हनुमानगढ़ में अखिल भारतीय किसान सभा ने जिला प्रशासन के रवैये पर गंभीर सवाल उठाए हैं। संगठन ने किसानों और आमजन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर प्रशासन की लापरवाही का आरोप लगाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। जंक्शन स्थित किसान भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में किसान सभा जिलाध्यक्ष मंगेज चौधरी ने कहा कि प्रशासन की अनदेखी के कारण किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में लोग कर्ज के बोझ तले दबकर आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं। ब्याज माफिया पर चिंता जताईकिसान सभा के नेताओं ने जिले में सक्रिय निजी ब्याज माफिया पर चिंता जताई। उनका कहना था कि ब्याज माफिया के कारण आम लोगों को भारी नुकसान हो रहा है और कुर्की जैसी कार्रवाइयों से उन पर मानसिक दबाव बढ़ रहा है। प्रशासन इस दिशा में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहा है। फसल बीमा योजना की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवालसंगठन ने फसल बीमा योजना की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए। नेताओं ने बताया कि सही तरीके से क्रॉप कटिंग नहीं होने के कारण किसानों को बीमा क्लेम का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि पहले जिले में सालाना बीमा क्लेम की राशि एक हजार करोड़ रुपए से अधिक होती थी, जो अब घटकर लगभग 114 करोड़ रुपए रह गई है, जबकि पिछले साल मौसम से नुकसान अधिक हुआ था। गेहूं खरीद व्यवस्था में बदलाव पर भी नाराजगीइसके अलावा गेहूं खरीद व्यवस्था में बदलाव को लेकर भी नाराजगी व्यक्त की गई। किसान सभा का कहना है कि पहले एफसीआई के माध्यम से खरीद सुचारू रूप से होती थी, लेकिन अब कई एजेंसियों को जिम्मेदारी देने से व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। खरीद शुरू होने से पहले ही मंडियों में बारदाना की कमी सामने आ रही है, जिससे किसानों और व्यापारियों को भविष्य में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। आंदोलन की चेतावनीनेताओं ने प्रशासन को किसान विरोधी बताते हुए चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एसडीएम कार्यालयों का घेराव कर कामकाज ठप किया जाएगा।इस अवसर पर माकपा नेता रघुवीर वर्मा, गोपाल बिश्नोई, ओम स्वामी, चरणप्रीत बराड़ सहित संगठन के कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
बहराइच में प्रधानों ने DM को सौंपा ज्ञापन:बकाया भुगतान और समय पर चुनाव कराने की मांग
बहराइच में पंचायत विकास मंच के बैनर तले जिले भर के प्रधानों ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें उन्होंने पंचायत चुनाव समय पर न होने की स्थिति में वर्तमान प्रधानों को ही प्रशासक बनाने और मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों का बकाया भुगतान कार्यकाल समाप्त होने से पहले सुनिश्चित कराने की मांग की। यह कार्यक्रम संयोजक सूरज शुक्ला और डॉ. श्याम चौधरी के नेतृत्व में आयोजित किया गया था। इसमें प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष भगवानदिन मिश्रा, रामसुन्दर पांडे, बुल्लू सिंह, गुलाम वारिश, अफ्फान खान सहित विभिन्न ब्लॉकों के प्रधान और संयोजक उपस्थित रहे। वक्ताओं ने बताया कि मनरेगा 2005 के तहत कराए गए कार्यों का करोड़ों रुपये का भुगतान लंबे समय से लंबित है। इस बकाया राशि के कारण सामग्री आपूर्ति करने वाली फर्मों का प्रधानों पर भारी दबाव है। प्रधानों ने चिंता व्यक्त की कि उनका कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। यदि इससे पहले बकाया भुगतान नहीं होता है, तो प्रधानों और सप्लायरों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। ज्ञापन में यह भी बताया गया कि प्रदेश की पंचायतों का कार्यकाल 26 मई और 19 जुलाई 2026 को समाप्त हो रहा है। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए समय पर चुनाव कराना कठिन लग रहा है। संगठन ने चुनाव में संभावित देरी के कई कारण बताए। इनमें मतदाता सूची पुनरीक्षण में विलंब, समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन न होना और आरक्षण के लिए आवश्यक 'ट्रिपल टेस्ट' प्रक्रिया का अधूरा रहना शामिल है। सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों का हवाला देते हुए कहा गया कि आरक्षण लागू करने के लिए 'ट्रिपल टेस्ट' अनिवार्य है। पंचायत विकास मंच ने मांग की है कि यदि चुनाव समय पर संभव नहीं हैं, तो वर्तमान निर्वाचित प्रतिनिधियों का कार्यकाल बढ़ाया जाए। उन्होंने बाहरी प्रशासकों की नियुक्ति को लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत बताते हुए सरकार से इस पर सकारात्मक निर्णय लेने का अनुरोध किया।
खैरथल-तिजारा जिले में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के स्टेट ब्रांड एम्बेसडर के के गुप्ता ने मंगलवार को जिला सचिवालय सभागार में बैठक लेकर स्वच्छता कार्यों की समीक्षा की। इस बैठक में जिले के सभी नगर निकायों और संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान गुप्ता ने कहा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2 अक्टूबर 2014 को शुरू किया गया स्वच्छता अभियान आज जनआंदोलन का रूप ले चुका है। उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग ने इसकी महत्ता को समझते हुए इसमें सक्रिय भागीदारी निभाई है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा प्रदेश में स्वच्छता को लेकर गंभीर हैं और नियमित मॉनिटरिंग कर रहे हैं, ताकि राजस्थान को इस क्षेत्र में अग्रणी बनाया जा सके। स्वच्छता में लापरवाही पर होगी कार्रवाई गुप्ता ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि स्वच्छता कार्य केवल स्वास्थ्य से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि किसी भी क्षेत्र के विकास और समृद्धि के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने चेतावनी दी कि स्वच्छता कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी। बैठक में बताया गया कि नगर निकायों को उनके कार्यों के आधार पर चार श्रेणियों- A, B, C और D में वर्गीकृत किया जाएगा। A श्रेणी में उत्कृष्ट कार्य करने वाले निकाय, B में संतोषजनक प्रदर्शन करने वाले, C में सुधार की आवश्यकता वाले और D श्रेणी में आने वाले निकायों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 400 घरों से कचरा इकट्ठा करने की सीमा तय बैठक में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। इनमें सुबह 10 बजे से पहले डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण सुनिश्चित करना और गीले व सूखे कचरे को अलग-अलग एकत्रित करना शामिल है। एक वाहन से अधिकतम 400 घरों से कचरा संग्रहण करने की सीमा तय की गई है। इसके अलावा प्लास्टिक थैलियों के उपयोग पर रोक लगाने, सामुदायिक शौचालयों की दिन में तीन बार सफाई सुनिश्चित करने और व्यावसायिक क्षेत्रों में नियमित रात्रिकालीन सफाई करने के निर्देश भी दिए गए। खाली प्लॉट की सफाई नहीं होने पर 10 गुना तक जुर्माना लगाने की बात कही गई है। साथ ही बगीचों, पार्कों और डिवाइडरों के सौंदर्यीकरण, सड़कों और नालियों की नियमित सफाई, स्ट्रीट लाइट व्यवस्था के बेहतर रखरखाव और झील-तालाबों में गंदा पानी जाने से रोकने पर भी जोर दिया गया। खुले में कचरा डालने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए। टूरिस्ट स्थलों और बाजार क्षेत्रों पर विशेष ध्यान बैठक में टूरिस्ट स्थलों पर विशेष सफाई व्यवस्था बनाए रखने, दुकानों पर कचरा पात्र अनिवार्य करने और अवैध मांस की दुकानों पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि वे इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। इस दौरान सार्वजनिक निर्माण विभाग, नगर परिषद खैरथल, भिवाड़ी, तिजारा सहित विभिन्न विभागों और नगरीय निकायों के अधिकारी बैठक में उपस्थित रहे।
शहर के लाल पोल स्थित किले की घाटी में सोमवार की झाड़ियों में अचानक भीषण आग लग गई। आग बुझाने के लिए आई फायर ब्रिगेड बीच रास्ते में चल रहे अवैध निर्माण के कारण अटक गई और करीब 2 घंटे की देरी से घटना स्थल तक पहुंची। इसके करीब एक घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका। जानकारी के अनुसार- सोमवार की रात करीब 9 बजे आग लगने की जानकारी सामने आई। सूचना पर सिविल डिफेंस और फायर ब्रिगेड की टीम रवाना हुई। लेकिन वह रास्ते में ही तकनीकी खराबी के कारण बंद हो गई। इसके बाद नगर परिषद की फायर ब्रिगेड को मौके पर बुलाया गया। लाल पोल में एक मकान का निर्माण कार्य चलने के कारण रास्ते में निर्माण सामग्री और बल्लियां (बांस) लगाई गई थीं। इसके कारण दमकल की गाड़ी करीब 2 घंटे तक वहीं फंसी रही। प्रशासन की सख्ती के बाद हटा अवरोधमामले की गंभीरता को देखते हुए जालोर कलेक्टर के निजी सचिव विकास सोलंकी और पुलिस अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के कड़े रुख के बाद निर्माण करा रहे परिवार ने आनन-फानन में रास्ते से बल्लियां हटाईं, जिसके बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ी आगे बढ़ सकी। एक घंटे की मशक्कत के बाद पाया काबूमौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की गाड़ी ने करीब 1 घंटे की मशक्कत के बाद रात 11:30 बजे तक आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। गनीमत रही कि आग को समय रहते रोक लिया गया, वरना यह रिहायशी इलाके तक फैल सकती थी। प्रशासन अब बिना अनुमति रास्ते में निर्माण सामग्री डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा हैं। देर रात तक रही बिजली कटौतीहालांकि आग लगने के कारण शहर के लाल पोल, किले की घाटी, बड़ी पोल, रबारवाड़ा, कस्तुरबा कॉलोनी समेत कई कॉलानियो में बिजली की कटौती रही। इससे आमजन को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
भारतीय रेलवे ने गर्मी के मौसम में यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए तीन जोड़ी ग्रीष्मकालीन स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला किया है। इन ट्रेनों का संचालन विभिन्न रूटों पर किया जाएगा, जिससे बिहार, झारखंड, ओडिशा और दक्षिण भारत के यात्रियों को सुविधा मिलेगी। ये सभी स्पेशल ट्रेनें पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर रुकेंगी। इनमें सामान्य, शयनयान (स्लीपर) और वातानुकूलित (एसी) कोच की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे यात्रियों को आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा। पहली स्पेशल ट्रेन पटना और खोरधा रोड जंक्शन के बीच (03230/03229) चलेगी। ट्रेन संख्या 03230 (पटना–खोरधा रोड) 09 अप्रैल से 14 मई 2026 तक प्रत्येक गुरुवार को सुबह 08:45 बजे पटना से प्रस्थान करेगी और अगले दिन 03:35 बजे खोरधा रोड पहुंचेगी। यह कुल 6 फेरे लगाएगी। वापसी में, ट्रेन संख्या 03229 (खोरधा रोड–पटना) 10 अप्रैल से 15 मई 2026 तक प्रत्येक शुक्रवार को 15:45 बजे खोरधा रोड से चलेगी और अगले दिन 10:45 बजे पटना पहुंचेगी। इसके भी 6 फेरे होंगे। इस ट्रेन के ठहराव दुर्गापुर, आसनसोल, चित्तरंजन, मधुपुर और जसीडीह में होंगे। जामताड़ा, मधुपुर और जसीडीह में भी रुकेगी ट्रेन दूसरी स्पेशल ट्रेन एर्नाकुलम और मुजफ्फरपुर के बीच (06085/06086) संचालित होगी। ट्रेन संख्या 06085 (एर्नाकुलम–मुजफ्फरपुर) 10 अप्रैल से 24 अप्रैल 2026 तक प्रत्येक शुक्रवार को 21:30 बजे एर्नाकुलम से रवाना होगी और चौथे दिन सोमवार को 07:30 बजे मुजफ्फरपुर पहुंचेगी। यह 3 ट्रिप लगाएगी। ट्रेन संख्या 06086 (मुजफ्फरपुर–एर्नाकुलम) 13 अप्रैल से 27 अप्रैल 2026 तक प्रत्येक सोमवार को 21:15 बजे मुजफ्फरपुर से प्रस्थान करेगी और चौथे दिन गुरुवार को 10:30 बजे एर्नाकुलम पहुंचेगी। इसके भी 3 ट्रिप होंगे। इस ट्रेन के ठहराव दुर्गापुर, आसनसोल, चित्तरंजन, जामताड़ा, मधुपुर और जसीडीह में होंगे। तीसरी स्पेशल ट्रेन एमजीआर चेन्नई सेंट्रल और बरौनी के बीच (06039/06040) चलेगी। ट्रेन संख्या 06039 (चेन्नई–बरौनी) 12 अप्रैल से 26 अप्रैल 2026 तक प्रत्येक रविवार को 23:50 बजे चेन्नई से प्रस्थान करेगी और दूसरे दिन मंगलवार को 20:00 बजे बरौनी पहुंचेगी। यह 3 फेरे लगाएगी। ट्रेन संख्या 06040 (बरौनी–चेन्नई) 15 अप्रैल से 29 अप्रैल 2026 तक प्रत्येक बुधवार को 21:00 बजे बरौनी से रवाना होगी और दूसरे दिन शुक्रवार को 18:00 बजे चेन्नई पहुंचेगी। इसके भी 3 फेरे होंगे। इस ट्रेन के ठहराव दुर्गापुर, आसनसोल, चित्तरंजन, जामताड़ा, मधुपुर और जसीडीह में होंगे। इन तीनों स्पेशल ट्रेनों के संचालन से यात्रियों को भीषण गर्मी में यात्रा के दौरान काफी सहूलियत मिलेगी और विभिन्न रूटों पर भीड़भाड़ को कम करने में मदद मिलेगी।
युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत:पनकी में बोलेरो में शव छोड़कर भागे आरोपी, पुलिस जांच में जुटी
कानपुर के पनकी थाना क्षेत्र के सी ब्लाॅक में बोलेरो सवार युवक घर के बाहर बोलेरो समेत युवक का शव छोड़कर भाग खड़े हुए। युवक जैनपुर की एक दूध डेयरी में काम करता था। वहां संदिग्ध परिस्थितियों में उसकी मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस जांच में जुटी है। करंट लगने से हुई मौत परिजनों का हंगामा पनकी थाना क्षेत्र के सी ब्लाक निवासी मनोज दिवाकर (38) पत्नी पूजा और बेटे सूरज के साथ रहकर कानपुर देहात के जैनपुर की भोलेबाबा दूध डेयरी में काम करते थे। परिवार में तीन भाई और तीन बहने हैं। भाई धीरू दिवाकर ने बताया कि भाई मनोज बीते दो वर्ष से भोलेबाबा दूध डेयरी में काम कर रहे थे। सोमवार सुबह आठ बजे वह काम पर निकले थे।दोपहर में दूध डेयरी वालो का फोन आया कि भाई मनोज करंट की चपेट में आ गए है,उन्हें कानपुर के मधुराज हास्पिटल ले जाया जा रहा है।सूचना मिलने के बाद वह लोग मधुराज जाने के लिए निकले थे। कुछ देर बाद पता चला कि एक बोलेरो गाड़ी में भाई का शव घर पहुंचा है दूसरे भाई और अन्य लोगों ने जब पूछताछ की तो बोलेरो सवार गाड़ी को छोड़कर भाग गए।शव घर पहुंचते ही घर में कोहराम मच गया। पत्नी पूजा का रो रोकर बुरा हाल हो गया परिजनों ने 112 नंबर डायल कर घटना की सूचना पुलिस को दी। जानकारी मिलते ही पनकी थाने का फ़ोर्स मौके पर पहुंचा और घटना की पड़ताल शुरू की। फिलहाल परिजन शव को लेकर जैनपुर के लिए रवाना हो गए। थाना प्रभारी बोले- पनकी थाना प्रभारी मनोज सिंह भदौरिया ने बताया कि घटना जैनपुर है इसलिए परिजन शव को लेकर जैनपुर गए है। परिजनों ने वहीं पर कार्रवाई कराने की बात कहते हुए शव लेकर चले गए। अगर कोई तहरीर मिलती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
पानीपत जिले में एंटी नारकोटिक्स सेल पुलिस टीम ने सोमवार को समालखा बस अड्डे के पास से एक नशा तस्कर को 12 किलो गांजा के साथ गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के गाजीपुर निवासी भरत गुप्ता के रूप में हुई है, जो फिलहाल डाडोला रोड पर किराए के मकान में रहता है। एंटी नारकोटिक्स सेल इंचार्ज सब इंस्पेक्टर सुभाष ने बताया कि सोमवार देर शाम टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी। सूचना के अनुसार, यूपी निवासी एक युवक समालखा बस अड्डे के गेट के पास एक प्लास्टिक का कट्टा लेकर खड़ा था, जिसमें मादक पदार्थ होने की संभावना थी। पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर दबिश देकर युवक को काबू किया। 12 किलों गांजा बरामद पूछताछ में युवक ने अपनी पहचान भरत गुप्ता, निवासी शेरपुर, गाजीपुर, यूपी बताई। ड्यूटी मजिस्ट्रेट ईटीओ सतपाल सिंह की मौजूदगी में तलाशी ली गई, तो प्लास्टिक के कट्टे से 12 किलो गांजा बरामद हुआ। मध्य प्रदेश से खरीद कर लाया था प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी भरत गुप्ता ने बताया कि वह जल्दी पैसे कमाने के लिए मध्य प्रदेश से कम कीमत पर गांजा खरीदकर लाया था। वह अपने कमरे पर जाने के लिए बस अड्डे के बाहर वाहन का इंतजार कर रहा था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना समालखा में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। कोर्ट ने रिमांड पर भेजा मंगलवार को आरोपी भरत गुप्ता को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे चार दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से नशा सप्लायर के ठिकानों का पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार करने का प्रयास करेगी।
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देश पर जिले में 'ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे' विशेष अभियान मंगलवार को शुरू किया गया। जिला एवं सेशन न्यायाधीश संजीव मागो की अध्यक्षता में धौलपुर मुख्यालय सहित बाड़ी, राजाखेड़ा, बसेड़ी और सैंपऊ के विभिन्न स्कूलों में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्कूली छात्रों को उनके विधिक अधिकारों, कर्तव्यों और विशेष रूप से साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों के प्रति जागरूक करना है। जिले के विभिन्न न्यायिक अधिकारियों ने अलग-अलग स्कूलों में पहुंचकर विद्यार्थियों को सरल और प्रभावी ढंग से जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम में अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान डिजिटल युग में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। ऑनलाइन ठगी, फिशिंग, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग, फर्जी कॉल, लॉटरी स्कैम और साइबर बुलिंग जैसे अपराधों से बचाव के लिए सतर्कता आवश्यक है। विद्यार्थियों को अनजान लिंक पर क्लिक न करने और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करने की सलाह दी गई। न्यायिक अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी सार्वजनिक करने से बचना चाहिए और केवल परिचित लोगों से ही संपर्क रखना चाहिए। किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धमकी, ट्रोलिंग या अभद्र व्यवहार एक दंडनीय अपराध है, जिसकी सूचना तुरंत अभिभावकों या शिक्षकों को देनी चाहिए। इस दौरान सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 के प्रावधानों की भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराधों में दोषी पाए जाने पर सख्त सजा का प्रावधान है। बच्चों से संबंधित अश्लील सामग्री का निर्माण या प्रसारण एक गंभीर अपराध माना जाता है। शिविरों में विद्यार्थियों को प्रश्न पूछने का अवसर मिला और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। स्कूलों में कोर्ट वाली दीदी नामक सुझाव पेटिका भी स्थापित की गई है। अधिकारियों ने अपने संदेश में कहा, “डिजिटल युग में जागरूकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। थोड़ी सी सावधानी से बड़े नुकसान से बचा जा सकता है।”
उमरिया में एक सात साल की बाघिन का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। प्रारंभिक जांच में बाघिन की मौत बिजली के करंट लगने से होने की पुष्टि हुई है। शव सोमवार को मध्य प्रदेश राज्य वन विकास निगम के जंगल में पाया गया था। डॉग स्क्वाड से कराई गई क्षेत्र की तलाशी यह घटना मध्य प्रदेश राज्य वन विकास निगम के चंदिया परियोजना परिक्षेत्र के चंदवार बीट से लगे राजस्व क्षेत्र में हुई। शव मिलने के बाद डॉग स्क्वाड की मदद से इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। तलाशी के दौरान जंगल से बिजली के करंट के लिए लगाए गए तार और खूंटी बरामद हुई। इन साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट हो गया कि बाघिन की मृत्यु करंट लगने के कारण हुई है। बाघिन की उम्र लगभग सात वर्ष बताई गई है। करंट लगने से हुई बाघिन की मौत उमरिया परियोजना मंडल के संभागीय प्रबंधक अमित पटौदी ने इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि बाघिन की मौत करंट से हुई है और मौके से तार-खूंटी जब्त कर ली गई है। मामले में कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है। बाघिन के शव का मंगलवार को पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद नियमानुसार उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
शिवपुरी जिले के बैराड़ थाना क्षेत्र के धौरिया गांव में एक तालाब में डूबने से सात वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। परिजन उसे पहले बैराड़ के स्वास्थ्य केंद्र और बाद में मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार, मंगलवार दोपहर बाबू धाकड़ (7) पुत्र गजानंद धाकड़ अपने दो दोस्तों के साथ गांव के तालाब में नहाने गया था। नहाते समय वह अचानक गहरे पानी में चला गया और डूब गया। उसके साथ मौजूद बच्चों ने किसी तरह बाहर निकलकर ग्रामीणों को घटना की सूचना दी। अस्पताल पहुंचने से पहले मौतघटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बच्चे की तलाश शुरू की। कुछ देर बाद उसे पानी से बाहर निकाला गया। परिजन तुरंत उसे बैराड़ के स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। हालांकि, मेडिकल कॉलेज पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी। मेडिकल चौकी पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
बलिया में 8 अप्रैल को 1857 के महानायक अमर शहीद मंगल पाण्डेय का शहादत दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर बुधवार सुबह 9 बजे कदम चौराहा स्थित उनकी प्रतिमा पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित होगा। कार्यक्रम का आयोजन कामेश्वर चैरिटेबल ट्रस्ट कर रहा है। ट्रस्ट के सदस्य और पदाधिकारी शहीद मंगल पाण्डेय को माल्यार्पण कर नमन करेंगे। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए ट्रस्ट के संरक्षक अभिज्ञान तिवारी और सचिव संतोष तिवारी के नेतृत्व में व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। वहीं, स्मारक समिति कदम चौराहा के अध्यक्ष शशिकांत चतुर्वेदी, सचिव राजकुमार पाण्डेय और संयोजक सियाराम यादव गांव-गांव जाकर जनजागरूकता अभियान चला रहे हैं। इस आयोजन के तहत प्रभात फेरी, गार्ड ऑफ ऑनर, श्रद्धांजलि सभा और दोगोला चैता जैसे सांस्कृतिक व देशभक्ति कार्यक्रम शामिल हैं। युवाओं को मंगल पाण्डेय के जीवन और उनके बलिदान के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी, जिससे उनमें राष्ट्रभक्ति की भावना मजबूत हो। इस आयोजन को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल बना हुआ है।
