काशी हिंदू विश्वविद्यालय परिसर में मंगलवार शाम करीब 7 बजे विश्वनाथ मंदिर के पास दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट का मामला सामने आया। बताया जा रहा है कि एक वाहन को लेकर हुई मामूली कहासुनी देखते ही देखते विवाद में बदल गई और दोनों पक्षों के लोग आपस में भिड़ गए। सड़क पर हुई मारपीट प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सड़क पर गाड़ी खड़ी करने और रास्ता देने को लेकर शुरू हुई बहस कुछ ही देर में हाथापाई तक पहुंच गई। दोनों पक्षों के लोगों ने एक-दूसरे पर जमकर हाथ चलाए। घटना का एक वीडियो भी वायरल हो रहा। मारपीट के दौरान एक महिला अपने छोटे बच्चे को गोद में लेकर दोनों पक्षों के बीच-बचाव का प्रयास करती हुई भी दिखाई दी। महिला लोगों को शांत कराने और विवाद समाप्त करने की कोशिश करती रही। इसका वीडियो भी आसपास मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। दोनों पक्षों के तरफ से नही हुई कोई शिकायत सूत्रों के अनुसार, विवाद में शामिल सभी लोग बीएचयू स्थित श्री विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करने के लिए बाहर से वाराणसी आए हुए थे। लेकिन किसी भी पक्ष की ओर से तत्काल कोई लिखित शिकायत या पुलिस को सूचना नहीं दी गई। छात्रों ने आरोप लगाया है कि जिस समय यह मारपीट हो रही थी प्राक्टोरियल बोर्ड की टीम मूकदर्शक बनी रही।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज के फूलपुर तहसील स्थित मोहल्ला न्याय नगर, चक हरिहरन में सार्वजनिक मार्ग और नालियों के अतिक्रमण को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कड़े निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ता अनमोल रतन ने बताया कि मोहल्ले में अवैध अतिक्रमण के कारण नालियां और सार्वजनिक रास्ते बाधित हो गए हैं।नाली की सफाई नहीं हो सकी है।बरसात का मौसम नजदीक आने से क्षेत्र में गंभीर जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने का खतरा है। न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर और न्यायमूर्ति अरुण कुमार की खंडपीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे तत्काल सुनवाई के लिए लिया और नगर आयुक्त, नगर निगम प्रयागराज और उप-जिलाधिकारी, फूलपुर को तीन दिन के भीतर अलग-अलग हलफनामा दाखिल कर कारण बताने का निर्देश दिया।मामले की अगली सुनवाई 25 जून 2026 को होगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 23 जून का आगरा भ्रमण कार्यक्रम निरस्त हो गया है। लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद उनका यह दौरा निरस्त किया गया है। इसके साथ ही अन्य मंत्रियों का कार्यक्रम भी कैंसिल कर दिया गया है। विकास कार्य एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक फिलहाल नहीं होगी। पूर्व कार्यक्रम के तहत सीएम योगी को मंगलवार को आगरा आना था। उन्हें आगरा मंडल के विकास कार्यों और कानून व्यवस्था की समीक्षा करनी थी। कार्यक्रम के अनुसार, उन्हें लगभग 3.30 घंटे शहर में रहना था। इस दौरान सीएम का विशेष जोर लोक निर्माण विभाग (PWD) के प्रोजेक्ट्स पर था। देर शाम तक चली तैयारियां सीएम का कार्यक्रम जारी होने के बाद पुलिस-प्रशासन के साथ ही अन्य विभागों ने तैयारी शुरू कर दी थीं। सीएम के रूट के साथ-साथ मंडलायुक्त कार्यालय में साफ-सफाई के कार्य कराए गए। फुटपाथ की धुलाई और मंडलायुक्त कार्यालय में पेड़-पौधों को संवारा गया। तैयारियों की 3 तस्वीरें… पुलिस ने मीटिंग हॉल की सुरक्षा व्यवस्था परखी। मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप और डीएम मनीष बंसल ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं को देखा और अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें जरूरी दिशा-निर्देश दिए। इन मंत्रियों को बैठक में आना था सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री भूपेंद्र चौधरी पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय लोक निर्माण विभाग के राज्यमंत्री बृजेश सिंह ये था सीएम का कार्यक्रम दोपहर 12.15 बजे: हाथरस के सलेमपुर से राजकीय हेलीकॉप्टर से आगरा के खेरिया हवाई अड्डे पर आगमन दोपहर 12.30 बजे: मंडलायुक्त कार्यालय पर आगमन दोपहर 12.30 से 2 बजे तक: आगरा मंडल के लोक निर्माण विभाग के पुराने कार्यों की समीक्षा एवं नये कार्यों की कार्ययोजना पर चर्चा दोपहर 2 से 2.30 बजे तक: यह समय आरक्षित रखा गया है दोपहर 2.30 बजे से 3.30 बजे तक: जिले के विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा दोपहर 3.30 बजे: मंडलायुक्त सभागार से खेरिया हवाई अड्डे के लिए प्रस्थान दोपहर 3.45 बजे: खेरिया हवाई अड्डे से लखनऊ के लिए राजकीय विमान से उड़ान भरेंगे
एसएन मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग में नवजात बच्चों के इलाज के लिए एडवांस नवजात सघन चिकित्सा कक्ष (एनआईसीयू) यूनिट तैयार कर ली गई है। जुलाई से शुरू होने वाली इस यूनिट से आगरा और अलीगढ़ मंडल समेत आसपास के 15 जिलों के मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। यूनिट में जीवनरक्षक उपकरण लगाए जा चुके हैं और यहां नवजातों को निशुल्क उपचार की सुविधा मिलेगी।अब तक जन्मजात विकारों की सर्जरी के बाद नवजातों को बाल रोग विभाग की एनआईसीयू में भर्ती करना पड़ता था, जो अक्सर मरीजों से भरी रहती थी। साथ ही यह यूनिट सर्जरी विभाग से करीब 500 मीटर दूर होने के कारण चिकित्सकों को देखरेख में भी परेशानी होती थी। नई एनआईसीयू यूनिट सर्जरी विभाग में ही बनाई गई है, जिससे उपचार और निगरानी दोनों आसान हो जाएंगे।प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि 20 बेड क्षमता वाली यूनिट तैयार हो चुकी है। शुरुआत में 10 बेड संचालित किए जाएंगे। नर्सिंग स्टाफ की नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है और अगले महीने से इसे शुरू कर दिया जाएगा।सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश गुप्ता के अनुसार यूनिट के प्रत्येक बेड पर वेंटिलेटर, वार्मर, बाईपेप सहित अन्य जीवनरक्षक उपकरण लगाए गए हैं। साथ ही एंटी-बैक्टीरियल सिस्टम भी विकसित किया गया है। इससे गंभीर रूप से बीमार नवजातों को बेहतर उपचार मिल सकेगा।बाल सर्जन डॉ. पुनीत श्रीवास्तव ने बताया कि विभाग में हर महीने नवजातों के दिमाग में पानी भरना, मलद्वार का न बनना और आंतों में रुकावट जैसे जन्मजात विकारों के 25 से 35 ऑपरेशन किए जाते हैं। विभाग में ही एनआईसीयू उपलब्ध होने से सर्जरी के बाद नवजातों की देखरेख और इलाज अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अलीगढ़ का दौरा कर जिले को विकास की बड़ी सौगात दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के विजन को आगे बढ़ाते हुए सीएम योगी ने कहा कि अलीगढ़ में स्थापित डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर का नोड अब भारतीय सेना की आवश्यकताओं को पूरा करेगा। यहां देश की सुरक्षा के लिए आधुनिक हथियार और उपकरण तैयार किए जाएंगे, जिसके बाद यहां का गोला-बारूद दुश्मनों पर बरसेगा। मुख्यमंत्री ने नुमाइश मैदान में आयोजित एक विशाल जनसभा में 462 करोड़ रुपए की लागत वाली 85 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसके साथ ही उन्होंने लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में पूरे मंडल के लिए 5150 करोड़ रुपए के 1499 निर्माण कार्यों के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी। लखनऊ हादसे की खबर मिलते ही बदला कार्यक्रम सीएम योगी आदित्यनाथ का सोमवार रात अलीगढ़ में ही रात्रि प्रवास का कार्यक्रम था। उन्हें शहर के 150 से अधिक प्रबुद्धजनों के साथ संवाद और रात्रिभोज में शामिल होना था। लेकिन इसी बीच लखनऊ में एक दर्दनाक अग्निकांड की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता दिखाते हुए अपना कार्यक्रम तत्काल प्रभाव से बदल दिया और लखनऊ के लिए रवाना हो गए। शहर और कोल विधानसभा का होगा विकास मुख्यमंत्री ने डिजिटल माध्यम से बटन दबाकर विधानसभा कोल, शहर और नगर निगम की कुल 85 परियोजनाओं की शुरुआत की। सीएम ने 177 करोड़ की 40 परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इसके अलावा 285 करोड़ की 45 परियोजनाओं का शिलान्यास किया। कोल विधानसभा में 60.28 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण किया और 58 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास किया। वहीं, शहर विधानसभा में 7.82 करोड़ की परियोजनाओं लोकार्पण और 20.55 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इसके अलावा नगर निगम 315 करोड़ की 9 बड़ी परियोजनाओं में 108.76 करोड़ का लोकार्पण और 206.57 करोड़ की परियोजना का शिलान्यास किया। पीडब्ल्यूडी की समीक्षा में सामने आया कि अकेले अलीगढ़ क्षेत्र में करीब 2800 करोड़ रुपए की परियोजनाओं पर काम चल रहा है, जिसमें फ्लाईओवर, सड़कें, पॉलिटेक्निक संस्थान, अस्पताल और कॉलेज शामिल हैं। लाभार्थियों को बांटे चेक और चाबियां सीएम योगी ने जनसभा के मंच से कई लाभार्थियों को लाभान्वित किया। पीएम/सीएम आवास योजना के तहत लतेश देवी (शहरी) और पूनम देवी (ग्रामीण) को उनके नए मकानों की चाबियां सौंपीं। लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड बांटे गए। वहीं अतुल कुमार को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत 5 लाख रुपए का चेक और मीरा रानी को विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत सिलाई मशीन दी गई। स्वयं सहायता समूहों को 7.13 करोड़ रुपए का आरएफ व सीआईएफ चेक सौंपा गया। इसके अलावा मिनी नंदनी कृषक समृद्धि योजना और फार्म मशीनरी बैंक योजना के तहत प्रमाण पत्र और चाबियां बांटी गईं। ये रहे मौजूद जिले के प्रभारी मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी, बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह, राजस्व राज्यमंत्री सुरेंद्र दिलेर, शहर विधायक मुक्ता राजा, बरौली विधायक ठा. जयवीर सिंह, कोल विधायक अनिल पाराशर, एमएलसी तारिक मंसूर आदि लोग मौजूद रहे।
जयपुर वेस्ट पुलिस ने वाहन चोरी के एक सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए कुख्यात वाहन चोर कुंजीलाल गुर्जर उर्फ बन्ने सिंह (38) को गिरफ्तार किया है। आरोपी सवाई माधोपुर जिले के बाटोदा थाना क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ 60 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने उसके कब्जे से चित्रकूट क्षेत्र से चोरी की गई स्कॉर्पियो और वारदात में प्रयुक्त चोरी की टाटा अल्ट्रोज कार बरामद की है। डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया कि चित्रकूट निवासी सयानारायण यादव ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 8 जून की रात उनके घर के बाहर खड़ी स्कॉर्पियो एस-11 क्लासिक कार अज्ञात चोर चोरी कर ले गए। सीसीटीवी फुटेज में चोर एक टाटा अल्ट्रोज कार के साथ वारदात को अंजाम देते दिखाई दिए। चोरों ने वाहन में लगे जीपीएस उपकरण को भी निकाल दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज और संदिग्धों के डाटा का अध्ययन किया। करीब 1000 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद पुलिस को कुख्यात वाहन चोर कुंजीलाल गुर्जर उर्फ बन्ने सिंह की संलिप्तता के संकेत मिले। पुलिस ने लगातार दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह दीपावली के बाद जेल से छूटा था और इसके बाद अपने साथी अमोल मीणा उर्फ मनोहरी के साथ मिलकर वाहन चोरी की वारदातें करने लगा। आरोपियों ने पहले सांगानेर क्षेत्र से टाटा अल्ट्रोज कार चोरी की और बाद में दिल्ली सहित विभिन्न स्थानों से वाहन चुराए। आरोपी ने चित्रकूट से स्कॉर्पियो चोरी करने और 10 जून को भीलवाड़ा से एक अन्य स्कॉर्पियो चोरी करने की बात भी स्वीकार की है। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने चित्रकूट क्षेत्र से चोरी हुई स्कॉर्पियो और सांगानेर से चोरी की गई टाटा अल्ट्रोज कार बरामद कर ली है। पुलिस अन्य चोरी के वाहनों की बरामदगी और फरार आरोपी अमोल मीणा की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी कुंजीलाल गुर्जर उर्फ बन्ने सिंह के खिलाफ जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा, टोंक, जोधपुर, सवाई माधोपुर सहित विभिन्न जिलों में वाहन चोरी, आर्म्स एक्ट और अन्य धाराओं में दर्जनों मामले दर्ज हैं। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और चोरी के वाहनों के नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।
उज्जैन में महाकाल क्षेत्र से देर रात 11 संदिग्ध लोगों को पकड़ा गया है। हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं ने इन लोगों को चिह्नित कर पुलिस के हवाले किया। इनमें से कुछ को मौके से पकड़कर थाने भेजा गया, जबकि अन्य के संबंध में भी पुलिस को जानकारी दी गई है। संगठन के पदाधिकारी अर्जुन प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि पकड़े गए लोगों के पास पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के आधार कार्ड मिले हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व में भी जिन संदिग्धों को पुलिस को सौंपा था, उनके दस्तावेज भी मुर्शिदाबाद से जुड़े पाए गए थे। सिंह ने सभी मामलों की गहन जांच की मांग करते हुए कहा कि केवल आधार कार्ड के आधार पर नागरिकता मान लेना उचित नहीं है। कार्यकर्ताओं के अनुसार, ये लोग शहर में साड़ी बेचने का काम कर रहे थे। पूछताछ के दौरान उनके पास आधार कार्ड, राशन कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र और मार्कशीट सहित कई दस्तावेज मिले। संगठन ने इन सभी दस्तावेजों की सत्यता की जांच की मांग की है। संगठन ने यह भी दावा किया है कि कुछ संदिग्धों के मोबाइल फोन में महाकाल मंदिर और महाकाल लोक परिसर के वीडियो मिले हैं। इसे लेकर उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों से जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि महाकाल क्षेत्र एक संवेदनशील इलाका है और यहां आने-जाने वाले संदिग्ध लोगों की पहचान और सत्यापन आवश्यक है। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि ये लोग शहर के एक होटल में ठहरे हुए थे। उन्होंने पुलिस से होटल, उनके ठहरने की व्यवस्था और स्थानीय संपर्कों की भी जांच करने की मांग की है। साथ ही यह पता लगाने की मांग की गई है कि उन्हें शहर में किसने ठहराया और वे कब से यहां रह रहे थे। गौरतलब है कि हाल के वर्षों में देश के विभिन्न राज्यों में अवैध रूप से रह रहे संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई के कई मामले सामने आए हैं। कई राज्यों में पहचान और सत्यापन अभियान भी चलाए गए हैं।
गंगा नदी में नाव पर पार्टी करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। मामला दशाश्वमेध थाना क्षेत्र का है, जहां वायरल वीडियो में कुछ युवक नाव पर दारू और नानवेज भोजन लेकर पार्टी करते दिखाई दे रहे थे। पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए मुकदमा दर्ज किया और सभी आरोपियों को हिरासत में ले लिया। नाव चालक सहित 5 गिरफ्तार पुलिस के अनुसार, वायरल वीडियो का संज्ञान मिलते ही जांच शुरू की गई। वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ थाना दशाश्वमेध में मुकदमा अपराध संख्या 143/26 के तहत धारा 196(2) एवं 299 भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में 25 वर्षीय दीपक कुमार, 20 वर्षीय अजय साहनी, 22 वर्षीय अरुण कुमार साहनी, 31 वर्षीय अनुराग निषाद और 28 वर्षीय राहुल साहनी शामिल हैं। सभी आरोपी रामनगर और आसपास के क्षेत्रों के निवासी बताए गए हैं। इनमें अजय साहनी नाव चालक के रूप में कार्य करता है। वीडियो सर्द के मौसम का एसीपी अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि घाट क्षेत्र से जुड़ा एक आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा था। वीडियो की जांच के बाद उसमें दिखाई दे रहे सभी पांच व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें पुलिस हिरासत में लिया गया। एसीपी ने यह भी बताया कि प्रथम दृष्टया वीडियो पुराना प्रतीत हो रहा है। वीडियो में मौसम और परिस्थितियों को देखकर संभावना जताई जा रही है कि यह सर्दियों के दौरान बनाया गया था। हालांकि, वीडियो के वायरल होने के बाद कानून-व्यवस्था और धार्मिक महत्व वाले क्षेत्र की गरिमा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। पूर्व में बिरयानी के वीडियो पर डेढ़ दर्जन युवक जा चुके हैं जेल बीते रमजान के महीने में ऐसा ही एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें करीब डेढ़ दर्जन युवक इफ्तारी के दौरान चिकन और बिरयानी खाते गंगा नदी में दिखाई पड़े थे। वीडियो का संज्ञान लेकर पुलिस ने 18 युवकों को जेल भेजा था। गिरफ्तार हुए इन 18 युवकों को हाई कोर्ट से राहत मिली और जमानत पर बाहर हैं। इसके अलावा एक और प्रकरण में अदलपुरा शीतला मंदिर जाने के क्रम में गंगा नदी में नाव पर बीयर पीते युवक का वीडियो सामने आने के बाद युवक को जेल भेजा गया था।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बिजनौर में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी लईक की याचिका निस्तारित करते हुए न्यायिक हस्तक्षेप से इन्कार कर दिया है। न्यायमूर्ति विकास की एकलपीठ ने कहा कि मामले के तथ्यों की जांच का कार्य ट्रायल कोर्ट का है, उच्च न्यायालय का नहीं। बिजनौर जिले के थाना श्योहरा में हुई घटना की एफआईआर पीड़िता के पिता द्वारा दर्ज कराई गई थी। जानिये क्या है मामला आरोप है कि 17 दिसंबर 2025 को सुबह 8:30 बजे 17 वर्षीय पीड़िता जब स्कूल जाने के लिए वाहन का इंतजार कर रही थी, तभी आरोपी एक साथी के साथ कार में आया और उसे जबरदस्ती गाड़ी में बैठाकर पहले एक होटल ले गया और बाद में श्योहरा में दुष्कर्म किया। आरोपी के वकील ने दलील दी कि अस्थि परीक्षण में पीड़िता की आयु 18 वर्ष से अधिक पाई गई, इसलिए पाक्सो अधिनियम लागू नहीं होता। साथ ही अगले दिन हुई चिकित्सीय जांच में कोई असामान्यता नहीं मिली। न्यायालय ने पाक्सो अधिनियम की धारा 29 का हवाला देते हुए कहा कि जब तक विपरीत साबित न हो, आरोपी को अपराध का दोषी माना जाएगा और यह सिद्ध करना ट्रायल के दौरान ही संभव है। अदालत ने कहा कि पीड़िता की उम्र और मेडिकल रिपोर्ट से जुड़े सवाल ट्रायल का विषय हैं। कोर्ट ने दोनों पक्षों को ट्रायल में अपने सभी कानूनी व तथ्यात्मक आधार रखने की स्वतंत्रता देते हुए याचिका निस्तारित कर दी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हत्या के मामले में बंद दो आरोपियों को उनकी बेटी/बहन की शादी में शामिल होने के लिए तीन दिन की अल्पकालिक जमानत (पैरोल) प्रदान की है। न्यायमूर्ति दीपक वर्मा और न्यायमूर्ति पदम नारायण मिश्रा की खंडपीठ ने यह आदेश आपराधिक अपील में दायर अल्पकालिक जमानत आवेदन पर सुनवाई करते हुए पारित किया। मामला हमीरपुर का हमीरपुर जिले के थाना मऊदहा में वर्ष 2023 में अभियोग दर्ज हुआ था। राम कृपाल और हेमराज पर भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34, 308/34 और 323/34 के तहत मुकदमा चल रहा है। दोनों वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं। अभियुक्तों के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि राम कृपाल, वधू कुमारी राधिका के पिता हैं और हेमराज उनके भाई हैं। राधिका का विवाह 26 जून 2026 को सम्पन्न होना है। इसलिए दोनों को तीन सप्ताह की पैरोल दिए जाने की प्रार्थना की गई। हालांकि राज्य सरकार की ओर से पैरोल का कड़ा विरोध किया, किंतु वे आवेदकों के तर्कों का खंडन नहीं कर सके। सम्बन्धित थाने की रिपोर्ट और मामले की परिस्थितियों को देखते हुए न्यायालय ने24 जून से 26 जून 2026 तक तीन दिन की पैरोल मंजूर की। दोनों को पुलिस कस्टडी में रिहा किया जाएगा। इसके लिए उन्हें व्यक्तिगत मुचलका और दो जमानतदार मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हमीरपुर की संतुष्टि पर प्रस्तुत करने होंगे। पुलिस दल के आवागमन हेतु आवश्यक धनराशि जमा करने के बाद ही उन्हें जेल से रिहा किया जाएगा। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि राम कृपाल और हेमराज 27 जून 2026 को शाम 5 बजे तक सम्बन्धित सी जे एम के समक्ष समर्पण करेंगे।
विधानसभा चुनाव से ठीक पहले अलीगढ़ और ब्रज मंडल को एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जुलाई के अंतिम सप्ताह में अलीगढ़ का दौरा कर सकते हैं। इस दौरे के दौरान पीएम मोदी राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय (RMPU) के भव्य परिसर का लोकार्पण करेंगे। पीएम के इस बेहद महत्वपूर्ण दौरे की तैयारियों का जायजा लेने और प्री-ट्रायल करने खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को अलीगढ़ पहुंचे। अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक और विश्वविद्यालय परिसर का बारीकी से निरीक्षण करने के बाद सीएम योगी ने सख्त लहजे में कहा कि अब हमारे पास ज्यादा समय नहीं है, इसलिए सभी तैयारियां जल्द से जल्द पूरी कर ली जाएं। 15 जुलाई के बाद कभी भी आ सकते हैं पीएम मोदी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ चर्चा में स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री कार्यालय से जुलाई के अंत तक का कार्यक्रम तय करने के संकेत मिले हैं। 15 जुलाई के बाद प्रधानमंत्री का अलीगढ़ दौरा कभी भी फाइनल हो सकता है। सीएम ने यह भी इशारा किया कि जैसे ही पीएमओ से तारीख पक्की होगी, वे तैयारियों को अंतिम रूप देने एक बार फिर खुद अलीगढ़ आएंगे। इन बड़े प्रोजेक्ट्स की मिलेगी सौगात पीएम मोदी अपने इस दौरे पर केवल विश्वविद्यालय का ही नहीं, बल्कि अलीगढ़ को स्मार्ट सिटी बनाने की दिशा में चल रहे कई अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स का भी उद्घाटन करेंगे। सितंबर 2021 में खुद पीएम मोदी ने ही आरएमपीयू की आधारशिला रखी थी। अब चुनाव से ठीक पहले इसका लोकार्पण होने जा रहा है। ओलंपिक स्तर का इंडोर स्टेडियम नौरंगीलाल राजकीय इंटर कॉलेज में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत बने अत्याधुनिक और ओलंपिक स्तर के इंडोर स्टेडियम का लोकार्पण होगा। वहीं, रामघाट रोड पर बने क्वार्सी ओवरब्रिज का उद्घाटन होने से अलीगढ़ वासियों को जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी। ब्रज के लिए हो सकती है बड़ी घोषणा राजनीतिक गलियारों में इस दौरे को बेहद अहम माना जा रहा है। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले आ रहे प्रधानमंत्री मोदी इस मंच से अलीगढ़ और पूरे ब्रज मंडल के विकास के लिए किसी बड़े पैकेज या नई परियोजनाओं की घोषणा भी कर सकते हैं।
मथुरा में बाइक सवार बदमाशों ने गुटखा एजेंसी में काम करने वाले एक सेल्समैन की आंखों में मिर्च डालकर 5 लाख रुपए से ज्यादा की छिनैती की वारदात को अंजाम दे डाला। सेल्समैन रुपयों को लेकर वापस एजेंसी पर जा रहा था तभी बदमाशों ने उसकी आंखों में मिर्च डाल दी और रुपयों से भरा बैग छीनकर फरार हो गए। वारदात की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और बदमाशों की तलाश शुरू कर दी। थाना हाई वे क्षेत्र में हुई वारदात हाईवे थाना क्षेत्र में सोमवार देर शाम बाइक सवार बदमाशों ने तंबाकू कंपनी के एक सेल्समैन से पांच लाख रुपये से अधिक की नकदी से भरा बैग छीन लिया और फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की, लेकिन देर रात तक बदमाशों का कोई सुराग नहीं लग सका। सेल्समैन जा रहा था वृंदावन वृंदावन निवासी जगदीश प्रसाद गौतम की शिखर तंबाकू इंटरप्राइजेज है। टाउनशिप स्थित कांशीराम कॉलोनी निवासी विजय उनकी फर्म में सेल्समैन के रूप में कार्यरत हैं। विजय प्रतिदिन मथुरा-वृंदावन क्षेत्र के विभिन्न दुकानदारों से वसूली कर नकदी कंपनी कार्यालय में जमा कराते हैं। सोमवार को भी विजय दिनभर की वसूली के बाद मंडी समिति क्षेत्र से वृंदावन की ओर जा रहे थे। उन्होंने नकदी से भरा बैग अपनी बाइक की टंकी पर रखा हुआ था। जब वह हाईवे थाना क्षेत्र में गोकुल रेस्टोरेंट के निकट पहुंचे, तभी पीछे से बाइक पर आए दो बदमाशों ने उनकी आंखों में मिर्च डाल दी और झपट्टा मारकर बैग छीन लिया। मौके पर पहुंची पुलिस सूचना मिलने पर हाईवे थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास के प्रतिष्ठानों और मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी। हालांकि देर रात तक पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया था। एसपी सिटी राजीव कुमार ने बताया मामला संदिग्ध नजर आ रहा है,हालांकि पीड़ित के बताए अनुसार बदमाशों की तलाश की जा रही है। मुकद्दमा किया दर्ज पीड़ित की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है। फिलहाल लूटी गई रकम का सही आंकलन नहीं हो सका है, लेकिन बताया जा रहा है कि बैग में पांच लाख रुपये से अधिक की नकदी थी।
