कमर्शियल सिलेंडर 3200 रुपए पहुंचा:कैटरर्स-ढाबा संचालकों में नाराजगी, दाम घटाने की मांग
लखनऊ समेत पूरे प्रदेश में कमर्शियल गैस सिलेंडर के बढ़ते दामों को लेकर व्यापारियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उत्तर प्रदेश टेंट कैटर्स एंड डेकोरेटर वेलफेयर एसोसिएशन ने इसे लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन का कहना है कि सिलेंडर के दाम अचानक 2200 रुपए से बढ़ाकर 3200 रुपए कर दिए गए हैं, जिससे कैटरिंग, होटल और छोटे कारोबारियों की लागत पर सीधा असर पड़ा है। खासकर सहालग के सीजन में पहले से तय रेट पर काम कर रहे कैटरर्स को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। व्यापारियों का दावा है कि इसका असर आम जनता पर भी पड़ेगा और महंगाई तेजी से बढ़ेगी। सहालग सीजन में कैटरर्स पर बढ़ा दबावमई माह में शादी-विवाह का सीजन चल रहा है। ऐसे में कैटरिंग का काम पहले से तय दरों पर बुक होता है, लेकिन गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से अब कैटरर्स के सामने लागत निकालना मुश्किल हो गया है। संगठन का कहना है कि अचानक हुई इस बढ़ोतरी से उनके मुनाफे पर सीधा असर पड़ा है और कई जगह घाटे की स्थिति बन रही है। छोटे कारोबारियों पर भी असरकमर्शियल सिलेंडर की कीमत बढ़ने का असर सिर्फ बड़े कारोबार तक सीमित नहीं है। ढाबा संचालक, रेस्टोरेंट मालिक, चाय और नाश्ता बेचने वाले छोटे दुकानदार भी इससे प्रभावित हो रहे हैं। इन कारोबारों की लागत बढ़ने से आने वाले दिनों में खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ना तय माना जा रहा है। 1850 से 3200 तक पहुंचा सिलेंडरसंगठन के मुताबिक, पहले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत करीब 1850 रुपए थी। बाद में इसे बढ़ाकर 2200 रुपए किया गया और अब सीधे 3200 रुपए तक पहुंचा दिया गया है। इतनी बड़ी बढ़ोतरी को व्यापारियों ने अनुचित बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की है। महंगाई बढ़ने की आशंकाव्यापारियों का कहना है कि गैस की कीमत बढ़ने से हर सेक्टर में लागत बढ़ेगी, जिसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा। शादी-विवाह से लेकर रोजमर्रा के खानपान तक, हर जगह खर्च बढ़ेगा और महंगाई में तेजी आएगी। सरकार से दाम घटाने की मांगउत्तर प्रदेश टेंट कैटर्स एंड डेकोरेटर वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार ने सरकार से अपील की है कि बढ़े हुए दामों को तत्काल वापस लिया जाए। उनका कहना है कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो व्यापारियों में नाराजगी और बढ़ेगी, जिसका असर व्यापक स्तर पर देखने को मिल सकता है।
शराब पीने से मना करने पर की हत्या:अंबेडकरनगर पुलिस ने आरोपी को पकड़ा, चाचा के अपमान करने से नाराज था
अंबेडकरनगर पुलिस ने जैतपुर थाना क्षेत्र में 26 अप्रैल को हुई हत्या का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने संतोष तिवारी के भतीजे मोनू उर्फ इंद्रमणि तिवारी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने अपने चाचा की हत्या शराब पीने की लत के लिए डांटने और सार्वजनिक रूप से अपमानित करने के कारण की। अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) डॉ. यशवीर सिंह ने बताया कि 26 अप्रैल को पीआरबी को ग्राम आशापार में एक व्यक्ति पर धारदार हथियार से हमला होने की सूचना मिली थी। घायल को तत्काल सीएचसी जलालपुर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान संतोष तिवारी के रूप में हुई थी। मृतक की पत्नी कमला देवी की तहरीर पर जैतपुर थाने में मामला दर्ज किया गया। जांच के बाद पुलिस ने आरोपी मोनू उर्फ इंद्रमणि तिवारी को आशापार ट्रांसफार्मर नहर पुलिया के पास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मोनू ने बताया कि उसके चाचा संतोष तिवारी उसे शराब पीने की लत के कारण लगातार रोकते-टोकते थे। वे उसे लोगों के सामने डांट-फटकार कर अपमानित भी करते थे। मोनू का यह भी कहना था कि चाचा द्वारा उसके बारे में नकारात्मक बातें बताए जाने के कारण उसकी शादी भी नहीं हो पा रही थी, जिससे वह मानसिक रूप से आक्रोशित था। चाचा द्वारा बार-बार डांटे जाने और सार्वजनिक रूप से अपमानित किए जाने से आक्रोशित मोनू ने 25 अप्रैल की शाम को उनकी हत्या करने का निश्चय किया। उसने पहले से एक कुल्हाड़ी का इंतजाम कर लिया था। रात में जब उसके चाचा बारात से लौटकर गौशाला के पास सो रहे थे, तब मोनू ने मच्छरदानी हटाकर कुल्हाड़ी से उनकी गर्दन पर वार कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। घटना के दौरान बगल में सो रही चाची के जागने पर अभियुक्त वहां से भाग निकला। उसने कुल्हाड़ी का बेत रास्ते में पुलिया के नीचे फेंक दिया था।
सोनभद्र में जिलाधिकारी चर्चित गोंड ने विभिन्न विकास योजनाओं का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने नगर पंचायत पेयजल पुनर्गठन योजना, राजकीय बालिका हाई स्कूल हिनौती और कलवारी-रॉबर्ट्सगंज मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुंदरीकरण कार्य की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने घोरावल नगर पंचायत की पेयजल पुनर्गठन योजना को उच्च गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य आमजन को स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलवारी-रॉबर्ट्सगंज मार्ग के चौड़ीकरण और सुंदरीकरण कार्य का जायजा लेते हुए जिलाधिकारी ने इसे बरसात से पहले पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने मौके पर सड़क निर्माण में इस्तेमाल की जा रही गिट्टी की मात्रा का सत्यापन भी कराया। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को गुणवत्ता से कोई समझौता न करने के सख्त निर्देश दिए गए, ताकि आवागमन सुरक्षित, सुगम और दीर्घकालिक हो सके। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने सभी कार्यों को समय और पारदर्शी तरीके से पूरा करने पर जोर दिया, ताकि जनपद के समग्र विकास को गति मिल सके और जनता को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिलें। इस निरीक्षण के दौरान जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी संतपाल वर्मा, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता, जल निगम (शहरी एवं ग्रामीण) के अधिशासी अभियंता और जिला विद्यालय निरीक्षक जयराम सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
मऊ जिले के जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र ने ग्राम पंचायत खुरहट के प्राथमिक विद्यालय में आयोजित ग्राम चौपाल में कानूनगो और लेखपालों के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने राजस्व वादों के निस्तारण में हो रही देरी पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को लंबित मामलों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने घोषणा की कि अब कानूनगो और लेखपालों की वार्षिक गोपनीय प्रविष्टि (एसीआर) उनके कार्य प्रदर्शन के आधार पर तैयार की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि जिन अधिकारियों की एसीआर संतोषजनक नहीं पाई जाएगी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, पोस्टिंग और स्थानांतरण भी कार्य क्षमता के आधार पर ही तय किए जाएंगे। चौपाल के दौरान, डीएम ने उप जिलाधिकारी मोहम्मदाबाद गोहाना से फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने शेष किसानों का पंजीकरण जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों को यह भी निर्देशित किया कि योजनाओं से वंचित पात्र लोगों की सूची तैयार कर उन्हें तत्काल लाभान्वित किया जाए। समीक्षा में सामने आया कि राजस्व वादों के निस्तारण में देरी का मुख्य कारण कानूनगो और लेखपालों द्वारा धारा 24 (पैमाइश), धारा 116 (कुर्रा बटवारा) और धारा 34 (नामांतरण) के तहत समय पर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत न करना है। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी अर्चना अग्निहोत्री, जिला पंचायत राज अधिकारी कुमार अमरेंद्र, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष उपाध्याय, जिला पूर्ति अधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह सहित अन्य अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
मुरादाबाद मंडल की डीआरयूसीसी के सदस्य नवीन अग्रवाल ने शुक्रवार को हरदोई रेलवे स्टेशन पर स्थानीय नागरिकों के साथ मिलकर रेल मंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन स्टेशन अधीक्षक नरसी लाल मीणा और वाणिज्य निरीक्षक अंबुज मिश्रा को दिया गया। इसमें हरदोई स्टेशन और जिले के समग्र रेल विकास से संबंधित कई महत्वपूर्ण मांगें उठाई गई हैं। ज्ञापन में हरदोई से गुजरने वाले रेलवे ट्रैक को 'फोर लेन' (चार लाइन) में विस्तारित करने की मांग प्रमुखता से की गई है। नवीन अग्रवाल ने तर्क दिया कि बढ़ते यातायात दबाव और यात्रियों की संख्या के कारण मौजूदा रेलवे ढांचा अपर्याप्त है। शाहजहांपुर-हरदोई-लखनऊ रेलखंड को चार लाइनों में विकसित करने से ट्रेनों का संचालन सुचारु होगा और देरी की समस्या कम होगी। इसके अतिरिक्त, हरदोई स्टेशन पर आधुनिक और प्रमुख ट्रेनों के ठहराव की मांग भी उठाई गई है। इसमें विशेष रूप से वंदे भारत और अमृत भारत जैसी ट्रेनों का स्टॉपेज शामिल है। नवीन अग्रवाल के अनुसार, इन ट्रेनों के ठहराव से यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी और हरदोई की देश के प्रमुख शहरों से सीधी कनेक्टिविटी मजबूत होगी। ज्ञापन में यह भी बताया गया कि हरदोई जनपद तेजी से औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित हो रहा है, जहाँ कई बड़ी कंपनियाँ अपने प्लांट स्थापित कर रही हैं। ऐसे में बेहतर और तीव्र परिवहन सुविधाओं की आवश्यकता है। सुदृढ़ रेल नेटवर्क से उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा और क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी। ज्ञापन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हरदोई के महत्व को रेखांकित किए जाने का भी उल्लेख किया गया। इसमें आग्रह किया गया है कि जनपद को बड़ी रेल परियोजनाओं में शामिल किया जाए, जिससे क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिल सके। इस पहल के दौरान स्थानीय नागरिकों ने भी अपनी समस्याओं और सुझावों को साझा किया।
नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम 17 अप्रेल को लोकसभा में पास नहीं हो सका। कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों ने इसके खिलाफ वोटिंग की थी। जिसके बाद बीजेपी के केन्द्रीय नेतृत्व ने पूरे देश में कांग्रेस और विपक्षी दलों के खिलाफ राष्ट्रव्यापी आंदोलन छेड़ा था। इसी के तहत बीजेपी शासित राज्यों को निर्देश दिए गए थे कि वे अपने यहां विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित करवाए। केन्द्र ने इसकी डेटलाइन 30 अप्रेल तय की थी। लेकिन राजस्थान सरकार में इस पर काम भी शुरू नहीं हुआ हैं। यूपी,एमपी और उत्तराखंड ने पास किया प्रस्तावइसके विपरीत उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश और उत्तराखंड की बीजेपी सरकारें विशेष सत्र बुलाकर निंदा प्रस्ताव पास कर चुकी हैं। वहीं, दिल्ली, छत्तीसगढ़ और ओडिशा की सरकारों ने निंदा प्रस्ताव पारित करने के लिए विशेष सत्र बुला लिए हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने तो निंदा प्रस्ताव पारित करने के साथ विधानसभा ने एक सरकारी संकल्प भी पारित किया। जिसमें परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद संसद और सभी राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण तुरंत लागू करने की मांग की गई। पंचायत से लेकर विधानसभा तक विशेष सत्रकेंद्रीय नेतृत्व के स्पष्ट निर्देश थे कि 30 अप्रेल तक ग्राम पंचायत से लेकर विधानसभा तक विशेष सत्र बुलाकर कांग्रेस और विपक्षी पार्टियों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित कर राष्ट्रपति को भेजा जाएगा। लेकिन प्रदेश में स्थिति इसके बिल्कुल उलट हैं। प्रदेश में अधिकतर पंचायतों और नगर निकायों का कार्यकाल पूरा हो चुका हैं। ऐसे में वहां भी विशेष सत्र नहीं बुलाया जा सका हैं। विशेष विधेयक के हवाले से बुलाना होगा सत्रजानकारों का मानना है कि विधानसभा सत्र किसी खास विधेयक, राजनीतिक प्रस्ताव, आपात स्थिति पर चर्चा और निर्णय लेने के लिए ही बुलाया जा सकता हैं। कैबिनेट इसकी सिफारिश करती है। जिसके बाद विधानसभा सचिवालय विधायकों को नोटिस जारी करता हैं। हालांकि नोटिस अवधि को लेकर कोई निश्चित संवैधानिक समय सीमा तय नहीं है। लेकिन सामान्यत 7 दिन पहले तो सूचना दी ही जाती हैं। लेकिन सरकार के साथ दिक्कत है कि वह केवल निंदा प्रस्ताव पास कराने के लिए सत्र नहीं बुला सकती है, उसे सत्र बुलाने के लिए किसी विशेष विधेयक को पास कराने का सहारा लेना होगा।
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कुमारगंज में हॉस्टल मेस में गैस की किल्लत के दावे के बाद एक हरे-भरे आम के पेड़ के अवैध कटान का मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय के संपत्ति अधिकारी के बयान ने जिले के प्रशासनिक अधिकारियों के पर्याप्त गैस उपलब्ध होने के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि विश्वविद्यालय परिसर स्थित एक विशालकाय हरे आम के पेड़ को अवैध रूप से काटा गया। इसकी लकड़ी को बिना अनुमति परिसर से बाहर ले जाया जा रहा था। निदेशक शोध डॉ. शम्भू प्रसाद ने लकड़ी ले जा रहे वाहन को रोककर पूछताछ की, जिसके बाद यह मामला उजागर हुआ। लकड़ी को मछली उत्पादन तालाब संख्या एक से पांच के बगल डंप कर दिया गया। तब से इस मामले को रफा-दफा करने की कोशिशें जारी हैं। शुरुआत में, संपर्क अधिकारी डॉ. सीताराम मिश्रा ने ऐसे किसी मामले की जानकारी होने से इनकार किया था। डॉ. शंभू प्रसाद ने जांच की बात कही थी, लेकिन कोई जांच कमेटी गठित नहीं हुई। अब संपत्ति अधिकारी डॉ. सीताराम मिश्रा ने स्वीकार किया है कि हॉस्टल मेस में गैस की कमी के कारण कभी खिचड़ी, तो कभी रोटी-सब्जी ही एक समय बन पाती थी। उन्होंने यह भी कहा कि संभवतः गैस की समस्या के चलते भोजन बनाने के लिए लकड़ी की भट्टी की व्यवस्था के तहत पेड़ काटा गया। हालांकि, विश्वविद्यालय परिसर स्थित इंडेन गैस गोदाम प्रभारी डॉ. नवाज खान ने दावा किया है कि विश्वविद्यालय में कभी गैस की किल्लत नहीं हुई और न ही मेस में भोजन बाधित हुआ। अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. डी. नियोगी ने भी गैस की समस्या से इनकार किया। उन्होंने बताया कि बैठक में सूखे पेड़ों की लकड़ी काटकर रखने पर चर्चा हुई थी, लेकिन यह विधिक प्रक्रिया से और हरे पेड़ न काटने की शर्त पर थी। फिलहाल, आम के पेड़ का यह अवैध कटान ऐसे समय में किया गया है, जब पेड़ों में फल लगे हुए थे। आरोप है कि विश्वविद्यालय के जिम्मेदार अधिकारी दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय मामले को दबाने में जुटे हैं।
पन्ना के देवेंद्रनगर इलाके में एक नाबालिग लड़की अपने दोस्त से मिलने गई थी, तभी दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए तीन लड़कों ने उन्हें घेर लिया और झगड़ा करने लगे। लड़की के दोस्त ने पीछा छुड़ाने के लिए अपना मोबाइल, पैसे और चांदी की चेन तक उन्हें दे दी, लेकिन वे नहीं माने। आरोपियों ने लड़की के दोस्त और उसके साथी को पीटकर बंधक बना लिया। इसके बाद वे सबको डरा-धमकाकर जंगल के सुनसान इलाके में ले गए। वहां तीनों लड़कों ने लड़की के साथ बारी-बारी से रेप किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। बड़ागांव से पकड़े गए चारों आरोपी जैसे ही पुलिस को इस बात का पता चला, थाना प्रभारी संतोष यादव ने तुरंत टीमें बनाईं और आरोपियों की तलाश शुरू की। शुक्रवार को पुलिस ने घेराबंदी करके चारों आरोपियों को बड़ागांव से धर दबोचा, जहां वे छिपकर बैठे थे। इनके खिलाफ पॉक्सो एक्ट और नई धाराओं (BNS) में केस दर्ज किया गया है। बाजार में निकाला आरोपियों का जुलूस पकड़े जाने के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को शहर के मुख्य रास्तों पर पैदल घुमाया। पुलिस का कहना है कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि अपराधियों के मन में कानून का डर बैठे और आम लोगों को समझ आए कि ऐसी हरकत करने वालों का क्या हश्र होता है। फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
मुजफ्फरनगर में करीब एक महीने पुराने विवाद को लेकर एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। एक पक्ष के लोगों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने शहर कोतवाली पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। सूचना मिलने पर शहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर शांत किया। इसके बाद पुलिस उन्हें कोतवाली ले आई, जहां उनकी पूरी बात विस्तार से सुनी गई और निष्पक्ष जांच व उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। प्रदर्शन में शामिल अंकुर पंवार ने बताया कि 19 मार्च को रामपुरी मोहल्ले में कुछ लोगों के साथ उनका विवाद हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरे पक्ष के लोगों ने उनके पिता के साथ बदतमीजी की और विरोध करने पर उन पर हमला कर दिया गया। अंकुर का कहना है कि पुलिस लगातार दूसरे पक्ष के समर्थन में कार्रवाई कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ही मामले में उन्हें दो बार शांतिभंग में चालान किया जा चुका है और अब तीसरी बार कार्रवाई के लिए उनके घर पर दबिश दी जा रही है। उन्होंने पुलिस से वीडियो, गवाहों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की मांग की है। गौरतलब है कि इस मामले में दूसरा पक्ष भी लगातार सक्रिय है। दलित पक्ष के लोग भी कई बार एसएसपी कार्यालय पहुंचकर सख्त कार्रवाई की मांग कर चुके हैं। हाल ही में उन्होंने कार्रवाई न होने पर घर बेचकर पलायन तक की चेतावनी दी थी। दोनों पक्ष शहर कोतवाली क्षेत्र के रामपुरी मोहल्ले के निवासी हैं। इस मामले को लेकर लगातार तनाव की स्थिति बनी हुई है, ऐसे में पुलिस के सामने निष्पक्ष जांच कर स्थिति को संतुलित करने की चुनौती है।
मजदूर दिवस पर मथुरा नगर निगम में प्रदर्शन:सफाई मजदूर एकता मंच ने चालकों की मांगों को लेकर आवाज उठाई
अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर शुक्रवार को मथुरा नगर निगम परिसर में उत्तर प्रदेश सफाई मजदूर एकता मंच (सम्बद्ध एक्टू) जिला कमेटी ने प्रदर्शन किया। इस दौरान एक गेट मीटिंग आयोजित कर वाहन चालकों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को उठाया गया। प्रदर्शन की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष कामरेड उत्तमचंद सहजना ने की। इसमें शहरी आजीविका केंद्र (डूडा) के तहत कार्यरत डोर-टू-डोर, डंपर, जेसीबी और ट्रैक्टर चालकों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। ये सभी चालक वर्तमान में नेचर ग्रीन टूल्स एंड मशीन प्रा. लि. के अधीन काम कर रहे हैं, जिसको लेकर कर्मचारियों में असंतोष है। चालकों ने अपनी प्रमुख मांगों में कहा कि सभी वाहन चालकों को डीग गेट स्थित गैराज गोदाम में नगर निगम के वाहनों पर स्थानांतरित किया जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि उनका वेतन ठेका कंपनी के बजाय सीधे नगर निगम प्रशासन के बजट से दिया जाए, ताकि किसी भी तरह की कटौती और शोषण से बचा जा सके। चालकों ने राजेश यादव के अधीन काम करने की इच्छा जताई और वृंदावन जोन के चालकों को वहीं कार्यरत रखने की बात कही। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कामरेड उत्तमचंद सहजना ने ठेका प्रथा के नाम पर मजदूरों के शोषण को अस्वीकार्य बताया। उन्होंने नगर निगम प्रशासन से सभी चालकों को अपने अधीन लेकर सीधे भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की। इस अवसर पर कामरेड बीएम मेहता, नासिर साह, प्रीतम सिंह, अजय चौधरी, दिलीप ठाकुर, हरि गोपाल, जितेंद्र सिंह, संजय चौहान सहित सैकड़ों चालक, सफाई मित्र और कर्मचारी उपस्थित थे। मंच ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
पलामू पुलिस ने हत्या के एक फरार आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने आरोपी प्रदीप तिवारी उर्फ महाकाल की तीन गाड़ियां जब्त कर ली हैं और उसके आत्मसमर्पण न करने पर मकान को जेसीबी से गिराने की तैयारी कर रही है। उसकी संपत्ति की जांच भी तेज कर दी गई है। पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी कांड की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। शुक्रवार को पुलिस टीम आरोपी प्रदीप तिवारी के मेदिनीनगर स्थित रेडमा आवास पर पहुंची। पुलिस ने घर में खड़ी थार रॉक्स, फॉर्च्यूनर और वेन्यू जैसी तीन गाड़ियां जब्त कर शहर थाना ले आई। इन गाड़ियों की जांच के लिए डीटीओ को भी सूचित किया गया है। पुलिस ने प्रदीप तिवारी के परिजनों को 24 घंटे के भीतर आरोपी को पेश करने की चेतावनी दी है, अन्यथा बड़ी कार्रवाई की जाएगी। नग्न अवस्था में लाश बरामद हुई थी यह मामला मेदिनीनगर के रेडमा निवासी विनीत तिवारी की हत्या से जुड़ा है। विनीत का 25 अप्रैल की शाम उसके घर के पास से अपहरण कर लिया गया था। अगले दिन 26 अप्रैल की सुबह उसकी नग्न अवस्था में लाश सदर थाना क्षेत्र के जोरकट इलाके से बरामद हुई थी। विनीत के पिता विनोद तिवारी ने अपने पड़ोसी प्रदीप तिवारी उर्फ महाकाल और उसके भाई दिलीप तिवारी के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है। शुरुआती जांच में घर के पास रास्ते को लेकर हुए विवाद को हत्या का कारण बताया जा रहा है। एसपी कपिल चौधरी ने कहा है कि इस मामले में कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा और सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने जिले में गुंडागर्दी न चलने देने और अपराधियों को कानून के दायरे में नियंत्रित करने का संकल्प दोहराया। इस हत्याकांड के विरोध में और अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर दो दिन पहले शहर में कैंडल मार्च भी निकाला गया था।
हरदोई में शुक्रवार को बुद्ध पूर्णिमा धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर शहर, कस्बों और गांवों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। लोगों ने भगवान बुद्ध को श्रद्धापूर्वक याद किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। शहर में भारतीय बौद्ध सभा की ओर से सुबह 9:30 बजे अंबेडकर पार्क में बुद्ध वंदना का आयोजन किया गया। इसके बाद 10:30 बजे एक शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें पुरुषों के साथ महिलाएं भी कतारों में शामिल थीं। यह शोभायात्रा शहर के विभिन्न हिस्सों से होते हुए वापस अंबेडकर पार्क पहुंची, जहां त्रिविधि पावन पर्व बुद्ध पूर्णिमा समारोह आयोजित हुआ। समारोह में शामिल पुरुष, महिला और बच्चों ने ध्यान लगाकर बुद्ध वंदना की। इस अवसर पर भारतीय बौद्ध सभा के महामंत्री श्रवण कुमार ने भगवान बुद्ध के जीवन और शिक्षाओं के बारे में बताया। उन्होंने लोगों से भगवान बुद्ध के बताए रास्ते पर चलने का आग्रह किया। संस्था के अध्यक्ष रामपाल गौतम ने कहा कि बुद्ध पूर्णिमा बौद्ध धर्म का सबसे पवित्र त्योहार है, जो गौतम बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति (बोधि) और महापरिनिर्वाण का प्रतीक है। उन्होंने बुद्ध के अहिंसा, मध्यम मार्ग और तृष्णा से मुक्ति के संदेश पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में रजनीश कुमार गौतम, राकेश कुमार, मनोज कुमार, जावित्री बौद्ध, बेबी गौतम, सुदामा गौतमी सहित कई लोग उपस्थित रहे। हरदोई शहर के अलावा, कस्बा सांडी, हरपालपुर, सवायजपुर, माधौगंज, मल्लावां, गोपामऊ, पिहानी, शाहाबाद और पाली सहित अन्य जगहों पर भी बुद्ध पूर्णिमा से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए गए। देखिए बुद्ध पूर्णिमा की तस्वीरें…
बहराइच में सांप काटने से मासूम की मौत:खेत में खेल रहा था 10 साल का बच्चा, अस्पताल में तोड़ा दम
बहराइच जिले में सांप के काटने से एक 10 वर्षीय मासूम बच्चे की मौत हो गई। यह घटना देहात कोतवाली इलाके के गोकुलपुर गांव में हुई, जहां बच्चा खेत में खेल रहा था। परिजनों ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। गोकुलपुर गांव निवासी केदार का 10 वर्षीय पोता रमन अपने दोस्तों के साथ शुक्रवार को घर से कुछ दूरी पर स्थित खेत में खेल रहा था। इसी दौरान एक जहरीले सांप ने उसे डस लिया, जिससे वह बेहोश हो गया। मौके पर मौजूद अन्य बच्चों ने तुरंत रमन के परिजनों को घटना की सूचना दी। परिवार के लोग आनन-फानन में उसे स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले गए। हालांकि, डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद रमन को बचाया नहीं जा सका और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक रमन के बाबा ने बताया कि खेत में खेलते समय जहरीले सांप के काटने से ही रमन की जान गई है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
कविनगर में दो स्नैचर गिरफ्तार:सोने की चेन, मोबाइल, नकदी और बाइक बरामद
