खोह नागोरियान थाना पुलिस और जिला स्पेशल टीम (डीएसटी) ने अंतरराज्यीय स्मैक तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 50 ग्राम अवैध स्मैक और 11 लाख 40 हजार रुपए की नकद राशि बरामद की है, जिसे मादक पदार्थों की बिक्री से अर्जित रकम बताया जा रहा है। खोह नागोरियान थाना प्रभारी प्रकाशराम और डीएसटी प्रभारी सुखवीर के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि खोह नागोरियान थाना क्षेत्र की आयशा नगर कॉलोनी में एक व्यक्ति बड़े स्तर पर मादक पदार्थों की तस्करी कर रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस और डीएसटी की संयुक्त टीम ने दबिश देकर आरोपी मोहम्मद इरफान अंसारी (45) को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से 50 ग्राम स्मैक और 11.40 लाख रुपए नकद बरामद किए गए। इस संबंध में खोह नागोरियान थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस जांच में सामने आया कि मूल रूप से कोटा निवासी मोहम्मद इरफान अंसारी जयपुर में अपनी पहचान छिपाकर किराए के मकान में रह रहा था और यहां स्मैक की तस्करी कर रहा था। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ कोटा में भी धोखाधड़ी सहित कई मामले दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस आरोपी से स्मैक की सप्लाई चेन, खरीद-फरोख्त के नेटवर्क और अन्य तस्करों के संबंध में पूछताछ कर रही है। साथ ही उसका आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में दर्ज एक POCSO मामले को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। अब नाबालिग पीड़िता खुद अपने पिता के साथ सामने आई। उसने पड़ोस में रहने वाली महिला समेत परिवार पर गंभीर आरोप लगाए। आरोप लगाया कि उसे ऑनलाइन लाइव चैट एप्लीकेशन के जरिए वीडियो कॉल पर जोड़ा जाता था। फिर उससे जबरन अश्लील एक्टिविटी करवाई जाती थीं। शुरुआत में वीडियो कॉल पर मौजूद लोगों को लालच देने के लिए शरीर के कुछ हिस्से दिखाए जाते थे। फिर प्राइवेट पार्ट दिखाने के बदले एप्लीकेशन की वर्चुअल करेंसी डायमंड मांगने का दबाव बनाया जाता था। अगर कोई मना करता तो उसे मजबूर किया जाता और वीडियो कॉल के दौरान कपड़े उतरवाए जाते थे। जितने कपड़े उतरते उतने डायमंड मिलते उसके जितने कपड़े उतरवाए जाते थे सामने वाला उतने ज्यादा डायमंड भेजता था। उस पर ज्यादा अश्लील कंटेंट दिखाने का दबाव बनाया जाता था। उसने वीडियो कॉल पर जुड़े एक युवक की पहचान पुलिस के सामने रखी थी। बावजूद उस युवक की गिरफ्तारी नहीं हुई है। आरोप लगाया कि आरोपी महिला के खिलाफ भी कार्रवाई नहीं हुई। फेसबुक लाइव से शुरू हुआ विवाद यह मामला उस समय चर्चा में आया था पीड़िता के पिता ने फेसबुक पर लाइव आकर पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। परिवार ने मामले में कार्रवाई नहीं होने पर सुसाइड करने की चेतावनी दी थी। हालांकि बाद में मुख्यमंत्री कार्यालय के बीच में आने पर परिवार ने सुसाइड की बात टाल दी। जबरन जहर देने का लगाया आरोप इस घटना के अगल दिन यानी 16 जून को नाबालिग के पिता ने आरोपी पड़ोसी परिवार पर उसे जबरन जहरीला पदार्थ खिलाने का आरोप लगाया। आरोप लगाया कि उसे खेत में जहर दिया गया। किसी तरह उसने अपनी पत्नी को सूचना दी और उसने उसे प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करवाया। पत्नी की ओर से पुलिस को शिकायत भी सौंपी गई। आरोपी पक्ष ने भी लगाए आरोप उधर, बुधवार को आरोपी पक्ष के दंपति, एक नाबालिग और एक बुजुर्ग महिला ने ब्रह्मसरोवर में डूबकर सुसाइड की कोशिश की। हालांकि सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। पुलिस की ओर से आश्वासन दिया गया कि अगर जांच में आरोप गलत पाए गए उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। DSP बोले- 266 शिकायतें दे चुका परिवार इस घटना के बाद डीएसपी सुनील कुमार भी सामने आए। उनकी ओर से कहा गया कि पुलिस किसी भी पक्ष के दबाव में आकर काम नहीं करेगी। जांच पूरी तरह तथ्यों और कानून के आधार पर की जा रही है। साथ ही दावा किया कि यह परिवार साल 2020 से यानी 6 साल के दौरान विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर 266 शिकायतें दे चुका है। परिवार बोला- पुलिस सार्वजनिक करें 266 शिकायतें डीएसपी के बयान के बाद पीड़ित नाबालिग के परिवार ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि 266 शिकायतों की बात कहकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। अगर सच में 266 शिकायतें दी हैं तो पुलिस उन्हें सार्वजनिक करे। मेरे मुताबिक, अब तक केवल छह FIR दर्ज करवाई हैं, जिनमें से 5 जमीनी विवाद से जुड़ी हैं।
चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित श्री कुमार केमिस्ट शॉप पर हुई कैशियर जानकी दास की हत्या की जांच में पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वारदात के पीछे शहर में दहशत फैलाकर रंगदारी का नेटवर्क खड़ा करने की साजिश थी। हत्या के बाद कई कारोबारियों को धमकी भरे कॉल और संदेश मिलने से पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, मामले का तार विदेश में बैठे गैंग से जुड़ रहा है। जांच में सामने आया है कि जम्मू में सक्रिय एक गैंग के माध्यम से आरोपियों का संपर्क गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों से हुआ था। इसी नेटवर्क के जरिए मास्टरमाइंड आरोपी अमित कुमार तक वारदात को अंजाम देने के निर्देश पहुंचे थे। अमित गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों का करीबी है। होटल में बनाई गई थी पूरी योजनापुलिस जांच के मुताबिक आरोपी 10 जून को चंडीगढ़ पहुंचे और कजहेड़ी क्षेत्र के एक होटल में ठहरे। यहां वारदात की पूरी योजना तैयार की गई। इसके बाद जीरकपुर से बाइक और अन्य संसाधनों का इंतजाम किया गया। पहचान छिपाने के लिए आरोपी अलग-अलग माध्यमों से आवाजाही करते रहे। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी युवकों को मोटी रकम और विदेश भेजने का लालच दिया गया था। वारदात को अंजाम देने के बाद उन्हें अपेक्षित रकम भी नहीं मिली। शूटरों को नहीं पता था किसे मारना हैपुलिस सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्हें केवल इतना निर्देश दिया गया था कि मेडिकल स्टोर के कैश काउंटर पर बैठे व्यक्ति को निशाना बनाना है। उन्हें न तो मृतक की पहचान के बारे में जानकारी थी और न ही हत्या के पीछे की पूरी साजिश की। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी सामान्य परिवारों से संबंध रखते हैं और उन्हें बहला-फुसलाकर वारदात में शामिल किया गया। मोबाइल ऑन करते ही पुलिस के हत्थे चढ़ेपुलिस जांच के अनुसार अमित के पास कुल 1 लाख रुपए थे। वारदात के बाद तीनों पहले बस के जरिए चंडीगढ़ से दिल्ली पहुंचे। इसके बाद वे ट्रेन से जम्मू रवाना हो गए। पुलिस से बचने के लिए उन्होंने मोबाइल फोन बंद कर दिए थे। हालांकि दिल्ली में होटल में ठहरने के दौरान उन्हें पहचान संबंधी दस्तावेज भेजने के लिए मोबाइल फोन चालू करना पड़ा। तकनीकी निगरानी कर रही चंडीगढ़ पुलिस को इसी दौरान लोकेशन से जुड़ा अहम इनपुट मिला। इसके बाद दिल्ली और जम्मू-कश्मीर पुलिस के सहयोग से कार्रवाई कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। कई पहलुओं पर जांच जारीपुलिस अब हत्या के पीछे की पूरी साजिश, वित्तीय लेन-देन, आरोपियों के संपर्कों और कथित रंगदारी नेटवर्क की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है और जांच के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। जांच में सामने आया है कि वह युवाओं को पैसों का लालच देकर अपने साथ जोड़ता था।
छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में पति ने पत्नी के हाथ-पैरों को रस्सी से बांधा। इसके बाद महिला के कपड़े फाड़ दिए, जूते से मारा, बाल खींचकर कई थप्पड़ जड़े। पति यही नहीं रुका, कैंची से पत्नी के बाल काटे, फिर उसका सिर मुंडवा दिया, चेहरे पर कालिख पोत दी। वहीं पिता के कहने पर बच्चों ने भी अपनी मां को कई थप्पड़ मारे। जब इससे भी मन नहीं भरा तो पति ने बच्चे से पत्नी को पेशाब पिलवाई। फिर अपना पेशाब भी पिलाया। इस पूरी घटना का वीडियो भी बनाया। वीडियो में पति कहता है कि बच्चों को छोड़कर दूसरे के साथ रह रही थी। जीजा के साथ फिर भांजे के साथ भाग गई थी। बता दें कि दोनों की 2006 में लव मैरिज हुई थी। लेकिन कुछ समय पहले महिला पति से अलग पंडोपारा में रह रही थी। यह मामला पटना थाना क्षेत्र के पंडोपारा स्थित काटकोना गांव का है। पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने FIR दर्ज की है। आरोपी पति की तलाश की जा रही है। पहले देखिए ये तस्वीरें- अब जानिए पूरा मामला सूरजपुर जिले के रूनियाडीह के रहने वाले जितेंद्र घसिया ने करीब 15 साल पहले सूरजपुर के करंजी क्षेत्र की पीड़िता तारा से लव मैरिज की थी। उस समय तारा की उम्र करीब 17 साल थी। शादी के बाद दोनों के 4 बच्चे हुए, लेकिन पिछले कुछ समय से पति-पत्नी के बीच विवाद चल रहा था और तारा पति से अलग होकर पंडोपारा में रह रही थी। वह लोगों के घरों में काम करके अपना और बच्चों का गुजारा कर रही थी। पीड़िता ने बताया कि 11 जून 2026 को वह अपने परिचित रमेश घसिया के घर आई थी, जिसने पहले भी उसकी जरूरत के समय मदद की थी। वहीं, 14 जून को पति जितेंद्र उसे खोजते हुए पंडोपारा पहुंच गया। वहां उसने गाली-गलौज शुरू कर दी। इसके बाद उसने पत्नी से हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। पति ने पत्नी के चरित्र पर उठाए सवाल वहीं, पति जितेंद्र ने पत्नी के चरित्र पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उसकी पत्नी पहले उसके जीजा और भांजे के साथ भाग गई थी। फिर साथ आकर रहने लगी। कुछ महीने पहले उसका पत्नी के साथ फिर विवाद हुआ। इसके बाद पत्नी बच्चों को पति के घर रूनियाडीह में ही छोड़कर पंडोपारा चली गई। वहां वो पंडोपारा के रमेश घसिया के साथ रह रही थी। बताया जा रहा कि आरोपी पति रायपुर में काम करता है। उसका बड़ा बेटा 18 साल का है। एक बेटी 16 साल की है। तीसरी बेटी 14 और चौथा बेटा 12 साल का है। पत्नी ने पति के खिलाफ की शिकायत वारदात के बाद पत्नी ने पटना थाना में पति के खिलाफ शिकायत की है। मामले की जानकारी सामने आने के बाद पटना पुलिस ने आरोपी पति जितेंद्र घसिया के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2), 296, 351(2) और 85 के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। हालांकि, घटना के बाद से आरोपी फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। पटना थाना प्रभारी प्रमोद पांडेय ने बताया कि शिकायत मिलते ही FIR दर्ज की गई है। शुरुआती शिकायत में पीड़िता ने पेशाब पिलाने की बात नहीं बताई थी, लेकिन बाद में वायरल वीडियो और उसके बयान में यह बात सामने आई है। इसलिए मामले में अन्य गंभीर धाराएं भी जोड़ी जाएंगी। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। ……………………. क्राइम से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… विधवा को अर्धनग्न कर गांव में घुमाया, जूते-चप्पल से पीटा..VIDEO: मुंह पर पोता गोबर, शादीशुदा बॉयफ्रेंड के साथ भागी थी, आरोपी बोले-घर उजाड़ने की सजा छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के रानीझाप गांव में एक विधवा महिला की साड़ी उतारकर उसे पूरे गांव में घुमाया गया। दरअसल, महिला को प्रेम प्रसंग की सजा देने के लिए उसके कथित प्रेमी के परिवार वालों ने सारी हदें पार कर दीं। पढ़ें पूरी खबर…
झारखंड में मौसम विभाग ने शुक्रवार को बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कई जिलों में अच्छी-खासी बारिश और तेज हवा चलने की संभावना जताई गई है। गुरुवार को सुबह से ही उमस भरी गर्मी ने लोगों को परेशान रखा। हालांकि कई स्थानों पर बारिश भी हुई। पलामू, कोडरमा और गुमला में लोगों को गर्मी से राहत भी मिली। अधिकतम तापमान में हो सकती है गिरावटमौसम विभाग के अनुसार, राज्य में अगले तीन दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में दो-तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट की संभावना है। इसके अगले दो दिनों के दौरान इसमें कोई बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। तेज बारिश और वज्रपात की संभावना मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को रांची, खूंटी, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, जामताड़ा, देवघर, दुमका, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम में अच्छी बारिश होने की संभावना है। कई स्थानों पर रुक-रुक कर बारिश का दौर चलेगा। साथ ही मेघ गर्जन और वज्रपात के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा की रफ्तार 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। विभाग ने खासतौर पर रांची, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, देवघर, दुमका, जामताड़ा और पूर्वी सिंहभूम के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। 17 से 24 जून तक झारखंड में लगातार बारिश की संभावना जताई गई है। सर्वाधिक बारिश बालूमाथ में की गई रिकॉर्डपिछले 24 घंटे में राज्य में कहीं-कही पर गर्जन के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश दर्ज की गई। सर्वाधिक बारिश 35.0 एमएम बालूमाथ (लातेहार) में दर्ज की गई। सबसे अधिक अधिकतम तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस डाल्टेनगंज में जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 20.6 डिग्री सेल्सियस लातेहार में दर्ज किया गया। 18 दिनों में सामान्य से 59% कम बारिश राज्य में एक जून से 18 जून तक सामान्य से 59% कम बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि में जहां सामान्य वर्षापात 74.9 मिमी होना चाहिए था, वहीं वास्तविक बारिश 30.8 मिमी दर्ज की गई है। अब तक गढ़वा जिले में 100% कम बारिश रिकॉर्ड की गई। प्रशांत महासागर में अल नीनो की स्थिति बनने और स्थानीय स्तर पर मॉनसून की धीमी प्रगति को इसका प्रमुख कारण माना जा रहा है।
‘बहनजी से मिलेंगे तो 5 लाख रुपए लेकर चलना। वहां बताएंगे- आप विधायक का टिकट चाहते हैं। इन 5 लाख रुपए का कोई हिसाब-किताब नहीं रहेगा। टिकट के लिए 3 करोड़ 35 लाख रुपए देने होंगे। अभी एक-डेढ़ करोड़ जमा कर दीजिए, जो बचेगा उसके लिए एक-डेढ़ महीने का समय मिलेगा। सरकार बनती है तो गारंटी है- आपको मंत्री बनवाएंगे।’ ये सौदेबाजी कर रहे हैं- बहुजन समाज पार्टी के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल। राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा रखने वाली बसपा में एंट्री के लिए दैनिक भास्कर रिपोर्टर ने खुद को नेता दिखाने के लिए फाइल तैयार की। बसपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं से जान-पहचान बढ़ाई। फिर लखनऊ की BKT (बख्शी का तालाब) विधानसभा सीट से टिकट की डिमांड की। हमने लखनऊ के BSP जिलाध्यक्ष शैलेंद्र गौतम से संपर्क किया। इंदिरानगर में रघुवर मैरिज हॉल के पास शैलेंद्र ट्रेडर्स पहुंचे। यहां शैलेंद्र गौतम बैठे मिले। बंद कमरे में उन्होंने मायावती से मिलने की प्रोसेस और टिकट का रेट बताया… रिपोर्टर : अब बताइए, बहनजी से मुलाकात कैसे होगी, क्या करना होगा? शैलेंद्र गौतम : बहनजी से मिलने के लिए यदि आप कैंडिडेट की हैसियत से मिलेंगे तो 5 लाख रुपए लेकर चलना होगा। वहां आपका बहनजी से परिचय कराया जाएगा। बताया जाएगा कि आप BKT से दावेदार हैं। बहनजी आपसे खुद बात करेंगी। आपको वहां खाली लिफाफा दिया जाएगा। उस लिफाफे में आप पैसा रखेंगे। आप अपने हाथ से बहनजी की टेबल पर लिफाफा रखेंगे। इस सीट के लिए बहनजी ने एक पंडित प्रत्याशी के लिए कहा है और एक ठाकुर के लिए कहा है। ठाकुर तो लगा हुआ है। दौड़भाग कर रहा है। रिपोर्टर : तो 5 लाख रुपए लेकर चलेंगे, इसके बाद? शैलेंद्र गौतम : 5 लाख रुपए लेकर चलेंगे, ये सिर्फ मिलने के नाम पर है। इसका कोई हिसाब-किताब नहीं रहेगा। एक प्रकार से आप बहनजी को गिफ्ट दे रहे हैं। इसके बाद बहनजी के यहां मानक बताया जाएगा कि टिकट के लिए कितना जमा करना है। इसके लिए आपको एक-डेढ़ महीने का समय दिया जाएगा। जब आप जमा कर देंगे तो 10-15 हजार लोगों की भीड़ के बीच आपकी घोषणा कर दी जाएगी। इसके बाद आप क्षेत्र में लग जाएंगे। अब हम जानना चाहते थे कि टिकट के लिए कितने रुपए की डिमांड है, इसके लिए हमने शैलेंद्र से बातचीत जारी रखी। इसमें उन्होंने टिकट खरीदने की पूरी प्रोसेस समझाई। ‘हर सीट का रेट अलग है, कहीं 50 लाख में भी टिकट दे देंगे’ शैलेंद्र गौतम : आपको 3.35 करोड़ रुपए जमा करना है। रिपोर्टर : मतलब 3 करोड़ बाद में देना है? शैलेंद्र गौतम : 3 करोड़ 35 लाख रुपए देना है। 5 लाख रुपए लेकर चलेंगे आप। बहनजी से मिल लेंगे। बहनजी का आशीर्वाद मिल जाएगा। बहनजी कह देंगी- जाइए तैयारी करिए। आप एक बार में जमा कर दो या डेढ़ महीने में। कभी 20 लाख दे दिए, कभी 50 लाख दे दिए। वो तो बाकायदा रजिस्टर में दर्ज होता है। 3 करोड़ 35 लाख रुपए आपको निर्धारित समय सीमा में देना होगा। रिपोर्टर : यानी कि डेढ़ महीने में हमको 3 करोड़ 35 लाख रुपए जमा करना है। चाहे एक बार में दें या 3 बार में। यदि निर्धारित समय में पैसा कुछ रह गया और कोई और 3 करोड़ 35 लाख रुपए जमा कर दिया तो मेरा टिकट कट जाएगा क्या? शैलेंद्र गौतम : नहीं, ऐसा नहीं होगा। वो हम लोग मैनेज करेंगे। थोड़ा-बहुत आगे-पीछे तो चलता है, जो पहले जमा कर देता है, उसका बहनजी ध्यान रखती हैं। रिपोर्टर : अच्छा। शैलेंद्र गौतम : भाई उमाशंकर सिंह क्यों बहनजी के नजर में स्टार हैं। जब होता है, कर देते हैं। बहनजी इसलिए उनको मानती हैं। रिपोर्टर : अरे वो तो बहुत बड़े हैं। शैलेंद्र गौतम : पहले तो नहीं थे बड़े। BSP से ही तो बड़े बने हैं। ऐसे BSP में बहुत सारे लोग हैं, कहने पर तुरंत जमा करा देते हें। अभी चित्रकूट मंडल में माधोगढ़ का टिकट हुआ है। वो भी ब्राह्मण हैं। सबसे पहले टिकट की घोषणा हो गई। क्षेत्र में दौड़-भाग कर रहे हैं। बाराबंकी सदर का भी टिकट हो गया। लगभग 20-25 टिकट हो गए हैं। रिपोर्टर : जो टफ सीट है, वहां भी 3 करोड़ 35 लाख लगेगा? शैलेंद्र गौतम : नहीं, टफ सीट पर तो नहीं। जैसे- लखनऊ पूर्वी है। यहां जो भी हो जाए, पार्टी कर लेती है। क्योंकि यहां पर तो BJP को ही जीतना है, लेकिन कैंडिडेट तो हमको लड़ाना है। अरे भाई, किसी को नेता बनना है तो आओ लड़ो आकर। सरकार बन गई तो बहनजी कुछ न कुछ दे देंगी। टिकट खरीदी की डील के बाद हमने यह जानना चाहा कि क्या मायावती राजनीतिक बैकग्राउंड भी देखेंगी? जिलाध्यक्ष ने इसका भी जवाब दिया… ‘राजनीतिक बैकग्राउंड नहीं, सिर्फ मुकदमे की जानकारी लेंगी’ रिपोर्टर : ये बताइए, बहनजी मेरा बैकग्राउंड नहीं देखेंगी कि मैंने कोई राजनीति नहीं की है। शैलेंद्र गौतम : नहीं, मुकदमे के बारे में जानकारी लेंगी। बस यही बताना है कि बहनजी पहले हम व्यवसाय करते थे, अब पार्टी से जुड़कर सेवा करना चाहते हैं। रिपोर्टर : मैं आपके जरिए बहनजी से मिलना चाहता हूं। शैलेंद्र गौतम : देखिए, हम लोग संगठन के व्यक्ति हैं। यदि कोई खुशी से दे दे तो वो अलग बात है। रिपोर्टर : मान लीजिए, हम 2 करोड़ नकद दे दें और एक करोड़ का सोना दे दें तो चलेगा। शैलेंद्र गौतम : नहीं, पूरा कैश जमा होगा। हम 4 साल से जिलाध्यक्ष हैं। लखनऊ का मंडल प्रभारी रहा हूं। बहनजी बहुत विश्वास करती हैं। BSP के प्रदेश स्तर के नेता क्या रेट बता रहे हैं, इसके जवाब के लिए हमने यूपी के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल से संपर्क किया। उन्होंने हमें 1090 चौराहे के पास शालीग्राम अपार्टमेंट की दूसरी मंजिल पर बने उनके निजी ऑफिस में बुलाया। यहां हमारी उनसे दो बार मुलाकात हुई। पहली बार सामान्य बातचीत हुई। दूसरी बार हम साथी रिपोर्टर को फाइनेंसर बनाकर ले गए। उन्होंने भी मायावती से मिलने और टिकट का वही रेट बताया, जो जिलाध्यक्ष ने बताया था। विश्वनाथ पाल : मान लो, 1 करोड़ रुपए जमा कराए और कोई दूसरा दावेदार आया ही नहीं। हमारी बात आपसे 3 करोड़ 35 लाख रुपए की हुई है। अब आपने कहा- इससे ज्यादा नहीं करेंगे, हमको लड़ाइए। लड़ने में भी पैसा लगेगा। तो आपको उतने में ही लड़ाया जाएगा। यह सभी परिस्थिति बनती है। इसीलिए हमने बताया कि 5 लाख रुपए मिलने जाओगे, तो देना है। 3 करोड़ 35 लाख जो जमा होगा, वो लिखा-पढ़ी में होगा। अगर कुछ गुंजाइश रही तो कम भी कराया जा सकता है, लेकिन कम करने की संभावना तब होती है, जब हम घोषणा न कराएं, लास्ट तक इंतजार करें। रिपोर्टर : पर उसमें तो रिस्क भी है। विश्वनाथ पाल : मान लीजिए, बहनजी गुस्सा हो जाएं। अभी एक दावेदार हैं, काफी दिन से वादा कर रहे हैं, बहनजी को 5 लाख दे आए हैं। एक दिन उन्होंने मुझे चाय पर बुलाया। बैग खोलकर दिखाने लगे कि देखो, डेढ़ करोड़ रुपया रखा है। बाकी कुछ और आ जाए तो ढाई करोड़ रुपए जमा कर दें। ये उन्होंने बताया 15 अप्रैल को। तब से फोन ही नहीं उठा रहे हैं। अब आज ही वो 2 करोड़ लेकर आने वाले थे। हमने कहा- अब मत आओ, क्योंकि बहनजी ने आपको मना कर दिया है। अब एक ही रास्ता है कि पूरा इकट्ठा कर दो। फिर चलकर बहनजी से रिक्वेस्ट करेंगे। बहनजी ने कहा कि वो फंसा देगा, कह दो कि पूरा लाए। हमने उनको बता दिया। अभी आने के लिए बोले हैं। अभी बाराबंकी सदर विधानसभा सीट का हुआ है। रिपोर्टर : हमको समय की लिमिट कितनी मिलेगी? विश्वनाथ पाल : अब जितनी जल्दी हो जाए। मान लो, आप 10 दिन बाद आए। इस बीच कोई और करा लिया तो आपका नहीं हो पाएगा। अभी आप मिलने चलोगे तो आपका समय बहनजी के सामने निर्धारित होगा। उस समय के अंदर नहीं आ पाए, तभी दूसरा कोई आएगा। रिपोर्टर : आपसे जुड़ जाएंगे तो क्या फायदा होगा? विश्वनाथ पाल : देखिए, सरकार बनती है तो गारंटी है कि आपको मंत्री बनवाऊंगा। इसलिए बनवाऊंगा कि यह सीट हमारी अच्छी सीट है। नकुल दुबे भी यहां से जीतकर मंत्री बने थे। रिपोर्टर : 5 लाख देने के बाद कितना समय मिलेगा, भाई साब? विश्वनाथ पाल : देखिए, 5 लाख तो देकर चले आए, उसका मतलब नहीं है। इसके बाद कम से कम एक-डेढ़ करोड़ कर दीजिए। जो बचेगा, उसके लिए एक-आध महीने का समय मिलेगा, क्योंकि चुनाव बहुत निकट है। इन्होंने पंचायत चुनाव जो रोक दिया। विधानसभा चुनाव कुछ महीने पहले करा रहे हैं। चुनाव की घोषणा कभी भी हो सकती है। अभी 24 तारीख को बहनजी ने बैठक बुलाई है। हम जानना चाहते थे कि यदि मायावती से टिकट के लिए मुलाकात न करते हुए ऐसे ही मिलना हो तो क्या उसके लिए भी पैसे देने पड़ते हैं? इसके लिए BSP प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल से कुछ सवाल और किए। ‘बहनजी से ऐसे ही मिलने के 2 लाख रुपए लगते हैं’ विश्वनाथ पाल : आजमगढ़, जौनपुर, शाहगंज में घोषणा हो गई है। माधोगढ़ भी घोषित हो गया है। एक ठाकुर घोषित हुआ है। 5 घोषित हो गए हैं। बाकी सभी सीटों पर बात चल रही है। वही घोषित हुए हैं, जहां से पैसा आ गया है। रिपोर्टर : ये बताइए कि ये (साथी रिपोर्टर) भी बहनजी से मिलकर आशीर्वाद लेना चाहते हैं तो क्या इनके अलग से 5 लाख रुपए लगेंगे या मेरे वाले में ही हो जाएगा? विश्वनाथ पाल : हम साथ में मिलवा देंगे। उसी में हो जाएगा। वैसे अलग से 2 लाख रुपए लगते हैं। रिपोर्टर : चलिए ठीक है, जो बचा देंगे वो अलग से आपकी सेवा में कर देंगे। विश्वनाथ पाल : चलेंगे तो बोल देंगे कि बहनजी ये लड़ना चाहते हैं और ये इनके सहयोगी हैं, आपके दर्शन करना चाहते हैं। अकेले में मिलवाएंगे। आप विधायक का चुनाव जीत जाएंगे तो बहुत बल मिल जाता है। तमाम काम करने का मौका मिला जाता है। ये है कि हम चाहेंगे कि जिस दिन आप चलो, उस दिन 5 लाख रुपए के अलावा कुछ कर दिया जाए। रिपोर्टर : कब ले चलेंगे आप? विश्वनाथ पाल : जब आप कहो, अभी आप कहो तो फोन करके अभी चले चलेंगे। रिपोर्टर : तो 5 लाख रुपए के अलावा और कितने से शुरुआत ठीक रहेगा। विश्वनाथ पाल : जो कर लो आप, 3.35 करोड़ रुपए करना है। ज्यादा से ज्यादा कर लो, क्योंकि अब आपके पास समय नहीं है। इस मीटिंग के अगले दिन प्रदेश अध्यक्ष ने कॉल कर बताया कि बहनजी से टाइम ले लिया है, लेकिन हमने बहाना बनाकर उन्हें टाल दिया, क्योंकि BSP सुप्रीमो मायावती से मिलने से पहले टाइट चेकिंग होती है। उनके पास तक खुफिया कैमरा ले जाना संभव नहीं है, इसलिए आगे स्टिंग नहीं किया। इसके अलावा BSP ने संकेत दिए - अब BSP को जानिए- 14 अप्रैल 1984 को कांशीराम जी ने स्थापना की डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती 14 अप्रैल, 1984 को कांशीराम जी ने BSP की स्थापना की थी। इसका चुनाव चिह्न हाथी है। यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। वे 4 बार सीएम रह चुकी हैं। पार्टी बहुजन समाज, दलित, पिछड़े और वंछित वर्ग के अधिकारों की राजनीति करती है। BSP का वोट बैंक: पिछले विधानसभा चुनाव में 12.9% वोट मिले यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में BSP को 12.9% वोट मिले थे। पार्टी केवल 1 सीट जीत पाई थी। हालांकि, वोट शेयर के मामले में BSP यूपी की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी रही। 2007 विधानसभा चुनाव में 30%, 2012 में 26%, 2017 में 22% वोट मिले थे। ---------------------------------------------- इन्वेस्टिगेशन का पार्ट-1 पढ़ें… मंत्री राजभर, निषाद, अनुप्रिया की पार्टियां बेच रहीं टिकट:यूपी में विधायक टिकट का रेट 2 से 8 करोड़, देखिए ऑन कैमरा डील विधानसभा चुनाव 3 महीने पहले कराने की सुगबुगाहट के बीच पॉलिटिकल पार्टियां टिकट बेचने में जुट गई हैं। सीट के अनुसार टिकट की कीमत तय की जा रही है। पार्टी छोटी है और सीट पर उसकी पकड़ कमजोर है, तो 2 करोड़ रुपए में टिकट मिल सकता है। पार्टी की स्थिति मजबूत है और सीट पर उसकी पकड़ है, तो 8 करोड़ से कम में बात नहीं बनेगी। टिकट बेचने वालों में 3 मंत्रियों की पार्टियों के पदाधिकारी हैं। पूरी खबर पढ़ें…
हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में निर्माणाधीन 765 केवी डीसी बिजली लाइन परियोजना से करीब 2 हजार मीटर एएल-59 जैबरा कंडक्टर चोरी होने का मामला सामने आया है। चोरों ने न केवल बिजली लाइन का कंडक्टर चोरी किया, बल्कि इंसुलेटर और हार्डवेयर फिटिंग को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। शिकायत के आधार पर सदर थाना नारनौल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड (एलएंडटी) में कार्यरत महेंद्र सिंह निवासी गांव बापड़ौली ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी कंपनी 765 केवी डीसी ट्रांसमिशन लाइन परियोजना पर कार्य कर रही है। परियोजना स्थल गांव कुलताजपुर के पास स्थित है, जहां बिजली लाइन का कार्य पूरा हो चुका था। करीब साढ़े आठ लाख का नुकसान शिकायतकर्ता के अनुसार बीती रात अज्ञात चोरों ने लाइन से लगभग 2 हजार मीटर एएल-59 जैबरा कंडक्टर की पांच तारें चोरी कर लीं। चोरी के दौरान आरोपियों ने इंसुलेटर और अन्य हार्डवेयर फिटिंग को भी नुकसान पहुंचाया। इस प्रकार कंपनी को करीब साढ़े आठ लाख का नुकसान हुआ है। साइट इंचार्ज ने दी जानकारी घटना का खुलासा अगले दिन सुबह हुआ, जब साइट इंचार्ज ने फोन कर चोरी की जानकारी दी। सूचना मिलने पर कंपनी अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो कंडक्टर गायब मिला और लाइन के कई उपकरण क्षतिग्रस्त पाए गए। मामला दर्ज कंपनी का कहना है कि चोरी हुआ कंडक्टर उनकी परियोजना की संपत्ति है और इस घटना से लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। इसके बाद मामले की शिकायत सदर थाना नारनौल में दी गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी एएसआई रामकुमार घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटा रहे हैं।
ग्वालियर में 21 जून को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) को लेकर प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलविहीन तरीके से संपन्न कराने के लिए गुरुवार को कलेक्टर रुचिका चौहान और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने संयुक्त रूप से विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान संयुक्त कलेक्टर एवं जिला नोडल अधिकारी विनोद सिंह भी मौजूद रहे। प्रशासन के अनुसार प्रश्न-पत्रों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। बैंक के लॉकर से परीक्षा केंद्रों तक प्रश्न-पत्रों के बॉक्स केवल सरकारी वाहनों से पहुंचाए जाएंगे। इन वाहनों में सीआरपीएफ, स्थानीय पुलिस, केंद्र अधीक्षक और संबंधित नोडल अधिकारी तैनात रहेंगे। प्रश्न-पत्रों के परिवहन की पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई जाएगी। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित होगी। परीक्षार्थियों को सुबह 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोपहर 1:30 बजे के बाद किसी भी परिस्थिति में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। अभ्यर्थी अपने साथ एडमिट कार्ड, एडमिट कार्ड में अंकित वैध पहचान पत्र, पासपोर्ट आकार के दो और पोस्टकार्ड आकार का एक फोटो तथा पारदर्शी पानी की बोतल ले जा सकेंगे। मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, स्मार्ट वॉच, कैलकुलेटर, बैग, किताबें, कागज के टुकड़े और अन्य इलेक्ट्रॉनिक या धातु की वस्तुएं पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगी। कलेक्टर रुचिका चौहान ने निर्देश दिए हैं कि सभी 25 परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त स्टाफ तैनात रहे। महिला और पुरुष अभ्यर्थियों के लिए अलग-अलग फ्रिस्किंग बूथ बनाए गए हैं। जांच के बाद सभी परीक्षार्थियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज की जाएगी। एसएसपी धर्मवीर सिंह ने कहा है कि परीक्षा की शुचिता भंग करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा केंद्रों के बाहर पर्याप्त पुलिस बल और यातायात व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
