हनुमानगढ़ रेलवे स्टेशन से 300 होंगे शामिल:27 को रवाना होगी द्वारका और सोमनाथ के लिए विशेष ट्रेन
ता:बागपत के लधवाड़ी गांव से युवती हुई गायब
फरधान आरओबी फ्लाईओवर 25 जनवरी से खुलेगा:लखीमपुर में सीडीओ की सख्ती के बाद निर्माण कार्य में आई तेजी
जेवर एयरपोर्ट पर नौकरी दिलाने का झांसा:महिला से एक लाख रुपये की ठगी, पुलिस ने दर्ज की रिपोर्ट
बुलन्दशहर में जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर नौकरी दिलाने के नाम पर एक महिला से एक लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। नगर पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ज्ञानलोक कॉलोनी, कोतवाली नगर क्षेत्र निवासी शारदा पत्नी उदयवीर ने बताया कि वह एक एनजीओ में कार्यरत हैं। करीब तीन-चार वर्ष पूर्व उनकी पहचान ग्राम पूरी, थाना सलेमपुर निवासी कुलदीप शर्मा पुत्र गौरी शंकर से एनजीओ के एक कैंप के दौरान हुई थी। पीड़िता के अनुसार, लगभग एक वर्ष पहले कुलदीप शर्मा ने नोएडा स्थित निर्माणाधीन जेवर एयरपोर्ट पर अच्छी जान-पहचान होने का दावा किया। उसने शारदा के बेटे सौरभ कुमार को नौकरी दिलाने का झांसा दिया और इसके लिए दो लाख रुपये खर्च आने की बात कही, जिसमें से पहले एक लाख रुपये मांगे। विश्वास में आकर शारदा ने दिसंबर 2024 में अपने पति के खाते से 66 हजार रुपये नकद कुलदीप को दिए। इसके बाद मार्च 2025 में उन्होंने अपने बेटे के पंजाब नेशनल बैंक, आवास विकास प्रथम, बुलन्दशहर स्थित खाते से समय-समय पर ऑनलाइन भुगतान करते हुए कुल 33,530 रुपये आरोपी के खाते में ट्रांसफर किए। आरोप है कि पैसे मिलने के बाद कुलदीप शर्मा ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नाम से एक फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिया, जिस पर नियुक्ति तिथि 04 नवंबर 2025 अंकित थी। आरोपी ने सौरभ को अपने साथ ले जाने का वादा किया, लेकिन पिछले लगभग एक माह से वह पीड़िता और उसके बेटे को टालता रहा। जब पीड़िता ने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपी बहाने बनाने लगा। शारदा ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से कुलदीप शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी और ठगी का मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने और ठगी गई एक लाख रुपये की रकम वापस दिलाने की मांग की है।
डीडवाना में राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) उपशाखा द्वारा दायित्व बोध पखवाड़ा के तहत नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती मनाई गई। यह कार्यक्रम शुक्रवार को हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया। जयंती समारोह का आयोजन सुभाष सर्किल पर किया गया। इसमें राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय), श्रीकांत क्लब और भारत स्वाभिमान ने संयुक्त रूप से सहभागिता की। इस अवसर पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। उपस्थित लोगों ने उनके राष्ट्रप्रेम, त्याग और साहस को याद किया। वक्ताओं ने नेताजी के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उनका व्यक्तित्व आज भी युवाओं और समाज के लिए मार्गदर्शक है। दायित्व बोध पखवाड़ा के माध्यम से समाज में कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र सेवा की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में राजेंद्र दाधीच, कैलाश सोलंकी, नरपत सिंह राठौड़, स्वामी, भुवनेश कुमार शर्मा, रामेश्वर तूनवाल, भगवान सिंह राठौड़, गिरिराज शर्मा, पवन कुमार जोशी, संजय उपाध्याय, श्योपाल सिंह और राजेंद्र चौहान सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित प्रसिद्ध सांदीपनि आश्रम में बसंत पंचमी पर विद्यारंभ संस्कार का आयोजन किया गया। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण का केसर युक्त जल से अभिषेक किया गया और उन्हें पीले वस्त्र धारण कराए गए। पूजा में केसरिया भात, सरसों के पीले फूल और गुलाल अर्पित किए गए। यह वही पवित्र स्थल है, जहां भगवान श्रीकृष्ण और बलराम ने शिक्षा ग्रहण की थी। इसी ऐतिहासिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, बसंत पंचमी के दिन बच्चों का पाटी (स्लेट) पूजन कर उनका विद्यारंभ संस्कार संपन्न कराया गया। देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालु आश्रम में देश-विदेश से आए श्रद्धालु अपने बच्चों को शिक्षा का पहला पाठ दिलाने के लिए पहुंचे। बच्चों को मंत्रोच्चार के साथ अक्षर ज्ञान कराया गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। मां सरस्वती की विशेष पूजा आश्रम के पंडित राहुल व्यास ने बताया कि बसंत पंचमी को ज्ञान, कला और संगीत की देवी मां सरस्वती का प्रकटोत्सव माना जाता है। इस अवसर पर आश्रम में मां सरस्वती की स्थापना कर विशेष पूजा की जाती है। परंपरा के अनुसार बच्चों को सरस्वती के तीन मंत्र प्रदान किए जाते हैं, जिन्हें पाटी कहा जाता है। उन्होंने बताया कि आश्रम में बच्चों को “सांदीपनि गुरुकुल” का नाम दिया जाता है और यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क संपन्न कराई जाती है। श्रद्धालुओं ने साझा किए अनुभव इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने अपने अनुभव भी साझा किए। ओडिशा से आईं प्रियंका प्रधान ने बताया कि उनके क्षेत्र में विद्यारंभ को “खड़ी छुआ” कहा जाता है। भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षास्थली होने के कारण उन्होंने अपने बच्चे का विद्यारंभ संस्कार यहीं कराया। मनीषा चौहान ने अपने बच्चे से “जय श्री कृष्णा” लिखवाकर शिक्षा का शुभारंभ कराया। वहीं ममता पाटीदार ने बताया कि पूर्वजों की मान्यता है कि सांदीपनि आश्रम में विद्यारंभ कराने से बच्चा आगे चलकर नाम रोशन करता है। आस्था और परंपरा का अनूठा संगम बसंत पंचमी पर सांदीपनि आश्रम में आयोजित यह विद्यारंभ संस्कार आस्था, संस्कृति और शिक्षा के संगम का प्रतीक बना, जहां सैकड़ों बच्चों ने मां सरस्वती और भगवान श्रीकृष्ण के आशीर्वाद के साथ अपने शैक्षणिक जीवन की शुरुआत की।
मिट्टी बचेगी तो खेती बचेगी:CSA विश्वविद्यालय कानपुर से टिकाऊ खेती की बड़ी मुहिम, किसान होंगे मालामाल
चंद्रशेखर आज़ाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए), कानपुर में किसानों और कृषि विशेषज्ञों के लिए एक बेहद अहम पहल की गई है। विश्वविद्यालय परिसर में दो दिवसीय एचआरडी ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन किया गया, जिसका विषय रहा “स्किल डेवलपमेंट एंड कैपेसिटी बिल्डिंग फॉर सस्टेनेबल एग्रीकल्चर था। इसी कार्यक्रम के तहत “सॉइल ऑर्गेनिक मैटर बूस्ट कैंपेन”भी लॉन्च किया गया, जिसका मकसद मिट्टी की सेहत को बेहतर बनाना है। मिट्टी से ही जीवन की शुरुआत दैनिक भास्कर से बातचीत में विश्वविद्यालय के कुलपति के. विजयेंद्र पांडियन ने कहा कि मिट्टी ही जीवन का आधार है। चाहे इंसान हो, फसल हो या कोई भी जीव सब कुछ मिट्टी से जुड़ा हुआ है। अगर मिट्टी स्वस्थ होगी, तभी खेती टिकाऊ और लाभकारी बन सकेगी। उन्होंने बताया कि आज पूरी दुनिया सस्टेनेबल डेवलपमेंट यानी लंबे समय तक चलने वाली विकास प्रक्रिया पर काम कर रही है, जिसमें टेक्नोलॉजी के साथ-साथ सही कृषि प्रथाओं की भी अहम भूमिका है। एक्सपर्ट्स से मिलेगा व्यावहारिक ज्ञान विवि के कुलपति के विजयेन्द्र पांडियन ने बताया कि, इस दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन डिपार्टमेंट ऑफ एक्सटेंशन द्वारा किया जा रहा है। इसमें देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रोफेसर्स, वैज्ञानिक और कृषि विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं। कार्यशाला में यह चर्चा की जा रही है कि कैसे आधुनिक तकनीक, लैब रिसर्च, कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) और किसानों के अनुभव को जोड़कर खेती को जमीन स्तर तक मजबूत बनाया जा सकता है।
एटा जिले के कस्बा राजा का रामपुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के पास से अज्ञात चोरों ने गुरुवार रात 250 केवीए का एक विद्युत ट्रांसफार्मर चोरी कर लिया। चोर ट्रांसफार्मर को जमीन पर गिराकर उसका तेल और अन्य कीमती पुर्जे ले गए। स्थानीय लोगों ने सुबह घटना की सूचना विद्युत विभाग और पुलिस को दी। सूचना मिलने पर विद्युत कर्मचारी और थाना प्रभारी सत्यपाल सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पहले 2 तस्वीरें देखिए... पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, लेकिन चोरी की घटना कैद नहीं हो पाई। लाइनमैन ने बताया कि घटनास्थल से मात्र 15 मीटर की दूरी पर लगे कैमरे में केवल चोरों की गाड़ी दिखाई दी, जबकि चोरी की वारदात रिकॉर्ड नहीं हुई। फुटेज में रात में पुलिसकर्मी भी घटनास्थल के पास निरीक्षण करते दिखे हैं। लाइनमैन ने यह भी बताया कि चोरों ने रात करीब 11 बजे कस्बा के नगला पड़ाव स्थित एक अन्य 250 केवीए ट्रांसफार्मर को भी चुराने का प्रयास किया था। इस प्रयास के कारण मोहल्ला पठानान और नगला पड़ाव की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। जेई अतर सिंह के अनुसार, इस घटना से विभाग को लगभग 6 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। थाना प्रभारी सत्यपाल सिंह ने जानकारी दी कि घटना का बारीकी से निरीक्षण किया गया है और जल्द ही इसका खुलासा किया जाएगा। तहरीर के आधार पर अज्ञात चोरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
करनाल में रेलवे ट्रैक के पास घायल अवस्था में मिले व्यक्ति की पीजीआई रोहतक में मौत हो गई। मृतक के सिर में गंभीर चोट थी। पुलिस ने मृतक के कपड़ों की तलाशी ली, लेकिन ऐसा कोई दस्तावेज नहीं मिला जिससे उसकी पहचान हो सके। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पहचान न होने पर नियमानुसार 72 घंटे बाद पोस्टमॉर्टम कराकर अंतिम संस्कार किया जाएगा। लोको पायलट ने दी सूचना पुलिस के अनुसार बुधवार रात करनाल क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर किलोमीटर संख्या 124/12 के नजदीक ट्रेन के लोको पायलट ने एक व्यक्ति को घायल अवस्था में पड़ा देखा। उसने तुरंत करनाल जीआरपी को सूचना दी। सूचना मिलते ही जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची। व्यक्ति के सिर में गंभीर चोट थी और वह अचेत अवस्था में था। पुलिस ने घायल को तुरंत करनाल के सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहां से डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। इलाज के दौरान व्यक्ति की मौत हो गई। कपड़ों के आधार पर की जा रही पहचान पुलिस ने बताया कि मृतक ने सलेटी रंग की लाल धारीदार शर्ट, भूरे रंग की पैंट और नीले रंग का स्वेटर पहन रखा था। उसके पास से कोई भी दस्तावेज बरामद नहीं हुए हैं, जिससे पहचान हो सके। अनुमान है कि व्यक्ति या तो किसी ट्रेन से टकराया है या फिर चलते समय ट्रेन से नीचे गिरा है। एसएचओ संदीप बोले, जांच जारी जीआरपी थाना करनाल के एसएचओ संदीप ने बताया कि ट्रैक पर घायल अवस्था में मिला व्यक्ति पीजीआई रोहतक में उपचार के दौरान दम तोड़ गया। मृतक की अभी पहचान नहीं हो सकी है। मामले की जांच की जा रही है और पहचान के प्रयास जारी हैं।
उन्नाव के न्योतनी हसनगंज क्षेत्र में नहरों की सफाई को लेकर बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई हैं। सिंचाई विभाग द्वारा नहरों की सफाई के लिए बजट जारी किया गया था और ड्रोन से सर्वे भी कराया गया था, लेकिन इसके बावजूद ठेकेदार ने मानकों की अनदेखी कर काम अधूरा छोड़ दिया है। धरातल पर नहरों की स्थिति बेहद खराब है, जिससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे पहले मियागंज, पुरवा और बिछिया में भी नहरों के कटान के कारण 50 बीघा से अधिक फसल डूब गई थी, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ था। न्योतनी रजबहा की कुल लंबाई लगभग 20 किलोमीटर है। इसकी सफाई दिसंबर माह में कराई गई थी और विभाग ने 22 दिसंबर को नहर में पानी छोड़े जाने का दावा किया था। पहले 2 तस्वीरें देखिए... हालांकि, हकीकत यह है कि नहर का पानी टेल तक नहीं पहुंच पा रहा है। समदपुर गांव के सामने रजबहा की खांदी (कटाव) करीब एक सप्ताह से कटी पड़ी है, जिससे नहर का पानी अशूरन खेड़ा गांव के नाले के रास्ते सई नदी में गिर रहा है। ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या की सूचना सिंचाई विभाग को दी, लेकिन न तो ठेकेदार और न ही विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। खांदी कटने के कारण समदपुर, अशूरन खेड़ा, जसमड़ा बब्बन, इस्माइलाबाद, फिरोजपुर, गिरवरखेड़ा और गनेशखेड़ा सहित कई गांवों की सिंचाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। किसानों का कहना है कि नहर में पर्याप्त पानी न पहुंचने से उन्हें निजी साधनों से सिंचाई करनी पड़ रही है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि नहर की सफाई मानकविहीन तरीके से की गई है और ठेकेदार आठ लाख रुपये का भुगतान निकालने की फिराक में है, जबकि नहर की खांदी बार-बार कट रही है। विभाग का दावा है कि पानी हेड से लेकर टेल तक पहुंच रहा है, लेकिन वास्तविकता इसके बिल्कुल विपरीत है। नहर की क्षमता लगभग 60 क्यूसेक पानी की है, जबकि आधा पानी ही नहर में आ पा रहा है। इसी कारण चंदेशवा माइनर सहित अन्य माइनरों में अब तक पानी नहीं पहुंच सका है। समदपुर व आसपास के ग्रामीणों ने मांग की है कि पहले खांदी की कटान को दुरुस्त कराया जाए और उसके बाद ही ठेकेदार का भुगतान किया जाए।ग्रामीणों का कहना है कि तहसील स्तर के जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर धरातल पर जांच करें, ताकि सच्चाई सामने आ सके।इस संबंध में सिंचाई विभाग के एक्सईएन दीपक यादव ने कहा, “कटने की जानकारी मुझे नहीं है। यदि खांदी कटी है तो संबंधित जेई को निर्देशित किया जाएगा और उसे दुरुस्त कराया जाएगा।” फिलहाल विभागीय दावों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर नजर आ रहा है।
फरीदाबाद में कर्ज और पुलिस कार्रवाई के डर से परेशान एक व्यक्ति ने ओल्ड फरीदाबाद थाने के अंदर जहर खा लिया। पुलिस ने उसको एक मामले में पूछताछ के लिए थाने बुलाया था। घटना के बाद व्यक्ति की हालत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे इलाज के लिए बीके अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे दिल्ली के लिए रेफर कर दिया। बड़े भाई से 2 लाख कर्ज लिया बूढ़ कालोनी मे किराए के मकान में रहने वाले पंकज शर्मा की पत्नी ने बताया कि, उसके पति ने करीब डेढ़ साल पहले अपने भाई रामबाबू ज्ञानेन्द्र से 2 लाख रूपए का कर्ज लिया था। उसके पति एक प्राईवेट कपंनी में काम करते है। 2 लाख में से वो एक लाख रूपए वापस लौटा चुके है। लेकिन पिछले कई महीनों से उसके पति को बकाया एक लाख रूपए के लिए बहुत ज्यादा परेशान किया जा रहा था। पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया पत्नी का आरोप है कि रामबाबू ज्ञानेन्द्र और उसकी पत्नी मंजू पैसे की मांग को लेकर पंकज को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। इसी को लेकर उन्होंने ओल्ड फरीदाबाद थाने में शिकायत दी थी, जिसके बाद पंकज के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। महिला का यह भी आरोप है कि इससे पहले जब वे थाने गए थे, तब एक पुलिसकर्मी ने पंकज के साथ मारपीट की थी। थाने के अंदर खाया जहर शुक्रवार को पुलिस के बुलाने पर पंकज अपनी पत्नी और मां के साथ थाने पहुंचा था। आरोप है कि पुलिस द्वारा दोबारा मारपीट किए जाने के डर और पैसे के दबाव के चलते पंकज ने थाने के अंदर ही जहर खा लिया। पुलिस बोली ब्लैकमेलिंग का केस दर्ज इस मामले में ओल्ड थाना प्रभारी विष्णु मित्र ने बताया कि मंजू नामक महिला की शिकायत पर पंकज के खिलाफ ब्लैकमेलिंग का मामला दर्ज है। मंजू का आरोप है कि पंकज ने उसकी अश्लील वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया। इसी मामले में पूछताछ के लिए पंकज को बुलाया गया था। थाना प्रभारी के अनुसार, पूछताछ के दौरान पंकज ने चूहे मारने की दवाई खा ली, जिसके बाद उसे तुरंत अस्पताल भेजा गया। फिलहाल पंकज का इलाज जारी है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
गोरखपुर में मनरेगा से जुड़े ग्राम रोजगार सेवकों ने विकास भवन परिसर में विरोध प्रदर्शन करते हुए अपनी सेवा-संबंधी समस्याओं को जिला प्रशासन के समक्ष रखा। विरोध कार्यक्रम का उद्देश्य मानदेय भुगतान में देरी, EPF अंशदान, अनुकम्पा नियुक्ति और ब्लॉक स्तर की प्रक्रियाओं में जटिलताओं को प्रशासन के ध्यान में लाना था। विरोध के बाद संघ प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। विरोध कार्यक्रम में संघ के जिला अध्यक्ष वीरेन्द्र प्रताप सिंह, जिला उपाध्यक्ष कैलाशपति विश्वकर्मा और जिला संयुक्त मंत्री अनिल सिंह मौजूद रहे। तीनों पदाधिकारियों ने मांगों को जिला स्तर पर गंभीरता से सुनने की आवश्यकता पर जोर दिया। संघ ने कहा कि लंबित समस्याओं पर बिना निर्णय लिए समय बढ़ना फील्ड स्तर के कार्य को प्रभावित करता है। आठ महीने से मानदेय भुगतान लंबित संघ ने ज्ञापन में बताया कि जिले में लगभग 750 ग्राम रोजगार सेवक वर्ष 2006 से मनरेगा (2005) के तहत कार्यरत हैं। संघ के अनुसार लगभग आठ महीने से मानदेय भुगतान लंबित है जबकि कार्य निरंतर जारी रहा। संघ ने शासनादेश दिनांक 03 अक्टूबर 2021 के अनुसार 10,000 रुपये प्रति माह की दर से लंबित मानदेय का तत्काल भुगतान करने की मांग की। ज्ञापन में EPF अंशदान की लंबित राशि कर्मचारियों के यूएन नंबर में जमा करने तथा सेवा अवधि में मृत कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकम्पा नियुक्ति देने की मांग शामिल रही। संघ का कहना है कि EPF और अनुकम्पा नियुक्ति सेवा-सुरक्षा और पारिवारिक अधिकारों से जुड़े विषय हैं, इसलिए इन पर देरी नहीं होनी चाहिए। ब्लॉक स्तर की प्रक्रियाओं में जटिलता समाप्त करने की मांग संघ ने ब्लॉक स्तर पर पे-रोल प्रक्रिया की अनिवार्यता हटाने और ग्राम पंचायत/ब्लॉक स्तर पर उत्पन्न हो रही प्रशासनिक जटिलताओं को कम करने की मांग की। संघ ने कहा कि मनरेगा विधिक ढांचा वाली योजना है इसलिए प्रक्रिया और भुगतान दोनों समयबद्ध हों। रोजगार सेवकों की समस्याओं पर चर्चा करते हुए जिला अध्यक्ष वीरेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि विरोध का उद्देश्य समस्याओं को समाधान तक ले जाना है और फील्ड स्तर पर सबसे अधिक जिम्मेदारी निभाने वाले कर्मचारियों के सेवा-संबंधी मुद्दों पर प्रशासन को स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए।
भदोही में अंडरपास बनने का रास्ता साफ:सपा विधायक की पहल पर उत्तर रेलवे ने शुरू की कवायद
भदोही। सपा विधायक जाहिद बेग ने उत्तर रेलवे, प्रतापगढ़ के वरिष्ठ सहायक मंडल अभियंता (एसएडीई) से मुलाकात की। उन्होंने सरायकंसराय और जंघई रेलवे स्टेशन के बीच हरदुआ गांव में प्रस्तावित अंडरपास के निर्माण को लेकर चर्चा की। विधायक ने इस संबंध में पहले भी मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) को दो बार ज्ञापन सौंपा था। वरिष्ठ सहायक मंडल अभियंता ने विधायक को बताया कि इस विषय में भदोही के जिलाधिकारी (डीएम) को 17 जनवरी को एक पत्र भेजा गया है। पत्र में सरायकंसराय स्टेशन से पश्चिम दिशा में अंडरपास की मांग का उल्लेख है। अधिकारी ने जानकारी दी कि पश्चिम दिशा में पोल संख्या 843/1-3-5 के मध्य रेलवे सीमा के बाहर एक अप्रोच रोड मौजूद है। इस अप्रोच रोड के किनारे कुछ घर और एक प्राथमिक विद्यालय बना हुआ है। यदि इस स्थान पर अंडरपास का निर्माण किया जाता है, तो इसकी अप्रोच रोड बनने से स्कूल का रास्ता बाधित हो सकता है। इस स्थिति को देखते हुए, उक्त स्थान पर अंडरपास बनाने के लिए रेलवे विभाग और राज्य सरकार द्वारा स्थलीय निरीक्षण और व्यवहार्यता अध्ययन (फिजिबिलिटी) की आवश्यकता होगी। डीएम से अनुरोध किया गया है कि वे राज्य सरकार की ओर से संबंधित राजस्व विभाग के प्रतिनिधि को नियुक्त करें। रेलवे की ओर से एसएसई, वर्क्स, पीबीएच को नियुक्त किया गया है। निरीक्षण के आधार पर ही कार्य के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्रदान किया जाएगा, जिससे अंडरपास निर्माण की आगे की कार्यवाही की जा सके।
फीडर के स्टोर में बंदर की वजह से लगी आग:फिरोजाबाद में आग से बिजली का काफी सामान जलकर हुआ राख
फिरोजाबाद के थाना लाइन पार क्षेत्र स्थित रामनगर बिजली फीडर के स्टोर रूम में भीषण आग लग गई। आग की लपटें और धुएं का गुबार उठता देख आसपास के लोगों ने तत्काल फायर सर्विस को सूचना दी।सूचना मिलते ही फायर सर्विस की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और दमकल कर्मी आग पर काबू पाने में जुट गए। एहतियात के तौर पर आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित कर दिया गया है। आग लगने के कारण बिजली विभाग के स्टोर में रखा सामान जलने की आशंका जताई जा रही है। आग लगने के कारणों का तत्काल पता नहीं चल सका है। प्रथम दृष्टया शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई गई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी। पहले दो तस्वीरें देखिए... घटना की जानकारी मिलने पर बिजली विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। एफएसओ दुर्गेश कुमार त्यागी ने बताया, सूचना मिलते ही फायर सर्विस की गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। आग पर काबू पाने का प्रयास जारी है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। एक्सईएन कालीचरण ने जानकारी दी, स्टोर रूम में आग लगने की सूचना मिलते ही विभागीय टीम मौके पर पहुंच गई है। नुकसान का आकलन किया जा रहा है और आग लगने के कारणों की जांच कराई जाएगी। उन्होंने बाद में बताया कि बिजली के तारों पर एक बंदर कूद गया था, जिसके चलते शॉर्ट सर्किट हुआ और आग लग गई। इस घटना के बाद से बिजली आपूर्ति और विभागीय सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
हापुड़ में दिल्ली रोड स्थित जिला कांग्रेस मुख्यालय पर शुक्रवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों ने नेताजी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें याद किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे भारत के स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी नेताओं में से एक थे। द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ने के लिए जापान के सहयोग से आजाद हिंद फौज का गठन किया था। त्यागी ने बताया कि नेताजी के दिए गए नारे जय हिंद और तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा उस समय अत्यधिक प्रचलित हुए थे। भारतवासी उन्हें 'नेताजी' के नाम से संबोधित करते हैं। पूर्व विधायक गजराज सिंह ने नेताजी के योगदान को याद करते हुए कहा कि 5 जुलाई 1943 को सिंगापुर के टाउन हॉल के सामने 'सुप्रीम कमांडर' के रूप में उन्होंने सेना को संबोधित करते हुए दिल्ली चलो! का नारा दिया था। उन्होंने जापानी सेना के साथ मिलकर बर्मा, इम्फाल और कोहिमा में ब्रिटिश व कॉमनवेल्थ सेना से जमकर मोर्चा लिया था। इस अवसर पर उपस्थित कांग्रेसजनों ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन से प्रेरणा लेते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। पुष्पांजलि अर्पित करने वालों में जिला कांग्रेस कमेटी अनुशासन समिति के चेयरमैन अरविंद शर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष सैय्यद अयाजुद्दीन, जिला महासचिव इकबाल प्रधान, एस एस गौड़, कुसुमलता, कपिल शर्मा, आई सी शर्मा, अनुज कुमार, विक्की शर्मा, भरत लाल शर्मा, पंकज शर्मा, गोपाल भारती, महबूब, जितेंद्र अग्रवाल, अंकुर अग्रवाल, लोकपाल सागर सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।
राजस्थान सरकार ने राजस्थान संपर्क शिकायत निवारण पोर्टल पर एक नई सुविधा शुरू की है। इसके तहत अब शिकायतों के निस्तारण के बाद उसकी एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) सीधे शिकायतकर्ता को वॉट्सऐप पर भेजी जाएगी। इस नई व्यवस्था से शिकायतकर्ताओं को अपनी शिकायत पर हुई कार्रवाई की जानकारी आसानी से मिल सकेगी। शिकायत के निस्तारण के बाद संबंधित एटीआर का वॉट्सऐप लिंक सीधे शिकायतकर्ता के मोबाइल पर भेजा जाएगा। इससे लोगों को बार-बार पोर्टल खोलने की आवश्यकता नहीं होगी। एपीएआरओ राजपाल ने बताया कि जन अभियोग निराकरण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव दिनेश कुमार ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई है। यह सुविधा शिकायतकर्ता को विभागीय कार्रवाई की पूरी जानकारी सरल और स्पष्ट रूप में प्रदान करेगी। इस नई प्रणाली के तहत, शिकायतकर्ता वॉट्सऐप के माध्यम से अपना फीडबैक भी दे सकेंगे। यदि समाधान संतोषजनक नहीं होता है, तो वे अपनी बात सरकार तक आसानी से पहुंचा पाएंगे। इससे अधिकारियों पर जवाबदेही बढ़ेगी और शिकायतों का बेहतर समाधान सुनिश्चित हो सकेगा। वॉट्सऐप के जरिए एटीआर भेजने की यह प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस सुविधा से शिकायत निस्तारण प्रणाली में पारदर्शिता आएगी और आमजन को समय पर जानकारी मिल पाएगी। डिजिटल माध्यम से सूचना मिलने से लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से भी राहत मिलेगी।
हरदा में शुक्रवार को बसंत पंचमी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शहर के सरस्वती शिशु मंदिर में विद्यारंभ संस्कार का आयोजन किया गया, जिसमें नन्हें बच्चों ने अपने माता-पिता के साथ मां सरस्वती का पूजन किया। विद्यालय में मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के बाद हवन कुंड में आहुतियां दी गईं। इस दौरान छोटे बच्चों ने भी अपने माता-पिता के साथ यज्ञवेदी में आहुति डाली, जिसका दृश्य मनमोहक था। हिंदू संस्कृति में गर्भाधान से लेकर अंतिम संस्कार तक 16 संस्कारों का विशेष महत्व है। इनमें विद्यारंभ संस्कार का भी अपना स्थान है, जो बच्चों की शिक्षा की शुरुआत का प्रतीक है। प्राचार्य बोले- संस्कारों का होना अनिवार्यविद्यालय के प्राचार्य राजेंद्र तिवारी ने विद्यारंभ संस्कार, समर्पण, मां सरस्वती पूजन और नई शिक्षा नीति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि माता-पिता के लिए उनकी संतान ही उनकी वास्तविक पूंजी होती है। उन्होंने अभिभावकों से शिशु के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया और कहा कि केवल विद्यालय पर जिम्मेदारी छोड़कर इतिश्री नहीं करनी चाहिए। शिक्षा के साथ संस्कारों का होना भी अनिवार्य है। प्राचार्य तिवारी ने बताया कि विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान से संबद्ध हजारों सरस्वती शिशु मंदिर और संस्कार केंद्र चलाए जा रहे हैं। इन केंद्रों में पढ़ाई-लिखाई के अलावा संस्कारों पर विशेष महत्व दिया जाता है। इस अवसर पर विद्यालय के आचार्य, दीदियां और बच्चों के अभिभावक मौजूद रहे। यह सोलह संस्कारों में से नौवां संस्कारविद्यालय के आचार्य मिलिंद सूबेदार ने भारतीय संस्कृति में विद्यारंभ संस्कार के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह सोलह संस्कारों में से नौवां संस्कार है। अपने उद्बोधन में उन्होंने विद्या और शिक्षा के अंतर को समझाते हुए कहा कि विद्या बच्चों में आध्यात्मिक शक्ति का विकास करती है, जो उन्हें निरंतर प्रगति की ओर ले जाती है। विद्या आत्मा को परमात्मा से जोड़ती है, जिससे व्यक्ति अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है। आचार्य सूबेदार ने आगे कहा कि शिक्षा केवल भौतिक संसाधनों को प्राप्त करने का माध्यम है, जबकि विद्या का उद्देश्य कहीं अधिक व्यापक है। देखिए तस्वीरें...
