बढ़ती महंगाई के विरोध में भाजपा सरकार के खिलाफ कांग्रेस ने रतलाम में रविवार सुबह प्रदर्शन किया। महंगाई के खिलाफ नारेबाजी करते हुए भाजपा सरकार की मंहगाई का पुतला जलाया। प्रदर्शन शहर कांग्रेस कमेटी ब्लॉक 1 द्वारा सैलाना रोड स्थित श्री राम मंदिर क्षेत्र में किया। सभी पदाधिकारी व कार्यकर्ता सुबह 11 बजे एकत्रित हुए। हाथों में महंगाई देश में निरंतर बढ़ती महंगाई, बढ़ते पेट्रोल डीजल के दाम, बेरोजगारी, भ्रष्टाचारी जनविरोधी नीतियों, मोदी सरकार के भूखे बैल, खा गए शक्कर पी गए तेल आदि लिखे नारों की तख्तियां व बैनर लेकर कांग्रेसी पहुंचे। सैलाना ओव्हरब्रिज के पास से कस्तुरबा नगर चौराहे तक नारेबाजी करते हुए पैदल चले। चौराहे पर महंगाई का पुतला जलाकर पीएम नरेंद्र मोदी व भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन में शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शांतिलाल वर्मा, महेंद्र कटारिया, मंसूर अली पटौदी, राजीव रावत, शैलेंद्रसिंह अठाना, हितेश पैमाल, इक्का बैलूत, बसंत पंड्या, सुजीत उपाध्याय, हितेश पैमाल, मोहम्मद सलीम बागबान, ब्लॉक क्रमांक 1 अध्यक्ष आशा समेत आदि पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे। शाम को होगा सद्बुद्धि यज्ञब्लॉक कांग्रेस कमेटी 2 द्वारा महंगाई के विरोध में रविवार शाम 5 बजे हाट रोड हनुमान मंदिर पर भाजपा सरकार को सद्बुद्धि देने के यज्ञ किया जाएगा।
सांसद डॉ. भोला सिंह ने विकास कार्यों का लोकार्पण किया:बुलंदशहर में कार्यकर्ताओं संग सुनी 'मन की बात'
भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री और सांसद डॉ. भोला सिंह का रविवार को औरंगाबाद पहुंचने पर स्वागत किया गया। पूर्व चेयरमैन राजकुमार लोधी के नेतृत्व में दोपहर 12 बजे कार्यकर्ताओं ने उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर आयोजित समारोह में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। औरंगाबाद प्रवास के दौरान सांसद का क्षेत्र में कई स्थानों पर स्वागत किया गया। गांव जीवत में मंडलाध्यक्ष हरीश लोधी, नवीन सब्जी मंडी में नरेश तायल, रतनपुर में जितेंद्र सिंह, परवाना महमदपुर में धनपाल लोधी और धर्मवीर लोधी ने उनका अभिनंदन किया। इलना में पूर्व मंडलाध्यक्ष जयवीर सिंह लोधी और सोनू लोधी, जबकि जाड़ोल और मुल्लानी में राजू प्रधान की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया। अपने दौरे के दौरान, डॉ. भोला सिंह ने ग्राम रतनपुर में सांसद निधि से निर्मित विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इन परियोजनाओं को जनता को समर्पित किया गया। इसके बाद, उन्होंने गांव मुल्लानी स्थित बूथ संख्या 319 पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम का सजीव प्रसारण सुना। इस दौरान राजू प्रधान के आवास पर सैकड़ों कार्यकर्ता भी उनके साथ मौजूद थे। इस कार्यक्रम में कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इनमें पूर्व चेयरमैन राजकुमार लोधी, पूर्व जिला महामंत्री नेमपाल सिंह, चेयरमैन किशनपाल लोधी, चेयरमैन ओमदत्त लोधी, पूर्व मंडलाध्यक्ष गिरीश लोधी, दारा सिंह लोधी, पप्पू सैनी, हेमंत गुप्ता, अंकुर अग्रवाल, संजय गुप्ता, मनोज चौहान, डॉ. चमन लोधी, महेश लोधी, बबलू लोधी, बंटी वाल्मीकि, महेंद्र दिवाकर, डॉ. राजेश गोयल, मनोज गुप्ता, संजीव कुमार, कुशल प्रधान, लोकेश प्रधान, परवाना मंडल अध्यक्ष उधम सिंह लोधी और योगेंद्र लोधी प्रधान प्रमुख थे।
पटवारी बंधुओं से जुड़े जमीन सौदों पर पुलिस की नजर, कॉलोनाइजर सुमीत जैन से दस घंटे पूछताछ
इंदौर में ड्रग्स कनेक्शन की जांच जमीन कारोबार तक पहुंची। पुलिस ने कालोनाइजर सुमीत जैन से दस घंटे पूछताछ की और जमीन सौदों से जुड़े दस्तावेज मांगे।
राजनाथ ने लखनऊ को दी सौ करोड़ की सौगात, बोले- यूपी से जोड़कर देखता हूं लखनऊ की गति और प्रगति
Rajnath Singh: विकसित भारत की यात्रा बड़े शहरों से शुरू होकर हर मुहल्ले तक पहुंचना चाहिए। समय बदलता है, शहर बदलते है और जरूरत बदलते हैं इसलिए नियम बदलते रहते हैं।
संजय प्लेस क्लॉथ मार्केट में गैर-कपड़ा कारोबार किया तो खैर नहीं... आगरा जिला प्रशासन का सख्त फैसला
आगरा के संजय प्लेस स्थित कपड़ा मार्केट में आवंटित दुकानों में गैर-कपड़ा व्यापार करने वालों पर अब प्रशासनिक कार्रवाई होगी। जिलाधिकारी के निर्देश पर आगरा क्लॉथ मर्केंटाइल एसोसिएशन ने सभी आवंटियों को चेतावनी जारी की है कि वे केवल कपड़ा व्यापार ही करें।
लुधियाना में भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां ने मिनी सचिवालय के बाहर पक्का मोर्चा शुरू किया। किसान मांगें पूरी होने तक दिन-रात धरना जारी रखेंगे।
नेपाल में त्रिशूली नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसे देखते हुए केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय ने संभावित बाढ़ को लेकर एडवाइजरी जारी की है। मंत्रालय ने कहा है कि नेपाल में नदी का पानी बढ़ने का असर यूपी और बिहार से होकर बहने वाली गंडक/नारायणी नदी पर पड़ सकता है। इसके बाद कुशीनगर समेत नदी किनारे के इलाकों में प्रशासन को सतर्क कर दिया गया है। वाल्मीकिनगर बैराज से 40 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। संभावित बाढ़ को देखते हुए प्रशासन ने तटवर्ती गांवों में निगरानी बढ़ा दी है। NDRF और SDRF की टीमों को भी अलर्ट रहने को कहा गया है। अधिकारियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जरूरी तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए गए हैं। गंडक/नारायणी नदी को लेकर चिंता इसलिए भी बढ़ गई है, क्योंकि वाल्मीकिनगर बैराज से करीब 40 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना है। नेपाल में त्रिशूली नदी का बढ़ता जलस्तर और बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका है। इसका असर सबसे पहले नदी के आसपास बसे गांवों पर पड़ सकता है। प्रशासन लगातार नदी के जलस्तर पर नजर रख रहा है। तटवर्ती गांवों में बढ़ी चिंता, जलस्तर पर नजर गंडक नदी का पानी बढ़ने की आशंका से कुशीनगर के तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। नदी किनारे बसे गांवों के लोग लगातार जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन ने भी संबंधित विभागों और राहत-बचाव टीमों को तैयार रहने को कहा है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया जाएगा। नेपाल से बहकर आए अब तक 7 शव मिले नेपाल में आई बाढ़ के बाद गंडक/नारायणी नदी में बहकर आए शवों के मिलने का सिलसिला भी जारी है। कुशीनगर में अब तक 7 अज्ञात शव बरामद हो चुके हैं। इनमें 3 महिलाएं और 4 पुरुष शामिल हैं। जिला प्रशासन इन शवों की पहचान कराने की कोशिश कर रहा है। इसके लिए जरूरी कार्रवाई की जा रही है। शवों की पहचान होने के बाद उनके परिजनों तक सूचना पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। NDRF-SDRF अलर्ट, प्रशासन ने निगरानी बढ़ाई नेपाल में नदी का जलस्तर बढ़ने और गंडक में पानी बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने पूरे तटवर्ती क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। NDRF और SDRF की टीमों को भी अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल कुशीनगर में स्थिति पर प्रशासन की नजर है। नदी किनारे रहने वाले लोगों की निगाहें भी जलस्तर पर टिकी हैं। अधिकारियों का फोकस इस बात पर है कि पानी बढ़ने की स्थिति में लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।
शामली में 15 दिन पुरानी सड़क टूटी:भाकियू प्रगति ने जांच की मांग, 10 सितंबर से धरने की चेतावनी
शामली में भारतीय किसान यूनियन (प्रगति) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक आयोजित हुई। इसमें किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई, जिसमें हसरपुर गेट से लिसाढ़ नाला पटरी तक बनी सड़क का घटिया निर्माण प्रमुख रहा। संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि यह सड़क लगभग 15 दिन पहले ही बनाई गई थी, लेकिन इतने कम समय में ही यह जगह-जगह से टूटने लगी है। भाकियू प्रगति ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की जांच और जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अमित मलिक ने बैठक में निर्णय लिया कि यदि 5 सितंबर तक सड़क की जांच नहीं कराई गई और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो भारतीय किसान यूनियन प्रगति 10 सितंबर को पीडब्ल्यूडी कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक यह धरना अनिश्चितकालीन जारी रहेगा। अमित मलिक ने कहा कि सरकारी धन से बनी सड़क का इतनी जल्दी क्षतिग्रस्त होना एक गंभीर मामला है। उन्होंने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की, ताकि सरकारी धन की बर्बादी रुके और जनता को गुणवत्तापूर्ण सड़कें मिलें। प्रस्तावित धरने में राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अमित मलिक, महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय अध्यक्ष संगीता चौधरी, राष्ट्रीय संगठन मंत्री रूबी चौधरी, बिहार प्रदेश अध्यक्ष आशु मिश्रा, हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र मलिक, राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक शर्मा, उत्तर प्रदेश अध्यक्ष बबलू मीर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष नईम मलिक, पूर्वी प्रदेश अध्यक्ष जदुनाथ यादव और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मोहित यादव सहित संगठन के कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल होंगे।
अंबेडकरनगर में रविवार को सुभासपा अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने राहुल गांधी और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के रिश्तों को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को अब पता चल गया है कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार नहीं बनने वाली है। इसलिए वह अखिलेश यादव से किनारा करने की तैयारी में हैं, ताकि इसका नुकसान उन्हें भी न उठाना पड़े।राजभर ने तंज कसते हुए कहा, का बल बहियां आपनो छोड़ पराइ आस। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव का सरकार बनाने का सपना अब खत्म हो चुका है। 2027 में नहीं, बल्कि अगले जन्म में सरकार बनाने की तैयारी करनी चाहिए।PDA की नई परिभाषा पर अखिलेश को घेराअखिलेश यादव की ओर से PDA की नई व्याख्या किए जाने पर भी राजभर ने हमला बोला। उन्होंने कहा कि अगर PDA में 'Patience', अनुशासन और 'Action' की बात की जा रही है तो पहले इसे अपनी पार्टी के लोगों को समझाना चाहिए।राजभर ने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान उनके लोगों को चोरी, छिनैती और डकैती की संस्कृति में ढाल दिया गया था और पांच साल तक चोरी, लूट, डकैती और हत्या होती रही, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को पहले अपनी पार्टी के लोगों को धैर्य, अनुशासन और कार्रवाई का पाठ पढ़ाना चाहिए।बोले- अखिलेश रोज ऐसी बात करते हैं, जिससे मजाक बन जाता हैओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए कहा कि वह मानसिक संतुलन खो बैठे हैं और रोज ऐसी बातें बोलते हैं, जिससे उनका मजाक बन जाता है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने शुरुआत में PDA को लेकर चर्चा की थी, लेकिन अब इसकी परिभाषा लगातार बदल रही है और कोई उसे मानने को तैयार नहीं है। अखिलेश ने राखी में घोटाला किया राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव अब समझ चुके हैं कि उनकी सरकार बनने वाली नहीं है। उन्होंने मुस्लिम महिलाओं से राखी बंधवाने के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव को घेरा। राजभर ने दावा किया कि 11 हजार रुपये देने का वादा किया गया था, लेकिन 1,100 रुपये दिए गए और उसमें भी घोटाला किया गया।
मुरैना के जौरा थाना क्षेत्र के ग्राम परसोटा में रक्षाबंधन के दूसरे दिन शनिवार को आयोजित भुजरिया मेले के दौरान लाइसेंसी बंदूकों से मटकी फोड़ प्रतियोगिता कराई गई। प्रतियोगिता में ग्रामीणों ने तालाब के एक किनारे से दूसरी तरफ रखी मटकियों पर बंदूकों से निशाना साधा। इस दौरान खुलेआम हथियारों का प्रदर्शन भी किया गया। रविवार को प्रतियोगिता के वीडियो सामने आए। बताया जा रहा है कि परसोटा गांव में यह आयोजन वर्षों से परंपरा के नाम पर होता आ रहा है। हालांकि, जिले के अन्य स्थानों पर इस तरह की प्रतियोगिताओं के मामले सामने आने के बाद करीब 10 साल पहले ऐसे आयोजनों पर प्रतिबंध लगाए जाने की बात कही जा रही है। इसके बावजूद परसोटा में लाइसेंसी हथियारों का इस्तेमाल कर मटकी फोड़ प्रतियोगिता आयोजित की गई। तीन तस्वीरें देखिए… तालाब के दूसरी तरफ रखी मटकियों पर साधा निशानासामने आए वीडियो में कुछ लोग लाइसेंसी बंदूकें लेकर नजर आ रहे हैं। तालाब के दूसरी तरफ मटकियां रखी गई थीं और लोग बंदूकों से उन पर निशाना साधते दिखाई दे रहे हैं। प्रतियोगिता के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर मौजूद थे। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस वीडियो के आधार पर प्रतियोगिता में शामिल लोगों की पहचान कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आयोजन के लिए अनुमति ली गई थी या नहीं और हथियारों के प्रदर्शन एवं इस्तेमाल के दौरान किसी नियम का उल्लंघन हुआ है या नहीं। प्रशासन के लौटने के बाद हुआ आयोजनजौरा थाना प्रभारी एसआई पंकज यादव के अनुसार, पुलिस को प्रतियोगिता का वीडियो मिला है और उसके आधार पर जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि शनिवार (29 अगस्त) को मुख्यमंत्री जनसंवाद योजना के तहत प्रशासन की टीम भी परसोटा गांव पहुंची थी। संभावना है कि प्रशासनिक अमले के लौटने के बाद मटकी फोड़ प्रतियोगिता आयोजित की गई। थाना प्रभारी के मुताबिक, वीडियो के आधार पर प्रतियोगिता में शामिल लोगों की पहचान की जाएगी। मामले में स्थानीय सरपंच और कुछ ग्रामीणों को भी पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया है। पुलिस आयोजन से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका और हथियारों के इस्तेमाल से संबंधित नियमों की भी जांच कर रही है।
अब मुजफ्फरपुर में ही होगी खाने की जांच, 20 साल बाद फिर खुलेगी फूड सेफ्टी लैब
मुजफ्फरपुर में 20 साल बाद जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला (फूड सेफ्टी लैब) फिर से शुरू होने जा रही है, जिससे खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच अब स्थानीय स्तर पर हो सकेगी।
गोंडा-बहराइच-नेपालगंज रोड रेल खंड पर ट्रेनों का संचालन कल 31 अगस्त से शुरू होने जा रहा है यह बहुप्रतीक्षित सेवा गोंडा देवीपाटन मंडल क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए परिवहन को सुगम बनाएगी। उद्घाटन के लिए 31 अगस्त को एक विशेष ट्रेन चलाई जाएगी, जबकि नियमित ट्रेनों का संचालन 1 सितंबर से शुरू होगा। पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा अभी तक नियमित ट्रेनों के संचालन के लिए कोई समय सारणी जारी नहीं की गई है। हालांकि, बहराइच तक जाने वाली ट्रेनों को अब नेपालगंज रोड तक बढ़ाया गया है। तीन से चार ट्रेनें होंगी जिनके माध्यम से यात्री नेपालगंज रोड तक यात्रा कर सकेंगे। गोंडा से वाया बहराइच होकर नेपाल सीमा नेपालगंज रोड तक जाने वाला यह ब्रॉडगेज रेल मार्ग लगभग एक वर्ष पहले ही बनकर तैयार हो चुका था। तकनीकी जांच और सुरक्षा मानकों के परीक्षण के बाद अब इसे आम जनता के लिए पूरी तरह हरी झंडी मिल गई है। इस रूट पर ट्रेनों के दौड़ने से सीमावर्ती क्षेत्रों में परिवहन व्यवस्था काफी सुलभ और आधुनिक हो जाएगी। यह नई रेल सेवा आवागमन को आसान बनाने के साथ-साथ धार्मिक और व्यापारिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण साबित होगी। भारत और नेपाल के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों की यात्रा अब बेहद सरल हो जाएगी। श्रद्धालु सीधे गोंडा व बहराइच से नेपाल सीमा तक पहुँचकर भगवान पशुपतिनाथ और स्थानीय शक्तिपीठों के दर्शन का लाभ उठा सकेंगे। देवीपाटन मंडल मुख्यालय (गोंडा) और बहराइच के नागरिकों को नेपालगंज जाने के लिए अब सड़क मार्ग के लंबे और महंगे सफर पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। सीमावर्ती इलाकों में छोटे-बड़े व्यापारियों के लिए माल ढुलाई और व्यापारिक आवागमन सस्ता और तेज हो जाएगा। पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ के जनसंपर्क अधिकारी महेश गुप्ता ने रविवार दोपहर 12 बजे बताया कि 31 अगस्त, 2026 को चलने वाली 05064 नेपालगंज रोड-वाराणसी सिटी उद्घाटन विशेष गाड़ी होगी। रेलवे प्रशासन के अनुसार, उद्घाटन के बाद ट्रेनों की नियमित समय-सारणी जारी कर दी जाएगी। इस रेल सेवा के शुरू होने से तराई और सीमावर्ती इलाकों में विकास की एक नई रफ्तार देखने को मिलेगी।
SDM के निरीक्षण में CHC की बदहाली उजागर:मरीज बाहर से दवा-जांच कराने को मजबूर, गंदगी मिली
उन्नाव की पुरवा तहसील के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पुरवा में उप जिलाधिकारी (एसडीएम) दिग्विजय सिंह के औचक निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं की बदहाली सामने आई। मरीजों ने शिकायत की कि उन्हें दवाएं और जांच बाहर से करानी पड़ रही हैं। एसडीएम ने अस्पताल परिसर में गंदगी, जर्जर भवन और खराब सुविधाओं पर नाराजगी व्यक्त की। निरीक्षण के दौरान, अस्पताल परिसर में पीने के पानी की व्यवस्था के पास, एक्स-रे कक्ष और रसोई के समीप गंदा पानी और कीचड़ भरा मिला। इसके अतिरिक्त, भवन की जर्जर स्थिति, खराब पंखे और निष्क्रिय हैंडपंप जैसी कई अव्यवस्थाएं भी पाई गईं, जिससे मरीजों और उनके तीमारदारों को असुविधा हो रही थी। एसडीएम ने यह भी पाया कि सीएचसी में कंप्यूटर तो उपलब्ध हैं, लेकिन ब्रॉडबैंड इंटरनेट की सुविधा न होने के कारण दवाओं का स्टॉक ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज नहीं हो पा रहा है। इस तकनीकी कमी से अस्पताल की दवा संबंधी ऑनलाइन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। मरीजों से बातचीत के दौरान यह बात सामने आई कि उन्हें अक्सर बाहर से दवाएं खरीदने और जांच कराने के लिए मजबूर किया जाता है। इस पर एसडीएम ने गंभीर आपत्ति जताते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मरीजों को बेहतर और निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। परिसर में जल निकासी की खराब व्यवस्था को लेकर एसडीएम ने अधिशासी अधिकारी (ईओ) पुरवा पर भी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने तत्काल प्रभाव से सीएचसी परिसर में जल निकासी और साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त करने के कड़े निर्देश दिए। साथ ही, अस्पताल में खराब पड़ी सुविधाओं को जल्द से जल्द ठीक कराने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने की हिदायत दी।इस दौरान क्षेत्रीय लेखपाल प्रशांत पांडेय समेत स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारी मौजूद रहे। निरीक्षण के बाद एसडीएम ने संबंधित अधिकारियों से व्यवस्थाओं में सुधार की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
