बड़वानी में दीपावली पर हिंगोट, कार्बाइड गन और लोहे या प्लास्टिक के पाइप से पटाखे फोड़ने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। प्रतिबंधित आतिशबाजी की सामग्री जमा करने, खरीदने और बेचने पर भी रोक है। नियम तोड़ने वालों पर विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत कार्रवाई होगी। नियम तोड़ने पर एक लाख रुपए के बाउंड ओवर की कार्रवाई शुक्रवार रात 8 बजे शहर कोतवाली में टीआई बलजीत सिंह बिसेन ने नागरिकों, व्यापारी संघ और प्रबुद्धजनों की बैठक ली। उन्होंने बताया कि हिंगोट, कार्बाइड गन और लोहे, पीवीसी या स्टील के पाइप में विस्फोटक पदार्थ भरकर पटाखे फोड़ना प्रतिबंधित है। ऐसी सामग्री जमा करने और उसकी खरीद-बिक्री की भी अनुमति नहीं है। टीआई ने कहा कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत एफआईआर दर्ज की जाएगी। ऐसे मामलों में पहले शामिल रहे आरोपियों और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ एक लाख रुपए के बाउंड ओवर की कार्रवाई भी की जा रही है। बच्चों को प्रतिबंधित आतिशबाजी से दूर रखने की अपील टीआई ने नागरिकों से अपने मोहल्ले, कॉलोनी और परिवार में प्रतिबंधों की जानकारी साझा करने को कहा। उन्होंने बच्चों को लोहे या पीवीसी पाइप से बनी आतिशबाजी नहीं करने के लिए समझाने की अपील की। प्रतिबंधित सामग्री की बिक्री की जानकारी पुलिस को देने को भी कहा। उन्होंने नागरिकों से दीपावली सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से मनाने और नियमों का पालन कर पुलिस का सहयोग करने की अपील की।
हाईकोर्ट के जस्टिस एनके व्यास ने कहा कि किसी भी कर्मचारी के खिलाफ विभागीय जांच के बिना दंडात्मक कार्रवाई करना अवैधानिक है। हाईकोर्ट ने रायपुर के पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के उस आदेश निरस्त कर दिया है, जिसमें उन्होंने चौकीदार को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी थी। कोर्ट ने विश्वविद्यालय को कर्मचारी को सेवा में वापस लेने और दो महीने के भीतर वेतन का काल्पनिक निर्धारण करने का निर्देश दिया है। हालांकि, सेवा से बाहर रहने की अवधि का पिछला वेतन नहीं मिलेगा। याचिकाकर्ता रामसिंह यादव की नियुक्ति यूनिवर्सिटी में 6 जुलाई 2002 को चौकीदार के पद पर हुई थी। परिवीक्षा अवधि पूरी होने के बाद 8 जुलाई 2004 को उसे नियमित किया गया। उस पर 7 जून से 4 अगस्त 2011 तक ड्यूटी से अनुपस्थित रहने का आरोप लगा। बीमारी का दिया हवाला, यूनिवर्सिटी ने दी अनिवार्य सेवानिवृत्तियाचिकाकर्ता ने यूनिवर्सिटी की नोटिस का जवाब दिया, जिसमें बीमारी और हृदय संबंधी परेशानी का हवाला दिया था। विश्वविद्यालय ने 10 सितंबर 2012 को 461 दिनों की अनुपस्थिति को बिना वेतन की अवधि मानते हुए एक वेतनवृद्धि रोकने का दंड दिया। इसके बाद 16 अप्रैल 2013 को उसे अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी गई। न्याय के लिए हाईकोर्ट में लगाई याचिकाइस आदेश के खिलाफ याचिकाकर्ता ने अभ्यावेदन भी दिया था, जिसे11 जुलाई 2018 को खारिज कर दिया गया। जिससे परेशान होकर चौकीदार ने न्याय के लिए हाईकोर्ट की शरण ली। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने पाया कि अनिवार्य सेवानिवृत्ति का आदेश दंडात्मक प्रकृति का था और इसे नियमित विभागीय जांच के बिना जारी किया गया था। विश्वविद्यालय ने बार-बार अनुपस्थिति और खराब कार्यप्रदर्शन का तर्क दिया, लेकिन कोर्ट ने निर्धारित प्रक्रिया का पालन जरूरी माना। इसके बाद दोनों आदेश निरस्त कर दिए।
एटा में मलावन-अलीगढ़ रूट पर अनुबंधित रोडवेज बस के संचालन में गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर एआरएम प्रदीप यादव ने शुक्रवार शाम करीब 3:30 बजे जांच की। बस गौशाला के पास सड़क किनारे खड़ी मिली। एआरएम ने कहा कि प्रथम दृष्टया संचालन में गड़बड़ी दिखाई दी है। मामले की विस्तृत जांच कराई जाएगी। एआरएम को बस संख्या यूपी 86 एटी 1037 के सड़क किनारे खड़े रहने की शिकायत मिली थी। आरोप था कि बस को निर्धारित रूट पर चलाने के बजाय खड़ा कर दिया जाता था और मलावन तक के कुछ टिकट बनाकर औपचारिकता पूरी की जाती थी। इससे परिवहन निगम को नुकसान होने की आशंका जताई गई थी। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी गई है। टिकट मशीन और जीपीएस रिकॉर्ड की होगी जांच प्रदीप यादव ने बताया कि बस अनुबंधित है और संबंधित दिन छुट्टी पर थी। जांच के दौरान बस मालिक के घर के पास खड़ी मिली। मौके पर परिचालक अपर्णा भी मौजूद थीं। एआरएम ने बताया कि परिचालक को फटकार लगाई गई है। उन्होंने कहा कि टिकट मशीन के डेटा का मिलान किया जाएगा और बस के जीपीएस रिकॉर्ड की जांच होगी। जांच में गड़बड़ी की पुष्टि होने और दोषी पाए जाने पर बस का अनुबंध समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
श्रीगंगानगर जिले के रायसिंहनगर में करीब साढ़े तीन साल पुराने दुलीचंद उर्फ निक्कू हत्याकांड में अपर जिला एवं सेशन न्यायालय संख्या-2 ने एक पति-पत्नी सहित 6 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने प्रत्येक आरोपी पर 32 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जज तरुणकांत तिवाड़ी ने यह फैसला सुनाया। खेत में रखवाली कर रहे दुलीचंद से मारपीट, घर ले जाकर भी पीटा अपर लोक अभियोजक वेदप्रकाश ठंडी ने बताया - 13 मार्च 2023 की रात दुलीचंद उर्फ निक्कू (38) अपने खेत में पशुओं की रखवाली कर रहा था। इसी दौरान आरोपी खेत में पहुंचे और उसके साथ मारपीट की। इसके बाद वे उसे उठाकर 14 एसजेडीएम स्थित कल्याणराम के घर ले गए। वहां भी दुलीचंद के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की गई। हॉस्पिटल में इलाज के दौरान हुई थी मौत घटना की सूचना मिलने पर दुलीचंद का भाई रमेश कुमार और अन्य लोग मौके पर पहुंचे। गंभीर हालत में दुलीचंद को पहले समेजा कोठी के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। वहां से उसे श्रीगंगानगर जिला हॉस्पिटल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान 13 और 14 मार्च की रात उसकी मौत हो गई। भाई ने दर्ज करवाई थी रिपोर्ट दुलीचंद के भाई रमेश कुमार ने 14 मार्च 2023 को समेजा कोठी थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। पुलिस ने कल्याणराम, विनोद कुमार, नरसीराम, निर्मला देवी, जोतराम और भागीरथ के खिलाफ हत्या, अपहरण, आपराधिक अतिक्रमण सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच की। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने सभी 6 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया। 20 गवाहों के बयान और मेडिकल रिपोर्ट बनी सजा का आधार मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 20 गवाहों के बयान करवाए और कई दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए। कोर्ट ने माना कि आरोपियों ने गैरकानूनी जमावड़ा बनाकर पहले खेत में दुलीचंद के साथ मारपीट की और फिर उसे कल्याणराम के घर ले जाकर पीटा। इस दौरान उसे गंभीर चोटें आईं। मेडिकल रिपोर्ट में सिर की चोट को मौत का कारण बताया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, बरामदगी और मेडिकल साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने सभी 6 आरोपियों की भूमिका को अहम माना। इसके बाद भारतीय दंड संहिता की धाराओं में सभी को उम्रकैद की सजा सुनाई और प्रत्येक पर 32 हजार रुपए का जुर्माना लगाया।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 4 नवंबर को पहली बार गोरखपुर आएंगे। यह उनका दो दिवसीय दौरा होगा। वह लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ अभियान के तहत आयोजित पदयात्रा में शामिल होंगे। इस पदयात्रा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी उपस्थित रहेंगे।राष्ट्रीय अध्यक्ष इसके अलावा क्षेत्र, जिला के पदाधिकारियों, पूर्व पदाधिकारियों, सांसदों, विधायकों, एमएलसी, पूर्व जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे। योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में युवाओं के साथ संवाद करेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष 5 नवंबर को गोरखपुर से रवाना होंगे। पौने दो किलोमीटर पैदल चलेंगे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी लगभग पौने दो किलोमीटर पैदल चलेंगे। 4 नवंबर को दोपहर 12:30 बजे महाराणा प्रताप इंटर कालेज में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष यात्रा में पहुंचेंगे। यहां सभा को संबोधित करेंगे। उसके बाद यहां से गोलघर काली मंदिर के पास सरदार पटेल की प्रतिमा तक जाएंगे। चुनावी तैयारियों की जमीनी हकीकत परखेंगे राष्ट्रीय अध्यक्ष भाजपा की चुनावी तैयारियों की जमीनी हरकत को परखेंगे। पदयात्रा में शामिल होने के बाद वह योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इसके बाद जिला, क्षेत्र के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। वह यहां प्रदेश, क्षेत्रीय, जिला टीम के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इसके साथ ही पूर्व पदाधिकारियों के साथ भी बैठक करेंगे। इसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष गोरखपुर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं पूर्व जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे। उनसे भी वर्तमान माहौल के बारे में चर्चा करेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रबुद्ध वर्ग के लोगों के साथ भी बैठक करेंगे। तैयारियां जोरों पर पदयात्रा के क्षेत्रीय संयोजक व भाजपा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष रणजीत राय बड़े ने बताया कि लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ पदयात्रा की तैयारी अंतिम चरण में है। एमपी इंटर कालेज में इसके तहत सभा का आयोजन होगा। यहीं से पदयात्रा निकाली जाएगी। पदयात्रा गोलघर स्थित काली मंदिर के पास सरदार पटेल की प्रतिमा पर संपन्न होगी।
भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में अब सीबीआई ने भी ट्रायल भोपाल से दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग का समर्थन किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने हलफनामे में कहा है कि भोपाल में मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र सुनवाई प्रभावित होने की आशंका है। आरोपी गिरिबाला सिंह पूर्व जिला जज रह चुकी हैं और उनका प्रभाव है। ऐसे में आशंका है कि वे भोपाल में ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए मामले की सुनवाई मध्यप्रदेश से बाहर कराना उचित होगा। दरअसल, ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर मामले का ट्रायल भोपाल से दिल्ली स्थानांतरित करने की मांग की है। इस याचिका पर सीबीआई ने अपना पक्ष रखते हुए पिता की मांग का समर्थन किया है। सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह को भी नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब मांगा था। इससे पहले शीर्ष अदालत भोपाल की ट्रायल कोर्ट में चल रही कार्यवाही पर अगले आदेश तक रोक लगा चुकी है। 12 मई को हुई थी ट्विशा की मौत नोएडा निवासी ट्विशा शर्मा की दिसंबर 2025 में भोपाल निवासी समर्थ सिंह से शादी हुई थी। समर्थ की मां गिरिबाला सिंह पूर्व जिला जज हैं। शादी के कुछ महीने बाद 12 मई 2026 की रात ट्विशा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। ससुराल पक्ष उसे एम्स भोपाल लेकर पहुंचा था, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिवार ने समर्थ और गिरिबाला पर साक्ष्य प्रभावित करने के आरोप लगाए। मामले में दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के चलते शव करीब 12 दिन तक एम्स की मर्चुरी में रखा रहा। बाद में मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई। गिरिबाला की जमानत पर फैसला सुरक्षित इधर, 26 अक्टूबर को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर अंतिम बहस हुई। सीबीआई और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब सुप्रीम कोर्ट में ट्रायल ट्रांसफर की याचिका पर होने वाली सुनवाई भी इस मामले में अहम होगी।
बीकानेर रेंज (चार जिले) में तीन साल में साइबर ठगी की 45 हजार शिकायतें दर्ज हुईं। इन मामलों में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 19 करोड़ 94 लाख रुपए की राशि को होल्ड कराया। हाल ही जारी रिपोर्ट में यह भी साफ हुआ है कि जिले में साल 2026 में अब तक चोरी हुए या खोए हुए 381 मोबाइल भी बरामद किए गए। वहीं 4 जिलों में CEIR पोर्टल से तीन साल में 13 हजार 789 मोबाइल फोन मिले हैं। रेंज के 4 जिलों में लगातार बढ़ा साइबर अपराध रिपोर्ट के मुताबिक बीकानेर रेंज के चार जिलों में साइबर अपराध लगातार बढ़ा। हालांकि ठगी की राशि में कमी दर्ज की गई है। वर्ष 2024 से अब तक साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर 45 हजार से अधिक शिकायतें दर्ज हुई हैं। पुलिस महानिरीक्षक ओमप्रकाश के निर्देश पर बीकानेर रेंज के बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू जिलों में साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए कार्रवाई की जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार- इन तीन वर्षों में ठगी की राशि में कमी आई है। समय रहते होल्ड कराई राशि पुलिस ने साइबर ठगी की रकम को समय रहते होल्ड करवाने की कार्रवाई भी की। तीन साल में 13,789 मोबाइल बरामद सीईआईआर पोर्टल के जरिए रेंज में वर्ष 2024 में 4,281, वर्ष 2025 में 5,281 और वर्ष 2026 में 4,227 मोबाइल फोन बरामद किए गए। जिलेवार आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 में बीकानेर में 381, श्रीगंगानगर में 616, हनुमानगढ़ में 2,963 और चूरू में 267 मोबाइल फोन बरामद हुए। जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए साइबर अपराधों से बचाव के लिए रेंज में वर्ष 2024 में 1,071, वर्ष 2025 में 1,916 और वर्ष 2026 में 1,420 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। पुलिस ने आमजन से साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करवाने और गुम या चोरी हुए मोबाइल की जानकारी सीईआईआर पोर्टल पर दर्ज करवाने की अपील की है। पुलिस के अनुसार, समय पर शिकायत करने से ठगी की राशि होल्ड करवाने और मोबाइल बरामद होने की संभावना बढ़ सकती है।
मेरठ में 45 वर्षीय मुकेश की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। रिपोर्ट में मुकेश की मौत बीमारी के चलते होने की पुष्टि हुई है। इसके बावजूद पुलिस ने घर के उन दोनों कमरों की सील नहीं खोली है, जिन्हें मौत के बाद एहतियातन बंद कराया गया था। कमरों में परिवार के कपड़े और अन्य जरूरी सामान रखा हुआ है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के सुभाष नगर गली नंबर 3/1 निवासी मुकेश पुत्र प्रह्लाद सिंह की बुधवार को घर के भीतर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उसका शव घर के एक कमरे में पड़ा मिला था। घटना का पता उस समय चला, जब बुलंदशहर निवासी उसकी बहन सीमा भाई के घर पहुंची। सीमा ने बताया था कि उसे सपने में भाई के साथ अनहोनी होने का आभास हुआ था। इसी आशंका के चलते वह मेरठ पहुंची तो घर में मुकेश की मौत होने की जानकारी मिली। इसके बाद उसने इसी मकान में रहने वाले अपने बड़े भाई मनोज और उसके परिवार पर हत्या का अंदेशा जताया था। घर के कमरे सील कर लौटी पुलिस बहन की ओर से हत्या की आशंका जताए जाने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भिजवा दिया था। साथ ही घर के दो कमरों को सील कर दिया गया था। इनमें एक कमरा वह था, जहां मुकेश का शव मिला था, जबकि दूसरा बड़े भाई मनोज का था। इस कमरे में परिवार का सामान रखा हुआ था। पुलिस ने दोनों कमरों को सील करने के साथ ही जाते समय मनोज के परिवार का मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में ले लिया था। रिपोर्ट आई लेकिन नहीं खुली कमरों की सीलबुधवार को हुई मौत के बाद परिवार के बीच आरोप-प्रत्यारोप की स्थिति बन गई थी। बहन सीमा ने बड़े भाई मनोज और उसके परिवार पर हत्या का अंदेशा जताया था। ऐसे में पुलिस ने दोनों कमरों को सील कर दिया था। गुरुवार रात पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तो मुकेश की मौत का कारण बीमारी बताया गया। एसएचओ सिविल लाइन गौरव विश्नोई ने भी इसकी पुष्टि की। पुलिस ने घर में रहने वाले परिवार को भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मौत का कारण बता दिया लेकिन दोनों कमरों की सील नहीं खोली। जरूरी सामान बंद, मोबाइल भी नहीं मिलापोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट होने के बाद परिवार को उम्मीद थी कि पुलिस दोनों कमरों को खोल देगी ताकि वह अपना सामान निकाल सके। हालांकि, शुक्रवार तक सील नहीं खुलने से परिवार की परेशानी बढ़ गई। कमरों में कपड़े और रोजमर्रा की जरूरत का काफी सामान रखा हुआ है। पुलिस की अनुमति के बिना परिजन कमरों को खोल नहीं सकते। दूसरी ओर, परिवार का मोबाइल फोन भी पुलिस के कब्जे में है। ऐसे में परिजन सामान और मोबाइल दोनों के लिए परेशान हैं। बहन की मौजूदगी में ही खुलेगी सीलएसएचओ सिविल लाइन गौरव विश्नोई ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मुकेश की मौत बीमारी के कारण होने की पुष्टि हो चुकी है। परिवार के सदस्यों के बीच विवाद है। ऐसे में शनिवार को मृतक की बहन सीमा की मौजूदगी में ही दोनों कमरों की सील खोली जाएगी। उन्होंने बताया कि यदि सीमा की गैरमौजूदगी में कमरे खोले जाते हैं तो वह बाद में सामान गायब होने का आरोप लगा सकती है। परिवार का मोबाइल फोन भी शनिवार को परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
शाजापुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर शासकीय बालक महाविद्यालयीन छात्रावास में शुक्रवार को भोजन और पानी की गुणवत्ता को लेकर छात्रों ने हंगामा किया। छात्रों ने खाने में इल्लियां और कीड़े, जबकि पीने के पानी में चींटियां और कीड़े मिलने की शिकायत की। सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार राकेश यादव छात्रावास पहुंचे और विद्यार्थियों से बात कर उनकी समस्याएं सुनीं। तय मीनू से नहीं मिलता भोजन छात्रों ने अधीक्षक सत्यनारायण कुंभकार पर शासन के तय मीनू के अनुसार भोजन नहीं देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सुबह के नाश्ते की गुणवत्ता का भी ध्यान नहीं रखा जाता। छात्रों का कहना है कि खाने में कई बार इल्लियां और कीड़े मिले हैं। पीने के पानी में भी चींटियां और कीड़े पाए गए, लेकिन व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ। छात्रों ने आरोप लगाया कि भोजन और अन्य व्यवस्थाओं की शिकायत करने पर अधीक्षक अभद्र व्यवहार करते हैं और संतोषजनक जवाब नहीं देते। छात्रों ने भोजन के लिए मिलने वाली राशि पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि भोजन की राशि हर महीने निकाली जाती है, लेकिन उन्हें तय मीनू के अनुसार खाना नहीं मिलता।नायब तहसीलदार के सामने रखीं समस्याएंछात्रों ने नायब तहसीलदार राकेश यादव के सामने अपनी समस्याएं रखीं। इसके बाद छात्रावास के सभी विद्यार्थियों की ओर से एसडीएम के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इसमें मामले की निष्पक्ष जांच, अधीक्षक को हटाने और नियमों के अनुसार कार्रवाई की मांग की गई।छात्रों ने भोजन की गुणवत्ता, पीने के पानी और तय मीनू की जांच कराने की मांग की है। अब प्रशासन की ओर से शिकायत पर जांच और कार्रवाई का इंतजार है।
राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर की खंडपीठ ने तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती-2018 लेवल-द्वितीय (विज्ञान एवं गणित) भर्ती से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में राजस्थान राज्य सरकार द्वारा दायर विशेष अपील खारिज कर दी है। राजस्थान राज्य एवं अन्य बनाम शीतल अमेटा में निर्णय पारित करते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया कि प्रार्थी शीतल अमेटा की अभ्यर्थिता (कैंडिडेचर) पर टीएसपी क्षेत्र की अभ्यर्थी के रूप में विचार किया जाए। ये है पूरा मामला प्राथमिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर द्वारा 31 जुलाई 2018 को विज्ञापन संख्या 5/2018 एवं 6/2018 जारी किए गए थे। इनके माध्यम से तृतीय श्रेणी अध्यापक लेवल-द्वितीय के विज्ञान एवं गणित विषयों के पदों पर नॉन-टीएसपी एवं टीएसपी क्षेत्रों के लिए भर्ती की जानी थी। प्रारथी शीतल अमेटा का विवाह टीएसपी क्षेत्र में निवास करने वाले व्यक्ति से हुआ था। उन्होंने उस समय लागू प्रावधानों के अनुसार स्वयं को नॉन-टीएसपी क्षेत्र की अभ्यर्थी मानते हुए विज्ञापन संख्या 5/2018 के तहत आवेदन किया था। उस समय ऐसा कोई सरकारी अधिसूचना प्रावधान प्रभावी नहीं था, जिसके तहत टीएसपी क्षेत्र में निवास करने वाले व्यक्ति से विवाह करने वाली महिला को टीएसपी क्षेत्र की अभ्यर्थी माना जाता। इसी कारण उन्होंने विज्ञापन संख्या 6/2018 के तहत टीएसपी क्षेत्र के पदों के लिए अलग से आवेदन नहीं किया। बाद में राज्य सरकार ने 21 अक्टूबर 2019 को अधिसूचना जारी कर यह प्रावधान किया कि गैर-टीएसपी क्षेत्र की ऐसी महिला जिसका विवाह टीएसपी क्षेत्र में निवास करने वाले व्यक्ति से हुआ है, उसे भी टीएसपी क्षेत्र की अभ्यर्थी माना जाएगा। इस अधिसूचना को 16 जून 2013 से प्रभावी किया गया। इसके बाद शीतल अमेटा ने अपनी अभ्यर्थिता पर टीएसपी क्षेत्र की श्रेणी में विचार किए जाने की मांग की, लेकिन राज्य सरकार द्वारा उनकी मांग स्वीकार नहीं की गई। परिणामस्वरूप उन्होंने राजस्थान उच्च न्यायालय में अपील की। राज्य सरकार की विशेष अपील खारिज एकलपीठ ने 23 जनवरी 2023 को याचिका स्वीकार करते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि शीतल अमेटा को टीएसपी क्षेत्र की अभ्यर्थी मानते हुए तृतीय श्रेणी अध्यापक लेवल-द्वितीय (विज्ञान एवं गणित) के पद पर चयन के लिए उपलब्ध नियमानुसार लाभ प्रदान किए जाएं। इस आदेश को चुनौती देते हुए राज्य सरकार ने खंडपीठ के समक्ष विशेष अपील दायर की। राज्य सरकार की ओर से तर्क दिया गया कि अभ्यर्थी ने विज्ञापन संख्या 6/2018 के तहत टीएसपी क्षेत्र की अभ्यर्थी के रूप में आवेदन नहीं किया था। यह भी कहा गया कि भर्ती प्रक्रिया काफी आगे बढ़ चुकी थी और इस स्तर पर राहत देने से अतिरिक्त अधिसंख्य पद सृजित करने की आवश्यकता पड़ सकती थी। पुराने फैसलों का दिया हवालावहीं, अभ्यर्थी की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता वीएलएस राजपुरोहित ने तर्क दिया कि आवेदन प्रस्तुत करते समय लागू नियमों के अनुसार उन्होंने स्वयं को गैर-टीएसपी अभ्यर्थी मानकर सही आवेदन किया था। बाद में जारी अधिसूचना को पूर्वव्यापी प्रभाव से लागू किए जाने के कारण उनकी अभ्यर्थिता पर टीएसपी श्रेणी में भी विचार किया जाना आवश्यक था। इस संबंध में पूर्व में दिए गए न्यायिक निर्णयों का भी हवाला दिया गया। खंडपीठ की महत्वपूर्ण टिप्पणी मामले के तथ्यों, पक्षकारों के तर्कों और पूर्व न्यायिक निर्णयों का अवलोकन करने के बाद खंडपीठ ने माना कि आवेदन प्रस्तुत करने के समय शीतल अमेटा ने तत्कालीन स्थिति के अनुसार गैर-टीएसपी अभ्यर्थी के रूप में आवेदन किया था। बाद में राज्य सरकार द्वारा जारी अधिसूचना, जिसमें टीएसपी क्षेत्र में निवास करने वाले व्यक्ति से विवाह करने वाली महिलाओं को टीएसपी अभ्यर्थी मानने का प्रावधान किया गया था, उनकी अभ्यर्थिता पर विचार करने के लिए प्रासंगिक थी।न्यायालय ने मनीष कुमार नागदा एवं अन्य बनाम राजस्थान राज्य एवं अन्य प्रकरण में दिए गए पूर्व निर्णय का भी उल्लेख किया, जिसमें समान परिस्थितियों में गैर-टीएसपी क्षेत्र से टीएसपी क्षेत्र की भर्ती श्रेणी में अभ्यर्थियों पर विचार किए जाने का निर्देश दिया गया था। इन परिस्थितियों में खंडपीठ ने निर्देश दिया कि शीतल अमेटा की अभ्यर्थिता पर विज्ञापन संख्या 6/2018 दिनांक 31 जुलाई 2018 के अंतर्गत तृतीय श्रेणी अध्यापक लेवल-द्वितीय (विज्ञान एवं गणित) के पदों के लिए टीएसपी क्षेत्र की अभ्यर्थी के रूप में विचार किया जाये और अगर अभ्यर्थी मेरिट में आती है तो टीएसपी क्षेत्र में नियुक्ति प्रदान की जाए। खंडपीठ ने राज्य सरकार की विशेष अपील में कोई दम नहीं मानते हुए उसे खारिज कर दिया।