बस्ती में किशोर ने की आत्महत्या:मां ने कर ली थी दूसरी शादी, लोगों के तानों से था परेशान
बस्ती जिले के पैकोलिया थाना क्षेत्र स्थित भीटी मिश्र गांव के खलगवां पुरवा में शुक्रवार सुबह एक 15 वर्षीय किशोर ने कथित तौर पर साड़ी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान विशाल के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, सुबह करीब 10 बजे विशाल अपने कमरे में अचेत अवस्था में मिला, जिसके बाद ग्रामीणों की मदद से पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही हसीनाबाद चौकी इंचार्ज सत्येंद्र कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने बताया कि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी। फिलहाल, मामले की जांच जारी है। परिजनों ने जानकारी दी कि विशाल हसीनाबाद बाजार में एक हार्डवेयर की दुकान पर काम करता था। वह सीमित आय में अपने घर की जिम्मेदारियां संभाल रहा था। परिवार में वह दूसरा बेटा था और उसके तीन भाई हैं। उसके पिता प्रदीप कुमार रोजगार के लिए मुंबई में मजदूरी करते हैं, जबकि गांव में विशाल ही घर की मुख्य जिम्मेदारियां निभा रहा था। ग्रामीणों के अनुसार, विशाल अपनी पारिवारिक परिस्थितियों के कारण मानसिक दबाव में था। बताया गया कि उसकी मां ने दूसरी शादी कर ली थी, जिससे वह लंबे समय से परेशान था। गांव में कुछ लोग इस बात को लेकर उसे ताने भी मारते थे, जिसके कारण वह और अधिक तनावग्रस्त रहने लगा था।
बागपत शहर कोतवाली क्षेत्र के टटीरी कस्बे से सैकड़ों ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारी कार्यालय में अधिकारियों को शिकायती पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई। ग्रामीणों का आरोप है कि टटीरी निवासी सोनिया पिछले आठ वर्षों से डोला गांव में गाड़ी धुलाई का कार्य कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं। शिकायत के अनुसार, बीते छह महीनों से सोनिया को लगातार परेशान किया जा रहा है। पीड़िता सोनिया ने अधिकारियों को दिए शिकायती पत्र में बताया कि डोला गांव स्थित एक अस्पताल की डॉक्टर उनका धुलाई सेंटर हटवाना चाहती है। आरोप है कि डॉक्टर उस जमीन को खरीदकर अपने अस्पताल में शामिल करना चाहती है, लेकिन सोनिया और उनके पति ने जमीन बेचने से इनकार कर दिया। इसी बात से नाराज होकर डॉक्टर आए दिन विवाद करती हैं और पीड़िता के साथ गाली-गलौज व जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करती हैं। सोनिया ने आगे बताया कि उनके पति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है। पीड़िता का आरोप है कि विरोधियों ने जानबूझकर बिजली के तार में करंट छोड़ दिया, जिससे उनके पति की मृत्यु हो गई। इस मामले को लेकर वह कई बार थाने में शिकायत दर्ज करा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। पीड़िता का यह भी कहना है कि अस्पताल की डॉक्टर अब उन पर समझौता करने और दबाव बनाकर फैसला अपने पक्ष में करवाने की कोशिश कर रही हैं। इस उत्पीड़न से तंग आकर सोनिया अपने सास-ससुर और सैकड़ों ग्रामीणों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचीं। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से पीड़िता को सुरक्षा प्रदान करने और पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर न्याय दिलाने की मांग की। कलेक्ट्रेट के अधिकारियों ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया
आईआईटी कानपुर में पीएचडी स्कालर रामस्वरुप ईश्रम की आत्महत्या के बाद संस्थान गंभीर सवालों के घेरे में है। बीते दो साल में नौ छात्रों द्वारा आत्महत्या के बाद आईआईटी कानपुर देश में सबसे ज्यादा आत्महत्या की घटना वाला आईआईटी बन गया है। 29 दिसंबर 2025 व 21 जनवरी 2026 को 24 दिनों में हुई छात्र आत्महत्याओं की दो घटनाओं ने आईआईटी कानपुर की काउंसिलिंग सेल पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर ऐसा क्या है जो आईआईटी कानपुर में उज्जवल भविष्य का सपना संजोकर आने वाले छात्र आत्महत्या का रास्ता चुन रहे हैं। हालांकि इसी बीच आईआईटी कानपुर की ओर से दोनों आत्महत्याओं के बाद जो प्रेस रिलीज जारी की गई, उसमें कोई फेरबदल नहीं है। शब्द तक नहीं बदले गए। दोनों घटनाओं के बाद आईआईटी ने अपने मीडिया ग्रुप पर अपने सेंटर फॉर मेंटल हेल्थ वेलबीइंग का बखान किया गया है। इसके अलावा 21 जनवरी को हुई घटना के बाद आईआईटी के डीन ऑफ स्टूडेंट्स अफेयर्स प्रो. प्रतीक सेन का एक बयान जारी हुआ, जिसमें छात्र की बीमारियों का जिक्र किया गया है। हालांकि 24 दिन में आत्महत्या की दो घटनाओं के बाद आईआईटी ने जांच के लिए एक इंटरनल कमेटी का गठन किया है। इसके अलावा मामले का शिक्षा मंत्रालय ने संज्ञान लेते हुए तीन सदस्यीय एक कमेटी भी बनाई है जो कि आत्महत्या के मामलों की जांच करके 15 दिन में रिपोर्ट सौंपेगी। देशभर के आईआईटी में 30 आत्महत्याएं देशभर के आईआईटी में पिछले दो वर्षों में कुल 30 IIT छात्रों ने आत्महत्या की है, जिनमें से 9 आत्महत्याएं अकेले IIT कानपुर परिसर में हुई हैं। यह देश के 23 IIT में से किसी भी IIT में हुई मौतों की सबसे अधिक संख्या है। IIT कानपुर के बाद, IIT खड़गपुर में इस अवधि के दौरान 7 आत्महत्याओं के साथ दूसरा सबसे अधिक आंकड़ा दर्ज किया गया, जबकि IIT खड़गपुर में IIT कानपुर की तुलना में डेढ़ गुना अधिक छात्र हैं। आत्महत्या को गंभीरता से लिया आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र और ग्लोबल आईआईटी एलुमनाई सपोर्ट ग्रुप के संस्थापक धीरज सिंह ने दो साल के भीतर 9वें सुसाइड को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने इस बात की पुष्टि की है कि मानसिक स्वास्थ्य अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का अभिन्न अंग है। इसके अलावा, साहा बनाम आंध्र प्रदेश राज्य मामले में न्यायालय ने आदेश दिया है कि छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को संवैधानिक और संस्थागत जिम्मेदारी माना जाए। आईआईटी की काउंसिलिंग सेल पर सवाल आईआईटी कानपुर कैंपस में शिक्षकों, छात्रों व कर्मचारियों के लिए मानसिक स्वास्थ्य पर जागरूकता और संवेदनशीलता कार्यशालाएं आयोजित की जाती हैं। किसी भी आपात स्थिति में छात्रों को दिन-रात सहायता देने के लिए सीएमएचडब्ल्यू और स्वास्थ्य केंद्र के बीच समन्वय के साथ 24 घंटे की व्यवस्था की गई है। छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम और कार्यशालाएं आयोजित की जाती हैं। स्नातक और परास्नातक छात्रों के लिए पीयर मेंटरिंग की व्यवस्था है जिसमें सीनियर छात्र नए छात्रों को सहयोग और मार्गदर्शन देते हैं। लेकिन एक के बाद एक सुसाइड होने से आईआईटी की इस व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। कुछ ऐसा है आईआईटी मेंटल हेल्थ सेंटर मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र (सीएमएचडब्ल्यु) को मजबूत किया गया है। इसके तहत गंभीर मानसिक समस्याओं से निपटने के लिए 10 पूर्णकालिक प्रशिक्षित मनोवैज्ञानिक नियुक्त किए गए हैं। इसके अलावा एक क्लिनिकल हेड (मनोचिकित्सक) की नियुक्ति की गई है तथा तीन मनोचिकित्सकों को पैनल में शामिल किया गया है। बीते दो साल में आईआईटी में हुए सुसाइड रामस्वरूप ईश्वर राम, पीएचडी रिसर्च स्कॉलर – 20 जनवरी 2026 जय सिंह मीणा, एमटेक स्टूडेंट - 31 दिसंबर 2025 प्रियंका जायसवाल, पीएचडी रिसर्च स्कॉलर –18 जनवरी 2024 प्रगति खरया गुप्ता, पीएचडी रिसर्च स्कॉलर – 10 अक्तूबर 2024 विकास कुमार मीणा, एमटेक स्टूडेंट – 10 जनवरी 2024 अंकित यादव, पीएचडी रिसर्च स्कॉलर – 10 फरवरी 2025 दीपक चौधरी, सॉफ्टवेयर डेवलपर – 25 अगस्त 2025 धीरज सैनी, बीटेक फाइनल ईयर स्टूडेंट – 01 अक्तूबर 2025 डॉ. पल्लवी चिल्का, शोध सहायक स्टाफ – 19 दिसंबर 2023
केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान 18 जनवरी को विदिशा के दौरे पर थे। यहां उनकी मुलाकात ठेले पर पिंड खजूर बेचने वाले दिव्यांग पन्नालाल से हुई थी। शिवराज ने पन्ना लाल से पिंड खजूर खरीदने के बाद उन्हें मोटराइज्ड ट्राई साइकिल देने का वादा किया था। शिवराज ने आज (शुक्रवार को) पन्नालाल को भोपाल आवास पर बुलाकर मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल भेंट की। शिवराज अब बहुदिव्यांगों को खोजकर मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल भेंट करेंगे, ताकि उन्हें रोजगार चलाने और आने-जाने में आसानी हो। शिवराज बोले: जो भाई बहन परेशान हैं उनकी मदद करनी चाहिए पन्नालाल को मोटराइज्ड साइकिल भेंट करने के पहले शिवराज ने कहा मैं मानता हूं हम सब एक परिवार हैं परिवार के वो भाई-बहन जो पीछे रह गए, कोई कष्ट परेशानी है तो मदद करनी चाहिए। चार-पांच दिन पहले मैं विदिशा गया था तो मैंने पन्नालाल को देखा था वे खजूर हाथ में उठाकर मेरी गाड़ी तरफ दौड़ पडे़ थे। मैं उनके पास गया, तब मन में यह भाव पैदा हुआ कि गरीबी और परिस्थितियों के कारण कई साथी जिंदगी कष्ट में गुजारते हैं। पन्नालाल से दोस्ती हुई तो उन्होंने मोटराइज्ड साइकिल मांगी थीशिवराज ने कहा- पन्नालाल से मैंने दोस्ती कर ली। दोस्ती के बाद उन्होंने एक ही बात कही कि चलने फिरने में दिक्कत होती है तो मुझे एक मोटराइज्ड साइकिल दे दो। दोस्त के लिए तो करना ही पड़ता है। शिवराज ने गीत गुनगुनाते हुए कहा- रहे चाहे दुश्मन जमाना हमारा लेकिन ये दोस्ताना हमारा कायम रहेगा। शिवराज ने कहा- पन्ना भाई के लिए मोटराइज्ड साइकिल की व्यवस्था की। वैसे मैं ये भेंट उसी चौराहे पर देना चाहता था, लेकिन कार्यक्रमों की व्यस्तता के कारण पन्नालाल जी और भाभी जी को बुलाकर भेंट कर रहा हूं। इसमें पीछे सामान रखने के लिए भी व्यवस्था है। ये अकेले चलने-फिरने के लिए नहीं बल्कि रोजगार के लिए भी हो। शिवराज ने कहा- मेरे मन में एक भाव आया है यथासंभव भगवान शक्ति दे जो बहुदिव्यांग हैं जिनके शरीर के अंग काम नहीं करते ऐसे और भाई बहनों को ढूंढकर ऐसी मोटराइज्ड साइकिल दूं ताकि उनका रोजगार चल सके। ट्रेन से गंजबासौदा पहुंचेशिवराज अपने संसदीय क्षेत्र के गंजबासौदा ट्रेन से पहुंचे। सफर के दौरान उन्होंनें यात्रियों से चर्चा की। बच्चों और युवाओं के साथ सेल्फी निकलवाई।
रविन्द्र सिंह खिंची को एक बार फिर से कोतवाली थाने की कमान सौंपी गई है। वही निरमा विश्नोई औद्योगिक थानाप्रभारी होगी। इसको लेकर शुक्रवार को उप महानिरीक्षक पुलिस एवं सह जिला पुलिस अधीक्षक आदर्श सिधु ने एक आदेश जारी किया।इसके तहत सुमेरपुर थानाप्रभारी रविन्द्र सिंह खिंची का ट्रांसफर कोतवाली थाने और यातायात प्रभारी निरमा विश्नोई का ट्रांसफर औद्योगिक थाना पाली में किया गया है। बता दे कि खिंची इससे पहले सोजत और पाली के कोतवाली थाने के प्रभारी रह चुके है। वही निरमा विश्नोई को औद्योगिक थाने की कमान सौंपी गई है।बता दे कि उप महानिरीक्षक पुलिस एवं सह जिला पुलिस अधीक्षक आदर्श सिधु ने गत दिनों एक आदेश जारी कर कोतवाली थानाप्रभारी रहे जसवंत सिंह राजपुरोहित और औद्योगिक थानाप्रभारी रहे सुमेरदान को लाइन हाजिर किया था।
देवरिया जिले के सलेमपुर में एक लाइनमैन की करंट लगने से हुई मौत के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। घटना के छह दिन बाद, अवर अभियंता (जेई) और एक अन्य कर्मचारी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके साथ ही, जेई को निलंबित भी कर दिया गया है। यह घटना 18 जनवरी को फ़रियावडीह विद्युत उपकेंद्र से जुड़े मझवलिया गांव में हुई थी। गांव में बिजली आपूर्ति बाधित होने पर लाइनमैन मुख्तार साहनी को फाल्ट ठीक करने के लिए बुलाया गया था। आरोप है कि ट्रांसफार्मर पर फाल्ट सुधारने के दौरान अचानक विद्युत आपूर्ति चालू हो गई, जिससे करंट की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। लार थाना क्षेत्र के तकिया धरहरा गांव निवासी मृतक के पुत्र आदित्य साहनी ने पुलिस को तहरीर दी है। उन्होंने बताया कि उनके पिता मुख्तार साहनी कई वर्षों से फ़रियावडीह विद्युत उपकेंद्र के जेई के निर्देश पर बिजली संबंधी कार्य करते आ रहे थे। आदित्य का आरोप है कि 18 जनवरी को जेई अविनाश कुमार गौतम ने फोन कर उनके पिता को मझवलिया गांव में फाल्ट ठीक करने के लिए बुलाया था। आदित्य साहनी के अनुसार, उनके पिता ने हाईडिल पर तैनात कर्मचारी उमाशंकर यादव से फोन के माध्यम से शटडाउन मांगा था। वे पोल पर चढ़कर फाल्ट ठीक करने की प्रक्रिया शुरू ही कर पाए थे कि कुछ ही सेकंड बाद बिजली आपूर्ति चालू कर दी गई। इससे उनके पिता को तेज करंट लगा और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में फ़रियावडीह विद्युत उपकेंद्र के जेई अविनाश कुमार गौतम और उपकेंद्र पर तैनात उमाशंकर यादव के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की गैर इरादतन हत्या सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उधर, प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अधीक्षण अभियंता अमित कुमार सिंह ने अवर अभियंता अविनाश कुमार गौतम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन्हें अधिशासी अभियंता कार्यालय बरहज से संबद्ध किया गया है।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में गुरुवार को महिला कांग्रेस कार्यकर्ता ने कोर्ट के आदेश पर घर खाली कराने पहुंची पुलिस और कोर्ट स्टाफ के सामने खुद पर मिट्टी तेल डालकर आग लगा ली। इस घटना में वह बुरी तरह झुलस गई। जिसे इलाज के लिए अस्पताल में एडमिट किया गया है। घटना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र की है। पीड़िता का नाम शबाना निशा उर्फ रानी (37) है। जो पचरीपारा में किराए के मकान में रहती थी। परिजनों के मुताबिक, शबाना चाहती थी कि वह जिस मकान में रह रही है, उसे जमीन मालिक बेच दे, ताकि वह वहीं रह सके। हालांकि मालिक इसके लिए राजी नहीं हुआ। डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के फैसले के बाद पुलिस और कोर्ट स्टाफ घर खाली कराने पहुंचा। इस दौरान उसने सुसाइड की नीयत से खुद को आग के हवाले कर दिया। इस घटना में 95% झुलस गई। पीड़िता को रायपुर के डीकेएस अस्पताल भर्ती किया गया है। जहां की हालत गंभीर बताई जा रही है। शबाना निशा का राजनीतिक जीवन भी रहा है। वह पिछले दुर्ग नगर निगम चुनाव में वार्ड क्रमांक 28 पचरीपारा से कांग्रेस के टिकट पर पार्षद पद का चुनाव लड़ चुकी है। देखिए पहले ये तस्वीरें- जानिए क्या है पूरा मामला ? दरअसल, शबाना निशा बचपन से फेरू राम के मकान में किराए से रह रही थी। वह चाहती थी कि मालिक उसे मकान बेच दे। लेकिन फेरू राम घर नहीं बेचना चाहता था। ऐसे में दोनों में लंबे समय से विवाद चल रहा था। जब बात नहीं बनी तो मालिक ने डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में अर्जी लगाई। कोर्ट में चले मामले में शबाना को हार का सामना करना पड़ा। जिसके बाद कब्जा दिलाने के लिए आदेश जारी हुआ। गुरुवार दोपहर करीब 2:30 बजे पुलिस और कोर्ट स्टाफ घर खाली कराने पहुंचे। आसपास के लोग भी मौके पर पहुंचे। बातचीत के दौरान ही शबाना अचानक घर के अंदर गई और खुद को आग के हवाले कर दिया। लोगों ने चादर की मदद से बुझाई आग प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगते ही शबाना धधकती हुई घर से बाहर निकली, जिसे देखकर पुलिस और कोर्ट स्टाफ पीछे हट गया। आसपास मौजूद लोगों ने चादर की मदद से किसी तरह आग बुझाई, लेकिन तब तक वह करीब 95 प्रतिशत तक झुलस चुकी थी। इसके बाद उसे फौरन जिला अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक इलाज के बाद किया रायपुर रेफर मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस भी जिला अस्पताल पहुंची और घटना की जानकारी ली। इधर, पीड़िता की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों से उसे प्राथमिक इलाज देकर रायपुर के डीकेएस अस्पताल रेफर कर दिया। जहां उसका इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि उसकी हालत बेहद नाजुक है। 40 से 45 सालों से मकान में रहती थी पीड़िता का मामा लियाकत अली ने बताया कि वह पिछले 40 से 45 सालों से मकान में किराए पर रह रही थी। 4-5 महीनों से घर खाली करने के लिए उस पर दबाव बनाया जा रहा था। कल टीम आई थी। इस दौरान उसे खुद को आग लगा लिया। जिसे देख टीम मौके से भाग निकली।
बुरहानपुर में दिव्यांगता मुक्त भारत अभियान के तहत कृत्रिम अंग वितरण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। 20 जनवरी से शुरू हुए इस शिविर में अब तक 131 दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग वितरित किए जा चुके हैं। यह अभियान आज (23 जनवरी) भी जारी रहा। सामाजिक न्याय व निशक्तजन कल्याण विभाग के जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र में कृत्रिम अंग तैयार कराए जा रहे हैं। इस शिविर का आयोजन जन जागृति संस्था, रोटरी क्लब, जायंट्स ग्रुप ऑफ इंदौर, सेवा प्रदाता संस्था महावीर सेवासदन कोलकाता और परमार्थ निकेतन ऋषिकेश के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। यहां दिव्यांगजनों का निशुल्क परीक्षण कर अंग प्रत्यारोपण किया जा रहा है। कुछ दिव्यांगजनों के कृत्रिम अंग अभी तैयार हो रहे हैं, जिन्हें आज भी वितरित किया जाएगा। शेष बचे दिव्यांगजनों को 25 जनवरी को दोपहर 3 बजे एक समारोह आयोजित कर कृत्रिम पैर, केलिपर्स और कृत्रिम हाथ प्रत्यारोपित किए जाएंगे। जनजागृति संस्था के संस्थापक अध्यक्ष महेंद्र जैन ने बताया कि इस समारोह में मुख्य अतिथि सांसद ज्ञानेश्वर पाटील होंगे। कलेक्टर हर्ष सिंह और बुरहानपुर विधायक अर्चना चिटनिस भी अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। सामाजिक न्याय के उप संचालक दुर्गेश कुमार दुबे ने बताया कि यह शिविर सभी संस्थाओं के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। जनजागृति संस्था की अध्यक्ष डॉ. किरण सिंह ने कहा कि दिव्यांगजन कमजोर नहीं, बल्कि स्वयं एक शक्ति हैं। दिव्यांगजनों का परीक्षण कोलकाता से आई डॉ. एसएस प्रभाकर की टीम द्वारा किया जा रहा है।
नर्मदापुरम में विद्या की देवी मां सरस्वती का जन्मदिवस और बसंत पंचमी का पर्व शुक्रवार को पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर शहर के मालाखेड़ी रोड स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में नव प्रवेशी विद्यार्थियों का विद्यारंभ संस्कार संपन्न कराया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद माया नारोलिया ने मां सरस्वती का पूजन कर विद्यारंभ संस्कार का शुभारंभ किया। आर्ष गुरुकुल के आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन और पूजन कराया। विद्यारंभ संस्कार के दौरान बच्चों ने स्लेट पर “ॐ भूर्भुवः स्वः” लिखकर अपनी शिक्षा की शुरुआत की। आचार्य शुभम चौहान ने बताया कि सनातन धर्म में कुल 16 संस्कार होते हैं, जिनमें विद्यारंभ संस्कार नौवां संस्कार माना जाता है। यह संस्कार बच्चों के शैक्षणिक जीवन की पहली सीढ़ी होता है। स्कूलों और संस्थानों में हुआ पूजन बसंत पंचमी के अवसर पर शहर के सरकारी और निजी स्कूलों में विद्यार्थियों ने मां सरस्वती का पूजन किया। वहीं पत्रकारों और कलमकारों ने भी इस पर्व को श्रद्धापूर्वक मनाया। कलमकार, पत्रकारों ने मां सरस्वती पूजन शहर के आरसीसी मॉल में पत्रकारों ने मां सरस्वती की आरती कर पेन, डायरी, माइक आईडी और कैमरे का पूजन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे। पूरे शहर में बसंत पंचमी का पर्व भक्तिभाव, ज्ञान और संस्कारों के संदेश के साथ मनाया गया।
कोटा के रानपुर थाना इलाके में एक महिला के सुसाइड का मामला सामने आया है। महिला के पास एक सुसाइड नोट भी मिला है। जिसमें मानसिक रूप से परेशान होने की बात सामने आई है।ये लिखा सुसाइड नोट में लिखा'मुझे माफ कर देना सब लोग, मैं मेरी मर्जी से मार रही हूं। किसी की कोई गलती नहीं है। मेरी सोच ही खराब हो गई। मेरी सोची मुझे जीने नहीं दे रही। मरने की कभी सोचा भी नहीं था। पर 8 दिन से नींद भी नहीं आ रही। 2 महीने से खुद से ही परेशान हो गई हूं। हर चीज में ज्यादा सोचने लग गई। मरने की सोच सोच कर इतना परेशान हो गई की नींद में हाथ पैर धुजने लग गए। मेरे पति और ससुराल वाले की कोई भी गलती नहीं है। मेरे पति तो इतने अच्छे हैं कि मेरा और बच्चों का बहुत ध्यान रखा,पर मैं मेरी सोच मुझे जीने नहीं दे रही। मैंने बहुत हिम्मत करी जीने पर रोज-रोज हिम्मत टूट जाती है। टीना मृतका टीना (27) रानपुर इलाके में रहती थी। गुरुवार को अपने मकान में फांसी पर लटकी मिली। आज न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल की मोर्चेरी में शव का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। टीना के पीहर पक्ष ने सुसराल वालों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। बड़े भाई मनीष ने बताया की टीना की शादी को 5 साल हो चुके।उसके 2 बेटियां है। बड़ी बेटी 4 साल की, छोटी बेटी अभी 2 महीने की है। टीना कुछ महीने से परेशान लग रही थी। हालांकि उसने परेशानी वाली बात नहीं बताई। गुरुवार शाम 6बजे करीब उसके मौत की सूचना मिली। हमें ये पता नहीं घटना के वक़्त घर पर कौन कौन था। किन कारणों से उसकी मौत हुईं। ससुराल में छोटी मोटी बातों पर झगड़ा होता रहता था। हमने पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की है। सुसाइड नोट में उसने इच्छा से मरना लिखा है इससे ऐसा लगता है उसे प्रताड़ित किया जा रहा था। टीना 3-4 दिन में फोन पर बात करती थी। जबसे दूसरी बेटी हुईं है तब से परेशान थी। पति जॉनी राठौर ने बताया की उसके खल चुरी की दुकान है। गुरुवार दोपहर 2 बजे पत्नी टीना ने चाय बनाकर पिलाई थी। मेरे पिता कनवास जा रहे थे तो उसने बड़ी बेटी को तैयार किया। फिर में दुकान चला गया। साढ़े 6 बजे दुकान से घर आया। उसी समय चाची ने टीना के गेट नहीं खोलने की बात बताई। मैंने आवाज लगाई तो बेटी रोनी लगी। इतने में चाचा का लड़का मनीष भी वहां आ गया। उसने दूसरे मकान में जाकर अंदर से गेट खोला, देखा तो टीना फंदे पर लटकी हुईं थी। उसे तुरंत नीचे उतरकर हॉस्पिटल लाए। तनाव जैसी कोई बात नहीं थी।रानपुर थाना SI भीम सिंह ने बताया कि महिला के पास से सुसाइड नोट मिला है। जिसमें निजी कारण से परेशान होकर मौत को गले लगाना बताए है। पीहर पक्ष वालों ने ससुराल पक्ष पर परेशान करने के आरोप लगाए हैं। मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। मामले की जांच की जाएगी।