सहायक शोध अधिकारी परीक्षा 8 सितंबर को:यूपीपीएससी ने प्रवेश पत्र जारी किए, दो पालियों में होगी
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) सहायक शोध अधिकारी (अभियंत्रण) भर्ती परीक्षा 8 सितंबर 2026 को आयोजित करेगा। यह परीक्षा लखनऊ में दो पालियों में होगी, जिसके प्रवेश पत्र आयोग की वेबसाइट पर जारी कर दिए गए हैं। आयोग के परीक्षा नियंत्रक हर्ष देव पांडे ने बताया कि प्रथम पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक चलेगी, जबकि द्वितीय पाली दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक आयोजित होगी। अभ्यर्थी अपने ओटीआर नंबर का उपयोग करके आयोग की वेबसाइट से प्रवेश पत्र और संबंधित निर्देश डाउनलोड कर सकते हैं। परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र के साथ दो पासपोर्ट साइज फोटो, मूल पहचान पत्र (आईडी प्रूफ) और उसकी एक फोटोकॉपी लाना अनिवार्य होगा। परीक्षा कक्ष में प्रवेश के दौरान आईडी प्रूफ की फोटोकॉपी कक्ष निरीक्षक को जमा करनी होगी। अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने के निर्धारित समय से डेढ़ घंटा पहले केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा। परीक्षा शुरू होने के 45 मिनट पहले प्रवेश द्वार बंद कर दिए जाएंगे। इसलिए, सभी अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचें। आयोग ने परीक्षा में अनुचित साधनों के प्रयोग के प्रति सख्त चेतावनी जारी की है। उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024 के तहत नकल करना, प्रश्नपत्र लीक करना या उससे संबंधित सामग्री को अनाधिकृत रूप से प्रकट करना एक दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना और आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है। आयोग ने अभ्यर्थियों से नियमों का पालन करने और निष्पक्ष परीक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
सिरसा जिले में पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक महिला नशा तस्कर को गिरफ्तार किया है। सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए सीआईए ऐलनाबाद की टीम रोड़ी क्षेत्र से महिला तस्कर के पास से 9 किलो 730 ग्राम डोडा चूरा पोस्त बरामद किया है। सीआईए प्रभारी ने बताया कि सीआईए ऐलनाबाद की एक टीम टीम गश्त और चेकिंग के दौरान रोड़ी क्षेत्र में मौजूद थी। इसी दौरान एक महिला सड़क किनारे प्लास्टिक का कट्टा लिए बैठी दिखाई दी। पुलिस देख महिला ने भागने का प्रयास किया पुलिस की गाड़ी को सामने देखकर उक्त महिला ने अचानक खड़े होकर वहां से खिसकने का प्रयास किया। शक के आधार पर पुलिस टीम ने महिला पुलिसकर्मी और एक राजपत्रित अधिकारी की मौजूदगी में नियमानुसार तलाशी ली। तलाशी के दौरान महिला के कब्जे से 9 किलो 730 ग्राम डोडा चूरा पोस्त बरामद हुआ। कोर्ट में पेश कर भेजी जेल गिरफ्तार की गई महिला की पहचान मनप्रीत कौर पत्नी गुरजीवन सिंह निवासी रोड़ी, जिला सिरसा के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ थाना रोड़ी में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच रोड़ी थाना पुलिस को सौंपी गई है। सीआईए ऐलनाबाद प्रभारी ने बताया कि आरोपी महिला को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
यूपी टी-20 लीग (UP T20 League) में क्रिकेट के खेल को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में 28 अगस्त को काशी रुद्रास और नोएडा किंग्स के बीच खेले गए मैच नंबर 23 के दौरान खिलाड़ियों ने खेल की मर्यादा को तार-तार कर दिया। मैदान पर गाली-गलौज, आक्रामक व्यवहार और अंपायर के आदेश की अनदेखी करने पर उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (UPCA) ने सख्त कदम उठाते हुए तीन खिलाड़ियों पर भारी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। अभिषेक गोस्वामी पर लगा एक मैच का बैन और 40% जुर्माना मामले में सबसे कड़ी कार्रवाई काशी रुद्रास के खिलाड़ी अभिषेक गोस्वामी पर हुई है। उन पर दो अलग-अलग नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया गया है: हमला या धमकी देने का आरोप (लेवल 3): अभिषेक पर आरोप है कि उन्होंने मैच के दौरान विरोधी खिलाड़ी, अंपायर, टीम अधिकारी या दर्शकों में से किसी को धमकाया या उस पर हमले की कोशिश की। इसके तहत उन्हें एक मैच के लिए सस्पेंड कर दिया गया है। अब वह मेरठ मावेरिक्स के खिलाफ होने वाले मैच नंबर 29 में नहीं खेल पाएंगे। अभद्र भाषा का इस्तेमाल (लेवल 1): मैदान पर खुलेआम गाली-गलौज और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के जुर्म में उन पर मैच फीस का 40% जुर्माना ठोका गया है। बल्लेबाज के आउट होने पर आक्रामक इशारे पड़े महंगे काशी रुद्रास के ही दूसरे खिलाड़ी ऋषभ राजपूत भी UPCA की गाज से बच नहीं पाए। ऋषभ पर मैच के दौरान आउट होकर लौट रहे बल्लेबाज पर आक्रामक टिप्पणी करने, भड़काऊ इशारे और अपमानजनक भाषा इस्तेमाल करने का दोषी पाया गया है। इस हरकत के चलते उन पर मैच फीस का 10% जुर्माना लगाया गया है। नोएडा किंग्स के कुणाल त्यागी ने अंपायर से की बहस तीसरी कार्रवाई नोएडा किंग्स के खिलाड़ी कुणाल त्यागी पर हुई है। कुणाल ने मैदान पर अंपायर के निर्देशों का पालन करने से इनकार कर दिया था। अंपायर की बात न मानकर अनुशासनहीनता दिखाने पर UPCA ने कुणाल त्यागी पर भी मैच फीस का 10% जुर्माना लगाया है।
ग्रेटर नोएडा में बंद घर से चोरी:रक्षाबंधन पर गांव गया था परिवार, लौटने पर पता चला
ग्रेटर नोएडा के बादलपुर कोतवाली क्षेत्र में चोरों ने एक बंद घर को निशाना बनाया है। रक्षाबंधन मनाने गांव गए एक दंपति के घर से लाखों रुपये की ज्वेलरी और 65 हजार रुपये नकद चोरी हो गए। यह पूरी वारदात घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने फुटेज के आधार पर चोरों की तलाश शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, बादलपुर कोतवाली क्षेत्र की तिरुपति एंक्लेव में रहने वाले कुलदीप अपने परिवार के साथ रक्षाबंधन के मौके पर गांव गए हुए थे। उनके घर बंद होने का फायदा उठाकर चोरों ने 29 अगस्त को सुबह करीब 4 बजे चोरी की इस वारदात को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि चोरों ने पहले घर की रेकी की थी। परिवार के गांव जाने के बाद मौका देखकर वे घर में घुसे और कमरे में रखी ज्वेलरी तथा नकदी पर हाथ साफ कर दिया। चोरी किए गए सामान में लाखों रुपये के सोने-चांदी के आभूषण और 65 हजार रुपये नकद शामिल हैं। परिवार के वापस लौटने पर उन्हें घर का सामान अस्त-व्यस्त मिला, जिसके बाद चोरी का पता चला। पीड़ित ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। थाना प्रभारी विजय गुप्ता ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। चोरी की घटना का खुलासा करने के लिए दो टीमों का गठन किया गया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और लोगों से पूछताछ भी की जा रही है। उन्होंने जल्द ही चोरों को पकड़कर घटना का खुलासा करने का आश्वासन दिया।
उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 137वें संस्करण को लाइव सुना। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा देशवासियों के साथ साझा किए गए महत्वपूर्ण विषयों और प्रेरणादायी विचारों को सुना। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला सशक्तिकरण, देश के गौरवशाली इतिहास एवं विरासत के संरक्षण, नवाचार और जनभागीदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए। उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने कहा- ‘मन की बात’ देशवासियों को राष्ट्र निर्माण के संकल्प से जोड़ने और जनभागीदारी की शक्ति को नई दिशा देने वाला सशक्त माध्यम है। प्रधानमंत्री का यह कार्यक्रम देश के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर रहे लोगों और समाज के सकारात्मक प्रयासों को सामने लाने के साथ नागरिकों को प्रेरित करता है। उन्होंने कहा- महिला सशक्तिकरण, हमारी ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण, नवाचार और जनभागीदारी जैसे विषय देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ‘मन की बात’ के माध्यम से प्रधानमंत्री इन विषयों को जन-जन तक पहुंचाकर समाज को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
पानीपत में राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) पर शनिवार की रात एक हादसा हो गया। हलदाना बॉर्डर के पास एक तेज रफ्तार कार और लोडिंग पिकअप वाहन की आपस में जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों गाड़ियां अनियंत्रित होकर सड़क के बीचों-बीच पलट गईं। हादसे के समय दोनों वाहन दिल्ली से करनाल की तरफ जा रहे थे। इस दुर्घटना में दोनों वाहनों में सवार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। पानीपत और मोहाली के रहने वाले हैं घायल हादसे में घायल हुए लोगों में कार सवार दो युवक पानीपत के गांव बड़ोली के निवासी हैं, जबकि लोडिंग पिकअप का ड्राइवर पंजाब के मोहाली का रहने वाला है। देर रात अचानक हुए इस हादसे के बाद हाईवे पर चीख-पुकार मच गई और दोनों गाड़ियां बीच सड़क पर पलटी होने के कारण कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। राहगीरों ने अस्पताल पहुंचाया दुर्घटना के तुरंत बाद मौके से गुजर रहे राहगीरों ने मानवता दिखाते हुए घायलों की मदद की। राहगीरों ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों गाड़ियों में फंसे तीनों घायलों को बाहर निकाला और तुरंत समालखा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज जारी है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाया और यातायात सुचारू कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पानीपत में NH-44 पर सड़क हादसा:हल्दाना बॉर्डर पर कार और पिकअप में टक्कर; सड़क पलटी गाड़ियां, 3 घायल
पानीपत में राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) पर शनिवार की रात एक हादसा सामने आया है, जहां हलदाना बॉर्डर के पास एक तेज रफ्तार कार और लोडिंग पिकअप वाहन की आपस में जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों गाड़ियां अनियंत्रित होकर सड़क के बीचों-बीच पलट गईं। हादसे के समय दोनों वाहन दिल्ली से करनाल की तरफ जा रहे थे। इस दुर्घटना में दोनों वाहनों में सवार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। पानीपत और मोहाली के रहने वाले हैं घायल हादसे में घायल हुए लोगों में कार सवार दो युवक पानीपत के गांव बड़ोली के निवासी हैं, जबकि लोडिंग पिकअप का चालक पंजाब के मोहाली का रहने वाला है। देर रात अचानक हुए इस हादसे के बाद हाईवे पर चीख-पुकार मच गई और दोनों गाड़ियां बीच सड़क पर पलटी होने के कारण कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। राहगीरों ने अस्पताल पहुंचाया दुर्घटना के तुरंत बाद मौके से गुजर रहे राहगीरों ने मानवता दिखाते हुए घायलों की मदद की। राहगीरों ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों गाड़ियों में फंसे तीनों घायलों को बाहर निकाला और तुरंत समालखा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज जारी है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाया और यातायात सुचारू कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
अयोध्या के मंझनपुर गांव में भारतीय किसान यूनियन का धरना प्रदर्शन रविवार को नौवें दिन भी जारी रहा। किसान 84 कोसी परिक्रमा मार्ग पर अंडरपास बनाने, अधिग्रहित भूमि का उचित मुआवजा और चकमार्गों से अवैध कब्जा हटाने की मांग कर रहे हैं। यह धरना 22 अगस्त से चल रहा है। भारतीय किसान यूनियन इकाई अयोध्या के तहसील अध्यक्ष मिल्कीपुर राजेश मिश्रा इस धरने का नेतृत्व कर रहे हैं। संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता लगातार इसमें शामिल हो रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष राम गणेश मौर्य ने कहा कि किसानों की समस्याओं का स्थायी समाधान होने तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। मौर्य ने आरोप लगाया कि 84 कोसी परिक्रमा मार्ग के निर्माण के दौरान कई किसानों की जमीन बैनामे में निर्धारित रकबे से अधिक कब्जे में ली गई है। इसके अतिरिक्त, कई किसानों को अधिग्रहित भूमि का मुआवजा नहीं मिला है और चकमार्गों पर भी अवैध कब्जे की समस्या है। किसानों ने एसडीएम मिल्कीपुर को दिए शिकायती पत्र में गाटा संख्या 255, 264, 208, 355, 262, 265, 236, 234, 233, 705, 356 और 365 सहित कई गाटों से जुड़ी शिकायतें दर्ज कराई हैं। किसानों की मांग है कि जिन मामलों में बैनामे से अधिक जमीन पर कब्जा किया गया है, वहां अतिरिक्त भूमि को कब्जामुक्त कराया जाए। साथ ही, जिन खातेदारों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है, उन्हें तत्काल भुगतान किया जाए। किसानों ने मंझनपुर गांव से अमरगंज बाजार तक आवागमन के लिए 84 कोसी परिक्रमा मार्ग पर अंडरपास बनाने की भी मांग की है। उनका कहना है कि लगभग पांच हजार की आबादी वाले गांव के लिए यह प्रमुख संपर्क मार्ग है। अंडरपास न होने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है। इसके अलावा, जल निकासी के लिए नाला निर्माण की भी मांग की गई है। एसडीएम मिल्कीपुर पवन कुमार शर्मा ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लेंगे। धरने में महादेव विश्वकर्मा, वेद प्रकाश पांडेय, त्रिभुवन यादव, आसाराम, शिवनाथ सहित अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पाली में बाइक स्लिप होने से युवक की मौत:सिर में लगी गंभीर चोट, जोधपुर में इलाज के दौरान तोड़ा दम
पाली में बाइक स्लिप होने से युवक की मौत हो गई। घर से बाइक लेकर चुंगी नाका की तरफ जा रहा था। रास्ते में बाइक स्लिप होने से वह नीचे गिर गया और उसके सिर में गंभीर चोट लगी। परिजन उसे इलाज के लिए बांगड़ हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में जोधपुर रेफर किया गया। वहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। घर से चुंगी नाका जा रहा था युवक, रास्ते में बाइक स्लिप हुई ट्रांसपोर्ट नगर थानाप्रभारी हनुवंतसिंह सिसोदिया ने बताया - थाना क्षेत्र के सुंदर नगर निवासी शंकर मंडल (27) पुत्र गौतम मंडल बाइक लेकर घर से चुंगी नाका की तरफ जा रहा था। इस दौरान शनिवार शाम को उसकी बाइक स्लिप हो गई। हादसे में उसके सिर में गंभीर चोट आई। हादसे के बाद शंकर मंडल को इलाज के लिए पाली के बांगड़ हॉस्पिटल लाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए जोधपुर रेफर किया गया। जोधपुर में देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। थानाप्रभारी हनुवंतसिंह सिसोदिया ने बताया - मृतक के शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंपने की कार्रवाई की जा रही है।
बागपत में भारतीय किसान यूनियन (अखंड) द्वारा नगर की समस्याओं और आम जनता के अधिकारों को लेकर लगातार आवाज उठाई जा रही है। इसी क्रम में वार्ड नंबर 15 के निवासी और अधिवक्ता इरफान अख्तर ने संगठन की पूरी टीम का आभार व्यक्त किया है। अधिवक्ता इरफान अख्तर ने कहा कि भाकियू अखंड की टीम नगर बागपत के सुधार और आम जनता के अधिकारों की लड़ाई मजबूती, हिम्मत और ईमानदारी के साथ लड़ रही है। उन्होंने इस संघर्ष में जिला अध्यक्ष धीरेंद्र कसाना और जिला संगठन मंत्री दिलशाद खान के विशेष योगदान और नेतृत्व की सराहना की। अख्तर ने बताया कि संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की मेहनत से लोगों को अपने हक की आवाज उठाने की ताकत मिल रही है। उन्होंने कहा कि नगर की समस्याओं को लेकर एकजुट होकर संघर्ष करना ही इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य है। इरफान अख्तर ने नगरवासियों और संगठन से जुड़े सभी साथियों से एकजुट होकर इस संघर्ष में सहयोग देने और जनता की आवाज को मजबूत बनाने की अपील की। उन्होंने विश्वास दिलाया कि नगर बागपत की समस्याओं और आम जनता के हक की लड़ाई इसी तरह मिलकर जारी रखी जाएगी। उन्होंने नगर अध्यक्ष चौधरी तस्लीम सदर बिरादर, जिला कार्यालय प्रभारी वाजिद खान, वार्ड अध्यक्ष कलीम खान, वार्ड अध्यक्ष जीशान खान, मीनू खान, गफ्फार खान और शौकीन खान समेत भारतीय किसान यूनियन अखंड की पूरी टीम का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया। अख्तर ने कहा कि संगठन के सभी साथियों का संघर्ष और मेहनत सराहनीय है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जनता के हक की इस लड़ाई को और मजबूती मिलेगी।