देवरिया में किशोरी की करंट लगने से मौत:तिलक समारोह से घर लौटते समय हुआ हादसा, पुलिस जांच में जुटी
देवरिया जिले के सलेमपुर क्षेत्र के ग्राम माधवपुर में सोमवार रात करंट लगने से एक 14 वर्षीय किशोरी की मौत हो गई। इस घटना के बाद परिवार में दुख का माहौल है, जबकि गांव में शोक व्याप्त है। स्वर्गीय कृष्णामोहन पांडेय की पुत्री मोनी पांडेय (14) सोमवार रात करीब नौ बजे पड़ोस में आयोजित एक तिलक समारोह से अपने घर लौट रही थी। इसी दौरान रास्ते में वह किसी विद्युत स्रोत के संपर्क में आ गई और करंट की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलस गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सलेमपुर लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सक डॉ. नरेन्द्र मोहन ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों की सूचना के बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और आवश्यक पूछताछ के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस घटना के कारणों की जांच कर रही है तथा आवश्यक विधिक कार्रवाई में जुटी हुई है। बताया जाता है कि मोनी पांडेय अपने परिवार में दो बहनों और एक भाई में दूसरे स्थान पर थी। उसकी बड़ी बहन खुशी (17 वर्ष) तथा छोटा भाई हिमांशु (12 वर्ष) है। ग्रामीणों ने बताया कि मोनी स्वभाव से मिलनसार और पढ़ाई में रुचि रखने वाली छात्रा थी। उसकी अचानक मौत से पूरे गांव में शोक का माहौल है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद घटना के संबंध में स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
छत्तीसगढ़ के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व (USTR) से वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। यहां लगाए गए कैमरा ट्रैप में एक बाघिन की नियमित उपस्थिति दर्ज की गई है। वन विभाग का मानना है कि यह बाघिन प्राकृतिक रूप से विचरण करते हुए उदंती-सीतानदी के वनों में पहुंची है और अब इसे अपना स्थायी ठिकाना बना रही है। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व को वर्ष 2009 में टाइगर रिजर्व का दर्जा मिला था। हालांकि, पिछले एक दशक से यहां बाघों की स्थायी उपस्थिति दर्ज नहीं की गई थी। रिजर्व में अंतिम बार बाघ की पुष्टि 2019-20 में हुई थी, लेकिन वह भी केवल आवागमन तक सीमित रही थी। ऐसे में इस बाघिन की तस्वीरें रिजर्व में बाघों की वापसी और प्रजनन के लिए अनुकूल माहौल का संकेत दे रही हैं। वन विभाग ने रिजर्व के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता वाले कैमरा ट्रैप लगाए थे। पिछले एक माह से अलग-अलग स्थानों पर मिली तस्वीरों और वीडियो से इस बात की पुष्टि हुई है कि यह एक ही बाघिन है जो नियमित रूप से क्षेत्र में घूम रही है। उसकी गतिविधियां, शारीरिक हाव-भाव और क्षेत्र चिह्नित करने के तरीके से स्पष्ट है कि वह यहां स्थायी रूप से बसने की प्रक्रिया में है। इस सफलता को अभ्यारण्य में चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान से भी जोड़ा जा रहा है। पिछले दो वर्षों में, 13 से अधिक स्थानों से 950 हेक्टेयर से अधिक अतिक्रमण हटाया गया है। इस अभियान को वन्यजीवों के लिए अनुकूल वातावरण बनाने में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है, जिससे बाघिन जैसे वन्यजीवों को सुरक्षित विचरण के लिए जगह मिली है। इन प्रयासों से बदली तस्वीर पिछले पांच वर्षों में उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व (USTR) में बाघों की वापसी के लिए विशेष अभियान चलाया गया। इसके तहत वन विभाग ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। सुरक्षा बढ़ाई गई: शिकार रोकने के लिए एंटी-पोचिंग कैंप बढ़ाए गए, नियमित गश्त शुरू की गई और ड्रोन से निगरानी की व्यवस्था की गई। पानी की व्यवस्था की गई: वन्यजीवों के लिए 250 से अधिक कृत्रिम जल स्रोत और झिरियों का निर्माण किया गया। जंगल का सुधार किया गया: खराब हो चुके 400 हेक्टेयर वन क्षेत्र को फिर से विकसित किया गया और घास के मैदान तैयार किए गए। अतिक्रमण हटाया गया: कोर क्षेत्र से अतिक्रमण हटाकर 1200 हेक्टेयर वन भूमि को मुक्त कराया गया। वन्यजीवों की संख्या बढ़ाने पर काम हुआ: चीतल, सांभर और गौर जैसे जानवरों की संख्या बढ़ाने के लिए विशेष योजनाएं चलाई गईं। विभाग का मानना है कि बाघिन की आमद इन्हीं प्रयासों की सफलता का प्रत्यक्ष प्रमाण है। क्या कहते हैं आंकड़े 2014 की गणना में USTR में बाघों की संख्या शून्य थी। 2018 की रिपोर्ट में 1 बाघ का मूवमेंट दर्ज हुआ था। 2022 में NTCA की रिपोर्ट में भी यहां स्थायी बाघ नहीं पाए गए थे। ऐसे में इस बाघिन की उपस्थिति रिजर्व के लिए 'टर्निंग पॉइंट' मानी जा रही है। अब आगे क्या वन विभाग ने बाघिन की सुरक्षा के लिए 'स्पेशल टास्क फोर्स' गठित की है। पूरे क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है और स्थानीय ग्रामीणों को भी निगरानी में शामिल किया जा रहा है। विभाग का लक्ष्य अगले 2 साल में उदंती-सीतानदी को 'ब्रीडिंग पॉपुलेशन' वाला रिजर्व बनाना है ताकि मध्य भारत के कान्हा-पेंच-अचानकमार कॉरिडोर से और बाघ यहां आ सकें। वन विभाग का आधिकारिक बयान इस बाघिन की उपस्थिति केवल एक वन्यजीव की कहानी नहीं है, बल्कि यह आशा, पुनर्जीवन और प्रकृति की सकारात्मक प्रतिक्रिया का संदेश है। यह दर्शाता है कि उदंती-सीतानदी में किए गए संरक्षण प्रयास रंग ला रहे हैं। हमारा संकल्प है कि USTR को फिर से मध्य भारत के प्रमुख बाघ परिदृश्यों में गौरवपूर्ण स्थान दिलाएं। बाघिन की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट डॉ. राकेश वर्मा कहते हैं, बाघिन का किसी नए क्षेत्र को चुनना बहुत बड़ा संकेत है। मादा बाघ तभी क्षेत्र स्थापित करती है जब उसे भोजन, पानी और सुरक्षा का भरोसा हो। अगर अगले 6 महीने में यह यहां टिकी रही, तो नर बाघ का आना भी तय है। स्थानीय लोगों में खुशीसीतानदी क्षेत्र के गांव कुहकुहा के सरपंच मनोहर नेताम ने कहा, हमारे जंगल में बाघिन आई है, यह गर्व की बात है। हम वन विभाग के साथ मिलकर उसकी रक्षा करेंगे। इससे ईको-टूरिज्म बढ़ेगा और युवाओं को रोजगार मिलेगा।
डफरिन अस्पताल ने 700 ग्राम के नवजात को बचाया:चिकित्सकों की टीम ने दिया नया जीवन, डीएम ने सराहा
प्रयागराज के डफरिन अस्पताल (जिला महिला अस्पताल) के चिकित्सकों ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल की टीम ने 700 ग्राम से कम वजन वाले एक नवजात शिशु को विशेष देखभाल और उपचार देकर नया जीवन प्रदान किया है। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने इस सफलता पर चिकित्सकों की टीम की सराहना की है। यह मामला जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक के दौरान सामने आया, जहां डफरिन अस्पताल की अधीक्षिका डॉ. सुनीता सागर ने इस चुनौतीपूर्ण उपलब्धि को साझा किया। उन्होंने बताया कि 'बेबी ऑफ सोनिया' नामक इस नवजात का वजन 700 ग्राम से भी कम था, जिसे एनआईसीयू (NICU) में गहन चिकित्सा और विशेष देखभाल की आवश्यकता थी। चिकित्सकों की दक्षता और समर्पण से यह जटिल मामला सफल हो सका। इस सफल उपचार में डॉ. प्रवीण कुमार यादव, डॉ. इसरार अहमद, डॉ. अरुण कुमार सिंह और नर्सिंग स्टाफ धीरेंद्र कुमार सिंह, विजय कुमार व रीना मिश्रा की भूमिका महत्वपूर्ण रही। नीम सराय निवासी नवजात के परिजनों ने डफरिन अस्पताल के चिकित्सकों के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने इस उपलब्धि पर पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि यह डफरिन अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सक भविष्य में भी इसी समर्पण भाव से गंभीर मामलों में मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराएंगे। मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह की उपस्थिति में हुई इस बैठक में, जिलाधिकारी ने सभी चिकित्सा अधीक्षकों को अपने-अपने स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने और मरीजों के साथ बेहतर व्यवहार करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने चिकित्सा अधीक्षकों से उनके केंद्रों पर किए जा रहे नवाचारों और उत्कृष्ट कार्यों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को भी कहा, ताकि आमजन को उच्च गुणवत्ता वाली सुविधाओं की जानकारी मिल सके और वे उनका लाभ उठा सकें। डफरिन अस्पताल में उपलब्ध मुख्य सुविधाएंअधीक्षिका ने जानकारी दी कि डफरिन अस्पताल में 24 घंटे सामान्य व सिजेरियन डिलीवरी के साथ ही लैप्रोस्कोपिक फीमेल स्टर्लाइजेशन, मिनी लैप, एमटीपी, आईयूसीडी, पीपीआईयूसीडी, सीपैप और एसएनसीयू (SNCU) जैसी आधुनिक सुविधाएं मरीजों के लिए उपलब्ध हैं।
कानपुर देहात पुलिस ने नाबालिग बालिका के अपहरण के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटों में सफलता हासिल की है। थाना मंगलपुर पुलिस, सर्विलांस टीम और झींझक चौकी पुलिस की संयुक्त टीम ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर नाबालिग बालिका को सकुशल बरामद कर लिया। मामला कानपुर देहात के थाना मंगलपुर क्षेत्र का है, जहाँ एक नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर ले जाने का मामला सामने आया था। पीड़िता की मां की शिकायत पर थाना मंगलपुर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 137(2), 87 और 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। परिवार ने आशंका जताई थी कि आरोपी उनकी बेटी का धर्म परिवर्तन करा कर उससे शादी कर सकता हैं मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडे के निर्देश पर क्षेत्राधिकारी डेरापुर की निगरानी में तीन विशेष टीमों का गठन किया गया। इन टीमों में थाना मंगलपुर पुलिस, सर्विलांस टीम और झींझक चौकी पुलिस शामिल थीं। उन्होंने संयुक्त कार्रवाई करते हुए घटना के कुछ ही घंटों के भीतर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने झींझक-रसूलाबाद मार्ग पर महाराजपुर गांव की ओर जाने वाले मोड़ के पास से शाहिद, शाहरूख और वाहिद नामक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। ये सभी आरोपी झींझक के सुभाष नगर के निवासी हैं। इस कार्रवाई के दौरान नाबालिग बालिका को भी सुरक्षित बरामद कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों को नियमानुसार न्यायालय में पेश किया जाएगा। इस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है कानपुर देहात पुलिस महिला एवं बाल अपराधों के खिलाफ लगातार विशेष अभियान चला रही है। इसी अभियान के तहत इस मामले में त्वरित कार्रवाई की गई, जिसमें आरोपियों की गिरफ्तारी और नाबालिग की सुरक्षित बरामदगी शामिल है। पुलिस ने बताया कि नाबालिग को परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस ने यह भी दोहराया कि महिला संबंधी अपराधों में कोई लापरवाही नहीं बरती जाएगी और ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई जारी रहेगी।
लखनऊ के अलीगंज स्थित एक होटल में साकार फाउंडेशन ने 'स्वरलहरी' संगीत कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में शहर के अनेक कलाकारों और संगीत प्रेमियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ फाउंडेशन की सचिव और लोकगायिका प्रीति लाल ने दीप प्रज्वलित कर और मां सरस्वती का पूजन करके किया। इसके उपरांत, अमिता कुदेसिया ने सितार पर अपनी मधुर प्रस्तुति से श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। इसके पश्चात, गीतों का सिलसिला आरंभ हुआ। सुधीर श्रीवास्तव, अनुपमा श्रीवास्तव, संगीता मिश्रा, अमिता कुदेसिया, रोली सिंह, आलोक वर्मा, निरुपमा राहुल, रचना रस्तोगी, संजीव शुक्ला, सुभाष जायसवाल, नरेश साहू, राकेश श्रीवास्तव, रविंद्र श्रीवास्तव, नकुल श्रीवास्तव, रमाकांत टंडन, प्रकाश खन्ना, नीना रामचंद्रानी, संजना अग्रवाल, नीलम और प्रीति लाल सहित कई कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं का मन मोह लिया। कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण अलका गुप्ता की भावपूर्ण नृत्य प्रस्तुति रही, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा और तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साह बढ़ाया। सामाजिक क्षेत्रों में भी सक्रिय रूप से कार्य कर रहा कार्यक्रम का संचालन सुधीर श्रीवास्तव ने अपने सहज और रोचक अंदाज में किया। उन्होंने दर्शकों से संगीत से संबंधित प्रश्न पूछकर उन्हें भी कार्यक्रम में शामिल किया और सही उत्तर देने वालों को उपहार दिए। तकनीकी संचालन की जिम्मेदारी नकुल श्रीवास्तव ने कुशलतापूर्वक संभाली। साकार फाउंडेशन शिक्षा, स्वास्थ्य, जागरूकता और कौशल विकास जैसे सामाजिक क्षेत्रों में भी सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। कार्यक्रम के समापन पर, सचिव प्रीति लाल ने सभी कलाकारों, अतिथियों और उपस्थित संगीत प्रेमियों का आभार व्यक्त किया।
लखनऊ के शिव भोला मंदिर में भंडारे का आयोजन:ज्येष्ठ माह के अवसर पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर स्थित शिव भोला मंदिर में ज्येष्ठ माह के अवसर पर भंडारे का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। भंडारा दोपहर 2 बजे शुरू होकर देर रात तक चला, जिसमें श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के दर्शन किए और प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे में श्रद्धालुओं के लिए पूरी, सब्जी, छोले, चावल और बूंदी के प्रसाद की विशेष व्यवस्था की गई थी। आयोजन समिति के स्वयंसेवकों ने श्रद्धाभाव के साथ सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया। इसमें महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों सहित हर वर्ग के लोगों ने भाग लिया। पिछले तीन वर्षों से लगातार इस भंडारे का आयोजन आयोजक राजकुमार सिंह ने बताया कि ज्येष्ठ माह के अवसर पर पिछले तीन वर्षों से लगातार इस भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य लोगों को धार्मिक आस्था से जोड़ना और सेवा भाव को बढ़ावा देना है। हर वर्ष श्रद्धालुओं का बढ़ता उत्साह आयोजन को और अधिक सफल बना रहा है। सिंह ने बताया कि भंडारे की सभी तैयारियां स्थानीय लोगों और स्वयंसेवकों के सहयोग से पूरी की गईं। सभी ने मिलकर सेवा की और यह सुनिश्चित किया कि किसी भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की असुविधा न हो। भारतीय संस्कृति में अन्नदान सबसे बड़ा दान माना गया इस अवसर पर एडवोकेट विनोद कुमार द्विवेदी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में अन्नदान को सबसे बड़ा दान माना गया है। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे धार्मिक और सामाजिक आयोजन समाज में प्रेम, भाईचारे और सेवा की भावना को मजबूत करते हैं। द्विवेदी ने भविष्य में भी इस तरह के आयोजन लगातार होते रहने की बात कही, ताकि अधिक से अधिक लोग धर्म और सेवा के कार्यों से जुड़ सकें।
प्रयागराज के फाफामऊ में एक 17 साल की लड़की सोमवार शाम कछार में लहूलुहान हाल में मिली। घरवालों ने पुलिस को सूचना दी कि उसे गोली मारी गई। मेडिकल जांच में पता चला कि उसकी जांघ में चाकू जैसी धारदार चीज से हमला किया गया। हमलावर कौन थे और उन्होंने हमला क्यों किया, लड़की इस बारे में भी कुछ बता नहीं पाई है। मामले में पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गोली मारने की सूचना से मचा हड़कंपपुलिस के मुताबिक, सोमवार शाम 7 बजे के करीब फाफामऊ के विनीता हॉस्पिटल से सूचना मिली कि एक लड़की जख्मी हाल में लाई गई है। घरवालों को उसने बताया है कि वह शौच के लिए गई थी। तभी तीन लड़कों ने उसे गोली मार दी। सूचना मिलते ही फाफामऊ थाना पुलिस के साथ डीसीपी, एडीसीपी गंगानगर भी पहुंच गए। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया।निजी अस्पताल से एसआरएन अस्पताल भेजी गईप्राथमिक उपचार के बाद उसे स्वरूप रानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल भेजा गया। एसआरएन में डॉक्टरों ने उसका मेडिकल परीक्षण कराया और एक्स-रे किया। अस्पताल में हुई जांच के दौरान यह सामने आया कि उसे गोली नहीं लगी है। डॉक्टरों ने उसकी जांघ में चोट के निशान पाए। यह भी बताया कि प्रथमदृष्टया किसी धारदार हथियार से चोट पहुंचाए जाने की बात प्रतीत हो रही है। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच का दायरा बढ़ा दिया। हमलावरों को नहीं पहचानतीलड़की ने पुलिस को बताया कि वह शाम को शौच के लिए गई थी। इसी दौरान दो-तीन युवकों ने उस पर हमला कर दिया। उसने बताया कि वह हमलावरों को नहीं पहचानती और पहले कभी उन्हें नहीं देखा था। किशोरी का यह भी कहना है कि उस पर हमला क्यों किया गया, इसके बारे में भी उसे कोई जानकारी नहीं है। पुलिस उसके बयान के आधार पर घटना की परिस्थितियों और संभावित कारणों की जांच कर रही है।मोबाइल रिकॉर्ड और बयान में दिखा अंतरपुलिस सूत्रों का कहना है कि किशोरी के बयानों में कुछ विरोधाभास सामने आए हैं। किशोरी घटना का समय शाम करीब पांच बजे बता रही है, जबकि जांच में पता चला है कि शाम 6:30 बजे तक उसके मोबाइल फोन से किसी व्यक्ति से लगातार बातचीत हो रही थी। डीसीपी गंगानगर कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया कि पुलिस सभी तथ्यों का मिलान कर रही है।मां की तहरीर पर दर्ज हुआ मुकदमाकिशोरी की मां की तहरीर पर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों का फुटेज खंगाल रही है। साथ ही मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।पहले ब्यूटी पार्लर की दुकान में कर चुकी है कामपुलिस जांच में यह भी पता चला है कि किशोरी फाफामऊ थाना क्षेत्र की रहने वाली है। वह करीब 12-13 दिन पहले तक एक ब्यूटी पार्लर में काम करती थी। इससे पहले वह एक कपड़ों की दुकान पर भी काम कर चुकी है। पुलिस उसके परिचितों और हाल के संपर्कों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
बरेली नगर निगम परिसर में सोमवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब अस्थाई सफाई कर्मियों के एक समूह ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भानु प्रकाश के कार्यालय में जमकर हंगामा कर दिया। आरोप है कि बहाली की मांग को लेकर पहुंचे कर्मचारियों में से एक ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी के चेहरे पर चूड़ियां फेंक दीं। इसके बाद कार्यालय के अंदर तीखी नोकझोंक, धक्का-मुक्की और हाथापाई की स्थिति बन गई। घटना के बाद पूरे नगर निगम परिसर में अफरा-तफरी का माहौल रहा। बहाली की मांग को लेकर पहुंचे थे कर्मचारीजानकारी के मुताबिक एक अस्थाई सफाई कर्मचारी को ठेकेदार की ओर से काम से हटा दिया गया था। इसी फैसले से नाराज महिला और पुरुष सफाई कर्मचारी सोमवार दोपहर करीब तीन बजे नगर स्वास्थ्य अधिकारी को ज्ञापन देने पहुंचे। कर्मचारियों के हाथ में एक थैली भी थी, जिसमें चूड़ियां रखी हुई थीं। उनका कहना था कि हटाए गए कर्मचारी को दोबारा काम पर रखा जाए। केबिन के अंदर बढ़ा विवाद, चूड़ियां फेंकने का आरोपप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार डॉ. भानु प्रकाश ने कर्मचारियों को बातचीत के लिए अपने केबिन में बुलाया। शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच सामान्य बातचीत हुई, लेकिन कुछ ही देर में माहौल गर्म हो गया। कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। इसी दौरान एक कर्मचारी ने थैली से चूड़ियां निकालकर नगर स्वास्थ्य अधिकारी के चेहरे की ओर फेंक दीं। इस घटना के बाद माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया। कार्यालय के अंदर कर्मचारियों ने नारेबाजी शुरू कर दी और अधिकारियों को घेरकर विरोध जताया। कुछ देर तक वहां धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी रही। बीच-बचाव करने पहुंचे अधिकारी को भी नहीं मानाहंगामे की सूचना मिलते ही उप नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नैनी सिंह भी मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों को शांत कराने का प्रयास किया। हालांकि प्रदर्शनकारी कर्मचारी किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थे। अधिकारियों के समझाने के बावजूद हंगामा जारी रहा और नारेबाजी होती रही। पुलिस बुलाने की सूचना मिलते ही मौके से खिसकेनगर निगम अधिकारियों के अनुसार जैसे ही हंगामा कर रहे कर्मचारियों को पुलिस बुलाए जाने की जानकारी मिली, वे धीरे-धीरे मौके से निकल गए। पुलिस के पहुंचने से पहले अधिकांश प्रदर्शनकारी वहां से जा चुके थे। इसके बाद अधिकारियों ने पूरे मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियोघटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। वायरल वीडियो में कर्मचारी हटाए गए सफाई कर्मी की बहाली की मांग करते दिखाई दे रहे हैं। वहीं अधिकारियों की ओर से कर्मचारियों पर अनुशासनहीनता और दबाव बनाने का आरोप लगाया जा रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गया है। नगर निगम प्रशासन सख्त, मुकदमे की तैयारीघटना के बाद नगर निगम प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी कार्यालय में घुसकर हंगामा करना और अधिकारी के साथ अभद्रता किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। घटना से निगम कर्मचारियों में भी नाराजगी है। नगर आयुक्त ने बताया पूरा मामलानगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने कहा कि यह बेहद शर्मनाक घटना है। उनके अनुसार चूड़ियां फेंकने वाला हटाया गया कर्मचारी कथित रूप से शराब के नशे में था और अनुचित मांगों को मनवाने का दबाव बना रहा था। नगर आयुक्त ने बताया कि ड्यूटी के दौरान शराब पीने की शिकायत मिलने पर ठेकेदार ने उसे हटाया था। उन्होंने कहा कि नगर स्वास्थ्य अधिकारी की तहरीर के आधार पर एक नामजद समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है। दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मथुरा में सदर बाजार स्थित एक निजी अस्पताल में पैर के ऑपरेशन के बाद महिला की मौत हो जाने से परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने पहले अस्पताल में हंगामा किया और बाद में लक्ष्मी नगर में सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। करीब दो घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने समझाकर जाम खुलवाया। यमुनापार क्षेत्र की शिव नगर कॉलोनी निवासी प्रीती तीन दिन पहले एक हादसे में घायल हो गई थीं। दुर्घटना में उनके पैर में गंभीर चोट आई थी, जिसके बाद उन्हें सदर बाजार स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने जांच के बाद पैर के ऑपरेशन की सलाह दी थी। सोमवार को महिला का ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद बिगड़ी हालत परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद प्रीती की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उनका कहना है कि महिला बेहोश हो गई और कुछ देर बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की सूचना मिलते ही अस्पताल परिसर में परिजनों और रिश्तेदारों ने हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सड़क पर शव रखकर लगाया जाम पोस्टमार्टम के बाद जब परिजन शव लेकर लक्ष्मी नगर पहुंचे तो उनका आक्रोश फिर भड़क उठा। बड़ी संख्या में महिलाएं और स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए और जाम लगाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के कारण क्षेत्र में यातायात प्रभावित हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। परिजन डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग कर रहे थे। दो घंटे बाद खुला जाम जाम और प्रदर्शन की सूचना मिलने पर जमुनापार थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद लोगों को समझाकर जाम समाप्त कराया गया और यातायात बहाल कराया गया। जांच के बाद होगी कार्रवाई एसपी सिटी राजीव सिंह ने बताया कि महिला की मौत के मामले में परिजनों की शिकायत प्राप्त हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और अस्पताल प्रशासन से भी घटना से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है।
