मुरादाबाद में युवक ने की आत्महत्या:परिवार का इकलौता कमाने वाला था, पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा
मुरादाबाद के बिलारी थाना क्षेत्र के स्योंडारा गांव में 32 वर्षीय युवक प्रदीप ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। उसका शव बुधवार सुबह उसके कमरे में फंदे से लटका मिला। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, युवक आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। प्रदीप अपने पिता रमेश की मृत्यु के बाद परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। रमेश गांव में चौकीदार थे, लेकिन उनकी मृत्यु के बाद प्रदीप को उनकी जगह नौकरी नहीं मिल पाई। वह गांव में मजदूरी करके अपनी वृद्ध मां राजो, पत्नी कामिनी, बहन बबली और दो साल की बेटी गुड़िया का भरण-पोषण कर रहा था। मंगलवार रात प्रदीप ने परिवार के साथ भोजन किया। इसके बाद परिवार के सदस्य पास के मोहल्ले में हो रहे माता के जागरण में चले गए। रात करीब 11:30 बजे वापस लौटने पर प्रदीप अपने कमरे में सोने चला गया, जबकि अन्य परिजन बरामदे में सो गए। बुधवार सुबह जब प्रदीप ने अपना कमरा नहीं खोला, तो परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने किवाड़ के सुराख से झांककर देखा, तो प्रदीप का शव दुपट्टे के फंदे से लटका हुआ था। परिजनों ने दरवाजा तोड़कर उसे नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी। सूचना मिलने पर स्योंडारा पुलिस चौकी के दरोगा उचित कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस घटना से परिवार में शोक का माहौल है।
भरतपुर के सेवर थाना इलाके में कल देर शाम एक कार अनियंत्रित होकर पलट गई। कार में बैठे दो लोग घायल हो गए। कार इतनी स्पीड में थी कि कार पलटने के बाद बिजली के पोल से जा टकराई। इससे बिजली का पोल भी टूट गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने बिजली सप्लाई को बंद करवाया। कार में सवार दोनों व्यक्ति सेवर की तरफ से आगरा जा रहे थे। सेवर से आगरा की तरफ जा रहे थे दोनों घटना मलाह इलाके स्थित ओवरब्रिज की है। जंगी निवासी कबई थाना नदबई और उसका साथी कन्हैया निवासी नदबई आगरा की तरफ जा रहे थे। दोनों साथी लाइट डेकोरेशन का काम करते हैं। वह लाइट का सामान लेने जा रहे थे। इस दौरान मलाह ओवरब्रिज के पास उनकी कार अचानक अनियंत्रित हो गई। पहले कार डिवाइडर से टकराई। उसके बाद सड़क किनारे तीन से चार पलट कर बिजली के पोल से टकरा गई। स्थानीय लोगों ने दोनों घायलों को पहुंचाया अस्पताल आसपास के लोगों ने जब हादसे को देखा तो, वह मौके पर इकट्ठे हो गए। उन्होंने दोनों घायलों को तुरंत कार से बाहर निकाला। जिसके बाद दोनों को आरबीएम अस्पताल में भर्ती करवाया गया। दोनों के काफी चोटें आई थी। घटना की सूचना पर सेवर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने बिजली सप्लाई को बंद करवाया पुलिस ने तुरंत बिजली पोल की सप्लाई को बंद करवाया। बिजली का टूटा हुआ पोल सही होने के बाद बिजली की सप्लाई को शुरू किया गया। पुलिस मौके पर घटना की जानकारी ली। साथ ही घायलों से भी घटना के बारे में पता किया।
हरियाणा नगर निकाय चुनाव को लेकर BJP ने पालिका-परिषद प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। सांपला में प्रवीन कोच, रेवाड़ी में विनीता और धारूहेड़ा में अजय जांगड़ा का मौका मिला है।
जबलपुर के संजय नगर क्षेत्र में गुरुवार सुबह सनसनी फैल गई, जब बाइक सवार एक युवक को दिनदहाड़े गोली मार दी गई। वारदात सुबह करीब 8 बजे की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, घायल युवक क्लेरिंस (निवासी रांझी क्षेत्र) पेशे से सिविल इंजीनियर है। वह अपनी बाइक से रांझी की ओर जा रहा था, तभी दूसरी बाइक पर सवार दो युवक, जिन्होंने चेहरे ढक रखे थे, उसके पास पहुंचे और सीधे सिर पर गोली मार दी। आरोपी फरार, पुलिस मौके पर, CCTV खंगाले जा रहे गोली मारने के बाद दोनों हमलावर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही रांझी सीएसपी सतीश साहू और थाना प्रभारी उमेश गोलहनी मौके पर पहुंचे। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। पुलिस का कहना है कि फिलहाल हमले के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस ने घायल को अस्पताल पहुंचाया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
मेरा बेटा कैसा है एक बार मेरे बेटे से मिलवा दो। उसके हाथ-पांव टूट गए होंगे तो भी उसे पाल लूंगी। मेरा एकलौता बेटा है। आंखों में आंसू लिए बांगड़ हॉस्पिटल के बाहर हाथ जोड़ कर 54 साल की हनकादेवी विनती करती नजर आई। लेकिन परिवार के लोगों ने उसे यह कहा कि उसका ऑपरेशन चल रहा है अभी नहीं मिलवा सकते। रात भर वह अपने परिवार के कुछ लोगों के साथ ट्रोमा वार्ड के सामने खुले में सोती रही। दरअसल पाली जिले के रोहट क्षेत्र का खांडी गांव निवासी 25 साल का पप्पूराम पुत्र उदाराम बुधवार शाम को अपनी पत्नी को अजमेर लेने जा रहा था। गांव से बाइक लेकर रवाना हुआ जिसे नया गांव में रखकर आगे बस से जाने वाला था। लेकिन नया गांव से कुछ दूरी पर ही हाईवे पर मुकनविहार के सामने अज्ञात वाहन ने पीछे से उसकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि पप्पूराम उछलकर नीचे गिर गया। हादसे में उसका सिर फट गया। ट्रांसपोर्ट नगर थाना पुलिस उसे तुरंत एम्बूलेंस से बांगड़ हॉस्पिटल ले गई। जहां जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। ऐसे में बॉडी हॉस्पिटल की मोर्चरी में शिफ्ट करवाई गई। हादसे की जानकारी पर पहुंचे परिजनहादसे की जानकारी मिलने पर मृतक की मां हनकादेवी, पिता उदाराम अपने पोते-पोतियों और रिश्तेदारों के साथ बांगड़ हॉस्पिटल पहुंचे। बेटे की मौत की खबर से हनकादेवी को अंजान रखा गया। उसे यही कहा गया कि वह घायल है। पैर टूट गए है उसका ऑपरेशन हो रहा है। लेकिन वह बार-बार रोत हुए डॉक्टरों और नर्सिंग स्टॉफ से बेटे से मिलवाने की बात रोते हुए कहती रही। रात भी पूरे परिवार ने बांगड़ हॉस्पिटल परिसर में बिताई। मृतक के तीन बच्चे है। एक बेटी और दो बेटे।
थानों में जनसुनवाई और फील्ड में न निकलने पर पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड ने कानून व्यवस्था को लेकर बैठक की। इस बैठक में एडिशनल पुलिस कमिश्नर केशव कुमार चौधरी, एडिशनल पुलिस कमिश्नर लॉ एंड आर्डर राजकरन नैय्यर, डीसीपी धवल जायसवाल और डीसीपी एनएन तिवारी भी मौजूद रहे। जहां पुलिस कमिश्नर ने थाना प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए कि यदि जनसुनवाई में लापरवाही पाई गई तो सीधे कार्रवाई होगी। साथ बीट सिपाही से लेकर एसीपी तक फील्ड में निकलें। ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों की भी जमकर फटकार लगाई। 3 दरोगा लाइन हाजिर किए मोदीनगर थाने में तैनात दरोगा विपिन दहिया, मोदीनगर में तैनात दरोगा लवकुश दीक्षित और ट्रोनिका सिटी थाने थाने के दरोगा राहुल कुमार को लाइन हाजिर किया गया है। यह तीनों ही 2023 बैच के दरोगा हैं। तीनों की लापरवाही की शिकायत डीसीपी को मिली थीं। पुलिस कमिश्नर ने कई थाना प्रभारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए नसीहत दी है कि वह कार्रवाई के लिए तैयार रहें। सभी थानों की समीक्षा अवैध नशे के कारोबार, उसके सेवन तथा अवैध शत्रों की तस्करी एवं रखरखाव के विरुद्ध सख्त एवं प्रभावी कारवाई को लेकर चलाये जा रहे ऑपरेशन प्रहार को लेकर भी कड़े निर्देश् दिए। जहां एक जनवरी 2024 से 20 अप्रैल तक की समीक्षा की गई। लंबित विवेचनाओं को लेकर एसीपी को भी कड़ी फटकार लगाई।
2006 में मालेगांव में हुए ब्लास्ट मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने अहम आदेश देते हुए निचली अदालत में चल रही कार्यवाही पर रोक लगा दी है। इस फैसले से महू के लोकेश शर्मा और देपालपुर के राजेंद्र चौधरी सहित धनसिंह और मनोहर नरवरिया को बड़ी राहत मिली है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने लोकेश, राजेंद्र और दिवंगत सुनील जोशी समेत अन्य के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। जांच का मुख्य आधार स्वामी असीमानंद का 2010 का बयान था, जिसमें उन्होंने धमाके में ‘छह लड़कों’ के शामिल होने की बात कही थी। हालांकि बाद में उन्होंने यह बयान वापस लेते हुए कहा कि यह दबाव में दिलवाया गया था। सुनवाई के दौरान आरोपियों के वकील कौशिक म्हात्रे ने कोर्ट में दलील दी कि मामले में कोई प्रत्यक्षदर्शी गवाह नहीं है। साथ ही, जिस बयान को अन्य अदालतें पहले ही खारिज कर चुकी हैं, उसके आधार पर आरोप तय नहीं किए जा सकते। हाईकोर्ट ने इन तर्कों को स्वीकार करते हुए ट्रायल पर रोक लगा दी। 6 साल जेल, फिर जमानत लोकेश शर्मा और राजेंद्र चौधरी को 2013 में गिरफ्तार किया गया था और वे करीब 6 साल जेल में रहे। 2019 में हाईकोर्ट से जमानत मिलने के दौरान भी कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि बिना ट्रायल पूरा हुए इतने लंबे समय तक जेल में रखना उचित नहीं है। 2006 के धमाकों ने दहलाया था देश 8 सितंबर 2006 को महाराष्ट्र के मालेगांव में हमीदिया मस्जिद, कब्रिस्तान परिसर और मुशावरत चौक पर हुए सिलसिलेवार धमाकों में 31 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 300 से अधिक लोग घायल हुए थे। शुरुआती जांच में एटीएस ने 9 मुस्लिम युवकों को गिरफ्तार किया था, जिन्हें 2016 में सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था। बाद में जांच सीबीआई और फिर एनआईए को सौंपी गई। 2025 में तय हुए थे आरोप सितंबर 2025 में विशेष अदालत ने चारों आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे, जिसे उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। जनवरी 2026 में हाईकोर्ट ने इस पर सुनवाई करते हुए फिलहाल ट्रायल पर रोक लगा दी है। एनआईए ने अपनी जांच में दावा किया था कि इन धमाकों के पीछे दक्षिणपंथी विचारधारा से जुड़े लोग शामिल थे। इसी कड़ी में इंदौर संभाग के लोकेश शर्मा, राजेंद्र चौधरी, धनसिंह और मनोहर नरवरिया को आरोपी बनाया गया था। सितंबर 2025 में विशेष अदालत ने इन चारों के खिलाफ आरोप तय किए थे, जिसे चुनौती देते हुए उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। जनवरी 2026 में हाईकोर्ट ने उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए वर्तमान कार्यवाही पर रोक लगा दी है, जिससे इस लंबी कानूनी लड़ाई में बड़ी राहत मिली है। ये खबर भी पढ़ें मालेगांव ब्लास्ट के आरोपी रामजी कलसांगरा 17 साल से लापता:पत्नी बोलीं- मैं सुहागन की तरह जी रही नआईए (नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी) ने रामजी को मालेगांव ब्लास्ट में आरोपी बनाया है। उनके साथ इंदौर के ही रहने वाले संदीप डांगे भी आरोपी हैं और वह भी 17 साल से लापता हैं। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने 29 सितंबर 2008 को मालेगांव के भीकू चौक पर शकील गुड्स ट्रांसपोर्ट की दुकान के बाहर बाइक में बम प्लांट किया था। यहां पढ़ें पूरी खबर…
महिला आरक्षण बिल के विरोध को लेकर भारतीय जनता पार्टी के कार्यक्रम जारी हैं। राजधानी रायपुर में जन आक्रोश यात्रा के बाद अब 23 और 24 अप्रैल को प्रदेशभर में जन आक्रोश महिला सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद 26 और 27 अप्रैल को मंडल स्तर पर पुतला दहन कार्यक्रम किए जाएंगे। भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी ने बताया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध किए जाने को लेकर प्रदेश की मातृशक्ति में आक्रोश है। इसी के तहत अलग-अलग चरणों में कार्यक्रम तय किए गए हैं। उन्होंने बताया कि 23 और 24 अप्रैल को प्रदेशभर में महिला सम्मेलन आयोजित कर इस मुद्दे को उठाया जाएगा, वहीं 26 और 27 अप्रैल को मंडल स्तर पर पुतला दहन कार्यक्रम किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में पार्टी के जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल होंगे। राजधानी में निकाली गई थी जनआक्रोश रैली महिला आरक्षण बिल पास नहीं होने के विरोध में इससे पहले भाजपा ने रायपुर में जनआक्रोश रैली निकाली। भाजपा महिला मोर्चा की यह यात्रा बलबीर जुनेजा इंडोर स्टेडियम से सुभाष स्टेडियम पहुंची, जहां सभा का आयोजन किया गया। इस रैली में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी शामिल हुए। छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र 27 अप्रैल को होगा। इस सत्र में राज्य सरकार महिला आरक्षण कानून और डिलिमिटेशन से जुड़े 131वें संवैधानिक संशोधन विधेयक के पास नहीं होने के विरोध में निंदा प्रस्ताव लाएगी। महिला आरक्षण जैसे मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस हो सकती है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि, वे “दुखी मन” से अपनी बात रख रहे हैं। उनके मुताबिक महिलाओं को 33% आरक्षण देने का सपना विपक्ष के रवैये के कारण पूरा नहीं हो पाया। लोकसभा में पास नहीं हो सका महिला आरक्षण बिल लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान (131वां संशोधन) बिल पास नहीं हो सका। बिल के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि 230 सांसदों ने इसके विरोध में मतदान किया। इसे पारित करने के लिए 352 वोटों की आवश्यकता थी। इस बिल में लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर 816 करने और महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान शामिल था। PM मोदी ने माफी मांगी, विपक्ष पर साधा निशाना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार शाम देश को संबोधित करते हुए महिला आरक्षण बिल पास नहीं हो पाने पर माताओं-बहनों से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि इस बिल में संशोधन नहीं हो पाया और इसके लिए वे क्षमा चाहते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके लिए देशहित सर्वोपरि है, लेकिन कुछ दलों के लिए दलहित देशहित से बड़ा हो गया, जिसका नुकसान नारी शक्ति को उठाना पड़ा। उन्होंने कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और समाजवादी पार्टी जैसे दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि इनकी राजनीति के कारण महिलाओं के अधिकारों को झटका लगा है। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि महिला आरक्षण प्रस्ताव गिरने के बाद विपक्षी दलों द्वारा खुशी जताई गई, जबकि देश की करोड़ों महिलाओं की नजर संसद पर थी। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति अपने अपमान को नहीं भूलती और इस पूरे घटनाक्रम को देश की महिलाएं याद रखेंगी।
रेवाड़ी में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह और पार्टी संगठन की पसंद के चेहरों की लड़ाई में टिकट अटक गई हैं। केंद्रीय मंत्री अपनी पसंद के चेहरों को चुनाव मैदान में उतारना की जिद्द पर अड़े हुए है। पार्टी संगठन से जुड़े पुराने चेहरों को मैदान में उताकर कार्यकर्ताओं को संदेश देना चाहती है। जिससे पार्टी नेताओं द्वारा पिछले तीन दिन से हर घंटे पार्टी नेताओं की तरफ उम्मीदवार घोषित होने की सूचनाओं के बावजूद इंतजार खत्म नहीं हो रहा है। कांग्रेस ने मंगलवार को दो महिलाओं को चुनाव मैदान में उताकर उम्मीदवार घोषित करने में बाजी मार ली है। 42 में पांच में से अब 5 की लड़ाई रेवाड़ी नगर परिषद और धारूहेड़ा नगर पालिका चेयरमैन के लिए भाजपा को 42 आवेदन मिले थे। रेवाड़ी के लिए 25 और धारूहेड़ा के लिए 17 ने पार्टी को आवेदन दिया था। अब लड़ाई पांच तक समिति हो चुकी है। रेवाड़ी में तीन और धारूहेड़ा में दो नामों पर चर्चा चल रही है। रेवाड़ी के तीन में से एक राव इंद्रजीत सिंह समर्थक पूर्व चेयरपर्सन विनिता पीपल और दो पार्टी संगठन से जुड़े डॉ. हर्षा निबंल और उषा कांटीवाल है। धारूहेड़ा में निर्वतमान चेयरमैन कंवर सिंह यादव और अजय जांगड़ा दोनों ही राव इंद्रजीत सिंह समर्थक माने जाते हैं। सूत्रों की माने तो राव इंद्रजीत सिंह धारूहेड़ा में कंवर सिंह की बजाय अजय जांगड़ा को टिकट देने के पक्ष में हैं। कंवर सिंह निर्दलीय चुनाव जीतने के बाद भाजपा में शामिल हो गए थे। एक अकेले सब पर भारी सूत्रों की मानें तो विधायक से पार्टी पदाधिकारी तक अधिकतर टिकट वर्षों से संगठन से जुड़े कार्यकर्ता को देने के पक्ष में है। केंद्रीय मंत्री हमेशा अपने समर्थकों का नाम आगे बढ़ाते रहे हैं। राव इंद्रजीत सिंह 2024 के विधानसभा चुनाव की तर्ज पर निकाय चुनाव में भी फ्री हैंड चालते है। जिससे अपने समर्थकों को चुनाव मैदान में उतार सके। 2020 के चुनाव में भी भाजपा ने राव इंद्रजीत सिंह की पसंद रही पूनम यादव को अपना उम्मीदवार बनाया था। जिन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार को हराया था। इस पूरे मामले को ऐसे समझे विनिता पीपल राव इंद्रजीत सिंह के साथ कांग्रेस छोड़ भाजपा में आई। प्रदेश में 2014 में पहली बार भाजपा की सरकार बनी। 2016 में भाजपा के समर्थन से विनित पीपल नगर परिषद की चेयरमैन चुनी गई। इस बार रेवाड़ी नगर परिषद चेयरमैन का पद एससी महिला के लिए आरक्षित है। विनिता पीपल जाटव समाज से आती है और परिवार पुराने समय से रामपुरा हाउस से जुड़ा रहा है। डॉ. हर्षा और उषा कांटीवाल का परिवार लंबे समय से संघ और भाजपा से जुड़ा रहा है। डॉ. हर्षा के पति कमल निबंल 36 साल तक संघ के स्वयंसेवक रहे और 2014-15 में सक्रिय राजनीति में आए। उषा कांटीवाल के पति अजय कांटीवाल लंबे समय से भाजपा से जुड़े रहे हैं। अब तक भाजपा में युवा मोर्चा से जिला कार्यकारिणी तक कई महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी निभा चुके हैं। कांग्रेस ने दोनों महिलाएं उतारी कांग्रेस ने सोमवार को रेवाड़ी नगर परिषद और धारूहेड़ा नगर पालिका चुनाव के लिए अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए थे। रेवाड़ी में शहरी जिला प्रधान की पत्नी निहारिका चौधरी और धारूहेड़ा में पूर्व सरपंच अभय की पुत्रवधू कुमारी राज को टिकट दिया। टिकट मिलने के बाद दोनों प्रचार के लिए मैदान में उतर चुकी हैं। इनेलो के प्रदेश प्रवक्ता रजवंत डहीनवाल ने अपनी पत्नी डॉ. मीनू डहीनवाल को निर्दलीय चुनाव लड़ाने की घोषणा की है। अब महिला कांग्रेस की पूर्व प्रदेश महासचिव सुचित्रा ने भी वीडियो जारी कर रेवाड़ी नगर परिषद चेयरमैन का चुनाव लड़ने के संकेत दे दिए हैं।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में विकास कार्यों में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार पर नगर निगम ने सख्त कार्रवाई की है। संजय मैदान विकास कार्य को तय समय सीमा में पूरा नहीं करने पर निगम आयुक्त ने ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। साथ ही उसकी निविदा निरस्त कर जमानत राशि भी जब्त कर ली गई है। संजय मैदान के विकास कार्य में फेंसिंग, गेट निर्माण, पाथवे, नाली, विद्युत व्यवस्था, ग्राउंड मेकिंग और सिटिंग चेयर जैसे कार्य शामिल थे। इसके लिए कान्हा कंस्ट्रक्शन (प्रोपराइटर कन्हैया सोनी, सक्ती) को कार्यादेश जारी किया गया था। काम की समय-सीमा लगभग 5 महीने तय थी, लेकिन निर्धारित अवधि के बाद भी काम में कोई खास प्रगति नहीं हुई। बार-बार नोटिस के बाद भी नहीं सुधरा काम नगर निगम ने ठेकेदार को 29 सितंबर 2025 को पहला नोटिस जारी किया था। इसके बाद दूसरा और अंतिम नोटिस भी भेजा गया, लेकिन इसके बावजूद कार्य में कोई सुधार नहीं हुआ। निविदा निरस्त, जमानत राशि जब्त आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय ने ठेकेदार की निविदा तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी। साथ ही अनुबंध की शर्तों के अनुसार उसकी जमा जमानत राशि भी राजसात कर ली गई। 1 साल तक टेंडर में हिस्सा लेने पर रोक निगम ने संबंधित ठेकेदार को आगामी 1 साल तक सभी निविदाओं में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया है। यह कार्रवाई अन्य ठेकेदारों के लिए भी कड़ा संदेश मानी जा रही है। निगम की चेतावनी- समय पर काम नहीं तो होगी कार्रवाई नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि शहर के विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी ठेकेदारों को समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
जोधपुर एटीएस से जुड़े एक गंभीर मामले में आरोपी मोहम्मद अमार यासर को सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी राहत खत्म कर दी गई है। अपर सेशन न्यायाधीश संख्या-3 (जोधपुर महानगर) देवेंद्र सिंह भाटी ने जमानत की जरूरी शर्तों के उल्लंघन पर आरोपी यासर की जमानत रद्द करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर तलब किया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि भले ही जमानत सर्वोच्च न्यायालय से मिली हो, लेकिन यदि शर्तों का उल्लंघन होता है, तो ट्रायल कोर्ट को उसे निरस्त करने का पूर्ण कानूनी अधिकार है। यह था मामला 2014 में राजस्थान एटीएस ने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के साथ संयुक्त ऑपरेशन करते हुए जयपुर और जोधपुर से प्रतिबंधित आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन (IM) के राजस्थान मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था। पाकिस्तानी आतंकी और IM ऑपरेटिव जिया-उर-रहमान उर्फ वकास ने इस पूरे मॉड्यूल को राजस्थान में बड़े आतंकी हमले की तैयारी के लिए प्रशिक्षित किया था। जोधपुर के प्रतापनगर थाने में दर्ज एफआईआर इसी प्रकरण से संबंधित है, जिसमें अभियुक्तों के ठिकानों से 50 किलो से ज्यादा विस्फोटक सामग्री, डेटोनेटर, इलेक्ट्रॉनिक टाइमर, सर्किट डायग्राम और बम बनाने की डायरी बरामद की गई थी। पूर्व में न्यायालय का निर्णय और यासर की भूमिका जयपुर के जिला एवं सेशन न्यायालय (महानगर-प्रथम) ने मार्च 2021 में इस मामले में 12 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, जिनमें मोहम्मद अमार यासर का नाम भी शामिल था। सभी दोषियों को देशद्रोह, UAPA और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत दोषी ठहराया गया था। जबकि, जोधपुर का यह अलग सेशन प्रकरण अभी भी अपर सेशन न्यायाधीश संख्या-3, जोधपुर महानगर के समक्ष विचाराधीन है। सुप्रीम कोर्ट ने दी थी जमानत, ट्रायल कोर्ट ने लगाई थी शर्तें झारखंड के धनबाद निवासी मोहम्मद अमार यासर पुत्र फिरोज को सर्वोच्च न्यायालय ने 3 मई 2024 को जमानत दी थी। उसी जमानत आदेश में दिए गए निर्देशानुसार, जोधपुर के ट्रायल कोर्ट ने 6 मई 2024 को जमानत की शर्तें तय की थीं। इसमें शर्त संख्या-2 के तहत आरोपी को पाबंद किया गया था, कि वह जमानत के दौरान किसी भी प्रकार के अपराध की पुनरावृत्ति नहीं करेगा। झारखंड में गिरफ्तारी और मोबाइल से मिले साक्ष्य आरोपी पर जमानत की शर्तों को तोड़ने का गंभीर प्रमाण तब मिला जब झारखंड एटीएस ने 26 अप्रैल 2025 को एक नया केस दर्ज किया और 30 अप्रैल 2025 को उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान उसके मोबाइल फोन से संदिग्ध सामग्रियां बरामद हुई हैं। सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने स्वयं यह स्वीकार किया कि वह जमानत पर रिहा होने के बाद पुनः गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्त रहा है। शर्त थी 'अपराध नहीं दोहराएगा' विशिष्ट लोक अभियोजक (एटीएस) दिनेश कुमार शर्मा ने बताया कि झारखंड के धनबाद निवासी मुल्जिम मोहम्मद अमार यासर को जमानत देने के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर ट्रायल कोर्ट ने 6 मई 2024 को जमानत की शर्तें तय की थीं, उनमें सबसे अहम थी- किसी भी तरह की गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्तता नहीं होने की भी थी। लेकिन यासर ने इस शर्त का उल्लंघन किया। इस पर उसके खिलाफ ट्रायल कोर्ट में एटीएस की ओर से अपील की गई। सरकारी पक्ष द्वारा इससे संबंधित पुख्ता साक्ष्यों को कोर्ट के सामने रखा। संदर्भ मामलों का हवाला, सेशन कोर्ट की शक्ति सुनवाई के दौरान एक महत्वपूर्ण कानूनी बिंदु यह उठा कि क्या सेशन कोर्ट उस जमानत को रद्द कर सकता है जो देश की सर्वोच्च अदालत द्वारा दी गई हो। इस पर कोर्ट ने विधिक दृष्टान्त का हवाला देते हुए व्यवस्था दी कि यदि ट्रायल कोर्ट द्वारा निर्धारित शर्तों का उल्लंघन पाया जाता है, तो सेशन कोर्ट जमानत निरस्त करने के लिए पूरी तरह सक्षम है। इसके साथ ही कोर्ट ने आरोपी यासर के जमानत मुचलके जब्त करने और जमानत निरस्त करने के साथ ही उसे प्रोडक्शन वारंट के जरिए तलब करने के आदेश दिए हैं। वर्तमान में आरोपी मोहम्मद अमार यासर रांची की सेंट्रल जेल में निरुद्ध है।
हिसार की केंद्रीय जेल-1 से 10 सप्ताह की पैरोल पर बाहर आया एक कैदी समय पूरा होने के बाद भी वापस जेल नहीं लौटा। मामले को गंभीरता से लेते हुए जेल प्रशासन ने पुलिस थाना भूना को आरोपी के खिलाफ केस दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। डीएसपी की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। जानकारी के अनुसार, गांव सनियाना निवासी दीपक उर्फ दीपु को जिला मजिस्ट्रेट फतेहाबाद के आदेश पर 29 जनवरी 2026 को 10 सप्ताह की पैरोल पर रिहा किया गया था। उसे 10 अप्रैल की दोपहर तक केंद्रीय जेल-1 हिसार में आत्मसमर्पण करना था, लेकिन तय समय बीतने के बाद भी वह वापस नहीं लौटा। लूट से जुड़े कई मामलों में दोषी करार दिया जा चुका जेल प्रशासन की ओर से भेजे गए पत्र में बताया गया है कि दीपक उर्फ दीपु पहले से ही लूट से जुड़े कई मामलों में दोषी करार दिया जा चुका है। विभिन्न मामलों में हिसार की अदालतों ने उसे अलग-अलग तारीखों पर 5-5 साल के कठोर कारावास और 25-25 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने पर अतिरिक्त सजा का प्रावधान भी रखा गया है। इसके बावजूद पैरोल पर बाहर आने के बाद उसका वापस न लौटना कानून का उल्लंघन माना गया है। आरोपी की तलाश शुरू कीकेंद्रीय जेल-1 हिसार के डीएसपी कुलदीप सिंह ने भूना थाना प्रभारी को पत्र लिखकर हरियाणा गुड कंडक्ट (अस्थायी रिहाई) अधिनियम, 1988 की धारा 8/9 के तहत मामला दर्ज करने को कहा। इसके बाद भूना पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