गाजियाबाद के कविनगर थाना पुलिस ने स्नैचिंग करने वाले दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से सोने की चेन के दो टुकड़े, दो मोबाइल फोन, 2600 रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल की गई एक बाइक बरामद की गई है। यह मामला 14 अप्रैल 2026 का है। गोविंदपुरम निवासी एक युवती ने शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात लड़कों ने उनके गले से सोने की चेन झपट ली थी। पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। घटना को सुलझाने के लिए एक पुलिस टीम का गठन किया गया। टीम ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और स्थानीय लोगों से पूछताछ की। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली। इस सूचना के आधार पर 1 मई 2026 को पुलिस ने गोविंदपुरम के वाटर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट चौराहे के पास से दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। गिरफ्तार बदमाशों की पहचान हैप्पी (25 वर्ष) और देवेश (20 वर्ष) के रूप में हुई है, जो गाजियाबाद के मसूरी इलाके में रहते थे। पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उन्होंने बताया कि वे विभिन्न स्थानों पर मोबाइल फोन भी झपटते थे। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि 15-16 दिन पहले उन्होंने गोविंदपुरम के पास एक महिला की सोने की चेन छीनी थी। उस समय चेन टूट गई थी, जिसे बाद में उन्होंने दो टुकड़ों में बांट दिया था और बेचने की योजना बना रहे थे। पुलिस दोनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि उन्होंने और कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।
प्रयागराज के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में स्थित एक निजी अस्पताल में काम कर चुकी 29 वर्षीय नर्स ने अस्पताल के डॉक्टर मनीष केसरी पर यौन उत्पीड़न और छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। पीड़िता ने डॉक्टर मनीष और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ बीएनएस की धारा 127(2) और 76 के तहत सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है। अब पढ़िए पूरा मामला पीड़िता ने बताया कि नौकरी दिलाने के बहाने आरोपी डॉक्टर ने उससे छेड़छाड़ और जबरदस्ती की कोशिश की। 20 मार्च को डॉक्टर मनीष केशरी ने पीड़िता को अस्पताल से बुलाकर अपनी कार में बैठाया और संगम क्षेत्र ले जाकर अश्लील हरकतें करने की कोशिश की। जब पीड़िता ने विरोध किया और रोने लगी, तो आरोपी ने उसे अस्पताल के बाहर छोड़ दिया और गलती मानते हुए वादा किया कि ऐसा दोबारा नहीं होगा। हालांकि, 26 मार्च को अस्पताल के ही ऑपरेशन थिएटर के अंदर डॉक्टर ने नशे में धुत एक अन्य व्यक्ति को साथ लेकर फिर पीड़िता से छेड़छाड़ की। पीड़िता ने बताया कि डॉक्टर ने नौकरी जारी रखने के लिए उसे खुश करने का लगातार दबाव बनाया। 29 मार्च को पीड़िता ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया। उसने इस मामले की शिकायत अस्पताल के दो निदेशकों से भी की, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर 17 अप्रैल को थाने पहुंचकर एफआईआर दर्ज कराई। मुकदमा वापस लेने का दबाव इस घटना से पीड़िता बेहद डरी हुई है। उसके पास अब कोई नौकरी नहीं है, जिससे आर्थिक परेशानियां बढ़ गई हैं। पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया है कि आरोपी डॉक्टर उसे मुकदमा वापस लेने के लिए लगातार धमकियां दे रहा है। पीड़िता ने शासन-प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी न्याय की अपील की है। आरोपी डॉक्टर को 18 अप्रैल को ही अस्पताल से निकाल दिया गया है। सिविल लाइंस थाना प्रभारी ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पीड़िता के बयान दर्ज कर सबूत जुटाए जा रहे हैं। इसके पहले 30 अप्रैल को एक्युरा क्रिटिकल केयर के निदेशक डॉ. मनीष कुमार केसरी ने एसआरएन अस्पताल के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. संतोष सिंह पर केस दर्ज कराया है । आरोप है कि उन्होंने अस्पताल में प्राइवेट प्रैक्टिस का दबाव बनाया, मना करने पर यौन शोषण के झूठे केस में फंसाने की धमकी दी और अभद्रता की । वहीं, डॉ. संतोष ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि वे अपनी बीमार बहन को देखने गए थे, जहां डॉ. मनीष ने उनकी पत्नी से अभद्रता की, जिसकी शिकायत उन्होंने उच्च अधिकारियों से की है।
औरैया जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम आनेपुर में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय महेश कुमार की अदालत ने शुक्रवार को पति, सास और ससुर को दहेज हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। तीनों पर 6-6 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अभियोजन पक्ष के एडीजीसी अरविंद राजपूत के अनुसार, मामला करीब तीन वर्ष पुराना है। वादी हरीकिशन (निवासी ग्राम अन्तौल, थाना अयाना) ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उन्होंने अपनी बेटी खुशबू की शादी 28 दिसंबर 2022 को आनेपुर निवासी राजराय उर्फ नंदू के साथ हिंदू रीति-रिवाज से की थी और सामर्थ्य के अनुसार दहेज भी दिया था। आरोप था कि शादी के बाद से ही पति राजराय, ससुर अरुण कुमार और सास सुनीता अतिरिक्त दहेज में कार की मांग को लेकर खुशबू को प्रताड़ित करते थे। मामले में एक और मोड़ तब आया, जब 10 मई 2023 को मृतका की छोटी बहन काजल ने मृतका के देवर छोटू राय से प्रेम विवाह कर लिया। इससे नाराज ससुराल पक्ष खुशबू पर भी आरोप लगाने लगा और उसे मानसिक रूप से परेशान किया जाता रहा। 28 जून 2023 की रात करीब 9 बजे वादी को सूचना मिली कि उसकी बेटी की हत्या कर दी गई है। मौके पर पहुंचने पर खुशबू का शव घर के बरामदे में पड़ा मिला, जबकि आरोपी फरार थे। छोटी बहन काजल ने आरोप लगाया कि उसे पहले ही घर से बाहर भेज दिया गया था और साजिश के तहत खुशबू की हत्या की गई। पुलिस ने मामले में पति, सास और ससुर के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया, जबकि दोनों देवरों को विवेचना में दोषमुक्त पाया गया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पति राजराय उर्फ नंदू, ससुर अरुण कुमार और सास सुनीता को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अधिवक्ता महावीर शर्मा के मुताबिक, पति और ससुर फिलहाल जिला कारागार इटावा में निरुद्ध हैं और उन्हें अभी तक जमानत नहीं मिली है, जबकि सास सुनीता जमानत पर थीं।
औद्योगिक क्षेत्र साइट-बी में स्वास्थ्य शिविर:179 उद्यमियों और श्रमिकों की हुई निःशुल्क जांच
मथुरा के औद्योगिक क्षेत्र साइट-बी में शुक्रवार को एक निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किया गया। रिफाइनरी इंडस्ट्रीज़ एसोसिएशन ने उत्तर प्रदेश सरकार और UPSIDA के सहयोग से इसका आयोजन किया। इस शिविर में कुल 179 उद्यमियों, कर्मचारियों और श्रमिकों ने अपने स्वास्थ्य की जांच कराई। शिविर में 15 अनुभवी चिकित्सकों की एक टीम ने प्रतिभागियों का ब्लड प्रेशर, शुगर और ईसीजी सहित विभिन्न आवश्यक परीक्षण किए। चिकित्सकों ने सभी को उनके स्वास्थ्य के अनुसार महत्वपूर्ण परामर्श भी प्रदान किया। UPSIDA के क्षेत्रीय प्रबंधक चंद्रकेश मौर्य ने विशेष रूप से शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने एसोसिएशन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों और कर्मचारियों के स्वास्थ्य की देखभाल अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को जारी रखने पर जोर दिया। एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहित अग्रवाल ने कार्यक्रम में सहयोग देने वाले सभी उद्यमियों, चिकित्सकों और कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के आयोजन उद्यमियों की एकता और सामूहिक प्रयास का परिणाम हैं, जो समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं। इस अवसर पर मयंक गोयल, प्रवीण मित्तल, के.के. उपाध्याय, विनय अग्रवाल, प्रवेश सिंह, रवि राजपूत और उमेश मित्तल सहित कई उद्यमी मौजूद रहे। आयोजकों के अनुसार, ऐसे स्वास्थ्य शिविर न केवल कर्मचारियों के स्वास्थ्य में सुधार करते हैं, बल्कि औद्योगिक क्षेत्र में आपसी सहयोग और सकारात्मक वातावरण को भी मजबूत करते हैं।
बरेली में प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जिलाध्यक्ष केशव सिंह सोलंकी के नेतृत्व में किसानों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में स्पष्ट कहा गया है कि किसानों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित किए बिना किसी भी मुक्त व्यापार समझौते को लागू करना ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। यूनियन ने इस मुद्दे को सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि अस्तित्व से जुड़ा सवाल बताया है। किसान यूनियन का दावा है कि प्रस्तावित ट्रेड डील लागू होने पर विदेशी कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में सस्ते दामों पर उपलब्ध होंगे। इससे स्थानीय किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य मिलना और भी कठिन हो जाएगा। संगठन ने आशंका व्यक्त की है कि ऐसी स्थिति में किसान अपनी ही जमीन पर मजदूरी करने को मजबूर हो सकते हैं। ज्ञापन में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को कानूनी गारंटी देने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है। इसके साथ ही, कृषि, डेयरी और पोल्ट्री सेक्टर को किसी भी अंतरराष्ट्रीय ट्रेड डील से बाहर रखने की अपील की गई है। भाकियू (चढूनी) ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार किसानों की चिंताओं को नजरअंदाज करती है, तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। संगठन ने कहा कि ऐसी स्थिति की पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
गाजीपुर में आगामी 9 मई को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रचार-प्रसार के लिए शुक्रवार को एक जागरूकता रैली निकाली गई। इस रैली को जनपद न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जनपद न्यायाधीश ने इस अवसर पर बताया कि रैली का उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचकर आम लोगों को लोक अदालत के लाभों के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने लंबित छोटे मामलों का लोक अदालत में निस्तारण कराकर इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाएं। राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी और अपर जिला जज, कोर्ट संख्या-01 शक्ति सिंह ने बताया कि 9 मई को आयोजित होने वाली लोक अदालत का मुख्य कार्यक्रम जनपद न्यायालय परिसर में होगा। उन्होंने जानकारी दी कि इसमें शमनीय आपराधिक मामलों के साथ ही धारा 138 एनआई एक्ट (चेक बाउंस), बैंक रिकवरी, मोटर दुर्घटना प्रतिकर, श्रम विवाद, बिजली-पानी के बिल, वैवाहिक एवं पारिवारिक विवाद, भूमि अधिग्रहण, सेवानिवृत्ति लाभ, राजस्व और अन्य सिविल मामलों का निस्तारण किया जाएगा। इस कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय शैलोज चंद्रा, अपर जिला जज अली रजा, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नीरज गोंड, सिविल बार संघ के अध्यक्ष राजेंद्र विक्रम सिंह और सचिव अंजनी ठाकुर सहित कई न्यायिक अधिकारी और अधिवक्ता उपस्थित रहे। रैली के माध्यम से लोगों को लोक अदालत के जरिए त्वरित और सुलभ न्याय प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया गया।
मेरठ में हाथी पर चढ़कर निकला दूल्हा देखें VIDEO:राजशाही ठाठ देखकर लोग भी हो गए हैरान
मेरठ के इंचौली थानाक्षेत्र के जमालपुर गांव में दूल्हा घोड़ी या कार पर चढ़कर नहीं बल्कि हाथी पर चढ़कर अपनी दुल्हनिया लेने निकला। इस अनूठी बारात ने क्षेत्र में शोर मचा दिया। पूरी बारात का इलाके में चर्चा है। राजशाही अंदाज में जब दूल्हा हाथी पर बैठकर अपनी दुल्हन लेने निकला तो लोग देखते रह गए। दूल्हा अंकित ने अपने बचपन का सपना पूरा करते हुए हाथी पर बैठकर घुड़चढ़ी की। बताया जा रहा है कि क्षेत्र में करीब 75 साल बाद हाथी पर बारात निकली है। अब ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हाथी पर चढ़कर निकली बारात दरअसल हाथी पर घुड़चढ़ी की वीडियो जब सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो हर कोई इसके बारे में जानने के लिए उत्सुक हो गया। बताया गया कि क्षेत्र के जमालपुर गांव निवासी अंकित पुत्र कालू की हाल ही में शादी हुई। शादी में घुड़चढ़ी और चढ़त के दौरान दूल्हा पारंपरिक घोड़ी की जगह हाथी पर सवार होकर घुड़चढ़ी करता हुआ बारात लेकर निकला। गांव और आसपास के क्षेत्रों में यह अनोखी बारात लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई।बचपन का सपना हुआ पूरा दूल्हे अंकित ने बताया कि उन्हें बचपन से ही हाथी बहुत पसंद थे। तभी से उनका सपना था कि जब उनकी शादी होगी तो वह हाथी पर बैठकर ही बारात लेकर जाएंगे। शादी के दिन उनका यह सपना आखिरकार पूरा हो गया।परिवार भी रहा उत्साहितअंकित के दादा गोपीचंद ने बताया कि पूरे परिवार ने शादी में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। हाथी पर घुड़चढ़ी को लेकर परिवार और रिश्तेदारों में खासा उत्साह देखने को मिला और सभी ने इस पल को खास बना दिया। 75 साल बाद दिखा ऐसा नजारापुराने समय में संभ्रांत लोगों द्वारा हाथी पर बरात लेकर जाने का चलन रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार क्षेत्र में करीब 75 साल बाद ऐसा नजारा देखने को मिला है, जब किसी दूल्हे ने हाथी पर सवार होकर बारात निकाली हो। इससे पहले वर्ष 1951 में दिल्ली निवासी निरंजन गुप्ता की बारात लावड़ आई थी, जिसमें दूल्हा हाथी पर चढ़कर बारात लेकर पहुंचा था।
हांसी में श्रमिक दिवस के अवसर पर विभिन्न ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर नगर परिषद कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इस दौरान धरना-प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। हड़ताल में सीटू, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा, एआईयूटीयूसी, एटक, इंटक और रिटायर्ड कर्मचारी संघ सहित कई संगठनों ने भाग लिया। धरना सभा के बाद, सभी संगठनों के प्रतिनिधियों ने शहीद स्मारक पहुंचकर श्रमिक दिवस के शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। वक्ताओं ने 1886 में शिकागो में हुए मजदूर आंदोलन का जिक्र किया, जिसके परिणामस्वरूप 8 घंटे कार्यदिवस और सामाजिक सुरक्षा जैसे अधिकार मिले थे। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार नए श्रम कानूनों के माध्यम से इन अधिकारों को कमजोर कर रही है। कर्मचारी नेता बोले- मजदूरों के अधिकारों में कटौती कर रही सरकार यूनियन नेताओं ने दावा किया कि 44 पुराने श्रम कानूनों को खत्म कर 4 नए कानून लागू किए गए हैं, जिससे मजदूरों के अधिकारों में कटौती हो रही है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि नए कानूनों के तहत काम के घंटे बढ़ाकर 14 घंटे तक किए जा सकते हैं और ओवरटाइम जैसी सुविधाएं समाप्त की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त, यूनियनों के अधिकारों में कटौती, अस्थायी नियुक्तियों को बढ़ावा और सरकारी विभागों के निजीकरण जैसे कदमों को मजदूरों के हितों के खिलाफ बताया गया। सभा में हरियाणा सरकार पर भी निशाना साधा गया। नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले 24 दिनों से हड़ताल पर बैठे अग्निशमन कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी की जा रही है। आंदोलन को तेज करने की दी चेतावनी उन्होंने सरकार पर कर्मचारियों के परिवारों के प्रति संवेदनशीलता न दिखाने का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने घोषणा की कि प्रदेशभर में हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। अग्निशमन कर्मचारियों के समर्थन में प्रतिदिन पदाधिकारी क्रमिक अनशन पर बैठेंगे। संघ ने 17 मई को रोहतक में राज्य स्तरीय कर्मचारी सम्मेलन आयोजित करने का भी ऐलान किया। सभी ट्रेड यूनियनों ने एकजुट होकर अग्निशमन कर्मचारियों की हड़ताल का समर्थन किया। नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा ने 1 और 2 मई को दो दिवसीय हड़ताल की। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाया जाएगा।
करौली में जाटव-बैरवा समाज का 18वां सामूहिक विवाह सम्मेलन शिव शक्ति मैरिज गार्डन में हर्षोल्लास के साथ आयोजित हुआ, जहां 21 जोड़े वैदिक मंत्रोच्चार और सात फेरों के साथ विवाह बंधन में बंधे। समाज के लोगों ने नवदंपत्तियों को आशीर्वाद दिया, जबकि भामाशाहों और आयोजन समिति ने उन्हें घरेलू उपयोग का सामान, कपड़े और जेवर भेंट कर नए जीवन की शुरुआत को यादगार बनाया। वैदिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुए विवाह सम्मेलन में सभी विवाह वैदिक परंपराओं, हवन-पूजन और मंत्रोच्चार के बीच संपन्न कराए गए। पूरे आयोजन में धार्मिक वातावरण बना रहा और परिवारजनों के साथ समाज के लोगों ने इस पावन अवसर का साक्षी बनकर नवविवाहित जोड़ों को शुभकामनाएं दीं। मुख्य अतिथियों की रही मौजूदगी कार्यक्रम में भामाशाह कमलेश शर्मा (अग्निवीरा एमडी) मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि हट्टीराम ठेकेदार ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। विशिष्ट अतिथियों में इंदु देवी, सांसद प्रत्याशी वीरेंद्र शर्मा और जिला प्रमुख प्रतिनिधि रक्षीलाल बैरवा सहित कई जनप्रतिनिधि और समाजसेवी मौजूद रहे। नवदंपत्तियों को दिए गए उपयोगी उपहार प्रवक्ता विष्णु मंडल ने बताया कि नवविवाहित जोड़ों को उपहार स्वरूप बेड, बक्सा, अलमारी, सिलाई मशीन, बर्तन, कुर्सियां, पंखे सहित अन्य घरेलू सामान दिए गए। इसके साथ ही आयोजन समिति की ओर से वर-वधू को कपड़े और जेवर भी भेंट किए गए। शिक्षा और सामाजिक एकता का दिया संदेश मुख्य अतिथि कमलेश शर्मा ने सामूहिक विवाह सम्मेलन को सामाजिक समरसता और आर्थिक बचत का श्रेष्ठ माध्यम बताया। उन्होंने समाज के लोगों से बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने और अनावश्यक खर्चों से बचने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मानव सेवा और सहयोग से आत्मिक संतोष प्राप्त होता है। अतिथियों का किया सम्मान कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों का माला, साफा और स्मृति चिह्न देकर सम्मान किया गया। सम्मेलन में सर्व समाज के लोगों ने भाग लेकर नवदंपत्तियों को शुभकामनाएं दीं और आयोजन की सराहना की। बड़ी संख्या में समाजजन रहे उपस्थित इस अवसर पर रामगिलास जाटव (महामंत्री), रामविलास बैरवा (कोषाध्यक्ष), विश्वदीप चौधरी, दौलत सिंह, सुरेशचंद कैन, अमृतलाल छावड़ा, दुर्गालाल जाटव, परमोली सरपंच, धर्म सिंह, राजवीर सिंह, करण सिंह, रामस्वरूप जाटव, कमल ठेकेदार, रामकेश ठेकेदार, वीरपाल, प्रकाशचंद जाटव, श्यामलाल जाटव, डॉ. बृजलाल बैरवा, शिवसिंह जाटव, दिनेश जाटव सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।
बुरहानपुर विधायक अर्चना चिटनिस ने जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही वोल्टेज समस्या को लेकर शुक्रवार दोपहर फोफनार और तुरकगुराड़ा क्षेत्र का स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बिजली कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा की और बड़गांव से तुरकगुराड़ा ग्रिड तक 33 केवी विद्युत लाइन के अधूरे कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्य की गुणवत्ता और समय सीमा का विशेष ध्यान रखने पर जोर दिया। फोफनार स्थित विद्युत केंद्र पर अत्यधिक दबाव के कारण आसपास के 5 से 7 गांवों में कम वोल्टेज, बिजली के उतार-चढ़ाव और अनियमित आपूर्ति की समस्या बनी हुई थी। इससे किसानों, ग्रामीणों और छोटे व्यवसायियों को लगातार परेशानी हो रही थी। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए विधायक अर्चना चिटनिस के प्रयासों से वर्ष 2018 में तुरकगुराड़ा में 33-11 केवी विद्युत उपकेंद्र की स्थापना स्वीकृत हुई थी। लगभग 2.25 करोड़ रुपए की लागत से इसका निर्माण पूरा हो चुका है। शुरुआत में शासकीय भूमि उपलब्ध न होने के कारण परियोजना में देरी हुई थी, लेकिन लगातार प्रयासों से भूमि उपलब्ध कराकर कार्य पूर्ण कराया गया। विधायक ने तकनीकि सुधारों के निर्देश दिएवर्तमान में फोफनार ग्रिड से तुरकगुराड़ा उपकेंद्र को बिजली आपूर्ति की जा रही है, लेकिन अत्यधिक लोड के कारण वोल्टेज की समस्या बनी हुई है। इसलिए बड़गांव से तुरकगुराड़ा तक 33 केवी लाइन का शीघ्र पूरा होना आवश्यक है, ताकि लोड संतुलित हो सके और विद्युत आपूर्ति में सुधार आए। उपकेंद्र के पूरी तरह से चालू होने के बाद बड़सिंगी, मैथा खारी, भावसा, एकझिरा, चिड़ियापानी, बोरगांव, संग्रामपुर, पिपरी सहित कई गांवों को स्थिर और सुचारू बिजली आपूर्ति मिल सकेगी। निरीक्षण के दौरान जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि प्रदीप पाटिल, कृषि समिति अध्यक्ष किशोर पाटिल, नितिन महाजन, दत्तु महाजन, विद्युत मंडल के अधीक्षण यंत्री कुंवरसिंह मालवीय, कार्यपालन यंत्री जितेंद्र कुमार पाल, कनिष्ठ यंत्री नसीम अंसारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित थे। विधायक चिटनिस ने अधिकारियों से कार्य की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली और तकनीकी सुधारों के निर्देश भी दिए। बिजली आपूर्ति आवश्यकउल्लेखनीय है कि बुरहानपुर क्षेत्र में केला, गन्ना, कपास और हल्दी जैसी नकदी फसलों का व्यापक उत्पादन होता है, जिसके लिए नियमित और पर्याप्त बिजली आपूर्ति अत्यंत आवश्यक है। इस परियोजना के पूर्ण होने से किसानों को सिंचाई में सुविधा मिलेगी, उत्पादन में वृद्धि होगी और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
एटा में शुक्रवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। आंगनबाड़ी वेलफेयर एसोसिएशन और आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले दर्जनों कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट धरना स्थल पर इकट्ठा होकर मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन नायब तहसीलदार सुशील कुमार को सौंपा। मोर्चा की जिलाध्यक्ष सरोजिनी चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं, बच्चों और गरीब वर्ग के लिए कई जनकल्याणकारी योजनाएं चला रही है, लेकिन इन्हीं योजनाओं को घर-घर पहुंचाने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आज भी अपने मूल अधिकारों से वंचित हैं। उन्होंने आर्थिक तंगी, असुरक्षित कार्य परिस्थितियों और स्वास्थ्य समस्याओं को गंभीर स्थिति का कारण बताया। सरोजिनी चौहान ने यह भी कहा कि वर्षों से शांतिपूर्ण तरीके से मांगें उठाने के बावजूद केवल आश्वासन ही मिला है। उन्होंने बताया कि 8 मार्च 2020 को आंदोलन के दौरान सरकार ने जल्द निर्णय लेने का आश्वासन दिया था, लेकिन 1 मई तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे उनका भरोसा टूट रहा है। कार्यकर्ताओं की प्रमुख मांगों में पूर्णकालिक कर्मचारी का दर्जा, वेतनमान, भविष्य निधि, पेंशन-ग्रेच्यूटी और 65 वर्ष की सेवानिवृत्ति आयु शामिल हैं। अन्य मांगों में समयबद्ध पदोन्नति, मोबाइल खरीद के लिए 20 हजार रुपये और 2,500 रुपये मासिक रिचार्ज, 1,500 रुपये पीआईएल को मानदेय में शामिल करना, किराए के भवनों का किराया सीधे भवन स्वामी को देना, सभी केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना और पोषाहार वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाना शामिल है। उन्होंने बीएलओ सहित अन्य विभागीय कार्य थोपने पर भी रोक लगाने की मांग की। मोर्चा ने मानदेय कटौती, सेवा समाप्ति और उत्पीड़न की बढ़ती घटनाओं पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। उन्होंने राजनीतिक कार्यक्रमों में कार्यकर्ताओं का भीड़ के रूप में उपयोग बंद करने, सरकारी व विभागीय बैठकों में भागीदारी के लिए उचित टीए-डीए देने और आंगनबाड़ी संघों के साथ नियमित बैठकें कर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने की भी अपील की। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें अनसुनी की गईं, तो आंदोलन को और अधिक उग्र व व्यापक किया जाएगा। इस दौरान प्रियंका शीलादेवी, विमलेश, हेमलता, साधना श्रीवास्तव, मंशा देवी, वविता, संतोष, आशा शर्मा, माधवी, सुनीता, राधा, प्रवेश, शीलेश सहित अनेकों महिलाएं मौजूद रहीं।
नीमच में गुरु गोरक्षनाथ प्रकट उत्सव मनाया:कलश यात्रा निकली, समाजजन पारंपरिक वेशभूषा में दिखे
नीमच में योगी नाथ समाज की ओर से आयोजित दो दिवसीय महायोगी गुरु गोरक्षनाथ प्रकट उत्सव का शुक्रवार को कलश यात्रा और विशेष कार्यक्रम के साथ समापन हो गया। यह उत्सव शहर में गुरुवार को शुरू हुआ था। उत्सव के दूसरे दिन शुक्रवार को किलेश्वर महादेव मंदिर से एक विशाल वाहन रैली निकाली गई। यह रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए खाटू श्याम मंदिर तक पहुंची। खाटू श्याम मंदिर से कलश यात्रा का शुभारंभ हुआ। इसमें बैंड-बाजे पर निर्गुण भजन गूंज रहे थे। समाज की महिलाएं और बालिकाएं सिर पर मंगल कलश धारण कर कतारबद्ध होकर चल रही थीं। समाजजन अपनी पारंपरिक योगी नाथ समाज की वेशभूषा में नजर आए, जो आकर्षण का केंद्र रही। शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए इस चल समारोह का नागरिकों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। इससे पहले, उत्सव की शुरुआत गुरुवार शाम को किलेश्वर महादेव मंदिर पर समाजजनों के एकत्र होने के साथ हुई थी। रात्रि में निर्गुण भजनों की प्रस्तुति दी गई, जो देर रात तक चली। शुक्रवार को कलश यात्रा पुनः किलेश्वर महादेव मंदिर पहुंची, जहां आरती और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों के बाद समारोह संपन्न हुआ।
