. नरेन्द्र के खिलाफ चार्जशीट पेश कर दिया है, जबकि पर्याप्त आपराधिक साक्ष्य नहीं मिलने पर अपोलो प्रबंधन को क्लीन चिट देते हुए कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की गई है। उधर, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद शुक्ल के परिजनों ने इस जांच पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की CBI जांच की मांग की है। पहले 5 पॉइंट में जानिए पूरी कहानी 1. फर्जी डिग्री के दम पर कार्डियोलॉजिस्ट बनकर अपोलो में नौकरी पुलिस जांच में सामने आया कि, आरोपी डॉ. नरेन्द्र विक्रमादित्य यादव उर्फ नरेन्द्र जॉन कैम ने खुद को एमबीबीएस, एमआरसीपी और इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी विशेषज्ञ बताया था। इसी आधार पर वह बिलासपुर के अपोलो अस्पताल में कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट के रूप में काम करता रहा। पुलिस रिमांड में उसने यह स्वीकार भी किया कि, उसने कई मरीजों की एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी की, लेकिन अपनी विशेषज्ञता से जुड़े वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका। 2. फर्जी नाम से आधार-पैन तक बनवाने का आरोप जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने कथित तौर पर “नरेन्द्र जॉन कैम” नाम से आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य पहचान दस्तावेज बनवाए थे। छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल, उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज, दमोह पुलिस, सीएमएचओ और अपोलो अस्पताल समेत कई संस्थानों से दस्तावेज जुटाए गए, लेकिन उसके दावों की पुष्टि नहीं हो सकी। 3. 27 मरीजों की मौत का जिक्र, लेकिन कानूनी कड़ी कमजोर पुलिस जांच में आरोपी के कार्यकाल के दौरान इलाज कराने वाले करीब 27 मरीजों की मौत का जिक्र सामने आया। हालांकि, इन मामलों में पर्याप्त मेडिकल रिकॉर्ड और औपचारिक शिकायतें उपलब्ध नहीं होने के कारण पुलिस इन मौतों को कानूनी रूप से सीधे आरोपी की कथित फर्जी विशेषज्ञता से नहीं जोड़ सकी। केवल दो लोगों ने शिकायत दर्ज कराई थी। 4. 27 जून 2025 को डॉक्टर के खिलाफ चार्जशीट पुलिस ने आरोपी के खिलाफ फर्जी दस्तावेज, कूटरचना, धोखाधड़ी और फर्जी तरीके से विशेषज्ञ चिकित्सक बनकर इलाज करने के आरोपों में पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर 27 जून 2025 को न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी। 5. अपोलो प्रबंधन को क्लीन चिट, अब CBI जांच की मांग अस्पताल प्रबंधन और चयन समिति की अलग जांच में पुलिस को ऐसा कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला, जिससे यह साबित हो सके कि आरोपी की नियुक्ति जानबूझकर या आपराधिक षड्यंत्र के तहत की गई थी। इसी आधार पर उनके खिलाफ क्लोजर रिपोर्ट पेश की गई। लेकिन दिवंगत राजेंद्र प्रसाद शुक्ल के परिजनों ने इस जांच को अधूरा बताते हुए पूरे मामले की CBI जांच की मांग कर दी है। अब जानिए क्या है पूरा मामला बिलासपुर के अपोलो अस्पताल में 2006 के दौरान कार्यरत रहे डॉ. नरेन्द्र विक्रमादित्य यादव उर्फ एन जॉन केम पर फर्जी डिग्री के आधार पर इलाज करने का आरोप है। मामला तब फिर सुर्खियों में आया जब मध्यप्रदेश के दमोह से उसकी गिरफ्तारी हुई। इसके बाद पूर्व विधानसभा अध्यक्ष दिवंगत राजेंद्र प्रसाद शुक्ल के बेटे प्रो. प्रदीप शुक्ल ने सरकंडा थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उनके पिता का इलाज भी इसी डॉक्टर ने किया था। अपोलो अस्पताल के रिकॉर्ड के मुताबिक, 2002 से 2006 के बीच राजेंद्र प्रसाद शुक्ल का 13 बार इलाज हुआ। 