मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम में मानदेय वृद्धि के बाद शिक्षामित्रों का सम्मान करेंगे। उसके बाद तारामंडल क्षेत्र में बनाए गए टू लेन पुल का लोकार्पण करेंगे। दोपहर बाद माधव नगर वार्ड के जंगल बेनी माधव मोहल्ले में बने कल्याण मंडपम (कन्वेंशन सेंटर) जनता को समर्पित करेंगे। इसके अलावा CM एकीकृत मंडलीय कार्यालय, कुश्मी एन्क्लेव और गोरखपुर सोनौली मार्ग पर बनने वाले प्रवेश द्वार के निर्माण का शिलान्यास भी करेंगे। मंगलवार को मुख्यमंत्री के हाथों गोरखपुर महानगर को कुल 71 विकास परियोजनाओं की सौगात मिलेगी। लोकार्पण की 26 और शिलान्यास की 45 परियोजनाओं पर 612 करोड़ 31 लाख 84 हजार रुपये की लागत आ रही है। ये सभी परियोजनाएं गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) की हैं। लोकार्पण और शिलान्यास के लिए दो कार्यक्रम स्थल बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री मंगलवार को पहले तारामंडल क्षेत्र के वसुंधरा एंक्लेव द्वितीय व तृतीय के मध्य स्थित वाटर बॉडी के ऊपर बनाए गए टूलेन ब्रिज का लोकार्पण करेंगे। इस पुल के निर्माण पर 14.33 करोड़ रुपये की लागत आई है। इस ब्रिज के जन समर्पित हो जाने से दो हिस्सों में बंटे तारामंडल क्षेत्र की आपसी कनेक्टिविटी मजबूत और सुगम हो जाएगी। अमरावती निकुंज, वसुंधरा फेज 1, 2 व 3, सिद्धार्थ एंक्लेव, सिद्धार्थ एंक्लेव विस्तार, सिद्धार्थपुरम, सिद्धार्थपुरम विस्तार, सिद्धार्थ विहार, गौतम विहार, बुद्ध विहार, बुद्ध विहार कामर्शियल, बुद्ध विहार पार्ट ए, बी और सी, लेक व्यू, वैशाली, विवेकपुरम, जैमिनी गार्डेनिया तथा आसपास के विस्तृत आवासीय क्षेत्रों के निवासियों के आवागमन के लिए यह ब्रिज काफी सहूलियत देगा। 112 मीटर लंबे टूलेन ब्रिज है पर दोनों ओर 1.5 मीटर चौड़े फुटपाथ भी बनाए गए हैं। लोकार्पण और शिलान्यास का दूसरा कार्यक्रम जंगल बेनी माधव के कल्याण मंडपम में होगा। कल्याण मंडपम के साथ ही सीएम योगी यहां अन्य कई परियोजनाओं का भी लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। यह शहर का छठवां क्रियाशील कल्याण मंडपम होगा। इसके निर्माण पर 5 करोड़ 3 लाख रुपये की लागत आई है। जीडीए द्वारा बनवाए गए इस कल्याण मंडपम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की विधायक निधि का भी उपयोग किया गया है। जीडीए के उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन के अनुसार कल्याण मंडपम, अल्प और मध्यम आय वर्ग के लोगों के मांगलिक व अन्य आयोजनों को उनके बजट के अनुरूप शानदार बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन का साकार रूप है। महानगर में अब तक सीएम योगी के हाथों पांच कल्याण मंडपम (खोराबार, सूरजकुंड, मानबेला, राप्तीनगर विस्तार और बिछिया) का लोकार्पण हो चुका है। कल्याण मंडपम बनाने में सीमित आय वाले परिवारों को विवाह, तिलक, मुंडन, बर्थडे और अन्य सामाजिक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए किफायती दरों पर मैरिज हाउस जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री इन प्रमुख परियोजनाओं का करेंगे शिलान्यास-एकीकृत मंडलीय कार्यालय का निर्माण, लागत 269.63 करोड़ रुपये।-लच्छीपुर में कुश्मी एवेन्यू अपार्टमेंट का निर्माण, 172.86 करोड़ रुपये।-गोरखपुर सोनौली मार्ग पर प्रवेश द्वार का निर्माण, लागत 10.11 करोड़ रुपये।-वसुंधरा एंक्लेव से पैडलेगंज चौराहा तक सड़क चौड़ीकरण, आरसीसी नाला व सौंदर्यीकरण कार्य, लागत 22.58 करोड़ रुपये।-रामगढ़ताल रिंग रोड पर आरकेबीके से सहारा एस्टेट वाले हिस्से में रिटेनिंग वाल की ऊंचाई बढ़ाने का कार्य, लागत 13.33 करोड़ रुपये।-गुरुकुल सिटी योजना फेज-1 के तहत सड़क निर्माण, 19.17 करोड़ रुपये।-गुलरिहा थाना से भटहट मोड़ तक डेकोरेटिव लाइटिंग, लागत 10.11 करोड़ रुपये। राज्य के सभी जिलों में होगा शिक्षा मित्रों के सम्मान का कार्यक्रम शिक्षामित्रों के मानदेय में 80 प्रतिशत वृद्धि का उपहार देकर मान बढ़ाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेसिक शिक्षा की सुदृढ़ता में उनके योगदान के लिए सम्मान भी देने जा रहे हैं। शिक्षामित्रों को सम्मानित करने के लिए प्रदेशस्तरीय भव्य आयोजन योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में होगा। इस अवसर पर सीएम योगी शिक्षामित्रों को वृद्धि के बाद नियत मानदेय का प्रतीकात्मक चेक भी शिक्षामित्रों को सौंपेंगे। प्रदेश में बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में तैनात 1.43 लाख शिक्षामित्रों को प्रतिमाह 10 हजार रुपये मानदेय मिलता था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षामित्रों की शैक्षिक सेवा को सराहते हुए इसे बढ़ाकर 18 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया है। नया मानदेय अप्रैल माह से लागू हो गया है। मानदेय वृद्धि को सम्मान के साथ वितरित करने का शुभारंभ मंगलवार को समारोहपूर्वक गोरखपुर में सीएम योगी के सानिध्य में होगा। पहले मानदेय वृद्धि और अब सेवा के सम्मान की योगी सरकार की पहल से शिक्षामित्रों में उत्साह का जबरदस्त संचार देखा जा रहा है। शिक्षमित्रों के सम्मान समारोह को भव्य बनाने को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग ने जोरदार तैयारी की है। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में पूर्वाह्न 11 बजे से होने वाले समारोह में बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह भी मौजूद रहेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री, 10 शिक्षामित्रों को नए मानदेय (18 हजार रुपये) की धनराशि का प्रतीकात्मक चेक वितरित करेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिक्षा विभाग के उपलब्धिपरक स्टालों का अवलोकन करने के साथ ही विद्यार्थी नेतृत्व आधारित प्रार्थना सभा की गतिविधियों पर आधारित ‘अरुणोदय’ कैलेंडर का विमोचन भी करेंगे। मुख्यमंत्री की सहभागिता वाले भव्य समारोह के समानांतर राज्य के सभी जिलों में भी आयोजन किए जाएंगे। गोरखपुर के बेसिक शिक्षा अधिकारी धीरेंद्र त्रिपाठी का कहना है कि सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री जी का आशीर्वचन प्राप्त करने के लिए शिक्षामित्रों में खासा उत्साह का माहौल है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षामित्रों की सहभागिता रहेगी। उन्होंने कहा कि मानदेय वृद्धि के जरिये मुख्यमंत्री जी ने शिक्षामित्रों की शैक्षिक सेवा का मान बढ़ाया है। उनकी पहचान और प्रतिष्ठित हुई है और वे अब आर्थिक रूप से मजबूत भी होंगे। सरकार की तरफ से पहले मानदेय वृद्धि और अब सम्मान की पहल से शिक्षामित्रों का मनोबल बढ़ेगा और इससे शिक्षा की गुणवत्ता को भी नई ऊंचाई मिलेगी।
चर्चित अधिवक्ता अखिलेश दुबे को वक्फ की संपत्ति पर कब्जा कराने के आरोपी सस्पेंड इंस्पेक्टर सभाजीत मिश्रा को सात महीने बाद हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। सभाजीत को 12 सितंबर की देर रात पुलिस ने गिरफ्तार कर दूसरे दिन जेल भेजा था। यह था पूरा प्रकरण… परेड के नवाब इब्राहिम हाता निवासी मोईनुददीन आसिफ जाह ने ग्वालटोली थाने में बतौर मुतवल्ली मुकदमा दर्ज कराया था। बतौर आरोप सिविल लाइंस स्थित 13/387, 13/388 और 13/390 की संपत्ति नवाब मंसूर अली की थी। वर्ष 1911 में हाफिज हलीम को यह संपत्ति 99 वर्ष के पट्टे पर दी गई थी। संपत्ति 2010 तक प्रयोग की जा सकती थी। जिसके बाद यह पुन: वक्फ संपत्ति हो गई। आरोप है कि अखिलेश दुबे ने साथियों संग मिलकर वक्फ संपत्ति पर कब्जा कर लिया, इसमें तत्कालीन इंस्पेक्टर सभाजीत मिश्रा ने भी मदद की। आरोप है कि अप्रैल 2024 में सभाजीत कई लोगों के साथ उनके घर पहुंचे और डरा धमकाकर बिना दिखाए व पढ़ाए एक पेपर पर हस्ताक्षर करा लिए, आधार कार्ड भी ले लिया। धमकी दी कि लखनऊ में दर्ज एफआईआर की पैरवी बंद नहीं की तो तुम्हारा जेल जाना तय है। इसी मामले में पुलिस ने 12 सितंबर को सभाजीत मिश्रा को जेल भेजा था। वरिष्ठ अधिवक्ता पीयूष शुक्ला ने बताया कि हाईकोर्ट में जमानत के पक्ष में तर्क दिया गया कि कोई डायरेक्ट एवीडेंस नहीं है। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने जमानत अर्जी स्वीकार कर ली।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ऐसे अंशकालिक अनुदेशकों की सेवा समाप्ति आदेशों को रद्द कर दिया है, जिन्हें छात्र संख्या 100 से कम होने के आधार पर सेवा नवीनीकरण से वंचित कर दिया गया था। न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने मनोज कुमार और अन्य की याचिकाओं पर यह आदेश दिया है। कहा कि स्कूलों में छात्रों की संख्या में गिरावट के लिए केवल अंशकालिक अनुदेशकों को जिम्मेदार ठहराना न केवल मनमाना है, बल्कि अन्यायपूर्ण भी है।न्यायालय ने माना कि अनुदेशक का मुख्य कार्य शिक्षण प्रदान करना है, न कि संस्थागत मामलों का प्रबंधन करना, और छात्र संख्या में कमी के पीछे कई ऐसे कारक हो सकते हैं जो उनके नियंत्रण से बाहर हों। क्या है पूरा मामला मामले की पृष्ठभूमि के अनुसार, इन अनुदेशकों की नियुक्ति शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए कला, स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा और कार्य शिक्षा जैसे विषयों के लिए वर्ष 2013 के शासनादेश के तहत की गई थी। हालांकि, कई वर्षों तक सेवा देने के बाद अधिकारियों ने इस आधार पर उनका नवीनीकरण रोक दिया कि उनके संबंधित स्कूलों में छात्रों की संख्या 100 के मानक से नीचे चली गई है। याचिकाओं में दलील दी गई कि वर्ष 2013 के मूल शासनादेश के क्लाज -6 में नवीनीकरण के लिए ऐसी किसी शर्त का उल्लेख नहीं है जो छात्र संख्या घटने पर स्वतः सेवा समाप्ति की बात करती हो। सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला सुनवाई के दौरान न्यायालय ने उच्चतम न्यायालय के विभिन्न निर्णयों का संदर्भ दिया, जिसमें कहा गया है कि अंशकालिक अनुदेशकों को नियमित शिक्षकों के समान ही माना जाना चाहिए क्योंकि वे समान योग्यता रखते हैं और उन पर अन्य कोई नौकरी न करने का प्रतिबंध भी होता है, जो उन्हें वास्तव में पूर्णकालिक शिक्षक के समकक्ष बनाता है। कोर्ट ने यह भी रेखांकित किया कि सरकारी संस्थानों में सुविधाओं में सुधार किया जाना चाहिए ताकि वे निजी स्कूलों से प्रतिस्पर्धा कर सकें और छात्र संख्या बनी रहे, बजाय इसके कि इसका दोष केवल अनुदेशकों पर मढ़ा जाए। अदालत ने अपने आदेश में पूर्व के विवादित आदेशों को दरकिनार करते हुए सक्षम अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे याचिकाकर्ताओं के मामले पर नए सिरे से विचार करें। कोर्ट ने अधिकारियों को आदेश दिया है कि वे इस फैसले में दी गई टिप्पणियों और सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए छह सप्ताह के भीतर एक तर्कसंगत और स्पष्ट आदेश पारित करें।
शहर में तेज रफ्तार का कहर एक मजदूर की जान ले गया। सिकंदर कंपू क्षेत्र में रविवार रात पेड़ के नीचे बैठे एक मजदूर को कार ने कुचल दिया। गंभीर रूप से घायल मजदूर ने करीब 24 घंटे तक जिंदगी के लिए संघर्ष किया, लेकिन सोमवार रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद कार चालक वाहन मौके पर छोड़कर फरार हो गया। दिनभर की मजदूरी के बाद कर रहा था आराम जनकगंज के निम्बाजी की खो निवासी 40 वर्षीय शाकिर खान (पुत्र जमील खान) पेशे से मजदूर था। रविवार को दिनभर काम करने के बाद वह रात करीब 10 बजे सिकंदर कंपू पुरानी कलारी के पास एक पेड़ के नीचे बैठकर आराम कर रहा था। इसी दौरान तेज रफ्तार कार ने लापरवाही से उसे टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर इतनी जोरदार थी कि शाकिर गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोग जुटे तो चालक कार छोड़कर फरार हो गया। 24 घंटे तक चला जिंदगी से संघर्ष घायल शाकिर को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां वह रविवार रात से जिंदगी और मौत के बीच जूझता रहा। सोमवार रात उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। मौत के बाद पुलिस ने मामले में धाराएं बढ़ा दी हैं और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। CCTV फुटेज के आधार पर तलाश घटना के बाद पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों की जांच शुरू कर दी है। कुछ फुटेज मिले हैं, लेकिन स्पष्ट पहचान के लिए और फुटेज खंगाले जा रहे हैं। माधौगंज थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी चालक की तलाश तेज कर दी है। माधौगंज थाना प्रभारी दिव्या तिवारी ने बताया - कार को कब्जे में ले लिया गया है। वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर चालक की पहचान की जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बांदा फैमिली कोर्ट द्वारा पारित तलाक की डिक्री रद्द करते हुए कड़ी टिप्पणी की कि अदालत ने ऐसे कानून के तहत तलाक दिया, जिसका अस्तित्व ही नहीं है। हाईकोर्ट ने संबंधित न्यायिक अधिकारी के फैसले को अत्यंत लापरवाह और अनौपचारिक बताते हुए उसकी कार्यप्रणाली पर नाराज़गी जताई। जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस विवेक सारन की खंडपीठ ने यह आदेश पति हाफ़िज़ की अपील पर पारित किया, जिसने जनवरी 2026 में फैमिली कोर्ट द्वारा पत्नी को दिए गए तलाक आदेश को चुनौती दी थी। जानिये क्या है पूरा मामला मामले में पत्नी ने अपनी याचिका मुस्लिम स्त्री विवाह विच्छेद अधिनियम, 1986 के तहत दायर की थी जबकि ऐसा कोई कानून अस्तित्व में ही नहीं है। हाईकोर्ट ने कहा कि संभवतः याचिका में मुस्लिम विवाह विघटन अधिनियम, 1939 का उल्लेख होना चाहिए था , जो मुस्लिम महिलाओं को तलाक मांगने का अधिकार देता है। अदालत ने कहा कि केवल याचिका में गलत कानून का उल्लेख होने से आदेश स्वतः अवैध नहीं हो जाता, यदि ट्रायल कोर्ट सही कानून के तहत अधिकार प्रयोग करे। हालांकि, इस मामले में फैमिली कोर्ट ने स्वयं अपने पूरे निर्णय में बार-बार उसी गैर-मौजूद कानून का उल्लेख किया और उसी के तहत राहत भी प्रदान की। कोर्ट ने कहा जिम्मेदारी है कि कानून का अस्तित्व जानें हाईकोर्ट ने कहा, “यह सुनिश्चित करना अदालत का दायित्व है कि जिस कानून का वह उल्लेख कर रही है, वह वास्तव में अस्तित्व में हो। केवल याचिका में हुई त्रुटि ट्रायल कोर्ट को वही गलती दोहराने का अधिकार नहीं देती।” खंडपीठ ने कहा कि अस्तित्वहीन कानून के आधार पर दिया गया निर्णय विधि और तथ्य दोनों की दृष्टि से दोषपूर्ण है। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट का आदेश रद्द करते हुए मामला पुनः उसी अदालत को भेज दिया और निर्देश दिया कि वह सही कानूनी प्रावधानों के तहत नया निर्णय पारित करे। अदालत ने स्पष्ट किया कि नए सिरे से पूरा ट्रायल नहीं होगा और फैमिली कोर्ट उपलब्ध साक्ष्यों व रिकॉर्ड के आधार पर ही निर्णय दे सकती है, जब तक उसे अतिरिक्त साक्ष्य की आवश्यकता न लगे। हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट को तीन माह के भीतर नया फैसला देने का निर्देश दिया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने टिप्पणी किया कि किसी ऐसी धार्मिक प्रथा या उपयोग की शुरुआत या विस्तार, जो पहले से प्रचलित नहीं थी, विशेष रूप से यदि वह मौजूदा सामाजिक संतुलन को बिगाड़ती है तो उसे संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 के तहत संरक्षण प्राप्त नहीं है। खंडपीठ ने आगे कहा कि राज्य के लिए यह ज़रूरी नहीं है कि वह किसी वास्तविक व्यवधान का इंतज़ार करे, बल्कि, जहां ऐसी गतिविधि से सार्वजनिक जीवन प्रभावित होने की आशंका हो, वहां राज्य उचित निवारक उपाय कर सकता है। हाईकोर्ट ने नमाज वाली याचिका खारिज कीइन टिप्पणियों के साथ जस्टिस सरल श्रीवास्तव और जस्टिस गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने 'असीन' नामक व्यक्ति द्वारा दायर रिट याचिका खारिज की। इस याचिका में याचिकाकर्ता ने अधिकारियों से संभल ज़िले के गांव में स्थित ज़मीन के एक टुकड़े पर नमाज़ अदा करने के लिए सुरक्षा और अनुमति प्रदान करने का निर्देश देने की मांग की थी। याचिकाकर्ता ने जून 2023 की एक 'दान-विलेख' के आधार पर उस निजी संपत्ति पर अपना स्वामित्व होने का दावा किया था। उसने यह तर्क दिया कि संबंधित अधिकारी ऐसी प्रार्थनाओं को रोक रहे हैं, जिससे संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 के तहत उसके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है। राज्य सरकार ने कहा जमीन आबादी भूमिदूसरी ओर, राज्य सरकार ने यह दावा किया कि विवादित ज़मीन 'आबादी भूमि' के रूप में दर्ज है—अर्थात् ऐसी भूमि जो सार्वजनिक उपयोग के लिए निर्धारित है—और उस पर याचिकाकर्ता का कोई स्वामित्व अधिकार नहीं है। उल्लेखनीय है कि खंडपीठ को यह जानकारी दी गई कि उक्त स्थान पर पारंपरिक रूप से केवल ईद के अवसर पर ही नमाज़ अदा की जाती रही है। इस स्थापित प्रथा पर किसी भी प्रकार का कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया। यह भी प्रस्तुत किया गया कि याचिकाकर्ता गांव के भीतर और बाहर से लोगों को आमंत्रित करके नियमित रूप से बड़े पैमाने पर सामूहिक नमाज़ अदा करने की एक नई प्रथा शुरू करने का प्रयास कर रहा है। अपने आदेश में खंडपीठ ने यह उल्लेख किया कि यद्यपि संविधान धर्म का पालन करने के अधिकार को संरक्षण प्रदान करता है, तथापि वह यह भी स्पष्ट करता है कि यह अधिकार 'सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता और स्वास्थ्य' के अधीन है। कोर्ट ने इस बात पर ज़ोर दिया कि धर्म का पालन करने का अधिकार कोई असीमित अधिकार नहीं है; बल्कि इसका प्रयोग इस प्रकार किया जाना चाहिए जिससे न तो अन्य लोगों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव पड़े और न ही सार्वजनिक जीवन के सामान्य कामकाज में कोई व्यवधान उत्पन्न हो। खास बात यह है कि बेंच ने राय दी कि मौजूदा कानूनी धार्मिक प्रथाएं और लंबे समय से चले आ रहे नियम या सीमित या खास मकसद के लिए दी गई इजाजतें अपने आप में सही हो सकती हैं, लेकिन सिर्फ़ धर्म या निजी पसंद के आधार पर कोई नया या एकतरफ़ा दावा नहीं किया जा सकता। बेंच ने साफ़ किया कि राज्य को संवैधानिक तौर पर यह अधिकार है। सही मामलों में यह उसकी ज़िम्मेदारी भी है कि वह बिना कानूनी अधिकार के सार्वजनिक ज़मीन के इस्तेमाल को रोके। निजी ज़मीन पर होने वाली निजी धार्मिक गतिविधियों के बारे में कोर्ट ने कहा कि निजी प्रार्थनाएं, पारिवारिक पूजा और दूसरी सीमित धार्मिक गतिविधियां आम तौर पर संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 के तहत धार्मिक आज़ादी के दायरे में आती हैं। हालांकि, कोर्ट ने साफ़ किया कि यह सुरक्षा सिर्फ़ उन गतिविधियों तक सीमित है, जो सचमुच निजी, कभी-कभार होने वाली और शांति भंग न करने वाली हों। बेंच ने ज़ोर देकर कहा कि जहां कोई धार्मिक गतिविधि निजी दायरे से बाहर निकलकर सार्वजनिक दायरे को प्रभावित करने लगती है, वहां कानूनी नियम लागू होंगे। इसके अलावा, कोर्ट ने साफ़ किया कि कानून के मुताबिक अधिकारियों को असल में कोई गड़बड़ी होने का इंतज़ार करने की ज़रूरत नहीं है; जहां किसी गतिविधि से सार्वजनिक व्यवस्था पर असर पड़ने की संभावना हो, वहां राज्य को पहले से ही कार्रवाई करने का अधिकार है। मामले के गुण-दोषों पर विचार करते हुए पीठ ने पाया कि विचाराधीन भूमि सरकारी (सार्वजनिक) भूमि के रूप में दर्ज है और इस पर स्वामित्व का दावा केवल अस्पष्ट सीमा-विवरणों पर आधारित है। इसके अलावा भी न्यायालय ने कहा कि यदि इस भूमि को निजी भूमि मान भी लिया जाए, तब भी याचिकाकर्ता किसी प्रकार की राहत पाने का हकदार नहीं है, क्योंकि वह यहां एक नई धार्मिक प्रथा की शुरुआत कर रहा है। कोर्ट ने यह पाते हुए कि याचिकाकर्ता का कोई ऐसा कानूनी अधिकार सिद्ध नहीं होता, जिसे लागू करवाया जा सके, पीठ ने रिट याचिका खारिज कर दी।
कानपुर-सागर हाईवे पर तेज रफ्तार डंपर की टक्कर से बाइक सवार मां-बेटा उछलकर सड़क पर जा गिरे। मां की डंपर की चपेट में आने से मौके पर मौत हो गई, जबकि बेटा घायल हो गया। हादसे के चालक डंपर को छोड़कर भाग निकला। वहीं हादसे के बाद वाहन की लंबी कतार लग गई। मुंह में छाले से कैंसर की थी आशंकाफतेहपुर, अमौली के सरहनपुर मजरा के रुरा गांव निवासी रामबाबू किसान हैं। परिवार में 56 वर्षीय पत्नी सुशीला और इकलौता बेटा अशोक हैं। अशोक ने बताया कि मां को करीब तीन महीने से मुंह में छाले थे, जो खत्म होने का नाम नहीं ले रहे थे। कई जगह इलाज कराया। हमीरपुर में डाक्टर को दिखाया तो उन्होंने कैंसर की आशंका जताते हुए बायोप्सी कराने के लिए कह दिया। इस पर वह मां को दिखाने के लिए हैलट अस्पताल पहुंचा था, लेकिन उसके पहुंचने से पहले ओपीडी का समय खत्म हो चुका था। इस पर मां की बायोप्सी कराने के बाद घर लौट रहा था। वह वसंत विहार चौकी के पास पहुंचा था, तभी पीछे से आ रहे डंपर ने बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में सुशीला की मौके पर मौत हो गई। नौबस्ता थाना प्रभारी बहादुर सिंह ने बताया कि बाइक में टक्कर के बाद डंपर की चपेट में आने से महिला की मौत हुई है। डंपर को कब्जे में लिया गया है, तहरीर लेकर कार्रवाई की जा रही है।
मालपुरा गेट थाना पुलिस ने नकली सोना-चांदी बनाकर लोगों से ठगी करने वाली गैंग का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी की गई राशि में से 4.50 लाख रुपये नकद और नकली सोना-चांदी बनाने के उपकरण और सील मोहर बरामद की है। डीसीपी ईस्ट रंजीता शर्मा ने बताया कि 3 मई को पीड़ित हरीश कुमार मीणा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसे संजय उदयवाल ने महबुब शेख निवासी अहमदाबाद गुजरात से मुलाकात करवाई। उसने मुझे बोला कि मैं चांदी बनाता हूं और चांदी को सस्ती बेचता हूं और इसके बाद महबुब शेख ने बार बार फोन कर फैक्ट्री पर बुलाया और मुझे चांदी बनाकर दिखाई। सस्ती चांदी देने का झांसा देकर 5 लाख रुपये ठग लिए गए। आरोपी उसे फैक्ट्री पर ले गए और नकली चांदी बनाकर दिखाते हुए अपने जाल में फंसा लिया। मामला दर्ज होने के बाद आरोपियों के किराये के मकान में पुलिस ने दबीश दी तो आरोपी सारा समान समेटकर फरार हो चुके थे। हालांकि इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल लोकेशन ट्रैक कर और आरोपियों का पीछा कर उन्हें अहमदाबाद से डिटेन कर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मेहबूब शेख (39) और इब्राहिम छीपा के रूप में हुई है, जो मूल रूप से अहमदाबाद के निवासी हैं और जयपुर में किराये पर रहकर वारदात को अंजाम दे रहे थे। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी नकली सोना-चांदी बनाकर उसे असली बताकर बेचने का झांसा देते थे और लोगों से मोटी रकम ऐंठ लेते थे। फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस रिमांड पर हैं और उनसे पूछताछ जारी है। पुलिस को आशंका है कि पूछताछ में अन्य वारदातों का भी खुलासा हो सकता है।
मध्य प्रदेश में पिछले 21 वर्षों से बंद पड़ी सड़क परिवहन सेवा को लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने राज्य और केंद्र सरकार को पुनः नोटिस जारी कर छह सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। यह जनहित याचिका सेंधवा के सामाजिक कार्यकर्ता और एडवोकेट बीएल जैन द्वारा 14 अगस्त 2024 को दायर की गई थी। याचिका में कहा है कि परिवहन निगम बंद होने के बाद प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में यात्रियों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही सुरक्षित और सुलभ परिवहन व्यवस्था का अभाव भी गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। पहले भी जारी हुआ था नोटिस, जवाब नहीं कोर्ट ने 17 सितंबर 2024 को भी राज्य शासन को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा था, लेकिन शासन की ओर से अब तक कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। सोमवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने इस पर नाराजगी जताते हुए पुनः नोटिस जारी किया। निजी बसों पर निर्भरता, सुरक्षा पर सवाल सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट अभिषेक तुगनावत ने पक्ष रखते हुए बताया कि परिवहन निगम के बंद होने के बाद प्रदेश में निजी बसों पर निर्भरता बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में बसों की कमी के कारण लोग मालवाहक वाहनों में यात्रा करने को मजबूर हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा है और कई हादसों में लोगों की जान भी जा चुकी है। सरकार की जिम्मेदारी पर उठे सवाल याचिका में कहा गया कि नागरिकों को सुरक्षित परिवहन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। साथ ही यह भी तर्क दिया गया कि केरल और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में परिवहन निगम सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं और लाभ में भी हैं, तो मध्यप्रदेश में ऐसा मॉडल क्यों नहीं अपनाया जा सकता। घोषणाओं के बावजूद सेवा शुरू नहीं याचिकाकर्ता ने यह भी बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा लंबे समय से सार्वजनिक परिवहन सेवा शुरू करने की घोषणाएं की जा रही हैं, लेकिन करीब डेढ़ वर्ष बाद भी इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है।