अलीगढ़ के राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय (RMPU) के निर्माण कार्य में चल रही हीलाहवाली और घटिया क्वालिटी को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गुस्सा फूट पड़ा। सोमवार को विवि परिसर का निरीक्षण करने पहुंचे मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य में देरी और तकनीकी खामियां मिलने पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कार्यदायी संस्था के ठेकेदार के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता इंद्रपाल सिंह के खिलाफ भी विस्तृत जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने अल्टीमेटम देते हुए कहा कि 15 जुलाई तक हर हाल में शेष निर्माण कार्य पूरा हो जाना चाहिए। 'सरकारी धन की बर्बादी बर्दाश्त नहीं, 15 जुलाई आखिरी डेडलाइन' कुलपति प्रो. एनबी सिंह और कुलसचिव प्रबुद्ध सिंह के साथ समीक्षा बैठक करने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद पूरे विश्वविद्यालय परिसर का बारीकी से मुआयना किया। लोक निर्माण विभाग और निर्माण एजेंसी के आला अधिकारियों को चेताते हुए सीएम ने कहा कि गुणवत्ता के मानकों से किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जनता की गाढ़ी कमाई और सरकारी धन की बर्बादी करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। अधिशासी अभियंता पर पहले भी गिर चुकी है गाज अधिशासी अभियंता इंद्रपाल सिंह का विवादों से पुराना नाता रहा है। इससे पहले 19 जनवरी 2024 को हुई समीक्षा बैठक में तत्कालीन डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने लिफ्ट का ऑर्डर न होने और कछुआ गति से चल रहे काम पर नाराजगी जताई थी। तब तत्कालीन डीएम ने अधिशासी अभियंता इंद्रपाल सिंह, सहायक अभियंता अरविंद कुमार और एजेंसी के प्रतिनिधियों को बैठक से बाहर का रास्ता दिखा दिया था। यही नहीं, काम में देरी पर कंपनी पर 1.75 करोड़ रुपए का भारी-भरकम जुर्माना भी ठोका गया था। ओडीओपी बनेगा कोर्स का हिस्सा समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्वविद्यालय की शिक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि आरएमपीयू में अब पारंपरिक डिग्री बांटने के बजाय कॅरिअर की गारंटी पर फोकस होना चाहिए। इंडस्ट्री-ओरिएंटेड कोर्स : कुलपति प्रो. नरेंद्र बहादुर सिंह को निर्देश दिए गए कि वे ऐसे स्किल डेवलपमेंट और रोजगारपरक कोर्स शुरू करें, जो छात्रों को सीधे नौकरी या स्वरोजगार से जोड़ें। पाठ्यक्रमों को आधुनिक तकनीकी विकास और उद्योगों की वर्तमान मांग के हिसाब से अपग्रेड किया जाए। 'एक जिला-एक उत्पाद' (ODOP) योजना को पढ़ाई का हिस्सा बनाया जाए। स्थानीय उद्योगों, पारंपरिक उत्पादों और स्टार्टअप आधारित शिक्षा को बढ़ावा दिया जाए, ताकि युवा नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले उद्यमी बनें। 70 मिनट की 'अग्निपरीक्षा', धड़कती रहीं अफसरों की सांसें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दौरा कोई औपचारिक वीआईपी विजिट नहीं था, बल्कि वह अपने ड्रीम प्रोजेक्ट की हकीकत परखने जमीनी स्तर पर उतरे थे। सोमवार दोपहर 1:42 बजे जैसे ही मुख्यमंत्री का काफिला परिसर में रुका, प्रशासनिक अमले के हाथ-पांव फूल गए। सीएम योगी पूरे 70 मिनट तक परिसर में रहे। उन्होंने लाइब्रेरी, शीला गौतम सभागार और प्रशासनिक भवन का गहनता से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री अचानक लाइब्रेरी की तरफ मुड़ गए। उन्होंने अंदर जाकर छात्रों के सिटिंग प्लान को देखा और किताबों की उपलब्धता की जांच की। अधिकारियों ने ली राहत की सांस दोपहर 2:52 बजे जब मुख्यमंत्री का काफिला कलेक्ट्रेट के लिए रवाना हुआ, तब जाकर पीडब्ल्यूडी और विवि प्रशासन के अधिकारियों की सांस में सांस आई। विवि के अधिकारियों ने अनौपचारिक बातचीत में माना कि मुख्यमंत्री की इस कड़ी परीक्षा में वे जैसे-तैसे पास हो गए हैं, लेकिन व्यवस्थाओं को सुधारने की चुनौती अब भी बड़ी है।
तेज रफ्तार कार की टक्कर से बाइक सवार की मौत:मध्य प्रदेश शासन लिखी कार ने मारी टक्कर, बाराती फरार
ललितपुर में सोमवार शाम एक तेज रफ्तार बुलेरो कार ने बाइक सवार किसान को टक्कर मार दी, जिससे उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। कार पर 'मध्य प्रदेश शासन' लिखा हुआ था। घायल को अस्पताल पहुंचाने वाली स्टाफ नर्स किसान की मौत की खबर सुनकर बेहोश हो गई, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। कार सवार सभी बाराती मौके से फरार हो गए। यह घटना थाना नाराहट अंतर्गत राजघाट मार्ग पर मोहल्ला पिसनारी स्थित सरस धाम के सामने हुई। नाराहट के मोहल्ला फूलबाग निवासी 40 वर्षीय लक्ष्मी नारायण उर्फ करिया पुत्र स्वर्गीय भगवती सोमवार शाम करीब साढ़े सात बजे अपनी बाइक से जा रहे थे। तभी मध्य प्रदेश के अशोक नगर जिले के मुंगावली से बारात लेकर आ रही बुलेरो ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद लक्ष्मी नारायण गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद लोग वीडियो बनाने लगे, तभी वहां से गुजर रही नई बस्ती निवासी स्टाफ नर्स श्रीवास्तव ने लोगों से घायल को अस्पताल पहुंचाने का आग्रह किया। वह एंबुलेंस से घायल को मेडिकल कॉलेज ले आईं, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। युवक की मौत की खबर सुनते ही नर्स बेहोश हो गईं, जिन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। मृतक लक्ष्मी नारायण एक किसान थे। उनके परिवार में दो बेटियां और दो बेटे हैं। पुलिस ने घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचकर कार को जब्त कर लिया और थाने ले गई। कार की आगे वाली सीट पर दूल्हे की कटार मिली, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि कार में बाराती सवार थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बाइक की टक्कर से ई-रिक्शा चालक की मौत:आजमगढ़ में भीरा चौराहे पर हुआ हादसा, आरोपी फरार
आजमगढ़ में देवगांव कोतवाली क्षेत्र के एनएच-233 स्थित भीरा चौराहे पर सोमवार को हुए सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल ई-रिक्शा चालक की इलाज के दौरान मौत हो गई। हादसे के बाद से बाइक चालक फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। जानकारी के अनुसार, देवगांव कोतवाली क्षेत्र के परसौली गांव निवासी नरेंद्र सिंह (30) पुत्र शंकर सिंह ई-रिक्शा लेकर लालगंज बाजार की ओर जा रहे थे। सोमवार को भीरा चौराहे पर सड़क पार करते समय वाराणसी की ओर से आ रही तेज रफ्तार बाइक ने उनके ई-रिक्शा में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद पलटा ई-रिक्शा प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी भीषण थी कि ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में नरेंद्र सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि बाइक चालक मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायल को सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय लालगंज ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए वाराणसी ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। वाराणसी में इलाज के दौरान तोड़ा दम वाराणसी ट्रॉमा सेंटर में नरेंद्र सिंह का इलाज चल रहा था, लेकिन देर रात उन्होंने दम तोड़ दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। आरोपी बाइक चालक की तलाश जारी पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आसपास के सीसीटीवी कैमरों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर फरार बाइक चालक की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की तलाश के लिए टीम गठित की गई है और उसे जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं, मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
बरेली में कैनविज कंपनी का CEO भगोड़ा घोषित:25 हजार का इनाम तय, 800 करोड़ की ठगी का आरोप, 60 FIR
बरेली में निवेशकों का पैसा दोगुना करने और प्लॉट दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये जुटाने के आरोपों में घिरे कैनविज इंडस्ट्रीज लिमिटेड के सीईओ की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। बरेली पुलिस ने उसे भगोड़ा घोषित करते हुए गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य के आदेश पर यह कार्रवाई की गई है। पुलिस की टीमें पिछले करीब एक वर्ष से उसकी तलाश में जुटी हैं, लेकिन अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिल सका है। कन्हैया लाल गुलाटी पर आरोप है कि उसने निवेश योजनाओं और प्लॉट उपलब्ध कराने के नाम पर देशभर के लोगों से बड़ी रकम जुटाई। निवेशकों को आकर्षक रिटर्न और धनराशि दोगुनी होने का भरोसा दिया गया, लेकिन बाद में कंपनी और उसका प्रबंधन निवेशकों की पहुंच से बाहर हो गया। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि करीब दो लाख लोगों से 800 करोड़ रुपए से अधिक की धनराशि एकत्र कर हड़प ली गई। हजारों निवेशक वर्षों से अपनी जमा पूंजी वापस पाने के लिए पुलिस और अदालतों के चक्कर काट रहे हैं। कई राज्यों में दर्ज हैं मुकदमे पुलिस के अनुसार कन्हैया लाल गुलाटी के खिलाफ केवल बरेली में ही 60 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा उत्तराखंड, झारखंड समेत अन्य राज्यों में भी धोखाधड़ी और निवेशकों का पैसा हड़पने के आरोप में कई मामले दर्ज किए गए हैं। बारादरी थाने में दर्ज हुए थे अहम केस 9 दिसंबर 2025 को उज्ज्वल महानगर निवासी अंजू गुप्ता ने थाना बारादरी में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि प्लॉट दिलाने के नाम पर रकम लेने के बावजूद न तो प्लॉट दिया गया और न ही धनराशि लौटाई गई। इस मामले में धोखाधड़ी और अमानत में खयानत की धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके दो दिन बाद 11 दिसंबर 2025 को शाहजहांपुर निवासी प्रिंस गुप्ता ने भी इसी तरह की शिकायत दर्ज कराई। आरोप था कि प्लॉट के नाम पर धनराशि लेकर धोखाधड़ी की गई और विरोध करने पर धमकियां दी गईं। केवल बारादरी में 19 मुकदमे विचाराधीन पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक कन्हैया लाल गुलाटी के खिलाफ केवल थाना बारादरी में ही 19 मुकदमे दर्ज हैं, जो वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन हैं। आरोपी की गिरफ्तारी न होने के कारण कई मामलों की सुनवाई और जांच भी प्रभावित हो रही है। कोर्ट से जारी है गैर-जमानती वारंट पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ एसीजेएम-02 न्यायालय से गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) भी जारी हो चुका है। लगातार फरार रहने और अदालत में पेश न होने के कारण उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का दायरा बढ़ता जा रहा है। कई राज्यों में दबिश, फिर भी नहीं मिला सुराग बरेली पुलिस की टीमें विभिन्न राज्यों में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहा है, जिससे गिरफ्तारी में कठिनाई आ रही है। उसके खिलाफ पहले ही लुकआउट नोटिस जारी किया जा चुका है, ताकि वह देश छोड़कर फरार न हो सके। एसएसपी बोले- गिरफ्तारी कराने वाले को मिलेगा इनाम एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि थाना बारादरी में दर्ज गंभीर धोखाधड़ी के मामलों में वांछित कन्हैया लाल गुलाटी की गिरफ्तारी सुनिश्चित कराने के लिए 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए सभी कानूनी और तकनीकी संसाधनों का उपयोग कर रही है। निवेशकों की निगाहें पुलिस कार्रवाई पर हजारों निवेशकों को अब आरोपी की गिरफ्तारी का इंतजार है। कई पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने जीवनभर की जमा पूंजी कंपनी में निवेश की थी। ऐसे में आरोपी की गिरफ्तारी और निवेशकों की रकम की रिकवरी ही उनके लिए सबसे बड़ी उम्मीद बनी हुई है। पुलिस का दावा है कि मामले में कार्रवाई लगातार जारी है और जल्द ही आरोपी तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
शहर के कोतवाली थाना इलाके में आपसी कहासुनी के चलते एक युवक पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर जानलेवा हमला करने का मामला सामने आया है। घटना पिपली चौक (मलसीसर रोड) पर हुई, जहं युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। गंभीर हालत में युवक को जयपुर रैफर किया गया है। वहीं, वारदात के बाद आरोपी के परिजनों ने खुद आगे बढ़कर आरोपी को पुलिस को सौंप दिया। वॉलीबॉल खेलकर लौट रहा था युवकशुरुआती जानकारी के अनुसार, आबिद उर्फ फैसल(20) अपने दोस्तों के साथ वॉलीबॉल खेलकर घर लौट रहा था। इसी दौरान उसके ही मोहल्ले का रहने वाला जासिम कुरैशी(21) पीछे से दौड़ता हुआ आया और अचानक आबिद पर चाकू से हमला कर दिया। आरोपी जासिम ने फैसल पर ताबड़तोड़ चाकू घोंपे, जिससे वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। बीडीके अस्पताल से जयपुर रैफरआस-पास मौजूद लोगों ने तुरंत घायल आबिद को संभाला और उसे राजकीय बीडीके (BDK) हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने घायल की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार कर जयपुर रैफर कर दिया। सूचना पर पहुंचे आरोपी के परिजनों ने खुद जासिम को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। चार दिन पहले दी थी धमकीपुलिस के अनुसार, घायल आबिद और आरोपी जासिम दोनों एक ही मोहल्ले के निवासी हैं और उनके बीच पिछले कुछ दिनों से किसी बात को लेकर कहासुनी चल रही थी। तीन-चार दिन पहले भी जासिम ने फैसल को धमकी दी थी, जिसके बाद आज चाकू घोंप दिया। घायल फैसल उर्फ आबिद के बड़े भाई ने कोतवाली थाने में आरोपी जासिम के खिलाफ रिपोर्ट दी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इंदौर के नवलखा इलाके में सोमवार शाम एक निजी ट्रेवल्स की उपनगरीय बस एक पोल में जा घुसी। बताया जाता है कि बस के ब्रेक फेल होने के चलते उसे रोकने के लिए ड्राइवर ने इसे पोल से टकरा दिया। इस हादसे में दो बच्चों सहित करीब आठ लोग घायल हो गए। सभी का एमवाय अस्पताल में उपचार कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। पुलिस इस मामले में ड्राइवर की तलाश कर रही है, जबकि क्लीनर को हिरासत में लिया गया है। संयोगितागंज पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक घटना नवलखा क्षेत्र की है। यहां रूबी ट्रेवल्स की उपनगरीय बस अचानक एक पोल में जा घुसी। बताया जाता है कि बस इंदौर और पीथमपुर के बीच संचालित होती है। बस में कई यात्री सवार थे। हादसे के बाद बस में बैठे यात्री घबरा गए और शोर मचाने लगे। आसपास मौजूद लोगों ने मदद कर यात्रियों को बस से बाहर निकाला। इस हादसे में 8 वर्षीय माही और 5 वर्षीय लोकेश सहित करीब आठ लोग घायल हो गए। सभी को उपचार के लिए एमवाय अस्पताल भेजा गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी को छुट्टी दे दी गई। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, संभवतः बस के ब्रेक फेल होने के कारण यह हादसा हुआ। मामले में क्लीनर मुकेश को हिरासत में लिया गया है, जबकि ड्राइवर की तलाश की जा रही है।
पाकिस्तान में हिन्दु परिवारों को कैसी-कैसी चुनौतियों के बीच रहना पड़ रहा है, ये निर्माण नगर स्थिति जेसीसीए में 'सरहदें' नाटक के जरिए दिखाया गया। नाटक को एक्टर-डायरेक्टर नवीन शर्मा ने डायरेक्ट किया। इस नाटक में बंटवारे के दौरान पाकिस्तान से हिन्दुस्तान नहीं आ पाए एक परिवार की कहानी दिखाई गई। इस हिन्दु परिवार का उसके पड़ौसियों ने काफी ध्यान रखा। लेकिन इस परिवार के बच्चे अपनी परम्परा और संस्कार भी अपना नहीं पा रहे थे। अंत में स्कूल में हुए ब्लास्ट में परिवार ने अपनी बच्चियों को खो दिया। नाटक में अतंकवाद और कर्फ्यु के हालातों को दिखाया गया। नाटक में विवेक तोतला, काविता गुगनानी, आरिका मित्तल, वेदिका मित्तल, आइना खन्ना, शुभम शर्मा, कृष गंदोत्रा, दीक्षा हर्ष, वंश जयरामानी, दक्ष नागपाल, समृद्धि रामरखनी, सुपर्णा राय, कुलदीप ने एक्टिंग के जौहर दिखाए।
लखनऊ के गोमतीनगर स्थित उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी परिसर के संत गाडगे जी महाराज प्रेक्षागृह में ग्रीष्मकालीन कला कार्यशालाओं का समापन हो गया। इस प्रशिक्षण के बाद प्रतिभागियों ने संगीत, नृत्य और लोककलाओं की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं, जिन्होंने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। कार्यशाला में शास्त्रीय गायन, उपशास्त्रीय संगीत, कथक, तबला, अवधी लोकगीत, भजन-गजल, नाटक, फोटोग्राफी और एंकरिंग जैसी विभिन्न कला विधाओं का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला प्रभारी पवन कुमार ने बताया कि इस वर्ष लगभग 400 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जो अब तक की सर्वाधिक संख्या है। पारंपरिक गीतों की प्रस्तुति सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की शुरुआत भजन-गजल समूह ने 'राम को प्रणाम करिए' से की। इसके बाद गजल और कव्वाली ने श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। अवधी लोकगीतों में सरिया, शगुन, विवाह गीत, झंडा, देवी गीत, सोहर, बन्ना और नकटा जैसे पारंपरिक गीतों की प्रस्तुति ने पूरे माहौल को लोक संस्कृति से सराबोर कर दिया। शास्त्रीय गायन के तहत राग भीमपलासी की बंदिश और भजन प्रस्तुत किए गए। उपशास्त्रीय संगीत में ठुमरी, दादरा और टप्पा की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को प्रभावित किया। कथक के तीन समूहों ने भगवान श्रीकृष्ण, भगवान शिव और प्रभु श्रीराम पर आधारित नृत्य प्रस्तुत कर खूब सराहना बटोरी। तालों का प्रभावशाली प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र रहा तबला वादन में दिल्ली घराने की शैली और विभिन्न तालों का प्रभावशाली प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र रहा। कलाकारों की लय, ताल और समन्वय ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। अकादमी के कार्यवाहक निदेशक सौरभ सक्सेना ने बताया कि समापन श्रृंखला के तहत 23 जून को शाम छह बजे संत गाडगे जी महाराज प्रेक्षागृह में शैलेश श्रीवास्तव के निर्देशन में नाटक 'बूंद पानी की' का मंचन किया जाएगा। यह प्रस्तुति ग्रीष्मकालीन कला कार्यशालाओं की समापन श्रृंखला का अंतिम कार्यक्रम होगी।
सूरजपुर जिले में नव प्रारंभ हुए केंद्रीय विद्यालय में पहले ही दिन अव्यवस्थाओं को लेकर अभिभावकों ने नाराजगी जताई। बच्चों को स्कूल लेकर पहुंचे परिजनों ने मूलभूत सुविधाओं की कमी का आरोप लगाते हुए प्रशासन से तत्काल सुधार की मांग की है। अभिभावकों के अनुसार, विद्यालय में पीने के स्वच्छ पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। इसके अतिरिक्त, शौचालयों में गंदगी होने के कारण बच्चों को परेशानी हो रही है। स्कूल के पहले दिन सामने आईं इन कमियों ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। जानकारी के अनुसार, विद्यालय में वर्तमान में कक्षा पहली से पांचवीं तक की कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। छोटे बच्चों के लिए बुनियादी सुविधाओं का अभाव एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है। अभिभावकों ने इस संबंध में कलेक्टर सूरजपुर से शिकायत की है और तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने अपनी समस्या बताने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया, तो उनका फोन नहीं उठाया गया।
विदिशा में करोड़ों रुपये के कथित फर्जी गोल्ड लोन मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के हाथों में पहुंच गई है। सोमवार को सीबीआई की टीम विदिशा पहुंची और मामले से जुड़े कई स्थानों पर जांच की। टीम ने एमपी ज्वेलर्स, कैलाश नारायण अमित कुमार ज्वेलर्स समेत अन्य संबंधित प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर दस्तावेजों की पड़ताल की और संबंधित लोगों से पूछताछ की। बैंक के नोटिस से खुला मामला यह मामला स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की शाखा से स्वीकृत किए गए गोल्ड लोन से जुड़ा है। शुरुआती जांच में ऐसे कई मामले सामने आए, जिनमें लोगों ने दावा किया कि उन्होंने कभी गोल्ड लोन नहीं लिया, जबकि उनके नाम पर बैंक से बकाया राशि के नोटिस जारी किए गए थे। जानकारी के अनुसार, कुछ समय पहले कई लोगों को बैंक की ओर से लोन रिकवरी के नोटिस मिले थे। नोटिस मिलने के बाद संबंधित लोगों ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि उन्होंने न तो सोना गिरवी रखा और न ही किसी गोल्ड लोन प्रक्रिया में हिस्सा लिया। इसके बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया और जांच शुरू हुई। जांच में उठे कई सवाल जांच के दौरान सोने के मूल्यांकन, दस्तावेजों के सत्यापन और लोन स्वीकृति की प्रक्रिया को लेकर सवाल सामने आए। इसके बाद मामले को आगे की जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंप दिया गया। सूत्रों के मुताबिक, गोल्ड लोन स्वीकृत होने से पहले सोने का मूल्यांकन अधिकृत मूल्यांकनकर्ता के माध्यम से किया जाता था। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस प्रक्रिया के दौरान कहीं नियमों का उल्लंघन या किसी स्तर पर लापरवाही तो नहीं हुई। मामले में बैंक के तत्कालीन प्रबंधक और एक अन्य कर्मचारी को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। हालांकि, जांच एजेंसियों की ओर से अब तक किसी व्यक्ति की अंतिम जिम्मेदारी तय नहीं की गई है। बैंक से ईओडब्ल्यू और फिर सीबीआई तक पहुंची जांच मामले की प्रारंभिक जांच बैंक ने अपने स्तर पर शुरू की थी। बाद में इसकी गंभीरता को देखते हुए जांच ईओडब्ल्यू भोपाल को सौंपी गई। अब सीबीआई पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रही है। टीम दस्तावेजों का मिलान कर रही है, लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं और संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाना है कि कथित फर्जी गोल्ड लोन का दायरा कितना बड़ा था और यदि अनियमितताएं हुईं तो उनकी जिम्मेदारी किस स्तर तक तय होती है। फिलहाल सीबीआई की जांच जारी है और आने वाले दिनों में मामले से जुड़े और तथ्य सामने आने की संभावना है।
कोरबा जिले के कटघोरा थाना क्षेत्र के लखनपुर गांव में सोमवार को एक नाबालिग ने जादू-टोना के शक में पड़ोस में रहने वाली एक बुजुर्ग महिला पर फरसे से हमला कर दिया। हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसका उपचार जारी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी नाबालिग पिछले दो साल से मानसिक रूप से बीमार है और नशे का आदी भी बताया जा रहा है। सोमवार को उसने गांव की भरतीन बाई पर चारा काटने वाले फरसे से कई वार किए। आरोपी को शक था कि भरतीन बाई ने उस पर जादू-टोना किया है। हमले की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी वहां से भाग गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत डायल 112 पर घटना की सूचना दी। एंबुलेंस से घायल महिला को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया। डॉक्टरों के मुताबिक, महिला के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं और काफी खून बह गया है। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। सूचना मिलने पर कटघोरा पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आरोपी नाबालिग को हिरासत में ले लिया। आरोपी के पिता ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा दो साल से मानसिक बीमारी और नशे की गिरफ्त में है। उन्होंने कई बार उसका इलाज भी कराया, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी है। कटघोरा थाना प्रभारी धर्म नारायण तिवारी ने बताया कि आरोपी ने गांव की भरतीन बाई पर धारदार हथियार से हमला किया है। आरोपी नाबालिग है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी को शक था कि महिला ने उस पर टोना-जादू किया है, इसी वजह से उसने हमला किया। मामले में आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।
