दिल्ली में रविवार दोपहर 5 मंजिला इमारत गिर गई। इस हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई। 12 लोगों का रेस्क्यू किया गया है। 5 लोग गंभीर घायल हैं, जिन्हें एम्स में भर्ती किया गया है। जो इमारत गिरी वो 40 साल पुरानी थी। इसका कंस्ट्रक्शन 1990 में हुआ था। MCD के रिकॉर्ड में यह खतरनाक घोषित नहीं थी। प्रत्यक्षदर्शियों, पीजी में रहने वाले स्टूडेंट्स और आस-पड़ोस के लोगों के मुताबिक बेसमेंट में पिछले 7 दिन से तोड़फोड़ चल रही थी। पहले से कमजोर बेसमेंट में पानी भी भरा था। रविवार को खुदाई के दौरान एक पिलर खिसकने से इमारत ढह गई। इससे वहां काम कर रहे मजदूर भी दब गए। इधर, हादसे के बाद से लगातार मलबा हटाने का काम जारी है। पड़ोस में बनी एक और बिल्डिंग को खाली करा लिया गया है। उसमें भी दरारें देखी गई हैं। रेस्क्यू टीमों का कहना है कि मलबा हटाने से उस बिल्डिंग के गिरने की आशंका है। वहीं, बिल्डिंग को सपोर्ट देने के लिए पिलर्स लगाए जा रहे हैं। हादसे के बाद हुए एक्शन… मैप के जरिए समझिए हादसे की लोकेशन… सत्य निकेतन दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास बसा प्रमुख छात्र इलाका है। यहां बड़ी संख्या में छात्र PG और हॉस्टल में रहते हैं। इलाके में कई छात्र आवास हैं और आसपास वेंकटेश्वर कॉलेज, आर्यभट्ट कॉलेज, मोतीलाल नेहरू कॉलेज और मैत्रेयी कॉलेज जैसे संस्थान हैं। इसी वजह से यहां दिनभर छात्रों की आवाजाही रहती है। हालांकि, सत्य निकेतन में कुल कितने छात्र रहते हैं, इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। दिल्ली पीजी हादसे से जुड़े अपडेट्स के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…
‘’पिछले 5 महीनों से मेरा वेतन रोक रखा है। इस प्रताड़ना के बाद मुझे समझ आया कि लोग कैसे सुसाइड करने पर मजबूर हो जाते हैं। अगर मेरे छोटे बच्चे नहीं होते, तो शायद मैं भी अब तक आत्महत्या कर लेती।इंस्टाग्राम पर रोते हुए अपनी परेशानी बताने वाली एसआई पूजा रघुवंशी अशोकनगर में पदस्थ हैं। उन्होंने बीमारी के बावजूद फील्ड ड्यूटी दिए जाने, अपनी बात नहीं सुने जाने और करीब पांच महीने से वेतन रोके जाने का आरोप लगाया है।अधिकारियों पर प्रताड़ना और सुनवाई नहीं होने का आरोप लगाने वाली पूजा अकेली नहीं हैं। बीते सप्ताह ग्वालियर में एक एएसआई ने वरिष्ठ अधिकारियों पर वाहनों से एंट्री के नाम पर अवैध वसूली कराने के आरोप लगाए। भिंड में चेकिंग पॉइंट पर वाहन चालकों से वसूली की शिकायत सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वाले एक आरक्षक को निलंबित कर दिया गया।तीनों मामले अलग-अलग हैं, लेकिन सवाल एक ही है-अनुशासित माने जाने वाले पुलिस विभाग में क्या कर्मचारियों की शिकायतें उनके ही अधिकारियों तक नहीं पहुंच रहीं?पुलिसकर्मी अपनी बात रखने के लिए सोशल मीडिया का सहारा क्यों ले रहे हैं? क्या विभागीय व्यवस्था पर भरोसा कम हो रहा है या सोशल मीडिया को दबाव बनाने का जरिया बनाया जा रहा है? आज मंडे स्पेशल में इसी मुद्दे पर बात- सबसे पहले वो मामले समझिए जिससे ये सवाल खड़े हुए… केस-1: एएसआई ने लगाए वसूली के आरोप, फिर मांगी माफी ग्वालियर यातायात थाने में पदस्थ एएसआई चौधरी भानु प्रताप सिंह गुर्जर ने सोशल मीडिया पर दो वीडियो जारी कर अपने वरिष्ठ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने यातायात थाना और चेकिंग पॉइंट पर तैनात पुलिसकर्मियों के माध्यम से वाहनों से अवैध वसूली कराने का आरोप लगाया।एएसआई ने वीडियो में दावा किया कि प्रत्येक पॉइंट से हर महीने करीब 8-8 हजार रुपए वसूलने का दबाव था। उन्होंने यातायात थाने में सिपाहियों और लोडिंग वाहनों से भी वसूली किए जाने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि आरोप सामने रखने के बाद उन्हें धमकी दी जा रही है और उनकी सोशल मीडिया आईडी सस्पेंड कराने का प्रयास किया जा रहा है।वीडियो वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आया। हालांकि, कुछ दिन बाद एएसआई ने दूसरा वीडियो जारी कर अपने आरोप वापस लेते हुए माफी मांगी।उन्होंने खुद को मानसिक रूप से परेशान बताते हुए कहा कि दूसरे व्यक्ति के उकसाने पर उन्होंने पहला वीडियो बनाया था। उनके परिजनों ने भी उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने की बात कही।हालांकि पहला वीडियो उकसावे में बनाया गया था या दूसरा दबाव में बनाया गया ये अब भी साफ नहीं है। केस-2: बीमारी के बीच ड्यूटी और वेतन को लेकर शिकायत अशोकनगर सिटी कोतवाली में पदस्थ महिला सब-इंस्पेक्टर पूजा रघुवंशी ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर वरिष्ठ अधिकारियों पर अपनी शिकायत नहीं सुनने और प्रताड़ित करने के आरोप लगाए।पूजा का कहना है कि वह पिछले कई महीनों से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रही हैं और लगातार इलाज करा रही हैं। उनका दावा है कि वह फील्ड या ग्राउंड ड्यूटी करने की स्थिति में नहीं थीं। उन्होंने अधिकारियों से ऑफिस या हल्की ड्यूटी देने का अनुरोध किया, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई।पूजा ने करीब पांच महीने से वेतन रोके जाने का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि बीमारी और इलाज के बीच वेतन रुकने से उनकी परेशानी और बढ़ गई। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपनी समस्या सार्वजनिक की और अधिकारियों से सुनवाई की मांग की। वीडियो सामने आने के बाद अशोकनगर एसपी राजीव कुमार ने विभाग का पक्ष रखा।एसपी के मुताबिक डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद पूजा को 10 दिन का आराम दिया था और इसके बाद ड्यूटी ज्वाइन करने के लिए कहा था। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद भी उन्होंने ड्यूटी ज्वाइन नहीं की और लंबे समय तक गैरहाजिर रहीं। पूजा को ड्यूटी ज्वाइन कर अपना आवेदन और मेडिकल दस्तावेज पेश करना चाहिए।दस्तावेजों की जांच करने के बाद उनकी मेडिकल समस्या को देखते हुए नियमानुसार उचित निर्णय लिया जाएगा। केस-3: निलंबन के बाद आरक्षक ने लगाए वसूली के आरोप भिंड में चेकिंग पॉइंट पर तैनात आरक्षक आलोक राठौड़ को ट्रकों और मालवाहक वाहनों से अवैध वसूली के आरोप में निलंबित किया गया। निलंबन के बाद आरक्षक ने फेसबुक पर पोस्ट कर वरिष्ठ अधिकारियों पर ही वसूली का दबाव बनाने के आरोप लगाए। आरक्षक ने पोस्ट में आरोप लगाया कि एसडीओपी थानों पर 25 हजार से लेकर एक लाख रुपए तक वसूली का दबाव बना रहे थे।उन्होंने दावा किया कि उनसे भी 50 हजार रुपए की मांग की गई थी। रकम पूरी नहीं करने पर उनके खिलाफ एसपी को बढ़ा-चढ़ाकर रिपोर्ट भेजी गई और उन्हें निलंबित करा दिया गया।मामला सामने आने के बाद पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की। हालांकि अब तक काेई कार्रवाई नहीं हुई है। हाल के रिश्वत के मामलों ने भी बढ़ाए सवालपुलिस विभाग में भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच हाल के कुछ मामलों ने भी सवाल खड़े किए हैं। इंदौर में लोकायुक्त ने क्राइम ब्रांच के एक इंस्पेक्टर सहित चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।आरोप था कि एक युवक को कानूनी कार्रवाई से बचाने और रिहा करने के बदले 1.20 लाख रुपए की रिश्वत मांगी गई।इसी तरह कटनी में पदस्थ रहीं सीएसपी नेहा पच्चीसिया पर जमीन के सौदे और रिश्वत से जुड़े आरोप लगे। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद उन्हें निलंबित किया गया। नेहा समेत तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।इन मामलों से यह जरूर सामने आता है कि पुलिसकर्मियों पर लगने वाले भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच और कार्रवाई के मामले सामने आते रहे हैं। इसलिए इसे सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप मानकर खारिज नहीं किया जा सकता। सोशल मीडिया क्यों बन रहा शिकायत का रास्ता?रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी एनके त्रिपाठी के मुताबिक पुलिस एक अनुशासित बल है। विभाग में कर्मचारियों की शिकायतों के लिए बाकायदा व्यवस्था है।कोई भी पुलिसकर्मी अपनी समस्या या शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों के सामने रख सकता है और उसके निराकरण का प्रावधान है।उनका कहना है कि यदि किसी स्तर पर कर्मचारी को लगता है कि उसकी शिकायत नहीं सुनी जा रही, तो वह सोशल मीडिया का सहारा लेने के लिए मजबूर हो सकता है।ऐसी शिकायत में प्रथम दृष्टया सच्चाई नजर आए तो उसे सुना जाना चाहिए और जरूरत हो तो उच्च स्तर पर जांच भी कराई जानी चाहिए।हालांकि, त्रिपाठी यह भी मानते हैं कि पुलिसकर्मियों को सोशल मीडिया पर विभाग या अधिकारियों के खिलाफ विवादित आरोप लगाने से बचना चाहिए।