मध्य प्रदेश में मानसून का इंतजार लंबा हो रहा है। सामान्यत: 15-16 जून तक मानसून प्रदेश में एंटर हो जाता है, लेकिन इस बार यह 9 से 10 दिन लेट यानी, 25 जून तक एंट्री कर सकता है। मानसून के लेट होने से जून की सामान्य बारिश के आंकड़े में गिरावट आई है। IMD (मौसम केंद्र) भोपाल के मुताबिक, प्रदेश में 1 जून से अब तक 39% पानी कम गिरा है। इसमें भी पूर्वी हिस्से की तस्वीर ज्यादा खराब है। प्रदेश में 1 से 18 जून के बीच 46.8 मिमी यानी, करीब 2 इंच पानी गिरता है, लेकिन इस बार यह 28.4 मिमी यानी, सवा इंच से भी कम है। अनूपपुर, बालाघाट, दमोह, मैहर, रीवा, शहडोल, टीकमगढ़, अलीराजपुर, बड़वानी, भिंड, दतिया, धार और खरगोन ऐसे जिले हैं, जहां पर औसत आधा इंच पानी भी नहीं गिरा है। हालांकि, भोपाल, आगर-मालवा, अशोकनगर, बैतूल, बुरहानपुर, देवास, गुना, हरदा, इंदौर, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, सीहोर, श्योपुर, शिवपुरी, विदिशा, सीधी, सतना में 1 से 4 इंच तक पानी गिरा है, लेकिन यह भी बोवनी लायक नहीं है। किसानों की चिंता बढ़ीमानसून के नहीं आने और प्री-मानसून में कम बारिश होने की वजह से किसानों की चिंता बढ़ गई है। वे खरीफ सीजन की फसल जैसे- सोयाबीन, उड़द, मूंग, तूअर आदि की बुवाई नहीं कर पा रहे हैं। शाजापुर कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एसएस धाकड़ बताते हैं कि बोवनी के लिए कम से कम 4 इंच बारिश जरूरी है। इससे जमीन में पर्याप्त नमी आती है। इतनी बारिश होने के बाद ही किसान बोवनी करें। मानसून के समय पर आने की संभावना के चलते प्रदेश के कई जिलों में किसानों ने सोयाबीन की बोवनी कर दी। उन पर बीज खराब होने का खतरा मंडरा रहा है, क्योंकि पानी के आभाव में बीज खराब हो सकता है। ऐसे में किसानों को दोबारा बोवनी करना पड़ेगी। हालांकि, उन किसानों के लिए राहत है, जिनके पर सिंचाई के लिए पानी है। सिवनी में 1 इंच से ज्यादा बारिश, इंदौर, धार-गुना में भी पानी गिराप्रदेश में गुरुवार को भी आंधी-बारिश का दौर जारी रहा। सिवनी में 1 इंच से ज्यादा बारिश हो गई। वहीं, इंदौर के महू, धार के पीथमपुर और गुना में भी आंधी-बारिश हुई। इस वजह से दिन के तापमान में गिरावट हुई है। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 37 डिग्री, इंदौर में 36.9 डिग्री, ग्वालियर में 40.1 डिग्री, उज्जैन में 38 डिग्री और जबलपुर में पारा 38.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश में सबसे कम तापमान सिवनी में 34 डिग्री, बैतूल में 34.2 डिग्री, छिंदवाड़ा में 34.8 डिग्री, पचमढ़ी-शिवपुरी में 35 डिग्री सेल्सियस रहा। खजुराहो में सबसे ज्यादा 41.4 डिग्री, दतिया में 40.8 डिग्री और नौगांव में 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आज इन जिलों में आंधी-बारिश का अनुमानमौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में आंधी-बारिश का दौर रह सकता है। दूसरी ओर, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, अलीराजपुर और झाबुआ में गर्मी वाला माहौल रहेगा। मौसम विभाग ने 17 जून को अगले चार दिन का वेदर फोरकास्ट जारी किया था। जिसमें हीटवेव का अलर्ट भी था, लेकिन सिस्टम एक्टिव होने से अब हीटवेव का असर नहीं रहेगा। एमपी में मानसून की एंट्री कब हुई… साइक्लोनिक-टर्फ की वजह से आंधी-बारिशमौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) और आसपास तीन टर्फ एक्टिव है। इस वजह से प्रदेश में आंधी-बारिश का दौर जारी है। गुरुवार को कई जिलों में मौसम बदला रहा। शुक्रवार को भी अधिकांश हिस्से में अलर्ट है। मैप से समझें, 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम जून में MP के 5 बड़े शहरों में ऐसा ट्रेंड भोपाल में 15 जून तक तेज गर्मीराजधानी में जून महीने में तेज गर्मी और बारिश दोनों का ही ट्रेंड है। पिछले 10 साल में 15 जून से पहले तेज गर्मी का असर दिखा है। 3 साल तो तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। वहीं, रात का टेम्प्रेचर 17.4 डिग्री तक आ गया। साल 2020 में सबसे ज्यादा 16 इंच बारिश हुई थी। वहीं, पिछले साल 2024 में पूरे महीने 10.9 इंच पानी गिरा था। 10 साल में दूसरी बार इतनी बारिश हुई थी। 24 घंटे में करीब 5 इंच पानी बरसा था। इंदौर में पिछले साल हुई थी 4 इंच बारिशजून में इंदौर में दिन के टेम्प्रेचर में खासी गिरावट होती है। पिछले 7 साल यानी- 2020, 2021, 2022, 2023, 2024 और 2025 में जून में कम गर्मी पड़ी। पारा 39.6 से 41.6 डिग्री के बीच रहा है। पिछले साल तापमान 41.6 डिग्री तक पहुंचा था। इस महीने कोटे की 20 प्रतिशत तक बारिश हो जाती है। पिछले साल साढ़े 5 इंच पानी गिरा था। बारिश के ओवरऑल रिकॉर्ड की बात करें तो साल 1980 में यहां जून महीने में 17 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। 24 घंटे में सर्वाधिक 5 इंच बारिश का रिकॉर्ड 23 जून 2003 को बना था। 3 जून 1991 में इंदौर में दिन का पारा 45.8 डिग्री तक पहुंच चुका है। वहीं, 12 जून 1958 को न्यूनतम तापमान 18.9 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। ग्वालियर में 47 डिग्री पार हो चुका टेम्परेचरग्वालियर में मई के बाद जून में भी तेज गर्मी रहती है। 10 साल के आंकड़ों की बात करें तो साल 2019 में अधिकतम तापमान 47.8 डिग्री तक पहुंच चुका है। वहीं, 2024 में पारा 45.7 डिग्री और 2025 में 45.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इस महीने अमूमन तापमान 45 से 46 डिग्री ही रहता है। मौसम विभाग के अनुसार, 11 जून 2019 को पारा 47.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। वहीं, 1952 में पूरे महीने साढ़े 28 इंच बारिश हो गई थी। एक दिन में सर्वाधिक साढ़े 7 इंच बारिश का रिकॉर्ड 27 जून 1952 को बना था। साल 2025 में यहां पूरे महीने 10 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। जबलपुर में 10 साल अच्छी बारिशमानसून की एंट्री के साथ ही जबलपुर में अच्छी बारिश होती है। यहीं से मानसून की एंट्री होती है, इसलिए अन्य जिलों की तुलना में जबलपुर में अच्छा पानी गिरता है। साल 2016 से 2025 तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो कोटे की 30% तक बारिश जून में ही हुई। पिछले साल साढ़े 8 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। इस बार भी जबलपुर संभाग के दक्षिण हिस्से से ही मानसून एंटर हो सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, जबलपुर में 1998 में एक महीने में करीब 30 इंच बारिश दर्ज की गई थी। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 16 जून 1882 को 24 घंटे में साढ़े 7 इंच बारिश हुई थी। उज्जैन में भी अच्छी बारिश का ट्रेंडजून महीने में उज्जैन में भी अच्छी बारिश होने का ट्रेंड है। 2016 से 2025 के बीच उज्जैन में 2.5 से 8 इंच तक बारिश हो चुकी है। उज्जैन में बारिश के ओवरऑल रिकॉर्ड की बात करें तो साल 1970 में पूरे महीने साढ़े 13 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं, 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड 15 जून 2001 को बना था। इस दिन करीब साढ़े 6 इंच बारिश हुई थी। साल 2025 में पूरे महीने 8 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई थी।
मथुरा में श्री कृष्ण जन्मस्थान मंदिर में चढ़ावे की रकम में गड़बड़ी के लगे आरोप के बीच श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान द्वारा आरोप लगाने वाले दिनेश शर्मा के खिलाफ थाना गोविंद नगर में तहरीर दी गई है। पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया है कि दिनेश शर्मा आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है जिस पर धोखाधड़ी आदि के मुकद्दमा दर्ज हैं। इसके अलावा आरोप लगाए हैं कि दिनेश शर्मा ने अपने गुर्गों के जरिए 20 लाख रुपए की चौथ मांगी थी न देने पर मीडिया व सोशल मीडिया में संस्थान को बदनाम करने की साजिश रची। थाना गोविंद नगर में दी तहरीर श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के उप प्रबंधक अनुराग पाठक द्वारा दी गई तहरीर में दिनेश शर्मा पर आरोप लगाया है कि उसने धोखाधड़ी करने के उद्देश्य से श्री कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट रजिस्टर्ड के समदृश्य श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के नाम से एक ट्रस्ट बनाया। जिसका उद्देश्य श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान और 1951 में स्थापित एवं रजिस्टर्ड ट्रस्ट श्री कृष्ण जन्मभूमि के बारे में भक्तों व दानदाताओं को भ्रमित कर उनके साथ ठगी करना,धोखाधड़ी कर दान,चंदा की धनराशि प्राप्त करना है। निजी गुर्गों से दिलवाई धमकी तहरीर में आरोप लगाया गया है कि श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास ट्रस्ट के माध्यम से दिनेश शर्मा भक्तों व दान दाताओं से और दान में मिली धनराशि का दुर्विनियोग करते हुए उसके अपने निजी प्रयोग में लेकर खुर्द बुर्द कर रहा है। दिनेश शर्मा द्वारा किए जा रहे इस अवैधानिक कृत्य का लोगों द्वारा विरोध किए जाने पर दिनेश शर्मा के दिमाग में यह आया कि यह विरोध श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान की ओर से कराया है। इसके बाद दिनेश शर्मा ने अपने गुर्गों के माध्यम से धमकी भिजवाई कि या तो मेरे काम में अड़ंगा मत डालो अन्यथा में श्री कृष्ण जन्म स्थान ट्रस्ट के विरुद्ध झूठी शिकायत करूंगा और जीना हराम कर दूंगा। 20 लाख रुपए की मांगी चौथ उप प्रबंधक अनुराग पाठक ने पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि जब दिनेश शर्मा की धमकी पर गौर नहीं किया तो दिनेश शर्मा ने अपने गुर्गे भेजकर 20 लाख रुपए की चौथ की मांग की और चौथ न देने पर मीडिया व सोशल मीडिया में संस्थान को बदनाम करने की धमकी दी। इसके बाद भी जब दिनेश शर्मा की बात नहीं मानी तो उसने चौथ देने के लिए विवश करने के उद्देश्य से मीडिया व सोशल मीडिया पर हमारे संस्थान के विरुद्ध आरोप लगाए। यह लगाए आरोप संस्थान ने आरोप लगाया कि दिनेश शर्मा ने संस्थान के विरुद्ध वित्तीय अनियमितता,संस्थान के प्रबंधन तंत्र व कर्मचारियों द्वारा पैसे के गबन ,घोटाले के झूठे आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर समाचार प्रकाशित और प्रसारित कराए जा रहे हैं। दिनेश शर्मा के द्वारा लगाए गए आरोप असत्य और निराधार हैं। दिनेश शर्मा संस्थान के प्रबंध तंत्र,कर्मचारियों को समाज के लोगों के बीच मानहानि कर उनकी छवि धूमिल कर रहा है। दिनेश शर्मा के खिलाफ दर्ज हो रिपोर्ट श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के उप प्रबंधक अनुराग पाठक ने कहा कि दिनेश शर्मा एक भू माफिया है। वह संस्थान के प्रबंधन और कर्मचारियों को फर्जी मुक़दमे में फंसाने व बदनाम करने का भय दिखाकर चौथ वसूली करने के लिए विवश कर रहा है। पुलिस को मिली तहरीर पर एसपी सिटी राजीव कुमार ने बताया कि तहरीर मिली है जांच की जा रही है।
इंदिरा बाजार स्थित मोहद्वानेश्वर (महादेव) मंदिर परिसर से भगवान शंकर की एक प्रतिमा चोरी होने का मामला सामने आया है। इस संबंध में इंदिरा बाजार व्यापार मंडल के महामंत्री पदम ने पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के अनुसार इंदिरा बाजार में स्थित मोहद्वानेश्वर महादेव मंदिर में क्षेत्र के व्यापारी नियमित रूप से पूजा-अर्चना और जलाभिषेक करते हैं। 18 जून को सुबह करीब 11:30 बजे एक व्यापारी पूजा के लिए मंदिर पहुंचा तो उसने देखा कि शिव परिवार की मूर्तियों में से भगवान शंकर की एक प्रतिमा अपने स्थान पर नहीं है। इसके बाद अन्य व्यापारियों को इसकी जानकारी दी गई। व्यापार मंडल पदाधिकारियों ने मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में सुबह करीब 9:15 बजे एक अज्ञात व्यक्ति मंदिर में प्रवेश कर प्रतिमा लेकर जाता हुआ दिखाई दिया। व्यापार मंडल का आरोप है कि उक्त व्यक्ति ने ही मंदिर से प्रतिमा चोरी की है। व्यापार मंडल ने पुलिस से अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने, चोरी हुई प्रतिमा बरामद करने और मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
देश में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, छत्तीसगढ़, हरियाणा और दिल्ली में प्री मानसून के तहत बारिश हो रही है। 4 जून को केरल में दस्तक देने के बाद मानसून 15 दिन में 19 राज्यों तक पहुंच चुका है। मानसून पिछले 5 दिन से उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ की बॉर्डर पर अटका हुआ है। हरियाणा के हिसार में गुरुवार को तेज हवा के साथ बारिश हुई। यहां कई गाड़ियों पर पेड़ गिरे। वहीं सिरसा में ओले भी गिरे। एमपी के इंदौर-गुना समेत 6 जिलों में आंधी-बारिश हुई। वहीं राजस्थान के जयपुर समेत 6 जिलों में बारिश हुई। श्रीगंगानगर में तेज बारिश से सड़कों पर पानी भर गया और दुकानों में पानी घुस गया। वहीं, प्री-मानसून ऐक्टिव होने के बावजूद यूपी-राजस्थान समेत 7 राज्यों में तापमान 40C के पार है। गुरुवार को देश में सबसे ज्यादा तापमान यूपी के बांदा में 43.2C दर्ज किया गया। मैप में देखिए, कहां तक पहुंचा मानसून 4 जून से 18 जून के बीच देश में 41% कम बारिश मानसून ने लगातार तीसरे साल जून में लंबा ब्रेक लिया है। हालांकि, 2024 और 2025 में शुरुआती ब्रेक के बावजूद पूरे सीजन में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई थी। इस साल 4 जून से 18 जून के बीच देश में सामान्य से 41% कम बारिश हुई है। देशभर में प्री-मॉनसून एक्टिव, मौसम की 2 तस्वीरें… 7 राज्यों में गर्मी का असर, पारा 40C पार मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान, महाराष्ट्र और ओडिशा के कई शहरों में बुधवार को पारा 40C से ज्यादा रहा। देश में सबसे ज्यादा पारा उत्तर प्रदेश के बांदा में 43.2C दर्ज किया गया। वहीं महाराष्ट्र के ब्रह्मपुरी में 42.3C, ओडिशा के बौध में 42.8C, छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 41.6C, झारखंड के डाल्टनगंज में 42C, बिहार के छपरा में 41.6C और एमपी के खजुराहो 41.4C रहा। अल नीनो के हालात भी बन रहे अमेरिकी राष्ट्रीय महासागरीय एवं वायुमंडलीय प्रशासन (NOA) ने उपग्रह के आधार पर एक रिपोर्ट तैयार की है। इसके अनुसार इंटरट्रॉपिकल कन्वर्जेंस जोन पर्याप्त गति से सक्रिय नहीं हो पाया है, इससे मानसून की रफ्तार धीमी है। यह सामान्य रूप से जून के मध्य तक उत्तर की ओर बढ़कर भारत में नमी खींचता है। अल नीनो की परिस्थितियां भी बन रही हैं। इससे लंबे समय तक सूखा और असमान बारिश देखने को मिल सकती है। उपग्रह के आंकड़े पूर्वी भारत में सक्रिय गरज-चमक का संकेत देते हैं। लेकिन मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और पश्चिमी भारत में बादलों का घनापन कम है। अगले दो दिन के मौसम का हाल 20 जून: 21 जून: जेट स्ट्रीम कमजोर होने पर आगे बढ़ेगा मानसून मौसम विभाग के मुताबिक, जेट स्ट्रीम का मौजूदा पैटर्न कमजोर होने पर मानसूनी हवाएं तेज होंगी। अगले 4-5 दिनों में मानसून के महाराष्ट्र, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और अन्य हिस्सों में आगे बढ़ने की परिस्थितियां बन सकती हैं। जेट स्ट्रीम वायुमंडल की ऊपरी परतों में बहने वाली बहुत तेज हवाएं हैं। ये आमतौर पर पृथ्वी की सतह से करीब 8 से 15 किलोमीटर की ऊंचाई होती है। ये मानसूनी बादलों और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस यानी पश्चिमी विक्षोभ को प्रभावित करती हैं।
हरियाणा के सोनीपत जिले की बेटी अपूर्वा शर्मा का संसद भवन में बतौर सांसद अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। उसने विकसित भारत युवा संसद 2026 में बेस्ट क्वेश्चनर का प्रतिष्ठित सम्मान हासिल किया है। नई दिल्ली स्थित संविधान सदन (पुराना संसद भवन) के सेंट्रल हॉल में 15 से 17 जून तक आयोजित इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में देशभर के 44 हजार युवाओं में से चयनित 105 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। इनमें हरियाणा की सोनीपत की अपूर्वा शर्मा भी शामिल थीं। अपूर्वा ने संसद की कार्यवाही के अनुरूप आयोजित विभिन्न चरणों में अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति, तार्किक प्रश्नों और विषयों की गहरी समझ के बल पर निर्णायकों को प्रभावित किया। परिणामस्वरूप उन्हें पूरे देश में बेस्ट क्वेश्चनर के रूप में चुना गया। यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे हरियाणा और विशेष रूप से सोनीपत जिले के लिए गर्व का विषय बनी हुई है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला सहित कई दिग्गज रहे मौजूद राष्ट्रीय स्तर के विकसित भारत युवा संसद 2026 का आयोजन संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में किया गया। कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इसके अलावा केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, सांसद बांसुरी स्वराज, युवा कार्य विभाग की सचिव डॉ. पल्लवी जैन गोविल, माय भारत (MY Bharat) की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. प्रियंका शुक्ला तथा कई सांसद एवं गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य देशभर के युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से जोड़ना और उन्हें नीति निर्माण तथा संसदीय कार्यप्रणाली की समझ विकसित करने का अवसर प्रदान करना था। 44 हजार युवाओं ने किया आवेदन, कई चरणों के बाद हुआ चयन अपूर्वा शर्मा ने बताया कि विकसित भारत युवा संसद 2026 के लिए देशभर से लगभग 44 हजार युवाओं ने माय भारत पोर्टल पर पंजीकरण कराया था। आवेदन करने की अंतिम तिथि मार्च 2026 निर्धारित की गई थी। इसके बाद जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर चयन प्रक्रिया आयोजित की गई। हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश से तीन-तीन युवाओं का चयन किया गया। हरियाणा से सोनीपत की अपूर्वा शर्मा, कैथल की वर्तिका और भिवानी की साक्षी को राष्ट्रीय स्तर के लिए चुना गया। चयन प्रक्रिया का पहला चरण जिला स्तर पर हुआ, जहां प्रतिभागियों की वक्तृत्व क्षमता और विषयों की समझ को परखा गया। जिला स्तर पर ‘आपातकाल’ विषय से हुई शुरुआत अपूर्वा ने बताया कि जिला युवा अधिकारी ऋतु रानी द्वारा उन्हें आपातकाल विषय दिया गया था। इस विषय पर प्रस्तुति देने के बाद 10 प्रतिभागियों में से पांच युवाओं का चयन अगले चरण के लिए किया गया।इसके बाद राज्य स्तरीय प्रतियोगिता चंडीगढ़ में आयोजित हुई, जहां प्रतिभागियों को वर्ष 2026 के बजट विषय पर तीन मिनट का भाषण देने का अवसर मिला। हर जिले से चयनित लगभग 120 प्रतिभागियों ने इसमें भाग लिया। इन्हीं 120 युवाओं में से हरियाणा के तीन प्रतिभागियों को राष्ट्रीय स्तर के लिए चुना गया। संसद की तर्ज पर संचालित हुई पूरी कार्यवाही नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम को लोकसभा की वास्तविक कार्यवाही की तरह संचालित किया गया। प्रतिभागियों को सांसद और विभिन्न मंत्रालयों की भूमिकाएं सौंपी गईं। 36 प्रतिभागियों के एक समूह में 18 को सांसद और 18 को अलग-अलग मंत्रालयों की जिम्मेदारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान सांसदों ने विभिन्न मंत्रालयों से सवाल पूछे, जबकि संबंधित मंत्रालयों की भूमिका निभा रहे प्रतिभागियों ने उनके जवाब दिए। अपूर्वा शर्मा को सांसद (Member of Parliament) की भूमिका दी गई थी। संस्कृत श्लोक से की शुरुआत, नारी शक्ति और खेलों पर पूछे दमदार सवाल अपूर्वा शर्मा ने अपनी प्रस्तुति की शुरुआत संस्कृत श्लोक से की, जिसने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया। प्रश्नोत्तर सत्र में उन्होंने खेल एवं युवा मामलों के मंत्रालय से कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे।उन्होंने खेलो इंडिया योजना के तहत तैयार किए गए खेल बुनियादी ढांचे, निर्माणाधीन परियोजनाओं और महिला खिलाड़ियों के लिए बनाई जा रही सुविधाओं पर प्रश्न उठाए। उन्होंने पूछा कि 2036 ओलंपिक में भारत को पदक तालिका के शीर्ष 10 देशों में पहुंचाने के लिए मंत्रालय की क्या ठोस रणनीति है और वर्तमान में टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) के अंतर्गत प्रशिक्षण ले रहे खिलाड़ियों की सूची क्या है। उन्होंने महिला खिलाड़ियों की भागीदारी बढ़ाने, ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों की बेटियों को खेलों से जोड़ने तथा उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाने के लिए सरकार की योजनाओं पर भी सवाल किए। नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर भी रखे प्रभावशाली सवाल अपूर्वा ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर भी गंभीर और तार्किक प्रश्न उठाए। उन्होंने महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी, नेतृत्व क्षमता और निर्णय प्रक्रिया में उनकी भूमिका को लेकर विस्तृत चर्चा की। उनके प्रश्नों की गहराई और प्रस्तुति शैली ने निर्णायक मंडल को विशेष रूप से प्रभावित किया। यही कारण रहा कि उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर बेस्ट क्वेश्चनर का पुरस्कार प्रदान किया गया। देशभर में केवल चार प्रतिभागियों को मिला विशेष सम्मान कार्यक्रम में 105 युवाओं में से केवल चार प्रतिभागियों को विभिन्न श्रेणियों में विशेष पुरस्कार दिए गए। इनमें बेस्ट ओपनिंग सेशन, बेस्ट क्वेश्चनर, बेस्ट आंसर और बेस्ट शॉर्ट डिस्कशन की श्रेणियां शामिल थीं। सोनीपत के गांव शहजादपुर निवासी अपूर्वा शर्मा ने बेस्ट क्वेश्चनर का खिताब अपने नाम कर हरियाणा का गौरव बढ़ाया। उन्हें सम्मान स्वरूप एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि, सर्टिफिकेट ऑफ मेरिट और स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। पहली बार में हासिल की राष्ट्रीय सफलता खास बात यह रही कि अपूर्वा पहली बार विकसित भारत युवा संसद में शामिल हुई थीं और पहले ही प्रयास में उन्होंने राष्ट्रीय स्तर का पुरस्कार जीत लिया। उनकी इस सफलता ने साबित कर दिया कि मेहनत, आत्मविश्वास और निरंतर तैयारी से किसी भी मंच पर सफलता प्राप्त की जा सकती है। बीएससी की छात्रा हैं अपूर्वा अपूर्वा वर्तमान में सोनीपत के जीवन गर्ल्स कॉलेज में बीएससी अंतिम वर्ष की छात्रा हैं। उनके पिता प्रवीण कुमार सोनीपत पुलिस आयुक्त कार्यालय में क्लर्क के पद पर कार्यरत हैं। परिवार में उनके बड़े भाई वंश भी उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।अपूर्वा का सपना भारतीय सेना में अधिकारी बनने की चाहत है। वह इससे पहले गणतंत्र दिवस परेड में भी हरियाणा का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। परिवार ने बताया पूरे जिले के लिए गौरव का क्षण अपूर्वा के पिता प्रवीण कुमार ने बताया कि उनके पिता स्वर्गीय भगत राम भी हरियाणा पुलिस से सेवानिवृत्त हुए थे। ऐसे में परिवार में सेवा और अनुशासन की परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि 44 हजार प्रतिभागियों में से उनकी बेटी का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होना पूरे जिले और प्रदेश के लिए गर्व की बात है। वहीं अपूर्वा ने कहा कि संसद के मंच पर हरियाणा का प्रतिनिधित्व करना उनके जीवन का सबसे यादगार अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें भविष्य में और अधिक मेहनत करने तथा देश के लिए कुछ बड़ा करने की प्रेरणा देता रहेगा।
पानीपत के युवक द्वारा अपने चाचा और दोस्त के मर्डर मामले में नया खुलासा हुआ है। आरोपी युवक साहिल ने पहले पंजाब के डेराबस्सी में अपने सगे चाचा राहुल मलिक की हत्या की थी, इसके बाद वो पुलिस से बचने के लिए शव को पानीपत ले आया था। पुलिस की पूछताछ में साहिल ने बताया कि उसने चाचा की टाटा सफारी कार में ही उसका शव डाला और 150 KM दूर पानीपत ले आया। यहां शव ठिकाना लगाने के लिए उसने अपने दोस्त अंकुश को बुलाया। फिर, अंकुश को गाड़ी में बैठाया और पिछली सीट पर पड़ी चाचा की लाश दिखाकर उसे ठिकाने लगाने में मदद मांगी। जैसे ही दोस्त अंकुश ने इसकी मदद करने से इनकार किया, तो साहिल ने उस पर भी हथियार तान दिया और चलती गाड़ी में उसे भी दो गोलियां मारकर मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद दोनों के शव बुडशाम नहर में गिराने आया तो भीड़ ने देख लिया। भीड़ जमा होते देख वो दोनों शव दिल्ली बाईपास रोड पर छोड़कर भाग निकला। जानिए साहिल ने पुलिस के सामने क्या कबूला… प्रॉपर्टी को लेकर चाचा से था झगड़ा पुलिस इंस्पेक्टर फूल कुमार ने बताया कि शुरुआती जांच में आरोपी साहिल ने अपने चाचा राहुल मलिक और दोस्त अंकुश की हत्या करने की बात स्वीकार की है। साहिल का अपने चाचा राहुल के साथ काफी समय से पिता की प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चल रहा था। राहुल ने डेराबस्सी के सुरक्षा एन्कलेव में मलिक प्रॉपर्टीज के नाम से ऑफिस खोल रखा था। पिता की बंदूक से चाचा को मारा 17 जून को साहिल अपने पिता की लाइसेंसी डोगा बंदूक लेकर डेराबस्सी स्थित चाचा के ऑफिस पहुंचा और अंधाधुंध फायरिंग कर राहुल मलिक की हत्या कर दी। इसके बाद पुलिस से बचने के लिए उसने चाचा के शव को उन्हीं की टाटा सफारी गाड़ी में डाला और रात करीब 8-9 बजे पानीपत पहुंच गया। दोस्त ने मदद से इनकार किया तो उसे भी गोलियों से भूना पानीपत पहुंचकर साहिल ने अपने दोस्त अंकुश को फोन किया और सेक्टर 13/17 कट पर मिलने बुलाया। अंकुश गाड़ी में बैठ गया। साहिल ने गाड़ी चलाई और अंकुश से कहा कि वह पिछली सीट पर मुड़कर देखे कि वहां क्या है। जैसे ही अंकुश ने पीछे देखा, उसे राहुल मलिक की खून से लथपथ लाश दिखाई दी। साहिल ने अंकुश पर बंदूक तान दी और कहा कि इस लाश को ठिकाने लगाने में उसकी मदद करे। जब अंकुश ने मदद करने से इनकार किया तो साहिल ने चलती गाड़ी में अंकुश को भी दो गोलियां मार दीं। दोस्त की हत्या के पीछे पुरानी रंजिश भी पूछताछ में यह भी सामने आया कि साल 2024 में तहसील कैंप थाने में दर्ज मारपीट के मामले में साहिल और अंकुश सह-आरोपी थे। साहिल ने अंकुश के कहने पर ही दो युवकों को पीटा था, लेकिन बाद में अंकुश ने केस में साहिल की कोई मदद नहीं की थी। साहिल इस बात की रंजिश भी मन में रखे हुए था। राहगीरों को देख लाशें सड़क पर फेंक भागा दोनों की हत्या करने के बाद साहिल शवों को दिल्ली पैरलल नहर बाईपास पर बुढ़शाम के पास फेंकने के लिए गाड़ी से नीचे सड़क पर उतार रहा था। इसी दौरान वहां से गुजर रहे राहगीरों की भीड़ जुटने लगी। खुद को घिरता देख साहिल शवों को वहीं छोड़कर टाटा सफारी गाड़ी सहित सोनीपत की तरफ फरार हो गया। सीआईए प्रभारी इंस्पेक्टर फूल कुमार ने बताया कि जैसे ही आरोपी साहिल की जानकारी मिली सोनीपत के भिगान टोल के पास से उसे दबोच लिया गया। आज शुक्रवार को उसे कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। परिवार का पहले भी रह चुका आपराधिक रिकॉर्ड पानीपत के शांति नगर में रहता था परिवार पानीपत के गांव नवादा पार के रहने वाले जिले सिंह के मांगेराम और राहुल मलिक नामक दो बेटे थे। कुछ समय बाद यह परिवार पानीपत के शांति नगर में आकर बस गया था। मांगेराम का बेटा ही इस डबल मर्डर का मुख्य आरोपी साहिल है। चाचा को पॉक्सो केस में 10 साल कैद हो चुकी थी साल 2006 में राहुल मलिक ने पड़ोस की रहने वाली प्रियंका से लव मैरिज की थी, जिससे उनका एक बेटा ईशित मलिक है। साल 2009 में राहुल को पॉक्सो एक्ट के तहत 10 साल की सजा हुई थी। इस बदनामी के कारण साल 2017 में राहुल का परिवार पानीपत छोड़कर पंजाब के डेराबस्सी की SBP होम्स सोसाइटी में रहने लगा, जहां राहुल सोसाइटी का प्रधान भी बना। साहिल पर भी मारपीट का केस था साल 2024 में साहिल पर तहसील कैंप थाने में मारपीट का केस दर्ज हुआ था। उस पर लोगों का काफी कर्ज भी था, जिसके चलते साहिल का परिवार काफी समय पहले पानीपत छोड़कर गायब हो गया था। ---------------- यह भी पढ़ें- बेदखली का बदला लेने के लिए चाचा का मर्डर:मोहाली से डेडबॉडी लेकर 150KM दौड़ाई कार, पानीपत में दोस्त की भी हत्या; भागते का VIDEO सामने आया हरियाणा में बचपन का बदला लेने के लिए युवक ने अपने चाचा और दोस्त का मर्डर कर दिया। बुधवार रात को पहले पंजाब के डेराबस्सी में चाचा को गाली मारी। फिर लाश को कार में लादकर पानीपत तक लाया। यहां दोस्त को बुलाकर उसे भी गोली मार दी। पूरी खबर पढ़ें…
हरियाणा के पंचकूला में BJP नेता के भाई पर फायरिंग करने आए रोहित गोदारा गैंग के शूटर का घाव नहीं भर रहा है। डॉक्टरों को इसक कारण से सर्जरी बार-बार टालनी पड़ रही है। पंचकूला के सेक्टर-5 में नाइट क्लब डा-बोडेगा संचालक और भाजपा नेता के भाई रतन लुबाना पर 4 जून को फायरिंग हुई थी। फायरिंग के बाद भाग रहे बदमाशों का पुलिस ने एनकाउंटर किया था। एनकाउंटर में दोनों बदमाशों के पैरों पर 2-2 गोलियां लगी थी। लुधियाना निवासी गोदारा के शूटर जसविंद्र के घुटने पर गोली लगने के कारण उसके घाव में इंफेक्शन हो गया है। जिसके कारण जख्म ठीक नहीं हो रहा है। इसकी वजह से उसकी सर्जरी नहीं हो पा रही है। जसविंद्र 15 दिन से पंचकूला के सरकारी अस्पताल में भर्ती है। जसविंद्र लुधियाना पर हत्या के प्रयास में 2 मामले दर्ज हैं। जीरकपुर से लेकर आए थे हथियारBJP नेता नरेंद्र लुबाना के भाई रतन लुबाना को मारने आए पंजाब के दोनों शूटरों के लिए हथियार मोहाली के जीरकपुर में रखवाए गए थे। जिसकी लोकेशन और फोटो दोनों शूटर को भेजी गई थी। उस लोकेशन से दोनों शूटर ने हथियार उठाए थे और वारदात को अंजाम दिया था।पंजाब के हार्डकोर क्रिमिनल और रोहित गोदारा गैंग के हैंडलर शकील अंसारी ने मर्डर के लिए तुर्की और आस्ट्रिया मेड वो हथियार भेजे थे, इसकी जिंगाना कंपनी की पिस्टल का प्रयोग सिंगर सिद्धू मूसेवाला मर्डर में हुआ था। जिसकी कीमत करीब 6 लाख रुपए मानी जा रही है। शकील अंसारी का भी राजस्थान पुलिस ने एनकाउंटर किया है। पंजाब में छापेमारी कर रही पुलिस क्लब संचालक रतन लुबाना फायरिंग केस की जांच अब SIT कर रही है। जिसका नेतृत्व क्राइम ब्रांच-26 के इंचार्ज दलीप सिंह कर रहे हैं। डीसीपी क्राइम अमरिंदर सिंह की देखरेख में टीम फिलहाल पंजाब में छापेमारी कर रही है। जल्द ही इस मामले में पंजाब से आरोपियों की गिरफ्तारी हो सकती हैं। एनकाउंटर के बाद के PHOTOS… जानिए कैसे हुआ एनकाउंटर और शूटर कौन…
एआई से खूबसूरत महिलाएं एडिट कर शातिर रंजीश कुमार गौड़ ने एक हजार से अधिक लोगों की खून पसीने की पूरी कमाई लूट ली। इसी तरह मजदूर एक पत्नी की तलाश में इस गैंग के चक्कर में फंसा और जीवन भर की पूरी कमाई गवां बैठा। मजदूर को शादी का झांसा देकर उसके चार लाख हड़पने वाली राधिका, पूर्वी और प्रीती नाम की युवतियों के खिलाफ साइबर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। 40 साल की उम्र में प्रीती ने किया था पहला फोन बाराबंकी के रामनगर का रहने वाला चंद्रेश दिहाड़ी मजदूर है। उसकी उम्र 40 वर्ष की है। परिवार बसाने के लिए वह पत्नी की तलाश कर रहा था। चंद्रेश ने बताया कि होली के दौरान उसे सबसे पहले प्रीती नाम की लड़की का फोन आया। प्रीती ने उसका प्रोफाइल पूछने के बाद शादी कराने की बात कही। सबसे पहले मैरिज ब्यूरो में रजिस्ट्रेशन के नाम पर उससे तीन हजार रुपये लिए गए। इसके कुछ दिनों बाद प्रीती ने उसे मोबाइल पर एक लड़की की फोटो भेजी, चंद्रेश ने लड़की पसंद कर ली। मैरिज ब्यूरो के नियम के मुताबिक चंद्रेश को फोन नंबर देने से पहले चार हजार रुपये मांगे गए। चंद्रेश ने रकम चुकाने के बाद उसे बताया गया कि रकम ऑनलाइन लेने के लिए उसे क्यूआर कोड भेजा जाता था। रुपये वह अपने साथियों की मदद से भेजता था। झांसे में लेने के लिए युवती की मां से भी कराई बात लड़की को फोन करने के बाद उससे फिर रुपये ले लिए गए। उसने खुद को दिहाड़ी मजदूर बताया तो कहा गया कि तो फिर शादी भूल जाओ, मजबूरी में उसने रुपये दे दिए। फोन पर लड़की ने अपनी मां से भी बात कराई। वह भी शादी के लिए राजी हो गईं। इसके बाद उससे फिर रुपये मांगे गए। शादी के लालच में वह रुपये देता गया। इसी बीच उस लड़की ने कम आय होने की बात कहते हुए शादी से मना कर दिया। उसने प्रीती को फोन किया तो फिर उसे राधिका और पूर्वी नाम की लड़कियों से बात हुई। उन लोगों ने भी रुपये लेने के बाद शादी से इंकार कर दिया और इस तरह मजदूरी करके जोड़ी एक–एक पाई लूट ली। चंद्रेश ने बताया कि 25 मई 2026 को उन्होंने सीएम पोर्टल पर शिकायत की जो डीसीपी हेडक्वार्टर भेजी गई। जांच के बाद 15 जून को उनकी तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई। साइबर थाना प्रभारी सतीश यादव ने बताया कि कॉल सेंटर में काम करने वाली युवतियों ने ही चंद्रेश से छद्म नाम से बात की थी। उन्हें फोटो एआई जेनरेटेड भेजी गई थी। गुरुवार को चंद्रेश को कानपुर बुलाकर उनके बयान लिए गए हैं। चार बैंकों में खुले 7 और खातों की मांगी डिटेल साइबर थाना प्रभारी सतीश यादव ने बताया कि आरोपियों का मनी ट्रेल देखा जा रहा है। एसबीआई, आईसीआईसीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा और आईडीएफसी में खुले 7 खातों की डिटेल मांगी गई है। इसके लिए ईमेल किया गया है। 4 खातों की डिटेल क्राइम ब्रांच को मिल चुकी है जिसमें अब तक 41 लाख का ट्रांजेक्शन मिला है। यह पूरा पैसा खातों से निकाला जा चुका है। अब जानिए क्या था पूरा मामला भिलाई का रहने वाला रंजीश कुमार गौड़ कानपुर के नौबस्ता और किदवई नगर में परफेक्ट रिश्ते, शादी मैच इंडिया और शादी मैचिंग के नाम से मैरिज ब्यूरो चला रहा था। लोगों को फंसाने के लिए उसने कॉल सेंटर खोल रखा था जिसमें 23 युवतियां काम करती थीं। शादी के इच्छुक लोगों को एआई जेनरेटेड युवतियों की फोटो भेजी जाती थी। जिसकी जितनी उम्र उसे उसी के अनुरूप युवती अथवा महिला की फोटो आरोपी भेजता था। कॉल सेंटर में काम करने वाली युवतियां ही बात करती थीं और 5 से 20 हजार तक के गोल्ड, सिल्वर, प्लेटिनम पैकेज देकर फंसाती थी। इसके बाद युवतियां मैरिज काउंसलर, रिलेशनशिप एडवाइजर बनकर युवकों की पारिवारिक और आर्थिक स्थिति की पूरी जानकारी लेती थीं। फिर रजिस्ट्रेशन शुल्क, प्रोफाइल निर्माण शुल्क, मैरिज मैचिंग शुल्क पारिवारिक सहमति शुल्क, सुरक्षा जमाराशि, दस्तावेज सत्यापन शुल्क और अन्य तरीके के शुल्क वसूले जाते थे। अंत में लड़की शादी से इंकार कर देती थी और शादी का इच्छुक व्यक्ति ठगा रह जाता था। पुलिस ने रंजीश को जेल भेज दिया और कॉल सेंटर पर काम करने वाली युवतियों को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है।