ग्वालियर शहर में एक पारिवारिक समारोह में उस समय दहशत में बदल गया जब एक भाई ने ही अपने चचेरे भाई की उंगली दांतों से चबा डाली। आरोपी ने दांत इतनी तेजी से चलाए कि चचेरे भाई की उंगली ही कट गई। घटना सोमवार रात पड़ाव थाना क्षेत्र के मरीमाता महलगांव फूलबाग इलाके में एक पारिवारिक समारोह की है। वारदात उस समय हुई जब घर में छोटी बच्ची के जन्मदिन का जश्न मनाया जा रहा था। इस घटना के पीछे दोनों भाइयों में संपत्ति को लेकर कहासुनी होना कारण रहा है। पुलिस ने घायल का मेडिकल कराने के बाद हमलावर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल हमलावर फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है। बर्थडे की खुशियों के बीच 'संपत्ति' का विवादशहर के पड़ाव थानाक्षेत्र स्थित फूलबाग के मरीमाता महलगांव निवासी संतोष चोकटिया (34) के छोटे भाई दीपक की बेटी का सोमवार रात जन्मदिन था। घर में पारिवारिक समारोह चल रहा था, जिसमें केक सेरेमनी होनी थी। इसी कार्यक्रम में संतोष के ताऊ का लड़का संजीत भी शामिल होने पहुंचा था। बर्थडे समारोह के बीच में ही संजीत ने पुराने संपत्ति विवाद को लेकर संतोष से बहस शुरू कर दी। गुस्सा ऐसा कि हैवान बन गया भाईपरिजनों ने संजीत को समझाने की कोशिश की कि खुशी के मौके पर विवाद न करे, लेकिन संजीत का गुस्सा सातवें आसमान पर था। विवाद बढ़ा तो संजीत ने संतोष पर हमला कर दिया। हाथापाई के दौरान संजीत ने संतोष का हाथ पकड़ा और उसकी उंगली को दांतों से इतनी जोर से चबाया कि उंगली का आधा हिस्सा कटकर अलग हो गया। उंगली चबाने के बाद हमलावर हुआ फरारसंतोष की चीख सुनकर जब तक लोग मदद के लिए दौड़ते, संतोष का हाथ खून से लथपथ हो चुका था। खून की धार बहते देख आरोपी संजीत मौके से भाग निकला। आनन-फानन में पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद घायल संतोष को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस का कहनाइस मामले में टीआई पड़ाव थाना शैलेन्द्र भार्गव ने बताया कि संपत्ति विवाद को लेकर एक युवक ने अपने चचेरे भाई की उंगली चबाकर काट दी है। घायल का उपचार जारी है। आरोपी संजीत के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और उसकी तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं।
जयपुर में पेइंग गेस्ट (पीजी) किराए पर लेकर कब्जा करने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया। यह गिरोह मकान मालिकों से बाद में अवैध वसूली करती थी। शिप्रापथ थाना पुलिस ने गिरोह के मुख्य आरोपी महेंद्र गुर्जर (36) उर्फ बिल्लू को गिरफ्तार किया। शिप्रापथ थाना पुलिस में पीड़ित बाबूलाल शर्मा (48) ने शिकायत दर्ज कराई थी। मकान किराए पर लेने के बाद आरोपी 30 लाख रुपए खाली करने के मांग रहा था। डीसीपी साउथ राजर्षिराज ने बताया- आरोपी और उसके साथी पीजी संचालन के नाम पर मकान किराए पर लेते थे। शुरुआती एक-दो महीने किराया देने के बाद वे जानबूझकर विवाद कर देते। बाद में मकान मालिक के खिलाफ किराया प्राधिकरण में मामला दर्ज कराते और कोर्ट से स्टे आदेश ले लेते थे। इसके बाद किराया देना बंद कर मकान खाली करने के बदले मोटी रकम की मांग करते थे। मकान खाली करने के मांगे 30 लाख रुपए पीड़ित बाबूलाल शर्मा ने पुलिस को शिकायत में बताया कि आरोपी महेंद्र गुर्जर पुत्र लक्ष्मण सिंह ने मेरा मकान 93-ए गोपालपुरा-सी (गंगोत्री नगर) को 16 जनवरी को किराए पर लिया। आरोपी ने 1 लाख 60 हजार रुपए हर महीने के हिसाब से तीन मंजिला मकान किराए पर लिया था। इसमें 24 कमरे और लेट-बाथ था। पीड़ित बाबूलाल ने बताया- कुछ समय बाद आरोपी ने किराया देना बंद कर दिया और मकान खाली करने के लिए 30 लाख रुपए की मांग करने लगा। इस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। डीसीपी साउथ ने बताया- पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह के खिलाफ जयपुर के विभिन्न थानों में इसी तरह के कई मामले दर्ज हैं। आरोपी पहले भी कई आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। पुलिस अब गिरोह के अन्य बदमाशों की तलाश कर रही है। वहीं मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
राज्य सरकार की अपील मंजूर, हाईकोर्ट ने पलटा फैसला:42 साल पुराने हत्या मामले में दो आरोपी दोषी करार
इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने लगभग 42 साल पुराने एक हत्या के मामले में निचली अदालत के फैसले को पलट दिया है। राज्य सरकार की अपील पर सुनवाई करते हुए, हाई कोर्ट ने दो आरोपियों को दोषी ठहराया है। निचली अदालत ने इस मामले में सभी चार आरोपियों को बरी कर दिया था। मामले की सुनवाई के समय ही दो आरोपियों का निधन हो चुका है। शेष बचे दो आरोपियों को हाई कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (भाग-2) यानी गैर इरादतन हत्या के तहत दोषी पाया है। अदालत ने सजा के प्रश्न पर सुनवाई के लिए दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर 11 मई को पेश करने का निर्देश दिया है। यह महत्वपूर्ण आदेश न्यायमूर्ति रजनीश कुमार और न्यायमूर्ति बबीता रानी की खंडपीठ ने राज्य सरकार द्वारा दायर अपील पर सुनाया। यह घटना 15 जून 1984 की है, जब उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के माखी क्षेत्र में पानी की निकासी को लेकर विवाद हुआ था। मृतक जमुना प्रसाद अपने मकान की छत पर नाली बना रहे थे, जिसका आरोपियों ने विरोध किया। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने जमुना प्रसाद और उनके भाई अमृत लाल पर लाठी-भाले से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल जमुना प्रसाद ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया था। साल 1986 में सत्र अदालत ने सभी आरोपियों को यह मानते हुए बरी कर दिया था कि उन्होंने आत्मरक्षा में कार्रवाई की थी, क्योंकि उन्हें भी चोटें आई थीं और अभियोजन पक्ष इसका स्पष्ट जवाब नहीं दे सका था। हालांकि, हाई कोर्ट ने इस तर्क को खारिज करते हुए कहा कि मामूली विवाद में किसी की जान लेना आत्मरक्षा के दायरे में नहीं आता। अदालत ने निचली अदालत के फैसले को गलत ठहराते हुए उसे निरस्त कर दिया।
मथुरा में दो नाबालिग बहनों के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। वृंदावन में मजदूर की दोनों बेटियां खाना खाने के लिए एक आश्रम में गईं,जहां आश्रम के बाहर एक ऑटो चालक मिला। जिसने दोनों को अपनी बातों में फंसा लिया और उनको मथुरा के धौलीप्याऊ इलाके में स्थित एक होटल में ले गया। जहां ऑटो चालक ने अपने दोस्तों को बुला लिया और गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने वारदात को अंजाम देने वाले 3 आरोपियों सहित 4 युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। 30 अप्रैल को गायब हुई थीं दोनों बहनें वृंदावन के बंशीवाल इलाके में रहने वाले एक मजदूर की दोनों नाबालिग बेटी पास में ही स्थित एक आश्रम में खाना खाने गई थीं। आश्रम के बाहर ही एक ऑटो चालक मिला,जिसने दोनों को अपनी बातों में फंसा लिया और अपने साथ मथुरा ले गया। बेटियों के गायब होने से पिता परेशान हो गया और उसने 1 मई को पुलिस को गायब होने की सूचना दी। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर शुरू की तलाश पिता की तहरीर पर मुकद्दमा दर्ज करने के बाद पुलिस दोनों नाबालिग लड़कियों की तलाश में जुट गई। पुलिस लड़कियों की तलाश में जुटी थी इसी बीच 3 मई को दोनों बहनें वापस अपने घर आ गईं। घर आने पर लड़कियों ने जो बात अपने पिता को बताई उसे सुनकर पिता के पैरों तले जमीन खिसक गई। नाबालिगों ने बताया कि उनके एक ऑटो चालक बातों में फंसाकर मथुरा ले गया। होटल में किया सामूहिक दुष्कर्म लकड़ियों ने अपने पिता को बताया कि ऑटो चालक पहले तो काफी देर तक मथुरा की सड़कों पर घुमाता रहा। जिसके बाद उसने अपने किसी दोस्त को फोन किया। इसके बाद वह धौलीप्याऊ इलाके में स्थित एक होटल में ले गया। जहां उनके साथ 3 लोगों ने दुष्कर्म किया। वारदात के बाद चारों ने डराया और परिवार को जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद आरोपियों ने दोनों को दिल्ली जाने वाली ट्रेन में बिठा दिया। दोस्त के भाई के रूम पर जाना चाहती थीं लड़कियां लड़कियों में अपने परिवार को बताया कि वह वृंदावन के मारुति नगर के रहने वाले लड़के रूपेश को पहले से जानती थीं। रूपेश ने कहा था कि उसके भाई का दिल्ली में रूम है तुम वहीं पहुंच जाओ। इसी के लिए वह आश्रम के बाहर से ऑटो में बैठी थीं। दोनों लड़कियां जब दिल्ली पहुंचीं तो रूपेश के भाई को गड़बड़ लगी और उस लगा कि यह दोनों अपने परिवार को बिना बताए यहां आई हैं जिसके बाद उसने दोनों को वहां से लौटा दिया। पुलिस ने दुष्कर्म का मामला किया दर्ज 3 मई को दिल्ली से लौटीं लड़कियों की बताई बातों को सुनने के बाद पिता ने पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी। जिसके बाद पुलिस ने नाबालिगों के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने का मुकद्दमा दर्ज कर लिया और आरोपियों की तलाश में जुट गई। पुलिस को जांच के दौरान पता चला कि आश्रम के बाहर से ऑटो में ले जाने वाला युवक डैंपियर नगर निवासी समीर था। पुलिस ने आरोपी किए गिरफ्तार पुलिस ने समीर को हिरासत में लिया और उससे पूछताछ की तो पता चला कि उसने धौलीप्याऊ इलाके में स्थित एक होटल में काम करने वाले अपने दोस्त शिवा से वहां रूम बुक कराया। इसके बाद उसने डैंपियर नगर के ही रहने वाले दोस्त कृष्ण को भी वहां बुला लिया। इसके बाद तीनों ने गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने समीर, शिवा,कृष्णा के अलावा रूपेश को भी गिरफ्तार कर लिया।
पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की जीत के बाद बेमेतरा में भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं ने जोरदार जश्न मनाया। शहर के प्रमुख सिग्नल चौक पर भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक बड़ी संख्या में जुटे। यहां आतिशबाजी कर खुशी जताई गई और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी गई। जश्न के दौरान ढोल-नगाड़ों की थाप पर कार्यकर्ता जमकर थिरकते नजर आए। पूरे चौक पर उत्साह और खुशी का माहौल बना रहा। भाजपा नेताओं ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों और पार्टी नेतृत्व पर जनता के भरोसे की जीत बताया। सांसद विजय बघेल ने कहा कि यह ऐतिहासिक जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व, रणनीति और मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा का परचम लहराना विकास और विश्वास की जीत है। वहीं नगर पालिका अध्यक्ष विजय सिन्हा ने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनना गर्व की बात है। जनता ने राष्ट्रवाद, विकास और सुशासन के पक्ष में अपना समर्थन दिया है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह जीत आने वाले समय में देश की राजनीति की दिशा तय करेगी। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
ललितपुर में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली शराब बनाने वाली एक अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। कोतवाली पुलिस, स्वाट और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में पांच अंतर्राज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। मौके से भारी मात्रा में नकली शराब, निर्माण उपकरण और वाहन समेत लाखों रुपए की संपत्ति बरामद की गई है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीमों ने गंगापुरम कॉलोनी स्थित एक संदिग्ध स्थान पर छापा मारा। यहां अवैध रूप से शराब का निर्माण किया जा रहा था। छापेमारी के दौरान शराब बनाने के उपकरण, हजारों की संख्या में नकली ढक्कन, लेबल, क्यूआर कोड, खाली बोतलें, ड्रम, आरओ मशीन और सीलिंग मशीन जब्त की गईं। बरामद की गई संपत्तियों में एक ऑडी, एक क्रेटा और एक स्विफ्ट कार के साथ एक मोटरसाइकिल और सात मोबाइल फोन शामिल हैं। कुल बरामद संपत्ति की अनुमानित कीमत लगभग 54 लाख रुपये आंकी गई है। इसके अतिरिक्त, आरोपियों के पास से 5.50 लाख रुपये नकद मिले हैं, जबकि उनके बैंक खातों में जमा 8.29 लाख रुपये फ्रीज कर दिए गए हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान गिरोह के सरगना रवि लखैरा (पुत्र सुरेश लखैरा, निवासी गंगापुरम कॉलोनी, स्थायी पता ग्राम महेवा, थाना ओरछा रोड, जिला छतरपुर, म.प्र.), चंद्रेश लोधी उर्फ विक्की (पुत्र करन सिंह, निवासी अंडेला, थाना मालथौन, जिला सागर, म.प्र.), मनीष विश्वकर्मा (पुत्र कम्मोद विश्वकर्मा, निवासी ग्राम पढवा, थाना महरौनी, ललितपुर), अंकित विश्वकर्मा (पुत्र मनीष विश्वकर्मा, निवासी जमुनापुरम, स्थायी पता ग्राम पढवा, थाना महरौनी, ललितपुर) और पुष्पेन्द्र ठाकुर (पुत्र सूरज भान, निवासी करदन मजरा नया खेड़ा, कोतवाली ललितपुर) के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे एक संगठित गिरोह के रूप में काम करते थे। वे हरियाणा से स्प्रिट मंगाकर मध्य प्रदेश मार्का की नकली शराब तैयार करते थे। इस नकली शराब को सागर, निवाड़ी, छतरपुर सहित विभिन्न जिलों में सरकारी ठेकों और ढाबों पर बेचा जाता था। अधिक मुनाफा कमाने के लिए वे लगातार अपने ठिकाने बदलते रहते थे और काम के लिए बाहरी राज्यों से मजदूर बुलाते थे। पुलिस अधीक्षक मो. मुश्ताक ने बताया कि इस कार्रवाई के लिए टीम को 25 हजार रुपये नगद पुरस्कार व प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मामले में कुछ अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। गिरोह का नेटवर्क कई राजारीज्यों में फैला हुआ है, जिसकी गहन जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले अन्य तथ्यों के आधार पर आगे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अवैध शराब के निर्माण व तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी है।
बिलासपुर में एक युवती ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गई। ठग ने खुद को बैंक अफसर बनकर उसे क्रेडिट कार्ड का ऑफर बताया। जिसके बाद पे-जैप ऐप डाउनलोड कराकर एक लाख 5 हजार रुपए ट्रांजेक्शन कर लिए। युवती की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। मुंगेली नाका में रहनी वाली 26 वर्षीय युवती प्राइवेट जॉब करती है। उसने थाने में ऑनलाइन ठगी की शिकायत दर्ज कराई है। जिसमें बताया कि 17 मार्च को उनके मोबाइल पर अनजान नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को एचडीएफसी बैंक का अफसर बताया। इस दौरान कथित बैंक अफसर ने क्रेडिट कार्ड ऑफर की जानकारी दी। जिसके बाद युवती को पे-जैप ऐप डाउनलोड करने कहा। लिमिट सेट करने के बहाने मांगा ओटीपीइसके बाद कथित बैंक अफसर ने क्रेडिट कार्ड की लिमिट सेट करने का झांसा दिया और युवती के मोबाइल पर आए ओटीपी मांग लिया।। युवती ने जेसे ही ओटीपी साझा की, उसके क्रेडिट कार्ड से दो दिन के भीतर अलग-अलग ट्रांजेक्शन कर लिए। शिकायत के अनुसार, 16 और 17 मार्च को 49,416 रुपए और 55,593 रुपए की राशि निकाल ली गई। युवती को घटना की जानकारी तब हुई, जब उनके क्रेडिट कार्ड से संबंधित ट्रांजेक्शन का मैसेज मिला। युवती ने बताया कि कॉल करने वाले ने खुद का नाम राकेश मित्तल बताया और अलग-अलग मोबाइल नंबरों से संपर्क किया था। ठगी में उपयोग किए गए कार्ड का विवरण भी पुलिस को सौंप दिया गया है। शिकायत पर पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नॉर्थ टेक सिम्पोजियम का दूसरा दिन:केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और रक्षा राज्य मंत्री होंगे शामिल
प्रयागराज में मंगलवार को उत्तर प्रौद्योगिकी संगोष्ठी (नॉर्थ टेक सिम्पोजियम) 2026 का दूसरा दिन है। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ मुख्य रूप से सम्मिलित होंगे और प्रदर्शनी का दौरा करेंगे। इसके पहले सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सिंपोजियम का उद्घाटन किया। और फायरिंग रेंज में जाकर आधुनिक हथियारों का लाइव डेमो देखा। उनके साथ उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल नंदी भी मौजूद थे । साथ अधिकारी उपस्थित थे। भारतीय सेना की उत्तरी कमान, मध्य कमान और सोसायटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (SIDM) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है। 284 कंपनियां, जिसमें MSMEs, निजी रक्षा फर्में, स्टार्टअप्स और सैन्य कर्मी शामिल हैं। अपने नवाचारों को स्टॉलों पर प्रदर्शित कर रही हैं। पहले दिन फील्ड में कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी, हेल्थ केयर, रोबोटिक्स, सिमुलेटर्स, स्पेशल व्हीकल, unmand aerial system जैसे रक्षा उपकरणों का डेमांस्ट्रेशन किया गया। सिमपोजियम की थीम 'रक्षा त्रिवेणी संगम - जहां प्रौद्योगिकी, उद्योग और सैनिक कौशल का संगम होता है' है, जो चुनौतियों से निपटने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देगा। भारतीय सेना बदलती सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए लगातार नवाचार पर जोर दे रही है। आयोजन का मुख्य उद्देश्य फील्ड तैनाती व रखरखाव के लिए उपयुक्त प्रौद्योगिकियों की पहचान कर खरीद प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना है, ताकि भारतीय सेना में आत्मनिर्भर रक्षा प्रणाली मजबूत हो। आधुनिक रक्षा उपकरणों का प्रदर्शन सिम्पोजियम में सेना में इस्तेमाल होने वाली नई तकनीकों और आधुनिक उपकरणों का प्रदर्शन किया जाएगा। कई उपकरणों का लाइव डेमो भी दिखाया जाएगा, ताकि लोग समझ सकें कि ये तकनीकें कैसे काम करती हैं। ड्रोन और सैन्य वाहनों पर फोकस कार्यक्रम में ड्रोन, ऑल-टेरेन वाहन, सर्विलांस सिस्टम और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी तकनीकों को खास तौर पर दिखाया जाएगा। स्वदेशी यानी भारत में तैयार तकनीकों पर ज्यादा जोर रहेगा। उद्योग और सेना के बीच संवाद इस आयोजन का उद्देश्य रक्षा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों, स्टार्टअप्स, शिक्षण संस्थानों और सेना को एक मंच पर लाना है। यहां रक्षा तकनीक और भविष्य की जरूरतों को लेकर चर्चा भी होगी। सेमिनार में बड़े विषयों पर चर्चा कार्यक्रम के दौरान रक्षा नवाचार, सैन्य निर्माण और नई तकनीकों पर सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। विशेषज्ञ बताएंगे कि भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कैसे आगे बढ़ रहा है।
आगरा पुलिस ने मेटा अलर्ट मिलते ही तत्परता दिखाते हुए रविवार रात एक घर का चिराग बुझने से बचा लिया। फेसबुक फ्रेंड से हुए ब्रेकअप के कारण गहरे अवसाद में डूबे एक 17 वर्षीय छात्र ने जब इंस्टाग्राम पर अपनी मौत की तैयारी का वीडियो साझा किया, तो सात समंदर पार 'मेटा' मुख्यालय से आए एक अलर्ट ने पुलिस को सक्रिय कर दिया। थाना जेतपुर पुलिस ने महज 11 मिनट के भीतर छात्र के कमरे में पहुंचकर उसे जहर पीने और फांसी लगाने से ऐन वक्त पहले सुरक्षित बचा लिया। आधी रात को आया 'इमरजेंसी अलर्ट' पुलिस के अनुसार घटना 3 मई की रात की है। बीए द्वितीय वर्ष के एक छात्र ने देर रात करीब 01:49 बजे इंस्टाग्राम पर एक सुसाइड नोट पोस्ट किया। इसमें उसने अपनी मां से माफी मांगते हुए लिखा, अम्मी, मैं आपको तकलीफ नहीं देना चाहता था, इसलिए अपनी मौत का कारण इस लेटर में लिख रहा हूं। पोस्ट होते ही मेटा कंपनी ने उत्तर प्रदेश पुलिस की मीडिया सेल को तुरंत ई-मेल के जरिए आपातकालीन अलर्ट भेजा। लोकेशन ट्रेस होते ही दौड़ी पुलिससूचना मिलते ही पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने मीडिया सेल को तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए। तकनीकी टीम ने छात्र की लोकेशन ट्रेस की और थाना जैतपुर पुलिस को सूचित किया। पुलिस टीम बिना समय गंवाए छात्र के घर पहुंची और कमरे का दरवाजा खोला। वहां का नजारा देख पुलिसकर्मी भी दंग रह गए। छात्र के एक हाथ में कीटनाशक की बोतल थी और पास ही एक मोटी रस्सी रखी थी। पुलिसकर्मियों ने फुर्ती दिखाते हुए छात्र के हाथ से बोतल छीनी और उसे शांत कराया। पूछताछ में छात्र ने बताया कि फेसबुक के जरिए उसकी एक युवती से दोस्ती हुई थी, लेकिन हाल ही में हुए विवाद और ब्रेकअप के बाद वह गहरे तनाव में था। उसने बचने की कोई गुंजाइश न रहे, इसलिए जहर और फांसी दोनों की योजना बनाई थी। पुलिस ने छात्र की उचित काउंसलिंग की और परिजनों को सौंपा, जिसके बाद छात्र ने भविष्य में ऐसी गलती न दोहराने का वादा किया। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश पुलिस और मेटा के बीच साल 2022 से एक समझौता प्रभावी है, जिसके तहत आत्मघाती पोस्ट पर तत्काल पुलिस को सूचना दी जाती है। इस प्रणाली के जरिए 1 जनवरी 2023 से अब तक पूरे प्रदेश में 2700 लोगों की जान बचाई जा चुकी है। अकेले आगरा कमिश्नरेट ने बीते एक साल में 58 लोगों को बचाया गया है।
लालकुर्ती पुलिस ने 49.20 लाख रुपये की धोखाधड़ी में वांछित एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी पिछले पांच वर्षों से नाम बदल बदलकर अलग अलग स्थानों पर रहते हुए पुलिस को चकमा देता आ रहा था। आरोपी की पत्नी पहले सलाखों के पीछे जा चुकी है जबकि मामले से जुड़े अन्य आरोपी हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत पर बाहर चल रहे हैं। पहले एक नजर डालते हैं मामले परपंजाब नेशनल बैंक मेरठ कॉलेज शाखा के वरिष्ठ प्रबंधक ने 29 सितंबर, 2020 को लालकुर्ती थाने में एक महिला समेत पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। इन सभी पर धोखाधड़ी कर बैंक से 49.20 लाख रुपये का ऋण निकाले जाने का आरोप था। ऐसे किया लोन के लिए आवेदन फरवरी, 2017 में नीलकंठपुरम भोला रोड निवासी अरुण कुमार आर्य व उनके बेटे अक्षय योगी ने बैंक को एक प्रोपर्टी दिखाई। डा. भोपाल सिंह रोड बेगमबाग में यह प्रोपर्टी थी, जिसका मालिक योगेंद्र शर्मा व उनकी पत्नी संध्या शर्मा को दिखाया। उन्होंने प्रोपर्टी स्वामी को बैंक के सामने खड़ा कर बताया कि वह उनकी प्रोपर्टी खरीदने के लिए लोन लेना चाहते हैं। बैंक अधिवक्ता ने जारी किया सर्टिफिकेट बैंक ने नियमानुसार प्रक्रिया शुरु की और उक्त प्रोपर्टी के स्वामित्व सत्यापन व गैर भार प्रमाण पत्र लेने के लिए अपने अधिवक्ता अतुल शर्मा निवासी आदर्श नगर को भेजा। अतुल शर्मा ने जल्द सर्टिफिकेट जारी किया और बताया कि उक्त प्रोपर्टी के वास्तविक मालिक योगेंद्र शर्मा व उनकी पत्नी संध्या शर्मा हैं। प्रमाण पत्र जारी होने के बाद बैंक ने 49,20,000 रुपये का लोन 23 फरवरी, 2017 को जारी कर दिया। अरुण कुमार के नाम कराया बैनामा यह प्रोपर्टी पूर्व में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के पास बंधक दिखाई गई थी। लोन जारी करते हुए बैंक ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का शेष भुगतान पूर्ण किया और योगेंद्र शर्मा व संध्या शर्मा से प्रोपर्टी के कागजात लेकर उन्हें पहले लोन लेने वाले अरुण कुमार आर्य के नाम कराया और फिर बैंक में 3 मार्च, 2017 को जमा करा दिया। किश्त जमा ना हुई तो खुली पोल एसओ लालकुर्ती हरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि लोन जारी होने के बाद तय हुआ कि 38552.51 रुपये की किश्त जमा की जाएगी लेकिन किश्त जमा नहीं की गई, जिस कारण खाता एनपीए हो गया। बैंक ने नोटिस प्रक्रिया शुरु की तो वह उस पते पर रहने वाले संजीव कुमार रस्तौगी, सुनीता रस्तौगी और राहुल रस्तौगी को प्राप्त हुआ। बैंक को नोटिस मिला तो हुई छानबीन संजीव कुमार रस्तौगी ने भी अपने अधिवक्ता से बैंक को नोटिस भिजवा दिया। बताया कि उन्होंने यह प्रोपर्टी सूर्यकांत कौशिक पुत्र श्रीचंद कौशिक से खरीदी है। बैंक ने जांच कराई तो खुलासा हुआ कि ब्रजघाट गढ़मुक्तेश्वर निवासी पंडित बिहारी लाल पुत्र वासुदेव ने इस प्रोपर्टी को 20 जनवरी, 2007 को संध्या शर्मा व योगेंद्र शर्मा को बेच दिया था। संध्या व योगेंद्र शर्मा ने मकान सूर्यकांत को बेचा, जिनसे संजीव,सुनीता व राहुल ने यह प्रोपर्टी खरीदी। पांच लोगों के खिलाफ दर्ज हुई FiRएसओ ने बताया कि 26 सितंबर, 2020 को इस मामले में तत्कालीन वरिष्ठ प्रबंधक संजय कुमार जैन की तरफ से अरुण कुमार आर्य, अक्षय योगी, योगेंद्र शर्मा व उनकी पत्नी संध्या शर्मा के अलावा बैंक अधिवक्ता अतुल शर्मा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। इस मामले में अरुण, अक्षय व अधिवक्ता अतुल शर्मा अग्रिम जमानत पर हैं। संध्या शर्मा को पहले जेल भेजा जा चुका है। योगेंद्र शर्मा की तलाश चल रही थी, जिन्हें सोमवार को दबोच लिया गया।