पंजाबी सिंगर निंजा और साउंड ऑपरेटर्स के बीच शुरू हुआ विवाद थमने के बजाय लगातार बढ़ता जा रहा है। बटाला में रंगला पंजाब कार्यक्रम के दौरान निंजा का माइक दो-तीन बार बंद हो गया था। इससे नाराज निंजा ने मंच से साउंड ऑपरेटर को खरी-खोटी सुनाई। इसके बाद पंजाब भर के साउंड ऑपरेटर्स ने माफी की मांग शुरू कर दी। अब मंडी गोबिंदगढ़ में सखी शक्ति मेले के दौरान निंजा ने माफी मांगने के बजाय साउंड ऑपरेटर्स पर तंज कस दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें पता चला है कि साउंड ऑपरेटर्स का अपना भाईचारा है और वे उनके खिलाफ धरने पर बैठने वाले हैं। निंजा ने कहा कि गर्मियों में काम कम रहता है और खाली दिमाग शैतान का घर होता है। निंजा के इस बयान के बाद उनका वीडियो वायरल हो गया और विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया। पढ़ें पूरी रिपोर्ट…. शो के बीच माइक बंद होने से शुरू हुआ विवाद इस पूरे मामले की शुरुआत 28 अगस्त को बटाला की दाना मंडी में आयोजित रंगला पंजाब प्रोग्राम से हुई थी। निंजा लाइव परफॉर्म कर रहे थे, तभी बीच शो में उनका माइक दो तीन बार बंद हो गया। जिससे निंजा भड़क गए। उन्होंने भरी महफिल में साउंड ऑपरेटर को जमकर खरी-खोटी सुना डाली। उन्होंने कहा कि बटाला वालों मैं आपसे हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं। मेरी माइक की आवाज ही बंद कर दी गई है। अगर अब आवाज रुकी तो मैं बिना माइक के अकेले ही गाऊंगा या फिर गाऊंगा ही नहीं। मैं प्रबंधक कमेटी से भी माफी चाहता हूं, क्योंकि एक सिंगर का गाते वक्त बहुत जोर लगता है और मैं नहीं चाहता कि ऐसा दोबारा हो। बटाला में हुए इस विवाद के बाद उनका वीडियो जमकर वायरल हुआ। इसके बाद पंजाब के सभी साउंड ऑपरेटर्स भड़क गए और उन्होंने निंजा से माफी मांगने को कहा। लेकिन उस वक्त भी निंजा ने माफी नहीं मांगी। निंजा बोले- खाली दिमाग शैतान का घर बटाला विवाद के अब 2 सितंबर को मंडी गोबिंदगढ़ के खालसा स्कूल ग्राउंड में हुए सखी शक्ति मेला कार्यक्रम के बाद फिर से निंजा चर्चा में आ गए। निंजा ने यहां माफी मांगने के बजाय मंच से ही साउंड वालों पर तंज कस दिया। उन्होंने कहा कि मुझे पता चला है की साउंड ऑपरेटर ये अपना ही भाईचारा है, जो मेरे खिलाफ धरने पर बैठेने वाला है। हम तो रोज मिलने वाले लोग हैं। मुझे पता है कि गर्मियों में काम ठंडा (कम) रहता है और खाली दिमाग शैतान का घर होता है। उन्होंने कहा कि जब सर्दियों में भी काम का सीजन आएगा, तो आप भी भूल जाओगे कि हमें किसी ने कुछ कहा था या हमने किसी को कुछ कहा था। इसलिए सब लोग मिल-जुलकर और मजे में रहो। इसके बाद उन्होंने कार्यक्रम में लगे साउंड की तारीफ की और लोगों को कहा ताली बजा दो। ************ ये खबर भी पढ़ें: पंजाबी सिंगर परमीश वर्मा का पत्नी से तलाक: 5 साल पहले शादी की थी; लिखा- एक्स वाइफ और महिला का सम्मान करना मर्दानगी पंजाबी सिंगर व एक्टर परमीश वर्मा ने आखिरकार अपनी शादी और तलाक को लेकर चल रही चर्चाओं पर चुप्पी तोड़ दी है। परमीश ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट के जरिए कन्फर्म किया कि वह अपनी पत्नी गीत ग्रेवाल से तलाक ले चुके हैं। एक्स-वाइफ और जिंदगी की महिला का सम्मान करना ही मर्दानगी है।(पढ़ें पूरी खबर)
मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2026 सात सितंबर से शुरू हो रही है। परीक्षा 7 से 12 सितंबर तक छह दिनों में आयोजित की जाएगी। परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक एक ही सत्र में ऑफलाइन होगी। इंदौर संभागीय मुख्यालय में परीक्षा के लिए 6 केंद्र बनाए गए हैं, जहां 2428 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। इस बार परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए आयोग ने नवीन त्रिस्तरीय जांच व्यवस्था लागू की है। ऐसे में अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने के समय से 90 मिनट पहले यानी सुबह 8.30 बजे तक केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य होगा। देरी से पहुंचने पर जांच प्रक्रिया पूरी करने और समय पर परीक्षा कक्ष में प्रवेश को लेकर परेशानी हो सकती है। CCTV से निगरानी, बायोमेट्रिक से पहचानपरीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की जांच कई स्तरों पर की जाएगी। इसमें CCTV सर्विलांस, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और ई-प्रवेश पत्र की स्कैनिंग शामिल है। इसके साथ ही अभ्यर्थियों की हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर (HHMD) से फ्रिस्किंग की जाएगी। परीक्षा केंद्रों पर VOIP की व्यवस्था भी रहेगी। परीक्षा केंद्र पर सिर्फ ये सामान ले जा सकेंगे छह दिन, अलग-अलग प्रश्नपत्रराज्य सेवा मुख्य परीक्षा का आयोजन 12 सितंबर तक लगातार छह दिनों में किया जाएगा। सभी परीक्षाएं सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक एक सत्र में होंगी। प्रदेश के 12 संभाग/जिला मुख्यालयों पर ऑफलाइन परीक्षा आयोजित की जा रही है। आयोग ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे परीक्षा केंद्र पर पर्याप्त समय लेकर पहुंचें और **त्रिस्तरीय जांच प्रक्रिया सहित सभी निर्देशों का पालन करें, ताकि परीक्षा का संचालन बिना किसी व्यवधान के हो सके। अभ्यर्थी इन बातों का रखें ध्यान परीक्षा समय:सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तककेंद्र पर पहुंचने का समय: सुबह 8.30 बजे तक
सहारनपुर में दो दिन पहले ढहाई गई कलेक्ट्रेट मस्जिद के नीचे कुआं मिला है। यह लगत 20 फीट गहरा है। पुरातत्व विभाग (ASI) और प्रशासन इसकी प्राचीनता की जांच कर रहे हैं। इस बीच मुजफ्फरनगर जिले के बघरा में स्थित योग साधना यशवीर आश्रम के महंत स्वामी यशवीर ने दावा किया कि शिव मंदिर को तोड़कर मस्जिद बनाई गई थी। फिलहाल, यूपी में मस्जिद के विध्वंस को लेकर सियासत जारी है। विवाद गहराता जा रहा है। VIDEO देखिए…
यूपी में अयोध्या से चित्रकूट तक 210 किमी लंबा राम वनगमन पथ बनाया जा रहा है। जिन रास्तों से होकर प्रभु श्रीराम वनवास गए थे, उधर से होकर फोरलेन हाईवे बनाया जा रहा है। लेकिन, इसके शुरू होने से पहले ही प्रयागराज के शृंगवेरपुर में हाईवे धंस गया है। करीब 500 मीटर में हाईवे की दोनों लेन पर 118 जगह सड़क धंसी है। 1 से डेढ़ फीट तक दरारें आ गई हैं। पुल की ओर जाने वाला एप्रोच हिस्सा भी एक तरफ करीब 30 डिग्री तक झुक गया है। पुल के नीचे से देखने पर एप्रोच की दीवारें भी करीब आधा फीट बाहर की ओर निकली दिख रही हैं। अब आनन-फानन दरारों को भरने का काम किया जा रहा है। दैनिक भास्कर ने प्रयागराज से करीब 35 किलोमीटर दूर शृंगवेरपुर में हाईवे की पड़ताल की। पढ़िए ग्राउंड रिपोर्ट… 2 तस्वीरें देखिए- कहीं-कहीं सड़क एक फीट तक नीचे धंसी हम शृंगवेरपुर में चित्रकूट की ओर जाने वाले राम वनगमन मार्ग पर पहुंचे। फोरलेन हाईवे की बाईं लेन पर चढ़े। यहां से करीब 500 मीटर आगे कानपुर हाईवे के ऊपर बने पुल तक सड़क जगह-जगह धंसी मिली। पुल की एप्रोच रोड भी करीब 30 डिग्री तक नीचे झुक गई है। फिर इसी पुल से लौटने के लिए दाईं लेन पर आए, तो आगे 500 मीटर तक इस तरफ भी यही हाल दिखा। दोनों लेन पर सड़क धंसी है। एक से डेढ़ फीट चौड़ी दरारें आ गई हैं। कुछ बड़े गड्ढों को हमने गिना, तो बाईं-दाईं दोनों लेन पर 500 मीटर में 118 जगह सड़क धंसी मिली। कहीं-कहीं सड़क 1 फीट तक नीचे बैठ गई है। इस पुल से आगे की तरफ बात करें, तो करीब 300 मीटर दूर गंगा पर पुल बना रहा है। हालांकि, आगे की तरफ सड़क ठीक है। नीचे गाड़ियां जा रहीं, ऊपर से सड़क ढहने का डर यहां आने-जाने वाले लोगों से बातचीत की। उज्ज्वल पांडेय ने कहा- निर्माण काम के समय मिट्टी को सही तरीके से दबाकर मजबूत नहीं किया गया और पर्याप्त रोलिंग भी नहीं की गई। पानी के छिड़काव और वाइब्रेशन पर भी ठीक से ध्यान नहीं दिया गया। इसके अलावा सड़क में इस्तेमाल किए गए डामर की गुणवत्ता भी बेहद खराब दिखाई दे रही है। भारी बारिश का पानी रिसने और मिट्टी को सही तरीके से न दबाए जाने की वजह से सड़क जगह-जगह दब गई। उसमें दरारें आ गईं। पुल की एप्रोच से करीब 10-15 फीट नीचे सड़क ढहने का खतरा बना हुआ है। नीचे गाड़ियां जा रही हैं। ठेकेदार की लापरवाही से सड़क बीच से फट गई शिवा शंकर प्रजापति ने कहा- सड़क बीच से फट गई है। एक तरफ सड़क पूरी तरह झुक गई है। सड़क के नीचे ढलान बन गया है, जिससे यहां से गुजरने में भी डर लगता है। हाल ही में हुई तेज बारिश और पानी की सही निकासी नहीं होने के कारण सड़क के नीचे पानी भर गया और सड़क बैठ गई। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे भी हो गए हैं। ऐसा लगता है कि निर्माण में ठेकेदार की लापरवाही हुई है या काम जल्दबाजी में किया गया है। भाजपा नेता के भाई की कंपनी बनवा रही सड़क राम वनगमन पथ का निर्माण काम PNC इंफ्राटेक कंपनी करा रही है। इसके मालिक भाजपा के राज्यसभा सांसद नवीन जैन के भाई प्रदीप जैन हैं। इसी कंपनी ने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे को भी बनवाया था। इस एक्सप्रेस-वे में भी करीब 84 जगहों पर गड्ढे हुए थे। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे धंसने के बाद NHAI ने इस कंपनी को नॉन-परफार्मर घोषित कर दिया था। कंपनी ने भी 3 अफसरों को हटा दिया था। 4400 करोड़ से 210 किमी लंबा बन रहा राम वनगमन पथ राम वनगमन पथ परियोजना के तहत अयोध्या से चित्रकूट तक करीब 210 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क बनवाई जा रही है। इस परियोजना पर करीब 4,400 करोड़ रुपए खर्च होने हैं। इसका उद्देश्य अयोध्या, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, शृंगवेरपुर धाम, कौशांबी और चित्रकूट जैसे धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को बेहतर सड़क संपर्क मार्क से जोड़ना है। इन्हीं रास्तों से होकर प्रभु श्रीराम वनवास गए थे। इस परियोजना को दिसंबर, 2024 में बनकर तैयार होना था, लेकिन डेढ़ साल की देरी के बाद ये प्रोजेक्ट बनकर लगभग तैयार हो गया है। कहा जा रहा था कि जल्द ही PM मोदी और CM योगी द्वारा इसका उद्घाटन कर सकते हैं। 2022 में हुआ था शिलान्यास राम वनगमन पथ परियोजना का साल 2022 में शिलान्यास किया गया था। धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण इस परियोजना के पूरा होने से अयोध्या से प्रयागराज और चित्रकूट तक श्रद्धालुओं की यात्रा आसान होने की उम्मीद है। ------------------------- ये खबर भी पढ़िए- यूपी का सबसे महंगा एक्सप्रेसवे 18 दिन में 84 जगह धंसा; BJP सांसद के भाई की कंपनी को ठेका मिला ‘उत्तर प्रदेश के नेशनल हाईवे अमेरिका के जैसे होंगे। ये वचन, मैं आपको देना चाहता हूं।’ - नितिन गडकरी, 13 जुलाई, 2026… ये दावा महज 18 दिन में ही गलत साबित हो गया। 63 किमी लंबा एक्सप्रेस-वे 18 दिन में 84 जगहों पर धंस चुका है। आखिरकार, NHAI को एक्सप्रेस-वे बनाने वाली कंपनी PNC इंफ्राटेक लिमिटेड को नॉन-परफॉर्मर घोषित करना पड़ा। पढ़ें पूरी खबर...
