यूपी: नेता प्रतिपक्ष से मुलाकात के बाद बोले मंत्री संजय निषाद, जो निषाद समाज के साथ हम उसके साथ
उत्तर प्रदेश सरकार में मत्स्य मंत्री व निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद की सोमवार को नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय से मुलाकात ने सियासी हलचल बढ़ा दी है।
तेज रफ्तार कार की टक्कर से सड़क पार कर रहा युवक घायल, वीडियो वायरल
तेज रफ्तार कार की टक्कर से सड़क पार कर रहा युवक घायल, वीडियो वायरल
हरदोई शहर के वंशी नगर में गणेश चतुर्थी महोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। विनायक समिति ने 15वें गजानन महोत्सव का आयोजन किया है। मंगलवार 15 सितंबर को दूसरे दिन देर रात 11 बजे के आसपास धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। शाम से ही महोत्सव स्थल पर लोगों का आना शुरू हो गया था। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश के दर्शन किए और अलग-अलग कार्यक्रमों का आनंद लिया। महोत्सव के दूसरे दिन अशरफ ओला कमेटी ने सुंदरकांड का आयोजन किया। सुंदरकांड पाठ के दौरान धार्मिक भजनों के साथ रामायण की चौपाइयों का वाचन हुआ। श्रद्धालुओं ने भक्तिमय माहौल में सुंदरकांड सुना। सुंदरकांड के बाद सीनियर वर्ग की एकल नृत्य प्रतियोगिता हुई। इसमें अनन्या बाजपेई, मुस्कान, कल्पित, रजनीश राठौर, प्रतिभा, अमन कुमार भारती, भाव्या सिंह और श्रेष्ठा समेत कुल 22 बच्चों ने हिस्सा लिया। बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों से अपनी प्रतिभा दिखाई। इस दौरान महोत्सव स्थल तालियों से गूंज उठा। गौरव शुक्ला, शिवांगी सिंह और अंजली सिंह ने निर्णायक की भूमिका निभाई। कार्यक्रम का संचालन कुलदीप द्विवेदी और पंकज अवस्थी ने मिलकर किया। समिति अध्यक्ष मनीष चतुर्वेदी ने बताया कि बुधवार 16 सितंबर को प्राइमरी, जूनियर और सीनियर वर्ग में गायन प्रतियोगिता होगी। उन्होंने कहा कि महोत्सव में धार्मिक आयोजनों के साथ बच्चों की प्रतिभा को मंच देने के लिए अलग-अलग सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं कराई जा रही हैं। इस कार्यक्रम में प्रभाकर पाठक, जेके सेठ, पंकज चतुर्वेदी, अविनाश मिश्रा, राजमोहन पांडेय, अभिलाष गुप्ता, राजे गुप्ता, टिंकू द्विवेदी, राजू मिश्रा, नीरज शुक्ला, अनुराग किशोर चतुर्वेदी, कपीश चतुर्वेदी, शौर्य चतुर्वेदी, तनुष चतुर्वेदी, विजय अवस्थी, आशीष सोलंकी और सौरभ सिंह गौर मौजूद थे। इनके साथ समिति के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी उपस्थित रहे।
लगातार खिसकते जनाधार से बौखलाई भाजपा अब पंचायत चुनावों से बचने के रास्ते तलाश रही है: Dotasra
जयपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने पंचायती राज चुनाव 2026 के लिए 17 और 18 सितंबर को प्रस्तावित आरक्षण लॉटरी प्रक्रिया टलने पर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सरकार पर चुनाव से बचने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। डोटासरा ने इस संबंध में एक्स के माध्यम से कहा कि निकाय चुनावों में शहरी वार्डों में हुई किरकिरी और लगातार खिसकते जनाधार से बौखलाई भाजपा अब पंचायत चुनावों से बचने के रास्ते तलाश रही है। 17 और 18 सितंबर को प्रस्तावित पंचायत राज संस्थाओं की आरक्षण/लॉटरी प्रक्रिया को स्थगित करने का आदेश साफ़ बताता है कि भाजपा चुनाव से भागकर हार से बचना चाहती है। उन्होंने कहा कि एक तरफ भाजपा एक राज्य, एक चुनाव का ढिंढोरा पीटती है और दूसरी तरफ निकाय चुनाव के साथ पंचायत चुनाव तक नहीं करवा पाती। इतना ही नहीं गांवों में जनता के आक्रोश से घबराई भाजपा पंचायत चुनाव तो दूर प्रक्रिया तक टालने में लगी है। डोटासरा ने कहा कि आखिर.. चुनाव से कब तक भागेगी भाजपा? लोकतंत्र को कब तक बंधक बनाएगी? जनता के जनादेश से बचने के लिए तारीखें टाली जा सकती हैं, लेकिन जनता का सामना नहीं टाला जा सकता। निकाय चुनाव में मिले झटके के बाद अब पंचायतों में भी जनता बीजेपी को जवाब देने के लिए तैयार है। जनता ने निकाय चुनाव में भाजपा के कुशासन और भ्रष्टाचार का जवाब दे दिया कांग्रेस नेता डोटासरा ने राजस्थान की जनता ने निकाय चुनाव में भाजपा के कुशासन और भ्रष्टाचार का जवाब दे दिया है। 309 निकायों में बीजेपी को कुल 37 लाख 35 हजार 568 वोट मिले हैं, जो करीब 35% हैं। कांग्रेस को 36 लाख 35 हजार 952 वोट मिले हैं, यानी 34.24%। दोनों के बीच सिर्फ 0.94% का फर्क है। पहले ये करीब 8 से साढ़े 8% का अंतर हुआ करता था। PC: X अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
आलीराजपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से एक दिन पहले सांसद अनीता चौहान ने वीडियो जारी किया। उन्होंने जिले के लोगों से 17 सितंबर को अपने घरों में एक दीपक जलाने की अपील की। सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे होने के अवसर पर हर परिवार एक दीपक जलाकर शुभकामनाएं और आशीर्वाद दे। 17 सितंबर से भाजपा का ‘सेवा संकल्प अभियान’ भी शुरू होने की घोषणा की गई है, जो मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन को केंद्र में रखता है। सांसद ने योजनाओं का किया जिक्र अनीता चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना, जनधन योजना और स्वच्छ भारत अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि इन योजनाओं से आम लोगों के जीवन में बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की सेवा भावना और समर्पण से देश को नई दिशा मिली है। उनके मुताबिक 17 सितंबर को जलाया जाने वाला दीपक प्रधानमंत्री के सेवा संकल्प के सम्मान और आशीर्वाद का प्रतीक होगा। सभी वर्गों से शामिल होने की अपील सांसद ने जिले के सभी लोगों और सभी वर्गों से इस पहल में शामिल होने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि लोगों की भागीदारी से प्रधानमंत्री के जन्मदिन और सार्वजनिक सेवा के 25 साल पूरे होने का अवसर खास बनाया जा सकता है।
प्रतापपुरा चौराहे की घटना, खाली हो गए 15 फायर एक्सटिंग्विशर।
बिहार पंचायत चुनाव में EBC आरक्षण का रास्ता साफ, आयोग की रिपोर्ट के आधार पर तय होंगी सीटें
बिहार में पंचायत चुनाव में अति-पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) के आरक्षण का निर्धारण अब अति-पिछड़ा वर्ग आयोग करेगा। यह आयोग ईबीसी के पिछड़ेपन का आकलन कर सरकार को अपनी अनुशंसाएं देगा, जिससे ट्रिपल टेस्ट प्रक्रिया पूरी होगी।
करीब 37 दिन तक हड़ताल पर रहने के बाद भी सफाई कर्मचारियों को दोबारा ड्यूटी जॉइन नहीं कराई गई है।
Kangra News: भवारना में भाजपा ने निकाली जन आक्रोश रैली
भाजपा कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को भवारना में प्रदेश सरकार के खिलाफ जन आक्रोश रैली निकालकर जमकर नारेबाजी की।
महाराष्ट्र के ठाणे जिले के मीरा रोड निवासी 81 वर्षीय असगरअली वोहरा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के कुछ दिन बाद अपने जमीन विवाद में राहत मिलने की बात कही है। वोहरा का दावा है कि वे गुजरात के वडनगर में पीएम मोदी के स्कूलमेट रहे हैं। उन्होंने 8 सितंबर को मोदी से मुलाकात कर जमीन विवाद में सीबीआई जांच की मांग की थी। विवाद भयंदर ईस्ट के नवघर की 2,810 वर्गमीटर जमीन से जुड़ा है। वोहरा का कहना था कि उन्होंने यह जमीन 1989 में खरीदी थी और बाद में उस पर कब्जा कर लिया गया। विवाद में भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता से जुड़ी निर्माण कंपनी का नाम सामने आया था। अब मेहता ने विवादित जमीन का कब्जा छोड़ने और प्लॉट के लिए मिली निर्माण अनुमति सरेंडर करने की बात कही है। वोहरा ने इससे पहले आरोप लगाया था कि उनकी जानकारी के बिना जमीन से जुड़े फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और 2015 में इस मामले में पुलिस शिकायत भी दर्ज हुई थी। पीएम मोदी से मुलाकात के बाद मामले में प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई आगे बढ़ी। अब निर्माण अनुमति वापस करने के फैसले के बाद जमीन विवाद में नया मोड़ आया है। 1989 में खरीदी थी जमीन वोहरा के मुताबिक, उन्होंने 1989 में नवघर में 2,810 वर्गमीटर का प्लॉट खरीदा था। उनका आरोप था कि बाद में दो कंपनियों ने जमीन पर कब्जा कर लिया। कंपनी ने निर्माण अनुमति सरेंडर करने का फैसला लिया टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, नरेंद्र मेहता ने कहा है कि वह विवादित जमीन का कब्जा छोड़ रहे हैं। साथ ही प्लॉट पर मिली निर्माण की मंजूरी भी सरेंडर की जाएगी। PM मोदी से 8 सितंबर को मिले थे वोहरा वोहरा ने 8 सितंबर को पीएम मोदी से मुलाकात कर मामले में सीबीआई जांच की मांग की थी। उन्होंने बताया था कि जमीन विवाद को लेकर लंबे समय से कानूनी लड़ाई चल रही है। क्या है पूरा विवाद? वोहरा का आरोप है कि जमीन पर उनके अधिकार के बावजूद उस पर कब्जा किया गया। उन्होंने फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाने का भी आरोप लगाया था। मामले में पहले पुलिस शिकायत दर्ज हुई थी और विवाद लंबे समय से चला आ रहा था।