जैसलमेर के रेवंत सिंह की ढाणी स्थित आर्मी कैंट में बीती देर रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब ड्यूटी पर तैनात जवानों का सामना एक विशालकाय और अत्यंत जहरीले कोबरा सांप से हो गया। अंधेरे में इस जीव को देखकर एक बारगी सुरक्षाकर्मियों के होश उड़ गए, लेकिन जवानों की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया। मौके पर पहुंचे स्नेक कैचर साहिल खान ने सावधानीपूर्वक कड़ी मशक्कत के बाद इस जहरीले कोबरा को काबू में किया। साहिल ने कोबरा प्रजाति के सांप को रेस्क्यू किया। सफल रेस्क्यू के बाद कोबरा को सुरक्षित तरीके से कैंट इलाके से दूर निर्जन जंगल में छोड़ दिया गया। फन फैलाए बैठा था सांप मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार रात सेना के मुख्य द्वार के पास एक जवान पहरा दे रहा था। इसी दौरान पास ही तैनात संतरी की नजर गेट के पास हलचल करते एक विशालकाय कोबरा पर पड़ी। सांप ने करीब 6 फीट की लंबाई के साथ अपना भारी-भरकम फन फैला रखा था और वह बेहद उग्र मुद्रा में था। संतरी ने बिना वक्त गंवाए तुरंत ड्यूटी पर तैनात जवान को अलर्ट किया, जिससे जवान समय रहते पीछे हट गया और उसकी जान बच गई। स्नैक कैचर ने किया रेस्क्यू जवान ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत अपने उच्च अधिकारियों को सूचित किया। सेना के अधिकारियों ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल स्थानीय स्नेक कैचर को मौके पर बुलाया। जब तक रेस्क्यू टीम पहुंची, जवान पूरी मुस्तैदी के साथ सांप की गतिविधियों पर नजर बनाए रहे ताकि वह रिहायशी बैरकों की तरफ न जा सके। सांप को सुरक्षित जंगल में छोड़ा मौके पर पहुंचे स्नेक कैचर ने सावधानीपूर्वक भारी मशक्कत के बाद इस जहरीले कोबरा को काबू में किया। रेस्क्यू के दौरान सांप का आक्रामक रूप देखकर वहां मौजूद लोग दंग रह गए। सफल रेस्क्यू के बाद कोबरा को सुरक्षित तरीके से कैंट इलाके से दूर निर्जन जंगल में छोड़ दिया गया। सेना के जवानों की इस सतर्कता और जीव रक्षा के प्रति उनके समर्पण की हर तरफ सराहना हो रही है।
बूंदी जिले के रायथल थाना क्षेत्र के बंबोरी गांव में भूमि विवाद को लेकर हुए झगड़े में घायल एक व्यक्ति की सोमवार रात मौत हो गई। यह घटना करीब 22 दिन पहले 16 मार्च को हुई थी। इस लाठी-भाटा जंग में 3 लोग घायल हुए थे, जिनमें से एक दुर्गालाल बैरवा ने दम तोड़ दिया। मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में प्रदर्शन किया। उन्होंने मांग की कि जब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक शव का पोस्टमॉर्टम नहीं करवाया जाएगा।पुलिस ने मृतक की पहचान दुर्गालाल बैरवा के रूप में की है। पुलिस का कहना है कि मौत की असली वजह जानने के लिए शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करवाया जाएगा। बेटा बोला- धारदार हथियार से हुआ था हमलामृतक के पुत्र सुनील बैरवा ने आरोप लगाया कि उनके पिता और ताऊ पर धारदार हथियार से हमला किया गया था। उनके पिता के सिर में गंभीर चोट आई थी, जिसके लिए 15 टांके लगे थे। सुनील के अनुसार, पुलिस ने इस गंभीर मामले को सामान्य बताकर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया, जिसके कारण उनके पिता की चोटों के चलते मौत हो गई। रायथल थाना प्रभारी हरलाल ने बताया कि इस मामले में 16 मार्च की रात को ही एफआईआर दर्ज कर ली गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि दुर्गालाल की मौत सिर की चोट से हुई है या किसी अन्य कारण से, यह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा। डीएसपी अशोक जोशी ने बताया कि बंबोरी गांव में बैरवा समाज का एक मंदिर है, जिसके पास एक खाली भूखंड है। मृतक दुर्गालाल बैरवा का मकान भी इसी भूखंड के पास है।जांच में सामने आया है कि दुर्गालाल और दूसरे पक्ष के लोगों के बीच इस खाली भूखंड को लेकर विवाद चल रहा था। कुछ लोग इस भूखंड से मंदिर की सीढ़ियां बनवाना चाहते थे, इसी बात पर 16 मार्च की रात दोनों पक्षों में झगड़ा हुआ था।
गोड्डा पुलिस ने 3 अप्रैल को हुई 4.5 लाख रुपये की लूट का खुलासा कर दिया है। इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और लूटी गई राशि का एक बड़ा हिस्सा बरामद कर लिया गया है। यह घटना गोड्डा जिले के पथरगामा थाना क्षेत्र स्थित गांधीग्राम महुआसोल के पास राष्ट्रीय राजमार्ग NH 133 पर हुई थी। पीड़ित कमल किशोर सिंह पथरगामा से गोड्डा जा रहे थे। इसी दौरान दो मोटरसाइकिलों पर सवार पांच अज्ञात बदमाशों ने उन्हें हथियार दिखाकर व्यापारिक कलेक्शन के 4.5 लाख रुपए लूट लिए थे। कमल किशोर सिंह किराना दुकानों को सामान सप्लाई करते हैं और दुकानों से पैसे इकट्ठा कर घर लौट रहे थे। कमल किशोर सिंह की लिखित शिकायत पर पथरगामा थाने में मामला दर्ज किया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए, गोड्डा पुलिस अधीक्षक ने आरोपियों की गिरफ्तारी और लूटे गए पैसे की बरामदगी के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। गठित SIT ने भौतिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान युगल यादव (23), कृष्णा यादव (34), संजीव कुमार यादव (24), ब्रह्मदेव तांती उर्फ इष्णु कुमार तांती (22) और सूरज कुमार भगत (34) के रूप में हुई है। ये सभी पथरगामा थाना क्षेत्र, जिला गोड्डा के निवासी हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से लूटे गए 4 लाख 6 हजार 700 रुपए, एक देशी कट्टा, एक गोली और एक मोटरसाइकिल जब्त की है। पूरे मामले पर गोड्डा पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार ने बताया कि जांच में सामने आया कि आरोपी सूरज कुमार भगत, जो एक दुकानदार है, कमल किशोर सिंह से सामान लेता था। उसने ही कमल किशोर सिंह के पास बड़ी रकम होने की सूचना अन्य आरोपियों को दी थी। इसी की सूचना पर ये पांच व्यक्ति आए और पैसा लूट लिए। इस अपराध में कुल 6 लोग शामिल थे। इसमें एक की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। जबकि सूचना देने वाले दुकानदार सहित कुल 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।
राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में दशहरा मैदान के पास स्थित जमीन पर फेंसिंग कर कब्जे की कोशिश का मामला सामने आया है। यहां रातों-रात सीमेंट के खंभे गाड़कर तार फेंसिंग कर दी गई। आरोप है कि आसपास स्थित जमीनों को सांठगांठ कर तरमीम के जरिए यहां लाकर हाइवे किनारे जमीन पर कब्जे का खेल लंबे समय से चल रहा है। इधर भाजपा नेता विजय शर्मा ‘बंटी’ ने इसे “लैंड जिहाद” बताते हुए एसडीएम अंकिता जैन से फोन पर शिकायत की, जबकि प्रशासन मामले में जांच करने की बात कह रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह वही जगह है जहां दशहरा पर्व के दौरान बड़ी संख्या में आने वाले लोग अपने वाहनों की पार्किंग करते हैं। अचानक हुई फेंसिंग से क्षेत्र में चर्चा का माहौल बन गया। तरमीम के जरिए जमीन स्थानांतरण का आरोपजानकारी के अनुसार, खिलचीपुर बायपास बनने के बाद आसपास की पहाड़ी और पथरीली सपाट जमीन हाईवे किनारे आ गई। आरोप है कि बटांकन में बची जमीन को लेकर भूमाफियाओं ने करकरा गांव की पट्टे की जमीन खरीदकर उसे तरमीम के जरिए हाईवे किनारे स्थानांतरित करा लिया। यह खेल वर्ष 2016 के बाद से लगातार चलने की बात सामने आ रही है। भाजपा नेता विजय शर्मा ‘बंटी’ ने एसडीएम अंकिता जैन से फोन पर दशहरा मैदान के समीप जमीन पर हुई तार फेंसिंग को लेकर चर्चा करते हुए कहा कि खिलचीपुर में लैंड जिहाद चल रहा है। सुनिए दोनों के बीच हुई बातचीत विजय शर्मा ‘बंटी’ (भाजपा नेता)- एसडीएम अंकिता जैन को फोन लगाकर कहा, “मैडम नमस्ते, एक रिक्वेस्ट है। खिलचीपुर के समस्त सनातनी लोगों की तरफ से कहना है कि यहां पूरी तरह से लैंड जिहाद चालू हो गया है। लैंड जिहाद से मेरा तात्पर्य है कि दशहरा मैदान के पास तार फेंसिंग कर दी गई है।” एसडीएम अंकिता जैन- “मैंने अभी उसे रुकवा दिया है। सीएमओ और तहसीलदार मौके पर गए थे, दोनों अभी वहीं से लौटकर आए हैं।” भाजपा नेता- “मैडम, उनके तार जब्त करवाइए। यह लोग सनातनियों की जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। आप भी यह बात समझ रही हैं। मेरी आपसे प्रार्थना है, सभी पार्षद इस विषय में बहुत नाराज हैं। वे सब आपके सामने आकर बैठ जाएंगे।” एसडीएम- “जमीन का विक्रय किसने किया है?” भाजपा नेता- “यह हमें थोड़ी पता है। हमारी तो बस यही प्रार्थना है कि आप इसे रुकवाइए।” एसडीएम- “अभी तहसीलदार और सीएमओ वहीं से आए हैं।” भाजपा नेता- “ठीक है, मैं पूछ लेता हूं। लेकिन मेरी प्रार्थना है कि यह रुक जाए और आपकी सख्ती का संदेश खिलचीपुर में जाए।” एसडीएम बोलीं- शिकायत से पहले ही टीम भेजी थीदैनिक भास्कर से चर्चा में एसडीएम अंकिता जैन ने बताया कि प्रशासन को जानकारी मिलते ही तहसीलदार और सीएमओ को मौके पर भेजा गया था। टीम ने वहां चल रहे निर्माण कार्य को तुरंत रुकवा दिया। जमीन पर खंभे और तार फेंसिंग लगाए गए हैं, लेकिन किसी भी प्रकार का आगे निर्माण नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस सर्वे नंबर से जुड़ा मामला हाईकोर्ट में भी विचाराधीन होने की जानकारी मिली है। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है।
वीकली ट्रेन को सासंद ने दिखाई रही झंडी:धनबाद-मुंबई एक्सप्रेस अब हर मंगलवार सिंगरौली से चलेगी
सिंगरौली से मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस के बीच साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेन (नंबर 13379) की शुरुआत हो गई है। इस नई ट्रेन को सिंगरौली स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस मौके पर सांसद डॉ. राजेश मिश्रा और भाजपा जिलाध्यक्ष के साथ कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। यह एक्सप्रेस ट्रेन अब हर मंगलवार को सिंगरौली से मुंबई के लिए रवाना होगी। यात्रियों के आराम का ध्यान रखते हुए इसमें कुल 21 कोच लगाए गए हैं, जिनमें 10 एसी कोच और 4 जनरल कोच शामिल हैं। लंबी दूरी के सफर को देखते हुए यह एक बड़ी सुविधा है। 4 राज्यों के यात्रियों को मिलेगा फायदा यह ट्रेन करीब 1860 किलोमीटर का लंबा सफर तय करेगी। इससे मध्य प्रदेश के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और बिहार के कई जिलों को मुंबई के लिए सीधी ट्रेन मिल गई है। पहले सिंगरौली के लोगों को मुंबई जाने के लिए बार-बार ट्रेनें बदलनी पड़ती थीं, जिससे काफी परेशानी होती थी, लेकिन अब यह सफर सीधा और आसान हो गया है। सीधी ट्रेन शुरू होने से न सिर्फ लोगों का आना-जाना आसान होगा, बल्कि इससे व्यापार, पढ़ाई और रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे।
रेलवे प्रशासन ने ग्रीष्मकाल में यात्रियों की सुविधा के लिए वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी और आसनसोल के बीच विशेष ट्रेन चलाने की घोषणा की है। गाड़ी संख्या 04185/04186 वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-आसनसोल-वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी वाया बनारस और गाजीपुर सिटी मार्ग पर कुल 24 फेरों के लिए संचालित की जाएगी। यह सेवा 8 अप्रैल से 29 जून, 2026 तक उपलब्ध रहेगी। गाड़ी संख्या 04185 वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-आसनसोल ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेन 8 अप्रैल से 28 जून, 2026 तक प्रत्येक बुधवार और रविवार को चलेगी। यह वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी से सुबह 09:20 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन दोपहर 02:30 बजे आसनसोल पहुंचेगी। मार्ग में यह उरई, पोखरायां, विन्दपुरी, फतेहपुर, प्रयागराज जंक्शन, ज्ञानपुर रोड, बनारस, वाराणसी कैंट, औड़िहार, गाजीपुर सिटी, बलिया, सुरेमनपुर, छपरा, हाजीपुर, शाहपुर पटोरी, बरौनी, किऊल जंक्शन, झाझा, जसीडीह, मधुपुर और चितरंजन स्टेशनों पर रुकेगी। वापसी में, गाड़ी संख्या 04186 आसनसोल-वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेन 9 अप्रैल से 29 जून, 2026 तक प्रत्येक गुरुवार और सोमवार को संचालित होगी। यह आसनसोल से शाम 05:10 बजे रवाना होकर अगले दिन शाम 07:10 बजे वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी पहुंचेगी। इसके ठहराव चितरंजन, मधुपुर, जसीडीह, झाझा, किऊल जंक्शन, बरौनी, शाहपुर पटोरी, हाजीपुर, छपरा, सुरेमनपुर, बलिया, गाजीपुर सिटी, औड़िहार, वाराणसी कैंट, बनारस, ज्ञानपुर रोड, प्रयागराज जंक्शन, फतेहपुर, गोविन्दपुरी, पोखरायां और उरई में होंगे। इस विशेष ट्रेन में कुल 21 कोच होंगे, जिनमें वातानुकूलित तृतीय श्रेणी के 02 कोच, शयनयान श्रेणी के 06 कोच, साधारण द्वितीय श्रेणी/द्वितीय श्रेणी कुर्सीयान के 11 कोच और एस.एल.आर.डी. के 02 कोच शामिल हैं।
झांसी में 3 दिन में दूसरी बार मौसम बिगड़ गया। मंगलवार दोपहर लगभग 3:30 बजे अचानक धूलभरी आंधी चलने लगी और आसमान में काले बादल छा गए। दिन में ही हल्का अंधेरा छा गया और बारिश होने लगी। लगभग 15 मिनट तक बारिश होने से मौसम सुहावना हो गया। मौसम विभाग का कहना है कि मंगलवार को नया पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव हुआ है। इस वजह से 8 और 9 अप्रैल को आंधी, बारिश और ओलावृष्टि हो सकती है। इससे पहले 4 अप्रैल को बारिश और ओलावृष्टि हुई थी। दो तस्वीर 5 मिनट तक तेज हवाएं चली अप्रैल महीने की शुरूआत गर्मी से हुई थी। यहां का तापमान 39 डिग्री के पार पहुंच गया था। दिन में तेज धूप लोगों को परेशान करने लगी थी। 4 अप्रैल को मौसम ने करवट ली और दोपहर में तेज बारिश हुई। महानगर समेत मोठ और समथर क्षेत्र के कई गांवों में ओलावृष्टि हुई थी। इसके बाद मौसम साफ हो गया था। मंगलवार सुबह से तेज धूप खिली थी। दोपहर लगभग 3:30 बजे 30 से 40 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलने लगी। धूलभरी आंधी चलने से जीवन अस्त व्यस्त हो गया। थोड़ी देर बाद ही बारिश होने लगी और दिन में ही अंधेरा छा गया। लगभग 15 मिनट तक बारिश होने से मौसम सुहावना हो गया। सामान्य से 3 डिग्री कम है तापमान मौसम खराब होने से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। सोमवार को अधिकतम तापमान 35.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।। जो सामान्य से 3.1 डिग्री कम है। वहीं, आज का तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। भरारी कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक आदित्य कुमार सिंह ने बताया कि 7 अप्रैल को नया पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव हुआ है। इससे आंधी चलने के साथ बारिश हो रही है। 8 और 9 अप्रैल को आंधी, तूफान, बिजली और ओलावृष्टि होने की संभावना है।
हाथरस में मंगलवार दोपहर मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। तेज आंधी के साथ करीब आधे घंटे तक रिमझिम बारिश हुई, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। लगभग 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली आंधी के कारण कई स्थानों पर पेड़ टूटकर गिर गए और विद्युत तार टूट गए। होर्डिंग्स उखड़ गए। शहर के कुछ हिस्सों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई। आंधी के कारण मुरसान-सादाबाद रोड पर कई जगह पेड़ गिरने से यातायात बाधित हो गया। दोपहर करीब 3 बजे मुरसान रोड पर धनौली के पास एक बड़ा पेड़ गिरने से लंबा जाम लग गया। स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर पेड़ को काटकर और ट्रैक्टर की मदद से हटाकर रास्ता साफ किया, जिसके बाद यातायात सुचारु हो सका। सादाबाद से मुरसान तक एक दर्जन से अधिक पेड़ सड़क पर गिरे। सलेमपुर गांव में भी आंधी का असर देखा गया। यहां सुल्तान सिंह के पुत्र जयपाल सिंह की हार्डवेयर की दुकान पर एक विशाल पीपल का पेड़ गिर गया, जिससे दुकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इस आंधी और बारिश से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। पहले से ही ओलावृष्टि और बारिश से गेहूं की फसल को क्षति पहुंची थी, और अब आज की बारिश व अंधड़ ने उनकी चिंताएं और बढ़ा दी हैं। मौसम में भी बदलाव आया, कल का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 21 डिग्री सेल्सियस था, जबकि आज अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
पांच राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनाव के बाद चुनाव आयोग देशभर में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तीसरे और अंतिम फेज को लागू करने की तैयारी में है। इसमें दिल्ली सहित 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कवर किया जाएगा। चुनाव आयोग के अधिकारियों के मुताबिक, 29 अप्रैल को मतदान खत्म होने के बाद या नतीजों की घोषणा के बाद SIR की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। इस महीने केरल, असम, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। इन राज्यों में मतदान 29 अप्रैल तक पूरा होगा, जबकि रिजल्ट 4 मई को आएंगे। दरअसल, चुनाव आयोग ने 24 जून 2025 को पूरे देश में SIR कराने का आदेश दिया था। 19 फरवरी 2026 को आयोग ने तीसरे चरण की तैयारियां जल्द पूरी करने के निर्देश दिए थे। अब तक 60 करोड़ वोटर कवर, 39 करोड़ बाकी अब तक 10 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश कवर हो चुके हैं। SIR के पहले फेज में बिहार में SIR कराया गया था। दूसरे चरण में 28 अक्टूबर 2025 से 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह प्रक्रिया शुरू हुई। इनमें उत्तर प्रदेश को छोड़कर बाकी 12 राज्यों में फाइल वोटर लिस्ट जारी हो चुकी है, जबकि यूपी में प्रक्रिया जारी है। देश के करीब 99 करोड़ मतदाताओं में से 60 करोड़ को इस अभियान में शामिल किया जा चुका है। अब बाकी 39 करोड़ मतदाताओं को 17 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों में कवर किया जाएगा। SIR की प्रोसेस को 6 सवाल-जवाब में जानें 1. SIR क्या है? यह चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है। इसमें घर-घर जाकर लोगों से फॉर्म भरवाकर वोटर लिस्ट अपडेट की जाती है। 18 साल से ज्यादा के नए वोटरों को जोड़ा जाता है। ऐसे लोग जिनकी मौत हो चुकी है या जो दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं, उनके नाम हटाए जाते हैं। नाम, पते में गलतियों को भी ठीक किया जाता है। 2. पहले किस राज्य में हुआ? पहले फेज में बिहार में हुआ। फाइनल लिस्ट में 7.42 करोड़ वोटर्स हैं। दूसरे फेज के तहत उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप में SIR की घोषणा हुई। 3. कौन करता है? ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) और बूथ लेवल एजेंट (BLA) घर-घर जाकर वोटरों का वेरिफिकेशन करते हैं। 4. SIR में वोटर को क्या करना होगा? SIR के दौरान BLO/BLA वोटर को फॉर्म देंगे। वोटर को उन्हें जानकारी मैच करवानी है। अगर दो जगह वोटर लिस्ट में नाम है तो उसे एक जगह से कटवाना होगा। अगर नाम वोटर लिस्ट में नहीं है तो जुड़वाने के लिए फॉर्म भरना होगा और संबंधित डॉक्यूमेंट्स देने होंगे। 5. SIR के लिए कौन से दस्तावेज मान्य? पेंशनर पहचान पत्र किसी सरकारी विभाग द्वारा जारी पहचान पत्र जन्म प्रमाणपत्र पासपोर्ट 10वीं की मार्कशीट स्थायी निवास प्रमाणपत्र वन अधिकार प्रमाणपत्र जाति प्रमाणपत्र राष्ट्रीय रजिस्टर (NRC) में नाम परिवार रजिस्टर में नाम जमीन या मकान आवंटन पत्र आधार कार्ड 6. SIR का मकसद क्या है? 1951 से लेकर 2004 तक का SIR हो गया है, लेकिन पिछले 21 साल से बाकी है। इस लंबे दौर में मतदाता सूची में कई परिवर्तन जरूरी हैं। जैसे लोगों का माइग्रेशन, दो जगह वोटर लिस्ट में नाम होना। डेथ के बाद भी नाम रहना। विदेशी नागरिकों का नाम सूची में आ जाने पर हटाना। कोई भी योग्य वोटर लिस्ट में न छूटे और कोई भी अयोग्य मतदाता सूची में शामिल न हो। ------------- ये खबर भी पढ़ें… बंगाल SIR- 60 लाख में 47 लाख आपत्तियां निपटीं:SC बोला- 7 अप्रैल तक सबका निपटारा होगा; ट्रिब्यूनल गलत तरीके से जोड़े-हटाए नामों को सुधारेंगे पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद 60 लाख आपत्तियों में से लगभग 47 लाख आपत्तियों का निपटारा 31 मार्च तक कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने बुधबार को बताया कि उन्हें यह जानकारी 31 मार्च को हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने लेटर से दी। पूरी खबर पढ़ें…
खंडवा पुलिस ने एक शख्स को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया है, जो कि कुल्फी बेचने का काम करता है। शहर के मुख्य बाजार में ठेला लगाकर कुल्फी बेचता है। उसके कब्जे से दो पिस्टल बरामद की गई है। जिसे कि उसने अपनी कमर में छिपाकर रखा था। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने खरगोन के सिकलीगर से पिस्टल खरीदना बताया है। सिटी एसपी अभिनव बारंगे ने बताया कि, शहर में अवैध हथियारों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत कोतवाली पुलिस ने एक युवक को दो देशी पिस्टलों के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी ‘गोलू उर्फ होजेफा’ शहर में हथियार लेकर घूम रहा था, जिसे पुलिस ने घेराबंदी कर दबोच लिया। बताया कि, 6 अप्रैल को सब इंस्पेक्टर रामप्रकाश यादव अपनी टीम के साथ गश्त पर थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि गुलमोहर कॉलोनी निवासी ‘गोलू तेली’ कब्रिस्तान रोड क्षेत्र में अवैध पिस्टल लेकर घूम रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर हरिश्चंद्र मुक्तिधाम रोड पर आरोपी को पकड़ लिया। तलाशी में मिलीं दो पिस्टल पकड़े गए युवक ने अपना नाम होजेफा उर्फ गोलू तेली (32) पिता अलीमउद्दीन बताया। तलाशी के दौरान उसकी कमर में बेल्ट के अंदर छिपाकर रखी गई दो देशी पिस्टल बरामद हुईं। दोनों पिस्टलों में मैगजीन भी लगी हुई थी। आरोपी के पास हथियार रखने के कोई वैध दस्तावेज नहीं मिले। वह एक पिस्टल बेचकर दूसरी पिस्टल दादागिरी के लिए अपनी पास रखना चाहता था। खरगोन से खरीदी थीं पिस्टल प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने खरगोन जिले के ग्राम सिगनुर से दो अलग-अलग व्यक्तियों से ये देशी पिस्टल खरीदी थीं। पुलिस ने हथियार जब्त कर आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी के खिलाफ पहले भी साल 2023 में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज हो चुका है।