पलवल में महिला के खाते से निकाले 72 हजार:बैंक ATM से पैसे निकालने गई थी; धोखा देकर बदला कार्ड
पलवल जिले के होडल शहर में पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के एटीएम बूथ पर एक महिला के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। ठगों ने एटीएम कार्ड बदलकर महिला के खाते से 72 हजार रुपए निकाल लिए। होडल थाना पुलिस ने दो अज्ञात युवकों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार पांडवन कॉलोनी होडल की मोहन वती ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह पीएनबी बैंक के एटीएम से पैसे निकालने गई थी। वहां मौजूद दो अज्ञात युवकों ने मदद का झांसा देकर उनका एटीएम कार्ड बदल दिया और उन्हें दूसरा कार्ड थमा दिया। महिला के एटीएम बूथ से निकलते ही उनके मोबाइल पर पैसे निकलने के मैसेज आने लगे। आरोपियों ने पहले एटीएम से 10-10 हजार और फिर 5 हजार रुपये करके कुल 25 हजार रुपये निकाले। इसके बाद, ठगों ने किसी स्वाइप मशीन का उपयोग कर खाते से 47 हजार रुपये और उड़ा लिए। इस प्रकार, महिला के खाते से कुल 72 हजार रुपये की धोखाधड़ी की गई। शिकायत मिलने के बाद होडल थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। थाना प्रभारी राजेश कुमार के निर्देश पर बैंक के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की गई। जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर सुदेश ने बताया कि फुटेज में दो युवक एटीएम कार्ड बदलते हुए स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने बैंक विवरण और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच करते हुए 22 जनवरी को इस मामले में मुकदमा दर्ज किया। पुलिस अब आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।
सिरसा में एक निजी अस्पताल में महिला की डिलिवरी के बाद मौत मामले में अब पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। शिकायत में अस्पताल प्रबंधन पर महिला के इलाज के दौरान लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आज शुक्रवार को मृतका के शव का सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया गया। पुलिस ने परिजनों को शव सौंप दिया है और ऐलनाबाद में जाने पर अंतिम संस्कार होगा। इसे लेकर महिला के परिजनों ने कल वीरवार को अस्पताल के बाहर प्रदर्शन किया था और अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही बरतने व खाली कागज पर साइन कराने के आरोप लगाए थे। सीसीटीवी फुटेज चेक करने पर पता चल जाएगा कि उनके उपकरण कब-कब आए है। बाद में रेफर किया। इस बारे में परिजनों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने उनके बयान पर केस दर्ज कर लिया। दो डॉक्टरों पर आरोप लगे हैं। पुलिस को दी शिकायत में ऐलनाबाद के तलवाड़ा खुर्द निवासी यसपाल ने बताया कि उसकी 46 वर्षीय पत्नी मीना रानी की डिलिवरी होने वाली थी, जिसका पिछले 7 माह से उसका होली नर्सिंग होम सिरसा में इलाज चल रहा था। वह समय-समय पर चेकअप करवा रहे थे। 21 तारीख को दोपहर 12 बजे उसकी पत्नी मीना को डॉक्टर के कहने वह डिलिवरी के लिए अस्पताल में दाखिल करवाया था। उसके बाद दोपहर 2.51 बजे उसकी पत्नी ने बेटे को जन्म दिया। दोपहर 2 बजे तक सब कुछ ठीक था। शिकायत में आगे बताया, उसके बाद उसका चचेरा भाई लीला कृष्ण उसके साथ अस्पताल में थे और कहा-डॉक्टर साहब ने डोली दवाई मंगवाई है। इसके बाद डॉक्टर ने कहा, डोली रहने दो, इंजेक्शन ले आओ। चचेरे भाई कृष्ण ने इंजेक्शन लाकर डॉक्टर को दिया और डॉक्टर ने उसकी पत्नी को इंजेक्शन दे दिया। वह नीचे अपने दोस्त से मिलने आया था और उनके पास थे। इंजेक्शन लगाने के थोड़े समय बाद उसे ऊपर बुलाया और उसने देखा कि उसकी पत्नी के मुंह-नाक से झाग आ रही है और पेट फुला हुआ है। अस्पताल में नहीं थे पूरे उपकरण शिकायत में आगे बताया, उसकी पत्नी का हालत बिगड़ी हुई थी। अस्पताल का सारा स्टाफ उनका इलाज कराने के लिए लगा हुआ था और वहां पर ऑक्सीजन सिलिंडर नहीं था। उन झाग को खींचने के लिए संक्शन मशीन उपलब्ध नहीं थी। इमरजेंसी हालत में उसकी पत्नी को बचाने के लिए अस्पताल में कोई सुविधा नहीं थी। इलाज के बाद उसे डॉक्टर ने कहा, अगर आप दूसरे अस्पताल में जाना चाहते हैं तो जा सकते हो। मगर उसे देखने से लग रहा था कि उसकी पत्नी की नाड़ी में कोई हलचल नहीं है। दूसरे अस्पताल में ले जाने पर बताया-मौत हुई शिकायत में आगे बताया, डॉक्टर ने उसकी पत्नी को रेफर करने के लिए उसके खाली पेज पर साइन करवा लिए थे। वह अपनी पत्नी को एंबुलेंस में दूसरे अस्पताल में लेकर गया। वहां जाने के बाद डॉक्टर ने चेक करके कहा, इनकी कुछ समय पहले की डैथ हो चुकी है। आरोप है कि अस्पताल के डॉक्टरों ने उसकी पत्नी के इलाज में लापरवाही की है, जिस कारण उसकी पत्नी की मौत हो गई। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। अस्पताल प्रबंधन ने कहा-अचानक फीवर आया मरीज को वहीं, अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मरीज मीना 12.2 बजे हमारे पास आई। उस समय भी उसकी हालत नाजुक थी और बीपी बढ़ा था। उसके पति को कहा था कि ये हाई रिस्क डिलिवरी है तो सहमति देने पर इलाज शुरू किया था। परिजनों ने भी घटना से 10 मिनट पहले मरीज को देखा और वह सब कुछ खा-पी रहा है। दोपहर 2.08 बजे अचानक मरीज को सीजर आया है और सिस्टर ने इंजेक्शन लगाया। आते ही मैंने सीपीआर व इंजेक्शन देने शुरू कर दिए। एनेस्थीसिया डॉक्टर को बुलाया और कार्डियक अरेस्ट हो गया। ये परिजनों को बताया।
कानपुर देहात में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत परिवहन विभाग ने सख्त प्रवर्तन और जागरूकता अभियान चलाया। 23 जनवरी, 2026 को चलाए गए इस अभियान में 98 से अधिक वाहनों पर कार्रवाई की गई। जनपद में 01 जनवरी से 31 जनवरी, 2026 तक राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह मनाया जा रहा है। अभियान के दौरान दोपहिया वाहन चालकों और पीछे बैठी सवारियों को हेलमेट पहनने के लिए जागरूक किया गया। इसी तरह, चारपहिया वाहन चालकों व यात्रियों को सीट बेल्ट लगाने की अहमियत समझाई गई। प्रवर्तन अधिकारी सोमलता यादव ने व्यक्तिगत काउंसलिंग करते हुए यातायात नियमों का पालन करने की सख्त हिदायत दी। लोगों को तेज रफ्तार, नशे की हालत में वाहन चलाने, मोबाइल पर बात करते हुए ड्राइविंग और गलत दिशा में वाहन संचालन के खतरों के बारे में जागरूक किया गया। इस अभियान में विभिन्न यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की गई। इनमें 46 वाहन बिना हेलमेट, 17 वाहन बिना सीट बेल्ट, 4 वाहन मोबाइल का प्रयोग करते हुए, 9 अनधिकृत रूप से संचालित वाहन, 4 बिना परमिट, 4 ड्रिंक एंड ड्राइव, 6 बकाया कर और 8 वाहन नियम विरुद्ध साइलेंसर लगाकर ध्वनि प्रदूषण करने वाले शामिल थे। प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा यह कार्रवाई जनपद के बारा, जैनपुर, भोगनीपुर, सिकंदरा एवं अकबरपुर क्षेत्रों में की गई।
संभल के एक निजी संस्थान में वसंत पंचमी के अवसर पर मां सरस्वती का जन्मोत्सव और स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती मनाई गई। इस कार्यक्रम में विद्यालय परिवार के साथ-साथ क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक भी उपस्थित थे। कार्यक्रम का आरंभ मां सरस्वती और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और माल्यार्पण से हुआ। कुलदीप ऐरन, अनंत अग्रवाल, कुलदीप कुमार गुप्ता, अरुण कुमार अग्रवाल, राजकुमार शर्मा, दुष्यंत मिश्रा, विमला शर्मा और मीनू रस्तोगी ने दीप प्रज्ज्वलित किया। विद्यालय के प्रबंधक दीपक शर्मा, प्रधानाचार्य विकास कुमार वर्मा और सभी शिक्षकगण भी इस अवसर पर मौजूद थे। पहले कार्यक्रम की 5 तस्वीरें देखिए... इसके बाद छात्राओं ने मां सरस्वती की वंदना प्रस्तुत की, जिसकी उपस्थित लोगों ने सराहना की। छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के तहत वसंत पंचमी गीत, होली गीत और देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में वक्ताओं ने वसंत पंचमी के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह पर्व ज्ञान, कला, संगीत और शिक्षा की देवी मां सरस्वती को समर्पित है, तथा इसे वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक भी माना जाता है। वक्ताओं ने इस दिन विद्या आरंभ करने की परंपरा का भी उल्लेख किया। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन पर बोलते हुए वक्ताओं ने उनके अद्वितीय योगदान, आजाद हिंद फौज के गठन और तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा जैसे नारों को याद किया। उन्होंने विद्यार्थियों से नेताजी के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्रसेवा के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अध्यक्ष अरुण कुमार अग्रवाल ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना की और सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। अंत में, प्रतिभागी विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया और सभी को प्रसाद वितरित किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रधानाचार्य विकास कुमार वर्मा ने किया।
सलूंबर जिले का जिला स्तरीय कार्यक्रम पंचायत समिति सभागार में आयोजित हुआ। मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की पांचवीं किश्त का शुभारंभ डीबीटी के माध्यम से किया गया। राज्यभर में ग्रामोत्थान शिविरों का भी शुभारंभ किया गया। सलूंबर जिले का जिला स्तरीय कार्यक्रम पंचायत समिति सभागार, सलूंबर में आयोजित हुआ। कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों को मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की पांचवीं किश्त के रूप में राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई। योजना के अंतर्गत प्रत्येक लाभार्थी को 1000 रुपए की राशि प्रदान की गई। इस दौरान जिला कलक्टर अवधेश मीना, उपखंड अधिकारी जगदीश चंद्र बामनिया, एसीईओ दिनेश चंद्र पाटीदार ,सहायक रजिस्ट्रार सहकारिता विभाग ओंकार लाल बुनकर व सहकारिता एवं उद्यानिकी विभाग के कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में किसान वर्चुअल माध्यम से जुड़े। ग्रामोत्थान शिविर लगेंगे जिला कलेक्टर अवधेश मीना ने बताया कि ग्रामोत्थान शिविरों का आयोजन जिले में प्रत्येक गिरदावर सर्किल स्तर पर 23 जनवरी से 9 फरवरी तक विभिन्न तिथियों में किया जाएगा। इन शिविरों में राज्य सरकार के 12 विभागों द्वारा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी तथा पात्र लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं में लाभान्वित किया जाएगा।
स्वतंत्रता संग्राम के महानायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर नागौर जिले के खींवसर कस्बे में राष्ट्रभक्ति का अभूतपूर्व नजारा देखने को मिला। कस्बे के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों और स्थानीय युवाओं द्वारा 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' के संकल्प के साथ एक विशाल शौर्य रैली का आयोजन किया गया। इस भव्य आयोजन के दौरान समूचा कस्बा देशभक्ति के तरानों और भारत माता की जयघोष से गुंजायमान रहा। रैली में शामिल विद्यार्थियों का उत्साह देखते ही बन रहा था, जो विभिन्न महापुरुषों और सेना के स्वरूप में सजकर देश की गौरवगाथा का बखान कर रहे थे। रथ और घोड़ों पर सजी शौर्य की गाथा रैली का मुख्य आकर्षण घोड़ों और रथों पर सजी आकर्षक झांकियां रहीं, जिन्हें देखने के लिए सड़कों के दोनों ओर ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ा। पारंपरिक वाद्य यंत्रों और देशभक्ति के गीतों के बीच निकली इन झांकियों में भारतीय इतिहास के गौरवशाली पलों को जीवंत किया गया। रथों पर सवार होकर विद्यार्थी महापुरुषों के संदेशों को आमजन तक पहुंचा रहे थे। सेना के शौर्य और खेल प्रतिभा का प्रदर्शन रैली में भारतीय सेना के विभिन्न अंगों की झांकियों ने उपस्थित जनसमूह में जोश भर दिया। विद्यार्थियों ने थल सेना, जल सेना और वायु सेना की वर्दी धारण कर देश की रक्षा में मुस्तैद जवानों का प्रतिनिधित्व किया। इन झांकियों के माध्यम से देश की सैन्य शक्ति और तकनीकी विकास का प्रदर्शन किया गया। इसके साथ ही देश का मान बढ़ाने वाले खिलाड़ियों के सम्मान में खेल जगत से जुड़ी झांकियां भी निकाली गईं, जो युवाओं को शारीरिक दक्षता और खेल भावना के प्रति प्रेरित कर रही थीं। राजस्थानी सभ्यता और लोक संस्कृति की झलक भी इस रैली का अभिन्न हिस्सा रही। पुष्प वर्षा से हुआ भव्य स्वागत जैसे ही यह शौर्य रैली कस्बे के मुख्य मार्गों और बाजार से होकर गुजरी, स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों ने पलक-पावड़े बिछाकर इसका स्वागत किया। कस्बे के मुख्य चौराहों और मकानों की छतों से ग्रामीणों ने रैली पर पुष्प वर्षा की। कस्बेवासियों ने एकजुट होकर नेताजी के 'जय हिंद' के नारे को बुलंद किया। इस आयोजन ने न केवल नेताजी के योगदान को याद किया, बल्कि नई पीढ़ी में देशप्रेम की भावना का भी संचार किया।
डीडवाना में सीकर रोड पर मोड़ीयावट और चोलुंखा गांव के बीच चारा से भरा एक ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में पलट गया। यह ट्रक सीकर से डीडवाना की ओर आ रहा था। हादसे के बाद मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए ट्रक ड्राइवर और हेल्पर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। गनीमत रही कि इस दुर्घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। ट्रक पलटने से उसमें भरा चारा सड़क पर बिखर गया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ। सूचना मिलते ही बरड़वा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को संभाला और यातायात व्यवस्था को सुचारू कराने में जुट गई। क्रेन की सहायता से पलटे हुए ट्रक को सड़क से हटाया गया। पुलिस ने पूरे मामले की जानकारी जुटाई।
रेवाड़ी में हाईवे पर हरिनगर के पास रॉन्ग साइड आ रहे ट्रैक्टर को बचाने के प्रयास में पिकअप डिवाइडर पर चढ़ गई। पिकअप और ट्रैक्टर में आमने सामने की टक्कर से पिकअप ड्राइवर और कंडक्टर सहित तीन घायल हो गए। हादसे के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घटना की सूचना पर रामपुरा थाना पुलिस को दी। घायलों को राहगीरों के सहयोग से अस्पताल पहुंचाया गया। मेरठ से निमराना जा रही थी पिकअप जानकारी के अनुसार, पिकअप कपड़ा लेकर हाईवे से उत्तर प्रदेश के मेरठ से राजस्थान के निमराना जा रही थी। इसी दौरान हरिनगर के पास अचानक रॉन्ग साइड से एक ट्रैक्टर आ गया। ड्राइवर ने ट्रैक्टर को बचाने के लिए पिकअप को डिवाइडर पर चढ़ा दिया। इसके बावजूद पिकअप की ट्रैक्टर के साथ आमने सामने की टक्कर हो गई। हादसे के बाद घटना स्थल पर अफरा तफरी मच गई। सड़क पर लगा जाम हादसे के बाद हाईवे पर जाम लग गया। जिससे सड़क पर वाहनों की कतार लग गई। सूचना के बाद रामपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घायलों को राहगीरों की मदद से अस्पताल पहुंचाया। क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाकर यातायात को सुचारू बनाया। जांच अधिकारी संजय ने कहा कि सूचना के बाद अस्पताल पहुंचा तो अज्ञात का रुका मिला। जिससे फिलहाल घायलों के नाम पता नहीं चल पाए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पिकअप में दो लोग सवार थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मैहर में बसंत पंचमी के मौके पर विद्या की देवी माता शारदा के प्रसिद्ध मंदिर में भारी भीड़ उमड़ी। तड़के सुबह से ही माता शारदा के दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में देखी गईं। दर्शनार्थियों में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और युवा शामिल थे। वे माता शारदा से विद्या, बुद्धि और विवेक का आशीर्वाद लेने पहुंचे थे। दोपहर 2 बजे तक तकरीबन 30 हजार भक्त मंदिर में दर्शन करने पहुंचे। विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई पूजा सुबह करीब 5 बजे मंदिर के प्रधान पुजारी ने विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ माता शारदा की विशेष पूजा-अर्चना की। पूजा संपन्न होने के बाद गर्भगृह के पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए, जिसके साथ ही दर्शन का सिलसिला शुरू हो गया। दिनभर भक्तों का तांता लगा रहा और मंदिर परिसर माता के जयकारों से गूंजता रहा। अपने बच्चों के साथ मंदिर पहुंचे श्रद्धालु बसंत पंचमी को विद्या आरंभ का शुभ दिन माना जाता है। इसी कारण इस दिन माता शारदा के दरबार में छात्रों की विशेष उपस्थिति देखी गई। कई श्रद्धालु अपने बच्चों के साथ मंदिर पहुंचे और उनकी शिक्षा में सफलता की कामना की। श्रद्धालुओं ने पीले वस्त्र धारण कर पुष्प, प्रसाद और अक्षत अर्पित कर माता की आराधना की। पुलिस बल और स्वयंसेवक सुरक्षा के लिए तैनात श्रद्धालुओं की 30 हजार से अधिक संख्या को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए थे। पुलिस बल और स्वयंसेवकों को तैनात किया गया था, जिससे दर्शन व्यवस्था सुचारु रूप से चलती रही। पूरे मैहर नगर में भी इस पर्व को लेकर विशेष रौनक देखी गई। बसंत पंचमी के अवसर पर पूरा मैहर नगर भक्ति और उल्लास के रंग में रंगा रहा। माता शारदा के जयघोष और शंखनाद से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
बसपा ने अतर सिंह पाल को फिर बनाया जालौन जिलाध्यक्ष:उरई पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने किया जोरदार स्वागत
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने अतर सिंह पाल को एक बार फिर जालौन का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया है। संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई इस नियुक्ति के बाद अतर सिंह पाल पहली बार उरई पहुंचे। यहां अंबेडकर चौराहे पर पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने फूल-मालाओं और नारों के साथ उनका जोरदार स्वागत किया। इस अवसर पर नवनियुक्त जिलाध्यक्ष अतर सिंह पाल ने अंबेडकर चौराहे पर स्थापित संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा कि बाबा साहब के विचार ही बहुजन समाज पार्टी की राजनीति का मूल आधार हैं। बसपा उन्हीं के दिखाए रास्ते पर चलकर दलित, शोषित, वंचित और पिछड़े वर्गों को सम्मान और अधिकार दिला रही है। अतर सिंह पाल ने अपने संबोधन में बसपा संस्थापक मान्यवर कांशीराम और सुप्रीमो मायावती के निर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन करने की बात कही। उन्होंने दोहराया कि बहुजन समाज पार्टी का मूल उद्देश्य सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय है और इसी विचार के साथ संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती ही पार्टी की सबसे बड़ी ताकत होती है। उनकी पहली प्राथमिकता पुराने और निष्ठावान कार्यकर्ताओं को एकजुट करना तथा नए सदस्यों को पार्टी से जोड़ना होगी। इसके साथ ही बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय और मजबूत किया जाएगा, ताकि आगामी चुनावों में बसपा पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर सके। नवनियुक्त जिलाध्यक्ष ने दावा किया कि जिस तरह वर्ष 2007 में बसपा ने उत्तर प्रदेश में ऐतिहासिक बहुमत से सरकार बनाई थी, उसी तरह आगामी विधानसभा चुनावों में भी पार्टी प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी। उन्होंने कहा कि बसपा सामाजिक न्याय, समानता और कानून के राज में विश्वास रखती है, और बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों के हितों की रक्षा करती है। इस दौरान बड़ी संख्या में बसपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे। जिलाध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखा गया।
लखनऊ में अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले का आगाज:MSME, ODOP और स्टार्टअप्स के 300 से ज्यादा स्टॉल