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर पाई-1 स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में करोड़ों रुपए के घोटाले के मामले में सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की है। बैंक के मुख्य प्रबंधक और सर्कल मैनेजर अजय कुमार पांडे की शिकायत पर सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच (ACB), गाजियाबाद ने जांच शुरू की है। महिला बैंककर्मी दीपांशी समेत कई लोगों पर धोखाधड़ी और खातों से अवैध तरीके से रकम निकालने का आरोप है। बैंक सर्कल मैनेजर की शिकायत के मुताबिक, करीब तीन साल से ग्राहकों के बचत खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में हेराफेरी कर रकम निकाली जा रही थी। आरोप है कि दीपांशी ने दूसरे बैंक अधिकारियों की CBS यूजर आईडी का इस्तेमाल किया। इसके जरिए ग्राहकों की जानकारी और अनुमति के बिना रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की गई। फिर कई खातों के जरिए यह रकम अशुतोष पाठक और अन्य आरोपियों तक पहुंचाई गई। जांच में FD में भी गड़बड़ी सामने आई है। आरोप है कि फर्जी तरीके से जॉइंट होल्डर जोड़कर समय से पहले रकम निकाली गई। ग्राहकों के मोबाइल पर आने वाले ट्रांजेक्शन अलर्ट बंद करने और लेनदेन के वाउचर नष्ट करने का भी आरोप है। बैंक ने दीपांशी, अशुतोष पाठक, प्रदीप कुमार समेत कई लोगों को आरोपी बनाया है। बैंककर्मियों की अब तक की जांच में 10.24 करोड़ रुपए की गड़बड़ी का जिक्र है। सीबीआई ने BNS, आईटी एक्ट और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। मामले की जांच डिप्टी एसपी डॉ. जाहिर अख्तर को सौंपी गई है। वही,बीटा-2 थाने में भी लोग लगातार शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। आज 6 लोगों ने शिकायत दर्ज कराई। अब तक कुल 36 लोग FD टूटने और खाते से रकम ट्रांसफर होने की शिकायत पर केस दर्ज करा चुके हैं। इन 36 खाताधारकों की शिकायतों में करीब 20 करोड़ रुपए के गबन की आशंका जताई गई है।
बहराइच के पयागपुर सीट से पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव उर्फ ज्ञानेंद्र प्रताप को हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच से राहत मिली है। कोर्ट ने धोखाधड़ी और आईटी अधिनियम के तहत दाखिल आरोप पत्र पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। मजिस्ट्रेट की ओर से आरोप पत्र पर संज्ञान लेकर जारी समन की कार्यवाही पर भी रोक लगा दी गई है। खुद को विधायक बताकर भ्रमित करने का आरोप न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की एकल पीठ ने मुकेश श्रीवास्तव की याचिका पर यह आदेश दिया। मामला बहराइच के पयागपुर थाने में 2023 में दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है। आरोप था कि पूर्व विधायक विधानसभा के लेटरहेड का इस्तेमाल कर रहे थे और फेसबुक अकाउंट पर खुद को विधायक बताकर लोगों को भ्रमित कर रहे थे। वकीलों ने कहा- धोखाधड़ी का अपराध नहीं बनता याचिकाकर्ता के वकीलों ने कोर्ट में कहा कि प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों से धोखाधड़ी का अपराध नहीं बनता। पुलिस जांच के बाद पहले ही अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर चुकी थी। इसके बावजूद कोर्ट की अनुमति के बिना दोबारा जांच कर आरोप पत्र दाखिल किया गया। वकीलों ने कहा कि यह प्रक्रिया कानून के मुताबिक नहीं है। कोर्ट ने मामले में विस्तार से सुनवाई की जरूरत मानते हुए शिकायतकर्ता को नोटिस जारी किया है। राज्य सरकार को चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश भी दिया है। मामले की अगली सुनवाई 8 जनवरी 2027 को होगी।
देवरिया के भाटपाररानी थाना क्षेत्र में युवती का रिश्ता तुड़वाने की कोशिश का मामला सामने आया है। आरोप है कि अज्ञात मोबाइल नंबर से युवती के मंगेतर के व्हाट्सऐप पर आपत्तिजनक संदेश भेजे गए। इनमें युवती के कई लड़कों और मंगेतर के साथ संबंध होने जैसी बातें लिखी गईं। युवती की मां की शिकायत पर पुलिस ने शुक्रवार शाम 6 बजे अज्ञात नंबर धारक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। भाटपाररानी कस्बे के एक मोहल्ले की रहने वाली महिला ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी का निकाह सलेमपुर क्षेत्र के एक गांव में तय हुआ है। निकाह नवंबर 2026 में होना है। इसी बीच किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनकी बेटी के मंगेतर के व्हाट्सऐप पर आपत्तिजनक संदेश भेजने शुरू कर दिए। बेटी को बदनाम कर रिश्ता तुड़वाने का आरोप महिला के मुताबिक, संदेशों में युवती के कई लड़कों और उसके मंगेतर के साथ संबंध होने जैसी बातें लिखी गईं। साथ ही मंगेतर को युवती से निकाह न करने की सलाह दी गई। महिला का आरोप है कि इस तरह के संदेश भेजकर उनकी बेटी को समाज और रिश्तेदारी में बदनाम करने के साथ रिश्ता तुड़वाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने पुलिस से मोबाइल नंबर के धारक की पहचान कर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। मोबाइल नंबर के आधार पर जांच कर रही पुलिस क्षेत्राधिकारी भाटपाररानी मनोज कुमार ने बताया कि महिला की शिकायत पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है। संदेश भेजने वाले की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बीकानेर में कल होगी बिजली कटौती:अलग-अलग समय पर 2 से 4 घंटे बंद रहेगी सप्लाई, कई इलाके होंगे प्रभावित
बीकानेर शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में दीपावली से पहले रखरखाव कार्य के चलते बिजली कटौती की जाएगी। अलग-अलग इलाकों में सुबह 7 बजे से शाम 5:30 बजे तक 2 से 4 घंटे तक विद्युत आपूर्ति बंद रहेगी। इस दौरान पेड़ों की छंटाई के साथ विद्युत लाइनों और ट्रांसफार्मरों का रखरखाव किया जाएगा। सुबह 7 से 11 बजे तक: दाऊजी मंदिर के पास, चूनगरों का मोहल्ला, शिव शक्ति पुराना भाया कुआं, डागा चौक, बिस्सा चौक, बिनानी चौक, फूलबाई कुआं, दा पीर के पास, विजय मॉल, झंवर भंवर प्लाजा और रामपुरिया कॉलेज के पीछे का क्षेत्र। सुबह 7 से 10:30 बजे तक: केईएम रोड क्षेत्र। सुबह 7:30 से 10:30 बजे तक: मोहता सराय, हाफिज कॉलोनी, राव बीकाजी की टेकरी, गुलजार बस्ती, केशव राव कुआं, ईश्वर आईटीआई, मोदियों का श्मशान, छबीली घाटी, लक्ष्मीनाथ मंदिर, लक्ष्मीनाथ पुलिया, लक्ष्मीनाथ चौक, ललकाना, सुनारों का मोहल्ला, भंडासर जैन मंदिर, गहलोत हॉस्पिटल, शंकर पान के पास, पीएन भवन, खेतेश्वर बस्ती, गोपेश्वर बस्ती, कडानी कॉलोनी, मोहन पापड़, सोनालिया भैरू मंदिर, आचार्यों का चौक, उस्तों की बारी, सुथारों की गुवाड़, उस्तों का मोहल्ला, लोहार कॉलोनी, बड़े भैरू मंदिर के पास, आडूजी की बारी, सुराना डेयरी के पास, उस्तबारी के बाहर, जुगल भवन के पास, भट्टड़ों का चौक, हरिजन बस्ती, अरलोई हनुमान मंदिर, श्रीरामसर, हर्षोलाव तालाब के पास, छोटा रानीसर, सुथारों की तलाई, डारा भवन, कुटा डूंगरी, शीतला गेट अंदर-बाहर, ताजिया चौकी, शिव शक्ति नगर, आदर्श विद्या मंदिर स्कूल, घड़सीसर गांव, नारायण कॉलोनी, श्रीराम कॉलोनी, बसंत कुंज और तुलसी विहार कॉलोनी क्षेत्र। सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक: नाथूसर में हनुमानजी मंदिर के पास, ओझा सारस्वत ब्रह्म बगीची के पास और हनुमान भवन के पीछे का क्षेत्र। दोपहर 1 से 3 बजे तक: मधुर पब्लिक स्कूल के पास, मालियों का मोहल्ला नाथूसर बास और नाथूसर बास मुख्य बाजार क्षेत्र। दोपहर 2:30 से शाम 5:30 बजे तक: गौशाला, गौशाला के पास का क्षेत्र, बीसा जी के बड़े के पास, गजनेर रोड, कोठारी के सामने नंदू महाराज डीटीआर, लालगढ़ रेलवे अस्पताल, गुरुद्वारा कॉलोनी, सर्वोदय बस्ती, कृपाल भेरू मंदिर के पास, नरसिंह सागर तालाब, मेघवालों का आवागमन, मोती महाराज डीटीआर, लिफ्ट वाला डीटीआर, सेंट एनएन स्कूल के पास, मनोज दाल मिल के पास और मोर पंख भवन क्षेत्र। दोपहर 3 से शाम 5:30 बजे तक: माहेश्वरी भवन, विश्वकर्मा गेट के अंदर और बाहर, काली माताजी का मंदिर, स्वामियों का मोहल्ला, सुथारों का मोहल्ला, लटियालजी माता मंदिर, धनपत राय मार्ग और राम मंदिर के पास का क्षेत्र।
युवक को सिर के बल सड़क पर पटका:ग्रेटर नोएडा में पुलिस के सामने हुई मारपीट
ग्रेटर नोएडा के बीटा प्लाजा में दो गुटों के बीच मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वीडियो में एक युवक दूसरे को पकड़कर सिर के बल सड़क पर पटकता दिख रहा है। मौके पर पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। शुक्रवार को वायरल हुए वीडियो की शुरुआत में एक चलती कार दिखती है। उसकी पिछली खिड़की से हाथ बाहर निकालकर एक युवक उंगली दिखाते हुए पुलिस के सामने हो गाली देता नजर आता है। इसके बाद वहां काले रंग की थार पहुंचती है और उसकी खिड़की खुलने पर कुछ युवक बाहर दिखाई देते हैं। वीडियो में चार युवक एक युवक को घेर लेते हैं। उनमें से एक उसे पकड़कर किसी फिल्मी सीन की तरह सड़क पर सिर के बल पटक देता है। इसके बाद तीन लोग सड़क पर गिरे युवक पर लात-घूंसों से हमला करते हैं।जमकर उसको डंडों से पीटते है, आसपास लोगों की भीड़ जमा है। दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक विवाद और मारपीट होती दिखती है। मौके पर कुछ पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। सपा नेता मोहित नागर ने वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, ‘आखिर पुलिस किस लिए होती है, पुलिस के सामने ही युवक को.....’ उन्होंने वीडियो पोस्ट कर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। पुलिस के मुताबिक, यह हाल की घटना नहीं, बल्कि करीब एक महीने पुरानी है। बीटा-2 कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि पीड़ित पक्ष की शिकायत पर तीन आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने आरोपियों को जेल भेज दिया था। अब पुराने वीडियो को दोबारा सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने बलरामपुर की ग्राम पंचायत रूपनगर की मतदाता सूची से नाम हटाने और नए नाम जोड़ने के मामले में राज्य निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा है। कोर्ट ने आयोग से शपथपत्र देकर बताने को कहा है कि किन आधारों पर कुछ लोगों के नाम हटाए गए और नए नाम जोड़े गए। न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अवधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने संतोष कुमार समेत 32 लोगों की याचिका पर यह आदेश दिया। मामले की अगली सुनवाई 15 दिसंबर 2026 को होगी। गलत तरीके से नाम हटाने का आरोप याचिकर्ताओं का कहना है कि पंचायत की मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान उनके नाम गलत तरीके से हटाए गए। याचिका के मुताबिक, ग्राम पंचायत रूपनगर, ब्लॉक तुलसीपुर, जिला बलरामपुर की वर्ष 2025 की अंतिम मतदाता सूची में उनके नाम शामिल नहीं थे। गांव में नहीं रहने वालों के नाम जोड़ने का आरोप याचियों ने आरोप लगाया कि गांव में नहीं रहने वाले प्रतिवादी संख्या 6 से 53 तक के लोगों के नाम भी सूची में गलत तरीके से जोड़े गए। कोर्ट ने प्रतिवादी संख्या 6 से 53 तक को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। राज्य निर्वाचन आयुक्त और संबंधित अधिकारियों से यह भी बताने को कहा है कि याचियों के नाम किस आधार पर हटाए गए और अन्य लोगों के नाम किस आधार पर जोड़े गए।
नेशनल ग्रीन ट्रूब्नल (एनजीटी) ने भोपाल स्थित शाहपुरा तालाब के सीमांकन की रिपोर्ट मांगी है। राज्य शासन को 3 सप्ताह में रिपोर्ट देना होगी। शाहपुरा तालाब के संरक्षण एवं उससे संबंधित विषयों पर दायर दो प्रकरण की संयुक्त सुनवाई में यह फैसला लिया गया। पहले प्रकरण को स्वत: संज्ञान लेकर प्रारंभ किया गया था। दूसरा प्रकरण पर्यावरणविद् नितिन सक्सेना ने मध्यप्रदेश राज्य वेटलैंड प्राधिकरण एवं अन्य के विरुद्ध प्रस्तुत किया था। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति श्योकुमार सिंह और विशेषज्ञ सदस्य सुधीर कुमार चतुर्वेदी ने की। इस दौरान आवेदक की ओर से अधिवक्ता ने पीठ को अवगत कराया कि पूर्व में पारित आदेश के अनुपालन में कार्यपालक अधिकारियों द्वारा विलंब किया जा रहा है। अपेक्षित रिपोर्ट अभी तक प्रस्तुत नहीं की गई है। सीमांकन पूरा करने की बात कहींमध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण मंडल की ओर से अधिवक्ता पारुल भदौरिया ने स्थिति प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि कलेक्टर द्वारा संबंधित क्षेत्र के सीमांकन एवं पहचान के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए गए थे। सीमांकन एवं पहचान की कार्रवाई पूर्ण कर ली गई है। राज्य शासन की ओर से बताया गया कि संबंधित क्षेत्र तीन से चार अलग-अलग संभाग/तहसीलों में आता है। जिसके कारण संबंधित तहसील अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित करना आवश्यक था। विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। उसे प्रस्तुत करने के लिए कुछ अतिरिक्त समय की आवश्यकता है। तीन सप्ताह में रिपोर्ट पेश करेंप्रकरण में प्रस्तुत तथ्य एवं दलीलों पर विचार करते हुए पीठ ने राज्य शासन को निर्देशित किया कि वह तीन सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें और उसकी प्रति विपक्षी पक्षकारों को भी उपलब्ध कराए। इसके अतिरिक्त, जिन अन्य प्रतिवादी पक्षकारों द्वारा अभी तक जवाब अथवा स्थिति प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है, उन्हें भी तीन सप्ताह के भीतर अपना जवाब/प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। आगे की सुनवाई 27 नवंबर को होगी।
प्रयागराज में प्रदेश सरकार के जलशक्ति मंत्री और प्रयागराज के प्रभारी मंत्री स्वतंत्र देव सिंह शनिवार, 31 अक्टूबर को एक दिवसीय दौरे पर आएंगे। इस दौरान वह शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक आयोजित दो कार्यक्रमों में शामिल होंगे। सुबह लखनऊ से रवाना होंगेनिर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक मंत्री सुबह 10:15 बजे लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास से प्रयागराज के लिए रवाना होंगे। वह कार से बछरावां, रायबरेली और गंगा एक्सप्रेसवे के रास्ते दोपहर करीब 1:30 बजे प्रयागराज पहुंचेंगे। दोपहर दो बजे सोरांव के लिए निकलेंगेप्रयागराज पहुंचने के बाद प्रभारी मंत्री सबसे पहले सिविल लाइंस में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। यहां सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा। कार्यक्रम के आयोजक महापौर गणेश केसरवानी हैं। इस कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मंत्री दोपहर दो बजे सोरांव के लिए रवाना होंगे। प्रभारी मंत्री का दूसरा कार्यक्रम सोरांव के ददौली खेल मैदान में आयोजित किया जाएगा। दोपहर 2:45 बजे वह यहां सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम की जिम्मेदारी भाजपा युवा मोर्चा के गंगापार जिलाध्यक्ष नवीन पटेल को दी गई है। दोनों कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद मंत्री शाम 3:45 बजे प्रयागराज से लखनऊ के लिए रवाना हो जाएंगे। वह गंगा एक्सप्रेसवे, रायबरेली और बछरावां के रास्ते शाम करीब 6:30 बजे लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पहुंचेंगे।
छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में संस्कारधानी स्ट्राइकर्स ने मैनपाट टाइटन्स को 4-0 से हराकर सेमीफाइनल में पहुंचने की अपनी उम्मीदें बरकरार रखी हैं। शुक्रवार को खेले गए मुकाबले में ओलंपियन शमशेर की टीम के लिए आशीष तानी पूर्ति ने हैट्रिक लगाई। इस जीत के बाद स्ट्राइकर्स का गोल अंतर +2 हो गया है। वहीं, मैनपाट टाइटन्स को टूर्नामेंट में पांच मैच खेलने के बाद पहली हार का सामना करना पड़ा। आशीष ने इस मैच में तीन गोल किए और टूर्नामेंट में अपने कुल गोलों की संख्या 12 पहुंचा दी। संस्कारधानी स्ट्राइकर्स अपने सभी पांच मैच खेल चुकी है। अब टीम को सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए बैलाडीला बुल्स के चक्रधर चैंपियंस के खिलाफ मुकाबले के नतीजे पर निर्भर रहना होगा। बैलाडीला हारती है या जीत का अंतर चार गोल से कम रहता है, तो स्ट्राइकर्स की सेमीफाइनल की उम्मीदें बनी रहेंगी। पहले क्वार्टर में दोनों टीमों का डिफेंस मजबूत मैनपाट टाइटन्स की डिफेंस लाइन टूर्नामेंट में सबसे मजबूत रही है। मैच 14 तक टीम ने सिर्फ सात गोल खाए थे। इसी मजबूती का असर मुकाबले के पहले क्वार्टर में भी दिखा। दोनों टीमों ने गोल के मौके बनाए, लेकिन कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी। पहला क्वार्टर 0-0 पर खत्म हुआ। दूसरे क्वार्टर की शुरुआत में ही संस्कारधानी स्ट्राइकर्स को पेनल्टी कॉर्नर मिला। आशीष तानी पूर्ति ने जोरदार ड्रैग-फ्लिक लगाकर गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाया। इस शॉट को मैनपाट के अनुभवी गोलकीपर प्रदीप मोर भी नहीं रोक सके। इसके बाद दोनों टीमों को कुछ मौके मिले, लेकिन हाफ-टाइम तक स्कोर 1-0 ही रहा। तीसरे क्वार्टर में दो गोल कर पूरी की हैट्रिक तीसरे क्वार्टर में आशीष ने एक बार फिर पेनल्टी कॉर्नर पर ड्रैग-फ्लिक से गोल किया। इसके बाद उन्होंने एक और पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर अपनी हैट्रिक पूरी की। उनके लगातार हमलों के सामने मैनपाट की मजबूत डिफेंस भी बेबस नजर आई। मैच के आखिरी पलों में संस्कारधानी स्ट्राइकर्स ने चौथा गोल किया। शाहरुख के पास पर ओम कुमार यादव ने फील्ड गोल कर टीम को 4-0 से जीत दिलाई। हार के बावजूद मैनपाट सेमीफाइनल में मैनपाट टाइटन्स को भले ही इस मुकाबले में पहली हार मिली, लेकिन टीम सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर चुकी है। पांच मैचों में उसके प्रदर्शन ने उसे खिताब का मजबूत दावेदार बनाए रखा है। वहीं, संस्कारधानी स्ट्राइकर्स को अब सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए बैलाडीला बुल्स और चक्रधर चैंपियंस के मुकाबले के नतीजे का इंतजार करना होगा।
ऑपरेशन से बेटे को जन्म, मां की मौत:मुरैना में परिवार के लोगों एम्बुलेंस में शव रखकर सड़क की जाम
मुरैना के श्री हरि मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में शुक्रवार को ऑपरेशन से बेटे को जन्म देने के बाद 33 वर्षीय कृष्णा राठौर की मौत हो गई। डिलीवरी के बाद तबीयत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उन्हें ग्वालियर रेफर किया था, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। इससे नाराज परिजन शव को एंबुलेंस में रखकर वापस अस्पताल पहुंचे और सामने सड़क पर जाम लगा दिया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। सुबह 6 बजे प्रसव के लिए अस्पताल पहुंचे थे जानकारी के अनुसार, नंदेपुरा रोड स्थित कृष्णा बिहार कॉलोनी निवासी बलबीर सिंह राठौर (34) शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे पत्नी कृष्णा (33) को जेएस गार्डन के पास स्थित श्री हरि मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे। यहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन से डिलीवरी कराई। कृष्णा ने बेटे को जन्म दिया, लेकिन इसके बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। ग्वालियर ले जाते समय रास्ते में मौत हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने कृष्णा को बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर कर दिया। परिजन उन्हें एंबुलेंस से लेकर रवाना हुए, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। इसके बाद परिजन शव लेकर वापस अस्पताल पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने एंबुलेंस में शव रखकर अस्पताल के सामने सड़क पर जाम लगा दिया। मर्ग कायम, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार हंगामे की सूचना पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों को निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया, जिसके बाद उन्होंने जाम खोल दिया। स्टेशन रोड थाना पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। शनिवार सुबह महिला का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। सीएसपी कविन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान के वरिष्ठ IAS अधिकारी शिखर अग्रवाल और उनकी IPS पत्नी प्रशाखा माथुर के परिवार से जुड़ा विला-कॉटेज खरीद मामला अब सियासी तूल पकड़ने लगा है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DOPT) मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह को लेटर लिखकर मामले की CBI और ED से जांच कराने की मांग की है। बेनीवाल ने शुक्रवार को सवाल उठाया कि करीब 40 विला-कॉटेज की खरीद और 1.80 करोड़ रुपए सालाना लीज से जुड़े मामले में वास्तविक निवेशक कौन है। संपत्तियों का बाजार मूल्य कितना है और खरीद के लिए पैसा कहां से आया। उन्होंने परिवार के सदस्यों के नाम पर हुई खरीद, भुगतान के स्रोत और वास्तविक निवेशक की भूमिका की जांच की मांग की है। APO करना कार्रवाई नहीं बेनीवाल ने कहा- सरकार ने शिखर अग्रवाल को APO कर दिया, लेकिन सिर्फ पद से हटाना पर्याप्त नहीं है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कार्यकाल में CMO में IAS अग्रवाल अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) जैसे महत्वपूर्ण पद पर रहे हैं। ऐसे में जांच होनी चाहिए कि उनके कार्यकाल में संबंधित कंपनी या कारोबारी समूहों को कोई प्रशासनिक फायदा तो नहीं पहुंचाया गया। उन्होंने मांग की है कि जांच में उद्योग विभाग, RIICO और निवेश संवर्धन से जुड़े फैसलों को भी शामिल किया जाए। मदन राठौड़ और विधायक कोष में कमीशनखोरी का मुद्दा भी उछाला RLP सुप्रीमो ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष और राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ का नाम भी पत्र में शामिल किया। उन्होंने कहा- विला-कॉटेज मामले को लेकर सार्वजनिक चर्चाओं में राठौड़ का नाम सामने आ रहा है। साथ ही विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (MLA LAD) में कथित 40 प्रतिशत कमीशनखोरी का मामला उठाते हुए भाजपा विधायकों से जुड़े आरोपों और कथित वीडियो का जिक्र किया। बेनीवाल का आरोप है कि सरकार ने जांच और कार्रवाई के दावे किए, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई सामने नहीं हुई। छह बिंदुओं पर कार्रवाई की मांग बेनीवाल ने CBI से समय पर जांच, CVC-DOPT से अधिकारियों के सेवा रिकॉर्ड और संपत्ति विवरण की समीक्षा, आयकर विभाग से वित्तीय लेनदेन की जांच और बेनामी संपत्ति कानून के तहत जांच की मांग की है। इसके अलावा CMO, उद्योग विभाग और RIICO के फैसलों की जांच, संपत्तियों के वित्तीय रिकॉर्ड सुरक्षित रखने और दोष साबित होने पर कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। ये भी पढ़ें… विला-कॉटेज खरीद मामला,IAS शिखर अग्रवाल को सभी पदों से हटाया:IPS पत्नी के साथ खरीदी थी प्रॉपर्टी, फिर उसी कंपनी को लीज पर दी
पन्ना जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री सी.बी. अहिरवार को राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। लोकायुक्त की ट्रैप कार्रवाई के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा था कि रिश्वत मांगना गलत है, लेकिन कोई प्यार से या अपनी खुशी से दे तो वे रख लेते हैं। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ था। शासन ने इसे मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 का उल्लंघन मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की है। लोकायुक्त ने दो कर्मचारियों को 45 हजार रुपए लेते पकड़ा था मामला जल संसाधन विभाग पन्ना में लोकायुक्त पुलिस की ट्रैप कार्रवाई से शुरू हुआ। लोकायुक्त सागर की टीम ने ग्वालियर के पंजीकृत ठेकेदार गौरव तोमर की शिकायत पर कार्रवाई की थी। शिकायत मझगांय मध्यम परियोजना के कैनाल स्लूस निर्माण कार्य के अंतिम भुगतान के बदले रिश्वत मांगने को लेकर थी। कार्रवाई के दौरान लोकायुक्त टीम ने संभागीय लेखा अधिकारी दीपक सिंह परमार को 15 हजार रुपए और सहायक ग्रेड-2 अरविंद कुमार पाठक को 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। दोनों से कुल 45 हजार रुपए बरामद किए गए थे। मीडिया के सामने दिया था विवादित बयान इस कार्रवाई के बाद जल संसाधन संभाग पन्ना के कार्यपालन यंत्री सी.बी. अहिरवार का बयान सामने आया था। मीडिया कर्मियों से बातचीत में उन्होंने कहा था कि रिश्वत मांगना गलत है और उनका कोई फिक्स प्रतिशत नहीं है। हालांकि, अगर कोई प्यार से या अपनी खुशी से दे देता है तो वे उसे रख लेते हैं। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ। इसके बाद विभाग और शासन-प्रशासन की किरकिरी हुई। बयान को लेकर सवाल उठने लगे। 30 अक्टूबर को जारी हुआ निलंबन आदेश मध्य प्रदेश शासन के जल संसाधन विभाग, वल्लभ भवन भोपाल ने शुक्रवार को अहिरवार के निलंबन का आदेश जारी किया। आदेश में कहा गया है कि मीडिया को दिए गए उनके वक्तव्य में कदाचरण की स्वीकारोक्ति स्पष्ट है। इसे मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 का उल्लंघन माना गया है। सरकार ने उनके बयान को अनुशासनहीनता और अशोभनीय आचरण की श्रेणी में रखते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय प्रमुख अभियंता, जल संसाधन विभाग, भोपाल तय किया गया है। यह खबर भी पढ़ें… ₹45,000 की रिश्वत लेते एकाउंटेंट और बाबू गिरफ्तार:एग्जीक्यूटिव इंजीनियर बोले- कोई खुशी से दे तो मैं भी ले लेता हूं, मांगता नहीं- VIDEO सागर लोकायुक्त पुलिस ने जल संसाधन विभाग के डिविजनल एकाउंटेंट दीपक परिहार और लिपिक अरविंद पाठक को ₹45,000 की रिश्वत लेते पकड़ा। यह मझगांय बांध की नहर के बिल पास करने के बदले ली जा रही थी। ग्वालियर के ठेकेदार गौरव तोमर मझगांय बांध की नहर का काम कर रहे थे। उनके तीन बिल पास हो चुके थे, पर चौथे बिल के लिए अधिकारी रिश्वत मांग रहे थे। ठेकेदार ने परेशान होकर लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई।
