‘बचपन से ही मां ने एक चीज दिल में डाली थी की अधिकारी बनना है। UPSC क्रेक करना है, तो उसी समय से दिल में इस बात को ठाना था कि मां का सपना पूरा करना है। बस इसी के साथ तैयारी शुरू की। उस समय इंटर में थी और कोरोना काल था। ' 'लाॅकडाउन में मैंने UPSC की तैयारी शुरू की पर पहले अटेम्प्ट में नहीं हुआ तो सोचा की शायद हमारे लिए यह परीक्षा नहीं बनी पर दूसरे अटेम्प्ट में भी नहीं हुआ लेकिन तीसरे मुझे 453वीं रैंक मिली है। अब लगता है मां का सपना पूरा कर सकी।’ ये कहना है वाराणसी के महेशपुर के रहने वाले रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर अरुण पाठक की तीन बेटियों और एक बेटे में में सबसे छोटी बेटी शिक्षा पाठक का; शिक्षा ने UPSC परीक्षा में हाल ही में आये रिजल्ट में 453वीं रैंक हासिल कर दो जिलों का नाम रौशन किया है। साल 2009 से वाराणसी में रह रहे रिटयर्ड सब इन्स्पेक्टर अरुण पाठक मूल रूप से बलिया के दोआबा क्षेत्र के रहने वाले हैं। लेकिन बेटी ने वाराणसी से ही परीक्षा दी थी। ऐसे में इस अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर दैनिक भास्कर ने वाराणसी की होनहार और मेधावी शिक्षा पाठक से उनकी UPSC की तैयारियों और उनकी सफलता को जाना; साथ ही उनकी मां और बहनों से भी बात किया। पढ़िए रिपोर्ट… सबसे पहले जानिए UPSC में 453वीं रैंक लाने वाली शिक्षा पाठक से उनकी सफलता की कहानी… वाराणसी के मंडुआडीह थानाक्षेत्र के महेशपुर में साल 2009 में घर बनवाने वाले यूपी पुलिस से रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर अरुण पाठक और उनकी पत्नी शीला पाठक के चार बच्चे हैं। एक बेटे और तीन बेटियां जिसमें शिक्षा पाठक सबसे छोटी हैं। महेशपुर स्थित अरुण पाठक के मकान जब हम पहुंचे तो वो हमारा इंतजार ही कर रहे थे। दरवाजे पर मिले और कहा - आइये आप का ही इंतजार था। आज दोपहर में सोया भी नहीं की आप लोग आ रहे हैं। घर के अंदर खुशी का माहौल था। टेबल पर मिठाइयां और उनके डिब्बे रखे थे। शिक्षा की मां और बहनों के चेहरे से खुशी झलक रही थी। पर शिक्षा के मन में अभी भी एक द्वन्द चल रहा था। हमने शिक्षा और उसकी मां और बहन से बात की और शिक्षा की सफलता की कहानी जानी। लॉकडाउन से घर में शुरू की पढ़ाई शिक्षा पाठक पहले तो संकुचाई पर फिर एक अधिकारी की तरह सभी सवालों के जवाब दिए। शिक्षा ने बताया - मम्मी का सपना था जिसे आअज मैंने पूरा किया है। मम्मी स्कूल टाइम से ही कहती थी की बेटा आप को यूपीएससी क्रेक करना है। पहले उनकी बातों को कभी सीरियस नहीं लिया। बात उस वक्त की है जब कोरोना काल आया और मै इंटर सेकेंड ईयर में थी। लॉकडाउन में मैंने UPSC की पढ़ाई घर में ही शुरू कर दी। तीसरे अटेम्प्ट में मिली रैंक शिक्षा ने बताया - पहली बार जब मैंने UPSC परीक्षा दी थी। उस वक्त मेरी उम्र काफी कम थी। मैंने साल 2023 में UPSC का दिया पर प्रीलिम्स नहीं निकला। उसके बाद 2024 में फिर दिया तब 13 नंबर से रुक गया। इसके बाद साल 2025 में तीसरे अटेम्प्ट में मुझे 453वीं रैंक मिली है और अब मुझे लगता है कि मां के सपने को पूरा कर पाई हूं। सेल्फ स्टडी से हासिल किया मुकाम शिक्षा ने बताया - मैंने यह तय किया था कि हम दिल्ली जाकर तैयारी न करके सेल्फ स्टडी से ही पढ़ाई करेंगे। इसके बाद UPSC का एग्जाम देंगे। हमने अपनी फाउंडेशन सेल्फ स्टडी से करनी थी। इसलिए हमने लॉकडाउन में ही पढ़ाई स्टार्ट कर दी थी। क्योंकि उस वक्त हमारे पास काफी समय था। तो हमने उसी समय शुरू कर दिया क्योंकि कॉलेज भी ऑफलाइन नहीं बल्कि ऑनलाइन थे। एजुकेशन और वीमेन डेवलेपमेंट फिल्ड में करना चाहती है काम शिक्षा पाठक ने बताया - एग्जाम क्रेक करने के बाद थोड़ा रिलीफ लग रहा है। हम आगे अपनी रैंक बेहतर करने के लिए फिर पढ़ाई करेंगे। लेकिन अगर इस रैंक से हमें कोई पद मिलता है तो हम एजुकेशन और वीमेन डेवलेपमेंट पर कार्य करना चाहेंगे। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां और बहनों को दिया। पहली बार के बाद छोड़ दिया था मन शिक्षा ने बताया - मैंने UPSC के लिए इलिजिबल होने के पहले से पढ़ाई शुरू कर दी। पहले अटेम्प्ट में जब नहीं हुआ तो मुझे लगा कि शायद ये पढ़ाई हम लोगों के लिए नहीं बनी है। पर मेरी मां और भाई-बहनों ने सपोर्ट किया। इसके बाद सेकेंड अटेम्प्ट में जब करीब पहुंची तो विश्वास आया और आज उसका परिणाम सामने है। घर का हमेशा मिला सहयोग, भतीजा-भतीजी खास शिक्षा ने बताया - पढ़ाई के दौरान कई बार स्ट्रेस भी आया पर मेरे भतीजे और भतीजी ने वो स्ट्रेस छूमंतर कर दिया। इसके आलावा मेरी मां, भाई और दोनों बहनों ने हर समय मेरा सपोर्ट किया और मुझे भरोसा दिलाया कि मै पास हो जाऊंगी जिसके दम पर मै आगे बढ़ गई। सेल्फ स्टडी पर ज्यादा करें फोकस UPSC के थर्ड अटेम्प्ट में क्रेक करने वाली शिक्षा ने तैयारी कर रहे लोगों को टिप्स देते हुए कहा - लोगों को जो अभी भी तैयारी कर रहे हैं। वो कन्सेंसटेन्सी बनाए रखें। वो काफी ज्यादा जरूरी है। इसके अलावा सेल्फ स्टडी मस्ट है। बिना उसके आगे बढ़ पाना संभव नहीं है। अब जानिए शिक्षा की मां और बड़ी बहन ने क्या बताया? मोहल्ले और समाज को क्या दिया जवाब?… परिवार और समाज का मुंह किया बंद बेटी की सफलता से सबसे अधिक उनकी मां शीला पाठक खुश दिखीं। शिला ने कहा - आज मेरी बेटी ने UPSC क्रेक करके परिवार और समाज के उन लोगों का मुंह बंद कर दिया जो लोग कहते थे कि खाना बनाना सिखाओ। बेटियां खाना नहीं बनाएंगी तो परिवार कैसे चलाएंगी पर आज शिक्षा ने मेरा सपना पूरा कर दिया है। उसने अपनी रैंक से परिवार और समाज का मुंह बंद कर दिया है। कभी नहीं कहा खाना बनाओ शीला ने बताया- मेरी तीन बेटियां हैं; रौशनी, दीक्षा और शिक्षा। रौशनी बीएचयू से पीएचडी कर रही। इसके अलावा दीक्षा और शिक्षा UPSC की तैयारी कर रही हैं। लेकिन कभी आज तक मैंने अपनी बेटियों को खाना बनाने के लिए नहीं कहा। सब मैं करती हूं। लड़कियां सिर्फ चाय बना लेती हैं। जब खाना बनाने की आवश्यकता होगी तो वो भी सीख लेंगी और अफसर बन गयी तो उसकी भी कोई जरूरत नहीं। जहां जाएंगी वहां उन्हें खाना बनाने वाले भी मिलेंगे। किताबों से है दोस्ती और प्यार शिक्षा की बड़ी बहन दीक्षा ने बताया - शिक्षा बचपन से ही बहुत मेहनती रही है। कभी उसने स्कूल या बाहर कोई दोस्त नहीं बनाया। स्कूल या कालेज में भी खाली समय में लाइब्रेरी में ही गुजारा और कह सकते हैं कि किताबों से ही उसे दोस्ती और प्यार है। आज पूरा परिवार बहुत खुश है। और ये सिर्फ उसकी वजह से है तो वो डिजर्व करती है हर चीज।
नमस्कार लखनऊ, मुस्कुराइए, आज 8 मार्च, दिन रविवार है... हम आपके लिए आज के इवेंट और आपसे जुड़ी काम की बातों को लेकर आए हैं। इसमें बता रहे हैं कि शहर में कहां और क्या-क्या हो रहा है। बिजली किन इलाकों में कटेगी, पानी किन इलाकों में नहीं आएगा। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट्स कहां हो रहे हैं। शहर का मौसम, सिटी का ट्रैफिक, सिनेमा, स्कूल-कॉलेज से जुड़ी जानकारियां भी हैं। पढ़िए क्या कुछ हैं, आपके काम की बातें... शहर में आपसे जुड़ी सुविधाएं और इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर- दैनिक भास्कर लखनऊ रिपोर्टिंग टीम से संपर्क करें- यदि आपके पास लखनऊ में किसी इवेंट, कार्यक्रम, आयोजन या किसी समस्या से जुड़ी कोई जानकारी है, जो आप दैनिक भास्कर ऐप पर प्रकाशित करवाना चाहते हैं, तो आप हमारे फोन नंबर- 9454292638 पर वॉट्सऐप मैसेज कर सकते हैं। लखनऊ टुडे को और बेहतर बनाने के लिए आप हमें अपना कीमती फीडबैक भी दे सकते हैं। इसके अलावा कहीं कोई घटना/दुर्घटना होती है, तो उसकी जानकारी भी आप हमें ऊपर दिए वॉट्सऐप नंबर पर मैसेज के जरिए दे सकते हैं।
नमस्कार, कानपुर में कल (शनिवार) की बड़ी खबरें… कानपुर पुलिस चरस-गांजा बेचने वालों की 'दोस्त' है। माल कहां से आना है? कहां बिकना है? ये सब पुलिस की शह पर होता है। जब छापेमारी से पहले तस्कर गांजा-चरस के अड्डों से हटने लगे, तब कमिश्नर ने पुलिसवालों की कॉल डिटेल चेक कराई। एक दरोगा और 3 हेड कॉन्स्टेबल की CDR में तस्करों के नंबर मिले। पुलिस वालों के जब मोबाइल चेक करवाए गए, तो कुछ ऑडियो ऐसे मिले, जिसमें वो तस्करों को माल (गांजा, चरस) हटाने के टिप्स दे रहे थे। घूसखोर लेखपाल आलोक दुबे को सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया। मुख्यमंत्री की बैठक के ठीक अगले दिन हुई इस कार्रवाई में सामने आया कि लेखपाल ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए करीब 50 करोड़ रुपए से अधिक कीमत की 41 संपत्तियां खड़ी कर ली थीं। कानपुर की ऐसी ही 10 बड़ी खबरों से गुजरने के लिए ऊपर वीडियो पर क्लिक करें… अब सिलसिलेवार 10 खबरें पढ़िए- 1ः कानपुर का घूसखोर लेखपाल आलोक दुबे बर्खास्त:50 करोड़ से ज्यादा की 41 संपत्तियां बनाई, जांच में खुलासे के बाद एक्शन कानपुर में भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए मंडलायुक्त के. विजयेंद्र पांडियन ने घूसखोर लेखपाल आलोक दुबे को सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया। मुख्यमंत्री की बैठक के ठीक अगले दिन हुई इस कार्रवाई में सामने आया कि लेखपाल ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए करीब 50 करोड़ रुपए से अधिक कीमत की 41 संपत्तियां खड़ी कर ली थीं। जांच में बेनामी संपत्तियों और जमीनों के क्रय-विक्रय में संलिप्तता भी सामने आई, जिसके बाद उसकी अपील खारिज कर दी गई और उसे तत्काल प्रभाव से सेवा से हटा दिया गया। पढ़ें पूरी खबर… 2ः चरस-गांजा बिकवाकर सिपाही ने कमाए 100 करोड़:छापेमारी से पहले तस्कर को कॉल करते-माल हटा लो; कानपुर में दरोगा-कॉन्स्टेबल के ऑडियो मिले कानपुर पुलिस चरस-गांजा बेचने वालों की 'दोस्त' है। माल कहां से आना है? कहां बिकना है? ये सब पुलिस की शह पर होता है। ये हम नहीं, बल्कि खुद कानपुर पुलिस कमिश्नर की जांच कह रही है। जब छापेमारी से पहले तस्कर गांजा-चरस के अड्डों से हटने लगे, तब कमिश्नर ने पुलिसवालों की कॉल डिटेल चेक कराई। एक दरोगा और 3 हेड कॉन्स्टेबल की CDR में तस्करों के नंबर मिले। पुलिस वालों के जब मोबाइल चेक करवाए गए, तो कुछ ऑडियो ऐसे मिले, जिसमें वो तस्करों को माल (गांजा, चरस) हटाने के टिप्स दे रहे थे। पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने इन पुलिस वालों की प्रॉपर्टी पर एक इंटरनल जांच बैठाई। इसमें हैरान करने वाले फैक्ट सामने आए। पढ़ें पूरी खबर…. 3ः गैंगस्टर की 24.77 करोड़ की जमीन सरकारी खाते में दर्ज:मानकों को ताक पर रखकर शौकत ने अपने नाम कराई थी, सिविल लाइंस में है कीमती जमीन कानपुर जिला प्रशासन ने मानकों को ताक पर रखकर बिल्डर व गैंगस्टर शौकत पहलवान को बेची गई 24.77 करोड़ की जमीन को वापस लिया है। सिविल लाइंस में मौजूद बेशकीमती नजूल की इस जमीन को आवंटियों ने वर्षों से न तो लीज रेंट जमा किया और न ही पट्टे का नवीनीकरण कराया। इसके बावजूद कलेक्टर की अनुमति लिए बिना भूमि को तीसरे पक्ष यानी शौकत अली उर्फ शौकत पहलवान की कंपनी एसए बिल्डर्स को बेच दिया था। जांच में खुलासा होने के बाद डीएम ने सख्त एक्शन लेते हुए इसे वापस नजूल में दर्ज कराया है। पढ़ें पूरी खबर… 4ः कल्याणपुर में कुत्ते ने युवती पर अटैक किया:सड़क पर दौड़ाकर बुरी तरह नोंचा, बचाने के लिए दौड़े लोग; CCTV देखिए कानपुर शहर के कल्याणपुर इलाके में आवारा कुत्तों का खौफ इस कदर बढ़ गया है कि अब राहगीरों का सड़क पर निकलना दुश्वार हो गया है। शुक्रवार शाम पुराना शिवली रोड पर एक पागल कुत्ते ने जमकर उत्पात मचाया। इस दौरान कुत्ते ने एक युवती पर जानलेवा हमला कर उसे बुरी तरह घायल कर दिया। हमले की यह पूरी घटना पास में लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पढ़ें पूरी खबर…. 5ः सिजेरियन डिलीवरी के 15 दिन बाद महिला की मौत:कानपुर में मायके पक्ष ने लगाया दहेज प्रताड़ना का आरोप; 2 साल पहले हुई थी शादी, पति हिरासत में कानपुर के शिवराजपुर थाना क्षेत्र एक महिला की मौत हो गई। महिला ने 15 दिन पहले ऑपरेशन से बच्चे को जन्म दिया था। तबियत में सुधार ना होने के चलते उसका इलाज चल रहा था। शुक्रवार रात हालत गंभीर होने पर पति ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसने दम तोड़ दिया। मामले की जानकारी महिला के मायके पक्ष को दी गई। मौके पर पहुंचे परिजनों ने ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद महिला के भाई ने पुलिस को मामले की जानकारी दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। महिला के भाई की तरफ से दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने सुबह करीब 10:30 बजे पति को हिरासत में लेकर जांच शुरू की। पढ़ें पूरी खबर… 6ः होली बाद कानपुर से दिल्ली-गुवाहटी के लिए स्पेशल ट्रेनें:7 और 9 मार्च को यात्रियों को मिलेगा लाभ, रेलवे ने टिकट बुकिंग शुरू की कानपुर में होली के बाद लौटने वाले यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रेलवे ने कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन से नई दिल्ली के बीच स्पेशल ट्रेन चलेगी। यह ट्रेन 7 से 9 मार्च तक संचालित होगी। इस ट्रेन में यात्री 7 और 8 मार्च की यात्रा के लिए इसमें आरक्षण करा सकते हैं। वहीं गुवाहटी से दिल्ली के लिए भी स्पेशल ट्रेन शुरू की गई है। रेलवे अफसरों के अनुसार ट्रेन संख्या 04263 7 से 9 मार्च के बीच कानपुर सेंट्रल से रात 10:30 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन रात 10:48 बजे पनकीधाम पहुंचेगी और अगले दिन सुबह 7:30 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। पढ़ें पूरी खबर…. 7ः दिन में सरकारी बसों ने 600 लाख कमाए:कानपुर में 3 लाख यात्रियों ने किया सफर; दिल्ली, आगरा और गोरखपुर से हुई रिकॉर्ड कमाई यूपी सबसे बड़े बस अड्डे ने अभी तक होली पर 6 करोड़ रुपए से अधिक की रिकॉर्ड आय की है। होली के त्योहार को लेकर उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने कानपुर रूट से दिल्ली, लखनऊ, आगरा, झांसी, गोरखपुर, झांसी रूट पर स्पेशल बसें चलाई जा रही हैं। 28 फरवरी से 10 मार्च तक 350 होली स्पेशल बसों का संचालन किया जा रहा है। झकरकट्टी बस स्टैंड पर निगम के अधिकारियों ने कंट्रोल रूम बनाया है, जहां अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं। वहीं बसों को स्टैंड के अंदर लाने के लिए अफसरों की ड्यूटी लगाई गई है। पढ़ें पूरी खबर… 8ः सपा विधायक की गैस एजेंसी में चोरी का खुलासा:7 आरोपी गिरफ्तार, 43 सिलेंडर बरामद; गोदाम का ताला तोड़कर 137 सिलेंडर ले गए थे कानपुर के चौबेपुर कस्बे में सपा विधायक अमिताभ बाजपेई की एचपी गैस एजेंसी के गोदाम से हुई सिलेंडर चोरी की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने चोरी के 43 गैस सिलेंडर बरामद करते हुए सात आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। कस्बे में बेला रोड स्थित सपा विधायक अमिताभ बाजपेई की एचपी गैस एजेंसी के गोदाम में 24 फरवरी की रात चोरों ने ताला तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। चोर गोदाम से 127 भरे सिलेंडर, सात खाली सिलेंडर और तीन कॉमर्शियल सिलेंडर चोरी कर ले गए थे। पढ़ें पूरी खबर…. 9ः लाइन से ट्रेन में RPF ने यात्रियों को चढ़वाया:कानपुर सेंट्रल पर होली बाद भीड़ बढ़ी, सुरक्षा जवानों ने मोर्चा संभाला कानपुर में कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर होली पर्व के बाद लौटने वाले यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने विशेष व्यवस्था की। यात्रियों को सुरक्षित तरीके से उनके गंतव्य तक भेजने के लिए प्लेटफॉर्म पर लाइन लगवाकर ट्रेनों में बैठाया जा रहा है। RPF की टीम ने भीड़ को नियंत्रित करते हुए यात्रियों को व्यवस्थित ढंग से ट्रेन में चढ़ाया, ताकि धक्का-मुक्की और अव्यवस्था की स्थिति न बने। पढ़ें पूरी खबर…. 10ः कानपुर में दलित महिला प्रधान ने दिया इस्तीफा:DM से बोलीं- पंचायत भवन नहीं बनने दे रहे दबंग, बेटे को जान से मारने की धमकी कानपुर की नौरंगा ग्राम पंचायत से प्रधान तुलसी देवी ने डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह को अपना इस्तीफा सौंपा। घाटमपुर में तहसील दिवस के दौरान तुलसी देवी ने बताया कि गांव के दबंग पंचायत भवन की बाउंड्री का निर्माण नहीं होने दे रहे हैं। इसके साथ ही उनका काम-काज देखने वाले बेटे को जान से मारने की धमकी दी है। साठगांठ होने के चलते प्रशासनिक अफसर उनकी कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं। मामले में डीएम ने तत्काल जमीन की पैमाइश और पूरे मामले की जांच का आदेश दिया है। वहीं, इस्तीफा स्वीकार नहीं किया। पढ़ें पूरी खबर…
पीबीएम हॉस्पिटल के नेफ्रोलॉजी विभाग का वार्ड जर्जर हालत में है। दीवार में सीलन के कारण फॉल्स सीलिंग उखड़ चुकी है। उसी छत के नीचे भर्ती मरीजों की डायलिसिस हो रही है। पास वाले कक्ष को अनसेफ घोषित कर दिया गया है। वहां किसी को भर्ती नहीं किया जाता। सबसे पीछे वाले कक्ष में डायलिसिस की कुछ मशीनें कबाड़ में पड़ी हैं। डायलिसिस के लिए मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। दरअसल पीबीएम हॉस्पिटल का नेफ्रोलॉजी विभाग खुद ही डायलिसिस पर है। न्यूरो साइंसेज की जर्जर बिल्डिंग के एक बड़े हॉल में यह विभाग चल रहा है। वार्ड की छत पर लगी फॉल्स सीलिंग टूटी हुई है। सीलन से दीवारों का प्लास्टर उखड़ चुका है। वहीं बेड पर मरीजों को रखा जा रहा है। हकीकत में पूरा वार्ड ही अनसेफ है। मरीजों के इलाज की सुविधाएं तक पूरी नहीं हैं। कुल 26 मशीन हैं, जिनमें से दो आईसीयू में लगी हैं। दो हेपेटाइटिस मरीजों के लिए रिजर्व रहती हैं। शेष 22 में से 20 काम कर रही हैं। उन पर रोज 60 मरीजों की डायलिसिस का भार है। दस नई मशीनें खरीदने के लिए डेढ़ करोड़ का बजट मंजूरी हो गया था। टेंडर लगाने की तैयारी थी, लेकिन कॉलेज के बजट में कटौती कर दी गई। एक मशीन पर एक दिन में तीन ही डायलिसिस हो रहे पीबीएम हॉस्पिटल में डायलिसिस की कुल 26 मशीनें वर्किंग में हैं। दो आईसीयू में रहती हैं। दो मशीनें हेपेटाइटिस मरीजों के लिए रिजर्व हैं। बाकी 22 में 20 मशीनों पर सुबह आठ बजे से लेकर रात आठ बजे तक करीब 60 मरीजों की डायलिसिस हो रही है। एक मशीन पर औसत तीन मरीजों की ही डायलिसिस हो पाती है। एक मरीज की डायलिसिस में एवरेज तीन से चार घंटे लगते हैं। एक घंटे मरीज को तैयार करने और वापस उपकरण से हटाने में लग जाता है। विभाग में कुल 15 नर्सेज का स्टाफ है। तीन शिफ्ट में ड्यूटी रहती है। कुछ नर्सेज छुट्टी पर रहती हैं। इस हिसाब से एक मशीन पर एक नर्सिंग कर्मी और टेक्नीशियन होना चाहिए, लेकिन स्टाफ की कमी के कारण ऐसा संभव नहीं हो पा रहा। एक नर्सिंग ऑफिसर पर तीन से चार मरीजों का भार रहता है। कई बार मरीज ज्यादा होने पर डायलिसिस का टाइम भी घटाना पड़ जाता है। डायलिसिस की 24 मशीनें कबाड़ हुईं, कंडम नहीं कर रहे नेफ्रोलॉजी विभाग में डायलिसिस की करीब 13 साल पुरानी 24 मशीनें कबाड़ में पड़ी हैं। दस साल चलने के बाद मैन्युफैक्चरर ने उनकी मेंटिनेंस बंद कर दी। यह मशीनें तीन साल से कबाड़ में पड़ी हैं। इन्हें कंडम घोषित करने के लिए निर्माता कंपनी को कई बार लिख चुके, लेकिन अब तक उनका इंजीनियर नहीं आया। इन मशीनों के कारण एक वार्ड रुका पड़ा है। उधर, मरीजों को भर्ती करने के लिए जगह कम पड़ रही है। किडनी ठीक से काम नहीं करने पर डायलिसिस जरूरी विशेषज्ञों के अनुसार यदि क्रोनिक किडनी रोग है तो किडनी रक्त को ठीक से साफ करने में सक्षम नहीं हो सकती। वेस्टेज प्रोडक्ट्स और फ्लूइड प्रोडक्ट्स आपके शरीर में खतरनाक स्तर तक जमा हो सकते हैं। उपचार न किए जाने पर यह शरीर में कई घातक लक्षण पैदा कर सकता है। ऐसा होने से पहले डायलिसिस रक्त से वेस्टेज प्रोडक्ट्स और फ्लूइड प्रोडक्ट्स को फिल्टर कर देता है। “हमारे पास 26 मशीनें वर्किंग में हैं। किसी मरीज को बिना डायलिसिस नहीं भेजा जाता। वर्क लोड अधिक होने पर जिला अस्पताल से करवाते हैं।”-डॉ. जितेंद्र फलोदिया, एचओडी, नेफ्रोलॉजी विभाग “डायलिसिस मशीनें खरीदने के लिए बजट मंजूर हो गया था। टेंडर प्रक्रिया शुरू करने वाले थे, लेकिन पैसा ही नहीं आया। अब अप्रैल में पैसा देने की बात कही जा रही है।”-डॉ. सुरेंद्र वर्मा,प्रिंसिपल, एसपी मेडिकल कॉलेज
डॉ. आनंद श्रीवास्तव होली के मौके पर वाराणसी पहुंचे थे। वह कार से शहर में स्थित पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज की तरफ से गुजरे तो बिना कुछ सोचे सीधे गेट के अंदर प्रवेश कर गए। यहां के प्रिंसिपल सुमीत कुमार श्रीवास्तव से मुलाकात की और अपना परिचय बताया। दरअसल, डॉ. आनंद वर्ष 1983 में इसी स्कूल से पढ़कर निकले थे और लंदन के यूनिवर्सिटी ऑफ नॉटिंघम में बाल रोग विभाग में प्राेफेसर हैं। करीब 35 बरस बाद जब अपने उसी स्कूल में पहुंचे तो उनकी पुरानी यादें ताजी हो गई। वह उस बिल्डिंग के पास पहुंचे जहां पर प्राणि शास्त्र विभाग का लैब हुआ करता था। लेकिन आज वह खंडहर के रूप में तब्दील हो चुका है। इस पर उन्होंने चिंता भी जाहिर की। बायोलॉजी के छात्रों के लिए प्रशिक्षित शिक्षक नियुक्त किए जाने के लिए उन्होंने आर्थिक सहयोग करने की भी बात कही। डाॅक्टरी की पढ़ाई के लिए छात्रों को करेंगे मोटिवेट डॉ. आनंद ने प्रिंसिपल के साथ कॉलेज की लाइब्रेरी, क्लॉसरूम और नवनिर्मित एआई लैब में जाकर बदलते और हाईटेक हो रहे कॉलेज को देखा। उन्होंने कहा, यहां का सबसे पुराना कॉलेज है यह। इसी कॉलेज से निकलकर बड़ी संख्या में लोग उच्च पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि वह मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों को पढ़ाते हैं। यहां के छात्रों के लिए भी वह ऑनलाइन क्लॉस लेंगे और डॉक्टरी की पढ़ाई करने के लिए प्रेरित करेंगे। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को देख पहचान गए क्वींस कॉलेज में पहुंचने पर डॉ. आनंद की मुलाकात बिहारी लाल से हो जाती है। यह वही बिहारी लाल थे जो यहीं पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी होते थे और अभी रिटायर होने के बाद भी अपने सेवाएं दे रहे हैं। डॉ. आनंद ने पूछा, हमें पहचान रहे हैं आप? लंबा गैप होने के कारण वह पहचान नहीं सके। फिर डॉ. आनंद ने कहा, पढ़ाई के दिनों में लैब में आप हम छात्रों का बहुत सहयोग करते थे।
थाना साइबर क्राइम पुलिस ने शेयर मार्केट में निवेश कर लाभ कमाने का झांसा देकर व्यक्तियों से ठगी करने वाले 02 शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। इनके नाम रइस पुत्र वहीद और जितेन्द्र कुमार पुत्र रुपचन्द को जनपद रामपुर हुई है। दोनों की गिरफ्तारी रामपुर से हुई है। इन दोनों के बैंक खातों में करीब 7.14 लाख रुपये की धनराशि प्राप्त हुई है। पूछताछ में बताया कि रईस साइबर फ्रॉड से आने वाले पैसों को अपने बैंक खाते में लेता था। जबकि जितेन्द्र कुमार अन्य लोगों के बैंक खाते खुलवाकर उनमें साइबर ठगी का पैसा मंगवाता था। इस मामले में अन्य लोगों के नाम भी सामने आए है जिनको भी जल्द गिरफ्तार किय जाएगा। देश भर में मिली 17 शिकायतइन दोनों के बैंक खातों के खिलाफ देश के अलग-अलग राज्यों से कुल 17 शिकायतें दर्ज हैं। जिनमें लगभग 1 करोड़ 32 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला प्रकाश में आया है। इनमें उत्तर प्रदेश एक, आंध्र प्रदेश में तीन, असम में एक, महाराष्ट्र में चार , गुजरात में एक, कर्नाटक में एक, मध्य प्रदेश में एक, राजस्थान में एक , तमिलनाडु में दो एवं पश्चिम बंगाल में दो की शिकायतें शामिल हैं। साइबर जागरूकता के लिए सुझाव
गुरुग्राम में हीरो होंडा चौक के पास लग्जरी गाड़ियों के शोरूम बिग बॉय टॉयज पर देर शाम बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की। शूटरों ने रियल एस्टेट कंपनी बीपीटीपी कंपनी के मालिक की कार को निशाना बनाकर गोलियां चलाई। घटना के वक्त बीपीटीपी कंपनी के मालिक कार में मौजूद नहीं थे। फायरिंग में ड्राइवर राजस्थान निवासी राजपाल गोलियों के छर्रे लगने से घायल हुए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस की टीमें मौके पर पहुंची और ड्राइवर को अस्पताल में भर्ती करवाया। फायरिंग में शोरूम का शीशे का दरवाजा टूट गया है। जबकि कई लग्जरी गाड़ियों के शीशे भी टूट गए हैं। इस संबंध में सेक्टर-37 थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। हिमांशु भाऊ गैंग से जुड़े तारबताया जा रहा है कि बीपीटीपी के मालिक को अक्तूबर 2024 में भाऊ गैंग की ओर से धमकी दी गई थी। गैंग की तरफ से कई करोड़ रुपए की एक्सटॉर्शन मांगी गई थी। इस संबंध में सेक्टर-37 थाने में प्राथमिकी भी दर्ज की गई थी। बाइक पर सवार होकर आए शूटर शनिवार की देर शाम करीब सात बजे एक बाइक पर सवार होकर आए तीन बदमाशों ने हीरो होंडा चौक के पास फायरिंग की। हालांकि वारदात के समय बीपीटीपी कंपनी मालिक कार में मौजूद नहीं थे। पुलिस जांच कर रही हालांकि जांच अधिकारी का कहना है कि जांच के बाद ही पता चल सकेगा कि गोली भाऊ गैंग की ओर से चलवाई गई है या अन्य किसी गैंग के सदस्य हैं। अक्तूबर 2024 में दर्ज हुए मामले को लेकर भी जांच की जा रही है। तीन आरोपियों की पहचान पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि फायरिंग करने वाले आरोपियों की पहचान झज्जर जिले के कुलासी गांव निवासी अतुल, दीपक व नीरज के रूप में हुई है। फायरिंग करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही उन्हें पकड़ लिया जाएगा।
वाराणसी नगर निगम लगातार हाउस टैक्स न जमा करने वालों पर कार्रवाई कर रहा है।इसी क्रम में नगर निगम की टीम पूर्वांचल की सबसे बड़ी सप्तसागर दवा मंडी में बकायदार मकान और दुकान मालिकों पर कार्रवाई की है। नगर निगम की टीम ने दवा मंडी के चिह्नित 175 दुकानों/मकानों पर बजाया कुल 5 करोड़ के टैक्स की वसूली शुरू करते हुए 10.30 लाख का बकाया एक दिन में वसूल लिया। इस दौरान कई प्रतिष्ठानों को सील भी किया गया जिसे लेकर दुकानदारों ने विरोध किया पर नगर निगम के अधिकारियों ने एक भी न सुनी। नगर निगम वाराणसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि संपत्ति कर वसूली अभियान लगातार जारी रहेगा तथा बड़े बकायेदारों के विरुद्ध आवश्यकतानुसार तालाबंदी एवं अन्य विधिक कार्रवाई की जाएगी। 175 बकायदार हुए हैं चिह्नित इस संबंध में कार्रवाई करने पहुंचे जोनल अधिकारी कोतवाली जोन मृत्युंजय नारायण मिश्रा ने बताया - वित्तीय वर्ष 2025-26 का अंतिम माह चल रहा है। इसी क्रम में नगर निगम वाराणसी बकाया संपत्ति कर वसूली अभियान में तेजी लाई जा रही है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के निर्देश पर नगर निगम की टीम ने सप्तसागर दवा मंडी क्षेत्र में बड़े बकायेदारों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई। मंडी में लगभग 175 मकान/व्यावसायिक प्रतिष्ठान ऐसे चिन्हित किए गए हैं। जिनके दुकानदारों एवं भवन स्वामियों द्वारा पिछले कई वर्षों से संपत्ति कर जमा नहीं किया गया है। इन सभी पर लगभग ₹5 करोड़ से अधिक का संपत्ति कर बकाया है। पहले दी गयी थी नोटिस, फिर हुई कार्रवाई जोनल अधिकारी ने बताया - नगर निगम के अधिकारियों एवं राजस्व निरीक्षकों ने कार्रवाई के पहले कई बार संबंधित भवन स्वामियों एवं दुकानदारों को नोटिस जारी किया था। उन्हें उनके यूज का बिल वितरित किया गया था। लगातार सभी बकायदारों से यह आग्रह किया गया कि वे अपना बकाया संपत्ति कर समय से जमा कर दें, परंतु इसके बावजूद कर जमा नहीं किया गया। विरोध के बीच हुई तालाबंदी जोनल अधिकारी ने बताया - इसी क्रम में शनिवार को मौके पर पहुंचकर बकायेदारों से तत्काल संपत्ति कर जमा करने के लिए कहा गया। इस दौरान कुछ लोगों द्वारा विरोध भी किया गया, किंतु नगर निगम की टीम ने नियमानुसार तालाबंदी की कार्रवाई की। इस दौरान कार्रवाई के दौरान दुकानदारों एवं भवन स्वामियों द्वारा मौके पर ही ₹10.30 लाख का संपत्ति कर जमा किया गया। साथ ही सभी बकायेदारों द्वारा अनुरोध किया गया कि वे 31 मार्च 2026 से पूर्व अपना शेष बकाया संपत्ति कर जमा कर देंगे।
ब्रज तीर्थ धाम में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वृंदावन में नवनिर्मित पर्यटन थाने का उद्घाटन फीता काटकर किया। यह थाना न केवल अपराध नियंत्रण, बल्कि तीर्थयात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधा और सहायता प्रदान करने के लिए एक अत्याधुनिक केंद्र के रूप में कार्य करेगा। अनेक भाषाओं के जानकार पुलिसकर्मी और अत्याधुनिक सुविधाएं वृंदावन का यह नया पर्यटन थाना देशी और विदेशी पर्यटकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। थाने में तैनात पुलिसकर्मी अंग्रेजी सहित कई विदेशी और प्रांतीय भाषाओं में पारंगत हैं, ताकि वे बाहरी पर्यटकों की समस्याओं को आसानी से समझ सकें। थाने में एक 24x7 सहायता केंद्र और विशाल स्वागत हॉल बनाया गया है, जहां यात्री विश्राम कर सकते हैं और जरूरी जानकारी ले सकते हैं। सेफ सिटी' प्रोजेक्ट: स्मार्ट सर्विलांस और सुरक्षा का पहरा सुरक्षा के मोर्चे पर यह थाना बेहद खास है। इसे 'सेफ सिटी' प्रोजेक्ट के तहत अत्याधुनिक सीसीटीवी सर्विलांस और स्मार्ट निगरानी प्रणाली से जोड़ा गया है। थाने में एक साइबर सेल भी बनाया गया है, जो डिजिटल ठगी और सोशल मीडिया से जुड़े मामलों पर नजर रखेगा। पर्यटकों के साथ होने वाली चोरी या ठगी जैसी घटनाओं की अब यहां सीधे रिपोर्टिंग और त्वरित जांच की जा सकेगी। सूचना केंद्र में एक ही छत के नीचे मिलेगी सभी जानकारी पर्यटन थाने के भीतर ही एक सूचना केंद्र स्थापित किया गया है। यहां श्रद्धालुओं को क्षेत्र के प्रमुख होटलों, गेस्ट हाउसों, धर्मशालाओं और मंदिरों के समय व स्थान की सटीक जानकारी मिलेगी। साथ ही होटलों और धर्मशालाओं के पंजीकरण की सुविधा भी यहां उपलब्ध कराई गई है, जिससे यात्रियों को रुकने के लिए सुरक्षित और प्रमाणित स्थान मिल सके। महिलाओं और दिव्यांगों को विशेष प्राथमिकता सरकार ने इस थाने में समावेशी व्यवस्था पर विशेष जोर दिया है। महिलाओं की सुरक्षा और सहायता के लिए यहां विशेष महिला हेल्प डेस्क बनाई गई है, वहीं दिव्यांग के लिए रैम्प और आधुनिक शौचालयों की व्यवस्था की गई है। इस थाना पर 130 पुलिस कर्मी तैनात रहेंगे। इसके अलावा आने वाले पर्यटकों के लिए कैंटीन भी बनाई गयी है। पर्यटन थाना पर एक कॉन्फ्रेंस रूम भी बनाया गया है।
सहारनपुर की देहात कोतवाली क्षेत्र के टपरी गांव में स्थित को-ऑपरेटिव शराब फैक्ट्री से जुड़े करीब 35 करोड़ रुपए के आबकारी घोटाले में अब प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। पुलिस और जिला प्रशासन ने फैक्ट्री की संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत फैक्ट्री की जमीन, भवन और अन्य संपत्तियों का मूल्यांकन कराया जा रहा है, ताकि कुर्की की कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की कानूनी या तकनीकी बाधा न आए। जानकारी के अनुसार, टपरी स्थित को-ऑपरेटिव कंपनी लिमिटेड में देशी शराब का उत्पादन किया जाता था। जांच के दौरान सामने आया था कि फैक्ट्री में रिकॉर्ड में हेराफेरी कर बड़े पैमाने पर आबकारी शुल्क और जीएसटी की चोरी की गई। अधिकारियों के मुताबिक, करीब 11 महीनों की अवधि में लगभग 35 करोड़ रुपए की एक्साइज ड्यूटी की चोरी का मामला सामने आया था। जांच में यह भी पाया गया कि फैक्ट्री में तकनीकी निगरानी के लिए लगाए गए उपकरणों से छेड़छाड़ की गई थी। जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम और सीसीटीवी जैसे उपकरणों को इस तरह से प्रभावित किया गया कि उत्पादन और सप्लाई से जुड़े वास्तविक आंकड़े छिपाए जा सकें। इसके जरिए अवैध रूप से अतिरिक्त देशी शराब का उत्पादन किया गया और उसे बाजार में खपाया गया। इस प्रक्रिया में जीएसटी, आबकारी और आयकर से जुड़ी बड़ी कर चोरी के साथ मनी लॉन्ड्रिंग के भी संकेत मिले थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पिछले वर्ष नौ दिसंबर 2025 को देहात कोतवाली पुलिस ने फैक्ट्री के प्रबंध तंत्र और शराब कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की थी। पुलिस ने शराब कारोबारी मनोज जायसवाल और नीरज जायसवाल सहित कुल 27 आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। आरोप है कि यह पूरा नेटवर्क संगठित तरीके से राजस्व को नुकसान पहुंचाने के लिए काम कर रहा था। अब इसी मामले में आगे बढ़ते हुए पुलिस ने फैक्ट्री की संपत्तियों को कुर्क करने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत थाना जनकपुरी पुलिस को संपत्ति के सत्यापन और विवरण जुटाने की जिम्मेदारी दी गई है। पुलिस फैक्ट्री की जमीन, भवन, मशीनरी और अन्य संबंधित संपत्तियों का पूरा ब्योरा तैयार कर रही है। इसके बाद सभी दस्तावेज जिला प्रशासन को भेजे जाएंगे, जहां से कुर्की की औपचारिक कार्रवाई शुरू होगी। इधर, चर्चा ये भी है कि आरोपी पक्ष ने मामले को कोर्ट में चुनौती दी है और उन्हें वहां से कुछ अंतरिम राहत मिली है। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच और कानूनी प्रक्रिया अपने निर्धारित नियमों के अनुसार जारी है। मामले के जांच अधिकारी इंस्पेक्टर विनोद कुमार मिश्रा ने बताया कि टपरी स्थित शराब फैक्टरी से जुड़े घोटाले में पहले गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जा चुकी है। अब आरोपियों की संपत्तियों को कुर्क करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इसके लिए आवश्यक कागजी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं और जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। इन पर लगी थी गैंगस्टर एमडी प्रणव अनेजा, यूनिट हेड उपेंद्र गोविंद राव, बटलिंग प्रभारी हरिशरण तिवारी, बारकोड डिस्पेचर प्रदीप कुमार, केमिस्ट अरविंद कुमार, क्वालिटी कंट्रोलर संजय कुमार शर्मा, ईटीपी प्रभारी मांगेराम त्यागी, ट्रांसपोर्टर जयभगवान शर्मा, ट्रक ड्राइवर गुलशेर, अशोक कुमार कश्यप, कमल डेनियल, वीरेंद्र शंखधर, सत्यवान शर्मा, अश्वनी कुमार उपाध्याय, संतलाल जायसवाल, अजय जायसवाल, मनोज जायसवाल, अशोक दीक्षित, रविंद्र किशोर, तत्कालीन आबकारी आयुक्त जगराम पाल, तत्कालीन आबकारी निरीक्षक अरविंद कुमार वर्मा, राकेश कुमार चतुर्वेदी, टीएस सोमशेखर, नीरज जायसवाल, कुलदीप सिन्हा, मैनेजर प्रदीप गुप्ता और मनीष उर्फ मिंटू जायसवाल।
जिले के सायरा क्षेत्र में खेत में सिंचाई कर रहे एक किसान पर तीन भालुओं ने हमला कर दिया। हमले में किसान गंभीर रूप से घायल हो गया। ग्रामीणों ने उसे देर रात उदयपुर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका उपचार जारी है। घटना सायरा थाना क्षेत्र के रोयड़ा के पास कड़ेचा की भागल गांव की है। जानकारी के अनुसार कड़ेचावास निवासी प्रेम सिंह (40) शुक्रवार रात करीब साढ़े नौ बजे अपने खेत में गेहूं की फसल को पानी दे रहे थे। इसी दौरान तीन भालुओं ने उन पर हमला कर दिया। भालुओं ने उनके मुंह, सिर और शरीर के कई हिस्सों पर गहरे घाव कर दिए, जिससे वे लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। प्रेम सिंह की चीखें सुन आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने लाठियों की मदद से भालुओं को भगाया। इसके बाद घायल किसान को तुरंत उदयपुर के जिला अस्पताल पहुंचाया। सूचना पर वन विभाग और पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची। भास्कर इनसाइट- 3 जिलों से जुड़ी सायरा रेंज, भालुओं का प्रमुख कॉरिडोरसायरा रेंज का क्षेत्र उदयपुर, पाली और राजसमंद जिलों से जुड़ा हुआ है। इस सीमावर्ती इलाके में चारों ओर घना जंगल और अभयारण्य क्षेत्र है, जहां बड़ी संख्या में भालू पाए जाते हैं। अक्सर ये जंगल से निकलकर गांवों और सड़कों तक आ जाते हैं। यह पूरा क्षेत्र भालुओं का प्राकृतिक कॉरिडोर माना जाता है, इसलिए यहां इनकी आवाजाही ज्यादा रहती है।
12 साल पुराने सिस्टम से शहर में पेयजल सप्लाई:रोज 5.60 करोड़ लीटर पानी की कमी से जूझ रहे 1.37 लाख लोग
गर्मी की शुरुआत हो चुकी है। अब पेयजल की मांग भी बढ़ गई है इसलिए जनता की परेशानी भी बढ़ गई है। दरअसल, झील-तालाबों के इस शहर में 12 साल पुराना पेयजल सप्लाई सिस्टम काम कर रहा है, जबकि इस बीच आबादी लगातार बढ़ रही है। शहर में अभी 10.20 करोड़ लीटर (102 एमएलडी यानी मिलियन लीटर) रोज की सप्लाई है। दूसरी ओर, जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग की ही कार्ययोजना के मुताबिक अभी शहर की 6 लाख 30 हजार आबादी को 15.80 करोड़ लीटर (158 एमएलडी) की जरूरत है। अभी रोज सप्लाई हो रहा 10.20 करोड़ लीटर पानी केवल 4.93 लाख लोगों के लिए ही पर्याप्त है। ऐसे में प्रतिदिन 5.60 करोड़ लीटर की कमी से 1 लाख 37 हजार लोग जूझ रहे हैं। ये आबादी यूडीए पेराफेरी में बसी है। नगर निगम के 70 वार्डों यानी शहरी परिधि में पेयजल सप्लाई सिस्टम ठीक है। फिर भी कई क्षेत्रों में तो 48 घंटे में 1 बार ही सप्लाई दी जा रही है। भुवाणा, बड़गांव, सवीना, बलीचा, नाकोड़ा नगर से डबोक तक सहित कई क्षेत्रों में लो प्रेशर की भी शिकायतें हैं। स्मार्ट सिटी के 18 वार्डों में 24 घंटे पानी सप्लाई का आदेश भी पिछले तीन सालों से अधूरा है। झील से पानी लाने व शुद्ध करने का काम उदयसागर झील पर इंटेक वेल बनाया जाएगा। 10 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) क्षमता का नया फिल्टर प्लांट बनेगा। इससे रोज 10 एमएलडी पानी शहर में सप्लाई किया जाएगा, जिससे खासकर प्रतापनगर क्षेत्र में जल आपूर्ति सुधरेगी। पाइपलाइन का काम पेयजल सप्लाई में ये भी बाधा- दो साल में 100 से ज्यादा बार पाइप लाइन क्षतिग्रस्त जयसमंद पाइप लाइन, नीमज माता सहित शहर के विभिन्न क्षेत्रों में दो साल में 100 से ज्यादा बार क्षतिग्रस्त हुई। इससे पेयजल सप्लाई बाधित रही है। पंप मशीनरी, ग्रिड सब स्टेशन आदि का निर्माण होना है, लेकिन यह काम लंबित है। सहेली मार्ग एरिया, शास्त्री नगर, डोरे नगर, भोपा मगरी, सेवाश्रम, प्रताप नगर, हिरणमगरी, पानेरियों की मादड़ी, सवीना, आनंद विहार, नाकोड़ा नगर आदि क्षेत्रों में 48 घंटे में आधे से एक घंटे पेयजल सप्लाई होती है।
