जांजगीर-चांपा में बलौदा-अकलतरा पुलिस ने कटरा जंगल से करीब 1000 लीटर अवैध डीजल जब्त किया है। यह डीजल एक पिकअप वाहन के पीछे बने लोहे के टैंकर में छिपाकर ले जाया जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने डीजल परिवहन में इस्तेमाल पिकअप और उसके आगे चल रही आर्टिगा कार को भी जब्त किया है। जब्त वाहनों और डीजल की कुल कीमत करीब 15 लाख रुपए बताई गई है। आरोपियों को कोर्ट भेजा गया है। मुखबिर की सूचना पर जंगल में घेराबंदी पुलिस को सूचना मिली थी कि पिकअप वाहन (CG-15-DL-6268) में अवैध डीजल भरकर हरदीबाजार रोड की ओर ले जाया जा रहा है। इसके आगे आर्टिगा कार (CG-10-AD-8114) चल रही थी। इस सूचना पर एसडीओपी अकलतरा डॉ. मेखलेंद्र प्रताप के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कटरा जंगल में घेराबंदी की। जांच के दौरान पिकअप में 1000 लीटर डीजल मिला, जिसकी कीमत करीब 1 लाख रुपए है। वाहन में सवार नरेश कुमार भारती, भीमसिंह गोंड और रामनरेश प्रजापति डीजल के वैध दस्तावेज नहीं दिखा सके। करीब 15 लाख की संपत्ति जब्त पुलिस ने भीमसिंह गोंड के कब्जे से करीब 5 लाख रुपए कीमत का पिकअप वाहन और करीब 1 लाख रुपए का डीजल जब्त किया। वहीं नरेश कुमार भारती के कब्जे से करीब 9 लाख रुपए कीमत की आर्टिगा कार बरामद की गई। इस तरह पुलिस ने डीजल और दोनों वाहनों समेत करीब 15 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की है। बरामद डीजल को पिकअप के टैंकर में ही सीलबंद कर पुलिस ने अपने कब्जे में लिया।
पहाड़ी कोरवा बस्ती को मिला नया आंगनबाड़ी भवन, 11.69 लाख की लागत से संवरेगा बच्चों का भविष्य
सरगुजा जिले के लुण्ड्रा विकासखंड की लालमाटी पहाड़ी कोरवा बस्ती में 11.69 लाख रुपये की लागत से नया आंगनबाड़ी भवन बना है। यह बच्चों को पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और माताओं-किशोरियों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने परिवार नियोजन सामग्री के वैज्ञानिक रखरखाव और लॉजिस्टिक प्रबंधन के लिए नई पहल की है। इसके तहत बिहार के 38 जिलों में मास्टर ट्रेनर स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षित करेंगे ताकि सामग्री की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।
पहाड़ी कोरवा बस्ती के बच्चों को मिला नया ठिकाना, 11.69 लाख में बदली दूरस्थ गांव की तस्वीर
सरगुजा जिले के लुण्ड्रा विकासखंड की लालमाटी पहाड़ी कोरवा बस्ती में 11.69 लाख रुपये की लागत से नया आंगनबाड़ी भवन बना है। यह बच्चों को पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और माताओं-किशोरियों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहा है।
कानपुर के रेउना क्षेत्र के गिरसी गांव में बुधवार को छुट्टी पर घर आई रिक्रूट महिला सिपाही की मौत हो गई। 22 वर्षीय प्रतीक्षा यूपी पुलिस में भर्ती होने के करीब छह महीने बाद पहली पोस्टिंग पर रायबरेली के मोहनगंज थाने में तैनात थी। बुधवार दोपहर करीब एक बजे वह छुट्टी लेकर घर पहुंची थी। कुछ देर बाद वह छत पर बने कमरे में चली गई। परिजनों को घटना की जानकारी होने पर पुलिस को सूचना दी गई। फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है। मां से आराम करने की बात कहकर ऊपर गई थी गिरसी गांव निवासी विजय सिंह वैस ने बताया कि उनकी बेटी प्रतीक्षा की करीब छह महीने पहले यूपी पुलिस में महिला सिपाही के पद पर ज्वाइनिंग हुई थी। पहली पोस्टिंग रायबरेली जिले के मोहनगंज थाने में मिली थी। बुधवार दोपहर करीब एक बजे वह छुट्टी पर घर आई थी। उस समय घर में मां सुषमा, पिता विजय सिंह, भाई राजवीर और बहनें दीपा व दिव्या मौजूद थीं। घर पहुंचने के बाद प्रतीक्षा ने मां से आराम करने की बात कही और छत पर बने कमरे में चली गई। कुछ देर बाद परिजनों ने उसे खाना खाने के लिए बुलाया, लेकिन उसने मना कर दिया। परिवार के लोग नीचे खाना खाने चले गए। दरवाजा बंद मिलने पर परिजनों को हुई जानकारी करीब दो बजे बहन दिव्या ऊपर कमरे की ओर गई। दरवाजा बंद मिलने पर उसने मां को बुलाया और फिर पिता को जानकारी दी। परिजनों ने कमरे का दरवाजा खोला तो प्रतीक्षा की हालत देखकर पुलिस को सूचना दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई सूचना पर रेउना पुलिस मौके पर पहुंची और फॉरेंसिक टीम को बुलाया। टीम ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस परिवार के सदस्यों से जानकारी जुटाने के साथ मामले की जांच कर रही है। रेउना थाना प्रभारी अनुज राजपूत ने बताया कि पिता की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। महिला आरक्षी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अखिलेश के बयान पर केशव प्रसाद मौर्य का पलटवार, बोले- हमारे टच में उनके 25 विधायक, हम देंगे सरप्राइज
अखिलेश यादव के भाजपा विधायकों के संपर्क में होने के दावे पर केशव प्रसाद मौर्य ने पलटवार करते हुए कहा कि सपा के 25 विधायक उनके संपर्क में हैं और वे सरप्राइज देंगे।
धमतरी में गौ तस्करी करते 3 गिरफ्तार:ओडिशा ले जा रहे 32 मवेशियों को पुलिस ने छुड़ाया, क्रूरता का आरोप
धमतरी जिले में गौ-तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मेचका पुलिस ने 32 मवेशियों को तस्करों के कब्जे से मुक्त कराया है। पुलिस ने मवेशियों को जंगल के रास्ते ओडिशा के नवरंगपुर ले जा रहे 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ग्राम अरसीकन्हार से खालगढ़ मार्ग होते हुए बड़ी संख्या में मवेशियों को ओडिशा की ओर ले जा रहे थे। आरोप है कि मवेशियों को बिना पर्याप्त चारा-पानी दिए लाठी-डंडों से क्रूरतापूर्वक पीटते हुए ले जा रहे थे। सूचना मिलने पर मेचका पुलिस ने अरसीकन्हार-खालगढ़ मार्ग पर नहर से करीब 500 मीटर आगे जंगल में घेराबंदी की। इस दौरान पुलिस ने 3 लोगों को बड़ी संख्या में मवेशियों को हांकते हुए पकड़ लिया। पुलिस की पूछताछ और मौके की कार्रवाई में आरोपियों के कब्जे से कुल 32 मवेशी बरामद हुए। सभी मवेशियों को सुरक्षित संरक्षण में लिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में गरियाबंद जिले के जोबा गांव के घनश्याम सेन (40), केराबाहरा के देवशरण (52) और जोबा के ओंकार ठाकुर (32) शामिल हैं। उन पर पशु परिरक्षण और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई हुई है।
‘क्या रात होने के बाद आजादी कम हो जाती है?’ इसी सवाल के साथ बुधवार रात जयपुर में महिलाओं और लड़कियों ने मिडनाइट वॉक निकाली। जवाहर सर्किल जेएलएन मार्ग से शुरू हुई इस वॉक में जयपुर के अलग-अलग इलाकों से आईं सैकड़ों युवतियों और महिलाओं ने हिस्सा लिया। जवाहर सर्किल के आसपास पैदल मार्च करते हुए प्रतिभागियों ने महिला सुरक्षा, सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की स्वतंत्र आवाजाही, छेड़छाड़ और यौन हिंसा जैसे मुद्दों को लेकर आवाज बुलंद की। वॉक के दौरान प्रतिभागियों ने हाथों में जागरूकता संदेश लिखे पोस्टर लिए और नारे लगाते हुए जवाहर सर्किल का चक्कर लगाया। उनका कहना था कि महिलाओं के लिए शहर की सड़कें और सार्वजनिक स्थान दिन हो या रात, समान रूप से सुरक्षित होने चाहिए। कार्यक्रम में महिलाओं ने अपने अनुभव और विचार साझा किए। चर्चा के साथ कविता, गीत और गिटार के माध्यम से भी अपनी बात रखने का अवसर दिया गया। पहले देखें PHOTOS ‘सुरक्षा हमारा अधिकार है, कोई अहसान नहीं’ मिडनाइट वॉक के दौरान महिला सुरक्षा को लेकर कई तरह के नारे लगाए गए।‘सुरक्षा हमारा अधिकार है, ये कोई अहसान नहीं, डर के साए में जिएं हम वह इंसान नहीं।’ ‘नो साइलेंस, वी डिमांड जस्टिस, चुप्पी नहीं न्याय चाहिए।’ ‘नो मोर फीयर, नो मोर साइलेंस, स्टॉप सेक्सुअल वॉयलेंस।’ ‘मुन्ना करे कुछ भी कांड, होगी लेकिन मुन्नी बदनाम।’ इन नारों के जरिए प्रतिभागियों ने महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसा और अपराधों के बाद महिलाओं के व्यवहार, कपड़ों या बाहर निकलने को लेकर सवाल उठाए जाने पर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। जवाहर सर्किल का लगाया चक्कर, पुलिस भी रही मौजूद पत्रिका गेट पर जुटने के बाद युवतियां जवाहर सर्किल की ओर बढ़ीं। यहां सैकड़ों प्रतिभागियों ने पैदल मार्च किया। पूरे रास्ते महिला सुरक्षा से जुड़े नारे गूंजते रहे। आयोजन के दौरान पुलिस की मौजूदगी भी रही। आयोजकों ने बताया कि वॉक का उद्देश्य रात में महिलाओं के सार्वजनिक स्थानों पर आने-जाने के अधिकार और सुरक्षा को लेकर समाज में बातचीत शुरू करना था। आयोजक मुकुल मिश्रा ने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा, सार्वजनिक जगहों पर उनके अधिकार, छेड़छाड़ और रात में बिना डर शहर में घूमने की आजादी जैसे मुद्दों पर खुलकर बातचीत करना इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य रहा। अलग-अलग इलाकों से पहुंचीं युवतियां आयोजक ने बताया कि जयपुर के अलग-अलग क्षेत्रों से युवतियां और महिलाएं इस वॉक में शामिल हुईं। प्रतिभागियों ने अपनी मांगों और चिंताओं को सार्वजनिक रूप से सामने रखा। उनका जोर इस बात पर रहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए केवल महिलाओं को सावधान रहने की सलाह देने के बजाय सार्वजनिक स्थानों को सुरक्षित बनाने और जिम्मेदार व्यवहार को बढ़ावा देने पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। वॉक के दौरान कुछ प्रतिभागियों ने अपने हाथों से तैयार किए जागरूकता पोस्टर भी प्रदर्शित किए। पैदल मार्च के साथ प्रतिभागियों ने अपनी बात गीत और कविताओं के जरिए भी रखी। ‘अब जीएगी सिमरन अपनी जिंदगी’ वॉक के दौरान ‘अब जीएगी सिमरन अपनी जिंदगी’ जैसे नारे भी सुनाई दिए। गर्ल्स ने कहा कि महिलाओं की आजादी को समय के आधार पर सीमित नहीं किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि रात में सड़क पर निकलने को लेकर महिलाओं के मन में डर की स्थिति को बदलने के लिए समाज, प्रशासन और नागरिकों को मिलकर काम करना होगा। कार्यक्रम के दौरान ‘कोई तो सूद चुकाएगा, कोई तो जिम्मा ले, उस इंकलाब का जो आज तक उधार सा है’ जैसे नारों के जरिए भी गर्ल्स ने महिला सुरक्षा को लेकर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।
धमतरी जिले के अछोटा गांव में ग्राम विकास समिति की बैठक के दौरान दो पक्षों में मारपीट हो गई। इसके बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया। ग्रामीणों और ग्राम विकास समिति के सदस्य दो गुटों में बंट गए हैं। मारपीट के आरोप के बाद एक पक्ष ने नगरी-सिहावा मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। वहीं, दूसरा पक्ष पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि बैठक के दौरान उनके साथ और महिलाओं के साथ भी मारपीट की गई और उनकी साड़ियां तक खींची गईं। शिकायत करने पहुंचे ग्राम विकास समिति के सदस्यों ने बताया कि जिला पंचायत सदस्य मौके पर मौजूद थीं, लेकिन उन्होंने मारपीट रोकने के लिए कुछ नहीं किया। हालांकि, जिला पंचायत सदस्य ने कहा कि वह वहां थीं, पर मारपीट कब हुई, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। पुलिस ने दोनों पक्षों से बातचीत कर मामले का समाधान निकालने और कार्रवाई करने की बात कही है। चक्काजाम के कारण राहगीरों को कई घंटे तक परेशानी का सामना करना पड़ा। बैठक के दौरान मारपीट का आरोप धमतरी के अछोटा गांव में बुधवार को ग्राम विकास समिति की बैठक चल रही थी। ग्रामीणों ने बताया कि बैठक शुरू में सामान्य तरीके से चल रही थी। इसी दौरान कुछ लोग वहां पहुंचे और मारपीट शुरू कर दी। ग्रामीणों का आरोप है कि महिलाओं के साथ भी मारपीट की गई। उनका कहना है कि बैठक में जो निर्णय लिए गए, वे सही थे, लेकिन इसके बाद ग्राम विकास समिति के लोगों को घेरकर उनके साथ हाथापाई की गई। ग्रामीणों ने गांव की जमीन से जुड़े पुराने विवाद का भी जिक्र किया। उनका आरोप है कि पूर्व सरपंच और उपसरपंच ने गांव की जमीन बेची थी। इस मामले को लेकर कोर्ट में भी मामला चला और ग्रामीणों के मुताबिक फैसला उनके पक्ष में आया, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने जिला पंचायत सदस्य पर इस मामले में कार्रवाई रोकने का आरोप लगाया है। समिति अध्यक्ष ने बताया- पहले भी दबाव बनाया गया ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि समिति के पदाधिकारियों पर बार-बार बैठक करने का दबाव बनाया जाता है। उन्होंने बताया कि पहले भी एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के साथ मारपीट का मामला सामने आया था, जिसमें पुलिस कार्रवाई हो चुकी है। समिति इस वजह से गांव में दोबारा बैठक नहीं करना चाहती थी, लेकिन गांव का मामला गांव में ही सुलझाने के लिए लगातार दबाव बनाया गया। समिति अध्यक्ष के मुताबिक, पहले भी जिला पंचायत सदस्य की ओर से रजिस्टर में गांव में अशांति की स्थिति का जिक्र किया गया था और शांति व्यवस्था के लिए बैठक करने की बात कही गई थी। इसके बाद 17 समाज के लोगों की मौजूदगी में बैठक रखी गई। बारिश के कारण बैठक समाज भवन में हुई। समिति का आरोप है कि वहां भी धक्का-मुक्की और मारपीट हुई और भवन के गेट पर ताला लगा दिया गया। समिति के लोगों का कहना है कि वे किसी तरह वहां से बाहर निकले। समिति ने यह भी आरोप लगाया कि उनके पदाधिकारियों के खिलाफ बार-बार एससी-एसटी एक्ट के तहत शिकायतें की जाती हैं। इस संबंध में करीब 20 दिन पहले आजाक थाने में शिकायत किए जाने की बात भी कही गई है। जिला पंचायत सदस्य बोलीं- बैठक में असहमति के बाद समिति के लोग चले गए जिला पंचायत सदस्य मोनिका देवांगन ने कहा कि गांव की व्यवस्था सुधारने के लिए ग्राम विकास समिति और ग्रामीणों ने बैठक बुलाई थी। बैठक में कुछ आवेदन आए थे, जिन पर अभी निर्णय नहीं हुआ था। इसी दौरान कुछ मुद्दों पर ग्रामीणों के बीच सहमति और असहमति की स्थिति बनी और ग्राम विकास समिति के पदाधिकारी बैठक से उठकर चले गए। उन्होंने कहा कि गांव में कुछ मुद्दों को लेकर पहले से ही अशांति की स्थिति रहती है। उनका आरोप है कि ग्रामीण ग्राम विकास समिति के पदाधिकारियों से असंतुष्ट हैं। उन्होंने समिति के पदाधिकारियों से कहा कि अगर वे गांव की व्यवस्था नहीं संभाल पा रहे हैं तो इस्तीफा दे दें। मारपीट के आरोप पर मोनिका देवांगन ने कहा कि वह मौके पर मौजूद थीं, लेकिन उनके सामने किसी तरह की मारपीट नहीं हुई। उन्होंने कहा कि भीड़ की कोई तय स्थिति नहीं होती और ग्राम विकास समिति की ओर से ही लोगों को उकसाने का काम किया गया। उन्होंने कहा कि बैठक की व्यवस्था ग्राम विकास समिति की थी और समिति के पदाधिकारी ही इस बारे में बेहतर बता सकते हैं। पुलिस ने दोनों पक्षों से बात की विवाद के बाद एक पक्ष पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा, जबकि दूसरे पक्ष ने सड़क पर चक्काजाम कर दिया। पुलिस ने दोनों पक्षों से बातचीत कर मामला शांत कराने और शिकायत के आधार पर कार्रवाई करने की बात कही है। गांव का विवाद अब पुलिस शिकायत और चक्काजाम तक पहुंच गया है, जिससे आम लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ी।
बिहार राज्य खेल प्राधिकरण और IIT मद्रास ने खिलाड़ियों की प्रतिभा पहचानने के लिए AI, खेल विज्ञान और डेटा एनालिसिस का उपयोग करने हेतु समझौता किया है। यह पहल 'मशाल' कार्यक्रम के डेटा का विश्लेषण कर भारोत्तोलकों की तकनीक सुधारने और 2036 ओलंपिक के लिए प्रतिभाएं तैयार करने में मदद करेगी।
देवरिया जिला मुख्यालय के रामलीला मैदान स्थित 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र पर गुरुवार 1 अक्टूबर को तीन घंटे का शटडाउन रहेगा। दोपहर 12 बजे से शाम 3 बजे तक उपकेंद्र से जुड़े सभी आठ फीडरों की बिजली सप्लाई बंद रहेगी। इससे संबंधित क्षेत्रों के एक लाख से अधिक उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ट्रांसफार्मर और पैनलों की होगी टेस्टिंग बिजली विभाग के अनुसार, विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने और उपकरणों की स्थिति जांचने के लिए उपकेंद्र के पावर ट्रांसफार्मर और कंट्रोल रूम में लगे सभी पैनलों की टेस्टिंग की जाएगी। टेस्टिंग के दौरान सुरक्षा कारणों से सभी फीडरों की सप्लाई बंद रखी जाएगी। शटडाउन के दौरान रामलीला मैदान उपकेंद्र से जुड़े मोहल्लों में पूरी तरह बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। टेस्टिंग का काम पूरा होने के बाद सप्लाई सामान्य कर दी जाएगी। दोपहर 12 बजे से पहले जरूरी काम निपटाने की अपील अधीक्षण अभियंता अमित कुमार सिंह ने बताया कि टेस्टिंग कार्य के चलते दोपहर 12 से शाम 3 बजे तक आपूर्ति प्रभावित रहेगी। कार्य पूरा होने के बाद बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि शटडाउन को ध्यान में रखते हुए पानी भरने, बिजली से जुड़े जरूरी काम और अन्य आवश्यक कार्य दोपहर 12 बजे से पहले निपटा लें।
अयोध्या में दीपोत्सव 2026 को भव्य बनाने की तैयारियां तेज, श्री अयोध्या जी तीर्थ विकास परिषद के मुख्य कार्यपालक जैनेंद्र कुमार ने बताया कि दीपोत्सव से जुड़े कुल 5 महत्वपूर्ण टेंडर आमंत्रित किए गए हैं।इसके लिए आयोजन के मुख्य स्थल राम की पैड़ी और प्रमुख कार्यक्रम स्थलों पर टेंटेज और सजावट के साथ तेल और दीयों की व्यवस्था का टेंडर, दीप प्रज्वलन में इस्तेमाल होने वाली टी-शर्ट, मोमबत्ती, कपूर, बाती समेत अन्य सामग्री की व्यवस्था भी शामिल है।दीप प्रज्वलन में शामिल होने वाले करीब 30 हजार बच्चों के खान-पान की व्यवस्था का भी टेंडर किया गया है। इसके अलावा प्रमुख मंदिरों की एलईडी लाइट से भव्य सजावट के लिए भी टेंडर आमंत्रित किया गया है।मुख्य कार्यपालक जैनेंद्र कुमार के मुताबिक, इसी सप्ताह या अगले सप्ताह तक टेंडर खुलने के बाद वर्क ऑर्डर जारी करने की स्थिति में परिषद होगी।
बांसवाड़ा जिले में टीबी से पीड़ित मरीजों के परिवारजनों और उनके नजदीकी संपर्क में रहने वाले लोगों की स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्क्रीनिंग की जाएगी और जरूरत होने पर उनके एक्स-रे भी कराए जाएंगे। जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत सिंह यादव ने बुधवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. भरतराम मीणा ने जिले में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की गतिविधियों की प्रगति के बारे में बताया। वहीं, जिला क्षय रोग अधिकारी पीके वर्मा ने टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जिला क्षय निवारण केंद्र के प्रयासों की जानकारी दी। इस दौरान जिला कलेक्टर डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि टीबी मरीजों के नजदीकी संपर्क वालों की स्क्रीनिंग और एक्स-रे से संक्रमण की समय पर पहचान व रोकथाम में मदद मिलेगी। गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए कड़े निर्देशजिला कलेक्टर ने एचपीवी टीकाकरण की प्रगति बढ़ाने, चार एएनसी जांच का प्रतिशत 89 से बढ़ाकर न्यूनतम 95 प्रतिशत करने और लाडो प्रोत्साहन योजना में शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल करने के निर्देश दिए। साथ ही हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (HRP) मामलों में द्विस्तरीय जांच पीएचसी या सीएचसी स्तर पर चिकित्सक की देखरेख में सुनिश्चित करने को कहा गया, जिससे सटीक जानकारी और समय पर इलाज मिल सके। ब्लॉक स्तरीय कमेटी का गठन कियासीएमएचओ डॉ. भरतराम मीणा ने सभी बीसीएमओ को ब्लॉक स्तर पर कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं, जो प्रतिदिन कम से कम 10 एचआरपी महिलाओं से फोन पर संपर्क कर स्थिति दर्ज करेगी। आरसीएचओ डॉ. दिनेश कुमार भाबोर ने रिपोर्ट प्रस्तुत की। अधिकारियों को आगामी सात दिनों में उपलब्ध वैक्सीन का प्राथमिकता से उपयोग करने के निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि एएनसी पंजीयन में छोटा डूंगरा ब्लॉक ने 99.13 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है। चार एएनसी जांच में अरथूना ब्लॉक की उपलब्धि 98.61 प्रतिशत रही है। डीपीएम ललित सिंह झाला ने बताया कि पीसीटीएस में एचआरपी का कारण गलत दर्ज होने पर अब सुधार का अवसर मिलेगा। उत्कृष्ट कार्य करने के लिए आशा सहयोगिनियों का सम्मान किया गया। इनमें जगपुरा से मंजुला, मोर से आशा और डूंगरिया से रिश्मा शामिल है।
चित्रकूट के मानिकपुर कोतवाली क्षेत्र में बुधवार को एक महिला से सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोप है कि तीन लोगों ने इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अन्य की तलाश जारी है। साथी से विवाद के बाद जंगल ले जाकर वारदात पुलिस के अनुसार, मंगलवार को महिला का अपने साथी से विवाद हुआ था। इसी दौरान गांव का एक व्यक्ति उसे पति के बुलाने का बहाना बनाकर जंगल ले गया। आरोप है कि जंगल में पहले से मौजूद दो अन्य लोगों के साथ मिलकर तीनों ने महिला से दुष्कर्म किया। पीड़िता की शिकायत पर बुधवार को मानिकपुर थाने में तुरंत एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया है और मामले की जांच जारी है। एसपी अरुण कुमार सिंह ने बताया- एक आरोपी गिरफ्तार हो चुका है। मौके पर सीओ मऊ फहद अली और प्रभारी निरीक्षक अजीत पांडेय ने फोरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। टीम ने घटनास्थल से जरूरी सबूत जुटाए हैं।