1 जून 2006 को आरोपी डॉक्टर की अपोलो में नियुक्ति हुई। 21 जुलाई 2006 को शुक्ल को भर्ती किया गया और 2 अगस्त 2006 को आरोपी ने उनकी एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी की। प्रक्रिया के कुछ घंटे बाद उनकी हालत बिगड़ गई और 20 अगस्त 2006 को 18 दिन वेंटिलेटर पर रहने के बाद उनका निधन हो गया। करीब 19 साल बाद अप्रैल 2025 में परिजनों को पता चला कि इलाज करने वाला डॉक्टर फर्जी डिग्री के मामले में गिरफ्तार हुआ है। इसके बाद शिकायत हुई, एफआईआर दर्ज हुई और पुलिस जांच तेज हुई। अब अदालत के रूख का इंतजार फिलहाल, आरोपी डॉक्टर के खिलाफ चालान पेश हो चुका है और मामला कोर्ट में है। दूसरी ओर, अपोलो प्रबंधन को मिली क्लीन चिट और पीड़ित परिवार की CBI जांच की मांग ने इस 17 साल पुराने केस को फिर सुर्खियों में ला दिया है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि कोर्ट पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार करती है या इस मामले में आगे और जांच के निर्देश दिए जाते हैं। एसएसपी बोले- कानूनी राय लेने के बाद क्लोजर रिपोर्ट पेश एसएसपी रजनेश सिंह के मुताबिक, जांच सिर्फ आरोपी डॉक्टर तक सीमित नहीं रखी गई, बल्कि यह भी परखा गया कि उसकी नियुक्ति किन परिस्थितियों में हुई, उसके दस्तावेजों का सत्यापन कैसे हुआ और क्या अस्पताल प्रबंधन या चयन समिति ने जानबूझकर किसी तरह की लापरवाही या आपराधिक साजिश की थी। इसी उद्देश्य से मामले की आगे जांच भी कराई गई, जिसके बाद कानूनी राय लेकर क्लोजर रिपोर्ट पेश की गई है। ………………………. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… फर्जी डॉक्टर नरेंद्र बिलासपुर से भेजा गया दमोह जेल: डिग्री का वेरिफिकेशन होगा, पहले भी रजिस्ट्रेशन सस्पेंड हो चुका है; लोकसभा में उठा था मुद्दा बिलासपुर के अपोलो अस्पताल में पोस्टेड रहे फर्जी डॉक्टर नरेंद्र विक्रमादित्य यादव उर्फ एन जॉन केम को पुलिस ने फिर से दमोह जेल भेज दिया है। आरोपी की रिमांड अवधि खत्म होने पर सोमवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया। पढ़ें पूरी खबर…
भोपाल के कोहेफिजा थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह भोपाल गर्ल्स स्कूल की एक वैन हादसे का शिकार हो गई। पंचवटी से बच्चों को लेकर जा रही वैन कोहेफिजा थाने के सामने फ्लाईओवर पर अनियंत्रित होकर बिजली के खंभे से टकरा गई। हादसे में वैन में सवार 6 बच्चे सुरक्षित रहे, जबकि आगे की सीट पर बैठी स्कूल की एक महिला स्टाफ सदस्य के सिर में चोट आई है। राहगीरों ने की मदद हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों ने तुरंत बच्चों को वैन से बाहर निकाला और घायल महिला को अस्पताल पहुंचाया। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। बच्चों को दूसरी गाड़ी से सुरक्षित उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया। बड़े वाहन से बचने के दौरान हुआ हादसा कोहेफिजा थाना प्रभारी केजी शुक्ला ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि वैन के सामने अचानक एक बड़ा वाहन आ गया था। उसे बचाने की कोशिश में चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया और वैन बिजली के खंभे से टकरा गई। ब्रेक खराब होने की भी आशंका पुलिस के मुताबिक, वैन के ब्रेक में तकनीकी खराबी होने की भी आशंका है। चालक ने बड़ा हादसा टालने के लिए वैन को खंभे से टकराकर रोकने की कोशिश की। तकनीकी जांच कराएगी पुलिस पुलिस ने बताया कि दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए वैन की तकनीकी जांच कराई जाएगी। साथ ही चालक से भी पूछताछ की जाएगी कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ। फिलहाल सभी बच्चे सुरक्षित हैं और घायल स्टाफ सदस्य का इलाज जारी है।