पिकअप की टक्कर से बाइक सवार की मौत:गंभीर घायल साथी सांचौर रेफर, बाड़मेर शहर से गांव लौटते समय हादसा
बाड़मेर में नेशनल हाईवे 68 पर पिकअप ने बाइक को टक्कर मार दी। इससे एक युवक की मौत हो गई। वहीं दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। घटना बाड़मेर जिले के सदर थाना इलाके लूखू भाखरी गांव के पास रात करीब 9 बजे की है। पुलिस ने मृतक के शव को धोरीमन्ना हास्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया। वहीं गंभीर घायल को सांचौर रेफर किया गया है। बाइक पर बाड़मेर से अपने गांव जा रहे थेपुलिस के अनुसार- धोरीमन्ना गौड़ा निवासी सुखदेव पुत्र वागाराम और नरपत पुत्र गोकलाराम दोनों बाइक पर सवार होकर बाड़मेर शहर से अपने गांव की तरफ जा रहे थे। नेशनल हाईवे 68 लूखू भाखरी गांव के पास सामने से आ रही पिकअप ने बाइक को टक्कर मार दी। इससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास के लोग दोनों को धोरीमन्ना हॉस्पिटल लेकर गए। वहां पर डॉक्टरों ने सुखदेव पुत्र वागाराम की मौत हो गई। वहीं नरपत पुत्र गोकलाराम गंभीर रूप से घायल होने पर प्राथमिक उपचार के बाद सांचौर रेफर कर दिया गया। सूचना मिलन पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मृतक के शव को मॉर्च्युरी में रखवाया। वहीं परिजनों को सूचना दे दी है। परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर सुबह पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई की जाएगी। वहीं पिकअप व बाइक को सनावड़ा चौकी में रखवाया गया है।
अलीगंज में आग लगने से 15 लोगों की मौत के मामले को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंभीरता से लिया है। हादसे की जांच के लिए 2 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। टीम को 7 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपने का निर्देश दिया है।SIT में धर्मार्थ कार्य, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और अपर पुलिस महानिदेशक, लखनऊ जोन प्रवीण कुमार को शामिल किया गया है। टीम हादसे के कारणों, लापरवाही और जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच करेगी। अलीगढ़ का दौरा बीच में छोड़कर पहुंचे योगी इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ का दौरा बीच में छोड़कर सीधे लखनऊ पहुंचे। सबसे पहले घटनास्थल पर गए और जली हुई बिल्डिंग का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से हादसे की पूरी जानकारी ली और राहत-बचाव कार्य की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने बगल के भवन की छत पर जाकर भी आग से प्रभावित बिल्डिंग की स्थिति देखी। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हादसे की जांच तेजी से की जाए और लापरवाही सामने आने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। घायलों से मिले योगी आदित्यनाथ घटनास्थल के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीधे केजीएमयू पहुंचे। यहां भर्ती घायलों का हाल जाना और डॉक्टरों से इलाज की जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि सरकार इस दुख की घड़ी में परिवारों के साथ खड़ी है। दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। मृतकों के परिवारों को 5 लाख, घायलों को 50 हजार अग्निकांड में जान गंवाने वालों के परिजनों को मुख्यमंत्री ने 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। घायल लोगों के इलाज के लिए 50-50 हजार रुपये की मदद का ऐलान किया। सीएम के दौरे के दौरान उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, अपर मुख्य सचिव गृह, पुलिस महानिदेशक, फायर सर्विस के अधिकारी और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सीएम ने उच्च स्तरीय बैठक की मुख्यमंत्री ने देर रात उच्च स्तरीय बैठक कर अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली। बैठक में उन्होंने घटना पर नाराजगी जताते हुए लापरवाही करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। SIT अब बिल्डिंग में सुरक्षा व्यवस्था, फायर सिस्टम, अनुमति और हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी। टीम सात दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। हादसे के बाद प्रशासन, पुलिस, फायर विभाग और राहत टीमों की भूमिका की भी समीक्षा की जा रही है। सरकार ने साफ किया है कि जांच में जो भी दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा- देश के हालात चिंताजनक हैं और भाजपा विपक्ष को समाप्त करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सांसदों और विधायकों की खरीद-फरोख्त कर सरकारें बनाई जा रही हैं। यदि यही स्थिति रही तो भारत में भी रूस और चीन की तरह एक ही पार्टी का प्रभुत्व स्थापित हो सकता है। देश में संविधान की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और यदि लोग चुप रहे तो आने वाली पीढ़ियां उन्हें माफ नहीं करेंगी। उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए जनभागीदारी को जरूरी बताया। दरअसल, गहलोत सोमवार को पाली शहर के दौरे पर थे। उन्होंने सुमेरपुर रोड स्थित बाड़सा रिसोर्ट में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वालों पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं और उन्हें जेल भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा 'कांग्रेस मुक्त' और 'विपक्ष मुक्त' भारत की बात करती है, जो लोकतंत्र के लिए खतरा है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे गलत नीतियों का विरोध करें और लोकतंत्र की रक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं। गहलोत ने प्रसूता की किडनी फेल मामले पर कहा कि हॉस्पिटल में डिलेवरी के दौरान महिलाओं की मौत हो रही। इस डर से महिलाएं हॉस्पिटल जाने से भी घबराने लगी है। यह सरकार का फेलियर है। बीज घोटाला मामले में मंत्री पर कार्रवाई की मांगबीज घोटाले से जुड़े सवाल पर गहलोत ने कहा कि यदि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा दोषी हैं तो मुख्यमंत्री को निष्पक्ष जांच करवाकर उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) दबाव में काम कर रही है। साथ ही प्रदेशभर में लगाए जा रहे सरकारी शिविरों को उन्होंने सिर्फ एक नाटक करार दिया। हमेशा पाली जिले के विकास को प्राथमिकता दीपूर्व सीएम ने कहा कि उन्होंने हमेशा पाली जिले के विकास को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि फ्रेट कॉरिडोर रोहट को दिया गया और इसे जोधपुर नहीं ले जाया गया। उन्होंने अपनी सरकार की निशुल्क दवा योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि आज भी लोग इस योजना की सराहना करते हैं। गहलोत ने कहा कि वर्तमान समय कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई का है, जो कुछ ही सेकंड में सवालों के जवाब दे देता है। उन्होंने युवाओं से तकनीक और ज्ञान पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान करते हुए कहा कि 'नॉलेज इज पावर' और जिसके पास ज्ञान है, उसका समाज में सबसे अधिक मूल्य है। RSS- BJP से व्यक्तिगत नहीं, विचारधारा की लड़ाईगहलोत ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा देश को आगे बढ़ाने का काम किया है, जबकि भाजपा जवाहर लाल नेहरू की विरासत का अपमान कर रही है। उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ(RSS) और भाजपा से व्यक्तिगत नहीं, बल्कि विचारधारा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा विरोधियों को जेल भेजने और बदले की राजनीति करने का काम कर रही है। साथ ही दावा किया कि भाजपा शासन में भ्रष्टाचार बढ़ा है और सरकारी अस्पतालों में दवाइयों की कमी और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली से आमजन परेशान हैं। पाली में कांग्रेस अधिवेशन का ऐलानगहलोत ने घोषणा की कि पाली में कांग्रेस का अधिवेशन आयोजित किया जाएगा, जिसमें कार्यकर्ताओं से फीडबैक लिया जाएगा। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से अभी से संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावों में कांग्रेस की जीत सुनिश्चित करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जब भी कार्यकर्ता बुलाएंगे, वह पाली आने के लिए तैयार रहेंगे। यह लोग रहे मौजूद इस दौरान शहर अध्यक्ष हकीम भाई के नेतृत्व में 21 किलो फूलों की माला से स्वागत किया गया। इस दौरान पूर्व सांसद बद्रीराम जाखड़, लोकसभा प्रत्याशी संगीता बेनीवाल, डिम्पल कंवर, भूराराम सीरवी, पूर्व सभापति केवलचंद गुलेच्छा, अजीज दर्द, पूर्व विधायक खुशवीर सिंह जोजावर, पाली शहर कांग्रेस अध्यक्ष हकीम भाई, पाली विधायक भीमराज भाटी की पत्नि कन्या देवी, मेहबूब टी, जबरसिंह राजपुरोहित, पूर्व सभापति प्रदीप हिंगड़, मंगलाराम चौधरी, यशपालसिंह, सुरबाला काला, राजूसिंह सोनाईमांझी, शकील नागौरी, आमीन अली रंगरेज, अमजद अली रंगरेज, दिलीप ओड, जोगाराम सोलंकी, जीवराज बोराणा, मदनसिंह जागरवाल, मांगूसिंह दूदावत, ताराचंद चंदनानी, मोनू मेघवाल, सीताराम टांक, शहाबुद्दीन बागवान, जीशान अली रंगरेज,फारूख रंगीला सहित कई कांग्रेसी मौजूद रहे। अब देखिए- PHOTOS
युवक पर फायरिंग मामले में अब तक 8 गिरफ्तार:जानलेवा हमले में चली गई थी जान; आरोपियों से चल रही पूछताछ
जोधपुर में युवक पर अंधाधुंध फायरिंग और जानलेवा हमले मामले में मुख्य आरोपी अजय घारू सहित साजिश में शामिल 8 बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। व्यस्ततम इलाके 12वीं रोड चौराहा और बॉम्बे मोटर्स के बीच 19 जून की यह वारदात हुई थी। मामले में पुलिस ने घटना में शामिल एक नाबालिग को डिटेन किया है। बता दें कि हमले में गंभीर घायल हुए विक्की उर्फ फाइटर ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। देवनगर थाना अधिकारी सोमकरण के नेतृत्व में पुलिस को तकनीकी साक्ष्यों से सूचना मिली कि आरोपी विशाल पंडित बरकतुल्लाह खान स्टेडियम के पास छुपा है। इस पर पुलिस ने मुख्य आरोपी अजय घारू, विशाल पंडित, विश्वास उर्फ चीकू और हर्षित तंवर को धर दबोचा। वहीं वारदात के मददगार मोहित चांवरिया, मनीष बोयत, साहिल राठी और प्रिंस घारू को रातानाडा इलाके से दस्तयाब किया गया। यह था पूरा मामला बता दें कि 19 जून की रात करीब 10 बजे बॉम्बे मोटर्स के पास सनी हंस और विक्की फाइटर पर बदमाशों ने लाठी-सरियों से हमला कर फायरिंग कर दी थी। एमडीएम अस्पताल में इलाज के दौरान सनी हंस ने पुलिस को पर्चा बयान दिया। इसके आधार पर देवनगर थाने में जानलेवा हमले और आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज किया गया था। इलाज के दौरान विक्की की मौत हो गई थी। पुलिस की शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से आपसी रंजिश चल रही थी। पुलिस अब इन आरोपियों से गहनता से पूछताछ कर रही है।
जोधपुर में प्रसूताओं को डिलीवरी के समय लगाए गए ड्रिप सहित 25 तरह की दवा और इंजेक्शन के यूज पर रोक लगा दी गई है। इन सभी के सैंपल लिए गए हैं। जब तक रिपोर्ट नहीं आ जाती तब तक इन्हें यूज नहीं किया जाएगा। बताया जा रहा है कि सिजेरियन डिलीवरी के समय प्रसूताओं को सोडियम लैक्टेट इंजेक्शन (ड्रिप) लगाया गया था। 7 दिन पहले ही इसका पहला बैच आया था और पहली बार इसे यूज किया गया था। मेडिकल डिपार्टमेंट ने अब इन्हें संदिग्ध माना है। ऐसे में प्रसूताओं की तबीयत खराब होने के बाद इन सभी पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। वहीं मामले को लेकर एम्स की टीम भी जांच करेगी। बता दें कि सिजेरियन डिलीवरी के बाद 8 प्रसूताओं की 20 जून को तबीयत खराब हो गई थी। सात दिन पहले आया था पहला बैच पावटा डिस्ट्रीक्ट हॉस्पिटल के पीएमओ डॉ. कुलबीर चौपड़ा ने बताया- ये ड्रिप प्री-सिजेरियन और पोस्ट सिजेरियन दोनों कंडीशन में दी जाती है। इस बैच की सप्लाई सात दिन पहले ही हुई थी। इसके बाद पहली बार शनिवार को 8 प्रसूताओं को ये दिया गया था। चौपड़ा ने बताया- बाकी मेडिसिन और ट्रीटमेंट जो पहले दिया जा रहा था, वह ही था। ऑपरेशन के दौरान भी होता है इसका यूज डॉ. कुलबीर चौपड़ा ने बताया- सामान्य तौर पर इसे 1000 से 1500 एमएल के बीच दिया जाता है। ओटी में भी ये ड्रिप दी जाती है। उन्होंने बताया- सिजेरियन डिलीवरी से पहले और बाद में कम से कम तीन दिन तक प्रसूता को खाने में दिक्कत होती है। ऐसे में इस ड्रिप को यूज किया जाता है। एम्स में रेफर प्रसूताएं डायलिसिस पर, परिजन बोले- मामले की जांच हो डॉ. कुलबीर चौपड़ा ने बताया- जिन 6 महिलाओं का इलाज पावटा के जिला हॉस्पिटल में चल रहा है, उनकी तबीयत में अब पहले से सुधार है। प्रसूताओं को खाने में सोमवार को दलिया भी दिया था। बाकी दो प्रसूता ललिता और सोनल डायलिसिस पर है। उन्हें पहले मथुरादास माथुर हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया था। उनकी हालत देखते हुए सुबह पहले ललिता को एम्स रेफर किया। इसके बाद शाम को सोनल के दो डायलिसिस होने के बाद उसे भी एम्स में शिफ्ट किया गया है। ललिता के परिजन बोले- तबीयत बिगड़ने पर एम्स में किया शिफ्ट ललिता के परिजन ने कहा- जब रविवार को हम लोग मिले तो उसकी हालत गंभीर थी। लंग्स और किडनी पर इफेक्ट आया है। रविवार रात एक बजे तबीयत बिगड़ने लगी तो पूरी टीम के साथ एम्स में शिफ्ट किया गया। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा- इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। सिजेरियन के बाद यूरिन बंद हुआ, ब्लीडिंग होने लगी हॉस्पिटल में एडमिट प्रसूताओं के परिजनों ने बताया- सभी प्रसूताओं की शनिवार सुबह से दोपहर के बीच में डिलीवरी हुई थी। डिलीवरी के बाद प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने लगी। इनके यूरिन बंद हो गए थे। जिन्हें एमडीएम ले जाया गया, उनमें ब्लीडिंग की शिकायत ज्यादा थी। इसके बाद तत्काल डॉक्टर्स की टीम मौके पर पहुंची और सैंपल लिए। जांच में सामने आया कि इनकी किडनी पर इफेक्ट आया है। दोनों की किडनी पर इफेक्ट, एम्स की टीम करेगी जांच पूरे मामले में मेडिकल कॉलेज स्तर पर टीम बनाई गई है। वहीं एम्स की भी टीम इस पूरे मामले की अपने स्तर पर जांच करेगी। डॉ. कुलबीर चौपड़ा ने बताया- दोनों मरीजों की किडनी पर इफेक्ट आया है। वहीं जब तक ओटी और मेडिसिन की रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक ऑपरेशन बंद रखे जाएंगे। उन्होंने बताया- इस इंफेक्शन का मूल कारण क्या रहा, ये जांच रिपोर्ट आने पर ही पता चल पाएगा। इसके अलावा कोई ऑपरेशन के लिए पेशेंट आता है तो उसे एमडीएम में शिफ्ट किया जाएगा। ये खबर भी पढ़ें… जोधपुर में सिजेरियन के बाद 8 महिलाओं की तबीयत बिगड़ी:2 ICU में; मंत्री बोले-मरीज कहीं न कहीं से धक्का खाकर सरकारी हॉस्पिटल में आता है कोटा और बीकानेर के बाद अब जोधपुर के पावटा स्थित डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 8 महिलाओं की तबीयत बिगड़ गई। इन्हें ब्लीडिंग और ब्लड प्रेशर (BP) लो की शिकायत है। इनमें से 2 महिलाओं को किडनी में इंफेक्शन के बाद मथुरा दास माथुर हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया। हालत बिगड़ने पर इनमें से एक को एम्स रेफर किया गया। उनका ICU में इलाज चल रहा है। 2 गम्भीर महिलाएं डायलीसिस पर हैं। (यहां पढ़ें पूरी खबर)
जबलपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बरेला थाना क्षेत्र के नागाघाटी में सोमवार रात करीब 8 से 9 बजे के बीच सड़क हादसा हो गया। यहां एक तेज रफ्तार ट्राला ने आगे चल रही अर्टिगा कार को पीछे से टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में कार सवार एक युवक की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि पांच अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। जानकारी के अनुसार, कार में सवार सभी लोग रायपुर में एक सगाई समारोह में शामिल होकर अपने घर उमरिया जिले के चंदिया लौट रहे थे। यह हादसा बरेला थाना अंतर्गत शारदा मंदिर नागाघाटी के पास, मंगलायतन कॉलेज के सामने मुख्य मार्ग पर हुआ। मंडला की तरफ से आ रही अर्टिगा गाड़ी में कुल 7 लोग सवार थे। हादसे के कारण कुछ देर प्रभावित रहा यातायात इस सड़क हादसे में सीधी निवासी पप्पू उर्फ राजेश शर्मा की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। वहीं, कार में सवार अनिल शर्मा, पंकज शर्मा और अनिल द्विवेदी सहित पांच लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। कार में पीछे बैठा एक अन्य व्यक्ति सुरक्षित बताया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही बरेला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को क्षतिग्रस्त कार से बाहर निकाला। हादसे के कारण हाईवे पर यातायात कुछ समय के लिए प्रभावित रहा।
चोरी के शक में युवक की पिटाई से मौत:मनेन्द्रगढ़ में तीन आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक रिमांड पर भेजे गए
मनेन्द्रगढ़ में चोरी के शक में एक व्यक्ति की पिटाई से मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। यह घटना एमसीबी जिले के मनेन्द्रगढ़ सिटी कोतवाली क्षेत्र के बिछली गांव में हुई। जानकारी के अनुसार, ग्राम कठौतिया की रहने वाली प्रमिला अपने बीमार पिता की देखभाल के लिए पिछले डेढ़ महीने से मायके में रह रही थी। 14 जून की रात उसका पति राजकुमार गोड़ शराब के नशे में उसके मायके पहुंचा और पत्नी को साथ चलने के लिए कहने लगा। पत्नी के मना करने पर दोनों के बीच विवाद हो गया, जिसके बाद राजकुमार वहां से चला गया। पति की तलाश में निकली प्रमिला रात करीब तीन बजे ग्राम बिछली पहुंची, जहां उसे राजकुमार सड़क किनारे मिला। इसी दौरान गांव के कुछ लोग वहां पहुंचे और दोनों पर चोरी की नीयत से गांव में आने का संदेह जताने लगे। महिला द्वारा लगातार समझाने के बावजूद आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और दोनों के साथ मारपीट करने लगे। इस मारपीट में राजकुमार के सिर सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं, जबकि प्रमिला भी घायल हो गई। परिजनों ने राजकुमार को पहले 220 बिस्तरों वाले मनेन्द्रगढ़ अस्पताल में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। राजकुमार की मौत के बाद परिजनों में आक्रोश व्याप्त हो गया। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हत्या सहित अन्य धाराओं में अपराध दर्ज किया। पुलिस ने गजरूप सिंह (पिता स्व. हरिलाल सिंह), मनोज सिंह (पिता नारायण सिंह) और कौशल सिंह (पिता सुद्ध सिंह) तीनों बिछली निवासियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। मृतक की पत्नी प्रमिला का इलाज अभी जारी है।
पलवल में घर में घुसकर परिवार पर हमला:पिता-बेटा घायल; बिजली के तार हटाने को लेकर हुए विवाद
पलवल के भिडूकी गांव में बिजली के तार हटाने को लेकर हुए विवाद में पड़ोसियों ने एक परिवार पर हमला कर दिया। इस हमले में पिता प्रमोद और उनके बेटे पवन गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हसनपुर थाना प्रभारी हरीओम ने बताया कि भिडूकी गांव निवासी प्रमोद ने अपनी शिकायत में कहा है कि उनके घर के आंगन से पड़ोसी बिरेंद्र की बिजली की तार गुजर रही थी। प्रमोद ने बिरेंद्र से कई बार इस तार को हटाने का अनुरोध किया था। प्रमोद ने आंगन में बच्चों और मवेशियों की सुरक्षा का हवाला दिया था। उन्होंने बिरेंद्र को यह भी समझाया था कि तेज आंधी या भीषण गर्मी में तार टूट सकता है, जिससे कोई अप्रिय घटना हो सकती है। घर में घुसकर हमला करने का आरोप इसी बात पर बिरेंद्र गुस्से में आ गया और गाली-गलौज करने लगा। इसके बाद बिरेंद्र अपने साथियों सूरज, मनोज और उमेश के साथ लाठी, डंडे और कुल्हाड़ी लेकर प्रमोद के घर में जबरन घुस आया। आरोपियों ने घर में घुसते ही प्रमोद पर हमला कर दिया। शिकायत के अनुसार, मनोज ने कुल्हाड़ी से प्रमोद की गर्दन पर वार करने का प्रयास किया। जब प्रमोद को बचाने के लिए उनका परिवार आगे आया, तो हमलावरों ने उनके बच्चों को भी पीटा। इस हमले में प्रमोद के बेटे पवन का हाथ टूट गया और उनके शरीर पर कई गंभीर चोटें आईं। जान से मारने की धमकी का दी हमलावर जाते-जाते प्रमोद के परिवार को जान से मारने की धमकी देकर गए। पुलिस ने प्रमोद की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच जारी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
जोधपुर के पावटा सैटेलाइट हॉस्पिटल में दो प्रसूताओं की डिलीवरी के बाद तबीयत बिगड़ गई। जिन्हें जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल लाया गया। यहां से एक प्रसूता को एम्स अस्पताल रेफर कर दिया गया। इधर, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अब परिजन भी सवाल उठा रहे हैं। पीड़ित सुमेर ने बताया- मेरा पहले से एक बेटा है। मेरी पत्नी सोनू की 20 जून को सुबह करीब 11:30 बजे पावटा सैटेलाइट हॉस्पिटल में डिलीवरी हुई थी। डिलीवरी होने के 4 घंटे बाद उनके यूरिन नहीं आने की प्रॉब्लम शुरू हो गई। इसके बाद ब्लड भी आने लग गया। प्लेटलेट भी 1 लाख 40 हजार से गिरकर 60 हजार तक आ गई। तबीयत बिगड़ने के बाद पत्नी सोनू को पावटा से मथुरादास माथुर हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया। यहां आने पर डॉक्टरों ने बताया- मरीज के फेफड़ों में पानी भर गया है। लीवर, किडनी पर भी असर बताया। सुमेर ने कहा- डिलीवरी से पत्नी सोनू की तबीयत नॉर्मल थी। अब यदि पत्नी को कुछ हुआ तो कौन उसकी जिम्मेदारी लेगा। पत्नी को पीलिया हुआ, शरीर में सूजन आई पीड़ित सुमेर ने कहा- वर्तमान में पत्नी सोनू की तबीयत में एक प्रतिशत भी फर्क नहीं आया है। मैं अभी चिकित्सा सुविधाओं से संतुष्ट नहीं हूं। पत्नी की प्लेटलेट गिर रही है। पीलिया हो गया है। शरीर में भी सूजन आ गई है। उन्होंने बताया कि सोमवार को 4 घंटे तक डायलिसिस चला। रविवार को भी दो घंटे तक डायलिसिस चला था। अभी उसकी लीवर, किडनी खराब है और आगे यदि और कुछ हो गया उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। पोस्ट ऑपरेटिव परेशानियों के कारण मरीजों को लाए मथुरादास माथुर हॉस्पिटल अधीक्षक डॉक्टर विकास राजपुरोहित ने बताया- पोस्ट ऑपरेटिव परेशानियों के चलते दो मरीजों को यहां लाया गया है। इनमें से एक पेशेंट ललिता का ब्लड प्रेशर कम था, यूरिन आउटपुट भी कम था। जबकि सोनू का बीपी कम था और पीलिया भी था। सांस लेने में भी थोड़ी दिक्कत हो रही थी। यहां आने के बाद पेशेंट का इलाज करना शुरू किया। ललिता का ब्लड प्रेशर कम था। इसके बाद जिला कलेक्टर, SN मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल आदि ने चर्चा कर ललिता को एम्स हॉस्पिटल रेफर किया। जबकि दूसरी पेशेंट सोनू का इलाज चल रहा है। फिलहाल उनके थोड़ा पीलिया बढ़ा हुआ है। घटनाक्रम को लेकर डॉक्टर विकास ने कहा- किस वजहों से ऐसा हुआ है, इसे लेकर SN मेडिकल कॉलेज, एम्स हॉस्पिटल की टीम भी जांच कर कारणों की तलाश कर रही है। यह खबर भी पढ़ें... जोधपुर में सिजेरियन के बाद 8 महिलाओं की तबीयत बिगड़ी:2 ICU में; मंत्री बोले-मरीज कहीं न कहीं से धक्का खाकर सरकारी हॉस्पिटल में आता है कोटा और बीकानेर के बाद अब जोधपुर के पावटा स्थित डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 8 महिलाओं की तबीयत बिगड़ गई। इन्हें ब्लीडिंग और ब्लड प्रेशर (BP) लो की शिकायत है। इनमें से 2 महिलाओं को किडनी में इंफेक्शन के बाद मथुरा दास माथुर हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया। हालत बिगड़ने पर इनमें से एक को एम्स रेफर किया गया। (पूरी खबर पढ़ें) बीकानेर के सरकारी हॉस्पिटल में एक और प्रसूता की मौत:सिजेरियन डिलीवरी के बाद किडनी फेल हो गई थी; अब तक 2 की जान गई बीकानेर के पीबीएम हॉस्पिटल में रविवार को एक और प्रसूता की मौत हो गई। हॉस्पिटल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 6 महिलाओं की किडनी फेल हो गई थी। शारदा नायक (26) करीब 15 दिन से वेंटिलेटर पर थी।(पढ़ें पूरी खबर)