मथुरा में बुधवार शाम करीब 5 बजे से स्वच्छता ही सेवा-2026 के तहत नगर निगम मथुरा-वृंदावन की ओर से कृष्णानगर मार्केट और कृष्णानगर रोड को स्वच्छता मॉडल के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से जन-जागरूकता रैली निकाली गई। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र और नगर आयुक्त ओजस्वी राज की मौजूदगी में नागरिकों व व्यापारियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। रैली नगर निगम के भूतेश्वर मुख्यालय से शुरू होकर कृष्णानगर तक पहुंची। इसमें नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी, आईईसी वालंटियर, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि, सफाई मित्र और कार्यदायी संस्थाओं के कर्मचारी शामिल हुए। रैली के दौरान ‘हम सबने ठाना है, ब्रज को स्वच्छ बनाना है’ और ‘स्वच्छता अपनाएं, शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाएं’ जैसे नारों के माध्यम से लोगों को स्वच्छता के लिए प्रेरित किया गया। पंपलेट भी वितरित किए गए नगर निगम की टीम ने रोको-टोको अभियान चलाकर खुले में कूड़ा न फेंकने, नालियों में कचरा नहीं डालने और सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग नहीं करने की अपील की। व्यापारियों से प्रतिष्ठानों के सामने स्वच्छता बनाए रखने और कूड़ा निर्धारित कूड़ेदान अथवा अधिकृत कूड़ा संग्रहण वाहनों में डालने को कहा गया। इस दौरान नागरिकों और दुकानदारों को स्वच्छता संबंधी पंपलेट भी वितरित किए गए। अभियान के दौरान करीब 18 छोटे-बड़े दुकानदारों के प्रतिष्ठानों के सामने गंदगी मिलने पर लगभग 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। आईईसी टीम ने ‘चॉक ऑफ शेम’ गतिविधि के तहत गंदगी वाले स्थानों पर स्वच्छता संबंधी स्लोगन लिखकर लोगों को जागरूक किया। नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने दुकानदारों से व्यक्तिगत रूप से स्वच्छता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और सुंदर शहर बनाने में प्रत्येक नागरिक की महत्वपूर्ण भूमिका है। नगर निगम की ओर से अभियान प्रत्येक सप्ताह नियमित रूप से चलाया जाएगा। दुकानदारों से गीले और सूखे कचरे के लिए अलग-अलग डस्टबिन रखने की अपील की गई। परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र ने भी नागरिकों से स्वच्छता अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
मेरठ शहर के बाजारों में संयुक्त व्यापार संघ के आह्वान पर काले झंडे लगाने का सिलसिला बुधवार को भी जारी रहा। व्यापारियों ने प्रतिष्ठानों और आसपास के स्थानों पर काले झंडे लगाकर विरोध दर्ज कराया। व्यापारियों का कहना है कि झंडे लगाने का कार्यक्रम आगे भी जारी रहेगा। इधर, संयुक्त व्यापार संघ नवीन गुप्ता गुट के पदाधिकारियों ने व्यापारियों और प्रभावित परिवारों की समस्याओं को लेकर प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह को सौंपा। व्यापारियों ने डीएम से ज्ञापन को अपनी संस्तुति के साथ प्रधानमंत्री और प्रधानमंत्री कार्यालय तक भेजने का अनुरोध किया। ज्ञापन में व्यापारियों ने कहा कि वर्तमान प्रकरण से हजारों व्यापारी, दुकानदार, कर्मचारी और श्रमिक प्रभावित हो रहे हैं। इससे उनके परिवारों की आजीविका और भविष्य को लेकर चिंता बनी हुई है। व्यापारियों ने न्यायपालिका के आदेशों के सम्मान की बात कहते हुए कानून के दायरे में व्यावहारिक और स्थायी समाधान की मांग की। व्यापारियों ने पुराने व्यापारिक प्रतिष्ठानों के मामलों के लिए विशेष नीति बनाने, प्रभावित क्षेत्रों का निष्पक्ष सर्वेक्षण कराने और संबंधित लोगों को अपना पक्ष रखने का अवसर देने की मांग की। साथ ही जहां प्रतिष्ठानों को बनाए रखना कानूनी रूप से संभव न हो, वहां वैकल्पिक व्यापारिक स्थल, स्पष्ट लीज शर्तों और अंतरिम सहायता की व्यवस्था पर विचार करने का सुझाव दिया। झंडे घरों में तैयार कर रहे व्यापारी उपाध्यक्ष तरूण गुप्ता ने बताया कि काले झंडे खरीदने के लिए बाजार में पहुंचने वाले लोगों को झंडे बेचने से दुकानदारों को पुलिस की ओर से मना किया गया है। इसके बाद कई व्यापारी अब अपने घरों में ही काले झंडे तैयार कर रहे हैं। व्यापारियों के अनुसार ये झंडे गुरुवार शाम से बाजारों में बड़ी संख्या में दिखाई दे सकते हैं। संयुक्त व्यापार संघ का कहना है कि काले झंडों के माध्यम से शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराया जा रहा है। इसके साथ ही बीते दिन जहां सर्राफा बाजार में झंडे लगे थे तो आज कागजी बाजार, वैली बाजार में भी झंडे देखने को मिले।
प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बुधवार शाम जोधपुर प्रवास पर रहे। एयरपोर्ट पहुंचने पर उन्होंने मीडिया से तो दूरी बनाए रखी, लेकिन इसके बाद मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित कार्यकर्ता जन संवाद कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए आगामी चुनावों का रोडमैप साझा किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने जोधपुर नगर निगम चुनावों में मिली जीत के लिए कार्यकर्ताओं का आभार जताया और आगामी पंचायती राज चुनावों में पूरी ताकत से जुटने का आह्वान किया। 80% वादे पूरे होने का दावा: भजनलाल शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार ने अपने घोषणा पत्र में किए गए वादों में से लगभग 80 प्रतिशत वादे पूरे कर दिए हैं। कार्यकर्ताओं का काम इन योजनाओं को घर-घर पहुंचाना है। पानी की समस्या का समाधान: प्रदेश में पेयजल आपूर्ति पर बोलते हुए सीएम ने आश्वासन दिया कि आने वाले समय में कई नई जल परियोजनाएं शुरू हो रही हैं, जिससे राजस्थान में पानी की किल्लत पूरी तरह खत्म हो जाएगी। पानी और विकास योजनाओं का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा आने वाले दिनों में राजस्थान की जमीन आलू से सोना तो नहीं, लेकिन यहां की मिट्टी सोना जरूर उगलेंगी। एयरपोर्ट पर बनाए रखी मीडिया से दूरी एयरपोर्ट पर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया। हालांकि, मीडियाकर्मियों के सवालों पर उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और सीधे मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर के लिए रवाना हो गए। जन संवाद कार्यक्रम में शहर के विभिन्न मंडलों से जुड़े वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
सीतामऊ फाटक ओवरब्रिज पर मंगलवार को स्थानीय लोगों ने चक्काजाम कर दिया। कुछ दिन पहले ब्रिज से ऊंट गिरने से उसकी मौत हो गई थी। मंगलवार को एक गाय भी ब्रिज से नीचे गिर गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। लगातार दो मवेशियों के गिरने की घटना के बाद रहवासियों में नाराजगी है। लोगों ने ब्रिज पर ऊंची लोहे की जाली लगाने और नीचे अंडरब्रिज बनाने की मांग की। रेलिंग की ऊंचाई पर उठाए सवाल पार्षद प्रतिनिधि शैलेंद्र गिरी गोस्वामी ने बताया कि ब्रिज की रेलिंग पर्याप्त ऊंची नहीं है। इसी वजह से मवेशियों के गिरने की घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि अगर सुरक्षा व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो भविष्य में किसी व्यक्ति के गिरने की आशंका भी बनी रहेगी। रहवासियों ने लोक निर्माण विभाग को ज्ञापन सौंपकर जल्द समाधान की मांग की। अधिकारी बोले- नियम के अनुसार बनी है रेलिंग लोक निर्माण विभाग सेतु निर्माण के अनुविभागीय अधिकारी प्रवीण नरवरे ने बताया कि यह ब्रिज करीब 6 साल से चालू है और इसकी रेलिंग नियमों के अनुसार बनाई गई है। उन्होंने लोगों की मांग और मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में लाने की बात कही। चक्काजाम के कारण कुछ देर तक यातायात प्रभावित रहा। सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाइश दी। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने रास्ता खोल दिया। लोगों ने जल्द मांग पूरी नहीं होने पर फिर विरोध करने की बात कही।
सिविल लाइन थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने चोरी की स्कूटी से झपटमारी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने 21 वर्षीय तौसीफ खान निवासी कदम तलैया, बेलबाग और उसके 16 वर्षीय नाबालिग साथी को पकड़ा है। आरोपियों के कब्जे से 4 मोबाइल, सोने का पैंडिल, 22,650 रुपए नकद और चोरी की नीले रंग की सुजुकी एक्सेस स्कूटी बरामद की गई है। बरामद सामान की कुल कीमत करीब 3 लाख रुपए बताई गई है। पहले स्कूटी चुराई, फिर उसी से वारदातें कीं जांच में सामने आया कि आरोपियों ने सबसे पहले मदनमहल थाना क्षेत्र से नई सुजुकी एक्सेस स्कूटी चोरी की थी। पीड़ित हनी पटेल ने 29 सितंबर को शिकायत दर्ज कराई थी कि 27 सितंबर की शाम करीब 4:30 बजे वह दोस्त के साथ स्मार्ट नाला घूमने गया था। एमएम कॉलेज के पास खड़ी उसकी करीब 95 हजार रुपए कीमत की स्कूटी गायब हो गई थी। पुलिस ने चोरी का केस दर्ज कर जांच शुरू की। इसी स्कूटी का इस्तेमाल कर आरोपियों ने इसके बाद कैंट और सिविल लाइन क्षेत्र में पर्स और मोबाइल झपटने की वारदातें कीं। तीन दिन में तीन झपटमारी, महिला-बच्चा भी घायल CCTV से मिला सुर, पूछताछ में वारदातें कबूलीं लगातार झपटमारी की घटनाओं के बाद पुलिस ने अलग-अलग स्थानों के CCTV फुटेज खंगाले और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। फुटेज के आधार पर पुलिस ने तौसीफ खान को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने नाबालिग साथी के साथ मिलकर वारदातें करना स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपियों से चोरी की स्कूटी समेत झपटमारी का सामान बरामद कर लिया है। पुलिस अब गिरोह से जुड़ी अन्य वारदातों और आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जानकारी जुटा रही है।
सहारनपुर में मेला गुघाल के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में बुधवार शाम 7 बजे जीआईसी सभागार में ‘हमारी संस्कृति हमारी पहचान’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। नगर निगम ने स्पिक मैके और स्पर्श प्रयास के सहयोग से कार्यक्रम कराया। इसमें पांच से 12 वर्ष तक के बाल कलाकारों ने भारतीय शास्त्रीय संगीत और कथक की प्रस्तुतियों से दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। कार्यक्रम का शुभारंभ आरएसएस के विभाग प्रचारक कुलदीप कुमार, नगर विधायक राजीव गुंबर, भाजपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष राकेश जैन व हेमंत अरोड़ा, सीनियर सिटीजन वेल्फेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष केएल अरोड़ा समेत अन्य अतिथियों ने भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर और रिबन काटकर किया। ‘स्पर्श’ के तत्वावधान और पंकज मल्होत्रा के निर्देशन में तैयार कार्यक्रम में बच्चों ने विभिन्न भारतीय शास्त्रीय वाद्यों पर राग किरवानी की प्रस्तुति दी। इसमें बताया गया कि वर्ष 1950 से 2026 तक फिल्मों के गीतों में भी इस राग का किस तरह प्रयोग हुआ। सरोद पर रुद्र, अथर्व, अवंतिका, सिदक, गर्व और परीशा ने प्रस्तुति दी। सितार पर कवनप्रीत और अनन्या, इसराज पर अमान्या व शुभ, संतूर पर अपूर्वा व मनका और बांसुरी पर दैविक, गर्वित व शुभ ने राग किरवानी की पारंपरिक गत, तान और झाला प्रस्तुत किया। इसके बाद दिल्ली से आईं लखनऊ घराने की गुरु मालती श्याम के दल ने कथक की प्रस्तुति दी। अश्विनी सोनी, गौरी, हर्षिता, बादल, हर्षिता शर्मा, डोल्मा गुप्ता और हर्षिता द्विवेदी ने कृष्ण प्रसंग पर नृत्य और तराना पेश किया। प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। विभाग प्रचारक कुलदीप कुमार ने कहा कि संगीत और वाद्य यंत्र हमारी संस्कृति और संस्कार हैं। इन्हें भूलने के बजाय नई पीढ़ी को इनसे जोड़ना जरूरी है। संस्कृति और संस्कारों को साथ लेकर चलने से ही श्रेष्ठ चरित्र का निर्माण हो सकेगा। महापौर डॉ. अजय कुमार ने कहा कि वाद्य यंत्र हमारी संस्कृति, विरासत और धर्म का हिस्सा हैं। संगीत और नृत्य मंदिरों से निकले,बाद में दरबारों की रौनक बने। उन्होंने बाल कलाकारों से परिचय लिया और उनकी कला की सराहना की। कार्यक्रम संयोजक मनोज प्रजापति ने अतिथियों का अंगवस्त्र पहनाकर स्वागत किया। इस दौरान बड़ी संख्या में पार्षद,पूर्व पार्षद और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
उत्तर प्रदेश सरकार एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग को सक्रिय कर रही है। लखनऊ में हुई बैठक में प्रदेश को 'डिजिटल और तकनीकी हब' बनाने, निवेश, नवाचार और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
ग्वालियर में साइबर ठगी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। फूलबाग स्थित होटल में काम करने वाले 25 वर्षीय रिसेप्शनिस्ट का मोबाइल अचानक रीसेट मोड में चला गया। कुछ देर बाद फोन सामान्य हुआ तो उसने बैंक बैलेंस चेक किया। खाते से 98 हजार रुपए गायब थे। जांच में सामने आया कि पूरी रकम यूपीआई के जरिए दूसरे खाते में ट्रांसफर की गई है। पीड़ित की शिकायत पर बुधवार को मुरार थाना पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ड्यूटी से लौटकर सोया, उठकर देखा तो फोन रीसेट मोड पर था मुरार थाना क्षेत्र के पंछी नगर, खुरैरी-बड़ागांव निवासी विकास दंडोतिया फूलबाग स्थित होटल गोल्डन इन में रिसेप्शनिस्ट है। विकास ने पुलिस को बताया कि 24 सितंबर की सुबह करीब 10 बजे ड्यूटी खत्म करने के बाद वह घर पहुंचा और सो गया। दोपहर करीब 3 बजे नींद खुली तो मोबाइल देखा। फोन अपने आप रीसेट मोड पर चल रहा था। कुछ देर बाद मोबाइल सामान्य स्थिति में आया। इसके बाद विकास ने फोन-पे के जरिए अपने बैंक ऑफ इंडिया के खाते का बैलेंस चेक किया। बैलेंस देखा तो खाते से 98 हजार रुपए गायब थे खाते में रकम कम देखकर विकास को संदेह हुआ। वह बैंक पहुंचा और मिनी स्टेटमेंट निकलवाया। इसमें पता चला कि उसके खाते से 98 हजार रुपए यूपीआई के जरिए ट्रांसफर किए गए हैं। पूरी रकम संजय नारायण गुप्ता नाम के व्यक्ति के खाते में भेजी गई थी। विकास का कहना है कि उसने न तो यह ट्रांजैक्शन किया और न ही किसी व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी या यूपीआई पिन साझा किया था। इसके बाद उसने साइबर क्राइम ब्रांच और पुलिस हेल्पलाइन पर शिकायत की। रीसेट मोड में जाने के दौरान क्या हुआ, पुलिस जांच रही पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि मोबाइल अचानक रीसेट मोड में कैसे चला गया और उसी दौरान बैंक खाते से रकम कैसे ट्रांसफर हुई। जिस खाते में 98 हजार रुपए भेजे गए हैं, उसकी बैंक डिटेल और संबंधित व्यक्ति की जानकारी भी जुटाई जा रही है। मुरार थाना प्रभारी मैना पटेल के मुताबिक, पीड़ित की शिकायत पर अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। जिस खाते में रकम ट्रांसफर हुई है, उसकी बैंक डिटेल और लोकेशन की जानकारी निकाली जा रही है। पुलिस साइबर तकनीक के जरिए आरोपियों को ट्रेस करने का प्रयास कर रही है।
योगी सरकार के तहत उत्तर प्रदेश के सर्वोदय विद्यालयों में छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ एनसीसी प्रशिक्षण से जोड़ा जा रहा है। वर्तमान में 5 विद्यालयों के 344 छात्र-छात्राएं एनसीसी से जुड़कर अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित कर रहे हैं, जिसमें इटावा में नई इकाई भी शामिल है।
जिले के भालेरी थाना क्षेत्र में भालेरी गलगटी रोड पर बुधवार को बाइक आगे चल रही ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई। हादसे में बाइक सवार एक युवती सहित तीन लोगों की मौत हो गई। भालेरी पुलिस के अनुसार टेलीफोन से सूचना मिली थी कि भालेरी-गलगटी रोड पर बाइक का एक्सीडेंट हो गया है। सूचना पर ड्यूटी ऑफिसर और थानाधिकारी अजय कुमार मय जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस के अनुसार लालचंद (40) पुत्र उदाराम नाथ निवासी मेहरावणसर, सुरेंद्र (20) पुत्र हीरा लाल ब्राह्मण निवासी कोहिना और माला (22) पुत्री हीरालाल ब्राह्मण निवासी कोहिना बाइक पर जा थे। उनकी बाइक आगे चल रही ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई। टक्कर इतनी भयानक था कि तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। जिनको तुरंत सीएचसी भालेरी भिजवाया गया। जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने ट्रैक्टर ट्रॉली और बाइक को जब्त कर थाने में खड़ा करवाया है। तीनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए राजकीय अस्पताल तारानगर भिजवाया गया है। परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
समाजवादी पार्टी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष राजपाल कश्यप ने बुधवार दोपहर 12 बजे शामली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार, कानून व्यवस्था, आरक्षण, बेरोजगारी और शिक्षा के मुद्दे पर सवाल उठाए। कश्यप ने कहा कि सरकार के कामकाज को लेकर जनता सवाल कर रही है और चुनाव में अपने वोट से जवाब देगी। पंचायत आरक्षण में बदलाव पर मांगा जवाब राजपाल कश्यप ने पंचायतों में आरक्षण के मुद्दे पर सरकार को घेरा। उन्होंने दावा किया कि 22 पंचायतों में 10,514 पदों के आरक्षण में बदलाव हुए हैं। उन्होंने सरकार से इन बदलावों का आंकड़ों के साथ जवाब देने की मांग की। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान जलभराव की समस्या ने भी व्यवस्थाओं की स्थिति सामने ला दी है। सरकारी स्कूलों की संख्या कम होने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि इसका असर गरीब बच्चों की शिक्षा पर पड़ रहा है। सरकार से शिक्षा, रोजगार और आरक्षण को लेकर किए जा रहे दावों का हिसाब जनता को देने की मांग की। गन्ना किसानों और आपदा प्रभावितों का मुद्दा उठाया कश्यप ने गन्ना किसानों के भुगतान का मुद्दा उठाते हुए कहा कि किसानों को समय पर भुगतान और देरी होने पर ब्याज देने का वादा किया गया था। उन्होंने सरकार से किसानों का भुगतान समय से कराने की मांग की। हाल की बारिश और बाढ़ से हुए नुकसान का जिक्र करते हुए उन्होंने प्रभावित किसानों और परिवारों को मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि नुकसान का सर्वे कराकर पीड़ितों को राहत दी जानी चाहिए। कानून व्यवस्था और अपराध पर सवाल राजपाल कश्यप ने प्रदेश में हुई हत्या और अन्य आपराधिक घटनाओं का उल्लेख करते हुए कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अलग-अलग जिलों में गंभीर घटनाएं सामने आ रही हैं और सरकार को इन मामलों पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे विपक्षी नेताओं को पुलिस ने रोका था। उनके मुताबिक, वाहन रोकने के बाद पैदल जाने से भी रोकने का प्रयास किया गया। बाद में धरने पर बैठने के बाद पीड़ित परिवार से मुलाकात कराई गई। मीडिया पर दबाव का लगाया आरोप कश्यप ने मीडिया को लेकर भी सरकार पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार विज्ञापनों के जरिए अपनी छवि पेश कर रही है, जबकि जमीनी समस्याएं उठाने वाले पत्रकारों और यूट्यूबरों पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों या जनसमस्याओं पर सवाल उठाने वालों पर दबाव बनाया जाता है। उन्होंने पत्रकारों को बिना दबाव के जनता की आवाज उठाने का अवसर देने की बात कही। सपा-कांग्रेस गठबंधन पर बोले- शीर्ष नेतृत्व करेगा फैसला सपा-कांग्रेस गठबंधन से जुड़े सवाल पर कश्यप ने कहा गठबंधन कायम है। सीटों के बंटवारे पर उन्होंने कहा अंतिम फैसला दोनों दलों का शीर्ष नेतृत्व बातचीत के आधार पर करेगा। उन्होंने किसी नेता के व्यक्तिगत बयान को पार्टी का आधिकारिक निर्णय मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी आगामी चुनाव की तैयारी कर रही है और संगठन स्तर पर काम चल रहा है। पार्टी अपनी चुनावी रणनीति की सभी बातें सार्वजनिक नहीं करेगी। वोट चोरी के आरोपों को लेकर लड़ाई जारी रखने की बात राजपाल कश्यप ने चुनाव प्रक्रिया में वोट चोरी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने मतदाता सूची और मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की। कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए पार्टी लगातार आवाज उठाएगी। उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव में बेरोजगारी, किसान, कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार, आरक्षण और लोकतांत्रिक अधिकार जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे। स्नातक मतदाता सूची में फर्जीवाड़े का आरोप इसी दौरान सपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह ताना ने मेरठ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया में फर्जीवाड़े का आरोप लगाया। उन्होंने जिला निर्वाचन अधिकारी शामली समेत निर्वाचन आयोग के अधिकारियों को ज्ञापन देकर उच्चस्तरीय जांच और आरोप सही पाए जाने पर मुकदमा दर्ज कराने की मांग