प्रचंड गर्मी और लू के ताप से पूरा शहर तप रहा है। बीते तीन दिनों की तरह आज भी तापमान 42.2 डिग्री दर्ज किया गया है। तापमान में वृद्धि के साथ परेशानियों का दौर तेज होने वाला है। यह स्थिति 26 अप्रैल तक बनी रहेगी। वहीं, मौसम विभाग की वेबसाइट के मुताबिक 28 अप्रैल को बनारस और आसपास के जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबादी के चलते तपिश से कुछ राहत मिल सकती है। देश का 12वां सबसे गर्म जनपद रहा बनारस अधिकतम तापमान की दृष्टि से बनारस बुधवार को प्रदेश में चौथा सबसे गर्म जनपद रहा। प्रदेश में पहले नंबर पर प्रयागराज था। वहां का तापमान 43.7 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं देश में बनारस 12वां सबसे गर्म जनपद दर्ज किया गया। देश में सबसे ज्यादा गर्म ओडिसा के झारसुगुड़ा में तापमान 44.6 डिग्री दर्ज किया गया। तापमान बढ़ने से बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। हिरण खा रहे खीरा-ककड़ी वाराणसी के सारनाथ स्थित मिनी जू में हालात ऐसे हैं कि यहां गर्मी से हिरण और बारहसिंगा को बचाने के लिए खरबूजा, ककड़ी और खीरा खिलाया जा रहा है। वहीं, मिनी जू में रहने वाले पक्षियों का भी डाइट बदला गया है ताकि उन्हें इस भीषण गर्मी में तपिश से बचाया जा सके। वन दरोगा रामदत्त सिंह ने बताया कि मिनी जू में बड़ी संख्या में हिरण, बारहसिंगा के साथ अलग-अलग पक्षी और जानवर हैं। इस गर्मी से जानवरों को बचाने के लिए समय-समय पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है। इसके अलावा, उनके पीने के लिए पानी की भी व्यवस्था की गई है। डियर पार्क में हिरण के लिए हरी घास, नीम के पत्ते और सप्ताह में तीन दिन खरबूजा, ककड़ी और खीरा खिलाया जा रहा है।
अलवर के सदर थाना क्षेत्र में महुआ रेलवे ट्रैक पर एक 36 वर्षीय युवक ने ट्रेन के आगे कूदकी सुसाइड कर लिया। मृतक की पहचान वैशाली नगर थाना क्षेत्र के सूर्य नगर स्थित दुर्गा कॉलोनी निवासी राजेश शर्मा पुत्र सत्यनारायण शर्मा के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार राजेश शर्मा बुधवार सुबह करीब 7 बजे घर से यह कहकर निकले थे कि वे बैंक कॉलोनी स्थित नेत्र रोग विशेषज्ञ को दिखाने जा रहे हैं। लेकिन इसके बाद वे वापस घर नहीं लौटे। दिनभर परिजनों ने उनकी तलाश की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं लग पाया। रात करीब 8 बजे, यानी लगभग 12 घंटे बाद, पुलिस द्वारा परिजनों को सूचना दी गई कि महुआ रेलवे ट्रैक के पास एक व्यक्ति ट्रेन हादसे का शिकार हो गया है। मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव की शिनाख्त राजेश शर्मा के रूप में की। इसके बाद पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाया।गुरुवार सुबह सदर थाना पुलिस ने पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया। मृतक के भतीजे हिमांशु ने बताया कि राजेश शर्मा राज सोलवेक्स फैक्ट्री में आरओ प्लांट का कार्य देखते थे। उनके परिवार में पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं, जिनमें बेटी 9वीं कक्षा और बेटा पहली कक्षा में पढ़ता है।इस घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है और परिजन गहरे सदमे में हैं।
दुर्ग जिले के सुपेला थाना इलाके में पुलिस ने अवैध गांजा बिक्री के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। डेरा बस्ती फरीद नगर में रहने वाली एक महिला और उसके बेटे को गांजा बेचते पकड़ा गया। पुलिस ने दोनों के कब्जे से करीब 2.93 किलो गांजा, एक मोबाइल और कैश बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक, 21 अप्रैल को मुखबिर से सूचना मिली थी कि फरीद नगर की डेरा बस्ती में गांजा बेचा जा रहा है। पुलिस की टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर रेड कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान आरोपी महिला नंदनी धुर्वे के पास से एक थैले में रखा 1.780 किलो गांजा बरामद किया गया, जिसकी कीमत करीब 90 हजार रुपए बताई जा रही है। नाबालिग के पास भी मिला गांजा इसी दौरान उसके साथ मौजूद एक नाबालिग लड़के के पास से भी 1.150 किलो गांजा मिला, जिसकी कीमत करीब 55 हजार रुपए आंकी गई है। पुलिस ने उसके पास से एक मोबाइल फोन और 300 रुपए कैश भी जब्त किए हैं। इस तरह कुल मिलाकर करीब 1 लाख 55 हजार रुपए की सामग्री जब्त की गई। मां देती थी बेचने के लिए गांजा पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि, यह गांजा उसकी मां ही उसे बेचने के लिए देती थी। बिक्री से जो पैसे मिलते थे, वह मां को ही सौंप देता था। इस खुलासे के बाद पुलिस ने मामले को और गंभीरता से लिया और दोनों के खिलाफ केस दर्ज किया। इस मामले में सुपेला थाने में केस दर्ज किया है। पुलिस ने महिला आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि नाबालिग को भी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई में लिया गया। नेटवर्क की होगी जांच पुलिस ने इस मामले में दोनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच कर रही है कि कहीं इस नेटवर्क से और लोग भी जुड़े हुए तो नहीं हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि, आरोपी महिला जल्दी पैसे कमाने के लालच में यह काम कर रही थी और अपने बेटे को भी इसमें शामिल कर लिया था। फिलहाल पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि गांजा कहां से लाया जा रहा था और इसे किन-किन लोगों को बेचा जा रहा था।
हिसार में फ्यूचर मेकर कंपनी से जुड़े 54 करोड़ रुपए के वस्तु एवं सेवा कर (GST) घोटाले में कंपनी के सीएमडी (CMD) राधेश्याम और एमडी (MD) बंसीलाल को अदालत से बड़ा झटका लगा है। बुधवार को हिसार की अदालत में धारा 437(6) के तहत लगाई गई उनकी जमानत याचिका को जज राजीव की कोर्ट ने सिरे से खारिज कर दिया। आरोपियों ने दलील दी थी कि 60 दिनों के भीतर ट्रायल पूरा नहीं हुआ है, इसलिए उन्हें जमानत मिलनी चाहिए, लेकिन अदालत ने इसे स्वीकार नहीं किया। इस मामले में अब 27 अप्रैल को अगली सुनवाई तय की गई है। वहीं राधेश्याम की अंतरिम बेल को आगे बढ़ाने को लेकर आज एडीजे कोर्ट में अहम सुनवाई होगी। परमगुरु राधेश्याम ने पत्नी के इलाज के लिए इस समय जेल से बाहर है। वह और समय जेल से बाहर रहने की मांग कर रहा है। इसको लेकर आज कोर्ट में सुनवाई होगी। जानिए कोर्ट में किस पक्ष ने क्या कहा… बचाव पक्ष बोला- 60 दिन बाद भी ट्रायल पूरा नहीं : सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने सीआरपीसी की धारा 437(6) का हवाला देते हुए कहा कि चूंकि मामले की सुनवाई शुरू हुए 60 दिन से अधिक का समय हो गया है और ट्रायल पूरा नहीं हुआ है, इसलिए नियमतः आरोपी जमानत के हकदार हैं। दूसरी ओर, शिकायत पक्ष के अधिवक्ता देवेंद्र वर्मा और अनिल खुराना ने इस दलील का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कोर्ट को बताया कि आरोपियों की नियमित जमानत याचिका पहले ही सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, जिस पर 4 मई को सुनवाई होनी है। कोर्ट ने खारिज कर दी जमानत याचिका : शिकायत पक्ष ने कहा कि मामले की गंभीरता और कानूनी पहलुओं को देखते हुए इस स्तर पर जमानत नहीं दी जा सकती। हाईकोर्ट से भी इनकी याचिका पहले ही खारिज हो चुकी है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपियों की याचिका को खारिज करने का आदेश सुनाया। पत्नी के इलाज के बहाने बाहर है राधेश्याम, आज फिर सुनवाई बता दें कि आरोपी बंसीलाल फिलहाल जेल में बंद है, जबकि सीएमडी राधेश्याम अपनी पत्नी के इलाज के आधार पर मिली अंतरिम जमानत के कारण जेल से बाहर है। राधेश्याम की अंतरिम बेल को आगे बढ़ाने को लेकर आज एडीजे (ADJ) कोर्ट में अहम सुनवाई होगी। परमगुरु ने सदस्यता के नाम पर टैक्स डकारा इनकम टैक्स और जीएसटी विभाग की जांच में सामने आया था कि 'फ्यूचर मेकर' कंपनी ने देशभर में जाल बिछाकर लोगों को सदस्य बनाया था। कंपनी प्रति सदस्य 3750 रुपये की फीस वसूलती थी। सदस्यता अभियान से करोड़ों रुपये जुटाए गए, लेकिन उस पर बनने वाला 54 करोड़ रुपए का जीएसटी सरकारी खजाने में जमा नहीं कराया गया। विभाग द्वारा बार-बार नोटिस और कोर्ट से वारंट जारी होने के बाद राधेश्याम और बंसीलाल ने 10 नवंबर 2025 को कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था।
दमोह में बुधवार रात सुरक्षा गार्ड ने लाइसेंसी बंदुक से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। मामला देहात थाना क्षेत्र की जबलपुर नाका चौकी अंतर्गत राजा पटना बैंक के पास का है। गोली लगने से संतोष राठौर (45) की मौत हो गई। मृतक को रात करीब 11 बजे उनके घर के पोर्च में मृत पाया गया, गोली चलने की आवाज सुनकर जब परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो उनकी मौत हो चुकी थी। परिजनों ने बताया 12 बोर की लाइसेंसी बंदूक से गोली चलने के कारण उनकी मौत हुई। संतोष राठौर मारुताल स्थित एक नर्सिंग कॉलेज में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत था। घटना के समय परिवार के सदस्य नीचे टीवी देख रहे थे। जबकि संतोष ऊपर पोर्च में था। मृतक के तीन बच्चे हैं और वह अपने भाई व अन्य परिजनों के साथ रहता था। आत्महत्या के पीछे का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है। परिवार के लोग भी इस घटना से हैरान हैं और उन्हें वजह की जानकारी नहीं है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने परिजनों-पड़ोसियों के बयान दर्ज किए घटना की सूचना तत्काल देहात थाना पुलिस को दी गई। देहात थाना टीआई अमित कुमार गौतम और जबलपुर नाका चौकी प्रभारी प्रियंका पटेल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों के बयान दर्ज किए और पड़ोसियों से भी जानकारी जुटाई। प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का माना जा रहा है, हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि बंदूक साफ करते समय गोली चली होगी। सागर से एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और बारीकी से जांच कर रही है। टीआई बोले-आत्महत्या या हादसा जांच जारी देहात थाना टीआई अमित गौतम ने बताया कि लाइसेंसी बंदूक से गोली चलने से संतोष राठौर की मौत हुई है। पुलिस सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह आत्महत्या है या बंदूक साफ करते समय हुई दुर्घटना। शव को जिला अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया गया है। आज गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा।
सतना के लालपुर में नरवाई की आग गांव तक पहुंची:10 मवेशी जिंदा जले, किसानों का लाखों का नुकसान
सतना जिले के उंचेहरा तहसील अंतर्गत लालपुर गांव में बुधवार दोपहर नरवाई की आग ने विकराल रूप ले लिया। खेतों से शुरू हुई यह आग तेजी से फैलते हुए गांव तक पहुंच गई, जिससे कई घर और मवेशी शेड इसकी चपेट में आ गए। इस घटना में करीब 10 मवेशी जिंदा जल गए, वहीं किसानों का रखा अनाज और भूसा भी पूरी तरह राख हो गया। ग्रामीणों ने तत्काल अग्निशमन विभाग को आग लगने की सूचना दी थी। हालांकि, दमकल वाहन समय पर मौके पर नहीं पहुंच सका, जिसके कारण आग ने और विकराल रूप ले लिया। गांव के लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तेज हवा और लपटों के कारण वे सफल नहीं हो पाए। इस आगजनी में दो किसानों को सर्वाधिक नुकसान हुआ है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, दोनों प्रभावित किसानों को मिलाकर लगभग 9 लाख रुपये की क्षति हुई है। मवेशियों की मौत और अनाज-भूसा जलने से किसानों के सामने आजीविका का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। घटना के बाद ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति आक्रोश देखा गया। उन्होंने समय पर राहत न मिलने और लापरवाही का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता और मुआवजा प्रदान किया जाए। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने पीड़ितों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।
उन्नाव में पिकअप की टक्कर से बाइक सवार की मौत:साथी युवक गंभीर रूप से घायल, पुलिस जांच में जुटी
उन्नाव में पिकअप वाहन की टक्कर से एक बाइक सवार युवक की मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा मोहम्मदपुर बसोखा क्षेत्र में हुआ। मृतक की पहचान आसीवन थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर बसोखा निवासी 40 वर्षीय नफीस पुत्र बाबू के रूप में हुई है। वह अपने एक साथी के साथ हैदराबाद से घर लौट रहे थे। बीती रात हरि चौराहा, हैदराबाद के पास सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद नफीस को मृत घोषित कर दिया। उसके साथी का इलाज जारी है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू कर दी। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को कब्जे में ले लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। बताया गया है कि नफीस रोजी-रोटी के सिलसिले में हैदराबाद गया हुआ था और अपने गांव लौट रहा था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, जिसका परीक्षण गुरुवार को किया जाएगा। घायल युवक का इलाज जारी है और पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
नेपानगर तहसील के ग्राम बाकड़ी के नादियामाल में 200 से अधिक आदिवासी परिवार रहते हैं। इन परिवारों ने हाल ही में मूलभूत सुविधाओं, विशेषकर पीने के पानी की कमी को लेकर आक्रोश व्यक्त किया था। उन्हें दूर पहाड़ी से पानी लाना पड़ता है। प्रशासन की जांच में सामने आया कि नादियामाल में रहने वाले अधिकांश परिवार वन भूमि पर अतिक्रमण कर रहे हैं, जिसके कारण उन्हें शासकीय योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। हालांकि, उनके वोट बाकड़ी पंचायत में दर्ज हैं। नेपानगर एसडीएम भागीरथ वाखला ने हाल ही में नादियामाल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि वहां एक कुआं और दो झीर हैं, जिनसे निवासी पानी भरते हैं। कलेक्टर हर्ष सिंह ने स्पष्ट किया कि नादियामाल में बसे परिवार अतिक्रमणकारी हैं और उन्होंने वन भूमि पर कब्जा कर रखा है। इसके बावजूद, उनकी पानी की समस्या को समय-समय पर दूर किया जाता रहा है। अब पानी की समस्या के स्थायी समाधान के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। बुरहानपुर डीएफओ विद्याभूषण सिंह ने इस संबंध में जांच रिपोर्ट मंगाई है। उन्होंने कहा कि यदि वे अतिक्रमणकारी पाए जाते हैं, तो उन्हें शासन की सुविधाएं देना मुश्किल होगा। रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले में आगे कुछ कहा जा सकेगा।
आसाराम केस के मुख्य गवाह महेंद्र चावला, इसके भाई देवेंद्र चावला और भतीजे राम का आज तीन दिन का पुलिस रिमांड पूरा हो रहा है। इन पर आरोप है कि इन्होंने गवाही पलटने के नाम पर 70 लाख रुपए हड़पे हैं। आज गुरुवार को तीनों को फिर अदालत के सामने पेश किया जाएगा। तीन दिन की रिमांड पर लेकर पुलिस ने तीनों से आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की। साथ ही कुछ नकदी भी बरामद की है। हालांकि इसका खुलासा नहीं किया गया है। उधर, देवेंद्र को डाक विभाग के डाकपाल पद से निलंबित कर दिया गया है। शनिवार को पुलिस टीम ने आसाराम प्रकरण के मुख्य गवाह रहे महेंद्र चावला, उनके भाई डाक विभाग में डाकपाल के पर तैनात देवेंद्र चावला व भतीजे राम को गिरफ्तार किया था। तीनों पर आरोप है कि सनौली गांव के पूर्व सरपंच सुरेंद्र शर्मा के साथ चल रहे मुकदमों में पक्ष में गवाही देने और समझौते के नाम पर 70 लाख रुपए लिए। बाद में 80 लाख रुपए की मांग करते हुए ब्लैकमेल किया और गवाही से बदल गए। पुलिस ने सोमवार को तीनों को तीन दिन के रिमांड पर लिया था। रिमांड के दौरान आरोपियों के कब्जे से 70 लाख रुपए की नकदी बरामद करने के प्रयास किए गए। इस दौरान टीमों ने अलग-अलग ठिकानों पर दबिश भी दी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपियों के कब्जे से कुछ नकदी बरामद भी की गई है। जानिए महेंद्र ने कैसे ठगे ₹70 लाख 3 पॉइंट में पढ़िए…क्यों मुकरा महेंद्र चावला 80 लाख की अतिरिक्त मांग: गिरफ्तारी वारंट के बाद 16 मार्च की रात महेंद्र मीडिएटर के घर पहुंचा। वहां उसने कहा कि सरपंच संजय त्यागी से पंचायत में एक प्रस्ताव पेश करवाया जाए, जिसमें दुकान गिराने का ऑर्डर दिया जाए। हालांकि यह सामने नहीं आया कि महेंद्र ये दुकानें क्यों गिरवाना चाहता था। अगले दिन प्रस्ताव पेश हुआ: भगत सिंह ने बताया कि अगले ही दिन पंचायत से ये प्रस्ताव पास हो गया, लेकिन इसके बाद महेंद्र ने 18 मार्च को 80 लाख रुपए और देने की डिमांड की। धमकी दी कि अगर ये पैसे नहीं मिले तो कोर्ट में वह झूठी गवाही देगा। उसने कहा कि सरपंच करोड़पति है, 80 लाख रुपए देना उसके लिए बड़ी बात नहीं है। कोर्ट में फिर बदली गवाही: भगत सिंह ने आगे बताया कि हमने महेंद्र 80 लाख रुपए देने से मना कर दिया। इसके बाद उसने 19 मार्च को कोर्ट में अपनी पुरानी गवाही बदलकर सबके खिलाफ बयान दे दिया।
यूपी के मिर्जापुर में बुधवार रात सड़क हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई। मध्य प्रदेश से गिट्टी लादकर आ रहा ट्राला ब्रेक फेल होने से बेकाबू हो गया। ट्राले ने पहले स्विफ्ट कार को टक्कर मारी, फिर एक ट्रक से जा टकराया। कार, ट्राले और ट्रक के बीच फंस गई। इस दौरान पीछ से आ रही बोलेरो ट्रेलर में जा घुसी। बोलेरो में तेज धमाके के साथ आग लग गई। ड्राइवर समेत नौ लोग जिंदा जल गए। सभी मृतक आपस में रिश्तेदार थे। इनके अलावा स्विफ्ट कार का ड्राइवर और ट्रक के क्लीनर की भी मौत हो गई। हादसा ड्रमडगंज थाना क्षेत्र में हुआ। एसपी अपर्णा रजत कौशिक ने बताया- बोलेरो सवार सभी लोग जिगना थाना के नरैना गांव के रहने वाले थे। परिवार मैहर से बेटे का मुंडन कराकर लौट रहा था। हादसे में 8 साल के बच्चे और उसकी मां की भी मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल ट्रक क्लीनर को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू किया। हादसे की 3 तस्वीरें… अब सिलसिलेवार तरीके से पूरा मामला समझ लीजिए… मिर्जापुर-रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग पर रात साढ़े 9 बजे बड़का मोड़ से एक ट्राला गिट्टी लादकर जा रहा था। अचानक उसका ब्रेक फेल हो गया। इसी बीच ट्राले के पीछे चल रही एक बोलेरो भी ढलान से नीचे उतर रही थी। तभी बेकाबू ट्राला स्विफ्ट कार को रौंदते हुए एक ट्रक से टकरा गया। तभी पीछे से आ रही बोलेरो ट्राले से जा भिड़ी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर इतनी भीषण थी कि बोलेरो में तुरंत आग लग गई। आग लगने से बोलेरो में सवार सभी यात्री अंदर ही फंस गए और जिंदा जल गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोग तेजी से बचाव कार्य में जुट गए। लेकिन, तेज आग के कारण किसी को बचाया नहीं जा सका। घटना की सूचना मिलते ही एसपी अपर्णा रजत कौशिक, सीओ लालगंज अमर बहादुर और लालगंज और हलिया थाने की फोर्स भी मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड की मदद से आग पर काबू पाया गया। मिर्जापुर सांसद अनुप्रिया पटेल ने हादसे पर दुख जताया बच्चे समेत नौ जिंदा जले, मां-बेटे और बेटी की मौत ------------------- यह खबर भी पढ़ें… 30 साल की एक्ट्रेस दिव्यांका सिरोही की मौत:गाजियाबाद में घर में चक्कर खाकर गिरीं, 50 से ज्यादा हरियाणवी गानों में काम किया हरियाणवी एक्ट्रेस दिव्यांका सिरोही (30) का निधन हो गया। 21 अप्रैल (मंगलवार) की देर रात गाजियाबाद स्थित घर पर उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई। वह चक्कर खाकर जमीन पर गिर गईं। इससे उनके सिर पर गहरी चोट लग गई। परिवारवाले उन्हें अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बुधवार सुबह गाजियाबाद में उनका अंतिम संस्कार किया गया। दिव्यांका 50 से ज्यादा हरियाणवी गानों में काम कर चुकी थीं। उन्होंने मासूम शर्मा, अमित सैनी रोहतकिया, केडी के साथ भी काम किया है। उनके इंस्टाग्राम पर 1.3 मिलियन फॉलोअर्स हैं। पूरी खबर पढ़िए…
कानपुर चिड़ियाघर में रहने वाले एक बाघ का खर्च 1 लाख रुपए प्रति महीने के आसपास है। यहां रहने वाले जानवरों का खर्च इंसानों के खर्च से 5 गुना ज्यादा है। जबकि एक मध्यम वर्गीय परिवार एक महीने मे 15 से 20 हजार रुपए के खर्च में अपने परिवार का भरण पोषण कर लेता है। यही खर्च सर्दियो के दिनों में करीब 10 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। ऐसे में एक मध्यम वर्गीय परिवार के खर्च से ज्यादा एक बाघ के ऊपर खर्च किया जा रहा है। लेकिन अब गर्मियों में टेम्परेचर 44 डिग्री के पार हो गया है। ऐसे में चिड़ियाघर के जानवरों, पक्षियों और अन्य जीवों के खर्च और बढ़ गए है। गर्मियों में इलेक्ट्रोलाइट्स से बुझती है प्यास कानपुर जू के क्षेत्रीय वन अधिकारी नावेद इकराम और पशु चिकित्सक डॉ. नासिर की निगरानी में इनका 'डाइट चार्ट' बेहद बारीकी से तैयार होता है। इन मांसाहारी जीवों को दिन भर में केवल एक बार भोजन दिया जाता है, और उसका समय भी फिक्स है दोपहर के ठीक 2 बजे। इनका मुख्य आहार भैंसे का मांस है, जो सीधे स्लॉटर हाउस से आता है। दिलचस्प बात यह है कि, मौसम के हिसाब से इनकी थाली का वजन भी घटता-बढ़ता है। कड़ाके की ठंड में जो टाइगर 10 किलो मांस चट कर जाता है। गर्मियों में उसकी डाइट घटाकर 6 से 8 किलो कर दी जाती है, ताकि पाचन सही रहे। इतना ही नहीं, पारा चढ़ते ही इन खूंखार शिकारियों को डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए पानी में खास इलेक्ट्रोलाइट्स का घोल भी दिया जाता है। हर रोज इनका शाम को रुटीन चेकअप भी किया जाता है जिसमें उनकी हर एक एक्टिविटी पर नजर रक्खी जाती है। सिर्फ मीट ही नहीं, तीमारदारी पर भी होता है खर्च इन वन्यजीवों का खर्च केवल उनकी भारी-भरकम डाइट तक सीमित नहीं है। इन्हें तंदुरुस्त रखने के लिए जू प्रशासन को मोटा मेडिकल बिल भी चुकाना पड़ता है। हर जानवर के वैक्सीनेशन, रूटीन चेकअप और देखरेख के अलावा विशेषज्ञ डॉक्टरों की फीस पर सालाना करीब 1.50 से 2 लाख रुपए अलग से खर्च होते हैं। इन बेजुबानों की 24 घंटे देखरेख के लिए 40 लोगों को लगाया गया है, जो सुबह की सफाई से लेकर शाम 5 बजे होने वाले फाइनल हेल्थ चेकअप तक हर गतिविधि पर नजर रखती है। असल में, ये 12 लाख रुपए सिर्फ एक जानवर को पालने की कीमत नहीं है, बल्कि विलुप्त होती प्रजातियों को बचाने के लिए प्रशासन द्वारा चुकाया जाने वाला 'कंजर्वेशन टैक्स' है। मिडिल क्लास की सैलरी से महंगा है कानपुर जैसे शहर में एक आम कर्मचारी महीने के 25 से 50 हजार रुपए कमाता है, जिसमें उसे घर का किराया, बिजली, बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य सब देखना होता है। दूसरी ओर, जू के एक बाघ का मासिक खर्च सीधा 1 लाख रुपए बैठता है। यानी एक बाघ के रखरखाव पर होने वाला खर्च एक आम आदमी की इनकम से करीब दो से तीन गुना ज्यादा है। बावजूद इसके, इन 'महंगे मेहमानों' का ख्याल रखा जा रहा है। साल 2025-26 में 4.30 लाख से ज्यादा दर्शकों ने टिकट कटाकर इन वन्यजीवों का दीदार किया, जो यह बताता है,कि शहर के लोग अपने इन 'शाही पड़ोसियों' पर खर्च होने वाली इस बड़ी रकम को उनकी शान और संरक्षण के लिए जायज मानते हैं। डॉ. नासिर ने बताया- वर्तमान में जू में 13 टाइगर, 4 शेर, 24 तेंदुए,9 भेड़िया,13 लकड़बग्घा,20 सियार,2 लोमड़ी,3 जंगली बिल्ली,2 कटमूर समेत कुल 70 से ज्यादा ऐसे मांसाहारी वन्य जीव है। जिन्हें मांस दिया जा रहा है। सर्दियों में जहां शेर, तेंदुआ, टाइगर इन्हें 10 किलो मांस दिया जाता है तो वहीं, गर्मियों में इनकी डायट 6 से 8 किलो कर दी जाती है। इसी तरीके से अगर हम बात करें अन्य मांसाहारी वन्य जीवों की तो उन्हें गर्मियों में 2.5 किलो मांस और सर्दियों में 4 किलो मांस खाने में दिया जाता है। जोकि सरकारी फंड से आता है।
बलरामपुर। तुलसीपुर पुलिस ने नाबालिग से दुष्कर्म के एक वांछित आरोपी को पिपरहवा चौराहे से गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय और क्षेत्राधिकारी तुलसीपुर डॉ. जितेन्द्र कुमार की निगरानी में यह कार्रवाई की गई। थाना तुलसीपुर पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर यह सफलता हासिल की। प्रभारी निरीक्षक सुधीर कुमार सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने सटीक सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को पिपरहवा चौराहे से दबोचा। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान राजेन्द्र उर्फ नन्दे पुत्र शिकारी, निवासी ग्राम बेलीखुर्द, थाना तुलसीपुर, जिला बलरामपुर के रूप में हुई है। उसके खिलाफ थाना तुलसीपुर में भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज था। पुलिस के अनुसार, आरोपी घटना के बाद से फरार था और उसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही थी। पुलिस टीम ने आखिरकार उसे पकड़ने में सफलता पाई। आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। इस गिरफ्तारी अभियान में प्रभारी निरीक्षक सुधीर कुमार सिंह के साथ हेड कांस्टेबल अशोक कुमार गौंड, कांस्टेबल अमित वर्मा और कांस्टेबल रविराज शामिल थे।