ऊपर Video पर क्लिक करें और देखें... आज यूपी की राजनीति और सरकारी विभागों की कौन सी बात खरी है… ------------ शनिवार का ''बात खरी है'' भी देखें… डिंपल भाभी को टक्कर देंगी चारू भाभी:दिव्यांग बिटिया को 'हेलिकॉप्टर' दे आए DM साहब, चप्पलों के सहारे जल रही बत्ती हर रोज सुबह 6 बजे दैनिक भास्कर एप पर बात खरी है देखना न भूलें…
इस खबर के पहले पार्ट में आपने देखा और पढ़ा कि यूपी के विधायक कैसे विकास कार्यों की राशि में कमीशन खा रहे हैं। विधायकों के 35% हिस्से के बाद जो राशि बचती है, उसमें अफसरों का भी कमीशन होता है। इसका खुलासा करने के लिए हम विधायकों के अनुशंसा पत्र लेकर CDO ऑफिस पहुंचे। यहां तो रिश्वतखोरी का पूरा सिस्टम बना हुआ है। छोटे से कर्मचारी से लेकर बड़े अफसर तक सभी का रेट फिक्स है। पढ़िए, सबसे बड़ा खुलासा का पार्ट-2… महराजगंज सदर से भाजपा विधायक जय मंगल कन्नौजिया का 10.50 लाख रुपए MLA फंड से जारी करने का अनुशंसा-पत्र हमारे पास था। इसे लेकर हम महराजगंज जिले के CDO (चीफ डेवलपमेंट ऑफिसर) ऑफिस पहुंचे। विधायक ने ही वरिष्ठ लिपिक अर्जुन कुमार गौतम से मिलने को कहा था। उनसे बातचीत हुई। अर्जुन ने हमें भ्रष्टाचार का पूरा सिस्टम समझाया - वरिष्ठ लिपिक ने रिश्वत के 8000 रुपए लिए रिपोर्टर : विधायक जी ने हमारे NGO को सोलर स्ट्रीट लाइट का काम दिया है। उन्होंने आपसे मिलकर सिस्टम समझने के लिए बोला है। अर्जुन : पैसा सीधे आपके NGO को हम नहीं दे सकते। किसी न किसी विभाग को देंगे। रिपोर्टर : आप UPNEDA को देंगे, उनके माध्यम से NGO को पैसा चला जाएगा। अर्जुन : आप वहां से करा लेंगे? रिपोर्टर : हां करा लेंगे। यहां का सिस्टम क्या है? अर्जुन : यहां 5% कमीशन होता है। आप जिस भी विभाग से लेना चाहेंगे, उसे पैसा रिलीज कर देंगे। विधायक निधि का पैसा 2 किस्त में जाएगा। एक बार 60% और दूसरी बार 40% ट्रांसफर करेंगे। रिपोर्टर : कमीशन 5% से थोड़ा कम करिए, पहले ही विधायक जी ने बढ़ाकर ले लिया। अर्जुन : यहां तो फिक्स है, सभी विधायकों का है। रिपोर्टर : 3% कर लीजिए, आपको एकमुश्त पैसा दे देंगे। अर्जुन : 3% नहीं, CDO और PD (प्रोजेक्ट डायरेक्टर) को भी जाता है। रिपोर्टर : पैसा सीधे CDO साहब को जाता होगा और कोई तो होगा नहीं, बीच में। अर्जुन : CDO हैं, PD हैं, टेक्निकल टीम है। AE (असिस्टेंट इंजीनियर), JE (जूनियर इंजीनियर), अकाउंटेंट और हम हैं। इतने लोगों के बीच नाममात्र का आता है। हम डिसाइड नहीं कर सकते कि आप इतना दीजिए और इतना लीजिए। फिक्स है और फिक्स जाता है। रिपोर्टर : 10 लाख 50 हजार रुपए का कितना होगा- क्या 52 हजार 500 रुपए? अर्जुन : हां। जैसा प्रस्ताव आएगा, पैसा जिसको कहेंगे उसको करा देंगे। इस बातचीत के दौरान महराजगंज जिले के CDO ऑफिस के वरिष्ठ लिपिक अर्जुन कुमार गौतम ने रिश्वत की पहली किस्त 3000 रुपए लिए। (अगले दिन हम विधायक का दिया वर्कऑर्डर लेकर फिर वरिष्ठ लिपिक अर्जुन कुमार गौतम के पास पहुंचे।) रिपोर्टर : ऐसा नहीं हो सकता है कि केवल आपका और CDO साहब का कमीशन रहे। कोई और इन्वॉल्व ना हो। अर्जुन : जो टेक्निकल टीम है, वो जांच करने जाएगी ही जाएगी। उनको चाहिए ही चाहिए। PD साहब को इग्नोर कर ही नहीं सकते। CDO साहब को इग्नोर कर ही नहीं सकते। अकाउंटेंट के पास सारे बिल जाते हैं। उनके पास तो पूरा हिसाब रहता है। दूसरा कोई ऐसा है नहीं, जिसकी कटौती करें। रिपोर्टर : यहां तो काम करना मुश्किल है। अर्जुन : यहां DRDO (डिस्ट्रिक्ट रूरल डेवलपमेंट ऑफिस) का बहुत पहले से यही फिक्स है। PD आते हैं। बोलते हैं कि वहां 7% है, वहां 8% है। यहां इतना ही क्यों, इसको बढ़ाओ। हम बोले कि हम लोग तो नहीं कर पाएंगे। आजमगढ़ जिले के मेंहनगर से सपा विधायक पूजा सरोज ने 35% कमीशन की डील कर 81 लाख रुपए MLA फंड से जारी करने का अनुशंसा-पत्र लिखा था। फंड रिलीज कराने के लिए CDO ऑफिस में सहायक लेखाकार अशोक कुमार श्रीवास्तव से मिलने के लिए कहा था। हम NGO मैनेजर बनकर CDO ऑफिस पहुंचे। यहां सहायक लेखाकार अशोक कुमार श्रीवास्तव से बातचीत हुई। लेखाकार ने हमें रिश्वतखोरी का पूरा सिस्टम समझाया- लेखाकार ने 5 हजार रुपए लेकर कहा- आपका काम हो जाएगा रिपोर्टर : क्या सिस्टम है, कितना परसेंट चल रहा है? अशोक : AE (असिस्टेंट इंजीनियर) और सभी का मिलाकर 7% कमीशन हो जाएगा। रिपोर्टर : 3 ही लेयर हैं ना। एक आप, एक इंजीनियर और एक AE साहब? अशोक : पहले AE साहब हो गए। दूसरे BDO (ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर) हो गए और तीसरे CDO साहब। रिपोर्टर : क्या सिस्टम रहेगा, कितना पहले देना है और कितना बाद में? अशोक : जब पैसा रिलीज होगा तो तय परसेंट यानी 7% का 60% एडवांस देना होगा। रिपोर्टर : 7% ज्यादा हो रहा है, देख लीजिए। अशोक : लेटर लेकर आइए, तब बात करते हैं। रिश्वतखोरी के खिलाफ गंभीर नहीं महराजगंज CDO रिश्वतखोरी के सारे प्रूफ होने के बावजूद महराजगंज CDO महेंद्र कुमार सिंह इसे गंभीरता से लेने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा- विधायक निधि के काम को अप्रूव कराने के लिए CDO ऑफिस को 5% रिश्वत वाली बात एकदम गलत है। ये किस व्यक्ति ने बोला है, मुझे नहीं मालूम, लेकिन ये बकवास है। यहां ऐसा एकदम नहीं होता है। -------------------------- यह खबर भी पढ़ें- UP में विकास कराने के लिए रिश्वत ले रहे विधायक, भाजपा-सपा विधायक काे भास्कर ने ऑनकैमरा बेनकाब किया; 35% कमीशन पर अड़े रहे दैनिक भास्कर ने अब तक का सबसे बड़ा खुलासा करते हुए रिश्वत लेने वाले 2 विधायकों को ऑन कैमरा बेनकाब किया। भास्कर रिपोर्टर ने NGO मैनेजर बनकर विधायकों से फंड जारी करने की डील की। पढ़िए, पूरा इन्वेस्टिगेशन…
नीमच जिले की मनासा तहसील अंतर्गत खजूरी गांव में बुनियादी सुविधाओं की पोल खोलती एक दुखद तस्वीर सामने आई है। गांव के मुक्तिधाम में पक्का शेड न होने की वजह से 80 साल के बुजुर्ग के अंतिम संस्कार के दौरान ग्रामीणों को घंटों तिरपाल थामकर चिता को बारिश से बचाना पड़ा। जानकारी के अनुसार रविवार दोपहर को खजूरी निवासी 80 वर्षीय राधाकिशन पाटीदार का निधन हो गया था। परिजन और ग्रामीण जब अंतिम यात्रा लेकर मुक्तिधाम पहुंचे, तभी तेज बारिश शुरू हो गई। मुक्तिधाम में शेड न होने के कारण अंतिम संस्कार रुकने की नौबत आ गई। ऐसे में ग्रामीणों ने तुरंत तिरपाल का बंदोबस्त किया और चिता के चारों ओर उसे हाथों से थामकर खड़े रहे, तब जाकर दाह-संस्कार पूरा हो सका। सोशल मीडिया पर पोस्ट वीडियो बारिश के बीच हाथों में तिरपाल थामे ग्रामीणों के वीडियो और तस्वीरें रविवार रात सोशल मीडिया पर पोस्ट हो गए। इस घटना से ग्रामीणों में ग्राम पंचायत और स्थानीय प्रशासन के प्रति गुस्सा है। ग्रामीणों का कहना है कि अंतिम संस्कार जैसी मूलभूत सुविधा के लिए भी लोगों को तरसना पड़ रहा है, कम से कम व्यक्ति का अंतिम कार्य तो अच्छे से होना चाहिए। मुक्तिधाम में शेड और पक्के रास्ते की मांग गांव वालों ने प्रशासन से मांग की है कि खजूरी गांव के मुक्तिधाम में जल्द से जल्द पक्के शेड का निर्माण कराया जाए और वहां तक पहुंचने के लिए रास्ते की सुविधा दी जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को इस तरह की परेशानी न झेलनी पड़े।
दैवीय आपदा के बीच क्वालिटी पर सवाल उठे:सुंदरीकरण करने वाले ठेकेदार, सिंचाई विभाग के AE व JE पर FIR
राप्ती नदी के किनारे रविवार को जो दुर्घटना हुई, उसने अधिवक्ता समाज के साथ पूरे शहर को झकझोर दिया है। प्रथम दृष्टया यह माना जा रहा है कि चबूतरे का छज्जा बिजली गिरने के कारण भरभराकर गिरा है। प्रत्यक्षदर्शियों से बातचीत के बाद प्रशासन भी इसे लगभग स्वीकार कर चुका है। यही कारण है कि इस घटना में जान गंवाने वाले दोनों अधिवक्ता के परिवारों को 4-4 लाख की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। लेकिन शाम होते-होते यहां निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े होने लगे। लोगों की ओर से उठते सवालों के बीच प्रशासन ने उसकी जांच कराने का निर्णय भी लिया है। साथ ही रविवार की देर रात 2019 से इस घाट का सुंदरीकरण करा रही फर्म मेसर्स अनीता सिंह, तत्कालीन सहायक अभियंता (AE) व अवर अभियंता (JE) पर भी एफआईआर दर्ज की गई है। इस मामले में सीएमओ पर पहले ही केस दर्ज हो चुका है। इस पूरे मामले को संभालने के लिए प्रशासन व पुलिस की तत्परता नजर आयी। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था पर खूब सवाल खड़े हुए। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में बवाल हो रहा था और एसआईसी वहां नहीं पहुंचे थे। बवाल एंबुलेंस और चिकित्सा में लापरवाही को लेकर था। प्रशासन की ओर से वहां एडीएम एफआर जयप्रकाश, एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार व सिटी मजिस्ट्रेट उत्कर्ष श्रीवास्तव मौजूद दिखे। पुलिस की ओर से एसपी सिटी निमीष श्रीवास्तव व एसपी ट्रैफिक भी वहां डटे रहे। अधिवक्ता चिकित्सा में लापरवाही का आरोप लगा रहे थे। जिम्मेदारी तय करते हुए आलोक अस्थाना की पत्नी शालिनी की तहरीर पर सीएमओ के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है। दैवीय आपदा मानकर प्रशासन इस मामले में आगे बढ़ रहा था। लेकिन शाम होते-होते सोशल मीडिया पर इसकी गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े किए जाने लगे। अधिवक्ता भी इस बात को लेकर नाराज हैं। उनका भी सवाल गुणवत्ता पर है। कई लोग बिजली गिरने के तर्क से सहमत नहीं हो पा रहे। आमतौर पर माना जाता है कि बिजली के हरे पेड़ों पर गिरने की संभावना अधिक होती है लेकिन वहां बगल में ही हरा पेड़ है, जिसपर कोई फर्क नहीं पड़ा। जो बिजली के तर्क को नहीं मान रहे हैं, वे यह भी कह रहे हैं कि बिजली गिरती तो कोई निशान होना चाहिए। फिलहाल डीएम ने इस मामले में जांच समिति गठित की है। यह समिति निर्माण की गुणवत्ता भी चेक करेगी। अधिवक्ताओं का आक्रोश निर्माण की गुणवत्ता को लेकर भी फूट सकता है, इसीलिए प्रशासन ने इसकी जिम्मेदारी तय करते हुए तत्कालीन ठेकेदार, AE व JE पर FIR दर्ज करवायी है। दोनों परिवारों को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से 5-5 लाख रुपये और देने के लिए प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। 2019 में शुरू हुआ था निर्माण मुख्यमंत्री के निर्देश पर राप्ती नदी के एक किनारे पर गुरु गोरखनाथ घाट और दूसरे किनारे पर रामघाट विकसित करने का प्लान बनाया गया। लगभग 48 करोड़ रुपये की लागत आयी। यह काम मेसर्स अनीता सिंह की ओर से किया गया था। AE व JE कहीं स्थानांतरित हो चुके हैं। अब इनकी भूमिका की जांच की जाएगी। गुरु गोरखनाथ घाट की लागत लगभग 27 करोड़ रुपये थी। वहीं रामघाट 21 करोड़ में बनकर तैयार हुआ था।इस घाट को देखरेख के लिए नगर निगम को हस्तांतरित किया जाना चाहिए था लेकिन 5 साल से यह काम नहीं हो पाया। सूत्रों की मानें तो गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे थे। हालांकि जनहित के लिए नगर निगम यहां साफ-सफाई का काम करता है। जानिए अधिकारी क्या कहते हैं डीएम दीपक मीणा ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह घटना बिजली गिरने के कारण हुई है। निर्माण की गुणवत्ता की भी जांच कराई जाएगी। तत्कालीन AE, JE व ठेकेदार पर एफआईआर कराने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि आपदा विभाग से 4-4 लाख रुपये की सहायता दी जा चुकी है। मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से सहायता दिलवाने के प्रयास किए जा चुके हैं।