नोएडा में दूसरी कक्षा के बच्चे को पीटा:पिता की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज
नोएडा सेक्टर-71 स्थित ग्लोबल इंडियन इंटरनेशनल स्कूल में दूसरी कक्षा के एक छात्र के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। छात्र के पिता ने आरोप लगाया है कि स्कूल में दूसरी कक्षा के बच्चों ने उनके बेटे को बेरहमी से पीटा। घटना में बच्चे को गंभीर चोटें आईं। पिता का आरोप है कि शिकायत करने के बावजूद स्कूल प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और सीसीटीवी फुटेज दिखाने में भी आनाकानी की। पीड़ित पिता की शिकायत पर फेज-तीन थाना पुलिस ने स्कूल के अज्ञात बच्चों और प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सेक्टर-61 स्थित रॉयल गार्डन एस्टेट निवासी चिराग ढिंगरा का बेटा निष्कर्ष ढिंगरा ग्लोबल इंडियन इंटरनेशनल स्कूल में कक्षा दो-ई में पढ़ता है। एफआईआर में दर्ज शिकायत के मुताबिक 27 अक्टूबर की सुबह करीब 7:40 बजे पिता अपने बेटे को स्कूल छोड़कर आए थे। स्कूल का समय सुबह 7:45 बजे से है। कुछ देर बाद बच्चा घर लौट आया और उसने परिजनों को बताया कि कक्षा के बच्चों और दूसरी कक्षा के कुछ छात्रों ने उसे स्कूल के फ्लोर पर गिराकर बुरी तरह पीटा है। बच्चे ने मारपीट के दौरान काफी दर्द होने की बात भी बताई। बेटे की बात सुनकर पिता ने स्कूल प्रबंधन से संपर्क किया और घटना की सच्चाई जानने के लिए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज दिखाने की मांग की। आरोप है कि स्कूल प्रबंधन, कक्षा अध्यापक, कोऑर्डिनेटर, वाइस प्रिंसिपल और प्रिंसिपल ने सुबह से शाम तक फुटेज दिखाने में आनाकानी की। शिकायतकर्ता का कहना है कि काफी अनुरोध के बाद भी उन्हें तत्काल फुटेज उपलब्ध नहीं कराई गई। आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने उन्हें मोबाइल बाहर रखने के लिए कहा और इसके बाद फुटेज दिखाई। 20 से 30 मिनट तक की फुटेज देखने का दावाशिकायतकर्ता के मुताबिक, बाद में दिखाई गई सीसीटीवी फुटेज में घटना से जुड़े करीब 20 से 30 मिनट के दृश्य मौजूद थे। उनका दावा है कि फुटेज में बेटे के साथ मारपीट होने की बात सामने आई है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि कक्षा में शिक्षिका सुबह 8:05 बजे आती हैं, जबकि बच्चे को सुबह 7:40 बजे स्कूल छोड़ा गया था। पिता ने इस दौरान बच्चों की सुरक्षा और स्कूल की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही बरतने, मामले को दबाने और सीसीटीवी साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका जताते हुए पुलिस से फुटेज सुरक्षित कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। दो धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमापुलिस ने एफआईआर दर्ज की। इसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2) और 125(ए) लगाई गई हैं। एफआईआर में स्कूल के अज्ञात बच्चों और स्कूल प्रबंधन को आरोपी के रूप में दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में आयोजित एक कार्यक्रम में राहुल गांधी पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को यह भी पता नहीं है कि ज्ञापन कहां दिया जाता है और याचिका कहां दायर की जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र को बनाए रखने में न्यायपालिका की महत्वपूर्ण भूमिका है। शुक्रवार को कार्यक्रम में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे ने कहा कि बार और बेंच के बीच आपसी सम्मान, संस्थागत स्वतंत्रता और कानून के प्रति प्रतिबद्धता जरूरी है। उन्होंने न्यायपालिका और अधिवक्ता समुदाय के बीच बेहतर समन्वय को लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया। सीएम बोले- सरकार ने 900 से ज्यादा अनुपयोगी कानून खत्म किए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उनकी सरकार बनने के बाद 900 से अधिक अनुपयोगी कानूनों को समाप्त किया गया है। सरकार का प्रयास पुराने और अप्रासंगिक कानूनों को हटाकर व्यवस्था को सरल बनाना है। मुख्यमंत्री ने भारत के पड़ोसी देशों की लोकतांत्रिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि कई देशों में लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर चुनौतियां सामने आई हैं। वहीं, भारत में लोकतंत्र और संविधान की रक्षा में न्यायपालिका ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। चीफ जस्टिस बोले- संविधान की रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे ने कहा कि प्रशासन और लोकतंत्र के अलग-अलग स्तंभों की भूमिकाएं भले ही अलग हों, लेकिन उनका अंतिम उद्देश्य एक ही है। संविधान की रक्षा करना, नागरिकों के अधिकारों को सुरक्षित रखना और प्रत्येक व्यक्ति को बिना भय या पक्षपात के निष्पक्ष न्याय दिलाना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बार और बेंच के बीच संबंध आपसी सम्मान, संस्थागत स्वतंत्रता, पेशेवर ईमानदारी और कानून के शासन के प्रति साझा प्रतिबद्धता पर आधारित होने चाहिए। विचारों में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन संविधान की रक्षा हमारा साझा उद्देश्य होना चाहिए। चीफ जस्टिस ने एडवोकेट जनरल की भूमिका को सराहा मुख्य न्यायाधीश ने एडवोकेट जनरल प्रशांत सिंह की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि एडवोकेट जनरल का कार्यालय अधिवक्ताओं को अनुभव और पेशेवर दक्षता विकसित करने का अवसर देता है। यह उन्हें समाज में बड़ी जिम्मेदारियां निभाने के लिए तैयार करता है। उन्होंने अपने सम्मान के लिए लोक निर्माण विभाग के मंत्री, साथी न्यायाधीशों, एडवोकेट जनरल, आयोजकों और अधिवक्ता समुदाय का आभार जताया। साथ ही कहा कि संविधान के आदर्शों की रक्षा करना और न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाना सभी की साझा जिम्मेदारी है। शाम साढ़े 7 बजे जबलपुर पहुंचे मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार शाम करीब साढ़े 7 बजे जबलपुर पहुंचे। यहां उन्होंने मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे का स्वागत और अभिनंदन किया। इस दौरान कई न्यायाधीश और वरिष्ठ अधिवक्ता मौजूद रहे। शहपुरा के कैफे में कुल्हड़ वाली चाय का आनंद लिया इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नरसिंहपुर से जबलपुर आते समय शहपुरा स्थित एक कैफे पहुंचे। यहां उन्होंने कुल्हड़ में चाय पी और युवाओं से बातचीत की। व्यस्त कार्यक्रम के बीच मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर युवा कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। इस दौरान भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। चाय पर चर्चा के दौरान युवाओं से संवाद हुआ। कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने संगठन के प्रति अपना उत्साह और समर्पण जताया।
छतरपुर SP रजत सकलेचा ने 42 पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों के तबादले के आदेश जारी किए हैं। इस सूची में 7 सब इंस्पेक्टर, 2 असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर, 10 हेड कॉन्स्टेबल और 23 कॉन्स्टेबल शामिल हैं। इस फेरबदल में नौगांव और महाराजपुर थाने के प्रभारी भी बदले गए हैं। शुक्रवार को जारी आदेश के अनुसार, नौगांव थाना प्रभारी संजय राय को महाराजपुर और महाराजपुर थाना प्रभारी अजय अंबे को नौगांव भेजा गया है। सब इंस्पेक्टर वेद प्रकाश पटेरिया को पुलिस लाइन से ट्रैफिक थाने और देवेंद्र यादव को बछौन चौकी से नौगांव थाने में तैनात किया गया है। इसके अलावा सब इंस्पेक्टर मोहन सिंह गौड़ को अकोना चौकी से बक्सवाहा, हिरण्य कुमार द्विवेदी को ओरछा रोड से राजनगर, हरदेव सिंह को बमीठा से बिजावर और रामदयाल सौर को बड़ामलहरा से बक्सवाहा भेजा गया है। वहीं अजय शाक्य को बक्सवाहा से बड़ामलहरा भेजा गया है। एएसआई और हेड कॉन्स्टेबलों के तबादले असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर सोहन सैयाम को कोतवाली से सरवई और रामबहादुर प्रजापति को ईशानगर से बमीठा भेजा गया है। हेड कॉन्स्टेबलों में रविन्द्र मिश्रा को सटई, हरिप्रकाश बंधु को हरपालपुर, रामजी अहिरवार को सिविल लाइन, सिद्धनाथ अहिरवार को बक्सवाहा, राहुल पटेरिया को ईशानगर, राजाराम अहिरवार को मातगुवां और नीलम घोष को सीसीटीवी कंट्रोल रूम में तैनात किया गया है। वहीं संदीप तोमर को लुगासी चौकी, प्रमोद कुमार शर्मा को पुलिस लाइन और उमाशंकर शुक्ला को गढ़ीमलहरा भेजा गया है। आशीष सिंह को बागेश्वर धाम चौकी और हाकम सिंह को भगवां पदस्थ किया गया है। 23 कॉन्स्टेबलों की भी बदली जगह कॉन्स्टेबलों में शिक्षा यादव को अलीपुरा, मनाली बेदी को पिपट, जितेंद्र सिंह को जिला विशेष शाखा, कमल सिंह को हरपालपुर, रामचंद्र यादव को बमीठा, दीपिका पटेरिया को सीसीटीवी कंट्रोल रूम और रूपेश सोनी को बमनोरा भेजा गया है। रामदास मीणा को ईशानगर, धीरेन्द्र पटेल को गर्रौली चौकी, मंगल यादव को महाराजपुर, शुभम कुमार वर्मा को कोतवाली, उमाशंकर चढ़ार को गुलगंज और भगवानदास यादव को पुलिस लाइन पदस्थ किया गया है। पुलिस लाइन में मौजूद जवानों को मिली तैनाती लंबे समय से पुलिस लाइन में पदस्थ राजेश कश्यप को बमनोरा, हेमंत खटीक को कोतवाली, सुंदरम त्रिपाठी को सिविल लाइन, संतोष सिंह को गौरिहार, शिवकुमार पाल को गुलगंज, संजय सिंह परिहार को गढ़ीमलहरा, अंकित द्विवेदी को सिविल लाइन और रामस्वरूप मरकोले को ट्रैफिक थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एसपी रजत सकलेचा ने बताया कि जिले में कानून-व्यवस्था सुधारने के लिए यह फेरबदल किया गया है। सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे तबादला हुए कर्मचारियों को तुरंत नई जगह ज्वाइन करने के लिए रवाना करें।
कोरबा पुलिस ने कम कैरेट के सोने को 22 कैरेट बताकर लोगों को बेचने और गोल्ड लोन कंपनियों में गिरवी रखकर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। सिविल लाइन रामपुर पुलिस ने गिरोह के चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपियों के कब्जे से सोने के आभूषण, नकदी, डिजिटल तौल मशीन, बैंक में नकदी जमा करने की पर्ची और वारदात में इस्तेमाल आई-10 कार जब्त की गई है। पुलिस की पूछताछ में मणप्पुरम फाइनेंस, जना बैंक और आईएफएल जैसी कंपनियों में भी कम कैरेट के सोने के आभूषण गिरवी रखकर लोन लेने की जानकारी सामने आई है। 45 हजार रुपए में बेचा 18 कैरेट का लॉकेट मामले में ग्राम कोरबी धतुरा निवासी संजय श्रीवास (46), पिता दाउराम श्रीवास ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि गांव के इंद्रेश साहू ने उन्हें 3.75 ग्राम वजन का एक लॉकेट दिखाया और उसे 22 कैरेट का सोना बताते हुए कीमत 49 से 50 हजार रुपए बताई। इसके बाद 45 हजार रुपए में बेचने की बात कही। 28 अक्टूबर को इंद्रेश अपने साथियों के साथ सफेद कार से घंटाघर कोरबा के पास पहुंचा। यहां संजय से 45 हजार रुपए लेकर उसे लॉकेट दे दिया। बाद में संजय ने दिव्य ज्वेलर्स में लॉकेट की जांच कराई तो वह 22 कैरेट के बजाय 18 कैरेट का निकला। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत की। घेराबंदी कर चारों आरोपियों को पकड़ा शिकायत पर पुलिस ने प्रार्थी के लॉकेट को गवाह विकास साहू और गजेंद्र साहू की मौजूदगी में जब्त किया। इसके बाद घेराबंदी कर मुख्य आरोपी इंद्रेश को उसके तीन साथियों के साथ आई-10 कार सहित पकड़ लिया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी 18 और 20 कैरेट के सोने के आभूषणों को 22 कैरेट बताकर लोगों को बेचते थे। इसके अलावा इन्हीं आभूषणों को गोल्ड लोन कंपनियों में गिरवी रखकर लोन भी लेते थे। पुलिस के अनुसार, आरोपियों द्वारा मणप्पुरम फाइनेंस, जना बैंक और आईएफएल जैसी कंपनियों में सोना गिरवी रखने के तथ्य सामने आए हैं। नकदी, आभूषण और कार जब्त पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अलग-अलग सामान जब्त किया है। इसमें इंद्रेश साहू से 2,100 रुपए नकद और 40 हजार रुपए की एसबीआई एटीएम डिपॉजिट पर्ची, लिलेश्वर सिन्हा से 1,000 रुपए नकद और मनीष देवांगन से हुंडई आई-10 कार (CG05AE-8013) शामिल है। वहीं, आशीष गर्ग उर्फ आशु के पास से 7.89 ग्राम वजन के दो लॉकेट, 13.40 ग्राम की दो जोड़ी झुमकी (20 कैरेट), 6.54 ग्राम की दो लेडिस अंगूठियां (20 कैरेट), 3.80 ग्राम की एक जेंट्स अंगूठी और मिनी डिजिटल तौल मशीन जब्त की गई है। रायपुर, दिल्ली और कोरबा के रहने वाले आरोपी पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें इंद्रेश कुमार साहू उर्फ हरिओम (31), निवासी कोरबी धतुरा, कोरबा; लिलेश्वर सिन्हा (52), निवासी गुढ़ियारी, रायपुर; मनीष देवांगन उर्फ राहुल (47), निवासी सुंदरनगर, रायपुर और आशीष गर्ग उर्फ आशु (29), निवासी नरेला, दिल्ली शामिल हैं। सिविल लाइन थाने में अपराध क्रमांक 908/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 3(5) में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
हापुड़ में पत्नी की हत्या के पति को उम्रकैद:4 साल पुराने मामले में फैसला, 26 हजार जुर्माना लगाया
हापुड़ की अदालत ने शुक्रवार को पत्नी की हत्या के मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी पति नवाब को दोषी करार दिया और उसे उम्रकैद की सजा सुनाई। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय प्रथम मिताली गोविंद राव की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों और साक्ष्यों को देखने के बाद यह फैसला सुनाया। इसके साथ ही दोषी पर ₹26,000 का अर्थदंड (जुर्माना) भी लगाया गया है। शादी के बाद से ही बाइक और 2 लाख रुपये की कर रहा था मांग विशेष लोक अभियोजक करुणा नागर ने बताया कि मेरठ के खरखौदा थाना क्षेत्र के गांव फफूड़ा निवासी सचिन ने 27 मई 2022 को हापुड़ नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। सचिन ने बताया कि उनकी बहन नीलम की शादी 22 अप्रैल 2016 को हापुड़ के शिवगढ़ी निवासी नवाब से हुई थी। शादी के बाद से ही नवाब और उसके परिजन नीलम को कम दहेज का ताना देकर प्रताड़ित करते थे और बाइक व दो लाख रुपये नकद की मांग करते थे। संतान न होने पर बांझ कहकर भूखा-प्यासा रखता था पति पीड़ित पक्ष का आरोप था कि दहेज की मांग पूरी न होने के साथ-साथ संतान न होने पर भी नीलम को 'बांझ' कहकर मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था और उसे भूखा-प्यासा रखा जाता था। नीलम ने कई बार अपने मायके वालों को अपनी जान के खतरे की आशंका जताई थी। 27 मई 2022 को मिला था पीड़िता का शव 27 मई 2022 को नवाब की सूचना पर जब नीलम के मायके वाले हापुड़ पहुंचे, तो वह मृत अवस्था में पड़ी मिली और उसके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। अदालत ने अभियोजन पक्ष की दलीलों और साक्ष्यों को सही मानते हुए नवाब को अपनी पत्नी की हत्या का दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाकर जेल भेज दिया।
टोंक में नेशनल हाईवे-52 पर बनास पुलिया पर चलते कंटेनर ट्रेलर का टायर फट गया। टायर फटते ही ट्रेलर के निचले हिस्से में आग लग गई। कंटेनर में प्लास्टिक का आइटम था। ऐसे में आग तेजी से फैली। वक्त रहते ड्राइवर-क्लिनर ने उतरकर जान बचाई। गनीमत रही कि ट्रेलर बेकाबू नहीं हुआ। घटना शुक्रवार शाम को हुई। लपटें और गुबार देख हाईवे पर गाड़ियों की कतार लग गई। मौके पर भीड़ जुट गई। सूचना पर सदर और बरौनी थाना पुलिस मौके पर पहुंचीं और ट्रैफिक को वन-वे कराया। इसके बाद दमकल ने आग पर काबू पाने की कोशिश की। करीब डेढ़ घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका और यातायात सुचारु हुआ। उत्तराखंड से गुजरात जा रहा था कंटेनर जानकारी के अनुसार कंटेनर उत्तराखंड से टोंक होते हुए गुजरात की ओर जा रहा था। इसी दौरान बनास पुलिया पर अचानक उसका टायर फट गया। कंटेनर में भरे प्लास्टिक का सामान ने तेजी से आग पकड़ी। लपटों ने पूरे कंटेनर को अपनी चपेट में ले लिया। पुलिस ने भीड़ को घटनास्थल से दूर रखा, ताकि राहत एवं बचाव कार्य में किसी प्रकार की बाधा नहीं आए। कोटा जाने वाली गाड़ियों को किया डायवर्ट सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने जयपुर से कोटा की ओर जाने वाले वाहनों को बनास पुलिया पर बने दूसरे पुल से डायवर्ट कर निकाला। हाईवे पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने से वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक तौर पर टायर फटने के बाद आग लगने की आशंका जताई जा रही है।
केंद्र के बाद अब राजस्थान सरकार ने भी कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (DA) और पेंशनर्स का महंगाई राहत (डीआर) तीन फीसदी बढ़ा दिया है। सीएम भजनलाल शर्मा की मंजूरी के बाद शुक्रवार को डीए बढ़ाने के आदेश हो गए हैं। इसके साथ ही दिवाली पर 6 लाख कर्मचारियों को 7 हजार तक बोनस देने का भी आदेश जारी हो गए। राजस्थान में करीब 7 लाख से ज्यादा सरकारी कर्मचारी और 5 लाख से ज्यादा पेंशनर्स हैं। राज्य कर्मचारियों के साथ ही पंचायत समिति और जिला परिषद के कर्मचारियों का डीए बढ़ाया है। इससे सरकार पर करीब 820 करोड़ का आर्थिक भार आएगा। अब तक राजस्थान में कर्मचारियों को 60 फीसदी डीए और पेंशनर्स को 60 फीसदी महंगाई राहत (डीआर) मिल रहा था। अब बढ़ोतरी के बाद कर्मचारियों को 63 फीसदी डीए और पेंशनर्स को 63 फीसदी डीआर मिलेगा। अप्रैल में दो फीसदी बढ़ा था डीए राज्य सरकार ने इसी साल अप्रैल में कर्मचारियों और पेंशनर्स का डीए दो फीसदी बढ़ाया था। अप्रैल में डीए 58% से बढ़ाकर 60 प्रतिशत किया था। राजस्थान में पिछले लंबे समय से केंद्र की घोषणा के बाद कुछ समय बाद ही राज्य सरकार भी डीए बढ़ाती रही है। अप्रैल में केंद्र सरकार के डीए बढ़ाने की घोषणा के पांचवें दिन राजस्थान सरकार ने भी DA बढ़ा दिया था। 500 से लेकर 4500 रुपए तक होगा फायदा डीए में तीन फीसदी की बढ़ोतरी से सरकारी कर्मचारियों और अफसरों को वेतनमान के हिसाब से अलग-अलग फायदा होगा। एल-1 से लेकर एल-24 तक वेतनमान के हिसाब से अलग-अलग राशि बनती है। डीए बढ़ने से 500 से लेकर 4500 रुपए तक प्रति माह वेतन में बढ़ोतरी होगी। बढ़ा हुआ डीए जुलाई से लागू होगा डीए बढ़ाने से चालू वित्त वर्ष में 820 करोड़ का अतिरिक्त भार पड़ेगा। बढ़ा हुआ डीए जुलाई से लागू होगा। जुलाई से अक्टूबर तक के DA का बकाया कर्मचारियों के GPF (सामान्य भविष्य निधि) खातों में जमा किया जाएगा। बढ़ा हुआ DA कर्मचारियों को नवंबर के वेतन के साथ नकद दिया जाएगा। पेंशनभोगियों को 1 जुलाई से बढ़ा हुआ DR नकद में दिया जाएगा। 6 लाख कर्मचारियों को अधिकतम 7000 रुपए तक एडहॉक बोनस 6 लाख कर्मचारियों को अधिकतम 7000 रुपए तक एडहॉक बोनस मिलेगा। बोनस का लाभ पे-मैट्रिक्स लेवल L-12 तक के कर्मचारियों को ही मिलता है। चालू वित्त वर्ष में बोनस से सरकार पर 406 करोड़ का अतिरिक्त भार पड़ेगा। बोनस का 75% हिस्सा नकद दिया जाएगा, और 25% हिस्सा कर्मचारियों के GPF खातों में जमा किया जाएगा।
हांसी के उत्तम नगर में गली के लेवल को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को गली निर्माण के दौरान एक बार फिर दोनों पक्षों के बीच बहसबाजी और हंगामा हो गया। इसके बाद एक पक्ष की महिलाएं कुछ लोगों के साथ विधायक विनोद भयाना के आवास पर पहुंचीं और गली के लेवल में बदलाव नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई। विधायक ने अधिकारियों को गली का लेवल सही रखने के निर्देश दिए। महिलाओं ने विधायक से कहा कि उनके निर्देशों के बावजूद गली का निर्माण पहले की तरह ही किया जा रहा है और लेवल में कोई बदलाव नहीं किया गया। उनका कहना था कि मौजूदा लेवल के कारण कॉलोनी के पानी की निकासी ड्रेन की ओर नहीं हो पाएगी, जिससे बारिश के दौरान जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है। पहले भी बुलानी पड़ी थी पुलिस गली के लेवल को लेकर पहले भी विवाद हो चुका है। उस दौरान मौके पर पुलिस बुलानी पड़ी थी, जिसके बाद निर्माण कार्य आगे बढ़ा। हालांकि, शुक्रवार को बड़ी संख्या में लोग फिर एकत्रित हो गए और गली के लेवल पर विरोध जताया। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण ऐसा होना चाहिए, जिससे पूरी कॉलोनी के पानी की निकासी सुचारू रूप से हो सके। वहीं, विवाद के चलते गली निर्माण का मामला लगातार उलझता जा रहा है।
सुल्तानपुर में पत्नी की हत्या कर शव को गांव के तालाब में फेंकने के आरोपी पति दिनेश पाल को शुक्रवार शाम करीब 6:00 बजे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट में पेश किया गया। मामले की सुनवाई करते हुए सीजेएम नवनीत सिंह ने आरोपी को 12 नवंबर तक के लिए जेल भेजने का आदेश दिया है। 24 अक्टूबर की रात की थी वारदात जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र के सवई बहवा गांव निवासी आरोपी दिनेश पाल की शादी 15 साल पहले उर्मिला के साथ हुई थी। पुलिस के अनुसार, दिनेश ने 24 अक्टूबर को अपनी पत्नी उर्मिला की हत्या कर दी और साक्ष्य मिटाने की नीयत से शव को गांव के पास स्थित तालाब में फेंक दिया। अगले दिन 25 अक्टूबर को तालाब से उर्मिला का शव बरामद होने पर हड़कंप मच गया था। मां की शिकायत पर दर्ज हुआ था हत्या का केस शनिवार रात उर्मिला के अचानक घर से गायब होने पर परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की थी। सुराग न मिलने पर दिनेश ने ग्राम पंचायत प्रशासक को सूचना दी, जिसके बाद तालाब में शव मिलने की खबर आई। पुलिस ने शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया और मृतका की मां शिवकुमारी की तहरीर पर आरोपी पति दिनेश के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया। रात में रामलीला देखने गए थे बच्चे पूछताछ के दौरान आरोपी दिनेश ने बताया कि उर्मिला काफी समय से बीमार चल रही थी। घटना वाली रात दवा देने के बाद उर्मिला कमरे में सो गई थी, जबकि घर के बच्चे और अन्य सदस्य गांव में रामलीला देखने गए हुए थे। पुलिस ने विवेचना पूरी करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत के सामने प्रस्तुत किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