बांसी, सिद्धार्थनगर। नगर पालिका बांसी के वार्ड पटेल नगर स्थित डहर ताल में मंगलवार सुबह करीब 11 बजे डूबने से एक 35 वर्षीय युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान प्रतापपुर मुहल्ले के निवासी विष्णु प्रसाद पुत्र राम आसरे के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह लगभग 11 बजे स्थानीय लोगों ने डहर ताल में एक व्यक्ति को डूबा हुआ देखा। उन्होंने तत्काल शोर मचाया और घटना की सूचना कोतवाली बांसी को दी। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने नाव की मदद से शव को ताल से बाहर निकाला। मृतक की पत्नी रिंका देवी ने पुलिस को लिखित सूचना दी है कि उनके पति की मौत डूबने से हुई है। कोतवाली प्रभारी मृत्युंजय पाठक ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने आगे कहा कि प्रथम दृष्टया यह डूबने से हुई मौत का मामला प्रतीत होता है।
बस्तीl इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के चेयरमैन डॉ. प्रमोद कुमार चौधरी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने निजी और पेशेवर व्यस्तताओं को अपने इस्तीफे का कारण बताया है। डॉ. चौधरी ने अपना त्याग पत्र जिलाधिकारी को सौंपा है। पत्र में उन्होंने कहा कि इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के मानवीय कार्यों और उद्देश्यों में योगदान देना उनके लिए खुशी और सम्मान की बात रही है। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान सभी सदस्यों से मिले सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। डॉ. चौधरी ने जिलाधिकारी से आग्रह किया है कि उनके इस्तीफे को स्वीकार कर पद पर बदलाव के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पद पर न रहते हुए भी, रेड क्रॉस सोसाइटी के एक सदस्य के रूप में उनका सहयोग हमेशा बना रहेगा।
जेपीआईईटी, जेपी पॉलिटेक्निक को मिले नए निदेशक:डॉ. गोस्वामी और डॉ. चौधरी ने संभाला पदभार
जेपी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, मवाना रोड ने 7 अप्रैल को संस्थान के शैक्षणिक और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण के लिए नए निदेशकों की नियुक्ति की घोषणा की। डॉ. सुदर्शन गोस्वामी को जेपी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (JPIET) और डॉ. अमित कुमार चौधरी को जेपी पॉलिटेक्निक का निदेशक नियुक्त किया गया है। डॉ. सुदर्शन गोस्वामी अब जेपी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (JPIET), मवाना रोड के निदेशक का पद संभालेंगे। वहीं, डॉ. अमित कुमार चौधरी को जेपी पॉलिटेक्निक, मवाना रोड का निदेशक नियुक्त किया गया है। दोनों नव-नियुक्त निदेशकों के पास अपने-अपने क्षेत्र में व्यापक अनुभव और उत्कृष्ट शैक्षणिक पृष्ठभूमि है, जिससे संस्थान को नई दिशा और गति मिलने की अपेक्षा है। इस अवसर पर संस्थान परिसर में वैदिक परंपरा के अनुसार हवन एवं पूजन का आयोजन किया गया। इसमें समस्त स्टाफ और प्रबंधन के सदस्यों ने भाग लिया और नव-नियुक्त निदेशकों के सफल कार्यकाल की कामना की। संस्थान के सीईओ डॉ. विशाल अग्रवाल और श्री अनुराग अग्रवाल ने नव-नियुक्त निदेशकों को बधाई दी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दोनों निदेशक अपनी कार्यकुशलता, नेतृत्व क्षमता और अनुभव के बल पर संस्थान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। संस्थान परिवार ने उनके उज्ज्वल भविष्य और संस्थान की निरंतर प्रगति की कामना की।
अस्पताल कर्मचारी की मौत मामले में सरपंच गिरफ्तार:कोरबा पुलिस ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजा
कोरबा पुलिस ने अस्पताल कर्मचारी की मौत के मामले में एक सरपंच को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर कर्मचारी के साथ मारपीट करने का आरोप है, जिसके बाद कर्मचारी की मृत्यु हो गई थी। पुलिस ने मंगलवार को यह कार्रवाई की। यह घटना 30 मार्च को जिला मेडिकल अस्पताल के पोस्टमार्टम कक्ष में हुई थी। ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी जी. बाल कृष्ण चनाइया (61) के साथ आरोपी सरपंच जयवीर सिंह तंवर उर्फ राजेश को शासकीय कार्य में बाधा डालते हुए गाली-गलौज और मारपीट की। आरोपी ने चनाइया का कॉलर पकड़कर उन्हें दीवार पर पटक दिया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोटें आईं। पुलिस के आश्वासन के बाद हुआ पोस्टमार्टम घायल पीड़ित को तत्काल जिला मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान 6 अप्रैल को उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद अस्पताल कर्मचारियों ने सोमवार को विरोध प्रदर्शन किया। पोस्टमार्टम कक्ष के कर्मचारियों ने आरोपी की गिरफ्तारी की मांग करते हुए पोस्टमार्टम करने से इनकार कर दिया और कक्ष में ताला लगा दिया। पुलिस के आश्वासन के बाद ही शव का पोस्टमार्टम कराया जा सका। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और मंगलवार को आरोपी जयवीर सिंह तंवर उर्फ राजेश को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पटेलपारा, ग्राम बेंदरकोना का निवासी है। उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
खैरथल-तिजारा जिले के मुंडावर क्षेत्र के ग्राम सिहाली खुर्द में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कृषि पर्यवेक्षक रामस्वरूप को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी पर फव्वारा पाइपलाइन अनुदान की फाइल स्वीकृत कराने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है। एसीबी चौकी भिवाड़ी को इस मामले में एक शिकायत प्राप्त हुई थी। परिवादी ने अपने और परिवार के सदस्यों के लिए फव्वारा पाइपलाइन अनुदान के लिए राजस्थान किसान पोर्टल पर आवेदन किया था। आरोप है कि संबंधित दस्तावेजों को स्वीकृत कराने के लिए कृषि पर्यवेक्षक रामस्वरूप ने पहले फोन-पे के माध्यम से 2,000 रुपये लिए थे और इसके बाद 2,500 रुपये की अतिरिक्त रिश्वत की मांग कर रहा था। ट्रैप कार्रवाई में रंगे हाथों पकड़ा गया आरोपी शिकायत के सत्यापन के दौरान आरोपी ने 6 अप्रैल को 500 रुपये की रिश्वत ली थी। इसके बाद 7 अप्रैल 2026 को एसीबी टीम ने ट्रैप कार्रवाई करते हुए आरोपी को शेष 1,000 रुपये की रिश्वत लेते समय रंगे हाथों पकड़ लिया। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज यह कार्रवाई एसीबी के उप महानिरीक्षक अनिल कयाल के सुपरविजन में और उप अधीक्षक परमेश्वर लाल के नेतृत्व में की गई। एसीबी ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है और पूरे मामले की जांच जारी है।
नाबालिग से रेप के आरोपी को 20 साल जेल:अकेला देख घर में घुस गया था दोषी, जान से मारने की धमकी दी थी
अजमेर की पोक्सो कोर्ट संख्या 2 ने 14 साल की नाबालिग से रेप के मामले में आरोपी को 20 साल की जेल की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर आरोपी को 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। विशिष्ठ लोक अभियोजक संजय तिवारी ने बताया पीड़िता और उसकी मां ने 25 फरवरी 2025 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया था कि पीड़िता घर पर अकेली थी। तभी आरोपी घर में घुस आया। उसे डरा-धमकाकर गलत काम किया। साथ ही किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। मामले में पुलिस ने जांच के बाद 25 मई 2025 को चालान पेश किया। जांच के दौरान आरोपी के खिलाफ पोक्सो एक्ट की धारा 3/4(2) में मामला दर्ज कर कोर्ट में ट्रायल शुरू हुआ। 13 गवाह पेश हुए अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 13 गवाहों के बयान और 27 दस्तावेज पेश किए गए। इनके आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
ललितपुर में बाबा सदन शाह की दरगाह पर 31 मार्च से 4 अप्रैल तक आयोजित उर्स मेला समाप्त हो चुका है। हालांकि, मेले के लिए लगाई गईं 100 से अधिक दुकानें अभी भी सदनशाह चौराहे पर सजी हुई हैं। इन दुकानों के कारण आम लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। 6 अप्रैल को इन दुकानों की बिजली आपूर्ति काट दी गई थी। मंगलवार को नायब तहसीलदार के नेतृत्व में नगर पालिका परिषद की टीम ने माइक से घोषणा कराकर दुकानदारों को दुकानें हटाने का अंतिम अल्टीमेटम दिया। दुकानें अभी भी सजी होने के कारण देर शाम तक खरीदारी के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है। इससे किसी अप्रिय घटना की आशंका बनी हुई है। ये दुकानें मुख्य रूप से मेडिकल कॉलेज के सामने मुख्य सड़क पर, सदनशाह चौराहे से तहसील मार्ग पर सदनशाह मजार के मुख्य गेट के सामने तक लगी हुई हैं। इसके अतिरिक्त, गिन्नौट बाग मैदान और सदनशाह बाबा दरगाह परिसर में भी दुकानें मौजूद हैं।
पलवल जिले के नंगलिया गांव में आपसी रंजिश के चलते एक परिवार पर हमला किया गया है। आरोप है कि 10 से 15 हमलावरों ने घर में घुसकर लाठी, फावड़ा और तलवारों से हमला कर परिवार के बुजुर्ग सहित अन्य सदस्यों को गंभीर रूप से घायल कर दिया। इस मामले में चांदहट थाना पुलिस ने 15 नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। चांदहट थाना प्रभारी कृष्ण गोपाल के अनुसार, नंगलिया गांव निवासी बीरम सिंह ने पुलिस को शिकायत दी है। बीरम सिंह ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ घर पर मौजूद थे। इसी दौरान गांव के ताराचंद, कृष्ण, मोहन, भमरी, रमेश, राजन, कल्लू, चिरंजी, सुनील, अनिल, देवेंद्र और संदीप सहित 10-15 लोग अवैध हथियारों, लाठी-डंडों और फावड़े से लैस होकर उनके घर में घुस आए। बुजुर्ग के सिर पर फावड़े से किया वार आरोप है कि हमलावरों ने बीरम की चाची रूपवती, देवदत्त और पिता हरफुल पर हमला किया। इस हमले में बीरम के पिता हरफूल के सिर पर फावड़े से वार किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। परिवार के एक अन्य सदस्य देवेंद्र की आंख पर भी नुकीली चीज से हमला किया गया है। घटना की सूचना मिलते ही बागपुर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा। आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही पुलिस पुलिस जांच अधिकारी हवलदार सुरेंद्र सिंह ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ चांदहट थाना में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एक टीम गठित की गई है, जो उनकी तलाश में दबिश दे रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
मऊ में पंचायत चुनाव जल्द कराने की मांग:सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपकर मंत्री से की अपील
मऊ जिला कलेक्ट्रेट में दर्जनों नेताओं ने पंचायती चुनाव जल्द कराने की मांग की है। उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से पंचायती राज मंत्री को एक ज्ञापन भेजा, जिसमें चुनाव की तारीखें शीघ्र घोषित करने का आग्रह किया गया है। नेताओं में शामिल धर्मेंद्र यादव ने बताया कि पंचायत चुनाव में लगातार हो रही देरी से सभी प्रत्याशियों को आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। चुनाव की तैयारी में जुटे उम्मीदवारों का खर्च लगातार बढ़ रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है। यह भी कहा कि चुनाव की अनिश्चितता के कारण जनसंपर्क अभियान और अन्य चुनावी गतिविधियों में भी कठिनाई आ रही है। प्रत्याशियों ने मंत्री से जल्द से जल्द पंचायत चुनाव की तारीखें घोषित करने की अपील की है, ताकि उन्हें राहत मिल सके और लोकतांत्रिक प्रक्रिया समय पर पूरी हो। इस मामले को लेकर क्षेत्र के अन्य प्रत्याशियों में भी नाराजगी देखी जा रही है। वे सरकार से इस मांग पर शीघ्र निर्णय लेने और पंचायत चुनाव की तारीखों का ऐलान करने की उम्मीद कर रहे हैं।
यमुनानगर के बराड़ा क्षेत्र में आज रेलवे पुलिस ने भारतीय किसान यूनियन के नेताओं के घर की दीवार पर नोटिस चस्पा कर दिया। यह कार्रवाई 22 फरवरी 2024 को मुस्तफाबाद रेलवे स्टेशन पर हुए धरना-प्रदर्शन से जुड़े मामले में की गई है, जिसमें किसानों ने ट्रैक पर बैठकर धरना प्रदर्शन किया था। रेलवे ने इस केस में नोटिस जारी कर किसान नेताओं को पेश होकर गवाही देने व अन्य आरोपियों की पहचान करने बारे कहा है। साथ में चेतावनी थी दी है कि यदि वे पेश नहीं होते तो 10 अप्रैल सुबह 10 बजे तक बराडा स्टेशन पर पेश नहीं होते तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। रेलवे द्वारा जारी नोटिस में लिखा है कि- 22 फरवरी 2024 को आपके द्वारा अपने अन्य साथियों के साथ मुस्तफाबाद स्टेशन पर ट्रेन के ठहराव को लेकर रेलवे ट्रैक पर बैठकर धरना प्रदर्शन कर रेल आवागमन बाधित किया गया था, जिसमें रेलवे एक्ट के तहत 24 फरवरी को केस दर्ज किया गया था। इस केस में गवाही देने व अन्य व्यक्तियों की पहचान करने के लिए बराड़ा रेलवे स्टेशन पर 10 अप्रैल तक पेश होना होगा। जिलाध्यक्ष ने नोटिस को फाड़कर दी चेतावनी जिलाध्यक्ष संजू गुन्दियाना ने बताया कि उनके पांच किसानों के घर पर ये नोटिस चस्पाए गए हैं। अपने घर के बाहर चस्पे इस नोटिस को फाडते हुए संजू ने कहा कि अधिकारियों ने वादाखिलाफी करके उनके खिलाफ केस दर्ज कर दिए। चेतावनी देते हुए कहा कि यदि यह केस रद्द नहीं हुए तो भाकियू फिर से रेलवे ट्रैक जाम करेगी। संजू ने बताया कि कोरोना काल (2019-20) के दौरान लॉकडाउन लगने से पैसेंजर ट्रेनें बंद कर दी गई थीं, जिससे ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हो गई थी। बड़ी संख्या में लोग रोजगार, मजदूरी और पढ़ाई के लिए ट्रेन पर निर्भर थे। लेकिन कोरोना के बाद हालात सामान्य होने के बावजूद भी रेलवे द्वारा पैसेंजर ट्रेनों का संचालन बहाल नहीं किया गया। अधिकारियों ने कार्रवाई न करने का दिया था आश्वासन संजू ने बताया कि ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर लगातार एक साल तक अधिकारियों के चक्कर लगाए। डीआरएम, उत्तर रेलवे अंबाला से लेकर हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और कुरुक्षेत्र से सांसद नायब सैनी को भी मांग पत्र सौंपे गए, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इसके बाद मजबूर होकर 22 फरवरी 2024 को ग्रामीणों ने मुस्तफाबाद रेलवे स्टेशन पर ट्रैक पर बैठकर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया। उस दौरान रेलवे विभाग के एआरएम हनुमान प्रसाद मौके पर पहुंचे और दो दिन के भीतर ट्रेनों के ठहराव बहाल करने तथा किसी भी ग्रामीण पर कार्रवाई न करने का आश्वासन दिया था। इसी आश्वासन के बाद धरना समाप्त कर दिया गया। केस रद्द न करने पर फिर से ट्रैक जाम करने की चेतावनी हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारियों ने वादा खिलाफी की और दो दिन बार पुलिस ने उसी मामले में मुकदमा दर्ज कर दिया। इस मुकदमे में दो साल बाद आज मंगलवार को नोटिस जारी कर दिए हैं। किसान यूनियन ने इस कार्रवाई पर कड़ी नाराजगी जताते हुए चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने ग्रामीणों को परेशान करना बंद नहीं किया, तो वे दोबारा रेलवे ट्रैक जाम करने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि कार्रवाई करनी है तो वादा खिलाफी करने वाले अधिकारियों पर की जाए, न कि आम ग्रामीणों पर।
महोबा में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) ने 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सदस्यता अभियान की शुरुआत कर दी है। इस दौरान पार्टी ने सियासी तौर पर बड़ा संदेश देने की कोशिश की। महोबा में आयोजित कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुनील अर्कवंशी की मौजूदगी में सैकड़ों लोगों ने सुभासपा की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान जैतपुर के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष प्रतिनिधि कौशल किशोर सोनी अपने करीब 200 समर्थकों के साथ पार्टी में शामिल हुए। संगठन मजबूत करने पर जोर कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बुंदेलखंड में सुभासपा के संगठन को मजबूत करना रहा। कौशल किशोर सोनी को बुंदेलखंड सदस्यता अभियान का प्रभारी बनाया गया कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए पार्टी विस्तार की रणनीति पर जोर दिया गया ओम प्रकाश राजभर की नीतियों का जिक्र कौशल किशोर सोनी ने कहा कि वे ओम प्रकाश राजभर की नीतियों से प्रभावित होकर पार्टी में शामिल हुए हैं। खासतौर पर मतदाताओं को भी सांसद-विधायकों की तरह पेंशन देने की बात ने उन्हें आकर्षित किया। सपा पर तीखा हमला, “27 सीटों पर सिमट जाएगी। सुनील अर्कवंशी ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा- 2022 में सुभासपा के सहयोग से ही सपा 111 सीटों तक पहुंची। 2027 में सपा सिर्फ 27 सीटों पर सिमट जाएगी उन्होंने यह भी बताया कि सुभासपा प्रदेश की करीब 60 सीटों पर तैयारी कर रही है, हालांकि अंतिम फैसला एनडीए नेतृत्व करेगा। एआईएमआईएम नेता शौकत अली द्वारा राजा सुहेलदेव पर की गई टिप्पणी को लेकर अर्कवंशी ने तीखी प्रतिक्रिया दी।उन्होंने कहा कि राजा सुहेलदेव ने विदेशी आक्रांताओं से लड़ाई लड़ी थी। सालार मसूद गाजी को हराकर देश की अस्मिता की रक्षा की। साथ ही उन्होंने वर्तमान सरकार की तुलना करते हुए कहा कि जैसे तब आक्रांताओं को हराया गया, वैसे ही आज योगी सरकार भू-माफियाओं पर कार्रवाई कर रही है। पंचायत चुनाव को लेकर अर्कवंशी ने कहा कि मामला कोर्ट में है और सरकार कोर्ट के फैसले के अनुसार चुनाव कराएगी। उन्होंने विपक्ष को केवल “शोर मचाने वाला” बताया।
विश्व स्वास्थ्य दिवस के मौके पर मंगलवार को जाकिर कॉलोनी स्थित यूपीएससी में जिला पएम कोऑर्डिनेटर शबाना बेगम ने आशा कार्यकर्ताओं और एएनएम के साथ टीबी को लेकर बैठक की। बैठक में सबसे पहले आशाओं को टीबी के लक्षणों की जानकारी दी गई। साथ ही एनटीईपी कार्यक्रम के तहत मिलने वाले इंसेंटिव के बारे में भी बताया गया। बताया गया कि टीबी मरीज की पहचान कर उसे जांच के लिए लाने और मरीज के पॉजिटिव मिलने पर आशा को ₹500 तक की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। निक्षय पोर्टल पर मरीज का बैंक खाता अपडेट कराने पर भी अलग से इंसेंटिव मिलता है। टीबीएचवी सत्येंद्र ने जानकारी दी कि 11 और 13 अप्रैल को एक्स-रे शिविर लगाए जाएंगे। इसके लिए सभी आशाओं को अपने क्षेत्र की संवेदनशील आबादी की सूची तैयार कर मरीजों को जांच के लिए लाने के निर्देश दिए गए। यूपीएससी के एमओआईसी डॉ. कदीर अहमद और डॉ. अनुष्का ने भी आशाओं से टीबी उन्मूलन के कार्य को गंभीरता से करने को कहा। अंत में शबाना बेगम ने सभी को टीबी उन्मूलन की शपथ दिलाई और कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
छिंदवाड़ा जिले की जनपद पंचायत जुन्नारदेव के नजरपुर गांव में पेयजल संकट को लेकर हालात बिगड़ते जा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उपसरपंच सुंदरलाल तिवारी की मनमानी और दबंगई के कारण पंचायत के कई वार्डों में पानी की नियमित सप्लाई नहीं हो पा रही है, जिससे खासतौर पर आदिवासी परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम पंचायत के 16 वार्डों में से वार्ड क्रमांक 8, 10, 11, 12, 13 और 16 में लंबे समय से पानी की आपूर्ति बाधित बताई जा रही है। इन वार्डों में मवासी बाना, घाघरा और जामुनवर्स जैसे इलाके शामिल हैं, जहां बड़ी संख्या में गरीब आदिवासी परिवार निवास करते हैं। उपसरपंच पर जानबूझकर पानी रोकने का आरोपग्रामीणों के अनुसार पंचायत में लाखों रुपए की लागत से ओवरहेड टैंक का निर्माण कराया गया है, लेकिन शुरुआत से ही इन वार्डों तक पानी नहीं पहुंचाया गया। आरोप है कि उपसरपंच अपने समर्थकों के वार्डों में नियमित सप्लाई करवाते हैं, जबकि अन्य क्षेत्रों में जानबूझकर पानी रोका जा रहा है। उसका कहना है कि जब आदिवासी हफ्तों से नहीं नहाते तो रोज पानी की क्या जरुरत है। जिसके चलते स्थिति यह है कि वार्ड क्रमांक 1, जहां सरपंच का निवास है, वहां भी पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इससे पंचायत प्रतिनिधियों की छवि भी प्रभावित हो रही है। भीषण गर्मी की शुरुआत के साथ ही जल संकट और गंभीर हो गया है। ग्रामीणों ने नियमित सप्लाई की मांग कीग्रामीणों का कहना है कि जल आवर्धन योजना के तहत बनाई गई पानी टंकी का लाभ सभी को मिलना चाहिए, लेकिन भेदभावपूर्ण रवैये के कारण आदिवासी वार्डों के लोगों को मूलभूत सुविधा से वंचित रखा जा रहा है। इससे क्षेत्र में असंतोष का माहौल बन रहा है। मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामवासियों ने एकत्रित होकर संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा और मांग की कि मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए तथा सभी वार्डों में नियमित पानी सप्लाई सुनिश्चित की जाए।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा ग्वालियर में सड़कों की समीक्षा के कुछ ही घंटों बाद, शहर में सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस वीडियो में वार्ड क्रमांक 2 के रामपुरी मोहल्ले में बन रही एक सड़क में घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए स्थानीय निवासी विरोध प्रदर्शन करते दिख रहे हैं। शब्द प्रताप आश्रम के पास रामपुरी मोहल्ले में 16 लाख रुपए की लागत से कंक्रीट सड़क का निर्माण किया जा रहा है। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति बनी हुई सड़क पर आसानी से सीमेंट और कंक्रीट को हाथ में उठाते हुए उसकी खराब गुणवत्ता दिखा रहा है। अन्य लोग भी फावड़े से सड़क निर्माण की खामियों को उजागर करते नजर आ रहे हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सड़क निर्माण में केवल 'लीपा-पोती' की जा रही है और गुणवत्ता मानकों का बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखा जा रहा। उनका यह भी कहना है कि गुणवत्ता पर सवाल न उठें, इसलिए सड़क का निर्माण रात के अंधेरे में किया जा रहा है। क्षेत्रवासियों ने रात में हो रहे इस निर्माण का कड़ा विरोध किया है। इस मामले पर क्षेत्रीय पार्षद आशा सुरेंद्र सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि लगभग 16 लाख रुपए की लागत से सड़क का निर्माण हो रहा है और इसकी गुणवत्ता में कोई समस्या नहीं है। पार्षद के अनुसार, ठेकेदार का कहना है कि यदि कोई कमी पाई जाती है तो उसकी जांच की जा सकती है। अब देखना होगा कि वरिष्ठ अधिकारी इस वायरल वीडियो और सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर क्या संज्ञान लेते हैं तथा रात में किए जा रहे इस निर्माण पर क्या कार्रवाई की जाती है।