अपना भविष्य देखो, क्यों दूसरों के चक्कर में जिंदगी खराब कर रही हो? डॉ. निधि जैन के कानों में आज भी परिवार के ये ताने गूंजते हैं। लेकिन, वे उन 9000 बेटियों की मुस्कान देखती हैं, जिन्हें उन्होंने ‘पलायन, मजदूरी और शोषण’ के दलदल से निकाला है। इसके आगे उन्हें अपना हर त्याग छोटा लगता है। खास यह है कि इनमें 80% आदिवासी बेटियां हैं। डॉ. निधि ने उदयपुर के एमएलएसयू से पीएचडी की। जॉब सहित कई रिसर्च के काम छोड़ दिए। दरअसल, उनके दिमाग में अपने क्षेत्र में लड़कियों के मजदूरी करने, काम के लिए पलायन कर मध्यप्रदेश, गुजरात जाने, फिर शोषण का शिकार होने के दृश्य घूमते थे। इसलिए उन्होंने लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाने को ही जीवन का लक्ष्य बना लिया। 2017 में अपने गांव कुशलगढ़ में सखी नाम से प्रोजेक्ट शुरू किया। यहां मुफ्त में सिलाई, कढ़ाई, बुनाई, मेंहदी लगाने जैसे कई हुनर सिखाने शुरू किए। गांव-गांव जाकर लड़कियों को जोड़ा। डॉ. निधि सबसे अच्छे हुनर वाली लड़कियों को भामाशाहों की मदद से इलेक्ट्रिक सिलाई मशीन भी उपहार में देती हैं, जिसकी कीमत करीब 15 हजार रुपए होती है। वे अब तक 80 मशीनें बांट चुकी हैं। 8 साल में उन्होंने जिन 9000 लड़कियां को सिखाया, वे हर महीने 25-30 हजार रुपए कमा रही हैं। इनमें करीब 3000 तो खुद की दुकान चला रही हैं। इनके हाथों से तैयार साड़ियां और परिधान आज ‘ट्राइब्स इंडिया’ के जरिए देशभर में बिकती हैं। बीए करने के बाद भी मजदूरी करती थी पूजा, अब आईटीआई की टीचर बनी पूजा डामोर बीए करके भी मजदूरी करती थी। शादियों में खाना बनाने जाती। फिर डॉ. निधि से जुड़कर दो साल सिलाई, कढ़ाई सीखी। इसी दौरान निधि से उसके लिए एक अफसर से मदद मांगी तो उन्होंने आईटीआई कॉलेज में टीचन बना दिया। अब वे वहां सिलाई-कढ़ाई सिखाती हैं। सामाजिक विवाद में पति की हत्या हो गई,… लेकिन हुनर के दम पर लड़ रही कविता कविता (बदला नाम) का पति मजदूर था। इसी दौरान वह डॉ. निधि से जुड़ीं। सिलाई-बुनाई सीखी, दुकान खोली और कमाने लग गई। पति ने भी साथ दिया, लेकिन समाज में झगड़ा हुआ तो पति की हत्या कर दी गई, घर भी जला दिया गया। फिर भी कविता ने हार नहीं मानी, वह अभी बाजार में खुद की दुकान चला रही हैं।
युवक की हत्या कर रील बनाने वाला गिरफ्तार:मथुरा पुलिस से हुई मुठभेड़,पैर में गोली लगने से हुआ घायल
होलिका दहन के एक दिन बाद नाबालिग बहन को परेशान करने वाले शादीशुदा युवक की हत्या करने वाले आरोपी को मथुरा पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद रील बनाई और दोनों हाथों में तमंचे लेकर फोटो स्टेटस पर पोस्ट किये थे। 3 मार्च को दिया था अंजाम 3 मार्च को थाना नौहझील क्षेत्र के सुहागपुर गांव में दिनदहाड़े 30 वर्षीय युवक अर्जुन की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वारदात को अंजाम गांव के ही रहने वाले भोला उर्फ हर्ष ने दिया था। भोला ने अर्जुन को घर के पास बुलाया। जहां उसके सीने में गोली मार दी। वारदात के बाद अर्जुन ने भागने का प्रयास किया। लेकिन आरोपी ने उसे दौड़ाकर एक और गोली मार दी। जिससे अर्जुन की मौके पर ही मौत हो गई थी। हत्या कर बनाई थी रील भोला ने हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद गांव में भय का माहौल बनाने के लिए दबंग अंदाज में रील बनाई। इतना ही नहीं उसने कुर्सी पर बैठकर दोनों हाथों में तमंचा लेकर फोटो भी खिंचाई। भोला ने रील और फोटो इंस्टाग्राम और फेसबुक पर शेयर किए। इसके साथ ही अपने व्हाट्स एप के स्टेटस पर भी लगाए जिससे गांव में उसका खौफ बन जाए। एक्सप्रेस वे के पास हुई मुठभेड़ अर्जुन की मौत के बाद परिवार वालों ने भोला और उसके दोस्त के खिलाफ हत्या का मुकद्दमा दर्ज कराया था। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी थी। शनिवार देर रात पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि अर्जुन यमुना एक्सप्रेस वे के माइल स्टोन 69.5 के पास बने अंडर पास पर मौजूद है। सूचना पर पहुंची पुलिस को देखते ही अर्जुन ने फायरिंग की। जिसके बाद पुलिस ने फायर किया जिसमें वह पैर में गोली लगने से घायल हो गया। 2 तमंचा लिए बरामद पुलिस ने भोला को घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया और उसे इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने भोला के पास से 2 तमंचा,10 कारतूस के अलावा हत्या की वारदात को अंजाम देने के समय प्रयोग की गई बाइक हीरो पैशन UP 85 AV 5345 बरामद कर ली। पुलिस भोला के दोस्त की तलाश कर रही है।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आज 8 मार्च को आगरा के सभी एएसआई संरक्षित स्मारकों में महिलाओं को नि:शुल्क प्रवेश दिया जाएगा। इस दिन देश-विदेश से आने वाली महिला पर्यटक बिना टिकट ऐतिहासिक धरोहरों का दीदार कर सकेंगी। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की ओर से महिला दिवस पर यह विशेष सुविधा दी जा रही है। इसके तहत आज सुबह स्मारक खुलने के साथ ही ताजमहल, आगरा किला और फतेहपुर सीकरी सहित आगरा के सभी संरक्षित स्मारकों में महिलाओं से प्रवेश शुल्क नहीं लिया जाएगा। यह सुविधा भारतीय और विदेशी दोनों महिला पर्यटकों के लिए लागू रहेगी। ताजमहल का मुख्य परिसर महिलाओं के लिए निशुल्क रहेगा, लेकिन मुख्य गुंबद यानी मेन मकबरे के अंदर जाने के लिए 200 रुपये का अतिरिक्त टिकट लेना अनिवार्य होगा। यह नियम पहले की तरह ही लागू रहेगा।अधिकारियों के अनुसार यह सुविधा सूर्योदय से सूर्यास्त तक लागू रहेगी। महिला दिवस के मौके पर स्मारकों पर महिला पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्थाओं को भी मजबूत किया गया है। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को देश की ऐतिहासिक धरोहरों से जोड़ना और पर्यटन को बढ़ावा देना
सीएनजी पंप पर पैसे के लेनदेन को लेकर कर्मचारी से मारपीट
भास्कर संवाददाता | देवास शहर के इंदौर रोड मधुमिलन चौराहे के पास स्थित सीएनजी पंप पर काम करने वाले युवक के साथ अचानक कुछ लोगों द्वारा मारपीट करने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच में लिया है। जानकारी के अनुसार मनीष मालवीय मधुमिलन चौराहे के पास स्थित सीएनजी पंप पर कर्मचारी के रूप में काम करता है। इसी बीच सलीम नाम का व्यक्ति अपना मैजिक वाहन लेकर पंप पर गैस भरवाने के लिए गया था। सलीम ने अपनी गाड़ी में 300 रुपए की सीएनजी भरवाई और भुगतान के लिए 500 रुपए का नोट दिया। पंप कर्मचारी द्वारा बाकी राशि वापस कर दी थी, लेकिन सलीम का आरोप था कि उसे पूरी राशि वापस नहीं की। इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस हो गई और विवाद बढ़ गया। सलीम ने अपने कुछ साथियों को मौके पर बुला लिया। सभी ने मिलकर पंप कर्मचारी मनीष मालवीय के साथ मारपीट कर दी। मारपीट के दौरान वहां मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर बचाया। घटना के दौरान किसी ने मारपीट का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो आने पर पुलिस ने एक दिन बाद मनीष मालवीय की शिकायत पर आरोपी सलीम और उसके अन्य साथियों के खिलाफ मारपीट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू की है।
गोरखपुर के मोहद्दीपुर-चारफाटक ओवरब्रिज पर दो लोगों को कुचलने से पहले गोल्डेन साहनी ने दो लड़कियों को अगवा करके उनके साथ अभद्रता की थी। विरोध करने पर गोलियां भी चलाई थी। इस मामले में भी गीडा थाने की पुलिस ने गोल्डन साहनी के ऊपर हत्या के प्रयास, छेड़खानी और अपहरण की कोशिश का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गीडा थाने में अपहरण और छेड़खानी का केस दर्ज बेलीपार इलाके की रहने वाली युवती ने गीडा पुलिस को तहरीर दी थी। युवती ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि वह 04 जून की सुबह अपनी सहेली के साथ लखनऊ से गोरखपुर आई थीं। सहेली के साथ बाघागाड़ा स्थित एक होटल में रुकी थी। दोपहर करीब तीन बजे जब वे होटल से अपने गांव जाने के लिए निकलीं, तभी गोल्डेन साहनी काले रंग की फॉर्च्यूनर से चार-पांच लोगों के साथ वहां पहुंच गया। गोल्डेन और उसके साथियों ने उसे और उसकी सहेली को जबरन अपने गाड़ी में बैठाने की कोशिश की। विरोध करने और शोर मचाने पर गोल्डेन साहनी ने अपने पास से पिस्टल निकाल लिया और उन पर फायर कर दिया। पीड़िता का आरोप है कि गोल्डेन शराब के नशे में था इस वजह से उसका निशाना चूक गया। जिससे उनकी जान बच गई। इस घटना के बाद वह किसी तरह वहां से भाग निकलीं। पीड़िता का दावा है कि पूरी घटना वहां मौजूद एक युवक ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया है। बेलीपार इलाके की रहने वाली युवती की तहरीर पर गीडा पुलिस ने गोल्डेन के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियोलड़कियों से अभद्रता के मामले में सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। गोल्डन उसमें अपशब्द बोलने के साथ अपने रसूख का भी परिचय दे रहा है। वहीं लड़कियां भी उसका विरोध कर रही हैं। हालांकि ‘हिन्दुस्तान’ इस वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं करता है। इस संबंध में एसएसपी डॉ. कौश्तुभ ने बताया कि बेलीपार इलाके की रहने वाली युवती ने अपने साथ हुई घटना की गीडा थाने में तहरीर दी है,तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। वीडियो और सीसीटीवी फुटेज से पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। ट्रैफिक नियम तोड़ने का आदी था गोल्डेनगोरखपुर के कौवाबाग-मोहद़दीपुर ओवरब्रिज पर मेडिकल छात्र और डॉक्टर के भाई को रौंदने वाला गोल्डेन साहनी ट्रैफिक नियमों को भी तोड़ने का आदी था। आरोपी खुद को निषाद पार्टी से जुड़ा बताने के साथ ही भावी ब्लॉक प्रमुख भी बताता था। पुलिस के अनुसार, आरोपी की फॉर्च्यूनर का 35 बार चालान हुआ है। जिसमे एक साल में 19 बार ओवरस्पीडिंग, दो बार डेंजर ड्राइविंग और पांच बार नो पार्किंग का उल्लंघन किया। यह आंकड़ा बताता है कि गोल्डेन का सड़क सुरक्षा के प्रति बिल्कुल भी ध्यान नहीं है। गोल्डेन जिस लक्जरी कार से चल रहा था वह एफआई टॉवर, कैंट रोड लखनऊ निवासी योगेंद्र के नाम पर रजिस्टर्ड है। एसपी ट्रैफिक राजकुमार पांडेय ने बताया कि ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई जरूरी है। लगातार नियम तोड़ने वाले ड्राइवरों को चेतावनी या चालान देने से काम नहीं चलता, बल्कि उन्हें जेल भेजने जैसी सख्त कार्रवाई से ही भविष्य में सड़क सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। पकड़े जाने के बाद भी मार रहा था स्टाइल गोरखपुर में फॉर्च्यूनर से MBBS छात्र समेत 2 लोगों को रौंदने वाला आरोपी पुलिस कस्टडी में रंगबाजी से चलता नजर आया। वीडियो में दिख रहा है कि दो पुलिसकर्मी उसे पकड़े हैं। वह जींस की दोनों जेबों में हाथ डालकर स्टाइल में चल रहा है। आरोपी गोल्डेन साहनी की सोशल मीडिया पर कैबिनेट मंत्री संजय निषाद के साथ कई रील हैं। उसकी मंत्री के साथ एक तस्वीर भी सामने आई है, जिसमें उसने कैप्शन लिखा है- कैबिनेट मंत्री (फूफा)। वह खुद को भावी ब्लॉक प्रमुख पिपरौली भी बताता था। दरअसल, होली यानी बुधवार की रात फॉर्च्यूनर चला रहे गोल्डेन साहनी ने ओवरब्रिज पर MBBS छात्र आकाश पांडेय और उमेश शर्मा (50) को टक्कर मार दी थी। आकाश पांडेय की मौके पर मौत हो गई। जबकि उमेश शर्मा ने गुरुवार देर रात एम्स में दम तोड़ दिया। हादसे के एक घंटे बाद पुलिस ने आरोपी को ट्रेस करके पकड़ लिया और थाने ले गई। उस समय उसने ब्लैक शर्ट और जींस पहनी हुई थी। अगले दिन यानी गुरुवार को जब पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, तो वह सफेद शर्ट में नजर आया। यानी, हिरासत में उसने कपड़े भी चेंज किए। पहले आरोपी की तस्वीरें देखिए आरोपी का लड़की को भी धमकाने का VIDEO सामने आयाआरोपी गोल्डेन साहनी का एक और वीडियो सामने आया है। इसमें एक लड़की छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए गोल्डेन साहनी को गालियां दे रही है। इस पर गोल्डेन साहनी भी गालियां देते हुए धमकी दे रहा है। इस दौरान लड़की सैंडल से मारने की बात भी कह रही है। जानिए पूरा मामलाहोली के दिन बुधवार रात करीब 10 बजे गोरखपुर में मोहद्दीपुर-कौवाबाग ओवरब्रिज पर हादसा हुआ था। फॉर्च्यूनर ने तीन-चार गाड़ियों को टक्कर मार दी। दूसरी गाड़ियों को हल्की टक्कर लगी, जबकि आकाश और उमेश शर्मा की स्कूटी में जोरदार टक्कर हुई। टक्कर लगते ही आकाश हवा में उछलकर करीब 15 मीटर दूर ओवरब्रिज की रेलिंग से टकराकर औंधे मुंह लटक गए। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, उमेश शर्मा घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। हादसे के बाद आसपास के लोग दौड़कर पहुंचे और ओवरब्रिज पर भीड़ लग गई। लोग वीडियो बनाते रहे, लेकिन किसी ने छात्र को रेलिंग से नहीं उतारा। राहगीरों की सूचना पर करीब 30 मिनट बाद पुलिस पहुंची और आकाश को रेलिंग से उतारा। इसके बाद पुलिस उमेश और आकाश को लेकर जिला अस्पताल पहुंची। यहां डॉक्टरों ने आकाश को मृत घोषित कर दिया। वहीं, उमेश कोमा में चले गए थे। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें गोरखपुर एम्स रेफर कर दिया, जहां गुरुवार देर रात इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई। हादसे की 3 तस्वीरें देखिए- हादसे में जान गंवाने वालों के बारे में पढ़िए MBBS छात्र घर का इकलौता बेटा थाआकाश पांडेय संतकबीरनगर के धर्मसिंघवा थाना क्षेत्र के बरगदवां का रहने वाला था। उनके पिता देवेंद्र नाथ पांडेय की टेंट की दुकान है, जबकि मां लीलावती देवी गृहिणी हैं। आकाश इकलौते बेटे थे। वह गोरखपुर में बीआरडी मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस थर्ड ईयर की पढ़ाई कर रहे थे। होली के दिन आकाश शाम को दोस्त अनूप के घर गए थे। वहां खाना खाने के बाद रात करीब 10 बजे हॉस्टल लौट रहे थे। इसी दौरान मोहद्दीपुर-कौवाबाग ओवरब्रिज पर हादसा हो गया। सूचना मिलते ही दोस्त अनूप अस्पताल पहुंचा और फूट-फूटकर रोने लगा। उसने डॉक्टरों से कहा-साहब, मेरे दोस्त को बचा लीजिए। उमेश के भाई डॉक्टर, प्राइवेट जॉब करते थेउमेश शर्मा गीता वाटिका के पास रहने वाले नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. कमलेश कुमार शर्मा के भाई है। कमलेश ने बताया कि उनके भाई उमेश प्राइवेट जॉब करते थे। परिवार में पत्नी और दो बच्चे- एक बेटा और एक बेटी है। होली के दिन उमेश अपनी बहन के घर शाहपुर गए थे। वहां से रात करीब 9:30 बजे स्कूटी से घर लौट रहे थे। जब वे मोहद्दीपुर–कौवाबाग ओवरब्रिज के पास पहुंचे, तभी फॉर्च्यूनर ने टक्कर मार दी। हादसे के बाद से ही वह कोमा में थे। BRD में MBBS छात्रों ने निकाला कैंडल मार्चबीआरडी मेडिकल कॉलेज में गुरुवार को MBBS छात्र के साथियों, इंटर्न डॉक्टरों और अन्य छात्रों ने कैंडल मार्च निकालकर श्रद्धांजलि दी। छात्रों ने कहा कि हादसे के आरोपी गोल्डेन साहनी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। लापरवाही से वाहन चलाने के कारण एक छात्र की जान चली गई।
परिंदे को मिलेगी मंजिल, ये फैले हुए उनके पर बोलते हैं,,वही लोग रहते हैं खामोश अक्सर, जमाने में जिनके हुनर बोलते हैं ये बातें गोरखपुर की इशिता शर्मा के ऊपर बिल्कुल फिट बैठती हैं। जिन्होंने अपने आईएएस के चौथे प्रयास में देश भर में 26 वीं रैंक हासिल करके गोरखपुर समेत पूर्वांचल का नाम रोशन किया। 6 मार्च को जारी आईएएस सूची में इशिता का नाम देखकर परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। उनके माता-पिता ने पास पड़ोस में मिठाई बांटकर खुशी जाहिर करने लगे। इशिता बचपन से ही पढ़ने में आगे थीं, वप बड़ी होकर आईएएस बनाना चाहती थीं। आईएएस रिजल्ट आने के बाद दैनिक भास्कर ने इशिता से खास बातचीत की। पढिए पूरा इंटरव्यू.… सवाल: अपनी इस जर्नी के बारे में बताइए जवाब: ये मेरा यूपीएससी में चौथा अटैम था, लास्ट टाइम मैं इंटरव्यू तक गई थी, लेकिन 14 मार्क्स से मेरा फाइनल सिलेक्शन नहीं हो पाया था। उससे पहले के जो दो अटेम्प्ट्स थे उसमें मै प्री भी नहीं पार कर पाई थी। फाइनली इतने साल के बाद मैं क्वालीफाई कर पाई। 2020 से मैं तैयारी कर रही थी। अब जाकर काफी अच्छा फील हो रहा है। सवाल: IAS बनाना है ये कब ख्याल आया था आपको? जवाब: एक्चुअली मुझे हमेशा से ही वो फील्ड चुनना था जो थोड़ा चैलेंजिंग हो। इसी वजह से मैने ये फील्ड चुनी थी। बाद में पता चला कि इसमें डिफरेंट डिपार्ट्मन्ट में आपको जाना पड़ेगा। पोस्टिंग के बाद भी काफी डाइवर्सिटी देखने के लिए मिलती है। सवाल: क्यों आपने अपने सब्जेक्ट को ही अपना ऑप्शनल विषय चुना? जवाब: ये बहुत ट्रिकी हो जाता है अगर आपका स्पेशलाइजेशन किसी ऐसे सब्जेक्ट में है जैसे इंजीनियरिंग मेडिकल तो ऐसे सब्जेक्ट को आप ऑप्शनल लेते हैं। अगर आपका वो सब्जेक्ट अच्छा है तो आपका मार्क्स गेन होगा नहीं तो आपकी पूरी मेहनत बर्बाद हो जाएगी। सवाल: पिछले बार आपका इंटरव्यू कुछ नंबर से रुक गया था, इस बार इतना तैयार थीं? जवाब: मैने अपनी पूरी तैयारी खुद सही की है, मैने अपने ऑक्सिनल के लिए ऑनलाइन कोचिंग ली थी बाकी मेरी सेल्फ स्टडी थी सवाल: सेल्फ स्टडी या कोचिंग, क्या बेहतर होता है? जवाब: देखिए कोचिंग बेहतर जरूर होती है, आपको कॉफ़ी गाइडेंस मिल जाता है। पर प्रॉब्लम ये है कि उस वातावरण में रहना, राजेंद्रनगर के करोल बाग़ में रहना काफी टॉक्सि हो जाता है बच्चों के लिए। मैं खुद भी दिल्ली से ग्रेजुएशन ऑफ़ पोस्ट ग्रेजुएशन की है। इसीलिए मुझे पता है कि मैं उस माहौल में रह नहीं सकती। मेरा भाई भी तैयारी करता है तो मुझे काफ़ी गाइडेंस उससे भी मिल गया था। इसलिए मुझे कोचिंग की जरूरत महसूस नहीं हुई। बाकी मैं दूसरे स्टूडेंट्स उनको यही कहूँगी कि आजकल अच्छे अच्छे ऑनलाइन कोचिंग इंस्टीट्यूट भी है वहाँ से भी गाइडेंस अच्छे मिल सकती हैं। सवाल: सोशल मीडिया को लेकर क्या कहना है? जवाब: एक्चुअली मेरे पास खुद का मोबाइल भी नहीं है, मैं पढ़ने के लिए अपना टैब इस्तेमाल करती हूँ सवाल: परिवार का कितना सपोर्ट मिलता है? जवाब: मम्मी पापा और मेरे भाई मेरा काफ़ी सपोर्ट करते हैं क्योंकि वो भी जानते हैं कि ये जर्नी काफी संघर्ष वाली हो जाती है एक टाइम के बाद लोनली महसूस होता है लेकिन मेरे परिवार ने कभी ऐसा मुझे महसूस नहीं होने दिया सवाल: पूजा पाठ में विस्वास करती हैं? जवाब: एग्जाम इतना अनसर्टेनिटी है कि भगवान पर विश्वास करना पड़ता है। मुझे बहुत मदद मिलती है। सुप्रीम पावर पर ट्रस्ट होने से काफी कॉन्फिडेंस मिलता मैं नीम करौली बाबा की पूजा करती हूँ। सवाल: पोस्टिंग के बाद कौनसा बड़ा बदलाव करेगी जो भी नहीं हो रहा है? जवाब: फिलहाल के लिए सब कुछ हो रहा है काम हो रहा है पॉज़िटिव नोट पे ही सब बढ़िया चल रहा है। किसके अलावा जो भी जिम्मेदारी मिलेंगे उसको मैं निर्वहन करूँगी। सवाल: अपनी सफलता का श्रेय किसको देंगी? जवाब: देखिए इसका श्रेय मैं अपने बड़े भाई को देना चाहती हूँ। इत्तफाक से वो भी तयारी के लिए बाहर है। सवाल: युवाओं के लिए क्या संदेश है? जवाब: सोशल मीडिया पर कम समय बिताएं, दिमाग उसमें ज्यादा न लगाएं। फ्रूटफुल चीजों में ध्यान दें। ये सबसे लिए है। इसके अलावा जो लोग सिवल सर्विस की तैयारी कर रहे उनको मैं यही कहूँगी कि आप फेल हो रहे हैं बार बार तो अपनी वीकनेस को पहचानकर उसपर काम करें बार बार एटेम्पट के जाल में मत फंसें।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अपनी गोप्रतिष्ठा धर्मयुद्ध यात्रा की शुरुआत कर दी है। काशी से वह उसी पालकी में सवार होकर मंदिर पहुंचे जिसको प्रयागराज महाकुंभ में रोका गया था। पालकी में बैठते ही उन्होंने सरकार पर हमला बोल दिया। शंकराचार्य ने यात्रा को लेकर कहा कि अभी तो जरूरी हो गई है और मजबूरी हो गई। अपने द्वारा चुनी सरकारों के सामने अपनी गौ-माता को बचाने के लिए युद्ध करना पड़ रहा है। पहले तीन तस्वीर देखें शंकराचार्य ने कहा - राजनीति वाले राजनीतिक मायने निकालते हैं। हम धार्मिक लोग है। अपनी गौ-माता को बचाने के लिए निकल रहे हैं। देश की आजादी के साथ से ही गो रक्षा कानून का सपना दिखाया गया है। इस कानून को अब तक लागू नहीं किया जा सका है। इस कानून को लागू कराया जाना आवश्यक हो गया है। 78 वर्ष से प्रतीक्षित कानून को लटकाए रखने का कोई औचित्य नहीं है। काशी से निकलते निकलते शंकराचार्य ने मुख्यमंत्री को किया आमंत्रित शंकराचार्य जब अपने पालकी पर बैठे तो उन्होंने कहा कि सभी के लिए यह मौका है वह बताएं कि कितने बड़े गौ भक्त हैं। उन्होंने कहा जो मक्कार और कालनेमी होगा वह कुछ नहीं बोलेगा। उन्होंने कहा कि हमारे इस लड़ाई में कुछ सच्चे हिंदू हैं तो कुछ नकली हिंदू हैं। इसलिए दो पफाड़ दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शंकराचार्य ने वाराणसी से निकलते निकलते पुनः आमंत्रित किया है। उन्होंने कहा कि वह एक योगी और संत है इसलिए उनको इस धर्म युद्ध में शामिल होना चाहिए और हम उन्हें बिल्कुल आमंत्रित कर रहे है। साथी उन्होंने यह भी कहा कि हम इतने दिन से यही कर रहे हैं कि उनके अंदर का संत जग जाए लेकिन नहीं जग रहा है तो हम क्या करें। केवल घोषणाएं और भाषण देने से गौ माता की रक्षा नहीं हो सकती- शंकराचार्य शंकराचार्य ने कहा - आजकल देश में कोई भी व्यक्ति किसी भी रूप में सामने आ जाता है। कोई अचानक नेता बन जाता है तो कोई संत या संन्यासी बन जाता है। लेकिन केवल वेशभूषा बदल लेने से व्यक्ति का आचरण नहीं बदलता। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति संत का वेश धारण करता है तो उसे उसी के अनुरूप आचरण भी करना चाहिए। समाज में आदर्श प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी ऐसे लोगों की होती है। गौ संरक्षण के मुद्दे पर भी राज्य सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि यदि सरकार वास्तव में गौ माता की रक्षा के प्रति गंभीर है तो उसे जमीनी स्तर पर ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि केवल घोषणाएं और भाषण देने से गौ माता की रक्षा नहीं हो सकती।
झांसी में पांच दिन से गायब घरेलू LPG सिलेंडरों से भरा ट्रक 25 किलोमीटर दूर खाली हालत में बरामद हुआ है। ट्रक में रखे 524 घरेलू गैस सिलेंडर गायब हैं। ट्रक मालिक और पेट्रोलियम कंपनी को जानकारी मिलने के बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर मामले में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। प्लांट के बाहर से ही चोरी हुआ ट्रकसीपरी बाजार थाना क्षेत्र के करारी इलाके में भारत पेट्रोलियम का LPG (लिक्विड पेट्रोलियम गैस) प्लांट है। यहीं से ट्रक नंबर UP93 BT 3341 में 524 घरेलू गैस सिलेंडर लोड किए गए थे। इन सिलेंडरों की डिलीवरी कानपुर देहात के गजनेर में होनी थी।बताया गया है कि 2 मार्च को होली की छुट्टी होने के कारण ड्राइवर ने ट्रक को करारी स्थित प्लांट के बाहर खड़ा कर दिया और चला गया। गैस एजेंसी के मालिक नीरज कुमार अग्रवाल ने बताया कि 6 मार्च को ट्रक सिलेंडरों समेत चोरी हो गया। सभी सिलेंडर भरे हुए थे। जानकारी मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। 25 किलोमीटर दूर मिली आखिरी लोकेशनएजेंसी मालिक नीरज अग्रवाल ने बताया कि ड्राइवर जब छुट्टी से लौटकर ट्रक लेकर कानपुर देहात जाने के लिए डिपो पहुंचा तो वहां ट्रक नहीं मिला। इसके बाद उसने मालिक को सूचना दी।मालिक ने जब GPS (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) से ट्रक की लोकेशन ट्रैक की तो उसकी आखिरी लोकेशन बड़ागांव थाना क्षेत्र के पारीछा इलाके में झांसी-कानपुर हाईवे पर स्थित “अपना ढाबा” के पास मिली। जब वे लोग मौके पर पहुंचे तो ट्रक वहां खाली खड़ा मिला और उसमें रखे सभी 524 सिलेंडर गायब थे। बदमाश ट्रक को वहीं छोड़कर उसकी GPS डिवाइस भी तोड़कर फरार हो गए।पुलिस के मुताबिक, मामले में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और जल्द ही आरोपियों को पकड़ने का दावा किया जा रहा है। 17.33 लाख के हैं सिलेंडर गैस एजेंसी के मालिक नीरज अग्रवाल ने बताया कि ट्रक में लोड सभी 524 घरेलू सिलेंडर भरे हुए थे। इन सिलेंडरों की बाजार में कीमत करीब 17.33 लाख रुपए बताई जा रही है। जिसमें से 5,24000 रुपए की गैस सिलेंडर में भरी हुई थी। बदमाशों ने बेहद शातिर तरीके से पूरी वारदात को अंजाम दिया और ट्रक को पूरी तरह खाली कर दिया। उन्होंने बताया कि ट्रक प्लांट के बाहर खड़ा था और उस समय होली की छुट्टी चल रही थी। ऐसे में प्लांट की ओर से भी घटना को लेकर ज्यादा मदद नहीं मिल पा रही है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। 'बात खरी है' मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। शिवराज सिंह ने कही ऐसी बात कि जमकर लगे ठहाकेअपने जन्मदिन के मौके पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ऐसी बात कह दी, जिसे सुनकर वहां मौजूद लोग ठहाके लगाने लगे। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा- पतियों की नहीं चलने वाली है। दरअसल, विदिशा में अपने जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान शिवराज सिंह चौहान मंच पर रायसेन जिले के नेताओं को बुला रहे थे। इसी बीच उन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष के पति को भी मंच पर बुलाया। उन्हें संबोधित करते हुए शिवराज ने ‘अध्यक्ष पति’ शब्द पर खास जोर दिया और हंसते हुए कहा- सावधान रहना, पतियों की नहीं चलने वाली है। शिवराज के इतना कहते ही मंच पर मौजूद नेता और कार्यक्रम में आए लोग जोर-जोर से हंसने लगे। अब इस टिप्पणी पर लोग चुटकी भी ले रहे हैं। कह रहे हैं कि यह बात एक तीर से दो निशाने जैसी हो गई। एक तरफ राजनीति में महिलाओं को आरक्षण देकर उन्हें सशक्त बनाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर घर के ‘गृह मंत्रालय’ की ताकत भी किसी से छिपी नहीं है। ऐसे में चाहे राजनीति हो या घर, कई बार फैसले वही होते हैं जो ‘मंत्रालय’ चाहता है। अजय सिंह का दावा- एमपी में इस बार कांग्रेस सरकारकांग्रेस के सीनियर नेता और विधायक अजय सिंह ‘राहुल भैया’ इन दिनों काफी कॉन्फिडेंट नजर आ रहे हैं। उनका दावा है कि 2028 में मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनेगी और पूरे पांच साल तक चलेगी भी। दरअसल, मुरैना में आयोजित एक कार्यक्रम में अजय सिंह और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर एक ही मंच पर नजर आए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अजय सिंह ने तोमर के सामने ही बड़ी बात कह दी। उन्होंने कहा- तोमर जी मुझसे पूछ रहे थे कि आप न माला पहनते हो, न साफा। इसका क्या कारण है? इस पर हमने कहा कि जब आपकी सरकार को हटा दूंगा, तब माला भी पहनूंगा और साफा भी पहनूंगा। अजय सिंह की इस बात पर नरेंद्र सिंह तोमर समेत मंच पर मौजूद सभी लोग हंस पड़े। हालांकि अजय सिंह ने यह भी जोड़ दिया कि हम तो चाहेंगे कि आप फिर से केंद्र में मंत्री बन जाएं। अजय सिंह ने इस दौरान 2018 के चुनाव में अपनी हार का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि मैंने 2018 में भी कांग्रेस की सरकार बनाने का संकल्प लिया था। उस समय सरकार तो बन गई, लेकिन जनता ने मुझे ही घर बैठा दिया। अब लोग इस पर चुटकी भी ले रहे हैं। कह रहे हैं कि एक तरफ अजय सिंह मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने का दावा कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ नरेंद्र सिंह तोमर को फिर से केंद्र में मंत्री बनने की शुभकामना भी दे रहे हैं। यानी एमपी में कांग्रेस की सरकार और केंद्र में भाजपा की रिपीट। देखना, आलाकमान नाराज न हो जाए। कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल पर महिला ने बरसाई लाठियांपिट गए कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल, महिलाओं ने जमकर बरसाए लट्ठ। दरअसल, विधायक महोदय अपने विधानसभा क्षेत्र में आयोजित पारंपरिक लट्ठमार होली के कार्यक्रम में पहुंचे थे। यहीं एक महिला ने उनकी जमकर ‘खातिरदारी’ कर दी। हंसी-मजाक के अंदाज में महिला ने विधायक पर लाठियां बरसाईं, जिस पर वे खुद को बचाते नजर आए। हालांकि यह सब होली की परंपरा का ही हिस्सा था। इस नजारे को देखकर वहां मौजूद लोग भी हंसते हुए नजर आए। कुल मिलाकर, लट्ठमार होली में विधायक जी को भी रंग और रस्म दोनों का पूरा अनुभव मिल गया। होली पर रतलाम और दतिया कलेक्टर की डांस मस्ती मध्य प्रदेश में इस बार होली का त्योहार खूब धूमधाम से मनाया गया। आम लोगों के साथ ही नेता और अधिकारी भी होली की मस्ती करने में पीछे नहीं रहे। इसके वीडियो अब लगातार सामने आ रहे हैं। रतलाम में कलेक्टर मिशा सिंह का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे ‘अपनी तो जैसे तैसे कट जाएगी, आपका क्या होगा जनाब-ए-आली’ गाने पर डांस करती नजर आ रही हैं। वहीं दतिया में कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने भी होली के मौके पर जमकर मस्ती की। उन्होंने अपनी पत्नी के साथ ‘रंग बरसे भीगे चुनर वाली’ समेत अन्य गानों पर जबरदस्त डांस किया। इनपुट सहयोग - कपिल जैन (विदिशा), दुष्यंत सिकरवार (मुरैना), कुलदीप शर्मा (श्योपुर), केके शर्मा (रतलाम), राधावल्लभ मिश्रा (दतिया) ये भी पढ़ें - अब ऊर्जा मंत्री विपक्षी नेता से बोले- इसकी औकात मालूम है: भाजपा विधायक की सरकार को धमकी- उपचुनाव करा लो मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष को औकात में रहने को कहा था। लगता है इसके बाद से यह शब्द सियासत में ट्रेंड करने लगा है। अब ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर भी कुछ ऐसी ही भाषा का इस्तेमाल करते नजर आए। उन्होंने आम आदमी पार्टी के नेता को लेकर कहा- इसकी औकात मुझे मालूम है। पूरी खबर पढ़ें
UPSC के सिविल सर्विस के 6 मार्च को आए रिजल्ट में कई ऐसे चेहरे सामने आए, जो कम संसाधनों के बावजूद सफलता की ऊंचाई पर पहुंचे। इनमें से एक हैं प्रियंका चौधरी, जिनकी 79वीं रैंक है। गाजीपुर की रहने वाली प्रियंका के पिता चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी हैं। 6 साल पहले तक वह SDM की गाड़ी चलाते थे। इतना ही नहीं, UPSC के इंटरव्यू के 3 महीने पहले प्रियंका की मां की मौत हो गई थी। दूसरा नाम हैं बुलंदशहर की शिखा गौतम। शिखा के दादा चपरासी थे, पिता ने भी चपरासी की नौकरी की। शिखा की 113वीं रैंक आई है। यह बात पता चलते ही उनके दादा फूट-फूटकर रो पड़े। लेकिन, वो खुशी के आंसू थे, क्योंकि पोती आईएएस बन गई है। इनके अलावा देवरिया की तान्या सिंह को 200वीं रैंक मिली है। पिता की मौत के बाद उनकी मां ने घर की पूरी जिम्मेदारी संभाली। विमेंस डे पर पढ़िए UPSC में सिलेक्ट हुईं यूपी की ऐसी ही 3 बेटियों की कहानी, जिनका फैमेली बैकग्राउंड लोअर मिडिल क्लास था। बीच एग्जाम में अपनों को भी खोया, लेकिन हार नहीं मानीं… 1- प्रियंका चौधरी: इंटरव्यू से 3 महीने पहले मां को खोया; एक साल पहले भाईगाजीपुर के जखनियां ब्लॉक स्थित गौरा खास गांव की रहने वाली हैं प्रियंका चौधरी। प्रियंका की सक्सेस की कहानी इमोशन और जज्बे की मिसाल है। प्री एग्जाम से 6 महीने पहले उनके भाई की मौत हो गई थी। जब इंटरव्यू में सिर्फ 3 महीने बचे थे, तभी उनकी मां की मौत हो गई। यह बात याद करते हुए प्रियंका की बड़ी बहन प्रीति चौधरी भावुक हो गईं। उन्होंने दैनिक भास्कर को बताया- परिवार के कठिन समय में सभी ने एक-दूसरे का सहारा बनकर साथ दिया। मुझे बहुत खुशी है कि मेरी छोटी बहन ने IAS परीक्षा क्रैक की है। जब घर में मुश्किल समय था, तब मैंने घर का काम संभाला, जिससे वह पढ़ाई पर ध्यान दे सके। आज उसकी मेहनत का नतीजा सबके सामने है। अगर हमारा भाई आज जिंदा होता, तो उसे बहुत खुशी होती। एक तरफ खुशी है, लेकिन भाई के न होने का गम भी हमेशा रहेगा। 21 नवंबर को मां की मौत, फरवरी में हुआ इंटरव्यूमेंस क्लियर करने के बाद प्रियंका इंटरव्यू की तैयारी कर रही थीं। इसी दौरान अचानक 21 नवंबर, 2025 को मां शांति देवी की मौत हो गई। इसके तीन महीने बाद 16 फरवरी, 2026 को प्रियंका ने इंटरव्यू दिया। इसके पहले जब वह प्री एग्जाम की तैयारी कर रही थीं, तब 13 नवंबर, 2024 को उनके इकलौते भाई रितेश उर्फ गोल्डी की डेंगू से जान चली गई थी। प्रियंका के पिता नीरा राम जखनियां तहसील में लंबे समय तक SDM के ड्राइवर के रूप में काम कर चुके हैं। वर्तमान में वह तहसील के रिकॉर्ड रूम में नजारत (क्लास-4) पद पर तैनात हैं। बेटी की सफलता पर भावुक होते हुए वह कहते हैं- अगर मौका मिला तो मैं अपनी बेटी की भी गाड़ी चलाने में गर्व महसूस करूंगा। पिता नीरा राम भी बातचीत के दौरान भावुक हो गए। कहने लगे- मेरी जिंदगी संघर्षों से भरी रही है। पत्नी की बीमारी और जवान बेटे की डेंगू से मौत ने पूरे परिवार को तोड़ दिया था। लेकिन, मेरी बेटियों ने बेटे का फर्ज निभाया और मेहनत से यह मुकाम हासिल किया। आज उनकी वजह से ही लोग मुझे पहचान रहे हैं। प्रियंका के गांव से BHU तक का सफरप्रियंका ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जखनियां के श्री महावीर सूर्योदय उत्तर माध्यमिक विद्यालय से की। इसके बाद शहीद इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट पूरा किया। आगे की पढ़ाई और सिविल सेवा की तैयारी के लिए वह वाराणसी स्थित बीएचयू चली गईं। वहां रहकर उन्होंने लगातार मेहनत की और आखिरकार UPSC में सफलता हासिल कर ली। 2- बुलंदशहर की शिखा: पैसे नहीं थे तो एक साल पढ़ाई छोड़ीबुलंदशहर की शिखा गौतम के पिता और दादा दोनों चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी रहे हैं। पिता प्रेमचंद स्याना स्थित इंदिरा गांधी इंटर कॉलेज में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। उनके दादा ज्ञानचंद भी डीआईओएस कार्यालय में चतुर्थ श्रेणी के पद पर कार्यरत थे। शिखा की माता देवकी गृहिणी हैं। शिखा अपने पांच भाई-बहनों में चौथे नंबर पर हैं। उनकी दो बड़ी बहनें सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में टीचर के पद पर तैनात हैं। पिता बोले- बेटी का सपना शुरू से ही आईएएस बनने का थाशिखा के पिता प्रेमचंद ने बताया कि उनकी बेटी का सपना शुरू से ही आईएएस अधिकारी बनने का था। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने से शिखा को एक साल के लिए अपनी पढ़ाई भी छोड़नी पड़ी थी। हालांकि, उन्होंने दोबारा पढ़ाई शुरू की और अपने दूसरे प्रयास में यह सफलता हासिल की। बीटीसी की, फिर पिता ने दिल्ली भेजाशिखा ने चौधरी वीरपाल सिंह इंटर कॉलेज बाड़ा से पढ़ाई की, फिर आईपी कॉलेज से बीएससी की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने बीटीसी भी किया। पिता ने किसी तरह से पैसों की व्यवस्था की और तैयारी के लिए दिल्ली भेजा। सिविल सेवा की तैयारी के दौरान शिखा ने रोज 8 से 10 घंटे पढ़ाई की। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत और लगन को दिया। कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। 3- देवरिया की तान्या सिंह: पिता की मौत के बाद मां ने संभाला घरदेवरिया के लार थाना क्षेत्र के इसराइली गांव की रहने वाली हैं तान्या सिंह। उन्होंने अपने दूसरे प्रयास में 200वीं रैंक हासिल की। तान्या के पिता अजय सिंह दिल्ली में एलजी कंपनी में टेक्नीशियन के रूप में कार्यरत थे। साल- 2012 में ड्यूटी के दौरान उनके पिता का निधन हो गया। इसके बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनकी मां पुष्पा देवी पर आ गई थी। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद उन्होंने अपने बच्चों की पढ़ाई और परवरिश में कोई कमी नहीं आने दी। तान्या ने भी विपरीत परिस्थितियों को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। कड़ी मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया। तान्या की बहन भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही हैं, जबकि उनका छोटा भाई अभी कक्षा- 6 का छात्र है। परिवारवालों का कहना है कि तान्या की सफलता से न केवल उनके परिवार, पूरे जिले के युवाओं को प्रेरणा मिलेगी। तान्या की यह उपलब्धि साबित करती है कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद अगर मेहनत और लगन के साथ प्रयास किया जाए, तो सफलता जरूर मिलती है। तान्या का लार के इसराइली गांव में पैतृक घर है। घर छप्पर का है, वह भी गिर गया है। अब रहने लायक नहीं बचा है। तान्या का जैसे ही सिलेक्शन की सूचना गांव वालों को मिली, उन्होंने जमकर जश्न मनाया। -------------------------- यह खबर भी पढ़ें यूपी में SDM के ड्राइवर की बेटी IAS बनी, एक साल में मां-इकलौते भाई को खोया; परचून वाले की बेटी भी सिलेक्ट UPSC ने शुक्रवार को सिविल सर्विस एग्जाम 2025 का फाइनल रिजल्ट जारी किया। यूपी में शामली की 23 साल की आस्था जैन को 9वीं रैंक मिली है। आस्था के पिता परचून की दुकान चलाते हैं। गाजीपुर की प्रियंका चौधरी ने UPSC में 79वां स्थान हासिल किया। पिता मीरा राम SDM के ड्राइवर रहे हैं। वह इस समय अमीन हैं। एक साल के भीतर प्रियंका ने अपने इकलौते भाई और मां को खोया। लेकिन हौसला नहीं टूटा। पढ़ें पूरी खबर
इंदौर के एमआर-10 पर कुमेड़ी/नायता मुंडला क्षेत्र में बना प्रदेश का सबसे बड़ा और अत्याधुनिक बस टर्मिनल इन दिनों वीरान नजर आता है। बाहर से देखने पर यह किसी एयरपोर्ट जैसा चमकदार भवन लगता है, चौड़ी एंट्री, विशाल हॉल, एसी व्यवस्था और व्यवस्थित प्लेटफॉर्म। लेकिन अंदर कदम रखते ही सन्नाटा स्वागत करता है। करीब 15 एकड़ में 100 करोड़ रुपए की लागत से बना यह इंटर स्टेट बस टर्मिनल (आईएसबीटी) एक साल से ज्यादा समय से तैयार है, लेकिन अब तक यहां से एक भी बस का संचालन शुरू नहीं हुआ है। उद्घाटन और संचालन एजेंसी तय न होने के कारण यह टर्मिनल खाली पड़ा है। सितंबर 2019 में मंजूरी के बाद इसे दिसंबर 2022 तक पूरा होना था। कोविड-19 के कारण निर्माण में देरी हुई और समयसीमा दो बार बढ़ानी पड़ी। छठी बार टेंडर, फिर भी ऑपरेटर नहीं अंदर क्या-क्या है?