निवाड़ी जिले के ओरछा में रविवार सुबह 10 बजे से भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक शुरू हो गई है। 14 साल बाद ओरछा में हो रही इस बैठक में राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के नेताओं के साथ करीब 350 प्रतिनिधि शामिल होंगे। बैठक में संगठन की मजबूती, बूथ सशक्तिकरण और मिशन 2028-29 की चुनावी तैयारियों पर चर्चा होगी। बैठक ओरछा के होटल राजमहल में आयोजित की जा रही है। इसमें प्रदेश कार्यसमिति के 106 सदस्य शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बैठक में शामिल होने के लिए चित्रकूट से ओरछा पहुंचे। प्रदेश अध्यक्ष सहित कई वरिष्ठ नेता ओरछा पहुंचे प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया, नारायण सिंह, वीडी शर्मा, नरोत्तम मिश्रा और रामेश्वर शर्मा सहित कई वरिष्ठ नेता ओरछा पहुंच चुके हैं। नेताओं का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि पार्टी के काम को आगे बढ़ाने के लिए रामराजा सरकार की नगरी ओरछा से पवित्र स्थान और कोई नहीं हो सकता। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि रामराजा सरकार के चरणों में आने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम यहां भगवान के साथ राजा भी हैं और रामराज्य की स्थापना भाजपा का लक्ष्य है। उनके मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का काम चल रहा है। मध्यप्रदेश में भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में रामराज्य की स्थापना के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि कार्यसमिति के लिए रामराजा सरकार की नगरी में आना उनका सौभाग्य है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय के लिए नीतिगत फैसलों और कार्यशैली को बेहतर बनाने की दिशा में कार्यसमिति से परिणाम निकलेंगे। बैठक में राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह और संगठन महामंत्री अजय जामवाल सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे। सांसद, मंत्री, प्रदेश पदाधिकारी, संभाग प्रभारी, जिला अध्यक्ष और जिला प्रभारी समेत करीब 350 प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। नरोत्तम मिश्रा बोले- भाजपा में गुटबाजी-बदलाव की चर्चाएं काल्पनिक पूर्व विधायक नरोत्तम मिश्रा ने भाजपा में गुटबाजी और बदलाव की चर्चाओं को काल्पनिक बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा संगठन मजबूती से खड़ा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, नितिन नवीन तथा मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में काम हो रहा है। उन्होंने अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की बात कही। बूथ सशक्तिकरण और संगठन विस्तार पर फोकस बैठक में संगठन की मजबूती और बूथ सशक्तिकरण को लेकर रणनीति पर चर्चा होगी। संगठन विस्तार और कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण को प्रभावी बनाने पर भी विचार किया जाएगा। बैठक में मिशन 2028 और 2029 की चुनावी तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पार्टी की जमीनी गतिविधियों को मजबूत करने के लिए राजनीतिक और संगठनात्मक कार्यक्रमों का रोडमैप तैयार किया जाएगा। ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प पर भी चर्चा होगी। ‘समरसता का संकल्प’ विषय के तहत समाज के सभी वर्गों को संगठन और सरकार की योजनाओं से जोड़ने पर मंथन किया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत ‘मन की बात’ के सामूहिक श्रवण से हुई कार्यसमिति के पहले दिन ध्वजारोहण और प्रदर्शनी के उद्घाटन के साथ कार्यक्रम शुरू हुआ। सुबह 11 बजे कार्यसमिति के लिए पहुंचे सदस्यों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का सामूहिक श्रवण किया। शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। रात में वरिष्ठ नेताओं और अतिथियों के रामराजा सरकार के दर्शन का कार्यक्रम रखा गया है। 31 अगस्त को ‘सेवा संकल्प अभियान’ कार्यशाला होगी। इसमें सेवा, सुशासन और संगठन विस्तार को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। राजनीतिक और संगठनात्मक कार्यक्रमों का रोडमैप भी तैयार किया जाएगा।
फाफामऊ गंगा पुल से बुजुर्ग ने मारी छलांग:रेस्क्यू टीम की तत्परता से बची जिंदगी, जांच में जुटी पुलिस
प्रयागराज में रविवार सुबह फाफामऊ स्थित गंगा पुल से एक व्यक्ति ने छलांग लगा दी। घटना सुबह करीब 10:20 बजे हुई। पुल से कूदने के बाद व्यक्ति पानी की तेज धार में बहने लगा, लेकिन मौके पर तैनात चतुर्थ बटालियन पीएसी प्रयागराज के बाढ़ रेस्क्यू दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसकी जान बचा ली। बचाए गए व्यक्ति की पहचान रामचंद्र मौर्य (लगभग 75 वर्ष) पुत्र श्री राम मौर्य के रूप में हुई है। वह कीटगंज के दरियाबाद निवासी हैं। उनके पुत्र का नाम शंभुनाथ मौर्य है, जिनका मोबाइल नंबर 9839393260 है। बाढ़ रेस्क्यू दल के प्लाटून कमांडर राजेंद्र कुमार पांडेय के निर्देश पर मुख्य आरक्षी चंद्रमोहन सरोज और आरक्षी दीपू मौर्य ने तत्परता दिखाते हुए व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाला। रेस्क्यू टीम की मुस्तैदी के कारण एक बड़ी दुर्घटना टल गई। व्यक्ति के पुल से कूदने का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस और संबंधित टीमें मामले की जांच कर रही हैं। घटनास्थल पर प्रशासन और पुलिस की टीम मौजूद रही, और बचाए गए व्यक्ति को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। इस घटना ने एक बार फिर नदियों पर बने पुलों पर निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता को रेखांकित किया है। अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की परेशानी में वे पुलिस हेल्पलाइन या आपातकालीन नंबरों पर संपर्क करें।
रायपुर जिले में शिक्षिका को चाकू की नोक पर बंधक बनाकर दुष्कर्म करने के मामले में कोर्ट ने आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक) विनय कुमार प्रधान की अदालत ने आरोपी बालकृष्ण जांगड़े पर 1 लाख 25 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। वहीं, मामले में आरोपी की पत्नी अंजना जांगड़े को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया। पति का दोस्त बताकर घर में घुसा था आरोपी मामला 15 मार्च 2021 का है। आरोपी बालकृष्ण जांगड़े और उसकी पत्नी अंजना जांगड़े मूल रूप से बेमेतरा के रहने वाले हैं और रायपुर के पिरदा हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहते थे। घटना के समय पीड़िता शिक्षिका अपने दो बच्चों के साथ घर पर अकेली थी। उसके पति सुबह करीब 10 बजे कार्यालय चले गए थे। अभियोजन के अनुसार, दोपहर करीब 12.45 बजे आरोपी शादी का कार्ड देने के बहाने पीड़िता के घर पहुंचा। उसने खुद को उसके पति का दोस्त बताया और बातचीत के दौरान पति का परिचित होने की बात कहकर घर में प्रवेश किया। बच्चों के सामने हमला कर बनाया बंधक पीड़िता ने कोर्ट में दिए बयान में बताया कि आरोपी ने घर में घुसने के बाद उस पर चाकू से हमला किया। इसके बाद उसे बंधक बना लिया। घर में उस समय उसके 12 और 4 साल के दो बच्चे भी मौजूद थे। अभियोजन के अनुसार आरोपी ने बच्चों के सामने ही पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। घटना के दौरान पीड़िता के शरीर पर कई चोटें आईं। उसने दोपहर करीब 12.45 बजे अपने पति को फोन कर घर में दो लोगों के घुसने और चाकू से हमला करने की जानकारी दी। सूचना मिलने पर पति घर पहुंचा तो पत्नी घायल अवस्था में मिली। करीब 5 साल बाद आया फैसला घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच कर आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से पीड़िता के बयान समेत अन्य उपलब्ध साक्ष्य अदालत के सामने रखे गए। मामले में अभियोजन की पैरवी अतिरिक्त लोक अभियोजक विजयश्री बिसेन ने की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने बालकृष्ण जांगड़े को दोषी ठहराया। अदालत ने उसे उम्रकैद और 1 लाख 25 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं, आरोपी की पत्नी अंजना जांगड़े के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर उसे दोषमुक्त कर दिया गया।
जोधपुर में बाबा रामदेव मेले में दर्शन के लिए रामदेवरा जा रहे जातरू की बाइक को नगर निगम से अनुबंधित डंपर ने पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार पति और उसकी गर्भवती पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि उनकी डेढ़ साल की बेटी को मामूली चोट आई है। घायलों को जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डंपर के नीचे घुस गई बाइक हादसा रविवार दोपहर करीब 12:30 बजे कायलाना सर्किल के पास हुआ। उदयपुर निवासी सोहनलाल (30) पुत्र नाताराम अपनी पत्नी केली बाई (28) और डेढ़ साल की बेटी के साथ शनिवार शाम बाइक से बाबा रामदेव मंदिर, रामदेवरा में दर्शन के लिए रवाना हुआ था। रात में सुमेरपुर में रुकने के बाद रविवार सुबह वे जोधपुर पहुंचे। कायलाना सर्किल से रामदेवरा की ओर जाते समय पीछे से तेज गति से आए नगर निगम से अनुबंधित डंपर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक डंपर के नीचे तक जा घुसी। पति-पत्नी को गंभीर चोट आई हादसे में सोहनलाल को गंभीर चोट आई है, जबकि पीछे बैठी उसकी गर्भवती पत्नी भी गंभीर रूप से घायल हो गई। उनकी डेढ़ साल की बच्ची को मामूली चोट आई है। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने एंबुलेंस के जरिए दोनों घायलों को अस्पताल भिजवाया वहीं सूचना मिलने के बाद सूरसागर थाना पुलिस और प्रताप नगर सदर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। तेज रफ्तार डंपरों के खिलाफ लोगों में आक्रोश हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने नगर निगम से अनुबंधित डंपरों को लेकर विरोध जताया। उनका कहना था कि यहां से रोजाना तेज स्पीड में डंपर दौड़ते हैं इसकी वजह से हादसे होते हैं। लोगों ने डंपरों की रफ्तार पर लगाम लगाने और यातायात व्यवस्था को लेकर कार्रवाई की मांग की।
रानीगंज थाना क्षेत्र के कायस्थ पट्टी दरियापुर पावर हाउस में 40 वर्षीय मंजू देवी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना शनिवार रात की है, जब उनके छोटे बेटे ने घर लौटने पर मां का शव फंदे पर लटका पाया। पुलिस के अनुसार, मंजू देवी का छोटा बेटा अविनाश शनिवार रात करीब 9 बजे काम से घर लौटा था। घर में खाने के लिए चावल और आटा नहीं था, जिसके बाद मंजू देवी ने अविनाश को सामने की दुकान से चावल लाने के लिए भेजा। चावल लेकर जब अविनाश घर वापस आया, तो उसने अपनी मां मंजू देवी का शव फांसी पर लटका देखा। इस दृश्य को देखकर उसने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर रानीगंज पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। रानीगंज एसओ प्रदीप कुमार ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।
झुंझुनूं नगर परिषद चुनाव में इस बार वार्डों के साथ टिकटों की गोपनीय रणनीति भी चर्चा में है। भाजपा और कांग्रेस ने अधिकांश वार्डों में अपने प्रत्याशी लगभग तय कर लिए हैं, लेकिन दोनों दल अधिकृत सूची सार्वजनिक करने से बच रहे हैं। चयनित दावेदारों को फोन के जरिए टिकट की सूचना दी जा रही है और पार्टी चुनाव चिन्ह अंतिम समय में एसडीएम कार्यालय में जमा कराने की तैयारी है। 31 अगस्त नामांकन की अंतिम तिथि है। ऐसे में दोनों दल आखिरी समय तक टिकटों को गोपनीय रखकर बगावत और निर्दलीय उम्मीदवारों की संख्या सीमित करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में दिनभर चर्चा रही कि किस वार्ड में किसे फोन आया और किसका टिकट कट गया, लेकिन अधिकृत सूची सार्वजनिक नहीं हुई। टिकट से ज्यादा सीक्रेसी पर जोर झुंझुनूं नगर परिषद के 60 वार्डों में भाजपा और कांग्रेस के टिकट के लिए एक-एक वार्ड से कई दावेदार मैदान में थे। दोनों दलों को आशंका है कि सूची पहले सार्वजनिक होने पर टिकट से वंचित नेता समर्थकों के साथ निर्दलीय नामांकन दाखिल कर सकते हैं। इसी वजह से प्रत्याशी चयन के बावजूद सूची सार्वजनिक नहीं की जा रही। सूत्रों के अनुसार चयनित प्रत्याशियों को व्यक्तिगत रूप से फोन कर बुलाया जा रहा है। उन्हें समय पर नामांकन दाखिल करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। पार्टी सिंबल भी अंतिम समय में उपलब्ध कराने की तैयारी है। बगावत रोकने के लिए रणनीति झुंझुनूं नगर परिषद के चुनावों में पहले भी बागी और निर्दलीय उम्मीदवार कई वार्डों में मुकाबले को प्रभावित करते रहे हैं। ऐसे में दोनों प्रमुख दल इस बार टिकट वितरण के बाद होने वाले असंतोष को नियंत्रित करने पर जोर दे रहे हैं। राजनीतिक जानकारों के अनुसार टिकट की घोषणा और नामांकन के बीच समय कम रखने से नाराज दावेदारों को संगठन के खिलाफ चुनावी तैयारी करने का कम मौका मिलेगा। फोन पर टिकट, सीधे नामांकन भाजपा और कांग्रेस की ओर से चयनित प्रत्याशियों को व्यक्तिगत रूप से सूचना देने की रणनीति अपनाई गई है। पार्टी सूची को सोशल मीडिया या सार्वजनिक मंचों पर जारी करने से भी बच रही है। कई मामलों में पार्टी फोन पर या सिंबल सीधे एसडीएम कार्यालय पहुंचाने की तैयारी है, ताकि अंतिम समय तक अधिकृत प्रत्याशी की जानकारी सार्वजनिक न हो। नाराज दावेदारों को मनाने की कोशिश टिकट वितरण के साथ दोनों दलों में डैमेज कंट्रोल भी चल रहा है। जिन वार्डों में टिकट को लेकर असंतोष की आशंका है, वहां वरिष्ठ नेताओं को नाराज दावेदारों से बातचीत की जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें संगठन में सम्मानजनक भूमिका और भविष्य में अवसर का भरोसा देकर चुनाव मैदान से दूर रखने की कोशिश की जा रही है। 31 अगस्त को साफ होगी तस्वीर नामांकन की अंतिम तिथि 31 अगस्त होने के कारण अब टिकटों को लेकर सबसे ज्यादा हलचल अंतिम समय में देखने को मिलेगी। किस वार्ड में किसे पार्टी का टिकट मिलता है और कौन निर्दलीय मैदान में उतरता है, इसकी तस्वीर नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद साफ होगी।
हाथरस में सड़क हादसे में युवक की मौत:अज्ञात वाहन की टक्कर से दम तोड़ा, पुलिस की तैयारी कर रहा था
हाथरस के सिकंद्राराऊ कोतवाली क्षेत्र में एक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। यह घटना गांव हबीबपुर के पास हुई, जहां अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। मृतक की पहचान अलीगढ़ जिले के नगला सुखा निवासी 22 वर्षीय विशाल पुत्र रघुवीर सिंह के रूप में हुई है। विशाल अपने भाई की ससुराल कासगंज से लौट रहा था। शनिवार रात को सिकंद्राराऊ कोतवाली क्षेत्र में गांव हबीबपुर के निकट अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक में टक्कर मार दी। हादसे के बाद उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने सूचना मिलने पर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया था। पुलिस भर्ती परीक्षा की कर रहा था तैयारी हादसे केसमय युवक की पहचान नहीं हो पाई थी। रविवार सुबह पोस्टमार्टम गृह पर पहुंचे परिवार के सदस्यों ने शव की शिनाख्त विशाल के रूप में की। विशाल अविवाहित था और पुलिस भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहा था। परिवार के सदस्यों ने बताया कि वह एक होनहार युवक था। उसकी मौत के बाद परिजनों में कोहराम मच गया।
बाल श्रम रोकने के लिए एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग पुलिस और श्रम विभाग की संयुक्त टीम ने रविवार को मुबारकपुर कस्बे और बाजार में चेकिंग अभियान चलाया। टीम ने मिठाई की दुकानों और रेस्टोरेंट समेत कई प्रतिष्ठानों की जांच की। इस दौरान 5 बाल श्रमिक काम करते मिले। बाल श्रमिक मिलने पर टीम ने उनके परिजनों को मौके पर बुलाया। बच्चों से काम नहीं कराने की हिदायत दी गई। वहीं, संबंधित प्रतिष्ठान संचालकों को श्रम विभाग की ओर से नियमानुसार नोटिस जारी किया गया। दुकानों पर लगाए पोस्टर टीम ने दुकानदारों और लोगों को बाल श्रम कानून की जानकारी दी। मिठाई की दुकानों, रेस्टोरेंट, ढाबों, बेकरी, ऑटोमोबाइल दुकानों और गैराज में बाल श्रम निषेध से जुड़े पोस्टर भी लगाए गए। लोगों को बाल संरक्षण और आपातकालीन मदद के लिए 108, 112, 1090, 1930, 1098, 1076 और 181 हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई। बच्चों से काम कराने पर रोक लगाना मकसद एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के प्रभारी अभय राज मिश्रा ने बताया कि अभियान का मकसद लोगों को बाल श्रम के प्रति जागरूक करना है। होटल, ढाबे और मिठाई की दुकानों समेत अन्य प्रतिष्ठानों में नाबालिग बच्चों से काम कराने पर रोक लगाना है। उन्होंने दुकानदारों के साथ आम लोगों से भी बाल श्रम रोकने के अभियान में सहयोग करने की अपील की।
शहर के ऐतिहासिक ग्रीन पार्क स्टेडियम में आज यानी रविवार (30 अगस्त) का दिन क्रिकेट प्रेमियों के लिए बेहद खास रहने वाला है। यूपी टी20 लीग (UP T20 League 2026) में आज डबल हेडर यानी दो बड़े मुकाबले खेले जाएंगे। छुट्टी का दिन होने की वजह से मैदान पर चौके-छक्कों की आतिशबाजी देखने के लिए भारी तादाद में दर्शकों के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। पहला मुकाबला, दोपहर में भिड़ेंगी गोरखपुर और लखनऊ की टीमें दिन का पहला यानी मैच नंबर 26 दोपहर 3:00 बजे से शुरू होगा। इस मैच में गोरखपुर लायंस और लखनऊ फाल्कन्स की टीमें आमने-सामने होंगी। दोनों ही टीमों के लिए यह मुकाबला बेहद अहम माना जा रहा है। दोपहर की गर्मी और पिच के मिजाज को देखते हुए टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी या बल्लेबाजी का फैसला लेकर बढ़त बनाने की कोशिश करेगी। दूसरा मुकाबला, शाम को नोएडा और मेरठ के बीच जंग इसके बाद शाम का नजारा और भी रोमांचक होगा। मैच नंबर 27 में शाम 7:30 बजे नोएडा सुपर किंग्स का सामना मेरठ मावेरिक्स से होगा। दूधिया रोशनी (फ्लड लाइट्स) में खेले जाने वाले इस मैच में दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर होने की पूरी उम्मीद है। मेरठ और नोएडा दोनों ही टीमों में कई विस्फोटक बल्लेबाज और धारदार गेंदबाज मौजूद हैं, जो अकेले दम पर मैच का पासा पलट सकते हैं। ग्रीन पार्क में दिखेगा फैंस का भारी उत्साह रविवार की छुट्टी होने के कारण कानपुर के साथ-साथ आसपास के जिलों से भी क्रिकेट फैंस के ग्रीन पार्क पहुंचने का सिलसिला शुरू हो चुका है। आयोजकों ने दर्शकों की सुविधा और सुरक्षा को लेकर तैयारियां पूरी कर ली हैं। ग्रीन पार्क की पिच पर बनने वाले रनों का आंकड़ा और स्पिनर्स की भूमिका इन दोनों मैचों में हार-जीत तय करने में बड़ी भूमिका निभाएगी।
करनाल जिले में बिजली कर्मचारियों ने रविवार को सरकार के फैसले के खिलाफ आवाज उठाई। संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर सिटी सब यूनिट घरौंडा और सब-अर्बन सब यूनिट घरौंडा के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने बैठक कर आगे की रणनीति पर चर्चा की। बैठक के बाद कर्मचारी घरौंडा विधानसभा के विधायक हरविंदर कल्याण के निवास पर पहुंचे। यहां उन्होंने गुड़गांव और नूंह जिलों में समानांतर बिजली वितरण का लाइसेंस देने और बिजली क्षेत्र के निजीकरण के विरोध में ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने सरकार से इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की। कंपनी के अनुभव पर उठाए सवाल सिटी सब यूनिट के प्रधान जय कुमार ने कहा कि सरकार जिस कंपनी को बिजली वितरण का लाइसेंस देने जा रही है, उसे पावर सेक्टर में वितरण का कोई अनुभव नहीं है। उन्होंने दावा किया कि कंपनी का गठन करीब एक साल पहले ही हुआ है। ऐसे में अनुभवहीन कंपनी को बिजली वितरण की जिम्मेदारी देना कर्मचारियों और उपभोक्ताओं, दोनों के हित में नहीं है। उन्होंने बताया कि जिस क्षेत्र में कंपनी को काम देने की तैयारी है, वह दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के करीब 40 प्रतिशत राजस्व में योगदान देता है। कर्मचारियों का कहना है कि इससे न केवल बिजली कर्मचारियों को नुकसान होगा, बल्कि उपभोक्ताओं को भी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। अनुभवहीन कर्मचारियों के कारण बिजली सेवाएं समय पर उपलब्ध नहीं होने की आशंका है, जिससे हरियाणा सरकार के राजस्व में भी घाटा बढ़ सकता है। कल सभी सब यूनिटों पर दो घंटे प्रदर्शन कर्मचारियों ने विधायक से जनहित को ध्यान में रखते हुए कर्मचारी और उपभोक्ता हितों के खिलाफ लिए गए इस फैसले को तुरंत निरस्त करवाने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो भविष्य में पूरे हरियाणा के कर्मचारी बड़े आंदोलन के लिए तैयार होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। ज्ञापन देने वालों में प्रधान जय कुमार के साथ सहीराम, पंकज लाठर, राहुल, आनंद, सचिन, रविन्द्र, मोहिंदर, नरेश कुमार, कुलदीप, प्रदीप, जगदीप, दीपक और फूल सिंह सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे। कर्मचारियों ने बताया कि आंदोलन की अगली कड़ी में 31 अगस्त को सभी सब यूनिटों पर दो घंटे का विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