की। निजी कार्यालयों में पंजीकरण कराने का आरोप सपा जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कुछ लोग सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों से मिलीभगत कर निजी कार्यालयों में मतदाता पंजीकरण का काम करा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में वीडियो और फोटो उनके पास हैं, जिन्हें ज्ञापन के साथ पेनड्राइव और अन्य दस्तावेजों के रूप में दिया गया है। ज्ञापन के मुताबिक, एक वीडियो में निजी कार्यालय में कथित तौर पर मतदाता पंजीकरण का काम करते लोग दिखाई दे रहे हैं और बड़ी संख्या में वोट बनवाने का दावा किया जा रहा है। फॉर्म-18 और दस्तावेज जुटाने का भी आरोप सुरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि गाजियाबाद समेत अन्य जिलों के निर्वाचन अधिकारियों और कर्मचारियों को नियमों के विपरीत बड़ी संख्या में फॉर्म-18 उपलब्ध कराए जाने और मतदाता पंजीकरण कराने का प्रयास किया जा रहा है। ज्ञापन में मेरठ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से संभावित प्रत्याशियों के रूप में दिनेश कुमार गोयल, विपिन गुप्ता और विशाल अग्रवाल के नामों का उल्लेख किया गया है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों तथा विश्वविद्यालयों से स्नातक कर चुके लोगों के आधार कार्ड, फोटो और अंकपत्र जैसे दस्तावेज कथित तौर पर बिना सहमति हासिल कर मतदाता पंजीकरण में इस्तेमाल किए जाने का भी आरोप लगाया। जांच और कार्रवाई की मांग सपा जिलाध्यक्ष ने जिला निर्वाचन अधिकारी, मेरठ मंडल के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और निर्वाचन आयोग के अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि आरोप सही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची निर्वाचन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए नाम शामिल करने की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार और पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में एमएलसी किरणपाल कश्यप, सपा जिलाध्यक्ष चौधरी सुरेंद्र सिंह ताना, एलम की पूर्व चेयरमैन दीपा पंवार समेत पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मुरादाबाद के साईपुरम स्थित राय बैंक्विट में श्रीमद्भागवत कथा का आज तीसरा दिन था। कथा व्यास भागवताचार्य अमित शर्मा ने भगवान श्रीहरि की लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने जय-विजय के श्राप, ध्रुव-प्रह्लाद चरित्र और समुद्र मंथन जैसे प्रसंगों से भक्ति, विश्वास और दृढ़ संकल्प का संदेश दिया। कथा व्यास ने भक्त ध्रुव और प्रह्लाद की अटूट आस्था का वर्णन किया। समुद्र मंथन का प्रसंग भी सुनाया गया। कथा स्थल पर राधे-राधे और भगवान श्रीहरि के जयकारों से माहौल भक्तिमय रहा। कार्यक्रम में श्री राम कथा आयोजन सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष देवेंद्र कुमार शर्मा, महासचिव बृजेंद्र राज सिंह, विपिन कुमार दुबे, आलोक राठौर, संगीता शर्मा, रिचा, साक्षी, अभिनव, रिंकी, रूपेंद्र, सविता देवी, करन पंजाबी, राधिका और मुख्य अतिथि भाजपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष मनोज गुप्ता मौजूद थे।
सेवा के संकल्प का अभियान:इनर व्हील क्लब की डिस्ट्रिक्ट चेयरमैन ने समाजहित के प्रकल्पों की जानकारी ली
सीतापुर जनपद में इनर व्हील क्लब ऑफ बिसवां की ओर से डिस्ट्रिक्ट चेयरमैन मधु कमानी का विजिट आयोजित किया गया। इस अवसर पर क्लब की ओर से समाजसेवा से जुड़े विभिन्न प्रकल्पों की जानकारी दी गई। इनमें रक्तदान एवं ब्लड बैंक, बालिकाओं की शिक्षा और स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, जरूरतमंद परिवारों की सहायता तथा पर्यावरण संरक्षण जैसे विषय शामिल रहे। डिस्ट्रिक्ट चेयरमैन मधु कमानी की उपस्थिति से सदस्यों का उत्साह बढ़ा। कार्यक्रम में सेवा, समर्पण और सामूहिक सहभागिता के माध्यम से समाजहित में निरंतर कार्य करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में क्लब अध्यक्ष सुनीता गुप्ता, सचिव निधि सिंघल, कोऑर्डिनेटर रेनू मेहरोत्रा, कोषाध्यक्ष शिवानी अग्रवाल, आईएसओ तुलसी, एडिटर रिशु अग्रवाल और निवर्तमान अध्यक्ष गुरमीत कौर सहित क्लब की सभी सदस्याएं मौजूद रहीं। मंच संचालन अंजलि राजवंशी ने किया।
रांची के बुढ़मू में एक नाबालिग आदिवासी छात्रा से दुष्कर्म और अनगड़ा के चुरनी फॉल में एक युवती की संदिग्ध मौत की दो दर्दनाक घटनाएं सामने आई हैं। पुलिस ने दोनों मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों सोहेल अंसारी और रफीक अंसारी को हिरासत में ले लिया है और आगे की जांच जारी है।
स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान के तहत बुधवार को सिविक सेंटर स्थित केदारनाथ साहनी ऑडिटोरियम में सफाईमित्र सुरक्षा एवं सम्मान शिविर आयोजित किया गया। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की ओर से आयोजित शिविर का उद्देश्य सफाईमित्रों के योगदान को सम्मान देने के साथ उन्हें स्वास्थ्य, सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराना था। कार्यक्रम में सीएम रेखा गुप्ता, केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार, केंद्रीय राज्य मंत्री बीएल वर्मा, एमसीडी के महापौर प्रवेश वाही और निगम आयुक्त संजीव खिरवार समेत कई अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान लोगों को स्वच्छता और नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई गई। शिविर में सफाई कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए सिंगल-विंडो सुविधा उपलब्ध कराई गई। यहां स्वास्थ्य जांच के साथ केंद्र और दिल्ली सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ दिया गया। सफाईमित्रों को पीपीई किट और सुरक्षा उपकरण भी उपलब्ध कराए गए। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि सफाईमित्र अपने परिश्रम और सेवाभाव से हर दिन दिल्ली को स्वच्छ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि सफाईमित्रों का सम्मान, सुरक्षा और कल्याण सरकार की प्राथमिकता है। स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलाया जा रहा है। इस वर्ष इसकी थीम स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत है।
गाजीपुर जिला जेल में बंद बंदी की मौत:सीने में दर्द के बाद बिगड़ी तबीयत, हार्ट अटैक की आशंका
गाजीपुर जिला जेल में बंद रामचंद्रिका यादव (60) की मंगलवार देर रात तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। जेल प्रशासन के मुताबिक, रामचंद्रिका को शुगर की बीमारी थी और उनका इलाज चल रहा था। रात में सीने में तेज दर्द होने के बाद वह बेहोश हो गए। जेलकर्मी उन्हें तत्काल महार्षि विश्वामित्र मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जांच में हार्ट अटैक की आशंका जताई जा रही है, हालांकि मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा। बहू की मौत के मामले में जेल में थे बंद रामचंद्रिका यादव गहमर थाना क्षेत्र के भीखमराय पट्टी गांव के निवासी थे। वह 31 मार्च 2026 से जिला जेल में बंद थे। उनकी बहू निशा यादव की 30 मार्च 2026 को मौत हुई थी। निशा के चाचा ने उसके पति लक्ष्मण, सास राधिका और ससुर रामचंद्रिका यादव के खिलाफ हत्या का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। इसी मामले में लक्ष्मण और राधिका भी जेल में बंद हैं। जेल प्रशासन के अनुसार, रामचंद्रिका को पहले से शुगर की बीमारी थी और उनका उपचार कराया जा रहा था। मंगलवार रात अचानक सीने में तेज दर्द हुआ और वह बेहोश हो गए। जेलकर्मी उन्हें अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
बिहार विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक कोटे की आठ सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया जारी है, जिसमें अब तक कुल छह प्रत्याशियों ने पर्चा दाखिल किया है। दूसरे दिन भाजपा के एनके यादव और जन सुराज पार्टी के दो उम्मीदवारों ने नामांकन किया, जिससे चुनावी मुकाबला दिलचस्प हो गया है।
पानीपत में डेंगू के दो और नए केस मिले:जिले में सख्या पहुंची 25, स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई निगरानी
पानीपत जिले में डेंगू के दो और नए मरीज मिलने के बाद इस सीजन में डेंगू संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 25 हो गई है। नए मामलों में विकास नगर की 34 वर्षीय महिला और जाटल रोड स्थित पूजा विहार कॉलोनी के पास रहने वाला 15 वर्षीय बच्चा शामिल है। दोनों मरीजों का शहर के एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है और चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पहला मामला विकास नगर से सामने आया है। यहां 34 वर्षीय महिला की डेंगू जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वहीं, दूसरा मामला जाटल रोड स्थित पूजा विहार कॉलोनी के पास का है, जहां 15 वर्षीय बच्चे में डेंगू की पुष्टि हुई है। दोनों मरीज निजी अस्पताल में भर्ती हैं और चिकित्सकीय निगरानी में उपचार ले रहे हैं। लगातार नए मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने शहरी क्षेत्रों में डेंगू की रोकथाम के लिए निगरानी बढ़ा दी है। विभाग की टीमें संभावित मच्छर प्रजनन स्थलों की जांच करने के साथ ही जरूरत वाले क्षेत्रों में फॉगिंग कर रही हैं। लोगों को घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है। बुखार को हल्के में न लें, चेतावनी संकेतों पर तुरंत अस्पताल जाएं स्वास्थ्य निरीक्षक जसमेर ने बताया कि डेंगू में तेज बुखार के साथ सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, शरीर और जोड़ों में दर्द, जी मिचलाना, उल्टी और त्वचा पर चकत्ते जैसे लक्षण हो सकते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार डेंगू में बुखार उतरने के बाद भी मरीज की हालत बिगड़ सकती है। पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी, नाक या मसूड़ों से खून आना, तेजी से सांस चलना, अत्यधिक कमजोरी, बेचैनी, खून की उल्टी या मल में खून और त्वचा का ठंडा पड़ना गंभीर डेंगू के चेतावनी संकेत हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।
रांची में 9 अक्टूबर को होने वाले भारत-वेस्टइंडीज टी-20 मैच के टिकट 5 और 6 अक्टूबर को ऑनलाइन व स्टेडियम काउंटर पर मिलेंगे। कालाबाजारी रोकने के लिए एक व्यक्ति को अधिकतम दो टिकट ही दिए जाएंगे।
आगामी त्योहारों के मद्देनजर DCP ट्रांस हिंडन ऋजुल ने बुधवार शाम को इंदिरापुरम और अलग अलग स्थानों पर 7 थानों की फोर्स के साथ पैदल मार्च निकाला। इस दौरान एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबल मौर्य, एसीपी साहिबाबाद अमित सक्सेना और एसीपी शालीमार गार्डन अतुल कुमार सिंह और एसीपी महिला सुचिता सिंह फोर्स के साथ मौजूद रहीं। जिनमें ट्रांस हिंडन जोन के सभी 7 थानों की फोर्स भी मौजूद रहीं। आगे आगे अफसर फोर्स के साथ रहे, पीछे पुलिस की दर्जनों गाड़ियां। बाजारों में सुरक्षा व्यवस्था परखी डीसीपी ऋजुल ने बताया कि आगामी नवरात्रि पर्व को देखते हुए जोन में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कड़े निर्देश दिए हैं।जहां बाजारों में भीड़भाड़ बढ़ने के साथ ग्राहकों का आवागमन भी बढ़ गया। सभी प्रमुख स्थानों पर सीसी टीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। सभी थाना प्रभारियों और एसीपी को निर्देश दिए हैं कि शाम के समय पुलिस बाजारों में लगातार गश्त करेगी। पैदल गश्त के दौरान व्यापारियों, दुकानदारों, वरिष्ठ नागरिकों, और महिलाओं से भी यह जानकारी ली जाएगी कि आसपास के क्षेत्र में पुलिस गश्त करती है या नहीं। डायल 112 के बारे में जानती हैं क्या डीसीपी ऋजुल और एसीपी सुचिता सिंह ने पैदल मार्च के दौरान आने जानी वाले महिलाओं से पूछा कि डायल 112 के बारे में जानती हैं क्या। इस पर महिला ने कहा कि सर कभी जरूरत नहीं पड़ी। जिसके बाद पूछा कि मार्निंग वाक के दौरान क्या कभी लगा कि पुलिस की गश्त होनी चाहिए। इस पर महिला और एक युवती ने कहा कि यदि पुलिस चौकी पर पुलिस अलर्ट है, बाजारों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पता चल जाए कि पुलिस की गाड़ी है तो इसके बाद स्नेचिंग की घटनाएं नहीं होतीं। छोटे बच्चों को चॉकलेट बांटी आम जनता में सुरक्षा का भाव जागृत करने के उद्देश्य से सायं समय पैदल गश्त किया गया व इसी दौरान लोगों से वार्ता की गई l गश्त के दौरान इंदिरापुरम क्षेत्र के अलग अलग मार्गों, सुनसान रास्तों, गलियों, चौराहों एवं सार्वजनिक स्थलों का निरीक्षण कर लाइट की व्यवस्था व सुरक्षा स्थिति का आकलन किया गया। इस दौरान डार्क स्पॉट्स की पहचान कर चिन्हित कर सुरक्षा व्यवस्था के निर्देश दिए। जहां छोटे बच्चों को चॉकलेट बांटीं। डीसीपी ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि पुलिस का जनता के प्रति अच्छा व्यवहार होना चाहिए। आम लोग पुलिस से डरें नहीं, बल्कि पुलिस आने पर सुरक्षित महसूस करें।
लखीमपुर खीरी के राम जानकी पक्का तालाब में बुधवार शाम एक युवक का शव मिला। इससे इलाके में हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान 32 वर्षीय अजय उर्फ डकारा के रूप में हुई है, जो मोहल्ला श्यामलाल पुरवा का रहने वाला था। शव मिलने की सूचना पर मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। कस्बा चौकी प्रभारी शुभम प्रताप सिंह पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने शव को तालाब से बाहर निकलवाया और कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की। युवक की मौत किन हालात में हुई, यह अभी साफ नहीं है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह पता चलने की उम्मीद है। घटना की खबर मिलते ही मृतक के परिवार में दुख फैल गया। परिजन घटनास्थल पर पहुंच गए। कस्बे में इस घटना को लेकर तरह-तरह की बातें हो रही हैं। पुलिस लोगों से पूछताछ कर रही है और तथ्यों को इकट्ठा कर रही है।
शामली के एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बुधवार शाम 7 बजे शामली कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक को बदल दिया। प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार गौतम को कोतवाली से हटाकर अपराध शाखा भेजा गया है। उनकी जगह पुलिस लाइंस में तैनात निरीक्षक मुकेश कुमार को शामली कोतवाली का नया प्रभारी बनाया गया है। एसपी ने दोनों अधिकारियों के तबादले के तत्काल आदेश जारी किए। अपराध नियंत्रण के लिए किया बदलाव एसपी के मुताबिक, यह बदलाव जिले में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए किया गया है। आदेश में किसी विशेष मामले का उल्लेख नहीं किया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फैसला जनहित को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। गायक अंकित बालियान की हत्या के बाद बढ़ा था दबाव हाल के दिनों में शामली कोतवाली क्षेत्र में कई आपराधिक घटनाएं सामने आई थीं। हरियाणवी गायक अंकित बालियान की हत्या के बाद पुलिस पर कार्रवाई को लेकर दबाव था। इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में किसानों की ट्यूबवेलों से चोरी की शिकायतें भी लगातार मिल रही थीं। नए प्रभारी के सामने अपराध रोकने की चुनौती निरीक्षक मुकेश कुमार के सामने अब क्षेत्र में अपराध रोकने और पुराने मामलों की जांच तेज करने की चुनौती होगी। ट्यूबवेल चोरी की घटनाओं पर कार्रवाई के साथ ग्रामीण इलाकों में गश्त और निगरानी बढ़ाना भी उनकी प्राथमिकता रहेगी।
मिर्जापुर कल्याण सिंह सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे और मिर्जापुर नगर सीट से चार बार विधायक रहे डॉ. सरजीत सिंह डंग ने लखनऊ और मिर्जापुर के बीच सुविधाजनक समय पर ट्रेन चलाने की मांग उठाई है। उन्होंने 30 सितंबर की शाम करीब 5 बजे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से फोन पर वार्ता कर जिले के लोगों की समस्या बताई। डॉ. डंग के अनुसार, रेल मंत्री ने समस्या का जल्द समाधान निकालने का आश्वासन दिया। बोले- त्रिवेणी एक्सप्रेस का समय यात्रियों के लिए सुविधाजनक नहीं डॉ. डंग ने रेल मंत्री को बताया कि लखनऊ से अपने गृह जनपद मिर्जापुर आने-जाने वाले लोगों के लिए मौजूदा समय में त्रिवेणी एक्सप्रेस प्रमुख विकल्प है, लेकिन इसका समय यात्रियों के लिए सुविधाजनक नहीं है। उनके मुताबिक, ट्रेन मिर्जापुर देर रात पहुंचती है और वापसी में भी रात के समय चलती है। उन्होंने रेल मंत्री को वर्षों पहले चलने वाली मुगलसराय-बरेली पैसेंजर ट्रेन का भी हवाला दिया। उनका कहना है कि यह ट्रेन सुबह लखनऊ पहुंचा देती थी, जिससे मिर्जापुर और लखनऊ के बीच आने-जाने वाले यात्रियों को सुविधा होती थी। रेल मंत्री ने जल्द समाधान का दिया भरोसा डॉ. डंग ने बताया कि 30 सितंबर की शाम रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से हुई वार्ता में उन्होंने मिर्जापुर के लोगों की इस समस्या को प्रमुखता से रखा। उनके अनुसार, रेल मंत्री ने आश्वासन दिया कि समस्या का जल्द समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। मिर्जापुर से लखनऊ के बीच वर्तमान ट्रेन सेवाओं में त्रिवेणी एक्सप्रेस भी शामिल है। उपलब्ध ट्रेन शेड्यूल में इसके मिर्जापुर पहुंचने का समय देर रात दर्ज है। चार बार नगर सीट से विधायक रहे डॉ. डंग चिकित्सक के रूप में करियर शुरू करने के बाद राजनीति में आए डॉ. सरजीत सिंह डंग ने वर्ष 1989 में मिर्जापुर नगर विधानसभा सीट से पहला चुनाव जीता। इसके बाद 1991, 1993 और 1996 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने जीत दर्ज की। इस तरह वह लगातार चार बार नगर सीट से विधायक रहे। वर्ष 1991 से 1992 के दौरान उन्होंने कल्याण सिंह के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली। लखनऊ में रहने के बावजूद उनका मिर्जापुर के लोगों से संपर्क बना हुआ है।
सीएम रेखा गुप्ता ने बुधवार को सेवा संकल्प अभियान के तहत मालवीय नगर क्षेत्र में गीतांजलि फायर स्टेशन का उद्घाटन किया। इसके साथ दिल्ली में फायर स्टेशनों की संख्या बढ़कर 71 हो गई। इस मौके पर उन्होंने दिल्ली फायर सर्विस के बेड़े में 20 फायर रिस्पॉन्स मोटरबाइक और 26 क्विक रिस्पॉन्स व्हीकल शामिल कर उन्हें हरी झंडी दिखाई। सीएम ने कहा कि सरकार का लक्ष्य राजधानी के हर नागरिक को आपात स्थिति में तेज, प्रभावी और पेशेवर अग्निशमन एवं बचाव सेवा उपलब्ध कराना है। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, तेज प्रतिक्रिया क्षमता, रणनीतिक तैनाती और आधुनिक उपकरणों के जरिए आपातकालीन सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है। नए फायर स्टेशन और त्वरित प्रतिक्रिया वाहन इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। क्यूआरवी की संख्या 50 हुई, 100 तक बढ़ाने का लक्ष्य दिल्ली फायर सर्विस में 26 नए क्यूआरवी शामिल होने के बाद इनकी कुल संख्या 50 हो गई है। रणनीतिक स्थानों पर तैनात किए जाने वाले इन वाहनों में 125 लीटर क्षमता की अल्ट्रा हाई प्रेशर पंप अग्निशमन प्रणाली, कम से कम 100 लीटर पानी और 25 लीटर फोम की व्यवस्था है। इनमें 180 बार दबाव वाला हाई प्रेशर पंप, 60 मीटर लंबी हाई प्रेशर नली और पांच मोड वाला मल्टी-सिस्टम नोजल भी है। सरकार चरणबद्ध तरीके से क्यूआरवी नेटवर्क का विस्तार कर इनकी संख्या 100 तक करने की योजना पर काम कर रही है। आधुनिक उपकरणों की भी होगी खरीद फायर स्टेशनों के विस्तार के साथ आधुनिक अग्निशमन और बचाव उपकरणों की खरीद पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके तहत 9 हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म, 4 शहरी खोज एवं बचाव वाहन, 4 लाइट एवं श्वसन उपकरण वाहन, 44 बहुउद्देशीय वाहन, 17 कमान एवं नियंत्रण वाहन और 18 छोटे बचाव वाहन समेत अन्य विशेष उपकरण खरीदे जाएंगे। कार्यक्रम में सांसद बांसुरी स्वराज, दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री आशीष सूद, विधायक सतीश उपाध्याय समेत दिल्ली फायर सर्विस के वरिष्ठ अधिकारी, अग्निशमन कर्मी और अन्य अतिथि मौजूद रहे।
बरेली के नवाबगंज में सेवा संकल्प अभियान के तहत क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय, बरेली की ओर से विकासखंड नवाबगंज परिसर में करियर काउंसलिंग एवं पंजीकरण कैंप का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार रहे। विधायक नवाबगंज डॉ. एमपी आर्य, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि डॉ. आशुतोष गंगवार और भाजपा जिला मंत्री डॉ. मीनाक्षी गंगवार ने भी सहभागिता की। कार्यक्रम में खंड विकास अधिकारी महेश चन्द्र शाक्य, एडीओ पंचायत आशीष भट्टनागर, एडीओ आईएसबी रोहतास पटेल, एडीओ एग्रीकल्चर राधेश्याम गंगवार सहित ब्लॉक के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। नगर अध्यक्ष केशव गुप्ता, अहमदाबाद मंडल अध्यक्ष राजू हिंदुस्तानी, मंडल महामंत्री महीपाल गंगवार, प्रधान द्वारिका प्रसाद, अमित गंगवार, रामगोपाल गंगवार, देवेश देवल, स्वाति गंगवार, जितेन्द्र गंगवार, शिक्षिका जूली गंगवार, शिक्षक अशोक शर्मा सहित पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे। कैंप के दौरान युवाओं को रोजगार के विभिन्न अवसरों, करियर विकल्पों और भविष्य की दिशा को लेकर आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया। साथ ही युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने युवाओं से उपलब्ध रोजगार एवं प्रशिक्षण अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को बेहतर करियर अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें रोजगार की दिशा में आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करना रहा। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित यह कैंप युवाओं के सशक्तिकरण और रोजगार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा गया।
