यात्रियों की सुरक्षा, संरक्षा और स्टेशन परिसर में भीड़ प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को रेलवे बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों ने लखनऊ मंडल का निरीक्षण किया। रेलवे बोर्ड के महानिदेशक (सुरक्षा) हितेन्द्र मल्होत्रा और महानिदेशक रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) सोनाली मिश्रा ने चारबाग रेलवे स्टेशन समेत कई स्थानों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उत्तर रेलवे के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। चारबाग स्टेशन पर होल्डिंग एरिया और भीड़ नियंत्रण योजना पर चर्चा निरीक्षण कार्यक्रम की शुरुआत चारबाग रेलवे स्टेशन से हुई, जहां आरआईटीईएस (RITES) की ओर से तैयार की गई भीड़ प्रबंधन और होल्डिंग एरिया की योजना पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। अधिकारियों को बताया गया कि स्टेशन परिसर में यात्रियों की बढ़ती भीड़ को सुव्यवस्थित तरीके से नियंत्रित करने और किसी भी आपात स्थिति में प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए नई व्यवस्थाएं तैयार की जा रही हैं। इसके बाद अधिकारियों ने स्टेशन के पूरे सर्कुलेटिंग एरिया का निरीक्षण कर यात्री आवागमन, सुरक्षा और सुविधाओं से जुड़े पहलुओं की समीक्षा की चारबाग स्टेशन के सेकेंड एंट्री प्रोजेक्ट की प्रगति देखी निरीक्षण के दौरान चारबाग स्टेशन के द्वितीय प्रवेश द्वार (सेकेंड एंट्री) के विकास कार्यों की प्रगति का भी जायजा लिया गया। रेल भूमि विकास प्राधिकरण (RLDA) के अधिकारियों ने परियोजना से जुड़ी जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के तहत आधुनिक यात्री सुविधाएं और बेहतर आधारभूत ढांचा विकसित किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार यह परियोजना भविष्य में स्टेशन पर बढ़ने वाली यात्रियों की संख्या को ध्यान में रखते हुए आवागमन को और अधिक सुगम बनाएगी। आरडीएसओ में तकनीकी अनुसंधान कार्यों की ली जानकारी निरीक्षण कार्यक्रम के तहत अधिकारियों ने लखनऊ स्थित अनुसंधान डिजाइन एवं मानक संगठन (RDSO) का भी दौरा किया। यहां रेलवे से जुड़े विभिन्न तकनीकी अनुसंधान और विकास कार्यों की जानकारी अधिकारियों को दी गई। डीआरएम कार्यालय में हुई समीक्षा बैठक इसके बाद महानिदेशक (सुरक्षा) हितेन्द्र मल्होत्रा लखनऊ स्थित मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय पहुंचे, जहां डीआरएम सुनील कुमार वर्मा की मौजूदगी में मंडल सम्मेलन कक्ष में विस्तृत बैठक आयोजित की गई। बैठक में उत्तर रेलवे के प्रधान मुख्य संरक्षा अधिकारी पंकज कुमार सिंह, अपर मंडल रेल प्रबंधक नीलिमा सिंह, अपर मंडल रेल प्रबंधक शूरवीर सिंह चौहान समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में लखनऊ मंडल में सुरक्षा व्यवस्था, ट्रेन संचालन, स्टेशन प्रबंधन और यात्रियों की सुविधाओं से जुड़े कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही अधिकारियों को व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
मेरठ के ब्रहमपुरी थानाक्षेत्र के शारदा रोड में शुक्रवार को बड़ा हंगामा हो गया। यहां मुस्लिम युवक आरिफ राजू नानू नाम की नेमप्लेट लगाकर कचौरी बेच रहा था। आरिफ ने अपने ठेले पर राजू नानू हिंदू नाम लिखवाया हुआ था। वो ग्राहकों को भी अपना नाम राजू बताकर कचौरी बेच रहा था।शुक्रवार को अचानक कुछ युवकों ने क्यूआर कोड से जब उसे भुगतान किया तो असली नाम आरिफ सामने आ गया। इसके बाद मौके पर हंगामा हो गया। बजरंगदल के तमाम युवक मौके पर पहुंचे और हंगामा करने लगे। सूचना पर स्थानीय चौकी प्रभारी भी पहुंचे और मामला शांत कराया। ठेले पर लगा राजू नानू नाम का पोस्टर उतरवाया गया। आरिफ, राजू बनकर बेच रहा था कचौरी एक युवक द्वारा ठेली पर राजू नानू नाम लिखकर कचौरी बेचने और ऑनलाइन भुगतान के दौरान उसका असली नाम आरिफ सामने आने पर बजरंगदल कार्यकर्ताओं ने हंगामा कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। बताया गया कि एक ग्राहक ने कचौरी खरीदने के बाद ऑनलाइन भुगतान किया। जब उसने क्यूआर कोड स्कैन किया तो भुगतान विवरण में विक्रेता का नाम आरिफ दिखाई दिया, जबकि ठेली पर राजू नानू नाम लिखा हुआ था। मौके पर पहुंचे बजरंग दल कार्यकर्ता ग्राहक ने इसकी जानकारी बजरंगदल के महानगर विद्यार्थी प्रमुख विशाल धानक और उज्ज्वल तायल को दी, जिसके बाद मामला थाने तक पहुंच गया।असली नाम सामने आने के बाद बजरंगदल कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और ठेली पर लिखा नाम हटाने की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन करने लगे। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि शुरुआत में विक्रेता ने खुद को राजू नानू बताया, लेकिन सख्ती करने पर उसने अपना असली नाम आरिफ बताया। थाने पर दिया धरनाकिशनपुरी चौकी प्रभारी के रवैये से नाराज होकर बजरंगदल के कार्यकर्ता महानगर संयोजक हिमांशु शर्मा के नेतृत्व में ब्रह्मपुरी थाने पहुंच गए और वहां धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं ने चौकी प्रभारी पर अनुचित व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।पुलिस ने समझाकर कराया शांतकाफी देर तक चले हंगामे के बाद थाना प्रभारी ने कार्यकर्ताओं को समझाया। इसके बाद विक्रेता ने अपनी ठेली से राजू नानू नाम का स्टीकर हटा दिया और आगे से अपने असली नाम से ही व्यापार करने का आश्वासन दिया। सीओ ब्रह्मपुरी सौम्या अस्थाना ने बताया कि कार्यकर्ताओं को समझा-बुझाकर मामला शांत करा दिया गया है।
चंडीगढ़ के मक्खन माजरा इलाके में होली के दिन हुए झगड़े के बाद 21 वर्षीय युवक अंकित की चाकू मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें 2 नाबालिग शामिल हैं। मृतक अंकित मूल रूप से बिहार के गोपालगंज का रहने वाला था और चंडीगढ़ में रहकर मजदूरी करता था। परिवार के अनुसार घर में उसकी बहन की शादी तय थी और वह इन दिनों शादी की तैयारियों में जुटा हुआ था। आरोपियों को मौली जागरा थाना प्रभारी इंस्पेक्टर हरिओम शर्मा की अगुआई में टीम ने पकड़ा है। लाठी-डंडों से किया हमला शिकायतकर्ता भगवान साहनी ने पुलिस को बताया कि 4 मार्च को दोपहर करीब 2 बजे वह अपने बेटे अंकित के साथ मक्खन माजरा के कबाड़ी मार्केट में बैठे थे। आसपास लोग होली खेल रहे थे और शोर-शराबा कर रहे थे। इसी दौरान कुछ युवक वहां से भागते हुए निकले और उनके पीछे अरविंद, करण, बचन और बॉबी सहित कुछ अन्य युवक लाठी-डंडे लेकर आ गए। आरोप है कि उन्होंने शिकायतकर्ता और उसके बेटे अंकित को उन लड़कों का साथी समझकर मारपीट शुरू कर दी। वहां मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया। इसके बाद बॉबी ने धमकी दी कि वह अपने साथियों को बुलाकर सबक सिखाएगा। हत्या के बाद आरोपी बाइक व पैदल भागे कुछ देर बाद कई युवक बाइक और पैदल मौके पर पहुंचे। उनके पास लाठी-डंडे और चाकू थे। आरोप है कि अरविंद ने शिकायतकर्ता को डंडे से मारा और अंकित को पकड़ लिया। इसी दौरान बॉबी ने अंकित के पेट में चाकू मार दिया, जबकि एक अन्य युवक ने उसके हाथ के पास चाकू से वार किया। गंभीर रूप से घायल अंकित मौके पर ही गिर पड़ा। परिजन उसे तुरंत सेक्टर-32 स्थित सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बीच-बचाव करने के दौरान शिकायतकर्ता को भी चोटें आईं। मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने अरविंद, बॉबी और सोनू को गिरफ्तार कर लिया, जबकि दो नाबालिगों को भी काबू किया गया है। आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल किए गए डंडे और चाकू भी बरामद कर लिए गए हैं।
करनाल के एक छोटे से गांव के साधारण परिवार के बेटे ने देश की सबसे कठिन परीक्षा मानी जाने वाली संघ लोक सेवा आयोग परीक्षा में सफलता हासिल कर अपने परिवार और गांव का नाम रोशन किया है। आर्थिक तंगी, बीमार माता-पिता और छोटे से घर में पढ़ाई जैसी चुनौतियों के बावजूद युवक ने हार नहीं मानी और चौथे प्रयास में परीक्षा पास कर 488वीं रैंक हासिल कर ली। अब घर में बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है और पूरे गांव में खुशी का माहौल है। चौथे प्रयास में मिली सफलताकरनाल के गांव मुनक निवासी लवकेश ने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 488वीं रैंक हासिल की है। यह उनकी चौथी कोशिश थी। इससे पहले तीन बार वे सफलता के करीब पहुंचकर भी चूक गए थे। हर असफलता ने उन्हें और मजबूत बनाया। चौथे प्रयास में उन्होंने प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार तीनों चरण पार कर सफलता हासिल कर ली। करियाणा की दुकान से चलता है घरलवकेश के पिता राजेश गांव में करियाणा की छोटी दुकान चलाते हैं। इसी दुकान से पूरे परिवार का गुजारा चलता है। परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं है। कई बार दुकान पर पिता के साथ-साथ लवकेश, उनकी मां या बहनें भी बैठती थीं ताकि दुकान चलती रहे और घर का खर्च निकल सके। पढ़ाई के साथ-साथ लवकेश ने भी कई बार दुकान संभाली। छोटे कमरे में बैठकर की पढ़ाईलवकेश का घर छोटा है और कमरे की दीवारों पर पलस्तर भी नहीं है। इसी छोटे से कमरे में बैठकर उन्होंने दिन-रात पढ़ाई की। उन्होंने दीवारों पर अपने लक्ष्य और विषय से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें लिख रखी थीं, ताकि पढ़ते समय उन्हें हमेशा अपना लक्ष्य याद रहे। इसी कमरे से उन्होंने अफसर बनने का सपना देखा और उसे सच भी कर दिखाया। परिवार की मुश्किलों ने नहीं तोड़ी हिम्मतपरिवार की आर्थिक हालत कमजोर थी। बेटे की पढ़ाई, परीक्षा और घर के खर्च के लिए पिता राजेश को कई बार कर्ज भी लेना पड़ा। कई बार फाइनेंस पर पैसे लेकर परीक्षा की तैयारी और फॉर्म भरने जैसे खर्च पूरे किए गए। इसके बावजूद परिवार ने कभी लवकेश को पढ़ाई छोड़ने के लिए नहीं कहा। पिता को अपने बेटे की मेहनत और लगन पर भरोसा था। चाचा ने बताई परिवार की स्थितिलवकेश के चाचा कार्तिक ने बताया कि परिवार लंबे समय से कई परेशानियों से गुजर रहा है। लवकेश की मां नीरज अक्सर बीमार रहती हैं, जबकि पिता राजेश के दिल में छेद है। इसके बावजूद पूरे परिवार ने हिम्मत नहीं हारी। करियाणा की दुकान से घर का खर्च चलता रहा और लवकेश ने लगातार मेहनत जारी रखी। बहनों को भी भाई पर गर्वलवकेश की दो छोटी बहनें भी अपने भाई की सफलता से बेहद खुश हैं। बहन काजल ने बताया कि उनके भाई ने हमेशा मेहनत की और कभी हार नहीं मानी। परिवार के सभी सदस्य उसकी पढ़ाई में सहयोग करते रहे। आज उसकी सफलता से पूरे परिवार को गर्व है। मां बोलीं-बेटा अफसर बने, यही सपना थालवकेश की मां नीरज ने बताया कि उनका सपना था कि उनका बेटा अफसर बने। उन्होंने कहा कि बेटे ने हमेशा मेहनत की और पढ़ाई में पूरी लगन दिखाई। आज उसकी मेहनत रंग लाई है और वह सफल हुआ है। बेटे की सफलता से परिवार में खुशी का माहौल है। कविता लिखने का भी शौकलवकेश को पढ़ाई के साथ-साथ कविता लिखने का भी शौक है। वे कहते हैं कि उनकी सफलता इस बात का उदाहरण है कि अगर इंसान मेहनत करना जानता है तो पैसे की कमी उसे रोक नहीं सकती। उन्होंने युवाओं से कहा कि संघर्ष से घबराना नहीं चाहिए और लगातार मेहनत करते रहना चाहिए। आगे भी जारी रहेगी तैयारीलवकेश का लक्ष्य भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाना है। 488वीं रैंक के आधार पर उन्हें भारतीय राजस्व सेवा मिलने की संभावना है। हालांकि उनका कहना है कि वे अभी भी पढ़ाई जारी रखेंगे और दोबारा परीक्षा देकर भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाने की कोशिश करेंगे। लवकेश की सफलता से गांव मुनक में जश्न जैसा माहौल है। रिश्तेदारों, पड़ोसियों और गांव के लोगों का उनके घर पर आना-जाना लगा हुआ है। छोटे से घर और सीमित साधनों से निकलकर हासिल की गई यह सफलता आज पूरे इलाके के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।
आजमगढ़ जिले के डीएम रविन्द्र कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को बैठक हुई। इस बैठक में उत्तर प्रदेश पुलिस में आरक्षी नागरिक पुलिस के पदों पर सीधी भर्ती की लिखित परीक्षा को निष्पक्ष, नकलविहीन और शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने की चर्चा हुई। डीएम रविंद्र कुमार ने बताया कि यह परीक्षा 14 और 15 मार्च को दो पालियों में आयोजित की जाएगी। पहली पाली सुबह 10 बजे से 12 बजे तक तथा दूसरी पाली शाम 3 बजे से 5 बजे तक होगी। जनपद के कुल 12 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा कराई जाएगी। जिसमें प्रत्येक पाली में 5040 अभ्यर्थी शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि परीक्षा की सुचिता बनाए रखने, परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करने और शांति-व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सेक्टर मजिस्ट्रेट तथा प्रत्येक केंद्र पर एक-एक स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि बैठक के बाद सभी सेक्टर और स्टैटिक मजिस्ट्रेट अपने-अपने केंद्रों का भ्रमण कर केंद्र व्यवस्थापक और सहायक केंद्र व्यवस्थापक से संपर्क कर आवश्यक व्यवस्थाएं करें। कंट्रोल रूम में समय से लगाए जाएं सीसीटीवीडीएम ने कहा कि सेक्टर मजिस्ट्रेट 14 और 15 मार्च को प्रत्येक पाली के लिए अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) नोडल अधिकारी और अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) सहायक नोडल अधिकारी की देखरेख में सुबह 7 बजे और दोपहर 12 बजे कोषागार से प्रश्नपत्र व गोपनीय सामग्री प्राप्त करेंगे और परीक्षा संपन्न होने के बाद सुरक्षित रूप से वापस जमा कराएंगे। डीएम रविंद्र कुमार ने नामित एजेंसी को निर्देश दिया कि सभी परीक्षा केंद्रों और कंट्रोल रूम में समय से सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। साथ ही बायोमेट्रिक करने वाले कर्मियों की सूची उपलब्ध कराकर उनका पुलिस सत्यापन कराया जाए। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी करने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कहा कि कक्ष निरीक्षक परीक्षा कक्ष में पूरी सतर्कता बरतें और अभ्यर्थियों की सघन जांच करें।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि किसी कर्मचारी की गलती के परिणामस्वरूप दूसरे कर्मचारी की मृत्यु होती है तो इसके लिए राज्य को उत्तरदायी माना जाएगा। राज्य के कर्मचारी कभी-कभी खतरनाक कर्तव्यों का पालन इस विश्वास के साथ करते हैं कि राज्य उनके ‘जीवन’ के लिए जिम्मेदार होगा। न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन तथा न्यायमूर्ति सिद्धार्थनंदन की खंडपीठ ने सोनभद्र निवासी सरिता देवी की पति की मौत पर सही मुआवजे की मांग में दाखिल याचिका स्वीकार कर ली है। बिजली कर्मी की पोल से गिरकर मौत का मामला रेलवे रेणुकूट में बिजली की मरम्मत कर रहे याची के पति की पोल से गिरकर मृत्यु हो गई थी।पावर शक डाउन नहीं किया गया जिससे करंट लगा।उन्हें 10.16 लाख रुपये मुआवजा मिला था। उन्होंने 60 लाख रुपये मुआवजे की मांग थी। याची के पति सीनियर टेक्नीशियन (इलेक्ट्रिकल) थे और सीनियर सेक्शन इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) ईस्ट सेंट्रल रेलवे रेनुकूट के अधीन नियुक्त थे। आठ अप्रैल 2023 को सुबह लगभग 7:30 बजे रेनुकूट मुख्य कॉलोनी में बिजली की कटौती की सूचना मिली। उन्हें सुबह फाल्ट ठीक करने के लिए निर्देशित किया गया। सहयोगी विनोद सिंह के साथ पेट्रोलिंग के दौरान उन्होंने पावर हाउस के पास जले फ्यूज की पहचान की। दस्ताने और हेलमेट के साथ खंभे पर चढ़ने लगे। कारकों व सबूतों को ध्यान नहीं दियासहयोगी ने नीचे सीढ़ी सुरक्षित की। करंट लगने से विनोद जोशी लगभग 9:45 बजे खंभे से गिर गए। हिण्डालको अस्पताल ले जाए जाने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। एफआइआर दर्ज करवा कर पोस्टमार्टम करवाया गया। याची के अनुसार सुनवाई का कोई अवसर प्रदान किए बिना संबंधित प्राधिकरण ने 10,16,700 रुपये मुआवजा निर्धारित किया लेकिन संबंधित कारकों व सबूतों को ध्यान में नहीं रखा। शव परीक्षण रिपोर्ट से स्पष्ट है कि विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही थी, क्योंकि 11 केवी एचटी लाइन का शटडाउन नहीं किया गया, जिसके परिणामस्वरूप मृत्यु हुई इसलिए राज्य उत्तरदायी है। प्रतिवादियों के अधिवक्ता ने स्वीकृत मुआवजे को उचित बताया, हालांकि शव परीक्षण रिपोर्ट का विरोध नहीं किया। रेलवे ने कहा, विभाग केवल 1923 के अधिनियम के तहत निर्धारित मुआवजे का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी है और क्षतिपूर्ति की किसी भी वृद्धि के लिए उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता। कोर्ट ने वर्तमान मामले को आयुक्त के पास भेजते हुए कहा कि वह याची को सबूत/दस्तावेज़ प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी करे। मुआवजे व क्षतिपूर्ति की राशि को नए सिरे से निर्धारित कर एक महीने के भीतर भुगतान किया जाएगा। मुआवजा और क्षतिपूर्ति भुगतान 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ होगा जो दुर्घटना तिथि से लेकर वास्तविक भुगतान की तिथि तक की गणना की जाएगी। इस राशि में पूर्व में भुगतान की गई राशि 10,16,700 लाख घटा दी जाएगी। उपरोक्त सभी प्रक्रिया आदेश की प्रति प्रस्तुत करने की तिथि से चार महीने के भीतर पूरा की जाएगी। एक लाख रुपए अतिरिक्त दिये जायेंगे।
मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के इंजीनियरों पर लग रहे भ्रष्टाचार के संगीन आरोप और एक जेई द्वारा मजदूरों के हाथ-पैर तोड़े जाने की घटना पर कमिश्नर आन्जनेय सिंह ने कड़ी कार्रवाई की बात कही है। कमिश्नर ने कहा कि जेई की पिटाई में मजदूरों के हाथ-पैर टूटने की घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। दोषियों के खिलाफ तगड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि, लोग निलंबन को ही कार्रवाई समझते हैं, जबकि एमडीए में मेन पावर कम होने की वजह से कर्मियों को निलंबित करने के स्थान पर दूसरी सजाएं देना मजबूरी है। लेकिन इसका अर्थ ये नहीं है कि जो गलत लोग हैं उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है।बता दें कि होली से कुछ दिन पहले 27 फरवरी को देर शाम एमडीए के जेई देवेंद्र यादव ने दिल्ली रोड पर एक दुकान का निर्माण कर रहे मजदूरों पर लाठियां बरसा दी थीं। एमडीए के कुछ गार्ड्स और मातहतों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे अवर अभियंता ने छत पर काम कर रहे मजदूरों को सीधा डंडे से पीटना शुरू कर दिया था। जेई की पिटाई में एक मजदूर के हाथ की हड्डी टूट गई थी। जबकि दूसरा मजदूर जेई के डंडे से बचने की कोशिश में छत से गिर गया था। उसके टांगों में 5 जगहों पर फ्रैक्चर हुआ है। मजदूर को शहर के सिद्ध अस्पताल में दोनों पैरों में रॉड डालनी पड़ी है। मामले में एमडीए के वीसी अनुभव यादव का रुख अभी तक लीपापोती वाला रहा है। प्राधिकरण जेई की गुंडई का मामला सरेआम सामने आने के बाद भी एमडीए उपाध्यक्ष ने मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। प्राधिकरण अफसरों के दबाव में पुलिस ने भी मामला दर्ज नहीं किया है। इस बीच कमिश्नर आन्जनेय सिंह ने कहा है कि, मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शहर के नामी आर्किटेक्ट के करीबी की दुकानें बना रहे थे मजदूरमामला दिल्ली रोड पर पाकबड़ा थाना क्षेत्र में हो रहे आनंद शर्मा और जसवीर सिंह के निर्माणों से जुड़ा है। दोनों यहां 70-70 मीटर में अपनी दुकानें बना रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि आनंद शर्मा और जसवीर सिंह शहर के एक नामी आर्किटेक्ट के करीबी हैं। इनमें से एक आनंद शर्मा पेंट का काम करता है। आर्किटेक्ट के पेंट के सभी काम आनंद शर्मा ही करता है। सूत्र बताते हैं कि इसी आर्किटेक्ट की शह पर यह निर्माण कार्य हो रहे थे। यह आर्किटेक्ट शहर में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण कराने के लिए बदनाम है। प्राधिकरण में अच्छी सेटिंग होने की वजह से आर्किटेक्ट बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियों और बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम करने के लिए मशहूर है। आर्किटेक्ट का पिता सत्ताधारी दल के अनुसांगिक संगठन का अहम पदाधिकारी है। 27 फरवरी को देर शाम दिल्ली रोड पर सीएनजी पंप के सामने बिल्डिंग निर्माण कर रहे ठेकेदार सुनील सागर और उसके मजदूरों पर एमडीए जेई देवेंद्र यादव ने डंडे बरासाए थे। सुनील सागर का आरोप है कि जेई डंडा लेकर छत पर चढ़े और उन्होंने सीधे मजदूरों को डंडों से पीटना शुरू कर दिया। जेई की मारपीट से एक मजदूर लेखराज निवासी इटायाला माफी के हाथ की हड्डी टूट गई। जबकि दूसरा मजदूर सोनू निवासी बागड़पुर को जेई ने डंडों से पीटते-पीटते छत से नीचे गिरा दिया। हादसे में जेई की दोनों टांगों में फ्रैक्चर हुआ है। सुनील सागर का आरोप है कि जेई ने उसे भी बेरहमी से पीटा और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए भद्दी गालियां दी। कमिश्नर बोले- जांच करा रहा हूं, कड़ी कार्रवाई करेंगेमजूदरों के हाथ-पैर तोड़ने जाने की घटना पर प्राधिकरण बोर्ड के अध्यक्ष और कमिश्नर आन्जनेय सिंह ने कहा कि, मामला उनकी जानकरी में है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण पर जांच कराई जा रही है। जो भी दोषी मिलेगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय है। कमिश्नर ने कहा कि इस तरह की शिकायतें चिंता की बात है और इसे लेकर हम संजीदा हैं। अवैध निर्माण रोकने के लिए तकनीकि का सहारा लेंगे कमिश्नर ने कहा, अवैध निर्माणों और अभियंताओं की भ्रष्टाचार की शिकायतों को हम गंभीरता से लेते हैं। समस्या ये है कि हमारे पास इंजीनियरों की संख्या बहुत कम है। अवैध निर्माण रोकने की प्रक्रिया जो अभी तक रही है उसमें जो एरिया का इंजीनियर है वही इसे कर सकता है। हम बहुत बड़े एरिया में एक जेई को तैनात करते हैं। हम इसे बदलने के लिए दो काम कर रहे हैं। एक तो तकनीकि लेकर आ रहे हैं, जिससे हमें अवैध निर्माणों का पता चलेगा। दूसरा ये कि पब्लिक के साथ विश्वास बहाली का प्रयास चल रहा है ताकि लोग हमसे शिकायत करने में हिचकें नहीं। तकनीकि तौर पर दक्ष लोगों को एमडीए में कांट्रेक्ट पर रख रहे हैं। ये तकनीकि के माध्यम से अवैध निर्माणों को लेकर बेहतर रिपोर्ट दे सकेंगे। 15 दिन में NOC नहीं जारी की तो मान लेंगे एनओसी जारी हो गईमानचित्र पास कराने में आ रही अड़चनों पर कमिश्नर ने कहा कि, नक्शा पास कराने के लिए हमने 6 एनओसी कम कर दी हैं। मसलन जो एरिया नगर निगम में पड़ता ही नहीं है उसके लिए कोई नगर निगम की एनओसी क्यों ले।? इसी तरह कुल 6 एनओसी की बाध्यता को हटाया गया है। इस समय कुछ लोग तहसील की शिकायतें लेकर आ रहे हैं। SIR के काम की वजह से हो सकता है तहसील से एनओसी जारी होने में कुछ विलंब हो रहा हो। हम इसे भी दूर कर रहे हैं। हमने कहा है कि 15 दिन में एनओसी देनी होगी। यदि तय अवधि में एनओसी नहीं आती है तो हम इसे डीम्ड मान लेंगे। यानी कि मान लिया जाएगा कि विभाग को संबंधित मानचित्र पर कोई आपत्ति नहीं है। जिला पंचायत से नक्शा पास, वसूली के लिए दबाव बना रहा था जेईदुकानें बना रहे आनंद शर्मा और जसवीर सिंह का कहना है कि उनका मानचित्र जिला पंचायत से पास है। मानचित्र तब का पास है जब एमडीए का सीमा विस्तार भी नहीं हुआ था। जेई को पहली बार में ही ये बात बता दी गई थी कि उनका मानचित्र स्वीकृत है। स्वीकृत मानचित्र की कॉपी भी जेई को दे दी गई थी। लेकिन इसके बावजूद कुछ दलालों के जरिए प्रेशर बनाकर जेई देवेंद्र यादव लगातार रुपयों की डिमांड कर रहा था। रकम नहीं देने पर बिल्डिंग को सील करने और गिरा देने की धमकी देता था। आनंद शर्मा का कहना है कि उनकी दुकान पर लिंटर पड़ रहा था तभी जेई डंडा लेकर आया और बगैर कुछ कहे सुने सीधा मजूदरों पर डंडे बरसाना शुरू कर दिया।SC आयोग में शिकायत दर्ज, पुलिस घटनास्थल पर जांच को पहुंचीपीड़ित निर्माण ठेकेदार सुनील सागर ने जेई पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने और लात घूसों पर डंडे से पीटने के आरोप लगाते हुए अनुसूचति जाति-जनजाति आयोग में मामले की शिकायत दर्ज कराई है। इस बीच पाकबड़ा पुलिस शुक्रवार को घटनास्थल पर पहुंची और लोगों के बयान दर्ज किए। पुलिस को दिए बयान में प्रत्यक्षदर्शियों ने इस बात की पुष्टि की है कि जेई ने डंडे से मजदूरों की पिटाई की थी।