चित्रकूट जिले के विद्यालयों में मीडिया कवरेज को लेकर एक नया आदेश जारी किया गया है। नए निर्देशों के अनुसार, अब जिला सूचना अधिकारी द्वारा जारी पहचान पत्र के बिना किसी भी मीडिया कर्मी को स्कूल परिसर में प्रवेश नहीं मिलेगा। इस आदेश से पत्रकारों में असमंजस की स्थिति है और इसकी वैधता पर भी सवाल उठ रहे हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बीके शर्मा का एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस पत्र में विद्यालयों में मीडिया कर्मियों के प्रवेश के लिए जिला सूचना अधिकारी द्वारा जारी पहचान पत्र को अनिवार्य बताया गया है। इस आदेश के सामने आने के बाद जिले के पत्रकारों में नाराजगी है। सवाल यह है कि क्या इस प्रकार का कोई स्पष्ट शासनादेश वास्तव में मौजूद है, या यह केवल एकतरफा प्रशासनिक निर्णय है। कई पत्रकारों ने मांग की है कि यदि ऐसा कोई शासनादेश है, तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए। इस संबंध में जिला सूचना कार्यालय की स्थिति भी स्पष्ट नहीं है, जिससे भ्रम और बढ़ गया है। मीडिया कर्मियों का कहना है कि खबरें मौके पर बनती हैं, न कि सरकारी दफ्तरों की फाइलों में। उनका तर्क है कि यदि हर छोटी-बड़ी कवरेज के लिए पहले अनुमति लेने की बाध्यता होगी, तो इससे पत्रकारिता की मूल भावना प्रभावित होगी। इसे सूचना के प्रवाह पर नियंत्रण की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। पत्रकारों का तर्क है कि उनकी पहचान उनके कार्य और संबंधित संस्थान से होती है। किसी भी विद्यालय में प्रवेश के दौरान प्रधानाध्यापक को परिचय देना एक सामान्य प्रक्रिया है। उनका सुझाव है कि यदि किसी स्तर पर संदेह हो, तो जिला प्रशासन, सूचना कार्यालय, डीएम या एसपी कार्यालय से सत्यापन कराया जा सकता है, लेकिन पहले से ही प्रवेश पर रोक लगाना उचित नहीं है। शिक्षा संस्थानों को पारदर्शिता का केंद्र माना जाता है। ऐसे में वहां इस तरह की पाबंदियां लगाना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत माना जा रहा है। पत्रकारों का सवाल है कि यदि व्यवस्थाएं सही और पारदर्शी हैं, तो फिर इस तरह की बंदिशों की आवश्यकता क्यों पड़ रही है।
गाजियाबाद में पुलिस लाइन की जर्जर हालत एक बार फिर सामने आई है। पुलिस लाइन स्थित एक आवासीय क्वार्टर की छत अचानक गिर गई। गनीमत रही कि हादसे के समय कोई चपेट में नहीं आया। नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। जिसमें परिवार के सदस्य बाल बाल बचे। पुलिस लाइन के आवासीय भवन लंबे समय से जर्जर हालत में आ चुके हैं, जिनकी लंबे समय से रिपेयर नहीं हुई। क्वार्टर नंबर 186 में छत का टुकड़ा टूटा पुलिस लाइन में क्वार्टर नंबर 186 टाइप प्रथम का छत का टूकड़ा अलग हो गया। बताया गया है कि पुलिस लाइन में यह आवास करीब 40 साल से अधिक पुराने हैं। पुलिस लाइन के कई क्वार्टर लंबे समय से जर्जर हालत में हैं, लेकिन उनकी मरम्मत या पुनर्निर्माण पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। लिंटर का टुकड़ा अलग हुआ तो सरकारी आवास में रहने वाले फैमिली ने चुप्पी साध ली। कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा आवासीय क्वार्टर में रहने वाले पुलिसकर्मियों का कहना है कि पूर्व में जो सरकारी आवास बने हुए हैं उनकी छत कमजोर हो चुकी है। बरसात में इसका अधिक खतरा बना रहता है। जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। जुलाई 2025 में गाजियाबाद में एक एसीपी कार्यालय के रूम की छत गिरने से एक दरोगा की मौत हो चुकी थी। जिसके बाद पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड ने सभी कार्यालयों की जांच कराई थी।
उन्नाव शहर में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। सदर कोतवाली क्षेत्र के ज़ेर खिड़की मोहल्ले में एक घर के सामने खड़ी स्कूटी चोरी हो गई। यह पूरी वारदात पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पीड़ित मोहम्मद शोएब पुत्र हाजी अब्दुल हाफिज, जो ज़ेर खिड़की छिपियाना के निवासी हैं, ने पुलिस को बताया कि उन्होंने अपनी स्कूटी घर के बाहर खड़ी की थी। कुछ देर बाद जब वह बाहर आए, तो स्कूटी गायब मिली। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर सामने आया कि एक युवक आराम से आया, स्कूटी की चाबी ऑन की और कुछ ही पलों में उसे लेकर फरार हो गया। फुटेज में आरोपी बिना किसी डर के वारदात को अंजाम देता दिख रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि मोहल्ले में पहले भी छोटी-मोटी चोरी की घटनाएं हुई हैं। हालांकि, इस तरह खुलेआम स्कूटी चोरी होना चिंता का विषय बन गया है, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है। पीड़ित ने सदर कोतवाली में तहरीर देकर पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो चोरों के हौसले और बुलंद हो सकते हैं। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान करने का प्रयास कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी हुई स्कूटी बरामद कर ली जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे अपने वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर खड़ा करें और लॉक सिस्टम का विशेष ध्यान रखें। इस घटना ने एक बार फिर शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग पुलिस गश्त बढ़ाने और चोरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
विदेश भेजने के नाम पर चार लोगों से ठगी:आजमगढ़ में दर्ज हुआ मुकदमा, पांच लाख 34 हजार से अधिक की ठगी
आजमगढ़ में विदेश भेजने के नाम पर चार लोगों से 534000 से अधिक की ठगी का मामला सामने आया है। इस मामले में पीड़ित अर्जुन यादव की तहरीर पर जीयनपुर थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस को दिए शिकायती पत्र में प्रार्थी ने आरोप लगाया कि अपना व अपने परिवार के भरण पोषण हेतु विदेश बहरीन में एनएसएच कम्पनी नोमा कैम्प बहरीन में सुलेशन फिटर का कार्य करता था। वहीं पर बबलू, जितेन्द्र, हैदर, अनिल कुमार से मुलाकात हुई ये लोग भी हमारे प्रदेश के व जिले के आस पास के थे और हम लोगों में दोस्ती हो गयी। तब से हम लोग मिलजुल कर रहने लगे और वहा से वापस अपने घर आये। कुछ दिन घर पर रहने के दौरान जरिये मोबाईल, फेसबुक के माध्यम से मुन्ना सिंह से बातजीत हुई जो अपने आप को EUROPE MAN POWER CONSULTANT मकान नं.93 सेकेण्ड फ्लोर, सरायजुसेना, अपोजिट फोर्टिस स्काटर्स हास्पिटल गेट नं. 2 नई दिल्ली 11005 में अपनी आफिस स्थित होना बताया। आरोपी ने झांसा दिया कि वह इस संस्था का एचआर है और वह लोगों को विदेश भेजने व अच्छी नौकरी लगवानें का काम करता है। तथा यह भी कहा कि वह प्रार्थी और उसके साथियों को विदेश अजरबैजान भेजेगा। जहां पर उनको भारतीय रूपये में लगभग एक लाख की सैलरी मिलेगी। वहां जाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को दो दो लाख रूपया देने होंगे। प्रार्थी व प्रार्थी के दोस्त अपने बेरोजगारी व अपने परिवार की परवरिश तथा अपने बेहतर भविष्य को देखते हुए मुन्ना सिंह की बात पर विश्वास किया। चारों दोस्तों से लिए गए 534000 रुपएपीड़ित अर्जुन यादव ने आरोप लगाया कि मुन्ना सिंह और रवीश कुमार ने चारों साथियों से कुल मिलाकर अलग-अलग डेट में 534000 से अधिक पैसे ले लिए। इसके साथ कि आरोपी ने ऑफर लेटर और वीजा भेज कर अपने ऑफिस दिल्ली बुलाया। जब पीड़ित दिल्ली अपने साथियों के साथ पहुंचा तो पता चला कि उसे पते पर ऐसी कोई संस्था नहीं है और ना ही मुन्ना सिंह मिला। इसके बाद पीड़ित ने जब मामले में और जानकारी जुटा तब पता चला कि सब फर्जी है। और आरोपियों ने धोखाधड़ी की है। मामले में मुकदमा दर्ज कर छानबीन की जा रही है।
फर्रुखाबाद में डॉ. जाकिर हुसैन ट्रस्ट को 30 साल पहले धर्मार्थ चिकित्सालय संचालित करने के लिए मिली 25 एकड़ भूमि का पट्टा निरस्त कर दिया गया है। यह जानकारी डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने भाजपा विधायक सुशील शाक्य को भेजे पत्र में दी। ट्रस्ट की अध्यक्ष कांग्रेस नेता पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद की पत्नी लुईस खुर्शीद हैं। नवाबगंज-मोहम्मदाबाद मार्ग पर स्थित स्वास्थ्य विभाग की यह भूमि 1 अप्रैल 1995 को जाकिर हुसैन ट्रस्ट को 30 वर्ष के लिए पट्टे पर दी गई थी। इसका उद्देश्य धर्मार्थ चिकित्सालय का संचालन करना था। विधायक सुशील शाक्य ने 19 फरवरी 2026 को विधानसभा में नियम 51 के अंतर्गत इस संबंध में सूचना मांगी थी। इसके बाद मामले की जांच शुरू हुई। डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के पत्र के अनुसार, सीएमओ ने 21 फरवरी को बताया कि जिलाधिकारी ने 13 मई 2025 को अपर जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी और एसडीएम कायमगंज की तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की थी। समिति ने 30 मई 2025 को अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी। 23 मार्च को उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने विधायक सुशील शाक्य को भेजे पत्र में कहा की 30 में 2025 को कमेटी ने जांच कर आख्या उपलब्ध कराई। इसमें पट्टेदार की ओर से शर्तों का पालन न कर इस भूमि को नीजी लाभ के लिए उपयोग की जाने की पुष्टि की गई। उपमुख्यमंत्री ने भूमि का पट्टा जनहित में स्वास्थ्य विभाग को वापस कराकर अवगत कराने के निर्देश दिए। सीएमओ डॉक्टर अवनींद्र कुमार ने बताया धर्मार्थ चिकित्सालय के लिए डॉक्टर जाकिर हुसैन ट्रस्ट को पट्टा 30 वर्ष के लिए दिया गया था। इसका समय पूरा हो चुका है। पूर्व डीएम ने इसकी तीन सदस्य कमेटी बनाकर जांच कराई थी। समय पूरा हो गया इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री का पत्र आया है। पट्टा निरस्त कर दिया गया है। लोकहित में चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग को यह जमीन दे दी जाएगी।
रायबरेली में अधेड़ का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला:साइकिल 100 मीटर दूर मिली, पुलिस जांच में जुटी
रायबरेली के सरेनी क्षेत्र में एक अधेड़ का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। यह शव गेगासो क्रॉसिंग और बेनी माधवगंज कस्बे के बीच स्थित पंडित शिवभूषण शर्मा डिग्री कॉलेज के पास बरामद हुआ। राहगीरों की सूचना पर पीआरवी 7982 और गेगासो चौकी इंचार्ज अरविंद चौधरी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। पुलिस ने शव की शिनाख्त के लिए आसपास के लोगों और थाना लालगंज से संपर्क किया। मृतक की पहचान ककराही गांव निवासी जितेंद्र कुमार उर्फ बउआ (45) पुत्र गया प्रसाद के रूप में हुई, जो बीते शनिवार से लापता थे। सूचना मिलने पर उनके छोटे भाई नितेंद्र बहादुर ने शव की पहचान अपने बड़े भाई के रूप में की। शव से कुछ ही दूरी पर मृतक की साइकिल और चप्पलें भी बरामद हुई हैं। परिजनों के अनुसार, मृतक मानसिक रूप से अस्वस्थ थे और शनिवार शाम से घर से गायब थे। उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट थाना लालगंज में दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौके पर पहुंची फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। मृतक के भाई नितेंद्र बहादुर ने बताया कि जितेंद्र शनिवार शाम से लापता थे। इस मामले की जानकारी 48 घंटे बाद पुलिस को दी गई थी, जिसके बाद पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
जबलपुर में अवैध रेत खनन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और एसपी संपत उपाध्याय के निर्देश पर चलाए गए ज्वाइंट ऑपरेशन में खनिज विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नर्मदा नदी में खनन कर रहीं 2 नावों को मौके पर ही आग लगाकर नष्ट कर दिया, वहीं 3 हाईवा भी जब्त किए गए। तीन दिन पहले नर्मदा नदी में अवैध खनन के दौरान एक युवक की डूबने से मौत हो गई थी। इस घटना के बाद हंगामा हुआ और पुलिस व माइनिंग विभाग पर खनन माफियाओं को संरक्षण देने के आरोप लगे। इसके बाद प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए संयुक्त कार्रवाई शुरू की। जिला खनिज अधिकारी एके राय के मुताबिक, शहपुरा क्षेत्र के ग्राम पावला और जुगपुरा में निरीक्षण के दौरान नर्मदा नदी में नावों से रेत खनन होते पाया गया। माइनिंग इंस्पेक्टर विवेकानंद यादव की टीम जैसे ही मौके पर पहुंची, नाव संचालक फरार हो गए। इसके बाद टीम ने दोनों नावों को आग लगाकर नष्ट कर दिया। बिना नंबर के मिले 3 हाईवा कार्रवाई के दौरान ग्राम पावला में अवैध रेत परिवहन करते हुए 3 हाईवा भी पकड़े गए। बेलखेड़ा थाना पुलिस की मदद से इन्हें जब्त कर लिया गया। चौंकाने वाली बात यह रही कि तीनों वाहनों पर नंबर प्लेट नहीं थी। अब इनके मालिकों का पता लगाने के लिए आरटीओ की मदद ली जा रही है। खनिज विभाग के अनुसार, इन घाटों से लंबे समय से अवैध खनन और परिवहन की शिकायतें मिल रही थीं। टीम लगातार निगरानी कर रही थी और इसी दौरान यह बड़ी कार्रवाई सामने आई। प्रशासन ने साफ किया है कि अवैध खनन और परिवहन पर सख्ती जारी रहेगी। जिम्मेदारों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
संभल में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। गुरुवार को पारा 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जो इस अप्रैल महीने का अब तक का सर्वाधिक तापमान है। गर्म हवाएं 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हैं और वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 175 दर्ज किया गया। सुबह 8 बजे संभल का तापमान 34 डिग्री सेल्सियस था, जो दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे के बीच 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक भीषण गर्मी की चेतावनी दी है, हालांकि 26 अप्रैल को बारिश की संभावना जताई गई है। भीषण गर्मी का असर लोगों के स्वास्थ्य पर साफ दिख रहा है। जिला संयुक्त चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और निजी अस्पतालों में खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। दोपहर में 'लू' के चलते सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। जिला संयुक्त चिकित्सालय के डॉ. चमन प्रकाश ने लोगों को सलाह दी है कि वे बासी खाना खाने से बचें, क्योंकि गर्मी में खाना जल्दी खराब हो जाता है और पेट संबंधी बीमारियों का कारण बन सकता है। उन्होंने बाहर निकलते समय छायादार या सूती कपड़े पहनने की भी सलाह दी। इससे पहले हुई ओलावृष्टि और बारिश के कारण संभल और चंदौसी तहसील क्षेत्र के किसानों की गेहूं की बालियां टूट गईं, मक्का में कीड़ा लग गया और सरसों की फसल भी खराब हो गई। हालांकि, तहसील गुन्नौर क्षेत्र के किसानों को गेहूं, मक्का और सरसों की फसल में फायदा हुआ। फसलें बर्बाद होने के बाद किसानों ने अब मेंथा की फसल लगानी शुरू कर दी है, लेकिन वे इसे लेकर भी चिंतित हैं कि अगर बारिश हुई तो यह फसल भी खराब हो सकती है। गांव असमोली के किसान मोहम्मद अली ने बताया कि उन्हें एक बीघा में तीन से चार क्विंटल गेहूं ही मिल पाया, जबकि उन्हें पांच क्विंटल की उम्मीद थी। बारिश और तेज हवाओं से काफी नुकसान हुआ है।
मऊ में 235 वाहनों का चालान, 9 गाड़ियां सीज:यातायात नियम तोड़ने वालों पर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
मऊ में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। बुधवार देर शाम तक चले अभियान में 235 वाहनों का चालान किया गया और 9 गाड़ियों को सीज कर दिया गया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक मऊ कमलेश बहादुर के निर्देश पर यातायात पुलिस और सामान्य पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा की गई। जनपद के सभी थाना क्षेत्रों में 46 स्थानों पर व्यापक चेकिंग अभियान चलाया गया। अभियान के तहत 41 टीमें गठित की गईं, जिन्होंने लगभग 1300 संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की जांच की। इस दौरान यातायात नियमों का पालन न करने पर 235 वाहनों का विभिन्न धाराओं में चालान किया गया, जबकि 9 वाहनों को सीज कर दिया गया। चालान और सीजिंग के साथ-साथ अन्य लोगों को यातायात नियमों का पालन करने की हिदायत भी दी गई। पुलिस ने वाहन चालकों को नियमों के प्रति जागरूक रहने और उनका पालन करने के लिए प्रेरित किया। पुलिस अधीक्षक मऊ ने आम जनता से अपील की है कि वे यातायात नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करें, हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग करें तथा सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करने में सहयोग प्रदान करें।
मंदसौर जिले ने स्व-गणना (Self Enumeration) में मध्य प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर, जिले में जल संरक्षण एवं संवर्धन अभियान के तहत 19,000 परिवारों ने स्व-गणना प्रपत्र भरकर जागरूकता का संदेश दिया। जिला प्रशासन ने कुशाभाऊ ठाकरे ऑडिटोरियम में एक बड़ी कार्यशाला का आयोजन किया था। इसमें बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए सामूहिक रूप से स्व-गणना फॉर्म भरे, जिससे यह प्रक्रिया एक जनआंदोलन का रूप ले सकी। इस दौरान श्री सत्येंद्र राठौर ने नागरिकों को स्व-गणना की पूरी प्रक्रिया का प्रशिक्षण भी दिया, ताकि वे आसानी से ऑनलाइन फॉर्म भर सकें। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर ने बताया कि स्व-गणना की प्रक्रिया अत्यंत सरल, सुरक्षित और पूर्णतः गोपनीय है। उन्होंने कहा कि नागरिक अपनी सुविधा अनुसार किसी भी समय ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से यह फॉर्म भर सकते हैं। यह पहल न केवल जनगणना प्रक्रिया को सशक्त बनाएगी, बल्कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित करेगी। कलेक्टर ने जानकारी दी कि मंदसौर जिले ने अब तक 19,000 परिवारों द्वारा स्व-गणना प्रपत्र भरवाकर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। इसी के साथ, जिला मध्य प्रदेश में प्रथम स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने इसे जिले के जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया। कलेक्टर अदिति गर्ग ने आमजन से अपील की कि वे स्व-गणना पोर्टल पर जाकर अपने घर के स्थान (लोकेशन) को चिन्हित कर स्वयं यह प्रक्रिया पूर्ण करें और इस अभियान को सफल बनाने में अपना योगदान दें। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे दिए गए लिंक (https://se.census.gov.in) का उपयोग कर स्व-गणना फॉर्म अवश्य भरें और अपने आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। पर्यावरण और जनगणना - दोनों के प्रति जागरूकता का संगम विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यशाला ने न केवल जल संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाई, बल्कि स्व-गणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में जनभागीदारी को भी नई दिशा दी।
कोडरमा रेलवे स्टेशन के दक्षिणी छोर पर स्थित अधिकृत पार्किंग स्थल में गुरुवार देर रात करीब 2:30 बजे भीषण आग लग गई। घटना के समय पार्किंग क्षेत्र में आवाजाही बेहद कम थी। जिससे जान-माल का बड़ा नुकसान होने से बच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग धीरे-धीरे फैलते हुए विकराल रूप लेने लगी थी। जिससे आसपास खड़े वाहनों और रेलवे के महत्वपूर्ण संसाधनों पर खतरा मंडराने लगा। हालांकि, रात का समय होने के कारण भीड़भाड़ नहीं थी। जिससे स्थिति को संभालने में कुछ राहत मिली। वार्ड पार्षद की सक्रियता से बड़ी घटना टली आग लगते ही स्थानीय वार्ड पार्षद मनीष चौधरी ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत फायर ब्रिगेड और स्टेशन प्रबंधन को सूचना दी। दमकल टीम के पहुंचने से पहले उन्होंने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू कर दिया। आग लगातार फैल रही थी। पार्किंग में खड़ी बसों, कारों के साथ-साथ रेलवे के केबल को नुकसान पहुंचाने का खतरा बढ़ता जा रहा था। मौके पर मौजूद लोगों की मदद से आग को सीमित रखने का प्रयास किया गया, जिससे इसके फैलाव को काफी हद तक रोका जा सका। डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद बुझी आग सूचना मिलने के बाद दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। रात के समय ट्रैफिक कम होने के कारण दमकल वाहनों को स्टेशन परिसर तक पहुंचने में किसी तरह की बाधा नहीं आई। जिससे राहत कार्य तेजी से हो सका। स्टेशन प्रबंधक विकास कुमार ने बताया कि यदि समय रहते आग पर नियंत्रण नहीं पाया जाता, तो यह घटना और भी भयावह रूप ले सकती थी। लाखों रुपए ये की संपत्ति को नुकसान हो सकता था। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है, वहीं समय पर की गई कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टलने पर सभी ने राहत की सांस ली है।
कार कारोबारी को 1 करोड़ की रंगदारी की धमकी:विदेशी नंबर से कॉल कर कहा-जान से मार देंगे,अज्ञात पर FIR
लुधियाना में कारों की खरीद फिरोख्त करने वाले एक व्यक्ति को विदेश नंबर से कॉल कर 1 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर थाना शिमलापुरी पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता राकेश कुमार निवासी न्यू गुरु अंगद देव कॉलोनी, न्यू जनता नगर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह गिल रोड स्थित कमल ऑटो फील्ड्स के नाम पर गाड़ियों की खरीद-फरोख्त का काम करता है। 18 अप्रैल को आई थी विदेशी नंबर से काल पीड़ित के अनुसार, 18 अप्रैल 2026 से उसके मोबाइल नंबर पर एक विदेशी नंबर (+351927361380) से कॉल आ रही थी। जब उसने कॉल रिसीव की तो दूसरी तरफ से बोलने वाले व्यक्ति ने उसे धमकी दी कि अगर उसने 1 करोड़ रुपए नहीं दिए तो उसे जान से मार दिया जाएगा। धमकी मिलने के बाद पीड़ित ने तुरंत पुलिस को शिकायत दी। फिलहाल पीड़ित और उसके परिजनों में सहम है। धमकी देने वाले ने अभी अपना नाम या गैंग नहीं बताया। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना शिमलापुरी पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कॉल करने वाले की पहचान और लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार करने का दावा किया गया है।
गर्मी की छुट्टियों में यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने बड़ी तैयारी की है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (बिलासपुर जोन) से 18 समर स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं, जो 15 अप्रैल से 15 जुलाई तक 88 फेरे लगाएंगी। वहीं, पूरे देश में 908 ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेनों को मंजूरी दी गई है, जो इस अवधि में कुल 18,262 फेरे संचालित करेंगी। रेलवे प्रशासन के मुताबिक, बिलासपुर जोन से 18 स्पेशल ट्रेनों को मंजूरी मिली है। इनमें से 13 ट्रेनों का संचालन शुरू हो चुका है, जबकि बाकी फेरे चरणबद्ध तरीके से जल्द शुरू किए जाएंगे। ये ट्रेनें विभिन्न प्रमुख डेस्टिनेशन के बीच चलाई जाएंगी, जिससे लंबी दूरी के यात्रियों को राहत मिलेगी। देशभर में 908 ट्रेनें, 18 हजार से ज्यादा फेरे भारतीय रेलवे ने समर सीजन के लिए देशभर में 908 विशेष ट्रेनों को मंजूरी दी है। ये ट्रेनें 15 अप्रैल से 15 जुलाई के बीच कुल 18,262 फेरे लगाकर यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को संभालेंगी। स्टेशनों पर बढ़ाए गए इंतजाम भीषण गर्मी को देखते हुए रेलवे ने प्रमुख स्टेशनों बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, गोंदिया, इतवारी, रायगढ़ और शहडोल में विशेष व्यवस्थाएं की हैं। इनमें अतिरिक्त टिकट काउंटर, पेयजल व्यवस्था, प्रतीक्षालयों में सुधार, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। कंफर्म टिकट मिलने की उम्मीद बढ़ी रेलवे का दावा है कि, इन विशेष ट्रेनों के संचालन से ट्रेनों में भीड़ कम होगी और वेटिंग लिस्ट में भी गिरावट आएगी। इससे यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी और सफर ज्यादा आरामदायक होगा। बंगाल चुनाव से कुछ दिन पहले बिलासपुर जोन से चलेंगी 16 स्पेशल ट्रेनें ………………………….. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… बंगाल चुनाव, बिलासपुर जोन से चलेंगी 16 स्पेशल ट्रेनें: रद्द ट्रेनें हुईं बहाल, 'राइट टाइम' चलने लगीं, बैज बोले- ये पोपेगेंडा, वोट के लिए लालच पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में अब महज एक सप्ताह बचा है। ऐसे में दूसरे राज्यों में काम करने गए वोटर्स की आवाजाही को देखते हुए रेलवे ने स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है। बिलासपुर जोन से होकर कुल 16 स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी। इनमें कुछ ट्रेनें समर वेकेशन के नाम पर पहले ही शुरू हो चुकी हैं, जबकि ज्यादातर ट्रेनें मतदान से 2 से 4 दिन पहले चलाई जाएंगी। पढ़ें पूरी खबर…
देवरिया के महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में हुए अशोक गवाड़े हत्याकांड का छह महीने बाद भी खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस अभी तक हत्या के कारणों और आरोपियों की पहचान नहीं कर पाई है। यह मामला 6 अक्टूबर को तब सुर्खियों में आया था, जब मेडिकल कॉलेज की पांचवीं मंजिल पर स्थित पानी की टंकी में अशोक गवाड़े का शव मिला था। शव मिलने की परिस्थितियां बेहद संदिग्ध थीं, जिससे शुरू से ही हत्या की आशंका जताई जा रही थी। मृतक के साले की तहरीर पर अज्ञात लोगों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने मामले की जांच देवरिया से लेकर महाराष्ट्र तक की, लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिली है और न ही किसी आरोपी की गिरफ्तारी हो पाई है। इतनी ऊंचाई पर स्थित पानी की टंकी में शव का मिलना कई सवाल खड़े करता है। पुलिस को यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि क्या यह हत्या थी, किसी साजिश का हिस्सा, या मृतक को कहीं और मारकर शव को टंकी में फेंका गया था। फोरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर भी कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है।