शहर के अलग-अलग वार्डों से सामने आ रही जनसमस्याओं के समाधान में दैनिक भास्कर एप का ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट लगातार प्रभावी साबित हो रहा है। इस मंच के जरिए लोग अपनी समस्याएं सीधे जिम्मेदारों तक पहुंचा रहे हैं और कई मामलों में त्वरित कार्रवाई भी देखने को मिल रही है। नगर निगम जोन-14 के स्वच्छता प्रभारी विजय शाक्य बने आज के “स्टार ऑफिसर” भोपाल के वार्ड 56 स्थित श्याम नगर निवासी गोपाल मालवीय ने ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट पर नाली से जुड़ी शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने लिखा था कि अटल चौराहा स्थित कमल आटा चक्की के आगे 50 फीट लंबी नाली कई जगह से टूट गई थी, जिसके कारण गंदा पानी सड़क पर बह रहा था और लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। जैसे ही यह शिकायत ‘भास्कर समाधान’ एप पर पोस्ट हुई, नगर निगम जोन-14 के स्वच्छता प्रभारी विजय शाक्य ने मामले में संज्ञान लिया। उन्होंने संबंधित अमले से समन्वय कर नाली की सफाई और आवश्यक सुधार कार्य करवाए। सीवर लाइन के लिए खोदी सड़क सुधरी, शिकायतकर्ता ने की पुष्टि भोपाल के वार्ड 85 स्थित कौशल नगर निवासी चंद्रदीप सिंह चौहान ने ‘भास्कर समाधान’ पर शिकायत दर्ज कराई थी कि सीवर लाइन डालने के लिए सड़क खोदकर छोड़ दी गई थी। बरसात के कारण सड़क पर कीचड़ हो रहा था, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही थी और कई लोग फिसलकर चोटिल भी हो चुके थे। शिकायत पोस्ट होने के बाद संबंधित विभाग ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की और सड़क की स्थिति में सुधार कराया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने खुद समस्या के समाधान की पुष्टि की। गंदगी, जलभराव, बिजली और सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं से रहवासी परेशान वार्ड 75: बिजली के खंभे पर तारों का जाल, करंट का खतरा भोपाल के वार्ड 75 स्थित आवास विकास कॉलोनी निवासी अविनाश कुमार ने ‘भास्कर समाधान’ पर बिजली व्यवस्था से जुड़ी समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि मेन रोड के खंभे पर तारों का जाल फैला हुआ है। झूलती केबलों में कई बार वाहन उलझ जाते हैं, जिससे बिजली सप्लाई प्रभावित होती है। शिकायतकर्ता का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद न तो बॉक्स लगाया गया है और न ही तारों को व्यवस्थित किया गया है। उन्होंने बरसात में करंट फैलने की आशंका जताते हुए जल्द कार्रवाई की मांग की है। वार्ड 68: जर्जर साइन बोर्ड से हादसे का डर भोपाल के वार्ड 68 स्थित अयोध्या नगर निवासी कृतिका तिवारी ने ‘भास्कर समाधान’ पर सड़क सुरक्षा से जुड़ी समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि अयोध्या नगर चौराहे पर लगा साइन बोर्ड नीचे से पूरी तरह जंग खाकर कमजोर हो गया है और एक तरफ झुक गया है। कृतिका ने लिखा, मानसून के दौरान तेज हवा चलने पर यह कभी भी गिर सकता है, जिससे दुर्घटना होने का खतरा बना हुआ है। उन्होंने जल्द समाधान की मांग की है। वार्ड 33: लगातार बह रहा पानी, हो रही बर्बादी भोपाल के वार्ड 33 स्थित भीम नगर क्षेत्र निवासी हेमंत चौहान ने ‘भास्कर समाधान’ पर जल रिसाव की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में लंबे समय से पाइप लाइन से पानी बह रहा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने पहले भी शिकायत की थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। लगातार पानी बहने से पानी की बर्बादी हो रही है और आसपास के लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वार्ड 6: कचरे के ढेर से रहवासी परेशान भोपाल के वार्ड 6 स्थित ओम शिव नगर निवासी मनीष विश्वकर्मा ने ‘भास्कर समाधान’ पर सफाई व्यवस्था से जुड़ी समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि प्रियंका गैस एजेंसी के सामने रोजाना कचरे का ढेर जमा हो जाता है। शिकायतकर्ता का कहना है कि नियमित सफाई नहीं होने के कारण क्षेत्र में गंदगी फैल रही है। स्थानीय लोगों द्वारा रोकने के बावजूद बाहर से लोग यहां कचरा फेंक रहे हैं। उन्होंने नगर निगम से स्थायी समाधान की मांग की है। पब्लिक को आवाज देने का सबसे बड़ा डिजिटल प्लेटफॉर्म दैनिक भास्कर एप पर भास्कर समाधान सेगमेंट देश का पहला ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी खुद अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू पोस्ट कर सकते हैं। यह पब्लिक को आवाज देने का सबसे बड़ा माध्यम बना है। एप को यूजर्स के लिए भी काफी आसान बनाया गया है और नए फीचर्स जोड़े गए हैं। किसी समस्या का समाधान होने पर यूजर्स बता सकते हैं कि उनकी शिकायत दूर कर दी गई है। अधिकारी बता सकेंगे, क्या एक्शन लिया दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपना एक्शन बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उसके अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है, तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे भी कॉल कर सकेंगे। ‘भास्कर समाधान’ बदलाव के लिए सकारात्मक पहल भास्कर समाधान सेगमेंट बदलाव लाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है। इसके पीछे भास्कर एप की सोच यही है कि शहर के हर कोने से लोगों की समस्याएं प्रशासन तक रियल टाइम पहुंचें, ताकि आमजन और प्रशासन के बीच एक सेतु बन सके। लोग सीधे अपनी बात कह सकें। ऐसे में सरकार और अधिकारियों को चाहिए कि वे इन पोस्ट को सकारात्मक रूप से लें और समाधान का रास्ता चुनें।
शहर के अलग-अलग वार्डों से सामने आ रही जनसमस्याओं के समाधान में दैनिक भास्कर एप का ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट लगातार प्रभावी साबित हो रहा है। इस मंच के जरिए लोग अपनी समस्याएं सीधे जिम्मेदारों तक पहुंचा रहे हैं और कई मामलों में त्वरित कार्रवाई भी देखने को मिल रही है। वार्ड 59 की पार्षद डॉ. रुपाली बनीं आज की “पब्लिक स्टार” इंदौर के वार्ड 59 स्थित मोती तबेला निवासी अभिषेक सक्सेना ने ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट पर जल प्रदाय व्यवस्था से जुड़ी शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि क्षेत्र में नर्मदा वाटर लाइन से पिछले कई वर्षों से केवल 20 से 30 लीटर पानी ही मिल रहा था। साथ ही सार्वजनिक बोरवेल की मोटर भी जल गई थी, जिससे रहवासियों को पानी की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा था। जैसे ही यह शिकायत ‘भास्कर समाधान’ एप पर पोस्ट हुई, वार्ड 59 की पार्षद रुपाली ए. पेंढारकर ने मामले में संज्ञान लिया। उन्होंने संबंधित विभाग से समन्वय कर जल आपूर्ति व्यवस्था में सुधार कराया। गड्ढों वाली सड़क की मरम्मत हुई, शिकायतकर्ता ने की पुष्टि इंदौर के वार्ड 83 स्थित सुदामा नगर निवासी गौरव जैन ने ‘भास्कर समाधान’ पर शिकायत दर्ज कराई थी कि महावीर गेट की मुख्य सड़क पर लंबे समय से गड्ढे हो रहे थे। बरसात में इनमें पानी भरने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती थी। शिकायतकर्ता ने बताया था कि 311 पर शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। शिकायत ‘भास्कर समाधान’ पोस्ट होने के बाद संबंधित विभाग ने मौके पर पहुंचकर सड़क की मरम्मत करवाई और पैचवर्क कराया। जिसकी पुष्टी खुद शिकायतकर्ता ने की। गंदगी, जर्जर डीपी, बंद स्ट्रीट लाइट और गंदे पानी से इंदौर के रहवासी परेशान छोटी ग्वालटोली: सुलभ शौचालय का चेंबर ओवरफ्लो इंदौर के वार्ड 55 क्षेत्र निवासी विनय मिश्रा ने ‘भास्कर समाधान’ पर स्वच्छता और ड्रेनेज से जुड़ी समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि रेलवे स्टेशन के सामने स्थित सुलभ शौचालय का चेंबर पिछले आठ दिनों से ओवरफ्लो हो रहा है। इसके कारण गंदा पानी सड़क पर बह रहा है और आसपास गंदगी फैल रही है। शिकायतकर्ता का कहना है कि बाहर से आने वाले लोगों के सामने शहर की छवि खराब हो रही है। उन्होंने जल्द समस्या के निराकरण की मांग की है। वार्ड 74: खाली प्लॉट के पास जमा कचरे से परेशानी इंदौर के वार्ड 74 निवासी गुरनीत कौर ने ‘भास्कर समाधान’ पर सफाई व्यवस्था से जुड़ी समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि घर के पास गिट्टी पड़ी होने के कारण लोगों ने वहां कचरा फेंकना शुरू कर दिया है। अब वहां कचरे का ढेर लग गया है, जिससे गंदगी फैल रही है। उन्होंने नगर निगम से जल्द सफाई कराने की मांग की है। बिजलपुर: जर्जर डीपी से हादसे का खतरा इंदौर के वार्ड 79 स्थित बिजलपुर निवासी हेमंत कुमार पाठक ने ‘भास्कर समाधान’ पर बिजली व्यवस्था से जुड़ी समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि गली में लगी डीपी पूरी तरह जर्जर हो चुकी है और काफी झुक गई है। बरसात के दौरान इसके गिरने का खतरा बना हुआ है, जिससे आसपास के बिजली उपकरणों को नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने जल्द कार्रवाई की मांग की है। सुखलिया: 20 दिनों से बंद स्ट्रीट लाइट, अंधेरे में रहवासी इंदौर के वार्ड 33 स्थित सुखलिया निवासी इंदु पंवार ने ‘भास्कर समाधान’ पर स्ट्रीट लाइट से जुड़ी समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र की स्ट्रीट लाइट पिछले 20 दिनों से बंद पड़ी है। शिकायतकर्ता का कहना है कि रात के समय अंधेरा रहने से लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। उन्होंने संबंधित विभाग से जल्द कार्रवाई की मांग की है। पब्लिक को आवाज देने का सबसे बड़ा डिजिटल प्लेटफॉर्म दैनिक भास्कर एप पर भास्कर समाधान सेगमेंट देश का पहला ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी खुद अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू पोस्ट कर सकते हैं। यह पब्लिक को आवाज देने का सबसे बड़ा माध्यम बना है। एप को यूजर्स के लिए भी काफी आसान बनाया गया है और नए फीचर्स जोड़े गए हैं। किसी समस्या का समाधान होने पर यूजर्स बता सकते हैं कि उनकी शिकायत दूर कर दी गई है। अधिकारी बता सकेंगे, क्या एक्शन लिया दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपना एक्शन बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उसके अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है, तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे भी कॉल कर सकेंगे। ‘भास्कर समाधान’ बदलाव के लिए सकारात्मक पहल भास्कर समाधान सेगमेंट बदलाव लाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है। इसके पीछे भास्कर एप की सोच यही है कि शहर के हर कोने से लोगों की समस्याएं प्रशासन तक रियल टाइम पहुंचें, ताकि आमजन और प्रशासन के बीच एक सेतु बन सके। लोग सीधे अपनी बात कह सकें। ऐसे में सरकार और अधिकारियों को चाहिए कि वे इन पोस्ट को सकारात्मक रूप से लें और समाधान का रास्ता चुनें।
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) ने कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) ग्रुप-डी भर्ती-2026 के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दी है। जिसके लिए अब युवाओं से सुझाव मांगे गए हैं, ताकि उनके सुझावों को लेकर आवश्यक फैसले लिए जा सके। HSSC चेयरमैन हिम्मत सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालते हुए लिखा कि “CET Group D के नोटिफिकेशन को लेकर यदि किसी का कोई सुझाव/प्रश्न है तो वह दिए गूगल फॉर्म के माध्यम से हमें भेज सकता है। सुझावों पर आयोग विचार करेगा।” बता दें कि इससे पहले भी HSSC चेयरमैन हिम्मत सिंह विभिन्न विषयों को लेकर सुझाव मांगे हैं। युवाओं के सुझावों को ध्यान में र खते हुए फैसले लिए गए हैं। ताकि युवाओं की सुविधा के अनुसार निर्णय लिए जाए। इसलिए अब फिर से गूगल फार्म के माध्यम से युवाओं से नोटिफिकेशन को लेकर सुझाव व प्रश्न मांगे गए हैं। 3 जुलाई तक कर सकते हैं आवेदनHSSC ने CET ग्रुप-डी भर्ती-2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 19 जून से शुरू होगी, जबकि अभ्यर्थी 3 जुलाई रात 11:59 बजे तक आवेदन कर सकेंगे। आवेदन शुल्क जमा कराने की अंतिम तिथि 6 जुलाई निर्धारित की गई है। आयोग ने अभ्यर्थियों को आवेदन पत्र में त्रुटि सुधार का भी अवसर दिया है। उम्मीदवार 7 जुलाई से 9 जुलाई तक अपने आवेदन में संशोधन कर सकेंगे। परीक्षा और एडमिट कार्ड जारी करने की तिथि बाद में अलग से घोषित की जाएगी।
सहारनपुर में एक सेवानिवृत्त कर्मचारी से 9.50 लाख रुपये उधार लेकर वापस न करने और रकम हड़पने के आरोप में सीजेएम कोर्ट के आदेश पर थाना सदर बाजार में मुकदमा दर्ज किया गया है। पीड़ित ने धोखाधड़ी, धमकी और विश्वासघात के आरोप लगाए गए हैं। नंद विहार सुनहैरा निवासी 62 वर्षीय संतराम ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उसकी आरोपी कुशलपाल निवासी हिम्मतनगर, थाना कोतवाली देहात से वर्षों पुरानी जान-पहचान थी। दोनों के बीच पारिवारिक संबंध जैसे विश्वास होने के कारण आरोपी समय-समय पर जरूरत बताकर उससे रुपये उधार लेता रहा और पहले रकम वापस भी करता रहा। शिकायत के अनुसार, इसी विश्वास के चलते आरोपी ने नवंबर 2024 से जनवरी 2025 के बीच विभिन्न तिथियों में चेक और नकद के माध्यम से कुल 9 लाख 50 हजार रुपये प्राप्त किए। बाद में जब संतराम ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी लगातार टालमटोल करता रहा और तीन माह में रकम लौटाने का आश्वासन देता रहा। प्रार्थना पत्र में कहा गया कि 6 अक्टूबर 2025 को पुलिस चौकी में दोनों पक्षों के बीच एक लिखित समझौता हुआ था। समझौते के तहत आरोपी ने 9.50 लाख रुपये का एक चेक भी दिया और 15 जनवरी 2026 तक पूरी रकम लौटाने का वादा किया था। आरोप है कि आरोपी ने न तो तय समय पर रकम लौटाई और न ही समझौते का पालन किया। शिकायतकर्ता का कहना है कि आरोपी की बातों में आकर उसने चेक भी बैंक में प्रस्तुत नहीं किया और बाद में उसकी वैधता अवधि समाप्त हो गई। संतराम का आरोप है कि जब भी उसने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी गाली-गलौज करने लगा और जान से मारने की धमकी देने लगा। पीड़ित ने मामले की शिकायत एक मई 2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से भी की थी तथा आरोपी को रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से नोटिस भेजा था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद पीड़ित ने सीजेएम न्यायालय की शरण ली। न्यायालय द्वारा मामले को संज्ञान में लेते हुए थाना सदर बाजार पुलिस को मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने के आदेश दिए। आदेश के अनुपालन में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि न्यायालय के आदेश के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और उपलब्ध साक्ष्यों व दस्तावेजों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने को ‘छात्रों की गूंज’ नाम से देशव्यापी हस्ताक्षर अभियान शुरू किया। उन्होंने गुरुवार को कहा कि यह अभियान पेपर लीक, परीक्षा में गड़बड़ियां, महंगी शिक्षा और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को सरकार तक पहुंचाने का मंच बनेगा। राहुल ने छात्रों से अभियान से जुड़ने, अपने सुझाव देने और याचिका पर हस्ताक्षर करने की अपील की। राहुल गांधी ने X पोस्ट में अभियान का लिंक शेयर किया। लिखा कि जिन छात्रों के सपने पेपर लीक, परीक्षा संबंधी समस्याओं या बढ़ती फीस की वजह से प्रभावित हुए हैं, उनके लिए यह अभियान एक आवाज बनेगा। उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा छात्र इसमें शामिल होंगे तो उनकी मांगें उतनी ही मजबूती से सरकार तक पहुंचेंगी। राहुल गांधी ने वीडियो मैसेज में कहा- कोटा में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को देशभर के छात्रों का जबरदस्त समर्थन मिला। लाखों युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था पर उनकी प्रेजेंटेशन देखी और अपने विचार साझा किए। शिक्षा का बढ़ता खर्च सबसे बड़ी चिंता राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षा का लगातार बढ़ता खर्च देश के लाखों परिवारों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। लाखों परिवार अपने बच्चों को NEET जैसी परीक्षाओं की तैयारी कराने में भारी रकम खर्च कर रहे हैं। यह स्थिति चिंता का विषय है और इस पर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा, रोजगार और परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दे किसी एक राजनीतिक दल के नहीं, बल्कि पूरे देश के मुद्दे हैं। इसलिए छात्रों को खुलकर अपने अनुभव और सुझाव सामने रखने चाहिए। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने दावा किया कि हर साल NEET परीक्षा देने वाले 22 लाख छात्र और उनके परिवार से सिस्टम के जरिए ₹1.32 लाख करोड़ खर्च कराए जाते हैं। यह रकम देश के पूरे शिक्षा बजट ₹1.40 लाख करोड़ के लगभग बराबर है। प्रियंका गांधी ने बुधवार रात X पोस्ट में ये भी लिखा- मैं एक बात और जोड़ना चाहती हूं कि भारत सरकार ने अपने पसंदीदा कारोबारियों के जो लोन माफ किए, वे 16 लाख करोड़ रुपए हैं। प्रियंका की यह टिप्पणी राहुल गांधी के कोटा दौरे के बाद आई। राहुल ने बुधवार को ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के तहत छात्रों से बातचीत में शिक्षा व्यवस्था में बढ़ते दबावों पर चर्चा की थी। राहुल ने कहा- भारत की पांच बड़ी परीक्षाओं- NEET, JEE, SSC, UPSC और RRB की तैयारी में छात्र और उनके परिवार हर साल ₹3.5 लाख करोड़ खर्च करते हैं। 17 जून: कोटा में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम हुआ राहुल गांधी ने 17 जून को कोटा के दशहरा मैदान में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में सैकड़ों छात्रों से चर्चा की थी। उन्होंने कहा था कि हिंदुस्तान का एजुकेशन सिस्टम अपने बच्चों को प्रेशराइज करता है। यह उन्हें स्ट्रेस (तनाव) देता है। मैं चाहता हूं कि हम सब मिलकर इसके खिलाफ लड़ाई लड़ें, ताकि आगे से किसी भी बच्चे को ऐसा (आत्महत्या जैसा) आत्मघाती कदम न उठाना पड़े। राहुल गांधी ने कहा कि पांच प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में आपके परिवारों की जेब से उतना पैसा छीन लिया जाता है, जितना पांच मंत्रालयों का बजट है। NEET, JEE सहित 5 परीक्षाओं की तैयारी पर परिवारों की जेब से 5 लाख करोड़ चले जाते हैं। पूरी खबर पढ़ें… 18 जून: प्रियंका का आरोप- NEET स्टूडेंट्स से ₹1.32 लाख करोड़ वसूले कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने दावा किया कि हर साल NEET परीक्षा देने वाले 22 लाख छात्र और उनके परिवार से सिस्टम के जरिए ₹1.32 लाख करोड़ खर्च कराए जाते हैं। यह रकम देश के पूरे शिक्षा बजट ₹1.40 लाख करोड़ के लगभग बराबर है। प्रियंका गांधी ने X पोस्ट में ये भी लिखा- मैं एक बात और जोड़ना चाहती हूं कि भारत सरकार ने अपने पसंदीदा कारोबारियों के जो लोन माफ किए, वे 16 लाख करोड़ रुपए हैं। 21 जून को होगा री-एग्जाम NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी। री-एग्जाम एक ही शिफ्ट में दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित होगा। प्रशासनिक प्रक्रियाओं के लिए छात्रों को अतिरिक्त 15 मिनट का समय भी दिया जाएगा। NTA के मुताबिक, दोबारा होने वाली इस परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के शामिल होने की उम्मीद है। 12 जून: रीएग्जाम 3:15 घंटे का होगा, 4 रफ वर्क शीट मिलेंगी NTA ने NEET-UG रीएग्जाम में कुछ बदलाव किए हैं। 12 जून को जारी नई गाइडलाइंस के मुताबिक, परीक्षा का समय अब 180 मिनट से बढ़ाकर 195 मिनट कर दिया गया है। इसके अलावा आंसर शीट में रफ वर्क के लिए भी जगह बढ़ाई गई है। पेपर लीक के कारण 3 मई को हुई परीक्षा रद्द हुई 3 मई 2026 को NEET-UG परीक्षा देशभर में आयोजित की गई थी। परीक्षा के बाद कई राज्यों से प्रश्नपत्र लीक होने और कुछ अभ्यर्थियों को पहले से पेपर मिलने के आरोप सामने आए। जांच में गड़बड़ियों के संकेत मिलने पर NTA ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी। इसके बाद केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों की समीक्षा के आधार पर दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया। NEET से 1 लाख से ज्यादा मेडिकल कॉलेज में एडमिशन नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) भारत में मेडिकल और डेंटल कोर्सेज में एडमिशन के लिए होने वाली राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा है। इसकी शुरुआत 2013 में हुई थी। इस परीक्षा के माध्यम से देश के सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS, आयुष (BAMS, BHMS) और नर्सिंग जैसे कोर्सेज में एडमिशन मिलता है, जिसमें AIIMS और JIPMER जैसे प्रतिष्ठित संस्थान भी शामिल हैं। ……………… यह खबर भी पढ़ें… टेलीग्राम बैन पर दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब: CEO बोले- पेपर लीक करने वालों की जगह भारत के 15 करोड़ यूजर्स को सजा मिली दिल्ली हाईकोर्ट ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम की उस याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है, जिसमें NEET 2026 री-एग्जाम से पहले प्लेटफॉर्म पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को चुनौती दी गई है। हालांकि अदालत ने फिलहाल टेलीग्राम को कोई अंतरिम राहत नहीं दी है। जस्टिस तेजस करिया की पीठ ने केंद्र सरकार को गुरुवार तक जवाब दाखिल करने की अनुमति दी और मामले की अगली सुनवाई दोपहर 2:30 बजे तय की है। पूरी खबर पढ़ें…
शहर में अवैध रूप से संचालित हुक्का बारों के खिलाफ पुलिस ने लगातार दूसरे दिन कार्रवाई करते हुए दो प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की। पुलिस ने दुर्गापुरा स्थित मर्करी कैफे हुक्का बार और जवाहर सर्किल क्षेत्र के 3डी रेस्टोरेंट एंड बार में कार्रवाई कर हुक्के, फ्लेवर, पाइप और अन्य सामग्री जब्त की है। दोनों मामलों में बार मैनेजरों के खिलाफ कोटपा अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। डीसीपी ईस्ट रंजीता शर्मा ने बताया कि बजाज नगर थाना पुलिस ने दुर्गापुरा स्थित एसएल मार्ग पर संचालित मर्करी कैफे हुक्का बार पर दबिश दी। यहां से पुलिस ने 3 हुक्के, 3 फ्लेवर से भरी चिलमें, 6 पाइप, एक चिमटा और अन्य सामग्री जब्त की। मौके पर हुक्का पी रहे युवक-युवतियों के चालान भी काटे गए। पुलिस ने कैफे मैनेजर विनय अधिकारी (36) के खिलाफ कोटपा अधिनियम की धारा 4A/21A के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया। मामले की जांच जारी है। वहीं जवाहर सर्किल थाना पुलिस ने जेएलएन मार्ग स्थित यूडीबी बिल्डिंग में संचालित 3डी रेस्टोरेंट एंड बार में छापा मारा। पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राहकों को खाने-पीने की सामग्री के साथ तंबाकूयुक्त फ्लेवर का हुक्का परोसा जा रहा है। जांच के दौरान रेस्टोरेंट में 7 हुक्के, 7 चिलमें, 7 पाइप तथा विभिन्न प्रकार के तंबाकूयुक्त फ्लेवर मिले। मैनेजर जितेंद्र सिंह से लाइसेंस मांगा गया, लेकिन वह कोई वैध अनुमति प्रस्तुत नहीं कर सका। इस पर पुलिस ने पूरा सामान जब्त कर मैनेजर को गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान हुक्का पीते मिले 6 युवकों के खिलाफ भी कोटपा अधिनियम के तहत चालान किए गए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि थाना क्षेत्र में कैफे, बार और रेस्टोरेंट में अवैध हुक्का बार संचालन पर रोक लगाने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है और आगे भी अभियान जारी रहेगा। दोनों कार्रवाई में कुल 10 हुक्के, 10 चिलमें, 13 पाइप, तंबाकूयुक्त फ्लेवर और अन्य उपकरण जब्त किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि शहर में अवैध हुक्का बारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
लखनऊ में गरीबों के आवास पर नोटिस-चस्प:अफसर-कर्मचारी रडार पर, शासन ने बैठाई जांच: हो सकता है एक्शन
लखनऊ के डालीबाग स्थित सरदार पटेल योजना में अवैध निर्माण को लेकर शुरू हुआ विवाद अब नया मोड़ ले चुका है। सूत्रों के मुताबिक अवैध निर्माण पर नोटिस चस्पा करने वाले सिंचाई विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है। शासन ने पूरे मामले की जांच रिपोर्ट तलब कर ली है और शुक्रवार को जिम्मेदारों पर एक्शन लिए जाने की संभावना है। जानकारी के अनुसार शासन यह पता लगाने में जुटा है कि जिस क्षेत्र में वर्षों से निर्माण होते रहे, वहां समय रहते विभाग ने प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की। जांच रिपोर्ट के आधार पर लापरवाही तय होने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। स्थानीय भाजपा नेता पर लोगों को भड़काने का आरोप उधर, कार्रवाई करने पहुंची सिंचाई विभाग की टीम ने खुद को भाजपा का स्थानीय नेता बताने वाले बीवी सिंह पर माहौल खराब करने का आरोप लगाया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बीवी सिंह ने स्वयं भी अवैध निर्माण कर रखा है और विभाग की कार्रवाई के खिलाफ क्षेत्र के लोगों को उकसाने का काम कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि इस संबंध में विभाग ने उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी है। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस स्तर पर भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। माना जा रहा है कि जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं। डालीबाग में अवैध निर्माण और कब्जों को लेकर शुरू हुई कार्रवाई फिलहाल प्रशासन, सिंचाई विभाग और स्थानीय लोगों के बीच बड़ा विवाद बन गई है। अब सभी की नजर शासन की जांच रिपोर्ट और संभावित कार्रवाई पर टिकी है।
QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 जारी हो गई है। इस रैंकिंग द्वारा जारी टॉप 100 यूनिवर्सिटी की रैंकिंग में एक भी भारत का संस्थान शामिल नहीं हो सका है। वहीं टॉप 200 की लिस्ट में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) दिल्ली ने एक बार फिर भारत के सबसे अच्छे एजुकेशन और रिसर्च संस्थान के तौर पर अपनी जगह बनाई है। बात आईआईटी बीएचयू की करें तो 56 स्थानों का सुधार करते हुए संस्था ने 510वां रैक पाया है। जो 2026 के लिस्ट में 566 रैंक पर रहा। भारत में आईआईटी बीएचयू 12वें स्थान पर राष्ट्रीय स्तर पर भी IIT (BHU) ने अपनी स्थिति मजबूत करते हुए भारतीय संस्थानों में 14वें स्थान से आगे बढ़कर 12वां स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि देश के उच्च शिक्षा परिदृश्य में संस्थान की बढ़ती प्रतिष्ठा और उत्कृष्टता को दर्शाती है। संस्थान का कुल स्कोर 29.3 से बढ़कर 32.1 हो गया है, जो विभिन्न प्रदर्शन संकेतकों में हुई उल्लेखनीय प्रगति का परिणाम है। QS विश्व रैंकिंग में IIT (BHU) की यात्रा निरंतर प्रगति को दर्शाती है। संस्थान ने पहली बार QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2023 में 651–700 बैंड में स्थान प्राप्त किया था और अब QS 2027 में 510वीं रैंक तक पहुंच गया है। ऐसे हुआ रैंकिंग का आकलन QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 का मूल्यांकन एकेडमिक रेपुटेशन (30%), सिटेशन्स प्रति फैकल्टी (30%), एम्प्लॉयर रेपुटेशन (20%), एम्प्लॉयमेंट आउटकम्स (15%), फैकल्टी-स्टूडेंट अनुपात (15%), इंटरनेशनल फैकल्टी नेटवर्क (5%), इंटरनेशनल रिसर्च नेटवर्क (5%), इंटरनेशनल स्टूडेंट्स रेशियो (5%) तथा सस्टेनेबिलिटी (5%) जैसे मानकों के आधार पर किया जाता है। भारत के विश्वविद्यालयों की बढ़ रही पहचान रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय विश्वविद्यालयों ने अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन उन्हें दुनिया भर के छात्रों और शिक्षकों को आकर्षित करने के लिए अभी और काम करना होगा। साथ ही, वैश्विक स्तर पर अपनी शैक्षणिक प्रतिष्ठा को और मजबूत बनाने की भी जरूरत है। QS की सीईओ जेसिका टर्नर ने कहा कि भारत के विश्वविद्यालय देश के भविष्य को बेहतर बनाने में बड़ी भूमिका निभाएंगे। उनके अनुसार, ये संस्थान केवल पढ़ाई ही नहीं करा रहे हैं, बल्कि नए विचारों, शोध और तकनीक को भी बढ़ावा दे रहे हैं। इससे देश की अर्थव्यवस्था और विकास को मजबूती मिलेगी।
यमुनानगर के साढ़ौरा-मुलाना रोड पर वीरवार रात गांव कनीपला के पास तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से बाइक सवार एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक ट्रक के नीचे जा घुसी और युवक को संभलने का मौका तक नहीं मिला। मृतक की पहचान गांव सरदेहड़ी निवासी 28 वर्षीय गुरमीत के रूप में हुई है, जोकि दो बच्चों का पिता था। हादसे के बाद सड़क पर अफरा-तफरी मच गई और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल जगाधरी की मोर्चरी में रखवा दिया है। काम खत्म करके घर लौट रहे थे जानकारी के अनुसार गांव सरदेहड़ी निवासी गुरमीत और उसका साथी प्रवीन बाइक पर सवार होकर काम खत्म करने के बाद घर लौट रहे थे। जब वे गांव कनीपला के पास पहुंचे तो उनकी बाइक आगे चल रहे ट्रक की चपेट में आ गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक अनियंत्रित होकर ट्रक के नीचे जा घुसी। हादसे में गुरमीत के सिर पर गंभीर चौट आई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि प्रवीन गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। सूचना मिलते ही साढ़ौरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद ट्रक के नीचे से निकाली बाइक राहगीरों और पुलिस कर्मियों की मदद से ट्रक के नीचे फंसी बाइक को काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। घायल प्रवीन को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र साढ़ौरा भेजा गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने मृतक गुरमीत के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जगाधरी स्थित पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया है। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं गुरमीत के शव का आज शुक्रवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