इंदौर के साकेत इलाके में अपने ऑफिस में खुदकुशी करने वाले कारोबारी बंटी नागर के मामले में पलासिया थाना पुलिस की जांच जारी है। बुधवार को मृतक बंटी नागर के बेटे और भाई बयान दर्ज कराने के लिए पलासिया थाने पहुंचे। पुलिस अधिकारियों और टीआई सुरेंद्र सिंह के साथ करीब एक घंटे से ज्यादा चली इस बातचीत में परिजनों ने आत्महत्या के पीछे किसी भी तरह के वित्तीय दबाव या कर्ज की बात से साफ इनकार किया है। महिला से विवाद और मोबाइल लॉक पर सस्पेंस थाने पहुंचे परिजनों से जब किसी महिला से जुड़े विवाद और मोबाइल के पासवर्ड/लॉक को लेकर पूछताछ की गई, तो वे इस संबंध में कोई ठोस जानकारी नहीं दे पाए। काफी देर तक चले बयान के बाद दोनों थाने से रवाना हो गए। हालांकि, इस बातचीत से पुलिस को कोई बड़ा सुराग हाथ नहीं लगा है। 5 प्रोजेक्ट्स पर चल रहा था काम, पार्टनर्स से हो चुकी है पूछताछ जांच में सामने आया है कि बंटी नागर वर्तमान में करीब 5 अलग-अलग प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे थे, जिनमें उनके साथ कई पार्टनर भी शामिल थे। घटना के पहले ही दिन पुलिस ने इन पार्टनर्स से प्राथमिक पूछताछ की थी, लेकिन उस दौरान भी कोई संदिग्ध बात सामने नहीं आई। पुलिस के अनुसार, कारोबार के आधार पर भी बंटी पर किसी तरह का कर्ज नहीं था। दिल्ली से लौटने के बाद से एकांत में थे बंटी पुलिस जांच के अनुसार बंटी नागर पिछले दिनों दिल्ली यात्रा से लौटे थे। वहां से आने के बाद से वे अपने दोस्तों और करीबियों के संपर्क में नहीं थे। घटना वाले दिन भी वे दफ्तर में अकेले ही पहुंचे थे। ऑफिस पहुंचने से पहले उनका बेटा उन्हें लगातार फोन कर रहा था, लेकिन उन्होंने एक भी कॉल रिसीव नहीं किया। कॉल रिकॉर्डिंग खोल सकती है उलझी गुत्थी पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बंटी नागर को अपने मोबाइल में बातें रिकॉर्ड करने की आदत थी। हालांकि, फिलहाल उनका मोबाइल locked है और उसकी जानकारी निकालने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस को उम्मीद है कि मोबाइल अनलॉक होने, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और कॉल रिकॉर्डिंग्स की जांच के बाद ही आत्महत्या के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा।
फतेहगढ़ साहिब के फिरोजपुर गांव में 24 साल की कोमलप्रीत कौर की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने उसके पति और ससुर को गिरफ्तार किया है। कोमलप्रीत के मामा रॉकी सिंह की शिकायत पर पति लखबीर सिंह, ससुर सरबजीत सिंह, जेठ जतिंदर सिंह और सास कुलदीप कौर पर केस दर्ज हुआ है। रॉकी सिंह ने बताया कि कोमलप्रीत की शादी 5 नवंबर, 2025 को लखबीर सिंह से हुई थी। शादी के बाद से ससुराल वाले उसे दहेज कम लाने के लिए परेशान करते थे। 28 सितंबर को मिला शव, गले पर रस्सी के निशान 28 सितंबर को शाम करीब 5:30 बजे सरबजीत सिंह ने रॉकी सिंह को फोन कर कोमलप्रीत के फंदा लगाने और मौत की खबर दी। परिवार के मौके पर पहुंचने पर कोमलप्रीत का शव मिला, जिसके गले पर रस्सी के निशान थे। मायके वालों ने दहेज के लिए परेशान करने का आरोप लगाया। आरोपियों की तलाश कर रही पुलिस पुलिस ने लखबीर सिंह और सरबजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। सास कुलदीप कौर और जेठ जतिंदर सिंह की तलाश जारी है। एसएचओ रुपिंदर सिंह ने कहा कि बाकी आरोपियों को भी जल्द पकड़ा जाएगा।
मथुरा में मथुरा-भूतेश्वर के बीच नई अलवर लाइन और नई अप मुख्य लाइन का बुधवार शाम करीब 5:30 बजे रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस), उत्तर पूर्वी परिक्षेत्र ई. श्रीनिवास ने गहन निरीक्षण किया। इस दौरान रेल संरक्षा मानकों, तकनीकी व्यवस्थाओं और सुरक्षित रेल परिचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की बारीकी से जांच की गई। सीआरएस ने मोटर ट्रॉली से नई अलवर लाइन पर मथुरा से भूतेश्वर तक रेलखंड का निरीक्षण किया। इस दौरान मथुरा स्थित एसएसआई पैनल कक्ष का भी निरीक्षण किया गया। सिग्नलिंग और परिचालन से संबंधित व्यवस्थाओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप परखा गया। निरीक्षण के बाद भूतेश्वर से मथुरा तक रेलखंड पर गति परीक्षण किया गया। इसके बाद मथुरा-भूतेश्वर के बीच नई अप मुख्य लाइन का मोटर ट्रॉली से निरीक्षण किया गया। इसमें रेलपथ, सिग्नल एवं दूरसंचार, विद्युत, पुल और परिचालन सहित विभिन्न तकनीकी व संरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की गई। सीआरएस ने रेलपथ, सिग्नल, पॉइंट और पुलों समेत महत्वपूर्ण तकनीकी संरचनाओं का बारीकी से परीक्षण किया। पुलों के गर्डर, पिलर, एंगल और अन्य संरचनात्मक हिस्सों की जांच कर उनकी तकनीकी स्थिति एवं रेल परिचालन की दृष्टि से संरक्षा व्यवस्थाओं को परखा गया। इसके बाद भूतेश्वर से मथुरा तक गति परीक्षण किया गया। गति परीक्षण के माध्यम से ट्रैक संरचना, रेलखंड की गति क्षमता तथा तकनीकी और परिचालन व्यवस्थाओं का परीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी, पर्यवेक्षक और तकनीकी कर्मचारी मोटर ट्रॉलियों के साथ मौजूद रहे। मुख्य प्रशासनिक अधिकारी निर्माण अजीत सिंह यादव, मंडल रेल प्रबंधक आगरा गगन गोयल सहित आगरा मंडल के विभिन्न विभागों के अधिकारी और तकनीकी कर्मचारी उपस्थित रहे। नई अलवर लाइन और नई अप मुख्य लाइन पर किया गया सीआरएस निरीक्षण एवं गति परीक्षण रेल संरक्षा मानकों की जांच और सुरक्षित रेल परिचालन की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विदिशा में जिला कांग्रेस कमेटी ने बुधवार को 'वोट चोरी' के आरोपों को लेकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने SIR प्रक्रिया से मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गांधी चौक नीमताल पर धरना दिया। इसके बाद वे कलेक्ट्रेट की ओर पैदल मार्च करने लगे। पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोका। इस दौरान धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद पुलिस ने पानी की बौछार की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि SIR के जरिए बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। इसे 'वोट चोरी' बताते हुए निर्वाचन आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला भी फूंका। राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन जिलाध्यक्ष मोहित रघुवंशी ने कहा कि कांग्रेस निष्पक्ष चुनाव और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा की मांग कर रही है। राष्ट्रपति को ज्ञापन भी सौंपा गया। महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष नीतू सिंह राजपूत ने पुलिस पर महिलाओं से धक्का-मुक्की और चोट पहुंचाने का आरोप लगाया। वहीं, नगर कांग्रेस अध्यक्ष रवि साहू ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस के बैरिकेड पार कर कलेक्ट्रेट तक पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस ने निष्पक्ष जांच की मांग की प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनके इस्तीफे की मांग दोहराई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। मतदाता सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
बरेली में श्रीराम मूर्ति जी का 38वां स्मृति दिवस समारोह 2 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के चेयरमैन प्रोफेसर (डॉ.) जयंत खोत, मेडिकल एजुकेशन, इरा यूनिवर्सिटी लखनऊ के डायरेक्टर प्रोफेसर (डॉ.) राजेंद्र प्रसाद और टेक्नोलॉजी एग्जीक्यूटिव एवं डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन लीडर, बेंगलुरु की इंजीनियर प्रीति अरोरा को राम मूर्ति प्रतिभा अलंकरण से सम्मानित किया जाएगा। यह जानकारी श्रीराम मूर्ति स्मारक (एसआरएमएस) ट्रस्ट के सेक्रेटरी आदित्य मूर्ति ने दी। उन्होंने बताया कि बाबूजी श्रीराम मूर्ति का निधन 2 अक्टूबर 1988 को हुआ था। उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने के लिए देव मूर्ति ने 1990 में श्रीराम मूर्ति स्मारक ट्रस्ट की स्थापना की थी। ट्रस्ट के माध्यम से समाज के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। स्मृति दिवस समारोह का आयोजन श्रीराम मूर्ति कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (एसआरएमएस सीईटी) के श्रीराम मूर्ति शतिक प्रेक्षागृह में सुबह 10:30 बजे होगा। समारोह में इस बार तीन प्रतिभाओं को राम मूर्ति प्रतिभा अलंकरण से सम्मानित किया जाएगा। वार्षिक अंतर विद्यालय वाद-विवाद प्रतियोगिता के विजेताओं को भी पुरस्कार दिए जाएंगे। इसके अलावा एसआरएमएस ट्रस्ट के सभी शैक्षणिक संस्थानों के मेधावी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति वितरित की जाएगी।
डूंगरपुर के धंबोला कस्बे में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के पास एक कार ने बाइक को टक्कर मार दी थी। हादसे में बाइक सवार नवविवाहित दंपती की मौत हो गई। दोनों की शादी करीब तीन महीने पहले ही हुई थी। आदर्श गांव, बेडसा निवासी पंकज कटारा (21) अपनी पत्नी पायल (19) के साथ मंगलवार शाम बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रही कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। सूचना पर धंबोला थानाधिकारी चंद्रशेखर किलानिया पुलिस टीम के साथ पहुंचे। घायलों को सीमलवाड़ा सीएचसी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने पायल को मृत घोषित कर दिया। पंकज की हालत गंभीर होने पर उसे मोडासा रेफर किया गया। परिजन उसे बेहतर इलाज के लिए मोडासा ले गए, लेकिन मंगलवार देर रात इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। तीन महीने पहले गूंजी थीं शहनाइयां, वहां छाया मातमएक ही हादसे में पति-पत्नी की मौत की खबर मिलते ही दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। जिस घर में महज तीन महीने पहले शादी की खुशियां मनाई गई थीं, वहां मातम छा गया। पंकज के परिवार पर पहले भी दुख का पहाड़ टूट चुका है। उसके पिता प्रभुलाल कटारा की करीब दो साल पहले एक हादसे में मौत हो चुकी थी। अब बेटे की मौत से परिवार पर दोहरा संकट आ गया।आर्थिक सहयोग पर बातचीत के बाद शुरू हुई पोस्टमार्टम प्रक्रियाहादसे के बाद दोनों शव सीमलवाड़ा अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाए गए। बुधवार को दिनभर कार मालिक से आर्थिक सहयोग को लेकर परिजनों और ग्रामीणों के बीच बातचीत चलती रही। शाम तक दोनों पक्षों में सहमति बनने के बाद शवों के पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में परिजन, रिश्तेदार और ग्रामीण अस्पताल परिसर में मौजूद रहे।पुलिस ने शुरू की जांचधंबोला थाना पुलिस ने हादसे के कारणों और घटना से जुड़े तथ्यों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने हादसे में शामिल कार और बाइक के संबंध में आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद दोनों शव परिजनों को सौंपे जाएंगे।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में मंगलवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की ओर से ‘त्वम् हि दुर्गा’ युवती सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला भी शामिल हुईं। कार्यक्रम के दौरान उन्हें ABVP का पटका पहनाया गया। इसके बाद कुछ छात्र नेताओं ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इसका विरोध जताया। छात्र नेताओं का कहना है कि कुलपति पूरे विश्वविद्यालय की होती हैं। ऐसे में किसी छात्र संगठन के कार्यक्रम में शामिल होकर उस संगठन का पटका पहनना उनकी भूमिका को लेकर सवाल खड़े करता है। छात्रों ने तंज कसते हुए लिखा कि “कुलपति मैडम को छात्र राजनीति में प्रवेश करने पर बधाई, अब छात्रसंघ चुनाव भी करा दीजिए।” छात्र नेताओं ने कहा कि कुलपति को किसी एक संगठन से जुड़ा हुआ नजर नहीं आना चाहिए। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय में छात्रों की कई समस्याएं हैं। हॉस्टल फीस, डिग्री और अन्य मुद्दों को लेकर छात्र जब अपनी बात रखते हैं तो उन्हें जवाब नहीं मिलता, जबकि संगठन के कार्यक्रमों में कुलपति की मौजूदगी नजर आती है। पोस्ट में लिखा- शिक्षा की जिम्मेदारी छोड़ संगठन की राजनीति में व्यस्त सोशल मीडिया पर छात्र नेताओं की ओर से जारी पोस्ट में सवाल उठाया गया कि क्या विश्वविद्यालय के कुलपति का काम किसी संगठन के कार्यक्रम में शामिल होकर उसका पटका पहनना है। पोस्ट में आरोप लगाया गया कि “शिक्षा की जिम्मेदारी छोड़कर संगठन की राजनीति में व्यस्त” होने जैसी स्थिति दिखाई दे रही है। छात्रों ने यह भी सवाल उठाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन की गतिविधियों में संगठन की सक्रियता को लेकर ऐसी तस्वीर क्यों बन रही है। कुछ छात्र नेताओं ने सोशल मीडिया पोस्ट में कुलपति पर भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के आरोप भी लगाए हैं। छात्र नेताओं ने कुलपति के कार्यक्रम में शामिल होने और ABVP का पटका पहनने की तस्वीर भी सोशल मीडिया पर पोस्ट की है। छात्र नेता अक्षय बैसला, आलोक बैसला, आदेश प्रधान, आकाश भड़ाना और रविंद्र प्रधान आदि ने कहा कि कुलपति पूरे विश्वविद्यालय की होती हैं। ऐसे में किसी एक छात्र संगठन के कार्यक्रम में शामिल होकर उसका पटका पहनना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं पर जवाब देने के बजाय संगठनात्मक कार्यक्रमों में सक्रियता दिखाना सवाल खड़े करता है।
मैहर जिले के अमरपाटन में पत्नी के चरित्र पर शक के चलते उसकी जान लेने वाले पति को अदालत ने दोषी ठहराया है। बुधवार को पति को उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके साथ ही उस पर 1,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया। इस मामले में सबसे अहम बात यह रही कि सुनवाई के दौरान चश्मदीद गवाह अपने बयानों से पलट गए थे। इसके बावजूद कोर्ट ने मौके के मजबूत सबूतों और कड़ियों को जोड़ते हुए आरोपी को कसूरवार माना और सजा सुनाई। पीड़िता के वकील ने कहा कि आरोपी ने कहा था कि महिला हैंडपंप पर पानी भरते समय गिर गई थी। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि महिला के सिर पर किसी भारी वस्तु से हमला किया गया था, जिससे उसकी जान गई। इसी आधार पर कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। चरित्र पर शक में लाठी-डंडों से पीटकर की थी हत्या यह मामला ताला थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रामगढ़ का है। अभियोजन के मुताबिक, 12 सितंबर 2024 की रात रामचरण बंसल का अपनी पत्नी ज्योति बंसल के साथ चरित्र पर शक को लेकर विवाद हुआ था। बात बढ़ने पर आरोपी रामचरण ने आपा खो दिया और बांस के डंडे व भारी वस्तु से ज्योति पर जानलेवा हमला कर दिया। सिर में गहरी और गंभीर चोट लगने के कारण ज्योति ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। अदालत ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर माना दोषी घटना के बाद ताला थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच पूरी की और मामला अमरपाटन के द्वितीय अपर सत्र न्यायालय में पेश किया। अभियोजन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक पंकज पटेल ने मजबूती से पक्ष रखा। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश विवेक सक्सेना ने मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी रामचरण बंसल को दोषी ठहराया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सरकारी वकील ने बताया कि गवाहों के मुकरने के बाद भी वैज्ञानिक और परिस्थितिजन्य सबूत इतने पक्के थे कि आरोपी कानून की गिरफ्त से बच नहीं सका। अनाथ हुए दो मासूम बच्चों को मिलेगा मुआवजा इस वारदात के बाद महिला के दो मासूम बच्चे अकेले और बेसहारा हो गए हैं। बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए अदालत ने सतना जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को निर्देश दिए हैं कि वे नियमानुसार दोनों बच्चों के लिए मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी करें, ताकि उनके पालन-पोषण में मदद मिल सके।
उदयपुर लेकसिटी राउंड टेबल-206 की और से 3 और 4 अक्टूबर को फील्ड क्लब में ‘रफ्तार 3.0’ ऑटो एक्सपो का आयोजन किया जाएगा। इस एक्सपो में कार एवं दूपहिया वाहन ब्रांड्स के साथ विंटेज कारें, गेमिंग जोन, फूड जोन और बच्चों के लिए मनोरंजक गतिविधियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। राउंड टेबल चेयरमैन मोहित सिंघवी ने बताया- एक्सपो में देश-विदेश के प्रमुख कार एवं दोपहिया वाहन ब्रांड्स एक ही मंच पर अपने नए वाहनों का प्रदर्शन करेंगे। ‘रफ्तार 2.0’ में करीब 3 हजार से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया था। बड़े ब्रांड्स आएंगे सचिव दीपक जोधावत ने बताया कि ‘रफ्तार 3.0’ में चार पहिया वाहन सभी प्रमुख ब्रांड्स अपने वाहनों का प्रदर्शन करेंगे। ऑटोमोबाइल प्रदर्शन के साथ गेमिंग जोन, फूड जोन और बच्चों के लिए विभिन्न मनोरंजक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। एरिया चेयरमैन अनीश चौधरी ने बताया कि ‘रफ्तार 3.0’ का एक प्रमुख उद्देश्य चैरिटी फंडरेजिंग के माध्यम से सामाजिक कार्यों के लिए सहयोग राशि जुटाना भी है। कार्यक्रम से जुटाई जाने वाली राशि का उपयोग अंबेरी स्कूल में छह नई कक्षाओं के निर्माण के लिए किया जाएगा। उन्होंने बताया कि राउंड टेबल इंडिया शिक्षा के क्षेत्र में स्कूल भवनों और कक्षाओं के निर्माण सहित विभिन्न सामाजिक प्रकल्पों पर कार्य करता रहा है। पीआईएमएस के सहयोग से आयोजित होने वाले इस आयोजन की तैयारियों में सनी मोदी, मनन माण्डावत, असीम बोलिया और कुणाल बागरेचा सहित आयोजन से जुड़े पदाधिकारी लगे हुए है।
मथुरा में ट्रेन से 12 किलो गांजा बरामद-तस्कर गिरफ्तार:6 लाख रुपए कीमत, दिल्ली ले जा रहा था
मथुरा जंक्शन पर जीआरपी ने बुधवार सुबह चेकिंग के दौरान ट्रेन से 12 किलो गांजा बरामद किया। पुलिस ने गांजा लेकर दिल्ली जा रहे 36 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। बरामद गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 6 लाख रुपये बताई गई है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। जीआरपी थाना प्रभारी प्रदीप कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम बुधवार सुबह करीब 11 बजे मथुरा जंक्शन पर गश्त और संदिग्ध लोगों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर ने सूचना दी कि एक युवक गांजा लेकर दिल्ली जाने वाली ट्रेन में सवार है। प्लेटफार्म पर खड़ी ट्रेन में मिली खेप पुलिस ने प्लेटफार्म नंबर 2ए पर खड़ी दिल्ली जाने वाली पैसेंजर ट्रेन की तलाशी शुरू की। ट्रेन के पीछे से तीसरे डिब्बे में बैठे संदिग्ध युवक को पुलिस ने पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 12 किलो गांजा बरामद हुआ। पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान पिन्टू चौधरी पुत्र सुरेश चौधरी, निवासी सेक्टर-2 इंडस्ट्रियल एरिया, बवाना, उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के रूप में हुई है। पूछताछ में पिन्टू ने बताया कि उसने विशाखापट्टनम में दो युवकों से गांजा खरीदा था। दोनों ने अपनी पहचान नहीं बताई थी। उसे गांजे की खेप बताए गए व्यक्ति और नंबर तक पहुंचानी थी। पकड़े जाने के डर से वह अलग-अलग ट्रेनों से यात्रा कर दिल्ली जा रहा था। मथुरा में ट्रेन बदलते समय पकड़ा गया पुलिस के अनुसार, आरोपी विशाखापट्टनम से अलग-अलग ट्रेनों से मथुरा पहुंचा था। यहां से दिल्ली जाने वाली पैसेंजर ट्रेन में सवार हुआ। इसी दौरान चेकिंग में वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया। जीआरपी ने गांजा कब्जे में लेकर आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस उससे पूछताछ कर गांजा तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।
