बांसवाड़ा के महात्मा गांधी हॉस्पिटल में मुख्यमंत्री फ्री जांच योजना के तहत जांच सुविधाओं में बड़ा विस्तार किया गया है। जहां पहले हॉस्पिटल लैब में सिर्फ 82 पैथोलॉजी जांचें होती थीं, अब यह संख्या बढकर 151 हो गई है। हब और स्पोक मॉडल पर आधारित इस व्यवस्था से सभी जांचें एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी और मरीजों को निजी लैब में नहीं जाना पड़ेगा। 1 घंटे में 1200 लोगों की जांच हो सकेगी है। एमजी हॉस्पिटल बनेगा हब, छोटे सेंटर होंगे स्पोक पीएमओ डॉ. दिनेश माहेश्वरी ने बताया कि यह योजना राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन राजस्थान के तहत शुरू की गई है। इसमें कृष्णा डायग्नोस्टिक लिमिटेड को पीपीपी पार्टनर बनाया गया है। इस मॉडल में एमजी हॉस्पिटल को हब के रूप में विकसित किया गया है, जहां आधुनिक मशीनों से जांचें होंगी। आसपास के छोटे चिकित्सा केंद्रों से सैंपल लेकर जांच के लिए यहां भेजे जाएंगे। निजी लैब पर निर्भरता होगी खत्म हब और स्पोक मॉडल लागू होने के बाद मरीजों को रिपोर्ट के लिए भटकना नहीं पडेगा। अब गंभीर बीमारियों से जुड़ी जांचें भी सरकारी हॉस्पिटल में ही उपलब्ध होंगी। इससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी और इलाज में देरी की समस्या भी कम होगी। कुल 151 तरह की जांचें रहेंगी फ्री एमजी हॉस्पिटल की लैब में कुल 151 प्रकार की पैथोलॉजी जांचें फ्री उपलब्ध कराई जाएंगी। इसमें सामान्य, विशेष और एडवांस सभी श्रेणी की जांचें शामिल हैं। सामान्य जांचों की पूरी सुविधा रूटीन जांचों में सीबीसी, ब्लड शुगर, लिवर फंक्शन टेस्ट और रिनल फंक्शन टेस्ट शामिल हैं। इन जांचों की जरूरत अधिकतर मरीजों को नियमित इलाज के दौरान पड़ती है, जो अब हॉस्पिटल में ही हो सकेंगी। गंभीर बीमारियों की जांच भी सरकारी हॉस्पिटल में डेंगू के लिए एनएस1 और आईजीएम, मलेरिया, एचआईवी और हेपेटाइटिस जैसी गंभीर बीमारियों से जुड़ी जांचें भी फ्री की जाएंगी। पहले इन जांचों के लिए मरीजों को निजी लैब पर निर्भर रहना पड़ता था। कैंसर और हार्मोन से जुडी जांचें भी शामिल स्पेशल जांचों में कैंसर मार्कर जैसे पीएसए और सीए 125, विटामिन बी12 और डी, टीएसएच और प्रोलेक्टिन जैसे हार्मोनल टेस्ट शामिल किए गए हैं। इससे कैंसर और हार्मोनल समस्याओं की समय पर पहचान आसान होगी। पीसीआर और बायोप्सी जैसी एडवांस जांच हॉस्पिटल में पीसीआर टेस्ट भी किए जाएंगे, जिनमें एचसीवी और एचबीवी के लिए वायरल लोड जांच शामिल है। इसके साथ ही बायोप्सी यानी हिस्टोपैथोलॉजी जांच की सुविधा भी शुरू की जा रही है। एक घंटे में 1200 रिपोर्ट की क्षमता जानकारी के अनुसार अब मरीजों को रिपोर्ट के लिए घंटों इंतजार नहीं करना पडेगा। लैब में एक घंटे में करीब 1200 जांच रिपोर्ट तैयार करने की क्षमता होगी। इससे मरीजों को जल्दी रिपोर्ट मिलेगी और इलाज तेजी से शुरू हो सकेगा।
पुलिस थाना मुरलीपुरा ने वाहन चोरों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए तीन शातिर मोटरसाइकिल चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की 3 मोटरसाइकिलें और 3 गैस सिलेंडर बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों द्वारा मुरलीपुरा थाना क्षेत्र के अलावा विश्वकर्मा और बिंदायका थाना क्षेत्र में भी चोरी की वारदातों को अंजाम देना सामने आया है। आरोपी नशे की लत पूरी करने के लिए चोरी की घटनाएं करते थे। यह कार्रवाई थानाधिकारी वीरेंद्र कुरिल के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन कर की गई। सीसीटीवी फुटेज से खुलासा थानाधिकारी वीरेंद्र कुरिल ने बताया- थाना मुरलीपुरा में दर्ज मामले में चोरी हुई मोटरसाइकिल की तलाश के दौरान पुलिस टीम ने लगातार गश्त, निगरानी और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच के बाद आरोपियों की पहचान की गई। मुखबीर की सूचना के आधार पर पुलिस ने आरओबी पुलिया, दादी का फाटक, मुरलीपुरा से तीन युवकों को डिटेन कर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने मोटरसाइकिल नंबर RJ-14-YH-5109 सहित कुल तीन मोटरसाइकिलें चोरी करना स्वीकार किया। साथ ही आरोपियों के कब्जे से 3 गैस सिलेंडर भी बरामद किए गए। वारदात का तरीका थानाधिकारी वीरेंद्र कुरिल ने बताया- आरोपी पहले गलियों में घूमकर मोटरसाइकिलों की रेकी करते थे और देर रात सुनसान स्थानों से चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। नशे की लत पूरी करने के लिए मोटरसाइकिल व गैस सिलेंडर चोरी करते थे। तीनों आरोपी गजराज सिंह उर्फ राहुल उर्फ गंजा (25) पुत्र गुलाब सिंह, निवासी: गांव सरगोठ, थाना रींगस, जिला सीकर हाल निवासी: नारायण नगर विस्तार, झोटवाड़ा, अंगद तिवाड़ी उर्फ राजू (29) पुत्र गोरख तिवाड़ी, निवासी: गांव डोमडीह, थाना मैरवा, जिला सिवान (बिहार) हाल निवासी: निवारू रोड, झोटवाड़ा, और मनीष कुमार दुबे उर्फ नेपी (25) पुत्र राजेश कुमार,निवासी: गांव छेन छप्पर, थाना मैरवा, जिला सिवान (बिहार) हाल निवासी: शक्ति नगर, झोटवाड़ा, को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से अनुसंधान जारी है और अन्य वारदातों के खुलासे की संभावना है।
बागपत में व्यापारियों की सुरक्षा पर बैठक:अपर पुलिस अधीक्षक ने सीसीटीवी लगाने की अपील की
बागपत। जनपद में व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंगलवार को कोतवाली बागपत परिसर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। अपर पुलिस अधीक्षक ने 'व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ' के तहत क्षेत्र के व्यापारियों और गणमान्य व्यक्तियों के साथ यह बैठक की। इसका मुख्य उद्देश्य व्यापारियों की सुरक्षा संबंधी चिंताओं पर चर्चा करना और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान खोजना था। बैठक में व्यापारियों ने अपनी सुरक्षा संबंधी विभिन्न समस्याओं और सुझावों को अपर पुलिस अधीक्षक के सामने रखा। उन्होंने बाजार क्षेत्रों में चोरी, लूटपाट, संदिग्ध व्यक्तियों की आवाजाही और रात्रिकालीन सुरक्षा व्यवस्था में सुधार जैसे मुद्दों पर विशेष रूप से चर्चा की। अपर पुलिस अधीक्षक ने सभी शिकायतों को ध्यानपूर्वक सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान, अपर पुलिस अधीक्षक ने व्यापारियों से अपने प्रतिष्ठानों, गोदामों और आसपास के क्षेत्रों में अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरे लगवाने की अपील की। उन्होंने बताया कि सीसीटीवी कैमरे अपराधों को रोकने में सहायक होते हैं और किसी भी आपराधिक घटना के बाद त्वरित कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कैमरों को चालू रखने और उनके नियमित रखरखाव पर भी जोर दिया। पुलिस ने व्यापारियों को सतर्क रहने, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने और आपसी समन्वय बनाए रखने की सलाह दी। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि 'व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ' के माध्यम से व्यापारियों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा। अपर पुलिस अधीक्षक ने आश्वासन दिया कि व्यापारियों की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। बैठक के समापन पर, व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया और पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
खंडवा जिले के पुनासा में सराफा व्यापारी के साथ हुई डकैती का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने झाबुआ के कुख्यात गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार करते हुए उनके पास से करीब 71.5 लाख रुपए की ज्वैलरी, 1 लाख रुपए नकद, एक 12 बोर की देसी पिस्टल और 3 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। एसपी मनोज कुमार राय ने बताया कि घटना में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। एसपी मनोज कुमार राय ने बताया कि 9 जनवरी की शाम करीब 7 बजे पुनासा स्थित कृष्णा ज्वेलर्स पर 6-7 बदमाशों ने हथियार के बल पर धावा बोला था। बदमाश सोने-चांदी के आभूषणों से भरे दो बैग लूटकर फरार हो गए थे। वारदात के दौरान उन्होंने मारपीट और फायरिंग भी की थी। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। 19 दिन तक पुलिस की 3 टीमों में शामिल 27 पुलिसकर्मियों ने आरोपियों की तलाश की। 12 गैंग पर थी नजर, ऐसे पकड़े गए वारदात के तरीके के आधार पर पुलिस ने 12 संगठित गिरोहों को चिह्नित किया था। जांच में पता चला कि झाबुआ की 'सकरिया-रतन गैंग' घटना के समय अपने क्षेत्र से गायब थी। इसके बाद पुलिस ने झाबुआ में गुप्त रूप से टीमें तैनात कीं। जैसे ही आरोपियों की मूवमेंट मिली, पुलिस ने घेराबंदी कर तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। सकरिया और रतन समेत 3 गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सकरिया पिता झीतरा वसुनिया (46), रतन पिता नाहर उर्फ नारू (45) और विनोद पिता धन्ना उर्फ धनसिंह डामोर (34) के रूप में हुई है। ये सभी झाबुआ जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के निवासी हैं। इनके कब्जे से 500 ग्राम सोने के आभूषण और हथियार जब्त किए गए हैं। हत्या-लूट के कई केस दर्ज पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी आदतन और संगठित अंतरराज्यीय अपराधी हैं। इनके खिलाफ मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात में हत्या, डकैती और लूट जैसे गंभीर अपराधों के एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। कार्रवाई में नर्मदानगर टीआई विकास खिंची और पुनासा चौकी प्रभारी राजेंद्र सय्यदे की अहम भूमिका रही। एसपी ने टीम को 10 हजार रुपए नकद इनाम देने की घोषणा की है।
मऊ में ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने विद्युत बिल राहत योजना के तहत आयोजित विभिन्न शिविरों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बिंदटोलिया, सुग्गीचौरा, गजियापुर, डुमरी और मरयादपुर सहित कई स्थानों पर लगाए गए शिविरों का जायजा लिया। वहीं अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बिंदटोलिया में आयोजित विद्युत बिल राहत शिविर के निरीक्षण के दौरान ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उपभोक्ताओं के विद्युत बिलों में मौजूद विसंगतियों को तत्काल दूर किया जाए। पात्र उपभोक्ताओं को योजना का पूरा लाभ सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने अन्य विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए संयुक्त शिविर लगाने तथा कटान से प्रभावित परिवारों को आवास योजना का लाभ दिलाने के भी निर्देश दिए। सुग्गीचौरा शिविर में भैरोपुर निवासी एक उपभोक्ता को बड़ी राहत मिली, जहां उसका 16 वर्ष पुराना 2 लाख 15 हजार रुपए का विद्युत बिल घटाकर मात्र 28 हजार रुपए कर दिया गया। 1 लाख 87 हजार रुपए की छूट मिलने पर उपभोक्ता ने ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा का आभार व्यक्त किया, वहीं मंत्री ने भी उपभोक्ता को बधाई दी। इसी प्रकार डुमरी शिविर के निरीक्षण के दौरान एक अन्य उपभोक्ता का 3 लाख 23 हजार रुपए का विद्युत बिल घटाकर 1 लाख 6 हजार रुपए में समायोजित किया गया। इस राहत पर उपभोक्ता ने योजना को जनहितकारी बताते हुए ऊर्जा मंत्री का धन्यवाद किया। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने गजियापुर और मरयादपुर में लगे शिविरों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में विद्युत बिल राहत योजना का लाभ उठाएं। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य आम जनता को राहत देना है और किसी भी उपभोक्ता के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। इस अवसर पर चीफ इंजीनियर राम बाबू सहित विद्युत विभाग के अन्य अधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
कोडरमा में शॉर्ट सर्किट से घर में लगी आग:लाखों का सामान जलकर राख, पीड़ित परिवार ने मांगा मुआवजा
कोडरमा जिले के सतगावां प्रखंड स्थित राजावर गांव में मंगलवार को एक घर में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। दिनेश यादव के मकान में बिजली के मुख्य तार में अचानक शॉर्ट सर्किट होने से यह भीषण आग लगी। शुरुआत में एक छोटी चिंगारी से लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया, जिससे घर में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। आग की लपटें देखकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की तत्परता और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। आस-पड़ोस के घरों में फैलने से रोका जा सका समय रहते आग बुझ जाने के कारण इसे आस-पड़ोस के घरों में फैलने से रोका जा सका, जिससे बड़ा नुकसान टल गया। घटना की सूचना मिलते ही सतगावां थाना के एएसआई शरण टोपनो अपने सशस्त्र बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। लाखों रुपए की संपत्ति जलकर नष्ट हो गई इस आगजनी से गृहस्वामी दिनेश यादव को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। पीड़ित परिवार के अनुसार, इस घटना में लाखों रुपए की संपत्ति जलकर नष्ट हो गई। आग की चपेट में आने से घर में रखा लगभग सारा सामान पूरी तरह से खाक हो गया। नष्ट हुए सामान में पांच क्विंटल चावल, गेहूं, भारी मात्रा में दलहन, तीन हजार नेवारी (पुआल), खाना पकाने के लिए रखी दर्जनों बोझा लकड़ी, कुर्सी, टेबल, रजाई, कपड़े और अन्य घरेलू उपयोगी वस्तुएं शामिल हैं। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग की है।
कौशांबी में युवक की बेरहमी से पिटाई, VIDEO:बहन को फोन करने से रोकने पर पीटा, 3 हमलावर गिरफ्तार
कौशांबी में एक युवक को बेरहमी से पीटने का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो नामजद सहित चार अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। वायरल वीडियो के आधार पर तीन हमलावरों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। यह घटना संदीपन घाट थाना क्षेत्र की है। सोमवार दोपहर को लगभग आधा दर्जन हमलावरों ने एक युवक को हाईवे पर रोककर पीटना शुरू कर दिया। युवक ने जान बचाने के लिए भागने की कोशिश की, लेकिन हमलावरों ने बाइक से उसका पीछा किया और करीब डेढ़ किलोमीटर तक दौड़ाकर पीटा। मारपीट के दौरान युवक के कपड़े फाड़ दिए गए और उसे डिवाइडर पर पटक-पटक कर मारा गया। हमलावर युवक को मरणासन्न हालत में हाईवे किनारे छोड़कर फरार हो गए। पीड़ित युवक की पहचान दिनेश सरोज पुत्र संतोष सरोज के रूप में हुई है, जिसे गंभीर चोटें आई हैं। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। एसपी राजेश कुमार ने बताया कि पिटाई का कारण यह था कि हमलावर पीड़ित की बहन के मोबाइल पर फोन किया करते थे। पीड़ित द्वारा उन्हें ऐसा करने से मना करने पर इन लोगों ने अपने आधा दर्जन साथियों के साथ मिलकर उसके साथ मारपीट की थी। पीड़ित की मां नीता देवी ने थाने में प्रार्थना पत्र दिया है। उनके अनुसार, उनका बेटा प्राथमिक विद्यालय पल्हाना उपहार के पास मैच खेलने गया था। इसी दौरान गांव के भोला पटेल, रवि साहू सहित लगभग आधा दर्जन युवकों ने उसे हाईवे पर रोककर बेरहमी से पीटा। इस पूरे मामले पर एसपी कौशांबी राजेश कुमार ने बताया कि वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने पीड़ित की मां की तहरीर पर दो नामजद और चार अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। वायरल वीडियो के आधार पर तीन हमलावरों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।
आजमगढ़ जिले के मुबारकपुर थाने की पुलिस ने इन्वेस्ट के नाम पर 30 लाख रुपए की ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस मामले में पुलिस को दिए शिकायती पत्र में रुक्मीना सरोज ने आरोप लगाया था कि कृष्ण चौहान पुत्र रविंद्र चौहान जो की सिधारी थाना क्षेत्र का रहने वाला है के कहने पर अमित यादव और सोनू यादव ने महिला को उसके गांव में भूमि दिलाने और लखनऊ में प्लाटिंग में निवेश करने के नाम पर झांसा देकर ठगी की घटना को अंजाम दिया। आरोपी ने आरटीजीएस के माध्यम से सितंबर 2024 में पैसे ले लिए। 1 वर्ष बीत जाने के बाद जब पीड़िता ने पैसे की मांग की तो आरोपी गाली गलौज करने के साथ-साथ जान से मारने की धमकी देने लगे। इस मामले में पीड़िता की तहरीर पर कृष्ण चौहान अमित यादव सोनू यादव के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया और पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी। आरोपी पर दर्ज है तीन गंभीर आपराधिक मुकदमे लगा है गैंगस्टर पुलिस ने विवेचना के दौरान आरोपी अमित यादव को ग्राम मोहम्मदपुर में शिव मंदिर के पास से हिरासत में ले लिया है। आरोपी को न्यायालय भेजा जा रहा है जहां से जेल लगाना किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि आरोपी लगातार पीड़िता को जान से मारने की धमकी दे रहा था। ऐसे में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है। घटना में अन्य जो भी लोग शामिल हैं उनकी तलाश की जा रही है। जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस मामले में वैधानिक कार्रवाई करने में जुटी हुई है।
जिले में संचालित पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर के प्रोसेस यूनिटों के विरुद्ध सघन निरीक्षण अभियान चलाया गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम द्वारा कुल 26 यूनिटों का निरीक्षण किया गया, जिसमें 10 यूनिटें बंद पाई गईं। निरीक्षम में जो 16 कंपनियां चलती मिली हैं, उनमें से आठ के पानी की क्वालिटी गड़बड़ मिली। निरीक्षण में कई इकाइयों में निर्धारित मानकों के उल्लंघन की पुष्टि हुई। जिला प्रशासन की ओर से चार यूनिट्स के लाइसेंस सस्पेंड करने की संस्तुति करते हुए केंद्रीय अनुज्ञप्ति प्राधिकारी को पत्र प्रेषित कर दिया गया है। वहीं चार स्टेट लाइसेंस प्राप्त यूनिटों की खाद्य अनुज्ञप्ति को सस्पेंड कर दी गई। इनके लाइसेंस किए गए सस्पेंड सस्पेंड की गई स्टेट फूड लाइसेंस से संबंधित फर्मों में पनकी इंडस्ट्रियल एरिया स्थित मेसर्स प्रभु कृपा एंटरप्राइजेज, यशोदा नगर स्थित के. यस. टेस्टी ड्रिंक्स एंड रिफ्रेशमेंट सॉल्यूशन, गोविंद नगर स्थित संतोषा इंडस्ट्रीज तथा हंसपुरम नौबस्ता स्थित सत्यम एंटरप्राइजेज शामिल हैं। इन यूनिट्स में भी मिली गड़बड़ी इसी प्रकार जिन केंद्रीय लाइसेंस प्राप्त यूनिटों के लाइसेंस निलंबन की संस्तुति की गई है, उनमें उद्योगकुंज पनकी स्थित मेसर्स डैडीज एंटरप्राइजेज, इस्पात नगर पनकी स्थित मेसर्स प्रयाग पैकर्स, रूमा स्थित मेसर्स विवान एंटरप्राइजेज तथा सचेंडी स्थित मेसर्स एच.डी. ड्रिंक्स एंड बेवरेजेस शामिल हैं। पीने के पानी की गुणवत्ता में समझौता नहीं डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा और मानकों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। आगे भी अभियान संचालित किए जाएंगे।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में विधवा ने मनचले से तंग आकर फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। आरोपी उसी के गांव का रहने वाला है और महिला पर उससे शादी करने का दबाव बना रहा था। पुलिस को महिला का सुसाइड नोट भी मिला है। महिला 3 बच्चों की मां थी। मृतक महिला की पहचान 31 वर्षीय पूजा निवासी सिरसमा के रूप में हुई। करीब 3 साल पहले पूजा के पति शिव कुमार की एक्सीडेंट में मौत हो गई थी। शिव कुमार ड्राइवरी करता था। पति की मौत के बाद से महिला विधवा पेंशन से गुजारा कर रही थी। दूसरी बेटी ने सूचना दी विजय कुमार निवासी होलंबी कलां दिल्ली ने पुलिस को बताया कि वह पशुपालन का काम करता है। कल 26 जनवरी की रात करीब 8 बजे उसकी दूसरी बेटी मोनिका का फोन आया। उसने बताया कि पूजा ने ससुराल में अपने घर पर फंदा लगा लिया। सूचना पर वे 26-27 जनवरी की रात करीब 1 बजे गांव पहुंच गए। प्रिंस बना रहा था दबाव गांव आकर पता चला कि गांव का ही प्रिंस शर्मा उसकी बेटी पूजा को काफी समय से परेशान कर रहा था। प्रिंस शर्मा उसकी बेटी पूजा पर शादी करने का दबाव डालता था। उससे परेशान होकर उसकी बेटी पूजा ने घर के कमरे में छत के पंखे से चुन्नी का फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। सुसाइड नोट में लिखा- फांसी लेने जा रही पूजा के पिता विजय के मुताबिक, उसकी बेटी पूजा ने सुसाइड नोट में लिखा कि आज मैं फांसी लेने जा रही हूं। मुझे एक लड़का परेशान करता है। उसका नाम प्रिंस शर्मा है, मेरे गांव का है। तीन साल से बहुत परेशान कर रखा है। मैं बहुत दुखी हो गई हूं। मुझे किसी से कोई दिक्कत नहीं है : पूजा। पूजा ने अपने नोट में प्रिंस के 2 मोबाइल नंबर भी लिखे। बेटी को चार्जर लेने भेजा पूजा के बहनोई सुमित दहिया ने बताया कि फांसी लगाने से पहले उसकी साली पूजा ने अपने बच्चों को उसके ताऊ के घर से मोबाइल का चार्जर लेने के लिए भेज दिया था। बच्चे चार्जर लेने चले गए, तब पूजा ने फांसी लगाई। बच्चे घर लौटे तो उन्होंने अपनी मां को फंदे पर देखकर तुरंत ताऊ के परिवार को बुलाया। 13 साल पहले हुई थी शादी विजय कुमार ने बताया कि करीब 13 साल पहले उसकी बेटी पूजा की शादी शिव कुमार के साथ हुई थी। शादी के बाद से पूजा के पास 3 बच्चे बेटी खुशी (10), कोमल (7) और बेटा विहान (5) हैं। उधर, पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया। पुलिस कर रही मामले की जांच- सतीश कुमार थाना सदर थानेसर के SHO सतीश कुमार ने बताया कि मृतका के पिता विजय कुमार के बयान पर आरोपी प्रिंस शर्मा के खिलाफ SC/ST एक्ट और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में FIR दर्ज की है। पुलिस पूजा के कमरे से मिले सुसाइड नोट की जांच भी करवाएगी। अभी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई।