इंदौर में बेसहारा गौवंश के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में नगर निगम की महत्वाकांक्षी परियोजना अंतिम चरण में पहुंच गई है। आशापुरा क्षेत्र में बनाई जा रही 10 हजार गौवंश क्षमता वाली आधुनिक गौशाला का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। इसके शुरू होने के बाद शहर के बेसहारा गौवंश को सुरक्षित और सर्वसुविधायुक्त स्थायी आश्रय मिल सकेगा। हाल ही में महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित जनप्रतिनिधियों ने गौशाला का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया। महापौर ने बताया कि पहले नगर निगम परिषद क्षेत्र स्थित रेशम केंद्र के सामने संचालित गौशाला में करीब 600 गौवंश का संरक्षण करता था, जबकि वर्तमान में नगर निगम की विभिन्न गौशालाओं में ढाई हजार से अधिक गौवंश का बेहतर सुविधाओं के साथ पालन-पोषण किया जा रहा है। आशापुरा में 80 बीघा भूमि पर गौशाला महापौर के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सहयोग से आशापुरा क्षेत्र में करीब 80 बीघा भूमि उपलब्ध कराई गई, जहां जनभागीदारी के माध्यम से रिकॉर्ड समय में इस आधुनिक गौशाला का निर्माण कराया जा रहा है। इसकी क्षमता एक साथ 10 हजार गौवंश के संरक्षण की होगी। नगर निगम के मुताबिक निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और जल्द ही गौशाला का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद शहर में सड़कों पर घूमने वाले बेसहारा गौवंश को सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे पशुओं के संरक्षण के साथ-साथ सड़क दुर्घटनाओं और यातायात संबंधी समस्याओं में भी कमी आने की उम्मीद है।
138 DEO-DD अधिकारियों का तबादला, सलूम्बर को नया DEO:उदयपुर के डॉ. लोकेश भारती को मिली जिम्मेदारी
राजस्थान सरकार ने शिक्षा विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। राज्यभर में 138 जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) और उप निदेशकों (DD) के तबादले एवं नवीन पदस्थापन के आदेश जारी किए गए हैं। संयुक्त शासन सचिव (आईएएस) महेंद्र कुमार खींची द्वारा जारी ये आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। सलूंबर जिले को नया जिला शिक्षा अधिकारी मिला है। उदयपुर से डॉ. लोकेश भारती को सलूम्बर का नया DEO नियुक्त किया गया है। गौरतलब है कि डॉ. लोकेश भारती को एक दिन पहले ही संयुक्त निदेशक (JD) का दायित्व सौंपा गया था, लेकिन ताजा आदेश में उन्हें सलूंबर जिले की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। इस व्यापक बदलाव का उद्देश्य शिक्षा विभाग की प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और परिणाममुखी बनाना है। तबादला सूची में जिला शिक्षा अधिकारियों के साथ-साथ मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (CBEO), जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) के प्रधानाचार्य और समग्र शिक्षा अभियान (SMSA) के अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयकों (ADPC) के पदों पर भी बड़े स्तर पर बदलाव किए गए हैं। शिक्षा विभाग के इस फैसले को जिले की शैक्षणिक व्यवस्था में नई कार्यशैली और प्रशासनिक गति लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। राज्य सरकार का मानना है कि ये तबादले प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने में सहायक होंगे।