शाहजहांपुर में बुधवार की शाम नाबालिग से कुकर्म का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस तुरंत हरकत में आई। कुछ ही घंटों में पुलिस ने पीड़ित और दोनों आरोपियों की पहचान कर ली। पुलिस ने पीड़ित के भाई की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली है। यह घटना करीब एक महीने पुरानी बताई जा रही है, जिसका वीडियो बुधवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा था कि एक युवक एक नाबालिग के साथ कुकर्म कर रहा है, जबकि दूसरा युवक उसका वीडियो बना रहा है। यह घटना ईद के अगले दिन जंगल में बेर खिलाने के बहाने ले जाकर की गई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि पीड़ित बरेली जिले का रहने वाला है और कुछ समय से खुदागंज थाना क्षेत्र के एक गांव में अपने रिश्तेदार के घर रह रहा था। दोनों आरोपी भी उसी गांव के निवासी हैं। पुलिस के अनुसार, पीड़ित और दोनों आरोपी नाबालिग हैं। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। खुदागंज पुलिस को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए, जिसके बाद सीओ तिलहर ने भी थाने पहुंचकर जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए। पुलिस तीनों नाबालिगों को थाने ले आई और पीड़ित के भाई को भी बुलाया गया। पूछताछ में घटना की पूरी जानकारी सामने आई। पिछले तीन-चार दिनों से क्षेत्र में इस घटना की चर्चा थी, लेकिन बुधवार को वीडियो वायरल होने के बाद ही लिखित शिकायत थाने में दी गई। सीओ तिलहर ज्योति यादव ने बताया कि पीड़ित और दोनों आरोपी नाबालिग हैं। पीड़ित के भाई की ओर से तहरीर प्राप्त कर ली गई है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
डीसीएम की टक्कर से बाइक सवार की मौत:सीतापुर में एक युवक गंभीर घायल, चालक वाहन सहित फरार
सीतापुर के संदना क्षेत्र में बुधवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें तेज रफ्तार डीसीएम ने बाइक सवार दो युवकों को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, मिरचौड़ी गांव के पास यह हादसा उस समय हुआ जब दोनों युवक किसी जरूरी काम से अपने घर से निकले थे। रास्ते में अचानक तेज रफ्तार से आ रही डीसीएम ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार 32 वर्षीय विमल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी वेदप्रकाश गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को तत्काल नजदीकी अस्पताल भिजवाया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। वहीं, पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डीसीएम की रफ्तार काफी तेज थी, ओवरटेक के दौरान चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और यह हादसा हो गया। हादसे के बाद चालक मौके से फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
महराजगंज जिले के मुजरी स्थित उत्कर्ष गैस सर्विस (HP) पर एक उपभोक्ता से कथित मारपीट का मामला सामने आया है। घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। सतगुरु गांव निवासी सनोज ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 21 अप्रैल को वह गैस सिलेंडर लेने एजेंसी पर पहुंचे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि एजेंसी मालिक के बेटे और कुछ कर्मचारियों ने उन्हें घेरकर पीटा और अभद्र व्यवहार किया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक युवक को कुछ लोगों द्वारा घेरकर पीटते हुए देखा जा रहा है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वीडियो में दिख रहा युवक सनोज ही है या नहीं। पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है। कार्रवाई की मांग, लोगों में आक्रोश पीड़ित ने मामले में आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद क्षेत्र में लोगों के बीच आक्रोश और चर्चा का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। पुलिस का कहना है कि उन्हें मामले में तहरीर मिल गई है और जांच शुरू कर दी गई है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
9 साल से फरार हत्या के प्रयास का आरोपी अरेस्ट:हाथ-पैर तोड़कर लूट की थी, जयपुर के दूदू से पकड़ा गया
अजमेर जिले में चलाए जा रहे एरिया डोमिनेशन अभियान के तहत भिनाय थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए 9 साल से फरार हत्या के प्रयास के आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से पुलिस से बचता फिर रहा था। पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया कि भिनाय थाना पुलिस टीम ने जयपुर ग्रामीण के दूदू गंगाती कला निवासी कमालुद्दीन (30) को दबोच लिया। आरोपी करीब 9 सालों से फरार चल रहा था। यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक अजमेर रेंज राजेन्द्र सिंह के निर्देश पर की गई। अभियान के तहत भिनाय थानाप्रभारी ओमप्रकाश के नेतृत्व में हेड कॉन्स्टेबल भागचंद और ओमसिंह ने अहम भूमिका निभाई। पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां पुलिस जांच के दौरान इस मामले में पहले ही आरोपी शंकरसिंह और सलमान को गिरफ्तार किया जा चुका था। मुख्य आरोपी कमालुद्दीन लगातार फरार था, जिसके खिलाफ धारा 299 के तहत कार्रवाई की जा रही थी। यह है मामला पुलिस के अनुसार 10 मार्च 2017 को ब्यावर-मसूदा के बेगलियावास निवासी परिवादी जगदीश पुत्र बालूराम ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि आरोपियों ने उसके भाई के साथ गंभीर मारपीट की, हाथ-पैर तोड़ दिए और नकदी लूटकर फरार हो गए। इस पर पुलिस ने हत्या के प्रयास और लूटपाट का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। अब मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
गोरखपुर को 1054 करोड़ की सौगात:सीएम योगी आज 470 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास करेंगे
दो दिवसीय दौरे पर गोरखपुर पहुंचे योगी आदित्यनाथ गुरुवार को शहर को बड़ी सौगात देंगे। सीएम 1054 करोड़ रुपये की लागत वाली 470 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इनमें 173 परियोजनाओं का लोकार्पण और 297 कार्यों का शिलान्यास शामिल है। कार्यक्रम का आयोजन एकला बांध पर विकसित ईको पार्क में होगा, जिसे सीएम जनता को समर्पित करेंगे। खास बात यह है कि जहां आज यह पार्क बना है, वहां पहले कूड़े का बड़ा ढेर हुआ करता था। कूड़े के पहाड़ से बना ईको पार्कनगर निगम ने 2.26 लाख मीट्रिक टन लिगेसी वेस्ट का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण कर 40 एकड़ जमीन को कूड़ा मुक्त कर ईको पार्क के रूप में विकसित किया है। नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत करीब 5 करोड़ रुपये की लागत से यह पार्क तैयार हुआ है। ईको पार्क में लोगों के लिए वॉकिंग ट्रैक और फुटपाथ बनाए गए हैं, जहां सुबह-शाम सैर की जा सकेगी। योग और ध्यान के लिए अलग स्थान विकसित किए गए हैं, वहीं बच्चों के लिए सुरक्षित किड्स जोन भी बनाया गया है। सड़कों और नालों के दर्जनों कामों का लोकार्पणसीएम योगी एकला बांध पर 8.35 करोड़ रुपये की लागत से कराए गए सड़क चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण कार्य का लोकार्पण करेंगे। इसके अलावा राजघाट पुल से कारकस प्लांट तक 7.71 करोड़ रुपये की लागत से हुए सड़क सुधार कार्य भी जनता को समर्पित किए जाएंगे। कुल 304.68 करोड़ रुपये की लागत से 173 विकास कार्यों का लोकार्पण होगा, जिनमें 87 सड़क व नाली निर्माण (95.77 करोड़ रुपये), 83 नाला निर्माण (129.85 करोड़ रुपये) और 58 करोड़ रुपये के महापौर व पार्षद वरीयता कार्य शामिल हैं। इसके साथ ही सीएम ग्रिड योजना के तहत 6 स्मार्ट सड़कों सहित 297 परियोजनाओं का शिलान्यास भी करेंगे। इन परियोजनाओं से शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी और नागरिक सुविधाओं में सुधार होगा। सीएम ग्रिड की स्मार्ट सड़कों का होगा विस्तारसमारोह स्थल से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सीएम ग्रिड (चीफ मिनिस्टर ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट) योजना के तहत स्मार्ट सड़कों के विस्तार को भी गतिमान करेंगे। वह सीएम ग्रिड के तहत स्मार्ट बनने जा रही 6 सड़कों से जुड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। सीएम ग्रिड तृतीय चरण में 45.68 करोड़ रुपये से गणेश चौक से विश्वविद्यालय चौक एवं अलंकार ज्वेलर्स से एचपी स्कूल, डीएम आवास होते हुए हरिओम नगर तिराहा तक, 23.43 करोड़ रुपये से स्पोर्ट्स कॉलेज रोड से जायसवाल मार्ट होते हुए पुलिया तक तथा 21.60 करोड़ रुपये से कचहरी चौक से शास्त्री चौक होते हुए बेतियाहाता चौक सड़क को स्मार्ट बनाया जाएगा। जबकि तृतीय अनुपूरक चरण में 63.94 करोड़ रुपये की लागत से बेतियाहाता चौक से अलहदादपुर तिराहा, टीडीएम तिराहा से टीपीनगर तक एवं रैन बसेरा रोड से एनएच 28 तक, 62.94 करोड़ रुपये से टीडीएम तिराहा से पांडेयहाता पुलिस चौकी होते हुए बर्फखाना रोड से हाबर्ट बंधा तक और 25.45 करोड़ रुपये से अलहदादपुर तिराहा से रायगंज होते हुए घंटाघर तक सड़क का कायाकल्प किया जाएगा। शिलान्यास की अन्य प्रमुख परियोजनाएं-उपवन योजना के तहत तीन पार्कों का सौंदर्यीकरण, लागत 6.44 करोड़ रुपये।-विभिन्न वार्डों में जलनिकासी के लिए नाला निर्माण के 83 कार्य, लागत 107.44 करोड़ रुपये।-गुलरिहा थाने से चिलुआताल तक आरसीसी स्टॉर्म वाटर ड्रेन निर्माण, लागत 123.81 करोड़ रुपये।-विभिन्न वार्डों में ग्रीन बेल्ट एवं मिनी फॉरेस्टेशन के कार्य, लागत 35.01 करोड़ रुपये। स्वच्छ स्कूल अभियान का शुभारंभ करेंगे मुख्यमंत्रीईको पार्क एवं फोरलेन सड़क के लोकार्पण अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वच्छ स्कूल अभियान का भी शुभारंभ करेंगे। यह अभियान, स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के तहत सिटी लीडरशिप का विशेष कार्यक्रम है। महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव का कहना है कि स्वच्छ स्कूल अभियान केवल स्वच्छता का कार्यक्रम मात्र नहीं है बल्कि यह आने वाली पीढ़ी को जिम्मेदार नागरिक बनाने का भी माध्यम है। स्वच्छ स्कूल अभियान के जरिये स्थायी व्यवहार परिवर्तन के उद्देश्य से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता एवं सफाई, रिड्यूस, रियूज, रिसाइकिल, मासिक धर्म स्वच्छता और जल संरक्षण जैसे विषयों पर जागरूकता बढ़ाई जाएगी। इस अभियान में विद्यार्थियों की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए वार्ड, जोन और नगर स्तर पर वेस्ट टू आर्ट, निबंध, क्विज, रील्स जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इस कार्यक्रम के तहत स्कूल स्टार रेटिंग प्रणाली के माध्यम से स्कूलों को 1 स्टार, 3 स्टार या 5 स्टार स्वच्छ स्कूल का दर्जा प्रदान किया जाएगा। इसके मूल्यांकन के लिए तृतीय पक्ष से आकलन कराया जाएगा। हर्बर्ट बांध के फोरलेन कार्य का करेंगे निरीक्षण लोकार्पण व शिलान्यास कार्यक्रम के बाद सीएम हार्बर्ट बांध के फोरलेन कार्य की प्रगति का निरीक्षण करेंगे। डोमिनबढ़ पहुंचकर वहां बन रहे फ्लाईओवर के कार्य की प्रगति भी देखेंगे। निरीक्षण को लेकर प्रशासन की ओर से तैयारी की जा रही है।
कोटा नगर निगम चुनाव में इस साल 8 लाख 24 हजार 991 वोटर वोट देंगे। साल 2020 के चुनाव के समय कोटा में दो नगर निगम थे। दोनों में 6 लाख 72 हजार 484 वोटर थे। सवा पांच साल में 1 लाख 51 हजार 643 बोटर बढ़े हैं। निर्वाचन विभाग ने बुधवार को कोटा नगर निगम और सांगोद, सुकेत व सुल्तानपुर नगर पालिका चुनाव के लिए फाइलन वोटर लिस्ट जारी कर दी। कोटा के शहरी क्षेत्र में मतदाता बढ़ने की वजह से आबादी विस्तार के साथ कैथून नगर पालिका का नगरीय सीमा में शामिल होना है। जहां करीब 30 हजार मतदाता रजिस्टर्ड थे। एडीएम (प्रशासन) वीरेंद्र यादव ने बताया कि जारी फाइनल वोटर लिस्ट में सांगोद नगर पालिका में 23,066, सुकेत में 17,427 और सुल्तानपुर में 20,065 वोटर हैं। चारों निकायों की ड्राफ्ट लिस्ट 24 मार्च को प्रकाशित की थी। निगम का बजट 1700 करोड़ विधायक को 5 करोड़ मिलते हैं कोटा का भावी मेयर तीन विधानसभा क्षेत्रों के मतदाताओं से भी ज्यादा वोटर का प्रतिनिधित्व करेगा। फरवरी 2026 की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में प्रत्येक विधानसभा सीट पर औसत मतदाता 2.57 लाख हैं। जबकि निगम में 8.24 लाख वोटर हैं। साल 2020 में हुए चुनाव में कोटा उत्तर में 70 और कोटा दक्षिण में 80 वार्ड थे। शहर में 150 वार्ड थे, जो परिसीमन में घटाकर 100 कर दिए हैं और दोनों निगम भी मर्ज करके एक कर दिया गया। निगम का इस वित्त वर्ष में बजट 1700 करोड़ रुपए हैं। पिछले फाइनेंशियल ईयर का 1546 करोड़ था। औसत 1400 से 1500 करोड़ रुपए सालाना बजट है। विधायक निधि में हर माल केवल 5 करोड़ रुपए ही मिलते हैं। 27780 वोटर जुड़े और 25984 हटे कोटा नगर निगम की मतदाता सूचियों के लिए ड्राफ्ट 24 मार्च को पब्लिश हुआ था। तब 8,22,695 मतदाता थे, ड्राफ्ट और फाइनल प्रकाशन के समय में 1796 मतदाता बड़े हैं। इस समय में 27,780 वोटर जुड़े और 25,984 डिलीट हुए। रामगंजमंडी और इटावा नगर पालिका की ड्राफ्ट सूचियां 13 अप्रैल को प्रकाशित की जा चुकी हैं। इनकी अंतिम सूची 8 मई को जारी होगी। ड्राफ्ट के मुताबिक, इटावा में 19,458 और रामगंजमंडी में 30,712 वोटर हैं। निर्वाचन विभाग के सूत्रों ने बताया कि ऊपर से इन दोनों नगर पालिकाओं का मतदाता सूची कार्यक्रम ही अलग आया है।
मऊ। उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड द्वारा कुम्हार समुदाय के कारीगरों के लिए निःशुल्क शिल्पकारी प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। जिला ग्रामोद्योग अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए यह 15 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण संचालित किया जा रहा है। आवेदन की अंतिम तिथि 15 मई 2026 निर्धारित की गई है। यह प्रशिक्षण पूरी तरह से आवासीय होगा। प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रत्येक प्रशिक्षार्थी को प्रशिक्षुवृत्ति भी प्रदान की जाएगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य माटीकला कारीगरों के कौशल को बढ़ाना और उन्हें आधुनिक तकनीकों से जोड़कर उनके रोजगार के अवसरों में वृद्धि करना है। इच्छुक अभ्यर्थी विभागीय वेबसाइट https://upmatikalaboard.in पर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन के बाद, उसकी हार्ड कॉपी आवश्यक दस्तावेजों के साथ जिला ग्रामोद्योग कार्यालय में जमा करनी होगी। इन दस्तावेजों में निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, बैंक पासबुक की फोटोकॉपी, शैक्षिक योग्यता संबंधी प्रमाण पत्र और मोबाइल नंबर शामिल हैं। आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों का माटीकला शिल्प से जुड़ा होना और वर्तमान में इस कार्य में सक्रिय रूप से संलग्न होना अनिवार्य है। अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी किसी भी कार्य दिवस में जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, संगीत पैलेस, निजामुदीनपुरा, मऊ में संपर्क कर सकते हैं। मोबाइल नंबर 7408410764 और 7905331603 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
सीधी जिले के सिहावल तहसील अंतर्गत कपूरी बेदौलिहान गांव में आज गुरुवार सुबह करीब 5 बजे भीषण आग लग गई। प्रारंभिक जांच में बिजली के खंभे में शॉर्ट सर्किट को आग का कारण बताया जा रहा है। घटना में लगभग चार एकड़ में तैयार फसल और करीब 30 से 35 पेड़ जलकर राख हो गए। गांव निवासी सुभाष मिश्रा के खलिहान से भड़की आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि पूरे खलिहान को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे वहां रखा गेहूं पूरी तरह नष्ट हो गया। ग्रामीणों के सूचना पर नहीं पहुंचा फायर ब्रिगेड ग्रामीणों ने तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचना दी, लेकिन दमकल वाहन समय पर मौके पर नहीं पहुंच सका। इसके बाद गांव के लगभग 20 से 25 लोगों ने एकजुट होकर स्वयं आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने आग पर काबू पाया। आग की लपटों ने खलिहान के आसपास के पेड़ों को भी अपनी चपेट में ले लिया। जानकारी के अनुसार, करीब 30 से 35 पेड़ जलकर नष्ट हो गए। इसके अलावा खलिहान में रखी अन्य कृषि सामग्री और सामान भी पूरी तरह जल गया, जिससे किसान को हजारों रुपए का भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने की मांग घटना की सूचना मिलते ही राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को शासन की ओर से हर संभव सहायता और उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है। चुरहट थाना प्रभारी दीपक सिंह बघेल ने बताया कि घटना की जानकारी मिली है और जांच के लिए टीम को मौके पर भेजा गया है। आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है और राजस्व विभाग के अधिकारियों से भी संपर्क किया गया है।
सतना में बुधवार शाम एक सफेद कुत्ते ने 3 घंटे के अंदर 40 राहगीरों को काट लिया। इस घटना से शहर के रीवा रोड से लेकर अस्पताल चौराहा तक अफरा-तफरी मच गई। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए मरीजों की भारी भीड़ जमा हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना बुधवार शाम करीब 4 बजे गहरानाला क्षेत्र में शुरू हुई। एक सफेद रंग का कुत्ता अचानक आक्रामक हो गया और राह चलते लोगों पर हमला करने लगा। शुरुआत में लोगों ने इसे सामान्य घटना समझा, लेकिन कुत्ते के लगातार हमलों से स्थिति गंभीर हो गई। कुत्ते ने गहरानाला से माहेश्वरी स्वीट्स तक लगभग 20-25 लोगों को घायल किया। इसके बाद वह खेरमाई रोड की ओर बढ़ा और वहां भी कई राहगीरों को निशाना बनाया। लोग अपनी जान बचाने के लिए सड़कों से हटकर दुकानों और घरों में छिपने लगे। कुत्ता खोवा मंडी और अस्पताल चौराहे से होते हुए रेलवे स्टेशन की ओर भाग गया, जहां उसने और लोगों को घायल किया। घटना के तुरंत बाद घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया जाने लगा। शाम 5:30 बजे से मरीजों का आना शुरू हुआ और देखते ही देखते अस्पताल में भीड़ बढ़ गई। आमतौर पर शाम को शांत रहने वाला इंजेक्शन कक्ष मरीजों से भर गया। इंजेक्शन कक्ष को निर्धारित समय से लगभग 3 घंटे अधिक, रात 7:30 बजे तक खुला रखा गया ताकि सभी घायलों को एंटी-रेबीज वैक्सीन (एआरवी) लगाई जा सके। घायलों में 25 से 60 वर्ष आयु वर्ग के लोग शामिल हैं। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई बच्चा घायल नहीं हुआ। इम्युनोग्लोब्युलिन तक की नौबत घायलों में से करीब 25 लोगों को गंभीर चोटें आईं। कुत्ते के हमले इतने आक्रामक थे कि कई लोगों के हाथ-पैरों में गहरे जख्म हो गए। ऐसे मामलों में सिर्फ एंटी रेबीज इंजेक्शन पर्याप्त नहीं होता, इसलिए वार्ड क्रमांक-10 में इन मरीजों को इम्युनोग्लोब्युलिन इंजेक्शन भी लगाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक यह इंजेक्शन संक्रमण के उच्च जोखिम को कम करने के लिए दिया जाता है। इनको बनाया निशाना कुत्ते ने नीरज मिश्रा, धर्मेन्द्र सिंह, वंदना केशरवानी, रज्जू वर्मा, अब्दुल सलीम, सुंदरलाल चौधरी, मोहम्मद नसीम, रामनिवास वर्मा, नसरथ साहनी, महेश गुप्ता, संजय, सौरभ पांडेय, राजेन्द्र गुप्ता, मो. तहीर, राजेन्द्र कुरील, दीपनारायण वर्मा, जाकिर सिद्वकी, रामसूरत कुशवाहा, मो. तौफिक के अलावा अन्य कई लोगों को काटा है। आरएमओ जिला अस्पताल डॉ शरद दुबे ने बताया कि शहर में एक कुत्ते ने लगभग 40 लोगो को काटा है। सभी घायलों को इंजेक्शन लगवाए गए है। इसके अलावा भी जो भी इलाज है वह शुरु करवाया गया।
जबलपुर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां इलाज के दौरान लापता हुए पति की मौत हो जाने और शव को लावारिस बताकर दफनाने पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। जबलपुर निवासी प्रीति विश्वकर्मा ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर बताया कि उनके पति मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए भर्ती थे, लेकिन अचानक वार्ड से गायब हो गए। काफी तलाश के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं मिला। महिला ने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन और पुलिस से शिकायत कर पति की खोज की मांग की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सुनवाई नहीं होने पर पत्नी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सुनवाई के दौरान सामने आया कि उनके पति की इलाज के दौरान ही अगले दिन मौत हो गई थी। इसके बाद अस्पताल ने शव को लावारिस मानते हुए अंतिम संस्कार कर दिया। सुनवाई के दौरान पुलिस ने बताया कि महिला ने अपने पति की पहचान उन कपड़ों से की, जो उन्होंने अस्पताल में भर्ती होते समय पहने थे। बिना सूचना शव दफनाने पर कोर्ट सख्त बुधवार को चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने इस मामले में सुनवाई की। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मरीज अस्पताल में भर्ती था, तो उसकी मौत की जानकारी परिजनों को क्यों नहीं दी गई? शव को मुर्दाघर में रखने के बाद बिना सूचना अंतिम संस्कार कैसे कर दिया गया? हाईकोर्ट ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका का निराकरण करते हुए महिला को स्वतंत्रता दी है कि वह पति की मौत की जांच और मुआवजे की मांग के लिए अलग से याचिका दायर कर सकती है। कोर्ट ने संकेत दिया कि इस मामले में लापरवाही के गंभीर पहलुओं की जांच हो सकती है।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में गर्मी अब अपने तेवर दिखाने लगी है। बुधवार को अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, वहीं गुरुवार को इसके 44 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों को झुलसा रही हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। सुबह 8 बजे के बाद से ही धूप इतनी तेज हो जाती है कि लोग बाहर निकलने से बच रहे हैं। दोपहर 12 बजे के बाद शहर की कई सड़कों पर सन्नाटा पसर जा रहा है। जरूरी काम से निकलने वाले लोग गमछा, टोपी और कपड़ों से चेहरा ढंककर ही बाहर निकल रहे हैं। तापमान 44C तक पहुंचने का अनुमान मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को अधिकतम तापमान 44.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.7 डिग्री रहने का अनुमान है। शुक्रवार को तापमान में और 1 डिग्री बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है। गर्म हवाओं से बेहाल, कूलर भी बेअसर तेज लू और गर्म हवाओं के कारण लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो रहा है। हालात ऐसे हैं कि कूलर भी ज्यादा राहत नहीं दे पा रहे। शाम तक गर्म हवाओं का असर बना रहता है। पूरे हफ्ते ऐसे ही रहेंगे हालात मौसम विभाग का अनुमान है कि, आने वाले पूरे सप्ताह अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री के बीच बना रह सकता है। हालांकि बीच में एक दिन तापमान में मामूली गिरावट की संभावना है, लेकिन गर्मी से राहत मिलने के आसार फिलहाल नहीं हैं।
प्रयागराज में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा का बृहस्पतिवार को आखिरी दिन है। इस दिन कथा के साथ ही दिव्य दरबार लगेगा जहां अर्जी भी लगाई जाएगी। इससे पहले कथा के दूसरे दिन डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया और पूर्व सांसद मनोज तिवारी समेत तमाम वीआईपी पहुंचे। आज शाम चार बजे से होगी शुरुआत बृहस्पतिवार को दिव्य दरबार लगेगा, ऐसे में कथा एक घंटे पहले शुरू होगी। यानी आयोजन की शुरुआत शाम चार बजे से होगी। आखिरी दिन भी तमाम वीआईपी के कथा में पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। इनमें गोंडा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का भी नाम शामिल है। इसके साथ भजन सिंगर हंसराज रघुवंशी के भी आने की उम्मीद है। इससे पहले बुधवार को कथा के दूसरे दिन धीेरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि भारत हमारे बाप का है, लेंसकार्ट वालों के काका का नहीं। इस कंपनी ने वर्करों से तिलक-सिंदूर लगाने, मंगलसूत्र पहनने को मना किया। मैं लेंसकार्ट वालों से कहना चाहता हूं कि अपनी कंपनी लाहौर में खोल लें। भारत में जिनको भी तिलक से, चंदन से, वंदन से, राम से, श्याम से, हनुमान से, बागेश्वर धाम से दिक्कत है। वह पतली गली से लाहौर खिसक लें। हम लेंसकार्ट वालों से कहेंगे कि बेटा तुम गड़बड़ हो गए हो, सुधर जाओ। वरना भारत का कानून सुधार देता है। यूपी की पुलिस तो वैसे भी फेमस है। गाड़ी पलट जाती है। हिंदुओं से हम कहना चाहते हैं कि आज उन्होंने तुम्हारे तिलक पर उंगली उठाई, तुम्हारे मंगलसूत्र पर उंगली उठाई। कल वह तुम्हारी बिरादरी, तुम्हारे बच्चों पर उंगली उठाएंगे। अगर हम एकजुट नहीं होंगे तो वह कल हमारी गीता, रामायण पर भी उंगली उठाएंगे। उधर कथा में पहुंचे भोजपुरी स्टार दिनेश लाल यादव निरहुआ ने कहा कि आज हिंदू , जो राम का नहीं वो किसी काम का नहीं है। कथा में परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती, महाभारत में युधिष्ठिर का पात्र निभाने वाले गजेंद्र चौहान व दुर्योधन का रोल अदा करने वाले पुनीत इस्सर भी शामिल हुए। इससे पहले महाभारत में अर्जुन का किरदार निभाने वाले फिरोज खान ने भी कथा में धीरेंद्र शास्त्री का आशीर्वाद लिया। इससे पहले मंगलवार को पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा था कि भारत हिंदू राष्ट्र होगा। उसके लिए प्रयास जारी है। हिंदू राष्ट्र के संकल्प को लेकर इस वर्ष हम रथ यात्रा करेंगे। इसकी घोषणा 4 जुलाई को करेंगे। तभी पूरी रथ यात्रा की जानकारी देंगे। 3 तस्वीरें देखिए… राजा भैया बोले, सनातनी हो तो दिखना भी चाहिए कथा में पहुंचे कुंडा विधायक राजा भैया ने कहा कि सनातनी हो ताे सनातनी दिखना भी चाहिए। आप सभी लोग कलावा पहना करिए, टीका लगाइए। हिंदुत्व के पक्ष में, सनातन के पक्ष में, राष्ट्र के पक्ष में बोलने को, लड़ने को तैयार रहिए। आज हमारा देश बुरी परिस्थितियों से गुजर रहा है। इस समय पूरे देश में हिंदुत्व के ऊपर, सनातन के ऊपर बहुत बड़ा संकट व्याप्त है। आज बहुत से लोग ऐसे हैं जो खुलेआम कहते हैं कि वंदे मातरम नहीं गाएंगे। अब यह हमारा-आपका दायित्व है कि चुनाव आने वाले हैं, ऐसे लोगों की ऐसी तैसी जरूर करना। आज के ही दिन पहलगाम में हमला हुआ था। वहां जाति नहीं पूछी गई। आतंकियों ने कलमा न पढ़ पाने पर पर्यटकों को गोली मार दी।
जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल (एमजीएच) में नर्सिंग स्टाफ और संविदा कर्मचारी से मारपीट का मामला सामने आया है। बदमाश एक मरीज की सर्जरी के दौरान जबरन इमरजेंसी आर्थोपेडिक ऑपरेशन थियेटर में घुस गए और वारदात को अंजाम दिया। बदमाशों ने मरीज की जान को भी खतरे में डाल दिया। हॉस्पिटल स्टाफ ने सरदारपुरा थाने में राजकार्य में बाधा का मामला दर्ज कराया है। घटना सोमवार रात करीब साढ़े 9 बजे की है। सरदारपुरा थाना पुलिस के अनुसार जोधपुर के चांदपोल निवासी मोंटू गुप्ता (32) ने रिपोर्ट दी है। इसमें बताया कि वह एमजीएच में चतुर्थ श्रेणी (संविदाकर्मी) के पद पर कार्यरत है। उस समय वह इमरजेंसी आर्थोपेडिक ऑपरेशन थियेटर में रात्रि कालीन सेवा दे रहा था और वहां एक मरीज की सर्जरी चल रही थी। अचानक भीतर घुसे बदमाश, दी जान से मारने की धमकी ऑपरेशन थियेटर में नर्सिंग स्टाफ विष्णु गौतम और राहुल पंवार के साथ डॉ. विकास कटा, डॉ. दुष्यंत और डॉ. आर्यन मरीज की सर्जरी कर रहे थे। इसी दौरान जोधपुर के सरदारपुरा क्षेत्र निवासी सन्नी अपने 3-4 अन्य अज्ञात साथियों के साथ सीधे ऑपरेशन थियेटर में घुस गया। आरोपियों ने भीतर घुसते ही परिवादी और नर्सिंग कर्मियों के साथ मारपीट शुरू कर दी और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। अस्पताल के प्रोटोकॉल का गंभीर उल्लंघन स्टाफ का आरोप है कि बदमाशों ने बिना किसी अनुमति और हॉस्पिटल प्रोटोकॉल तोड़कर ऑपरेशन थियेटर में जबरन प्रवेश किया। सर्जरी के बीच इस तरह के हंगामे और मारपीट से ऑपरेशन करवा रहे मरीज की जान भी गंभीर खतरे में पड़ गई थी। घटना के बाद स्टाफ ने पुलिस को सूचना दी। उसके बाद मोंटू ने आर्थोपेडिक ओटी प्रभारी डॉ. रामेश्वर मेघवाल के साथ पुलिस थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने राजकार्य में बाधा पहुंचाने, मारपीट करने, गंभीर ट्रेसपास करने और एक राय होकर अपराध करने की धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। मामले की जांच एएसआई रमेश विश्नोई को सौंपी गई है। पुलिस अब हॉस्पिटल व अन्य स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से अन्य आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश कर रही है। जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल (एमजीएच) में सोमवार रात एक गंभीर घटना सामने आई है। यहां के इमरजेंसी आर्थोपेडिक ऑपरेशन थियेटर में एक मरीज की सर्जरी के दौरान कुछ बदमाशों ने जबरन भीतर घुसकर नर्सिंग स्टाफ और संविदा कर्मचारी के साथ मारपीट कर दी। बदमाशों के इस दुस्साहस से ऑपरेशन टेबल पर मौजूद मरीज की जान भी एकबारगी खतरे में पड़ गई। सरदारपुरा थाना पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर राजकार्य में बाधा सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच की है। सरदारपुरा थाना पुलिस के अनुसार जोधपुर के चांदपोल निवासी मोन्टु गुप्ता (32) ने रिपोर्ट दी है। इसमें बताया गया कि परिवादी मोन्टु एमजीएच में चतुर्थ श्रेणी (संविदाकर्मी) के पद पर कार्यरत है। घटना सोमवार, 20 अप्रैल की रात करीब 9:30 बजे की है। उस समय परिवादी इमरजेंसी आर्थोपेडिक ऑपरेशन थियेटर में रात्रिकालीन सेवा दे रहा था और वहां एक मरीज की सर्जरी चल रही थी। अचानक भीतर घुसे बदमाश, दी जान से मारने की धमकी परिवादी के अनुसार ऑपरेशन थियेटर में नर्सिंग स्टाफ विष्णु गौतम और राहुल पंवार के साथ डॉ. विकास कटा, डॉ. दुष्यंत और डॉ. आर्यन मरीज की सर्जरी कर रहे थे। इसी दौरान जोधपुर के सरदारपुरा क्षेत्र निवासी सन्नी अपने 3-4 अन्य अज्ञात साथियों के साथ सीधे ऑपरेशन थियेटर में घुस गया। आरोपियों ने भीतर घुसते ही परिवादी और नर्सिंग कर्मियों के साथ मारपीट शुरू कर दी और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। अस्पताल के प्रोटोकॉल का गंभीर उल्लंघन स्टाफ का आरोप है कि बदमाशों ने बिना किसी अनुमति और हॉस्पिटल प्रोटोकॉल तोड़कर ऑपरेशन थियेटर में जबरन प्रवेश कर अमानवीय कृत्य किया है। सर्जरी के बीच इस तरह के हंगामे और मारपीट से ऑपरेशन करवा रहे मरीज की जान भी गंभीर खतरे में पड़ गई थी। घटना के बाद स्टाफ ने पुलिस को सूचना दी। तत्पश्चात परिवादी ने आर्थोपेडिक ओटी प्रभारी डॉ. रामेश्वर मेघवाल के साथ पुलिस थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दी। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने राजकार्य में बाधा पहुंचाने, मारपीट करने, गंभीर ट्रेसपास करने और एक राय होकर अपराध करने की धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। इस मामले की जांच एएसआई रमेश विश्नोई को सौंपी गई है। पुलिस अब हॉस्पिटल व अन्य स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से अन्य आरोपियों की पहचान कर सभी की तलाश कर रही है।
पूर्व मंत्री स्वर्गीय बच्चा पाठक की पुण्यतिथि आज उनके पैतृक आवास बलिया के खानपुर में मनाई जाएगी। इस अवसर पर एक सर्वदलीय सभा का आयोजन किया गया है, जिसमें विभिन्न राजनीतिक दिग्गज शामिल होंगे। शेरे पूर्वांचल के उपनाम से प्रसिद्ध बच्चा पाठक ने साठ के दशक में अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की। वे सबसे पहले डुमरिया गांव के सरपंच चुने गए, जिसके बाद उन्होंने रेवती ब्लॉक के ब्लॉक प्रमुख का पद संभाला। उन्होंने 1967 में बांसडीह विधानसभा से पहली बार कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद, 1969 के मध्यावधि चुनाव में उन्होंने जीत दर्ज की। 1974 में भी जनता ने उन पर विश्वास जताया। आपातकाल के बाद 1977 के चुनावों में, जब अधिकांश कांग्रेसी प्रत्याशी हार गए थे, तब भी बच्चा पाठक ने जीत हासिल कर विधानसभा में प्रवेश किया। उन्होंने 1980 में भी अपनी जीत का सिलसिला जारी रखा। तस्वीरें देखिए… 1985 में उन्होंने चुनाव में भाग नहीं लिया, और 1989 में उन्हें कड़ी टक्कर में हार मिली। हालांकि, 1991, 1993 और 1996 में उन्होंने लगातार तीन बार जीत दर्ज कर दूसरी हैट्रिक पूरी की। 2002 में लोकतांत्रिक कांग्रेस और भाजपा गठबंधन के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने पर उन्हें नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी से मामूली अंतर से हार मिली। 2007 और 2012 के चुनावों में भी उन्हें सफलता नहीं मिली। अपनी राजनीतिक पारी के दौरान, स्वर्गीय पाठक ने कई साहसिक निर्णय लिए, जिन्हें आज भी याद किया जाता है। 23 अप्रैल 2017 को इस राजनीतिक योद्धा का निधन हो गया। उनके पुत्र पदुम देव पाठक रेवती ब्लॉक के ब्लॉक प्रमुख रह चुके हैं। अब उनके नाती और कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता पुनीत पाठक बांसडीह की जनता के बीच रहकर उनकी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।
भारत सरकार ने ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड के नियमों में बदलाव किया है, जिसका फायदा पंजाबी NRI समेत लाखों NRI को मिलेगा। NRI को OCI कार्ड बनाने के लिए अब भारत में 6 महीने स्टे करने की जररूत नहीं है। नए नियमों के मुताबिक, NRI जैसे ही इंडिया में पहुंचेगा, वह OCI कार्ड के लिए अप्लाई कर सकता है। इसके अलावा भारत सरकार ने विदेशी मूल के पति या पत्नी के OCI कार्ड बनाने के नियमों को सख्त कर दिया है। विदेशी मूल के पति या पत्नी को पासपोर्ट रिन्यू करवाते वक्त बताना होगा कि भारत में अपने पति या पत्नी के साथ मिलकर रह रहे हैं। अगर दोनों का तलाक हो जाता है तो विदेशी मूल के पति या पत्नी का OCI कार्ड रद्द माना जाएगा और उसे फिर वीजा की अवधि तक ही भारत में रहने का हक होगा। उधर, विदेश में पैदा हुए भारतीय मूल के बच्चों का OCI कार्ड बनाने के लिए अब नियमों में बदलाव किया गया है। अब भारतीय मूल के पेरेंट्स को बच्चे का OCI कार्ड बनाते समय उसका बर्थ सर्टिफिकेट संबंधित देश की सरकार से अटेस्टेड होना जरूरी है। पहले सिर्फ बर्थ सर्टिफिकेट की कॉपी लगाई जाती थी। इंडिया आने वाले NRI को अब हवाई जहाज से उतरने से पहले फॉर्म भरने की जरूरत नहीं है। NRI को भारत सरकार के सुस्वागतम ऐप पर ऑनलाइन जानकारी भरनी होगी। सरकार ने इस सुविधा को डिजिटल ई-अराइवल कार्ड का नाम दिया है। यह सुविधा 1 अप्रैल से लागू हुई। OCI कार्ड में ये 5 बदलाव किए गए OCI कार्ड से NRI को ये अहम फायदे होंगे… OCI कार्ड लाइफ लॉन्ग वीजा जो लोग विदेश की नागरिकता ले चुके हैं, उनके लिए OCI कार्ड एक लाइफ-लॉन्ग वीजा की तरह काम करता है। पहले उन्हें हर बार भारत आने के लिए वीजा अप्लाई करना पड़ता था, जिसमें समय और पैसा दोनों बर्बाद होते थे। OCI कार्ड होने का मतलब है कि आप जब चाहें अपने गांव आ सकते हैं, यहां जमीन खरीद सकते हैं और आजीवन रह सकते हैं। रिन्यूअल का झंझट खत्म NRI परिवारों के लिए सबसे बड़ी सिरदर्दी OCI कार्ड को बार-बार रिन्यू कराना था। सरकार ने अब रिन्यूअल सिस्टम खत्म कर दिया है। अब यह कार्ड पूरे जीवन के लिए होगा। अब सिर्फ उम्र के हिसाब से फोटो अपडेट होगी। पुराने नियमों के मुताबिक, यदि आपकी उम्र 20 साल से कम है, तो हर बार नया पासपोर्ट मिलने पर OCI कार्ड दोबारा बनवाना पड़ता था। 20 साल की उम्र पूरी करने पर यह कार्ड एक बार बन जाएगा और जीवनभर चलेगा। 50 साल के बाद अब सिर्फ ऑनलाइन अपडेट इसी तरह, 50 साल की उम्र पार करने के बाद भी जब नया पासपोर्ट मिलता था, तो कार्ड रिन्यू कराना अनिवार्य था। बुजुर्गों के लिए यह नियम सबसे ज्यादा परेशान करने वाला था क्योंकि उन्हें बार-बार दूतावासों के चक्कर काटने पड़ते थे। सरकार ने इसे पूरी तरह बदल दिया है। अब बस OCI ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपने नए पासपोर्ट की फोटो और अपनी एक ताजा फोटो अपलोड करनी होगी। नया पासपोर्ट मिलने के 3 महीने के भीतर यह जानकारी अपडेट करनी होती है। इससे पुराना OCI कार्ड ही नए पासपोर्ट के साथ मान्य रहेगा। इसके लिए उन्हें किसी तरह की फीस भी नहीं देनी होगी। NRI को इन बदलावों से क्या-क्या फायदे… ॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… पंजाबी बहनें जर्मनी में इलेक्शन जीत संसद पहुंचीं:मां ने रेस्टोरेंट में जॉब कर पढ़ाया; पिता ने पुर्तगाल बुलाकर छोड़ दिया था होशियारपुर से जर्मनी गई महिला ने रेस्टोरेंट में काम कर अपनी 2 बेटियों को पढ़ाया और अब जर्मनी की संसद तक पहुंचा दिया है। टांडा के गांव रड़ा में ब्याही मनदीप कौर 2012 में 8 और 5 साल की बेटियों को लेकर पहले पुर्तगाल पहुंची थीं। वहां पति इनसे अलग होकर रहने लगा। पढ़ें पूरी खबर…
रायपुर में मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में ‘ज्ञान भारतम्’ राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण को लेकर समीक्षा बैठक हुई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जिलों के कलेक्टर जुड़े और सर्वे की प्रगति पर चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने साफ निर्देश दिए कि अभियान को 31 मई तक हर हाल में पूरा किया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि, यह अभियान राज्य की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का बड़ा प्रयास है। उन्होंने पांडुलिपियों की पहचान, दस्तावेजीकरण, डिजिटलीकरण और संरक्षण को प्राथमिकता देने को कहा। साथ ही हर जिले में समिति गठन, नोडल अधिकारी नियुक्ति और सर्वे टीमों के प्रशिक्षण पर जोर दिया गया। सभी संस्थानों और पारंपरिक क्षेत्रों में खोज पर जोर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि शासकीय संस्थानों, मंदिरों, मठों, पुस्तकालयों, कॉलेजों और निजी संस्थानों में संरक्षित पांडुलिपियों की सक्रियता से खोज की जाए। साथ ही पारंपरिक समुदायों और पुरातात्विक क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने को कहा, जहां महत्वपूर्ण पांडुलिपियां मिलने की संभावना है। जनभागीदारी बढ़ाने के लिए नवाचार और सहयोग पर फोकस इस बैठक में “पांडुलिपि ट्रेजर हंट” जैसे नवाचारों के जरिए आम लोगों को जोड़ने पर जोर दिया गया। प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देने, पत्रकारों, साहित्यकारों, इतिहासकारों और जनप्रतिनिधियों को अभियान से जोड़ने की बात कही गई। साथ ही अधिकारियों ने अभियान की रूपरेखा और प्रभावी क्रियान्वयन पर अपने सुझाव भी साझा किए।
कोटपूतली में हवाई हमले से बचाव के लिए एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा। ब्लैक आउट के दौरान, संबंधित क्षेत्र में रात के समय सायरन बजाकर लोगों को सूचना दी जाएगी। ड्रोन से हवाई हमले की स्थिति में सायरन या हूटर बजते ही आमजन को बिना घबराए अपने घरों में रहने और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। तारीख और समय निर्धारित नहीं कलेक्टर अपर्णा गुप्ता ने बताया-मॉक ड्रिल का कोई समय और तारीख निर्धारित नहीं है। सायरन बजते ही यह शुरू हो जाएगी। उन्होंने लोगों से स्वेच्छा से अपने घरों, प्रतिष्ठानों, कार्यालयों और वाहनों की लाइटें बंद करने की अपील की। इस दौरान भगदड़ नहीं मचाने और अनावश्यक प्रकाश का उपयोग न करने की हिदायत दी गई है। सड़क पर चलने वाले वाहनों को भी अपनी लाइटें बंद करके यथास्थान रुकना होगा। ब्लैक आउट के दौरान, क्षेत्र के सिविल डिफेंस कर्मी निर्देशों के अनुसार कार्य करेंगे। आमजन से अफवाहों से बचने और केवल प्रशासन द्वारा जारी की गई आधिकारिक सूचना पर ही विश्वास करने का आग्रह किया गया है।
जोधपुर पुलिस के अभय कमांड सेंटर और सीसीटीवी कैमरों की 'तीसरी आंख' अपराधियों पर नकेल कसने के साथ ही आमजन के लिए भी बड़ी मददगार साबित हो रही है। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के सटीक विश्लेषण से दो अलग-अलग मामलों में बड़ी सफलता हासिल की है। एक तरफ देवनगर थाना पुलिस ने मुंह ढंककर मोटरसाइकिल चुराने वाले शातिर चोर को सीसीटीवी फुटेज की मदद से धर दबोचा, तो वहीं दूसरी ओर अभय कमांड सेंटर की टीम ने बस से गिरा 1 लाख 35 हजार रुपए का कीमती पार्सल ढूंढकर उसके असली मालिक को सुरक्षित सौंप दिया। दोनों ही मामलों में शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों का नेटवर्क पुलिस के लिए सबसे अहम कड़ी साबित हुआ। सीसीटीवी फुटेज से देवनगर पुलिस ने सुलझाई वाहन चोरी जोधपुर के देवनगर थाना क्षेत्र में अग्रसेन भवन के बाहर से मोटरसाइकिल चुराने के मामले में पुलिस ने एक शातिर वाहन चोर को गिरफ्तार किया है। पुलिस से बचने के लिए आरोपी ने वारदात के समय अपना मुंह कपड़े से ढंक रखा था और हेलमेट भी पहन लिया था, लेकिन पुलिस की तकनीकी जांच के आगे उसकी यह चालाकी काम नहीं आई। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चुराई गई मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है। देवनगर थानाधिकारी सोमकरण ने बताया कि गांधियों की गली निवासी दिनेशचन्द्र सोनी ने वाहन चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार 19 अप्रैल की रात 8:15 से 9:30 बजे के बीच किसी अज्ञात व्यक्ति ने प्रथम पुलिया, चौपासनी हाउसिंग बोर्ड स्थित अग्रसेन भवन के बाहर से उनकी स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल चुरा ली थी। सीसीटीवी में कैद हुई शातिर की चालाकी पुलिस टीम ने वारदात का पर्दाफाश करने के लिए घटनास्थल के आस-पास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच में एक रोचक पहलू सामने आया कि आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए न केवल मुंह ढंक रखा था, बल्कि हेलमेट भी पहन रखा था। इसके बावजूद पुलिस ने तकनीकी डेटाबेस और साक्ष्यों का गहराई से विश्लेषण कर आरोपी की पहचान सुनिश्चित कर ली। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जोधपुर के राजीव गांधी कॉलोनी (सिसोदिया गार्डन के सामने वाली गली) निवासी आजान उर्फ अमान अब्बासी मुसलमान (22) पुत्र अब्दुल हमीद को दस्तयाब कर लिया। गहनता से पूछताछ करने पर आरोपी ने मोटरसाइकिल चुराना स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुराना आपराधिक रिकॉर्ड, पूछताछ जारी पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी आजान उर्फ अमान एक शातिर चोर है। उसके खिलाफ पहले से ही सरदारपुरा थाने में एक मुकदमा दर्ज है, जो फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन है। देवनगर थाना पुलिस आरोपी से वाहन चोरी की अन्य वारदातों के संबंध में भी गहनता से पूछताछ कर रही है। इस कार्रवाई में कांस्टेबल मोटाराम की विशेष भूमिका रही, जबकि टीम में एएसआई अचलाराम और कांस्टेबल हीराराम भी शामिल थे। ----- बस से गिरा 1.35 लाख का पार्सल, सीसीटीवी फुटेज खंगाल कर किया बरामद जोधपुर पुलिस के अभय कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की टीम ने तकनीकी दक्षता का परिचय देते हुए एक खोया हुआ कीमती पार्सल सुरक्षित बरामद किया है। कुचेरा से जोधपुर आते समय एक बस से महंगी चुनरियों का पार्सल गिर गया था, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 35 हजार रुपए थी। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की मदद से इस पार्सल को ढूंढकर उसके असली मालिक को सौंप दिया है। कालवी प्याऊ से पावटा चौराहे के बीच गिरा था बोरा पुलिस कंट्रोल रूम के अनुसार, बस चालक रामशिवर ने सूचना दी कि कुचेरा से जोधपुर आते समय उनकी बस से एक बोरा रास्ते में कहीं गिर गया है। इस पार्सल में करीब 1.35 लाख रुपए कीमत की महंगी चुनरियां थीं। यह पार्सल कालवी प्याऊ से पावटा चौराहे के बीच कहीं गिरा था। इस पर हेड कांस्टेबल माणक चंद ने वीएसआर पारी प्रभारी एएसआई नारायणसिंह को मामले की जानकारी दी। आर्मी तिराहे के पास लोडिंग टैक्सी में दिखा संदिग्ध पार्सल मामले की जानकारी मिलने के बाद हेड कांस्टेबल भूपेंद्र सिंह और कांस्टेबल जगदीश ने तुरंत सीसीटीवी कैमरों की सहायता से प्ले बैक सर्विलांस शुरू किया। शुरुआत में बस की मूवमेंट तो दिखाई दी, लेकिन कैमरों के बीच गैप होने के कारण पार्सल गिरने का सटीक स्थान स्पष्ट नहीं हो सका। तब पुलिस टीम ने टेक्निकल विश्लेषण करते हुए आर्मी तिराहा क्षेत्र से गुजरने वाले वाहनों की बारीकी से जांच की, जिसमें एक लोडिंग टैक्सी में संदिग्ध पार्सल दिखाई दिया। नंबर ट्रेस कर चालक को बुलाया, मालिक को सौंपा सामान: पुलिस ने लोडिंग टैक्सी में दिखे पार्सल की फोटो बस चालक एवं पार्सल मालिक को भेजकर उसकी पुष्टि करवाई। पुष्टि होने पर संबंधित वाहन के नंबर के आधार पर चालक से संपर्क स्थापित किया गया तथा पार्सल को अभय कमांड एंड कंट्रोल सेंटर मंगवाया गया। पुलिस ने उक्त पार्सल को सुरक्षित रूप से उसके मालिक के सुपुर्द कर दिया। परिवादी ने जोधपुर पुलिस की त्वरित कार्यवाही के लिए आभार व्यक्त किया है। इस सम्पूर्ण कार्यवाही में हेड कांस्टेबल भूपेंद्र सिंह की विशेष भूमिका रही। पुलिस ने आमजन से भी अपील की है कि टैक्सी या ऑटो किराए पर लेते समय वाहन का नंबर अवश्य नोट करें।
सिरसा जिले में मां और बेटी का आपस में झगड़ा हो गया और एक-दूसरे से मारपीट तक उतर आई। इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें मां ही अपनी बेटी थप्पड़ मारते दिख रही है। महिला को नीचे गिराकर उसकी मां व भांजे और अन्य युवक उसे डंडों से पीट रहे हैं और छोटी बहन वीडियो बना रही है। यहां तक कि मां अपनी बेटी को लातें मारकर पीटती है। जानकारी के अनुसार, ये मामला जिले के चाहरवाला गांव का है। चाहरवाला निवासी फकीरचंद ढाका ने दो शादियां की हुई थी और दोनों शादी से चार बेटियां है, उनका कोई बेटा नहीं है, उनकी 28 एकड़ जमीन पुस्तैनी है। उनका कोई वारिश नहीं है तो उनकी इस जमीन को लेकर बेटियों में झगड़ा चल रहा है। इसका कोर्ट केस भी चल रहा है। जमीन में हिस्से को लेकर चारों बेटियां एक-दूसरे की विरोधी बनी हुई है। बताया जा रहा है कि बुजुर्ग महिला अपनी एक छोटी बेटी लक्ष्मी के नाम अपना व बेटी का हिस्सा रखना चाहती है। उसकी छोटी बेटी तलाकशुदा है और उसका एक बेटा है। वह मायके में अपनी मां के पास रहती है। झगड़े में लक्ष्मी वीडियो बनाती दिख रही है। घटनाक्रम से जुड़े फोटोज… सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरा मामला पांच माह पहले फकीरचंद की हुई मौत ग्राम सरपंच के अनुसार, करीब पांच माह पहले फकीरचंद ढाका की मौत हो गई। तब से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है, क्योंकि फकीरचंद की मृत्यु के बाद जमीन बेटियों के नाम ऑनलाइन दर्ज हो गई। इन दिनों गेहूं कटाई के बाद जमीन खाली हो गई है। ऐसे में एक बेटी जमीन पर कब्जा लेने पहुंची, तो ये विवाद हो गया। हालांकि, दूसरी शादी से वे दोनों बेटियों का ऐसा कोई विवाद सामने नहीं आया है। वहीं, फकीरचंद का साला भी एक साल से अपनी बहन के पास रह रहा है और वहीं खेती की जुताई करता है। एक पत्नी व दो बेटी और दूसरी दोनों बेटी अलग रह रही ग्रामीणों के अनुसार, फकीरचंद की एक पत्नी व दो बेटियां अलग रह रही है और दूसरी शादी से दोनों बेटियां शादी-शुदा है और वे अलग रह रही है। सभी ने जमीन में हिस्से को लेकर कोर्ट केस डाला हुआ है। चारों बेटियों के नाम 5-5 एकड़ जमीन हिस्से आती है और एक पांचवां हिस्सा जीवित पत्नी मीरा के नाम है। पत्नी मीरा की छोटी बेटी लक्ष्मी व उसका बेटा उसके साथ रहते हैं, जो तलाकशुदा है। बड़ी बेटी फतेहाबाद के दैयड़ में शादी-शुदा है। बड़ी बेटी हिस्सा लेना चाहती है। ऐसे में वह खाली जमीन देख कब्जा लेने को जुताई करने पहुंच गई। तभी खेत में उसकी मां मीरा व छोटी बेटी लक्ष्मी भी पहुंच गई। उनके बीच झगड़ा शुरू हो जाता है और मां-बेटी एक-दूसरे से झगड़ा कर लेती है।
मेरठ में टेलर की दुकान में लगी आग:लाखों का सामान जला, दमकल ने घंटों बाद पाया काबू
मेरठ के लालकुर्ती थाना क्षेत्र स्थित फव्वारा चौक पर बुधवार देर रात एक टेलर की बंद दुकान में आग लग गई। आग की लपटें देख आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया और उन्होंने तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक दुकान का लाखों का सामान जलकर राख हो चुका था। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, इस घटना में करीब पांच लाख रुपये का नुकसान हुआ है। लालकुर्ती बड़ा बाजार निवासी ताहिर पुत्र नजीर की फव्वारा चौक पर टेलरिंग की दुकान है। इस दुकान में शादी-ब्याह के कपड़े और कोट तैयार किए जाते थे। बुधवार रात करीब 8 बजे ताहिर दुकान बंद कर घर चले गए थे। देर रात लगभग 12 बजे अचानक दुकान से आग की लपटें उठने लगीं, जिससे आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत दुकान मालिक ताहिर और दमकल विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंचे ताहिर ने आसपास के लोगों की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग तेजी से फैलने लगी और आसपास की दुकानों को भी अपनी चपेट में लेने का खतरा पैदा हो गया। कुछ ही देर में दमकल विभाग की एक गाड़ी मौके पर पहुंची। दमकलकर्मियों ने स्थानीय लोगों के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग पर काबू पाने तक दुकान के अंदर रखा कीमती कपड़ा, सिलाई मशीनें और अन्य सामान पूरी तरह जलकर राख हो चुका था। दुकान मालिक ताहिर ने बताया कि इस आगजनी में उन्हें लगभग पांच लाख रुपये का नुकसान हुआ है। दमकल विभाग के अधिकारियों ने आग लगने की संभावित वजह शॉर्ट सर्किट बताई है। हालांकि, आग के वास्तविक कारणों की जांच अभी जारी है। घटना के बाद क्षेत्र में काफी देर तक लोगों की भीड़ जुटी रही। गनीमत यह रही कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
सवाई माधोपुर में एक बार फिर पीला पलाश का फूल मिला है। दो साल पहले भी जिले के जंगल में ये फूल देखा गया था। इा बार बौंली क्षेत्र के गोल वन क्षेत्र में ये फूल मिला है। केसरिया पलाश के पेड़ों के बीच दो पीले रंग के दुर्लभ प्रजाति के पेड़ मिले है , जिन्हें वन विभाग द्वारा संरक्षित किया जाएगा। वन विभाग करेगा संरक्षित पलाश को “फ्लेम ऑफ द फॉरेस्ट” के नाम से जाना जाता है, लेकिन पीले रंग का पलाश बेहद दुर्लभ माना जाता है। वन विभाग के अनुसार गोल वन क्षेत्र में करीब दो साल पहले पहली बार पीले पलाश का फूल देखा गया था और इस साल फिर से इसका खिलना बेहद खास माना जा रहा है। पीले पलाश की यह प्रजाति संरक्षित श्रेणी में आती है और बहुत कम स्थानों पर ही देखने को मिलती है। यह एक दुर्लभ प्रजाति है, जिसे वन विभाग द्वारस संरक्षित किया जा रहा है। वनाधिकारियों के मुताबिक पीले पलाश के बीज एकत्र कर नर्सरी में पौधे तैयार किए जाएंगे ओर दूसरी जगह पर भी इसे लगाया जाएगा । पीला पलाश अधिकतर दक्षिणी क्षेत्र उदयपुर, चित्तौड़गढ़ की तरफ पाया जाता है। यह पहला मौका है जब सवाई माधोपुर जिले में पीले पलाश के दो पेड़ मिले है । सामाजिक वानिकी वन विभाग की टीम ने गश्त के दौरान इस दुर्लभ पेड़ को चिन्हित कर उसके फोटो लिए और उच्च अधिकारियों को सूचना दी । अब वन विभाग इसके संरक्षण और संवर्धन पर विशेष ध्यान दे रहा है। पलाश के फूल जहां अपनी सुंदरता के लिए प्रसिद्ध हैं, वहीं इनमें औषधीय गुण भी पाए जाते हैं, प्राचीन समय में होली के प्राकृतिक रंग भी इन्हीं फूलों से बनाए जाते थे। फिलहाल बौंली वन क्षेत्र में मिला यह पीला पलाश न सिर्फ वन विभाग के लिए बल्कि प्रकृति प्रेमियों के लिए भी खास आकर्षण बना हुआ है और आने वाले समय में इसके संरक्षण की दिशा में बड़े प्रयास किए जाएंगे