आजमगढ़ के कप्तानगंज थाना क्षेत्र में रास्ते के विवाद को लेकर युवती पर हुए जानलेवा हमले के मामले में कोर्ट के आदेश पर संबंधित थाने की पुलिस ने आधा दर्जन के विरुद्ध नामजद मुकदमा दर्ज किया है। यह घटना करीब पौने दो महीने पूर्व की बताई जा रही। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जहां पीड़िता का आरोप रहा कि रास्ते के विवाद में आरोपियों ने गला दबाने के साथ फावड़े से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। यह मामला आजमगढ़ जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के खालिसपुर गांव का है। पीड़िता संजू यादव ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि 14 फरवरी 2026 की सुबह करीब 9 बजे गांव में रास्ते को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद के दौरान मारपीट हुई, जिसमें युवती गंभीर रूप से घायल हो गई। परिजनों ने 112 नंबर पर सूचना दी और उपचार के लिए पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रानीपुर और बाद में जिला अस्पताल आजमगढ़ में भर्ती कराया गया। जहां पीड़िता तीन दिन तक भर्ती रही। छह लोगों के विरुद्ध दर्ज हुआ मुकदमा जांच में जुटी पुलिसपीड़िता का आरोप रहा कि घटना के बाद थाना कप्तानगंज में शिकायत देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भी रजिस्ट्री के माध्यम से सूचना दी गई। लेकिन सुनवाई न होने पर पीड़िता ने जुडिशरी में अपर न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट नंबर-13 में प्रार्थना पत्र दाखिल किया। कोर्ट के आदेश पर थाना कप्तानगंज पुलिस ने 6 लोगों की विरुद्ध जिसमें विपिन, संजय, अनूप, गीता पत्नी महेन्द्र, शिखा पुत्री रणविजय और रणविजय निवासीगण ग्राम खालिसपुर थाना कप्तानगंज पर नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस मामले में एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर रास्ते के विवाद को लेकर हुई मारपीट में आधा दर्जन लोगों के विरुद्ध नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य प्रकाश में आएगा, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जायेगी।
छत्तीसगढ़ शासन ने अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने, मानसिक तनाव कम करने और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब राज्य के अधिकारी-कर्मचारी विपश्यना ध्यान के 10 दिवसीय आवासीय शिविर में भाग लेने के लिए विशेष अवकाश प्राप्त कर सकेंगे। राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग की तरफ से जारी आदेश के अनुसार, अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों सहित राज्य सेवा के अधिकारी-कर्मचारियों को पूरे सेवाकाल में अधिकतम 6 बार विशेष आकस्मिक अवकाश ( स्पेशल कैजुअल लीव) मिलेगा। हर शिविर के लिए यात्रा समय समेत अधिकतम 12 दिन का अवकाश स्वीकृत होगा। जरूरी शर्तें मंजूरी और नियम क्या नहीं मिलेगा शिविर में भाग लेने के लिए किसी प्रकार का यात्रा भत्ता या अन्य खर्च शासन की ओर से वहन नहीं किया जाएगा।
मेरठ के सर छोटू राम इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान में गूगल डेवलपर ग्रुप्स (GDG) ऑन कैंपस द्वारा “सफलता का उत्सव एवं नवाचार को प्रोत्साहन पुरस्कार वितरण एवं आगामी हैकाथॉन – कृत्रिम बुद्धिमत्ता के साथ निर्माण” विषय पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में तकनीक और नवाचार को लेकर छात्रों में खासा उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण गूगल क्लाउड स्टडी जैम्स रहा, जिसे 54 छात्रों ने शत-प्रतिशत सफलता के साथ पूरा किया। वहीं टेकस्प्रिंट हैकाथॉन में 200 से अधिक छात्रों ने भाग लिया, जिसमें तीन टीमों का प्रदर्शन विशेष रूप से सराहनीय रहा। सभी प्रतिभागियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया और गूगल की ओर से टी-शर्ट, बैग, बोतल, स्टिकर, लैम्प और फोन स्टैंड जैसे उपहार भी प्रदान किए गए। संस्थान के निदेशक प्रो. नीरज सिंघल ने छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं, जिनमें युवा अपनी प्रतिभा दिखाकर देश और समाज के विकास में योगदान दे सकते हैं। उन्होंने छात्रों को नवाचार और तकनीकी कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। प्रशासनिक अधिकारी के. पी. सिंह भी मौजूद रहे, जिन्होंने गूगल की इस पहल की सराहना की। आयोजन GDG ऑन कैंपस लीड सरगम अरोड़ा के नेतृत्व में हुआ, जिसमें कोर टीम के सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस पहल को गूगल के फैकल्टी मेंटर्स डॉ. गौरव त्यागी और डॉ. कवी भूषण का मार्गदर्शन मिला, वहीं संस्थान प्रशासन का पूरा सहयोग भी रहा। कार्यक्रम ने छात्रों को तकनीकी नवाचार और भविष्य की उभरती तकनीकों की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
सिवनी के बंडोल थाना क्षेत्र अंतर्गत नेशनल हाईवे 44 पर बंडोल गांव के पास एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने एक बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार महिला और युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना मंगलवार दोपहर लगभग 2 बजे की है। दोनों बाइक से बंडोल बाईपास की ओर जा रहे थे जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब महिला और पुरुष दोनों बाइक से बंडोल बाईपास की ओर जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से आ रहे तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार जमीन पर गिर गए, जिससे सिर, हाथ, पैर और शरीर के अन्य अंगों में गंभीर चोटें आने से उनकी मौत हो गई। पुलिस ने पीएम के लिए भेजा शव घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने तत्काल एम्बुलेंस और पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतकों के शवों का पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतकों की पहचान तरुणा पति शेषराव दामें (40 वर्ष) और प्रफुल पिता रविशंकर ठाकरे (22 वर्ष) के रूप में हुई है। आरोपी ड्राइवर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग हादसे के बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। छपारा थाना प्रभारी मनोज जंघेला ने बताया कि सड़क हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची थी। प्रारंभिक जांच में महिला और व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है। मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है और अज्ञात वाहन की तलाश के साथ ही हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ शुरू कर दी है, ताकि आरोपी वाहन चालक का पता लगाया जा सके।
निवाड़ी में 29 मार्च को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से हटाए गए अतिक्रमण ने अब एक नई मुसीबत खड़ी कर दी है। अस्पताल से हटाई गई गुमटियां अब सरकारी उत्कृष्ट स्कूल नंबर 1 और उसके हॉस्टल के पास जम गई हैं, जिससे स्कूल का माहौल और रास्ता दोनों खराब हो रहे हैं। पिछले दो दिनों में स्कूल के मुख्य गेट के दोनों तरफ अवैध कब्जे और गुमटियां रख दी गई हैं। इसकी वजह से सड़क इतनी संकरी हो गई है कि वहां हर वक्त जाम लगा रहता है और लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है। लाखों की चित्रकारी पर फिर गया पानी नगर परिषद ने शहर को सुंदर बनाने के लिए स्कूल की बाउंड्री वॉल पर लाखों रुपए खर्च करके शानदार पेंटिंग और चित्रकारी करवाई थी। लेकिन अब इन गुमटियों और कब्जों की वजह से वह पूरी खूबसूरती छिप गई है और दीवारें खराब हो रही हैं। छात्रों की जान को खतरा नया शिक्षा सत्र शुरू हो चुका है और स्कूल आने-जाने वाले बच्चों के लिए यह अतिक्रमण जानलेवा साबित हो सकता है। गेट के पास भीड़ और गुमटियों की वजह से बच्चों को सड़क पर सामने से आने वाली गाड़ियां दिखाई नहीं देतीं, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। प्रशासन के भरोसे पर टिकी कार्रवाई स्कूल के प्रिंसिपल ने नगर निकाय को चिट्ठी लिखकर इन गुमटियों को हटाने की मांग की थी, लेकिन अब तक कोई एक्शन नहीं लिया गया है। हालांकि, इस मामले में एसडीएम अशोक सेन ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही उचित कार्रवाई की जाएगी।
वर्ल्ड हेल्थ डे (विश्व स्वास्थ्य दिवस) के मौके पर होटल सूर्यगढ़ और आई लव फाउंडेशन ने मंगलवार रक्तदान शिविर लगाया। होटल परिसर में लगे कैंप का मकसद लोगों को रक्तदान करने के प्रति जागरूक करना और जिले के अस्पतालों में मरीजों के लिए खून की कमी को दूर करना था। इसके लिए मैराथन, मेडिटेशन और फिटनेस चैलेंज जैसी गतिविधियां रखी गईं। होटल के 30 कर्मचारियों ने रक्तदान किया और 31 यूनिट ब्लड जमा किया। इस कार्यक्रम में लोगों को अच्छी जीवनशैली के लिए भी प्रेरित किया गया। होटल के सीनियर मैनेजर सुरेश कुमार ने कहा- जैसलमेर शहर के लिए ऐसे काम आगे भी जारी रहेंगे। आई लव फाउंडेशन भी कोरोना काल से ही जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की मदद कर रहा है। होटल स्टाफ ने मैराथन, मेडिटेशन की एक्टिविटीज में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। फाउंडेशन की शाहीन हसन ने बताया- रोजाना ध्यान करने से मानसिक शांति मिलती है और तेज चलने व कसरत करने से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है। हॉस्पिटल की टीम ने संभाली जिम्मेदारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. राजेन्द्र कुमार पालीवाल के निर्देश पर जवाहिर हॉस्पिटल के ब्लड बैंक की टीम होटल पहुंची। डॉक्टरों की देखरेख में पूरी सुरक्षा के साथ खून लिया गया। हॉस्पिटल के अधिकारियों ने सभी रक्तदाताओं का शुक्रिया अदा किया और कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से न केवल मरीजों की जान बचती है, बल्कि समाज में एक-दूसरे की मदद करने की भावना भी बढ़ती है।
सवाई माधोपुर के कुशालीपुरा स्थित गुर्जर आरक्षण शहीद स्मारक पर कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला की मूर्ति नहीं लगने से गुर्जर समाज में आक्रोश है। कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला की मूर्ति नहीं लगने से नाराज गुर्जर समाज फिर मुखर होने लगा है। इसी कड़ी में गुर्जर समाज की ओर आज कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला की मूर्ति लगवाने को लेकर कलेक्टर कानाराम और एसपी ज्येष्ठा मैत्रयी को ज्ञापन सौंपा गया। गुर्जर समाज ने आंदोलन की चेतावनी दी ज्ञापन में गुर्जर समाज के लोगों ने बताया कि पूर्व में गुर्जर आरक्षण आन्दोलन हुआ था, जिसमें गुर्जर समाज के दो लोग शहीद हुए थे। 31 मई 2007 को शहीद होने के बाद प्रशासन से वार्ता कर समझौता अनुसार प्रशासन एवं जन प्रतिनिधियों की उपस्थिति में कुशलीदरा में उनका अंतिम संस्कार किया गया और उनकी याद में वहीं पर चबूबरा निर्माण किया गया था। जिसपर आर.सी.सी. के पिल्लर भी खडे किये जा चुके है। यहां कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला की मूर्ति लगवाना प्रस्तावित है। इसे लेकर गुर्जर समाज की जिला कलेक्टर, एसपी और स्थानीय विधायक के साथ दो तीन दौर की बैठक हुई। जिसमें स्थानीय विधायक ने दो माह और प्रशासन ने चार माह का समय मांगा था कि नियत समय मे निर्माण पूर्ण कर मूर्ति लगा देंगे। लेकिन 6 महीने से अधिक समय गुजर जाने के बाद भी कोई प्रगति नहीं हुई है। ज्ञापन में गुर्जर समाज ने चेतावनी दी है कि इस काम को 30 अप्रैल तक पूरा किया जाए नहीं तो गुर्जर समाज के लोग 30 अप्रैल को बडा आंदोलन कर यहां मूर्ति लगाएंगे। ज्ञापन में गुर्जर समाज ने बताया कि या तो प्रशासन इसकी अनुमति प्रदान करें, वरना यदि कोई भी जनहानि या नुकसान होता है तो उसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
बुरहानपुर में मजदूरों के हक को लेकर संघर्ष एक बार फिर तेज हो गया है। मंगलवार को बुरहानपुर मजदूर यूनियन के पदाधिकारियों ने जिला श्रम अधिकारी से मुलाकात कर श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन और लंबित एरियर के तत्काल भुगतान की मांग उठाई। यूनियन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो पूरे प्रदेश में आंदोलन किया जाएगा। यूनियन पदाधिकारियों ने जिला श्रम अधिकारी कन्हैयालाल मोरे के सामने श्रमिकों की समस्याएं रखीं। इस दौरान श्रम अधिकारी ने कहा कि पदाधिकारियों और सदस्यों के बीच कुछ भ्रम की स्थिति थी, जिसे स्पष्ट कर दिया गया है। हालांकि, बैठक से ठोस नतीजा नहीं निकलने पर यूनियन ने नाराजगी जाहिर की। जमीनी स्तर पर नहीं किया जा रहा पालनयूनियन अध्यक्ष ठाकुर प्रियांक सिंह ने बताया कि लंबी चर्चा के बावजूद कोई लिखित आश्वासन या निर्णय नहीं मिला। श्रम अधिकारी ने सिर्फ मामला उच्च अधिकारियों को भेजने की बात कही, जिससे श्रमिकों में आक्रोश बढ़ गया है। श्रमायुक्त इंदौर की नई अधिसूचना के अनुसार अकुशल श्रमिक को 12,425 रुपये, अर्द्धकुशल को 13,421 रुपये, कुशल को 15,144 रुपये और उच्चकुशल श्रमिक को 16,769 रुपये प्रतिमाह वेतन (2,850 रुपये वीडीए सहित) देना अनिवार्य है। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर इसका पालन नहीं हो रहा है। यूनियन पिछले 18 महीनों से इस मुद्दे पर संघर्ष कर रही है। इस दौरान हड़ताल, ज्ञापन सौंपना और उच्च न्यायालय में याचिकाएं दाखिल करना जैसे कदम उठाए जा चुके हैं, लेकिन अब तक समाधान नहीं निकल पाया है। काम बंद कर आंदोलन की चेतावनी दीयूनियन ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि 1 अप्रैल 2024 से लंबित एरियर और अप्रैल 2026 से लागू नई वेतन दरों का भुगतान तुरंत नहीं किया गया, तो बुरहानपुर में काम बंद हड़ताल के साथ राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। यूनियन की प्रमुख मांगों में टेक्सटाइल कारखाना मालिकों और टेक्सटाइल एसोसिएशन को लिखित आदेश जारी कर नियमों का पालन सुनिश्चित कराना, श्रमिक प्रतिनिधियों और उद्योगपतियों के बीच संयुक्त बैठक आयोजित करना और न्यूनतम वेतन अधिनियम के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई शामिल है। मजदूर यूनियन के प्रतिनिधि रुपेश वर्मा और बंटी अंकारे ने कहा कि चर्चा में किसी निष्कर्ष पर न पहुंचना यह दर्शाता है कि श्रम विभाग अभी भी उद्योगपतियों के पक्ष में झुका हुआ है। वहीं रुपेश वर्मा और जुनैद अली ने सभी श्रमिकों से एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने की अपील की है।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने बिजली कटौती और सहायता केंद्र में अनियमितता के विरोध में गुढियारी स्थित बिजली विभाग के कार्यालय का घेराव किया। कार्यकर्ताओं ने बिजली विभाग और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज करवाया। यह घेराव प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री सुबोध हरितवाल के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता और गुढियारी के लोगों ने किया। सुबोध हरितवाल ने अधिकारियों को बाहर बुलाया और कहा कि मैं AC कमरे में आकर बात नहीं करूंगा और उल्टा अधिकारियों को बाहर धूप में बुलाकर बात की। जिससे AC में रहने वाले अधिकारी गर्मी से परेशान जनता की तकलीफ को महसूस कर सके। बिना सूचना बिजली हो जाती है गुल सुबोध हरितवाल ने बताया कि, रायपुर राजधानी होने बावजूद और राज्य में सरप्लस बिजली होने के बाद भी यहां पर लगातार बिजली कटौती जैसी समस्या से जनता को जूझना पड़ रहा है। अगर गुढियारी क्षेत्र की बात करे तो पिछले 5 दिनों से रोज रात बिजली बिना सूचना के गुल की जाती है। सुबह तक बिजली आने का कोई अंदेशा नहीं रहता और दुर्भाग्य ये है कि बिजली विभाग के सहायता केंद्र में फोन उठने वाला व्यक्ति गायब रहता है या तो फोन को उठाकर नीचे रख देता है। जिससे जनता को परेशानी का सामना करना पड़ता है और विभाग चैन की नींद सोता रहता है। सुबोध हरितवाल ने बताया कि, हमने अपनी मांगों से विभाग को रुबरु करवाते हुए जनता का विरोध दर्ज करवाया है। ये चेतावनी भी दी है कि व्यवस्था में यदि सुधार नहीं लाया गया तो उग्र आंदोलन होगा। ये हैं प्रमुख मांगें 1. रातभर के लिए हो रही बिजली कटौती तत्काल रोकी जाए। 2. लाइनमैन की व्यवस्था पर्याप्त हों जिससे काम तत्काल किया जा सके। 3. फ्यूज और डीओ बदलने की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी करने के लिए कर्मचारी भेजे जाए। 4. ओवरलोड की वजह फेल हो रहे ट्रांसफार्मर की संख्या बढ़ाई जाए। 5. जनता का कॉल ना उठाने वाले सहायता केंद्र ठेकेदार पर कार्रवाई की जाए। अधिकारियों से मिला आश्वासन इस पर विभाग के उपस्थित अधिकारी SE महेश ठाकुर और EE रामकुमार साहू ने जनता को आश्वस्त किया है कि, जल्द से जल्द बिजली कटौती रुकेगी और साथ ही सहायता केंद्र ठेकेदार पर कार्रवाई भी की जाएगी। इस दौरान प्रमुख रूप से पूर्व महापौर एजाज ढेबर, ब्लॉक अध्यक्ष सुधा सरोज, ब्लॉक अध्यक्ष किशन बाजारी, पूर्व पार्षद सुंदर जोगी, रमाकांत शर्मा, अमित काचलवार, विक्की साहू, जितेंद्र साहू, प्रगति वाजपई, रशीद खान, कुंदन सिन्हा, तोरण साहू, बल्ली भैया, ऋषि सरोज, रोशन खान, दीपेंद्र ठाकुर, शानू दीवान, जीतू पाल, अमित मीतू तिवारी, अजीत कोली, मोना पटले समेत कार्यकर्ता उपस्थित रहें।
जबलपुर के सरोदा गांव में भीषण आग:आग की लपटों में उजड़ी कई गांवों की फसलें, किसानों को भारी नुकसान
जबलपुर जिले के सरोदा गांव में भीषण आग लगने से गेहूं की फसलें जलकर राख हो गई है। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते आग कई खेत इसकी चपेट में आ गए। सरोदा के साथ-साथ उमरिया, मड़ला और मुरेठ गांव के किसानों की गेहूं की खड़ी फसल भी जलकर राख हो गई। खेतों में उठती लपटों और धुएं के बीच किसानों में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। किसान और दमकल टीम खेतों में डटे रहकर आग पर काबू पाने की कोशिश करते रहे थे। आग लगने के कारण का पता नहीं चल सका है। हालांकि, इस घटना से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। प्रशासन के द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
दतिया में पार्षद कल्लू उर्फ रामकुमार कुशवाहा हत्याकांड में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मंगलवार को परिजन और समाज के सैकड़ों लोग पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने एसपी सूरज वर्मा को ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि पुलिस की उदासीनता के चलते घटना के 8 दिन बाद भी सभी आरोपी गिरफ्तार नहीं हो सके हैं। मृतक के भाई शेरू कुशवाहा निवासी निधान का कुआं ने बताया कि 31 मार्च 2026 को छोटू कुशवाहा, गोलू कुशवाहा, सुधीर कुशवाहा, साहव सिंह यादव, उमेश कुशवाहा और प्रवीण वाल्मीकि ने अवैध हथियारों से उनके भाई की हत्या की थी। मामले में कोतवाली थाना में प्रकरण दर्ज है। लेकिन अब तक मुख्य आरोपी साहव सिंह यादव फरार है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि आरोपी उमेश कुशवाहा और प्रवीण वाल्मीकि को पुलिस अपनी अभिरक्षा में बैठाए हुए है लेकिन जेल नहीं भेजा। वहीं, फरार आरोपी लगातार परिजन और गवाहों को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। एसपी ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दियापरिजनों ने मांग की कि हत्या में प्रयुक्त लाइसेंसी रायफल का लाइसेंस निरस्त कर संबंधित धारक के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की जाए। साथ ही, आरोपी गोलू, छोटू और सुधीर कुशवाहा को दतिया जेल से ग्वालियर जेल शिफ्ट करने की मांग भी उठाई गई है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि सभी आरोपियों के मकानों पर कार्रवाई की जाए, ताकि फरार आरोपियों पर दबाव बन सके और जल्द गिरफ्तारी हो सके। एसपी सूरज वर्मा ने मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
इंदौर के विजय नगर इलाके में सोमवार रात करीब 11 बजे एक तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार दंपति और उनकी दो बच्चियों को टक्कर मार दी। हादसे में चारों घायल हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। विजयनगर पुलिस के मुताबिक, सत्य साईं चौराहे से गोल्डन गेट की ओर जा रही कार (MP 04 EC 2551) ने टॉप एंड टाउन के पास बाइक सवार सचिन शर्मा को टक्कर मारी। उस समय सचिन अपनी पत्नी सपना शर्मा और दो बच्चियों के साथ बाइक पर थे। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पूरा परिवार सड़क पर उछलकर गिर पड़ा। हादसे के बाद आरोपी चालक कार लेकर मौके से फरार हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत घायलों को अस्पताल पहुंचाया। घायल सपना शर्मा ब्लाइंड स्कूल में शिक्षिका हैं, जबकि सचिन शर्मा ऑटो पार्ट्स की दुकान पर काम करते हैं। फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है। स्पीड ब्रेकर पर असंतुलित होकर गिरी महिला, मौत उधर, सिमरोल इलाके के मंडला निवासी 65 वर्षीय रामकली पति जावर की सोमवार को सड़क हादसे में मौत हो गई। उन्हें गंभीर हालत में रात के समय उपचार के लिए एमवाय अस्पताल लाया गया था, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। परिजनों के मुताबिक, रामकली बाइक से लिफ्ट लेकर सिमरोल की ओर जा रही थीं। इसी दौरान अचानक आए स्पीड ब्रेकर से बाइक का संतुलन बिगड़ गया और वह उछलकर सड़क पर गिर गईं। घटना के बाद उन्हें पहले ट्रामा सेंटर ले जाया गया, लेकिन वहां इलाज संभव नहीं होने पर एमवाय अस्पताल रेफर किया गया। यहां इलाज के दौरान देर रात उनकी मौत हो गई।
हरियाणा में रिटायर हुए आईएएस अधिकारी मुकेश कुमार आहूजा को 3 महीने के लिए दोबारा नौकरी (री-एम्प्लॉयमेंट) देने के मामले में केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण जवाब दिया है। केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DOPT) ने स्पष्ट किया है कि आईएएस कैडर नियमावली, 1954 का नियम 9 रिटायरमेंट के बाद पुनर्नियुक्ति से संबंधित नहीं है।31 मार्च 2026 को रिटायर हुए 2009 बैच के आईएएस अधिकारी मुकेश कुमार आहूजा को हरियाणा सरकार ने उसी दिन 1 अप्रैल से 30 जून 2026 तक 3 महीने के लिए दोबारा नियुक्ति दे दी। दो पदों की देख रहे जिम्मेदारी सबसे अहम बात यह है कि रिटायर्ड आईएएस मुकेश आहूजा इस दौरान वे अपने पुराने दोनों पदों पर बने रहेंगे। अभी वह हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के मुख्य प्रशासक के पद पर कार्यरत हैं। इसके अलावा हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) के सचिव पद की भी जिम्मेदारी देख रहे हैं। हालांकि, एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी इस पुनर्नियुक्ति का आधिकारिक आदेश सार्वजनिक वेबसाइट पर अपलोड नहीं किया गया, जो सामान्यत: एक-दो दिन में जारी कर दिया जाता है। RTI के 24 घंटे में मिला जवाबपंजाब हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार ने 6 अप्रैल को केंद्र सरकार के पोर्टल पर आरटीआई लगाकर इस पुनर्नियुक्ति की पूरी जानकारी मांगी थी। केंद्र सरकार ने यह आरटीआई डीओपीटी को भेजी और सिर्फ 24 घंटे के भीतर जवाब दे दिया। सितंबर 2025 में एक रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी को भी 3 महीने का विस्तार दिया गया था।लेकिन अब केंद्र के जवाब के बाद यह सवाल उठ रहा है कि यह पुनर्नियुक्ति किस नियम के तहत दी जाती है। डीओपीटी ने अपने जवाब में क्या कहा केंद्रीय कार्मिक विभाग की ओर से नियम 9 केवल कैडर पोस्ट पर गैर-कैडर अधिकारी की अस्थायी नियुक्ति से संबंधित है। यह नियम रिटायर हो चुके आईएएस अधिकारियों की पुनर्नियुक्ति से संबंधित नहीं है। पुनर्नियुक्ति की जानकारी संबंधित राज्य सरकार से ही ली जा सकती है। हरियाणा में पहले भी 3 महीने की पुनर्नियुक्ति मिलती रही है। पिछले कई वर्षों से हरियाणा में रिटायर आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को 3 महीने की पुनर्नियुक्ति दी जाती रही है। सीएम-गवर्नर को भेजा लेटरएडवोकेट हेमंत कुमार ने इस मामले को लेकर राज्यपाल असीम घोष, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी को लेटर लिखकर मांग की है कि मुकेश आहूजा की पुनर्नियुक्ति का आदेश जल्द सार्वजनिक किया जाएं। यह स्पष्ट किया जाए कि उन्हें किस नियम के तहत दोबारा नियुक्त किया गया है।