उत्तर प्रदेश की औद्योगिक और कारोबारी ताकत को देश-दुनिया के सामने पेश करने वाला UPITEX 2026 (उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड एक्सपो) आज से इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में शुरू हो गया है। एमएसएमई मंत्री राकेश सचान ने एक्सपो का उद्घाटन किया। पांच दिवसीय व्यापार मेला 27 जनवरी तक चलेगा। इसमें देश-विदेश से आए उद्यमी, निवेशक, खरीदार और उद्योग विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं। MSME और निवेश को बढ़ावा देना मुख्य उद्देश्य UPITEX 2026 का मकसद उत्तर प्रदेश के लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्योगों, स्टार्टअप्स और वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट से जुड़े उत्पादों को एक साझा मंच देना है, ताकि उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ा जा सके। मेले के जरिए व्यापारिक नेटवर्किंग, निवेश प्रस्ताव और निर्यात की संभावनाओं को मजबूत करने पर फोकस किया गया है। 300 से ज्यादा स्टॉल, हर तरह का सामान मेले में 300 से ज्यादा स्टॉल लगाए गए हैं। यहां हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट, कपड़े, होम डेकोर, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक्स, खेती और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े उत्पाद देखने को मिल रहे हैं। ODOP पवेलियन लोगों के लिए खास आकर्षण है, जहां अलग-अलग जिलों के पारंपरिक और स्थानीय उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं। खरीदार और कारोबारी आमने-सामने UPITEX में B2B ( बिजनेस टू बिजनेस), B2C( बिजनेस टू कस्टमर) और B2G(बिजनेस टू गवर्नमेंट) मीटिंग्स भी हो रही हैं। यानी कारोबारी सीधे खरीदारों, बड़े उद्योग समूहों और सरकारी अधिकारियों से बातचीत कर पा रहे हैं। इससे नए सौदे, साझेदारी और निवेश के रास्ते खुलने की उम्मीद है। दो लाख से ज्यादा लोगों के आने की उम्मीद आयोजकों की माने तो, UPITEX 2026 में दो लाख से ज्यादा लोगों के पहुंचने का अनुमान है। आम लोग भी यहां आकर देश-प्रदेश के उत्पाद देख और खरीद सकते हैं। परिवार के साथ घूमने और खरीदारी के लिहाज से भी यह मेला खास है। प्रदेश को बिजनेस हब बनाने की कोशिश UPITEX 2026 को उत्तर प्रदेश को कारोबार और निवेश के बड़े केंद्र के तौर पर आगे बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। मेले के जरिए प्रदेश की कारीगरी, मैन्युफैक्चरिंग और नए आइडियाज को देश-दुनिया के सामने रखा जा रहा है।
बुलंदशहर में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर बेसिक शिक्षा विभाग एक अनूठा कीर्तिमान रच रहा है। यहां छात्र-छात्राएं अपने हाथों से भारतीय संविधान लिखकर लोकतांत्रिक मूल्यों का संदेश दे रहे हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में 77 छात्र-छात्राओं की एक टीम शामिल है। ये विद्यार्थी लगातार 77 घंटे तक दिन-रात संविधान लेखन का कार्य कर रहे हैं। यह कार्यक्रम 23 जनवरी की सुबह 9 बजे शुरू हुआ, जो 26 जनवरी को दोपहर 2 बजे तक चलेगा। इस दौरान छात्र संविधान की प्रस्तावना से लेकर विभिन्न अनुच्छेदों को अपने हाथों से लिखेंगे। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में संविधान के प्रति जागरूकता बढ़ाना, लोकतंत्र की मूल भावना को समझाना और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को मजबूत करना है। बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार, ऐसी गतिविधियां बच्चों में संविधान के प्रति सम्मान पैदा करती हैं और उन्हें अपने अधिकारों व कर्तव्यों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करती हैं। संविधान लेखन कार्यक्रम को देखने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक, अभिभावक और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। परिसर में उत्साह और देशभक्ति का माहौल देखा जा रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग की यह पहल गणतंत्र दिवस समारोह को एक नई पहचान दे रही है। इसे आने वाली पीढ़ी को संविधान के महत्व से जोड़ने की एक सराहनीय कोशिश माना जा रहा है।
साइबर अपराधियों के हौंसले लगातार बुलंद हो रहे हैं। ठगों ने अब राजस्थान के सर्वोच्च विधि अधिकारी के नाम से भी ठगी को कोशिश की है। गुरुवार को राजस्थान के महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद के नाम और फोटो लगा एक फेक वॉट्सऐप नंबर सामने आया है। इस इंटरनेशनल नंबर से अतिरिक्त महाधिवक्ता (AAG) के पास मैसेज आया, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गया। दरअसल, गुरुवार को AAG विज्ञान शाह के वॉट्सऐप पर एक अनजान नंबर से मैसेज आया। इस वॉट्सऐप अकाउंट की प्रोफाइल फोटो में महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद की तस्वीर लगी हुई थी। मैसेज भेजने वाले ने अंग्रेजी में लिखा, Hello, how are you doing Where are you at the moment? (हैलो, आप कैसे हैं, इस समय कहां हैं?)। एएजी विज्ञान शाह ने जब नंबर गौर से देखा तो वह भारतीय नहीं, बल्कि वियतनाम का कोड (+84) था। नंबर संदिग्ध लगने पर उन्होंने तत्काल इसकी सूचना महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद को दी। इसके बाद यह स्पष्ट हुआ कि कोई अज्ञात व्यक्ति AG की पहचान चोरी कर रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एजी राजेंद्र प्रसाद ने तुरंत जयपुर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया। सूचना मिलते ही जयपुर साइबर थाने की टीम सक्रिय हो गई। पुलिस टीम ने एजी से संपर्क कर घटना की पूरी जानकारी ली और रिपोर्ट लेकर जांच शुरू कर दी है। एजी ने सतर्क रहने की सलाह दी महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद ने ऐहतियात के तौर पर अपने सभी परिचितों और संपर्कों को अलर्ट कर दिया है। उन्होंने संदिग्ध वॉट्सऐप अकाउंट का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए एक मैसेज जारी किया। उन्होंने अपने संदेश में लिखा, कृपया ध्यान दें कि कोई मेरी तस्वीर और नाम का उपयोग कर रहा है और मैसेज भेज रहा है। कृपया इस अकाउंट को ब्लॉक करें और अनदेखा कर दें गहलोत के नाम से भी की थी ठगी को कोशिश करीब साढ़े तीन साल पहले राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की फेक डीपी लगाकर साइबर ठगी की कोशिश की गई थी। वहीं प्रदेश पुलिस के मुखिया रहे एमएल लाठर, मुख्य सचिव रहीं ऊषा शर्मा के नाम से भी साइबर ठगों के नाम से कोशिश की गई थी। एक्सपर्ट मुकेश चौधरी ने कहा कि जब साइबर ठग राज्य के सबसे बड़े वकील की पहचान का दुरुपयोग करने से नहीं चूक रहे, तो आम जनता की सुरक्षा को लेकर चुनौती और बढ़ जाती है। साइबर क्रिमिनल्स बड़े नाम का सहारा लेकर फ्रॉड की कोशिश करते हैं। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, एक पूर्व डीजीपी और जयपुर के एक पूर्व कलेक्टर के नाम से भी इस तरह के प्रयास के मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे मामलों में जिनके पास मैसेज आते हैं, उन्हें ही अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। किसी भी अनजान नंबर से आने वाले मैसेज पर बिना सोचे समझे विश्वास नहीं करना चाहिए। ये खबर भी पढ़िए सीएम-DGP बनकर भेज रहे वॉट्सऐप मैसेज:रिश्तेदारों-अफसरों से मांग रहे पैसे-गिफ्ट वाउचर, 7 राज्यों में फैला ठगी का नेटवर्क प्रदेश के मंत्री सहित IPS और IAS को साइबर क्रिमिनल खुद को पकड़ने की खुली चुनौती दे रहे हैं। असम, बंगाल, झारखंड और मध्यप्रदेश की आईडी से फर्जी मोबाइल नंबर के जरिए हाई प्रोफाइल लोगों से भी ठगी की जा रही है। किसी अनजान व्यक्ति से ओटीपी लेकर वॉट्सऐप अकाउंट चलाया जा रहा है। उस व्यक्ति को पता ही नहीं होता कि उसका वॉट्सऐप कोई और यूज कर रहा है। (पढ़िए पूरी खबर)
रायसेन जिले के स्वास्थ्य विभाग में बीते पखवाड़े से चल रही प्रशासनिक उठापटक पर विराम लग गया है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद आज (शुक्रवार) डॉ. दिनेश खत्री की दूसरी पारी महज 13 दिन में समाप्त हो गई। अब डॉ. एचएन मांडरे ही रायसेन के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) बने रहेंगे। दरअसल, 9 जनवरी को शासन के एक आदेश से तत्कालीन सीएमएचओ डॉ. एचएन मांडरे को हटाकर डॉ. दिनेश खत्री को दोबारा जिले की कमान सौंपी गई थी। यह फैसला इसलिए भी चौंकाने वाला था, क्योंकि करीब सात महीने पहले ही डॉ. खत्री को हटाकर डॉ. मांडरे को सीएमएचओ बनाया गया था। इस अचानक हुए बदलाव से विभाग में हलचल तेज हो गई थी। गड़बड़ी पर ड्राइवर को हटा दिया था9 जनवरी को पदभार ग्रहण करते ही डॉ. खत्री ने ताबड़तोड़ निरीक्षण शुरू कर दिए थे। उन्होंने जिला अस्पताल समेत जिले के अन्य स्वास्थ्य संस्थानों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इसी दौरान, जननी वाहन के एक ड्राइवर का वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वह गुटखा खरीदने के लिए 20 रुपए लेते हुए दिखा। डॉ. खत्री ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 18 घंटे के भीतर ड्राइवर को सेवा से मुक्त कर दिया था। महिला डॉक्टर से अभद्रता के लगे थे आरोप 6 अप्रैल 2024 को सीएमओ रहते हुए उन पर एक महिला डॉक्टर ने अभद्र व्यवहार और लिफाफा लेने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। वे रायसेन में करीब पांच साल (2020 से 2025 तक) पदस्थ रहे और इस दौरान कई बार आरोप-प्रत्यारोपों के कारण सुर्खियों में रहे। स्वास्थ्य विभाग में मची इस प्रशासनिक उठापटक पर हाईकोर्ट के आदेश ने विराम लगा दिया। आदेश के बाद डॉ. दिनेश खत्री को पद से हटा दिया गया और डॉ. एचएन मांडरे को ही सीएमएचओ पद पर बनाए रखने की स्थिति स्पष्ट हो गई। इसके साथ ही, जिले के स्वास्थ्य महकमे में बीते पखवाड़े से चला आ रहा असमंजस भी समाप्त हो गया है। शुक्रवार सुबह 10:30 बजे सीएमएचओ कार्यालय में एक बार फिर से डॉ. एचएन मांडरे ने पदवार ग्रहण किया। इस पर कर्मचारियों के द्वारा उत्साहपूर्वक उन्हें माला पहनकर उनके घर में जोशी के साथ स्वागत किया गया। सुबह जब सीएमएचओ के द्वारा अपने कार्यालय में पहुंचकर पदभार ग्रहण किया उस समय उनके चेंबर में रखी एक अलमारी सील मिली। इस पर उन्होंने आपत्ति जताई और अलमारी पर लगे कागज को फाड़ दिया।
अलीगढ़ में बदला मौसम:सुबह से छाए रहे बादल, दोपहर में शुरू हुई बारिश
अलीगढ़ में शुक्रवार को मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आया। सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे, जिससे धूप नहीं निकल सकी और वातावरण में ठंडक बनी रही। दिन की शुरुआत बादलों के बीच हुई और ठंडी हवा चलती रही। दोपहर होते-होते बादल और घने हो गए और शहर के अलावा बाहरी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश शुरू हो गई। अचानक हुई बारिश से जहां मौसम सुहावना हो गया, वहीं राहगीरों और वाहन चालकों को कुछ देर तक परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर सड़कों पर फिसलन बढ़ गई और यातायात की रफ्तार धीमी रही। बारिश और बादलों का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दिया। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को अलीगढ़ का अधिकतम तापमान करीब 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान लगभग 7 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिला है। आने वाले एक-दो दिनों तक आसमान में बादल छाए रहने और हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने लोगों को ठंड को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है।
राजस्थान में SDO सहित अन्य रेवेन्यू कोर्ट में ऑनलाइन मुकदमे पेश किए जाने की प्रक्रिया का विरोध लगातार जारी है। राजस्व मंडल राजस्व बार एसोसिएशन से जुड़े वकीलों ने शुक्रवार को अजमेर में रैली निकालकर प्रदर्शन किया। वकील प्रदर्शन करते हुए जिला कलेक्ट्रेट पर पहुंचे। जिला कलेक्टर लोकबंधु को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम ज्ञापन दिया। ज्ञापन के जरिए ऑनलाइन मुकदमे पेश किए जाने की प्रक्रिया को बंद कर ऑफलाइन वाद प्रस्तुत के जाने की व्यवस्था को तुरंत लागू करने की मांग की गई। रेवेन्यू बार के वकीलों को अजमेर जिला बार एसोसिएशन के वकीलों की ओर से भी समर्थन दिया गया। बार संघ के अध्यक्ष सचिव से चर्चा नहीं की गईराजस्व बार के अध्यक्ष शंकर लाल जाट ने बताया- राजस्थान की सभी समस्त अधीनस्थ राजस्व न्यायालय में प्रस्तुत होने वाले वाद को ऑनलाइन पेश करने का निर्णय सरकार ने 12 जनवरी 2026 को लिया गया था। निर्णय लेने से पूर्व राजस्व अभिभाषक संघ अजमेर और राजस्थान में स्थित किसी भी बार संघ के अध्यक्ष सचिव से चर्चा नहीं की गई। अध्यक्ष ने कहा- रेवेन्यू कोर्ट मैन्युअल में भी बिना संशोधन किया इसे लागू किया गया है। यह कानूनी प्रावधानों के विपरीत है। एक तरफा निर्णय से राजस्थान के समस्त काश्तकारों के साथ अन्याय हुआ है। इससे गरीब किसान काश्तकारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी पड़ेगा। एसोसिएशन को पत्र लिखकर समर्थन मांगा था राजस्व बार इस मुद्दे पर राजस्व बार एसोसिएशन ने जिला बार एसोसिएशन को पत्र लिखकर समर्थन मांगा था। आज उन्हें बार एसोसिएशन ने भी समर्थन दिया है। आज जिला कलेक्टर लोक बंधु को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया है। ज्ञापन देकर इसे वापस ऑफलाइन करने की मांग की है।
कानपुर देहात पुलिस ने ली मतदाता शपथ:लोकतंत्र की मजबूती के लिए निष्पक्ष मतदान का संकल्प
कानपुर देहात पुलिस ने 25 जनवरी 2026 को मनाए जाने वाले 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर लोकतंत्र को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की। पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के निर्देश पर पुलिस कार्यालय परिसर में मतदाता शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार पांडेय ने सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को राष्ट्रीय मतदाता शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह में बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी, कर्मचारी और पुलिस बल के जवान उपस्थित रहे। पहले 2 तस्वीरें देखिए... पुलिसकर्मियों ने शपथ के माध्यम से यह संकल्प लिया कि वे लोकतंत्र की मजबूती के लिए निष्पक्ष, स्वतंत्र और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने यह भी प्रतिबद्धता जताई कि वे प्रत्येक मतदाता को जाति, धर्म, वर्ग, भाषा और किसी भी भेदभाव से ऊपर उठकर अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए प्रेरित करेंगे। इस वर्ष राष्ट्रीय मतदाता दिवस की थीम 'My India, My Vote' (मेरा भारत, मेरा वोट) निर्धारित की गई है। इसकी टैगलाइन 'Citizen at the Heart of Indian Democracy' (भारतीय लोकतंत्र के केंद्र में नागरिक) है। अपर पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार पांडेय ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र की सुरक्षा और निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने में पुलिस बल की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने जोर दिया कि मतदाता जागरूकता अभियानों में पुलिस की सक्रिय भागीदारी से आमजन में मतदान के प्रति विश्वास और उत्साह बढ़ेगा, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।
भिवानी जिले के लोहारू में गणतंत्र दिवस के मद्देनजर शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने सघन चेकिंग अभियान चलाया। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर जरनैल सिंह के नेतृत्व में टीम ने झुग्गी-झोपड़ियों, मस्जिदों, धर्मशालाओं, सार्वजनिक पार्किंग स्थलों और होटलों में गहन जांच की। अभियान के दौरान, पुलिस टीम ने झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के पहचान संबंधी दस्तावेजों की जांच की और उन्हें सुरक्षा नियमों का पालन करने के निर्देश दिए। मस्जिद परिसरों और आसपास के क्षेत्रों में भी विशेष सतर्कता बरती गई, जहां संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी गई। बिना पहचान पत्र के न ठहराने की चेतावनी वहीं सार्वजनिक पार्किंग स्थलों का निरीक्षण करते हुए, पुलिस ने कई दिनों से खड़ी गाड़ियों के संबंध में पार्किंग संचालकों से बातचीत की। थाना प्रभारी ने निर्देश दिए कि यदि कोई वाहन लंबे समय से खड़ा है या संदिग्ध प्रतीत होता है, तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी जाए। इसके अतिरिक्त, लोहारू के विभिन्न होटलों में जाकर रजिस्टर की जांच की गई। होटल संचालकों को सख्त निर्देश दिए गए कि वे प्रत्येक मेहमान की अनिवार्य रूप से एंट्री करें, वैध पहचान पत्र लें और उसका पूरा रिकॉर्ड रखें। बिना पहचान पत्र के किसी को ठहराने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। कार से 21 देसी शराब की बोतलें बरामद इसी चेकिंग अभियान के दौरान, फरटिया रोड पर एक वैगनआर कार से 21 देसी शराब की बोतलें बरामद की गईं। मौके से तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनके पास शराब रखने का कोई लाइसेंस नहीं था। आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर जरनैल सिंह ने बताया कि चेकिंग के दौरान लोहारू क्षेत्र में मिले सभी अजनबी व्यक्तियों के दस्तावेजों का विधिवत सत्यापन किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह के सघन चेकिंग अभियान समय-समय पर लगातार जारी रहेंगे। पुलिस की जनता से अपील उन्होंने आमजन से अपील की, कि यदि किसी भी प्रकार का संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु या गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत डायल 112 पर कॉल करें या नजदीकी पुलिस थाने को सूचित करें। थाना प्रभारी ने कहा कि गणतंत्र दिवस को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है और क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस विशेष चेकिंग अभियान में सिक्योरिटी इंचार्ज जीतेन्द्र,सब इंस्पेक्टर सज्जन सिंह, सब इंस्पेक्टर रोहताश पूनिया, डायल 112 इंचार्ज ओमप्रकाश, एएसआई धर्मदेव, बिजेंद्र, दीपक सहित अन्य पुलिस कर्मी मौजूद रहे, जिन्होंने संयुक्त रूप से अभियान को सफल बनाया।
सड़क हादसे में घायल रोडवेज चालक की मौत:एक सप्ताह पहले चार वाहनों की टक्कर में हुआ था हादसा
मैनपुरी के कुरावली थाना क्षेत्र में एक सप्ताह पहले हुए सड़क हादसे में घायल रोडवेज बस चालक की उपचार के दौरान मौत हो गई। चालक को गंभीर हालत में सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह हादसा बीते शुक्रवार देर रात करीब 10:15 बजे हुआ था। हरदोई डिपो की रोडवेज बस (संख्या UP78JT6983) दिल्ली जा रही थी। कुरावली थाना क्षेत्र के जीटी रोड स्थित बरौलिया मोड़ के पास बस सड़क किनारे खड़े दुर्घटनाग्रस्त वाहनों से टकरा गई। घने कोहरे और कम दृश्यता के कारण चालक सामने खड़े वाहनों को देख नहीं पाया था। टक्कर इतनी भीषण थी कि पहले बस एक ट्रक से टकराई। इसके बाद पीछे से आ रहा एक आयशर कैंटर और फिर एक इको स्पोर्ट कार भी एक के बाद एक इन वाहनों से भिड़ते चले गए। इस हादसे में रोडवेज बस चालक शिवसेवक (पुत्र आशाराम, निवासी असिगवा, कोतवाली देहात, जनपद हरदोई) गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पुलिस ने उन्हें पहले कुरावली सीएचसी पहुंचाया, जहां से नाजुक हालत को देखते हुए सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। अस्पताल पहुंचने पर उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। आज मृतक शिवसेवक के पिता आशाराम कुरावली थाने पहुंचे और इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। आशाराम ने बताया कि शिवसेवक रोडवेज में संविदा पर चालक के पद पर कार्यरत थे और ड्यूटी के दौरान ही इस हादसे में उनकी जान चली गई।
अयोध्या के श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष और छोटी छावनी के महंत नृत्य गोपाल दास की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। उन्हें ICU में रखा गया। एक्सपर्ट डॉक्टरों की टीम उनके स्वास्थ्य की लगातार निगरानी कर रही है। सीएम योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को मेदांता में महंत को देखने जाएंगे। दोपहर बाद उनके मेदांता जाने का शेड्यूल जारी हुआ है। सीएम उनकी कंडीशन को लेकर डॉक्टरों से भी बात कर सकते है। बता दें कि बुधवार दोपहर बाद गंभीर हालत में उन्हें अयोध्या से लाकर लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इमरजेंसी में लाने के बाद उनकी क्रिटिकल कंडीशन को देखते हुए तत्काल उन्हें ICU में शिफ्ट किया गया था। कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे महंत मेदांता के निदेशक डॉ. राकेश कपूर ने बताया कि महंत को कुछ दिनों से दस्त की शिकायत थी। 2-3 दिन से उन्होंने कुछ भी भोजन नहीं किया था, जिसके चलते वे लगातार कमजोर होते चले गए।फिलहाल उन्हें ICU में रखा गया है। डॉ. दिलीप दुबे की अगुआई में एक्सपर्ट डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। अभी पूरी तरह होश में नहीं महंत नृत्य गोपाल दास का इलाज कर रहे डॉ. दिलीप दुबे ने दैनिक भास्कर को बताया कि महंत को फिलहाल ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है। उनके पेट और किडनी में इन्फेक्शन है। मौजूदा समय में वे पूरी तरह से होश में नहीं हैं। कई विभागों के एक्सपर्ट डॉक्टर से राय भी ली जा रही है। उनके इलाज के लिए मेदांता प्रशासन ने डेडिकेटेड टीम लगाई है। उम्मीद है कि बहुत जल्द उनकी सेहत में सुधार होगा।
उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। शुक्रवार को गौर (भारतीय बायसन) पुनर्स्थापना कार्यक्रम के दूसरे चरण की सफलतापूर्वक शुरुआत हुई। इस अभियान के तहत सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से लाए गए पांच गौर को बांधवगढ़ के कलवाह इलाके में बने विशेष बाड़े में छोड़ा गया है। इन पांच गौरों में एक नर और चार मादा शामिल हैं। सुरक्षित तरीके से बाड़े में छोड़े गौरों को सुरक्षित तरीके से बाड़े में छोड़ने की प्रक्रिया सुबह 10 बजे पूरी की गई। इस खास मौके पर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय और उपसंचालक योहान कटारा खुद मौजूद रहे। इन गौरों को एक दिन पहले यानी 22 जनवरी को सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के चूरना क्षेत्र से पकड़ा गया था। इस टीम का नेतृत्व क्षेत्र संचालक राखी नंदा और भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) के वैज्ञानिक डॉ. पराग निगम कर रहे थे। आनुवंशिक विविधता बढ़ाना मुख्य लक्ष्य यह पूरा प्रोजेक्ट भारतीय वन्यजीव संस्थान और मध्य प्रदेश वन विभाग मिलकर चला रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि गौरों को एक जगह से दूसरी जगह लाने का मुख्य उद्देश्य उनकी नस्लों में विविधता लाना और उनकी आबादी को स्वस्थ तरीके से बढ़ाना है। इससे पहले, फरवरी 2025 में प्रोजेक्ट के पहले चरण के दौरान 22 गौरों को बांधवगढ़ लाया गया था, जो अब पूरी तरह सुरक्षित हैं। 27 और गौर लाने की तैयारी प्रोजेक्ट के इस दूसरे चरण में 25 जनवरी 2026 तक कुल 27 गौरों को सतपुड़ा से बांधवगढ़ लाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए वन विभाग ने 9 विशेष टीमें बनाई हैं। हर टीम में वन अधिकारी, डॉक्टर और सुरक्षाकर्मी समेत 10 सदस्य शामिल हैं। गौरों को लाने-ले जाने के लिए चार विशेष वाहनों का उपयोग किया जा रहा है ताकि उन्हें कोई चोट न पहुंचे। बांधवगढ़ में फिर लौट रही गौरों की रौनक एक समय था जब 1990 के दशक में बांधवगढ़ से गौर पूरी तरह खत्म हो गए थे। इसके बाद साल 2010-11 में कान्हा टाइगर रिजर्व से 50 गौर लाए गए थे, जिसके बाद उनकी संख्या बढ़ने लगी। आज बांधवगढ़ में गौरों की कुल संख्या 191 के पार पहुंच चुकी है। निगरानी के बाद दी जाएगी आजादी फिलहाल, नए मेहमानों को कलवाह क्षेत्र के दो हेक्टेयर के छोटे बाड़े में रखा गया है। यहां विशेषज्ञ उनकी सेहत और व्यवहार पर नजर रखेंगे। करीब चार दिनों की निगरानी के बाद इन्हें 20 हेक्टेयर के बड़े बाड़े में शिफ्ट किया जाएगा, जहां वे प्राकृतिक माहौल में घुल-मिल सकेंगे।
सोनीपत में गणतंत्र दिवस समारोह को लेकर सोनीपत पुलिस ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। चप्पे-चप्पे पर पुलिस की तैनाती के साथ-साथ समारोह स्थल की किलेबंदी कर दी गई है। पुलिस उपायुक्त (क्राइम/ट्रैफिक) नरेंद्र कादियान ने सुरक्षा और यातायात को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं, ताकि राष्ट्रीय पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था चाक-चौबंद रहे। चप्पे-चप्पे पर पुलिस, 31 नाकों पर होगी सघन चेकिंग सुरक्षा के मद्देनजर जिले को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। निगरानी के लिए पुलिस ने भारी बेड़ा मैदान में उतारा है: ट्रैफिक अपडेट: इन रास्तों का करें प्रयोग समारोह स्थल के सामने वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। वाहन चालकों के लिए रूट को इस प्रकार डायवर्ट किया गया है: 'नो फ्लाई जोन': ड्रोन पर विशेष नजर सुरक्षा एजेंसियों ने ड्रोन के संभावित खतरों को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। पुलिस कर्मियों को संदिग्ध ड्रोन गतिविधियों को रोकने और उन पर तुरंत कार्रवाई करने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया है। नियमों के उल्लंघन पर होगी कार्रवाई पुलिस उपायुक्त नरेंद्र कादियान ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। रात्रि गश्त और चेकिंग अभियान को और तेज कर दिया गया है।
मिर्जापुर के माता विंध्यवासिनी धाम में श्रद्धालुओं को पौधों का प्रसाद वितरित करने का अभियान बसंत पंचमी के अवसर पर शुरू किया गया। इस वृहद कार्यक्रम का उद्घाटन मंडलायुक्त राजेश प्रकाश, जिला जज अरविंद मिश्र और जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने संयुक्त रूप से किया। मंडलायुक्त राजेश प्रकाश ने जानकारी दी कि ऋतु के अनुसार छायादार, फलदार, सब्जी और तुलसी सहित विभिन्न प्रकार के पौधों का वितरण लगातार किया जाएगा। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को पौधारोपण के लिए प्रेरित करना है। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने वृक्षारोपण के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, एक वृक्ष का रोपण और संरक्षण 10 कन्याओं के पालन के समान पुण्य देता है। उन्होंने यह भी बताया कि माता विंध्यवासिनी मंदिर प्रांगण से दर्शनार्थियों को महाप्रसाद के रूप में सभी प्रकार के फलदार पौधों का वितरण किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि यह पहल एक वृक्ष माँ के नाम अभियान को गति प्रदान करेगी। इससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और वृक्षारोपण को जनआंदोलन बनाने में मदद मिलेगी। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आमजन को प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक और प्रेरित करना है। पौधों के वितरण के लिए काउंटर का संचालन उद्यान विभाग द्वारा किया जा रहा है। इस अवसर पर नगर मजिस्ट्रेट अविनाश सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
करनाल जिले में महिला से लूट की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों में से एक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। शहर के रामनगर क्षेत्र में बाइक सवार बदमाशों ने चलते रास्ते महिला को निशाना बनाया था। विरोध करने पर महिला की साथी को धक्का देकर गिरा दिया गया। घटना के बाद महिला ने पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायत मिलने पर पुलिस ने जांच शुरू की और सबूतों के आधार पर आरोपी काे काबू कर लिया। आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। रामनगर क्षेत्र में हुई थी वारदात घटना 22 नवंबर 2025 की शाम की है। शिकायतकर्ता महिला अपनी एक साथी के साथ रामनगर करनाल क्षेत्र से होकर जा रही थी। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार दो अज्ञात युवक पीछे से आए। बाइक रोककर एक युवक नीचे उतरा और महिला के आभूषण लूटने का प्रयास किया। अचानक हुई घटना से महिलाएं घबरा गई। विरोध करने पर साथी महिला को धक्का जब महिला की साथी ने आरोपी को पकड़ने और रोकने की कोशिश की, तो आरोपी ने उसे जोर से धक्का दे दिया। धक्का लगने से वह नीचे गिर गई। इसके बाद दोनों आरोपी मोटरसाइकिल पर सवार होकर मौके से फरार हो गए। आसपास मौजूद लोगों के पहुंचने से पहले ही बदमाश भाग निकले। शिकायत पर पुलिस की जांच शुरू घटना के बाद पीड़ित महिला ने थाना रामनगर में शिकायत दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। वारदात की गंभीरता को देखते हुए सीआईए-1 टीम को जांच सौंपी गई। सीआईए-1 इंचार्ज संदीप सिंह ने बताया कि टीम ने सबूतों के आधार पर कार्रवाई की। जांच के दौरान अमृतसर के गोविंद नगर के गुरदीप सिंह पुत्र परमजीत सिंह को काबू किया गया, जो इस लूट की वारदात में शामिल था। कोर्ट में पेश कर भेजा जेल गिरफ्तार आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जिला जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य आरोपी की तलाश की जा रही है।
अशोकनगर कलेक्टर आदित्य सिंह के खिलाफ शिकायत करने वालों की आनंदपुर ट्रस्ट जांच करेगा। ट्रस्ट ने पीएमओ को पत्र भेजने वाले व्यक्ति पर मानहानि का मुकदमा करने की बात कही है। यह घटनाक्रम कलेक्टर आदित्य सिंह के भोपाल गैस त्रासदी एवं राहत विभाग में स्थानांतरण के दो दिन बाद सामने आया है। शुक्रवार को ट्रस्ट की ओर से अनौपचारिक रूप से बताया गया कि इस मामले की जांच की जाएगी। ट्रस्ट की 34 सदस्यीय कैबिनेट कमेटी की बैठक में यह मुद्दा रखा जाएगा। जांच में शिकायतकर्ता के रूप में सामने आने वाले व्यक्ति पर कार्रवाई की जाएगी और आनंदपुर का नाम इस्तेमाल कर शिकायत करने वाले पर मानहानि का दावा किया जाएगा। ट्रस्ट ने कलेक्टर की कार्यप्रणाली की तारीफ भी की। कहा- हमारी ओर से शिकायत नहीं हुईट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि उनकी ओर से कोई शिकायत नहीं की गई है। उनका कहना है कि किसी भी शिकायत के लिए पहले कैबिनेट की बैठक में प्रस्ताव पारित करना अनिवार्य होता है। ट्रस्ट को भी इन शिकायतों की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से ही मिली थी। दरअसल, चार दिन पहले सोशल मीडिया पर यह खबर फैली थी कि आनंदपुर ट्रस्ट ने कलेक्टर आदित्य सिंह की दिल्ली पीएमओ में शिकायत की है। इन आरोपों में कहा गया था कि कलेक्टर नामांतरण के एवज में 3 करोड़ रुपए की मांग कर रहे हैं। हालांकि, इस प्रकार की शिकायत का कोई भी आधिकारिक पत्र सामने नहीं आया था। इन शिकायतों की अटकलों के बीच, दो दिन पहले कलेक्टर आदित्य सिंह को अशोकनगर से हटाकर भोपाल गैस त्रासदी एवं राहत विभाग में भेज दिया गया। यह भी पढ़ें... आनंदपुर ट्रस्ट ने कहा- कलेक्टर ने रिश्वत नहीं मांगी:PMO में शिकायत करने से भी इनकार आदित्य सिंह को अशोक नगर के कलेक्टर पद से हटाने के मामले में नया मोड़ आया है। उनके ट्रांसफर के एक दिन बाद गुरुवार को आनंदपुर ट्रस्ट ने आदित्य सिंह द्वारा रिश्वत मांगने के आरोपों को खारिज किया है। ट्रस्ट के शब्द सागर आनंद महात्मा ने बयान जारी कर कहा है कि आदित्य सिंह की ओर से उनसे किसी भी तरह की राशि नहीं मांगी गई थी और न ही ट्रस्ट की तरफ से इस संबंध में कोई शिकायत की गई थी। शब्द सागर आनंद महात्मा ने कहा- ट्रस्ट को इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि कलेक्टर के खिलाफ शिकायत किस आधार पर की गई। पैसे मांगने से जुड़ी खबरें पूरी तरह निराधार हैं। इस तरह की गलत जानकारी फैलाने वाले व्यक्ति या व्यक्तियों की पहचान कर जांच होनी चाहिए। पूरी खबर पढ़िए...
झरिया स्थित बीसीसीएल एरिया संख्या-10 की एंटी एसटी विभागीय परियोजना में अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ हुई मारपीट की घटना को लेकर कोयला व्यवसायी एवं झामुमो जिला व्यवसाई प्रकोष्ठ अध्यक्ष हरीश सिंह ने प्रतिक्रिया दी है। शुक्रवार को उन्होंने एलबी सिंह और उनके भाई कुंभनाथ सिंह पर गंभीर आरोप लगाए। हरीश सिंह ने आरोप लगाया कि एलबी सिंह और कुंभनाथ सिंह क्षेत्र में लगातार रंगदारी बढ़ा रहे हैं। उनके अनुसार, बीसीसीएल के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मारपीट की घटना इन्हीं के गुर्गों द्वारा की गई है। पूर्व में भी ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं उन्होंने इस बात पर सवाल उठाया कि बीसीसीएल केंद्र सरकार के अधीन कार्यरत संस्था है, फिर भी ऐसी घटनाओं पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई। हरीश सिंह ने बताया कि पूर्व में भी ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन हर बार मामलों को दबा दिया जाता है। एलबी सिंह ने कहा कि नियमों के अनुसार, किसी अधिकारी या कर्मचारी से मारपीट या दुर्व्यवहार होने पर संबंधित ठेकेदार या कंपनी को काम से हटाया जाना चाहिए, लेकिन इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने संबंधित कंपनी को तत्काल ब्लैकलिस्ट करने की मांग की। हरीश सिंह ने यह भी सवाल उठाया कि लाठी-डंडों से पीटे गए मजदूरों की क्या गलती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पैसे के लालच में कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो रंगदारी और हिंसा का दायरा और बढ़ सकता है।
कांकेर में भीषण सड़क हादसा, 2 की मौत:नेशनल हाईवे-30 पर स्कॉर्पियो-बोलेरो भिड़ंत, 12 लोग घायल
कांकेर जिले में नेशनल हाईवे-30 पर देर रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया। 22 जनवरी की रात पॉलिटेक्निक कॉलेज के पास स्कॉर्पियो और बोलेरो वाहनों की टक्कर में बोलेरो सवार 2 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 12 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, सभी घायल कोंडागांव क्षेत्र से कबीरधाम में एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने घायलों को तत्काल जिला अस्पताल कांकेर पहुंचाया, जहां उनका इलाज चल रहा है। वहीं, क्षतिग्रस्त स्कॉर्पियो से शराब भी बरामद किया गया है। फरार वाहन की तलाश जारी बताया गया है कि टक्कर मारने वाला स्कॉर्पियों चालक दुर्घटना के बाद मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर कोतवाली थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस फरार वाहन की तलाश कर रही है और घटना के कारणों की विस्तृत जांच जारी है। यह दुर्घटना ऐसे समय हुई है जब 20 जनवरी से 31 जनवरी तक 37वां सड़क सुरक्षा यातायात जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। कांकेर जिले में लगातार यह तीसरी बड़ी घटना है, जिसमें आधा दर्जन से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।
बालोतरा ज्ञानशाला में मर्यादा महोत्सव:तेरापंथ भवन में हुआ कार्यक्रम, नाटक से मर्यादा स्वरूप दिखाया
बालोतरा के न्यू तेरापंथ भवन में रविवार को सामूहिक ज्ञानशाला में मर्यादा महोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथ महासभा और राष्ट्रीय ज्ञानशाला प्रकोष्ठ के निर्देशानुसार, स्थानीय संयोजक मोहन बाफना के तत्वावधान में हुआ। इसमें शासन साध्वी सत्यप्रभा ठाणा-3 का सानिध्य प्राप्त हुआ। विकास का आधार मर्यादाएं साध्वी सत्यप्रभा ने अपने उद्बोधन में कहा कि परिवार, धर्म संघ, समाज या राष्ट्र, सभी के विकास का आधार मर्यादाएं हैं। जो व्यक्ति मर्यादाओं को सहर्ष स्वीकार करता है, वह न केवल अपना विकास करता है, बल्कि अपने संघ को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाता है। मुख्य प्रशिक्षक रानी बाफना ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ अर्हम ज्ञानशाला के बच्चों द्वारा भिक्षु आरती के सुंदर मंगलाचरण से हुआ। इसके बाद, अहिंसा ज्ञानशाला के छोटे बच्चों ने ज्ञान मित्र द्वारा निर्देशित मर्यादा महोत्सव पर एक लघु एवं प्रेरणादायक नाटक प्रस्तुत किया। बच्चों को मर्यादाएं याद करने की प्रेरणा दी तेरापंथ की पांच मौलिक मर्यादाएं मोक्ष बालड और आरुष गौलेछा द्वारा सुनाई गईं, जिसे सभी बच्चों ने दोहराया। बच्चों को मर्यादाएं याद करने की प्रेरणा दी गई। अपरिग्रह ज्ञानशाला से 'डोरेमोन का गैजेट्स' नामक नाटिका के माध्यम से बच्चों को मर्यादाओं के जीवन में महत्व के बारे में बताया गया। अरिहंत ज्ञानशाला ने एक नाटक के जरिए मर्यादा महोत्सव के स्वरूप को दर्शाया, जिसमें बताया गया कि मर्यादाएं कैसे बनीं और उन्हें महोत्सव का रूप कैसे दिया गया। ज्ञानार्थी रीत भंडारी ने एक कविता भी प्रस्तुत की। परीक्षा परिणाम की घोषणा शिशु संस्कार बोध परीक्षा व्यवस्थापिका कविता सालेचा ने परीक्षा के परिणाम घोषित किए और सभी सफल बच्चों को बधाई दी। मुख्य प्रशिक्षक रानी बाफना ने सामूहिक रूप से श्रावक निष्ठा पत्र का वाचन किया। इस अवसर पर ज्ञानशाला उप संयोजक अयोध्या देवी ओस्तवाल, पूर्व मुख्य प्रशिक्षक उर्मिला की सालेचा सहित लगभग 45 प्रशिक्षक और लगभग 225 बच्चे उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन ममता गोलेछा ने किया, जबकि सह प्रशिक्षक संगीता बोथरा ने आभार व्यक्त किया।
गांव से खेती के लिए पंप लेने आया था युवक:कार ड्रायवर रुपए से भरा बैग ले भागा, गिरफ्तार
जूनी इंदौर में एक युवक से उसके परिचित ने धोखाधड़ी कर दी। युवक कार से उतरकर बाथरूम गया तो उसका रुपयों से भरा बैग लेकर आरोपी फरार हो गया। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने बताया कि जगन झेतरिया, निवासी बुरहानपुर, की शिकायत पर उसके परिचित शुभम इंगले के खिलाफ गुरुवार को चोरी के मामले में एफआईआर की गई है। जगन के मुताबिक वह देवश्री टॉकीज के पास लोहामंडी में बाथरूम जाने के लिए कार से निकले थे। इसी दौरान आरोपी शुभम कार में रखा 1 लाख 7 हजार रुपये से भरा बैग और मोबाइल लेकर फरार हो गया। जगन ने बताया कि वह गुरुवार को बुरहानपुर से इंदौर आए थे। उन्हें बोरिंग के लिए पंप लेना था, इसके लिए रुपये उनके पास रखे थे। शुभम गांव का परिचित है और इंदौर में कार टैक्सी चलाता है, इसलिए उसे साथ में ले लिया। शुभम द्वारा घटना किए जाने के बाद उसे कई बार कॉल किया, लेकिन उसने मोबाइल नहीं उठाया। जगन ने अपने परिचित संतोष को मामले की जानकारी दी। बाद में आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। वहीं दूसरी ओर कैफे में हुई चोरी संयोगितागंज इलाके में एक कैफे में घुसकर चोरों ने वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के मुताबिक कुंज बिहारी का श्रृंदानंद मार्ग स्थित गुरुकृपा कैफे में बदमाशों ने चोरी की। बदमाश यहां से पान मसाला, सिगरेट और कुछ नकदी लेकर फरार हो गए। वहीं एरोड्रम इलाके में भी बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया। महेश मालवीय, निवासी केदार नगर, की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने बताया कि महेश रात में जब अपने घर आए तो सामान बिखरा पड़ा था। आरोपियों ने घर से सोने के जेवर और चांदी चुराकर ले गए। हालांकि महेश ने अभी पुलिस को यह जानकारी नहीं दी है कि उनके यहां से कितना माल चोरी हुआ है। पुलिस संदिग्धों की तलाश कर रही है।
बड़वानी में 200 जोड़ों का सामूहिक विवाह:मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत बसंत पंचमी पर कार्यक्रम
बड़वानी में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत बसंत पंचमी के अवसर पर 200 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। यह आयोजन शुक्रवार को जिला मुख्यालय स्थित कृषि उपज मंडी में किया गया। इस कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष बलवंतसिंह पटेल और भाजपा मंत्री जितेंद्र निकुम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कहां से कितने जोड़े पहुंचे सामूहिक विवाह कार्यक्रम में कुल 200 कन्याओं का विवाह हुआ। इनमें जनपद पंचायत निवाली से 21, नगर पालिका निवाली बुजुर्ग से 02, जनपद पंचायत पानसेमल से 16, जनपद पंचायत सेंधवा से 45, नगर पालिका सेंधवा से 4, जनपद पंचायत राजपुर से 24, नगर पालिका बड़वानी से 3, जनपद पंचायत पाटी से 30, जनपद पंचायत बड़वानी से 53, नगर पालिका अंजड़ से 1 और नगर पालिका राजपुर से 1 कन्या शामिल थीं। जिला पंचायत अध्यक्ष बलवंतसिंह पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से बेटियों के अभिभावक कर्ज से मुक्त हुए हैं। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को इस योजना की शुरुआत करने के लिए धन्यवाद दिया। पटेल ने बताया कि यह योजना बेटियों की शादी का पूरा खर्च सरकार द्वारा वहन कर माता-पिता को आर्थिक चिंता से मुक्त करती है। भाजपा जिला मंत्री जितेंद्र निकुम कहा है कि प्रदेश सरकार की कई योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने लाडली लक्ष्मी योजना, स्कूल में निःशुल्क गणवेश, साइकिल, पाठ्य पुस्तक, लाड़ली बहना योजना, उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन, पीएम किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना जैसी पहलों का जिक्र किया। युवाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए लोन की व्यवस्था के अलावा ग्रामों में पक्की सड़कों का जाल बिछाया गया है।
डम्पर ने बाइक को मारी टक्कर, 1 की मौत:घर लौटते समय हुआ हादसा, रास्ते में तोड़ा दम
चूरू में रतनगढ़ थाना क्षेत्र में गांव लोहा के पास एक तेज रफ्तार डम्पर की टक्कर से 40 वर्षीय बाइक सवार व्यक्ति की मौत हो गई। यह हादसा मेगा हाईवे पर हुआ।पुलिस के अनुसार गांव भोजासर निवासी भवानी सिंह (40) अपनी बाइक पर घर जा रहे थे। गांव लोहा के पास सामने से आ रहे डम्पर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे भवानी सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने घायल भवानी सिंह को जालान अस्पताल पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए हायर सेंटर रेफर किया गया। हालांकि रतनगढ़ संगम चौराहा के पास पहुंचते ही उन्होंने दम तोड़ दिया।सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को मॉर्च्युरी में रखवाया।
गोंडा में पति ने पत्नी की फावड़ा मारकर हत्या की:ईंट से सिर भी कूचा, खाना बनाने को लेकर हुआ था विवाद