राजस्थान समेत देश में 15 से 49 साल की महिलाओं में एनीमिया चुनौती बनता जा रहा है। हालात ये है कि प्रदेश में 54.4 फीसदी महिलाएं एनीमिक है। मौजूदा स्थिति में राजस्थान देश में 13वें नंबर पर है, जो चिंता का विषय है। देश में पश्चिम बंगाल में सबसे अधिक 71.4 महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं। छत्तीसगढ़ में 60.8%, पंजाब में 58.7% और तेलंगाना में 57.6% है। आंध्र प्रदेश में यह आंकड़ा 57.5% है। मध्यप्रदेश में 54.7% ग्रसित हैं। यह खुलासा नेशनल फैमिली हैल्थ सर्वे (एनएफएचएस-5) के जारी आंकड़ों के एनालिसिस के आधार पर हुआ है। वर्ष-2019 से लेकर 2021 तक हुए सर्वे में चौंकाने वाले आंकड़े मिले है। केन्द्र सरकार ने ये आंकड़े राज्य सभा में जारी किए है। ऐसे में पोषण एवं एनीमिया अभियान पर सवालिया निशान लगता है। 1.खराब - पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के राज्यों में स्थिति ज्यादा खराब है। त्रिपुरा में 67.2%, असम और झारखंड में 65.9-65.9% तथा ओडिशा में 64.3% महिलाओं में एनीमिया दर्ज किया गया है। बिहार में भी 63.5% बीमारी से प्रभावित है। 2.चिंताजनक - पश्चिम के राज्यों में भी स्थिति चिंताजनक है। महाराष्ट्र में 54.2% और यूपी में 50.4% महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं, जबकि उत्तराखंड में 42.2% के साथ इन राज्यों में सबसे कम फीसदी दर्ज किया गया है। भास्कर एक्सपर्ट-डॉ.पुनीत सक्सेना, डॉ.प्रवीण मंगलूनिया महिलाओं में एनीमिया का मुख्य कारण आयरन एवं पोषण की कमी, गर्भावस्था के दौरान देखभाल की कमी और जागरूकता का अभाव है। खून की कमी से कमजोरी, थकान, चक्कर आना, गर्भावस्था में जटिलताएं और प्रसव के समय जोखिम बढ़ जाता है। एनएफएचएस-3 के अनुसार देश में 15 से 49 साल की महिलाएं 67 फीसदी, एनएफएचएस-4 के अनुसार 46.6 फीसदी महिलाओं में खून की कमी मिली थी।
27 फरवरी, 2026, जुमे (शुक्रवार) का दिन। सुबह साढ़े 7 बजे जीशान और गुलफाम गाजियाबाद के लोनी इलाके में पहुंचे। एक्स मुस्लिम सलीम वास्तिक (यूट्यूबर) पर हमला कर दिया। एक के हाथ में पेपर कटर, दूसरे के हाथ में चाकू था। पूरी कोशिश सर तन से जुदा करने की थी। साढ़े 3 मिनट तक संघर्ष चला। सलीम की गर्दन, पेट, पीठ, सीने में 14 गंभीर वार हुए। इसी दौरान एक महिला आ गई, जिसने शोर मचा दिया। इस पर दोनों हमलावर भाग गए। टेलीग्राम ग्रुप में तस्वीरें आई, लिखा- सलीम एक्स मुस्लिम को हॉस्पिटल पहुंचा दिया। वीडियो चाहिए फुल? दोनों ने अगले दिन रोजा रखा। पुलिस ने सीसीटीवी, गाड़ी के नंबर, मौके पर मौजूदगी के आधार पर दोनों की पहचान की। खोज शुरू हुई, तो आमना-सामना हो गया। जीशान को 1 मार्च और गुलफाम को 3 मार्च को पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया। कैसे इस कांड की प्लानिंग बनी? प्लानिंग के पीछे कौन था? जीशान को बाबरी मस्जिद का हक क्यों चाहिए था? पढ़िए संडे बिग स्टोरी… 7 साल पहले मुस्लिम धर्म छोड़ नास्तिक बने सलीमगाजियाबाद के सलीम वास्तिक का मूल घर शामली जिले में है। 20 साल पहले वह शामली से निकलकर गाजियाबाद में लोनी इलाके के अशोक बिहार में बस गए थे। परिवार में उनके अलावा पत्नी और एक बेटा उस्मान खान है। सलीम पहले कंस्ट्रक्शन संबंधी काम करते थे। कुछ वक्त तक मौलवी का भी काम किया। बाद में उनका इस्लाम धर्म से मोह भंग हो गया। उन्होंने इस्लाम धर्म छोड़ दिया और अपने नाम के साथ वास्तिक जोड़ लिया। सलीम ने अपने घर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर अली गार्डेन कॉलोनी में जमीन ली, फिर यहीं मकान बनवाया। इसमें उन्होंने अपना ऑफिस खोला और यहीं से काम करने लगे। सलीम का अलग-अलग टीवी चैनलों में एग्रीमेंट था, जहां वह धार्मिक डिबेट में जाते रहते थे। वहां एक्स मुस्लिम की हैसियत से डिबेट करते थे। इस्लाम से जुड़ी बातें रखते थे। बाद में उन्होंने अपना यूट्यूब चैनल बना लिया और उस पर इस्लाम धर्म को लेकर टिप्पणी करते थे। जम्मू-कश्मीर में अभद्रता हुई, चैनल डिलीट करवाया22 अप्रैल, 2025 को जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के पहलगाम की बैसरन घाटी में आतंकी हमला हुआ। 26 पर्यटकों से उनका धर्म पूछकर उन्हें मार दिया गया। पूरी दुनिया में इस घटना की निंदा हुई। सलीम अपने साथी आमिर और अहसान के साथ जम्मू-कश्मीर पहुंच गए। वहां इस घटना पर विरोध प्रदर्शन किया। कुछ मीडिया वालों से बात की। कश्मीर के बहिष्कार की बात की। इसे लेकर वह स्थानीय लोगों के निशाने पर आ गए। उनके साथ मारपीट हुई और उनके सोशल मीडिया अकाउंट को डिलीट करा दिया गया। सलीम ने इसे लेकर जम्मू-कश्मीर पुलिस में शिकायत की, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद सलीम गाजियाबाद वापस आ गए। यहां पुलिस से शिकायत की, लेकिन पुलिस ने कश्मीर का मामला बताकर कार्रवाई नहीं की। इसके बाद सलीम ने अपने ही नाम से दूसरा चैनल बना लिया। सलीम ने एक न्यूज चैनल से पहलगाम हमले को लेकर कहा था- हम अपने नजरिए से बोलेंगे, तो यह गलत हुआ है। आतंकवादी हमला है, मानवता के खिलाफ है। लेकिन, इस्लाम के नजरिए से देखेंगे तो उन्होंने पुण्य का काम किया है। यह शबाब का काम किया है। कश्मीर वाकए के बाद सलीम कट्टरपंथियों के निशाने पर आ गए। दूसरी तरफ, सलीम भी अब पहले के मुकाबले और ज्यादा एग्रेसिव वीडियो बनाने लगे। वीडियो की शुरुआत में कई बार वह और कठ*** कैसे हो कहते। हलाला, हदीस और तीन तलाक पर बात करते। इन बातों को करते हुए वह कुरान की आयतों को कोट करते थे। उनके इन वीडियो पर मुस्लिम वर्ग के तमाम लोग गालियां लिखते, धमकी देते। सलीम पर हमला करने जाने से पहले नमाज पढ़ीसलीम वास्तिक (50) पर हमला करने वाले जीशान (23) और गुलफाम (42) अमरोहा के सैदनगली कस्बे के रहने वाले थे। पिता बुनियाद अली लकड़ी का काम करते हैं। यही काम ये दोनों भी करते थे। बुनियाद के परिवार में इन दो बेटों के अलावा 5 बेटियां हैं। बुनियाद अली ने सभी की शादी कर दी है। गुलफाम सबसे बड़ा और जीशान सबसे छोटा था। 2013 में गुलफाम अमरोहा छोड़कर गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में बस गया था। यहीं मंगल बाजार में अली हसन नाम के व्यक्ति के यहां किराए के कमरे में रहता था। जीशान भी 2021 के बाद गुलफाम के पास गाजियाबाद चला गया था। वह एक कंपनी में काम करता था। जीशान ने अमरोहा के ही स्थानीय मदरसे में पढ़ाई की। फिर पास के ही एक इंटर कॉलेज से 12वीं पास किया। दाढ़ी बढ़ा ली। इस्लामिक प्रोग्रामों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने लगा। सोशल मीडिया पर वीडियो बनाता, उसमें इस्लाम के बारे में बताता था। एक वीडियो में उसने अयोध्या की बाबरी मस्जिद का हक लेने की बात की थी। गुलफाम और जीशान जब सलीम के वीडियो देखते, तो गुस्से से लाल हो जाते थे। दोनों भाई वाट्सऐप और टेलीग्राम के कुछ ग्रुपों में भी जुड़े थे। वहां वे लोग टिप्पणी करते थे। जो और लोग थे, वो सर तन से जुदा करने की बात करते थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इन दोनों भाइयों ने 15 दिन पहले ही सलीम को मारने की प्लानिंग बना ली थी। इसके लिए रमजान का पाक महीना और जुमे का दिन तय किया था। 27 फरवरी की सुबह दोनों अपने किराए के कमरे में थे। सुबह साढ़े 5 बजे फज्र की नमाज (सुबह की नमाज) अदा की थी। सलीम को गला काटकर मारने पर फोकस थाइसके बाद जीशान और गुलफाम ने अपने ममेरे भाई की KTM बाइक निकाली। उसी से करीब 20 किलोमीटर दूर अली गार्डेन कॉलोनी पहुंचे। इन दोनों को सलीम के घर और ऑफिस दोनों के बारे में पता था। कब कितने बजे आते हैं, जाते हैं, यह भी पता था। सुबह 7 बजकर 54 मिनट पर दोनों सलीम के ऑफिस में पहुंच गए। सलीम उस वक्त सोफे पर लेटकर मोबाइल में वीडियो देख रहे थे। दोनों भाई अंदर गए। जीशान ने पहले पेपर कटर निकाला और फिर गुलफाम ने भी चाकू निकाल लिया। दोनों भाइयों का पूरा फोकस सलीम के गले पर था। दोनों पूरी ताकत से सलीम का गला काट देना चाहते थे। सलीम लगातार चिल्ला रहे थे। इस बीच गुलफान जीशान से कहता है, ‘मारो, डरो मत।’ इसके बाद जीशान ने वहीं पड़ी कांच की एक मेज को उठाकर तोड़ दिया। फिर उसके नुकीले हिस्से से सलीम पर ताबड़तोड़ हमले कर दिए। मेज का कांच सलीम की पीठ में धंस गया। जो सीसीटीवी सामने आया है, वह 3 मिनट 39 सेकेंड का है। जीशान और गुलफाम उस वक्त भी अंदर ही थे। हमले की तस्वीर ग्रुप में भेजी, फिर घर चले गएदोनों ने हमला करने के बाद सलीम की तड़पते हुए की फोटो और वीडियो बनाई। इसे अपने लोगों को भेजा। वही तस्वीर टेलीग्राम के मुस्लिम आर्मी नाम के चैनल में भी आई। इस ग्रुप में 18 हजार 300 से ज्यादा लोग हैं। इसमें दो फोटो थीं। एक सलीम की हंसते हुए फोटो थी, नीचे लिखा था- एक्स मुस्लिम सलीम, इलाज वीडियो सून... हमले के बाद एक अन्य तस्वीर आई, जिसमें सलीम बुरी तरह से घायल थे। उसमें कैप्शन लिखा था- सलीम एक्स मुस्लिम को हॉस्पिटल पहुंचा दिया, वीडियो चाहिए फुल? इस कमेंट ग्रुप के तमाम लोग रिएक्ट करते हैं। जीशान और गुलफाम घटना को अंजाम देने के बाद सलीम के ऑफिस से निकले। इस हमले में जीशान की उंगली भी थोड़ा कट गई थी। इससे कपड़े पर खून लग गया था। दोनों वापस अपने कमरे की तरफ चले गए। लेकिन, रास्ते में एक व्यक्ति ने इन दोनों को संदिग्ध समझते हुए वीडियो बना लिया। यह वीडियो बाद में सामने आया। कमरे में पहुंचने के बाद दोनों भाइयों ने कपड़े बदले। फिर बाइक से ही अमरोहा में अपने घर सैदनगली पहुंच गए। यहां बड़ा भाई गुलफाम कुछ वक्त तक रुका। फिर बाइक से वापस गाजियाबाद चला गया। जबकि, जीशान गांव में ही रुक गया। वह पूरा दिन रोजा रहा और शाम को परिवार के साथ ही इफ्तार किया। हर शुक्रवार छुट्टी करता था, इसलिए परिवार को शक नहीं हुआजीशान धार्मिक कट्टर था। इसलिए वह रविवार को नहीं, शुक्रवार को छुट्टी लेता था। हर हफ्ते घर आता था। इसीलिए परिवार के लोगों को भी शक नहीं हुआ कि किसी पर हमला करके आया है। अगले दिन जीशान ने फिर से रोजा रखा। सुबह की नमाज के बाद उसने गाजियाबाद के लिए बस पकड़ ली। दोपहर में मां से फोन पर बात की, नमाज पढ़ने की बात कही। दूसरी तरफ, इस हाईप्रोफाइल घटना के बाद पुलिस की 10 टीमें बना दी गईं। सलीम पर हमला करने वालों को खोजने में 70 जवान जुट गए। क्राइम ब्रांच, एसटीएफ भी सक्रिय हो गई। कुल 210 सीसीटीवी देखे गए। मौके पर मोबाइल नेटवर्क की जांच की गई। 28 फरवरी तक पुलिस को यह पता चल गया कि इस घटना को जीशान और गुलफाम ने अंजाम दिया है। 1 मार्च की रात लोनी इलाके में ही दोनों आते दिखे। थाना प्रभारी नितिन चौधरी ने रोकने की कोशिश की, तो फायरिंग हो गई। करीब 15 मिनट में 25 से 30 राउंड फायरिंग हुई। जीशान को एक गोली सीने में और एक पैर में लगी। लेकिन, गुलफाम भाग गया। जीशान को पुलिस हॉस्पिटल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 3 मार्च को गुलफाम को इंदिरापुरम थाना इलाके में पुलिस ने घेरा। उसने भी फायरिंग की। लेकिन, पुलिस की जवाबी फायरिंग में मारा गया। मतलब, 48 घंटे के अंदर दोनों भाई पुलिस एनकाउंटर में मारे गए। गुलफाम गुस्सैल था, जीशान शांत लेकिन शातिर थाअमरोहा में इन दोनों के घर के आसपास के लोगों से बातचीत करने पर पता चला कि गुलफाम का स्वाभाव गुस्सैल था। जबकि जीशान शांत रहता था। इस्लामिक धार्मिक कार्यक्रमों में आगे बढ़-चढ़कर हिस्सा लेता था। आसपास चंदा मांगता था। सोशल मीडिया पर इस्लामिक वीडियो बनाता था। चर्चा इस बात की भी है कि ये दोनों जमात में शामिल होते थे। देश और दुनिया के अलग-अलग देशों से आने वाले मुस्लिमों से मिलते थे। सलीम पर जिस तरह से हमला किया गया, उसी तरह से पिछले कुछ साल में 2 हत्याएं हो चुकी हैं। पहली- महाराष्ट्र के अमरावती में उमेश कोल्हे की हत्या हुई थी। 21 जून, 2022 को 54 साल के उमेश ने भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा की पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी के समर्थन में एक वाट्सऐप ग्रुप में पोस्ट कर दिया था। यही मुख्य वजह बनी थी। तब्लीगी जमात से जुड़े यूसुफ ने बीच सड़क उमेश कोल्हे की गला काटकर हत्या कर दी थी। उमेश यूसुफ को 16 साल से जानता था। यूसुफ की शादी में उमेश ने मदद भी की थी। पुलिस ने इस मामले में 10 और लोगों को गिरफ्तार किया था। दूसरी- उमेश कोल्हे की हत्या के महज 7 दिन बाद राजस्थान के उदयपुर जिले में कन्हैया लाल तेली की हत्या कर दी गई थी। गौस मोहम्मद और मोहम्मद रियाज अटारी बाइक से आए और वीडियो बनाना शुरू किया। इसके बाद दोनों ने कन्हैया का गला रेतकर हत्या कर दी। कन्हैया ने नूपुर शर्मा की एक टिप्पणी को अपने फेसबुक पर पोस्ट किया था। यही उनकी भी हत्या का कारण बन गया। दोनों मुख्य आरोपी जेल में हैं। इस केस को NIA देख रही है। ‘सर तन से जुदा’ पर कोर्ट ने जताई थी आपत्ति‘सर तन से जुदा’ का यह नारा देश में लंबे वक्त से चल रहा है। लेकिन, साल-2022 में नूपुर शर्मा वाला मामला सामने आने के बाद यह लगातार लगाया जाने लगा। बरेली में हिंसा हुई, नारेबाजी हुई। उसमेंभी यह नारा लगाया गया। हालत यह हो गई कि इलाहाबाद हाईकोर्ट को इस नारे पर आपत्ति जतानी पड़ी। जज अरुण कुमार सिंह देशवाल की एकल पीठ ने बरेली हिंसक विरोध प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार रिहान की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। जज ने कहा था- इस्लाम धर्म के नाम पर लगाए जाने वाले ऐसे हिंसक नारे पैगंबर मोहम्मद के आदर्शों के एकदम विपरीत हैं। अगर इस्लाम का कोई अनुयायी नबी के अपमान करने पर किसी व्यक्ति के सिर कलम करने का नारा लगाता है, तो वह पैगंबर मोम्मद के आदर्शों का अपमान है। यह नारा भारत की सांस्कृतिक, कानूनी और धार्मिक परंपराओं से जुड़ा नहीं है। यह पड़ोसी देश के ईशनिंदा कानूनों और वहां की हिंसक घटनाओं से प्रभावित है। जज ने कहा था- जय श्री राम और नारा-ए-तकबीर जैसे धार्मिक नारों को अगर किसी को डराने या फिर हिंसा को भड़काने के लिए नहीं किया जा रहा, तो कोई अपराध नहीं। लेकिन, अगर यह हिंसा को भड़काने के लिए किया जा रहा, तो गलत है। मौलाना बोले- जो हुआ वह गलत, मजहबी टिप्पणी नहीं करनी थीदारुल उलूम स्थित फिरंगी महल के प्रवक्ता मौलाना सूफियान निजामी कहते हैं- जो कुछ हुआ, वह गलत हुआ। लेकिन, किसी के भी मजहब के बारे में कानून किसी को अधिकार नहीं देता कि उल्टा-सीधा बोला जाए। सलीम जो कुछ बोल रहे थे, उससे लोगों के अंदर गुस्सा भर जाता है। पढ़े-लिखे लोग तो पढ़े-लिखे की तरह जवाब देते हैं, लेकिन जो पढ़े-लिखे नहीं होते या फिर कहें जिन्हें भड़काया जाता है, वो हिंसक हो जाते हैं। सूफियान कहते हैं कि हमें यह इश्योर करना होगा कि जो लोग किसी धर्म के बारे में उल्टा-सीधा बोल रहे, उनके खिलाफ प्रशासन समय रहते एक्शन ले। हालांकि, जीशान और गुलफाम के एनकाउंटर के बाद भी पुलिस की जांच अभी बंद नहीं हुई है। इस मामले में तह तक जाने की कोशिश की जा रही है। दोनों के पाकिस्तान कनेक्शन की जांच हो रही है। उस टेलीग्राम ग्रुप में मौजूद लोगों तक संपर्क करने की कोशिश की जा रही है। ----------------------- ये खबर भी पढ़ें… Ex मुस्लिम के घर गूगल मैप से पहुंचे थे जीशान-गुलफाम, 140 km तक CCTV देखकर पुलिस आरोपियों तक पहुंची, अब मास्टरमाइंड की तलाश? गाजियाबाद में मुस्लिम धर्म छोड़ चुके यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर हुए हमले के मामले में एक नया खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि हमलावर सगे भाइयों जीशान और गुलफाम गूगल मैप के जरिए सलीम के दफ्तर पहुंचे। लोकेशन कंफर्म होने के बाद दोनों ने सलीम की गतिविधियों पर नजर रखी। पढ़ें पूरी खबर
गैस किल्लत की आहट:घरेलू गैस सिलेंडर 60 रु. महंगा, बिक्री 20% बढ़ी, अब 25 दिन बाद ही होगी अगली बुकिंग
अंतरराष्ट्रीय हालात और संभावित आपूर्ति संकट की आशंका के बीच गैस सिलेंडर की मांग बढ़ गई है। घरेलू सिलेंडर के दाम 60 रु. बढ़ने के साथ ही तेल कंपनियों ने रिफिलिंग और नए कनेक्शन के नियमों में भी बदलाव कर दिए हैं। कमी होने की आशंका में गैस एजेंसियों पर बिक्री पिछले कुछ दिनों से 20% तक बढ़ गई है। एजेंसी संचालकों के अनुसार कंपनियों ने रिफिलिंग के अंतराल को 15 दिन से बढ़ाकर 25 दिन तक कर दिया है। यदि बुकिंग हो भी जाती है, तो बिल जारी नहीं होंगे। बुकिंग का आंकलन उपभोक्ता की पिछली बुकिंग के हिसाब से किया जाएगा। वहीं कुछ गैस एजेंसियों ने 2 सिलेंडर वाले घरेलू गैस कनेक्शन देना बंद कर दिए हैं। हालांकि आधिकारिक रूप से न एजेंसी संचालक और न ही तेल कंपनियों के अधिकारी इसकी पुष्टि कर रहे हैं। उनका कहना है कि गैस और डीजल-पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक है। न सप्लाई पर कोई असर आया है और न ही कटौती की जा रही है। बुकिंग को लेकर भी भ्रम की स्थिति एजेंसियों और कंपनियों के अलग-अलग निर्देशों के कारण उपभोक्ताओं में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। कहीं 21 दिन, कहीं 25 दिन तो किसी कंपनी द्वारा 1 माह के अंतराल से गैस रिफिलिंग की बात की जा रही है, लेकिन उपभोक्ताओं का कुछ और ही कहना है। इंडेन कंपनी के उपभोक्ता विनय शुक्ला ने बताया कि जिस टोल-फ्री नंबर से हमेशा बुकिंग करते थे, शनिवार को वह अनुपलब्ध मिला। हॉकर ने दूसरा टोल-फ्री नंबर दिया, जिस पर केवल मिस्ड कॉल से बुकिंग होती है, उससे भी बुकिंग नहीं हुई। वहीं एचपी कंपनी की उपभोक्ता श्रुति दुबे ने बताया कि उन्होंने ट्रोल-फ्री नंबर पर फोन किया तो मैसेज मिला कि 15 दिन के बाद बुकिंग होगी। 935.50 रु. का हुआ घरेलू सिलेंडर सरकारी तेल कंपनियों ने 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत 60 रु. और 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 114 रु. बढ़ा दी है। इसके बाद सागर में घरेलू सिलेंडर की नई कीमत 875.50 रु. से बढ़कर 935.50 रु. और कमर्शियल सिलेंडर की कीमत अब 1828.50 रु. से बढ़कर 1942.50 रु. हो गई है। नए दाम 7 मार्च से लागू कर दिए गए हैं। सागर जिले में एलपीजी की स्थिति घरेलू सिलेंडर की कालाबाजारी बढ़ने की आशंका शहर की कुछ एजेंसियों पर चस्पा पम्पलेट में कहा गया है कि घरेलू एलपीजी गैस के भविष्य में संभावित संकट को देखते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक आदेश जारी कर देशभर में कमर्शियल और इंडस्ट्रियल एलपीजी गैस सिलेंडर की सप्लाई पर रोक लगा दी है। सभी प्राइवेट रिफाइनरी केवल सरकारी कंपनियों को ही गैस सप्लाई करेंगी। एक मोबाइल नंबर से एक महीने में एक ही सिलेंडर दिया जाएगा। कमर्शियल सिलेंडर सप्लाई रोकने का असर सीधे होटल, रेस्तरां आदि पर पड़ेगा। ऐसे में घरेलू सिलेंडर की कालाबाजारी बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। पेट्रोल-डीजल : डिपो पर टैंकर बढ़े, सप्लाई का समय बढ़ाया नरयावली स्थित ऑयल डिपो पर पिछले दो दिन से पेट्रोल- डीजल सप्लायर टैंकरों की संख्या बढ़ गई है। इस कारण डिपो प्रबंधन ने शनिवार को सप्लाई का समय भी बढ़ा दिया। इस डिपो से संभाग भर में पेट्रोल- डीजल की सप्लाई होती है। पेट्रोल- डीजल सप्लायर टैंकर यूनियन के सदस्य सचिन यादव ने बताया कि शनिवार को रात 8 बजे तक डिपो से सप्लाई जारी रही। जो पेट्रोल पंप मालिक अभी तक सिर्फ रोज की खपत के मुताबिक पेट्रोल- डीजल ले रहे थे, वे अब इनका स्टॉक भी करने लगे हैं। पेट्रोल पंप मालिकों को युद्ध के चलते इनके दामों में वृद्धि व इनकी सप्लाई प्रभावित होने का डर सता रहा है। सागर जिला पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के सचिव सौरभ रांधेलिया ने बताया कि डिमांड के मुताबिक पेट्रोल- डीजल मिल रहा है। समय पर सप्लाई हो रही है। सेल्स में भी कोई इजाफा नहीं हुआ है। मांग भी नहीं बढ़ी है । उन्होंने बताया कि जिले में तीन सरकारी व दो प्राइवेट कंपनियों के कुल 110 पेट्रोल पंप हैं। लोग पैनिक की स्थिति न बनाएं, समय पर सप्लाई हो रही है।
23 फरवरी 2026 को नागौर में 9 साल की मासूम दिव्या स्कूल में दूसरे बच्चों के साथ खेल रही थी। अचानक जमीन पर गिरी। हॉस्पिटल ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। दिव्या को दिल का दौरा पड़ा था। 5 दिन बाद बांसवाड़ा के सज्जनगढ़ में 12वीं क्लास में पढ़ने वाली पूजा मीणा बोर्ड परीक्षा देने जाते समय अचानक रास्ते में बेहोश होकर गिर गई। उसकी मौत हो गई। बताया गया कि उसकी मौत भी हार्ट अटैक से ही हुई थी। इन घटनाओं ने हर घर में बेचैनी बढ़ा दी है। दो सवाल मन में उठ रहे हैं- कम उम्र में दिल कमजोर क्यों हो रहा है? मासूमों को हार्ट अटैक से बचाने के लिए क्या किया जा सकता है? इन सवालों के जवाब जानने के लिए भास्कर ने दोनों बच्चियों के घरवालों से बात की। उनकी मेडिकल हिस्ट्री, डेली रूटीन के बारे में जाना। साथ ही राजस्थान और दिल्ली के टॉप कार्डियोलॉजी एक्सपट्र्स से बात की। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… नागौर : जेनेटिक मेडिकल प्रॉब्लम की आशंका, बड़े भाई की भी 4 महीने पहले मौतनागौर के गोटन कस्बे के पास ही टालनपुर गांव के रहने वाले किसान राजेंद्र बापेडिया की 9 साल की बेटी दिव्या गोटन प्राइवेट स्कूल में पांचवीं क्लास की स्टूडेंट थी। 23 फरवरी की सुबह वो रोज की तरह स्कूल आई थी। प्रेयर शुरू होने में समय था। ऐसे में दिव्या भी दूसरे बच्चों के साथ ग्राउंड में खेल रही थी। खेलते समय अचानक दिव्या बेहोश होकर गिर पड़ी। स्कूल स्टाफ ने परिवार वालों को सूचना देने के साथ ही दिव्या को बिना देर किए गोटन के राजकीय हॉस्पिटल पहुंचाया गया। वहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घाेषित कर दिया। गोटन हॉस्पिटल के प्रभारी डॉक्टर सुखराम बेरवाल ने बताया कि दिव्या के शरीर पर किसी प्रकार की बाहरी चोट के निशान नहीं थे। बच्ची को पहले से कोई बीमारी भी नहीं थी। प्राइमरी इन्वेस्टिगेशन में सामने आया कि कार्डियक अरेस्ट से उसकी मौत हुई थी। परिजनों ने पोस्टमॉर्टम नहीं करवाया था। हमें बाद में पता चला कि 4 महीने पहले इसी तरह दिव्या के भाई अभिषेक की भी मौत हुई थी। ऐसे में हो सकता है कि ये जेनेटिक मेडिकल प्रॉब्लम हो। हमने पूरे परिवार को कार्डियोलॉजी की जांचें करवाने को कहा है। ताऊ ने बताया दोनों बच्चों की नहीं थी मेडिकल हिस्ट्रीडॉक्टर से बात करने के बाद रिपोर्टर ने दिव्या के ताऊ विनोद बापेडिया से बात की। उन्होंने बताया कि 4 महीने में उनके भाई राजेंद्र के 2 बच्चों की हार्ट अटैक से मौत हो गई। 9 सितंबर 2025 को दिव्या के बड़े भाई 16 साल के अभिषेक की नींद में हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। विनोद ने बताया कि दिव्या और अभिषेक का रूटीन आम बच्चों की तरह ही था। दोनों कहीं से कमजोर नहीं थे। आम तौर पर होने वाले वायरल बुखार और सर्दी-जुकाम के अलावा कोई मेडिकल हिस्ट्री नहीं थी। जहां तक डाइट की बात है तो घर में बनने वाली गेहूं और बाजरे की रोटी व सब्जियां ही खाते थे। ज्यादा जंक फूड या बाहरी आइटम भी नहीं खाते थे। बांसवाड़ा : पूजा की भी नहीं थी मेडिकल हिस्ट्री, रूटीन भी नॉर्मलबांसवाड़ा के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, सागवा की 12वीं की स्टूडेंट 18 साल की पूजा मीणा प्रतापगढ़ के नया खेड़ा गांव की रहने वाली थी। सागवा में हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही थी। 28 फरवरी 2026 को उसका कृषि विज्ञान का पेपर था। सहेलियों के साथ एग्जाम सेंटर जा रही थी। रास्ते में पूजा को चक्कर आया और वह बेहोश हो गई। सज्जनगढ़ हॉस्पिटल ले जाया गया। डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया। बताया गया कि उसे हार्ट अटैक आया था। इस बारे में हमने सज्जनगढ़ एसएचओ धनपत सिंह से बात की। उन्होंने बताया कि प्राइमरी तौर पर डॉक्टर्स ने इसे हार्ट अटैक ही माना है। हालांकि मेडिकल टीम ने पोस्टमॉर्टम किया है। ज्यादा डिटेल्स रिपोर्ट आने पर पता चलेगी। इसके बाद हमने पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर सुनील माइडा से बात की। उन्होंने बताया कि कार्डियक अरेस्ट हुआ था। इसी वजह से मौत हो गई। हालांकि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा कि अचानक कार्डियक अरेस्ट की वजह क्या थी। पिता बोले- 2 साल पहले खून की कमी हुई थी, जो ठीक भी हो गईहॉस्टल वार्डन प्रियंका चरपोटा ने बताया कि पूजा 2 साल से उनके हॉस्टल में थी। छुट्टियों में अपने गांव जाती थी। उसकी कभी भी कोई मेडिकल हिस्ट्री सामने नहीं आई। न ही कभी तबीयत खराब हुई। वो भी दूसरे बच्चों की तरह ही हॉस्टल में बना सिंपल खाना खाती थी। एग्जाम के चलते रात 10-11 बजे सो जाती थी और सुबह 5 बजे उठ जाती थी। डेली रूटीन और डेली डाइट प्लान नॉर्मल ही था। पूजा के पिता बंशीलाल मीणा ने बताया कि उनके परिवार में कभी किसी को हार्ट प्रॉब्लम नहीं हुई। पूजा की भी कोई मेडिकल हिस्ट्री नहीं रही। हालांकि उसे दसवीं क्लास में पढ़ने के दौरान एक बार शरीर में खून की कमी की प्रॉब्लम हुई थी, जो ट्रीटमेंट के बाद ठीक हो गई थी। इसके अलावा कोई प्रॉब्लम नहीं हुई थी। सीकर में टिफिन खोलते बच्ची की मौत16 जुलाई 2025 को सीकर जिले के दांतारामगढ़ में उच्च माध्यमिक आदर्श विद्या मंदिर स्कूल में चौथी कक्षा में पढ़ने वाली 9 वर्ष की प्राची कुमावत इंटरवल में टिफिन खोलते समय जमीन पर गिर गई थी। उसे सरकारी हॉस्पिटल ले गए। इलाज के कुछ समय बाद बच्ची नॉर्मल हो गई थी। डॉक्टर ने उसे सीकर हॉस्पिटल ले जाने की सलाह दी। सीकर ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। उस समय दांतारामगढ़ सीएचसी प्रभारी डॉ. आर के जांगिड़ ने बताया था कि प्राची को बेहोशी की हालत में लाया गया था। उसे कार्डियक अरेस्ट आया था। प्राथमिक इलाज के बाद उसे सीकर रेफर किया गया था। प्राची के दादा रामेश्वर कुमावत ने तब बताया था कि उनकी पोती को कोई बीमारी नहीं थी। कुछ दिनों से सर्दी-जुकाम था। वह रोजाना स्कूल जाती थी। अब जानिए बच्चाें में हार्ट अटैक के केसेज को लेकर मेडिकल एक्सपट्र्स की राय… कार्डियोलॉजी विशेषज्ञ डॉक्टर हरिमोहन मीणा कहते हैं- बच्चों में अचानक कार्डियक अरेस्ट के मामले दुर्लभ होते हैं, लेकिन पूरी तरह असंभव नहीं हैं। कई मामलों में अस्थमेटिक अटैक भी अचानक सांस रुकने या बेहोशी जैसी स्थिति पैदा कर सकता है। ऐसे में शुरुआत में लोगों को यह हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट जैसा लग सकता है। अस्थमा के तेज अटैक के दौरान फेफड़ों की नलियां अचानक सिकुड़ जाती हैं। इससे सांस लेने में गंभीर दिक्कत, सीने में जकड़न और ऑक्सीजन की कमी होने लगती है। ऐसे मामलों में सही कारण का पता लगाने के लिए पोस्टमॉर्टम और मेडिकल जांच बेहद जरूरी होती है। कई बार यह समस्या जन्मजात दिल की बीमारी, दिल की मांसपेशियों की कमजोरी या हार्ट रिदम से जुड़ी गड़बड़ी की वजह से भी हो सकती है, जिसका पहले से पता नहीं चल पाता। कई बार बच्चों में दिल से जुड़ी कुछ समस्याएं जन्म से ही मौजूद होती हैं, लेकिन उनके कोई स्पष्ट लक्षण सामने नहीं आते। ऐसे मामलों में अचानक अत्यधिक शारीरिक गतिविधि, दौड़ना या खेलते समय दिल की धड़कन अनियमित हो सकती है, जिससे अचानक कार्डियक अरेस्ट का खतरा बढ़ जाता है। कई मामलों में यह समस्या दिल की मांसपेशियों की बीमारी (कार्डियोमायोपैथी), दिल की धड़कन की अनियमितता या जन्मजात हृदय रोग के कारण भी हो सकती है। डॉ. मीणा का कहना है कि यदि किसी बच्चे को खेलते समय अचानक चक्कर आए, बेहोशी हो, सांस लेने में तकलीफ या सीने में दर्द महसूस हो तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत मेडिकल जांच करानी चाहिए। नियमित हेल्थ चेकअप और हार्ट स्क्रीनिंग से कई गंभीर जोखिमों को समय रहते पहचाना जा सकता है। लाइफ स्टाइल में बदलाव भी बड़ी वजहलोकसभा स्पीकर के वेलफेयर ऑफिसर डॉक्टर सौरभ शर्मा का कहना है कि बच्चों में कार्डियक अरेस्ट के रेयर केस होते हैं। हाल में जो सामने आया है उसकी मुख्य वजह तो लाइफस्टाइल में आया बदलाव ही है। दरअसल आज-कल हर बच्चे के खाने में जंक फूड व हाई साल्टेड के साथ ही हाई ऑयल्ड खाना शामिल हैं। इसके चलते ही न सिर्फ उनका ब्लड गाढ़ा हो रहा है, बल्कि फैट भी बढ़ता जा रहा है। इसके अलावा पोस्ट कोविड के बाद इंफेक्शन और वायरल की वजह से भी कई बार ब्लड के गाढ़ा पड़ने व ब्लड सप्लाई में दिक्कत की बातें सामने आई हैं। कम उम्र के लोगों में ये एक पोस्ट कोविड इफेक्ट का ट्रेंड बना है। इसकी वजह से दिल जोर-जोर से धड़कने लगता है। हार्ट बीट कभी बढ़ जाती है तो कभी इसकी रिदम थम जाती है। इसी वजह से अचानक कार्डियक अरेस्ट होने के मामले सामने आते हैं। हालांकि कार्डियक अरेस्ट की दूसरी वजहें भी हो सकती हैं। -------------- राजस्थान में हार्ट अटैक से बच्चों की मौत की ये खबरें भी पढ़िए…9 साल की छात्रा की हार्ट अटैक से मौत, राजस्थान के स्कूल में खेलते समय गिरी राजस्थान के नागौर के प्राइवेट स्कूल में 9 साल की छात्रा की हार्ट अटैक से मौत हो गई। 23 फरवरी को वह ग्राउंड में खेलते समय गिर गई थी। स्कूल स्टाफ उसे हॉस्पिटल लेकर पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पढ़ें पूरी खबर... सीकर में 9 साल की बच्ची को आया कार्डियक अरेस्ट,मौत:स्कूल में टिफिन खोलते समय जमीन पर गिरी; चौथी क्लास में पढ़ती थी राजस्थान के सीकर जिले में 16 जुलाई 2025 को 9 साल की बच्ची की कार्डियक अरेस्ट से मौत हो गई। बच्ची दांतारामगढ़ के उच्च माध्यमिक आदर्श विद्या मंदिर स्कूल में पढ़ती थी। पढ़ें पूरी खबर...