संभल में निर्माणाधीन मकान का लेंटर गिरा:2 मजदूर मलबे में दबकर घायल, हायर सेंटर रेफर
संभल के गुन्नौर तहसील के गांव कैल में निर्माणाधीन मकान का लेंटर गिरने से बड़ा हादसा हो गया। घटना के समय करीब 20 से ज्यादा मजदूर काम कर रहे थे, जिनमें से दो मलबे में दबकर घायल हो गए। हादसे के दौरान मौके पर अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी चंद्रकेश पुत्र लौखी के मकान में करीब 2500 वर्ग फीट क्षेत्र में लेंटर डाला जा रहा था। सोमवार दोपहर करीब 2 बजे काम शुरू हुआ था और शाम करीब 7 बजे शटरिंग सरकने के कारण पूरा लेंटर गिर गया। हादसे के समय 20 से 22 मजदूर मौके पर काम कर रहे थे। इनमें से दो मजदूर मलबे में दब गए। घायलों की पहचान सत्यराम (60) पुत्र लक्ष्मण और मुन्ना, निवासी कैल की मढ़ैया के रूप में हुई है। दोनों घायलों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुन्नौर में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंच गया। ग्रामीणों की मदद से बचाव कार्य चलाकर अन्य सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। थाना प्रभारी सौरभ त्यागी ने बताया- शटरिंग हटने के कारण लेंटर गिरा। वहीं मकान मालिक चंद्रकेश ने बताया कि निर्माण कार्य अंतिम चरण में था और करीब 300-400 फीट काम ही बाकी था, तभी यह हादसा हो गया।
ललितपुर में सोमवार रात अचानक मौसम बिगड़ गया। तेज आंधी के साथ हुई झमाझम बारिश से जहां तापमान में गिरावट आई, वहीं शहर और आसपास के इलाकों में जलभराव और यातायात बाधित होने की समस्या सामने आई। तेज आंधी के साथ शुरू हुई झमाझम बारिश देर रात तक जारी रही, जिससे शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। महरौनी कस्बे में बारिश के चलते बिजली आपूर्ति ठप हो गई, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई और भीषण गर्मी से राहत भी मिली। तेज हवाओं के कारण ललितपुर-महरौनी मार्ग पर मसौरा कलां और खितवांस के पास दो जगहों पर पेड़ सड़क पर गिर गए। इससे मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया और यातायात बाधित हो गया। इसी दौरान पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री प्रदीप जैन आदित्य भी जाम में फंस गए। उन्होंने मौके पर उतरकर अपने साथियों के साथ पेड़ हटाने में सहयोग किया, जिसके बाद धीरे-धीरे रास्ता बहाल किया गया। बारिश रात करीब 11 बजे तक जारी रही। इस दौरान शहर की कई गलियों में पानी भर गया, जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। प्रशासन द्वारा स्थिति पर नजर रखी जा रही है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य किए जा रहे हैं।
दमोह में लोकायुक्त सागर की टीम ने सोमवार रात शिक्षा विभाग के तीन कर्मचारियों को 80 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा। यह रिश्वत एक शिक्षक की मनचाही पोस्टिंग करने और उनके खिलाफ चल रही विभागीय जांच को खत्म करने के एवज में मांगी गई थी। पीड़ित शिक्षक नवेंद्र अठ्या, जो पटेरा के शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय में पदस्थ थे, उन्हें सितंबर 2025 में एक विवाद के बाद निलंबित कर दिया गया था। बहाली के बाद उन्हें तेंदूखेड़ा अटैच किया गया था। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ अनिल साहू और मनोज श्रीवास्तव ने उनसे पदस्थापना में संशोधन करने और जांच समाप्त करने के नाम पर एक लाख रुपए की मांग की थी, जिसमें सौदा 80 हजार रुपए में तय हुआ। पॉलिटेक्निक कॉलेज के पास बिछाया जाल आरोपियों को पकड़वाने के लिए नवेंद्र ने 13 अप्रैल को लोकायुक्त सागर में शिकायत की थी। योजना के अनुसार, सोमवार रात करीब 9 बजे शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज के सामने मुख्य सड़क पर जैसे ही अनिल साहू ने रिश्वत की राशि ली, लोकायुक्त टीम ने उसे पकड़ लिया। बाद में इस साजिश में शामिल लिपिक नीरज सोनी और मनोज श्रीवास्तव को भी पकड़ा गया। तीन कर्मचारी चढ़े लोकायुक्त के हत्थे लोकायुक्त निरीक्षक मंजू किरण तिर्की के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में माध्यमिक शिक्षक अनिल साहू, सहायक ग्रेड-2 मनोज कुमार श्रीवास्तव और सहायक ग्रेड-3 नीरज कुमार सोनी को हिरासत में लिया गया। इन तीनों आरोपियों को जबलपुर नाका चौकी ले जाया गया, जहां उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की गई। जांच टीम की मुस्तैदी से पकड़े गए आरोपी इस कार्रवाई में लोकायुक्त निरीक्षक मंजू किरण तिर्की, रंजीत सिंह और उनकी टीम के करीब 12 सदस्य शामिल रहे। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य जुटा लिए गए हैं और मामले की जांच की जा रही है।
वाराणसी के व्यापारी मनीष सिंह हत्याकांड के दो आरोपी सोमवार रात पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पुलिस ने फूलपुर थाना क्षेत्र के खरका कठिराव इलाके से दोनों को दबोच लिया, इनके ऊपर पुलिस ने 50-50 हजार का इनाम घोषित किया था। एसओजी और पुलिस टीम ने भाग रहे बदमाशों का दो किमी तक दौड़ाया, पीछा करने में पुलिस टीम पर गोलियां चलाई। इसके बाद पुलिस की जवाबी फायरिंग में दोनों बदमाशों को गोली लगी और बाइक से गिर पड़े। पुलिसकर्मियों ने घेराबंदी कर दोनों को बदमाशों को गिरफ्तार कर लिाय। आरोपियों में शामिल 50-50 हजार के इनामी मनीष राजभर और आशीष राजभर को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। वहीं उनके पास से तमंचा और बाइक बरामद हुई है। पुलिस अब मनीष और आशीष से उनके साथी और मनीष के अन्य हत्यारों का पता लगाएगी। वाराणसी के फूलपुर थाना क्षेत्र निवासी व्यापारी मनीष सिंह की मामूली विवाद में पीट-पीटकर हत्या की गई थी। महिला को कार का धक्का लगने से नाराज मनबढ़ ग्रामीणों ने दोना-पत्तल कारोबारी 36 वर्षीय मनीष सिंह का सिर और चेहरा कूंचने के बाद आंखें निकाल लीं थीं। मृत कारोबारी के चाचा अरुण कुमार सिंह की तहरीर पर आठ नामजद और सात अज्ञात हत्यारोपियों पर केस दर्ज किया गया है। वारदात के बाद पुलिस के खिलाफ बढ़ते आक्रोश के बीच जमकर किरकिरी भी हो रही है। वारदात में शामिल सभी फरार 5 आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था भरथरा गांव (फूलपुर) में हत्यारोपी आशीष राजभर पुत्र मुकुंद राजभर, मनीष राजभर पुत्र मुकुंद राजभर, दीपक राजभर पुत्र दिलीप राजभर, गोविंद राजभर पुत्र जंगाली राजभर, नागेंद्र राजभर पुत्र जंगाली राजभर पर की तलाश जारी थी। इसमें आशीष राजभर और मनीष राजभर के फूलपुर थाना क्षेत्र के खरका कठिराव इलाके में होने की सूचना मिली, जिसके बाद वाराणसी एसओजी प्रभारी गौरव कुमार सिंह और फूलपुर थाना प्रभारी अतुल कुमार सिंह की टीम ने घेराबंदी की और दोनों का पीछा किया।
राजनांदगांव पुलिस ने हत्या के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति को मात्र दो घंटे में गिरफ्तार कर लिया। लालबाग थाना क्षेत्र के ग्राम कविराज टोलागांव में एक व्यक्ति ने पारिवारिक रंजिश के चलते अपनी पत्नी की कुल्हाड़ी मारकर हत्या कर दी थी। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। घटना सोमवार, 4 मई की सुबह करीब 6 बजे हुई। पुलिस के अनुसार, पूर्णिमा पारधी गांव के शासकीय शौचालय की ओर जा रही थी। इसी दौरान उसका पति रंजीत पारधी (38 वर्ष) अपनी टीवीएस मोपेड पर वहां पहुंचा और अपने पास रखी कुल्हाड़ी से पूर्णिमा के सिर पर वार कर दिया। पूर्णिमा की मौके पर ही मौत हो गई। एक साल से अलग रह रही पत्नी पुलिस पूछताछ में आरोपी रंजीत ने बताया कि उसका विवाह लगभग 12-13 वर्ष पहले हुआ था और उनके तीन बच्चे भी हैं। पिछले एक साल से उसकी पत्नी पूर्णिमा उसे छोड़कर अपने चचेरे भाई सूरज पारधी के साथ रह रही थी। इसी पारिवारिक विवाद और आपसी रंजिश के चलते रंजीत ने हत्या की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया। सुबह 6:40 बजे कंट्रोल रूम से सूचना मिलते ही लालबाग थाना प्रभारी निरीक्षक रमेश पटेल के नेतृत्व में पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी रंजीत पारधी को दो घंटे के भीतर हिरासत में ले लिया। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी, घटना में इस्तेमाल की गई टीवीएस मोपेड और वारदात के समय पहने हुए खून से सने कपड़े जब्त किए हैं। आरोपी के खिलाफ लालबाग थाने में अपराध क्रमांक 181/2026, धारा 103(1) BNS के तहत मामला दर्ज किया गया है। उसे न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रेलवे को प्रयागराज जंक्शन के सिटी साइड स्थित संगमरमर मस्ज़िद यथास्थिति कायम रखने का दिया निर्देश है। यह आदेश न्यायमूर्ति अरिंदम सिन्हा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने दिया है। कमेटी के सचिव महबूब अली परवेज ने बताया कि कोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 15 मई की तारीख लगाई है और अगली सुनवाई तक किसी भी तरह की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। साथ ही रेलवे को अगली सुनवाई तक याचिका पर जवाब दाखिल करने को कहा है। याचिका के अनुसार रेलवे ने मस्जिद हटाने के लिए नोटिस दिया है। मस्जिद कमेटी ने वक्फ संपत्ति का हवाला देकर याचिका में नोटिस को चुनौती दी है। याचिका में रेलवे के नोटिस को रद्द करने की मांग की गई है। 27 अप्रैल को जारी हुई थी तोड़ने की नोटिस रेलवे भूमि पर अनाधिकृत मस्जिद कब्जे को खाली कर दें ताकि तोड़ा जा सके। प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर मेजर मॉडिफिकेशन का कार्य चरणबद्ध तरीके से प्रगति पर है। सिटी साइड सर्कुलेटिंग एरिया में मस्जिद रेलवे भूमि पर स्थित है। मस्जिद परिक्षेत्र को तत्काल (दिनांक 27.04.2026 तक) खाली करने की व्यवस्था करें ताकि प्रशासन की मंशानुरूप इसको तोड़कर कार्य किया जा सके। उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज की तरफ से जारी इस नोटिस ने खलबली मचा दी है। वक्फ बोर्ड से जुड़े पदाधिकारियों के साथ ही मुस्लिम तंजीमों के लोग पुराने दस्तावेज लेकर इधर उधर दौड़ लगाने लगे हैं। आग की तरह फैली खबर रेलवे स्टेशन वाली संगमरमर मस्जिद टूटेगी, यह खबर आग की तरह पूरे शहर में फैल गई है। सोशल मीडिया पर इसे लेकर खबरें वायरल की जाने लगीं। मुस्लिम बहुल्य इलाकों में हर जुबां पर मस्जिद टूटेगी, बुलडोजर चलेगा की बातें हैं। नोटिस जारी करने वाले रेलवे के अधिकारी इस पर बयानबाजी से बच रहे हैं। मस्जिद कमेटी, मुस्लिम संगठनों से जुड़े लोग इसे मामले को हाईकोर्ट ले जाने की तैयारी पूरी कर रहे रहे हैं। महाकुंभ में नहीं हुई थी कार्रवाई उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के प्रयागराज मंडल के प्रयागराज जंक्शन के गेट के ठीक बगल मस्जिद है। महाकुंभ में रेलवे स्टेशन के आसपास बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटा था लेकिन मस्जिद बरकरार रही। अब करोड़ों रुपये खर्च कर प्रयागराज जंक्शन को एयरपोर्ट सरीखा बनाया जा रहा है। सिविल लाइंस साइड का काम कई साल से चल रहा है। अब सिटी साइड नए सिरे से निर्माण कार्य होना है। 15 से काम होगा, इससे पहले खाली करें मस्जिद प्रयागराज जंक्शन के इसी पुनर्निर्माण कार्य में मस्जिद का मसला उठ खड़ा हुआ जो हंगामेखेज हो गया है। रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर की ओर से 10 अप्रैल को जारी नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि सिटी साइड सर्कुलेटिंग एरिया में स्थित मस्जिद रेलवे की भूमि पर अनाधिकृत रूप से निर्मित है। नोटिस के मुताबिक स्टेशन के पुनर्विकास के तहत 15 अप्रैल से निर्माण कार्य शुरू हो गया है, जिसके चलते संबंधित भूमि को खाली कराना आवश्यक है। नोटिस में मस्जिद कमेटी के मुतवल्ली को चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय सीमा तक भवन खाली न करने की स्थिति में होने वाले किसी भी नुकसान की जिम्मेदारी स्वयं कमेटी की होगी।साथ ही यह भी कहा गया है कि प्रशासन की योजना के अनुरूप निर्माण कार्य में बाधा आने पर भवन को हटाने की कार्रवाई की जाएगी। कानूनी प्रक्रिया का पालन करें इस नोटिस के जारी होने के बाद मस्जिद कमेटी के होश् उड़ गए हैं। कमेटी से जुड़े लोगों का कहना है कि संबंधित मस्जिद उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड में पंजीकृत है। ऐसे में उसे अनाधिकृत नहीं माना जा सकता। उनका दावा है कि मस्जिद लंबे समय से वहां स्थापित है और धार्मिक स्थल होने के कारण इसे हटाने से पहले सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जाना चाहिए। नोटिस मिलने के बाद से मस्जिद कमेटी और वक्फ बोर्ड से जुड़े लोगों ने पुराने दस्तावेज आदि खंगाल लिए हैं। रेलवे को जवाब देने के साथ ही मामले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती देने की तैयारी हैं।
टोंक जिले में हुई कॉन्स्टेबल भागचंद की हत्या के एक दिन बाद पुलिस ने दो आरोपियों को डिटेन किया है। अन्य संदिग्ध लोगों से भी मामले में पूछताछ की जा रही है। अब तक की जांच में सामने आया कि कॉन्स्टेबल का मर्डर बजरी को लेकर नहीं किया गया था। हालांकि फिलहाल जांच पड़ताल जारी है। SP ने मामले का पूरा खुलासा मंगलवार तक करने की बात कही है। आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए संदिग्ध स्थानों पर ड्रोन से सर्वे करवाया गया। जिले के दो ASP समेत बड़ी संख्या में RPS समेत अन्य अधिकारी लगे हुए है, वे मुखबिर, तकनीकी सहायता आदि से हत्यारों की तलाश की जा रही है। SP राजेश कुमार मीना ने बताया कि पुलिस ने कॉन्स्टेबल भागचंद सैनी का रविवार सुबह रजवास मोड के पास सुनसान जगह पर शव पड़ा मिला था। उसकी लहूलुहान डेढ़ बॉडी की हालत देखकर और मेडिकल रिपोर्ट की प्रारंभिक जानकारी में उसका मर्डर होना सामने आया था। उसके बाद से इस ब्लाइंड मर्डर के खुलासे के लिए और आरोपियों की धरपकड़ के लिए अलग अलग टीमें बनाई। हत्या के आरोपियों को पकड़ने के लिए मुखबिर से लेकर तकनीकी सहायता ली गई। आखिरकार पुलिस ने कड़ी मेहनत से दो आरोपियों को डिटेन किया। उनके अलावा पुलिस अन्य कुछ संदिग्ध लोगों से भी पूछताछ कर रही है। एसपी राजेश कुमार मीना ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों से पुछताछ में सामने आया है कि कॉन्स्टेबल का मर्डर बजरी के मामले को लेकर नहीं हुआ है। इस ब्लाइंड मर्डर का खुलासा मंगलवार तक कर देंगे। उन्होंने बताया कि कुछ जांच के बिंदुओं को लेकर आज इस मामले का खुलासा नहीं किया है। मंगलवार तक इस ब्लाइंड मर्डर के आरोपियों को भी गिरफ्तार कर पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया जाएगा। रविवार को मिला था कॉन्स्टेबल का शवबता दें कि बनेठा थाने की ककोड़ पुलिस चौकी में तैनात कॉन्स्टेबल भागचंद ऑन ड्यूटी थे। शनिवार रात करीब 12 बजे बाद गश्त पर पुलिस की बाइक लेकर गए थे। रविवार सुबह करीब 8 बजे ग्रामीणों को रुपवास मोड के पास सुनसान जगह पर उसका लहूलुहान हालत में शव पड़ा मिला था। उसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी। शव को अस्पताल में लाते, उससे पहले मृतक के परिजन, टोंक के पूर्व विधायक अजीत सिंह मेहता समेत कई लोग पहुंचे थे। परिजनों ने उनके बेटे की बजरी माफियाओं द्वारा हत्या करने की आशंका जताई थी। हत्यारों की गिरफ़्तारी को लेकर परिजनों और लोगों ने शव को सआदत अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के बाहर दो घंटे रखकर धरना देकर प्रदर्शन भी किया था। फिर दोपहर को सहमति बनने पर शव उठाया था।
महासमुंद जिले के पिथौरा वन परिक्षेत्र में एक मादा नीलगाय के शिकार का मामला सामने आया है। वन विभाग ने मांस पकाने की तैयारी के दौरान दबिश देकर दो ग्रामीणों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान चार अन्य आरोपी मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश जारी है। जानकारी के अनुसार, सुखीपाली गांव के शांतिनगर निवासी ईश्वर कुमार और टंकधर रात्रे सोमवार सुबह तेंदूपत्ता संग्रहण के लिए भालुडोंगरी क्षेत्र गए थे। वहां उन्होंने एक मादा नीलगाय को देखा, जिसे कुत्तों ने दौड़ाकर थका दिया था। आरोप है कि दोनों ने कुल्हाड़ी से हमला कर नीलगाय को मार डाला। नीलगाय का शिकार करने के बाद, आरोपियों ने उसे पास के खेत में ले जाकर मांस काटना शुरू कर दिया और उसे पकाने की तैयारी कर रहे थे। इस दौरान कुछ अन्य ग्रामीण भी वहां मौजूद थे। किसी व्यक्ति ने इसकी सूचना वन विभाग को दी, जिसके बाद पिथौरा वन परिक्षेत्र के एसडीओ डिंपी बैस के नेतृत्व में टीम ने तत्काल मौके पर छापा मारा। वन विभाग की कार्रवाई के दौरान दो आरोपियों को घटनास्थल से गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि, चार अन्य लोग मौके से भागने में सफल रहे। फरार आरोपियों की तलाश के लिए जंगल में सर्च अभियान चलाया गया और डॉग स्क्वाड की मदद भी ली गई, लेकिन देर शाम तक कोई सुराग नहीं मिल सका। वन विभाग ने गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है। इस मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि फरार आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पिथौरा वन परिक्षेत्र के एसडीओ डिंपी बैस ने जानकारी दी कि मृत नीलगाय मादा थी और उसकी उम्र लगभग चार वर्ष थी। शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद नियमानुसार अंतिम संस्कार किया जाएगा।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय PGAT पंजीकरण 5 मई से:25 मई तक करें आवेदन, PGAT-I और PGAT-II में होगी परीक्षा
इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए परास्नातक प्रवेश परीक्षा (PGAT) का आधिकारिक कार्यक्रम घोषित कर दिया है। पीजी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया 5 मई यानी मंगलवार से शुरू होगी। विश्वविद्यालय के प्रवेश निदेशक प्रोफेसर कपिंदर के अनुसार अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट https://aupravesh2026.cbtexam.in/ पर जाकर 25 मई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा का प्रारूप और शुल्कप्रवेश परीक्षा को दो श्रेणियों में विभाजित किया गया है। पीजीएटी-I (PGAT-I) के तहत पारंपरिक पाठ्यक्रम शामिल हैं, जिनकी परीक्षा ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आयोजित की जाएगी। वहीं, पीजीएटी-II (PGAT-II) के गैर-पारंपरिक पाठ्यक्रमों की परीक्षा केवल ऑनलाइन मोड में होगी। पंजीकरण शुल्क की बात करें तो पीजीएटी-I के लिए अनारक्षित, ईडब्ल्यूएस और ओबीसी वर्ग के लिए 1000 रुपये तथा एससी/एसटी और दिव्यांगों के लिए 500 रुपये निर्धारित है। पीजीएटी-II के लिए यह शुल्क क्रमशः 1600 रुपये और 800 रुपये तय किया गया है। परीक्षा पैटर्न और नियमप्रत्येक प्रवेश परीक्षा 300 अंकों की होगी, जिसमें कुल 150 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) पूछे जाएंगे। इसमें 50 प्रश्न सामान्य जागरूकता, अंग्रेजी, हिंदी, रीजनिंग और मानसिक क्षमता से संबंधित होंगे। विशेष बात यह है कि परीक्षा में कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी। विशेष बदलाव और आरक्षणइस वर्ष एम.एससी. 'एग्रीकल्चर बॉटनी' का नाम बदलकर 'एग्रीकल्चरल माइक्रोबायोलॉजी' कर दिया गया है। खेल कोटा (Sports Quota) के तहत प्रवेश पाने वाले अभ्यर्थियों के लिए फिटनेस टेस्ट अनिवार्य होगा। विश्वविद्यालय भारत सरकार की आरक्षण नीति का पालन करते हुए एससी को 15%, एसटी को 7.5%, ओबीसी को 27% और ईडब्ल्यूएस को 10% आरक्षण प्रदान करेगा। विदेशी छात्रों को प्रवेश परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं होगी, उन्हें सीधे अंतर्राष्ट्रीय छात्र सलाहकार के माध्यम से आवेदन करना होगा। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे आवेदन से पूर्व विश्वविद्यालय की वेबसाइट (www.allduniv.ac.in) पर उपलब्ध सूचना विवरणिका को ध्यान से पढ़ लें, क्योंकि विषय कोड में बाद में कोई बदलाव स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मथुरा में मिट्टी का टीला गिरा:एक महिला की मौत, दूसरी गंभीर रूप से घायल
मथुरा के फरह क्षेत्र स्थित परखम गांव में सोमवार दोपहर मिट्टी की ढाय गिरने से एक महिला की मौत हो गई, जबकि दूसरी गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल महिला का एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। जानकारी के अनुसार, गांव की मीरा (45 वर्ष) पत्नी लल्लो और प्रभा पड़ोस की अन्य महिलाओं के साथ गांव से करीब 4 किलोमीटर दूर मिट्टी लेने गई थीं। वे चूल्हा पोतने के लिए मिट्टी निकाल रही थीं, तभी अचानक मिट्टी की ढाय भरभराकर उनके ऊपर गिर गई, जिससे दोनों महिलाएं उसके नीचे दब गईं। हादसे के बाद मौके पर मौजूद अन्य महिलाओं ने तुरंत गांव में सूचना दी। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। पास ही गौ ग्राम में खड़ी जेसीबी मशीन को बुलाया गया और उसकी मदद से राहत कार्य शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद दोनों महिलाओं को मिट्टी से बाहर निकाला गया। मिट्टी से निकाले जाने पर मीरा की मौके पर ही मृत्यु हो चुकी थी। वहीं, प्रभा गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिलीं। उन्हें तत्काल उपचार के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। नायब तहसीलदार सदर अनमोल गर्ग ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उन्हें हर संभव सरकारी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। एसएसआई महिपाल सिंह ने बताया कि पुलिस टीम सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची और राहत कार्य में सहयोग किया। मृतका के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि अभी तक किसी पक्ष की ओर से कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है, तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान की महिला से लखनऊ में अपहरण के प्रयास:किन्नर के भेष में आए बदमाश, नेग मांगकर झांसे में लिया