सिरोही के गोयली गांव में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से एक निशुल्क सिलाई प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ किया गया। 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर मंगलवार को जिला कलेक्टर अल्पा चौधरी ने इस केंद्र का उद्घाटन किया। यह पहल आदिजिन युवक चैरिटेबल ट्रस्ट, मुंबई और लब्धि सेवा संस्थान, सिरोही द्वारा की गई है। इस अवसर पर जिला कलेक्टर चौधरी ने आदिजिन संस्था के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में किया जा रहा यह कार्य प्रशंसनीय है। कलेक्टर ने संस्था की ओर से पांच दिव्यांगों को व्हीलचेयर और साइकिल भी भेंट कीं। आदिजिन युवक चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष जयेश जरीवाला ने बताया कि इस केंद्र का मुख्य लक्ष्य ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को सिलाई का हुनर सिखाकर उन्हें घर बैठे रोजगार उपलब्ध कराना है, ताकि वे आर्थिक रूप से सक्षम बन सकें। उन्होंने जानकारी दी कि गोयली गांव में सिलाई कक्षाओं के लिए केंद्र बनाए गए हैं, जहां महिलाएं प्रशिक्षण ले रही हैं। सोमवार को पहला बैच शुरू हो चुका है। लब्धि सेवा संस्थान की मनीषा दिओल ने बताया कि संस्थान ने 20 विधवा महिलाओं का चयन किया है, जिन्हें तीन महीने तक निशुल्क सिलाई प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें सिलाई मशीनें भी मुफ्त दी जाएंगी, जिससे वे अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें। उन्होंने यह भी बताया कि जिला कलक्टर अल्पा चौधरी के आग्रह पर संस्थान पूरे वर्ष भर सभी महिलाओं को निशुल्क सिलाई प्रशिक्षण प्रदान करेगा। सोमवार से दो बैच शुरू हो गए हैं। लब्धि सेवा संस्थान के अध्यक्ष राजेन्द्र सिंघी ने बताया कि लब्धि संस्थान, आदिजीन चैरीटेबल एवं अन्य भामाशाहों के माध्यम से आदिवासी गांवों में अब तक पांच हजार से अधिक कंबल, स्वेटर का वितरण किया जा चुका है।उन्होंने बताया कि रविवार एवं सोमवार को जिला वन अधिकारी अजित उचाई के आतिथ्य में सामरथला, शिवगढ़, लाज, मोरस, राजपुरा, कलदरी, बीजोला भागली, उतरा भागरी, बोकी भागरी में जरूरतमंद परिवारों को एवं बच्चों को ठंड से बचाव के लिए कंबलों व स्वेटरों का वितरण किया गया। मनीषा दिओल ने बताया कि 26 जनवरी के अवसर पर गोयली, शिवगढ़ एवं लाज गांव में स्कूल के पांच सौ बच्चों को लडडू एवं कचोरी का भी वितरण किया गया। इस अवसर पर बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष रतन बाफना, संरपंच नाथु सिंह, शांतिलाल, पुष्कर देवल सहित संस्थान के सदस्य मौजूद थे।
टीकमगढ़ जिले के मोहनगढ़ थाना क्षेत्र में हुई एक नाबालिग लड़की की मौत के विरोध में मंगलवार को परिजनों और ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने एसपी दफ्तर पहुंचकर नारेबाजी की और घटना की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। मृतका की मां विनीता केवट ने बताया कि उनकी बेटी मानकुँवर केवट 19 जनवरी को लापता हो गई थी। 21 जनवरी को उसका शव गांव से थोड़ी दूर पहाड़ी पर मिला। विनीता अपने पति भागीरथ केवट के साथ मजदूरी करने बाहर गई थीं, और बेटी अपने भाई व दादा-दादी के साथ बहादुरपुर गांव में रहती थी। मां विनीता के अनुसार, 22 जनवरी को पुलिस उनके पति भागीरथ केवट, सास और ससुर को पूछताछ के लिए ले गई। परिजनों का आरोप है कि उन्हें अब तक छोड़ा नहीं गया है और न ही उनसे मिलने दिया जा रहा है। इसके अलावा, गांव के दो अन्य युवक दीपक केवट और खुशीराम केवट को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस लड़की के पिता और सास-ससुर को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में फंसाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने हिरासत में लिए गए सभी लोगों को तुरंत रिहा करने और घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। वहीं, इस मामले में एडिशनल एसपी विक्रम सिंह ने बयान दिया। उन्होंने कहा कि नाबालिग की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि नहीं हुई है और शुरुआती जांच में यह आत्महत्या का मामला लग रहा है। एडिशनल एसपी ने बताया कि इसी सिलसिले में परिजनों को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। उन्होंने आश्वासन दिया कि पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है और किसी निर्दोष को फंसाया नहीं जाएगा, जबकि दोषियों को बख्शा भी नहीं जाएगा।
कोतमा थाना क्षेत्र में 19 दिसंबर 2025 को दर्ज गुमशुदगी और बाद में मिले शव का मामला अब संदिग्ध मौत में बदल गया है। मृतक सीताराम सिंह गोड़ (40) के पिता नानबाबू सिंह गोड़ (63) ने अपने पुत्र की मौत को आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए इसे सुनियोजित हत्या बताया है। मंगलवार को उन्होंने एसडीओपी कोतमा को ज्ञापन सौंपकर विस्तृत जांच की मांग की। जानकारी के अनुसार, सीताराम सिंह गोड़ 17 दिसंबर 2025 को अपने घर वार्ड क्रमांक 11 गोविन्दा गांव से निकले थे, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटे। काफी खोजबीन के बाद 19 दिसंबर 2025 को थाना कोतमा में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसके बाद 23 दिसंबर 2025 को सीताराम का शव बनियाटोला वार्ड क्रमांक 07 स्थित भोचू के बाड़ा में संदिग्ध अवस्था में बरामद हुआ। पुलिस ने उनकी बाइक की डिग्गी से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया था, जिसमें दो युवकों पर प्रताड़ना के आरोप लगाए गए थे। परिजनों का आरोप है कि शव मिलने और पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया के दौरान उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई। उनका कहना है कि चोरी-छिपे कार्रवाई कर मामले को दबाने का प्रयास किया गया। मृतक के शरीर पर पाए गए चोट के निशानों को देखते हुए परिजन इसे आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या का मामला बता रहे हैं। इस मामले में परिजनों के साथ कांग्रेस नेता व पूर्व विधायक कोतमा सुनील सराफ भी ज्ञापन देने एसडीओपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि मामले की सही ढंग से जांच नहीं की गई तो आंदोलनात्मक कदम उठाए जाएंगे। परिजनों का यह भी आरोप है कि पुलिस कुछ आपराधिक तत्वों से मिलीभगत कर मामले को आत्महत्या का रूप देने का प्रयास कर रही है। एसडीओपी कोतमा आरती शाक्य ने इस संबंध में बताया कि परिजनों द्वारा शिकायत की गई है। मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
श्रावस्ती में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए कानून को लेकर सवर्ण समाज का विरोध लगातार बढ़ रहा है। मंगलवार को सवर्ण समाज के दर्जनों पदाधिकारियों ने सड़कों पर उतरकर नारेबाजी की और कानून के विरोध में प्रदर्शन किया। वहीं प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा, जिसमें नए कानून वापस लेने की मांग की गई है। सवर्ण आर्मी विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक पं. अमन पाण्डेय एडवोकेट ने बताया कि पूरे प्रदेश में यूजीसी कानून को लेकर भारी विरोध और चिंता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कानून को जल्द वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। पं. पाण्डेय ने यह भी कहा कि विरोध तेज होने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यालय का घेराव करने जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं। सवर्ण समाज का मानना है कि इस कानून के लागू होने से उनके हितों को नुकसान पहुंच सकता है, जिसके कारण उनका विरोध तीव्र हो गया है। इससे पहले, बीते शुक्रवार को भी ब्राह्मण समाज के लोगों ने पैदल मार्च निकाला था। उन्होंने कलेक्ट्रेट गेट पर पहुंचकर मजिस्ट्रेट को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा था। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिसकर्मी भी मौजूद है।
सेंट जोसेफ इंटर कॉलेज, मेरठ कैंट के विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए विद्यालय का नाम रोशन किया। यह परीक्षा गायत्री तीर्थ शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में परीक्षा सत्र 2025-26 के अंतर्गत आयोजित की गई थी। परिणाम घोषित होने के बाद विद्यालय में हर्ष का माहौल देखने को मिला। जूनियर वर्ग में दिव्यांश प्रथम, हर्ष द्वितीय जूनियर वर्ग में कक्षा 6-A के दिव्यांश शर्मा ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि कक्षा 8-B के हर्ष ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। सीनियर वर्ग में अनिरुद्ध प्रथम, करन द्वितीय सीनियर वर्ग में कक्षा 9-A के अनिरुद्ध कनौजिया ने प्रथम स्थान पाकर विद्यालय को गौरवान्वित किया। वहीं कक्षा 12-A के करन ने द्वितीय स्थान अर्जित किया। विद्यालय प्रशासन ने दी शुभकामनाएँ विद्यालय के प्रधानाचार्य जितेंद्र कुमार ने सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि विद्यार्थियों की मेहनत व समर्पण का परिणाम है। उप-प्रधानाचार्य जॉन इर्विन ने सभी विजेताओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अध्यापक पप्पे कुमार ने विद्यार्थियों को आगे भी इसी प्रकार मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। विद्यालय प्रशासन ने कहा कि परीक्षा में मिली यह सफलता अनुशासन और भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूकता का प्रतीक है। विद्यालय परिवार ने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
रायबरेली कोतवाली नगर पुलिस और एसओजी/सर्विलांस की संयुक्त टीम ने 27 जनवरी 2026 को बड़ी कार्रवाई करते हुए चार अंतरराज्यीय गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से लगभग 20 किलो 900 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 4.20 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस टीम संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर महाराजगंज जाने वाले मार्ग पर कान्हा गौशाला के सामने एक बोलेरो वाहन (संख्या OR05AA8843) को रोका गया। तलाशी लेने पर वाहन में छिपाकर रखा गया अवैध गांजा मिला। क्षेत्राधिकारी अरुण कुमार नौहार ने बताया कि गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान राकेश अग्रवाल उर्फ संजू (निवासी ग्राम गाठिया पाली, जिला बरगढ़, ओडिशा), प्रखर सोनी (निवासी मदनपुर पनिअर, जिला सुल्तानपुर), पांडव बीसी (निवासी कदली पाली, जिला बरगढ़, ओडिशा) और करन प्रधान (निवासी गाठिया पाली, जिला बरगढ़, ओडिशा) के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि वे ओडिशा से गांजा खरीदकर सुल्तानपुर जनपद में बेचने जा रहे थे। इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। सभी अभियुक्तों के खिलाफ थाना कोतवाली नगर में एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की गई है। उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने कुल 20 किलोग्राम 900 ग्राम अवैध गांजा और घटना में प्रयुक्त बोलेरो वाहन जब्त किया है। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक शिशंकर सिंह, उप निरीक्षक अंकुर दुबे, उप निरीक्षक विकास सिंह, हेड कांस्टेबल शेर मोहम्मद, हेड कांस्टेबल पंकज कुमार और कांस्टेबल सोनू शामिल थे।
हरियाणा में कॉलेज कैडर में सहायक प्राध्यापक (अंग्रेजी) भर्ती को लेकर हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) पर इनेलो ने गंभीर आरोप लगाए हैं। अनावश्यक शर्तें लगाकर हरियाणा मूल के योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय किए जाने का आरोप लगाते हुए युवा इनेलो ने राज्यपाल के नाम कार्यवाहक डीसी अनुराग ढालिया को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन का नेतृत्व इनेलो के रानियां से विधायक अर्जुन चौटाला ने किया। भर्ती प्रक्रिया में भारी अनियमितताएं बरती गईअर्जुन चौटाला ने कहा कि पिछले वर्ष सहायक प्राध्यापक (अंग्रेजी) के 613 पदों की भर्ती निकाली गई, लेकिन 35 प्रतिशत की शर्त लागू करने से केवल 151 पद ही भरे जा सके, 462 पद विभिन्न श्रेणियों में खाली रह गए। अधिकांश अभ्यर्थी नेट पास या पीएचडी डिग्रीधारी हैं, इसके बावजूद उन्हें भर्ती प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया। यह कदम युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। युवाओं के साथ हो रहा अन्यायअर्जुन चौटाला ने बताया कि जिन अभ्यर्थियों को प्रक्रिया से बाहर किया गया है, वे एचपीएससी कार्यालय पंचकुला के बाहर सेक्टर-5 में धरने पर बैठे हैं। हरियाणा शिक्षा कॉलेज कैडर ग्रुप-बी सर्विस रूल्स 1986 और अब तक हुए संशोधनों में कहीं भी इस तरह की शैक्षणिक शर्तों का उल्लेख नहीं है। ऐसे में नियमों से हटकर की गई कार्रवाई प्रदेश के युवाओं के साथ अन्याय है। चेयरमैन के सार्वजनिक बयान पर भी जताई आपत्तिअर्जुन ने आयोग के चेयरमैन के उस सार्वजनिक बयान पर भी आपत्ति जताई, जिसमें हरियाणा की मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों को ‘बेकार’ बताया गया था। चौटाला ने कहा कि यह बयान अभ्यर्थियों, राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था और युवाओं का सीधा अपमान है। यदि विश्वविद्यालय मानकों पर खरे नहीं हैं, तो इसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार और यूजीसी जैसी संस्थाओं पर भी बनती है। राज्यपाल से व्यक्तिगत दखल देने की मांगज्ञापन के माध्यम से राज्यपाल प्रो.असीम कुमार घोष से व्यक्तिगत दखल देते हुए मांग की गई कि सहायक प्राध्यापक (अंग्रेजी) भर्ती की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच करवाई जाए, एचपीएससी को उत्तर कुंजी तुरंत सार्वजनिक करने के निर्देश दिए जाएं, चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए और हरियाणा के अभ्यर्थियों के आरक्षण अधिकारों की पूरी तरह रक्षा सुनिश्चित की जाए।
झाबुआ जिले के सजेली में हुई गोकशी की घटना के विरोध में आज सर्व समाज के आह्वान पर झाबुआ पूरी तरह बंद रहा। हजारों की संख्या में लोग विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। शुरुआत में हिंदूवादी संगठनों के बीच आंदोलन की रूपरेखा को लेकर कुछ मतभेद भी रहा। सभा में वक्ताओं ने तीखे तेवर दिखाए। विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष आजाद प्रेमसिंह ने ईसाई मिशनरियों पर सीधा प्रहार करते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई की मांग की। उन्होंने सजेली के जंगल को गो अभयारण्य घोषित करने का प्रस्ताव रखा, जिसे उपस्थित जनसमूह ने जोरदार समर्थन दिया। सामाजिक कार्यकर्ता संगीता त्रिवेदी ने गौमाता के सम्मान की बात कही। संत कमल जी महाराज ने समाज को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए उपस्थित लोगों को प्लास्टिक का उपयोग न करने का संकल्प भी दिलाया। विरोध प्रदर्शन के दौरान उस समय स्थिति में बदलाव आया जब प्रशासन की ओर से एडीएम सीएस सोलंकी और एडिशनल एसपी प्रतिपालसिंह महोबिया ज्ञापन लेने उत्कृष्ट मैदान पहुंचे। वहां मौजूद अधिकांश लोग मैदान में ज्ञापन सौंपने के पक्ष में नहीं थे। इसके बाद नेतृत्वकर्ताओं ने रैली निकालने का निर्णय लिया। जनसमूह नारेबाजी करता हुआ छतरी चौक और मुख्य बाजार से होता हुआ कलेक्टर कार्यालय की ओर बढ़ा। आंदोलन में पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया भी कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शनकारियों के साथ खड़े नजर आए। कलेक्टर कार्यालय पर भारी पुलिस बल तैनात कर बैरिकेडिंग की गई थी। प्रदर्शनकारियों ने एसपी डॉ. शिवदयाल सिंह को अपना ज्ञापन सौंपा। एसपी ने जनता को आश्वस्त किया कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि आज के इस लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन के लिए किसी भी नागरिक पर कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। कार्यक्रम का संचालन एडवोकेट उत्तम जैन ने किया।
जांजगीर चांपा जिले के पीपरा और बरगांव के मारघाटी के पास एक खेत में कीचड़ से सना अर्धनग्न युवती का शव मिला है। युवती की पहचान 21 वर्षीय पूजा महंत के रूप में हुई है। घटना नवागढ़ थाना क्षेत्र की है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। मंगलवार सुबह करीब 9 बजे पीपरा-बरगांव के बीच मरघट के पास खेत की जुताई करने पहुंचे लोगों ने शव देखा। सूचना मिलने पर मृतका के पिता विशंभर दास मौके पर पहुंचे। चप्पल और हुलिए से शव की पहचान अपनी बेटी पूजा महंत के रूप में की। थाना प्रभारी कमलेश संडे ने बताया कि पूजा सोमवार रात करीब 8 बजे अपनी सहेलियों के साथ ग्राम किरीत में वार्षिक उत्सव देखने गई थी। वह रात करीब 12 बजे घर लौटी थी। सुबह जब पिता उठे तो पूजा घर पर नहीं थी। कॉल पर बात करते हुए निकली थी पुलिस को आसपास के सीसीटीवी कैमरों की तलाशी के दौरान पूजा तड़के सुबह करीब 4:30 बजे फोन पर बात करते हुए घर से निकलते दिखी है। मौके पर एफएसएल और साइबर सेल की टीम भी पहुंची थी।पुलिस ने मार्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। मोबाइल का निकाला जा रहा सीडीआर एफएसएल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। प्रारंभिक तौर पर इसे हत्या माना जा रहा है। युवती का मोबाइल मौके से गायब है, जिसका सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) निकाला जा रहा है। पुलिस संदिग्धों की तलाश कर रही है।
मंदसौर जिले के सेमलिया हीरा गांव के शासकीय स्कूल में गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) और उसके अगले दिन (27 जनवरी) की तस्वीरों में जमीन-आसमान का अंतर देखने को मिला। 26 जनवरी को जब कलेक्टर और विधायक स्कूल पहुंचे, तो बच्चों को सफेद कालीन पर बैठाकर 6 तरह के व्यंजन परोसे गए। लेकिन 27 जनवरी को वीआईपी के जाते ही 'शाही' व्यवस्था नदारद हो गई। बच्चे फटी टाट-पट्टी पर बैठकर मिड-डे मील खाते नजर आए और थाली में व्यंजनों की संख्या भी आधी रह गई। 26 को 'शाही' थाली, 27 को 'सरकारी' हकीकत गणतंत्र दिवस पर कलेक्टर आदित्य गर्ग और विधायक विपिन जैन की मौजूदगी में बच्चों को स्कूल की बड़ी बिल्डिंग में बैठाया गया था। जमीन पर सफेद कालीन बिछी थी। खाने में पूरी, खीर, पकौड़ी, मोतीचूर के लड्डू, मिक्स वेज और चवले की दाल परोसी गई थी। वहीं, अगले ही दिन (27 जनवरी) बच्चे माध्यमिक शिक्षा मंडल की दूसरी बिल्डिंग में फटी हुई टाट-पट्टी पर बैठकर खाना खाते दिखे। मेनू सिमटकर सिर्फ पूरी, आलू की सब्जी और खीर पर रह गया। बच्चे बोले- कल का खाना ज्यादा अच्छा था भास्कर ने जब बच्चों से बात की, तो उनकी मासूमियत ने सच बयां कर दिया। प्रबंधन बोला- कल पंचायत ने दिया था खाना प्रभारी प्राचार्य भेरूलाल अमरोदिया ने सफाई देते हुए कहा कि 26 जनवरी का भोजन ग्राम पंचायत द्वारा उपलब्ध कराया गया था, इसलिए विशेष इंतजाम और कालीन थे। जबकि 27 जनवरी का भोजन शासन की मध्याह्न भोजन योजना के तहत है, जो रोज की तरह टाट-पट्टी पर बैठाकर खिलाया गया। शौचालय के पास पी रहे पानी, प्यूरीफायर नहीं खाने से भी ज्यादा गंभीर लापरवाही पानी को लेकर सामने आई। बच्चे जिस नल से पानी पीते हैं, उसके ठीक ऊपर दीवार पर ‘महिला शौचालय आंगनबाड़ी’ लिखा है। जहां बच्चे पानी पीते हैं, वहीं पास में महिलाएं बर्तन धोती नजर आईं। स्कूल में वॉटर प्यूरीफायर नहीं है। शिक्षक चरणजीत पवार ने तर्क दिया कि पूरा गांव इसी टंकी का पानी पीता है। प्यूरीफायर की मांग पर उन्होंने कहा कि यह मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।
DM रविंद्र मांदड़ ने बुजुर्ग को दिलाया इंसाफ:जनसुनवाई करते हुए सभी अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश
गाजियाबाद DM रविंद्र कुमार मांदड़ ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित अपने आफिस में जनसुनवाई करते हुए सभी विभाग के अधिकारियों को कडे़ निर्देश दिए। जिसमें कहा- सभी अधिकारी ऑफिस टाइम में जनता की शिकायतें सुनेंगे। यदि इसमें कहीं भी लापरवाही मिली तो सम्बंधित के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। इस दौरान तहसीलों में आने वाली शिकायतों की भी जानकारी ली। मंगलवार को ऑफिस में 55 लोगों जनसुनवाई की। इनमें महिलाएं और बजुर्ग भी शामिल रहे। बुजुर्ग से कहा कि आप अब मत आइए जनसुनवाई करते हुए मुरादनगर निवासी एक बुजुर्ग ने अपनी शिकायत डीएम को सुनाई, कहा कि मैं थाने भी जा चुका है, तहसील भी गया हूं, लेकिन मेरी समस्या नहीं सुनी जा रही है। इस पर डीएम रविंद्र मांदड़ ने तहसील के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि 24 घंटे के भीतर मुझे बताएंगे कि क्या कार्रवाई की गई। पीड़ित को आश्वासन दिया कि कोई भी आपको परेशान नहीं करेगा। दोबारा ऑफिस आइए, जो भी परेशान कर रहा है उस पर सीधे कार्रवाई की जा रही है। पूर्व में शिकायत पत्रों की जांच गाजियाबाद में जन सुनवाई के दौरान नगर निगम, GDA, बिजली विभाग, स्वास्थ्य विभाग, राजस्व समेत अन्य विभागों से सम्बंधित शिकायती पत्र प्राप्त हुए। DM द्वारा सभी फरियादियों की बातों को ध्यानपूर्वक सुना व समझा गया। साथ ही पीड़ित लोगों ये यह भी जाना कि उनके द्वारा पूर्व में भी इस सम्बंध में कोई प्रार्थना पत्र दिया गया था अथवा नहीं। फरियादियों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्या का पूर्ण गुणवत्ता के साथ समाधान कराया जायेगा। डीएम ने सभी को फटकार लगाते हुए कहा कि शिकायतों का मौके पर जाकर निरीक्षण किया जाए।
सांसद रमेश अवस्थी की अध्यक्षता में सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में संसद सदस्य सड़क सुरक्षा समिति एवं जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में सांसद ने CM ग्रिड योजना के तहत चल रहे सभी सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों को युद्ध स्तर पर पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागों से कहा कि अपने-अपने क्षेत्रों की सड़कों के निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए, गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता न हो और लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। 264 क्रैश लोकेशन पर बनेगी चरणबद्ध कार्ययोजना बैठक में जनपद के 5 क्रिटिकल कॉरिडोर और 264 क्रिटिकल क्रैश लोकेशन पर होने वाले कार्यों की समीक्षा की गई। सांसद ने निर्देश दिए कि इन सभी स्थानों पर शॉर्ट टर्म, मीडियम टर्म और लॉन्ग टर्म कार्ययोजना के अनुसार विस्तृत डाटा तैयार कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए कार्यों को तत्काल, मध्यम और दीर्घकालीन श्रेणियों में बांटकर समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर दिया। स्कूली वाहनों पर सख्ती के निर्देश सांसद ने परिवहन विभाग को निर्देश दिए कि स्कूली वाहनों में निर्धारित मानकों का सख्ती से पालन कराया जाए। इसके लिए नियमित अभियान, औचक निरीक्षण और प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। एक साल में 58 हजार से ज्यादा चालान बैठक में बताया गया कि 1 जनवरी 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक जनपद में 58,272 वाहनों का चालान किया गया और 3,998 वाहन सीज किए गए।इस दौरान 2,384.25 लाख रुपये प्रशमन शुल्क और 722.81 लाख रुपये की वसूली की गई। हेलमेट, सीट बेल्ट, मोबाइल फोन का प्रयोग, नशे में वाहन चलाना, ओवरस्पीडिंग, विपरीत दिशा में वाहन चलाने समेत विभिन्न मामलों में सख्त कार्रवाई की गई।इसके साथ ही ओवरलोडिंग, नो-पार्किंग, HSRP नंबर प्लेट, फिटनेस, प्रदूषण प्रमाण पत्र और स्कूली वाहनों से जुड़े मामलों में भी प्रवर्तन हुआ। उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मान रोड सेफ्टी कार्यक्रम के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले 10 ग्राम प्रधानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।साथ ही एलेन हाउस, द चिन्टलस और पदमपत सिंघानिया स्कूल को यातायात जागरूकता में बेहतर योगदान के लिए सम्मानित किया गया। बेहतर संचालन के लिए अजय, गौतम और संगम बस सर्विस के प्रतिनिधियों को भी प्रशस्ति पत्र दिए गए। अधिकारी रहे मौजूद बैठक में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह, डीसीपी यातायात, एआरटीओ, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम समेत संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