भोपाल में पुलिस मुख्यालय के सामने गोमांस से भरे कंटेनर पकड़ाने के मामले में एसआईटी ने चालान पेश कर दिया है। आरोपी की गिरफ्तारी के 56 दिन बाद गुरुवार को गुपचुप तरीके से चालान पेश किया गया। एसआईटी की जांच में भी मांस गाय का ही होने की पुष्टि हुई है। दरअसल, 17 दिसंबर 2025 को गोमांस से भरा कंटेनर मिला था। जिसमें 26 टन से अधिक गोमांस अलग-अलग पैकेट में भरा था। मांस से भरे कंटेनर को जय मां भवानी हिंदू संगठन के प्रमुख भानू हिंदू और उनकी टीम ने पकड़ा था। मांस की सैम्पलिंग मथुरा की लैब में कराई गई। 5 जनवरी को आई सैंपल रिपोर्ट ने सभी को चौंका दिया था। इस रिपोर्ट में मांस गाय का ही होने की पुष्टि हुई थी। यह मांस भोपाल के जिंसी स्थित नगर निगम के स्लॉटर हाउस से निकला था। जिसका संचालन असलम कुरैशी उर्फ चमड़ा करता था। 7 जनवरी को असलम और कंटेनर के ड्राइवर शोएब की गिरफ्तारी की गई थी। 265 क्विंटल मांस से 5 डिब्बों में लिए सैंपल चालान के मुताबिक कंटेनर को रोककर जांच के दौरान पैकेट में मांस मिला था। जहांगीराबाद के तत्कालीन थाना प्रभारी मान सिंह चौधरी ने एफआईआर दर्ज की। 17 दिसंबर को कंटेनर नंबर यूपी 15 जेटी 4286 में मांस मिलने का हवाला दिया है। 18 दिसंबर को वेटनरी अस्पताल जहांगीराबाद में कंटेनर में भरे 265 क्विंटल (26.5 टन) मांस में से वेटनरी डॉक्टर की टीम ने अलग-अलग 5 डिब्बों में सैंपल लिए। बाकी मांस कंटेनर के ड्राइवर शोएब पिता कमालउद्द्दीन को ही सुपुर्दगी में दे दिया गया। पुलिस ने जो सैंपल कंटेनर में मिले मांस के लिए थे, उन्हें पुलिस ने जांच के लिए फोरेंसिक लेबोरेटरी मथुरा को भेजे। संदिग्ध मांस के सैंपल की जांच रिपोर्ट भी मिल गई। जिसमें मांस में गोमांस (SAMPLE BELONG TO COW OR IT'S PROGENY) का होना सामने आया। जल्दबाजी में पेश किया चालानजेल में बंद आरोपी स्लॉटर हाउस के संचालक असलम कुरैशी उर्फ चमड़ा और उसके ड्राइवर शोएब के खिलाफ न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी जयदीप मौर्य के न्यायालय में पांच सौ पृष्ठ का चालान पेश किया है। सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने जल्दबाजी में अधूरा चालान पेश किया है। मथुरा के लैब की जांच रिपोर्ट तो चालान के साथ पेश की गई है, लेकिन हैदराबाद के लैब की जांच रिपोर्ट पेश नहीं की गई। हंगामे के बाद थाने में हुआ था प्रदर्शन गोमांस की पुष्टि होने के बाद हिंदूवादी संगठनों ने अरेरा हिल्स थाने के सामने प्रदर्शन किया। इसके बाद पुलिस ने जिंसी स्थित आधुनिक स्लॉटर हाउस का संचालन करने वाली लाइव स्टाक फूड प्रोसेसर प्राइवेट लिमिटेड में पहुंचकर दस्तावेज जब्त किए। स्लॉटर हाउस का संचालक असलम चमड़ा कुरैशी का होना पाया गया। इसके बाद निगम से स्लॉटर हाउस से जुड़ी सारी जानकारी पुलिस ने ली। ड्राइवर शोएब पिता कमालउद्दीन निवासी थाना खरखोदा मुस्कान पब्लिक स्कूल के पास इकबाल नगर हुमायूं नगर मेरठ (यूपी) से पूछताछ की गई। उसने माल असलम का होने की पुष्टि की। आगे की जांच के बाद पुलिस ने संचालक असलम चमड़ा, ड्राइवर शोएब व अन्य के विरुद्ध मप्र गोवंश वध प्रतिषेध अधिनियम 2004 की धारा 4, 5 और 9, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धार 61 (2) के तहत केस दर्ज किया। पुलिस ने माना कि गोवंश का वध कर उसके मांस को षड्यंत्रपूर्वक परिवहन किया जा रहा था। वेटनरी डॉक्टर ने बताया था- भैंसें कटी इस पूरे मामले में वेटनरी डॉ. गौर को सस्पेंड किया गया है। इसी डॉक्टर ने 17 दिसंबर 2025 को जारी पत्र में प्रमाणित किया था कि स्लॉटर हाउस में बीते करीब दो सप्ताह में 15 वर्ष से अधिक उम्र की 85 भैंसों का वध किया गया। इसके बाद मांस को फ्रोजन मीट के रूप में पैक कर मुंबई भेजने की अनुमति दी गई। मांस की इसी खेप से पुलिस ने जो सैंपल लिए, उनमें गोमांस की पुष्टि हुई। इससे यह स्पष्ट हुआ कि स्लॉटर हाउस में या तो गायों का वध हुआ या फिर नगर निगम स्तर पर मांस के प्रकार को लेकर गलत प्रमाणन किया गया। ये खबरें भी पढ़ें… 26 टन गो-मांस पर अफसर बोले- ले-देकर केस निपटाओ मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 26 टन गोमांस की तस्करी के मामले ने पूरे प्रशासनिक अमले को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। इस मामले के मुख्य आरोपी असलम चमड़ा को पुलिस ने रिमांड पर ले लिया है। उससे यह जानने की कोशिश की कि 260 गायों के बराबर यह मांस आखिर आया कहां से? पढ़ें पूरी खबर… गोमांस तस्करी केस में नया खुलासा, भानू-राजेश का ऑडियो भोपाल के बर्खास्त रेलकर्मी राजेश तिवारी का एक और ऑडियो सामने आया है। इसे जारी किया है भानू हिंदू ने। दावा किया गया है कि दूसरी तरफ आवाज राजेश तिवारी की है, जिसमें भानू हिंदू से बातचीत करते हुए मामले में असलम चमड़ा के मामले में सेटलमेंट की कोशिश की जा रही है। पूरी खबर यहां पढ़ें...
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि रिव्यू अर्जी का उद्देश्य नए सिरे से मामले में विचार करना नहीं बल्कि पूर्व निर्णय में हुई कानूनी गलती को सुधारना है। न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया की एकलपीठ ने इस टिप्पणी के साथ ग्रेटर नोएडा इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट ऑथोरिटी (जीएनआईडीए) की वह अर्जी खारिज कर दी है, जो मेसर्स एलिवेटर प्रापर्टीज प्राइवेट लिमिटेड के पक्ष में निर्णय के खिलाफ दाखिल की गई थी। फिर से वही प्रश्न, बहस की अनुमति नहीं कोर्ट ने कहा, पूर्व आदेश में स्पष्ट था कि मेसर्स एलिवेटर प्रापर्टीज प्राइवेट लिमिटेड को 31 दिसंबर, 2022 से तीन महीने पहले नोटिस जारी करना आवश्यक था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। यह कानूनी बाध्यता थी। इसलिए प्राधिकरण व राज्य सरकार के आदेश को निरस्त कर दिया था। कोर्ट ने सजंय कुमार अग्रवाल बनाम स्टेट टैक्स ऑफिसर (एक) और अन्य के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला दिया, जिसमें कहा गया है कि रिव्यू अर्जी का उद्देश्य नए सिरे से विचार करना नहीं है। पुनर्विचार का दायरा सीमित है और इसके बहाने पक्षों को उन प्रश्नों को फिर से उठाने और बहस करने की अनुमति नहीं दी जा सकती, जिनका पहले ही समाधान किया जा चुका है।विवादित निर्णय समीक्षा के दायरे में नहीं आता। कोर्ट ने कहा याची के अधिवक्ता यह साबित करने में असफल रहे हैं कि विवादित निर्णय में कोई स्पष्ट त्रुटि या गलती है। रिव्यू अर्जी में कहा गया था कि जिस क्षेत्र में विवादित भूमि है, वह पूरी तरह से विकसित है और सभी विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे की सुविधाएं दी गई हैं। विपक्षी कंपनी ने महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपा कर आदेश प्राप्त किया है। क्या है पूरा मामला यह है मामला: मेसर्स एलिवेटर प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड ने पूर्व में ग्रेटर नोएडा इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट ऑथोरिटी (जीएनआईडीए) के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें प्लाट नंबर तीन, सेक्टर-टेक जोन-दो, ग्रेटर नोएडा का आवंटन निरस्त कर उसकी जमा राशि जब्त कर ली गई थी। याची ने इस आदेश के खिलाफ पुनरीक्षण याचिका दायर की थी, जिसे प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास ने खारिज कर दिया था। याची के अनुसार जीएनआईडीए ने दायित्वों को पूरा नहीं किया है, जैसे एप्रोच रोड नहीं बनाई। इतना ही नहीं वैकल्पिक प्लाट की उसकी मांग नजर अंदाज कर दी गई। नियमानुसार उसे नोटिस नहीं दी गई।प्राधिकरण तथा सचिव के आदेशों को चुनौती देने वाली याचिका कोर्ट ने छह जून 2025 के आदेश में स्वीकार कर ली थी।
इंदौर की हीरानगर पुलिस ने करणी सेना के एक पदाधिकारी के खिलाफ मारपीट को लेकर एफआईआर दर्ज की है। पदाधिकारी ने होली के दिन इलाके में एक इवेंट प्रोग्राम में जाने से क्रिश्चियन युवक को रोका था और उसकी पिटाई कर दी थी। इस मामले में छात्र ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की थी। पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह के आदेश पर करणी सेना के प्रदेश संगठन मंत्री मानसिंह राजावत के खिलाफ शेल्बी फिलिप की शिकायत पर मारपीट की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। शेल्बी फिलिप ने बताया कि होली के दिन वह एमआर-10 पर आयोजित एक इवेंट प्रोग्राम में पहुंचे थे। इसके लिए उन्होंने टिकट भी लिया था। गेट पर एक व्यक्ति ने उन्हें रोककर चेकिंग शुरू की। जब मैंने उनसे पूछा, तो उसने अपना नाम मानसिंह राजावत बताया। उसके साथ दो अन्य लोग भी थे, जिनकी जानकारी नहीं है। इसके बाद राजावत ने उनके दोस्त अभित से उसकी आईडी मांगी। उसे चेक करने के बाद उन्होंने शेल्बी की आईडी देखकर कहा कि “तुम क्रिश्चियन हो”। इसके बाद उन्होंने शेल्बी का मोबाइल छीन लिया और आईडी-पासवर्ड पूछा। मोबाइल चेक करने लगे। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उनके साथ अपशब्द कहे और मारपीट करने लगे। वहां मौजूद दोस्तों ने बीच-बचाव किया। बाद में उन्हें थाने ले जाकर उन पर ही आरोप लगा दिए गए। छात्र ने बताया कि उसकी एक युवती दोस्त के फोटो और वीडियो भी बिना अनुमति के वायरल कर दिए गए। इस मामले में छात्र ने अपने परिजनों के साथ शुक्रवार को पुलिस कमिश्नर से शिकायत की। इसके बाद हीरानगर पुलिस ने रात में एफआईआर दर्ज कर ली।
इंदौर के संयोगितागंज क्षेत्र के बदमाशों ने परदेशीपुरा थाने के हेड कॉन्स्टेबल के जन्मदिन पर फोटोशूट कराया। इतना ही नहीं, बदमाशों ने उन्हें गुलदस्ता भी दिया। बताया जा रहा है कि दोनों बदमाशों के पिता पर भी गंभीर अपराध दर्ज हैं। वह संयोगितागंज थाने का एचएस (हिस्ट्रीशीटर) है। पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह बदमाशों पर नकेल कसने की कार्रवाई कर रहे हैं, लेकिन कुछ पुलिसकर्मी उनसे दोस्ती निभाते नजर आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला परदेशीपुरा थाने के हेड कॉन्स्टेबल से जुड़ा सामने आया है। हेड कॉन्स्टेबल जीतू सरदार का बुधवार को जन्मदिन था। इस मौके पर संयोगितागंज क्षेत्र के बदमाश अक्रात बोयत, उसका भाई आयुष बोयत और चाचा विकास बोयत कार्यक्रम में पहुंचे थे। इन तीनों के खिलाफ संयोगितागंज थाने में आपराधिक मामले दर्ज हैं। अक्रात और आयुष जुड़वां भाई हैं। उनके पिता दीनू पर भी संयोगितागंज सहित अन्य थानों में गंभीर अपराध दर्ज हैं। वह थाने का हिस्ट्रीशीटर है और कांग्रेस से राजनीति भी करते हैं। वहीं, विकास बोयत पर भी नशाखोरी सहित अन्य मामले दर्ज हैं। अक्रात कुछ दिन पहले एक गंभीर मामले में जेल भी जा चुका है। जेल से छूटने के बाद उसने एक वीडियो बनाकर अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपलोड किया था। हेड कॉन्स्टेबल के जन्मदिन का वीडियो वायरल होने के बाद अक्रात ने उसे अपनी आईडी से हटा लिया। इस मामले में एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह का कहना है कि वीडियो उनके संज्ञान में आया है। वे मामले की जानकारी जुटा रहे हैं और जो भी वैधानिक कार्रवाई होगी, वह की जाएगी। मारपीट में बुजुर्ग महिला की हो गई थी मौत दीनू और उनके परिवार का पिछले दिनों संयोगितागंज इलाके में विवाद हुआ था। इसमें दोनों पक्षों के बीच जमकर हथियार और डंडे चले थे। पुलिस ने दोनों पक्षों के लोगों को आरोपी बनाया था। इस हमले में घायल हुई एक बुजुर्ग महिला की बाद में मौत हो गई थी, जिसके बाद मामला हत्याकांड में बदल गया। इस प्रकरण में दोनों पक्षों के लोगों को जेल भी जाना पड़ा था। बाद में थाने से बाउंड ओवर की कार्रवाई भी की गई थी। परदेशीपुरा के एसआई को मिला था कारण बताओ नोटिस परदेशीपुरा थाने के एक एसआई की पिस्टल के साथ शिवांकी नाम की युवती का वीडियो इंस्टाग्राम पर वायरल हुआ था। बाद में युवती ने यह वीडियो अपनी आईडी से हटा लिया था। जब यह मामला डीसीपी जोन-2 कुमार प्रतीक के संज्ञान में आया, तो उन्होंने संबंधित एसआई को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया था। ये खबर भी पढ़ें… मुरैना में चोर के कंधे पर बैठकर नाचे टीआई मुरैना में जौरा थाना प्रभारी दर्शन लाल शुक्ला का अपराधियों के साथ जन्मदिन मनाने और नाचने-गाने का वीडियो सामने आया है। बर्थडे सेलिब्रेशन 28 फरवरी की रात करीब 9 बजे थाना परिसर में ही शुरू हुआ। इसमें थाना प्रभारी को मालाएं पहनाई गईं, केक काटा गया। बधाई देने वालों की लाइन लगी रही।
इंदौर के चंदन नगर क्षेत्र में एक महिला के घर में घुसकर बदमाशों ने हथियार की नोक पर मारपीट की। इस मामले में चंदन नगर पुलिस ने शुक्रवार को ही बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। रात में उनका इलाके में जुलूस भी निकाला गया। टीआई तिलक करोले के मुताबिक, नसीब बी और सिद्दीक पठान ने थाने आकर शिकायत की कि कुख्यात गुंडा सादिक काला पुत्र गुलफाम, निवासी सहयोग नगर, अपने साथी अज्जू बाटला और फैयाज के साथ उनके घर में घुस आया और चाकू की नोक पर मारपीट की। पुलिस ने इस मामले में दोनों बदमाशों को पकड़कर उनसे चाकू जब्त किया। इसके बाद आरोपियों का इलाके में जुलूस भी निकाला गया। टीआई के अनुसार, सादिक काला पर पहले से हत्या का मामला दर्ज है और उसके खिलाफ कुल 14 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं उसके साथियों पर भी अन्य गंभीर अपराध दर्ज हैं।
इंदौर में शुक्रवार शाम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के काफिले के सामने अचानक एक युवक आकर खड़ा हो गया। युवक ने काफिला रुकवाते हुए जोर-जोर से चिल्लाकर अपनी मां को न्याय दिलाने की मांग की। युवक रोहन चौहान ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि उसकी मां मंजू चौहान की मौत एक डॉक्टर की गंभीर लापरवाही से हुई है। रोहन का कहना है कि क्लिनिक में बिना उचित जांच के खतरनाक इंजेक्शन लगाए गए, जिसके कुछ ही समय बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और जान चली गई। न्याय नहीं मिलने पर आंदोलन की चेतावनी युवक ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित डॉक्टर की डिग्री पाकिस्तान की है, जिसकी जांच कर कार्रवाई की जानी चाहिए। रोहन ने कहा कि घटना के बाद भी पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं हुई और न ही पोस्टमॉर्टम कराया गया। यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वह आंदोलन करेगा। देखिए तस्वीरें 5 महीने पहले हुई थी महिला की मौत मामला इंदौर के खातीवाला टैंक इलाके स्थित हर्ष क्लिनिक का है। 6 अक्टूबर की रात यहां महिला मंजू चौहान की मौत के बाद करीब ढाई घंटे तक हंगामा हुआ था। परिजनों ने आरोप लगाया था कि गलत इंजेक्शन लगाने से महिला की जान गई है। हंगामे के बाद क्लीनिक किया था सील जांच के दौरान स्वास्थ्य विभाग को पता चला कि क्लिनिक में 15 बेड लगाकर नर्सिंग होम जैसी सेवाएं दी जा रही थीं। क्लिनिक का रजिस्ट्रेशन डॉ. ज्ञानचंद पंजवानी के नाम पर है, जबकि इलाज का संचालन एक असिस्टेंट कर रहा था। हंगामे के बाद पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और ड्रग इंस्पेक्टर की टीम मौके पर पहुंची थी और क्लिनिक को सील कर दिया गया था। सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी ने बताया था कि प्रारंभिक तौर पर बड़ी खामियां मिली है। क्लिनिक में महिला के इलाज के बाद उसकी तबीयत कैसी बिगड़ी और किन परिस्थितियों में मौत हुई, इसकी जांच की जा रही है। डॉक्टर ने कहा था-दूसरे अस्पताल में मौत डॉ. ज्ञानचंद पंजवानी ने उस समय कहा था कि 18 सितंबर को महिला को उसके परिजन क्लिनिक पर लेकर आए थे। महिला मानसिक बीमारी से पीड़ित थी और उसका प्राथमिक उपचार किया गया था। उस दिन वे क्लिनिक पर मौजूद नहीं थे, इसलिए असिस्टेंट ने मरीज को सलाइन लगाई थी। उन्होंने बताया कि बाद में परिजन महिला को दूसरे निजी अस्पताल ले गए, जहां उसी दिन उसकी मौत हो गई। डॉक्टर के मुताबिक परिजन इलाज से जुड़े दस्तावेज और मृत्यु प्रमाणपत्र मांग रहे थे, जिसे लेकर विवाद और हंगामा हुआ। यह खबरें भी पढ़ें इंदौर में महिला की मौत के बाद हर्ष क्लिनिक सील इंदौर में मंजू नामक महिला की मौत के मामले में सोमवार रात खातीवाला टैंक स्थित हर्ष क्लिनिक पर ढाई घंटे से ज्यादा हंगामा चला। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया। विभाग ने जांच की तो पता चला कि क्लिनिक का रजिस्ट्रेशन डॉ. ज्ञानचंद पंजवानी के नाम से है, लेकिन तीन माह से उनके स्थान पर असिस्टेंट संचालित कर रहा था। पढ़ें पूरी खबर MP के मुख्यमंत्री का हेलिकॉप्टर हवा में लड़खड़ाया,VIDEO मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का हेलिकॉप्टर शनिवार को हवा में लड़खड़ाने लगा। वे खंडवा के पंधाना में राज्यस्तरीय लाड़ली बहना योजना के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम खत्म होने के बाद जब सीएम का हेलिकॉप्टर टेकऑफ के लिए हवा में उठा, तो वह आगे बढ़ने की बजाय पीछे की ओर जाने लगा। फिर कुछ पलों के लिए हवा में थम गया। पढ़ें पूरी खबर
इंदौर में मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। एडीएम नवजीवन विजय पवार की कोर्ट ने 23 खाद्य प्रतिष्ठानों पर 51 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 तथा नियम 2011 के तहत की गई है। इन प्रतिष्ठानों पर छह माह पहले कार्रवाई की गई थी। खाद्य सुरक्षा विभाग के विशेष जांच अभियान के दौरान कई फर्मों और प्रतिष्ठानों के खिलाफ मिलावट, बिना लाइसेंस खाद्य पदार्थों के निर्माण-विक्रय और नियमों के उल्लंघन के मामले सामने आए थे। इन प्रकरणों को कोर्ट में प्रस्तुत किया गया, जहां सुनवाई के बाद दोषी पाए गए प्रतिष्ठानों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए भारी जुर्माना लगाया है। जांच के दौरान कई प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण और विक्रय में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। कुछ स्थानों पर बिना खाद्य पंजीयन के कारोबार किया जा रहा था, वहीं कई मामलों में मिलावटी खाद्य पदार्थों का निर्माण तथा पैक्ड खाद्य उत्पादों का नियमों के विरुद्ध विक्रय किया जा रहा था। न्यायालय ने संबंधित प्रतिष्ठानों पर 1 लाख रुपए से लेकर 10 लाख रुपए तक का अर्थदंड लगाया है। सबसे अधिक 10 लाख रुपए का जुर्माना मे. अपकिन एग्रो प्राइवेट लिमिटेड पर प्री-पैक्ड ऑर्गेनिक उत्पादों के नियमों के विरुद्ध संग्रहण, निर्माण और विक्रय के मामले में लगाया है। इन प्रतिष्ठानों पर लगाया गया जुर्माना एडीएम बोले-आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई एमडीएम नवजीवन पवार ने बताया कि इन सभी प्रतिष्ठानों के संचालकों को नोटिस जारी किए गए थे। अलग-अलग तारीखों में सुनवाई के बाद यह अर्थदंड लगाया है। आम नागरिकों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई है। मिलावटखोरों और नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
बच्चों के चेहरे पर बिखेरे मुस्कान:गोरखपुर में रोटरी यूफोरिया ने दिया मनपसंद गिफ्ट, मनाई होली
गोरखपुर में रोटरी यूफोरिया ने एशियन सहयोगी संस्थान अनाथालय के बच्चों के साथ होली का त्योहार बड़े ही उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया। इस दौरान क्लब की सदस्यों ने बच्चों के साथ फन गेम्स और तमाम एक्टिविटी के माध्यम से मस्ती की। सभी बच्चों ने खूब आनंद लिया। सदस्यों ने बच्चों को उनके मनपसंद गिफ्ट भी दिए। गिफ्ट पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे। इतना ही नहीं सदस्यों घंटो तक उनके साथ समय बिताया। उन्हें अपने हाथों से खाना खिलाया और मिठाईयां बांटी। अपनेपन के अहसाह ने बच्चों को भाव विभोर कर दिया। आंखों में अलग ही चमक दिखीं छोटे- छोटे बच्चों ने जब अपने लिए किसी और इतना सब कुछ करते देखा तो उनकी आंखों में अलग ही चमक दिखीं। सभी ने एक-दूसरे को खुशी -खुशी गुलाल लगाया। क्लब की महिलाओं का कहना है कि समाज में खुशियां बांटने से ही बढ़ती है। हम हमेशा जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए प्रयासरत हैं। छोटी- छोटी मदद से उनकी चेहरे की खुशी देखकर अलग ही सुकून मिलती है। इस दौरान पूर्णिमा त्रिपाठी, रुचि केदिया, मौ भट्टाचार्या, प्रियंका यादव और स्वाती पांडेय उपस्थित रहीं। अध्यक्ष शालिनी पांडेय ने सदस्यों के समय, योगदान और समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया और उन दाताओं को भी धन्यवाद दिया जिनकी आर्थिक मदद से ये उपहार संभव हो सके।
ग्वालियर में एक युवक को एफआईआर दर्ज कराने के बदले गोली मार दी गई। यह घटना शुक्रवार देर रात थाटीपुर थाना क्षेत्र के बजरिया में हुई। घायल युवक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, संतोषी माता मंदिर के पीछे रहने वाले 20 वर्षीय सूरज सेन पिता वीरेंद्र सेन शुक्रवार शाम किसी काम से बजरिया जा रहे थे। तभी पास ही रहने वाले शिवम खटीक, राहुल खटीक, अभिषेक खटीक और कालू ने उनका रास्ता रोककर विवाद शुरू कर दिया। विवाद के दौरान हमलावरों ने सूरज पर गोली चला दी। सूरज के पलटते ही गोली उसके हाथ में लगी। गोली लगने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायल सूरज को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया और आरोपियों की तलाश में पुलिस दल रवाना किया। बताया गया है कि इस घटना से एक दिन पहले हमलावरों ने सूरज के परिवार के शेर सिंह के साथ मारपीट की थी। इस मामले में पीड़ित परिवार ने थाटीपुर थाने में FIR दर्ज कराई थी, जिसके बाद यह गोलीबारी हुई। मुरार थाना सर्किल के सीएसपी अतुल सोनी ने बताया कि विवाद में एक युवक को गोली लगी है। गोली उसके हाथ में लगी है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है और उन्हें जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक 20 वर्षीय युवती से सामूहिक दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना 19 फरवरी की है, जिसका खुलासा पीड़िता की तबीयत बिगड़ने के बाद हुआ। डबरा देहात थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस फिलहाल आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है। दुकान के पास से किया अगवा जानकारी के अनुसार, डबरा देहात क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली युवती 10 फरवरी को अपनी बुआ के घर गई थी। 19 फरवरी की रात करीब 8 बजे जब वह पास ही में टिक्की खाने गई, तभी टमटम (ई-रिक्शा) सवार दो युवकों ने उसका मुंह दबाकर उसे जबरन बैठा लिया। रास्ते में उन्होंने अपने एक और साथी को साथ लिया और युवती को 'अरु तिराहा' स्थित एक कॉलेज परिसर में ले गए। वहां तीनों ने बारी-बारी से युवती के साथ दुष्कर्म किया। धमकी के कारण चुप रही पीड़िता अगले दिन 20 फरवरी की सुबह आरोपियों ने युवती को वापस बुआ की दुकान के पास छोड़ दिया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। खौफ के कारण युवती चुप रही, लेकिन कुछ दिनों बाद तबीयत बिगड़ने पर उसने अपनी चाची को आपबीती सुनाई। पुलिस ने दबिश देकर आरोपियों को पकड़ा शुक्रवार शाम परिजन पीड़िता को लेकर डबरा देहात थाने पहुंचे। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए देर रात ही अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म की धाराओं में केस दर्ज किया और दबिश देकर तीनों आरोपियों को दबोच लिया। ये आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने कहा- मामले की हो रही जांच डबरा देहात थाना प्रभारी सुधाकर सिंह तोमर ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनसे गहन पूछताछ की जा रही है और वैधानिक कार्रवाई जारी है।