खंडवा के नया बस स्टैंड पर सोमवार देर शाम पुरानी रंजिश को लेकर हुए खूनी संघर्ष में घायल किशन गुप्ता की मंगलवार शाम जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। घटना के बाद बुधवार को शहर में पूरे दिन तनाव का माहौल रहा। किशन के पोस्टमार्टम के दौरान करीब 500 लोग जिला अस्पताल में जुटे और काफी देर तक प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने घटना में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। आक्रोश इतना बढ़ गया कि जिला अस्पताल के बाहर चक्काजाम की स्थिति बन गई। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद वे शांत हुए और किशन का पोस्टमार्टम कराया जा सका। इसके बाद परिजन शव लेकर रवाना हुए। देर शाम किशन का अंतिम संस्कार किया गया। इधर, पदमनगर पुलिस ने किशन की मौत के मामले में भाजपा पार्षद विजय यादव समेत छह लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि भाजपा पार्षद विजय यादव समेत दो अन्य आरोपी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। पोस्टमार्टम के दौरान अस्पताल में जुटे परिजन और दोस्त बुधवार को किशन गुप्ता के पोस्टमार्टम के लिए उसके परिजन और बड़ी संख्या में दोस्त जिला अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक घटना में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक वे पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे। अस्पताल परिसर में काफी देर तक नारेबाजी और विरोध चलता रहा। प्रदर्शन के दौरान मृतक के परिजनों ने विधायक कंचन तनवे के फोटो भी हाथ में लिए और उनके खिलाफ विरोध जताया। परिजन विधायक पर पहले ही एक पक्ष के प्रति रुख रखने और पुलिस कार्रवाई को प्रभावित करने के आरोप लगा चुके हैं। बुधवार को भी प्रदर्शन के दौरान उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर की। अस्पताल के बाहर चक्काजाम की नौबत प्रदर्शन के चलते जिला अस्पताल के बाहर भी लोगों की भीड़ जमा हो गई। कुछ समय के लिए ऐसी स्थिति बनी कि सड़क पर चक्काजाम की नौबत आ गई। इससे अस्पताल के आसपास आवागमन प्रभावित हुआ। पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। अधिकारियों ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया। पुलिस की ओर से कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद परिजन माने और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराई गई। पोस्टमार्टम के बाद किशन का शव परिजनों को सौंप दिया गया। इसके बाद परिजन शव लेकर रवाना हुए और देर शाम उसका अंतिम संस्कार किया गया। मृत्यु पूर्व बयान के आधार पर हत्या का केस पदमनगर पुलिस ने किशन गुप्ता की मौत के बाद मामले में हत्या की धाराएं बढ़ाते हुए छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इनमें भाजपा पार्षद विजय यादव भी आरोपी बनाए गए हैं। सीएसपी अभिनव बारंगे के मुताबिक, पुलिस ने कार्रवाई मृतक किशन गुप्ता के मृत्यु पूर्व बयान के आधार पर की है। उन्होंने बताया कि घटना में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संदीप पिता अनिल यादव, अमय पिता टिन्ना उर्फ सचिन यादव और प्रथमेश पिता संजय यादव के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार मामले में फिलहाल अनुसंधान जारी है। किशन के दोनों पैरों और सीने पर हुए थे वार सोमवार शाम नया बस स्टैंड पर हर्षल यादव और गुप्ता परिवार की ओर से किशन गुप्ता व संदीप वाघ आमने-सामने हो गए। विवाद बढ़ने के बाद दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। देखते ही देखते हथियार चल गए, जिसमें कई लोग घायल हो गए। खूनी संघर्ष में किशन गुप्ता गंभीर रूप से घायल हुआ था। उसके दोनों पैरों, सीने और शरीर के अन्य हिस्सों पर धारदार हथियार से वार किए गए थे। गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। मंगलवार शाम करीब 4 बजे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं, दूसरे पक्ष के हर्षल यादव के गले की वोकल कॉर्ड कट गई थी। हालत गंभीर होने पर प्राथमिक उपचार और सर्जरी के बाद उसे इंदौर रेफर किया गया था। इंदौर के निजी अस्पताल में उसकी सर्जरी हुई। इसके अलावा भाजपा पार्षद विजय यादव की उंगलियां भी घायल होने की जानकारी सामने आई थी। उनका इलाज किया जा रहा था।
टोंक जिला जूडो संघ की नई कार्यकारिणी की घोषणा:शैतान सिंह जिला अध्यक्ष और राधेश्याम नावारिया सचिव बने
नावरिया फार्म, चंदलाई में टोंक जिला जूडो संघ की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। जिला जूडो संघ के नवनिर्वाचित निर्वाचन अधिकारी सत्यनारायण यादव ने बताया कि जयपुर से आए महिपाल ग्रेवाल एवं प्रवेज खान, जिला ओलंपिक एसोसिएशन के सचिव मुमताज राही और कोच अतिकुल्ला खान की मौजूदगी में चुनाव प्रक्रिया संपन्न हुई। नई कार्यकारिणी में डॉ. शैतान सिंह खंगारोत को जिला अध्यक्ष और राधेश्याम नावारिया को सचिव चुना गया। वहीं गोमिसिंह गुर्जर को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। उपाध्यक्ष पद पर मन्नालाल चौधरी, हरिराम चौधरी, जयदीप सिंह राजावत एवं सीमा धामाई को नियुक्त किया गया। संयुक्त सचिव के रूप में धर्मराज यादव, प्रहलाद गुर्जर एवं बलवीर चौधरी को जिम्मेदारी दी गई। इसी प्रकार जिला जूडो टीम कोच के रूप में रूपनारायण चौधरी और निर्णायक हेड ऑफिसर के रूप में प्रदीप कुमार शर्मा एवं एकता यादव को जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके अलावा तकनीकी अधिकारियों और कार्यकारिणी सदस्यों की भी नियुक्ति की गई। नवनिर्वाचित कार्यकारिणी ने जिले में जूडो खेल को बढ़ावा देने, खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराने तथा प्रतिभावान खिलाड़ियों को जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।
'4.73 करोड़ का मुनाफा दिखाया, 62.49 लाख उड़ा लिए...' पटना में शेयर ट्रेडिंग के नाम पर बड़ा खेल
पटना में शेयर ट्रेडिंग के नाम पर एक व्यक्ति से 62.49 लाख रुपये की ठगी की गई, जिसमें जालसाजों ने फर्जी ऐप पर 4.73 करोड़ रुपये का मुनाफा दिखाया। पीड़ित को व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए फंसाया गया और पैसे निकालने पर 75% कमीशन की शर्त रखी गई, जिसके बाद साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई।
ग्राम सिंहासा में पानी, सड़क, बिजली, ड्रेनेज सहित मूलभूत समस्याओं को लेकर रहवासी बुधवार को कलेक्टर ऑफिस पहुंचे। यहां उन्होंने जमकर नारेबाजी करते हुए समस्याओं का तत्काल निराकरण करने की मांग की। राऊ विधानसभआ के अभिषेक जाट ने बताया कि विधानसभा की ग्राम पंचायत सिंहासा के लोग मूलभूत सुविधाओं के अभाव के बीच जीवन जीने को मजबूर हैं। इंदौर शहर से महज कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस क्षेत्र में सबसे गंभीर समस्या पीने के पानी की है। कई परिवार खदान के पानी का उपयोग करने को मजबूर हैं। ऐसे पानी के उपयोग से स्वास्थ्य संबंधी खतरे की आशंका बनी हुई है। इसलिए इस समस्या का समाधान किसी भी स्थिति में प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए। क्षेत्र में ड्रेनेज व्यवस्था खराब है, गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जगह-जगह गंदगी जमा है। पर्याप्त बिजली के पोल और स्ट्रीट लाइट नहीं हैं। सड़कें अधूरी हैं। सरकारी स्कूल एवं आंगनबाड़ी तक पहुंचने वाले रास्तों की स्थिति भी सुधारने की आवश्यकता है। इसके साथ ही पात्र लोगों को राशन पर्ची, कुटीर/आवास योजना, वृद्धावस्था, दिव्यांग एवं अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने की आवश्यकता है। अत्यंत गरीब परिवारों के सामने बिजली बिल का आर्थिक बोझ भी गंभीर समस्या है। इन मांगों को भी उठाया अभिषेक जाट ने कहा कि इसके अलावा पेंशन सहित कई योजनाओं का लाभ भी लोगों को नहीं मिल रहा है। सिंहासा इलाके में व्याप्त समस्याओं का जल्द से जल्द निराकरण किया जाना चाहिए। इसे लेकर उन्होंने ज्ञापन सौंपा और मांगों के जल्द निराकरण की मांग की है।
वाराणसी में रविवार को कर्नल अमिताभ कुमार के निर्देशन में 2 यूपी ईएमई कंपनी, बीएचयू वाराणसी की ओर से बुधवार को स्वच्छ भारत अभियान के तहत स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान महाविद्यालय परिसर और आसपास के क्षेत्रों में कैडेट्स ने साफ-सफाई की और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। कैडेट्स ने स्वच्छता के महत्व की जानकारी देते हुए लोगों को कूड़ेदान का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में सीनियर जेसीओ बीके पांडेय, जेसीओ मानिक दास और हवलदार रंजन मौजूद रहे। उन्होंने कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छता केवल अभियान नहीं, बल्कि ऐसी आदत है, जिसे जीवन में अपनाना चाहिए। कर्नल अमिताभ कुमार के दिशा-निर्देशन में कैडेट्स ने परिसर को प्लास्टिक मुक्त रखने का संकल्प लिया। अंत में सभी कैडेट्स ने स्वच्छता की शपथ ली।
झांसी में गोली मारकर हत्या करने वाले पिता-पुत्र समेत 4 दोषियों को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सभी पर 22-22 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। नहीं देने पर एक साल की जेल अतिरिक्त काटनी होगी। यह फैसला बुधवार को विशेष न्यायालय संख्या-1 (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) के विशेष न्यायाधीश कमल कांत श्रीवास्तव ने सुनाया है। चारों आरोपियों ने 2019 में मऊरानीपुर थाना क्षेत्र के बौंडा गांव में हरेंद्र की हत्या की थी। ट्रैक्टर चालक से मारपीट का उलहाना देने गए थे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता देवेंद्र पांचाल ने बताया- बौंडा गांव निवासी हृदेश सिंह ने मऊरानीपुर थाने में तहरीर दी थी। जिसमें बताया था- 29 मार्च 2019 को उसके ट्रैक्टर ड्राइवर लखन के साथ गांव के कुछ लोगों ने मारपीट कर दी थी। इस पर वह अपने पिता हरेंद्र (62) के साथ आरोपियों के घर पर उलहाना देने गया। इसके बाद शाम लगभग 6.30 बजे वह गांधी चबूतरा के पास खड़ा था तभी गांव के धर्मपाल सिंह, उसका बेटा लवकुश उर्फ लेखराज सिंह, दृगपाल सिंह और इंद्रपाल सिंह आए और गाली गलाैच करने लगे। आवाज सुनकर पिता हरेंद्र भी आ गए और गाली देने से मना किया। तब धर्मपाल ने अपने बेटे लवकुश उर्फ लेखराज से कहा कि इसको गोली मार दो। विवाद बढ़ने पर लवकुश ने कमर से हथियार निकाला और पिता के सीने में गोली मार दी। इसके बाद वे हृदेश पर गोली चलाने लगे। यह देख हृदेश अपने साथियों के साथ भाग गया। परिजनों ने हरेंद्र को मऊरानीपुर सीएचसी पहुंचाया। जहां पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने केस दर्ज करके चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। बाद में उनके खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया गया। अब कोर्ट ने तमाम साक्ष्यों के आधार पर चारों आरोपी धर्मपाल सिंह, उसके बेटे लवकुश उर्फ लेखराज, दृगपाल सिंह और इंद्रपाल सिंह को आजीवन कारावास और 22-22 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सहारनपुर के सदर बाजार क्षेत्र में बुधवार को किराए के मकान की ऊपरी मंजिल पर 22 साल के युवक का शव फंदे से लटका मिला। युवक मंगलवार सुबह से कमरे से बाहर नहीं निकला था। शाम तक दरवाजा नहीं खुला तो मकान मालिक ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव बाहर निकाला। मृतक की पहचान बेहट क्षेत्र के गांव बादलपुर निवासी साहिल के रूप में हुई है। वह जागरण और भजन-कीर्तन मंडली के साथ नाचने-गाने का काम करता था। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। दरवाजा नहीं खुला तो पुलिस को बुलाया साहिल प्रेम विहार कॉलोनी में किशनलाल के मकान की ऊपरी मंजिल पर किराये पर रहता था। मंगलवार सुबह से वह कमरे से बाहर नहीं आया। शाम तक दरवाजा बंद रहने पर मकान मालिक को शक हुआ। आसपास के लोगों को बुलाने के बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा तोड़ा तो साहिल पंखे के कुंडे से चुनरी के सहारे लटका मिला। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। मोबाइल की CDR खंगाल रही पुलिस परिजनों के मुताबिक, साहिल अविवाहित था और जागरण मंडली के साथ काम करता था। वे भी उसकी मौत का स्पष्ट कारण नहीं बता सके हैं। पुलिस युवक के मोबाइल की CDR निकलवा रही है। यह भी पता किया जा रहा है कि घटना से पहले उसकी किन लोगों से बातचीत हुई थी और किसी से विवाद तो नहीं था। एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। अभी तक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है और परिजनों की ओर से कोई तहरीर भी नहीं दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद मौत की स्थिति स्पष्ट होगी।
देवरिया के सलेमपुर में नगर के प्रसिद्ध आयुर्वेद चिकित्सक स्व. डॉ. केके तिवारी की द्वितीय पुण्यतिथि पर बुधवार को जमुआ नंबर-2 स्थित बुद्धा हॉस्पिटल में निःशुल्क आयुर्वेद एवं एलोपैथिक चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया। शिविर का शुभारंभ गोरखपुर बुद्धा हॉस्पिटल के निदेशक एवं हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. एससी कौशिक ने स्व. डॉ. केके तिवारी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया। शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने 482 मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया। हड्डी व नस, दंत, पेट, बाल, महिला एवं प्रसूति, नेत्र, लीवर, छाती, मधुमेह, पथरी, बवासीर और भगंदर सहित विभिन्न रोगों से पीड़ित मरीजों को चिकित्सकीय सलाह दी गई। शिविर में आयुर्वेदिक चिकित्सा और फिजियोथेरेपी की सुविधा भी उपलब्ध रही। शिविर में डॉ. कृष्ण कुमार यादव, डॉ. निधि तिवारी, डॉ. पवन प्रकाश सिंह, डॉ. आरएन यादव, डॉ. एमएम तिवारी, डॉ. अतुल राय, डॉ. भूपेंद्र कुमार, डॉ. विजय यादव, डॉ. नितीश ओझा, डॉ. शिवम विश्वकर्मा और डॉ. अभिनव तिवारी समेत अन्य चिकित्सकों ने सेवाएं दीं। आयोजक डॉ. एमएम तिवारी ने कहा कि उनके पिता स्व. डॉ. केके तिवारी ने क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का संकल्प लिया था। उनकी स्मृति में यह शिविर आयोजित किया गया है। भविष्य में भी ऐसे आयोजन जारी रहेंगे। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष काली प्रसाद समेत वरिष्ठ चिकित्सकों डॉ. बीबी तिवारी, डॉ. शैलेंद्र मिश्रा, डॉ. ओपीएसएन तिवारी, डॉ. बीके मल्ल, डॉ. जेडी शुक्ला और डॉ. अतुल राय को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। अतिथियों का स्वागत सह सेवा प्रमुख नित्यानंद राय ने किया। कार्यक्रम में जिला प्रचारक सचिन, जिला कार्यवाह वेद प्रकाश, सह जिला कार्यवाह करुणेश और दानवीर मौजूद रहे। पीएमपीए के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रद्युम्न पांडेय ने सभी आगंतुकों का आभार जताया।
मुजफ्फरनगर में अंकित हत्याकांड में विशेष न्यायालय एससी-एसटी एक्ट ने बुधवार को पति-पत्नी को उम्रकैद की सजा सुनाई। पीठासीन अधिकारी डॉ. विजय कुमार की अदालत ने मीनाक्षी और उसके पति सोनू को हत्या का दोषी माना। दोनों पर 50-50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। इस तरह दोनों पर कुल एक लाख रुपए का अर्थदंड हुआ। मामला खतौली क्षेत्र के जसौला गांव का है। मीनाक्षी के घर पहुंचा था अंकित मामला 7 जनवरी 2024 का है। अभियोजन के अनुसार, जसौला निवासी रणवीर सिंह का 21 वर्षीय बेटा अंकित शाम के समय घर से निकला था। बाद में वह गांव की रहने वाली मीनाक्षी के घर पहुंचा। अंकित के मीनाक्षी के घर होने की जानकारी मिलने पर उसके पिता रणवीर सिंह और बड़ा भाई लवकुश उसकी तलाश करते हुए वहां पहुंचे। काफी आवाज देने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला तो परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। घर के अंदर घायल हालत में मिला था युवक पुलिस की मौजूदगी में घर का दरवाजा खुलवाया गया तो अंकित अंदर बेसुध हालत में मिला। उसके शरीर पर चोटों के निशान थे। पुलिस ने उसे इलाज के लिए भेजा, लेकिन उसकी हालत गंभीर बनी हुई थी। जांच के दौरान अंकित और मीनाक्षी के बीच प्रेम संबंध होने की बात सामने आई। अभियोजन के मुताबिक, मीनाक्षी अपने पति सोनू के साथ रहना चाहती थी। इसी वजह से अंकित को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई। बंधक बनाकर मारपीट का आरोप अभियोजन के अनुसार, अंकित को मीनाक्षी के घर बुलाने के बाद बंधक बनाया गया और उसके साथ मारपीट की गई। आरोप है कि मीनाक्षी और सोनू ने डंडों से अंकित की पिटाई की, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के तीन दिन बाद पुलिस ने मीनाक्षी और सोनू को गिरफ्तार कर लिया। विवेचना पूरी होने के बाद दोनों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। मामले की सुनवाई विशेष न्यायालय एससी-एसटी एक्ट में हुई। अभियोजन की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आशीष कुमार त्यागी ने पैरवी की। अभियोजन की ओर से कुल सात गवाह अदालत में पेश किए गए, जिनमें मृतक के पिता रणवीर सिंह और भाई लवकुश भी शामिल थे। गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों पर सुनवाई के बाद अदालत ने मीनाक्षी और सोनू को हत्या का दोषी माना। बुधवार को दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। साथ ही दोनों पर 50-50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। 7 जनवरी 2024 को हुई हत्या के करीब दो साल आठ माह 23 दिन बाद अदालत का फैसला आया। फैसला सुनाए जाने के बाद दोनों को जेल भेज दिया गया।
नूंह के नूंह ब्लॉक में आयोजित ब्लॉक कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन में बुधवार को कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि “हरियाणा में वोट चोरी नहीं, बल्कि सरकार चोरी हुई है।” हुड्डा ने कहा कि राहुल गांधी ने हरियाणा में कथित वोट चोरी का मुद्दा देश के सामने रखा है और कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर पूरे देश में आंदोलन चला रही है। उन्होंने कहा कि संविधान ने जनता को मतदान का अधिकार दिया है और इस अधिकार को किसी भी कीमत पर छीने नहीं दिया जाएगा। पूर्व सीएम ने सरकार के दो साल के कार्यकाल पर सवाल खड़े किए पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा सरकार के करीब दो साल के कार्यकाल पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सरकार ने जनता से किए वादों में से कितने पूरे किए और ऐसे कौन से बड़े फैसले लिए, जिनका सीधा लाभ आम आदमी को मिला, इसका हिसाब जनता के सामने होना चाहिए। उन्होंने अपराध और रंगदारी की घटनाओं का मुद्दा उठाते हुए सरकार पर सवाल खड़े किए। रोजगार के मुद्दे पर कौशल रोजगार निगम का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं को स्थायी नौकरी के बजाय अस्थायी रोजगार दिया जा रहा है। शिक्षा व्यवस्था पर उन्होंने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी का मुद्दा उठाया। हम हारे नहीं- चुनाव आयोग ने हराया : राज बब्बर वहीं पूर्व सांसद एवं अभिनेता राज बब्बर ने चुनाव आयोग पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि, हम हारे नहीं हैं, बल्कि चुनाव आयोग ने हमें हराया है। बब्बर ने कहा कि मेवात की जनता ने उन्हें नूंह से जीताकर भेजा था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर उन्हें पहले पता होता कि “लाइट जाएगी, लेकिन एसी चलता रहेगा”, तो वे अपनी ओर से और तैयारियों के साथ मैदान में उतरते। सम्मेलन में नूंह विधायक आफताब अहमद, फिरोजपुर झिरका विधायक मामन खान इंजीनियर और जिला कांग्रेस अध्यक्ष शहीदा खान समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। हुड्डा ने इनेलो पर भी निशाना साधते हुए उसे भाजपा की ‘बी टीम’ बताया और आरोप लगाया कि उसका काम वोट काटना है।
दरभंगा में डेढ़ सौ एकड़ के मोईन पोखर पर एनजीटी का शिकंजा, नगर आयुक्त से मांगा जाएगा पूरा हिसाब
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने दरभंगा के मोईन पोखर पर अतिक्रमण और खरीद-बिक्री के मामले में नगर आयुक्त को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया है। ट्रिब्यूनल ने दरभंगा नगर निगम की कार्रवाई पर असंतोष व्यक्त करते हुए 30 अक्टूबर को सुनवाई निर्धारित की है।
मेरठ के महिला अस्पताल में हुआ हेल्दी बेबी शो:अभिभावकों को दी पोषण और टीकाकरण के महत्व की जानकारी
मेरठ के जिला महिला चिकित्सालय में बुधवार को हेल्दी बेबी शो का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पार्षद उत्तम सैनी मौजूद रहे। आयोजन का उद्देश्य अभिभावकों को बच्चों के उचित पोषण, नियमित टीकाकरण, स्वच्छता और बेहतर स्वास्थ्य देखभाल के प्रति जागरूक करना रहा। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षिका डॉ. मीनाक्षी सिंह ने कहा कि बच्चों का स्वस्थ और समुचित विकास शुरुआती वर्षों में मिलने वाले पोषण, देखभाल और स्वास्थ्य सेवाओं पर निर्भर करता है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों का नियमित टीकाकरण कराने के साथ संतुलित आहार और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने की अपील की। डॉ. राकेश शर्मा ने कहा कि बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच से उनके विकास की निगरानी की जा सकती है। इससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की समय रहते पहचान और उपचार संभव होता है। बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए पौष्टिक आहार के साथ स्वस्थ दिनचर्या भी जरूरी है। पार्षद उत्तम सैनी ने कहा कि स्वस्थ बच्चे ही स्वस्थ और सशक्त समाज की नींव हैं। ऐसे आयोजनों से अभिभावकों में बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को लेकर जागरूकता बढ़ती है। उन्होंने जिला महिला चिकित्सालय की पहल की सराहना की। कार्यक्रम में डॉ. प्रशांत, डॉ. गोपी, डॉ. संजीव, चीफ फार्मासिस्ट, फार्मासिस्ट सहित नर्सिंग और अन्य चिकित्सालय स्टाफ मौजूद रहा।