जोधुपर के 50 नंबर वार्ड के एक बूथ पर री-पोलिंग सुबह 7 बजे से शुरू हो चुकी है। वोटों की गिनती कल होगी। यहां शाम 6 बजे तक मतदान होगा। दरअसल, ईवीएम में खराबी आने की वजह से इसके परिणाम को होल्ड कर दिया गया था। इसके बाद यहां दोबारा री-पोलिंग का निर्णय लिया गया। सुबह शुरू हुआ मतदान, कल आएगा रिजल्ट दरअसल, सोमवार को काउंटिंग के दौरान वार्ड 50 के 338 बूथ की ईवीएम खराब हो गई थी। इस दौरान रिजल्ट भी काफी देर तक रोका गया। आखिर में यहां दोबारा मतदान कराने का निर्णय लिया गया। यहां करीब 1025 मतदाता हैं। इसके लिए राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय (सेक्टर-7), कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड (दायां भाग) में दोबारा वोटिंग हो रही है। इसके बाद कल यानी 17 सितंबर सुबह 8 बजे वार्ड-50 के वोटों की गिनती की जाएगी। यहां से भाजपा, कांग्रेस और आरएलपी समेत पांच प्रत्याशी मैदान में 50 नंबर वार्ड से पांच प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें भाजपा से हेमाराम, कांग्रेस से युवराज, आरएलपी से दीपक जांगिड़ समेत देशराज सिंह और रिंकू मेवाड़ा चुनावी मैदान में उतरे हैं।
भीम आर्मी चीफ, आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना लोकसभा सीट से सांसद एडवोकेट चंद्रशेखर आजाद पर बाराबंकी में हुए हमले के विरोध में बुधवार को भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता प्रदर्शन करेंगे। संगठन ने घटना पर रोष जताते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाने का ऐलान किया है। भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष चतर सिंह जाटव ने बताया कि बुधवार सुबह 11 बजे कार्यकर्ता कमिश्नरी पार्क में जुटेंगे। यहां से कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय तक मार्च निकालेंगे। इसके बाद जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर चंद्रशेखर आजाद पर हुए हमले की घटना पर विरोध दर्ज कराया जाएगा। संगठन पदाधिकारियों का कहना है कि जनप्रतिनिधि पर इस तरह का हमला गंभीर मामला है। प्रदर्शन के दौरान घटना की निष्पक्ष जांच कराने और हमले में शामिल आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जाएगी। कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की गई है। 48 घंटे का दिया गया था अल्टीमेटम चतर सिंह जाटव ने कहा कि बाराबंकी में जो कुछ हुआ वह कई सवाल खड़े कर रहा है। चंद्रशेखर आजाद को गृह मंत्रालय की तरफ से सुरक्षा दी गई है इसके बावजूद बाराबंकी पुलिस ने उनकी सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर पूरी लापरवाही बरती। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि जैसे प्रशासन ने ही हमलावरों को खुली छूट दे रखी थी।
मलारना डूंगर क्षेत्र में बजरी के अवैध स्टॉक करने मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद क्षेत्र में जगह-जगह बजरी का स्टॉक किया जा रहा है। इन स्टॉक से रात के समय वाहनों के जरिए बजरी का परिवहन भी किए जाने का आरोप है। लोगों ने प्रशासन और खनिज विभाग से मौके पर जांच कर कार्रवाई की मांग की है। मंतर होटल के पीछे बड़ी मात्रा में स्टॉक मलारना डूंगर-मानोली प्याऊ के पास मंतर होटल के पीछे बड़ी मात्रा में बजरी के स्टॉक बताए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार यहां सैकड़ों टन बजरी जमा है। आरोप है कि रात के अंधेरे में वाहनों के जरिए इन स्टॉक से बजरी को दूसरे स्थानों पर पहुंचाया जाता है। लोगों का कहना है कि इन स्टॉक की नियमानुसार जांच की जाए तो बजरी के स्रोत, परिवहन और भंडारण से जुड़े तथ्य सामने आ सकते हैं। अवैध भंडारण और परिवहन से सरकार को राजस्व नुकसान होने की आशंका है। साथ ही खनन नियमों की अनदेखी का भी आरोप है। जांच के बाद कार्रवाई होगी स्थानीय लोगों ने प्रशासन और खनिज विभाग से संबंधित स्थानों पर तत्काल टीम भेजकर जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि स्टॉक अवैध पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। सहायक खनिज अभियंता राजेंद्र भट्ट ने बताया - फिलहाल चुनाव ड्यूटी में व्यस्त हैं। टीम को संबंधित स्थानों पर जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। जल्द ही बजरी के स्टॉक की जांच कर दस्तावेजों और वैधता की पड़ताल की जाएगी। अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
ईडी ने बुधवार सुबह पटियाला और मोहाली में इमिग्रेशन कंपनियों पर रेड की। सूचना के अनुसार, रेड देर रात से चल रही है।
ऊना में चिट्टा विरोधी वॉकाथॉन के लिए उमड़ा जनसैलाब, हजारों बच्चों के साथ मुख्यमंत्री सुक्खू करेंगे अगुवाई
ग्वालियर में लंपी वायरस से संक्रमित गौवंश को शहर से दूर रतवाई स्थित आइसोलेशन सेंटर तक पहुंचाने में चार घंटे लग रहे हैं। गंभीर हालत में पड़ी गायों को भी लंबा सफर तय करना पड़ रहा है और कई बार वे घंटों वाहनों में ही पड़ी रहती हैं। समस्या को देखते हुए नगर निगम आयुक्त अभिषेक चौधरी ने तीन दिन पहले आइसोलेशन सेंटर को रतवाई से मेला ग्राउंड शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक सेंटर शिफ्ट नहीं हो पाया है। शहर में लंपी वायरस से संक्रमित गौवंश के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। अब तक 46 गौवंश की मौत हो चुकी है। निगम की हेल्पलाइन पर रोजाना 40 से 50 कॉल बीमार या संक्रमित गायों को लेकर आ रहे हैं। इन्हें रेस्क्यू करने के लिए निगम के पास 2 ट्रॉले, 2 एंबुलेंस और 3 छोटी गाड़ियां हैं। सीमित संसाधनों के साथ रतवाई की दूरी के कारण रेस्क्यू और उपचार में देरी की स्थिति बन रही है। गंभीर गायों को भी तय करना पड़ रहा लंबा सफर रतवाई सेंटर शहर से काफी दूर होने के कारण बीमार गायों को वहां तक पहुंचाने में कई घंटे लग जाते हैं। गंभीर हालत वाली गायों के लिए यह सफर और मुश्किल हो जाता है। वाहन में लंबे समय तक पड़े रहने से उनके उपचार में भी देरी होती है। वहीं एक ही सेंटर में अलग-अलग गंभीरता वाली संक्रमित गायों को रखने से संक्रमण फैलने का खतरा भी बना हुआ है। मेला ग्राउंड में सेंटर से जल्दी पहुंच सकेंगी गायें मेला ग्राउंड में आइसोलेशन सेंटर बनाने से शहर के अलग-अलग इलाकों से संक्रमित गौवंश को कम समय में पहुंचाया जा सकेगा। यहां पशु चिकित्सालय भी है, जिससे डॉक्टरों की निगरानी में उपचार और गंभीर पशुओं की देखभाल की व्यवस्था आसान हो सकती है। विशेषज्ञ संक्रमित, स्वस्थ और कम प्रभावित गौवंश को अलग-अलग रखने की जरूरत बता रहे हैं। आंखों में संक्रमण, शरीर पर गांठ और बुखार के लक्षण लंपी से संक्रमित गायों में तेज बुखार, पैरों में सूजन और शरीर पर गांठें दिखाई दे रही हैं। कई मामलों में गांठें फूटने के बाद घाव बन रहे हैं। आंखों में संक्रमण और मुंह में छाले के कारण कुछ गायें खाना भी छोड़ रही हैं। गंभीर संक्रमित पशुओं की हालत तेजी से बिगड़ सकती है, ऐसे में समय पर रेस्क्यू और उपचार जरूरी है। हेल्पलाइन पर लगातार आ रहे कॉल संक्रमित या बीमार गौवंश की सूचना के लिए नगर निगम की हेल्पलाइन पर रोज 40-50 कॉल आ रहे हैं। निगम की ओर से रेस्क्यू के लिए वाहन लगाए गए हैं, लेकिन रतवाई की दूरी के कारण एक गाय को सेंटर तक पहुंचाने में लगने वाला समय दूसरी जगह के रेस्क्यू को भी प्रभावित कर रहा है। लंपी संक्रमित गायों की सूचना: 7089003178, 07512438358
चंबा में कैस्पियन कोबरा के दंश से दो लोगों की मौत के मामले पहली बार वैज्ञानिक रिपोर्ट में सामने आए हैं। शोध में एंटी स्नेक वेनम के असर और तत्काल इलाज की जरूरत पर सवाल उठाए गए हैं।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को पंजाब के पटियाला और मोहाली जिलों में छापेमारी की। पटियाला में एक कॉल सेंटर और मोहाली में कथित तौर पर एक आईपीएस अधिकारी से संबंधित स्थान पर यह कार्रवाई की गई।
आगरा में नाली का रैंप तोड़ने, काउंटर जब्त करने और खोखा हटाने पर नगर निगम की टीम का विरोध, महिला पुलिस बुलाकर शांत कराया विवाद।
रीवा के चाकघाट नगर परिषद के प्रभारी सीएमओ शंखधर पांडेय को महिला कर्मचारी से फोन पर अमर्यादित और अशोभनीय बातचीत के मामले में निलंबित कर दिया गया है। रीवा संभाग के कमिश्नर शीलेन्द्र सिंह ने बुधवार को निलंबन के आदेश जारी किए। इससे एक दिन पहले मंगलवार को महिला कर्मचारी कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी के पास शिकायत लेकर पहुंची थी। कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम ने मामले की जांच की, जिसमें शिकायत प्रथम दृष्टया सही पाई गई। मामले से जुड़ा एक ऑडियो भी सामने आया है। इसमें अधिकारी की आवाज में महिला कर्मचारी से निजी तौर पर कमरे में समय बिताने की बात कही जा रही है। हालांकि ऑडियो में आवाज किसकी है, इसकी अंतिम पुष्टि जांच का विषय है। शिकायत के बाद कलेक्टर ने कराई जांच महिला कर्मचारी ने मंगलवार को कलेक्टर से शिकायत की थी। उसका आरोप है कि अधिकारी ने फोन पर उसके सामने अनैतिक अपेक्षा रखी और इसे स्वीकार नहीं करने के बाद उसके खिलाफ नौकरी से हटाने की कार्रवाई की गई। महिला ने अभद्र व्यवहार, नौकरी से निकालने की धमकी, वेतन नहीं मिलने और ईपीएफ की राशि जमा नहीं किए जाने के आरोप भी लगाए हैं। कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद एसडीएम से मामले की जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में फोन पर महिला कर्मचारी से अमर्यादित और अशोभनीय बातचीत का आरोप प्रथम दृष्टया सही पाया गया। इसके बाद सीएमओ के निलंबन का प्रस्ताव कमिश्नर कार्यालय भेजा गया। कमिश्नर ने जारी किया निलंबन आदेश कलेक्टर के प्रतिवेदन के आधार पर रीवा संभाग के कमिश्नर शीलेन्द्र सिंह ने प्रभारी सीएमओ शंखधर पांडेय के निलंबन के आदेश जारी किए। आदेश में कहा गया है कि सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो के संबंध में कलेक्टर रीवा द्वारा कराई गई जांच में कार्यालय की महिला कर्मचारी के साथ फोन पर अमर्यादित और अशोभनीय वार्तालाप के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसी जांच रिपोर्ट के आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि में रीवा रहेगा मुख्यालय निलंबन अवधि में शंखधर पांडेय का मुख्यालय संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन कार्यालय रीवा रहेगा। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील नियम, 1966 के तहत की गई है। महिला ने नौकरी से हटाने का भी लगाया था आरोप महिला कर्मचारी ने शिकायत में आरोप लगाया था कि उसके साथ गलत तरीके से निजी अपेक्षा रखी गई। इसे स्वीकार नहीं करने पर उसे नौकरी से हटाने की कार्रवाई की गई। उसने वेतन और ईपीएफ से जुड़ी समस्याओं का भी शिकायत में जिक्र किया था। फिलहाल कलेक्टर की जांच में फोन पर अमर्यादित और अशोभनीय बातचीत का आरोप प्रथम दृष्टया सही पाया गया है। वहीं ऑडियो की आवाज की अंतिम पुष्टि और शिकायत में लगाए गए अन्य आरोपों पर आगे की जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। इस मामले से जुड़ीं खबर पढ़ें… CMO बोले-‘दो घंटे कमरे में रहो,किसी को पता नहीं चलेगा’:रीवा में महिला कर्मचारी के सामने डिमांड रखी रीवा के चाकघाट नगर परिषद के CMO शंखधर पांडेय पर महिला कंप्यूटर ऑपरेटर से आपत्तिजनक डिमांड करने का आरोप लगा है। महिला ने शिकायत में कहा है कि CMO ने उससे दो घंटे कमरे में साथ रहने को कहा और भरोसा दिलाया पूरी खबर पढ़ें
नदी में डूबे 14 साल के बच्चे का शव मिला:शिवपुरी में 18 घंटे चला रेस्क्यू, आधा किमी दूर बहकर पहुंचा
शिवपुरी जिले के इंदार थाना क्षेत्र के बिजरौनी गांव के पास सिंध नदी में मंगलवार दोपहर डूबे 14 साल के सौरभ कुशवाह का शव बुधवार सुबह बरामद कर लिया गया। करीब 18 घंटे तक चले तलाश अभियान के बाद सुबह करीब 8 बजे घटनास्थल से लगभग आधा किलोमीटर दूर नदी में शव उतराता हुआ मिला। शव देखते ही परिजन बदहवास हो गए और मौके पर ही रोने लगे। मां के साथ ऋषिपंचमी पर पूजा करने गया था मंगलवार को ऋषिपंचमी के मौके पर बिजरौनी गांव की कुछ महिलाएं सिंध नदी पर पूजा और स्नान करने पहुंची थीं। उनके साथ बच्चे भी थे। सौरभ भी अपनी मां के साथ नदी पर गया था। महिलाएं नदी किनारे पूजा कर रही थीं। इसी दौरान सौरभ नहाने के लिए पानी में उतर गया। वह गहरे पानी में चला गया और डूब गया। अंधेरा होने पर रोका गया था तलाश अभियान घटना की सूचना मिलते ही इंदार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और एसडीईआरएफ की टीम को बुलाया गया। टीम ने मंगलवार दोपहर से नदी में सौरभ की तलाश शुरू की। देर शाम अंधेरा होने के बाद अभियान रोकना पड़ा। बुधवार सुबह करीब 4 बजे सौरभ के परिजन और ग्रामीण फिर नदी पर पहुंचे। उन्होंने अपने स्तर पर भी तलाश शुरू कर दी। करीब 8 बजे नदी में सौरभ का शव उतराता हुआ दिखाई दिया। अवैध रेत खनन को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी सौरभ की मौत के बाद सिंध नदी में अवैध रेत खनन को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि रेत निकालने के लिए नदी में जगह-जगह गहरे गड्ढे किए गए हैं। बारिश के दौरान इनमें पानी भर जाने से ये दिखाई नहीं देते। इससे नदी में नहाने वालों के लिए खतरा बढ़ जाता है। पुलिस ने शव बरामद कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। सौरभ की मौत से परिवार के साथ पूरे बिजरौनी गांव में शोक है।
Meerut: सेंट्रल मार्केट में 6 भवनों पर हुई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई, भारी पुलिस बल के बीच इलाका सील
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सेंट्रल मार्केट के अवैध छह भवनों को ध्वस्त करने की कार्रवाई बुधवार तड़के शुरू हो गई।
नारनौल से 19 वर्षीय युवती हुई घर से लापता:युवक पर छिपाकर रखने का शक, 2 मोबाइल फोन अपने साथ लेकर गई
हरियाणा के नारनौल में नांगल चौधरी कस्बे के वार्ड नंबर 6 से 19 वर्षीय युवती के लापता होने का मामला सामने आया है। युवती बीते कल शाम करीब 5 बजे घर से बिना बताए चली गई। परिजनों ने अपने स्तर पर रिश्तेदारियों और संभावित स्थानों पर उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। मामले में युवती के पिता की शिकायत पर नांगल चौधरी थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दो माेबाइल लेकर गई शिकायत में बताया गया कि युवती लाल रंग का सूट और काले रंग की पजामी पहनकर घर से निकली थी। उसके पास दो मोबाइल नंबर भी बताए गए हैं। परिजनों ने एक युवक पर युवती को छिपाकर रखने का शक जताया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित युवक के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। पिता ने दी लिखित शिकायत पुलिस की ओर से दर्ज कार्रवाई के अनुसार युवती के पिता ने थाना मोड़ पर ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मी को लिखित शिकायत दी। शिकायत की जांच करने पर पुलिस ने प्रथम दृष्टया भारतीय न्याय संहिता की धारा 127(6) के तहत अपराध बनता पाया। इसके बाद शिकायत को मुकदमा दर्ज करने के लिए थाने भेजा गया। पुलिस जुटी तलाश में थाने में शिकायत मिलने के बाद अभियोग दर्ज कर इसकी प्रतियां तैयार की गईं और नियमानुसार संबंधित अधिकारियों व न्यायालय को भेजने की प्रक्रिया पूरी की गई। पुलिस टीम युवती की तलाश में जुटी है। पुलिस ने परिजनों द्वारा बताए गए संभावित स्थानों पर भी तलाश शुरू कर दी है। मामले में युवती और संबंधित युवक के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
सरयू नदी का जलस्तर लगातार घट रहा है। बीते 24 घंटे में इसमें 10 सेंटीमीटर की कमी आई है। नदी अब खतरे के निशान 69.90 मीटर से 30 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। हालांकि, नदी की पूरी धारा धनौली रामपुर गांव के सामने तट से सीधे टकरा रही है और तेजी से बैकरोलिंग हो रही है। इससे खाकी बाबा कुटी, भारत माता मंदिर और शवदाह स्थल पर कटान का खतरा बढ़ गया है। गौरीशंकर घाट पर लगे मीटर गेज के अनुसार, सोमवार को सरयू का जलस्तर 69.80 मीटर था, जो मंगलवार को 10 सेंटीमीटर घटकर 69.70 मीटर पर पहुंच गया। जलस्तर घटने के साथ ही तटवर्ती इलाकों में कटान का खतरा बना हुआ है। खाकी बाबा कुटी के पास सिंचाई विभाग मऊ की टीम कटान रोकने में लगी है। वहीं, सरहरा पूरवे और परमहंस बाबा कुटी के सामने कटान नहीं रुक रही है, जिससे दोनों जगहों पर हालात गंभीर बने हुए हैं। प्रशासन बंधों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह अलर्ट है। नदी धीरे-धीरे बढ़ने लगी नदी की धारा सीधे मुक्ति धाम और धनौली रामपुर के सामने टकराने से सिंचाई विभाग परेशान है। करोड़ों रुपये की लागत से शवदाह स्थल के दक्षिण तरफ नदी की धारा मोड़ने के लिए बनाए गए परकूपाइन और ठोकर से कोई फायदा नहीं दिख रहा है। नदी की धारा शवदाह स्थल, भारत माता मंदिर, गौरीशंकर घाट और खाकी बाबा कुटी के पास सीधे टकरा रही है। रामजानकी घाट और डोमराजा घर के पास एक बार फिर नदी की बैकरोलिंग शुरू हो गई है। नवली गांव से लेकर रामपुर धनौली रिंग बंधों की ओर अब नदी धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। तेज रफ्तार में बढ़ते जलस्तर से सुरक्षा में लगे बोल्डर खिसकने लगे हैं। खाकी बाबा कुटी के पास पहले जहां कटान से बोल्डर पिचिंग नदी में समा गया था, उसे भरने में सिंचाई विभाग मऊ की टीम लगी है।
UCC पर बिहार में सियासी संग्राम के बीच मांझी का दांव, तीन तलाक और धारा 370 पर भी साफ किया रुख
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने बिहार में समान नागरिक संहिता (UCC) का समर्थन किया है, इसे संवैधानिक समानता के अधिकार से जोड़ा है। उन्होंने तीन तलाक और धारा 370 हटाने के केंद्र सरकार के फैसलों का भी समर्थन किया।
अलवर में सुबह से धूप खिली हुई है। मौसम विभाग के अनुसार 16 और 17 सितंबर को जिले में हल्के बादल छाए रहने के साथ कहीं-कहीं बूंदाबांदी की संभावना है। हालांकि विभाग ने किसी तरह की कोई चेतावनी जारी नहीं की है।16 सितंबर को न्यूनतम तापमान करीब 24 और अधिकतम 32 डिग्री रहने का अनुमान है, जबकि 17 सितंबर को तापमान 24 से 31 डिग्री के बीच रह सकता है। मौसम विभाग ने 18 सितंबर को गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली की संभावना जताई है। इस दिन न्यूनतम तापमान करीब 24 और अधिकतम 30 डिग्री रहने का अनुमान है। वहीं19 सितंबर को भी हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है। इस दिन न्यूनतम तापमान 26 और अधिकतम 32 डिग्री के आसपास रह सकता है। वहीं 20 सितंबर से मौसम में फिर गर्मी बढ़ने के संकेत हैं। 20 सितंबर को आंशिक रूप से बादल छाए रहने तथा अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री रहने का अनुमान है। 21 सितंबर को भी आंशिक बादल छाए रह सकते हैं और अधिकतम तापमान 37 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है।
राजस्थान चुनाव परिणाम सियासी दलों के लिए चेतावनी : महासभा
प्रदेश राजपूत महासभा ने राजस्थान के निकाय चुनाव परिणाम में बड़ी संख्या में निर्दलीयों की जीत को सियासी दलों के लिए चेतावनी करार दिया है।