गंगानगर की गंगासागर कॉलोनी निवासी 24 वर्षीय वंशिका भगत ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में 809वीं रैंक हासिल कर शहर का नाम रोशन किया है। उन्होंने तीसरे प्रयास में सेल्फ स्टडी और स्मार्ट तैयारी के दम पर यह सफलता प्राप्त की। वंशिका का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने सिविल सर्विसेज की मुख्य परीक्षा से लेकर इंटरव्यू की तैयारी तक में उनकी काफी मदद की। वंशिका अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को देती हैं। उनके पिता वीके भगत एनएएस कॉलेज में गणित के प्रोफेसर हैं, जबकि मां सीमा गौतम प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका हैं। उन्होंने बताया कि परिवार के सहयोग और सही रणनीति के कारण वह अपने लक्ष्य तक पहुंच सकीं। वंशिका ने अभ्यर्थियों को सलाह दी कि सिविल सर्विसेज की तैयारी के दौरान एक स्पष्ट योजना बनाकर नियमित पढ़ाई करनी चाहिए और साथ ही अपने स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखना जरूरी है। पढ़ाई में शुरू से ही मेधावी रहीं वंशिका ने वर्ष 2017 में केएल इंटरनेशनल स्कूल से हाईस्कूल और 2019 में इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। इंटरमीडिएट में उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान और जिले में टॉप किया था। इसके बाद उन्होंने दिल्ली के मिरांडा हाउस कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस में बीए ऑनर्स किया। वर्ष 2022 से उन्होंने सिविल सर्विसेज की तैयारी शुरू की थी। वंशिका के बड़े भाई आर्यन भगत ने आईआईटी गोवा से इंजीनियरिंग की है। बेटी की सफलता से परिवार और परिचितों में खुशी का माहौल है।
मेरठ के लोहिया नगर थाना क्षेत्र के जिलानी गार्डन में शुक्रवार रात एक युवक ने आत्महत्या कर ली। 20 वर्षीय मोईन ने अपनी प्रेमिका से वीडियो कॉल पर बातचीत के बाद कमरे में पंखे से फांसी लगाकर जान दे दी। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया। जानकारी के अनुसार, जिलानी गार्डन निवासी शकील अपने परिवार के साथ रहते हैं। उनके परिवार में पत्नी नसीमा, दो बेटे अनस और मोईन तथा एक बेटी है। मोईन (20) पेशे से सैलून का काम करता था। परिजनों के मुताबिक, करीब सात महीने पहले मोईन की दोस्ती प्रयागराज की एक युवती से हुई थी। यह दोस्ती धीरे-धीरे प्रेम प्रसंग में बदल गई। बताया जाता है कि दोनों अक्सर देर रात तक फोन और वीडियो कॉल पर बात करते थे। पुलिस के अनुसार, शुक्रवार रात भी मोईन की युवती से फोन पर बातचीत हुई थी। इस दौरान किसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई, जिसके बाद युवती ने फोन बंद कर दिया। इसके कुछ देर बाद ही मोईन ने अपने कमरे की छत में लगे पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मोईन के बड़े भाई अनस ने बताया कि रात करीब दो बजे जब वह लघुशंका के लिए उठे, तो उन्होंने मोईन के कमरे की लाइट जली देखी। शक होने पर उन्होंने खिड़की से झांककर देखा तो मोईन का शव पंखे से लटका हुआ था। अनस की चीख सुनकर परिवार और आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। मोईन को तुरंत नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। हालांकि, परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। शनिवार को गमगीन माहौल में युवक का अंतिम संस्कार कर दिया गया। परिवार वालों ने बताया कि मोईन ने हाल ही में समर गार्डन में अपनी नई सैलून की दुकान खोली थी और शनिवार को उसका शुभारंभ होना था। दुकान के उद्घाटन की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं, लेकिन उससे एक रात पहले ही उसकी मौत ने पूरे परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। मोईन की असमय मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं मोहल्ले के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं।
पीलीभीत के बीसलपुर कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार रात एक रोडवेज बस के परिचालक के साथ मारपीट और लूट के प्रयास का मामला सामने आया है। नशे में धुत कुछ युवकों ने बस को बीच सड़क पर रुकवाकर इस घटना को अंजाम दिया। हमलावरों ने सरकारी कार्य में बाधा डालने के साथ-साथ बस में सवार यात्रियों के साथ भी अभद्रता की। पीड़ित परिचालक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। युवकों ने गाली-गलौज की मदनलाल ने बताया कि रोडवेज बस संख्या UP 78 AT 7211 पर परिचालक के पद पर तैनात हैं। शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे उनकी बस बीसलपुर से मीरगंज की ओर जा रही थी। जब बस ईदगाह चौराहे के पास पहुंची, तो नशे में धुत एक युवक ने गलत तरीके से बस रोकने का प्रयास किया। परिचालक द्वारा विरोध करने पर युवक ने गाली-गलौज शुरू कर दी। विवाद बढ़ने पर आरोपी युवक ने फोन कर अपने 20 से 25 साथियों को मौके पर बुला लिया। ये हमलावर एक कार (संख्या UP 26 AN 1152) और कई बाइकों पर लाठी-डंडों से लैस होकर पहुंचे। उन्होंने चलती बस को घेर लिया और परिचालक मदनलाल पर हमला कर दिया। बीच-बचाव यात्री चोटिल पीड़ित परिचालक मदनलाल ने आरोप लगाया है कि मारपीट के दौरान हमलावरों ने उनकी टिकट मशीन और रुपयों से भरा बैग छीनने का प्रयास किया। जब बस में सवार यात्रियों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो हमलावरों ने उनके साथ भी मारपीट की, जिससे कुछ यात्री चोटिल हो गए। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।
मेरठ के कपसाड़ मामले के आरोपी को पुलिस रिमांड पर लेकर वारदात में प्रयुक्त हथियार बरामद करेगी। सूत्र बताते हैं कि सरधना पुलिस की तरफ से पीसीआर के लिए काफी पहले आवेदन किया गया था, जिसे मंजूर कर लिया गया है। शनिवार को पुलिस आरोपी को बाहर ला सकती है। हालांकि अफसर मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। पहले एक नजर कपसाड़ मामले परमेरठ के सरधना में कपसाड़ गांव है। 8 जनवरी को यहां खेत पर मां सुनीता के साथ काम कर रही दलित युवती रूबी का अपहरण कर लिया गया। गांव के ही ठाकुर समाज के युवक पर आरोप लगे, जिसने विरोध करने पर युवती की मां को गंभीर रूप से घायल कर दिया।बाद में उपचार के दौराल सुनीता ने दम तोड़ दिया था। पुलिस ने अपहरण व हत्या का मुकदमा दर्ज किया और आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया। न्यायालय ने उसे सलाखों के पीछे भेज दिया। दस्तावेजों में आरोपी निकला नाबालिगआरोपी के जेल जाने के बाद खुलासा हुआ कि वह वारदात के वक्त नाबालिग था। तीन एडवोकेट के पैनल संजीव राणा, बलराम सोम व विजय शर्मा ने उसका केस लड़ने की घोषणा की। तीनों ने कोर्ट के समक्ष आरोपी की उम्र से जुड़े साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए मामले की सुनवाई जेजे बोर्ड में किए जाने की पैरवी की। एक माह में मामला जेजे बोर्ड ट्रांसफर 10 जनवरी को आरोपी जेल की सलाखों के पीछे पहुंच गया। 14 जनवरी को तीनों अधिवक्ताओं ने यह याचिका दायर की, जिसे कोर्ट ने स्वीकार किया और वादी पक्ष को नोटिस जारी कर दिए। 7 सुनवाई तारीखों में दोनों पक्ष ने अपनी बात रखी। आरोपी पक्ष के पैनल की पैरवी मजबूत रही, जिसके बाद मामला जेजे बोर्ड ट्रांसफर कर दिया गया। पीसीआर पर आरोपी को बाहर लाएगी पुलिसकोर्ट के बाद यह मामला जेजे बोर्ड में चल रहा है। पुलिस ने भी धीरे-धीरे अपनी जांच को आगे बढ़ा दिया है। अब जब मामला बोर्ड के समक्ष आ गया है तो पुलिस ने आरोपी की पीसीआर के लिए आवेदन कर दिया। जल्द ही पुलिस आरोपी को बाहर लाकर सुनीता की हत्या में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर सकती है। जन्म तिथि पर अभी भी असमंजस मामला भले ही एससी-एसटी कोर्ट से जेजे बोर्ड ट्रांसफर हो गया हो लेकिन आरोपी की जन्म तिथि से जुड़ा पेच अभी भी फसा है। शुक्रवार को भी मामले में कोई निर्णय नहीं लिया जा सका हालांकि दोनों पक्षों के द्वारा बहस की गई। 10 मार्च अगली तिथि निर्धारित की गई है। आरोपी के एडवोकेट संजीव राणा ने बताया कि उन्होंने बोर्ड के समक्ष हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की कई रूलिंग पेश की है।
72 करोड से हाईटेक बनेगी अयोध्या कचहरी:7 मंजिला भवन में बैठ सकेंगे 3 हजार अधिवक्ता
अयोध्या के अनुरूप हाईटेक कचहरी बनाने का डीपीआर अयोध्या उत्तर प्रदेश सरकार को डीएम निखिल टीकाराम फुंडे के नेतृत्व में भेजने के अंतिम चरण में है यह जानकारी अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष पंडित कालिका प्रसाद मिश्रा के साथ कचहरी भ्रमण में जिलाधिकारी ने दी है। लगभग 3000 अधिवक्ताओं के बैठने के सात मंजिला भवन पब्लिक चैंबर बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है जिसमें अधिवक्ताओं के बैठने के चेंबर हाईटेक मीटिंग हॉल हाईटेक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एलोपैथिक एवं होम्योपैथिक आधुनिक सुविधाओं से लैस अस्पताल होगा। स्टांप वेंडर के लिए ग्राउंड फ्लोर पर दुकान हाईटेक कैंटीन के साथ अत्यधिक सुविधायुक्त पश्चिम तरफ ए और पूरब तरफ बी ब्लॉक सात मंजिल की शानदार कचेहरी बनाने का खाका कुछ दिन पूर्व खींचा गया। जब न्यायालय के मल्टी स्टोरी पार्किंग की तरफ से बने हुए मार्ग का उद्घाटन करने आए उत्तर प्रदेश के मुख्य न्यायाधीश के हाईटेक कचहरी बनाने के निर्देश दिया। इस पर जिलाधिकारी अयोध्या ने और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाईटेक कचेहरी बनाने की परिकल्पना को साकार करने को मूर्त रूप देने का काम किया है। निर्माण में लगभग 72 करोड रुपए का व्यय आने का अनुमान है।अयोध्या जिले की हाईटेक कचहरी बनाने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिलाधिकारी अयोध्या के प्रयास की अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष जनार्दन दुबे बब्बन प्रसाद चौबे बाबू अरविंद कुमार सिंह बाबू रंजीत बहादुर सिंह अधिवक्ता संघ के एल्डर कमेटी के सदस्य त्रिलोकी नाथ द्विवेदी ओंकार नाथ तिवारी विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष विधि प्रकोष्ठ विजय शंकर पांडे सहित भारी संख्या में अधिवक्ताओं ने आभार व्यक्त किया है।
शाहजहांपुर में खड़ी कार में लगी आग:मरीज को अस्पताल में भर्ती कराने के बाद हुई घटना
शाहजहांपुर में अजीजगंज रोड किनारे खड़ी एक कार में देर रात करीब दस बजे अचानक आग लग गई। सूचना मिलने पर पुलिस और दमकल विभाग मौके पर पहुंचे और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है। स्थानीय लोगों ने बताया कि कार से अचानक धुआं निकलने लगा, जिसके बाद आग तेजी से फैल गई। आग की लपटें देखकर स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात को कुछ देर के लिए रोका, जिससे बचाव कार्य सुचारु रूप से चल सके। यह कार जलालाबाद थाना क्षेत्र के रहने वाले राहुल की बताई जा रही है। राहुल अपने किसी परिचित मरीज को शाहजहांपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराने आए थे। मरीज को अस्पताल में भर्ती कराने के बाद उन्होंने कार को रोड किनारे खड़ा कर दिया था। इसके कुछ देर बाद ही कार में आग लग गई। चौक कोतवाली प्रभारी अश्वनी कुमार ने बताया कि कार से एक मरीज को लाया गया था। उन्होंने पुष्टि की कि यह कार जलालाबाद के एक व्यक्ति की है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा का अंतिम परिणाम शुक्रवार को घोषित किया गया। इसमें चंदौसी निवासी देव डूडेजा ने 152वीं रैंक हासिल की है। संभल जनपद के चंदौसी स्थित गणेश कॉलोनी के निवासी देव डूडेजा ने यह सफलता अपने दूसरे प्रयास में प्राप्त की। इससे पहले, उन्होंने 351वीं रैंक हासिल की थी, जिसके बाद उन्होंने पुनः परीक्षा दी और इस बार बेहतर प्रदर्शन करते हुए 152वीं रैंक प्राप्त की। देव की प्रारंभिक शिक्षा चंदौसी के आरआरके स्कूल से हुई, जहां से उन्होंने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट उत्तीर्ण किया। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक और परास्नातक की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने सिविल सेवा में जाने का लक्ष्य निर्धारित कर लिया था। देव के पिता इंद्रमोहन डूडेजा चंदौसी के एसएम डिग्री कॉलेज के सामने कई वर्षों से चाय की कैंटीन चलाते हैं। उनकी माता चंद्रप्रभा एक शिक्षिका हैं। देव ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता के सहयोग, शिक्षकों के मार्गदर्शन और परिवार के समर्थन को दिया। परिणाम घोषित होने के बाद देव के परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। परिजनों और शुभचिंतकों ने उन्हें मिठाई खिलाकर बधाई दी।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आकाशवाणी लखनऊ में 'शक्ति रूपेण संस्थिता' नामक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आकाशवाणी परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में आमंत्रित श्रोताओं की उपस्थिति में नारी शक्ति के विभिन्न आयामों पर चर्चा की गई और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं। कार्यक्रम का शुभारंभ बिरजू महाराज कथक संस्थान, लखनऊ की अध्यक्ष और मुख्य अतिथि डॉ. कुमकुम धर ने किया। उनके साथ विशिष्ट अतिथि साहित्यकार डॉ. विद्या बिंदु सिंह, आकाशवाणी लखनऊ के केंद्राध्यक्ष आरबी सिंह और कार्यक्रम प्रमुख सुमोना पांडेय सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित किया। महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी भूमिका का निर्वहन कर रही मुख्य अतिथि डॉ. कुमकुम धर ने कहा कि महिलाएं आज हर क्षेत्र में अपनी भूमिका का सफलतापूर्वक निर्वहन कर रही हैं और उनका आर्थिक रूप से सशक्त होना बेहद आवश्यक है। साहित्यकार डॉ. विद्या बिंदु सिंह ने महिला-पुरुष के बीच प्रतिस्पर्धा की बजाय पारस्परिक सहयोग को आवश्यक बताया। कार्यक्रम के 'स्वयंसिद्धाः संकल्प से सफलता' सत्र में कई हस्तियों ने अपने अनुभव साझा किए। इनमें पूर्व एथलीट व शूटर रचना गोविल, पाककला विशेषज्ञ अलका सिंह तोमर, योग प्रशिक्षिका प्राची जैन, एडवोकेट पूनम पांडेय, फिल्म व थिएटर कलाकार अर्चना शुक्ला और व्यवसायी तनुश्री गुप्ता शामिल थीं। कलाकारों ने मधुर गीतों की प्रस्तुति दी 'किस्सागोई' सत्र में वरिष्ठ पत्रकार अरशाना अज़मत ने स्वतंत्रता संग्राम की वीरांगना ऊदा देवी के शौर्य और बलिदान की प्रेरक कथा सुनाई।कार्यक्रम के अंतिम सत्र 'राग संग बरसे रंग' में आकाशवाणी के कलाकारों ने मधुर गीतों की प्रस्तुति दी। स्नेहिल श्रीवास्तव और उनके साथियों द्वारा प्रस्तुत होली गीत मोरी चुनर में पड़ गए दाग... और हो नंदलाल मारे जाए... ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम प्रमुख सुमोना पांडेय ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस केवल उत्सव नहीं, बल्कि महिलाओं की उपलब्धियों और चुनौतियों को समझने तथा समाज में लैंगिक समानता के लिए संवाद बढ़ाने का अवसर है। कार्यक्रम का संचालन रूपाली चन्द्रा ने किया।
आगरा में दो पक्षों के बीच जमकर चले लाठी-डंडे:बीच-बचाव कराने आए लोग भी हुए घायल, वीडियो हो रहा वायरल
आगरा के थाना ट्रांस यमुना क्षेत्र टेडी बगिया में दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई है। गाली-गलौज के बाद लाठी-डंडों से हुई मारपीट में कई लोग घायल हो गए हैं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने वीडियो के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों की पहचान शुरू कर दी है। घटना थाना ट्रांस यमुना के जगदंबा इंटर कॉलेज के पास संजीव नगर की है। जहां दो पक्षों में किसी पूरानी बात को लेकर विवाद हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और स्थिति को नियंत्रित किया। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हो रही है। लोग लाठी-डंडों से एक दूसरे पर हमला कर रहे हैं। इस दौरान कुछ लोग बीच-बचाव करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वे भी घायल हो गए हैं। पुलिस का कहना है कि घटना के कारणों की जांच की जा रही है। आरोपियों की पहचान के लिए वीडियो फेज की जा रही है। मुकदता दर्ज कर लिया गया है, तीन लोग गिरफ्तार हुए है। वाकी वीडियो के आधार प जांच की जाएगी।
उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले के कर्वी स्थित एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय में महिला प्राध्यापक द्वारा छात्राओं से मालिश कराने का एक वीडियो शुक्रवार को सामने आया है। इस वीडियो के आधार पर प्रधानाध्यापिका पर विद्यालय समय में छात्राओं से निजी कार्य कराने के आरोप लगे हैं। वीडियो में छात्राएं महिला प्रधानअध्यापिका के हाथ-पैर दबाते नजर आ रही हैं। यह मामला चित्रकूट के नया बाजार स्थित प्राथमिक विद्यालय का है। वायरल वीडियो में प्रधानाध्यापिका मधु कुमारी विद्यालय परिसर में छात्राओं से अपने पैर की मालिश करवाती दिख रही हैं। वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि शिक्षण कार्य के समय छात्राएं शिक्षिका की सेवा में लगी हैं, जबकि प्रधानाध्यापिका आराम से लेटकर मोबाइल फोन चला रही हैं। इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय अभिभावकों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि शिक्षण संस्थानों में ऐसा आचरण बच्चों के मानसिक विकास और शैक्षिक वातावरण को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। विभाग बोला- जांच के बाद कार्रवाई करेंगेमामले की गंभीरता को देखते हुए यूपी के शिक्षा विभाग ने इसका संज्ञान लिया है। संबंधित अधिकारियों ने बताया कि वायरल वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रधानाध्यापिका दोषी पाई जाती हैं, तो उनके विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
लद्दाख में ITBP जवान कुलदीप सिंह की मौत:ड्यूटी के दौरान बर्फ में दबे, कल फर्रुखाबाद पहुंचेगा शव
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवान कुलदीप सिंह का लद्दाख में निधन हो गया है। फर्रुखाबाद के नवाबगंज थाना क्षेत्र के कलौली महबुल्लापुर गांव निवासी कुलदीप सिंह की जान ड्यूटी के दौरान बर्फ में दबने से चली गई। आज उनके परिवार को इस दुखद घटना की सूचना मिली, जिसके बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। कुलदीप सिंह, जो महेंद्र सिंह के पुत्र थे, वर्ष 2011 में ITBP में शामिल हुए थे। वह वर्तमान में लेह-लद्दाख में तैनात थे। परिजनों और चचेरे भाई ग्राम प्रधान नरेंद्र सिंह के अनुसार, लगभग एक सप्ताह पहले लद्दाख में ड्यूटी के दौरान वह अपनी बटालियन के लगभग सात अन्य जवानों के साथ बर्फ में दब गए थे। उनकी शहादत की पुष्टि आज हुई, जिसके बाद परिवार को सूचित किया गया। शहीद कुलदीप सिंह के परिवार में उनकी पत्नी प्रियंका, आठ वर्षीय पुत्री मन्नत और चार वर्षीय पुत्र राम हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है। ग्राम प्रधान नरेंद्र सिंह ने बताया कि शहीद कुलदीप सिंह का पार्थिव शरीर कल दोपहर तक उनके पैतृक गांव पहुंचेगा। इसके बाद पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। बताया गया शनिवार को दोपहर बाद तक शव घर पहुंचेगा।
ललितपुर में साधु के साथ मिला राजस्थान का लापता किशोर:लोगों ने साधु संग पकड़ा, पुलिस कर रही पूछताछ
ललितपुर में शुक्रवार शाम राजस्थान के धौलपुर जिले से लापता एक किशोर संदिग्ध परिस्थितियों में एक साधु के साथ मिला। स्थानीय लोगों ने शक होने पर साधु को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने बच्चे के परिजनों को सूचना दे दी है और मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम एक साधु बच्चे के साथ तुवन मंदिर पहुंचा। मंदिर के सेवादार कमल को साधु की गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिस पर उन्होंने उससे पूछताछ की। साधु ने बताया कि यह बच्चा उसे वृंदावन में भीख मांगते हुए मिला था, इसलिए वह उसे अपने साथ ले आया। जब बच्चे से पूछताछ की गई तो उसने अपना नाम आदित्य बताया और कहा कि बाबा उसे वृंदावन से लाए हैं। उसने खुद को धौलपुर जिले के बरखेड़ा गांव का निवासी बताया और अपनी मां का मोबाइल नंबर भी दिया। स्थानीय लोगों ने वीडियो कॉल के जरिए उसकी मां से बात कराई, जिन्होंने बच्चे को पहचान लिया। उन्होंने बताया कि उनका बेटा चार दिन से लापता था और उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट पहले ही थाने में दर्ज कराई जा चुकी है। पूछताछ में साधु ने अपनी पहचान मड़ावरा थाना क्षेत्र के देवरान गांव निवासी छोटू अहिरवार के रूप में बताई। पुलिस ने बच्चे को पूछताछ के बाद हेल्प डेस्क में भेज दिया है, जबकि साधु से गहन पूछताछ जारी है। अनुराग अवस्थी ने बताया कि किशोर के परिजनों को सूचना दे दी गई है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
मऊ जिले के शहर कोतवाली क्षेत्र के मुंशीपुरा ओवरब्रिज के पास शुक्रवार को दादर एक्सप्रेस ट्रेन में सवार यात्री की ट्रेन के नीचे गिरने से मौत हो गई। घटना के लोगों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। सूचना मिलते ही कोतवाली और रेलवे पुलिस मौके पर पहुंच गई। कड़ी मशक्कत के बाद शव की शिनाख्त के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। देवरिया जिले के सलेमपुर थाना क्षेत्र निवासी 45 वर्षीय योगेश परिवार के साथ मुम्बई से बलिया जा रहा था। इसी दौरान ट्रेन ज्यों ही शहर कोतवाली के मुंशीपुरा ओवरब्रिज के पास पहुंची अचानक गेट के पर खड़ा योगेश ट्रेन से नीचे गिर गया। इससे मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई। सूचना मिलते ही शहर कोतवाली और रेलवे पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। यात्री के शव की शिनाख्त के बाद शव को कब्जे में लेकर जांच की जा रही है।
गोमती ग्रीन सोसायटी में होली मिलन:प्रबुद्ध समाज ने पार्क में सजाया मंच, ढोलक की थाप पर छेड़े तराने