बैतूल जिले के पुनर्वास क्षेत्र चोपना के ग्राम आमडोह के किसान साधन दास ने 'जहां चाह, वहां राह' की कहावत को पूरी तरह चरितार्थ कर दिखाया है। वर्ष 1982-83 में सरकार द्वारा पुनर्वास योजना के तहत 5 एकड़ जमीन दी थी। पानी के अभाव में बमुश्किल गेहूं और सरसों की ही खेती हो पाती थी। 2008 में साधन दास ने अपनी दूरदर्शिता से खेत से सटी 3 एकड़ जमीन पर निजी खर्च से एक तालाब का निर्माण कराया। नदी से मोटर-पंप द्वारा तालाब में पानी एकत्रित कर उन्होंने सिंचाई का स्थायी समाधान तो निकाला ही, साथ ही बहुफसली चक्र अपनाकर आज वे एक वर्ष में 6 लाख तक की कमाई कर रहे हैं। अब वे चतुर्भुजी आय मॉडल अपनाकर साल में चार प्रकार से आमदनी ले रहे हैं। खरीफ में धान, रबी सीजन में गेहूं और जायद (गर्मी) में मूंग की खेती कर रहे हैं। वहीं 3 एकड़ तालाब में मछली पालन कर साल में एक लाख से ज्यादा की मछली बेचते हैं। वहीं साधनदास ने घर के पास कटहल और 20 नीबू के पेड़ पालकर सुंदर बगीचा विकसित किया है। जिससे सालाना 1 से 2 लाख रुपए की अतिरिक्त आय हो रही है। मछली पालन से साल में एक लाख की आमदनीसाधनदास तीन एकड़ तालाब में बाजू से बहने वाली नदी से मोटर से पंप कर पानी एकत्र करते हैं। इसमें मछली का बीज डालकर साल भर में एक लाख रुपए की मछली बेचते हैं। इसी पानी से धान, गेहूं और मूंग फसल की सिंचाई कर फसल पैदा करते हैं। खरीफ सीजन में धान उत्पादन, आय- 2 लाख से 2.5 लाखकिसान के पास पांच एकड़ जमीन है। इसे धान के लिए प्लेन कर गड़े बनाए। इसमें खरीफ के सीजन में मोटी किस्म की धान लगाते हैं। जो 25 से 30 क्विंटल प्रति एकड़ पैदा होती है। इससे किसान 2 से ढाई लाख रुपए कमाते हैं। इस धान को समर्थन मूल्य पर बेचा जाता है। रबी सीजन में गेहूं की खेती, आय- लगभग 1.75 लाखकिसान रबी सीजन में गेहूं लगाकर तालाब के पानी से सिंचाई करते हैं। इससे 70 से 80 क्विंटल गेहूं पैदा होता है। इससे किसान को लगभग एक लाख 75 हजार रुपए की आमदनी होती है। जायद मूंग का दांव, आय- 1 लाख साधनदास बताते हैं कि उन्होंने तीन साल पहले से ही जायद (गर्मी) सीजन में मूंग लगना प्रारंभ की है। प्रति एक 3 से 4 क्विंटल एकड़ मूंग पैदा होती रही है। 60 दिन में फसल मिलने से यह उनकी शुद्ध बचत हो गई है। एक लाख रुपए की आय मूंग से भी हो जाती है। पहले वे गर्मी के सीजन में खेत खाली छोड़ते थे।
रोहतक में 20 वर्षीय बेटे द्वारा मां की हत्या करने के मामले में मृतक महिला के पिता ने कई खुलासे किए हैं। पिता रामनिवास कौशिक के अनुसार, बेटी पिंकी रक्षाबंधन के दिन घर आई थी और रोते हुए बोली थी कि पापा अबकी बार बेटी नहीं मिलेगी। हमें क्या पता था कि पिंकी को आखिरी बार देख रहे हैं। रामनिवास ने बताया कि पिंकी (40) की शादी गांव ब्राह्मणवास के देवेंद्र सिंह (42) के साथ 2002 में हुई थी। देवेंद्र गुजरात की एक कंपनी में इंजीनियर है, जिसकी डेढ़ लाख रुपए सैलरी है। पिंकी को शक था कि देवेंद्र का गुजरात में ही किसी महिला के साथ अवैध संबंध है। इसको लेकर दोनों में झगड़ा भी होता था। उधर, देवेंद्र जब भी घर आता तो इस इस बात पर पिंकी को पीटता और बच्चों को भड़काता। इकलौता बेटा उसकी बातों में आकर मां से नाराज रहने लगा था। तीन बच्चे और सास ससुर सोनीपत रहते थे, लेकिन पिंकी अलग होकर रोहतक रहने लगी थी। इसी को लेकर रविवार को वो मां से झगड़ा करने लगा और बाद में गला दबाकर हत्या कर दी। पिता ने बताया क्या थी बेटी-दामाद में झगड़े की वजह… चुन्नी से गला दबाया, हड्डी तोड़कर मारा बच्चे दादा-दादी साथ सोनीपत रहते शादी के बाद दोनों के तीन बच्चे हुए। बेटा इनमें सबसे बड़ा है। उसके अलावा दो बेटियां हैं। तीनों बच्चे सोनीपत में अपने दादा-दादी के साथ रहते हैं। पिंकी के पिता ने ये भी बताया कि देवेंद्र घर आता था तो पिंकी के साथ मारपीट करता था। ससुरालवालों की प्रताड़ना से तंग आकर पिंकी अलग रहने लगी थी। शिकायत पर केस दर्ज, शव का आज होगा पोस्टमॉर्टम सदर थाना पुलिस ने बताया कि गांव ब्राह्मणवास में महिला की हत्या के मामले में परिजनों की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है। शव का आज पोस्टमॉर्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया जाएगा। पुलिस मामले में जांच कर रही है। सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
MP में नर्मदा समेत कई नदियां उफान पर:बिहार के 18 जिले बाढ़ की चपेट में, यूपी के बरेली में घर डूबे
मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से के बाद अब मानसूनी सिस्टम पश्चिमी हिस्से को भी तरबतर कर रहा है। इससे कई जिलों में बाढ़ के हालात हैं। नर्मदा समेत कई नदियां उफान पर हैं। मौसम विशेषज्ञों की माने तो 6 सितंबर को भी सिस्टम की सक्रियता रहेगी। बिहार के 18 जिले बाढ़ की चपेट में है। इन जिलों के करीब 6.65 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। बक्सर से भागलपुर तक गंगा लाल निशान से ऊपर है। पटना के गांधी घाट पर गंगा ने 10 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। शनिवार को यहां जलस्तर 50.57 मीटर पहुंच गया। उत्तरप्रदेश में वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर और अयोध्या समेत प्रदेश के 26 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। श्रावस्ती में बाइपास का करीब 400 मीटर हिस्सा जलमग्न हो गया। वहीं, बरेली में घरों के किचन-बेडरूम में घुटनों तक पानी भर गया। उत्तराखंड के कई जिलों में तेज बारिश हो रही है। आज भी राज्य में बारिश के आसार हैं, जिसके चलते 3 जिलों- अल्मोड़ा, नैनीताल और चंपावत में आंगनबाड़ी केंद्रों के साथ साथ सभी स्कूलों में छुट्टी कर दी गई है। सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति देशभर से मौसम की तस्वीरें
ग्वालियर शहर का सरकारी बस स्टैंड बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है। बारिश होते ही बस स्टैंड परिसर तालाब में तब्दील हो जाता है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी कई घंटे तक परिसर में भरा रहता है। यात्रियों को बसों तक पहुंचने के लिए इसी गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। बस स्टैंड से रोजाना भोपाल, इंदौर, उज्जैन सहित मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरों के अलावा उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली के लिए बसों का संचालन होता है। यहां प्रतिदिन 10 हजार से अधिक यात्री सफर करते हैं। बसों से आने-जाने वाले यात्रियों के साथ बड़ी संख्या में परिजन भी बस स्टैंड पहुंचते हैं। इस तरह रोजाना करीब 20 हजार लोगों की आवाजाही वाले इस परिसर में बारिश के दौरान अव्यवस्थाएं यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन जाती हैं। न साफ-सुथरे बाथरूम, न पीने का पानीबस स्टैंड परिसर में जलभराव के साथ सफाई व्यवस्था भी बदहाल है। बाथरूम साफ-सुथरे नहीं हैं और यात्रियों के लिए पीने के पानी की भी उचित व्यवस्था नहीं दिखाई देती। परिसर में जगह-जगह गंदगी और कचरा पड़ा होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बारिश के बाद स्थिति और खराब हो जाती है। जलभराव के कारण गंदगी फैलने से संक्रमण और मच्छरों का खतरा भी बढ़ जाता है। यात्रियों का कहना है कि बस स्टैंड से टैक्स और अन्य शुल्क के रूप में राजस्व लिया जाता है, लेकिन इसके बदले मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। आईएसबीटी पर होना है शिफ्टशहर के भीतर बढ़ते यातायात दबाव को कम करने और यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सुल्तानपुर रोड पर अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) तैयार किया गया है। बस संचालकों को पुराने बस स्टैंड के बजाय आईएसबीटी से बसों का संचालन करने की योजना है। हालांकि, इसके बावजूद बड़ी संख्या में बसों का संचालन अभी पुराने बस स्टैंड से ही हो रहा है। यात्रियों का कहना है कि जब तक यहां से बसों का संचालन पूरी तरह बंद नहीं होता, तब तक मौजूदा बस स्टैंड में सफाई, जल निकासी और पेयजल जैसी जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए। अपर आयुक्त प्रदीप तोमर का कहना है कि जल्दी ही स्थिति की जांच कर सुधार किया जाएगा।
कुत्ते ने बचा ली 8 लोगों की जान:जो छज्जा गिरा, उसके नीचे बैठे थे 10 लोग; जानिए वहां क्या हुआ था
राप्ती नदी के तट पर अपने मित्र की माता को अंतिम विदाई देने गए दो अधिवक्ता अब इस दुनिया में नहीं हैं। बरसात से बचने के लिए वहां बने जिस चबूतरे पर उन्होंने शरण ली, उसी का छज्जा गिरने से उनकी मौत हो गई। लेकिन, वहां कुछ ऐसा हुआ था, जिससे 8 लोगों की जान बच गई। घटना स्थल पर मौजूद लोगों के बीच इस बात की खूब चर्चा है। दरअसल, उस छज्जे के नीचे 10 लोग बैठे थे, उसी दौरान वहां एक कुत्ता आया और बैठ गया। श्मशान घाट पर घूमने वाले इस कुत्ते के शरीर से तेज दुर्गंध आ रही थी। इससे परेशान होकर वहां बैठे लोग दूर चले गए। लेकिन आलोक अस्थाना और संजय सिंह वहीं बैठे रहे। वहां से जाते हुए लोगों ने कुत्ते को भी भगा दिया लेकिन इसके कुछ क्षण बाद ही बिजली कड़की और वह छज्जा भरभराकर गिर गया, जिसके नीचे दोनों अधिवक्ता दब गए और इलाज के दौरान दोनों लोगों की मौत हो गई।इसकी पुष्टि वहां मौजूद लोग करते हैं। चाना देवी उसी चबूतरे से महज 6 से 10 मीटर की दूरी पर दुकान चलाती हैं। उनकी गुमटी में कर्मकांड से जुड़े सामान मिलते हैं। चिता सजाने, उसे जलाने में यदि कोई सामान रह जाता है, तो यहां से लोग खरीदते हैं। इसके साथ ही पानी भी वहां मिल जाता है। सुबह से चाना देवी खुद इस दुकान पर बैठी थीं और सारा वाकया उनकी आंखों के सामने हुआ। घटना के बारे में बताते हुए वह उस कुत्ते का जिक्र करना नहीं भूलतीं। जानिए प्रत्यक्षदर्शी ने जो बताया चाना देवी ने बताया बारिश हो रही थी। 10 लोग उस छज्जे के नीचे आकर बैठे थे। तभी वहां कुत्ता आया और वहां बैठ गया, जिससे 8 लोग उठकर चले गए लेकिन दो लोग बैठे रहे। उसके बाद बिजली कड़की और छज्जा भरभराकर गिर गया। दोनों लोग उसी में दब गए। कुत्ते के बारे में उन्होंने बताया वह श्मशान घाट का कुत्ता है, शव के बचे हिस्से भी खाता है तो उससे दुर्गंध तो उठेगी ही। जिसकी अंत्येष्टि में आलोक और संजय सिंह गए थे, वह कृष्णानगर प्राइवेट कालोनी के आलोक मिश्रा की मामी थीं। आलोक मिश्रा भी कुछ देर पहले ही आए थे। वह भी आलोक व संजय के साथ उसी छज्जे के नीचे बैठे थे। आलोक बताते हैं मैं, संजय, आलोक व मेरे साथ के 2 और लोग वहां बैठे थे। तभी वहां कुत्ता आ गया। उसकी दुर्गंध से परेशान होकर उसे कोसता हुआ मैं दूसरी ओर चबूतरे से उतर गया। तभी पानी भी तेज हो गया। मैं दूसरी ओर चला गया। उसी समय शव भी आ गया। मैं शव लेकर नदी की ओर चला गया। तभी अचानक बिजली कड़की और छज्जा भरभराकर गिर गया। हम लोग शव छोड़कर भागकर आए और उन्हें अस्पताल पहुंचाया। अब जानिए कुत्ते को लेकर चर्चा यह बात वहां मौजूद रहे लोग स्वीकार कर रहे हैं कि कुत्ते के आने से यदि दुर्गंध नहीं उठती तो लोग वहां से नहीं जाते और यह घटना होती तो कुछ और जानें भी जा सकती थीं। फिलहाल वहां लोगों में चर्चा है कि कुत्ते के कारण ही उतने लोगों की जान बच गई। यदि ऐसा कोई कारण न होता तो स्थिति और भयावह होती। मुख्यमंत्री ने दिया परिवार को हर संभव मदद का निर्देश इस घटना में दोनों अधिवक्ताओं की मौत हो गई। दोनों के ऊपर अपने परिवार की जिम्मेदारी थी। अभी उनकी सभी जिम्मेदारियां बची थीं। बच्चों की पढ़ाई चल रही थी। दोनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। आपदा विभाग की ओर से दोनों मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये का चेक दिया जा चुका है। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से 5-5 लाख रुपये और आर्थिक सहायता के लिए प्रस्ताव भेज दिया गया है। यह सहायता भी जल्दी आ जाएगी।