जयपुर के जवाहर नगर स्थित सेंट एडमंड्स स्कूल का एनुअल फंक्शन 30 अक्टूबर 2026 को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (RIC), जयपुर में आयोजित किया गया। इस साल समारोह की मुख्य थीम ‘AI और मैं – तकनीक सोच सकती है, इंसान महसूस कर सकते हैं’ रही, जिसके माध्यम से कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मानवीय अन्तः शक्ति के बीच के संबंध को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात विद्यालय के संस्थापक स्वर्गीय रणबीर सिंह जी को श्रद्धांजलि अर्पित कर शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान का स्मरण किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. राजेश भोजवानी, निदेशक, संतोकबा इंस्टीट्यूट ऑफ डाइजेस्टिव सर्जिकल साइंसेज़ का पारंपरिक तिलक एवं फूल भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया। इसके पश्चात प्रधानाचार्या अनु भाटिया जी ने विद्यालय का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए वर्षभर की उपलब्धियों, शैक्षणिक प्रगति और विविध गतिविधियों का उल्लेख किया। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत कर उनकी उपलब्धियों की सराहना की गई। मुख्य अतिथि ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन से विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया तथा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सम्मानित होने वाले विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ दीं। उनके विचारों ने विद्यार्थियों को निरंतर परिश्रम करने, अपनी क्षमताओं को पहचानने और जीवन में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरूआत गणेश वंदना और सिम्फनी की मनमोहक संयुक्त प्रस्तुति के साथ हुई, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय एवं संगीतमय बना दिया। समारोह का मुख्य आकर्षण प्री-प्राइमरी के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों की मनमोहक मुस्कान एवं मनोहारी प्रस्तुतियाँ रहीं जिन्होंने पूरे वातावरण को उल्लास और उमंग से भर दिया। इसके अतिरिक्त नृत्य, नाटक, संगीत और नवाचारी मंचीय प्रस्तुतियों के माध्यम विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास, ऊर्जा एवं सृजनात्मकता का परिचय देते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता ( ए. आई. ) और मानवीय बुद्धिमत्ता के विभिन्न पहलुओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। आकर्षक वेशभूषा, भावपूर्ण अभिव्यक्ति और उत्कृष्ट मंचीय समन्वय ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया तथा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूँज उठा। समारोह में यह विचार प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया कि तकनीकी प्रगति और मानवीय मूल्यों का परस्पर संतुलन ही उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। इस प्रकार, वार्षिकोत्सव न केवल विद्यार्थियों की प्रतिभा और रचनात्मक अभिव्यक्ति का उत्सव बना, बल्कि आधुनिक तकनीक के युग में मानवीय संवेदनाओं, रिश्तों और जीवन-मूल्यों की प्रासंगिकता को भी रेखांकित कर गया। इस थीम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह प्रेरणादायी संदेश दिया गया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता ज्ञान और कार्यक्षमता को बढ़ाने का सशक्त माध्यम है, किंतु जीवन की वास्तविक सार्थकता आंतरिक शक्ति एवं मूल्यों में निहित है। तकनीक का विवेकपूर्ण उपयोग करते हुए अपनी स्वतंत्र सोच, रचनात्मकता, नैतिकता और संवेदनशीलता को बनाए रखना आवश्यक है। इस प्रकार, विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से दक्ष होने के साथ-साथ संवेदनशील, जिम्मेदार और मूल्यनिष्ठ नागरिक बनने की प्रेरणा मिली। समारोह का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें आयोजन को सफल बनाने वाले अतिथियों, विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। अंत में राष्ट्रगान के सामूहिक गायन के साथ समारोह का गरिमामय समापन हुआ। प्रत्येक प्रस्तुति विद्यार्थियों के समर्पण, अथक परिश्रम और सामूहिक प्रयासों का प्रतिबिंब रही। उन्होंने अपनी कल्पनाशीलता और नवाचार से मंच को एक भव्य एवं यादगार उत्सव में परिवर्तित कर दिया।
मऊगंज के पीएम श्री शहीद केदार नाथ कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने थाना कोतवाली का भ्रमण किया। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चल रहे ‘जन सुरक्षा एवं युवा सृजन संवाद’ कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को थाने की कार्यप्रणाली, FIR दर्ज करने और पुलिस की अलग-अलग व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई। डायल 112 और महिला हेल्प डेस्क देखी भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को थाना परिसर के अलग-अलग कक्ष, डायल 112 वाहन, CCTV कंट्रोल रूम और महिला हेल्प डेस्क दिखाई गई। थाना प्रभारी ने उन्हें प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज करने की प्रक्रिया समझाई। छात्रों को डायल 112 के रिस्पांस टाइम और शहर में लगे CCTV कैमरों के जरिए अपराधों पर नजर रखने के तरीके भी बताए गए। साइबर अपराध और यातायात नियमों की जानकारी दी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शशिकांत सरयाम ने बताया कि सामुदायिक पुलिसिंग के तहत हुए इस कार्यक्रम का मकसद युवाओं को कानूनी प्रक्रियाओं से जोड़ना और जागरूक करना है। अधिकारियों ने छात्रों को साइबर अपराध, सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल, नशा मुक्ति और यातायात नियमों के पालन की जानकारी भी दी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, ऐसे संवाद से युवाओं और पुलिस के बीच दूरी कम करने और पुलिस पर भरोसा बढ़ाने में मदद मिलेगी।
भाजपा ने मध्यप्रदेश की खाली राज्यसभा सीट के लिए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को उम्मीदवार बनाया है। इसके विरोध में शुक्रवार शाम हरदा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। नारायण टॉकीज चौक पर पुरी का पुतला जलाया और भाजपा के खिलाफ नारे लगाए। एपस्टीन से संबंधों को लेकर उठाए सवाल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि हरदीप सिंह पुरी का नाम बाल यौन शोषण के आरोपी जेफ्री एपस्टीन से संबंधों को लेकर सामने आया है। पार्टी ने सवाल उठाया कि भाजपा उन्हें मध्यप्रदेश से राज्यसभा भेजना क्यों चाहती है। कांग्रेस ने इसे प्रदेश का अपमान बताया। मंत्री से इस्तीफे की मांग ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद व्यास ने कहा कि भारत को नारी शक्ति का सम्मान करने वाला राष्ट्र कहा जाता है। उन्होंने कहा कि किसी मंत्री का नाम गंभीर आरोपों में आने पर उन्हें नैतिकता के आधार पर पद छोड़ देना चाहिए। व्यास ने आरोप लगाया कि इस मामले से देश की छवि धूमिल हो रही है, जबकि सरकार चुप है। जांच होने तक विरोध जारी रखने की चेतावनी प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ नारे लगाए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच और मंत्री के इस्तीफे तक उनका विरोध जारी रहेगा।
हापुड़ के बुलंदशहर रोड स्थित आवास विकास कॉलोनी में सीजीएसटी विभाग की जांच में एक फर्म से जुड़े करीब 4 करोड़ रुपए के कर अपवंचन का मामला प्रथम दृष्टया सामने आया है। विभाग ने सर्वश्री मोहम्मद खालिद एंड सन्स पर फर्जी खरीद-बिक्री के बिलों के जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) लेने और करमुक्त बिक्री के नाम पर टैक्स चोरी करने का आरोप लगाया है। फर्म एनिमल मीट, टैलो और बोन मील की ट्रेडिंग करती है। अधिकारियों की जांच शाम 7 बजे तक जारी रही। सीजीएसटी विभाग के अनुसार, फर्म ने तमिलनाडु की 11 अस्तित्वहीन फर्मों से 135.95 लाख रुपए की फर्जी ITC ली। अपर आयुक्त ग्रेड-2 राम केश्वर के नेतृत्व में टीम ने फर्म के व्यापार स्थल की जांच की। मौके पर आवासीय परिसर मिला, लेकिन माल का कोई स्टॉक नहीं मिला। अधिकारियों को खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेज जरूर मिले। फर्म के मालिक मोहम्मद अमजद ने बताया कि उनकी फर्म तमिलनाडु, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और दिल्ली से माल खरीदती है। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि बिक्री बिल-टू-शिप-टू व्यवस्था के तहत होती है। बिलों में हापुड़ में डिलीवरी, लेकिन माल पहुंचने का रिकॉर्ड नहीं अधिकारियों के मुताबिक, दस्तावेजों और बिलों के मिलान में गड़बड़ी मिली। रिकॉर्ड में माल की डिलीवरी हापुड़ में दिखाई गई थी, लेकिन माल यहां पहुंचने के प्रमाण नहीं मिले। ई-वे बिल पोर्टल पर भी संबंधित राज्यों से हापुड़ तक माल लाने वाले वाहनों की आवाजाही दर्ज नहीं थी। विभाग को आशंका है कि वास्तविक माल की आपूर्ति किए बिना केवल बिल जारी कर खरीद-बिक्री दिखाई गई। जांच में वर्ष 2024-25 में 15.06 करोड़ रुपए की खरीद के मुकाबले 8.78 करोड़ रुपए की बिक्री घोषित मिली। वहीं, वर्ष 2025-26 में 5.72 करोड़ रुपए की खरीद के मुकाबले 1.14 करोड़ रुपए की बिक्री दिखाई गई। अधिकारियों के अनुसार, कारोबारी शेष माल की बिक्री का विवरण नहीं दे सका। चार साल में अतिरिक्त ITC क्लेम करने का भी मामला जांच में वर्ष 2024-25 के दौरान तमिलनाडु की 11 अस्तित्वहीन फर्मों से 135.95 लाख रुपए की फर्जी ITC लेने की बात सामने आई। इसके अलावा वर्ष 2022-23 से 2025-26 के बीच 39.76 लाख रुपए की अतिरिक्त ITC क्लेम कर कर देयता समायोजित करने का मामला भी सामने आया है। विभाग के अनुसार, उपलब्ध दस्तावेजों और शुरुआती जांच के आधार पर करीब 4 करोड़ रुपए के कर अपवंचन का मामला प्रथम दृष्टया सामने आया है। फर्म के खिलाफ आगे की जांच की जा रही है। इन अधिकारियों की टीम ने की जांच कार्रवाई अपर आयुक्त ग्रेड-2 राम केश्वर के नेतृत्व में की गई। टीम में संयुक्त आयुक्त अजय प्रताप सिंह, उपायुक्त विमल कुमार, राज्य कर अधिकारी सतीश कुमार तिवारी और हरिशंकर शिवहरे शामिल रहे।
औरैया के देवरपुर गांव में रिश्तेदारी में आए 27 वर्षीय विनय की तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। परिजन उन्हें जिला अस्पताल ले गए थे। शुक्रवार शाम 7 बजे इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। विनय इटावा जिले के भरथना थाना क्षेत्र के लालपुरा के रहने वाले थे। उनकी शादी पांच साल पहले दिबियापुर थाना क्षेत्र के चिटकाइयां पुरवा निवासी जगराम की बेटी स्वेता (25) से हुई थी। उनका तीन साल का बेटा है। स्वेता अपने पति विनय के साथ देवरपुर गांव में अपनी बुआ कमला के घर आई थीं। करवा चौथ का व्रत पूरा होने के बाद बीती रात विनय की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजन उन्हें जिला अस्पताल औरैया ले गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। स्वेता पांच भाई-बहनों में सबसे बड़ी हैं। उनके पिता जगराम की तीन बेटियां और दो बेटे हैं। विनय की मौत के बाद स्वेता और उनके मायके के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। चिटकाइयां पुरवा में उनके ननिहाल में शोक का माहौल है। दिबियापुर थाना प्रभारी राजकुमार सिंह ने बताया कि विनय का पोस्टमॉर्टम चिचौली में किया जाएगा।
करनाल के हांसी चौक स्थित श्मशान सुधार सभा से लोहे की अलमारी और तीन कुर्सियां चोरी करने के मामले में करनाल पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की लोहे की अलमारी बरामद कर ली है। आरोपी की पहचान पश्चिम बंगाल के मालदा निवासी मिजानूर रहमान के रूप में हुई है। वह फिलहाल करनाल में हांसी रोड स्थित कुम्हारों वाली गली में किराए पर रह रहा था। पुलिस ने उसे 30 अक्टूबर को हांसी रोड से गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जिला जेल भेज दिया गया। 29 अक्टूबर को दर्ज कराया था चोरी का केस पुलिस के अनुसार, 29 अक्टूबर को हरिचंद ने सदर बाजार पुलिस चौकी में शिकायत दी थी कि हांसी चौक स्थित श्मशान सुधार सभा से एक लोहे की अलमारी और तीन कुर्सियां चोरी हो गई हैं। शिकायत के आधार पर थाना शहर करनाल में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज से आरोपी तक पहुंची पुलिस मामले की जांच सदर बाजार पुलिस चौकी के इंचार्ज सहायक उप निरीक्षक सतीश कुमार के नेतृत्व में की गई। मुख्य सिपाही विजय कुमार की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज की मदद से आरोपी की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस ने 30 अक्टूबर को कार्रवाई करते हुए मिजानूर रहमान को हांसी रोड से गिरफ्तार कर लिया। अलमारी बरामद, कोर्ट ने जेल भेजा पुलिस पूछताछ में आरोपी ने चोरी की वारदात में शामिल होना स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर चोरी की लोहे की अलमारी बरामद कर ली गई। हालांकि, पुलिस की ओर से तीन कुर्सियों की बरामदगी की जानकारी नहीं दी गई है। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जिला जेल भेजने के आदेश दिए गए। पुलिस अधीक्षक करनाल करन गोयल के निर्देश पर जिले में चोरी की वारदातों में शामिल आरोपियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।
कोटा में पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में दो पंचायत समितियों में 47 ग्राम पंचायतों में पंच-सरपंच के लिए 84.82% वोटिंग हुई। सबसे ज्यादा खैराबाद पंचायत समिति में 85.17% में मतदान हुआ जबकि चेचट पंचायत समिति में 84.51% वोट पड़े। देर रात तक रिजल्ट आएंगे। खैराबाद ग्राम पंचायत में सरपंच पद की मतगणना शुरू होने से पहले ही केंद्र के बाहर जश्न का माहौल नजर आया। समर्थकों ने अपने प्रत्याशी की जीत की उम्मीद में पटाखे फोड़कर खुशी जाहिर की। जिले में पहले चरण में 4 पंचायत समितियों में 162 ग्राम पंचायतों में पंच-सरपंच के लिए 78 प्रतिशत वोटिंग हुई। जबकि गिरधरपुरा ग्राम पंचायत में पंच-सरपंच निर्विरोध चुने गए थे। पहले चरण में लाडपुरा पंचायत समिति में 82.61%, सांगोद पंचायत समिति में 78.43%, इटावा पंचायत समिति में 77.70% व सुल्तानपुर पंचायत समिति में 76% वोटिंग हुई थी। यहां देखे सरपंचों का रिजल्ट
CBI ने शुरू की PNB बैंक फ्रॉड केस की जांच:ग्रेटर नोएडा में महिला कर्मचारी समेत 8 पर FIR
नोएडा के ग्रेटर नोएडा स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की सेक्टर-पाई शाखा में 10.24 करोड़ रुपए की कथित धोखाधड़ी सामने आई है। CBI की गाजियाबाद एंटी करप्शन ब्रांच ने बैंक की महिला कर्मचारी दीपांशी समेत 8 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोप है कि ग्राहकों के खातों से बिना अनुमति रकम निकालकर दूसरे खातों में ट्रांसफर की गई। एफडीआर में भी हेरफेर किए जाने की बात सामने आई है। आरोपियों में आशुतोष कुमार पाठक, प्रदीप कुमार, मेमबंती देवी, प्रियंका कुमारी, शांति देवी, शालिनी और सरोज देवी शामिल हैं। बैंक की शुरुआती जांच के बाद मामला CBI तक पहुंचा। अब एजेंसी ने लेनदेन और बैंक रिकॉर्ड की जांच शुरू की है। पासबुक अपडेट कराने पहुंची महिला के खाते से हुए तीन ट्रांजैक्शन बैंक के चीफ मैनेजर अजय कुमार पांडे की शिकायत के मुताबिक, ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-पाई स्थित शाखा में संगीता नाम की महिला का खाता है। 16 सितंबर 2026 को वह अपने पति और बेटी के साथ पासबुक अपडेट कराने पहुंचीं। पासबुक में उनके खाते से तीन ट्रांजैक्शन दर्ज थे, जिनकी उन्हें जानकारी नहीं थी। संगीता ने इस बारे में ब्रांच हेड से बात करनी चाही, लेकिन वे उस समय मौजूद नहीं थे। इसके बाद बैंक कर्मचारी दीपांशी ने उनसे बात की और लेनदेन को सही बताया। शिकायत पर पति को ही बताया रकम ट्रांसफर करने वाला शिकायत बैंक मैनेजर तक पहुंची तो उन्होंने दीपांशी से पूछताछ की। इस पर दीपांशी ने बताया कि संगीता ने अपने पति से फोन पर बात की थी और उन्हें प्रॉपर्टी में निवेश के लिए रकम आशुतोष पाठक के खाते में ट्रांसफर करने की जानकारी दी थी। हालांकि, बैंक की जांच में इन तीनों ट्रांजैक्शन से जुड़े वाउचर नहीं मिले। इससे बैंक अधिकारियों को संदेह हुआ और दीपांशी से दोबारा पूछताछ की गई। पूछताछ में लॉगिन का गलत इस्तेमाल करने की बात सामने आई बैंक की शिकायत के अनुसार, पूछताछ में दीपांशी ने कथित तौर पर बताया कि ये ट्रांजैक्शन आशुतोष पाठक के निर्देश पर किए गए थे। उसने बैंक अधिकारियों की जानकारी और मंजूरी के बिना उनके लॉगिन क्रेडेंशियल्स का इस्तेमाल कर ग्राहकों के खातों से रकम निकाली थी। आरोप है कि इन ट्रांजैक्शन से जुड़े वाउचर भी नष्ट कर दिए गए, क्योंकि रकम निकालने के लिए न तो ग्राहकों के निर्देश थे और न ही शाखा अधिकारियों की अनुमति। दीपांशी ने ही खुलवाया था आशुतोष का खाता शिकायत के मुताबिक, बैंक ने आशुतोष पाठक के खाते की जांच की तो पता चला कि यह खाता दीपांशी ने ही खुलवाया था। इसके अलावा कई ग्राहकों के खातों से आशुतोष पाठक, प्रदीप कुमार, मेमबंती देवी, प्रियंका कुमारी, शांति देवी, शालिनी और सरोज देवी के खातों में भी रकम ट्रांसफर की गई थी। बैंक को संदेह है कि ग्राहकों के खातों से निकाली गई रकम सीधे या अलग-अलग खातों के जरिए घुमाकर आशुतोष पाठक के खाते तक पहुंचाई गई। शुरुआती जांच में इसे सुनियोजित तरीके से रकम दूसरी जगह भेजने का पैटर्न बताया गया है। बैंक की शिकायत के आधार पर CBI ने दीपांशी समेत आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। शुरुआती जांच में कथित घोटाले की रकम 10 करोड़ 24 लाख रुपए बताई गई है। मामले में बैंक खातों, अनधिकृत ट्रांजैक्शन और एफडीआर से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
सीकर में फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट से आर्ट्स कॉलेज में एक युवक उर्दू का असिस्टेंट प्रोफेसर नौकरी लग गया। जांच में उसका झूठ सामने आया। कॉलेज आयुक्तालय के द्वारा उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया। अब उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया गया है। दादिया थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस संबंध में आर्ट्स कॉलेज के प्रिंसिपल राजेंद्र कुमार के द्वारा सीकर के दादिया पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज करवाया गया है कि यूपी के बलिया का रहने वाला मोहम्मद परवेज आलम पुत्र मोहम्मद अली ने फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट से कॉलेज में उर्दू विषय के असिस्टेंट प्रोफेसर पर नौकरी भी ज्वाइन कर ली। जब कॉलेज आयुक्तालय के द्वारा सर्टिफिकेट की जांच करवाई गई तो इसका खुलासा हुआ। सर्टिफिकेट के अनुसार- मोहम्मद परवेज पद के लिए पात्र नहीं था। ऐसे में उसे नौकरी से बर्खास्त किया गया और अब उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है।
फिरोजाबाद में रेप और अपहरण मामले में चार दोषी:मुख्य आरोपी को उम्रकैद, तीन को 10-10 साल की सजा
फिरोजाबाद के विशेष पॉक्सो न्यायालय ने नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के चर्चित मामले में चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए सख्त सजा सुनाई है। कोर्ट ने मुख्य आरोपी दिनेश कुमार (पुत्र सरजू प्रसाद, निवासी बलैयापुर, इटावा) को आजीवन कारावास और 50,500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना जमा न करने पर आरोपी को 18 माह 7 दिन की अतिरिक्त जेल भुगतनी होगी। तीन सहयोगियों को 10-10 साल का कारावास विशेष पॉक्सो न्यायालय के पीठासीन अधिकारी मुमताज अली ने मामले में सुनवाई करते हुए तीन अन्य सह-आरोपियों—विशाल उर्फ वासुदेव, उसकी पत्नी दीप्ति और कुलदीप (सभी निवासी हिमायूंपुर अशर्फीनगर, थाना दक्षिण)—को 10-10 साल की सजा और 23-23 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में प्रत्येक को 11-11 माह की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। थाना दक्षिण में दर्ज था पॉक्सो एक्ट का मुकदमा यह मामला थाना दक्षिण में मुकदमा संख्या 183/2023 के तहत दर्ज हुआ था। पुलिस ने मामले में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 363, 366, 376, 323, 120बी और पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4 व 17 के तहत केस दर्ज कर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। 27 अक्टूबर 2026 को सुनाया गया ऐतिहासिक फैसला मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए पुख्ता सबूतों और गवाहों के आधार पर विशेष पॉक्सो न्यायालय ने 27 अक्टूबर 2026 को अपना अंतिम फैसला सुनाते हुए चारों दोषियों को जेल भेज दिया।
गांजा बेचने वाला युवक गिरफ्तार:1.206 किलो गांजा और बाइक जब्त; आरोपी छोटी पुड़िया बनाकर बेचता है
सिवनी जिले के घंसौर में पुलिस ने शुक्रवार दोपहर गांजा बेचने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया। उसके पास से 1 किलो 206 ग्राम गांजा मिला, जिसकी कीमत करीब 20 हजार रुपए बताई गई है। पुलिस ने गांजा ले जाने में इस्तेमाल की जा रही मोटरसाइकिल भी जब्त की। घंसौर थाना प्रभारी लक्ष्मण झारिया ने शाम 6:30 बजे बताया कि पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी। एक युवक मोटरसाइकिल से गांजा लेकर बिक्री के लिए घंसौर-मंडला तिराहा समनापुर रोड की ओर आने वाला था। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी की। बाइक से आ रहा युवक पुलिस को देखकर उसने भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ में युवक की पहचान आदित्य उर्फ अज्जू उर्फ अजय यादव (32), पिता स्व. जमना प्रसाद यादव, निवासी पुरानी बस्ती घंसौर के रूप में हुई। तलाशी में उसके पास से 1 किलो 206 ग्राम गांजा मिला। गांजे के वैध दस्तावेज मांगने पर वह कोई दस्तावेज नहीं दिखा सका। पुलिस के मुताबिक, युवक ने बताया कि वह किसी अज्ञात व्यक्ति से गांजा खरीदकर लाता था और छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर बेचता था।
अनूपपुर जिले के राजेंद्रग्राम में पुलिस ने शुक्रवार दोपहर एक कार से 211 किलो 99 ग्राम गांजा जब्त किया। पुलिस के मुताबिक, गांजे की अनुमानित कीमत 21 लाख 19 हजार 900 रुपए है। कार चालक पुलिस को देखकर जंगल की ओर भाग गया। पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी ने बताया कि प्रदेशभर में एनडीपीएस एक्ट के तहत नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान चल रहा है। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि अमगवां से कुछ संदिग्ध कारें तेज गति से राजेंद्रग्राम की ओर आ रही हैं। उनमें अवैध सामान लदा है। सूचना पर राजेंद्रग्राम थाना प्रभारी निरीक्षक वीरेन्द्र कुमार बरकरे ने टीम के साथ ग्राम अचलपुर के पास घेराबंदी की। कुछ देर बाद छत्तीसगढ़ नंबर की डस्टर कार (CG 16 CA 9735) आती दिखी। पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की। पुलिस को पास आते देख चालक ने कार सड़क किनारे रोकी और खेतों की तरफ से जंगल में भाग गया। पुलिसकर्मियों ने उसका पीछा किया, लेकिन घने जंगल और अंधेरे का फायदा उठाकर वह निकल गया। कार से मोबाइल और पर्स भी जब्त कार की तलाशी में पिछली सीट और डिग्गी में गांजे से भरे कई बोरे मिले। पुलिस ने गांजे के साथ कार, एक मोबाइल फोन और एक पर्स भी जब्त किया। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की है। फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। इनपुट में दो कारों से पायलटिंग की बात भी कही गई है।
लखनऊ में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 20वीं अंतर-सीमांत लॉन टेनिस प्रतियोगिता-2026 का समापन शुक्रवार को सीमान्त मुख्यालय, लखनऊ में हुआ । तीन दिन तक चले मुकाबलों में खिलाड़ियों ने शानदार खेल कौशल और तकनीकी दक्षता का प्रदर्शन किया। टीम चैंपियनशिप से लेकर ओपन सिंगल्स और डबल्स के मुकाबलों में खिलाड़ियों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। 28 से 30 अक्टूबर तक आयोजित इस प्रतियोगिता में एसएसबी के विभिन्न सीमांत मुख्यालयों से आए खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। विजेता और उपविजेता हुए सम्मानित खिलाड़ियों ने पूरे जोश और अनुशासन के साथ कोर्ट पर अपनी प्रतिभा दिखाई। हर मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन के लिए खिलाड़ियों ने पूरा दम लगाया। प्रतियोगिता के दौरान खेल भावना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का माहौल बना रहा। समापन समारोह में मुख्य अतिथि बल मुख्यालय, नई दिल्ली के महानिरीक्षक संजीव शर्मा शामिल हुए। उन्होंने विभिन्न श्रेणियों के विजेता और उपविजेता खिलाड़ियों व टीमों को ट्रॉफी और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना की। कहा कि खेल बलकर्मियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। इससे अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और आपसी समन्वय भी मजबूत होता है। एकता और टीम भावना को बढ़ावा देना उद्देश्य प्रतियोगिता का उद्देश्य बलकर्मियों में खेल संस्कृति को बढ़ावा देना और विभिन्न सीमांत मुख्यालयों के बीच आपसी सौहार्द व एकता मजबूत करना था। ऐसे आयोजन खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ एक-दूसरे से सीखने का अवसर भी देते हैं।
यूपी में चक्रवाती तूफान अर्नब के असर से मौसम का मिजाज बदल गया है। फर्रुखाबाद में सुबह से आसमान में बादल छाए रहे और शाम करीब 7 बजे बूंदाबांदी शुरू हो गई। रुक-रुककर हो रही बारिश से मौसम ठंडा हो गया। कभी तेज बूंदें पड़ रही हैं तो कभी हल्की फुहार आ रही है। बूंदाबांदी से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में कटी धान की फसल भीगने का खतरा है। किसानों का कहना है कि यदि तेज बारिश हुई तो फसल को नुकसान हो सकता है। तेज हवा, बिजली और भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने फर्रुखाबाद के लिए शुक्रवार और शनिवार को अलर्ट जारी किया है। विभाग के मुताबिक, तेज हवा के साथ बिजली चमकने, वज्रपात और भारी बारिश की आशंका है। शनिवार को भी बारिश होने की संभावना जताई गई है। अलर्ट के बाद सभी उप जिलाधिकारियों और तहसीलदारों को अपने-अपने क्षेत्रों में मौसम पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। अग्निशमन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है।