पत्थरों में कैद इतिहास फिर बोलेगा: संवरेंगे यादवेंद्र गार्डन के महल-बुर्ज, 92.5 करोड़ की आएगी लागत
सदियों के इतिहास और पिंजौर की शाही पहचान के गवाह यादवेंद्र गार्डन के महल और बुर्ज अब फिर संवरेंगे।
हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में बिजली चोरी और अवैध कनेक्शन के मामले में पहला मुकदमा दर्ज किया गया है। सेक्टर-63 विद्युत सबस्टेशन के जेई अनुज कुमार की शिकायत पर सेक्टर-63 थाने में शनिवार रात एफआईआर दर्ज हुई। मुकदमे में विद्युत निगम के तीन जेई, एक टीजी-2, छह लाइनमैन और 13 अन्य लोगों समेत कुल 23 आरोपियों को नामजद किया गया है। आरोप है कि बिजली निगम के कर्मचारियों और अन्य लोगों की मिलीभगत से अवैध कनेक्शन दिए गए और बिजली बेचकर लोगों से वसूली की गई। छिजारसी से पर्थला तक चल रहा था नेटवर्कएफआईआर के मुताबिक हिंडन डूब क्षेत्र में छिजारसी कॉलोनी, छिजारसी, चोटपुर, पर्थला और आसपास के इलाकों में अवैध बिजली कनेक्शन देने, बिजली लाइन चलाने और बिजली चोरी कराने का नेटवर्क संचालित होने की जानकारी मिली। प्रारंभिक जांच और अन्य स्रोतों से सामने आए नामों के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब आरोपियों की वास्तविक भूमिका और उनकी संलिप्तता की जांच कर रही है। हर महीने करोड़ों की वसूली का आरोपमुकदमे में कहा गया है कि मामला सिर्फ बिजली चोरी और राजस्व नुकसान तक सीमित नहीं है। इससे सार्वजनिक सुरक्षा, विद्युत व्यवस्था, सरकारी संपत्ति और विभागीय कर्मचारियों की सुरक्षा भी प्रभावित हो रही थी।आरोप है कि डूब क्षेत्र में अवैध बिजली कनेक्शन के जरिए हर महीने करोड़ों रुपये की वसूली की जाती थी। इस क्षेत्र में करीब 70 हजार परिवार रहते हैं। लखनऊ शिकायत के बाद खुला मामलाडूब क्षेत्र में अवैध बिजली कनेक्शन को लेकर लखनऊ मुख्यालय में शिकायत की गई थी। इसके बाद स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन, उत्तर प्रदेश ने गोपनीय तरीके से मामले की जांच की। जांच के दौरान छिजारसी के डूब क्षेत्र में करीब 13 हजार अवैध बिजली कनेक्शन होने की बात सामने आई थी। इसके बाद अब बिजली चोरी और अवैध कनेक्शन के मामले में यह पहला मुकदमा दर्ज हुआ है। इन लोगों के नाम एफआईआर मेंनामजद आरोपियों में टीजी-2 चित्रांश गुप्ता, जेई शशि भूषण, राजीव शर्मा और नितिन अरोड़ा शामिल हैं। लाइनमैन आरिफ, घनश्याम, सर्वेश, अजीत, बबी शर्मा और देवेंद्र कुमार को भी आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा मनोज उपाध्याय, नुरूल हसन, कैलाश यादव, मुन्नी नूरानी, बब्बन सिंह, हंसमुख, बन्नी यादव, बिजेंद्र यादव, शिवकुमार, सोनू यादव, राहुल यादव और सूरज कुमार समेत अन्य लोगों के नाम हैं। आरोपियों पर बीएनएस, भारतीय विद्युत अधिनियम और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। 625 से ज्यादा कनेक्शन दिए जा चुकेइसी डूब क्षेत्र में विद्युत निगम की ओर से वैध बिजली कनेक्शन देने की प्रक्रिया भी चल रही है। अब तक 625 से अधिक उपभोक्ताओं को कनेक्शन दिए जा चुके हैं। बुधवार को भी क्षेत्र में शिविर लगाकर कनेक्शन देने की तैयारी है। विद्युत निगम के वाणिज्यिक अधीक्षण अभियंता उमेश कुमार यादव ने बताया कि उच्चाधिकारियों के मौखिक आदेश के बाद कनेक्शन देने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
सीकर जिले में एक ही दिन में तीन युवतियों के लापता होने का मामला सामने आया है। तीनों युवतियों के परिवार के द्वारा पुलिस में मुकदमा दर्ज करवाया गया है। दो युवतियों के परिवार ने युवकों पर शक जताया है। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है। 20 साल की युवती के लापता होने के केस में उसके चाचा ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि उनकी भतीजी 14 सितंबर की रात कहीं पर चली गई। जिसकी काफी तलाशी की लेकिन कुछ भी पता नहीं चल पाया। जब घर पर देखा तो उसके डॉक्यूमेंट भी गायब थे। परिवार ने एक युवक पर शक जताया। जिसका मोबाइल भी अब लगातार स्विच ऑफ आ रहा है। पुलिस ने युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। दोपहर में घर से गायब हुई युवती 21 साल की युवती के लापता होने के केस में उसके भाई ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि 14 सितंबर को उनकी बहन घर पर ही थी। शाम को 4 बजे के करीब आकर देखा तो बहन घर पर नहीं मिली। अंदेशा है कि कोई उसे अपने साथ लेकर चला गया। इस मामले में भी पुलिस जांच कर रही है। ढूंढने पर नहीं चला पता एक अन्य युवती के लापता होने के मामले में उसके पिता ने मुकदमा दर्ज करवाया कि उनकी बेटी 14 सितंबर को घर से कहीं चली गई। जिसकी उन्होंने गांव और रिश्तेदारी में काफी तलाश की लेकिन कुछ पता नहीं चल पाया। युवती घर से जेवरात और नगद रुपए भी लेकर चली गई। परिवार ने एक युवक पर शक जताते हुए मुकदमा दर्ज करवाया है।
गोरखपुर के राप्तीनगर से पूर्व उपसभापति और पार्षद प्रतिनिधि बृजेश सिंह उर्फ छोटू को सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने और धमकी देने के आरोप में जेल गया रजत चौधरी मंगलवार रात जेल से बाहर आ गया। उसके जेल से बाहर निकलते ही वहां पहले से मौजूद उसके यार-दोस्तों ने मुलाकात की और उसका स्वागत किया। रजत के जेल से बाहर आने की जानकारी मिलने के बाद उसके परिचित और समर्थक भी जेल के बाहर पहुंच गए थे। जेल से निकलने के बाद रजत के दोस्तों ने नारा लगाया कि- जेल का ताला टूट गया, दोस्त हमारा छूट गया। दोस्तों का कहना है कि संघर्षों को लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। इसी दौरान गोरखपुर विश्वविद्यालय से जुड़े कुछ छात्र नेता भी वहां पहुंचे। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले रजत ने विश्वविद्यालय के छात्र नेताओं के साथ एक कार्यक्रम में मंच साझा किया था। अब उसकी रिहाई के दौरान भी छात्र नेताओं की मौजूदगी चर्चा में रही।रिहाई का वीडियो सोशल मीडिया पर किया पोस्टजेल से बाहर आने के बाद रजत चौधरी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर रिहाई का वीडियो पोस्ट किया। वीडियो में जेल से बाहर आने के दौरान उसके आसपास दोस्त और परिचित नजर आ रहे हैं। वीडियो पोस्ट होने के बाद इसे सोशल मीडिया पर लोगों ने तेजी से लाइक और शेयर करना शुरू कर दिया।धमकी और आपत्तिजनक पोस्ट का लगा था आरोप सोशल मीडिया के पोस्ट से शुरू हुआ मामला बृजेश सिंह उर्फ छोटू ने बताया कि- मामले की शुरुआत 10 सितंबर को सोशल मीडिया से शुरू हुई है। जब बरगदवा के विकास नगर जप्ती टोला के रहने वाले रजत चौधरी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर मेरे वार्ड का वीडियो डालकर मेरी छवि धूमिल करने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि रजत ने सीएम ग्रिड सड़क योजना के तहत बनाई गई निर्माणाधीन सड़क पर हुए जलजमाव का वीडियो बनाया और मेरे ऊपर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। सड़क अभी पूरी बनी नहीं है। जिसकी वजह से जल निकासी का भी काम चल रहा था, इसी वजह से वहाँ पर पानी लगा रहा होगा। किस तरह के अधूरे वीडियो से जनता में गलत मैसेज गया। जब वीडियो मेरे संज्ञान में आया तो मैने उसके पोस्ट पर कमेंट किया। कमेंट में लिखा- ‘सड़क का काम चल रहा है सड़क बनने के बाद जलभराव नहीं होगा..…’ लेकिन वो अपनी ही बात पर अड़ा रहा। बात तू तू, मैं मैं तक पहुंच गई। उसने कमेंट मुझे कहा कि 2 थप्पड़ में सूता देंगे जमीन पर। इस कमेंट के बाद मोबाइल पर भी नोकझोंक हुई। इसके बाद से मैने शुक्रवार को शाहपुर थाना में तहरीर दी इसके आधार पर पुलिस ने रजत के ऊपर एफआईआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया। अब मंगलवार रात जेल से रिहाई के बाद रजत के समर्थकों और परिचितों की मौजूदगी तथा सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो की चर्चा हो रही है।
धान (जीरी) की सरकारी खरीद को लेकर सरकार और किसानों के बीच खींचतान बढ़ गई है। 15 सितंबर से खरीद शुरू करने की मांग पूरी नहीं होने के बाद भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) चढ़ूनी ने आज कुरुक्षेत्र के शाहाबाद की अनाज मंडी में बैठक बुलाई है। इस बैठक में पहले किसानों के साथ खरीद से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। इसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। बैठक में GT रोड जाम करने को लेकर भी फैसला हो सकता है। किसानों ने आरोप लगाया कि अनाज मंडी में धान की आवक शुरू हो चुकी है, लेकिन खरीद को लेकर जमीनी स्तर पर तैयारियां पूरी नहीं हैं। अभी तक पोर्टल पर धान की वेरिफिकेशन नहीं हुई है। सरकार ने नहीं बनाई कोई व्यवस्था- चढूनी भाकियू अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि सरकार को लगतार टाइम देने के बाद भी धान खरीद को कोई व्यवस्था नहीं बनाई है। किसी भी मिलर ने अब तक रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया है। अगर सरकार को खरीद शुरू करनी होती, तो पोर्टल से लेकर मिलिंग तक की पूरी व्यवस्था पहले तैयार होनी चाहिए थी, जो सरकार नहीं की। 10 सितंबर को पिहोवा में हुई थी महापंचायत धान खरीद को लेकर किसान संगठन पहले ही सरकार पर दबाव बना चुके हैं। 