गोंडा में एक पति ने खाना बनाने को लेकर विवाद में अपनी पत्नी की फावड़े से हमला कर हत्या कर दी। पहले दोनों में कहासुनी हुई। जब महिला रोटी बनाने लगी तो पीछे से फावड़ा लेकर पहुंचे पति ने उसके सिर और गर्दन पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। हत्या के बाद उसने उसका सिर ईंट से कुचल दिया। वारदात के बाद वो मौके से फरार हो गया। पूरा मामला खरगूपुर थाना क्षेत्र के भोलाजोत पंचायत के भयकपुर पुरवा गांव का है। अब समझिए पूरा मामला गांव के बाबूलाल यादव की शादी रीता (36) के साथ 20 साल पहले हुई थी। रीता की बहन नीता यादव ने बताया कि रीता के दो बच्चे हैं। बेटा अंकित यादव (18) और बेटी मोहनी यादव छोटी है। अंकित ई-रिक्शा चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता है, जबकि मोहनी अभी पढ़ाई कर रही है। आरोपी बाबूलाल के चार भाई हैं, जो सभी अलग-अलग रहते हैं। पत्नी बोली- शराब छोड़ेगो तब ही खाना मिलेगा नीता के अनुसार, शादी के बाद से बाबूलाल शराब पीने को लेकर अक्सर रीता से झगड़ा करता था। आज भी रोटी बनाने को लेकर कहासुनी हुई। रीता ने कहा शराब छोड़ेगो तभी खान मिलेगा। हालांकि बाद में रीता रोटी सेंक रही थी, तभी बाबूलाल ने फावड़े से रीता के सिर और गर्दन पर कई वार किए। हत्या के बाद उसने ईंट से भी सिर कुचल दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी बाबूलाल पास के गन्ने के खेत में छिपकर फरार हो गया। हत्या के बाद गन्ने के खेत में छिपकर भागा सूचना मिलने पर अपर पुलिस अधीक्षक मनोज रावत, फॉरेंसिक टीम, सीओ आनंद राय और खरगूपुर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। मृतक के ससुर सेवक राम की तहरीर पर बाबूलाल यादव के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस घटना के बाद से गांव में मातम पसरा हुआ है और परिवार में कोहराम मच गया है। गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है। खरगूपुर के प्रभारी निरीक्षक शेषमणि पांडेय ने बताया - आरोपी पति बाबूलाल की तलाश में पुलिस टीमें गठित की गई हैं। जल्द ही उसे पकड़ लिया जाएगा।
नारनौंद में सड़क हादसे में बुजुर्ग की मौत:कार ने मारी टक्कर, काम खत्म कर घर लौट रहे थे
हिसार जिले के नारनौंद के जींद-हांसी रोड पर गुरुवार देर रात एक सड़क हादसे में 64 वर्षीय रामफल नामक बुजुर्ग की मौत हो गई। रामफल गोल-गप्पे की रेहड़ी लगाते थे और काम खत्म कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान एक तेज रफ्तार कार ने उनकी रेहड़ी को टक्कर मार दी। कार ने सीधी रेहड़ी को मारी टक्कर मृतक के बेटे संजय ने पुलिस को बताया कि उनके पिता रामफल वार्ड नंबर 7 पुरानी सब्जी मंडी नारनौंद के रहने वाले थे। वह पुराने बस अड्डे के पास गोल-गप्पे की रेहड़ी लगाकर परिवार का गुजारा करते थे। गुरुवार रात करीब 8:30 बजे रामफल अपनी रेहड़ी लेकर घर लौट रहे थे, तभी जींद की ओर से आ रही एक टाटा नेक्सन कार के ड्राइवर ने तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाते हुए उनकी रेहड़ी में सीधी टक्कर मार दी। चोट ज्यादा लगने पर तोड़ा दम टक्कर इतनी भीषण थी कि रामफल अपनी रेहड़ी समेत सड़क पर गिर गए और उन्हें गंभीर चोटें आई। हादसे की सूचना मिलने पर बेटा संजय तुरंत मौके पर पहुंचा। उन्होंने निजी वाहन की व्यवस्था कर अपने पिता को नारनौंद के नागरिक अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद रामफल को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने बताया कि दुर्घटना में लगी गंभीर चोटों के कारण ही उनकी मौत हुई। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस पुलिस के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम नारनौंद पहुंची। परिजनों से बातचीत के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए हांसी के सामान्य अस्पताल के शवगृह में रखवाया गया। शुक्रवार सुबह मृतक के बेटे संजय ने पुलिस को अपना विस्तृत बयान दर्ज कराया। संजय के बयान के आधार पर पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 281 और 106 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच सब इंस्पेक्टर रामलाल को सौंपी गई है। पुलिस ने बताया कि वाहन और चालक की पहचान के प्रयास जारी हैं।
बिलासपुर जिले के कोटा विकासखंड में बिना अनुमति कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन कराने और 48 शिक्षकों की ड्यूटी लगाने पर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने BEO को शोकॉज नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है। डीईओ का कहना है कि वर्तमान समय में शिक्षा विभाग ने एग्जाम की तैयारी कराने के निर्देश दिए है, ऐसे में शिक्षकों की ड्यूटी लगाना गलत है। दरअसल, कोटा ब्लॉक के डी-केपी स्कूल में स्वतंत्रता सेनानी शहीद वीरनारायण सिंह की स्मृति में तीन दिवसीय अखिल भारतीय कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। यह स्पर्धा 23 से 25 जनवरी तक होनी है। इस आयोजन के लिए कोटा बीईओ एनके मिश्रा ने विकासखंड के 48 शिक्षकों की ड्यूटी लगा दी है। बताया जा रहा है कि इस प्रतियोगिता 17 राज्यों की महिला और पुरुष टीमें हिस्सा ले रही हैं। बिना अनुमति शिक्षकों की लगाई ड्यूटी, विवादों में घिरे बीईओ शिक्षा विभाग के अफसरों के अनुसार राज्य शासन की तरफ से खेल प्रतियोगिता के आयोजन को लेकर कोई दिशा निर्देश जारी नहीं किया गया है। लेकिन, बीईओ एनके मिश्रा ने बिना अनुमति के बड़ी संख्या में शिक्षकों की ड्यूटी लगाकर विवादों में घिर गए हैं। उनके इस फैसले के कारण शिक्षकों को कक्षा छोड़कर तीन दिनों तक मैदान में रहना पड़ेगा, जिसका सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर होगा। यही वजह है कि जानकारी मिलने पर जिला शिक्षा अधिकारी ने कोटा बीईओ एनके मिश्रा को शोकॉज नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है। डीईओ ने कहा- कैसे और किस आधार पर लगाई ड्यूटी डीईओ विजय टांडे ने जारी नोटिस में बीईओ से कहा है कि आपको पता है कि वर्तमान में स्कूल शिक्षा विभाग के परीक्षा कार्यक्रम 2026 की तैयारी होनी है। आपने आवश्यकता से अधिक व्यायाम शिक्षकों और शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है, जिसके कारण अध्यापन व्यवस्था प्रभावित हो रही है। साथ ही शालेय प्रबंधन पर भी व्यापक असर हो रहा है। आपके द्वारा आवश्यकता से अधिक व्यायाम शिक्षक की ड्यूटी किस आधार पर लगाई गई है। साथ ही यह भी कि खेल कार्यक्रम में शिक्षकों की ड्यूटी किस आधार पर लगाई गई है और अधिक संख्याओं में लगाई गई है। बीईओ के संतोषजनक जवाब नहीं देने पर उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्च कार्यालय को रिपोर्ट भेजने की चेतावनी दी गई है। साथ ही शिक्षकों के ड्यूटी आदेश को भी तत्काल प्रभाव से निरस्त करते हुए उन्हें स्कूल भेजने का आदेश दिया गया है।
आगरा में पुलिसकर्मियों और अधिवक्ताओं के बीच मारपीट हो गई। एक अधिवक्ता के साथ हुई कथित घटना के बाद कई अधिवक्ता तहरीर देने पहुंचे थे। इसी दौरान पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच कहासुनी हो गई। कहासुनी बढ़ने पर मामला इतना बिगड़ गया कि थाने के अंदर धक्का-मुक्की और हाथापाई शुरू हो गई। इसका एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो गुरुवार का बताया जा रहा है। पूरा मामला न्यू आगरा थाने का है। वीडियो में थाना परिसर के भीतर अफरा-तफरी का माहौल साफ नजर आ रहा है। वहीं, कुछ पुलिसकर्मी स्थिति को संभालते और लोगों को शांत कराते भी दिखाई दे रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी और डिवीजन चौकी इंचार्ज मौके पर पहुंचे। दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित किया गया और अधिवक्ताओं को वापस भेज दिया गया।
ब्यावर नगर परिषद की ओर से आमजन पर लगाए गए सफाई शुल्क के विरोध में आम आदमी पार्टी (AAP) ब्यावर ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। पार्टी ने नगर परिषद के इस निर्णय को जनविरोधी बताते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की है। मांग नहीं मानने पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी भी दी है। AAP पदाधिकारियों ने बताया कि नगर परिषद पहले से ही नागरिकों से कॉमर्शियल टैक्स, निर्माण शुल्क और विकास शुल्क सहित कई प्रकार के कर वसूल रही है। ऐसे में सफाई शुल्क लगाना आम आदमी पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालेगा, जिससे शहर की जनता में असंतोष है।ज्ञापन में कहा गया है कि नगर परिषद को पूर्व की तरह बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के सफाई व्यवस्था संचालित करनी चाहिए। पार्टी ने इस शुल्क को अनुचित बताते हुए जनहित में इसे वापस लेने की मांग की है। सफाई शुल्क का निर्णय वापस लेने की मांगआम आदमी पार्टी ने कलेक्टर से इस मामले में हस्तक्षेप कर नगर परिषद को सफाई शुल्क का निर्णय वापस लेने के निर्देश देने का अनुरोध किया है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि यह निर्णय वापस नहीं लिया गया, तो जनहित में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।यह ज्ञापन आम आदमी पार्टी ट्रेड विंग के जिलाध्यक्ष शंकर लाल प्रजापति के नेतृत्व में सौंपा गया। इस दौरान लीगल विंग जिलाध्यक्ष एडवोकेट राजेश बंसल, ओबीसी विंग जिलाध्यक्ष बाबूलाल सैन, खीयांराम सिगारिया, एडवोकेट नीलेश बुरड, एडवोकेट गजेंद्र सिंह, एडवोकेट महेश बारूपाल, राजू रावत और लीलाधर दाधीच सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बंगाली दुर्गाबाड़ी सोसाइटी, मेरठ में 23 जनवरी को महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती और माँ सरस्वती पूजा का आयोजन श्रद्धा और सांस्कृतिक गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम सुबह माल्यार्पण, पुष्पांजलि और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ। सुबह सबसे पहले नेताजी सुभाष चंद्र बोस के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद देवी सरस्वती की विधिवत पूजा, आरती और प्रसाद वितरण हुआ। पूजा अनुष्ठान आचार्य अशोक भट्टाचार्य द्वारा संपन्न कराया गया। समाज में संस्कार और राष्ट्रभक्ति जोड़ने का लक्ष्य कार्यक्रम में बच्चों के लिए हाथे-खोड़ी (अक्षरारंभ) संस्कार भी आयोजित हुआ, जिसमें बच्चों ने अक्षर लिखकर शिक्षा की शुरुआत की। खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों में बच्चों ने उत्साह से भाग लिया। सोसाइटी ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी को शिक्षा, संस्कार और राष्ट्रभक्ति के आदर्शों से जोड़ना है। सोसाइटी के सचिव अभय मुखर्जी ने कहा- नेताजी का जीवन साहस और राष्ट्र समर्पण का प्रतीक है। ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक सोच और एकता को मजबूत करते हैं।” पूजा सचिव नोबेंदु रॉय चौधरी ने कहा- मां सरस्वती की पूजा ज्ञान, विवेक और संस्कारों को बढ़ाती है। यह हमारी सांस्कृतिक चेतना का हिस्सा है। संयुक्त सचिव प्रियंक चटर्जी ने कहा- इस तरह के कार्यक्रम युवाओं को परंपरा से जोड़ते और सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण करते हैं। सदस्य अमिताभ मुखर्जी ने कहा- नेताजी के विचार आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। कार्यक्रम समाज में राष्ट्रप्रेम और जागरूकता बढ़ाते हैं। महिलाओं और सदस्यों का रहा योगदान पूरे आयोजन के संचालन और व्यवस्था में सोसाइटी की महिलाओं और सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इसमें पापिया सान्याल, मोहिनी मुखर्जी, सुभ्रा मुखर्जी। इला मुखर्जी, अल्पना चक्रवर्ती, इवा गांगुली, लिपिका चौधरी सहित सदस्यों प्रदीप मुखर्जी, अजय मुखर्जी, बिस्वजीत बिस्वास, बिजन दास और पी. के. रॉय शामिल रहे। अंत में प्रसाद का वितरण किया गया पूजन के बाद श्रद्धालुओं को भोग और प्रसाद का वितरण किया गया। कार्यक्रम में शहर के कई गणमान्य लोगों, सदस्यों, बच्चों और परिवारों ने सहभागिता की।
सरपंच-सचिव और रोजगार सहायक संगठन के संयुक्त मोर्चा ने स्वीकार किया कि टारगेट देकर उनसे काम लिए जा रहे हैं। जल संचयन, जनभागीदारी अभियान हो या फिर एक बगिया मां के नाम स्कीम, इनमें टारगेट देकर काम कराया, कई पंचायतकर्मियों को मानसिक रूप से प्रताड़ना झेलना पड़ी हैं। सरकार को टारगेट देना बंद करना चाहिए, जहां जैसी जरूरत है, वैसा काम लिया जाना चाहिए। इस बात का खुलासा पंचायत सचिव और सरपंच संघ के जिलाध्यक्षों ने दैनिक भास्कर से बातचीत में किया हैं। सरपंच संघ के जिलाध्यक्ष श्रीराम पटेल ने बताया कि जल संरक्षण के कार्यों में खेत तालाब, एक बगिया मां के नाम बगिया के पैसे अभी तक हितग्राहियों को नहीं मिले हैं। अब जमीन पर काम नहीं हुआ तो जिले के अधिकारी जांच करवा रहे हैं और जबरन परेशान किया जा रहा हैं। सचिव संघ जिलाध्यक्ष नरेंद्र प्रजापति ने कहा कि जल संचयन, जनभागीदारी सहित कई ऐसी स्कीम हैं, जिनमें शासन-प्रशासन के द्वारा टारगेट दिए जा रहे हैं। ये तरीका गलत हैं। यह सिस्टम बंद होना चाहिए। आरोप- इंजीनियरों ने सेट कर लिया कमीशनसरपंच-सचिवों ने कहा कि, पंचायत में सीसी रोड़ हो या फिर भवन निर्माण के काम, गांव में गुणवत्ता के साथ काम करने की जिम्मेदारी सरपंचों की रहती हैं। रोड़ उखड़ जाए तो जांच में सरपंच-सचिव को दोषी पाकर रिकवरी निकाली जाती हैं। गबन का केस दर्ज कर धारा 40 के तहत कार्रवाई होती हैं। लेकिन शासन का इंजीनियरों के लिए कोई नियम नहीं हैं। प्रत्येक काम का मूल्यांकन कराने के लिए सब इंजीनियर को कुल लागत का 5% और असिस्टेंट इंजीनियर यानी एई को 2% कमीशन देना होता हैं। यह इंजीनियरों ने फिक्स करके रखा हैं। सस्पेंड जीआरएस ने सिस्टम पर उठाए सवालजल संचयन, जनभागीदारी अभियान में हुए फर्जीवाड़े के तहत हरसूद जनपद पंचायत की शाहपुरा माल ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक को निलंबित किया गया हैं। निलंबित रोजगार सहायक कृपाराम कलमें ने कहा कि मुझे तो तय सीमा में काम करने के लिए टारगेट दिया गया था। अब जो काम हुआ है, उसका मूल्यांकन तो इंजीनियर श्वेताली लुक ने किया हैं। इस प्रक्रिया में सरपंच-सचिव और इंजीनियर भी शामिल रहते हैं। मैं अकेला दोषी थोड़ी ना हूं। इधर, सीईओ जिला पंचायत ने अब तक किसी इंजीनियर पर एक्शन नहीं लिया हैं। जबकि सैकड़ों तालाबों की राशि बगैर काम के मूल्यांकन होने के बाद निकाली गई हैं। सीनियर इंजीनियर अटैच, जूनियरों को प्रभारदरअसल, खंडवा जिला पंचायत के माध्यम से पूरे पंचायत विभाग में मनमानी पूर्वक कार्य कराए जा रहे हैं। भ्रष्टाचार और गबन के मामलों में दोषी पाए गए कई इंजीनियरों को मुख्य धारा में लाकर पोस्टिंग दी गई हैं। कार्यपालन यंत्री से लेकर सहायक यंत्री तक की पोस्ट से उन्हें नवाजा गया हैं। इन पर आपत्ति लेने वाली जिला पंचायत अध्यक्ष पिंकी वानखेड़े को सिस्टम ने घेर लिया हैं। जिले में दूसरे नंबर पर सीनियरटी रखने वाले सहायक यंत्री अरविंद पाटीदार को आरईएस में अटैच करके रखा हैं। जबकि इसके पहले वे हरसूद जनपद के सीईओ रह चुके हैं। बिना किसी आरोप के उन्हें हटाया गया। हरसूद के वर्तमान जनपद सीईओ जितेंद्र ठाकुर के पास तीन जनपदों का प्रभार हैं।
रोहतक में गणतंत्र दिवस को लेकर पुलिस अलर्ट मोड़ में आ गई है। पुलिस टीम ने बम निरोधक दस्ते के साथ मिलकर रेलवे स्टेशन पर चैकिंग अभियान चलाया और यात्रियों के सामान की जांच की। साथ ही किसी भी संदिग्ध व्यक्ति पर शक होने या अज्ञात सामान मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचना देने का यात्रियों से आह्वान किया। एसआई नवीन के नेतृत्व में बम निरोधक दस्ता व स्वाट टीम ने रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर यात्रियों के सामान की जांच की। उनके साथ सीआईडी टीम भी मौजूद रही। रेलवे स्टेशन पर आने जाने वाले यात्रियों से गहनता से पूछताछ की गई। बम निरोधक दस्ता टीम व स्वाट टीम आधुनिक हथियारों से लैस नजर आई। गणतंत्र दिवस को लेकर चल रहा अभियानएसआई नवीन ने बताया कि गणतंत्र दिवस को देखते हुए पिछले कई दिनों से अभियान चलाया जा रहा है। बम निरोधक दस्ते द्वारा निरंतर भीड़-भाड़ वाले व महत्वपूर्ण स्थानों पर चैकिंग की जा रही है। आमजन को जागरूक भी किया जा रहा है तथा सतर्क रहने बारे हिदायत दी गई है। संदिग्ध व्यक्ति व वस्तु दिखने पर पुलिस को करें सूचितएसआई नवीन ने बताया कि किसी भी आमजन को अगर कोई संदिग्ध वस्तु, वाहन या व्यक्ति दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। संदिग्ध वस्तु को न तो खुद छुएं और न ही किसी को छूने दे। पुलिस का सहयोग करें। पुलिस द्वारा निरंतर चैकिंग अभियान चलाया जा रहा है और आपराधिक गतिविधियों को रोकने का पूरा प्रयास किया कर रहे हैं।
जशपुर में किराना थोक दुकान में भीषण आग:लाखों का सामान जला, शॉर्ट सर्किट से हादसे की आशंका
जशपुर जिले में पुराने अस्पताल के सामने स्थित संदीप एजेंसी नामक किराना थोक दुकान में शुक्रवार की सुबह अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि दुकान में रखा किराना का थोक सामान कुछ ही देर में पूरी तरह जलकर राख हो गया। मामला पत्थलगांव थाना क्षेत्र का है। आग की लपटें दूर-दूर तक देखी गईं, जिससे आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। बताया जा रहा है शॉर्ट सर्किट से आग लगी थी, हालांकि घटना की जांच की जा रही है। काफी मशक्कत के बाद पाया काबू घटना की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस प्रशासन और स्थानीय व्यापारी मौके पर पहुंचे। आग पर काबू पाने के लिए फायरब्रिगेड टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। हालात की गंभीरता को देखते हुए जेसीबी मशीन की सहायता से दुकान की पिछली दीवार तोड़ी गई, जिसके बाद भीतर धधक रही आग को नियंत्रित किया जा सका। स्थानीय लोगों ने भी आग बुझाने में सक्रिय सहयोग किया। आग से लाखों का नुकसान जानकारी के अनुसार, आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। स्थानीय व्यापारियों के अनुसार, दुकान में रखे चावल, दाल, तेल, शक्कर, मसाले सहित अन्य किराना सामग्री पूरी तरह नष्ट हो गई, जिससे प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक 35 से 40 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। हालांकि, प्रशासन द्वारा नुकसान का अंतिम आंकलन किया जाना बाकी है। कोई जनहानि नहीं राहत की बात यह रही कि इस भीषण हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। पत्थलगांव एसडीएम ऋतु राज सिंह बिसेन ने बताया कि पत्थलगांव की फायरब्रिगेड टीम ने आग पर काबू पा लिया है। एहतियातन रायगढ़ एवं अंबिकापुर से भी फायरब्रिगेड की टीमें बुलवाई गई थीं। फिलहाल, पुलिस और प्रशासन द्वारा मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में युवक ने पहले अपनी पत्नी का गला काटा, फिर खुद फंदे से लटककर जान देने की कोशिश की। पत्नी की मौत हो गई है, जबकि पति बेसुध है। जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। मामला नारायणपुर से सटे गढ़ बेंगाल गांव का है। इनके कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें पंजाब नेशनल बैंक के कर्मियों की प्रताड़ना की बात लिखी हुई है। दोनों पति-पत्नी ग्राहक सेवा केंद्र चलाते थे। मामला पैसों की लेन-देन से जुड़ा हुआ है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। जानिए क्या है पूरा मामला ? जानकारी के मुताबिक,गढ़ बेंगाल गांव का रहने वाला तिलक राम मंडावी अपनी पत्नी सुमित्रा मंडावी के साथ मिलकर ग्राहक सेवा केंद्र चलाता था। सुमित्रा के नाम पर ID बनी हुई थी। 13 जनवरी को तिलक और सुमित्रा घर में थे। दोपहर में सुमित्रा खून से लथपथ हालत में कमरे से बाहर निकली। परिजनों की नजर उसपर पड़ी। जब वे अंदर कमरे में गए तो तिलक फंदे से लटका हुआ था। छटपटा रहा था। परिजनों ने उसे तुरंत नीचे उतारा और फिर दोनों को नारायणपुर जिला अस्पताल लेकर गए। जहां दोनों का इलाज किया गया। जिला अस्पताल के डॉ. हिमांशु सिन्हा ने कहा कि, महिला के गले की नस कट गई थी। पति बेसुध था। दोनों का इलाज किया गया और बेहतर इलाज के लिए उन्हें रायपुर रेफर किया गया। 17 जनवरी को हुई महिला की मौत वहीं, 17 जनवरी को महिला की मौत हो गई। मामला पुलिस के पास पहुंचा। शुरुआती जांच में घरेलू विवाद में सुसाइड करने की बात सामने आई थी। लेकिन इनके कमरे से सुसाइड नोट बरामद हुआ जिससे पूरा एंगल बदल गया। सुसाइड नोट में क्या लिखा है? पुलिस को सुमित्रा के नाम का सुसाइड नोट मिला है। जिसमें लिखा है कि, मैंने किसी भी प्रकार से ग्राहकों का CYC और CRM नहीं किया है। क्योंकि KYC और CRM मेरी ID में नहीं होता है। मेरी ID के माध्यम से सिर्फ आधार लिंक किया जाता है। जिन भी ग्राहकों का आधार लिंक मेरी ID से हुआ है, उन ग्राहकों का KYC और CRM बैंक कर्मचारियों ने किया है। मुझे फंसाया जा रहा है कि, गलत तरीके से ग्राहकों का पैसा निकाला गया है। बैंक कर्मचारी पैसे जमा करने की धमकी दे रहे हैं। मेरे पति तिलक राम मंडावी ने अलग-अलग 2 खातों में 1 लाख 37 हजार रुपए जमा किए। साथ ही PNB कर्मचारी अमित कुमार साहू को 30 हजार कैश दिए हैं। फोन-पे के माध्यम से 20 हजार रुपए अमित साहू के किसी परिजन को भेजे गए हैं। पिता बोले- घर पहुंचा तो अस्पताल लेकर गए तिलक के पिता मंगतू राम मंडावी ने कहा कि, मैं खेत में काम करने गया हुआ था। मुझे जानकारी मिली कि उसने अपनी पत्नी का गला काट दिया है और वह फांसी पर लटका हुआ है। मैं दौड़े-भागे घर पहुंचा। तब तक उन दोनों को हमारी कार में बिठाकर अस्पताल लेकर जाने लगे थे। बेटा-बहू को बैंक के लोग परेशान कर रहे थे। ............................................... इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए... फंदे से लटकी मिली महिला बस्तर-फाइटर की लाश:केशकाल थाने में पदस्थ थी, 5 साल पहले हुई थी भर्ती; पिता नारायणपुर में हवलदार छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में महिला बस्तर फाइटर की लाश फंदे से लटकती मिली है। मृतिका का नाम साक्षी पटेल (24 साल) है, जो केशकाल थाने में आरक्षक के पद पर पदस्थ थी। बुधवार सुबह उसका शव शासकीय हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित घर में लटका मिला। पढ़ें पूरी खबर...