पलवल के मिंडकोला गांव के रहने वाले ब्रजलाल के बैंक खाते से यूपीआई के जरिए 90 हजार रुपए निकाल लिए गए। उनकी शिकायत पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ब्रजलाल ने पुलिस को बताया कि उनका खाता सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक में है। जुलाई में यूपीआई के जरिए मारुफ अली नाम के व्यक्ति के खाते में 50 हजार रुपए ट्रांसफर हुए। खाते की पुष्टि के लिए एक-एक रुपए के दो ट्रांजेक्शन वापस किए गए। इसके तुरंत बाद मनिंदर सिंह के नाम की यूपीआई आईडी से 40 हजार रुपए और निकाल लिए गए। साइबर ठगी का हुआ शिकार ब्रजलाल ने बैंक जाकर जानकारी ली तो उन्हें बताया गया कि उनके साथ साइबर ठगी हुई है। इसके बाद उन्होंने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराई। ब्रजलाल ने बताया कि उन्हें दिल की बीमारी है, इसलिए वे समय पर थाने में बयान दर्ज कराने नहीं जा सके। तबीयत में सुधार के बाद उन्होंने 28 अक्टूबर को साइबर क्राइम थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दी। पुलिस जांच कर रही है कि जिन बैंक खातों में रुपए ट्रांसफर हुए, वे किसके हैं।
ललितपुर में चक्रवाती तूफान अर्नब का असर, बढ़ी ठंड:बूंदाबांदी से तापमान 23 डिग्री पहुंचा, किसान अलर्ट
ललितपुर में चक्रवाती तूफान अर्नब का असर शुक्रवार को देखने को मिला। शाम करीब 6 बजे से फुहार शुरू हो गई, जिससे सड़कें भीग गईं और मौसम में ठंडक बढ़ गई। ठंड बढ़ने के कारण लोग गर्म कपड़े पहनने को मजबूर हो गए। मौसम विभाग की ओर से बारिश की संभावना बनी हुई है। दिनभर आसमान में बादल छाए रहे। जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों में भी फुहार और बूंदाबांदी हुई। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार शाम 6 बजे अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहा। इससे पहले गुरुवार को भी दिनभर बादल छाए रहे थे और दोपहर में बूंदाबांदी हुई थी। बादलों के कारण रात में चांद भी दिखाई नहीं दिया।
लखनऊ में आयोजित 74वीं उत्तर प्रदेश पुलिस वार्षिक एथलेटिक्स क्लस्टर प्रतियोगिता में चौथे दिन खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन किया। सबसे बड़ा आकर्षण महिला हेप्टाथलान स्पर्धा रही। इसमें वाराणसी जोन की ऋत्विका सिंह ने 4570 अंक हासिल कर नया रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने पहला स्थान हासिल किया। वाराणसी की रिया उपाध्याय दूसरे और मेरठ की कामिनी तीसरे स्थान पर रहीं। वहीं, दिनभर की ज्यादातर स्पर्धाओं में मेरठ जोन के खिलाड़ियों का दबदबा रहा।प्रतियोगिता 35वीं वाहिनी पीएसी महानगर स्थित शहीद चंद्रशेखर आजाद क्रीड़ा संकुल में चल रही है। साइकिलिंग में मेरठ का क्लीन स्वीप महिला वर्ग की 80 किलोमीटर साइकिलिंग में मेरठ की बुलबुल, आरती और रुचिका ने क्रमशः पहला, दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया। महिला भाला फेंक में मेरठ की मन्नू ने 41.60 मीटर थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता। आरती दूसरे स्थान पर रहीं। 1500 मीटर दौड़ में मेरठ की काजल शर्मा ने बाजी मारी। लखनऊ की स्नेहलता दूसरे और प्रयागराज की प्रेमलता तीसरे स्थान पर रहीं। 200 मीटर दौड़ में मेरठ की प्रियंका सिकरवार और योगेश कुमारी पहले दो स्थानों पर रहीं। वाराणसी की सुषमा यादव तीसरे स्थान पर रहीं। लंबी कूद में आगरा की निधि ने 6.17 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण जीता। वाराणसी की शिवांगी दुबे दूसरे और मेरठ की खुशबू शर्मा तीसरे स्थान पर रहीं। 5000 मीटर दौड़ में आगरा की मनोराम प्रथम रहीं। मिक्स रिले में मेरठ की टीम ने पहला स्थान हासिल किया। पुरुष वर्ग में भी मेरठ के खिलाड़ी आगे पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ में मेरठ के प्रिंस कुमार ने पहला स्थान पाया। 100 किलोमीटर साइकिलिंग में मेरठ के वीरेश विजेता बने। कानपुर के संतोष सिंह दूसरे और मेरठ के केशव शर्मा तीसरे स्थान पर रहे। भाला फेंक में मेरठ के ऋषभ नेहरा ने 65.71 मीटर थ्रो कर स्वर्ण पदक जीता। लंबी कूद में लखनऊ के मो. शाहरुख ने 6.43 मीटर की छलांग लगाकर पहला स्थान हासिल किया। 1500 मीटर दौड़ में लखनऊ के सूरज यादव और 200 मीटर में मेरठ के मोहित विजेता बने। पुरुष डेकाथलॉन में मेरठ के हिमांशु यादव ने 4326 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया।
पंचकूला शहर के एक स्कूल परिसर में तीसरी कक्षा के एक छात्र ने KG में पढ़ने वाली बच्ची पर पत्थरों और भारी गमले से हमला कर दिया। हमले में बच्ची गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गई। आरोप है कि इसके बाद भी छात्र ने उस पर पत्थर बरसाए और उसे काफी दूर तक घसीटता रहा। घायल बच्ची को पहले सेक्टर-6 स्थित नागरिक अस्पताल ले जाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी नाजुक हालत को देखते हुए उसे PGI चंडीगढ़ रेफर कर दिया। फिलहाल बच्ची का PGI में इलाज चल रहा है। यह मामला शुक्रवार दोपहर का बताया जा रहा है। खून से लथपथ मिली बच्ची घटना के समय जब लोगों ने बच्ची को खून से लथपथ हालत में देखा तो स्कूल परिसर में हड़कंप मच गया। प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, आरोपी छात्र ने पहले बच्ची पर पत्थरों से हमला किया। इसके बाद पास रखा भारी गमला उठाकर उसके सिर और शरीर पर वार किए। बच्ची जमीन पर गिरकर बेहोश हो गई, लेकिन आरोप है कि छात्र ने इसके बाद भी उसे घसीटना जारी रखा। पुलिस ने स्कूल में की जांच घटना की सूचना मिलने पर सेक्टर-20 थाना प्रभारी यशदीप और जांच अधिकारी प्रदीप कुमार पुलिस टीम के साथ स्कूल पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और स्कूल प्रबंधन से CCTV फुटेज तथा सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी जानकारी मांगी है।
पन्ना में चिता आंदोलन 49वें दिन भी जारी रहा। शुक्रवार को बारिश और प्रशासनिक कार्रवाई के बीच प्रदर्शनकारियों ने दिव्या अहिरवार की रिहाई की मांग करते हुए मशाल जुलूस निकाला। आंदोलन स्थल पर ‘न्याय दो या मार दो’ और ‘बिना मुआवजा घर उजाड़ना बंद करो’ के नारे लगाए गए। जय किसान संगठन के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन में प्रभावित परिवार चिता, फांसी और जल सत्याग्रह के जरिए विरोध जता रहे हैं। आंदोलनकारियों का आरोप है कि उचित मुआवजे और पुनर्वास के बिना लोगों के घर उजाड़े जा रहे हैं। उनका यह भी आरोप है कि शांतिपूर्ण सत्याग्रह करने वालों पर गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। आंदोलन को दबाना चाहता है प्रशासन आंदोलन के नेतृत्वकर्ता अमित भटनागर ने कहा कि प्रशासन मुकदमों और नीतियों के जरिए आंदोलन को दबाना चाहता है, लेकिन यह सफल नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई अन्यायपूर्ण कार्रवाई और संवैधानिक अधिकारों के हनन के खिलाफ है। अमित भटनागर, हिसाबी लोधी राजपूत और इंद्रपाल आदिवासी समेत 15 से अधिक लोगों पर गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए हैं। आंदोलनकारियों ने कहा कि इसके बावजूद उनका सत्याग्रह जारी रहेगा। 33 दिन से बंद है दिव्या महिला नेत्री दिव्या अहिरवार को जेल में बंद हुए 33 दिन हो चुके हैं। उनकी गिरफ्तारी और जमानत न मिलने के विरोध में ग्रामीणों और आंदोलनकारियों ने मशाल जुलूस निकाला। प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि अपने अधिकारों के लिए लड़ रही महिलाओं और युवाओं को जेल में डालकर सरकार किसकी आवाज दबाना चाहती है। प्रभावितों ने कहा कि न्याय मिलने और मुकदमे वापस होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
आंगन में घुसे तेंदुए से भिड़ गया पालतू कुत्ता, VIDEO:लखीमपुर में भौंक-भौंक कर भगाया
लखीमपुर खीरी जिले में तेंदुए और लैब्राडोर डॉग के बीच एक बेहद दिलचस्प मुकाबले का लाइव वीडियो सामने आया है। घर के आंगन में घुसे तेंदुए का सामना जब पालतू लैब्राडोर से हुआ, तो कुत्ते ने बिना डरे उस पर भौंकना शुरू कर दिया। कुत्ते के कड़े तेवर देखकर तेंदुए को उल्टे पांव वापस लौटना पड़ा। यह पूरी घटना उत्तर निघासन वन रेंज के मंझरा पूरब गांव की है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लगातार चर्चा में बना हुआ है। CCTV में कैद हुई तड़के की घटना जानकारी के मुताबिक, बीते बुधवार तड़के करीब 4:05 बजे एक तेंदुआ गांव निवासी गुरसाहेब सिंह के घर के आंगन में घुस आया। घर में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में यह पूरी घटना कैद हो गई। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि तेंदुआ दबे पांव आंगन में दाखिल होता है और इधर-उधर घूमने लगता है। इसी दौरान घर में मौजूद लैब्राडोर डॉग की नजर तेंदुए पर पड़ जाती है। कुत्ता बिना पीछे हटे निडर होकर तेंदुए की ओर बढ़ता है और जोर-जोर से भौंकने लगता है। अचानक हुए इस तीखे विरोध से तेंदुआ सहम जाता है। कुछ देर तक कुत्ते का सामना करने के बाद वह वहां से चुपचाप वापस लौट जाता है। कई दिनों से इलाके में घूम रहा है तेंदुआ, ग्रामीणों में दहशत बताया जा रहा है कि पिछले कई दिनों से मंझरा पूरब और आसपास के इलाके में तेंदुए की चहलकदमी देखी जा रही है। अब घर के आंगन तक तेंदुए के सीधे पहुंचने की घटना से ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल है। लोगों को अपने बच्चों और पालतू पशुओं की सुरक्षा की चिंता सता रही है। घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से गांव में तुरंत गश्त बढ़ाने और तेंदुए को पकड़ने के लिए जल्द से जल्द पिंजड़ा लगाने की मांग की है।
लखनऊ विश्वविद्यालय अब हरित ऊर्जा और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में नई पहचान बनाने की तैयारी में है। कृषि अवशेष, जैविक कचरे और बायोमास से ग्रीन हाइड्रोजन, बायोगैस और जैव उर्वरक तैयार करने की तकनीकों पर यहां शोध होगा। इसके लिए विश्वविद्यालय में पंचतत्व सर्कुलर बायोइकोनॉमी-ग्रीन हाइड्रोजन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा। इस दिशा में विश्वविद्यालय ने दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय से समझौता पहला समझौता झारखंड के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, रांची के साथ शैक्षणिक और अनुसंधान सहयोग के लिए हुआ। दूसरा समझौता भारत नॉर्डेन रीजनल कंसोर्टियम (BNORC), नॉर्वे की Samband AS और लक्ष्य फाउंडेशन के साथ किया गया। तीन प्रयोगशालाओं में होगा शोध ग्रीन हाइड्रोजन सेंटर में तीन प्रमुख इकाइयां विकसित की जाएंगी। इनमें वेल इंटीग्रिटी एंड ड्रिलिंग एफिशिएंसी लैबोरेटरी, पीसीबी एडवांस्ड लैबोरेटरी और पीसीबी-सीओई-एसआरआईएच लाइव लैबोरेटरी शामिल हैं। इनके माध्यम से बायोमास, जैविक कचरे, ग्रीन हाइड्रोजन, कार्बन प्रबंधन और नवीकरणीय ऊर्जा पर शोध होगा। तकनीकों का परीक्षण और व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया जाएगा। इस पहल का लक्ष्य जीरो वेस्ट और जीरो पॉल्यूशन की अवधारणा को जमीन पर उतारना है। इसके तहत बायोगैस, बायोमीथेन, जैव उर्वरक और जल पुनर्प्राप्ति जैसी तकनीकों को भी बढ़ावा मिलेगा। छात्रों को मिलेंगे नए अवसर केंद्र से स्नातक, परास्नातक और शोधार्थियों को शोध परियोजनाओं, इंटर्नशिप, प्रशिक्षण और कौशल विकास के अवसर मिलेंगे। उद्योगों के साथ मिलकर अनुसंधान को बढ़ावा दिया जाएगा। भारत-नॉर्डिक सहयोग से अंतरराष्ट्रीय शोध परियोजनाओं और तकनीकी हस्तांतरण का रास्ता भी खुलेगा। पांच साल तक रहेगा शैक्षणिक करार रांची विश्वविद्यालय के साथ हुए समझौते के तहत दोनों संस्थानों के विद्यार्थी और शिक्षक एक-दूसरे के यहां शैक्षणिक गतिविधियों में भाग ले सकेंगे। संयुक्त शोध परियोजनाएं, फैकल्टी एक्सचेंज और अकादमिक संसाधनों का आदान-प्रदान होगा। यह समझौता पांच साल के लिए प्रस्तावित है। समझौता समारोह में लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेपी सैनी, कुलसचिव डॉ. भावना मिश्रा और रांची विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजीव मनोहर मौजूद रहे। BNORC की संस्थापक एवं सीईओ डॉ. अभिलाषा वाल भी उपस्थित रहीं। वहीं इवार हाउगे और प्रकाश गुप्ता ऑनलाइन जुड़े।
उज्जैन में त्योहारी सीजन के दौरान खाद्य सामग्री में मिलावट की आशंका को देखते हुए शुक्रवार को खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने जांच अभियान तेज कर दिया। खाद्य विभाग की टीम ने तराना तहसील के ग्राम टुकराल स्थित एलाईट डेयरी प्रोडक्ट्स पर कार्रवाई की। टीम ने यहां तैयार किए जा रहे चीज, घी और दूध के कुल 5 नमूने जांच के लिए लिए। वहीं, मिलावट की आशंका के आधार पर 7.5 किलोग्राम घी और 9 किलोग्राम नाचोज चीज जब्त किया। चीज के 3, घी और दूध का एक-एक सैंपल लिया खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने डेयरी का निरीक्षण कर चीज के 3, घी का 1 और दूध का 1 नमूना लिया। सभी नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उनमें मिलावट की स्थिति स्पष्ट होगी। जांच में नमूने अमानक पाए जाने पर संबंधित डेयरी संचालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मिठाई-मावे के साथ डेयरी उत्पादों की भी जांच त्योहारी सीजन को देखते हुए विभाग ने जांच केवल मिठाई और मावे तक सीमित नहीं रखी है। घी, दूध और अन्य डेयरी उत्पादों की भी निगरानी की जा रही है। खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम मावा और घी निर्माण स्थलों का भी निरीक्षण कर रही है। नमूने लेने से पहले स्टार्च, शर्करा और वनस्पति जैसी संभावित मिलावट की पहचान के लिए प्रारंभिक परीक्षण भी किए जा रहे हैं। विभाग ने लोगों से अपील की है कि खाद्य सामग्री केवल वैध लाइसेंस या पंजीयन वाले प्रतिष्ठानों से ही खरीदें। मिलावट की आशंका होने पर संबंधित विभाग में शिकायत करें।
बेमेतरा में कांग्रेस के पूर्व संसदीय सचिव गुरुदयाल सिंह बंजारे के कथित बयान को लेकर सियासी विवाद गहरा गया है। भाजपा नेताओं ने देवरबीजा में आयोजित सभा के दौरान भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के खिलाफ अभद्र शब्दों का इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगाया है। इसके विरोध में भाजपा जिलाध्यक्ष अजय साहू के नेतृत्व में नेता और कार्यकर्ता सिटी कोतवाली पहुंचे और शिकायत देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की। कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी उग्र आंदोलन करेगी भाजपा नेताओं ने कहा कि सार्वजनिक मंच से इस तरह की टिप्पणी स्वीकार नहीं की जाएगी। जिलाध्यक्ष अजय साहू ने चेतावनी दी कि यदि मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी उग्र आंदोलन करेगी। सत्ता के लिए कुछ भी बोल रही कांग्रेस : विजय सिन्हा नगरपालिका अध्यक्ष विजय सिन्हा ने कहा कि देवरबीजा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया। इसी के विरोध में भाजपा के नेता और कार्यकर्ता शिकायत लेकर सिटी कोतवाली पहुंचे हैं। सिन्हा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के नेताओं को सार्वजनिक मंच पर भाषा और व्यवहार की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि सत्ता के लिए किसी भी तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है। शिकायत के बाद पुलिस ने की कार्रवाई मामले में एएसपी हरीश यादव ने बताया कि सिटी कोतवाली में भाजपा जिलाध्यक्ष अजय साहू की ओर से शिकायत की गई है। शिकायत में अभद्र टिप्पणी किए जाने की बात कही गई है। पुलिस ने मामले में अशांति से संबंधित एक धारा के तहत कार्रवाई दर्ज किए जाने की जानकारी दी है। अब इस मामले में पुलिस की आगे की कार्रवाई पर नजरें टिकी हैं। वहीं, भाजपा ने कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
औरैया में सेवानिवृत्ति के बाद भी स्टेनो पवन कुमार से कार्यालय का काम कराने और उन्हें एक महीने की प्रोत्साहन राशि का भुगतान करने का मामला एक बार फिर जांच के दायरे में आ गया है। इस पूरे प्रकरण में शासन ने तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) संत कुमार से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। हालांकि, पूर्व जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने इस भुगतान को नियमों के अनुकूल माना था। 30 अप्रैल 2026 को सेवानिवृत्त हो चुके हैं पूर्व सीडीओ ग्राम्य विकास आयुक्त कार्यालय की ओर से 28 अक्टूबर को जिलाधिकारी को भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि तत्कालीन सीडीओ संत कुमार 30 अप्रैल 2026 को ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं। पूर्व में भेजे गए प्रस्ताव में कथित वित्तीय नुकसान का स्पष्ट विवरण नहीं था, इसलिए आयुक्त कार्यालय ने सीएसआर के अनुच्छेद 351-ए के तहत पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर स्पष्ट संस्तुति के साथ रिपोर्ट मांगी है। मनरेगा में तकनीकी सहायकों की भर्ती में भी धांधली के आरोप इस प्रकरण से जुड़ा एक और गंभीर पहलू सामने आया है। मामले में मनरेगा के तहत तकनीकी सहायकों (टीए) की भर्ती प्रक्रिया में भी बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और धांधली के आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की पूरी सच्चाई जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगी। फाइल मंगाकर रिकॉर्ड खंगाल रहे डीएम बृजेश कुमार मामले में प्रगति की जानकारी देते हुए जिलाधिकारी बृजेश कुमार ने बताया कि शासन की ओर से पत्र प्राप्त हो चुका है। उन्होंने संबंधित प्रकरण की मूल फाइल अपने पास मंगवा ली है। सभी रिकॉर्ड का अध्ययन करने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि आरोप किस स्तर के हैं और किन-किन प्रमुख बिंदुओं पर जांच आगे बढ़ाई जानी है।
तेलंगाना में 11 से 22 दिसंबर 2026 तक खेलो इंडिया यूथ गेम्स- 2026 का आयोजन किया जाएगा। इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेने वाली उत्तर प्रदेश की टीमों के गठन के लिए प्रादेशिक चयन-ट्रायल्स की तिथियां और स्थलों की घोषणा कर दी गई है। प्रयागराज के क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी शिव कुमार यादव ने चयन ट्रायल का शेड्यूल जारी कर दिया है। उन्होंने बताया कि चार खेलों का चयन ट्रायल 3 और 4 नवंबर को आयोजित किया जाएगा। चयन-ट्रायल्स का विस्तृत विवरणवॉलीबॉल पुरुष टीम के लिए चयन ट्रायल्स 03 व 04 नवंबर, 2026 को प्रातः 11:00 बजे अमिताभ बच्चन स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स, प्रयागराज में आयोजित किए जाएंगे। इस ट्रायल को सुचारू रूप से कराने की विशेष जिम्मेदारी अंशकालिक मानदेय वॉलीबॉल प्रशिक्षक, प्रयागराज श्री आशीष कुमार यादव को सौंपी गई है। हॉकी बालिका टीम के लिए चयन ट्रायल्स 03 नवंबर, 2026 को प्रातः 11:00 बजे पद्मश्री मो. शाहिद एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम, विजयन्त खण्ड गोमती नगर, लखनऊ में होंगे। हॉकी बालक टीम के चयन ट्रायल्स 04 नवंबर, 2026 को प्रातः 11:00 बजे लखनऊ स्थित पद्मश्री मो. शाहिद एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम में ही आयोजित किए जाएंगे। कबड्डी बालिका टीम का चयन ट्रायल्स 03 नवंबर, 2026 को प्रातः 11:00 बजे स्पोर्ट्स स्टेडियम अलीगढ़ में संपन्न होंगे। कबड्डी बालक का चयन ट्रायल्स 04 नवंबर, 2026 को प्रातः 11:00 बजे स्पोर्ट्स स्टेडियम, अलीगढ़ में होंगे। खो-खो बालिका टीम का चयन ट्रायल्स 03 नवंबर, 2026 को प्रातः 11:00 बजे स्पोर्ट्स स्टेडियम, अलीगढ़ में आयोजित किए जाएंगे। खो-खो बालक के चयन ट्रायल्स 04 नवंबर, 2026 को प्रातः 11:00 बजे स्पोर्ट्स स्टेडियम, अलीगढ़ में संपन्न होंगे। खिलाड़ियों के लिए आवश्यक नियम एवं पात्रताट्रायल्स में हिस्सा लेने वाले सभी बालक एवं बालिका खिलाड़ियों की जन्म तिथि 01 जनवरी, 2009 (अंडर-18) या उसके बाद की होनी चाहिए, तभी वे इसमें वैध रूप से भाग ले सकेंगे। चयन-ट्रायल्स में भाग लेने के लिए समस्त खिलाड़ियों का खेलो इंडिया के पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराना अनिवार्य है। इसके बिना प्रवेश संभव नहीं होगा। भाग लेने वाले खिलाड़ियों को अपने साथ आधार कार्ड की छाया प्रतिकृति और अन्य जरूरी दस्तावेज रखने होंगे।
त्योहारी सीजन में मिलावट रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने रोहतक जिले में महम के मुख्य बाजार में मिठाई की दुकानों की जांच की। टीम ने कई मिष्ठान भंडारों से मिठाइयों के सेंपल लिए। जांच के दौरान दुकानों की साफ-सफाई, मिठाइयों में इस्तेमाल सामग्री और रंगों के प्रयोग को देखा गया। टीम ने दुकानदारों को खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करने के निर्देश दिए। खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. योगेश कादयान ने कहा कि मिठाइयों में मिलावटी सामग्री और रंगों के इस्तेमाल पर खास ध्यान दिया जा रहा है। दुकानदारों को केवल खाने में इस्तेमाल की अनुमति वाले रंग और तय मानकों के मुताबिक सामग्री इस्तेमाल करने को कहा गया है। दुकानदारों को मिठाई किस घी से बनी है, इसकी जानकारी बोर्ड पर साफ लिखनी होगी। डॉ. कादयान ने कहा कि नियमों का पालन नहीं करने वाले दुकानदारों पर कार्रवाई की जाएगी। दुकानों पर साफ-सफाई रखने के भी दिए निर्देश छापेमारी के दौरान विभाग की टीम ने दुकानदारों को मिठाइयां तैयार करने और उनके भंडारण के दौरान साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। डॉ. कादयान ने कहा कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए। मिठाइयां तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री सुरक्षित और निर्धारित मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई डॉ. योगेश कादयान ने स्पष्ट किया कि विभाग का उद्देश्य लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना और मिलावट पर रोक लगाना है। दुकानदारों को खाद्य सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करने के साथ आवश्यक निर्देश भी दिए जा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि मिठाइयों में मिलावट, प्रतिबंधित रंगों के इस्तेमाल या अन्य खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के मामले सामने आने पर संबंधित दुकानदारों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी
नवरात्रि और दशहरा बीते कई दिन हो चुके हैं, लेकिन पर्व के दौरान लगाए गए स्वागत गेट अब तक नहीं हटाए गए हैं। फव्वारा चौक और बस स्टैंड के पास सड़क पर बने इन गेटों से जाम लग रहा है। राहगीरों और वाहन चालकों को निकलने में परेशानी हो रही है। फव्वारा चौक पर दशहरा उत्सव समिति के पदाधिकारियों के स्वागत के लिए गेट लगाया गया था। बस स्टैंड के पास नवरात्रि के दौरान स्वागत गेट बनाया गया था। पर्व खत्म होने के बाद भी दोनों गेट नहीं हटाए गए। बस स्टैंड पर दिनभर बसों की आवाजाही रहती है। सड़क पर लगे गेटों के कारण बसों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है। सड़क का बड़ा हिस्सा घिरने से चार पहिया वाहनों को भी निकलने में परेशानी हो रही है। प्रचार सामग्री हटा रहे हैं नगरपालिका सीएमओ भूपेन्द्र कुमार दीक्षित ने बताया कि शहर में लगे फ्लेक्स और दूसरी प्रचार सामग्री हटाने की कार्रवाई की जा रही है।
खंभे पर चढ़ा युवक, मांग मनवाने पर अड़ा रहा:सीहोर में बिजली कंपनी कर्मचारी नीचे उतारने हुए परेशान