सिंगरौली के निवास चौकी क्षेत्र में स्कूली छात्रों के बीच मारपीट का मामला सामने आया है। मंगलवार को हुई घटना का वीडियो सामने आया है। इसमें दो छात्र मिलकर 12वीं के छात्र की बेल्ट से पिटाई करते दिख रहे हैं। पुलिस ने तीन छात्रों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पीड़ित छात्र की पहचान 12वीं के ज्ञानेश विश्वकर्मा के रूप में हुई है। ज्ञानेश ने बताया कि 26 जनवरी को उसके सहपाठी समीर साहू, छोटू साहू और सौरव साहू ने उसे गाली-गलौज की थी। इस पर ज्ञानेश ने स्कूल के प्राचार्य से शिकायत की, जिसके बाद प्राचार्य ने तीनों छात्रों को फटकार लगाई थी। छात्र को लात-घूंसे और बेट मारे प्राचार्य की फटकार से नाराज होकर आरोपियों ने बदला लेने की योजना बनाई। मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे उन्होंने ज्ञानेश को अकेला पाकर रोक लिया। आरोप है कि तीनों छात्रों ने उसे सड़क किनारे ले जाकर लात-घूंसे मारे और बेल्ट से पीटा। इसी दौरान किसी ने इसका वीडियो बना लिया। इसके बाद साेशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। शिकायत पर निवास चौकी पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। चौकी प्रभारी प्रियंका सिंह ने बताया कि छात्र की शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया गया है और आरोपियों की तलाश जारी है। मामले की जांच चल रही है।
सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज स्थित हाईडील मैदान में विधायक खेल महाकुंभ का शुभारंभ किया गया। प्रदेश के आयुष, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु ने इसका उद्घाटन किया। कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक राष्ट्रगान से हुई, जिसके बाद मंत्री ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और पिच पर बैटिंग कर क्रिकेट मैच का आगाज किया। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह और युवा खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए डॉ. दयालु ने कहा कि खेल महाकुंभ प्रतिभाओं को निखारने का एक मंच है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप गांव-गांव की खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के लिए ऐसे आयोजनों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि हार-जीत से बढ़कर खेल की भावना होती है। उन्होंने खिलाड़ियों से कड़ी मेहनत कर जनपद, प्रदेश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने का आह्वान किया। पहले 3 तस्वीरें देखिए... मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि खेल युवाओं के व्यक्तित्व विकास और अनुशासन के लिए सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने स्थानीय विधायक सदर भूपेश चौबे द्वारा विधायक खेल महाकुंभ के आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। इस महाकुंभ में 25 तरह की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया है, जिससे ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच मिल रहा है। डॉ. दयालु ने सोनभद्र को पर्यटन की अपार संभावनाओं वाला जनपद बताया। उन्होंने कहा कि पर्यटन के दृष्टिकोण से जनपद का विकास होने पर अधिक संख्या में पर्यटक आएंगे और क्षेत्र का विकास होगा। इसके बाद मंत्री डॉ. दयालु रॉबर्ट्सगंज विकास खंड के कोटास स्थित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित विधायक खेल महाकुंभ में भी शामिल हुए। यहां उन्होंने रस्साकशी, वॉलीबॉल, कबड्डी, खो-खो और लड्डू नचाने जैसी प्रतियोगिताओं का शुभारंभ किया और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर पूर्व जिलाध्यक्ष रमेश मिश्रा और मीडिया प्रभारी अनूप तिवारी सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
चूरू में राजस्थान अधीनस्थ वन कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने मंगलवार दोपहर उप वन संरक्षक को ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन वन विभाग की रेंजों में वन्यजीव रेस्क्यू बिलों के भुगतान और संसाधनों की कमी को लेकर दिया गया। संघ के जिलाध्यक्ष संदीप कड़वासरा ने बताया कि संयुक्त संघर्ष समिति ने कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए एक बैठक आयोजित की थी। इस बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष बाबू खान ने की। ज्ञापन में बताया गया कि वन मंडल की सभी रेंजों में वन्यजीवों का रेस्क्यू करने के दौरान संसाधनों की कमी के कारण वनकर्मियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने मांग की कि पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएं और पहले किए गए रेस्क्यू बिलों का भुगतान किया जाए। इसके अतिरिक्त रेस्क्यू किए गए वन्यजीवों के लिए भोजन की व्यवस्था करने और मृत वन्यजीवों को दफनाने के लिए गड्ढे खोदने की व्यवस्था करने की भी मांग की गई। ज्ञापन सौंपने वालों में कृष्णा साहू, सुशीला सैनी, नीलम कुमारी, संजू चौधरी, सपना कुमारी, सलमा, निरंजन, प्रीतम सिंह, राजेंद्र राठौड़, इंद्रजीत सिंह, विक्रम सिंह, समुंद्र सिंह, श्यामलाल, अनिल कुमार, संजय कुमार, रघुवीर सिंह, जोगेंद्र सिंह, गजेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह राठौड़ और सुरेश गोठवाल सहित कई कर्मचारी शामिल थे।
गाजीपुर के नंदगंज थाना क्षेत्र में सरस्वती प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। सौरम मोड़ के पास हाइटेंशन तार की चपेट में आने से 18 वर्षीय युवक विकास बिन्द की मृत्यु हो गई, जबकि चार अन्य लोग झुलस गए। पढ़िए खबर को विस्तार से... जानकारी के अनुसार, श्रीगंज गांव के निवासी सोमवार रात को ट्रैक्टर पर सरस्वती प्रतिमा लेकर धरवां गांव स्थित गांगी नदी में विसर्जन के लिए जा रहे थे। सौरम मोड़ के पास प्रतिमा के पास लगे लोहे के पाइप का स्पर्श ऊपर से गुजर रहे हाइटेंशन तार से हो गया। मौजूद लोगों ने घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया इस घटना में विकास बिन्द के साथ जगदीश, अजीत, मनोज और सूरज भी हाइटेंशन तार की चपेट में आकर झुलस गए। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल सभी घायलों को मेडिकल कॉलेज के जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने विकास बिन्द को मृत घोषित कर दिया। शेष चार लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। मृतक विकास बिन्द अविवाहित था और अपने दो भाइयों व एक बहन में सबसे छोटा था। वह घर पर रहकर खेती का काम करता था। थानाध्यक्ष अतुल कुमार मिश्र ने बताया ''मृतक के पिता विंध्याचल बिन्द ने ट्रैक्टर चालक ओंमकार बिन्द के खिलाफ लापरवाही से ट्रैक्टर चलाने के संबंध में तहरीर दी है। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर आगे की छानबीन शुरू कर दी है''
संगम नगरी प्रयागराज में माघ मेले के दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा (सीहोर वाले) की शिवमहापुराण कथा ने आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि पूरा मेला क्षेत्र शिवमय हो गया। सतुआ बाबा शिविर, खाक चौक और महावीर मार्ग तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हालात ऐसे रहे कि कथा स्थल तक पहुंचने वाले प्रमुख मार्गों को प्रशासन को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। जगह न मिलने पर हजारों श्रद्धालु सड़कों और खुले मैदानों में बैठकर कथा सुनते नजर आए। कथा शुरू होने से पहले ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। हर कोई पंडित प्रदीप मिश्रा की एक झलक पाने को आतुर दिखाई दिया। जैसे ही वे मंच पर पहुंचे, पूरा पंडाल “हर-हर महादेव” के जयकारों से गूंज उठा। ड्रोन से लिए गए एरियल शॉट्स में विशाल जनसमूह साफ नजर आया, जिसने उनकी लोकप्रियता और श्रद्धालुओं की आस्था की तस्वीर को बयां कर दिया। सुरक्षा के कड़े इंतजाम, इलाका रहा सील श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने पूरे इलाके को सुरक्षा के लिहाज से सील कर दिया। भारी संख्या में पुलिस बल, पीएसी और स्वयंसेवक तैनात रहे। ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी से लगातार निगरानी की गई। कथा स्थल के आसपास वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रही। ‘एक लोटा जल, एक बेलपत्र’ का संदेश कथा के दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा ने सरल शिवभक्ति का संदेश दिया। उन्होंने ‘एक लोटा जल और एक बेलपत्र’ से महादेव की आराधना को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने आगामी महाशिवरात्रि पर ‘ग्रीन शिवरात्रि’ मनाने का संकल्प भी दिलाया, जिसमें पौधारोपण, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को शिवभक्ति से जोड़ने की बात कही गई। रुद्राक्ष महोत्सव का न्योता कथा के मंच से श्रद्धालुओं को 14 से 20 फरवरी 2026 तक सीहोर स्थित कुबेरेश्वर धाम में होने वाले विशाल रुद्राक्ष महोत्सव में शामिल होने का आमंत्रण भी दिया गया। इस घोषणा के बाद पंडाल में मौजूद भक्तों में खासा उत्साह देखने को मिला।
बलिया में मंगलवार को सिविल लाइन क्षेत्र में कटहल नाला के सुंदरीकरण कार्य का भूमि पूजन किया गया। यह भूमि पूजन बलिया सदर विधायक एवं उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह और जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने मंत्रोच्चार के साथ संपन्न किया। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने 2022 विधानसभा चुनाव के दौरान बलिया में मुंबई की जुहू चौपाटी जैसी जगह बनाने का वादा किया था। इस वादे को लेकर विपक्षी दलों के नेता सोशल मीडिया पर तंज कसते रहे थे। भूमि पूजन के बाद मंत्री सिंह ने कहा कि बलिया के लोगों के लिए जुहू चौपाटी बनने जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री ने कटहल नाला सुंदरीकरण के लिए 19 करोड़ रुपये दिए हैं। इसमें से दो करोड़ रुपये सिंचाई विभाग द्वारा नाले की सफाई के लिए जारी किए गए हैं। परियोजना के तहत नाले के दोनों ओर घूमने के लिए पैथवे (पैदल पथ) बनाए जाएंगे और इसे आगे पांच किलोमीटर तक बढ़ाया जाएगा। इस अवसर पर मीडिया ने परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से जुड़े विरोध प्रदर्शनों के बारे में सवाल किया। मंत्री ने इस सवाल से बचते हुए कहा कि इस पर निर्णय आगे देखा जाएगा और आज कटहल नाला और जुहू चौपाटी के निर्माण पर ही बात की जाए।
कुचेरा थाना इलाके में सोमवार को दो पक्षों के बीच लंबे समय से चल रहा पारिवारिक विवाद हिंसक संघर्ष में बदल गया। आपसी रंजिश के चलते एक पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष के घर पर धावा बोल दिया और वहां मौजूद महिलाओं के साथ बेरहमी से मारपीट की। हमलावरों ने न केवल लाठी-डंडों से वार किए, बल्कि घर के भीतर तोड़फोड़ करते हुए सामान को आग के हवाले कर दिया। इस हमले में तीन महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया। घायलों की नाजुक स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद एक महिला को बेहतर इलाज के लिए अजमेर रेफर किया गया है। प्रेम प्रसंग से जुड़ा है विवाद थानाधिकारी हबीब खान ने बताया कि इस हिंसक झड़प की जड़ में प्रेम प्रसंग से जुड़ा एक पुराना विवाद सामने आया है। इसी रंजिश को लेकर दोपहर करीब तीन बजे हमलावर पक्ष दूसरे के घर में घुस गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि हमलावरों ने घर में आगजनी कर दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि दोनों परिवारों के बीच काफी समय से तनाव की स्थिति बनी हुई थी, जो आज हिंसक रूप में फूट पड़ी। पुलिस की जांच शुरू, रिपोर्ट का इंतजार फिलहाल पुलिस ने इस मामले में अपने स्तर पर गहन जांच शुरू कर दी है। हालांकि, घटना के कई घंटे बीत जाने के बाद भी दोनों में से किसी भी पक्ष ने थाने में आधिकारिक लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है। थानाधिकारी का कहना है कि पुलिस मौके पर साक्ष्य जुटा रही है और पीड़ितों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जैसे ही किसी पक्ष की ओर से रिपोर्ट दी जाती है, पुलिस दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाएगी। फिलहाल गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल निगरानी रख रहा है।
सिंगरौली जिले के एक शासकीय विद्यालय में मध्यान्ह भोजन योजना के तहत दोहरा मापदंड सामने आया है। गणतंत्र दिवस, 26 जनवरी को जहां वीआईपी मेहमानों को विशेष भोजन परोसा गया, वहीं अगले ही दिन बच्चों को सिर्फ खिचड़ी दी गई। 26 जनवरी को इस विद्यालय में प्रदेश की पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री राधा सिंह, स्थानीय विधायक और कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने दोपहर का भोजन किया था। इस अवसर पर सामा की खीर, पूड़ी, कचौड़ी, पापड़ और सलाद जैसे व्यंजन परोसे गए थे। 27 जनवरी को इसी विद्यालय के बच्चों को कतार में खड़े होकर केवल खिचड़ी परोसी गई। दैनिक भास्कर की टीम ने मौके पर पाया कि स्कूल के डाइनिंग हॉल में टेबल और कुर्सियां होने के बावजूद बच्चों को बैठाकर भोजन कराने की कोई व्यवस्था नहीं थी। आज मिले भोजन की तस्वीरें देखिए... तय मैन्यू से नहीं मिल रहा भोजन विद्यालय की दीवार पर मध्यान्ह भोजन का निर्धारित मैन्यू के अनुसार मंगलवार को पुलाव, खीर, मूंग बड़ी और आलू-मटर की सब्जी बननी थी, लेकिन बच्चों को सिर्फ खिचड़ी ही दी गई। बच्चों ने दैनिक भास्कर टीम को बताया कि विद्यालय में शायद ही कभी मैन्यू के अनुसार भोजन बनता है। कई छात्रों ने यह भी शिकायत की कि उन्हें भरपेट भोजन नहीं मिलता और खाने में स्वाद भी नहीं होता। प्राचार्य ने बनाया बहाना इस मामले पर स्कूल के प्राचार्य कृष्ण कुमार द्विवेदी ने सफाई देते हुए कहा कि 'कल की स्थिति के चलते आज मैन्यू के अनुसार भोजन नहीं बन पाया।' हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि ऐसी कौन-सी विशेष स्थिति थी जिसके कारण बच्चों को निर्धारित मेनू से वंचित रखा गया। रिपोर्टर को दिया लालच ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान मध्यान्ह भोजन संचालित कर रही स्व-सहायता समूह की संचालिका उषा शुक्ला भी मौके पर पहुंचीं। आरोप है कि उन्होंने दैनिक भास्कर की टीम पर खबर को 'मैनेज' करने का दबाव बनाया और संवाददाताओं से उनके नंबर मांगने लगीं। यह पूरा मामला मध्यान्ह भोजन योजना के जमीनी क्रियान्वयन और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यह दर्शाता है कि क्या योजनाएं केवल विशेष अवसरों और वीआईपी निरीक्षण तक ही सीमित रह गई हैं, और बच्चों के पोषण के अधिकार की अनदेखी एक सामान्य बात बन चुकी है।
मिर्जापुर में राष्ट्रवादी मंच ने बथुआ स्थित भैरों बाबा मंदिर परिसर में एक चौपाल का आयोजन किया। इस चौपाल का उद्देश्य समाज को अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना था। इसमें स्थानीय नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और मंच के पदाधिकारियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। चौपाल में बढ़ते भ्रष्टाचार, नैतिक गिरावट और नागरिकों की निष्क्रियता पर गंभीर मंथन किया गया। राष्ट्रवादी मंच के अध्यक्ष मनोज श्रीवास्तव ने चौपाल को संबोधित करते हुए कहा कि कानून और संविधान के दायरे में रहकर अपने अधिकारों की मांग करना हर नागरिक का मौलिक अधिकार है। उन्होंने जोर दिया कि समाज में गलत घटनाओं पर चुप्पी साधना भविष्य में गंभीर परिणाम ला सकता है। श्रीवास्तव ने स्पष्ट शब्दों में कहा, आपकी चुप्पी समाज के लिए घातक हो सकती है। पहले 2 तस्वीरें देखिए... श्रीवास्तव ने बढ़ते भ्रष्टाचार के लिए समाज की उदासीनता को भी जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने तर्क दिया कि जब अनैतिक और अपराधी प्रवृत्ति के लोगों के खिलाफ समय पर आवाज नहीं उठाई जाती, तो उनका मनोबल बढ़ता है। इसके विपरीत, यदि समाज एकजुट होकर गलत के विरुद्ध खड़ा हो जाए, तो ऐसे तत्वों को पीछे हटना पड़ता है। उन्होंने जिले में बढ़ते अन्याय, अत्याचार और भ्रष्टाचार को सज्जन शक्तियों की चुप्पी का परिणाम बताया। श्रीवास्तव ने कहा कि यही चुप्पी धीरे-धीरे समाज के पतन का कारण बन रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे केवल प्रशासन की ओर देखने के बजाय स्वयं भी जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं और गलत के खिलाफ निर्भीक होकर खड़े हों। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व सभासद विंध्यवासिनी सिंह पटेल ने की। उन्होंने समाज में नैतिक मूल्यों को मजबूत करने और युवाओं को सही दिशा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस अवसर पर शीतल साहू, भोला सोनकर, प्रमोद श्रीवास्तव, भानु प्रताप सिंह, मनोज प्रजापति, राष्ट्रवादी मंच के नगर अध्यक्ष आनंद अग्रवाल, जिला महामंत्री अनिल गुप्ता, दीपक श्रीवास्तव, मनोज दमकल, अमरदीप वर्मा, राजेश सिन्हा, दीपक गुप्ता, रामचंद्र साहू, बबलू यादव सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में समाज में जागरूकता फैलाने और इस प्रकार की चौपालों का नियमित आयोजन करने का संकल्प लिया गया।
पांच डे वर्किंग की मांग को लेकर कोटा में मंगलवार को बैंक कर्मचारियों ने हड़ताल रखी। यूनाइटेड फोरम ऑफ़ बैंक यूनियंस ने मंगलवार को देश व्यापी हड़ताल की। इसके चलते कोटा संभाग में भी सभी सरकारी बैंकों की 500 से ज्यादा शाखाएं चारों जिले में बंद रही। यहां पर काम करने वाले करीब 3000 अधिकारी-कर्मचारी हड़ताल पर रहे। बैंक कार्मिकों ने दादाबाड़ी-कोटडी इलाके में विरोध प्रदर्शन किया। इन बैंक कार्मिकों ने झालावाड़ रोड ब्रांच से कोटडी चौराहा, छावनी चौराहा होते हुए रैली निकाली और उसके बाद केन्द्र सरकार का पुतला भी जलाया। इन्होंने केंद्र सरकार और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यूनाइटेड फॉर्म ऑफ़ बैंक के कोटा संयोजक पदम कुमार ने बताया कि कोटा जिले में करीब 300 से ज्यादा ब्रांच है। जबकि संभाग में करीब 500 करीब ब्रांचे बंद रही। हड़ताल में लगभग 3000 के आसपास कर्मचारी व अधिकारी शामिल रहे। हड़ताल की वजह से 3000 करोड़ का ट्रांजैक्शन नहीं हो सका। बैंककर्मियों का कहना है कि हमारी मांग को लेकर हमने पहले भी सरकार को चेताया है, लेकिन सरकार सुन नहीं रही है। बैंक कर्मी पांच डे वर्किंग की मांग कर रहे हैं, सरकार को इस बारे में सोचना चाहिए। सरकार की तरफ से इस बारे में कोई सुनवाई नहीं हो रहीं, इसी के चलते यह हड़ताल का निर्णय लेना पड़ा।
झुंझुनू जिले के गुढ़ागौड़जी थाना पुलिस ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर क्षेत्र में हुई एक सनसनीखेज हत्या की गुत्थी को महज 24 घंटों के भीतर सुलझाकर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने 70 वर्षीय वृद्धा सीता देवी की नृशंस हत्या के आरोपी पड़ोसी युवक प्रीतम कुमार उर्फ लालू (26) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लूट के इरादे से घर में घुसा था और पहचान उजागर होने के डर से उसने वृद्धा की चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी थी। पड़ोस के 'लालू' ने ही रची थी खौफनाक साजिश पुलिस अधीक्षक बृजेश उपाध्याय के बताया कि मृतका सीता देवी गांव गुड़ा के बाजार में अपने घर (हवेली) में अकेली रहती थीं। आरोपी प्रीतम कुमार उर्फ लालू को जानकारी थी कि वृद्धा लोगों को पैसे उधार देती है और उसके पास काफी नकदी व जेवरात हो सकते हैं। आरोपी का इरादा बड़ी लूट को अंजाम देकर विदेश भागने का था। 25 जनवरी की रात आरोपी दीवार फांदकर घर में दाखिल हुआ। जब सीता देवी ने उसे पहचान लिया और शोर मचाने की कोशिश की, तो आरोपी ने पहले उनका गला दबाया और फिर चाकू से गला रेतकर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि रात करीब साढ़े आठ बजे ही घर में घुस गया था। महिला अंधेरे चाकू से सब्जी काट रही थी। उस वक्त बिजली गई हुई थी। महिला से आवाज की तो वह उसी चाकू से महिला गला रेत दिया। इसके बाद सन्दूक से नकदी चोरी की और घर से फरार हो गया। संघर्ष ने छोड़े सुराग: ऐसे फंसा हत्यारा घटनास्थल के सूक्ष्म निरीक्षण से पुलिस को पता चला कि मृतका ने अपनी जान बचाने के लिए आरोपी का कड़ा मुकाबला किया था। इस संघर्ष के दौरान हत्यारे के हाथ और नाक पर भी चोटें आईं। पूरे घर में जगह जगह खून खून के टपके पड़े हुए थे। जगह जगह खून पड़ा मिला। पुलिस ने जब संदिग्धों की सूची बनाई, तो प्रीतम के शरीर पर ताजे घाव देखकर शक गहरा गया। डॉग स्क्वॉड 'जस' की सूझबूझ ने पलटा पासा जांच के दौरान डॉग स्क्वॉड के जांबाज डॉग 'जस' ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। घटनास्थल से गंध (Scent) लेकर 'जस' करीब 200 मीटर दूर सीधे आरोपी प्रितम के पिता चौथमल शर्मा के घर जाकर रुक गया। इसके बाद जब पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचनाओं को जोड़ा, तो कड़ियां आपस में मिलती चली गईं। पुलिस की विशेष टीम ने चंद घंटों में दबोचा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र सिंह राजावत और वृताधिकारी महावीर सिंह के मार्गदर्शन में थानाधिकारी सुरेश कुमार रोलन के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को दस्तयाब कर पूछताछ की, जिसमें उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इस 'ब्लाइंड मर्डर' को सुलझाने में गुढ़ागौड़जी थानाधिकारी सुरेश कुमार रोलन, उदयपुरवाटी थानाधिकारी रामपाल, नवलगढ़ थानाधिकारी अजय सिंह और उपनिरीक्षक उमराव सहित पूरी टीम का विशेष योगदान रहा। विशेष रूप से कांस्टेबल महावीर प्रसाद और संजय सिंह का खास सहयोग रहा।
नवाब वाजिद अली शाह प्राणी उद्यान, लखनऊ में स्थित प्राणी उद्यान के प्रशासनिक ढांचे में बदलाव किया गया है। प्राणी उद्यान की निदेशक रहीं आईएएफएस आदित्य शर्मा के स्थान आईएफएस पर संजय कुमार विश्वाल ने मंगलवार यानी कि 27 जनवरी को औपचारिक रूप से नए निदेशक के रूप में कार्यभार ग्रहण कर लिया। 14 जून 2023 को बने थे प्राणी उद्यान के निदेशक आईएफएस अधिकारी आदित्य शर्मा ने 14 जून 2023 को नवाब वाजिद अली शाह प्राणी उद्यान, लखनऊ के निदेशक पद का कार्यभार संभाला था। करीब ढाई वर्षों के कार्यकाल के बाद उनका तबादला कर दिया गया है। इस अवधि में प्राणी उद्यान के प्रशासनिक संचालन, रखरखाव व्यवस्था और वन्यजीव प्रबंधन से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए। दक्षिण खीरी वन प्रभाग से आए संजय कुमार विश्वाल नए निदेशक संजय कुमार विश्वाल इससे पहले दक्षिण खीरी वन प्रभाग में वन संरक्षक के पद पर कार्यरत थे। वन विभाग में लंबे अनुभव के साथ उन्होंने वन संरक्षण और वन्यजीव प्रबंधन से जुड़े विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया है। अब उन्हें लखनऊ प्राणी उद्यान की कमान सौंपी गई है। संरक्षण, प्रबंधन और सुविधाओं पर रहेगा जोर प्राणी उद्यान प्रशासन से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि, नए निदेशक के कार्यकाल में वन्यजीवों की बेहतर देखभाल, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और दर्शकों की सुविधाओं में सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही प्राणी उद्यान के विकास से जुड़े दीर्घकालिक प्रस्तावों को भी आगे बढ़ाने की योजना है।