नई दिल्ली से वीरांगना लक्ष्मी बाई स्टेशन झांसी जाने वाली ताज एक्सप्रेस ट्रेन पर अज्ञात व्यक्ति ने हमला कर दिया। अज्ञात व्यक्ति ने चलती ट्रेन पर लोहे का पाइप फेंककर मारा। जिसकी बजह से कोच का शीशा टूट गया। अचानक पाइप लगने से टूटे शीशे के टुकड़े एक यात्री के भी लग गए। जिससे उनके चेहरे पर चोट आ गई। इस मामले में मथुरा जंक्शन पर GRP ने मुकद्दमा लिखकर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। पलवल होडल के बीच की घटना शुक्रवार की सुबह नई दिल्ली से चलने वाली 12280 ताज एक्सप्रेस ट्रेन जैसे ही पलवल और होडल स्टेशन के बीच पहुंची। तभी उसके D6 कोच के शीशे पर आकर एक 2 से ढाई फीट लंबा पाइप का टुकड़ा लगा। जिसके कारण कोच का शीशा टूटकर चकनाचूर हो गया। अचानक हुई इस घटना से यात्री सहम गए। यात्री हुए घायल ताज एक्सप्रेस ट्रेन में शुक्रवार को फरीदाबाद निवासी राजेश अग्रवाल अपने परिवार के साथ यात्रा कर रहे थे। राजेश फरीदाबाद से ग्वालियर जा रहे थे वह D6 कोच की सीट संख्या 30,23,26 और 27 पर परिवार के साथ बैठे थे। ट्रेन जैसे हो होडल और पलवल के बीच पहुंची तभी पाइप मारने के कारण टूटे शीशे के टुकड़े उनके चेहरे पर भी लग गए। जिससे वह घायल हो गए। मुकद्दमा दर्ज कर शुरू की जांच चलती ट्रेन में हुई इस घटना से अफरा तफरी मच गई। रेलवे के अधिकारियों और रेलवे पुलिस ने ट्रेन का निरीक्षण किया। इसके बाद ट्रेन के मथुरा जंक्शन पहुंचने पर घायल हुए राजेश अग्रवाल और एक अन्य यात्री का इलाज कराया गया। GRP थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार ने बताया इस मामले में यात्री की तहरीर पर मुकद्दमा दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश की जा रही है।
हरियाणा के अंबाला में गाजियाबाद के एक धर्मगुरु ने विधवा से 10.5 लाख रुपए और गोल्ड ज्वेलरी हड़प ली। महिला का आरोप है कि धर्मगुरु महामंडलेश्वर योगी आनंद गिरी महाराज ने केंद्र सरकार में नौकरी दिलवाने का झांसा दिया। आरोपियों ने बेटे को एक फर्जी जॉइनिंग लेटर भी थमा दिया, जॉइनिंग के लिए कई बार दिल्ली भी बुलाया। नौकरी न लगने पर धर्मगुरु और उसका सहयोगी फरार हो गए। धर्मगुरु आनंद गिरी खुद को मानवाधिकार सुरक्षा संघ का संस्थापक बताता था। इसके बाद उसने पीड़ित को हरियाणा में संघ की महिला विंग की अध्यक्ष भी बना दिया, जिससे उसका विश्वास जीत सके। जानिए…FIR के मुताबिक कैसे भरोसा जीतकर ठगी हुई ब्लड डोनेशन कैंप में आए, घर रुकेअंबाला के कालाअंब निवासी सुनीता के अनुसार, 21 दिसंबर 2025 में कालाअंब में एक रक्तदान शिविर लगा था। इसमें आनंद गिरी और उसका सहयोगी मनीष मिश्रा मुख्य अतिथि थे। शिविर में आने के लिए दोनों 20 दिसंबर को महिला के घर ही रुके थे। आनंद गिरी ने सुनीता से कहा था कि उसका एक शिष्य दिल्ली में बड़ी सरकारी पोस्ट पर है। बेटे को ASO बनावाने का झांसासुनीता के मुताबिक, आनंद गिरी ने कहा कि वह उनके छोटे बेटे ऋषभ बंसल को मिनिस्ट्री ऑफ पर्सनल, पब्लिक ग्रॉवांस और पेंशन्स में ASO (असिसटेंट सेक्शन ऑफिसर) के पद पर बिना परीक्षा के सीधे लगवा सकता है। इसके बदले 10 लाख रुपए लगेंगे। मैंने उसे तुरंत 50 हजार रुपए एडवांस दे दिए। इसके बाद 5 लाख रुपए उधार लेकर 29 दिसंबर 2025 को आनंद गिरी के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद 5 लाख रुपए और ट्रांसफर कर दिए। फर्जी जॉइनिंग लेटर दियासुनीता ने बताया कि 16 जनवरी 2026 को आनंद गिरी ने मुझे और बेटे ऋषभ को गाजियाबाद स्थित अपने फ्लैट पर बुलाया। वहां उन्हें एक बंद लिफाफे में जॉइनिंग लेटर दिया, जो पढ़कर पूरी तरह से सरकारी लग रहा था। सहयोगी मनीष ने ब्लैंक फॉर्म पर साइन करवाए और कहा कि IAS अधिकारी से इसे अटेस्टेड करवाकर 19 जनवरी तक जॉइनिंग हो जाएगी। महिला के गहने उतरवा लिएसुनीता ने आगे बताया, 19 जनवरी के बाद भी जॉइनिंग नहीं हुई, आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी। मार्च में आरोपियों ने मुझे दिल्ली बुलाया। इसके बाद आनंद गिरी का फोन बंद आने लगा। जब मैं गाजियाबाद स्थित फ्लैट पर पहुंची, तो आनंद गिरी ने कहा कि अधिकारी 5 लाख रुपए और मांग रहे हैं। पैसे न होने पर आनंद गिरी ने सोनी की अंगूठी, चेन और कान की बालियां निकलवा ली और कहा कि कल जॉइनिंग हो जाएगी। नकली आधार कार्ड से खुली पोल, अब मिली धमकी सुनीता के अनुसार, काफी दिनों तक जब बेटे की जॉइनिंग नहीं हुई तो मैं दोबारा गाजियाबाद फ्लैट पर पहुंची, वहां पता चला कि दोनों आरोपी 16 मार्च से ही फरार हैं। वहां से आनंद गिरी का एक नकली आधार कार्ड भी मिला। महिला ने कहा, पैसे मांगने पर आनंद गिरी ने धमकी दी। उसने कहा- तुम्हारे पास गिने-चुने लोग हैं, मेरे पास लाखों लोगों का सहारा है, तुम मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकती। 2 पॉइंट में पढ़ें, पुलिस जांच में क्या मिला… नौकरी के नाम पर ठगी: महिला की शिकायत को जांच के लिए आर्थिक अपराध शाखा (EOW) अंबाला को भेजी गई। जांच में शिकायत सही पाई गई है। जांच में सामने आया कि आरोपी आनंद गिरी उर्फ आनंद पंडित और मनीष मिश्रा ने सरकारी नौकरी के नाम पर ₹10.50 लाख और गहने ठगे हैं और फर्जी नियुक्ति पत्र दिया। कई धाराओं में केस दर्ज: पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2) और 61(2) के तहत थाना नारायणगढ़ में मुकदमा नंबर 155 दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। SHO बोले- महामंडलेश्वर और सहयोगी पर केस दर्जनारायणगढ़ थाना एसएचओ ललित कुमार ने बताया कि महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने महामंडलेश्वर योगी आनंद गिरी महाराज और उसके सहयोगी मनीष मिश्रा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आनंद गिरी और सहयोगी का मोबाइल स्विच ऑफदैनिक भास्कर रिपोर्टर ने आनंद गिरी और उसके सहयोगी से बात करने की कोशिश की तो उनका मोबाइल नंबर स्विच ऑफ मिला। एफआईआर में दर्ज एक अन्य नंबर पर भी कॉल की गई, जिसमें कॉल रिसीव करने वाले ने खुद को LIC अधिकारी का निकला। वॉट्सएप पर मैसेज करने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। ----------------- यह खबर भी पढ़ें….. महिला से छेड़खानी करने वाले का एनकाउंटर:मुरादाबाद पुलिस ने पैर में मारी गोली, उम्र-45 साल, लेडीज टेलर है आरोपी मुरादाबाद में बुर्का पहने महिला से सुनसान गली में छेड़खानी करने वाले 45 साल के आरोपी नौशाद का पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया। उसके बाएं पैर में गोली लगी है। गुरुवार रात 11 बजे पुलिस ने उसे घेरा तो उसने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके बाएं पैर में गोली लग गई। फिलहाल, उसका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। मुठभेड़ शहर की जामा मस्जिद के पास हुई। आरोपी लेडीज टेलर है। पढ़ें पूरी खबर…
भोपाल के गांधी चिकित्सा महाविद्यालय में हड़ताल को लेकर भ्रम की स्थिति बन गई है। डीन कार्यालय ने 10 मई से हड़ताल पर जाने वाले डॉक्टरों का समर वैकेशन निरस्त करने का आदेश जारी किया है, जबकि मध्यप्रदेश मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन (एमटीए) ने साफ कहा है कि फिलहाल किसी हड़ताल की घोषणा नहीं की गई है। इसी बीच, करीब 130 डॉक्टर शुक्रवार से एक माह के समर वैकेशन पर जा चुके हैं। ऐसे में प्रशासन और डॉक्टरों के बीच स्थिति को लेकर असमंजस बना हुआ है। अस्पताल प्रबंधन ने सेवाएं प्रभावित न हों, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। दरअसल, गांधी मेडिकल कॉलेज के अधिष्ठाता कार्यलय से 28 अप्रैल को जारी आदेश में कहा है कि 10 मई 2026 को प्रस्तावित हड़ताल के मद्देनजर यदि कोई डॉक्टर ड्यूटी से अनुपस्थित रहता है, तो उसका समर वैकेशन निरस्त माना जाएगा। सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। एमटीए ने कहा- हड़ताल घोषित ही नहीं मामले में मध्यप्रदेश मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. राकेश मालवीय ने प्रशासन के इस आदेश पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि 9 अप्रैल को अपर मुख्य सचिव (एसीएस) के साथ हुई बैठक में मिले आश्वासन के बाद प्रस्तावित हड़ताल को स्थगित कर दिया था। फिलहाल संगठन ने किसी भी तरह की हड़ताल या आंदोलन की तारीख तय नहीं की है। आगे एसीएस के साथ होने वाली वार्ता के बाद ही प्रदेश स्तर पर निर्णय लिया जाएगा। 130 डॉक्टर पहले ही समर वैकेशन पर इस पूरे घटनाक्रम के बीच बड़ी संख्या में डॉक्टर पहले ही अवकाश पर जा चुके हैं। जीएमसी से सामने आई जानकारी के मुताबिक, करीब 130 डॉक्टर शुक्रवार से एक माह के समर वैकेशन पर हैं। ऐसे में 10 मई को संभावित स्थिति को लेकर अस्पताल प्रबंधन के सामने चुनौती और बढ़ गई है। कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में मरीजों की सेवाएं प्रभावित नहीं होनी चाहिए। विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया है कि वे अपने स्तर पर वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि अस्पताल की ओपीडी और इमरजेंसी सेवाएं सुचारु रूप से चलती रहें।
भिवानी की एंटी नारकोटिक्स सैल द्वारा तोशाम से मादक पदार्थ हेरोइन के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। एंटी नारकोटिक्स सैल भिवानी के उपनिरीक्षक अमरजीत सिंह अपनी टीम के साथ गश्त व अपराध जांच के दौरान अग्रसेन चौक, तोशाम पर मौजूद थे। इसी दौरान पुलिस टीम को विश्वसनीय सूत्रों से सूचना प्राप्त हुई कि पिंजोखरा रोड, खानक पहाड़ की ओर एक व्यक्ति मादक पदार्थ हेरोइन लेकर घूम रहा है। हेरोइन को बेचने की फिराक में है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने तुरंत बताए गए स्थान पर छापा मारकर एक व्यक्ति को काबू किया। जिसकी नियमानुसार तलाशी लेने पर आरोपी के कब्जे से 5.60 ग्राम मादक पदार्थ हेरोइन बरामद की है। नशे का आदी था आरोपीगिरफ्तार आरोपी की पहचान तोशाम के धक्का बस्ती राजीव नगर निवासी अंशुल उर्फ आशु पुत्र राधेश्याम के रूप में हुई है। आरोपी के विरुद्ध थाना तोशाम में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई की गई। आरोपी को न्यायालय में पेश कर 1 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह नशा करने का आदी है और अपनी नशे की पूर्ति के लिए मादक पदार्थ बेचने का कार्य करता था। रिमांड अवधि के दौरान आरोपी से गहन पूछताछ कर मादक पदार्थ की सप्लाई चेन के संबंध में जानकारी जुटाई जाएगी।
सोनीपत में नगर निगम चुनाव की EVM मशीन ट्रेनिंग के दौरान 132 से कर्मचारी गैर हाजिर मिले हैं। एडीसी ने सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश जारी किए हैं।सोनीपत के दीनबंधु छोटू राम यूनिवर्सिटी मुरथल में पोलिंग पार्टियों को ईवीएम मशीन चलाने की पहली रिहर्सल करवाई गई है। नगर निगम आम चुनाव-2026 को निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से संपन्न करवाने के लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। इस दौरान अधिकारियों ने चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को मतदान की पूरी प्रक्रिया, ईवीएम संचालन, नियमों की पालना और जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहने के निर्देश दिए। अतिरिक्त उपायुक्त अजय चोपड़ा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पोलिंग पार्टियों की भूमिका सबसे अहम होती है और उनकी जरा सी लापरवाही पूरी चुनाव व्यवस्था को प्रभावित कर सकती है। रिहर्सल में सिखाई गई मतदान प्रक्रिया की बारीकियांरिहर्सल के दौरान ईवीएम मास्टर ट्रेनर मेजर संजय श्योराण ने पोलिंग पार्टियों को मतदान प्रक्रिया की हर छोटी-बड़ी जानकारी दी। उन्होंने ईवीएम मशीनों के संचालन की तकनीकी जानकारी साझा करते हुए मौके पर ही हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग करवाई, ताकि कर्मचारी किसी भी स्थिति में मशीन संचालन में गलती न करें। एडीसी अजय चोपड़ा की सख्त हिदायतेंअतिरिक्त उपायुक्त अजय चोपड़ा ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में तैनात हर अधिकारी को अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभानी होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि छोटी सी चूक भी पूरी व्यवस्था की विफलता मानी जाएगी। साथ ही उन्होंने पीओ हैंडबुक में दिए गए सभी नियमों और निर्देशों को अच्छी तरह समझने के निर्देश दिए। मतदान केंद्रों पर व्यवस्था को लेकर निर्देशएडीसी ने मतदान केंद्रों पर महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग कतारें लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मतदान के दौरान एक पुरुष के बाद दो महिलाओं को वोट डालने के लिए अंदर भेजा जाए, ताकि महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके और व्यवस्था सुचारू बनी रहे। मॉक पोल और ईवीएम संचालन पर विशेष जोरउन्होंने बताया कि मतदान शुरू होने से पहले पोलिंग एजेंट्स की मौजूदगी में मॉक पोल कराना अनिवार्य है। इसमें सभी प्रत्याशियों के वोट डलवाकर परिणाम दिखाया जाए। मॉक पोल के बाद ईवीएम मशीन को क्लीयर करना और मतदान समाप्ति के बाद मशीन को सही तरीके से क्लोज करना बेहद जरूरी बताया गया। अनुपस्थित कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देशरिहर्सल के दौरान 132 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए, जिस पर एडीसी ने सख्त रुख अपनाते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार इन कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दस्तावेजी प्रक्रिया और निष्पक्षता पर जोरएआरओ सुरेन्द्र दून ने पोलिंग स्टाफ को विभिन्न दस्तावेजों और फॉर्म भरने की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने कहा कि चुनाव ड्यूटी पर लगे हर कर्मचारी को न केवल निष्पक्ष रहना है, बल्कि निष्पक्ष दिखना भी उतना ही जरूरी है। सभी प्रत्याशियों के साथ समान व्यवहार लोकतांत्रिक प्रक्रिया की बुनियाद है।इस मौके पर शुगर मिल सोनीपत की एमडी डॉ. अनमोल, डीडीपीओ मनीष मलिक, बीडीपीओ राजेश टिवाणा सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे और उन्होंने भी कर्मचारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
चंबल नदी में वन्य जीवों के संरक्षण के लिए रेत उत्खनन पर प्रतिबंध होने के बावजूद बड़े पैमाने पर अवैध खनन जारी है, जिसे लेकर मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। कोर्ट की सख्त नाराजगी के बाद केंद्रीय सशक्त समिति (CEC) की टीम निरीक्षण के लिए मौके पर पहुंची। टीम ने राजस्थान और मध्यप्रदेश के प्रशासनिक व वन विभाग के अधिकारियों के साथ चंबल के राजघाट क्षेत्र में नाव के जरिए करीब 20 किलोमीटर तक दौरा कर जमीनी हकीकत देखी। निरीक्षण के दौरान घड़ियालों के संवेदनशील क्षेत्रों का भी जायजा लिया गया और अवैध खनन रोकने के उपायों पर चर्चा की गई। सुप्रीम कोर्ट ने तीन राज्यों को लगाई थी फटकार हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने अवैध रेत उत्खनन को लेकर राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश सरकारों को फटकार लगाई थी और सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए थे।इसी क्रम में सीईसी कमेटी के सदस्य चंद्र प्रकाश गोयल निरीक्षण के लिए पहुंचे। निरीक्षण के दौरान मप्र और राजस्थान के वन विभाग, प्रशासन और पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इसके बाद देवरी घड़ियाल केंद्र पर बैठक भी आयोजित की गई। टीम ने करीब 20 किलोमीटर तक नाव से निरीक्षण किया। इस दौरान उन स्थानों का भी जायजा लिया गया, जहां मादा घड़ियाल अंडे देती हैं। इन क्षेत्रों को अत्यंत संवेदनशील माना जाता है। वन विभाग ने सुरक्षा बढ़ाने की रखी मांग अवैध रेत उत्खनन रोकने के लिए वन विभाग ने अतिरिक्त संसाधनों की मांग रखी। इसमें चंबल किनारे 16 नई पोस्ट, 3 चौकियां, संवेदनशील क्षेत्रों में हथियार और अतिरिक्त बल की तैनाती की बात शामिल है।साथ ही 240 वन विभाग और एसएएफ जवानों की अतिरिक्त तैनाती की मांग की गई, ताकि चौकियों पर शिफ्टवार निगरानी हो सके। डीएफओ हरिश्चंद्र बघेल के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर यह निरीक्षण किया गया है। इसकी रिपोर्ट गोपनीय रूप से सुप्रीम कोर्ट को सौंपी जाएगी। वन विभाग ने अपने स्तर पर सुझाव और मांगें रखी हैं, ताकि अवैध रेत उत्खनन पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
नोएडा में फार्म हाउस के नाम पर 78 लाख ठगे:1.37 करोड़ में तय हुआ था सौदा, पुलिस कर रही मामले की जांच
डूब क्षेत्र में फार्म हाउस दिलाने के नाम पर 78 लाख रुपये हड़पने का मामला सामने आया है। गाजियाबाद के रहने वाले कारोबारी ने नोएडा के रहने वाले व्यक्ति समेत दो लोगों पर 78 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाया है। दोनों के खिलाफ फेज दो थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। गाजियाबाद कवि नगर के रहने वाले गजेन जैन ने 2022 में अपने मौसेरे भाई संकल्प जैन के साथ मिलकर फार्म हाउस खरीदने की योजना बनाई थी। वह नोएडा में फार्म हाउस तलाश रहे थे। इस बीच उनका संपर्क सेक्टर 93 स्थित ग्रांड ओमेक्स सोसायटी के रहने वाले राजेश सिंह और प्रतापगढ़ सूरजकुंड के रहने वाले सर्वेश जैसवाल से हुआ। दोनों ने मिलकर यमुना के डूब क्षेत्र में बने फार्म हाउस दिखाया। दो साल तक नहीं कराया बैनामा2023 में 1.37 करोड़ में 3445 वर्ग गज जमीन पर बने फार्म का हाउस का सौदा किया। यह सौदा इंदिरापुरम के प्रापर्टी डीलर कपिल त्यागी ने कराया था। गजेन और संकल्प ने 10 लाख रुपये बयाना दिया था। तीन माह में बैनामा कराया जाना था। राजेश और सर्वेश ने 78 लाख रुपये ले लिए, लेकिन तय तिथि पर बैनामा नहीं कराया। इस बारे में बात करने पर दोनों टरकाने लगे। दोनों दो साल तक टरकाते रहे। रकम मांगने पर जान से मारने की धमकी2025 में पता चला कि राजेश इस तरह कई लोगों से रकम ऐंठ चुका है। एग्रीमेंट सेल भी गलत तरीके से किया गया। रकम मांगने पर फरवरी 2026 में राजेश ने अपने फ्लैट पर बुलाकर जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस से की। एसीपी दीक्षा सिंह ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर राजेश और सर्वेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच कराई जा रही है।
जयपुर (RALSA) के आदेश पर शुक्रवार को चूरू लीगल सर्विस अथॉरिटी के सेक्रेटरी शरत व्यास ने जैसलमेर जिला जेल का सरप्राइज इंस्पेक्शन (औचक निरीक्षण) किया। इस दौरान उन्होंने जेल में चल रहे 'प्रिज़न्स लीगल क्लिनिक' के कामकाज को चेक किया और कैदियों को मिल रही कानूनी सुविधाओं की जानकारी ली। कैदियों को बताया फ्री वकील की सुविधा के बारे में इंस्पेक्शन के दौरान सेक्रेटरी शरत व्यास ने जेल में बंद कैदियों से बात की। उन्होंने कैदियों को बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की तरफ से उन्हें फ्री लीगल हेल्प और सरकारी वकील की सुविधा दी जाती है। उन्होंने समझाया कि इस सुविधा का इस्तेमाल करके वे अपने केस की सही ढंग से पैरवी करवा सकते हैं। साफ-सफाई और खाने पर जताया संतोष सेक्रेटरी ने जेल के किचन, बैरकों की सफाई और कैदियों के मनोरंजन के इंतजामों को भी देखा। जेल की सभी व्यवस्थाएं नियमों के हिसाब से संतोषजनक पाई गईं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कैदियों को मिलने वाली कानूनी मदद को लगातार जारी रखा जाए, ताकि हर कैदी को न्याय मिल सके। ये अधिकारी रहे मौजूद इस मौके पर जेल डिप्टी सुपरिटेंडेंट मुरली मनोहर सुथार, कार्यवाहक जेलर पपुराम, सरकारी वकील मदन सिंह, मयंक व्यास, सचिन व्यास और जेल स्टाफ मौजूद रहा।
सूरजपुर पुलिस ने शराब तस्कर पकड़ा:84 बोतल अंग्रेजी शराब के साथ तस्कर गिरफ्तार
सूरजपुर जिले में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सूरजपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक शराब तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 84 नग अंग्रेजी शराब और शराब परिवहन में इस्तेमाल की गई कार जब्त की है। जब्त शराब की कीमत 10,080 रुपए बताई जा रही है। यह कार्रवाई डीआईजी व एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देश पर की गई। 30 अप्रैल को रमकोला थाना पुलिस थाना के सामने वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान ग्राम दुलदुली की ओर से आ रही कार CG 15 EK 0367 को रोकने का संकेत दिया गया। पुलिस को देखकर भागने लगा ड्राइवर कार ड्राइवर ने वाहन नहीं रोका और ग्राम धुरिया की ओर तेजी से भागने लगा। पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर वाहन को रोक लिया। ड्राइवर की पहचान ग्राम दुलदुली निवासी संजय कुमार (28 वर्ष) के रूप में हुई। डिक्की से मिली शराब की पेटियां पुलिस ने पूछताछ के बाद कार की डिक्की खुलवाई तो उसमें सफेद बोरे में अंग्रेजी गोवा व्हिस्की शराब भरी मिली। आरोपी ने स्वीकार किया कि वह बिक्री के लिए शराब लेकर जा रहा था। 16 बोतल टूटी, 84 बोतल जब्त बोरे में कुल 2 पेटी यानी 100 बोतल शराब रखी थी। जब पुलिस ने शराब दिखाने को कहा तो आरोपी ने एक कार्टन जमीन पर पटक दिया, जिससे 16 बोतल टूटकर बह गईं। इसके बाद शेष 84 बोतल गोवा अंग्रेजी शराब जब्त कर ली गई। दस्तावेज नहीं दिखा सका आरोपी आरोपी शराब रखने, बेचने या परिवहन करने से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। पुलिस ने शराब और कार जब्त कर आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 11/2026 के तहत धारा 34(2) आबकारी एक्ट में मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस टीम की रही अहम भूमिका इस कार्रवाई में थाना प्रभारी रमकोला हीरालाल साहू, प्रधान आरक्षक जगमण्डल लकड़ा, आरक्षक सोहन नेताम, मोतीलाल यादव, सैनिक रामाशंकर और रामोधार की अहम भूमिका रही। सूरजपुर पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने एक शराब तस्कर को गिरफ्तार कर उसके पास से 84 नग अंग्रेजी शराब और शराब परिवहन में इस्तेमाल की गई कार जब्त की है। जब्त शराब की कीमत 10,080 रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई डीआईजी व एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देश पर की गई। 30 अप्रैल को रमकोला थाना पुलिस थाना के सामने वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान ग्राम दुलदुली की ओर से आ रही एक किया क्रेन्स कार (क्रमांक सीजी 15 ईके 0367) को रोकने का इशारा किया गया। कार चालक ने वाहन नहीं रोका और ग्राम धुरिया की ओर भागने लगा। पुलिस ने घेराबंदी कर कार को रोक लिया। चालक की पहचान ग्राम दुलदुली निवासी संजय कुमार (पिता रामचरण, उम्र 28 वर्ष) के रूप में हुई। पूछताछ के बाद डिक्की खुलवाने पर उसमें सफेद बोरे में भरकर रखी अंग्रेजी गोवा विस्की शराब मिली। आरोपी ने बिक्री के लिए शराब का परिवहन करना स्वीकार किया। बोरे में कुल 2 पेटी (100 नग) शराब थी। जब आरोपी से शराब दिखाने को कहा गया, तो उसने एक कार्टून जमीन पर पटक दिया, जिससे 16 नग गोवा अंग्रेजी शराब टूटकर बह गई। शेष 84 नग गोवा अंग्रेजी शराब जब्त कर ली गई। आरोपी संजय कुमार शराब रखने, बेचने या परिवहन करने संबंधी कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। पुलिस ने 84 नग गोवा अंग्रेजी शराब और परिवहन में प्रयुक्त कार को जब्त कर लिया। आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 11/2026 के तहत धारा 34(2) आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी रमकोला हीरालाल साहू, प्रधान आरक्षक जगमण्डल लकड़ा, आरक्षक सोहन नेताम, मोतीलाल यादव, सैनिक रामाशंकर और रामोधार सक्रिय रहे।
मैनपुरी में सैलून पर बाल कटवाने को लेकर विवाद, फायरिंग:बौखलाए युवक ने की गोलीबारी, घटना CCTV में कैद
मैनपुरी के बेवर थाना क्षेत्र में एक सैलून पर मामूली विवाद के बाद फायरिंग की घटना सामने आई है। इस वारदात में सैलून संचालक बाल-बाल बच गया। पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। घटना 1 मई की सुबह करीब 10 बजे हुई। काजी टोला दक्षिणी निवासी श्यामू श्रीवास्तव अपनी 'श्याम जी हेयर सैलून' नामक दुकान पर थे। इसी दौरान छोटू पाठक अपने साथी अंसार अली के साथ बाल कटवाने पहुंचे। दुकान पर भीड़ अधिक होने के कारण श्यामू के छोटे भाई ने उनसे इंतजार करने को कहा। इसी बात पर विवाद शुरू हो गया, और आरोप है कि दोनों आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए हंगामा किया। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया, जिसके बाद आरोपी वहां से चले गए। हालांकि, करीब डेढ़ घंटे बाद, लगभग 11:30 बजे, छोटू पाठक अपने साथी अंसार अली के साथ दोबारा सैलून पर पहुंचा। आरोप है कि इस बार छोटू पाठक ने जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। गोली सैलून संचालक के सिर के पास से गुजरी, जिससे वह झुककर अपनी जान बचाने में सफल रहा। फायरिंग के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर धमकी दी कि वह दोबारा आकर जान से मार देगा और दुकान नहीं चलने देगा। घटना के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। पीड़ित के अनुसार, पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है, जिसे पुलिस को सौंपा जाएगा। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि मुख्य आरोपी छोटू पाठक हिस्ट्रीशीटर प्रवृत्ति का व्यक्ति है और उससे जान-माल का खतरा बना हुआ है। इस संबंध में थाना बेवर में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसमें दोनों आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। थाना प्रभारी अनिल कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