जिले में 46731 किसानों ने कराया पंजीयन, अंतिम तीन दिन बचे
सागर| समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए जिले में 46731 किसानों ने पंजीयन कराया है। किसान 10 मार्च तक पंजीयन करा सकते हैं। किसान स्वयं के मोबाइल, कंप्यूटर, ग्राम पंचायतों के सुविधा केंद्र व सहकारी समितियों के पंजीयन केंद्रों पर निशुल्क पंजीयन करा सकते हैं। इसके अलावा एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर, लोक सेवा केंद्र व साइबर कैफे पर 50 रुपए लगेगा। सिकमी, बटाईदार व वन पट्टाधारी किसानों का पंजीयन सहकारी समितियां करेंगी।
नमस्कार, कल की बड़ी खबर पेट्रोल-डीजल को लेकर है, सरकार ने कहा कि फिलहाल दाम नहीं बढ़ेंगे। दूसरी खबर यूपी में बहन की 40 चाकू मारकर हत्या करने वाले इंजीनियर से जुड़ी है। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... 1. पीएम मोदी दिल्ली में 33,500 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। 2. भारत-न्यूजीलैंड के बीच अहमदाबाद में टी–20 वर्ल्डकप फाइनल खेला जाएगा। कल की बड़ी खबरें... 1. पाकिस्तान में पेट्रोल 336 रुपए लीटर हुआ, भारत में फिलहाल नहीं बढ़ेंगे दाम पाकिस्तान ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 55 रुपए (पाकिस्तानी रुपया) प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। इस बढ़ोतरी के बाद पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत अब 335.86 रुपए प्रति लीटर हो गई है। वहीं डीजल 321.17 रुपए प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गया है। पेट्रोल पंपों पर भीड़ जमा हुई: कीमतों में बढ़ोतरी की खबर आने के बाद होते ही पाकिस्तान के बड़े शहरों जैसे लाहौर और कराची में पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ जमा हो गई। लोग घंटों अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। लोगों को डर है कि आने वाले दिनों में कहीं तेल की किल्लत न हो जाए। भारत में पेट्रोल की कीमतें नहीं बढ़ेंगी: सरकारी सूत्रों ने बताया कि भारत के एनर्जी स्टॉक की स्थिति सुधर रही है। भारत ने होर्मुज रूट के अलावा दूसरे सोर्स से अपने क्रूड इंपोर्ट का 10 परसेंट बढ़ा दिया है। भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें नहीं बढ़ेंगी। पूरी खबर पढ़ें... 2. प. बंगाल: कार्यक्रम की जगह बदलने पर राष्ट्रपति नाराज, बोलीं- सीएम ममता रिसीव करने भी नहीं आईं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बंगाल में कार्यक्रम की जगह बदले जाने पर शनिवार को नाराजगी जताई। उन्होंने कहा- मुझे लगता है बंगाल सरकार आदिवासियों का भला नहीं चाहतीं। ममता बनर्जी मेरी छोटी बहन जैसी हैं। मैं भी बंगाल की बेटी हूं। राष्ट्रपति ने कहा... नॉर्थ बंगाल दौरे पर न तो मुख्यमंत्री और न ही कोई राज्य मंत्री उन्हें रिसीव करने आया। मुझे नहीं पता कि ममता मुझसे नाराज हैं या नहीं। वैसे, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। आप सब ठीक रहें। पीएम मोदी बोले- ये बेहद शर्मनाक: पीएम ने X पर पोस्ट में लिखा कि प्रेसिडेंट का पद पॉलिटिक्स से ऊपर है, और इस पद की गरिमा हमेशा बनी रहनी चाहिए। ये शर्मनाक है। उम्मीद है कि पश्चिम बंगाल सरकार और तृणमूल कांग्रेस को होश आएगा। पूरी खबर पढ़ें... 3. ईरान ने पड़ोसी देशों से माफी मांगी, कहा-हमले नहीं करेंगे, फिर कतर पर अटैक अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग को आठ दिन हो गए हैं। इस बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा है कि अब पड़ोसी देशों पर हमले नहीं किए जाएंगे, जब तक कि उन देशों की जमीन से ईरान पर कोई हमला न किया जाए। पहले माफी, फिर कर दिया हमला: पेजेशकियन ने पिछले कुछ दिनों में पड़ोसी देशों पर हुए हमलों के लिए उनसे माफी भी मांगी। उन्होंने कहा कि ईरान इन देशों के साथ तनाव बढ़ाना नहीं चाहता और भविष्य में ऐसे हमलों से बचने की कोशिश करेगा। हालांकि, इसके कुछ देर बाद ही कतर की राजधानी दोहा में एक धमाका हुआ। ईरान ने 13 देशों को बनाया था निशाना: 28 फरवरी को जंग की शुरुआत से अब तक ईरान इजराइल समेत मिडिल ईस्ट के 13 देशों को निशाना बना चुका है। वहीं US-इजराइल हमलों में ईरान में 1332 की मौत हो गई है। पूरी खबर पढ़ें... 4. डिप्टी CM केशव मौर्य के हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग, 2000 फीट ऊंचाई पर धुआं भरा यूपी के डिप्टी सीएम केशव मौर्य के हेलिकॉप्टर की शनिवार को इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। सुबह 10.45 बजे हेलिकॉप्टर ने लखनऊ से कौशांबी के लिए उड़ान भरी। थोड़ी ही देर में उसका डिस्प्ले अचानक बंद हो गया। हेलिकॉप्टर के अंदर धुआं भरने लगा। पायलट ने तुरंत लखनऊ एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) को सूचना दी। इमरजेंसी लैंडिंग की परमिशन मांगी। इस बीच हेलिकॉप्टर 50 किमी दूर बछरावां तक पहुंच गया था। पायलट ने परमिशन मिलते ही लखनऊ एयरपोर्ट की ओर रुख किया। जहां सुबह 11.15 बजे हेलिकॉप्टर की सुरक्षित लैंडिंग करवाई। इसके बाद केशव समेत 6 लोगों को सुरक्षित नीचे उतारा गया। पूरी खबर पढ़ें… 5. मुरादाबाद में इंजीनियर बहन को 40 चाकू मारने वाला अरेस्ट, मां बोलीं- गर्लफ्रेंड से ब्रेकअप के बाद चिढ़ता था मुरादाबाद में चाकू से गोदकर इंजीनियर बहन की हत्या करने वाले इंजीनियर भाई को पुलिस ने 24 घंटे में गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट में पेश कराने के बाद उसे जेल भेज दिया गया। हार्दिक और हिमशिखा जुड़वां भाई-बहन थे। मुस्लिम गर्लफ्रेंड पुणे की रहने वाली: हार्दिक ने पूछताछ में पुलिस को बताया, उसकी गर्लफ्रेंड मुस्लिम है। वह पुणे की रहने वाली है। लड़की के परिवार वाले उसे मारते-पीटते हैं, जिसकी वजह से उसकी जिंदगी बर्बाद हो गई है। जांच में पता चला हार्दिक मेंटल डिस्टर्ब: SP सिटी रणविजय सिंह ने कहा- पूछताछ के दौरान हार्दिक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं लग रही है। इसलिए अब उसे डॉक्टर को दिखाया जाएगा। उसने मां पर भी हमला किया था, जिनका हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। पूरी खबर पढ़ें… 6. UPSC में 301 रैंक पर 2 कैंडिडेट्स का दावा, यूपी और बिहार की 'आकांक्षा सिंह' के सेम रोल नंबर UPSC सिविल सर्विस एग्जाम रिजल्ट 2025 में एक ही रैंक पर दो कैंडिडेट्स ने दावा कर दिया है। UPSC द्वारा जारी मेरिट लिस्ट में AIR 301 पर आकांक्षा सिंह हैं, जिनका रोल नंबर 0856794 है। इस सिलेक्शन पर बिहार और यूपी से 2 अलग-अलग छात्राओं ने दावा किया है। दोनों का नाम आकांक्षा सिंह है। बिहार की आकांक्षा के एडमिट कार्ड में है गड़बड़ी दैनिक भास्कर ने मामले की पड़ताल के लिए दोनों कैंडिडेट्स के एडमिट कार्ड चेक किए। यूपी के गाजीपुर की आकांक्षा के इंटरव्यू कॉल लेटर पर दर्ज रोल नंबर 0856794 है। इस एडमिट कार्ड पर दिख रहे QR को स्कैन करने पर भी यही रोल नंबर दिख रहा है। वहीं, बिहार के आरा की आकांक्षा सिंह ने भास्कर को अपना प्रीलिम्स एडमिट कार्ड उपलब्ध कराया। हालांकि, इस पर भी रोल नंबर 0856794 ही लिखा दिख रहा है। मगर QR स्कैन करने पर रोल नंबर 085659 दिख रहा है। ऐसे में या तो UPSC की ओर से एडमिट कार्ड जारी करने में कोई गड़बड़ी हुई है, या फिर बिहार की आकांक्षा के एडमिट कार्ड से छेड़छाड़ की गई है। इस मामले पर अभी UPSC की ओर से कोई स्पष्टीकरण नहीं आया है। पूरी खबर पढ़ें... 7. रैपर बादशाह का अश्लील गाना, गिरफ्तारी के लिए टीमें बनाईं गईं; सॉन्ग यूट्यूब से हटा बॉलीवुड सिंगर-रैपर बादशाह पर न्यू रिलीज सॉन्ग ‘टटीरी’ को लेकर हरियाणा में 3 मामले दर्ज हुए हैं। हरियाणा पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी हैं साथ ही लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। पुलिस ने यह भी कहा है कि इस गाने पर रील बनाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। गाने को यूट्यूब से हटाया गया: गाने में बादशाह के बोल और लड़कियों के सीन पर आपत्ति जताई गई है। अब पुलिस के एक्शन के बाद इस सॉन्ग को यूट्यूब से भी हटा दिया गया है। हालांंकि गाने को बादशाह ने खुद हटाया है या यूट्यूब ने शिकायत के बाद हटाया है। इसकी पुष्टि नहीं हुई। 1 मार्च 2026 को रिलीज हुए इस गाने पर करीब 5 मिलियन व्यूज आ चुके थे। बादशाह बोले- मुझे माफ कर दीजिए: विवाद के बीच बादशाह ने वीडियो जारी कर कहा, मैं खुद हरियाणा से हूं। मेरा कोई उद्देश्य नहीं था कि मैं हरियाणा के किसी बच्चे या महिला के बारे में ऐसी बेहूदी बात कहूं। मैं हिप-हॉप जॉनर से हूं, जहां बोल हमेशा कॉम्पिटिशन को नीचा दिखाते हैं। अगर मेरे गाने के उस हिस्से से किसी को बुरा लगा हो, तो मुझे हरियाणा का बेटा समझकर माफ कर दीजिए। पूरी खबर पढ़ें... आज का कार्टून ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... बच्चे का लीवर और आंत सीने की तरफ पहुंचा जयपुर में 11 साल के बच्चे के शरीर में लीवर ओर आंत अपनी जगह से खिसककर दाहिने सीने की तरफ पहुंच गई। जांच में पता चला कि बच्चे को जन्म से ही डायफ्रामेटिक हर्निया की समस्या थी। इस स्थिति में पेट और सीने को अलग करने वाली झिल्ली में छेद होता है। जिससे यह दिक्कत महसूस होती है। हालांकि, डॉक्टरों ने सर्जरी कर दी है। पूरी खबर पढ़ें... फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… 1. ईरान ने अरब देशों से माफी मांगी; पाकिस्तान में पेट्रोल ₹336; UPSC रिजल्ट- 2 कैंडिडेट के सेम रोलनंबर, दावा- दोनों पास 2. भास्कर एक्सप्लेनर- चुनाव से पहले BJP ने मुख्यमंत्री बदलने की स्क्रिप्ट लिखी: नीतीश के नाम पर भ्रम फैलाया, चिराग को ज्यादा सीटें; 4 पॉइंट में BJP की स्ट्रैटजी 3. नेपाल से भास्कर- सरकार-कोर्ट को भारत का गुलाम बताने वाले बालेन बनेंगे PM: अखंड भारत का जवाब ग्रेटर नेपाल से दिया, क्या रिश्ते बिगड़ेंगे 4. अनुपम खेर@71; चेहरे पर लकवा मारा, फिर भी शूटिंग की: प्रोजेक्ट्स फ्लॉप हुए तो सिर्फ 400 रुपए बचे थे, रिकॉर्ड फिल्मफेयर अवॉर्ड जीते 5. भास्कर एक्सप्लेनर- निशांत के लिए नीतीश ने 10 साल पहले बनाया प्लान: धीरे-धीरे नेताओं को पार्टी से निकाला, संकट खड़ा कर बेटे को विरासत सौंपने की बनाई स्ट्रैटजी 6. जरूरत की खबर- मसल-फैट रेशियो सही तो ब्रेन रहता एक्टिव: घटता बीमारियों का रिस्क, पतला होना काफी नहीं, मसल-फैट का सही बैलेंस जरूरी ⏳आज के दिन का इतिहास ️ मौसम का मिजाज तुला राशि वालों के रुके काम पूरे हो सकते हैं। मीन राशि वालों का इनकम सोर्स दोबारा शुरू हो सकता है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
सिंहस्थ 2028 को लेकर शहर के कई इलाकों में चौड़ीकरण किया जा रहा है, जिसका जमकर विरोध भी हो रहा है। पिपलीनाका वाले मामले में तो भाजपा विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा अपनी ही सरकार के खिलाफ मैदान में आ गए थे। हालांकि एक ही दिन में वे बैकफुट पर चले गए। ऐसे में हमने उज्जैन-मक्सी रोड चौड़ीकरण के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की पड़ताल की। यह मार्ग 38.95 किमी में फोरलेन होना है। इसके वर्कआॅर्डर दिए 5 माह से ज्यादा समय हो गया, लेकिन जमीनी स्तर पर काम नजर नहीं आ रहा। शहरी क्षेत्र पंवासा से शंकरपुर के जिस इलाके में 2 माह पहले ही लोगों ने अपने मकान तोड़कर सड़क निर्माण के लिए जगह दे दी। ठेकेदार ने अब तक काम शुरू नहीं किया। काम धीमा देख लोगों ने फिर से मकान के तोड़े गए हिस्से के आगे टेंट लगा लिए और अपना कारोबार शुरू कर दिया। एजेंसी ने 70 करोड़ कम में लिया टेंडर, इसलिए गुणवत्ता व समय पर संदेह लोगों ने जल्द काम शुरू हो इसलिए खुद ही मकान तोड़ लिए। काम शुरू नहीं हुआ तो फिर से टेंट-तंबू लगाकर अपना कारोबार शुरू कर दिया। निर्माण एजेंसी प्लांट ही नहीं डाल सकी खास बात यह है कि निर्माण एजेंसी अपेक्स स्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड अब तक अपना डामर प्लांट भी नहीं डाल सकी। गिट्टी-चूरी के प्लांट लगाने में ही 4-5 माह निकाल दिए। ऐसे में निर्माण के नाम पर कायथा, डिंगरोदा और ताजपुर के पास ही सड़क के साइड में मिट्टी डालकर बैस बनाने का काम शुरू किया है। यह काम भी धीमे चल रहा है। सेंटर से 11-11 मीटर यह होना है निर्माण 38.95 किमी रोड को सेंटर से 11-11 मीटर दोनों साइड नाली सहित चौड़ा किया जाना है। इसके बीच में 9 पुल और 40 छोटी पुलिया बनाई जाना है। रोड मक्सी के जरिये उज्जैन को आगरा-बॉम्बे नेशनल हाईवे से कनेक्ट करेगा। इंदौर व देवास रोड पर ज्यादा ट्रैफिक होने की स्थिति में मक्सी रोड बेहतर विकल्प साबित होगा। 273 करोड़ का काम 203 करोड़ में लिया उज्जैन-मक्सी तक 38.95 किमी फोरलेन के लिए एमपीआरडीसी के इंजीनियरों ने 273 करोड़ लागत निकाली। अपेक्स स्ट्रक्चर प्रालि ने 25.50% कम दर पर 203 करोड़ रुपए में काम ले लिया। विभागीय स्तर पर निकाली गई अनुमानित कीमत से 70 करोड़ रुपए कम में ठेका लेने के बाद गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए। अर्थवर्क हो रहा, काम की गति और बढ़वाएंगे निर्माण एजेंसी ने काम शुरू कर दिया है। प्लांट में कुछ देरी हुई है। हालांकि कायथा से डिंगरोदा और ताजपुर से विजयगंज मंडी के बीच अर्थ वर्क काम किया है। पुल-पुलिया बना रहे हैं। एजेंसी से काम की स्पीड तेज कराएंगे। - विजय सिंह, संभागीय प्रबंधक एमपीआरडीसी उज्जैन
कोई हाल ही में IAS बनी तो किसी ने अपने हुनर से खुद का बिजनेस खड़ा किया। इंटरनेशनल वुमेंस डे पर जानते हैं गोरखपुर की उन वुमेंस की स्क्सेज स्टोरी, जिन्होंने अपनी मेहनत और लगन के दम पर एक अलग पहचान बनाई। एक तरफ राप्तीनगर की रहने वाली इशिता शर्मा, हाल ही UPSC का एग्जाम क्लीयर करके IAS बनी। अब वो एक जिले का कमान संभालेंगी। तो दूसरी ओर अंकिता त्रिपाठी ने भी अपनी हुनर और बचपन के शौक के दम पर एक बिजनेस खड़ा किया है। 2017 में पेपर क्राफ्ट से शुरू किया गया यह स्माॅल बिजनेस आज देश ही नहीं बल्कि विदेशों तक अंकिता का पहचान बना हुआ है। अब वह एंब्रॉयडरी का काम करती हैं। इनके बनाए गए हूप्स को लोग बेहद पसंद कर रहे हैं। वहीं एक बेहद ही समान्य परिवार से आने वाली रीमा ने स्कूल टाइम में ही बड़े सपने देखें। डिजाइनर ड्रेस बनाने के हुनर को संवारा। एक मशीन से बिजनेस शुरू की और आज 2 दुकानों की ओनर हैं। कई बेरोजगार महिलाओं को रोजगार देती हैं। एक दिन इंडिया की सबसे बड़ी डिजाइनर में से एक बनना चाहती है। इनका कहना है कि हर महिला को फाइनेंशियली इंडिपेंडेंट बनना चाहिए। ताकि वे अपने फैसले खुद ले सकें। पहले 12th में किया टॉप फिर बनी IASगोरखपुर की रहने वाली इशिता शर्मा ने चौथे अटेम्प्ट में UPSC का एग्जाम न सिर्फ क्लियर किया है बल्कि ऑल इंडिया IAS रैंक में, 26 वां स्थान हासिल किया है। इशिता बताती हैं कि जब से मैंने होश संभाला तबसे ही मेरा ड्रीम आईएस बनने का था। उसी को लक्ष्य लेकर मैं पढ़ाई करती थी। जब मैंने 12 वीं में टॉप किया तब मुझसे पूछा गया कि क्या बनना चाहती हो। मैंने कहा था IAS बनूंगी। तबसे मैं और मेहनत इसके लिए करने लगी। पहले और दूसरे अटेम्प्ट मेरा प्री भी क्वालीफाई नहीं हुआ। उस समय मुझे लगा शायद मेरे बस का नहीं है। लेकिन मैंने हिम्मत नहीं हारी। फैमिली से मोटिवेशन मिला और मैंने तीसरा अटेम्प्ट दिया। उस समय मैं इंटरव्यू तक गई। लेकिन 14 नंबरों से सिलेक्शन नहीं हुआ। थोड़ा बुरा जरुर लगा। फिर मैंने कमियों पर ध्यान दिया और उम्मीद बनाए रखा। चौथे अटेम्प्ट के बाद मेरा क्लीयर हुआ है। इशिता कहती हैं कि सभी लड़कियों को सेल्फइंडीपीडेंट बनने पर हमेशा जोर लगाना चाहिए। जो भी हुनर आपके अंदर है उसी से आगे बढों। जब हम फाइनेंशियल इंडिपेंडेंट रहेंगे तभी अपने फैसले खुद ले सकेंगे। जानिए इशिता के बारे मेंइशिता ने अपनी स्कूलिंग सरस्वती बालिका विद्यालय से की। उसके बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से बी.काम और एम.काम किया। लेकिन यूपीएससी की तैयारी गोरखपुर से ही की। उन्होंने सेल्फ स्टडी पर सबसे ज्यादा फोकस किया और कुछ ऑनलाइन क्लासेज की मदद ली। इशिता ने पढ़ाई में कंसिस्टेंसी रखी और क्वालिटी लर्निंग पर फोकस किया। घंटा देखकर पढ़ने के बजाय टॉपिक को गहराई से समझने का प्रयास किया। इशिता के पिता डीके शर्मा एक बैंक मैनेजर हैं और मां अर्चना हाउस वाइफ। बेटी की ड्रीम को अपना ड्रीम बनाकर उन्होंने इशिता को सपोर्ट किया। रिजल्ट आने के बाद खुशी का ठिकाना नहीं है। बचपन के शौक को बनाई पहचान, स्कॉटलैंड, दुबई से मिलते ऑर्डर गोरखपुर में राप्तीनगर की रहने वाली अंकिता त्रिपाठी की ने भी अपनी मेहनत के दम पर एक अलग पहचान बनाई। आज विदेशों से उन्हें ऑर्डर मिलते हैं। अंकिता बताती हैं कि उन्हें बचपन से ही क्राफ्ट बनाने का शौक था।लेकिन कभी सोचा नहीं था कि एक दिन इसे ही बिजनेस बनाएंगी। पहले उन्होंने एसआई बनने का सपना देखा। लेकिन कुछ समय तक तैयारी करने के बाद जब रिजल्ट पॉजिटिव नहीं मिला तो तब उन्होंने अपने शौक और टैलेंट को पहचान बनाना चाहा। 2017 में उन्होंने घर से ही पेपर क्राफ्ट का छोटा सा बिजनेस स्टार्ट किया। कुछ ऑर्डर मिलने भी लगे। लेकिन घर वाले चाहते थे कि पढ़ाई करके कुछ बने। इसलिए अंकिता को घर से सपोर्ट नहीं मिला। परिवार ने लगातार विरोध किया। थक हार कर उन्होंने इस काम को बंद कर दिया। फिर बीएड की। साथ में कुछ और गवर्नमेंट जॉब की तैयारी की। लेकिन उनका मन अब पढ़ाई से ज्यादा अपने हुनर को संवारने में लगता था। पिता के मौत ने तोड़ासाल 2018 में उनके पिता की मौत हो गई। जिसके बाद वह पूरी तरह टूट गई। कुछ समझ नहीं आता था कि क्या करें। अंकिता अपनी फैमिली को फाइनेंशियली सपोर्ट करना चाहती थी। जॉब का कोई ठिकाना नहीं था। फिर उन्होंने अपना बिजनेस शुरू करने का मन बनाया। उस समय भी परिवार में किसी ने मदद नहीं की। फिर भी अंकिता हिम्मत बनाई रखी। उन्होंने अब एंब्रॉयडरी का काम शुरू किया और सोशल मीडिया पर पोस्ट करने लगी। गोरखपुर में Hoops का नया ट्रेंडलोगों ने उनके काम को काफी ज्यादा पसंद किया और ऑनलाइन आर्डर मिलने शुरू हो गए। अंकिता ने बताया कि हूप्स का पहला ऑर्डर तैयार करके मैंने पोस्ट किया। तबसे धीरे-धीरे मुझे आर्डर मिलने लगे। आज इंडिया के अंदर पंजाब, राजस्थान, केरल, जम्मू-कश्मीर और लगभग हर जगह से हूप्स के सबसे ज्यादा ऑर्डर मिलते हैं। इसके अलावा स्कॉटलैंड, दुबई और चाइना से भी ऑर्डर मिले। जिन्हें इंडिया में ही डिलीवर करना था। सोशल मीडिया से मिली मददलोग इंस्टाग्राम पर देखकर मुझे ऑर्डर देते हैं और मैं इसे कम्प्लीट करने के बाद स्पीड पोस्ट से उनके एड्रेस पर डिलीवर कर देती। मुझे खुशी है कि इस काम में मेरी फैमिली अब सपोर्ट करती है। मैंने ये कला सीखने के लिए कोई ट्रेनिंग या क्लास नहीं लिया है। बस मेरी दिमाग की क्रिएटिविटी है और बचपन का शौक। उम्र छोटी, हौसले बुलंद, नैंसी त्यागी से होती इंस्पायर गोरखपुर के जंगल धूसड़ की रहने वाली एक समान्य सी लड़की रीमा के सपने बड़े हैं। अपने मेहनत के दम पर एक दिन बहुत बड़ी डिजाइनर बनना चाहती हैं। जिसकी राह पर स्कूल के दिनों में ही चलना शुरू कर दी थी। 24 साल की रीमा को परिवार वालों ने 12वीं के बाद ही शादी का दबाव बनाया। मना करने पर पिता आज तक बात नहीं करते। रीमा को शादी करके किसी और की पहचान से अपनी जिंदगी नहीं बितानी थी। बल्कि मेहनत करके समाज में अलग पहचान बनाना था। जिसके लिए सबसे पहले घर वालों से लड़ना पड़ा। उसे पढ़ाई के अलावा किसी काम के लिए बाहर जाने का परमिशन नहीं था। वो थोड़ा बहुत कपड़े की डिजाइनिंग और सिलाई जानती थी। इसे और अच्छे से सीख कर इसी में अपना करियर बनाना चाहती थी। लेकिन घर वालों का कहना था कि 12वीं तक पढों उसके बाद बिदा हो जाओ। रीमा ने हार नहीं मानी। अपनी आगे की पढ़ाई पूरी की। दोस्त की मदद से एक फाउंडेशन से जुड़ी। जहां तनु ने उन्हें सिलाई और अच्छे से सिखाया। उसके बाद घर पर कुछ लड़कियों को ट्रेनिंग देकर और गांव की सिलाई करके कुछ पैसे जोड़ रखे थे। फिर अपने सपनों का दुकान खोली। बनना चाहती बेस्ट डिजाइनररीमा का कहना है कि जिस दिन दुकान की ओपनिंग थी, उस दिन मेरी खुशी का ठिकाना नहीं था। सिर्फ एक मशीन के साथ अपना बिजनेस स्टार्ट किया था। दो साल के अंदर मेरे पास 5 से 6 मशीन है। मैंने कई महिलाओं को रोजगार भी दिया है। लगभग 15 लड़कियों को ट्रेनिंग भी देती। जल्द ही दूसरा बुटिक खोलने की तैयारी में हूं। मुझे एक दिन नैन्सी त्यागी की तरह इंडिया की बेस्ट डिजाइनर में से एक बनना है। जब वो कर सकती है तो मैं भी कर सकती हूं।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले टी-20 फाइनल मुकाबले को लेकर राजधानी में क्रिकेट प्रेमियों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। रविवार को होने वाले इस बड़े मुकाबले से पहले ही शहर का माहौल क्रिकेटमय हो गया है। बाजारों, चौराहों, कैफे और कॉलोनियों में मैच को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और लोग अपनी-अपनी तरह से मैच देखने की तैयारियों में जुट गए हैं। शहर के कई ढाबों, रेस्टोरेंट और कैफे में बड़े एलईडी स्क्रीन लगाने की तैयारी की जा रही है, ताकि क्रिकेट प्रेमी एक साथ बैठकर फाइनल मुकाबले का आनंद ले सकें। कई स्थानों पर विशेष ऑफर और क्रिकेट थीम पर सजावट भी की जा रही है। युवाओं के बीच खासा उत्साह है और वे दोस्तों के साथ मिलकर मैच देखने की योजना बना रहे हैं।वहीं कई कॉलोनियों और मोहल्लों में भी सामूहिक रूप से मैच देखने के लिए तैयारी की जा रही है। क्रिकेट प्रेमी तिरंगा झंडा और टीम इंडिया की जर्सी के साथ फाइनल मुकाबले का इंतजार कर रहे हैं। खेल प्रेमियों का कहना है कि लंबे समय बाद भारत को एक और बड़ा खिताब जीतने का मौका मिला है, इसलिए सभी की निगाहें इस मैच पर टिकी हुई हैं। दूसरी ओर मंदिरों में भी टीम इंडिया की जीत के लिए प्रार्थनाएं शुरू हो गई हैं। क्रिकेट प्रेमियों को उम्मीद है कि भारतीय टीम शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड को हराकर खिताब अपने नाम करेगी। ऐसे में पूरे शहर में रविवार को होने वाले इस महामुकाबले को लेकर खासा उत्साह और रोमांच का माहौल बना हुआ है।
जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 29 मार्च से फ्लाइट संचालन का पूरा शेड्यूल बदल जाएगा। इस दिन से समर फ्लाइट शेड्यूल लागू होगा, जिसके तहत करीब 15 फ्लाइट्स बंद होने की आशंका है। अभी रोजाना 26 शहरों के लिए औसतन 66 फ्लाइट्स संचालित होती हैं, लेकिन समर शेड्यूल में संख्या घटकर 53 रह सकती है। इसमें जैसलमेर, जोधपुर और बीकानेर की फ्लाइट बंद होने की संभावना है। यानी 23 शहरों के लिए ही फ्लाइट संचालित होंगी। दो फ्लाइट नवी मुंबई और गुवाहाटी के लिए शुरू हो सकती है, लेकिन यहां के लिए 1-1 फ्लाइट पहले से संचालित है। हालांकि 2025 के समर शेड्यूल से इस बार 6 फ्लाइट ज्यादा होगी, साथ ही 100 से ज्यादा एयरक्राफ्ट का मूवमेंट होगा। हर साल मार्च के अंतिम रविवार से समर शेड्यूल लागू होता है। राजस्थान में सितंबर से मार्च तक पर्यटन सीजन रहता है, जबकि गर्मियों में पर्यटकों की संख्या कम हो जाती है। इसका असर फ्लाइट संचालन पर भी पड़ता है। नए शेड्यूल में कई शहरों के लिए फ्लाइट्स की संख्या घटेगी, जबकि गुवाहाटी के लिए कनेक्टिविटी बढ़ेगी। हालांकि अभी डीजीसीए ने समर शेड्यूल को अंतिम मंजूरी नहीं दी है, इसलिए फ्लाइट्स की संख्या में बदलाव संभव है। मुंबई की 14 में से 5 फ्लाइट बंद हो सकती हैं समर शेड्यूल में सबसे ज्यादा असर मुंबई रूट पर दिख सकता है। अभी जयपुर से मुंबई के लिए 14 फ्लाइट्स संचालित होती हैं, लेकिन इनमें से 5 फ्लाइट्स बंद होने की संभावना है।
केंद्र ने गेहूं के दाम 160 रु. बढ़ाए, लेकिन किसानों को 25 रु. का ही मिलेगा फायदा
समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी के लिए केंद्र सरकार ने पिछले साल की तुलना में 160 रुपए बढ़ाकर 2585 रुपए तय कर दिए, लेकिन किसानों को 25 रुपए प्रति क्विंटल का ही फायदा होगा, क्योंकि मप्र सरकार ने पिछले साल दिए बोनस में इस साल 135 रुपए घटा दिए। केंद्र के 2585 रुपए में इस साल राज्य सरकार सिर्फ 40 रुपए बोनस देकर 2625 रुपए प्रति क्विंटल में गेहूं खरीदेगी। 2025-26 में समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने वाले किसानों को राज्य सरकार ने 175 रुपए प्रति क्विंटल बोनस दिया था। केंद्र सरकार के तय मूल्य 2425 रुपए में 175 रुपए जोड़कर किसानों को प्रति क्विंटल 2600 रुपए मिले थे। इस बार केंद्र ने गेहूं के दाम प्रति क्विंटल 160 रुपए बढ़ा दिए, लेकिन राज्य सरकार ने 175 रुपए बोनस घटाकर सिर्फ 40 रुपए देने की घोषणा की, जो समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी शुरू होने 2007-08 के बाद से अब तक की सबसे कम राशि है। पंजीयन 10 तक, लेकिन सर्वर डाउन से फजीहत गेहूं बेचने के लिए 7 मार्च तक हो रहे पंजीयन की तारीख सरकार ने 10 मार्च कर दी। किसान नेता दिलीपसिंह सिसौदिया ने बताया कि सर्वर डाउन होने के कारण दताना क्षेत्र के आधे किसानों का पंजीयन नहीं हुआ। इधर आपूर्ति नियंत्रक शालू वर्मा ने बताया कि पोर्टल पर 16 मार्च से गेहूं खरीदी शुरू होना बता रहे है। इस हिसाब से तैयारी कर रहे है। इस संबंध में लिखित में अभी कोई निर्देश नहीं आए हैं।
SIR सूची में और कटेंगे 7404 नाम:दावे एवं आपत्तियों के बाद अंतिम आंकड़े जारी
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत गोरखपुर की मतदाता सूची से 7 हजार 404 नाम और काटे जाएंगे। लगभग दो महीने तक आए दावे एवं आपत्तियों के बाद यह स्थिति साफ हुई है। निर्वाचन कार्यालय की ओर से फीड किए गए डाटा का आंकड़ा जारी होने के बाद स्थिति स्पष्ट हुई है। नाम काटने के लिए लोगों ने फार्म 7 भरा है। इसी तरह 2 लाख 32 हजार 336 लोगों ने नया नाम जोड़ने के लिए आवेदन किया है। इनकी ओर से फार्म 6 भरा गया है। जबकि नाम या पता संशोधित करने के लिए 43 हजार 469 लोगों की ओर से फार्म 8 भरा गया है। मतदाता सूची में इनके नाम में या पते में कोई ऋुटि हुई तो उसे फार्म 8 के जरिए संशोधन करने का अवसर मिला है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी/एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीत कुमार सिंह ने बताया कि अंतिम दिन अधिक संख्या में लोगों ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए आवेदन किया। देर रात फार्म की फीडिंग के बाद नए मतदाताओं के फार्म की संख्या 2.32 हो गई। बिना मैपिंग एवं तार्किक विसंगतियों वाले मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए 27 मार्च तक सुनवाई होगी। दोनों श्रेणी के मतदाताओं की संख्या 9,9,584 है, जिसमें करीब 80 प्रतिशत मतदाताओं की सुनवाई हो गई है। अब सुनवाई में आधार कार्ड भी दस्तावेज के रूप में मान्य है। आधार कार्ड सभी लोगों के पास उपलब्ध है, इससे मतदाताओं को सुविधा हो रही है।
ग्वालियर की बेटियां आज न्यायिक सेवा से लेकर उद्यमिता, ग्लैमर तक अपनी पहचान बना रही हैं। न्यायिक क्षेत्र में शहर की एडवोकेट सुमन गौड़ पांडेय वर्तमान में राजस्थान के उदयपुर में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग (पूर्व में उपभोक्ता फोरम) की अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं और प्रदेश में इस पद पर पहुंचने वाली एकमात्र महिला हैं। ग्वालियर की कोर्ट में पैरवी करने वाली एडवोकेट सुमन वर्तमान में राजस्थान के उदयपुर में कार्यरत हैं। वे प्रदेश की एकमात्र महिला अध्यक्ष हैं, जो आयोग की अध्यक्षता कर रही हैं। यहां तक का उनका सफर चुनौतीपूर्ण रहा। वर्ष 2016 में सीबीआई ने व्यापमं कांड में पैरवी के लिए विशेष लोक अभियोजकों का चयन किया। साक्षात्कार के बाद उनका चयन हुआ। इसी दौरान मप्र में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग में सदस्य के लिए परीक्षा हुई। इसे पास कर वे ग्वालियर स्थित आयोग में बतौर सदस्य 250 प्रकरणों में निर्णय दिया। पद पर रहते उन्होंने राजस्थान राज्य उपभोक्ता आयोग द्वारा जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष पद की परीक्षा में भाग ले सफलता अर्जित की। तब से ले वे इस पद पर हैं। रील से मिला आइडिया, खड़ा किया अपना फैशन स्टार्टअपउद्यमिता के क्षेत्र में भी ग्वालियर की खुशबू गुप्ता ने अपनी अलग पहचान बनाई है। शादी के बाद उन्होंने पहले परिवार और बच्चों की जिम्मेदारी निभाई। इसके बाद ड्रेस डिजाइनिंग का काम घर से शुरू किया। धीरे-धीरे काम बढ़ने पर उन्होंने सूरत की कंपनी से टाईअप कर दौलतगंज में अपना स्टोर खोला। आज उनका डिजाइनर कलेक्शन ऑनलाइन के जरिए देश के कई राज्यों तक पहुंच रहा है। । खुशबू बताती हैं कि इस काम की प्रेरणा उन्हें एक सोशल मीडिया रील देखकर मिली। इसमें उनके पति और परिवार वालों ने साथ दिया। मेकअप के हुनर की बदौलत बॉलीवुड में बनाई पहचानग्लैमर इंडस्ट्री में भी शहर की निधि सक्सेना ने अपनी पहचान बनाई है। आदित्यपुरम निवासी निधि ने मेकअप आर्टिस्ट के रूप में मुंबई में अपना करियर बनाया। प्रोफेशनल ट्रेनिंग और लगातार अभ्यास के दम पर उन्होंने फिल्म और फैशन इंडस्ट्री में जगह बनाई। वे मिस यूनिवर्स और बॉलीवुड अभिनेत्री उर्वशी रौतेला, अमृता राव, मन्नारा चोपड़ा और बिग बॉस फेम खानजादी सहित कई चर्चित अभिनेत्रियों का मेकअप कर चुकी हैं। टीवी सीरियल के बाद बड़े पर्दे लीड किरदार निभाएंगी परीग्वालियर की परी तोमर टीवी सीरियल के बाद जल्द ही बड़े पर्दे पर नजर आएंगी। अपनी अदाकारी बदौलत उन्हें फिल्म ‘टू-वे’ में काम करने का मौका मिला। यह फिल्म अगले सप्ताह सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। फिल्म की कहानी तीन लड़कियों और एक युवक के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसमें युवक को झूठे मामले में फंसा दिया जाता है और वह न्याय के लिए संघर्ष करता है। फिल्म में गुरलीन चोपड़ा, मिलिंद गुणाजी, सुधा चंद्रन, विजय पाटकर और पंकज बेरी जैसे कलाकार भी नजर आएंगे।
महिला दिवस विशेष:आज एएसआई के संग्रहालय रहेंगे फ्री, कल पिंक लाइसेंस कैंप
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में युवतियों और महिलाओं के लिए अच्छी खबर है। इस बार महिला दिवस (8 मार्च)के उपलक्ष्य में खासतौर पर शहर में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अंतर्गत आने वाले प्रमुख ऐतिहासिक विरासत और संग्रहालय नि:शुल्क रहेंगे। यहां खासतौर पर महिलाओं के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। ग्वालियर में एएसआई के अधीन किले पर तेली का मंदिर, मानसिंह पैलेस, सहस्त्रबाहु मंदिर आदि आते हैं। इस संबंध में एएसआई ने स्पष्ट किया है कि पर्यटकों की संख्या को बढ़ाने के लिए अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस, विश्व धरोहर दिवस, अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, विश्व धरोहर सप्ताह समारोह और दिव्यांग व्यक्तियों के अंतरराष्ट्रीय दिवस पर यह छूट लागू होगी। बाल भवन में फ्री कैंप आधार कार्ड जरूरीनगर निगम ग्वालियर की ओर से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर बालिकाओं के लिए नि:शुल्क ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की पहल भी की गई है। यह शिविर बाल भवन में 9 मार्च को सुबह 11 बजे से लगाया जाएगा। इस कैंप में 18 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग की बालिकाओं और महिलाओं के ड्राइविंग लाइसेंस बनेंगे। इसके लिए आधारकार्ड, समग्र आईडी इत्यादि दस्तावेज जरूरी होंगे।
युद्ध का असर:नहीं मिलेंगे 1 माह में 2 LPG सिलेंडर
ईरान–अमेरिका युद्ध के बीच घरेलू गैस सप्लाई पर अनौपचारिक नियंत्रण शुरू कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत अब किसी भी एलपीजी उपभोक्ता को महीने में दो सिलेंडर नहीं मिल पाएंगे। जिन ग्राहकों के पास डबल सिलेंडर कनेक्शन (डीवीसी) है उन्हें दूसरा सिलेंडर लेने के लिए 25 दिन इंतजार करना होगा, जबकि सिंगल सिलेंडर कनेक्शन वालों को 21 दिन बाद ही अगली बुकिंग पर सिलेंडर मिल सकेगा। जिला आपूर्ति नियंत्रक अरविंद्र भदौरिया का कहना है कि एलपीजी सप्लाई पर नियमित निगरानी की जा रही है। एलपीजी फेडरेशन ग्वालियर-चंबल संभाग के अध्यक्ष पुष्पेंद्र गुप्ता ने बताया कि यह व्यवस्था पोर्टल में लागू कर दी गई है। लगभग सभी एजेंसियों पर 300-400 पर्ची रुक गई हैं, कारण इनकी बुकिंग में अभी 21 या 25 दिन का अंतराल नहीं है।
गोरखपुर जंक्शन की कमान महिलाओं के हाथ:ट्रेन चलाने से टिकट जांच तक, महिला दिवस पर रेलवे की खास पहल