10 सितंबर को पिहोवा अनाज मंडी में संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने महापंचायत की थी। इसमें धान की सरकारी खरीद 15 सितंबर से शुरू करने की मांग रखी गई थी। महापंचायत में किसानों ने सिर्फ खरीद की तारीख का मुद्दा ही नहीं उठाया था, बल्कि धान में नमी की सीमा बढ़ाने की मांग भी की थी। नमी 17 से बढ़ाकर की जाए 20 प्रतिशत भाकियू पिहोवा के प्रवक्ता प्रिंस वडै़च ने बताया कि किसानों की मांग थी कि धान में 17 प्रतिशत की जगह 20 प्रतिशत तक नमी स्वीकार की जाए। सीजन की शुरुआत में धान में नमी ज्यादा रहती है। ऐसे में मौजूदा सीमा के कारण किसानों को मंडियों में परेशानी का सामना करना पड़ता है। मंत्री बोले- धान काटने में जल्दबाजी न करें उधर, 14 सितंबर को कुरुक्षेत्र पहुंचे कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने किसानों से धान की कटाई में जल्दबाजी नहीं करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि किसान फसल के पूरी तरह पकने के बाद ही कटाई करें और पकी हुई फसल मंडी में लेकर आएं। ज्यादा नमी वाली धान मंडी में आने से खरीद में दिक्कत आती है। उन्होंने यह भी कहा था कि पकी हुई फसल मंडी में आएगी तो उसकी खरीद जल्द की जाएगी। सरकारी खरीद में धान के लिए 17 प्रतिशत नमी का मानक है, क्योंकि मिलर को धान से चावल निकाल कर सरकार को देना होता है। अगर नमी उनके मुताबिक होगी, तो चावल सरकार तक जल्दी आएगा। पिछले साल 22 सितंबर से शुरू हुई खरीद धान खरीद की तारीख को लेकर पिछले साल भी किसानों ने सरकार पर दबाव बनाया था। 2025 में हरियाणा में धान की सरकारी खरीद 22 सितंबर से शुरू हुई थी। इससे पहले खरीद 1 अक्टूबर से शुरू होनी थी, लेकिन किसानों की मांग और विरोध के बाद खरीद की तारीख आगे की गई थी।
गोंडा में घाघरा नदी का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटे में नदी का जलस्तर 19 सेंटीमीटर बढ़ा है। आज बुधवार सुबह 9 बजे घाघरा नदी एल्गिन ब्रिज पर खतरे के निशान से सिर्फ 5 सेंटीमीटर नीचे बह रही थी। नदी में आज गिरजा बैराज से 128600, शारदा बैराज से 135054, सरयू बैराज से 5954 और सुहेली बैराज से 31303 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण तटीय इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। तटबंधों की निगरानी 24 घंटे की जा रही है और लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने को कहा जा रहा है। दूसरी ओर, तरबगंज और कर्नलगंज तहसील के 20 गांवों की लगभग 18000 आबादी अभी भी बाढ़ से प्रभावित है। इन गांवों के चारों तरफ और घरों के अंदर पानी भरा हुआ है। मुख्य मार्गों पर भी पानी होने से लोगों को आने-जाने, जीवन यापन करने और पशुओं के लिए चारा लाने में दिक्कतें हो रही हैं। बाढ़ प्रभावित इन गांवों के सैकड़ों बच्चे प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने नहीं जा पा रहे हैं, क्योंकि गांव के मुख्य रास्ते पानी में डूबे हैं। इसके साथ ही किसानों की हजारों बीघा फसल भी बर्बाद होने की कगार पर है। गोंडा बाढ़ खंड विभाग के अधिशासी अभियंता जय सिंह ने बताया कि नदी का जलस्तर फिर बढ़ रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि अगले 24 घंटे के अंदर नदी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच जाएगी। विभाग पूरी तरह अलर्ट पर है। तटीय इलाकों पर हम लोग विशेष निगरानी रखे हुए है अभी कई गांव में बाढ़ का पानी भरा हुआ है उन गांव में एक बार फिर यह पानी और पहुंच जाएगा। तटबंध पर हम लोग विशेष नजर रख रहे हैं क्योंकि सबसे ज्यादा लोड तटबंध पर ही पड़ रहा है।
ललितपुर जिले में हाल ही में हुई भारी बारिश से किसानों की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। इसे देखते हुए जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने किसानों को राहत पहुंचाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने जानकारी दी कि सभी ग्राम पंचायतों में फसल नुकसान का सही और जल्द आकलन करने के लिए राजस्व विभाग, कृषि विभाग और फसल बीमा प्रतिनिधि की एक संयुक्त टीम बनाई गई है। यह टीम पूरी पारदर्शिता से फसलों का सर्वे करेगी। इस सर्वे में जिले के सभी 99,051 बीमित ऋणी किसान और 3,162 गैर-ऋणी किसान शामिल होंगे। जिलाधिकारी ने साफ किया कि प्रभावित बीमित ऋणी और गैर-ऋणी दोनों तरह के कुल 1,02,213 किसानों को फसल खराब होने पर तुरंत आर्थिक मदद दी जाएगी। अधिकारियों को सख्त निर्देश इसके लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के नियमों के तहत 'मध्यावस्था प्रतिकूलता' (MSA-Mid Season Adversity) का एक खास प्रस्ताव पहले ही उत्तर प्रदेश की निदेशक, कृषि सांख्यिकी एवं फसल बीमा को भेजा जा चुका है। जिलाधिकारी ने बनी हुई संयुक्त टीम और बीमा कंपनी के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नुकसान के आकलन और सर्वे का काम बिना किसी देरी के जल्द से जल्द पूरा किया जाए। इससे सभी प्रभावित बीमित किसानों को योजना के नियमों के हिसाब से जल्द से जल्द मुआवजे का लाभ मिल सकेगा।
मेरठ के मोदीपुरम स्थित पल्लवपुरम फेस-2 में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से क्लोरीन गैस का रिसाव शुरू होते ही करीब साढ़े तीन घंटे तक लोगों की सांसें अटकी रहीं। तीखी गैस की गंध और आंखों में जलन के बीच लोगों को समझ नहीं आ रहा था कि घरों में रहना सुरक्षित है या बाहर निकलना। अनहोनी की आशंका में कई परिवार घरों पर ताला लगाकर सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए जो रात में वापस लौटे। हालांकि ऐसे लोगों की संख्या बेहद कम थी। बड़ी संख्या में लोग खतरा पूरी तरह टलने तक रिश्तेदारों के घर ही रुके रहे। स्थानीय लोगों ने उस खौफनाक पल को साझा किया, जब अचानक इलाके में क्लोरीन की तेज गंध फैलने लगी। लोगों के मुताबिक, शुरुआत में उन्हें कुछ समझ नहीं आया। जैसे-जैसे गंध तेज होती गई, आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी महसूस होने लगी। इसके बाद परिवारों में अफरातफरी मच गई। लोग बच्चों और बुजुर्गों को लेकर घरों से बाहर निकलने लगे। घरों पर आधी रात तक लटके तालेकई परिवारों ने एहतियात के तौर पर अपने घरों पर ताले लगाए और दूसरे स्थानों पर चले गए। कुछ लोग परिचितों और रिश्तेदारों के यहां पहुंचे तो कुछ ने खुले और अपेक्षाकृत सुरक्षित स्थानों पर समय बिताया। गैस रिसाव पर नियंत्रण की सूचना मिलने के बाद लोग धीरे-धीरे वापस लौटे, लेकिन डर का असर देर रात तक बना रहा। आधी रात में कुछ परिवार लौटे। वंदिता आचार्य बताती हैं कि गला घुटने लगा था। प्लांट संचालकों ने लोगों को मुश्किल में डालामोनू धनखड़ ने कहा कि अचानक से शरीर में जलन सी महसूस होने लगी। बच्चों की स्थिति और ज्यादा खराब थी और वे बहुत परेशान हो रहे थे। बिना देरी किए वह अपने बच्चों को लेकर अस्पताल पहुंच गए और इलाज शुरू कराया। उनका आरोप है कि प्लांट संचालक इस पूरे हादसे के जिम्मेदार हैं। उन्हें पहले क्षेत्रीय लोगों को सूचित करना चाहिए था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और अपनी जान बचाकर भाग निकले। कई घंटे रही क्लोरीन की दहशतस्थानीय लोगों का कहना था कि कुछ घंटे उनके लिए बेहद भयावह रहे। घर छोड़ते समय सबसे बड़ी चिंता यही थी कि पता नहीं स्थिति कब सामान्य होगी और वापस लौटना सुरक्षित है या नहीं। कई परिवारों ने रात अपने घर के बजाय रिश्तेदारों के यहां बिताना ही बेहतर समझा। कुछ घर रात में ऐसे मिले जो अंदर से बंद थे। बाद में पता चला कि सेंट्रल लॉक लगाकर वह रिश्तेदारी में चले गए थे। घर लौटे, लेकिन डर नहीं गयागैस रिसाव पर काबू पाए जाने के बाद इलाके में स्थिति सामान्य होने लगी। इसके बावजूद लोगों में पूरी तरह भरोसा नहीं था। कई परिवारों ने रात में घर लौटने के बजाय रिश्तेदारों के यहां रुकना उचित समझा। लोगों का कहना था कि घटना ने एसटीपी प्लांट और आसपास रहने वाले परिवारों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट पर सवाल इस हादसे के बाद पल्लवपुरम के लोग दहशत में हैं। उनका कहना है कि क्लोरीन गैस के मामूली रिसाव ने एक किलोमीटर की परिधि में आबादी को प्रभावित किया है। ऐसे में आबादी वाले इलाके में इसकी मौजूदगी हमेशा से दहशत का सबब बनी रहेगी। कुछ लोग तो इसका विरोध भी करते दिखाई दिए।
सीतापुर में प्रसव के बाद प्रसूता की मौत:परिजनों का रातभर अस्पताल में प्रदर्शन, लापरवाही का आरोप
सीतापुर के कमलापुर थाना क्षेत्र में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कमलापुर में मंगलवार शाम करीब 7 बजे प्रसव के बाद 29 वर्षीय प्रसूता की मौत के मामले में परिजनों का आक्रोश थम नहीं रहा है। स्वास्थ्यकर्मियों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने अस्पताल परिसर में रातभर विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की। विरोध के चलते बुधवार सुबह तक मृतका का अंतिम संस्कार नहीं किया गया। जानकारी के अनुसार, भानपुर मजरा मंगूपुर निवासी संजीत पुत्र काशीराम ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसकी पत्नी रामश्री को प्रसव पीड़ा होने पर 14 सितंबर को दोपहर करीब दो बजे सीएचसी कमलापुर में भर्ती कराया गया था। रात करीब नौ बजे प्रसव हुआ और बच्चे का जन्म हुआ। परिजनों के मुताबिक नवजात सुरक्षित है। पति संजीत का आरोप है कि प्रसव के बाद रामश्री की हालत बिगड़ने लगी और अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा। आरोप है कि गंभीर स्थिति के बावजूद समय से आवश्यक उपचार नहीं मिल सका। नर्स बेबी समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मियों पर भी परिजनों ने लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि हालत गंभीर होने के बावजूद प्रसूता को समय रहते उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर नहीं किया गया। एंबुलेंस उपलब्ध कराने को लेकर भी परिजनों ने सवाल उठाए। हालत बिगड़ने के बाद रामश्री की मंगलवार शाम मौत हो गई। मौत की सूचना के बाद परिजन अस्पताल परिसर में जुट गए और कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना पर एसडीएम सिधौली अवनीश कुमार, सीओ वेद प्रकाश श्रीवास्तव और कमलापुर प्रभारी निरीक्षक इतुल चौधरी समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है और जीडी में तस्करा दर्ज किया गया है। वहीं सीएमओ ने मौत के कारणों और लगाए गए आरोपों की जांच के लिए पैनल गठित कर दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच टीम की रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की जाएगी।