मऊगंज जिले में अवैध खनिज परिवहन के खिलाफ खनिज विभाग ने दो दिन में पांच वाहनों पर कार्रवाई की। मंगलवार से बुधवार शाम तक अलग-अलग स्थानों पर जांच के दौरान गिट्टी का परिवहन कर रहे दो ट्रेलर और तीन डंपर पकड़े गए। सभी वाहनों को जब्त कर पुलिस की अभिरक्षा में खड़ा कराया गया है। हनुमना में पहले दो वाहन पकड़े मंगलवार शाम खनिज विभाग की टीम ने हनुमना क्षेत्र में जांच के दौरान गिट्टी का परिवहन कर रहे एक ट्रेलर और एक डंपर को पकड़ा। जांच में परिवहन संबंधी नियमों का पालन नहीं पाया गया। दोनों वाहनों को जब्त कर पुलिस थाना हनुमना और हर्रहा की अभिरक्षा में खड़ा कराया गया। बुधवार को तीन वाहनों पर कार्रवाई बुधवार को विभाग की टीम ने हनुमना क्षेत्र में दो ट्रेलर और मऊगंज क्षेत्र में एक डंपर को गिट्टी का अवैध परिवहन करते पकड़ा। कार्रवाई के बाद वाहनों को पुलिस थाना मऊगंज और पिपराही क्षेत्र की अभिरक्षा में सुरक्षित खड़ा कराया गया। पांचों वाहनों पर प्रकरण दर्ज खनिज विभाग ने सभी पांच वाहनों के खिलाफ खनिज नियमों के तहत अवैध परिवहन के प्रकरण दर्ज किए हैं। मामलों में नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर ने निगरानी के दिए निर्देश कलेक्टर संजय कुमार जैन ने अधिकारियों को जिले में अवैध खनिज गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।
अमृतसर में 11वीं की छात्रा ने की आत्महत्या, टीचर्स पर लगा भद्दे कमेंट्स और मानसिक उत्पीड़न का आरोप
अमृतसर के सारागढ़ी मेमोरियल स्कूल की 11वीं कक्षा की छात्रा कोमल ने शिक्षकों द्वारा मानसिक उत्पीड़न के आरोपों के बाद आत्महत्या कर ली।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद बुधवार को वाराणसी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने चुनाव आयुक्त को लेकर उठ रहे सवालों पर कहा- जब मैं पहली बार मतदाता बना था। मैं अपना पहला बोट डालने पहुंचा था। वहां मुझे बताया गया कि आपका वोट पहले ही पड़ चुका है। बैलेट पेपर पर पहले ही टिक लगा था। उस समय मतपत्र से मतदान होता था। उन्होंने इस पर आपत्ति भी दर्ज कराई थी। उन्होंने गाय को राष्ट्र माता घोषित कराने की मुहिम को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अब इस अभियान को आगे बढ़ाने के लिए काशी में रणनीति तैयार की जाएगी। काशी पहुंचने पर अविमुक्तेश्वरानंद का बटुकों ने भव्य स्वागत किया। इस दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा- सत्ताधारी पार्टी अगर ऐलान कर दे कि गाय को राष्ट्र माता घोषित किया जाता है, तो हमें किसी के पास जाने की जरूरत नहीं है। यदि सत्ता पक्ष ऐसा नहीं करता है तो विपक्ष में जो लोग हैं, वे अपना शपथ पत्र लेकर उनके पास आएं और गाय को राष्ट्र माता घोषित करने की बात स्पष्ट रूप से कहें। चुनाव आयुक्त और ईवीएम पर भी बोलेचुनाव आयुक्त को लेकर उठ रहे सवालों पर शंकराचार्य ने कहा- पहले सवाल उठ रहे थे, लेकिन अब उन्हीं के विभाग की ओर से उसका प्रमाणीकरण हो चुका है। इसके बाद भी व्यवस्था चल रही है, तो इस पर क्या कहा जा सकता है। ईवीएम के सवाल पर उन्होंने कहा कि अब यह बात पुरानी हो चुकी है। उन्होंने अपने जीवन का एक पुराना चुनावी अनुभव भी साझा किया। शंकराचार्य ने बताया कि जब वह काशी पढ़ने आए थे, तब पहली बार मतदाता बने थे। हनुमान घाट पर उनके पिता ने मकान खरीदा था और वहीं रहने के दौरान उनका मतदाता पहचान पत्र बना था। मेरा पहला वोट मेरे डालने से पहले की पड़ गया थाउन्होंने बताया कि पहली बार मतदान के लिए वह कर्नाटक स्टेट स्थित मतदान केंद्र पहुंचे, लेकिन देर से पहुंचने के कारण शाम को जब वोट डालने गए तो उन्हें बताया गया कि उनका वोट पहले ही पड़ चुका है। उस समय मतपत्र से मतदान होता था। उन्होंने इस पर आपत्ति भी दर्ज कराई थी। ‘जेन-जी अभी बच्चे हैं, देश में डर का माहौल’जेन-जी को लेकर पूछे गए सवाल पर शंकराचार्य ने कहा- अभी वे बच्चे हैं। उन्हें यह पूरी तरह पता नहीं है कि क्या उचित है और क्या अनुचित और किस कदम का क्या परिणाम हो सकता है। देश में डर का वातावरण बना दिया गया है। ऐसे में देश के जो विद्वान और जिम्मेदार लोग हैं, उन्हें युवाओं के समर्थन में खड़ा होना चाहिए। अयोध्या में चोरी के खुलासे पर भी साधा निशानाअयोध्या मामले में 105 बार चोरी के खुलासे से जुड़े सवाल पर शंकराचार्य ने कहा- एसआईटी की रिपोर्ट से चोरी का मामला सामने आया है। इसमें कोषाध्यक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण है, लेकिन कथित तौर पर उन्हें प्रमोट करके वहीं बैठा दिया गया और उनकी भूमिका तय नहीं की गई। शंकराचार्य ने तंज कसते हुए कहा- अयोध्या मामले में दूध का दूध और पानी का पानी होना था, लेकिन यहां तो दूध ही दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने मौजूदा सरकार के कार्यकाल में 71 लाख गायों की मौत का दावा करते हुए सवाल उठाया कि जब इतनी गायें नहीं रहीं तो दूध कहां से आएगा। उन्होंने कहा कि आंखों का पानी मर गया है, शर्म-लिहाज खत्म हो गया है। जब 71 लाख गायों के पांच साल में मरने की बात सामने आ रही है तो आखिर अब दूध का दूध और पानी का पानी कैसे होगा। -------------------- ये खबर भी पढ़िए- भाजपा को ‘सरप्राइज’ देने की तैयारी में अखिलेश, 10 विधायक तोड़कर राज्यसभा में तीसरी सीट जीतने की तैयारी...? यूपी में राज्यसभा की 10 सीटों पर चुनाव है। इसके प्रत्याशियों को लेकर सोमवार (28 सितंबर) को प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब अखिलेश यादव से सवाल पूछा गया तो वे बोले, ‘सरप्राइज के लिए तैयार रहिए…।’ आज यूपी एक्सप्लेनर में अखिलेश के इसी ‘सरप्राइज प्लान’ को डिकोड करेंगे। पूरी खबर पढ़िए
डबवाली में ओवरब्रिज के पास बुधवार दोपहर एक बुजुर्ग से लूटपाट हुई। दो बाइक सवार युवकों ने पता पूछने के बहाने उन्हें रोका और सोने की अंगूठी व नकदी छीनकर फरार हो गए। वार्ड नंबर 15 निवासी 72 वर्षीय प्यारे लाल बाजार से खरीदारी कर अपने घर लौट रहे थे। युवकों ने उनकी अंगुली से करीब 5 ग्राम वजनी सोने की अंगूठी और जेब से 700 से 800 रुपए छीन लिए। प्यारे लाल के शोर मचाने पर परिजन और पुलिस मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है और मामले की जांच में जुटी है।
इंदौर के भागीरथपुरा दूषित पानी कांड की जांच करने वाले एक सदस्यीय जांच आयोग ने घटना को किसी एक अधिकारी की लापरवाही नहीं मानी है। आयोग के 110 पेजों की रिपोर्ट के अनुसार दूषित पानी की घटना कई दशकों में अलग-अलग स्तरों पर हुई तकनीकी, प्रशासनिक और निगरानी संबंधी विफलताओं का सामूहिक परिणाम थी। रिपोर्ट में तत्काल कारण सीवरेज का दूषित पानी पेयजल पाइपलाइन में पहुंचना और मूल कारण सीवरेज नेटवर्क की गलत प्लानिंग व निर्माण को माना गया है। आयोग ने 1990-95 के दौरान सीवरेज प्रोजेक्ट और 1999-2004 के दौरान वाटर सप्लाई पाइपलाइन बिछाने वाले तत्कालीन अधिकारियों, इंजीनियरों और तकनीकी अमले की भूमिका पर जिम्मेदारी तय की है। इसके अलावा बाद के वर्षों में इन लाइनों की जांच, मेंटेनेंस, मॉनिटरिंग और खराब पाइपों को समय पर बदलने में नाकाम रहे नगर निगम के इंजीनियरिंग अमले को भी जिम्मेदार माना है। सबसे पहले जानिए- हादसा हुआ कैसे? आयोग के अनुसार- भागीरथपुरा में कई स्थानों पर सीवरेज और पेयजल पाइपलाइन को निर्धारित तकनीकी मानकों के मुताबिक अलग-अलग दूरी पर नहीं रखा गया था। कुछ जगह दोनों पाइपलाइनें समानांतर या एक-दूसरे को क्रॉस करती मिलीं। इससे पाइपलाइन में लीकेज या खराबी होने पर सीवरेज का पानी पेयजल लाइन में जाने का खतरा पैदा हुआ। रिपोर्ट में कहा गया है कि तत्काल कारण सीवरेज का पानी पेयजल वितरण सिस्टम में पहुंचना था, जबकि इसका मूल कारण सीवरेज नेटवर्क की गलत प्लानिंग और निर्माण था। आयोग की नजर में जिम्मेदारी की मुख्य कड़ियां 1. 1990-95 का सीवरेज प्रोजेक्ट तत्कालीन इंदौर विकास प्राधिकरण/संबंधित एजेंसी के वे अधिकारी, इंजीनियर और तकनीकी अधिकारी जिम्मेदार माने गए, जिन्होंने सीवरेज प्रोजेक्ट की प्लानिंग, डिजाइन और निर्माण कराया। आयोग ने कहा कि सीवरेज पाइपलाइन बिछाने में CPHEEO मैनुअल के अनिवार्य इंजीनियरिंग मानकों का पालन नहीं हुआ। 2. 1999-2004 की वाटर सप्लाई पाइपलाइन इस अवधि में पेयजल पाइपलाइन बिछाने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में रखी गई है। पुरानी और कमजोर हो चुकी व्यवस्था को बाद में समय पर दुरुस्त नहीं किया गया। 3. नगर निगम का इंजीनियरिंग अमला आयोग ने कहा कि सिस्टम नगर निगम के नियंत्रण में आने के बाद उसकी जिम्मेदारी थी कि सीवरेज और पेयजल नेटवर्क की नियमित जांच, मेंटेनेंस, मॉनिटरिंग और जरूरत पड़ने पर पाइप बदलने का काम किया जाए। यह जिम्मेदारी प्रभावी तरीके से नहीं निभाई गई। सबसे स्पष्ट जिम्मेदारी: सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर संजीव कुमार श्रीवास्तव आयोग ने संजीव कुमार श्रीवास्तव, सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर की भूमिका पर विशेष टिप्पणी की है। रिपोर्ट के मुताबिक वे 2013 से 2026 तक लगातार वाटर सप्लाई विभाग में पदस्थ रहे और संबंधित क्षेत्र की जलापूर्ति व्यवस्था के वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी थे। आयोग ने माना कि इतने लंबे कार्यकाल में उन्हें पाइपलाइन की स्थिति, लीकेज, खराब हिस्सों, संक्रमण के खतरे और जर्जर नेटवर्क की जानकारी होना चाहिए थी। इसके बावजूद पर्याप्त: निरीक्षण, प्रिवेंटिव मेंटेनेंस,पाइप बदलने, मॉनिटरिंग की व्यवस्था नहीं हुई। आयोग ने स्पष्ट कहा कि संजीव कुमार श्रीवास्तव को निगरानी, मॉनिटरिंग और प्रिवेंटिव मेंटेनेंस की विफलता की जिम्मेदारी से मुक्त नहीं किया जा सकता। सरोज कुमार प्रजापति पर भी सीधी जिम्मेदारी इसके बावजूद उन्होंने यह जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक नहीं पहुंचाई। आयोग ने इसे गंभीर कर्तव्य-चूक मानते हुए सरोज कुमार प्रजापति को मामले में prima facie जिम्मेदार माना है। टेंडर में देरी के लिए इनकी भूमिका भी जांच के घेरे में खराब पाइपलाइनों को बदलने के लिए टेंडर प्रक्रिया में भी बार-बार देरी, टेंडर निरस्तीकरण, री-टेंडरिंग और प्रशासनिक निष्क्रियता सामने आई। आयोग ने टेंडर शाखा की भूमिका पर विशेष रूप से कहा है कि प्रज्ञा तिवारी, असिस्टेंट ग्रेड-III और नीति चौरसिया खरे, सब-इंजीनियर को टेंडर फाइलों के प्रोसेसिंग में हुई देरी के लिए prima facie जिम्मेदारी से मुक्त नहीं किया जा सकता। उनकी जिम्मेदारी उनके निर्धारित काम तक सीमित रहेगी और यह इस बात पर निर्भर करेगी कि फाइल किस स्तर पर कितने समय लंबित रही। इसके अलावा यदि फाइल अंतिम मंजूरी के लिए रोहित सिसोनिया के स्तर पर लंबित रही थी, तो उस अवधि की जिम्मेदारी उनकी भूमिका के अनुसार तय करने की बात आयोग ने कही है। यानी टेंडर देरी को आयोग ने महज कागजी देरी नहीं माना रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि टेंडर समय पर पूरा होकर खराब पाइपलाइन घटना से पहले बदल दी जाती तो दूषित पानी की घटना को रोका जा सकता था। इसलिए टेंडर में देरी को घटना में contributing factor माना गया है। 2019 की पानी जांच रिपोर्ट पर भी सवाल आयोग ने 8 फरवरी 2019 की मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट का भी उल्लेख किया है। इसमें इंदौर के 60 ट्यूबवेल/हैंडपंपों के पानी की जांच में पानी को निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया था और क्लोरीनेशन के बाद ही उपयोग की सलाह दी गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक उस समय नगर निगम आयुक्त आशीष सिंह और वाटर सप्लाई से जुड़े तत्कालीन अतिरिक्त आयुक्त संदीप सोनी के स्तर पर इस रिपोर्ट के बाद तत्काल प्रभावी सुधारात्मक एवं निवारक कदम उठाए जाने चाहिए थे। आयोग ने कहा कि रिकॉर्ड में ऐसे कदम उठाए जाने का पर्याप्त प्रमाण नहीं मिला। किसे मिली स्पष्ट क्लीन चिट? तत्कालीन निगम कमिश्नर दिलीप कुमार यादव रिपोर्ट में दिलीप कुमार यादव को स्पष्ट रूप से जिम्मेदारी से मुक्त किया गया है। आयोग ने तीन महत्वपूर्ण बातें कहीं— खास बातें, जो रिपोर्ट को बनाती हैं महत्वपूर्ण 1. हादसा 'अचानक' नहीं था आयोग ने कहा कि यह घटना लंबे समय से विकसित हो रही तकनीकी और प्रशासनिक खामियों का परिणाम थी। 2. मूल समस्या पाइपलाइन का गलत डिजाइन/लेआउट सीवरेज और पेयजल पाइपलाइन के बीच निर्धारित दूरी और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया था। 3. सिर्फ पुराने अफसरों पर जिम्मेदारी नहीं आयोग ने कहा कि पाइपलाइन भले दशकों पहले बिछी हो, लेकिन बाद में पदस्थ इंजीनियरों की जिम्मेदारी थी कि वे उसकी हालत की निगरानी करते और समय पर मरम्मत/रिप्लेसमेंट कराते। 4. 13 साल की लगातार पोस्टिंग पर सवाल संजीव कुमार श्रीवास्तव की 2013 से 2026 तक लगातार पोस्टिंग को आयोग ने विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना और कहा कि इतने लंबे समय में जर्जर व्यवस्था से अनजान रहना स्वीकार्य नहीं है। 5. सरोज प्रजापति ने कई खतरे स्वीकार किए लीकेज, दूषित पानी, बदबू, बैक्टीरिया, ड्रेनेज की नजदीकी और औद्योगिक अपशिष्ट की जानकारी होने के बावजूद वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्ट नहीं करना आयोग के निष्कर्ष में महत्वपूर्ण है। 6. टेंडर में देरी ने खतरा बढ़ाया खराब पाइप बदलने की प्रक्रिया में देरी के कारण पहले से कमजोर नेटवर्क बना रहा और आयोग ने इसे घटना में योगदान देने वाला कारण माना। 7. आयोग ने घटना को पूरी तरह 'प्रिवेंटेबल' माना अंतिम टिप्पणी में आयोग ने कहा कि यह घटना रोकी जा सकती थी और कानून के शासन वाले संवैधानिक तंत्र में ऐसी विफलता के साथ जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। 8. भविष्य के लिए सख्त इंजीनियरिंग मानकों की सिफारिश आयोग ने कहा कि सीवरेज और पेयजल पाइपलाइन के बीच मानक दूरी, नियमित निरीक्षण, लीकेज टेस्टिंग, प्रिवेंटिव मेंटेनेंस और क्रॉस-कनेक्शन से सुरक्षा को अनिवार्य रूप से लागू किया जाना चाहिए।
उदयपुर के सुखेर थाना इलाके में पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने मिलकर नशे की खेती का भंडाफोड़ किया। प्रतापपुरा गांव में एक शातिर आरोपी ने अपने बाड़े में अरंडी के पौधों के बीच गांजे की अवैध खेती कर रखी थी। पुलिस ने मौके पर दबिश देकर 21.785 किलोग्राम वजनी गांजे के 19 पौधे जब्त किए। पुलिस ने आरोपी वजेराम गमेती (66) निवासी प्रतापपुरा गांव को गिरफ्तार किया। एएनटीएफ के आईजी विकास कुमार ने बताया- टीम को सूचना मिली थी कि गांव के रहने वाले वजेराम ने अपने बाड़े में अरंडी की आड़ में गांजे की फसल उगा रखी है। इस सूचना को पुख्ता करने के बाद एएनटीएफ ने स्थानीय सुखेर थाना पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद दोनों विभागों की संयुक्त टीम तैयार कर कार्रवाई की योजना बनाई गई। पुलिस को देखकर घबरा गया आरोपी पुलिस और एएनटीएफ की संयुक्त टीम ने जब प्रतापपुरा स्थित वजेराम के बाड़े पर अचानक दबिश दी तो वहां हड़कंप मच गया। पुलिस टीम को अचानक सामने देखकर बाड़े में खड़ा एक व्यक्ति बुरी तरह घबरा गया। उसने वहां से भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे मौके पर ही दबोच लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम वजेराम गमेती पुत्र वाला भील बताया। अरंडी के बीच छिपे मिले गांजे के पौधे जब पुलिस टीम ने बाड़े की सघन तलाशी ली तो आरोपी की चालाकी देखकर हर कोई हैरान रह गया। आरोपी ने पुलिस और लोगों की नजरों से बचने के लिए अरंडी के बड़े-बड़े पौधों के बीच में गांजे के पौधे उगा रखे थे, ताकि किसी को शक न हो। पुलिस ने मौके पर ही सभी पौधों को कटवाया और उन्हें एक जगह एक्त्र किया। गिनती करने पर कुल 19 हरे पौधे मिले, जिनका वजन करीब 21.785 किलोग्राम निकला। सुखेर थाना पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ गांजे के इन सभी हरे पौधों को जब्त कर लिया है। आरोपी वजेराम गमेती को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है।
संतकबीरनगर जिला कारागार में चोरी के मामले में बंद कैदी टुनटुन की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की जांच तेज हो गई है। मंगलवार देर रात सामने आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण ‘शॉक एंड हेमरेज’ यानी सदमे और अत्यधिक रक्तस्राव बताया गया है। बुधवार दोपहर करीब 3 बजे अयोध्या रेंज के डीआईजी जेल शैलेंद्र कुमार मैत्रेय जिला कारागार पहुंचे। उन्होंने कई घंटे तक मामले से जुड़े अलग-अलग पहलुओं की जांच की। डीआईजी सबसे पहले मुलायजा बैरक पहुंचे। यहां उन्होंने टुनटुन के साथ बंद रहे कैदियों से उसकी तबीयत, व्यवहार और जेल में रहने के दौरान किसी परेशानी के बारे में जानकारी ली। जेल में दाखिले से उपचार तक के रिकॉर्ड खंगाले इसके बाद डीआईजी ने जेल अस्पताल के अभिलेखों की जांच की। टुनटुन के जेल में दाखिल होने के समय हुई मेडिकल जांच, बाद में दिए गए उपचार और स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड देखे गए। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि जेल में रहने के दौरान उसकी तबीयत में कब और क्या बदलाव आया। जेल से जिला अस्पताल तक की CCTV फुटेज जांची जांच टीम ने जेल में लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी देखी। टुनटुन के जेल लाए जाने से लेकर तबीयत बिगड़ने और जिला अस्पताल ले जाने तक की गतिविधियों को जांच के दायरे में रखा गया है। जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड की CCTV फुटेज भी देखी गई। फुटेज में टुनटुन को जेल प्रशासन की ओर से अस्पताल लाते हुए देखा गया। बताया गया कि अस्पताल पहुंचने के बाद वह लघुशंका के लिए गया था। लौटने पर स्टाफ ने उसका प्राथमिक उपचार शुरू किया। कुछ देर बाद उसकी हालत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। अस्पताल में उसे मृत अवस्था में लाए जाने की जानकारी भी जांच का हिस्सा है। बेटी बोली- मौत से एक दिन पहले पिता ठीक थे मृतक कैदी की बेटी रूपा ने बताया कि वह मौत से एक दिन पहले अपने पिता से मिलने जेल गई थीं। उनके मुताबिक उस समय टुनटुन ठीक हालत में थे। उन्होंने बेटी से जेल में बैठकी के लिए 3 हजार रुपए भी मांगे थे। रूपा का कहना है कि उस समय पैसे नहीं होने के कारण वह रकम नहीं दे सकीं। डॉक्टर और स्टाफ को जारी हुआ नोटिस जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. रामाशंकर सिंह ने बताया कि घटना के संबंध में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और संबंधित स्टाफ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उपचार में किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं, इसकी जांच की जा रही है। डीएम अनुज मलिक के निर्देश पर भी जांच टीम गठित की गई है। इसमें अपर जिलाधिकारी रा./वि. सत्य प्रकाश, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह और जेलर आरके वर्मा शामिल हैं। टीम ने जिला अस्पताल पहुंचकर सीएमएस से घटना से जुड़े बिंदुओं पर जानकारी ली। जेलर ने अस्पताल की CCTV फुटेज भी देखी। परिजनों ने लगाया था मारपीट का आरोप टुनटुन की मौत के बाद परिजनों ने गिरफ्तारी के दौरान पुलिस पर पिटाई का आरोप लगाया था। मृतक की बेटी ने जेल में मुलाकात के दौरान उसके शरीर पर चोट के निशान होने का दावा भी किया था। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक जेल भेजे जाने के समय की मेडिकल रिपोर्ट में चोट का उल्लेख नहीं था। अब पोस्टमार्टम में सामने आए ‘शॉक एंड हेमरेज’ के साथ शरीर पर मिली चोटों की प्रकृति और उनके कारण की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। यह भी जांच का विषय है कि चोट कब और किन परिस्थितियों में लगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डॉक्टरों की राय से इस बारे में स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। डीआईजी बोले- जांच पूरी होने के बाद भेजेंगे रिपोर्ट डीआईजी जेल शैलेंद्र कुमार मैत्रेय ने बताया कि मामले से जुड़े अलग-अलग पहलुओं की जांच की जा रही है। बैरक में बंद कैदियों से जानकारी लेने के साथ अस्पताल के अभिलेख, जेल में दाखिले के समय की मेडिकल रिपोर्ट और CCTV फुटेज देखी गई है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट डीजी जेल को भेजी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। फिलहाल कैदी की मौत की परिस्थितियों और शरीर पर मिली चोटों के कारणों को लेकर जांच जारी है।