लखनऊ के नाका इलाके में सोमवार दोपहर लूट का विरोध करने पर किन्नर के भेष में आए बदमाशों ने राजस्थान की एक महिला को जबरन ऑटो में बैठाकर अपहरण का प्रयास किया। हालांकि एक स्कूटी सवार राहगीर की सूझबूझ से महिला को बचा लिया गया। पुलिस मुकदमा दर्ज करके मामले की जांच कर रही है। पीड़िता अपने परिजनों के साथ चारबाग रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतरी थी। वह पानदरीबा चौकी के पास सड़क किनारे ठेले से कपड़े खरीद रही थी। तभी उसके परिजन आगे निकल गए। इस दौरान किन्नरों के भेष में आए दो युवकों ने महिला से नेग मांगा। महिला ने पर्स से 10 रुपए निकालकर दे दिए लेकिन पर्स में ज्यादा नकदी देखकर बदमाशों की नीयत बदल गई। उन्होंने पर्स छीनने की कोशिश की। विरोध करने पर आरोपियों ने महिला को जबरन ऑटो में खींच लिया और अपहरण का प्रयास करने लगे। महिला की चीख-पुकार सुनकर एक स्कूटी सवार राहगीर ने ऑटो रुकवाया। मौका मिलते ही महिला ऑटो से कूदकर बाहर आ गई। शोर-शराबा सुनकर आसपास भीड़ जुटने लगी। जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पीड़िता मदद के लिए पानदरीबा चौकी पहुंची। सूचना पर पुलिस ने आसपास तलाश की लेकिन आरोपी हाथ नहीं आए। इंस्पेक्टर नाका अभिनव वर्मा ने बताया महिला की तरफ से अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को आए 5 राज्यों के चुनाव परिणामों के बीच केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर सीधा प्रहार किया है। राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा कि बंगाल और असम के परिणाम भी उसी 'प्लेबुक' का हिस्सा हैं, जो हमने मध्य प्रदेश, हरियाणा और महाराष्ट्र में देखी है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने संस्थाओं की मदद से लोकतंत्र को बंधक बना लिया है। बंगाल में 100 से अधिक सीटों पर जनादेश की चोरी हुई है। मध्य प्रदेश में जिस तरह चुनी हुई सरकार और जनमत को दरकिनार किया गया था, वही खेल अब चुनाव आयोग की शह पर इन राज्यों में दोहराया जा रहा है। राहुल ने एमपी के लोकसभा चुनाव का किया जिक्र राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में विशेष रूप से मध्य प्रदेश का जिक्र करते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिस तरह मध्य प्रदेश में जनता के वोट और लोकतांत्रिक संस्थाओं की मर्यादा को ताक पर रखकर सत्ता का 'अपहरण' किया गया था, अब वही मॉडल चुनावों को जीतने के लिए इस्तेमाल हो रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा पहले चुनाव आयोग के जरिए मतदाता सूचियों और वोटिंग प्रक्रिया को प्रभावित करती है और फिर जहां हारती है, वहां 'हॉर्स ट्रेडिंग' या दबाव की राजनीति का सहारा लेती है। राहुल ने आगाह किया कि यदि संस्थाओं की यह 'चोरी' नहीं रुकी, तो देश में चुनाव का कोई अर्थ नहीं रह जाएगा। राहुल गांधी ने अंग्रेजी में यह ट्वीट किया असम और बंगाल चुनाव चोरी के स्पष्ट मामले हैं, जिसे भाजपा ने चुनाव आयोग (EC) के समर्थन से अंजाम दिया है। हम ममता जी की बात से सहमत हैं। बंगाल में 100 से ज्यादा सीटें चुराई गईं। हम यह खेल (प्लेबुक) पहले भी देख चुके हैं: मध्य प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, लोकसभा 2024 आदि। चुनाव चोरी, संस्था चोरी - अब और चारा ही क्या है।
सहारनपुर में सोमवार शाम को जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान की अध्यक्षता में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) सहित विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं की समीक्षा बैठक हुई। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को सभी परियोजनाएं निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरी करने के निर्देश दिए। डीएम ने विभागों के बीच समन्वय की कमी से परियोजनाओं के प्रभावित होने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी तालमेल मजबूत करने का निर्देश दिया। लंबित अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के मामलों पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने इन मामलों को शीघ्र निस्तारित करने का आदेश दिया, ताकि महत्वपूर्ण परियोजनाएं बाधित न हों। अधिकारियों को शासन स्तर पर लंबित मामलों का नियमित फॉलोअप करने के निर्देश भी दिए गए। आगामी परियोजनाओं के संबंध में डीएम ने निर्देश दिए कि कार्य शुरू होने से पहले सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं, ताकि गति बनी रहे। उन्होंने अगली समीक्षा बैठक में सभी अधिकारियों को ठोस कार्ययोजना के साथ उपस्थित होने और प्रत्येक परियोजना की प्रगति की निरंतर निगरानी करने का आदेश दिया। बैठक में मां शाकम्भरी देवी समेकित पर्यटन विकास परियोजना पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने इसे जनपद की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी और सभी कार्य समयबद्ध व उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। इस दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सलिल कुमार पटेल, नगर मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता धर्मेंद्र सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
हाथरस के चंदपा गांव में एक 27 वर्षीय युवक को 5 हजार रुपए की शर्त पर निर्वस्त्र दौड़ाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस संबंध में गांव के दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, जिनमें से एक को गिरफ्तार कर लिया गया है। वीडियो में कुछ लोग युवक को कपड़े उतारने के लिए उकसाते और 5 हजार रुपए देने की बात कहते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद युवक कथित तौर पर निर्वस्त्र होकर गली में दौड़ता है। यह घटना ऐसे सार्वजनिक स्थान पर हुई, जहां महिलाओं और लड़कियों का अक्सर आना-जाना रहता है। जानकारी के अनुसार, कुछ लोगों ने युवक के सामने यह शर्त रखी थी। मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया, जिसके बाद यह मामला सामने आया और चर्चा का विषय बन गया। चंदपा थाना प्रभारी योगेश कुमार ने बताया कि यह घटना 3 मई को दोपहर करीब 1 बजे जाटव मोहल्ला में हुई थी। यह एक आम रास्ता है, जहां महिलाओं और लड़कियों की आवाजाही बनी रहती है। शिकायत के आधार पर चंदपा निवासी कलुआ पुत्र मुन्नालाल और गगन पुत्र सोरन सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। कलुआ को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार, यह कृत्य भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296 के तहत एक अपराध है, जिससे महिलाओं की मर्यादा को ठेस पहुंची है। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
जिले के स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक मरीज समेत सात लोग लिफ्ट में फंस गए। घटना लोढ़ी स्थित मेडिकल हॉस्पिटल के ब्लॉक-2 में हुई, जब मरीज को सिटी स्कैन के लिए नीचे ले जाया जा रहा था। लोग करीब एक घंटे तक लिफ्ट में फंसे रहे। फंसे हुए लोगों में मरीज और उसके तीमारदार शामिल थे। परिजनों ने लगातार फोन कर मदद मांगी। लिफ्ट के अंदर घुटन और घबराहट के कारण एक मरीज की तबीयत बिगड़ गई, जिससे हालत और गंभीर हो गई। घटना का वीडियो किसी तीमारदार ने बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे। मौके पर मौजूद स्टाफ और तकनीकी टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद सभी सात लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। एल-2 के प्रभारी अवनीश शाहा ने बताया कि बारिश के कारण बिजली ट्रिप हो गई थी। बिजली बहाल करने के लिए इलेक्ट्रीशियन को ऊपर जाकर सिस्टम रीसेट करना पड़ा, जिसमें लगभग 20 मिनट का समय लगा। उन्होंने पुष्टि की कि सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है और स्थिति अब सामान्य है।
प्रदेश के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर केके गुप्ता का कहना है कि हमारा टॉयलेट अगर गंदा है तो शहर कभी भी स्वच्छता नहीं हो सकता हैं। डूंगरपुर के टॉयलेट की चर्चा नेशनल लेवल पर होती हैं। हमारे टॉयलेट कांच की तरह चमकते हैं। हमने शौचालयों में एयरकंडीशनर लगाए है, जबकि कई लोगों के घरों में एयरकंडीशनर नहीं है। हमनें टॉयलेट को बिल्कुल साफ रखने का प्रयास किया है। लोगों से कहा कि इसमें जूते-चप्पल पहनकर नहीं जाए, क्योंकि उनके जूते-चप्पल गंदे हो सकते है। असल में, हमनें तीन जोड़ी जूते- चप्पल रखे है, जिन्हें पहनकर लोग टॉयलेट जा सकते हैं। सभी अधिकारियों को दिन में एक बार सार्वजनिक टॉयलेट यूज करना जरूरी है। जैसे ही गर्मी बढ़ती है तो लोग एयरकंडीशनर टॉयलेट यूज करते है, क्योंकि लोगों के घरों में एसी नहीं है। गुप्ता सोमवार की सुबह कलेक्ट्रेट सभागार में नगर परिषद सहित जिले की सभी निकायों के अधिकारियों और कर्मचारी की कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सीवरेज से जुड़े प्रोजेक्ट पर कहा कि लापरवाही बरतने वाले अफसर गलत कर रहे हैं। गुप्ता ने कहा कि पुराने कार्यों की पेंडिंग मरम्मत पहले की जानी चाहिए, उसके बाद नए काम शुरू करनी चाहिए। साथ ही ध्यान रखा जाए कि एक किलोमीटर से ज्यादा की मेंटेनेंस बाकी नहीं रहनी चाहिए। गुप्ता ने कहा कि सभी निकायों को स्वच्छता पर चल रहे कार्यों के आधार पर बांटों गया है। कार्यशाला में नगर परिषद जालोर आयुक्त शिवपाल राजपुरोहित, गजेन्द्र सिंह सिसोदिया, भाजपा नगर अध्यक्ष रवि सोलंकी, दिनेश महावर, सुरेश सोलंकी, महेश भट्ट, सहित अधिकारी-कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहें।
महोबा के कुलपहाड़ में हुए एक भीषण सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई। मुढारी तिगैला के पास दो बाइकों की आमने-सामने की टक्कर में यह घटना हुई। मृतकों में दूल्हे के रिश्तेदार भी शामिल हैं, जो शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया। यह हादसा कुलपहाड़ कोतवाली क्षेत्र के मुढारी तिगैला में हुआ, जहां दो तेज रफ्तार बाइकों के बीच टक्कर हो गई। सुगिरा गांव निवासी विजय (30) अपने भतीजे उमेश और साजन के साथ बाइक पर सवार होकर बेलाताल जा रहे थे। वे अपने भांजे संदीप की शादी में शामिल होने जा रहे थे, जहां अगले दिन टीका समारोह होना था। दो बाइकों की आमने-सामने हुई टक्करये तीनों 'चिकट' की रस्म के लिए सामान लेकर निकले थे। जैसे ही उनकी बाइक मुढारी तिगैला के पास पहुंची, सामने से आ रही दूसरी बाइक से उनकी सीधी टक्कर हो गई। हादसा इतना जबरदस्त था कि दोनों बाइकें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं और सड़क पर लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। चीख-पुकार सुनकर स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए। सूचना मिलते ही सीओ कुलपहाड़ रविकांत गौड़ भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने 30 वर्षीय उमेश को मृत घोषित कर दिया। इलाज के दौरान दूसरे बाइक सवार ने भी तोड़ा दमवहीं, दूसरी बाइक पर सवार नैगुनवा निवासी 55 वर्षीय रामगोपाल और गुढ़ा निवासी 25 वर्षीय बलदाऊ की भी उपचार के दौरान मौत हो गई। इस हादसे में विजय और उसका भतीजा साजन घायल हुए हैं, जिनका इलाज जारी है। जिला अस्पताल के डॉक्टर दीपक ने बताया कि तीनों मृतकों के शवों को मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। सीओ रविकांत गौड़ ने पुष्टि की है कि पुलिस ने परिजनों को सूचना दे दी है और मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
गाजियाबाद के कोतवाली स्थित कैला भट्टा में 4 दिन पहले मारपीट और पथराव करने के मामले में पुलिस ने तीन लोगों को अरेस्ट किया है। जिन्हें सोमवार शाम कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने बताया कि मुस्लिम समुदाय के लोगों ने धार्मिक जत्थे के दौरान माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया। इस मामले में 10 लोगों को पहले ही जेल भेजा चुका है। वहीं सोमवार को पुलिस ने फारुक पुत्र वली मोहम्मद, उमर पुत्र वली मोहम्मद और मोहम्मद जैद पुत्र फारुख को जेल भेज दिया। तीनों कोतवाली क्षेत्र के कैला भट्टा के रहने वाले हैं। यह है पूरा मामला शुक्रवार रात में यह घटना तब हुई जब छोटा कैला इलाके के कुछ लोग 9 दिन की देवी यात्रा पूरी कर मंदिर से अपने घर लौट रहे थे। वे देवी मंदिर से ज्योत और प्रसाद लेकर निकले थे, जिनका घर मंदिर से लगभग 100 मीटर दूर था। रास्ते में उनका कुछ टकराव हो गया। जहां स्कूटी से ले जाया जा रहा प्रसाद गलती से सामने खड़े लड़कों से टकरा गया, जिसके बाद कहासुनी शुरू हो गई। आरोप है कि इसी दौरान 'जैद' नामक एक युवक ने अपने साथियों को बुला लिया, जिससे मामला बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच पत्थरबाजी व मारपीट शुरू हो गई। मुस्लिमों ने की थी मारपीट व पथराव घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। कुछ देर बाद बजरंग दल के कार्यकर्ता भी वहां पहुंचे। इस झगड़े में एक छोटे बच्चे सहित 15 से अधिक लोग घायल हुए। बाद में पुलिस ने सभी घायलों को इलाज के लिए एमएमजी अस्पताल भेजाा। जिसके बाद पुलिस ने किसी तरह समझाकर मामला शांत कराया।
शाहाबाद में दो पक्षों में मारपीट, VIDEO:महिला ने दंपति समेत चार बच्चों पर मुकदमा दर्ज कराया
हरदोई के शाहाबाद नगर के महुआ टोला मोहल्ले में दो पक्षों के बीच हुई मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस घटना के संबंध में एक महिला ने आरोपी दंपति और उनके चार बच्चों के खिलाफ कोतवाली में रविवार देर रात मुकदमा दर्ज कराया है। शाहाबाद के महुआ टोला निवासी कमर जहां ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि रविवार शाम मोहल्ले के निवासी गुच्छन, उनकी पत्नी शाहीन, पुत्री जोया और पुत्र फरहान, जीशान व अरशद उनके घर के सामने आ गए। कमर जहां का आरोप है कि इन लोगों ने बिना किसी उकसावे के गाली-गलौज शुरू कर दी। शिकायतकर्ता के अनुसार, जब उन्हें गाली-गलौज करने से रोका गया, तो आरोपियों ने उनके घर में घुसकर कमर जहां के पति मशूक अली और पुत्रियों नाजिया और बुशरा के साथ मारपीट की। मौके पर आसपास के लोग जमा हो गए, जिन्होंने बीच-बचाव कर हालात को शांत कराया। इस दौरान आरोपी जीशान पर तमंचा दिखाकर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी प्रसारित हो रहा है, जिसमें दोनों पक्ष आपस में मारपीट करते हुए साफ दिख रहे हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आपराधिक धमकी, जानबूझकर अपमान करना, स्वेच्छा से चोट पहुंचाना, जबरन घर में घुसकर हमला करना और साझा इरादे से आपराधिक कार्य करने से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
बागपत आयुष्मान योजना में प्रदेश में नंबर-1:लाखों लोगों को मिला लाभ, स्वास्थ्य सुरक्षा में अग्रणी
बागपत ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के क्रियान्वयन में पूरे उत्तर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज सरकारी और निजी अस्पतालों में उपलब्ध कराया जाता है, जिससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा मिली है। जनपद बागपत ने आयुष्मान कार्ड बनाने में प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। यहां 97,933 परिवारों के लक्ष्य के मुकाबले 92,222 परिवारों को योजना से जोड़ा गया, जो लगभग 94 प्रतिशत उपलब्धि है। इसी तरह, 5,12,368 लाभार्थियों के लक्ष्य के सापेक्ष 3,57,900 से अधिक लोगों को योजना का लाभ मिला है, जो करीब 70 प्रतिशत कवरेज दर्शाता है। शिविर लगाकर पात्र परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनाए इस उपलब्धि में जिला प्रशासन और मुख्य चिकित्सा अधिकारी टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। डिप्टी सीएमओ डॉ. यशवीर सिंह के निर्देशन में कार्ड निर्माण, अस्पताल समन्वय और लाभार्थियों तक योजना की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास किए गए। बागपत में प्रशासन ने विशेष शिविर लगाकर गांव-गांव में पात्र परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनाए। कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), पंचायत भवनों और स्वास्थ्य केंद्रों पर कार्ड बनवाने के साथ-साथ लोगों को योजना के लाभों के बारे में भी जानकारी दी गई। इन प्रयासों से लाभार्थियों को बेहतर और समय पर उपचार मिल रहा है, जिससे उन्हें स्वास्थ्य सुरक्षा का अधिकार प्राप्त हुआ है। डीएम अस्मिता लाल की पहल पर जिला अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी सहित सभी स्वास्थ्य इकाइयों में कार्यरत डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मियों, वार्ड बॉय और सुरक्षा कर्मियों के लिए निर्धारित वर्दी और स्पष्ट पहचान पत्र के साथ ड्यूटी करना अनिवार्य किया गया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य केवल अनुशासन लागू करना नहीं, बल्कि मरीजों और उनके परिजनों को सुविधा देना है, ताकि वे आसानी से पहचान सकें कि किस कर्मचारी से किस प्रकार की सहायता लेनी है। पहले जहां अस्पतालों में भ्रम की स्थिति बनी रहती थी, वहीं अब यह पहल मरीजों के अनुभव को सरल और भरोसेमंद बना रही है। बागपत में अब स्वास्थ्य सेवाएं व्यवस्थित, जवाबदेह और जन-केंद्रित होती जा रही हैं, जिससे लोगों का सरकारी अस्पतालों और योजनाओं पर विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।
पाली में सोमवार की रात सवारियों से भरी रोडवेज बस डिवाइडर पर चढ़ कर क्षतिग्रस्त हो गई। इससे चीख-पुकार मच गई। गनीमत रही कि हादसे में किसी सवारी को चोट नहीं आई। हालांकि गुस्साएं लोगों ने ड्राइवर के साथ हाथापाई की। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को संभाला। घटना सोमवार रात करीब साढ़े 8 बजे की है। जानकारी के अनुसार- पाली डिपो की बस सोमवार शाम को जयपुर से पाली आ रही थी। नहर पुलिया बस डिपो पर सवारियां उतारने के बाद ड्राइवर नया बस स्टैंड की तरफ जा रहा था। बस में 10-15 सवारियां बैठी थी। नहर पुलिया से बांगड़ स्कूल की तरफ जाने वाले रोड पर अहिंसा द्वार के पास बस असंतुलित होकर डिवाइडर पर चढ़ गई और रेलिंग को तोड़ते हुए करीब 60 फीट तक चली। हादसे में बस भी क्षतिग्रस्त हो गई। गनीमत यह रही कि किसी यात्री को चोट नहीं आई। मौके पर खड़े भाजपा नेता राकेश पंवार और चंद्रभान मारू सहित अन्य युवाओं ने बस से सवारियों को निकाला। इस दौरान गुस्साए कुछ लोगों ने ड्राइवर के साथ मारपीट भी की। सूचना पर कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ड्राइवर को भीड़ से बचाया। दमकलकर्मी भी मौके पर पहुंचे। घटना के बाद लोग मौके पर जमा हो गए। ड्राइवर बोला- टेम्पो ड्राइवर को बचाने के कारण हुआ हादसापाली डिपो में संविदा पर लगे बस ड्राइवर जयसिंह राजावत ने बताया- मैं जयपुर से आ रहा था। नहर पुलिया बस डिपो से सवारियां उतारकर बस स्टैंड जा रहा था। बस की स्पीड करीब 40KM प्रति घंटा थी। इस दौरान अचानक अहिंसा सर्किल के निकट एक टेम्पो ड्राइवर ने कट मारा। उसे बचाने से चक्कर में बस डिवाइडर की तरफ घुमाई तो डिवाइडर पर चढ़ गई। इसी कारण यह हादसा हुआ। रोड लाइट नहीं होने से हो रहे हादसेभाजपा नेता राकेश पंवार ने कहा कि नहर पुलिया से बांगड़ स्कूल की तरफ जाने वाली यह मुख्य सड़क है। लेकिन रोड लाइट नहीं है। ऐसे में रात के समय वाहन चालकों को डिवाइडर नजर नहीं आता। इसी कारण हादसे होते है। पूर्व में भी एक कार डिवाइडर पर चढ़ गई थी। सड़क के दोनों ओर लगे फास्टफूड के ठेलों को भी बताया वजहउदय बड़गुर्जर ने बताया कि जहां हादसा हुआ वहां सड़क के किनारे फास्ट फूड के ठेले लगे है। लोग सड़क किनारे बैठकर नाश्ता करते है। कई जने तो गाड़िया सड़क किनारे लगाकर उसी में बैठकर फास्ट फूड खाते हैं। सड़क किनारे भीड़ रहने से वाहन चालकों को जगह नहीं मिलती, इससे भी हादसे की आशंका बनी रहती है।
गुरुग्राम में पटौदी-बिलासपुर रोड पर सोमवार रात एक सड़क हादसे में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा रात करीब 9 बजे बाइपास के नजदीक हुआ। दोनों काम खत्म करके बाइक पर घर लौट रहे थे। इसी दौरान एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। मृतकों की पहचान प्रिंस (22) पुत्र लाखन सिंह और पूर्ण (23) पुत्र ईश्वर सिंह के रूप में हुई है। दोनों पटौदी के वार्ड नंबर-13 के निवासी थे और पेशे से बिजली मिस्त्री (इलेक्ट्रीशियन) थे। जानकारी के अनुसार, दोनों युवक अपनी बाइक पर बिजली का काम खत्म करके वापस घर लौट रहे थे। जैसे ही वे बाइपास के पास पहुंचे, एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। मौके पर ही तोड़ा दम टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवकों को संभलने का मौका नहीं मिला और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद सड़क पर भारी भीड़ जमा हो गई और स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पटौदी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस जांच कर रही पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए पटौदी के सिविल अस्पताल भिजवा दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अज्ञात वाहन और उसके ड्राइवर की तलाश के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
सीकर में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की 'मानव-वन्यजीव संघर्ष (HWC) के पीड़ितों के लिए न्याय तक पहुंच योजना-2025' के इफेक्टिव और सिस्टमैटिक क्रियान्वयन की तैयारी सोमवार की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) ने अधिकार मित्रों (पैरा लीगल वॉलेंटियर्स - PLV) और पैनल एडवोकेट्स के लिए 2 दिवसीय Initial Training प्रोग्राम शुरू किया। एडीआर सभागार में आबादी क्षेत्रों में वन्यजीवों से होने वाले नुकसान और राहत के बारे में जानकारी दी गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) सेक्रेटरी शालिनी गोयल ने बताया- वन सीमा क्षेत्रों, आदिवासी बाहुल्य इलाकों और वन्यजीव संघर्ष के सेंसेटिव क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को लीगल हैल्प देने के लिए प्रोग्राम शुरू किया गया। काफी समय से शेखावाटी क्षेत्र में आबादी वाले इलाकों में पैंथर, लेपर्ड जैसे वन्यजीवों की पहुंच की घटनाएं बढ़ गई हैं। ऐसे में यहां के लोगों को जागरूक करना जरूरी है। जंगली जानवरों और इंसानों के बीच होने वाले अप्रत्याशित संघर्ष में लोगों की जान-माल का भारी नुकसान होता है। ऐसे में प्रभावित व्यक्तियों, उनके परिवारों और कम्यूनिटी को नियमानुसार उचित मुआवजा, लीगल हैल्प और अन्य आवश्यक राहत उपाय समय पर मिल सकें, इसलिए मास्टर ट्रेनिंग दी जा रही है। वन्यजीवों के नाम लोगों की सुरक्षा से खिलवाड़ न हो जिला जज रूपा गुप्ता ने ट्रेनिंग कैंप का उद्घाटन किया। नालसा के दिशा-निर्देशों के तहत जारी 'ट्रेनिंग हैंडबुक एंड मॉड्यूल' के जरिए एडवोकेट्स को ट्रेनिंग दी जा रही है, ताकि वन्यजीवों के नाम लोगों की सुरक्षा से खिलवाड़ न हो। चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल बृजेंद्र सिंह रूलानियां ने ट्रेनिंग के बारे में बताया। ट्रेनिंग प्रोग्राम के पहले दिन जिला जज रूपा गुप्ता ने एडवोकेट्स को 'मानव-वन्यजीव संघर्ष न्याय योजना 2025' के तहत लीगल ड्यूटी के बारे में बताया। उन्होंने वन्यजीवों के संरक्षण और मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने देने की बात कही। नई योजना के टेक्निकल-प्रैक्टिकल पहलुओं के बारे में बताया चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल बृजेंद्र सिंह रूलानियां ने नई योजना के टेक्निकल व प्रैक्टिकल पहलुओं के बारे में बताया। डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल महेश कुमार पटेल ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21, 39क, 48क और 51क के साथ विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम-1987 के कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। प्रोग्राम में आपदा प्रबंधन विभाग के मदन सिंह कुडी, कनिष्ठ सहायक सीताराम जाखड़, वन विभाग के सहायक वन संरक्षक सौरभ कुमार और रेंजर अमित देवंदा ने संबंधित विभागों से जुड़ी जानकारी दी।