विदिशा के अरिहंत विहार क्षेत्र में बिजली समस्या के समाधान के लिए बिजली कंपनी ने कार्रवाई की है। लगातार शिकायतों और आंदोलन की चेतावनी के बाद आज 11 केवी अरिहंत विहार-1 फीडर पर मेंटेनेंस कार्य किया जाएगा। इससे बार-बार होने वाली बिजली ट्रिपिंग की समस्या से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। विद्युत वितरण कंपनी की टीम आज सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक अरिहंत विहार-1 फीडर पर मेंटेनेंस कार्य करेगी। इस दौरान अरिहंत विहार फेस-1, खरीफाटक रोड, माधवगंज, लुहांगी मोहल्ला, काछीकुआं, काछी मोहल्ला, गल्ला मंडी, बरईपुरा, रीठाफाटक, मोहनगिरी और ढलकपुरा सहित आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। स्थानीय निवासियों के अनुसार, पिछले कई दिनों से दिन में कई बार बिजली गुल हो रही थी। 11 केवी फीडर में बार-बार ट्रिपिंग के कारण घरों के कामकाज, छोटे व्यवसाय और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। गर्मी के कारण स्थिति और खराब हो गई थी, जिससे पानी की आपूर्ति भी बाधित हो रही थी। रहवासियों ने बताया कि कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया था, जिसके बाद क्षेत्रवासियों ने आंदोलन की चेतावनी भी दी थी। बिजली कंपनी के अनुसार, फीडर की तकनीकी जांच कर आवश्यक सुधार कार्य किए जाएंगे। कंपनी के अधिकारियों का दावा है कि मेंटेनेंस के बाद ट्रिपिंग की समस्या में सुधार आएगा।
छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में भाजपा नेता ने आरआई के मोबाइल नंबर मांगने को लेकर पटवारी की लात-घूंसे से जमकर पिटाई कर दी। ऑपरेटर को भी पीट दिया। मारपीट का वीडियो सीसीटीवी में कैद हो गया। अब सरगुजा कलेक्टर के हस्तक्षेप के बाद देर रात कार्रवाई करते हुए पुलिस ने भाजपा नेता को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी जमीन खरीद-बिक्री का भी काम करता है। ग्राम कंठी में पटवारी प्रकाश मंडल बुधवार दोपहर को अपने कार्यालय में बैठे हुए थे। इसी समय मारपीट की घटना हुई। वे करजी और सोहगा के भी पटवारी हैं। पटवारी संघ ने आरोपी की जुलूस निकालने की मांग की है, वरना आंदोलन की चेतावनी दी है। मामला दरिमा थाना क्षेत्र का है। पहले देखिए ये तस्वीरें… मोबाइल नंबर को लेकर विवाद, जमकर पीटा भाजपा नेता और एसटी मोर्चा का मंडल अध्यक्ष जितेंद्र कुजूर (मोनू) ने पटवारी कार्यालय में घुसकर पटवारी प्रकाश मंडल से आरआई अनिता राजवाड़े के संबंध में पूछताछ की। पटवारी ने कहा कि, आरआई लंच के लिए गई हैं। जितेंद्र कुजूर ने पटवारी से उन्हें फोन लगाने के लिए कहा। प्रकाश मंडल ने कहा कि, दीवार में उनका नंबर लिखा है, आप खुद लगा लें। वे फोन नहीं उठाती हैं तो मैं बात करा दूंगा। पटवारी के इस जवाब से भड़के भाजपा नेता जितेंद्र कुजूर ने पटवारी की पिटाई शुरू कर दी। बीच-बचाव में आए ऑपरेटर को भी उसने पीट दिया। बचने के लिए पटवारी बाहर निकले तो बाहर जितेंद्र कुजूर ने पटवारी को लात मारी और डंडे से भी पीटा। भागकर पटवारी अपने कमरे में पहुंचे और अंदर का दरवाजा बंद कर खुद को बचाया। कलेक्टर के निर्देश पर FIR, भाजपा नेता गिरफ्तार इस मामले की जानकारी पटवारी प्रकाश मंडल ने पटवारी संघ के पदाधिकारियों को दी। पटवारी संघ के पदाधिकारी भी दरिमा थाने पहुंचे। सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत के संज्ञान में मामला आया तो उन्होंने तत्काल एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। इस मामले में पुलिस ने देर शाम भाजपा नेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जितेंद्र कुजूर को गिरफ्तार कर लिया है। पटवारी संघ ने दी आंदोलन की चेतावनी पटवारी संघ ने भाजपा नेता को गिरफ्तार कर जुलूस निकालने की मांग की है, वरना आंदोलन की चेतावनी दी है। पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष संतोष अग्रवाल ने कहा कि, आरोपी की गिरफ्तारी हो गई है। संघ ने आरोपी का जुलूस निकालने और पटवारियों की सुरक्षा की मांग को लेकर आंदोलन का निर्णय लिया है। सोशल मीडिया पर दबंगई का VIDEO आरोपी जितेंद्र कुजूर दरिमा भाजपा मंडल एसटी मोर्चा का मंडल अध्यक्ष है। वह फिटनेस ट्रेनर भी है। सोशल मीडिया पर उसने दबंगई के कई वीडियो भी पोस्ट किया है। एक ऐसे ही वीडियो में वह पिस्टल और बंदूक के साथ दिख रहा है। उसने भाजपा विधायक प्रबोध मिंज, सांसद चिंतामणि महाराज, महापौर मंजूषा भगत के साथ भी अपने वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए हैं। …………………………….. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… सरगुजा में पटवारी को लात मारी, डंडे से पीटा, VIDEO: युवक ने ऑफिस में घुसकर की मारपीट, RI का नंबर मांगने पर हुआ था विवाद छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में युवक ने पटवारी की पिटाई कर दी। पटवारी के साथ-साथ ऑपरेटर को भी जमकर पीटा। मारपीट का वीडियो CCTV में कैद हो गया है। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मारपीट करने वाला युवक भाजपा से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोपी जमीन खरीदी-बिक्री का काम करता है। पढ़ें पूरी खबर…
बलिया में माटीकला से जुड़े कामगारों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। जिला ग्रामोद्योग कार्यालय बलिया द्वारा माटीकला बोर्ड के तत्वावधान में पारंपरिक कुम्हारों और माटीकला व्यवसाय से जुड़े लोगों को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत, वर्ष 2026-27 में जिले में 36 निःशुल्क विद्युत चालित चाक वितरित किए जाएंगे। यह योजना पिछले वर्ष की सफलता के बाद लाई गई है। ज्ञात हो कि विगत वर्ष भी चंद्रशेखर उद्यान में 35 माटीकला कारीगरों को परिवहन मंत्री के हाथों विद्युत चालित चाक वितरित किए गए थे। जिला ग्रामोद्योग अधिकारी संस्कृति गुप्ता ने बताया कि पात्र अभ्यर्थी www.upmatikalaboard.in पर आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 20 मई 2026 है। इच्छुक लाभार्थियों की आयु 18 से 55 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदन करते समय फोटो, जाति प्रमाण पत्र, शैक्षिक योग्यता और राशन कार्ड की छायाप्रति अपलोड करना अनिवार्य है। ऑनलाइन आवेदन के बाद, उसकी मूल प्रति और अपलोड किए गए दस्तावेजों व आधार कार्ड की छायाप्रति के साथ 25 मई 2026 तक जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, रामपुर उदयभान, बलिया में जमा करना आवश्यक है।
गौ को राष्ट्र माता घोषित कराने की मांग को लेकर गौ सम्मान अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत 27 अप्रैल को देशभर में सभी तहसीलों पर गौ रक्षक,साधु संत एक साथ ज्ञापन देंगे। इस अभियान को सफल बनाने के लिए गौ रक्षक ब्रज दास महाराज सुनील भैया के नेतृत्व में वृंदावन की पंच कोसीय परिक्रमा की। इस दौरान रक्षकों ने सभी से आव्हान किया कि इस अभियान को सफल बनाएं और गौ माता को राष्ट्र माता घोषित कराएं। संतों ने किया है आव्हान भारत को गोहत्या के कलंक से मुक्त कराने के लिए देश के अनेक संतों ने भारत की जनता से आह्वान किया है कि सभी नागरिक भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री तथा अपने अपने प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल से प्रार्थना करें कि वो गौ हत्या बंदी के लिए केंद्रीय कानून लाएं एवं गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित कर गोचर भूमि को मुक्त करें। साथ ही गोवंश के कल्याण के लिए गो मंत्रालय बनाकर नीति निर्देश बनाए जिसमे गोवंश से संबंधित समस्त समस्याओं को दूर किया जा सके। इस उपलक्ष्य में वृंदावन के गौ भक्तों ने माता जी गोशाला के महासचिव एवं गौ सम्मान आह्वान अभियान के मथुरा जिला प्रभारी ब्रजदास महाराज सुनील भैया के नेतृत्व में वृंदावन की भव्य परिक्रमा यात्रा निकाली। गौ हत्या बंदी के लिए घर घर जाकर लिया जा रहा है हस्ताक्षर गो सम्मान आह्वान अभियान कई चरणों में पूर्ण होगा। जिसमें प्रथम चरण 27 अप्रैल को गौ सम्मान दिवस के रूप में में मनाया जाएगा। इस दिन भारत के सभी तहसीलों में संबंधित तहसील की जनता द्वारा भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री तथा अपने अपने प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल से प्रार्थना किया जाएगा कि वो गौ हत्या बंदी के लिए केंद्रीय कानून सहित भारत की जनता की सभी मांगों की पूर्ति करें। इसके लिए प्रचार प्रसार एवं जनता से संपर्क करके उनकी सहमति के लिए हस्ताक्षर लिए जा रहे हैं। मथुरा में यह अभियान चल रहा है। जिसमें जिले के लोगों के हस्ताक्षर लिए जा रहे हैं। मथुरा सहित देश के सभी तहसीलों पर दिया जाएगा ज्ञापन इस अभियान के तहत मथुरा सहित देश के लगभग 5560 तहसीलों पर 27 अप्रैल 2026 को अभियान का प्रथम चरण पूर्ण होगा। जिसमें प्रत्येक तहसील पर भारत के साधु संत एवं आम जनता कीर्तन करते हुए जायेंगे और राष्ट्रपति,प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम लाखों लोगों के हस्ताक्षर सहित प्रार्थना पत्र सौंपेंगे। इसके साथ ही यह मांग करेंगे कि भारत सरकार द्वारा सम्पूर्ण भारत में कानून बनाकर संवैधानिक रूप से गोहत्या बंद किया जाए एवं गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित करके गोचर भूमि मुक्त किया जाए। इसके अलावा गौ मंत्रालय आदि की स्थापना की जाए। यह रहे मौजूद इस अवसर पर सुनील भैया माता जी गोशाला बरसाना,जुगल दास बाबा, सुखदेव दास बाबा, हनुमान दास, भरत गौतम, सोनी ठाकुर, अधिवक्ता पवन दुबे, अधिवक्ता विशाल उपाध्याय, गोपाल गौतम, विकास पंडित, पुनीत चतुर्वेदी, श्याम वशिष्ठ, डॉ पंकज सिंह तोमर, सोनम जी, सहित अनेक लोग उपस्थित रहें।
यूपी की बड़ी खबरें:सहारनपुर में मुठभेड़ में बदमाश गिरफ्तार, पैर में गोली लगने से घायल
सहारनपुर के सरसावा थाना क्षेत्र में देर रात पुलिस और एक बदमाश के बीच मुठभेड़ हो गई। चेकिंग के दौरान पुलिस ने बाइक सवार को रोकने की कोशिश की, लेकिन वह भागने लगा और पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें बदमाश के पैर में गोली लग गई और वह घायल हो गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने उसके पास से एक तमंचा, कारतूस और बाइक बरामद की है। पढ़ें पूरी खबर… प्रयागराज में प्रेमी से शादी के लिए टावर पर चढ़ी युवती, बोली- शादी से उसी से करूंगी, वरना मर जाऊंगी प्रयागराज के फूलपुर कोतवाली क्षेत्र में बुधवार शाम एक युवती अपने प्रेमी से शादी की जिद को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़ गई और आत्महत्या की धमकी देने लगी। वह बार-बार कह रही थी कि अगर उससे शादी नहीं की गई तो वह टावर से कूदकर जान दे देगी। इस दौरान मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 पर कॉल की गई। मौके पर पहुंची और युवती को काफी देर तक समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नीचे उतरने को तैयार नहीं हुई और अपनी जिद पर अड़ी रही।इसके बाद स्थानीय युवकों ने टावर पर चढ़कर उसे नीचे उतारा। पढ़ें पूरी खबर… गोरखपुर में रेप के आरोपी को 10 साल की सजा, रक्षा बंधन के दिन बच्ची से की थी हैवानियत गोरखपुर के गुलरिहा इलाके में 12 साल की बच्ची से दुष्कर्म करने करने वाले को 10 साल की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने 15 हजार का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर 6 माह की सजा अलग से भुगतना होगा। करीब 8 साल बाद इस मामले में पीड़िता को इंसाफ मिला तो घरवालों की आंखे भर आईं। ऑपरेशन कनविक्शन के तहत पैरवी तेज करके इस मामले में पुलिस ने सजा कराई है। पढ़ें पूरी खबर…
मंडला जिले के रामनगर में 15 और 16 मई को दो दिवसीय 'आदि उत्सव' का आयोजन किया जाएगा। इस वार्षिक उत्सव की तैयारियों की समीक्षा के लिए सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने बुधवार शाम जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक गोलमेज कक्ष में हुई, जिसमें जिला पंचायत अध्यक्ष संजय कुशराम, कलेक्टर राहुल नामदेव धोटे, अपर कलेक्टर राजेंद्र कुमार सिंह, एडिशनल एसपी शिवकुमार वर्मा और जिला पंचायत सीईओ शाश्वत सिंह मीना सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सांसद कुलस्ते ने आयोजन के सभी पहलुओं पर चर्चा की और प्रारंभिक तैयारियों की जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जनजातीय परंपराओं को लोगों तक पहुंचाना उद्देश्य सांसद कुलस्ते ने बताया कि 'आदि उत्सव' का मुख्य उद्देश्य जनजातीय परंपराओं, कला-संस्कृति और विरासत को व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाना है। उन्होंने अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने और उत्सव के व्यापक प्रचार-प्रसार को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उत्सव के लिए राष्ट्रपति-उपराष्ट्रपति को भेजा आंमत्रण इस वर्ष के उत्सव के लिए राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के राज्यपाल, मंत्रीगण, राजपरिवार के वंशज, पंडा-पुजारी और अन्य गणमान्य अतिथियों को आमंत्रित किया गया है। इसके अतिरिक्त, जनजातीय विभाग के प्रतिनिधियों और समाज के अन्य प्रमुख व्यक्तियों को भी निमंत्रण भेजा जा रहा है। उत्सव के दौरान पारंपरिक संगोष्ठियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। इस बार विशेष रूप से गोंडी भाषा पर एक संगोष्ठी आयोजित की जाएगी। प्रदर्शनी में जनजातीय समाज के महापुरुषों और अन्य महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया जाएगा, जिसके लिए राज्य सरकार से भी समन्वय किया जा रहा है।
जोधपुर शहर में बिजली लाइनों के रखरखाव के चलते कल कई कॉलोनी में बिजली बंद रहेगी। कई इलाकों में तचार घंटे तक बिजली नहीं आएगी। इसके बाद बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। सुबह 7 से 11 बजे तक यहां नहीं आएगी बिजली बर्फ फैक्ट्री, रातानाडा सब्जी मंडी, नरसिंह कॉलोनी, भाटी चौराहा, शिव मंदिर रोड, जैन भवन रोड, विश्नोई धर्मशाला रोड, रातानाडा हरिजन बस्ती, वेटनरी हॉस्पिटल, पुलिस लाइन रोड, अयप्पा मंदिर गली, न्यू प्रजापत कॉलोनी व रातानाडा के आसपास, न्यू सब्जी मंडी, जगजीवन राम कॉलोनी, गणपति वेयर हाउस, बजरंग कॉलोनी का क्षेत्र। सुबह 7:30 से 11 बजे यहां रहेगा पावरकट औद्योगिक ईकाई का क्षेत्र, लाला बेरा, आमली बेरा के आसपास और जवाहर कॉलोनी, श्रीराम होटल, सरदार क्लब स्कीम, पोलो ग्राउंड, अभयगढ़, विद्यापार्क, गोल्फ कोर्स, मालवीय नगर, भैरू विलास, सेंट्रल स्कूल स्कीम। 8 से 11 बजे यहां नहीं आएगी इलेक्ट्रिसिटी नागौरी गेट, सिंधी कैंप, नागौरी गेट चौराहा, जटिया कॉलोनी, पावटा पोलो, करण सिंह का हत्था, पावटा सी रोड, इंदिरा कॉलोनी, शिप हाउस, कलाल कॉलोनी गली नं. 1 से 11, बागर, भीमदल अखाड़ा, दारू का ठेका, छीपा कॉलोनी, भील बस्ती, कृष्ण मंदिर, सरकारी अस्पताल और सिंधियों का बास के आसपास का संपूर्ण क्षेत्र। 8 से 12 बजे यहां बंद रहेगी बिजली सूरज नगर, यूआईटी कॉलोनी, हरि नगर, हरिओम नगर, विजय नगर, श्रीराम नगर, कृष्णा नगर, पीएफ आफिस, विजय लक्ष्मी हाइट और बीआर बिरला स्कूल। सुबह 8:30 से 12 बजे यहां रहेगा पावर कट 11 केवी देवी रोड से संबंधित आनंद डेयरी, अरोड़ा पार्क, आदर्श महाविद्यालय, माहेश्वरी भवन, ज्योति नगर, जोशी कॉलोनी व वैष्णव कॉलोनी का क्षेत्र।
झज्जर जिले में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक दर्दनाक घटना सामने आई है। छुछकवास इलाके से जुड़े खेतावास गांव के पास एक किन्नर के साथ बर्बरता की सारी हदें पार कर दी गईं। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश और भय का माहौल पैदा कर दिया है। पीड़ित किन्नर ने अपनी शिकायत में बताया कि घटना के दौरान करीब सात से आठ लोग, जो महिलाओं के कपड़े पहने हुए थे, उसे जबरन अपने कब्जे में लेकर गए। आरोप है कि आरोपियों ने पहले उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। गेहूं की फांस प्राइवेट पार्ट में डाली शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने मारपीट के बाद किन्नर को नंगा कर दिया और पास के खेत से गेहूं की फांस उठाकर उसके प्राइवेट पार्ट में डाल दी। इस हैवानियत भरे कृत्य से पीड़ित को गंभीर शारीरिक और मानसिक चोट पहुंची। घटना के बाद किन्नर की हालत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे तुरंत झज्जर के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है और वह अभी भी सदमे में बताया जा रहा है। पुलिस ने मौके का मुआयना किया सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़ित के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। हालांकि, इस पूरे मामले में पुलिस का रवैया सवालों के घेरे में है। जांच अधिकारी (आईओ) और चौकी इंचार्ज सतबीर के बीच जानकारी को लेकर स्पष्टता नहीं है—दोनों एक-दूसरे पर बयान देने की जिम्मेदारी डालते नजर आ रहे हैं। इससे यह सवाल उठ रहा है कि आखिर पुलिस इस संवेदनशील मामले में खुलकर जानकारी क्यों नहीं दे रही। पुलिस की चुप्पी पर उठ रहे सवाल अब तक आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी को लेकर कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है। क्षेत्र में चर्चा है कि आखिर वे लोग कौन थे, जिन्होंने इतनी भयावह घटना को अंजाम दिया। साथ ही यह भी सवाल उठ रहा है कि पुलिस पूरे मामले की जानकारी साझा करने से पीछे क्यों हट रही है। चारों ओर निंदा, सख्त कार्रवाई की मांग इस घटना की चारों तरफ कड़ी निंदा की जा रही है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों में भारी रोष है। सभी की नजर अब पुलिस कार्रवाई पर टिकी हुई है। लोगों का कहना है कि ऐसे अपराधियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए, ताकि समाज में कानून का डर बना रहे और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। किन्नर समुदाय की सुरक्षा को लेकर चिंता यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि समाज के हाशिए पर रहने वाले किन्नर समुदाय की सुरक्षा को लेकर कितनी गंभीरता से काम किया जा रहा है। जब इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं और पुलिस भी स्पष्ट जानकारी देने से बचती नजर आती है, तो यह व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े करती है।
उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR) के जोधपुर मंडल के जोधपुर-फुलेरा रेल सेक्शन पर ट्रैवल करने वाले पैसेंजर्स के लिए जरूरी अपडेट है। डेगाना-गच्छीपुरा स्टेशनों के बीच फाटक नंबर 60 और मेड़ता रोड यार्ड में फाटक नंबर 100 पर रेलवे अंडर ब्रिज (RUB) बनाने के लिए कंस्ट्रक्शन ब्लॉक लिया जा रहा है। इस काम की वजह से 24 मई को जैसलमेर से चलने वाली 'लीलण एक्सप्रेस' समेत तीन ट्रेनें अपने फिक्स रूट के बजाय डायवर्ट जैसलमेर-जयपुर एक्सप्रेस अब शेखावाटी होकर जाएगी मंडल रेल प्रबंधक (DRM) अनुराग त्रिपाठी के मुताबिक, गाड़ी संख्या 12467 (जैसलमेर-जयपुर रेलसेवा) 24 मई को जैसलमेर से रवाना होने के बाद बीकानेर-रतनगढ़-चूरू-सीकर-रींगस होकर जयपुर पहुंचेगी। रूट चेंज होने की वजह से अब यह ट्रेन रतनगढ़, चूरू, फतेहपुर शेखावाटी, सीकर और रींगस स्टेशनों पर रुकेगी। मेड़ता रोड और डेगाना जाने वाले पैसेंजर्स को इस बदलाव का ध्यान रखना होगा। वाराणसी और सूरतगढ़ ट्रेनों का भी रास्ता बदला ब्लॉक की वजह से जोधपुर-वाराणसी सिटी (14864) ट्रेन भी 24 मई को लूनी-मारवाड़-अजमेर होकर फुलेरा जाएगी। यह ट्रेन रास्ते में लूनी, पाली मारवाड़, मारवाड़ जंक्शन और अजमेर स्टेशनों पर स्टॉपेज लेगी। इसी तरह, सूरतगढ़-जयपुर (19720) ट्रेन को भी बीकानेर-चूरू-सीकर रूट पर डायवर्ट किया गया है। सेफ्टी के लिए जरूरी है निर्माण कार्य रेलवे अफसरों ने बताया कि फाटकों पर अंडर ब्रिज बनाने से ट्रेन एक्सीडेंट्स का खतरा कम होगा और रोड ट्रैफिक भी जाम नहीं होगा। कंस्ट्रक्शन वर्क पूरा होने के बाद ट्रेनों को वापस पुराने रूट पर शुरू कर दिया जाएगा। पैसेंजर्स से रिक्वेस्ट है कि वे स्टेशन जाने से पहले नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (NTES) या रेलवे की हेल्पलाइन 139 पर अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर चेक कर लें।
प्रदेश में गर्मी का असर लगातार बना हुआ है और अब इसमें और तेजी आने के संकेत हैं। मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घंटों में तापमान में खास बदलाव नहीं हुआ, लेकिन अगले 24 घंटे में पारा 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। इसके बाद अगले तीन दिनों तक तापमान लगभग स्थिर रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने कल यानी 24 अप्रैल से मध्य छत्तीसगढ़ में हीट वेव चलने की चेतावनी दी है, जो अगले तीन दिनों तक असर दिखा सकती है। इससे लोगों को तेज गर्मी का सामना करना पड़ेगा। इस बीच, प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश भी दर्ज की गई। जगदलपुर में बुधवार दोपहर बारिश के साथ ओले गिरे। तापमान की बात करें तो दुर्ग में सबसे अधिक 43.2C और जगदलपुर में न्यूनतम 20.5C दर्ज किया गया। भीषण गर्मी को देखते हुए बिलासपुर में व्यापम की प्रतियोगी परीक्षाओं के समय में बदलाव किया गया है। अब परीक्षाएं सुबह 10 बजे से होंगी, जो पहले दोपहर 12 बजे से आयोजित होती थीं। 26 अप्रैल को मंडी बोर्ड उप निरीक्षक, 14 मई को एसएससी नर्सिंग और पीईटी, तथा 21 मई को पीपीएचटी परीक्षा सुबह 10 बजे से आयोजित की जाएगी। पहले देखिए ये तस्वीरें- जेट स्ट्रीम की तेज हवाओं से बदला मौसम मौसम में बदलाव की वजह ऊपर आसमान में तेज हवा का एक मजबूत प्रवाह है, जिसे सबट्रॉपिकल वेस्टर्ली जेट स्ट्रीम कहते हैं। यह हवा जमीन से करीब 12.6 किमी ऊपर 90 से 110 नॉट की तेज रफ्तार से चल रही है, जिसका असर मध्य और पूर्वोत्तर भारत के मौसम पर पड़ रहा है। आज और अगले दो दिन मौसम रहेगा शुष्क मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिनों तक प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। किसी प्रकार की चेतावनी फिलहाल जारी नहीं की गई है, लेकिन अलग-अलग स्थानों पर हीटवेव की स्थिति बन सकती है। रायपुर में साफ रहेगा आसमान आज आसमान मुख्यतः साफ रहने का अनुमान है। यहां अधिकतम तापमान 43C और न्यूनतम तापमान 29C के आसपास रह सकता है।
बाड़मेर जिले की गडरारोड पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट मामले में फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार किया है। रामसर पुलिस ने 10 दिन पहले कार्रवाई करते हुए 63 किलो 556 ग्राम अवैध डोडा-पोस्त जब्त किए थे। उस समय आरोपी भागने में सफल हो गया था। फिलहाल पुलिस आरोपी से डोडा-पोस्त की खरीद-फरोख्त को लेकर पूछताछ कर रही है। एसपी चूनाराम जाट ने बताया- पुलिस मुख्यालय और आईजी जोधपुर रेंज के निर्देशानुसार वांटेड आरोपियों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। एएसपी नितेश आर्य, डीएसपी मानाराम गर्ग के सुपरविजन में गडरारोड थानाधिकारी मुंकदान के नेतृत्व में टीम बनाई गई। टीम को सूचना मिली थी कि रामसर थाने का वांटेड ओमप्रकाश पुत्र भीखााराम निवासी गंगानगर, चाडी अपने गांव के आसपास घूम रहा है। इस पर गडरारोड थाने की टीम ने दबिश दी। वांटेड आरोपी ओमप्रकाश को डिटेन किया गया। आरोपी से पूछताछ की जा रही है कि डोडा-पोस्त कहां से लेकर आया ओर कहां सप्लाई करने वाला है। आरोपी के खिलाफ 2 मामले है दर्ज पुलिस ने आरोपी ओमप्रकाश के क्राइम रिकॉर्ड को खंगाला गया तो उसके चार मामले पहले से दर्ज है। 2 मामले आबकारी अधिनियम, 1 मामला एनडीपीएस एक्ट और 1 मामला पोक्सो अधिनियम का दर्ज है। कार्रवाई में कांस्टेबल पवन कुमार, बिमलेश कुमार, गजेंद्र सिंह शामिल रहे।
दतिया में गोराघाट थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम उपरायं में बुधवार को जमीनी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। खेत की जुताई को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। विवाद केवल खेत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि घायलों के उपचार के दौरान जिला अस्पताल में भी हमलावरों ने नकाब बांधकर जमकर तांडव मचाया। यह पूरा घटनाक्रम अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे में भी रिकॉर्ड हो गया। अब यह घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली थाने में आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। ग्राम उपरायं निवासी बृजकिशोर (55) पुत्र रामहजूर पाल बुधवार दोपहर करीब 12 बजे अपने खेत की बखरनी (जुताई) करने गए थे। इस जमीन को लेकर पूर्व से ही विवाद चल रहा था। जब बृजकिशोर ने खेत जोतना शुरू किया, तो दूसरे पक्ष के बलवान ने वहां पहुंचकर काम रोकने की कोशिश की और विरोध जताया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि बलवान और उसके साथियों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस मारपीट में बृजकिशोर के बुजुर्ग पिता रामहजूर गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजनों ने आनन-फानन में घायल रामहजूर को उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल परिसर बना अखाड़ा, नकाबपोशों का हमला हैरानी की बात यह रही कि हमलावरों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने अस्पताल के भीतर भी कानून को ठेंगा दिखाने में कसर नहीं छोड़ी। दोपहर करीब 3 बजे, जब घायल का इलाज चल रहा था।तभी आरोपी बलवान अपने साथी अरविंद, सूरज और करीब 10 से 12 अज्ञात नकाबपोश लोगों के साथ जिला अस्पताल परिसर में दाखिल हुआ। चश्मदीदों के मुताबिक, इन लोगों ने अस्पताल के भीतर घुसकर पीड़ित पक्ष के साथ मारपीट की और जमकर हंगामा किया। नकाबपोशों को देख अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और मरीज व उनके परिजन जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की कार्रवाई अस्पताल में हुए हंगामे और मारपीट का वीडियो वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गया। अब वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह बेखौफ हमलावर अस्पताल जैसी जगह पर गाली-गलौज और मारपीट कर रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा। दोनों पक्षों को कोतवाली थाने में लेकर आ गया। मामले में कोतवाली टीआई धीरेंद्र मिश्रा का कहना है कि विवाद की वजह पता करते हुए मामले की जांच की जा रही है। पीड़ित पक्ष से आवेदन ले लिया गया है। वहीं गोराघाट थाना प्रभारी रमेश शाक्य का कहना है कि उन्हें मामले की सूचना मिली थी। फिलहाल दोनों पक्ष कोतवाली थाने में पहुंच गए हैं।