पानीपत के इसराना थाना क्षेत्र में एक ट्रैक्टर-बाइक की टक्कर में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा 16 अप्रैल को एनसी मेडिकल कॉलेज के पास हुआ, जब रॉन्ग साइड से आ रहे एक ट्रैक्टर ने बाइक सवार को टक्कर मार दी। घायल युवक के बयान के बाद 30 अप्रैल को ट्रैक्टर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस को दिए बयान के अनुसार, इसराना निवासी दीपक पुत्र सतवीर 16 अप्रैल की शाम करीब 4 बजे अपनी बाइक पर सवार होकर पानीपत से इसराना की ओर आ रहा था। इसी दौरान, कारद निवासी देवेंद्र अपनी गेहूं की ट्राली लेकर रॉन्ग साइड से मंडी की तरफ आ रहा था। एनसी मेडिकल कॉलेज के पास ट्रैक्टर ने दीपक की बाइक को टक्कर मार दी। ट्रैक्टर ड्राइवर ने ही कराया अस्पताल में भर्ती इस हादसे में दीपक गंभीर रूप से घायल हो गया। ट्रैक्टर ड्राइवर देवेंद्र ने ही घायल दीपक को उठाकर एनसी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। हालांकि, चोटें गंभीर होने के कारण उसे पानीपत के एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। हादसे के समय दीपक होश में नहीं था और बयान देने की स्थिति में नहीं था, जिस कारण पुलिस को तुरंत सूचना नहीं दी जा सकी। पुलिस मौके पर पहुंची थी, लेकिन बयान नहीं ले पाई। 30 अप्रैल को होश में आने के बाद दीपक ने पुलिस को अपना बयान दर्ज कराया, जिसके आधार पर देवेंद्र के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
देवास में एक ई-रिक्शा की टक्कर से 5 वर्षीय बच्ची चेष्टा शर्मा की मौत हो गई। परिजन बच्ची के शव को लेकर करीब 500 किलोमीटर का सफर तय कर राजस्थान पहुंचे, जहां शुक्रवार सुबह उसका अंतिम संस्कार किया गया। यह घटना गुरुवार दोपहर को गंगा पार्क क्षेत्र में हुई। घर के सामने खड़ी चेष्टा को तेज रफ्तार ई-रिक्शा ने टक्कर मार दी थी। गंभीर हालत में उसे इंदौर ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। गुरुवार शाम सात बजे जिला अस्पताल से पोस्टमार्टम के बाद परिजन मासूम का शव लेकर दो कारों से रवाना हुए। करीब 10 घंटे तक चले इस सफर में परिवार के सदस्य चेष्टा को गोद में लेकर बैठे रहे। चेष्टा को उसके पैतृक गांव राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के थला में अंतिम विदाई दी गई। शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे गांव पहुंचते ही उसका अंतिम संस्कार किया गया। चेष्टा के मामा सतीश शर्मा ने बताया कि वे जिला अस्पताल से सीधे गांव के लिए निकले थे। पूरे रास्ते बच्ची का शव परिवार के सदस्यों की गोद में ही रहा। मामले में पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया है। कोतवाली थाना प्रभारी श्याम चंद्र शर्मा ने बताया कि टक्कर मारने वाले ई-रिक्शा को ट्रेस कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।
भीलवाड़ा में एक 30 साल की महिला ने ब्लैकमेलिंग से तंग आकर जहर खा लिया। जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। परिजन उसे इलाज के लिए भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां आज दोपहर में उसकी मौत हो गई। यहां रहने वाली 30 साल की एक महिला ने गुरुवार दोपहर अपने घर पर जहर खा लिया। जिससे उसकी हालत बिगड़ गई परिजन उसे इलाज के लिए भीलवाड़ा महात्मा गांधी अस्पताल लेकर पहुंचे जहां आज उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। परेशान कर रहा था गांव का ही आदमी मृतका के देवर ने गांव में रहने वाले एक व्यक्ति पर आरोप लगाते हुए बताया- ये व्यक्ति पिछले कई दिनों से उसकी भाभी को फोन पर परेशान कर रहा था। उसके अश्लील फोटो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर उसे डरा रहा था। इसी मानसिक दबाव के चलते उसकी भाभी ने जहर खा लिया। 10 महीने पहले पति की भी जहर खाने से मौत हुई मृतका के 9 साल और दूसरा 4 साल के दो बेटे हैं। 10 महीने पहले महिला के पति की भी जहर खाने से मौत हो चुकी है। उस समय भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। इसके चलते इस युवक के हौसले बुलंद है। फिलहाल पुलिस ने अस्पताल पहुंच मृतक महिला का पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंपा और उनकी रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
अगर आप संगीत, अभिनय या साउंड इंजीनियरिंग की दुनिया में अपना करियर बनाना चाहते हैं, तो छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) का 'स्कूल ऑफ क्रिएटिव एंड परफॉर्मिंग आर्ट्स' आपके लिए नए अवसर लेकर आया है। सत्र 2026-27 के लिए संगीत विभाग में दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो गई है। खास बात यह है कि इस बार विभाग ने पारंपरिक शास्त्रीय संगीत के साथ-साथ मॉडर्न टेक्नोलॉजी से जुड़े साउंड रिकॉर्डिंग और इंजीनियरिंग जैसे प्रोफेशनल कोर्स भी शामिल किए हैं। साउंड इंजीनियरिंग और थिएटर के नए सर्टिफिकेट कोर्स डिजिटल दौर की मांग को देखते हुए इस सत्र से विभाग में कई नए विस्तार किए गए हैं। अब छात्र यहाँ साउंड रिकॉर्डिंग एवं इंजीनियरिंग में एक साल का सर्टिफिकेट कोर्स कर सकेंगे। इसके अलावा थिएटर, वायलिन और सितार जैसे विषयों में भी नए सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किए गए हैं। विभाग में आधुनिक स्टूडियो और लेटेस्ट संसाधनों की सुविधा उपलब्ध है, जिससे छात्रों को भारतीय शास्त्रीय संगीत के साथ समकालीन कलाओं का भी व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा। 12वीं के बाद ग्रेजुएशन का मौका16,200 रुपये सालाना फीस स्नातक यानी ग्रेजुएशन लेवल पर विभाग में बीपीए (BPA) कोर्स संचालित है। इसमें प्रवेश के लिए छात्र का 10+2 (इंटरमीडिएट) उत्तीर्ण होना जरूरी है। यह 3 साल का डिग्री प्रोग्राम है, जिसकी सालाना फीस 16,200 रुपये निर्धारित की गई है। सीटों के गणित को देखें तो गायन में 25, कथक और थिएटर में 20-20, जबकि तबला, सितार और वायलिन में 10-10 सीटें उपलब्ध हैं। पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए भी कई विकल्प उच्च शिक्षा के लिए विभाग में 2 साल का एम.एमपीए (MPA) कोर्स भी मौजूद है। इसके लिए संबंधित विषय में ग्रेजुएशन होना अनिवार्य है। पीजी लेवल पर गायन, तबला और सितार की फीस मात्र 10,200 रुपये सालाना है, जबकि कथक (MPA) के लिए छात्रों को 13,200 रुपये प्रति वर्ष फीस चुकानी होगी। साउंड रिकॉर्डिंग एवं इंजीनियरिंग के सर्टिफिकेट कोर्स की फीस 15,200 रुपये रखी गई है, जिसमें केवल 10 सीटें ही हैं। मेरिट से मिलेगा दाखिला, ऐसे करें अप्लाईसंगीत विभाग के इन सभी पाठ्यक्रमों में प्रवेश पूरी तरह से मेरिट के आधार पर दिया जाएगा। यानी आपकी पिछली कक्षाओं के अंक ही दाखिले का आधार बनेंगे। जो भी अभ्यर्थी कला और संगीत की इन विधाओं में विशेषज्ञता हासिल करना चाहते हैं, वे विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अनुभवी शिक्षकों की टीम यहाँ छात्रों को मंच के प्रदर्शन के साथ-साथ तकनीकी बारीकियों में भी माहिर बनाएगी।
अगर आप कम समय में प्रोफेशनल डिग्री लेकर सरकारी या प्राइवेट सेक्टर में बेहतर करियर बनाना चाहते हैं, तो छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) का 'लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस विभाग' आपके लिए बेहतरीन मौका लेकर आया है। विश्वविद्यालय ने सत्र 2026-27 के लिए दाखिले की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस विभाग में संचालित होने वाले कोर्सेज की सबसे बड़ी खासियत यह है कि महज एक साल की पढ़ाई के बाद छात्र लाइब्रेरी साइंस के क्षेत्र में रोजगार के योग्य बन जाते हैं। डिजिटल लाइब्रेरी और हाई-स्पीड वाई-फाई से लैस है विभाग CSJMU का लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस विभाग अब पूरी तरह से डिजिटल और आधुनिक हो चुका है। विभाग में छात्रों के लिए हाई-स्पीड वाई-फाई और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है, ताकि वे ई-रिसोर्सेज और डिजिटल लाइब्रेरी का बिना किसी रुकावट के इस्तेमाल कर सकें। आज के दौर में लाइब्रेरी केवल किताबों तक सीमित नहीं है, इसलिए छात्रों को यहाँ लेटेस्ट टेक्नोलॉजी के साथ ट्रेनिंग दी जा रही है। ग्रेजुएशन के बाद B.Lib और फिर M.Lib का विकल्प विभाग में दो मुख्य पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। बैचलर ऑफ लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस (B.Lib.I.Sc.) में प्रवेश के लिए छात्र का किसी भी स्ट्रीम से स्नातक (Graduation) होना अनिवार्य है। इसके बाद उच्च शिक्षा की चाह रखने वाले छात्रों के लिए मास्टर ऑफ लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस (M.Lib.I.Sc.) का विकल्प भी मौजूद है। दोनों ही पाठ्यक्रमों की अवधि मात्र एक-एक वर्ष रखी गई है, जिससे छात्रों का समय बचता है और वे जल्द प्रोफेशनल मार्केट में उतर पाते हैं। नेट-जेआरएफ के लिए स्पेशल ट्रेनिंग और सीमित सीटें विभाग में अनुभवी फैकल्टी द्वारा छात्रों को न केवल किताबी ज्ञान दिया जाता है, बल्कि उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे नेट (NET) और जेआरएफ (JRF) के लिए भी विशेष रूप से तैयार किया जाता है। सीटों की बात करें तो दोनों ही कोर्सेज में मात्र 40-40 सीटें निर्धारित की गई हैं, जिससे छात्रों को क्वालिटी एजुकेशन मिल सके। सीमित सीटें होने के कारण यहाँ दाखिले के लिए छात्रों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलती है। ऐसे करें आवेदन,घर बैठे होगा रजिस्ट्रेशनप्रवेश प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑनलाइन रखा गया है। जो भी अभ्यर्थी इन कोर्सेज में रुचि रखते हैं, वे विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट www.csjmu.ac.in पर जा सकते हैं। वेबसाइट पर दिए गए Admission 2026-27 लिंक के माध्यम से छात्र अपना पंजीकरण (Registration) आसानी से पूरा कर सकते हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, इसलिए इच्छुक छात्र अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना अपना फॉर्म भर दें।
गोंडा में अन्तर्राज्यीय चोर गिरोह के 7 लोग गिरफ्तार:भीख मांगने की आड़ में करते थे चोरी, जेवरात बरामद
गोंडा में नगर कोतवाली पुलिस ने भीख मांगने की आड़ में चोरी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में चार महिलाओं सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह भीड़भाड़ वाले स्थानों जैसे बस अड्डों और बाजारों में महिलाओं के बैग और पर्स से सोने-चांदी के आभूषण चुराता था। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अनीशा, निप्ती, अन्नू देवी, प्रियंका और गोविंदा हरि ओम शामिल हैं, जो बिहार के अकोड़ी थाना क्षेत्र के निवासी हैं। इनके साथ उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर निवासी अखिलेश को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस इन सभी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। आरोपियों के पास से चोरी किए गए आभूषण बरामद किए गए हैं। इनमें एक मंगलसूत्र, चार अंगूठी, एक नथुनी सायरा, दो जोड़ी झाला, एक जोड़ी झुमकी, 16 जोड़ी बिछुआ, दो जोड़ी पायल, एक जोड़ी हाथ पलानी और तीन सफेद धातु के सिक्के शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि 29 अप्रैल को गोंडा बस अड्डे पर एक ई-रिक्शा में बैठी महिला के बैग से तीन सोने की अंगूठियां चोरी हुई थीं। इसके अगले दिन, 30 अप्रैल को भी बस अड्डे पर एक अन्य महिला के बैग से मंगलसूत्र, कान का झाला, नथुनी सायरा और कुछ नकदी चोरी हो गई थी। इन घटनाओं के बाद नगर कोतवाली पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिससे आरोपियों की पहचान हुई और उन्हें गिरफ्तार किया जा सका। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे अपने परिवार और अन्य सदस्यों के साथ जिले भर में भीख मांगने का बहाना बनाकर घूमते थे। इसी दौरान भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मौका पाकर वे महिलाओं के बैग और पर्स से चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। नगर कोतवाली पुलिस ने सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से छह को जेल भेज दिया गया है, जबकि एक बाल अपचारी को पुलिस अभिरक्षा में रखा गया है।
कानपुर के थाना कैंट निवासी मोनू जायसवाल (30) हत्याकांड में पुलिस खुलासे के करीब पहुंच गई है। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया है। संभावना है कि पुलिस शनिवार को इस घटना का विस्तृत खुलासा कर सकती है। मोनू जायसवाल, जो थाना कैंट के गोलाघाट नई बस्ती के रहने वाले ओमकैलाश के बेटे थे, रविवार रात करीब 7 बजे अपने दोस्त बापन पॉल के साथ शुक्लागंज गए थे। इसके बाद वह घर नहीं लौटे। परिजनों ने काफी खोजबीन की। सोमवार को परिजन थाना कैंट पहुंचे, जहां एफआईआर दर्ज कराने को लेकर पुलिस से उनकी नोकझोक भी हुई। मंगलवार सुबह, परिजन मृतक की फोटो लेकर उन्नाव की मराला पुलिस के पास पहुंचे, तब उन्हें लावारिस में भेजे गए एक शव की जानकारी मिली। इसके बाद उन्नाव पोस्टमार्टम हाउस में परिजनों ने शव की शिनाख्त मोनू के रूप में की। मृतक के चाचा प्रभात कुमार ने बताया कि मोनू अपने खास दोस्त बापन पॉल के साथ रात में निकला था और फिर घर नहीं लौटा। उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि दोनों जिलों (कानपुर और उन्नाव) की पुलिस उन्हें क्षेत्र का हवाला देकर लौटा रही थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस की लापरवाही के कारण उनके भतीजे का पोस्टमार्टम दूसरे दिन हुआ। प्रभात कुमार ने उन्नाव पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने पहले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन बाद में छोड़ दिया। उनके विरोध के बाद आरोपी को दोबारा पुलिस को सौंपा गया। उन्होंने यह भी बताया कि जब आरोपी को पहली बार पकड़ा गया था, तब उसने अलग कपड़े पहने हुए थे। मृतक मोनू जायसवाल की पत्नी अंतिमा जायसवाल सात माह की गर्भवती हैं। उन्होंने सरकार से अपील की है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
बिजनौर शहर के मोहल्ला नई बस्ती स्थित प्राचीन शिव मंदिर में एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे के दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल रहा। श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाए और उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लिया। भंडारे का आयोजन किया गया कार्यक्रम की शुरुआत पंडित कौशल किशोर कौशिक ने की। उन्होंने वर्द्धमान कॉलेज के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. चंद्रप्रकाश आर्य और डॉ. संतोष कुमारी से बाबा खाटू श्याम जी का भोग व आरती पूजन करवाया। इसके उपरांत भंडारे का आयोजन किया गया, जो देर तक चला। इस विशाल भंडारे के सफल आयोजन में पं. अस्माकं कौशिक, भूपेंद्र निरंकारी, रवि प्रकाश आर्य, अनिल सक्सेना, तनु सक्सेना, कु. छवि, दिव्या प्रजापति, हल्दौर शोभित जैन और मालती सहित कई लोगों ने सहयोग प्रदान किया।
झालावाड़ उपभोक्ता आयोग का बीमा कंपनी को आदेश:मृतक के नॉमिनी को 45 दिन में देने होंगे 10 लाख
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, झालावाड़ ने एक महत्वपूर्ण फैसले में बीमा कंपनी को निर्देश दिया है कि वह मृतक कालूराम लोधा की नॉमिनी पत्नी शांतिबाई को 10 लाख रुपए की बीमित राशि का भुगतान करे। यह भुगतान आयोग के निर्णय की तिथि से 45 दिनों के भीतर करना होगा। आयोग के अध्यक्ष ईश्वरी लाल वर्मा और सदस्य वीरेंद्र सिंह रावत की पीठ ने शांतिबाई के परिवाद को स्वीकार करते हुए यह आदेश जारी किया। कालूराम लोधा का ग्राम सेवा सहकारी समिति, आंवलहेड़ा में बचत खाता था और उन्होंने एक दुर्घटना बीमा पॉलिसी ले रखी थी, जिसकी बीमित राशि 10 लाख रुपए थी। इस पॉलिसी में शांतिबाई को नॉमिनी बनाया गया था। घटना 24 जनवरी 2022 को हुई थी, जब शांतिबाई अपने पति कालूराम और पुत्र हरकचंद के साथ बाइक पर जा रही थीं। गरबोलिया घाटी के पास मान्याखेड़ी की ओर से आ रहे एक लोडिंग ऑटो चालक ने तेज गति और लापरवाही से बाइक को टक्कर मार दी। इस हादसे में तीनों घायल हो गए थे। उपचार के दौरान झालावाड़ अस्पताल में कालूराम को मृत घोषित कर दिया गया। पति की मौत के बाद शांतिबाई ने बीमा क्लेम प्रस्तुत किया। हालांकि, बीमा कंपनी ने 31 जुलाई 2024 को यह कहते हुए क्लेम खारिज कर दिया कि दुर्घटना के समय बाइक पर तीन व्यक्ति सवार थे। इसके बाद शांतिबाई ने जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर किया। आयोग ने दोनों पक्षों की बहस और प्रस्तुत साक्ष्यों का परीक्षण किया। आयोग ने बीमा कंपनी के क्लेम खारिज करने के निर्णय को अनुचित ठहराया और भुगतान के आदेश दिए। बीमित राशि के अतिरिक्त, बीमा कंपनी को मानसिक संताप के लिए 20 हजार रुपए और परिवाद खर्च के रूप में 10 हजार रुपए भी अदा करने होंगे। आयोग ने यह भी निर्देश दिया कि परिवाद दायर करने की तिथि 6 फरवरी 2025 से भुगतान प्राप्ति तक 9 प्रतिशत वार्षिक दर से ब्याज भी दिया जाए। इस प्रकार, शांतिबाई को बीमित राशि, ब्याज, मानसिक क्षतिपूर्ति और परिवाद खर्च सहित समस्त भुगतान 45 दिनों के भीतर प्राप्त करने का अधिकार होगा।
कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दामों में 1 मई से हुई भारी बढ़ोतरी का असर अब शहर के बाजारों में खुलकर दिखने लगा है। गैस महंगी होते ही खाने-पीने का पूरा सिस्टम महंगा हो गया है। सुबह के नाश्ते से लेकर रात के डिनर और मिठाई तक, लगभग हर चीज के दाम बढ़ गए हैं। कुछ दुकानदारों ने तुरंत रेट बढ़ा दिए हैं, जबकि कई आने वाले दिनों में कीमतों में इजाफा करने की तैयारी में हैं। शहर में सुबह के लोकप्रिय नाश्ते पर सबसे पहले असर पड़ा है। बेडई, कचौड़ी और समोसे के दामों में 2 से 3 रुपए तक की बढ़ोतरी कर दी गई है। ₹12 में मिलने वाली बेडई अब ₹14 में मिल रही है, जबकि देसी घी वाली ₹22 की बेडई का रेट बढ़कर करीब ₹24 हो गया है। वहीं ₹12 का समोसा अब ₹14 में बिक रहा है। दुकानदारों का कहना है कि गैस महंगी होने से सीधे लागत बढ़ गई है, जिसे बिना रेट बढ़ाए संभालना मुश्किल है। फूड स्ट्रीट और छोटे वेंडर्स ने भी अपने दाम बढ़ा दिए हैं। ₹60 में मिलने वाली थाली अब ₹65 में मिल रही है। कारोबारियों का कहना है कि सिर्फ गैस ही नहीं, बल्कि तेल, आटा और अन्य कच्चे माल की कीमतें भी बढ़ रही हैं, जिससे कारोबार चलाना और कठिन हो गया है। मिठाई बाजार पर भी महंगाई का असर साफ दिखाई दे रहा है। दुकानदारों के मुताबिक, मिठाइयों के दाम में करीब ₹40 प्रति किलो तक की बढ़ोतरी की गई है। आने वाले समय में लागत और बढ़ने पर कीमतों में और इजाफा हो सकता है। देवीराम मिठाई के मालिक संदीप अग्रवाल का कहना है कि कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम अचानक बढ़ने से व्यापार पर सीधा असर पड़ा है। “यह हमारे लिए मजबूरी है कि हमें रेट बढ़ाने पड़े, क्योंकि गैस की लागत बहुत तेजी से बढ़ी है,” उन्होंने कहा। वहीं बृज रसायनम के मालिक उमेश गुप्ता ने बताया कि सिलेंडर महंगा होने से दिक्कतें काफी बढ़ गई हैं। “हर फूड आइटम पर लागत बढ़ गई है, ऐसे में हमें भी कीमतें बढ़ानी पड़ी हैं,” उन्होंने कहा। कारोबारियों का मानना है कि अगर इसी तरह खर्च बढ़ते रहे तो आने वाले दिनों में बाजार में महंगाई और बढ़ सकती है। फिलहाल, कॉमर्शियल सिलेंडर के महंगे होने से आगरा के बाजार में महंगाई का असर हर वर्ग तक पहुंच गया है।
संभल में मजदूर दिवस पर श्रमिक एकता का संकल्प:पावर कॉरपोरेशन के कर्मचारियों ने सुरक्षा की शपथ ली
संभल में उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के निविदा/संविदा कर्मचारी संघ ने शुक्रवार को 132 केवी परिसर कॉलोनी में मजदूर दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने श्रमिक एकता और सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पश्चिमांचल महामंत्री अभिनंदन शर्मा ने 1 मई के दिन को विश्वभर के श्रमिकों के संघर्ष और बलिदान की याद बताया। उन्होंने शिकागो आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि यह दिन श्रमिक एकजुटता का प्रतीक है और सभी कर्मचारियों से अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया। जिलाध्यक्ष किरणपाल सिंह ने भारतीय संस्कृति में उद्योग को एक परिवार के रूप में देखने की बात कही। उन्होंने श्रमिकों को भगवान विश्वकर्मा का स्वरूप बताते हुए उन्हें समाज और राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण आधार बताया। सिंह ने श्रमिकों से अपने कार्य के प्रति समर्पण और अनुशासन बनाए रखने की अपील की। इस दौरान कर्मचारियों को विद्युत लाइनों पर कार्य करते समय आवश्यक सुरक्षा उपायों का पालन करने की शपथ दिलाई गई। साथ ही, कार्यस्थल पर सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करने के लिए धूम्रपान और नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रहने का संकल्प भी लिया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता दीपक कुमार ठाकुर ने की, जबकि संचालन समरपाल सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर विजय सैनी, राहीद तुर्की, सोनू सैनी, अविनाश चौधरी, नदीम ज़ैदी, सुरेंद्र सिंह, दिनेश कुमार, सचिन कुमार, कमल सैनी, पवन सैनी, शारिक, करन, हफ़ीज़, अरकान, विकास, रियाजुल सहित अनेक कर्मचारी उपस्थित रहे।
संतकबीरनगर जिले में मक्के की फसल को सैनिक कीट (स्पोडोपटेरा फ्रूगीपरडा) से बचाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की एक संयुक्त टीम ने प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय सर्वेक्षण किया। भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र, गोरखपुर, और राज्य कृषि रक्षा विभाग के अधिकारियों ने गायघाट एवं चोलखरी गांवों में फसल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, सैनिक कीट से प्रभावित फसल कुछ सीमित स्थानों पर ही पाई गई। हालांकि, क्षेत्र में कीट के पतंगों की उपस्थिति दर्ज की गई, जिससे भविष्य में संक्रमण बढ़ने की आशंका जताई गई है। अधिकारियों ने किसानों को समय रहते सावधानी बरतने और वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने की सलाह दी। गंधपाश यंत्र से कीटों की निगरानी की व्यवस्था मौके पर जिला कृषि रक्षा अधिकारी सर्वेश कुमार और केंद्रीय टीम के सहायक वनस्पति संरक्षण अधिकारी अवधेश कुमार ने किसानों को समेकित नाशीजीव प्रबंधन (आईपीएम) विधि अपनाने के लिए प्रेरित किया। टीम ने खेतों में गंधपाश यंत्र स्थापित कर कीटों की निगरानी की व्यवस्था भी कराई। जिन खेतों में कीट का प्रभाव अधिक था, वहां केंद्रीय कीटनाशी बोर्ड एवं पंजीयन समिति द्वारा अनुशंसित रासायनिक दवाओं के नियंत्रित उपयोग की सलाह दी गई। फसल को बड़े नुकसान से बचाया सर्वेक्षण टीम ने किसानों के बीच बायोपेस्टिसाइड का वितरण किया और बीज शोधन के लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। किसानों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देते हुए बताया गया कि समय पर बीज उपचार और निगरानी से फसल को बड़े नुकसान से बचाया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, किसानों को भारत सरकार के एनपीएसएस ऐप को डाउनलोड कर नाशीजीव की पहचान और डेटा एंट्री करने का प्रशिक्षण भी दिया गया, ताकि भविष्य में कीट प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाया जा सके। इस संयुक्त सर्वेक्षण में केंद्रीय टीम से सहायक वनस्पति संरक्षण अधिकारी अवधेश कुमार, रत्नेश कुमार मिश्रा और मोनल कुमार सिंह शामिल रहे। राज्य कृषि विभाग की ओर से उप जिला कृषि रक्षा अधिकारी अजय दीप, नाथनगर विकास खंड के बीज गोदाम प्रभारी गोरखनाथ चौधरी, तकनीकी सहायक रामजी चौधरी तथा प्रगतिशील किसान दिलीप कुमार और सुनील सिंह सहित अन्य किसान उपस्थित थे।