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पूर्वोत्तर रेलवे में महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए कई विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस दिन गोरखपुर जंक्शन की पूरी व्यवस्था महिलाओं के हाथों में होगी। स्टेशन पर ट्रेन संचालन से लेकर टिकट जांच, यात्री आरक्षण, टिकट बुकिंग, साफ-सफाई और सुरक्षा जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां महिला रेलकर्मी संभालेंगी। स्टेशन के कोचिंग डिपो में तैनात महिला तकनीशियन ट्रेनों के अनुरक्षण का काम करेंगी। वहीं गोरखपुर की मैकेनाइज्ड लॉन्ड्री में लिनेन की धुलाई और उनके रखरखाव की जिम्मेदारी भी महिला कर्मियों के पास रहेगी। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह के अनुसार अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पूर्वोत्तर रेलवे में महिला सशक्तीकरण से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। गोरखपुर जंक्शन के रूट रिले इंटरलॉकिंग पैनल, स्टेशन संचालन, टिकट बुकिंग, साफ-सफाई और सुरक्षा की जिम्मेदारी पूरी तरह महिला कर्मचारियों द्वारा निभाई जाएगी। इसके अलावा वाराणसी, लखनऊ और इज्जतनगर मंडल में भी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे। वाराणसी मंडल में सवारी ट्रेनों का संचालन महिला लोको पायलट और ट्रेन मैनेजर द्वारा किया जाएगा। महिला सशक्तीकरण पर संगोष्ठी और पुस्तक का विमोचन यांत्रिक कारखाना गोरखपुर में महिला सशक्तीकरण विषय पर एक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान ‘महिला सशक्तीकरण’ विषय पर आधारित एक पुस्तक का विमोचन भी किया जाएगा। कार्यक्रम में महिलाओं की भूमिका और उनके सशक्तीकरण के महत्व पर चर्चा के लिए संगोष्ठी आयोजित की जाएगी। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे और महिला कर्मियों का उत्साहवर्धन किया जाएगा। रेलवे स्टेडियम में होगा ‘शक्ति वॉक’ सैयद मोदी रेलवे स्टेडियम, गोरखपुर में सुबह 7:30 बजे से ‘शक्ति वॉक’ का आयोजन किया जाएगा। इसमें महिला खिलाड़ी और महिला रेलकर्मी भाग लेंगी। इसके अलावा 11 मार्च को रेलवे प्रेक्षागृह गोरखपुर में दोपहर 3:30 बजे से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस-2026 के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। महिलाओं की सुविधा के लिए खास इंतजाम महिला रेलकर्मियों और महिला यात्रियों की सुविधा के लिए गोरखपुर समेत पूर्वोत्तर रेलवे के कई प्रमुख स्टेशनों पर ‘वात्सल्य रूम’ बनाए गए हैं। महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेलवे सुरक्षा बल द्वारा ‘मेरी सहेली’ अभियान भी चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत महिला आरपीएफ कर्मियों की टीम ट्रेनों में अकेले सफर कर रही महिलाओं से मिलती है और उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाती है। साथ ही उन्हें रेलवे हेल्पलाइन 139 के बारे में भी जानकारी दी जाती है। यांत्रिक कारखाना गोरखपुर में नॉन एसी ट्रिमिंग शॉप पूरी तरह महिला रेलकर्मियों द्वारा संचालित की जा रही है। वहीं लखनऊ मंडल का लखनऊ सिटी स्टेशन भी पूरी तरह महिला कर्मचारियों के जिम्मे है। भारतीय रेलवे में महिलाएं प्रशासनिक पदों के साथ-साथ लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर, ट्रेन संचालन, सिग्नलिंग, टिकट जांच और कई तकनीकी पदों पर सफलतापूर्वक अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं।
प्रसूता को निकला बॉम्बे ब्लड ग्रुप, फ्लाइट से मंगवाकर चढ़ाया, बची जान
छतरपुर से गंभीर हालत में केआरएच रैफर हुई प्रसूता मालती पाल (22) को खून की कमी थी जिसके चलते जच्चा की जान खतरे में थी। जब महिला का सैंपल ब्लड लेने के लिए ब्लड बैंक भेजा गया तो पता चला कि उसे बॉम्बे ब्लड ग्रुप का ब्लड चाहिए। यह ब्लड ग्रुप काफी रेयर हैं। महिला की जान बच सके इसके लिए ब्लड बैंक के डॉक्टरों ने दूसरे शहरों की ब्लड बैंक से संपर्क किया। आंध्र प्रदेश के विशाखापटनम और लखनऊ के केजीएमसी की ब्लड बैंक में बॉम्बे ब्लड ग्रुप का एक–एक यूनिट ब्लड मिला। फ्लाइट से दो यूनिट ब्लड मंगवाया। ब्लड बैंक के डॉक्टरों ने महिला के सैंपल से मिलान कर ब्लड दिया जिसके बाद उसे विशाखापटनम का ब्लड चढ़ा दिया गया। इसके बाद महिला की डायलिसिस हो सकी। मालती के पति दीपक ने बताया कि विशाखापट्टनम का ब्लड चढ़ा दिया गया है लखनऊ वाला संभवतः कल चढ़ेगा। 10 हजार लोगों में से एक का होता है यह ब्लड ग्रुप एक बहुत ही दुर्लभ रक्त समूह है जो आम तौर पर कुल मानव आबादी के लगभग 0.0004 प्रतिशत (लगभग 4 मिलियन) में मौजूद होता है, हालांकि मुंबई में यह 0.01 प्रतिशत तक पाया जाता है, जिसका मतलब है कि 10,000 में से 1 व्यक्ति में यह रक्त समूह हो सकता है। रक्त समूह की दुर्लभता को देखते हुए, इस फेनोटाइप का रक्त आधान एक कठिन कार्य है।
स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर चार पर पुराना पेड़ गिरा, तीन घायल हुए
शनिवार दोपहर करीब 3 बजे रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म चार पर एक पुराना पेड़ गिर गया। इससे तीन लोग घायल हो गए। जिनमें एक बुजुर्ग महिला भी शामिल है। सूचना मिलने पर निगमकर्मी पहुंचे, उन्होंने पेड़ हटाया। वहीं घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया जहां उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया।
राजस्थान सरकार को जननी सुरक्षा के साथ-साथ मेनोपॉज के दौरान महिलाओं को डायबिटीज, हृदय रोग, ऑस्टियोपोरोसिस, डिप्रेशन और कैंसर जैसी नॉन कम्यूनिकेबल बीमारियों से बचाने के लिए ठोस नीति बनानी होगी। प्रदेश की महिलाओं में मेनोपॉज मात्र 46.2 वर्ष की उम्र में आ रहा है, जिससे उनके जीवन के बाकी 30-40 साल प्रभावित हो रहे हैं। महाराष्ट्र ने जनवरी 2026 में देश के पहले सरकारी मेनोपॉज क्लीनिक शुरू कर मिसाल पेश की है। केरल सरकार ने भी जिला अस्पतालों में क्लीनिक के लिए 3 करोड़ दिए हैं। मेनोपॉज के बाद कच्ची हडि्डयां, कमजोरी, दर्द और डिप्रेशन को महिलाएं सहती हैं। अकेले सर्वाइकल कैंसर से मरने वाली सबसे ज्यादा महिलाएं 45-54 साल की होती हैं। परिवारों को न तो लक्षणों की जानकारी होती है और न ही महिलाएं बात करती हैं। रिप्रोडक्टिव एंड चाइल्ड हेल्थ के पूर्व निदेशक डॉ. सुनील राणावत का कहना है रिप्रोडक्टिव और चाइल्ड हेल्थ की जगह विमन और चाइल्ड वैलनेस विभाग बनाना चाहिए। डूंगरपुर से शुरू हुए विमन वैलनेस क्लीनिक्स ऑन व्हील्स को मोबाइल क्लीनिक्स में अपग्रेड कर सकते हैं, जो दुर्गम इलाकों तक पहुंच पाएं। लाड़ली बहनों की सेहत सुधारें; इन पर पूरे घर का जिम्मा, ये पाले बैठी हैं सौ बीमारी ‘सही मेनोपॉज हारमोन थेरेपी, कपल फैमिली काउंसलिंग, खानपान व व्यायाम, स्ट्रेस मैनेजमेंट, पूरी नींद और नशामुक्त जीवन से समस्याएं कम होती हैं। द लैंसेट की रिसर्च के मुताबिक ‘क्लब 35’ अप्रोच अपनानी चाहिए यानी 35 साल से ही महिलाओं में एनसीडी की स्क्रीनिंग करें। जिला अस्पताल में डेडिकेटेड मेनोपॉज सेंटर खोलें। ये साप्ताहिक नहीं नियमित हों, क्योंकि एक मरीज की स्क्रीनिंग, काउंसलिंग व इलाज में 45 मिनट लगते हैं। यहां मेनोपॉज स्पेशलिस्ट, ऑर्थोपेडिक, कार्डियोलॉजिस्ट, साइकियाट्रिस्ट व एंडोक्राइनोलॉजिस्ट की क्रॉसरेफरल सुविधा हो। एआई के इंटरैक्टिव इंटरफेस व रिस्क असेसमेंट टूल से हृदय रोग व ऑस्टियोपोरोसिस का अनुमान लगाएं। मैमोग्राफी, पैप स्मियर और बोन डेंसिटी जांच सालाना मुफ्त हो। ट्रेंड एक्सपर्ट्स द्वारा हारमोन थेरेपी दी जाए, ताकि हॉट फ्लशेस की समस्या कम हो, बोन डेंसिटी बढ़े और डायबिटीज-हार्ट रोग का जोखिम 50% तक कम हो। ब्लॉक स्तर पर ‘ई-संजीवनी’ की तर्ज पर ‘मेनो-हेल्प’ टेलीमेडिसिन शुरू की जा सकती है। इंडियन मेनोपॉज सोसाइटी के क्रेडेंशियल इंडियन मेनोपॉज प्रेक्टिशनर मॉडल पर डॉक्टर्स की ट्रेनिंग हो और कम्युनिटी हेल्थ प्रोग्राम में मेनोपॉज हो। बता दें कि भारत में दुनिया की 76% मेनोपॉजल आबादी है। सरकार को प्रदेश की 17% महिलाओं की मिड-लाइफ हेल्थ के लिए नया ब्लूप्रिंट तत्काल तैयार करना चाहिए। ‘आशा’ से बड़ी आशादौसा में 100 आशा सहयोगिनियों को मेनोपॉज पर बात करने, लक्षण पहचानने की ट्रेनिंग दी। आशा एकसाथ 10 परिवारों से जुड़ी हैं, वे 40+ की महिलाओं की सूची लक्षण के आधार पर स्वास्थ्य केंद्रों में रेफर कर सकती है। ‘मेनो-किट’ (कैल्शियम, विटामिन-डी3, आयरन) मुफ्त बांटी जाए, जैसे आयरन-टेटनस वेक्सीन देते हैं। डॉ. सुनीला खंडेलवाल के प्रयास से ही एमसीआई ने मेनोपॉज संबंधी मिड लाइफ हेल्थ करिकुलम को यूजी-पीजी में पढ़ाने का फैसला लिया। मेडिकल कॉलेज के लिए मेनोपॉज सेंटर जरूरी किया। डॉ. नरेश गोयल (पूर्व उपाध्यक्ष, इंडियन ऑर्थोपेडिक एसो.) के मुताबिक- मल्टीडिसिप्लिनरी समन्वय से महिलाओं के अगले 30-40 साल सेहतमंद होंगे। वह अपनी हॉबी पर फोकस कर सकती हैं। सामाजिक दायरा बढ़ा सकती हैं।
पोस्ट ग्रेजुएशन, लॉ और पीएचडी करने के बाद भी जब एक युवती को नौकरी नहीं मिली तो उसने सारी मार्कशीट, दस्तावेजों को पेटी में रखते हुए कहा कि इतनी पढ़ाई करने के बाद भी कुछ नहीं हुआ। अब जिंदगी भर की ये मेहनत रद्दी से कम नहीं है। जबलपुर के रांझी में रहने वाली गरिमा चौधरी ने खुद का रोजगार स्थापित किया। एक साल के भीतर गरिमा ना आत्मनिर्भर बन गई, बल्कि उसने आसपास रहने वाली 50 से अधिक महिलाओं को भी रोजगार से जोड़ लिया। 15 से ज्यादा बार दी परीक्षा, नहीं मिली सफलता गरिमा चौधरी ने बीए से ग्रेजुएशन करने के बाद पोस्ट ग्रेजुएशन किया। आगे भी पढ़ाई जारी रखी। उसने एक नहीं, दो नहीं बल्कि 15 से अधिक बार शासकीय नौकरी के लिए इग्जाम और इंटरव्यू दिए, पर सफलता कहीं से भी हाथ नहीं लगी। इतना सब होने के बाद भी वो निराश नहीं हुईं। 2017 में एलएलबी कंपलीट की। फिर इतिहास से पीएचडी। गरिमा का कहना है कि इतना पढ़ने के बाद भी शासकीय नौकरी नहीं मिली। हिम्मत नहीं हारी चाहे सरकारी हो या फिर प्राइवेट हर सेक्टर में जॉब तलाश की, मिली तो गरिमा के एजुकेशन के विपरीत थी। पिता का देहांत होने के बाद गरिमा के सामने मां की सेवा करने के साथ-साथ घर चलाने की भी जिम्मेदारी आ गई। बड़ा भाई है। जब कहीं पर भी कुछ काम नहीं मिला तो गरिमा ने स्वयं का व्यवसाय करना शुरू कर दिया। बाजार से कच्चा माल (सूट का कपड़ा) लाकर घर पर ही उसे तैयार करने लगी। आसपास रहने वाली महिलाओं को पता चला तो उससे संपर्क किया। आज गरिमा के साथ 50 से अधिक वो महिलाएं जुड़ी हैं। वे भी हर माह 8 से 10 हजार रुपए घर पर काम करते हुए कमा रही हैं। अब नहीं करनी नौकरी गरिमा का कहना है कि 2015-16 में एसआई की परीक्षा दी थी, रिजल्ट व्यापमं फर्जीवाड़े की भेंट चढ़ गया। उसके बाद भी परीक्षा दी, पर सफलता हासिल नहीं हुई। अब कपड़े का व्यवसाय ही सब कुछ है। गरिमा का मानना है कि जितनी सैलरी उसे नौकरी से मिलती है, उतना तो वो घर बैठे कपड़े के व्यावसाय में कमा ही रहीं है, इसके साथ ही उन महिलाओं को भी रोजगार दे रही है, जिनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। गरिमा रोजाना ही जबलपुर से सूट का कपड़ा लेकर आती है, और फिर अपने गुप की महिलाओं को देती है। सूट जब तैयार हो जाता है, तो उसे थोक व्यापारी को देती है। गरिमा का कहना है कि उसका परिवार अभी खुशहाल जिंदगी जी रहा है, इसके साथ ही गुप से जुड़ी महिलाएं भी रोजगार पाकर खुश है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को दिल्ली में 33,500 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इस मौके पर पीएम एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। इससे पहले मोदी सरोजिनी नगर में जनरल पूल रेजिडेंशियल एकोमोडेशन (GPRA) टाइप-5 क्वार्टर्स का दौरा करेंगे और महिला अलॉटीज़ को चाभियां सौंपेंगे। पीएम पिंक लाइन के 12.3 किमी लंबे मजलिस पार्क-मौजपुर-बाबरपुर कॉरिडोर और मैजेंटा लाइन के 9.9 किमी लंबे दीपाली चौक-मजलिस पार्क कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। इसी के साथ पीएम एक्सपेंशन प्लान के फेज V-A के तहत तीन नए दिल्ली मेट्रो कॉरिडोर का भी शिलान्यास करेंगे, जिनकी कुल लंबाई लगभग 16.1 किमी होगी। इनमें रामकृष्ण आश्रम मार्ग-इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर, एरोसिटी-इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट टर्मिनल-1 कॉरिडोर और तुगलकाबाद-कालिंदी कुंज कॉरिडोर शामिल हैं। फेज V-A के तहत 3 कॉरिडोर का शिलान्यास, लंबाई 16.1 किमी PM मोदी एक्सपेंशन प्लान के फेज V-A के तहत तीन नए दिल्ली मेट्रो कॉरिडोर का भी शिलान्यास करेंगे, जिनकी कुल लंबाई लगभग 16.1 km होगी। इनमें रामकृष्ण आश्रम मार्ग-इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर, एरोसिटी-इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट टर्मिनल-1 कॉरिडोर और तुगलकाबाद-कालिंदी कुंज कॉरिडोर शामिल हैं। इससे सेंट्रल दिल्ली, साउथ दिल्ली, नोएडा और एयरपोर्ट के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। मैजेंटा लाइन की कुल लंबाई 49 किलोमीटर हो जाएगी दीपाली चौक से मजलिस पार्क तक का कॉरिडोर मैजेंटा लाइन का एक्सटेंशन है, और इसके शुरू होने के साथ ही इस लाइन की कुल लंबाई लगभग 49 किलोमीटर हो जाएगी। इससे कई रेजिडेंशियल और कमर्शियल इलाके मेट्रो नेटवर्क के साथ बेहतर तरीके से जुड़ जाएंगे। 15,200 करोड़ की जनरल पूल रेजिडेंशियल अकोमोडेशन (GPRA) कॉलोनी मेट्रो प्रोजेक्ट के अलावा, प्रधानमंत्री जनरल पूल रेजिडेंशियल अकोमोडेशन (GPRA) कॉलोनियों के रीडेवलपमेंट के तहत लगभग 15,200 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। सरोजिनी नगर, नेताजी नगर, कस्तूरबा नगर और श्रीनिवासपुरी में फैले इस रीडेवलपमेंट प्लान में सरकारी कर्मचारियों के लिए 9,350 से ज्यादा मॉडर्न फ्लैट और लगभग 48 लाख स्क्वेयर फीट ऑफिस स्पेस मिलेगा। दिल्ली मेट्रो ने एडवाइजरी जारी की दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन(DMRC) ने सोशल मीडिया X पर एक पोस्ट में बताया कि, दिल्ली मेट्रो फेज III कॉरिडोर पर ट्रेन सर्विस 8 मार्च को रेगुलर सुबह 7 बजे के बजाय एक घंटा पहले सुबह 6 बजे शुरू होंगी। DMRC ने कहा कि सर्विस की शुरुआत लाइन 7 (पिंक लाइन) मजलिस पार्क से शिव विहार, लाइन 8 (मैजेंटा लाइन) बॉटनिकल गार्डन से जनकपुरी वेस्ट, जिसमें कृष्णा पार्क एक्सटेंशन भी शामिल है, और लाइन 9 (ग्रे लाइन) द्वारका से ढांसा बस स्टैंड पर होगी। कॉर्पोरेशन ने कहा कि शेड्यूल में बदलाव 8 मार्च से लागू होगा और यात्रियों को अपनी यात्रा उसी हिसाब से प्लान करने की सलाह दी।
हरियाणा के महेंद्रगढ़ में रोडवेज का सब डिपो जल्द शुरू होने की उम्मीद है। परिवहन विभाग ने इसके लिए 45 पदों को भरने का पत्र जारी कर दिया है। स्थानीय विधायक कंवर सिंह यादव ने इस संबंध में जानकारी दी। इसको लेकर दैनिक भास्कर डिजिटल ने पांच मार्च को समाचार प्रकाशित किया था। विधायक यादव ने बताया कि महेंद्रगढ़ में हरियाणा रोडवेज के बस डिपो की मांग लंबे समय से चली आ रही थी। उन्होंने इस मांग को पूरा करवाने के लिए लगातार प्रयास किए थे, जिसके परिणामस्वरूप अब यह प्रक्रिया आगे बढ़ी है। बेहतर बस सुविधाएं मिलेंगी कंवर सिंह यादव के अनुसार, सब डिपो शुरू होने से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। इससे न केवल परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि आसपास के गांवों के लोगों को भी बेहतर बस सुविधा मिल सकेगी। यह महेंद्रगढ़ क्षेत्र की कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगा। दैनिक भास्कर डिजिटल ने उठाया था मुद्दा आपकों बता दें कि दैनिक भास्कर डिजिटल ने पांच मार्च को महेंद्रगढ़ में रोडवेज सब-डिपो पांच साल बाद भी शुरू नहीं शिर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें विस्तार से इस सब डिपो के बारे में बताया गया था। रैली में भी उठाई थी मांग सब डिपो बनने से नई बसों का संचालन बढ़ेगा, जिससे यात्रियों को समय पर और बेहतर बस सेवाएं मिल पाएंगी। यह क्षेत्र की जनता के लिए परिवहन सुविधा में एक बड़ी राहत साबित होगा। विधायक ने बताया कि उन्होंने बीते साल आयोजित धन्यवाद रैली के दौरान महेंद्रगढ़ में सब डिपो की मांग प्रमुखता से उठाई थी। यह क्षेत्र की जनता की लंबे समय से चली आ रही मांग थी। आमजन को मिलेगी सुविधा उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता क्षेत्र के विकास कार्यों को आगे बढ़ाना और जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। प्रदेश सरकार भी आमजन की सुविधाओं को बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
आपको हम बता रहे हैं, भोपाल शहर में आज कहां-क्या हो रहा है। यहां हर वो जानकारी होगी, जो आपके काम आएगी। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट से लेकर मौसम, सिटी ट्रैफिक, बिजली-पानी की सप्लाई से जुड़ा हर अपडेट मिलेगा। काम की जरूरी लिंक्स आधार अपडेशन- नया/ नि:शुल्क/ बायो मैट्रिक अपडेट- 100 रुपए, डेमोग्राफिक अपडेट- 50 रुपए, इन सेंटरों में आधार अपडेशन/ जेनरेशन की सुविधा। सेंटर्स की पूरी लिस्ट के लिए क्लिक करें। हेल्थ सर्विसेज : एम्स/जेपी, खुशीलाल ऑटो गैस/ इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन, सीएनजी स्टेशन थाने इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर सीएनजी पंप स्टेशन
सिरसा जिले के मंडी डबवाली में एक महिला की गला रेतकर हत्या करने के मामले में खुलासा हुआ है। पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ब्यॉयफ्रेंड विक्रम भाट महिला सुमन से करीब दो से ढाई साल से संपर्क में था। दोनों सोशल मीडिया पर इंस्ट्राग्राम के जरिए संपर्क में आए थे और धीरे-धीरे बातचीत होने लगी। विक्रम पहले राजस्थान के हनुमानगढ़ में शीलाजीत बेचने का काम करता था। उसी दौरान दोनों ही मुलाकात हुई और दोनों की एक-दूसरे से नजदीकियां बढ़ने लगी और रिलेशनशिप में आ गए। पुलिस के अनुसार, विक्रम महिला सुमन के मायका सिरसा के डबवाली स्थित कबीर बस्ती का रहने वाला है और महिला के छोटे भाई से संपर्क में था। करीब दो साल पहले सुमन अपने पति से अलग होकर डबवाली में आकर किराए के मकान में रहने लगी। तब से दोनों एक-दूसरे से मिलते-जुलते थे और फोन पर बात होती थी। उनके बीच अक्सर पैसों का लेन-देन रहता था। अब सुमन विक्रम पर 50 हजार रुपए और देने का दबाव बना रही थी। शुक्रवार रात करीब 8 बजे विक्रम सुमन के पास उसके कमरे पर पहुंचा और उसके 11 साल के बेटे को 100 रुपए दुकान से चीज खरीदने को भेज दिया। उसी वक्त दोनों के बीच पैसों को लेकर सुमन और विक्रम के बीच झगड़ा हो गया और हाथापाई तक नौबत आ गई। इस बीच विक्रम ने वहीं पास में पड़े चाकू से सुमन का गला रेत दिया। जब वह घटना को अंजाम देकर वहां से भागने की फिराक में था तो महिला का बेटा वापिस आ पहुंचा। विक्रम ने बच्चे से कहा-कोई पूछे तो कह देना कि गगन आया था। बच्चा कमरे के अंदर गया तो अपनी मां को खून से लथपथ देखा तो वह चिल्लाते हुए बाहर आया। तब लोग वहां पहुंचे और पुलिस कंट्रोल पर सूचना दी। सिलसिलेवार ढंग से जानिएं पूरा मामला : महिला के छोटे भाई से आना-जाना था ब्वॉयफ्रेंड का डीएसपी कपिल अहलावत के अनुसार, घटना के कुछ देर बाद ही डबवाली पुलिस ने आरोपी ब्वॉयफ्रेंड विक्रम भाट को पकड़ लिया। विक्रम ने पुलिस पूछताछ में बताया, मृतका सुमन के दो भाई है और उसके छोटे भाई शिव के साथ विक्रम का आना-जाना था और परिवार को जानता था। दोनों आपस में रिलेशनशिप में थे और उस वक्त लाइट भी नहीं थी। इसी का फायदा विक्रम ने उठाया और घटना को अंजाम दे दिया। 50 हजार रुपए मांग रही थी सुमन सुमन के साथ विक्रम का पैसों का लेने-देन था। सुमन ने कई बार विक्रम से पैसे उधार लिए और अब फिर से वह 50 हजार रुपए देने का दबाव बना रही थी। उसी के चलते विक्रम सुमन के पास गया था। झगड़ा होने पर चाकू से गला काट दिया। अभी पुलिस आरोपी को रिमांड पर लेकर हथियार बरामद करेगी। जांच में कई खुलासे हो सकते हैं। अभी पुलिस ने महिला के अन्य रिलेशनशिप के जांच में सामने न आने की बात कही है। सुमन सोशल मीडिया पर रहती थी एक्टिव मृतका सुमन सोशल मीडिया पर एक्टिव रहती थी और इंस्टाग्राम पर अकाउंट थी। इसी के जरिए उसकी विक्रम से जान-पहचान हुई थी। डीएसपी बोले, महिला के भाई के बयान पर केस दर्ज डीएसपी कपिल अहलावत के अनुसार, मृतका के भाई डबवाली के कबीर बस्ती निवासी राजू के बयान पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 (1) और 332 (2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। डबवाली सीआईए व सिटी थाना पुलिस की टीम ने आरोपी को जल्द काबू पा लिया। भाई बोला-12 साल पहले हनुमानगढ में हुई थी शादी भाई राजू द्वारा दिए बयान के अनुसार, उसकी बहन की शादी करीब 12 साल पहले हनुमानगढ़ में हुई थी। वह पिछले 2-3 साल से मंडी डबवाली में ही रह रही थी। शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे उसकी माता ने उसे बताया कि उसकी बहन के साथ किसी ने मारपीट की है। जब वह मृतका के किराए के मकान वार्ड नंबर 15 पहुंचा, तो वहां भीड़ जमा थी। राजू ने अपने भांजे (मृतका के पुत्र) से पूछा तो उसने बताया कि करीब 8 बजे आरोपी विक्रम उसकी मां से मिलने आया था। विक्रम ने भांजे को मोबाइल देकर घर के अंदर भेज दिया और कुछ देर बाद बाहर आकर उसे अपने साथ ले गया। आरोपी ने भांजे को 100 रुपये देकर कुछ खाने के लिए कहा और वहां से चला गया। जब भांजा घर लौटा तो उसने अपनी मां को मृत पाया।
टोरी कॉर्नर से राजबाड़ा तक 8 मार्च को रंगपंचमी पर निकलने वाली परंपरागत गेर इस बार 77वें वर्ष में प्रवेश करेगी। ढाई सौ क्विंटल गुलाल और 25 टैंकर व मिसाइलों से लाखों लोग रंगों से सराबोर होंगे। रंगोत्सव में नगर निगम सहित चार प्रमुख गेर व एक बड़ी फाग यात्रा शामिल होगी। करीब 2 किमी लंबे मार्ग में सुबह 10 बजे गेरों का कारवां शुरू होगा जो कि दोपहर 2 बजे तक चलेगा। गेर में झांकियों के साथ ही पानी के टैंकरों से मिसाइलों द्वारा रंगीन पानी की बौछार के साथ ही कंप्रेशर मशीनों से विभिन्न रंगों से गुलाल 100 से 200 फीट तक उड़ाए जाएंगे। इसके साथ ही बैंड-बाजे, डीजे, भजन और नृत्य मंडलियां माहौैल को खुशियों के रंगों से सराबोर करेंगी। उधर, आयोजक का स्वास्थ्य ठीक न रहने से रसिया कॉर्नर की गेर नहीं निकलेगी। टोरी कॉर्नर 77वां वर्ष आयोजक शेखर गिरि ने बताया सुबह 10 बजे शुरुआत होगी। खुली जीप में आयोजक और अतिथि रहेंगे। इनके पीछे पीछे दो ट्रॉलों में महिलाएं फाग गीतों पर नृत्य करती चलेंगी। तीन ट्रॉलों में स्टूडेंट का समूह रहेगा। होली गीत बजेंगे। 4 टैंकरों से मिसाइलें रंग उड़ाएंगी। संगम कॉर्नर 76वां वर्ष सुबह 10 बजे गेर संगम कॉर्नर से शुरू होगी। प्रमुख आकर्षण राजबाड़ा चौक पर बरसाना की लट्ठ मार होली का रहेगा। संस्था सृजन अध्यक्ष कमलेश खंडेलवाल ने बताया, भगवान राधाकृष्ण की जोड़ी एवं बांके बिहारी का ढोल लोगों को लुभाएगा। मॉरल क्लब 52वां वर्ष छीपा बाखल से निकलने वाली मॉरल क्लब की गेर के आयोजक अभिमन्यु मिश्रा ने बताया सुबह 9.30 बजे गेर अपने क्रम पर लग जाएगी। बड़ी बोरिंग मशीनें रहेंगी, जिससे दूर तक गुलाल उड़ाया जाएगा। 6 ट्रैक्टर ट्रॉली से रंगों की बारिश होगी। हिंद रक्षक फाग यात्रा प्रदेश की सबसे बड़ी धार्मिक व सांस्कृतिक फाग यात्रा नृसिंह बाजार स्थित बद्रीनारायण मंदिर से सुबह 10 बजे निकलेगी। हिंद रक्षक संगठन के संयोजक एकलव्य सिंह गौड़ ने बताया इस वर्ष यात्रा में महाकाल मंदिर की प्रतिकृति बनाई गई है। क्विंटलों से गुलाल उड़ती... ओमप्रकाश सोमानी ने बताया, तब सराफा से जब गेर गुजरती तो क्विंटलों से गुलाल उड़ती। सांस्कृतिक पहचान... मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, रंगपंचमी पर्व सिर्फ त्योहार नहीं, सांस्कृतिक पहचान बन चुका है।
हर चीज हम औरतों पर नहीं छोड़ सकते। हमें लड़ना है, लेकिन हमारी सोसाइटी में महिलाओं के खिलाफ एक पूर्वाग्रह है। ये कहते हुए सत्या गोपालकृष्णन थोड़ी देर रुकती है फिर कहती है इसे दूर करने के लिए पूरे समाज को आगे आना होगा। सत्या गोपालकृष्णन अमेरिका की ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं। भोपाल से पढ़ी हैं लेकिन उन लोगों के लिए मिसाल है जो शारीरिक समस्याओं के चलते आगे बढ़ने का हौसला खो देते हैं। महज 12 साल की उम्र में एक एक्सीडेंट के बाद सत्या दोनों पैरों से लाचार हो चुकी थी। वह कहती हैं कि मुझे एहसास हो गया था कि अब मेरी जिंदगी सामान्य नहीं रहेगी। मैंने खुद को हौसला दिया और आगे बढ़ती रही। ऐसी ही कहानी शिवानी और स्तुति की भी है, जो डाउन सिंड्रोम के साथ पैदा हुईं, मगर उन्होंने साबित किया कि शरीर तो केवल एक जरिया है। इंसान की असली ताकत आत्मविश्वास, दृढ़ इच्छाशक्ति और कभी हार न मानने वाले जज्बे में होती है। विश्व महिला दिवस पर पढ़िए तीन महिलाओं की कहानी जिन्होंने अपने इसी जज्बे से जिंदगी की दुश्वारियों को मात दे दी। अब सिलसिलेवार जानिए तीनों की कहानी… 12 साल की उम्र में हादसा, 25 सर्जरी, 1 साल तक अस्पताल में भर्तीआज से 18 साल पहले, 12 साल की सत्या गोपालकृष्णन सुबह 6 बजे अपने घर से दूध लेने के लिए निकली थीं, जब एक तेज रफ्तार वैन उन पर पलट गई। यह हादसा इतना भयावह था कि इसने सत्या की जिंदगी को हमेशा के लिए बदल दिया। उनका बायां हाथ पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया और रीढ़ की हड्डी में लगी गंभीर चोट के कारण उनके दोनों पांव हमेशा के लिए नाकाम हो गए। सत्या उस खौफनाक दिन को याद करते हुए बताती हैं, ‘मेरी 9 घंटे तक सर्जरी चली, 12-14 बार खून चढ़ाया गया और कुल 25 सर्जरियां हुईं। मैं लगभग एक साल तक अस्पताल के बिस्तर पर रही। डॉक्टरों ने यहां तक कह दिया था कि मैं शायद कभी खुद से खाना भी नहीं खा पाऊंगी। इस मुश्किल घड़ी में उनके परिवार ने एक चट्टान की तरह उनका साथ दिया। उनकी बहन ने उनकी देखभाल के लिए अपनी नौकरी तक छोड़ दी। हादसे ने सत्या के तीन साल छीन लिए, लेकिन उनके हौसले को नहीं तोड़ सका। कार को मॉडिफाइड किया, खुद चलाती हैंसत्या की शुरुआती ट्रेनिंग भोपाल के एक विशेष स्कूल 'आरुषि' से हुई, जो उनके जीवन में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। इसके बाद उन्होंने भोपाल से ही बी.कॉम किया और फिर हैदराबाद से कॉमर्स में मास्टर्स की डिग्री हासिल की। वह उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका चली गईं। आज 30 साल की सत्या गोपालकृष्णन अमेरिका की प्रतिष्ठित ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी में एन्वायरमेंटल इकोनॉमिक्स की प्रोफेसर हैं। वह अमेरिका के ओहियो कोलंबस में पूरी तरह से आत्मनिर्भर होकर अकेले रहती हैं। उनका मानना है कि अमेरिका में दिव्यांग लोगों के लिए सरकार ऐसी सुविधाएं मुहैया कराती है, जो उन्हें मुख्यधारा के वर्कफोर्स में शामिल होने में मदद करती हैं। कुछ साल पहले उन्होंने अपने लिए एक मॉडिफाइड कार खरीदी, जिसे वह खुद चलाकर कॉलेज पढ़ाने जाती हैं और अपने सारे काम करती हैं। पर्यावरण के लिए एक महत्वपूर्ण शोधसत्या ने अपनी अकादमिक योग्यता का उपयोग समाज की भलाई के लिए भी किया है। उन्होंने भारत के तटीय क्षेत्रों में उगने वाले मैंग्रोव वनों पर एक महत्वपूर्ण स्टडी की है। अपने शोध में उन्होंने पाया कि जिन क्षेत्रों में एक किलोमीटर के दायरे में मैंग्रोव जंगल मौजूद हैं, वहां चक्रवात आने पर 7 प्रतिशत तक कम नुकसान होता है। यह स्टडी उन्होंने 1998 से 2025 तक देश के पूर्वी तटीय क्षेत्रों में आए चक्रवातों का विश्लेषण करके की है। जो खुद से कपड़े नहीं पहन पाती थी, वो आज है कैफे की मैनेजरभोपाल के पंचशील नगर में रहने वाली 26 वर्षीय शिवानी सेन की कहानी दृढ़ संकल्प और पारिवारिक प्रेम की एक अद्भुत मिसाल है। शिवानी जब जन्मीं, तो डॉक्टरों ने बताया कि वह डाउन सिंड्रोम से पीड़ित हैं। यह एक जेनेटिक डिसऑर्डर है, जिसमें बच्चे का शारीरिक और मानसिक विकास बहुत धीमी गति से होता है। डॉक्टरों ने यहां तक कह दिया था कि शिवानी शायद कभी बोल भी नहीं पाएंगी। शिवानी की बड़ी बहन शशि बताती हैं, ‘समाज और यहां तक कि कुछ डॉक्टरों ने भी उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन हमारे परिवार ने हार नहीं मानी।’ परिवार ने शिवानी के पालन-पोषण के लिए हर संभव जानकारी जुटाई। इसी खोज ने उन्हें भोपाल के विश्वास स्कूल तक पहुंचाया, जहां जाकर शिवानी ने पहली बार खुद को स्वतंत्र महसूस किया। ‘आरुषि’ संस्थान ने बदल दी जिंदगीसाल 2013 में शिवानी का जुड़ाव 'आरुषि इंडिया' नामक एनजीओ से हुआ, जो उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट बना। आरुषि के शिक्षक बताते हैं कि जब शिवानी यहां आई थीं, तो वह अपने रोजमर्रा के काम, जैसे खाना खाना या कपड़े पहनना भी खुद से नहीं कर पाती थीं। संस्थान ने सबसे पहले उन्हें दैनिक जीवन की गतिविधियां सिखाईं। ट्रेनिंग के दौरान ही शिवानी के अंदर छिपी प्रतिभाएं सामने आने लगीं। एक दिन उन्होंने अचानक ढोलक बजाना और गाना शुरू कर दिया। यहीं से पता चला कि उन्हें संगीत में गहरी रुचि है। इसके बाद उन्हें थिएटर, बेकरी, पॉटरी और कस्टमर अटेंड करने जैसी कई व्यावसायिक ट्रेनिंग दी गईं। एक रिजेक्शन और मजबूत वापसीसाल 2022 में शिवानी को प्रतिष्ठित ताज होटल में काम सीखने का अवसर मिला। वह लगभग 6 महीने से वहां काम कर रही थीं, लेकिन एक छोटी सी घटना ने उन्हें भावनात्मक रूप से तोड़ दिया। एक ग्राहक ने दूसरे वेटर को टिप दी, यह देखकर शिवानी ने भी मासूमियत से उसी ग्राहक से टिप मांग ली। ग्राहक ने इसकी शिकायत होटल प्रबंधन से कर दी। होटल के नियमों के कारण शिवानी को वहां से काम छोड़ना पड़ा। यह उनकी जिंदगी का पहला बड़ा रिजेक्शन था, जिसने उन्हें काफी उदास कर दिया। लेकिन सालों की मेहनत और आरुषि से मिले अनुशासन ने उन्हें टूटने नहीं दिया। साल 2025 में आरुषि की एक नई पहल ‘कैफे कोशिश’ ने उन्हें एक नया मंच दिया। आज शिवानी उसी कैफे की मैनेजर हैं और पूरी जिम्मेदारी और आत्मविश्वास के साथ अपना काम संभाल रही है। मेडिकल ट्रीटमेंट से होटल ताज के रिसेप्शन तक का सफरसाल 2002 में अहमदाबाद में जन्मी स्तुति दोशी की कहानी भी डाउन सिंड्रोम के खिलाफ एक अथक संघर्ष की कहानी है। उनके परिवार को जन्म के तुरंत बाद ही इस स्थिति का पता चल गया था, और उन्होंने बिना समय गंवाए मात्र 4 महीने की उम्र में ही स्तुति का इलाज शुरू करवा दिया। उनकी नियमित फिजियोथेरेपी कराई गई। स्तुति की कोई औपचारिक स्कूली शिक्षा नहीं हुई। साल 2019 में पिता के ट्रांसफर के बाद उनका परिवार भोपाल आ गया और यहां स्तुति का जुड़ाव 'आरुषि' से हुआ। आरुषि ने 2019 में होटल ताज के साथ एक कोलैबोरेशन किया, जिसके तहत स्तुति को वहां वर्कशॉप करने का मौका मिला। वह स्वभाव से ही बहुत जिज्ञासु थीं और हमेशा नई चीजें सीखना चाहती थीं। ताज की परमानेंट एम्प्लॉईउनकी लगन और सीखने की इच्छा ने होटल प्रबंधन को इतना प्रभावित किया कि आज वह ताज होटल की एक स्थायी कर्मचारी हैं। वह होटल के फ्रंट रिसेप्शन पर काम करती हैं और मेहमानों का स्वागत करती हैं। आरुषि आने के बाद स्तुति ने थिएटर भी शुरू किया और स्टेज पर अभिनय करने का आनंद लेने लगीं। मां के लिए बनी प्रेरणास्तुति की मां, फाल्गुनी बेन, पहले एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर थीं, लेकिन उन्होंने स्तुति की देखभाल के लिए अपनी नौकरी छोड़ दी। वह बताती हैं, 'आज मेरी बेटी इतनी आत्मनिर्भर हो गई है कि वह मुझसे कहती है, 'मम्मी, अब तुम भी इंटरव्यू दो और काम करो'।' यह शब्द उस बेटी के हैं, जिसके भविष्य को लेकर कभी दुनिया आशंकित थी। आज वह न केवल अपने पैरों पर खड़ी है, बल्कि अपनी मां के लिए भी प्रेरणा बन गई है।
प्रदेश में आगामी पंचायत चुनावों को लेकर संकट खड़ा हो गया है। ओबीसी प्रतिनिधित्व आयोग की रिपोर्ट इस महीने के भीतर तैयार नहीं हो सकेगी। इसमें और समय लगेगा। दूसरी ओर, सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव पूरा कराने की समय सीमा 15 अप्रैल तय कर रखी है। ऐसे में कोर्ट द्वारा निर्धारित समय-सीमा में चुनाव होने के आसार बेहद कम हो गए हैं। यह तय माना जा रहा है कि राज्य सरकार इसी मुद्दे पर हाईकोर्ट में एक अंतरिम प्रार्थना-पत्र दाखिल कर अपनी मजबूरी जाहिर कर सकती है और चुनाव कराने के लिए अतिरिक्त समय और मार्गदर्शन मांग सकती है। इधर, ओबीसी प्रतिनिधित्व आयोग एक बार फिर अपना कार्यकाल बढ़वाने के लिए भी सरकार को पत्र लिखने की तैयारी में है। पूर्व आदेशों में यह कहा गया था कि जब तक रिपोर्ट तैयार नहीं हो जाती, तब तक काम जारी रहेगा। गौरतलब है कि पिछले साल 9 मई को ओबीसी प्रतिनिधित्व आयोग का गठन चुनाव की तैयारी के लिए हुआ था। आयोग को अब तक दो बार एक्सटेंशन मिल चुका है, अब तीसरा एक्सटेंशन मिलने जा रहा है। ऐसे में चुनाव टलने के आसार हैं। नगर निकायों के चुनाव टालने के लिए भी एसएलपीइससे पहले राजस्थान सरकार 113 नगर निकायों के चुनाव स्थगित कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुकी है। सरकार ने हाईकोर्ट की ओर से रद्द किए जाने के बाद वार्ड परिसीमन प्रक्रिया को दोबारा करने की आवश्यकता का हवाला देते हुए चुनाव स्थगित के लिए सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की है। एक विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) में कहा गया है कि राजस्थान हाईकोर्ट ने 309 शहरी स्थानीय निकायों में से 113 के लिए किए गए वार्ड परिसीमन अभ्यास को रद्द कर दिया था। इसके परिणामस्वरूप, राजस्थान सरकार ने चुनाव कराने से पहले इस प्रक्रिया को नए सिरे से पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा है। एसएलपी के अनुसार, सरकार की ओर से अधिक समय मांगने के कई कारण हैं। उच्च न्यायालय ने 113 शहरी निकायों में परिसीमन प्रक्रिया को त्रुटिपूर्ण पाया है। इन नगर निकायों में वार्डों की कुल संख्या अपरिवर्तित रही, जबकि उनकी आंतरिक सीमाओं में परिवर्तन किया गया। परेशानी कहां : आरक्षित वर्ग के आंकड़े सुधारने में समय लगेगाओबीसी प्रतिनिधित्व आयोग ने मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि जनाधार प्राधिकरण द्वारा पिछड़े वर्ग की जनसंख्या के संबंध में उपलब्ध कराए गए आंकड़े अपूर्ण और त्रुटिपूर्ण हैं। इनके आधार पर पंचायतों के वार्ड पंच के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग की सीटों का आरक्षण निर्धारित किया जाना संभव नहीं हो पा रहा है। कलेक्टरों को निर्देश जारी किए जाएं कि सही सूचना आयोग को भिजवाएं। 403 ग्राम पंचायतों में ओबीसी शून्य, यहीं से गड़बड़ी पकड़ में आईआयोग की रिपोर्ट में आया कि जिन जगहों पर पूर्व में ओबीसी की आबादी थी, आज ऐसी 403 ग्राम पंचायतों में ओबीसी की जनसंख्या शून्य दर्शाई गई है। उधर, 118 ग्राम पंचायतों में कुल जनसंख्या 1 से 500 तक दर्ज हुई है। 266 पंचायतों में कुल जनसंख्या 501 से 1000 तक दिखाई गई है, जबकि पंचायतीराज विभाग के निर्देशों के अनुसार पंचायतों का गठन 1200 से अधिक की जनसंख्या पर किया गया है।
4 अत्याधुनिक ड्रोन निगरानी रखेंगे:पहली बार, एआई ड्रोन बताएगा गेर में कितने लोग शामिल हुए