बलौदाबाजार जिले के कसडोल ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत नागेड़ी में आकाशीय बिजली गिरने से 10 गायों की मौत हो गई। यह घटना आज दोपहर तेज बारिश और वज्रपात के दौरान हुई, जब मवेशी एक खेत में चर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर में अचानक मौसम खराब हो गया और जोरदार गरज के साथ बिजली कड़कने लगी। स्थानीय किसानों ने बताया कि बिजली सीधे एक बड़े पेड़ पर गिरी थी, जिसके नीचे ये गायें आश्रय लिए हुए थीं। बिजली के तीव्र झटके से सभी गायों की मौके पर ही मौत हो गई। एक साथ 10 गायों की मौत से क्षेत्र के किसानों और पशुपालकों को भारी नुकसान हुआ है। प्रभावित पशुपालकों ने सरकार से आर्थिक सहायता की मांग की है, क्योंकि ये गायें उनकी आजीविका का मुख्य स्रोत थीं।
बुरहानपुर शहर में सोमवार रात करीब 9 बजे तेज आंधी- बारिश के दौरान वार्ड नंबर 27 दाउदपुरा स्थित हिंगलाज माता मंदिर के पास एक पुराना पीपल का पेड़ जड़ से उखड़ गया। यह पेड़ मंदिर के टीन शेड और एक कच्चे मकान पर गिरा, जिससे बड़ा हादसा टल गया और कोई जनहानि नहीं हुई। पेड़ गिरने से रूपेश पंवार का कच्चा मकान काफी क्षतिग्रस्त हो गया। हिंगलाज माता मंदिर के भी कुछ हिस्से को नुकसान पहुंचा है, जिसमें मंदिर के टीन के पतरे दब गए। घटना के बाद क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। बिजली कंपनी की टीम राहत कार्य में जुटीसूचना मिलते ही बिजली कंपनी और नगर निगम की टीमें मौके पर पहुंचीं। नगर निगम के उपयंत्री गोपाल महाजन ने बताया कि तेज बारिश के कारण दाउदपुरा में पीपल का पेड़ गिरने से रूपेश पंवार का मकान और हिंगलाज माता मंदिर का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है। हालांकि, कोई जनहानि नहीं हुई। पार्षद प्रतिनिधि हमीद डायमंड ने भी पुष्टि की कि पुराने पेड़ के गिरने से मंदिर की रेलिंग और पतरे क्षतिग्रस्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि गनीमत रही कि उस समय बच्चे वहां नहीं थे, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। रहवासियों के अनुसार, पेड़ काफी पुराना और वजनी था, जिसके गिरने से बिजली के खंभे भी टेढ़े हो गए। बिजली कंपनी की टीम मौके पर सुधार कार्य में जुटी हुई है।
देवास के इटावा और अर्जुन नगर क्षेत्रों में सोमवार शाम एक कुत्ते ने चार लोगों पर हमला कर दिया। इन हमलों में तीन बच्चे और एक महिला घायल हुए। महज आधे घंटे के भीतर हुई इस घटना में एक 6 वर्षीय बालक का हाथ गंभीर रूप से जख्मी हो गया। उसके हाथ में करीब एक सेंटीमीटर गहरा घाव हो गया, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल से इंदौर रेफर किया गया। इटावा क्षेत्र में गार्डन के पास अपने घर के बाहर खेल रहे 6 वर्षीय नासिर शेख पर कुत्ते ने अचानक हमला कर दिया। परिजनों और आसपास के लोगों के पहुंचने से पहले ही कुत्ते ने उसके हाथ को बुरी तरह नोच लिया था। हमले में नासिर के हाथ में गहरा घाव हो गया और काफी रक्तस्राव हुआ। जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे इंदौर रेफर कर दिया। महिला पर भी किया हमलाइसके बाद कुत्ता अर्जुन नगर पहुंचा, जहां उसने 3 वर्षीय क्रियांश पर हमला किया। कुछ ही देर बाद उसने 2 वर्षीय प्रणेता को भी निशाना बनाया। प्रणेता की चीख सुनकर उसे बचाने दौड़ी उसकी मौसी काजल पर भी कुत्ते ने हमला कर दिया और उन्हें काट लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इन लगातार हमलों से पूरे क्षेत्र में भय का माहौल बन गया। सभी घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां बच्चों और महिला का उपचार किया गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि कुत्ता असामान्य व्यवहार कर रहा था और लगातार लोगों पर हमला कर रहा था, जिससे उसके पागल होने की आशंका जताई जा रही है। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में ड्यूटी पर तैनात डॉ. अखिलेश तिवारी ने बताया कि कुत्ते के हमले में घायल चार लोगों को अस्पताल लाया गया था। उन्होंने पुष्टि की कि 6 वर्षीय बालक के हाथ में गंभीर घाव था, जिसके कारण उसे प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर रेफर किया गया। अन्य घायलों का जिला अस्पताल में उपचार किया गया।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने इंदौर में बड़ा फेरबदल कर दिया। नगर निगम नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे को पद से हटा दिया गया। चिंटू की जगह पार्षद सोनिला मिमरोट को नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं चिंटू अब सिर्फ शहर कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर ही रहेंगे। चिंटू को पद से हटाने के आदेश पीसीसी प्रमुख जीतू पटवारी ने सोमवार को जारी किए। चिंटू चौकसे शहर कांग्रेस अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी भी निभा रहे थे। दो पदों की जिम्मेदारी उन पर थी। वार्ड 45 से पार्षद हैं सोनिला मिमरोट कांग्रेस पार्षद सोनिला मिमरोट वार्ड 45 से कांग्रेस की पार्षद हैं। शहर में होने वाले कई विरोध प्रदर्शन में वह शामिल होती आई हैं और निगम बजट में भी अपनी बात मजबूती से रखती आई हैं। उन्होंने बताया कि बड़ी जिम्मेदारी मिली है। चिंटू चौकसे ने अपनी जिम्मेदारी बांटी है हमारे साथ। वर्तमान समय में विपक्ष की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि इंदौर की समस्याओं को बेहतर तरीके से सरकार के सामने रख सकें और समस्याओं का हल करा सकें ये बड़ा चैलेंज है। काफी वक्त से संभाल रहे थे दो दायित्व बता दें कि चिंटू चौकसे पिछले काफी समय से नगर निगम नेताप्रतिपक्ष और शहर कांग्रेस अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। सोमवार रात को मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा लेटर जारी किया गया। जिसमें प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी के अनुमोदन के बाद नगर पालिका निगम इंदौर में नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे के स्थान पर सोनिला मिमरोट को नगर पालिक निगम इंदौर में नेताप्रतिपक्ष नियुक्त किया गया है। ये खबर भी पढ़ें… दैनिक भास्कर वार्ड टॉक- पार्षद चिंटू चौकसे से सीधी बात दौर के हर वार्ड में क्या सच में विकास हो रहा है। जनता उसे कैसे देखती है। इसी का जवाब तलाशने के लिए दैनिक भास्कर ने खास सीरीज ‘वार्ड टॉक’ शुरू किया है। इस सीरीज में हम हर वार्ड के पार्षद के दावों के साथ जनता की राय, अधूरे काम और आगे की जरूरतों को सामने रखेंगे। आज एपिसोड में हम पहुंचे हैं वार्ड 21, जहां से पार्षद हैं चिंटू चौकसे। यहां क्या काम पूरे हुए, क्या बाकी हैं।पूरी खबर पढ़ें
रायपुर नगर निगम ने 22 जून को 630 संपत्तियों से 1 करोड़ 21 लाख 33 हजार 177 रुपए की वसूली की। इससे पहले 19 जून को 525 संपत्तियों से 1 करोड़ 3 लाख 12 हजार 440 रुपए का राजस्व संग्रह किया गया था। यानी महज तीन दिन में निगम ने 2 करोड़ 24 लाख रुपए से अधिक की टैक्स वसूली की है। निगम आयुक्त संबित मिश्रा के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत 22 जून को विभिन्न जोनों में लक्ष्य आधारित वसूली की गई। सबसे अधिक 33.47 लाख रुपए का राजस्व जोन-4 से प्राप्त हुआ। वहीं जोन-10 ने 18.99 लाख रुपए, जोन-2 ने 11.61 लाख रुपए, जोन-5 ने 11.35 लाख रुपए और जोन-7 ने 10.43 लाख रुपए की वसूली की। 19 जून को भी पार किया था 1 करोड़ का आंकड़ा इससे पहले 19 जून को निगम राजस्व विभाग ने 525 संपत्तियों से 1 करोड़ 3 लाख 12 हजार 440 रुपए की वसूली कर एक दिन में एक करोड़ से ज्यादा कलेक्शन का आंकड़ा पार किया था। निगम प्रशासन का मानना है कि संपत्तिकर में मिल रही छूट के कारण बड़ी संख्या में करदाता समय से टैक्स जमा कर रहे हैं। 30 जून तक मिलेगा 6.25% डिस्काउंट नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे 30 जून 2026 तक अपना संपत्तिकर जमा कर 6.25 प्रतिशत की विशेष छूट का लाभ लें। निगम के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित संपत्तिकर की पूरी राशि समय सीमा के भीतर जमा करने वाले करदाताओं को यह छूट दी जा रही है। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प निगम अधिकारियों के मुताबिक करदाता ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से टैक्स जमा कर सकते हैं। प्रशासन का लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा लोगों को समय पर कर भुगतान के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि शहर में विकास कार्यों के लिए राजस्व बढ़ाया जा सके। राजस्व विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में भी विशेष वसूली अभियान जारी रहेगा और बकायादारों पर फोकस किया जाएगा।
गुरुग्राम में ट्रैफिक पुलिस ने एक बाइक को जब्त किया है। जिस पर 2 लाख 36 हजार रुपए के 107 लंबित चालान थे। यह कार्रवाई सोमवार, 22 जून को राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर एक विशेष चेकिंग अभियान के दौरान की गई। पुलिस ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। इस अभियान के तहत 90 दिनों से अधिक समय से लंबित चालानों का भुगतान न करने वालों पर मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है। 2.36 लाख रुपए के 107 चालान लंबित ट्रैफिक इंचार्ज महावीर सिंह के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान के दौरान, बाइक नंबर HR-36 AR-8308 को जांच के लिए रोका गया। चालक बिना हेलमेट के था और वाहन पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) भी नहीं लगी थी। गहन जांच में सामने आया कि इस बाइक पर मोटर वाहन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कुल 107 चालान लंबित थे। इन चालानों की कुल जुर्माना राशि 2 लाख 36 हजार रुपए थी। इसके अतिरिक्त, चालक वाहन के कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। पुलिस ने बाइक को किया जब्त नियमों के गंभीर उल्लंघन और भारी संख्या में लंबित चालानों को देखते हुए, ट्रैफिक पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बाइक को जब्त कर लिया और उसे निर्धारित पार्किंग स्थल पर भेज दिया। गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने सभी वाहन चालकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, हेलमेट का उपयोग करें और अपने लंबित चालानों का समय पर भुगतान करें, ताकि कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।
सीकर में हाल ही विदेशी हथियारों के साथ पकड़े रोहित गोदारा गैंग के गुर्गे गुलाब सिंह और मनोज को 3 दिन के पुलिस रिमांड के बाद जेल में भिजवा दिया गया है। गोदारा गैंग से गुलाब सिंह को जुड़वाने वाला मनोज था। पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि गुलाब सिंह पहले USDT (बिटकॉइन) का अवैध धंधा करता था। उसके साथी उसके साथ धोखाधड़ी करके एक करोड़ रुपए लेकर फरार हो गए। यह रुपए निकलवाने के लिए ही गुलाब रोहित गोदारा गैंग से जुड़ा था। बता दें कि एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) टीम के इनपुट पर सीकर की कोतवाली पुलिस ने तापड़िया बगीची एरिया स्थित एक फ्लैट पर दबिश दी थी, जहां से आरोपी गुलाब सिंह को गिरफ्तार करते हुए उससे एक जिगाना पिस्टल सहित कुल 2 पिस्टल और कई कारतूस बरामद किए थे। पूछताछ में गुलाब सिंह ने बताया कि उसने खुड़ी बड़ी के रहने वाले प्रदीप से यह हथियार लिए थे। इसके बाद लक्ष्मणगढ़ पुलिस ने प्रदीप को गिरफ्तार किया। उसके पास से भी दो पिस्टल और कई कारतूस मिले थे। पुलिस पूछताछ में गुलाब ने बताया कि उसने मनोज थालौड़ के जरिए रोहित गोदारा गैंग ज्वाइन की। बिटकॉइन का अवैध धंधा करता था गैंग में जुड़ने से पहले आरोपी गुलाब सिंह USDT का अवैध धंधा करता था, लेकिन उसके पार्टनर ही उसके एक करोड़ रुपए लेकर फरार हो गए थे। गुलाब सिंह पहले से ही मनोज को जानता था। जब उसने यह बात मनोज को बताई तो उसने कहा कि रोहित गोदारा गैंग से जुड़ जाओ, तुम्हारा काम हो जाएगा। गुलाब चाहता था कि रोहित गोदारा गैंग के राहुल रिनाउ और वीरेंद्र चारण उसके पार्टनर को धमकी देकर वापस रुपए निकलवा देंगे। गोदारा गैंग से जुड़ने पर राहुल और वीरेंद्र गुलाब सिंह को कहने लगे कि पहले तुम हमारा काम करो। इसके बाद हम तुम्हारा काम करेंगे।
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में शिक्षक और शिक्षिका का आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि इस वीडियो में नजर आ रहे शिक्षक और शिक्षिका नवागढ़ विकासखंड के बोड़सरा प्राथमिक शाला खैरवार पारा में पोस्टेड हैं। वायरल वीडियो में स्कूल के अंदर आपत्तिजनक स्थिति में दिखाई दे रहे हैं। वीडियो के सामने आने के बाद अभिभावकों, ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है। उन्होंने ऐसे शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।वहीं जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने इसकी जांच के निर्देश दिए हैं। मामले की जानकारी मिलने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी अशोक सिन्हा ने कहा कि वायरल वीडियो उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने बताया कि इसकी जांच कराई जा रही है। डीईओ सिन्हा ने आश्वासन दिया कि यदि जांच में वीडियो सही पाया जाता है और संबंधित शिक्षक-शिक्षिका की संलिप्तता की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल शिक्षा विभाग पूरे मामले की जांच में जुट गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वायरल वीडियो कब का है और किन परिस्थितियों में बनाया गया। इस घटना ने स्कूलों में अनुशासन और विभाग की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। दैनिक भास्कर डिजिटल इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
नूंह में कुएं से मिला युवक का शव:ग्रामीणो ने देखा; दिल्ली में करता था काम, 2 महीने पहले लौटा था
नूंह जिले के गांव उजीना में सोमवार शाम एक कुएं से एक युवक का शव मिला। सोमवार शाम करीब 7 बजे ग्रामीणों ने धर्माज की जोहड़ पर बने पुराने कुएं में शव देखा। गांव के सरपंच प्रतिनिधि मुनेश फौजी ने तुरंत सदर थाना पुलिस को सूचना दी। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी प्रवीण कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम को भी बुलाया गया। जांच के बाद पुलिस ने शव को कुएं से बाहर निकाला। दिल्ली में करता था काम, 2 महीने पहले लौटा मृतक की पहचान उजीना निवासी 32 वर्षीय अंकित पुत्र ज्ञानचंद के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नूंह की मोर्चरी में रखवा दिया है। परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार, अंकित दिल्ली में रहकर काम करता था। वह विवाहित था और लगभग 2 महीने पहले ही अपने गांव उजीना आया था। अचानक कुएं में उसका शव मिलने से परिवार सदमे में है, और गांव में विभिन्न तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। मामले की जांच में जुटी पुलिस सदर थाना प्रभारी प्रवीण कुमार ने बताया कि अभी तक परिजनों की ओर से कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। यह सवाल बना हुआ है कि अंकित उस सुनसान कुएं तक कैसे पहुंचा। क्या यह आत्महत्या का मामला है, या इसके पीछे कोई अन्य कारण है? इन सवालों के जवाब पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आ सकेंगे। फिलहाल यह मामला रहस्य बना हुआ है।
इंदौर से लापता नीट (National Eligibility cum Entrance Test) छात्रा का शव खरगोन में नर्मदा नदी में मिला। लसूड़िया इलाके में तलावली चांदा की रहने वाली 18 वर्षीय निक्की यादव रविवार को नीट यूजी का पेपर देने घर से निकली थी। परीक्षा केंद्र मऊ में था। परीक्षा खत्म होने के बाद निक्की देर रात तक घर नहीं लौटी। कोई सुराग नहीं मिलने पर परिजन भंवरकुआं थाना पहुंचे। बेटी के लापता होने की सूचना दी। पुलिस ने तलाश शुरू की। सोमवार दोपहर भंवरकुआं थाने में खरगोन के करही थाने से एक युवती की लाश मिलने का फोन आया। उसके पास निक्की का पहचान पत्र मिलने की बात कही गई। भंवरकुआं पुलिस परिजन को लेकर खरगोन पहुंची, जिन्होंने उसे पहचान लिया। पुलिस प्रारंभिक तौर पर आत्महत्या की आशंका जता रही है। हालांकि, मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही हो सकेगा। मां को फोन किया कि कुछ देर में घर पहुंच जाएगी निक्की के पिता रामानंद यादव अकाउंटेंट हैं। उन्होंने कहा- रविवार को छोटा बेटा शिवम उसे परीक्षा केंद्र छोड़ने गया था। परीक्षा खत्म होने के बाद निक्की ने किसी अन्य छात्रा के मोबाइल से अपनी मां को फोन किया। कहा कि उसका मोबाइल बंद हो गया है और वह कुछ देर में घर पहुंच जाएगी। इसके बाद परिवार का उससे संपर्क नहीं हो सका। परिजन ने रात करीब 10 बजे तक उसका इंतजार किया। काफी तलाश करने के बाद वे लसूड़िया थाने पहुंचे। रात में ही थाने पहुंचे, पुलिस ने नहीं की कोई मदद निक्की के परिजन का आरोप है कि वे रविवार रात को ही थाने पहुंच गए थे। करीब एक घंटे तक इंतजार कराने के बावजूद पुलिस की ओर से कोई मदद नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम पर सूचना दी। कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर सोमवार सुबह दोबारा भंवरकुआं थाने पहुंचकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। डॉक्टर बनना चाहती थी, दो बार नीट दे चुकी थी रामानंद यादव ने बताया कि निक्की इससे पहले भी दो बार नीट परीक्षा दे चुकी थी, लेकिन सफल नहीं हो पाई थी। वह डॉक्टर बनना चाहती थी और इसके लिए लगातार मेहनत कर रही थी। परिवार में उसकी दो बड़ी बहनें सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। एक भाई इंजीनियर है और छोटा भाई स्कूल में है। परिवार का कहना है कि निक्की किन परिस्थितियों में बड़वाह पहुंची, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। बड़वाह में मिली थी अंतिम लोकेशन पुलिस के अनुसार, निक्की के मोबाइल की अंतिम लोकेशन बड़वाह क्षेत्र में मिली थी। फिलहाल छात्रा के परीक्षा के बाद के मूवमेंट, मोबाइल फोन और अन्य हालात की जांच की जा रही है। ये खबर भी पढ़ें… नीट स्टूडेंट ने तीसरी मंजिल से कूदकर सुसाइड किया इंदौर में नीट की तैयारी कर रही छात्रा ने तीसरी मंजिल से कूदकर सुसाइड कर लिया। उसे गंभीर हालत में पहले निजी अस्पताल और फिर एमवाय हॉस्पिटल पहुंचाया गया। शुक्रवार सुबह उसकी मौत हो गई। छात्रा के गिरने का वीडियो भी सामने आया है। पढ़ें पूरी खबर…
लखनऊ कोचिंग अग्निकांड में 15 लोगों की जान चली गई। मरने वालों में ज्यादातर स्टूडेंट थे। ये लोग गेमिंग और एनिमेशन सीखने आते थे। जिस वक्त हादसा हुआ, सभी स्टूडेंट लंच के बाद क्लास में थे। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बिल्डिंग में बाहर निकलने का सिर्फ एक ही रास्ता था। वहीं, कोचिंग सेंटर में मुख्य गेट भी ऑटोमैटिक था। यह थंब इम्प्रेशन से खुलता और बंद होता था। एक स्टूडेंट ने बताया कि आग लगने की वजह थंब इंप्रेशन वाला गेट लॉक हो गया। इसके चलते ज्यादातर बच्चे अंदर ही फंस गए। इमरजेंसी एग्जिट का कोई दूसरा रास्ता नहीं था। जबकि, आग लगने के कुछ ही मिनटों में पूरी इमारत धुएं से भर गई। उधर, हादसे के वक्त करीब 30 स्टूडेंट और स्टाफ अंदर था। 8-10 स्टूडेंट इंटरनेट-डीटीएच का तार और पाइप पकड़कर बाहर निकल आए, जबकि 3-4 स्टूडेंट दूसरी मंजिल से नीचे कूद गए। अभी भी 5-6 घायल स्टूडेंट केजीएमयू में एडमिट हैं। रामेश्वरम इंजीनियरिंग कॉलेज के मालिक की है बिल्डिंग जिस बिल्डिंग में आग लगी, वह वीरेंद्र शुक्ला की जमीन पर बनी है। वीरेंद्र शुक्ला रामेश्वरम इंजीनियरिंग कॉलेज के मालिक हैं। यह कॉलेज रामेश्वरम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (RITM) के नाम से जाना जाता है। इसकी स्थापना 2008 में हुई थी। कॉलेज डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय (AKTU) से संबद्ध है और इसे AICTE की मान्यता भी मिली हुई है। जांच में सामने आया है कि इमारत का नक्शा धीरेंद्र और सुरेंद्र शुक्ला के नाम पर पास हुआ था। शुरुआत में यह आवासीय भवन था, लेकिन 2014 में इसे व्यावसायिक उपयोग के लिए मंजूरी मिल गई। इमारत में ऑनलाइन एनिमेशन और गेमिंग कोचिंग सेंटर चल रहा था। गर्मी की छुट्टियों के कारण यहां बड़ी संख्या में छात्रों ने दाखिला लिया था। हादसे के बाद प्रशासन ने तत्कालीन अधिकारियों और इंजीनियरों की भूमिका की जांच शुरू कर दी है। 16 लोगों की सूची तैयार की गई है, जिनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आग कैसे लगी? इसकी वजह क्या हो सकती है? आग लगने के बाद अंदर का सीन कैसा रहा होगा? क्यों नहीं निकल पाए लोग? पढ़िए खास रिपोर्ट… बायोमेट्रिक सिस्टम आग की वजह से लॉक हो गया हादसे में घायल एक छात्र के दोस्त यश ने बताया- ऊपर आने-जाने के लिए केवल एक ही एंट्री-एग्जिट पॉइंट था। वहां बायोमेट्रिक सिस्टम लगा था। आग लगने के दौरान बायोमेट्रिक सिस्टम ने काम करना बंद कर दिया। इसकी वजह से अंदर मौजूद बच्चे समय रहते गेट नहीं खोल पाए। जांच में सामने आया है कि बिल्डिंग में आने-जाने के लिए सिर्फ एक ही रास्ता था। निकलने की सीढ़ी भी एक ही थी। इमरजेंसी में बाहर निकलने का कोई दूसरा रास्ता नहीं था। इतना ही नहीं, छत पर जाने वाले रास्ते का दरवाजा भी लॉक था। यही वजह है कि आग और धुएं के बीच अफरा-तफरी में कई बच्चे समय रहते बाहर नहीं निकल पाए। एसी के कंप्रेसर में धमाके से भड़की आग शुरुआती जांच में सामने आया है कि बिल्डिंग में लगे स्प्लिट एसी का कंप्रेसर फटने से धमाका हुआ। इसके बाद निकली चिंगारी ने आसपास रखे सामान और फर्नीचर को चपेट में ले लिया। फिर कुछ ही मिनट में आग ने पूरी बिल्डिंग को चपेट में ले लिया। अफसरों के अनुसार, आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट भी हो सकती है। हालांकि, आग के सही कारणों का पता फोरेंसिक और तकनीकी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल जांच एजेंसियां सभी संभावित कारणों को ध्यान में रखकर मामले की पड़ताल कर रही हैं। बच्चों ने खुद को बाथरूम में बंद करके बचाने की कोशिश की आग लगने के बाद सबसे पहले निचली मंजिलों पर धुआं फैला और फिर तेजी से ऊपर की ओर बढ़ने लगा। ऊपरी मंजिलों पर मौजूद लोग अचानक हुई घटना से घबरा गए। कई लोग बाहर निकलने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कुछ ने खुद को कमरों और बाथरूम में बंद कर लिया। अंदर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दम घुटने के कारण बिगड़ी हालत फायरकर्मियों के मुताबिक, आग लगने के बाद इमारत में तेजी से धुआं भर गया। इससे अंदर मौजूद छात्र और अन्य लोग बाहर निकलने का रास्ता नहीं ढूंढ पाए। जान बचाने के लिए कुछ छात्र बाथरूम में छिप गए, जबकि कुछ स्टोर रूम में चले गए। लेकिन घने धुएं और तेज गर्मी के कारण कई लोगों की तबीयत बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए। रेस्क्यू टीम जब अंदर पहुंची, तब कई लोग बेहोशी की हालत में मिले। फायर सेफ्टी टीम ने बताया कि छत पर जाने वाली सीढ़ी पर ताला लगा था। इसकी वजह से छात्र ऊपर जाकर सुरक्षित जगह नहीं पहुंच सके। धुएं से बचने के लिए वे इमारत के अलग-अलग हिस्सों में छिपने की कोशिश करते रहे। सूचना के 8 मिनट बाद पहुंची फायर ब्रिगेड की पहली गाड़ी फायर विभाग के अनुसार, आग लगने की सूचना दोपहर 2:27 बजे कंट्रोल रूम को मिली थी। इसके महज 8 मिनट बाद पहली फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंच गई। इसके बाद लगातार अतिरिक्त गाड़ियां, हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों को भी राहत कार्य में लगाया गया। पीछे से दीवार तोड़कर अंदर पहुंचीं रेस्क्यू टीमें आग की गंभीरता को देखते हुए दमकल, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों ने इमारत की पिछली दीवार तोड़कर अंदर पहुंचने का रास्ता बनाया। इसके बाद धुएं और मलबे के बीच राहत और बचाव अभियान चलाया गया। फायर विभाग के मुताबिक, इमारत के पीछे की करीब 9 इंच मोटी दीवार को तोड़कर अंदर जाने की कोशिश की गई। हालांकि, दीवार काफी मजबूत थी, इसलिए उसे तोड़ने में समय लग गया। इसी कारण बेहोश छात्रों और अन्य लोगों तक पहुंचने में देरी हुई, जिससे राहत कार्य प्रभावित हुआ। 15 बिल्लियां भी थीं अंदर, धुएं के बीच बची जान फायरकर्मियों ने बताया कि परिसर में करीब 15 बिल्लियां भी मौजूद थीं। हालांकि, लंबे समय तक धुएं के बीच रहने के बावजूद उनकी जान बच गई, क्योंकि उनकी जैविक क्षमता अधिक होती है। जबकि इंसानों पर जहरीले धुएं का असर तेजी से हुआ। आग इतनी तेजी से क्यों फैली? ------------------------ यह खबर भी पढ़िए… 'पापा आग लग गई, बाथरूम में हूं, बचा लो', मां रोते हुए बोली- मेरे बच्चे को ढूंढ दो, फिर बेहोश हुई 'पापा मुझे बचा लीजिए, अब मैं बच नहीं पाऊंगा। आग पूरी बिल्डिंग में फैल चुकी है। हम लोगों ने खुद को बाथरूम में बंद कर लिया है। यहां भी धुआं भर रहा है। बहुत घुटन हो रही है।' यह बात लखनऊ कोचिंग अग्निकांड में फंसे एक छात्र ने रोते-रोते अपने पिता से फोन पर कही। पिता बेटे की आखिरी कॉल पर भागते हुए मौके पर पहुंचे। पूरी खबर पढ़ें