इटावा में रेलवे ट्रैक पर पत्थर रखकर ट्रेन संचालन को खतरे में डालने की गंभीर घटना का रेलवे सुरक्षा बल ने शुक्रवार को सफल खुलासा कर दिया है। भरथना और साम्हों स्टेशन के बीच हुई इस घटना में आरपीएफ ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने पूछताछ में घरेलू विवाद और नशे की हालत में इस खतरनाक हरकत को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। इस मामले में रेलवे एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच की गई थी। घटना सामने आने के बाद बनी जांच टीम यह मामला 2 अप्रैल 2026 का है, जब भरथना और साम्हों स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक पर पत्थर रखे जाने की सूचना मिली। यह घटना यात्रियों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकती थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरपीएफ पोस्ट इटावा पर मुकदमा दर्ज किया गया और वरिष्ठ मण्डल सुरक्षा आयुक्त विजय प्रकाश पंडित के निर्देशन में एक विशेष जांच टीम गठित की गई। सीसीटीवी फुटेज से हुई आरोपी की पहचान जांच टीम ने घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को बारीकी से खंगाला। तकनीकी साक्ष्यों और संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर आरोपी की पहचान की गई। लगातार निगरानी और जांच के बाद 30 अप्रैल 2026 को बृजमोहन नाम के युवक को गिरफ्तार कर लिया गया, जो भरथना थाना क्षेत्र के चढ़रऊआ गांव का निवासी है। पूछताछ में कबूला जुर्म और बताई वजह गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि घर में चल रहे विवाद के कारण वह तनाव में था और शराब के नशे में उसने रेलवे ट्रैक पर पत्थर रख दिए। उसकी इस हरकत से किसी भी समय बड़ा रेल हादसा हो सकता था, लेकिन समय रहते घटना का खुलासा हो गया।
नोहर थाना पुलिस ने फिरौती मांगने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान सुनील उर्फ डेला उर्फ डेलिया (30) निवासी जांडवाला सोतर, फतेहाबाद सदर, हरियाणा, हाल वार्ड नम्बर एक, भादरा के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक विदेशी ग्लॉक पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार सुनील उर्फ डेला के खिलाफ हरियाणा और राजस्थान में आर्म्स एक्ट व फिरौती के करीब 8 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस उससे मामले में संलिप्त अन्य व्यक्तियों के संबंध में पूछताछ कर रही है। यह कार्रवाई 28 मार्च को नोहर की इंदिरा कॉलोनी निवासी शहनवाज उर्फ सद्दाम द्वारा दर्ज करवाई गई रिपोर्ट के आधार पर की गई है। शहनवाज ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि करीब तीन माह पहले आकाश निगम और शिवा सिंह गुर्जर उसके घर के बाहर आए थे। आरोपियों ने उसे अमर सिंह बुडानिया की हत्या करने के लिए कहा था। मना करने पर उन्होंने शहनवाज के साथ मारपीट की और 50 लाख रुपए की फिरौती मांगी। आरोपियों ने धमकी दी थी कि यदि पैसे नहीं दिए गए तो उसे जान से मार दिया जाएगा। परिवादी के अनुसार आरोपियों ने यह भी कहा था कि उनकी गैंग ने हथियार खरीद रखे हैं और वे हत्या जैसी वारदातों को अंजाम देने में सक्षम हैं। रिपोर्ट में गैंग के अन्य सदस्यों के रूप में अनिल उर्फ गुरु, मोनू और संदीप टोगसिया के नाम भी सामने आए थे। पुलिस गिरोह के नेटवर्क और अन्य आपराधिक गतिविधियों को लेकर गहन जांच कर रही है तथा फरार आरोपियों की तलाश जारी है। पहले हो चुकी हैं गिरफ्तारियांपुलिस ने जांच के दौरान इस मामले में शामिल मोनू पुत्र बलवान सिंह निवासी खचवाना, संदीप पुत्र जयसिंह निवासी वार्ड 4, फेफाना, अनिल उर्फ चोटिया उर्फ गुरु पुत्र महेन्द्र गोस्वामी निवासी सागड़ा, आकाश निगम पुत्र मुन्नालाल निवासी पूर्णपुरा, आगरा तथा शिवा उर्फ शिवा गुर्जर पुत्र नारायण सिंह निवासी लाडवापुरा, आगरा, उत्तर प्रदेश को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भिजवा दिया था।
सीतापुर में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से डायल 112 सेवा को मजबूती दी गई है। इसी क्रम में 14 नए चार पहिया वाहनों को डायल 112 के बेड़े में शामिल किया गया। इन वाहनों के जुड़ने से पुलिस का रिस्पॉन्स टाइम और बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से एसपी अंकुर अग्रवाल ने विधिवत पूजा-अर्चना कर सभी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी आलोक सिंह, दक्षिणी दुर्गेश सिंह समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान नए वाहनों को विभिन्न थानों में तैनात करने की जानकारी दी गई, ताकि जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में आपातकालीन सेवाओं को और तेज किया जा सके पुलिस विभाग के अनुसार डायल 112 सेवा आम जनता को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। नए वाहनों के शामिल होने से घटनास्थल पर पुलिस की पहुंच पहले की तुलना में और अधिक तेज होगी, जिससे अपराध नियंत्रण और जनसुरक्षा में सुधार आएगा। एसपी अंकुर अग्रवाल ने बताया कि पुलिस का प्रयास है कि किसी भी आपात स्थिति में लोगों को जल्द से जल्द सहायता मिल सके। उन्होंने कहा कि नए संसाधनों के जुड़ने से पुलिस की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी और जनता को बेहतर सुरक्षा का अनुभव मिलेगा। इस कार्यक्रम के बाद सभी वाहनों को पुलिस लाइन से रवाना किया गया, जो जिले के विभिन्न थानों में तैनात किए जाएंगे। इस पहल को लेकर पुलिस महकमे में उत्साह का माहौल है, वहीं आम जनता भी इससे बेहतर पुलिसिंग की उम्मीद कर रही है।
जींद जिले की उचाना विधानसभा सीट से भाजपा विधायक देवेंद्र चतुर्भुज अत्री ने कसूहन गांव के चाणक्य इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान 10वीं कक्षा में शीर्ष स्थान पर रहीं चार छात्राओं को इलेक्ट्रिक स्कूटी देकर सम्मानित किया। विधायक अपने पिता को याद कर भावुक हो गए और कहा कि उन्होंने अपने पिता से जीवन में संघर्ष करना सीखा है। विधायक अत्री ने बंगाल चुनाव पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वहां तृणमूल कांग्रेस का जाना तय है और जंगलराज खत्म होगा। उन्होंने दावा किया कि, जब बंगाल में जब चुनाव परिणाम आएंगे तो भाजपा प्रचंड बहुमत से सत्ता में आएगी। अत्री ने बढ़े हुए मतदान प्रतिशत को भाजपा के हक में बताया, क्योंकि उनके अनुसार बंगाल के मतदाता बदलाव चाहते हैं। अत्री बोले- दुष्यंत चौटाला मामले में जांच में कुछ नहीं बचा उन्होंने हिसार पुलिस द्वारा दुष्यंत चौटाला मामले की जांच पूरी होने की बात भी कही। विधायक ने कहा कि जांच सामने आ चुकी है और अब उसमें कुछ नहीं बचा है। कांग्रेस विधायक द्वारा बृजेंद्र सिंह पर की गई टिप्पणी को लेकर देवेंद्र अत्री ने कहा कि हर व्यक्ति जानता है कि इस परिवार ने क्या किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि खुद कांग्रेस के विधायक कह रहे हैं कि वे 'मलाई खा गए'। अत्री ने कहा कि चौधरी बीरेंद्र सिंह के परिवार को भाजपा ने जितना मान-सम्मान दिया, उतना उन्हें पूरी जिंदगी में नहीं मिल पाएगा। कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं बचा : देवेंद्र विधायक ने कांग्रेस की 'सद्भाव यात्रा' को राहुल गांधी को खुश करने और खुद को कांग्रेस में स्थापित करने का प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि ये नेता उचाना विधानसभा में नहीं आते, बल्कि हरियाणा घूम रहे हैं और भाजपा के केंद्रीय नेताओं के खिलाफ बयान दे रहे हैं। अत्री ने टिप्पणी की कि यदि उन्होंने उचाना में कुछ किया होता तो आज ये हालात नहीं होते। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं है और लोगों ने इस परिवार को सबक सिखाया है। विधायक ने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने का भी जिक्र किया। दोबारा से अपने आप को कांग्रेस में स्थापित करने राहुल बाबा दिखाने की यात्रा है ये ढोंग है। सदभावना से इनका कोई लेना-देना नहीं है। कांग्रेस में आपस में गुटबाजी सबके सामने है।
मानेसर की मेयर डॉ. इंद्रजीत कौर के भाजपा ज्वाइन करने पर कैबिनेट मंत्री राव नरबीर ने शुक्रवार को गुरुग्राम में अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि हां भाजपा ने उन्हें पार्टी में शामिल कर लिया है। पार्टी का जो फैसला है, वो सबको मानना पड़ेगा, नरबीर सिंह अकेला पार्टी तो नहीं है। राव नरबीर ने साफ तौर पर कहा कि राजनीति में व्यक्तिगत पसंद से ऊपर पार्टी का निर्णय होता है और संगठन जो भी तय करेगा, उसे सभी को स्वीकार करना होगा। वे शुक्रवार दोपहर को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में पर्यावरण से संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।दरअसल, राव नरबीर सिंह मानेसर की निर्दलीय मेयर डॉ. इंद्रजीत कौर की भाजपा में ज्वाइनिंग का पुरजोर विरोध कर रहे थे। डॉ. इंद्रजीत ने भाजपा प्रत्याशी सुंदरलाल को हराया था। जिसे राव नरबीर सिंह सर्पोट कर रहे थे। 10 मई के बाद होंगे सीनियर डिप्टी मेयर के चुनावगुरुग्राम नगर निगम में सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव बार-बार टलने को लेकर राव नरबीर ने कहा कि मेयर राजरानी मल्होत्रा की तबीयत खराब होने के कारण इन चुनावों को स्थगित करना पड़ा। उन्होंने कहा कि जिस वक्त यह फैसला हुआ, मैं तो चंडीगढ़ में था। मेयर की बीमारी के चलते चुनाव टले हैं। राव नरबीर ने आगे संकेत दिया कि अब ये चुनाव 10 मई को होने वाले निकाय चुनावों के संपन्न होने के बाद करवाए जा सकते हैं। पर्यावरणीय नियमों को लेकर समीक्षा कीबैठक में प्रदेश में वायु व जल प्रदूषण नियंत्रण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सीएंडडी वेस्ट मैनेजमेंट, सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध, सीईटीपी, ईटीपी की स्थिति, हरित क्षेत्र विकास तथा विभिन्न पर्यावरणीय नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े एजेंडा बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित योजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू करते हुए आमजन को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। बैठक में पर्यावरण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) सुधीर राजपाल, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड(पीसीबी) के चेयरमैन जे.गणेशन, सदस्य सचिव योगेश कुमार सहित विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। नियमों का पालन न करने वालों पर सख्ती बरतें पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने एजेंडा बिंदुओं की समीक्षा करते हुए कहा कि 500 वर्ग गज से अधिक क्षेत्रफल वाली जिन साइट्स पर निर्माण कार्य चल रहा है और जिन्होंने डस्ट पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराया है, उनके खिलाफ प्राथमिकता के आधार पर चालान किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि जो साइट्स पंजीकृत हैं लेकिन निर्धारित नियमों का पालन नहीं कर रहीं, उनके विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। एसीएस ने धूल प्रदूषण पर नियंत्रण करने को कहा बैठक में एसीएस सुधीर राजपाल ने कहा कि गुरुग्राम में संचालित करीब 400 निर्माण साइट्स पर अगले 15 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से कवरिंग सुनिश्चित की जाए, अन्यथा संबंधित के खिलाफ चालान की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रत्येक साइट पर प्रभावी बैरिकेडिंग हो, ताकि शहर में धूल प्रदूषण पर नियंत्रण के साथ गुरुग्राम एक मॉडल शहर के रूप में नजर आए। मॉनिटरिंग सिस्टम हुआ मजबूत पीसीबी के सदस्य सचिव योगेश कुमार ने बताया कि हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा वायु गुणवत्ता प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 29 कंटीन्यूअस एम्बिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि एनसीआर क्षेत्र में 23 नए स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अलावा 46 मैनुअल मॉनिटरिंग स्टेशन भी संचालित हैं और 4 अत्याधुनिक सैंपल टेस्टिंग लैब कार्यरत हैं।उन्होंने जानकारी दी कि राज्य में 4 सोर्स अपॉर्शनमेंट स्टडी भी जारी हैं, जबकि धूल प्रदूषण नियंत्रण के लिए 22 डस्ट कंट्रोल एंड मैनेजमेंट सेल गठित किए गए हैं। औद्योगिक क्षेत्रों में प्रदूषण की निगरानी के लिए 521 उद्योगों में कंटीन्यूअस एमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम (एसईएमएस) स्थापित किए जा चुके हैं तथा 3 सेक्टरों में 875 अतिरिक्त उद्योगों को भी इसे लगाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, कंस्ट्रक्शन साइट्स की निगरानी के लिए 3866 साइट्स को डस्ट पोर्टल पर पंजीकृत किया गया है, जिससे रियल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा रही है। मैकेनाइज्ड सफाई और स्प्रिंकलिंग पर जोर बैठक में पीसीबी के अधिकारियों ने बताया सड़क धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा व्यापक स्तर पर कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एनसीआर के नगर निगमों में मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है, जहां वर्तमान में 56 मशीनें कार्यरत हैं और इस वर्ष 91 नई मशीनें खरीदने की योजना है। इसके अलावा 60 एंटी-स्मॉग गन तथा 160 वाटर स्प्रिंकलर का उपयोग नियमित रूप से किया जा रहा है, जिससे धूल को नियंत्रित किया जा सके। उन्होंने बताया कि राज्य ने सीआरआरआई के साथ रैम्स स्थापित करने के लिए समझौता भी किया है। साथ ही सिटी एक्शन प्लान के तहत डस्ट-फ्री सड़कों का विकास किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत एनसीआर क्षेत्र में 1203 किलोमीटर सड़कों की पहचान की गई है, जिनमें से 119 किलोमीटर सड़कों का पुनर्विकास वर्ष 2026 की पहली तिमाही में किया जा चुका है। यमुना एक्शन प्लान पर प्रभावी कदम पीसीबी अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा से यमुना में जाने वाले नालों के माध्यम से लगभग 682 एमएलडी अपशिष्ट जल छोड़ा जाता है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि इसमें से 128.6 एमएलडी अपशिष्ट जल दिल्ली क्षेत्र से हरियाणा में प्रवेश करता है और उसके बाद यमुना में जाता है। इस प्रकार हरियाणा का कुल डिस्चार्ज लगभग 553.4 एमएलडी रहता है। इसके अतिरिक्त, दिल्ली के अलीपुर ड्रेन के माध्यम से फरीदाबाद क्षेत्र में सीधे यमुना नदी में करीब 83 एमएलडी अपशिष्ट जल भी छोड़ा जाता है, जो प्रदूषण का एक महत्वपूर्ण कारण है। कैबिनेट मंत्री ने निर्देश दिए कि पीसीबी अधिकारी ऐसे सभी बिंदुओं की पहचान करें, जहां से बिना उपचारित (अनट्रीटेड) पानी नालों या यमुना में गिर रहा है, ताकि जिम्मेदार व्यक्तियों/संस्थाओं के खिलाफ नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। 133 एमएलडी क्षमता के 6 एसटीपी बन रहेयोगेश कुमार ने बैठक में बताया कि प्रदेश में सीवरेज प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए कुल 133 एमएलडी क्षमता के 6 एसटीपी स्थापित किए जा रहे हैं, जिन्हें मार्च 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने जानकारी दी कि बजघेड़ा में 2 एमएलडी क्षमता का एसटीपी 85 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है और इसे जून 2026 तक पूरा किया जाएगा। इसी प्रकार सोनीपत के खेवड़ा में 3 एमएलडी क्षमता का कार्य 45 प्रतिशत प्रगति पर है, जबकि यमुनानगर के रादौर रोड पर 77 एमएलडी का प्रमुख प्रोजेक्ट 30 प्रतिशत प्रगति के साथ मार्च 2027 तक पूर्ण होगा। पानीपत के मतलौदा में 3 एमएलडी का कार्य 95 प्रतिशत पूरा हो चुका है, वहीं डडलाना में 3 एमएलडी का प्रोजेक्ट 55 प्रतिशत प्रगति पर है। इसके अलावा फरीदाबाद के बादशाहपुर में 45 एमएलडी क्षमता का एसटीपी निर्माणाधीन है, जिसकी वर्तमान प्रगति 15 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से प्रदेश में सीवरेज शोधन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। यमुना कैचमेंट में 288.5 एमएलडी क्षमता के 7 एसटीपी का अपग्रेडेशन वहीं यमुना कैचमेंट क्षेत्र में मौजूदा सीवरेज ढांचे को और सुदृढ़ करने के लिए 288.5 एमएलडी क्षमता के 7 एसटीपी का अपग्रेडेशन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गोहाना में 3 एमएलडी, सोनीपत के सोनारिया में 40 एमएलडी, बहादुरगढ़ के लाइन पार क्षेत्र में 18 एमएलडी तथा हथीन में 4.5 एमएलडी क्षमता के एसटीपी को निर्धारित समयसीमा के अनुसार वर्ष 2026-27 तक अपग्रेड किया जाएगा। इसके अलावा हसनपुर में 3 एमएलडी क्षमता का एसटीपी दिसंबर 2026 तक, जबकि गुरुग्राम के धनवापुर में 100 एमएलडी और बेहरामपुर में 120 एमएलडी क्षमता के एसटीपी अगस्त 2027 तक अपग्रेड किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इन अपग्रेडेशन कार्यों से सीवरेज ट्रीटमेंट की क्षमता और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा, जिससे यमुना में गिरने वाले प्रदूषण को प्रभावी रूप से कम किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर एक हजार करोड़ की लागत से 11 स्थानों पर 425 एमएलडी क्षमता एसटीपी भी प्रस्तावित है। 2027 तक नालों के बीओडी स्तर घटाने का लक्ष्य कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि हरियाणा सरकार ने 31 दिसंबर 2027 तक नालों के बीओडी स्तर को 10 एमजी/से कम करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उद्योगों द्वारा बाईपास या टैंकरों के माध्यम से अपशिष्ट निस्तारण पर रोक लगाने के लिए सरप्राइज निरीक्षण टीमें गठित कर सख्त निगरानी रखी जाए। इसके साथ ही उन्होंने ईटीपी, सीईटीपी और एसटीपी पर रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम (ओएमडी) को और मजबूत करने के निर्देश दिए, ताकि प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके। सिंगल यूज प्लास्टिक पर कार्रवाई में बड़े स्टॉकिस्टों को करें टारगेट कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह ने सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध को लेकर राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा की जा रही कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि छोटे रिटेल दुकानदारों पर फोकस करने की बजाय मुख्य स्टॉकिस्टों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि बाजार में इसकी उपलब्धता पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। बैठक में पीसीबी अधिकारियों ने 15 दिसंबर 2025 से 15 अप्रैल 2026 के बीच चलाए गए विशेष चालान अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि इस अवधि में लगभग 6863 चालान किए गए, जिनमें 60,86,750 रुपये का जुर्माना लगाया गया तथा करीब 5800 किलोग्राम प्लास्टिक जब्त कर नष्ट कराया गया। सिटी एक्शन प्लान की भी समीक्षा कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह ने बैठक में बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर लिगेसी वेस्ट के निस्तारण, आरएमसी प्लांट्स के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई तथा बूचड़खानों में पर्यावरण मानकों की पालना को लेकर विस्तृत समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके साथ ही गुरुग्राम के एनुअल सिटी लेवल एक्शन प्लान की भी समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि लिगेसी वेस्ट के वैज्ञानिक निपटान में तेजी लाई जाए, नियमों का उल्लंघन करने वाले आरएमसी प्लांट्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा बूचड़खानों में पर्यावरणीय मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाए, ताकि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।
झांसी से सटे मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में लव अफेयर के चलते उठाए गए खौफनाक कदम ने दो जिंदगियां खत्म कर दीं। मायापुर थाना क्षेत्र की रहने वाली कल्पना(29) और उसकी नंद के पति मस्तराम (32) ने एक साथ जहर निगल लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें इलाज के लिए झांसी मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई। विधवा और नंद के पति के बीच पनपा था प्रेम संबंधजानकारी के मुताबिक, कल्पना के पति भागीरथ की करीब दस साल पहले मौत हो चुकी थी। वह अपने ससुर रामकिशन और नौ साल के बेटे के साथ ससुराल में रहकर खेती से गुजारा कर रही थी। वहीं, कल्पना की नंद गेंदाबाई की शादी छह साल पहले दुर्गापुर निवासी मस्तराम से हुई थी। मस्तराम का ससुराल आना-जाना लगा रहता था और इसी दौरान उसकी नजदीकियां अपने साले की विधवा पत्नी कल्पना से बढ़ गईं। दोनों के बीच यह रिश्ता धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गया। गुरुवार को घर में ही खाया जहरससुर रामकिशन ने बताया कि गुरुवार को मस्तराम मायापुर अपने ससुराल पहुंचा था। उस समय घर में कल्पना अकेली थी। इसी दौरान दोनों के बीच किसी बात को लेकर तनाव हुआ और उन्होंने एक साथ जहर निगल लिया। कुछ देर बाद घर लौटे ससुर रामकिशन ने दोनों को उल्टियां करते देखा तो हड़कंप मच गया। पूछने पर दोनों ने जहर खाने की बात कबूली। झांसी लाते वक्त बिगड़ी हालत, इलाज के दौरान मौतपरिजन और गांव वालों की मदद से दोनों को तत्काल झांसी मेडिकल कॉलेज लाया गया, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पत्नी को लेने के बहाने गया था ससुरालमस्तराम के पिता रघुवर पाल ने बताया कि उनका बेटा गुरुवार को यह कहकर घर से निकला था कि वह अपनी पत्नी गेंदाबाई को लेने ससुराल जा रहा है। दोपहर करीब तीन बजे वह मायापुर पहुंचा, लेकिन उस समय उसकी पत्नी घर पर नहीं थी। इसी बीच वह कल्पना के साथ घर में था, जहां यह घटना हो गई। पीछे छूट गए मासूम बच्चेइस घटना से एक ही परिवार में दो मौतों से मातम पसरा है। कल्पना जहां अपने बेटे की अकेली सहारा थी, वहीं मस्तराम के भी दो छोटे बच्चे हैं, जिनमें पांच साल का बेटा और तीन साल की बेटी है। वहीं, मस्तराम भी अपने पिता का इकलौता बेटा था और नर्सिंग की पढ़ाई भी कर रहा था।
आगरा के थाना रकाबगंज क्षेत्र स्थित ईदगाह में एक 20 वर्षीय युवती ने ऑटो चालक के ब्लैकमेलिंग से परेशान हो कर तेजाब पी लिया। जिससे उसकी तबियत बिगड़ती चले गई। इसके बाद पीड़ित युवती को एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। जहां उसकी हालात गंभीर बताई जा रही है। पीड़िता के पिता ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। और पीड़ित परिवार ने पुलिस से आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे है। पूरा मामला थाना रकाबगंज है। ब्लैकमेलिंग से परेशान,डिप्रेशन में आ कर पी लिया तेजाबपीड़िता के पिता ने थाना रकाबगंज में तहरीर दी है। उन्होंने तहरीर में बताया है कि मेरी 20 साल की बेटी है। जिसे एक लकड़ा काफी दिनों से परेशान कर रहा था। आरोपी सोहिल बेटी को लगातार बदनाम करने की धमकी दे रहा था। उसके फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर डालने की धमकी से वो परेशान थी। उसे आए दिन ब्लेकमेल करता था। इससे वो काफी दिनों से परेशान चल रही थी। ब्लैकमेलिंग से वो डिप्रेशन में आ गई। इसके बाद उसने तेजाब पी लिया। इससे उसकी तबीयत बिगड़ती गई। तबीयत बिगड़ती देख परिजनों ने उसे एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया है। जहां उसकी हालात गंभीर बताई जा रही है। घटना 26 अप्रेल की है। 5 दिन बाद मामले में FIR दर्ज कराई गई है। परिजनों ने बताया कि घटना के बाद सभी बेटी के इलाज में लग गए थे। लड़की का भाई बाहर काम करता है। आगरा आने के बाद पिता ने थाने में FIR दर्ज कराई है। पुलिस ने आरोपी सोहिल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सतना जिले के चित्रकूट थाना क्षेत्र के राजौला में शुक्रवार दोपहर एक हादसा हुआ। बाइक में हवा भरते समय कंप्रेशर टंकी फटने से 42 वर्षीय रामकिशोर प्रजापति की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक रामकिशोर प्रजापति राजौला के वार्ड नंबर 12 स्थित हनुमान मंदिर के पास कई सालों से मड़ैया में कंप्रेशर मशीन लगाकर वाहनों के पंचर बनाने का काम करते थे। दोपहर में वह एक बाइक के टायर में हवा भरकर पंचर जांच रहे थे। इसी दौरान, जब वह मड़ैया के अंदर कंप्रेशर मशीन की नॉब बंद करने गए, तो अचानक कंप्रेशर टंकी में जोरदार धमाका हो गया। रामकिशोर की मौके पर ही मौतधमाका इतना तेज था कि कंप्रेशर मशीन के चीथड़े उड़ गए और रामकिशोर की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में बाइक चालक बाल-बाल बच गया। तेज धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। सूचना मिलने पर पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने बाइक चालक के बयान के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि कंप्रेशर टंकी में हवा का दबाव अधिक होने के कारण यह घटना हुई।