इछावर तहसील के ग्राम जमोनिया हतेसिंह में शुक्रवार शाम घरेलू विवाद के चलते एक व्यक्ति 11 केवी बिजली लाइन के खंभे पर चढ़ गया। घटना शाम करीब 5 बजे की है। व्यक्ति को खंभे पर चढ़ा देख गांव में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंचे बिजली विभाग के कर्मचारियों ने उसे सुरक्षित नीचे उतारने की कोशिश की, लेकिन वह अपनी मांग पर अड़ा रहा। इस दौरान मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। काफी देर मशक्कत के बाद उसे उतारा जा सका। मांग मनवाने के लिए खंभे पर चढ़ा बताया जा रहा है कि व्यक्ति का परिवार में विवाद चल रहा था। इसी विवाद से जुड़ी अपनी मांग मनवाने के लिए वह बिजली के खंभे पर चढ़ गया। उसे नीचे उतारने के लिए विद्युत विभाग के कर्मचारियों को मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान किसी अनहोनी की आशंका से ग्रामीणों की सांसें अटकी रहीं। बिजली के खंभों और हाईटेंशन लाइनों पर चढ़ने की घटनाएं संबंधित व्यक्ति के साथ बिजली विभाग के कर्मचारियों और आसपास मौजूद लोगों के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करती हैं।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) छात्रसंघ चुनाव में नामांकन की अंतिम सूची जारी होते ही विवाद शुरू हो गया। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के ऐसे दावेदारों के नाम सूची में शामिल हैं, जिनके खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। गुरुवार को इसे लेकर निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में जमकर हंगामा हुआ। विरोध कर रहे प्रत्याशियों ने सवाल उठाया कि गंभीर आपराधिक मामलों का सामना कर रहे उम्मीदवारों के नामांकन स्वीकार क्यों किए गए? रिपोर्ट के आधार पर आगे फैसला इस पर निर्वाचन टीम ने कहा कि लिंग्दोह कमेटी की संशोधित सिफारिशों के मुताबिक, केवल मुकदमा दर्ज होने से किसी प्रत्याशी को चुनाव लड़ने से नहीं रोका जा सकता। जब तक किसी मामले में दोषसिद्धि नहीं होती, तब तक प्रत्याशी चुनाव लड़ सकता है। हालांकि, इस जवाब से विरोध कर रहे छात्र संतुष्ट नहीं हुए। काफी देर तक नोकझोंक होती रही। बाद में निर्वाचन टीम ने उनके नामांकन पर भी पुनर्विचार का आश्वासन दिया। बताया गया कि समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे फैसला लिया जाएगा। फरहान जुबैरी के खिलाफ मुकदमे विवाद में अध्यक्ष पद के दावेदार फरहान जुबैरी का नाम खास तौर पर चर्चा में है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, उनके खिलाफ वर्ष 2017 से 2020 के बीच सिविल लाइंस थाने में कई मुकदमे दर्ज हुए थे। इनमें 2019 के सीएए-एनआरसी विरोधी प्रदर्शन और एएमयू में हुए बवाल से जुड़े मामले भी शामिल बताए जा रहे हैं। फरहान जुबैरी ने कहा कि लिंग्दोह कमेटी की संशोधित सिफारिशों के अनुसार, किसी आपराधिक मामले में दोषसिद्ध नहीं होने वाले प्रत्याशी चुनाव लड़ सकते हैं। इसी आधार पर उनका और अन्य उम्मीदवारों का नामांकन स्वीकार किया गया है। केवल मुकदमा दर्ज होना चुनाव लड़ने की अयोग्यता नहीं है। एमन हफीज पर जानलेवा हमले का मुकदमा उपाध्यक्ष पद के दावेदार एमन हफीज का नाम भी जानलेवा हमले के मुकदमे को लेकर चर्चा में है। सिविल लाइंस थाने में छात्रनेता मोहम्मद रैयान की शिकायत पर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। शिकायत में चुनावी रंजिश के चलते हमला करने और पिस्टल से गोली चलाने की कोशिश का आरोप लगाया गया था। हालांकि, पुलिस जांच में फायरिंग की पुष्टि नहीं हुई थी। मामले में अभी न्यायिक प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। बाहरी समर्थन को लेकर भी चर्चा फरहान जुबैरी को कैंपस के बाहर से मिल रहे कुछ लोगों के समर्थन को लेकर भी सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही है। कुछ छात्र इसे विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति में बाहरी प्रभाव से जोड़ रहे हैं, जबकि कुछ इसे प्रत्याशी की राजनीतिक पहुंच बता रहे हैं। नामांकन को लेकर हुए विवाद ने छात्रसंघ चुनाव की सरगर्मी बढ़ा दी है। अब मुकाबला केवल पदों के लिए नहीं, बल्कि प्रत्याशियों की पात्रता और चुनावी नियमों को लेकर भी हो रहा है।
खंडवा जिले में अवैध कच्ची शराब बनाने और बेचने वालों के खिलाफ पुलिस ने दो अलग-अलग कार्रवाई करते हुए बड़े पैमाने पर शराब बनाने के ठिकानों को नष्ट किया। मांधाता पुलिस ने बैकवॉटर किनारे जंगलों में दबिश देकर करीब 6 हजार लीटर महुआ लहान और शराब बनाने की सामग्री नष्ट की। वहीं, चौकी करोली पुलिस ने ग्राम बिलाया के जंगलों में सर्चिंग के दौरान 7 स्थानों पर अवैध शराब बनाने के ठिकानों का पता लगाकर उन्हें नष्ट किया। पहली कार्रवाई में नष्ट किए गए मशरूके की कीमत करीब 8 लाख रुपए बताई गई है। पहली कार्रवाई मांधाता थाना क्षेत्र के ग्राम डुकिया, जिल्हार, धावड़िया और गुंजारी के बैकवॉटर किनारे जंगलों में की गई। पुलिस टीम ने गोताखोरों की मदद से दबिश दी। इस दौरान अवैध कच्ची शराब बनाने के तीन बड़े अड्डे मिले। शराब बनाने के लिए महुआ लहान से भरे करीब 40 से 45 प्लास्टिक ड्रम पानी की गहराई में डुबाकर छिपाए गए थे। पुलिस टीम ने ड्रम बाहर निकलवाकर करीब 6 हजार लीटर महुआ लहान और शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री का पंचनामा बनाया। बिलाया के जंगल में 7 जगह चल रहे थे अड्डे दूसरी कार्रवाई मांधाता थाना क्षेत्र की चौकी करोली पुलिस ने ग्राम बिलाया के जंगलों में की। यहां अवैध महुआ शराब बनाने वालों के खिलाफ दो पुलिस टीमें गठित कर सघन सर्चिंग की गई। जंगल के अंदरूनी इलाकों में करीब 7 स्थानों पर अवैध शराब बनाने के ठिकाने मिले। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही इन ठिकानों से जुड़े लोग मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मौके पर मिले महुआ लहान, ड्रम और शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री का विधिवत नष्टीकरण किया। एसपी अगम जैन के अनुसार जिले में अवैध शराब के निर्माण और कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
गुरुग्राम जिले के शिकोहपुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में शुक्रवार को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त जारी होने के अवसर पर जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने किसानों से धान की जगह मक्का, बाजरा, दलहन और तिलहन की खेती अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में गुजरात के बनासकांठा में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का सीधा प्रसारण भी किया गया। राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों के कल्याण और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। किसानों के लिए केंद्र सरकार ने शुरू की कई योजनाएं केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार ने किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए कई योजनाएं शुरू की हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से किसानों को आर्थिक सहायता दी जा रही है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्राकृतिक आपदाओं और फसल नुकसान से सुरक्षा प्रदान की जा रही है। वहीं, किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से किसानों के लिए कृषि ऋण लेना आसान हुआ है। उन्होंने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के जरिए किसानों को उनकी उपज का उचित दाम दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य खेती को आधुनिक, तकनीक आधारित और टिकाऊ बनाना है, ताकि किसानों की आय और उत्पादन क्षमता में वृद्धि हो सके। इसके लिए कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों और संसाधनों के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जा रहा है। सूक्ष्म सिंचाई और प्राकृतिक खेती को दिया जा रहा बढ़ावा राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि 'पर ड्रॉप मोर क्रॉप' योजना के माध्यम से सूक्ष्म सिंचाई और पानी के बेहतर इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके अलावा खाद्य तेलों और दालों के उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए विशेष मिशन चलाए जा रहे हैं। राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत किसानों को रसायन मुक्त और पर्यावरण अनुकूल खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार खेती को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के साथ किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन के लिए प्रोत्साहित कर रही है। प्राकृतिक संसाधनों का उचित इस्तेमाल और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाना समय की जरूरत है। इससे खेती को टिकाऊ बनाने के साथ किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में भी मदद मिलेगी। गिरते भूजल स्तर को देखते हुए फसल विविधीकरण अपनाने की अपील केंद्रीय मंत्री ने किसानों से गिरते भूजल स्तर को देखते हुए कम पानी में तैयार होने वाली फसलों को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि धान जैसी अधिक पानी की खपत वाली फसलों पर निर्भरता कम करके मक्का, बाजरा, दलहन और तिलहन की खेती को बढ़ावा देना चाहिए। इससे जल संरक्षण के साथ मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और किसानों की आमदनी बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। किसानों को फसल विविधीकरण अपनाकर पानी की बचत करने की दिशा में आगे आना चाहिए। कम पानी वाली फसलों की खेती से प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव कम होगा और कृषि व्यवस्था को लंबे समय तक टिकाऊ बनाया जा सकेगा। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और कृषि विभाग के अधिकारियों ने की शिरकत इस अवसर पर पटौदी की विधायक बिमला चौधरी, मानेसर की मेयर डॉ. इंद्रजीत यादव, भाजपा गुरुग्राम महानगर जिला अध्यक्ष अजीत यादव, किसान मोर्चा के प्रदेश महामंत्री विरेंद्र यादव, मुकेश यादव जैलदार, पूर्व जिला पार्षद वीरेंद्र सिंह हब्लू नंबरदार और पार्षद सुमन यादव मौजूद रहे। इसके अलावा मार्केट कमेटी के चेयरमैन मनोज मोकलवास, अमित भारद्वाज, पूर्व चेयरमैन राव अभय सिंह और कृषि विभाग के उपनिदेशक महावीर मलिक भी कार्यक्रम में शामिल हुए। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख डॉ. बीके नंदा सहित अन्य वैज्ञानिक, कृषि विभाग के अधिकारी, प्रगतिशील किसान और ग्रामीणों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
मऊगंज जिले के लौर थाना क्षेत्र के कनकेसरा गांव की रानी वर्मा (42) ने परिवार के सदस्यों पर गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। उन्होंने 30 अक्टूबर को पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर न्याय और सुरक्षा की मांग की। आवेदन के मुताबिक, रानी ने परिवार के रिश्ते के जेठ कैलाश वर्मा और उनके परिवार के सदस्यों अनिल वर्मा, नीतू वर्मा, लीलावती वर्मा और निशा वर्मा पर मारपीट और गाली-गलौज का आरोप लगाया है। रानी का कहना है कि उनकी बहू मीना ने बीच-बचाव किया तो आरोपियों ने उसके साथ भी लात-मुक्कों से मारपीट की। मीना का पति अजय वर्मा रोजगार के सिलसिले में बाहर रहता है। आरोपी लगातार डरा रहे रानी का आरोप है कि घटना के बाद से उन्हें लगातार डराया-धमकाया जा रहा है। आवेदन में कहा गया है कि कैलाश वर्मा के बेटे महेंद्र वर्मा ने फोन पर जान से मारने की धमकी दी। रानी के मुताबिक, उन्हें और उनकी बहू को अकेले मिलने पर जान से खत्म करने की धमकी दी जा रही है। रानी ने आवेदन में दावा किया है कि वह पहले तीन बार लौर थाने में शिकायत कर चुकी हैं। उनके पास शिकायतों की पावती भी है, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने एएसपी से मामले की निष्पक्ष जांच, आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और धमकी देने वाले व्यक्ति के कॉल रिकॉर्ड की जांच की मांग की है। साथ ही, उन्होंने अपनी और बहू की सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है।
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कांग्रेस पर निशाना साधा। शुक्रवार को हांसी पहुंचे शिक्षा मंत्री ने भाजपा के लोकतंत्र बचाओ- अराजकता हटाओ अभियान के तहत चुनाव सुधार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर मीडिया से बात की। भाजपा विधायक रामकुमार गौतम के मेरिट के आधार पर नौकरी देने की नीति पर सवाल उठाने के बारे में पूछे जाने पर ढांडा ने कहा कि अगर यह गलती है तो ऐसी गलती हम बार-बार करेंगे। गौतम ने अपनी ही सरकार में मेरिट के आधार पर नौकरी देने को एंटी-इनकंबेंसी बढ़ाने वाला कदम बताया था। उन्होंने इसकी तुलना पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की कार्यशैली से की थी। ढांडा ने मेरिट के आधार पर भर्ती की नीति का समर्थन किया। SIR पर कांग्रेस को घेरा ढांडा ने कहा कि निष्पक्ष चुनाव के लिए मतदाता सूची का सही और अपडेट होना जरूरी है। उनके मुताबिक, SIR एक संवैधानिक प्रक्रिया है। इसका मकसद पात्र मतदाताओं के नाम सूची में बनाए रखना और अपात्र नाम हटाना है। उन्होंने दावा किया कि देश में अब तक 12 बार यह प्रक्रिया हो चुकी है और इनमें से 10 बार कांग्रेस की सरकार रही। ढांडा ने कहा कि इसके बावजूद कांग्रेस राजनीतिक स्वार्थ के चलते इसका विरोध कर रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में प्रशासनिक अधिकारी, बूथ लेवल अधिकारी (BLO) और राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट शामिल होते हैं। उनके मुताबिक, तथ्यों को समझे बिना भ्रम फैलाना ठीक नहीं है। EVM पर भी कांग्रेस को घेरा शिक्षा मंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने साल 2004 में EVM से हुए चुनाव में जीत हासिल की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अब भाजपा को जनसमर्थन मिलने पर कांग्रेस चुनाव प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाती है। बैलेट पेपर से हुए एमएलसी चुनावों का जिक्र करते हुए ढांडा ने कहा कि हार का कारण EVM नहीं, बल्कि जनता का जनादेश है। उन्होंने कांग्रेस से आरोप लगाने के बजाय अपनी नीतियों और कार्यशैली पर आत्ममंथन करने को कहा। ढांडा ने विपक्ष पर जनता को भ्रमित करने और अराजकता फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा लोकतंत्र, संविधान और राष्ट्रहित के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्होंने लोगों से भ्रामक प्रचार से सावधान रहने की अपील की। इस दौरान विधायक विनोद भयाना भी मौजूद रहे।
जयपुर में डॉक्टर पति-पत्नी को डिजिटल अरेस्ट कर 76 लाख रुपए की ठगी करने वाला आरोपी को महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया गया है।उसे ट्रांजिट वारंट पर जयपुर लाया गया है। आरोपी के आईसीआईसीआई बैंक खाते में ठगी की रकम में से करीब 50 लाख रुपए ट्रांसफर हुए थे। मामले में अब तक चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। ADG साइबर क्राइम वी.के. सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी किरण लक्ष्मण ताम्हाणे पुणे (महाराष्ट्र) का रहने वाला है। उसे ठाणे से गिरफ्तार किया गया। डॉक्टर को गिरफ्तारी का दिखाया था डर आरोपी ने जयपुर निवासी बुजुर्ग डॉक्टर और उनकी पत्नी को व्हाट्सएप कॉल किया था। कॉल पर खुद को पुलिस,एटीएस और एनआईए का अधिकारी बताकर कहा था कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों और करोड़ों रुपए के वित्तीय अपराध में किया गया है। आरोपियों ने डॉक्टर पति-पत्नी की गिरफ्तारी और परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ भी कार्रवाई की धमकी दी थी। फर्जी एनआईए नोटिस भेजकर बनाया मानसिक दबाव आरोपियों ने व्हाट्सएप पर कथित एनआईए नोटिस भेजकर डराया था। इसके बाद कुछ दिनों में एनओसी सर्टिफिकेट और सुरक्षा प्रमाण-पत्र जारी करने का झांसा दिया था। लगातार वॉइस और वीडियो कॉल के जरिए निगरानी रखकर मानसिक दबाव बनाया गया। आरोपियों ने दंपती से फिक्स्ड डिपॉजिट की जानकारी और बैंक संबंधी दस्तावेजों की तस्वीरें भी मंगवाईं। इसके बाद आरोपियों के बताए अलग-अलग बैंक खातों में पति-पत्नी ने अपनी बचत से 76 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। बैंक खातों की मनी ट्रेल से पकड़ा गया आरोपी पुलिस ने जांच के दौरान व्हाट्सएप नंबरों, मोबाइल नंबरों की सीडीआर, सीएएफ आईडी, आईपीडीआर और बैंक खातों के रिकॉर्ड की जांच की। बैंक स्टेटमेंट से पता चला कि ठगी की रकम खाते में आने के बाद उसी दिन आरटीजीएस के जरिए दूसरे खाते में भेज दी गई। अगले दिन रकम फिर अन्य बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी गई। तकनीकी सबूतों और बैंकिंग लेन-देन के आधार पर पुलिस पहले दिल्ली और उत्तर प्रदेश से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थी। आगे की जांच में ठगी की रकम के पहले लाभार्थी किरण लक्ष्मण ताम्हाणे की भूमिका सामने आई। पुलिस ने उसे ठाणे से गिरफ्तार कर लिया। कंपनी के खाते में आए थे 50 लाख रुपए पूछताछ में आरोपी किरण ने बताया कि उसकी कंपनी केटी मल्टी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के आईसीआईसीआई बैंक खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी में हुआ था। इस खाते में करीब 50 लाख रुपए आए थे, जिन्हें बाद में अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया। डीआईजी शान्तनु कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी ने जिगना प्रथमेश सावंत (राठौड़) और अनुराग माहेश्वरी के साथ मिलकर कंपनी के बैंक खाते की जानकारी, नेट बैंकिंग आईडी-पासवर्ड, चेकबुक और मोबाइल सिम का इस्तेमाल होने दिया। आरोपी ने पूछताछ में रियल एस्टेट में निवेश और मुनाफे पर कमीशन मिलने के आश्वासन पर बैंक संबंधी दस्तावेज और जानकारी साझा करने की बात कही। पुलिस अब व्हाट्सएप रिकॉर्ड, मोबाइल कॉल डिटेल, आईपीडीआर और बैंकिंग लेन-देन के जरिए ठगी की पूरी मनी ट्रेल खंगाल रही है। 76 लाख रुपए की रकम आगे किन-किन खातों में पहुंची और इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी जांच की जा रही है।
लखनऊ में करवा चौथ मनाने ससुराल जा रहे बाइक सवार अमरजीत यादव (25) की सड़क हादसे में मौत हो गई। गोपरामऊ और बीघापुर गांव के बीच अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। बाइक घिसटते हुए बिजली के पोल से टकरा गई। वह गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास के लोगों ने अस्पताल में पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान युवक ने दम तोड़ दिया। घटना माल थाना क्षेत्र का है। ट्रक के इंजन के मैकेनिक थे पुलिस के मुताबिक, दुबग्गा क्षेत्र के कटौली निवासी अमरजीत ट्रक के इंजन के मैकेनिक थे। उनके छोटे भाई अभय ने बताया कि गुरुवार रात करीब आठ बजे अमरजीत माल क्षेत्र के नारायनपुर गांव स्थित अपनी ससुराल जा रहे थे। हेलमेट न पहने होने की वजह से सिर में चोट लगी हादसे में अमरजीत गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस से उन्हें ट्रामा सेंटर भेजा, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। बताया गया कि हादसे के समय अमरजीत ने हेलमेट नहीं पहना था, जिसके कारण सिर में गंभीर चोट लग गई। उनके परिवार में पत्नी सोनिका और पांच साल का बेटा है।
रायपुर में लापता लोगों की तलाश के लिए चलाए गए विशेष अभियान में पुलिस ने 39 लोगों को खोजकर उनके परिजनों से मिलवाया है। सेंट्रल जोन के 7 थानों में दर्ज 50 गुमशुदगी के मामलों में से 11 लोगों की तलाश अभी बाकी है। पुलिस के मुताबिक, अब तक मिले सभी 39 लोगों से पूछताछ और जांच में किसी के साथ अपराध या अनहोनी होने की बात सामने नहीं आई है। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के सेंट्रल जोन में यह अभियान DCP तारकेश्वर पटेल के निर्देशन और एडिशनल DCP विवेक शुक्ला के मार्गदर्शन में चलाया गया। पुलिस टीमों ने अलग-अलग मामलों में लगातार पतासाजी की और परिजनों से संपर्क कर लापता लोगों को खोजा। 30 अक्टूबर तक की स्थिति में 39 लोगों को उनके परिवारों तक पहुंचाया जा चुका है। मौदहापारा में सबसे ज्यादा 11 लोग मिले थानावार आंकड़ों के मुताबिक, मौदहापारा थाने में दर्ज 12 मामलों में 11 लोग मिल चुके हैं। सिविल लाइन में 10 में से 6, तेलीबांधा में 8 में से 7, गंज में 7 में से 4, कोतवाली में 5 में से 4 और गोलबाजार में 4 में से 3 लोग मिले हैं। देवेंद्र नगर थाने में दर्ज सभी 4 मामलों में लापता लोगों को खोज लिया गया है। कोई काम की तलाश में गया, तो कोई नाराज होकर घर छोड़ गया पुलिस की जांच में लोगों के लापता होने के अलग-अलग कारण सामने आए हैं। कुछ लोग काम की तलाश में दूसरे शहर चले गए थे, तो कुछ पारिवारिक नाराजगी के चलते घर छोड़कर चले गए। कुछ मामलों में मानसिक अस्वस्थता के कारण लोग परिवार से बिछड़ गए। वहीं, प्रेम संबंध के चलते घर छोड़ने और विवाह करने के मामले भी सामने आए हैं। पुलिस के मुताबिक, नवरात्रि के दौरान कुछ लोग परिजनों को बिना बताए डोंगरगढ़ दर्शन के लिए चले गए थे। उनके परिवारों ने भी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 11 लोगों की तलाश अब भी जारी पुलिस ने बताया कि बाकी 11 लोगों की तलाश जारी है। उनकी जानकारी जुटाई जा रही है और परिजनों के संपर्क में रहकर पतासाजी की जा रही है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि 22 मई 2026 के बाद मिली गुमशुदगी की सूचनाओं पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार भारतीय न्याय संहिता के तहत FIR दर्ज की जा रही है। FIR दर्ज होने का मतलब यह नहीं है कि अपहरण या कोई दूसरा अपराध हुआ है। पुलिस ने लोगों से अपुष्ट सूचनाएं साझा नहीं करने की अपील की है।
रोहतक में भाजपा के पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए कहा कि 1 नवंबर को भाजपा की लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ पदयात्रा से कांग्रेस की नकारात्मक राजनीति को करारा जवाब मिलेगा। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन पदयात्रा में शामिल होंगे। पूर्व मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर ने कहा कि 1 नवंबर को राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के आगमन से कार्यकर्ताओं में नया उत्साह और ऊर्जा का संचार होगा। यह पदयात्रा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा, जनजागरण और राष्ट्रहित के संकल्प को मजबूत करने की दिशा में एक मिसाल बनेगी। राजनीतिक जमीन खिसकने से हताश कांग्रेस पूर्वमंत्री मनीष ग्रोवर ने कहा कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक जमीन खिसकने से हताश है और जनता को गुमराह करने के लिए लगातार भ्रम फैलाने की राजनीति कर रही है। एसआईआर जैसे महत्वपूर्ण विषय पर भी कांग्रेस सवाल उठाकर संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास का माहौल बनाने का प्रयास कर रही है। लोकतंत्र में मतदाता सूची की शुद्धता और प्रत्येक पात्र नागरिक के मतदान अधिकार की रक्षा बेहद जरूरी है। जनता के जनादेश का सम्मान करे कांग्रेस मनीष ग्रोवर ने कहा कि कांग्रेस को जनता के जनादेश का सम्मान करना चाहिए। कांग्रेस देश में भ्रम और अविश्वास का वातावरण बनाना चाह रही है। राष्ट्रीय अध्यक्ष की पदयात्रा को सफल बनाने के लिए भाजपा कार्यकर्ता पूरी ताकत से जुट जाएं और अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करें। कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर आएंगे कानून मंत्री मनीष ग्रोवर ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने के लिए कल कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल पहुंच रहे है, जो पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा को देखेंगे। साथ ही सीआर पॉलिटेक्निक कॉलेज से लेकर पूरे रूट का निरीक्षण भी करेंगे।
कांकेर जिले के चारामा थाना क्षेत्र में पुलिस ने गांजा बिक्री के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से कुल 1 किलो 28 ग्राम गांजा बरामद किया गया है, जिसकी कीमत करीब 51 हजार रुपए बताई गई है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ अपराध दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश किया। पंडरीपानी में बिक्री के लिए रखा था गांजा पुलिस के अनुसार, 30 अक्टूबर को थाना चारामा को सूचना मिली थी कि ग्राम पंडरीपानी में दो व्यक्ति बिक्री के लिए अवैध गांजा अपने कब्जे में रखे हुए हैं। सूचना के आधार पर चारामा थाना पुलिस और साइबर सेल की टीम ने संयुक्त कार्रवाई की। दो आरोपियों के कब्जे से 1 किलो 28 ग्राम गांजा जब्त कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कन्हैया विश्वकर्मा (43), पिता झाडूराम विश्वकर्मा, निवासी बारगरी, थाना अकलाडोंगरी, जिला धमतरी और रमेश पिददा (40), पिता प्रीतराम पिददा, निवासी पंडरीपानी, थाना चारामा, जिला कांकेर को पकड़ा। पुलिस ने दोनों के कब्जे से कुल 1 किलो 28 ग्राम गांजा बरामद किया। जब्त गांजे की कीमत करीब 51 हजार रुपए आंकी गई है। इसके बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया और न्यायालय में पेश किया गया।
मंडला के कान्हा टाइगर रिजर्व के कोर वन क्षेत्र में जहर देकर चीतल का शिकार करने के आरोप में वन विभाग ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से वन्यप्राणी का करीब दो किलो भुना हुआ मांस मिला। शुक्रवार को न्यायालय में पेश करने के बाद दोनों को जिला जेल मंडला भेज दिया गया। मामला सरही परिक्षेत्र के भिलवानी वृत्त में खटोला बीट के कोयलाभट्टा कोर वन क्षेत्र का है। गश्त के दौरान वन अमले ने वनग्राम अजयनगर निवासी कोंदासिंह परते (37) को संदिग्ध हालत में पकड़ा। तलाशी लेने पर उसके पास भुना हुआ मांस मिला। पूछताछ में कोंदासिंह ने बताया कि उसने साथी बारेलाल धुर्वे (57) के साथ मिलकर जहर डालकर चीतल का शिकार किया था। इसके बाद वन विभाग ने बारेलाल को भी गिरफ्तार कर लिया। निशानदेही पर मिले चीतल के अवशेष दोनों आरोपियों की निशानदेही पर जामुनटोला बीट के कक्ष क्रमांक 675(66) में घटनास्थल से चीतल के अवशेष जब्त किए गए। इनमें बाल सहित चमड़ा, खुर सहित तीन पैर और दांत सहित जबड़े के दो टुकड़े शामिल हैं। मौके से जहर की बची हुई पुड़िया भी मिली। वन विभाग ने दोनों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत वन अपराध दर्ज कर कार्रवाई की। शुक्रवार को न्यायालय में पेशी के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया।