गेर में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। पुलिस का एआई आधारित ड्रोन हेड काउंट करके बता देगा कि गेर में कितने लोग शामिल हुए हैं। डीसीपी जोन-1 कृष्ण लालचंदानी ने बताया कि 4 अत्याधुनिक ड्रोन पूरे गेर मार्ग पर निगरानी रखेंगे। जो ड्रोन इस्तेमाल किए जा रहे हैं, उसमें भीड़ को काउंट करने के लिए कई तरह के अलग-अलग फीचर हैं। एक फीचर्स रियल टाइम क्राउड मॉनिटरिंग सिस्टम का भी है। जो एआई टूल्स इस्तेमाल किया जा रहा है बताते हैं कि वह एक फ्रेम में 80 हजार लोगों को एक बार में ट्रैक कर सकता है। इस तरह की तकनीक को भारत में कुंभ मेले, धार्मिक अनुष्ठान के बड़े आयोजन, राजनीतिक रैलियों व प्रदर्शनों में महानगरों की पुलिस उपयोग करने लगी है। ये भीड़ प्रबंधन के लिए काफी कारगर साबित हो रहे हैं। प्रेजेंटेशन में ड्रोन कंपनी के टेक्नीशियन ने बताया भीड़ की काउंटिंग के लिए ड्रोन में मौजूद डेंसिटी मैप या मेथड का उपयोग करते हैं। हाथोहाथ जुटेंगे 280 सफाई मित्र गेर के बाद राजबाड़ा और आसपास क्षेत्रों में बड़े स्तर पर सफाई अभियान चलाया जाएगा। 280 सफाई मित्र मैदान में उतरेंगे। 31 दरोगा और 12 सीएसआई निगरानी करेंगे। सफाई कार्य में 8 बेलदार, 12 ड्राइवर और 7 जेसीबी मशीनें भी लगाई जाएंगी। एमआईसी सदस्य अश्विनी शुक्ला के मुताबिक वेस्ट मैनेजमेंट की मशीन स्वीपिंग टीमों के लिए 12 रूट तय किए हैं। इन मशीनों से नगर निगम चौराहा, राजबाड़ा, खजूरी बाजार, कपड़ा मार्केट, बर्तन बाजार, सराफा, एमजी रोड, पलासिया, शिवाजी प्रतिमा, गंगवाल बस स्टैंड, महूनाका, एबी रोड, कलेक्टोरेट, माणिकबाग, फूटी कोठी, चंदन नगर, रिंग रोड, राजकुमार ब्रिज, पोलोग्राउंड, एयरपोर्ट रोड और गांधी नगर सहित कई प्रमुख मार्गों की सफाई की जाएगी। सड़कों की धुलाई और गंदगी हटाने के लिए 17 हाई प्रेशर जेट, 27 ओपन ट्रिपर, 12 डंपर और 7 वाटर टैंकर तैनात किए हैं। 17 हाई प्रेशर जेट27 ओपन ट्रिपर 7 जेसीबी12 डंपर7 वाटर टैंकर
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आज रविवार को सिरसा का दौरा करेंगे। सीएम दौरे को लेकर प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली है। सिरसा में दो जगह मेन प्रोग्राम है, जहां वे विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। जानकारी के अनुसार, रानियां विधानसभा के जीवन नगर में आयोजित होल्ला मोहल्ला पर्व में सीएम शामिल होंगे। जीवननगर में मुख्यमंत्री के आगमन के लिए हवाई मार्ग का उपयोग किया जाएगा, जिसके लिए एक हेलीपैड भी तैयार किया गया है। इसके अलावा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर चौ. देवीलाल विश्वविद्यालय के मल्टीपर्पज हॉल में राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस समारोह में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में प्रदेशभर से महिला सशक्तिकरण से जुड़ी अनेक प्रतिनिधि, अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाएं भाग लेंगी। डीसी-एसपी ने लिया जायजा इसे लेकर सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर उपायुक्त शांतनु शर्मा, अतिरिक्त उपायुक्त वीरेंद्र सहरावत और पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन ने पुलिस लाइन सिरसा से लेकर सीडीएलयू तक के सभी मार्गों का निरीक्षण किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। कार्यक्रम स्थल के साथ-साथ अन्य वैकल्पिक मार्गों का भी निरीक्षण किया। बैरिकेडिंग, वाहनों की पार्किंग व्यवस्था, सफाई, मोबाइल टॉयलेट्स, वीवीआईपी एवं मीडिया गैलरी, चेकिंग पॉइंट, हेलीपैड और आपातकालीन स्थितियों से निपटने की तैयारियों का बारीकी से निरीक्षण किया।
कलेक्टर गाइडलाइन:सौ से ज्यादा जगहों पर 100% तक बढ़ेगी प्रॉपर्टी गाइडलाइन
इंदौर जिले में प्रॉपर्टी की नई कलेक्टर गाइडलाइन के लिए पंजीयन विभाग की तैयारी पूरी हो गई है। इस बार जो प्रस्ताव है उसके मुताबिक रेट में औसत 25 प्रतिशत वृद्धि होगी। जिले की कुल 4500 लोकेशन में से 3500 में यह बढ़ोतरी होगी। इसमें 0 से 50 प्रतिशत वृद्धि वाली लोकेशन ज्यादा हैं। इसलिए इसका ज्यादा असर नहीं होगा। इसके अलावा शहर और आसपास की 100 से ज्यादा लोकेशन ऐसी हैं, जहां 100 प्रतिशत से ज्यादा वृद्धि हो सकती है। वरिष्ठ जिला पंजीयक मंजूलता पटेल और डॉ. अमरेश नायडू के साथ पूरी टीम इस काम में जुटी है। सूत्रों के मुताबिक अगले सप्ताह कलेक्टर शिवम वर्मा गाइडलाइन के लिए गठित जिला समिति की बैठक लेंगे। उसमें इस पर प्रारंभिक चर्चा होगी। अब तक जो प्रस्ताव तैयार किया गया है, उसके मुताबिक 2025-26 में जिले में कुल लोकेशन, एरिया, कॉलोनी की संख्या 4853 थी। नए वित्तीय वर्ष 2026-27 में यह संख्या 4,634 रहेगी। 530 से ज्यादा कॉलोनियों को अन्य लोकेशन में मर्ज किए जाने से संख्या घटी है। 321 नई लोकेशन जोड़ीइसके अलावा 321 नई लोकेशन गाइडलाइन में जोड़ी जा रही हैं। इनकी अब तक गाइडलाइन तय नहीं थी। 21 नए विशिष्ट ग्राम भी इस बार शामिल होंगे। 60 से ज्यादा लोकेशन को गलत एंट्री के कारण हटाया जा रहा है। सबसे ज्यादा 12.5% स्टाम्प ड्यूटी मप्र में, फिर भी हर साल बढ़ोतरीइंदौर सहित प्रदेश भर में पंजीयन विभाग देश में सबसे ज्यादा 12.5 प्रतिशत स्टाम्प ड्यूटी है। अन्य कई राज्यों में यह 6 से 8 प्रतिशत ही है। बावजूद इसके हर साल पंजीयन विभाग जिलों में बड़े पैमाने पर रजिस्ट्री शुल्क के साथ गाइडलाइन में भी बढ़ोतरी करता है। सरकार पहले ही नए वित्तीय वर्ष के लिए आबकारी विभाग के माध्यम से 15 के बजाय 20 प्रतिशत की वृद्धि इस साल की तुलना में प्रस्तावित कर चुकी है। स्टाम्प ड्यूटी का असर सीधे-सीधे रियल एस्टेट सेक्टर पर पड़ता है। पीएम आवास के मकान, फ्लैट पर भी असर होता है। रियल एस्टेट सेक्टर कई बार इसे लेकर सरकार से बात कर चुका है।
झारखंड में महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए गठित राज्य महिला आयोग पिछले करीब छह साल से खुद ही निष्क्रिय पड़ा है। 6 जून 2020 से आयोग में अध्यक्ष और सदस्यों के पद रिक्त हैं, जिसके कारण इसकी कार्यप्रणाली लगभग ठप हो गई है। इस दौरान आयोग कार्यालय में शिकायतें लगातार आती रही हैं। 07 जून 2020 से 31 जनवरी 2026 तक कुल 4014 शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, यौन शोषण और मानव तस्करी जैसे गंभीर मामले शामिल हैं। लेकिन आयोग का गठन नहीं होने के कारण इन मामलों की सुनवाई नहीं हो पा रही है और न्याय मिलने में देरी हो रही है। सरकार भले विभागीय कार्रवाई का दावा करती हो, लेकिन पीड़ित महिलाओं के लिए समर्पित मंच और त्वरित सुनवाई की व्यवस्था पिछले छह साल से ठप है। आयोग में एक अध्यक्ष और पांच सदस्यों के पद स्वीकृत हैं। सभी पग खाली रहने से अभी सिर्फ शिकायतें दर्ज कर फाइल में रख दी जाती हैं। उन पर आगे की कोई कार्रवाई नहीं हो पाती। सबसे अधिक शिकायतें रांची से, घरेलू हिंसा के मामले सबसे ज्यादामहिला हिंसा से जुड़े मामलों में सबसे अधिक शिकायतें राजधानी रांची से राज्य महिला आयोग के पास पहुंची हैं। आयोग के आंकड़ों के अनुसार, दर्ज मामलों में घरेलू हिंसा से जुड़े परिवादों की संख्या सबसे ज्यादा है। वह सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी हैचार कार्यकाल में 10,364 मामले आए, 6,911 का हुआ निष्पादनलक्ष्मी सिंह (18 सितंबर 2006-17 सितंबर 2009)कुल प्राप्त मामले: 1134निष्पादित मामले: 550डॉ. हेमलता एस. मोहन (7 सितंबर 2010-6 सितंबर 2013)कुल प्राप्त मामले: 2070निष्पादित मामले: 1383डॉ. महुआ माजी (11 नवंबर 2013-10 नवंबर 2016)कुल प्राप्त मामले: 4680निष्पादित मामले: 3587कल्याणी शरण (7 जून 2017-6 जून 2020)कुल प्राप्त मामले: 2480निष्पादित मामले: 1391 महिला आयोग को हर साल करीब दो करोड़ का अनुदानमहिलाओं से जुड़े मामलों की सुनवाई और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए गठित राज्य महिला आयोग को राज्य सरकार हर साल करीब दो करोड़ रुपए का अनुदान देती है। इस राशि में से लगभग आधी रकम वेतन मद पर खर्च होती है, जबकि शेष राशि गैर-वेतन मद जैसे प्रशासनिक खर्च, सुनवाई की व्यवस्था और अन्य गतिविधियों पर खर्च की जाती है। बड़ा सवाल है कि सारी व्यवस्था रहने के बावजूद जब अध्यक्ष और सदस्य की नियुक्ति ही न की जाए तो आयोग कार्य कैसे करेगा और न्याय की गुहार लगाने वाली पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय कैसे मिल पाएगा। राजनीतिक असहमति में फंसा आयोगसरकार का दावा-इसी महीने होगा महिला आयोग का गठनराज्य महिला आयोग का गठन अब तक नहीं हो पाने के पीछे गठबंधन सरकार के भीतर राजनीतिक सहमति का अभाव मुख्य कारण बताया जा रहा है। अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति को लेकर गठबंधन दलों के बीच सहमति नहीं बन सकी, फैसला लगातार टलता रहा। सरकार की ओर से समय-समय पर आयोग के पुनर्गठन का आश्वासन दिया गया, लेकिन नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी और आयोग का गठन लंबित रह गया। इस मुद्दे पर दिसंबर 2025 में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने झारखंड का दौरा कर आयोग के गठन में हो रही देरी पर चिंता जताई थी। उन्होंने राज्यपाल और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जल्द आयोग का गठन करने की जरूरत बताई थी। अब राज्य सरकार की ओर से संकेत दिए गए हैं कि इसी महीने महिला आयोग का गठन कर दिया जाएगा।
रायपुर में पालतू कुत्ते की सही देखभाल नहीं करने पर ‘पशु प्रेमी रेस्क्यू संस्था’ की सदस्य ने गर्भवती महिला को थप्पड़ मारा है। उसकी टी-शर्ट को खींचकर उसे धक्का दिया। बीच सड़क हुए इस विवाद का वीडियो भी सामने आया है। जिसमें 2 महिला गर्भवती को मारते नजर आई। मामला पुरानी बस्ती क्षेत्र का है। पीड़िता का आरोप है कि पेट्स की देखभाल को लेकर रेस्क्यू सदस्यों ने मारपीट की और पेट्स और मोबाइल छीनकर ले गए। पीड़िता ने रेस्क्यू संस्था की सदस्य किरण घनश्याम आहूजा के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है। मारपीट की तस्वीरें देखिए… अब जानिए क्या है पूरा मामला जानकारी के अनुसार, भिलाई के नेहरू नगर की रहने वाली पीड़िता गुरप्रीत कौर इंटीरियर डिजाइनिंग का काम करती है। 27 फरवरी को वह रायपुर के भाठागांव इलाके में स्थित कृष्ण होटल में आई थी। वो अपने दो पालतू कुत्ते भी साथ ले आई थी। 27 फरवरी को वो उन्हें होटल में ही छोड़कर निजी काम के लिए गई थी। जब वह दोपहर डेढ़ बजे होटल पहुंची, तो खुद को पशु प्रेमी संस्था की पदाधिकारी बताने वाली किरण आहूजा और टीम मेंबर ने उससे मुलाकात की। इस दौरान किरण आहूजा ने गुरप्रीत से कुत्ते को ठीक से नहीं रखने पर उसे जमकर खरी खोटी सुनाई और एक थप्पड़ जड़ दिया। संस्था के टीम मेंबर गुरप्रीत के पेट डॉग को उससे छीन लिया। संस्था की दूसरी मेंबर ने भी मारा थप्पड़ जब गुरप्रीत ने इसका विरोध किया तो संस्था की दूसरी मेंबर गुस्से में आगे आई और गुरप्रीत को तमाचा जड़ दिया। फिर उसके टी-शर्ट को खींचकर उसे धक्का दे दिया। इसके बाद संस्था के टीम मेंबर गुरप्रीत के पेट डॉग और मोबाइल छीनकर साथ ले गए। घटना के बाद पीड़िता ने पुरानी बस्ती थाना पहुंचकर शिकायत की। पीड़िता की शिकायत पर पुरानी बस्ती पुलिस ने किरण आहूजा के खिलाफ केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। महिला बोली- मारपीट कर कुत्ता और मोबाइल छीना गुरप्रीत कौर ने बताया कि, विवाद के समय किरण आहूजा उन पर आरोप लगाने लगी कि वह अपने डॉग्स को मारती हैं। इसके बाद उन्होंने दबाव बनाया कि वह अपने डॉग्स को उनके साथ लेकर चलें। ऐसा नहीं करने पर संस्था उसके डॉग को अपने साथ ले गए, जिसे अब वापस नहीं कर रहे हैं। गुरप्रीत ने बताया कि इस मामले में 27 फरवरी को ही पुरानी बस्ती थाने में आवेदन दिया था। पिछले तीन दिनों से वह लगातार थाने आ रही हैं। इस पर पुलिस ने कहा है कि होटल के सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले में जांच जारी पुरानी बस्ती निरीक्षक शील आदित्य सिंह ने बताया कि, पीड़िता की शिकायत पर किरण आहूजा के खिलाफ केस दर्ज किया है। घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। मामले में जांच जारी है। …………………….. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… होली की मस्ती में कुत्ते के साथ क्रूरता....VIDEO: कपड़े पहनाकर रंग-गुलाल लगाया, मुंह पर कलर-स्प्रे किया, फिर पीटा, 3 पर केस दर्ज, 2 गिरफ्तार मुंगेली जिले के लोरमी क्षेत्र में होली के दौरान एक कुत्ते के साथ क्रूरता का मामला सामने आया है। आरोपियों ने कुत्ते को कपड़े पहनाकर उस पर रंग-गुलाल और कलर स्प्रे डाला। उसकी आंखों और मुंह में रंग डालने के साथ ही डंडे, हाथ और मुक्कों से भी मारपीट की गई। पढ़ें पूरी खबर…
हरियाणा में इन दिनों राज्यसभा चुनाव को लेकर पूरी सियासत गरमाई है। इन सबके बीच अब 2 सीटों के लिए हो रहे राज्यसभा चुनावों में तीन उम्मीदवारों की प्रॉपर्टी को लेकर चर्चा हो रही है। निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल (BJP समर्थित) सबसे अमीर हैं। उन्होंने अपनी प्रॉपर्टी 73.74 करोड़ रुपए दर्शाई है। वहीं कांग्रेस के उम्मीदवार कर्मवीर बौद्ध दो करोड़ी हैं। सबसे अहम बात यह है कि पूर्व लोकसभा सांसद बीजेपी उम्मीदवार संजय भाटिया के नाम कुछ भी नहीं है। हां उन्होंने चुनाव में अपनी चल संपत्ति 78 लाख रुपए के करीब दर्शाई है। यहां पढ़ते हैं सभी उम्मीदवारों की प्रॉपर्टी डिटेल... सतीश नांदल: कांग्रेस विधायकों के क्रॉस-वोटिंग पर भरोसा कर रहे 63 वर्षीय निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल के पास 45.19 करोड़ रुपए की चल संपत्ति है, जिसमें एक रिवॉल्वर और 950 ग्राम सोना शामिल है। नांदल के पास आवासीय, व्यावसायिक और कृषि संपत्तियों सहित 28.54 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति है। उनकी कुल संपत्ति 73.74 करोड़ रुपए की है। ये संपत्तियां पंजाब, दिल्ली और रोहतक में स्थित हैं। परिवार के पास रोहतक में 5 करोड़ रुपए की एक आवासीय संपत्ति, रोहतक में ही 2.17 करोड़ रुपए की दो व्यावसायिक संपत्तियां और दिल्ली में 5 करोड़ रुपए की एक अन्य व्यावसायिक संपत्ति है। उन पर 9.70 करोड़ रुपए का कर्ज है। उन्हें शिवालया कंस्ट्रक्शन लिमिटेड में परियोजना प्रभारी के रूप में पारिश्रमिक और किराए से आय प्राप्त होती है। उन्होंने रोहतक के एक संस्थान से सिविल इंजीनियरिंग में तीन वर्षीय डिप्लोमा किया है। करमवीर सिंह बौद्ध: कांग्रेस के करमवीर सिंह बौद्ध की कुल संपत्ति 1.98 करोड़ रुपए है, जिसमें 65 लाख रुपए की चल संपत्ति, एक कोरोला अल्टिस, एक बोलेरो, 200 ग्राम सोना और 1.5 किलोग्राम चांदी शामिल है, जबकि उनकी निजी संपत्ति का मूल्य 1.33 करोड़ रुपए है। वे सिविल सचिवालय से अधीक्षक पद से रिटायर हुए हैं और उनकी पत्नी हरियाणा श्रम विभाग में उप अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। पेंशन और मकान किराया उनकी आय के स्रोत हैं। उन्होंने इतिहास में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की है। संजय भाटिया: भाजपा उम्मीदवार और पूर्व सांसद संजय भाटिया के नाम पर न तो कोई संपत्ति है और न ही उनकी पत्नी के नाम पर। उनकी चल संपत्ति 84.73 लाख रुपये है, जिसमें 48 लाख रुपये के आभूषण शामिल हैं। वे दो निजी कंपनियों में निदेशक हैं और कृषि से आय तथा पेंशन भी प्राप्त करते हैं। उन्होंने पानीपत के एक कॉलेज से बीकॉम की डिग्री हासिल की है। भाटिया की जीत पक्की, कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग का डर राज्यसभा में दो सीटें हैं और सदन में 90 विधायक हैं, इसलिए किसी भी उम्मीदवार को जीतने के लिए 31 वोटों की आवश्यकता होगी। भाजपा के संजय भाटिया आसानी से जीत जाएंगे क्योंकि पार्टी के पास 48 सीटें हैं। दूसरी सीट के लिए कड़ी टक्कर होगी। विधानसभा में कांग्रेस के 37 विधायक हैं। बौध की जीत के लिए कांग्रेस को 31 प्रथम वरीयता वोटों की आवश्यकता थी। हालांकि, नांदल कांग्रेस के क्रॉस वोट पर निर्भर हैं। उन्हें भाजपा का भी समर्थन प्राप्त है।राज्यसभा चुनाव में ओपन वोटिंग होती है। राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने पर किसी विधायक को विधानसभा से अयोग्य घोषित नहीं किया जा सकता। Topics: राज्यसभा चुनाव
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की आठवीं बोर्ड बैठक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में की गयी। मीटिंग में करीब 300 करोड़ रुपये के कार्यों को अनुमोदित किया है। इसमें ब्रज क्षेत्र के समग्र विकास, तीर्थ स्थलों के संरक्षण तथा श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं के विस्तार से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। यीड़ा के सभागार में हुई मीटिंग वृंदावन में गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी परिसर स्थित यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के क्षेत्रीय कार्यालय सभगार में आयोजित बैठक में मथुरा वृंदावन रेल मार्ग के 11.80 किलोमीटर लंबे ट्रैक को फोरलेन मार्ग में विकसित करने के प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग, ब्रज तीर्थ विकास परिषद और जिला प्रशासन को रेलवे विभाग से समन्वय स्थापित कर भूमि अथवा भूमि मूल्य से संबंधित आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।।साथ ही मुख्यमंत्री ने पोड रेपिड ट्रांजिट सिस्टम की व्यवहारिकता का अध्ययन करने को कहा। इसके साथ ही ब्रज की प्रसिद्ध 84 कोस परिक्रमा मार्ग के विकास के लिए भी संबंधित विभागों को तेजी से कार्ययोजना लागू करने को कहा गया। वॉटर म्यूजियम के लिए चिंहित भूमि की जाए ट्रांसफर बैठक में गोवर्धन, मथुरा और वृंदावन में पार्किंग, टीपीओ तथा अन्य जनसुविधाओं को विकसित करने के लिए चिन्हित भूमि पर पीपीपी मॉडल के तहत कार्य कराने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा छाता क्षेत्र के ग्राम अजीजपुर में प्रस्तावित वाटर म्यूजियम के लिए चिन्हित भूमि को सिंचाई विभाग से परिषद को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने ब्रज में 36 वनों के इको-रेस्टोरेशन प्रोजेक्ट की सराहना करते हुए आगामी वर्षा ऋतु में वन महोत्सव के दौरान व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाने के निर्देश दिए। इस अभियान में जल संरक्षण, खारे पानी के उपचार और जनसहभागिता को भी शामिल करने पर बल दिया गया। यमुना एक्सप्रेस वे ओद्योगिक विकास प्राधीकरण के अंतर्गत विकसित होने वाली हेरिटेज सिटी को लेकर् भी चर्चा हुई। यमुना प्रदूषण को किया जाए कम बैठक में यमुना रिवर फ्रंट में मथुरा से वृंदावन के बीच जलमार्ग विकसित कर पीपीपी मॉडल पर क्रूज और नौका संचालन शुरू करने की योजना पर भी सहमति बनी। साथ ही गोवर्धन स्थित पारसौली में सूरदास ब्रज अकादमी के संचालन के लिए आवश्यक कार्मिकों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। परिषद की वर्ष 2025–26 की कार्ययोजना में प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए बजट स्वीकृत करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि परिषद द्वारा अनुमोदित परियोजनाओं के बजट में किसी प्रकार की कटौती न की जाए और उन्हें शीघ्र धरातल पर उतारा जाए। नगर निकायों में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्वच्छता, सुरक्षा और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। जल निगम और नगर निगम द्वारा एसटीपी, एसपीएस और पंपिंग स्टेशन के निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा कर यमुना नदी में प्रदूषण कम करने के निर्देश भी दिए गए। यह रहे मौजूद मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के माध्यम से विभिन्न विभागों को दिशानिर्देशों का पालन सुनिशिचित करने के निर्देश दिए। मथुरा वृंदावन सहित ब्रज क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को लेकर खास जोर दिया। बैठक के अंत में परिषद के सीईओ सूरज पटेल द्वारा प्रस्तुत डोनेशन मैनेजमेंट डिजिटल सिस्टम का मुख्यमंत्री ने शुभारंभ किया। बैठक का संचालन आगरा मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप ने किया। इस अवसर पर गन्ना विकास मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, प्रभारी मंत्री संदीप सिंह, सांसद हेमा मालिनी, तेजवीर सिंह, महापौर विनोद अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष किशन सिंह,विधायक ओम प्रकाश सिंह, योगेश नौहवार, पूरन प्रकाश, मेघश्याम सिंह, राजेश चौधरी सहित उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र और प्रमुख सचिव पर्यटन अमृत अभिजात, प्रमुख सचिव वन वी. हेकाली झिमोली, प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूड़ी अजय चौहान, एडीजी अनुपम कुलश्रेष्ठ, विधि सलाकार राजेश सिंह, निदेशक आवास बंधु एंव सचिव आवास शहरी नियोजन डा बलकार सिंह, आयुक्त परिवहन किंजल सिंह, सचिव नगर विकास अनुज झा, सचिव वित्त भवानी।सिंह खगरौत, सीईओ यीडा राजेश कुमार सिंह, डीआईजी आगरा शैलेश पाण्डेय, जिलाधिकारी सीपी सिंह, एसएसपी श्लोक कुमार मौजूद रहे।
होली के बाद काम पर लौटना चुनौती:ट्रेन में टिकट कंफर्म नहीं, फ्लाइट किराया 13 हजार रुपए तक
होली का त्योहार मनाने अपने घर झारखंड आए लाखों लोगों के लिए वापस महानगर लौटना काफी चुनौतीपूर्ण हो गया है। ट्रेनों में कंफर्म टिकट नहीं मिलने के कारण उनकी परेशानी बढ़ गई है, लेकिन सबसे ज्यादा झटका उन्हें प्लेन के बढ़े हुए किराए से लग रहा है। दिल्ली, मुंबई और अन्य महानगरों के लिए उड़ानों में सीटें सीमित हैं और किराया दोगुना से ढाई गुना तक बढ़ गया है। उदाहरण के तौर पर, दिल्ली जाने का किराया 10,000–12,000 रुपए, मुंबई के लिए 9,000–13,000 रुपए और चेन्नई-बेंगलुरु के लिए 8,000–12,000 रुपए तक पहुंच गया है। बढ़े हुए किराए और सीमित विकल्पों के कारण यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। झारखंड रेल यूजर्स ने सुझाव दिया है कि दक्षिण भारत के लिए विशेष ट्रेनें चलाई जानी चाहिए, ताकि पढ़ाई करने वाले छात्र और नौकरीपेशा लोग, जो होली पर अपने घर आए हैं, वापस पहुंच सकें। झारखंड टूर एंड ट्रैवल एसोसिएशन के सह सचिव शंकर रॉय ने होली के अवसर पर यात्रा की समस्याओं पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि महानगरों से घर लौटने वाले लोगों को ट्रेनों में टिकट नहीं मिल रही है और विमानों में सीटों की उपलब्धता भी कम हो गई है। प्लेन का किराया दोगुना से ढाई गुना तक बढ़ गया है, जबकि अन्य विकल्प उपलब्ध नहीं हैं। इस कारण यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। शंकर रॉय ने लोगों से संयम और धैर्य रखने का आग्रह किया और कहा कि स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होगी। झारखंड रेल यूजर्स के सह सचिव ने कहा कि चेन्नई और बेंगलुरु के लिए स्पेशल ट्रेन चलनी चाहिए थी, क्योंकि झारखंड से लाखों लोग दक्षिण भारत में पढ़ाई या नौकरी करते हैं। ट्रेनों में लंबी वेटिंग 13351 धनबाद–एल्लेपी एक्सप्रेस में 13 मार्च तक स्लीपर में 50 से ज्यादा वेटिंग। 20898 रांची–हावड़ा वंदे भारत में 9 मार्च तक सभी श्रेणियों में वेटिंग। 18616 रांची–हावड़ा क्रिया योगा एक्सप्रेस में 10 मार्च तक सभी श्रेणियों में वेटिंग। 12812 हटिया–लोकमान्य एक्सप्रेस में 21 मार्च तक सभी श्रेणियों में वेटिंग। 18609 रांची–लोकमान्य साप्ताहिक में 25 मार्च तक लंबी वेटिंग। 12877 रांची–दिल्ली गरीब रथ में 20 मार्च तक 120-200 की लंबी वेटिंग। 12873 हटिया–आनंद विहार के स्लीपर में 19 मार्च तक लंबी वेटिंग। 12453 रांची–नई दिल्ली राजधानी में 15 मार्च तक सभी श्रेणियों में वेटिंग। 18637 हटिया–बेंगलुरु साप्ताहिक में 21 मार्च तक सभी श्रेणियों में वेटिंग। हवाई किराया (लगभग) नई दिल्ली : 6000 से 13,000 रुपए मुंबई : 7000 से 13,000 रुपए कोलकाता : 6000 से 9000 रुपए बेंगलुरु : 9000 से 12,000 रुपए चेन्नई : 7500 से 11,000 रुपए रांची में होली मनाकर वापस जाने वाले कई लोग यात्रा संकट का सामना कर रहे हैं। मृत्युंजय गुप्ता ने कहा कि वह घर आए थे, लेकिन कंफर्म ट्रेन टिकट नहीं मिल रही और प्लेन का किराया भी काफी बढ़ गया है। संकेत प्रधान को चेन्नई लौटना है, लेकिन कंफर्म टिकट नहीं मिलने के कारण वह परेशान हैं; उनकी परीक्षा भी वहीं है। इसी तरह कुमार अभिषेक, जो नोएडा में नौकरी करते हैं, रांची से वापस नहीं जा पा रहे हैं। यात्रियों की बढ़ती संख्या और सीमित उपलब्धता के कारण लोग लंबा इंतजार कर रहे हैं और छुट्टियों के बाद की यात्रा और चुनौतीपूर्ण बन गई है।
भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह आज रांची आएंगे, डिप्टी मेयर व उपाध्यक्ष पर बनेगी रणनीति
पॉलिटिकल रिपोर्टर|रांची नगर निकाय चुनाव में विजयी हुए अपने समर्थित प्रतिनिधियों को भाजपा सम्मानित करेगी। राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह रविवार की सुबह आएंगे। इसी क्रम में पार्टी नेता डिप्टी मेयर और उपाध्यक्ष के चुनाव की रणनीति भी बनाएंगे। प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद ने बताया है कि विजयी निकाय प्रतिनिधियों का सम्मान समारोह रविवार को बोड़या रोड स्थित एक बैंक्वेंट हॉल में होगा। इस समारोह में प्रदेश के सभी निकायों के पार्षदों के साथ पार्टी समर्थित मेयर, नगर परिषद और नगर पंचायत अध्यक्ष आदि भी शामिल रहेंगे। राष्ट्रीय महामंत्री सांसद अरुण सिंह, प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह सहित कई वरीय नेता इस कार्यक्रम में रहेंगे। नगर निकाय चुनाव में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों की बड़ी जीत के बाद पार्टी ने नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों को सम्मानित करने का कार्यक्रम तय किया है। भाजपा विधायक दल की बैठक 9 मार्च को प्रदेश कार्यालय में बजट सत्र को लेकर भाजपा विधायक दल की बैठक 9 मार्च की शाम 6.30 बजे प्रदेश कार्यालय में होगी। पार्टी के मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने बताया कि इस बारे में सभी विधायकों को सूचित कर दिया गया है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की अध्यक्षता में यह बैठक होगी। बजट सत्र के शुरुआत में यह बैठक क्यों नहीं हुई, इस पर नवीन ने कहा कि निकाय चुनाव को देखते हुए बैठक टाल दी गई थी।
दतिया| शहर में स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारियों के बीच सड़कों पर कचरे के ढेर लगने से स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। खासकर सब्जी मंडी क्षेत्र में जगह-जगह कचरा जमा है, जिससे बदबू और गंदगी फैल रही है। कचरे के ढेरों के आसपास आवारा मवेशी भी घूमते नजर आ रहे हैं, जो स्थिति को और खराब बना रहे हैं। समय पर कचरा नहीं उठाया जा रहा, जिससे परेशानी बढ़ रही है। -राजेश त्यागी, स्थानीय निवासी
रांची | उच्च शिक्षण संस्थानों में बेटियों की मौजूदगी अब अपवाद नहीं, बल्कि सामान्य होती जा रही है। रांची स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) के पिछले तीन शैक्षणिक सत्रों के नामांकन के आंकड़े इस बदलती तस्वीर को स्पष्ट रूप से सामने रखते हैं। विश्वविद्यालय में कई ऐसे विषय हैं, जहां छात्राओं की भागीदारी 70-85% तक पहुंच चुकी है। स्नातकोत्तर स्तर पर छात्राओं की उपस्थिति और अधिक सशक्त दिखाई देती है। हिंदी, समाजशास्त्र और मनोविज्ञान जैसे विषयों में छात्राओं की हिस्सेदारी 70 से 85% के बीच दर्ज की गई है। ये आंकड़े बताते हैं कि बेटियां अब न केवल उच्च शिक्षा में बड़ी संख्या में दाखिला ले रही हैं, बल्कि विभिन्न विषयों में मजबूत भागीदारी भी दर्ज करा रही हैं। स्नातक के तीन शैक्षणिक सत्र 2023-27, 2024-28 और 2025-29 के नामांकन के आंकड़ों का विश्लेषण यह दर्शाता है कि विश्वविद्यालय के कई विषयों में छात्राओं की भागीदारी छात्रों से अधिक है। खासतौर पर भाषा से जुड़े विषयों में छात्राओं का दबदबा स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। आंकड़ों के अनुसार हिंदी विषय में सबसे अधिक छात्राएं नामांकित हैं, जहां औसतन 72.4 प्रतिशत नामांकन छात्राओं का है। वहीं अंग्रेजी में यह आंकड़ा 70.9 प्रतिशत और उर्दू में 64.7 प्रतिशत दर्ज किया गया है। ये आंकड़े इस बात का संकेत देते हैं कि भाषा विषयों के प्रति छात्राओं की रुचि लगातार मजबूत बनी हुई है। यूजी में छात्राओं की भागीदारीहिंदी – 72.4%अंग्रेजी – 70.9%उर्दू – 64.7%इतिहास – 61.4%मनोविज्ञान – 54.9%समाजशास्त्र – 53.8% पीजी के पांच विषयों में छात्राओं की हिस्सेदारीहिंदी – 83.7%मनोविज्ञान – 75.8%समाजशास्त्र – 69.1%अंग्रेजी – 67.5%कॉमर्स – 66.5% इतिहास में छात्राएं सर्वाधिकइतिहास – 61.4%समाजशास्त्र – 53.8%मनोविज्ञान – 54.9% सोशल साइंस में मजबूत उपस्थितिइतिहास, समाजशास्त्र और मनोविज्ञान समेत सोशल साइंस के अन्य विषयों में भी छात्राओं की भागीदारी छात्रों से अधिक है। मनोविज्ञान में पिछले तीन वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। 2023-27 सत्र में जहां छात्राओं की हिस्सेदारी 49.5% थी, वहीं 2025-29 सत्र में यह बढ़कर 62.1% हो गई। कॉमर्स विषय में भी बढ़ रही छात्राओं की भागीदारीकॉमर्स विषय विश्वविद्यालय के सबसे बड़े विषयों में से एक है। तीन सत्रों का औसत देखें तो कॉमर्स में छात्राओं की भागीदारी 48.2% है। यहां भी छात्राओं की उपस्थिति काफी बढ़ी है।
शहर में 20% की दर से बढ़ रहीं महिला उद्यमी, बैंक भी दे रहे लोन
लाइसेंस लेने में भी आगे, अब तक 21000 महिलाओं ने लिया डीएल रांची व राज्य में महिला उद्यमिता जहां प्रति वर्ष लगभग 20% बढ़ रही है, वहीं पिछले पांच साल में 21,529 महिलाओं ने ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त किया, यानी औसतन 4,306 महिलाएं प्रति वर्ष विभिन्न वाहनों के लिए सक्षम हुईं। ड्राइविंग लाइसेंस केवल वाहन चलाने का अधिकार नहीं, बल्कि स्वतंत्रता, रोजगार और व्यक्तिगत सशक्तिकरण का प्रतीक है। यह दिखाता है कि झारखंड की महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। रांची| रांची में महिला उद्यमिता पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ रही है और यह सिर्फ संख्या में ही नहीं, बल्कि लोन लेने और व्यवसाय में निवेश के मामले में भी साफ दिखाई दे रहा है। 30 सितंबर 2025 तक 211,379 महिला उद्यमियों के खातों में 621 करोड़ रुपए का लोन वितरित किया गया। इसी वित्त वर्ष के सितंबर तक 66,000 खातों में 135 करोड़ रुपए का लोन महिलाओं को प्रदान किया गया। पूरे झारखंड में महिलाओं ने पिछले साल की तुलना में लगभग 16 प्रतिशत अधिक लोन लिया है। यह साफ संकेत है कि महिलाएं विभिन्न व्यवसायों में सक्रिय रूप से निवेश कर रही हैं और बैंक उन्हें भरोसेमंद मानकर वित्तीय सहायता उपलब्ध करा रहे हैं। झारखंड चैंबर की बैंकिंग कमेटी चेयरपर्सन निधि झुनझुनवाला के अनुसार, रांची में महिला उद्यमी प्रति वर्ष लगभग 20 प्रतिशत बढ़ी हैं। पूरे झारखंड में कुल 15.37 लाख एमएसएमई हैं। राज्य सरकार और बैंक महिला उद्यमियों को विभिन्न प्रकार से प्रोत्साहित कर रहे हैं। महिलाएं व्यवसाय शुरू करने के लिए सरकारी योजनाओं और बैंक लोन का लाभ उठा रही हैं, और उनका डिफॉल्ट रेट काफी कम होने के कारण बैंक उन्हें आसानी से लोन प्रदान कर रहे हैं।
अर्जुन सिंह ने प्रदेश को उन्नत किया
दतिया| पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन सिंह की पुण्यतिथि पर शुक्रवार श्रद्धांजलि सभा आयोजित। चुरहट में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में मध्य प्रदेश की महिला कांग्रेस प्रदेश महासचिव रचना शेर सिंह ने पूर्व सीएम को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह ने प्रदेश की सत्ता में रहते हुए प्रदेश के लोगों के लिए कई लाभकारी योजनाओं शुरू की थीं व प्रदेश को उन्नत किया। उन्होंने गरीब, किसान की चिंता की। इस दौरान अजय सिंह राहुल भैया,महेंद्र सिंह, सूर्यप्रताप सिंह, दशरथ पटेल, नरेंद्र यादव समेत तमाम कांग्रेस नेता मौजूद रहे।
बढ़ती गर्मी ने बिगाड़ी मेरठ में हवा की गुणवत्ता:33 डिग्री पार पहुंचा दिन का तापमान, 240 पहुंचा AQI
मेरठ के मौसम में होली के बाद तेजी से बदलाव के साथ गर्मी का असर बढ़ता जा रहा है दिन और रात के तापमान में लगातार बढ़ोतरी और हवा की रफ्तार लगभग शून्य रहने के कारण शहर की वायु गुणवत्ता भी खराब हो गई है। शनिवार को मेरठ का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 240 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है। मार्च में पहली बार मेरठ का AQI 200 पार पहुंचा है अभी तक यह आंकड़ा 150 के आसपास बना हुआ था। मौसम विभाग के अनुसार मार्च के पहले सप्ताह में ही तापमान 33 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जिससे दिन में गर्मी महसूस होने लगी है। वहीं रात का तापमान भी बढ़ने से रातें अपेक्षाकृत गर्म हो गई हैं। हवा शांत रहने से बढ़ा प्रदूषणसरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही के अनुसार शनिवार को शहर में हवा की गति लगभग शून्य रही। हवा नहीं चलने से वातावरण में मौजूद प्रदूषक कण फैलने के बजाय एक ही स्थान पर जमा हो गए, जिससे वायु गुणवत्ता में गिरावट दर्ज की गई। शहर के कई इलाकों में खराब हवामेरठ के विभिन्न क्षेत्रों में भी प्रदूषण का स्तर खराब श्रेणी में दर्ज किया गया। गंगानगर में AQI 221, जयभीम नगर में 244, पल्लवपुरम में 237, बेगमपुल में 238 और दिल्ली रोड क्षेत्र में 241 रिकॉर्ड किया गया। तापमान में लगातार हो रही बढ़ोतरीचौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की मौसम वेधशाला के अनुसार शनिवार को अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है तथा दूसरे सप्ताह में इसके 35 डिग्री सेल्सियस के पार जाने की संभावना है। लोगों को सावधानी बरतने की सलाहविशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर की तेज धूप से बचने और सुबह-शाम के समय प्रदूषण के प्रभाव से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है। उनका कहना है कि यदि आने वाले दिनों में हवा की गति बढ़ती है तो वायु गुणवत्ता में कुछ सुधार हो सकता है।