कानपुर में महिला का शव फंदे पर मिला:मायके वालों ने हत्या की आशंका जताई, प्रताड़ना का आरोप
कानपुर के महाराजपुर थाना क्षेत्र के लालूपुर गांव में शनिवार शाम करीब पांच बजे एक महिला का शव घर के अंदर फंदे से लटका मिलने से सनसनी फैल गई। घटना की जानकारी होने पर मौके पर पहुंचे मायके पक्ष के लोगों ने महिला की हत्या कर शव फंदे से लटकाए जाने की आशंका जताते हुए पति समेत ससुरालियों पर गंभीर आरोप लगाए। परिजनों ने डायल-112 पर सूचना देकर पुलिस को बुलाया। सूचना मिलते ही महाराजपुर थाने का पुलिस बल और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच-पड़ताल की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होने की बात पुलिस कह रही है। दवा दिलाकर ससुराल छोड़कर गया था चचेरा भाई जाना शेखपुर गांव निवासी माला (32) की शादी करीब आठ साल पूर्व महाराजपुर थाना क्षेत्र के लालूपुर गांव निवासी मुन्ना निषाद के साथ हुई थी। माला के दो बच्चे, बेटा रुद्रा और बेटी वैष्णणी हैं। परिजनों के मुताबिक शनिवार दोपहर माला की तबीयत खराब होने पर ताऊ के बेटे शनि उसे दवा दिलाने के बाद करीब तीन बजे ससुराल छोड़कर आया था। शनि के मुताबिक इसके करीब एक घंटे बाद उसके बहनोई मुन्ना ने फोन कर बताया कि माला ने फांसी लगा ली है। फोन पर जानकारी मिलते ही मायके पक्ष के लोग आनन-फानन लालूपुर गांव पहुंचे। घर के अंदर माला का शव फंदे से लटका देख परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने घटना को लेकर हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस को सूचना दी। पति पर आए दिन मारपीट करने का आरोप मायके पक्ष के लोगों ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही माला को ससुराल में प्रताड़ित किया जा रहा था। पति उसके साथ आए दिन मारपीट करता था और जान से मारने की धमकी देता था। परिजनों का आरोप है कि माला की मानसिक हालत ठीक नहीं होने के बावजूद उसका उचित इलाज नहीं कराया गया। भाई शनि ने आरोप लगाया कि पति मुन्ना ने मारपीट करने के बाद उसकी बहन की हत्या कर शव फंदे से लटका दिया। वहीं पति मुन्ना का कहना है कि माला करीब दो साल से मानसिक रूप से बीमार चल रही थी और उसका इलाज कराया जा रहा था। शनिवार को उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पति के दूसरी युवती से संबंध का भी आरोप पुलिस की पूछताछ के दौरान मायके पक्ष के लोगों ने पति पर एक युवती से अवैध संबंध होने का आरोप भी लगाया। परिजनों का कहना है कि इसी बात को लेकर पति और माला के बीच अक्सर विवाद होता था। आरोप है कि पति दूसरी युवती के संबंधों को लेकर माला के साथ मारपीट करता था जिससे वह काफी परेशान रहती थी। हालांकि पुलिस ने अभी किसी आरोप की पुष्टि नहीं की है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य घटना की सूचना पर महाराजपुर पुलिस के साथ फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने परिजनों और ससुरालियों से पूछताछ की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। महाराजपुर थाना प्रभारी बोले जाँचकर होंगी आगे की कार्रवाई महाराजपुर थाना प्रभारी ने बताया महिला की मौत प्रथम दृष्टया फांसी लगाने से हुई प्रतीत हो रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। हत्या और आत्महत्या दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।
कांग्रेस ने चंडीगढ़ नगर निगम मेंघोटाले, करप्शन और कमीशनखोरी के आरोप लगाए हैं। मेयर और सत्ता पक्ष भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोला है।
आगर-मालवा में उज्जैन-झालावाड़ नेशनल हाईवे पर रविवार को तेज रफ्तार ट्रक ने सड़क पर खड़ी गायों को टक्कर मार दी। हादसे में छह गोवंश की मौके पर ही मौत हो गई। और आधा दर्जन गायें गंभीर रूप से घायल हो गईं।ग्रामीणों ने किया चक्का जामहादसे के बाद ग्रामीणों ने हाईवे पर चक्का जाम कर दिया, जिससे सड़क पर जाम जैसे हालत बन गए। जानकारी मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। सीएसपी मोतीलाल कुशवाहा और थाना प्रभारी घटनास्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। बैरिकेडिंग की मांगग्रामीणों ने हाईवे पर गोवंश की सुरक्षा के लिए स्थायी व्यवस्था करने की मांग की। सड़क पर बैरिकेडिंग लगाने और गोवंश को सड़क से हटाने के लिए लोगो की तैनाती की मांग की। ट्रक चालक गिरफ्तारअधिकारियों के आश्वासन के बाद चक्का जाम खतम हुआ। हादसे में घायल गोवंश का इलाज कराया गया। सीएसपी कुशवाहा ने बताया कि ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
बस्ती में लालगंज थाने में तैनात महिला आरक्षी केसरी वर्मा का रविवार को निधन हो गया। उनके ससुराल अमेठी के बनबीरपुर संग्रामपुर से सुबह करीब 9:15 बजे उनका शव अंतिम संस्कार के लिए प्रयागराज के श्रृंगवेरपुर घाट रवाना किया गया। इस दौरान पति नागेंद्र वर्मा और परिजन गमगीन नजर आए। शनिवार रात करीब 10 बजे नागेंद्र वर्मा पत्नी का शव लेकर अपने पैतृक गांव बनबीरपुर संग्रामपुर पहुंचे थे। शव पहुंचते ही घर में मातम छा गया। रात से ही रिश्तेदारों और ग्रामीणों का घर पर जुटना शुरू हो गया था। रविवार सुबह भी बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। जब केसरी की अर्थी घर से उठी, तो पति नागेंद्र खुद को संभाल नहीं पाए और फूट-फूटकर रोने लगे। रिश्तेदारों ने उन्हें ढांढस बंधाया। करीब दो साल पहले जिस घर में केसरी दुल्हन बनकर आई थीं, रविवार को उसी घर से उनकी अंतिम यात्रा निकली। केसरी के मायके पक्ष के लोग भी अंतिम यात्रा में शामिल हुए। केसरी और उनके पति नागेंद्र दोनों पुलिस विभाग में सिपाही थे। वे बस्ती के बनकटी कस्बे में किराए के मकान में रहते थे। केसरी के ससुर छेदीलाल वर्मा खेती-किसानी करते हैं, जबकि उनके बड़े भाई धर्मेंद्र पटेल (वर्मा) मुंबई में व्यवसाय करते हैं। पत्नी की मौत के बाद नागेंद्र पूरी तरह टूट चुके हैं। रविवार सुबह ससुराल से निकली केसरी की अंतिम यात्रा प्रयागराज के श्रृंगवेरपुर घाट के लिए रवाना हुई, जहां परिजन उनका अंतिम संस्कार करेंगे। परिवार और पति की आंखों में यह दुख साफ झलक रहा था।
गोरखपुर चिड़ियाघर में आए 5 नए मेहमान:बाघों का बढ़ रहा कुनबा, रेस्क्यू सेंटर में हो रही देखभाल
गोरखपुर के शहीद अशफाक उल्ला खां चिड़ियाघर में पांच बाघों की जिंदगी ने नया मोड़ ले लिया है। कभी खुले जंगल में आज़ादी से घूमने वाले ये बाघ अब हमेशा के लिए चिड़ियाघर में रहेंगे। वन विभाग ने साफ कर दिया है कि इन्हें दोबारा जंगल में नहीं छोड़ा जाएगा, क्योंकि ये बाघ बार-बार इंसानी बस्तियों के पास आ रहे थे और लोगों के लिए खतरा बन रहे थे। दरअसल, इन बाघों में तीन मादा और दो नर शामिल हैं, जिन्हें लखीमपुर खीरी, सीतापुर और बहराइच से अलग-अलग समय पर रेस्क्यू किया गया। ये बाघ गांवों, खेतों और आबादी वाले इलाकों में घूमते पाए गए, जिससे लोगों में डर और दहशत का माहौल बन गया था। ऐसे हालात में वन विभाग ने इन्हें पकड़कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। क्यों नहीं लौटेंगे अब जंगल में विशेषज्ञों के अनुसार, जो बाघ इंसानों के संपर्क में आ जाते हैं, उनका स्वभाव बदल जाता है। वे इंसानों से डरना कम कर देते हैं और बार-बार बस्तियों की ओर लौट सकते हैं। ऐसे में उन्हें फिर से जंगल में छोड़ना खतरे से खाली नहीं होता। इसलिए इन बाघों को अब चिड़ियाघर में ही सुरक्षित रखने का फैसला लिया गया है। फिलहाल सभी बाघ चिड़ियाघर के रेस्क्यू सेंटर में रखे गए हैं। यहां डॉक्टर और विशेषज्ञ उनकी सेहत और व्यवहार पर लगातार नजर रख रहे हैं। धीरे-धीरे इनका व्यवहार शांत हो रहा है और ये नियमित रूप से खाना भी खा रहे हैं। जब इनकी स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी, तब इन्हें एक-एक करके बड़े बाड़ों में शिफ्ट किया जाएगा। अमर और गीता के साथ बढ़ेगा परिवार चिड़ियाघर में पहले से ही नर बाघ ‘अमर’ और सफेद बाघिन ‘गीता’ मौजूद हैं। अब इन पांच नए बाघों के आने से बाघों की संख्या बढ़ जाएगी। आने वाले समय में दर्शक इन बाघों को भी करीब से देख सकेंगे, जिससे चिड़ियाघर का आकर्षण और बढ़ेगा। इस फैसले के पीछे सबसे बड़ा कारण सुरक्षा है। अगर इन बाघों को फिर से जंगल में छोड़ा जाता, तो वे दोबारा गांवों में आ सकते थे और लोगों के लिए खतरा बन सकते थे। इसलिए चिड़ियाघर में इन्हें सुरक्षित माहौल, समय पर खाना और इलाज दिया जाएगा। अब ये पांचों बाघ कभी जंगल नहीं जाएंगे। उनकी पूरी जिंदगी गोरखपुर चिड़ियाघर में ही बीतेगी, जहां वे सुरक्षित रहेंगे और लोगों को भी उनसे कोई खतरा नहीं होगा।
राजधानी रायपुर के खमतराई थाना क्षेत्र में सड़क किनारे अधेड़ व्यक्ति की लाश मिली है। मृतक की पहचान फाफाडीह निवासी कैलाश निर्मलकर के रूप में हुई है। वह एक निजी कंपनी में नौकरी करता था। बताया जा रहा है कि उसे शराब पीने की आदत थी और वह शनिवार शाम से लापता था। रविवार सुबह स्थानीय लोगों ने सड़क किनारे उसका शव पड़ा देखा। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही खमतराई थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। पुलिस ने परिजनों को सूचना देकर मामले की जांच शुरू कर दी है। नाली में पड़ा था शव पुलिस अधिकारियों के अनुसार मृतक का शव सड़क किनारे नाली में पड़ा हुआ था। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज की जांच कर रही है। इसके अलावा घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है और अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
शिवपुरी शहर के कमलागंज इलाके में शनिवार रात शराब दुकान पर दो युवकों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने दुकान के अंदर घुसकर शराब की बोतलें तोड़ दीं। यह घटना करीब एक घंटे तक चली, जिसके बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया। जानकारी के अनुसार, शनिवार रात करीब 9 बजे कमलागंज स्थित थीम रोड पर यह घटना हुई। कमलागंज निवासी रवि जाटव और अजय जाटव ने पहले दुकान के बाहर लोगों से धक्का-मुक्की की। इसके बाद वे शराब दुकान के अंदर घुस गए। दुकान के भीतर भी दोनों युवकों ने उत्पात मचाया और वहां रखी शराब की बोतलें तोड़ दीं। इस हंगामे के कारण मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। पुलिस ने पकड़ा तो विरोध कियाघटना की सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों को दोनों युवकों को पकड़कर वाहन में बैठाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी, क्योंकि उन्होंने विरोध किया। बाद में दोनों को थाने ले जाया गया। हालांकि, शराब दुकान संचालक या किसी अन्य व्यक्ति ने इस मामले में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई। इसके बावजूद, पुलिस ने शांति व्यवस्था भंग करने के आरोप में रवि जाटव और अजय जाटव के खिलाफ शांति भंग की धाराओं के तहत कार्रवाई की है। दोनों आरोपियों को रविवार को एसडीएम न्यायालय में पेश किया गया।
बस्ती के वाल्टरगंज थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह की मौत के बाद रविवार सुबह पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। सुबह करीब 11 बजे परिजनों ने शव देखा तो वे बदहवास हो गए। बेटे संदीप सिंह ने बताया कि दो दिन पहले ही वह परिवार के साथ पिता से मिलकर लखनऊ गए थे। उस समय ऐसा कोई संकेत नहीं मिला था, जिससे उनके इस कदम का अंदाजा लगाया जा सके। सूत्रों के अनुसार, मौत से पहले सूर्य प्रकाश सिंह की अपनी छोटी बेटी से फोन पर बातचीत हुई थी। शनिवार शाम करीब 6:30 बजे कलेक्ट्रेट के पास स्थित सरकारी आवास में थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह का शव मिला था। पुलिस के मुताबिक, उन्होंने कमरे में फंदा लगाकर जान दी। सूचना मिलने पर डीआईजी संजीव त्यागी, एसपी डॉ. यशवीर सिंह समेत कई पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। घटनास्थल की जांच के बाद सरकारी आवास के कमरे को सील कर दिया गया है। दोपहर में सहकर्मियों के साथ पहुंचे थे आवास पुलिस के अनुसार, सूर्य प्रकाश सिंह शनिवार दोपहर करीब एक बजे अपने सहकर्मियों के साथ सरकारी आवास पहुंचे थे। उनके साथी पुलिसकर्मी सिविल लाइन चौकी पर रुक गए, जबकि सूर्य प्रकाश सिंह आराम करने के लिए अपने कमरे में चले गए। शाम करीब 6:45 बजे दरोगा बलराम गौड़ उनके कमरे पर पहुंचे। दरवाजा अंदर से बंद था। काफी प्रयास के बाद दरवाजा नहीं खुला तो उसे तोड़कर पुलिसकर्मी अंदर दाखिल हुए। कमरे में सूर्य प्रकाश सिंह का शव फंदे से लटका मिला। मोबाइल स्टेटस में लिखा- शांति और प्रेम से बढ़कर कुछ नहीं पुलिस के मुताबिक, मौत से पहले सूर्य प्रकाश सिंह ने अपने निजी मोबाइल के स्टेटस पर लिखा था- धन संपदा भी आवश्यक है, परंतु शांति और प्रेम से बढ़कर नहीं। हालांकि, घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। यही वजह है कि पुलिस मौत के कारणों को लेकर सभी पहलुओं की जांच कर रही है। सर्विलांस और फोरेंसिक टीम जुटा रही साक्ष्य घटना के बाद पुलिस की सर्विलांस, फोरेंसिक और फील्ड यूनिट की टीम ने सरकारी आवास पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने सूर्य प्रकाश सिंह का मोबाइल फोन भी कब्जे में लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत के कारणों का पता लगाने के लिए वैज्ञानिक तरीके से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। परिजनों के मुताबिक, दो दिन पहले तक सूर्य प्रकाश सिंह सामान्य थे। ऐसे में उनकी अचानक हुई मौत ने परिवार और विभाग के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल उनकी मौत की वास्तविक वजह पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
मिर्जापुर में गंगा नदी का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है। केंद्रीय जल आयोग (CWC) के ओझला ब्रिज गेज साइट से रविवार सुबह 8 बजे जारी आंकड़ों के अनुसार, गंगा का जलस्तर 74.360 मीटर दर्ज किया गया। पिछले 12 घंटे में नदी का जलस्तर 50 सेंटीमीटर बढ़ा है। जलस्तर में बढ़ोतरी की मौजूदा रफ्तार करीब 4.166 सेंटीमीटर प्रति घंटा है। तेजी से बढ़ते पानी को देखते हुए गंगा किनारे रहने वाले लोगों और घाटों पर गतिविधियों को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। प्रशासन और संबंधित विभाग नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 3.364 मीटर नीचे है। हालांकि, जिस रफ्तार से पानी बढ़ रहा है, उसे देखते हुए तटवर्ती क्षेत्रों में निगरानी जरूरी हो गई है। घाटों पर आने वाले लोगों को भी नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सावधानी बरतने की जरूरत है। चेतावनी बिंदु से 2.364 मीटर नीचे बह रही गंगा केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा का चेतावनी बिंदु 76.724 मीटर और खतरे का निशान 77.724 मीटर निर्धारित है। रविवार सुबह जलस्तर 74.360 मीटर होने के कारण नदी अभी चेतावनी बिंदु से 2.364 मीटर नीचे बह रही है। हालांकि पिछले 12 घंटे में 50 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज होने से तटवर्ती इलाकों में लोगों की चिंता बढ़ी है। प्रशासन की ओर से जलस्तर में होने वाले बदलाव पर लगातार नजर रखी जा रही है। उच्चतम बाढ़ स्तर 80.340 मीटर दर्ज गंगा का अब तक का उच्चतम बाढ़ स्तर (H.F.L.) 80.340 मीटर दर्ज किया गया है। मौजूदा जलस्तर इस रिकॉर्ड से अभी काफी नीचे है, लेकिन नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए अगले कुछ घंटों के आंकड़े महत्वपूर्ण होंगे। संबंधित विभागों को जलस्तर की निगरानी के साथ तटवर्ती क्षेत्रों में लोगों को समय रहते सतर्क रखने की जरूरत है, ताकि स्थिति बिगड़ने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
जिले के खींवसर-माडपुरा सड़क मार्ग पर 25 अगस्त को हुए भीषण सड़क हादसे में घायल रिटायर्ड फौजी धन्नाराम डूडी की भी मौत हो गई। धन्नाराम का जोधपुर में इलाज चल रहा था। जहां रविवार को उन्होंने दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया। इस हादसे में इससे पहले धन्नाराम की पत्नी, उनके छोटे भाई और छोटे भाई की पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई थी। अब हादसे में मरने वालों की संख्या चार हो गई है। डंपर ने कार को 50 फीट तक घसीटा था हादसा 25 अगस्त की शाम करीब 6:20 बजे पांचौड़ी थाना क्षेत्र में हुआ था। परिवार के सभी सदस्य एक रिश्तेदार की शोकसभा में शामिल होने बीकानेर के नोखा गए थे। शाम को वे कार से अपने गांव माडपुरा लौट रहे थे। इसी दौरान खींवसर-माडपुरा सड़क मार्ग पर तेज रफ्तार डंपर रॉन्ग साइड से आया और सामने से आ रही कार को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। डंपर कार को करीब 50 फीट तक घसीटकर ले गया। हादसे में धन्नाराम की पत्नी, छोटे भाई और भाभी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि धन्नाराम गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जोधपुर रेफर किया गया था। परिजनों ने मॉर्च्युरी के बाहर धरना दिया था हादसे के बाद मृतकों के परिजनों ने खींवसर जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी के बाहर धरना देकर आरोपी डंपर चालक की गिरफ्तारी की मांग की थी। पुलिस की ओर से आरोपी चालक को गिरफ्तार किए जाने के बाद परिजनों ने धरना समाप्त किया था। इसके बाद तीनों शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंपा गया था। 5 दिन पहले ही खरीदी थी नई कार जांच में सामने आया था कि हादसे में क्षतिग्रस्त टाटा नेक्सन कार परिवार ने हादसे से महज पांच दिन पहले ही नागौर के एक शोरूम से खरीदी थी। कार पर अभी टेंपररी नंबर ही लगे हुए थे। नई कार में परिवार के चार सदस्य शोकसभा से वापस अपने गांव लौट रहे थे, लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने परिवार की खुशियां मातम में बदल दी। प्रत्यक्षदर्शी सुरेंद्र सिंह के अनुसार डंपर खींवसर से माडपुरा की ओर तेज रफ्तार में रॉन्ग साइड चल रहा था। माडपुरा के पास सामने से कार आती दिखाई दी तो चालक ने कार को साइड में लेने का प्रयास किया, लेकिन इससे पहले ही डंपर ने कार को टक्कर मार दी। ये खबर भी पढ़ें… 5-दिन पहले खरीदी कार का एक्सीडेंट,पति-पत्नी समेत 3 की मौत:रॉन्ग साइड से आए डंपर ने 50 फीट तक घसीटा; रिटायर्ड फौजी जोधपुर रेफर नागौर जिले में रॉन्ग साइड से आए तेज रफ्तार डंपर ने कार को टक्कर मार दी। डंपर कार को करीब 50 फीट तक घसीटकर ले गया। हादसे में पति-पत्नी और भाभी की मौत हो गई, जबकि बड़ा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे जोधपुर रेफर किया गया है। पूरी खबर पढ़ें…