सिरसा जिले के डबवाली में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतक की मां ने अपनी बहू पर अवैध संबंध और प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए पुलिस से जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। मृतक की पहचान 37 वर्षीय रमेश कुमार पुत्र देवी लाल निवासी गांव सुखेरा खेड़ा के रूप में हुई है। मृतक की मां मूर्ति देवी ने बताया कि उनके बेटे रमेश कुमार की शादी करीब 9 वर्ष पहले गांव पन्नीवाला निवासी सुमन देवी से हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही सुमन देवी का व्यवहार ठीक नहीं था और वह अक्सर रमेश कुमार से झगड़ा करती थी। मूर्ति देवी के अनुसार, सुमन देवी के गांव के ही एक व्यक्ति के साथ अवैध संबंध थे, जिसका विरोध करने पर भी उसने अपना व्यवहार नहीं बदला। करीब 8 महीने पहले सुमन देवी अपने मायके चली गई थी और लगभग 20 दिन पहले पंचायत के बाद वापस ससुराल लौटी थी। झगड़े के बाद घर से निकला, मंदिर के पास बेहोश मिला मूर्ति देवी ने आगे बताया कि 3 मई 2026 की रात करीब 11 बजे रमेश कुमार और उसकी पत्नी के बीच फिर से झगड़ा हुआ। इसके बाद सुमन देवी घर से बाहर चली गई और रमेश कुमार भी उसके पीछे गया। कुछ देर बाद सुमन देवी घर वापस आ गई, लेकिन रमेश कुमार नहीं लौटा। परिजनों को बाद में सूचना मिली कि रमेश कुमार रामदेव मंदिर के पास बेहोशी की हालत में पड़ा है। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की मां ने पुलिस से मामले की गहन जांच कर सुमन देवी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। परिजनों ने चौटाला चौकी पुलिस पर भी लगाए आरोप मृतक के बुआ के बेटे सुरेश कुमार और चचेरे भाई दीपक कुमार ने बताया कि उसका भाई रमेश कुमार रात को रामदेव मंदिर के पास बेसुध पड़ा था और उसके पास एक लकड़ी का डंडा भी पड़ा था। जिसकी गांव के कुछ लोगों के पास वीडियो भी है। उन्होंने बताया कि जिसके बाद वह अपने बयान दर्ज करवाने के लिए चौटाला चौकी में गए थे। परंतु वहां पर चौकी इंचार्ज ने उनके बयान दर्ज करने के बजाए खुद ही बयान लिखकर उनके साइन करवाने की कोशिश की। पुलिस ने नहीं कराया पोस्टमार्टम जब उन्होंने इस बात का विरोध किया तो उसने वह कागज फाड़ दिया। उन्होंने बताया कि चौटाला चौकी इंचार्ज आरोपी महिला को बचाना चाहता है। उन्होंने बताया कि रात 11 बजे के वह अस्पताल में आई है अब दूसरा दिन बीतने वाला है अभी तक पुलिस की ओर से न तो कार्रवाई की गई है और न ही पोस्टमार्टम करवाया गया है। जिसके बाद परिजनों ने एसपी के पास जाकर कार्रवाई किए जाने की मांग की। एसपी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया।
लखनऊ में सोमवार शहर से गांव तक की 20 लाख की आबादी को आंधी - पानी ने आठ घंटे तक बिजली-पानी को तरसा दिया। यह संकट 50 ज्यादा 33 हजार, 11 हजार, 440 वोल्ट करंट की लाइनों पर पेड़ गिरने के कारण 40 खंभे व तार क्षतिग्रस्त हो गए। 25 खंभे तो अमौसी जोन के हैं। विकासनगर में सबसे ज्यादा देर तक लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। विकासनगर में आम का पेड़ आंधी से सड़क पर गिरा तो कार दब गई। इससे 11 हजार व 440 वोल्ट की लाइन के तार टूटे तो उपकेंद्र के आसपास का एरिया सुबह से शाम तक बिजली संकट की चपेट में रहा। हालांकि, तेजी से काम कराकर बिजली चालू की गई। अहिबरनपुर उपकेंद्र के एसबीआई कॉलोनी को रोशन करने वाली लाइन पर पेड़ गिरा तो दो खंभे टूट गए। तीन घंटे में वैकल्पिक स्रोत से बिजली तो चालू कर दी गई, मगर नए खंभे शाम तक लग सके। ये उपकेंद्र हुए प्रभावित इसी प्रकार जानकीपुरम, जानकीपुरम विस्तार, आईआईएम रोड, कुर्सी रोड, गुड़ंबा, महानगर, निरालानगर, त्रिवेणीनगर, फैजुल्लागंज, निशातगंज, इंदिरानगर, गोमतीनगर, गोमतीनगर विस्तार, चिनहट, देवा रोड, तिवारीगंज, बीकेटी, इटौंजा आदि में पेड़ व टहनी गिरने से बिजली ठप हुई। उतरेठिया में टूटे पांच खंभे आंधी के कारण उतरेठिया उपकेंद्र इलाकों में पांच खंभे टूटने के कारण सुबह से शाम तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। साथ ही, आशियाना, बंगलाबाजार, बिजनौर, सरोजनीनगर, हरौनी, बंथरा,, नादरगंज, कानपुर रोड, मोहान रोड, आलमबाग, चारबाग, हजरतगंज, छावनी, सुल्तानपुर रोड, चौक, अमीनाबाद, ऐशबाग, ठाकुरगंज, राजाजीपुरम, सहादतगंज,हुसैनगंज, कैसरबाग आदि इलाकों में भी तारों के टूटने और उपकेंद्र से बिजली बंद किए जाने के कारण भी संकट उत्पन्न हुआ। दो लाख की आबादी प्रभावित आंधी-पानी से माल उपकेंद्र के तहत दो लाख की आबादी सात घंटे तक बिजली संकट से प्रभावित रही। सुबह 8 बजे गुल हुई बिजली दोपहर 3:30 बजे आई। इससे कस्बा माल सहित नरायनपुर, अटारी,गहदेव,मंझी,शंकरपुर,नबीपनाह आदि फीडरों से जुड़े गांवों की दो लाख की आबादी को बिजली-पानी के लिए परेशान होना पड़ा। 70 गांवों में सात घंटे संकट काकोरी। काकोरी उपकेंद्र क्षेत्र में सोमवार सुबह आई तेज आंधी और बारिश ने बिजली व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। अंधे चौकी और आम्रपाली के पास 33 केवी लाइन पर अचानक यूकेलिप्टस का पेड़ गिरने से सात घंटे आपूर्ति बाधित हो गई। इससे बाजनगर, दुर्गागंज, कस्बा काकोरी, दसदोई, टिकैतगंज, मंडौली, गोला कुआं, रसूलपुर, बहरू, शाहपुर समेत 70 से अधिक गांवों में सात घंटे से ज्यादा समय तक बिजली गुल रही। आंधी-पानी में शहर में तीस अधिक स्थानों पर गिरे पेड़ और फटीं डालें सोमवार सुबह तेज आंधी के साथ हुई बारिश से शहर में 30 से अधिक जगहों पर पेड़ गिरे और डालें फटीं। इससे आवागमन भी बाधित हुआ। जानकारी के बाद नगर निगम की टीम ने गिरे पेड़ और डालों को हटाने का काम किया। वहीं बारिश के कारण कई इलाकों जलभराव की समस्या भी नालियों पर अतिक्रमण और सीवर चोक के कारण हुई। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। नगर निगम के उद्यान अधीक्षक गंगाराम गौतम ने बताया कि तेज आंधी शहर के अलग-अलग इलाकों में 30 से अधिक जगहों पर पेड़ गिरे। जिनको दोपहर तक हटवा दिया । जिन इलाकों में पेड़ गिरने उनमें कालीदास मार्ग, महात्मा गांधी रोड, लोहिया पथ, गोमती नगर विशाल खंड, विराम खंड, विनय खंड, विश्वास खंड, मवैया छत्ता पुल, पुरानी चुंगी आलमबाग, राधाग्राम ठाकुरगंज, अलीगंज में उस्मान एंक्लेव के पास, केडी सिंह बाबू स्टेडियम, इंदिरा नगर के सेक्टर 16, 17 व डी, सी व ए ब्लाक शामिल है। जिन इलाकों में जलभराव की समस्या हुई उनमें गोमती नगर में समिट बिल्डिंग के सामने, खुर्रम नगर फ्लाईओवर, गोमती नगर में शहीद पथ की सर्विस लेन, सेक्टर क्यू चौराहा अलीगंज, सेक्टर जे अलीगंज, कल्याणपुर में गैस गोदाम वाली सड़क, मैकाले रोड, महानगर गोल चौराहा व कपूरथला चौराहा के आसपास सहित कई इलाकों में सड़कों पर जलजमाव हुआ।
कुरुक्षेत्र जिल के लाडवा में अंबेडकर चौक के पास ट्रक ने बाइक सवार को कुचल दिया। इससे बाइक चला रहे व्यक्ति की मौके पर मौत हो गई, जबकि उसके साथी ने कूदकर अपनी जान बचाई। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पहचान भरत (42) निवासी वार्ड-6 विकास नगर लाडवा के रूप में हुई। भरत अपने परिवार के साथ विकास नगर में किराए के मकान में रहता था। भरत अपने पीछे पत्नी और तीन बेटों को छोड़ गया। भरत टाइल-पत्थर लगाने का काम करता था। भरत के सहारे ही परिवार को गुजारा चल रहा था। मजदूर को लेने बाइक से जा रहा था भरत अपना काम निपटाने के बाद अपने मजदूर विक्की को काम से लेने बाइक पर गया था। रात करीब साढ़े 8 बजे भरत अपनी बाइक पर विक्की को लेकर लौट रहा था। इसी दौरान अंबेडकर चौक के पास सामने आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही भरत सड़क पर गिर गया और ट्रक का पहिया उसके ऊपर से निकल गया। विक्की ने कूदकर बचाई जान टक्कर लगने के बाद विक्की (17) ने कूदकर अपनी जान बचाई। एक्सीडेंट के बाद आसपास के लोगों ने डायल-112 को सूचना दी। सूचना पाकर मौके पर पहुंची डायल-112 की टीम ने भरत और विक्की को लाडवा के सरकारी अस्पताल पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने भरत की जांच करके उसे मृत घोषित कर दिया। ड्राइवर हुआ मौके से फरार घटना के बाद आरोपी ड्राइवर मौके से फरार हो गया। विक्की ने भरत के परिवार को सूचना देकर अस्पताल बुलाया। भरत की मौत की सूचना पाकर उसके परिवार में मातम पसर गया। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कल शव का पोस्टमॉर्टम करवाया जाएगा।
उज्जैन में महाकाल मंदिर समिति की बैठक:11 करोड़ के शेड, QR सिस्टम, 299 करोड़ का बजट पास
उज्जैन में श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधाओं, डिजिटल सिस्टम और सिंहस्थ-2028 की तैयारियों से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इस दौरान कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) के भुगतान, दर्शन व्यवस्था में सुधार और कंट्रोल रूम के एकीकरण को भी मंजूरी दी गई। यह महत्वपूर्ण बैठक 4 मई 2026 को महाकाल महालोक कंट्रोल रूम स्थित मीटिंग हॉल में आयोजित की गई थी। इसकी अध्यक्षता कलेक्टर एवं समिति अध्यक्ष रोशन कुमार सिंह ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य मंदिर प्रशासन को सुदृढ़ करना, श्रद्धालुओं की सुविधाओं में वृद्धि करना और सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को गति देना था। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए महाकाल महालोक में लगभग 11 करोड़ रुपये की लागत से फैब्रिकेशन शेड लगाने का निर्णय लिया गया। ये शेड त्रिवेणी गेट से नंदी द्वार होते हुए बड़े गणेश मंदिर तक पूरे दर्शन मार्ग पर स्थापित किए जाएंगे। इससे गर्मी और बारिश के दौरान दर्शनार्थियों को राहत मिलेगी। इस कार्य को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत महाकाल लोक की मौजूदा डिजाइन और सौंदर्यीकरण के अनुरूप पूरा किया जाएगा। दर्शन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए QR आधारित फ्लैप बैरियर्स लगाए जाएंगे, जिससे भीड़ प्रबंधन और लाइन व्यवस्था बेहतर होगी। डिजिटल सुविधाओं के विस्तार के तहत मंदिर की वेबसाइट पर अन्नक्षेत्र मॉड्यूल शुरू किया जाएगा, जिससे श्रद्धालु ऑनलाइन अन्नदान और भोजन की बुकिंग कर सकेंगे। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मंदिर समिति का 29974.37 लाख रुपए (लगभग 299 करोड़ रुपए) का बजट भी पारित किया गया। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के क्रम में 80 नई स्टील दानपेटियां (50 बड़ी और 30 छोटी) बनवाई जाएंगी। सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए लगभग 1000 बैरिकेट्स के लिए 259 लाख रुपए और हेवी स्टेनलेस स्टील बैरिकेट्स के लिए 59.14 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इसके अतिरिक्त, मंदिर कर्मचारियों को महंगाई भत्ते (DA) के साथ वेतन भुगतान को भी मंजूरी मिली। मंदिर और महाकाल महालोक के कंट्रोल रूम को एकीकृत, विस्तारित और आधुनिक बनाने का भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
मैहर में पुलिस मुख्यालय (PHQ) के निर्देश पर यातायात पुलिस और कोतवाली पुलिस ने संयुक्त रूप से चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान पुलिस ने कुल 50 वाहनों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की और 20 हजार रुपए से अधिक जुर्माना वसूला। चेकिंग को देखकर कई वाहन चालक रास्ता बदलकर भागते हुए भी नजर आए, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी के कारण उन पर कार्रवाई की गई। हेलमेट और काली फिल्म पर पुलिस का जोर कोतवाली थाना क्षेत्र में 35 वाहनों पर जुर्माना लगाया गया, जिनमें से 29 दोपहिया वाहन चालक बिना हेलमेट के पाए गए। इसके अलावा 5 चारपहिया वाहनों पर अवैध रूप से लगी काली फिल्म हटवाई गई और उन पर चालान काटे गए। वहीं, मंदिर चौकी क्षेत्र में भी 15 वाहनों पर नियम तोड़ने के कारण कार्रवाई हुई। नियमों के पालन की अपील पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सड़क हादसों को रोकने के लिए हेलमेट पहनना और यातायात नियमों का पालन करना अनिवार्य है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में भी यह अभियान जारी रहेगा, इसलिए लोग नियमों का उल्लंघन करने से बचें। इस कार्रवाई का उद्देश्य शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारना और वाहन चालकों को नियमों के प्रति जागरूक करना था।
हरियाणा के जुलाना की नई अनाज मंडी में वेयरहाउस खरीद एजेंसी पर करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप लगाते हुए आढ़तियों ने मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को आढ़ती एसोसिएशन की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक मंडी में गेहूं की खरीद और उठान का कार्य पूरी तरह बंद रहेगा। वजन में भारी गड़बड़ी का आरोप एसोसिएशन के प्रधान पवन लाठर ने बताया कि वेयरहाउस एजेंसी द्वारा की जा रही गेहूं की खरीद में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। आढ़तियों को संदेह होने पर जब उन्होंने वेयरहाउस के कांटों के बजाय पांच अन्य मान्यता प्राप्त कांटों पर गाड़ियों का वजन करवाया, तो सच सामने आया। जांच में पाया गया कि प्रत्येक गाड़ी में 85 से 90 किलोग्राम तक वजन कम निकल रहा है। करोड़ों के नुकसान का दावा आढ़तियों के गणित के अनुसार, एक गाड़ी में औसतन 800 बैग होते हैं और इस वजन की हेराफेरी से हर गाड़ी पर लगभग 3,000 रुपये का नुकसान हो रहा है। मंडी में इस सीजन में अब तक वेयरहाउस एजेंसी 10 लाख बैग खरीद चुकी है और 6 लाख बैग का उठान हो चुका है। आढ़तियों का कहना है कि यह छोटी सी दिखने वाली गड़बड़ी अब करोड़ों रुपये के बड़े घोटाले का रूप ले चुकी है। आढ़तियों की मुख्य मांगें बैठक में आढ़तियों ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध तब तक जारी रहेगा जब तक: इस पूरे घोटाले की किसी उच्चस्तरीय एजेंसी से निष्पक्ष जांच न हो। संबंधित खरीद इंस्पेक्टर को तुरंत पद से हटाया न जाए। नुकसान की भरपाई सुनिश्चित न की जाए। मंडी गेट पर ताला लगाने का फैसला प्रशासनिक रवैये से नाराज आढ़तियों ने एकजुट होकर मंडी के मुख्य गेट पर ताला लगाने का निर्णय लिया है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि किसानों और आढ़तियों के हितों की रक्षा के लिए इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप किया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। मंडी बंद होने से आने वाले दिनों में गेहूं की आवक और उठान पर बड़ा असर पड़ने की संभावना है।
बांसवाड़ा के गढ़ी थाना क्षेत्र में शव का अनादर करने के मामले में 8 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों में निवर्तमान गढ़ी उपप्रधान दशरथसिंह वाघेला सहित 8 नामजद और अन्य शामिल है, जिनके खिलाफ राजस्थान मृत शरीर का सम्मान अधिनियम 2023 और बीएनएस (BNS) की धाराओं में मामला दर्ज किया है। गढ़ी थानाधिकारी रमेशचंद्र ने बताया कि 3 मई 2026 को मादलदा गांव के खेत में डूंगरलाल यादव(58) का शव मिला था। सूचना पर जब गढ़ी थाना पुलिस मौके पर पहुंची, तो वहां मौजूद परिजनों और ग्रामीणों ने शव को उठाने से रोक दिया। भीड़ का नेतृत्व कर रहे दशरथसिंह वाघेला और अन्य लोगों ने मांग रखी कि जब तक मौत का कारण स्पष्ट नहीं होता और आरोपियों को सामने नहीं लाया जाता, तब तक वे शव नहीं उठने देंगे। शव का अनादर करने का आरोपपुलिस अधिकारियों ने परिजनों को समझाया कि मौत के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम जरूरी है। लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने। उन्होंने पुलिस कार्रवाई में बाधा डालते हुए मौके पर ही टेंट मंगवा लिए। संवेदनशीलता की हदें पार करते हुए एक टेंट सीधे शव के ऊपर ही तान दिया गया और लोग वहां धरने पर बैठ गए। एएसपी नरपत सिंह भाटी और डीएसपी बाबूलाल रैगर की समझाइश के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने कहा कि 'चाहे लाश 10 दिन तक सड़ जाए, लेकिन मांग पूरी होने तक नहीं उठने देंगे।' ऐसे में पुलिस ने दशरथसिंह वाघेला निवासी वखतपुरा को मुख्य आरोपी बनाया है। जबकि महेश यादव निवासी मादलदा, नितेश यादव निवासी मादलदा, कल्पेश यादव निवासी मादलदा, राहुल यादव निवासी आमजा, भूरालाल यादव निवासी आमजा, अशोक यादव निवासी सतोरा मोहल्ला, परतापुर और सुनील बुनकर के खिलाफ शव के अनादर का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पटाखों से शादी वाले घर में लगी आग:आगर मालवा में एक लाख का सामान जला; पास में गैस सिलेंडर रखे थे
आगर मालवा के पाल रोड पर सोमवार रात एक मकान में पटाखों से आग लग गई। जिस घर में यह घटना हुई, वहां मंगलवार को विवाह समारोह होना था। इस अग्निकांड के कारण शादी की तैयारियां प्रभावित हुईं और काफी देर तक घर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। पटाखों से भड़की आग से सामान जला मकान के एक कमरे में विवाह के लिए रखे पटाखों में अज्ञात कारणों से आग लग गई। लपटों ने तेजी से फैलते हुए पूरे कमरे को घेर लिया, जिससे वहां रखी अन्य कीमती सामग्री भी जल गई। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस और स्थानीय लोगों ने बचाव कार्य शुरू किया। दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद पाया काबू हादसे की खबर मिलते ही नगर पालिका की फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और कुछ ही देर में आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया। मकान मालिक लक्की ने बताया कि इस घटना में शादी का करीब एक लाख रुपए का सामान जलकर नष्ट हो गया। खाली गैस सिलेंडर रखे थे राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। जिस कमरे में आग लगी, वहां दो घरेलू गैस सिलेंडर रखे थे, लेकिन उनके खाली होने के कारण बड़ा धमाका नहीं हुआ। पुलिस ने मौके का मुआयना कर नुकसान का आकलन और मामले की जांच शुरू कर दी है।
रोहतक में करंट लगने से बिजली कर्मचारी की मौत:2 साल पहले ही नौकरी पर लगा, हांसी का रहने वाला मृतक
रोहतक के गांव करौंथा-बालंद के बीच लाइन ठीक करने गए बिजली कर्मचारी की करंट लगने के कारण मौत हो गई। सूचना पाकर शिवाजी कॉलोनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए डेड हाउस में रखवा दिया। मृतक की पहचान हांसी के गांव बड छप्पर निवासी नरेंद्र पुत्र बलवान के रूप में हुई, जो करीब दो साल पहले ही बिजली विभाग में लाइनमैन के पद पर तैनात हुआ था। नरेंद्र की पोस्टिंग रोहतक में ही थी, जिसके कारण वह अक्सर बिजली के खंबों पर चढ़कर तारों को ठीक करता था। लाइन में करंट आने के कारण हुआ हादसे का शिकारलाइनमैन नरेंद्र गांव करौंथा-बालंद के बीच लाइन को ठीक करने के लिए गया था। इस दौरान लाइन पर कट लिया हुआ था। लेकिन जब नरेंद्र लाइन को ठीक कर रहा था, उसी समय लाइन में करंट आ गया, जिसके कारण वह घायल होकर गिर पड़ा। नरेंद्र को घायल अवस्था में पीजीआई लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस मामले में कर रही जांच शिवाजी कॉलोनी थाना पुलिस ने बताया कि उन्हें करंट लगने से एक युवक की मौत होने की सूचना मिली थी। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए डेड हाउस भेज दिया, जिसका कल पोस्टमॉर्टम करवाया जाएगा।
मऊ में दहेज हत्या के एक सनसनीखेज मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने पति, ससुर, सास और जेठानी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने सभी पर अर्थदंड भी लगाया है और सबूत मिटाने के मामले में अलग से सजा दी है। दहेज हत्या के करीब साढ़े तीन साल पुराने मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) दीप नारायण तिवारी ने सोमवार को पति, ससुर, सास और जेठानी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने चारों दोषियों पर 10-10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर प्रत्येक को तीन वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। साथ ही, जुर्माने की राशि में से 25 हजार रुपए वादिनी को देने का आदेश दिया गया है। क्या है मामला…मामला वर्ष 2021 में हुए विवाह से जुड़ा है। मधुबन थाना क्षेत्र के चकउथ निवासी उषा देवी ने आरोप लगाया था कि उनकी बेटी शिवांगी की शादी दोहरीघाट के जमीराचौराडीह निवासी रंजीत से हुई थी। शादी के करीब एक साल बाद ही पति रंजीत, ससुर बजरंगी, सास हेवन्ती और जेठानी सपना दहेज की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित करने लगे। आरोप के मुताबिक, 23 अक्टूबर को चारों ने मिलकर शिवांगी की मारपीट कर हत्या कर दी। इसके बाद शव को गोधनी हेड कैनाल के पास जलाकर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की गई। पुलिस और कोर्ट की कार्रवाईघटना की सूचना मिलने पर वादिनी ने डायल-112 पर कॉल कर पुलिस को अवगत कराया और दोहरीघाट थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने नौ गवाह पेश किए। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश कुमार पांडेय ने साक्ष्यों के आधार पर आरोप सिद्ध किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने चारों आरोपियों को दोषी ठहराया। सबूत मिटाने पर अलग सजाकोर्ट ने हत्या के अलावा साक्ष्य मिटाने के अपराध में भी चारों दोषियों को सात-सात वर्ष के कारावास और तीन-तीन हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न देने की स्थिति में अतिरिक्त तीन वर्ष का कारावास भुगतने का आदेश दिया गया है
पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक जीत के बाद मेरठ में जमकर जश्न मनाया गया। भाजपा महानगर इकाई की ओर से बेगमपुल स्थित भारत माता चौक पर कार्यकर्ता इक्कठा हुए और जीत की खुशी मनाई । कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता पहुंचे और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी। लड्डू बांटे गए, झालमुड़ी का स्वाद लिया गया और आतिशबाजी के साथ माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया गया। गुलाल और अबीर उड़ाकर जीत का रंग भी जमकर बिखेरा गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों पर डांस कर खुशी जाहिर की। सांसद अरुण गोविल ने कहा की ये सुशासन की जीत है। प्रधानमंत्री मोदी और ग्रह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनने जा रही है। ये जनता की जीत है। वहीं राज्य मंत्री डॉ सोमेंद्र तोमर ने कहा की पश्चिम बंगाल में योगी मॉडल लागू होगा। गुंडाराज खत्म होगा और टीएमसी के माफिया जेल में जाएंगे या प्रदेश छोड़ेंगे। एमएलसी अश्वनी त्यागी ने कहना है की जिस तरह पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत हुई है। ये जीत पश्चिम बंगाल की जीत है। जो जनता ममता दीदी से त्रस्त हो चुकी थी उसने परिवर्तन का परचम लहराया है। पूर्व सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि बंगाल का जनादेश सबसे बड़ा संदेश लेकर आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां लंबे समय से अराजक और दबाव वाली राजनीति चल रही थी, जिसमें संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान नहीं किया जा रहा था। उन्होंने इसे जनता की निर्णायक जीत बताते हुए कहा कि अब प्रदेश में बदलाव की शुरुआत हो चुकी है। उन्होंने तमिलनाडु और केरल के राजनीतिक संदेशों का भी जिक्र करते हुए कहा कि देशभर में राजनीतिक परिदृश्य बदल रहा है और जनता विकास के साथ खड़ी है। जश्न में मेरठ हापुड़ लोकसभा सांसद अरुण गोविल ,राज्य मंत्री डॉ सोमेंद्र तोमर ,पूर्व सांसद राजेंद्र अग्रवाल ,पूर्व राजयसभा सांसद कांता कर्दम ,भाजपा महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी ,अरविन्द मारवाड़ी ,बीना वाधवा ,आलोक रस्तोगी ,संजय पोसवाल ,राजेश दीवान ,वीनस शर्मा ,सतीश चंद शर्मा ,विजय सोनकर ,निपुल चनदेई ,एमएलसी अश्वनी त्यागी जश्न में शामिल रहे।
कलेक्ट्रेट कार्यों में तेजी लाने के निर्देश:जिलाधिकारी ने लंबित मामलों पर सख्ती बरतने को कहा