गिरिडीह जिले के बगोदर थाना क्षेत्र के खेतको गांव में गुरुवार रात एक जंगली हाथी ने उत्पात मचाया। हाथी ने गांव के एक स्कूल की चहारदीवारी और सरस्वती पूजा पंडाल को क्षतिग्रस्त कर दिया। स्कूल परिसर में सरस्वती पूजा की तैयारियां चल रही थीं। हाथी ने तैयार किए गए पूजा पंडाल और स्थापित प्रतिमा को पूरी तरह तोड़ दिया। ग्रामीणों के अनुसार, हाथी रात के अंधेरे में अचानक स्कूल में घुस आया और यह नुकसान पहुंचाया। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है। हालांकि, पूजा समिति और ग्रामीणों को भारी आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ा है। लोगों में हाथी की वजह से दहशत का माहौल है। प्रभावितों के लिए उचित मुआवजे की मांग की घटना की सूचना मिलने पर विधायक नागेंद्र महतो मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने तत्काल वन विभाग को घटना की जानकारी दी और प्रभावितों के लिए उचित मुआवजे की मांग की। विधायक ने कहा कि क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही बढ़ रही है, इसलिए वन विभाग को निगरानी बढ़ाने और सुरक्षा के ठोस उपाय करने चाहिए। ग्रामीणों ने भी वन विभाग से क्षतिपूर्ति के साथ-साथ हाथियों को गांव में प्रवेश करने से रोकने के लिए स्थायी समाधान की मांग की है। फिलहाल गांव में दहशत का माहौल है और ग्रामीण रात में सतर्क रहने को मजबूर हैं।
जोधपुर और मारवाड़ से दक्षिण भारत की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। रेलवे ने जोधपुर होकर गुजरने वाली हिसार-कोयंबटूर सुपरफास्ट ट्रेन को अब केरल के मल्लपुरम जिले के प्रमुख स्टेशन 'तिरुर' पर भी ठहराव देने का फैसला किया है। इस निर्णय से जोधपुर से केरल जाने वाले पर्यटकों और वहां काम करने वाले प्रवासियों को सीधी कनेक्टिविटी का फायदा मिलेगा। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल के सीनियर डीसीएम हितेश यादव ने बताया कि यात्रियों की मांग और सुविधा को देखते हुए ट्रेन संख्या 22475/22476 हिसार-कोयंबटूर-हिसार सुपरफास्ट साप्ताहिक ट्रेन का तिरुर स्टेशन पर प्रायोगिक ठहराव शुरू किया जा रहा है। जोधपुर से जाने वाली ट्रेन 28 से रुकेगी सीनियर डीसीएम ने स्पष्ट किया है कि इस नए ठहराव के अलावा ट्रेन के संचालन समय या अन्य स्टेशनों के टाइम-टेबल में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह ट्रेन अपने निर्धारित समय पर ही जोधपुर स्टेशन पर आएगी और जाएगी। गौरतलब है कि तिरुर स्टेशन केरल के उत्तरी हिस्से में एक महत्वपूर्ण व्यापारिक और पर्यटन केंद्र है, जिससे जोधपुर के यात्रियों को वहां पहुंचने में आसानी होगी।
पति के साथ बाइक पर जा रही महिला की सड़क हादसे में मौत हो गई। अज्ञात बाइक ने इनकी बाइक को टक्कर मारी थी। यह हादसा मध्यप्रदेश के सोयतकला में पिड़ावा रोड पर हुआ। घायल महिला ने झालावाड़ में एसआरजी अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। चौकी प्रभारी हेड कॉन्स्टेबल भीम सिंह ने बताया कि मृतक महिला की पहचान सोयतकला थाना क्षेत्र के देवली निवासी कौशल्या बाई (50) पत्नी ऊंकार प्रजापति के रूप में हुई है। यह हादसा सोयतकला में पिड़ावा रोड पर गिट्टी क्रेशर के पास समय हुआ। सामने से आ रही बाइक ने मारी टक्करकौशल्या बाई अपने पति ऊंकार प्रजापति के साथ बाइक सवार होकर जा रही थी। इस दौरान रास्ते में सामने से आ रही एक अन्य बाइक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। इस हादसे में कौशल्या बाई गंभीर रूप से घायल हो गईं, जबकि पति ऊंकार प्रजापति के पैर में चोट आई है। गंभीर हालत में कौशल्या बाई को झालावाड़ अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के दौरान गुरूवार रात उनकी मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच में जुटीघटना की सूचना मिलते ही पुलिस अस्पताल पहुंची और परिजनों के बयान दर्ज किए। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पोस्टमॉर्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है और हादसे के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
बगुले के साथ टाइगर खेलता दिखा Video:मलिक तालाब के पास रिद्धि के मेल शावक ने बगुले को मुंह में पकड़ा
रणथंभौर नेशनल पार्क में टाइगर अपनी अठखेलियों के देश विदेश में प्रसिद्ध है। यहां कई बार अलग ही नजारे देखने को मिल जाते हैं। ऐसा ही एक नजारा गुरुवार शाम की पारी में देखने को मिला। जब रिद्धी के मेल शावक ने एक बगुले को मुंह में पकड़ा लिया, लेकिन उसे जिंदा छोड़ दिया। रिद्धि के मेल शावक को शिकार करते रोमांचित हुए पर्यटक दरअसल, रणथंभौर नेशनल पार्क में देश-विदेश से पर्यटक वाइल्डलाइफ का अनोखा एक्सपीरियंस लेने आते हैं। यहां उन्हें पर्यटकों वाइल्डलाइफ के सबसे अलग और यादगार लम्हें देखने को मिलते हैं। गुरुवार शाम को पारी में रणथंभौर नेशनल पार्क में एक यादगार लम्हा देखने को मिला, जब बाघिन रिद्धि के मेल शावक ने बगुले को शिकार बनने के लिए मुंह में पकड़ा लिया। यहां रणथंभौर के जोन नंबर चार के मलिक तालाब के पास पर्यटकों को रिद्धी के मेल शावक के दीदार हुए थे। इस दौरान इस मेल शावक के सामने एक बगुला आ गया। वह यहां आकर अपने पंख फड़फड़ाने लगा। जिस पर मेल टाइगर ने गले ही उसे अपने मुंह में पकड़ा लिया। जिसके बाद बगुले को मुंह में भरकर घूमता रहा, लेकिन टाइगर ने बगुले को जिंदा छोड़ दिया। करीब पांच मिनट तक चले इस घटनाक्रम को देखकर यहां मौजूद पर्यटक खासे रोमांचित नजर आए और उन्होंने इस पूरे वाकया को अपने कैमरे में कैद कर लिया। आपको बता दें कि बाघिन रिद्धि के शावकों की उम्र करीब ढाई साल है। वह रणथंभौर के जोन नंबर तीन और चार में अक्सर अपनी मां के साथ पर्यटकों को नजर आते रहते हैं। यूं चला पूरा घटनाक्रम....
राजस्थान हाईकोर्ट प्रशासन ने फुल बेंच के निर्णय के तहत साल 2026 के पहले और चौथे शनिवार को वर्किंग-डे घोषित कर दिया है। इसे लेकर हाईकोर्ट प्रशासन ने कॉज लिस्ट (वाद सूची) भी जारी कर दी है। इसके बाद वकीलों ने इस निर्णय का विरोध शुरू कर दिया है। वकीलों ने हाईकोर्ट बार एसोसिएशन को इस निर्णय के विरोध में ज्ञापन सौंपा है। इसके बाद हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष राजीव सोगरवाल ने एग्जीक्यूटिव कमेटी की मीटिंग बुलाई है। मीटिंग में बार इस निर्णय को लेकर अपना रुख तय करेगी। बता दें कि साल की शुरुआत में हाईकोर्ट की जयपुर, जोधपुर बार और बीसीआर ने इस निर्णय के विरोध में एक दिन का स्वैच्छिक कार्य बहिष्कार किया था। इसके बाद कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने इस मामले में पांच जजों की कमेटी गठित की थी। कमेटी को 21 जनवरी तक अपनी रिपोर्ट कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश को सौंपनी थी। कमेटी का निर्णय बार को नहीं बताया गया हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष राजीव सोगरवाल ने बताया कि पांच जजों की कमेटी ने अपनी रिपोर्ट कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश को सौंप दी है। लेकिन कमेटी के निर्णय से बार को अवगत नहीं कराया गया है। अब शनिवार की कॉज लिस्ट जारी होने से साफ है कि हाईकोर्ट प्रशासन अपने पहले के निर्णय पर ही कायम है। हाईकोर्ट की फुल बेंच में हुआ था निर्णय 12 दिसंबर 2025 को राजस्थान हाईकोर्ट की फुल कोर्ट की बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि जनवरी से हाईकोर्ट अब हर महीने के दो शनिवार खुला रहेगा। इससे सालभर में 24 दिन ज्यादा काम हो सकेगा। लंबित मामलों को निपटाने में तेजी आएगी। फुल कोर्ट मीटिंग में माना गया कि अदालतों में लगातार बढ़ रहे मामलों के दबाव को देखते हुए न्यायिक समय का विस्तार जरूरी हो गया है। महीने के दो शनिवार हाईकोर्ट खुलने से न केवल लंबित मामलों की संख्या घटेगी, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया अधिक प्रभावी, तेज और समयबद्ध बन सकेगी।
KGMU से हटेंगे अवैध मजार:नोटिस चस्पा, 7 से 15 दिन में खुद से हटाने का निर्देश
लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) स्थित अवैध मजारों को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को विश्वविद्यालय प्रशासन ने चिह्नित अवैध मजारों को हटाने के निर्देश जारी करते हुए नोटिस चस्पा कर दिया है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि तय समय सीमा के भीतर मजारें नहीं हटाई गईं तो प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। KGMU प्रशासन की ओर से अवैध रूप से बनी मजारों पर सीधे नोटिस चस्पा किए गए हैं। नोटिस में कहा गया है कि ये मजार विश्वविद्यालय परिसर की भूमि पर बिना किसी वैध अनुमति के बनाई गई हैं। प्रशासन ने इसे संस्थान की संपत्ति पर अतिक्रमण मानते हुए हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 7 से 15 दिन की समय सीमा दी कुछ नोटिसों में मजार हटाने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है, जबकि कुछ मामलों में अधिकतम 15 दिन की अवधि निर्धारित की गई है। तय समय सीमा के भीतर स्वयं हटाने को कहा गया है, अन्यथा प्रशासन बलपूर्वक कार्रवाई करेगा। KGMU प्रशासन का कहना है कि विश्वविद्यालय एक शैक्षणिक और चिकित्सकीय संस्थान है, जहां नियमों के तहत ही किसी भी प्रकार की संरचना की अनुमति दी जा सकती है। अवैध निर्माण न केवल संस्थान की गरिमा के खिलाफ हैं, बल्कि सुरक्षा और संचालन व्यवस्था को भी प्रभावित करते हैं। पहले भी उठ चुका है अतिक्रमण का मुद्दा यह पहला मौका नहीं है जब KGMU परिसर में अवैध निर्माण को लेकर सवाल उठे हों। इससे पहले भी कैंपस में अतिक्रमण और अनधिकृत ढांचों को लेकर आंतरिक स्तर पर रिपोर्ट तैयार की गई थी, जिसके आधार पर अब यह कार्रवाई शुरू की गई है। मजार हटाने की प्रक्रिया को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन और स्थानीय पुलिस सतर्क है। किसी भी तरह की अव्यवस्था से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि पूरी कार्रवाई कानून के दायरे में और शांतिपूर्ण ढंग से की जाएगी।
राजस्थान में भजनलाल सरकार के दो साल पूरे हो गए हैं। सरकार अगले माह अपने कार्यकाल का तीसरा बजट पेश करने जा रही है। लेकिन विधायक निधि (एमएलए लेड) में से खर्चा करने के मामले में विधायक कुछ मंत्रियों से भी आगे हैं। जयपुर के 19 विधायकों में से कई अपनी विधायक निधि का 50 फीसदी पैसा भी खर्च नहीं किया है। जयपुर में झोटवाड़ा से विधायक और सरकार में खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने एमएलए लेड से सबसे कम रुपए खर्च किए हैं। राज्यवर्धन सिहं राठौड़ ने पिछले 2 साल में अपने विधायक कोटे की 10 करोड़ रुपए की राशि में से 92 लाख रुपए ही सेंशन किए हैं। जो कुल राशि का 10 फीसदी से भी कम है। सबसे कम रुपए सेंशन करने में दूसरा नंबर आदर्श नगर से कांग्रेस के विधायक रफीक खान हैं। रफीक खान ने दो साल में अपने विधायक कोटे की 10 करोड़ रुपए की राशि में से केवल 1.76 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। इस सूची में तीसरा नंबर जमवारामगढ़ से भाजपा विधायक महेन्द्र पाल मीणा का हैं। जिन्होंने अब तक 2.57 करोड़ रुपए की ही राशि स्वीकृति की है। इन्होंने खोला जनता के लिए पिटारा विधायक कोष से आमजन के सबसे ज्यादा काम करवाने वाले विधायकों में पहला नंबर कोटपूतली से विधायक हंसराज पटेल का है, जिन्होंने विधायक कोष से अब तक 7.80 करोड़ रुपए के कामों की स्वीकृति जारी की है। मालवीय नगर से भाजपा विधायक कालीचरण सराफ इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर है। कालीचरण सराफ ने करीब 7.61 करोड़ रुपए की स्वीकृतियां दी है। वहीं, विराटनगर से विधायक कुलदीप ने करीब 7.60 करोड़ रुपए के कामों की स्वीकृतियां जारी की है। डिप्टी सीएम ने जारी की 7.21 करोड़ की स्वीकृति मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विधायक कोष से सांगानेर में अब तक 5.02 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की स्वीकृति जारी हुई है। जो 2 साल के कुल विधायक कोष का 50 फीसदी है। वहीं, डिप्टी सीएम दीया कुमारी अब तक अपने क्षेत्र में विधायक कोष से 7.21 करोड़ रुपए से ज्यादा की स्वीकृतियां जारी कर चुकी हैं। डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा ने अपने विधानसभा क्षेत्र दूदू में विकास कार्यों के लिए अपने विधायक कोष से अब तक 5.87 करोड़ रुपए के विकास कार्य स्वीकृत कर चुके है।
उन्नाव से दवा लेकर लौट रहे दंपत्ति को नौबस्ता चौराहे पर तेज रफ्तार डंपर ने पीछे से टक्कर मार दी। भागने के प्रयास में डंपर ने दंपत्ति को कुचल दिया। राहगीरों के पीछा करने पर चालक डंपर छोड़ कर मौके से फरार हो गया। मौके पर पहुंची नौबस्ता पुलिस ने दंपत्ति को हैलट अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने पत्नी को मृत घोषित कर दिया, वहीं पति गंभीर हालत में आईसीयू में भर्ती हैं। पनकी पड़ाव निवासी अरविंद सोनी दादा नगर स्थित फैक्ट्री में नौकरी करते थे। परिवार में पत्नी कलावती (40) व दो बच्चे पूजा व गोलू हैं। भतीजे कल्लू ने बताया कि कई महीनों से चाची कलावती की तबीयत खराब चल रही थी। जिस पर गुरुवार दोपहर वह चाचा के साथ बाइक से दवा लेने के लिए उन्नाव गईं थीं। देर शाम दोनों घर वापसी कर रहे थे। वह नौबस्ता चौराहे के पास रेड लाइट होने के कारण रुके थे, उसी दौरान पीछे से आए अनियंत्रित डंपर ने बाइक में टक्कर मार दी, जिससे दोनों सड़क पर गिर पड़े। भागने के चक्कर में डंपर दोनों को रौंदता हुआ भागने लगा, राहगीरों के पीछा करने पर चालक डंपर छोड़ कर फरार हो गया। नौबस्ता पुलिस दोनों घायलों को हैलट लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। वहीं पति गंभीर हालत में आईसीयू में एडमिट हैं।
बांसवाड़ा में सड़क हादसे में घायल हुए रिटायर्ड मैनेजर की सड़क हादसे में मौत हो गई। इलाज के लिए उन्हें उदयपुर ले जाया जा रहा था लेकिन बीच रास्ते में 66 साल के बलवीर सिंह की तबीयत बिगड़ गई और दम तोड़ दिया। घटना गुरुवार दोपहर 1 बजे शहर के डायलाब मार्ग पर सर्किट हाउस के सामने की है। वे सड़क पार कर रहे थे, तभी स्पीड में आ रहे डंपर ने कुचल दिया था। पैर के ऊपर से निकला टायर, चिथड़े उड़ गए थे सीआई बुद्धाराम बिश्नोई ने बताया कि बलवीर सिंह ठीकरिया में लैम्पस मैनेजर के पद पर रह चुके हैं। वे शहर के शिव मार्ग पर रहते थे। गुरुवार दोपहर 1 बजे वे डायलाब मार्ग पर आए थे। इसके बाद सर्किट हाउस के सामने वाली सड़क पार कर जा रहे थे। तभी स्पीड में आ रहे डंपर ने टक्कर मार दी। टक्कर के बाद डंपर ड्राइवर उनके पैर पर से निकल गया। हादसा इतना भयंकर था कि उनके पैर के चिथड़े उड़ गए। उन्हें शहर के महात्मा गांधी हॉस्पिटल लाया गया। जहां उनकी हालत देखते हुए उदयपुर रैफर किया गया था। लेकिन, बीच रास्ते में उनकी तबीयत बिगड़ गइ और मौत हो गई। शुक्रवार को पोस्टमॉर्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
इंदौर से बहला-फुसलाकर लाई गई गुना की एक युवती को कैंट पुलिस और स्थानीय वकील के प्रयासों से सकुशल बरामद कर लिया गया है। युवती पिछले 6 महीने से गुना के गुलाबगंज क्षेत्र में रह रही थी। दोनों ने ADM कोर्ट में शादी के लिए आवेदन भी किया था, जिसे अब युवती द्वारा वापस लेने की प्रक्रिया की जा रही है। युवती परिवार वालों के साथ जाने राजी हुई, जिसके बाद उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार इंदौर निवासी एक युवक करीब 6 माह पूर्व इंदौर की एक युवती को बहला-फुसलाकर गुना ले आया था। वह युवक यहाँ कैंट थाना क्षेत्र के गुलाबगंज में निवास कर रहा था और उमरी रोड स्थित एक वेल्डिंग की दुकान पर कार्य कर रहा था। काफी समय तक खोजबीन करने के बाद, जब युवती के परिजनों को उसके गुना में होने की पुख्ता सूचना मिली, तो उन्होंने गुना के अधिवक्ता दीपक रजक से संपर्क साधा। अधिवक्ता ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कैंट पुलिस को पूरे प्रकरण से अवगत कराया। सूचना मिलते ही कैंट पुलिस सक्रिय हुई। एडवोकेट दीपक रजक और पुलिस टीम के सहयोग से युवती को उचित समझाइश दी गई। काउंसलिंग के बाद युवती अपने परिजनों के साथ जाने को तैयार हो गई। शाम को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने युवती को उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया, जिसके बाद वह खुशी-खुशी अपने घर इंदौर के लिए रवाना हुई। इस सफल रेस्क्यू और सामाजिक सक्रियता को देखते हुए हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा गया। गुरुवार शाम को मंच के सदस्य कोर्ट परिसर पहुंचे और अधिवक्ता दीपक रजक का फूल-मालाओं से स्वागत कर उनका सम्मान किया गया।