यूपी टी-20 लीग के 25वें मुकाबले में ग्रीनपार्क स्टेडियम में छक्कों और चौकों की ऐसी बरसात हुई कि मैदान में मौजूद दर्शक झूम उठे। बारिश के कारण मैच देर से शुरू हुआ, लेकिन ग्राउंड स्टाफ की कड़ी मेहनत के चलते जैसे ही मैदान से कवर हटाए गए, पूरा स्टेडियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। 12-12 ओवर के इस धमाकेदार मुकाबले में कानपुर सुपरस्टार्स ने समीर रिजवी की आतिशी पारी के दम पर नोएडा सुपर किंग्स को 8 विकेट से करारी शिकस्त दी। बारिश की वजह से 12 ओवर का तय हुआ मुकाबला कानपुर सुपरस्टार्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। बारिश की वजह से ओवरों में कटौती की गई और मैच को 20 की जगह 12-12 ओवर का कर दिया गया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी नोएडा सुपर किंग्स की शुरुआत तेज रही, लेकिन कानपुर के गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में वापसी की। नोएडा की तरफ से कप्तान प्रशांत वीर ने 27 गेंदों में 50 रनों की सबसे बड़ी पारी खेली। टीम ने निर्धारित 12 ओवरों में 6 विकेट खोकर 128 रन बनाए। समीर रिजवी ने अकेले दम पर बदल दिया मैच का रुख 129 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी कानपुर सुपरस्टार्स की शुरुआत बेहद खराब रही। कप्तान आदर्श सिंह बिना खाता खोले दूसरे ही ओवर में पवेलियन लौट गए। इसके बाद बल्लेबाजी करने आए समीर रिजवी ने मैदान पर कदम रखते ही नोएडा के गेंदबाजों की क्लास लगाना शुरू कर दिया। समीर रिजवी ने क्रीज पर आते ही चौके-छक्कों की झड़ी लगा दी। उन्होंने महज 39 गेंदों में 233.33 की तूफानी स्ट्राइक रेट से नाबाद 91 रन बना डाले। अपनी इस धमाकेदार पारी में उन्होंने 11 चौके और 5 गगनचुंबी छक्के जड़े। दूसरे छोर से अभिषेक पांडे 17 गेंद पर 31 रन बनाकर उनका बखूबी साथ निभाया। 10.4 ओवर में ही हासिल कर लिया लक्ष्यसमीर रिजवी के इस तूफानी शतकनुमा पारी के बदौलत कानपुर सुपरस्टार्स ने 10.4 ओवर में ही 2 विकेट के नुकसान पर 130 रन बनाकर आसान जीत दर्ज कर ली। ग्राउंड स्टाफ की मेहनत और समीर रिजवी के इस उम्दा प्रदर्शन ने ग्रीन पार्क में आए फैंस का पूरा पैसा वसूल कर दिया।
अमेठी में आरक्षण व्यवस्था में सुधार और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के प्रस्तावित प्रावधानों की समीक्षा की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन शुरू हो गया है। गौरीगंज के रायबरेली रोड स्थित लोदी वीर बाबा के पास बड़ी संख्या में युवा एकत्र हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को जिला प्रशासन के माध्यम से शासन तक पहुंचाने की बात कही है। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी अमेठी को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा है। इसमें कहा गया है कि वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को शासन-प्रशासन तक पहुंचाना चाहते हैं। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि उनका उद्देश्य किसी जाति, वर्ग या समुदाय का विरोध करना नहीं है, बल्कि ऐसी व्यवस्था की मांग करना है जो समानता, निष्पक्षता, पारदर्शिता और वास्तविक जरूरतमंदों के हितों का ध्यान रखे। प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण व्यवस्था की व्यापक समीक्षा कर आवश्यक सुधार करने की मांग की। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि आरक्षण का लाभ वास्तविक रूप से पात्र एवं जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे। साथ ही, आरक्षण व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने पर जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) से संबंधित प्रस्तावित प्रावधानों पर विद्यार्थियों और अन्य संबंधित पक्षों की चिंताओं को सुनने और व्यापक विचार-विमर्श करने की मांग भी उठाई गई। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि किसी भी नई नीति या कानून को लागू करने से पहले उसके सामाजिक और शैक्षणिक प्रभावों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। ज्ञापन में युवाओं और विद्यार्थियों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सरकार द्वारा उचित संवाद और परामर्श की व्यवस्था किए जाने की मांग भी की गई है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि वे उनकी मांगों को सक्षम शासन और संबंधित प्राधिकरण तक पहुंचाकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। धरना प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन भी मौके पर मौजूद रहा। पुलिसकर्मियों ने स्थिति का जायजा लिया और शांति तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी की। इस प्रदर्शन में आदर्श प्रताप सिंह, राघवेन्द्र प्रताप सिंह, राणा सुरेश सिंह बैस, सर्वेश प्रताप सिंह, हिमांशु सिंह पथिक, सुरेन्द्र प्रकाश सिंह, अभिषेक सिंह बैस, आदित्य सिंह सहित समस्त स्वर्ण समाज अमेठी के प्रतिनिधि शामिल थे।
उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण वोटों को लेकर सियासी हलचल के बीच अब राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) भी इस वर्ग को अपने साथ जोड़ने की रणनीति पर आगे बढ़ रहा है। पश्चिमी यूपी और जाट राजनीति से जुड़ी पार्टी की पहचान बदलने के लिए रालोद अब प्रदेश के दूसरे हिस्सों में भी संगठन मजबूत करने में जुटी है। इसी कड़ी में रविवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में पार्टी का विशेष सम्मेलन हुआ। इसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी शामिल हुए। रायबरेली के बीके शुक्ला समेत कई नेता ने ली सदस्यताकार्यक्रम में रायबरेली के ब्राह्मण नेता बीके शुक्ला अपने समर्थकों के साथ रालोद की सदस्यता ली। बीके शुक्ला शिक्षक एमएलसी का चुनाव भी लड़ चुके हैं और शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय हैं। पार्टी अब उन्हें ब्राह्मण समाज के बीच संगठन विस्तार की जिम्मेदारी देने की तैयारी में है। इसके अलावा कई अन्य ब्राह्मण और सवर्ण नेताओं के भी रालोद में शामिल होने की संभावना है।रालोद ने हाल में अनुपम मिश्रा को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी है। पार्टी के भीतर इसे ब्राह्मण समाज को संगठन से जोड़ने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। पार्टी का फोकस अब केवल पश्चिमी यूपी तक सीमित रहने के बजाय पूर्वांचल, मध्य यूपी और बुंदेलखंड में भी संगठन खड़ा करने पर है। बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने की तैयारी राजनीतिक जानकार मानते है कि रविवार के सम्मेलन में पार्टी के संगठन विस्तार को लेकर भी रणनीति तैयार की जाएगी। रालोद की कोशिश प्रदेश के सभी क्षेत्रों में बूथ स्तर तक संगठन खड़ा करने की है। पार्टी नेताओं का कहना है कि ब्राह्मण और दूसरे सवर्ण समाज को संगठन में उचित प्रतिनिधित्व और सम्मान दिया जाएगा।रालोद के प्रदेश प्रवक्ता मयंक त्रिवेदी का कहना है कि पार्टी ब्राह्मणों और सवर्णों को मजबूती से अपने साथ जोड़ने की दिशा में काम कर रही है। उनका कहना है कि पार्टी सत्ता में आने पर इन वर्गों को उचित सम्मान और भागीदारी देने के लिए प्रतिबद्ध रहेगी। सपा के बाद रालोद की नजर ब्राह्मण वोट बैंक पर राजनीतिक जानकार मानते है कि यूपी में ब्राह्मणों को साधने की कोशिश पहले से कई राजनीतिक दल कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी भी इस वर्ग को अपने साथ जोड़ने के लिए लगातार सक्रिय है। ऐसे में एनडीए का हिस्सा रालोद भी अब अपनी राजनीतिक पहुंच बढ़ाने के लिए ब्राह्मण और सवर्ण मतदाताओं पर फोकस कर रहा है। लखनऊ में होने वाला रविवार का सम्मेलन इसी बदली राजनीतिक रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
सोनीपत शहर के व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र कच्चे क्वार्टर मार्केट में शुक्रवार को भीषण आग लग गई। एक दुकान से शुरू हुई आग ने देखते ही देखते चार अन्य दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया। इस अग्निकांड में लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। आग लगने का प्रारंभिक कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुक्रवार को कच्चे क्वार्टर बाजार स्थित एक दुकान में अचानक धुएं के साथ आग की लपटें उठने लगीं। आग ने तेजी से फैलते हुए पड़ोस की चार अन्य दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया। भीड़भाड़ वाला इलाका होने के कारण घटना के बाद पूरे बाजार में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना तुरंत फायर ब्रिगेड और स्थानीय पुलिस को दी गई। दमकल विभाग की गाड़ियां तत्काल मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, जिससे इसे और फैलने से रोका जा सका। हादसे की खबर मिलते ही सोनीपत के मेयर राजीव जैन ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ित दुकानदारों से बातचीत कर उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया। पुलिस टीम ने भी घटना स्थल का मुआयना किया है और आग लगने के कारणों तथा हुए नुकसान का आकलन करने के लिए जांच शुरू कर दी है।
महराजगंज में महज 400 रुपये के लेनदेन का विवाद इतना बढ़ गया कि एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। पनियरा थाना क्षेत्र के गोनहा गांव के सतुअहवा टोला निवासी मेवालाल प्रजापति (38) की शनिवार शाम रोहुआ चौराहा पुल के पास बेरहमी से पिटाई कर दी गई। आरोप है कि आरोपी ने उनका गला दबाया और गंभीर चोट पहुंचाई, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद से गांव में सन्नाटा पसरा है। पत्नी राजमती और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना शनिवार 29 अगस्त की शाम करीब 5 बजे की है। मेवालाल अपने सात वर्षीय बेटे अंश और दामाद दिलीप प्रजापति के साथ बाजार जा रहे थे। जैसे ही वे रोहुआ चौराहा के पास पहुंचे, वहां रामकेश निषाद निवासी रोहुआ, थाना गुलरिहा, पहले से मौजूद था। आरोप है कि रामकेश ने पैसों के लेनदेन को लेकर मेवालाल से विवाद शुरू कर दिया। देखते ही देखते उसने मेवालाल को पकड़कर मारपीट शुरू कर दी। घटना के दौरान सात वर्षीय बेटा अंश पिता को बचाने के लिए रोता-बिलखता रहा। सूचना मिलने पर मेवालाल की पत्नी राजमती भी मौके पर पहुंचीं। आरोप है कि जब वह शिकायत करने रामकेश के घर गईं तो आरोपी की पत्नी ने उनके साथ भी मारपीट की। परिजन और ग्रामीण जब मेवालाल के पास पहुंचे, तब तक उनकी हालत गंभीर हो चुकी थी और मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पत्नी राजमती देवी ने पुलिस से आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पनियरा थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने बताया कि घटना का मुख्य स्थल गोरखपुर जिले के गुलरिहा थाना क्षेत्र में आता है। सूचना मिलने पर डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची थी और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मामले में संबंधित थाना पुलिस कार्रवाई कर रही है। मिट्टी के बर्तन बनाकर चलाते थे परिवार मेवालाल परिवार के अकेले कमाने वाले सदस्य थे। वह चाक पर मिट्टी के बर्तन बनाते थे और गांव-गांव जाकर उन्हें बेचकर परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनकी कमाई से दो बेटियों की शादी हो चुकी थी, जबकि दो बेटियां अभी अविवाहित हैं। सात वर्षीय बेटे अंश की पढ़ाई और परिवार की जिम्मेदारी भी उन्हीं के कंधों पर थी। मेवालाल की मौत के बाद परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। पत्नी राजमती का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका कहना है कि महज 400 रुपये के विवाद में उनके पति की जान चली गई। ग्रामीणों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के साथ ही पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद देने की मांग की है।
मध्यप्रदेश की शासकीय अनुदान प्राप्त शालाओं में कार्यरत शिक्षक और कर्मचारियों को पिछले पांच माह से वेतन नहीं मिला है। मई माह से वेतन लंबित होने के कारण प्रदेश के लगभग 530 स्कूलों के साथ-साथ बैतूल जिले के करीब 10 अनुदान प्राप्त स्कूलों के शिक्षक-कर्मचारी भी गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। नियमित सेवाएं देने के बावजूद लंबे समय से वेतन नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों के लिए परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। बच्चों की पढ़ाई, फीस, चिकित्सा खर्च, बैंक की किस्तें, मकान किराया और रोजमर्रा के घरेलू खर्च वेतन पर निर्भर हैं। रक्षाबंधन जैसे त्योहार पर भी वेतन न मिलने से उनकी परेशानी और बढ़ गई है। शिक्षक-कर्मचारियों का वेतन मई माह से लंबितमध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ जिला इकाई बैतूल के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि अनुदान प्राप्त शालाओं के शिक्षक-कर्मचारियों का वेतन मई माह से लंबित है। उन्होंने बताया कि जिलों से वस्तुनिष्ठ परीक्षण प्रमाण-पत्र सहित अन्य आवश्यक जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं होने के कारण भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हुई थी। हालांकि, आवश्यक जानकारी भेजे जाने के बाद भी लोक शिक्षण संचालनालय स्तर से वेतन जारी नहीं होने की बात सामने आ रही है। वेतन का तत्काल भुगतान कराने की मांग कीसंघ के नारायण अडलक ने जानकारी दी कि बैतूल जिले में लगभग 10 अनुदान प्राप्त शालाएं संचालित हैं। इनमें कार्यरत शिक्षक और कर्मचारी भी पांच माह से वेतन का इंतजार कर रहे हैं। लंबे समय तक वेतन नहीं मिलने से कई परिवारों की आर्थिक व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष एलबी सेठ ने शासन से लंबित वेतन का तत्काल भुगतान कराने की मांग की है। साथ ही उन्होंने आगामी महीनों के लिए आवश्यक बजट समय पर जारी करने की भी मांग की है, ताकि अनुदान प्राप्त शालाओं के शिक्षक-कर्मचारियों को वेतन के लिए बार-बार इंतजार न करना पड़े।
ट्रक में सर्फ एक्सल चोरी का खुलासा:2 आरोपी गिरफ्तार, 121 पैकेट बरामद
धौलपुर की निहालगंज थाना पुलिस ने ट्रक से सर्फ एक्सल और अन्य सामान चोरी के मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने इस संबंध में 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से चोरी किए गए सर्फ एक्सल पाउडर के 121 पैकेट बरामद किए गए हैं।निहालगंज थानाधिकारी देवेंद्र कुमार शर्मा के नेतृत्व में गठित टीम ने यह कार्रवाई की। गिरफ्तार आरोपियों में मोहन कॉलोनी, धौलपुर निवासी सचिन उर्फ भूरा (21) पुत्र श्याम किशोर और निहालगंज थाना क्षेत्र के जिरौली का पुरा निवासी शिवम उर्फ भोलू उर्फ चुलुआ (23) पुत्र दिलीप कुमार शामिल है। बरामद पैकेट 500-500 ग्राम के हैं। 18 कट्टे सर्फ एक्सल और 4 कार्टन फेसवॉश हुए थे चोरीमामले के अनुसार फतेहसिंह का पुरा निवासी अभिमन्यु सिंह ने पुलिस को शिकायत दी थी। वह ट्रक का ड्राइवर है। उसने बताया कि 11 और 12 जुलाई की मध्यरात्रि करीब 11:30 बजे उसने ट्रक को राजाखेड़ा बाईपास रोड पुल से पहले सड़क किनारे खड़ा किया था। सुबह उठने पर ट्रक से 18 कट्टे सर्फ एक्सल और 4 कार्टन फेसवॉश गायब मिले। इस शिकायत के आधार पर निहालगंज थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने चोरी गए सामान की तलाश शुरू की और जांच के दौरान 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
कानपुर देहात के मूसानगर थाना क्षेत्र के कस्बा गौसगंज के वार्ड नंबर-1 में रविवार सुबह युवक का शव पेड़ पर फांसी के फंदे से लटका मिला। मृतक की पहचान सुशील के रूप में हुई है। शव मिलने के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए हंगामा किया। उन्होंने पुलिस पर शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। सूचना मिलते ही मूसानगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। परिजनों के हंगामे की जानकारी पर भोगनीपुर सीओ राजीव सिरोही और एसडीएम देवेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों को समझाकर शांत कराया और मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया। छोटे भाई की कोर्ट मैरिज के बाद शुरू हुआ विवाद मृतक की मां शिवकांति के मुताबिक, उनके छोटे बेटे अनुज ने 7 अगस्त को मोहल्ले की रहने वाली शालू पुत्री महाजन से कोर्ट मैरिज की थी। परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से शालू के परिवार के लोग उनके परिवार को गाली-गलौज और जान से मारने की धमकियां दे रहे थे। परिजनों के अनुसार, इसी विवाद को लेकर 12 अगस्त को मूसानगर थाने में दोनों पक्षों के बीच समझौता भी हुआ था। इसके बावजूद धमकियों और गाली-गलौज का सिलसिला जारी रहा। सुशील ने 14 अगस्त को थाने में शिकायत देकर छोटे भाई अनुज और शालू की शादी के बाद परिवार को मिल रही धमकियों की जानकारी पुलिस को दी थी। परिजनों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई नहीं की। रात में थाने पहुंचे 70 से ज्यादा लोग, सुबह मिला शव मृतक की मां शिवकांति का आरोप है कि शनिवार रात करीब 50 महिलाएं और 20 पुरुष शिकायत लेकर मूसानगर थाने पहुंचे थे। परिवार का कहना है कि उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। मृतक के भाई सुदीप ने आरोप लगाया कि थाने में उनकी शिकायत सुनने के बजाय पुलिसकर्मियों ने उन्हें ही डांटकर वापस भेज दिया। उनके मुताबिक, थाना प्रभारी ने थाने पहुंचे लोगों के नाम लिखने और वीडियो बनाने की बात कही और कार्रवाई की चेतावनी दी। परिजनों के मुताबिक, शनिवार रात करीब 11 बजे सुशील से फोन पर बात हुई थी। इसके बाद उसका मोबाइल संपर्क नहीं हुआ। रविवार सुबह करीब 7 बजे उसका शव घर के पीछे पेड़ पर फंदे से लटका मिला। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई सुशील के भाई सुदीप का आरोप है कि अनुज के कोर्ट मैरिज करने के बाद से ही शालू के परिवार की ओर से धमकियां दी जा रही थीं। परिवार का कहना है कि लगातार शिकायत करने के बावजूद पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। सुशील की मौत के बाद परिजनों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते धमकियों की शिकायत पर कार्रवाई की जाती तो शायद सुशील की जान बच सकती थी। सीओ और एसडीएम ने संभाला मोर्चा युवक का शव मिलने के बाद मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन जुट गए। आक्रोशित परिजनों ने पुलिस के खिलाफ नाराजगी जताई। स्थिति को देखते हुए सीओ भोगनीपुर राजीव सिरोही और एसडीएम देवेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर उन्हें निष्पक्ष जांच और कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एसपी बोलीं- पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई कानपुर देहात की एसपी श्रद्धा नरेंद्र पांडेय ने बताया कि एक बालिग युवक-युवती ने घर से जाकर शादी की थी। इसके बाद दोनों परिवारों के बीच विवाद चल रहा था। युवक के बड़े भाई का शव फंदे पर लटका मिला है। एसपी के अनुसार, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि सुशील ने आत्महत्या की या उसकी हत्या कर शव को फंदे पर लटकाया गया। मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