नूंह जिले के नगीना क्षेत्र में प्रशासन ने अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। सोमवार को बड़कली चौक पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। इस दौरान सड़क, फुटपाथ और सार्वजनिक स्थानों पर किए गए अवैध कब्जों को बुलडोजर की मदद से हटाया गया। कार्रवाई से अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया। अभियान शुरू करने से पहले, रविवार को नगीना और बड़कली के बाजारों में मुनादी कराकर दुकानदारों और अन्य लोगों को चेतावनी दी गई थी कि वे स्वयं अपना अतिक्रमण हटा लें। चेतावनी के बावजूद कब्जा नहीं हटाने वालों के खिलाफ सोमवार को यह कार्रवाई की गई। प्रशासन का कहना है कि सड़क और फुटपाथ पर अतिक्रमण के कारण आए दिन जाम लगता है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी होती है। अधिकारी बोले- अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा बीडीपीओ विशाल आजाद ने बताया कि नगीना क्षेत्र में अगले एक माह तक लगातार अतिक्रमण हटाओ अभियान जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन की चेतावनी के बावजूद नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर उनका सामान भी हटाया जाएगा। प्रशासन की इस कार्रवाई का स्थानीय लोगों ने स्वागत किया है। उनका कहना है कि यदि यह अभियान लगातार चलता रहा, तो बाजारों और मुख्य मार्गों पर जाम की समस्या काफी हद तक खत्म होगी और आमजन को आवागमन में राहत मिलेगी। प्रशासन ने दोहराया है कि सार्वजनिक भूमि पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बालाघाट में 23 और 27 जून को बिजली कटौती:सुबह 7 से 12 बजे तक चलेगा मेंटनेंस कार्य, कई इलाकों पर असर
बालाघाट में बिजली कंपनी ने मंगलवार और आने वाले शनिवार को बिजली कटौती की सूचना जारी की है। गोंदिया रोड पर नए फीडर के काम और बिजली के मेंटेनेंस की वजह से यह कटौती की जाएगी। मंगलवार को पूरे 5 घंटे तक बिजली गुल रहेगी। शहर बिजली दफ्तर से मिली जानकारी के मुताबिक, मंगलवार और अगले शनिवार को सुबह 7 बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक बिजली सप्लाई पूरी तरह बंद रहेगी। यह मेंटेनेंस का काम रेलवे स्टेशन फीडर के तहत किया जा रहा है। इन प्रमुख इलाकों पर पड़ेगा असर इस कटौती की वजह से शहर के कई बड़े और प्रमुख इलाकों में लाइट गुल रहेगी। प्रभावित होने वाले मुख्य क्षेत्रों में आईजी ऑफिस, एमएलबी स्कूल, सीएम राइस स्कूल, पवार छात्रावास, मिताली अस्पताल, आयुष्मान अस्पताल, सोगापथ, मार्डिकल गली, मोतीनगर, ऋषि कॉम्प्लेक्स, हनुमान चौक, लक्ष्मी पथ, स्वर्ण इंजीनियरिंग, झूलेलाल धर्मशाला और डॉ. महाजन का इलाका शामिल है। इसके अलावा होटल मल्लिकार्जुन, होटल मिडटाऊन, होटल गुलमोहर, डॉ. विकास बिसेन, प्रकाश टायर, नया राम मंदिर, रेलवे स्टेशन, श्याम मॉल, महाराणा प्रताप चौक, स्नेह नगर, एक्सिस बैंक, केशर प्लाजा, धनराज कॉम्प्लेक्स, बागरेचा कॉम्प्लेक्स, पुराना पंजाब बैंक, आरोग्य हॉस्पिटल, इनकम टैक्स ऑफिस, गोंदिया रोड, रेलवे स्टेशन एचटी कनेक्शन, डॉ. चतुरमोहता अस्पताल और रेलवे स्टेशन फीडर से जुड़े अन्य सभी इलाकों में भी 5 घंटे तक बिजली नहीं आएगी। बिजली कंपनी की उपभोक्ताओं से अपील शहर बिजली कार्यालय ने सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे कटौती के समय को देखते हुए अपने बिजली और पानी से जुड़े जरूरी कामों की तैयारी पहले से ही कर लें, ताकि उन्हें किसी भी तरह की परेशानी न उठानी पड़े।
बलौदाबाजार के सिविल लाइन क्षेत्र में सोमवार को महिला शिक्षिका का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। इस घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। मृतका की पहचान 26 वर्षीय कुमारी काजल ठाकुर के रूप में हुई है। वह बलौदाबाजार के चांपा स्थित एक स्कूल में व्यावसायिक शिक्षिका के पद पर कार्यरत थीं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उन्होंने अपने कमरे में पंखे से चुनरी का फंदा बनाकर आत्महत्या की। मामले में पुलिस जांच जारी बताया गया है कि काजल ठाकुर की नियुक्ति पिछले वर्ष ही संविदा शिक्षिका के तौर पर हुई थी। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर कमरे का बारीकी से निरीक्षण किया और सबूत जुटाए। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस परिजनों और परिचितों से पूछताछ कर मामले की गहन जांच कर रही है। कोतवाली पुलिस के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का पता चल पाएगा। इस घटना से शिक्षा जगत और स्थानीय क्षेत्र में शोक का माहौल है।
गुरुग्राम के सबसे व्यस्त राजीव चौक अंडरपास में एक ई-रिक्शा चालक गंभीर रूप से घायल अवस्था में सड़क पर पड़ा मिला। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। यह मामला गुरुग्राम पुलिस के लिए एक रहस्य बन गया है, क्योंकि घटनास्थल पर किसी सड़क हादसे के कोई सबूत नहीं मिले हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह कोई हादसा था या हत्या। शुक्रवार शाम करीब 4 बजे, भीम नगर इलाके में रहने वाला 42 वर्षीय लवली अपनी ई-रिक्शा में सामान लेकर सोहना की तरफ जा रहा था। राजीव चौक अंडरपास में पहुंचने के बाद वह घायल अवस्था में सड़क पर पड़ा मिला। एक राहगीर ने उसे देखकर पुलिस को सूचना दी। हत्या या हादसे में उलझी पुलिस पुलिस को भी यह समझ नहीं आ रहा है कि यह दुर्घटना है या हत्या, क्योंकि जिस जगह लवली पड़ा हुआ मिला, वहां किसी तरह के एक्सीडेंट के प्रमाण नहीं मिले हैं। लवली अपनी ई-रिक्शा के ठीक सामने पड़ा था। उसके मुंह से खून निकल रहा था और रीढ़ की हड्डी, गर्दन और सिर पर चोटें लगी थीं। घायल लवली को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई। सबसे बड़ी बात यह है कि लवली कैसे घायल हुआ, यह किसी ने नहीं देखा, जबकि राजीव चौक अंडरपास से हर मिनट दर्जनों गाड़ियां गुजरती हैं। केवल एक बाइक सवार ने घायल पड़े लवली को देखा, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। लवली की ई-रिक्शा बिल्कुल सही सलामत खड़ी मिली और उस पर रखा सामान भी जस का तस था। न तो लवली से कोई लूटपाट हुई और न ही छीना-झपटी के कोई निशान मिले हैं। सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस गुरुग्राम पुलिस के प्रवक्ता संदीप कुमार का कहना है कि इस मामले में आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। चूंकि अंडरपास के अंदर कोई सीसीटीवी नहीं लगा हुआ है इसीलिए लवली के घायल होने की वजह पुख्ता नहीं हो पाई है। वहीं पुलिस लवली के अंडरपास में एंट्री करते वक्त कौन कौन सी गाड़ियां अंदर गई उनको पुलिस थाने बुलाने की तैयारी कर रही है। पुलिस का कहना है कि लवली की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है जिसमें साफ हो पाएगा कि लवली को लगी चोट के कारण क्या हो सकते हैं उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। फरीदाबाद का रहने वाला था 42 वर्षीय लवली गुरुग्राम के भीम नगर इलाके में अपने परिवार के साथ रहता है। परिवार में माता पिता, बहन और पत्नी है। लवली की कोई संतान नहीं है। मिली जानकारी के अनुसार लवली का परिवार मूलरुप से फरीदाबाद के रहने वाले है लेकिन पिछले कुछ समय से लवली अपने परिवार का लालन पालन करने के लिए गुरुग्राम ई रिक्श चलाने का काम किया करता था।परिवार का आरोप है कि लवली को किसी ने चोट मारकर उसकी हत्या की है । हालांकि अभी पुलिस ने मामले में केवल पोस्टमॉर्टम कराया है किसी प्रकार का केस दर्ज नहीं किया है। परिवार का कहना है कि लवली घर में इकलौता कमाने वाला था। ऐसे में उसकी मौत कैसे हुई उसकी निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। परिवार ने अज्ञात पर हत्या करने का आरोप लगाया है।
जालौन में अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम पर हमला:बुलडोजर कार्रवाई के दौरान कर्मचारियों से मारपीट; कई घायल
जालौन के कदौरा कस्बे में अतिक्रमण हटाने गई नगर पंचायत की टीम पर दबंगों ने हमला कर दिया। बुलडोजर से कार्रवाई के दौरान विरोध कर रहे लोगों ने कर्मचारियों के साथ मारपीट की, जिसमें कई कर्मचारी घायल हो गए। सूचना पर प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। जालौन जिले की नगर पंचायत कदौरा में सोमवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब नगर पंचायत की टीम पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया। आरोप है कि अतिक्रमण हटाने का विरोध कर रहे लोगों ने नगर पंचायत कर्मचारियों के साथ मारपीट की, जिससे कई कर्मचारी घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, शासन के निर्देश पर नगर पंचायत की टीम प्रशासनिक अमले के साथ कस्बे में अतिक्रमण हटाने का अभियान चला रही थी। बुलडोजर की मदद से अवैध कब्जों को हटाया जा रहा था। इसी दौरान कुछ लोगों ने कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विरोध के बीच विवाद बढ़ गया और कुछ लोगों ने नगर पंचायत कर्मचारियों पर हमला कर दिया। मारपीट की घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायल कर्मचारियों को प्राथमिक इलाज दिलाया गया। घटना की सूचना मिलते ही कालपी के उपजिलाधिकारी अमित शेखर और क्षेत्राधिकारी राजेश पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने हालात को संभाला और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। प्रशासनिक अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर कर्मचारियों और स्थानीय लोगों से बातचीत की। इसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को सुरक्षा व्यवस्था के बीच आगे बढ़ाया गया। उपजिलाधिकारी अमित शेखर ने बताया कि नगर पंचायत कर्मचारियों की तहरीर के आधार पर आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्य में बाधा डालने और कर्मचारियों के साथ मारपीट करने वालों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासन के निर्देशानुसार अतिक्रमण हटाने का अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी प्रकार की बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अमेठी के गौरीगंज में सोमवार देर शाम बिहार में हुए भरत तिवारी के कथित पुलिस एनकाउंटर के विरोध में कैंडल मार्च निकाला गया। प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। यह मार्च सामाजिक कार्यकर्ता बसंत तिवारी के नेतृत्व में आयोजित किया गया। इसमें 30 से 40 लोग शामिल हुए, जो ब्लॉक गौरीगंज स्थित शहीद स्मारक स्थल पर एकत्र हुए। उपस्थित लोगों ने भरत तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा। इसके बाद कैंडल मार्च शहीद स्मारक स्थल से शुरू होकर कोतवाली मार्ग होते हुए फल मंडी तिराहे तक पहुंचा। मार्च में शामिल लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर विरोध प्रदर्शन किया।प्रदर्शन के दौरान युवाओ ने शहीद भरत तिवारी अमर रहे के नारे भी लगाए।गौरीगंज के फलमंडी तिराहे पर युवाओं द्वारा हाथों में कैंडल लेकर प्रदर्शन किया गया।
छतरपुर में आंधी-बारिश से पेड़ गिरे:कार क्षतिग्रस्त, शहर में बिजली ठप; तालाब की दीवार भी ढही
छतरपुर में सोमवार को अचानक बदले मौसम के कारण तेज आंधी और बारिश हुई, जिससे व्यापक नुकसान हुआ। इस दौरान कई पेड़ गिर गए, बिजली आपूर्ति बाधित हुई और एक तालाब की दीवार भी ढह गई। हालांकि, किसी जनहानि की सूचना नहीं है। शहर के कई इलाकों में विशाल पेड़ धराशायी हो गए। प्रसिद्ध संकट मोचन मंदिर के पास एक बड़ा पेड़ उखड़कर गिर गया। इसके अतिरिक्त, कई अन्य स्थानों पर भी पेड़ और उनकी टहनियां बिजली लाइनों पर गिरने से शहर के बड़े हिस्से की बिजली ठप हो गई। कार पर पेड़ गिराइससे कई क्षेत्रों में ब्लैकआउट जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे भीषण गर्मी के बीच लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बड़ा तालाब स्थित नर्मदेश्वर मंदिर के पास सड़क किनारे खड़ी एक कार पर एक विशाल पेड़ गिर गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज हवाओं के कारण पेड़ की जड़ें कमजोर पड़ गई थीं, जिसके बाद वह अचानक वाहन पर आ गिरा। गनीमत रही कि हादसे के समय कार में कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इस घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से शहर में पुराने और जर्जर पेड़ों की समय रहते छंटाई कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। तालाब की बाउंड्री वॉल ढहीतेज बारिश के दौरान गायत्री मंदिर तालाब (बस स्टैंड तलैया) की बाउंड्री वॉल भी ढह गई। स्थानीय लोगों ने नगरपालिका द्वारा कराए गए निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि बिना पिलर और बीम के बनाई गई यह दीवार पहली ही तेज बारिश में गिर गई, जो निर्माण की खराब गुणवत्ता को दर्शाता है। देखें तस्वीरें…
कटनी में ड्यूटी पर तैनात डायल 112 के एक कांस्टेबल के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। रविवार देर रात गांधी स्कूल के पास तीन युवकों ने मिलकर आरक्षक पर हमला कर दिया। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। पुलिस ने सोमवार को पीड़ित आरक्षक की शिकायत और वीडियो के आधार पर सरकारी काम में रुकावट डालने समेत कई गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। भाई को पिटता देख बहन ने बुलाई थी पुलिस पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, कोतवाली थाना इलाके में रहने वाली पूनम बर्मन नाम की महिला ने रविवार देर रात डायल 112 को फोन कर मदद मांगी थी। महिला ने बताया था कि कुछ लोग उसके भाई के साथ मारपीट कर रहे हैं। जानकारी मिलते ही डायल 112 गाड़ी में तैनात आरक्षक रूपेश यादव बिना वक्त गंवाए मौके पर पहुंचे। समझाने पहुंचे पुलिसकर्मी पर ही टूट पड़े आरोपी घटनास्थल पर पहुंचकर आरक्षक रूपेश यादव ने मुख्य आरोपी गापू बर्मन और उसके दो दोस्तों को रोकने की कोशिश की। लेकिन जैसे ही आरक्षक ने उनसे पूछताछ शुरू की, तीनों आरोपी बुरी तरह भड़क गए। उन्होंने खाकी वर्दी का खौफ न मानते हुए ऑन-ड्यूटी आरक्षक रूपेश यादव पर ही हमला बोल दिया और उन्हें पीटने लगे। इसी बीच वहां मौजूद किसी चश्मदीद ने इस पूरी वारदात का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो बना सबूत, आरोपियों की तलाश में जुटी टीमें मारपीट के बाद पीड़ित आरक्षक रूपेश यादव ने तुरंत कोतवाली थाने पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने वीडियो को सबूत के तौर पर केस में शामिल कर लिया है। नगर पुलिस अधीक्षक नेहा पच्चीसिहा ने बताया कि पीड़ित पुलिसकर्मी की रिपोर्ट के आधार पर 1 नामजद और 2 अन्य आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजने के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें बना दी गई हैं, जो उनके छिपने के ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं।
मुजफ्फरनगर के तितावी थाना क्षेत्र के गांव मांडी में संचालित एक दोने-पत्तल फैक्ट्री पर पुलिस की छापेमारी में मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। एसपी देहात अक्षय संजय महाडीक के नेतृत्व में पुलिस ने फैक्ट्री से 13 मजदूरों को मुक्त कराते हुए कई लोगों को हिरासत में लिया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस को सूचना मिली थी कि गांव मांडी स्थित एक फैक्ट्री में बाहरी राज्यों से लाए गए मजदूरों को बंधक बनाकर जबरन काम कराया जा रहा है। सूचना के आधार पर सोमवार शाम भारी पुलिस बल के साथ फैक्ट्री पर छापा मारा गया। कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री के अंदर मौजूद 13 मजदूरों को बाहर निकालकर सुरक्षित किया गया। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि इन मजदूरों से पिछले करीब छह माह से लगातार दोने-पत्तल बनवाने का काम कराया जा रहा था। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि मजदूरों को किस माध्यम से यहां लाया गया और क्या उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध फैक्ट्री में रखा गया था। छापेमारी के दौरान फैक्ट्री संचालकों और वहां मौजूद अन्य लोगों से भी पूछताछ की गई। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लेकर उनसे गहन पूछताछ शुरू कर दी है। पूरे मामले में श्रम विभाग और अन्य संबंधित विभागों से भी जानकारी जुटाई जा रही है। सीओ फुगाना ने बताया कि पुलिस ने मौके से कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। फिलहाल सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। अभी किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा गया है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि मामला मानव तस्करी, बंधुआ मजदूरी या किसी अन्य अपराध से जुड़ा है।
मुरादाबाद में नशे के धंधे को जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस स्पेशल ऑपरेशन चलाएगी। डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया और एसएसपी सतपाल अंतिल ने शैक्षणिक संस्थानों के आसपास विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। तकि युवाओ को इसकी जद में आने से बचाया जा सके।जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट सभागार में एनकार्ड (NCORD) समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में नशे की रोकथाम, नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण तथा नशामुक्ति अभियान की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।बैठक में जिलाधिकारी ने आबकारी विभाग, ड्रग्स विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विशेष रूप से आईएफटीएम एवं टीएमयू जैसे प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के आसपास सघन चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि नशीले पदार्थों की बिक्री अथवा सेवन में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोरतम वैधानिक कार्रवाई की जाए। जिलाधिकारी ने ड्रग्स इंस्पेक्टर को निर्देश दिए कि मेडिकल स्टोरों पर प्रतिबंधित एवं नियंत्रित दवाओं की अवैध बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु नियमित निरीक्षण एवं चेकिंग अभियान में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि सभी मेडिकल स्टोरों पर सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से क्रियाशील रहें तथा उनके माध्यम से गतिविधियों की निगरानी सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि मुरादाबाद शहर की कांशीराम कॉलोनी, हाबूड़ा बस्ती तथा आदर्श कॉलोनी जैसे क्षेत्रों में इस्कॉन, ब्रह्मकुमारीज, परिवर्तन द चेंज तथा गायत्री परिवार जैसे सामाजिक एवं आध्यात्मिक संगठनों के सहयोग से विशेष जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाएं, जिससे नशे की लत से प्रभावित व्यक्तियों को नशामुक्ति के लिए प्रेरित किया जा सके।इसके अतिरिक्त जनपद में संचालित निजी नशामुक्ति केंद्रों के संबंध में जिलाधिकारी ने शत-प्रतिशत सत्यापन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन निजी नशामुक्ति केंद्रों में निर्धारित नियमों एवं मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है, उनके विरुद्ध तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें बंद कराया जाए।बैठक में सचिव एमडीए, पुलिस अधीक्षक अपराध, सीएमओ, जिल आबकारी अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
राजनांदगांव में कोरिया जिले में हुए हत्याकांड को लेकर राजपूत समाज का आक्रोश सामने आया है। सोमवार को करणी सेना और सर्व राजपूत समाज के सदस्यों ने बरसते पानी के बीच शहर के मानव मंदिर चौक पर प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों ने प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा का पुतला दहन कर कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए और दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की। प्रदर्शन की शुरुआत में समाज के लोगों ने मानव मंदिर चौक पर मोमबत्ती जलाकर कोरिया हत्याकांड के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन और गृह मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि इस घटना से पूरा राजपूत समाज आहत है और दोषियों पर त्वरित कार्रवाई चाहता है। करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजय बहादुर सिंह ने इस घटना को कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बताया। उन्होंने मांग की कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में की जाए, ताकि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय मिल सके और दोषियों को कठोरतम दंड दिया जाए। बुलडोजर कार्रवाई की मांग वहीं, करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक सिंह ने आरोपियों की संपत्तियों पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐसे गंभीर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई कानून अपने हाथ में लेने की हिम्मत न कर सके। जिलाध्यक्ष डॉ. अमन बहादुर ने चेतावनी दी कि यदि अपराधियों के खिलाफ त्वरित और निर्णायक कार्रवाई नहीं हुई, तो समाज सड़कों पर उतरकर व्यापक जनआंदोलन करेगा। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और पूरे घटनाक्रम की लगातार निगरानी करने की मांग की। इस विरोध प्रदर्शन में प्रदेश महामंत्री मानवेंद्र सिंह, भिलाई जिला अध्यक्ष अमित सिंह, भिलाई सोशल मीडिया प्रभारी अंश, 1282 युवा विंग अध्यक्ष विवेक ठाकुर और मोनू ठाकुर सहित कई सदस्य शामिल हुए।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मंगलवार को प्रस्तावित हाथरस दौरा रद्द कर दिया गया है। मुख्यमंत्री को जिले में 486.38 करोड़ रुपये की 125 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करना था। इसके साथ ही सलेमपुर औद्योगिक क्षेत्र में आयोजित जनसभा को भी संबोधित करना था। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री सोमवार रात अलीगढ़ में प्रवास करने के बाद मंगलवार को हाथरस पहुंचने वाले थे। यहां कार्यक्रम संपन्न करने के बाद उन्हें आगरा रवाना होना था। हालांकि लखनऊ में हुए अग्निकांड की घटना के बाद मुख्यमंत्री ने अलीगढ़ में अपना कार्यक्रम बीच में ही छोड़ दिया और लखनऊ के लिए रवाना हो गए। इसके चलते हाथरस का पूरा कार्यक्रम निरस्त कर दिया गया। मुख्यमंत्री के हाथरस दौरे के दौरान 251.18 करोड़ रुपये की लागत वाली 47 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण प्रस्तावित था। इसके अलावा 235.20 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 78 नई परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया जाना था। इन परियोजनाओं को जिले के विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा था। कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने व्यापक तैयारियां कर रखी थीं। सभा स्थल पर मंच निर्माण और हेलीपैड का कार्य अंतिम चरण में था। सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती भी की गई थी। दौरा रद्द होने की सूचना मिलते ही भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों में मायूसी छा गई। कई दिनों से कार्यक्रम की तैयारियों में जुटे कार्यकर्ताओं को अंतिम समय में निराशा हाथ लगी। वहीं, लोग अब मुख्यमंत्री के नए कार्यक्रम की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं।
टैक्सी से टकराकर आम से भरा ट्रक पलटा:एक किशोर घायल, सड़क पर फैले आम उठाने से ग्रामीणों को रोका