मध्य प्रदेश में मार्च महीने में ही अप्रैल जैसी गर्मी पड़ रही है। पहले ही पखवाड़े में पारा 39 डिग्री के पार पहुंच गया है। मालवा-निमाड़ यानी, इंदौर और उज्जैन संभाग के जिले सबसे गर्म हैं। शनिवार को यहां तापमान 38 डिग्री से ज्यादा रहा। यहां 'लू' जैसी तपन रही। रविवार को रंगपंचमी के दिन भी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर समेत प्रदेश के ज्यादातर हिस्से में तेज गर्मी रहेगी। मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों से गर्म हवाएं आ रही हैं। जिसका असर एमपी पर भी देखने को मिल रहा है। आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ेगा। जिससे धूप का तीखापन भी बढ़ सकता है। हवा की दिशा बदली, बढ़ने लगा गर्मी का असर वर्तमान में हवा की दिशा उत्तर-पूर्व से अब पश्चिम और उत्तर-पश्चिम हो गई है। वहीं, हवा में नमी बहुत कम है। साथ ही रेगिस्तानी इलाकों से मप्र पहुंचती है। यह अपने साथ गर्मी भी लाती है। इस वजह से प्रदेश में मार्च की शुरुआत में ही गर्मी का असर है। प्रदेश में सबसे गर्म रतलाम, पारा 38 डिग्री से ज्यादा शनिवार को रतलाम में तापमान सबसे ज्यादा 38.6 डिग्री पहुंच गया। धार में 38.5 डिग्री, नर्मदापुरम में 37.6 डिग्री, सागर में 37.2 डिग्री, गुना में 37 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो उज्जैन में सबसे ज्यादा 36.5 डिग्री रहा। इंदौर में 36.4 डिग्री, भोपाल में 35.2 डिग्री, ग्वालियर में 35.7 डिग्री और जबलपुर में 34.6 डिग्री रहा। मार्च से ही तेज गर्मी का असरप्रदेश में मार्च के दूसरे पखवाड़े में तेज गर्मी का ट्रेंड है। पिछले 10 साल में 15 मार्च के बाद ही तेज गर्मी पड़ी है, लेकिन इस बार ट्रेंड बदल गया है। दूसरे पखवाड़े की बजाय शुरुआत में ही पारे में उछाल आया है। IMD ने गाइडलाइन जारी कीप्रदेश में तेज गर्मी का असर बढ़ने के बाद IMD (मौसम केंद्र) भोपाल ने गाइडलाइन भी जारी की है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि दोपहर 12 से 3 बजे तक धूप का असर तेज रहता है। ऐसे में जरूरत होने पर ही घरों से बाहर निकले, वरना छांव में रहे। 40 डिग्री तक पहुंच सकता है पारामौसम विभाग की माने तो अगले 2 दिन के अंदर प्रदेश में अधिकतम तापमान 4 डिग्री तक बढ़ेगा। ऐसे में संभावना है कि मार्च के पहले ही पखवाड़े में प्रदेश में पारा 40 डिग्री तक पहुंच जाएगा। मार्च में लू का असर नहीं, अप्रैल-मई में चलेगीमौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अबकी बार अप्रैल और मई में हीट वेव यानी, लू चलेगी। 15 से 20 दिन तक लू चल सकती है, लेकिन मार्च में लू चलने का अलर्ट नहीं है। मार्च के शुरुआती दिनों में पारा बढ़ा हुआ है। मार्च में तीनों मौसम का असरमध्यप्रदेश में पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो मार्च महीने में रातें ठंडी और दिन गर्म रहते हैं। बारिश का ट्रेंड भी है। इस बार भी ऐसा ही मौसम है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में दिन का अधिकतम तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच सकता है जबकि रात में 10 से 17 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च में ग्वालियर में मौसम सबसे ज्यादा बदला हुआ रहता है। यहां रात में पारा 8 डिग्री तक पहुंच चुका है। जबलपुर में दिन में गर्मी और रात में ठंड रहती है। अप्रैल-मई सबसे ज्यादा गर्म रहेंगेमौसम विभाग ने इस साल अप्रैल और मई में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ने का अनुमान जताया है। इन दो महीने के अंदर ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में पारा 45 डिग्री के पार पहुंच सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग भी गर्म रहेंगे। फरवरी में 4 बार ओले-बारिश हुईइस बार फरवरी में मौसम का मिजाज चार बार बदला। शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रह चुका है। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर रहा। MP के 5 बड़े शहरों में मार्च में मौसम का ऐसा ट्रेंड... भोपाल में दिन में तेज गर्मी के साथ बारिश भोपाल में मार्च महीने में दिन में तेज गर्मी पड़ने के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च महीने में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। इसके चलते दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 30 मार्च 2021 को अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 41 डिग्री पहुंच चुका है। वहीं, 45 साल पहले 9 मार्च 1979 की रात में पारा 6.1 डिग्री दर्ज किया गया था। वर्ष 2014 से 2023 के बीच दो बार ही अधिकतम तापमान 36 डिग्री के आसपास रहा। बाकी सालों में पारा 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। इंदौर में 41.1 डिग्री तक पहुंच चुका पारा इंदौर में मार्च से गर्मी का असर तेज होने लगता है। यहां दिन का पारा 41.1 डिग्री तक पहुंच चुका है, जो 28 मार्च 1892 को दर्ज किया गया था। 4 मार्च 1898 को रात में पारा 5 डिग्री सेल्सियस तक रहा था। 24 घंटे में करीब एक इंच बारिश होने का रिकॉर्ड है, जबकि पूरे महीने में दो इंच पानी गिर चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च में 2 से 3 दिन बारिश होती है। कभी-कभी धूल भरी हवा की रफ्तार भी तेज होती है। ग्वालियर में गर्मी, ठंड-बारिश का ट्रेंड मार्च महीने में ग्वालियर में गर्मी, ठंड और बारिश तीनों का ही ट्रेंड है। 31 मार्च 2022 को दिन का पारा रिकॉर्ड 41.8 डिग्री पहुंच गया था, जबकि 1 मार्च 1972 की रात में न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री रिकॉर्ड हो चुका है। साल 2015 में पूरे महीने 5 इंच से ज्यादा पानी गिरा। वहीं, 12 मार्च 1915 को 24 घंटे में करीब 2 इंच बारिश हुई थी। जबलपुर में मार्च की रातें रहती हैं ठंडी जबलपुर में मार्च में भी रातें ठंडी रहती हैं। पारा औसत 15 डिग्री के आसपास ही रहता है। वहीं, दिन में 36 से 40 डिग्री के बीच तापमान दर्ज किया जाता है। 31 मार्च 2017 को दिन का पारा 41.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है, जबकि 4 मार्च 1898 में रात का तापमान 3.3 डिग्री दर्ज किया गया था। यहां मार्च में मावठा भी गिरता है। पिछले 10 में से 9 साल बारिश हो चुकी है। उज्जैन में दिन रहते हैं गर्म, 6 दिन बारिश का ट्रेंड भीउज्जैन में दिन गर्म रहते हैं। 22 मार्च 2010 को पारा रिकॉर्ड 42.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। वहीं, 1 मार्च 1971 की रात में न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री रहा था। पिछले साल दिन में तापमान 36 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। उज्जैन में 2017 सबसे गर्म साल रहा था। मौसम विभाग के अनुसार, इस महीने बारिश भी होती है। एक दिन में पौने 2 इंच बारिश का रिकॉर्ड 17 मार्च 2013 का है।
पूर्व सैनिक संघ की नवीन कार्यकारिणी घोषित
भास्कर संवाददाता| भिंड पूर्व सैनिक संघ भिंड के जिलाध्यक्ष सूबेदार मेजर राकेश सिंह कुशवाह ने शनिवार को संगठन की मजबूती और उसके विस्तार के लिए नवीन कार्यकारिणी का गठन किया। कार्यकारिणी में हवलदार शिवरतन सिंह तोमर को जिला उपाध्यक्ष, नायब सूबेदार रमेशसिंह पाल को जिला कोषाध्यक्ष, हवलदार रामप्रकाश सिंह को जिला सचिव, सूबेदार मेजर नंद किशोर शर्मा को जिम्मेदारी सौंपी गई। इसी क्रम में सूबेदार मेजर विजय बहादुर सिंह को जिला महासचिव, सूबेदार अजमेर सिंह भदौरिया को जिला कार्यकारिणी अध्यक्ष, सूबेदार सहेश सिंह बघेल को जिला संगठन मंत्री, हवलदार प्रताप भान सिंह को जिला महामंत्री, सूबेदार अशोक सिंह भदौरिया को जिला सहमंत्री, हवलदार बीबी सिंह को जिला महासचिव, हवलदार रामा नन्द सोनी को जिला सचिव, सूबेदार रवींद्र सिंह जिला मंत्री, सूबेदार रघुराज सिंह भदौरिया जिला मंत्री, हवलदार मुनेंद्र सिंह चौहान जिला सहसचिव, हवलदार राम लक्ष्मण सिंह जिला महामंत्री, नायब सूबेदार यशवंत सिंह जिला एरिया उपाध्यक्ष, हवलदार वेदप्रकाश सिंह जिला एरिया उपाध्यक्ष, हवलदार राम सुंदर शर्मा जिला एरिया उपाध्यक्ष, हवलदार राजाराम रघुवंशी जिला एरिया उपाध्यक्ष, हवलदार रामजी लाल दंडौतिया-जिला एरिया उपाध्यक्ष,(21) हवलदार शिवरतन सिंह भदौरिया-जिला एरिया उपाध्यक्ष (22)हबलदार सन्तोष कुमार यादव जिला मीडिया प्रभारी, हवलदार देवेन्द्र सिंह तोमर जिला मीडिया प्रभारी, हवलदार राधेश्याम शर्मा जिला कैंटीन संरक्षक, हवलदार रमेश सिंह राजावत जिला कैंटीन संरक्षक, नायक राजकुमार जिला शहीद स्मारक संरक्षक, कैप्टन कप्तान सिंह-जिला संरक्षक होंगे।
60 दिन की नहरबंदी:मोहनगढ़ स्टोरेज में 3850 की जगह 1300 एमएलडी ही नहरी पानी बचा
इंदिरा गांधी नहर के रख-रखाव व रिपेयरिंग को लेकर 15 दिन बाद 60 दिन की नहरबंदी होगी। इससे बाड़मेर, जैसलमेर और बालोतरा जिला प्रभावित होगा। यह नहरबंदी 20 मार्च से 20 मई तक रहेगी। पंजाब में 20 मार्च से 3 मई तक नहर के रखरखाव को लेकर कार्य होंगे। इधर मोहनगढ़ में तीन जिलों के लिए बने 3850 एमएलडी स्टोरेज में पानी का लेवल 7 मीटर की जगह महज 4 मीटर ही वितरण के लिए बचा है। वहीं पूर्व में पंजाब से राजस्थान सप्लाई के बने दो में से एक चैनल टूट गया था और किसान आंदोलन के कारण भी 25 जनवरी से 12 फरवरी नहरी पानी की सप्लाई प्रभावित हुई थी। ऐसे में पहले से ही पानी संकट झेल रहे लोगों के लिए आने वाली गर्मी में भयंकर पेयजल संकट का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे समझें तीन जिलों के पानी का गणित नहर टूटने से 15 दिन बंद, कम मिला पानी 25 जनवरी से 12 फरवरी तक मोहनगढ़ में नहरी पानी की आवक बंद रहने से पीएचईडी को 3850 एमएल स्टोरेज से पानी को लेते हुए 3 जिलों में सप्लाई करना पड़ा। स्टोरेज में 2100 एमएल पानी एकत्रित किया गया था। इसमें से लगातार 18 दिन तक पानी लेते हुए करीब 1600 एमएल पानी खर्च कर दिया गया। ऐसे में डिग्गी में पानी का स्टोरेज अब महज 500 एमएल रह गया है। बाड़मेर शहर में रोजाना चार घंटे कटौती जारी नहरबंदी को ध्यान में रखते हुए मोहनगढ़ में बने स्टोरेज को पूर्ण क्षमता से भरने के लिए एसई हजारीराम बालवां की ओर से जरूरत के अनुरूप कटौती के आदेश दिए हैं। जैसलमेर शहर एवं मोहनगढ़ कस्बे में सोमवार को शटडाउन रहेगा। जैसलमेर शहर के लिए रोजाना 18 घंटे पंप चलेंगे। आर्मी जैसलमेर में मंगलवार, जैसलमेर ग्रामीण में बुधवार शटडाउन रहेगा। बाड़मेर ग्रामीण के लिए गुरुवार, शुक्रवार व शनिवार को रोटेशन से शटडाउन होगा। बाड़मेर शहर में रोजाना 4 घंटे पानी की कटौती होगी। रक्षा संस्थान बाड़मेर के लिए रविवार को शटडाउन होगा। “पीएचईडी के 1600 ट्यूबवेल, 900 ओपनवेल, 250 सिंगल फेज ट्यूबवेल, 5000 हैंडपंप व 70 सोलर आधारित ट्यूबवेल हैं, जिनसे जलापूर्ति सुचारू होगी।” -हजारी राम बालवां, एसई पीएचईडी बाड़मेर।
पूर्व गृहमंत्री ने भगवती रावत को दी श्रद्धांजलि
भांडेर| पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा शनिवार को भांडेर पहुंचे। उन्होंने नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष बृजकिशोर रावत की माता, पूर्व पार्षद एवं नगर के प्रमुख व्यवसायी राजू रावत की माता और समाजसेवी अमन उर्फ गोलू रावत की दादी भगवती रावत के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान पूर्व विधायक घनश्याम पिरोनिया, भानू ठाकुर, रेशु दांगी, अतुल भूरे चौधरी सहित कई भाजपा कार्यकर्ता और नगरवासी मौजूद रहे।
भांडेर में बिना रजिस्ट्रेशन मिली पैथोलॉजी सील
दतिया | भांडेर में बिना रजिस्ट्रेशन चल रही पैथोलॉजी लैब आखिरकार सील हो गई। भांडेर बीएमओ डॉ. इंद्रेश दोहरे ने मौके पर जाकर कार्रवाई की। आवश्यक दस्तावेज नहीं मिलने पर लैब के बाहर नोटिस भी चस्पा किया है। भांडेर के पटेल चौराहा पर परी पैथोलॉजी लैब का संचालन बिना रजिस्ट्रेशन किया जा रहा था। हालही में प्रदूषण बोर्ड की ओर से जारी की गई सूची में भी लैब का नाम नहीं था। बीएमओ को दस्तावेजों में जानकारी उपलब्ध नहीं हो सकी। रजिस्ट्रेशन भी नहीं मिला। ऐसे में लैब तुरंत बंद करा दी गई। वहीं दूसरी ओर उप स्वास्थ्य केंद्र उचाड़ में वैक्सीनेशन केंद्र का निरीक्षण सीएमएचओ डॉ. बीके वर्मा ने किया। वैक्सीनेशन कम मिलने पर नाराजगी जताई। टीकाकरण बढ़ाने के निर्देश दिए। हालाकि सीएमएचओ डॉ. वर्मा केंद्र की व्यवस्थाओं से संतुष्ट नजर आए।
दतिया। इंदरगढ़ थाना क्षेत्र के रानीपुरा तिराहे पर आधी रात में कुछ लोगों ने एक युवक को लोहे की शाकर और डंडों से पीटा। युवक झांसी से कटापुर गांव में रिश्तेदार के यहां होली मनाने आया था। पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया है। झांसी के रक्शा में ग्राम कसौधन निवासी आजाद (23) पुत्र बद्री प्रसाद राजपूत ने पुलिस को बताया वह कटापुर में रिश्तेदार के यहां होली मनाने आया था। दोपहर में गांव के आकाश राजपूत सहित अन्य से विवाद हुआ तो पुलिस ने मामला शांत करा दिया। रात पौने 12 बजे रानीपुरा तिराहे के पास आकाश, विशाल राजपूत, विशाल और राज ने आजाद को पकड़ा और शकर व डंडों से पीट पीटकर घायल कर दिया।
मार्च की शुरुआत के साथ ही देश के ज्यादातर हिस्सों में गर्मी ने रफ्तार पकड़ ली है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, पंजाब और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में पारा 35C के पार पहुंच गया है। दिल्ली में तो मार्च के पहले हफ्ते में ही 50 साल का रिकॉर्ड टूट गया और अधिकतम तापमान 35.7C पहुंच गया। मध्य प्रदेश के इंदौर में पारा 36.2 डिग्री तक पहुंच गया है। राजस्थान के जैसलमेर में तापमान 38C दर्ज किया गया। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में तापमान 37.8C रहा। हिमाचल प्रदेश के मंडी, सोलन, धर्मशाला और भुंतर में हीट वेव चली। मौसम विभाग ने गुजरात, हिमाचल प्रदेश के मैदानी इलाकों और राजस्थान के कई इलाकों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। वहीं पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में हल्की बारिश की संभावना जताई है। पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के असर से 8 से 12 मार्च के बीच जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है। वहीं मैदानी राज्यों में फिलहाल मौसम शुष्क रहने और गर्मी बढ़ने के आसार हैं। कब मानी जाती है हीटवेव मौसम विभाग के मुताबिक, हीटवेव तब मानी जाती है, जब मैदानों में तापमान 40 डिग्री या उससे ज्यादा पहुंच जाए। अगर सामान्य तापमान से 4 से 6 डिग्री ज्यादा दर्ज किया जाए। ऐसी स्थिति में लोगों की सेहत पर भी असर पड़ सकता है और लू लगने का खतरा बढ़ जाता है। अगले 2 दिन मौसम का हाल-
इंदौर में रविवार को रंगों का सबसे बड़ा उत्सव देखने को मिलेगा। पारंपरिक गेर के साथ पूरा पश्चिम क्षेत्र रंगों से सराबोर होगा। लाखों लोग इस अनोखे रंगोत्सव में शामिल होकर गुलाल और रंगों की बौछारों का आनंद लेंगे। गेर के साथ ही फागयात्रा भी निकलेगी, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल होंगी। आयोजकों ने तैयारियां पूरी कर ली हैं और हजारों किलो गुलाल इस आयोजन में उड़ाया जाएगा। राजवाड़ा से निकलने वाली यह परंपरा करीब सात दशक पुरानी है। शुरुआत में यहां बड़े कड़ाव में रंग भरकर लोगों को भिगोने की परंपरा थी। समय के साथ यह आयोजन बैलगाड़ियों, ट्रैक्टरों और डीजे तक पहुंचा और अब आधुनिक तकनीक के साथ मिसाइलों से रंग बरसाने तक विकसित हो चुका है। पिछले तीन वर्षों से गेर में शामिल होने वाले लोगों की संख्या 5 लाख से अधिक रही है, जिससे यह आयोजन देश के सबसे बड़े रंगोत्सवों में शामिल हो गया है। हर साल की तरह इस बार भी लाखों लीटर पानी और हजारों किलो गुलाल उड़ाने की तैयारी है। राजवाड़ा और उससे जुड़े मार्गों पर करीब 5 से 6 किलोमीटर के दायरे में रंग, गुलाल और पानी की बौछारें होंगी। विशेष रूप से 8 हजार किलो टेसू के फूलों से बने गुलाल से राजवाड़ा पर तिरंगा बनाया जाएगा। गेर और फागयात्रा अपने-अपने तय स्थानों से निकलकर शहरवासियों को रंगों में सराबोर करेंगी। आधुनिक व्यवस्था के तहत मिसाइलों के जरिए करीब 200 फीट ऊंचाई तक रंग और पानी उड़ाया जाएगा। गेर में बैंड, ढोल-ताशे, झांकियां और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। उज्जैन में शामिल होंगे सीएमइंदौर की तरह उज्जैन में भी सुबह भस्म आरती में बाबा महाकाल को एक लौटा केसर का जल अर्पित कर रंगपंचमी की शुरुआत होगी। यहां सुबह 9 बजे से गेर निकलेगी जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल होंगे। शाम के समय महाकाल मंदिर से गेर निकलेगी। गेर मार्ग पर पुलिस की नजरइधर, गेर को लेकर पुलिस-प्रशासन भी तैयार है। गेर में नजर रखने के लिए ड्रोन, सीसीटीवी कैमरे सहित बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स, वॉच टॉवर के साथ ही पुलिस के आला अधिकारी गेर मार्गों पर नजर रखेंगे। गेर को लेकर पुलिस ने भी इंतजाम कर लिए हैं। गेर के पहले ही पुलिस के आला अधिकारियों द्वारा गेर मार्ग को दौरा करने के साथ ही यहां की व्यवस्थाओं का जायजा ले चुके हैं। कड़ाव में साबुन का पानी भरकर भिगोते थे इंदौर में 1947 से पहले रंगपंचमी के दिन ‘लाइव बंबा’ (पुराने फायर ब्रिगेड का स्वरूप) राजवाड़ा के पास खड़ा किया जाता था, जिससे लोगों पर पानी फेंका जाता था। इतिहासकार जफर अंसारी के अनुसार, होल्कर स्टेट के समय भी बड़ी संख्या में लोग यहां एकत्रित होते थे। 1950-60 के दशक में इसका स्वरूप बदला। उस समय टोरी कॉर्नर क्षेत्र में रंगपंचमी के दिन जन्मे एक व्यक्ति, जिन्हें पहलवान कहा जाता था, हर साल कड़ाव में साबुन का पानी भरकर रखते थे। जिनमें आसपास के लोग के साथ मुस्लिम समाजजन भी शामिल होते थे। बाद में बैलगाड़ी में कड़ाव रखकर गेर निकाली जाने लगी और रास्ते में लोगों पर पानी डाला जाता था। 1970 और 1980 के दशक में भीड़ बढ़ने लगी तो छोटे लोडिंग वाहनों में रंग और पानी से भरे ड्रम रखे जाने लगे। 1990 के दशक से गेरों की संख्या बढ़ने लगी और टैंकर तथा म्यूजिक का चलन शुरू हुआ। 2000 के दशक में रंग उड़ाने वाली मिसाइलों का उपयोग शुरू हो गया। गेर आयोजक शेखर गिरी के अनुसार, कड़ाव से पानी फेंकने की परंपरा 1948–1950 के आसपास शुरू हुई थी और हर दशक के साथ इसका स्वरूप बदलता गया। पढ़िए, गेर और उनकी खासियतें... संगम कॉर्नर: 8 हजार किलो टेसू के फूलों से बना गुलाल संगम कॉर्नर चल समारोह समिति की गेर इस बार भी पूरे उत्साह के साथ निकाली जाएगी। संस्था सृजन के अध्यक्ष कमलेश खंडेलवाल, संयोजक महेश दलोदरा, गोविंद गोयल और तनुजा खंडेलवाल ने बताया कि हमारी सामाजिक समरसता गेर का यह 76वां वर्ष है। इस बार गेर का प्रमुख आकर्षण बरसाना की टीम द्वारा लट्ठमार होली का प्रदर्शन रहेगा। वहीं, भगवान राधा-कृष्ण की जोड़ी रासरंग प्रस्तुत करेगी। बांके बिहारी का ढोल भी आकर्षण का केंद्र रहेगा। देशभक्ति और सद्भावना से ओत-प्रोत युवाओं की टोली देशभक्ति के तरानों पर भांगड़ा करती चलेगी। खंडेलवाल ने बताया कि गेर में जहां एक ओर डीजे पर युवा देशभक्ति के तरानों पर नाचते चलेंगे, वहीं दूसरी ओर पानी की मिसाइल से 200 फीट तक रंग उड़ाया जाएगा। 8 हजार किलो टेसू के फूलों से बने गुलाल से राजवाड़ा पर तिरंगा बनाया जाएगा। ‘पृथ्वी मिसाइल’ से सुगंधित गुलाल उड़ाया जाएगा, जबकि ‘अग्नि मिसाइल’ से गुलाब की पंखुड़ियों से स्वागत किया जाएगा। बरसाना से आई टीम लट्ठमार होली का मंचन करेगी। युवाओं की टोलियां रंगाड़ों, ट्रैक्टर, मेटाडोर और डंपर पर चलते हुए लोगों को रंगों से सराबोर करेंगी। गेर की शुरुआत से जुड़े पुराने आयोजकों का मालवा पगड़ी पहनाकर सम्मान किया जाएगा। गेर के संचालन के लिए 25 समितियों के माध्यम से 500 कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। टोरी कॉर्नर गेर: दो डीजे, बैंड और तीन टैंकर टोरी कॉर्नर रंगपंचमी महोत्सव समिति की गेर में भी बड़ी संख्या में युवा शामिल होंगे। संयोजक शेखर गिरी ने बताया कि गेर में तीन पानी के टैंकरों पर मिसाइलें लगाई जाएंगी। एक बोरिंग मशीन से गुलाल उड़ाया जाएगा और फाग मशीन से फाग उड़ाई जाएगी। गेर में दो डीजे गाड़ियां, दो बैंड और चार ट्रैक्टर-ट्रॉलियां शामिल रहेंगी। इस गेर की शुरुआत टोरी कॉर्नर से होगी और संभावना है कि यह गेर सबसे आगे रहेगी। फागयात्रा: बड़ी संख्या में शामिल होंगी मातृशक्तियां प्रदेश की सबसे बड़ी धार्मिक-सांस्कृतिक फागयात्रा नृसिंह बाजार स्थित बद्रीनारायण मंदिर से 8 मार्च को निकलेगी। 1998 में शुरू हुई इस यात्रा का यह 28वां वर्ष है। हिंद रक्षक संगठन के संयोजक एकलव्य लक्ष्मणसिंह गौड़ ने बताया कि इस वर्ष यात्रा में महाकाल मंदिर की प्रतिकृति बनाई गई है, जिसमें महाकाल विराजमान रहेंगे। भस्म आरती के बाद होने वाले श्रृंगार के स्वरूप में विग्रह सजाया जाएगा। विशाल नंदी पर विराजमान महादेव की झांकी भी आकर्षण का केंद्र रहेगी। यात्रा में टेसू के फूलों से बने रंग और अरारोट से बनी प्राकृतिक गुलाल का ही प्रयोग किया जाएगा। यात्रा में भजन गायक गोपाल मिश्रा और सुरेश शर्मा की दो भजन मंडलियां शामिल होंगी। हजारों महिलाएं भी इसमें भाग लेंगी। सुरक्षा व्यवस्था के लिए 1000 कार्यकर्ताओं का दस्ता रहेगा। यात्रा के आगे 101 युवाओं की भगवा ध्वज वाहिनी चलेगी और समरसता का संदेश देते हुए महापुरुषों के चित्र भी प्रदर्शित किए जाएंगे। रसिया कॉर्नर: इस बार गेर कैंसिल रसिया कॉर्नर की गेर का यह 53वां वर्ष था। यह गेर कैंसिल कर दी गई है। गेर के संयोजक पं.राजपाल जोशी का स्वास्थ्य खराब होने के कारण इस बार वे गैर नहीं निकाल रहे हैं। शनिवार को इसकी जानकारी दी गई है। मॉरल क्लब समिति: 6 डीजे और 51 ढोल रहेंगे शामिल मॉरल क्लब समिति की गेर भी पूरे उत्साह के साथ निकलेगी। संयोजक अभिमन्यु मिश्रा ने बताया कि गेर में 15 ब्लोअर मशीनें, 6 डीजे गाड़ियां, एक बड़ी बोरिंग मशीन और 6 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां शामिल होंगी। 51 ढोलों की थाप पर युवाओं की टोली थिरकती चलेगी। गेर को नियंत्रित करने के लिए 100 बाउंसर भी तैनात रहेंगे। दो बड़े पानी के टैंकरों से छह मिसाइलें चलेंगी, जो 40 फीट तक पानी उछालेंगी। करीब 7 हजार किलो गुलाल उड़ाया जाएगा। ऑपरेशन सिंदूर की झलकनगर निगम की गैर में ऑपरेशन सिंदूर की झलक देखने को मिलेगी। नगर निगम ने टैंक तैयार किया गया है। टैंक से ही गुलाल-पानी उड़ाया जाएगा। ये नजारा काफी आकर्षक होगा। नगर निगम ने इस टैंक को वर्कशॉप में तैयार किया है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि नगर निगम की टीम इस बार भी नवाचार कर रही है। इस बार सैनिकों के शौर्य और पराक्रम को दिखाया जाएगा। ऑपरेशन सिंदूर को दिखाते हुए टैंक की तोप से रंग उड़ाया जाएगा। डायवर्जन प्वाइंट 10 एम्बुलेंस और 40 मेडिकल स्टाफ तैनात आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 2 हाई-टेक एम्बुलेंस सहित कुल 10 एम्बुलेंस और लगभग 40 मेडिकल स्टाफ की तैनाती की है। ये एम्बुलेंस और इमरजेंसी मेडिकल टीमें सुबह 9 बजे से गेर महोत्सव के समाप्त होने तक प्रशासन द्वारा तय किए गए गेर मार्ग के हॉटस्पॉट्स पर तैनात रहेंगी। सीएमएचओ के अनुसार, टोरी कॉर्नर से लेकर गोराकुंड, राजबाड़ा, इमामबाड़ा, जवाहर मार्ग और एमजी रोड के बीच कुल 10 स्थानों पर मेडिकल टीमों की ड्यूटी लगाई गई है। प्रत्येक एम्बुलेंस में एक डॉक्टर और दो नर्सिंग स्टाफ मौजूद रहेंगे। गेर मार्ग के इन हॉटस्पॉट्स पर एम्बुलेंस और मेडिकल स्टाफ तैनात रहेंगे टोरी कॉर्नर, गोराकुंड चौराहा, सुभाष चौक (खजूरी बाजार), अन्नापान भंडार राजबाड़ा, एसबीआई बैंक (राजबाड़ा), इमामबाड़ा (राजबाड़ा), एमजी रोड पुलिस स्टेशन, नरसिंह बाजार चौराहा, बजाज खाना चौक और जवाहर मार्ग के तय स्थानों पर मेडिकल टीमें मौजूद रहेंगी। मेडिकल हेल्प के लिए इस नंबर पर करें संपर्क सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी ने बताया कि आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था और एम्बुलेंस से जुड़ी सहायता के लिए हेल्थ विभाग ने प्रोटोकॉल ऑफिसर विवेक बंसोड़ का मोबाइल नंबर 87700-44700 जारी किया है। सुबह 9 बजे से रंगपंचमी गेर महोत्सव के समापन तक यह इमरजेंसी हेल्थ सर्विस उपलब्ध रहेगी। यह खबर भी पढ़ें… इंदौर की गेर में मिसाइल से बरसेगा रंग इंदौर में रंगपंचमी की पारंपरिक गेर रविवार को निकलेगी। राजवाड़ा पर 7 दशक पहले कड़ाव में लोगों को भिगोने से शुरू हुआ सिलसिला बैलगाड़ी, ट्रैक्टर और डीजे से होता हुआ अब मिसाइलों से रंग बरसाने तक जा पहुंचा है। पढ़ें पूरी खबर
राजधानी में रंगपंचमी का पारंपरिक चल समारोह इस बार नए रंग और अंदाज में नजर आएगा। श्री हिंदू उत्सव समिति की ओर से रविवार 8 मार्च को सुबह 11 बजे सुभाष चौक, सराफा मार्केट से भव्य चल समारोह निकाला जाएगा। आयोजन को लेकर शनिवार को समिति पदाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने परंपरागत मार्ग का संयुक्त निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि इस वर्ष चल समारोह को इंदौर की प्रसिद्ध ‘गेर’ की तर्ज पर निकालने की तैयारी की गई है। जुलूस में डुलडुल घोड़ी, ढोल-ताशे, डीजे और बैंड की आकर्षक प्रस्तुतियां होंगी। बड़ी संख्या में लोग पिचकारियां और गुलाल के साथ उत्सव में शामिल होंगे, जिससे पूरा मार्ग रंगों से सराबोर नजर आएगा। इस बार चल समारोह में विशेष झांकियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। एक झांकी में भारत की क्रिकेट टीम द्वारा जीते गए वर्ल्ड कप का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें युवाओं के हाथों में ट्रॉफी होगी और लोग रंगों के साथ जश्न मनाते दिखाई देंगे। इसके अलावा भगवान बाल कृष्ण की पालकी भी निकलेगी, जिसमें वे विराजमान रहेंगे और श्रद्धालु उनके साथ होली खेलते हुए चलेंगे। संतों की अगुवाई में यह पालकी जुलूस का विशेष आकर्षण बनेगी। तिवारी के अनुसार लगभग दो किलोमीटर लंबे इस चल समारोह में पांच ट्रालों पर अलग-अलग झांकियां सजाई जाएंगी। इनमें राधा-कृष्ण की झांकी के साथ भगवान शिव-पार्वती की ‘मसान में होली’ की थीम भी शामिल रहेगी। इन झांकियों के माध्यम से धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का संदेश दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इंदौर की गेर की तरह इस बार भवानी चौक पर विशेष मशीनें लगाई जाएंगी, जिनसे रंग और गुलाल की वर्षा होगी। इससे पूरे मार्ग पर उत्सव का माहौल बनेगा और श्रद्धालु रंगों की बौछार के बीच होली का आनंद ले सकेंगे। समिति ने राजधानी के नागरिकों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में शामिल होकर इस पारंपरिक आयोजन को भव्य और यादगार बनाएं। यह होगा चल समारोह का रूटचल समारोह सुभाष चौक कोतवाली से प्रारंभ होकर लोहा बाजार, जुनेराती गेट, जनकपुरी, पुराना पोस्ट आफिस, सिंधी मार्केट, भवानी चौक सोमवारिया, लखेरापुरा, पीपल चौक, चिंतामन चौराहा, इलेक्ट्रॉनिक मार्केट, इतवारा, जैन मंदिर रोड, गणेश चौक मंगलवार, कुन्दन नमकीन मार्ग, घोड़ा नक्कार, अग्रवाल पूरी भंडार, छोटे भैया चौराहा कारखर से हनुमान मंदिर गल्ला बाजार थाना हनुमानगंज में पर समाप्त होगा।
पानीपत के समालखा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक सफाईकर्मी ने घर में अकेली पाकर 45 वर्षीय दिव्यांग महिला के साथ दरिंदगी की। आरोपी ने महिला को बेबस पाकर उसके साथ रेप किया और मौके से फरार हो गया। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है । घर में अकेली थी पीड़िता एक गांव की रहने वाली 45 वर्षीय महिला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह बचपन से ही दोनों पैरों से दिव्यांग है। बुधवार, 4 मार्च की दोपहर करीब 12 बजे वह अपने घर पर अकेली थी।उसके पति काम पर गए हुए थे। इसी दौरान गांव में गलियों की सफाई करने वाला आरोपी चमकी पाण्डे उर्फ बादी अपनी पत्नी के साथ सफाई के लिए आया था। कुंडी बंद कर किया रेप शिकायत के अनुसार, सफाई के दौरान आरोपी की पत्नी गली में आगे निकल गई। महिला को घर में अकेला देख आरोपी चमकी पांडे जबरन उसके घर में घुस आया और कमरे की कुंडी अंदर से बंद कर दी। इसके बाद उसने दिव्यांग महिला को उठाकर चारपाई पर डाल दिया और उसके साथ जबरन रेप किया। जब महिला ने शोर मचाने की कोशिश की, तो आरोपी उसे वहीं छोड़कर मौके से फरार हो गया। पीड़िता का संघर्ष पीड़िता ने बताया कि उसके पहले पति का देहांत हो चुका है और वह उत्तर प्रदेश की रहने वाली है। साल 2022 में उसकी दूसरी शादी हुई थी, जिसके बाद से वह यहीं रह रही है। इस घटना के बाद पीड़िता ने हिम्मत जुटाई और हथवाला चौकी पुलिस को मामले की जानकारी दी। पुलिस की कार्रवाई समालखा थाना पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। जिसमें पुलिस ने धारा 64 दुष्कर्म और धारा 333 घर में घुसपैठ लगाई है। मामले की जांच L/ASI सरिता को सौंपी गई है। पुलिस ने बताया कि FIR की प्रतियां इलाका मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दी गई हैं। पुलिस की टीमें आरोपी को पकड़ने के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
हरियाणा में राज्यसभा की 2 सीटों के लिए होने वाले चुनाव में भीतरघात की आशंका से कांग्रेस पार्टी चिंतित है। वह अपने विधायकों को कांग्रेस शासित दूसरे राज्यों में शिफ्ट करने की तैयारी कर रही है। दिल्ली में बैठे पार्टी के थिंक टैंक कहे जाने वाले नेताओं ने केंद्रीय नेतृत्व को यह सलाह दी है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि कुछ वरिष्ठ विधायकों से उनकी पसंद के राज्य के बारे में भी पूछा गया है, जिसमें हिमाचल प्रदेश उनकी पहली पसंद बताया गया है। हालांकि, इस पर अंतिम फैसला आलाकमान पर ही छोड़ा गया है। अगर ऐसा हुआ तो कांग्रेस विधायक विधानसभा सेशन से भी दूरी बनाएंगे। 16 मार्च को दोनों सीटों के लिए वोटिंग होगी। भाजपा ने संजय भाटिया और कांग्रेस ने कर्मवीर बौद्ध को उम्मीदवार बनाया है। भाजपा नेता सतीश नांदल ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल किया हुआ है। नजदीक होने के कारण हिमाचल पहली चॉइस देश में कांग्रेस की 3 राज्यों में बहुमत वाली सरकारें हैं- हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना। हिमाचल के अधिकांश पर्यटक स्थल हरियाणा के काफी नजदीक हैं, इसलिए कम दूरी और आने-जाने में आसानी पहली पसंद है। वहीं, हरियाणा से कर्नाटक की दूरी 1918 किलोमीटर है, जहां सड़क मार्ग से पहुंचने में कम से कम 31 घंटे का समय लगेगा। तेलंगाना का भी यही हाल है। हरियाणा से तेलंगाना की दूरी 1,709 किलोमीटर है, और इस राज्य तक सड़क मार्ग से पहुंचने में करीब 28 घंटे लगेंगे। जबकि हिमाचल में कुछ ही घंटों में पहुंचा जा सकता है। यह चंडीगढ़ से बिल्कुल नजदीक है। आइए जानते हैं कांग्रेस को भीतरघात का डर क्यों… 1. क्रॉस वोटिंग पहली वजह हरियाणा की 90 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं। कांग्रेस के उम्मीदवार कर्मवीर सिंह बौद्ध को जीतने के लिए 31 कोटा वोटों की जरूरत है। हालांकि निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर सतीश नांदल चुनाव लड़ रहे हैं और जिन्हें कथित तौर पर बीजेपी का समर्थन मिला हुआ है। नांदल क्रॉस वोटिंग पर निर्भर हैं। ऐसे में कांग्रेस नहीं चाहती कि चुनाव में ऐसी कोई संभावना बने। 2. अयोग्य घोषित नहीं कर सकते राज्यसभा चुनाव में ओपन वोटिंग होती है। इसका सीधा मतलब है कि विधायकों को क्रॉस वोटिंग करने पर विधानसभा से अयोग्य घोषित नहीं किया जा सकता। कुलदीप नैयर बनाम भारत संघ मामले का हवाला देते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि राज्यसभा के चुनाव में ओपन वोटिंग से वोटर के अभिव्यक्ति के अधिकार पर पड़ने वाले प्रभाव का तर्क मान्य नहीं है, क्योंकि निर्वाचित विधायक को किसी विशेष तरीके से मतदान करने पर सदन की सदस्यता से अयोग्य घोषित नहीं किया जाएगा। ज्यादा से ज्यादा उसके राजनीतिक दल द्वारा उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। 3. संख्या बल होने के बावजूद हार का इतिहास हरियाणा में 2022 में हुए राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के कारण कांग्रेस के अजय माकन की हार हुई थी। उस समय कांग्रेस ने दलबदल रोकने के लिए अपने विधायकों को छत्तीसगढ़ भेजा था। पार्टी ने आरोप लगाया था कि कुलदीप बिश्नोई ने क्रॉस वोटिंग की थी, जबकि एक अमान्य वोट किरण चौधरी से जुड़ा था। वहीं, 2016 के हरियाणा राज्यसभा चुनाव में स्याही कांड के दौरान एक झटका लगा था, जब अलग-अलग स्याही से चिह्नित 12 वोटों को अमान्य घोषित कर दिया गया था, जिसके बाद कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार आरके आनंद हार गए थे। 4. पार्टी के अंदर गुटबाजी हरियाणा कांग्रेस में लंबे समय से गुटीय राजनीति की चर्चा रही है। ऐसे में हाईकमान को डर है कि असंतुष्ट विधायक मौका मिलने पर भीतरघात कर सकते हैं। इसलिए उन्हें एक जगह रखकर पार्टी लाइन में वोटिंग सुनिश्चित करने की रणनीति बनाई जा रही है। केंद्रीय नेतृत्व ने हिदायत भी दी है कि यदि कोई भी विधायक क्रॉस वोटिंग या वोट को अमान्य करने की प्रक्रिया में लिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विधानसभा सेशन से दूरी बना सकते हैं कांग्रेस पार्टी के सूत्रों के अनुसार, हरियाणा कांग्रेस के इंचार्ज बीके हरिप्रसाद सोमवार (9 मार्च) को विधायकों के साथ जुड़ेंगे, जिसके बाद इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। पार्टी के एक सीनियर विधायक ने बताया कि इस दौरान कुछ विधायक सेशन की कार्यवाही से भी दूर रहेंगे। उन्हें 16 मार्च को मतदान के दिन वापस लाया जाएगा। उनका कहां रखा जाएगा ये फैसला भी सोमवार को ही होगा। -------------------------------- ये खबर भी पढ़ें :- हरियाणा राज्यसभा चुनाव में इनेलो के स्टैंड पर सस्पेंस:इस बार INLD छोड़कर गए नेता निर्दलीय उम्मीदवार, पॉलिटिकल अफेयर्स की मीटिंग में फैसला होगा हरियाणा में 2 सीटों के लिए होने वाले राज्यसभा चुनाव में अभी 10 दिन बचे हैं। भाजपा से संजय भाटिया, कांग्रेस से कर्मवीर बौद्ध और निर्दलीय सतीश नांदल मैदान में हैं। 3 निर्दलीय विधायकों और कुछ भाजपा विधायकों ने निर्दलीय उम्मीदवार नांदल को अपना समर्थन दे दिया है, जबकि इनेलो का अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वे किस तरफ वोट करेंगे। पढ़ें पूरी खबर….