नाबालिग से रेप का आरोपी पंजाब से गिरफ्तार:कुचामन सिटी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर पकड़ा
डीडवाना-कुचामन पुलिस ने नाबालिग से रेप के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए फरार आरोपी को पंजाब के फरीदकोट से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और फील्ड इंटेलिजेंस के आधार पर आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारेलाल शिवरान (आईपीएस) के निर्देशन में की गई। इसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विमल सिंह नेहरा और वृत्ताधिकारी गरिमा चौधरी का सुपरविजन रहा, जबकि थाना कुचामन सिटी प्रभारी उप निरीक्षक महावीर प्रसाद मीणा ने टीम का नेतृत्व किया। पुलिस के अनुसार, 29 जून 2026 को एक परिवादी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग बेटी के साथ आरोपी ने रेप किया है। इस रिपोर्ट के आधार पर 30 जून 2026 को कुचामन सिटी थाने में पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम का गठन किया गया। जांच के दौरान टीम ने आरोपी के ठिकाने का पता लगाया और उसे फरीदकोट, पंजाब से हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि मामले में आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है और आगे का अनुसंधान जारी है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मानदेय 25 हजार रुपए करने और रिटायरमेंट पर 10 लाख रुपए देने की मांग को लेकर गुरुवार को अलवर में आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताले जड़ दिए और सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। वहीं, राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग को लेकर आशा सहयोगिनियों ने भी मिनी सचिवालय तक रैली निकालकर विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान भीषण गर्मी से एक आशा सहयोगिनी बेहोश होकर गिर गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आशा सहयोगिनियां सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं और टीकाकरण अभियान की रीढ़ हैं। आंदोलन के चलते टीकाकरण सहित कई सेवाएं प्रभावित हो रही हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी होने तक आंगनबाड़ी केंद्र नहीं खोले जाएंगे, चाहे नोटिस मिले या नौकरी से हटाने की कार्रवाई हो। पुलिस से हुई नोकझोंक बेहोश हुई आशा सहयोगिनी को पुलिस वाहन से अस्पताल ले जाने के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारी महिलाओं के बीच तीखी बहस हो गई। पुलिस ने महिलाओं को सचिवालय के मेन गेट से दूर प्रदर्शन करने के लिए कहा था। अरावली विहार थाने के इंचार्ज ने आशा सहयोगिनियों से कहा कि मन चाहे जैसे आंदोलन नहीं कर सकती। वहीं एक महिला पुलिसकर्मी ने एक महिला को गले से पकड़कर धक्का भी दिया। काम स्थायी कर्मचारियों जैसा, दाम बेहद कम आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की प्रतिनिधि लतेश कुमारी का कहना है कि कार्यकर्ता लंबे समय से बेहद कम मानदेय पर काम कर रही हैं। उनसे विभाग की सभी महत्वपूर्ण योजनाओं का जिम्मा स्थायी कर्मचारियों की तरह संभलवाया जाता है, लेकिन बदले में उचित पारिश्रमिक नहीं मिलता। इससे पहले 5 जून को प्रस्तावित सांकेतिक धरने के दौरान अधिकारियों ने बकाया मानदेय भुगतान और अन्य मांगों को सरकार के सामने रखकर समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन इतने दिन बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस कारण अब ताले जड़कर विरोध में उतरे हैं। तालाबंदी की चेतावनी, सरकार की होगी जिम्मेदारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि मांगों का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। यदि हड़ताल और तालाबंदी के कारण विभागीय कार्य या आमजन की सेवाएं प्रभावित होती हैं, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी महिला एवं बाल विकास विभाग और राज्य सरकार की होगी।
यमुनानगर में क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर लाखों रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। गांधी नगर थाना पुलिस ने आर्थिक अपराध शाखा की प्रारंभिक जांच और एसपी की अनुमति के बाद तीन आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक साजिश रचने के आरोप में केस दर्ज किया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपियों ने एक्लेट कॉइन, बिटॉक्स और एक्लेट वर्ल्डके नाम पर हर महीने 5 से 6 प्रतिशत रिटर्न और 22 महीने में रकम दोगुनी करने का लालच देकर उससे और उसके परिवार से करीब 8.96 लाख रुपए निवेश कराए। बाद में केवल 90 हजार रुपए लौटाए गए, जबकि 8.05 लाख रुपए हड़प लिए गए। गुजरात में प्लॉट दिलाने का लालच शिकायतकर्ता कंवर साहिब निवासी त्यागी गार्डन ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह निर्मल और सुखदास को पहले से जानता था। इन्हीं के माध्यम से उसकी पहचान अंबाला निवासी अभिषेक गोयल और प्रदीप राणा से हुई। दोनों ने उसे एक्लेट कॉइन, बिटॉक्स और एक्लेट वर्ल्डके नाम की क्रिप्टो करेंसी स्कीम के बारे में बताया। आरोपियों ने दावा किया कि इस योजना में निवेश करने पर हर महीने 5 से 6 प्रतिशत रिटर्न मिलेगा और 22 महीने में रकम दोगुनी हो जाएगी। इसके अलावा अधिक निवेश करने पर परिवार सहित थाईलैंड का मुफ्त टूर और धोलेरा स्मार्ट सिटी (गुजरात) में प्लॉट दिलाने का भी लालच दिया गया। चेक की वैधता हुई समाप्त शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपियों की बातों पर भरोसा कर उसने मई से अक्टूबर 2023 के बीच अलग-अलग तारीखों में बैंक खातों और नकद के माध्यम से कुल 8 लाख 95 हजार 900 रुपए निवेश किए। शुरुआत में भरोसा बनाए रखने के लिए आरोपियों ने उसके खाते में 90 हजार रुपए वापस भेजे, लेकिन इसके बाद कोई रकम नहीं लौटाई। जब उसने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने 8 लाख रुपए और 3.66 लाख रुपए के पोस्ट डेटेड चेक दिए। बाद में कहा कि चेक बैंक में जमा न करें, वे सीधे खाते में पैसे ट्रांसफर कर देंगे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनके भरोसे में आकर उसने चेक बैंक में जमा नहीं किए और इस दौरान चेक की वैधता समाप्त हो गई। इसके बाद आरोपियों ने पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया। अन्य लोगों से भी लाखों की ठगी का आरोप शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि आरोपियों ने कई अन्य लोगों से भी लाखों रुपए की ठगी की है। इनमें चुहड़पुर कलां निवासी मोहन लाल से 18 लाख रुपए, प्रताप नगर निवासी नवीन कुमार से 20.70 लाख रुपए, गुमथला राव निवासी अनिल कुमार से 3.84 लाख रुपए और भम्भौली निवासी सुशील कुमार से 3.35 लाख रुपए लेने के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में उल्लेख किया गया है कि आरोपियों के खिलाफ साढौरा थाना में वर्ष 2025 में भी कथित क्रिप्टो धोखाधड़ी से जुड़ा मामला दर्ज है। गांधी नगर थाना प्रभारी जगबीर सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर अभिषेक गोयल निवासी महेश नगर अंबाला, प्रदीप राणा अंबाला और निर्मल निवासी अंबली अंबाला के खिलाफ केस दर्ज किया है।