सोनीपत में प्रशासन को उसकी ही शक्तियां याद दिलाने के लिए अनोखा प्रदर्शन शुरू हुआ है। पुलिस से रिटायर्ड स्पेशल पुलिस ऑफिसर के साथ मिलकर लोक 21 दिन तक हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे हैं। इसके पीछे वजह भी अलग है। चौराहे पर DC नेहा सिंह, पुलिस कमिश्नर ममता सिंह और नगर निगम कमिश्नर हर्षित कुमार की फोटो वाले बोर्ड लगाए गए। फोटो के नीचे शहर की अलग-अलग समस्याएं लिखी गईं। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पवन कुमार का कहना है कि इन बोर्डों का मकसद अधिकारियों को उनकी प्रशासनिक शक्तियों की याद दिलाना है। पवन कुमार का आरोप है कि रात में सिविल लाइन थाना पुलिस ने अधिकारियों की फोटो वाले बोर्ड उतारकर अपने साथ ले गई। अब वे पुलिस से ये बोर्ड वापस मांग रहे हैं। अगर नहीं दिए तो थाने में शिकायत दी जाएगी। वहीं जब इस मामले में सिविल लाइन थाना SHO परविंद्र सिंह से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने कॉल नहीं उठाई। 12 साल SPO रहे, अब शहर की समस्याओं को लेकर प्रदर्शन पवन कुमार ने बताया कि वह 2009 में सेना से रिटायर हुए थे। इसके बाद करीब 12 साल तक हरियाणा पुलिस में स्पेशल पुलिस ऑफिसर (SPO) के तौर पर काम किया। 31 जुलाई को वह SPO की सेवा से भी रिटायर हुए। फिलहाल वह आशा धाम NGO के साथ सेवा कार्यों से जुड़े हैं। उनका कहना है कि शहर की समस्याओं को लेकर कई बार अधिकारियों तक शिकायतें पहुंचाई गईं, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ करने का फैसला लिया। 5 सितंबर से शुरू हुआ यह पाठ 21 दिनों तक चलेगा। सुबह 10 से 10:15 बजे और शाम 6 से 6:15 बजे तक सामूहिक पाठ किया जा रहा है। इस दौरान भगवान से प्रार्थना की जाएगी कि तीनों अधिकारियों को शहर की समस्याएं दूर करने की शक्ति मिले। अब जानिए तीनों अधिकारियों की फोटो लगाकर क्या मांगें उठाई….. 1. DC की फोटो लगाकर सड़क-ट्रैफिक से लेकर अतिक्रमण के मुद्दे उठाए पवन कुमार ने DC नेहा सिंह के पोस्टर पर शहर की सड़क, ट्रैफिक और सीवर व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं उठाईं। उन्होंने कहा कि चौक-चौराहों पर रेड लाइट व्यवस्था दुरुस्त कराई जाए और उनकी नियमित देखरेख हो। शहर में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने की जरूरत है, ताकि लोगों को जाम की समस्या से राहत मिल सके। उन्होंने पैदल चलने वालों के लिए रास्ते खाली कराने और फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने की मांग भी रखी। उनका कहना है कि सड़कों और सीवर व्यवस्था पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर समन्वय कर इन समस्याओं का समाधान कराने की मांग की। 2. पुलिस कमिश्नर से नशे और देह व्यापार पर कार्रवाई की मांग पवन कुमार ने पुलिस कमिश्नर ममता सिंह के सामने शहर में नशे और अपराध से जुड़ी समस्याएं उठाईं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई कॉलोनियों में नशा बिक रहा है और पुलिस को इसकी जानकारी है, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही। इसके अलावा मामा-भांजा चौक से बस स्टैंड तक देह व्यापार का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि सड़क किनारे महिलाओं के खड़े रहने से समाज और बच्चों पर गलत प्रभाव पड़ता है। पुलिस के पास कार्रवाई करने की शक्ति है और उसका प्रभावी इस्तेमाल कर इन समस्याओं पर नियंत्रण किया जाना चाहिए। 3. निगम कमिश्नर से कचरा और फुटपाथों पर अतिक्रमण हटाने की मांग पवन कुमार ने नगर निगम कमिश्नर हर्षित कुमार के सामने शहर की सफाई व्यवस्था का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि शहर में जगह-जगह गंदगी और कचरा पड़ा है। कचरे से निकलने वाली जहरीली गैस और खराब वातावरण से लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने नियमित सफाई व्यवस्था बेहतर कराने और कचरा जमा होने की समस्या दूर करने की मांग की। इसके साथ ही फुटपाथों पर किए गए अतिक्रमण हटाने और कॉलोनियों में बढ़ रही कमर्शियल गतिविधियों को लेकर व्यवस्था सुधारने की मांग रखी। उनका कहना है कि नगर निगम उपलब्ध कर्मचारियों का प्रभावी इस्तेमाल कर शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर कर सकता है। बोले- अधिकारियों का अपमान करना मकसद नहीं पवन कुमार ने कहा कि तीनों अधिकारियों की फोटो उनका अपमान करने के लिए नहीं लगाई गई थीं। तीनों अधिकारी उनके लिए आदरणीय हैं। जिस तरह हनुमान जी को उनकी शक्तियां याद दिलाई गई थीं, उसी तरह प्रशासनिक अधिकारियों के पास भी अपने-अपने विभागों में कार्रवाई करने की शक्तियां हैं। इन शक्तियों का इस्तेमाल होने पर शहर की स्थिति में सुधार हो सकता है। पवन कुमार ने आरोप लगाया कि सुभाष चौक पर लगाए गए तीनों अधिकारियों की फोटो वाले बोर्ड रात में सिविल लाइन थाना के PSI आशु राव उतारकर ले गए। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस को बोर्ड पर आपत्ति थी तो दिन में उनसे बात कर उन्हें हटाने के लिए कहा जा सकता था। अब वे पुलिस से अपने बोर्ड वापस मांग रहे हैं। निगम कमिश्नर बोले- शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई होगी नगर निगम कमिश्नर हर्षित कुमार ने कहा कि हरियाणा भर में सफाई कर्मचारियों का प्रदर्शन चल रहा है। इसके बावजूद सोनीपत शहर में उपलब्ध कर्मचारियों के माध्यम से अतिरिक्त प्रयास कर सफाई व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश की जा रही है। किसी भी व्यक्ति को अपने क्षेत्र की सफाई व्यवस्था या अन्य समस्या को लेकर शिकायत है तो वह नगर निगम कार्यालय में लिखित शिकायत दे सकता है। शिकायत मिलने के बाद संबंधित समस्या पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
रेवाड़ी में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का काफिला करीब दो किलोमीटर तक अंधेरे में गुजरा। अमनगनी से रेजांगला पार्क के बीच गढ़ी बोलनी रोड पर स्ट्रीट लाइटें बंद थीं। इसका वीडियो सामने आने के बाद दैनिक भास्कर ने PWD और नगर परिषद के अधिकारियों से बात की। दोनों विभागों के अधिकारी एक-दूसरे का एरिया बताते हुए जिम्मेदारी से बचते नजर आए। मामले में DC अभिषेक मीणा से भी बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कॉल नहीं उठाई। वहीं, विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने इसे सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर मामला बताया और जल्द समाधान कराने की बात कही। वहीं जब सिक्योरिटी को लेकर SP हेमेंद्र कुमार मीणा से बात की गई तो उन्होंने कहा, “CM के रूट के दौरान लाइट को लेकर ऐसा कोई नियम नहीं है। सिक्योरिटी लैप्स का हमारे पास कोई मामला सामने नहीं आया।” अब जानिए क्या है पूरा मामला…. एक दिन पहले रेवाड़ी आ गए थे CM मुख्यमंत्री नायब सैनी रविवार को रेवाड़ी में मैराथन में शामिल हुए। इससे एक दिन पहले शनिवार रात को ही नायब सैनी रेवाड़ी पहुंच गए थे। रात करीब साढ़े 11 बजे उनका काफिला गढ़ी बोलनी रोड से होते हुए PWD रेस्ट हाउस के लिए रवाना हुआ। अमनगनी से रेजांगला पार्क तक करीब 2 किलोमीर तक स्ट्रीट लाइटें बंद थीं। इस दौरान काफिले की गाड़ियां अंधेरे में गुजरीं। CM के काफिले में शामिल गाड़ियों का अंधेरे में निकलते का वीडियो सामने आया। PWD एक्सईएन बोले- लाइट हमारे अंडर नहीं PWD के एक्सईएन सत्येंद्र श्योराण ने कहा कि रोड PWD के अधीन है, लेकिन स्ट्रीट लाइट उनके अधीन नहीं आती। यह नगर परिषद के अधिकार क्षेत्र का मामला है। इस बारे में नगर परिषद के अधिकारी बेहतर बता सकते हैं। नगर परिषद ने भी जिम्मेदारी नहीं ली नगर परिषद के एक्सईएन अंकित वशिष्ट ने कहा कि रेजांगला पार्क तक का एरिया नगर परिषद के अधीन आता है। इसके आगे नगर परिषद की हद खत्म हो जाती है। लाइटें अगर PWD ने हैंडओवर की हैं तो यह पंचायत के अधीन होंगी, वरना जिम्मेदारी PWD की होगी। यह लाइटें पंचायत या PWD में से किसके अधीन हैं, संबंधित अधिकारी ही बेहतर बता सकते हैं। विधायक बोले- सुरक्षा की दृष्टि से सही नहीं विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री के काफिले को अंधेरे से गुजारना सुरक्षा की दृष्टि से सही नहीं था। यह पुरानी समस्या है और नगर परिषद सीमा से बाहर होने के कारण वहां काम नहीं कर सकती। PWD ने लाइटें तो लगा दीं, लेकिन उनका बिजली बिल न तो पंचायतें भर रही हैं और न ही PWD। यह इलाका ढालियावास, पैदयावास और लालपुर गांव की सीमा में आता है। सीमा को लेकर भ्रम की स्थिति के कारण पंचायतें बिजली बिल का भुगतान नहीं करतीं। बैठक में भी उठा लाइटों का मुद्दा अमनगनी में व्यापारियों के साथ हुई बैठक में भी मुख्यमंत्री के सामने गढ़ी बोलनी रोड पर बनी सोसायटियों को नगर परिषद के अधीन लाने की मांग रखी गई। व्यापारियों ने कसौला चौक तक का एरिया नगर परिषद के अधीन करने, आरआरटीएस परियोजना जल्द शुरू करवाने और पटौदी रोड का निर्माण जल्द पूरा करवाने की मांग की। मुख्यमंत्री ने इन मांगों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