लखनऊ की इमार गोमती ग्रीन सोसायटी में प्रबुद्ध समाज ने सनातन धर्म मंच के सहयोग से होली मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। सोसायटी के पार्क में मंच सजा, जहां ढोलक की थाप पर होली गीतों के तराने छेड़े। इस दौरान फाग की धुन पर कई होली गीतों को लोगों ने एंजॉय किया। कार्यक्रम के दौरान सनातन संस्कृति, धार्मिक मूल्यों, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने भारतीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के साथ-साथ सनातन धर्म के सिद्धांतों के प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया। उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। होली गीतों का लोगों ने आनंद लिया इस अवसर पर 'धर्मो रक्षति रक्षितः' के संदेश के साथ समाज में नैतिक मूल्यों, आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक गौरव को बढ़ावा देने का आह्वान किया गया। दीपक के होली गीतों और सामूहिक भजनों ने कार्यक्रम के माहौल को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम में वीएस शुक्ला, विनोद कुमार तिवारी, अरविंद तिवारी, अनुराग पांडेय, रविंद्र नाथ राय, जेपी सिंह, रवि शुक्ला, राकेश शुक्ला, उपेंद्र उपाध्याय, डॉ. आलोक पांडेय, पवन पांडेय, अनिल कुमार पांडेय, डॉ. रोहिताश और शशांक मिश्रा सहित सोसायटी के कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री आदित्य नाथ योगी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने का प्रार्थना पत्र एमपी एमएलए कोर्ट के मजिस्ट्रेट ने निरस्त कर दिया। याचिका में स्थानीय प्रशासन की ओर से पहुंचाई गई आर्थिक क्षति व भ्रष्टाचार को लेकर एफआईआर के आदेश की मांग की गई थी। एमपी एमएलए कोर्ट के मजिस्ट्रेट सिविल जज सीडी अंशुमाली पांडेय ने अली बाबा की ओर से दायर किए गए प्रार्थना पत्र को बलहीन होने के आधार पर खारिज किया है। साथ ही अपने आदेश में कहा है कि अदालत में पेश किए प्रार्थना पत्र में मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया है और विधिक कार्रवाई किए जाने की याचना की गई है। जबकि भ्रष्टाचार के मामलों की सुनवाई करने का क्षेत्राधिकार इस न्यायालय को प्राप्त नहीं है।अदालत में पेश किए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के मोदहा निवासी अली बाबा का मकान 13 जून 2025 को बिना किसी सूचना के बुलडोजर से गिरा दिया गया। मकान के अंदर गृहस्थी का सामान भी नष्ट कर दिया गया। तहसील सदर के अधिकारी व पुलिस बल की मौजूदगी में उनके आशियाना को उजाड़ दिया गया। जिलाधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की देखरेख में मकान के खिड़की-दरवाजे सरिया सब गायब करवा दिया गया। स्थानीय शासन प्रशासन की शिकायत मुख्यमंत्री से की गई। जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज कराई गई शिकायत पर स्थानीय प्रशासन ने गलत रिपोर्ट लगाकर निस्तारित कर दी गई। तब मुख्यमंत्री को कानूनी नोटिस भेजा गया। तब भी कोई सुनवाई न होने पर अदालत में प्रार्थना पत्र देकर मुख्यमंत्री के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश पारित किए जाने की मांग की गई।
ज्योतिषपीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा 11 मार्च को लखनऊ में प्रस्तावित ‘गो-प्रविष्ठा धर्मयुद्ध’ कार्यक्रम को लेकर अभी प्रशासन की मंजूरी नहीं मिली है। राजधानी के आशियाना स्थित कांशीराम स्मृति सांस्कृतिक स्थल पर आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम के लिए आयोजकों की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं, लेकिन पुलिस और जिला प्रशासन का कहना है कि अब तक आधिकारिक अनुमति जारी नहीं की गई है और मामले की समीक्षा की जा रही है। आशियाना में प्रस्तावित है बड़ा कार्यक्रमआयोजकों के मुताबिक 11 मार्च को शीतला अष्टमी के अवसर पर आशियाना स्थित कांशीराम स्मृति सांस्कृतिक स्थल, पासी किला चौराहा पर दोपहर 2:15 बजे से शाम 5 बजे तक कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है। इस दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ‘गो-प्रविष्ठा धर्मयुद्ध’ का औपचारिक शंखनाद करेंगे और समर्थकों को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम में संत-समाज, विभिन्न संगठनों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। अविमुक्तेश्वरानंद के आवेदन पत्र- पुलिस-प्रशासन ने अभी नहीं दी अनुमतिसूत्रों के अनुसार इस कार्यक्रम के लिए अब तक पुलिस और जिला प्रशासन की ओर से औपचारिक अनुमति नहीं दी गई है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि किसी भी बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम के लिए सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए अनुमति दी जाती है। इसी वजह से संबंधित विभागों की रिपोर्ट के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। कानून-व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन पर होगी समीक्षाप्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के आने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक प्रबंधन का विस्तृत प्लान तैयार करना जरूरी है। इसके लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के स्तर पर समीक्षा की जा रही है। इसके बाद ही कार्यक्रम को लेकर अनुमति देने या न देने पर फैसला लिया जाएगा। लखनऊ कार्यक्रम को लेकर प्रशासन की मंजूरी पर संशयसूत्रों के मुताबिक लखनऊ में 11 मार्च को प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर पुलिस और प्रशासन की ओर से अभी तक कोई अनुमति नहीं दी गई है। सूत्र यह भी बताते हैं कि फिलहाल, मंजूरी मिलने की संभावना कम है। इसके बावजूद आयोजकों की ओर से कार्यक्रम की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। काशी से लखनऊ तक यात्रा पर हैं शंकराचार्यशंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद इन दिनों काशी से लखनऊ तक यात्रा कर रहे हैं। इस यात्रा के दौरान जौनपुर, सुल्तानपुर, रायबरेली, मोहनलालगंज, उन्नाव और नैमिषारण्य सहित कई स्थानों पर सभाएं प्रस्तावित हैं। आयोजकों का कहना है कि यह यात्रा गौ-रक्षा को लेकर जनजागरण अभियान का हिस्सा है और 11 मार्च को लखनऊ में इसका मुख्य कार्यक्रम रखा गया है। आयोजकों ने शुरू कर दी तैयारियांहालांकि प्रशासन की ओर से अनुमति अभी लंबित है, इसके बावजूद आयोजकों ने कार्यक्रम की तैयारियां शुरू कर दी हैं। विभिन्न जिलों में समर्थकों और श्रद्धालुओं को सूचना दी जा रही है ताकि वे 11 मार्च को लखनऊ पहुंच सकें। वहीं, प्रशासन का कहना है कि नियमों के तहत ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा और कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाएगी।
दुर्ग जिले में नशीली सिरप बेचने के मामले में विशेष न्यायालय ने एक मेडिकल स्टोर संचालक को 12 साल के कठोर कारावास और एक लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। विशेष न्यायालय (चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश) दुर्ग की न्यायाधीश सुनीता टोप्पो की अदालत ने आरोपी अनिल सिंह को यह सजा सुनाई। यह फैसला अपराध क्रमांक 275/2024 और प्रकरण क्रमांक 77/2024 में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21(सी) के तहत सुनाया गया है। मामले में विशेष लोक अभियोजक प्रकाश शर्मा ने शासन की ओर से प्रभावी पैरवी की। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 17 सितंबर 2024 को नेवई थाने में पदस्थ उप निरीक्षक खगेंद्र पठारे को एक मुखबिर से सूचना मिली थी। मुखबिर ने बताया था कि रिसाली के आजाद मार्केट स्थित न्यू कृतिका मेडिकल स्टोर का संचालक अनिल सिंह, अपनी दुकान की आड़ में प्रतिबंधित नशीली सिरप बेच रहा है। बिना अनुमति कोडीनयुक्त सिरप बेचने पर पुलिस ने छापा मारा सूचना में यह भी बताया गया कि आरोपी अधिक मुनाफा कमाने के लिए बिना वैध अनुमति के कोडीनयुक्त सिरप ग्राहकों को बेच रहा था, जिसका उपयोग नशे के लिए किया जाता है। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई की योजना बनाई और मेडिकल स्टोर पर छापा मारा। पुलिस ने दुकान और उससे लगे आवासीय हिस्से की तलाशी ली। जांच के दौरान, आरोपी के घर के कमरे में एक स्टील के ड्रम के अंदर गुलाबी रंग के प्लास्टिक बैग में रखी नशीली सिरप बरामद हुई। तलाशी में कुल 12 बोतल प्रतिबंधित सिरप बरामद हुई, जिनमें 9 बोतल कोड्रिल-टी (Codril-T) सिरप और 3 बोतल प्लानोकॉफ (Planocof) सिरप शामिल थी। बरामद की गई यह मात्रा व्यावसायिक श्रेणी (कमर्शियल क्वांटिटी) में पाई गई। बरामद सिरप को जब्त कर पुलिस ने उसे फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) जांच के लिए भेजा। एफएसएल रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि सिरप में कोडीन (Codeine) नामक नशीला तत्व मौजूद है। यह तत्व एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रतिबंधित श्रेणी में आता है और बिना अनुमति इसकी बिक्री अपराध मानी जाती है। रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने आरोपी अनिल सिंह को गिरफ्तार कर धारा 8 और 21(सी) एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया और न्यायालय में पेश किया। कोर्ट में चली लंबी सुनवाई मामले में 9 जनवरी 2025 को न्यायालय द्वारा आरोपी के खिलाफ आरोप तय किए गए। इसके बाद 15 जनवरी 2025 से गवाही की प्रक्रिया शुरू हुई, जो लगातार चली। अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 11 गवाहों के बयान न्यायालय में दर्ज कराए गए। इन गवाहों में पुलिस अधिकारी, जब्ती के साक्षी और जांच से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण व्यक्ति शामिल थे। अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य, दस्तावेज और एफएसएल रिपोर्ट को अदालत ने विश्वसनीय माना। अदालत ने सुनाया कड़ा फैसला सभी तथ्यों और साक्ष्यों पर विचार करने के बाद विशेष न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 12 वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपये के जुर्माने से दंडित किया। अदालत ने माना कि मेडिकल स्टोर जैसी जगह का उपयोग नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री के लिए करना समाज और युवाओं के लिए गंभीर खतरा है।
पीलीभीत में खत्म-ए-कुरआन का आयोजन:खानकाहे नूरिया रज़विया में मुल्क में अमन-चैन की दुआएं
पीलीभीत के पूरनपुर स्थित मोहल्ला रजागंज में शुक्रवार रात 'खत्म-ए-कुरआन' का आयोजन किया गया। खानकाहे नूरिया रज़विया में हुए इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने भाग लिया। तरावीह की 16वीं रात को कुरआन पाक मुकम्मल होने के साथ उम्मुल मोमिनीन हज़रत आयशा सिद्दीका रज़ियल्लाहु अन्हा की फ़ातिहा भी पढ़ी गई। कार्यक्रम का आरंभ तिलावत-ए-कुरआन पाक से हुआ। तरावीह की नमाज में हाफिज मोहम्मद हसान ने पूरा कुरआन सुनाया, जबकि हाफिज उसमान ने 'समाती' की जिम्मेदारी निभाई। कुरआन पाक की आखिरी आयतें पढ़े जाने पर पूरा खानकाह परिसर 'अल्लाहु-अकबर' के नारों से गूंज उठा। इसके बाद रसूले पाक की बारगाह में नात, मनकबत और सलात-ओ-सलाम पेश किया गया। मौलाना फजले अहमद नूरी की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में उलेमाओं ने रमजान की फजीलत पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि रमजान सिर्फ भूखे-प्यासे रहने का महीना नहीं, बल्कि यह सब्र, इबादत और इंसानियत की सेवा का महीना है। उलेमाओं ने सदक-ए-फितर और एतकाफ के महत्व को समझाते हुए कहा कि ईद की खुशियां तभी मुकम्मल होती हैं जब हम अपने साथ-साथ गरीब और जरूरतमंद पड़ोसियों का भी ख्याल रखें। उन्होंने हर सक्षम व्यक्ति को सदक-ए-फितर समय पर अदा करने की अपील की, ताकि हर घर में ईद की रौनक हो। कुरआन मुकम्मल होने की खुशी में नमाजियों ने हाफिज मोहम्मद हसान को फूलों के हार पहनाकर और उपहार भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम के अंत में मुल्क और दुनिया में अमन, भाईचारे और खुशहाली के लिए विशेष दुआएं मांगी गईं। इस मौके पर मौलाना दानिश, मौलाना आमिर रजा, हाफिज अशफाक, हाफिज नाजिम मिसवाही, हाफिज शाकिर, हाफिज नूर अहमद अजहरी और मुफ्ती शेर अहमद सहित क्षेत्र के कई उलेमा मौजूद रहे।
अज्ञात वाहन की टक्कर से युवक की मौत:कानपुर देहात में सीएचसी में मृत घोषित, परिजनों में शोक का माहौल
कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र में झींझक-कंचौसी कैनाल मार्ग पर अज्ञात वाहन की टक्कर से एक बाइक सवार युवक की मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल युवक को झींझक सीएचसी ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान औरैया जनपद के थाना सहायल निवासी 40 वर्षीय राजेश पुत्र अग्नू के रूप में हुई है। राजेश सहायल से अपनी बहन के घर झींझक आ रहे थे। सरदारपुर गांव के सामने रात करीब 8 बजे एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। घटना की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और राजेश की पहचान की। परिजनों के अनुसार, राजेश की तीन बेटियां रश्मी, काके और अंजली तथा एक बेटा अंकुश है। उनकी पत्नी का नाम मिथलेश है। इस हादसे की खबर से परिवार में कोहराम मच गया। राजेश दिल्ली में एक निजी कंपनी में नौकरी करते थे। वह आज ही अपने घर आए थे और झींझक जा रहे थे, तभी यह दुर्घटना हो गई। झींझक चौकी पुलिस ने मृतक के शव का पंचनामा कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
यूपीएससी ने सिविल सर्विस परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है। प्रयागराज में रहकर तैयारी करने वाली हापुड़ की शिवानी त्यागी को 807 वीं रैंक मिली है। वर्ष 2023 में इन्होंने मेंस का एग्जाम दिया था। जिसके बाद अपने लास्ट अटेम्ट में फाइनल एग्जाम क्वालीफाई किया। एक साल की कोचिंग करने के बाद सेल्फ स्टडी के साथ हार्डवर्क और कंसिस्टेंसी से उन्हें यह सफलता मिली। शिवानी की फैमिली हापुड़ रहती है। वह प्रयागराज में अपनी बहन के यहां रहकर तैयारी कर रहीं थीं। उनके पिता हृदेश त्यागी ट्रांसपोर्ट का बिजनेस करते हैं। मां बृजेश हाउस वाइफ हैं। परिवार में दो भाई शेखर बिजनेस और कृष्णा रेलवे पुलिस में हैं। वहीं बहन मीनू भी रेलवे ऑफिसर हैं जो कि प्रयागराज में तैनात हैं। शिवानी त्यागी ने बताया कि यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा (सीएसई) 2025 में 807वीं रैंक हासिल कर सफलता का शिखर छुआ। दिल्ली विश्वविद्यालय के इंद्रप्रस्थ कॉलेज फॉर वुमेन से फिलॉसफी में ग्रेजुएशन किया। यह उनका छठा और अंतिम प्रयास था, जिसमें उन्होंने सफलता प्राप्त की। शिवानी को सिविल की प्रेरणा अपनी सिस्टर से मिली जो कि रेलवे ऑफिसर हैं। उन्होंने कहा कि घरवालाें ने कभी दबाव नहीं डाला, बल्कि निरंतर प्रेरित किया। लंबे संघर्ष के बावजूद हार नहीं मानी। परिवार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, खासकर सिस्टर ने शुरुआत और मां ने निरंतरता में सहयोग दिया। तैयारी को लेकर कहा कि कोई जादुई फॉर्मूला नहीं, बल्कि कठोर परिश्रम, सही रणनीति, मार्गदर्शक और अनुशासन ही सफलता की कुंजी। उन्होंने बड़े संस्थानों से ऑफलाइन कोचिंग ली, लेकिन सेल्फ स्टडी अहम रोल निभाता है। कोचिंग अनिवार्य नहीं; ऑनलाइन गाइडेंस से घर बैठे क्रैक किया जा सकता है।तैयारी करने वाले लोगों को बड़े शहरों में जाने की जरूरत नहीं, सेल्फ स्टडी या स्थानीय लाइब्रेरी पर्याप्त है। ऑप्शनल सब्जेक्ट एंथ्रोपोलॉजी चुना, क्योंकि सामग्री आसानी से उपलब्ध, रोचक और अच्छे अंक दिलाती। मार्गदर्शन ने निर्णय आसान बनाया। वहीं मेंस के लिए उत्तर लेखन की रणनीति पर कहा कि पहले आधार मजबूत करें, फिर अभ्यास शुरू करना चाहिए। 2023 में मेन्स के बाद पहला इंटरव्यू था। जिसकी लिए मॉक इंटरव्यू ज्वाइन किया था। जिसमें करंट अफेयर्स के सेशंस भी होते थे। डेली न्यूज़पेपर डिस्कस होता था और पर्सनालिटी कैसे इंप्रूव करनी है, बोर्ड को कैसे फेस करना होता है, वहीं से मुझे हेल्प मिली और उसके अलावा मैंने मॉक इंटरव्यूज दिए थे।
बलौदाबाजार के पलारी क्षेत्र के ग्राम भवानीपुर में शुक्रवार रात करीब 9 बजे एक बिजली पोल के केबल तार में शॉर्ट सर्किट हो गया। मुख्य सड़क पर लगे इस पोल में आग लग गई, जिससे लगातार चिंगारियां निकलती रहीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के बाद केबल तार में तेजी से फैलने लगी। लगभग 15 मिनट तक पोल से पटाखों जैसी चिंगारियां निकलती रहीं और तेज आवाजें आती रहीं। इस घटना से आसपास के दुकानदार और राहगीर सहम गए। स्थानीय निवासियों ने तत्काल इसकी सूचना बिजली विभाग को दी। घटना के कारण पूरे इलाके में बिजली आपूर्ति करने वाला ट्रांसफार्मर बंद हो गया, जिससे क्षेत्र की बिजली गुल हो गई। बिजली पोल में अचानक आग ग्राम भवानीपुर के उप सरपंच फागु राम सेन ने बताया, अचानक बिजली पोल में आग लग गई और देखते ही देखते आग तेजी से केबल तार में फैलने लगी। पोल से दिवाली की तरह चिंगारियां निकल रही थीं और पटाखे फूटने जैसी आवाजें आ रही थीं। यह देखकर सभी लोग डर गए। हमने इसकी सूचना बिजली विभाग को दे दी है। उप सरपंच ने बिजली विभाग से क्षेत्र के जर्जर तारों को तुरंत बदलने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। फिलहाल, इस घटना में किसी जनहानि की कोई सूचना नहीं है।
भारतीय सेना में भर्ती होने का सपना देख रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। जाट रेजीमेंट केंद्र बरेली के मैदान पर 11 मार्च से 23 मार्च 2026 तक अग्निवीर सेना भर्ती रैली का मेला सजेगा। इसमें बरेली मंडल सहित कुल 12 जिलों के हजारों अभ्यर्थी अपना भाग्य आजमाएंगे। शुक्रवार को डीएम अविनाश सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में सेना और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया।जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दिए कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए। 11 मार्च से शुरू होगी दौड़, इन तारीखों को नोट कर लें अभ्यर्थी सेना भर्ती कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि 11 मार्च को टेक्निकल और 12 मार्च को ट्रेड्समैन व क्लर्क भर्ती के लिए सभी 12 जिलों के युवा पहुंचेंगे। इसके बाद 13 मार्च को बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती, लखीमपुर खीरी, 14 मार्च को शाहजहांपुर व सीतापुर, 15 मार्च को संभल व पीलीभीत, 16 मार्च को हरदोई, 17 मार्च को फर्रुखाबाद, 18 मार्च को बदायूं और 19 मार्च को खुद बरेली जिले के युवाओं की दौड़ होगी। 11 मार्च की सुबह 6 बजे से ही दौड़ शुरू हो जाएगी, जिसके लिए 10 मार्च की शाम से ही अभ्यर्थियों को प्रवेश मिलना शुरू हो जाएगा। नगर निगम और लोक निर्माण विभाग को डीएम ने दिए कड़े निर्देश बैठक में नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि अभ्यर्थियों के लिए बायो टॉयलेट, वाटर टैंक और सफाई कर्मियों की तैनाती कर दी गई है। दौड़ में पास होने वाले युवाओं के लिए रैन बसेरों में रुकने के इंतजाम किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को दो दिन में बैरिकेडिंग पूरी करने और विद्युत विभाग को निर्बाध बिजली के लिए जनरेटर तैनात करने को कहा है। स्वास्थ्य विभाग को 108 एम्बुलेंस और डॉक्टरों की टीम दवाओं के साथ तैनात रखने के निर्देश दिए गए हैं। एडमिट कार्ड और फर्जीवाड़े पर सेना की पैनी नजर सेना भर्ती के निदेशक ने स्पष्ट किया कि अभ्यर्थी अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर साथ लाएं। अगर किसी को डाउनलोडिंग में दिक्कत है तो वे सुबह 9 से दोपहर 2 बजे के बीच सेना भर्ती कार्यालय बरेली में संपर्क कर सकते हैं। जिलाधिकारी ने युवाओं से अपील की है कि वे भर्ती के नाम पर ठगने वाले दलालों और अफवाहों से दूर रहें। रोडवेज को निर्देश दिए गए हैं कि भर्ती स्पेशल फ्लैक्स वाली बसें चलाई जाएं ताकि युवाओं को आने-जाने में परेशानी न हो। बैठक में सभी जिम्मेदार अधिकारी रहे मौजूद तैयारियों की इस महत्वपूर्ण बैठक में सेना भर्ती कार्यालय बरेली के निदेशक के साथ अपर जिलाधिकारी नगर सौरभ दुबे, नगर मजिस्ट्रेट राजेश कुमार वर्मा, एसपी यातायात मो अकमल खान, मुख्य अग्निशमन अधिकारी मनु शर्मा और सीओ सिटी आशुतोष शिवम मौजूद रहे। साथ ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, डिप्टी सीएमओ और एआरएम रोडवेज सहित सेना के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।
बलरामपुर जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) के अंतर्गत बेसलाइन सर्वे के संबंध में आज जिला पंचायत सभाकक्ष में एक कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में जिला खनिज संस्थान न्यास के अध्यक्ष एवं कलेक्टर राजेंद्र कटारा उपस्थित रहे। कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने बताया कि खनन प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए बेसलाइन सर्वे अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस सर्वे के आधार पर आगामी पांच वर्षों के लिए एक प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिससे अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिल सके। कलेक्टर ने जानकारी दी कि जिले की 82 प्रत्यक्ष और 138 अप्रत्यक्ष, कुल 220 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित करते हुए यह कार्ययोजना बनाई जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय और कन्वर्जेंस के माध्यम से योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने हितग्राहीवार जानकारी संकलित कर उसे कार्ययोजना में शामिल करने पर जोर दिया, ताकि वास्तविक जरूरतमंदों तक योजनाओं का लाभ पहुंच सके। जिला पंचायत सीईओ नयनतारा सिंह तोमर ने बताया कि सर्वेक्षण कार्य शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जाएगा। ग्राम पंचायतों में बेसलाइन सर्वे के साथ पंचवर्षीय परिप्रेक्ष्य योजना और वार्षिक योजना भी तैयार की जाएगी, जिसमें विभिन्न विभागों के कार्यों को समाहित किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि प्रभावित ग्रामों में 9 मार्च तक सभी सर्वेक्षण दलों का गठन कर लिया जाएगा, जिससे निर्धारित समय-सीमा में सर्वेक्षण कार्य प्रारंभ हो सके। अपर कलेक्टर आर.एन. पाण्डेय ने जानकारी दी कि बेसलाइन सर्वे के लिए जिला एवं विकासखंड स्तरीय समितियों का गठन किया गया है। कार्यशाला में जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर द्वारा पीपीटी के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी गई। मास्टर ट्रेनर ने बताया कि सर्वे के तहत क्षेत्र की पहचान कर डेटा संग्रहण किया जाएगा और उसके आधार पर गेप विश्लेषण कर पंचवर्षीय एवं वार्षिक योजनाएं बनाई जाएंगी। डीएमएफ नियमों के अनुसार, न्यास निधि का न्यूनतम 70 प्रतिशत उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों जैसे पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल कल्याण, पर्यावरण संरक्षण, कौशल विकास और आजीविका सृजन में खर्च किया जाएगा। शेष 30 प्रतिशत राशि अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों जैसे अधोसंरचना, सिंचाई, ऊर्जा और वाटरशेड विकास में उपयोग की जाएगी।
मंदसौर शहर के भारत माता चौराहे पर शुक्रवार रात एक टाटा हैरियर कार ने बुजुर्ग महिला को टक्कर मार दी। कार पर मध्य प्रदेश शासन लिखा हुआ था। टक्कर के कारण बुजुर्ग महिला के पैर में गंभीर चोट लगी है। जानकारी के अनुसार ‘मध्य प्रदेश शासन’ लिखी एक टाटा हैरियर कार ने एक बुजुर्ग महिला को टक्कर मार दी। हादसे में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जिन्हें जिला चिकित्सालय मंदसौर में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। टक्कर मारने वाली कार का नंबर एमपी 13 जेड एन 1829 बताया जा रहा है। वाहन पर ‘मध्य प्रदेश शासन’ लिखा हुआ है और वह किसी विभाग में अटैच बताई जा रही है। रोड पार करते समय मारी टक्कर घायल महिला सोहनबाई ने बताया कि वह अपने पोते के साथ भारत माता चौराहे पर सड़क पार कर रही थी, तभी तेज और लापरवाही से चल रही कार ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि उनके पैर में गंभीर चोट आ गई और उपचार के दौरान टांके भी लगाने पड़े। विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक कार हर्ष नामक व्यक्ति चला रहा था। हादसे के बाद महिला को उसी कार से जिला अस्पताल पहुंचाया गया। वहां उन्हें भर्ती करवाया गया और कुछ देर रुकने के बाद कार सवार वाहन लेकर वहां से रवाना हो गए। घर पर नहीं है कोई जिम्मेदार सदस्य घायल महिला सोहनबाई ने बताया कि उनका बेटा फिलहाल भोपाल गया हुआ है और बहू का पहले ही देहांत हो चुका है। ऐसे में घर पर कोई जिम्मेदार सदस्य मौजूद नहीं है और वह फिलहाल अकेली है। घटना के बाद महिला ने डायल-112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। हालांकि अभी इस मामले में कोई केस दर्ज नहीं हुआ है। सोहनबाई ने बताया, “मैं भारत माता चौराहे पर रोड पार कर रही थी। तभी गाड़ी आई और मुझे टक्कर मार दी। मेरा पैर टूट गया है और टांके भी लगे हैं। नारियल पानी पिलाकर यहां से चले गए। गाड़ी पर मध्य प्रदेश शासन लिखा हुआ था।”