मध्यप्रदेश की सियासत में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर एक बार फिर विवाद उठा है। 'जंग-ए-आज़ादी में उलमा की कुर्बानी' कार्यक्रम के समापन के अवसर पर राजधानी भोपाल के बुधवारा चौराहे पर आयोजित एक कार्यक्रम में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने शिरकत की। इस मंच से नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा उस सरकार के मंसूबे देखिए जिसे गांव-गांव तक इस कानून को तक ले जाना है। वो बात अलग है कि बहुमत में उन्होंने ये काला कानून पास करा लिया। लेकिन, आने वाले समय में जब सरकार आएगी तो यूसीसी को खत्म किया जाएगा। आरिफ मसूद ने खोली 'मोहब्बत की दुकान' विधायक आरिफ मसूद द्वारा आयोजित आज़ादी के पखवाड़े के समापन कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (PCC Chief) जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस दौरान अतिथियों द्वारा बच्चों को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जीतू पटवारी ने विधायक आरिफ मसूद के प्रयासों की जमकर सराहना की। पटवारी ने कहा, नफरत के इस दौर में आरिफ मसूद जी ने आज़ादी का पखवाड़ा मनाकर राहुल गांधी जी की ‘मोहब्बत की दुकान’ को सही मायनों में खोला है। मप्र के यूसीसी में मुख्य प्रावधान विवाह और बहुविवाह पर पूर्ण प्रतिबंध मध्य प्रदेश में लागू इस संहिता के अंतर्गत विवाह की एक समान व्यवस्था सुनिश्चित की गई है जिसके तहत राज्य में बहुविवाह को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। कानून प्रभावी होने के बाद कोई भी व्यक्ति अपने पहले जीवनसाथी के जीवित रहते या उससे कानूनी तलाक लिए बिना दूसरा विवाह नहीं कर सकता है। यह नियम सभी धर्मों और समुदायों पर समान रूप से लागू होता है, जिससे वैवाहिक अधिकारों में एकरूपता और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। विवाह एवं विवाह विच्छेद का अनिवार्य पंजीकरण संहिता के प्रावधानों के अनुसार राज्य के भीतर होने वाले प्रत्येक विवाह और विवाह विच्छेद (तलाक) का सरकारी रिकॉर्ड में पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया गया है। तय समय सीमा के भीतर निर्धारित प्राधिकारी के पास इस प्रक्रिया को पूरा करना होगा और पंजीकरण न कराने की स्थिति में संबंधित पक्षों पर दंडात्मक कार्रवाई अथवा आर्थिक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य वैवाहिक धोखाधड़ी को रोकना और कानूनी अधिकारों को मजबूत करना है। लिव-इन रिलेशनशिप के लिए कड़े नियम बिना विवाह के साथ रहने वाले जोड़ों यानी लिव-इन रिलेशनशिप के लिए इस संहिता में विशेष और कड़े नियम तय किए गए हैं। ऐसे जोड़ों को एक निश्चित अवधि के भीतर रजिस्ट्रar के समक्ष अपने संबंध की घोषणा कर पंजीकरण कराना आवश्यक होगा। यदि लिव-इन पार्टनर्स में से किसी की भी आयु 21 वर्ष से कम है, तो इस पंजीकरण की सूचना उनके माता-पिता या अभिभावकों को दी जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने या पंजीकरण न कराने पर जेल और जुर्माने दोनों का प्रावधान है। उत्तराधिकार और संपत्ति में समान अधिकार संपत्ति के उत्तराधिकार के मामलों में ऐतिहासिक सुधार करते हुए इस संहिता में बेटे और बेटियों को पूरी तरह से समान धरातल पर ला खड़ा किया गया है। पैतृक एवं स्व-अर्जित संपत्ति पर अब बेटियों का भी उतना ही कानूनी हक होगा जितना बेटों का होता है, चाहे वे विवाहित हों या अविवाहित। इसके साथ ही माता-पिता की संपत्ति पर पत्नी और बच्चों के अधिकारों को भी इस प्रकार सुदृढ़ किया गया है जिससे किसी भी प्रकार के लैंगिक भेदभाव की गुंजाइश न बचे। बच्चों के अधिकारों का संरक्षण और वैधानिकता बच्चों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए संहिता ने समाज में उनके कानूनी अधिकारों को अत्यधिक मजबूत किया है। नए प्रावधानों के तहत अब लिव-इन रिलेशनशिप, सरोगेसी या कानूनी रूप से गोद लिए गए बच्चों को भी माता-पिता की संपत्ति और भरण-पोषण में जैविक बच्चों की तरह ही पूरे अधिकार प्राप्त होंगे। कानून में बच्चों के प्रति होने वाले किसी भी प्रकार के सामाजिक या कानूनी भेदभाव को समाप्त करने का स्पष्ट प्रयास किया गया है। पारंपरिक कुप्रथाओं पर प्रतिबंध विवाह विच्छेद और सामाजिक कुप्रथाओं से जुड़े मामलों में महिलाओं के शोषण को रोकने के लिए इस संहिता में कड़े कदम उठाए गए हैं। तीन तलाक और निकाह हलाला जैसी प्रथाओं को कानूनन अमान्य ठहराते हुए पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। इनके स्थान पर केवल न्यायालय और निर्धारित वैधानिक प्रक्रियाओं के माध्यम से ही विवाह विच्छेद को मान्यता दी जाएगी ताकि समाज के हर वर्ग की महिलाओं को गरिमापूर्ण जीवन और समान सामाजिक न्याय मिल सके। जनजातीय समाज को विशेष छूट राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को बनाए रखने के लिए इस संहिता में मध्य प्रदेश की अधिसूचित जनजातियों (Scheduled Tribes) को विशेष रूप से रियायत दी गई है। संविधान के दायरे में आने वाले आदिवासी समाजों के पारंपरिक नियमों, प्रथाओं और उनकी विशिष्ट जीवन शैली को देखते हुए उन्हें इस समान नागरिक संहिता के कड़े प्रावधानों से पूरी तरह बाहर (मुक्त) रखा गया है, ताकि उनकी रीति-रिवाज अक्षुण्ण बनी रहें।
राघोपुर में गंगा के प्रचंड कटाव और टूटे बांध की मरम्मत में आ रही बाधा को देखते हुए सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण की ड्रेजिंग मशीन से गंगा की मुख्य धारा का रुख मोड़ा जाएगा और मालवाहक जहाज से सामग्री पहुंचाई जाएगी।
लंबित न्यायालयीन वारंटों की तामिली को लेकर दुर्ग पुलिस ने शनिवार को जिलेभर में एक साथ अभियान चलाया। अपराध शाखा और अलग-अलग थाना क्षेत्रों की टीमों ने वारंटियों की तलाश में उनके घरों और संभावित ठिकानों पर दबिश दी। अभियान के दौरान एक ही दिन में 101 लंबित वारंट तामील किए गए। पकड़े गए वारंटियों को संबंधित न्यायालय में पेश किया गया, जहां न्यायालय के आदेश के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस के इस अभियान में सबसे ज्यादा 23 वारंट दुर्ग थाना क्षेत्र से तामील किए गए। इसके बाद छावनी थाना क्षेत्र से 15 और मोहन नगर थाना क्षेत्र से 10 वारंट तामील हुए। इस तरह इन तीन थाना क्षेत्रों से ही कुल 48 लंबित वारंटों की तामिली की गई। शेष कार्रवाई जिले के अन्य थाना और चौकी क्षेत्रों में की गई। एक दिन में 101 वारंट तामील, अलग-अलग मामलों में थे लंबित पुलिस के मुताबिक, ये वारंट अलग-अलग पुराने न्यायालयीन मामलों में लंबे समय से लंबित थे। इनमें मारपीट, चाकूबाजी, हथियार रखने, शराब से जुड़े मामले, चेक बाउंस समेत अन्य अपराध शामिल हैं। वारंट जारी होने के बाद संबंधित लोगों की तलाश पुलिस के लिए लगातार चुनौती बनी हुई थी। शनिवार को अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने पुराने अभिलेखों में दर्ज पतों की जांच की। स्थानीय लोगों से जानकारी जुटाकर वारंटियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई। कई मामलों में पुलिस ने अलग-अलग टीम बनाकर एक साथ तलाश की, ताकि वारंटी पुलिस की कार्रवाई से बच न सकें। दुर्ग में सबसे ज्यादा कार्रवाई, छावनी दूसरे नंबर पर थाना-वार आंकड़ों के अनुसार, दुर्ग थाना क्षेत्र में सबसे ज्यादा 23 वारंट तामील किए गए। इसके बाद छावनी में 15 और मोहन नगर में 10 वारंट तामील हुए। खुर्सीपार में 9, भिलाई भट्टी में 6, पुरानी भिलाई में 6 और नेवई में 6 वारंट तामील किए गए। इसके अलावा पद्मनाभपुर में 4, सुपेला और स्मृति नगर चौकी क्षेत्र में 4-4, उतई में 4, कुम्हारी में 3, भिलाई नगर में 3, जामुल में 3, नंदिनी नगर में 2 और वैशाली नगर में 1 वारंट तामील किया गया। जानिए पुराने वारंटों पर फोकस क्यों ? किसी मामले में न्यायालय से वारंट जारी होने के बाद संबंधित व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं हो पाती है तो वह वारंट लंबित रहता है। ऐसे मामलों की संख्या बढ़ने से पुलिस और न्यायालय, दोनों स्तरों पर लंबित मामलों का बोझ बढ़ता है। इसी वजह से पुलिस समय-समय पर विशेष अभियान चलाकर लंबित वारंटों की तामिली करती है। दुर्ग पुलिस का यह अभियान भी इसी कड़ी का हिस्सा था। क्राइम ब्रांच और थाना पुलिस की टीमों ने अलग-अलग इलाकों में एक साथ कार्रवाई करते हुए एक दिन में 101 लंबित वारंट तामील किए। पुलिस के मुताबिक, इस अभियान के दौरान किसी तरह की जब्ती नहीं की गई।
बदायूं में गंगा स्नान के दौरान युवक डूबा:गहरे पानी में जाने से हादसा, गोताखोरों का सर्च ऑपरेशन जारी
बदायूं के सहसवान क्षेत्र में रविवार सुबह गंगा स्नान के दौरान एक युवक गहरे पानी में डूब गया। यह घटना सुकुर्रा गंगा घाट पर हुई। युवक अपने साथी के साथ स्नान करने पहुंचा था। हादसे के बाद साथी ने तत्काल पुलिस और परिजनों को सूचना दी। पुलिस के अनुसार, उघैती थाना क्षेत्र के सलामतपुर गांव निवासी 25 वर्षीय बृजेश पुत्र भूरे अपने साथी मल्लू पुत्र रक्षपाल (निवासी विचोला, थाना जरीफनगर) के साथ गंगा स्नान के लिए आया था। स्नान करते समय बृजेश गहरे पानी में चला गया और देखते ही देखते डूब गया। बृजेश के डूबने की जानकारी मिलते ही मल्लू ने पीआरवी-112 और उसके परिजनों को सूचित किया। सूचना मिलते ही सहसवान पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से युवक की तलाश शुरू की गई। गोताखोर नदी में संभावित स्थानों पर लगातार खोजबीन कर रहे हैं। पुलिस ने बताया कि राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) को भी घटना की सूचना दे दी गई है। युवक के गंगा में डूबने की खबर सुनकर परिजन भी घाट पर पहुंच गए। परिवार में चीख-पुकार मच गई और वे बृजेश के सकुशल मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं। पुलिस ने पुष्टि की है कि युवक की तलाश जारी है और एसडीआरएफ की टीम भी जल्द ही अभियान में शामिल होगी। युवक के मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बदायूं के कुंवरगांव थाना क्षेत्र के आजमगंज मड़िया गांव में शनिवार रात 23 वर्षीय युवक का शव पशुशाला में फंदे से लटका मिला। रविवार सुबह परिजनों की नजर शव पर पड़ी तो घर में हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान ओमवीर पुत्र ओमकार बाबाजी के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा शवघटना की सूचना मिलने पर कुंवरगांव थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद शव को कब्जे में लिया। पुलिस की ओर से शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही युवक की मौत के कारणों को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। दो माह पहले हुई थी शादी, पत्नी के मायके जाने से था परेशानपरिजनों का कहना है कि ओमवीर की शादी करीब दो माह पहले हुई थी। रक्षाबंधन से पहले उसकी पत्नी मायके चली गई थी। शनिवार को ओमवीर अपनी ससुराल गया था, लेकिन पत्नी उसके साथ वापस नहीं आई। परिजनों के अनुसार, इस बात से वह काफी आहत था। उनका दावा है कि इसी परेशानी के चलते उसने आत्मघाती कदम उठाया। ससुराल पक्ष ने लगाया गला दबाकर हत्या का आरोपवहीं, इस मामले में ससुराल पक्ष की ओर से युवक के परिजनों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ससुराल पक्ष का कहना है कि ओमवीर की गला दबाकर हत्या की गई है और बाद में शव को फंदे से लटकाया गया। दोनों पक्षों के अलग-अलग आरोप सामने आने के बाद मामला संदिग्ध हो गया है। पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों की कर रही जांचकुंवरगांव पुलिस का कहना है कि फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच की जा रही है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। युवक की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा है। वहीं, घटना को लेकर गांव में भी तरह-तरह की चर्चाएं हैं।
नेपाल में बाढ़ के बीच लापता विदिशा की स्वाति बागरेचा की तलाश के प्रयास अब केंद्र स्तर पर भी शुरू हो गए हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार देर रात स्वाति के पिता डॉ. केसी बागरेचा के निवास पर पहुंचे और परिवार से मुलाकात की। उन्होंने स्वाति को खोजने के लिए हरसंभव प्रयास करने का भरोसा दिलाया। परिवार से जानकारी लेने के बाद उन्होंने विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से फोन पर बात कर स्वाति की जानकारी साझा की। दरअसल, कनाडा के टोरंटो में इंजीनियर रहीं स्वाती बागरेचा कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गई थीं। वह चीन-तिब्बत सीमा के पास से लापता हो गई हैं। 26 अगस्त की सुबह 9 बजे परिवार से संपर्क टूट गया था। शिवराज सिंह चौहान ने परिवार के सदस्यों से स्वाति के नेपाल जाने से लेकर अब तक की पूरी जानकारी ली। परिवार ने बताया कि वे लगातार स्वाति से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उसकी कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। परिवार के अनुसार, स्वाति का मोबाइल फोन अभी चालू है और उस पर कॉल करने पर घंटी भी जा रही है। हालांकि, कॉल रिसीव नहीं हो रही है। विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से फोन पर बात की परिवार से जानकारी लेने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से फोन पर बात की। उन्होंने अधिकारियों को स्वाति के मामले की जानकारी दी। उसका मोबाइल नंबर भी साझा किया। उन्होंने अधिकारियों से स्वाति की लोकेशन और नेपाल में उसकी स्थिति का पता लगाने के लिए आवश्यक प्रयास करने को कहा। परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा शिवराज सिंह चौहान ने परिवार को भरोसा दिलाया कि वे इस मामले में लगातार संपर्क में रहेंगे। उन्होंने कहा कि स्वाति की तलाश के लिए विदेश मंत्रालय और संबंधित स्तर पर जानकारी साझा कर आवश्यक प्रयास किए जाएंगे। मंत्री के आश्वासन के बाद परिवार को स्वाति की तलाश तेज होने की उम्मीद है। परिजन लगातार उसके मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं। मोबाइल पर घंटी जाने के बावजूद कॉल रिसीव नहीं होने से परिवार उसकी स्थिति को लेकर चिंतित है। शिवराज बोले- लगातार प्रयास करेंगे परिवार से मुलाकात के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वे स्वयं भी इस मामले को लेकर लगातार प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि स्वाति की तलाश के लिए विदेश मंत्रालय और संबंधित स्तर पर जानकारी साझा कर आवश्यक प्रयास किए जाएंगे। केंद्रीय मंत्री के आश्वासन के बाद परिवार को भी उम्मीद जगी है कि अब स्वाति की तलाश के प्रयास तेज होंगे और जल्द ही उसकी स्थिति का पता चल सकेगा। परिवार की नजर अब हर फोन कॉल पर है। एक तरफ स्वाति के मोबाइल की बजती घंटी उम्मीद जगा रही है, तो दूसरी तरफ कॉल रिसीव नहीं होने से चिंता भी बढ़ रही है। परिवार और परिचित लगातार स्वाति के सुरक्षित लौटने की प्रार्थना कर रहे हैं।
प्रयागराज के फाफामऊ पुल से रविवार दोपहर करीब 12 बजे 75 वर्षीय बुजुर्ग ने गंगा में छलांग लगा दी। पुल से गुजर रहे राहगीरों ने बुजुर्ग को नदी में गिरते देखा तो शोर मचाकर मदद के लिए आवाज लगाई। उस समय नदी में मौजूद एसडीआरएफ के जवानों ने तत्काल मोर्चा संभाला और तेज बहाव के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर बुजुर्ग को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना के बाद मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। बीमारी से परेशान थेपुलिस के मुताबिक, बुजुर्ग की पहचान कीडगंज निवासी के रूप में हुई है। शुरुआती पूछताछ में सामने आया कि वह लंबे समय से बीमारी से परेशान थे। इसी वजह से उन्होंने यह कदम उठाने का प्रयास किया।घटना के बाद पुलिस ने परिजनों को सूचना दी और बुजुर्ग को उनके सुपुर्द कर दिया। तेज बहाव में बहने लगे थे बुजुर्गइस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन का वीडियो भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि पुल के पास काम कर रहे एक राहगीर ने घटना को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो में बुजुर्ग गंगा के तेज बहाव में बहते नजर आ रहे हैं। इसी दौरान एसडीआरएफ के जवान उन्हें बचाने के लिए नदी में उतरते हैं और काफी मशक्कत के बाद बुजुर्ग को सुरक्षित बाहर निकाल लेते हैं। राहगीरों के शोर मचाने के बाद एसडीआरएफ जवानों के तत्काल सक्रिय होने से बुजुर्ग की जान बच सकी। तेज बहाव के बावजूद जवानों ने जिस तरह से रेस्क्यू किया, उसका वीडियो अब सामने आया है। प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि- फिलहाल बुजुर्ग को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। पुलिस मामले की जानकारी जुटा रही है।