भगवान महाकाल की आज शाही सवारी निकाली जाएगी। देश भर से श्रध्दालु सवारी देखने और बाबा महाकाल का आशीर्वाद लेने के लिए उज्जैन पहुचेंगे। शाही सवारी का मार्ग करीब साढ़े पांच किलो मीटर का होगा। भगवान महाकाल की सवारी में भक्ति के साथ कई ऐसे किरदार भी शामिल होते हैं, जिनकी राजसी वेशभूषा और अनोखा अंदाज श्रद्धालुओं का ध्यान खींचता है। सिर पर खास तरह की पगड़ी, शरीर पर भारी राजसी पोशाक, हाथों में आभूषण और पारंपरिक हथियार... इस रूप में तैयार होने में करीब दो घंटे तक मेकअप किया जाता है। इसके बाद 11 से 15 किलो तक की पोशाक पहनकर ये किरदार पूरी सवारी में पैदल चलते हैं। इससे पहले सावन की चार और भादौ माह की एक सवारी निकल चुकी है। ये भगवान की छठीं व आखिरी सवारी होगी। जिसमें केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादत्य सिंधिया भी शामिल होकर पालकी का पूजन करेंगे। सबसे पहले देखिए किरदारों जुड़ी 3 तस्वीरें… टोली में 5 सदस्य, हर साल बदलता है राजसी अंदाज इस टोली में स्वामी मुस्कुराके, स्वामी खिलखिलाके, स्वामी दिलमिलाके, स्वामी गुदगुदाके और पप्पू तलवार शामिल हैं। बाबा महाकाल की पालकी के आगे चलने वाली यह टोली अलग-अलग राजसी किरदारों में नजर आती है। हर साल इनकी पगड़ी, पोशाक, आभूषण और पूरा लुक अलग होता है। भारी वेशभूषा के बावजूद ये सवारी के पूरे मार्ग में पैदल चलते हैं। अब कलाकारों की वेषभूषा से जुड़ी 3 तस्वीरें… शिक्षक ने शुरू की थी परंपरा, 39 साल से निभा रहे किरदार उज्जैन निवासी शैलेंद्र व्यास उर्फ ‘स्वामी मुस्कुराके’ 39 वर्षों से लगातार महाकाल की सवारी में शामिल हो रहे हैं। वर्ष 1989 में शिक्षक की नौकरी के दौरान उन्हें पता चला कि पुराने समय में राजा अपनी राजसी वेशभूषा में महाकाल की सवारी में शामिल होते थे। इसी परंपरा से प्रभावित होकर उन्होंने पहली बार धोती-कुर्ता और साफा पहनकर सवारी में हिस्सा लिया। इसके बाद यह सिलसिला कभी नहीं टूटा। धीरे-धीरे उन्होंने अलग-अलग शहरों से राजसी वेशभूषा, पगड़ियां और आभूषण जुटाना शुरू किया। घर में बना दिया राजसी वेशभूषा का म्यूजियम स्वामी मुस्कुराके के घर में अब 150 से ज्यादा राजसी वेशभूषाएं, 200 से अधिक पगड़ियां और 100 से ज्यादा मालाएं व अंगूठियां हैं। इस पूरे कलेक्शन की कीमत 10 लाख रुपए से अधिक बताई गई है। उनकी वेशभूषा में अलग-अलग तरह की पगड़ियां, शाही पोशाक, आभूषण और पारंपरिक सामान शामिल हैं। सवारी के दिन इन्हीं में से पोशाक चुनकर पूरा राजसी किरदार तैयार किया जाता है। 30 साल से 15 किलो की ड्रेस पहनकर चल रहे बैंक अधिकारी स्वामी दिलमिलाके यानी दिनेश रावल पिछले 30 वर्षों से इस टोली का हिस्सा हैं। पंजाब नेशनल बैंक से रिटायर्ड रावल के पास भी 65 से ज्यादा राजसी ड्रेस हैं। करीब 7 लाख रुपए की इन पोशाकों को उन्होंने अलग-अलग अलमारियों में संभालकर रखा है। वे बताते हैं कि सवारी में शामिल होने के लिए सिर्फ ड्रेस पहनना ही काफी नहीं होता। पहले मेकअप और फिर भारी पोशाक व आभूषण पहनकर कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। इसके बावजूद बाबा महाकाल की आस्था के कारण यह थकान महसूस नहीं होने देती। कपड़ा व्यापारी 38 साल से राजसी रूप में शामिल स्वामी खिलखिलाके यानी मनोहर गुप्ता भी पिछले 38 वर्षों से महाकाल की सवारी में राजसी वेशभूषा में शामिल हो रहे हैं। उनके पास करीब 25 राजसी ड्रेस हैं, जिनकी कीमत 3 लाख रुपए से ज्यादा है। वे जहां भी घूमने जाते हैं, वहां राजसी वेशभूषा या उससे जुड़ी कोई खास चीज पसंद आने पर खरीद लेते हैं। उनके लिए सवारी में शामिल होना अब परंपरा बन चुका है। सीएम मोहन यादव भी हो चुके हैं शामिल 6 घंटे तक अलग-अलग स्वरूपों में दर्शन देंगे बाबा मंदिर में पूजन के बाद शाम 4 बजे सवारी रवाना होगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सवारी रात 10 बजे मंदिर पहुंचेगी। सवारी से पहले मंदिर में पूजन-अर्चन होगा। इसके बाद मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल द्वारा भगवान को गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा। 70 भजन मंडलियां और पुलिस बैंड भी रहेंगे शामिल सवारी में सबसे आगे महाकालेश्वर मंदिर का प्रचार वाहन रहेगा। इसके बाद भजन मंडली, यातायात पुलिस, तोपची, भगवान महाकाल का रजत ध्वज, घुड़सवार, विशेष सशस्त्र बल सलामी गार्ड, स्काउट-गाइड सदस्य, कांग्रेस सेवा दल और सेवा समिति बैंड रहेगा। इसके बाद उज्जैन सहित प्रदेश के विभिन्न शहरों से आने वाली करीब 70 भजन मंडलियां चलेंगी। इनके पीछे भगवान महाकाल की प्रमुख पालकी और अन्य स्वरूप रहेंगे। पहली बार ड्रोन से पुष्पवर्षा, 50 क्विंटल फूल मंगाए मंदिर प्रशासन के अनुसार राजसी सवारी में विशेष ड्रोन से पुष्पवर्षा की जाएगी। इसके लिए देश-विदेश की विभिन्न किस्मों के करीब 50 क्विंटल फूल मंगाए जा रहे हैं। आकाशवाणी पर 8 घंटे लगातार लाइव प्रसारण आकाशवाणी उज्जैन द्वारा सोमवार को दोपहर 2 बजे से रात 10 बजे तक बाबा महाकाल की राजसी सवारी का लगातार 8 घंटे सीधा प्रसारण किया जाएगा। यह प्रसारण मध्यप्रदेश के सभी आकाशवाणी केंद्रों से एक साथ प्रसारित होगा। प्रसारण में सवारी के पूरे मार्ग, प्रमुख पड़ाव, धार्मिक अनुष्ठान, परंपराओं और श्रद्धालुओं की आस्था का आंखों देखा हाल सुनाया जाएगा। इस विशेष प्रसारण को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज कराने के लिए नामांकित किया गया है। ये खबर भी पढ़ें… रामघाट पर भजन बजा तो डांस करने लगा रोबोट उज्जैन में भादौ माह की पहली और महाकाल की पांचवीं सवारी सोमवार शाम 4 बजे निकली। बाबा महाकाल पालकी में सवार होकर नगर भ्रमण पर निकले। इस दौरान श्रद्धालुओं को भगवान महाकाल के पांच स्वरूपों के दर्शन हुए। सवारी में पहली बार शामिल किया गया रोबोट सबसे अलग आकर्षण रहा।पूरी खबर पढ़ें
भोपाल के अलग-अलग इलाकों से सामने आ रही जनसमस्याओं को लेकर नागरिक लगातार अपनी शिकायतें दर्ज करा रहे हैं। ‘भास्कर समाधान’ के जरिए इन समस्याओं को जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों तक पहुंचाया जा रहा है। शिकायत सामने आने के बाद कुछ मामलों में तत्काल कार्रवाई कर लोगों को राहत भी मिली है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्याएं और शहर की जमीनी हकीकत पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें...) वार्ड 39 के पार्षद आनंद अग्रवाल बने आज के ‘पब्लिक स्टार’ पुष्पा नगर में स्ट्रीट लाइट को लेकर शिकायत सामने आई थी। शिकायतकर्ता चंद्रप्रकाश जैन ने लिखा था कि उनके क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट दो-तीन दिन से दिन में भी चालू रहती है। इससे बिजली की अनावश्यक खपत और व्यवस्था को लेकर परेशानी सामने आ रही थी। शिकायत ‘भास्कर समाधान’ पर सामने आने के बाद वार्ड 39 के पार्षद आनंद अग्रवाल ने मामले पर संज्ञान लिया और समस्या का समाधान कराया। एप से लोगों को मिल रहा समाधान सुदामा नगर: 15 दिन पुराने कचरे की हुई सफाई सुदामा नगर के गली नंबर 10 क्षेत्र में करीब 15 दिनों से कचरा जमा होने की शिकायत सामने आई थी। शिकायतकर्ता आबिद ने लिखा था कि लंबे समय से कचरा पड़ा हुआ है। शिकायत ‘भास्कर समाधान’ के माध्यम से सामने आने के बाद वार्ड 44 के पार्षद विमलेश सिंह ठाकुर ने मामले पर कार्रवाई कर समस्या का समाधान कराया। कचरा हटाकर सफाई कराई गई। कचरा, बंद स्ट्रीट लाइट, जलभराव और खराब सड़क से परेशान भोपालवासी बैरागढ़: सड़क किनारे जमा कचरे और मवेशियों के जमावड़े से परेशानी बैरागढ़ निवासी राज ने सड़क किनारे जगह-जगह कचरा जमा होने की समस्या को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता के अनुसार नगर निगम के सफाईकर्मी दिन में दो बार सफाई करते हैं, लेकिन स्थानीय लोगों द्वारा खुले में कचरा डालने के कारण दोबारा गंदगी जमा हो जाती है। कचरे के कारण क्षेत्र में मवेशियों का जमावड़ा भी रहता है। दानिश नगर: एक महीने पहले लगाई गई स्ट्रीट लाइट अब तक चालू नहीं राम पटेल ने दानिश नगर रोड में स्ट्रीट लाइट की समस्या को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता के अनुसार सड़क पर करीब एक महीने पहले स्ट्रीट लाइट लगाई गई थी, लेकिन अभी तक उसे चालू नहीं किया गया है। रात के समय आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। शिवाय रेसिडेंसी: घरों में 3 फीट तक भर रहा पानी, जल निकासी की मांग शिवाय रेसिडेंसी, भानपुर क्षेत्र में बारिश के दौरान भारी जलभराव की शिकायत सामने आई है। शिकायतकर्ता के अनुसार कॉलोनी के घरों के अंदर करीब 3 फीट तक पानी पहुंच जाता है। पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से रहवासियों को परेशानी हो रही है। गांधी नगर: मुख्य मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे, बारिश में बढ़ी दुर्घटना की आशंका आकाश तिवारी ने वार्ड क्रमांक 1, गांधी नगर क्षेत्र में बीडीए एयरी सिटी सेक्टर-D से गोंदरमऊ बीडीए क्वार्टर को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग की खराब स्थिति को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता के अनुसार कई बार वार्ड एवं जोन कार्यालय में शिकायत करने के बावजूद समस्या का निराकरण नहीं हुआ है। पब्लिक को आवाज देने का सबसे बड़ा डिजिटल प्लेटफॉर्म दैनिक भास्कर एप का 'भास्कर समाधान' देश का पहला ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी अपने क्षेत्र की सिविक समस्याएं सीधे पोस्ट कर सकते हैं। यह मंच लोगों और प्रशासन के बीच प्रभावी संवाद का माध्यम बन चुका है। एप को उपयोग में आसान बनाया गया है और इसमें कई नए फीचर्स भी जोड़े गए हैं। समस्या का समाधान होने पर यूजर उसकी जानकारी भी अपडेट कर सकते हैं। अधिकारी भी बता सकेंगे, क्या कार्रवाई की इस सेगमेंट में संबंधित अधिकारी भी अपनी कार्रवाई की जानकारी साझा कर सकेंगे। शिकायत सीधे संबंधित विभाग तक पहुंचेगी। अधिकारी मैप पर उसकी लोकेशन देखकर कार्रवाई करेंगे और समाधान होने पर शिकायतकर्ता को एप के माध्यम से सूचना भी देंगे। जरूरत पड़ने पर वे शिकायतकर्ता से सीधे संपर्क भी कर सकेंगे। 'भास्कर समाधान' बदलाव की दिशा में सकारात्मक पहल 'भास्कर समाधान' का उद्देश्य शहर के हर कोने से लोगों की समस्याओं को रियल टाइम में प्रशासन तक पहुंचाना है, ताकि आमजन और प्रशासन के बीच बेहतर संवाद स्थापित हो सके। यह मंच नागरिकों को अपनी बात सीधे रखने और जिम्मेदार विभागों को त्वरित समाधान के लिए प्रेरित करने का प्रभावी माध्यम बन चुका है।
सागर-रीवा संभाग के 6 जिलों में आज भारी बारिश:MP के ऊपरी हिस्से में दो सिस्टम सक्रिय; 4 दिन असर रहेगा
मध्य प्रदेश के ऊपरी हिस्से में मानसूनी बारिश के दो सिस्टम एक्टिव है। इस वजह से अगले चार दिन तक तेज बारिश का दौर बना रहेगा। सोमवार को रीवा और सागर संभाग के 6 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। मालवा-निमाड़ यानी, इंदौर और उज्जैन संभाग में हल्की बारिश होने का अनुमान है। मौसम केंद्र (IMD) भोपाल के अनुसार, अगले 24 घंटे में निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर और दमोह में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है। भोपाल के डैमों के गेट खुलेइससे पहले रविवार को प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश हुई। भोपाल के कलियासोत बांध के दो गेट फिर खोल दिए गए। शनिवार रात करीब 11 बजे भी 4 गेट खोले गए थे, जिन्हें पानी छोड़ने के बाद रात 12 बजे एक-एक कर बंद कर दिया गया था। उज्जैन में बारिश की वजह से महाकाल मंदिर से रामघाट जाने वाले रोड का ऐतिहासिक महाकाल द्वार शनिवार देर रात गिर गया। शिवपुरी जिले के सिकराऊदा गांव में 21 वर्षीय राम रावत का शव गहलोनी के पास नदी किनारे मिला। वह शुक्रवार को रपटा पार करते समय तेज बहाव में बह गया था। शनिवार को SDERF ने दिनभर सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन युवक का पता नहीं चल सका था। रविवार को नदी का जलस्तर कम होने के बाद ग्रामीणों ने शव देखा। शाजापुर के अकोदिया में कभी धीमी-कभी तेज बारिश हो रही है। खेतों में पानी भरने से सोयाबीन को नुकसान की आशंका है। मुरैना के कैलारस में खेरली-पचोखरा रोड पर गुराह नाले का पुल बारिश के बाद पानी में डूब गया। जरूरी काम से निकले लोग बड़ी कढ़ाही जैसे बर्तन में बैठकर रस्सी के सहारे नाले के एक छोर से दूसरे छोर तक पहुंच रहे हैं। देखिए, रविवार को बारिश की तस्वीरें… 23 जिलों में ज्यादा बारिशIMD की माने तो अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़्र, श्योपुर और शिवपुरी में ही औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। 