उत्तराखंड में खोदाई के दौरान मिला गुप्तकालीन 'खजाना', खुले इतिहास के नए रहस्य
काशीपुर के गोविषाण टीले पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की खोदाई में ईंटों से बनी एक गोलाकार संरचना मिली है, जो गुप्त या कुषाण काल के कुएं जैसी प्रतीत होती है।
हमीरपुर: पानी से बचने की कोशिश में ट्रेन से टकराया युवक, गंभीर हालत में कानपुर रेफर
हमीरपुर: पानी से बचने की कोशिश में ट्रेन से टकराया युवक, गंभीर हालत में कानपुर रेफर
लखनऊ के महिपाल खेड़ा में कारोबारी ने खुद को मारी गोली, मौके से नहीं मिला सुसाइड नोट
लखनऊ के महिपाल खेड़ा में एक कारोबारी यशार्थ सरन यादव ने मंगलवार रात पिस्टल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। गंभीर हालत में अस्पताल ले जाने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया, पुलिस मामले की जांच कर रही है।
प्रयागराज में तेज गरज-चमक के साथ हुई बारिश:सुबह भोर से अचानक बदला मौसम, शाम तेज बारिश का अलर्ट
प्रयागराज में बुधवार सुबह अचानक मौसम बदल गया। भोर से ही आसमान में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश शुरू हुई, जो कुछ देर बाद तेज हो गई। कई इलाकों में झमाझम बारिश हुई और तेज हवाएं भी चलीं। पिछले दो दिनों से तेज धूप और उमस भरी गर्मी से लोग परेशान थे। बुधवार सुबह बारिश होने से तापमान में गिरावट महसूस हुई और लोगों को गर्मी से राहत मिली। सुबह से बादलों की आवाजाही बनी हुई है और रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने शाम तक प्रयागराज और आसपास के इलाकों में तेज बारिश की चेतावनी जारी की है। 2 तस्वीरें देखिए…. शाम को तेज बारिश की चेतावनी मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को मौसम में बदलाव बना रह सकता है। दिनभर हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर गरज-चमक और तेज बारिश हो सकती है। शाम तक प्रयागराज और आसपास के इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। विभाग ने लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी है।
भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी के भाई मो. कैफ के खिलाफ दर्ज मुकदमा गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाने ट्रांसफर कर दिया गया है। महिला ने कैफ पर शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने का आरोप लगाया है। दोनों के बीच हुई चैट भी सामने आई है। आशियाना पुलिस की शुरुआती जांच में घटनास्थल इंदिरापुरम क्षेत्र में मिला। इसके बाद केस संबंधित थाने भेज दिया गया। अब गाजियाबाद पुलिस मामले की जांच करेगी। आशियाना इंस्पेक्टर गजेंद्र राय ने बताया कि महिला को बयान दर्ज कराने के लिए दो दिन से थाने बुलाया जा रहा था। लेकिन वह थाने नहीं पहुंची। पुलिस ने महिला की शिकायत में बताए गए घटनाक्रम और स्थानों की जांच की। इसमें पता चला कि जिस जगह घटना होने का आरोप है, वह इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में आती है। इसके बाद मुकदमा ट्रांसफर कर दिया गया। आज FIR कॉपी लेने लखनऊ आएगी पुलिस उपायुक्त मध्य विक्रांत वीर ने बताया कि महिला की तहरीर में घटनास्थल स्पष्ट नहीं था। इसी वजह से उसे नोटिस जारी कर बयान दर्ज कराने की तैयारी की जा रही थी। जांच के दौरान घटना की जगह गाजियाबाद के इंदिरापुरम में होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद मुकदमा वहां भेज दिया गया। मुकदमा गाजियाबाद भेजे जाने के बाद अब इंदिरापुरम पुलिस महिला के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाएगी। पीड़िता बुधवार को आशियाना थाने से दर्ज मुकदमे की एफआईआर की कॉपी लेने पहुंचेगी। 2020 में एनसीआर में हुई थी मुलाकात आशियाना निवासी महिला ने 31 अगस्त को मो. कैफ के खिलाफ शिकायत की थी। महिला के मुताबिक, वर्ष 2020 में एनसीआर में रहने के दौरान उसकी कैफ से मुलाकात हुई थी। उस समय वह पति से तलाक के बाद बेटे के साथ रह रही थी। दोनों की बातचीत बढ़ी तो कैफ ने उससे शादी करने का भरोसा दिया। महिला का आरोप है कि शादी का भरोसा देकर उसके साथ यौन संबंध बनाए गए। दोनों के बीच हुई चैट भी सामने आई मामले में कैफ और महिला के बीच हुई चैट भी सामने आई है। इसमें ज्यादातर मैसेज कैफ के ही दिख रहे हैं। पढिए क्या लिखा है। ………… ये खबर भी पढ़ें…
लुधियाना में 22 फुटा रोड में गणपति महोत्सव का आयोजन
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फरीदकोट में आप के पूर्व सरपंच भूपिंदर सिंह साथियों समेत भाजपा में शामिल
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लखनऊ: अवैध पिस्टल से गोली चलने से पुजारी की मौत, हादसा या आत्महत्या, जांच कर रही पुलिस
सुशांत गोल्फ सिटी के महिपालखेड़ा में संदिग्ध हालात में गोली लगने से 29 वर्षीय यथार्थ शंकर यादव की मौत हो गई। बताया जा रहा है, मंगलवार देर रात यथार्थ अपनी पत्नी को अवैध पिस्टल दिखा रहा था, इसी दौरान गोली चल गई।
धार में बारिश थमते ही पानी की चिंता फिर बढ़ी:तेज धूप ने भी बढ़ाई गर्मी, जलस्रोतों में नहीं बढ़ा पानी
धार शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में शुक्रवार से सोमवार तक हुई बारिश के बाद अब मौसम फिर साफ हो गया है। बुधवार सुबह से तेज धूप निकलने लगी, जिससे लोगों को दोबारा गर्मी महसूस होने लगी। तीन दिन की बारिश से खेतों में खड़ी फसलों को जरूर राहत मिली है, लेकिन जिले में पानी की कमी अभी पूरी तरह दूर नहीं हुई है। बारिश के बाद उम्मीद थी कि तालाब, कुएं और दूसरे जलस्रोतों में पानी बढ़ेगा, लेकिन फिलहाल इसका ज्यादा असर नजर नहीं आ रहा है। कई जलस्रोत अब भी खाली या कम पानी की स्थिति में हैं। लंबे समय से पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण इनमें पानी का स्तर नहीं बढ़ पाया है। खेतों में लौटी नमी, फसलों को फायदा तीन दिन हुई बारिश से खेतों में नमी लौट आई है। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों को इससे कुछ राहत मिली है और खड़ी फसलों को तत्काल फायदा हुआ है। हालांकि बारिश रुकने के बाद किसानों की नजर अब अगले दौर की बारिश पर है। लगातार अच्छी बारिश होने पर ही खेतों की जरूरत पूरी होने के साथ जलस्रोतों में भी पर्याप्त पानी पहुंचने की उम्मीद है। जलस्रोतों को अभी अच्छी बारिश का इंतजार शहर और ग्रामीण इलाकों के कई तालाब, कुएं और अन्य जलस्रोत अब भी पर्याप्त पानी का इंतजार कर रहे हैं। तीन दिन की बारिश से जमीन में नमी जरूर आई, लेकिन जलस्रोतों में पानी बढ़ाने के लिए यह बारिश पर्याप्त नहीं रही। फिलहाल पानी की स्थिति में बड़े बदलाव के लिए आने वाले दिनों में अच्छी बारिश जरूरी मानी जा रही है। बारिश थमते ही फिर बढ़ी गर्मी बारिश का दौर खत्म होते ही बुधवार सुबह से तेज धूप निकल आई। इससे तापमान बढ़ने के साथ गर्मी का असर भी महसूस होने लगा। बारिश के बाद मौसम सुहाना होने की उम्मीद कर रहे लोगों को फिर धूप और गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। अब लोगों और किसानों की नजर अगले बारिश के दौर पर है। अच्छी बारिश होने पर ही जलस्रोतों और खेतों दोनों को पर्याप्त पानी मिलने की उम्मीद है।
एनएमसीएच में एमबीबीएस की सीटें 150 से बढ़कर 200 हो गई हैं, लेकिन 100 छात्रों की क्षमता वाले लेक्चर हॉल में 200 को बैठाने की चुनौती है। नए छात्रों को पढ़ाई में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