डीडवाना पुलिस लाइन में महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की स्मृति में आयोजित 3 दिवसीय राष्ट्रव्यापी खेल एवं फिटनेस अभियान 'खेलेगा भारत, जीतेगा भारत' का रविवार को समापन हुआ। इस अभियान में पुलिस अधिकारियों और जवानों ने विभिन्न खेल एवं फिटनेस गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अभियान का एएसपी हिमांशु शर्मा और डीएसपी उमेश गुप्ता ने पर्यवेक्षण किया।इस कार्यक्रम के दौरान पुलिस लाइन और पुलिस थाना डीडवाना के अधिकारी और जवान मौजूद रहे। अभियान का उद्देश्य पुलिसकर्मियों को नियमित खेल, व्यायाम और फिटनेस के प्रति जागरूक करना था। पहले दिन मेजर ध्यानचंद को दी श्रद्धांजलिअभियान के पहले दिन 28 अगस्त को मेजर ध्यानचंद को डिजिटल श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद 'ऊर्जा से भरपूर 29 चैलेंज', 'पास द बॉल' और 'स्पोर्ट्स बंधन' जैसी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। दूसरे दिन 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर पुलिस लाइन परेड ग्राउंड में जवानों के लिए एक घंटे का वॉलीबॉल मैच आयोजित किया गया। पुलिस जवानों ने इस मैच में उत्साह के साथ भाग लिया और शानदार खेल का प्रदर्शन किया। विशेष दौड़ और साइकिल यात्रा का आयोजनअभियान के अंतिम दिन 30 अगस्त को 'संडे ऑन साइकिल' के तहत एक विशेष दौड़ और साइकिल यात्रा का आयोजन किया गया। भारत की BRICS अध्यक्षता के उपलक्ष्य में आयोजित यह साइकिल यात्रा पंडित बछराज व्यास आदर्श विद्या मंदिर से शुरू होकर पुलिस लाइन परेड ग्राउंड पहुंची। डीडवाना सीआई उमेश गुप्ता ने साइकिल यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। साइकिल यात्रा के पुलिस लाइन परेड ग्राउंड पहुंचने पर सीआई गुप्ता और डीडवाना थानाधिकारी मोहन सिंह ने प्रतिभागी जवानों को फल वितरित किए। इसी के साथ 3 दिवसीय खेल एवं फिटनेस अभियान का सफल समापन हुआ।
रेवाड़ी जिला बार एसोसिएशन के 6 पदों के लिए चुनाव 11 सितंबर को होगा। जिसमें 2183 अधिवक्ता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। दावों एवं आपत्तियों की सुनवाई के बाद मतदाता सूची को फाइनल कर दिया गया है। बार एसोसिएशन के 2215 अधिवक्ताओं के दावें एवं आपत्तियों की जांच के बाद 2183 मतदाताओं की फाइनल रूप दे दिया है। जिसका अंतिम प्रकाशन 31 अगस्त को किया जाएगा। चुनाव कमेटी ने की सुनवाई निर्वाचन अधिकारी सतीश डागर, अश्विनी कुमार तिवारी, चौधरी चरण सिंह, शमशेर सिंह यादव, रमेश यादव ने बताया कि पंजाब एंड हरियाणा बार काउंसिल की ओर से 115 अधिवक्ताओं के नाम, ऑल इंडिया बार काउंसिल के टेस्ट की पास योग्यता, रिकॉर्ड में नाम एवं एनरोलमेंट नंबर का मेल ना खाना तथा कई बार एसोसिएशन में नाम दर्ज होने के बारे में आपत्तियां लगाई गई थी। बार काउसलिंग को भेजी सूची जिन पर सुनवाई की गई और संबंधित अधिवक्ताओं को लिखित में अपनी आपत्तियां दर्ज करने तथा सबूत के साथ दस्तावेज पेश करने के लिए कहा गया था। जिला बार के निर्वाचन अधिकारियों ने बताया कि सब आपत्तियां सुनने के बाद 2183 मतदाताओं को अंतिम सूची में शामिल किया गया है। यह सूची बार काउंसिल पंजाब एंड हरियाणा बार एसोसिएशन को प्रेषित की गई है। सोमवार को इसको अंतिम रूप से प्रकाशित कर दिया जाएगा। EVM से होगा चुनाव उन्होंने बताया कि इस बार चुनाव छह पदों के लिए कराए जा रहे हैं जिसमें प्रधान पद, उप प्रधान पद सामान्य एवं उप प्रधान पद महिला आरक्षित, सचिव, सह सचिव तथा कोषाध्यक्ष शामिल है। उप प्रधान पद महिला एवं सहसचिव महिला अधिवक्ताओं के लिए आरक्षित रखा गया है। 6 प्रत्याशियों का चुनाव करने के लिए एक बूथ पर 6 ईवीएम मशीन रखी जाएगी। मतदान प्रक्रिया 11 सितंबर को सुबह 8 से 4 बजे तक चलेगी शाम 4 बजे तक चुनाव समाप्त होते ही परिणाम घोषित किए जाएंगे।
Solan News: क्षेत्रीय अस्पताल में एक-एक डॉक्टर के सहारे पांच ओपीडी, मरीज परेशान
क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं।
आगरा के फतेहाबाद के गांव गुर्जा मेवली खुर्द में लंबे समय से जलभराव की समस्या के बीच सामाजिक कार्यकर्ता बाल योगी ने अनोखे अंदाज में प्रदर्शन किया। वो नाव लेकर पहुंचे। उन्होंने कहाकि जिला पंचायत पर 800 करोड़ रुपए का बजट आया। मगर, उस रुपए का बंदरबांट हो गया। उन्होंने विधायक पर भी निशाना साधा। कहा विधायक का नाम छोटे है, लेकिन काम उससे भी खोटे हैं। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। रविवार सुबह बाल योगी गांव मेवली खुर्द पहुंचे। यहां पर लंबा समय से जलभराव की समस्या है। बाल योगी ने गली में भरे पानी में नाव चलाई। ग्रामीण भी उनके साथ पानी में खडे़ थे। बाल योगी ने कहाकि भैया, नाव चल रही है गुर्जा गांव, मेवली खुर्द गांव में। जिला पंचायत पर इन गांवों के विकास के लिए 800 करोड़ रुपए आए हैं। मगर, विकास तो भूल जाओ, जो 2 महीना पहले बारिश हुई उसका पानी आज तक सड़कों से नहीं निकला है। गांव के लोग बच्चे, बड़े-बूढे़ और महिलाओं को निकलना मुश्किल है। रोजाना अपनी जिंदगी अंधकार में डाल के यहां से निकलते हैं। विधायक शोक सभा में गाली देते हैंबाल योगी ने क्षेत्रीय विधायक छोटे लाल वर्मा पर निशाना साधा। उन्होंने कहाकि यहां के विधायक विकास की बात करने पर शोक सभा में भी गाली दे देते हैं। उनका नाम छोटे है, लेकिन काम उतने ही खोटे है। उन्होंने चेतावनी दी कि गुर्जा के प्रधान और विधायक तीन दिन में समस्या का समाधान नहीं करते हैं तो आंदोलन किया जाएगा। 800 करोड़ रुपए बजट के एक-एक रुपए का हिसाब लिया जाएगा। जनता पूछेगी कि कैस नेताओं के पेट्रोल पंप बन जाते हैं। विधायक शोक सभा में गुस्सा हो गए थेचार दिन पहले ठार रामदास निवासी स्याहीराम की कुछ दिन पूर्व बीमारी से मौत हो गई थी। क्षेत्रीय विधायक छोटेलाल वर्मा परिवार को सांत्वना देने पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ ग्रामीणों ने विधायक के सामने रास्ता खराब होने की समस्या उठा दी। इस पर ही विधायक भड़क गए और ग्रामीणों में कहासुनी हो गई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में विधायक एक व्यक्ति से यह कहते नजर आ रहे थे कि आंखें क्यों निकाल रहा है। वो महिलाओं पर भी भड़कते दिखाई दे रहे थे।
हमीरपुर: मुख्यमंत्री सुक्खू बोले- भाजपा की डबल इंजन सरकार प्रदेश को कर्ज में डुबो गई
हमीरपुर: मुख्यमंत्री सुक्खू बोले- भाजपा की डबल इंजन सरकार प्रदेश को कर्ज में डुबो गई
सत्ता का संग्राम: 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर ठाकुरद्वारा में मतदाताओं का रुख जानने अमर उजाला की टीम ‘सत्ता का संग्राम’ अभियान के तहत क्षेत्र में पहुंची।
सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज स्थित स्वर्ण जयंती चौक पर फ्लाईओवर के पिलरों पर बनाई गई महापुरुषों की पेंटिंग्स राजनीतिक पोस्टरों और विज्ञापनों से ढक दी गई हैं। नेताओं के बधाई संदेशों और निजी प्रचार के लिए लगाए गए बड़े-बड़े फ्लेक्स के कारण पिलरों पर बनी कलाकृतियां दिखाई तक नहीं दे रही हैं। इसे लेकर स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों में नाराजगी है। नगर को सुंदर बनाने और युवाओं को देश के स्वतंत्रता संग्राम व महापुरुषों के योगदान से परिचित कराने के उद्देश्य से इन पिलरों पर चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह, महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव आंबेडकर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और भारत माता की पेंटिंग्स बनाई गई थीं। इन कलाकृतियों ने स्वर्ण जयंती चौक की खूबसूरती बढ़ाने के साथ लोगों का ध्यान भी आकर्षित किया था। अब इन्हीं पिलरों को राजनीतिक प्रचार और कोचिंग संस्थानों के विज्ञापनों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। नागरिकों का आरोप है कि प्रचार की होड़ में महापुरुषों की तस्वीरों और सार्वजनिक संपत्ति के सम्मान का भी ध्यान नहीं रखा जा रहा है। बधाई संदेशों और विज्ञापनों से ढकी पेंटिंग्स फ्लाईओवर के पिलरों पर लगी पेंटिंग्स के ऊपर नेताओं के बधाई संदेश वाले फ्लेक्स और अन्य प्रचार सामग्री चस्पा कर दी गई है। कई स्थानों पर कोचिंग संस्थानों के विज्ञापन भी लगाए गए हैं। इससे महापुरुषों की कलाकृतियां पूरी तरह या काफी हद तक ढक गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर प्रचार सामग्री लगाने के लिए नियम होने के बावजूद पिलरों का इस तरह इस्तेमाल किया जाना उचित नहीं है। 'आजादी के नायकों का अपमान' बता जताया विरोध राष्ट्रीय स्वर्ण भारत के जिलाध्यक्ष संजय शुक्ला, स्थानीय नागरिक कृष्ण दयाल पांडे और आरएएम के जिलाध्यक्ष संतोष पांडे समेत कई लोगों ने इस मामले पर विरोध जताया है। उनका कहना है कि महापुरुषों की पेंटिंग्स को निजी प्रचार सामग्री से ढकना स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्रनायकों के सम्मान के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक संपत्ति पर प्रचार सामग्री लगाने की प्रवृत्ति पर रोक लगनी चाहिए, ताकि शहर की सुंदरता और महापुरुषों की स्मृति से जुड़ी कलाकृतियों को सुरक्षित रखा जा सके। अवैध पोस्टर हटाने और कार्रवाई की मांग स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों ने जिला प्रशासन तथा नगर पालिका से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने फ्लाईओवर के पिलरों से सभी अवैध राजनीतिक होर्डिंग्स, फ्लेक्स और विज्ञापन हटाने की अपील की है। लोगों ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और बिना अनुमति प्रचार सामग्री लगाने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
दौसा में कई दिनों बाद फिर बदला मौसम:बादल छाए, बारिश की संभावना; गर्मी और उमस से आमजन को मिली राहत
दौसा जिले में कई दिनों बाद एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है। आसमान में बादल छाने के साथ ही बारिश की संभावना बनी हुई है। हालांकि जिले के कई इलाकों में धूप भी निकली हुई है, जबकि कई स्थानों पर बादलों की वजह से मौसम सुहावना बना हुआ है। ठंडी हवाओं से गर्मी और उसम से राहत मिली ठंडी हवाओं ने लोगों को गर्मी और उमस से राहत दिलाई है। मौसम में आए बदलाव के चलते तापमान में भी मामूली गिरावट देखने को मिल सकती है। वर्तमान में जिले का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस पर बना हुआ है। आगामी तीन दिनों में बारिश का अलर्ट बारिश के चलते आगामी दिनों में तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस की और गिरावट दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग ने आगामी तीन दिनों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है। गौरतलब है कि सावन माह बीतने के बाद भी जिले में अब तक कहीं भी अच्छी बारिश नहीं हुई है। ऐसे में बदले मौसम और बारिश की संभावना से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
रोहतक: दयानंद मठ में पाखंड खंडन सम्मेलन शुरू, हवन-यज्ञ के साथ हुआ शुभारंभ; लोगों को वैदिक सिद्धांतों को अपनाने के लिए किया जागरूक
वाराणसी सिगरा स्थित डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम में रविवार को राज्य स्तरीय समन्वय सीनियर वर्ग पुरुष/महिला तैराकी प्रतियोगिता-2026 का शुभारंभ हुआ। 30 अगस्त से 1 सितंबर तक चलने वाली प्रतियोगिता में 18 मंडल के करीब 300 तैराक हिस्सा ले रहे हैं। इसमें वाराणसी मंडल के एशियन गेम्स में प्रतिभाग कर चुके अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी अनुराग आर. सिंह समेत कई नेशनल स्तर के खिलाड़ी भी शामिल हैं। प्रतियोगिता का आयोजन खेल विभाग एवं जिला तैराकी संघ, वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। तीन दिनों तक अलग-अलग तैराकी स्पर्धाओं में खिलाड़ी अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। पहले दिन कुल 11 स्पर्धाएं होंगी। इनमें पुरुष और महिला वर्ग की पांच-पांच स्पर्धाएं और एक मिक्स्ड रिले शामिल है। विजेता को 1000, दूसरे को 700 और तीसरे को 500 रुपए हर स्पर्धा में प्रथम स्थान हासिल करने वाले खिलाड़ी को 1000 रुपए, दूसरे स्थान पर रहने वाले खिलाड़ी को 700 रुपए और तीसरे स्थान पर रहने वाले खिलाड़ी को 500 रुपए की पुरस्कार राशि दी जाएगी। प्रतियोगिता में शामिल सभी खिलाड़ियों को प्रतिभागिता प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा। तीन दिन तक होंगे तैराकी के मुकाबले प्रतियोगिता में फ्री स्टाइल, ब्रेस्टस्ट्रोक, बैकस्ट्रोक, बटरफ्लाई, इंडिविजुअल मेडले और रिले की स्पर्धाएं होंगी। दूसरे दिन 800 मीटर फ्री स्टाइल, 50 मीटर बैकस्ट्रोक, 200 मीटर बटरफ्लाई, 400 मीटर इंडिविजुअल मेडले समेत कई मुकाबले होंगे। तीसरे दिन 1500 मीटर फ्री स्टाइल, 100 मीटर बटरफ्लाई, 200 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक और मेडले रिले जैसी स्पर्धाएं होंगी।
बदायूं: पशुशाला में फंदे से लटका मिला युवक का शव, दो महीने पहले हुई थी शादी, परिवार में मचा कोहराम
कुंवरगांव थाना क्षेत्र के आजमगंज मड़िया का मामला, ससुराल पक्ष ने लगाया हत्या का आरोप
‘मूर्ख थी जो सोचा…’ IAS दिव्या मित्तल ने रिजाइन के बाद चिट्ठी में लिखा- मेरी झोली भर गयी
आईएएस दिव्या मित्तल ने 13 साल की सेवा के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने एक भावुक चिट्ठी में अपने अनुभवों को साझा किया है, जिसमें लोगों की सेवा से मिली संतुष्टि का जिक्र है।
ससुराल आ रहे युवक की सड़क हादसे में मौत:NH-46 पर बाइक को लगी थी टक्कर, 5 महीने पहले हुई थी शादी
गुना जिले के नेशनल हाईवे 46 पर शनिवार-रविवार की रात सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। वह अपने घर राजस्थान से गुना में अपनी ससुराल में आ रहा था। इसी दौरान अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जिला अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम किया गया। जानकारी के अनुसार, राजस्थान के छीपाबड़ौद इलाके के बराबदा गांव के रहने वाले अजय बागरी (21) की शादी गुना जिले के बजरंगगढ़ में हुई थी। पांच महीने पहले ही शादी की थी। उसकी पत्नी कुछ दिन पहले ही त्योहार मनाने अपने मायके बजरंगगढ़ आ गई थी। शनिवार को अजय अपनी ससुराल आने के लिए शनिवार को राजस्थान से निकला था। रात लगभग 11 बजे वह नेशनल हाईवे पर गादेर के पास पहुंचा, तभी पीछे से आ रहे किसी वाहन ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। अस्पताल पहुंचने से पहले दम तोड़ासूचना मिलने पर हाइवे की एम्बुलेंस मौके पर पहुंची और उसे जिला अस्पताल भिजवाया। यहां डॉक्टरों ने अजय को मृत घोषित कर दिया। जिला अस्पताल में रविवार सुबह शव का पोस्टमार्टम किया गया। उनके ससुराल वालों ने बताया कि भुजरिया मनाने के लिए दामाद आ रहे थे। लेकिन रास्ते में ही उनकी सड़क हादसे में मौत हो गई। टक्कर से उनकी बाइक चकनाचूर हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग को लेकर अमेठी में सड़क पर उतरे युवा
आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग को लेकर अमेठी में सड़क पर उतरे युवा
रामनगर में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा: पंजाब एंड सिंध बैंक के 35 खाते जांच के घेरे में, एक पर मुकदमा
रामनगर स्थित पंजाब एंड सिंध बैंक की शाखा के 35 खातों में साइबर ठगी से जुड़े लेन-देन का मामला सामने आया है। 129 शिकायतें मिलने के बाद पुलिस ने सभी खाते फ्रीज कर एक खाताधारक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अमर उजाला की ओर से शिक्षक सम्मान समारोह 2026 शृंखला के तहत बृहस्पतिवार को शहर के छह विद्यालयों में मतदान कराया गया। विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ गुप्त मतदान कर अपने पसंदीदा शिक्षक के प्रति सम्मान और स्नेह जताया।
राष्ट्रीय खेल दिवस, हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती और 'BRICS भारत 2026' की अध्यक्षता के उपलक्ष्य में रविवार को बांसवाड़ा पुलिस की ओर से विशेष आयोजन किया गया। 'खेल से स्वास्थ्य, स्वास्थ्य से खुशहाली' और 'साइकिल अपनाएं, स्वस्थ जीवन पाएं' के संदेश के साथ शहर में कार्यक्रम हुआ। सुबह 6 बजे निकली साइकिल रैली सुबह 6 बजे गुरु गोविंद खेल स्टेडियम से विशेष दौड़ और साइकिलिंग कार्यक्रम 'Sunday On Cycle' शुरू हुआ। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) नरपत सिंह के नेतृत्व में साइकिल रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए रिजर्व पुलिस लाइन पहुंची। रैली में लगाए खेल और राष्ट्र से जुड़े नारे रैली के दौरान 'खेलेगा भारत, जीतेगा भारत' और 'एक कदम खेल की ओर, एक कदम राष्ट्र की ओर' जैसे नारे लगाए गए। इससे शहर में खेल और फिटनेस के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। पुलिस जवानों और युवाओं ने लिया हिस्सा कार्यक्रम में पुलिस अधिकारी, जवान, युवा और खेल प्रेमी शामिल हुए। आयोजन के दौरान पुलिस जवानों ने योग और प्राणायाम भी किया। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन को शारीरिक फिटनेस के प्रति जागरूक करना और खेल संस्कृति को बढ़ावा देना था।
लखनऊ में केजीएमयू की ओर से वैज्ञानिक सम्मेलन का आयोजन
लखनऊ में केजीएमयू की ओर से वैज्ञानिक सम्मेलन का आयोजन
राजधानी रायपुर में रक्षाबंधन के दिन खारुन नदी में डूबे युवक का शव करीब 30 घंटे बाद बरामद कर लिया गया है। युवक अपनी बहन की अस्थियां विसर्जित करने के लिए महादेव घाट पहुंचा था। इस दौरान वह नदी में डूब गया था। घटना के बाद से SDRF की टीम लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही थी। मृतक की पहचान युधिष्ठिर सारंग के रूप में हुई है। रक्षाबंधन के दिन युवक परिवार के साथ बहन की अस्थियां लेकर खारुन नदी पहुंचा था। अस्थि विसर्जन के दौरान वह भंवर में फंसकर एनिकट के पास डूब गया था। घटना डीडी नगर थाना क्षेत्र के महादेव घाट की है। 30 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन युवक के नदी में डूबने की सूचना मिलते ही SDRF की टीम मौके पर पहुंची और तलाश शुरू की। टीम ने नदी के अलग-अलग हिस्सों में सर्च ऑपरेशन चलाया। पानी की गहराई और तेज बहाव के कारण रेस्क्यू टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। करीब 30 घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद SDRF की टीम ने युवक का शव नदी से बरामद कर लिया। शव मिलने के बाद मौके पर मौजूद परिजनों में मातम छा गया। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ बहन की अस्थियों का विसर्जन करने पहुंचे परिवार के लिए यह हादसा बेहद दर्दनाक रहा। जिस दिन परिवार बहन को अंतिम विदाई देने नदी पहुंचा था, उसी दिन भाई की भी मौत हो गई। घटना के बाद से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे के बाद प्रशासन ने लोगों से नदी में उतरते समय सावधानी बरतने और गहरे पानी में जाने से बचने की अपील की है।