32 जिलों में 2% से 23% तक कम बारिशप्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में 1% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर, सिवनी में 2% से 23% तक कम बारिश हुई है। पिछले एक सप्ताह में यह आंकड़ा काफी सुधरा है। बीते एक सप्ताह से यहां के कई जिलों में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। इससे आंकड़े में सुधार आया और सीजन में पहली बार पूर्वी हिस्सा आंकड़ों में बेहतर रहा है। जिससे आंकड़ा दो प्रतिशत ज्यादा हो गया है। वहीं, पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 1% से 54% कम पानी गिरा है। मैप से समझें, 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम जून में सूखा, जुलाई-अगस्त में अच्छी बारिशमौसम विभाग के अनुसार, जून में 14% कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआती दिनों में तेज बारिश होने से यह बढ़ गया। इसके बाद मानसून दो बार ब्रेक हुआ और कई दिन तक बारिश नहीं हुई। आखिरी सप्ताह में फिर से स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया। बावजूद इसके 13 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि, जुलाई और फिर अगस्त का भी फुल हो गया, लेकिन जून की भरपाई नहीं हो पाई। यही वजह से अब तक भी प्रदेश में 6 प्रतिशत कम पानी गिरा है। प्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंचप्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जिले की सामान्य बारिश 38 से 39 इंच तक है। एमपी के 5 बड़े शहरों में बारिश का रिकॉर्ड… भोपाल में 4 साल से कोटे से ज्यादा बारिशभोपाल में सितंबर महीने की औसत बारिश 7 इंच है, लेकिन पिछले 5 साल से कोटे से ज्यादा पानी बरस रहा है। ओवरऑल रिकॉर्ड की बात करें तो साल 1961 में पूरे सितंबर माह में 30 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। वहीं, 24 घंटे में सर्वाधिक 9.2 इंच बारिश का रिकॉर्ड 2 सितंबर 1947 को बना था। इस महीने औसत 8 से 10 दिन बारिश होती है। वहीं, दिन में तापमान 31.3 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22.2 डिग्री सेल्सियस तक रहता है। इंदौर में सितंबर में रिकॉर्ड 30 इंच बारिशइंदौर में सितंबर महीने में रिकॉर्ड 30 इंच बारिश हो चुकी है। यह ओवरऑल रिकॉर्ड साल 1954 में बना था। वहीं, 20 सितंबर 1987 को 24 घंटे में पौने 7 इंच पानी गिर चुका है। इस महीने इंदौर में औसत 8 दिन बारिश होती है, लेकिन इस बार 15 या इससे अधिक दिन तक बारिश हो सकती है। ग्वालियर में वर्ष 1990 में गिरा था 25 इंच पानीग्वालियर में सितंबर 1990 में 647 मिमी यानी साढ़े 25 इंच बारिश हुई थी। यह सितंबर में मासिक बारिश का ओवरऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 7 सितंबर 1988 को 24 घंटे में साढ़े 12 इंच बारिश हुई थी। सितंबर में ग्वालियर की औसत बारिश करीब 6 इंच है, लेकिन पिछले चार साल से इससे अधिक बारिश हो रही है। ग्वालियर में इस बार अगस्त में ही बारिश का कोटा पूरा हो गया। ऐसे में सितंबर में जितनी भी बारिश होगी, वह बोनस की तरह ही रहेगी। जबलपुर में 24 घंटे में साढ़े 8 इंच बारिश का रिकॉर्डसितंबर महीने में जबलपुर में भी मानसून जमकर बरसता है। 20 सितंबर 1926 को जबलपुर में 24 घंटे के अंदर साढ़े 8 इंच बारिश का रिकॉर्ड है। वहीं, पूरे महीने में 32 इंच बारिश साल 1926 को हो चुकी है। यहां महीने में औसत 10 दिन बारिश होती है। वहीं, सामान्य बारिश साढ़े 8 इंच है। पिछले 3 साल से सामान्य से ज्यादा पानी गिर रहा है। उज्जैन में 1981 में पूरे मानसून का कोटा हो गया था फुलउज्जैन की सामान्य बारिश 34.81 इंच है, लेकिन वर्ष 1961 में सितंबर की बारिश ने ही पूरे सीजन की बारिश का कोटा फुल कर दिया था। इस महीने 1089 मिमी यानी करीब 43 इंच पानी गिरा था। वहीं, 24 घंटे में सर्वाधिक साढ़े 5 इंच बारिश का रिकॉर्ड 27 सितंबर 1961 को बना था। सितंबर महीने में उज्जैन की सामान्य बारिश पौने 7 इंच है, लेकिन पिछले दो साल से 12 इंच से ज्यादा बारिश हो रही है। इस महीने औसत 7 दिन बारिश होती है।
इंदौर के अलग-अलग वार्डों से सामने आ रही जनसमस्याओं के समाधान में दैनिक भास्कर एप का 'भास्कर समाधान' सेगमेंट लगातार प्रभावी साबित हो रहा है। इस मंच के जरिए नागरिक अपने क्षेत्र की समस्याएं सीधे संबंधित विभागों, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचा रहे हैं। शिकायत सामने आते ही जिम्मेदार उसका संज्ञान लेकर कार्रवाई कर रहे हैं। इससे कई इलाकों में लोगों को उनकी रोजमर्रा की समस्याओं से राहत मिली है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्याएं और शहर की जमीनी हकीकत पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें...) वार्ड 65 के पार्षद कमलेश कालरा बने आज के 'पब्लिक स्टार' वार्ड 65 के जीवन दीप कॉलोनी निवासी करण रामचंदानी ने 'भास्कर समाधान' पर शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि पानी की निकासी वाली जगह पर निर्माण के समय से पत्थर और कचरा पड़ा था। इससे बारिश में पानी जमा होने के साथ कीचड़ की समस्या हो रही थी। शिकायत मिलने के बाद आज के पब्लिक स्टार पार्षद कमलेश कालरा ने मामले को संज्ञान में लिया और समस्या का समाधान कराया। एप से लोगों को मिल रहा समाधान मछली बाजार: 20 दिन से पड़ा कचरा उठवाया वार्ड 59 के प्रिंस यशवंत रोड निवासी नवीन शर्मा ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि इलाके में 20 दिन से ज्यादा समय से कचरा पड़ा हुआ था। कई बार सफाई नहीं होने से कचरे का ढेर बढ़ता जा रहा था और लोगों को परेशानी हो रही थी। शिकायत सामने आने के बाद पार्षद रुपाली ए. पेंढारकर ने मामले पर संज्ञान लिया और कचरा उठवाकर समस्या का समाधान कराया। शहर के अलग-अलग इलाकों में सड़क, सफाई और स्ट्रीट लाइट से जुड़ी समस्याएं सांवेर रोड इंडस्ट्रियल एरिया: सड़क पर पानी, चैंबर भी चौक वार्ड 17 के न्यू बजरंगपुरा निवासी अनूप यादव ने शिकायत दर्ज कराई है कि क्षेत्र की मेन रोड और खासकर गली नंबर 2 की सड़क पूरी तरह खराब हो चुकी है। सड़क पर जगह-जगह पानी जमा रहता है। वहीं, चैंबर भी चौक होने से पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। शिकायतकर्ता का कहना है कि समस्या काफी समय से बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है। आनंद नगर: बगीचे के बाहर लंबे समय से पड़ा कचरा वार्ड 64 के आनंद नगर निवासी दिनेश सिन्नरकर ने शिकायत दर्ज कराई है कि बगीचा नंबर 3 के बाहर काफी दिनों से कचरा पड़ा हुआ है। समय पर कचरा नहीं उठने से यहां लगातार गंदगी बढ़ रही है। उनका कहना है कि कचरा पड़ा रहने से लोग उसी जगह और कचरा डाल देते हैं। शिकायतकर्ता ने जल्द सफाई कराने की मांग की है। पंचमूर्ति नगर: चौराहे पर बड़ा गड्ढा, बारिश में बढ़ रहा खतरा वार्ड 70 के पंचमूर्ति नगर मुख्य चौराहे निवासी पंकज राठौड़ ने शिकायत दर्ज कराई है कि सड़क पर बड़ा गड्ढा हो गया है। बारिश होने पर इसमें पानी भर जाता है, जिससे गड्ढे की गहराई दिखाई नहीं देती। इससे दोपहिया वाहन चालकों के साथ स्कूली बच्चों और पैदल राहगीरों के लिए भी हादसे का खतरा बना हुआ है। शिकायतकर्ता ने गड्ढे को जल्द भरने की मांग की है। लिम्बोदी: छह महीने से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट वार्ड 77 के लिम्बोदी निवासी राहुल पगारे ने शिकायत दर्ज कराई है कि बिजली के खंभे पर विद्युत विभाग की ओर से लगाई गई स्ट्रीट लाइट पिछले छह महीने से बंद है। लंबे समय से लाइट बंद होने के कारण रात में सड़क पर अंधेरा रहता है। शिकायतकर्ता ने स्ट्रीट लाइट को जल्द ठीक कराने की मांग की है। पब्लिक को आवाज देने का डिजिटल प्लेटफॉर्म दैनिक भास्कर एप का 'भास्कर समाधान' ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी अपने क्षेत्र की सिविक समस्याएं सीधे पोस्ट कर सकते हैं। शिकायत संबंधित विभाग और जिम्मेदारों तक पहुंचती है। समस्या का समाधान होने पर यूजर्स इसकी जानकारी एप पर अपडेट भी कर सकते हैं। अधिकारी भी बता सकेंगे, क्या कार्रवाई की इस प्लेटफॉर्म पर संबंधित अधिकारी अपनी कार्रवाई की जानकारी भी साझा कर सकते हैं। अधिकारी मैप पर शिकायत की लोकेशन देखकर मौके पर कार्रवाई कर सकते हैं और समाधान होने पर एप के जरिए शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी दे सकते हैं। 'भास्कर समाधान' बदलाव की पहल 'भास्कर समाधान' का उद्देश्य शहर की जनसमस्याओं को सीधे जिम्मेदारों तक पहुंचाना है, ताकि आमजन और प्रशासन के बीच बेहतर संवाद हो और समस्याओं के समाधान में तेजी आए।
झीरम घाटी हमले के 13 साल बाद आए फैसले पर कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक अनिता योगेंद्र शर्मा ने कहा कि वे इसे न्याय नहीं मानती हैं। हमले में पति योगेंद्र शर्मा समेत कांग्रेस के कई दिग्गज नेताओं ने जान गंवाई थी। अब अनिता शर्मा ने कहा है कि अगर कांग्रेस की सरकार बनती है तो झीरम मामले की नए सिरे से जांच कराई जाएगी। दैनिक भास्कर से बातचीत में अनिता योगेंद्र शर्मा ने कहा कि अब तक हुई जांच से वे संतुष्ट नहीं हैं। उनका मानना है कि जांच सिर्फ हमले में शामिल लोगों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। अगर इस पूरे घटनाक्रम के पीछे राजनीतिक षडयंत्र था, तो उसके पीछे कौन था, यह भी सामने आना चाहिए। पति योगेंद्र शर्मा को याद करते हुए अनिता ने कहा कि उनका सपना विधायक बनने का था। पति को खोने के बाद बच्चों ने उन्हें राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया। सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठाए सवाल अनिता शर्मा ने झीरम में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि कांग्रेस के इतने बड़े नेताओं का काफिला बस्तर से गुजर रहा था, फिर भी पर्याप्त सुरक्षा क्यों नहीं थी? उन्होंने खुफिया इनपुट को लेकर भी सवाल किया। उनका कहना है कि अगर खतरे की जानकारी पहले से थी तो उसे गंभीरता से क्यों नहीं लिया गया? और अगर कोई इनपुट नहीं था, तो इतने बड़े राजनीतिक काफिले की सुरक्षा व्यवस्था में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई? ‘हमें बताया गया था कि पति घायल हैं’ झीरम हमले के दिन को याद करते हुए अनिता योगेंद्र शर्मा ने बताया कि घटना के बाद परिवार को शुरुआत में बताया गया था कि उनके पति योगेंद्र शर्मा घायल हैं। परिवार ने उन्हें टीवी और खबरों से दूर रखा था। बाद में जैसे-जैसे जानकारी सामने आई, पता चला कि झीरम में कांग्रेस के कई बड़े नेताओं पर हमला हुआ है। इसके बाद उन्हें पति के नहीं रहने की जानकारी मिली। पति की मौत के बाद राजनीति में आईं अनिता शर्मा ने बताया कि राजनीति में आने का उनका पहले कोई इरादा नहीं था। पति योगेंद्र शर्मा राजनीति में एक्टिव थे और विधायक बनने का सपना देखते थे। उनकी मौत के बाद बच्चों ने उन्हें चुनाव लड़ने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और चुनाव भी लड़ा। जरूरत पड़ी तो कानूनी लड़ाई भी आगे बढ़ाएंगी अनिता शर्मा का कहना है कि झीरम मामले में न्याय की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। वे आगे पार्टी नेतृत्व से इस मुद्दे पर चर्चा करेंगी। उन्होंने जरूरत पड़ने पर कानूनी लड़ाई को आगे बढ़ाने और सुप्रीम कोर्ट जाने की बात भी कही। उनका कहना है कि कांग्रेस की सरकार बनने पर झीरम की जांच नए सिरे से कराई जाएगी, ताकि हमले से जुड़े अब तक अनसुलझे सवालों के जवाब सामने आ सकें। सजा पर फैसला 16 सितंबर को होगा 25 मई 2013 के झीरम घाटी नरसंहार मामले में 13 साल बाद जगदलपुर की स्पेशल NIA कोर्ट ने 10 नक्सलियों को दोषी ठहराया है। 11 आरोपियों में से एक की ट्रायल के दौरान मौत हो गई थी। दोषियों की सजा पर फैसला 16 सितंबर को होगा। ………………………. इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… झीरम हमले में 10 दोषी, मास्टरमाइंड से पूछताछ तक नहीं:सरेंडर के बाद देवजी पढ़ता रहा, 12वीं की परीक्षा दी, 33 अब भी फरार 25 मई 2013 के झीरम घाटी नरसंहार मामले में 13 साल बाद जगदलपुर की स्पेशल NIA कोर्ट ने 10 नक्सलियों को दोषी ठहराया है। 11 आरोपियों में से एक की ट्रायल के दौरान मौत हो गई थी। दोषियों की सजा पर फैसला 16 सितंबर को होगा। सीएम साय ने कहा कि कोर्ट के इस फैसले का सभी को स्वागत करना चाहिए। पढ़ें पूरी खबर…