प्रदेश में पंचायतीराज और शहरी निकायों के चुनावों से पहले ओबीसी आरक्षण तय करने के लिए ओबीसी आयोग का सर्वे शुरू हो रहा है। ओबीसी परिवारों का सर्वे करने के लिए शुक्रवार 10 जुलाई से कर्मचारी घर-घर जाएंगे, 13 दिन में सर्वे पूरा होगा। इसके बाद रिपोर्ट तैयार होगी। ओबीसी आयोग की इस रिपोर्ट के बाद ही निकाय और पंचायत चुनावों में ओबीसी का आरक्षण तय होगा और राज्य निर्वाचन आयोग चुनावों की घोषणा करेगा। आयोग ने सरकार को चेताया- सर्वे में शामिल कर्मचारियों के तबादलों से काम अटकेगा ओबीसी आयोग ने अब सर्वे में तबादलों की वजह से देरी की आशंका जताई है। ओबीसी आयोग ने सरकार को चिट्ठी लिखकर सर्वे में शमिल कर्मचारियों के तबादलों से काम में बाधा आने और आयोग की रिपोर्ट में देरी होने की चेतावनी दी है। आयोग ने मुख्य सचिव को लिखी चिट्ठी में लिखा है- सरकार ने 10 जुलाई तक कर्मचारियों के तबादलों से बैन हटाया है। इस दौरान कई विभाागों में तबादले हो रहे हैं, इनमें सर्वे के काम में शामिल अफसर, कर्मचारी भी शामिल हैं। सर्वे के काम में लगे कर्मचारियों को मौजूदा जगह से रिलीव कर तबादला वाली नई जगह लगाया जाता है तो सर्वे के काम में बाधा आने की संभावना है। ऐसा होने से सर्वे का काम समय पर पूरा नहीं हो पाएगा और ओबीसी आयोग की रिपोर्ट में बेवजह की देरी होगी। 23 जुलाई तक घर घर जाकर सर्वे करना है ओबीसी आयोग को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की पालना में राज्य में ओबीसी वर्ग का स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों आरक्षण से जुड़ी सिफारिश की रिपोर्ट तैयार करनी है। रिपोर्ट के लिए सर्वे के काम में सभी कलेक्टर ने नॉडल अधिकारी,सहायक नॉडल अधिकारी, प्रगणक की नियुक्तियां की गई हैं। 10 जुलाई से 23 जुलाई तक ओबीसी वर्ग के परिवारों का घर-घर जाकर ऑनलाईन सर्वे का काम पूरा किया जाना है। ओबीसी आयोग की रिपोर्ट अगस्त के दूसरे सप्ताह तक आने की संभावना ओबीसी आयोग अगस्त के दूसरे सप्ताह तक रिपोर्ट देने की तैयारी में है। अगर दूसरे सप्ताह तक रिपोर्ट आई तो अगस्त अंत या सितंबर तक राज्य निर्वाचन आयोग चुनावों की घोषणा कर सकता है। राज्य निर्वाचन आयोग नवंबर तक दोनों चुनाव पूरे करवा सकता है। हाईकोर्ट ने 31 जुलाई तक चुनाव करवाने के आदेश दिए थे हाईकोर्ट ने 31 जुलाई तक पंचायतीराज संस्थाओं और शहरी निकायों के चुनाव करवाने के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट की समय सीमा में चुनाव नहीं हो पाएंगे। सरकार का तर्क है कि ओबीसी आयोग की रिपोर्ट के बिना चुनाव नहीं करवाए जा सकते। ओबीसी आरक्षण तय तभी हो पाएगा, जब ओबीसी आयोग रिपोर्ट देगा। इस बीच कांग्रेस नेता संयम लोढ़ा ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर रखी है। सरकार चुनाव के लिए और समय मांगने के लिए याचिका दायर करने की तैयारी में है, लोढ़ा ने कैविएट भी दायर कर दी है इसलिए समय बढ़ाने का फैसला देने से पहले उन्हें भी सुनना होगा। --- ये खबर भी पढ़िए- शिक्षा विभाग में 7 हजार से ज्यादा अफसर-कर्मचारियों के ट्रांसफर:सबसे ज्यादा ग्रेड सेकेंड टीचर्स के तबादले, पहली बार देना होगा शपथ-पत्र राजस्थान में शिक्षा विभाग में अलग-अलग आदेश जारी कर करीब 7 हजार से ज्यादा अफसर-कर्मचारियों के ट्रांसफर किए गए हैं। (पढ़िए पूरी खबर)