बीजेपी और कांग्रेस ने अलवर नगर निगम के करीब-करीब सब टिकट फाइनल कर लिए हैं। रविवार देर शाम से बीजेपी व कांग्रेस के नेताओं के ऑफिस से टिकट वाले नेताओं को फोन किए जाएंगे। सोमवार को नामांकन भरे जाएंगे। संभावना है कि रविवार रात से ही टिकट कटने पर दावेदारों का विरोध सामने आ जाएगा। बीजेपी में सिंबल सीधे जयपुर से रिर्टनिंग ऑफिस पहुंचेंगे। यहां के नेताओं को भी लिस्ट सामने आने के बाद ही पता चलेगा। अभी सब नेताओं ने अपने-अपने कार्यकर्ताओं को टिकट दिलाने के लिए नाम भेजे हैं। अब लिस्ट आने पर पता चलेगा कि बीजेपी में किन नेताओं की अधिक चली है। लेकिन कांग्रेस में एक दिन पहले ही 65 में से 60 टिकट फाइनल हो चुके हैं। कांग्रेस के स्थानीय नेताओं के जरिए टिकटार्थियों की सूची रिटर्निंग कार्यालय में भेजे जाएंगे। लेकिन कांग्रेस के ऊपर के नेताओं को टिकट वाले चेहरों का करीब-करीब पता है। बीजेपी में ऐसा नहीं है। बीजेपी में सब नेताओं ने अपनी सूची थमा दी। लेकिन अंतिम टिकट प्रभावशाली नेताओं के जरिए ही तय होंगे। कुछ टिकट वार्ड के प्रभारियों के जरिए मजबूत प्रत्याशी के नाम सामने आएंगे। अलवर में वन मंत्री, जिलाध्यक्ष ने भी सूची आगे भेजी अलवर नगर निगम में शहर विधायक व वन राज्य मंत्री संजय शर्मा ने भी मजबूत दावेदारों की सूची आगे भेजी है। वार्ड के प्रभारियों से नाम लिए हैं। पार्टी के जिलाध्यक्ष सहित अन्य नेताओं से भी टिकट के सबसे मजबूत दावेदारों के नाम लिए हैं। अब फाइनल नाम जयपुर से तय होंगे। वहीं से सीधे चुनाव अधिकारी कार्यालय में लिस्ट जाएगी। जयपुर से लिस्ट आने के बाद ही बीजेपी के बड़े नेताओं को पता चलेगा कि किसे किस वार्ड से टिकट मिला है। कांग्रेस ने 60 नाम पहले तय किए कांग्रेस के 65 वार्डों में करीब 60 नाम एक दिन पहले से तय हो गए हैं। कांग्रेस नामांकन की अंतिम तारीख 31 अगस्त सोमवार को दोपहर 3 बजे से पहले टिकट वालों के सीधे सिंबल जमा कराएगी। वैसे कांग्रेस में 20 से 30 वार्ड के प्रत्याशियों के नाम सामने आ चुके हैं। अधिकतर उनको ही टिकट मिलना बताया जा रहा है। कांग्रेस में अलवर में ब्लॉक अध्यक्ष, जिलाध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली व पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह की सबसे अधिक चलेगी। लेकिन जितेंद्र सिंह पहले कह चुके हैं कि इस बार युवा प्रत्याशी अधिक उतारे जाएंगे। अलवर में कौनसा वार्ड किस वर्ग के लिए आरक्षित-
बागपत कलेक्ट्रेट पर राष्ट्रवादी नवनिर्माण दल का अनिश्चितकालीन धरना 31 अगस्त से शुरू हो रहा है। दल के कार्यकर्ता और पदाधिकारी इसकी तैयारियां पूरी कर चुके हैं। यह धरना विभिन्न मांगों को लेकर बुलाया गया है, जिसमें अधिकारियों पर अनदेखी का आरोप लगाया गया है। दल के जिलाध्यक्ष आशीष वशिष्ठ ने बताया कि सैकड़ों की संख्या में लोग इस प्रदर्शन में शामिल होंगे। उन्होंने धरने के पीछे के मुख्य कारण बताए, जिनमें प्राइवेट स्कूलों में फीस बढ़ोतरी, मुख्य मार्गों पर डग्गामार वाहन, आवारा पशुओं की समस्या और विद्युत विभाग की लापरवाही शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, अधिकारियों द्वारा किसानों की अनदेखी, दल के जिला उपाध्यक्ष को मिली धमकी और बिनौली थाना क्षेत्र के एक स्कूल में अनियमितताएं भी प्रमुख मांगें हैं। जिलाध्यक्ष ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक यह धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सैकड़ों की संख्या में लोग इस प्रदर्शन में भाग लेंगे।
शिमला: स्कैंडल पॉइंट पर बंदर का आतंक, सैलानी के हाथ से झपटा बैग
शिमला: स्कैंडल पॉइंट पर बंदर का आतंक, सैलानी के हाथ से झपटा बैग
उन्नाव के बीघापुर क्षेत्र में रविवार को एक रक्षाबंधन कार्यक्रम में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। समाजसेवी सीएस पुष्पेंद्र द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में करीब एक लाख महिलाओं के पहुंचने की सूचना मिली, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया। भगदड़ की आशंका को देखते हुए जिलाधिकारी (डीएम) घनश्याम मीना और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) जेपी सिंह ने तत्काल कार्यक्रम पर रोक लगा दी। कार्यक्रम स्थल पर महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ रही थी, जिससे व्यवस्था बिगड़ने का खतरा पैदा हो गया। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए डीएम और एसएसपी ने अधिकारियों को तुरंत भीड़ नियंत्रित करने और महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकालने के निर्देश दिए। डीएम घनश्याम मीना, एसएसपी जेपी सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) अखिलेश सिंह, शैलेन्द्र सिंह और सीओ बीघापुर मधुपनाथ मिश्रा सहित कई पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्वयं मोर्चा संभालते हुए महिलाओं को व्यवस्थित ढंग से कार्यक्रम स्थल से बाहर निकालना शुरू किया। पुलिसकर्मियों ने भीड़ को नियंत्रित कर सभी महिलाओं की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित की। देखें, 6 तस्वीरें… प्रशासन ने तत्काल कार्यक्रम को निरस्त करने का निर्णय लिया। अधिकारियों ने आयोजक से भीड़ की स्थिति को देखते हुए आगे कोई भी गतिविधि न करने को कहा। इसके बाद आयोजक समाजसेवी पुष्पेंद्र ने स्वयं महिलाओं से सुरक्षा का हवाला देते हुए शांतिपूर्वक अपने घरों को लौटने की अपील की। कार्यक्रम में इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं के जुटने का मुख्य कारण रक्षाबंधन के अवसर पर उपहार वितरण की घोषणा थी। उपहार प्राप्त करने की उम्मीद में आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिलाएं कार्यक्रम स्थल पर पहुंची थीं, जिससे भीड़ अनियंत्रित होने लगी थी। डीएम और एसएसपी के पहुंचने के बाद अधिकारियों ने तत्परता से स्थिति को संभाला। पुलिस बल की मदद से महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाला गया और भीड़ को नियंत्रित किया गया। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से किसी भी संभावित भगदड़ की स्थिति को सफलतापूर्वक टाल दिया गया। अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए आयोजक से भीड़ प्रबंधन को लेकर जानकारी ली।रविवार दोपहर प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद रक्षाबंधन कार्यक्रम को पूरी तरह निरस्त कर दिया गया। फिलहाल महिलाओं को सुरक्षित तरीके से घर भेजने की प्रक्रिया पूरी की गई।
डूंगरपुर जिले के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के पांड्यावाड़ा गांव में शनिवार रात एक युवक पर धारदार हथियारों से हमला किया गया। बाइक से घर लौट रहे युवक को रास्ते में घेरकर हमलावरों ने वार किए, जिससे वह घायल हो गया। परिजनों ने उसे डूंगरपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। घटना शनिवार रात की है। पांड्यावाड़ा निवासी रमेश परमार पुत्र शंकर परमार अपने चचेरे भाइयों मोहन और गोवर्धन के साथ बाइक पर घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में 12 से ज्यादा लोगों ने उनकी बाइक रोक ली। अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गए हमलावरइससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, हमलावरों ने धारदार हथियारों से रमेश पर हमला कर दिया। हमले के दौरान हुए शोर को सुनकर आसपास के ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों को आता देख हमलावर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। परिजनों ने मौके पर पहुंचकर देखा तो रमेश के सिर और कंधे पर चोटें आई थीं। परिजनों ने तुरंत 108 एम्बुलेंस को बुलाया और घायल रमेश को डूंगरपुर जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है।पीड़ितों ने कल्याणपुर थाने में हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और हमलावरों की तलाश में जगह-जगह दबिश दी जा रही है।
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने तंगमर्ग के पास स्थित द्रंग पर्यटन स्थल की खराब सड़क को लेकर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से जल्द मरम्मत कराने की अपील की।
एक दिन की देरी ने बचा ली जान, चंडीगढ़ निवासी CA और 20 दोस्तों ने कैलाश यात्रा पर मौत को करीब से देखा
चंडीगढ़ के रचित गोयल और उनके 20 दोस्त कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान नेपाल बाढ़ से बाल-बाल बचे। एक साथी की तबीयत खराब होने के कारण उनकी चढ़ाई एक दिन के लिए टल गई, जिससे वे हादसे का शिकार होने से बच गए।
इंदौर में साइबर ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बॉम्बे अस्पताल में डॉक्टर राठी से अपॉइंटमेंट लेने के लिए गूगल पर नंबर खोजना एक महिला को महंगा पड़ गया। गूगल सर्च के दौरान मिले मोबाइल नंबर पर महिला ने संपर्क किया तो ठग ने खुद को अस्पताल का अपॉइंटमेंट सहायक बताया। इसके बाद बुकिंग के नाम पर महिला के मोबाइल पर एक लिंक भेजी गई। लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल में सेंध लगाकर ठग ने महिला के खाते से एक लाख रुपए ट्रांसफर कर लिए। ठगी का पता चलते ही महिला ने तत्काल साइबर हेल्पलाइन और पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद इंदौर क्राइम ब्रांच की साइबर टीम ने संबंधित बैंक से बात कर कार्रवाई की और महिला की पूरी एक लाख रुपए की राशि वापस कराने में सफलता हासिल की। गूगल पर मिला नंबर अस्पताल का समझकर किया संपर्क महिला को बॉम्बे अस्पताल में डॉक्टर राठी से चिकित्सकीय परामर्श के लिए अपॉइंटमेंट लेना था। इसके लिए उसने गूगल पर अस्पताल और डॉक्टर के अपॉइंटमेंट से जुड़ी जानकारी खोजी। इसी दौरान उसे एक मोबाइल नंबर मिला। महिला ने उस नंबर पर फोन किया तो सामने वाले ने खुद को अस्पताल का अपॉइंटमेंट सहायक बताया। ठग ने महिला को विश्वास में लेकर अपॉइंटमेंट की प्रक्रिया पूरी करने की बात कही और उसके मोबाइल पर एक लिंक भेजी। महिला ने जैसे ही लिंक पर क्लिक किया, ठग ने उसके मोबाइल में सेंध लगा दी। इसके बाद उसके बैंक खाते से एक लाख रुपए की राशि ट्रांसफर कर ली गई। शिकायत के बाद साइबर टीम ने वापस कराई पूरी रकम महिला को खाते से राशि निकलने की जानकारी मिलते ही उसने बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन और पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद क्राइम ब्रांच की साइबर टीम सक्रिय हुई। टीम ने संबंधित बैंक से संपर्क कर लेनदेन को रोकने और राशि वापस कराने की प्रक्रिया शुरू की। साइबर टीम की कार्रवाई के बाद महिला के खाते से ठगी गई पूरी एक लाख रुपए की राशि वापस करा दी गई। क्राइम ब्रांच की सलाह- गूगल पर मिले नंबर पर तुरंत भरोसा न करें क्राइम ब्रांच ने लोगों से अपील की है कि गूगल पर दिखाई देने वाला हर मोबाइल नंबर किसी अस्पताल या संस्था का आधिकारिक नंबर नहीं होता। डॉक्टर या अस्पताल से अपॉइंटमेंट लेते समय केवल अस्पताल की आधिकारिक वेबसाइट, ऐप या सत्यापित संपर्क माध्यम का ही इस्तेमाल करें। अज्ञात व्यक्ति की ओर से भेजी गई किसी भी लिंक पर क्लिक न करें। ऐसी लिंक से विशेष सावधानी बरतें, जिनमें कोई ऐप डाउनलोड करने, मोबाइल की अनुमति देने या स्क्रीन साझा करने के लिए कहा जाए। इसके अलावा किसी भी व्यक्ति के साथ ओटीपी, यूपीआई पिन, बैंकिंग पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी साझा नहीं करें। साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते रकम को सुरक्षित करने की कार्रवाई की जा सके।
परिसीमन के विरोध में आज रांची में आदिवासी महाजुटान, मोरहाबादी मैदान में जुट रहे हजारों लोग
रांची के मोरहाबादी मैदान में आज परिसीमन के विरोध में आदिवासी महाजुटान का आयोजन किया गया, जिसमें झारखंड समेत कई राज्यों से हजारों आदिवासी समाज के लोग शामिल हुए। इस कार्यक्रम में पूर्व विधायक बंधु तिर्की और केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की सहित कई प्रमुख नेता मौजूद रहे।
आगरा मेट्रो विस्तारीकरण की सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट में देरी के चलते मन:कामेश्वर-ISBT तक मेट्रो संचालन में अभी और वक्त लगेगा। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (यूपीएमआरसी) के अनुसार, इस नवनिर्मित सेक्शन में अब 15 से 20 सितंबर के बीच मेट्रो संचालन की उम्मीद है। इससे पहले यहां सितंबर के पहले सप्ताह में मेट्रो संचालन के लिए उद्घाटन की संभावना थी।बता दें कि इस सेक्शन के बीच मेट्रो स्टेशन और ट्रैक बनकर तैयार हैं। सेफ्टी ऑडिट भी हो चुका है लेकिन अभी रिपोर्ट नहीं मिली है। ISBT तक हो चुका हाईस्पीड रनमन:कामेश्वर से ISBT तक मेट्रो ट्रैक स्टेशन बनकर तैयार हैं। इस बीच मेट्रो संचालन के लिए सेफ्टी ऑडिट की रिपोर्ट आना बाकी है। जबकिमेट्रो रेल संरक्षा आयुक्त (सीएमआरएस) नीलाभ्र सेनगुप्ता और उनकी 5 सदस्यीय टीम ने 20 अगस्त को मनकामेश्वर स्टेशन ISBT स्टेशन तक निरीक्षण कर चुकी है। इस दौरान सिग्नलिंग, ट्रैक, बिजली आपूर्ति, टेलीकॉम और ट्रेन संचालन से जुड़ी तकनीकी प्रणालियों की जांच की गई। टीम ने एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा कॉलेज, राजा की मंडी, आरबीएस कॉलेज और ISBT स्टेशन पर यात्री सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाएं देखीं। तकनीकी कक्ष, स्टेशन कंट्रोल रूम, एस्केलेटर, लिफ्ट, फायर अलार्म सिस्टम और प्लेटफॉर्म का भी बारीकी से परीक्षण किया गया। अभी नहीं आई रिपोर्टयूपीएमआरसी के अनुसार, सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट 25 अगस्त तक मिलने की उम्मीद थी। कोशिश थी कि सितंबर के पहले सप्ताह में इसका संचालन शुरू करा दिया जाए। क्योंकि मेट्रो संचालन की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। सिर्फ सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट की देरी थी। इस बीच प्रधानमंत्री कार्यालय से इस सेक्शन के बीच मेट्रो संचालन के लिए पीएम नरेंद्र मोदी के हाथों उद्घाटन के लिए भी समय मांगा गया था लेकिन सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट अब तक न मिलने की वजह से यूपीएमआरसी ने भी पीएमओ से संपर्क करने में ढील डाल दी है। क्योंकि जब तक सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट नहीं मिल जाती, तब तक मेट्रो का संचालन नहीं हो सकता। दो कॉरीडोर हो रहे तैयारआगरा में मेट्रो के दो कॉरीडोर तैयार हो रहे हैं। पहला सिकंदरा से ताज ईस्ट गेट और दूसरा कालिंदी विहार से आगरा कैंट रेलवे स्टेशन। पहले कॉरीडोर पर ताज ईस्ट गेट से मन:कामेश्वर स्टेशन तक (6 स्टेशनों के बीच) मेट्रो का संचालन हो रहा है। इसको विस्तार रूप देकर ISBT तक लाया जा रहा है। इसके लिए मेडिकल कॉलेज, आगरा कॉलेज, राजामंडी, आरबीएस कॉलेज और आईएसबीटी स्टेशन बनकर तैयार हो चुके हैं। अप और डाउन दोनों ट्रैक तैयार हैं। यूपीएमआरसी यहां मेट्रो का लगातार ट्रायल भी कर रहा है। ये स्टेशन तैयार इस रूट पर ट्रैक बिछाने के साथ सिग्नलिंग और ऑपरेटिंग सिस्टम का काम पूरा हो चुका है। अब स्टेशनों पर फिनिशिंग का काम चल रहा है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर मेट्रो संचालन शुरू किए जाने की उम्मीद है। अभी 6 स्टेशनों पर चल रही मेट्रोआगरा में मेट्रो रेल का संचालन मार्च 2024 से शुरू हुआ था। फिलहाल ताज ईस्ट गेट से मनकामेश्वर के बीच करीब छह स्टेशनों पर मेट्रो चल रही है। वर्तमान रूट के स्टेशन हैं: मनकामेश्वर से सिकंदरा तक नया हिस्सा शुरू होने के बाद आगरा के कई प्रमुख बाजार, शैक्षणिक संस्थान, चिकित्सा केंद्र और परिवहन क्षेत्र मेट्रो नेटवर्क से सीधे जुड़ जाएंगे। यूपीएमआरसी का ये है कहना यूपीएआरसी के उप महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा ने बताया, मन:कामेश्वर से ISBT के बीच मेट्रो संचालन के लिए अभी सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट नहीं मिली है। अब 15 से 20 सितंबर के बीच में इस सेक्शन में मेट्रो के संचालन की संभावना है।
खुद को पुलिस कांस्टेबल बताकर बैंक ऑफ बड़ौदा की नीचीबाग शाखा से 10 लाख रुपये का पर्सनल लोन लेने के मामले में अदालत ने 14 अगस्त को प्राथमिकी दर्ज कर 15 दिनों में आख्या पेश करने को कहा था।
शहडोल में कुएं में गिरे शख्स की मौत:गांववालों ने सुबह देखी लाश, देवलौंद के रमपुरवा की घटना
शहडोल जिले के देवलौंद थाना क्षेत्र अंतर्गत रमपुरवा गांव में एक व्यक्ति की कुएं में गिरने से मौत हो गई। 48 वर्षीय दयाराम खैरवार का शव उनके घर के सामने स्थित कुएं से रविवार सुबह बरामद किया गया। घटना रात के समय की बताई जा रही है। परिजनों को इस हादसे की जानकारी सुबह तब हुई, जब उन्होंने कुएं में दयाराम का शव देखा। रात होने के कारण परिवार के सदस्यों को घटना का पता नहीं चल सका था। सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। परिजनों द्वारा पुलिस को सूचित किए जाने के बाद देवलौंद थाना पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस की मौजूदगी में शव को कुएं से बाहर निकाला गया और कब्जे में लिया गया। पुलिस ने मौके का निरीक्षण कर प्रारंभिक जानकारी जुटाई। पुलिस हर पहलू से करेगी जांच पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर मौत का कारण कुएं में गिरना बताया जा रहा है। हालांकि, दयाराम किन परिस्थितियों में कुएं में गिरे, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस घटना के कारणों और परिस्थितियों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। इसके लिए परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि दयाराम रात में कब और किस वजह से घर से बाहर निकले थे। कुएं के आसपास की स्थिति का भी बारीकी से निरीक्षण किया गया है।
राजसमंद में हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती और राष्ट्रीय खेल दिवस पर राजसमंद पुलिस की ओर से विशेष दौड़ और साइकिलिंग ‘‘संडे आन साइकिल’’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेन्द्र पारीक एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, त्वरित अनुसंधान प्रकोष्ठ बंशीलाल के देखरेख में हुआ। पुलिकर्मी और अधिकारियों ने भाग लिया विशेष दौड़ और साइकिलिंग नौ चोकी, राजसमंद झील से शुरू होकर शहीद स्मारक पहुंचकर सम्पन्न हुई। पुलिस उप अधीक्षक डी.पी. दाधीच, पुलिस उप अधीक्षक मुकेश कुमार, थानाधिकारी कांकरोली सरोज बैरवा, थानाधिकारी राजनगर ओंकार सिंह एवं महिला थानाधिकारी रामचन्द्र कुमावत सहित पुलिस अधिकारी और जवानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। फिट भारत का संदेश दिया कार्यक्रम के माध्यम से आमजन को नियमित व्यायाम, दौड़, साइकिलिंग और अन्य शारीरिक गतिविधियों को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया। प्रतिभागियों ने “स्वस्थ शरीर, सक्रिय जीवन, फिट भारत” का संदेश दिया। इस अवसर पर मेजर ध्यानचंद के भारतीय खेल जगत में अतुलनीय योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें नमन किया गया। राष्ट्रीय खेल दिवस अभियान के तहत 28 अगस्त को डिजिटल माध्यम एवं सोशल मीडिया के जरिए श्रद्धांजलि दी गई।