Varanasi News: काशी की बेटी खुशी कपूर ने श्रीलंका में बढ़ाया देश का गौरव
pride for kashi
Udham Singh Nagar News: स्कूलों के सामने पढ़ाई ही नहीं, आपदा से निपटने का भी इम्तिहान
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Udhampur News: हल्की बारिश में ढहा कच्चा मकान, परिवार बचा
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Udhampur News: बचपन के शौक को बनाया आजीविका का साधन, हुनर के दम पर पल्लवी बनीं आत्मनिर्भर
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Udhampur News: बार-बार नाक से खून आना सिर्फ गर्मी का असर नहीं, गंभीर बीमारी का हो सकता है संकेत
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Udhampur News: मिड-डे मील की बकाया राशि जारी करने सहित कई मांगें उठाईं
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कैलाश कुंड यात्रा को लेकर प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी, श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने की अपील
Udhampur News: मतलोवा बी में ग्रामीणों की राह होगी आसान, पीएस बोस के पास बनेगा फुट ब्रिज
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Udhampur News: थाने में जब्त पिकअप वैन को सशर्त छोड़ने के आदेश
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Sultanpur News: पीली नदी उफनाई, जालपा मंदिर की सीढ़ियों तक पहुंचा पानी
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Sultanpur News: वन्य जीव को पकड़ने के लिए खोदे गए कब्रनुमा गड्ढे
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Sultanpur News: विषैला पदार्थ खाने से किशोरी की मौत
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Sultanpur News: अमहट सब्जी मंडी की बदहाली पर व्यापारियों का फूटा गुस्सा
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Sultanpur News: ऊंचा होगा मायंग-नौगवांतीर मार्ग, मंत्रालय ने दी स्वीकृति
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Sultanpur News: दुष्कर्म मामले में विवेचक के गैरहाजिर होने से टली बहस
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Sultanpur News: करंट से पशुपालक और महिला ने दम तोड़ा
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Srinagar News: रामबन में हाईवे पर ट्रक 250 फीट गहरे नाले में गिरा, चालक सुरक्षित
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Solan News: कबड्डी में धर्मपुर और खो-खो में अर्की सेमीफाइनल में
जिलास्तरीय अंडर-19 बॉयज माइनर स्कूल खेलकूद प्रतियोगिता के दूसरे दिन खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया।
Solan News: बद्दी साई मार्ग पर गड्ढे भरने का कार्य हुआ शुरू
नगर निगम ने बद्दी-साई मार्ग पर पड़े गड्ढों को अब पेवर ब्लॉक से भरना शुरू कर दिया है।
Solan News: ब्रिज नंबर 57 के पास फिर बहा मरम्मत कार्य, रेल बढ़ीं यात्रियों की मुश्किलें
विश्व धरोहर कालका-शिमला रेलमार्ग की बहाली पर एक बार फिर कुदरत का कहर बरसा है।
Solan News: क्षेत्रीय अस्पताल सोलन का ब्लड बैंक होने लगा खाली, बी नेगेटिव खून खत्म
क्षेत्रीय अस्पताल सोलन के ब्लड बैंक में एक बार फिर खून की भारी किल्लत पैदा हो गई है।
Solan News: क्स-रे होते ही एआई तुरंत देगा टीबी होने की संभावना की भी रिपोर्ट
स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए जा रहे टीबी मुक्त अभियान को निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद भी जिले में नियमित रूप से जारी रखा जाएगा।
Solan News: पहले ही प्रयास में एमबीबीएस में चयनित हुई शगुन ठाकुर
पीएम श्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल सोलन की छात्रा शगुन ठाकुर ने पहले ही प्रयास में नीट उत्तीर्ण कर मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पाया है।
Solan News: आयुर्वेदिक अस्पताल में होगा पैरा-सर्जिकल शिविर 9 को
पंडित दीनदयाल उपाध्याय जिला आयुर्वेदिक अस्पताल सोलन में 9 सितंबर को पैरा-सर्जिकल शिविर का आयोजन किया जाएगा।
Solan News: सरकार की वादाखिलाफी पर पेंशनरों ने जताया रोष
भारतीय राज्य पेंशनर संघ कुनिहार इकाई की विशेष बैठक रविवार को वरिष्ठ नागरिक हॉल में अध्यक्ष आरपी जोशी की अध्यक्षता में हुई।
Solan News: एचआरटीसी पेंशनरों ने चिकित्सा बिलों के तुरंत भुगतान की उठाई मांग
हिमाचल प्रदेश परिवहन निगम पेंशनर्स कल्याण संगठन, शाखा नालागढ़ की मासिक बैठक रविवार को आयोजित की गई।
Solan News: नंबरदारों की समस्याओं पर उपमंडलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
हिमाचल प्रदेश नंबरदार जन कल्याण महासंघ की बद्दी तहसील इकाई ने नंबरदारों की विभिन्न लंबित समस्याओं को लेकर उपमंडलाधिकारी (नागरिक), बद्दी को ज्ञापन सौंपा है।
Solan News: निखरा कुनिहार बीडीओ कार्यालय परिसर, खुला हिम ईरा कैफे
विकास खंड कुनिहार परिसर में जनसुविधाओं के विस्तार और सौंदर्यीकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।
Solan News: नौवें दिन भी बूंद-बूंद को तरसा सोलन, दूषित पानी और टैंकरों के भरोसे जिंदगी
सोलन शहर में पेयजल संकट विकराल रूप धारण कर चुका है।
Solan News: शिवम और अर्पित ने जीते स्वर्ण और रजत पदक
राजा वीरभद्र सिंह मल्टीपर्पज कॉम्प्लेक्स, कुमारहट्टी में आयोजित दो दिवसीय डिस्ट्रिक्ट बैडमिंटन चैंपियनशिप में सुबाथू के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
Solan News: मंडी में सब्जियों पर महंगाई की मार फूलगोभी और टमाटर के दाम उछले, रसोई का बजट बिगड़ा
शहर के पुराने बस अड्डे स्थित किसान जनता मंडी में इस सप्ताह सब्जियों के दामों में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है,
Sitapur News: युवक से बात करने पर पति ने पत्नी को पीट-पीटकर मार डाला
युवक से बात करने पर पति ने पत्नी को पीट-पीटकर मार डाला
Sitapur News: बंद घर में लगी आग, सामान जला
बंद घर में लगी आग, सामान जला
Sitapur News: खेतों में फिर दिखी बाघिन, दहाड़ सुनकर सहमीं महिलाएं
खेतों में फिर दिखी बाघिन, दहाड़ सुनकर सहमीं महिलाएं
Sitapur News: तीन साल से मेडिकल स्टोर की आड़ में चल रहा था अस्पताल
तीन साल से मेडिकल स्टोर की आड़ में चल रहा था अस्पताल
Sirsa News: 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते एएसआई गिरफ्तार
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) सिरसा की टीम ने डबवाली के गोल बाजार चौकी में तैनात एएसआई जगजीत सिंह को कथित तौर पर 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है।
Sirsa News: उत्साह से मनाया गया शिक्षक दिवस पांच स्कूलों के शिक्षक हुए सम्मानित
गांव वैदवाला स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में शिक्षक दिवस उत्साह के साथ मनाया गया।
Sirsa News: 6.790 ग्राम हेरोइन सहित मोटरसाइकिल सवार दो आरोपी किए काबू
गोरीवाला चौकी पुलिस ने दो दुपहिया वाहन सवार आरोपियों कुलदीप और रतनलाल को 6.790 ग्राम हेरोइन के साथ पकड़ा है।
Sirsa News: गांव अहमदपुर की आंगनबाड़ी व प्ले स्कूल की बदलेगी सूरत
गांव अहमदपुर में छोटे बच्चों को बेहतर माहौल और सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए कदम उठाया गया है। पंचायती राज विभाग ने गांव की दो आंगनबाड़ी और एक प्ले स्कूल के सुधार कार्यों के लिए टेंडर लगाया है।
Sirsa News: शिक्षकों को सम्मानित किया, प्राचार्य ने सराहा समर्पण
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, ढूकड़ा में शिक्षक दिवस पर एक भव्य कार्यक्रम हुआ। इस अवसर पर विद्यालय की प्राचार्य मोना पुरी ने शिक्षकों और स्टाफ सदस्यों को सम्मानित किया।
Siddharthnagar News: नदियों के उतार-चढ़ाव से कटान का खतरा बढ़ा
सिद्धार्थनगर। जिले में बूढ़ी राप्ती और बानगंगा नदी लोगों को फिर डराने लगी है।
Siddharthnagar News: खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों ने बढ़ा दिया लोगों का बजट
शाहपुर। रसोई में इस्तेमाल होने वाले जरूरी खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों का बजट बढ़ा दिया है।
Siddharthnagar News: मटका फोड़ने में जुटीं टीमें, शाम तक किसी को नहीं मिली सफलता
पथरा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में रविवार को पथरा बाजार में युवाओं की ओर से मटका फोड़ कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
Siddharthnagar News: कुत्तों के लिए शेल्टर होम, कम होगा आतंक
सिद्धार्थनगर। कुत्तों के आतंक पर नियंत्रण के लिए अब नगर पालिका सिद्धार्थनगर ने शेल्टर होम बनाने की तैयारी शुरू कर दी है।
Siddharthnagar News: बोलेरो की चपेट से तीन साल की मासूम की मौत
सिद्धार्थनगर। नगर के उसका-बर्डपुर मार्ग पर सीडीओ आवास के सामने एक तीन वर्षीय बालिका को बोलेरो ने कुचल दिया।
Shravasti News: शिक्षक दिवस पर आशुतोष कुमार सम्मानित
शिक्षक दिवस पर आशुतोष कुमार सम्मानित
Shravasti News: 500 टीबी मरीजों की दूर हुई पोषण की चिंता
500 टीबी मरीजों की दूर हुई पोषण की चिंता
Shravasti News: सेवा संकल्प अभियान में होंगे 13 कार्यक्रम
सेवा संकल्प अभियान में होंगे 13 कार्यक्रम
Shravasti News: सपा ने बंद विद्यालयों के बाहर मनाया शिक्षक दिवस
सपा ने बंद विद्यालयों के बाहर मनाया शिक्षक दिवस
Shravasti News: डायरिया व त्वचा रोगियों की रही अधिकता
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Shravasti News: समस्या हो तो टोल फ्री नंबर पर करें संपर्क
समस्या हो तो टोल फ्री नंबर पर करें संपर्क
Shravasti News: दीप जलाकर अनुयायियों ने की बुद्ध उपासना
दीप जलाकर अनुयायियों ने की बुद्ध उपासना