पलामू में महज 1300 रुपए के लिए एक व्यक्ति ने अपने दो साथियों की हत्या कर दी। पुलिस ने तीन महीने की जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने पूछताछ में पूरी वारदात का खुलासा किया। इसी साल 16 जनवरी को चैनपुर थाना क्षेत्र के गुरहा में रानीबांध तालाब के पास एक जला हुआ शव मिला था। उसकी पहचान आबादगंज मिशन स्कूल रोड निवासी शंकर राम (37) के रूप में हुई थी। उसी दिन मेदिनीनगर में डालटनगंज रेलवे स्टेशन के पास दो नंबर टाउन पुल के पास भी एक शव मिला था, जिसका सिर पत्थर से कूचा गया था। इन दोहरे हत्याकांडों के बाद एसपी रीष्मा रमेशन ने सदर डीएसपी राजीव रंजन के नेतृत्व में एक जांच टीम गठित की। करीब तीन महीने चले गहन अनुसंधान के बाद पुलिस ने चैनपुर थानाक्षेत्र के कल्याणपुर निवासी चुनमुन चौधरी उर्फ अजित चौधरी (25) को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान उसने दोनों हत्याओं से संबंधित चौंकाने वाले खुलासे किए। आरोपी ने बताया कि 15 जनवरी की शाम वह डालटनगंज रेलवे स्टेशन के पास शंकर राम और करीवा उर्फ छोटू के साथ गांजा पी रहा था। शंकर के पास 1300 रुपये थे, लेकिन वह नशे के लिए पैसे देने को तैयार नहीं था। इस पर चुनमुन ने करीवा के साथ मिलकर शंकर को लूटने की योजना बनाई। दोनों शंकर को बहला-फुसलाकर चैनपुर के बिरसानगर होते हुए रैनीबांध के पास एक सुनसान जगह ले गए। वहां उसे पटककर उसका पर्स छीन लिया। इसके बाद इस डर से कि शंकर पुलिस को बता देगा, दोनों ने पास पड़े पत्थर से उसका सिर कूचकर हत्या कर दी। सबूत मिटाने के लिए उसके कपड़ों में आग भी लगा दी गई। चुनमुन ने लूटे गए 1000 रुपये खुद रखे और करीवा को 300 रुपये दिए। वारदात के बाद वापस स्टेशन आने पर करीवा ने लूट के पैसे में बराबर हिस्सा मांगा और धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए तो वह पूरी घटना उजागर कर देगा। इस पर चुनमुन करीवा को रेलवे पुल के पास केबिन के सामने ले गया और पत्थर से सिर कूचकर उसकी भी हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर मृतक शंकर राम का पर्स, आधार कार्ड और फोटो बरामद कर लिया है। चुनमुन चौधरी पर पहले से ही चोरी के कई मामले दर्ज हैं।
बागपत कलेक्ट्रेट में लुहारी गांव के ग्रामीणों ने पक्के नाले के निर्माण की मांग को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण उन्हें लंबे समय से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विशेषकर बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब पूरे गांव में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो जाती है। गंदा पानी सड़कों और गलियों में भर जाता है, जिससे आवागमन बाधित होता है और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को विशेष रूप से दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार लोग फिसलकर गिर जाते हैं, जिससे चोटिल होने की घटनाएं भी सामने आती रहती हैं। ग्रामीणों ने बताया कि वे इस समस्या को लेकर पहले भी कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है। इससे लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी भी देखी जा रही है। ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द पक्का नाला निर्माण कराने की मांग की है, ताकि जल निकासी की समुचित व्यवस्था हो सके और गांव को इस गंभीर समस्या से राहत मिल सके। जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लिया। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि समस्या का जल्द समाधान कराया जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र कार्यवाही की उम्मीद जताई है।
लुधियाना के थाना डिवीजन नंबर 7 इलाके में एक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह दुर्घटना जेल के पास उस समय हुई जब दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। मृतक की पहचान प्रीत नगर, ताजपुर रोड निवासी 18 वर्षीय संजोग सिंह के रूप में हुई है। संजोग अपने दोस्त सागर (19) के साथ बाइक पर सवार था। हादसे में सागर भी गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके अलावा, राजू नामक एक अन्य युवक भी इस दुर्घटना में चोटिल हुआ है। स्थानीय लोगों ने पहुंचाया अस्पताल मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। हेल्पर आशीष ने घायलों को तत्काल नजदीकी निजी अस्पताल पहुंचाया, जबकि एक घायल को सिविल अस्पताल ले जाया गया। घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है और उनका इलाज जारी है। बाइकों की आमने-सामने की टक्कर घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिसकर्मी इंद्रजीत सिंह ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह हादसा दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने की टक्कर के कारण हुआ। पुलिस द्वारा आगे की कार्रवाई की जा रही है और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
कैथल में एटीएम कार्ड बदलकर धोखाधड़ी:खाते से निकाले 61 हजार रुपए, सहायता के बहाने कार्ड बदला
कैथल में पैसे निकालने में मदद करने के बहाने एटीएम कार्ड बदलकर खाते से रुपए निकलवाने के मामले में पुलिस की एंटी व्हीकल थेफ्ट स्टाफ टीम ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने करीब 61 हजार रुपए धोखाधड़ी पूर्वक निकाल लिए थे। पकड़े गए आरोपी की पहचान गांव राजथल जिला हांसी निवासी प्रदीप कुमार के रूप में हुई है। युवक ने दी थी शिकायत थाना शहर क्षेत्र के एक नंदसिंह वाला निवासी रिंकू की शिकायत अनुसार 27 फरवरी को वह अपने बैंक खाते से रुपए निकलवाने के लिए चंदाना गेट कैथल पर स्थित पीएनबी बैंक के एटीएम पर गया था। जब वह पैसे निकाल रहा था तो उसी समय दो लड़के उसके पीछे आ गए। उन्होंने उसकी रुपए निकालने में मदद कर 10 हजार रुपए निकालकर उसको दे दिए और उसे एटीएम कार्ड देकर चले गए। 6 बार में रुपए निकाले इसके बाद वह दोबारा पैसे निकालने लगा तो एटीएम कार्ड का पिन गलत बताने लगा। जिससे आरोपी उसकी मदद करने के बहाने उसका एटीएम कार्ड बदल कर ले गए। बाद में उसके खाते से 6 बार में कुल 61 हजार रुपए निकाल लिए। इस बारे में थाना शहर में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस प्रवक्ता प्रवीन श्योकंद ने बताया कि आरोपी से पूछताछ के दौरान 5 हजार रुपए बरामद किए गए। आरोपी को अदालत के आदेशानुसार न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
कौशांबी डीएम डॉ. अमित पाल ने मंगलवार को उदयन सभागार में बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, समाज कल्याण और उच्च शिक्षा विभाग के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री अभ्युदय विद्यालय और मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय के निर्माण कार्य की समीक्षा करते हुए पाया कि अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है। उन्होंने प्रोजेक्ट मैनेजर, सी. एंड डीएस को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में तेजी लाते हुए मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय का निर्माण जुलाई 2026 तक पूरा किया जाए। निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा प्रोजेक्ट अलंकार के तहत राजकीय विद्यालयों में बाउंड्रीवॉल सहित अन्य निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा के दौरान, जिलाधिकारी ने सहायक अभियंता, यूपीसीडको को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षों के निर्माण कार्य को भी शीघ्र पूर्ण कर हैंडओवर करने के निर्देश दिए। राजकीय महिला महाविद्यालय, मूरतगंज के निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए, डॉ. पाल ने इसे समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया। बैठक में अनुपस्थित रहने पर उन्होंने अधिशासी अभियंता, यूपीसीडको का वेतन रोकने के निर्देश दिए। इस दौरान बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद राम त्रिपाठी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
नीमच जिले के जावद तहसील के ग्राम कास्या में भाजपा बूथ अध्यक्ष सचिन पाराशर के घर और खाटूश्याम मंदिर को तोड़ने के नोटिस के खिलाफ विरोध शुरू हो गया है। मंगलवार को राजपूत और ब्राह्मण समाज के लोगों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया और नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर इस कार्रवाई को तुरंत रोकने की मांग की। ज्ञापन में बताया गया कि सचिन पाराशर का परिवार पिछले 70 वर्षों से सर्वे नंबर 11 की सरकारी जमीन पर रह रहा है। इसी जगह पर उनके साथ करीब 50 और परिवार भी बसे हुए हैं। समाज का आरोप है कि जावद प्रशासन ने बिना किसी ठोस सुनवाई के सिर्फ सचिन पाराशर को ही घर खाली करने का नोटिस थमाया है, जो कि सरासर भेदभाव है। सरकारी योजना का मिला था लाभ, फिर अतिक्रमण कैसे? समाज के लोगों ने तर्क दिया कि इसी मकान पर पहले शासन की योजना के तहत शौचालय बनाने के लिए पैसा (अनुदान) दिया गया था। उनका कहना है कि यह कार्रवाई किसी साजिश या आपसी रंजिश के तहत की जा रही है। अगर यह जमीन अतिक्रमण में आती है, तो फिर पूरे गांव के मकानों पर कार्रवाई होनी चाहिए, सिर्फ एक गरीब परिवार को निशाना बनाना गलत है। उग्र आंदोलन की चेतावनी ज्ञापन के जरिए मांग की गई है कि इस गलत कार्रवाई को तुरंत बंद किया जाए। समाज ने प्रशासन को खुली चेतावनी दी है कि अगर मकान गिराया गया, तो पीड़ित परिवार को मुआवजा और नई जगह का पट्टा दिया जाए। यदि ऐसा नहीं हुआ, तो आने वाले समय में जिले भर में उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
हरदा विधायक डॉ. रामकिशोर दोगने ने अजनाल नदी पुल से जुड़ी बायपास सड़क के अधूरे निर्माण कार्य में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने मंगलवार को नर्मदापुरम संभाग आयुक्त और कलेक्टर को पत्र लिखा। जिम्मेदार अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, साथ ही कार्य को जल्द पूरा करने का आग्रह किया। विधायक दोगने ने अपने पत्र में बताया कि हरदा जिले में नर्मदापुरम और बैतूल से आने वाले वाहनों को शहर में प्रवेश किए बिना खंडवा रोड तक पहुंचाने के लिए एक बायपास सड़क का निर्माण किया जा रहा है। रेलवे डबल फाटक से मगरधा मार्ग तक लगभग 4.50 किलोमीटर लंबी यह सड़क करीब 15 करोड़ रुपए की लागत से बन रही है। निर्माण एजेंसियों ने टिमरन नदी और अजनाल नदी पर पुलों का निर्माण तो कर लिया है, लेकिन अजनाल नदी पुल से आगे की लगभग 1.5 किलोमीटर सड़क पिछले दो वर्षों से अधूरी पड़ी है। पुल के दोनों ओर एप्रोच रोड भी अभी तक पूरी नहीं हुई है, जिससे पूरी बायपास योजना का मूल उद्देश्य अधूरा रह गया है। कहा- आम जनता को काफी परेशानी हो रहीइस अधूरे कार्य के कारण नर्मदापुरम और बैतूल से आने वाले वाहनों को अब भी रेलवे डबल फाटक पार करके शहर के अंदर से खंडवा रोड तक जाना पड़ रहा है। इससे शहर में यातायात का दबाव बढ़ गया है और आम जनता को काफी परेशानी हो रही है। खासकर, अजनाल नदी पर पुल के दोनों ओर एप्रोच रोड अधूरी होने से बाइक चालकों और ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को आवागमन में गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क निर्माण के लिए कुछ किसानों की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया भी लंबित है, जिसका प्रस्ताव शासन स्तर पर स्वीकृति के लिए भेजा गया है। इससे कार्य में और देरी हो रही है। इसके अतिरिक्त, निर्माण एजेंसी द्वारा कार्य की गति भी अत्यंत धीमी बताई गई है, जो चिंता का विषय है। विधायक ने कहा कि ये परिस्थितियां संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी की लापरवाही को दर्शाती हैं, जिसके कारण दो वर्षों में भी मात्र 1.5 किलोमीटर सड़क का निर्माण पूरा नहीं हो सका है। विधायक ने कलेक्टर से मांग की कि
फर्रुखाबाद के लोहिया अस्पताल में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अवनींद्र कुमार ने बंद पड़े पीकू वार्ड का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्हें वार्ड में भारी मात्रा में दवाएं मिलीं, जिस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। अस्पताल में पीकू वार्ड लगभग दो वर्षों से बंद पड़ा है, जबकि इसमें लाखों रुपये की मशीनें और बिस्तर सहित सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। इस कारण उपचार के लिए आने वाले बच्चों को पीकू वार्ड की सुविधा नहीं मिल पा रही है। यह मुद्दा समय-समय पर उठता रहा है, लेकिन इसके बावजूद वार्ड शुरू नहीं हो पाया है। सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार ने वार्ड खुलवाकर अंदर का जायजा लिया। दवाओं की भारी मात्रा देखकर उन्होंने सीएमएस को तत्काल दवाएं हटवाने और वार्ड की साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने दवाओं की एक्सपायरी डेट भी जांची, जिसमें आयरन की कुछ टैबलेट्स की एक्सपायरी डेट नजदीक मिली। इस पर उन्होंने इन दवाओं का जल्द से जल्द वितरण सुनिश्चित करने को कहा। निरीक्षण के दौरान, सीएमओ ने बाल रोग विशेषज्ञ को भी बुलाया और एनआरसी वार्ड को नीचे लाने का सुझाव दिया। उन्होंने वार्ड में भर्ती मरीजों से मिलकर उन्हें मिल रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। इसके अतिरिक्त, उन्होंने प्रशिक्षण पर आए जीएनएम प्रशिक्षुओं से भी सवाल-जवाब किए।
जयपुर के 11 वर्ष के विहान जैन ने एक मिनट में 134 फ्रंट स्लैप किक्स लगाकर कीर्तिमान बनाया। वहीं नेशनल मेडलिस्ट और ब्लैक बेल्ट सेकेंड डैन रक्षत धनोपिया ने 2 किलोग्राम अतिरिक्त वजन के साथ एक मिनट में 242 साइड एल्बो स्ट्राइक्स लगाकर नया रिकॉर्ड बनाया। जयपुर में आयोजित विशेष मार्शल आर्ट्स कार्यक्रम में इन दो युवा खिलाड़ियों ने इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया। विहान जैन और रक्षत धनोपिया ने शिवा क्लब की ओर से आयोजित कार्यक्रम में अद्भुत तकनीक और सहनशक्ति का प्रदर्शन करते हुए रिकॉर्ड कायम किए। कार्यक्रम में इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की ओर से आए आधिकारिक एडजुडिकेटर राजा मुकीम ने दोनों खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने बताया- विहान जैन ने एक मिनट में 134 फ्रंट किक्स और रक्षत धनोपिया ने 2 किलो वजन के साथ 242 एल्बो स्ट्राइक्स लगाकर रिकॉर्ड बनाया। इस दौरान दोनों खिलाड़ियों को मेडल और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। विहान जैन ने तोड़ा खुद का रिकॉर्ड महज 11 वर्ष के विहान जैन ने अपनी तेज गति और बेहतरीन तकनीक का प्रदर्शन किया। विहान ने एक मिनट में 134 फ्रंट स्लैप किक्स लगाकर कीर्तिमान बनाया। इससे पहले भी विहान इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज करा चुके हैं। खास बात यह रही कि अगस्त 2025 में उन्होंने एक मिनट में 119 किक्स लगाकर रिकॉर्ड बनाया था। इसे अब उन्होंने खुद ही तोड़ते हुए 134 किक्स का नया रिकॉर्ड स्थापित किया। विहान ने बताया- वे पिछले चार वर्षों से ताइक्वांडो की ट्रेनिंग ले रहे हैं और रोज करीब दो घंटे अभ्यास करते हैं। शुरुआत में उन्हें किक्स लगाने में कठिनाई होती थी और थोड़ा डर भी लगता था। इसके बाद नियमित अभ्यास और कोच के मार्गदर्शन से आत्मविश्वास बढ़ता गया। कई टूर्नामेंट में हिस्सा लिया, जिनमें कुछ में जीत मिली तो कुछ में अनुभव। अब रिकॉर्ड बनाकर अपने खेल सफर में बड़ी उपलब्धि हासिल की। रक्षत धनोपिया ने एक मिनट में किए 242 एल्बो अटैक नेशनल मेडलिस्ट और ब्लैक बेल्ट सेकेंड डैन रक्षत धनोपिया ने भी शानदार प्रदर्शन किया। रक्षत ने 2 किलोग्राम अतिरिक्त वजन के साथ एक मिनट में 242 साइड एल्बो स्ट्राइक्स लगाकर रिकॉर्ड बनाया। यह प्रदर्शन उनकी ताकत, सहनशक्ति और तकनीकी दक्षता का बेहतरीन उदाहरण रहा। रक्षत सात वर्षों से ताइक्वांडो की प्रैक्टिस कर रहे हैं। उन्होंने बताया- शुरुआत में उनकी स्टैमिना काफी कम थी और कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन लगातार मेहनत और नियमित अभ्यास से उन्होंने खुद को मजबूत बनाया। वे रोजाना कई सेट में अभ्यास करते हैं। कई बार तीन से चार घंटे तक ट्रेनिंग की। उन्होंने कोच प्रदीप सिंह राजावत और सुरभि शर्मा का आभार जताते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन से ही यह सफलता संभव हो पाई। कोच बोले – खिलाड़ियों की मेहनत रंग लाई खिलाड़ियों के कोच प्रदीप सिंह राजावत ने बताया- दोनों खिलाड़ियों ने रिकॉर्ड बनाने के लिए कड़ी मेहनत की। रक्षत सात साल से और विहान लगभग चार-पांच साल से अभ्यास कर रहे हैं। कई बार ट्रेनिंग के दौरान खिलाड़ियों को पैरों और कमर में दर्द भी हुआ, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अभ्यास जारी रखा। उन्होंने कहा- उनकी अकादमी में मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग के साथ-साथ लड़कियों को सेल्फ डिफेंस भी सिखाया जाता है। इसके अलावा खिलाड़ियों को जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर के ताइक्वांडो टूर्नामेंट के लिए भी तैयार किया जाता है। उनका सपना है कि उनकी अकादमी से कोई खिलाड़ी एक दिन ओलंपिक तक पहुंचे। खिलाड़ियोंं के पेरेंट्स रहे मौजूद कार्यक्रम में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर सुरभि शर्मा ने खिलाड़ियों की मेहनत और समर्पण की सराहना की। इसके अलावा राजेश कुमार (सहायक लेखा अधिकारी सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग) भी मौजूद रहे। इस अवसर पर दो बार के पैरा ओलंपियन कृष्णा नागर ने भी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा- ऐसी उपलब्धियां युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने और देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित करती हैं। कार्यक्रम में खिलाड़ियों के माता-पिता और खेल प्रेमियों की मौजूदगी में रिकॉर्ड बनने के बाद उत्साह का माहौल देखने को मिला।
शिक्षामित्रों का मानदेय 8 हजार रुपये बढ़ा:देवरिया में खुशी की लहर, यूपी सरकार का जताया आभार
देवरिया में परिषदीय विद्यालयों के शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ा दिया गया है। इस फैसले से जिले भर के शिक्षामित्रों में खुशी की लहर दौड़ गई। मंगलवार को शिक्षामित्रों ने सदर क्षेत्र में एकत्र होकर अपनी खुशी का इजहार किया और प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया। शिक्षामित्रों ने बताया कि वे लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे थे, जिसे अब सरकार ने पूरा कर दिया है। उन्होंने 8 हजार रुपये की बढ़ोतरी को एक ऐतिहासिक निर्णय बताया। शिक्षामित्रों के अनुसार, इस वृद्धि से उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और परिवार का भरण-पोषण आसान हो जाएगा। उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा कैबिनेट में प्रस्ताव पारित कर अप्रैल माह से बढ़ा हुआ मानदेय देने का फैसला सराहनीय है। उन्होंने इस निर्णय को शिक्षामित्रों के लिए 'संजीवनी' के समान बताया। अनिल यादव ने यह भी बताया कि समायोजन निरस्त होने के बाद से शिक्षामित्र अपने भविष्य को लेकर चिंतित और निराश थे, लेकिन मानदेय वृद्धि के इस फैसले से उनके चेहरों पर फिर से मुस्कान लौट आई है। उन्होंने मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि सरकार ने शिक्षामित्रों से किया गया वादा निभाया है। कार्यक्रम के दौरान शिक्षामित्रों ने एक-दूसरे को बधाई दी और सरकार के समर्थन में नारे भी लगाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी सरकार उनके हितों को ध्यान में रखते हुए ऐसे ही सकारात्मक निर्णय लेती रहेगी। जिले के शिक्षामित्रों का मानना है कि यह फैसला न केवल उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाएगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा।
बलरामपुर में अटल बिहारी वाजपेयी की राजनीतिक कर्मभूमि माना जाता है। वहां सपा नेताओं ने सेखुईया बाईपास चौराहे पर एक पार्क बनवाकर उसमें अटल जी की प्रतिमा स्थापित करवाई। खास बात यह रही कि इस पार्क का लोकार्पण भाजपा के स्थापना दिवस पर ही किया गया। प्रशासनिक मौजूदगी में हुआ लोकार्पण प्रतिमा का अनावरण जिलाधिकारी (डीएम) और मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) समेत अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ, जिससे इस कार्यक्रम को प्रशासनिक वैधता भी मिली। अटल बिहारी वाजपेयी ने 1957 में यहीं से पहली बार संसद में प्रवेश किया। 1957, 1962 और 1967 में यहां से चुनाव लड़ा। 1957 और 1967 में जीत हासिल की। आज भी स्थानीय लोगों के बीच अटल जी की यादें गहराई से जुड़ी हुई हैं। सपा के वरिष्ठ नेता सलिल सिंह टीटू का कहना है कि भाजपा ने अटल जी के नाम का इस्तेमाल सिर्फ चुनावी लाभ के लिए किया, जबकि वास्तविक सम्मान सपा ने दिया है। उनका कहना है कि समाजवादी विचारधारा सभी महापुरुषों को समान सम्मान देती है।