हरियाणा के सिरसा जिले के नाथूसरी चौपटा खंड की कई ग्राम पंचायतों ने अपने गांवों के जोहड़/तालाब की पंचायती भूमि पर लंबे समय से चले आ रहे कब्जों के मुद्दे को गंभीरता से उठाया है। इन पंचायतों ने सिरसा लोकसभा क्षेत्र की सांसद कुमारी सैलजा को एक ज्ञापन सौंपा है। प्रभावशाली व्यक्तियों का कब्जा ज्ञापन में बताया कि राजस्व अभिलेखों में जो भूमि जोहड़-तालाब के रूप में दर्ज है, उस पर प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा खेती या निर्माण कर कब्जा कर लिया गया है। इस स्थिति से वर्षा जल संचयन, पशुओं के पेयजल और भूजल रिचार्ज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। पंचायत प्रतिनिधियों ने जानकारी दी, कि कई स्थानों पर 20 से 100 एकड़ तक जोहड़/तालाब की भूमि पर कब्जे होने की बात सामने आई है। इन गांव की पंचायतों ने सौंपा ज्ञापन स्थानीय स्तर पर बार-बार निवेदन के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई न होने से ग्रामीणों में निराशा व्याप्त है। ज्ञापन सौंपने वाली पंचायतों में गुसाई आना, काग-दाना, गीगोरानी, हंजीरा, चाडीवाल, जमाल, राजपुरा साहनी, रूपाणा खुर्द, रूपावास, जसानिया, बकरियांवाली, रामपुरा नवंबाद (बगडिय़ा), दूकड़ा, नाथूसरी कलां, कुक्कर थाना, बुड़ीमेड़ी, बरासरी, रामपुरा ढिल्लो, निरबान और नेजिया खेड़ा शामिल हैं। मुद्दा केवल राजस्व रिकॉर्ड का नहीं सांसद कुमारी सैलजा ने पंचायत प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि यह मुद्दा केवल राजस्व रिकॉर्ड का नहीं, बल्कि जल संरक्षण और ग्रामीण पारिस्थितिकी से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि वे इस संबंध में हरियाणा सरकार के मुख्यमंत्री को शीघ्र ही पत्र लिखकर मांग करेंगी कि मसले का संतुलित और न्यायपूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने दोहराया कि वे स्वयं इस विषय को गंभीरता से उठा रही हैं और जनता के साथ खड़ी हैं। संवैधानिक पदों की गरिमा पर सवाल सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को तीसरी पंक्ति में स्थान दिया जाना कई गंभीर प्रश्न खड़े करता है। उन्होंने कहा कि यह सवाल केवल कांग्रेस पार्टी का नहीं, बल्कि पूरे देश का होना चाहिए। उन्होंने कहा कि दूरदर्शन सहित अन्य चैनलों के लाइव प्रसारण में भी जान बूझकर सामने की पंक्तियों पर ही फोकस रखा गया। लोकतांत्रिक संतुलन के प्रति गंभीर नहीं संस्थान कैमरा मंत्रियों पर केंद्रित रहा, जबकि दोनों नेता प्रतिपक्ष तीसरी पंक्ति में बैठे होने के कारण लंबे समय तक दिखाई ही नहीं दिए। कुमारी सैलजा ने इसे संवैधानिक पदों की गरिमा के साथ असंगत बताते हुए कहा कि यह रवैया दर्शाता है कि भाजपा सरकार और उससे जुड़े संस्थान लोकतांत्रिक संतुलन के प्रति गंभीर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस सत्ता के प्रदर्शन का अवसर नहीं, बल्कि संविधान और लोकतंत्र के सम्मान का दिन है।
चंदौली के बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) सचिन कुमार ने मंगलवार को दो परिषदीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान बरहनी ब्लॉक स्थित कंपोजिट विद्यालय मोहम्मदपुर में तैनात शिक्षक आशीष कुमार मिश्रा मौके से अनुपस्थित पाए गए। शिक्षक की अनुपस्थिति पर सख्त रुख अपनाते हुए, बीएसए ने आशीष मिश्रा का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया। उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है, जिसमें जवाब मांगा गया है। पहले 2 तस्वीरें देखिए... बीएसए सचिन कुमार ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था के प्रति गंभीर न रहने वाले शिक्षकों के खिलाफ लगातार ऐसी ही कार्रवाई की जाएगी। वे परिषदीय स्कूलों में पठन-पाठन और शैक्षिक माहौल को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान, बीएसए ने कंपोजिट विद्यालय मोहम्मदपुर के छात्रों से संवाद किया और उनसे शिक्षा की गुणवत्ता पर चर्चा की। छात्रों द्वारा संतोषजनक जवाब दिए जाने पर बीएसए ने प्रसन्नता व्यक्त की। इसके बाद, बीएसए प्राथमिक विद्यालय नौबतपुर पहुंचे। वहां उन्होंने पेयजल की गुणवत्ता, मध्याह्न भोजन (MDM), शौचालय और कक्षाओं में साफ-सफाई की व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया। नौबतपुर विद्यालय में सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं, जिससे शिक्षकों ने राहत की सांस ली। बीएसए सचिन कुमार ने दोहराया कि परिषदीय स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना शिक्षकों की जिम्मेदारी है और सभी को अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जांच में किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर संबंधित की जवाबदेही तय की जाएगी।
विशाखापटनम के मेडटेक जोन में आयोजित तीसरी नेशनल पैरा कबड्डी चैंपियनशिप में राजस्थान टीम ने स्वर्ण पदक जीता है। फाइनल मुकाबले में राजस्थान ने हिमाचल प्रदेश को 43-32 से हराकर पहली बार यह खिताब अपने नाम किया। टीम ने पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहते हुए लगातार सात मैच जीते। इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश के 20 राज्यों की टीमों ने भाग लिया। राजस्थान टीम ने लीग चरण से ही मजबूत प्रदर्शन किया। लीग मुकाबलों में टीम ने झारखंड को 22-2, तमिलनाडु को 54-13, मध्य प्रदेश को 70-18 और पंजाब को 54-13 से हराया। क्वार्टर फाइनल में राजस्थान ने महाराष्ट्र को 74-69 से मात दी। इसके बाद सेमीफाइनल में हरियाणा के खिलाफ 32-13 से जीत दर्ज कर फाइनल में जगह बनाई। फाइनल मुकाबले में भी राजस्थान की टीम ने शुरू से ही बढ़त बनाए रखी। तेज रेड, मजबूत डिफेंस और बेहतर तालमेल के दम पर टीम ने हिमाचल प्रदेश को कोई मौका नहीं दिया। अंततः राजस्थान ने 43-32 के स्कोर से मुकाबला जीतकर इतिहास रचा। हनुमानगढ़ के टीम इंचार्ज और अर्जुन अवार्डी जगसीर सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष टीम ने रजत पदक जीता था और इस बार स्वर्ण पदक जीतकर शानदार वापसी की है। उन्होंने खिलाड़ियों के अनुशासन, कड़ी मेहनत और टीम वर्क को इस सफलता का मुख्य कारण बताया। प्रतियोगिता में राजस्थान के मनीष को 'बेस्ट रेडर' और चेतराम को 'बेस्ट कैचर' का पुरस्कार मिला। राजस्थान पैरा कबड्डी संघ के अध्यक्ष जितेंद्र गुप्ता और सचिव संदीप कौर ने टीम को बधाई दी। राही सोशल वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष योगेश कुमावत ने भी इस उपलब्धि में समाजसेवी संस्थाओं के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया।
दहेज हत्या में पति, सास-ससुर गिरफ्तार:प्रयागराज की युवती की मौत के बाद दर्ज हुआ था केस
विंध्याचल पुलिस ने दहेज हत्या के एक मामले में कार्रवाई करते हुए मृतका के पति, सास और ससुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह मामला प्रयागराज जनपद की एक युवती की मौत से जुड़ा है, जिसका मायका प्रयागराज के मांडा थाना क्षेत्र में बताया गया है। जानकारी के अनुसार, 26 नवंबर 2025 को प्रयागराज के मांडा थाना क्षेत्र निवासी रीता देवी पत्नी हिंचलाल बिंद ने विंध्याचल थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी बेटी को ससुराल पक्ष द्वारा दहेज की मांग को लेकर लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था, जिसके चलते उसकी हत्या कर दी गई। तहरीर के आधार पर विंध्याचल पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। घटना की गंभीरता को देखते हुए, क्षेत्राधिकारी नगर ने थाना प्रभारी विंध्याचल को आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के क्रम में, 27 जनवरी 2026 को उप निरीक्षक राघवेंद्र कुमार राय और उप निरीक्षक संतोष राय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई की। टीम ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मृतका के ससुर अतरलाल (पुत्र स्व. राजाराम), पति विकास और सास प्रेमा देवी शामिल हैं। ये सभी विंध्याचल थाना क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें माननीय न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की विवेचना अभी जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वृंदावन रायबरेली रोड स्थित ज्ञान सरोवर विद्यालय में 26 जनवरी को 77वां गणतंत्र दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय प्रबंधक भवान सिंह रावत ने ध्वजारोहण कर किया। इसके बाद राष्ट्रगान गाया गया, जिससे पूरा विद्यालय परिसर देशभक्ति के माहौल में डूब गया। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधक भवान सिंह रावत ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ था, जिसने देश को विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में स्थापित किया। यह दिन वीर सपूतों को स्मरण करने का हैं रावत ने कहा कि संविधान हमें अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी बोध कराता है। यह दिन उन वीर सपूतों को स्मरण करने का है, जिन्होंने देश की स्वतंत्रता और एक सशक्त राष्ट्र के निर्माण के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने बच्चों से मन लगाकर पढ़ाई करने, पर्यावरण को स्वच्छ रखने और सत्य के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। रावत ने जोर दिया कि बच्चे ही कल के भारत का भविष्य हैं। अंत में, उन्होंने सभी से देश को विश्व का सर्वश्रेष्ठ राष्ट्र बनाने की प्रतिज्ञा लेने का आग्रह किया। देशभक्ति गीतों पर मनमोहक प्रस्तुतियां दीं कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों ने देशभक्ति गीतों पर मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं। उपस्थित दर्शकों ने इन प्रस्तुतियों की सराहना की।इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या कमला कठेत, शिक्षकगण, विद्यार्थी और वरिष्ठ अधिवक्ता डी.डी नरियाल, राजेंद्र जुयाल, जगदीश बुटोला, हेमंत सिंह गड़िया, महावीर खांतवाल, केशव बिटालू सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
रायसेन में मंगलवार को केंद्र सरकार के विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (उच्च शिक्षा संस्थानों में समता के संवर्धन हेतु) विनियम, UGC 2026 के विरोध में प्रदर्शन किया गया। सर्व ब्राह्मण समाज और करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर नारेबाजी की और एसडीएम कार्यालय तक मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने महामारी चौक स्थित गांधी प्रतिमा के सामने एकत्र होकर अनोखे अंदाज में विरोध जताया। सभी कार्यकर्ताओं ने अपने गले में जंजीर डालकर नारेबाजी करते हुए एसडीएम कार्यालय तक मार्च किया। उन्होंने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। कानून को तत्काल वापस लेने की मांग संगठनों ने इस कानून को समाज के एक विशेष वर्ग को प्रभावित करने वाला बताया और इसे तत्काल वापस लेने की मांग की। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि यह विनियम संविधान द्वारा प्रदत्त अभिव्यक्ति के अधिकार (अनुच्छेद 19), संविधान की मूल भावना, शैक्षणिक स्वायत्तता और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध है। प्रदर्शनकारियों ने तर्क दिया कि यह विनियम शिक्षा पर नागरिकों के संवैधानिक अधिकार पर अनावश्यक अतिक्रमण कर रहा है। उन्होंने महामहिम राष्ट्रपति से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (उच्च शिक्षा संस्थानों में समता के संवर्धन हेतु) विनियम, 2026 को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने का विनम्र अनुरोध किया। प्रदर्शन के दौरान जिला विकास समिति के अध्यक्ष हरीश मिश्र और ब्राह्मण समाज रायसेन के अध्यक्ष संघर्ष शर्मा सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार इस मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान नहीं देती है, तो आगामी 23 मार्च को संपूर्ण हिंदू समाज द्वारा देशव्यापी बड़ा आंदोलन किया जाएगा। एसडीएम रायसेन मनीष शर्मा ने ज्ञापन स्वीकार किया।
मनरेगा योजना के बजट में कटौती और मजदूरों के अधिकारों पर किए जा रहे कथित प्रहार के विरोध में आज झुंझुनूं में 'मनरेगा बचाओ अभियान' के तहत जिला कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। युवा कांग्रेस के नेतृत्व में आयोजित इस बैठक में वक्ताओं ने सरकार की नीतियों को गरीब विरोधी बताते हुए आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया। मनरेगा सिर्फ योजना नहीं, ग्रामीण भारत की जीवनरेखा है। बैठक को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनील झाझड़िया ने कहा मनरेगा महज एक सरकारी स्कीम नहीं है, बल्कि यह देश के गरीब, मजदूर और ग्रामीण भारत की जीवनरेखा है। मोदी सरकार जानबूझकर फंड में कटौती करके और पंचायतों की भूमिका को सीमित कर इस योजना को गला घोंटने की कोशिश कर रही है। यह सीधे तौर पर संविधान द्वारा दिए गए 'काम के अधिकार' और गरीबों के हक पर हमला है। झाझड़िया ने कहा कि जहाँ पहले 100 दिन के काम की कानूनी गारंटी और समय पर भुगतान सुनिश्चित था, वहीं अब सरकार ठेकेदारी प्रथा को बढ़ावा देकर और मनमाने फैसले थोपकर मजदूरों को हाशिए पर धकेल रही है। आंदोलन की रणनीति: गांव-गांव तक पहुंचेगी विरोध की गूंज बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस अभियान को केवल जिला मुख्यालय तक सीमित नहीं रखा जाएगा। आने वाले दिनों में जिले के हर ब्लॉक और हर गांव में 'मनरेगा बचाओ अभियान' को तेज किया जाएगा। युवा कांग्रेस की टीमें घर-घर जाकर मजदूरों, युवाओं और किसानों को सरकार की जनविरोधी नीतियों के प्रति जागरूक करेंगी। ये है प्रमुख मांगें गारंटी की बहाली: मनरेगा में 100 दिन के काम और मजदूरी की कानूनी गारंटी को पूर्णतः बहाल किया जाए। बजट वृद्धि: पिछले सत्रों में काटे गए मनरेगा फंड को तुरंत वापस किया जाए। सम्मानजनक मजदूरी: बढ़ती महंगाई को देखते हुए न्यूनतम मजदूरी को बढ़ाकर ₹400 प्रतिदिन किया जाए। पोस्टर विमोचन के साथ संघर्ष का संकल्प बैठक के समापन पर अभियान से जुड़े पोस्टर का विमोचन किया गया। कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि जब तक मजदूरों को उनका जायज हक नहीं मिल जाता, तब तक यह संघर्ष सड़क से संसद तक जारी रहेगा। बैठक में ये रहे मौजूद इस अवसर पर NSUI जिलाध्यक्ष राहुल जाखड़, झुंझुनू युवा कांग्रेस कार्यकारी विधानसभा अध्यक्ष सोहेल धानका, जिला उपाध्यक्ष जावेद सिंघानिया, जिला महासचिव किशोर बजाड़, शहबाज बाजू नुआँ, विकास चौधरी, शुशांक चौधरी, साहिल कुमार, भारत चौधरी, विकास कुमार, शौर्य सिंह, राहुल मीणा, संजय शर्मा, अविनाश सैनी, रजत चौधरी, अभिषेक शर्मा, अरबाज खान, राजेंद्र लमोरिया, अभिमन्यु राठौड़, राकेश काँटीवाल सहित बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित रहे।
पलामू जिले के पांकी थाना क्षेत्र में जियो और सैमसंग कंपनी के कीपैड मोबाइल फोन की अवैध असेंबलिंग का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने पुराने और अनुपयोगी पार्ट्स से नए मोबाइल तैयार कर उन्हें स्थानीय बाजार में बेचने के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान खाप सरौना गांव निवासी विकल्प कुमार सिंह (30) और पांकी बस्ती निवासी रंजीत कुमार (24) के रूप में हुई है। एसपी रीष्मा रमेशन ने बताया कि पांकी थाना पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर विकल्प कुमार सिंह के आवास पर छापेमारी की गई। घर के पहले तल पर एक कमरे में मोबाइल मरम्मत और असेंबलिंग का पूरा सेटअप मिला, जो एक छोटी फैक्ट्री की तरह चल रहा था। बड़ी मात्रा में ई-कचरा भी जब्त पुलिस ने मौके से जियो कंपनी के 135 और सैमसंग कंपनी के 200 कीपैड मोबाइल फोन बरामद किए, जो पुराने पार्ट्स से तैयार किए गए थे। इसके अतिरिक्त, भारी मात्रा में पुराने मदरबोर्ड, मोबाइल बॉडी, बैटरी, चार्जर, स्पीकर, डिस्प्ले, औजार और बड़ी मात्रा में ई-कचरा भी जब्त किया गया है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया पर मदरबोर्ड की बिक्री के विज्ञापन देखकर यह अवैध कारोबार शुरू किया था। मदरबोर्ड पश्चिम बंगाल से 50 से 100 रुपए में मंगाए जाते थे। इसके बाद मेदिनीनगर की दुकानों से बॉडी, डिब्बे, चार्जर और बैटरी खरीदकर मोबाइल फोन असेंबल किए जाते थे। मोबाइल फोन दुकानदारों को 500 रुपए में बेचे जाते थे पुलिस के अनुसार, तैयार मोबाइल फोन दुकानदारों को लगभग 500 रुपए में बेचे जाते थे, जो ग्राहकों को 1000 रुपए तक में मिलते थे। पूछताछ में यह भी सामने आया कि रंजीत कुमार पुराने मोबाइल पार्ट्स उपलब्ध कराता था, जबकि विकल्प कुमार सिंह असेंबलिंग का काम करता था। रंजीत के घर से भी बड़ी मात्रा में मोबाइल पार्ट्स बरामद हुए हैं। जब्त किए गए मोबाइल फोन की तकनीकी जांच की जा रही है। पुलिस इस मामले में अन्य संलिप्त लोगों की तलाश कर रही है और संबंधित कंपनियों को भी इस बारे में सूचित किया जाएगा।
दिल्ली–देहरादून हाईवे पर बड़ा हादसा:रोड रोलर से टकराई बस, 6 यात्री गंभीर
दिल्ली–देहरादून राष्ट्रीय राजमार्ग-58 पर मंगलवार सुबह तेज रफ्तार यात्री बस सड़क पर खड़े भारी रोड रोलर से जा टकराई। हादसा सुबह करीब 3 बजे पल्लवपुरम थाना क्षेत्र में हुआ। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस में सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। हादसे में 6 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि कई यात्रियों को हल्की चोटें आई हैं। सड़क पर बिना चेतावनी के खड़ा था रोलर जानकारी के अनुसार, रात में हाईवे पर मरम्मत का काम पूरा होने के बाद निर्माण कंपनी का रोड रोलर गलत दिशा में सड़क पर ही छोड़ दिया गया था। आरोप है कि रोलर पर न तो रिफ्लेक्टर लगाए गए थे और न ही कोई चेतावनी संकेत। अंधेरा होने से बस चालक को रोलर नजर नहीं आया और बस सीधे जाकर टकरा गई। पुलिस पहुँची तो शुरू हुआ राहत कार्य हादसे की सूचना मिलते ही पल्लवपुरम थाना पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भेजा। फिलहाल सभी घायलों का इलाज चल रहा है। सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल हादसे के बाद हाईवे पर निर्माण कंपनियों की लापरवाही को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। अक्सर निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी से हादसे होते हैं, लेकिन जिम्मेदारी तय नहीं हो पाती। फिलहाल घटना को लेकर जांच जारी है।
हरदोई जिले के दो ग्राम प्रधानों को ग्रामीण विकास और युवा सहभागिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। बावन ब्लॉक की जगदीशपुर ग्राम पंचायत के प्रधान श्याम सिंह और मल्लावां विकासखंड की बांसा ग्राम पंचायत के प्रधान संपूर्णानंद को इस सम्मान के लिए नामित किया गया है। वे 28 जनवरी को नई दिल्ली में आयोजित 'मॉडल यूथ ग्राम सभा' के राष्ट्रीय कार्यक्रम में शामिल होंगे। ये दोनों प्रधान प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में अपने गांवों में किए गए नवाचार और युवाओं की भागीदारी के अनुभवों को साझा करेंगे। कार्यक्रम के लिए दोनों प्रधान दिल्ली पहुंच चुके हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी विनय कुमार सिंह ने बताया कि यह कार्यक्रम भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय और जनजाति कार्य मंत्रालय के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। पूरे प्रदेश से कुल 150 जनप्रतिनिधियों का चयन हुआ है, जिनमें हरदोई जिले के ये दो ग्राम प्रधान भी शामिल हैं।
मुरैना के सबलगढ़ थाने के दो आरक्षकों पर एक युवक से जबरन 39 हजार रुपए छीनने और पैसे वापस मांगने पर झूठे केस में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगा है। महेवा पंचायत निवासी पीड़ित पूरन रावत ने मंगलवार को एसपी की जनसुनवाई में पहुंचकर आरक्षकों के खिलाफ शिकायत की और पैसे वापस दिलाने की गुहार लगाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) ने सबलगढ़ एसडीओपी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। पीड़ित पूरन रावत (पुत्र पीतम रावत) ने बताया कि वह चार पहिया वाहन से अपने गांव महेवा जा रहा था। तभी गांव से किसी अपराधी को पकड़कर लौट रही पुलिस की गाड़ी वहां से गुजरी। उस वाहन में सवार सबलगढ़ थाने के आरक्षक अमित शाक्य और सुभाष गुर्जर ने उसे रोका और तलाशी ली। आरोप है कि आरक्षकों ने उसकी जेब में रखे 39 हजार रुपए निकाल लिए। जब पूरन ने पैसे वापस मांगे, तो उन्होंने उसे झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर भगा दिया। पुणे से भाई ने भेजे थे रुपए एसपी को दिए आवेदन में पूरन रावत ने बताया कि उसका छोटा भाई पुणे में नौकरी करता है। भाई ने उसे फोन-पे (PhonePe) के माध्यम से 39 हजार रुपए भेजे थे। वह इन पैसों को किसी से कैश (नगद) करवाकर घर ले जा रहा था, तभी रास्ते में पुलिस आरक्षकों ने उसे रोककर यह रकम छीन ली। ASP बोले- जांच में सही मिला तो कार्रवाई होगी एडिशनल एसपी सुरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जनसुनवाई में सबलगढ़ पुलिस आरक्षकों के खिलाफ पैसे छुड़ाने की एक शिकायत आई है। इसे गंभीरता से लेते हुए एसडीओपी सबलगढ़ को जांच सौंपी गई है। जांच में अगर तथ्य सही पाए गए, तो संबंधित पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नरसिंहपुर के शासकीय नेहरू उच्चतर माध्यमिक स्कूल में गणतंत्र दिवस पर स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदयप्रताप सिंह की मौजूदगी में जो नजारा दिखा था, वह अगले ही दिन गायब मिला। दैनिक भास्कर की टीम ने जब मंगलवार को स्कूल में मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) की जमीनी हकीकत देखी, तो सोमवार और मंगलवार की व्यवस्थाओं में जमीन-आसमान का फर्क नजर आया। सोमवार को जब स्कूल शिक्षा मंत्री और जिला प्रशासन के बड़े अधिकारी स्कूल पहुंचे थे, तब बच्चों के लिए खास इंतजाम किए गए थे। स्कूल परिसर में साफ-सुथरी कारपेट बिछाई गई थी और बैठने के लिए लकड़ी के पाटे लगाए गए थे। बच्चों को थाली में दो तरह की सब्जियां, पूड़ी, सलाद और लड्डू परोसे गए थे। इतना ही नहीं, पीने के लिए बिसलेरी का पैक्ड पानी भी दिया गया था। खुद मंत्री ने बच्चों के साथ बैठकर यह 'विशेष भोजन' किया था। अगले ही दिन गायब हुई सुख-सुविधाएं जैसे ही मंत्री का दौरा खत्म हुआ, अगले ही दिन यानी मंगलवार को स्कूल अपनी पुरानी स्थिति में लौट आया। कारपेट और लकड़ी के पाटे हटा दिए गए और बच्चों को सादी पट्टी पर बैठकर खाना पड़ा। सोमवार को मिली सब्जियों और बिसलेरी पानी की जगह मंगलवार को बच्चों को आलू-टमाटर की सब्जी और खीर-पूड़ी दी गई। पीने के पानी के लिए बच्चों को खुद अपनी बोतलों में टंकी का पानी भरना पड़ा। छात्राओं ने बताया सोमवार का खाना था 'खास' मंत्री के साथ बैठकर भोजन करने वाली छात्राएं तम्मना उस्मानी और मन्नत भी इस बदलाव को महसूस कर रही थीं। उन्होंने बताया कि सोमवार को उन्हें जो भोजन मिला था, वह बहुत 'अच्छा और विशेष' था। बच्चों की बातों से साफ था कि मंत्री के आने की वजह से ही उस दिन थाली का रंग-रूप बदला हुआ था। शिक्षक बोले- मेनू के हिसाब से ही बनता है खाना स्कूल के प्राथमिक शिक्षक रजनीश कुमार तिंगुरिया का कहना है कि स्कूल में भोजन हमेशा शासन के तय मेनू के अनुसार ही बनाया जाता है। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि सोमवार को राष्ट्रीय पर्व (गणतंत्र दिवस) था, इसलिए विशेष भोज की व्यवस्था की गई थी। सामान्य दिनों में भी बच्चों को खीर, पूड़ी और सब्जी जैसा पौष्टिक खाना दिया जाता है।