एटा शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव और जाम की समस्या को देखते हुए उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने रोडवेज बसों के संचालन में बदलाव किया है। शहर के मुख्य रास्तों पर ट्रैफिक को ठीक रखने के लिए बसों को तय किए गए डायवर्जन मार्ग से चलाने के निर्देश दिए गए हैं। यह व्यवस्था हर दिन सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक लागू रहेगी। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम एटा के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक प्रदीप कुमार यादव ने इस बारे में आदेश जारी किया है। इसके मुताबिक, दिल्ली की तरफ से आने वाली बसें, जिन्हें एटा शहर से आगे जाना है, वे रेलवे ओवरब्रिज के पास महाराणा प्रताप चौक से करावली मार्ग होते हुए बाईपास से अपने ठिकाने तक जाएंगी। इसी तरह, कुरावली की तरफ से आने वाली बसें अलीगंज तिराहा से कुरावली रोड होते हुए बाईपास के रास्ते आगे बढ़ेंगी। फर्रुखाबाद की तरफ से आने वाली रोडवेज बसों को भी अलीगंज तिराहा से कुरावली मार्ग होते हुए बाईपास से उनके ठिकाने तक भेजा जाएगा। परिवहन निगम ने यह कदम शहर के अंदर बसों की बेवजह एंट्री रोकने और मुख्य चौराहों पर ट्रैफिक का दबाव कम करने के मकसद से उठाया है। इस व्यवस्था की निगरानी के लिए अलीगंज तिराहा और महाराणा प्रताप चौक पर परिवहन निगम के कर्मचारी तैनात किए गए हैं। अलीगंज तिराहा पर सुनील दत्त रावत और राजवीर सिंह ड्यूटी पर रहेंगे, जबकि महाराणा प्रताप चौक पर यादराम सिंह और ब्रजराज सिंह तैनात रहेंगे। कर्मचारियों की ड्यूटी दो पालियों में लगाई गई है। आदेश में साफ किया गया है कि तैनात कर्मचारी ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की मदद से रोडवेज बसों को तय किए गए डायवर्ट रूट से ही चलवाएंगे। इससे शहर के व्यस्त रास्तों पर ट्रैफिक व्यवस्था सुधरने और यात्रियों को जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।
लखनऊ में पूर्वांचल ग्रामीण विकास संस्थान द्वारा संचालित उत्थान फेलोशिप कार्यक्रम के तहत तीसरी क्रॉस लर्निंग कार्यशाला का आयोजन 8 से 11 सितंबर तक चिन्मय रिसॉर्ट में किया गया। चार दिवसीय कार्यशाला में गोरखपुर, गोंडा, जौनपुर और लखनऊ की 60 ग्राम पंचायतों में कार्यरत 30 फेलो ने सहभागिता की। कार्यशाला का उद्देश्य संवैधानिक मूल्यों को ग्राम स्तर पर व्यवहार में उतारने के साथ समुदाय में भेदभाव और असमानता कम करने के लिए फेलो की समझ और कार्यक्षमता को मजबूत करना रहा। पीपीटी और वीडियो के जरिए साझा किए अनुभव कार्यशाला में फेलो ने अपने क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों, समुदाय के साथ संवाद, उपलब्धियों और चुनौतियों को पीपीटी, फ्लेक्स और वीडियो प्रस्तुतियों के माध्यम से साझा किया। विभिन्न ग्राम पंचायतों में संवैधानिक मूल्यों को लेकर किए गए प्रयासों और उनसे जुड़े अनुभवों पर चर्चा हुई। जाति, लिंग, सामाजिक पहचान, सार्वजनिक संसाधनों के उपयोग और अवसरों से जुड़े भेदभाव की पहचान तथा उनके समाधान के लिए समुदाय के साथ संवाद की रणनीतियों पर भी प्रशिक्षण दिया गया। आगामी छह माह की कार्ययोजना पर चर्चा संस्था के प्रशिक्षकों ने आगामी छह माह की कार्ययोजना पर फेलो के साथ विस्तार से चर्चा की। संवैधानिक मूल्यों को केवल जागरूकता कार्यक्रमों तक सीमित न रखकर समुदाय के दैनिक व्यवहार और सामाजिक संबंधों में लागू करने पर जोर दिया गया। क्रॉस लर्निंग के दौरान फेलो ने एक-दूसरे के जमीनी अनुभवों से सीखते हुए नई रणनीतियां विकसित कीं। कार्यशाला के समापन पर फेलो ने आगामी छह माह में ग्राम पंचायत स्तर पर संवैधानिक मूल्यों को अधिक प्रभावी ढंग से स्थापित करने की दिशा में कार्ययोजनाओं को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
बिलासपुर पुलिस ने खड़ी गाड़ियों में आग लगाकर दहशत फैलाने के दो अलग-अलग मामलों में आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। दोनों मामलों में आरोपी ने स्कूटी और बाइक में आग लगाई थी। पहली घटना 10 सितंबर की रात 12 बजे से 3 बजे के बीच हुई। सूर्या चौक चिंगराजपारा में द्वारका प्रसाद यादव के किराए के मकान में गौरी देवांगन की स्कूटी (CG 10 BE 3159) खड़ी थी। आरोपी ने स्कूटी पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। आग से स्कूटी और उसमें रखा दूसरा सामान पूरी तरह जलकर खराब हो गया। गौरी देवांगन की शिकायत पर सरकंडा थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पैसे नहीं देने पर बाइक चुराकर जलाई दूसरे मामले में बंधवापारा निवासी नफीस खान ने सरकंडा थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि महेश कुमार साहू उर्फ भोला साहू उर्फ गजनी उर्फ पेचकस ने उनसे शराब पीने के लिए पैसे मांगे थे। पैसे नहीं देने पर आरोपी ने गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद आरोपी ने नफीस की हीरो स्प्लेंडर बाइक (CG 10 EE 7267) चोरी कर ली। बाद में बाइक को बंधवापारा भंडारी प्लांट रोड के पास ले जाकर जला दिया। तकनीकी सबूतों से आरोपी तक पहुंची पुलिस सरकंडा थाना प्रभारी प्रदीप आर्य के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दोनों मामलों की जांच शुरू की। इस दौरान मिली जानकारी और तकनीकी सबूतों के आधार पर संदिग्ध महेश कुमार साहू को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में दोनों वारदात कबूली पूछताछ में आरोपी ने दोनों घटनाओं को अंजाम देना कबूल किया। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया।
श्रावस्ती के इकौना थाना क्षेत्र के टड़वा महंथ गांव में मंगलवार देर शाम करीब 7:00 बजे 40 साल के रामानुज का शव उनके कमरे में फंदे से लटका मिला। पारिवारिक विवाद के बीच हुई इस घटना से परिवार में दुख छा गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर पंचनामा किया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा।वहीं आज शव का पीएम होगा परिवार का रो रो कर बुरा हाल है। परिजनों ने बताया कि रामानुज मंगलवार को दिनभर घर से बाहर नहीं निकले थे। देर शाम उनके भाई के परिवार को शक हुआ तो उन्होंने कमरे में जाकर देखा। वहां रामानुज का शव फंदे से लटका मिला। इसके बाद पुलिस को खबर दी गई। बताया जा रहा मृतक नशे के भी आदी थे, अभी तक परिवार की ओर से पुलिस को कोई शिकायत नहीं दी गई है। बताया जा रहा है कि करीब तीन दिन पहले रामानुज का साला असूधा, खरगूपुर (गोंडा) से टड़वा महंथ आया था। किसी बात को लेकर जीजा साले दोनों के बीच झगड़ा हो गया था। इस झगड़े के बाद रामानुज की पत्नी अपने भाई के साथ मायके चली गई थी। उनके साथ दोनों बेटियां और बेटा भी चले गए थे। परिजनों के मुताबिक, इसी बात को लेकर रामानुज काफी दुखी थे। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी रामानुज दो भाइयों में छोटे थे। वह गैस चूल्हे और इलेक्ट्रिक उपकरणों की रिपेयरिंग का काम करते थे। शादी-विवाह में खाना बनाने का काम भी करते थे। उनके परिवार में दो बेटियां (18 और 14 साल) और एक 10 साल का बेटा है। तीनों की अभी शादी नहीं हुई थी और परिवार की पूरी जिम्मेदारी रामानुज पर थी। उनकी मां की पहले ही मौत हो चुकी है, जबकि पिता दूसरे बेटे के साथ रहते हैं। हालांकि, मौत की असली वजह अभी साफ नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इकौना के प्रभारी निरीक्षक परमानंद तिवारी ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मामले की जांच की जा रही है और अभी कोई शिकायत नहीं मिली है। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
हरिमंदिर साहिब में नतमस्तक हुई ‘हमारे राम’ नाटक की टीम, आशुतोष राणा बोले- आध्यात्मिक शांति मिली
हरिमंदिर साहिब में नतमस्तक हुई ‘हमारे राम’ नाटक की टीम, आशुतोष राणा बोले- आध्यात्मिक शांति मिली
जैसलमेर नगरपरिषद के सभापति पद के चुनाव को लेकर चल रहा सियासी सस्पेंस आज समाप्त होने की पूरी उम्मीद है। सभापति पद के लिए नामांकन दाखिल करने की आज आखिरी तारीख है और दोपहर 3 बजे तक ही पर्चे भरे जा सकेंगे। भाजपा के वार्ड 5 से विजयी अरुण पुरोहित और वार्ड 32 से विजयी विजय डांगरा बीती रात बाड़ेबंदी से बाहर निकलकर जैसलमेर पहुंच चुके हैं। दोनों के शहर पहुंचते ही पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की निगाहें इस बात पर टिक गई हैं कि भाजपा का शीर्ष नेतृत्व आखिरी समय में किसके नाम पर अंतिम मुहर लगाता है। भाजपा में विजय डांगरा के नाम पर लग सकती है मुहर नगरपरिषद चुनाव में 45 में से 25 वार्ड जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल करने के बाद भाजपा खेमे में हलचल तेज हो गई है। क्रॉस वोटिंग और सियासी सेंधमारी के डर से पार्षदों को अज्ञात ठिकानों और बाड़ेबंदी में रखा गया था। अब दोनों प्रमुख दावेदार अरुण पुरोहित और विजय डांगरा नामांकन प्रक्रिया में हिस्सा लेने के लिए जैसलमेर पहुंच रहे हैं। तय समय सीमा यानी दोपहर 3 बजे तक दोनों में से किसी एक या पार्टी के अधिकृत चेहरे द्वारा नामांकन दाखिल किया जाना है। कांग्रेस भी कर सकती है बड़ा खेला कांग्रेस की बात करें तो पार्टी आज बड़ा खेला करने के मूड में है। कांग्रेस वार्ड 20 से विजयी अशोक तंवर और हाईब्रीड सिस्टम से अपने हारे हुए प्रत्याशी निर्मल डांगरा को मैदान में उतार सकती है। कौन हैं चारों दावेदार अरुण पुरोहित: संगठन के निष्ठावान नेता और लगातार दूसरी बार नगर अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे पुरोहित को मैदान में उतारकर पार्टी ब्राह्मण चेहरे और कैडर बेस को साधने का संदेश दे सकती है। विजय डांगरा: स्थानीय विधायक के करीबी और उद्योगपति पृष्ठभूमि वाले डांगरा अपनी मजबूत पैरवी और सियासी समीकरणों के दम पर पार्टी हाईकमान की पसंद बनने की दौड़ में डटे हुए हैं। अशोक सिंह तंवर: कांग्रेस से नगरपरिषद के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। साथ ही शहर के सबसे बड़े हजूरी समाज का बड़ा चेहरा भी हैं। वे पूर्व विधायक रूपाराम और कांग्रेस की भी पहली पसंद हैं। निर्मल रैयानी: कांग्रेस से पूर्व पार्षद हैं और ब्राह्मण समाज से भी आते हैं। हालांकि इस बार चुनाव हार चुके हैं, लेकिन हाईब्रीड सिस्टम के जरिए सभापति का चुनाव लड़ सकते हैं। कलेक्ट्रेट के आसपास सुरक्षा कड़ी नामांकन की समय सीमा नजदीक आते ही कलेक्ट्रेट और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अब से कुछ ही समय में यह साफ हो जाएगा कि भाजपा और कांग्रेस बाड़ेबंदी और मंथन के बाद किस नाम पर अंतिम मुहर लगाकर पर्चा दाखिल करवाती हैं। क्या है निकाय चुनाव का हाईब्रीड सिस्टम निकाय चुनावों, विशेषकर राजस्थान के संदर्भ में, हाईब्रीड सिस्टम या मिश्रित प्रणाली ऐसी चुनावी व्यवस्था है, जिसके तहत नगर निकायों के प्रमुख पदों यानी सभापति, महापौर या अध्यक्ष का चुनाव सीधे जनता द्वारा नहीं किया जाता है। इस सिस्टम के तहत कोई भी ऐसा योग्य नागरिक, जो सीधे तौर पर वार्ड पार्षद का चुनाव नहीं लड़ा है या हार गया हो, निर्धारित योग्यताओं को पूरा करने पर सभापति या महापौर पद का दावेदार बन सकता है। हालांकि, कुर्सी पर बैठने के लिए सदन के निर्वाचित पार्षदों का बहुमत हासिल करना अनिवार्य होता है। इसे हाईब्रीड इसलिए कहा जाता है, क्योंकि इसमें प्रत्यक्ष चुनाव यानी पार्षदों के लिए जनता का मतदान और परोक्ष चुनाव यानी पार्षदों द्वारा अध्यक्ष का चुनाव, दोनों का मिला-जुला स्वरूप काम करता है। राजनीतिक दलों और रणनीतिकारों के बीच यह सिस्टम चर्चा का विषय रहता है, क्योंकि इससे विधानसभा या लोकसभा चुनाव हार चुके बड़े नेताओं की भी स्थानीय निकायों के जरिए राजनीति में वापसी का रास्ता साफ हो जाता है।