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा घोषित सिविल सेवा परीक्षा 2025 के परिणामों में बिपुल गुप्ता ने अखिल भारतीय स्तर पर 103वीं रैंक हासिल की है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, शिक्षकों और पूरे रामानुजगंज क्षेत्र में खुशी का माहौल है। बिपुल गुप्ता ने अपनी स्कूली शिक्षा डीपीएस उक्कुनगरम, विशाखापट्टनम से पूरी की। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2022 में आईआईटी मद्रास से स्नातक की पढ़ाई की। सिविल सेवा परीक्षा में यह उनका तीसरा प्रयास था, जिसमें उन्होंने यह उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। यह पहली बार नहीं है जब बिपुल ने सिविल सेवा परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। पिछले वर्ष उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में 368वीं रैंक हासिल की थी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने भारतीय वन सेवा (आईएफएस) परीक्षा में भी 12वीं रैंक प्राप्त की थी। पढ़ाई के साथ-साथ बिपुल गुप्ता खेलों और अन्य गतिविधियों में भी सक्रिय रहे हैं। वे ताइक्वांडो में ब्लैक बेल्ट धारक हैं और आंध्र प्रदेश राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में कांस्य पदक भी जीत चुके हैं। बिपुल गुप्ता के पिता RINL में डीजीएम बिपुल गुप्ता के पिता पवन कुमार गुप्ता आरआईएनएल (RINL) में डीजीएम पद पर कार्यरत हैं। उनकी माता दीपा गुप्ता एक जानी-मानी कवयित्री हैं। दीपा गुप्ता नगर के वार्ड क्रमांक 12 निवासी और प्रतिष्ठित व्यवसायी स्वर्गीय मदन प्रसाद गुप्ता की पुत्री हैं। बिपुल की इस सफलता को रामानुजगंज क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया जा रहा है। उनकी उपलब्धि यह दर्शाती है कि निरंतर प्रयास, अनुशासन और कड़ी मेहनत से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
अनूपपुर जिले के राजेंद्रग्राम थाना क्षेत्र अंतर्गत डोडिया गांव में एक पति ने अपनी पत्नी पर जानलेवा हमला उसकी हत्या करने की कोशिश की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति को शुक्रवार दोपहर गिरफ्तार कर लिया, जहां से कोर्ट के आदेश पर उसे जेल भेज दिया गया है। गंभीर रूप से घायल महिला का उपचार फिलहाल जबलपुर में चल रहा है। मेहमानी पर आई पत्नी को रास्ते में घेरा जानकारी के अनुसार, घायल महिला खेलन बाई नेताम तीन दिन पहले अपने मायके मौहारी गांव से राजेंद्रग्राम स्थित डोडिया गांव में अपने मामा राजू सिंह के घर मेहमानी पर आई थी। घटना की रात आरोपी पति सोहन सिंह (निवासी ग्राम मुंडा, उमरिया) वहां पहुंचा और शौच के बहाने पत्नी को घर से बाहर ले गया। सुनसान रास्ते पर दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद सोहन ने पत्थर से खेलन बाई के सिर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। आरोपी बोला- पत्नी के इनकार से हुआ विवाद राजेंद्रग्राम थाना प्रभारी पीसी कोल ने बताया कि पूछताछ में आरोपी सोहन सिंह ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। आरोपी ने बताया कि वह काम के सिलसिले में बेंगलुरु गया था, उस दौरान उसकी पत्नी अपने दो साल के बेटे के साथ किसी अन्य व्यक्ति के साथ रह रही थी। बेंगलुरु से लौटने के बाद जब वह पत्नी को लेने ससुराल गया, तो उसने साथ आने से साफ इनकार कर दिया। इसी रंजिश के चलते उसने डोडिया गांव पहुंचकर पत्नी पर हमला किया। ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस को सौंपा पत्थर के हमले से महिला के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं और वह फिलहाल बोलने की स्थिति में नहीं है। चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने आरोपी सोहन सिंह को पकड़कर उसकी धुनाई की और पुलिस के हवाले कर दिया। घायल महिला को पहले राजेंद्रग्राम अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से प्राथमिक उपचार के बाद अनूपपुर और शहडोल होते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए जबलपुर रेफर किया गया है। हत्या के प्रयास का केस फरियादी राजू सिंह की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी सोहन सिंह के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है ताकि घटना की पूरी कड़ियां जोड़ी जा सकें।
UPSC ने सिविल सर्विस एग्जाम 2025 का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है। UPSC की परीक्षा में आजमगढ़ जिले के बिलरियागंज के रहने वाले और वर्तमान में लखनऊ में रह रहे हैं। भाई-बहन ने एक साथ चयन होकर जिले का नाम रोशन किया है। जिले के बिलरियागंज थाना क्षेत्र के अधिवक्ता सूर्य प्रकाश उपाध्याय जो कि वर्तमान में लखनऊ हाई कोर्ट में प्रैक्टिस करते हैं के बेटे आदित्य हृदय उपाध्याय ने लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 154 वीं रैंक हासिल की है। जबकि उनकी छोटी बहन आयुषी उपाध्याय ने 361 में रैंक हासिल कर परिवार के साथ-साथ जिले का नाम रोशन किया है। आदित्य हृदय उपाध्याय रुड़की से बीटेक में गोल्ड मेडलिस्ट रहे हैं और इससे पहले यूपीएससी परीक्षा में चयनित होकर असिस्टेंट कमिश्नर इनकम टैक्स की नागपुर में ट्रेनिंग ले रहे थे। वहीं बहन आयुषी उपाध्याय ने नेशनल लॉ कॉलेज से ग्रेजुएशन में गोल्ड मेडल हासिल किया है। दैनिक भास्कर से बोले आदित्य हृदय उपाध्याय दिशा देती है कोचिंग उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 154 वी रैंक हासिल करने वाले आदित्य हृदय उपाध्याय ने अपनी सफलता में कोचिंग के सवाल पर कहा कि कोचिंग वालों लोग लेते हैं जिन्हें रास्ता समझ ना आए। आज बहुत सारे लोग बिना कोचिंग के सफल हो रहे हैं। कोचिंग दिशा देने का काम करती है। इंटरनेट के जमाने में कहीं पर भी जाने की जरूरत नहीं है। अपनी तैयारी के बारे में बात करते हुए बताया कि विगत वर्षों के जो टॉपर रहे उनकी तैयारी और उनकी सफलता की कहानियों को पढ़ा। जिससे काफी कुछ सीखने और समझने का मौका मिला। वही सोशल मीडिया के उपयोग के सवाल पर आदित्य हृदय उपाध्याय का कहना है कि एग्जाम के समय सोशल मीडिया का सहारा सिर्फ अपडेट लेने के लिए करता रहा। इसके साथ ही सोशल मीडिया की रील से काफी दूर रहा। रुद्र प्रताप सिंह को चौथे प्रयास में मिली सफलता आजमगढ़ जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के च्योंता के रहने वाले रुद्र प्रताप सिंह को चौथे प्रयास में लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 345 वीं रैंक हासिल हुई है। जिले में चार अभ्यर्थियों के लोक सेवा में चयन के बाद खुशी की लहर है। रुद्र प्रताप सिंह वर्तमान में मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में आईबी में एसीआईओ वन के पद पर तैनात है। दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए रुद्र प्रताप सिंह ने बताया कि परीक्षा की तैयारी हमने ऑनलाइन की है। लोक सेवा आयोग के अभ्यर्थियों को नसीहत देते हुए रुद्र प्रताप सिंह का कहना है कि हमें अपने कोर्स को पूरी ईमानदारी से तैयार करना चाहिए। इंटरव्यू में झूठ बोलने से परहेज करना चाहिए। जो लोग इंटरव्यू के पैनल में बैठे हैं वह बहुत काबिल और अनुभवी लोग हैं। ऐसे में अभ्यर्थियों द्वारा झूठ बोलने पर तुरंत पकड़ लेते हैं। रुद्र प्रताप सिंह की पत्नी शिक्षिका है जबकि छोटा भाई आयुर्वेद में एमडी है। वही सोशल मीडिया के प्रयोग के सवाल पर रुद्र प्रताप सिंह का कहना है कि सोशल मीडिया के कई ऐसे प्लेटफार्म जैसे दैनिक भास्कर इंडियन एक्सप्रेस जैसे पेज हैं जहां की खबरें विश्वसनीय है हालांकि रील से बचना चाहिए। आजमगढ़ के कुंवर राज सिंह को मिली 729 वीं रैंक संघ लोक सेवा आयोग द्वारा घोषित परीक्षा परिणाम में आजमगढ़ जिले के कुंवर राज राजीव सिंह को 729 वी रैंक हासिल हुई है। कुंवर राज राजीव सिंह ने कठिन परिश्रम से यह सफलता हासिल की है।
UPSC ने सिविल सर्विस एग्जाम 2025 का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है। उदयपुर के तीन जनों का भी इसमें सलेक्शन हुआ है। इसमें एक पिछले एक्जाम में आईएफएस और एक इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में सलेक्ट हो चुका है। पूरा रिजल्ट ऑफिशियल वेबसाइट upsc.gov.in पर उपलब्ध है। उदयपुर शहर के राहुल, जय परमार और सौरभ राय राठौड़ का यूपीएससी के फाइनल में सलेक्शन हुआ है। माली कॉलोनी में रहने वाले राहुल की रैंक 550वीं रैंक है। राहुल ने दिल्ली से आईआईटी की है। बड़े भाई जय की रैंक 790वीं है। जय की पिछले साल 854वीं रैंक आई थी। जय वर्तमान में नागपुर में असिसटेंट कमिश्नर इनकम टैक्स की ट्रेनिंग कर रहा हैं। जय ने गांधीनगर से आईआईटी की है। इनके पिता लक्ष्मीलाल मेघवाल अजमेर विद्युत वितरण निगम उदयपुर में एक्सईएन हैं। मां सरकारी स्कूल पुनावली में प्रिंसिपल हैं। इधर, उदयपुर के सौरभ राय राठौड़ का भी सलेक्शन हुआ है। उनकी 871 रैंक रही। सौरभ भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी बन चुके है और अभी वे देहरादून में ट्रेनिंग कर रहे है। 2023 में उनकी आईएफएस में 129वीं रैंक थी। पाली जिले के मुंडावर के मूल रूप से सौरभ बरसों से उदयपुर ही रह रहे है और उन्होंने इंजीनियरिंग बीकानेर से की। सौरभ के पिता लक्ष्मण राय राठौड़ उदयपुर में अभय कमांड में एडिशनल एसपी है और मां मंगला राय जिला परिषद में है।
उज्जैन जिले का बड़नगर अब विकास के बड़े प्लान में शामिल होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की कि बड़नगर को इंदौर-उज्जैन मेट्रोपोलिटन एरिया में शामिल किया जाएगा। इससे क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर, उद्योग और शहरी विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी। मुख्यमंत्री ने यह घोषणा मुख्यमंत्री निवास में उस समय की, जब बड़नगर विधानसभा क्षेत्र के लोग नायीखेड़ी-नागदा-रतलाम मार्ग की स्वीकृति के लिए उनका आभार व्यक्त करने पहुंचे। इस दौरान बड़नगरवासियों ने साफा और गजमाला पहनाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। 40 किमी घट जाएगी रतलाम की दूरी सीएम ने कहा कि क्षेत्र के लिए करीब 150 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला नायीखेड़ी-नागदा-रतलाम मार्ग बड़ी सौगात है। इस सड़क के बनने से रतलाम की दूरी करीब 40 किलोमीटर कम हो जाएगी और क्षेत्र के लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह नया दो लेन मार्ग गंभीर डैम के पास से नागदा होते हुए निकलेगा। अभी रतलाम से उज्जैन आने के लिए बदनावर-बड़नगर मार्ग से करीब 115 किलोमीटर का सफर करना पड़ता है, जबकि नए मार्ग की लंबाई करीब 74 किलोमीटर होगी। इससे यात्रा का समय कम होगा और मुख्य मार्गों पर यातायात का दबाव भी घटेगा। राजस्थान-गुजरात से कनेक्टिविटी बढ़ेगी डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ 2028 को देखते हुए यह सड़क बेहद महत्वपूर्ण होगी। उज्जैन में बनने वाले नए विमानतल और बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से बड़नगर का संपर्क रतलाम के साथ-साथ राजस्थान और गुजरात से भी मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि सड़कें विकास का आधार हैं और इनके बनने से पूरे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास के द्वार खुलेंगे। मुख्यमंत्री ने बड़नगर क्षेत्र की व्यायामशालाओं को प्रोत्साहन स्वरूप एक-एक लाख रुपए देने की घोषणा भी की। साथ ही क्षेत्र में संचालित गौशालाओं को नरवाई प्रबंधन के लिए मशीन खरीदने में सहायता देने के लिए स्वेच्छानुदान से अंश राशि उपलब्ध कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे नरवाई के समाधान के साथ गौशालाओं को भूसा उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है और मध्यप्रदेश भी विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। धार में देश के पहले पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क के निर्माण से भी बड़नगर सहित आसपास के क्षेत्रों को आर्थिक लाभ मिलेगा। कार्यक्रम में बड़नगर विधायक जितेंद्र पंड्या सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सिरसा जिले में कालांवाली पुलिस की CIA टीम ने शुक्रवार देर शाम दो व्यक्तियों को 44 लाख रुपए के कैश के साथ पकड़ा है। सूत्रों के अनुसार, ये दोनों व्यक्ति अपनी इनोवा गाड़ी (नंबर HR 59B 0016) में कालांवाली से सिरसा की ओर जा रहे थे। उन्हें ओढ़ां से पन्नीवाला के पास रोका गया। बरामद कैश CIA के कब्जे में है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पकड़े गए व्यक्तियों की पहचान साहिल (एचडीएफसी बैंक कर्मचारी, वार्ड नंबर 10, कालांवाली) और मनजीत गोयल ठेकेदार उर्फ मोनू (वार्ड नंबर 13, मंडी कालांवाली) के रूप में हुई है। सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में अन्य बैंक कर्मचारियों और फैक्ट्री मालिकों के भी शामिल होने की संभावना है। यह भी बताया जा रहा है कि जब्त की गई राशि हवाला की हो सकती है। पुलिस ने दोनों व्यक्तियों को छोड़ा CIA इंचार्ज सुरेश कुमार ने बताया कि पूछताछ के बाद दोनों व्यक्तियों को छोड़ दिया गया है। बरामद 44 लाख रुपए की राशि ओढ़ां में जमा करवा दी गई है और आयकर विभाग को सूचित कर दिया गया है। आगामी कार्रवाई आयकर विभाग द्वारा की जाएगी। व्यक्ति बोला- बैंक में जमा कराने जा रहा था पुलिस पूछताछ में मनजीत गोयल ने बताया कि कालांवाली मंडी में उनकी दुकान नंबर-97 है। कालांवाली के बैंक ने पैसे जमा करने से मना कर दिया था, जिसके कारण वह यह रकम सिरसा के बैंक में जमा करवाने जा रहा था। साहिल ने बताया कि उसे सिरसा जाना था और उसने मनजीत गोयल से लिफ्ट मांगी थी।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर कानपुर मेट्रो इस बार कुछ अलग और खास करने जा रही है। शनिवार को शहर की पटरियों पर विशेष 'शक्ति मेट्रो' दौड़ती नजर आएगी। यूपीएमआरसी के एमडी सुशील कुमार शनिवार को लखनऊ से इस खास ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। यह सिर्फ एक मेट्रो नहीं, बल्कि 'एग्जीबिशन ऑन व्हील्स' यानी पहियों पर चलती एक प्रदर्शनी होगी, जो पूरे एक हफ्ते तक यात्रियों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी रहेगी। मेट्रो के अंदर दिखेगा भारत की 'शक्तियों' का सफर इस विशेष मेट्रो की सबसे बड़ी खूबी इसके अंदर सजी प्रदर्शनी है। इसमें देश की उन महिलाओं की प्रेरणादायक कहानियों और संघर्षों को जीवंत रूप में दिखाया गया है, जिन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में भारत का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया है। कल उद्घाटन के दौरान गुरुदेव चौराहा मेट्रो स्टेशन पर विभिन्न संस्थाओं और एनजीओ से जुड़ी महिलाएं इस विशेष ट्रेन में सवार होंगी और इस चलती-फिरती प्रदर्शनी का दीदार करेंगी। बड़ा चौराहा पर सजेगी कला और सुरों की महफिल महिला दिवस का यह जश्न सिर्फ ट्रेन के अंदर ही नहीं, बल्कि मेट्रो स्टेशनों पर भी दिखाई देगा। आगामी 7 और 8 मार्च को बड़ा चौराहा मेट्रो स्टेशन पर 'शो योर टैलेंट' कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। 7 मार्च को यहाँ गायन की शानदार प्रस्तुतियां होंगी, वहीं 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मुख्य अवसर पर ओपन माइक और काव्य पाठ का आयोजन किया जाएगा। इस मंच के जरिए शहर की महिलाएं अपनी आवाज और विचारों को सबके सामने रख सकेंगी। एमडी बोले- यह आधी आबादी के प्रति सम्मान यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने बताया कि इस पूरे आयोजन का मुख्य मकसद समाज में महिलाओं के योगदान को पहचानना और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना है। उन्होंने कहा कि 'एग्जीबिशन ऑन व्हील्स' और यात्री सहभागिता जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से कानपुर मेट्रो का लक्ष्य यात्रियों के लिए एक सार्थक और समावेशी अनुभव तैयार करना है।
राजेपुर में 14 से 20 तक होगी श्रीमद्भागवत कथा:गोसाईगंज विधायक अभय सिंह हैं कार्यक्रम के आयोजक
अयोध्या में गोसाईगंज विधायक अभय सिंह द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ महोत्सव का आयोजन 14 मार्च से 20 मार्च तक किया जाएगा। यह आयोजन उनके पूज्य माता-पिता की गया–जगन्नाथ यात्रा के बाद समर्पित किया गया है। सुप्रसिद्ध कथावाचक आचार्य ज्ञान चंद्र द्विवेदी से भेंट कीइसी क्रम में विधायक अभय सिंह ने सुप्रसिद्ध कथावाचक आचार्य ज्ञान चंद्र द्विवेदी से उनके आवास पर भेंट कर श्रीमद्भागवत सप्ताह के आयोजन के संबंध में उनका आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन प्राप्त किया।आयोजन में अन्तर्राष्ट्रीय कथा प्रवाचक आचार्य ज्ञान चंद्र द्विवेदी श्रद्धालुओं को कथा श्रवण कराएंगे, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और श्रीमद्भागवत के प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया जाएगा।कथा का आयोजन 14 मार्च से 20 मार्च तक प्रतिदिन शाम 4:00 बजे से रात 8:00 बजे तक होगा। कथा स्थल पूराबाजार के राजेपुर गाव निर्धारित किया गया है। 21 मार्च को सुबह 11 बजे से विशाल भंडारा होगाकार्यक्रम के समापन अवसर पर 21 मार्च को सुबह 11:00 बजे से विशाल भंडारा एवं महाप्रसाद का आयोजन किया जाएगा।इस संबंध में जानकारी तारुन ब्लॉक क्षेत्र में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान दी गई। आयोजकों ने क्षेत्र के श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा श्रवण करने और महाप्रसाद ग्रहण करने की अपील की है।
सतना और मैहर जिले के किसान अपनी उपजाऊ भूमि को निजी सीमेंट कंपनी 'डालमिया इंडिया' को सौंपे जाने के विरोध में भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले 10 मार्च को सतना कलेक्ट्रेट के घेराव करेंगे। इस आंदोलन में 300 से अधिक ट्रैक्टरों का काफिला जिला मुख्यालय तक कूच करेगा। 3600 एकड़ उपजाऊ जमीन और 40 साल की लीज का विवाद पूरा विवाद अमरपाटन और रामपुर बघेलान तहसील की लगभग 3600 एकड़ कृषि भूमि से जुड़ा है। प्रशासन द्वारा इस विशाल भू-भाग को डालमिया सीमेंट कंपनी को 40 वर्ष की लंबी लीज पर देने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस फैसले से एक दर्जन से अधिक गांवों के हजारों किसानों की आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है। ग्राम बिगौड़ी में आयोजित महापंचायत में किसानों ने दोटूक कहा कि वे अपनी पुश्तैनी और उपजाऊ जमीन किसी भी कीमत पर उद्योगपतियों को नहीं देंगे। महिलाओं की रहेगी सक्रिय भागीदारी आंदोलन को धार देने के लिए गांवों में लगातार पंचायतें आयोजित की जा रही हैं। बिगौड़ी की महापंचायत में पुरुषों के साथ-साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाओं ने भी हिस्सा लिया। किसान नेता रूपनारायण पटेल और अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि जमीन किसानों की पहचान और सर्वाइवल का साधन है। किसानों का कहना है कि वे अपनी आजीविका का मुख्य स्रोत किसी भी कीमत पर निजी कंपनी को नहीं सौंपेंगे। राष्ट्रीय नेता संभालेंगे कमान भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष महेंद्र सिंह ने बताया कि 10 मार्च का प्रदर्शन ऐतिहासिक होगा। इस महा-आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश सिंह चौहान, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं मध्य प्रदेश प्रभारी मांगेराम त्यागी और प्रदेश अध्यक्ष जगदीश सिंह सतना पहुंच रहे हैं। 300 ट्रैक्टरों के इस विशाल काफिले और हजारों किसानों की भीड़ को देखते हुए प्रशासन के लिए कानून-व्यवस्था बनाए रखना एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।
बिलासपुर में सरकंडा पुलिस ने एक युवक को तलवार लेकर दहशत फैलाने की कोशिश करते हुए गिरफ्तार किया है। आरोपी को आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस को सूचना मिली थी कि विजयापुरम गेट के पास एक व्यक्ति तलवार लेकर घूम रहा है, जिससे क्षेत्र में अशांति फैलने की आशंका है। इस सूचना पर सरकंडा पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने आरोपी को घेरकर पकड़ा पुलिस ने घेराबंदी कर उक्त व्यक्ति को पकड़ा। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम कीर्ति कुमार पोर्ते बताया। पुलिस ने उसके कब्जे से एक तलवार जब्त की है। आरोपी कीर्ति कुमार पोर्ते के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। उसे गिरफ्तार कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई के लिए न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
भिवानी में बासिया भवन के नजदीक शुक्रवार रात को निर्माणाधीन बिल्डिंग का लेंटर गिर गया। जिसके कारण वहां मौजूद मजदूर भी नीचे दब गए। सूचना मिलते ही पुलिस टीम, दमकल की गाड़ी और एंबुलेंस मौके पर पहुंची। वहीं बिल्डिंग के लेंटर के नीचे दबने से घायल हुए लोगों को निकलाने का प्रयास किया। प्राथमिक सूचना के अनुसार 4-5 मजदूर लेंटर के नीचे दबे हैं। जिनका रेस्क्यू किया जा रहा है।
हांसी जिले के नारनौंद क्षेत्र के गांव बुडाना रोड स्थित ढांडा ईंट भट्ठे पर दिसंबर में हुए दर्दनाक हादसे ने दो मजदूर परिवारों की खुशियां छीन लीं थी। इस मामले में पुलिस ने 14 महीनों बाद संचालक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है। पुलिस ने अब जांच के बाद केस दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, यह हादसा 22 दिसंबर 2024, की रात करीब साढ़े दस बजे हुआ था। उस समय उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के बैरमी निवासी भगवानदास और उसका साला मुरारी अपने परिवार के साथ ढांडा ईंट भट्ठे पर मजदूरी कर रहे थे। सर्दी के कारण बच्चे भट्ठी के अंदर सुलाए दोनों परिवार भट्ठे के अंदर पकी हुई ईंटों को निकालने का काम कर रहे थे। सर्दी अधिक होने के कारण दोनों परिवारों ने अपने बच्चों को भट्ठे के अंदर ही चारपाई पर सुला रखा था। रात करीब 10:30 बजे अचानक तेज हवा का झोंका आया और भट्ठे के अंदर बनी दीवार भरभराकर गिर गई थी। दीवार की ईंटों के नीचे दोनों परिवारों के बच्चे दब गए थे। तीन बच्चियों की हुई थी मौत घटना के बाद वहां मौजूद मजदूरों ने तुरंत मलबा हटाकर बच्चों को बाहर निकाला और एंबुलेंस की मदद से नारनौंद के सरकारी अस्पताल पहुंचाया था। लेकिन डॉक्टरों ने भगवानदास के तीन बच्चों सूरज, विवेक और नंदनी को मृत घोषित कर दिया था। इलाज के दौरान निशा की भी मौत वहीं, मुरारी की तीन बेटियां निशा, गौरी और हिमांशी तथा रिश्तेदार राजेश घायल हो गए थे। जिन्हें हिसार के नागरिक अस्पताल रेफर कर दिया गया था। हिसार के नागरिक अस्पताल में इलाज के दौरान मुरारी की बेटी निशा की भी मौत हो गई थी। गौरी, हिमांशी और राजेश का इलाज जारी रहा था। पुलिस को बयान दर्ज करवाए हादसे के बाद पुलिस ने चारों बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल हांसी की मोर्च्युरी में रखवा दिया था। उस समय दोनों परिवारों के अन्य सदस्य मौके पर नहीं पहुंचे थे, इसलिए परिजनों ने बयान देने के लिए समय मांगा था। 24 दिसंबर को परिजनों और रिश्तेदारों के पहुंचने के बाद भगवानदास और मुरारी ने पुलिस के सामने बयान दर्ज करवाए थे।