ललितपुर में हाईवे 44 पर ग्राम लखनपुरा के पास आम से भरा एक ट्रक अनियंत्रित होकर टैक्सी से टकरा गया और पलट गया। इस दुर्घटना में ट्रक में सवार 15 वर्षीय एक किशोर घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज ललितपुर भेजा गया। यह घटना सोमवार शाम करीब 6 बजे ललितपुर-झांसी हाईवे 44 पर हुई। आंध्र प्रदेश से दिल्ली जा रहा आम से भरा ट्रक आगे चल रही एक टैक्सी से टकराकर पलट गया। इससे ट्रक में भरी आम की पेटियां सड़क पर बिखर गईं। आम सड़क पर फैलते ही ग्रामीणों की भीड़ उन्हें उठाने के लिए जमा हो गई। सूचना मिलने पर बांसी पुलिस चौकी इंचार्ज मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को आम ले जाने से रोका। घायल किशोर की पहचान हरियाणा के मेवात स्थित ग्राम डीबीपुर निवासी जहीर (15) पुत्र शौकत के रूप में हुई है। उसे तत्काल उपचार के लिए ललितपुर मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। ट्रक चालक उसीद पुत्र मजीद, जो हरियाणा के मेवात के ग्राम डीबीपुर का निवासी है, ने बताया कि वह आंध्र प्रदेश से आम लेकर दिल्ली जा रहा था। दुर्घटना में क्षतिग्रस्त हुई टैक्सी के चालक जितेंद्र साहू पुत्र जानकी ने बताया कि वह थाना बार के ग्राम गदयाना निवासी है और आज ही टैक्सी खरीदकर घर ले जा रहा था, तभी यह हादसा हो गया। बांसी चौकी इंचार्ज अभिषेक पंवार ने बताया कि ट्रक पलटने से घायल हुए किशोर को अस्पताल भेजा गया है और मौके पर सुरक्षा व्यवस्था तैनात कर दी गई है।
मुजफ्फरनगर के चरथावल थाना क्षेत्र की एक विवाहिता ने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज में कार की मांग पूरी न होने पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि मारपीट और उत्पीड़न के बाद उसे आठ माह पहले मासूम बेटी सहित घर से निकाल दिया गया। अब उसने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। मुजफ्फरनगर के चरथावल थाना क्षेत्र की एक विवाहिता ने अपने पति और ससुराल पक्ष के लोगों पर दहेज उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने थाना प्रभारी को लिखित तहरीर देकर पति समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता गुलफशा ने बताया कि करीब तीन वर्ष पहले उसका निकाह सिखेड़ा थाना क्षेत्र के भंडूरा गांव निवासी सलमान के साथ मुस्लिम रीति-रिवाज से हुआ था। विवाह के दौरान उसके परिजनों ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार दहेज दिया था, लेकिन कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष अतिरिक्त दहेज में कार की मांग करने लगा। गुलफशा का आरोप है कि जब उसके मायके पक्ष ने कार देने में असमर्थता जताई तो पति, सास, ससुर और ननद सहित अन्य परिजनों ने उसका उत्पीड़न शुरू कर दिया। उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। कई बार मारपीट की गई और तरह-तरह से परेशान किया गया। पीड़िता के मुताबिक, करीब आठ महीने पहले ससुराल पक्ष ने उसके साथ मारपीट कर उसे उसकी मासूम बेटी सहित घर से बाहर निकाल दिया। तब से वह अपने मायके में रह रही है। उसने बताया कि परिवार और समाज के लोगों के माध्यम से कई बार समझौते का प्रयास किया गया, लेकिन ससुराल पक्ष का रवैया नहीं बदला। इसके बाद उसने पुलिस की शरण ली। पीड़िता ने पति समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और मारपीट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि तहरीर प्राप्त हो गई है। मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पलवल के गेलपुर गांव में केएमपी एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर सर्विस रोड बनाने की मांग को लेकर एक महापंचायत का आयोजन किया गया। इस महापंचायत में 51 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है, जो मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात करेगी। महापंचायत की अध्यक्षता 52 पालों के पंच अरुण जेलदार ने की। इसका आयोजन किसान यूनियन के प्रधान भरत सहरावत द्वारा किया गया था। सहरावत पाल के प्रधान सहज राम सहरावत और लेखन सरपंच ने मंच संचालन की जिम्मेदारी संभाली। सर्विस रोड ने होने से लोग परेशान किसानों ने केएमपी एक्सप्रेस-वे के दोनों तरफ नेशनल हाईवे-19 पलवल से मिंडकोला तक सर्विस रोड बनाने की मांग की। उनका कहना है कि सर्विस रोड न होने के कारण दर्जनों गांवों के किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों को अपने खेतों तक पहुंचने के लिए कई-कई किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ता है, क्योंकि केएमपी के दोनों ओर उनके खेत हैं। किसानों ने यह भी बताया कि केएमपी क्रॉसिंग के लिए बनाए गए अंडरपास पर्याप्त नहीं हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए महापंचायत में 51 सदस्यों की एक कमेटी गठित की गई। तीनों विधायकों से चर्चा करेगी कमेटी यह कमेटी पलवल जिले के तीनों विधायकों से मिलकर सर्विस रोड बनाने की मांग पर चर्चा करेगी। इसके बाद, कमेटी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से भी मुलाकात कर अपनी मांग रखेगी। महापंचायत में कुंडू पाल के पंच प्रताप सिंह कुंडू, डागर पाल के पंच और सरपंच, सहरावत पाल के पंच और सरपंच, रावत पाल के पंच और सरपंच, किसान नेता रतन सिंह सौरोत सहित आसपास के गांवों के कई प्रमुख लोग और सरदारी उपस्थित रही।
सतना जिले की जनपद पंचायत रामपुर बाघेलान में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। जनपद अध्यक्ष रावेंद्र सिंह छोटू के खिलाफ एक साल के भीतर यह दूसरा अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है। 25 में से 10 जनपद सदस्यों ने इस संबंध में कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस को नोटिस सौंपा है। इन आरोपों के बाद अध्यक्ष की कुर्सी पर संकट गहरा गया है। अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले जनपद सदस्यों का आरोप है कि अध्यक्ष द्वारा विभिन्न विकास कार्यों के लिए राशि आवंटन में भारी अनियमितताएं की जा रही हैं। उनका कहना है कि जनपद क्षेत्र के विकास कार्यों में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है और कई मामलों में पक्षपातपूर्ण तरीके से निर्णय लिए गए हैं। बैठकें नहीं बुलाने का आरोप लगायासदस्यों ने यह भी आरोप लगाया है कि जनपद पंचायत की नियमित बैठकें नहीं बुलाई जाती हैं। इससे जनप्रतिनिधियों को अपनी बात रखने और क्षेत्रीय समस्याओं पर चर्चा करने का अवसर नहीं मिल पाता। उनका यह भी कहना है कि बैठकों में उनके द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों को कार्यवाही रजिस्टर में दर्ज नहीं किया जाता और उन्हें नजरअंदाज किया जाता है, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया कमजोर पड़ रही है। कलेक्टर को सौंपे गए अविश्वास प्रस्ताव पर जनपद सदस्य प्रशांत सिंह बघेल, इंदु सिंह, आशालता सिंह, नेहा सिंह, सुलोचना सिंह, प्रतिभा सिंह, बेला सिंह, भूपेंद्र सिंह, रामबाई रावत और सुखिनंद चौधरी के हस्ताक्षर हैं। अविश्वास प्रस्ताव का यह है नियमनियमों के अनुसार, जनपद अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए एक तिहाई सदस्यों के समर्थन की आवश्यकता होती है। 25 सदस्यों वाली इस जनपद में 10 सदस्यों ने हस्ताक्षर कर कलेक्टर को नोटिस दिया है, जो इस शर्त को पूरा करता है। अविश्वास प्रस्ताव के मतदान के समय इसे पारित कराने के लिए दो तिहाई सदस्यों का अध्यक्ष के खिलाफ मतदान करना अनिवार्य होगा।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज ने यूपी टीईटी-2026 परीक्षा की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। यह परीक्षा 2, 3 और 4 जुलाई को प्रदेश के 60 जिलों में बनाए गए 955 केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि परीक्षा पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और नकलविहीन व्यवस्था के साथ संपन्न कराई जाएगी। परीक्षा का आयोजन तीन दिनों तक किया जाएगा। 2 जुलाई को दोनों पालियों में उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8) की परीक्षा होगी। 3 जुलाई को प्रथम पाली में उच्च प्राथमिक स्तर तथा द्वितीय पाली में प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5) की परीक्षा आयोजित की जाएगी। वहीं, 4 जुलाई को केवल प्रथम पाली में प्राथमिक स्तर की परीक्षा संपन्न कराई जाएगी। प्रथम पाली का समय सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित है, जबकि द्वितीय पाली दोपहर 2:30 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए, आयोग ने 22 जून से परीक्षा जनपद संबंधी अंतिम सूचना अपनी आधिकारिक वेबसाइट https://upessc.up.gov.in पर उपलब्ध करा दी है। अभ्यर्थी वेबसाइट पर दिए गए लिंक के माध्यम से अपनी प्रविष्टियों का सत्यापन कर परीक्षा जनपद की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि प्रवेश पत्र 30 जून 2026 से आयोग की वेबसाइट पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध होंगे। उन्होंने सभी अभ्यर्थियों से समय रहते प्रवेश पत्र डाउनलोड करने और उसमें दिए गए निर्देशों का सावधानीपूर्वक पालन करने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैध प्रवेश पत्र के बिना किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। अध्यक्ष ने अभ्यर्थियों से निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने और शांतिपूर्ण तथा अनुशासित वातावरण में परीक्षा संपन्न कराने में सहयोग करने का आग्रह किया। आयोग ने परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली हैं।
पीलीभीत के खेड़ा गांव में शराब की दुकान हटाने की मांग को लेकर महिलाओं का प्रदर्शन जारी है। सोमवार को प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने प्रदर्शनकारी महिलाओं से बात करने का प्रयास किया, लेकिन यह वार्ता विफल रही। महिलाएं तत्काल दुकान बंद करने की अपनी मांग पर अड़ी रहीं और अधिकारियों की बात सुनने से इनकार कर दिया। महिलाओं का आरोप है कि शराब की दुकान मुख्य रास्ते और एक मंदिर के पास संचालित हो रही है। उनके अनुसार, दुकान के पास से गुजरने वाली महिलाओं और लड़कियों पर शराबी फब्तियां कसते हैं। इसके अलावा, गांव के पुरुष घर का सामान बेचकर शराब पी जाते हैं और विरोध करने पर मारपीट करते हैं। शनिवार को आक्रोशित महिलाओं ने दुकान में तोड़फोड़ कर शराब की बोतलें सड़क पर फेंक दी थीं। सोमवार को एसडीएम सदर श्रद्धा सिंह, सीओ सदर नताशा गोयल और आबकारी अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे। एसडीएम ने महिलाओं से नियमानुसार कार्रवाई के लिए 15 दिन से एक महीने का समय मांगा। इस पर महिलाओं ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, इससे अच्छा तो आप हमारे पतियों को जहर की पुड़िया दे दीजिए। महिलाओं के अड़ियल रवैये के कारण अधिकारियों को बैठक बीच में ही छोड़नी पड़ी। विवाद बढ़ता देख कोतवाली प्रभारी निरीक्षक जयशंकर सिंह ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने महिलाओं को चेतावनी देते हुए कहा कि पुलिस ने चूड़ी नहीं पहन रखी है और अगर गांव में राजनीति की गई, तो मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब 2017 में दुकान आवंटित हुई थी, तब विरोध क्यों नहीं किया गया? इस पर महिलाओं ने तर्क दिया कि उस समय उनकी आवाज को दबा दिया गया था। फिलहाल गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। महिलाएं किसी भी कीमत पर दुकान न खुलने देने के अपने संकल्प पर कायम हैं।
बैतूल। कोठी बाजार क्षेत्र स्थित आर्य वार्ड में सोमवार को एक मकान में आग लग गई। यह आग गैस पाइप में लगी, जिसने देखते ही देखते पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। हालांकि फायर ब्रिगेड की तत्परता से आग पर समय रहते काबू पा लिया गया, जिससे आग आसपास के मकानों तक नहीं फैली और बड़ा हादसा टल गया। गैस पाइप से लगी आग जानकारी के अनुसार मकान मालिक नसीम खान के घर की पहली मंजिल पर खाना बनाते समय अचानक गैस पाइप में आग लग गई। कुछ ही देर में आग ने कमरे और घर के अन्य हिस्सों को भी अपनी चपेट में ले लिया। स्थिति बिगड़ते देख परिवार के सदस्य तुरंत घर से बाहर निकल आए और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। फायर ब्रिगेड ने पाया काबू सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पा लिया गया, लेकिन तब तक घर का अधिकांश सामान जलकर नष्ट हो चुका था। एक लाख रुपये से अधिक के नुकसान की आशंका मकान मालिक नसीम खान ने बताया कि इस आगजनी की घटना में उन्हें एक लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। घर का लगभग 80 प्रतिशत सामान जल गया, जिसमें फर्नीचर, कपड़े, रसोई का सामान और अन्य घरेलू उपयोग की वस्तुएं शामिल हैं। घटना की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। प्रारंभिक तौर पर आग लगने का कारण गैस पाइप में रिसाव या आग बताया जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। फायर ब्रिगेड अधिकारियों के अनुसार समय पर सूचना मिलने और त्वरित कार्रवाई के कारण आग को फैलने से रोक लिया गया, जिससे आसपास के मकानों को नुकसान नहीं पहुंचा।
हरदोई में हत्या के दोषी को आजीवन कारावास:दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया
हरदोई में हत्या के एक मामले में जिला जज रीता कौशिक की अदालत ने सोमवार को महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए दोषी रावेन्द्र सिंह उर्फ कक्कू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 10,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह मामला करीब साढ़े सात वर्ष पुराना है और इसे उत्तर प्रदेश पुलिस के 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान के तहत बड़ी सफलता माना जा रहा है। मामला मल्लावां कोतवाली क्षेत्र का है, जहां वर्ष 2018 में भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। अभियुक्त रावेन्द्र सिंह उर्फ कक्कू, पुत्र प्यारेलाल, निवासी बेरियानजीरपुर, कोतवाली मल्लावां के खिलाफ हत्या का आरोप था। सुनवाई के दौरान पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी करार दिया। अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ ही 10,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि जुर्माना अदा न करने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इस मामले को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने में हरदोई पुलिस और अभियोजन पक्ष की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की प्रभावी विवेचना और अदालत में मजबूत पैरवी के चलते दोषसिद्धि सुनिश्चित हो सकी। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले अभियोजन अधिकारी चन्दन कुमार सिंह, मामले की जांच करने वाले विवेचक एवं तत्कालीन थाना प्रभारी अमरजीत सिंह तथा न्यायालय में साक्ष्यों और गवाहों को समय पर प्रस्तुत करने वाले थाना मल्लावां के पैरोकार केशव राणा की भूमिका को भी सराहनीय बताया गया।
जयपुर में उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने कहा- योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर है, जिसने पूरे विश्व को स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने की दिशा दी है। उन्होंने कहा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से आज योग को वैश्विक पहचान प्राप्त हुई है और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस विश्व के अधिकांश देशों में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा के समन्वय का संपूर्ण विज्ञान है। वर्तमान समय की भागदौड़ एवं तनावपूर्ण जीवनशैली में योग स्वस्थ, सकारात्मक एवं अनुशासित जीवन का सबसे प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। उन्होंने सभी नागरिकों से प्रतिदिन योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। भाजपा जयपुर शहर की ओर से भाजपा जयपुर शहर जिला कार्यालय में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योग गुरु सम्मान समारोह में दीया कुमारी ने यह कहा। कार्यक्रम का शुभारंभ उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जयपुर शहर जिलाध्यक्ष अमित गोयल ने की। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी के आगमन पर जयपुर शहर जिलाध्यक्ष अमित गोयल ने दुपट्टा और गुलदस्ता भेंट कर उनका स्वागत किया। समारोह में समाज में योग, स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय योगदान देने वाले योगाचार्यों और योग प्रशिक्षकों का सम्मान किया गया। योग शरीर को सशक्त बनाता भाजपा जयपुर शहर जिलाध्यक्ष अमित गोयल ने कहा- भारतीय संस्कृति ने हमेशा विश्व को मानव कल्याण का मार्ग दिखाया है। योग उसका उदाहरण है। योग व्यक्ति के शरीर, मन और विचारों को सशक्त बनाकर राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि सम्मानित किए जा रहे योग गुरु समाज को स्वस्थ, जागरूक और सकारात्मक बनाने का महान कार्य कर रहे हैं। उनके समर्पण, सेवा भाव एवं सतत प्रयासों से हजारों लोग योग से जुड़कर निरोग और संतुलित जीवन की ओर अग्रसर हो रहे हैं। गोयल ने सभी योगाचार्यों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि भाजपा जयपुर शहर समाज निर्माण में योगदान देने वाले प्रेरणादायी व्यक्तित्वों के सम्मान एवं प्रोत्साहन के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहेगी। मीडिया सह-प्रभारी नयन माधाणी (अग्रवाल) ने बताया- इस अवसर पर मेघसिंह चौहान (क्रीड़ा भारती), भाजपा जयपुर शहर जिला महामंत्री नवरत्न नराणिया, रेखा राठौड़, राजेश तांबी आदि मौजूद रहे।
फतेहपुर में 90 लाख की अवैध शराब नष्ट:12048 बीयर कैन और 10749 लीटर शराब का विनिष्टीकरण
फतेहपुर में पुलिस और प्रशासन ने अवैध शराब कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। अभियान के तहत करीब 90 लाख रुपये मूल्य की अवैध बीयर और शराब को नष्ट किया गया। यह विनिष्टीकरण थाना मलवां परिसर में जेसीबी मशीन से गड्ढा खोदकर किया गया। यह कार्रवाई आबकारी अधिनियम के विभिन्न मामलों में जब्त की गई अवैध शराब के संबंध में की गई। कोर्ट के आदेश पर जिलाधिकारी द्वारा गठित समिति की निगरानी में इसे नष्ट किया गया। कुल 05 मुकदमों से संबंधित 12,048 कैन अवैध बीयर और 10,749.973 लीटर अवैध शराब का नियमानुसार निस्तारण किया गया। इसकी अनुमानित कीमत लगभग 90 लाख रुपये बताई गई है। इस कार्रवाई के दौरान उपजिलाधिकारी सदर, क्षेत्राधिकारी नगर, जिला आबकारी अधिकारी, जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) और प्रभारी निरीक्षक मलवां सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। इन अधिकारियों की देखरेख में जेसीबी का उपयोग कर जब्त की गई शराब और बीयर को गड्ढा खोदकर नष्ट किया गया। पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक के निर्देश पर चलाए जा रहे इस अभियान के तहत पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री में संलिप्त लोगों के खिलाफ भविष्य में भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
बुरहानपुर शहर में सोमवार शाम को अचानक मौसम बदल गया। शाम 7 बजे से 7:10 बजे तक 10 मिनट की तेज बारिश हुई, जिससे भीषण गर्मी से जूझ रहे आमजन को काफी राहत मिली। बारिश से पहले आसमान में काले बादल छा गए और ठंडी हवाएं चलने लगीं। हालांकि, इस संक्षिप्त बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गई। मोमिनपुरा जमाअत खाना, लोहार मंडी, सिंधीपुरा और बुधवारा जैसे क्षेत्रों की सड़कों पर पानी भर गया। यह स्थिति इन इलाकों में हर साल बारिश के दौरान देखी जाती है। पिछले कई दिनों से शहर में भीषण गर्मी पड़ रही थी। अधिकतम तापमान 37 से 38 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ था। सोमवार को दिन का अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। मौसम में इस बदलाव और बारिश के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि मानसून आगे भी मेहरबान रहेगा और शहर को और अधिक राहत मिलेगी।
फर्रुखाबाद में दमकल टीम ने चार कोचिंग सेंटर जांचे:आग से बचाव के इंतजाम देखे, छात्रों को जागरूक किया
फर्रुखाबाद में दमकल विभाग ने कोचिंग सेंटरों पर चेकिंग अभियान चलाया। यह अभियान लखनऊ में एक कोचिंग सेंटर में आग लगने की घटना के बाद शुरू किया गया। इस दौरान चार कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया गया। प्रभारी अग्निशमन केंद्र फतेहगढ़ के नेतृत्व में कोचिंग संस्थानों में विशेष सघन अग्नि सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान संस्थानों में उपलब्ध अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण किया गया। शहर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों में अग्नि सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को आग लगने की स्थिति में अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों, अग्निशमन उपकरणों के प्रयोग और आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षित निकासी के संबंध में जानकारी दी गई। अभियान के दौरान संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों को अग्निकांड की स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया, सुरक्षित निकासी, प्राथमिक अग्निशमन तकनीकों और आपदा प्रबंधन के संबंध में व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई। उन्हें बताया गया कि थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। अग्निशमन विभाग ने चेतावनी दी कि जिन संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई जाएगी, उनके विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने सभी कोचिंग संस्थानों, प्रतिष्ठानों और व्यावसायिक भवनों में अग्नि सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की अपील की। इस अभियान के तहत भोलेपुर में भीमसेन मार्केट स्थित स्वरूप क्लासेस, नेकपुर कला में आकाश क्लासेस, लोको रोड पर स्थित संकल्प ग्रुप ऑफ एजुकेशन एंड कंप्यूटर इंस्टीट्यूट और तलैया लाइन फतेहगढ़ में स्थित कौटिल्य एकेडमी का निरीक्षण कर आग से बचाव के इंतजामों को परखा गया।
कोटा ग्रामीण पुलिस ने आज दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में बड़ी कार्रवाई करते हुए अपराधियों और अवैध कारोबारियों पर कड़ा प्रहार किया है। एक तरफ इटावा थाना क्षेत्र में करोड़ों रुपये की सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया, वहीं दूसरी ओर मंडाना थाना पुलिस ने 25 लाख रुपये से अधिक कीमत की अवैध शराब की बड़ी खेप जब्त कर चार तस्करों को गिरफ्तार किया। पुलिस एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि राजस्थान सरकार द्वारा नई पुलिस चौकी के लिए आवंटित इस भूमि पर हिस्ट्रीशीटर मांगीलाल मीणा और पप्पू कीर ने अवैध कब्जा कर रखा था। प्रशासन और नगरपालिका की मौजूदगी में नोटिस की कार्रवाई के बाद जेसीबी से मकानों और बाड़ों को ध्वस्त कर जमीन को मुक्त कराया गया। इस भूमि की अनुमानित कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। वहीं दूसरी बड़ी कार्रवाई ऑपरेशन रूट क्लियरेंस के तहत मंडाना थाना क्षेत्र में की गई। साइबर सेल की सूचना पर पुलिस ने एनएच-52 स्थित फाटाखेड़ा पुलिया के पास दो संदिग्ध कारों की घेराबंदी की। तलाशी के दौरान इनोवा और स्विफ्ट डिजायर कार की डिग्गियों में छिपाकर रखी गई हरियाणा निर्मित अवैध अंग्रेजी शराब की बड़ी खेप बरामद हुई। पुलिस ने दोनों वाहनों से 426 बोतलें और 36 पेटियां शराब जब्त की हैं, जिनमें रेड लेबल, ब्लैक लेबल, ब्लैक एंड व्हाइट, स्मिरनॉफ वोडका और जैकब्स क्रीक वाइन जैसे ब्रांड शामिल हैं। जब्त शराब और वाहनों की कुल कीमत करीब 25 लाख 65 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस ने धवल वी. पंड्या (36 वर्ष), तेजस कुमार चंद्रकांत दर्जी (36 वर्ष), निवासी वडोदरा, गुजरात,लक्ष्य शर्मा (20 वर्ष), निवासी इंदौर, मध्यप्रदेश (हाल निवासी वडोदरा, गुजरात) वृज विक्रमसिंह दरबार (27 वर्ष), निवासी वडोदरा को मामले में गुजरात और मध्यप्रदेश से जुड़े चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शराब की यह खेप हरियाणा से लाकर मध्यप्रदेश के रास्ते गुजरात पहुंचाई जा रही थी। पुलिस ने आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश शुरू कर दी है।