मथुरा के जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने कलेक्ट्रेट स्थित विभिन्न पटलों के प्रभारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने प्रशासनिक कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत प्राप्त प्रार्थना पत्रों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। बैठक में लंबित चरित्र प्रमाण पत्रों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अभियान चलाकर सभी लंबित प्रकरणों को शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने अभिलेखागार, महिला यौन उत्पीड़न अधिनियम-2013, भूलेख, स्वतंत्रता सेनानी/लोकतंत्र सेनानी, शत्रु एवं निष्कांत संपत्ति, नजूल, आईजीआरएस, ऑडिट और मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष सहित विभिन्न महत्वपूर्ण पटलों की विस्तृत समीक्षा की। जिलाधिकारी ने आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रार्थी की संतुष्टि प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। सभी पटल प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने कार्यों को समयसीमा में पूर्ण करें तथा अभिलेखों का सुरक्षित रख-रखाव सुनिश्चित करें। ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से फाइलों के प्रेषण को अनिवार्य करने के निर्देश भी दिए गए। शस्त्र अनुभाग की समीक्षा के दौरान वरासत संबंधी मामलों को समय पर निपटाने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, निवास, जाति और आय जैसे ऑनलाइन प्रमाण पत्रों के निर्गमन में पारदर्शिता और तेजी लाने पर बल दिया गया। जिलाधिकारी ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के देयकों का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने, सर्विस बुक और जीपीएफ बुक को अद्यतन रखने के भी निर्देश दिए। न्यायालयीन वादों के त्वरित निस्तारण, चिकित्सा प्रतिपूर्ति, राजस्व वसूली और रिकॉर्ड प्रबंधन को भी प्राथमिकता देने को कहा गया। इस समीक्षा बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व डॉ. पंकज कुमार वर्मा सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
जर्नलिस्ट वेलफेयर ट्रस्ट यूनाइटेड प्रेस क्लब द्वारा आयोजित जर्नलिस्ट प्रीमियर लीग के पहले संस्करण का समापन ताऊ देवी लाल स्टेडियम, पंजाब के पंचकूला में रोमांचक अंदाज़ में हुआ, जहां राजस्थान ने हिमाचल को 7 विकेट से हराकर खिताब अपने नाम किया। टॉस जीतकर राजस्थान के कप्तान एवं प्रेस क्लब जयपुर के अध्यक्ष मुकेश मीणा ने पहले गेंदबाजी का फैसला किया। हिमाचल ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 152 रन बनाए। हिमाचल टीम की ओर से रिम्पू ने 44 रन और नरवीर ठाकुर ने 35 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। राजस्थान की ओर से सतीश कुमावत ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में 27 रन देकर 4 विकेट लिए, जबकि मनीष दीक्षित ने 3 विकेट झटके। 153 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए राजस्थान की शुरुआत संतुलित रही। शुरुआती झटके के बाद सतीश कुमावत ने 37 गेंदों में 52 रनों की बेहतरीन पारी खेली। उन्हें आदित्य आत्रेय (37) और गर्वित नारंग (17) का अच्छा साथ मिला, जिससे टीम ने आसानी से लक्ष्य हासिल कर लिया। राजस्थान ने 19 ओवर में 3 विकेट खोकर 153 रन बनाते हुए मुकाबला जीत लिया। कलम के सिपाहियों ने इंटर स्टेट क्रिकेट टूर्नामेंट में परचम लहराया वहीं हिमाचल की ओर से राकेश सकलानी ने 2 विकेट लिए । सतीश कुमावत को उनके शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच और मैन ऑफ द सीरीज चुना गया। कप्तान मुकेश मीणा ने अपनी टीम की जीत के लिए सभी खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि कलम के सिपाहियों ने इंटर स्टेट क्रिकेट टूर्नामेंट में मैदान पर परचम लहराया है। फाइनल मुकाबले में मुख्य अतिथि के रूप में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के ओएसडी राजीव दत्ता मौजूद रहे। इस अवसर पर यूनाइटेड प्रेस क्लब की ओर से दिवंगत पत्रकारों के परिजनों को सहायता स्वरूप आर्थिक राशि भी प्रदान की गई। उनके साथ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी के मीडिया एडवाइजर परवीन अत्रे और एडीजीपी कौस्तुभ शर्मा भी उपस्थित रहे, जिन्होंने टूर्नामेंट की सराहना की। अपने संबोधन में राजीव दत्ता ने इस पहल की प्रशंसा करते हुए घोषणा की है कि टूर्नामेंट का अगला संस्करण जयपुर में आयोजित किया जाएगा।
लखनऊ में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय मेदांता अस्पताल में भर्ती है । लगातार लोग मिलने पहुंच रहे हैं।शिया और सुन्नी मुस्लिम धर्म गुरु मिलने पहुंचे। इस्लामिक सेंटर ऑफ़ इंडिया के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली , ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास और शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ अब्बास ने मुलाकात की। 1 मई को बुद्ध पूर्णिमा और श्रमिक दिवस पर हो रहे कार्यक्रम में अचानक तबियत बिगड़ने के बाद मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया। अजय राय की स्वास्थ्य को लेकर पीएम मोदी और राहुल गांधी समेत तमाम नेताओं ने ट्वीट किया । प्रदेश के विभिन्न दलों के नेताओं ने परिवार वालों से फोन पे बात करके हाल जाना। 4 दिन गुजरने के बाद अजय राय की स्थिति डाक्टरों के द्वारा सामान्य बताया जा रहा है। मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि अजय के अस्वस्थ होने की सूचना मिली थी। जिसके बाद उनसे मुलाकात करके स्वास्थ्य जाना। ये हम सब की सामाजिक जिम्मेदारी है की बीमारों का हाल जाने उनके स्वास्थ्य की जानकारी लें। मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि लोगों की स्वास्थ्य की जानकारी लेना और मुश्किल वक्त में एक दूसरे के लिए खड़े होना यह हमारी तहजीब और संस्कृति का हिस्सा है। समाज के दूसरे लोगों को भी हम यही संदेश देना चाहते हैं कि आपके पड़ोस में अगर कोई व्यक्ति बीमार होता है तो उसका हल जाने जरूर पहुंचे लोगों की मदद धर्म हो जाती से ऊपर उठकर करें।
देवास में रात 8 बजे धूल भरी आंधी चली:तेज हवा से बिजली गुल, डीपी फॉल्ट बढ़े, बाइक सवार परेशान हुए
देवास में सोमवार रात करीब 8 बजे मौसम ने अचानक करवट ली। तेज हवा के साथ धूल भरी आंधी चलने लगी, जिससे शहर का जनजीवन प्रभावित हुआ और कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। आंधी की तीव्रता इतनी अधिक थी कि सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया। दोपहिया वाहन चालकों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ा, क्योंकि तेज हवा और उड़ती धूल के कारण बाइक चलाना जोखिम भरा हो गया था। कई लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रुककर स्थिति सामान्य होने का इंतजार करना पड़ा। तेज हवाओं के कारण शहर के कई क्षेत्रों में बिजली गुल हो गई। जानकारी के अनुसार, कुछ डिस्ट्रीब्यूशन पॉइंट (डीपी) पर तकनीकी खराबी आने की घटनाएं भी सामने आईं, जिसके परिणामस्वरूप कई इलाकों में अंधेरा छा गया। मौसम के इस अचानक बदलाव ने एक ओर जहां गर्मी से थोड़ी राहत दी, वहीं दूसरी ओर शहर की सामान्य गतिविधियों पर असर डाला। गौरतलब है कि मौसम विभाग ने पहले ही बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया था। सोमवार शाम से ही मौसम में बदलाव देखा गया था, जो रात में तेज आंधी में बदल गया।
12वीं के बाद करियर को लेकर कन्फ्यूजन में पड़े विद्यार्थियों के लिए सुनहरा अवसर आने वाला है। शहर में ‘दैनिक भास्कर एजुकेशन एंड करियर फेयर’ 7 व 8 मई को मिलन मैरिज गार्डन, पिपराली रोड, सीकर में आयोजित होगा, जिसमें देश की 20 से अधिक प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी एवं शैक्षणिक संस्थान भाग लेंगे। इस महोत्सव में विद्यार्थियों को एडमिशन, स्कॉलरशिप, करियर काउंसलिंग एवं विभिन्न कोर्स से जुड़ी विस्तृत जानकारी एक ही मंच पर मिलेगी। साथ ही विशेषज्ञों द्वारा 12वीं के बाद उपलब्ध करियर विकल्पों पर मार्गदर्शन के लिए विशेष सेमिनार भी आयोजित किए जाएंगे। फेयर में रजिस्ट्रेशन कर भाग लेने वाले विद्यार्थियों को आकर्षक उपहार एवं गिफ्ट पैक दिए जाएंगे, वहीं 12वीं कक्षा में 70 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। फेयर में प्रवेश पूर्णतः निशुल्क रहेगा एवं क्यूआर कोड स्कैन कर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया जा सकेगा। साथ ही, 7 एवं 8 मई को शहर के मुख्य चौराहों से Rideslo की ओर से विद्यार्थियों के लिए इवेंट स्थल तक पहुंचने की निशुल्क परिवहन सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। महोत्सव में मोदी यूनिवर्सिटी (लक्ष्मणगढ़) एवं पारुल यूनिवर्सिटी (वडोदरा) के साथ अमिटी यूनिवर्सिटी, श्री जेजेटी यूनिवर्सिटी सहित वीआईटी वेल्लोर, पं. दीनदयाल एनर्जी यूनिवर्सिटी, एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी (पुणे), एसआरएम यूनिवर्सिटी, प्रेस्टीज यूनिवर्सिटी (इंदौर), पीसीईटी्स पिंपरी चिंचवड यूनिवर्सिटी (पुणे), ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी (देहरादून), विश्वकर्मा यूनिवर्सिटी, आईटीएम यूनिवर्सिटी, आईसीएफएआई यूनिवर्सिटी (जयपुर), जेके लक्ष्मीपत यूनिवर्सिटी, निरवान यूनिवर्सिटी (जयपुर) सहित कई अन्य संस्थान भाग लेंगे। आयोजन के दौरान विद्यार्थियों को संस्थानों के प्रतिनिधियों से सीधे संवाद का अवसर मिलेगा, जिससे वे एडमिशन प्रक्रिया, फीस, स्कॉलरशिप एवं प्लेसमेंट से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। एजुकेशन लोन पार्टनर के रूप में पंजाब नेशनल बैंक एवं एसबीआई बैंक, नॉलेज पार्टनर के रूप में प्रिंस एजु हब व मैट्रिक्स जेईई एकेडमी, रेडियो पार्टनर के रूप में एफएम सीकर 89.6, स्टे पार्टनर के रूप में लोहिया रिजॉर्ट एवं बी पब्लिकेशंस इस आयोजन से जुड़े हैं। अधिक जानकारी के लिए 9772801234 पर संपर्क किया जा सकता है।
कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) में सोमवार को नए उपाध्यक्ष अंकुर कौशिक ने कार्यभार ग्रहण किया। इस अवसर पर प्राधिकरण के अधिकारियों और कर्मचारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया और शुभकामनाएं दीं। अधिकारियों के साथ की बैठक कार्यभार संभालने के बाद नवागंतुक उपाध्यक्ष अंकुर कौशिक ने प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए विकास परियोजनाओं, लंबित कार्यों और जनहित से जुड़े मामलों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा किया जाए, ताकि आमजन को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाना प्राथमिकता उन्होंने कहा कि शहर के सुनियोजित विकास और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाना उनकी प्राथमिकता होगी। अवैध निर्माण, अतिक्रमण और लंबित विकास कार्यों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए। नए उपाध्यक्ष के आगमन से केडीए में नई कार्यशैली और तेजी की उम्मीद जताई जा रही है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि सभी विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा।
बढ़ती गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए इंदौर संभाग में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बेहतर किया जा रहा है। कमिश्नर डॉ. सुदाम खाड़े द्वारा आयोजित कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में सभी जिलों को जिला एवं सिविल अस्पतालों में हीट स्ट्रोक क्लीनिक प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए थे। इन निर्देशों के पालन में स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। संभाग के जिला अस्पतालों, सिविल अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में हीट स्ट्रोक और लू से प्रभावित मरीजों के लिए विशेष बेड आरक्षित किए गए हैं। साथ ही दवाइयों, ओआरएस, कूलर, पंखे और अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, ताकि मरीजों को तुरंत उपचार मिल सके। जिलों में शुरू हुई विशेष व्यवस्थाएं लू के लक्षण और खतरे स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अत्यधिक गर्मी से सनबर्न, हीट क्रैम्प, हीट एक्सॉशन और हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। मुख्य लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, चक्कर, उल्टी, कमजोरी, त्वचा का अत्यधिक गर्म होना और बेहोशी शामिल हैं। बचाव के लिए जारी एडवाइजरी लक्षण दिखने पर तुरंत करें यह उपाय स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि लू के लक्षण दिखने पर व्यक्ति को तुरंत छायादार स्थान पर ले जाएं, ठंडे पानी से शरीर पोंछें और जरूरत पड़ने पर नजदीकी अस्पताल या 108 एम्बुलेंस सेवा से संपर्क करें।
उन्नाव में अज्ञात वाहन की टक्कर से महिला की मौत:आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हादसा, पति-बेटा गंभीर घायल
उन्नाव के बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे सर्विस लेन पर एक अज्ञात वाहन ने बाइक सवारों को टक्कर मार दी। इस हादसे में बाइक पर सवार 35 वर्षीय महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके पति और सात वर्षीय बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल विनोद (38) अपनी पत्नी जय श्री (35) और बेटे राज (7) के साथ शनिवार को औरास स्थित अपनी ससुराल गए थे। वे एक शव यात्रा में शामिल होने के बाद सोमवार शाम लगभग आठ बजे अपने घर गाहार पुरवा लौट रहे थे। यह हादसा बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत आलमऊ सराय गांव के सामने बनी गौशाला के पास हुआ। अज्ञात वाहन ने बाइक को जोरदार टक्कर मारी, जिससे जय श्री की मौके पर ही मौत हो गई। विनोद और राज की हालत गंभीर बताई जा रही है। मृतक जय श्री के परिवार में 10 वर्षीय बेटा लल्लू और दो बेटियां (15 और 13 वर्ष) भी हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी कर रही है। कोतवाली प्रभारी अखिलेश चंद्र पाण्डेय ने घायलों के बेहतर उपचार के लिए डॉक्टरों से भी बात की है।
शिवपुरी जिले के कूड़ा राई गांव में हनुमान प्रतिमा को कुएं में फेंकने के मामले में पुलिस ने आरोपी को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि ग्रामीणों द्वारा कसम खिलाने से नाराज होकर उसने यह हरकत की थी। तेंदुआ थाना पुलिस ने 27 वर्षीय हरवंश यादव को इस मामले में गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। उसके खिलाफ अपराध क्रमांक 63/26 धारा 298 बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई है। यह घटना रविवार को सामने आई थी, जब फरियादी मोहन शाक्य ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि निर्माणाधीन हनुमान मंदिर के पास कुटिया में रखी प्रतिमा को अज्ञात व्यक्ति ने चुराकर पास के कुएं में फेंक दिया। इस घटना से धार्मिक भावनाएं आहत हुई थीं। संदेह होने पर पूछताछ में सच स्वीकारामामले की गंभीरता को देखते हुए, शिवपुरी पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ के निर्देश पर तेंदुआ थाना प्रभारी नीतू सिंह धाकड़ ने त्वरित कार्रवाई की। संदेही हरवंश यादव से पूछताछ के बाद उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी हरवंश यादव ने पूछताछ में बताया कि कुछ ग्रामीणों ने उसे कसम खाकर सच्चाई बताने के लिए मजबूर किया था। इसी बात से नाराज होकर उसने सोचा कि यदि गांव में भगवान ही नहीं रहेंगे, तो उसे कसम भी नहीं खानी पड़ेगी। इसी मानसिकता के चलते उसने प्रतिमा को उठाकर कुएं में फेंक दिया। परिवार ने 60 हजार निर्माण के लिए दिए थेचौंकाने वाली बात यह भी सामने आई है कि आरोपी के परिवार ने मंदिर निर्माण में लगभग 60 हजार रुपए का सहयोग दिया था। इसके बावजूद उसने इस तरह की हरकत को अंजाम दिया। गौरतलब है कि 21 मई को गांव में हनुमान मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा और भंडारे का आयोजन प्रस्तावित था। घटना के बाद ग्रामीणों और हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश फैल गया था। पुलिस ने पहले ही कुएं से प्रतिमा बरामद कर ली थी और अब आरोपी की गिरफ्तारी के साथ मामले का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
इंदौर के कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में सोमवार को समय-सीमा (टीएल) प्रकरणों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों, शिकायतों और आवेदनों की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी मामलों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों की विशेष समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन के 5 प्रकरणों की रेंडम समीक्षा की। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इनमें सीएमएचओ, सहायक आयुक्त, जनजातीय विकास और पटेल कॉलेज के प्राचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। वहीं एक अन्य मामले में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के कर्मचारी पर 2 हजार रुपए का अर्थदंड लगाने के निर्देश भी दिए गए। पेंशन प्रकरण समय पर निपटाने के निर्देश कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के पेंशन प्रकरण समय से पहले तैयार हों, ताकि रिटायरमेंट के तुरंत बाद पेंशन शुरू हो सके। लंबित भुगतानों में भी किसी प्रकार की लापरवाही न हो। उन्होंने कहा कि जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस अभियान को प्राथमिकता से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए। गेहूं खरीदी और किसानों की सुविधा पर फोकस कलेक्टर ने समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की समीक्षा करते हुए कहा कि किसानों को अधिकतम सुविधा देने के लिए स्लॉट बुकिंग प्रक्रिया को सरल बनाया जा रहा है। साथ ही खरीदी और भुगतान समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। लू से बचाव और जनसुविधाओं के निर्देश वर्तमान गर्मी को देखते हुए आम नागरिकों से लू से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की गई। कलेक्टर ने सभी शासकीय कार्यालयों में आगंतुकों के लिए बैठने और पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पीएनजी कनेक्शन में तेजी लाने के निर्देश बैठक में घर-घर पीएनजी कनेक्शन देने के कार्य में तेजी लाने पर जोर दिया गया। इसके लिए आईटीआई के प्रशिक्षित युवाओं की मदद लेने के निर्देश भी दिए गए।
भाजपा की जीत पर मथुरा में उत्सव:श्रीकृष्ण जन्मभूमि के बाहर बांटी गई मिठाई
भारतीय जनता पार्टी की चुनावी जीत के बाद ब्रज भूमि मथुरा में उत्साह का माहौल देखा गया। श्रीकृष्ण जन्मभूमि के बाहर स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं ने मिठाई बांटकर जश्न मनाया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और एक-दूसरे को जीत की बधाई दी। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर-शाही ईदगाह मामले के याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने भाजपा की इस जीत का श्रेय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दिया। उन्होंने बताया कि योगी आदित्यनाथ ने चुनाव प्रचार के दौरान विभिन्न राज्यों में लगातार जनसभाएं कीं। जिससे भाजपा के पक्ष में माहौल बना। उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है और माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई से जनता का भरोसा बढ़ा है। दिनेश फलाहारी महाराज ने आगे कहा कि प्रदेश में अपराधियों पर की गई बुलडोजर कार्रवाई और शांति व्यवस्था स्थापित करने से प्रभावित होकर अन्य राज्यों की जनता ने भी योगी मॉडल को अपनाया। उन्होंने दावा किया कि इसी कारण पांच राज्यों के चुनावों में भाजपा को व्यापक जनसमर्थन प्राप्त हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा ने योगी आदित्यनाथ को एक स्टार प्रचारक के रूप में प्रस्तुत किया, जिससे देशभर के मतदाताओं को यह संदेश मिला कि भाजपा ही देश में स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर गुंडागर्दी का आरोप लगाते हुए कहा कि वहां की जनता परिवर्तन चाहती थी। इस कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने सबका साथ, सबका विकास के नारे को दोहराया। उन्होंने भाजपा की नीतियों का समर्थन करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार के विकास कार्यों की उम्मीद जताई।
बागपत में अपहरण का प्रयास:पीड़ित ने पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई
बागपत जनपद में अपहरण के प्रयास का एक मामला सामने आया है। पीड़ित रोशन किन्नर ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर घटना की जानकारी दी है और अपने तथा अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की है। पीड़ित के अनुसार, यह घटना 4 मई 2026 को हुई। कुछ नामजद आरोपी अपने 6 से 7 साथियों के साथ पीड़ित के घर के पास पहुंचे। आरोप है कि आरोपियों ने घर में घुसकर पीड़ित के छोटे भाई के साथ मारपीट की। उन्होंने उसे जबरन पकड़कर गाड़ी में डालने का प्रयास किया और मौके से ले जाने लगे। घटना के दौरान पीड़ित और आसपास के लोगों ने शोर मचाया, जिससे स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए। भीड़ बढ़ती देख आरोपी घबरा गए और पीड़ित के भाई को छोड़कर फरार हो गए। जाते समय आरोपियों ने जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ित रोशन किन्नर ने बताया कि उन्हें आरोपियों से लगातार खतरा है। उन्होंने आशंका जताई कि आरोपी दोबारा ऐसी वारदात कर सकते हैं। पीड़ित ने पुलिस प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और परिवार को सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है। पुलिस ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है। इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस सतर्क है और सभी पहलुओं से जांच कर रही है।
राजधानी में मेडिकल स्टोर और हेल्थ मॉल की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर 35.20 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। मौदहापारा थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 61(2) और 3(5) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब आरोपियों की तलाश में जुटी है, जो रकम लेने के बाद फरार हो गए हैं। प्रार्थी प्रतिक साहू ने शिकायत में बताया कि अमनदीप पाल, प्रसून पाल और उनके साथियों ने खुद को टास्कर ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड का संचालक बताकर मेडिकल स्टोर और ओपीडी सुविधा वाला हेल्थ मॉल खोलने का झांसा दिया। आरोपियों ने हर महीने 2 से 7 लाख रुपए कमाई और कुल बिक्री पर 12% मुनाफे का लालच दिया। फ्रेंचाइजी देने के नाम पर ठगे पैसे शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपियों ने फ्रेंचाइजी देने के नाम पर कुल 35.20 लाख रुपए अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए ले लिए। इसके बाद दुकान का सेटअप शुरू करने में देरी की गई और बाद में धीरे-धीरे काम बंद कर दिया गया। जुलाई 2025 से स्टाफ का वेतन और दवाइयों की सप्लाई भी बंद कर दी गई। पीड़ित ने बताया कि आरोपियों ने पहले से तैयार इकरारनामा साइन करवाया, जो जांच में फर्जी प्रतीत हो रहा है। इतना ही नहीं, आरोपियों ने रायपुर में एक्सक्लूसिव फ्रेंचाइजी देने का दावा किया था, लेकिन बाद में पता चला कि अन्य लोगों को भी इसी तरह झांसा दिया गया। अलग-अलग राज्यों में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज पीड़ित के अनुसार आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में पहले से कई केस दर्ज हैं। पुलिस को आशंका है कि यह एक संगठित अंतरराज्यीय ठगी गिरोह है, जो अलग-अलग नामों से कंपनियां चलाकर लोगों को ठग रहा है। फिलहाल पुलिस कॉल डिटेल, बैंक ट्रांजेक्शन और दस्तावेजों की जांच कर रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई है और जल्द कार्रवाई की बात कही जा रही है।
भाजपा की जीत पर बुरहानपुर-नेपानगर में जश्न:नृत्य और विजय रैली निकली; तिलक-गुलाल संग मिठाई बांटी
पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को पूर्ण बहुमत मिलने के बाद सोमवार शाम बुरहानपुर और नेपानगर में पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने जीत का जश्न मनाया। इस दौरान उन्होंने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी और उत्साह व्यक्त किया। बुरहानपुर में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जीत की खुशी में जमकर नृत्य किया। उन्होंने एक-दूसरे को तिलक और गुलाल लगाया तथा मिठाइयां बांटीं। भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. मनोज माने, बुरहानपुर विधायक अर्चना चिटनिस और महापौर माधुरी पटेल सहित अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता हाथों में पार्टी का झंडा लेकर घूमे और जश्न में शामिल हुए। नेपानगर में भाजपा कार्यालय से सोमवार शाम एक विजय रैली निकाली गई, जो पूरे शहर में घूमी। इस अवसर पर भाजपा मंडल अध्यक्ष नीलेश महाजन, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष राजेश चौहान, पूर्व मंडल अध्यक्ष विक्रम सिंह चौहान, ललित चौहान, रोहित यादव, छाया गुडगे, नम्रता मालगुजार, छोटु यादव, विनोद तिवारी सहित कई अन्य भाजपा नेता, कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद थे। देखिए तस्वीरें…