मंडला में भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत शुक्रवार शाम नगर पालिका टाउन हॉल में प्रमुख नागरिक संगोष्ठी हुई। कैबिनेट मंत्री संपतिया उइके, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रफुल्ल मिश्रा, पार्टी पदाधिकारी और शहर के नागरिक इसमें शामिल हुए। सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने फोन से कार्यक्रम को संबोधित किया। संपतिया उइके ने कहा कि कुछ लोग भ्रम और फेक न्यूज फैलाकर अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में समाज के जिम्मेदार लोगों की भूमिका बढ़ जाती है। मंत्री ने बताया कि निर्वाचन आयोग एसआईआर के जरिए मतदाता सूची का पुनरीक्षण कर रहा है। इसमें मृत और दूसरी जगह जा चुके मतदाताओं के नाम हटाने और 18 साल की उम्र पूरी कर चुके लोगों के नाम जोड़ने जैसी प्रक्रियाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया को लेकर भ्रम फैलाना ठीक नहीं है। 2 को जबलपुर में पदयात्रा उइके ने डॉक्टरों, इंजीनियरों, शिक्षकों, वकीलों, व्यापारियों और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों से अपने-अपने क्षेत्रों में सही जानकारी पहुंचाने की अपील की। उन्होंने मंडला जिले के लोगों से 2 नवंबर को जबलपुर में प्रस्तावित पदयात्रा में ज्यादा से ज्यादा संख्या में शामिल होने को कहा। प्रफुल्ल मिश्रा ने कहा कि अभियान के तहत पखवाड़ेभर युवा संवाद, मातृशक्ति संवाद और व्यापारियों व प्रबुद्धजनों से चर्चा की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उससे जुड़े समूह एसआईआर को लेकर गलत नैरेटिव फैला रहे हैं। मिश्रा ने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटने के कारणों में मृत्यु, पलायन और संबंधित व्यक्ति का पता नहीं चलना शामिल है। कार्यक्रम में व्यापारी, डॉक्टर, वकील, सामाजिक प्रतिनिधि और भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
लोकायुक्त उज्जैन की टीम ने शुक्रवार शाम जावरा उप वनमंडल में पदस्थ डिप्टी रेंजर कमल देवड़ा को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। डिप्टी रेंजर ने जलाऊ लकड़ी से भरे ट्रक को छोड़ने और केस नहीं बनाने के एवज में 2 लाख रुपए मांगे थे। बाद में 65 हजार रुपए में सौदा तय हुआ। शुक्रवार शाम करीब पौने 7 बजे उसने अपने ऑफिस में आवेदक से 20 हजार रुपए लेकर जेब में रख लिए। इशारा मिलते ही लोकायुक्त टीम ने उसे पकड़ लिया। ट्रक रोककर जांच के नाम पर मांगे थे 2 लाखलोकायुक्त डीएसपी दिनेशचंद्र पटेल ने बताया कि आवेदक रहीश खां पिता अमीर शाह, निवासी ग्राम शक्करखेड़ी, तहसील पिपलोदा ने 29 अक्टूबर को लोकायुक्त एसपी उज्जैन से शिकायत की थी। डीएसपी के मुताबिक, आवेदक 5 से 7 दिन पहले रतलाम जिले के कालूखेड़ा क्षेत्र से ट्रक में जलाऊ लकड़ी लेकर जा रहा था। यह लकड़ी ईंट भट्ठे में आग जलाने के लिए ले जाई जा रही थी। रास्ते में डिप्टी रेंजर की टीम ने ट्रक रोक लिया। ट्रक छोड़ने और केस नहीं बनाने के बदले 2 लाख रुपए मांगे गए। रुपए नहीं देने पर केस में फंसाने की धमकी दी गई। बाद में 65 हजार रुपए में सौदा तय हुआ। डीएसपी ने बताया कि शुक्रवार शाम करीब 6.30 बजे लोकायुक्त की टीम ने ट्रैप की कार्रवाई शुरू की। योजना के मुताबिक, आवेदक रिश्वत की रकम लेकर डिप्टी रेंजर के ऑफिस पहुंचा। शाम करीब पौने 7 बजे कमल देवड़ा ने 20 हजार रुपए लेकर अपनी जेब में रख लिए। आवेदक का इशारा मिलते ही टीम ने उसे रिश्वत की रकम के साथ पकड़ लिया। 10 सदस्यीय टीम ने की कार्रवाईट्रैप कार्रवाई में डीएसपी दिनेशचंद्र पटेल, निरीक्षक हिना डाबर, प्रधान आरक्षक हितेश ललावत, आरक्षक शिव कुमार शर्मा, श्याम शर्मा, मोहम्मद इसरार और उमेश जाटव सहित 10 सदस्यीय टीम शामिल रही। लोकायुक्त की कार्रवाई जारी है।
देश में जनगणना का दूसरा फेज 25 जनवरी 2027 से शुरू होगा, जो 28 फरवरी तक चलेगा। इस बार 40 सवाल पूछे जाएंगे। जनगणना का घरों की गिनती का पहला फेज जून 2026 में पूरा हो चुका है। बड़ी बात ये कि 95 साल बाद यानी 1931 के बाद पहली बार देश में जाति की गिनती हो रही है। 5 राज्यों मणिपुर, गोवा, उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड को छोड़कर पूरे देश में जनगणना होगी। इन राज्यों में 2027 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव हो सकते हैं। बर्फबारी वाले क्षेत्रों- लद्दाख, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में भी जनगणना नहीं होगी। सरकार की अधिसूचना के मुताबिक 10 से 24 जनवरी 2027 तक आप खुद पोर्टल पर डेटा भर सकते हैं। ये भारत की पहली डिजिटल जनगणना है। रेफरेंस डेट 1 मार्च 2027 को रात 12 बजे होगी। इन राज्यों में जनवरी-फरवरी में जनगणना नहीं तीन स्टेप में प्रक्रिया होगी गृह मंत्रालय के तहत रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया। सेंसस एक्ट 1948 की धारा 3 के तहत आदेश जारी हुआ है। करीब 30 लाख गिनती करने वाले और सुपरवाइजर टैबलेट/मोबाइल ऐप से डेटा लेंगे। जनगणना के दौरान तीन स्टेप फॉलो करने होंगे। पहला आप चाहें तो खुद ऑनलाइन भर दें, फिर प्रगणक आपके घर आएगा और आखिर में 5 दिन का रिवीजन राउंड होगा, ताकि कोई भी व्यक्ति न छूटे। जनगणना के लिए ₹11,718 करोड़ का बजट मंजूर केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 के लिए 11,718.24 करोड़ रुपए के बजट को मंजूरी दी है। जनगणना पूरे देश में केंद्र के समन्वय से होगी। राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारें इसके क्रियान्वयन में मदद करेंगी। देश की पहली डिजिटल जनगणना होगी जनगणना 2027 देश की पहली डिजिटल जनगणना होगी। डेटा डिजिटल माध्यम से दर्ज किया जाएगा और लोगों को खुद अपनी जानकारी देने यानी सेल्फ-एन्यूमरेशन का विकल्प भी मिलेगा। जनगणना की कानूनी प्रक्रिया सेंसस एक्ट, 1948 और सेंसस रूल्स, 1990 के तहत होगी। केंद्र के मुताबिक, लोगों की दी गई व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। सेंसस एक्ट की धारा 15 के तहत इसे सार्वजनिक नहीं किया जा सकता, RTI के तहत नहीं दिया जा सकता और किसी कोर्ट में सबूत के तौर पर भी इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। जनगणना पहले 2021 में होने वाली थी। इसे कोरोना महामारी के कारण टाल दिया गया था। ---------------------- ये खबर भी पढ़ें… जनगणना में पूछा जाएगा- कोविड वैक्सीन कहां लगवाई, कितने बैंक अकाउंट, सवालों की लिस्ट जारी केंद्र सरकार ने जुलाई 2026 में जनगणना-2027 के लिए 40 सवालों की लिस्ट जारी की थी। इसमें खास बात यह है कि लोगों से कोविड वैक्सीन कहां लगवाई थी, यह सवाल भी पूछा जाएगा। इसके साथ मोबाइल नंबर, आधार, वोटर ID और बैंक अकाउंट से जुड़े सवाल भी होंगे। पढ़ें पूरी खबर…
दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली INDIA गठबंधन की रैली में शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ कांग्रेस के कार्यकर्ता दिल्ली रवाना होने लगे हैं। शुक्रवार को 25 बसों में कांग्रेसियों का जत्था दिल्ली के लिए निकला। इसके अलावा कई कार्यकर्ता ट्रेन और फ्लाइट से भी पहुंच रहे हैं। कांग्रेस का दावा है कि इस रैली में छत्तीसगढ़ से 5 से 7 हजार लोग शामिल होंगे। प्रदेश के बड़े कांग्रेस नेता शनिवार को भी दिल्ली रवाना होंगे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज इसे वोट चोरी के खिलाफ ऐतिहासिक रैली बता रहे हैं, वहीं मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक रणनीति बताया है। कांग्रेस इस रैली को वोट चोरी के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन बता रही है। पार्टी का दावा है कि देशभर से करीब 10 लाख लोग रामलीला मैदान पहुंचेंगे। रैली में चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर सवाल उठाए जाएंगे। इसे लेकर छत्तीसगढ़ में कांग्रेस और भाजपा के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। बैज बोले- वोट चोरी के खिलाफ ऐतिहासिक रैली होगी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि दिल्ली के रामलीला मैदान में वोट चोरी और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ऐतिहासिक रैली होने जा रही है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भी तैयारियां पूरी कर ली है। प्रदेश से हजारों कार्यकर्ता दिल्ली जा रहे हैं। बैज ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता राहुल गांधी के हाथ मजबूत करने और वोट चोरी के खिलाफ आवाज उठाने के लिए रैली में शामिल होंगे। उन्होंने इसे देश के इतिहास की सबसे बड़ी रैली बनाने का दावा किया। केदार कश्यप बोले- हारने पर चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाती है कांग्रेस कांग्रेस की रैली की तैयारियों पर भाजपा ने सवाल उठाए हैं। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना और गलतफहमियां फैलाना कांग्रेस की आदत बन गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनाव हारने पर चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाती है, जबकि जीतने पर उसी परिणाम को जनता का फैसला बताती है। कश्यप ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में भी इस तरह की प्रक्रिया कई बार हुई है। ऐसे में अब इसी प्रक्रिया पर सवाल उठाना कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति को दिखाता है। 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होगी रैली कांग्रेस और INDIA गठबंधन की इस रैली में देशभर के नेताओं और कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है। कांग्रेस इसे वोट चोरी के खिलाफ लोकतंत्र बचाने की लड़ाई बता रही है। वहीं, भाजपा कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक रणनीति करार दे रही है। रैली से पहले छत्तीसगढ़ से कार्यकर्ताओं के दिल्ली पहुंचने का सिलसिला जारी है। अब सबकी नजरें 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाले इस शक्ति प्रदर्शन पर रहेंगी।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छत्तीसगढ़ के 575 करोड़ से ज्यादा के DMF (जिला खनिज न्यास) घोटाला केस में सप्लीमेंट्री प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट (चार्जशीट) पेश की है। इसमें कारोबारी सतपाल सिंह छाबड़ा समेत 16 नए लोगों को आरोपी बनाया गया है। ED ने कोर्ट में 214 पन्नों की शिकायत पेश की है। इसके साथ करीब 7,500 पन्नों के दस्तावेज भी अटैच किए हैं। ED के मुताबिक, इस मामले में पहले भी प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दाखिल की गई थी, जिसमें रानू साहू समेत अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया था। अब जांच के अगले चरण में 16 और लोगों की भूमिका सामने आने के बाद उनके खिलाफ सप्लीमेंट्री शिकायत पेश की गई है। ED की जांच में सामने आया है कि DMF की राशि से होने वाले कामों के टेंडर दिलाने में बिचौलियों की अहम भूमिका थी। सतपाल सिंह छाबड़ा और उससे जुड़े लोग सरकारी अधिकारियों और टेंडर हासिल करने वाली निजी कंपनियों के बीच संपर्क का काम करते थे। आरोप है कि ये लोग कमीशन लेकर अपनी पसंद की पार्टियों को बड़े-बड़े टेंडर दिलवाते थे। इसके बदले करीब 20 से 30 प्रतिशत तक कमीशन लिया जाता था। काम किए बिना पूरा भुगतान लेने का आरोप ED के अनुसार, जांच में सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि DMF फंड से जिन कार्यों के लिए टेंडर आवंटित किए गए, उनमें से कई काम वास्तव में किए ही नहीं गए, जबकि उनके एवज में पूरा भुगतान प्राप्त कर लिया गया। जांच एजेंसी ने इस पूरे नेटवर्क की पड़ताल की है। बैंक ट्रांजैक्शन और वित्तीय लेन-देन की जांच ED ने बताया कि जांच के दौरान बैंक खातों के लेन-देन और वित्तीय दस्तावेजों को खंगाला गया। इन दस्तावेजों के आधार पर आरोपियों के आपसी संबंधों और घोटाले में उनकी भूमिका का पता लगाने का प्रयास किया गया है। एजेंसी का आरोप है कि सतपाल सिंह छाबड़ा टेंडर आवंटन समिति और टेंडर हासिल करने वाली पार्टियों के बीच कड़ी का काम करता था। वह कमीशन लेकर अपनी पसंद की कंपनियों को टेंडर दिलवाने में भूमिका निभाता था। फंड खर्च के नियमों को बदला गया जांज एजेंसी के मुताबिक इससे पहले ये भी सामने आया था कि डिस्ट्रिक मिनरल फंड (DMF) घोटाला मामले में कलेक्टर को 40%, सीईओ 5%, एसडीओ 3% और सब इंजीनियर को 2% कमीशन मिला। DMF के वर्क प्रोजेक्ट में करप्शन के लिए फंड खर्च के नियमों को बदला गया था। फंड खर्च के नए प्रावधानों में मटेरियल सप्लाई, ट्रेनिंग, कृषि उपकरण, खेल सामग्री और मेडिकल उपकरणों की कैटेगरी को जोड़ा गया था, ताकि संशोधित नियमों के सहारे DMF के तहत जरूरी डेवलपमेंट वर्क को दरकिनार कर अधिकतम कमीशन वाले प्रोजेक्ट को अप्रूव किया जा सके। यह खुलासा कोरबा में 575 करोड़ रुपए से ज्यादा के हुए DMF स्कैम की जांच में हुआ है। इसकी पुष्टि रायपुर कोर्ट में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) द्वारा पेश किए गए 6 हजार पेज के चालान से हुई है। ……………………… इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें DMF घोटाला...पूर्व IAS टुटेजा की बेल खारिज:हाईकोर्ट बोला- विभाग के सीनियर अफसर रहे, सबूतों से छेड़छाड़ का खतरा, जमानत नहीं दे सकते छत्तीसगढ़ के चर्चित डीएमएफ घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसे पूर्व IAS अनिल टुटेजा की जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। जस्टिस एनके व्यास ने कहा कि आरोपी पहले विभाग में सीनियर अफसर रह चुके हैं और यह आर्थिक गड़बड़ी सोच-समझकर की गई है। पढ़ें पूरी खबर...
रायगढ़ के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय छर्राटांगर में राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें प्रदेशभर के 515 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में कबड्डी, खो-खो, बास्केटबॉल और फुटबॉल समेत कई खेल हुए। सभी खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांकेर क्लस्टर के खिलाड़ियों ने ओवरऑल चैंपियन का खिताब जीता। टीम स्पर्धाओं में कबड्डी में धमतरी क्लस्टर ने पहला, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) ने दूसरा और सरगुजा ने तीसरा स्थान हासिल किया। खो-खो में कांकेर की टीम पहले स्थान पर रही। धमतरी ने दूसरा और बलरामपुर ने तीसरा स्थान हासिल किया। वॉलीबॉल में बलरामपुर की टीम ने पहला स्थान हासिल किया। GPM दूसरे और कांकेर तीसरे स्थान पर रहा। बास्केटबॉल में कांकेर ने पहला, बस्तर ने दूसरा और बलरामपुर ने तीसरा स्थान हासिल किया। वहीं, फुटबॉल में कांकेर पहले, बलरामपुर दूसरे और सुकमा क्लस्टर तीसरे स्थान पर रहा। बेहतर स्वास्थ्य के लिए खेल जरूरी प्रतियोगिता के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया शामिल हुए। उन्होंने विजेता खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि अच्छी सेहत के लिए खेल जरूरी हैं। खेलों से शरीर और दिमाग दोनों का विकास होता है। उन्होंने कहा, ऐसी प्रतियोगिताओं से जनजातीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और आगे बढ़ने का मौका मिलता है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को खेल भावना के साथ लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
चक्रवात अर्नब के चलते पिछले तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश ने बिलासपुर जिले में धान की खड़ी फसल पर संकट खड़ा कर दिया है। कटाई से पहले हुई बारिश के कारण किसानों को फसल भीगने, गुणवत्ता प्रभावित होने और खराब होने की चिंता सता रही है। कई किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिरने का खतरा है। इस बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रशासन ने बारिश से फसलों को हुई क्षति का सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को नियमानुसार राहत देने की तैयारी शुरू कर दी है। कटाई से पहले बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता बेमौसम बारिश ऐसे समय हुई है, जब किसान धान की कटाई की तैयारी कर रहे थे। खेतों में खड़ी फसल के भीगने से उसकी गुणवत्ता प्रभावित होने और नुकसान की आशंका है। किसानों को चिंता है कि यदि जल्द मौसम साफ नहीं हुआ तो उनकी मेहनत के साथ कमाई भी प्रभावित हो सकती है। धान की खेती के लिहाज से बिलासपुर महत्वपूर्ण जिला है। खरीफ 2026 में जिले में धान का रकबा पिछले साल की तुलना में 2 हजार 961 हेक्टेयर कम हुआ है। यह आंकड़ा धान के रकबे में आई कमी का है, बारिश से हुए नुकसान का नहीं। अब बेमौसम बारिश ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। कर्ज लेकर फसल लगाई, अब मुआवजे की मांग किसान दिनेश कुमार ने बताया कि उन्होंने लोन लेकर धान की फसल लगाई थी, लेकिन बारिश और तूफान ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। किसान घनश्याम कौशिक के मुताबिक, जिले में धान के साथ सब्जियों की फसलों को भी नुकसान हुआ है। उन्होंने सरकार से वास्तविक क्षति का आकलन कर किसानों को मुआवजा देने की मांग की है। प्रशासन अलर्ट मोड पर बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि प्रशासन अलर्ट मोड पर है। तूफान और बारिश से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। किसानों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए उन्होंने आपदा नियंत्रण कक्ष बनाया है। उन्होंने प्रभावित किसानों को राहत दिलाने के लिए प्रयास शुरू होने की बात कही। युद्ध स्तर पर होगा फसल क्षति का सर्वे मुख्यमंत्री के निर्देश पर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आकस्मिक बैठक लेकर बारिश से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे युद्ध स्तर पर कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सर्वे टीमों की संख्या बढ़ाने और कृषि विभाग तथा फसल बीमा कंपनी के अधिकारियों को वास्तविक क्षति का आकलन करने को कहा है। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि पिछले दो दिनों की बारिश और तूफान से धान सहित अन्य फसलों को हुए नुकसान का आकलन कर किसानों को नियमानुसार मुआवजा और फसल बीमा का लाभ दिलाया जाए। बीमा नहीं कराने वाले किसानों को भी मिलेगी सहायता कलेक्टर ने कहा कि जिन किसानों ने फसल बीमा नहीं कराया है और उनकी फसल को नुकसान हुआ है, उन्हें भी राजस्व पुस्तक परिपत्र (आरबीसी) 6-4 के प्रावधानों के तहत पात्रतानुसार सहायता दी जाएगी। इसके लिए राजस्व विभाग को ऐसे किसानों की फसल क्षति का सर्वे कर नियमानुसार सहायता के प्रकरण तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। जिले के 47 हजार किसानों ने कराया है फसल बीमा कलेक्टर ने बीमा कंपनी के अधिकारियों को सर्वे टीमों की संख्या बढ़ाकर अगले कुछ दिनों में सर्वे पूरा करने को कहा है। उन्होंने डिजिटल क्रॉप सर्वे (डीसीएस) का अनुभव रखने वाले युवाओं को भी सर्वे की जिम्मेदारी सौंपने के निर्देश दिए, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन जल्द हो सके। जिले में चालू खरीफ सीजन के दौरान एचडीएफसी एर्गो कंपनी के माध्यम से करीब 47 हजार किसानों ने फसल बीमा कराया है। कलेक्टर ने कहा कि विपत्ति की इस घड़ी में राज्य सरकार किसानों के साथ है। प्रभावित किसानों को वास्तविक क्षति के आधार पर नियमानुसार राहत और बीमा दावे का लाभ दिलाया जाएगा। फसल नुकसान की सूचना 72 घंटे के भीतर दें बैठक में सहायक संचालक कृषि शशांक शिंदे ने बताया कि पकने के बाद काटकर खेत या खलिहान में रखी धान की फसल को पानी से नुकसान होने पर बीमित किसानों को नियमानुसार फसल बीमा का लाभ मिल सकता है। इसके लिए किसानों को नुकसान की सूचना 72 घंटे के भीतर दर्ज करानी होगी। किसानों के लिए टोल फ्री नंबर जारी प्रभावित किसान फसल नुकसान की सूचना टोल फ्री नंबर 14447, व्हाट्सएप नंबर 7065514447 या अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विकास अधिकारी को दे सकते हैं। कृषि विभाग ने बीमित किसानों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर नुकसान की सूचना दर्ज कराने की अपील की है।
मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस पर एक नवंबर को प्रदेश के सभी 55 जिलों में भव्य आयोजन किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के अलावा मंत्री, सांसद और विधायक विभिन्न जिलों में आयोजित समारोहों में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसके लिए जिलावार अतिथियों के नाम तय कर दिए हैं। स्थापना दिवस पर सुबह से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे, जबकि शाम को रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समारोह को यादगार बनाया जाएगा। राजधानी भोपाल में राज्योत्सव के दौरान मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, किसानों को पुरस्कार वितरण, कला एवं कृषि प्रदर्शनियों के साथ देश के प्रसिद्ध कलाकारों की सांगीतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। 102 मेधावी विद्यार्थियों को मिलेगी एक-एक लाख की छात्रवृत्ति मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश के 102 मेधावी विद्यार्थियों को ‘भगवान श्रीकृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति’ और प्रशस्ति-पत्र प्रदान करेंगे। संस्कृति विभाग के अंतर्गत श्रीकृष्ण पाथेय न्यास द्वारा संचालित इस योजना के तहत प्रत्येक चयनित विद्यार्थी को एक लाख रुपए की सम्मान राशि दी जाएगी। जिलावार चयन में खंडवा जिले से सर्वाधिक छह विद्यार्थी चुने गए हैं। अशोकनगर, बड़वानी, नर्मदापुरम, सिवनी, सिंगरौली और उमरिया से चार-चार विद्यार्थी चयनित हुए हैं। वहीं बुरहानपुर, छतरपुर, गुना, झाबुआ, कटनी, मऊगंज, सागर, सतना, श्योपुर और उज्जैन से तीन-तीन विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के लिए चुना गया है। 165 किसानों को मिलेंगे 55 ट्रैक्टर, 55 बुलेट और 55 ई-स्कूटर किसानों को कृषि संबंधी जानकारी और शासकीय योजनाओं के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित ‘किसान कल्याण स्वाभिमान पर्व क्विज’ के 165 विजेताओं को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पुरस्कृत करेंगे। वीर भारत न्यास एवं कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस ऑनलाइन प्रतियोगिता में प्रदेशभर के लगभग 40 हजार किसानों ने हिस्सा लिया था। इनमें से शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले 15,298 प्रतिभागियों की मेरिट के आधार पर लॉटरी के माध्यम से 55 जिलों के 165 विजेताओं का चयन किया गया है। प्रत्येक जिले से तीन विजेताओं को पुरस्कार दिए जाएंगे। प्रथम पुरस्कार के रूप में 55 ट्रैक्टर, द्वितीय पुरस्कार के रूप में 55 बुलेट मोटरसाइकिल और तृतीय पुरस्कार के रूप में 55 ई-स्कूटर वितरित किए जाएंगे। भोपाल जिले के विजेताओं को मुख्यमंत्री स्वयं सम्मानित करेंगे, जबकि अन्य जिलों में प्रभारी मंत्रियों द्वारा पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। लाल परेड ग्राउंड पर सजेगी 160 वॉटर कलर चित्रों की प्रदर्शनी राज्योत्सव के तहत लाल परेड ग्राउंड में बहुआयामी प्रदर्शनियों का आयोजन किया जाएगा। इनमें महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ की कार्यशाला में वरिष्ठ चित्रकारों द्वारा तैयार किए गए ‘राजा भोज का भोपाल’ विषय पर आधारित 160 वॉटर कलर चित्रों की प्रदर्शनी विशेष आकर्षण रहेगी। इन चित्रों के माध्यम से भोपाल परिक्षेत्र की प्राचीन विरासत और ऐतिहासिक वैभव को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके साथ ही कृषि प्रदर्शनी में उन्नत बीज, जैविक इनपुट्स, स्मार्ट सिंचाई तकनीक और एग्री-स्टार्टअप्स के नवाचार देखने को मिलेंगे। महिला उद्यमिता मंडप और किसान बाजार में स्व-सहायता समूहों के उत्पादों और हस्तशिल्प की बिक्री की जाएगी। वहीं, ‘स्वाद-देशज व्यंजन मेला’ में मालवा, निमाड़, बुंदेलखंड, बघेलखंड और महाकोशल के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद चखने का अवसर मिलेगा। यह मेला प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से रात 8 बजे तक नागरिकों के लिए खुला रहेगा। मोनाली ठाकुर की सुगम संगीत प्रस्तुति से सजेगी उद्घाटन संध्या राज्योत्सव की उद्घाटन संध्या का मुख्य सांगीतिक आकर्षण राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और फिल्मफेयर अवार्ड से सम्मानित पार्श्व गायिका मोनाली ठाकुर की प्रस्तुति होगी। मुंबई से आने वाली मोनाली ठाकुर अपने साथियों के साथ सुगम संगीत की प्रस्तुति देंगी। फिल्म ‘लुटेरा’ के लोकप्रिय गीत ‘सवार लूं’ और फिल्म ‘दम लगा के हईशा’ के ‘मोह मोह के धागे’ से विशेष पहचान बनाने वाली मोनाली ठाकुर अपनी सुरीली आवाज और भावपूर्ण गायिकी से समारोह में संगीत का रंग बिखेरेंगी। 20 से अधिक लोक एवं जनजातीय नृत्यों के साथ मामे खान करेंगे राज्योत्सव का समापन राज्योत्सव के दूसरे दिन 2 नवंबर को शाम 6:30 बजे से लोक एवं जनजातीय संस्कृति पर आधारित रंगारंग प्रस्तुतियां होंगी। इनमें मध्यप्रदेश के पारंपरिक करमा-सैला, भगोरिया, बधाई, मटकी और काठी नृत्यों के साथ अन्य राज्यों के घूमर, भांगड़ा, पंथी और लेझिम सहित 20 से अधिक लोकनृत्य प्रस्तुत किए जाएंगे। इसके बाद ‘अनुगूंज – ब्रीदिंग फिएस्टा’ के अंतर्गत वाद्यवृंद संगीत की प्रस्तुति होगी। राज्योत्सव की अंतिम संध्या 3 नवंबर को लोकनृत्यों की प्रस्तुतियों के बाद राजस्थान के जैसलमेर से आने वाले अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त लोक गायक मामे खान और उनका दल अपनी प्रस्तुति देगा। ऊर्जावान गायिकी और राजस्थानी लोकधुनों के माध्यम से वे समारोह को यादगार बनाएंगे। इसी के साथ मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के राज्योत्सव का गरिमामय समापन होगा।