सूरजपुर पुलिस ने नशे के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 8 किलोग्राम गांजा जब्त किया है। इस मामले में तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत 4 लाख रुपए बताई जा रही है। गांजा तस्करी में इस्तेमाल किया गया एक सफारी वाहन भी जब्त किया गया है। पुलिस महानिरीक्षक (डीआईजी) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रशांत कुमार ठाकुर ने जिले के सभी थाना-चौकी प्रभारियों को नशे के धंधे में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और वाहनों की प्रभावी चेकिंग करने के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के बाद से पुलिस लगातार नशीले पदार्थों के गोरखधंधे पर नजर रख रही है। पुलिस को देख भागने लगे तस्कर इसी क्रम में, 3 मार्च 2026 को चौकी लटोरी पुलिस मेन रोड लटोरी में मोटर व्हीकल एक्ट के तहत वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान अंबिकापुर की ओर से आ रही टाटा सफारी वाहन क्रमांक सीजी 15 ईजी 4455 पुलिस को देखकर चेकिंग स्थल से लगभग 50 मीटर पहले रुककर मुड़ने लगी। पुलिस ने घेरकर पकड़ा संदिग्ध लगने पर पुलिस ने घेराबंदी की। इस दौरान सफारी वाहन से दो व्यक्ति भागने में सफल रहे, जबकि जीवधन पैंकरा (28 वर्ष, निवासी सोनगरा), सुरेंद्र कुमार लास्कर (20 वर्ष) और ललित यादव (21 वर्ष, दोनों निवासी ग्राम बरौधी, थाना भटगांव) को पकड़ लिया गया। इनके कब्जे से 8 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। पुलिस ने गांजे और तस्करी में इस्तेमाल सफारी वाहन को जब्त कर लिया है। तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20बी के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। फरार हुए दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
कौशांबी में दरोगा पर युवक की पिटाई का आरोप:ग्रामीणों ने पुलिस चौकी का घेराव कर हाईवे पर लगाया जाम
कौशांबी में शुक्रवार रात एक युवक की पिटाई को लेकर बवाल हो गया। आरोप है कि मूरतगंज पुलिस चौकी के चौकी इंचार्ज कालका प्रसाद ने एक युवक को लाठी से पीट दिया। जिससे वह घायल हो गया। जिससे आक्रोशित ग्रामीणों ने मुरतगंज पुलिस चौकी का घेराव किया। मामला संदीपन घाट थाना क्षेत्र के चिटकाना गांव का है। बताया जा रहा है कि चिटकाना गांव निवासी गामा कुमार चौकी इंचार्ज के घर के बाहर खड़ा था। इसी दौरान किसी मामूली बात को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि चौकी इंचार्ज कालका प्रसाद ने गामा कुमार की लाठी से पिटाई कर दी, जिससे वह घायल हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही आक्रोशित ग्रामीण रात करीब 8:30 बजे मूरतगंज पुलिस चौकी पहुंच गए और घेराव कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों के विरोध के चलते प्रयागराज-कानपुर हाईवे पर करीब दो किलोमीटर लंबा जाम लग गया। मामले की सूचना मिलने पर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। कोखराज थाना और संदीपन घाट थाने की फोर्स के साथ क्षेत्राधिकारी चायल अभिषेक सिंह मौके पर पहुंचे। नाराज ग्रामीणों ने आरोपी दरोगा के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बाद सीओ चायल ने मामले की जांच कराकर दोषी पाए जाने पर दरोगा के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए और पुलिस ने हाईवे पर लगे जाम को खुलवाया।
मेरठ के होटल से फिल्म निर्देशक का बैग चोरी:एप्पल मोबाइल, लैपटॉप समेत 7 लाख का सामान गायब
मेरठ के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र स्थित एक होटल से मुंबई के एक फिल्म निर्देशक का बैग चोरी हो गया है। बैग में एप्पल मोबाइल, लैपटॉप, एक महंगी घड़ी और नकदी सहित लगभग 7 लाख रुपये का कीमती सामान बताया जा रहा है। घटना सामने आने के बाद होटल में हड़कंप मच गया और पुलिस को सूचना दी गई। जानकारी के अनुसार, मुंबई की स्वस्तिक प्रोडक्शन कंपनी से जुड़े निर्माता व फिल्म निर्देशक सिद्धार्थ तिवारी बिजली बंबा बाईपास स्थित होटल कन्वे के कमरा नंबर 507 में ठहरे हुए थे। शुक्रवार सुबह जब वह सोकर उठे, तो उन्हें अपना बैग और मोबाइल कमरे से गायब मिला। पीड़ित सिद्धार्थ तिवारी ने आरोप लगाया है कि गुरुवार रात होटल का एसी खराब हो गया था। इसे ठीक करने के लिए होटल के चार कर्मचारी उनके कमरे में आए थे। उनका मानना है कि चोरी की वारदात उसी दौरान या उसके बाद अंजाम दी गई है। चोरी हुए सामान में एप्पल का मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक महंगी घड़ी और अन्य आवश्यक वस्तुएं शामिल हैं। इन सभी की कुल कीमत लगभग 7 लाख रुपये आंकी गई है। बताया जा रहा है कि होटल परिसर में कई सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, लेकिन घटना के समय कुछ कैमरे खराब थे। इस वजह से चोरी की गुत्थी सुलझाने में पुलिस को अतिरिक्त चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। होटल के कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फिल्म निर्देशक के कमरे से लाखों रुपये का सामान किसने और कैसे गायब किया।
उदयपुर में युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में रंजिश के चलते हत्या करना सामने आया है। झाड़ोल थाना क्षेत्र के माण्डाखेत गांव में होली के दिन वारदात को अंजाम दिया गया था। झाड़ोल थानाधिकारी फैलीराम ने बताया कि माण्डाखेत निवासी लीखा राम कलावा ने थाने में रिपोर्ट दी, जिसमें बताया कि 2 मार्च की शाम करीब 6 बजे उसका पुत्र प्रथा लाल पैदल घर से गोपाल लाल खरवड़ की दुकान पर घरेलू सामान लेने गया था। सामान लेकर जैसे ही वह दुकान से बाहर निकला, तभी वहां पहुंचे आरोपी महेंद्र खरवड़ ने प्रथा लाल पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। घटना के दौरान बीच-बचाव करने आए सोमराज पर भी आरोपी ने हमला कर दिया। हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। घायल प्रथा लाल को परिजन इलाज के लिए झाड़ोल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उदयपुर रेफर किया गया। उदयपुर में इलाज के दौरान प्रथा लाल की मौत हो गई। इधर, मुकदमा दर्ज होते ही झाड़ोल पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू कर दी थी। जांच के दौरान पुलिस ने महेंद्र खरवड़ (23) पुत्र नानजी खरवड़, निवासी माण्डाखेत को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जुर्म कबूल करने पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर मामले की आगे की जांच कर रही है। इनपुट: दुष्यंत पूर्बिया, झाड़ोल
सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, बस मेहनत का रास्ता पकड़ लो और चलते रहो' इस कहावत को कानपुर के बेटे अनूप कुमार गुप्ता ने सच कर दिखाया है। मूल रूप से नरवल के रहने वाले और वर्तमान में गोपाल नगर में रह रहे अनूप ने यूपीएससी (UPSC) परीक्षा में 716वीं रैंक हासिल कर पूरे जिले का मान बढ़ाया है। अनूप की सफलता की कहानी इसलिए भी खास है, क्योंकि उन्होंने अपने करियर के लिए बहुत पहले ही एक ठोस फैसला ले लिया था। स्कूल के दिनों से ही उनके मन में प्रशासनिक सेवा में जाने का जुनून सवार था। इसी लक्ष्य को पाने के लिए उन्होंने बीटेक जैसे तकनीकी कोर्स के आकर्षण को दरकिनार कर बीएससी (B.Sc) को चुना, ताकि वे अपना पूरा समय और ध्यान सिविल सेवा की तैयारी पर केंद्रित कर सकें। साल 2022 में ग्रेजुएशन पूरा करते ही उन्होंने दिल्ली का रुख किया और बिना समय गंवाए मिशन मोड में जुट गए। लाइब्रेरी बनी 'तपस्थली', 8 से 10 घंटे की पढ़ाई अनूप के लिए यह सफर चुनौतियों भरा रहा। पहले प्रयास में प्रीलिम्स परीक्षा में मिली असफलता ने उन्हें तोड़ा नहीं, बल्कि और अधिक मजबूत बना दिया। उन्होंने गोपाल नगर स्थित अपने घर के पास ही लाइब्रेरी को अपनी 'तपस्थली' बना लिया और वहां सुबह से रात तक खुद को किताबों के बीच झोंक दिया। शुरुआती दौर में वे रोजाना 8 से 10 घंटे की कड़ी पढ़ाई करते थे, लेकिन परीक्षा के नजदीक आते ही उन्होंने अपनी पढ़ाई की रफ्तार बढ़ाकर 12 घंटे तक कर दी थी। साल 2023 में दिल्ली से कोचिंग पूरी करने के बाद उन्होंने खुद के नोट्स और यूट्यूब के सही तालमेल के साथ अपनी तैयारी को धार दी। इंस्पेक्टर पिता का अनुशासन और मां का आशीर्वाद अनूप एक ऐसे परिवार से आते हैं जहाँ अनुशासन और शिक्षा रग-रग में बसी है। उनके पिता सत्येंद्र कुमार गुप्ता उत्तर प्रदेश पुलिस में इंस्पेक्टर के पद से रिटायर हुए हैं, वहीं माता अनीता गुप्ता गृहिणी हैं। अनूप अपनी इस कामयाबी का श्रेय अपने माता-पिता के साथ-साथ बड़े पापा सतीश चंद्र गुप्ता और चाचा सुदीप कुमार शिवहरे (प्रधान, नर्वल) को देते हैं। उनके घर में शुरू से ही पढ़ाई का माहौल रहा है, यही वजह है कि उनकी बड़ी बहन सौम्या टीचिंग और छोटा भाई यश नीट (NEET) की तैयारी कर रहे हैं। नए अभ्यर्थियों के लिए अनूप का ‘सक्सेस मंत्र’ अपनी सफलता पर अनूप का कहना है, कि यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में निरंतरता ही सबसे बड़ी कुंजी है। वे मानते हैं,कि कोचिंग केवल आपका आधार तैयार करने में मदद करती है, लेकिन वास्तविक जीत आपकी अपनी सेल्फ-स्टडी और कड़ी मेहनत से ही संभव है। उन्होंने युवाओं को सलाह देते हुए कहा,कि 10 अलग-अलग जगहों से मार्गदर्शन लेने के बजाय किसी एक मेंटर पर भरोसा करें और अपनी खुद की बनाई रणनीति पर टिके रहें। कानपुर के इस लाल ने साबित कर दिया कि अगर इरादे फौलादी हों, तो साधारण बैकग्राउंड से निकलकर भी देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा को फतह किया जा सकता
एमसीबी जिले के चिरमिरी में पुलिस द्वारा कानून व्यवस्था बनाए रखने और नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की इस सक्रियता से क्षेत्र में शांति और सुरक्षा का माहौल मजबूत हुआ है, जिससे आम नागरिकों का पुलिस पर विश्वास बढ़ा है। पुलिस के इस अभियान और बेहतर कानून व्यवस्था से प्रभावित होकर बड़ी संख्या में स्वच्छता दीदियों ने चिरमिरी थाना परिसर पहुंचकर थाना प्रभारी विजय सिंह का सम्मान किया। दीदियों ने उन्हें तिलक लगाया और गुलदस्ता भेंट किया। इस अवसर पर उन्होंने नशे के अवैध कारोबारियों, असामाजिक तत्वों और कानून व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ पुलिस की लगातार सख्त कार्रवाई की सराहना की। पुलिस की सक्रियता से बढ़ी सुरक्षा स्वच्छता दीदियों ने बताया कि पुलिस की सक्रियता से क्षेत्र में सकारात्मक माहौल बना है। इससे युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने में भी मदद मिल रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस की समय-समय पर की जा रही कार्रवाई से आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है और समाज में कानून के प्रति विश्वास बढ़ा है। नशे के खिलाफ अभियान जारी रखने का दिया आश्वासन थाना प्रभारी विजय सिंह ने सभी स्वच्छता दीदियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पुलिस का मुख्य उद्देश्य समाज में शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखना है। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि नशे के खिलाफ अभियान इसी प्रकार सख्ती से जारी रहेगा और पुलिस समाज को नशामुक्त बनाने के लिए हर संभव प्रयास करती रहेगी। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि क्षेत्र में किसी भी अवैध गतिविधि, नशे के कारोबार या कानून व्यवस्था से संबंधित जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें, ताकि त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की जा सके। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में नशे के विरुद्ध अभियान और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
छतरपुर जिले के परसनियां गांव में छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराने के बाद एक परिवार पर हमला किया गया। आरोप है कि शिकायत से नाराज आरोपियों ने घर में घुसकर परिवार के सदस्यों पर लाठी-डंडों से हमला किया। इस हमले में 16 वर्षीय छात्रा सहित तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें छतरपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित परिवार के सदस्य ने बताया कि गुरुवार को गांव के मोतीलाल कुशवाहा और उनके साथी उनकी बहन के घर के सामने शराब पी रहे थे। इस दौरान उन्होंने गाली-गलौज की और घर की महिलाओं के साथ छेड़छाड़ भी की। परिवार द्वारा विरोध करने पर आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की थी। रात में चौकी पहुंच की थी शिकायतइस घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने उसी रात अटकोंहां चौकी में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि शिकायत की जानकारी मिलने पर आरोपी शुक्रवार सुबह उनके घर पहुंचे। उन्होंने गाली-गलौज करते हुए रिपोर्ट वापस लेने का दबाव बनाया और जान से मारने की धमकी देकर चले गए। पीड़ित के अनुसार, जब उन्होंने रिपोर्ट वापस नहीं ली, तो शुक्रवार दोपहर में आरोपी फिर से उनके घर पहुंचे। उन्होंने घर में घुसकर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस हमले में सुमन्नीलाल की बहन, बहनोई और 16 वर्षीय भांजी गंभीर रूप से घायल हो गईं। घायलों को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें छतरपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। फिलहाल तीनों का इलाज जिला अस्पताल में जारी है। पीड़ित पक्ष ने मोतीलाल कुशवाहा, उनकी पत्नी और बेटी पर घर में घुसकर मारपीट करने और रिपोर्ट वापस लेने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। पुलिस को मामले की सूचना दे दी गई है और वह पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। दोनों पक्षों पर मामला दर्जमामले में अतकोंहां चौकी प्रभारी सोहन संयाम का कहना है कि दोनों पक्षों का पारिवारिक विवाद है। दोनों पक्ष थाने आए थे। दोनों पक्षों पर समान धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
घाटमपुर थाना क्षेत्र के बरनाव गांव में गुरुवार देर रात दो पक्षों के बीच कहासुनी के बाद विवाद हो गया। मुस्लिम पक्ष ने नमाज के दौरान ईंट-पत्थर फेंकने का आरोप लगाया है, जबकि दूसरे पक्ष का कहना है कि होली के त्योहार पर रंग खेलने को लेकर शुरू हुई कहासुनी के बाद पथराव हुआ और मामला बढ़ गया। सूचना मिलते ही घाटमपुर इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान पतारा चौकी में तैनात सिपाही मोनू को कार सवार युवकों ने कुचलने का प्रयास किया। आरोप है कि युवकों ने बाइक में टक्कर मारकर भागने की कोशिश की, जिसमें सिपाही मामूली रूप से घायल हो गया। पुलिस ने दोनों पक्षों से छह लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। बरनाव गांव निवासी राजू सिंह चंदेल ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि पड़ोस में रहने वाले शेर खान अपने घर के एक कमरे में लोगों को इकट्ठा कर नमाज पढ़वाते हैं। कई बार विरोध करने के बावजूद उन्होंने यह बंद नहीं किया। राजू के मुताबिक होली के मौके पर उनके घर रिश्तेदार आए हुए थे और सभी लोग मिलकर रंग खेल रहे थे। इसी दौरान शेर खान ने उन पर पत्थर फेंक दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। गांव के लोग भी इफ्तार में शामिल होने आते थे वहीं, शेर खान ने अपनी तहरीर में बताया कि वे लोग आमतौर पर पतारा स्थित मस्जिद में नमाज अदा करने जाते हैं, लेकिन रमजान के दौरान कुछ बच्चों ने रोजा रखा है और रोज पतारा जाना दूर पड़ता है। इसलिए उन्होंने अपने घर के बाहर बने बरामदे में अजान और रोजा इफ्तार की व्यवस्था कर दी थी। इस दौरान गांव के लोग भी इफ्तार में शामिल होने आते थे। इसी बीच किसी ने ईंट-पत्थर फेंक दिए, जिसके बाद पड़ोसी राजू सिंह चंदेल से विवाद हो गया और दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। एसीपी और एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर की जांच शुक्रवार शाम घाटमपुर एसीपी कृष्णकांत यादव और एसडीएम अविचल प्रताप सिंह बरनाव गांव पहुंचे। उन्होंने उस घर का निरीक्षण किया, जहां मदरसा संचालन का आरोप लगाया गया था। इसके बाद उन्होंने दूसरे पक्ष की महिलाओं से भी घटना की जानकारी ली। एसडीएम अविचल प्रताप सिंह ने बिना अनुमति मस्जिद या मदरसा निर्माण नहीं करने की हिदायत दी और सभी से शांति बनाए रखने की अपील की। एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' योजना और निराश्रित विधवाओं के पुनर्वास से जुड़ी योजनाओं में संभल के जिला प्रोबेशन कार्यालय में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की शिकायत सामने आई है। आरोप है कि जिला प्रोबेशन अधिकारी चंद्रभूषण द्वारा योजनाओं के बजट में धांधली की गई और वित्तीय तथा स्टॉक रजिस्टर को फर्जी तरीके से भरा गया। साथ ही लाखों रुपये के फर्जी बिल बनाकर सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप भी लगाए गए हैं। शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने पूरे प्रकरण की जांच के आदेश देते हुए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति में डिप्टी कलेक्ट्रेट नीतू रानी को अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि दो अन्य अधिकारियों को सदस्य नामित किया गया है, जिनके नाम मुनीश्वर प्रकाश, सहायक कोषाधिकारी, संभल एवं योगेंद्र सिंह, लेखाधिकारी, कार्यालय, जिला विकास अधिकारी, संभल है। समिति को निर्देश दिया गया है कि वह मामले की विस्तृत जांच कर 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपे। प्रशासन को विभिन्न योजनाओं से संबंधित वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिनमें फर्जी बिलों के जरिए लाखों रुपये के खर्च दर्शाने और अभिलेखों में गड़बड़ी के आरोप शामिल थे। इन्हीं शिकायतों के आधार पर यह जांच कमेटी गठित की गई है। माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी ने भी इस मामले पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार में भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है। यदि किसी भी योजना, चाहे वह 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' हो या निराश्रित महिलाओं के पुनर्वास से जुड़ी व्यवस्था, में भ्रष्टाचार पाया जाता है तो दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जिलाधिकारी की जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले में उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी। अब पूरे मामले की निगाहें जिलाधिकारी द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जिससे यह साफ हो सकेगा कि सरकारी योजनाओं के बजट में कितनी बड़ी अनियमितता हुई है और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
UPSC ने सिविल सर्विस एग्जाम 2025 का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है। राजसमंद के गढ़बोर चारभुजा क्षेत्र के मोराणा गांव निवासी राहुल पालीवाल ने ऑल इंडिया लेवल पर 141वीं रैंक हासिल की है। रिजल्ट आने के बाद राहुल परिवार के साथ सीधे प्रसिद्ध धाम चारभुजा नाथ मंदिर पहुंचे और धोक लगाई। इस दौरान मंदिर परिसर में पुजारी परिवार और स्थानीय ग्रामीणों ने उनका स्वागत किया। बोले- यकीन नहीं हुआ, 3 बार रोल नंबर डालकर चेक किया राहुल ने बताया कि उनके पिता नाथूलाल पालीवाल पिता हलवाई का काम करते हैं और मां लक्ष्मी देवी गृहिणी हैं। तीन बहनों के बाद वे सबसे छोटे भाई है। राहुल ने बताया कि उनकी पहले 712वीं रैंक बनी थी। इसके बाद फिर से तैयारी की। इसी का नतीजा रहा कि इस बार उनकी 141वीं रैंक बनी। अनुशासन और एकाग्रता के साथ यदि किसी काम की ठान ली जाए तो सफलता जरूर मिलती है। राहुल ने 10वीं तक की पढाई चारभुजा कस्बे के प्राइवेट स्कूल से की। इसके बाद 12वीं की पढाई पाली जिले से की। पेसिफिक यूनिवर्सिटी उदयपुर से ग्रेजुएशन की। उन्होंने कहा कि रिजल्ट आने पर यकीन ही नहीं हुआ। रोल नंबर 3 बार फीड करके ट्राई किया। तीनों बार रिजल्ट सेम आया तो बहुत खुशी हुई। इसके बाद सीधे चारभुजा नाथ मंदिर पहुंच गए। रिजल्ट के बाद मंदिर पहुंचकर धोक लगाईमंदिर पहुंचने पर पुजारी हरी भाई और किशन गुर्जर ने उन्हें तिलक लगाकर माला, इत्र और प्रसाद भेंट किया। इसके बाद मंदिर चौक में गोपाल गुर्जर सहित पुजारी परिवार और ग्रामीणों ने राहुल को उपरणा ओढ़ाकर व तस्वीर भेंट कर सम्मानित किया। राहुल की उपलब्धि से पूरे चारभुजा क्षेत्र में गर्व और खुशी का माहौल है। उन्होंने कहा कि तैयारी के दौरान दैनिक भास्कर एप को रेगुलर वाच करते थे। इस कारण उनकी जीके सहित सभी सटीक जानकारियां मिलती थी। जबकि दैनिक भास्कर अखबार से भी उन्हें काफी नॉलेज मिली।
रायबरेली में विवाहिता ने लगाई फांसी:खेत से घर लौटने पर पति ने पत्नी का देखा शव, जांच में जुटी पुलिस
रायबरेली के लालगंज कोतवाली क्षेत्र के सैमसी गांव में शुक्रवार देर शाम एक विवाहिता ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर जान दे दी। परिजन उसे गंभीर हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मृतका की पहचान 24 वर्षीय रिचा शर्मा पत्नी अंकित शर्मा के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि रिचा ने घर के कमरे में छत के पंखे के हुक से साड़ी के सहारे फांसी लगाई थी। घटना के समय उसका पति अंकित खेत में पानी लगाने गया था, जबकि ससुर अवधेश शर्मा मवेशियों की देखरेख कर रहे थे। शाम को जब अंकित खेत से घर लौटा, तो उसने रिचा को फंदे से झूलता पाया। आनन-फानन में फंदा काटकर उसे उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। रिचा का विवाह वर्ष 2020 में अंकित शर्मा के साथ हुआ था। वह अपने पीछे पांच वर्षीय बेटे शिवांश को छोड़ गई है। घटना की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। शेष कार्रवाई पुलिस द्वारा चल रही है इस मामले में परिवारजनों से भी पूछताछ की जा रही है।
इटावा के इकदिल थाना क्षेत्र में मानिकपुर चौकी के पास शुक्रवार शाम एक भीषण सड़क हादसे में 62 वर्षीय बुजुर्ग की दर्दनाक मौत हो गई। ईंटों से भरे तेज रफ्तार ट्रक ने सड़क किनारे खड़े बुजुर्ग को कुचल दिया, जिससे उनका शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया। घटना के बाद गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगा दिया। पुलिस और ब्लॉक प्रमुख के समझाने के बाद करीब दो घंटे बाद यातायात बहाल हो सका। ग्राम पंचायत बरा खेड़ा के मजरा अड्डा अजुद्धि निवासी गोपाल (62) पुत्र छुटकई शुक्रवार शाम करीब साढ़े पांच बजे घर का जरूरी सामान लेने के लिए मानिकपुर मोड़ दादोरा मार्ग पर आए थे। सामान खरीदने के बाद वह मानिकपुर चौकी के पास सड़क किनारे खड़े थे। इसी दौरान इटावा की तरफ जा रहा ईंटों से लदा तेज रफ्तार ट्रक अचानक अनियंत्रित हो गया और बुजुर्ग को जोरदार टक्कर मार दी। सिर के ऊपर से गुजर गया ट्रक का पहिया टक्कर इतनी तेज थी कि ट्रक का पहिया सीधे बुजुर्ग के सिर के ऊपर से गुजर गया। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई और शरीर बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने घटना की सूचना तुरंत पुलिस और परिजनों को दी। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन घटनास्थल पर पहुंच गए। गुस्साए परिजनों ने लगाया जाम हादसे की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। गुस्साए परिजन और ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। करीब दो घंटे तक सड़क पर लंबा जाम लगा रहा और दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। पुलिस और ब्लॉक प्रमुख ने समझाकर खुलवाया जाम सूचना मिलते ही इकदिल थाना प्रभारी विक्रम सिंह चौहान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उनके साथ बढ़पुरा ब्लॉक प्रमुख गणेश राजपूत भी घटनास्थल पर पहुंचे और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया। काफी समझाने और उचित कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद परिजन माने और करीब दो घंटे बाद जाम खुल सका। बेटे ने बताया कि पिता गोपाल मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके परिवार में पत्नी फूलन देवी और दो बेटे रामरूप तथा कल्याण सिंह हैं। घर के मुखिया की अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे गांव में शोक का माहौल है। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और ट्रक को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