करनाल जिले में दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर बलड़ी बाईपास के नजदीक मंगलवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। हादसे में सीटीयू, पंजाब रोडवेज बसों और एक डंपर के बीच टक्कर हो गई, जिससे बसों में सवार कई यात्री घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और एंबुलेंस की मदद से घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। हादसे के चलते हाईवे पर कुछ समय के लिए जाम की स्थिति बन गई, जिसे बाद में पुलिस ने सामान्य करवाया। डिवाइडर से टकराकर अनियंत्रित हुई बस पुलिसकर्मी सोनू के अनुसार चंडीगढ़ रोडवेज की बस चंडीगढ़ की ओर जा रही थी। बस के आगे एक कार चल रही थी। इसी दौरान बस अचानक डिवाइडर से टकरा गई और अनियंत्रित हो गई। बस के पीछे चल रहा डंपर ड्राइवर ने स्थिति को देखकर अचानक ब्रेक लगा दिए। पीछे से टकराई पंजाब रोडवेज की बस डंपर के पीछे आ रही पंजाब रोडवेज की बस समय पर ब्रेक नहीं लगा सकी और सीधे डंपर से टकरा गई। इस टक्कर में बस में बैठी कई सवारियां घायल हो गईं। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुल की रेलिंग से टकराकर रुकी बस, टला बड़ा हादसा चंडीगढ़ रोडवेज की बस अनियंत्रित होकर पुल की रेलिंग से टकराकर रुक गई। गनीमत यह रही कि बस नीचे नहीं गिरी, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई। घायलों को एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर यातायात को दोबारा सुचारू करवाया। पुलिस बोली- शिकायत पर होगी कार्रवाई पुलिस के अनुसार हादसे में घायल यात्रियों को हल्की चोटें आई हैं। फिलहाल किसी की ओर से शिकायत नहीं दी गई है। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
भारत- पाकिस्तान इंटरनेशनल बॉर्डर के पास बाड़मेर में करीब 5 किलो क्रिस्टल ड्रग्स मिलने के बाद एटीएस और बाड़मेर की पुलिस टीमों ने बॉर्डर इलाकों के कई गांवों में दबिश दी। टीमों ने रासूका के आरोपी रहे रोशन खान को पकड़ने के लिए टीमों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। पकड़ने के बाद भी रोशन ने अपना रसूख दिखाते हुए अपनी गाडी में पुलिस थाने पहुंचा। ऐसा बताया जा रहा है कि पुलिस को उसको पकड़ने के लिए कई घंटों तक पसीने छूट गए। पुलिस को ग्रामीणों ने अंदर तक घुसने नहीं दिया। आरोपी रोशन खान अपनी गाडी स्कॉर्पियो में आगे की सीट पर बैठकर थाने पहुंचा। पुलिस गाडी उसको एस्कॉर्ट करती नजर आई। इससे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे है। दरअसल, राजस्थान, गुजरात एटीएस और बाड़मेर पुलिस ने बीती रात को संयुक्त कार्रवाई करते हुए नेशनल हाईवे 68 पर इको कार को रुकवाकर उसमें से करीब 5 किलो क्रिस्टल ड्रग्स को जब्त किया। वहीं दो तस्कर शंकरलाल और सलमान खान को पकड़ा। इसके बाद इन दोनों से पूछताछ के बाद टीमों ने रामसर थाना इलाके के सज्जन का पार, मठारानी और खलीफे की बावड़ी में दबिश दी गई। 25 करोड़ की ड्रग्स जब्त, पाकिस्तान के थारपारकर निवासी ने भेजी एसपी चूनाराम जाट ने बताया- गुजरात एटीएस के इनपुट के आधार पर राजस्थान एटीएस और बाड़मेर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की गई। सदर थाना इलाके में राजस्थान एटीएस और बाड़मेर पुलिस की ओर से नाकाबंदी की गई। दो लोगों इको कार से गिरफ्तार किया है। इनके पास से 5 किलो मेटामेटाफाइन सिथेंटिक ड्रग्स को जब्त किया गया है। जिसकी इंटरनेशनल कीमत 25 करोड़ रुपए के आसपास है। सलमान खान पुत्र शंकराराम दोनों निवासी सज्जन का पार, रामसर को गिरफ्तार किया है। यह ड्रग्स बॉर्डर पार से आई है। पाकिस्तान के थारपारपार जिले निवासी मसाद नाम के व्यक्ति ने उपलब्ध करवाई है। इनके पास से मोबाइल जब्त किए उसमें वीडियो फुटेज और वाट्सऐप चेटिंग है। इंटरनेशनल कॉलिंग मिली है। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल मोबाइल का विश्लेषण किया जा रहा है। इनके लोकल कनेक्शन और कहां सप्लाई करने जा रहे थे। पाकिस्तानी कनेक्शन एक नाम क्लियर हो गया है। इसके अलावा किस-किस से कनेक्शन है इसको लेकर पूछताछ की जा रही है। इस मामले में और हमारी खुफिसा इनपुट के आधार पर जिन लोगों पर संदेह है उनको पुलिस और एटीएस की ओर से पूछताछ के लिए लाया गया है। उनके मोबाइल और बाकी जो चीजें है उनका सर्च किया जा रहा है। उनका अगर किसी भी तरह की मिलीभगत जैसे बॉर्डर से पार करवाने में या बॉर्डर के किन्ही लोगों के साथ उनका संपर्क होता है तो उनको शामिल करके कार्रवाई की जाएगी। गुजरात होनी थी डिलीवर एटीएस एसपी ज्ञानेंद्र कुमार यादव ने बताया- इन दोनों आरोपियों को पाकिस्तान से ड्रग्स की सप्लाई दी गई है। इसने गुजरात में डिलीवर करने की बात कही है। पाकिस्तान से ड्रग्स कैसे आई यह जांच का बिंदु है। लेकिन हमारे पास पुख्ता सूचना है कि यह ड्रग्स पाकिस्तान से आई है। पकड़े गए सलमान और शंकराराम को पूर्व में पहले कोई क्राइम रिकॉर्ड नहीं है। प्राथमिक पूछताछ में यह तथ्य सामने आया है कि इन्होंने पहले भी ऐसी खेप पहुंचाई है। इसके हमारे पास टैक्निकल एविडेंस है। सलमान के बैंक खाते चैक करने पर पाया है कि गुजरात और दिल्ली से उसके खाते में पैसे आए है। रासूका का रहा चुका आरोपी पकड़ने में छूटे पसीनें मिली जानकारी के अनुसार पुलिस टीमों को रासूका के आराेपी रह चुका रोशन खान खलीफ को पकड़ने के लिए गई। लेकिन टीमों को गांव में जाने से ग्रामीणों ने रोक दिया। इसके बाड़मेर एसपी चूनाराम जाट मौके पर पहुंचे। उसके बाद रोशन खान को डिटेन किया गया। पुलिस की कार्यशैली पर सवाल, रोशन ने दिखाया रसूख आरोपी रोशन खान को पकड़ने के बाद वह पुलिस की गाड़ी में नहीं बैठकर अपनी स्कार्पियो से गांव से रवाना होकर थाने पहुंचा। इस दौरान उसकी स्कार्पियों को पुलिस की गाडी एस्कॉर्ट करती नजर आई। वहीं उसकी स्कार्पियों में थानेदार बैठाया गया। जो पीछे की सीट पर बैठे नजर आए। फिलहाल एसपी चूनाराम जाट और एटीएस एसपी ज्ञानचंद रोशन समेत अन्य लोगों से पूछताछ कर रहे है। भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर मिली 5KG क्रिस्टल ड्रग्स:कार में बाड़मेर से गुजरात सप्लाई करने जा रहे थे, 2 डिटेन
मऊ में स्कूली वाहनों का सत्यापन:पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य, न करने पर होगी कार्रवाई
मऊ जनपद में स्कूली वाहनों के सत्यापन को लेकर परिवहन विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) सुहेल अहमद के नेतृत्व में एक टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में स्कूली वाहनों का भौतिक सत्यापन किया। विभाग ने upisvmp.com पोर्टल पर वाहनों का पंजीकरण अनिवार्य किया है। इस अभियान के तहत एआरटीओ टीम ने 72 स्कूली वाहनों की जांच की। टीम ने अलीनगर, सिकठिया ओवरब्रिज, भुजौटी, झझवा और घोसी क्षेत्र के विद्यालयों का दौरा किया। इस दौरान वाहनों की स्थिति, फिटनेस और अन्य सुरक्षा मानकों का गहन निरीक्षण किया गया। अभियान में प्रधान सहायक महमूद अहमद, तारा सिंह चौहान, आनंद कुमार सिंह और कनिष्ठ सहायक अमित कुमार भी शामिल रहे। अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन से वाहनों के आवश्यक दस्तावेज और सुरक्षा मानकों से संबंधित विस्तृत जानकारी मांगी। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी सुहेल अहमद ने जनपद के सभी स्कूल प्रबंधकों से अपील की है कि वे अपने विद्यालयों में संचालित सभी वाहनों का विवरण upisvmp.com पोर्टल पर जल्द से जल्द अपलोड करें। इसका उद्देश्य सत्यापन और निरीक्षण प्रक्रिया को समय पर पूरा करना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो विद्यालय पोर्टल पर जानकारी अपलोड नहीं करेंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यह विशेष अभियान छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्राथमिक उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
संभल में भारतीय किसान यूनियन (बीआरएसएस) भारत राष्ट्रीय सेवक संघ के पदाधिकारियों ने उपजिलाधिकारी निधि पटेल को ज्ञापन सौंपा। जिला सलाहकार सरदार गुरु वचन सिंह के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की गई। संगठन ने प्रशासनिक भ्रष्टाचार पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जनहितकारी सरकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक ठीक से नहीं पहुँच पा रहा है। जिला अध्यक्ष कामेन्द्र चौधरी ने बताया कि सरकार किसानों और आमजन के लिए कई योजनाएँ चला रही है, लेकिन जनपद स्तर पर व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण लोगों को उनका अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आवास योजना, राशन कार्ड, वृद्धा पेंशन और विधवा पेंशन जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं में अनियमितताएँ हैं, जिससे पात्र लाभार्थी वंचित रह जाते हैं। जलभराव से बीमारियों का खतरा बढ़ रहा युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप शर्मा ने क्षेत्रीय समस्याओं को उजागर करते हुए बताया कि ग्राम चमरौआ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दवाइयों की कमी है, जिससे मरीजों को परेशानी होती है। ग्राम रहमापुर में सफाईकर्मी केवल कागजों में ही तैनात हैं, जबकि ज़मीनी स्तर पर सफाई व्यवस्था बदहाल है। इसके अतिरिक्त, ग्राम हिसामपुर में एक मुख्य मार्ग जर्जर हालत में है, जहाँ जलभराव से बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि ग्राम मेहराना में सीसी खड़ंजे का निर्माण कार्य अधूरा है, जिसे शीघ्र पूरा किया जाना चाहिए। संगठन ने निजी स्कूलों की मनमानी फीस वसूली और तहसील स्तर पर फैले भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगाने की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो भारतीय किसान यूनियन उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। ज्ञापन सौंपते समय संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
जगराओं में सीआईए स्टाफ ने दो नशा तस्करों को 265 ग्राम हेरोइन और एक आई-20 कार के साथ गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी पर पहले से 14 से ही अधिक मामले दर्ज हैं। फिलहाल थाना सिटी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान करमजीत सिंह उर्फ कर्मू निवासी गांव अखाड़ा और अनमोल सिंह उर्फ कट्टा निवासी मोरी गेट गुरुद्वारा के नजदीक, जगराओं के रूप में हुई है। जांच अधिकारी एसआई गुरसेवक सिंह ने बताया कि पुलिस पार्टी मल्क चौक में गश्त के दौरान वाहनों की चेकिंग कर रही थी। आसपास के गांवों में करते हैं हेरोइन सप्लाई उन्हें गुप्त सूचना मिली कि आरोपी करमजीत सिंह और उसका साथी अनमोल सिंह बड़े पैमाने पर नशा तस्करी करते हैं। वे जगराओं, रायकोट और आसपास के गांवों में हेरोइन की सप्लाई करते हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने कोठे खजूरा रोड स्थित श्मशानघाट के पास नाकाबंदी की। आरोपियों के कब्जे से 265 ग्राम हेरोइन बरामदकुछ देर बाद लुधियाना की तरफ से आ रही आई-20 कार को रोका गया। तलाशी लेने पर कार सवार आरोपियों के कब्जे से 265 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। पुलिस ने तुरंत दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर थाना सिटी में मामला दर्ज किया। आरोपी पर पहले से ही 14 मामले दर्जउन्हें दोपहर बाद अदालत में पेश कर आगे की पूछताछ शुरू कर दी गई है। जांच अधिकारी ने बताया कि मुख्य आरोपी करमजीत सिंह पर पहले से ही 14 मामले दर्ज हैं, जिनमें 12 नशा तस्करी, दो चोरी और एक असला एक्ट के तहत हैं। यह उसके खिलाफ 15वां मामला है। वह इन मामलों में कई बार जेल जा चुका है। पैसों के लालच में शुरू की नशा तस्करी आरोपी अनमोल सिंह पर यह तीसरा मामला दर्ज हुआ है। पूछताछ के दौरान अनमोल ने बताया कि वह मजदूरी करता है, लेकिन पैसों के लालच में नशा तस्करी के धंधे में शामिल हो गया। उस पर पहले दो मामले दर्ज है। पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी इतनी बड़ी मात्रा में हेरोइन कहां से खरीदकर लाते थे। साथ ही उनके मोबाइल फोन की जांच कर पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है।
मैनपुरी में 63 करोड़ रुपये की लागत से एक नया सांस्कृतिक केंद्र बनाया जा रहा है। यह केंद्र ऐतिहासिक तेज सिंह किले के पास विकसित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य जनपद को कला, संस्कृति और विरासत का प्रमुख केंद्र बनाना है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि मैनपुरी सरकार की प्राथमिकताओं में रहा है और यहां लगातार विकास कार्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस सांस्कृतिक केंद्र की स्थापना से जनपद को नई पहचान मिलेगी। परियोजना के लिए लगभग 25 हजार वर्गमीटर भूमि आवंटित की गई है। इस केंद्र में आधुनिक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। इसमें एक संग्रहालय, प्रदर्शनी क्षेत्र, खुला रंगमंच, पुस्तकालय, छात्रावास और कैफेटेरिया जैसी व्यवस्थाएं शामिल होंगी। इसके अलावा, 800 लोगों की क्षमता वाला एक अत्याधुनिक सभागार भी बनाया जा रहा है, जहां सांस्कृतिक कार्यक्रम और संगोष्ठियां आयोजित की जा सकेंगी। कलाकारों तथा प्रतिभाओं को एक मंच प्रदान करना लक्ष्य मंत्री जयवीर सिंह ने जानकारी दी कि केंद्र में मैनपुरी की प्राचीन मूर्तियों, शिल्पकला और स्थानीय कला को प्रदर्शित करने के लिए विशेष गैलरी तैयार की जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य विरासत को संरक्षित करना और स्थानीय कलाकारों तथा प्रतिभाओं को एक मंच प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि प्राचीन काल में चौहान वंश के शासक महाराजा तेज सिंह जूदेव ने इस क्षेत्र पर शासन किया था और ब्रिटिश साम्राज्य को चुनौती दी थी। ऐसे ऐतिहासिक स्थल के पास सांस्कृतिक केंद्र का निर्माण क्षेत्र के गौरवशाली इतिहास को नई पहचान देगा। अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने बताया- यह परियोजना केवल एक भवन नहीं, बल्कि सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने जोर दिया कि यह केंद्र विशेष रूप से युवाओं को अपनी जड़ों और इतिहास से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
अनुंकपा नियुक्ति पाने वाले सरकारी कर्मचारियों के लिए टाइपिंग एग्जाम पास करने का दूसरा मौका मई में आएगा। ऐसे में ऐसे कार्मिक जो जनवरी 2026 में टंकण परीक्षा (टाइपिंग एग्जाम) में सफल नहीं हो सके वे दोबारा प्रयास कर सकते हैं। पाली के अतिरिक्त जिला कलेक्टर डॉ. बजरंग सिंह ने बताया- 31 दिसम्बर 2022 से पहले नियुक्त ऐसे कार्मिक जो पहले एक्सट्रा अवसर के तहत जनवरी 2026 में आयोजित टाइपिंग परीक्षा में सफल नहीं हो सके, उनके लिए मई 2026 में दूसरा एक्सट्रा अवसर दिया जाएगा। यह परीक्षा जिला स्तर पर होगी। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि ऐसे कार्मिकों को कंप्यूटर टाइपिंग की अधिक से अधिक प्रैक्टिस कराएं ताकि वे आगामी परीक्षा में सफल हो सकें और राज्य सरकार की ओर से दिए गए अवसर का लाभ उठा सकें। बता दें कि यह परीक्षा उन कार्मिकों के लिए है जिनके परिजन का राजकीय सेवा में रहते हुए निधन हो गया और वे अनुकंपा नियुक्ति नियम (1996) के तहत नियुक्त हुए हैं। नियुक्ति पाने वाले ऐसे आश्रित जिन्होंने निर्धारित समयावधि में टाइपिंग परीक्षा पास नहीं की, उनके लिए सरकार ने दो अतिरिक्त अवसर दिए हैं।
राजनांदगांव जिले में राजस्व पखवाड़ा के तहत कलेक्टर जितेंद्र यादव ने सोमवार को राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम सुकुलदैहान में आयोजित शिविर का अचानक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण ग्रामीणों की राजस्व संबंधी समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से किया गया था। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और नक्शा सुधार जैसे राजस्व संबंधी मामलों को प्राथमिकता के आधार पर त्वरित रूप से निपटाया जाए। निराकरण समय-सीमा के भीतर कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निराकरण की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप आवेदनों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा के भीतर किया जाए। ग्रामीण सरकारी योजनाओं का लाभ लें कलेक्टर ने ग्रामीणों को अपने राजस्व दस्तावेज अद्यतन रखने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए भी प्रेरित किया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर प्रेमप्रकाश शर्मा और राजस्व विभाग के अन्य अधिकारी तथा ग्रामीण उपस्थित थे। जिला प्रशासन की जनदर्शन पहल आम जनता के लिए प्रभावी साबित हो रही है। कलेक्टर के निर्देश पर ग्राम सोमनी के तीन श्रमिकों को उनकी लंबे समय से रुकी हुई मजदूरी का भुगतान कुछ ही दिनों में कर दिया गया। ग्राम सोमनी निवासी बुधराम पटेल और अन्य श्रमिकों ने साप्ताहिक जनदर्शन में आवेदन देकर अपनी लंबित मजदूरी के भुगतान की गुहार लगाई थी। कलेक्टर ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जनपद पंचायत राजनांदगांव को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। प्रशासनिक सक्रियता के परिणामस्वरूप, कुल 25,056 रुपये की राशि श्रमिकों के बैंक खातों में अंतरित की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को पुनः सचेत किया कि जनदर्शन में प्राप्त प्रत्येक आवेदन पर प्रभावी और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि नागरिकों का प्रशासन पर विश्वास बना रहे।
नमस्कार, ये है, इंदौर में आज की 10 बड़ी खबरें। अब आप रोज शाम 5 बजे एक ही जगह पर शहर की दिन भर की बड़ी खबरें पढ़ सकते हैं। कब-क्या हुआ, इसकी सारी जानकारी यहां मिलेगी। राजनीति से लेकर हर दिन होने वाले बड़े इवेंट, हादसे, कार्यक्रम सबकुछ…। 1. इंदौर में NSUI नेताओं को पुलिस ने घसीटा देवी अहिल्या बाई विश्वविद्यालय में व्याप्त समस्याओं और छात्र हितों की अनदेखी के विरोध में एनएसयूआई उग्र आंदोलन किया। संगठन द्वारा विश्वविद्यालय के आरएनटी परिसर में जंगी प्रदर्शन किया। हालांकि इस दौरान विश्वविद्यालय के आसपास भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। जंगी प्रदर्शन में सैकड़ों छात्रों ने आते से ही विश्वविद्यालय परिसर में घुसने का प्रयास किया और वहां पुलिस से उनकी धक्कामुक्की हुई। पुलिस ने एनएसयूआई अध्यक्ष रजक पटेल सहित दो को गिरफ्तार कर लिया। पूरी खबर पढ़ें… 2. एमपी में कांग्रेस करेगी 9 अप्रैल को 'क्रूर विश्वासघात' आंदोलन मध्य प्रदेश कांग्रेस 9 अप्रैल को प्रदेश के सभी जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ता किसानों की बदहाली और सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में कलेक्टर कार्यालयों का घेराव करेंगी। प्रदेश कांग्रेस ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर किसानों को बिचौलियों के हवाले करने का गंभीर आरोप लगाया है। पूरी खबर पढ़ें… 3. इंदौर नगर निगम का 8453 करोड़ रुपए का बजट पेश इंदौर नगर निगम का 8453 करोड़ रुपए का बजट पेश किया गया। इस बजट में मास्टर प्लान की सड़कों को तय समय में पूरा करने पर जोर दिया गया है। कुशवाह नगर जैसी नई सड़कों का निर्माण और अधूरी सड़कों को तेजी से पूरा करने की योजना शामिल की गई है। बजट का बड़ा हिस्सा पानी से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर है। इनमें नर्मदा परियोजना का चौथा चरण, नई पाइपलाइन बिछाना, पुरानी पाइपलाइन बदलना, हर वार्ड में पानी टेस्टिंग लैब बनाने का लक्ष्य रखा गया है। पूरी खबर पढ़ें… 4. इंदौर में जिम संचालक पर तलवार से हमला शहर के एरोड्रम इलाके में कार पार्किंग को लेकर हुआ मामूली विवाद अचानक हिंसक हो गया। गुस्साए पड़ोसी ने जिम संचालक पर तलवार से हमला कर दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले में संज्ञान लिया है। मामला 60 फीट रोड का है, जहां आशु व्यास जिम का संचालन करते हैं। उनका पास में रहने वाले राकेश खंडेलवाल से कार पार्किंग को लेकर विवाद हुआ था। कहासुनी के बाद मामला इतना बढ़ा कि पड़ोसी तलवार लेकर मौके पर पहुंच गया और अचानक हमला कर दिया। पूरी खबर पढ़ें… 5. मोबाइल पर बात के बाद तीसरी मंजिल से गिरी युवती शहर के छत्रीपुरा इलाके में एक 18 वर्षीय युवती की तीसरी मंजिल से गिरने से मौत हो गई। घटना सोमवार रात की है। पुलिस शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या मानकर चल रही है, हालांकि मोबाइल पर किससे बातचीत हो रही थी, इसका खुलासा अभी नहीं हो सका है। मामला समाजवाद नगर गली नंबर-3 का है, जहां रहने वाली मेहक राठौर सोमवार रात छत से नीचे गिर गई। परिजनों के अनुसार, वह मोबाइल पर किसी से बात कर रही थी और कुछ देर बाद नीचे आ गिरी। उसका मोबाइल छत पर ही मिला है। पूरी खबर पढ़ें… 6. ‘लादेन’ नाम से खौफ फैलाने वाला ड्रग तस्कर गिरफ्तार खजराना पुलिस ने खुद को ‘ओसामा’ बताकर खौफ फैलाने वाले ड्रग तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से करीब 100 ग्राम एमडी ड्रग बरामद हुई है। शहर में उसे ‘लादेन’ नाम से जाना जाता था और वह इसी नाम का इस्तेमाल कर लोगों में डर बैठाता था। पुलिस के मुताबिक आरोपी ओसामा चंदन नगर इलाके का रहने वाला है। उसकी शक्ल और नाम कुख्यात आतंकी ओसामा बिन लादेन से मिलते-जुलते होने के कारण लोग उसे ‘लादेन’ कहकर बुलाते थे। आरोपी भी इसी नाम का इस्तेमाल कर अपना रौब जमाता था। पूरी खबर पढ़ें… 7. मैनेजमेंट की प्रोफेसर को 40 बार किया कॉल इंदौर में एक निजी कॉलेज में मैनेजमेंट प्रोफेसर महिला का सिर उसके पति ने दीवार पर दे मारा। गला पकड़कर कहा कि अगर उसकी बात नहीं मानी तो जिंदा नहीं छोड़ेगा। पति की हरकत से नाराज महिला ने घर छोड़ दिया था। इसके बाद उसने 40 बार कॉल किया। जब फोन रिसीव नहीं हुआ तो उसने उसे ढूंढकर यह हरकत की है। पूरी खबर पढ़ें… 8. चौकीदार पर सरिए से हमला, आरोपी पर केस दर्ज इंदौर के लसूड़िया थाना क्षेत्र में चौकीदार पर हमले का मामला सामने आया है। घटना के बाद सोमवार को पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक 70 वर्षीय मुन्नालाल वंशकार एक मकान के बाहर चौकीदारी कर रहे थे। इसी दौरान एक महिला ने उनसे अपने पति को फोन लगाने के लिए कहा और बताया कि सफाई के दौरान एक महिला पहली मंजिल से गिर गई है। चौकीदार ने अपनी डायरी से नंबर निकालकर महिला के पति गोपाल मंसोरे को फोन किया। पूरी खबर पढ़ें… 9. इंदौर जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई इंदौर जिला प्रशासन ने टिगरिया बादशाह क्षेत्र के समीप एक गोदाम पर सोमवार को बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर एसडीएम निधि वर्मा के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने छापा मारकर भारी मात्रा में बिना लाइसेंस के संग्रहित सॉल्वेंट बरामद किया। पूरी खबर पढ़ें… 10. ब्लैकमेल कर अकाउंट में डलवाए रुपए इंदौर के द्वारकापुरी में ब्लैकमेल कर ठगी करने का मामला सामने आया है। ठग ने 15 साल की लड़की के न्यूड फोटो और वीडियो अपने पास होने तथा उन्हें वायरल करने की धमकी देकर खाते में रुपए डलवा लिए। द्वारकापुरी पुलिस ने इलाके में रहने वाली 15 वर्षीय छात्रा की शिकायत पर अज्ञात मोबाइल नंबर धारक के खिलाफ ब्लैकमेल कर रुपए ऐंठने के मामले में एफआईआर दर्ज की है।पूरी खबर पढ़ें
उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में फोरेंसिक विभाग के छात्रों ने परिसर में सुरक्षा की मांग को लेकर प्रदर्शन किया है। मंगलवार को एक छात्रा के साथ छेड़छाड़ की शिकायत के बाद छात्रों ने कुलसचिव कार्यालय का घेराव किया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने और पेट्रोलिंग बढ़ाने का आश्वासन दिया है। पीड़ित छात्रा ने मीडिया को बयान देने से किया इनकार विश्वविद्यालय परिसर में हुई छेड़छाड़ की घटना से आहत होने के कारण पीड़ित छात्रा ने मीडिया के सामने आने और कोई बयान देने से इनकार कर दिया है। कुलसचिव ने पुलिस के पास लिखित शिकायत दर्ज कराई है और कहा फिलहाल आरोपी की पहचान नहीं हो पाई है, यह जांच का विषय है। असामाजिक तत्वों से असुरक्षित महसूस कर रहे स्टूडेंट्स विश्वविद्यालय के छात्रों का आरोप है कि परिसर में असामाजिक तत्वों की आवाजाही बढ़ गई है, जिससे छात्र-छात्राएं स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इस समस्या को लेकर छात्र कुलसचिव डॉ. अनिल शर्मा से मिले और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस प्रशासन से परिसर में नियमित रूप से कम से कम तीन बार पेट्रोलिंग करने का अनुरोध किया है, ताकि भविष्य में फिर से ऐसी कोई घटना नहीं हो सके।
फतेहाबाद में कार में पकड़ी गई 60 किलो चूरापोस्त हिसार से आई थी। फतेहाबाद पुलिस ने इस मामले में मुख्य सप्लायर शेर सिंह को पकड़ा है। पुलिस टीम इस नेटवर्क को खंगालते हुए हिसार जिले के गांव मुलापुर निवासी मुख्य सप्लायर शेर सिंह तक पहुंची। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में पहले गिरफ्तार आरोपी अनूप से पूछताछ के बाद शेर सिंह का नाम सामने आया। नाकेबंदी के दौरान पकड़ी गई थी कार सदर थाना प्रभारी प्रहलाद सिंह ने बताया कि 4 अप्रैल को पुलिस टीम ने बड़ोपल-कुम्हारिया रोड पर नाकेबंदी के दौरान सफेद रंग की कार रुकवाई गई थी। कार की तलाशी लेने पर पिछली सीट और डिग्गी से पांच प्लास्टिक कट्टों में 60 किलोग्राम चूरापोस्त (डोडा पोस्त) बरामद किया गया था। पहले गांव बड़ोपल निवासी कार ड्राइवर पकड़ा था एसएचओ ने बताया कि इस घटनाक्रम में कार ड्राइवर ढाणी बड़ोपल निवासी अनूप कुमार को पुलिस ने उसी समय गिरफ्तार कर लिया था। अनूप कुमार के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था। मामले की जांच अभी भी जारी है।
मध्यप्रदेश के जबलपुर में एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां पुलिस का खौफ नहीं, बल्कि चोर के प्रति रहमदिली देखने को मिली। शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में स्ट्रीट डॉग्स ने घेरकर जैसे-तैसे एक चोर को पकड़ा और लोगों ने पुलिस के हवाले कर दिया, लेकिन पुलिसकर्मियों ने कार्रवाई करने के बजाय उसे छोड़ दिया। हालांकि मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच की बात कही है। स्कूटी चुराते हुए दिखा चोर दरअसल, 5 और 6 अप्रैल की दरमियानी रात सिविल लाइन थाना क्षेत्र के हेड पोस्ट ऑफिस स्थित समदड़िया कॉलोनी में एक चोर घुसा। काफी देर तक यहां-वहां घूमने के बाद उसे कॉलोनी में खड़ी एक स्कूटी दिखाई दी। चोर ने काफी देर तक स्कूटी चुराने का प्रयास किया और लगभग उसे ले जाने में सफल भी हो गया, लेकिन इसी दौरान कॉलोनी में घूमने वाले स्ट्रीट डॉग्स उस पर भौंकने लगे। रात करीब 3 बजकर 15 मिनट पर कॉलोनी में रहने वालों की नींद खुल गई। लोग घरों से बाहर निकले, चोर को पकड़ा, उसकी धुनाई की और फिर सिविल लाइन थाना पुलिस तथा डायल 112 को मौके पर बुलाकर चोर को उनके हवाले कर दिया। सिंबा, छोटू, छुटकी, गोलू, ब्लैकी और लंगड़ी ने घेरा समदड़िया कॉलोनी में कई सालों से सिंबा, छोटू, छुटकी, गोलू, ब्लैकी और लंगड़ी नाम के स्ट्रीट डॉग्स रहते हैं। कॉलोनीवासियों ने उन्हें ये नाम दिए हैं। चोर ज्योति सिंह के घर में घुसा और एक्टिवा का हैंडल तोड़कर भागने की फिराक में था। तभी सभी स्ट्रीट डॉग्स ने मिलकर उसे घेर लिया। चोर ने डॉग्स को डराने की बहुत कोशिश की और उन पर लकड़ी-पत्थर से हमला भी किया, लेकिन डॉग्स हटे नहीं और डटे रहे। लगातार भौंकने की आवाज सुनकर कुछ ही देर में कॉलोनी के अधिकतर लोग बाहर निकल आए और चोर को रंगे हाथों पकड़ लिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस ने उनसे कागज पर दस्तखत कराए और घर जाने को कह दिया। जब उन्होंने एफआईआर और पावती मांगी तो ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तर्क दिया कि आरोपी ‘स्मैकी’ और ‘नशेड़ी’ है, इसे बंद करने का क्या फायदा, और उसे छोड़ दिया गया। चोरी की पूरी वारदात सीसीटीवी में कैद कॉलोनी के लोगों ने चोरी की पूरी वारदात, जो सीसीटीवी में कैद हुई है, पुलिस को भी दिखाई। फुटेज में वह साफ तौर पर एक्टिवा ले जाते हुए दिखाई दे रहा है और बाद में डॉग्स उसे रोकते नजर आते हैं। मामले में सिविल लाइन थाना पुलिस ने न तो एफआईआर दर्ज की और न ही गिरफ्तारी की। इस पूरी घटना के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या अब चोरों को पकड़ने का जिम्मा सिर्फ जनता और गली के कुत्तों ने ले रखा है। जब इस लापरवाही का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और पुलिस की किरकिरी शुरू हुई, तब जाकर आला अफसरों के सुर बदले। अब पुलिस फिर उसी चोर की तलाश की बात कह रही है, जिसे उसने खुद अपने हाथों से जाने दिया था। वायरल वीडियो को लेकर एडिशनल एसपी सूर्यकांत शर्मा का कहना है कि थाना सिविल लाइन क्षेत्र में हेड पोस्ट ऑफिस के पास रहने वाले आवेदक पक्ष ने एक आवेदन पत्र प्रस्तुत किया है। साथ ही उन्होंने एक सीसीटीवी फुटेज भी दिया है, जिसमें एक व्यक्ति स्कूटी ले जाते हुए दिखाई दे रहा है। मौके पर मौजूद कुत्तों ने उसे रोकने की कोशिश की, जिसके बाद वह व्यक्ति अचानक वहां से गायब हो गया। आवेदन पत्र को थाना सिविल लाइन में जांच हेतु लिया गया है। फुटेज के आधार पर उसकी पहचान स्थापित कर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
ग्वालियर के बहोड़ापुर थाना क्षेत्र में मंगलवार दोपहर सागर ताल में दो पुरुष और एक महिला ने छलांग लगा दी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। इनमें से इलाज के दौरान एक युवक की मौत हो गई। महिला और पुरुष की हालत स्थिर पुलिस के अनुसार, घटना दोपहर करीब 3:30 बजे की है। डॉक्टरों के मुताबिक, फेफड़ों में पानी भरने के कारण उसकी मौत हुई। वहीं, एक महिला और एक पुरुष की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि मृतक और घायल महिला-पुरुष आपस में भाई-बहन हैं। हालांकि, अभी तक तीनों की आधिकारिक पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस के अनुसार, तीनों जनकगंज थाना क्षेत्र के ढोलीबुआ इलाके के निवासी बताए जा रहे हैं। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और आत्महत्या के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। एक की मौत हो गई, दो को बचाया बहोड़ापुर थाने के एएसआई विजेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि सूचना मिली थी कि दो भाई और एक बहन सागर ताल में कूद गए हैं। हम मौके पर पहुंचे और लोगों की मदद से तीनों को निकाल लिया। यहां इलाज के दौरान एक की मौत हो गई। दूसरा भाई इरदेश खान आसपड़ोस के लोगों की बुराई कर रहा है।
जोधपुर की कई कॉलोनियों में जलापूर्ति की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों ने आक्रोश जताया। लोगों ने जलदाय विभाग के अधिशाषी अभियंता, नगरखंड द्वितीय लाल सागर ऑफिस में मंगलवार को ज्ञापन सौंपकर 6 इंच की नई पाइपलाइन डालने की मांग की है। कॉलोनी वासियों ने ऑफिस के बाहर नारे भी लगाए। लोगों ने कहा- जोधपुर के नांदड़ी स्थित डिफेंस कॉलोनी में लंबे समय से पानी की किल्लत से परेशानी हो रही है। डिफेंस कॉलोनी निवासी भंवरलाल चवेल के अनुसार- करीब 25 वर्ष पहले डाली गई 4 इंच की पाइपलाइन वर्तमान आबादी के हिसाब से पर्याप्त नहीं है। हालात ऐसे हैं कि अब इस पाइपलाइन से केवल कुछ ही घरों तक पानी पहुंच पाता है, जबकि बाकी लोगों को रोजाना पानी के टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। इससे करीब 200 घरों को पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया- AON लाइब्रेरी से प्रिया सिलाई सेंटर होते हुए रामनिवास के घर तक करीब 800 मीटर नई पाइपलाइन डालना आवश्यक है। साथ ही लाइब्रेरी के पास मुख्य सड़क पर वाॅल्व लगाने की मांग भी की गई है, ताकि गली में पर्याप्त जल सप्लाई हो सके। लोग बोले- शिकायत के बाद भी समाधान नहीं प्रदर्शकारियों ने कहा- वर्तमान में प्रिया सिलाई सेंटर रोड पर सड़क निर्माण और सीवरेज लाइन का कार्य चल रहा है। ऐसे में यदि अभी पानी की नई पाइपलाइन नहीं डाली गई तो बाद में बनी हुई सीसी सड़क को तोड़ना पड़ेगा। इससे अनावश्यक खर्च और परेशानी बढ़ेगी। कॉलोनीवासियों ने जल आपूर्ति को नियमित करने और समय निर्धारित करने की भी मांग की। उन्होंने कहा- इस संबंध में पहले भी विभाग को लिखित शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही 6 इंच की पाइपलाइन डालकर जल आपूर्ति सुचारू नहीं की गई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस दौरान गंगाराम गोदारा, भंवरलाल चवेल, रामप्रकाश ढाका, ओमप्रकाश डूडी, दिनेश सोनी, झूमरलाल बिश्नोई, बीमाराम बिश्नोई, सुभाष बिश्नोई, उम्मेद राम गोदारा, मेहराम राम डूडी, पांचाराम, श्रवण राम माली सहित कॉलोनीवासी मौजूद रहे।
शाजापुर के मक्सी बायपास पर मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खंभे से टकरा गई। हादसे में बाइक पर सवार चार युवक घायल हो गए। तेज रफ्तार बनी हादसे की वजहजानकारी के अनुसार, सभी युवक एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए इंदौर जा रहे थे। सिरोलिया के पास बाइक की रफ्तार अधिक होने के कारण चालक ने नियंत्रण खो दिया, जिससे मोटरसाइकिल खंभे से जा टकराई। एम्बुलेंस से पहुंचाया अस्पतालघटना की सूचना मिलते ही 108 एम्बुलेंस के जननी पायलट राजेंद्र मेवाड़ा मौके पर पहुंचे और सभी घायलों को तुरंत शाजापुर जिला अस्पताल पहुंचाया। दो की हालत गंभीरजिला अस्पताल के डॉक्टर रवि सोनी ने बताया कि चारों घायलों में से दो को मामूली चोटें आई हैं, जबकि एक युवक के सिर और दूसरे के चेहरे पर गंभीर चोटें लगी हैं। सभी का इलाज जारी है।घायलों की पहचान राज, संदीप, अनिल और संतोष के रूप में हुई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे की जांच शुरू कर दी है।
अजमेर के सेंट्रल जेल के अधीन चल रहे खुला बंदी शिविर (ओपन जेल) से एक उम्रकैदी के भाग जाने के बाद हड़कंप मच गया। आरोपी दुष्कर्म मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था और शाम की गिनती के दौरान उसके गायब होने का पता चला। घटना के बाद पुलिस और जेल प्रशासन आरोपी की तलाश में जुट गया है। मामला रविवार शाम का है, जब बंदियों की नियमित गिनती के दौरान कैदी आशाराम उर्फ आसू (34) अनुपस्थित मिला। वह भीलवाड़ा जिले का निवासी है और पोक्सो एक्ट व दुष्कर्म जैसे गंभीर मामलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। हाजिरी के समय मिला गायब जेल प्रशासन के अनुसार, आशाराम को वर्ष 2025 में बीकानेर जेल से अजमेर के खुले बंदी शिविर में शिफ्ट किया गया था। रविवार शाम हाजिरी के समय वह नहीं मिला तो प्रभारी ने उसके मोबाइल पर संपर्क किया, लेकिन फोन स्विच ऑफ आया। परिजनों से संपर्क करने पर भी उसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। एफआईआर दर्ज, तलाश शुरू घटना के बाद सेंट्रल जेल प्रशासन ने सिविल लाइंस थाना पुलिस को रिपोर्ट भेजकर मामला दर्ज कराया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 262 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फरार बंदी की तलाश के लिए टीमों का गठन किया गया है। पहले भी मिल चुके हैं ऐसे मामले खुले बंदी शिविरों से कैदियों के फरार होने की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठते रहे हैं। फिलहाल पुलिस और जेल प्रशासन आरोपी की तलाश में जुटा है।
धार की ऐतिहासिक भोजशाला एक बार फिर चर्चा में है। अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के संस्थापक प्रवीण तोगड़िया ने सोमवार को भोजशाला का दौरा किया। उन्होंने यहां मां वाग्देवी के दर्शन किए और परिसर में मौजूद विभिन्न धार्मिक चिन्हों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया पर लाइव होकर अपने विचार भी साझा किए। परिसर में मिले धार्मिक चिन्हों का किया उल्लेखभोजशाला परिसर के निरीक्षण के बाद तोगड़िया ने अखंड ज्योति मंदिर में मीडिया से बातचीत की। उन्होंने दावा किया कि भोजशाला एक सरस्वती मंदिर है। उनके अनुसार, यहां मौजूद शिवलिंग, कार्तिकेय स्वामी की मूर्ति, शंकर जी के प्रतीक, कालसर्प यंत्र और दीवारों पर अंकित यक्षिणी जैसे चिन्ह इसके प्राचीन हिंदू धार्मिक स्थल होने के प्रमाण हैं। निर्बाध पूजा व्यवस्था की उठाई मांगतोगड़िया ने बताया कि वे करीब 23 साल पहले भी भोजशाला के मुद्दे पर यहां आए थे, जिसके बाद एक बड़ा आंदोलन शुरू हुआ था। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि यहां मूर्ति के साथ नियमित और निर्बाध पूजा की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर मंदिर और मूर्तियां मौजूद हों, वहां अन्य धार्मिक गतिविधियां नहीं होनी चाहिए। तोगड़िया ने इसे आस्था और परंपरा का विषय बताते हुए इस दिशा में स्पष्ट निर्णय लेने की मांग की। आंदोलन की दी चेतावनीअपने संबोधन में तोगड़िया ने वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश में ऐसी स्थितियां हैं, जहां धार्मिक आस्थाओं के संरक्षण के लिए कदम उठाए जा सकते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि जरूरत पड़ी तो इस मुद्दे पर फिर से बड़ा जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। तोगड़िया ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद और उससे जुड़े संगठन पहले भी इस विषय को उठा चुके हैं और आगे भी इसकी धार्मिक पहचान बनाए रखने के लिए आवाज उठाते रहेंगे। उनके दौरे और बयानों के बाद भोजशाला को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है, जिससे आने वाले समय में यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक रूप से और गरमा सकता है। देखें तस्वीरें
फतेहाबाद जिले के टोहाना में किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को रेलवे रोड स्थित अनाज मंडी में कालवन तपा खाप पंचायत द्वारा प्रदर्शन किया जाएगा। इस प्रदर्शन की अगुवाई खाप नेता फकीरचंद करेंगे। खाप नेता फकीरचंद ने एक प्रेस वार्ता में बताया कि सरकार द्वारा गेहूं खरीद को लेकर बनाए गए नियमों से किसानों में नाराजगी है। इसी के विरोध में यह प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है। इसमें 12 गांवों के किसान शामिल होंगे। फकीरचंद ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस मामले पर ध्यान नहीं दिया, तो यह मुद्दा 52 गांवों की सर्व खाप पंचायत तक ले जाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके बाद सरकार को किसानों की मांगें माननी होंगी। नियमों को वापस लेने की मांग उन्होंने सरकार द्वारा अनाज मंडी में गेहूं लाने के लिए सुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक का समय निर्धारित करने पर आपत्ति जताई। इसके अलावा, ट्रैक्टर-ट्रॉली पर रजिस्ट्रेशन नंबर लिखवाने के निर्देश को भी अनुचित बताया। खाप नेता ने मांग की कि सरकार इन दोनों निर्णयों को तुरंत वापस ले। फसल लाने के लिए समय की पाबंदी नहीं इस संबंध में मार्केट कमेटी सचिव संदीप गर्ग ने स्पष्ट किया है कि सरकार की ओर से फसल लाने के लिए कोई समय की पाबंदी नहीं है। किसी भी समय किसान अपनी फसल लेकर आ सकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।
मेरठ की सेंट्रल मार्केट में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए 44 संपत्तियों को सील करने के आदेश के बाद से चारों तरफ हड़कंप मचा हुआ है। व्यापारी जहां अपने प्रतिष्ठानों को बचाने के लिए प्रशासन से अपील करते हुए विरोध कर रहे हैं तो वहीं डॉक्टर बी अस्पताल बंद कर चुके हैं। इसी क्रम में शास्त्रीनगर के आसपास के क्षेत्र में जो बैंक की सीलिंग कार्रवाई की चपेट में आ रहे हैं उनके ग्राहक भी सुबह से ही बैंकों में पहुंच गए, कोई अपना लॉकर में रखा सामान निकालना चाहता है तो कोई अपना खाता बंद करने पहुंच रहा है। कई बैंक आए चपेट मेंशास्त्री नगर स्थित पंजाब नेशनल बैंक, आईडीबीआई बैंक और कुछ अन्य प्राइवेट बैंक भी जहां संचालित हो रहे हैं वह आवासीय भूमि है, जिसको सुप्रीम कोर्ट ने सील करने का आदेश दिया है। इसके चलते ग्राहक सुबह से ही बैंक में पहुंच रहे हैं। जिस कारण बैंक का स्टाफ भी परेशान है। वहीं बैंक के मैनेजर लोगों से अपील कर रहे हैं कि अगर बैंक शिफ्ट भी होता है तब भी आपका खाता और आपका लाकर सुरक्षित रख रहेगा लेकिन फिर भी लोगों में इसको लेकर भी एक परेशानी है। लिखित आदेश तक रुकी सीलिंगसुप्रीम कोर्ट में जो निर्णय कल सुनाया था उसका अभी तक कोई लिखित आदेश नहीं मिला है। इसलिए व्यापारियों द्वारा अभी तक आवास विकास के अधिकारियों को सीलिंग की कार्रवाई करने से रोका जा रहा है। उनका कहना है कि जब तक कोई लिखित आदेश कोर्ट द्वारा इस संबंध में नहीं आता है वह इस कार्रवाई को नहीं होने देंगे। इसके लिए व्यापारियों ने सुबह से ही मार्केट में एकत्रित होकर एक बैठक भी की जिसमें विपक्ष के कुछ जनप्रतिनिधि भी पहुंचे। बंदी की भी घोषणासेंट्रल मार्केट की इस कार्रवाई के विरोध में मेरठ के संयुक्त व्यापार संघ में भी प्रतिभाग किया है। व्यापार संघ के अध्यक्ष द्वारा आगामी 9 अप्रैल को सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद करने की घोषणा की गई है । उनका कहना है कि इस लड़ाई में सभी व्यापारियों को एकजुट होना होगा तभी जो प्रतिष्ठान व्यापारियों ने सालों मेहनत करके बनाए हैं उनको बचाने में कामयाब होंगे। ये प्रतिष्ठान सीलिंग की चपेट में स्कूल 1-अमेरिकन किड्स गुरुद्वारा रोड सैक्टर 2-ब्रेन्स रैनबो सैक्टर-पीएनबी स्कूल के बराबर आरटीओ रोड 3-दीवान द बेस सैक्टर-1 PNB बैंक के सामने आरटीओ रोड 4-MIET Kids सैक्टर-2 शास्त्रीनगर आरटीओ रोड 5-मिनाक्षी पब्लिक स्कूल सेक्टर 6 शास्त्री नगर 6-द गुरुकुलम G block शास्त्रीनगर कुटी रोड 7-MPGS kids सैक्टर 6 शास्त्रीनगर अस्पताल1-सैनफोर्ड हॉस्पिटल गुरूद्वारा रोड सैक्टर-22-डा॰ अशोक गर्ग क्लिनिक सैक्टर -2 3-डा॰ सौरभ तिवारी क्लिनिक-6 4-वर्धमान हॉस्पिटल सैक्टर-2 5-जनप्रिय हॉस्पिटल-शास्त्रीनगर 6-सुमित नर्सिंग होम-सैक्टर-67-कंसल डेन्टल क्लिनिक सैक्टर-6 बैंक्वट हॉल1) रंगोली मंडप सेक्टर 7 शास्त्री नगर 2)रॉयल चैंबर सेक्टर 7 शास्त्री नगर 3) शांति पैलेस गुरुद्वारा रोड 4) अंपायर पैलेस सेक्टर 3 गुरुद्वारा रोड शास्त्री नगर
ईशकपुरा मर्डर केस का खुलासा:तीन आरोपी गिरफ्तार, रील और रंजिश के चक्कर में मारी थी मुकेश को गोली
जिले के सिंघाना थाना इलाके के गांव ईशकपुरा में हुए सनसनीखेज मुकेश उर्फ टींकू हत्याकांड का पुलिस ने महज चार दिनों में खुलासा कर दिया है। जिला स्पेशल टीम (DST) और सिंघाना थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए हत्याकांड के मुख्य आरोपी विजय सिंह उर्फ मिंटू सहित उसके दो अन्य साथियों को भैसावता कलां की पहाड़ियों से घेराबंदी कर दबोच लिया है। हत्या की वजह एक साल पुरानी शादी की मारपीट और इंस्टाग्राम रील्स पर किए गए आपत्तिजनक कमेंट्स की रंजिश बताई जा रही है। पहाड़ियों में छिपे थे कातिल हत्याकांड के बाद से ही आरोपी फरार थे, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर के निर्देशन में विशेष टीमें गठित की गई थीं। एसपी कावेन्द्र सिंह सागर ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों की तलाश में नीमकाथाना, सीकर, फतेहपुर और लक्ष्मणगढ़ सहित दर्जनों ठिकानों पर दबिश दी और करीब 200 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। आज 7 अप्रैल को डीएसटी के कांस्टेबल प्रदीप को सटीक सूचना मिली कि आरोपी भैसावता कलां की पहाड़ियों में छिपे हुए हैं। इस पर पुलिस टीम ने पहाड़ियों की घेराबंदी की। पुलिस को देख आरोपी भागने और छिपने की कोशिश करने लगे, लेकिन मुस्तैद टीम ने चारों तरफ से घेरकर मुख्य आरोपी विजय उर्फ मिंटू, सोमवीर और अजीत को गिरफ्तार कर लिया। सीने में गोली मारकर की थी हत्या यह मर्डर 3 अप्रैल 2026 को किया गया था। मृतक मुकेश उर्फ टींकू अपने दोस्तों से मिलने ईशकपुरा गांव गया था। वहां पहले से घात लगाकर बैठे विजय उर्फ मिंटू और उसके साथियों ने मुकेश की रेकी की। जैसे ही वह रास्ते से गुजरा, आरोपियों ने लाठियों से हमला कर उसे बाइक से नीचे गिरा दिया। इससे पहले कि मुकेश संभल पाता, मुख्य आरोपी ने देसी कट्टे से उसके सीने से सटाकर गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देकर आरोपी मोटरसाइकिल पर सवार होकर फरार हो गए थे। रंजिश, बदला और सोशल मीडिया की जंग पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मुकेश और विजय के बीच करीब एक साल पहले एक शादी समारोह में मारपीट हुई थी। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ता गया। हाल ही में इंस्टाग्राम रील्स पर एक-दूसरे के खिलाफ किए गए आपत्तिजनक कमेंट्स ने आग में घी का काम किया। इसी रंजिश का बदला लेने के लिए आरोपियों ने मुकेश की हत्या की पूरी साजिश रची थी। गिरफ्तार आरोपियों का प्रोफाइल और आपराधिक पुलिस गिरफ्त में आए तीनों आरोपी कम उम्र के हैं लेकिन मुख्य आरोपी विजय का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। विजय उर्फ मिंटू (26 वर्ष): निवासी ईशकपुरा। इसके खिलाफ चोरी, धोखाधड़ी, मारपीट और आर्म्स एक्ट के कुल 7 मामले दर्ज हैं। यह आदतन अपराधी है। अजीत भरगड (23 वर्ष): निवासी नानूवाली बावड़ी। इसके खिलाफ पूर्व में भी मारपीट और गंभीर धाराओं में मामला दर्ज है। सोमवीर (22 वर्ष): निवासी भोदन, थाना सिंघाना। पुलिस टीम की सफलता इस खुलासे में एसपी कावेन्द्र सिंह सागर के नेतृत्व में डीएसटी टीम के एएसआई शशिकांत, हेड कांस्टेबल शीशराम, हेड कांस्टेबल दिनेश और कांस्टेबल प्रदीप की विशेष भूमिका रही। सिंघाना थानाधिकारी सुगन सिंह के नेतृत्व में पुलिस अब आरोपियों से हत्या में प्रयुक्त हथियारों की बरामदगी को लेकर पूछताछ कर रही है।