कोटा शहर में अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस ने दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कार्रवाई की है। नांता थाना पुलिस ने डकैती की योजना बनाते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके अलावा दो बाल अपचारियों को डिटेन किया है। पुलिस ने आरोपियों से दो थार और एक वेन्यू कार सहित चाकू, लोहे के पाइप और मिर्ची पाउडर बरामद किया है। वहीं, मकबरा थाना पुलिस ने ऑपरेशन गरुड़व्यूह के तहत 210 ग्राम शुद्ध चरस के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। 10 आरोपियों के साथ 2 नाबालिग भी डिटेन कोटा सिटी एसपी तेजस्वनी गौतम ने बताया- नांता थाना पुलिस को 30 अक्टूबर को मुखबिर से सूचना मिली थी कि पत्थरमंडी स्थित यूनियन ऑफिस के पास खाली जगह में बने खंडहर कमरे में कुछ बदमाश बड़ी डकैती की योजना बना रहे हैं। सूचना पर थानाधिकारी महावीर प्रसाद के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी। पुलिस ने गौरव मेहरा, रोहित चावला, रोहित प्रजापति, अनुराग, निखिल महावर, आशिक, विशाल मेहरा, प्रकाश सुमन, प्रिंस यादव और बबलू उर्फ कृपाशंकर को गिरफ्तार किया। साथ ही दो बाल अपचारियों को डिटेन किया गया। पुलिस ने मौके से तीन लग्जरी गाड़ियां, चाकू, लोहे के पाइप और मिर्ची पाउडर जब्त किया। मोटरसाइकिल से मिली 210 ग्राम चरस, आरोपी गिफ्तार वहीं दूसरी कार्रवाई में मकबरा थाना पुलिस ने ऑपरेशन गरुड़व्यूह के तहत पीर मोहम्मद उर्फ पीरू (48) निवासी चंद्रघटा, मकबरा को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार- 27 अक्टूबर को थानाधिकारी राजेश कुमार टीम के साथ गश्त और चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर आरोपी को डिटेन कर तलाशी ली गई। उसकी मोटरसाइकिल से 210 ग्राम शुद्ध चरस मिली। पुलिस ने चरस और मोटरसाइकिल जब्त कर आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा में मामला दर्ज किया है।
बालाघाट में भटेरा ओवरब्रिज के पास शुक्रवार को एक मालवाहक ट्रक फंस गया। इससे सड़क पर जाम लगा। वैकल्पिक रास्ता नहीं होने से लोगों को आने-जाने में परेशानी हुई। यह बालाघाट-नैनपुर मार्ग है। यहां से मालवाहक वाहन गुजरते हैं और स्थानीय लोगों के साथ आसपास के गांवों के लोग भी इसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। ओवरब्रिज निर्माण के चलते सड़क पर जगह कम है। भारी, हल्के और छोटे वाहन एक ही रास्ते से गुजरते हैं, जिससे जाम लगता है। प्रशासन का कहना है कि वैकल्पिक रास्ते जल्द शुरू किए जाएंगे। ओवरब्रिज निर्माण एजेंसी के एसडीओ अर्जुनसिंह सनोडिया ने कहा कि यातायात का रास्ता नहीं बदलने से काम में देरी हो रही है। उन्होंने हादसे की आशंका भी जताई। भटेरा मार्ग पर बनाए गए अस्थायी बस स्टैंड पर टीनशेड है, लेकिन बिजली, पानी और सुरक्षा की व्यवस्था नहीं है। प्रशासन के मुताबिक, बालाघाट-लामता और नैनपुर मार्ग पर रोज 22 से 24 बसें चलती हैं। इनसे करीब 800 से 900 यात्री सफर करते हैं। 38 करोड़ हो रहा निर्माण भटेरा मार्ग पर 38 करोड़ रुपए की लागत से ओवरब्रिज बनाया जा रहा है। इसे अक्टूबर 2026 तक पूरा करना है। रेलवे लाइन पर बनने वाले ब्रिज को छोड़कर, राज्य सरकार की सेतु एजेंसी को 1,313 मीटर लंबे और करीब 8.4 मीटर चौड़े ओवरब्रिज के लिए 42 पिलर बनाने हैं। एक-दो दिन में शुरू होगा वैकल्पिक मार्ग एसडीएम गोपाल सोनी ने बताया कि भटेरा ओवरब्रिज निर्माण के चलते आवागमन के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार हो गया है। एक-दो दिनों में हम वैकल्पिक मार्ग के आदेश जारी कर देंगे।
पंचकूला में शुक्रवार शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन पर आधारित नाटक के मंचन के दौरान स्कूली बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहे। नाटक देखने के लिए कई स्कूलों के विद्यार्थियों को बुलाया गया था। दो से तीन स्कूलों के विद्यार्थियों और शिक्षकों ने आरोप लगाया कि वे दोपहर 2 से 3 बजे के बीच कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए थे, लेकिन कई घंटे बीतने के बाद भी उन्हें खाने-पीने के लिए कुछ नहीं मिला। सेक्टर-15 स्थित पीएम श्री गर्ल्स स्कूल की छात्राओं ने बस में लौटते समय बताया कि वे दोपहर से कार्यक्रम में मौजूद थीं, लेकिन उन्हें खाना या रिफ्रेशमेंट नहीं दी गई। मानव मंगल स्कूल के छात्र सार्थक ने भी बताया कि वह करीब 3 बजे से वहां था और उसे कोई रिफ्रेशमेंट नहीं मिली। उसने कहा कि वह घर से खाना खाकर आया था। कार्यक्रम देर से होने पर बीच में लौटे बच्चे कार्यक्रम में सतलुज स्कूल पंचकूला, सीएल डीएवी स्कूल सेक्टर-11, गवर्नमेंट स्कूल सेक्टर-7 सहित कई अन्य स्कूलों के विद्यार्थी पहुंचे थे। कुछ स्कूलों के बच्चे नाटक समाप्त होने से पहले ही लौटने लगे। शिक्षकों ने बताया कि कार्यक्रम की टाइमिंग देर होने के कारण बच्चों के अभिभावक चिंतित थे। उनके लगातार फोन आ रहे थे, इसलिए बच्चों को लेकर वापस जाना पड़ा। हालांकि, जिन स्कूलों के विद्यार्थी नाटक देखने के बाद लौटे, उन्हें रिफ्रेशमेंट मिल गई थी। पीएम श्री गर्ल्स स्कूल की एक शिक्षिका ने कहा कि बच्चों को जल्दी इसलिए ले जाना पड़ रहा है, क्योंकि देर होने से अभिभावक परेशान हो रहे हैं। उनके अनुसार, कार्यक्रम सुबह आयोजित किया जाना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि कई घंटे इंतजार के बावजूद रिफ्रेशमेंट के पैकेट तक नहीं खोले गए थे। लाइट बंद होते ही बच्चों ने की हूटिंग नाटक शुरू होने से पहले अचानक लाइट बंद की गई तो बच्चों ने हूटिंग और सीटी बजानी शुरू कर दी। कुछ देर तक शोर जारी रहने पर मंच से एक महिला ने माइक के जरिए बताया कि लाइट गई नहीं है, बल्कि नाटक के मंचन की प्रक्रिया का हिस्सा है। इसके बाद बच्चे शांत हुए और नाटक शुरू हुआ। अधिकारियों ने भी बताया कि मंचन की जरूरत के अनुसार कुछ समय के लिए लाइट बंद की गई थी। इस दौरान शिक्षक बच्चों को शांत करवाते नजर आए। PR विभाग के सचिव ने जांच की बात कही मामले को लेकर हरियाणा जनसंपर्क विभाग के कमिश्नर एवं सचिव केएम पांडुरंग से बात की गई। उन्होंने मौके पर ही अधिकारियों से जानकारी ली और कहा कि वे मामले को चेक करवाएंगे।
टीकमगढ़ में शुक्रवार को वंशकार समाज के लोगों ने राजेंद्र वंशकार की हत्या के विरोध में कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। इस संबंध में मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे प्रदर्शनकारी शाम करीब 4:30 बजे प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर पहुंचे। भारत मुक्ति मोर्चा और राष्ट्रीय मूलनिवासी अत्यंत पिछड़ी अनुसूचित जाति जागृति मोर्चा की ओर से ज्ञापन दिया गया। इसमें परिवार के सबसे बड़े भाई को उसकी पढ़ाई और पारिवारिक स्थिति के आधार पर सरकारी नौकरी देने की मांग की गई।: राजेंद्र वंशकार की हत्या के विरोध में कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन 13 अक्टूबर को हुई थी राजेंद्र की हत्या 13 अक्टूबर को नवरात्रि आयोजन के दौरान देहात थाना क्षेत्र की भगत नगर कॉलोनी में 20 वर्षीय राजेंद्र वंशकार की तलवार से हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में भगत नगर कॉलोनी के राजेंद्र अहिरवार के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। अदालत में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया। मजदूरी से चल रहा परिवार का खर्च ज्ञापन में कहा गया कि राजेंद्र की हत्या के बाद परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहा है। परिवार में वृद्ध माता-पिता और दो छोटे भाई हैं। सबसे बड़ा भाई मजदूरी करके अपनी पत्नी और बच्चों के साथ माता-पिता और छोटे भाइयों का खर्च उठाता है। उसकी रोज की मजदूरी करीब 300 रुपए बताई गई है। दमोह से आए संगठन के अध्यक्ष कोमल वंशकार ने कहा कि परिवार का भविष्य सुरक्षित रखने के लिए सरकार को उचित फैसला लेना चाहिए। इससे वृद्ध माता-पिता और छोटे भाइयों की पढ़ाई और भरण-पोषण में मदद मिलेगी। प्रदर्शन में वंशकार समाज के लोग मौजूद रहे।
हरदा के भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय में शुक्रवार को ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ विषय पर बैठक हुई। मुख्य वक्ता खादी और ग्रामोद्योग के चेयरमैन पंकज जोशी ने विपक्ष, खासकर कांग्रेस पर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को लेकर भ्रम फैलाने और युवाओं को गुमराह करने का आरोप लगाया। जोशी ने कहा कि भाजपा लोकतंत्र में विश्वास करती है और राष्ट्रहित को सबसे ऊपर रखकर काम करती है। उनके मुताबिक, चुनावों में लगातार हार के बाद कांग्रेस ईवीएम, एसआईआर और वोट चोरी जैसे मुद्दे उठाकर लोगों में भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है। जोशी ने कहा कि एसआईआर मतदाता सूची को शुद्ध करने की नियमित प्रक्रिया है। कांग्रेस शासनकाल में भी इसे 11 बार अपनाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि अब कांग्रेस इसी प्रक्रिया पर सवाल उठाकर लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास का माहौल बना रही है। उन्होंने प्रबुद्धजनों से एसआईआर की सही जानकारी लोगों तक पहुंचाने की अपील की। बैठक की अध्यक्षता कर रहे पूर्व प्राचार्य प्रभुशंकर शुक्ल ने कहा कि युवाओं को भ्रामक प्रचार से बचने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को समझने की जरूरत है। भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश सिंह वर्मा ने कहा कि लोकतंत्र बचाने की बात करने वाली कांग्रेस ने ही 1975 में आपातकाल लगाकर लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया था। कार्यक्रम संयोजक देवीसिंह सांखला ने संचालन किया और एसआईआर प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस विषय पर हर विधानसभा क्षेत्र में बैठकें हो रही हैं। जिला महामंत्री बसंत सिंह राजपूत ने आभार माना। कार्यक्रम में बार एसोसिएशन अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा, जिला महामंत्री राजेश गोदारा, मनसुख लोहाना, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष योगमाया शर्मा, नगर अध्यक्ष नितेश बादर, डॉ. श्रीरंगु मुजुमदार, धर्मेंद्र पाल और राधाकिशन यादव सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्धजन और भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
आगर मालवा के निपानिया बैजनाथ में निर्माणाधीन मंदिर का ढांचा तोड़े जाने के विरोध में शुक्रवार को बजरंग दल और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कोतवाली थाने में धरना दिया। बाद में कार्यकर्ताओं ने नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। करीब आधे घंटे तक यातायात प्रभावित रहा और सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं। अपशब्द कहने के आरोप पर माफी की मांग कार्यकर्ताओं का आरोप था कि मंदिर का ढांचा तोड़ने वाले व्यक्ति ने हिंदू संगठनों के खिलाफ अपशब्द कहे थे। इसी के विरोध में वे संबंधित व्यक्ति से सार्वजनिक रूप से माफी मंगवाने की मांग लेकर थाने पहुंचे थे। थाने में काफी देर तक धरना और नारेबाजी के बाद भी कार्यकर्ता अपनी मांग पर अड़े रहे। इसके बाद उन्होंने थाना परिसर के बाहर नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। इससे राहगीरों को परेशानी हुई। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को समझाया। थाना प्रभारी नागेश यादव के अनुसार, संबंधित व्यक्ति के माफी मांगने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ और चक्काजाम खोल दिया गया। इसके बाद हाईवे पर यातायात फिर शुरू हो गया। जमीन के कब्जे को लेकर चल रहा था विवाद कोतवाली थाना प्रभारी नागेश यादव ने बताया कि मांगीलाल सौंती ने जमीन खरीदी थी, जिस पर गांव के कुछ लोगों ने कब्जा कर रखा था। ग्रामीण उसी जमीन पर मंदिर बना रहे थे। मांगीलाल ने जमीन का कब्जा दिलाने के लिए न्यायालय में केस किया था। थाना प्रभारी के मुताबिक, न्यायालय ने उसे जमीन का कब्जा दिलाने का आदेश दिया था। शुक्रवार को प्रशासन और पुलिस की टीम मांगीलाल को जमीन का कब्जा दिलाने पहुंची थी। थाना प्रभारी के अनुसार, टीम के जाने के बाद मांगीलाल जेसीबी से मंदिर का ढांचा तोड़ने लगा। जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और तोड़फोड़ रुकवा दी। थाना प्रभारी ने बताया कि मामला बढ़ने पर पुलिस मांगीलाल को थाने ले आई। वहां उसने हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं से माफी मांगी, जिसके बाद मामला शांत हुआ। उन्होंने बताया कि मंदिर का ढांचा उसी जमीन पर बना था, जिसका कब्जा मांगीलाल को दिलाया गया था।
हिसार जिले के गांव लुदास में स्कूल से बच्चों को लेकर घर लौट रहे व्यक्ति का रास्ता रोककर मारपीट, अपहरण के प्रयास और जानलेवा हमला करने के मामले में हिसार पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। थाना सदर पुलिस ने आरोपी राहुल को काबू किया है। इस मामले में मुख्य आरोपी समेत अब तक चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वारदात में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो गाड़ी और डंडे भी पुलिस पहले ही बरामद कर चुकी है। पुलिस के अनुसार गांव लुदास निवासी कृष्ण कुमार की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। शिकायत में बताया गया कि 28 सितंबर 2026 को दोपहर के समय वह अपने बच्चों को स्कूल से लेकर घर लौट रहा था। इसी दौरान काले रंग की स्कॉर्पियो में सवार होकर आए आरोपियों ने उनका रास्ता रोक लिया। आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की और अपहरण करने के साथ जान से मारने का प्रयास किया। गाड़ी की नंबर प्लेट पर काली टेप भी लगाई हुई थी। मुख्य आरोपी समेत तीन पहले हो चुके गिरफ्तार पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी दिनेश उर्फ बानी निवासी गांव लुदास को पहले गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। इसके बाद परमजीत उर्फ घोलू निवासी गांव लुदास और आशीष उर्फ आशु निवासी गांव शाहपुर को भी गिरफ्तार किया गया था। दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद की गई थी। डंडे और स्कॉर्पियो गाड़ी बरामद पुलिस रिमांड के दौरान परमजीत और आशीष की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किए गए डंडे बरामद किए गए थे। इसके अलावा किराये पर ली गई स्कॉर्पियो गाड़ी को भी कब्जे में लिया जा चुका है। अब गिरफ्तार किए गए राहुल से पूछताछ कर वारदात में उसकी भूमिका और अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है।
अर्नब चक्रवात के असर से अनूपपुर जिले में दो दिनों में दो इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। बुधवार शाम से जारी बारिश शुक्रवार सुबह थमी, लेकिन शाम को कुछ जगह बूंदाबांदी हुई। आसमान में बादल छाए हैं और रात में तेज बारिश की आशंका है। यहां जारी है रुक रुक बारिश जिला मुख्यालय अनूपपुर, जैतहरी, बदरा, राजेंद्रग्राम, कोतमा, भालूमाड़ा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में रुक-रुककर बारिश हुई। अनूपपुर, कोतमा, बिजुरी, जैतहरी, पुष्पराजगढ़, अमरकंटक और बेनीबारी में करीब सामान्य बारिश दर्ज की गई। अमरकंटक के पहाड़ी इलाके, जंगलों, सड़कों और घाटियों में दिनभर धुंध छाई रही। रुक-रुककर बूंदाबांदी भी होती रही। कुछ जगह कोहरे के कारण दूर तक देखना मुश्किल हुआ। किसानों का कहना है कि तेज हवाओं से कुछ जगह धान की फसल जमीन पर गिर गई है। इससे फसल को नुकसान होने की आशंका है। ज्यादा बारिश से मटर, चना, अलसी और सरसों की बुआई में देरी हो सकती है। किसानों की चिंता करने की जरूरत नहीं कृषि उपसंचालक अनुराग पटेल ने कहा कि अब तक हुई बारिश से किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि देर से पकने वाली धान की फसल में बालियां आने के लिए यह बारिश फायदेमंद होगी। कट चुकी धान की फसल खेतों में पड़ी है, तो उसे भी अभी नुकसान नहीं है। पटेल ने कहा कि आने वाले दिनों में बारिश जारी रही, तो नुकसान हो सकता है। तेज बारिश से चना, मटर, अलसी, सरसों समेत रबी की दलहनी और तिलहनी फसलों की बुवाई में देरी हो सकती है। जिले में हुई बारिश के आंकड़े अधीक्षक भू अभिलेख विभाग प्रदीप कुमार मोगरे के अनुसार जिले में पिछले दो दिनों के दौरान लगभग 51.5 मिमी यानी 2.03 इंच वर्षा दर्ज की गई है। जिसमें अनूपपुर में 33 मिमी, कोतमा में 32 मिमी, बिजुरी में 58 मिमी, जैतहरी में 44.2 मिमी, वेंकटनगर में 49.9 मिमी, पुष्पराजगढ़ में 45.4 मिमी, अमरकंटक में 114 मिमी, बेनीबारी में 34.9 मिमी वर्षा दर्ज हुई है। उन्होंने बताया कि जिले की औसत सर्वाधिक वर्षा 1305.6 मिमी के अनुपात में जिले में इस वर्ष अब तक 1229 मिमी वर्षा दर्ज हो चुकी है जो जिले की मानक औसत वर्षा आज दिनांक तक 1229 होना चाहिए के बराबर है। जबकि पिछले वर्ष इस अवधि में 1145.01 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी। फिलहाल लगातार बारिश और ठंडी वातावरण से जन जीवन प्रभावित हुआ है। जिले में हुई बारिश की तस्वीरें…
उमरैण पंचायत समिति की कारौली ग्राम पंचायत में मतदान समाप्त होने के बाद मतगणना शुरू होने से पहले हंगामा हो गया। ग्रामीणों के अनुसार, मतदान समाप्त होने के बाद जब मतगणना के लिए सरपंच प्रत्याशियों और उनके एजेंटों को अंदर बुलाया गया तो सरपंच प्रत्याशी माफिया को एक मतपेटी बिना सील लगी हुई मिली। इस पर प्रत्याशी ने आपत्ति जताते हुए सवाल उठाया कि मतपेटी पर सील क्यों नहीं लगी हुई है। मतपेटी बिना सील मिलने की बात सामने आने के बाद मतदान केंद्र के बाहर प्रत्याशी के समर्थक एकत्रित हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। स्थिति को देखते हुए पुलिस का अतिरिक्त जाप्ता मौके पर बुलाया गया। करीब 40 मिनट समझाइश के बाद सहमति बनी अब काउंटिंग चल रही है। मौके पर पुलिस तैनात, विरोध-प्रदर्शन जारी वहीं पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचकर प्रत्याशी और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। सरपंच प्रत्याशी माफिया की मांग है कि इस पंचायत में दोबारा चुनाव करवाए जाएं। फिलहाल मौके पर पुलिस बल तैनात है और विरोध प्रदर्शन जारी है। जिले की 5 पंचायत समितियों उमरैण, लक्ष्मणगढ़, थानागाजी, मालाखेड़ा और राजगढ़ की 185 ग्राम पंचायतों में शुक्रवार को मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान समाप्त होने के बाद अब सभी की नजरें चुनाव परिणामों पर टिकी हैं। वहीं अब रात 8 बजे के बाद से मतगणना शुरू होगी। मतगणना के बाद रात 9 बजे के बाद से सरपंच और पंच पदों के परिणाम आने शुरू होने की संभावना है। वहीं पहले चरण में जिले की 205 ग्राम पंचायतों में चुनाव पूरे हो चुके हैं। दूसरे चरण के साथ ही अलवर जिले में पंचायत चुनाव की मतदान प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। बैलेट पेपर से मतदान होने के कारण मतगणना में समय लगता है। पहले चरण में कई ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के चुनाव की मतगणना देर रात तक चली थी। कुछ स्थानों पर सुबह करीब 4 बजे तक वोटों की गिनती हुई थी। ऐसे में दूसरे चरण के चुनाव परिणाम भी देर रात तक आने की संभावना है। हालांकि जिन ग्राम पंचायतों में मतों की संख्या कम है। वहां परिणाम जल्दी घोषित हो सकते हैं। अलवर में आज की वोटिंग परसेंट
जयपुर में 22 साल के युवक ने खुद के ही किडनैपिंग की झूठी कहानी रची। AI से किडनैपिंग के फोटो और वीडियो बनाकर परिजनों को वॉट्सएप पर भेजे। फिर 7 लाख रुपए की फिरौती मांगी। युवक ने बताया कि मौज-शौक के लिए उसने दोस्तों से कर्ज लिया था। उसे चुकाने के लिए किडनैपिंग की झूठी कहानी रची। युवक 26 अक्टूबर को गायब हुआ था। पुलिस ने शुक्रवार को उसे ऋषिकेश से पकड़ा। डीसीपी (वेस्ट) प्रशांत किरण ने बताया- भांकरोटा इलाके में रहने वाले 22 साल के युवक की किडनैपिंग की जीजा ने रिपोर्ट दर्ज हुई थी। शिकायत में बताया गया कि मेरा साला सॉफ्टवेयर कंपनी में इंजीनियर है। जो एक खास प्रोजेक्ट पर काम कर रहा था। इसका प्रोजेक्ट को लेने के लिए अज्ञात लोगों ने उसका किडनैप कर लिया है। किडनैपिंग का पता चलने पर पुलिस ने तुरंत टीमों को रवाना किया। पुलिस टीमों ने रूट मैप तैयार कर CCTV फुटेजों को खंगाला। जयपुर, मथुरा, उज्जैन, दिल्ली, हल्द्वानी, नैनीताल, हरिद्वार और ऋषिकेश में 200 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों को खंगाला गया। ऋषिकेश में घूमता मिला किडनैप युवक को ढूंढते हुए पुलिस टीम ऋषिकेश पहुंची। शुक्रवार सुबह युवक ऋषिकेश में लक्ष्मण झूला के पास घूमते मिला। पुलिस टीम के पकड़ पूछताछ करने पर उसने खुद के ही किडनैपिंग की झूठी साजिश का खुलासा किया। कर्ज चुकाने के लिए मांगी फिरौती पूछताछ में युवक ने बताया कि किडनैप कर बंधक बनाकर रखने और हॉस्पिटल में एडमिट कराने की झूठी फोटोज और वीडियोज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जनरेट कर परिवारवालों को विश्वास दिलाने के लिए भेजी। किडनैपर्स से छुड़वाने के बदले 7 लाख रुपए की फिरौती की डिमांड की।
गरोठ-उज्जैन फोरलेन पर शुक्रवार दोपहर ग्राम महुड़िया के पास कार की टक्कर से बाइक सवार पति-पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार है। वहीं हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। नंदकिशोर (60), पिता रामचंद्र कुमार और उनकी पत्नी लीला बाई (55), निवासी पेटलावद, बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान महुड़िया गांव के पास वे कार की चपेट में आ गए। दोनों को गंभीर चोटें आईं। सूचना मिलने पर एनएचएआई की एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायलों को शासकीय अस्पताल बड़ौद ले गई। वहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को आगर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। हादसे की सूचना मिलने पर बड़ौद पुलिस ने मामले की जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है। वहीं आरोपी वाहन चालक की तलाश की जा रही है।
नेशनल हाईवे 43, अंबिकापुर-रायगढ़ रोड में सीतापुर के सेंट्रल बैंक चौक में शुक्रवार शाम करीब 6 बजे ट्रेलर की चपेट में आने से स्कूटी सवार व्यवसायी की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा खराब सड़क पर स्कूटी के अनियंत्रित हो जाने के कारण हुआ। स्कूटी सवार व्यवसायी की स्कूटी सहित सड़क पर गिर गये थे। घटना सीतापुर थाना क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक, किराना के थोक व्यापारी, निहारिका स्टोर्स के संचालक त्रिलोक चंद गोयल (70 वर्ष) शुक्रवार शाम अपनी स्कूटी में सवार होकर बाजार जाने के लिए निकले थे। वे स्कूटी से सेंट्रल बैंक चौक पहुंचे, जहां स्कूटी गड्ढे में अनियंत्रित हो गई। सड़क पर गिरे, ट्रेलर ने कुचला स्कूटी के अनियंत्रित हो जाने से त्रिलोक चंद गोयल सड़क पर गिर गये। गाड़ी से गिरते ही वे ट्रेलर के पिछले चक्के से कुचल गये। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और सड़क पर जाम की स्थिति निर्मित हो गई। सूचना मिलते ही सीतापुर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना के बाद करीब आधे घंटे तक मृतक का शव सड़क पर पड़ा रहा। इस दौरान अस्पताल की एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। बाद में पुलिसकर्मियों ने शव को स्ट्रेचर से उठाकर करीब 100 मीटर तक ले जाया। इसके बाद ऑटो के माध्यम से शव को हास्पिटल पहुंचाया गया। शव को मार्च्युरी में रखा गया है। सड़क की खस्ताहाल स्थिति को लेकर आक्रोश स्थानीय लोगों के अनुसार जहां हादसा हुआ, वहां सड़क खस्ताहाल है। मुख्यमंत्री ने कल ही इस सड़क के नवनिर्माण का भूमिपूजन किया है। बारिश के कारण सड़क और खतरनाक हो गई है। सीतापुर पुलिस मामले की जांच कर रही है।