मऊगंज जिले के चर्चित हनी ट्रैप मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करीब एक सप्ताह की जांच के बाद पुलिस ने महिला और उसके पति को उड़ीसा से गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए ठिकाने बदल रहे थे और पश्चिम बंगाल भागने की तैयारी में थे। मामले का खुलासा 18 अप्रैल को हुआ था, जिसके बाद 24 अप्रैल की शाम एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए करीब एक सप्ताह के भीतर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। एसडीओपी सचि पाठक ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है। नशीला पदार्थ देकर बनाया वीडियो, 5 लाख की मांग पुलिस के अनुसार, पूर्व जनपद उपाध्यक्ष विनोद मिश्रा को नशीला पदार्थ देकर बेहोश किया गया। इसके बाद उनका आपत्तिजनक वीडियो बनाया गया और उसी के जरिए ब्लैकमेल कर 5 लाख रुपए की फिरौती मांगी गई। रकम नहीं देने पर वीडियो लीक करने की बात भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए उड़ीसा में छिपे हुए थे और वहां से पश्चिम बंगाल भागने की फिराक में थे। मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम उन तक पहुंची और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों के मोबाइल जब्त किए गए हैं। शुरुआती जांच में कई चैट, फोटो और वीडियो मिले हैं, जिससे संकेत मिलता है कि इस तरह से और लोगों को भी निशाना बनाया गया हो सकता है। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच करा रही है। स्पाई कैमरे से रिकॉर्डिंग, पहले बढ़ाई पहचान प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वीडियो स्पाई कैमरे से रिकॉर्ड किया गया था। योजना के तहत पहले पहचान बढ़ाई गई, फिर छिपे कैमरे से वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग की गई। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कैमरा कहां और कैसे लगाया गया था। पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला मऊगंज क्षेत्र में एक कैफे संचालित करती थी। 25 दिसंबर को पुलिस कंट्रोल रूम के सामने कैफे की ओपनिंग हुई थी। इसके बाद वहां लोगों की आवाजाही बढ़ी और इसी दौरान विनोद मिश्रा का आना-जाना शुरू हुआ। यहीं से दोनों के बीच पहचान हुई, जो बाद में हनी ट्रैप में बदल गई। रिमांड पर लेकर होगी पूछताछ और खुलासों की उम्मीद जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने विनोद मिश्रा को आर्थिक रूप से सक्षम और प्रभावशाली व्यक्ति मानकर निशाना बनाया। इसी कारण 5 लाख रुपए की फिरौती मांगी गई थी। पुलिस अब आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। रिमांड के दौरान पूरे नेटवर्क, पैसों के लेनदेन और अन्य संभावित पीड़ितों के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। मामले के सामने आने के बाद इलाके में सनसनी का माहौल है।
डीएम ने 5 लेखपालों पर की कार्रवाई:एक्सप्रेस-वे भूमि खरीद में लापरवाही पर दो अटैच, तीन का वेतन रोका
फर्रुखाबाद में जिलाधिकारी (डीएम) डॉ. अंकुर लाठर ने प्रस्तावित फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजना के लिए भूमि क्रय कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान भूमि अधिग्रहण में निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप अपेक्षित प्रगति न होने पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त की। लापरवाही बरतने पर डीएम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो लेखपालों को भूलेख कार्यालय से संबद्ध (अटैच) कर दिया। इसके अतिरिक्त, तीन अन्य लेखपालों का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोकने के निर्देश भी दिए गए हैं। जिन लेखपालों को अटैच किया गया है, उनमें सौरभ पांडेय और अतुल प्रताप सिंह शामिल हैं। वहीं, विकास दीक्षित, सुभाष चंद्र और सत्येंद्र गंगवार नामक तीन लेखपालों का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोका गया है। बैठक में डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि एक्सप्रेस-वे जैसी महत्वपूर्ण और जनहित से जुड़ी परियोजना में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित राजस्व कर्मियों को अपने दायित्वों के प्रति पूर्ण निष्ठा और गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि भूमि क्रय की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए तथा निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण करना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि कार्यों की नियमित निगरानी की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। डीएम ने बताया कि फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजना जनपद के विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिससे क्षेत्र में कनेक्टिविटी, निवेश और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी। अतः सभी संबंधित अधिकारी समन्वय स्थापित करते हुए कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराएं।
श्रावस्ती में अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर कलेक्ट्रेट के तथागत हॉल में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष दद्दन मिश्र, जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग, पूर्व जिलाध्यक्ष उदय प्रकाश त्रिपाठी और अपर जिलाधिकारी अमरेन्द्र कुमार वर्मा ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में श्रमिकों को उपहार और प्रमाणपत्र वितरित किए गए। सहायक श्रमायुक्त ने श्रम विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी और जागरूकता सामग्री बांटी। मातृ-शिशु वंदना योजना के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र, क्षय रोगियों को पोषण पोटली तथा आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा नाविकों को लाइफ जैकेट प्रदान की गईं। एलएंडटी और बीपीएल संस्थाओं ने भी श्रमिकों को उपहार भेंट किए। इस दौरान लखनऊ में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सजीव प्रसारण भी दिखाया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष दद्दन मिश्र ने श्रमिकों को समाज के विकास की रीढ़ बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार उनके हितों के लिए लगातार प्रयास कर रही है। डीएम अन्नपूर्णा गर्ग ने श्रमिकों के परिश्रम की सराहना करते हुए उन्हें राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताया। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रशासन उनके हर सहयोग के लिए तत्पर है। जिलाधिकारी ने श्रमिकों से हीटवेव से बचाव के लिए जारी दिशानिर्देशों का पालन करने, संतुलित आहार लेने और धूप से बचने की अपील की। उन्होंने बालश्रम को एक गंभीर समस्या बताते हुए जनपद को बालश्रम मुक्त बनाने में सहयोग का आह्वान भी किया। इसके बाद, अध्यक्ष और जिलाधिकारी ने ब्लड बैंक की मोबाइल यूनिट का फीता काटकर शुभारंभ किया। उन्होंने लोगों को 'रक्तदान महादान' के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में, बाल श्रम मुक्त श्रावस्ती के उद्देश्य से एक हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। साथ ही, श्रमिकों के कौशल विकास के लिए 45 दिवसीय निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम का भी शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का समापन बालश्रम उन्मूलन के संकल्प के साथ हुआ।
बारां में स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के लिए सिटीजन फीडबैक अभियान ने गति पकड़ ली है। केंद्र सरकार के आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के निर्देश पर नगर परिषद बारां की टीम शहरभर में सक्रिय है। यह टीम विभिन्न स्थानों पर जाकर लोगों से स्वच्छता संबंधी फीडबैक ले रही है। अभियान के तहत नगर परिषद की आईईसी (सूचना, शिक्षा और संचार) टीम महात्मा गांधी राजकीय स्कूल सहित अन्य स्कूलों, नगर परिषद कार्यालय, रेलवे स्टेशन, पुलिस स्टेशन, पार्कों और प्रमुख बाजारों का दौरा कर रही है। टीम आमजन को QR कोड स्कैन करके या मंत्रालय द्वारा जारी लिंक के माध्यम से ऑनलाइन फीडबैक देने के लिए प्रेरित कर रही है। मौके पर ही नागरिकों से फीडबैक दर्ज करवाकर अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। नगर परिषद आयुक्त भुवनेश मीणा ने बताया कि शहर की स्वच्छता रैंकिंग सुधारने में हर नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने नागरिकों से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए सकारात्मक फीडबैक देकर शहर को आगे बढ़ाने में सहयोग करने की अपील की। स्वास्थ्य निरीक्षक नरसी लाल स्वामी ने कहा कि एक फीडबैक शहर की पहचान बदल सकता है और लोगों से स्वच्छता को आदत बनाने तथा अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आग्रह किया। इस अभियान को सफल बनाने में आयुक्त भुवनेश मीणा, एसबीएम प्रभारी धर्मराज गुर्जर, स्वास्थ्य निरीक्षक नरसी लाल स्वामी, एसबीएम अभियंता जितेंद्र नामा सहित आईईसी पार्टनर क्लेवरिनो टीम के सदस्य नेहा राजावत, रीना गहलोत, पवन सिंह, प्रिंस जोसी, सीमा गुर्जर और प्रिंसी राजावत लगातार सक्रिय हैं।
शटडाउन के बावजूद करंट लगने से लाइनमैन की मौत:हरदोई के काशीपुर में बिजली पोल ठीक करते समय हादसा
हरदोई के शहर कोतवाली क्षेत्र के काशीपुर में करंट लगने से एक लाइनमैन की मौत हो गई। मृतक की पहचान देहात कोतवाली क्षेत्र के नया गांव निवासी 34 वर्षीय रिजवान के रूप में हुई है। डॉक्टरों ने गुरुवार देर रात मेडिकल कॉलेज में उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार, रिजवान बिजली ठीक करने के लिए एक पोल पर चढ़ा था। उसने कार्य शुरू करने से पहले शटडाउन भी लिया था, लेकिन अचानक बिजली आपूर्ति बहाल होने से वह गंभीर रूप से झुलस गया। स्थानीय ग्रामीण तुरंत उसे एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। रिजवान तेत्यौरा पावर हाउस में संविदा पर लाइनमैन के पद पर कार्यरत था। उसके परिवार में पत्नी मुनीषा, दो बेटे और एक बेटी हैं। घटना के बाद शुक्रवार दोपहर लाइनमैन के परिजनों ने कलेक्ट्रेट स्थित धरना स्थल पर प्रदर्शन किया। उन्होंने मृतक के परिवार के लिए मुआवजे और इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलने पर सदर तहसीलदार सचिंद्र शुक्ला और शहर कोतवाल संजय त्यागी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत की और उन्हें नियमानुसार कार्रवाई तथा मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। शहर कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि शव का पंचनामा भरवा दिया गया है और मामले की जांच जारी है।
बांसवाड़ा में ब्राउन शुगर तस्कर को 5 साल की जेल:50 हजार जुर्माना, 5 साल पुराने मामले में फैसला
जिला एवं सत्र न्यायालय ने अवैध मादक पदार्थ ब्राउन शुगर की तस्करी के एक मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायाधीश राम सुरेश प्रसाद ने आरोपी कयूम खान को दोषी करार देते हुए 5 साल के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। घेराबंदी कर दबोचा लोक अभियोजक योगेश सोमपुरा ने बताया कि मामला वर्ष 2021 का है। कोतवाली पुलिस थाना क्षेत्र में पुलिस ने नाकाबंदी की थी। इस दौरान एक संदिग्ध युवक बाइक पर आता दिखाई दिया। पुलिस को देख युवक ने भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद टीम ने उसे घेराबंदी कर दबोच लिया। ब्राउन शुगर मिली थी तलाशी के दौरान आरोपी कयूम खान पिता आलम खान, निवासी कोटड़ी, प्रतापगढ़ के कब्जे से 25 ग्राम अवैध ब्राउन शुगर बरामद की गई। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी जिस बाइक का इस्तेमाल कर रहा था, उस पर फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई थी। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट और जालसाजी की धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पुख्ता सबूत और गवाह पेश किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कयूम खान को तस्करी का दोषी माना और उसे कड़ी सजा से दंडित किया। जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर पलवल में सैकड़ों मजदूरों, कर्मचारियों और किसानों ने एकजुट होकर एक विशाल 'संकल्प सभा' का आयोजन किया। 137वें मजदूर दिवस पर आयोजित यह सभा मेहनतकशों के शोषण और दमन के खिलाफ तथा उनके लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए संघर्ष तेज करने के संकल्प के साथ संपन्न हुई। सीआईटीयू (CITU) की जिला प्रधान रामरती चौहान ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की, जबकि संचालन सीटू नेता रमेशचंद द्वारा किया गया। सभा को संबोधित करते हुए संयुक्त किसान मोर्चा के नेता धर्मचंद और सीटू नेता रमेशचंद ने उत्तर प्रदेश सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि नोएडा सहित यूपी के कई जिलों में मजदूर सभाओं पर रोक लगाकर सरकार ने अपना अलोकतांत्रिक चेहरा उजागर किया है। वक्ताओं ने रोष जताते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के औद्योगिक इलाकों में आज भी मजदूरों को 8 घंटे काम और सम्मानजनक न्यूनतम वेतन जैसे बुनियादी हक के लिए लंबी लड़ाई लड़नी पड़ रही है। चार लेबर कोड और मनरेगा को लेकर सरकार से सवाल नेताओं ने केंद्र की भाजपा सरकार की नीतियों को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि 'चार लेबर कोड' लागू करना और मनरेगा को कमजोर करना मजदूरों को गुलामी की ओर धकेलने जैसा है। वर्तमान में उत्तर और मध्य भारत के मजदूर ठेका प्रथा को पूरी तरह समाप्त करने और ₹30,000 मासिक न्यूनतम वेतन की मांग को लेकर बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं। वक्ताओं ने दुख जताया कि सरकार मजदूरों की जायज मांगों को सुनने के बजाय उनके शांतिपूर्ण आंदोलन को एक 'साजिश' के रूप में पेश कर रही है। वैश्विक संकट और युद्ध की निंदा सीआईटीयू प्रधान रामरती और किसान सभा के जिला प्रधान रूपराम तेवतिया ने वैश्विक परिदृश्य पर चर्चा करते हुए अमेरिका-इजरायल युद्ध की निंदा की। उन्होंने कहा कि इस युद्ध ने वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए संकट पैदा कर दिया है, जिसका सीधा असर गरीब मेहनतकशों की थाली पर पड़ रहा है। नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने युद्ध के खिलाफ भारत की ऐतिहासिक और तटस्थ नीति को कमजोर किया है। प्रस्ताव पारित: तत्काल समाधान की मांग इन नेताओं ने भी किया संबोधित इस अवसर पर दरयाब सिंह, सुभाष देशवाल, कृष्णा, बलजीत शास्त्री, ताराचंद, योगेश शर्मा, हरेंद्र देशवाल, सविता रावत, नेमचंद शर्मा, डॉ. रघुबीर सिंह, किशनचंद, रामआसरे यादव, नरेश राजपूत और ऊषा ने भी विचार रखे। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि पिछले 11 वर्षों से सरकार केवल पूंजीपतियों के हितों को साध रही है, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नेपानगर में श्रमिक संघ ने मनाया मजदूर दिवस:अध्यक्ष प्रवीण सोनी ने मिल की प्रगति पर जोर दिया
बुरहानपुर में अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर आज (1 मई) एशिया की पहली अखबारी कागज मिल नेपा लिमिटेड के श्रमिक संघ नेपानगर ने स्थानीय यूनियन भवन में मजदूर दिवस मनाया। इस दौरान श्रमिक संघ अध्यक्ष प्रवीण सोनी ने ध्वजारोहण किया। ध्वजारोहण के पश्चात उपस्थित श्रमिकों को संबोधित करते हुए प्रवीण सोनी ने कहा कि मजदूरों की मेहनत और एकजुटता से ही बंद पड़ी नेपानगर मिल पुनः चालू हो सकी है। उन्होंने सीएमडी नरेश सिंह, सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल और नेपानगर विधायक मंजू दादू के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। अध्यक्ष ने बताया कि मिल चालू होने के साथ ही कई माह से लंबित वेतन में से एक माह का वेतन तत्काल दिया गया है। इसके अतिरिक्त, संविदा कर्मचारियों के वेतन वृद्धि के लिए प्रबंधन से सकारात्मक चर्चा हुई है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि संस्थान की प्रगति के लिए नकारात्मक सोच से दूर रहना आवश्यक है। उन्होंने सभी श्रमिकों से गुणवत्ता और अनुशासन के साथ मिल को देश की नंबर 1 पेपर मिल बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन अनीस मंसूरी द्वारा किया गया, जबकि आभार प्रदर्शन गणेश दीक्षित ने किया। इस दौरान राहुल पटेल, संपत हिरवे, दीपक पटेल, प्रदीप बैस, प्रतीक गणेचर, पंकज सपकाले, कुलदीप चौधरी सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे। समारोह का समापन श्रमिक एकता जिंदाबाद, नेपानगर मिल जिंदाबाद के नारों के साथ हुआ।
मेरठ की सेंट्रल मार्केट में बीते दिन नोटिस चश्पा करने पहुंची आवास विकास की टीम का सेक्टर 2 की महिलाओं ने विरोध किया और सांसद अरूण गोविल के आश्वासन पर जो धरना स्थगित किया था उसको फिर से शुरू कर दिया। उसके बाद आज शुक्रवार को महिलाएं अपने पहले धरना स्थल पर ही बैठी दिखाई दी। उनका कहना है कि हम यह प्रदर्शन जब तक जारी रहेंगे जब तक हमारी समस्या का कोई ठोस समाधान नहीं निकल जाता है। छोटे मकान मालिक ज्यादा परेशानआवास विकास द्वारा जिन लोगों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार नोटिस दिए गए हैं उनमें बड़ी संख्या में लोगों ने सेटबैक के तहत अपना ध्वस्तीकरण भी शुरू कर दिया है। सेक्टर 2 में जो छोटे भवनों के मालिक हैं वह इस कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं क्योंकि उनका कहना है कि 37 मीटर के मकान में एक मीटर सेटबैक छोड़ना संभव नहीं है। दिल्ली में वकीलों से करेंगे मुलाकातशास्त्री नगर सेक्टर-2 में धरना दे रही महिलाओं के पति, क्षेत्र की 9 बुजुर्ग महिलाओं के साथ शनिवार को नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विवेक नारायण शर्मा से मुलाकात करेंगे। आंदोलन में शामिल शीतल पुंजानी के पति हरि पुंजानी व राधा गुप्ता के पति अनिल गुप्ता ने बताया कि सांसद अरुण गोविल ने इस मामले की पैरवी की जिम्मेदारी विवेक नारायण शर्मा को सौंपी है। बुधवार को आनलाइन माध्यम से जरूरी दस्तावेज उपलब्ध करा दिए गए है। अब वकील के निर्देश पर प्रतिनिधिमंडल दिल्ली जाएगा। 140 को दिए नोटिसशास्त्रीनगर योजना संख्या सात मै सेट बैंक छोड़ने के लिए कुल 815 भूखंड स्वामियों को नोटिएदिए जाने थे। बुधवार तक 560 को नोटिए दिए गए। गुरुवार को 245 को नोटिस जाना था, लेकिन 140 को ही नोटिस रिसीव हो पाए। अब शेष 105 नोटिस रिसीव करने के लिए बात की जा रही है। 23 भूखंड स्वामियों ने सेटबैंक छोड़कर शपथ कार्यालय में जमा कर दिया है। 52 ने प्रक्रिया शुरू करने की जानकारी दी है। कोर्ट के आदेश के अनुपालन में सभी सहयोग करें। अब जानिए सेट बैक की शर्तें सेंट्रल मार्किट में पिछले काफी समय से सेट बैक को लेकर भ्रम की स्थिति है। यह साबित करने का प्रयास हो रहा है कि 60 मीटर तक के आवास के लिए सेट बैक जरूरी नहीं है। जबकि विभागीय सूत्रों की मानें तो नियम सब के लिए बराबर हैं। सेट बैक नहीं छोड़ा तो छोटे आवासों पर भी कार्रवाई होना तय है। सेट बैक का गणित भी समझें फ्रंट सेटबैक (F): घर के सामने, सड़क और भवन के बीच की दूरी (सामने की तरफ)।रियर सेटबैक (R): घर के पीछे, प्लॉट की पिछली सीमा और भवन के बीच की दूरी।साइड सेटबैक (S1): घर के दाएं और बाएं किनारों पर, पड़ोसी प्लॉट की सीमा और भवन के बीच की दूरी।स्ट्रीट सेटबैक (S2): कॉर्नर प्लॉट के मामले में, मुख्य सड़क के अतिरिक्त दूसरी सड़क की ओर की जगह। सेंट्रल मार्किट के आवास पर सेटबैक - रेजीडेंशियल 150 वर्ग मीटर तक फ्रंट सेटबैक 1 मीटर, रियर सेटबैक शून्य, साइड सेटबैक शून्य, स्ट्रीट सेटबैक शून्य।- रेजीडेंशियल 151 वर्ग मीटर से 300 वर्ग मीटर तक फ्रंट सेटबैक 3 मीटर, रियर सेटबैक 1.5 मीटर, साइड सेटबैक शून्य, स्ट्रीट सेटबैक शून्य। - रेजीडेंशियल 300 वर्ग मीटर से 500 वर्ग मीटर तक फ्रंट सेटबैक 3 मीटर, रियर सेटबैक 3 मीटर, साइड सेटबैक शून्य, स्ट्रीट सेटबैक शून्य। कमर्शियल के लिए सेटबैक - कमर्शियल 100 वर्ग मीटर तक फ्रंट सेटबैक 1.5 मीटर, रियर सेटबैक शून्य, साइड सेटबैक शून्य, स्ट्रीट सेटबैक शून्य। - कमर्शियल 101 वर्ग मीटर से 300 वर्ग मीटर तक फ्रंट सेटबैक 3 मीटर, रियर सेटबैक शून्य, साइड सेटबैक शून्य, स्ट्रीट सेटबैक शून्य।- कमर्शियल 301 वर्ग मीटर से 1000 वर्ग मीटर तक फ्रंट सेटबैक 4.5 मीटर, रियर सेटबैक 3 मीटर, साइड सेटबैक शून्य, स्ट्रीट सेटबैक शून्य।
कैथल जिले के राजौंद गांव में 1 मई को शहीद नरेंद्र संधू की प्रतिमा का अनावरण किया गया। इस कार्यक्रम में हिसार के सांसद जय प्रकाश (जेपी), पूर्व सैनिक और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। स्थानीय ग्रामीणों ने भी कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए बाहर से आए लोगों की सेवा की। इस दौरान सांसद जय प्रकाश ने दिवंगत शहीद श्रद्धांजलि दी। शहीद नरेंद्र संधू के चाचा बीरबल संधु ने बताया कि, प्रतिमा का निर्माण राज राइफल्स ने जयपुर में करवाया था, जिस पर लगभग आठ लाख रुपए का खर्च आया। प्रतिमा स्थापित करने के लिए स्मारक और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी करीब दस लाख रुपए की लागत आई है। सीएम ने दिया था शहीद के नाम पर अस्पताल बनवाने का आश्वासन बीरबल संधु ने यह भी जानकारी दी कि प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम के लिए जिला प्रशासन को निमंत्रण भेजा गया था। हालांकि, इस अवसर पर केवल राजौंद थाना प्रभारी ही उपस्थित हुए। जिला या उपमंडल स्तर का कोई अन्य अधिकारी कार्यक्रम में मौजूद नहीं रहा। उन्होंने बताया कि हरियाणा के मुख्यमंत्री शहीद नरेंद्र संधु के निधन पर शोक व्यक्त करने गांव आए थे। उस समय उनसे गांव में शहीद के नाम पर एक बड़ा अस्पताल बनवाने की मांग की गई थी, जिस पर मुख्यमंत्री ने जल्द निर्माण का आश्वासन दिया था। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि संबंधित कागजात प्रशासन के किस कार्यालय में लंबित हैं। इसके अतिरिक्त, शहीद के भाई वीरेंद्र को अभी तक सरकारी नौकरी भी नहीं मिली है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार और प्रशासन द्वारा शहीद के परिवार को जल्द ही सभी लंबित लाभ प्रदान किए जाएंगे।
राजनांदगांव में अवैध उत्खनन पर बड़ी कार्रवाई:दो हाईवा, 1.05 लाख ईंटें जब्त, अवैध भट्ठा सील
राजनांदगांव जिले में अवैध उत्खनन और परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। कलेक्टर जितेंद्र यादव के निर्देश पर खनिज एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। गश्त के दौरान दो अलग-अलग मामलों में अवैध परिवहन करते दो हाईवा वाहनों को जब्त किया गया है। इसके अलावा एक अवैध ईंट भट्ठे को सील कर बड़ी मात्रा में ईंटें भी जब्त की गई हैं। चूना पत्थर और गिट्टी से भरा हाईवा पकड़ा गया खनिज विभाग की पहली कार्रवाई में ग्राम मनकी निवासी चालक पोषण लाल साहू को चूना पत्थर और गिट्टी का अवैध परिवहन करते पकड़ा गया। वाहन क्रमांक CG 08 BB 7116, जिसके मालिक प्रदीप साहू बताए जा रहे हैं, को जब्त कर डोंगरगांव थाना परिसर में खड़ा कराया गया है। रेत का अवैध परिवहन करते दूसरा वाहन जब्त दूसरी कार्रवाई में ग्राम जंतर निवासी चालक प्रीतराम वाहन क्रमांक CG 08 AX 4456 से रेत का अवैध परिवहन करते मिला। यह वाहन, जिसके मालिक सौरभ सिंह ठाकुर बताए गए हैं, को जब्त कर पुलिस लाइन राजनांदगांव में रखा गया है। दोनों मामलों में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। अवैध ईंट भट्ठे पर छापा अवैध ईंट निर्माण के खिलाफ डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम रेंगाकठेरा में भी प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। कलेक्टर के निर्देश पर तहसीलदार अमीय श्रीवास्तव और खनिज विभाग के भारत बंजारे के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने किसान नरसिंग वर्मा की भूमि पर छापा मारा। जांच में पाया गया कि वहां बिना अनुमति के ईंट भट्ठे का संचालन किया जा रहा था। इसके बाद प्रशासन ने भट्ठे को सील कर दिया। 1 लाख 5 हजार से ज्यादा ईंटें जब्त कार्रवाई के दौरान मौके से करीब 1 लाख 5 हजार से अधिक ईंटें जब्त की गईं। अधिकारियों ने कहा कि बिना अनुमति चल रहे ईंट भट्ठों पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। आगे भी जारी रहेगी सख्ती प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण को रोकने के लिए लगातार निगरानी, गश्त और सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
नमस्कार,ये है, इंदौर में आज की 10 बड़ी खबरें। अब आप एक ही जगह पर शहर की दिनभर की बड़ी खबरें रोज शाम 5 बजे पढ़ सकते हैं। इंदौर में कब क्या हुआ, इसकी सारी जानकारी यहां मिलेगी। राजनीति से लेकर हर दिन होने वाले बड़े इवेंट, हादसे, कार्यक्रम सबकुछ मिलेगा..। तेज रफ्तार का कहर: बाइक-आयशर टक्कर में युवक की मौत गुरुवार रात अलग-अलग स्थानों पर हुए सड़क हादसों ने एक बार फिर तेज रफ्तार के खतरे को उजागर कर दिया। आजाद नगर, तिलक नगर और पलासिया क्षेत्र में हुए हादसों में एक युवक की मौके पर मौत हो गई, जबकि एक अन्य ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पूरी खबर पढ़ें… दोस्त का पता नहीं बताया तो चाकू घोंपे चाकूबाजी की दो घटनाओं ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विजयनगर में एक युवक को सिर्फ दोस्त का पता न बताने पर चाकू मार दिया गया, वहीं राजेंद्र नगर में बाइक टक्कर के बाद बदला लेने के लिए दो युवकों पर हमला किया गया। पूरी खबर पढ़ें… द्वारकापुरी में महिला की चेन छीनकर भागे बदमाश द्वारकापुरी थाना क्षेत्र में चेन स्नेचिंग की वारदात सामने आई है, जहां बाइक सवार बदमाश गुरुवार को एक महिला के गले से चेन झपटकर फरार हो गए। हालांकि पुलिस ने देर शाम तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जिनमें दो नाबालिग शामिल हैं। पूरी खबर पढ़ें… ड्रग्स तस्करी पर बड़ी कार्रवाई नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बाणगंगा थाना क्षेत्र में दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 129 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 1 करोड़ 29 लाख रुपए आंकी गई है। पूरी खबर पढ़ें… शादी में गई मां, बेटे ने साफ कर दी अलमारी शहर में चोरी की दो अलग-अलग घटनाओं ने सनसनी फैला दी। विजयनगर इलाके में एक बुजुर्ग महिला ने अपने ही बेटे पर घर से नकदी और जेवर चोरी करने का आरोप लगाया है, वहीं राजेंद्र नगर में बदमाश फ्लैट से दो छात्रों के लैपटॉप चुराकर फरार हो गए। पूरी खबर पढ़ें… चीफ इंजीनियर के रिटायरमेंट के अगले दिन री-अपॉइंटमेंट पर रोक मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ ने मप्र पश्चिम क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी में सेवानिवृत्त चीफ इंजीनियर की संविदा नियुक्ति पर अंतरिम रोक लगा दी है। कोर्ट ने प्रारंभिक सुनवाई में ही पूरी प्रक्रिया को संदिग्ध मानते हुए नियुक्ति पर स्टे दे दिया। पूरी खबर पढ़ें… आज से हाउस लिस्टिंग ब्लॉक सर्वे शहर में जनगणना के तहत हॉउस लिस्टिंग ब्लॉक (HLB) सर्वे का शुभारंभ 1 मई से किया जाएगा। सेल्फ इन्युमरेशन की अवधि समाप्त होने के बाद अब प्रगणक और सुपरवाइजर घर-घर जाकर जानकारी एकत्रित करेंगे। यह सर्वे आगामी एक माह तक चलेगा। पूरी खबर पढ़ें… नाबालिग को घुमाने के बहाने ले गया, होटल में दुष्कर्म इंदौर में नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोपी पहले उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और होटल में वारदात को अंजाम दिया। दो महीने बाद मोबाइल मिलने पर पूरा मामला उजागर हुआ, जिसके बाद पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। पूरी खबर पढ़ें… आज से शुरु होगा जनगणना अभियान आगामी जनगणना 2027 के पहले चरण के तहत नगर निगम सीमा क्षेत्र में 1 मई से मकान सूचीकरण का व्यापक अभियान शुरू हो गया है। इस दौरान घर-घर पहुंचकर परिवारों से 33 महत्वपूर्ण सवालों की जानकारी जुटाई जाएगी। पूरी खबर पढ़ें… 10 IPS फिर भी 2-3 दिन में मर्डर प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। शहर में 10 आईपीएस अधिकारियों की तैनाती के बावजूद अपराधों पर लगाम नहीं लग पा रहा है। अप्रैल महीने में हत्या के 8 मामले सामने आए। औसतन हर दूसरे दिन एक मर्डर हुआ। इसके अलावा हत्या के प्रयास के दो से ज्यादा गंभीर मामले भी दर्ज किए गए हैं। पूरी खबर पढ़ें…