एटा में मोबाइल नंबर मांगने पर विवाद:दो पक्षों में मारपीट, लाठी-डंडे और पत्थर चले; 5 लोग घायल
एटा जिले के सकरौली थाना क्षेत्र के शाहनगर टीमरुआ गांव में मोबाइल नंबर मांगने को लेकर हुए विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। गुरुवार को शुरू हुआ यह विवाद शुक्रवार सुबह दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट और पथराव में बदल गया। इस घटना में दोनों ओर से आधा दर्जन लोग घायल हुए हैं। सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया और गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया। दरअसल, गांव में हर साल की तरह इस बार भी मेला लगा था। आरोप है कि मेले में कुशवाहा समाज के एक नाबालिग लड़के ने ठाकुर समाज की एक नाबालिग लड़की से उसका मोबाइल नंबर मांगा था। इसी बात को लेकर गुरुवार को दोनों पक्षों में विवाद शुरू हो गया था, जिसे गांव के कुछ समझदार लोगों ने शांत करवा दिया था। हालांकि, शुक्रवार सुबह यह विवाद फिर भड़क उठा और कुशवाहा तथा ठाकुर समाज के सैकड़ों लोग आमने-सामने आ गए। दोनों ओर से जमकर ईंट-पत्थर चले और लाठी-डंडों का इस्तेमाल हुआ। इस हिंसक झड़प में कई लोग घायल हुए। सकरौली थाना पुलिस के साथ कई अन्य थानों की पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने दोनों पक्षों के 11 नामजद लोगों सहित कुछ अज्ञात के खिलाफ मारपीट, बलवा और पथराव की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने ठाकुर पक्ष से दिनेश पुत्र कप्तान, दुष्यंत पुत्र दिनेश, पवन पुत्र राकेश, हरिकृष्ण पुत्र बालिस्टर, आदित्य पुत्र सत्यवीर और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वहीं, दूसरे पक्ष से टीकाराम उर्फ पुजारी पुत्र भूदेव, नरेंद्र पुत्र भुजवीर, भुजवीर पुत्र रामपाल, अनिल पुत्र वीरेंद्र, छत्रपाल पुत्र कप्तान और तुरसन पाल पुत्र जगदीश सहित कुछ अज्ञात के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की गई है। क्षेत्राधिकारी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है। घटना से जुड़े मारपीट, घायलों और फायरिंग की आवाज वाले कुछ वीडियो भी सामने आए हैं। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों के साथ ग्रामीणों की गरमागरमी भी हुई। पुलिस वायरल वीडियो और स्थलीय जांच-पड़ताल के आधार पर मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है। सीओ ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने बताया घटना की सूचना के बाद तत्काल पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और स्थिति पर कंट्रोल किया आरोपियों के विरुद्ध कार्यवाही की जा रही है। मार पीट पथराव हुआ है ।दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
UPSC ने सिविल सर्विस एग्जाम 2025 का फाइनल रिजल्ट शुक्रवार को घोषित कर दिया। नर्मदापुरम के दो युवाओं ने यूपीएससी में सफलता पाकर जिले का नाम रोशन किया। शहर के हाउसिंग बोर्ड निवासी श्रेयांश बड़ोदिया ने यूपीएससी में 194वीं रैंक हासिल की है। बनखेडी के आयुष स्वामी ने 461 वीं रैंक पाई। शुक्रवार को घोषित हुए परीक्षा परिणाम के बाद श्रेयांश को बधाई देने का सिलसिला शुरू हो गया। साल 2018 में मुंबई आइआइटी से बीटेक करने के बाद श्रेयांश गुडगांव की एक कंपनी में साफ्टवेयर इंजीनियर बन गए। नौकरी के दौरान ही उनकी सिविल सर्विस में जाने को लेकर रुचि पैदा हुई। श्रेयांश ने बताया कि आईआईटी करने वाले उनके कई साथी सिविल सर्विसेस में हैं। उन्हीं के मोटीवेशन से उन्होंने यह निर्णय लिया। अगस्त 2024 में नौकरी छोड़ने के बाद श्रेयांश ने मुंबई में रहकर यूपीएससी की तैयारी शुरू की। पहले प्रयास में श्रेयांश ने मई 2025 में प्री दिया। जिसे पास कर अगस्त 2025 में मेंस और फिर जनवरी 2026 में इंटरव्यू उत्तीर्ण किया। शुक्रवार को घोषित हुए परिणाम से साफ हो गया कि एक साल की मेहनत में ही श्रेयांस ने 194वीं रैंक हासिल की है। मुंबई में रहता है परिवार, पिता विधायक के लिए लड़ चुके चुनाव श्रेयांश का परिवार वर्तमान में मुंबई में रहता है। श्रेयांश के पिता जीडी बड़ोदिया नर्मदापुरम में जिला कोषालय अधिकारी रहे। साथ ही वे मेहर गढ़वाल समाज के अध्यक्ष रहे हैं। विधानसभा 2023 में उनके पिता विधायक पद के लिए प्रत्याशी बन चुनाव लड़ चुके हैं। परिवार में श्रेयांश की मां, पिता और भाई-भाई के साथ एक भतीजा भी है। परिणाम की घोषणा के बाद स्वजनों ने मुंबई में ही सफलता का जश्न मनाया। स्वजनों ने श्रेयांश का मुंह मीठा कर खुशियां मनाईं। शिक्षक के बेटे ने 461वीं रैंक बनखेडी के आयुष स्वामी को यूपीएससी 2025 मेरिट लिस्ट में 461 वीं रैंक आई है। आयुष स्वामी बनखेडी के शिक्षक राजेश स्वामी है। लिस्ट में आयुष का नाम 461वें स्थान पर देखकर परिवार में हर्ष का माहौल है।
सुल्तानपुर के कूरेभार शिक्षा क्षेत्र में एक उच्च प्राथमिक विद्यालय के सहायक अध्यापक को नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और एससी/एसटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। आरोपी शिक्षक को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। वहीं, बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने शिक्षक को निलंबित कर दिया है। पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया है कि यह घटना 23 फरवरी को हुई। विद्यालय के सहायक अध्यापक गिरजेश सिंह ने उनकी 14 वर्षीय बेटी को बाथरूम के पीछे ले जाकर उसके साथ अनुचित व्यवहार किया और गलत तरीके से छुआ। छात्रा के विरोध करने पर शिक्षक ने उसे जातिसूचक शब्द कहे और जान से मारने की धमकी भी दी। घटना के बाद छात्रा ने घर पहुंचकर परिजनों को पूरी बात बताई। इसके बाद पिता ने संबंधित अधिकारियों से लिखित शिकायत कर कार्रवाई की मांग की थी। गुरुवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिवार के सदस्य विद्यालय पहुंचे और आरोपी शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए हंगामा किया। गोसाईगंज पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज किया। गुरुवार रात उपनिरीक्षक अशोक कुमार, उपनिरीक्षक नियाज खान, हेड कांस्टेबल पप्पू कुमार और कांस्टेबल दीपक कुमार की टीम ने आरोपी शिक्षक गिरजेश सिंह को गिरफ्तार कर लिया। थानाध्यक्ष राम आशीष उपाध्याय ने बताया कि आरोपी शिक्षक को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पिता ने अपनी तहरीर में यह भी उल्लेख किया है कि उनकी बेटी मंदबुद्धि है और शिक्षक अन्य लड़कियों के साथ भी गलत कृत्य करते हैं। विद्यालय की अन्य छात्राओं ने भी शिक्षक के व्यवहार की पुष्टि की है। कक्षा आठ की एक छात्रा ने बताया कि शिक्षक लगभग पांच महीने से स्कूल में तैनात हैं और एक महीने से लड़कियों को गलत तरीके से छू रहे हैं तथा बदतमीजी कर रहे हैं। एक अन्य छात्रा ने बताया कि शिक्षक सभी छात्राओं के साथ ऐसा कर रहे हैं।
लखीमपुर खीरी जिले के दक्षिण निघासन लुधौरी वन रेंज क्षेत्र में कई दिनों से दहशत का कारण बना एक तेंदुआ आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। शुक्रवार देर शाम बिहारीपुरवा और गोविंदपुर फॉर्म के गांवों के पास लगाए गए पिंजरे में तेंदुआ फंस गया, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। वन विभाग ने पिंजरा लगाने के महज दो घंटे के भीतर ही तेंदुए को पकड़ लिया। जानकारी के अनुसार, बिहारीपुरवा और गोविंदपुर फार्म क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से तेंदुए की मौजूदगी से ग्रामीण दहशत में थे। इस तेंदुए ने कई पालतू जानवरों को अपना शिकार बनाया था, जिससे क्षेत्र में भय का माहौल था। तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम लगातार क्षेत्र में निगरानी और गश्त कर रही थी। वन दरोगा अखिलेश रावत के नेतृत्व में टीम ने शालिकराम के खेत के पास एक पिंजरा लगाया, जिसमें भेड़ को चारा के रूप में रखा गया था। पिंजरा लगाए जाने के लगभग दो घंटे के भीतर ही तेंदुआ उसमें फंस गया। तेंदुए के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। क्षेत्र के लोगों ने तेंदुए के पकड़े जाने से राहत महसूस की और वन विभाग की टीम की सराहना की। वन दरोगा अखिलेश रावत ने बताया कि तेंदुए को सुरक्षित तरीके से वन विभाग की निगरानी में रखा गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
ग्वालियर में जयारोग्य चिकित्सालय समूह के पूर्व अधीक्षक डॉ. जगदीश सिंह सिकरवार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में नया मोड़ आया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि डॉ. सिकरवार ने साथी डॉक्टरों की प्रताड़ना के कारण ही आत्मघाती कदम उठाया। उन्होंने इस पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग की है। डॉ. जगदीश सिंह सिकरवार का शव 25 जनवरी को दोपहर 12 बजे विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के रेलवे ट्रैक किनारे मिला था। पुलिस ने शव को निगरानी में लेकर पोस्टमार्टम कराया और परिजनों को सौंप दिया। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी थी। पैथोलॉजी के साझेदारों से हुआ विवाद परिजनों ने अपनी पड़ताल में बताया कि 23 जनवरी को डॉ. सिकरवार एक निजी पैथोलॉजी गए थे। वहां उनका पैथोलॉजी के साझेदारों से हिसाब-किताब को लेकर विवाद हो गया था। परिजनों का आरोप है कि वहां मौजूद साझेदारों ने पैथोलॉजी स्टाफ के सामने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें धमकी भी दी, जिससे डॉ. सिकरवार काफी आहत हुए थे। परिजनों ने विशेष रूप से आरोप लगाया है कि निजी पैथोलॉजी में उनके साझेदार डॉ. रमेश प्रकाश गुप्ता, उनके भाई ललित गुप्ता और पुत्र सुधांशु गुप्ता ने डॉ. सिकरवार को धमकी दी और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। इसी प्रताड़ना के चलते उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया। पार्टनर की हरकतों से तंग आकर की आत्महत्या डॉ. सिकरवार की बहू अंतिमा सिंह ने अपने बयान में कहा था कि उनके ससुर ने अपने पार्टनर डॉ. रमेश प्रकाश गुप्ता की हरकतों से तंग आकर आत्महत्या की थी। ससुर और पार्टनर रमेश ने पैथोलॉजी में करीब 9 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की थी। जिसका हिसाब डॉ. जगदीश अपने पार्टनर रमेश से मांग रहे थे। हिसाब मांगने पर उन्हें बेइज्जत किया गया, जिसे वे बर्दाश्त नहीं कर पाए और आत्महत्या कर ली। इस पूरे मामले की न्यायिक जांच की जाए और संबंधित लोगों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।
बाराबंकी में अधिवक्ता को मारी गोली:जमीनी विवाद में वारदात, गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती
बाराबंकी जिले के सफदरगंज थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक अधिवक्ता को गोली मारने की घटना सामने आई है। इस वारदात से इलाके में तनाव फैल गया। घायल अधिवक्ता को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। थाना क्षेत्र के बीरबल पुरवा गांव में अधिवक्ता चंद्रेश वर्मा को परिवार के ही कुछ सदस्यों द्वारा गोली मारे जाने का आरोप है। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी जमीनी रंजिश के चलते यह वारदात हुई। गोली लगने के बाद अधिवक्ता चंद्रेश वर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और घायल को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया गया। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विकास चंद त्रिपाठी ने भी जिला अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल, पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। इलाके में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
मथुरा में शुक्रवार को ब्रज नर्सिंग होम में जच्चा-बच्चा की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर मामला शांत कराया। गोवर्धन क्षेत्र के गांव पाडल निवासी 32 वर्षीय दीपा पत्नी खेमचंद को शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे प्रसव पीड़ा होने पर ब्रज नर्सिंग होम लाया गया था। परिजनों का कहना है कि डॉक्टर दिन भर प्रसव को सामान्य बताते रहे और उन्हें भरोसा दिलाते रहे कि सब ठीक है। परिजनों के मुताबिक शाम करीब 6:30 बजे डॉक्टरों ने अचानक बताया कि जच्चा और बच्चा दोनों की मौत हो गई है। यह खबर सुनते ही अस्पताल में मौजूद परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। उन्होंने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। करीब एक घंटे तक अस्पताल में तनाव का माहौल बना रहा। बाद में सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर मामला शांत कराया। बताया जा रहा है कि दीपा की यह तीसरी डिलीवरी थी। इससे पहले उनके दो बच्चों का जन्म सामान्य तरीके से हुआ था। जच्चा-बच्चा की मौत से परिवार में मातम छा गया है। मृतका के पति खेमचंद मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। मां की मौत के बाद दोनों छोटे बच्चे बेसहारा हो गए हैं। वहीं, अस्पताल के डॉक्टर अवधेश अग्रवाल ने बताया कि महिला को पहले गोवर्धन के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया था, जहां बच्चे की पहले ही मौत हो चुकी थी। बाद में उसे गंभीर हालत में ब्रज नर्सिंग होम लाया गया। उन्होंने कहा कि सुबह से ही महिला का इलाज किया जा रहा था और परिजनों को लगातार जानकारी दी जा रही थी, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद महिला को बचाया नहीं जा सका। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ नगर निगम के जोन -2 स्थित तिलकनगर वार्ड में ऐशबाग पुल के नीचे पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इससे सड़क पर जलभराव हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पाइपलाइन जर्जर थी। इसके चलते यह क्षतिग्रस्त हुई है। इसके कारण शनिवार सुबह क्षेत्र में जलापूर्ति बाधित रहेगी। जलकल विभाग की ओर से पाइपलाइन की मरम्मत के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। ऐशबाग में जारी है मरम्मत जलकल विभाग के महाप्रबंधक कुलदीप सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि ऐशबाग पुल के नीचे से गुजर रही जलापूर्ति पाइपलाइन के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिलने के बाद विभाग की टीम को तत्काल मौके पर भेजा गया है। टीम से पाइपलाइन की मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है, जिसके चलते तिलकनगर क्षेत्र में शनिवार सुबह जलापूर्ति प्रभावित रहेगी। उन्होंने बताया कि विभाग की तकनीकी टीम मरम्मत कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने में जुटी हुई है, ताकि जलापूर्ति को जल्द से जल्द बहाल किया जा सके। मरम्मत कार्य पूरा होते ही नियमित जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी। पार्षद बोले- बढ़ गई समस्या विभाग के अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि पाइपलाइन की मरम्मत शीघ्र पूरी कर तिलकनगर क्षेत्र में जलापूर्ति सामान्य कर दी जाएगी। स्थानीय पार्षद राजीव बाजपेई ने कहा कि तिलक नगर कुंडारी रकाबगंज के ऐशबाग पुल के नीचे कई जगह पाइपलाइन फटी थी। इससे लोगों के लिए समस्या बढ़ गई है।
मथुरा में दिल्ली-आगरा रेलवे लाइन पर शुक्रवार देर शाम एक युवक ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। यह घटना संस्कृति विश्वविद्यालय के पास की है। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस और जीआरपी मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पहचान छाता कोतवाली क्षेत्र के गांव नगला बंजारा दद्दी गढ़ी निवासी 35 वर्षीय संजू पुत्र जगदीश के रूप में हुई है। बताया गया कि संजू शुक्रवार को अपने घर से निकला था और देर शाम संस्कृति विश्वविद्यालय के पीछे स्थित दिल्ली-आगरा रेलवे ट्रैक पर पहुंच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, उसी दौरान एक तेज रफ्तार ट्रेन गुजर रही थी। तभी युवक अचानक ट्रेन के सामने कूद गया। ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना को देखकर आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस और जीआरपी मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। मृतक की पहचान उसकी जेब से मिले दस्तावेजों के आधार पर की गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद मृतक के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। जीआरपी प्रभारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कन्नौज में युवक ने फांसी लगाकर जान दी:प्रेमिका ने डाई पीकर सुसाइड का प्रयास किया, अस्पताल में भर्ती
कन्नौज कोतवाली क्षेत्र के मतौली गांव में एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वहीं, उसकी प्रेमिका ने डाई पीकर जान देने का प्रयास किया, जिसका इलाज जारी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, परिजनों द्वारा लगाई गई पाबंदियों से दोनों परेशान थे। सदर कोतवाली क्षेत्र के मतौली गांव निवासी 19 वर्षीय राजाबाबू का शव शुक्रवार को एक आम के बाग में फांसी के फंदे पर लटका मिला। राजाबाबू अपने पिता के साथ खेती-बाड़ी में हाथ बंटाता था। वह तीन भाइयों और पांच बहनों में तीसरे नंबर पर था। उसका बड़ा भाई दिल्ली में निजी नौकरी करता है। इसी बीच, गांव की एक युवती ने अपने घर में डाई पीकर आत्महत्या का प्रयास किया। उसे तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। ग्रामीणों के अनुसार, राजाबाबू का इसी युवती से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। परिजनों को जानकारी होने पर दोनों पर कई पाबंदियां लगा दी गईं और उनके मोबाइल फोन भी छीन लिए गए, जिससे उनकी बातचीत बंद हो गई। बताया जा रहा है कि बातचीत बंद होने से परेशान होकर दोनों ने साथ मरने का फैसला किया था। राजाबाबू ने बाग में फांसी लगा ली, जबकि उसकी प्रेमिका ने घर में डाई पीकर जान देने की कोशिश की, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और युवती की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
हांसी जिले के नारनौंद क्षेत्र के गांव खेड़ी लोचब में ट्रैक्टर हटाने को लेकर हुए विवाद में एक खाद-बीज दुकानदार पर रॉड से हमला किया गया। हमले में दुकानदार गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे पहले नारनौंद के नागरिक अस्पताल और फिर अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दिए बयान में गांव खेड़ी लोचब निवासी राजेश ने बताया कि उसकी खेड़ी चौपटा में खाद-बीज की दुकान है। 1 मार्च की शाम करीब 5 बजे नरेश ने उसकी दुकान के सामने अपना ट्रैक्टर खड़ा कर दिया। राजेश ने सामान उतारने को लेकर नरेश से ट्रैक्टर हटाने को कहा, तो नरेश ने मना कर करते हुए जान से मारने की धमकी देकर चला गया। राजेश बेटे के साथ वापस आया कुछ देर बाद नरेश अपने बेटे आशीष के साथ वापस आया। दोनों के हाथ में लोहे की रॉड थी। आरोप है कि वे दुकान में घुस आए और राजेश पर हमला कर दिया। रॉड लगने से राजेश जमीन पर गिर गया, जिसके बाद भी पिता-पुत्र ने उस पर लगातार वार किए। हमलावरों ने उसे जान से मारने की धमकी दी और उसे मरा हुआ समझकर मौके से फरार हो गए। मेडिकल रिपोर्ट में चोट दर्ज घटना के बाद पड़ोसी बिट्टू ने घायल राजेश को नागरिक अस्पताल नारनौंद पहुंचाया। प्राथमिक इलाज के बाद उसे महाराजा अग्रसेन मेडिकल कॉलेज अग्रोहा रेफर कर दिया गया। पुलिस ने घायल का मेडिकल करवाया है, जिसमें दो चोटें दर्ज की गई हैं। नारनौंद पुलिस ने केस दर्ज कर जाचं शुरू कर दी है।
मथुरा के थाना हाईवे क्षेत्र में शुक्रवार को आर्मी स्कूल के नौवीं कक्षा के एक छात्र की स्कूल बस के नीचे आने से मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। परिवार ने इसे हादसा मानने से इनकार करते हुए हत्या का आरोप लगाया है। मृतक छात्र की पहचान हर्षित के रूप में हुई है। वह कक्षा 9 का छात्र था। उसके पिता मुकेश शर्मा भारतीय सेना में तैनात हैं और वर्तमान में श्रीनगर में ड्यूटी कर रहे हैं। परिवार मूल रूप से छटीकरा का रहने वाला है और फिलहाल मथुरा के नटवर नगर में किराए के मकान में रह रहा है। जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह स्कूल बस छात्रों को छोड़ते हुए थाना हाईवे क्षेत्र के मोती कुंज इलाके में पहुंची थी। इसी दौरान हर्षित बस से उतर रहा था। तभी अचानक वह बस के पहिए के नीचे आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हर्षित के पिता मुकेश शर्मा घटना से एक दिन पहले ही श्रीनगर में अपनी ड्यूटी पर लौटे थे। बेटे की मौत की सूचना मिलने के बाद वह अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए मथुरा लौट रहे हैं। परिजनों का कहना है कि यह सामान्य हादसा नहीं है। उनका आरोप है कि हर्षित को बस से धक्का दिया गया, जिससे वह संतुलन खो बैठा और बस के पहिए के नीचे आ गया। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि मामले को दुर्घटना बताकर दबाने की कोशिश की जा रही है। थाना हाईवे प्रभारी निरीक्षक शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया छात्र की मौत स्कूल बस के पहिए के नीचे आने से हुई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इंदौर जिले की महू तहसील के तेलीखेड़ा निवासी तरुण पवार ने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2024 में 311वीं रैंक हासिल की है। उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए अपना चयन सुनिश्चित किया है। शुक्रवार को घोषित हुए परिणामों के बाद तरुण के परिवार और पूरे महू क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। प्रशिक्षण के साथ हासिल की बड़ी सफलता तरुण पवार वर्तमान में तमिलनाडु में ग्रेड-2 सेवा के अंतर्गत उप जिला अधिकारी (डिप्टी कलेक्टर) के पद पर प्रशिक्षण ले रहे हैं। इससे पहले वर्ष 2023 में उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में 912 से अधिक रैंक प्राप्त कर सफलता पाई थी। हालांकि, उनका लक्ष्य आईएएस बनना था, इसलिए उन्होंने अपनी ट्रेनिंग के साथ-साथ पढ़ाई जारी रखी और 2024 की परीक्षा में ग्रेड-1 अधिकारी (IAS) के रूप में चयनित होकर अपना सपना पूरा किया। जेएनयू और दिल्ली से की पढ़ाई तरुण की प्रारंभिक शिक्षा महू के केंद्रीय विद्यालय से हुई, जहां उन्होंने 2018 में 12वीं कक्षा में टॉप किया था। इसके बाद उन्होंने दिल्ली के एक निजी कॉलेज से अर्थशास्त्र में स्नातक (BA) किया और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मास्टर डिग्री (MA) प्राप्त की। स्नातकोत्तर की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पूरी तरह समर्पित होकर यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी थी। होनहार परिवार और पिता का संघर्ष तरुण के पिता विजय पवार हिंदुस्तान यूनिलीवर कंपनी में फील्ड सर्विस में कार्यरत हैं और माता गृहिणी हैं। तरुण के बड़े भाई भी काफी होनहार हैं, जिन्होंने आईआईटी से जियोफिजिक्स में मास्टर्स किया है और वर्तमान में ओएनजीसी में भू-वैज्ञानिक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। पिता विजय पवार ने बताया कि तरुण का लक्ष्य स्कूली दिनों से ही प्रशासनिक सेवा में जाने का था, जिसे उसने अपनी मेहनत से सच कर दिखाया है।