गोरखपुर में पार्क हॉस्पिटल के दो डॉक्टरों के साथ करोड़ो रुपए की हेराफेरी का मामला सामने आया है। आरोप है कि दवा कंपनी मेडरेव हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड के संचालकों ने हॉस्पिटल के रिकॉर्ड और डेटा में हेराफेरी कर प्रॉफिट छुपाया और उनके हिस्से की रकम को हड़पने की कोशिश की। पुलिस को दी गई तहरीर में पीड़ित ने बताया कि हॉस्पिटल के अंदर आरोपी कंपनी का ओपीडी और आईपीडी फॉर्मेसी चलने का रिटेन अग्रीमेंट हुआ था। जिसके तहत लाभ का 75 परसेंट डॉक्टरों को मिलना था। लेकिन बिक्री और प्रॉफिट में भारी अंतर दिखा कर गड़बड़ी की गई। इस मामले में कोर्ट के आदेश के बाद कैंट थाने की पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानिए पूरा मामला…पार्क हॉस्पिटल के सह-स्वामी डॉ. ओंकार नाथ राय ने पुलिस को बताया कि उनका और डॉ. धर्मेन्द्र कुमार राय का मेडरेव हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड के साथ लिखित समझौता था। समझौते के तहत हॉस्पिटल के अंदर कंपनी की ओपीडी और आईपीडी फार्मेसी चलती थी। फार्मेसी के लाभ में 75 प्रतिशत हिस्सा डॉक्टरों और 25 प्रतिशत हिस्सा कंपनी को मिलना तय था। आरोप है कि कंपनी के रिकॉर्ड और सॉफ्टवेयर डाटा चेकिंग के दौरान मार्च 2019 से अक्टूबर 2024 तक के बिक्री और लाभ संबंधी आंकड़ों में भारी अंतर पाया गया। 1.65 करोड़ रुपए का अंतर मिला उनका कहना है कि सॉफ्टवेयर रिपोर्ट और कंपनी की ओर से हॉस्पिटल को उपलब्ध कराई गई रिपोर्ट के बीच कुल 1.65 करोड़ रुपये से अधिक के लाभ का अंतर सामने आया है। आरोप है कि इस राशि में डॉक्टरों का 75 प्रतिशत हिस्सा, करीब 1.24 करोड़ रुपये, जानबूझकर डाटा में कूटरचना कर हड़प लिया गया। उनका कहना है कि वर्ष 2015 से दोनों पक्षों के बीच व्यावसायिक संबंध रहे हैं और संभव है कि पहले भी इसी तरह की अनियमितताएं की गई होंगी। डॉक्टर ने बताया कि उन्होंने मामले की शिकायत थाना कैंट और एसएसपी से की, लेकिन अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। कोर्ट के आदेश पर कैंट थाने की पुलिस ने FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
करनाल के घरौंडा में 17 से 23 मई तक नई अनाज मंडी में हुई शिव महापुराण कथा के एक महीने बाद अब आयोजन के आय-व्यय को लेकर विवाद सामने आ गया है। नगरखेड़ा सभा ने मंडी की मैनेजमेंट कमेटी के हिसाब पर सवाल उठाते हुए असंतोष जताया है। सभा का कहना है कि उन्होंने अपने स्तर पर एक-एक पैसे का हिसाब सार्वजनिक कर दिया है, लेकिन मंडी की ओर से दिया गया लेखा-जोखा स्पष्ट नहीं है, जिससे समाज में भी नाराजगी है। विवादों के बीच शुरू हुई थी कथा, अब हिसाब पर सवालघरौंडा की नई अनाज मंडी में 17 से 23 मई तक शिव महापुराण कथा का आयोजन हुआ था। कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा थे। आयोजन की शुरुआत में ही वीआईपी पास बेचने के मामले को लेकर विवाद खड़ा हो गया था और कथा रद्द होने की नौबत तक आ गई थी। इसके बाद कथा से दो-तीन दिन पहले नगरखेड़ा मंदिर में समाज के लोगों की बैठक हुई, जिसमें कथा को हर हाल में पूरा कराने का संकल्प लिया गया। इसी प्रयास के चलते कथा शांतिपूर्वक संपन्न हुई। नगरखेड़ा सभा ने प्रैसवार्ता में दिया पूरा हिसाबघरौंडा नगरखेड़ा सभा के पदाधिकारी वीर सिंह, श्रीपाल, जोगिंदर पप्पू, जवाहर सिंह और अमित राणा सहित अन्य ने प्रैसवार्ता कर कथा के आय-व्यय का पूरा ब्यौरा दिया। उन्होंने बताया कि नगरखेड़ा सभा की अगुवाई में आयोजन शुरू हुआ था और बाद में एक मैनेजमेंट कमेटी बनाई गई, जिसमें मंडी प्रधान भी शामिल थे। सभा के अनुसार समाज के सहयोग से कुल 89 लाख 41 हजार 328 रुपए एकत्रित हुए थे। इसमें से 61 लाख 1 हजार रुपए की राशि कथा की मैनेजमेंट टीम को नगरखेड़ा मंदिर में ही सौंप दी गई थी। पंडित प्रदीप मिश्रा को दी गई राशि का भी खुलासासभा पदाधिकारियों ने बताया कि कथा वाचन के लिए पंडित प्रदीप मिश्रा को 15 लाख रुपए और 9 लाख रुपए की राशि दी गई। इसके अलावा 6 लाख रुपए टेंट के भुगतान के लिए मैनेजमेंट कमेटी के राजिंद्र जैन को दिए गए। एक लाख एक हजार रुपए बिल्ले लाला जी को भी दिए गए। ऑनलाइन और ऑफलाइन राशि का पूरा ब्योरासभा के अनुसार कुल राशि में से खर्च के बाद 28 लाख 40 हजार 328 रुपए शेष बचे थे। दादा खेड़ा के नाम से जारी स्कैनर पर 17 लाख 9900 रुपए ऑनलाइन प्राप्त हुए। इस राशि को घटाने के बाद 11 लाख 30 हजार 728 रुपए शेष रहे। इसके बाद राणा रिसॉर्ट में बाउंसरों के ठहरने, डीजल और भोजन पर 84 हजार 700 रुपए खर्च किए गए। इसके बाद बची राशि 10 लाख 45 हजार 686 रुपए रह गई। भंडारे के खर्च के बाद बचे 8.81 लाख रुपएनगरखेड़ा मंदिर में कथा समापन पर आयोजित भंडारे में 1 लाख 63 हजार 688 रुपए खर्च हुए। इसके बाद 8 लाख 81 हजार 998 रुपए शेष बचे, जो नगरखेड़ा सभा के प्रधान को सौंप दिए गए। मंडी कमेटी के हिसाब पर जताई नाराजगीसभा पदाधिकारियों ने बताया कि कथा समाप्ति के बाद मंडी प्रधान जयभगवान गोयल ने आश्वासन दिया था कि सभी काम पूरे होने के बाद बैठकर हिसाब किया जाएगा। बाद में मंडी की ओर से हिसाब दिया गया, लेकिन वह उनकी समझ में नहीं आया। उन्होंने आरोप लगाया कि टेंट के भुगतान के समय कमेटी के सदस्यों को नहीं बुलाया गया। किसे कितना भुगतान हुआ, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। इस पूरे मामले में पारदर्शिता की कमी है और इसका जवाब मंडी प्रधान जयभगवान गोयल को देना चाहिए। टेंट के सामान के गुम होने पर भी उठे सवालवीर सिंह ने बताया कि अब यह बात भी सामने आई है कि टेंट वाले का करीब साढ़े 7 लाख रुपए का सामान गायब हो गया है और इसके लिए भी भुगतान किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि सामान गुम हुआ है तो इसकी जिम्मेदारी टेंट वाले की होनी चाहिए, न कि आयोजकों की। उन्होंने यह भी बताया कि करीब 4 से 5 हजार प्लेटें भी गायब हुई हैं। टेंट वाले ने कुल सवा करोड़ रुपए लिए हैं, ऐसे में अपने सामान की सुरक्षा उसकी जिम्मेदारी बनती है। भंडारे के सामान को लेकर भी उठे सवालसभा पदाधिकारियों ने कहा कि भंडारे के दौरान बचा हुआ सामान कहां गया, इसकी जानकारी उन्हें नहीं दी गई। यह भी एक बड़ा सवाल है, जिस पर स्पष्ट जवाब आना चाहिए। मंडी के स्कैनर पर आए पैसों की डिटेलसभा के अनुसार मंडी की ओर से एक स्कैनर की जानकारी दी गई, जिसमें 2 लाख 94 हजार 723 रुपए आने की बात कही गई है। इसके अलावा कोई अन्य विवरण नहीं दिया गया। यह स्कैनर मंडी प्रधान के छोटे भाई के नाम पर बताया गया है। मैनेजमेंट टीम में नगरखेड़ा सभा को नहीं मिली जगहसभा पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि आयोजन के दौरान दो अलग-अलग टीमें बन गई थीं। इसके बावजूद नगरखेड़ा सभा के किसी भी सदस्य को मंडी की मैनेजमेंट टीम में शामिल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि जब भंडारे का सामान उठाया गया, तब भी सभा के किसी सदस्य को शामिल नहीं किया गया। इससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं। समाज भी हिसाब से असंतुष्ट, कमेटी से मांगा जवाबनगरखेड़ा सभा ने बताया कि मंडी की ओर से दिया गया हिसाब समाज के सामने रखा गया, लेकिन समाज के लोग इससे संतुष्ट नहीं हैं। हिसाब में कई खामियां सामने आई हैं। सभा ने मांग की है कि मंडी की आयोजन कमेटी सामने आकर सभी सवालों का स्पष्ट जवाब दे और पूरा हिसाब पारदर्शी तरीके से प्रस्तुत करे, ताकि समाज में फैली असमंजस की स्थिति खत्म हो सके।
गोरखपुर में शिक्षक कृष्णमोहन सिंह सुसाइड केस में नामजद BSA शालिनी श्रीवास्तव को जेल भेज दिया गया। महिला बैरक में पहुंचने के बाद वह पूरी तरह खामोश नजर आई। चुपचाप किनारे जाकर बैठ गई। पुलिस के मुताबिक अन्य बंदियों ने उससे बातचीत करने की कोशिश भी की लेकिन शालिनी ने किसी से बात नहीं किया। हालांकि खाना मिलने के कुछ देर बाद खा लिया था। जेल प्रशासन उसकी हर हकरत पर खास नजर बनाए हुए है। वह चार महीने से फरार चल रही थी। उस पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित था। गुलरिहा पुलिस ने मंगलवार को उसे दिल्ली से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर लिया था। इस मामले लिपिक अभी भी फरार है। जिसकी तलाश की जा रही है। जानिए पूरा मामला…शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह सुसाइड केस में आरोपी देवरिया BSA शालिनी श्रीवास्तव पिछले 4 महीने से फरार चल रह रही थी। उस पर मृतक कृष्ण मोहन और अन्य 2 शिक्षकों से रिश्वत लेने, उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगा है। पुलिस को दी गई तहरीर में कृष्ण मोहन की पत्नी ने बताया कि BSA शालिनी और लिपिक संजीव सिंह ने 16- 16 लाख रुपए लेने के बाद और रुपयों का डिमांड कर रहे थे। मना करने पर तीनों शिक्षकों को ऑफिस बुलाकर बेज्जती की। चार पन्नों की सुसाइड नोट में दो नाम का जिक्र किया कृष्ण मोहन यह अपमान बर्दाश्त नहीं कर सका और घर आकर 21 फरवरी की रात चार पन्नों का सुसाइड नोट और एक वीडियो जारी कर सुसाइड कर लिया। पुलिस के अनुसार उस नोट में कृष्ण मोहन ने BSA और लिपिक के नामों का वर्णन किया था। FIR दर्ज होने के बाद से ही पुलिस दोनों नामजद आरोपियों की तलाश कर रही थी। लगभग 4 महीने बाद BSA शालिनी को मंगलवार को गुलरिहा पुलिस ने दिल्ली से अरेस्ट कर लिया। सर्विलांस टीम की मदद से उसकी लोकेशन मिली। हालांकि लिपिक अभी भी फरार है। ट्रांजिट रिमांड पर भेजी गई पुलिस ने शालिनी को बुधवार की सुबह ट्रांजिट रिमांड पर लिया। फिर कोर्ट में पेश कर जिला जेल में बंद कर दिया। जेल सूत्रों के अनुसार महिला बैरक में पहुंचने के बाद शालिनी काफी तनाव में दिखी। देर रात तक वह चुपचाप बैठी रहीं और किसी से बातचीत नहीं की। अन्य बंदियों ने बातचीत का प्रयास भी किया, लेकिन उन्होंने कोई विशेष प्रतिक्रिया नहीं दी। जेल मैनुअल के अनुसार उनकी प्रवेश संबंधी सभी औपचारिकताएं पूरी की गई। जेल में मिलने पहुंचे पति और देवर, भावुक हुए गुरुवार को शालिनी श्रीवास्तव के पति सौरभ कुमार सिन्हा और देवर जिला कारागार पहुंचे। निर्धारित प्रक्रिया के तहत दोनों ने उनसे मुलाकात की। मुलाकात के दौरान कपड़े और रोज की उपयोग का कुछ सामान भी उपलब्ध कराया गया। सूत्रों के अनुसार मुलाकात के समय परिवार के सदस्य भावुक नजर आए। उधर, जेल प्रशासन का कहना है कि हाई प्रोफाइल मामले को देखते हुए शालिनी श्रीवास्तव की निगरानी की जा रही है और उनकी गतिविधियों पर विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
जनकपुरी मेले से 14 वर्षीय किशोरी का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में विशेष पॉक्सो अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 22 सितंबर 2014 को दयालबाग में आयोजित जनकपुरी मेला देखने के लिए किशोरी अपनी चचेरी बहन के साथ गई थी। इसी दौरान थाना खंदौली क्षेत्र के गांव फाजिलपुर निवासी राजाराम दोनों को मेला घुमाने के बहाने अपने साथ ले गया। आरोप है कि उसने दोनों को नशीले लड्डू खिलाकर बेहोश कर दिया और अन्य लोगों की मदद से राजस्थान के करौली ले गया। करौली में आरोपी ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। परिजनों की शिकायत पर न्यू आगरा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने तलाश के बाद दोनों किशोरियों को करौली से बरामद कर लिया। जांच के दौरान पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया और उसके बयान दर्ज किए गए। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए। साक्ष्यों के आधार पर विशेष न्यायाधीश संगीता कुमारी ने आरोपी राजाराम को अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के आरोपों में दोषी करार दिया। अदालत ने उसे 10 वर्ष के कठोर कारावास तथा 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
ग्वालियर में कथित 'लुटेरी दुल्हन' का मामला पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा है। बिजौली थाना क्षेत्र के मुगुलपुरा निवासी राहुल जाटव ने अपनी पत्नी, सास, साली और शिवपुरी साइबर सेल में पदस्थ एक आरक्षक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का दावा है कि उसकी पत्नी एक ऐसे गिरोह की सदस्य है, जो शादी के नाम पर लोगों को ठगता है। 14 अप्रैल को हुई शादी, एक महीने बाद छोड़कर चली गई पत्नी राहुल जाटव ने बताया कि उसकी शादी 14 अप्रैल 2026 को शिवपुरी निवासी राखी जाटव से हुई थी। आरोप है कि शादी के दौरान ही पत्नी ने अपने रिश्तेदारों और अन्य लोगों की मदद से घर में रखे सोने-चांदी के जेवरात चोरी करवा लिए। इस संबंध में पहले ही संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। पीड़ित के मुताबिक, पत्नी 15 मई को ससुराल आई थी, लेकिन 23 मई को बिना बताए घर छोड़कर चली गई। इसके बाद उसने अलग-अलग मोबाइल नंबरों से फोन कर पांच लाख रुपए की मांग शुरू कर दी। 5 लाख नहीं दिए तो झूठे केस में फंसाने की धमकी राहुल का आरोप है कि पत्नी ने फोन पर कहा कि उसे उसके साथ नहीं रहना है और यदि पांच लाख रुपए नहीं दिए गए तो वह मीडिया के सामने यह आरोप लगाएगी कि उससे जबरन देह व्यापार कराया जाता था। पीड़ित का कहना है कि उसे और उसके परिवार को झूठे मामलों में फंसाने तथा बदनाम करने की धमकियां भी दी जा रही हैं। पत्नी के 10 से अधिक शादियां करने का दावा शिकायतकर्ता का दावा है कि पत्नी के बारे में जानकारी जुटाने पर पता चला कि वह पहले भी करीब 10 शादियां कर चुकी है और शादी के बाद जेवरात व नकदी लेकर फरार हो जाती है। राहुल ने मांग की है कि पत्नी, उसकी मां और बहन के बैंक खातों की जांच कराई जाए, जिससे कथित ठगी के लेनदेन सामने आ सकें। इंस्टाग्राम पर हथियारों के साथ फोटो डालने का आरोप पीड़ित ने आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी सोशल मीडिया पर बंदूक के साथ तस्वीरें और स्टेटस डालकर लोगों को डराने का प्रयास करती है। साथ ही अनजान नंबरों से उसे लगातार जान से मारने की धमकियां भी मिल रही हैं। शिवपुरी साइबर सेल के आरक्षक पर भी आरोप राहुल ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि शिवपुरी साइबर सेल में पदस्थ एक आरक्षक इस गिरोह की मदद कर रहा है। उसके मुताबिक आरक्षक अपने पद का दुरुपयोग कर उसकी लोकेशन, कॉल डिटेल और अन्य निजी जानकारी निकालकर पत्नी तक पहुंचा रहा है। पुलिस ने शुरू की जांच एसडीओपी बेहट मनीष यादव ने बताया कि एक युवक ने शिकायत की है कि उसकी पत्नी शादी के बाद घर छोड़कर चली गई है। शिकायतकर्ता ने पत्नी द्वारा कई शादियां करने और जेवरात ठगने के आरोप लगाए हैं। मामले की जांच बिजौली थाना पुलिस को सौंपी गई है।
राजधानी भोपाल में पटवारियों के तबादलों की लिस्ट सिर्फ़ 24 घंटे में ही बदल गई। इससे प्रशासनिक निर्णय पर सवाल खड़े हो गए हैं। 15 जून को जारी स्थानांतरण आदेश में जिन पटवारियों को वर्षों से एक ही तहसील में पदस्थ रहने के कारण हटाया गया था, उनमें से आधे से अधिक को अगले ही दिन राहत मिल गई। महज 24 घंटे के भीतर जारी संशोधित सूची में 46 में से 24 पटवारियों के नाम हटा दिए गए, जिससे तबादले निरस्त हो गए। कलेक्टर कार्यालय ने 15 जून को 46 पटवारियों के स्थानांतरण का आदेश जारी किया था। इनमें अधिकांश ऐसे कर्मचारी शामिल थे जो 5 से 8 वर्षों से हुजूर और कोलार तहसीलों में पदस्थ थे। कुछ पटवारी अपनी गृह तहसील में भी कार्यरत थे। लेकिन 16 जून को कैबिनेट बैठक के बाद स्थानांतरण की समयसीमा बढ़ने पर देर रात नई सूची जारी हुई, जिसमें कई नाम बाहर कर दिए गए। सूत्रों के मुताबिक संशोधित सूची में शामिल 30 पटवारियों में से बड़ी संख्या हुजूर और कोलार क्षेत्र की रही। आरोप हैं कि प्रभावशाली संपर्कों के जरिए कुछ पटवारियों ने अपने नाम सूची से हटवा लिए। स्टिंग में सामने आए नामों को भी मिली राहत संशोधित सूची से हटाए गए पटवारियों में निधि नेमा और किशोर सिंह दांगी भी शामिल हैं। दोनों नाम दो वर्ष पहले हुए एक मीडिया स्टिंग ऑपरेशन में सामने आए थे, जिसमें कथित तौर पर पैसों के लेन-देन के वीडियो सामने आए थे। वर्षों से एक ही क्षेत्र में पदस्थ थे कई पटवारी स्थानांतरण से राहत पाने वाले कई पटवारी 2015 से लेकर 2022 तक लगातार हुजूर और कोलार क्षेत्र में पदस्थ रहे हैं। इनमें सदाशिव गौंड, किशोर सिंह दांगी, नरेंद्र रैकवार, केवल सिंह कौर, रेनु पटेल, बुजकिशोर नागर, अभिषेक शर्मा, मुकुल सराठे, दीक्षा शर्मा, संदीप शर्मा, प्रियंका सिंह, सौरभ सोलंकी, प्रदीप पटेल, पूजा ठाकुर, प्रियंका दुबे, निधि नेमा और अन्य नाम शामिल हैं। राजनीतिक प्रभाव की भी चर्चा संशोधित सूची से बाहर हुए 24 पटवारियों में से 20 हुजूर तहसील और 4 कोलार क्षेत्र में पदस्थ बताए जा रहे हैं। ये दोनों क्षेत्र विधायक रामेश्वर शर्मा के विधानसभा क्षेत्र में आते हैं। वहीं बैरसिया क्षेत्र से केवल एक पटवारी का नाम हटने की जानकारी सामने आई है। इसी वजह से राजनीतिक हस्तक्षेप की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। 20 प्रतिशत तबादला सीमा पर भी सवाल स्थानांतरण नीति के अनुसार किसी जिले में कुल कर्मचारियों के 20 प्रतिशत से अधिक तबादले नहीं किए जा सकते। भोपाल जिले में 243 पटवारी पदस्थ हैं, इसलिए अधिकतम 47 तबादले ही संभव हैं। 15 जून को 46 पटवारियों के तबादले किए गए थे। इसके बाद 16 जून को संशोधित सूची जारी होने से कुल 76 स्थानांतरण संबंधी आदेशों की स्थिति बन गई। नीति के जानकारों का कहना है कि निरस्त किए गए आदेश भी स्थानांतरण प्रक्रिया का हिस्सा माने जाते हैं, इसलिए नियमों के पालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आदेश जारी करने की प्रक्रिया भी जांच के घेरे में स्थानांतरण नीति की कंडिका-42 के अनुसार सभी तबादला आदेश ई-ऑफिस प्रणाली से जारी किए जाने चाहिए। हालांकि 15 जून का मूल आदेश हस्ताक्षरित (इंक पेन) स्वरूप में जारी किया गया, जबकि 16 जून का संशोधित आदेश ई-ऑफिस के माध्यम से निकला। गौरतलब है कि संशोधित आदेश में पहले वाले आदेश को स्पष्ट रूप से निरस्त करने का उल्लेख नहीं है। सूत्रों का दावा है कि शिकायतों और लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ कर्मचारियों के नाम सूची में शामिल किए गए थे, लेकिन बाद में प्रभावशाली हस्तक्षेप के चलते कुछ नाम हटा दिए गए। अब पूरे मामले के सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) तक पहुंचने और जांच की संभावना जताई जा रही है।
विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में जिला पंचायत से स्वीकृत नक्शों पर बने हजारों मकानों को बड़ी राहत मिली है। प्रदेश सरकार ने 1 अप्रैल 2026 तक जिला पंचायतों द्वारा स्वीकृत मानचित्रों के आधार पर बने भवनों को नियमित करने की अनुमति दे दी है। इसके लिए भवन स्वामियों को निर्धारित शमन शुल्क जमा करना होगा और पूरी प्रक्रिया 12 महीने के भीतर पूरी करनी होगी। प्रमुख सचिव आवास पी. गुरुप्रसाद की ओर से जारी शासनादेश सभी विकास प्राधिकरणों, विशेष क्षेत्र प्राधिकरणों और आवास आयुक्त को भेज दिया गया है। आदेश के बाद वर्षों से क्षेत्राधिकार विवाद में फंसे हजारों मकानों के वैध होने का रास्ता साफ हो गया है। क्यों लिया गया फैसला विकास प्राधिकरणों की अधिसूचित सीमा में जिला पंचायतों ने बड़ी संख्या में नक्शे स्वीकृत किए थे। इन नक्शों के आधार पर मकान बन चुके हैं या निर्माणाधीन हैं। दूसरी ओर, विकास प्राधिकरण इन्हें अवैध मानते हुए नोटिस और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर रहे थे। इसी विवाद को समाप्त करने के लिए शासन ने नियमितीकरण की व्यवस्था लागू की है। छोटे मकान मालिकों को बड़ा फायदा 200 वर्गमीटर तक के आवासीय भूखंडों पर बने मकानों को भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क में 75 प्रतिशत की छूट मिलेगी। शासन का मानना है कि इससे मध्यम और निम्न आय वर्ग के मकान मालिकों को बड़ी राहत मिलेगी। बैक डेटिंग रोकने के निर्देश शासन ने जिला पंचायतों को निर्देश दिया है कि 1 अप्रैल 2026 तक स्वीकृत सभी मानचित्रों की प्रमाणित सूची 15 दिनों के भीतर संबंधित विकास प्राधिकरण और शासन को उपलब्ध कराई जाए। इससे कट-ऑफ डेट के बाद की बैक डेटिंग पर रोक लग सकेगी। यह आदेश सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों, विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्षों और विशेष क्षेत्र प्राधिकरणों के अध्यक्षों को भी भेजा गया है। शासन का दावा है कि इससे लंबे समय से लंबित हजारों भवनों के नियमितीकरण की प्रक्रिया तेज होगी। तीन श्रेणियों में होगा नियमितीकरण शासनादेश के अनुसार जिला पंचायत से स्वीकृत भवनों को तीन श्रेणियों में नियमित किया जाएगा। महायोजना के अनुरूप बने भवनों को प्राधिकरण सीधे वैध मानेगा। महायोजना के विपरीत बने भवनों को जोनिंग रेगुलेशन के अनुसार शमन शुल्क लेकर नियमित किया जाएगा। भू-उपयोग परिवर्तन वाले मामलों में निर्धारित शुल्क जमा कर नियमितीकरण होगा। इन निर्माणों को नहीं मिलेगी राहत सरकार ने स्पष्ट किया है कि कुछ श्रेणियों के निर्माण किसी भी स्थिति में नियमित नहीं किए जाएंगे। जलाशयों, महायोजना मार्गों और सरकारी भूमि पर बने निर्माण। ग्रीन बेल्ट, पार्क और खुले क्षेत्र के लिए आरक्षित भूमि पर निजी उपयोग के लिए बनाए गए आवासीय भवन। हालांकि कुछ मामलों में समतुल्य भूमि आरक्षित किए जाने पर प्राधिकरण स्तर पर विचार किया जा सकेगा।
लखनऊ में प्रेरणाकृति फाउंडेशन द्वारा आयोजित 10 दिवसीय कथक कार्यशाला का समापन हो गया। यह कार्यशाला सामुदायिक केंद्र, मनकामेश्वर वार्ड, डालीगंज में आयोजित की गई थी। इसमें 22 बच्चों ने भाग लिया, जिन्हें कथक प्रशिक्षिका प्रिया कश्यप ने प्रशिक्षण दिया। समापन समारोह के मुख्य अतिथि पार्षद रंजीत सिंह थे। इस अवसर पर बच्चों ने गुरु वंदना, हस्तक, तत्कार, तोड़े-टुकड़े, तिहाई और कवित्त सहित विभिन्न कथक प्रस्तुतियां दीं। दर्शकों ने इन प्रस्तुतियों की सराहना की। सरगम पर आधारित एक आकर्षक कथक प्रस्तुति दी कथक प्रशिक्षिका प्रिया कश्यप ने भी सरगम पर आधारित एक आकर्षक कथक प्रस्तुति दी। उन्होंने बच्चों को नियमित अभ्यास करने और भारतीय शास्त्रीय नृत्य से जुड़े रहने के लिए प्रोत्साहित किया। मुख्य अतिथि रंजीत सिंह ने कहा कि भारतीय कला और संस्कृति के प्रति बच्चों की रुचि बढ़ाने के लिए ऐसी कार्यशालाएं नियमित रूप से आयोजित की जानी चाहिए। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। बच्चों और युवाओं को इससे जोड़ने का प्रयास प्रेरणाकृति फाउंडेशन के निदेशक अर्जुन सिंह ने बताया कि संस्था कला और संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन तथा प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक बच्चों और युवाओं को इससे जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।समारोह में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र दिए गए। कथक प्रशिक्षिका प्रिया कश्यप को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में रमा राठौर और हुमायरा खातून के विशेष सहयोग की सराहना की गई। अंत में अतिथियों, अभिभावकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया।
मैनपुरी के कुरावली थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते एक युवक और उसके परिजनों पर धारदार हथियारों से हमला किया गया। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर छह नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ग्राम खिरना खुर्द निवासी कर्मवीर सिंह पुत्र लल्लू सिंह सोलंकी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 17 जून की रात करीब नौ बजे वह जिम से लौटकर अपने गांव जा रहा था। बकरी मंडी के पास पहले से घात लगाकर बैठे छह लोगों ने उसे रोका। आरोपियों ने उसकी बाइक की चाबी छीन ली और पुरानी रंजिश के चलते धारदार हथियारों व सरिया से हमला कर दिया। इस हमले में कर्मवीर के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं। कर्मवीर किसी तरह अपनी जान बचाकर भागा। इसी दौरान उसका भाई विपुल और भतीजा विजय, जो बाजार में किसी काम से आए थे, उसे घायल अवस्था में देखकर बचाने पहुंचे। आरोप है कि हमलावरों ने उन दोनों पर भी धारदार हथियारों और सरिया से हमला किया, जिससे उन्हें भी गंभीर चोटें लगीं। तहरीर के अनुसार, हमलावर विपुल को घसीटते हुए अपने घर की ओर ले जाने लगे। तभी मौके पर लोगों की भीड़ जमा होने लगी, जिसे देखकर आरोपी उसे छोड़कर भाग गए। जाते समय आरोपियों ने गाली-गलौज की, जान से मारने की धमकी दी और हवाई फायरिंग भी की। पीड़ित ने घटना की सूचना पुलिस को दी और कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए छह नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इनमें नगला ऊसर निवासी सुभाष पुत्र बाबूराम बहेलिया, अंकित, लव और विष्णु पुत्रगण सुभाष बहेलिया, तथा मोहल्ला कानूनगोयान, कुरावली निवासी करन सैनी और अंकित सैनी पुत्रगण रमाशंकर शामिल हैं। थाना प्रभारी निरीक्षक ललित भाटी ने बताया कि सभी घायलों का मेडिकल कराया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए छह नामजद आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है और आगे की जांच जारी है।
ग्वालियर में वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई के 168वें बलिदान दिवस पर 27वां बलिदान मेला आयोजित किया गया। लक्ष्मीबाई समाधि स्थल के सामने हुए इस कार्यक्रम में हजारों शहरवासी शामिल हुए। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं वित्त-वाणिज्यकर मंत्री जगदीश देवड़ा मुख्य अतिथि थे, जबकि बलिदान मेला आयोजन समिति के संस्थापक अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने अध्यक्षता की। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर सहित कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। इस अवसर पर महान क्रांतिकारी अमर शहीद सुखदेव के वंशज अनुज थापर को 'क्रांतिवीर परिजन सम्मान' से नवाजा गया। इसके अतिरिक्त, भिंड जिले के शौर्य चक्र सम्मानित शहीद अनूप कुमार शर्मा के माता-पिता, राजेंद्री शर्मा और रामशंकर शर्मा को भी विशेष सम्मान प्रदान किया गया। शहीद अनूप कुमार शर्मा ने देश की रक्षा करते हुए चार आतंकियों को मार गिराया था। दो तस्वीरें देखिए उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने अपने संबोधन में कहा कि महारानी लक्ष्मीबाई ने भारत माता के सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी। उन्होंने ग्वालियर में आयोजित इस बलिदान मेले को नई पीढ़ी को राष्ट्रभक्ति और बलिदान की प्रेरणा देने वाला आयोजन बताया। देवड़ा ने 'खूब लड़ी मर्दानी' महानाट्य की प्रस्तुति की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे भव्य मंचन को प्रदेश के अन्य जिला मुख्यालयों में भी आयोजित करने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से चर्चा कर एक व्यापक योजना बनाई जाएगी, ताकि युवा पीढ़ी रानी लक्ष्मीबाई के जीवन और उनके संघर्ष से परिचित हो सके। उप मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वर्ष 1857 में रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों को कड़ी चुनौती देते हुए ग्वालियर पर शासन किया और अंततः देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। उनका जीवन साहस, स्वाभिमान और राष्ट्र प्रेम का सर्वोच्च उदाहरण है।
आगरा में युवक की हत्या का पुलिस ने 24 घंटे में खुलासा कर दिया। युवक की तीन महीने पहले शादी हुई थी। युवक का शव झाड़ियों में मिला था। युवक के सिर पर चोट के निशान थे। युवक की हत्या उसकी पत्नी और छोटे भाई ने मिलकर की थी। उसके बाद शव झाड़िय़ों में फेंक दिया था। आरोपी ने बताया- अवैध संबंध को लेकर बाधा बन रहा था। इसके बाद हम दोनों ने हत्या प्लान बनाया था। सीसीटीवी फुटेज से मिले सुराग के बाद पुलिस ने हत्या की वारदात का पर्दाफाश करते हुए हत्यारोपित भाई और हत्या का षड्यंत्र रचने की आरोपित पत्नी को गिरफ्तार किया है। घटना सुल्तानपुरा छोटी बस्ती की है। अब पढ़िए पूरा मामलासुल्तानपुरा छोटी बस्ती सदर निवासी अमित कुमार (22) कैंट में स्थित पंडित जी ढाबे पर वेटर का काम करते थे। बुधवार सुबह सात बजे वह घर से ढाबे पर जाने की बात कहकर निकले थे। एक घंटे बाद स्थानीय लोगों ने घर से सौ मीटर की दूरी पर झाड़ियों में अमित का शव पड़ा देखा। युवक की पत्थर से सिर और चेहरा कुचलकर हत्या की गई थी। मृतक के छोटे भाई भोलू ने ढाबे पर काम करने वाले एक युवक पर हत्या का आरोप लगाया था। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार मृतक का चेहरा बुरी तरह क्षत-विक्षत था। चेहरे और सिर पर गहरे चोट के निशान मिले हैं। आशंका जताई जा रही है कि हमलावरों ने किसी भारी पत्थर या ठोस वस्तु से कई वार कर उसकी हत्या की। शव के आसपास खून के निशान भी मिले हैं, जिससे संभावना है कि हत्या घटनास्थल पर ही की गई। सनसनीखेज हत्या की वारदात का पुलिस ने 24 घंटे में पर्दाफाश कर दिया। अवैध संबंध में हुई हत्याडीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया- पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे खंगाले, तो अमित के पीछे उसका छोटा भाई भोलू जाता हुआ नजर आया। जिस जगह अमित की हत्या हुई, वहां बस्ती के लोग शौच करने जाते हैं। अमित शौच करने के लिए बैठा था, तभी पीछे से पहुंचे छोटे भाई भोलू ने वहां पड़ा सीमेंट का पत्थर उठाया और उसके चेहरे पर ताबड़तोड़ तीन प्रहार किए। इसके बाद गमछे से गला घोंट दिया। जांच में जुटी पुलिस गुरुवार सुबह मृतक के घर पहुंची और पूछताछ के लिए भाई भोलू को बुलाया। पुलिस की कार्रवाई से अमित की पत्नी खुशी घबरा गई और आत्महत्या का प्रयास किया। कड़ाई से पूछने पर उसने जुर्म कुबूल कर लिया। उसने बताया कि बडे़ भाई की पत्नी खुशी से उसके अवैध संबंध हो गए थे। उसकी भाभी ने ही पति को रास्ते से हटाने के लिए उकसाया था। उनका प्लान था कि भाई की हत्या के बाद घरवालों से कहकर दोनों शादी कर लेंगे। अब पढ़िए आरोपी भाई का कबूलनामापूछताछ में भोलू ने बताया कि बड़े भाई अमित की शादी 19 फरवरी को हुई थी। शादी के बाद से ही मेरे और भाभी खुशी के बीच प्रेम संबंध हो गए। दोनों एक साथ रहता चाहते थे। तीन दिन पहले दोनों को अमित ने आपत्तिजनक हालत में देख लिया था। इसके बाद घर में झगड़ा भी हुआ था। इसके बाद दोनों ने अमित की हत्या करके उसे रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। इसमें उसकी पत्नी भी शामिल थी। आरोपी भाई ने बताया- टायलेट करते समय पीछे से भाई के सिर पर पत्थर मार दिया। जब वो गिर पड़ा था। उसके गमछे से उसका गला दबा दिया। उसने तब तक गला दबाए रखा जब तक भाई की मौत नहीं हो गई। मृतक के गले की हड्डी तक टूट गई। तीन महीने पहले हुई थी शादीमृतक सोलू की शादी करीब तीन महीने पहले ही हुई थी। हत्या के बाद आरोपी भाई की मौत पर आंसू बहाता रहा। वो दहाडे़ मारकर रो रहा था। वहीं, मृतक की पत्नी ने सुसाइड करने का नाटक किया। घर में फंदे पर लटकने का प्रयास किया। डीसीपी सिटी ने बताया- भोलू को हत्या व मृतक की पत्नी खुशी को हत्या का षड्यंत्र रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। दोनों पर विधिक कार्रवाई की जा रही है। --------------------------- यह खबर भी पढ़ें - 20 रुपए ज्यादा लेने पर 10 लाख का जुर्माना लगा:अलीगढ़ में 340 की सिगरेट 360 में बेची, कोर्ट ने दुकानदार-कंपनी पर कार्रवाई की यूपी के अलीगढ़ में सिगरेट के पैकेट में 20 रुपए ज्यादा लेने पर दुकानदार और सिगरेट बनाने वाली कंपनी पर 10 लाख का जुर्माना लगा है। दुकानदार ने सिगरेट पैकेट पर 340 रुपए लिखा था, फिर भी 360 रुपए ले लिए थे। ग्राहक ने दुकानदार को ऑनलाइन पेमेंट किया, फिर उसने पेमेंट का प्रिंट आउट निकालकर उपभोक्ता फोरम कोर्ट में शिकायत कर दी। पढ़ें पूरी खबर…