दूदू में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर 'मनरेगा संग्राम' अभियान के तहत लगातार दसवें दिन भी बैठकों का आयोजन किया गया। इन बैठकों में भाजपा सरकार पर जनकल्याणकारी योजनाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया गया। इन गांवों में हुई बैठकब्लॉक कांग्रेस कमेटी दूदू-फागी की ओर से गंगाती, किशनपुरा, झाग, खटवाड़, सांवली और बिहारीपुरा गांवों में ये बैठकें हुईं। पूर्व प्रधान राम सारण ने इन बैठकों की अध्यक्षता की। पूर्व प्रधान बोले-अकाल और बेरोजगारी में वरदान साबित हुई योजनापूर्व प्रधान राम सारण ने कहा कि मनरेगा योजना दूदू क्षेत्र के लिए अकाल और बेरोजगारी के समय वरदान साबित हुई है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में पूर्व मंत्री बाबूलाल नागर के प्रयासों से दूदू क्षेत्र में सर्वाधिक मनरेगा कार्य स्वीकृत हुए, जिससे गरीब और मजदूर वर्ग को स्थायी राहत मिली। बीजेपी सरकार पर साधा निशानाप्रदेश महासचिव तेजकरण चौधरी ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार धर्म और भ्रम की राजनीति से जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार की जनहितकारी योजनाओं को नाम बदलकर या अन्य बहानों से बंद किया जा रहा है, जो सीधे तौर पर गरीब और मजदूर विरोधी कदम है। चौधरी ने यह भी कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने पेंशन सत्यापन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसके नाम पर बुजुर्गों को अनावश्यक रूप से सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगवाए जा रहे हैं, जिससे आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बैठक को संबोधित करते हुए त्रिलोक चौधरी ने कहा कि मनरेगा गरीब, मजदूर और किसान परिवारों की आजीविका का सबसे बड़ा सहारा है। उन्होंने जोर दिया कि इस योजना को कमजोर करना गरीबों की रोज़ी-रोटी पर सीधा हमला है। उन्होंने घोषणा की कि कांग्रेस पार्टी मनरेगा, पेंशन और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की रक्षा के लिए सड़कों से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी। बैठक में कमल चौधरी, बाबूलाल जाजूंदा, हनुमान शेषमा, संगठन महामंत्री रामकरण खींची, दशरथ मीणा, अंबालाल कोरवाल सहित अनेक कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (AIPEF) ने संसद में इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल और पूर्वांचल–दक्षिणांचल डिस्कॉम के निजीकरण को लेकर 12 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल का निर्णय लिया है। AIPEF ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री को इसकी औपचारिक नोटिस भी सौंपा है। ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि यदि बजट सत्र में इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 संसद में पेश किया गया, तो बिजली अभियंता और कर्मचारी तुरंत 'लाइटनिंग एक्शन' शुरू कर देंगे। इसमें कार्यस्थल छोड़कर बड़े जन-आंदोलन शामिल होंगे। क्यों भड़का है बिजली कर्मियों का गुस्सा? AIPEF और विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति (उत्तर प्रदेश) का कहना है कि यह आंदोलन देश के लाखों बिजली कर्मचारियों और अभियंताओं के गहरे आक्रोश की अभिव्यक्ति है। वे आरोप लगाते हैं कि केंद्र सरकार की नीतियां सार्वजनिक बिजली क्षेत्र को कमजोर कर रही हैं। बिजली ग्रामीण जीवन की रीढ़ है उत्तर प्रदेश संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने कहा-बिजली देश की अर्थव्यवस्था, कृषि, उद्योग और ग्रामीण जीवन की रीढ़ है। इलेक्ट्रिसिटी (संशोधन) बिल 2025 और राष्ट्रीय विद्युत नीति 2026 सस्ती बिजली, सार्वजनिक स्वामित्व, संघीय ढांचे और राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा पर सीधा हमला हैं। नोटिस के माध्यम से रखी प्रमुख मांग :
मथुरा में अवैध संबंध के चलते हत्या:जमुनापार पुलिस ने मुख्य अभियुक्त को किया गिरफ्तार
मथुरा के थाना जमुनापार पुलिस ने अवैध संबंधों के कारण हुई एक हत्या के मामले का खुलासा करते हुए मुख्य अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त बिजली का तार और शव ठिकाने लगाने में इस्तेमाल की गई बिना नंबर की होंडा एक्टिवा स्कूटी बरामद की है। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान सोनू (30) के रूप में हुई है। वह वर्तमान में उमा वाटिका, थाना जमुनापार का निवासी है और मूल रूप से ग्राम दौताना, थाना छाता, जनपद मथुरा का रहने वाला है। पुलिस ने सोनू को आगरा-बरेली हाईवे पर सिहोरा कट से राया की ओर जाने वाले सर्विस रोड से पकड़ा। घटना के संबंध में पुलिस ने बताया कि 23 जनवरी 2026 को वादी ने थाना जमुनापार में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया था कि उसके पिता रणधीर सिंह (उम्र करीब 45 वर्ष) को अभियुक्त सोनू ने हत्या की नीयत से गायब कर दिया है। इस सूचना पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। मृतक रणधीर सिंह का शव यमुना नदी से बरामद किया गया। पुलिस की पूछताछ में अभियुक्त सोनू ने बताया कि मृतक रणधीर सिंह के उसकी मां से अवैध संबंध थे। इस बात की जानकारी होने पर सोनू ने अपने पिता और मां के साथ मिलकर रणधीर सिंह की हत्या की योजना बनाई थी। योजना के तहत, 18 जनवरी 2026 को अभियुक्त सोनू ने रणधीर सिंह के साथ उमा वाटिका में बैठकर शराब पी। शराब पीने के बाद उसने बिजली के तार से गला घोंटकर रणधीर सिंह की हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को एक बोरी में बंद किया गया और पड़ोसी की स्कूटी का इस्तेमाल कर यमुना नदी में फेंक दिया गया, ताकि सबूत मिटाए जा सकें। पुलिस ने अभियुक्त सोनू से कड़ाई से पूछताछ की और उसकी निशानदेही पर सभी साक्ष्य बरामद किए। गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्यवाही करते हुए अभियुक्त को जेल भेज दिया गया है।
लखनऊ के सरकारी अस्पताल दो दिन की छुट्टी के बाद मंगलवार को खुले तो भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही OPD में मरीजों की लंबी कतार देखी गई। इनमें मौसमी बीमारियों के मरीज सबसे ज्यादा रहे। इसके अलावा पुराना उपचार पाने वाले मरीजों की भी बड़ी संख्या रही। रजिस्ट्रेशन से लेकर डॉक्टर चैम्बर के बाहर और दवा काउंटर पर भी लंबी कतार देखी गई।वहीं, मेडिकल कॉलेजों में दो दिन के अवकाश के चलते उपचार और परामर्श से वंचित रहे मरीज सुबह से ही अस्पताल पहुंचने लगे, जिससे पंजीकरण काउंटरों पर लंबी लाइन लग गई। KGMU, SGPGI और डॉ.राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान सहित सभी मेडिकल कॉलेजों में भी सुबह से ही भीड़ रही। कई मरीज तड़के ही अस्पताल पहुंच गए, ताकि समय रहते पर्ची बनवाकर चिकित्सक से परामर्श मिल सके।।कमोवेश यही हालात, बलरामपुर अस्पताल, सिविल अस्पताल, लोकबंधु अस्पताल सहित बाकी अस्पतालों में भी यही हाल रहा। फीवर और फ्लू के मरीजों की संख्या बढ़ी महानगर के बीआरडी संयुक्त अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रणजीत दीक्षित ने बताया कि ज्यादातर मरीज हड्डी रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ, सामान्य रोग और बाल रोग विशेषज्ञ की OPD में पहुंचे। डॉक्टरों ने उन्हें उपचार दिया।रविवार और सोमवार को अवकाश की वजह से सरकारी अस्पतालों की OPD 2 दिन बंद रही।
आजमगढ़ में 118 जोड़ों का हुआ सामूहिक विवाह:जिले के 10 ब्लॉक के 133 जोड़ों ने कराया था पंजीकरण
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत आजमगढ़ जिले के मोहम्मदपुर ब्लॉक में सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस सामूहिक विवाह कार्यक्रम में जिले के 10 ब्लॉक के 133 जोड़ों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। जिसमें से 118 जोड़े उपस्थित रहे जिनका विवाह कराया गया। जिले में लगातार मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन ब्लॉकों में मोहम्मदपुर ब्लॉक से 15 मेहनगर ब्लॉक से 5, रानी की सराय ब्लॉक से 19, लालगंज ब्लॉक से दो, ठेकमा से 9, तरवां से 23, पलहना से 11, पल्हनी से 4, जहानागंज से 10 और तहबरपुर से 14 जोड़ों का विवाह किया गया। इस कार्यक्रम में भाजपा के लालगंज जिला अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी उपस्थित रहे। धनराशि सीधे कन्या के खाते में ट्रांसफर की गई वर-वधु को दिए गए जरूरी सामान के संबंध में जिला समाज कल्याण अधिकारी मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थी का आवश्यक सामान उपलब्ध कराया गया। योजना के तहत ₹60,000 की धनराशि सीधे कन्या के खाते में ट्रांसफर की गई। इसके अलावा लगभग ₹25,000 मूल्य के 26 घरेलू सामान वितरित किए गए, जिनमें स्टील का डिनर सेट, सीलिंग फैन, पांच साड़ियों का सेट, 40 ग्राम चांदी की पायल, बिछिया सहित अन्य आवश्यक सामग्री शामिल रही। इस अवसर पर बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने नवविवाहित वर-वधु को शुभकामनाएं और आशीर्वाद प्रदान किया।
हरदा जिला अस्पताल में मंगलवार दोपहर मरीज के परिजनों और डॉक्टरों के बीच कहासुनी हो गई। यह विवाद बच्चे के हाथ से कैनुला निकलवाने को लेकर हुआ। मरीज के परिजनों ने जिला अस्पताल के चिकित्सक मनीष शर्मा पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए कलेक्टर से शिकायत की है। कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने इस मामले पर कहा कि पहले यह पता लगाया जा रहा है कि बच्चे को कैनुला की जरूरत है या नहीं। उन्होंने बताया कि मरीज के परिजन ने एक वीडियो दिखाया है, जिसमें दोनों पक्षों के चिल्लाने की आवाज आ रही है, लेकिन कुछ भी स्पष्ट नहीं है। मौजूद कर्मचारियों से होगी पूछताछकलेक्टर ने कहा कि ड्यूटी पर मौजूद पुलिस कर्मचारियों से जानकारी लेकर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा एम्बुलेंस बुलाकर बच्चे के हाथ में लगी कैनुला निकलवाया जा रहा है। ग्राम रहटाखुर्द निवासी आफताब खान ने बताया कि उन्होंने पहले शिशु रोग विशेषज्ञ से बच्चे के हाथ में लगी सुई (कैनुला) निकालने के लिए कहा था, जिस पर उन्हें दो नंबर रूम में जाने को कहा गया। आफताब का आरोप है कि इसके बाद डॉक्टर मनीष शर्मा ने उनके साथ अभद्रता की। वहीं,डॉ.मनीष शर्मा ने बताया कि 5 वर्षीय तैमूर, पिता आफताब को 27 जनवरी (सोमवार) को उपचार के लिए बच्चा वार्ड में भर्ती किया गया था। ड्यूटी डॉक्टर के राउंड पर जाने से पहले ही बालक के परिजन उसे लेकर घर चले गए थे। मंगलवार दोपहर करीब बारह बजे तैमूर के माता-पिता उसे वापस अस्पताल लाए और मरीजों को देख रहे डॉ. ब्रजेश रघुवंशी से कैनुला निकलवाने की बात पर अड़ गए। डॉक्टर का अभद्रता से इनकार डॉ. मनीष शर्मा के अनुसार, जब डॉक्टरों ने उन्हें वार्ड में जाकर कैनुला निकलवाने के लिए कहा, तो बच्चे के पिता चिल्लाने लगे और डॉक्टरों से अभद्रता करने लगे। डॉ. शर्मा ने बताया कि जब उन्होंने चिल्लाने से मना किया, तो पिता वीडियो बनाते हुए जोर-जोर से चिल्लाने लगा। इसके बाद पुलिस चौकी से पुलिस कर्मियों को बुलाया गया। डॉ. शर्मा ने परिजन से किसी भी तरह की अभद्रता से इनकार किया है। सभी डॉक्टरों ने मरीज के परिजन की शिकायत सीएमएचओ से की है। सीएमएचओ डॉ. एचपी सिंह ने इस पूरे मामले की जांच के बाद उचित कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
राजस्थान सरकार के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम पर मंगलवार को अलवर के रैणी के गांव टहटड़ा मे ंदो-दो जेसीबी से जमकर फूल बरसाए। यहां बालाजी बाबा के पावन धाम पर 51 फीट विशाल ध्वजारोहण एवं दंगल सहित धार्मिक कार्यक्रम हुए। इस अवसर पर गृह राज्यमंत्री बेढम ने कहा कि धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों में हमारी संस्कृति, आस्था और सामाजिक एकता की जीवंत झलक देखने को मिलती है। इस प्रकार के आयोजन ना केवल धार्मिक आस्था के प्रतीक हैं, बल्कि सामाजिक समरस्ता, सांस्कृतिक गौरव और जन-जन के विश्वास का जीवंत प्रमाण है। ग्रामीणों का स्नेह, अपनत्व और विश्वास ही मेरी जन सेवा की सबसे बड़ी प्रेरणा है। जनसेवा, जनसंवाद और जनकल्याण का यह क्रम निरंतर चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि देश के विकास के साथ-साथ हमारी संस्कृति व विरासत का संरक्षण जरूरी है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के चहुंमुखी विकास की दिशा में आगे बढकर काम कर रही है। डबल इंजन की सरकार देश की संस्कृति को बढाने, युवाओं व किसानों की समृद्धि के लिए निरन्तर सकारात्मक भाव से काम कर रही है। इस दौरान सरस डेयरी के पूर्व चेयरमैन बन्नाराम मीणा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि गण एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहें।
भिवानी जिले के सिवानी मंडी के उपमंडल परिसर स्थित एसडीएम कार्यालय में मंगलवार को सड़क सुरक्षा को लेकर एक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता एसडीएम विजया मलिक ने की, जिसमें संबंधित विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। अस्थायी सुधार कार्य तुरंत किए जाए एसडीएम विजया मलिक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तोशाम रोड पर सीवरेज के मेनहोल सड़क की सतह से ऊपर उठे हुए हैं, वे दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं। ऐसे सभी स्थानों को तुरंत चिह्नित कर उनकी रिपोर्ट तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि जब तक इन मेनहोल का स्थायी समाधान नहीं हो जाता, तब तक अस्थायी सुधार कार्य तुरंत किए जाए, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकेगी साथ ही अधिकारियों से अस्थायी समाधान के संबंध में सुझाव भी मांगे गए। एसडीएम ने निर्देश दिए कि तोशाम रोड सहित अन्य प्रमुख सड़कों पर फीकी या गायब हो चुकी सड़क की लाइनों (रोड मार्किंग) को जल्द से जल्द दोबारा कराया जाए। इससे वाहन ड्राइवरों को स्पष्ट दिशा-निर्देश मिल सकेंगे और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि सड़क सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभाग आपसी समन्वय से समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें।
इंदौर मैराथन को लेकर शहर में उत्साह का माहौल है। सेहत के लिए एकजुट होकर दौड़ने का समय अब करीब आ गया है। 1 फरवरी को होने वाली यूनियन बैंक ऑफ इंडिया मैराथन को लेकर कॉर्पोरेट सेक्टर, शैक्षणिक संस्थानों और सामाजिक संगठनों में खासा जोश देखने को मिल रहा है। एकेडमी ऑफ इंदौर मैराथनर्स के अध्यक्ष नितिन अग्रवाल ने बताया कि इस साल मैराथन में युवाओं के साथ-साथ बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक भी रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं। हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने की बढ़ती जागरूकता इस आयोजन को और खास बना रही है। समाज के लोग भी होंगे शामिल महेश्वरी समाज के अध्यक्ष सत्य नारायण मंत्री ने कहा कि समाज के लोग हर वर्ष उत्साहपूर्वक इसमें भाग लेते हैं। ऐसे आयोजन युवाओं को सकारात्मक सोच की ओर प्रेरित करते हैं और सामाजिक एकता को मजबूत बनाते हैं। अग्रवाल समाज के विष्णु बिंदल ने मैराथन को फिटनेस का उत्सव बताते हुए कहा कि यह सिर्फ दौड़ नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है, जिसका समाज हर साल बेसब्री से इंतजार करता है। बड़ी संख्या में छात्रों की हिस्सेदारी एक्रोपोलिस इंजीनियरिंग कॉलेज के गौरव सोजतिया ने कहा कि आज की जेन-जी को अपनी ऊर्जा सही दिशा में लगाने की जरूरत है और मैराथन इसके लिए बेहतर मंच है। उन्होंने कहा कि नशामुक्त भारत के निर्माण में ऐसे खेल आयोजनों की अहम भूमिका है, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थी भाग लेंगे। सिंबायोटेक फार्मालैब्स की एचआर प्रेसीडेंट कशिश सतवानी ने बताया कि उनकी संस्था कई वर्षों से मैराथन से जुड़ी हुई है। यह दौड़ सामाजिक सरोकारों के प्रति जागरूकता का प्रतीक है और कर्मचारियों के बीच टीम भावना को भी मजबूत करती है। यहां करें पंजीयन इंदौर मैराथन के सचिव सुमित रावत ने बताया कि रजिस्ट्रेशन जारी हैं और इच्छुक प्रतिभागी अंतिम समय का इंतजार न करें। बीते वर्ष अधिक भीड़ के चलते दो दिन पहले ही रजिस्ट्रेशन बंद करना पड़ा था। प्रतिभागी www.indoremarathon.com पर ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं।
लखनऊ हसनगंज थाना क्षेत्र में एक युवक ने युवती और उसके परिजनों पर फर्जी निकाहनामा बनाकर उसे फर्जी मुकदमे में फंसाने का आरोप लगाया है। पीड़ित का आरोप है एक युवती ने फेसबुक के जरिए से दोस्ती की। इसके बाद बातचीत बंद होने पर फर्जी निकाहनामा तैयार कर हसनगंज थाने में शिकायत दर्ज करा दी। फर्जीवाड़े का पता चलने पर पीड़ित में पुलिस के पास शिकायत की है। हरदोई कुदौरी संडीला निवासी अब्दुल कादिर अयोध्या में प्राइवेट जॉब करते हैं। उन्होंने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले उसकी फेसबुक के जरिए लखनऊ के डालीगंज इलाके की रहने वाली अशमाला मानवी पुत्री मोहम्मद फहद से बातचीत शुरू हुई थी। कुछ समय बाद बातचीत बंद हो गई और वह अपने काम में व्यस्त हो गया। इस बीच 6 अगस्त 2025 को हरदोई वाले घर में थाना हसनगंज लखनऊ से जारी एक नोटिस मिली। नोटिस देखकर जानकारी हुई कि अशमाला मानवी ने उसके नाम से एक कथित निकाहनामा तैयार कर थाना हसनगंज में शिकायत दर्ज कराई है। जानकारी मिलने पर 18 अगस्त 2025 को पीड़ित ने अपने वकील के जरिए पारिवारिक न्यायालय, हसनगंज स्थित मीडिएशन सेंटर में मामले की जानकारी जुटाई। पीड़ित का आरोप है कि शिकायत के साथ लगाया गया निकाहनामा पूरी तरह फर्जी और कूटरचित है। उस पर किसी पंजीकृत या अधिकृत काजी के हस्ताक्षर और मोहर नहीं हैं, न ही वह किसी निर्धारित प्रोफार्मा के तहत जारी किया गया है। निकाहनामा में जिन गवाहों के हस्ताक्षर दर्शाए गए हैं, वो न तो पीड़ित के परिवार के हैं और न ही युवती के परिवार के सदस्यों हैं। अब्दुल कादिर का कहना है कि मुस्लिम विवाह अधिनियम के अनुसार निकाहनामा में दोनों पक्षों के परिवार से दो बालिग गवाहों के हस्ताक्षर अनिवार्य होते हैं, जबकि निकाहनामा में ऐसा कुछ भी नहीं है। इससे साफ पता चल रहा कि अशमाला मानवी से विवाह नहीं हुआ। फंसाने के लिए तैयार किया फर्जी निकाहनामा आरोप है कि युवती ने अपने पिता मोहम्मद फहद और अन्य परिजनों के साथ मिलकर फर्जी निकाहनामा तैयार कराया और उसके आधार पर शिकायत दर्ज कराकर उसे और उसके परिवार को झूठे मुकदमे में फंसाने का प्रयास किया गया। पीड़ित ने बताया कि उसने 13 अक्टूबर 2025 को थाना हसनगंज पहुंचकर पूरे मामले की लिखित सूचना दी थी लेकिन पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।पीड़ित का कहना है कि विपक्षी पक्ष दबंग किस्म के लोग हैं और लगातार उसे व उसके परिवार को जान-माल की धमकी दे रहे हैं। मामले में इंस्पेक्टर हसनगंज का कहना है मुकदमा दर्ज करके मामले की जांच की जा रही है।
रोडवेज के रिटायर्ड कर्मचारियों ने कहा कि रिटायरमेंट के बाद पैसा ही जीवन का सहारा होता है। जून 2025 के बाद से हमें न पेंशन मिल रही है और न ग्रेच्युटी। यह दर्द चित्तौड़गढ़ के रिटायर्ड कर्मचारियों ने मंगलवार को बयान किया। राजस्थान रोडवेज रिटायर्ड एसोसिएशन के प्रदेश व्यापी आह्वान पर मंगलवार को रोडवेज के मुख्य प्रबंधक ऑफिस पर रिटायर्ड कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान रिटायर्ड कर्मचारियों ने लंबित मांगों को लेकर प्रबंधक के खिलाफ नाराजगी जताई। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। लेकिन भुगतान नहीं मिलने को लेकर कर्मचारियों में गहरा आक्रोश दिखा। रिटायर्ड कर्मचारियों ने की बकाया सेवानिवृत्ति भुगतान की मांग प्रदर्शन कर रहे रिटायर्ड कर्मचारियों ने बताया- जून 2025 से बकाया पड़े सेवानिवृत्ति परिलाभ अब तक नहीं दिए गए हैं। इनमें ग्रेच्युटी, उपार्जित अवकाश का भुगतान, अधिश्रम यानी ओवरटाइम, साप्ताहिक विश्राम, अवैतनिक अवकाश और अन्य मदों के भुगतान शामिल हैं। कर्मचारियों का कहना है कि रिटायर्ड के बाद यही रकम उनके जीवनयापन का सहारा होती है, लेकिन लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। देरी से भुगतान पर ब्याज नहीं मिला रिटायर्ड कर्मचारी श्याम प्रकाश सोनी ने बताया- कई मामलों में ग्रेच्युटी का भुगतान बहुत देरी से किया गया, लेकिन उस देरी का ब्याज अब तक नहीं दिया गया। जबकि न्यायालय के निर्देशों के अनुसार देरी से किए गए भुगतान पर 6 प्रतिशत ब्याज दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा- 2020 से पहले सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों के भी कई प्रकार के भुगतान आज तक लंबित हैं, जिससे रिटायर्ड कर्मचारियों में गहरी नाराजगी है। पेंशन और वेतन से जुड़ी समस्याएं कर्मचारियों ने पेंशन से जुड़ी समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। उनका कहना है कि जिन पेंशनधारकों की उम्र 70 साल से ज्यादा है, उन्हें 5 प्रतिशत और 80 साल से ज्यादा होने पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त लाभ मिलना चाहिए, लेकिन यह लाभ कई कर्मचारियों को नहीं मिल रहा है। इसके साथ ही सातवें वेतन आयोग के तहत सही तरीके से गणना नहीं किए जाने का आरोप भी कर्मचारियों ने लगाया। उनका कहना है कि गलत गणना के कारण उनके हक के पैसे रोके गए हैं। कोविड काल का डीए अब तक लंबित प्रदर्शन के दौरान यह मुद्दा भी उठाया गया कि कोविड काल के दौरान कर्मचारियों का जो महंगाई भत्ता जमा किया गया था, उसका भुगतान आज तक नहीं किया गया है। उस समय यह कहकर भुगतान रोका गया था कि निगम की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, लेकिन कई साल बीत जाने के बाद भी राशि नहीं मिलना कर्मचारियों के साथ अन्याय है। इसी कारण पूरे प्रदेश में रोडवेज के सेवानिवृत्त कर्मचारियों में रोष बना हुआ है। अधिकारी ने दिया आश्वासन प्रबंधक राकेश सारस्वत ने बताया- रिटायर्ड कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रशासन से मांग की है, जिनमें हायर पेंशन और ओवरटाइम भुगतान जैसे मुद्दे शामिल हैं। इन मांगों को मुख्यालय भेजा जा रहा है और प्रयास किया जाएगा कि समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान हो सके। प्रदर्शन में श्याम प्रकाश सोनी, मोहब्बत सिंह भाटी, भीखचंद, नागेश कुमार तेली, मनोहर सिंह, राम सिंह झाला, शंकर लाल टांक, कैलाश मराठा, दिनेश यादव, हरी शंकर चौबे, ओम मेहता, भगवती लाल सहित कई रिटायर्ड कर्मचारी मौजूद रहे।