राजस्थान के जंगलों में अब बाघों के साथ-साथ 'छोटी बिल्लियों' के संरक्षण पर भी फोकस किया जा रहा है। शिकार के लिए हवा में 11 फीट तक ऊंची छलांग लगाने वाली दुर्लभ बिल्ली 'कैरेकल' (सियागोश) के रहस्यों को जानने के लिए सवाई माधोपुर में एक बड़ा कंजर्वेशन प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। राज्य सरकार, वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (WII) और टाइगर वॉच संस्था मिलकर अगले 18 महीने तक कैरेकल के व्यवहार, खान-पान और हैबिटेट पर रिसर्च करेंगे। राजस्थान में सिर्फ 50 कैरेकल बचे, रणथंभौर बना मुख्य ठिकानाटाइगर वॉच के फील्ड बायोलॉजिस्ट डॉ. धर्मेन्द्र खांडल ने बताया कि फिलहाल प्रदेश में 50 से 60 कैरेकल होने का अनुमान है। इनमें से अकेले 35 कैरेकल रणथंभौर में मौजूद हैं। वन विभाग और विशेषज्ञों के पास इनके करीब 450 फोटोग्राफ्स हैं, जिनके आधार पर अब इनकी सटीक संख्या का आकलन किया जाएगा। कैरेकल की PHOTOS… इन 4 टाइगर रिजर्व में चलेगा अभियानकैरेकल के संरक्षण की रूपरेखा तय करने के लिए यह प्रोजेक्ट चार प्रमुख क्षेत्रों में चलाया जा रहा है। क्यों जरूरी है कैरेकल का संरक्षण? 6 साल की कोशिशों के बाद धरातल पर उतरा प्रोजेक्टसाल 2020 में रणथंभौर में 215 फोटो ट्रैप कैमरे लगाकर एक विशेष अभियान चलाया गया था, जिसमें 35 कैरेकल की पुष्टि हुई थी। उसी समय से इस प्रोजेक्ट के लिए प्रयास किए जा रहे थे, जो अब जाकर शुरू हुआ है। हाल ही में इसे लेकर विशेषज्ञों की एक वर्कशॉप भी आयोजित की गई, जिसमें देशभर के वन्यजीव प्रेमियों ने हिस्सा लिया। छोटी बिल्लियों का बचना भी जरूरीडीएफओ मानस सिंह कहते हैं- संतुलित इकोसिस्टम के लिए बाघों के साथ छोटी बिल्लियों का बचना भी जरूरी है। पहली बार राजस्थान में कैरेकल पर इतने व्यवस्थित तरीके से काम हो रहा है। ------------- कैरेकल से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… जैसलमेर में दुर्लभ बिल्ली को मारकर जलाया, वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला जैसलमेर में दुर्लभ बिल्ली कैरेकल को मारकर जला दिया। आरोपियों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया। (खबर पढ़ें)
छिंदवाड़ा जिले की भुमका घाटी में एक सप्ताह पहले ट्रक में लगी आग कोई हादसा नहीं, बल्कि एक साजिश थी। अमरवाड़ा पुलिस ने इसका खुलासा किया है। आरोपियों ने 44 लाख रुपए की कपास हड़पने के लिए खाली ट्रक को आग लगा दी थी। वर्तमान में पुलिस ने ट्रक और पूरी 140 गठान कपास जब्त कर ली है। साथ ही साजिश रचने वाले ड्राइवर सहित 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बैतूल में पलटा था ट्रक, माल इंदौर भेजा पुलिस जांच में सामने आया कि कपास से भरा ट्रक पहले बैतूल में पलट गया था। इसके बाद आरोपियों ने साजिश रची। उन्होंने चोरी-छिपे 140 गठान कपास को दूसरे ट्रक में लोड कर दिया। इस माल को उन्होंने इंदौर रवाना कर दिया। इसके बाद वे खाली ट्रक को भुमका घाटी ले गए। वहां ले जाकर उन्होंने ट्रक को आग के हवाले कर दिया। बिजली के पोल से टकराने की रची थी कहानी थाना प्रभारी राजेन्द्र धुर्वे ने बताया कि 15 अप्रैल को देवेन्द्र मालवीया ने झूठी शिकायत दर्ज कराई थी। उसने कहा था कि ट्रक बिजली के पोल से टकरा गया था। इससे कपास में आग लग गई और माल जल गया। शुरुआत में इसे हादसा ही माना गया। बाद में जांच के दौरान पुलिस को संदेह हुआ। इसके बाद पुलिस ने कपास मालिक (तेलंगाना निवासी) भारत चमनवार को बुलाया। दस्तावेजों की जांच की गई, तो मामला खुल गया। वर्धा से पश्चिम बंगाल जा रही थी कपास पुलिस पूछताछ में पता चला कि यह कपास महाराष्ट्र के वर्धा से पश्चिम बंगाल भेजी जा रही थी। पुलिस ने जब ड्राइवर से सख्ती से पूछताछ की, तो वह टूट गया। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर रची गई पूरी साजिश कबूल कर ली। इन 4 आरोपियों को भेजा गया जेल पुलिस ने साजिश रचने वाले ट्रक ड्राइवर देवेन्द्र मालवीया (निवासी बड़वाह, खरगोन) को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही मस्तराम उर्फ राम पटेल, सुमित पंडित और आमिर खान (सभी निवासी बड़वानी) को भी पकड़ा गया है। सभी आरोपियों पर मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है। मामले के खुलासे में टीआई राजेन्द्र धुर्वे, एसआई विजेन्द्र मार्को, एएसआई पवन यादव, प्रधान आरक्षक जय सिंह, आरक्षक करण रघुवंशी और राजेन्द्र बघेल की अहम भूमिका रही।
मुरैना के स्टेशन रोड थाना क्षेत्र में 3 महीने की बच्ची (भतीजी) के साथ दुष्कर्म करने वाले ताऊ को विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) न्यायालय ने अंतिम सांस तक (शेष प्राकृत जीवनकाल) आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अपराधी पर 20,000 रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। पुलिस द्वारा महज 15 दिन के भीतर चालान पेश किए जाने और वैज्ञानिक (डीएनए) साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने 3 महीने के भीतर विचारण पूरा कर यह अहम फैसला सुनाया है और दोषी को सजा भुगतने के लिए जेल भेज दिया गया है। मां बोली- बच्ची रोई तो कमरे में गई, प्राइवेट पार्ट से निकल रहा था खून घटना 30 दिसंबर 2025 की है। पीड़िता की मां ने सास और पति के साथ थाने पहुंचकर दर्ज कराई FIR में बताया ‘मेरे दो बच्चे हैं, जिनमें 4 महीने का लड़का और 3 महीने की लड़की है। 30 दिसंबर को सुबह करीब 10 बजे मैं अपने बेटे को पानी पिला रही थी और मेरी बेटी सो रही थी। मेरी सास कपड़े डालने ऊपर गई थीं। तभी मेरे ताऊ ससुर का लड़का, जो मेरा जेठ लगता है, वहां आया और बच्ची को खिलाने के लिए मांगने लगा। मैंने मना किया कि बच्ची सो रही है, लेकिन वह बार-बार चक्कर लगा रहा था।’ उन्होंने आगे बताया, कुछ देर बाद वह बिना पूछे बच्ची को उठाकर अपने कमरे में ले गया। जब बच्ची रोने लगी, तो मैं उसके कमरे में गई। वहां बच्ची उसकी गोद में थी। उसने बच्ची मुझे दी और वहां से चला गया।” मां ने FIR में लिखा…जब मैंने बच्ची को देखा तो उसके प्राइवेट पार्ट से खून निकल रहा था और कपड़े गंदे थे। मैंने तुरंत कपड़े बदलकर उसे साफ किया। मुझे आशंका है कि मेरे जेठ ने बच्ची के साथ गलत काम किया है, जिससे उसे चोट आई है। DNA परीक्षण रहा सकारात्मक, 15 दिन में पेश किया चालान फरियादिया की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच के दौरान घटना स्थल से आरोपी के रक्त नमूने और पीड़िता के शरीर से प्राप्त साक्ष्य एकत्र कर डीएनए परीक्षण कराया गया। डीएनए रिपोर्ट पॉजिटिव आई, जिससे आरोपी की पुष्टि हुई। लोक अभियोजक श्रीमती रश्मि अग्रवाल के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना स्टेशन रोड पुलिस ने घटना के 15 दिन के भीतर विवेचना पूरी कर अभियोग पत्र न्यायालय में पेश कर दिया था। 3 माह में पूरा हुआ विचारण, वैज्ञानिक साक्ष्यों से मिली सजा अभियोग पत्र पेश होने के बाद न्यायालय ने 3 माह के भीतर विचारण पूरा कर दोषसिद्धि का फैसला सुनाया। अभियोजन पक्ष ने न्यायालय के समक्ष क्रमबद्ध तरीके से मौखिक, दस्तावेजी और वैज्ञानिक साक्ष्य प्रस्तुत किए। न्यायालय ने सभी साक्ष्यों से सहमत होते हुए आरोपी ताऊ को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। इस प्रकरण में प्रभारी उप-संचालक (अभियोजन) रोशनलाल छापरिया के मार्गदर्शन में शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक/सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी (मुरैना) इन्द्रेश कुमार प्रधान द्वारा की गई।
नागौर में 25 जनवरी को मिले 10 टन विस्फोटक मामले में एनआईए ने जांच पूरी कर ली है। अब एनआईए कोर्ट में इसका केस चलाने की तैयारी कर रही है। ऐसे में बुधार को एनआईए की टीम कलेक्ट्रेट पहुंची और इसकी प्रक्रिया शुरू की। बताया जा रहा है कि आरोपी सुलेमान खान समेत चार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की तैयारी कर ली है। थांवला थाना क्षेत्र के हरसौर में 24 जनवरी को 187 कट्टों (बोरियों) में 9,550 किलो अमोनियम नाइट्रेट रखा मिला था। मौके से सुलेमान खान (50) को गिरफ्तार किया गया था। वह हरसौर का रहने वाला है और उस पर पहले से 3 केस दर्ज हैं। पूछताछ के बाद SIT ने लाइसेंसशुदा मैगजीन संचालक भरत कुमार (नागौर), देवराज मेड़तिया (बुटाटी, नागौर) और महेंद्र पाल सिंह (कड़ेला, नागौर), बंसीलाल बंजारा (बस्सी, चित्तौड़गढ़), को गिरफ्तार किया है। छापा मारकर करीब 10 टन अमोनियम नाइट्रेट, 8750 डेटोनेटर और 18000 मीटर फ्यूज वायर बरामद किया था। राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े इस गंभीर मामले की जांच गृह मंत्रालय के आदेश पर एनआईए को सौंपी गई थी। चार लोगों की टीम पहुंची नागौर मंगलवार देर शाम एनआईए की चार सदस्यीय टीम गोपनीय तरीके सेनागौर जिला मुख्यालय पहुंची। बुधवार सुबह से ही टीम कलेक्ट्रेट कार्यालय में जमी रही। दिनभर चली इस कवायद में टीम ने जिला मजिस्ट्रेट सेविस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत आवश्यक कानूनी स्वीकृतियां प्राप्त करने के लिए दस्तावेज प्रक्रिया में जुटी रही। कलेक्ट्रेट से अभियोजन स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी होने केबाद ही एनआईए इस मामले के सभी सबूत, एफएसएल रिपोर्ट और आरोपियों के बयान के साथ एनआईए अदालत मेंचार्जशीट पेश करेगी। एसआईटी की जांच में भी हुए थे खुलासे एसआईटी की जांच में सामने आया था कि आरोपी देवराज मेडतिया ने लाइसेंस सरेंडर करने के बाद नर्सिंगकर्मी बनकर पर्दे के पीछे से सप्लाई चेन चलाई। वहीं चित्तौड़गढ़ निवासी बंसीलाल बंजारा, महेंद्र पाल और भरत अपने लाइसेंस का दुरुपयोग कर सुलेमान को अवैध तरीके से बारूद बेच रहे थे। सुलेमान इन सप्लायरों से कम दाम में बारूद खरीदकर उसे आगे अवैध रूप से बेचने का काम करता था। जिला मजिस्ट्रेट से मंजूरी मिलते ही एनआईए साक्ष्यों और एफएसएल रिपोर्ट के साथ अदालत में चार्जशीट पेश करेगी। ये था नेटवर्क: देवराज बना नर्सिंगकर्मी, सुलेमान था मास्टरमाइंड आरोपी देवराज मेड़तिया ने 2 साल पहले लाइसेंस सरेंडरकर दिया था और कुचेरा में नर्सिंगकर्मीबन गया। लेकिन, वह पर्दे के पीछे सेसप्लाई चेन चला रहा था। चित्तौड़गढ़ निवासी बंसीलाल बंजारा (3000 टनक्षमता की मैगजीन वाला) सहित महेंद्रपाल और भरत अपने लाइसेंस का दुरुपयोग कर सुलेमान को अवैध तरीकेसे बारूद बेच रहे थे। सुलेमान खान इन सप्लायरों से कम दाम में बारूद लेकर आगे बेचता था। दरअसल, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत किसी भी आरोपी पर कोर्ट में ट्रायल शुरू करनेसे पहले केंद्रीय जांच एजेंसी को सरकार या सक्षम प्राधिकारी (जिला मजिस्ट्रेट) कीअनुमति अनिवार्य है। एनआईए ने बारूद की प्रकृति और खतरे का आकलन किया। सबूतों के आधार पर अब जिला मजिस्ट्रेट से केस चलाने की परमिशन ली जा रही है। मंजूरी मिलते ही एनआईए कोर्ट में कानूनी रूप से अभियोग पत्र दायर कर सकेगी। ये खबर भी पढ़ें… राजस्थान में 26 जनवरी से पहले 9500kg विस्फोटक पकड़ा:अमोनियम नाइट्रेट खेत में रखा था, 1 अरेस्ट; दिल्ली ब्लास्ट में इसी का इस्तेमाल हुआ था राजस्थान के नागौर में पुलिस ने 26 जनवरी से पहले एक खेत से भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किया है। थांवला थाना इलाके के हरसौर गांव में शनिवार रात पुलिस ने दबिश दी। यहां 187 कट्टों (बोरियों) में 9,550 किलो अमोनियम नाइट्रेट रखा मिला। (यहां पढ़ें पूरी खबर)
लखनऊ में ऐशबाग इलाके में लंबे समय से अवैध कब्जे में चल रही एलडीए की करीब 200 करोड़ रुपए की नजूल जमीन अब खाली कराई जाएगी। इस जमीन पर मध्यम वर्ग के लिए 264 फ्लैट बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। खास बात यह है कि ये फ्लैट शहर की प्राइम लोकेशन पर होंगे और इनकी प्रस्तावित कीमत करीब 30 लाख रुपए रखी गई है। एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने हाल ही में मौके का निरीक्षण किया, जिसके बाद पूरे प्रकरण में तेजी आई। अधिकारियों की टीम ने सर्वे किया तो पता चला कि जमीन पर 50 साल से अधिक समय से कब्जा है। यह जमीन रामलीला ग्राउंड रोड के पास स्थित है, जहां आगे मदरसा और दुकानें बनी हैं, जबकि पीछे के हिस्से पर अवैध कब्जा है। स्टे हटते ही तेज हुई कार्रवाई इस जमीन पर मामला हाईकोर्ट में लंबित था, लेकिन एलडीए ने पैरवी कर स्टे खत्म करा लिया है। अब कब्जा हटाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। हालांकि, एलडीए ने साफ किया है कि सामने बने मदरसे से कोई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी और केवल पीछे के हिस्से को कब्जामुक्त कराया जाएगा। मिडिल क्लास के लिए प्राइम लोकेशन पर घर एलडीए पहली बार शहर के इतने प्रमुख इलाके में मध्यम वर्ग के लिए किफायती फ्लैट लाने जा रहा है। इससे पहले देवपुर पारा में सस्ते फ्लैट बनाए गए थे, लेकिन वह क्षेत्र शहर से दूर था। ऐशबाग प्रोजेक्ट को लोकेशन के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य एलडीए अधिकारियों के मुताबिक, जमीन खाली होते ही अपार्टमेंट निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। करीब 264 फ्लैट का प्रस्ताव तैयार है, जिससे शहर के मध्यम वर्ग को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
गुना हवाला कांड में गाड़ी से 1 करोड़ रुपए मिले और इनमें से 20 लाख रुपए लेकर पुलिस ने छोड़ दिया। हकीकत में ऐसा नहीं हुआ था। गाड़ी में 4 करोड़ रुपए थे और पुलिस ने इनमें से 2 करोड़ रुपए अपने पास रखे। इसकी प्रॉपर डील हुई और सभी पुलिसकर्मियों की अलग-अलग भूमिका थी। एएसआई हवाला कारोबारी को गाड़ी से लेकर आया और रुपए की डील थाना प्रभारी ने की थी। इस पूरे कांड में एसपी ऑफिस और निवास पर इसमें शामिल पुलिसकर्मियों की लोकेशन मिली है। इतना ही नहीं व्यापारी भी वहां मौजूद था। यह खुलासा जांच रिपोर्ट में हुआ है। मार्च में हुए हवालाकांड की जांच रिपोर्ट ग्वालियर आईजी की टेबल तक पहुंच चुकी है। आईजी के निर्देश पर गुना SP ने चारों पुलिसकर्मियों को चार्जशीट जारी कर दी है। अब इस मामले में विभागीय जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी। जांच रिपोर्ट में क्या है, किसकी भूमिका क्या रही… दैनिक भास्कर ने यह जानने की कोशिश की। पढ़िए रिपोर्ट… पहले मामला और अब तक का घटनाक्रम जानिए 19 मार्च 2026, रूठियाई चौकी। नेशनल हाईवे-46 पर पुलिस ने गुजरात पासिंग गाड़ी को रोका था। दावा किया गया कि सर्चिंग के दौरान कार में 1 करोड़ रुपए मिले। इनमें से पुलिस ने 20 लाख रुपए लेकर गाड़ी को छोड़ दिया। अगले दिन गुजरात से एक आईपीएस का कॉल आया तो पुलिस ने वह रुपए भी लौटा दिए। 20 मार्च को गाड़ी पैसे लेने वापस गुना आई और पांच घंटे तक यहीं रही। 22 मार्च को ग्वालियर DIG अमित सांघी गुना पहुंचे और उन्होंने शुरुआत में चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया। अगले दिन गुना एसपी अंकित सोनी को भी हटा दिया। इतना ही नहीं मामले की जांच ट्रेनी आईपीएस आयुष जाखड़ को सौंपी गई। 25 दिन चली जांच के बाद आईजी अरविंद सक्सेना को यह रिपोर्ट सौंपी गई है। रिपोर्ट में पुलिसकर्मियों, व्यापारियों और इससे जुड़े लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं। रिपोर्ट में निलंबित चारों पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध मिली है। 7 पॉइंट्स में समझिए हवाला की पूरी कहानी 1. थाना प्रभारी ने आवास पर बुलाई गाड़ी 19 मार्च 2026 : धरनावदा थाना क्षेत्र के तत्कालीन प्रभारी प्रभात कटारे (SI) को पुलिसकर्मियों ने गाड़ी पकड़ने की जानकारी दी। बताया कि उसमें कैश मिला है। जानकारी लगने पर कटारे ने गाड़ी को रूठियाई चौकी न बुलवाकर सीधे अपने आवास पर बुलवाया। वहीं पर डील की गई। इसके बाद वह उसी रात प्राइवेट गाड़ी से गुना आए। अगले दिन भी उनके गुना आने के सबूत जांच अधिकारी को मिले हैं। वह तत्कालीन एसपी से भी ये मिलने पहुंचे। गाड़ी की लोकेशन गुना में मिली है। 2. एएसआई ने हाईवे पर पकड़ी थी गाड़ी रूठियाई चौकी के तत्कालीन प्रभारी सैयद हुसैन ने गाड़ी पकड़ी थी। पुलिसकर्मियों को जब सूचना दी गई तो तलाशी ली। गाड़ी में कैश मिला तो इन्होंने ही थाना प्रभारी को अवगत कराया और गाड़ी को उनके आवास पर लेकर पहुंचे। इनके ही नेतृत्व में CCTV के ब्लाइंड एरिया में थाना प्रभारी के आवास गाड़ी लाई गई। 3. गाड़ी में कैश आने की सूचना इन्हें ही मिली इस पूरे मामले में सबसे मुख्य भूमिका देवेंद्र सिकरवार (प्रधान आरक्षक) की रही। नेशनल हाईवे पर गाड़ी रोकने, फाइनेंस वाली गाड़ियों से वसूली करने वाले एक प्राइवेट आदमी नीरज जादौन (जिस पर आपराधिक मामले दर्ज हैं) से इन्हें इनपुट मिला। नीरज जादौन से इनकी 11 बार बात हुई। इस बात के प्रमाण भी जांच अधिकारी को मिले हैं। 20 मार्च को सिकरवार का मूवमेंट भी एसपी ऑफिस के आसपास मिला है। धरनावदा थाने की डायल 112, एक निजी क्रेटा गाड़ी का मूवमेंट गुना तरफ दिखा। 4. जानकारी अधिकारियों तक नहीं पहुंचाई आरक्षक ड्राइवर सुंदर रमन गाड़ी चलाकर चौकी प्रभारी एएसआई साजिद हुसैन को मौके पर लेकर गया। आरक्षक के सामने ही पूरी कार्रवाई हुई। तब भी उसने वरिष्ठ अधिकारियों को कोई सूचना नहीं दी। बाद में भी किसी बात से अवगत नहीं कराया। 5. व्यापारी भी एसपी ऑफिस/बंगले पहुंचे जांच टीम को यह भी सबूत मिले हैं कि घटना के अगले दिन 20 मार्च को गुजरात के व्यापारी अनिल पटेल और मौलिक पटेल का मूवमेंट भी गुना में रहा। एसपी ऑफिस/बंगले के पास उनकी गाड़ी आती जाती दिखी है। 20 मार्च को पांच घंटे वही गाड़ी गुना में थी। ये पगारा टोल नाके के CCTV और टोल कटने से स्पष्ट हुआ है। इससे यह संभावना जताई जा रही है कि अगले दिन दोनों व्यापारियों की मुलाकात एसपी से हुई और फिर इन्हें पैसे वापस किए गए। 6. पुलिस ने रोजनामचे में नहीं की एंट्री इस कैश कांड में धरनावदा थाने की टीम पर यही सबसे बड़ा सवाल है कि पुलिस ने गाड़ी को पकड़ा और उसमें कैश लीगल भी था। जांच के बाद गाड़ी को छोड़ दिया गया, तो इसकी एंट्री रोजनामचे में क्यों नहीं की गई। न ही वरिष्ठ अधिकारियों को कोई सूचना दी गई। इसी कारण प्रथम दृष्टया इनकी भूमिका संदिग्ध लगने पर चारों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया था। 7. पुलिस ने जूट बैग में 2 करोड़ लिए जांच रिपोर्ट में गाड़ी में मिले कैश को लेकर भी उल्लेख है। भास्कर पड़ताल में पता चला कि गाड़ी में जूट की बोरी में 4 करोड़ मिले थे। डील अनुसार- 50 प्रतिशत यानि दो करोड़ कैश पुलिस ने रखा और दो करोड़ के साथ गाड़ी को रवाना कर दिया। गाड़ी के रवाना होते ही पुलिस ने पसरेंट पर बात की, लेकिन बंटे नहीं। हालांकि कुछ घंटे बाद ही इन्हें पूरे दो करोड़ रुपए हवाला कारोबारी को वापस करना पड़े, क्योंकि रुपए वापस करने के लिए गुजरात से हाई लेवल पर कॉल किया गया था। कॉल आने के बाद अगले दिन वही गाड़ी पैसे वापस लेने आई। व्यापारियों ने मानी एसपी से मुलाकात की बात गुजरात के व्यापारी ने अपने बयानों में एसपी से मुलाकात की बात स्वीकार की थी। सूरत के मसाला व्यापारी दक्षित पटेल ने बताया था कि उनके पास केवल 9.50 लाख रुपए थे, जो गुजरात से दिल्ली भेजे थे। लेकिन जब दिल्ली में दूसरा व्यापारी नहीं मिला तो उनका ड्राइवर स्कॉर्पियो गाड़ी (GJ05 RK 9351) से पैसे वापस लेकर इंदौर लौट रहा था, तभी गुना की रूठियाई पुलिस चौकी के पास स्थित टोल नाके पर पुलिस ने चैकिंग के दौरान गाड़ी को रोक लिया था, लेकिन जब हमने बताया कि हमारा पैसा एक नंबर का है तो हमें जाने दिया। उन्होंने इंदौर पहुंचकर देखा तो बैग में 8.50 लाख रुपए थे। पैसे गिनने में गलती हो गई थी, इसलिए वापस गुना पहुंचकर एसपी अंकित सोनी से मुलाकात की और एक लाख रुपए गायब होने के बारे में बताया। एसपी साहब ने कहा कि लिखित शिकायत कर दो, जांच करवाते हैं। लेकिन हमने कहा कि एक बार दोबारा रूठियाई थाने में जाकर देखते हैं, कहीं पैसा किसी ने निकाला तो नहीं। रूठियाई थाने पहुंचकर पता किया तो पुलिस की कोई गलती नहीं थी, बल्कि बैग में शुरू से ही एक लाख रुपए कम थे। हमने किसी भी तरह की शिकायत नहीं की और वहां से वापस आ गए। (भास्कर ने 22 मार्च को ही बता दिया था कि किस पुलिसकर्मी की क्या भूमिका रही।) इससे जुड़ी यह खबरें भी पढ़ें… 1. गुना हवाला कांड: जांच में चार पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप गुना में मार्च महीने में हुए हवाला कांड में जांच अधिकारी ने जांच रिपोर्ट IG को सौंप दी है। जांच रिपोर्ट में चार पुलिसकर्मियों का आचरण संदिग्ध पाया गया है। इसके बाद SP ने चारों पुलिसकर्मियों पर आरोप तय कर उन्हें आरोप पत्र सौंप दिए हैं। इस मामले में अब विभागीय जांच होगी। पढ़ें पूरी खबर… 2. पुलिस ने 1 करोड़ पकड़े...20 लाख लेकर छोड़ा, 4 सस्पेंड एमपी के गुना में सिवनी जैसा एक और संदिग्ध हवाला कांड सामने आया है। आरोप है कि पुलिस ने गुजरात के एक जीरा कारोबारी की कार से करीब 1 करोड़ रुपए कैश पकड़े, लेकिन 20 लाख रुपए रखकर उसे छोड़ दिया। पढ़ें पूरी खबर…
चंडीगढ़ में नगर निगम और क्रेस्ट से जुड़े बहुचर्चित बैंक घोटाले में अब अधिकारियों पर कार्रवाई शुरू हो गई है। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक से संबंधित वित्तीय अनियमितताओं के सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए क्रेस्ट के पूर्व CEO और भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी नवनीत कुमार श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया है। प्रशासन की सिफारिश पर केंद्र सरकार ने यह आदेश जारी किया, जिसके बाद विभागीय हलकों में हलचल तेज हो गई है। जानकारी के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान नवनीत श्रीवास्तव को मुख्यालय में रिपोर्ट करना होगा। इससे पहले उन्हें पिछले सप्ताह ही CEO पद से हटा दिया गया था। मामले में पुलिस पहले ही एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर चुकी है और जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। निदेशक सुखविंदर अबरोल हो चुका गिरफ्तार इस घोटाले में क्रेस्ट के पूर्व परियोजना निदेशक सुखविंदर अबरोल को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है और वह इस समय न्यायिक हिरासत में है। पुलिस की जांच में नगर निगम और क्रेस्ट से जुड़े कई अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों की पहचान भी सामने आई है, जिनमें से कुछ को हिरासत में लिया जा चुका है। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में इस मामले में और भी अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है। पिछले महीने हुई नगर निगम की सदन बैठक में पार्षदों ने इस पूरे मामले की जांच सीबीआई से करवाने की सिफारिश भी पारित की थी। प्रशासन इस घोटाले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच कर रहा है। टैक्सी के जरिए पहुंचाया गया कैश सूत्रों से पता चला अबरोल ने पुलिस पूछताछ में बताया यह रकम दो बार टैक्सी से गाजियाबाद भेजी गई, जहां इसे IFS अफसर के रिश्तेदार के घर पहुंचाया गया। उसने टैक्सी चालक का नाम भी पुलिस को बताया है। अब पुलिस सबसे पहले टैक्सी चालक से पूछताछ करेगी, जिसके बाद संबंधित IFS अफसर से भी पूछताछ की तैयारी है। वहीं इस पूरे मामले में चंडीगढ प्रशासक गुलाबचंद कटारिया भी नजर बनाए हुए हैं और उन्हे इस पूरे मामले की जानकारी दी जा रही है। एफडी घोटाले में नलिनी भी जेल भेजी पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद सुखविंदर अबरोल को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और वह इस समय बुडैल जेल में बंद है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से जुड़े 118 करोड़ रुपए के फर्जी एफडी मामले में गिरफ्तार चीफ फाइनेंस ऑफिसर नलिनी को भी कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने दोबारा रिमांड नहीं मांगा और उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। एनपी शर्मा के खिलाफ सबूत नहीं मिले मामले में पूर्व चीफ इंजीनियर एनपी शर्मा से पूछताछ की गई, लेकिन अब तक उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं। जांच में न तो उनके खातों में संदिग्ध लेनदेन मिला और न ही एफडी से जुड़े दस्तावेजों पर उनके हस्ताक्षर पाए गए। जांच में सामने आया है कि ज्वैलर अनुभव मिश्रा ने अपने माता-पिता के खातों में करीब 70 लाख रुपए ट्रांसफर करवाए। बताया जा रहा है कि इस रकम से उसने एक प्रॉपर्टी भी खरीदी है, जिसकी जानकारी पुलिस जुटा रही है।