ग्वालियर में हस्तिनापुर थाना क्षेत्र के चपरोली गांव में रविवार-सोमवार दरमियानी रात बदमाशों ने जमकर उत्पात मचाया। चार दिन पुराने विवाद का बदला लेने आए हमलावरों ने एक दिव्यांग किसान के घर को घेरकर करीब 20 मिनट तक फायरिंग की। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। दिव्यांग को पैर में छर्रे लगे हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। हालांकि, गोली लगने के दावे को लेकर पुलिस और पीड़ित के बयानों में पेंच फंस गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। ग्वालियर के हस्तिनापुर के चपरोली गांव निवासी 55 वर्षीय वेदराम सिंह राणा ने बताया कि वह रात करीब 12 बजे अपने घर के बाहर चारपाई पर लेटे थे। तभी गांव के ही संदीप राणा, कृष्णा उर्फ छुन्ना राणा अपने पिता और एक अन्य साथी के साथ वहां पहुंचे। आरोपियों ने पहले गाली-गलौज की और जब वेदराम ने विरोध किया, तो मारपीट शुरू कर दी। शोर सुनकर जब पड़ोसी और परिजन बचाने आए, तो बदमाशों ने कट्टे और अधिया (देसी बंदूक) से फायरिंग शुरू कर दी। पीड़ित का आरोप है कि बदमाशों ने करीब 12 से 15 गोलियां चलाई होंगी। जान बचाने के लिए लोगों को घरों में दुबकना पड़ा। हमलावर जाते-जाते जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। गोलीबारी के बीच दिव्यांग के पैर में छर्रा लगा है। आधी रात फायरिंग और दहशत की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामला दर्ज कर हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है। पीड़ित का दावा इस मामले में गोली लगने को लेकर विरोधाभास सामने आया है। पीड़ित का दावा है कि दिव्यांग किसान वेदराम का कहना है कि बदमाशों की चलाई एक गोली सीधे उसके घुटने में लगी है, जिससे वह लहूलुहान हो गया। एक्स-रे में नहीं आई बुलेट पुलिस का कहना है कि घायल का एक्स-रे कराया है। जिसमें कोई गोली या उसका हिस्सा नजर नहीं आया। साथ ही पुलिस ने इतनी ज्यादा फायरिंग से भी इनकार किया है। पुलिस का तर्क है कि यदि डेढ़ दर्जन फायर होते, तो मौके पर खाली खोखे भी उसी तादाद में मिलते। हस्तिनापुर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपी अपने-अपने घर छोड़कर फरार हैं। हस्तिनापुर थाना प्रभारी देवेंद्र लोधी ने बताया पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों के घरों पर दबिश दी गई, लेकिन वे फरार हैं। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की जीत के बाद विदिशा में भाजपा कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया। माधवगंज चौराहे पर विजय उत्सव आयोजित कर पटाखे फोड़े गए और मिठाइयां बांटी गईं। विधायक मुकेश टंडन के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को जीत की बधाई दी। इस दौरान “भारत माता की जय” और “भाजपा जिंदाबाद” के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। उन्होंने एक-दूसरे को झालमुड़ी खिलाकर जीत की खुशी साझा की और जश्न मनाया। टंडन बोले- जनता के विश्वास की जीत विधायक मुकेश टंडन ने कहा कि यह जीत जनता के विश्वास, प्रधानमंत्री के नेतृत्व और संगठन की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने इसे देश के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक मजबूत कदम बताया। उन्होंने पश्चिम बंगाल का जिक्र करते हुए कहा कि वहां लंबे समय से भय का माहौल था, लेकिन अब जनता ने बदलाव का संदेश दिया है। जिला मीडिया प्रभारी डॉ. राहुल जैन ने कहा कि यह जीत कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता के समर्थन का परिणाम है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पार्टी आगे भी जनता की उम्मीदों पर खरी उतरेगी।कार्यक्रम में खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के उपाध्यक्ष डॉ. राकेश जादौन, वरिष्ठ नेता आनंद जैन, बाबूलाल ताम्रकार, रमन गोयल, जिला महामंत्री बलवीर रघुवंशी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रयागराज के मुंडेरा में दो मई को आठ साल के मासूम की हत्या के मामले में उसकी मां को प्रेमी समेत गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ में प्रेमी ने बताया है कि उसने घटना वाले दिन मासूम अयान की पहले बेरहमी से पिटाई की। उसे गर्म चिमटे से दागा और फिर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। अवैध संबंध का करता था विरोधपुलिस के मुताबिक, महिला के प्रेमी उबैद ने पूछताछ में बताया कि अयान उसके और अपनी मां के संबंधों का विरोध करता था। उसे जवाब भी देता था। शनिवार को भी उसने ऐसा ही किया तो उसका खून खौल गया। उस वक्त बच्चे की मां और उसकी प्रेमिका सीमा घर पर नहीं थी। गुस्से में आकर उसने अयान को पीटना शुरू कर दिया। उसने फिर भी जवाब देना बंद नहीं किया। इससे उसके सिर पर खून सवार हो गया। पुलिस के सवाल पर साध ली चुप्पीउसने उसे गर्म चिमटे से दागा तो वह चीखने लगा। इसके बाद उसने उसका गला घोंट दिया। एसीपी अजयेंद्र यादव ने बताया, महिला से पूछताछ की गई तो उसने कहा कि घटना की सूचना पर वह घर पहुंची तो बेटा बेसुध पड़ा था। वह उसे लेकर अस्पताल भागी तो वहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। एसीपी के मुताबिक, जब उससे यह पूछा गया कि उसने पुलिस को बेटे के सीढ़ियों से गिरने की बात क्यों बताई तो वह चुप हो गई। इसके बाद उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। प्रेमी को हत्या और महिला को हत्या की साजिश में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। दोनों मंगलवार को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किए जाएंगे। पैनल ने शव का पोस्टमार्टम कियासूत्रों के मुताबिक, शनिवार को दो डॉक्टरों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम के दौरान पता चला कि मासूम अयान की गला घोंटकर हत्या की गई थी। उसके गले पर निशान भी मिले। इसके अलावा प्राइवेट पार्ट पर पीछे की ओर दागे जाने के भी निशान मिले। इससे साफ हो गया कि उसकी हत्या की गई। इस जानकारी के सामने आने के बाद अब उसकी मां और कथित मामू का वह बयान भी सवालों के घेरे में आ गया है, जिसमें उन्होंने उसके सीढ़ियों से गिरकर चोटिल होने की बात बताई थी। दो छोटे भाईयों के बयान से आया था नया मोड़दो मई की शाम मुंडेरा एडीए कॉलोनी स्थित घर में बच्चा मृत मिला था। उसके शरीर पर चोट के कई निशान थे। पूछताछ में मां ने बेटे के छत से गिरने की बात कही, लेकिन बच्चे के छोटे भाइयों के बयान ने नया मोड़ ला दिया था। उन्होंने बताया था कि उनके भाई को मामू ने मारा। यह वह उबैद नाम का युवक है जिसके साथ तीनों बच्चों को लेकर उनकी मां रहती थी। छोटे भाइयों के बयान के बाद ही पुलिस ने बच्चे की मां और कथित मामू को हिरासत में ले लिया था। पैनल ने शव का पोस्टमार्टम कियाशनिवार को दो डॉक्टरों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम के दौरान पता चला कि मासूम अयान की गला घोंटकर हत्या की गई थी। उसके गले पर निशान भी मिले। इसके अलावा प्राइवेट पार्ट पर पीछे की ओर दागे जाने के भी निशान मिले। इससे साफ हो गया कि उसकी हत्या की गई। पति से चल रहा डाइवोर्स का केसबच्चे की मां सीमा मूल रूप से कौशाम्बी के सरायअकिल की रहने वाली है। उसकी शादी मेरठ के मुशर्रफ से हुई थी जो सऊदी अरब में रहकर नौकरी करता है। पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक जांच पड़ताल में यह बात सामने आई कि पति-पत्नी का डाइवोर्स का केस चल रहा है। इसी सिलसिले में प्रयागराज आने जाने के दौरान उसकी मुलाकता उबैद से हुई जो बेगम बाजार मोहल्ले का रहने वाला है। वह खुद को एक अधिवक्ता का जूनियर बताता है और मुंडेरा में किराये के मकान में रहता है। आने जाने के दौरान बढ़ा मेलजोलयहां आने जाने के दौरान ही दोनों में मेलजोल बढ़ा और फिर तीनों बच्चों को लेकर सीमा उबैद के साथ ही रहने लगी। वह घरों में खाना बनाने व साफ-सफाई का काम करती है। उसके तीन बच्चों में अयान सबसे बड़ा था जबकि दो छोटे बच्चों में शबान और अरशान शामिल हैं। रोज की तरह शनिवार शाम को भी सीमा काम पर गई थी। छोटे भाइयों ने कहा था, मामू ने मारामामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया था जब पुलिस ने दोनों छोटे भाइयों से बात की। पुलिस सूत्रों के मुताबिक दोनों बच्चों ने बताया कि उनके बड़े भाई अयान को “मामू ने मारा” था। इसके बाद पुलिस ने सख्ती से पूछा तो सीमा ने बताया कि उसे फोन कर उबैद ने बताया कि अयान सीढ़ियों से गिरकर गंभीर रूप से जख्मी हो गया है। इसके बाद वह घर पहुंची और बेटे को अस्पताल ले गई।इसके बाद पुलिस ने उबैद को भी हिरासत में ले लिया। उससे पूछताछ की गई तो उसने बताया कि वह अयान और उसके दोनों भाइयों को रोज पढ़ाता था। शनिवार को भी पढ़ा रहा था और इसी दौरान उसने अयान को दो थप्पड़ मार दिए। इसके बाद वह तेजी से छत की ओर भागा तभी पैर फिसलने से वह सीढ़ियों से नीचे आ गिरा और गंभीर रूप से चोटिल हो गया। इसके बाद उसने ही फोन कर सीमा को बुलाया और फिर बच्चे को अस्पताल ले जाया गया। उसने पुलिस को बताया कि वह अधिवक्ता है लेकिन जांच में पता चला कि अभी वह एलएलबी कर रहा है।
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के लखनऊ परिसर में ‘बुद्ध जयन्ती’ के अवसर पर कक्ष संख्या-04 में 'बुद्ध जयन्ती महोत्सव' का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता परिसर निदेशक प्रो. सर्वनारायण झा ने की। उन्होंने भगवान गौतम बुद्ध के जीवन दर्शन को सरल शब्दों में समझाते हुए कहा कि जन्म, बुढ़ापा, बीमारी और मृत्यु जैसे दुःख जीवन के स्वाभाविक सत्य हैं। निदेशक प्रो. झा ने बताया कि इन सभी दुःखों का मूल कारण तृष्णा यानी इच्छाएँ और आसक्ति हैं। जब तक व्यक्ति अपनी इच्छाओं पर नियंत्रण नहीं करता, तब तक वह सच्ची शांति हासिल नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि यदि मनुष्य तृष्णा का त्याग कर दे, तो वह निर्वाण की अवस्था प्राप्त कर सकता है, जो पूर्ण शांति और संतोष का प्रतीक है। आजीविका, प्रयास, स्मृति और ध्यान जीवन का आधार अपने संबोधन में उन्होंने अष्टांगिक मार्ग का उल्लेख करते हुए सम्यक दृष्टि, संकल्प, वाणी, कर्म, आजीविका, प्रयास, स्मृति और ध्यान को जीवन का आधार बताया। उन्होंने कहा कि इन सिद्धांतों को अपनाकर व्यक्ति अपने जीवन को सही दिशा दे सकता है और संतुलित सोच व कर्म से सुख-शांति प्राप्त कर सकता है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रो. विजय कुमार जैन सहित कई विशिष्ट विद्वानों ने बुद्ध के उपदेशों के वैश्विक प्रसार, वर्तमान समय में उनकी प्रासंगिकता, बौद्ध संघ की संरचना और मेत्ता भावना जैसे विषयों पर विचार रखे। विद्वानों ने बताया कि बुद्ध के विचार आज भी विश्व शांति का मार्ग दिखाते हैं। कार्यक्रम का संचालन डॉ. कृष्णा कुमारी ने किया। इस अवसर पर प्राध्यापक, शोधार्थी और छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ भाग लिया और बुद्ध के विचारों से प्रेरणा ली।
श्रीगंगानगर में फिल्मी स्टाइल में कार सवार बदमाशों ने पुलिस की नाकाबंदी तोड़कर भागने की कोशिश की। पुलिस बदमाशों का पीछा कर रही थी। बदमाशों के पास से हेरोइन, अफीम और विदेशी हथियार मिले हैं, जो पाकिस्तान से भेजें गए थे। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना श्रीगंगानगर जिले के समेजा कोठी थाना क्षेत्र की है। एसपी हरिशंकर ने बताया- आरोपियों के पास से पाकिस्तान की तरफ से भेजी गई खेप में 1.50 किलो हेरोइन, 1 किलो अफीम, 5 विदेशी पिस्टल और 72 राउंड बरामद हुए हैं। पुलिस ने पंजाब के 2 तस्करों को गिरफ्तार किया है और 1 लग्जरी कार जब्त की गई है। समेजा कोठी थाना क्षेत्र के रायसिंहनगर की ओर नेशनल हाइवे-911 पर दोपहर करीब 2 बजे पुलिस ने सूचना के आधार पर भारी नाकाबंदी की थी। ट्रैक्टर-ट्रॉली और बैरिकेडिंग लगाकर सड़क को पूरी तरह बंद कर दिया गया था। इसी दौरान अनूपगढ़ की तरफ से तेज स्पीड में एक लग्जरी कार आती दिखी। इस कार का पुलिस पीछा कर रही थी। तस्कर ने नाकाबंदी देखते हुए सीधे बैरिकेडिंग में जोरदार टक्कर मार दी और तोड़कर आगे निकलने की कोशिश की, लेकिन गाड़ी रुक गई।गाड़ी रुकते ही दोनों आरोपी उतरकर भागने लगे, लेकिन पुलिस ने तुरंत उन्हें दबोच लिया। आरोपियों के पास से पाकिस्तान की तरफ से भेजी गई ड्रग्स और हथियारों की खेप बरामद हुई है। दोनों पंजाब के रहने वाले हैं। पूछताछ में पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। इनके पाकिस्तान और पंजाब के अन्य तस्करों से लिंक की भी जांच की जा रही है। फिलहाल दोनों आरोपियों को थाने ले जाकर पूछताछ चल रही है। पुलिस इस पूरे अंतरराष्ट्रीय तस्करी रैकेट की परतें खोलने में जुटी हुई है।
धार्मिक नगरी अयोध्या के भविष्य को नई दिशा देने वाली महायोजना-2031 को शासन ने मंजूरी दे दी है। 30 अप्रैल से यह योजना लागू हो गई है। इसमें वर्ष 2031 तक करीब 24 लाख आबादी को ध्यान में रखकर शहर के समग्र विकास का खाका तैयार किया गया है। अयोध्या विकास प्राधिकरण (एडीए) द्वारा तैयार इस मास्टर प्लान में कुल 23623 हेक्टेयर क्षेत्र को शामिल किया गया है, जिसमें आवास, व्यापार, उद्योग और पर्यावरण के संतुलन पर विशेष ध्यान दिया गया है। जमीन का संतुलित उपयोग, हर सेक्टर को प्राथमिकता अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अनुराज जैन की अध्यक्षता में आयोजित प्रेस वार्ता में ‘अयोध्या महायोजना-2031’ की दूरदर्शी रूपरेखा, आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण, यातायात प्रबंधन, हरित विकास और सांस्कृतिक विरासत संरक्षण पर विस्तृत जानकारी साझा की गई। अनुराग जैन ने बताया कि यह महायोजना अयोध्या को एक सुनियोजित, आधुनिक और विश्वस्तरीय शहर के रूप में स्थापित करने की दिशा में निर्णायक कदम है। जहां विकास और विरासत साथ-साथ आगे बढ़ेंगे।महायोजना के अनुसार 45.87% भूमि आवासीय उपयोग के लिए निर्धारित की गई है। वहीं 8.34% क्षेत्र वाणिज्यिक और 5.52% औद्योगिक गतिविधियों के लिए तय किया गया है। उद्योग के लिए 5.52% भूभाग को सम्मिलित किया गया है। इसके अलावा सार्वजनिक सुविधाओं, यातायात और हरित क्षेत्रों को भी पर्याप्त स्थान दिया गया है, ताकि शहर का विकास संतुलित और योजनाबद्ध तरीके से हो सके। सड़क और ट्रैफिक पर विशेष जोरउपाध्यक्ष अनुराज जैन ने बताया कि योजना में शहर की यातायात व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए 12 मीटर से लेकर 75 मीटर चौड़ी सड़कों का प्रस्ताव रखा गया है। प्रमुख मार्गों के दोनों ओर 500 मीटर तक मिश्रित उपयोग (मिक्स्ड यूज) की अनुमति दी जाएगी, जिससे व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और लोगों को सुविधाएं नजदीक मिल सकेंगी। उद्योग से रोजगार के अवसर बढ़ेंगेऔद्योगिक विकास के लिए 1302 हेक्टेयर भूमि आरक्षित की गई है। यहां बड़े, लघु और सेवा क्षेत्र के उद्योग स्थापित किए जाएंगे। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और अयोध्या की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। हरित क्षेत्र और पर्यावरण संतुलन पर ध्यानशहर में पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए 3009 हेक्टेयर क्षेत्र हरित और मनोरंजन गतिविधियों के लिए निर्धारित किया गया है। साथ ही जल संरक्षण के तहत तालाबों के चारों ओर 9 मीटर चौड़ी ग्रीन बेल्ट विकसित करने की योजना है, जिससे प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। तीन जिलों के 353 गांव शामिल, दायरा 766.39 वर्ग किमीमहायोजना के ‘भाग-ख’ के तहत अयोध्या का विस्तार बढ़ाकर 873 वर्ग किलोमीटर कर दिया गया है। इसमें अयोध्या सदर के 81, सोहावल के 73, बस्ती के हरैया के 129 और गोंडा के तरबगंज के 69 के कुल 353 गांवों को शामिल किया गया है। इससे अयोध्या एक बड़े शहरी क्षेत्र के रूप में विकसित होगी। वैश्विक धार्मिक-पर्यटन नगरी बनने की ओर कदममुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की समीक्षा के बाद स्वीकृत इस योजना में शिक्षा, स्वास्थ्य, सीवरेज और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन जैसी बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता दी गई है। आने वाले वर्षों में अयोध्या को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और वैश्विक धार्मिक-पर्यटन नगरी के रूप में विकसित करने की दिशा में यह योजना मील का पत्थर साबित होगी।
पुलिस के अधिकार पर सवाल:हाईकोर्ट ने पुलिस के निषेधाज्ञा जैसे आदेश पर रोक लगाई
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने पुलिस के अधिकार क्षेत्र से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में सुनवाई की है। न्यायालय ने पुलिस द्वारा जारी एक ऐसे आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है, जो निषेधाज्ञा (किसी जगह पर रोक लगाने जैसा) के समान था। पीठ यह तय करेगी कि क्या पुलिस को ऐसे आदेश जारी करने का अधिकार है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति जफईर अहमद की पीठ ने सोम शंकर व अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया। मामला सुशांत गोल्फ सिटी क्षेत्र का है, जहां थाना प्रभारी ने बीएनएसएस की धारा 168 के तहत एक कंपनी के परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दी थी। कंपनी ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव मेहरोत्रा ने न्यायालय को बताया कि बीएनएसएस में विभिन्न प्रकार के नोटिस के लिए निर्धारित प्रारूप दिए गए हैं, लेकिन धारा 168 के तहत ऐसे किसी नोटिस का कोई निर्धारित प्रारूप नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि पुलिस द्वारा जारी किया गया यह नोटिस विधिक अधिकार क्षेत्र से परे है। याचिकाकर्ताओं का यह भी कहना है कि पुलिस को इस तरह का आदेश जारी करने का अधिकार नहीं है, क्योंकि धारा 168 में किसी परिसर में आने-जाने पर रोक लगाने का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है। उनका मानना है कि यह आदेश सिविल कोर्ट की निषेधाज्ञा जैसा है, जिसे पुलिस जारी नहीं कर सकती। वहीं, राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि यह कदम संभावित अपराध को रोकने के लिए उठाया गया था। सरकार ने स्पष्ट किया कि आदेश केवल अनधिकृत लोगों को परिसर में प्रवेश से रोकने के उद्देश्य से जारी किया गया था। राज्य सरकार ने इस संबंध में और जानकारी देने के लिए समय मांगा है। प्रारंभिक सुनवाई में हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि यह एक गंभीर कानूनी सवाल है कि क्या पुलिस अपराध रोकने के नाम पर ऐसे आदेश दे सकती है, जिनका असर निषेधाज्ञा जैसा हो। अदालत इस मामले की अगली सुनवाई 18 मई को करेगी।
कुचामन सिटी के राणासर चौराहे पर सोमवार शाम एक भीषण सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा किशनगढ़–हनुमानगढ़ मेगा हाईवे पर उस समय हुआ जब एक बाइक पर सवार चार युवक ट्रेलर के सामने से गलत दिशा में सड़क पार करने का प्रयास कर रहे थे। सड़क पार करते समय ब्रेकर पर बाइक अचानक अनियंत्रित होकर ट्रेलर के नीचे जा घुसी। इस दौरान बाइक चला रहा पवन (27) पुत्र भेराराम ट्रेलर की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घायलों की स्थिति बाइक से छिटककर सड़क किनारे गिरने के कारण अन्य तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों की पहचान इस प्रकार है: श्यामलाल (19) पुत्र पन्नालाल अमरचंद (24) पुत्र रघुराम शाहरुख (25) पुत्र सराजुद्दीन ये सभी घायल निम्बा का बास, निमोद के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस की कार्रवाई हादसे की सूचना पर कुचामन सिटी थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है। पुलिस ने मृतक के शव को मोर्चरी में रखवाया है और ट्रेलर को जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। कुचामन थानाधिकारी सतपाल ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही कुचामन पुलिस तुरंत मौक़े पर पहुंची थी और घायलों को पुलिस की गाड़ी में ही अस्पताल पहुंचाया गया। एक युवक की प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टर्स ने मृत घोषित कर दिया जबकि अन्य तीन घायलों का इलाज जारी है।
बिजनौर में पत्नी नसरीन की हत्या के मामले में दोषी पति शमीम अहमद को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। नजीबाबाद क्षेत्र में करीब सात साल पहले दहेज की मांग पूरी न होने पर शमीम ने अपनी पत्नी का गला घोंट दिया था। एफटीसी कोर्ट संख्या एक के अपर सत्र न्यायाधीश कमलदीप ने यह फैसला सुनाया। अदालत ने दोषी पति शमीम पर ग्यारह हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह मामला दहेज हत्या से संबंधित था, जिसमें आरोपी ने अपनी गर्भवती पत्नी की जान ले ली थी। एडीजीसी मुकुल राठौर ने बताया कि मोहम्मद नासिर ने अपनी बेटी नसरीन का निकाह घटना से सात साल पहले शमीम अहमद पुत्र अजीमुल्ला से किया था। नसरीन के पिता ने अपनी हैसियत से बढ़कर दहेज दिया था, लेकिन इसके बावजूद आरोपी पति शमीम लगातार दहेज की मांग करता था। वह नसरीन के साथ मारपीट करता और धमकी देता था कि यदि उसकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वह उसे जान से मार देगा। 7 जून 2019 को मोहम्मद नासिर को सूचना मिली कि नसरीन को उसके पति शमीम ने गला घोंटकर मार दिया है। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया, नसरीन का पोस्टमार्टम कराया और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने शमीम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। लोक अभियोजक ने अदालत को बताया कि आरोपी शमीम ने दहेज के खातिर अपनी गर्भवती पत्नी की हत्या की थी। आरोपी तभी से जेल में बंद था। सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश कमलदीप ने शमीम को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
लखनऊ HC स्कूलों के पास ट्रैफिक जाम पर सख्त:अधिकारियों-स्कूलों को फटकारा, गाइडलाइन बनाने का आदेश
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में स्कूलों के पास ट्रैफिक व्यवस्था से संबंधित जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। न्यायालय ने स्कूलों के आसपास बढ़ती ट्रैफिक अव्यवस्था पर कार्रवाई न होने पर नाराजगी व्यक्त की। कोर्ट ने कहा- इस समस्या के समाधान को न तो सरकारी अधिकारी गंभीरता से ले रहे हैं और न ही स्कूल प्रबंधन ने इसमें रुचि दिखाई है। न्यायालय ने यह भी टिप्पणी की कि पिछले आदेश के बाद भी स्थिति में कोई खास सुधार नहीं दिख रहा है। निर्णय लेने की स्थिति में नहीं सुनवाई के दौरान, राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता ने न्यायालय को बताया कि इस मुद्दे पर हुई पिछली बैठक को अधिकारियों और स्कूलों दोनों ने गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने यह भी बताया कि कई सक्षम अधिकारी बैठक में अनुपस्थित थे, जबकि स्कूलों की ओर से ऐसे प्रतिनिधि आए थे जो निर्णय लेने की स्थिति में नहीं थे। इस पर न्यायालय ने असंतोष व्यक्त किया। जनहित याचिका पर सुनवाई की न्यायालय ने ट्रैफिक प्रबंधन में सुधार के लिए विस्तृत दिशानिर्देश तैयार करने का समय देते हुए मामले की अगली सुनवाई 15 मई को तय की। यह आदेश न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति बृजराज सिंह की पीठ ने गोमती रिवर बैंक रेजिडेंट्स द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। अधिकांश स्कूलों में ठीक से तैनाती नहीं सुनवाई के दौरान न्यायालय के संज्ञान में आया कि ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए प्रशिक्षित किए गए मार्शलों की अधिकांश स्कूलों में ठीक से तैनाती नहीं की गई है, जिससे स्थिति में कोई ठोस बदलाव नहीं आया है। न्यायालय ने कहा कि पर्याप्त समय देने के बाद भी सुधार न होना अधिकारियों और संबंधित पक्षों की उदासीनता को दर्शाता है।