ब्यावर जिले में माइन धारकों का ड्रोन सर्वे करने पहुंची टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। सर्वे शुरू होते ही कुछ लोगों ने गाली-गलौज और बदतमीजी शुरू कर दी। इसके बाद हमला कर फोरमैन और इंजीनियर को घायल कर दिया। सर्वे में इस्तेमाल ड्रोन को तोड़ दिया। वाहनों पर पत्थर फेंकने लगे तो टीम ने कार को भगाकर जान बचाई। घटना मंगलवार शाम करीब 4 बजे जिले के अतीतमंड गांव की है। साकेत नगर थानाधिकारी जितेंद्र फौजदार ने बताया- माइनिंग विभाग की टीम शाम करीब 4 बजे अतीतमंड गांव में माइन धारकों का ड्रोन सर्वे करने पहुंची थी। सर्वे शुरू होते ही निवर्तमान सरपंच दुष्यंत सिंह सहित कुछ लोगों ने गाली-गलौज और बदतमीजी शुरू कर दी। वरिष्ठ माइनिंग फोरमैन अनिता वीर चंदानी और इंजीनियर प्रितेश के साथ मारपीट की। प्रितेश के कान और कनपटी पर गंभीर चोटें आई हैं। पत्थरबाजी कर दो वाहनों को किया क्षतिग्रस्तइसके बाद हमलावरों ने पत्थरबाजी कर सरकारी वाहन और जोधपुर से आए इंजीनियर प्रितेश के वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। पत्थरबाजी की तो टीम ने कार को भगाकर जान बचाई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक हमलावर फरार हो चुके थे। पुलिस ने दोनों घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ड्रोन सर्वे नहीं होने देना चाहते थेपुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अवैध खनन से जुड़े लोग ड्रोन सर्वे नहीं होने देना चाहते थे। इसी कारण ग्रामीणों को उकसाकर इस वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ कर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। पुलिस ने निवर्तमान सरपंच को किया डिटेनपुलिस ने निवर्तमान सरपंच दुष्यंत सिंह डिटेन किया है। इसके साथ ही अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बाड़मेर में युवा सड़कों पर उतरकर ओएमआर शीट घोटाला, फोर्थ क्लास भर्ती परिणाम की सीबीआई जांच, RPSC, RSSB बोर्ड को भंग करने समेत 5 सूत्री मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे। कांग्रेस विधायक, सांसद, पूर्व मंत्री और जिलाध्यक्ष ने समर्थन देते हुए कलेक्ट्रेट के आगे धरने पर बैठे गए। ज्ञापन में 2018 (कांग्रेस सरकार) से लेकर 2025 तक की ओएमआर सीट की जांच करने सीबीआई से करवाने की मांग की है। हरीश चौधरी ने स्पीच में कहा कि जांच में गिरफ्तार बाबूलाल कटारा ने माना कि एक करोड़ बीस लाख की डील से आरपीएससी सदस्य बना था। जिसको दिए है उनका और कटारा का लाइव डिडक्टर करवाने की मांग की है। जिससे दूध का दूध पानी का पानी हो जाए। इससे पहले सिणधरी सर्किल से युवा हाथों में आरपीएससी, आरएसएसबी भंग करों, हमें न्याय दो की तख्तियां लेकर रैली निकाली। शहर के मुख्य मार्गो से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची। वहां पर धरने पर बैठे। वहां पर कांग्रेस सासंद उम्मेदाराम बेनीवाल, बायतु विधायक हरीश चौधरी, पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी, जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदारा, पूर्व विधायक पदमाराम मेघवाल, पूर्व जिलाध्यक्ष फतेह खान, समेत बड़ी संख्या में कांग्रेसी नेता मौजूद रहे। हरीश चौधरी ने स्पीच में कहा- युवाओं के हित का निर्णय कैबिनेट और 200 विधायक लेगें। मेरा आपके माध्यम से राजस्थान कैबिनेट में बैठे सदस्य जिसमें करोड़ीलाल मीणा जैसे लोग भी है। जो राजस्थान की इन सड़कों पर मजबूती से राजस्थान के नौजवानों की आवाज उठाते थे। किरोड़ीलाल जी अब आप यह लालच छोड़ दो। कैबिनेट के हर सदस्यों को अधिकार है। कैबिनेट के अंदर खुद का प्रस्ताव रख सकता है। सरकार मुख्यमंत्री की नहीं होती है कैबिनेट की होती है। किरोड़ीलाल जी को भी कह रहा हूं अगली कैबिनेट में मजबूती से प्रस्ताव रखें। थार के परिवार के सदस्य को भी कह रहा हूं कि उंगली उस दांतों के बीच में प्रस्ताव लेकर आओगें। दो उंगली दांतों के बीच आ जाएगी। वो दांत इन स्टूडेंट के नहीं होंगे। वो दांत लूटने वाली ताकतों के हाेंगे। यह इंतजार है। शिव विधायक और बाड़मेर विधायक को सलाह हरीश चौधरी ने बाड़मेर जिले के निर्दलीय विधायक डॉ. प्रियंका चौधरी और रविंद्र सिंह भाटी पर तंज कसते हुए कहा कि- आप पर किसी की कोई पाबंदी नहीं है। यह सरकार किसी को कुछ देने वाली नहीं है। आप रुक और समझ रहे हो कि यह हेमाराम जी (पूर्व मंत्री) बैठे है। स्टूडेंट के सामने कैबिनेट मंत्री होने के बावजूद आरपीएससी को भंग करने की मांग कर चुके है। भीषण गर्मी में सड़क पर गए थे। उस समय गुड़ामालानी के विकास में बाधा नहीं आई। मैं दोनों को सलाह दे रहा हूं। आपको लगता है कि इससे शिव और बाड़मेर में कमी रहेगी। तो कोई कमी नहीं रहेगी। सड़क के माध्यम से मेरी यह सलाह है। आओ और इस संघर्ष में शामिल हो। 1.20 करोड़ में डील, लेकिन दोनों छाती ठोक कह रहे है हम सही है स्पीच में हरीश चौधरी ने कहा कि बाबूलाल कटारा ने माना कि एक करोड़ बीस लाख की डील ने बनाया था आरपीएससी सदस्य। कटारा नाम ने खुद ने नाम जांच में दर्ज करवाएं। आज इस विकसित भारत के अंदर एक व्यक्ति कर रहा है कि मेरे काम कराने वाले (RPSC सदस्य) यह है। वहीं दूसरा व्यक्ति कह रहा है कि मैं नहीं हूं। तो आज इस वैज्ञानिक युग में मुमकिन है। दोनों छाती ठोक कर बोल रहे है कि हम सही है। यह मांग है कि लाइव डिडक्टर दोनों का करवा देना चाहिए। जिससे पता चल जाएगा। कौन सही है और कौन गलत है। विधायक हरीश चौधरी बोले- आरपीएसएसी और चयन बोर्ड संस्थाएं भग करनी चाहिए बायतु विधायक हरीश चौधरी ने मीडिया बातचीत में कहा- नकल, पेपर लीक, इंटरव्यू में गलत अयोग्य लोगों को नंबर देने से ओएमआर तक का खेला जो हुआ है। यह अपने आप पूरी कहानी बयां करती है। राजस्थान में आरपीएससी, और अधीनस्थ बोर्ड संस्थान का अस्तित्व ही नहीं रहा है। यह संस्थाएं तत्कालीन भंग करनी चाहिए। आज से साल साल पहले सीएम भजनलाल शर्मा ने बड़े-बड़े नाम (मगरमच्छ) आएंगे लेकिन अब इंतजार किस चीज का है। दोनों सरकारों के अंदर नियुक्त किए गए आरपीएससी सदस्य जेल जाना इन युवाओं को न्याय नहीं दिला रहा है। युवाओं को न्याय तब मिलेगा जब योग्यता के अनुसार इनको नौकरी मिले। इसके अलावा दूसरा कोई माध्यम नहीं है। एमएलए बोले- विधानसभा में बड़ी मजबूती से उठाऊंगा निर्दलीय विधायकों (रविंद्र सिंह भाटी और डॉ. प्रियंका चौधरी) पर दिए बयान पर हरीश चौधरी ने कहा कि मैंने कटाक्ष नहीं किया है। यहां के आयोजकों ने बोला है कि उनका पहले से तय कार्यक्रम में जाना तय हो गया था। विधानसभा में इन युवाओं के लिए बोलेंगे। चौधरी ने कहा- विधानसभा में बड़ी मजबूती से मेरे बन पाएगा, युवाओं की आवाज विधानसभा में उठाऊंगा। लाइव डिडक्टर से दूध का दूध और पानी का पानी लाइव डिडक्टर की स्पीच पर हरीश चौधरी ने कहा- बाबूलाल कटारा कह रहे है कि मैंने उनको पैसा दिया है। उनका कहना है कि मेरा कोई संबंध नहीं है। उसमें एक सही और एक गलत है। लाइव डिडेक्टर करवाकर दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा आज वैज्ञानिक युग है और यह माध्यम है।
मैनपुरी जिले में एक हरे जामुन के पेड़ को काटने से रोकने पर एक परिवार के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। यह घटना 22 जनवरी 2026 की शाम को हुई। लक्ष्मीपुर गांव निवासी मुन्नीदेवी पत्नी कुंवरपाल सिंह ने बताया कि 22 जनवरी 2026 की शाम करीब 6 बजे वह अपने घर में घरेलू काम कर रही थीं। तभी गांव के रिखराज सिंह, शिवम, जितेंद्र उर्फ जैकी और गौतम उर्फ गोलू उनके घर में जबरन घुस आए। मुन्नीदेवी के अनुसार, इन लोगों ने उनसे हरे जामुन के पेड़ को काटने के लिए कहा। जब उन्होंने मना किया, तो आरोपियों ने जातिसूचक गालियां दीं और मुन्नीदेवी व उनके पति कुंवरपाल सिंह के साथ लात-घूंसे और लाठी-डंडों से मारपीट की। आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी और घर खाली करने को कहा। पीड़ित परिवार ने इस संबंध में 23 जनवरी 2026 को कुर्रा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, मुन्नीदेवी का आरोप है कि पुलिस ने अभी तक आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। न्याय न मिलने पर पीड़ित परिवार ने अब पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई है। उन्होंने अपने प्रार्थना पत्र का संज्ञान लेते हुए आरोपियों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर मंगलवार को देशव्यापी हड़ताल के कारण श्रीगंगानगर सहित देशभर में सरकारी बैंकों की शाखाएं बंद रहीं। पिछले दो दिनों से साप्ताहिक अवकाश और गणतंत्र दिवस की छुट्टी के चलते पहले से ही बैंक बंद थे। अब हड़ताल के कारण लगातार तीसरे दिन बैंकों में ताले लटके नजर आए। वहीं, बैंक कर्मचारी बीरबल चौक स्थित पंजाब नेशनल बैंक के पास एकजुट हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया। हड़ताल के चलते कैश जमा-निकासी, चेक क्लीयरेंस, लोन, FD/RD जैसे सभी ब्रांच-लेवल काम पूरी तरह रुक गए। आम जनता को खासा परेशानी हुई और बाजार में कैश की किल्लत, व्यापारियों के लेन-देन अटके रहे। बैंक यूनियनों ने मांग की है कि बैंकों में सोमवार से शुक्रवार तक काम हो। शनिवार और रविवार अवकाश हो। फिलहाल सिर्फ महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी मिलती है, बाकी शनिवार पूरे कार्य दिवस होते हैं। यूनियनों का कहना है कि यह मांग नई नहीं। 7 दिसंबर 2023 को इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और यूनियनों के बीच समझौता हुआ था। फिर 8 मार्च 2024 को सेटलमेंट/ज्वाइंट नोट पर हस्ताक्षर हुए, जिसमें तय हुआ कि रोजाना 40 मिनट अतिरिक्त काम (20 मिनट पहले और 20 मिनट बाद) के बदले बाकी सभी शनिवार छुट्टी रहेगी। यह प्रस्ताव सरकार को भेजा गया, लेकिन पिछले दो साल से मंजूरी अटकी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल बैंकिंग के युग में 5-डे वर्क वीक लागू करना संभव है। क्योंकि UPI, इंटरनेट बैंकिंग, AePS जैसी सुविधाएं 24x7 उपलब्ध हैं। लेकिन ब्रांच-लेवल सेवाओं पर असर पड़ना तय है, जब तक सरकार अधिसूचना जारी नहीं करती। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती आंदोलन चलता रहेगा।
कटनी जिले के रीठी विकासखंड में 12 करोड़ 63 लाख रुपए से आईटीआई भवन का निर्माण किया जा रहा है। मंगलवार को कलेक्टर आशीष तिवारी ने ममार गांव में केन नदी के तट पर बन रहे इस निर्माणाधीन परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं करने और इसे तय समय-सीमा में बनाने के निर्देश दिए। परिसर में कराएं एंटी-टर्माइट' पेस्ट कंट्रोल कलेक्टर तिवारी ने निर्माणाधीन भवन के ग्राउंड फ्लोर और प्रथम तल का मुआयना किया। उन्होंने वहां बन रहे क्लासरूम, हॉल, वर्कशेड और छात्रावासों को देखा। भवन की लंबी उम्र और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि हैंडओवर से पहले पूरे परिसर में 'एंटी-टर्माइट' (दीमकरोधी) पेस्ट कंट्रोल कराया जाए, ताकि भविष्य में फर्नीचर और भवन को दीमक से बचाया जा सके। छात्रावास और स्टाफ क्वार्टर की भी सुविधा निरीक्षण के दौरान मौजूद आईटीआई प्राचार्य शरद कुमार पाण्डेय और इंजीनियरों ने कलेक्टर को बिल्डिंग का नक्शा और डिजाइन दिखाया। अधिकारियों ने बताया कि इस मुख्य भवन में 6 अलग-अलग ट्रेड (विषयों) की पढ़ाई होगी। छात्रों की सुविधा के लिए यहां 60-60 सीटों वाले दो अलग-अलग छात्रावास बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा प्राचार्य और स्टाफ के लिए परिसर में ही 7 आवासीय क्वार्टर का निर्माण भी अंतिम चरण में है। समय पर काम पूरा करने का अल्टीमेटम कलेक्टर ने निर्माण एजेंसी 'परियोजना क्रियान्वयन इकाई' के इंजीनियरों को हिदायत दी कि फिनिशिंग के काम में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें। उन्होंने कहा कि भवन का निर्माण जल्द पूरा होने से स्थानीय युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।
रेलवे की ओर से फरवरी महीने में अतिरिक्त यात्री भार देखते हुए यात्रियों को बड़ी राहत दी जा रही है। जोधपुर मंडल वाराणसी, मुंबई, इंदौर और दक्षिण भारत की ओर जाने वाली 16 जोड़ी ट्रेनों में विभिन्न श्रेणियों के डिब्बों की अस्थायी बढ़ोतरी करेगा। जोधपुर डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि यह व्यवस्था 1 फरवरी से लागू होगी। इससे वेटिंग लिस्ट में कमी आएगी। वाराणसी जाने वाली मरुधर एक्सप्रेस में थर्ड एसीजोधपुर से वाराणसी सिटी जाने वाली प्रमुख ट्रेन (मरुधर एक्सप्रेस - 14854/53, 14864/63, 14866/65) के तीनों रेक में 1 से 28 फरवरी तक एक-एक थर्ड एसी कोच बढ़ाया गया है। इससे उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिलेगी। इंदौर के लिए जनरल कोच भी बढ़ेजोधपुर-इंदौर (14801/02) और इंदौर-भगत की कोठी (12465/66) ट्रेनों में स्लीपर के साथ 3-3 जनरल श्रेणी के डिब्बे भी बढ़ाए गए हैं। जोधपुर-इंदौर में यह व्यवस्था 1 फरवरी से और भगत की कोठी वाली ट्रेन में 3 फरवरी से लागू होगी। मुंबई और गुजरात रूट पर एसी और स्लीपर का फायदा जयपुर इंटरसिटी और लंबी दूरी की ट्रेनेंजयपुर-जोधपुर इंटरसिटी (22977/78) में 1 फरवरी से फर्स्ट मय सेकेंड एसी और एक थर्ड एसी कोच बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा श्रीगंगानगर-तिरूच्चिराप्पल्लि (हमसफर), भगत की कोठी-तिरूच्चिराप्पल्लि, श्रीगंगानगर-पुरी और बीकानेर-कोलकाता एक्सप्रेस में भी थर्ड एसी और स्लीपर कोच की अस्थायी बढ़ोतरी की गई है।
रीवा जिले के बैकुंठपुर थाना क्षेत्र में एक भीषण सड़क हादसा हो गया। मंगलवार दोपहर यहां मजगामा गांव में एक तेज रफ्तार बोलेरो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने घर में जा घुसी। हादसे में घर के बाहर बैठकर धूप सेंक रहे एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, बोलेरो में सवार 4 से 5 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए रीवा के संजय गांधी अस्पताल (SGMH) में भर्ती कराया गया है। संभलने का मौका भी नहीं मिला प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बोलेरो वाहन की रफ्तार काफी तेज थी। अचानक ड्राइवर ने गाड़ी से नियंत्रण खो दिया और वाहन सड़क से उतरते हुए सीधे एक घर की दीवार से जा टकराया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि घर के बाहर धूप ताप रहे युवक को संभलने का मौका भी नहीं मिला और उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान मोहम्मद कमरुद्दीन पिता अब्दुल गनी के रूप में हुई है। पुलिस ने शुरू की जांच हादसे में बोलेरो सवार चार से पांच लोगों को गंभीर चोटें आई हैं। उन्हें तत्काल एंबुलेंस की मदद से रीवा रेफर किया गया है, जहां संजय गांधी अस्पताल में उनका इलाज जारी है। सूचना मिलते ही बैकुंठपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
नारनौंद में फॉर्च्यूनर ने कार को मारी टक्कर:ड्राइवर की हालत गंभीर, बड़छप्पर दोस्त के पास जा रहा था
हिसार जिले के नारनौंद क्षेत्र में जींद-भिवानी रोड पर गांव बास के पास एक तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर ने टाटा कार को सीधी टक्कर मार दी। हादसे में कार ड्राइवर मुकेश गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद हिसार रेफर किया गया। पुलिस ने घायल के बयान के आधार पर फॉर्च्यूनर ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बड़छप्पर दोस्त के पास जा रहा था पुलिस को दिए बयान में गांव बरी कलां छप्पार, जिला दादरी के मुकेश ने बताया कि वह एमए शिक्षित है और खेती-बाड़ी करता है। 25 जनवरी की सुबह करीब 9 से 10 बजे वह अपनी कार से गांव बास से आगे जींद-भिवानी रोड पर अपने दोस्त के पास गांव बड़छप्पर जा रहा था। इसी दौरान गांव बास की ओर से आ रही एक फॉर्च्यूनर तेज गति और लापरवाही से उसकी साइड में आ गई और सामने से सीधी टक्कर मार दी। टक्कर लगने पर अंदर फंसा ड्राइवर टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और मुकेश अंदर फंस गया। राहगीरों ने किसी तरह उसे बाहर निकाला और डायल 112 पर सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस और एम्बुलेंस ने घायल को पहले हांसी के नागरिक अस्पताल पहुंचाया। हांसी में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने मुकेश को हिसार रेफर कर दिया। परिजन उसे हिसार के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां उसका इलाज जारी है। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस पुलिस के अनुसार, सूचना मिलने पर बास थाना पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर घायल मुकेश के बयान दर्ज किए। एमएलआर (मेडिको-लीगल रिपोर्ट) में डॉक्टर ने चोट को एक कुंद वस्तु से लगी चोट के रूप में दर्ज किया है। बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर फॉर्च्यूनर ड्राइवर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 281, 125(A) और 324(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है। बास थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
250 एमएम की मुख्य पाइपलाइन टूटी:40 गांवों में चार दिन से पेयजल आपूर्ति ठप
दूदू के नरेना क्षेत्र में पेयजल संकट गहरा गया है। नरेना से ममाना के बीच 250 एमएम की मुख्य जलापूर्ति पाइपलाइन पिछले चार दिनों से टूटी हुई है, जिसके कारण लगभग 40 गांवों में पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। हजारों ग्रामीण पानी की किल्लत का सामना कर रहे हैं। यह मुख्य पाइपलाइन नरेना क्षेत्र के कुल 71 गांवों और ढाणियों को पानी की आपूर्ति करती है। पाइपलाइन फटने के बाद कई गांवों में गंभीर जल संकट उत्पन्न हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार कंपनी और जलदाय विभाग के अधिकारी इस समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। ग्रामीणों ने लगाया लापरवाही का आरोप ग्रामीणों ने मैसर्स विष्णु प्रकाश पुंगलिया लिमिटेड कंपनी पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पाइपलाइन टूटने के चार दिन बीत जाने के बावजूद न तो मरम्मत कार्य शुरू किया गया और न ही टैंकरों से ऑप्शनल जल व्यवस्था की गई है। स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि कनिष्ठ अभियंता पूजा कुमावत और सहायक अभियंता जितेश मीणा की निष्क्रियता के चलते स्थिति लगातार बिगड़ रही है। ग्रामीणों ने बताया कि नियमानुसार समय पर कार्य नहीं होने पर ठेकेदार फर्म पर पेनल्टी का प्रावधान है, लेकिन विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के कारण कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है, जबकि फर्म को हर माह संधारण और संचालन के लिए लाखों रुपए का भुगतान किया जा रहा है। आंदोलन की दी चेतावनी क्षेत्र में बढ़ते जल संकट को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही पाइपलाइन की मरम्मत कर नियमित जल आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
जयपुर में पोलो मैच में बॉलीवुड अभिनेत्री मलाइका अरोड़ा आईं। राजस्थान पोलो क्लब के रामबाग पोलो ग्राउंड पर 'कोग्निवेरा पोलो कप 2026' का मलाइका ने उद्घाटन किया। वहीं मैच के दौरान एक टीम के खिलाड़ी खेल के दौरान घोड़े से नीचे गिर गए। इस कारण कुछ मिनट के लिए खेल रोकना पड़ा। पोलो ग्राउंड पर मंगलवार को अभिनेत्री मलाइका अरोड़ा ने रंग-बिरंगे गुब्बारे छोड़कर और दोनों टीमों के लिए बॉल पास करते हुए टूर्नामेंट की औपचारिक शुरुआत की। टूर्नामेंट का पहला मुकाबला जयपुर टीम और थंडर बोल्ट टीम के बीच हुआ। इस रोमांचक मैच में जयपुर टीम के कप्तान सवाई पद्मनाभ सिंह ने लगातार तीन गोल दागकर हैट्रिक बनाई और दर्शकों का दिल जीत लिया। उनके आक्रामक खेल ने पहले ही दिन जयपुर टीम को मजबूती से आगे बढ़ाया। वहीं कप की ट्रॉफी लगभग 7 फीट ऊंची है। यह अब तक की दुनिया की सबसे बड़ी पोलो ट्रॉफी मानी जा रही है। पहले देखें PHOTOS घोड़े से गिरे खिलाड़ी, मेडिकल जांच के बाद दोबारा खेलेमैच के दौरान एक घटना घटी। थंडर बोल्ट टीम के खिलाड़ी मृत्युंजय चौहान खेल के दौरान घोड़े से गिर गए। वहां उन्हें सवाई पद्मनाभ सिंह ने संभाला। मौके पर मौजूद मेडिकल टीम ने तुरंत पहुंचकर उनका परीक्षण किया। इस कारण कुछ मिनटों के लिए खेल रोकना पड़ा। राहत की बात यह रही कि कुछ ही देर बाद मृत्युंजय चौहान पुनः अपने घोड़े के साथ मैदान में लौट आए और खेल जारी रहा। मलाइका ने बनाए वीडियो, विंटेज कार पर बैठकर पहुंचींपोलो मैच देखने आईं मलाइका अरोड़ा पूरे समय बेहद उत्साहित नजर आईं। वे स्टैंड पर खड़े होकर खिलाड़ियों के खेल के वीडियो बनाती दिखीं। साथ ही दर्शकों के साथ भी कई वीडियो और तस्वीरें लीं। इससे दर्शकों में खासा उत्साह देखने को मिला। मैदान पर मलाइका विंटेज कार में बैठकर पहुंचीं। सबसे ऊंची 7 फीट की ट्रॉफी, टूटा रिकॉर्डकोग्निवेरा पोलो कप-2026 की ट्रॉफी भी आकर्षण का बड़ा केंद्र रही। लगभग सात फीट ऊंची यह ट्रॉफी अब तक की दुनिया की सबसे बड़ी पोलो ट्रॉफी मानी जा रही है। इसने चेन्नई के कोलांका कप की छह फीट ऊंची ट्रॉफी का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वहीं जयपुर टीम और थंडर बोल्ट टीम के बीच हुए मुकाबले में जयपुर टीम जीत गई। शिल्पा शेट्टी फाइनल में आएंगीइस अवसर पर कोग्निवेरा आईटी सॉल्यूशंस के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ कमलेश शर्मा ने कहा- पोलो खेल सटीकता, अनुशासन और टीमवर्क का प्रतीक है। उन्होंने बताया- टूर्नामेंट के जरिए खेल और बॉलीवुड को जोड़ने का प्रयास किया गया है।उन्होंने कहा- पहले दिन मलाइका अरोड़ा मौजूद रहीं। वहीं 1 फरवरी को होने वाले फाइनल मुकाबले में शिल्पा शेट्टी और शमिता शेट्टी उपस्थित रहेंगी। यह आठ गोल का टूर्नामेंट है और दुनिया की सबसे बड़ी पोलो ट्रॉफी बनाने का निर्णय है। मैच देखने के लिए कई प्रमुख राजनीतिक और सामाजिक हस्तियां भी मौजूद रहीं। इनमें नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, पुष्पेंद्र शर्मा, नरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
कासगंज बस स्टैंड पर जाम की समस्या:रोडवेज बसों के लिए वन-वे प्रणाली लागू, रूट चार्ट तैयार