महिलाओं के लिए बस सेवा बेहतर करेंगे, हर सड़क पर उनके लिए होगा शौचालय
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर रांची की नवनिर्वाचित मेयर रोशनी खलखो महिला पार्षदों संग दैनिक भास्कर कार्यालय पहुंचीं। 19 मार्च को शपथ लेने से पहले उन्होंने महिला पार्षदों संग रांची को महिलाओं के लिए स्वच्छ और स्वस्थ बनाने की शपथ ली। उन्होंने प्रण लिया किया कि वे शहर में महिलाओं के लिए बस सेवा बेहतर करेंगी। हर सड़क पर महिलाओं के लिए शौचालय की व्यवस्था होगी। जिस भी संस्थान या व्यापारिक प्रतिष्ठानों में रात नौ बजे तक महिलाएं काम करती हैं, वे संस्थान एवं प्रतिष्ठान अपने महिला कर्मियों को उनके गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचाने की व्यवस्था करेंगे। मानसिक उत्पीड़न से जूझ रही महिलाओं के लिए कैंप लगाकर उनकी हर संभव मदद करना है। रोशनी खलखो, मेयर न्याय : सरकार पर महिला आयोग के पुनर्गठन का दबाव बनाएंगे, ताकि हिंसा और प्रताड़ना की शिकार हजारों महिलाओं को न्याय मिले। सीसीटीवी : बच्चे गायब होने के मामले बढ़ रहे हैं। चेन छिनतई बढ़ गई है। सीसीटीवी कैमरा लगाने का दबाव बनाएंगे। शिक्षा : जितने भी स्कूल व कॉलेज हैं, वहां महिला टीचर एवं लड़कियों के लिए अलग शौचालय की व्यवस्था हो। हॉस्टल : रांची में एक वर्किंग हॉस्टल है। इसकी संख्या बढ़ाने की जरूरत है। इसको लेकर सरकार से बात करेंगे। शुक्रवार को एक कार्यक्रम में महिला पार्षदों संग सेल्फी लेतीं मेयर रोशनी खलखो। शपथ से पहले ली शपथ... सुचिता रानी राय, पार्षद वार्ड 40 नीलम चौधरी, पार्षद वार्ड 41 आरती कुमारी, पार्षद वार्ड 46 बसंती लकड़ा, पार्षद वार्ड 3 सुषमा राज, पार्षद वार्ड 25 फातमा शमीम, पार्षद वार्ड 17 आलिया नाज, पार्षद वार्ड 11 सविता लिंडा, पार्षद वार्ड 51 क्षेत्र में अप्रिय घटना न हो इसके लिए महिला थाना खोलना है। इसके लिए सरकार पर दबाव बनाएंगे। सड़कों के आसपास शौचालय को व्यवस्थित करना है। साफ-सफाई और रखरखाव पर काम करेंगे। महिलाओं का स्किल डेवलपमेंट कराकर उन्हें रोजगार से जोड़ना है। छोटे उद्योग भी खोले जाएंगे। महिलाओं को रोजगार में समान अवसर मिले, इसका प्रयास रहेगा। स्वास्थ्य को लेकर काम करूंगी। महिलाओं की शिक्षा, सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर काम करूंगी। उनसे समस्याओं पर बात करुंगी। स्वास्थ्य केंद्रों में महिलाओं को बेहतर सेवाएं मिले, इसपर काम करूंगी। वार्ड में सफाई कराई जाएगी। शहर में पिंक बसों की स्थिति में सुधार पर काम करूंगी। सभी रूटों पर पिंक ऑटो का चलाना सुनिश्चित करूंगी। पहली बार 53 वार्ड में 32 पर जीतीं महिलाएं, 19 मार्च से शहर की कमान इन्हीं के हाथों में
प्रिंस खान के नाम पर धमकी देने के बाद रेस्टोरेंट में घुसकर 6 राउंड फायरिंग की, कर्मी की मौत
भास्कर इनसाइट एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के कुटियातू में शनिवार रात करीब 8 बजे बाइक सवार दो अपराधियों ने द टीटोज फैमिली रेस्टोरेंट में घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। अपराधियों ने लगातार 6 राउंड गोली चलाई, जिसमें एक गोली रेस्टोरेंट के कर्मी मनीष गोप के पेट में लग गई। गंभीर रूप से घायल होने के कारण मौके पर ही उसकी मौत हो गई। मनीष गोप रेस्टोरेंट में काम करता था। फायरिंग के बाद रेस्टोरेंट में अफरा-तफरी मच गई। घटना को अंजाम देने के बाद दोनों शूटर बाइक से नामकुम की ओर फरार हो गए। सूचना मिलने पर सिटी एसपी समेत कई पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। पुलिस को जानकारी मिली है कि हेथू के रहने वाले रेस्टोरेंट संचालक राजकुमार गोप को 25 दिसंबर 2025 को कुख्यात अपराधी प्रिंस खान के नाम पर धमकी दी गई थी। -शेष पेज 15 पर हेथू का युवक कर रहा था रेकी हेथू का एक युवक कई दिनों से रेस्टोरेंट संचालक राजकुमार गोप की रेकी कर रहा था। जैसे ही संचालक होटल पहुंचे, उसने शूटरों को इसकी सूचना दे दी। हालांकि कुछ देर बाद संचालक रेस्टोरेंट के ऊपरी तल्ले पर चले गए, जिसके कारण उनका सामना शूटरों से नहीं हो सका। पुलिस ने रेकी करने वाले युवक की पहचान कर ली है, लेकिन वह अपने घर से फरार है।
बिना स्टेबल किए मरीज को रेफर करने वाले निजी अस्पतालों पर होगी कार्रवाई
रिम्स में निजी अस्पतालों से मरीजों के रेफरल की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) लागू की गई है। इसके तहत अब किसी भी निजी अस्पताल को गंभीर मरीज को रिम्स भेजने से पहले उसे स्टेबल करना अनिवार्य होगा। बिना उचित इलाज और स्थिरीकरण के मरीज को रेफर करना मेडिकल लापरवाही मानी जाएगी। संबंधित अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। एसओपी का उद्देश्य अनावश्यक रेफरल रोकना और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यदि किसी मरीज को आईसीयू या वेंटिलेटर की जरूरत है तो उसे निजी अस्पताल से भेजने से पहले रिम्स में बेड और वेंटिलेटर की उपलब्धता की पुष्टि करना अनिवार्य होगा। -शेष पेज 15 पर निजी अस्पतालों से लिए गए सुझाव रिम्स शासी परिषद की ओर से रिम्स प्रबंधन को निर्देश दिया गया था कि निजी अस्पतालों के साथ बैठक कर उनके सुझाव लिए जाएं और रेफरल प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए समन्वय बनाया जाए। इसी क्रम में शुक्रवार को रिम्स में बैठक की गई, जिसमें शहर के प्रमुख निजी अस्पतालों में मेदांता, सैमफोर्ड और मां राम प्यारी अस्पताल के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और एसओपी के प्रावधानों पर चर्चा कर अपने सुझाव भी दिए। हालांकि बैठक में मणिपाल अस्पताल और पारस अस्पताल की ओर से कोई प्रतिनिधि नहीं आया। रिम्स प्रबंधन का मानना है कि नई एसओपी लागू होने से रेफरल प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी, मरीजों को समय पर बेहतर उपचार मिल सकेगा।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (BSEH) द्वारा 25 फरवरी से बोर्ड परीक्षाएं आरंभ हो चुकी हैं। 25 फरवरी से 12वीं (सीनियर सेकेंडरी) व 26 फरवरी से 10वीं (सेकेंडरी) कक्षा की परीक्षाएं आरंभ हुई थी। अब तक 12वीं कक्षा के 5 एग्जाम व 10वीं कक्षा के 4 एग्जाम हुए हैं। वहीं अब तक कुल 9 दिन हुई परीक्षाओं में 173 नकलची पकड़े हैं। जिनमें से 12वीं कक्षा की परीक्षाओं के दौरान 122 नकलचियों को पकड़ा गया। वहीं 10वीं कक्षा की परीक्षा के दौरान 51 नकलचियों को पकड़ा है। वहीं शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित 10वीं व 12वीं (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) की वार्षिक परीक्षाओं में प्रदेशभर में करीब 1431 परीक्षा केंद्रों बनाए हैं। जिन पर लगभग 5 लाख 66 हजार 411 परीक्षार्थी प्रविष्ठ हो रहे हैं। जिसमें 2 लाख 96 हजार 593 लड़के व 2 लाख 69 हजार 818 लड़कियां शामिल हैं। ये हुए पेपर और पकड़े नकलची25 फरवरी : सीनियर सेकेंडरी (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) अंग्रेजी एवं डीएलएड द्वितीय वर्ष रि-अपीयर की परीक्षा में नकल के 17 मामले पकड़े गए हैं तथा 2 पर्यवेक्षकों को कार्यभार मुक्त किया गया। 26 फरवरी : सेकेंडरी (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) गणित विषय की परीक्षा में अनुचित साधन के 10 केस दर्ज हुए। जिला चरखी दादरी के रानीला परीक्षा केंद्र पर पेपर आउट हुआ। जिसे करने वाले परीक्षार्थियों व पर्यवेक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई। 27 फरवरी : सीनियर सेकेंडरी (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) एवं डीएलएड द्वितीय वर्ष (रि-अपीयर) की परीक्षा में अनुचित साधन प्रयोग के 36 मामले दर्ज किए गए तथा ड्यूटी में कोताही बरतने पर 4 पर्यवेक्षकों को कार्यभार मुक्त किया गया।28 फरवरी : सेकेंडरी (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) हिंदी एवं डीएलएड प्रथम वर्ष (रि-अपीयर) की परीक्षा में प्रदेशभर में कुल 14 अनुचित साधन के केस दर्ज किए गए तथा 4 पर्यवेक्षकों को परीक्षा ड्यूटी से कार्यभार मुक्त किया गया। 2 मार्च : सीनियर सेकेंडरी (शैक्षिक व मुक्त विद्यालय) भौतिक विज्ञान व अर्थशास्त्र विषय एवं डीएलएड (रि-अपीयर) की परीक्षा में नकल के कुल 28 मामले दर्ज किए गए तथा परीक्षा ड्यूटी में कोताही बरतने के कारण 1 केंद्र अधीक्षक, 2 पर्यवेक्षकों व 2 लिपिकों को कार्यभार मुक्त किया। 3 मार्च : सीनियर सेकेंडरी (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) शारीरिक शिक्षा विषय व डीएलएड रि-अपीयर की परीक्षा में प्रदेशभर में अनुचित साधन प्रयोग के 11 मामले दर्ज हुए, जिसमें 1 केस प्रतिरूपण का शामिल है। इसके अतिरिक्त 1 केंद्र अधीक्षक, 1 उप-केंद्र अधीक्षक व 2 पर्यवेक्षक परीक्षा डयूटी में कोताही बरतने के कारण कार्यभार मुक्त किए गए। 5 मार्च : सेकेंडरी (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) की अंग्रेजी एवं डीएलएड (रि-अपीयर) की परीक्षा में अनुचित साधन प्रयोग के 25 केस दर्ज किए गए तथा परीक्षा ड्यूटी में कोताही बरतने पर 1 उप-केंद्र अधीक्षक व 2 पर्यवेक्षकों को परीक्षा ड्यूटी से कार्यभार मुक्त किया। 6 मार्च : सीनियर सेकेंडरी (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) तथा डीएलएड (रि-अपीयर) की परीक्षा में अनुचित साधन के कुल 30 मामले दर्ज किए गए। परीक्षा ड्यूटी में लापरवाही बरतने के कारण 7 पर्यवेक्षक कार्यभार मुक्त किए गए। 7 मार्च : सेकेंडरी (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) ऐच्छिक एवं डीएलएड (रि-अपीयर) विषय की परीक्षाएं में अनुचित साधन प्रयोग के कुल 2 मामले दर्ज किए गए, जिसमें 1 केस प्रतिरूपण का शामिल हैं। वहीं 1 केंद्र अधीक्षक को ड्यूटी में कोताही बरतने पर कार्यभार मुक्त किया गया।
महिला सशक्तिकरण:घूंघट से ग्लोबल ब्रांड तक; रूमा देवी ने गरीबी झेली, आज बेटियों को बांट रही स्कॉलरशिप
बाड़मेर के रावतसर गांव की रूमा देवी, जिन्होंने कभी गरीबी के कारण स्कूल छोड़ा और 17 साल की उम्र में शादी हो गई। इसके बाद जन्म के 48 घंटे में बच्चे को खो दिया। वह आज राजस्थान की 50 लाख महिलाओं के लिए रोल मॉडल हैं। सुई-धागे से सिली फटी हुई किस्मत रूमा देवी की कहानी किसी चमत्कार से कम नहीं है। बचपन में मां का साया उठा, तो दादी ने उंगली पकड़कर कशीदाकारी सिखाई। उन्होंने गांव की 10 महिलाओं को जोड़ा, सुई-धागे से थार की कला को वैश्विक पहचान दिलाने निकल पड़ीं। महिला सशक्तिकरण के लिए यह काम कर रही रूमादेवी खुद पढ़ नहीं पाई, लेकिन बेटियों की जिंदगी में बदलाव और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए पिछले 10 सालों से काम कर रही है। गरीब परिवार जो अपनी बेटियों को पढ़ा नहीं पा रहे हैं, ऐसी बालिकाओं के लिए अक्षरा छात्रवृत्ति 25 हजार से 1 लाख तक दे रही है। सैकड़ों बेटियों को हर साल मदद मिल रही है। अब तक 1 करोड़ की सहायता दी है। रक्षा योजना 100 से अधिक बेटियों को सुकन्या समृद्धि के तहत 25 हजार की एफडी करवाकर खाते खुलवा रही है। खेल में बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए चवा में 10 करोड़ की लागत का राष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम तैयार कर रही है। स्कूलों में बालिकाओं के खेल मैदानों के लिए 2 करोड़ से ज्यादा राशि दान की है। राष्ट्रपति नारी शक्ति अवार्ड, हार्वर्ड गूंजी आवाज : रूमा देवी 2020 में जब वे अमेरिका की हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में गेस्ट स्पीकर के तौर पर मंच पर पहुंचीं। महिला उत्थान के कार्यों की वजह से ही 2018 में राष्ट्रपति ने उन्हें नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया। “मैंने गरीबी देखी है, अपनों को खोने का दर्द सहा है। गरीबी के कारण 8वीं पढ़ स्कूल छोड़ी, लेकिन अब किसी बेटी को गरीबी के कारण स्कूल नहीं छोड़नी पड़े और महिलाएं खुद आत्मनिर्भर बने इस दिशा में काम कर रही हूं।” - रूमा देवी, निदेशक, ग्रामीण विकास एवं चेतना संस्थान
नक्सली संगठन के नाम पर भेजा गया पासपोर्ट ऑफिस को ई-मेल
रांची सुखदेवनगर थाना क्षेत्र के ग्लैक्सिया मॉल स्थित पासपोर्ट ऑफिस को बम से उड़ाने की धमकी दिए जाने के बाद सीपीआई 9 माओवादी आरना अश्विन शेखर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई है। धमकी भरा ई-मेल आने की जानकारी मिलते ही पासपोर्ट ऑफिस समेत पूरे ग्लैक्सिया मॉल परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। कोतवाली डीएसपी व सुखदेवनगर थानेदार खूद पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। सुखदेवनगर थाने में तैनात दारोगा प्रकाश सिंह के लिखित आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। दर्ज प्राथमिकी में कहा गया है कि 6 मार्च को वरीय पुलिस पदाधिकारी के माध्यम से एक ई-मेल की प्रति प्राप्त होने की जानकारी मिली। अराना अश्विन शेखर सीपीआई 9 माओवादी नक्सलवाड़ी बस्तर विंग के नाम से भेजे गए ई-मेल में कहा गया कि पासपोर्ट ऑफिस में 12 जहरीले गैस बम बलास्ट होंगे। उदयनिधि ने रेप और मोलेस्टेशन किया। चेन्नई पुलिस एफआईआर नहीं ले रही है। इस प्रकार के धमकी भरा ई-मेल मिलने से जान-माल के क्षति होने की प्रबल संभावना जताई गई है। टेक्निकल सेल की मदद से पुलिस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
रेंट एग्रीमेंट कराने का झांसा देकर बैंक में खुलवाया खाता
क्राइम रिपोर्टर | रांची अरगोड़ा थाना क्षेत्र के हरमू स्थित हाउसिंग कॉलोनी में रहने वाले सत्येन्द्र कुमार के डाक्यूमेंट का फर्जी तरीके से इस्तेमाल कर 2 युवकों ने जीएसटी नंबर व उद्यम कार्ड बना लिया। इसके बाद जीएसटी नंबर व उद्यम कार्ड का इस्तेमाल कर बैंक में खाते भी खुलवा लिए। पूरे मामले की जानकारी मिलने के बाद पीड़ित सत्येन्द्र कुमार ने अरगोड़ा थाने में शुक्रवार को आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराया है। दर्ज प्राथमिकी में पीड़ित ने कहा है कि 11 नवंबर 2025 को अभिषेक कुमार और रोहन कुमार उनके पास पहुंचे। ऑफिस खोलने के लिए किराए पर घर लेने की इच्छा जताई। रेंट एग्रीमेन्ट बनवाने के लिए पैन कार्ड, आधार कार्ड और बिजली बिल का कॉपी लिया। इसके बाद एग्रीमेन्ट पेपर बनवाने के लिए दबाव बनाया तो वह तरह-तरह का बहाना बनाकर टाल-मटोल करता रहा। काफी दिनों बाद पता चला कि इन व्यवसाय के करने की नियत से उनके डॉक्यूमेंट का गलत इस्तेमाल कर जीएसटी नंबर और उद्यम नंबर लिया गया है। जांच में इस बात की भी जानकारी मिली कि उक्त जीएसटी व उद्यम नंबर का इस्तेमाल कर रातू रोड स्थित आईडीबीआई बैंक शाखा में खाता भी खुलवाया गया है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मेयर रोशनी खलखो ने चुनवाटोली में रोका बुलडोजर, बोलीं- पहले बसाएं फिर उजाड़ें
सिटी रिपोर्टर| रांची रांची नगर निगम की इंफोर्समेंट टीम शनिवार को कांटाटोली स्थित खादगढ़ा-चुनवाटोली इलाके में अतिक्रमण हटाने पहुंची। टीम की कार्रवाई शुरू होने की सूचना मिलते ही रांची की मेयर रोशनी खलखो मौके पर पहुंच गईं और अभियान को तत्काल रुकवा दिया। स्थल पर पहुंचते ही मेयर ने निगम अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली और पूछा कि यहां कितने परिवारों के घर प्रभावित होंगे। अधिकारियों ने बताया कि इस कार्रवाई से करीब 40 से 50 परिवारों के घर प्रभावित हो सकते हैं। इस पर मेयर ने निगम की इंफोर्समेंट टीम को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि बिना नोटिस दिए और वैकल्पिक व्यवस्था किए किसी भी परिवार को उजाड़ना उचित नहीं है। मेयर ने अधिकारियों से कहा कि अतिक्रमण हटाने से पहले संबंधित परिवारों को विधिवत नोटिस दिया जाए और वार्ड के जनप्रतिनिधि को भी इसकी जानकारी दी जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि ऐसे परिवारों की सूची तैयार की जाए, जो वर्षों से यहां रह रहे हैं, और उनके पुनर्वास के लिए पहले पहल की जाए।
आरटीई... 24 स्कूलों में रिक्त सीटों के विरुद्ध नहीं मिला एक भी आवेदन
रांची जिला प्रशासन द्वारा निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में प्रवेश कक्षा (प्रथम कक्षा या प्री-प्राइमरी, जहां लागू हो) की 25 प्रतिशत सीटों पर वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के लिए नि:शुल्क नामांकन की प्रक्रिया जारी है। इसे लेकर शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए 15 फरवरी को विज्ञापन प्रकाशित किया गया था। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया www.rteranchi.in पोर्टल के माध्यम से की जा रही है। आवेदन की अंतिम तिथि 15 मार्च है। उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री के निर्देश पर जिला स्तर पर सभी प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारियों के साथ प्रखंडवार आवेदन की समीक्षा बैठक की गई। समीक्षा के दौरान पाया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित विद्यालयों में आवेदन विशेष रूप से कम हैं। कई विद्यालयों में रिक्त सीटों के विरुद्ध कम आवेदन प्राप्त हुए हैं। विशेष रूप से 24 विद्यालयों में रिक्त सीटों के विरुद्ध एक भी आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है (इन विद्यालयों की सूची संबंधित विभाग/पोर्टल पर उपलब्ध है)। इस पर चिंता जताई गई है। कुल 117 मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में 1161 आरक्षित सीटें घोषित की गई हैं। अब तक पोर्टल पर 383 छात्रों द्वारा 1059 सीटों के लिए आवेदन प्राप्त हुए हैं। कई विद्यालयों में रिक्त सीटों के विरुद्ध आवेदन कम प्राप्त हुए हैं। विशेष रूप से 24 विद्यालयों में रिक्त सीटों के विरुद्ध एक भी आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है (इन विद्यालयों की सूची संबंधित विभाग/पोर्टल पर उपलब्ध है)। आवेदन प्रक्रिया में किसी प्रकार की सहायता के लिए पोर्टल पर उपलब्ध हेल्पलाइन नंबरों या स्थानीय नोडल पदाधिकारी से संपर्क किया जा सकता है। पोर्टल पर विद्यालयवार सीटों की सूची, आवेदन की स्थिति आदि की जानकारी उपलब्ध है। कम आवेदन मिलने की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी प्रखंडों को ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया है, ताकि अधिक से अधिक पात्र बच्चों तक इस योजना का लाभ पहुंच सके। इसके तहत ग्राम सभाओं, आंगनवाड़ी केंद्रों, पंचायत भवनों और अन्य स्थानीय मंचों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाने को कहा गया है। इसके लिए प्रत्येक प्रखंड में नोडल पदाधिकारी नामित किए गए हैं, जो आवेदन प्रक्रिया की निगरानी और समन्वय का कार्य करेंगे। इन पदाधिकारियों की जिम्मेदारी होगी कि वे जागरूकता बढ़ाने पर जोर दें। 15 मार्च आवेदन करने की अंतिम तिथि है। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया www.rteranchi.in पोर्टल के माध्यम से की जा रही है। ग्राम सभाओं, आंगनवाड़ी केंद्रों, पंचायत भवनों और अन्य स्थानीय मंचों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है। रांची के डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने शनिवार को समाहरणालय परिसर के विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। जिन कर्मचारियों के बारे में यह पाया गया कि वे कार्यालय प्रधान को पूर्व सूचना दिए बिना अनुपस्थित रहे, उनके विरुद्ध संबंधित कार्यालय प्रधानों को शो-कॉज नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया। सहायक अर्जुन मुंडा तथा जिला कल्याण शाखा के ललिता कुमार महतो एवं विकास जायसवाल को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया। आईडी कार्ड एवं नेमप्लेट नहीं लगाने पर भी चेतावनी दी गई।
कालाबाजारी का खेल:922 का सिलेंडर 1300 में, हॉकर बोला- लेना है तो लो वरना लाइन में लग जाओ'
केंद्र सरकार द्वारा एलपीजी सिलेंडर के दामों में 60 रुपए की भारी बढ़ोतरी के बाद भरतपुर में गैस को लेकर अफरा-तफरी का माहौल है। एक ओर जहां गैस एजेंसियों पर सुबह से ही उपभोक्ताओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर इस संकट का फायदा उठाकर कालाबाजारी करने वाला गिरोह भी सक्रिय हो गया है। शहर में आपूर्ति की कमी और बढ़ती मांग के बीच घरेलू सिलेंडर 1200 से 1300 रुपए तक में अवैध रूप से खुलेआम बेचा जा रहा है। भास्कर टीम ने शहर में गैस की वास्तविक स्थिति और कालाबाजारी के खेल का पर्दाफाश करने के लिए प्रमुख गैस एजेंसियों पर ग्राउंड जीरो पड़ताल की। टीम ने ग्राहक बनकर अलग-अलग इलाकों में हॉकरों से संपर्क किया, जिसमें चौंकाने वाले खुलासे हुए। शुरुआत में कई हॉकरों ने सप्लाई कम होने का हवाला दे हाथ खड़े कर दिए, लेकिन जब ट्रांसपोर्ट नगर स्थित एक गैस एजेंसी के गोदाम पर देखा तो वहां खुलेआम ब्लैक मार्केटिंग का सौदा होते दिखा। बिचौलिए के जरिए 1200 में राजी हुआ हॉकर... पॉइंट पर मौजूद एक हॉकर ने पहले तो सिलेंडर देने से मना किया, विश्वास में लेने के बाद उसने सीधे तौर पर 1200 से 1300 रुपए की मांग रख दी। उसने स्पष्ट चेतावनी दी कि ''बाद में यह मत कहना कि बताया नहीं था।'' इसी तरह एक अन्य हॉकर ने बिचौलिए के जरिए सिलेंडर दिलवाने का आश्वासन दिया, जिसके लिए उसने भी 1200 रुपए की शर्त रखी। रुपए मांग रहा था, यह मोलभाव बताता है कि कालाबाजारी का बाजार शुरू हो चुका है। बुकिंग के नियम बदले, अब करना होगा लंबा इंतजार... गैस की अचानक बढ़ी मांग को देखते हुए कंपनियों ने बुकिंग के नियमों में भी कड़ा बदलाव कर दिया है। अब एचपी गैस के उपभोक्ता 30 दिन से पहले दोबारा सिलेंडर बुक नहीं करा सकेंगे। वहीं, भारत गैस और इंडेन गैस के उपभोक्ताओं के लिए यह सीमा 25 दिन तय की गई है। एजेंसियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में बुकिंग में 40 से 60 प्रतिशत का उछाल आया है। रोजाना होने वाली 200-300 की बुकिंग अब 500 के पार पहुंच गई है। इसके अलावा कंपनियों ने डीबीसी सुविधा को भी फिलहाल बंद कर दिया है। यूपी की नजदीकी से हो रही कालाबाजारी भरतपुर की भौगोलिक स्थिति का फायदा भी अवैध कारोबारी उठा रहे हैं। उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे होने के कारण अछनेरा, फतेहपुर सीकरी, गोवर्धन और किरावली जैसे क्षेत्रों से अवैध रूप से सिलेंडर लाकर भरतपुर में खपाए जा रहे हैं। चूंकि यूपी के ग्रामीण इलाकों में खपत कम है, वहां के कुछ हॉकर और बिचौलिए महंगे दामों के लालच में सिलेंडरों की तस्करी कर रहे हैं। प्रशासन की नाक के नीचे चल रहा यह खेल न केवल उपभोक्ताओं की जेब पर डाका डाल रहा है, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी बड़ा खतरा बना हुआ है। वहीं शहर में गैस संकट गहराने के पीछे शादी समारोहों का सीजन होना है। 6 से 12 मार्च तक घरेलू और कॉमर्शियल दोनों सिलेंडरों की खपत बढ़ गई है। पिछले 3 दिन में प्लांटों पर टैंकर भी कम पहुंचे हैं।
नारनौल के साथ लगते पहाड़ में ब्लास्टिंग के कारण इसके साथ लगते मकानों में दरारे आ गई हैं। इससे यहां पर रहने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, लोगों ने इस समस्या के समाधान की मांग की है। शहर के साथ लगते गांव रघुनाथपुरा में नारनौल स्टोन के नाम से एक माइनिंग कंपनी पहाड़ में पत्थर तोड़ने का काम करती है। जिसमें ब्लास्ट करने का समय दोपहर बाद दो बजे से चार बजे तक का है, मगर लोगों का कहना है कि पूरी रात ब्लास्टिंग होती रहती है। इससे उनके मकान टूटने लगे हैं। प्रशासन से कई बार मिल चुके यहां रहने वाली अंजू ने बताया कि उसके मकान में काफी दरारे आ गई हैं। इस बारे में वे पहाड़ वालों से कई बार मिल चुकी हैं, वहीं प्रशासन को भी अवगत कराया जा चुका है, मगर उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है। ब्लास्ट की वजह से मकान कभी भी गिर सकता है। पड़ गई हैं दरारें प्रगति ने बताया कि वे कई बार प्रशासन से मिल चुके हैं, मगर वे कुछ नहीं करते। यहां एएनई माइन कंपनी तेज धमाकों के साथ ब्लास्ट करती है। इससे उनके मकानों में दरारे आने लगी हैं। दो साल में ही टूटा मकान पिंकी का कहना है कि उन्होंने दो साल पहले ही नए मकान बनाए थे, मगर नए मकान में ही दरारे आने लगी हैं। ब्लास्टिंग की वजह से मकानों में लगाए गए शीशे भी टूट गए हैं। कई बार शिकायत भी की है, मगर अधिकारी आते हैं तथा चले जाते हैं। कोई समाधान नहीं हुआ है। उड़ती रहती है धूल इस बारे में रोहताश ने बताया कि कुलताजपुर रोड के पास एएनई माइन के ब्लास्ट के कारण मकानों में दरारे आ गए। उन्होंने बताया कि शिकायत के बाद एक बार अधिकारी आए थे, वो फोटो खींचकर ले गए, मगर उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि इससे पूरा दिन सड़कों पर धूल भी उड़ती रहती है। वहीं इस बारे में खनन अधिकारी को फोन लगाया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।
नारी राष्ट्रस्य अक्षि अस्ति....। अर्थात: नारी देश की आंख होती है। क्योंकि वह संवेदनशील होती है, विशेषकर कमजोरों की सुरक्षा को लेकर। सेवर निवासी पुलिस इंस्पेक्टर टीनू सोगरवाल इसकी प्रतीक बनकर उभरी हैं। 2017 में धौलपुर में पोस्टिंग हुई। इस दौरान कॉलेज और स्कूलों के बाहर छेड़छाड़ की घटनाओं को रोकने के लिए सादा वर्दी में रहकर कई मनचलों को सीधा किया। लगातार कार्रवाई से इसकी चर्चा मीडिया में प्रदेश भर में हुई। दावा है कि सरकार ने इसी से प्रेरित होकर सभी जिलों में महिला अत्याचारों को प्राथमिक रूप से रोकने के लिए एंटी रोमियो स्क्वायड बनाए। ग्राम सभाएं कर नशा मुक्ति की शपथ दिलाई बसई डांग में रहते हुए सब इंस्पेक्टर टीनू सोगरवाल ने समाज सुधार के लिए शराबबंदी को लेकर ग्राम सभा आयोजित की। जिसका परिणाम यह हुआ कि तीन माह में 8 प्रतिशत तक शराब बिक्री में गिरावट आई। करौली और सवाई माधोपुर में पदस्थापन के दौरान भी टीनू ने नशा मुक्ति के लिए अभियान चलाया। बेसहारा लावारिस महिलाओं को आश्रमों में भर्ती करवाने का अभियान चलाया। पब्लिक ट्रांसपोर्ट, विशेषकर टैंपो पर महिला सुरक्षा और साइबर सेल के नंबर लिखवाए। यही सिस्टम अब प्रदेश भर में लागू हो चुका है।
माता रूपेण सा देवी, भगिनी स्नेहवर्धिनी अर्थात् नारी मां के रूप में देवी है, बहन के रूप में स्नेह बढ़ाने वाली भी है। ऐसे ही कई रूप मथुरा की रहने वाली राजेश्वरी के है, जो 48 साल की उम्र में भी 252 बच्चों की मां, दोस्त, बहन, बुआ का किरदार जीवन में निभा रहीं हैं। सुबह उठाने से लेकर उनके खाने-पीने, पढ़ाई-लिखाई, बीमारी में दवा देने और उनके चेहरे पर मुस्कान लाने तक, राजेश्वरी देवी हर पल इन बच्चों के साथ रहती हैं, जो महिला प्रभुजी अपने मानसिक संतुलन खो चुकीं हैं अपने बच्चों को संभाल नहीं पाती, उन मासूमों की दुनिया संवारने में लगी हुईं हैं। निराश्रित बच्चों को ही दिया मां का प्यार राजेश्वरी बताती है कि शादी के बाद बच्चे न होने से जीवन में एक कमी महसूस होने लगी थी। हर वक्त अपनाघर के प्रभुजी याद आते थे। इसलिए मैं अपने पति संजीव बंसल के साथ साल में एक बार अपनाघर आने लगी,जिसके बाद भी प्रभुजी की सेवा करने का संकल्प और अधिक मजबूत हो गया। 2 साल तक पति और परिवार को मनाने के बाद साल 2025 जनवरी में अपना घर में फिर से नया सफर शुरू किया और जून 2025 में बाल सदन की इंचार्ज बनीं।
साइक्लिंग टीम के लिए ट्रायल 14 को
सबालेंका की नंबर-1 रहते हुए 100वीं जीत महिला फुटबॉल: जापान से 0-11 से हारा भारत इंडियन वेल्स| वर्ल्ड नंबर-1 महिला टेनिस खिलाड़ी आर्यना सबालेंका ने इंडियन वेल्स टूर्नामेंट में शानदार शुरुआत करते हुए एक खास उपलब्धि हासिल की। उन्होंने टूर्नामेंट के अपने पहले मुकाबले में जापान की हिमेनो सकात्सुमे को सीधे सेटों में 6-4, 6-2 से हराया। यह सबालेंका की नंबर-1 रहते हुए 100वीं जीत रही। उन्होंने यह मैच सिर्फ 72 मिनट में अपने नाम कर लिया। इस बीच, पुरुष सिंगल्स में चौथी वरीयता प्राप्त जर्मनी के एलेक्जेंडर ज्वेरेव ने इटली के मातियो बेरेटिनी को हराकर तीसरे दौर में जगह बनाई। जोधपुर | अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालय जिम्नास्टिक प्रतियोगिता के लिए जेएनवीयू की महिला वर्ग की 30 किमी व पुरुष टीम की 50 किमी टीम का चयन ट्रायल 14 मार्च को होगा। खिलाड़ियों को सुबह 9:30 बजे ओल्ड कैंपस के क्रीड़ा मंडल कार्यालय में उपस्थित होना होगा। आवश्यक खेल सामग्री व साइकिल साथ लानी होगी। बोर्ड ऑफ स्पोर्ट्स के सचिव प्रो. अमनसिंह सिसोदिया ने बताया कि प्रतियोगिता में भाग लेने से पहले खिलाड़ियों को जेएनवीयू की वेबसाइट पर ऑनलाइन फार्म भरकर पंजीकरण करवाना होगा। पर्थ| एएफसी महिला एशियन कप में भारतीय फुटबॉल टीम को अपने दूसरे ग्रुप मुकाबले में नंबर-8 टीम जापान के खिलाफ 0-11 से करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। जापान के लिए युजुकी यामामोटो (4’), यूई हासेगावा (13’), हिनाता मियाजावा (20’, 35’, 81’), किको सेइके (45+5’, 55’), रिको उएकी (47’, 50’, 65’) और माया हिजिकाता (62’) ने गोल किए। उएकी और मियाजावा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए हैट्रिक लगाई। वर्ल्ड नंबर-67 भारतीय टीम पहले हाफ में ही 0-4 से पिछड़ गई थी, जिससे फिर उबर नहीं सकी।
जैन संस्कार मंच का रक्तदान शिविर आज
जोधपुर | जैन संस्कार मंच की ओर से रविवार को नेहरू पार्क स्थित महावीर भवन में सुबह 10 से शाम 4 बजे तक रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। संयोजक चक्रेश मेहता व अध्यक्ष जितेंद्र भंसाली ने बताया कि मंच के पांचवें रक्तदान शिविर में समाजसेवी सुधा-सुकनराज धारीवाल सहित समाजबंधु शामिल होंगे। शिविर में अधिक से अधिक युवाओं को शामिल होने का आह्वान किया गया है।