सतना कलेक्ट्रेट परिसर में ड्यूटी के दौरान एक बड़े बाबू का सोते हुए वीडियो सामने आया है। सोमवार दोपहर यह घटना उस समय हुई जब कलेक्टर सभागार में टीएल मीटिंग ले रहे थे। वीडियो में बड़े बाबू नींद में खलल पड़ने पर गाली-गलौज करते दिख रहे हैं। जानकारी के अनुसार, संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन में स्थित ट्राइबल विभाग में पदस्थ बड़े बाबू आशुतोष मिश्रा अपने दफ्तर की एक टेबल पर सोते हुए पाए गए। उन्होंने दफ्तर की फाइलों को तकिया बना रखा था। ‘मेरी नौकरी कोई नहीं छीन सकता’वहां मौजूद कुछ लोगों और मीडिया कर्मियों ने उन्हें जगाने की कोशिश की और ड्यूटी के समय सोने का कारण पूछा। इस पर बड़े बाबू अपनी गलती स्वीकार करने के बजाय भड़क उठे। वीडियो बनता देख उन्होंने अभद्र भाषा का प्रयोग करना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने कैमरे के सामने खुलेआम चुनौती देते हुए कहा, 'मेरी नौकरी कोई नहीं छीन सकता, जो उखाड़ना है उखाड़ लो।' दफ्तर के भीतर इस तरह की अनुशासनहीनता प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। इधर, इस घटनाक्रम पर प्रशासन की ओर से कोई बयान सामने नहीं आया है।
हरियाणा के नारनौल में पुलिस की साइबर सेल टीम ने तकनीकी सर्विलांस की सहायता से 32 गुम हुए महंगे स्मार्टफोन बरामद किए हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत लगभग 6 लाख 71 हजार 168 रुपये है। पुलिस मुख्यालय में पुलिस अधीक्षक (एसपी) दीपक ने स्वयं अपने हाथों से ये सभी मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों के सुपुर्द किए। साइबर सेल की टीम ने न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि दूसरे जिलों और अन्य राज्यों में भी ट्रैक करके इन मोबाइलों को बरामद करने में सफलता पाई है। इस पूरी प्रक्रिया में केंद्र सरकार द्वारा जारी सीईआईआर पोर्टल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मालिकों के चेहरों पर खुशी अपने खोए हुए कीमती मोबाइल वापस पाकर सभी मालिकों के चेहरे खुशी से खिल उठे। फोन प्राप्त करने वाले नागरिकों ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि फोन गुम होने के बाद उन्हें इसके दोबारा मिलने की कोई उम्मीद नहीं थी, लेकिन पुलिस की इस तत्परता ने उन्हें नया फोन खरीदने के भारी आर्थिक बोझ से बचा लिया है। लोगों को जागरूक किया इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक दीपक ने वहां मौजूद लोगों को मोबाइल सुरक्षा के प्रति विशेष रूप से जागरूक किया। उन्होंने कहा कि मोबाइल गुम होने की स्थिति में घबराने की आवश्यकता नहीं है। एसपी ने सुरक्षा के दो महत्वपूर्ण कदम सुझाए। उन्होंने कहा कि मोबाइल खोते ही तुरंत सीईआईआर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि फोन को आसानी से ब्लॉक और ट्रैक किया जा सके, जिससे इसका गलत इस्तेमाल रुक सके। दूसरा, फोन गुम होते ही अपनी सिम को तुरंत बंद करवाएं और डुप्लीकेट सिम निकलवाएं ताकि कोई भी आपके नंबर का दुरुपयोग कर किसी साइबर अपराध को अंजाम न दे सके।
झालावाड़ जिला पुलिस ने सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मौतों पर अंकुश लगाने के लिए एक नई पहल की है। इसके तहत खानपुर क्षेत्र में 8 अप्रैल को एक घंटे के लिए 'आदर्श ट्रैफिक जोन' बनाया जाएगा। यह कदम यातायात नियमों की पूर्ण पालना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि चिंता का विषय है। इसी को ध्यान में रखते हुए झालावाड़ जिले में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता और पालना के लिए यह पहल शुरू की गई है। थाना खानपुर क्षेत्र में 8 अप्रैल को शाम 4 बजे से 5 बजे तक दहीखेड़ा चौराहा से काली तलाई तक के क्षेत्र को आदर्श ट्रैफिक जोन घोषित किया गया है। इस एक घंटे के दौरान आदर्श ट्रैफिक जोन में यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। यह भी निर्धारित किया गया है कि इस क्षेत्र में किसी भी वाहन ड्राइवर द्वारा यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। 'जीरो टॉलरेंस' की इस अवधारणा से सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मौतों को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। थानाधिकारी खानपुर ने क्षेत्र के नागरिकों से यातायात नियमों का पूर्ण पालन करने की अपील की है। इस संबंध में थाना खानपुर में सीएलजी सदस्यों और पुलिस मित्रों की बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें उनसे सहयोग और जागरूकता फैलाने का आग्रह किया गया। खानपुर पुलिस का यह प्रयास समाज में अनुशासन, जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत कर एक सुरक्षित वातावरण बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली में एक एसईसीएल कर्मचारी ने मामूली विवाद के बाद अपनी ही बाइक में आग लगा दी। यह घटना सोमवार रात बाबू लाइन कॉलोनी के वार्ड नंबर 12 में हुई। विवाद गाड़ी निकालने की जगह को लेकर शुरू हुआ था। जानकारी के मुताबिक, गोलू गुप्ता अपनी बोलेरो लेकर घर लौट रहे थे। रास्ते में एसईसीएल कर्मचारी गोविंद प्रजापति की बाइक खड़ी थी। गोलू ने किनारे से अपनी गाड़ी निकाल ली, जिस पर गोविंद भड़क गया और गाली-गलौज करने लगा। पेट्रोल डालकर आग लगाने की कोशिश गोलू गुप्ता का आरोप है कि नशे में धुत गोविंद ने पहले उन पर पेट्रोल डालकर आग लगाने की कोशिश की। जब शोर सुनकर मोहल्ले वाले इकट्ठा हुए और बीच-बचाव किया, तो गुस्से में आकर गोविंद ने अपनी ही बाइक फूंक दी। मौके पर मौजूद एक महिला ने भी इस बात की पुष्टि की है कि विवाद के दौरान गोविंद काफी आक्रामक था। पुलिस कर रही है जांच घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आग बुझाई, लेकिन तब तक बाइक पूरी तरह जलकर राख हो चुकी थी। थाना प्रभारी राजेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि शिकायत मिल गई है और मामले की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राजनांदगांव पुलिस ने शेयर मार्केट में निवेश और तंत्र-मंत्र के जरिए पैसा दोगुना करने का झांसा देकर करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी की गई। अब पुलिस ने एक आरोपी को मध्य प्रदेश के इंदौर से गिरफ्तार किया है। इस धोखाधड़ी के कारण पीड़ित कोमल साहू ने पिछले साल आत्महत्या कर ली थी। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब राजनांदगांव निवासी कोमल साहू ने पिछले साल 17 अक्टूबर को मानसिक तनाव के चलते जहर का सेवन कर लिया था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस को जांच के दौरान मृतक के पास से एक सुसाइड नोट मिला। बैंक स्टेटमेंट और मोबाइल डेटा खंगालने पर धोखाधड़ी के चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। कोमल ने आरोपी को दिए थे 4 करोड़ जांच में पता चला कि, इंदौर निवासी मोहम्मद अजीज खान (57) ने कोमल साहू को शेयर मार्केट और 'चटिया मटिया' नामक तंत्र-मंत्र के जरिए रकम दोगुनी करने का लालच दिया था। इस झांसे में आकर कोमल साहू ने आरोपी को लगभग 4 करोड़ रुपए दे दिए थे। बड़ी रकम डूबने और कर्जदाताओं के बढ़ते दबाव के कारण उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया। आरोपी इंदौर से गिरफ्तार पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देश पर सिटी कोतवाली पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की। तकनीकी साक्ष्यों का पीछा करते हुए पुलिस टीम इंदौर पहुंची और 3 अप्रैल को आरोपी मोहम्मद अजीज खान को गिरफ्तार कर लिया। न्यायिक रिमांड पर भेजा गया जेल आरोपी की पहचान मोह. अजीज खान पिता के.के. सलगुनन निवासी रॉयल टाउन कॉलोनी महू, इंदौर के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) (धोखाधड़ी), 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 17 अप्रैल तक के लिए न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। राजनांदगांव पुलिस प्रशासन ने बताया कि पुलिस 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रही है। इस मामले में अन्य संलिप्त आरोपियों के खिलाफ भी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और जल्द ही उन पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
धनबाद-मुंबई साप्ताहिक एक्सप्रेस के उद्घाटन समारोह में धनबाद मेयर संजीव सिंह का आमंत्रण रद्द करने के बाद उपजे विवाद ने तूल पकड़ लिया है। मामला बढ़ने पर धनबाद रेल मंडल के अधिकारियों ने मंगलवार को खुद मेयर के आवास पहुंचकर खेद व्यक्त किया और इसे प्रशासनिक चूक बताया। दरअसल, धनबाद में मेयर और सांसद के बीच नगर निगम चुनाव से शुरू हुआ विवाद अब सार्वजनिक मंचों तक पहुंच गया है। इसकी बानगी सोमवार की रात धनबाद-एलटीटी नियमित ट्रेन के उद्घाटन समारोह में दिखी। रेलवे ने पहले मेयर संजीव सिंह को विधिवत पत्र भेजकर कार्यक्रम में शामिल होने का आमंत्रण दिया। कार्यक्रम से डेढ़ घंटे पहले अचानक नया मोड़ आयाकार्यक्रम के मुताबिक सांसद ढुलू महतो को विधायक राज सिन्हा व रागिनी सिंह और मेयर की मौजूदगी में ट्रेन को हरी झंडी दिखानी थी। हालांकि कार्यक्रम शुरू होने से महज डेढ़ घंटे पहले घटनाक्रम ने अचानक नया मोड़ ले लिया। धनबाद मंडल की तरफ से रात करीब 9:30 बजे दूसरा पत्र लिख मेयर को कहा गया कि आपको दिया आमंत्रण रेलवे बोर्ड के निर्देश के अनुरूप नहीं है। स्टेशन पर लगे बैनर को भी आनन-फानन में बदल विधायक रागिनी सिंह और संजीव सिंह का नाम हटा दिया गया। सांसद ढुलू महतो ने ट्रेन के इंजन पर चढ़कर हरी झंडी दिखाईइसके बाद सांसद ढुलू महतो धनबाद स्टेशन पहुंचे। प्लेटफॉर्म नंबर 8 पर सांसद ने ट्रेन के इंजन पर चढ़कर हरी झंडी दिखाई। उसके बाद ट्रेन रवाना हुई। हालांकि बैनर पर विधायक राज सिन्हा का नाम था, पर वे कार्यक्रम में नहीं दिखे। वहीं, रेलवे की मनाही के बाद संजीव सिंह नहीं पहुंचे। बैनर से नाम हटने पर झरिया विधायक रागिनी सिंह भी नहीं पहुंचीं। इस प्रकरण में मेयर ने सांसद का नाम लिए बगैर कहा-एक खास व्यक्ति का बीपी कंट्रोल करने के लिए रेलवे ने मुझे कार्यक्रम में शामिल होने से रोका। डीआरएम के लेटरपैड से संजीव को मिला आमंत्रणडीआरएम ने खुद 3 अप्रैल को अपने लेटरपैड से मेयर को आमंत्रण भेजा था। बैनर भी बन गया, जिसमें मेयर संजीव सिंह व उनकी विधायक पत्नी रागिनी सिंह का भी नाम था। बैनर बाकायदा स्टेशन के कार्यक्रम स्थल पर लगा भी दिया गया था। एसीएम ने लिखा-निमंत्रण बोर्ड के नियम अनुकूल नहींकार्यक्रम से ऐन पूर्व एसीएम-2 सुनील कुमार के हस्ताक्षर से मेयर को एक पत्र भेजा गया, जिसमें प्रोटोकॉल का हवाला देकर कार्यक्रम में नहीं आने को कहा गया। फिर नया बैनर बना, जिसमें संजीव व रागिनी सिंह का नाम गायब था। उस खास व्यक्ति को अब अपना बीपी का इलाज करा ही लेना चाहिए: संजीवमेयर संजीव सिंह ने मंगलवार को कहा कि चार दिन पहले मुझे कार्यक्रम में शामिल होने के लिए डीआरएम ने आमंत्रण दिया था। इससे एक खास व्यक्ति का बीपी अचानक बढ़ गया। उनका बीपी नियंत्रित करने के लिए रेलवे ने मुझे समारोह में शामिल होने से रोक दिया। मैं तो पहले से ही उस खास व्यक्ति को बीपी का इलाज कराने के लिए कह रहा हूं, पर मेरी बात पर ध्यान नहीं दिया। इसलिए बीपी कंट्रोल होने के बजाय बढ़ता जा रहा है। रेलवे ने कहा- प्रोटोकॉल में मेयर को बुलाने का प्रावधान है ही नहींइधर, डीआरएम अखिलेश मिश्र ने कहा कि रेलवे बोर्ड के निर्देशों के तहत प्रोटोकॉल का पालन किया गया। इसके तहत स्थानीय सांसद व विधायक को आमंत्रित किया गया, पर मेयर को आमंत्रण पत्र देने और फिर उन्हें दूसरा पत्र लिख मना करने के संबंध में रेलवे अधिकारियों ने चुप्पी साध ली। --------------------यह भी खबर पढ़िए धनबाद से मुंबई सीधी ट्रेन सेवा हुई शुरू:सांसद ढुल्लू महतो ने दिखाई हरी झंडी, 1848 किमी की तय होगी दूरी, 28 स्टेशनों पर ठहराव धनबाद से लोकमान्य तिलक टर्मिनस, मुंबई के बीच नई साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेन का नियमित परिचालन शुरू हो गया है। सोमवार देर रात 11 बजे धनबाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 7 से सांसद ढुल्लू महतो ने इसे हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अब तक यह ट्रेन स्पेशल सेवा के रूप में चलाई जा रही थी, जिसे रेल मंत्रालय ने स्थायी और नियमित सेवा का दर्जा दे दिया है। ट्रेन के नियमित होने से धनबाद और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को मुंबई के लिए सीधी और बेहतर रेल सुविधा उपलब्ध हो गई है, जिससे लंबे समय से चली आ रही मांग भी पूरी हुई है। पढ़िए पूरी खबर...
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले में पुलिसकर्मी ही यातायात नियमों का उल्लंघन करते नजर आ रहे हैं। जिले की सड़कों पर पुलिसकर्मियों की ऐसी दर्जनों निजी गाड़ियां दौड़ रही हैं, जिनमें नंबर प्लेट गायब हैं, लेकिन कांच के पीछे 'पुलिस' लिखी अस्थाई प्लेट लगी हुई है। यह नजारा पुलिस थानों के सामने भी आम है, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। जांच में सामने आया है कि कई पुलिसकर्मियों ने ऐसी गाड़ियां खरीदी हैं जो उनके रिश्तेदारों या परिचितों के नाम पर पंजीकृत हैं। इन वाहनों का उपयोग पुलिसकर्मी अपनी पहचान बताने और टोल या चेकिंग से बचने के लिए करते हैं। यह न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन है, बल्कि विभागीय सेवा सिद्धांतों के भी विपरीत है। वर्दी की आड़ में नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं इस गंभीर स्थिति पर जिले के एडिशनल एसपी अविनाश मिश्रा ने मीडिया को बताया कि इस तरह के मामले उनके संज्ञान में आए हैं। एडिशनल एसपी ने आश्वासन दिया कि वर्दी की आड़ में नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। होगी दंडात्मक कार्रवाही उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून सबके लिए बराबर है और जल्द ही ऐसे बिना नंबर वाले या नियम विरुद्ध नेम प्लेट लगाकर घूमने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त अभियान चलाकर दंडात्मक कार्रवाही की जाएगी। अब देखना यह होगा कि विभाग अपने ही कर्मचारियों पर नकेल कसने में कितना सफल होता है, जो खुद को कानून से ऊपर समझ रहे हैं।
मध्य प्रदेश के तीन राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल दो दिन बाद, यानी 9 अप्रैल को पूरा हो रहा है। कांग्रेस के विधायकों के कानूनी दांव-पेंच में उलझने से दिग्विजय सिंह वाली राज्यसभा सीट पर कांग्रेस का जोखिम बढ़ता जा रहा है। इस सीट को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने हॉर्स ट्रेडिंग की आशंका जताई है। भोपाल में अपने आवास पर मीडिया से चर्चा में उमंग सिंघार ने कहा कि बीजेपी हर जगह सरकारें खरीदती है, सरकारें तोड़ती और बेचती है। कई राज्यों में ऐसा हुआ है। अगर यहां (एमपी) हॉर्स ट्रेडिंग होती है तो कोई बड़ी बात नहीं है। कांग्रेस को पता है कि यह सब होने वाला है, लेकिन इसके लिए पार्टी पूरी मजबूती के साथ तैयार है। उन्होंने कहा कि इस बात का मुझे पूरा विश्वास है कि कांग्रेस के सभी विधायक हमारे उम्मीदवार के पक्ष में वोटिंग करेंगे। देश ऑटोक्रेसी की तरफ जा रहा उमंग सिंघार ने कहा कि मैंने कई बार कहा है कि देश ऑटोक्रेसी, यानी चुनावी सत्तावाद की तरफ जा रहा है। किस प्रकार से संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाया जाता है, यह देश और प्रदेश में देखा जा रहा है। राजेंद्र भारती की लड़ाई कांग्रेस पार्टी की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर न्याय के लिए कोर्ट के दरवाजे खटखटाने पड़ते हैं, लेकिन वहां तारीख पर तारीख मिलती है। लोकतंत्र को बचाने के लिए न्यायपालिका को इस पर विशेष ध्यान देना चाहिए। PWD मंत्री बोले- हार सामने दिख रही इधर, नेता प्रतिपक्ष के हॉर्स ट्रेडिंग वाले बयान पर एमपी के PWD मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि जब हार सामने दिख रही हो, तो उसे जस्टिफाई करने के लिए कोई न कोई रास्ते ढूंढने ही पड़ते हैं। तीसरी सीट पर उम्मीदवार उतारने को लेकर मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि यह निर्णय पार्टी करेगी। पार्टी स्तर पर फैसला होगा और योग्य निर्णय लिया जाएगा। अभी इस पर कुछ कहना जल्दबाजी होगी। अब एमपी में राज्यसभा चुनाव का गणित समझिए दरअसल, एमपी में तीन राज्यसभा सीटें 9 अप्रैल को खाली हो रही हैं। सुमेर सिंह सोलंकी और जॉर्ज कुरियन बीजेपी के सांसद हैं, वहीं एक सीट पर कांग्रेस से दिग्विजय सिंह सांसद हैं। इन तीनों सीटों पर चुनाव होना है। कांग्रेस के लिए क्यों बढ़ा जोखिम एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए 58 विधायकों की जरूरत होती है। विधानसभा के आंकड़ों के मुताबिक कांग्रेस के 65 विधायक हैं। हालांकि, बीना से विधायक निर्मला सप्रे लोकसभा चुनाव के दौरान सीएम के समक्ष बीजेपी का दुपट्टा पहन चुकी हैं। उनका दलबदल का मामला हाईकोर्ट में लंबित है। विजयपुर से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा चुनावी शपथ पत्र में आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाने के मामले में एमपी हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ से अयोग्य घोषित हो चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल उनकी विधायकी बच गई है, लेकिन वे राज्यसभा सहित सदन के किसी भी मतदान में भाग नहीं ले पाएंगे। दतिया से विधायक राजेंद्र भारती को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने तीन साल की सजा सुनाई है। उनकी सीट विधानसभा सचिवालय ने रिक्त घोषित कर चुनाव आयोग को सूचना भेज दी है। ऐसे में कांग्रेस के विधायकों की संख्या राज्यसभा चुनाव के जीत के मार्जिन के हिसाब से घट गई है। कांग्रेस के पास फिलहाल 62 वोट बचे हैं। राष्ट्रपति चुनाव में हो चुकी क्रॉस वोटिंग द्रौपदी मुर्मू के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान एमपी में डेढ़ दर्जन विधायक क्रॉस वोटिंग कर चुके हैं। ऐसे में कांग्रेस को राज्यसभा चुनाव में भी क्रॉस वोटिंग और हॉर्स ट्रेडिंग का डर सता रहा है।
बड़वानी नगर पालिका के वार्डों में लगाए जा रहे 'जल सुनवाई' कैंपों पर पार्षदों ने ही सवाल खड़े कर दिए हैं। नेता प्रतिपक्ष राकेश सिंह जाधव ने आरोप लगाया है कि इन कैंपों में गंदे और बदबूदार पानी को भी 'शुद्ध' बताकर जनता को धोखा दिया जा रहा है। राकेश सिंह जाधव ने बताया कि वार्ड 12 और 13 के कैंप में वे खुद वार्ड 17 (स्नेह नगर) से सीवरेज मिला हुआ गंदा पानी लेकर पहुंचे थे। इस पानी से तेज बदबू आ रही थी, लेकिन जांच के बाद वहां मौजूद टीम ने इसे 'शुद्ध' करार दे दिया। उन्होंने कहा कि जब इतना गंदा पानी शुद्ध है, तो फिर असली शुद्ध पानी कैसा होता है, यह नगर पालिका को बताना चाहिए। जांच प्रक्रिया पर उठाए सवाल जाधव के मुताबिक, वार्ड 13 के एक निवासी राजू भाई गोले भी अपने घर के पानी का सैंपल लाए थे। उनके पानी को शुद्ध बताने के बाद जब जाधव का लाया हुआ बदबूदार पानी चेक किया गया, तो उसे और भी ज्यादा शुद्ध बता दिया गया। नेता प्रतिपक्ष का कहना है कि नगर पालिका सिर्फ दिखावे के लिए ये कैंप लगा रही है और लोगों को गुमराह कर रही है। CMO को पानी पिलाने की चुनौती जाधव ने चेतावनी दी है कि वे इस गंदे पानी का सैंपल लेकर नगर पालिका सीएमओ के पास जाएंगे और उनसे खुद इसे पीकर इसकी शुद्धता साबित करने को कहेंगे। उन्होंने पीएचई विभाग की जांच टीम की ईमानदारी और पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए हैं। इस मामले के बाद शहर में पानी की क्वालिटी और उसकी सरकारी जांच को लेकर बहस छिड़ गई है।
कैथल के पूंडरी से भाजपा विधायक सतपाल जांबा ने पाई से करोड़ा मार्ग पर हाल ही में बनी सड़क को लेकर क्षेत्रवासियों द्वारा प्राप्त शिकायतों का संज्ञान लिया। विधायक सतपाल जांबा ने सड़क का औचक निरीक्षण किया तो सड़क निर्माण में कई खामियां सामने आईं। जिस पर विधायक ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित ठेकेदार और अधिकारियों को मौके पर ही फटकार लगाई और कार्य को सही करने के लिए सख्त निर्देश जारी किए। विधायक ने सड़क की गुणवत्ता, निर्माण सामग्री और कार्य की स्थिति का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने पाया कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं किया गया है। इस पर उन्होंने ठेकेदार को फटकार लगाते हुए स्पष्ट कहा कि सड़क को दोबारा उच्च गुणवत्ता के साथ तैयार किया जाए और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बोले- जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा विधायक ने कहा कि जनता की मेहनत की कमाई से विकास कार्य किए जाते हैं, इसलिए उनमें गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। जहां भी खामियां मिलेंगी, वहां तुरंत कार्रवाई की जाएगी और जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य की लगातार निगरानी रखी जाए और तय समय सीमा के भीतर सड़क को दोबारा बनाकर दुरुस्त किया जाए, ताकि आमजन को बेहतर और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके। निरीक्षण के दौरान मौजूद ग्रामीणों ने विधायक के इस सख्त रुख की सराहना करते हुए कहा कि इससे भविष्य में कार्यों की गुणवत्ता में सुधार होगा और जनता को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। विधायक ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में किसी भी कार्य में लापरवाही पाई गई तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
करौली में सड़क पर खड़ी 35 गाड़ियां जब्त:गलत पार्किंग और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई
करौली शहर में यातायात व्यवस्था सुधारने और अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। नगर परिषद, यातायात पुलिस और कोतवाली पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर सड़क पर खड़े वाहनों और अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। यह अभियान डीएसपी अनुज शुभम के निर्देशन में चलाया गया। कार्रवाई गुलाब बाग से हिंडौन दरवाजा, हॉस्पिटल रोड और गुलाब बाग से होटल नीर एंड नाइस तक की गई।अभियान के दौरान सड़क पर खड़ी 35 से ज्यादा बाइकों को जब्त किया गया। इसके अलावा दुकानदारों द्वारा सड़क पर रखे गए सामान, बोर्ड और अन्य अतिक्रमण सामग्री को भी हटाकर जब्त किया गया। अतिक्रमण करने पर होगी कड़ी कार्रवाईएसडीएम प्रेमराज मीणा ने बताया कि गुलाब बाग से हिंडौन दरवाजे तक अस्थायी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई है। सड़क पर वाहन खड़ा करने, सामान फैलाने और अस्थायी दुकानें लगाने वालों के खिलाफ सख्ती बरती गई।प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में दोबारा अतिक्रमण करने पर और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शहर में यातायात को सुचारु बनाए रखना और आमजन को राहत प्रदान करना है।