कासगंज में रोडवेज बस स्टैंड पर लगने वाले जाम की समस्या के समाधान के लिए एक नई व्यवस्था लागू की गई है। जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में लिए गए निर्णय के अनुसार, 28 जनवरी से रोडवेज बसों के आवागमन के लिए वन-वे प्रणाली प्रभावी होगी। इस नई व्यवस्था के तहत, बरेली और बदायूं की ओर से आने वाली सभी रोडवेज बसें गोरहा बाईपास का उपयोग करेंगी। ये बसें नदरई तिराहा से होते हुए अपने गंतव्य की ओर आगे बढ़ेंगी। मथुरा और आगरा से आने वाली बसों के लिए भी विशेष मार्ग निर्धारित किया गया है। ये बसें रोडवेज बस स्टैंड के प्रवेश द्वार से अंदर आएंगी, यात्रियों को उतारेंगी और चढ़ाएंगी। इसके बाद, वे निकास द्वार से बिलराम गेट, राजकोल्ड तिराहा और सोरों होते हुए अपने गंतव्य के लिए प्रस्थान करेंगी। कासगंज रोडवेज बस स्टैंड से चलने वाली सभी बसें अपने पूर्व निर्धारित मार्गों के अनुसार ही अपने गंतव्य के लिए रवाना होंगी। यह प्रणाली विशेष रूप से बाहर से आने वाली बसों के लिए लागू की गई है, ताकि बस स्टैंड पर भीड़भाड़ कम की जा सके।
गाजीपुर बीएड परीक्षा में 33 नकलची पकड़े गए:पहले दिन आयोजित विषम सेमेस्टर परीक्षा में हुई कार्रवाई
गाजीपुर में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर से संबद्ध बीएड विषम सेमेस्टर की परीक्षा मंगलवार से स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शुरू हुई। पहले ही दिन बीएड प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा में 33 परीक्षार्थी नकल करते हुए पकड़े गए। यह परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की गई। कुल 2226 पंजीकृत परीक्षार्थियों में से 2137 उपस्थित रहे, जबकि 89 अनुपस्थित पाए गए। यह केंद्र कुल 23 बीएड कॉलेजों के लिए बनाया गया है। परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र पर कड़े इंतजाम किए गए थे। महाविद्यालय परिसर में प्रवेश से पहले परीक्षार्थियों की सघन तलाशी ली गई थी और मोबाइल, स्मार्टवॉच, पर्स सहित सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर प्रतिबंध था। इसके बावजूद, परीक्षा कक्षों की जांच के दौरान 33 नकलची पकड़े गए। पकड़े गए परीक्षार्थियों के खिलाफ विश्वविद्यालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ.) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने बताया कि विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग से समन्वय बनाए रखते हुए निष्पक्ष परीक्षा कराई जा रही है। उन्होंने परीक्षार्थियों से अनुचित साधनों का प्रयोग न करने की अपील की। पकड़े गए अधिकांश नकलची बिहार के मूल निवासी बताए जा रहे हैं। पिछले वर्ष बिहार में बीएड के आधार पर शिक्षकों की बड़ी भर्ती हुई थी, जिसके चलते आगामी भर्तियों की उम्मीद में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उत्तर प्रदेश के स्ववित्त पोषित कॉलेजों में बीएड कर रहे हैं।
दुर्ग जिले के पाटन थाना क्षेत्र में गणतंत्र दिवस की रात महिला से मोबाइल झपटमारी की घटना सामने आई है। अज्ञात स्कूटी सवार युवकों ने पैदल घर के बाहर टहल रही जा रही महिला के हाथ से मोबाइल झपट लिया और मौके से फरार हो गए। पीड़िता ने घटना की रिपोर्ट पाटन थाने में दर्ज कराई है। पुलिस अज्ञात आरोपियों की तलाश में जुट गई है। जानकारी के अनुसार हेमा ठाकुर निवासी पाटन रोजी-मजदूरी का काम करती हैं। उन्होंने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 26 जनवरी की रात करीब 8:30 बजे वह अपनी सहेली के साथ खाना खाने के बाद टहलने के लिए घर से निकली थीं। दोनों चंडी मंदिर पाटन से कुछ दूरी तक टहलने के बाद पैदल वापस अपने घर लौट रही थीं। इसी दौरान यह वारदात हुई। पीछे से स्कूटी पर सवाल होकर आए तीन युवकरात लगभग 8:43 बजे जब वे प्रज्ञा मेडिकल स्टोर के पास मुख्य मार्ग पर पहुंचीं, तभी पीछे से एक स्कूटी पर सवार तीन युवक वहां पहुंचे। इनमें से दो युवक स्कूटी पर बैठे हुए थे, जबकि एक युवक स्कूटी से उतरकर अचानक हेमा ठाकुर के हाथ में रखा मोबाइल फोन झपटकर ले गया। सीसीटीवी खंगाल रही पुलिसपीड़िता के अनुसार झपटमारी किया गया मोबाइल VIVO Y27 कंपनी का था, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 6 हजार बताई जा रही है। मोबाइल में एक सिम कार्ड लगा हुआ था। वारदात के बाद तीनों आरोपी तुरंत स्कूटी से फरार हो गए। स्कूटी का रंग काला बताया गया है, हालांकि पीड़िता वाहन का नंबर नहीं देख सकीं। पाटन थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
यमुनानगर में जून 2023 की रात मधु कॉलोनी में व्यापारी के घर लूट की बड़ी वारदात का पुलिस ने ढाई साल बाद खुलासा किया है। इस मामले में नौकर बनकर घर में घुसे नेपाली गैंग के दो आरोपियों को महाराष्ट्र के पूणे से गिरफ्तार किया गया है। इनमें से एक आरोपी ने घर में रहकर पहले परिवार का भरोसा जीता, फिर नशीला पदार्थ खिलाकर अपने साथियों को बुलाया और हथियारों के दम पर लूट को अंजाम दिया। वारदात को अंजाम देने में महिला सहित पांच आरोपी शामिल थे, जिनमें से चार ने घर में घुसकर इस लूट का अंजाम दिया था। वारदात को अंजाम देने के बाद पांच में से तीन अलग और दो अलग गैंग बनाकर छिप गए। इसमें से दो आरोपी महाराष्ट्र के पूणे में छिपे हुए थे, जिन्हें पुलिस ने ट्रेस करके हिरासत में लिया और फिर पहचान पुख्ता कर गिरफ्तार कर लिया। 13 जून 2023 की रात हुई थी वारदात जानकारी के अनुसार 13 जून 2023 की रात करीब 11 बजे यमुनानगर की मधु कॉलोनी में पंजाब प्लाई बोर्ड के मालिक प्रवीण गर्ग के घर चार बदमाशों ने धावा बोला था। उस समय व्यापारी और उनकी पत्नी अपने कमरे में सो रहे थे। घर में काम करने वाला नेपाली नौकर भरत जोकि नाम बदलकर रह रहा था, अपने तीन साथियों के साथ कमरे में दाखिल हुआ। बदमाशों ने हथियार दिखाकर दंपती के हाथ-पैर बांध दिए और उनके साथ मारपीट की। इसके बाद महिला के पहने हुए गहने जबरन उतार लिए गए और घर में रखा नकदी व जेवरात लूटकर फरार हो गए। हथियारों के दम पर 10 लाख से ज्यादा की लूट लुटेरे पिस्टल, लोहे के हथियार और बड़े पेचकस लेकर आए थे। बदमाशों ने करीब 10 लाख रुपये नकद, सोने-चांदी के जेवरात और अन्य कीमती सामान लूट लिया। पूरी वारदात घर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी। घटना के बाद पुलिस में हड़कंप मच गया था और तत्कालीन एसपी मोहित हांडा भी मौके पर टीम के साथ पहुंचे थे। पुलिस ने क्षेत्र में नाकाबंदी कर जांच शुरू की, लेकिन कोई ठोस सुराग न मिलने पर मामला लंबे समय तक अनट्रेस रहा। पैटर्न एनालिसिस से खुला राज ढाई साल बाद यमुनानगर पुलिस ने इस मामले को दोबारा खोलते हुए डेटा एनालिसिस और पैटर्न क्राइम के आधार पर जांच शुरू की। एसपी यमुनानगर के निर्देशन और एएसपी के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई। जांच में सामने आया कि आरोपी नेपाल के कैलाली और अच्छाम जिलों से जुड़े हैं और अलग-अलग नामों से विभिन्न शहरों में घरेलू नौकर बनकर काम करते थे। नौकर बनकर रेकी, फिर नशा देकर लूट पुलिस जांच में पता चला कि मुख्य आरोपी नेपाल से आकर करीब ढाई महीने तक व्यापारी के घर नौकर बनकर रहा। इस दौरान उसने परिवार की दिनचर्या, नकदी और जेवरात की जानकारी जुटाई। वारदात वाली रात उसने मिल्क शेक में नशीला पदार्थ मिलाया और अपने साथियों को बुलाकर लूट को अंजाम दिया। पुणे से दो आरोपी गिरफ्तार सूचना के आधार पर पुलिस ने महाराष्ट्र के पुणे से दो संदिग्धों को हिरासत में लिया। पीड़ित के सामने पेश करने पर उनकी पहचान पुख्ता हुई, जिसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों को कोर्ट में पेश कर 6 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी अलग-अलग जगह भरत, हरिबोल, हरीश और हेमू सरकार जैसे नामों से काम करता रहा है, लेकिन उसका असली नाम हरि बोहरा है। घर में रहकर भरोसा जीतता है नेपाली गैंग स्पेशल सेल के इंचार्ज केवल सिंह ने बताया कि यह नेपाली गैंग कुछ समय तक घर में रहकर मालिकों का भरोसा जीतता है और फिर नशीला पदार्थ देकर गैंग के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर लूट की वारदात को अंजाम देता है। दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस अब इस गैंग से जुड़े अन्य सदस्यों और इसी तरह की वारदातों की भी जांच कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि यह गिरोह अलग-अलग राज्यों में इसी तरीके से कई वारदातों को अंजाम दे चुका है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।
मंगलवार शाम मैनपुरी में मौसम ने अचानक करवट ली। शाम करीब चार बजे हल्की बूंदाबांदी शुरू हुई, जो कुछ ही देर में तेज बारिश में बदल गई। इस अचानक हुई बारिश से जिले में एक बार फिर ठंड बढ़ गई। पिछले दो दिनों से चल रही सर्द हवाओं के बीच हुई बारिश ने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया। सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए थे, जिससे मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे थे। बारिश शुरू होते ही सड़कों पर आवाजाही कम हो गई और बाजारों में सन्नाटा पसर गया। रोजमर्रा की खरीदारी के लिए निकले लोग जल्द ही अपने घरों को लौटते दिखे। अचानक बढ़ी ठंड के कारण लोगों ने गर्म कपड़ों का सहारा लिया। बारिश और ठंडी हवाओं से बुजुर्गों और बच्चों को विशेष परेशानी हुई। कई स्थानों पर लोग अलाव और हीटर का इंतजाम करते देखे गए। मौसम विभाग के अनुसार, जिले में अगले दो दिनों तक बारिश की संभावना है। जिला मौसम वैज्ञानिक रमेश शुक्ला ने बताया कि लगातार चल रही ठंडी हवाओं के साथ बारिश होने से तापमान में और गिरावट आ सकती है। इसका असर आने वाले दिनों में सुबह और रात के समय अधिक महसूस होगा। इस बारिश से जहां एक ओर ठंड बढ़ी है, वहीं दूसरी ओर किसानों के लिए इसे कुछ हद तक राहत भरा माना जा रहा है। हालांकि, लगातार मौसम में हो रहे बदलाव से जनजीवन प्रभावित होता दिख रहा है।
UGC को लेकर आगरा में भी आक्रोश भड़क रहा है। अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद ने इसके विरोध में कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। नारेबाजी करते हुए इस कानून को वापस लेने की मांग उठाई। इस संबंध में 4 मांगों को लेकर प्रधानमंत्री के नाम सिटी मजिस्ट्रेट वेद सिंह चौहान को ज्ञापन भी सौंपा। कलेक्ट्रेट पहुंचे परिषद के कार्यकर्ताओं का कहना था-केंद्र सरकार द्वारा UGC के माध्यम से हाल ही में प्रस्तावित नया कानून के प्रावधान न केवल सामाजिक संतुलन को बिगाड़ने वाले हैं बल्कि आने वाले समय में शिक्षा, रोजगार एवं सामाजिक समरसता पर भी दूरगामी नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। निशांत चतुर्वेदी ने कहा-यह अत्यंत चिंताजनक है कि इस कानून को लागू करने से पूर्व व्यापक जनसंवाद, पारदर्शिता एवं समाज के सभी वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित नहीं की गई। परिणामस्वरूप समाज में असंतोष, भय एवं अनिश्चितता का वातावरण बन रहा है। आज देश का आम नागरिक, विशेषकर सवर्ण समाज का बड़ा तबका, इस कानून के कार स्वयं को असुरक्षित और उपेक्षित महसूस कर रहा है। यह कानून यदि इसी रूप में लागू होता है तो भविष्य में इसके दुष्परिणाम केवल एक वर्ग तक सीमित न रहकर पूरे समाज को प्रभावित करेंगे। परिषद के जिलाध्यक्ष पुष्पेंद्र शर्मा ने कहा-सामाजिक टकराव, मानसिक तनाव और शिक्षा व्यवस्था पर इसका गंभीर असर पड़ना तय है। जो जनप्रतिनिधि एवं विभिन संगठनों में दायित्व पर आसनी हैं, उनका मौन भविष्य में सामाजिक विश्वास के लिए घातक सिद्ध हो सकता है। लोकतंत्र में समय रहते संवाद और सुधार ही स्थायित्व का आधार होता है। ये हैं मांग
देशभर के बैंकों में मंगलवार को हड़ताल रही। ये हड़ताल यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर थी। इसका असर नोएडा में देखने को मिला। यहां सेक्टर-62 में आंचलिक कार्यालय के पास नोएडा के समस्त बैंककर्मियों ने धरना प्रदर्शन किया। हड़ताल की सबसे प्रमुख मांग फाइव डे वर्क वीक यानी हफ्ते में 5 दिन काम रही। इस हड़ताल से नोएडा में चेक क्लियरेंस, डिमांड ड्राफ्ट, नकद लेनदेन जैसी सेवाएं प्रभावित रही। बैंक कर्मियों का तर्क है कि जब केंद्र सरकार के अधिकांश विभागों में हफ्ते में 5 दिन काम की व्यवस्था है। तो बैंकिंग सेक्टर को इससे बाहर क्यों रखा गया है? बैंक यूनियनों के मुताबिक, केंद्र सरकार और इंडियन बैंक एसोसिएशन (आईबीए) से लंबे समय से इस मुद्दे पर कई दौर की चर्चाएं हो चुकी हैं। सुमन कुमार, आंचलिक मंत्री बैंक ऑफ इंडिया अधिकारी ऑर्गेनाइजेशन ने कहा कि इतनी चर्चा होने के बाद भी अब तक हमारी मांगों को लेकर कोई ठोस फैसला नहीं लिया जा सका है। यूनियनों का कहना है कि दूसरे सरकारी विभागों की तरह ही बैंकों में भी वर्क-लाइफ बैलेंस जरूरी है और 5 डेज वर्किंग सिस्टम लागू किया जाना चाहिए।
जालौन में मौसम बदला, बारिश हुई:रबी फसलों को मिला जीवनदान, किसानों को मिली राहत
जालौन में मंगलवार देर शाम मौसम ने अचानक करवट ली। तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई, जो लगभग 30 मिनट तक जारी रही। इस बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और किसानों को गर्मी और शुष्क मौसम से राहत मिली। पिछले कई दिनों से जनपद में दिन के समय तेज धूप और गर्मी पड़ रही थी, जिससे रबी की फसलें प्रभावित हो रही थीं। विशेषकर गेहूं, चना, मसूर और सरसों की फसलों को नुकसान की आशंका थी। किसानों के अनुसार, नमी की कमी के कारण फसलों की बढ़वार रुक गई थी। किसानों ने बताया कि यह बारिश रबी की फसलों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। खेतों में पर्याप्त नमी आने से गेहूं की बालियों का विकास बेहतर होगा। इसके साथ ही चना और मसूर की फसल को भी मजबूती मिलेगी, जबकि सरसों की फसल में दानों का भराव बेहतर होने की उम्मीद है। इस बारिश से किसानों को राहत मिली है। बारिश की अवधि कम होने के कारण किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट की संभावना जताई है। इस बदले मौसम से जनपद के किसानों को बड़ी राहत मिली है। लंबे समय से गर्मी और शुष्क मौसम से जूझ रही फसलों को नई जान मिली है, जिससे बेहतर पैदावार की उम्मीद जगी है।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर मंगलवार को जिलेभर में बैंक कर्मचारियों की देशव्यापी हड़ताल का व्यापक असर दिखा। हनुमानगढ़ जिले की सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों की शाखाएं बंद रहीं, जिससे बैंकिंग कामकाज पूरी तरह ठप हो गया और करोड़ों रुपए का लेन-देन प्रभावित हुआ। बैंक बंद रहने से आम खाताधारकों, व्यापारियों, किसानों और पेंशनधारकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। नकद लेन-देन से लेकर चेक क्लियरेंस तक हर तरह की बैंकिंग सेवाएं बाधित रहीं। हड़ताल का मुख्य मुद्दा बैंक कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित पांच दिवसीय कार्य सप्ताह (फाइव-डे वीक) की मांग रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि बढ़ते कार्यभार, मानसिक दबाव और लंबी ड्यूटी के चलते बैंकों में भी अन्य सरकारी विभागों की तरह सप्ताह में पांच दिन कार्य प्रणाली लागू की जानी चाहिए। इसके साथ ही कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ भी रोष जताया गया। जंक्शन में टाउन रोड स्थित पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) मंडल कार्यालय के मुख्य गेट पर जिलेभर के बैंक कर्मचारी एकत्रित हुए और जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने केंद्र सरकार और वित्त मंत्रालय के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तख्तियों के जरिए अपनी मांगें उठाईं। इसके बाद यूएफबीयू के नेतृत्व में एक रैली निकाली गई। यह रैली पीएनबी मंडल कार्यालय से शुरू होकर बस स्टैंड, शहीद भगत सिंह चौक और रेलवे स्टेशन होते हुए वापस मंडल कार्यालय पहुंचकर संपन्न हुई। प्रदर्शन में शामिल यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। उन्होंने सरकार से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील भी की। इस प्रदर्शन में पीएनबीईयू राजस्थान के डिप्टी जनरल सेक्रेटरी एवं आरपीबीईयू के रीजनल सेक्रेटरी प्रदीप गोयल, एसबीआईएसए के रीजनल सेक्रेटरी जगप्रीत धींगड़ा, एनसीबीई के रीजनल सेक्रेटरी डूंगरराम भाटी, मनीष सेवटा, प्रदीप जोशी, अंकित डोडा, गौरव चिलाना, करणवीर बराड़, संदीप भाखर, अधिकारी यूनियन से नवीन धायल और अभिषेक शाह सहित कई अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।
अलवर जिला परिषद कार्यालय में मंगलवार को कर्मचारियों के बीच आपसी विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट तक पहुंच गया। घटना में अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी जितेंद्र कुमार सैनी के सिर और मुंह पर चोटें आईं, जिन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल अधिकारी ने बताया कि तिजारा पंचायत समिति में कार्यरत एलडीसी नाहर सिंह अपने बेटे के साथ एक वेतन संबंधी फाइल को लेकर कार्यालय में आया था। फाइल पर चर्चा के दौरान उन्हें उच्च अधिकारियों से बात करने की सलाह दी गई, जिस पर एलडीसी नाहर सिंह और उसका बेटा अचानक आक्रोशित हो गए और लात-घूसों से हमला कर दिया। जितेंद्र कुमार सैनी के अनुसार, हमले के दौरान उनके सिर और मुंह पर गंभीर चोटें आईं। कार्यालय में मौजूद अन्य कर्मचारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद बीच-बचाव कर उन्हें बचाया। सूचना पर अरावली विहार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी एलडीसी व उसके बेटे को हिरासत में लेकर पुलिस के सुपुर्द किया गया। घायल अधिकारी को बाद में कर्मचारियों की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा हाल ही में अधिसूचित नए नियमों का देश में विरोध शुरू हो गया है। हालांकि, देश की आबादी के एक बड़े वर्ग का प्रतिनिधित्व करने वाली ओबीसी महासभा ने इन नियमों का स्वागत किया है। महासभा के राष्ट्रीय महासचिव ब्रजेन्द्र यादव ने इन नियमों को देश के इतिहास में एक सुधारात्मक प्रयास और सबसे बड़ा कदम बताया है। मंगलवार को बालाघाट पहुंचे ब्रजेन्द्र यादव ने कहा कि देश में केवल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) इन नियमों का विरोध कर रहा है। उन्होंने ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग के मंत्रियों, सांसदों और विधायकों से इन नियमों का समर्थन करने का आग्रह किया। यादव ने चेतावनी दी कि यदि वे समर्थन नहीं करते हैं, तो ओबीसी महासभा न केवल उनके विरोध में खड़ी होगी, बल्कि उनका सामाजिक बहिष्कार भी करेगी। यादव बालाघाट में ओबीसी महासभा की बैठक में शामिल होने आए थे, जहां उन्होंने सदस्यता अभियान और आगामी फरवरी में होने वाले राष्ट्रीय अधिवेशन पर चर्चा की। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने बताया कि यूजीसी के नए नियमों का विरोध आरएसएस की लॉबी कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर इन नियमों के खिलाफ अनर्गल बयानबाजी की जा रही है, जिससे सामाजिक सौहार्द्र बिगड़ने की आशंका है। महासचिव ने कहा कि नियमों का विरोध करने वाली यह वही लॉबी है, जो प्रदेश में 27 प्रतिशत आरक्षण लागू नहीं होने देना चाहती। उन्होंने आरोप लगाया कि इन्हीं के लोग प्रदेश में 27 प्रतिशत आरक्षण को लेकर कोर्ट में गुमराह करने का काम कर रहे हैं। यादव ने चिंता व्यक्त की कि इन नियमों के पक्ष में देश के ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग के मंत्री, सांसद और विधायक खामोश हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि नियमों के लागू होने के दो दिन बाद ही इसका विरोध क्यों शुरू हो गया। ब्रजेन्द्र यादव ने जोर दिया कि ये नियम कमजोर तबके के बच्चों को प्रवेश, छात्रावास, कक्षाओं और विश्वविद्यालयों में होने वाले भेदभाव से बचाने में सहायक साबित होंगे। उन्होंने ओबीसी के हितो के गठित ओबीसी आयोग के लोगों के पास शक्तियां ना होने पर उन्हें नमूना बताते हुए मोदी सरकार से मांग की कि दरोगा तो बना दिया लेकिन पॉवरलेस दरोगा, केवल हंसी के पात्र बन रहे है, जिन्हें हंसी के पात्र ना बनने दे और उन्हें पॉवर के साथ काम करने का अवसर दे। यूजीसी के साथ ही उन्होंने प्रदेश में 27 प्रतिशत आरक्षण को बहाल नही किए जाने से 13 प्रतिशत पदो पर होल्ड किए गए पदों पर नाराजगी जाहिर करते हुए बताया कि ओबीसी मांग करती है कि हजारों युवाओ का भविष्य होल्ड पर है, जिसके लिए सरकार जल्द ही कदम उठाए। साथ ही उन्होंने देश के 2 करोड़ और प्रदेश के 5 लाख बैकलॉग पदो को भी भरे जाने की मांग रखी। उन्होंने बताया कि जातिगत जनगणना में ओबीसी का अलग से कालम बनाए जाने की हमारी मांग है और यदि इस मांग को शामिल नहीं किया जाता है तो ओबीसी महासभा जनजणना ही नही होने देगी।
खाटू श्याम में लगने वाले फाल्गुनी मेले को देखते हुए उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा यात्रियों की सुविधा के लिए रेवाड़ी–रींगस–रेवाड़ी की दो जोड़ी तथा जयपुर–भिवानी–जयपुर एक्सप्रेस स्पेशल रेलसेवाओं का संचालन किया जा रहा है। इन स्पेशल ट्रेनों से हरियाणा और राजस्थान के यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशि किरण ने बताया कि गाड़ी संख्या 09633 रेवाड़ी–रींगस एक्सप्रेस स्पेशल 20 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक कुल 9 ट्रिप में संचालित होगी। यह ट्रेन रेवाड़ी से रात 10:50 बजे रवाना होकर 1:45 बजे रींगस पहुंचेगी। 21 फरवरी से चलेगी वापसी में गाड़ी संख्या 09634 रींगस–रेवाड़ी एक्सप्रेस स्पेशल 21 फरवरी से 1 मार्च 2026 तक 9 ट्रिप में चलेगी, जो रींगस से 2:05 बजे रवाना होकर सुबह 5:10 बजे रेवाड़ी पहुंचेगी। इस ट्रेन का ठहराव अटेली, नारनौल, डाबला, नीम का थाना, कावंट और श्रीमाधोपुर स्टेशनों पर रहेगा। इस सेवा में डेमू रैक के 16 डिब्बे होंगे। दूसरी चलेगी 20 से इसके अलावा गाड़ी संख्या 09637 रेवाड़ी–रींगस एक्सप्रेस स्पेशल 20 फरवरी से 28 फरवरी तक 9 ट्रिप में रेवाड़ी से सुबह 11 बजे रवाना होकर दोपहर 2:20 बजे रींगस पहुंचेगी। वहीं गाड़ी संख्या 09638 रींगस–रेवाड़ी एक्सप्रेस स्पेशल इसी अवधि में रींगस से 2:55 बजे चलकर शाम 6:20 बजे रेवाड़ी पहुंचेगी। यहां होगा ठहराव इस ट्रेन का ठहराव कुंड, काठूवास, अटेली, नारनौल, अमरपुर जोरासी, निजामपुर, डाबला, मांवड़ा, नीम का थाना, कावंट और श्रीमाधोपुर स्टेशनों पर होगा। इसमें कुल 10 डिब्बे शामिल होंगे। जयपुर-भिवानी चलेगी 16 से इसके साथ ही गाड़ी संख्या 09733 जयपुर–भिवानी एक्सप्रेस स्पेशल 16 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक 13 ट्रिप में जयपुर से सुबह 7 बजे रवाना होकर दोपहर 2:20 बजे भिवानी पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 09734 भिवानी–जयपुर एक्सप्रेस स्पेशल भिवानी से 4:05 बजे चलकर रात 11:25 बजे जयपुर पहुंचेगी। यह ट्रेन नारनौल, अटेली, रेवाड़ी, कोसली, चरखी दादरी सहित कई प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव करेगी।