कानपुर के चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में गुरुवार को प्राकृतिक खेती पर कार्यशाला के बाद एचबीटीयू के उद्योग सभागार में लोक निर्माण विभाग के अफसरों व जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की। सीएम ने साफ तौर पर कहा कि जनप्रतिनिधियों के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कार्ययोजना में शामिल किया जाए। जनहित से जुड़ी परियोजनाओं को जल्द स्वीकृति देकर समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि विकास कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान सीएम के सामने विभागीय अफसरों ने मंडल के छह जिलों की 11,724 करोड़ रुपए लागत की 1,374 परियोजनाओं के प्रस्ताव को हरी झंडी दी। जनप्रतिनिधियों के काम को मिलेगा प्राथमिकता मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्रों की जरूरतों की सबसे अधिक जानकारी होती है। इसलिए उनके सुझावों और प्रस्तावों को प्राथमिकता से संकलित कर शासन को भेजा जाए, ताकि आवश्यक स्वीकृतियां देकर कार्य जल्द शुरू कराए जा सकें। उन्होंने अधिकारियों को मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना, राज्य राजमार्ग, सेतु, आरओबी-आरयूबी, फ्लाईओवर, सड़क सुरक्षा और धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाले संपर्क मार्गों से जुड़े प्रस्तावों पर तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सड़कें क्षतिग्रस्त करने वालों से होगी वसूली मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक निर्माण विभाग की सड़कों को नुकसान पहुंचाने वाले व्यक्तियों या संस्थाओं से नियमानुसार क्षतिपूर्ति की वसूली की जाए। सड़क निर्माण की गुणवत्ता और उपयोगिता बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। टेंडर होने के बाद भी काम नहीं करने वाली फर्मों पर होगा एक्शन बैठक में पिछले वित्तीय वर्ष की परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2025-26 में 5,497 करोड़ रुपए की लागत वाली 2,301 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई थी। इनमें से 1,242 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि शेष पर कार्य चल रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं में निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी कार्य शुरू नहीं हुआ है, वहां संबंधित फर्मों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। जरूरत पड़ने पर उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाए और एफआईआर भी दर्ज कराई जाए। बैठक में मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, राकेश सचान, असीम अरुण, अजीत पाल, प्रतिभा शुक्ला, कैलाश सिंह राजपूत, सांसद रमेश अवस्थी तथा क्षेत्रीय विधायक और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कानपुर मंडल से आए प्रस्ताव
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) कोटा ने पुलिस लाइन के कांस्टेबल हरिओम को 7 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ ट्रेप किया है। आरोपी कांस्टेबल हरिओम की उद्योग नगर थाने में ड्यूटी (चेतक ड्राइवर) लगी है। कांस्टेबल, थाने पेश शिकायत में समझौता करवाने, कार्रवाई रोकने,मामले को रफा-दफा करने की एवज में परिवादी से 15000 रिश्वत की डिमांड कर रहा था। 5 हजार पहले ले चुका था। एसीबी की टीम ने गुरुवार रात साढ़े 10 बजे उद्योग नगर थाने में ट्रैप की कार्रवाई की। एसीबी की कार्रवाई के बाद थाने में हड़कंप मच गया। एडिशनल एसपी एसीबी विजय स्वर्णकार ने बताया-परिवादी ने एसीबी भी चौकी में शिकायत दी थी। शिकायत में बताया कि उनके कॉलोनी में नाबालिग बेटे का किसी के साथ झगड़ा हुआ था। बेटे के खिलाफ किसी ने थाने में शिकायत दी थी। शिकायत में कार्रवाई रोकने,समझौता करवाने,मामले को रफा-दफा करने की एवज में आरोपी कांस्टेबल हरिओम रिश्वत की डिमांड कर रहा था। 5 हजार रूपए पहले ले चुका था। बाकी की रकम के लिए दबाव बना रहा था। शिकायत सत्यापन में रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई।सत्यापन के दौरान आरोपी हरिओम, परिवादी से 8000 रिश्वत लेने पर राजी हुआ।जिसके बाद गुरुवार रात को एसीबी ने ट्रेप की कार्रवाई की। आरोपी कांस्टेबल हरिओम ने थाने के बाहर परिवादी से 7000 की रिश्वत ली। इधर इशारा मिलते ही एसीबी ने आरोपी कांस्टेबल को पकड़ लिया। फिलहाल कार्रवाई जारी है।
जबलपुर में UCC समिति की अहम बैठक:जैन परंपराओं, आदिवासी अधिकारों और लिव-इन पर लोगों ने दिए अहम सुझाव
जबलपुर के भंवरताल स्थित संस्कृति थिएटर में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के मसौदा नियमों को लेकर उच्च स्तरीय समिति की जनसंवाद बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य आम नागरिकों, कानूनविदों, बुद्धिजीवियों और विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों से सुझाव एवं आपत्तियां प्राप्त करना था। कार्यक्रम में शहर के प्रबुद्धजन, वरिष्ठ नागरिक और सभी धर्मों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में बरगी से भाजपा विधायक नीरज सिंह ने लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाली महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि विवाद की स्थिति में महिलाओं को स्पष्ट कानूनी संरक्षण मिलना चाहिए, ताकि उनका शोषण रोका जा सके। कैंट विधायक अशोक रोहानी ने सुझाव दिया कि देश की बड़ी युवा आबादी को देखते हुए सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं की राय भी यूसीसी में शामिल की जानी चाहिए। कांग्रेस नेता अनुराग जैन ने जैन धर्म की परंपराओं और संतों की चर्या पर यूसीसी के संभावित प्रभाव को लेकर सवाल उठाए। इस पर समिति ने स्पष्ट किया कि किसी भी धर्म की मूल धार्मिक मान्यताओं से कोई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। वहीं पूर्व विधायक संजय यादव ने आदिवासी समाज के जल, जंगल और जमीन से जुड़े अधिकारों तथा पंचायत स्तर पर उनके पारंपरिक अधिकारों पर कानून के प्रभाव को लेकर जानकारी मांगी।
लखनऊ में बिना रजिस्ट्रेशन नंबर और नंबर प्लेट के ई-रिक्शा व ऑटो की डिलीवरी और संचालन को ट्रैफिक पुलिस ने गंभीरता से लिया है। इस मामले में डीसीपी ट्रैफिक रवीना त्यागी ने संभागीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) लखनऊ को पत्र भेजकर नियमानुसार कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। शुरुआती जांच में तीन ऐसे डीलर और केंद्र चिन्हित किए गए हैं, जिन पर रजिस्ट्रेशन नंबर जारी होने से पहले ही वाहन बेचने और डिलीवरी करने का आरोप है। यातायात पुलिस के मुताबिक, इन मामलों में खरीद रसीदों के साथ बिना नंबर प्लेट के सार्वजनिक सड़कों पर चल रहे वाहनों के फोटो साक्ष्य भी सामने आए हैं। पुलिस का कहना है कि बिना पंजीकरण और नंबर प्लेट वाले वाहन सड़क सुरक्षा के साथ-साथ दुर्घटना जांच और अपराध नियंत्रण के लिए भी बड़ी चुनौती हैं। ऐसे वाहनों की पहचान करना मुश्किल होता है, जिससे हादसे या अपराध की स्थिति में वाहन, चालक और मालिक तक पहुंचने में दिक्कत आती है। ट्रेसिंग भी कठिन होती थी पुलिस के अनुसार, बिना नंबर प्लेट वाले वाहन रेड लाइट जंपिंग, गलत दिशा में चलने, अवैध पार्किंग और ओवरलोडिंग जैसे यातायात उल्लंघनों में शामिल होने के बावजूद आसानी से चिह्नित नहीं हो पाते। वहीं, आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल होने पर इनकी ट्रेसिंग भी कठिन हो जाती है। डीसीपी ट्रैफिक रवीना त्यागी ने बताया कि प्रथम चरण में तीन ऐसे केंद्र और डीलर चिन्हित किए गए हैं। इस संबंध में आरटीओ को आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है। उन्होंने कहा कि यातायात पुलिस ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई के साथ उनके स्रोत की भी जांच करा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बिना पंजीकरण और नंबर प्लेट के वाहन सड़कों पर कैसे पहुंच रहे हैं। जरूरत पड़ने पर संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रायबरेली के मिल एरिया थाना क्षेत्र में गुरुवार रात बदमाशों ने एक सर्राफा व्यापारी को गोली मारकर करीब 7 लाख रुपए के जेवरात लूट लिए। वारदात लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। घायल व्यापारी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है। जानकारी के अनुसार, अंबेडकर नगर मोहल्ला निवासी रमन सोनी (28) रतापुर चौराहे के पास ज्वेलरी की दुकान संचालित करते हैं। गुरुवार रात करीब 9 बजे वह दुकान बंद कर जेवरात से भरा बैग लेकर घर लौट रहे थे। विरोध करने पर पैर में मारी गोली बताया जा रहा है कि छजलापुर के पास हाईवे पर पहले से घात लगाए बैठे तीन बदमाशों ने उन्हें रोक लिया। जब रमन ने विरोध किया तो बदमाशों ने उनके पैर में गोली मार दी। गोली लगते ही वह सड़क पर गिर पड़े। इसके बाद बदमाश उनके पास मौजूद जेवरात से भरा बैग लेकर मोटरसाइकिल से फरार हो गए। पीड़ित व्यापारी के मुताबिक बैग में करीब 7 लाख रुपये मूल्य के जेवरात रखे हुए थे। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने घायल व्यापारी को संभाला और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने रमन को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार चल रहा है। पुलिस ने गठित की टीमें घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। पुलिस अधीक्षक रवि कुमार ने बताया कि सर्राफा व्यवसायी के साथ लूट और गोली मारने की घटना सामने आई है। उन्होंने कहा कि बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और मामले की जांच जारी है।
फर्रुखाबाद में गाजी अब्बास का अलम बरामद, जुलूस निकला:मोहर्रम पर अकीदतमंदों ने नौहे पढ़े और मातम किया
फर्रुखाबाद में मोहर्रम के दूसरे दिन गाजी हजरत अब्बास का अलम बरामद किया गया। गुरुवार देर शाम सुनहरी मस्जिद के सदर मुनव्वर हुसैन के नेतृत्व में लाल सराय स्थित मस्जिद से यह अलम जुलूस के रूप में निकाला गया। इस दौरान अकीदतमंदों ने नौहे पढ़े और मातम किया। अंजुमन शमशीरे हैदरी के शायबे बयाज नयाब आब्दी ने कलाम पढ़ा। शिया धर्मगुरु मौलाना सैय्यद फरहत अली ज़ैदी ने अपने बयान में बताया कि दूसरी मोहर्रम को नवासे रसूल इमाम हुसैन का काफिला कर्बला पहुंचा था। उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन जुल्म मिटाने और शरीअते मोहम्मदी बचाने आए थे। यह जुलूस घुमना नेहरू रोड, चौक चौराहा, किराना बाजार, पक्कापुल चौराहा, तिकोना चौराहा और टाउन हॉल तिराहा से होते हुए रकाबगंज कला स्थित दरगाह मौला हजरत अब्बास के रौजे पर समाप्त हुआ। यहां मौलाना सैयद सदाकत हुसैन ने मजलिस को संबोधित किया। इस अवसर पर आल इंडिया शिया मुस्लिम महासभा के जिलाध्यक्ष सैय्यद अम्मार अली ज़ैदी, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष आफ़ताब हुसैन, कांग्रेस के पूर्व नगर अध्यक्ष नफीस हुसैन, सुनहरी मस्जिद के सदर मुनव्वर हुसैन और हुसैनी टाइगर के जिलाध्यक्ष मुन्तज़िर हुसैन ज़ैदी सहित बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे। जुलूस में शामिल अकीदतमंद देर रात तक नौहे और मरसिये पढ़ते हुए मातम करते रहे। मुहर्रम की शुरुआत के साथ ही शिया समुदाय के लोगों ने काले वस्त्र धारण कर शोक व्यक्त करना शुरू कर दिया था। मौलाना सदाकत हुसैन सैंथली ने अपनी मजलिस में इराक में शब-ए-आशूर के वाकये का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि हजरत इमाम हुसैन और उनके छह महीने के बेटे अली असगर सहित 70 अन्य लोगों को शहीद कर दिया गया था।
विश्व सिकल सेल दिवस (19 जून) के उपलक्ष्य में इंदौर स्थित श्रीमती कमलाबेन रावजीभाई पटेल गुजराती होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज में गुरुवार को जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रथम वर्ष बीएचएमएस के विद्यार्थियों को सिकल सेल एनीमिया के प्रति जागरूक करते हुए शपथ दिलाई गई कि वे स्वयं विवाह पूर्व सिकल सेल जांच कराएंगे और कम से कम 10 अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे। श्री गुजराती समाज, इंदौर द्वारा संचालित महाविद्यालय के फिजियोलॉजी विभाग के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम का संचालन विभागाध्यक्ष एवं प्रोफेसर डॉ. ए.के. द्विवेदी ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सिकल सेल एनीमिया एक गंभीर आनुवंशिक रक्त विकार है, जिसे समय पर जांच, आनुवंशिक परामर्श और जन-जागरूकता के माध्यम से काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि विवाह से पहले सिकल सेल वाहकों (कैरियर्स) की पहचान कर ली जाए तो आने वाली पीढ़ियों को इस बीमारी से बचाया जा सकता है। डॉ. द्विवेदी ने बताया कि वे पिछले 29 वर्षों से शरीर क्रिया विज्ञान (फिजियोलॉजी) विषय में रक्त एवं रक्त संबंधी रोगों का अध्यापन कर रहे हैं और समाज में एनीमिया तथा अन्य रक्त विकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न अभियान संचालित करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को सिकल सेल एनीमिया, थैलेसीमिया और रक्ताल्पता जैसी समस्याओं के प्रति जागरूक होना आवश्यक है। तभी देश एनीमिया मुक्त भारत-2047 और सिकल सेल मुक्त भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त कर सकेगा। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि सिकल सेल एनीमिया हीमोग्लोबिन जीन में परिवर्तन के कारण होने वाला आनुवंशिक रोग है, जिसमें लाल रक्त कणिकाएं सामान्य गोल आकार के बजाय हंसिया (सिकल) के आकार की हो जाती हैं। इससे शरीर में ऑक्सीजन का संचार प्रभावित होता है और रोगी को एनीमिया, कमजोरी, बार-बार संक्रमण, तीव्र दर्द तथा विभिन्न अंगों से जुड़ी जटिलताओं का सामना करना पड़ सकता है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संदेश दिया गया कि अपनी स्थिति जानें, विवाह से पूर्व सिकल सेल जांच कराएं और आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित बनाएं। उपस्थित विद्यार्थियों ने सिकल सेल मुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों, फिजियोलॉजी विभाग के शिक्षकों एवं अन्य कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और जन-जागरूकता अभियान को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने का संकल्प व्यक्त किया।
सीतापुर के हरगांव थाना क्षेत्र के बंशीपुरवा गांव में हरियाणा की रोहतक जेल में बंद कैदी बहन की शादी में शामिल होने के लिए पुलिस कस्टडी में गांव पहुंचा। कैदी को न्यायालय से 48 घंटे की सीमित अवधि की अनुमति मिलने के बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उसके घर लाया गया, जहां उसने परिवार के साथ शादी की रस्मों में हिस्सा लिया। बंशीपुरवा निवासी धर्मेंद्र उर्फ बनवारी पिछले करीब चार वर्षों से हरियाणा की रोहतक जेल में बंद है। उसे एक गंभीर मामले में न्यायालय द्वारा सजा सुनाई गई है। परिवार में उसकी बहन लक्ष्मी की शादी 19 जून को निर्धारित है। बहन की शादी में शामिल होने की अनुमति मिलने पर धर्मेंद्र को पुलिस अभिरक्षा में गांव लाया गया। बृहस्पतिवार शाम करीब 6 बजे धर्मेंद्र हथकड़ी लगाए हुए अपने घर पहुंचा, जहां परिजन उसे देखकर भावुक हो उठे। बहन की शादी की तैयारियों के बीच भाई की मौजूदगी परिवार के लिए खुशी और भावनाओं से भरा पल बन गई। हालांकि पूरे समय वह पुलिस निगरानी में रहा। पुलिस सूत्रों के अनुसार धर्मेंद्र को शादी समारोह में शामिल होने के लिए दो दिनों की अनुमति दी गई है। सुरक्षा कारणों को देखते हुए उसके साथ हरियाणा की रोहतक पुलिस के जवान मौजूद रहे। स्थानीय स्तर पर हरगांव पुलिस भी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रही और पूरे कार्यक्रम पर नजर रखी गई। बताया गया कि धर्मेंद्र को शादी की मुख्य रस्मों में शामिल होने का अवसर दिया गया है, लेकिन निर्धारित समय पूरा होने से पहले ही उसे वापस जेल ले जाया जाएगा। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि न्यायालय के आदेशों और सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया जा रहा है। गांव में यह घटना चर्चा का विषय बनी रही। एक ओर बहन की शादी की खुशियां थीं तो दूसरी ओर भाई का हथकड़ियों में घर पहुंचना परिवार और ग्रामीणों के लिए भावुक क्षण साबित हुआ।
लखनऊ में महात्मा गांधी की प्रेरणा से स्थापित ऐतिहासिक 'चुटकी भंडार गर्ल्स इंटर स्कूल' के दो दर्जन से अधिक शिक्षकों और कर्मचारियों का मई माह का वेतन जल्द जारी होगा। DIOS ने स्कूल प्रबंधक को शिक्षक और कर्मियों के वेतन का बिल भेजने के निर्देश दिये हैं। बीते महीने हाईकोर्ट के आदेश के बाद स्कूल की जर्जर इमारत को सील दिया गया था। शिक्षकों व कर्मियों को अभी तक मई महीने का वेतन नहीं मिला है। जबकि दूसरे स्कूलों का वेतन जारी कर दिया गया है। शिक्षक संघ ने लगाई थी गुहार DIOS देवेन्द्र कुमार ने बताया कि स्कूल में प्रधानाचार्यों के बीच चल रहे विवाद का निस्तारण कर दिया गया। स्कूल प्रबंधक बात कर शिक्षकों व कर्मियों के मई महीने का वेतन बिल मांगा गया है। DIOS कार्यालय को बिल मिलते ही भुगतान कराया जाएगा। उप्र. माध्यमिक शिक्षक संघ एकजुट के प्रदेश अध्यक्ष सोहनलाल वर्मा के नेतृत्व में शिक्षकों ने DIOS से वेतन भुगतान की गुहार लगाई थी। इसके बाद DIOS ने मामले का गंभीरता लिया।
उत्तर-पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल में तत्काल टिकट के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। देखने में टिकट पूरी तरह असली लग रहा था। उस पर यात्रा का पूरा विवरण, श्रेणी और पीएनआर संख्या भी दर्ज थी, लेकिन जांच में यह सामने आया कि टिकट रेलवे का अधिकृत दस्तावेज नहीं था, बल्कि नकली पीआरएस स्टेशनरी पर तैयार किया गया जाली टिकट था। उत्तर-पश्चिम रेलवे के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हितेश यादव ने बताया- यह मामला फलोदी पीआरएस काउंटर से जारी किए गए तत्काल टिकट से जुड़ा है। टिकट ट्रेन संख्या 15067 गोरखपुर-बांद्रा टर्मिनस वीकली स्पेशल में बरहनी से बांद्रा टर्मिनस तक थ्री एसी श्रेणी के लिए पीएनआर संख्या 2519682268 पर जारी दर्शाया गया था। समय और दूरी ने बढ़ाया शक जांच के दौरान एक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया, जिसने पूरे मामले पर संदेह पैदा कर दिया। टिकट फलोदी पीआरएस से 16 जून को सुबह 10 बजे जारी किया गया था, जबकि यात्रा बरहनी स्टेशन से 17 जून को सुबह 7:15 बजे प्रस्तावित थी। इतनी कम अवधि में फलोदी से जारी मूल टिकट का भौतिक रूप से बरहनी स्टेशन तक पहुंचना संभव नहीं था। इसी असामान्यता के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया गया। जैसे-जैसे सत्यापन प्रक्रिया आगे बढ़ी, यह स्पष्ट हुआ कि टिकट पर दर्ज यात्रा विवरण रेलवे रिकॉर्ड से मेल खा रहा था, लेकिन जिस पीआरएस स्टेशनरी पर टिकट तैयार किया गया था, वह अधिकृत नहीं थी। इसका अर्थ यह निकला कि वास्तविक डेटा का उपयोग कर फर्जी दस्तावेज तैयार किया गया था। जांच में खुलासा और कार्रवाई मामले का खुलासा तब हुआ जब जैसलमेर के वाणिज्य निरीक्षक मानका राम परिहार ने फलोदी स्टेशन पर टिकट जांच के दौरान प्रारंभिक स्टेशन की दूरी को लेकर संदेह जताया। इसके बाद विशेष सत्यापन के निर्देश दिए गए और टिकट जांच दल द्वारा विस्तृत जांच की गई। कार्रवाई के दौरान संबंधित चार यात्रियों से वैध टिकट प्रस्तुत करने को कहा गया,लेकिन वे मूल और अधिकृत टिकट प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद उन्हें रेलवे नियमों के तहत कुल 9,440 रुपये की वसूली की गई। बढ़ेगी निगरानी व्यवस्था रेलवे प्रशासन ने ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए सभी पीआरएस केंद्रों पर विशेष रजिस्टर रखा हुआ है। इसमें दूसरे स्टेशनों से शुरू होने वाले तत्काल टिकटों का विस्तृत रिकॉर्ड रखा जाता है तथा आवश्यकता पड़ने पर उनका नियमित सत्यापन भी किया जाता है जैसा इस मामले में किया गया। यात्रियों के लिए जरूरी सलाह रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत माध्यमों से ही टिकट खरीदें,अनधिकृत एजेंटों या दलालों से बचें,यात्रा से पहले पीएनआर और टिकट विवरण की जांच करें तथा किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत रेलवे अधिकारियों को सूचित करें। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि कर्मचारियों की सतर्कता और समय पर की गई जांच से इस प्रकार की धोखाधड़ी पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।
जांजगीर-चांपा पुलिस ने चांपा रेलवे स्टेशन के बाहर सो रहे एक युवक का मोबाइल चोरी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 24,499 रुपए कीमत का चोरी हुआ वीवो मोबाइल भी बरामद कर लिया है। यह घटना 17 जून की रात की है। फरसवानी, थाना उरगा निवासी रोशन विश्वकर्मा रायगढ़ से ट्रेन द्वारा चांपा पहुंचे थे। देर रात होने के कारण वे रेलवे स्टेशन के बाहर ही सो गए। सुबह करीब चार बजे एक व्यक्ति उनके पास आया और सफाई का बहाना बनाकर उन्हें वहां से उठने को कहा। जब रोशन विश्वकर्मा जागे और अपनी जेब जांची, तो उनका मोबाइल फोन गायब था। पीड़ित ने तुरंत चांपा थाने पहुंचकर घटना की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने पीड़ित से पूछताछ के आधार पर रेलवे स्टेशन और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज की जांच के बाद संदिग्ध की पहचान चांपा थाने के सूचीबद्ध गुंडा बदमाश जितेंद्र नायक उर्फ जीतू के रूप में हुई। पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर कोरबा रोड, चांपा निवासी 28 वर्षीय जितेंद्र नायक उर्फ जीतू को हिरासत में ले लिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने रेलवे स्टेशन के बाहर सो रहे युवक का मोबाइल चोरी करने की बात कबूल कर ली। उसकी निशानदेही पर चोरी हुआ वीवो मोबाइल बरामद कर लिया गया। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया गया है।
दमोह नगर पालिका सीएमओ राजेंद्र सिंह लोधी से ड्यूटी के दौरान अभद्रता और शासकीय कार्य में बाधा डालने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गुरुवार दोपहर गिरफ्तार कर लिया है। एक महीने से फरार चल रहे इन इनामी आरोपियों का पुलिस ने शहर में जुलूस निकाला और फिर कोर्ट में पेश किया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया। आरोपी भाइयों पर घोषित था इनाम पकड़े गए आरोपियों की पहचान पठानी मोहल्ला निवासी मिर्जा सरफराज बेग और मिर्जा शहजाद बेग के रूप में हुई है। वारदात के बाद से ही दोनों भाई लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे थे। पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी ने दोनों की गिरफ्तारी पर एक-एक हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया था। अतिक्रमण हटाने के दौरान हुआ था विवाद यह घटना 19 मई की दोपहर को हुई थी, जब नगर पालिका सीएमओ राजेंद्र सिंह लोधी अपनी टीम के साथ पठानी मोहल्ला में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने पहुंचे थे। इसी दौरान आरोपी मिर्जा सरफराज और शहजाद ने प्रशासनिक टीम का विरोध करते हुए सीएमओ व अन्य कर्मचारियों के साथ तीखी बहस और अभद्रता की थी। कर्मचारियों के आक्रोश के बाद दर्ज हुआ था केस घटना के विरोध में और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आक्रोशित नगर पालिका कर्मचारियों ने कोतवाली थाने में जमकर प्रदर्शन किया था। इसके बाद कोतवाली टीआई मनीष कुमार ने कर्मचारियों की शिकायत और बयानों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था। गुरुवार को कोतवाली पुलिस की विशेष टीम ने घेराबंदी कर दोनों को धर दबोचा।
राज्य शासन ने सोम डिस्टिलरीज समूह की इकाइयों द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए पेश किए गए आबकारी लाइसेंसों के नवीनीकरण आवेदन निरस्त कर दिए हैं। नवीनीकरण के आवेदनों के निरस्तीकरण का निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर लिया गया है। आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना ने आदेश में कहा है कि किसी भी लाइसेंस का नवीनीकरण स्वचालित या अधिकार स्वरूप प्राप्त होने वाली प्रक्रिया नहीं है। इसके लिए संबंधित संस्था के समग्र आचरण, विधिक अनुपालन, लाइसेंस की शर्तों के पालन, नियामकीय पात्रता, उपलब्ध अभिलेखों की सत्यता और सार्वजनिक हित से जुड़े पहलुओं का समग्र परीक्षण किया जाना आवश्यक है। आबकारी आयुक्त के आदेश में कहा गया है कि मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915, उससे संबंधित नियमों, उपलब्ध अभिलेखों तथा उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देशों का परीक्षण किया गया। प्रक्रिया के दौरान यह तथ्य भी महत्वपूर्ण रहे कि संबंधित समूह से जुड़े मामलों में पूर्व में अवैध शराब परिवहन, कूटरचित परमिटों के उपयोग, शासकीय राजस्व को क्षति पहुंचाने तथा आबकारी कानूनों के गंभीर उल्लंघन से संबंधित प्रकरण न्यायालयों के समक्ष सुनवाई में आ चुके हैं। इसके बाद उपलब्ध दस्तावेजों, साक्ष्यों, जांच प्रतिवेदनों और न्यायिक अभिलेखों का परीक्षण करते हुए संबंधित पक्ष के समग्र आचरण और विधिक अनुपालन की समीक्षा की गई। इसके बाद नवीनीकरण आवेदनों को निरस्त करने का निर्णय लिया गया। उच्च न्यायालय ने भी अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि लाइसेंस नवीनीकरण के प्रकरणों का परीक्षण उपलब्ध तथ्यों, विधिक प्रावधानों तथा संबंधित पक्ष के आचरण के आधार पर स्वतंत्र एवं कारणयुक्त तरीके से किया जाना चाहिए। न्यायालय द्वारा नवीनीकरण का कोई स्वचालित अधिकार प्रदान नहीं किया गया था। इसी के अनुरूप सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रकरण का परीक्षण कर निर्णय लिया गया।
गुरु अर्जन देव के शहीदी दिवस पर की छबील सेवा:श्रद्धालुओं को बांटा मिल्क रोज शरबत
जयपुर में सिख धर्म के पांचवें गुरु के शहीदी दिवस पर गुरुवार को बड़ी चौपड़ पर श्रद्धा और सेवा भाव के साथ छबील सेवा का आयोजन किया गया। इस दौरान आमजन को भीषण गर्मी से राहत देने के लिए मिल्क रोज शरबत का वितरण किया गया। कार्यक्रम आयोजक सरदार वचन सिंह नागपाल ने बताया- गुरु अर्जन देव जी के बलिदान, मानव सेवा और भाईचारे के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह सेवा आयोजित की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व महापौर कुसुम यादव और जिला उपाध्यक्ष अजय यादव ने श्रद्धालुओं व राहगीरों को शरबत बांटकर सेवा कार्य में सहभागिता निभाई। सभी ने गुरु अर्जन देव जी को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने छबील सेवा का लाभ उठाया। आयोजकों के इस सेवा कार्य की सराहना की। इस अवसर पर जोगेंद्र सिंह, अजीत सिंह, गुरमीत सिंह, अनिल जैन, वीरेंद्र बैरवा सहित अनेक सेवादार उपस्थित रहे।
मेरठ के बहसूमा थानाक्षेत्र में मां के अफेयर में मारे गए अंगदवीर का उसके पिता गुरसेवक ने अंतिम संस्कार किया। गुरुवार दोपहर ही गुरसेवक सऊदी से मेरठ अपने घर लौटा। जहां बेटे की लाश देखकर गुरसेवक रो पड़ा। वो खुद को रोक नहीं पाया।उसे अपनी पत्नी और खुद पर बहुत गुस्सा आया। इस बीच गुरसेवक की तबियत भी बिगड़ गई। किसी तरह ग्रामीणों और घरवालों ने उसे संभाला। इसके बाद बेटे अंगदवीर का अंतिम संस्कार कराया गया। पिता ने अपने हाथों से बेटे की चिता को अग्नि दी। इसके बाद गुरसेवक की हालत अचानक बिगड़ गई उसे डॉक्टर के पास ले जाना पड़ा। वहीं घर में पहुंचे रिश्तेदार बुजुर्ग दादी बलजिंदर को दिलासा देते रहे। लाश देखकर ही बेहोश हुआ पिता बता दें कि बहसूमा में 16 जून को हापुड़ में तैनात एचडीएफसी बैंक के एरिया मैनेजर अर्पित शर्मा पाराशर ने अपनी प्रेमिका गुरप्रीत के 6 साल के बेटे अंगदवीर को अगवा करने के बाद उसकी हत्या कर दी थी। अर्पित ने पहले घर के सामने से अंगद को कार में अगवा किया। इसके बाद कालीमंदिर के पास जाकर उसका गला रेत दिया और कलाई काट दी। लाश को वहीं जंगल में छोड़कर अर्पित अपने घर चला गया। वहां से पत्नी गौरी के साथ मिलकर गडीना में जागरण में चला गया। जहां से पुलिस ने उसे अरेस्ट कर लिया। घरवाले बोले हमें इंसाफ चाहिए अंगद का पिता गुरसेवक सऊदी में ड्राइवर है। जब उसने बेटे की हत्या की खबर सुनी तो खुद को रोक नहीं सका। तुरंत किसी तरह टिकट कराकर वो 18 जून को मेरठ पहुंचा। यहां पहले अंगद की डेडबॉडी का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंपा गया। घर ले जाकर बहसूमा में ही उसको अंतिम विदाई दी गई।
सहारनपुर में बड़गांव थाना क्षेत्र के नूनाबड़ी गांव में हुए गोलीकांड के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त 12 बोर का अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किया गया है। बरामदगी के बाद पुलिस ने मुकदमे में आर्म्स एक्ट की धाराएं भी बढ़ा दी हैं। पुलिस के अनुसार, घटना 8-9 मई की रात की है। नूनाबड़ी गांव निवासी सुल्तान ने थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि पुरानी रंजिश के चलते कुछ लोग हथियारों से लैस होकर उसके घेर में घुस आए थे। साले और बेटों पर किया था हमला तहरीर के मुताबिक, आरोपियों ने वहां मौजूद उसके साले शान मोहम्मद तथा बेटों अब्दुल और नादिर के साथ मारपीट की। आरोप है कि हमलावरों ने जान से मारने की नीयत से फायरिंग भी की। गोली लगने से शान मोहम्मद और अब्दुल घायल हो गए थे, जबकि नादिर को लाठी-डंडों से पीटकर घायल किया गया था। पुलिस टीम लगातार कर रही थी दबिश घटना के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण और क्षेत्राधिकारी देवबंद के निर्देशन में बड़गांव थाना पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। बस शेड के पास से दबोचा गया आरोपी गुरुवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने गोगा म्हाड़ी यात्री बस शेड के पास से नूनाबड़ी निवासी अब्दुल पुत्र सुल्तान को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त 12 बोर का तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किया गया। आर्म्स एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गईं पुलिस ने बताया कि अवैध हथियार की बरामदगी के आधार पर मुकदमे में आर्म्स एक्ट की धाराएं भी बढ़ाई गई हैं। आरोपी को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद न्यायालय में पेश किया जा रहा है। आरोपी की गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक लाखन सिंह, उपनिरीक्षक सतीशचंद, उपनिरीक्षक मुन्नालाल, कांस्टेबल अरुण कुमार और कांस्टेबल ओमकार शामिल रहे। पुलिस अधिकारियों ने टीम की कार्रवाई की सराहना की है।
हरदोई में दो बोलेरो की टक्कर:प्रधान पति समेत पांच लोग गंभीर रूप से घायल, अस्पताल में भर्ती
हरदोई जिले में बृहस्पतिवार रात एक सड़क हादसे में ग्राम प्रधान पति सहित पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना हरपालपुर कोतवाली क्षेत्र के उन्नाव-कटरा मार्ग पर लमकन पुल के पास करीब 8:30 बजे हुई, जहाँ दो बोलेरो गाड़ियों की आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहनों के अगले हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। जानकारी के अनुसार, फर्रुखाबाद जिले के शुभना मड़ैया गांव निवासी संजू (46) अपने 10 वर्षीय भतीजे पीयूष के साथ अपनी बोलेरो से सांडी थाना क्षेत्र के नयागांव स्थित ससुराल जा रहे थे। रास्ते में रूपापुर के पास उन्होंने सांडी थाना क्षेत्र के डावा गांव निवासी पिंटू (35) और अतुल (45) को अपनी गाड़ी में बैठा लिया। संजू की बोलेरो जैसे ही उन्नाव-कटरा मार्ग पर लमकन गांव के पास पहुंची, तभी सामने से महितापुर गांव की महिला प्रधान खुशबू के पति जल सिंह की बोलेरो आ गई। तेज रफ्तार के कारण दोनों गाड़ियों में आमने-सामने की टक्कर हो गई। इस हादसे में प्रधान पति जल सिंह सहित दोनों गाड़ियों में सवार सभी पांच लोग गंभीर रूप से घायल होकर वाहनों में फंस गए। राहगीरों की सूचना पर हरपालपुर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक संदीप शुक्ला और उपनिरीक्षक महेश यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को एम्बुलेंस द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) हरपालपुर में भर्ती कराया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर ने सभी घायलों की हालत नाजुक बताते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
आगरा में मनाया गया गुरु अर्जन देव का शहीदी दिवस:विशेष कीर्तन समागम के साथ छबील और लंगर का हुआ आयोजन