टीकमगढ़ के नगर परिषद बल्देवगढ़ में चल रहे पांच दिवसीय रामलीला महोत्सव का बुधवार रात समापन हुआ। अंतिम दिन लंका युद्ध, रावण वध और श्रीराम के राज्याभिषेक की लीला का मंचन किया गया। इस दौरान मेघनाद के शक्तिबाण से घायल लक्ष्मण के लिए हनुमान के संजीवनी बूटी लाने और रावण वध के प्रसंगों का मंचन किया गया। रामसेतु बनाकर लंका पहुंची वानर सेना लीला में दिखाया गया कि सीता की खोज के बाद श्रीराम वानर सेना के साथ समुद्र तट पहुंचे। समुद्र से मार्ग नहीं मिलने पर राम ने बाण चढ़ाया। इसके बाद समुद्र ने प्रकट होकर नल-नील की मदद से सेतु बनाने का उपाय बताया। वानर सेना ने पत्थरों पर श्रीराम का नाम लिखकर रामसेतु बनाया और लंका पहुंची। इसके बाद राम और रावण की सेना के बीच युद्ध का मंचन किया गया। संजीवनी लेकर पहुंचे हनुमान युद्ध के दौरान मेघनाद ने लक्ष्मण को शक्तिबाण मारा। इसके बाद हनुमान संजीवनी बूटी लेकर आए। लीला में कुंभकर्ण और मेघनाद समेत कई योद्धाओं के मारे जाने का प्रसंग दिखाया गया। राम ने रावण का किया वध अंत में राम और रावण के बीच निर्णायक युद्ध हुआ। रावण के सिर बार-बार जुड़ने का प्रसंग दिखाया गया। विभीषण ने रावण की नाभि में अमृत होने का रहस्य बताया। इसके बाद श्रीराम ने बाण चलाकर रावण का वध किया। रावण वध के बाद राम ने विभीषण को लंका का राजा बनाया। इसके बाद सीता को अशोक वाटिका से वापस लाने और 14 वर्ष का वनवास पूरा कर अयोध्या लौटने का प्रसंग मंचित किया गया। वैदिक मंत्रों के साथ हुआ राज्याभिषेक अयोध्या पहुंचने के बाद भरत ने श्रीराम का स्वागत किया। इसके बाद वशिष्ठ और अन्य ऋषियों ने वैदिक मंत्रों के साथ श्रीराम का राज्याभिषेक किया। सीता के साथ राम के राजसिंहासन पर बैठने के प्रसंग के साथ रामलीला महोत्सव का समापन हुआ। महोत्सव में पूर्व मंत्री राहुल सिंह लोधी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। लीला देखने भाजपा अध्यक्ष सरोज राजपूत, पूर्व संसदीय सचिव सुरेंद्र प्रताप सिंह, नगर परिषद अध्यक्ष शालिनी विश्व, दीपक मिश्रा, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष पुष्पा चौरसिया और संजय जैन सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
शिवपुरी के खनियाधाना कस्बे के बस स्टैंड पर बुधवार को पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। विवाद के दौरान फायरिंग होने की बात सामने आई है। एक व्यक्ति के पैर में गोली के छर्रे लगे हैं। मामले में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर फायरिंग और मारपीट के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर अलग-अलग FIR दर्ज की हैं। पहली FIR नगर परिषद अध्यक्ष छाया साहू के पति और कांग्रेस नेता सतेंद्र साहू की शिकायत पर दर्ज हुई। सतेंद्र साहू ने पुलिस को बताया कि वे बस स्टैंड स्थित अपनी दुकान से स्कूटी पर दूसरी दुकान की ओर जा रहे थे। इसी दौरान राजेंद्र सिंह यादव के घर के सामने उन्हें अनिल यादव निवासी मुहासा और उसके साथ 3-4 लोग स्कॉर्पियो के साथ खड़े मिले। सतेंद्र के मुताबिक, अनिल यादव ने उन्हें रोककर गाली-गलौज की और जान से मारने की नीयत से कट्टा तानकर फायर किया। उनका कहना है कि वे बच गए। इसके बाद उन्होंने अनिल यादव को पकड़ लिया। इसी दौरान उसके साथ मौजूद लोगों ने उनके साथ मारपीट की। सतेंद्र ने पुलिस को कंधे और गर्दन के पीछे चोट लगने की जानकारी दी है। पुलिस ने अनिल यादव सहित कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। दूसरे पक्ष का आरोप- सतेंद्र साहू ने की फायरिंग इसी घटना को लेकर दूसरे पक्ष की ओर से भी शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता ने खुद को एक नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता का पिता बताया है। उसका आरोप है कि साल 2025 में उसकी 17 वर्षीय बेटी के साथ दुष्कर्म हुआ था। इस मामले में विवेक यादव और जितेंद्र चंदेल के खिलाफ FIR दर्ज हुई थी। शिकायत के मुताबिक, उसने अपने बयानों में सतेंद्र साहू का नाम भी लिया था। लेकिन उनका नाम FIR में शामिल नहीं किया गया। उसने राजनीतिक प्रभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि मामले में लगातार समझौते का दबाव बनाया जा रहा था। पीड़ित ने बताया कि बुधवार को वह अपनी पत्नी के साथ खनियाधाना बस स्टैंड पर मौजूद था। इसी दौरान सतेंद्र साहू स्कूटी से वहां पहुंचे। मौके पर बल्लू यादव, जितेंद्र बरार और ढालू यादव भी मौजूद थे। इसी दौरान फायरिंग हुई। जिसमें शिकायतकर्ता के पैर में गोली के छर्रे लगे। घायल व्यक्ति का आरोप है कि गोली सतेंद्र साहू ने चलाई और उसने उन्हें फायर करते हुए देखा। हालांकि, पुलिस की ओर से दर्ज दूसरी FIR में फिलहाल गोली चलाने वाले व्यक्ति को अज्ञात बताया गया है। दोनों पक्षों की शिकायत पर जांच जारी पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर अलग-अलग FIR दर्ज की हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। गोली किसने चलाई और फायरिंग की वजह क्या थी, यह जांच के बाद स्पष्ट होगा।
कानपुर में 20 दिन में बना हुक्का बार:संचालक समेत 11 पकड़े गए, 15 हजार किराए पर लिया था कमरा
कानपुर के थाना चकेरी इलाके में महज 20 दिन पहले शुरू हुआ हुक्का बार पुलिस की छापेमारी में बेनकाब हो गया। ‘सोशल लाइफ’ नाम से संचालित किए जा रहे ठिकाने पर पुलिस ने छापा मारकर संचालक समेत 11 लोगों को मौके से पकड़ लिया। पुलिस ने बुधवार रात 7:35 बजे छापेमारी करके छह हुक्के समेत भारी मात्रा में सामग्री बरामद की। कार्रवाई की सूचना मिलते ही एसीपी चकेरी आशुतोष सिंह और एडीसीपी शिवा सिंह भी मौके पर पहुंचीं। एडीसीपी पूर्वी शिवा सिंह ने बताया कि, मंगला विहार गद्दियाना निवासी युवक ने करीब 20 दिन पहले कमरा 15 हजार रुपये मासिक किराए पर लिया था। इसी जगह पर ‘दी सोशल लाइफ’ के नाम से हुक्का बार संचालित किया जा रहा था। यहां आने वाले लोगों से 100 से 300 रुपये तक वसूले जाने की बात सामने आई है। जांच में सामने आया कि तौसीफ 12वीं कक्षा का छात्र है। वह प्रॉपर्टी डीलर का बेटा बताया जा रहा है। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि कम उम्र के युवक ने हुक्का बार संचालन कैसे शुरू किया और इसके पीछे अन्य कौन लोग जुड़े थे। इसके अलावा ये माल कहां से लाया जाता है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से छह हुक्के समेत भारी मात्रा में सामग्री बरामद किए और संचालक समेत 11 लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस की कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी ली। पुलिस अब बरामद सामान और मौके पर मिले लोगों के आधार पर आगे की कार्रवाई में जुटी है। पुलिस ने सभी को निजी मुचलके में छोड़ दिया।
परिवहन विभाग के प्रवर्तन अवर निरीक्षक अमित कुमार गुप्ता के ठिकानों पर ईओयू ने आय से अधिक संपत्ति मामले में छापेमारी की। जांच में पटना से दिल्ली तक 16 संपत्तियों, 1.49 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति और 15 बैंक खातों को फ्रीज करने का खुलासा हुआ।
रायपुर नगर निगम की मेयर इन काउंसिल (MIC) की बैठक बुधवार को MIC सदस्यों और निगम अधिकारियों के बीच विवाद के चलते तय समय पर शुरू नहीं हो सकी। बैठक दोपहर 1 बजे बुलाई गई थी, लेकिन आपसी खींचतान और नाराजगी के चलते कई घंटे बाद बैठक शुरू हुई। MIC सदस्यों की नाराजगी अधिकारियों के रवैये को लेकर बताई जा रही है। बैठक शुरू होने से पहले ही दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति बनी। इसके बाद सदस्यों की ओर से अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग किए जाने की बात सामने आई। कार्रवाई के बाद ही बैठक शुरू होने पर सहमति बनी। कई अहम मुद्दों पर होनी थी चर्चा MIC की बैठक में भाटागांव सब्जी बाजार की व्यवस्था, संपत्ति कर, वार्डों के विकास कार्य, शहर की सफाई, अवैध निर्माण और बेजा कब्जे के साथ जल जीवन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होनी थी। बैठक में देरी के चलते इन मुद्दों पर चर्चा भी तय समय पर शुरू नहीं हो सकी। निगम के अंदर MIC और अधिकारियों के बीच तालमेल को लेकर विवाद अब खुलकर सामने आया है। नेता प्रतिपक्ष बोले- खींचतान में जनता के काम प्रभावित बैठक में देरी को लेकर नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने भी महापौर परिषद और अधिकारियों के बीच विवाद पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि निगम में चुने हुए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच तालमेल नहीं होने का असर शहर के कामकाज पर पड़ रहा है। आकाश तिवारी ने कहा कि जब MIC की बैठक ही समय पर नहीं हो पा रही है तो वार्डों के विकास कार्यों पर फैसले और उनका क्रियान्वयन कैसे समय पर होगा। उन्होंने महापौर से पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। विवाद की असली वजह क्या MIC सदस्यों की नाराजगी किस अधिकारी या किस घटनाक्रम को लेकर है, इसे लेकर निगम की ओर से अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि बैठक में देरी ने निगम के भीतर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच चल रही खींचतान को जरूर सामने ला दिया है।
बालोद शहर में मंगलवार रात गणेश विसर्जन झांकियां देखने उमड़ी भीड़ के बीच पुलिस-प्रशासन की व्यवस्था दबाव में आ गई। जयस्तंभ चौक से घड़ी चौक और सदर मार्ग से मधु चौक तक देर रात तक भारी भीड़ रही। कई जगह भगदड़ जैसे हालात बने। एसपी के नेतृत्व में 100 से ज्यादा पुलिस जवान तैनात होने के बावजूद भीड़ बढ़ने पर शहर के बाहर ही वाहनों को रोकना पड़ा। नया बस स्टैंड, पटेल मैदान, नगर पालिका परिसर और पेट्रोल पंपों के आसपास सैकड़ों बाइक और चारपहिया वाहन खड़े रहे। रात बढ़ने के साथ शहर के भीतर डीजे वाहनों की संख्या भी बढ़ती गई। एक साथ पहुंचे कई डीजे, प्रतियोगिता जैसी स्थिति बनी जयस्तंभ चौक, मधु चौक और बस स्टैंड के आसपास कई डीजे गाड़ियां एक साथ पहुंच गईं। तेज आवाज में बज रहे डीजे के बीच हजारों युवा नाचते रहे। एक साथ कई डीजे बजने से उनके बीच प्रतियोगिता जैसी स्थिति बन गई। भीड़ के दबाव और किसी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए पुलिस लगातार डीजे वाहनों को आगे बढ़ाती रही। रात 12 बजे के बाद जिले के कई थानों के प्रभारी भी पुलिस बल के साथ शहर में तैनात रहे। रात 3 से 4 बजे तक कार्रवाई, 9 डीजे वाहन जब्त एएसपी चंद्रकांत गवर्ना भी मौके पर पहुंचे और डीजे वाहनों को आगे बढ़ाने के साथ प्रतियोगिता जैसी स्थिति रोकने में जुटे रहे। इसके बाद रात 3 से सुबह 4 बजे के बीच पुलिस ने तेज आवाज में डीजे बजाने वाले 9 साउंड सिस्टम जब्त कर थाने पहुंचाए। सुप्रीम कोर्ट के नियमों के तहत डीजे वाहन जब्त पुलिस ने सुबह सुप्रीम कोर्ट के ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमों का हवाला देते हुए अहीर डीजे, एवीएस साउंड राजनांदगांव, मां वैष्णव कृपा धुमाल धमतरी, डीजे एनजीएस डौंडीलोहारा, देव ऑडियो दुर्ग-उतई, डीजे साहू दुर्ग, ब्लू स्टार दुर्ग, डीजे वाइब्रेशन भिलाई और मां लक्ष्मी कृपा धुमाल चिटौद-धमतरी के डीजे वाहन जब्त किए। डीजे जब्ती के बाद कई गणेश समितियों के सदस्य नाराजगी जताते हुए सुबह से शाम तक थाने में बैठे रहे। हालांकि, पुलिस ने डीजे वाहन नहीं छोड़े। कार्रवाई के कारण कुछ डीजे संचालकों के दूसरे स्थानों पर होने वाले विसर्जन कार्यक्रमों में नहीं पहुंच पाने की बात भी सामने आई। युवाओं की तलाशी, 10 किलो से ज्यादा कड़ा-चूड़ा जब्त विसर्जन के दौरान बालोद पुलिस ने शहर में युवाओं की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया। साइबर टीम और विशेष पुलिस टीम ने भीड़ के बीच संदिग्ध युवाओं को रोककर तलाशी ली। कई युवाओं के हाथों से कड़ा-चूड़ा निकलवाया गया। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई में 10 किलो से ज्यादा कड़ा-चूड़ा जब्त किया गया। एसपी के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने पार्किंग और शहर के अंधेरे स्थानों पर भी दबिश दी। रात में हंगामा करने वाले कई लोगों को थाने लाकर बैठाया गया। पुलिस की टीमें देर रात तक शहर में गश्त करती रहीं। स्ट्रीट लाइट बंद, डीजे की रोशनी से जगमगाती रही सड़क रात करीब 10 बजे घड़ी चौक से दल्ली चौक के बीच सड़क किनारे लगी स्ट्रीट लाइट बंद हो गई। इसके बाद सड़क पर चल रहे डीजे वाहनों में लगी रंग-बिरंगी लाइटों से ही आसपास का इलाका रोशन होता रहा। शहर के भीतर तेज आवाज में डीजे बजते रहे और युवक-युवतियां देर रात तक नाचते रहे। भीड़ और डीजे वाहनों की बढ़ती संख्या के बीच पुलिस लगातार व्यवस्था संभालने में जुटी रही।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शहरों में नशे के हॉट स्पॉट पर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर हर माह बैठक कर नशा मुक्त भारत अभियान की समीक्षा की जाए और इसके क्रियान्वयन की दिशा में आगे बढ़ा जाए। कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मुख्यमंत्री ने नशे पर नियंत्रण के साथ मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की व्यवस्थाओं को लेकर भी चर्चा की। मंत्रालय में नशा मुक्त भारत के संबंध में हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार द्वारा नशा मुक्त भारत अभियान की नियमित समीक्षा की जा रही है। प्रदेश में भी इसकी निरंतर समीक्षा के साथ दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस और आबकारी विभाग आवश्यकतानुसार संयुक्त कार्रवाई करने से पीछे न हटें। बैठक में प्रजेंटेशन के जरिए बताया गया कि नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के उत्पादन, व्यापार, सेवन और तस्करी पर रोक लगाने के लिए एनडीपीएस एक्ट लागू है। इस कानून के तहत इस वर्ष प्रदेश में 2,706 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। अगस्त 2026 तक 3,690 आरोपियों से 46,313 किलो मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं। प्रतिबंधित कफ सिरप जब्त करने, शिक्षण संस्थानों की 500 मीटर परिधि में ड्रग्स फ्री परिसर बनाने, नशा मुक्त मित्रों का सहयोग लेने और जिलों में नशा मुक्ति केंद्रों की भूमिका सक्रिय करने का काम लगातार किया जा रहा है। नशा मुक्त हेल्पलाइन 14446 की व्यवस्था भी लागू की गई है। सुगम बस सेवा को लेकर भ्रम दूर करें अफसर एक अन्य बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा में निजी बसों का उपयोग भी किया जा रहा है। इसलिए नागरिकों सहित किसी को भी भ्रमपूर्ण जानकारी पर विश्वास नहीं करना चाहिए। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत जिलों के कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में मुख्यमंत्री ने जिला स्तरीय परिवहन सलाहकार समितियों की नियमित बैठकें करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कलेक्टर टीएल बैठक में क्षेत्रीय कंपनी के ईडी से भी हर सप्ताह चर्चा करें। राज्य परिवहन उपक्रम की ओर से सभी जिला स्तरीय परिवहन सलाहकार समितियों के समक्ष रूट प्रस्तुतिकरण और सुझाव प्राप्त करने की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने दिए ये निर्देश बस संचालन, ITMS और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस परिवहन सचिव मनीष सिंह ने प्रजेंटेशन में बताया कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तीन प्रमुख स्तंभ बस संचालन, इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम और इंफ्रास्ट्रक्चर हैं। वर्तमान में शुरू की गई बसों की संख्या लगातार बढ़ाई जाएगी। राज्य परिवहन उपक्रम के लिए भोपाल में कार्यालय की व्यवस्था की गई है। आने वाले तीन माह में भोपाल, इंदौर, उज्जैन और सागर में क्षेत्रीय सहायक कंपनियों के लिए शत-प्रतिशत कार्यालय भवन उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही जबलपुर, रीवा और ग्वालियर में भी क्षेत्रीय सहायक कंपनियों के लिए कार्यालय भवन की व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के लिए आवश्यक कुल 1,190 में से 400 पदों पर नियुक्ति की कार्रवाई भी पूरी की जाएगी। विशेषज्ञ पद भी भरे जाएंगे। प्रदेश में सात क्षेत्रों में 3,636 मार्गों पर 13,006 बसों की व्यवस्था की जानी है। वर्ष 2031 तक प्रदेश में 14,981 बसों के संचालन का लक्ष्य है। राज्य स्तरीय ITMS प्लेटफॉर्म एक विशेष सुविधा है। चलो मोबिलिटी के अंतर्गत ITMS का अंतरिम रूप से प्रयोग करते हुए आवश्यक मॉड्यूल निर्धारित किए गए हैं।
नूंह की फास्ट ट्रैक स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने नाबालिग बच्ची से रेप के दोषी रामप्रसाद उर्फ गंगवा को 10 साल जेल की सजा सुनाई है। दोषी पर 20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं देने पर उसे तीन महीने की अतिरिक्त कैद काटनी होगी। यह मामला फिरोजपुर झिरका सदर थाना क्षेत्र का है। आरोपी रामप्रसाद उर्फ गंगवा नाबालिग बच्ची को बहला-फुसलाकर जंगल ले गया था, जहां उसने रेप की वारदात को अंजाम दिया। बच्ची ने दी थी परिजनों को जानकारी घटना के बाद बच्ची ने परिजनों को बताया। उनकी शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया। जांच के दौरान सबूत जुटाए गए। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. आशु संजीव तिन्जन की कोर्ट ने रामप्रसाद उर्फ गंगवा को 25 सितंबर को दोषी ठहराया। 30 सितंबर को उसे 10 साल जेल और 20 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई। आरोपी को जेल भेज दिया गया।
अंबिकापुर के बस स्टैंड के पास स्थित रिंगबांध तालाब की 57 डिसमिल जमीन की फर्जी दस्तावेजों के जरिए रजिस्ट्री कराने के मामले में मुख्य आरोपी आजाद इराकी को कोर्ट से जमानत मिल गई है। कलेक्टर के मुताबिक, जमानत देते समय मामले में प्रशासन का पक्ष नहीं सुना गया। मामले को लेकर सरगुजा कलेक्टर ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश को पत्र लिखा है। कलेक्टर ने जिला अभियोजन अधिकारी के पत्र का हवाला देते हुए मामले में नियमानुसार कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। साथ ही, जमानत के खिलाफ अपील करने के लिए जिला अभियोजन अधिकारी को भी पत्र भेजा गया है। दरअसल, रिंगबांध तालाब का कुल क्षेत्रफल 6.25 एकड़ है। सरकारी रिकॉर्ड में यह जमीन निस्तार मद में दर्ज है। तालाब की के 57 डिसमिल जमीन की जनवरी 2026 में आजाद इराकी के नाम रजिस्ट्री कराई गई थी। जांच में पता चला कि सेटलमेंट रिकॉर्ड में यह जमीन अनुसूचित जनजाति वर्ग के नाम दर्ज थी। आरोप है कि दस्तावेजों में हेराफेरी कर आजाद एराकी ने जमीन को अपने नाम दर्ज करा लिया। कलेक्टर के निर्देश पर दर्ज हुई थी FIR तालाब को पाटने की कार्रवाई का विरोध होने के बाद कलेक्टर ने मामले की जांच कराई। जांच में पता चला कि अंबिकापुर के प्रतीक्षा बस स्टैंड के पास खसरा नंबर 3714 की जमीन वर्ष 1954-55 से पहले से ही जैलाल पिता जोधन, जाति गोंड के नाम दर्ज थी। यह जमीन आदिवासी वर्ग की बताई गई है। आरोप है कि फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र के जरिए राजस्व रिकॉर्ड में फौती नामांतरण कराया गया। इसके बाद इस जमीन को चंद्रशेखर यादव के साथ नोहर साय, रामकुमार, श्रीलाल, पूर्णिमा और भोला की पत्नी जनकुंवर को वारिस बताकर आजाद इराकी को बेच दिया गया। जांच के अनुसार जमीन बेचने वाले सभी लोग सामान्य वर्ग से हैं। कलेक्टर के आदेश पर अंबिकापुर तहसीलदार ने मणिपुर थाने में मुख्य आरोपी आजाद इराकी समेत अन्य लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने मुख्य आरोपी आजाद इराकी को रायपुर से गिरफ्तार किया। कोर्ट में पेश होते ही मिली जमानत, प्रशासन करेगा अपील मामले में आरोपी आजाद इराकी को अंबिकापुर के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अरिंदम नेरल की कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने आरोपी को तत्काल जमानत दे दी। जिला अभियोजन अधिकारी ने कलेक्टर को पत्र लिखकर बताया कि कोर्ट में शासन की ओर से एडीपीओ की मौजूदगी दर्ज करते हुए आरोपी को जमानत दी गई। जबकि, पत्र के मुताबिक, उस समय कोई भी एडीपीओ कोर्ट में मौजूद नहीं था। कलेक्टर ने एडीपीओ की मौजूदगी के बिना आरोपी आजाद इराकी को जमानत दिए जाने को लेकर जिला एवं सत्र न्यायाधीश को पत्र लिखा है। पत्र में कलेक्टर ने बताया कि यह मामला गोंड अनुसूचित जनजाति की जमीन से जुड़ा है। आरोप है कि कूटरचित दस्तावेजों के जरिए इस जमीन की रजिस्ट्री सामान्य वर्ग के लोगों के नाम कर दी गई। कलेक्टर ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा है कि अभियोजन पक्ष को सुने बिना ही आरोपी को जमानत दे दी गई। उन्होंने मामले में नियमानुसार कार्रवाई करने की अपील की है। कलेक्टर ने 30 सितंबर 2026 को जिला अभियोजन अधिकारी को भी पत्र भेजा है। इसमें सक्षम न्यायालय में जमानत रद्द करने के लिए अपील दायर करने के लिए कहा है।