सलूम्बर के लसाड़िया ब्लॉक की बेड़ावल ग्राम पंचायत में महिला जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम महिला अधिकारिता विभाग, सलूम्बर ने वसुधा संस्थान के समन्वय से आयोजित किया। इसका उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना था। इसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महिला अधिकारिता विभाग, लसाड़िया ब्लॉक के सुपरवाइज़र सोहन सिंह सिसोदिया ने केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने लाडो प्रोत्साहन योजना, सखी वन स्टॉप सेंटर, महिला सुरक्षा सलाह केंद्र, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह अनुदान योजना, मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना, महिला हेल्पलाइन 181 और बाल विवाह रोकथाम जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के फायदा और आवेदन प्रक्रिया के बारे में बताया। सिसोदिया ने महिलाओं से घरेलू हिंसा, शोषण या किसी भी सामाजिक समस्या की स्थिति में बिना संकोच विभाग से संपर्क करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता के लिए लगातार प्रयास कर रही है, और इन योजनाओं का फायदा उठाकर महिलाएं अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं। इस अवसर पर वसुधा संस्थान से गोपी लाल राव और कौशिक सालवी, तथा सखी वन स्टॉप सेंटर से यामिनी जोशी विशेष रूप से उपस्थित थीं। वक्ताओं ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने, स्वरोजगार अपनाने, अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और सामाजिक कुरीतियों जैसे बाल विवाह के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों, सुरक्षा उपायों और सरकारी सहायता सेवाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। उपस्थित महिलाओं ने इस कार्यक्रम को उपयोगी बताया और भविष्य में भी ऐसे जागरूकता शिविर आयोजित करने की मांग की।
लुधियाना जिले में जगराओं के सुभाष गेट पर एक महिला से पर्स छीनने के मामले में पुलिस ने चार दिन बाद कार्रवाई की है। पुलिस ने वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों की पहचान करने के बाद केस दर्ज किया। पुलिस ने आरोपियों की पहचान गांव देहड़का के रहने वाले जगदीप सिंह और मनी के रूप में की है। वहीं पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी जगदीप को गिरफ्तार कर लिया है। सामान खरीदने आई थी बाजार थाना सिटी के एएसआई रणधीर सिंह ने बताया कि पीड़ित महिला राजवीर कौर, गांव काउके कलां, की रहने वाली अपने रिश्तेदारों के साथ खरीदारी के लिए जगराओं आई थीं। खरीदारी के बाद जब वे सुभाष गेट स्थित पेट्रोल पंप के पास खड़ी अपनी गाड़ी की ओर जा रही थीं, तभी यह वारदात हुई। पर्स छीनकर हुए थे फरार इसी दौरान पीछे से आए बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। पीछे बैठे बदमाश ने लोहे की रॉड से हमला करने की धमकी देकर महिला के कंधे से पर्स छीन लिया। इसके बाद दोनों आरोपी मौके से लप्पे शाह रोड की ओर फरार हो गए। पीड़िता ने दी पुलिस को शिकायत पीड़िता राजवीर कौर ने बताया कि अचानक हुई इस वारदात से वह कुछ पलों के लिए सदमे में आ गईं। उनके शोर मचाने पर आसपास के लोग इकट्ठा हुए और पेट्रोल पंप से गाड़ी निकाल रहे उनके पति को घटना की जानकारी दी गई। इसके बाद पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल हालांकि, पुलिस ने घटना के चार दिन बाद आरोपियों के खिलाफ थाना सिटी में मामला दर्ज किया। शहरवासियों का कहना है कि यह कोई पहला मामला नहीं है, और अक्सर ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज करने में देरी होती है। सुरक्षा दावों पर उठे सवाल लोगों का यह भी आरोप है कि पुलिस तभी कामयाबी का श्रेय लेती है जब पीड़ित खुद आरोपियों का सुराग लगा दे या उन्हें पकड़वा दे। दिनदहाड़े सुभाष गेट जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में हुई इस लूट ने 'ऑपरेशन प्रहार' जैसे पुलिस अभियानों और सुरक्षा दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहरवासी सवाल उठा रहे हैं कि जब शहर के व्यस्ततम चौराहे सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिक की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।
छिंदवाड़ा से बैतूल जा रही पैसेंजर ट्रेन के साथ मंगलवार दोपहर बड़ा हादसा होते-होते बच गया। शहर के चार फाटक क्षेत्र के पास दोपहर करीब 12 बजे चलती ट्रेन की तकनीकी कपलिंग अचानक टूट गई। इससे ट्रेन के पीछे के तीन डिब्बे इंजन और बाकी ट्रेन से अलग होकर पीछे छूट गए। गनीमत रही कि ट्रेन की रफ्तार कम थी, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। चलते-चलते अचानक डिब्बे अलग होने से ट्रेन में जोरदार झटका लगा। इससे उसमें सवार यात्रियों में चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। डिब्बे पटरी पर ही रुक गए, जबकि इंजन बाकी डिब्बों के साथ कुछ दूर आगे जाकर रुका। हालांकि, घटना में किसी भी यात्री को चोट नहीं आई है। 20 मिनट बाद दोबारा रवाना हुई ट्रेन घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी टीम मौके पर पहुंची। रेलवे प्रबंधन ने बताया कि तकनीकी खराबी के कारण कपलिंग टूटी थी। टीम ने मौके पर ही सुधार कार्य किया। करीब 20 मिनट तक सुधार कार्य चलने के बाद ट्रेन को दोबारा जोड़कर गंतव्य के लिए रवाना किया गया। जांच के आदेश रेलवे अधिकारियों का कहना है कि घटना के समय ट्रेन की रफ्तार काफी कम थी, इसी वजह से डिब्बे पटरी से नहीं उतरे और बड़ा नुकसान नहीं हुआ। हालांकि, कपलिंग में यह तकनीकी खामी कैसे आई और यह क्यों टूटी, रेलवे ने इसकी जांच शुरू कर दी है।
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि महात्मा गांधी देश में राम राज्य की कल्पना करते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि 'G RAM' शब्द से कांग्रेस को दिक्कत होती है, इसी कारण वह इस योजना का विरोध कर रही है। बाबूलाल मरांडी मंगलवार को जामताड़ा के नारायणपुर प्रखंड में भाजपा के जन-जागरण सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे थे। यहां उन्होंने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लंदन दौरे पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिस सम्मेलन में भाग लेने के लिए मुख्यमंत्री विदेश गए थे, वह 22 तारीख को ही समाप्त हो चुका था। इसके बावजूद गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर मुख्यमंत्री का देश से बाहर रहना बेहद शर्मनाक है। 'पूरे परिवार के साथ शॉपिंग कर रहे हैं'बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री झारखंड की जनता की गाढ़ी कमाई, अवैध बालू और कोयला कारोबार से अर्जित धन को निवेश करने के लिए विदेश गए हैं और पूरे परिवार के साथ शॉपिंग कर रहे हैं। जबकि उनके नेता यह दावा कर रहे हैं कि मुख्यमंत्री विदेशी निवेश लाने गए हैं। उन्होंने कहा कि विदेशों से निवेश वहीं आता है, जहां अमन-चैन, कानून-व्यवस्था और सुरक्षा का माहौल हो। झारखंड में भ्रष्टाचार चरम पर है और दिनदहाड़े गोली चल रही है। ऐसे हालात में कोई भी विदेशी निवेशक यहां निवेश करने क्यों आएगा, जब वह खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करेगा। किसी भी कीमत पर योजना का नाम बदलने नहीं देंगे: इरफान अंसारी इधर, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के बयान पर झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने मरांडी के बयान को 'देश तोड़ने वाला' बताते हुए भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। कहा- भाजपा भगवान राम के नाम का इस्तेमाल कर 'रावण राज' स्थापित करना चाहती है। उन्होंने कहा कि वे इस 'साजिश' का विरोध करते हैं और किसी भी कीमत पर योजना का नाम बदलने नहीं देंगे। इरफान अंसारी ने बताया कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर लगातार आंदोलन कर रही है और उनका संघर्ष जारी रहेगा। डॉ. इरफान अंसारी ने इसे एक 'बड़ी साजिश' करार दियाडॉ. इरफान अंसारी ने केंद्र सरकार और भाजपा पर 60/40 मॉडल थोपने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि झारखंड एक गरीब राज्य है और यहां 40 प्रतिशत हिस्सा देना संभव नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि जब 5 प्रतिशत देना भी मुश्किल है, तो 40 प्रतिशत कहां से देंगे। डॉ. इरफान अंसारी ने इसे एक 'बड़ी साजिश' करार देते हुए कहा कि इसका सीधा असर गरीबों, मजदूरों और आम जनता पर पड़ेगा। डॉ. इरफान अंसारी ने बाबूलाल मरांडी और भाजपा से अपील की कि यदि उन्हें राज्य, यहां के लोगों और मजदूरों से वास्तव में प्रेम है, तो वे इस मुद्दे पर सरकार और जनता के साथ खड़े हों।
रेवाड़ी के भोहतावास अहीर गांव में 23 वर्षीय विवाहिता ने संदिग्ध परिस्थितियों में घर में फांसी का फंदा लगाकर जान दे दी। सोमवार को महिला का पति अपने दोस्त के पास गया हुआ था। दोनों में रात करीब 11 बजे तक बातचीत होती रही। मंगलवार दोपहर दोपहर ससुर ने देखा तो शव फंदे पर लटकता मिला। सूचना के बाद रामपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की सूचना मायके वालों को दी। पुलिस को मायके वालों के पहुंचने का इंतजार है। अभी कारणों का पता नहीं चल पाया है।18 माह पहले हुई थी शादीजानकारी के अनुसार खेतावास निवासी 23 वर्षीय निधि की शादी करीब 18 माह पहले भोहतावास अहीर निवासी मोहित के साथ हुई थी। मोहित ईको गाड़ी चलता है। करीब डेढ़ साल की शादीशुदा जिंदगी में दोनों की फिलहाल कोई संतान नहीं है।सोमवार रात दोस्त के पास था मोहितबताया जाता है कि सोमवार को मोहित अपने किसी दोस्त के पास गया हुआ था। रात को मोहित घर नहीं पहुंचा। निधि और मोहित में रात करीब 11 बजे तक फोन में बातचीत होती रही। जिसके बाद निधि अपना कमरा बंद कर सो गई। दोपहर को घटना का पता चलामंगलवार सुबह निधि अपने कमरे से बाहर नहीं आई। दोपहर को खाने के समय जब मोहित के पिता ने निधि को उठाने के लिए कमरे के अंदर देखा तो निधि का शव फांसी के फंदे पर लटकता मिला। जिसके बाद उन्होंने घटना की सूचना पुलिस और परिजनों को दी। परिजनों के पहुंचने का इंतजाररामपुरा थाना के एसएचओ संजय कुमार ने कहा कि सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी। सीन ऑफ क्राइम की टीम मौके की जांच कर रही है। निधि की मौत कैसे और कब हुई, फिलहाल इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। परिजनों के बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही वास्तविकता सामने आएगी। आगे की कार्रवाई के लिए अभी हम मायके वालों के पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं।
रोहतक में मजदूर विरोधी चारों लेबर कोड को थोपने, मनरेगा को खत्म करने, बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत एफडीआई के खिलाफ व सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्के करने सहित अन्य मांगों को लेकर 12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल में सभी मजदूर यूनियन, कर्मचारी संगठन व किसान संगठन शामिल होंगे। मीटिंग के दौरान सीटू प्रदेश उपाध्यक्ष सतबीर सिंह, जिला सचिव कामरेड विनोद व सर्व कर्मचारी संघ के जिला सचिव मनजीत पांचाल ने कहा कि यह हड़ताल केंद्र सरकार की श्रमिक-विरोधी, किसान-विरोधी और आम जनता पर बोझ डालने वाली नीतियों के खिलाफ एक निर्णायक संघर्ष है। इसमें हर वर्ग मजदूर, किसान, महिलाएं, युवा, कर्मचारी और छोटे व्यापारी शामिल होंगे। बिजली बिल की नीतियां जनता पर हमला कामरेड विनोद ने कहा कि बिजली बिल-2025 की नीतियां और बढ़ोतरी जनता पर सीधा हमला हैं। स्मार्ट मीटर योजना का जबरन थोपना उपभोक्ताओं के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ और परेशानी का कारण बन रहा है, जिसके खिलाफ प्रदेश भर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। शांति बिल जैसे काले कानून आंदोलन करने के लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला कर रहे हैं, जिससे जनता की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। हड़ताल की ये हैं प्रमुख मांगें राष्ट्रव्यापी हड़ताल की मांगों में चारों लेबर कोड्स को रद्द कर पुराने श्रम कानूनों की बहाली, मनरेगा की सच्ची बहाली और मजदूरी में वृद्धि, निर्माण श्रमिकों के पोर्टल को तुरंत खोलना, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के 31 दिसंबर 2025 के फैसले का क्रियान्वयन, राज्य में न्यूनतम वेतन 26,000 रुपए करना, बिजली बिल-2025 को पूरी तरह रद्द करने की मांग की जाएगी। 12 फरवरी को राष्ट्र स्तर पर होगी हड़ताल मनजीत पांचाल ने बताया कि 12 फरवरी को काम-धंधा बंद कर सभी लोग सड़कों पर उतरकर सरकार को झुकने पर मजबूर करेंगे। राष्ट्र स्तर पर होने वाली हड़ताल केंद्र सरकार को अपने निर्णय बदलने पर विवश कर देगी, क्योंकि इस हड़ताल में सभी विभागों व संगठनों के सदस्य शामिल होंगे।
महेंद्रगढ़ जिला पुलिस ने नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने जाटवास मोड़ के पास दो युवकों को 11 ग्राम 420 मिलीग्राम स्मैक (चिट्टा) के साथ गिरफ्तार किया। आरोपियों के खिलाफ शहर थाना में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। सतनाली मोड़ पर गश्त कर रही थी टीम पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि सीआईए महेंद्रगढ़ की टीम सतनाली मोड़ पर गश्त कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि दो युवक एक काले रंग की मोटरसाइकिल पर नारनौल से महेंद्रगढ़ की ओर आ रहे हैं और उनके पास नशीला पदार्थ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने जाटवास मोड़ पर नाकाबंदी की। संदिग्ध मोटरसाइकिल को आता देख पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया और तत्परता दिखाते हुए दोनों मोटरसाइकिल सवार युवकों को पकड़ लिया। राजपत्रित अधिकारी के सामने ली तलाशी पूछताछ में ड्राइवर की पहचान महेंद्रगढ़ के सैनीपुरा के सोनू और पीछे बैठे युवक की पहचान अलवर के प्रतापपुरा के अन्नू कुमार के रूप में हुई। नियमों के अनुसार, मौके पर एक राजपत्रित अधिकारी को बुलाया गया। उनकी उपस्थिति में तलाशी लेने पर आरोपियों के पास से सिल्वर पेपर में लिपटा नशीला पदार्थ बरामद हुआ। वजन करने पर यह कुल 11 ग्राम 420 मिलीग्राम स्मैक पाया गया। पुलिस ने बरामद नशीले पदार्थ और मोटरसाइकिल को जब्त कर लिया है। आरोपियों के खिलाफ थाना शहर महेंद्रगढ़ में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
चौमूं में सरकारी बैंकों का कामकाज ठप:कर्मचारियों ने की 5-डे वर्किंग की मांग, सेवाएं प्रभावित
चौमूं में मंगलवार को सरकारी बैंकों के कर्मचारी पांच दिवसीय कार्य सप्ताह (5-डे वर्किंग) की मांग को लेकर हड़ताल पर रहे। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर हुई इस हड़ताल से शहर के अधिकांश सरकारी बैंकों में कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ। यह लगातार चौथा दिन था जब बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हुईं। महीने के चौथे शनिवार, रविवार और गणतंत्र दिवस की छुट्टी के बाद मंगलवार को भी सरकारी बैंकों में सामान्य कामकाज नहीं हो सका। हालांकि, किसी भी बैंक ने शाखा बंद रखने की आधिकारिक घोषणा नहीं की थी, लेकिन कर्मचारियों की हड़ताल के कारण सेवाएं बाधित रहीं। हड़ताल के कारण कैश लेन-देन, चेक क्लियरेंस, केवाईसी और शाखा से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण कार्य ठप रहे, जिससे आम उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया और यूको बैंक सहित कई सरकारी बैंकों में इसका असर देखा गया। निजी बैंक इस हड़ताल का हिस्सा नहीं थे, इसलिए वहां कामकाज सामान्य रहा। हड़ताल की मुख्य वजह शनिवार की छुट्टी को लेकर सरकार और बैंक यूनियनों के बीच चल रहा विवाद है। यूनियनों का कहना है कि मार्च 2024 में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन के साथ हुए समझौते में सभी शनिवार को अवकाश घोषित करने पर सहमति बनी थी, लेकिन अब तक इसका सरकारी नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है। यूनियनें इसके बदले प्रतिदिन 40 मिनट अतिरिक्त काम करने को भी तैयार हैं। इस हड़ताल से चेक क्लियरेंस में देरी होने की संभावना है, वहीं एटीएम में नकदी की कमी की आशंका भी बनी रही। हालांकि, यूपीआई, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं पूरी तरह चालू रहीं और उनसे लेन-देन प्रभावित नहीं हुआ।
अचरावाला में राम कथा, महायज्ञ का समापन:पूर्णाहुति और विशाल भंडारे में उमड़े श्रद्धालु
डिग्गी-मालपुरा रोड स्थित अचरावाला गांव के श्रीरामधाम हनुमान मंदिर में नौ दिवसीय श्रीराम कथा एवं महायज्ञ का समापन हो गया। पूर्णाहुति और विशाल भंडारे के साथ यह आयोजन श्रद्धापूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। समापन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। महायज्ञ में 151 यजमान जोड़ों ने विधिवत मंत्रोच्चार के साथ पूर्णाहुति दी। स्वामी रामरतन देवाचार्य महाराज और भाजपा नेता आलोक पारीक ने आयोजन में सहभागिता की। स्वामी रामरतन देवाचार्य महाराज ने कहा कि मानव जीवन के कल्याण और आत्मिक उत्थान के लिए यज्ञ व धार्मिक कथाएं आवश्यक हैं। उन्होंने बताया कि यज्ञ से जीवन के क्लेश, रोग-दोष और नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से ईर्ष्या, द्वेष और धन-लालसा का त्याग कर भक्ति में लीन रहने का आह्वान किया। कथावाचक देवनारायण महाराज ने गौ-सेवा को मानव जीवन का प्रमुख कर्तव्य बताया। उन्होंने समाज को इसके प्रति जागरूक होने की प्रेरणा देते हुए कहा कि गो-सेवा से पुण्य के साथ-साथ समाज में सकारात्मकता और करुणा का भाव भी विकसित होता है। समापन समारोह में बगरू विधानसभा विधायक डॉ. कैलाश वर्मा, कांग्रेस नेता पुष्पेंद्र भारद्वाज, पूर्व विधायक गंगा देवी सहित अनेक जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित रहे। गणेशनारायण प्रधान, मदनलाल शर्मा, रमेश प्रधान, गोलू बागड़ा, रामवतार शर्मा, राजुलाल चेला, महेश बागड़ा, दिनेश बागड़ा सहित अन्य व्यवस्थापकों ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। समापन के बाद आयोजित विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की।
राजगढ़ जिले में कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा द्वारा शुरू किए गए 'संवाद से समाधान' कार्यक्रम में मंगलवार को प्रशासनिक सख्ती देखने को मिली। आम नागरिकों की शिकायतों के त्वरित और प्रभावी निराकरण के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में जनसुनवाई से पहले पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से जुड़ी पांच गंभीर शिकायतों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने मौके पर ही निर्णय लेते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। कार्यक्रम के दौरान, शिकायतकर्ता गिरीराज दांगी ने ग्राम पंचायत नाटाराम में खेत पर अवैध अतिक्रमण और दो वर्षों से इस पर कोई कार्रवाई न होने का मामला उठाया। जांच में लापरवाही सामने आने के बाद तत्कालीन पंचायत सचिव राधेश्याम दांगी को निलंबित करने तथा ग्राम रोजगार सहायक सचिव रामबाबू दांगी की सेवा समाप्त करने के आदेश दिए गए। इसके अतिरिक्त, डेटा एंट्री ऑपरेटर का 15 दिन का वेतन काटने के भी निर्देश दिए गए। रोजगार सहायक की सेवा समाप्तएक अन्य शिकायत में कैलाश जाटव ने मनरेगा के तहत मजदूरी का भुगतान न होने की बात कही। जांच में ग्राम रोजगार सहायक की लापरवाही उजागर होने पर संबंधित के विरुद्ध सेवा समाप्ति का नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। जनपद सीईओ को नोटिससमग्र आईडी ट्रांसफर में देरी से जुड़ी शिकायत पर कलेक्टर ने सामाजिक सुरक्षा अधिकारी, राजगढ़ को निलंबन का नोटिस जारी करने के आदेश दिए। साथ ही, सीईओ जनपद राजगढ़ और खिलचीपुर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए। वहीं, सीसी सड़क निर्माण में फर्जी भुगतान के मामले में तत्कालीन सरपंच को धारा-92 के तहत नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर सड़क निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए गए। 'संवाद से समाधान' कार्यक्रम प्रशासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित कर जवाबदेही और पारदर्शिता को मजबूत करने में सहायक सिद्ध हो रहा है।
झांसी में यूजीसी के नए कानून को लेकर भाजपा के भीतर से ही विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। उत्तर प्रदेश के पूर्व शिक्षा मंत्री और झांसी से चार बार विधायक रहे डॉ. रविन्द्र शुक्ल ने भाजपा सरकार के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लगातार पोस्ट करते हुए चेतावनी दी है कि अगर यह कानून वापस नहीं लिया गया तो वे भाजपा से त्यागपत्र दे देंगे। हिंदी साहित्य भारती के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में पूर्व बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री रह चुके रविन्द्र शुक्ल ने यूजीसी के नए प्रावधानों को जातीय संघर्ष को बढ़ावा देने वाला कानून बताया है। उन्होंने भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए प्रधानमंत्री से सीधे हस्तक्षेप की मांग की है। एक दिन में तीन पोस्ट, सीधे इस्तीफे की चेतावनी मंगलवार को रविन्द्र शुक्ल ने अपने फेसबुक अकाउंट से एक घंटे के भीतर तीन अलग-अलग पोस्ट कर नाराजगी जाहिर की। पहली पोस्ट में उन्होंने लिखा कि वे यूजीसी के प्राविधानों का खुला विरोध करते हैं और जन-जन के प्रिय प्रधानमंत्री से इसे वापस कराने का निवेदन करते हैं। उन्होंने लिखा, मैं 15 वर्ष की उम्र से संघ को जी रहा हूं, लेकिन अब धैर्य जवाब दे रहा है। दूसरी पोस्ट में उन्होंने यूजीसी कानून को घातक बताते हुए कहा कि यह समाज में जातीय संघर्ष को बढ़ावा देगा। उन्होंने साफ शब्दों में लिखा कि यदि यह कानून वापस नहीं किया गया तो वे भाजपा से इस्तीफा दे देंगे। पहले वंदे मातरम, अब सनातन समाज के लिए बलिदान तीसरी पोस्ट में पूर्व मंत्री रविन्द्र शुक्ल ने अपने पुराने विवाद का जिक्र करते हुए लिखा कि उन्होंने एक बार वंदे मातरम का सम्मान बचाने के लिए बलिदान दिया था और अब सनातन समाज को जातीय संघर्ष से बचाने के लिए भी बलिदान देने को तैयार हैं। पहले भी टकराव में रहे हैं रविन्द्र शुक्ल झांसी सदर विधानसभा से लगातार चार बार विधायक रहे रविन्द्र शुक्ल कल्याण सिंह सरकार में बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री थे। उनके कार्यकाल में प्रदेश के सभी स्कूलों में वंदे मातरम गाना अनिवार्य किया गया था। इस फैसले के बाद विवाद खड़ा हो गया और चौतरफा विरोध शुरू हुआ। लंबी बहस के बाद 4 दिसंबर 1998 को उन्हें मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया गया था।अब एक बार फिर रविन्द्र शुक्ल के तीखे तेवरों ने भाजपा की अंदरूनी राजनीति में हलचल मचा दी है। यूजीसी कानून को लेकर उनका यह खुला विरोध आने वाले दिनों में सियासी रूप से अहम साबित हो सकता है।