सिख धर्म के पांचवें गुरु एवं शहीदों के सरताज गुरु अर्जन देव सिंह जी महाराज के शहीदी दिवस पर बुधवार को आगरा के विभिन्न गुरुद्वारों में श्रद्धा और सेवा भाव के साथ कार्यक्रम आयोजित किए गए। गुरुद्वारा गुरु का लाल और गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा माईथान में विशेष कीर्तन समागम, मीठे शरबत की छबील और गुरु का अटूट लंगर आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में संगत ने भाग लिया। सिख धर्म के पांचवें गुरु एवं शहीदों के सरताज गुरु अर्जन देव जी महाराज के शहीदी दिवस पर शहर के विभिन्न गुरुद्वारों में श्रद्धा, सेवा और सिमरन के साथ कार्यक्रम आयोजित किए गए। गुरुद्वारा गुरु का लाल में हर वर्ष की तरह इस बार भी आगरा-दिल्ली हाईवे स्थित मुख्य द्वार पर मीठे शरबत की विशाल छबील लगाई गई। इसमें गुरुद्वारा आने वाली संगत के साथ-साथ हाईवे से गुजर रहे यात्रियों को भी भीषण गर्मी में शीतल शरबत वितरित किया गया। छबील की शुरुआत गुरुद्वारा के मुखी संत बाबा प्रीतम सिंह ने अरदास के साथ की। उन्होंने गुरु अर्जन देव जी की शहादत का स्मरण करते हुए बताया कि गुरु साहिब ने मुगलिया हुकूमत की कठोर यातनाओं को शांतचित्त होकर सहा और धर्म तथा मानवता के सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया। इसी स्मृति में शहीदी दिवस पर छबील लगाने की परंपरा निभाई जाती है। कार्यक्रम के दौरान संगत ने सेवा भाव से छबील तैयार करने, वितरण करने और अन्य व्यवस्थाओं में योगदान दिया। महिलाओं ने नाम सिमरन करते हुए सेवा निभाई, वहीं श्रद्धालुओं को चने का प्रसाद भी वितरित किया गया। मीडिया प्रभारी जसवीर सिंह ने बताया कि सुबह शुरू हुई छबील देर रात तक जारी रही। इस दौरान दरबार साहिब में निरंतर शब्द कीर्तन और गुरबाणी गायन हुआ तथा संगत ने गुरु का अटूट लंगर ग्रहण किया। वहीं गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा, माईथान में भी शहीदी दिवस पर विशेष कीर्तन समागम आयोजित किया गया। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पावन हजूरी में रहिरास साहिब के पाठ के साथ दीवान आरंभ हुआ। हजूरी रागी भाई लखविंदर सिंह ने कीर्तन दरबार की शुरुआत की, जबकि लुधियाना से आए रागी भाई बलप्रीत सिंह ने गुरबाणी कीर्तन से संगत को निहाल किया। उन्होंने गुरु अर्जन देव जी के जीवन, त्याग और शहादत पर प्रकाश डालते हुए उनके आदर्शों को अपनाने का संदेश दिया। गुरुद्वारा माईथान के प्रधान कवलदीप सिंह ने कहा कि गुरु अर्जन देव जी की शहादत अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध सत्य तथा धर्म पर अडिग रहने की प्रेरणा देती है। कार्यक्रम के समापन पर अरदास और हुकुमनामा हुआ। गुरुद्वारा परिसर के बाहर मीठे शरबत की छबील लगाई गई तथा विभिन्न व्यंजनों के स्टॉल भी लगाए गए। अंत में संगत ने पंक्तिबद्ध बैठकर गुरु का अटूट लंगर ग्रहण किया ।
काशी पहुंचे अभिनेता अमित सियाल:गंगा आरती में हुए शामिल, कहा- अद्भुत अनुभूति हुई
विश्व प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट पर गंगा सेवा निधि द्वारा आयोजित मां गंगा की दैनिक भव्य आरती में गुरुवार को फिल्म और ओटीटी जगत के चर्चित अभिनेता अमित सियाल अपने सहयोगी पुनीत सिंह के साथ शामिल हुए। दोनों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मां गंगा का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया तथा सायंकालीन गंगा आरती के दिव्य एवं अलौकिक स्वरूप का दर्शन किया। गंगा आरती के दौरान घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं और पर्यटकों ने अभिनेता अमित सियाल का स्वागत किया। काशी की आध्यात्मिक ऊर्जा, धार्मिक परंपराओं और मां गंगा की महिमा से प्रभावित अभिनेता ने गंगा सेवा निधि की विजिटर बुक में अपने अनुभव साझा करते हुए लिखा, “काशी आकर अद्भुत अनुभूति हुई। मां गंगा की आरती देखकर आत्मिक शांति प्राप्त हुई। आप सभी का धन्यवाद।” स्मृति चिह्न भेंट कर किया सम्मानितगंगा सेवा निधि की ओर से अध्यक्ष सुशांत मिश्रा, कोषाध्यक्ष आशीष तिवारी, सचिव सुरजीत सिंह तथा सचिव हनुमान यादव ने अभिनेता अमित सियाल और उनके सहयोगी पुनीत सिंह को अंगवस्त्र, प्रसाद एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान उन्हें काशी की धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के बारे में भी जानकारी दी गई। ओटीटी जगत के प्रमुख कलाकार है अमित सियालअमित सियाल भारतीय फिल्म और ओटीटी जगत के प्रमुख कलाकारों में शामिल हैं। उन्होंने ‘मिर्जापुर’, ‘जमताड़ा: सबका नंबर आएगा’, ‘काठमांडू कनेक्शन’ और ‘इनसाइड एज’ जैसी चर्चित वेब सीरीज में अपने प्रभावशाली अभिनय से दर्शकों के बीच विशेष पहचान बनाई है। विशेष रूप से ‘इनसाइड एज’ में उनके अभिनय को दर्शकों और समीक्षकों दोनों ने सराहा था। अपने सशक्त अभिनय और विविध किरदारों के लिए पहचान बनाने वाले अमित सियाल आगामी बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ में भी महत्वपूर्ण भूमिका में नजर आने वाले हैं। उनके प्रशंसक इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
जयपुर में सड़क सुरक्षा और प्रादेशिक परिवहन अधिकारी जयपुर द्वितीय परिवहन विभाग के सहयोग से रस रंग मंच संस्था के कलाकारों ने गुरुवार को ‘सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा’ अभियान के अंतर्गत लोगों को जागरूक किया। शास्त्री नगर कांवटिया सर्किल पर यातायात नियमों पर आधारित लघु नाटक फर्क तो पड़ता है भई का गुरुवार को मंचन किया गया। नाटक में विक्रम-बेताल की कहानी ‘द्वार शांतपुर और अशांत पुर’ नगरों के अंतर से बताया गया कि यदि हम यातायात के नियमों का पालन करेंगे तो सुरक्षित रहेंगे। साथ ही स्वस्थ और अनुशासित समाज का निर्माण कर पाएंगे। नाटक से आम लोगों को ट्रैफिक के सभी नियमों को अनिवार्य रूप से पालन करने की अलख जगाई। नाटक में रति महर्षि, केके कोहली, अजीत माथुर, मुकेश वर्मा, महेश महावर और हिमांशु झाकल ने अभिनय किया। नाटक का लेखन व निर्देशन हिमांशु झाकल ने किया। इस अवसर पर वरिष्ठ परिवहन निरीक्षक दिनेश सिंह उपस्थित रहे। उन्होंने कहा- सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। सभी मन से सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करें। गौरतलब है कि इस नाटक की यह 98वीं प्रस्तुति रही। इस मुहिम के जरिए अब तक करीब 500 से ज्यादा लोगों तक यातायात सुरक्षा का संदेश पहुंचाया जा चुका है।
नरसिंहपुर जिले में गांजा तस्करी के एक मामले में विशेष न्यायाधीश (NDPS एक्ट) आलोक मिश्रा की कोर्ट ने बुधवार को बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने नागपुर निवासी आरोपी मुकेश बाघमारे (27) को 12 साल के सश्रम कारावास और ₹1 लाख के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर आरोपी को एक साल की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। इस मामले में शासन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक शैलेष पुरोहित ने पैरवी की। हाईवे पर चेकिंग के दौरान ड्रम में छिपा मिला था गांजा अभियोजन के मुताबिक, यह मामला 1 जनवरी का है जब तेंदूखेड़ा थाने में पदस्थ एसआई संजय सूर्यवंशी अपने स्टाफ के साथ मदनपुर में नेशनल हाईवे-45 पर वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान राजमार्ग की तरफ से एक युवक अपनी बाइक (एमपी38जेडसी9560) पर लोहे के फ्रेम के सहारे नीले रंग के दो प्लास्टिक ड्रम बांधकर आता दिखाई दिया। पुलिस ने जब उसे रोकने का प्रयास किया, तो उसने भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। तौल की वीडियोग्राफी कराई, 41 किलो से ज्यादा माल बरामद पुलिस ने जब संदेह के आधार पर दोनों ड्रमों को खुलवाया, तो उनके भीतर दो-दो बोरियों में अवैध गांजा भरा हुआ था। पूरी कार्रवाई की मौके पर ही वीडियोग्राफी कराई गई और विवेचना किट मंगाकर तौल करने पर चार बोरियों से कुल 41 किलो 200 ग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके से गांजा और बाइक जब्त कर आरोपी मुकेश बाघमारे को गिरफ्तार कर लिया था। 16 गवाहों और FSL रिपोर्ट के आधार पर तय हुआ दोष तेंदूखेड़ा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था। जब्त किए गए नशीले पदार्थ के सैंपल जांच के लिए एफएसएल सागर भेजे गए थे, जहां से आई रिपोर्ट में इसके गांजा होने की पुष्टि हुई। कोर्ट में ट्रायल के दौरान सरकारी वकील ने 16 महत्वपूर्ण गवाहों को पेश किया। पुख्ता सबूतों और तर्कों के आधार पर विशेष अदालत ने आरोपी को गांजा तस्करी का दोषी पाते हुए जेल और जुर्माने की सजा सुनाई।
संभल में गुरुवार शाम 6 बजे एक युवक ने धनारी थाने में अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। युवक की पहचान मोरध्वज के रूप में हुई। आग लगते ही पुलिसकर्मियों ने कंबल डालकर उसे बचाया और अस्पताल पहुंचाया। वह चेहरे से पैरों तक करीब 25 से 30 प्रतिशत तक झुलस गया है। पुलिस ने एक विवाद में दो लोगों को हिरासत में लिया था। इसमें मोरध्वज का एक भाई था। वह उसे छोड़ने की मांग कर रहा था। बहस के बाद उसने यह कदम उठा लिया। घटना का वीडियो सामने आया है। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया- युवक को आशंका थी कि उसके भाई के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो जाएगा। इसी वजह से उसने खुद को आग लगा ली। 2 तस्वीरें देखिए… अब जानिए पूरा मामला… भाई को पुलिस ने हिरासत में लिया था बुधवार को गुन्नौर तहसील के बगडेर गांव में बच्चों के मुंडन संस्कार कार्यक्रम के दौरान दो पक्षों में विवाद हो गया था। झगड़े में एक व्यक्ति घायल हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल को अस्पताल भेजा और गांव के लखपत सिंह और भारत सिंह को हिरासत में ले लिया था। गुरुवार शाम पुलिस दोनों के खिलाफ शांतिभंग की आशंका में मुकदमा लिख रही थी। इसी दौरान मोरध्वज थाने पहुंचा। उसने भाई को निर्दोष बताते हुए रिहा करने की मांग की। काफी देर तक पुलिस से बहस करने के बाद उसने अचानक अपने साथ लाया पेट्रोल शरीर पर उड़ेल लिया और आग लगा ली। कंबल और गमछे से पुलिसकर्मियों ने आग बुझाईघटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें युवक खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगाता दिखाई दे रहा है। आग लगते ही थाना परिसर में मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल कंबल और गमछे डालकर आग बुझाई। उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहजोई ले जाया गया। यहां प्राथमिक इलाज के बाद संभल रेफर कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही सीओ बहजोई स्तुति सिंह थाने पहुंचीं। एसपी कृष्ण विश्नोई ने सरकारी अस्पताल का दौरा किया। SP बोले- भाई पर मुकदमे के डर से उठाया कदमएसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि मोरध्वज ने पूछताछ में कहा कि उसके भाई थाने में बंद थे। दिनभर दोनों पक्षों में समझौते की कोशिश हुई, लेकिन बात नहीं बनी। उसे आशंका थी कि उसके भाई के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो जाएगा, इसी डर में उसने यह कदम उठा लिया। --------------------- ये खबर भी पढ़िए- मंत्री राजभर, निषाद, अनुप्रिया की पार्टियां बेच रहीं टिकट, यूपी में विधायक टिकट का रेट 2 से 8 करोड़ ‘निषाद पार्टी में विधायक के टिकट के 5 करोड़ रुपए लगेंगे। आधा अभी कर दें, आधा घोषणा से पहले कर देना। पिछली बार कहीं 7-8, तो कहीं 2-3 करोड़ था।’ यह कहना है यूपी की निषाद पार्टी के प्रदेश चुनाव प्रभारी का। विधानसभा चुनाव 3 महीने पहले कराने की सुगबुगाहट के बीच पॉलिटिकल पार्टियां अभी से टिकट बेचने में जुट गई हैं। पढ़ें पूरी खबर
मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बालागुड़ा में बुधवार को हुई हल्की बारिश के बाद किसानों ने गुरुवार से खेतों में सोयाबीन और मूंगफली की बुवाई शुरू कर दी है। हालांकि, खाद और डीजल की उपलब्धता को लेकर किसानों में चिंता बनी हुई है। इस बीच, कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश सरकार पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। मल्हारगढ़ ब्लॉक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अनिल शर्मा ने खेतों में पहुंचकर बुवाई कर रहे किसानों से बातचीत की। इस दौरान किसानों ने उन्हें खाद, डीजल और फसलों के उचित मूल्य से संबंधित अपनी परेशानियां बताईं। पर्याप्त खाद नहीं मिल रहीकिसान पवन पाटीदार ने बताया कि उन्होंने 6 बीघा भूमि में मूंगफली की बुवाई की है, जिस पर लगभग 40 हजार रुपए का बीज खर्च हुआ है। उन्होंने शिकायत की कि पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है। पाटीदार के अनुसार, खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था के कारण किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे समय पर खाद न मिलने से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। एक अन्य किसान रामेश्वर पाटीदार ने 3 बीघा में मूंगफली की बुवाई की है, जिसमें लगभग 16 हजार रुपए का बीज लगा है। उन्होंने कहा कि खाद और डीजल की कमी के साथ-साथ फसलों के उचित दाम न मिलने से किसानों की आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है। अपेक्षित दाम नहीं मिलते, खतरा ज्यादाकिसान वजेसिंह शक्तावत ने भी बेहतर भाव मिलने की उम्मीद में 3 बीघा में मूंगफली की बुवाई की है। उन्होंने बताया कि सोयाबीन के भी अपेक्षित दाम नहीं मिलते और प्राकृतिक आपदाओं का खतरा हमेशा बना रहता है। कांग्रेस नेता अनिल शर्मा ने प्रदेश की मोहन सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बुवाई के महत्वपूर्ण समय में किसानों को खाद, डीजल और अन्य आवश्यक संसाधन पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि खाद के लिए लागू की गई ई-टोकन व्यवस्था किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गई है, क्योंकि किसानों को घंटों लाइन में लगने के बावजूद टोकन नहीं मिल पा रहे हैं। 22 जून को कलेक्ट्रेट घेरने का ऐलानकिसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद, डीजल और बिजली उपलब्ध कराने की मांग को लेकर 22 जून को जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्रसिंह गुर्जर के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेंगे और प्रशासन को ज्ञापन सौंपेंगे।कांग्रेस ने मांग की कि किसानों को बुवाई के दौरान आवश्यक संसाधनों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि कृषि कार्य प्रभावित न हो और किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।
NCZCC में बाल रंगमंचीय कार्यशाला का समापन:'मिशन वंदे मातरम्' नाटक से बच्चों ने जगाई देशभक्ति
प्रयागराज के उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (एनसीजेडसीसी) में आयोजित 30 दिवसीय ग्रीष्मकालीन बाल रंगमंचीय कार्यशाला का समापन गुरुवार को हुआ। इस अवसर पर देशभक्ति से ओतप्रोत नाटक 'मिशन वंदे मातरम्' का मंचन किया गया। केंद्र के प्रेक्षागृह में 8 से 12 वर्ष के बाल कलाकारों ने अपने जीवंत अभिनय से दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि राजेंद्र प्रताप, सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी, डायट प्रयागराज ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान केंद्र निदेशक सुदेश शर्मा और कार्यक्रम सलाहकार कल्पना सहाय भी उपस्थित रहे। नाटक का निर्देशन युवा रंगकर्मी प्रत्युष वर्सने ने किया, जबकि आकाश अग्रवाल सहायक प्रशिक्षक थे। 'मिशन वंदे मातरम्' नाटक की कहानी वर्तमान समय के बच्चों को भारत के स्वतंत्रता संग्राम से जोड़ती है। इसमें कुछ बच्चे खेल-खेल में एक रहस्यमयी टाइम मशीन के जरिए वर्ष 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौर में पहुंच जाते हैं। वहां उनकी मुलाकात भोलू और कमला नामक बच्चों से होती है, जिनके भाई को अंग्रेज पुलिस गिरफ्तार कर लेती है। सभी बच्चे मिलकर अपनी सूझबूझ और साहस से अंग्रेजों को चकमा देकर उसे आजाद कराने में सफल होते हैं। नाटक के अंतिम दृश्य में जब मंच पर तिरंगा फहराया गया और वंदे मातरम् के नारे गूंजे, तो पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। देशभक्ति के साथ-साथ नाटक में हास्य का भी पुट था। ब्रिटिश अधिकारी इंस्पेक्टर पिंपल और हवलदार डंडा के हास्यपूर्ण किरदारों ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। नाटक में ईवा राज, मनश्वी राज सिंह, ईशा देव, कृतिका, आराध्या सरगम, अम्बिका, नित्या जायसवाल, दिवा त्रिपाठी, गर्वित धानी, राजश्री मौर्य, कौस्तुभ चौबे, वेदांश पटेल, प्रणीत खरे, अनमोल, प्रथम शुक्ल और आयज़ा फरोग अहमद सहित कई बाल कलाकारों ने प्रभावशाली अभिनय किया। समापन अवसर पर केंद्र निदेशक सुदेश शर्मा ने कहा कि रंगमंच बच्चों के आत्मविश्वास, व्यक्तित्व विकास और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम है।
लखनऊ के चक गंजरिया स्थित कल्याण सिंह कैंसर संस्थान में डॉक्टरों के इस्तीफे का सिलसिला थम नहीं रहा है। अब न्यूरो सर्जरी विभाग के एक और डॉक्टर ने संस्थान से किनारा कर लिया है। नियमित चिकित्सक डॉ. मयंक सिंह ने नौकरी छोड़ दी है। SGPGI में सेलेक्शन के बाद उन्होंने रिजाइन कर दिया। इससे दिमाग में ट्यूमर, ब्रेन कैंसर और जटिल न्यूरो संबंधी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों की मुश्किलें बढ़ने की संभावना है। कैंसर संस्थान में कुल 32 नियमित डॉक्टर हैं। आठ बांड के तहत डॉक्टर तैनात हैं। जबकि एक महिला डॉक्टर कानपुर से प्रतिनियुक्त पर हैं। कुल 41 डॉक्टर हैं। न्यूरो सर्जरी विभाग में अभी तक तीन नियमित व दो बांड के तहत डॉक्टर तैनात थे। इनमें नियमित डॉ. मयंक सिंह ने नौकरी छोड़ दी है। उनका पीजीआई में चयन हो गया है। बिना डॉक्टर के चल रहे 11 विभाग कैंसर संस्थान के 11 विभागों में एक भी डॉक्टर नहीं है। इन विभागों में न तो कोई जांच हो रही है न ही इलाज। जबकि डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं। कई विभागों में तो करोड़ों की मशीन हैं। जो कि ताले में बंद धूल फांक रही हैं। मेडिकल आंकोलॉजी, मेडिकल फिजिस्स, डेंटेस्ट्री, न्यूक्लीयर मेडिसिन, बायोकेमेस्ट्री, हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन, पैलिएटिव केयर, पीएमआर, त्वचा, हीमैटोलॉजी व रेडियोडायग्नोसिस विभाग है। जल्द शुरू होंगे दो विभाग चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजय वरूण ने बताया कि संस्थान में 121 नियमित डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं। जिसमें 41 पदों पर डॉक्टर भरे हैं। उन्होंने बताया कि संविदा पर चार डॉक्टरों का चयन हुआ है। इन्हें ऑफर लेटर जारी किया जा चुका है। जल्द ही चारों डॉक्टरों के ज्वाइन करने की उम्मीद है। इनके आने से हीमैटोलॉजी व रेडियो डायग्नोसिस विभाग का संचालन शुरू हो सकेगा। 28 डॉक्टर कह चुके हैं अलविदा कैंसर जैसी गंभीर बीमारी में मरीज और उनके तीमारदार हर दिन उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचते हैं। ब्रेन ट्यूमर से जूझ रहे मरीजों में कई ऐसे होते हैं, जिनमें समय पर सर्जरी न होने पर बीमारी तेजी से बढ़ने का खतरा रहता है। ऐसे में विशेषज्ञ डॉक्टर की कमी मरीजों की परेशानी को और बढ़ा सकती है। कैंसर संस्थान से अब तक 28 से ज्यादा डॉक्टर नौकरी छोड़ चुके हैं। वहीं कई अन्य डॉक्टर भी संस्थान छोड़ने की तैयारी में हैं। लगातार हो रहे पलायन से संस्थान की कई महत्वपूर्ण सेवाओं पर दबाव बढ़ता जा रहा है। कम वेतन से डॉक्टरों ने नाराजगी डॉक्टरों की नाराजगी की बड़ी वजह वेतन और भत्तों में असमानता बताई जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि केजीएमयू, पीजीआई व लोहिया संस्थान में तैनात डॉक्टरों और कैंसर संस्थान के विशेषज्ञों की योग्यता समान है। लेकिन वेतन-भत्तों में अंतर है। यही वजह है कि कई विशेषज्ञ लंबे समय से अपनी मांगें उठा रहे हैं। विशेषज्ञों के जाने का असर सीधे मरीजों पर पड़ रहा है। दूर-दराज जिलों से आने वाले कैंसर मरीजों को तारीख मिलने का इंतजार करना पड़ता है। कई मरीज ऐसे भी हैं, जिनके लिए हर गुजरता दिन बीमारी के बढ़ने का खतरा लेकर आता है। तीमारदार इलाज की आस में संस्थान की ओपीडी से लेकर ऑपरेशन की तारीख तक के लिए परेशान हो रहे हैं। लगातार डॉक्टरों की कमी इस लक्ष्य के सामने चुनौती बनती जा रही है। अब संस्थान प्रशासन के सामने विशेषज्ञों को रोकने और मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की बड़ी चुनौती है। ये डॉक्टर जा चुके हैं वेतन विसंगतियों और प्रशासनिक कारणों से कुछ वर्षों में 28 डॉक्टर नौकरी छोड़कर जा चुके हैं। इनमें न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग की डॉ. सोनम सुमन, ओरल एंड मैक्सिलोफेशल सर्जरी विभाग के डॉ. गौरव सिंह, मेडिकल आंकोलॉजी विभाग की अध्यक्ष डॉ. ईशा जफा, क्रिटिकल केयर विभाग के डॉ. साई सरन, ईएनटी विभाग की डॉ. इंदु शुक्ला, आंको एनस्थीसिया डॉ. सौरभ विज, डॉ. स्वाति, एनस्थीसिया विभाग के डॉ. तन्मय घटक, डॉ. तापस सिंह, प्लास्टिक सर्जरी विभाग के डॉ. बृजेश मिश्रा, ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन डॉ. सत्य प्रकाश, सर्जरी डॉ. एचएस पाहवा, गायनी विभाग की डॉ. वंदना व माइक्रोबायोलॉजी विभाग की डॉ. पारुल तैनात हैं।
बिलासपुर में नीट यूजी परीक्षा की तैयारियां तेज हो गई हैं। कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह ने शहर के 19 परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। यह परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी। इस बीच, सिम्स मेडिकल कॉलेज अस्पताल ने परीक्षार्थियों के लिए 24 घंटे मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन शुरू की है। अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। नीट पेपर लीक की घटना के मद्देनजर कड़ी सुरक्षा के इंतजाम किए जा रहे हैं। साथ ही, बारिश की संभावना को देखते हुए भी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं ताकि परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। छात्रों में परीक्षा परिणाम और प्रवेश प्रक्रिया के दौरान बढ़ते मानसिक तनाव को देखते हुए छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स), बिलासपुर ने यह विशेष हेल्पलाइन सेवा प्रारंभ की है। चिकित्सा शिक्षा आयुक्त, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार, सिम्स के मनोरोग विभाग के माध्यम से यह सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को समय पर मनोवैज्ञानिक परामर्श और भावनात्मक सहयोग प्रदान करना है। सिम्स अधिष्ठाता कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, मोबाइल नंबर 9425502353 को 18 जून से आगामी दो सप्ताह तक हेल्पलाइन नंबर के रूप में संचालित किया जाएगा। इस दौरान विद्यार्थी परीक्षा परिणाम, काउंसलिंग, प्रवेश प्रक्रिया और भविष्य को लेकर होने वाली चिंता, तनाव, घबराहट या अन्य मानसिक समस्याओं के संबंध में विशेषज्ञ चिकित्सकों से मार्गदर्शन प्राप्त कर सकेंगे। हेल्पलाइन नंबर का अधिकतम इस्तेमाल करें :मूर्ति सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि नीट जैसी बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान कई छात्र मानसिक दबाव और तनाव महसूस करते हैं। ऐसे समय में सही सलाह और सकारात्मक बातचीत से उन्हें काफी मदद मिल सकती है। उन्होंने छात्रों और उनके अभिभावकों से अपील की कि जरूरत पड़ने पर हेल्पलाइन नंबर का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें, ताकि समय पर मदद और मार्गदर्शन मिल सके। तनाव, चिंता में परामर्श के लिए कॉल करें: डा. नायक मनोरोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सुजीत नायक ने बताया कि परीक्षा परिणाम अथवा प्रवेश प्रक्रिया के दौरान तनाव, चिंता, निराशा और असफलता का भय जैसी स्थितियां सामान्य हैं, लेकिन समय पर परामर्श मिलने से इन समस्याओं का प्रभावी समाधान संभव है। उन्होंने कहा कि हेल्पलाइन सेवा का उद्देश्य विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच विकसित करना और उन्हें मानसिक रूप से स्वस्थ बनाए रखना है। 1.30 बजे के बाद प्रवेश नहीं मिलेगा डिप्टी कलेक्टर और नीट परीक्षा के नोडल अधिकारी एनपी गबेल ने बताया कि परीक्षा दिवस यानी 21 जून को सुबह 11 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक परीक्षा केंद्र में आने की अनुमति होगी। 1.30 के बाद किसी भी स्थिति में परीक्षा केंद्र में प्रवेश वर्जित होगा। परीक्षार्थियों से कहा गया है कि वे प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) में दिए गए निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ कर परीक्षा केंद्र और केंद्र संख्या (सेंटर कोड) का अच्छे से मिलान कर सही परीक्षा केंद्र में निर्धारित समय तक पहुंचें। पानी बोतल व ये लेकर आएं नोडल अधिकारी ने बताया कि परीक्षार्थी अपने साथ अपना प्रवेश पत्र, फोटोयुक्त पहचान पत्र (आइडेंटिटी कार्ड - आधार कार्ड, पेन कार्ड आदि), प्रवेश पत्र में निर्देशित फ़ोटो (पासपोर्ट साइज एवं पोस्ट कार्ड साइज) के अतिरिक्त पारदर्शी पानी की बोतल लेकर आएं। एग्जाम सेंटर में ये लेकर न आएं, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस वर्जित- मोबाइल फ़ोन, स्मार्ट घड़ी, कोई अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स- ब्लू टूथ डिवाइस, इयरफोन माइक्रोफोन, पेजर आदि- कैलक्यूलेटर, लॉग टेबल, स्लाइड रूल्स, जॉमेट्री बॉक्स- पेन, पेंसिल, इरेज़र, स्केल (NTA बॉल पॉइंट पेन प्रदान करेगा)- किताबें, नोट्स, कागज, लिखित या प्रिंटेड सामग्री- हैंडबैग, पर्स, वॉलेट, गहने- कैमरा, रिकॉर्डर, कोई अन्य डिवाइस- खाने की सामग्री, परफ्यूम आदि- किसी भी कागजात की फोटोकॉपी- टोपी,मफलर, पूरी बाँह के वस्त्र। कलेक्टर, एसएसपी ने एग्जाम सेंटरों का लिया जायजा राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा 21 जून 2026 को आयोजित की जाने वाली नीट (UG)-2026 परीक्षा के सुचारू, निष्पक्ष और सुरक्षित संचालन को लेकर कलेक्टर संजय अग्रवाल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने आज एग्जाम सेंटरों का निरीक्षण किया एवं दिशा निर्देश दिए। कड़ी सुरक्षा के बीच होंगे एग्जाम प्रशासन की ओर से एग्जाम सेंटरों की सुरक्षा, सीसीटीवी निगरानी, प्रश्नपत्रों के सुरक्षित भंडारण एवं परिवहन, यातायात प्रबंधन, विद्युत आपूर्ति, पेयजल, स्वच्छता और चिकित्सा सुविधाओं की समीक्षा की गई। इसी प्रकार संभावित मानसूनी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सभी परीक्षा केंद्रों में अभ्यर्थियों एवं उनके अभिभावकों की सुविधा के लिए वाटरप्रूफ शेड (अस्थायी आश्रय स्थल) तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा प्रवेश द्वारों एवं परिसर के बाहर भी ऐसी व्यवस्था की जाएगी ताकि वर्षा की स्थिति में परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। ताकि बारिश परीक्षा में बाधा न बने..कलेक्टर ने कहा कि परीक्षा के दिन मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियां भी अभ्यर्थियों की परीक्षा में बाधा नहीं बननी चाहिए। इसके लिए सभी केंद्रों पर जल निकासी, वैकल्पिक विद्युत व्यवस्था तथा आपातकालीन संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। जिला स्तरीय कंट्रोल रूम की स्थापना जिला स्तरीय कंट्रोल रूम की स्थापना, सीसीटीवी निगरानी केंद्रों की सक्रियता, परीक्षा केंद्रों की पूर्व जांच, पुलिस बल की तैनाती तथा संवेदनशील गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। प्रश्नपत्रों और ओएमआर शीटों की सुरक्षा के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। एग्जाम सेंटरों में पुलिस तैनात, एम्बुलेंस भी रहेगा परीक्षा केंद्रों पर स्वच्छ पेयजल, पर्याप्त पंखे, स्वच्छ शौचालय, प्राथमिक उपचार एवं एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध रहेगी। दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए भी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। परीक्षा दिवस पर यातायात व्यवस्था सुचारू रखने तथा केंद्रों के आसपास कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष पुलिस व्यवस्था की जाएगी। इन सेंटरों में होगा एग्जाम नो़डल अधिकारी के मुताबिक शहर में 19 एग्जाम सेंटर बनाए गए हैं, इनमें पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय बिलासपुर, पं देवकीनंदन दीक्षित कन्या हायर सेंकेडरी स्कूल, लाल बहादुर शास्त्री स्कूल, एसईसी रेलवे हायर सेंकेडरी स्कूल नंबर 1 और 2, गवर्नमेंट स्वामी आत्मानंद हायर सेंकेडरी स्कूल लिंगियाडीह, इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज इन एजुकेशन तारबाहर चौक, स्वामी आत्मानंद उत्कर्ष हिंदी मिडियम स्कूल, महारानी लक्ष्मी बाई स्कूल, लाला लाजपतराय इंग्लिश मिडियम स्कूल, जीजीवी कोनी बिल्डिंग नंबर 32, आर्ट्स एंड साइंस बिल्डिंग, इंजीनियरिंग कालेज बिरकोना, जेपी वर्मा कालेज, बिलासा गर्ल्स कालेज, न्यू आईटी बिल्डिंग, गुरू घासीदास विश्वविद्यालय, स्वामी आत्मानंद स्कूल तिफरा, सरकंडा एवं सकरी शामिल है।
देवास जिले की जनपद पंचायत देवास की ग्राम पंचायत खटाम्बा में गुरुवार को आयोजित जनकल्याण शिविर में मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन शामिल हुए। उन्होंने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर प्रतिक्रिया ली और नागरिकों की समस्याओं के निराकरण के निर्देश दिए। इस शिविर के दौरान देवास जिले के पर्यटन स्थलों पर आधारित एक पुस्तक का विमोचन किया गया। इसके अतिरिक्त, आर्थिक रूप से कमजोर और मेधावी विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से 'जिला मेधावी छात्र नीट-जेईई स्पॉन्सरशिप स्कीम' का भी शुभारंभ किया गया। 90% से ज्यादा वाले बच्चों को मिलेगा लाभइस योजना के अंतर्गत, शासकीय विद्यालयों के उन विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री वितरित की गई, जिन्होंने कक्षा 10वीं में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। जिले से लगभग 150 विद्यार्थियों का चयन किया गया है, जिन्हें विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा डिजिटल माध्यम से नीट और जेईई की तैयारी कराई जाएगी। इस योजना के क्रियान्वयन में फिजिक्स वाला फाउंडेशन का सहयोग लिया जा रहा है। जनकल्याण शिविर में सामाजिक न्याय विभाग की पेंशन योजना, मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना, आयुष्मान योजना और लाड़ली लक्ष्मी योजना सहित कई सरकारी योजनाओं के हितग्राहियों को लाभ प्रदान किया गया। स्वास्थ्य विभाग ने एक स्वास्थ्य परीक्षण शिविर भी आयोजित किया, जिसमें नागरिकों की जांच की गई। विभागों ने जानकारी देने लगाए स्टॉल्सइस अवसर पर संभागायुक्त आशीष सिंह, कलेक्टर ऋतुराज सिंह, पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा योजनाओं की जानकारी देने के लिए स्टॉल लगाए गए थे, जहां नागरिकों को विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई और पात्र हितग्राहियों के आवेदन भी स्वीकार किए गए। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने शिविर में पहुंचकर अपनी समस्याओं का समाधान कराया और शासकीय योजनाओं का लाभ उठाया।