नीमच में 8-10 लोगों ने युवक को लाठी-डंडों से पीटा:पुरानी रंजिश में किया वार, गंभीर हालत में एडमिट
नीमच जिले के जावद थाना क्षेत्र के नयागांव चौकी इलाके में शुक्रवार को एक युवक पर जानलेवा हमला कर दिया गया। जावद रोड स्थित एक मांगलिक भवन के बाहर 8 से 10 लोगों ने उसे घेरकर लाठी-डंडों और धारदार हथियार से हमला किया। वारदात के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। घायल को पहले नयागांव, फिर नीमच रेफर किया गया घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे। घायल युवक को तुरंत नयागांव अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक इलाज के बाद हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल नीमच रेफर कर दिया गया, जहां उसका इलाज जारी है। भोजन कर बाहर निकला, तभी किया हमला घायल की पहचान नयागांव की गांधी कॉलोनी निवासी तुलसीराम पिता नंदराम खारोल (36) के रूप में हुई है। तुलसीराम ने बताया कि वह शुक्रवार को जावद रोड स्थित एक मांगलिक भवन में कार्यक्रम में भोजन करने गया था। जैसे ही वह बाहर निकला, पहले से घात लगाए बैठे चेतन, अमित, विजय, अंकित, मदनलाल, प्रकाश, दिनेश, राजेश और मुकेश खटीक सहित अन्य लोगों ने उसे घेर लिया और हमला कर दिया। पुरानी रंजिश में मारपीट का आरोप तुलसीराम ने बताया कि आरोपियों ने उस पर पहले भी कई बार हमला किया है, जिसकी शिकायत उसने थाने में की थी। उसके मुताबिक नगर परिषद द्वारा दुकानों के बाहर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद से आरोपी उससे रंजिश रखने लगे और लगातार धमकियां दे रहे थे। घटना के बाद घायल और उसके परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। सूचना मिलने पर पुलिस जिला अस्पताल पहुंची और घायल के बयान दर्ज किए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
अजमेर में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे ‘म्यूल हंटर’ अभियान के तहत क्लॉक टॉवर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक संदिग्ध बैंक खाते के अकाउंट होल्डर पर मुकदमा दर्ज किया है। जांच में सामने आया कि इस खाते में अलग-अलग राज्यों में हुई साइबर ठगी की लाखों रुपए की राशि ट्रांसफर की गई थी। पुलिस के अनुसार यूको बैंक, स्टेशन रोड शाखा के खाते संख्या की जांच में अकाउंट होल्डर राहुल रावत (21) निवासी भुणाबाय, अजमेर का नाम सामने आया। खाते की केवाईसी और स्टेटमेंट के विश्लेषण में कुल 6 लाख 99 हजार 201 रुपए का लेनदेन मिला, जिसमें से 6 लाख 74 हजार 198 रुपए साइबर ठगी से जुड़े पाए गए। चार शिकायतों से जुड़ा कनेक्शन साइबर पोर्टल 1930 पर दर्ज चार अलग-अलग मामलों में इस खाते का लिंक मिला है। इनमें उत्तरप्रदेश, केरल और महाराष्ट्र के पीड़ित शामिल हैं। ठगी के तरीके भी अलग-अलग थे। नए आईपी लॉन्च का झांसा, टेलीग्राम पर टास्क देकर कमाई का लालच,इंस्टाग्राम पर ऑर्डर के नाम पर धोखाधड़ी इन मामलों में लाखों रुपए की ठगी कर रकम इसी खाते में ट्रांसफर की गई थी। लेयर-1 ट्रांजेक्शन में आया खाता पुलिस जांच में सामने आया कि यह खाता ‘लेयर-1’ ट्रांजेक्शन में इस्तेमाल हुआ, यानी ठगी की रकम सीधे इसी खाते में आई। इसके बाद आगे ट्रांसफर की आशंका भी जताई जा रही है। हेड कांस्टेबल प्रेम सिंह की रिपोर्ट पर क्लॉक टॉवर थाने में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब आरोपी की भूमिका, नेटवर्क और अन्य जुड़े खातों की जांच कर रही है।
पलवल जिले के होडल क्षेत्र में अपराध का ग्राफ थमता नजर नहीं आ रहा है। ताजा मामले में हसनपुर चौक के पास बदमाशों ने एक बुजुर्ग व्यक्ति को अपना निशाना बनाया। आरोपियों ने बुजुर्ग से सोने की चेन और नकदी लूट ली और विरोध करने पर उनके साथ बेरहमी से मारपीट की। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। होडल की बेढ़ा पट्टी निवासी हुकम सिंह ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि वह शाम के समय अपने नाती के साथ बाजार जा रहे थे। जब वे हसनपुर चौक के पास पहुंचे, तभी कोसी की ओर से आ रही एक गाड़ी उनके पास आकर रुकी। गाड़ी से दो युवक नीचे उतरे और अचानक उन पर हमला बोल दिया। दो तोले की चेन और नगदी पर साफ किया हाथ पीड़ित के अनुसार, बदमाशों ने उनके गले से दो तोले की सोने की चेन झपट ली और जेब में रखे चार हजार रुपये निकाल लिए। जब हुकम सिंह ने हिम्मत दिखाते हुए इसका विरोध किया, तो बदमाशों ने उनके साथ मारपीट की। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अपनी गाड़ी में सवार होकर मौके से फरार हो गए। मेडिकल रिपोर्ट के बाद दर्ज हुआ मामला घटना की सूचना तुरंत 'डायल 112' पर पुलिस को दी गई। थाना प्रभारी अशोक कुमार ने बताया कि शुरुआती जांच में मौके पर लूट की पुष्टि को लेकर संशय था, लेकिन जब पीड़ित का मेडिकल परीक्षण करवाया गया, तो उनके शरीर पर गंभीर चोटें पाई गईं। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद पुलिस ने तुरंत अज्ञात बदमाशों के खिलाफ लूट और मारपीट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। CCTV खंगाल रही है पुलिस पुलिस अब आरोपियों तक पहुँचने के लिए हसनपुर चौक और कोसी रोड पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। पुलिस का दावा है कि जिस गाड़ी का इस्तेमाल वारदात में हुआ है, उसकी पहचान जल्द कर ली जाएगी।
विधायक ने माढैरा में बांटे पट्टे, जॉब कार्ड:10 लाख के विकास कार्यों का शिलान्यास, ग्राम रथ का स्वागत
राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से डीग जिले में ग्राम रथ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में डीग-कुम्हेर विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत माढैरा में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। बुधवार को विकास रथ के माढैरा पहुंचने पर ग्राम पंचायत और ग्रामीणों ने उसका स्वागत किया। इस कार्यक्रम में डीग-कुम्हेर विधायक डॉ. शैलेश सिंह ने भाग लिया। जागरूकता कार्यक्रम के दौरान एलईडी स्क्रीन और वीडियो के माध्यम से ग्रामीणों को केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। इस अवसर पर डीग-कुम्हेर विधायक डॉ. शैलेश सिंह ने पात्र लाभार्थियों को आवासीय भूमि के पट्टे और जॉब कार्ड वितरित किए। विधायक डॉ. सिंह ने ग्रामीण विकास के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में भी कदम उठाए। उन्होंने विधायक निधि से स्वीकृत निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया। इसके तहत ग्राम पंचायत माढैरा में 6 लाख रुपए और ग्राम पंचायत बदनगढ़ में 4 लाख रुपए की लागत से विभिन्न विकास कार्यों की आधारशिला रखी गई। इस कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहन सिंह, विकास अधिकारी जतन सिंह, जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता देवेंद्र और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के सहायक अभियंता ब्रजेश गुर्जर सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। उन्होंने सरकार द्वारा चलाई जा रही इन प्रमुख योजनाओं की जानकारी प्राप्त की और उनका लाभ उठाने का संकल्प लिया।
बूंदी के नैनवां में ग्राम विकास अधिकारी संघ की ब्लॉक कार्यकारिणी का गठन किया गया है। निर्वाचन प्रक्रिया के तहत बाबूलाल कारपेंटर को सर्वसम्मति से ब्लॉक अध्यक्ष चुना गया, जबकि नवीन अग्रवाल उपाध्यक्ष बनाए गए हैं। यह निर्वाचन पर्यवेक्षक राम प्रसाद गोचर और सह-निर्वाचन पर्यवेक्षक विष्णु श्रृंगी की देखरेख में संपन्न हुआ। इस दौरान संघ के विभिन्न पदों पर पदाधिकारियों का चयन किया गया। नई कार्यकारिणी में सुरेश कुमार नागर को ब्लॉक मंत्री, कजोड़ लाल कुम्हार को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, जितेंद्र नागर को कोषाध्यक्ष और सरिता कुम्हार को संगठन मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राजेश प्रजापत को मीडिया प्रभारी तथा राम राठौर को सह मीडिया प्रभारी नियुक्त किया गया है। इसके अतिरिक्त कैलाश मेघवाल और अली असगर को जिला प्रतिनिधि चुना गया है। भंवर लाल गुर्जर को संरक्षक नियुक्त किया गया, वहीं मुकेश कुमार बैरवा, संजय मीणा और मनीष वर्मा को निर्विरोध सदस्य चुना गया। कार्यक्रम के समापन पर, नवनिर्वाचित अध्यक्ष बाबूलाल कारपेंटर ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया। कंटेंट: अश्विनी शर्मा नैनवां
लखनऊ के कृष्णानगर थानाक्षेत्र में बाइक से घर जा रहे ज्योतिषी की रोड एक्सीडेंट में मौत हो गई। सिंगार नगर मेट्रो स्टेशन के नीचे हादसे का शिकार हो गए। वहां मौजूद लोगों ने इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। जय प्रकाश नगर, कृष्णा नगर निवासी अनुराग शुक्ला (50) ज्योतिषी थे। दोस्त दिनेश अवस्थी ने बताया कि गुरुवार को अवस्थी लॉन में एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। वहां से लौटते समय करीब 11 बजे सिंगार नगर मेट्रो स्टेशन के नीचे हादसे का शिकार हो गए। वहां मौजूद लोगों ने गंभीर हालत में लोकबंधु अस्पताल भिजवाया। जहां डॉक्टर उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमाॅर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। परिवार में पत्नी ऋचा शुक्ला और दो बेटियां हैं। टक्कर लगी या गाड़ी स्लिप हुई स्पष्ट नहीं दिनेश ने बताया कि परिवार पुलिस की सूचना पर पहुंचा था। अभी ये क्लियर नहीं हो पा रहा है कि अज्ञात वाहन ने टक्कर मारी है या बाइक स्लिप हुई है। सिंगारनगर मेट्रो स्टेशन के नीचे अंडरपास का काम चल रहा है। जिसका सारा मटेरियल सड़क पर गलत तरीके से पड़ा है। पुलिस ने घटनास्थल के सीसीटीवी चेक किए उसमें भी बाइक स्लिप होने की संभावना है। अगर पुलिस घटनास्थल के सीसीटीवी चेक करेगी तो सब साफ हो जाएगा। निर्माण कार्य की वजह से वहां पहले भी कई लोग गिर चुके हैं। लेकिन विभाग कोई संज्ञान नहीं लेता। मामले में इंस्पेक्टर कृष्णानगर का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
डीग शहर के अऊ गेट निवासियों ने शुक्रवार को अमृत 2.0 मिशन के तहत चल रहे पीली पौखर के जीर्णोद्धार कार्य में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। निवासियों ने इस संबंध में जिला कलेक्टर मयंक मनीष को प्रभारी मंत्री सुरेश रावत के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें निर्माण कार्य की जांच की मांग की गई है। ज्ञापन में बताया गया है कि संवेदक द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य नहीं किया जा रहा है और घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। आरोप है कि निविदा के अनुसार स्टील रेलिंग के स्थान पर लोहे की रेलिंग लगाई गई है। इसके अतिरिक्त, पोखर की मिट्टी को खिसकने से रोकने के लिए बड़े बोल्डर पत्थर लगाने थे, लेकिन उनकी जगह छोटे पत्थर लगाए गए हैं। ये छोटे पत्थर लुढ़ककर पानी में गिर रहे हैं, जिससे कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। निवासियों ने यह भी शिकायत की है कि पशुओं के पानी पीने के लिए बनाए गए घाटों का निर्माण भी सही तरीके से नहीं हुआ है, जिससे पशुओं को परेशानी हो रही है। लोगों ने पूरे कार्य की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। ज्ञापन सौंपने वालों में पुष्कर, बंटी, रोहित लाला, प्रेम सिंह, भगवान सिंह, कमल, दिनकर, मुकेश, सुभाष, प्रेम सिंह, देवो और राहुल सहित कई अन्य निवासी शामिल थे।
सोनीपत में साइबर ठगों ने ऑनलाइन गेमिंग और टास्क पूरा करने के नाम पर एक महिला से लाखों रुप, की ठगी कर ली। पुलिस आयुक्त ममता सिंह (IPS, ADGP) और पुलिस उपायुक्त (पश्चिम एवं साइबर) कुशल पाल सिंह के मार्गदर्शन में इस अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को दिल्ली और राजस्थान से गिरफ्तार किया है। रील देखकर फंसी महिला सोनीपत की रहने वाली महिला ने शिकायत में बताया कि उसने सोशल मीडिया पर एक रील देखकर ऑनलाइन गेम खेलना शुरू किया था। पहले ₹1,000 लगाने पर उसे ₹270 का प्रॉफिट मिला। इसके बाद ₹500 लगाने पर ₹2,000 वापस मिले। ठगों ने महिला को ज्यादा मुनाफे का लालच देकर टास्क पूरे करने को कहा। महिला ठगों के बताए अनुसार पैसे जमा करती गई। देखते ही देखते 9 टास्क पूरे करने के चक्कर में उसके ₹6,84,000 ठगों के खाते में चले गए। बोले- लोन लेकर और पैसे डालो महिला ने अपने पैसे वापस मांगे, तो ठगों ने नया बहाना बनाया कि आपका बैंक इतनी बड़ी रकम हैंडल नहीं कर सकता, इसे अपडेट करना होगा। इसके लिए उन्होंने महिला से ₹1,28,000 और मांगे। महिला ने जब असमर्थता जताई तो आरोपियों ने कहा कि अपने दोस्तों से उधार लो या लोन लो, नहीं तो पहले जमा किए गए सारे पैसे डूब जाएंगे। इसके बाद आरोपियों ने फोन काट दिया और पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। तीन ठग गिरफ्तार, खातों में पैसे करवाए होल्ड साइबर थाना सोनीपत के प्रबंधक निरीक्षक बसंत कुमार के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम (एएसआई नवीन, एएसआई नवदीप, सिपाही विकास और सिपाही नवीन) ने तकनीकी जांच के आधार पर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान सुरेंद्र निवासी झुंझुनू, राजस्थान, अजय निवासी छतरपुर महोई कलां, मध्य प्रदेश और राजेश निवासी द्वारका, दिल्ली के तौर पर हुई है। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से एक मोबाइल फोन, 620 की नकदी बरामद की है और ठगी गई राशि में से ₹9,130 की रकम बैंक खातों में होल्ड करवा दी है। आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बताया- प्रदेश के युवाओं को जर्मन, जापानी, फ्रेंच, रूसी और कोरियन जैसी विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे उन्हें देश-विदेश में रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकेंगे। इससे युवाओं के लिए ग्लोबल करियर के दरवाजे खुलेंगे। बिड़ला ऑडिटोरियम में शुक्रवार को आयोजित विदेशी भाषा और संचार कौशल कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने यह कहा। इसके जरिए युवाओं को ग्लोबल अवसरों से जोड़ने की पहल की गई है, जिससे रोजगार के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बताया- राज्य सरकार ने इंग्लिश एंड फॉरेन लैंग्वेजेस यूनिवर्सिटी और नेशनल स्किल डेवलपमेंट कारपोरेशन के साथ समझौता किया है। सीएम बोले- विदेशी भाषा सीखने से मिलेगा रोजगार मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा- आज के समय में विदेशी भाषा सीखना विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने कोरिया और जापान जैसे देशों में बढ़ती रोजगार संभावनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यह पहल युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगी। साथ ही राजस्थान में तेजी से बढ़ते पर्यटन को देखते हुए भाषा कौशल युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ सकता है। केंद्रीय मंत्री बोले- विदेशी भाषा सीखने के साथ स्थानीय भाषा में रखें संतुलन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस पहल को युवाओं के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम देश की कौशल क्षमता को मजबूत करेंगे। वहीं केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने कहा- बदलते वैश्विक परिदृश्य में विदेशी भाषाओं का ज्ञान बेहद जरूरी है, लेकिन स्थानीय भाषाओं के संतुलन को भी बनाए रखना उतना ही महत्वपूर्ण है। इस दौरान राज्य सरकार ने विदेशी एजुकेशन कंपनी के साथ एमओयू किया है। कंपनी के फाउंडर और सीईओ करुण कंदोई ने बताया कि इस योजना के तहत जिला स्तर पर सेमीनार आयोजित किए जाएंगे और ग्राम पंचायत स्तर तक युवाओं को मार्गदर्शन दिया जाएगा। इससे युवाओं को विदेश में शिक्षा के लिए भाषा चयन और उससे जुड़ी चुनौतियों को समझने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार की यह पहल न केवल युवाओं को रोजगार के नए अवसर देगी, बल्कि उन्हें वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बनाने के लिए भी तैयार करेगी। कार्यक्रम में डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी मौजूद रहे।
मैहर जिले के अमरपाटन थाना क्षेत्र में एक शादी समारोह के दौरान कार वाहन में तोड़फोड़ का मामला सामने आया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर दो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, सीधी जिले के मझौली थाना क्षेत्र के ग्राम अमेढिया निवासी पप्पू लोनी (47 वर्ष) अपनी बेटी सविता लोनी की ननद काजल की शादी में शामिल होने परिवार सहित ग्राम भीषमपुर बिरिहिची टोला आए थे। वे अपनी बोलेरो वाहन (क्रमांक MP-18-C-9334) से पहुंचे थे और वाहन को घर के बाहर सड़क किनारे खड़ा किया था। बताया गया है कि देर रात करीब 12:30 बजे गुढ़ निवासी धनराज लोनी और भीषमपुर बिरिहिची टोला निवासी संजय लोनी मौके पर पहुंचे। उन्होंने गाड़ी खड़ी करने को लेकर आपत्ति जताई और अभद्र भाषा का प्रयोग किया। आरोप है कि गुस्से में आकर दोनों युवकों ने वाहन में तोड़फोड़ शुरू कर दी। धनराज लोनी ने डंडे से और संजय लोनी ने पत्थर से बोलेरो के सामने का शीशा और बाईं ओर के दोनों दरवाजों के शीशे तोड़ दिए। इस घटना में वाहन मालिक को लगभग 25 हजार रुपए का नुकसान हुआ है। हालांकि, इस दौरान किसी के साथ मारपीट नहीं हुई और कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ। फरियादी की शिकायत पर अमरपाटन पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
अग्रोहा धाम वैश्य समाज के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने अग्रोहा टीलों की खुदाई में हो रहे कथित भ्रष्टाचार और लापरवाही को लेकर सरकार से उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपए खर्च दिखाने के बावजूद धरातल पर अपेक्षित कार्य नजर नहीं आ रहा, जो गंभीर चिंता का विषय है। अग्रोहा धाम में वैश्य समाज के प्रतिनिधियों की बैठक के उपरांत बजरंग गर्ग ने टीलों की खुदाई स्थल का जायजा लिया। जिसके बाद उन्होंने कहा कि सरकारी अधिकारियों की लापरवाही के चलते खुदाई कार्य में अनावश्यक देरी हो रही है। पिछले 14 महीनों में तीन बार काम बंद होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे परियोजना की गति पर प्रतिकूल असर पड़ा है। बजरंग गर्ग बोले- बहुत धीमी गति से चल रहा कार्य उन्होंने आरोप लगाया कि खुदाई के नाम पर भारी खर्च दर्शाया गया है, जबकि जमीनी स्तर पर कार्य बहुत धीमी गति से चल रहा है। यदि यही स्थिति रही तो अगले 20 वर्षों में भी खुदाई कार्य पूरा होना मुश्किल है। बजरंग गर्ग ने बताया कि ऐतिहासिक दृष्टि से अग्रोहा टीलों का विशेष महत्व है, क्योंकि यह क्षेत्र महाराजा अग्रसेन की प्राचीन राजधानी रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि खुदाई के दौरान यहां से कीमती पुरातात्विक सामग्री मिलने की पूरी संभावना है। पूर्व में हुई खुदाईयों (1888-89, 1938-39 और 1978-84) में भी मुहरें, लोहे के औजार, मिट्टी के बर्तन, मानव कंकाल, मनके व मूर्तियां जैसी महत्वपूर्ण वस्तुएं प्राप्त हो चुकी हैं। खुदाई में वैज्ञानिक तरीकों को दी जाए प्राथमिकता उन्होंने कहा कि वर्तमान में यह टीला सड़क स्तर से लगभग 20 फुट ऊंचा है और इसकी 30 से 35 फुट तक खुदाई होना बाकी है। ऐसे में इस ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण और वैज्ञानिक तरीके से खुदाई कार्य को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। बजरंग गर्ग ने सरकार से मांग की कि अग्रोहा टीलों की खुदाई को समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जाए, ताकि देश-विदेश से आने वाले लोग इस ऐतिहासिक स्थल को देख सकें। उन्होंने कहा कि यह स्थल न केवल इतिहास से जुड़ा है, बल्कि समाज की आस्था का केंद्र भी है।
अकलेरा पंचायत समिति सभागार में ब्लॉक स्तरीय उचित मूल्य दुकानदारों की बैठक आयोजित की गई। प्रवर्तन निरीक्षक राजपाल गोदारा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में खाद्य सुरक्षा योजना के तहत लंबित आवेदनों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए। यह बैठक डीएसओ जितेंद्र कुमार के निर्देशों पर आयोजित हुई थी। इसमें अकलेरा ब्लॉक में खाद्य सुरक्षा वर्ष 2025 के तहत सेंड बैक श्रेणी में लंबित आवेदनों की गहन समीक्षा की गई। प्रवर्तन निरीक्षक गोदारा ने उचित मूल्य दुकानदारों को निर्देश दिए कि वे उन सभी उपभोक्ताओं से व्यक्तिगत रूप से संपर्क करें जिनके आवेदन सेंड बैक में लंबित हैं। उन्हें आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन पुनः संशोधित करवाने में सहायता करें, ताकि पात्रता के अनुसार शीघ्र कार्रवाई की जा सके और जिले में लंबित प्रकरणों का निस्तारण हो सके। आमजन से भी अपील की गई है कि जिन उपभोक्ताओं ने खाद्य सुरक्षा योजना में शामिल होने के लिए आवेदन किया था, लेकिन उनका नाम अभी तक सूची में शामिल नहीं हुआ है, वे अपने नजदीकी ई-मित्र केंद्र या स्वयं के स्मार्टफोन के माध्यम से अपने आवेदन की स्थिति की जांच करें। यदि आवेदन सेंड बैक में दर्शाया जा रहा है, तो आवश्यक दस्तावेज संलग्न कर उसे पुनः संशोधित करें ताकि उन्हें योजना का लाभ मिल सके। बैठक में राशन डीलर संघ उपाध्यक्ष रवि गोस्वामी सहित ब्लॉक के 40 से अधिक उचित मूल्य दुकानदार उपस्थित रहे। जनगणना में बढ़-चढ़कर भाग लें, 15 मई तक करें अपनी स्व-गणनाभारत सरकार द्वारा प्रस्तावित जनगणना 2027 के तहत जिले में स्व-गणना को बढ़ावा देने के लिए जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने स्वयं स्व-गणना कर आमजन को प्रेरित किया। इस अवसर पर उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि वे डिजिटल माध्यम से जुड़कर इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में अपनी सक्रिय भागीदारी निर्धारित करें। जिला कलेक्टर ने कहा कि जनगणना देश की विकास योजनाओं की आधारशिला है। इसके माध्यम से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का निर्माण एवं क्रियान्वयन किया जाता है। उन्होंने बताया कि स्व-गणना की सुविधा से नागरिक स्वयं अपने परिवार की जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं, जिससे प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी एवं सटीक बनती है। उन्होंने जिले की समस्त जनता से आग्रह किया कि वे 15 मई तक ऑनलाइन स्व-गणना पूर्ण करें, ताकि जनगणना कार्य समयबद्ध रूप से संपन्न हो सके। कलेक्टर ने बताया कि स्व-गणना के माध्यम से नागरिकों को घर बैठे ही अपनी जानकारी दर्ज करने की सुविधा मिलती है, इससे समय की बचत होती है तथा आंकड़ों की शुद्धता भी निर्धारित होती है। इसके साथ ही यह पहल डिजिटल इंडिया अभियान को भी सुदृढ़ बनाती है।