खुर्जा देहात थाना क्षेत्र के धराऊ चौकी अंतर्गत धरारी गांव में संपत्ति विवाद को लेकर दो भाइयों के बीच झगड़ा हुआ। इस दौरान गैंगस्टर बताया जा रहा बड़ा भाई मिथुन सोलंकी ने कथित तौर पर अपने पैर में गोली मार ली। घटना का वीडियो छोटे भाई ने बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। मिथुन सोलंकी, जो धर्म सिंह सोलंकी के पुत्र हैं, पर आरोप है कि उन्होंने छोटे भाई को फंसाने की नीयत से खुद को गोली मारी। वायरल वीडियो में मिथुन सोलंकी को अपने पैर में गोली मारते हुए देखा जा सकता है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायल मिथुन सोलंकी को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। ग्रामीणों के अनुसार, दोनों भाइयों के बीच संपत्ति को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। हालांकि, इस विवाद को लेकर खुर्जा देहात थाने में आज तक किसी ने एक-दूसरे के खिलाफ कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई थी।
अयोध्या में टोल कर्मियों की गुंडागर्दी का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस पीडियों में नीली बत्ती लगी सरकारी वाहन का हूटर बजता रहा फिर भी टोल का बैरियर नहीं खोला गया। पुलिस की गाड़ी से पुलिस कर्मी बाहर निकल कर टोल बैरियर को हाथ से पकड़ कर किया किनारे करता दिखाई दे रहा है। इस बीच काफी देर तक टोल बैरियर पर हूटर बजता रहा। अयोध्या जनपद के रायबरेली हाईवे के मीठे गांव टोल प्लाजा का यह मामला बताया जा रहा है। पुलिस कर्मी के हाथ से बैरिया हटाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। आए दिन टोल कर्मियों की अभद्रता का वीडियो वायरल होता है। टोल कर्मियों की गुंडागर्दी के आगे सारे सिस्टम फेल नजर आ रहे हैं। क्या सरकारी गाड़ी में बैठे साहब अब खुद पर गुजरी घटना को संज्ञान में लेंगे।
सूरत SBI लूटकांड में गोंडा से दो आरोपी गिरफ्तार:विकास सिंह रायबरेली कृषि विभाग में संविदा कर्मी
सूरत क्राइम ब्रांच ने वराछा स्थित भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में हुए 50 लाख रुपये के लूटकांड के मामले में दो आरोपियों को गोंडा से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में बिहार के शुभम कुमार और उसे शरण देने वाला गोंडा निवासी विकास सिंह शामिल हैं। क्राइम ब्रांच के अनुसार, शुभम कुमार बिहार के काशीराम कॉलोनी सेमरा निजामतपुर का रहने वाला है। वहीं, विकास सिंह गोंडा जिले के परसपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत लक्षंनपुरवा डेहरास निवासी अरुण कुमार सिंह का पुत्र है। विकास पर शुभम को लूट के बाद शरण देने का आरोप है। मोबाइल नंबर ट्रेस कर रायबरेली पहुंची क्राइम ब्रांच गिरफ्तारी से कुछ घंटे पहले ही विकास सिंह की सगाई हुई थी। वह रायबरेली कृषि विभाग में संविदा पर कार्यरत है और तीन दिन पहले ही गोंडा स्थित अपने घर आया था। उसके पिता अरुण कुमार सिंह परसपुर गोंडा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लैब टेक्नीशियन हैं। पुलिस के मुताबिक, लूट को अंजाम देने के बाद शुभम कुमार रायबरेली पहुंचा था। आरोप है कि विकास सिंह ने उसे अपने गोंडा स्थित घर भेजा और बाद में अयोध्या ले जाकर एक महंत के यहां शरण दिलवाई। सूरत क्राइम ब्रांच ने मोबाइल नंबर ट्रेस कर पहले रायबरेली में विकास सिंह की दुकान पर पहुंचकर जानकारी जुटाई, फिर उसका पीछा करते हुए गोंडा पहुंची। आरोपियों को 3 दिन की ट्रांजिट रिमांड जहां सोमवार को सूरत क्राइम ब्रांच की टीम ने विकास सिंह को गोंडा से तो उसके मित्र शुभम कुमार को अयोध्या से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार करके न्यायालय में पेश किया जहां से दोनों आरोपियों की 3 दिन की ट्रांजिट रिमांड मिली है। ट्रांजिट रिमांड पर लेकर सूरत क्राइम ब्रांच टीम गुजरात के लिए रवाना हो चुकी है। ट्रांजिट रिमांड पूरा होने से पहले गुजरात पुलिस द्वारा कोर्ट में पेश करके रिमांड की मांग की जाएगी। विकास सिंह पर इस पूरे लूट कांड में शामिल मुख्य आरोपी को शरण देने का आरोप है।
हरदोई में 77 करोड़ की सड़क परियोजना पर सियासत:सांसद ने विधायक पर श्रेय छीनने का आरोप लगाया
हरदोई में 77 करोड़ रुपये की सड़क चौड़ीकरण परियोजना को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। पिहानी चुंगी से लखनऊ रोड (खेतुई तक) प्रस्तावित इस परियोजना के शिलान्यास की खबरें सोशल मीडिया पर आने के बाद सांसद जयप्रकाश ने स्थानीय सदर विधायक पर श्रेय लेने का आरोप लगाया है। सांसद जयप्रकाश ने दावा किया कि वह वर्ष 2023 से इस सड़क के चौड़ीकरण, डिवाइडर और स्ट्रीट लाइट के लिए लगातार प्रयासरत थे। उन्होंने मुख्यमंत्री से कई बार मुलाकात की और विभागीय स्तर पर पैरवी की, जिसके परिणामस्वरूप 77 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली। उन्होंने बताया कि अब टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और कार्य शुरू होने की तैयारी है। सांसद ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि प्रस्तावित शिलान्यास के संबंध में उन्हें न तो प्रशासन और न ही संबंधित विभाग द्वारा कोई सूचना दी गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि जिलाधिकारी को भी इसकी जानकारी नहीं थी। सांसद ने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए और चेतावनी दी कि शासनादेश के विपरीत एकतरफा कार्य करना उचित नहीं होगा। शिकायत उच्च स्तर पर करने की बात कही सांसद ने स्थानीय विधायक पर निशाना साधते हुए कहा कि दूसरों के प्रयासों का श्रेय लेने की होड़ लगी है। उन्होंने विधायक को हरदोई के लिए नई योजनाएं लाने की चुनौती दी। सांसद ने सीवर सिस्टम और जल निकासी जैसी समस्याओं पर काम करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया और सहयोग का आश्वासन दिया। सांसद ने अपने कार्यकाल (1991-2004) के दौरान कराए गए विकास कार्यों का जिक्र किया और कहा कि वे आज भी दिखाई देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बीते वर्षों में नगर के लिए बड़े कार्यों की कमी रही है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने सिनेमा चौराहे पर स्थापित भगवान बुद्ध प्रतिमा के शिलापट्ट पर अपना नाम न जोड़े जाने की शिकायत उच्च स्तर पर करने की बात कही। सांसद ने जोर देकर कहा कि सरकारी धन जनता और सरकार का होता है, किसी व्यक्ति विशेष का नहीं। उन्होंने विकास कार्यों में पारदर्शिता और ईमानदारी को आवश्यक बताया, न कि श्रेय की राजनीति को।
दतिया के पीतांबरा पीठ का नाम लेकर ऑनलाइन पूजा-पाठ के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। पीठ प्रबंधन ने इसे संगठित गिरोह की करतूत बताते हुए सोमवार शाम कलेक्टर स्वप्निल वानखेडे को ज्ञापन सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग की। प्रबंधन के अनुसार, कुछ लोग सोशल मीडिया के जरिए “मिर्ची हवन”, “नमक हवन” और “हल्दी दान” जैसे तथाकथित अनुष्ठानों का झांसा देकर श्रद्धालुओं से बड़ी रकम वसूल रहे हैं। ठग पीतांबरा पीठ, मां पीतांबरा और स्वामी जी महाराज के चित्रों का उपयोग कर लोगों का भरोसा जीतते हैं और ऑनलाइन भुगतान के जरिए ठगी करते हैं। निजी आयोजन में करोड़ों की उगाही का आरोप ज्ञापन में 24 अप्रैल को एक निजी वाटिका में हुए कथित हवन आयोजन का भी जिक्र किया गया है, जहां भारी भीड़ जुटाकर बड़े स्तर पर धन उगाही की गई। इस आयोजन में करोड़ों रुपए के लेनदेन की चर्चा ने मामले को और गंभीर बना दिया है। प्रबंधन ने इसे “हवन माफिया” की संगठित गतिविधि बताया है। कलेक्टर स्वप्निल वानखेडे ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पीठ प्रबंधन को तत्काल एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रशासनिक स्तर पर निगरानी बढ़ाने के संकेत दिए हैं, ताकि धार्मिक आस्था के नाम पर हो रही धोखाधड़ी पर रोक लगाई जा सके।
पश्चिम बंगाल, असम तथा पांडिचेरी के विधानसभा चुनावों में एनडीए को मिली ऐतिहासिक सफलता का जश्न सरगुजा भाजपा ने मनाया। स्थानीय घड़ी चौक में भाजपा ने जमकर आतिशबाजी की और झालमुड़ी बांटकर खुशियां मनाई। महापौर सहित महिलाएं इस मौके पर जमकर थिरकीं। इस मौके पर भाजपा प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और विकासवाद की जीत बताया है। उन्होंने पश्चिम बंगाल के नतीजों को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि पहली बार भाजपा की पूर्ण बहुमत वाली सरकार का गठन राज्य के इतिहास में एक नया अध्याय है। पश्चिम बंगाल में नए अध्याय की शुरूआत भाजपा जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया ने कहा कि पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी विधानसभा चुनाव परिणामों में भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। यह पहला मौका है जब भाजपा अपने संस्थापक के गृहराज्य में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने जा रही है। यह जीत तुष्टीकरण और अराजकता के विरुद्ध राष्ट्रवाद और सुशासन की विजय है। बंगाल से लेकर पूर्वाेत्तर तक की जनता ने संदेश दे दिया है कि देश की प्रगति केवल भाजपा के नेतृत्व में ही सुरक्षित है। लुंड्रा विधायक प्रबोध मिंज ने कहा कि जनता ने बंगाल में भय और भ्रम की राजनीति को नकारते हुए विकास, सुशासन और विश्वास के मार्ग को चुना। यह जनादेश स्पष्ट संदेश है देश अब स्थिरता, विकास और निर्णायक नेतृत्व चाहता है। महापौर मंजूषा भगत ने कहा कि पश्चिम बंगाल में आतंक का अंत हुआ है। इसके लिए पश्चिम बंगाल की जनता बधाई की पात्र है। हम सब इस जीत का जश्न झाल मूड़ी बांटकर मना रहे हैं। लोगों ने स्वीकारी राष्ट्रवाद की राजनीति राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्वविजय सिंह तोमर ने कहा कि यह नतीजे स्पष्ट करते हैं कि तुष्टीकरण की राजनीति का अंत हो चुका है और देश केवल राष्ट्रवाद व अंत्योदय की राजनीति को स्वीकार कर रहा है। इस अवसर पर अंबिकेश केशरी, सभापति हरमिंदर सिंह टिन्नी, विनोद हर्ष, अरुणा सिंह , मधुसूदन शुक्ला, संतोष दास, निश्चल प्रताप सिंह, जन्मेजय मिश्रा, रूपेश दुबे, मनोज गुप्ता, शुभांगी बिहाड़े, कमलेश तिवारी, दीक्षा अग्रवाल, प्रिया सिंह, निशांत सिंह सोलू, जातीन परमार, मनोज प्रसाद, सतीश सिंह, विपिन पांडेय, श्वेता गुप्ता, प्रियंका चौबे, नीलू गुप्ता सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।
फर्रुखाबाद के कमालगंज थाना क्षेत्र में सोमवार को एक लाइनमैन की विद्युत करंट लगने से मौत हो गई। गंभीर हालत में उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना से परिवार में मातम छा गया है। मृतक लाइनमैन की पहचान फतेहपुर राव साहब निवासी सुशील कुमार के रूप में हुई है। वह गांव जीरा गौर में बिजली संबंधी कार्य कर रहे थे। बताया गया कि विद्युत खंभे पर चढ़ते समय वह करंट की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद लोग उन्हें तत्काल कमालगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा सुशील अपने परिवार में सबसे बड़े थे और उनके पिता का पहले ही निधन हो चुका था। परिवार के सदस्यों ने बताया कि सुशील की शादी इसी साल 19 मार्च को कन्नौज जनपद के छिबरामऊ थाना क्षेत्र के गांव खानपुर निवासी संतोषी के साथ हुई थी। उनकी असामयिक मौत से पूरा परिवार सदमे में है। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सुशील की मौत के बाद उनकी नवविवाहित पत्नी संतोषी का रो-रोकर बुरा हाल है।
9 मई को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल संचालन को लेकर सोमवार को दौसा जिला मुख्यालय पर बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण केशव कौशिक ने की। बैठक में न्यायिक अधिकारियों और विभागों के प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोक अदालत में ज्यादा से ज्यादा मामलों का निस्तारण किया जाए। इसके लिए पक्षकारों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए शीघ्र नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए। डीजे ने प्रशासनिक अधिकारियों से कहा कि वे अपने-अपने विभागों से संबंधित अधिक से अधिक मामलों को राजीनामा और समझाइश के माध्यम से निपटाने का प्रयास करें। वहीं पुलिस को निर्देश दिए गए कि सभी थानों में नोटिस व सम्मन की तामील कराई जाए। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव संतोष अग्रवाल ने अधिकारियों से अपील की कि प्रि-लिटिगेशन के राजीनामा योग्य मामलों को जल्द से जल्द प्राधिकरण कार्यालय में प्रस्तुत किया जाए, ताकि लोक अदालत में उनका निस्तारण किया जा सके। बैठक में कई न्यायिक अधिकारी शामिल रहे, जिनमें विशिष्ट न्यायाधीश बृजेश कुमार, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रविकांत सोनी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सीमा करोल, रविकांत मीना और न्यायिक मजिस्ट्रेट रचना बालोत शामिल रहे। प्रशासन की ओर से एएसपी योगेन्द्र फौजदार, पीएमओ डॉ. आरके मीना, एसडीएम संजू मीना, नगर परिषद आयुक्त कमलेश कुमार मीना सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
झांसी के जिला अस्पताल में सोमवार को जिलाधिकारी गौरांग राठी के औचक निरीक्षण के दौरान बड़ी कार्रवाई देखने को मिली। नेत्र रोग विभाग में मरीजों को बाहर से आई ड्रॉप लिखने की शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित नेत्र परीक्षक (ऑप्टोमेट्रिस्ट) के निलंबन के निर्देश दिए गए। वहीं, उन्होंने मरीजों को फोन कर पूछा कि आपसे अस्पताल में किसी ने पैसे तो नहीं लिए। निरीक्षण की दो तस्वीर देखें… निरीक्षण के दौरान डीएम ने ओपीडी में मरीजों और तीमारदारों से सीधे बातचीत की। कई मरीजों ने बताया कि उन्हें बाहर से दवाएं खरीदने के लिए कहा जा रहा है। पर्चियों की जांच में पुष्टि हुई कि दवाएं नेत्र परीक्षक द्वारा लिखी जा रही थीं। इस पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए तत्काल निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए और साफ कहा कि सरकारी अस्पताल में इस तरह की लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी ने एक कदम और आगे बढ़ते हुए रजिस्ट्रेशन सूची के आधार पर कुछ मरीजों को खुद फोन मिलाकर पूछा कि क्या अस्पताल में उनसे किसी ने पैसे की मांग की है। मरीजों ने बताया कि उनसे किसी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया गया है। इस पहल से व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत जानने में मदद मिली। ये रहे निरीक्षण के मुख्य बिंदू नेत्र परीक्षक निलंबित: बाहर की दवाएं लिखने की शिकायत सही मिलने पर सख्त कार्रवाई। शौचालयों की बदहाल स्थिति: महिला शौचालय में गंदगी और पुरुष शौचालय बंद मिलने पर सेवा प्रदाता एजेंसी को नोटिस के निर्देश। सीटी स्कैन रिपोर्ट में देरी पर नाराजगी: जब रिपोर्ट एक घंटे में तैयार हो रही है, तो मरीजों को उसी दिन देने के निर्देश। ओपीडी में बैठने की कमी: मरीजों और तीमारदारों के लिए अतिरिक्त बेंच लगाने के निर्देश। गर्मी से राहत के इंतजाम: अस्पताल परिसर में शेड लगवाने के लिए रेडक्रॉस से समन्वय के निर्देश। पैथोलॉजी व्यवस्था संतोषजनक: जांच में पाया गया कि मरीजों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जा रहा।पार्किंग समस्या पर निर्देश: नगर निगम के साथ समन्वय कर रोड साइड पार्किंग की व्यवस्था कराने के आदेश।जिलाधिकारी ने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा है कि हर गरीब तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचे और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी चिकित्सकों और कर्मचारियों को चेतावनी दी कि मरीजों को बाहर की दवाएं लिखने जैसी शिकायत दोबारा नहीं आनी चाहिए।निरीक्षण के दौरान जॉइंट मजिस्ट्रेट आयुष सैनी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर सुधाकर पांडेय, मुख्य चिकित्साधीक्षक सहित अन्य अधिकारी मौजूद।
बेबी महिला थाने की नई प्रभारी बनाई गईं:गाजियाबाद में 3 दरोगा समेत 5 पुलिसकर्मी सस्पेंड किए गए
पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड ने सोमवार को कानून व्यवस्था को लेकर महिला थाने की प्रभारी को हटा दिया। साहिबाबाद थाने में तैनात 2015 बैच की दरोगा बेबी को महिला थाने की SO बनाया है। महिला थाने में लगातार महिलाओं की जनसुनवाई और महिला सम्बंधी अपराध को लेकर पूर्व में समीक्षा की गई। जहां महिला थाने की शिकायतें मिली। वहीं तीन अलग अलग प्रकरण में 5 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की है। प्रकरण एक: साहिबाबाद थाने के दरोगा गौरव मदरेड़ा को सस्पेंड किया गाया है। जहां जांच में जनता के साथ गाली गलौच और पुलिस कार्यो के प्रति लापरवाही पाई गई। पुलिस कमिश्रर ने सभी एसीपी व थाना प्रभारियों को निर्देश दिए हैं की जनता के साथ गलत आचरण पर सीधे निलंबन होगा। प्रकरण दो: नंदग्राम थाने के तीन पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की है। ड्यूटी के प्रति अनुशासनहीनता में दरोगा आकाश राय हेड कांस्टेबल अरुण कुमार और सिपाही सुनील कुमार को निलंबत कियाहै। सभी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए हैं। प्रकरण तीन: अंकुर विहार थाने में तैनात दरोगा अवनीश कुमार को भी निलंबित किया गया है। दरोगा पर अभी तक डाबर तालाब पुलिस चौकी की कार्यवाहक प्रभारी की जिम्मेदारी थी। जिन्हे लाइन हाजिर किया गया है।
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में भाजपा कार्यकर्ता ने अपनी पत्नी और पार्टी के ही एक नेता के बीच अवैध संबंध होने का आरोप लगाया है। पार्टी कार्यकर्ता आरोप लगाया है कि घर में वो और उसके बच्चे जब उसके इस अवैध संबंध का विरोध करते थे तो वह बच्चों के साथ दुर्व्यवहार करती थी। वो बच्चों के साथ मारपीट करती थी और उनके आंख और मुंह में लाल मिर्च भी डालती थी। बच्चों को धमकी देती थी कि घर उसके नाम पर है और वह चाहे तो उन्हें अभी घर से निकाल सकती है। इतना ही नहीं, वह बच्चों को यह भी धमकी देती थी कि वह उनके पिता को खाने में जहर देकर मार देगी। साथ ही वह कहती थी कि ज्यादा बोलोगे तो तीनों को घर से भगा देगी। मामला उस समय उजागर हुआ जब महिला और संबंधित व्यक्ति को गुंडरदेही क्षेत्र के एक रिसॉर्ट में पकड़ा गया। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वहीं अपने पति पर मारपीट और प्रताड़ना का आरोप लगाया है। पीड़ित पति ने इस मामले में पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर जांच और कार्रवाई की मांग की है। यह मामला बालोद जिले के ग्राम जगन्नाथपुर परसदा का है। अब जानिए पूरा मामला जानकारी के अनुसार, बालोद के टिकरापारा वार्ड नं0-4 के अब्दुल ताहिर की शादी साल 2006 में मुस्लिम रीति-रिवाज से बागबाहरा में हुई थी। पत्नी जगन्नाथपुर परसदा स्थित प्राथमिक शाला में प्रधान पाठिका है। उनके एक बेटी और एक बेटा है। शादी के लगभग 17 साल तक सब ठीक चल रहा था, लेकिन पिछले दो साल से मेरे और बच्चों के प्रति पत्नी का व्यवहार बदल गया, जिससे हम सभी परेशान हैं। पीड़ित ने पत्नी पर आरोप लगाया कि वह आए दिन मेरे और बच्चों के साथ गाली-गलौज और मारपीट करती थी। बच्चों के आंखों में मिर्च पाउडर डालती थी। कपड़े प्रेस करते समय उन्हें जलाती थी। आए दिन इस तरह की हरकतों से मुझे शक हुआ, जिसके बाद मैंने खुद इसे लेकर जानकारी जुटानी शुरू की। इस दौरान पता चला कि उसका अजरूद्दीन नाम के व्यक्ति के साथ संबंध है। मैंने उसके मोबाइल में कुछ आपत्तिजनक मैसेज भी देखे हैं। इसके अलावा मुझे दूसरे लोगों से भी जानकारी मिली कि मेरी पत्नी स्कूल जाने के बहाने अलग-अलग पुरुषों के साथ मोटरसाइकिल पर घूमती है। जब मैंने कई बार उसे समझाने की कोशिश की, इस पर वह मुझसे ही गाली-गलौज करने लगी। हम जिस घर में रहते हैं, उसे मैंने अपने पैसों से बनवाया है, हालांकि उसमें कुछ पैसा पत्नी ने भी लगाया है। इसी बात को लेकर वह बार-बार धमकी देती है कि घर उसके नाम पर है और वह हमें कभी भी बाहर निकाल सकती है। इस वजह से मैं और मेरे बच्चे काफी परेशान हैं। मुझे अपनी पत्नी के चरित्र पर शक था, इसलिए मैं उसे रंगे हाथ पकड़ने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान एक दोस्त ने बताया कि 25 अप्रैल 2026 को मेरी पत्नी, बालोद के असरार अहमद उर्फ गुड्डा के साथ ग्राम डंगनिया के एक रिसॉर्ट में गई है। यह जानकारी मिलने पर मैं अपने दामाद अरमान अंसारी के साथ दोपहर करीब 3 बजे वहां पहुंचा। किसी तरह की परेशानी या झूठे आरोप से बचने के लिए हम पुलिस और महिला आरक्षक को भी साथ लेकर गए थे। रिसॉर्ट पहुंचने पर देखा कि मेरी पत्नी और असरार अहमद कमरे के अंदर थे और दरवाजा अंदर से बंद था। काफी आवाज देने के बाद करीब आधे घंटे बाद असरार बाहर निकला और करीब दो घंटे बाद मेरी पत्नी बाहर आई। मैंने इसका वीडियो भी बना लिया। बाहर आते ही पत्नी ने मुझसे गाली-गलौज शुरू कर दी। इसके बाद मामला बढ़ा और सभी को थाने लाया गया, जहां पूछताछ की गई। अब पति ने पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
करनाल के एंटी नारकोटिक्स सेल ने एक आरोपी को गांजा सहित गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 1 किलो 266 ग्राम गांजा फूल-पत्ती बरामद की है। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया और एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान आरोपी से गहनता से पूछताछ की जाएगी। 3 मई की देर शाम एंटी नारकोटिक्स सेल इंचार्ज सब इंस्पेक्टर हिम्मत सिंह के नेतृत्व में टीम गश्त कर रही थी। इसी दौरान संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर एक युवक को काबू किया गया। तलाशी लेने पर उसके पास से गांजा फूल-पत्ती बरामद हुई। पुलिस ने मौके पर ही उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान और केस दर्ज गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजीव पुरम निवासी संजीव पुत्र जगदीश के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत थाना सेक्टर 32/33 करनाल में मामला दर्ज किया है। जल्दी पैसे कमाने के लालच में करता था सप्लाई प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह जल्दी अमीर बनने और अपने शौक पूरे करने के लिए गांजा बेचने का काम करता था। वह इलाके में गांजा सप्लाई करता था।पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसका एक दिन का पुलिस रिमांड मंजूर किया गया है। अब रिमांड के दौरान आरोपी से गहन पूछताछ की जाएगी। सप्लाई नेटवर्क का होगा खुलासा पुलिस का कहना है कि पूछताछ में इस मामले से जुड़े अन्य लोगों और गांजा सप्लाई नेटवर्क का पता लगाया जाएगा। एंटी नारकोटिक्स सेल की टीम पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।
आगरा के कुबेरपुर स्थित रायपुर क्षेत्र में सोमवार सुबह एक अज्ञात युवती का शव कुएं में मिलने से हड़कंप मच गया। यह क्षेत्र आगरा विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित की जा रही टाउनशिप के पास है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हत्या की आशंका जताई जा रही है। आज जब गांव रायपुर निवासी पप्पे निषाद अपने ट्यूबवेल की पंप निकालने खेत पर पहुंचे। कुएं के पास से तेज दुर्गंध आने पर उन्हें संदेह हुआ। झांककर देखने पर कुएं के अंदर एक शव दिखाई दिया। उन्होंने तत्काल ग्रामीणों को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने डायल 112 पर पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक आलोक कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। शव करीब चार दिन पुराना होने के कारण पूरी तरह फूल गया था और उसमें कीड़े पड़ गए थे। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद शव को कुएं से बाहर निकाला। पुलिस के अनुसार, युवती की उम्र लगभग 30 वर्ष प्रतीत हो रही है। उसने काले रंग की टी-शर्ट और लोवर पहन रखा था। प्रथम दृष्टया युवती अविवाहित लग रही है। फिलहाल शव की शिनाख्त नहीं हो पाई है। थाना प्रभारी आलोक कुमार सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस आसपास के थानों में गुमशुदगी की रिपोर्ट खंगाल रही है ताकि युवती की पहचान हो सके। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