टोंक में शहरी सेवा शिविर में स्वायत शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा नहीं आ पाए तो भाजपा जिलाध्यक्ष ने ही पट्टे बांट दिए। अग्निशमन केंद्र टोंक में हुए शहरी सेवा शिविर में भाजपा जिलाध्यक्ष चंद्रवीर सिंह चौहान ने जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर शहरवासियों से चर्चा की और समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। जिलाध्यक्ष समेत अन्य अतिथियों ने नगर परिषद की ओर से बनाए गए 21 मकानों के पट्टे, 50 लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना की 50-50 हजार रुपए की किश्त के चेक, 18 लोगों को प्रधानमंत्री स्वरोजगार योजना के चेक लाभार्थियों को दिए। जिलाध्यक्ष चंद्रवीर सिंह चौहान ने कहा कि भाजपा सरकार आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है और सेवा, सुशासन और जनकल्याण की भावना के साथ लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविरों के माध्यम से आम नागरिकों को एक ही स्थान पर विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ मिल रहा है, जिससे लोगों को राहत मिल रही है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि हर पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ प्राथमिकता से उपलब्ध कराया जाए और प्राप्त आवेदनों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा जनहितकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई और पात्र लाभार्थियों को आवश्यक दस्तावेज एवं स्वीकृतियां वितरित की गईं। दरअसल, आज इस शिविर का अवलोकन करने में लिए स्वायत शासन मंत्री झाबर सिंह आने वाले थे, लेकिन शाम को मैसेज आया कि वे नहीं आ रहे हैं। इसके बाद बीजेपी जिलाध्यक्ष समेत अन्य स्थानीय बीजेपी पदाधिकारियों ने शिविर का अवलोकन कर लाभार्थियों को लाभान्वित किया। इस अवसर पर पूर्व सभापति लक्ष्मी जैन, जिला उपाध्यक्ष प्रधान काबरा, मंडल अध्यक्ष सुरेश खटाना, एसटी मोर्चा जिलाध्यक्ष मुकलेश मीणा, एससी मोर्चा जिलाध्यक्ष मनीष सिसोदिया, चौथमल विजय, पिंटू बन्ना, देवराज गुर्जर, शंकर चौधरी, नरेंद्र चोपड़ा सहित पार्टी पदाधिकारी कार्यकर्ता और आमजन उपस्थित रहे।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को दिल्ली सचिवालय में सैदुलाजाब भवन ढहने की घटना और मालवीय नगर के हौज रानी अग्निकांड में अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने उन्हें 10-10 लाख रुपए की अनुग्रह सहायता राशि सौंपी। मुख्यमंत्री ने मृतकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पीड़ा को शब्दों में बयां करना संभव नहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे असहनीय दुख को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। एक मां, एक बेटी और एक जनसेवक के रूप में वह इन परिवारों की पीड़ा को गहराई से महसूस करती हैं। उन्होंने कहा कि इन हादसों के लिए जिम्मेदार लोगों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सरकार ठोस कदम उठा रही है। दोनों हादसों ने झकझोर दिया रेखा गुप्ता ने कहा कि 30 मई को सैदुलाजाब में हुई इमारत ढहने की घटना और 3 जून को हौज रानी में हुए अग्निकांड में जिन अमूल्य जिंदगियों का नुकसान हुआ। उसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। सैदुलाजाब हादसे में कई होनहार युवाओं की जान गई, जिनकी आंखों में सुनहरे भविष्य के सपने थे। जबकि हौज रानी अग्निकांड ने एक ही परिवार की 2 पीढ़ियों को हमसे छीन लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल प्रभावित परिवारों का ही नहीं, बल्कि पूरे समाज का दुख है। इस अवसर पर मालवीय नगर से विधायक सतीश उपाध्याय और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। पीड़ित परिवारों के लिए सहायता सैदुलाजाब भवन ढहने और हौज रानी अग्निकांड के पीड़ित परिवारों से मुख्यमंत्री की मुलाकात मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपए की अनुग्रह सहायता राशि प्रदान दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाने की घोषणा मालवीय नगर विधायक सतीश उपाध्याय और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी
मथुरा शहर में बढ़ते यातायात दबाव और सड़क-फुटपाथों पर हो रहे अवैध कब्जों के खिलाफ मथुरा-वृंदावन नगर निगम ने सोमवार को विशेष अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने गोवर्धन चौराहा से कृष्णा नगर रोड तक कार्रवाई करते हुए सार्वजनिक स्थलों पर किए गए अतिक्रमण हटाए। अभियान का नेतृत्व अपर नगर आयुक्त सौरभ सिंह ने किया। इस दौरान नगर निगम अधिकारियों और पुलिस बल की मौजूदगी में दुकानों के बाहर रखा गया सामान, अस्थायी ढांचे और फुटपाथों पर किए गए अवैध कब्जे हटाए गए। व्यापारियों को दी सख्त चेतावनी कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने दुकानदारों और व्यापारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे सड़क, फुटपाथ और सार्वजनिक मार्गों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न करें। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे कब्जों के कारण आम लोगों और वाहन चालकों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। दोबारा अतिक्रमण पर होगी कार्रवाई अपर नगर आयुक्त सौरभ सिंह ने बताया कि शहर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने के लिए नगर निगम लगातार अभियान चला रहा है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति या व्यापारी द्वारा दोबारा अतिक्रमण किया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण केवल यातायात व्यवस्था को प्रभावित नहीं करता, बल्कि पैदल चलने वालों की सुरक्षा और सुविधा के लिए भी बड़ी समस्या बनता है। भूतेश्वर से गोवर्धन चौराहे तक कार्रवाई नगर निगम और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम ने भूतेश्वर क्षेत्र से लेकर गोवर्धन चौराहे तक सड़क और फुटपाथों पर किए गए कब्जों को हटाया। अभियान के दौरान कई स्थानों पर लोगों को मौके पर ही चेतावनी देकर भविष्य में अतिक्रमण न करने की हिदायत दी गई। शहर को जाममुक्त बनाने पर जोर अधिकारियों ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि मथुरा-वृंदावन को जाममुक्त, स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के लिए जनसहभागिता बेहद जरूरी है। नगर निगम के अनुसार अतिक्रमण नियंत्रण, स्वच्छता और जन-जागरूकता से जुड़े ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे, ताकि शहर की यातायात व्यवस्था और सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाया जा सके।
विधायक श्रीचंद कृपलानी ने सोमवार को छोटीसादड़ी का दौरा किया। विधायक ने नगर पालिका परिसर में आयोजित शहरी सेवा शिविर में भाग लिया, जहां उन्होंने आमजन की समस्याएं सुनीं। साथ ही, विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। इस अवसर पर पात्र लाभार्थियों को पट्टों का वितरण भी किया गया। सीसीटीवी कैमरों का लोकार्पण किया विधायक कृपलानी ने नगर पालिका प्रशासन द्वारा शहर के विभिन्न प्रमुख स्थानों पर स्थापित किए गए सीसीटीवी कैमरों का लोकार्पण किया। उन्होंने बताया कि यह निगरानी व्यवस्था कानून व्यवस्था को मजबूत करने, अपराधों पर नियंत्रण रखने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे पुलिस और प्रशासन को भी घटनाओं की निगरानी में सहायता मिलेगी। इसी कार्यक्रम के दौरान नगर पालिका द्वारा स्थापित पब्लिक एड्रेस सिस्टम का भी शुभारंभ किया गया। इस प्रणाली के माध्यम से आमजन अपनी समस्याएं और सुझाव प्रशासन तक पहुंचा सकेंगे। इसके अतिरिक्त, शहर में प्रतिदिन देशभक्ति, धार्मिक और जनजागरूकता से जुड़े संदेशों का प्रसारण भी किया जाएगा। विधायक ने इस पहल को नागरिक संवाद और जनभागीदारी की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। आमजन की समस्याएं सुनकर समाधान के निर्देश दिए नगर पालिका परिसर में आयोजित शहरी सेवा शिविर में विधायक कृपलानी ने आमजन की शिकायतें सुनीं और अधिकारियों को उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए। शिविर में नामांतरण, भवन निर्माण स्वीकृति और अन्य प्रशासनिक कार्यों से संबंधित प्रकरणों का भी निस्तारण किया गया। पात्र लाभार्थियों को पट्टों का वितरण कर उन्हें स्वामित्व अधिकार प्रदान किए गए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक कृपलानी ने कहा कि राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन के समन्वय से क्षेत्र में विकास कार्यों को गति दी जा रही है। उन्होंने बताया कि नगर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, सुरक्षा व्यवस्था बेहतर बनाने और नागरिक सुविधाओं का विस्तार करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विधायक ने जोर दिया कि विकास कार्यों का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है।
अशोकनगर जिले के पिपरई में सोमवार को एक ट्रक ड्राइवर के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। चिकमगलूर चौराहे पर कुछ लोगों ने ड्राइवर को ट्रक से उतारकर लात-घूंसों और चप्पल से पीटा। इस घटना में पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, जिनमें से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। फरियादी ट्रक ड्राइवर दिलीप यादव ने पुलिस को बताया कि यह घटना तब हुई जब उनके ट्रक की ट्रैक्टर से मामूली टक्कर हो गई थी। इसी बात पर कुछ लोगों ने उन्हें रोककर पीटना शुरू कर दिया। ट्रक ड्राइवर ने थाने पहुंचकर की शिकायतमारपीट करने वालों में मुकेश लोधी, शेर सिंह लोधी (निवासी पिपरई), सत्येंद्र लोधी और रामकृष्ण यादव शामिल हैं। घटना के बाद दिलीप यादव ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुकेश लोधी, सत्येंद्र लोधी और रामकृष्ण यादव को गिरफ्तार कर लिया है। इस मारपीट का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें ड्राइवर को बीच चौराहे पर पीटते हुए देखा जा सकता है।
अयोध्या में 50 किमी के रोड शो:बसपा का शक्ति प्रदर्शन, बीकापुर में बबलू ने भरी चुनावी हुंकार
बहुजन समाज पार्टी ने अयोध्या में अपनी राजनीतिक ताकत का बड़ा प्रदर्शन करते हुए आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी का संकेत दिया। बसपा के पूर्व विधायक जितेंद्र सिंह बबलू की पार्टी में वापसी के बाद पहली बार इतना बड़ा शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला। लखनऊ हाईवे स्थित लोहिया पुल से लेकर बीकापुर के जलालपुर माफी मैदान तक करीब 50 किलोमीटर लंबा रोड शो निकाला गया, जिसमें हजारों समर्थक और कार्यकर्ता शामिल हुए। रास्ते भर विभिन्न स्थानों पर बसपा कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं और नारों के साथ नेताओं का स्वागत किया। बड़ी संख्या में वाहनों का काफिला रोड शो का हिस्सा बना। बीकापुर विधानसभा क्षेत्र में इस कार्यक्रम को आगामी चुनावों के मद्देनजर बसपा की ताकत दिखाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। जनसभा में जुटी भीड़, सत्ता वापसी का दावा रोड शो के समापन के बाद जलालपुर माफी मैदान में विशाल जनसभा आयोजित की गई। सभा में बसपा के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। बड़ी संख्या में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए जितेंद्र सिंह बबलू ने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में बसपा मजबूती के साथ वापसी करेगी। उन्होंने कहा कि जनता का भरोसा एक बार फिर बसपा की ओर बढ़ रहा है और पार्टी सुप्रीमो मायावती फिर से उत्तर प्रदेश की सत्ता संभालेंगी। भाजपा और सपा पर साधा निशाना प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने अपने संबोधन में भाजपा और समाजवादी पार्टी दोनों पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता अब सभी दलों की कार्यशैली को पहचान चुकी है। पाल ने भाजपा सरकार पर प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने का आरोप लगाते हुए कहा कि बसपा शासनकाल में ऐसी घटनाएं नहीं होती थीं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। अयोध्या में हुए इस शक्ति प्रदर्शन के बाद अब राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं कि 2027 के विधानसभा चुनाव में बसपा अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने में कितनी सफल हो पाएगी।
सिंगरौली जिले के बरगवां रेलवे स्टेशन पर रविवार देर रात मानव तस्करी की आशंका के चलते 17 युवतियों को ट्रेन से उतारा गया। ये युवतियां मोरवा रेलवे स्टेशन से भोपाल जा रही थीं। पुलिस जांच में सभी युवतियां बालिग पाई गईं, जिसके बाद सोमवार को उन्हें उनके अभिभावकों को सौंप दिया गया। समय और सफर दोनों हुए खराब लेकिन ये सभी युवतियां पूरी रात पुलिस संरक्षण में परेशान होती रहीं। इसको लेकर कुछ युवितयों ने पुलिस और संगठनों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है। कुछ युवितयों ने बताया कि जिस स्थान पर उन्हें काम के लिए बुलाया गया था। वहां समय पर नहीं पहुंच पाएंगे, जिसके चलते हाथ आई जॉब भी जाने की आशंका है। इस कार्रवाई में सभी ने अपने अपने दायित्व निभा लिए। लेकिन हमें जो पूरी रात समस्या हुई उस पर जिम्मेदार क्या करेंगे। हमारा तो समय और सफर दोनों ही खबरा हुआ। ये है पूरा मामला यह मामला तब सामने आया जब विश्व हिंदू परिषद की दुर्गा वाहिनी संगठन की प्रांतीय पदाधिकारी सोनम रवानी को सूचना मिली। उन्हें बताया गया था कि धनबाद-भोपाल एक्सप्रेस ट्रेन से कुछ नाबालिग लड़कियों को जबरन बाहर ले जाया जा रहा है। इस सूचना पर दुर्गा वाहिनी और बजरंग दल के कार्यकर्ता बरगवां रेलवे स्टेशन पहुंचे और स्थानीय पुलिस को सूचित किया। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में ट्रेन से 17 युवतियों को उतारा गया। सोनम रवानी ने बताया कि कई युवतियां नाबालिग प्रतीत हो रही थीं और प्रारंभिक पूछताछ में उनके बयान भी विरोधाभासी थे। युवतियों के साथ एक महिला और दो युवक भी थे, जिनकी भूमिका पर भी संदेह व्यक्त किया गया। इसके बाद सभी को पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। नगर पुलिस अधीक्षक उमेश प्रजापति ने बताया कि रविवार रात लगभग 11:30 बजे युवतियों को पुलिस संरक्षण में लिया गया था। सोमवार को उनके परिजनों को बुलाया गया और दस्तावेजों की जांच के साथ पूछताछ की गई। जांच में सभी युवतियां बालिग पाई गईं। युवतियों ने पुलिस को बताया कि वे अपनी मर्जी से रोजगार के लिए बाहर जा रही थीं। इसके बाद उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया गया। आंशका पर हुई कार्रवाई की अन्य तस्वीरें…
उदयपुर जिले के वल्लभनगर क्षेत्र के भमरासिया घाटी चौराहे पर बने नेशनल हाईवे 48 के ओवरब्रिज पर एक सड़क हादसे में 1 व्यक्ति की मौत हो गई। तेज रफ्तार वाहन ने स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में स्कूटी सवार पिता की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल बेटे का अस्पताल में इलाज चल रहा है। डबोक थाने के हेड कांस्टेबल अर्जुन सिंह ने बताया कि कानोड़ के नया बाजार इलाके के रहने वाले हरि सिंह पंवार अपने बेटे दीपक के साथ स्कूटी से उदयपुर की तरफ जा रहे थे। दोनों जैसे ही भमरासिया घाटी चौराहे के ओवरब्रिज पर पहुंचे, तभी एक अज्ञात वाहन ने उनकी स्कूटी को चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कूटी बेकाबू होकर सीधे डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर लगते ही हरि सिंह और उनका बेटा दीपक सड़क पर दूर जा गिरे और लहुलूहान हो गए। हादसे को देख मौके पर भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठा हो गई। ग्रामीणों ने तुरंत इस दुर्घटना की जानकारी डबोक थाना पुलिस और हाईवे पेट्रोलिंग टीम को दी। सूचना मिलते ही हेड कांस्टेबल अर्जुन सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से दोनों गंभीर घायलों को तुरंत एंबुलेंस में बैठाया और इलाज के लिए उदयपुर के एमबी हॉस्पिटल के लिए रवाना किया। लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में हरि सिंह पंवार 50 पुत्र मोहन सिंह पंवार ने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं उनके बेटे दीपक का इलाज अस्पताल में चल रहा है, जिसकी हालत गंभीर बनी हुई है। पिता की मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया और परिजन तुरंत अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर उसे परिजनों को सौंपा। परिजनों की ओर से दी गई रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इनपुट - रमेश डांगी, वल्लभनगर।
कानपुर के घाटमपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की लापरवाही के कारण एक ओवरब्रिज की मरम्मत का काम 24 घंटे बाद भी शुरू नहीं हो सका है। रविवार सुबह ओवरब्रिज की स्लैब टूट गई थी। 24 घंटे बीत जाने के बावजूद मरम्मत कार्य शुरू नहीं हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों में रोष और चर्चाएं हैं। ओवरब्रिज पर आवागमन बंद होने के कारण कानपुर-सागर हाईवे पर दिनभर भीषण जाम लगा रहा, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। घाटमपुर नगर के मुख्य चौराहे पर स्थित यह ओवरब्रिज कानपुर-सागर हाईवे का हिस्सा है। इसका उद्घाटन 12 नवंबर 2022 को लगभग 46 करोड़ रुपये की लागत से हुआ था। दो वर्ष पहले भी इसकी स्लैब और बीम में दरारें देखी गई थीं। रविवार सुबह इस ओवरब्रिज के चौथे नंबर की कोठी की स्लैब टूट गई। घटना की सूचना मिलने पर NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर पंकज तकनीकी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। निरीक्षण के बाद ओवरब्रिज को 21 जून से 30 जून तक वाहनों के आवागमन के लिए बंद कर दिया गया है। हालांकि, प्रोजेक्ट डायरेक्टर पंकज मीडिया के सवालों से बचते दिखे। मरम्मत कार्य 24 घंटे बीत जाने के बाद भी शुरू नहीं हो सका है। स्थानीय लोगों में इस देरी को लेकर नाराजगी है। उनका कहना है कि इतने व्यस्त मार्ग पर NHAI की लापरवाही के कारण लोगों को लगातार जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। प्रोजेक्ट डायरेक्टर सवालों से बच रहे NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर पंकज से मरम्मत कार्य में देरी के संबंध में संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। वहीं, NHAI के एक इंजीनियर ने बताया कि मरम्मत के लिए आवश्यक सामग्री की व्यवस्था की जा रही है, जिसके कारण कार्य शुरू होने में देरी हो रही है।
मेरठ पुलिस के सामने 5 राउंड फायरिंग की:आरोपी फरार, पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली, जांच जारी
मेरठ के लोहियानगर थाना क्षेत्र में देर रात पुलिस चेकिंग के दौरान दो बाइक सवार युवकों ने पांच राउंड हवाई फायरिंग की। यह घटना जिलानी गार्डन के पास बजोट मार्ग पर हुई। फायरिंग के बाद आरोपी पुलिस टीम के सामने से फरार हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक हुई फायरिंग से मौके पर अफरातफरी मच गई। सूचना मिलते ही लोहियानगर थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और क्षेत्र में तलाशी अभियान शुरू किया। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान पुलिस ने एक आरोपी की पहचान नदीम पुत्र सलीम के रूप में की है। दो अन्य आरोपी अभी अज्ञात बताए जा रहे हैं। पुलिस ने चिन्हित आरोपी की गिरफ्तारी के लिए उसके घर पर दबिश दी, लेकिन वह फरार मिला। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है और मामले की जांच जारी है। इस मामले में, पुलिस पर आरोपी नदीम के बुजुर्ग पिता को थाने में बिठाए रखने का आरोप लगा है। परिजनों का कहना है कि नदीम के घर पर न मिलने पर पुलिस उसके पिता को थाने ले गई और पूरे दिन वहीं रखा। हालांकि, पुलिस ने इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
दतिया में उमस और गर्मी का कहर:मानसून की देरी से धान की खेती प्रभावित, किसानों में बढ़ी चिंता
दतिया में बादलों की आवाजाही के बावजूद बारिश न होने से उमस बढ़ गई है। मानसून की देरी के कारण गर्मी ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। भीषण गर्मी और उमस से जनजीवन प्रभावित है। पिछले 24 घंटों में तापमान में उछाल दर्ज किया गया है, जिससे जून का महीना मई जैसा तप रहा है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार दतिया में अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जो सामान्य से 2.6 डिग्री अधिक है। पिछले 24 घंटों में इसमें 1.6 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई है। न्यूनतम तापमान भी 29.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है, जो सामान्य से 1.6 डिग्री अधिक है। रात के तापमान में 24 घंटे में 4.6 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे रात में भी लोग उमस से परेशान हैं। धान की खेती करने वाले किसानों की चिंता बढ़ीइस उमस भरी गर्मी और बारिश की कमी का सबसे अधिक असर कृषि क्षेत्र पर पड़ रहा है। जिले में धान की खेती करने वाले किसान चिंतित हैं। बारिश न होने के कारण खेत सूखे पड़े हैं, जिससे किसान अभी तक धान की फसल के लिए मुख्य खेत तैयार नहीं कर पाए हैं। किसान फिलहाल किसी तरह पानी का इंतजाम कर धान की पौध (नर्सरी) तैयार करने में जुटे हैं। बारिश नहीं हुई तो फसल पर संकट यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो तैयार हो रही पौध के झुलसने का खतरा बढ़ जाएगा। किसानों का कहना है कि मानसून की देरी से चालू सीजन की रोपाई में विलंब हो रहा है, जिससे फसल चक्र प्रभावित हो सकता है। मौसम केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार आगामी दो दिनों तक जिले में हल्की बूंदाबांदी और तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके बाद आसमान साफ रहेगा, धूप खिलेगी और गर्मी फिर बढ़ेगी।
गाजीपुर में सोमवार को पुलिस लाइन सभागार में व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। क्षेत्राधिकारी नगर के नेतृत्व में हुई इस बैठक में उत्तर प्रदेश व्यापारिक प्रतिमंडल के पदाधिकारी, व्यापार मंडल के सदस्य और जिले के प्रमुख व्यापारी तथा उद्यमी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और हाल के आपराधिक मामलों पर चर्चा करना था। बैठक के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने पर गहन विचार-विमर्श किया गया। क्षेत्राधिकारी नगर ने व्यापारियों और उद्यमियों को अपनी दुकानों एवं प्रतिष्ठानों में अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य संदिग्ध गतिविधियों पर नज़र रखना और अपराधियों की पहचान को आसान बनाना है। बैठक का प्राथमिक लक्ष्य जिले में अपराधों की रोकथाम करना, व्यापारियों के लिए सुरक्षित व्यावसायिक माहौल तैयार करना और पुलिस-व्यापारी समन्वय को मजबूत करना था। व्यापारियों को यह भी सलाह दी गई कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें और आपात स्थिति में बिना किसी देरी के संपर्क करें। इस अवसर पर पुलिस लाइन के प्रतिसार निरीक्षक सहित अन्य पुलिस अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित थे।
खंडवा में सोमवार को चली तेज हवा और आंधी के कारण रेलवे ट्रैक पर बिजली का पोल क्षतिग्रस्त हो गया। ट्रेनों को बिजली सप्लाई करने वाले ओएचई पोल के क्षतिग्रस्त होने से कई ट्रेनों को प्लेटफार्म और अन्य स्टेशनों पर डिटेन किया गया। ज्यादा देर ढ़ाई घंटे तक पठानकोट एक्सप्रेस खंडवा स्टेशन पर खड़ी रही। 3 घंटे तक चले मेंटेनेंस के लिए मेगा ब्लॉक लिया गया था। घटना खंडवा से मुंबई की ओर जाने वाले रूट पर खंडवा स्टेशन से महज एक किलोमीटर दूर आबना नदी के पास की हैं। जहां एक ओएचई पोल हवा-आंधी के चलते मुड़ गया। पोल के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिलने पर रेलवे का इलेक्ट्रिसिटी और मेंटेनेंस विभाग अलर्ट हो गया। कंट्रोल रूम से तत्काल आसपास के स्टेशनों को जानकारी दी गई। इटारसी से भुसावल जाने वाली ट्रेनों को छनेरा, तलवड़िया, मथेला और खंडवा स्टेशन पर रोका गया। लंबे समय तक रेलवे ट्रैक पर ट्रैफिक बाधित रहा। इस दौरान पठानकोट एक्सप्रेस को खंडवा स्टेशन पर ढ़ाई घंटे तक डिटेन रखा गया। वहीं, एलटीटी गोरखपुर एक्सप्रेस भी 40 मिनट तक खंडवा स्टेशन पर डिटेन रही। पिछले स्टेशन मथेला, तलवड़िया में भी ट्रेनों को रोककर रखा गया था। खंडवा रेलवे स्टेशन के मास्टर जीएल मीणा के मुताबिक, शाम 5 बजे आंधी-तूफान के चलते हालात बने थे। एहतियातन के तौर पर तीन घंटे तक मेंटेनेंस कार्य चला। जिसके बाद ट्रैफिक पूरी क्लियर कर लिया गया।