राममंदिर ट्रस्ट में हुए दान, चंदे के घोटाले पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने मेरठ में कहा कि इस ट्रस्ट के बीज में ही गड़बड़ी है, उसमें सब कुशल कैसे होगा। कहा कि चंगूमंगू की जो एसआईटी इस घोटाले की जांच कर रही है, वो क्या जांच करेगी ये सबको पता होगा। ट्रस्ट प्रमुख कहते हैं कि ये हमारे रोजमर्रा का काम है, उल्लेखनीय नहीं है, यानि भगवान के दान को यहां रोज इसी तरह चोरी किया जा रहा है। ये चोरी इस सरकार और ट्रस्ट के लिए कोई मायने नहीं रखती। मतलब मंदिरों में रोजाना चोरियां हो रही हैं। अगर दान घोटाले की वाकई जांच करानी है तो शंकराचार्यों, अयोध्या के संतों को मिलाकर एसआईटी बनाई जाए, जो इस घोटाले की जांच करे। मांस बिक्री, अन्याय का पैसा ट्रस्ट में लगा गुरुवार को शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद मेरठ पहुंचे इस दौरान उन्होंने रामजन्मभूमि ट्रस्ट को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की स्थापना ही गलत तरह से हुई है। आगे कहा कि जब रामजन्मभूमि के लिए ट्रस्ट बनाया जा रहा था रामजन्मभूमि शुद्ध रूप से धार्मिक मामला था। लेकिन इसमें सरकार कूद पड़ी। उसने अपने सरकारी खजाने से उस खजाने से जिसमें गाय की मांस बिक्री का पैसा रखा जाता है। टैक्स का पैसा रखा जाता है, अन्याय का पैसा भी रखा जाता है। उसमें से निकालकर एक रुपया दिया तब यह ट्रस्ट स्थापित हुआ। तो इस ट्रस्ट के अमूल यानि बीज में ही गड़बड़ी है। धर्माचार्यों को नहीं अपने पालतू विश्वस्तों को ट्रस्ट में बैठाया जब वहां बड़े-बड़े धर्माचार्य वहां मौजूद थे तो धर्माचार्यों के ट्रस्ट को क्यों ठुकराया गया। जिन पक्षकारों ने न्यायालय में पक्षकार बनकर के हिंदूओं की ओर से खड़े होकर मुकदमा लड़ा था तो उनको क्यों साइडलाइन किया गया। क्यों अपने भरोसेमंद लोगों को ट्रस्ट में बैठाया गया। अपने पालतू विश्चस्त लोगों को ट्रस्ट में बैठाने का मतलब ही था कि आगे चलकर हमारी नियत थी कि हमको चोरी करना है। ऐसे खास लोगों को बैठा दो कि बात बाहर न जाए, तो जिस काम के लिए ट्रस्ट बना था वो काम हो रहा है। का ट्रस्ट की शिकायत दर्ज नहीं हुई तो जांच कैसी आगे कहा कि ट्रस्ट ने तहरीर नहीं दी फिर भी जांच शुरू हो गई, क्या बिना मुकदमे के जांच होती है?' शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज ने राम मंदिर मामले में चल रही पुलिसिया कार्रवाई की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने अचरज जताते हुए कहा कि जब ट्रस्ट की तरफ से कोई आधिकारिक शिकायत ही दर्ज नहीं कराई गई, तो फिर जांच किस आधार पर की जा रही है। शंकराचार्य के इस बयान के बाद मंदिर की सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर एक बार फिर नई बहस छिड़ गई है। चंपतराय भाजपा के प्रवक्ता हैंकहा कि भगवान के चढ़ावे की चोरी हो रही है, वो भी उल्लेखनीय नहीं है। जो व्यक्ति ये सब कह रहा है कि ये सब रोज का काम है ये सब उल्लेखनीय नहीं है। तत्काल इस ट्रस्ट को बंद करना चाहिए। या देश के बड़े बड़े धर्माचार्यों, अखाड़े के प्रमुखों, शंकराचार्यों, आचार्यों को या फिर जिन लोगों ने न्यायालय में पक्षकार बनकर मुकदमा लड़ा था, हिंदू समुदाय की ओर से उन समस्त पैरोकारों को मिलाकर इस ट्रस्ट में शामिल किया जाए। उन्हें ये ट्रस्ट सौंपा जाए। जो चंगूमंगू बैठाकर काम हो रहा है उनको हटाया जाना चाहिए। उनके आदमी ने आकर कह दिया कि कुछ उल्लेखनीय नहीं है ये तो हमारे रोज का काम है। चंपतराय क्या भाजपा और उनके परिवार के प्रवक्ता नहीं है। वो कह रहे हैं कि ये हमारा रोजमर्रा का काम है। इस चोरी को वो लोग रोजमर्रा का काम समझते हैं। बिना एफआईआर के जांच कैसे हो रही है? यहां तहरीर ही नहीं है? साधु, संतों की एसआईटी करे जांचट्रस्ट की ओर से तहरीर ही नहीं है। योगी आदित्यनाथ सीएम के निर्देशानुसार ये जांच हो रही है। जहां सीधे पीएमओ इंवाल्व हैं वहां ये अफसर क्या जांच रिपोर्ट देंगे, ये एसआईअी बिल्कुल बेकार, बोगस है। अगर जांच कराना है तो अयोध्या के संतों, चारों शंकराचार्यों की कमेटी बनाकर जांच कराएं। उसमें बेशक सरकार या ट्रस्ट का भी एक आदमी रख लिया जाए लेकिन तब उस एसआईटी से जांच कराई जाए। तब दूध का दूध पानी का पानी होगा। यूपी सरकार कागजों में गाय को पशु मानती हैकहा कि यूपी सरकार गाय को माता नहीं कह पाती, उसे अभिलेखों में पशु की श्रेणी में रखा है। जब आप मंचों से गाय को माता मानते हैं, माता कहते हैं तो उसे कागजातों में आप माता क्यों नहीं कह पा रहे हैं। कहा कि झूठ के पैर बहुत लंबे नहीं होते हैं। अभी न्यायालय में मामला लंबित है इसलिए हम ज्यादा बोल नहीं रहे हैं।
जांजगीर जिले में कानून व्यवस्था को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय ने गुरुवार को सिटी कोतवाली जांजगीर का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थाना परिसर, सीसीटीएनएस व्यवस्था, मालखाना, शस्त्रागार, अभिलेखों और लंबित अपराधों की गहन समीक्षा की। निरीक्षण की शुरुआत पुलिस परेड से हुई। एसपी ने थाना स्टाफ से गुंडा, निगरानी बदमाशों और आदतन अपराधियों की गतिविधियों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से विभिन्न विषयों पर सवाल पूछकर उनकी कार्यकुशलता का परीक्षण किया। संतोषजनक जवाब देने वाले कर्मचारियों की सराहना करते हुए उन्हें पुरस्कृत करने के निर्देश भी दिए गए। एसपी पांडेय ने सीसीटीएनएस व्यवस्था की समीक्षा करते हुए डिजिटल पुलिसिंग को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि एफआईआर से लेकर चालान तक की सभी प्रक्रियाएं समय पर ऑनलाइन अपडेट की जाएं, ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे। एसपी ने अपराध नियंत्रण पर दिया जोर उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास पुलिस की सबसे बड़ी ताकत है। पुलिसकर्मियों को आम नागरिकों के साथ संवेदनशील और मित्रवत व्यवहार करने की हिदायत दी गई। एसपी ने शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने और महिला एवं बाल अपराधों से जुड़े मामलों में त्वरित जांच और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए। अपराध समीक्षा बैठक में एसपी ने लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण, वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अवैध शराब, गांजा और अन्य अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा रात्रि गश्त बढ़ाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। एसपी ने गुंडा, निगरानी और आदतन बदमाशों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने तथा कानून व्यवस्था प्रभावित करने वाले तत्वों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने को कहा। निरीक्षण के दौरान थाना स्टाफ को बेहतर पुलिसिंग और अपराध नियंत्रण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
पाली में मंडिया रोड ट्रीटमेंट प्लांट-1 और 2 के पीछे नदी के दूसरे छोर पर मिली पाइपलाइन में जो पानी आ रहा था, वह सीवर लाइन का निकला। जांच के दौरान सामने आया कि सीवर लाइन में हुए लीकेज के कारण यह पानी पाइपलाइन में पहुंच रहा था। अधिकारियों ने किसानों को जल्द ही लीकेज दुरुस्त करवाने का आश्वासन दिया है। किसान नेता वागाराम विश्नोई ने बांडी नदी में बिछी पाइपलाइन को लेकर प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारियों और एसआईटी को सूचना दी थी। पाइपलाइन कहां से आ रही है, इसे लेकर नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण मंडल कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए थे। मामला सामने आने के बाद रिटायर्ड जस्टिस संगीत लोढ़ा भी पाली पहुंचे। उन्होंने पाइपलाइन का निरीक्षण कर इसकी खुदाई कराने के निर्देश दिए, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पाइपलाइन का स्रोत क्या है। इस दौरान टीम ने पाइपलाइन में बह रहे पानी के सैंपल भी लिए थे। अंतिम छोर तलाशने के लिए जारी रही खुदाई नगर निगम की टीम पाइपलाइन का अंतिम छोर खोजने के लिए गुरुवार को भी जेसीबी से खुदाई करवा रही थी। खुदाई के दौरान सामने आया कि सीवर लाइन में लीकेज होने से बह रहा पानी इस पाइपलाइन में पहुंच रहा था। मामले में प्रदूषण नियंत्रण मंडल के एईएन लोकेश ने बताया कि पाइपलाइन में सीवर लाइन का पानी आने की बात सामने आने के बाद किसान प्रतिनिधियों को इसकी जानकारी दे दी गई है।
बलौदाबाजार में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर जनसंपर्क विभाग द्वारा तीन दिवसीय फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। मंगलवार को नगर भवन बलौदाबाजार में इस प्रदर्शनी का शुभारंभ पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने किया। यह प्रदर्शनी 16 से 18 जून तक चलेगी। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। गौरीशंकर अग्रवाल ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने 12 वर्षों में देश के विकास और जनकल्याण के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक कार्य किए हैं। सरकार की विभिन्न योजनाओं और नीतियों का लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंचा है। उन्होंने प्रदर्शनी में प्रदर्शित विकास कार्यों और उपलब्धियों का अवलोकन करते हुए कहा कि यह आमजन को सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी देने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने नागरिकों से प्रदर्शनी का अवलोकन कर विकास यात्रा को समझने और योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और मिशन पर प्रकाश डाला। उन्होंने प्रधानमंत्री के देश के प्रति समर्पण पर बात करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी का भारत के निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सबसे लंबा कार्यकाल है और उन्होंने अपने इस कार्यकाल में एक भी छुट्टी नहीं ली है। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद युवाओं से अपील की कि प्रदर्शनी के माध्यम से सरकार की विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी सरल एवं प्रभावी ढंग से प्रदान करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने युवाओं से इस प्रयास में सहभागी बनने का आग्रह किया। प्रदर्शनी में पिछले 12 सालों में देश और राज्य में हुए विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को तस्वीरों और जानकारी के जरिए दिखाया गया। इसके साथ ही एलईडी स्क्रीन के माध्यम से भी सरकारी योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी दी जा रही है। प्रदर्शनी देखने आए नागरिकों, विद्यार्थियों और जनप्रतिनिधियों ने इसे काफी रुचि से देखा। यहां लोगों को कई योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई, जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, आयुष्मान भारत योजना, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, पीएम श्री स्कूल योजना, उज्ज्वला योजना और प्रधानमंत्री जनमन योजना। इसके अलावा प्रदर्शनी में आधारभूत ढांचा, डिजिटल भारत, स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास से जुड़ी उपलब्धियों को भी दिखाया गया। इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, जनपद अध्यक्ष सुलोचना यादव, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े, भारत स्काउट गाइड के राज्य उपाध्यक्ष विजय केशरवानी, जिला अध्यक्ष आनंद यादव, टेसू लाल धुरंधर सहित कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
बरेली नगर निगम में RI और पार्षद पति भिड़े:आरआई पर रिश्वत मांगने का आरोप, थाने पहुंचा मामला
बरेली नगर निगम में उस समय अफरातफरी मच गई जब हाउस टैक्स के मामले को लेकर पूर्व उपसभापति और भाजपा पार्षद पति अतुल कपूर और राजस्व निरीक्षक (आरआई) सच्चिदानंद सिंह के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। आरआई सच्चिदानंद सिंह पर रिश्वत लेने के बावजूद काम नहीं करने का आरोप लगा, तो वही आरआई ने भी सरकारी कार्य में बाधा, मारपीट और अभद्रता का आरोप लगाया है। दोनों ओर से बारादरी थाने में तहरीर दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। डेढ़ साल से रिश्वत का आरोप हंगामे की शुरुआत शाहदाना निवासी सीमा रानी की शिकायत से हुई। उनका आरोप है कि नगर निगम में उन पर 61,143 रुपए का हाउस टैक्स बकाया है। सीमा का दावा है कि डेढ़ साल पहले जब आरआई सच्चिदानंद उनके घर पहुंचे थे, तब उन्होंने मामला सुलझाने की एवज में 20 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। सीमा ने रुपए दे दिए लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। सीमा का कहना है कि जब समस्या का समाधान नहीं हुआ और हाल ही में आरआई ने फिर से पैसों की मांग की, तो उन्होंने रिश्वत देने से इनकार कर दिया। आरोप है कि इसके बाद आरआई ने घर की कुर्की कराने का दबाव बनाना शुरू कर दिया, जिससे परेशान होकर वे पार्षद पति के साथ 17 जून को नगर निगम पहुंचीं। आमने-सामने आए पार्षद पति और आरआई 17 जून को सीमा रानी, पार्षद पति अतुल कपूर और कई अन्य व्यापारियों के साथ आरआई के दफ्तर पहुंचीं। शिकायत के दौरान आरआई सच्चिदानंद सिंह और अतुल कपूर के बीच तीखी बहस हो गई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस घटना के वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि बात-बात पर दोनों पक्षों में जबरदस्त हॉट-टॉक हो रही है। इस दौरान मेज पर हाथ पटकने और अभद्र भाषा का प्रयोग करने की आवाजें भी सुनाई दे रही हैं। पार्षद पति ने आरआई पर काम लटकाने का आरोप लगाया, जबकि आरआई का दावा था कि वे केवल नियमों के दायरे में रहकर काम कर रहे हैं और पार्षद पति सरकारी काम में बाधा डाल रहे हैं। थाने पहुंचा मामला, पुलिस जांच में जुटी विवाद के बाद दोनों पक्षों ने बारादरी थाने में अपनी-अपनी तहरीर दी है। सीमा रानी ने आरआई सच्चिदानंद सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत तहरीर दी है। वहीं, आरआई सच्चिदानंद ने सरकारी कार्य में बाधा डालने और दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए पार्षद पति के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों की जांच कर रही है। हंगामे के दौरान हुई बातचीत में आरआई ने कहा कि वे कोई भी गैर-कानूनी काम नहीं करते हैं, जिस पर पार्षद पति भड़क गए और कहा कि तुम जैसे अधिकारियों की वजह से ही व्यवस्था डूब रही है। इसके जवाब में आरआई ने कहा कि आप जैसे पार्षदों की वजह से छवि खराब हो रही है।
बांसवाड़ा में भारतीय जनता पार्टी की ओर से गुरुवार को हरिदेव जोशी रंगमंच पर ‘विकसित भारत संकल्प प्रबुद्धजन सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। राज्यसभा सांसद बनने के बाद पहली बार बांसवाड़ा पहुंचे पूर्व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया का पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन, भाजपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे। विकसित भारत के लिए प्रबुद्धजन निभाएं अहम भूमिका सम्मेलन के मुख्य वक्ता राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया ने अपने संबोधन में कहा कि देश को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में प्रबुद्ध वर्ग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि समाज के बुद्धिजीवियों का मार्गदर्शन और सक्रिय सहभागिता विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए जरूरी है। पूनिया ने उपस्थित लोगों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन को आगे बढ़ाने में सहयोग करने का आह्वान किया। राष्ट्र निर्माण और संगठन सुदृढ़ीकरण का लिया संकल्प कार्यक्रम के दौरान नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राष्ट्र निर्माण, संगठन सुदृढ़ीकरण तथा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का सामूहिक संकल्प दोहराया। वक्ताओं ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना संगठन की प्राथमिकता है। वरिष्ठ नेताओं और प्रबुद्धजनों की रही मौजूदगी सम्मेलन में नाहर सिंह जोधा, हकरू मईड़ा, प्रदेश उपाध्यक्ष पूंजीलाल गायरी सहित भाजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, मोर्चा अध्यक्ष और कार्यकर्ता मौजूद रहे। हरिदेव जोशी रंगमंच पर आयोजित कार्यक्रम में शहर के प्रबुद्ध नागरिकों, डॉक्टरों, वकीलों, शिक्षाविदों और व्यापारियों ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने लखनऊ स्टेशन पर दूसरे व्यक्तियों के नाम पर आरक्षित टिकटों से यात्रा कर रहे तीन यात्रियों को पकड़ते हुए एक टिकट दलाल के खिलाफ भी कार्रवाई की है। जांच के दौरान फर्जी तरीके से नाम बदलकर तैयार किए गए टिकट और आधार कार्ड का इस्तेमाल सामने आया है। मामले में रेलवे अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उत्तर रेलवे और पूर्वोत्तर रेलवे की अपराध आसूचना शाखा (सीआईबी) तथा आरपीएफ चारबाग की संयुक्त टीम ने गुरुवार को ‘ऑपरेशन उपलब्ध’ के तहत यह कार्रवाई की। टीम ने गाड़ी संख्या 01080 लोकमान्य तिलक टर्मिनस–गोरखपुर एक्सप्रेस के एस-3 कोच की जांच के दौरान तीन यात्रियों को संदिग्ध पाए जाने पर पूछताछ की। आधार कार्ड और टिकट में मिली गड़बड़ी जांच में यात्रियों रजीउल्लाह महताब हुसैन खान (34), आफरीन रजीउल्लाह खान (31) और परवीन मोहम्मद नदीम खान (35), निवासी नवी मुंबई के आधार कार्डों में दर्ज नाम और क्यूआर कोड में छेड़छाड़ पाई गई। इसके अलावा उनके पास मौजूद आरक्षित टिकट भी दूसरे व्यक्तियों के नाम पर बुक थे। 2500 रुपये प्रति व्यक्ति लेकर उपलब्ध कराए गए टिकट पूछताछ में यात्रियों ने बताया कि उन्होंने मुंबई निवासी टिकट दलाल अशरफ मोहम्मद जब्बार शेख को यूपीआई के माध्यम से 2500 रुपये प्रति व्यक्ति भुगतान किया था। आरोप है कि दलाल ने पहले से बुक टिकटों में नाम एडिट कर और आधार कार्ड में बदलाव कर उन्हें यात्रा के लिए उपलब्ध कराया था। फर्जी दस्तावेज और भुगतान संबंधी साक्ष्य जब्त आरपीएफ ने फर्जी आधार कार्ड, टिकट और डिजिटल भुगतान से जुड़े साक्ष्य जब्त कर लिए हैं। अधिकारियों के अनुसार मामले की विस्तृत जांच की जा रही है ताकि इस तरह के फर्जी टिकट नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा सके। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि तीनों यात्रियों और टिकट दलाल के खिलाफ रेलवे अधिनियम के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई है। कार्रवाई आरपीएफ क्राइम ब्रांच उत्तर रेलवे, पूर्वोत्तर रेलवे और आरपीएफ चारबाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई।
दुर्ग में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण को लेकर प्रशासन और दुकानदारों के बीच गतिरोध की स्थिति बन गई है। जिला प्रशासन पंडित रविशंकर शुक्ल स्टेडियम को अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाओं के साथ विकसित करने की तैयारी में है, जबकि दशकों से परिसर के आसपास व्यवसाय कर रहे दुकानदार अपने भविष्य और रोजगार को लेकर चिंतित हैं। मंगलवार को हुई जिला क्रीड़ांगन समिति की बैठक में स्टेडियम परिसर की दुकानों को अनुबंध शर्तों के अनुसार एक माह का नोटिस देकर खाली कराने का निर्णय लिया गया। इस फैसले के अगले ही दिन, दुकानदारों ने कलेक्टर जनदर्शन पहुंचकर पुनर्वास की मांग की और स्पष्ट किया कि वैकल्पिक व्यवस्था के बिना वे दुकानें खाली नहीं करेंगे। दुकानदारों ने बुधवार को कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन सौंपकर अपनी समस्या बताई। दुकानदार शेख रज्जाक ने कहा कि वे स्टेडियम निर्माण के विरोध में नहीं हैं, लेकिन उनके परिवारों की आजीविका का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। रज्जाक ने बताया, हम चाहते हैं कि स्टेडियम बने, अच्छा बने और हमारे बच्चे भी वहां खेलें। लेकिन उससे पहले हमें ट्रांसपोर्ट नगर या कोई वैकल्पिक जगह दी जाए। अचानक एक महीने का समय देकर दुकानें खाली करने को कहा जाएगा तो हम कहां जाएंगे? उन्होंने आगे बताया कि लगभग 40 वर्षों से यहां व्यवसाय कर रहे लोग आज अनिश्चितता में हैं। स्टेडियम परिसर में करीब 100 दुकानें संचालित हो रही हैं, जिनमें औसतन चार से पांच लोग कार्यरत हैं। इस प्रकार, लगभग 500 परिवारों की रोजी-रोटी इन दुकानों पर निर्भर है। दुकानदारों का आरोप है कि वे पिछले कई वर्षों से पुनर्वास की मांग कर रहे हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिला है। शेख रज्जाक के अनुसार, दुकानदार पांच बार जनदर्शन में आवेदन दे चुके हैं और एसडीएम, कलेक्टर, विधायक तथा मंत्रियों तक अपनी बात पहुंचा चुके हैं, लेकिन अब तक किसी ठोस वैकल्पिक व्यवस्था की घोषणा नहीं की गई है। उन्होंने कहा, “हर बार कहा जाता है कि उनसे मिलिए, इनसे मिलिए, लेकिन समाधान कहीं नहीं मिला। अब अखबारों के जरिए पता चल रहा है कि दुकानें तोड़ी जाएंगी। अगर बुलडोजर चल गया तो हम अपने परिवारों का पालन-पोषण कैसे करेंगे?” आवेदन में पुनर्वास की मांग दुकानदारों द्वारा कलेक्टर को दिए गए आवेदन में कहा गया है कि समाचार पत्रों से जानकारी मिली है कि रविशंकर स्टेडियम का पुनर्विकास किया जाना है और इसके लिए दुकानों को खाली कराया जाएगा। आवेदन में उल्लेख किया गया है कि स्टेडियम परिसर में विभिन्न प्रकार के व्यवसाय कर रहे लोग अपने परिवारों का पालन-पोषण कर रहे हैं। यदि उन्हें बिना वैकल्पिक व्यवस्था के हटाया गया तो उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। दुकानदारों ने मांग की है कि दुकानें खाली कराने से पहले सभी व्यवसायियों का व्यवस्थित पुनर्वास किया जाए ताकि उनके रोजगार पर असर न पड़े। समिति की बैठक में क्या हुआ? मंगलवार को स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव और जिला क्रीड़ांगन समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर अभिजीत सिंह की मौजूदगी में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में पंडित रविशंकर शुक्ल स्टेडियम के पुनर्विकास, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम निर्माण, जर्जर भवनों के अपलेखन और खेल सुविधाओं के विस्तार से जुड़े कई प्रस्तावों पर चर्चा हुई। समिति ने निर्णय लिया कि स्टेडियम परिसर में संचालित दुकानों के अनुबंधों की समीक्षा के बाद विकास कार्यों और सुरक्षा को देखते हुए दुकानदारों को अनुबंध की शर्तों के अनुसार एक माह का नोटिस जारी किया जाएगा। साथ ही सुरक्षा निधि का भुगतान और समायोजन नियमानुसार किया जाएगा। इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए नगर निगम आयुक्त, एसडीएम और अन्य संबंधित अधिकारियों को अधिकृत किया गया है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की तैयारी बैठक में बताया गया कि पंडित रविशंकर शुक्ल स्टेडियम की भूमि पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम विकसित करने की दिशा में प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए बैडमिंटन कोर्ट को छोड़कर शेष भूमि को छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ के माध्यम से भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को 33 वर्षों की लीज पर देने का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद दुर्ग जिला प्रदेश के प्रमुख खेल केंद्रों में शामिल हो जाएगा और स्थानीय खिलाड़ियों को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिल सकेंगी। जर्जर भवनों और अतिक्रमणों पर भी कार्रवाई बैठक में लोक निर्माण विभाग की रिपोर्ट के आधार पर पंडित रविशंकर शुक्ल स्टेडियम और मानस भवन को अत्यंत जर्जर एवं अनुपयोगी घोषित किए जाने के बाद उनके अपलेखन पर सहमति बनी। इसके अलावा प्रस्तावित क्रिकेट स्टेडियम निर्माण के लिए आवश्यक भूमि को अतिक्रमण और अवरोधों से मुक्त कराने का भी निर्णय लिया गया। इसके तहत स्टेडियम परिसर और आसपास स्थित एसएलआरएम सेंटर, उद्यान, गुमटियों तथा अन्य अस्थायी एवं स्थायी संरचनाओं को हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) चंडीगढ़ जोनल यूनिट और चंडीगढ़ पुलिस ने पाकिस्तान से जुड़े एक बड़े ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में एक प्रैक्टिसिंग वकील समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से 793 ग्राम मेथामफेटामाइन (आइस), 10 ग्राम हेरोइन और 250 ग्राम पोस्त बरामद की गई है। एनसीबी अधिकारियों के अनुसार ट्राईसिटी क्षेत्र में सक्रिय नशा तस्करी नेटवर्क के बारे में खुफिया सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर एनसीबी और चंडीगढ़ पुलिस की संयुक्त टीम ने निगरानी शुरू की। इसी दौरान एक संदिग्ध वाहन को रोका गया, जिसे एक वकील चला रहा था। वाहन की तलाशी लेने पर उसमें से 93 ग्राम मेथामफेटामाइन (आइस) और 10 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। इसके बाद आरोपी से पूछताछ की गई और मिली जानकारी के आधार पर टीम ने पंजाब के खरड़ स्थित एक फ्लैट पर छापा मारा। खरड़ के फ्लैट से मिली बड़ी खेप एनसीबी टीम ने जब फ्लैट की तलाशी ली तो वहां से 700 ग्राम मेथामफेटामाइन (आइस) और 250 ग्राम पोस्त बरामद हुई। इस तरह पूरी कार्रवाई के दौरान कुल 793 ग्राम आइस, 10 ग्राम हेरोइन और 250 ग्राम पोस्त जब्त की गई। अधिकारियों का कहना है कि यह बरामदगी ट्राईसिटी क्षेत्र में हाल के समय की बड़ी ड्रग रिकवरी में से एक है। बरामद नशे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। छापेमारी के दौरान फ्लैट में एक महिला मिली छापेमारी के दौरान फ्लैट में एक महिला भी मौजूद थी, जो मुख्य आरोपी के साथ रह रही थी। जांच में सामने आया कि वह नशा तस्करी के नेटवर्क को संचालित करने और ड्रग्स की सप्लाई में आरोपी की मदद कर रही थी। इसके बाद एनसीबी ने उसे हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि महिला की नेटवर्क में क्या भूमिका थी और वह कब से इस अवैध कारोबार से जुड़ी हुई थी। कमर्शियल मात्रा से 16 गुना ज्यादा आइस बरामद एनसीबी के अनुसार बरामद की गई मेथामफेटामाइन की मात्रा एनडीपीएस एक्ट के तहत निर्धारित कमर्शियल मात्रा से करीब 16 गुना अधिक है। कानून के अनुसार इतनी बड़ी मात्रा में नशीला पदार्थ मिलने पर आरोपी को कड़ी सजा हो सकती है। मेथामफेटामाइन, जिसे आम भाषा में आइस कहा जाता है, एक बेहद खतरनाक सिंथेटिक ड्रग है। इसके सेवन से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। हाल के वर्षों में युवाओं के बीच इसकी मांग बढ़ने से तस्करी के मामलों में भी इजाफा हुआ है। पहले भी दर्ज हो चुका है मामला जांच के दौरान यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद है। उसके खिलाफ वर्ष 2023 में चंडीगढ़ के सेक्टर-36 थाना क्षेत्र में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। अब जांच एजेंसियां आरोपी के पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि वह लंबे समय से नशा तस्करी के कारोबार से जुड़ा हुआ था या हाल के वर्षों में उसने अपना नेटवर्क बढ़ाया। पाकिस्तान नेटवर्क से जुड़े तार प्रारंभिक जांच में एनसीबी को इस मामले में अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क के संकेत मिले हैं। एजेंसी का दावा है कि गिरफ्तार आरोपियों के तार पाकिस्तान आधारित ड्रग सिंडिकेट से जुड़े हैं। जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क तकनीकी रूप से काफी सक्रिय था और विभिन्न राज्यों में नशे की सप्लाई कर रहा था। एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि ड्रग्स की खेप भारत में किस रास्ते से पहुंच रही थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। एनसीबी और चंडीगढ़ पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की फंडिंग, सप्लाई चेन, बैंक लेन-देन और संपर्क सूत्रों की जांच कर रही हैं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस सिंडिकेट से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
दमोह जिला कोर्ट परिसर से बुधवार शाम अवैध हथियारों के साथ हिरासत में लिए गए संदिग्धों में से चार मुख्य आरोपियों पर कोतवाली पुलिस केस दर्ज कर लिया है। सभी आरोपियों को गुरुवार दोपहर कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से कोर्ट परिसर में गवाही के दौरान होने वाली एक बड़ी अनहोनी टल गई। हत्या के मामले में चल रही थी गवाही यह कार्रवाई बुधवार शाम को उस समय हुई जब दमोह जिला न्यायालय में एक सनसनीखेज हत्या के मामले की सुनवाई चल रही थी। इस मामले से जुड़े दोनों पक्षों के लोग गवाही देने के लिए कोर्ट पहुंचे थे। दोनों पक्षों के बीच कोर्ट परिसर में ही भारी तनातनी चल रही थी, जिससे वहां किसी बड़ी हिंसक घटना की पूरी आशंका बनी हुई थी। मुखबिर की सूचना पर कोतवाली टीआई ने की घेराबंदी कोतवाली टीआई मनीष कुमार ने बताया कि वे किसी अन्य विभागीय कार्य से जिला कोर्ट गए हुए थे। इसी दौरान मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि कोर्ट परिसर में गवाही के लिए आए पक्षों के कुछ लोग अवैध हथियारों के साथ घूम रहे हैं। पुलिस टीम ने तुरंत मुस्तैदी दिखाते हुए घेराबंदी की और संदिग्धों को दबोच लिया। शुरुआत में 10 से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर थाने लाया गया था। पूछताछ के बाद 4 पर केस, नाबालिग भी शामिल थाने में की गई कड़ाई से पूछताछ और तलाशी के बाद पुलिस ने चार आरोपियों पर आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। पकड़े गए आरोपियों में बिलवारी मोहल्ला निवासी सुमित रैकवार (20), लोको दमोह निवासी शैलेंद्र रैकवार (22), कचौरा बाजार निवासी रोहन विश्वकर्मा (21) और एक नाबालिग शामिल है। जो लोग पूछताछ में सही जानकारी नहीं दे पाए, उन्हें बाद में हिदायत देकर छोड़ा गया। पिस्टल, जिंदा कारतूस और धारदार चाकू बरामद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में अवैध हथियार बरामद किए हैं। इनमें एक अवैध देशी पिस्टल, दो जिंदा कारतूस और तीन घातक बटनदार चाकू शामिल हैं। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी ये हथियार कहां से लेकर आए थे।
रामानुजगंज नगर पालिका परिषद के वार्ड क्रमांक-15 के पार्षद और भाजपा मंडल महामंत्री सिद्धांत यादव ने ग्राम पंचायत रामचंद्रपुर निवासी शमशेर आलम के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने रामानुजगंज थाने में शिकायत देकर आरोप लगाया है कि शमशेर आलम ने छत्तीसगढ़ के मंत्री और क्षेत्रीय विधायक रामविचार नेताम के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट किया है। शिकायत में बताया गया है कि 17 जून 2026 को इंस्टाग्राम, फेसबुक और व्हाट्सएप पर ऐसा वीडियो डाला गया, जिसमें मंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया और जान से मारने व गंभीर नुकसान पहुंचाने जैसी धमकियां भी दी गईं। शिकायतकर्ता का कहना है कि वीडियो में लगाए गए आरोप पूरी तरह गलत और बिना किसी आधार के हैं। इसका मकसद मंत्री की छवि को नुकसान पहुंचाना है। उन्होंने यह भी कहा कि रामविचार नेताम एक लोकप्रिय जनप्रतिनिधि हैं और उनका क्षेत्र में अच्छा जनसमर्थन है। सिद्धांत यादव ने कहा कि इस तरह की हरकत से लोगों में नाराजगी फैल रही है और इससे माहौल खराब हो सकता है। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि आरोपी के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाए और विवादित वीडियो को सोशल मीडिया से हटवाया जाए। फिलहाल पुलिस ने शिकायत ले ली है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। इस दौरान भाजपा नेता शैलेश गुप्ता, आकाश गुप्ता और शुभम गुप्ता भी मौजूद रहे।
कोटा में अनैतिक गतिविधियों में उपयोग दो मकानों को ध्वस्त कर दिया गया। पुलिस और नगरपालिका की संयुक्त कार्रवाई के दौरान जेसीबी मशीनों से दोनों अवैध निर्माणों पर पीला पंजा चलाया गया। इन मकानों की अनुमानित कीमत एक करोड़ रुपए से अधिक बताई जा रही है। ग्रामीण पुलिस ने ऑपरेशन क्रिमिनल डस्टिंग के तहत इटावा कस्बे में गुरुवार को यह बड़ी कार्रवाई की। एसपी सुजीत शंकर ने बताया- कुछ दिन पहले जिला विशेष शाखा और इटावा पुलिस ने खातौली रोड स्थित दो मकानों पर दबिश देकर अनैतिक कार्यों में लिप्त 5 महिलाओं और 4 पुरुषों को गिरफ्तार किया था। शबनम, हनीसा बानो निवासी खातौली रोड इटावा थाना के 2 मकानों में अनैतिक कार्य पर छापा मारा गया था। जांच में सामने आया कि जिन मकानों में यह गतिविधियां संचालित हो रही थीं। वे अवैध रूप से बनाए गए थे। वहीं अवैध कार्यों से मिले रुपए से इन्हें बनाया था। अनैतिक कार्य के कारण पड़ोसी खाली कर रहे थे मकान अनैतिक कार्यों के चलते आस-पड़ोस के लोग अपने मकान बेचकर जाने लगे थे। यह कार्रवाई होने के बाद इलाके के लोग खुश नजर आए। नगरपालिका इटावा और प्रशासन द्वारा नियमानुसार नोटिस जारी किए जाने के बाद गुरुवार को दोनों मकानों को ध्वस्त कर दिया गया। ऑपरेशन क्रिमिनल डस्टिंग के तहत कोटा ग्रामीण पुलिस सक्रिय अपराधियों की सूची तैयार कर उनकी अवैध संपत्तियों को चिन्हित की जा रही है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामकल्याण मीणा और डीवाईएसपी कैलाश मीणा के निर्देशन में जिलेभर में इस तरह की कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई के दौरान एसडीएम हेमंत घनघोर, नगरपालिका ईओ राजूलाल मीना, वृत्ताधिकारी ओमप्रकाश सरावग, थानाधिकारी अजीत सिंह आदि मौजूद रहे।
मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के विरोध में महिला कांग्रेस ने जबलपुर के घंटाघर चौराहे पर गुरुवार को प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का पुतला फूंका और प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुतला दहन करने से रोकने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की झड़प हुई। पुलिस ने पानी की बौछारें कर और घेराबंदी करके पुतले को जब्त करने की कोशिश की, लेकिन कार्यकर्ता सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए पुतला जलाने पर अड़े रहे। झड़प के बीच एक बड़ा हादसा होते-होते बचा। पुतले में आग लगाने के बाद पुलिस की खींचतान के कारण उसका जलता हुआ हिस्सा महिला कांग्रेस की नेत्री प्रियंका सोनी पर गिरने वाला था। आसपास मौजूद कार्यकर्ताओं ने तुरंत आग बुझाई। इस घटना के बाद महिला कांग्रेस की संयुक्त सचिव प्रियंका सोनी ने भाजपा सरकार पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार आरक्षण की आड़ में महिलाओं को मौका नहीं दे रही है। सोनी ने दावा किया कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन एक सोची-समझी रणनीति के तहत निरस्त किया गया है।
छिंदवाड़ा के लालबाग क्षेत्र स्थित विशाल मेगा मार्ट के पास गुरुवार शाम तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर बिजली के खंभे से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पास में लगा एक छोटा एडवर्टाइजमेंट पोल भी टूटकर नीचे गिर पड़ा और वहां खड़ी एक कार पर जा गिरा। हादसे में एक अन्य कार और बाइक समेत कुल चार वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। घटना का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में कार टर्निंग के दौरान अचानक अनियंत्रित होकर बिजली के खंभे से टकराती दिखाई दे रही है। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोगों की भीड़ जमा हो गई। देखें दो तस्वीरें… पुलिसकर्मी के चलाने की बात सामने आई प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के समय कार चला रहा व्यक्ति पुलिसकर्मी था और वह वर्दी में था। हालांकि देर रात तक उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई थी। हादसे में शामिल वाहन का नंबर MP28 ZK 6558 बताया जा रहा है। कार के आगे और पीछे पुलिस लिखा हुआ था। हादसे के कारणों की जांच शुरू घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। फिलहाल यह पता लगाया जा रहा है कि हादसा तेज रफ्तार, लापरवाही या वाहन में किसी तकनीकी खराबी के कारण हुआ। गनीमत रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन चार वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के गुरुर में बिजली विभाग के एक कर्मचारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान देवेंद्र साहू (40) निवासी भिलाई-3 के रूप में हुई है। वह पिछले आठ वर्षों से गुरुर के दानीटोला वार्ड में किराए के मकान में रह रहे थे। पुलिस के अनुसार देवेंद्र साहू बिजली विभाग में लाइन अटेंडर के पद पर कार्यरत थे। उनका शव गुरुवार सुबह बोहारडीह सब स्टेशन के सामने स्थित हाईटेंशन बिजली टॉवर पर मिला। घटना की जानकारी मिलने पर गुरुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। प्रारंभिक जांच में मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस का कहना है कि परिजनों और अन्य लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं तथा जांच पूरी होने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। गुरुर पुलिस के अनुसार देवेंद्र साहू को वर्ष 2017 में अपने पिता के निधन के बाद अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। वे अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ गुरुर में रह रहे थे। घटना के बाद परिवार और सहकर्मियों में शोक का माहौल है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है और मामले की जांच जारी है।
शहर के यातायात दबाव को कम करने और रेल-सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए भारतीय रेलवे ने इंदौर यार्ड स्थित शास्त्री ब्रिज (आरओबी नंबर 103-सी) के पुनर्निर्माण को मंजूरी दे दी है। करीब 139 करोड़ रुपए की इस परियोजना के तहत पुराने पुल की जगह आधुनिक 4-लेन ओवरब्रिज बनाया जाएगा। इसके साथ दोनों ओर सर्विस रोड भी विकसित की जाएंगी, जिससे शहरवासियों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सकेगी। रेलवे के अनुसार यह प्रोजेक्ट रेलवे क्रॉसिंग और शहरी यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। लंबे समय से शहर के प्रमुख मार्गों में शामिल इस हिस्से पर भारी ट्रैफिक दबाव बना रहता है, जिसे देखते हुए पुल के पुनर्निर्माण का फैसला लिया गया है। 72 मीटर लंबा होगा नया ब्रिज स्वीकृत योजना के मुताबिक नया शास्त्री ब्रिज 72 मीटर लंबा होगा। इसे ऊंट की पीठ के आकार की संरचना में तैयार किया जाएगा। पुल में पीएससी गर्डर और पूर्ण वायडक्ट सिस्टम रहेगा, जिससे यह ज्यादा मजबूत और टिकाऊ बनेगा। पुल को चार लेन में विकसित किया जाएगा, ताकि बढ़ते ट्रैफिक को आसानी से संभाला जा सके। दोनों ओर बनेंगी 6-6 मीटर की सर्विस रोड मुख्य पुल के नीचे स्थानीय यातायात के लिए दोनों तरफ 6 मीटर चौड़ी सर्विस रोड भी बनाई जाएंगी। इससे आसपास के रहवासियों और छोटे वाहनों को मुख्य ट्रैफिक से अलग सुरक्षित रास्ता मिलेगा। साथ ही भविष्य में रखरखाव कार्यों में भी आसानी होगी। सीवर और बिजली व्यवस्था का होगा आधुनिकीकरण परियोजना के तहत सिर्फ पुल निर्माण ही नहीं, बल्कि आसपास की आधारभूत सुविधाओं को भी अपग्रेड किया जाएगा। मौजूदा सीवर लाइन को शिफ्ट कर नई सीवर लाइन डाली जाएगी, ताकि जल निकासी की समस्या न हो। इसके अलावा बिजली के खंभे, स्ट्रीट लाइट और अन्य यूटिलिटी सेवाओं को भी नए सिरे से व्यवस्थित किया जाएगा। ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत रेलवे का कहना है कि शास्त्री ब्रिज के पुनर्निर्माण से शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या में काफी कमी आएगी। खासतौर पर रेलवे यार्ड और आसपास के क्षेत्रों में रोजाना होने वाली आवाजाही अधिक व्यवस्थित होगी। इससे लोगों का समय बचेगा और सड़क सुरक्षा भी बेहतर होगी। यह परियोजना इंदौर की बढ़ती शहरी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। रेलवे का मानना है कि इससे शहर के परिवहन नेटवर्क को मजबूती मिलेगी और भविष्य की जरूरतों के अनुसार बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित हो सकेगी।
फरीदाबाद जिले के नीमका गांव निवासी रंकित गुर्जर की 7 जून को जिला जेल में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर लोगों में लगातार नाराजगी बनी हुई है। इसी मामले को लेकर गुरुवार देर शाम को सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने फरीदाबाद में मशाल और कैंडल मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। यह कैंडल मार्च माता गुजरी बाई चौक से शुरू होकर तेज बहादुर चौक तक निकाला गया। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने हाथों में मशाल और मोमबत्तियां लेकर रंकित गुर्जर को श्रद्धांजलि दी और उसके परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। 'अधिकारी से संतोषजनक जवाब नहीं मिला' इस प्रदर्शन में नूंह हिंसा के आरोपी राजकुमार पांचाल उर्फ बिट्टू बजरंगी, समाजसेविका संदीप अधाना सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। सभी का कहना था कि जिला जेल में बंद रंकित गुर्जर की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी सही जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है। उनका कहना है कि घटना को कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक किसी अधिकारी की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग सभी ने कहा ने आरोप लगाया कि जेल प्रशासन की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि रंकित गुर्जर की मौत के मामले में कई सवाल खड़े हो रहे हैं और सच्चाई सामने लाने के लिए उच्च स्तरीय जांच कराई जानी चाहिए। मामले में जिन लोगों पर आरोप लगाए जा रहे हैं, उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। 'न्याय नहीं मिला तो आगे भी आंदोलन जारी रखा जाएगा' विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि रंकित गुर्जर के परिवार को न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। प्रदर्शन में शामिल लोगो ने कहा कि यदि समय रहते न्याय नहीं मिला तो आगे भी आंदोलन जारी रखा जाएगा। मशाल मार्च के दौरान लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी और रंकित गुर्जर के लिए न्याय की मांग की। पूरे मार्च के दौरान लोगों ने प्रशासन से मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए कहा है।
राजधानी में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार और तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत टिकरापारा पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने भाठागांव बस स्टैंड के पास घेराबंदी कर एक अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में एक दंपती सहित एक नाबालिग बालिका को हिरासत में लिया गया है, जिनके कब्जे से 15.431 किलोग्राम अवैध गांजा जब्त किया गया है। मुखबिर की सूचना पर घेराबंदीपुलिस को 17 जून कोमुखबिर से सूचना मिली थी कि भाठागांव बस स्टैंड स्थित नीलकंठेश्वर मंदिर के सामने कुछ संदिग्ध लोग भारी मात्रा में गांजा लेकर खड़े हैं और उसे कहीं खपाने की फिराक में हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की एक विशेष टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर इलाके की घेराबंदी की। मुखबिर के बताए हुलिए के आधार पर टीम ने एक पुरुष, एक महिला और उनके साथ मौजूद एक नाबालिग लड़की को रोककर पूछताछ शुरू की। बैग से बरामद हुआ गांजा पूछताछ के दौरान उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर पुलिस ने उनके पास मौजूद सामान की गहन तलाशी ली। तलाशी के दौरान उनके पास मौजूद एक लाल रंग के पिट्ठू बैग से खाकी रंग के टेप से लिपटे गांजे के कई पैकेट बरामद हुए। तौल कराने पर जब्त गांजे का कुल वजन 15.431 किलोग्राम पाया गया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी हंस राज (38 वर्ष) और उसकी पत्नी सोनिया गुज्जर उर्फ सोनू (27 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपी मूल रूप से हरियाणा के पलवल जिले के ग्राम कंवरका के रहने वाले हैं, जो वर्तमान में मध्यप्रदेश के जबलपुर के पंसारी मोहल्ला क्षेत्र में ठिकाना बनाकर रह रहे थे। संदेह से बचने के लिए नाबालिग का इस्तेमाल इस पूरे मामले में पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि उनके साथ मौजूद नाबालिग लड़की उनकी बेटी या कोई रिश्तेदार नहीं है। पुलिस और जांच एजेंसियों की चेकिंग से बचने और खुद को एक सामान्य परिवार के रूप में पेश करने के लिए उन्होंने सोची-समझी साजिश के तहत उस नाबालिग को अपने साथ रखा हुआ था, ताकि किसी को उन पर शक न हो। पुलिस अब इस बात की गहन जांच कर रही है कि नाबालिग को इस दलदल में कैसे धकेला गया और इस गिरोह के पीछे और कौन से बड़े चेहरे सक्रिय हैं। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पाकिस्तान सीमा से सटे बाड़मेर के बॉर्डर इलाके में ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’ के तहत अवैध तीन धार्मिक स्थलों को ध्वस्त किया गया। कार्रवाई गडरारोड और सेड़वा में की गई। इस दौरान प्रशासन और भारी पुलिस तैनात रहा। इधर, बायतु विधायक हरीश चौधरी ने कहा - केंद्र सरकार ने धार्मिक स्थलों को चिन्हित कर नोटिस जारी किए हैं। नोटिस नियमों के विपरीत बैक डेट में जारी किए जा रहे हैं। बायतु विधायक हरीश चौधरी ने आरोप लगाते हुए कहा कि सांसद और विधायक को बाड़मेर प्रशासन ने 30 घंटे बाद मिलने का समय दिया। लेकिन बातचीत में इकलौती बात कही गई कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा का विषय है। क्या, कब और क्यूं हो रहा है। इस बात को हम आपसे साझा नहीं कर सकते है। जो आज कार्रवाई हुई है सेड़वा इलाके में 200-300 साल पुरानी जाल को हटाया गया। टांकों को हटाया गया। बता दें, हाल ही में बीकानेर में आयोजित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम और सुरक्षा समीक्षा बैठक के बाद बॉर्डर एरिया में 'ऑपरेशन क्लीन' का दायरा 15 किलोमीटर से बढ़ाकर 50 किलोमीटर किया गया था। पाकिस्तान से सटे बॉर्डर एरियों में अतिक्रमण को लगातार सर्वे कर चिह्नित किया जा रहा है। दो जगह धार्मिक स्थलों को हटाया अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई से पहले प्रशासन की निगरानी में अलग-अलग टीमें बॉर्डर क्षेत्र के लिए रवाना हुईं। भारी पुलिस जाब्ता तैनात रहा। इनके साथ बाड़मेर सहित आसपास के क्षेत्रों के पुलिस अधिकारी और जवान भी मौजूद रहे। इस दौरान गडरारोड उपखंड क्षेत्र के दो धार्मिक स्थल को ध्वस्त किया गया। बताया जा रहा है कि इनका निर्माण निर्माण पिछले चार-पांच साल में हुआ था। कार्रवाई के दौरान जहां अतिक्रमण हटाने का काम चल रहा था, वहां मीडिया और आम लोगों को दूर रखा गया। कार्रवाई से पहले कांग्रेस नेताओं ने जताया विरोध कार्रवाई से पहले कांग्रेस प्रभारी एवं बायतु विधायक हरीश चौधरी तथा सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने प्रेस वार्ता कर इसका विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई राजनीतिक फायदे के लिए की जा रही है। सीमावर्ती क्षेत्र को राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा बनाना उचित नहीं है और इससे थार के सदियों पुराने भाईचारे को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने एडीएम से मुलाकात कर कार्रवाई पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि बिना स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों से संवाद किए इस तरह की कार्रवाई करना उचित नहीं है। जनप्रतिनिधियों पर दबाव बनाने का आरोप हरीश चौधरी ने आरोप लगाया कि नोटिस देने के बाद जनप्रतिनिधियों को डराने और दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। फागलिया पंचायत समिति क्षेत्र में भलगांव सरपंच के बेटे से दबाव बनाकर हस्ताक्षर करवाने तथा धनाऊ क्षेत्र में एक आदिवासी भील सरपंच को परेशान करने जैसी घटनाएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी शिकायतें कई स्थानों से मिल रही हैं। सांसद उम्मेदाराम बोले- प्रशासन संतोषजनक जवाब नहीं दे रहा सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने कहा - मामले की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने लगातार जिला प्रशासन से बातचीत की, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया और अधिकारी अनभिज्ञता जाहिर कर रहे हैं। हरीश चौधरी ने कहा - कुछ ताकतें जाति, धर्म और समुदायों के बीच विभाजन पैदा कर थार के भाईचारे को कमजोर करना चाहती हैं, लेकिन दुनिया की कोई भी ताकत इस क्षेत्र में सामाजिक सौहार्द को समाप्त नहीं कर सकती। थार के लोग हर कीमत चुकाने को तैयार हैं, लेकिन भाईचारे और सामाजिक एकता को टूटने नहीं देंगे।
बलरामपुर के चौकी गणेशमोड़ पुलिस ने बैल वध के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए सात लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। जानकारी के अनुसार, ग्राम सवनी निवासी विकास यादव ने 16 जून को चौकी गणेशमोड़ में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि 15 जून की रात कुछ लोगों ने गांव के अगस्टीन कोड़ाकू से एक बैल खरीदा और उसे केवाड़ी जंगल ले जाकर काट दिया। इसके बाद मांस को आपस में बांट लिया गया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपियों की पहचान की। जांच के दौरान अकलेस चरगट, पौलूस चरगट, पीटर हड्डे, जेबियर कुम्हरिया, नीलम मुरूम, रतू कुम्हरिया और अल्बिश सदोम को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोप सही पाए जाने पर सभी को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद 17 जून को उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की आगे जांच जारी है।
लखनऊ के मड़ियांव थानाक्षेत्र में बुधवार रात पत्नी से फोन पर विवाद के बाद ड्राइवर ने घर में फंदा लगाकर जान दे दी। परिजनों ने पत्नी पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए मड़ियांव थाने में तहरीर दी है। वहीं आलमबाग थानाक्षेत्र में करंट की चपेट में आने से डिलीवरी बॉय की मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। कसाईबाड़ा निवासी शोएब सिद्दीकी वाहन चालक थे। उनके बहनोई साहिल ने बताया पहली पत्नी की बीमारी के चलते करीब दो साल पहले मौत हो गई थी। पहली पत्नी से उनकी एक बेटी उमैरा है। इसके बाद उन्होंने बेबी से दूसरी शादी की थी। आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हो गया था। करीब तीन महीने पहले दूसरी पत्नी अपनी बेटी को लेकर गोमतीनगर के उजरियांव स्थित बहनोई के घर चली गई थी। परिजनों के अनुसार बुधवार रात शोएब की पत्नी से फोन पर बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी होने लगी। काफी देर तक झगड़ा होता रहा। कुछ देर बाद शोएब शांत हो गया। रात करीब 12:30 बजे भांजा कमरे में पहुंचा तो शोएब दुपट्टे के सहारे पंखे से लटके मिले। शोर मचाने पर परिजन मौके पर पहुंचे और उन्हें नीचे उतारकर ट्रॉमा सेंटर ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।इंस्पेक्टर मड़ियांव शिवानंद मिश्रा ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। युवक को लगा करेंट, मौतवहीं आलमबाग में गुरुवार सुबह घर में प्लग का तार बदलते समय करंट लगने से युवक की मौत हो गई। आलमबाग शांतिपुरम निवासी अंकित मिश्रा कुछ समय से एक ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी में डिलीवरी बॉय के तौर पर काम कर रहे थे। अंकित के जीजा मलिक ने बताया कि गुरुवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे वह घर में प्लग का तार बदल रहे थे। इसी दौरान खुला तार उनके हाथ में छू गया और वह करंट की चपेट में आ गए। अंकित की चीख सुनकर परिजन कमरे में पहुंचे तो वह फर्श पर अचेत पड़े मिले। घबराए परिजन उन्हें आनन फानन में अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। अंकित घर का एकलौता बेटा था। घटना के बाद पिता और मां बदहवास हो गए। दोनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
इंदौर नगर निगम अब शहर के सिनेमाघरों में बिना अनुमति प्रदर्शित किए जा रहे विज्ञापनों पर सख्ती करेगा। गुरुवार को महापौर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में हुई मेयर इन काउंसिल (एमआईसी) की बैठक में निर्णय लिया गया कि सिनेमाघरों में दिखाए जा रहे सभी विज्ञापनों का मध्यप्रदेश आउटडोर विज्ञापन मीडिया नियम-2017 के तहत पंजीयन कराया जाएगा और उनसे निर्धारित लाइसेंस शुल्क वसूला जाएगा। बैठक में शहर के विकास, जल प्रबंधन, आवास और आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। हालांकि महापौर के निर्देश पर विभिन्न जोनों में प्रस्तावित कॉलोनियों के रेट जोन परिवर्तन के प्रस्ताव को निरस्त कर दिया गया। अधिकारियों का मानना है कि इससे आम नागरिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता था। एमआईसी ने शहर के श्मशान और कब्रिस्तानों के संचालन के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने का निर्णय लिया। इंदौर जलप्रदाय प्रणाली के तहत ओवरहेड टैंकों के लिए फीडर मेन लाइन बिछाने, जोड़ने, टेस्टिंग और कमीशनिंग के कार्यों को मंजूरी दी गई। साथ ही वर्षा जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए शहर के विभिन्न हिस्सों में 10 नए रिचार्ज स्ट्रक्चर बनाए जाएंगे। पुरानी प्रतिमा हटाकर नई लगाने का प्रस्ताव बैठक में छोटी ग्वालटोली स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल रोटरी के सौंदर्यीकरण के तहत पुरानी प्रतिमा हटाकर नई प्रतिमा स्थापित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। एयरपोर्ट रोड स्थित पंचशील नगर में सीएसआर मद से स्क्रैप धातु से सेवन स्टार स्मारक बनाने, फूटी कोठी चौराहे पर संत श्री सेवालाल ब्रिज निर्माण से क्षतिग्रस्त सर्विस रोड के पुनर्निर्माण और चंदन नगर चौराहे पर फ्लायओवर निर्माण में बाधक प्राइमरी सीवर लाइन को शिफ्ट करने के प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली। सफाई मित्रों की तर्ज पर अब ड्रेनेज कर्मचारियों को भी आकस्मिक दुर्घटना की स्थिति में चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना-2.0 के तहत प्रस्तावित 8100 आवासीय इकाइयों के निर्माण के लिए निविदा आमंत्रित करने की स्वीकृति दी गई। बैठक में निगम के 60 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र, इंटरनेशनल रिन्यूएबल एनर्जी सर्टिफिकेट रजिस्ट्रेशन और शहरभर की पुरानी स्ट्रीट लाइटों को एलईडी में बदलने के प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई।
दुर्ग जिले के रिसाली में करीब 13 महीने पुराने हत्या के मामले में सत्र न्यायालय ने आरोपी डोमेश्वर सिंह ठाकुर उर्फ पटवारी डोमेन्द्र को हत्या का दोषी माना और उसे उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने आरोपी पर एक हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। यदि वह यह राशि जमा नहीं करता है, तो उसे छह महीने की अतिरिक्त सश्रम जेल की सजा काटनी होगी। अब जानिए पूरा मामला अभियोजन के अनुसार, यह घटना 5 मई 2025 की दोपहर करीब एक बजे की है। रिसाली तालाब पार क्षेत्र निवासी मोहन ताम्रकार अक्सर आरोपी डोमेश्वर सिंह ठाकुर को सार्वजनिक स्थान पर शराब पीकर गाली-गलौज करने से मना करता था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना वाले दिन भी आरोपी शराब के नशे में तालाब किनारे बैठकर जोर-जोर से गालियां दे रहा था। जब मोहन ताम्रकार ने उसे फिर से टोका, तो आरोपी भड़क गया। आरोपी ने मोहन से कहा, तुम मुझे रोज रोकने वाले कौन होते हो, आज तुम्हें खत्म कर दूंगा। इसके बाद उसने शराब की टूटी हुई कांच की बोतल उठाई और मोहन ताम्रकार के सीने में जोरदार वार कर दिया। गंभीर रूप से घायल मोहन ताम्रकार जमीन पर गिर पड़ा और आरोपी मौके से फरार हो गया। प्रत्यक्षदर्शी अजय कुमार साहू ने तत्काल परिजनों को सूचना दी। स्थानीय लोगों की मदद से घायल को विनायक अस्पताल रिसाली ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हत्या की सूचना मिलते ही नेवई पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से खून से सनी मिट्टी, सादी मिट्टी और अन्य सबूत जब्त किए। शव परीक्षण में भी सीने पर घातक चोट लगने से मौत की पुष्टि हुई। अदालत में पेश किए गए गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट, जब्ती से जुड़े कागजात और अन्य सबूतों से अभियोजन पक्ष का मामला मजबूत साबित हुआ। सुनवाई के दौरान अभियोजन ने इसे गंभीर अपराध बताते हुए आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग की। बचाव पक्ष ने मांगी थी नरमी आरोपी की ओर से अधिवक्ता ने तर्क दिया कि यह उसका पहला अपराध है और वह आदतन अपराधी नहीं है। इसलिए उसे न्यूनतम दंड दिया जाना चाहिए। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि मामला “विरल से विरलतम” श्रेणी का नहीं है, इसलिए मृत्युदंड जैसी सजा उचित नहीं होगी। कोर्ट ने मृत्युदंड से किया इनकार सत्र न्यायाधीश के. विनोद कुजूर ने अपने फैसले में कहा कि मृत्युदंड सिर्फ बहुत ही दुर्लभ और सबसे जघन्य मामलों में ही दिया जाता है। अदालत ने माना कि आरोपी का कृत्य गंभीर और निंदनीय है, लेकिन यह मामला “रेयरेस्ट ऑफ रेयर” की श्रेणी में नहीं आता। अदालत ने यह भी कहा कि सजा तय करते समय सिर्फ आरोपी की उम्र या उसकी पारिवारिक स्थिति नहीं देखी जाती, बल्कि अपराध की गंभीरता और उसका समाज पर क्या असर पड़ेगा, यह भी देखा जाता है। फैसले में सुप्रीम कोर्ट के कई निर्णयों का हवाला देते हुए कहा गया कि अपराध के हिसाब से उचित और संतुलित सजा देना जरूरी है। उम्रकैद की सजा सुनाई सभी सबूतों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद अदालत ने आरोपी डोमेश्वर सिंह ठाकुर उर्फ पटवारी डोमेन्द्र को भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 103(1) के तहत हत्या का दोषी माना। इसके बाद न्यायालय ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई और साथ ही एक हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया।
लखनऊ में गुरु अर्जन देव का शहीदी दिवस:सिक्की मेरी पहचान फाउंडेशन ने छबील और प्रसाद वितरित किया
लखनऊ में सिखों के पंचम गुरु श्री अर्जन देव का शहीदी दिवस मनाया गया। इस अवसर पर 'सिक्की मेरी पहचान फाउंडेशन' ने कानपुर रोड स्थित विजय नगर में छबील (मीठा शीतल जल) और प्रसाद वितरण सेवा का आयोजन किया। इस सेवा का लाभ बड़ी संख्या में राहगीरों और स्थानीय लोगों ने उठाया। कार्यक्रम में भाजपा महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी और क्षेत्रीय पार्षद सौरभ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने फाउंडेशन के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए गुरु अर्जन देव के त्याग, मानव सेवा और समर्पण के आदर्शों को अपनाने का संदेश दिया। सिख इतिहास में उनके योगदान के बारे में बताया इस अवसर पर वक्ताओं ने गुरु अर्जन देव के जीवन, उनके बलिदान और सिख इतिहास में उनके योगदान के बारे में बताया । उन्होंने बताया कि सत्य, सहिष्णुता और धर्म की रक्षा के लिए उनका सर्वोच्च बलिदान आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने जानकारी दी कि संस्था गुरु साहिब की शिक्षाओं के अनुरूप मानव सेवा और समाजहित के कार्यों को भविष्य में भी जारी रखेगी। सेवा कार्यक्रम में 'सिक्की मेरी पहचान फाउंडेशन' के अध्यक्ष दिलप्रीत सिंह डी.पी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष लखविंदर पाल सिंह, उपाध्यक्ष रणवीर सिंह कालसी और लखनऊ अध्यक्ष कुलवीर सिंह सोढ़ी सहित कई पदाधिकारी, सदस्य और सेवादार उपस्थित थे।
लखनऊ में गुरु अर्जन देव का शहीदी दिवस:गुरुद्वारा सचखंड साहिब में विशेष दीवान
राजधानी लखनऊ में गुरु अर्जन देव के शहीदी दिवस पर गुरुद्वारा सचखंड साहिब, गोमती नगर में श्रद्धा और भक्ति के साथ विशेष दीवान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत श्री अखंड पाठ साहिब की समाप्ति के साथ हुई। इसके बाद संगत ने सुखमनी साहिब का पाठ किया, जबकि बच्चों ने भी श्रद्धापूर्वक सुखमनी साहिब का पाठ कर सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम के दौरान गुरबाणी शब्द कीर्तन का आयोजन हुआ। भूपेंद्र कौर, भगवनत कौर और ज्योति कौर ने मधुर गुरबाणी कीर्तन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक वातावरण से जोड़ दिया। बड़ी संख्या में संगत ने कार्यक्रम में शामिल होकर गुरु घर की हाजिरी लगाई। दीवान की समाप्ति के बाद गुरु का लंगर और छबील सेवा का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने सेवा भाव से लंगर ग्रहण किया और छबील वितरण में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस अवसर पर ग्रंथी गुरप्रीत सिंह ने गुरु अर्जन देव के जीवन, बलिदान और मानवता के लिए उनके संदेश के बारे में बताया।उन्होंने कहा कि गुरु अर्जन देव का शहीदी दिवस हमें सेवा, त्याग, सत्य और मानव कल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
मंदसौर की पिपलियामंडी पुलिस ने गुरुवार शाम नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 400 ग्राम एमडी ड्रग, 10.5 किलो डोडाचूरा और एक मोटरसाइकिल जब्त की है। जब्त किए गए सामान की कुल कीमत करीब 9 लाख रुपये बताई गई है। मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग मादक पदार्थ लेकर जा रहे हैं। इसके बाद फटाका मार्केट से काचरिया रोड पर घेराबंदी की गई। इसी दौरान एक संदिग्ध मोटरसाइकिल को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें अवैध मादक पदार्थ बरामद हुआ। पकड़े गए आरोपियों ने अपनी पहचान महफुज पिता शफी मोहम्मद पिंजारा (19), निवासी खजुरी रूंडा थाना गरोठ और वसीम पिता खाजु मंसूरी (20), निवासी सगोरिया थाना शामगढ़ के रूप में बताई। 8 लाख की एमडी ड्रग बरामद पुलिस ने आरोपियों के पास से 400 ग्राम एमडी ड्रग बरामद की, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 8 लाख रुपये है। इसके अलावा 10.5 किलोग्राम डोडाचूरा भी जब्त किया गया। तस्करी में इस्तेमाल की जा रही होंडा एसपी-125 मोटरसाइकिल (MP14ZK0628) भी जब्त कर ली गई। एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज पिपलियामंडी थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/15 और 22 के तहत मामला दर्ज किया है। थाना प्रभारी विक्रम सिंह इवने ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मादक पदार्थ कहां से लाया गया था और इसे किसे सप्लाई किया जाना था। मामले की जांच जारी है।
सांसद सोलंकी ने नमो उपवन में लगाए 51 पौधे:गांवों में जनसंपर्क कर आशा-ऊषा कार्यकर्ताओं से लिया ज्ञापन
देवास-शाजापुर सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी ने गुरुवार को आगर मालवा जिले के बड़ौद मंडल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कई गांवों में जनसंपर्क किया, नमो उपवन में 51 पौधे लगाए और आशा-ऊषा कार्यकर्ताओं से उनकी मांगों से संबंधित ज्ञापन लिया। सांसद सोलंकी ने बापचा, हटीपुरा, झालारा, कंकड़ेल और सुवागांव में ग्रामीणों से मुलाकात की। उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों और कार्यकर्ताओं से संवाद किया। बड़ौद नगर में प्रधानमंत्री आवास एवं स्वरोजगार योजनाओं के हितग्राहियों से चर्चा करते हुए सांसद ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उनके प्रवास का समापन जैन धर्मशाला में भावसार समाज के कार्यक्रम में सहभागिता के साथ हुआ। इससे पहले, आगर के नमो उपवन में नगर पालिका परिषद के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत सांसद सोलंकी ने 51 पौधों का रोपण किया। इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष ओम मालवीय, बाबूलाल यादव, दिनेश परमार, भरत प्रजापति, अजय मारू बरड़िया सहित कई जनप्रतिनिधि और मुख्य नगर पालिका अधिकारी कुशाल सिंह डोडवे मौजूद रहे। सभी उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण और हरित आगर के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने का संकल्प लिया। बड़ौद आगमन पर आशा एवं ऊषा कार्यकर्ता महिला संगठन की जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सांसद को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने तीन माह से लंबित प्रोत्साहन राशि का भुगतान, मानदेय में वृद्धि और कार्य के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। सांसद सोलंकी ने कार्यकर्ताओं को उनकी समस्याओं के शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में आशा एवं ऊषा कार्यकर्ता उपस्थित थीं।