झाबुआ जिले के कल्याणपुरा स्थित पूनय माता की डुंगरी पर सरकारी पट्टे की जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच हुए खूनी संघर्ष का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। बुधवार को इस मामले में सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार के नेतृत्व में आदिवासी समाज और विभिन्न संगठनों के लोगों ने झाबुआ में उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी अंबेडकर गार्डन पर इकट्ठा हुए और वहां से सीधे कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश करते वक्त स्थिति तब बेहद तनावपूर्ण हो गई, जब ग्रामीणों ने पुलिस द्वारा लगाए गए सुरक्षा बैरिकेड्स को जबरन धक्के मारकर हटा दिया। इस धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी के बीच मौके पर तैनात एसडीओपी कमलेश शर्मा के पैर में चोट लग गई। कलेक्टर की गैरमौजूदगी पर भड़के विधायक कलेक्ट्रेट में कलेक्टर डॉ. योगेश भरसट के मौजूद न होने पर विधायक कमलेश्वर डोडियार बेहद भड़क गए। उनकी एसडीएम महेश मंडलोई से तीखी नोकझोंक हुई। विधायक ने नाराजगी जाहिर करते हुए सवाल उठाए कि कलेक्टर कहां हैं, जिस पर एसडीएम ने जवाब दिया कि बुधवार को ग्रामीण इलाकों में भ्रमण का शेड्यूल रहता है और कलेक्टर फिलहाल फील्ड में हैं। इस जवाब पर विधायक ने एसडीएम से कलेक्टर के भ्रमण आदेश की कॉपी मांग ली। अंत में, काफी गहमा-गहमी और उग्र प्रदर्शन के बाद विधायक ने एडीएम सीएस सोलंकी को ज्ञापन सौंपा, जिसके बाद जाकर प्रदर्शन समाप्त हुआ। क्या था पूरा विवाद? कल्याणपुरा में शनिवार को पूनय माता की डुंगरी पर पट्टे की जमीन को लेकर दो गुटों में मारपीट और पथराव हुआ था। वर्ष 2022-23 में मुख्यमंत्री भू-आवासीय अधिकार योजना के तहत करीब 302 ग्रामीणों को इस जमीन पर पट्टे जारी किए गए थे। हाल ही में गणेश उत्सव के दस दिवसीय धार्मिक आयोजन के बाद यहां कब्जे की कोशिश को लेकर विवाद बढ़ गया और हिंसा हुई, जिससे गांव में तनाव फैल गया। इसके बाद पट्टाधारकों ने डीजीपी भोपाल, आईजी इंदौर, एसपी और कलेक्टर को ज्ञापन भेजकर निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की थी।
राजगढ़ में कांग्रेस ने बुधवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन खिलचीपुर नाका से शुरू होकर ब्यावरा नाका स्थित मंगल भवन तक पहुंचा। यहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश कुमार का पुतला जलाया। इसके बाद कांग्रेस ने जिला प्रशासन के जरिए राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें मतदाता सूची, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े मामलों की उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई। जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रियव्रत सिंह ने सरकार और भाजपा नेताओं पर निशाना साधा। सिंह ने इंदौर, बालाघाट और सागर में हुई मौतों का जिक्र करते हुए कहा कि इन घटनाओं के बीच भाजपा नेता यात्राओं और स्वागत कार्यक्रमों में लगे हैं। उन्होंने ऐसे नेताओं के बहिष्कार की अपील भी की। उन्होंने आरोप लगाया कि राजगढ़ की छात्रा सपना गुर्जर के एक कार्यक्रम में बोलने के बाद उसके घर फोन कर डराने-धमकाने का प्रयास किया गया। सिंह ने कहा कि युवाओं को डराया नहीं जा सकता। उन्होंने विजयवर्गीय के लिए मानसिक संतुलन से जुड़ी टिप्पणी भी की। जिला पंचायत अध्यक्ष पर आरोप लगाए जिला पंचायत अध्यक्ष चंदरसिंह सौंधिया ने भाजपा नेताओं पर भ्रष्टाचार, जमीन कब्जे और दलाली के आरोप लगाए। उन्होंने किसानों के फसल बीमा, रोजगार और सोयाबीन के दाम जैसे मुद्दे भी उठाए। सौंधिया ने राजगढ़ की सीएमएचओ पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि अधिकारी के खिलाफ रिश्वत से जुड़ी कार्रवाई के बावजूद वह पद पर बनी हुई हैं। उन्होंने निजी क्लिनिकों से कथित वसूली का आरोप भी लगाया। प्रियव्रत सिंह ने राजगढ़ जिला अस्पताल के दौरे को लेकर संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी सुरेश सोनी पर भी सवाल उठाए। सिंह ने निजी क्लिनिकों से 10 से 20 हजार रुपए तक की कथित वसूली का आरोप लगाया। उन्होंने सारंगपुर के एक क्लिनिक का उदाहरण देते हुए डस्टबिन की व्यवस्था को लेकर कार्रवाई और दोबारा संचालन के लिए 40 हजार रुपए मांगने का दावा किया। CEC की कार्यप्रणाली की जांच की मांग कांग्रेस के ज्ञापन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची, SIR, निर्वाचन संबंधी आंकड़ों और आयोग की निर्णय प्रक्रिया से जुड़े सवालों की निष्पक्ष जांच की मांग की गई। कांग्रेस ने ज्ञापन में कहा कि जांच में किसी संवैधानिक, वैधानिक या प्रक्रियागत अनियमितता की पुष्टि होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हटाए जाने योग्य आधार मिलने पर संविधान के अनुच्छेद 324(5) के तहत कार्रवाई शुरू करने और निर्वाचन आयोग में पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग भी की गई। प्रदर्शन में जिला पंचायत अध्यक्ष चंदरसिंह सौंधिया, पूर्व विधायक हेमराज कल्पोनी, बापूसिंह तंवर समेत जिलेभर के कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
नर्मदापुरम जिले के जासलपुर स्थित खेड़ापति माता मंदिर में चार नकाबपोश बदमाशों ने लूट की वारदात को अंजाम दिया। बदमाशों ने मंदिर के चौकीदार को बंधक बनाकर उसके हाथ-पैर बांध दिए और मुंह में कपड़ा ठूंसकर उसके साथ मारपीट की। इसके बाद मंदिर से पीतल के चार छत्र और चार मालाएं चोरी कर ले गए। वारदात 30 सितंबर की रात करीब 12.30 बजे की है। बुधवार दोपहर देहात थाना पुलिस ने चार अज्ञात बदमाशों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। मंदिर के चौकीदार से मारपीट कर लूट की वारदात सामने आने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है। पुलिस सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालकर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। देर शाम एसडीओपी जितेंद्र पाठक और देहात थाना प्रभारी ऊषा मरावी ने भी मौके का मुआयना किया। सोते समय चार नकाबपोश बदमाशों ने घेरा फरियादी प्रेमराज चौरे निवासी जासलपुर है। वह रोजाना खेड़ापति माता मंदिर में सोता है। मंगलवार रात करीब 12.30 बजे मवेशियों को छोड़ने के बाद वह मंदिर पहुंचा और सो गया। रात करीब 2.30 बजे अचानक उसकी नींद खुली तो चार अज्ञात लोग सामने थे। चारों के चेहरे कपड़े से ढके हुए थे। बदमाशों ने प्रेमराज के हाथ-पैर बांध दिए और मुंह में कपड़ा ठूंसकर उसे बांध दिया, ताकि वह शोर न मचा सके। चौकीदार के विरोध करने पर एक बदमाश ने हाथ में रखी लोहे की रॉड से उस पर हमला कर दिया। रॉड लगने से उसके दाहिने पैर में चोट आई और खून निकलने लगा। इसके बाद बाकी तीन बदमाशों ने भी उसके साथ लात, थप्पड़ और मुक्कों से मारपीट की। चौकीदार को काबू करने के बाद बदमाश मंदिर में घुसे और सामान चोरी करना शुरू कर दिया। कांच तोड़कर मूर्तियों से छत्र और मालाएं उतारीं बदमाशों ने मंदिर का कांच तोड़ा। इसके बाद भगवान राम और हनुमान की मूर्तियों के ऊपर लगे पीतल के दो छत्र चोरी कर लिए। दुर्गा माता की मूर्ति के ऊपर लगा एक पीतल का छत्र भी उतार लिया। इसके अलावा चारों मूर्तियों के गले में पहनी नकली मोतियों की मालाएं भी बदमाश चोरी कर ले गए। ग्रामीण को देखकर सामान छोड़कर भागे बदमाश वारदात के दौरान गांव के अयोध्याप्रसाद चौरे मंदिर में पहुंचे। उन्हें देखकर चारों बदमाश चोरी का सामान लेकर तवा पुल की तरफ भाग गए। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालना शुरू किया। सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की पहचान में जुटी पुलिस देहात थाना प्रभारी ऊषा मरावी ने बताया कि चार नकाबपोश बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस मंदिर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मुंगेर में बनेंगे 2 बाईपास, सेविका-सहायिका के मानदेय के लिए 477 करोड़; सम्राट कैबिनेट का फैसला
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 30 प्रस्तावों को मंजूरी मिली है। इसमें मुंगेर में दो बाईपास, कैमूर-रोहतास के 21,644 घरों तक बिजली और कानून-व्यवस्था के लिए वज्र वाहन-वाटर कैनन की खरीद शामिल है।
लखनऊ विश्वविद्यालय के कैलाश हॉस्टल के मेस के खाने में कीड़े मिले हैं। बुधवार रात थाली में खाने में मिले हुए बड़े-बड़े कीड़े परोस दिए गए तो स्टूडेंट्स भड़क गए। रात करीब 8 बजे प्रशासनिक भवन का घेराव कर नारेबाजी की। हॉस्टल की छात्राओं ने मेस संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर नारेबाजी की। उनके साथ कई छात्र भी प्रदर्शन में शामिल हो गए। छात्राओं का कहना है कि खाने में लगातार कई दिन से कीड़े निकल रहे हैं। इसे खाकर 5 छात्राएं बीमार हो गई हैं। 3 तस्वीरें देखिए- मेस संचालक पर कार्रवाई नहीं छात्राओं का आरोप है कि बेकार खाना खाकर वे बीमार पड़ रही हैं। इसके बावजूद मेस संचालक पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। प्रदर्शन कर रही छात्राओं के मुताबिक, मंगलवार रात खाना खाने के बाद 5 छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें रात में ही विवेकानंद पॉलीक्लीनिक में भर्ती कराना पड़ा। छात्राओं का कहना है कि लगातार शिकायत के बावजूद खाने की गुणवत्ता में सुधार नहीं हो रहा। इससे नाराज होकर उन्होंने प्रशासनिक भवन के बाहर धरना शुरू किया। छात्राएं मेस की व्यवस्था सुधारने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग कर रही हैं।
दरभंगा एयरपोर्ट पर हवाई यात्रियों की परेशानी जारी है, जहां अकासा एयर की दिल्ली फ्लाइट लगातार दूसरे दिन रद रही। मुंबई से दरभंगा आने वाली स्पाइसजेट की सेवा भी पिछले दो सप्ताह से ठप है, जिससे यात्रियों को काफी असुविधा हो रही है।
लखनऊ में चौपट चौराहे: अराजकता, अतिक्रमण और अव्यवस्था का प्रतीक- टेढ़ी पुलिया चौराहा
Chuapat Chaurahe in Lucknow:लखनऊ पुलिस से जब व्यवस्था नहीं संभलती तो ट्रैफिक को डायवर्ट करके राहगीरों को उनके हाल पर छोड़ देती है।
शहडोल शहर के वार्ड नंबर-7 में बुधवार शाम करीब 8 साल की एक बेसहारा बच्ची रोते-बिलखते हुए लोगों के घर पहुंची। जब पड़ोसियों ने उससे रोने की वजह पूछी, तो उसने जो आपबीती सुनाई उसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया। बच्ची ने आरोप लगाया कि एक डॉक्टर के घर में उससे जबरन बाल मजदूरी कराई जाती थी और काम में थोड़ी सी भी गलती होने पर बेरहमी से पीटा जाता था। मासूम ने डॉक्टर की पत्नी पर गर्म चिमटे और अन्य गर्म चीजों से शरीर को दागने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। बच्ची के शरीर पर जलने के निशान भी दिखे हैं। अनाथ है बच्ची, बांदा से लाई गई थी शहडोल जानकारी के मुताबिक बच्ची मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की रहने वाली है। उसके माता-पिता नहीं हैं। बताया जा रहा है कि कुछ महीने पहले शहडोल में पदस्थ एक डॉक्टर दंपती उसे बांदा से अपने घर लाए थे। बच्ची के मुताबिक, घर में उससे दिनभर झाड़ू-पोछा और बर्तन जैसे घरेलू काम कराए जाते थे। अगर वह काम करने से मना करती या कोई गलती हो जाती, तो उसके साथ मारपीट की जाती थी। बुधवार शाम वह किसी तरह हिम्मत जुटाकर डॉक्टर के घर के पास वाले मकान में पहुंची और लोगों को अपनी आपबीती बताई। पुलिस ने दर्ज किए बयान, डॉक्टर को थाने बुलाया मासूम की आपबीती सुनकर स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। खबर मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को सुरक्षित थाने ले आई। पुलिस ने बच्ची से पूरी घटना की जानकारी ली और उसके शरीर पर बने जलने के निशानों की मेडिकल कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उधर, मामले में नाम सामने आने के बाद पुलिस ने जिला अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर बीआर प्रजापति को पूछताछ के लिए थाने बुलाया। हालांकि, डॉक्टर ने अपने सफाई में मीडिया को बताया कि बच्ची उनकी पत्नी की रिश्तेदार है और वह सिर्फ यहां घूमने के लिए आई है। जांच और मेडिकल रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई फिलहाल मासूम बच्ची के गंभीर आरोपों और डॉक्टर के दावों में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। पुलिस का कहना है कि बच्ची, डॉक्टर दंपती और आसपास के लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। मासूम के आरोपों की सच्चाई मेडिकल रिपोर्ट और निष्पक्ष पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो सकेगी, जिसके आधार पर आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Bhagalpur Mid Day Meal Scam Probe: भागलपुर के मध्य विद्यालय कुतुबगंज में मध्याह्न भोजन योजना में 'अंडा पूरा और खाना कम' का मामला सामने आया है। स्कूल प्रधानाध्यापक और भोजन आपूर्ति करने वाली एनजीओ के बीच विवाद के बाद शिक्षा विभाग ने जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम गठित की है।
सोनीपत के खरखौदा क्षेत्र में 10वीं की छात्रा को अकेला पाकर घर में घुसकर रेप करने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (पोक्सो) ने आरोपी को दोषी करार दिया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नरेंद्र की कोर्ट ने आरोपी को 20 साल की कैद और कुल 52 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने जुर्माने की राशि में से 40 हजार रुपए पीड़िता को मुआवजे के तौर पर देने के आदेश दिए हैं। घर पर अकेली थी किशोरी, आरोपी ने दी धमकी पुलिस के अनुसार, पीड़िता की मां ने 4 फरवरी 2025 को खरखौदा थाने में शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि घर के पास एक दुकान पर काम करने वाला आरोपी नवंबर 2024 से जनवरी 2025 के बीच कई बार किशोरी को घर पर अकेला पाकर अंदर घुसता था। आरोप है कि वह जान से मारने की धमकी देकर उसके साथ रेप करता था। मां के घर लौटने पर रो रही थी बेटी पीड़िता की मां ने पुलिस को बताया था कि एक दिन जब वह घर लौटी तो उसकी बेटी रो रही थी। मां ने बेटी से रोने का कारण पूछा तो उसने पूरी घटना के बारे में बताया। इसके बाद मां ने पुलिस को शिकायत दी और आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कराया गया। 6 फरवरी को पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया शिकायत मिलने के बाद खरखौदा थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने 6 फरवरी 2025 को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। पीड़िता के साथ घटना के दौरान वह 10वीं कक्षा में पढ़ रही थी। उसके पिता की पहले ही मौत हो चुकी थी और मां ही बच्चों का पालन-पोषण कर रही थी। पोक्सो एक्ट में 20 साल की सजा मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (पोक्सो) में हुई। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नरेंद्र की कोर्ट ने आरोपी को पोक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत दोषी मानते हुए 20 वर्ष कैद और 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जान से मारने की धमकी देने के मामले में कोर्ट ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(2) के तहत 2 साल की कैद और 2 हजार रुपए जुर्माने की सजा भी सुनाई है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। 40 हजार रुपए पीड़िता को मिलेंगेकोर्ट ने पीड़िता को हुए शारीरिक और मानसिक कष्ट को देखते हुए जुर्माने की राशि में से 40 हजार रुपए उसे मुआवजे के तौर पर देने के आदेश दिए हैं। आरोपी पर दोनों मामलों में कुल 52 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
उदयपुर में 'शुद्ध आहार मिलावट पर वार' अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बुधवार को कार्रवाई की। आयुक्त अविचल चतुर्वेदी और CMHO डॉ. अशोक आदित्य के निर्देश पर टीम ने शैक्षणिक संस्थानों की मैस की जांच की। टीम ने प्रताप नगर स्थित पैसिफिक यूनिवर्सिटी और देबारी स्थित पैसिफिक डेंटल कॉलेज की मैस पर औचक छापा मारा। यहां छात्रों को परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता संदिग्ध लगने पर दाल, सब्जी और चावल के कुल 6 सैंपल जब्त किए गए। खाद्य सुरक्षा अधिकारी नरेंद्र सिंह चौहान ने बताया- टीम सबसे पहले प्रताप नगर स्थित पैसिफिक यूनिवर्सिटी के कैंपस में चल रही मैस में पहुंची। यहां दोपहर के भोजन की तैयारी चल रही थी। अचानक हुई कार्रवाई से मैस के कर्मचारियों और संचालकों में हड़कंप मच गया। टीम ने सीधे किचन में प्रवेश किया। वहां भोजन पकाने की जगह, बर्तनों की सफाई और कच्चे माल के रख-रखाव की बारीकी से जांच की गई। छात्रों को परोसे जाने वाले भोजन की शुद्धता परखने के लिए टीम ने मौके पर तैयार छोले, हरी मिर्च-टमाटर की सब्जी और दाल के सैंपल लिए। इन सभी नमूनों को सील कर दिया गया। डेंटल कॉलेज की मैस में भी कार्रवाई टीम इसके बाद देबारी स्थित पैसिफिक डेंटल कॉलेज की मैस में पहुंची। यहां भी टीम ने किचन की साफ-सफाई, पानी की शुद्धता और खाद्य सामग्री के भंडारण की स्थिति को देखा। नरेंद्र सिंह चौहान ने बताया- टीम ने मैस में बन रहे भोजन की शुद्धता को परखने के लिए उबले चावल (बॉयल राइस), मूंग की सब्जी और उड़द दाल के सैंपल एकत्र किए। अधिकारियों ने मैस के स्टॉक रूम को भी खंगाला। इस्तेमाल हो रहे तेल और मसालों की ब्रांडिंग चेक की। रिपोर्ट के बाद होगी कानूनी कार्रवाई जब्त किए सभी 6 सैंपलों को जांच के लिए जयपुर स्थित सरकारी लैब में भेजा जाएगा। प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम-2006 के तहत आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सीएमएचओ डॉ. अशोक आदित्य ने कहा- यदि भोजन की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की मिलावट या गंदगी पाई जाती है तो संबंधित संचालकों के खिलाफ धारा 32 के तहत इंप्रूवमेंट नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद भी सुधार नहीं होने पर मैस का लाइसेंस निलंबित करने और कोर्ट में केस दर्ज करने जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई करने वाली टीम इस औचक निरीक्षण और नमूना संग्रहण की कार्रवाई को खाद्य सुरक्षा विभाग की विशेष टीम ने अंजाम दिया। टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी नरेंद्र सिंह चौहान, मोनिका अहारी और पिंकी कुमारी शामिल थीं।
अनूपपुर जिले में पशु तस्करी रोकने के अभियान के तहत बुधवार दोपहर सराई पुलिस चौकी ने कार्रवाई की। करनपठार थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक मिनी ट्रक से 12 भैंस-पड़वा जब्त किए। पुलिस के अनुसार, मवेशियों को अवैध रूप से जबलपुर ले जाया जा रहा था। मामले में ट्रक चालक मोहम्मद अजीज को गिरफ्तार किया गया है। जब्त मवेशियों और मिनी ट्रक की कुल कीमत करीब 19 लाख 80 हजार रुपए बताई गई है। सूचना पर ट्रक की तलाशी ली चौकी प्रभारी मंगला दुबे को सूचना मिली थी कि मिनी ट्रक में मवेशियों को भरकर जबलपुर ले जाया जा रहा है। इसके बाद पुलिस टीम ने मतलूब मुसलमान के ईंट भट्ठे के पीछे खड़े संदिग्ध ट्रक की तलाशी ली। पुलिस के मुताबिक, ट्रक में 12 मवेशी ठूंस-ठूंसकर भरे मिले। इनकी कीमत करीब 4 लाख 80 हजार रुपए बताई गई है। 15 लाख का मिनी ट्रक भी जब्त पुलिस ने करीब 15 लाख रुपए कीमत का मिनी ट्रक भी जब्त किया। मौके से चालक मोहम्मद अजीज, निवासी आजाद नगर मौहरिया, जबलपुर को हिरासत में लिया गया। पुलिस के अनुसार, चालक मवेशियों के परिवहन से संबंधित दस्तावेज नहीं दिखा सका। आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है। अन्य लोगों की तलाश जारी पुलिस मामले में मवेशी परिवहन से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। वहीं वेंकटनगर पुलिस ने 6 और कोतमा पुलिस ने 12 मवेशियों समेत अन्य कार्रवाई की है।
खन्ना में हुए सड़क हादसे में 38 वर्षीय क्रेन ऑपरेटर की मौत हो गई। मृतक गांव रतनपालों का रहने वाला था और मंडी गोबिंदगढ़ में क्रेन चलाकर परिवार का पालन-पोषण करता था। हादसा उस समय हुआ जब वह काम खत्म करने के बाद अपनी क्रेन से गांव लौट रहा था। जानकारी के अनुसार सुखविंदर जैसे ही गुरु अमरदास मार्केट के सामने पहुंचा तो तेज रफ्तार कैंटर ने उसकी क्रेन को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि सुखविंदर गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। राहगीरों ने उसे तुरंत सरकारी अस्पताल खन्ना पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार में मातम घटना की सूचना मिलते ही परिवार में मातम छा गया। परिजनों के मुताबिक, करीब चार महीने पहले ही सुखविंदर के बड़े भाई की इंग्लैंड में सड़क हादसे में मौत हुई थी। अब छोटे भाई की हादसे में मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पुलिस ने कैंटर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसे के कारणों और वाहन चालक की भूमिका की जांच की जा रही है। सुखविंदर की मां फिलहाल इंग्लैंड में परिजनों ने बताया कि सुखविंदर की मां फिलहाल इंग्लैंड में रहती हैं। उनके भारत लौटने के बाद ही पोस्टमार्टम की कार्रवाई और अंतिम संस्कार किया जाएगा। परिवार के अनुसार, सुखविंदर भी इंग्लैंड जाने की तैयारी कर रहा था, लेकिन इससे पहले ही हादसे में उसकी जान चली गई।