बोकारो जिले के पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र स्थित गुरुकुल पब्लिक स्कूल परिसर में देर रात आगजनी की घटना सामने आई है। असामाजिक तत्वों ने स्कूल में खड़ी तीन बसों और एक टाटा मैजिक को आग के हवाले कर दिया, जिससे सभी वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो गए। यह घटना देर रात लगभग 10:30 बजे के बाद हुई। घटना के समय स्कूल परिसर में सभी स्टाफ, कर्मी और चौकीदार अपने-अपने कमरों में सो रहे थे। चौकीदार ने बताया कि उन्हें देर रात कुछ असामान्य आवाजें सुनाई दीं। खिड़की से झांकने पर उन्होंने आग की लपटें देखीं। जब उन्होंने बाहर निकलने का प्रयास किया तो पाया कि उनका कमरा बाहर से बंद कर दिया गया था। हॉस्टल में रह रहे बच्चों ने शोर सुनकर दरवाजा खोला। सीसीटीवी कैमरों के तार काट दिए थे स्कूल निदेशक ने भी बताया कि उनका कमरा भी बाहर से बंद कर दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि आगजनी से पहले असामाजिक तत्वों ने स्कूल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के तार काट दिए थे, ताकि घटना का कोई सबूत न मिल सके। साथ ही, कई कमरों को बाहर से बंद कर दिया गया था, जिससे कोई बाहर न निकल पाए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक सभी वाहन पूरी तरह जल चुके थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सोनीपत जिला साइबर थाना पुलिस ने साइबर ठगी के गिरोह के 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने डेढ़ साल में सैकड़ों लोगों को अभी तक के शिकार बनाया है और जिसमें जांच मेरे सामने आया है कि आरोपियों ने करीब डेढ़ करोड़ रुपए की ठगी की है। जहां पुलिस ने दो आरोपियों को जेल भेज दिया है और अन्य तीन को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। साइबर अपराधी लोगों को आसान कमाई और क्रेडिट कार्ड प्वाइंट्स बढ़ाने कराने का लालच देकर ठगी का शिकार बना रहे थे। जहां सोनीपत के एक युवक से एक लाख 27 हजार रुपए की साइबर ठगी की गई। शिकायत के बाद साइबर क्राइम थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक बड़े ठगी गिरोह का खुलासा किया है, जिसने देशभर में सैकड़ों लोगों को निशाना बनाया था। 5 दिसंबर 2025 को दर्ज कराई गई थी शिकायत सोनीपत निवासी राहुल सैनी ने 5 दिसंबर 2025 को साइबर क्राइम थाना पुलिस में शिकायत दी थी। राहुल ने बताया कि अज्ञात लोगों ने उसे ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। लिंक के जरिए खाते से निकालते थे राशि राहुल सैनी के पास मोनिका नाम की एक महिला की कॉल आई थी। महिला ने खुद को क्रेडिट कार्ड कंपनी से जुड़ा बताते हुए प्वाइंट्स रिडीम कर पैसे कमाने का लालच दिया। इसके बाद महिला ने युवक को एक लिंक भेजा। जैसे ही राहुल ने उस लिंक पर क्लिक किया, उसके बैंक खाते से पैसे कटने शुरू हो गए और कुछ ही समय में एक लाख 27 हजार रुपए की रकम निकल गई। देशभर में फैला था ठगी का नेटवर्क पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी इसी तरीके से देश के अलग-अलग राज्यों में सैकड़ों लोगों को अपना शिकार बना चुके थे। गिरोह द्वारा फोन कॉल और ऑनलाइन लिंक के माध्यम से लोगों को भरोसे में लेकर ठगी की जाती थी। 5 आरोपी अलग-अलग लोकेशन से गिरफ्तार मामले में कार्रवाई करते हुए साइबर थाना पुलिस ने पांच आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में पानीपत के आर्यन, दिल्ली के अभय हैं। वहीं धर्मेंद्र ,वेदप्रकाश और दिव्यांशु वैशाली गाजियाबाद का रहने वाले है। वैशाली में चल रहा था कॉल सेंटर पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी वैशाली गाजियाबाद में एक कॉल सेंटर चला रहे थे, जहां से लोगों को कॉल कर ठगी की जाती थी। इस पूरे गिरोह का मुख्य सरगना धर्मेंद्र बताया जा रहा है, जो पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा था। डेढ़ साल में करीब डेढ़ करोड़ रुपए की ठगी जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने पिछले डेढ़ साल में सैकड़ों लोगों से करीब डेढ़ करोड़ रुपए की ठगी की है। ठगी की रकम को अलग-अलग खातों और डिजिटल माध्यमों से ट्रांसफर किया जाता था। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 16 मोबाइल फोन, छह सिम कार्ड, एक लैपटॉप और 14 हजार रुपए नकद बरामद किए हैं। बरामद डिजिटल उपकरणों की तकनीकी जांच की जा रही है। अन्य आरोपियों की तलाश जारीपुलिस का कहना है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की गई हैं। जल्द ही और खुलासे होने की संभावना है। एसीपी खरखौदा राजदीप मोर ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन किसी भी तरह के लालच में न आए। उन्होंने कहा कि थोड़े से लालच में लोग अपनी मेहनत की कमाई गंवा बैठते हैं और साइबर अपराधी उनके महत्वपूर्ण डेटा का भी दुरुपयोग कर सकते हैं।
बहराइच में सरकारी भूमि के निरीक्षण के दौरान नानपारा की SDM मोनालिसा जौहरी का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में गांव की दर्जनों महिलाएं एसडीएम के पैरों पर गिरती हुई दिखाई दे रही हैं। यह मामला शिवपुर ब्लॉक क्षेत्र स्थित पाठक पुरवा गांव का है। मुख्य विकास अधिकारी (CDO) के साथ प्रशासनिक टीम मंगलवार को पाठक पुरवा गांव पहुंची थी। टीम को गांव में स्थित सरकारी भूमि की जांच करना था। जैसे ही अधिकारियों ने मौके पर निरीक्षण शुरू किया, ग्रामीणों, खासकर महिलाओं ने इसका विरोध किया और पैर पर गिर पड़ीं। पहले देखिए तीन तस्वीरें... चार प्वाइंट में समझिए पूरा मामला... SDM ने बताया- राजस्व रिकॉर्ड में भूमि दर्ज नानपारा की एसडीएम मोनालिसा जौहरी ने इस मामले को लेकर बताया कि पाठक पुरवा में जिस भूमि का निरीक्षण किया गया, वह राजस्व रिकॉर्ड में सरकारी भूमि दर्ज है। इस भूमि को वन विभाग को वृक्षारोपण के उद्देश्य से सौंपा जा रहा है। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान कुछ महिलाएं भावुक होकर अपील करने लगीं। ------------------------------------------ ये खबर भी पढ़िए... कारोबारी के बेटे का अपहरण, हत्या करके बक्से में भरा:चित्रकूट में 2 घंटे में हत्यारोपी एनकाउंटर में ढेर; 40 लाख की फिरौती मांगी थी यूपी के चित्रकूट में कपड़ा कारोबारी के बेटे की अपहरण के बाद हत्या करने वाला बदमाश कल्लू एनकाउंटर में ढेर हो गया है। उसका साथी इरफान पैर में गोली लगने से घायल है। दोनों ने कारोबारी अशोक केसरवानी के 13 साल के बेटे का गुरुवार शाम 6 बजे अपहरण कर लिया था। 2 घंटे बाद वॉट्सऐप पर फोन कर 40 लाख की फिरौती मांगी, लेकिन कारोबारी ने इनकार कर दिया और पुलिस को सूचना दे दी। पकड़े जाने के डर से बदमाशों ने कारोबारी के बेटे की हत्या कर दी। फिर शव को बक्से में भरकर फरार हो गए। पूरी खबर पढ़िए...
जैसलमेर की मरुधरा की जीवनरेखा कहे जाने वाले ‘ओरण’ (पवित्र देववन) के अस्तित्व को बचाने के लिए अब तक का सबसे बड़ा जन-आंदोलन शुरू हो गया है। तनोट राय माता मंदिर से शुरू हुई 725 किलोमीटर लंबी 'ओरण बचाओ पदयात्रा' शुक्रवार को रामगढ़ पहुंची। यहां ग्रामीणों ने फूल बरसाकर पर्यावरण प्रेमियों का स्वागत किया। पर्यावरण प्रेमी सुमेर सिंह बोले- यह यात्रा महज एक पैदल मार्च नहीं, बल्कि 25 हजार ओरणों के हक की लड़ाई है जो अब सीधे प्रदेश की राजधानी जयपुर की चौखट पर दस्तक देगी। दरअसल, प्रशासन द्वारा तीन महीने के आश्वासन के बाद भी ओरण को रेवेन्यू रिकॉर्ड में दर्ज नहीं करने पर पर्यावरण प्रेमी खासे नाराज है। अब पदयात्रा निकालकर जयपुर कूच कर रहे हैं और वहां राजधानी में जाकर धरना लगाकर सरकार को जगाने का प्रयास करेंगे। क्यों सुलग रही है आंदोलन की आग? पर्यावरण प्रेमी सुमेर सिंह ने बताया - इस महासंग्राम की नींव प्रशासन की उस वादाखिलाफी पर टिकी है, जो पिछले साल 34 दिनों तक चले धरने के बाद दी गई थी। टीम ओरण के सुमेरसिंह सावंता ने तीखे शब्दों में कहा, प्रशासन ने हमसे तीन महीने का समय मांगा था, जिसकी मियाद 19 जनवरी को खत्म हो चुकी है। जब वादे फाइलों में दब गए, तो हमने सड़क पर उतरने का फैसला किया। अब फैसला जयपुर के ऐतिहासिक धरने में ही होगा। मुंहबोली ओरण बनाम सरकारी रिकॉर्ड: 17 हजार बीघा का भविष्य अधर में पर्यावरण प्रेमी भोपालसिंह झालोड़ा ने बताया कि राजस्थान में लगभग 25 हजार ओरणें हैं, जो लाखों हेक्टेयर में फैली हैं। विडंबना यह है कि इनमें से अधिकांश 'मुंहबोली' हैं, यानी सदियों से समाज इन्हें पूज रहा है, लेकिन राजस्व रिकॉर्ड में इनका नामोनिशान नहीं है। इसका फायदा उठाकर इन जमीनों पर अतिक्रमण और औद्योगिक कब्जे का खतरा मंडरा रहा है। वर्तमान में 17,562 बीघा जमीन के प्रस्ताव सरकार के पास लंबित हैं, जिनमें प्रमुख ओरण शामिल हैं: रामगढ़ में संकल्प: 'जब तक हक नहीं, तब तक वापसी नहीं' शुक्रवार को रामगढ़ में आयोजित महासभा में सैकड़ों लोगों ने एक सुर में ओरण-गोचर बचाने का संकल्प लिया। सभा के बाद जब पदयात्रा रवाना हुई, तो जनसैलाब उमड़ पड़ा। यह यात्रा अगले 30 दिनों तक विभिन्न गांवों और कस्बों से गुजरेगी। पदयात्रियों का लक्ष्य स्पष्ट है—जयपुर पहुंचकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करना और सरकार को इन पवित्र जमीनों को 'ओरण' के रूप में राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करने के लिए मजबूर करना। परंपरा बनाम विकास का टकराव पश्चिमी राजस्थान में ओरण न केवल वन्यजीवों और मवेशियों का आसरा हैं, बल्कि लोक संस्कृति का केंद्र भी हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि रिकॉर्ड में दर्ज न होने के कारण इन जमीनों पर सौर ऊर्जा और अन्य परियोजनाओं के नाम पर प्रकृति का दोहन किया जा रहा है। हमारी मांग केवल जमीन की नहीं, हमारी आस्था और विरासत की है, यह नारा पूरी यात्रा के दौरान गूंज रहा है।
महू के पत्ती बाजार क्षेत्र की चंदर गली में दूषित पानी से पीलिया और टाइफाइड फैलने का मामला गंभीर हो गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम क्षेत्र में घर-घर जाकर सघन सर्वे कर रही है। इस अभियान के दौरान कई नए मरीज सामने आए हैं, जिनमें अधिकांश बच्चे शामिल हैं। शुक्रवार को स्वास्थ्य कर्मियों ने प्रत्येक घर में पहुंचकर परिवार के सदस्यों से बातचीत की। उन्होंने बीमार लोगों के लक्षण दर्ज किए और संदिग्ध मरीजों की सूची बनाई। कई घरों में बच्चों को पीलिया, उल्टी-दस्त, बुखार और कमजोरी की शिकायत मिली है। टीम तत्काल दवाइयां उपलब्ध करा रही है और गंभीर लक्षण वाले बच्चों को अस्पताल भेज रही है। सर्वे के दौरान क्षेत्रवासियों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से नलों में बदबूदार और गंदा पानी आ रहा था। कई निवासियों ने आशंका व्यक्त की कि पाइपलाइन में लीकेज या नाली का पानी मिलने से संक्रमण फैला है। उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद समय पर सुधार नहीं किया गया। जांच टीम के अनुसार, सर्वे में लगातार और बीमार बच्चे सामने आ रहे हैं। कुछ परिवारों में एक से अधिक सदस्य संक्रमित पाए गए हैं। इससे संकेत मिलता है कि संक्रमण अभी पूरी तरह नियंत्रण में नहीं आया है। स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे घरों को विशेष निगरानी में रखा है। सीएमएचओ के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग की टीमें क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। पेयजल के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। प्रशासन ने लोगों से उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ पानी पीने, खुले स्रोतों के पानी से बचने और किसी भी लक्षण पर तुरंत जांच कराने की अपील की है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
छत्तीसगढ़ के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग में एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक के बाद विवाद खड़ा हो गया है। 21 जनवरी को निकायों के विकास कार्यों की समीक्षा के लिए आयोजित इस बैठक में नगरीय प्रशासन संचालक पर अधिकारियों के प्रति अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगा है। बैठक में प्रदेशभर के नगरीय निकायों के आयुक्त और मुख्य नगर पालिका अधिकारी शामिल थे। नगरीय प्रशासन अधिकारी-कर्मचारी कल्याण संघ (छत्तीसगढ़) ने आरोप लगाया है कि बैठक के दौरान संचालक ने अधिकारियों को 'अपशब्द कहे। संघ ने इसे एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा सत्ता के दुरुपयोग और अशोभनीय आचरण बताया है। सचिव को भेजा शिकायत पत्र इस मामले को लेकर संघ के प्रांतीय अध्यक्ष राजेश सोनी ने 22 जनवरी 2026 को छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव को एक औपचारिक शिकायत पत्र भेजा है। इस शिकायत पत्र की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, विभागीय सचिव और छत्तीसगढ़ कर्मचारी- अधिकारी फेडरेशन के संयोजक को भी भेजी गई है। पत्र में कहा गया है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के साथ इस तरह की अपमानजनक भाषा स्वीकार्य नहीं है। अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग कर्मचारी संघ के दुर्ग जिला अध्यक्ष राजू लाल चंद्रकार ने शासन से मांग की है कि संबंधित संचालक को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि माफी नहीं मांगी गई, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। इस संबंध में नगरीय प्रशासन संचालक से उनका पक्ष जानने के लिए फोन कर संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।
जगराओं के नजदीकी गांव अखाड़ा में पिछले ढाई साल से चल रहा बायोगैस फैक्ट्री विवाद आखिरकार खत्म हो गया है। गांव निवासियों की एकजुटता और लगातार संघर्ष के आगे प्रशासन को झुकना पड़ा, जिसके बाद अब यह बायोगैस फैक्ट्री गांव से बाहर पंचायती जमीन पर स्थानांतरित की जाएगी। इसके साथ ही, गांव में लगभग दो करोड़ रुपए के विकास कार्यों को भी मंजूरी मिल गई है। इस फैसले के बाद पिछले ढाई वर्षों से फैक्ट्री के सामने चल रहा धरना समाप्त कर दिया गया है। जगराओं प्रशासन की ओर से एसडीएम उपिंदरजीत कौर और एसपी रमनिंदर सिंह, डीएसपी जसविंदर सिंह ढींढसा, इंस्पेक्टर सुरजीत सिंह व थाना सदर के इंचार्ज ने संघर्ष कमेटी के प्रतिनिधि गुरतेज सिंह, गांव पंचायत और अन्य गांव प्रतिनिधियों के साथ एक संयुक्त बैठक की। बैठक में बड़ी संख्या में गांववासी भी मौजूद थे। ढाई साल से किया जा रहा था विरोध प्रदर्शन बता दें कि, अखाड़ा गांव के लोग शुरू से ही बायोगैस फैक्ट्री का विरोध कर रहे थे। इस दौरान कई बार पुलिस प्रशासन और ग्रामीण आमने-सामने आए। संघर्ष में गांव की महिलाओं और बच्चों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और सरकारी दबाव का डटकर मुकाबला किया। विरोध के चलते ग्रामीणों ने लोकसभा चुनाव का बहिष्कार भी किया था, जिसके कारण गांव में एक भी वोट नहीं पड़ा। यह मामला हाईकोर्ट तक भी पहुंचा, जिससे विवाद और अधिक उलझता चला गया था। आखिरकार, लुधियाना के डिप्टी कमिश्नर और जगराओं पुलिस अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठकों के बाद बायोगैस फैक्ट्री को गांव से बाहर स्थानांतरित करने पर सहमति बनी। अब यह फैक्ट्री अखाड़ा पंचायत की जमीन पर गांव से बाहर स्थापित की जाएगी, जबकि मौजूदा फैक्ट्री स्थल पर कम्युनिटी हॉल बनाया जाएगा। आपसी सहमति से समाप्त हुआ विवाद : एसडीएम समझौते के तहत गांव की अन्य मांगों को भी स्वीकार किया गया है। इनमें गांव ढोलन से गुरुद्वारा साहिब तक सड़क का निर्माण, तालाब को झील के रूप में विकसित करना, पंचायत घरों में सोलर सिस्टम लगाना, नशा मुक्ति केंद्र की स्थापना, ड्रेन पुल की साफ-सफाई और नई पुलिया का निर्माण, लाइब्रेरी सहित कई विकास कार्य शामिल हैं। इस मौके पर SDM उपिंदरजीत कौर ने कहा कि यह संतोष की बात है कि ढाई साल से चला आ रहा विवाद आपसी सहमति से समाप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि गांव के विकास कार्यों के लिए रेगुलर टेंडर जारी कर दिए गए हैं। वहीं संघर्ष कमेटी के प्रतिनिधि गुरतेज सिंह ने फैसले की पुष्टि करते हुए कहा कि यह संघर्ष गांववासियों की बड़ी जीत है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान गांव के लोगों, महिलाओं और बच्चों ने पुलिस लाठीचार्ज के बावजूद डटकर मुकाबला किया और कई लोगों ने खून बहाकर अपने हक की लड़ाई लड़ी, जिसकी बदौलत आज यह ऐतिहासिक फैसला सामने आया।
आगरा में ताजमहल को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब साध्वी समाहिता के बयान से यह मामला फिर चर्चा में आ गया है। उन्होंने ताजमहल को तेजोमहालय बताते हुए दावा किया कि इसमें भगवान महादेव कैद हैं। साध्वी समाहिता ने यह बयान आगरा के जीआईसी मैदान में आयोजित हिंदू सम्मेलन के दौरान दिया। उन्होंने कहा- आप परिक्रमा लगाते हो, तो आपकी परिक्रमा तेजोमहालय से प्रसिद्ध हो। आने वाले 5 हजार साल तक हिंदुओं का डंका बजेगा। ताजमहल को लेकर हिंदूवादी संगठनों की ओर से लंबे समय से इसे शिव मंदिर और तेजोमहालय होने का दावा किया जा रहा है। इस मुद्दे पर समय-समय पर प्रदर्शन भी होते रहे हैं। अधिवक्ता अजय प्रताप सिंह की ओर से ताजमहल बनाम तेजोमहालय को लेकर मामला अदालत में दाखिल किया गया है, जिस पर फिलहाल कोर्ट में सुनवाई चल रही है। शाहजहां के उर्स का भी हुआ विरोध हाल ही में शाहजहां उर्स को लेकर भी हिंदू संगठनों ने विरोध जताया था। अखिल भारत हिंदू महासभा के कार्यकर्ता पुरातत्व विभाग कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए थे। इस दौरान ढोल-मंजीरे और शंख बजाकर शिव चालीसा का पाठ किया गया। हिंदू संगठनों का कहना है कि ताजमहल के भीतर भगवान शिव का वास है। उनका तर्क है कि जब मामला कोर्ट में विचाराधीन है, तो यहां उर्स का आयोजन करना ठीक नहीं है। इसे उन्होंने अफसोसजनक बताया और विरोध जारी रखने की चेतावनी दी। ताज पर झंडा फहराने की उठी मांग विश्व धरोहर ताजमहल पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराने की मांग उठाई है। राष्ट्रीय हिंदू परिषद (भारत) के कार्यकर्ताओं का कहना था-देश के अधिकांश राष्ट्रीय स्मारकों पर तिरंगा शान से लहरा रहा है, लेकिन विश्व प्रसिद्ध ताजमहल पर राष्ट्रीय ध्वज न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। राष्ट्रीय हिंदू परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित गोविंद पाराशर ने कहा कि आगरा की पहचान विश्व भर में ताजमहल से है और यहां रोजाना हजारों देशी-विदेशी पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में यदि ताजमहल पर तिरंगा फहराया जाता है तो इससे देश की शान बढ़ेगी और पर्यटकों के बीच राष्ट्रवाद का सकारात्मक संदेश जाएगा। अब पढ़िये साध्वी समाहिता ने क्या कहा... साध्वी ऋतंभरा की शिष्या एवं कथावाचक साध्वी समाहिता ने कहा- ताजमहल वास्तव में तेजोमहालय है और इसमें भगवान महादेव कैद हैं। उन्होंने कहा- अग्रवन के लोगों, अब कब जागोगे? डरने की कोई जरूरत नहीं है। अगर आपने अगले 50 वर्षों में अपने अस्तित्व को पहचान लिया, तो आने वाले 5 हजार साल तक हिंदुओं का डंका बजेगा। साध्वी समाहिता ने आगे कहा- आगरा के चारों कोनों पर भगवान महादेव विराजमान हैं और शहर के केंद्र में भी मनकामेश्वर मंदिर स्थापित है। उन्होंने कहा- जिस शहर के चारों कोनों की स्वयं महादेव रक्षा कर रहे हों, वहां की परिक्रमा यदि होती है, तो वह तेजोमहालय से भी अधिक प्रसिद्ध होगी। बस जरूरत है जागने की। देवकीनंदन ठाकुर ने ये कहा हिंदू सम्मेलन को संबोधित करते हुए देवकीनंदन ठाकुर ने कहा- आगरा की पहचान ताजमहल से क्यों होनी चाहिए? क्या यहां यमुना नहीं हैं, यहां मंदिर नहीं हैं, क्या यहां अकेला ताजमहल ही है, जिसके लिए आगरा को फेमस कर दिया। हम क्या किसी की कब्र देखने जाएंगे...हम इतने फ्री हैं कि किसी की कब्र देखेंगे। जिसे शौक हो, वह जाओ कब्रों को देखो...आई डोंट केयर। कथावाचक ने कहा- हम ताजमहल से पहले कृष्ण जन्मभूमि को देखना चाहते हैं, हमें वहां कृष्ण जन्म की पवित्र पावन भूमि पर मेरे ठाकुरजी का मंदिर चाहिए।