जोधपुर के पाल रोड स्थित श्रीराम हॉस्पिटल में तोड़फोड़ और लूटपाट के मामले में एक शिक्षक नेता समेत अन्य लोगों पर केस दर्ज किया गया है। आरोप है कि आरोपियों ने अस्पताल कर्मचारियों के साथ मारपीट कर कैश काउंटर से करीब 1.5 लाख रुपए लूट लिए। तीन दिन पहले हॉस्पिटल में हुई तोड़फोड़ का वीडियो भी सामने आया है। देवनगर थाना पुलिस के अनुसार, चौपासनी हाउसिंग बोर्ड के आरके नगर निवासी अमित पंडित पुत्र रमेश वाल्मिकी ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। परिवादी श्रीराम अस्पताल में बतौर कैशियर कार्यरत है। फिलहाल कैशियर की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, 29 अप्रैल की दोपहर करीब 2:30 बजे शिक्षक नेता शम्भू सिंह मेड़तिया, अर्जुन सिंह रुन्किया, तेजपाल सिंह और बालेसर निवासी श्रवणसिंह इंदा अपने अन्य साथियों के साथ एकराय होकर अस्पताल पहुंचे। आरोपियों ने आते ही सोची-समझी साजिश के तहत कैश काउंटर पर उपद्रव और तोड़फोड़ शुरू कर दी। बाहर से लोगों को बुलाया, कर्मचारियों को पीटा परिवादी का आरोप है कि बदमाशों ने उसके और काउंटर पर मौजूद अन्य कर्मियों कैलाश व अनिल के साथ मारपीट की। इस दौरान आरोपियों ने उसे और कैलाश को जातिसूचक गालियां देकर अपमानित किया। बीच-बचाव के दौरान मुख्य आरोपी शम्भू सिंह ने बाहर से अन्य लोगों को उकसाकर अस्पताल के अंदर बुला लिया। कंप्यूटर-मशीनें तोड़ीं, डेढ़ लाख रुपए लूटे आरोप है कि इन लोगों ने अस्पताल के काउंटर को नीचे गिरा दिया और वहां रखे करीब 1 लाख 50 हजार रुपए लूट लिए। उन्होंने कैश काउंटर पर रखे 4 कंप्यूटर, 3 मॉनिटर, 4 सीपीयू, कैश गिनने की मशीन और कार्ड स्कैन करने वाली मशीन को तोड़कर भारी नुकसान पहुंचाया। इस पूरी घटना से अस्पताल परिसर और वहां मौजूद कर्मचारियों में दहशत का माहौल बन गया। एसीपी प्रतापनगर कर रहे मामले की जांच पुलिस ने कैशियर की लिखित रिपोर्ट के आधार पर बीएनएस के तहत गैरकानूनी जमावड़ा, चोट पहुंचाने, काम में बाधा उत्पन्न करने, संपत्ति को नुकसान सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। साथ ही 'राजस्थान चिकित्सा सेवा व्यक्ति और चिकित्सा सेवा संस्थान (हिंसा की रोकथाम और संपत्ति को नुकसान) अधिनियम 2008' और 'एससी/एसटी एक्ट की धाराएं भी लगाई गई हैं। मामले की जांच एसीपी (प्रतापनगर) रविन्द्र कुमार बोथरा को सौंपी गई है। ---------- मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… श्रीराम हॉस्पिटल में महिला की मौत,परिजनों का फूटा गुस्सा:धरने पर बैठे, बेटा बोला- ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर की लापरवाही से मां की जान चली गई जोधपुर के श्रीराम हॉस्पिटल में महिला की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। अस्पताल के बाहर हंगामा करते हुए बेटे ने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने ऑपरेशन में लापरवाही बरती, जिसके चलते उसकी मां की जान चली गई। (पूरी खबर पढ़ें…)
राजगढ़ जिले में समर्थन मूल्य पर अनाज खरीदी अब प्रशासन के लिए एक चुनौती बन गई है। खरीदी केंद्रों पर अनाज का उठाव धीमा होने से बिगड़ते हालात को देखते हुए कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने कड़ा रुख अपनाया है। शुक्रवार को हुई जिला उपार्जन समिति की बैठक में उन्होंने स्पष्ट अल्टीमेटम दिया कि अगले दो दिनों के भीतर लंबित उठाव हर हाल में पूरा किया जाए, अन्यथा जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने विशेष रूप से खुले खरीदी केंद्रों से कम उठाव पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने डीएम नॉन के खिलाफ निलंबन की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और काम में ढिलाई करने वालों को सीधे तौर पर जवाबदेह ठहराया जाएगा। बैठक में राजगढ़, नरसिंहगढ़ और ब्यावरा क्षेत्रों में धीमी परिवहन व्यवस्था को लेकर भी गंभीर चिंता जताई गई। कलेक्टर ने ट्रकों की संख्या बढ़ाने और चालान प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी स्थिति में अनाज खरीदी केंद्रों पर रुका नहीं रहना चाहिए। अनुशासनहीनता पर भी सख्ती बरती गई। बिना सूचना अनुपस्थित रहने पर जिला विपणन अधिकारी और लीड बैंक मैनेजर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि अब कोई भी अधिकारी बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ेगा। कुल मिलाकर, प्रशासन ने यह साफ संकेत दे दिया है कि उपार्जन कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही पर सीधी कार्रवाई होगी। प्रशासन का मुख्य ध्यान समय पर उठाव, बेहतर परिवहन और किसानों को बिना किसी परेशानी के भुगतान सुनिश्चित करना है।
टीकमगढ़ जिले के गेहूं उपार्जन केंद्रों पर किसानों को अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि बारिश के कारण गेहूं की चमक फीकी पड़ने का हवाला देकर किसानों का अनाज वापस लौटाया जा रहा है। शुक्रवार को नीमखेरा केंद्र पर किसानों ने कर्मचारियों पर मनमानी और प्रति क्विंटल 60 रुपए की अवैध मांग करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। तीन दिन इंतजार के बाद वापस लौटे किसान नीमखेरा केंद्र पर पहुंचे किसान दीपक यादव ने बताया कि वे पंजीयन के बाद पिछले तीन दिनों से गेहूं तुलाने के लिए चक्कर काट रहे थे, लेकिन गुणवत्ता खराब बताकर उनका अनाज नहीं लिया गया। अंततः उन्हें अपना गेहूं वापस घर ले जाना पड़ा। किसानों का आरोप है कि खरीदी शुरू हुए 15 दिन बीत जाने के बाद भी इस केंद्र पर अब तक केवल 50-60 बोरा गेहूं ही खरीदा गया है। कमिश्नर ने निरीक्षण में पाया खुले में रखा अनाज गुरुवार को सागर संभाग कमिश्नर अनिल सुचारी ने नीमखेरा सोसायटी स्थित उपार्जन केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्र पर बड़ी मात्रा में गेहूं खुले में रखे होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। कमिश्नर ने कलेक्टर विवेक श्रोतिय की उपस्थिति में तौल व्यवस्था और भुगतान प्रक्रिया की जानकारी ली और किसानों से सीधा संवाद किया। परिवहन और पेयजल व्यवस्था सुधारने के निर्देश कमिश्नर ने मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए खुले में रखे अनाज का तत्काल परिवहन कर सुरक्षित गोदामों में भिजवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि खरीदी प्रक्रिया पारदर्शी हो और किसानों के लिए केंद्र पर छाया, शुद्ध पेयजल तथा बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों की सुविधा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
हनुमानगढ़ जंक्शन स्थित भिक्षु समतानंद सम्यक सम्बुद्ध विहार में शुक्रवार को बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें बड़ी संख्या में उपासक-उपासिकाओं ने भाग लिया और भगवान बुद्ध के उपदेशों को सुना। श्रद्धालुओं ने जीवन में सदाचार और पंचशील सिद्धांतों को अपनाने का संकल्प लिया। यह कार्यक्रम भंते करुणा सागर के सानिध्य में संपन्न हुआ। उन्होंने बुद्ध पूर्णिमा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह दिन अत्यंत पवित्र है। इसी दिन भगवान बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था, जिसके बाद उन्होंने मानव जीवन को सही दिशा देने वाले सिद्धांतों का संदेश दिया। यह पर्व भारत सहित पूरे विश्व में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है। भंते करुणा सागर ने बताया कि भगवान बुद्ध द्वारा दिए गए पंचशील सिद्धांत जीवन को सरल, शांत और संतुलित बनाने का मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने जोर दिया कि यदि कोई व्यक्ति इन सिद्धांतों का पालन करता है, तो उसका जीवन सुखी और अनुशासित बन सकता है। उन्होंने पंचशील के पांच सिद्धांतों की विस्तृत जानकारी दी। पहला सिद्धांत अहिंसा है, जिसका अर्थ है किसी भी जीव को नुकसान न पहुंचाना और सभी के प्रति दया का भाव रखना। दूसरा सिद्धांत चोरी न करना है, यानी बिना अनुमति किसी की वस्तु ग्रहण न करना और ईमानदारी से जीवन जीना। तीसरा सिद्धांत अपने आचरण को शुद्ध और मर्यादित रखना है। चौथा सिद्धांत सत्य बोलना है, जिसमें झूठ और अपशब्दों से दूर रहने की बात कही गई है। पांचवां सिद्धांत नशे से दूर रहना है, जिससे मन और शरीर दोनों स्वस्थ रह सकें और व्यक्ति सही निर्णय ले सके। भंते करुणा सागर ने अंत में कहा कि पंचशील केवल धार्मिक उपदेश नहीं, बल्कि एक बेहतर जीवन जीने की आधारशिला हैं। इनके पालन से व्यक्ति के भीतर शांति, संयम और संतोष का विकास होता है। कार्यक्रम के समापन पर, सभी उपस्थित श्रद्धालुओं ने भगवान बुद्ध के बताए मार्ग पर चलने और अपने जीवन में सदाचार अपनाने का दृढ़ संकल्प लिया।
प्रतापगढ़ पुलिस ने 40 किलो डोडाचूरा पकड़ा:दो तस्करों को किया गिरफ्तार, एक कार जब्त
प्रतापगढ़ पुलिस ने ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 40 किलो 954 ग्राम अवैध अफीम डोडाचूरा जब्त किया है। पारसोला थाना पुलिस और डीएसटी की संयुक्त टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसमें दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जब्त डोडाचूरा की अनुमानित कीमत 6 लाख 15 हजार रुपये बताई जा रही है। थाना अधिकारी राकेश कटारा ने बताया कि सेवानगर तिराहे पर नाकाबंदी की जा रही थी। इस दौरान एक सफेद रंग की स्विफ्ट कार आती दिखी। कार की घेराबंदी कर दो लोगों को हिरासत में लिया पुलिस टीम ने कार को रुकने का इशारा किया, लेकिन ड्राइवर ने वाहन नहीं रोका और नरवाली रोड की ओर भागने का प्रयास किया। पुलिस ने घेराबंदी कर कार को रोका और उसमें सवार दो व्यक्तियों को पकड़ लिया। पूछताछ में ड्राइवर की पहचान श्रवण (26) निवासी करड़ा (जालोर) के रूप में हुई, जबकि दूसरे व्यक्ति ने अपना नाम सुरेश (30) निवासी बागोड़ा (जालोर) के रूप में हुई। तलाशी में अवैध अफीम डोडाचूरा मिला कार की तलाशी लेने पर पिछली सीट पर दो कट्टे और डिक्की में दो अन्य कट्टे मिले। इन कट्टों को खोलने पर उनमें अवैध अफीम डोडाचूरा पाया गया। वजन करने पर कुल 40.954 किलोग्राम डोडाचूरा निकला। पुलिस ने तत्काल अवैध डोडाचूरा और वाहन को जब्त कर लिया। पुलिस ने शुरू की जांच दोनों आरोपियों श्रवण ढाका और सुरेश कुमार खिलेरी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके खिलाफ पारसोला थाने में एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कोरबा में 11 केवी तार से बंदर की मौत:बिजली आपूर्ति बाधित, गौ सेवकों ने किया अंतिम संस्कार
कोरबा शहर के कोसाबाड़ी क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर एक बंदर की 11 केवी हाईटेंशन तार की चपेट में आने से मौत हो गई। यह घटना प्रभात डेरी के पास हुई, जिसके बाद इलाके में कुछ समय के लिए बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बंदर पिछले कई दिनों से शहरी क्षेत्र में घूम रहा था और स्थानीय लोग उसे खाने-पीने की चीजें देते थे। शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे वह उछल-कूद करते हुए प्रभात डेरी के पास पहुंचा और ऊपर से गुजर रहे 11 केवी तार के संपर्क में आ गया, जिससे उसे तेज करंट लगा और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। कुछ देर बाद बिजली आपूर्ति बहाल घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। बिजली बंद होने की सूचना तत्काल विद्युत विभाग को दी गई। सूचना पर विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लाइन बंद कर सुधार कार्य किया और कुछ देर बाद बिजली आपूर्ति बहाल की गई। विधि-विधान के साथ बंदर का अंतिम संस्कार बंदर की मौत की खबर मिलने पर कोरबा गौ सेवक दल और बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। उन्होंने वन विभाग को भी सूचित किया। गौ सेवा की गाड़ी उपलब्ध न होने पर कार्यकर्ताओं ने अपनी निजी गाड़ी में शव को ले जाकर पूरे विधि-विधान के साथ उसका अंतिम संस्कार किया। खुले तारों को कवर करने की मांग स्थानीय लोगों ने बताया कि बंदर मिलनसार था और किसी को नुकसान नहीं पहुंचाता था। वन विभाग के अधिकारियों ने मामले की जांच की बात कही है। वहीं, विद्युत विभाग से तारों की सुरक्षा को लेकर जवाब मांगा जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। शहर में खुले तारों से आए दिन मवेशियों और वन्यजीवों की मौत की घटनाएं सामने आती रहती हैं, जिसके चलते लोगों ने प्रशासन से तारों को कवर करने या ऊंचाई बढ़ाने की मांग की है।
राजधानी रायपुर में महिलाएं गांजा बेच रही है। सरस्वती नगर थाने से 400 मीटर की दूरी पर कुकुरबेड़ा बस्ती में ये नजारा देखने को मिला, जहां दुधमुंही बच्ची को गोद में लेकर मां नशे का सामान बेच रही। 23 अप्रैल को शहर के देवारपारा में गांजा बेचने की सूचना पर तेलीबांधा पुलिस पहुंची तो आरोपी भाग निकले, इस घटना के बाद एक लोकल बॉय ने भास्कर को इनपुट दिया था कि कुकुरबेड़ा बस्ती में भी इसी तरह गांजे की बिक्री खुलेआम महिलाएं कर रही हैं। यह इनपुट मिलने के बाद भास्कर ने स्टिंग किया है। सरस्वती नगर थाना पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई की बात कही है। महिलाओं के गांजा बेचते स्टिंग तस्वीरें देखिए… लोकल बॉय ने दिया था इनपुट 23 अप्रैल को रायपुर शहर के तीन अलग-अलग कमिश्नरेट जोन में पुलिस ने देर रात फ्लैग मार्च किया था। इसी गश्त के दौरान सेंट्रल जोन में तेलीबांधा के देवारपारा में गांजा बेच रहे आरोपी, पुलिस के आने के कुछ मिनट पहले ही आरोपी फरार हो गए। इस दौरान भास्कर की टीम भी वहां मौजूद थी, इस घटना का वीडियो भी कैमरे में कैद हुआ है। बस्ती पहुंची भास्कर की टीम तभी एक लोकल बॉय ने भास्कर रिपोर्टर को कुकुरबेड़ा बस्ती में खुलेआम गांजा बिक्री की जानकारी दी थी। इसके बाद टीम वहां पहुंची। बस्ती में गली के ठीक बाहर कुछ 5 से 8 साल के बच्चे पहरेदारी कर रहे थे, जो अंदर आने जाने वालों या पुलिस के आने की सूचना अंदर जाकर महिलाओं को देते थे। टीम ने बस्ती की एक महिला से बातचीत की और 100 रुपए का एक पुड़िया गांजा खरीदा। इस दौरान स्टिंग वीडियो भी बना लिया। बताया जा रहा है, इस बस्ती में महिलाएं गांजा बेच रही लेकिन, बैक हैंड पर पूरा मार्केट पुरूष ही ऑपरेट कर रहे हैं। इसकी जानकारी पुलिस को भी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। गांजे की पुड़िया थाने में सौंपी भास्कर टीम ने खरीदी हुई गांजे की पुड़िया सरस्वती नगर थाने में सौंपी है। मामले की जानकारी पश्चिम जोन के डीसीपी संदीप पटेल को भी दी है। स्टिंग का पूरा वीडियो भी उपलब्ध कराया है, लेकिन अब पूरे मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। डीसीपी पटेल से दैनिक भास्कर ने कॉल पर बात की है। उनका कहना है कि वो मामले की जांच कराएंगे और कार्रवाई करेंगे। ………………….. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… महासमुंद में 22 दिनों में 7.86 करोड़ का गांजा पकड़ाया: 5.68M सब्सक्राइबर्स वाला यूट्यूबर निकला सरगना; कुल 27 आरोपी अरेस्ट, ओडिशा टू महाराष्ट्र नेटवर्क टूटा छत्तीसगढ़ की महासमुंद पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की टीम ने 7 से 29 जनवरी तक 8 अलग-अलग मामलों में 7.86 करोड़ का गांजा और नशीली सिरप जब्त किया है। पुलिस ने यूट्यूबर सहित 27 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी ओडिशा और महाराष्ट्र के रहने वाले हैं। पढ़ें पूरी खबर…
सिरोही जिले में 'गिव-अप अभियान' को लेकर राशन डीलरों ने विरोध प्रदर्शन किया है। वे जिला रसद अधिकारी के अपात्र व्यक्तियों की लिस्ट तैयार करने के निर्देशों को निरस्त करने की मांग कर रहे हैं। इन निर्देशों के तहत सभी उचित मूल्य दुकानदारों को संभावित अपात्र उपभोक्ताओं की सूची तैयार करनी होगी। प्रत्येक राशन डीलर को कम से कम 30 उपभोक्ताओं की सूची 4 मई 2026 तक जमा कराने का आदेश दिया गया है। सिरोही जिला राशन डीलर सेवा संस्थान ने इस आदेश का कड़ा विरोध किया है। संस्थान के जिलाध्यक्ष मुकेश अग्रवाल ने आदेश को अव्यवहारिक बताया। अग्रवाल ने तर्क दिया कि डीलर न तो किसी उपभोक्ता की पात्रता तय करते हैं और न ही उनकी आय या संपत्ति की जानकारी रखते हैं। उन्होंने कहा कि डीलरों पर ऐसी सूची तैयार करने का दबाव बनाना अनुचित है और यह उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर है। संगठन ने प्रशासन से इस आदेश पर पुनर्विचार करने और इसे तुरंत वापस लेने की मांग की है। इस मामले को लेकर अब प्रशासन और राशन डीलरों के बीच टकराव की स्थिति बनती दिख रही है।
बैतूल में गर्मी का असर बना हुआ है, लेकिन बुधवार के मुकाबले आज (शुक्रवार) तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। बुधवार को अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस था, जो आज घटकर 40.8 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। इस 0.4 डिग्री सेल्सियस की कमी से लोगों को थोड़ी राहत मिली है। पिछले कुछ दिनों के तापमान पर गौर करें तो 25 अप्रैल को पारा 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। इसके बाद 26 अप्रैल को 41.5 डिग्री, 30 अप्रैल को 41.2 डिग्री और 1 मई को 40.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह दर्शाता है कि तापमान में धीरे-धीरे कमी आ रही है, हालांकि गर्मी का प्रभाव अभी भी बरकरार है। दो दिनों में फिर बढ़ेगा पारामौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले कुछ दिनों में तापमान में फिर से वृद्धि हो सकती है। अनुमान है कि अगले दो दिनों में पारा लगभग 2 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। हालांकि, इसके बाद अगले तीन दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आने की संभावना है। इस दौरान गरज-चमक, हल्की बारिश और 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी आशंका जताई गई है। कुल मिलाकर, बैतूल में अभी भीषण गर्मी से पूरी तरह राहत नहीं मिली है, लेकिन तापमान में आई हल्की गिरावट से लोगों को कुछ सुकून जरूर मिला है। मौसम में यह उतार-चढ़ाव अगले कुछ दिनों तक जारी रहने की उम्मीद है।
खैरथल-तिजा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल दौगड़ा में शुक्रवार को एक विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। 'ट्रांसफॉर्मेटिव फ्राइडे – नेविगेटिंग लाइफ लीगली' अभियान के तहत हुए इस शिविर में लगभग 150 विद्यार्थियों ने भाग लिया और अपने अधिकारों तथा कानून की बारीकियों को समझा। यह कार्यक्रम राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार और जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा प्राधिकरण अध्यक्ष शैलेन्द्र व्यास एवं सचिव रनवीर सिंह के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। शिविर में सहायक विधिक सहायता रक्षा अधिवक्ता अर्पित शर्मा ने मुख्य वक्ता के रूप में विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने सरल उदाहरणों के माध्यम से छात्रों को साइबर सुरक्षा, बाल अधिकार और कानूनी सहायता प्राप्त करने के तरीकों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। 'कोर्ट वाली दीदी' नाम से एक शिकायत पेटिका स्थापित की इस दौरान साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव, 'डिजिटल अरेस्ट' जैसे नए साइबर अपराधों की पहचान, सोशल मीडिया का सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग, बाल अधिकार एवं उनके संरक्षण के उपाय तथा पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों पर विशेष जानकारी प्रदान की गई। स्कूल परिसर में 'कोर्ट वाली दीदी' नाम से एक शिकायत पेटिका भी स्थापित की गई। इसका उद्देश्य छात्र-छात्राओं को अपनी समस्याओं को गोपनीय रूप से साझा करने के लिए एक सुरक्षित मंच प्रदान करना है। इस पहल को बच्चों के लिए भरोसेमंद माहौल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। 12वीं तक के स्टूडेंट्स को किया जागरूक विद्यार्थियों को बताया गया कि किसी भी प्रकार की कानूनी सहायता या साइबर अपराध की शिकायत के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 15100 और 1930 पर संपर्क किया जा सकता है। शिविर का मुख्य उद्देश्य कक्षा 8 से 12 तक के विद्यार्थियों को उनके अधिकारों, कर्तव्यों और संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने इसे अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक बताया।
जबलपुर के बरगी डैम में 30 अप्रैल की शाम तेज आंधी में सिर्फ क्रूज नहीं डूबा, बल्कि कई जिंदगियां, कई रिश्ते एक साथ डूब गए। तेज आंधी के बीच डूबे इस क्रूज से अब तक 9 शव मिल चुके हैं, 28 लोगों को बचाया गया है। 24 घंटे बाद भी कई सवाल पानी की सतह पर तैर रहे हैं। हादसे कि जो तस्वीरें आ रही हैं वो सिर्फ एक हादसे की नहीं, बल्कि सिस्टम, हालात और इंसानी जद्दोजहद की कहानी कहती हैं। इस कहानी का सबसे दर्दनाक हिस्सा एक मां और उसके बच्चे की आखिरी तस्वीर है। आइए देखते हैं हादसे की उन तस्वीरों को जिन्हें देखकर आंखें नम हो जाएंगी, हादसे में अपने रिश्तों को खोने वालों के दर्द महसूस होंगे… मौज मस्ती से लेकर मौत से जद्दोजहद तक का सफर वो एक आम सी शाम थी…5 बज रहे थे। नर्मदा की लहरों पर एक क्रूज सैर पर निकला था। करीब 43 से 47 लोग सवार थे…लेकिन टिकट सिर्फ 29 लोगों की कटी थी। लोग परिवार के साथ हंस रहे थे, बच्चों की खिलखिलाहट थी। अचानक मौसम बदला…हवा तेज हुई…और कुछ ही पलों में सबकुछ बदल गया। किसी ने सोचा भी नहीं था कि यह सफर आखिरी हो सकता है। किनारे से करीब 300 मीटर दूर पहुंचते ही हवा की रफ्तार 40 किमी/घंटा तक हो गई और कुछ ही पलों में क्रूज डगमगाने लगा। जिस जगह पर कुछ मिनट पहले हंसी गूंज रही थी, वहां अफरा–तफरी मच गई। क्रूज के डूबने से पहले हर कोई अपनी जान बचाने की कोशिश में लग गया। कोई तैरकर किनारे पहुंचा तो कोई लहरों के साथ दूर बहने लगा। लोग अपनों को पुकारते रहें लेकिन आवाजें पानी में डूबती चली गईं। किसी का हाथ छूटा तो किसी का साथ छूट गया। लोग संभल भी नहीं पाए…और देखते ही देखते सब पानी में समाने लगा। लेकिन सवाल यही है कि क्या यह हादसा था या सिस्टम की लापरवाही थी। अंधेरे और बारिश के बीच जिंदगी की तलाश इसके बाद जो हुआ वो सिर्फ रेस्क्यू नहीं था, बल्कि जिंदगी तलाशने की जंग थी। SDRF की टीम अंधेरे में टॉर्च लेकर पानी में उतर गई। कई लोगों को बचाया गया। लेकिन रात और खराब मौसम ने राहत कार्य को धीमा कर दिया। शुक्रवार सुबह फिर ऑपरेशन तेज हुआ। अब आर्मी, पैरामिलिट्री और स्पेशल टीमें भी मैदान में हैं। 20 फीट गहराई में फंसे क्रूज को हाइड्रोलिक मशीन, पोकलेन की मदद से बाहर निकाल लिया गया। हर प्रयास के पीछे एक उम्मीद थी, शायद कोई और जिंदा मिल जाए। मां का आखिरी आलिंगन, हादसे की सबसे दर्दनाक तस्वीर ये तस्वीर इस हादसे की सबसे दर्दनाक कहानी को बयां करती है। जो मरिना मैसी और उनके 4 साल के बेटे त्रिशान की है। मरिना मैसी परिवार के साथ दिल्ली से घूमने आई थीं। अब उनका परिवार हमेशा के लिए बिखर गया। जब हादसा हुआ…तो मां ने अपने बेटे को अपनी ही लाइफ जैकेट में समेट लिया। उसे सीने से कसकर जकड़ लिया। शायद वह उसे बचाना चाहती थी, शायद उन्हें भरोसा था। जब रेस्क्यू टीम ने उन्हें बाहर निकाला तो दोनों एक-दूसरे से लिपटे हुए थे। मां ने आखिरी सांस तक अपने बच्चे को नहीं छोड़ा। लेकिन जिंदगी ने दोनों को छोड़ दिया। पिता और बेटी बच गए लेकिन उनकी दुनिया वहीं डूब गई। अधूरी कहानियां और बढ़ते सवाल इस क्रूज में खमरिया का एक परिवार भी सवार था, 15 लोग एक साथ घूमने गए थे। कुछ बच गए, लेकिन कामराज, उनकी पत्नी और एक बेटा अब भी लापता हैं। अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें एक बच्चा और 8 महिलाएं शामिल हैं। 3 बच्चों समेत 4 लोग अब भी लापता हैं। इस बीच एक और तथ्य सामने आया कि क्रूज 2006 में बना था यानी करीब 20 साल पुराना था। प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि कई लोगों ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी। कुछ बिना टिकट भी सवार थे, और यहीं से सवाल शुरू होते हैं… किनारे पर इंतजार…और अधूरी उम्मीदों की तस्वीर क्रूज पानी में समा चुका था, किनारे पर खड़े लोग बस एक उम्मीद में थे। शायद कोई अपना वापस आ जाए। किसी की आंखें पानी पर टिकी थीं, किसी के हाथ दुआ में उठे थे। हर निकलती लाश, किसी का सब कुछ छीन रही थी। किनारे पर अब सन्नाटा है, लेकिन उस सन्नाटे के अंदर हजारों आवाजें दबी हुई हैं। क्रूज अब बाहर निकाला जा चुका है, लेकिन उम्मीद अभी भी तैर रही हैं। हर बार जब पानी से कोई शरीर बाहर आता तो किसी का दिल धड़कना बंद कर देता। किसी के लिए वह एक नाम था तो किसी के लिए पूरी दुनिया। कुछ लोग रो भी नहीं पा रहे थे, जैसे दर्द शब्दों से भी बड़ा हो गया हो… घटना से जुड़ी यह खबरें भी पढ़ें… 1. MP के जबलपुर में क्रूज डूबा, 9 शव मिले: पीएम ने दुख जताया मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में गुरुवार शाम करीब 5 बजे पर्यटन विभाग का एक क्रूज अचानक आई तेज आंधी के चलते डूब गया। अब तक 9 शव मिल चुके हैं। प्रशासन के मुताबिक, 28 लोगों को बचा लिया गया है। तीन बच्चों सहित 4 लोग लापता हैं। बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त क्रूज में लगभग 43 से 47 पर्यटक थे। टिकट सिर्फ 29 लोगों की कटी थी। हादसा किनारे से करीब 300 मीटर दूर हुआ, जिस समय क्रूज डूबा, उस वक्त हवा की रफ्तार 74 किलोमीटर प्रतिघंटा थी। बरगी सिटी सीएसपी अंजुल मिश्रा के मुताबिक, SDRF ने कई लोगों को बचाया, लेकिन अंधेरा और खराब मौसम से राहत कार्य प्रभावित हुआ। पढ़ें पूरी खबर.. 2.क्रूज डूबने से पहले के 2 VIDEO:मौज-मस्ती में डूबे थे लोग, तेज आंधी-तूफान के बीच चंद सेकंड में आई मौत मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में गुरुवार शाम हुए क्रूज हादसे से ठीक पहले के दो वीडियो सामने आए हैं, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पढ़ें पूरी खबर 3. जबलपुर क्रूज हादसा-11 लोग बिना टिकट सवार थे: प्रत्यक्षदर्शी बोला- किसी ने नहीं पहना था लाइफ जैकेट मध्य प्रदेश के जबलपुर के बरगी डैम में क्रूज तेज आंधी में पलट गया। पुलिस के मुताबिक MP टूरिज्म के क्रूज में 40 से 45 लोग सवार थे। एक प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक इनमें से 11 लोग बिना टिकट सवार थे और किसी ने भी लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी। पढ़ें पूरी खबर