लुधियाना के सराभा नगर थाना के अंतर्गत आने वाले बाबा नंद सिंह नगर (इयाली कलां) में एक दामाद की और से पुरानी रंजिश के चलते आरोपी दामाद ने अपने ससुर के घर में डीजल छिड़ककर आग लगा दी। इस घटना में घर का काफी कीमती सामान जलकर राख हो गया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। शादी के बाद से ही चल रहा था विवाद पुलिस को दी शिकायत में राज कुमार शुक्ला (निवासी इयाली कलां) ने बताया कि उनकी बेटी आरती की शादी आशीष तिवारी के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही आरोपी आशीष का अपनी पत्नी और ससुराल वालों के साथ झगड़ा चलता रहता था। इसी रंजिश के चलते उसने इस वारदात को अंजाम दिया। ससुर काम पर गया था, पीछे से की वारदात राज कुमार ने बताया कि 22 अप्रैल को वह अपने काम पर गए हुए थे। इसी दौरान उनकी पत्नी संगीता ने फोन कर बताया कि दामाद आशीष हाथ में डीजल से भरी प्लास्टिक की केनी लेकर घर में घुस आया। उसने नुकसान पहुंचाने की नीयत से घर के सामान पर डीजल छिड़का और आग लगा दी। जान से मारने की धमकी देकर हुआ फरार आग लगाने के बाद आरोपी ने पूरे परिवार को जान से मारने की धमकियां दीं और मौके से फरार हो गया। शोर मचने पर आसपास के लोगों ने आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन तब तक घर का काफी सामान जल चुका था। पुलिस की कार्रवाई: आरोपी गिरफ्तार सराभा नगर पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए त्वरित कार्रवाई की और आरोपी आशीष तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई प्लास्टिक की केनी भी बरामद कर ली है।और धारा 326 (G),324(4), 351 (3) BNS के तहत कार्रवाई की गई
दौसा जिला शिक्षा अधिकारी ने राउमावि बसवा के प्रयोगशाला सहायक आदित्य कुमार को सस्पेंड कर दिया है। वह 5 दिन पहले बांदीकुई एसडीएम आफिस में 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया था। इसके बाद निलंबन की कार्रवाई की गई है। डीईओ (मा.) अशोक शर्मा द्वारा जारी आदेश में बताया है कि लैब सहायक 20 अप्रैल से पुलिस व न्यायिक हिरासत में है। इसके चलते निलंबन किया गया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय सीबीईओ कार्यालय महवा रहेगा। वह 2020 से डेपुटेशन पर लगा हुआ था। यह था पूरा मामलाबांदीकुई एसडीएम कार्यालय के डेपुटेशन पर लगा लैब सहायक आदित्य शर्मा को सोमवार दोपहर एसीबी टीम ने जमीन संबंधी मामले में 15 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। इस सम्बंध में एसीबी के हेल्पलाइन नंबर 17 अप्रैल को शिकायत मिली थी कि जमीन पर स्टे देने की कार्रवाई में एसडीएम कार्यालय का कर्मचारी आदित्य शर्मा 30 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा है। अलवर एसीबी के डीएसपी शब्बीर खान ने बताया- एसीबी की टीम की ओर से मामले की जांच की गई। जिस पर इसकी पुष्टि होना पाया गया। इसके बाद सौदा 20 हजार रुपए तय हो गया। सोमवार को एसडीएम ऑफिस के कर्मचारी ने परिवादी को रिश्वत लेकर बुलाया। इस दौरान टीम ने कर्मचारी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। SDM की भूमिका की जांच जारीडीएसपी ने बताया-परिवादी द्वारा दी गई शिकायत में बताया कि कर्मचारी यह रिश्वत की राशि एसडीएम के नाम से मांग रहा है। ऐसे में एसडीएम की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जिसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
बुधवार देर रात बदनावर मार्ग पर एक सड़क हादसे में बच्चे और महिलाएं सहित 10 लोग घायल हो गए। यह हादसा तब हुआ जब मन्नत उतारकर लौट रहे ग्रामीणों की पिकअप और एक ऑटो में भिड़ंत हो गई। गंभीर घायलों को उच्च केंद्र रेफर किया गया है। यह घटना सारंगी चौकी क्षेत्र के बदनावर मार्ग पर शराब दुकान के पास हुई। पिकअप (MP 11G 5790) और टाटा ऐस ऑटो (MP 45 ZG 1355) के बीच जोरदार टक्कर हुई। दोनों वाहनों में सवार करीब 10 लोग घायल हुए, जिनमें डेढ़ साल के मासूम बच्चे से लेकर बुजुर्ग महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस ने सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया सूचना मिलते ही सारंगी चौकी प्रभारी दीपक देवरे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को संभाला और इलाज के लिए तत्काल पेटलावद सिविल अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टर दुर्गेश चौहान और डॉक्टर हिमांशु वैष्णव की टीम ने घायलों का इलाज किया। डॉक्टरों के अनुसार, घायलों में से एक बच्चे और एक महिला की स्थिति गंभीर बनी हुई है, जिन्हें प्राथमिक इलाज के बाद उच्च केंद्र रेफर किया जा रहा है। ग्रामीण बदनावर क्षेत्र के नाहरखेड़ा से पेटलावद के रामगढ़ में अपनी मन्नत उतारने गए थे। दिन भर धार्मिक कार्यक्रम संपन्न करने के बाद वे अपने घर वापस लौट रहे थे, तभी यह दुर्घटना हुई। हादसे में ये लोग घायल हुए हैं: कार्तिक पिता पवन खराड़ी (डेढ़), निवासी धामनोद, रतलाम सुगना पति मांगीलाल सिंगाड़ (55), निवासी खाराखेड़ी, रतलाम सुनीता पति भुवान खराड़ी (27), निवासी सैलाना, रतलाम भुला पति सुरेश गामड़ (25) निवासी नाहरखेड़ा, बदनावर सुनील पिता झितरा मेडा (22), निवासी मेलपाड़ा केसरपुरा, झाबुआ राहुल पिता जगदीश गामड़, निवासी नाहरखेड़ा, बदनावर बसंती पति प्रकाश गामड़ (35), निवासी नाहरखेड़ा, बदनावर जली पिता ईश्वर औसारी (14), निवासी नाहरखेड़ा, बदनावर विशाल पिता सुरेश गामड़ (14), निवासी नाहरखेड़ा, बदनावर शंकर पिता मांगीलाल गामड़ (50), निवासी नाहरखेड़ा, बदनावर
कांग्रेस के 'संगठन बढ़ाओ, लोकतंत्र बचाओ' अभियान के तहत शुक्रवार, 24 अप्रैल को पोकरण विधानसभा क्षेत्र के फलसूंड में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन की अध्यक्षता राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा करेंगे। कार्यक्रम को लेकर पूरे जैसलमेर जिले के कार्यकर्ता व पदाधिकारी जुटे हैं और फलसूंड में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरदीन फकीर ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य संगठन की जड़ों को और अधिक सशक्त करना व वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि पीसीसी अध्यक्ष कार्यकर्ताओं में नए जोश का संचार करेंगे और आगामी रणनीतियों पर चर्चा करेंगे। फलसूंड को इस आयोजन के लिए विशेष रूप से सजाया गया है, जहाँ जिले भर से हजारों कार्यकर्ताओं के जुटने की उम्मीद है। मंच पर नजर आएंगे दिग्गज नेता इस सम्मेलन में मारवाड़ और पश्चिमी राजस्थान के कई बड़े चेहरे एक साथ नजर आएंगे। कार्यक्रम में पूर्व कैबिनेट मंत्री शाले मोहम्मद, सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल और लोकसभा प्रत्याशी रहे करण सिंह उचियारड़ा विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। साथ ही संगठन के जिला प्रभारी रामविलास चौधरी, विभिन्न क्षेत्रों के पूर्व विधायक, पूर्व जिला अध्यक्ष, पूर्व जिला प्रमुख और अग्रिम संगठनों के अध्यक्ष भी मंच साझा करेंगे। कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की रणनीति राजनीतिक जानकारों का मानना है कि डोटासरा का यह दौरा जैसलमेर और पोकरण क्षेत्र में कांग्रेस की पकड़ को और मजबूत करेगा। अमरदीन फकीर ने बताया कि अग्रिम संगठनों और ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों को विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सम्मेलन के जरिए कांग्रेस अपनी एकजुटता का संदेश देगी और संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने की योजना पर काम करेगी। दोपहर में शुरू होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर प्रशासन ने भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
मंदसौर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में आज गुरुवार को विद्युत आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद रहेगी। यह कटौती 11 केवी विद्युत लाइनों के मानसून पूर्व आवश्यक रख-रखाव कार्य के कारण की जाएगी। सहायक यंत्री के अनुसार, मंदसौर ग्रामीण क्षेत्र में सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक बिजली प्रदाय बाधित रहेगा। इस दौरान विद्युत सिंचाई के कनेक्शन पर भी काम किया जाएगा। नरसिंहपुरा और बादलपुरा क्षेत्र सहित आसपास के इलाकों में भी बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है। विभाग ने बताया कि रख-रखाव कार्य की आवश्यकता के अनुसार समय में परिवर्तन (घटाया या बढ़ाया) भी किया जा सकता है। बिजली विभाग ने नागरिकों को होने वाली असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है। विभाग ने सलाह दी है कि नागरिक अपने आवश्यक कार्य पूर्व में ही निपटा लें।
नर्मदापुरम कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में श्रीनाथ वेयरहाउस (शोभापुर) से गेहूं उठाने के बदले रिश्वत मांगने की शिकायत पर बुधवार शाम अधिकारियों की टीम ने जांच की। शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक चली जांच में नागरिक आपूर्ति निगम (नॉन) और वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधकों ने 2023-24 में समर्थन मूल्य पर खरीदे गए गेहूं के सैंपल लिए। रिश्वत के आरोपों से घिरे पिपरिया के शाखा प्रभारी आयुष अवधिया को हटाकर सेमरी हरचंद तबादला कर दिया गया है, वहीं वेयरहाउस में रखे गेहूं को उठाने का निर्णय गुरुवार को जांच रिपोर्ट के आधार पर किया जाएगा। 7 हजार क्विंटल गेहूं रखा, 14 महीने से उठने का इंतजार 73 वर्षीय बुजुर्ग और वेयरहाउस संचालक के प्रतिनिधि मोहन पालीवाल ने मंगलवार को जनसुनवाई में कलेक्टर सोमेश मिश्रा को बताया था कि वर्ष 2023-24 में समर्थन मूल्य खरीदी का करीब 7 हजार क्विंटल गेहूं उनके श्रीनाथ वेयरहाउस में रखवाया गया था। इसमें से 125 मीट्रिक टन गेहूं उठवाने के लिए नागरिक आपूर्ति विभाग के जिला प्रबंधक ने आदेश जारी किए थे। इसके बावजूद 14 महीने बीत जाने के बाद भी गेहूं का उठाव नहीं किया गया। पैसे नहीं देने पर गेहूं न उठाने का आरोप शिकायतकर्ता मोहन पालीवाल ने आरोप लगाया कि नॉन शाखा प्रभारी आयुष अवधिया और सर्वेयर भरत कुमार द्वारा पैसे की मांग की गई। मांग पूरी नहीं करने पर जानबूझकर गेहूं को नहीं उठाया गया। पालीवाल ने बताया कि इससे पहले वर्ष 2021-22 में भी 20 हजार रुपए की मांग पूरी नहीं करने पर उनके 169 क्विंटल गेहूं को डीजीसी (DGC) घोषित कर दिया गया था और इस कार्रवाई की सूचना भी उन्हें समय पर नहीं दी गई थी। 3 घंटे तक लिए सैंपल, जांच रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी जाएगी शिकायत पर कलेक्टर के निर्देश के बाद बुधवार शाम 5 बजे नॉन के जिला प्रबंधक सुरेश सनखेरे, वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधक वासुदेव डवडे, उपज गुणवत्ता विशेषज्ञ शिवजी पटेल और नए शाखा प्रबंधक अंकित साहू वेयरहाउस पहुंचे। जांच के दौरान संचालक प्रतिनिधि मोहन पालीवाल भी मौजूद रहे। टीम ने करीब 3 घंटे तक जांच की और कुछ बोरियों से सैंपल निकाले। जिला प्रबंधक सुरेश सनखेरे ने बताया, वेयरहाउस में रखे गेहूं के सैंपल लिए हैं। रात होने की वजह से जांच पूरी नहीं हो पाई। इसलिए गेहूं को लेकर निर्णय गुरुवार को होगा। नॉन के डीएम जांच प्रतिवेदन कलेक्टर को सौंपेंगे, जिसके बाद तय होगा कि वेयरहाउस में रखा गेहूं उठने लायक है या नहीं। पिपरिया शाखा प्रभारी आयुष अवधिया का तबादला पिपरिया नागरिक आपूर्ति निगम के शाखा प्रभारी आयुष अवधिया पर रिश्वत मांगने और गेहूं न उठाने के आरोप लगने के बाद विभाग ने कार्रवाई की है। नॉन जिला प्रबंधक सनखेरे ने शाखा प्रभारी आयुष को पिपरिया से हटाकर उनका तबादला सेमरी हरचंद कर दिया है। उनके स्थान पर सेमरी हरचंद के शाखा प्रभारी अंकित साहू को पिपरिया भेजा गया है।
कैलारस में पहाड़गढ़ रोड पर देर रात पुलिस ने चेकिंग के दौरान अवैध रेत से भरा एक बिना नंबर का ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त किया है। पुलिस ने रेत से जुड़े वैध दस्तावेज पेश न कर पाने पर ट्रैक्टर चालक को मौके से गिरफ्तार कर लिया है। वर्तमान में पुलिस ने 7 लाख रुपए कीमत के ट्रैक्टर को जब्त कर थाने में रखवा लिया है और मामला दर्ज कर राजसात की आगे की कार्रवाई के लिए खनिज व वन विभाग को सूचित कर दिया है। पहाड़गढ़ रोड पर चेकिंग में पकड़ा गया बिना नंबर का ट्रैक्टर जानकारी के अनुसार, कैलारस पुलिस ने अवैध रेत परिवहन रोकने के लिए पहाड़गढ़ रोड पर चेकिंग पॉइंट लगाया हुआ था। इसी दौरान देर रात पहाड़गढ़ रोड की तरफ से एक पावर ट्रैक कंपनी का बिना रजिस्ट्रेशन वाला ट्रैक्टर सामने से आते दिखाई दिया। पुलिस ने जब उसे रुकवाकर चेक किया तो ट्रॉली में अवैध रेत भरी हुई थी। पुलिस ने ट्रैक्टर चालक से रेत के परिवहन से जुड़े वैध दस्तावेज मांगे, जो वह नहीं दे सका। चालक गिरफ्तार, वन और खनिज विभाग को दी सूचना दस्तावेज न मिलने पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर लिया और उसे थाने ले आई। वहीं, पुलिस ने मौके से ट्रैक्टर चालक प्रदीप रावत (पुत्र बैजनाथ रावत, निवासी मामचौंन) को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए ट्रैक्टर की कीमत लगभग 7 लाख रुपए बताई गई है। कैलारस थाना प्रभारी टीआई सतेंद्र सिंह कुशवाहा के अनुसार, अवैध रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़कर चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामला दर्ज कर खनिज और वन विभाग को अग्रिम कार्रवाई के लिए सूचित कर दिया गया है।
रतलाम में पटवारी रविशंकर खराड़ी ने अपने ही घर की तीसरी मंजिल पर साफे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड से पहले उन्होंने पटवारी संघ के आलोट तहसील अध्यक्ष नरेंद्र वर्मा को व्हाट्सएप पर एक सुसाइड नोट भेजा था, जिसमें नायब तहसीलदार सविता राठौर पर काम का दबाव बनाने, गलत काम कराने और छोटे भाई की शादी में छुट्टी न देने के आरोप लगाए गए हैं। पटवारी 21 अप्रैल को अपने छोटे भाई की शादी में शामिल हुए थे, लेकिन अचानक रिसेप्शन छोड़कर घर आ गए और अगले दिन यह आत्मघाती कदम उठा लिया। वर्तमान में थाना औद्योगिक पुलिस ने मृतक के कमरे से 3 मोबाइल और बेड के नीचे से ऑरिजनल सुसाइड नोट बरामद कर कमरे को सील कर दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की जांच की बात कह रही है। शादी में किया डांस, रिसेप्शन से रहे गायब रविशंकर के छोटे भाई सिद्धार्थ की शादी 21 अप्रैल को हुई थी। राजस्थान की सीमा में लगे दानपुर के पैतृक गांव से बारात रतलाम जिले के बड़ी सरवन आई थी। शादी में रविशंकर ने खुश होकर डांस भी किया और परिजनों ने उन्हें साफा पहने हुए कंधे पर भी उठाया था। हालांकि, 21 अप्रैल को बारात लौटने से पहले ही वे वहां से निकल गए। उनका फोन बंद आने लगा और वे शाम को रिसेप्शन में भी नहीं पहुंचे। रात 2 बजे घर आकर वे अपने कमरे में सो गए। 22 अप्रैल की सुबह 10 बजे भाई ने चाय-नाश्ते का पूछा तो उन्होंने मना कर दिया। दोपहर 3 बजे पत्नी रीना कमरे में गई तो पति फांसी के फंदे पर लटका मिला। शोर मचाने पर परिजन उन्हें फंदे से उतारकर सीधे मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सुसाइड नोट में लिखा- दबाव पूर्ण नौकरी नहीं कर सकता मृतक रविशंकर खराड़ी ने पुलिस को मिले सुसाइड नोट में लिखा…'मेरा नाम रविशंकर खराड़ी है। मैं पटवारी हल्का नंबर 34 में पटवारी पद पर पदस्थ हूं। मेरे ऊपर नायब तहसीलदार सविता राठौर द्वारा काम के लिए दबाव बनाया जा रहा है। मौका रिपोर्ट, पंचनामा, बटकान और फर्द दबाव बनाकर चेंज कराई गई थी।' उन्होंने आगे लिखा…'नायब तहसीलदार के द्वारा दबाव डालकर काम कराने के कारण मैं अपने भाई की शादी में भी ध्यान नहीं दे पाया हूं। कई परिचित व्यक्तियों को पत्रिका देने का भी समय नहीं मिल पाया था। मुझे कई बार अपने क्वार्टर पर बुलाकर यह भी कहा गया कि मेरे भाई की शादी अच्छे से नहीं होने दूंगी और मुझे शादी में समय भी नहीं देने देंगी।' सुसाइड नोट में आगे उल्लेख किया कि ‘काम पर दबाव बनाने की रिकॉर्डिंग और जिनके पक्ष में मुझ पर दबाव डालकर काम कराया गया, उसकी रिकॉर्डिंग भी है। रणजीत सिंह की छुट्टी के दिन अपने क्वार्टर पर बुलाकर गलत काम कराने की रिकॉर्डिंग सामने आने पर मेरे विरुद्ध कारण बताओ नोटिस निकाला जा रहा है।’ अंत में उन्होंने लिखा…'नायब तहसीलदार के साथ इस तरह के दबाव में मैं नौकरी नहीं कर सकता हूं।' वॉट्सएप ग्रुप में पूछा- कितने सपोर्ट करेंगे सामने आया है कि नायब तहसीलदार सविता राठौर द्वारा अप्रैल माह में ही 4 दिन के अंदर 3 कारण बताओ नोटिस दिए गए। तीनों नोटिस 6 अप्रैल, 8 अप्रैल व 9 अप्रैल को दिए गए। इसके साथ ही तीन दिन में जवाब मांगते हुए एकतरफा कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। सुसाइड से पहले 22 अप्रैल की सुबह 10:27 बजे रविशंकर ने 'न्यू आलोट प्रांतीय पटवारी संघ' के वॉट्सएप ग्रुप में मैसेज किया, ‘मेरा एक सवाल है, मेरे साथ कितने पटवारी मेरा सपोर्ट करेंगे।’ इसके बाद 11:45 बजे तहसील अध्यक्ष नरेंद्र वर्मा को सुसाइड नोट भेजा। फिर 11:52 बजे ग्रुप में लिखा, ‘धन्यवाद सबके सपोर्ट के लिए।’ तहसील अध्यक्ष और अन्य साथियों ने इसके बाद लगातार कॉल किए, लेकिन रविशंकर ने जवाब नहीं दिया। 4 महीने पहले पिता की मौत पर मिली थी अनुकंपा नियुक्ति मृतक रविशंकर के पिता रकमेश्वर खराड़ी भी पटवारी थे। दिसंबर 2023 में हार्ट अटैक के कारण उनकी मौत हो गई थी, जिसके बाद बड़े बेटे रविशंकर को अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। उनकी 4 साल की एक बेटी है और पत्नी रीना खराड़ी वर्तमान में प्रेग्नेंट हैं। घर में मां व छोटा भाई है। बड़े भाई के अचानक उठाए गए इस कदम से पूरा परिवार सदमे में है कि आखिर शादी में खुश नजर आ रहे रविशंकर ने ऐसा क्यों किया। ये खबर भी पढ़िए… पटवारी सुसाइड केस, नायब तहसीलदार निलंबित रतलाम के आलोट में पदस्थ पटवारी रविशंकर खराड़ी के सुसाइड मामले में नायब तहसीलदार के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करने व निलंबन को लेकर बुधवार को मेडिकल कॉलेज मे 7 घंटे तक धरना चला। धरने में परिजनों के साथ पटवारी व सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार भी शामिल हुए। कार्रवाई नहीं होने तक पीएम कराने से मना कर दिया…पूरी खबर पढ़िए
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 23 अप्रैल गुरुवार को सागर जिले की नरयावली विधानसभा में आ रहे हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद सागर जिले में यह उनका 17वां दौरा है। सीएम नरयावली में सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण करेंगे। इस दौरान वे सांदीपनि विद्यालय समेत 63.41 करोड़ रुपए से अधिक की लागत के कुल 75 विकास और निर्माण कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण करेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोर्ड परीक्षा परिणाम की प्रवीण्य सूची में आए छात्र-छात्राओं को सम्मानित करेंगे और उनसे संवाद भी करेंगे। मुख्यमंत्री 23 अप्रैल की सुबह 11.40 बजे भोपाल स्थित स्टेट हैंगर से हेलीकॉप्टर से रवाना होंगे। दोपहर 12.30 बजे नरयावली हेलीपैड पहुंचेंगे। यहां वे स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होंगे। जनसभा को संबोधित करेंगे। जिसके बाद दोपहर 2.20 बजे नरयावली से भोपाल के लिए रवाना होंगे। बुंदेली परंपरा होगा सीएम का स्वागतसीएम के आगमन को लेकर नरयावली में तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। कार्यक्रम से पहले बुधवार को कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने अधिकारियों के साथ कार्यक्रमस्थल पर पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने हेलीपैड, मंच, बैठक व्यवस्था, पार्किंग, आवागमन मार्ग सहित अन्य व्यवस्थाओं को देखा और काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सांदीपनि विद्यालय के उद्घाटन सत्र में आने वाले विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री का नरयावली में बुंदेली परंपरा के साथ स्वागत किया जाएगा।
सागर के मोतीनगर थाना क्षेत्र के धर्माश्री इलाके में बुधवार को 30 वर्षीय एक महिला ने खुद को कमरे में बंद कर फांसी लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। कंट्रोल रूम से सूचना मिलते ही डायल-112 और मोतीनगर थाना पुलिस ने चंद मिनटों में मौके पर पहुंचकर पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा और फंदा लगा रही महिला की जान बचा ली। पुलिस ने महिला को सुरक्षित बाहर निकालकर समझाइश देकर शांत करा दिया है और मामले में आगे की जांच के लिए उसके बयान दर्ज किए हैं। कंट्रोल रूम को मिली थी सूचना, चंद मिनटों में पहुंची पुलिस पुलिस के अनुसार, बुधवार को पुलिस कंट्रोल रूम में फोन पर सूचना मिली थी कि धर्माश्री इलाके में रहने वाले अनिल की 30 वर्षीय पत्नी रानी ने स्वयं को कमरे में बंद कर लिया है और वह फंदा लगाकर सुसाइड करने की कोशिश कर रही है। सूचना मिलते ही तत्काल डायल-112 और मोतीनगर थाना पुलिस को मौके पर भेजा गया। पुलिस चंद मिनटों में ही अनिल के घर पहुंच गई, जहां उन्होंने देखा तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। खिड़की से झांका तो फंदा लगा रही थी रानी पुलिस टीम ने जब खिड़की से झांककर देखा तो रानी फंदा लगा रही थी। यह देखते ही मौके पर पहुंचे एसआई नरवध सिंह और पायलट साजिद खान ने तुरंत पड़ोसियों की मदद ली और कमरे का दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। पुलिसकर्मियों ने तुरंत रानी को पकड़ लिया और फंदा लगाने से रोककर उसकी जान बचा ली। इसके बाद पुलिसकर्मी महिला को पकड़कर बाहर लाए और उसे समझाइश देकर शांत कराया।
छिंदवाड़ा में सड़क हादसे के बाद युवक की मौत:परिजनों ने लगाया लापरवाही और बदसलूकी का आरोप
छिंदवाड़ा जिले के पांजरा क्षेत्र के पास एक सड़क हादसे में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, परचोली निवासी विवेक रघुवंशी ने गलत दिशा में वाहन चलाते हुए सामने से आ रहे वाहन चालक को टक्कर मार दी। हादसे में राजू काकोड़िया (30), निवासी धामनिया (चांद), गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के तुरंत बाद घायल को बस स्टैंड स्थित आनंद हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, युवक को हार्ट अटैक आया था, जिसके चलते उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। हादसे के बाद परिजनों ने आरोप लगाया कि दुर्घटना के जिम्मेदार युवक ने न सिर्फ लापरवाही दिखाई, बल्कि अस्पताल में उनके साथ गाली-गलौज भी की। आरोप है कि इलाज का करीब 17,500 रुपए का बिल होने के बावजूद वह बिना भुगतान किए ही मौके से फरार हो गया। मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि राजू के पिता प्राइवेट गार्ड का काम करते हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है। परिजनों का कहना है कि हादसे के बाद घायल को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के नाम पर भारी खर्च हुआ, लेकिन आरोपी युवक जिम्मेदारी से बचते हुए भाग गया। फिलहाल पुलिस ने शव को आनंद हॉस्पिटल से जिला अस्पताल भेजकर पोस्टमार्टम के लिए रखवाया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
म्याना थाना क्षेत्र की उमरी चौकी के कांदई गांव में चिकन पकाने से मना करने पर पत्नी की हत्या कर दी थी। रेशमा बाई (30) की हत्या करने वाले आरोपी पति सूर सिंह भिलाला (32) को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 3-4 नवंबर की रात शराब के नशे में धुत पति ने विवाद के बाद पत्नी को लात मारी थी, जिससे उसका सिर दीवार से टकरा गया था और बाद में उसने लाठी से भी पीटा था। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमिताभ मिश्र की कोर्ट ने महज 3.5 महीने में ट्रायल पूरा करते हुए यह फैसला सुनाया है। आरोपी पर 2000 रुपए का जुर्माना भी लगाया है। घटना के 8 घंटे के भीतर ही पुलिस की गिरफ्त में आए इस आरोपी को सजा भुगतने के लिए जेल भेज दिया गया है। 'गोट' से लौटा शराबी पति, चिकन पकाने की जिद पर हुआ विवाद जानकारी के अनुसार, मजदूरी और किसानी करने वाला सूर सिंह भिलाला 3 नवंबर की शाम पत्नी से यह कहकर गया था कि वह 'गोट' (पिकनिक) में जा रहा है और वहीं खाना खाकर लौटेगा। रात करीब 10 बजे वह शराब के नशे में घर लौटा और अपने साथ चिकन लेकर आया। उसने पत्नी से चिकन पकाने को कहा, जिस पर रेशमा ने यह कहते हुए मना कर दिया कि वह खाना खाकर आने की बात कहकर गया था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। लात मारने से दीवार से टकराया सिर, लाठी से भी पीटा बहस के दौरान सूर सिंह ने जमीन पर बैठी पत्नी को जोरदार लात मारी, जिससे उसका सिर पीछे दीवार से टकरा गया और उसे चक्कर आने लगे। इसी बीच गुस्से में पति बाहर से लाठी ले आया और जमीन पर गिरी पत्नी पर कई वार किए। रेशमा बेसुध होकर वहीं लेट गई। आरोपी को लगा कि वह बेहोश हो गई है, इसलिए वह भी वहीं जमीन पर कुछ बिछाकर उसके पास सो गया। सुबह 5-6 बजे नशा उतरने पर उसने पत्नी को उठाने की कोशिश की, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद आरोपी शव को खटिया पर लिटाकर भाग गया। बच्चों ने देखा शव, 8 घंटे में पकड़ा गया आरोपी घटना के वक्त बच्चे बड़ी दादी के घर पर सो रहे थे। जब वे घर पहुंचे, तो मां को मृत देखकर शोर मचाया। गांव से 2 किलोमीटर दूर रहने वाले मायके पक्ष को सूचना दी गई। मृतका के भतीजे सुरेश भिलाला (निवासी माली) की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया। म्याना टीआई रवींद्र सिंह सिकरवार, उमरी चौकी प्रभारी एसआई रचना खत्री, प्रधान आरक्षक अशोक गुर्जर, अतुल शर्मा, वीरभान सिंह, आरक्षक सुनील यादव, रंजीत रमन और अमनप्रीत सिंह चीमा की टीम ने 8 घंटे के भीतर आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया। 2 महीने में चालान, 3.5 महीने में आया कोर्ट का फैसला पुलिस ने वारदात के बाद 2 महीने के अंदर विवेचना पूरी कर चालान कोर्ट में पेश कर दिया था। जनवरी महीने में कोर्ट में ट्रायल शुरू हुआ और महज साढ़े तीन महीने में ही कोर्ट ने ट्रायल पूरा कर लिया। कोर्ट ने आरोपी पति को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। मामले में शासन की ओर से पैरवी लोक अभियोजक अलंकार वशिष्ठ ने की।