पापा मेरा सपना पूरा हो गया मेरीUPSC के परिणाम में ऑल इंडिया में 74 वी रैंक आई है जैसे ही गांव बहादुरपुर में हर्ष नेहरा के पिता अजय नेहरा ने बेटे की यह बात सुनी और घर पर बताया तो पूरे गांव का माहौल बदल गया गांव में लोग एक दूसरे को मिठाई खिलाने और ढोल बजाकर खुशी मनाते नजर आए। मेरठ के सरधना क्षेत्र के एक छोटे से गांव बहादुरपुर में रहने वाले एक किसान परिवार अजय नेहरा के बेटे हर्ष नेहरा का यूपीएससी में ऑल इंडिया 74 रैंक आने पर गांव में खुशी का माहौल हो गया। पिता ने बोला बेटे ने आज दादा और मां की मेहनत का कर्ज उतार दिया है। इतना कहते ही खुशी के कारण उनकी आंखों से आंसू आने लगे। भतीजे ने किया सपना पूरा पूनम रानी ने बताया कि हमने उसकी काबिलियत देख कर एक सपना देखा था जिसे आज हर्ष ने पूरा कर दिया है। बेटे ने गांव मे नेहरा परिवार का नाम रोशन कर दिया है और अपने साथी युवाओं को संदेश दिया है कि अगर हम मेहनत करे तो धरती पर कुछ भी असंभव नहीं है। दादा बोले पोते ने बढ़ा दी उम्र विक्रम सिंह नेहरा ने बताया कि हर्ष मेरा पोता है । आज जो मुकाम उसने हासिल किया है उस से मुझे इतनी खुशी हुई ळै कि मैं उसे शब्दों में बयां नहीं कर सकता हूं। मेरे पोते पर मुझे गर्व है और इतनी खुशी देकर उसने मेरी उम्र बढाने का काम किया है। हमेशा कहता था यार कुछ बड़ा करना है- जयंत हुड्डा स्कूल में हर्ष के साथ पढ़ने वाले एडवोकेट जयंत हुड्डा ने बताया कि वह मेरे ही साथ ही स्कूल में बचपन से कक्षा 12 तक पढ़ा है। जब हम भविष्य की बात करते थे तो वह हमेशा यही कहता था कि भाई लागो की सेवा करनी है और कुछ बड़ा करके दिखाना है जिस से तुम्हे और पूरे गांव को मुझपर गर्व हो। आज उसका सपना पूरा होने से उस से ज्यादा ,खुशी हमे है गांव में आने पर भव्या स्वागत करेंगे। गांव वाले बोले सुधरेगा भविष्य गांव के रहने वाले प्रदीप हुड्डा ने बताया कि हमारे इस गांव से पहले भी एक युवा खिलाड़ी अनु रानी निकली है जिन्होंने गांव और परिवार का नाम देश-विदेश तक रोशन किया है। इसके बाद शिक्षा के क्षेत्र में हर्ष नेहरा का आना गांव में युवाओं के लिए प्रेरणादायक है और आने वाले समय में इन दोनों बच्चों से प्रेरणा लेकर हमारे गांव से और भी होना युवा अपने घर परिवार और गांव का नाम देश-विदेश में रोशन करने का काम करेंगे।
लखनऊ में माइनॉरिटी डेवलपमेंट फोरम की ओर से आयोजित रोजा इफ्तार पार्टी में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव शामिल हुए। शुक्रवार को हुए इफ्तार में इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के चेयरमैन मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली समेत कई उलेमा और सपा के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इफ्तार के बाद मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने रोजा इफ्तार को देश की गंगा-जमुनी तहजीब की पहचान बताया। यहां अखिलेश यादव ने शंकराचार्य से जुड़े विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सभी पूजनीय साधु-संतों को शंकराचार्य का समर्थन करना चाहिए। आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार लोगों का अपमान करती है। शंकराचार्य के खिलाफ झूठे मुकदमे से उन्हें पीड़ा हुई होगी। अखिलेश यादव ने कहा कि भारत के इतिहास में पहले कभी किसी शंकराचार्य का इस तरह अपमान नहीं किया गया। इफ्तार पार्टी की तस्वीरें- “रोजा इफ्तार हिंदुस्तानियों की पहचान”अखिलेश यादव ने कहा कि रोजा इफ्तार हिंदुस्तानियों की साझा संस्कृति और गंगा-जमुनी तहजीब की पहचान है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज के अलग-अलग वर्गों को एक साथ आने और संवाद का अवसर देते हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में होली का त्योहार मनाया गया, जिसमें लोग गले मिले। अब कुछ ही दिनों बाद ईद आएगी, तब भी लोग एक-दूसरे से गले मिलेंगे। यही भारत की असली पहचान है। नीतीश कुमार को लेकर भी किया तंजमीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी चाहती थी कि नीतीश कुमार प्रधानमंत्री बनें, लेकिन अब लगता है कि वे राज्यसभा में ही रिटायर होंगे। उनका यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। “सरकार की विदेश नीति ने भारत को उलझाया”सपा प्रमुख ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर निशाना साधते हुए कहा कि जो विदेश नीति दिखाई जा रही है, वास्तविकता उससे अलग है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की विदेश नीति ने भारत को कई मामलों में उलझा दिया है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर स्पष्ट और संतुलित नीति होना जरूरी है। इफ्तार पार्टी में जुटे सियासी और धार्मिक चेहरेराजधानी में आयोजित इस रोजा इफ्तार कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के कई बड़े नेता और विभिन्न धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के चेयरमैन मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली और उलमा मौलाना सूफियान निजामी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। इफ्तार के दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सभी से मुलाकात की और रमजान के महीने में भाईचारे और सद्भाव के संदेश पर जोर दिया। युद्ध के खिलाफ है समाजवादी पार्टीअखिलेश यादव ने अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी युद्ध के पक्ष में नहीं है क्योंकि युद्ध के परिणाम हमेशा दुखद होते हैं। ईरान और इजरायल के बीच चल रहे तनाव को लेकर उन्होंने केंद्र सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए और कहा कि सरकार की विदेश नीति स्पष्ट नजर नहीं आ रही है।
औरैया के अजीतमल कोतवाली क्षेत्र के हरपालपुर गांव में शुक्रवार देर शाम एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर पीआरबी 112 और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पहचान हरपालपुर निवासी 35 वर्षीय अखिलेश कुमार पुत्र मेवा लाल के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, अखिलेश की दो शादियां हुई थीं, लेकिन किसी कारणवश दोनों पत्नियां उसे छोड़कर चली गई थीं। इसके बाद से वह अकेले रहकर खेती-किसानी करता था। बताया जा रहा है कि इस वजह से वह अक्सर मानसिक रूप से परेशान रहता था। शुक्रवार देर शाम अखिलेश अपने घर के बाहर बने एक कमरे में गया और अंदर से कुंडी बंद कर ली। कुछ देर बाद उसने कमरे की छत में लगी टीन में लगे बांस पर मफलर का फंदा बनाकर फांसी लगा ली, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। काफी देर तक जब अखिलेश बाहर नहीं आया, तो उसके भाई की बेटी मीना उसे खाना खाने के लिए बुलाने पहुंची। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद देखकर उसे शक हुआ। परिजनों ने दरवाजे की दरार से झांककर देखा तो अखिलेश फंदे से लटका हुआ दिखाई दिया। यह देखकर परिवार में हड़कंप मच गया और उन्होंने तत्काल डायल 112 पर सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतारा और पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कोतवाली के क्राइम प्रभारी रामचंद्र वर्मा ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
कुंडा कोतवाली क्षेत्र के टिकरिया बुजुर्ग स्थित शाहजमालपुर नहर पुल के पास शारदा सहायक नहर की इलाहाबाद जलशाखा में शुक्रवार शाम एक अज्ञात महिला का शव मिला। शव उतराया मिलने से स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर कुंडा कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से नहर से शव को बाहर निकाला गया। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ कर महिला की पहचान कराने का प्रयास किया, लेकिन खबर लिखे जाने तक उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी थी। शव को देखकर आशंका जताई जा रही है कि वह कई दिनों से पानी में था। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है और आसपास के गांवों में भी महिला की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। कोतवाल मनोज पांडेय ने बताया कि शारदा सहायक नहर में एक अज्ञात महिला का शव मिला है। शव को कब्जे में लेकर पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है। पहचान होने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है, जिसमें यह संभावना भी शामिल है कि शव कहीं और से बहकर नहर में आया हो।
नशा तस्करी के खिलाफ अभियान में मलौद पुलिस ने खन्ना निवासी नशा तस्कर गुरप्रीत सिंह की 29 लाख रुपये की संपत्ति फ्रीज कर दी है। यह कार्रवाई दुधाल रोड, खन्ना के आरोपी गुरप्रीत सिंह के खिलाफ की गई है। फ्रीज की गई संपत्ति में करीब 6 लाख रुपये का एक प्लॉट, लगभग 22.5 लाख रुपये की लागत से किया गया निर्माण कार्य और करीब 1 लाख रुपये कीमत की एक कार शामिल है। डीएसपी पायल जसविंदर सिंह खैहरा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर संबंधित संपत्ति पर फ्रीजिंग के नोटिस चिपकाए। पुलिस ने स्पष्ट किया कि आरोपी को बिना अनुमति इस संपत्ति को बेचने या किसी अन्य को हस्तांतरित करने की अनुमति नहीं होगी। डीएसपी जसविंदर सिंह खैहरा ने बताया कि गुरप्रीत सिंह के खिलाफ नशा तस्करी के तीन मामले दर्ज हैं। इसके अतिरिक्त, उसकी माता चरणजीत कौर के खिलाफ भी नशा तस्करी से संबंधित दो मामले दर्ज किए गए हैं। इस प्रकार मां-बेटे के खिलाफ कुल पांच मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी गुरप्रीत सिंह लंबे समय से नशे के अवैध कारोबार में शामिल था और इसी कारोबार से अर्जित धन से उसने यह संपत्ति बनाई थी। पुलिस ने 16 सितंबर 2025 को गुरप्रीत सिंह को गिरफ्तार किया था, उस समय उसके कब्जे से करीब 54 किलो भुक्की बरामद की गई थी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नशा तस्करों के खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। नशे से कमाई गई अवैध संपत्तियों को चिन्हित कर उन्हें जब्त या फ्रीज किया जाएगा, ताकि समाज में नशे के कारोबार पर पूरी तरह से अंकुश लगाया जा सके।
खरगोन एसपी रवीन्द्र वर्मा ने शुक्रवार शाम बेड़िया थाने का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने लगभग दो घंटे तक थाने की कार्यप्रणाली की समीक्षा की। इस दौरान महिला एवं बालिकाओं से संबंधित अपराधों में कार्रवाई में कोई कोताही न बरतने के सख्त निर्देश दिए गए। एसपी वर्मा ने हवालात, बलवा ड्रिल सामग्री, शस्त्रागार, रोजनामचा (दैनिक डायरी) और सीसीटीएनएस (अपराध एवं आपराधिक ट्रैकिंग नेटवर्क और सिस्टम) का गहन अवलोकन किया। उन्होंने रिकॉर्ड शाखा में फाइलों की भी बारीकी से जांच की। निरीक्षण के दौरान, एसपी ने थाना प्रभारी रामेश्वर ठाकुर से अपराधों की स्थिति, अपराधी तत्वों, फरार एवं लंबित आरोपियों और संवेदनशील क्षेत्रों के बारे में विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने लंबित अपराधों के शीघ्र निपटारे, फरार अपराधियों की धरपकड़ और न्यायालय के समन-वारंट की तामील पर विशेष जोर दिया। एसपी ने महिला, बालिकाओं, अनुसूचित जाति एवं जनजाति के विरुद्ध होने वाले अपराधों के नियंत्रण के लिए भी विशेष दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि यह एक वार्षिक निरीक्षण था, जिसका मुख्य उद्देश्य थाने की कार्यप्रणाली, अनुशासन, स्वच्छता और उपलब्ध संसाधनों का आकलन करना था। एसपी ने थाना स्टाफ से भी चर्चा की और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ अपराध नियंत्रण के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
नूंह जिले के गांव रायपुर में शुक्रवार को ग्रामीणों ने एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा। ग्रामीणों को व्यक्ति पर बच्चा चोरी का शक हुआ तो उसे पकड़कर पुलिस को सूचना दी। यह मामला पुनहाना सदर थाना एरिया के गांव रायपुर का है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कुछ समय से आसपास के इलाकों में बच्चा चोरी की अफवाहें फैल रही थीं, जिसके कारण ग्रामीण पहले से ही सतर्क थे। गांव की गलियों में एक अनजान व्यक्ति को घूमते देख ग्रामीणों ने उससे पूछताछ की। संतोषजनक जवाब न मिलने पर उनका शक गहरा गया और उन्होंने उसे पकड़ लिया। पुलिस ने संदिग्ध को हिरासत में लिया सूचना मिलते ही पुनहाना सदर थाना इंचार्ज ओमवीर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने संदिग्ध व्यक्ति को ग्रामीणों से हिरासत में लिया और थाने ले आए। पुलिस ने युवक से पूछताछ करते हुए उसकी पहचान तथा गतिविधियों की जांच की। थाना इंचार्ज ओमवीर ने बताया कि पुलिस ने गांव रायपुर पहुंचकर पकड़े गए व्यक्ति को हिरासत में लिया। पूछताछ और जांच के दौरान उसके खिलाफ कोई भी संदिग्ध गतिविधि नहीं पाई गई। व्यक्ति बच्चा चोरी के इरादे से नहीं आया ओमवीर ने साफ किया कि जांच में यह भी सामने नहीं आया कि वह व्यक्ति बच्चा चोरी के इरादे से गांव में आया था। सभी पहलुओं की जांच के बाद पुलिस ने उसे छोड़ दिया। पुलिस ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना सबसे पहले पुलिस को दें।
दमोह जिले की हटा विधानसभा में आगामी 11 मार्च को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का दौरा प्रस्तावित है। इस वीआईपी मूवमेंट की तैयारियों को लेकर शुक्रवार, 6 मार्च को कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर और एसपी श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने हटा पहुंचकर प्रशासनिक अमले के साथ बैठक की और संभावित आयोजन स्थलों का जायजा लिया। सभा स्थल और हेलिपैड के लिए 5 स्थानों का चयन प्रशासनिक अधिकारियों ने सुरक्षा और सुगमता के दृष्टिकोण से मॉडल स्कूल ग्राउंड, नवोदय स्कूल ग्राउंड, चौरसिया डामल प्लांट, सोसायटी मैदान और गौरीशंकर मैदान का निरीक्षण किया। इस दौरान विधायक उमादेवी खटीक ने 'चौरसिया प्लांट' पर सभा आयोजित करने का सुझाव दिया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सभी स्थलों की विस्तृत रिपोर्ट भोपाल मुख्यालय भेजी जाएगी, जहां से अनुमति मिलने के बाद अंतिम स्थल का चयन होगा। गर्मी को देखते हुए होगी विशेष व्यवस्थाएं बैठक में मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान आम जनता की सुविधा के लिए निर्देश जारी किए पेयजल व्यवस्था: आयोजन स्थल और नगर के प्रमुख चौराहों पर प्याऊ खोले जाएंगे। खास बात यह है कि प्लास्टिक की बोतलों और पाउच पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, पानी के लिए तांबे के बर्तनों का उपयोग किया जाएगा। स्वास्थ्य: भीषण गर्मी की संभावना को देखते हुए ओआरएस (ORS) पाउडर और मेडिकल टीम की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही इस दौरान ब्लड डोनेशन कैंप का आयोजन भी प्रस्तावित है। परिवहन: जिला परिवहन अधिकारी को बसों और आवश्यक वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। समन्वय और सुरक्षा के निर्देश कलेक्टर ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे एसडीएम राकेश सिंह मरकाम के साथ बेहतर तालमेल बिठाकर 11 मार्च से पहले बैरिकेडिंग, हेलिपैड निर्माण और अन्य तकनीकी व्यवस्थाएं पूरी कर लें। निरीक्षण के दौरान जनपद अध्यक्ष गंगाराम पटेल सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
ग्वालियर की सृष्टि गोयल ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) सिविल सेवा परीक्षा-2025 में देशभर में 160वीं रैंक हासिल की है। शुक्रवार को परीक्षा परिणाम घोषित होते ही उनके चिक संतर स्थित घर में खुशी का माहौल छा गया। सृष्टि अपने परिवार की पहली सदस्य हैं, जो प्रशासनिक सेवा में कदम रखने जा रही हैं। सृष्टि एक समृद्ध परिवार से आती हैं। उनके पिता सुनील गोयल का पुश्तैनी सराफा व्यापार है, जबकि मां अंजू गोयल गृहिणी हैं। परिवार ने हमेशा सृष्टि को उनकी पढ़ाई और लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। पांचवें प्रयास में मिली सफलता सृष्टि की यह सफलता एक लंबे संघर्ष का परिणाम है। इंजीनियरिंग में स्नातक करने वाली सृष्टि ने यूपीएससी परीक्षा अपने पांचवें प्रयास में उत्तीर्ण की है। उन्होंने बताया कि इससे पहले वे तीन बार मुख्य परीक्षा पास कर साक्षात्कार तक पहुंची थीं। इंजीनियरिंग के दौरान मिली समाज सेवा की प्रेरणा हालांकि, अंतिम सूची में नाम न आने से उन्हें निराशा भी हुई, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत जारी रखी। तीसरी बार साक्षात्कार देने के बाद आखिरकार इस बार उनका चयन हो गया। सृष्टि अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, परिवार और मेंटर्स को देती हैं। सृष्टि ने बताया कि 12वीं के बाद उन्होंने भी अन्य छात्रों की तरह इंजीनियरिंग को अपना करियर चुना था। हालांकि, स्नातक के दौरान एक एनजीओ में काम करते हुए उन्हें समाज सेवा में विशेष संतोष मिला। यही अनुभव उनके लिए प्रेरणा का मुख्य कारण बना। साथ ही, उनके पिता का भी सपना था कि उनकी बेटी यूपीएससी की परीक्षा दे। इन दोनों बातों ने उन्हें इस कठिन परीक्षा की तैयारी के लिए प्रेरित किया। परिवार ने बढ़ाया मनोबल सृष्टि ने कहा कि कई बार असफलता के बाद मन टूटने लगता है और तैयारी छोड़ देने का विचार भी आता है। लेकिन ऐसे समय में परिवार, दोस्त और मेंटर्स का साथ उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहा। उन्होंने कहा कि जब भी निराशा मिली, परिवार ने उनका मनोबल बढ़ाया और तैयारी जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया। सृष्टि ने घर पर ही यूपीएससी की तैयारी की सृष्टि ने अपनी ज्यादातर तैयारी घर पर रहकर ही की। उन्होंने किसी बड़े कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया। मेन्स परीक्षा की तैयारी के लिए उन्होंने पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अध्ययन किया। तैयारी के दौरान उन्होंने मोबाइल फोन दूरी बनाए रखी और पूरी तरह पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित किया। परिवार के साथ ग्वालियर का भी नाम रोशन किया मां अंजू और पिता सुनील गोयल ने बताया कि सृष्टि हमेशा पढ़ाई में अव्वल रही है। यूपीएससी की तैयारी के दौरान उन्होंने सभी तरह के मनोरंजन और पारिवारिक कार्यक्रमों से दूरी बनाकर सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान दिया। माता-पिता ने केवल उन्हें प्रेरित किया और हर कदम पर उनका साथ दिया। आज उनकी मेहनत रंग लाई है और सृष्टि ने परिवार के साथ-साथ ग्वालियर का भी नाम रोशन कर दिया है।
मऊगंज जिले के हनुमना थाना क्षेत्र अंतर्गत ढाबा गौतमान गांव में पुरानी रंजिश के चलते हुई मारपीट और हत्या के मामले में पुलिस ने 7 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश सरगर्मी से जारी है। पुरानी रंजिश में लाठी-डंडों और टांगी से हमला थाना प्रभारी हनुमना अनिल काकड़े ने बताया कि घटना 4 मार्च की शाम करीब 6:30 बजे की है। पीड़ित पूरनलाल पटेल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि पड़ोसियों से पुरानी रंजिश के चलते विवाद हुआ था। आरोप है कि बुद्धसेन साकेत और उसके साथियों ने अवैध हथियारों, लाठी, डंडा, पत्थर और टांगी से लैस होकर पूरनलाल के परिवार पर हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में पूरनलाल, उनके भाई संदीप और माता-पिता गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उपचार के दौरान तोड़ा दम हमले में गंभीर रूप से घायल रघुवीर पटेल, उनकी पत्नी फगुनी उर्फ लीलावती और पुत्र संदीप को प्राथमिक उपचार के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हनुमना से संजय गांधी मेडिकल कॉलेज रीवा रेफर किया गया था। रघुवीर पटेल की स्थिति नाजुक होने के कारण उन्हें बेहतर उपचार के लिए निजी अस्पताल ले जाया जा रहा था, तभी रास्ते में उनकी मृत्यु हो गई। मौत की खबर के बाद पुलिस ने मामले में हत्या की धाराएं बढ़ाते हुए जांच तेज कर दी थी। पुलिस की संयुक्त टीम ने दी दबिश अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह और एसडीओपी सचि पाठक के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घेराबंदी कर 7 आरोपियों को दबोच लिया। पुलिस का कहना है कि इस विवाद में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही उन्हें भी सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
भारत सरकार की प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता डॉ. गौरव सिंह ने की। बैठक में जिले में योजना की प्रगति का मूल्यांकन किया गया। कलेक्टर ने जिन बैंकों और विभागों ने अपेक्षित काम नहीं किया, उन्हें तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में विभिन्न बैंकों, विद्युत विभाग और संबंधित एजेंसियों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। बैठक में योजना के तहत प्राप्त आवेदनों, स्वीकृत प्रकरणों, सब्सिडी की स्थिति और स्थापित सोलर रूफटॉप सिस्टम की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल) के अधिकारियों को क्षेत्रवार प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने सभी बैंकों को पात्र हितग्राहियों को ऋण देने में अनावश्यक देरी नहीं करने के निर्देश दिए। साथ ही आम नागरिकों को योजना का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाने, शिविर आयोजित करने और ग्राम व वार्ड स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर जोर दिया। बैठक में निर्देश दिए गए कि तकनीकी स्वीकृति, ऋण स्वीकृति और सब्सिडी वितरण की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए। इस अवसर पर विश्वदीप और कुमार बिश्वरंजन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) का परीक्षा परिणाम घोषित हो गया है। गाजियाबाद के रहने वाले गर्व गर्ग ने 192वीं रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। खास बात यह है कि उन्होंने यह सफलता अपने तीसरे प्रयास में हासिल की। गर्व ने बताया कि वह ज्यादातर रात में पढ़ाई करते थे। रात में 7 से 8 घंटे तक पढ़ते थे और सुबह करीब 10 या 11 बजे सोकर उठते थे। उनका कहना है कि रात में पढ़ाई के दौरान किसी तरह की डिस्टर्बेंस नहीं होती, इसलिए पढ़ाई पर पूरा फोकस रहता था। पिता चलाते हैं किराना स्टोरगाजियाबाद की पुरानी सब्जी मंडी के रहने वाले गर्व गर्ग के पिता राजेश गर्ग किराना स्टोर चलाते हैं, जबकि उनकी मां निशा गर्ग गृहिणी हैं। परिवार में उनकी एक बहन तनीषा गर्ग हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। गर्व की सफलता से पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। घर पर रिश्तेदारों, दोस्तों और आसपास के लोगों का बधाई देने के लिए लगातार आना-जाना लगा हुआ है। बहन के सपने से मिली प्रेरणागर्व ने बताया कि उनकी सफलता के पीछे परिवार का बड़ा योगदान है। उनकी बड़ी बहन तनीषा का सपना था कि वह यूपीएससी की परीक्षा पास करें, लेकिन किसी कारणवश वह ऐसा नहीं कर सकीं। बहन की मेहनत और सपने से प्रेरित होकर गर्व ने कड़ी मेहनत की और अपनी सफलता के साथ-साथ बहन का सपना भी पूरा कर दिया। दिल्ली के हिंदू कॉलेज से की पढ़ाईगर्व गर्ग ने शुरुआती पढ़ाई गाजियाबाद से की। उन्होंने 2017 में दसवीं और 2019 में बारहवीं की परीक्षा पास की। इसके बाद दिल्ली के Hindu College से बीए की पढ़ाई पूरी की। वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने घर पर रहकर यूपीएससी की तैयारी शुरू की और 2021 में दिल्ली के एक कोचिंग संस्थान से मार्गदर्शन लिया। तीसरे प्रयास में मिली कामयाबीपहले दो प्रयासों में उन्हें सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और तीसरे प्रयास में यूपीएससी परीक्षा पास कर ली। गर्व ने बताया कि तैयारी के दौरान पारिवारिक, आर्थिक और स्वास्थ्य से जुड़ी कई परेशानियां भी आईं, लेकिन उन्होंने अपने लक्ष्य से ध्यान नहीं हटाया। सिविल सेवा की तैयारी कर रहे छात्रों को सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि लक्ष्य साफ होना चाहिए। पढ़ाई के साथ लिखने की आदत भी जरूरी है। साफ और बेहतर लिखने का अभ्यास करें। अगर पहली बार में सफलता न मिले तो निराश होने की जरूरत नहीं है, लगातार मेहनत करने से सफलता जरूर मिलती है।