उन्नाव में गंगा का जलस्तर तेजी से घट रहा है। पिछले सप्ताह बढ़े जलस्तर से आई बाढ़ के बाद अब लोगों को राहत की उम्मीद जगी है। बुधवार सुबह गंगा का जलस्तर 112.760 मीटर दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटे में इसमें करीब 22 सेंटीमीटर की कमी आई है। गंगा का जलस्तर अब खतरे के निशान 113 मीटर से नीचे आ गया है। हालांकि, यह अभी भी चेतावनी बिंदु 112 मीटर से 76 सेंटीमीटर ऊपर है। तटीय और रिहायशी इलाकों में अभी भी बाढ़ से जुड़ी परेशानियां बनी हुई हैं। खतरे के निशान से नीचे आने के बावजूद गंगाघाट क्षेत्र के कई मोहल्लों में बाढ़ का पानी अब भी जमा है। कर्बला, गोताखोर, हुसैन नगर और तेजी पुरवा जैसे इलाकों में लोगों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है। कुछ जगहों पर घरों के बाहर ज्यादा पानी होने के कारण लोग नाव से आ-जा रहे हैं। हालांकि, अंदरूनी इलाकों में पानी कम होने से लोगों को थोड़ी राहत मिली है। जलस्तर घटने के साथ गलियों और घरों के आसपास जमा पानी भी धीरे-धीरे उतर रहा है। पानी घटने के बाद अब नई परेशानी सामने आई है। कई दिनों तक पानी में डूबे रहने के कारण पौधे और पेड़-पौधे सड़ने लगे हैं। पानी कम होने और धूप निकलने के बाद प्रभावित इलाकों में तेज बदबू फैल रही है। इससे लोगों की दिक्कतें और बढ़ गई हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि बाढ़ का पानी पूरी तरह निकलने के बाद गलियों और आसपास के क्षेत्रों में खास सफाई अभियान चलाया जाए। साथ ही, कीटनाशक दवाएं भी छिड़की जाएं। गंगा का जलस्तर बढ़ने पर श्रीनगर, गंगा नगर, रविदास नगर, आलम नगर, कंचन नगर और भातूफार्म जैसे कई रिहायशी मोहल्लों में बाढ़ का पानी भर गया था। जलस्तर कम होने के बावजूद इन इलाकों में अभी भी पानी जमा है। इस वजह से लोगों को घरों से निकलने, आने-जाने और रोजमर्रा के कामकाज में परेशानी हो रही है।
चंदौली जिले के पड़ाव चौराहे पर बुधवार तड़के एक हादसा हो गया। मुगलसराय से वाराणसी की ओर जा रही एक तेज रफ्तार कार सड़क पर अचानक आए आवारा पशु से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पशु की मौके पर ही मौत हो गई। कार चालक को हल्की चोटें आईं। गनीमत रही कि हादसा गंभीर नहीं हुआ। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पड़ाव चौराहा कई जिलों और राज्यों को जोड़ने वाला एक व्यस्त मार्ग है। यहां से दिन-रात हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। यह मार्ग वाराणसी, मिर्जापुर, चंदौली होते हुए बिहार और पश्चिम बंगाल को भी जोड़ता है। ठोस व्यवस्था करने की मांग लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण के दौरान चौराहे के तीनों छोर पर स्ट्रीट लाइटें लगाई गई थीं। लेकिन इनमें से कई लाइटें करीब एक साल से बंद पड़ी हैं। रात में सिक्सलेन मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों के बीच अचानक पशु सामने आने से दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को तुरंत ठीक कराने की मांग की है। साथ ही, सड़कों पर घूम रहे आवारा पशुओं को हटाने के लिए ठोस व्यवस्था करने की भी मांग की गई है। लोगों का कहना है कि अंधेरा और आवारा पशुओं का यह खतरा कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। जिम्मेदार विभाग किसी बड़ी घटना का इंतजार क्यों कर रहे हैं, यह सवाल लोगों के मन में है।
आईएमआईएम प्रमुख और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी के भोपाल के सेंट्रल लाइब्रेरी मैदान में हुए कार्यक्रम के बाद सियासत तेज हो गई है। हिंदू उत्सव समिति ने अब तेलंगाना के विधायक टी. राजा की सभा की अनुमति देने की मांग उठाई है। इसे लेकर समिति पुलिस कमिश्नर संजय कुमार से भी मिलेगी। मई में सुरक्षा का हवाला देकर टी. राजा की सभा कैंसिल की गई थी। समिति अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि इकबाल मैदान, अग्रसेन चौक या सेंट्रल लाइब्रेरी मैदान में टी. राजा की सभा की अनुमति मांगेंगे। सेंट्रल लाइब्रेरी मैदान में ही ओवैसी की सभा हुई है। यदि इनकी सभा को अनुमति दे गई है तो टी. राजा को क्यों नहीं? यूसीसी को लेकर हुई थी ओवैसी की सभा ओवैसी ने मंगलवार रात में सेंट्रल लाइब्रेरी मैदान से समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर सरकार को घेरा था। कहा- मप्र में 21% आदिवासियों की तरह मुसलमानों को भी यूसीसी से बाहर रखा जाए। ओवैसी ने आरोप लगाया कि सरकार यूसीसी के जरिए आरएसएस का एजेंडा चला रही है। मप्र में जब लव जिहाद कानून बना है तो यूसीसी की जरूरत क्यों? यूसीसी लागू करना है तो यह कानून खत्म करें। दो वयस्कों को पसंद से जीवनसाथी चुनने का संवैधानिक अधिकार है। इस दौरान हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के बयान पर भी जमकर कटाक्ष किए थे। सागर शराब मामले में सरकार को भी घेरा था। 31 मई को प्रस्तावित थी टी. राजा की सभा टी. राजा की भोपाल के गांधीनगर में 31 मई को धर्मसभा प्रस्तावित थी। पुलिस प्रशासन से अनुमति नहीं मिलने के कारण इसे रद्द कर दिया गया था। कार्यक्रम निरस्त होने के बाद तेलंगाना के विधायक टी राजा भड़क गए थे। उन्होंने कुछ समुदाय विशेष के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा था कि 'जिहादी अंडे फुदकने लगे हैं'। दावा किया कि कुछ लोग धर्मसभा रद्द होने का श्रेय ले रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, तुम लोगों को तुम्हारी भाषा में अच्छे से जवाब भी दिया जाएगा। इसी बीच धर्मसभा को लेकर सोशल मीडिया पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के मामले में भोपाल के तलैया थाने में आदर्श इनवाते ने एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें दो इंस्टाग्राम आईडी संचालकों पर धमकी, अभद्र भाषा और भड़काऊ टिप्पणियां करने के आरोप लगाए गए थे। कट्टर हिंदूवादी छवि के लिए चर्चा में रहते हैं टी राजा बता दें कि टी. राजा तेलंगाना के हैदराबाद स्थित गोशामहल विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं और अपनी कट्टर हिंदूवादी छवि तथा आक्रामक बयानों के लिए अक्सर चर्चा में रहते हैं।धर्मरक्षक संस्था द्वारा गांधीनगर क्षेत्र में आयोजित किए जाने वाले इस कार्यक्रम को प्रशासन से अनुमति नहीं मिलने के बाद मामला न्यायालय पहुंच गया था। सुनवाई में अंतिम निर्णय नहीं होने के कारण आयोजन को टाल दिया गया है। सामाजिक तनाव बढ़ाने की आशंका का जिक्र धर्मसभा के विरोध में हुई शिकायत में कहा गया था कि सार्वजनिक मंचों पर की गई ऐसी टिप्पणियां सांप्रदायिक वैमनस्य और सामाजिक तनाव को बढ़ावा दे सकती हैं। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित पोस्ट पुलिस आयुक्त के आदेशों का उल्लंघन करती हैं। हिंदू उत्सव समिति ने उठाए थे सवाल श्री हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कार्यक्रम की अनुमति निरस्त किए जाने पर प्रशासन के फैसले पर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि टी राजा सिंह जैसे वक्ता को आमंत्रित किए जाने के बावजूद प्रशासन ने कथित तौर पर दबाव में आकर अनुमति रद्द की। तिवारी ने कहा कि यह स्थिति चिंताजनक है कि मध्य प्रदेश में “हिंदूवादी सरकार” होने के बावजूद हिंदू संगठनों को कार्यक्रम की अनुमति नहीं मिल पा रही है। उन्होंने सवाल किया कि क्या अब कार्यक्रमों का निर्णय अन्य समुदायों के दबाव में होगा। साथ ही मुख्यमंत्री मोहन यादव से हस्तक्षेप की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले का संज्ञान लेकर धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना चाहिए और कार्यक्रम की अनुमति सुनिश्चित करनी चाहिए। हालांकि, अनुमति नहीं मिली थी। यह खबर भी पढ़े… टी राजा बोले- जिहादी अंडे, तुम्हारी भाषा में जवाब देंगे:भोपाल में धर्मसभा कैंसिल होने पर भड़के विधायक मध्य प्रदेश के भोपाल में प्रस्तावित धर्मसभा को पुलिस प्रशासन से अनुमति नहीं मिलने के कारण रद्द कर दिया गया। कार्यक्रम निरस्त होने के बाद तेलंगाना के विधायक टी राजा भड़क गए। उन्होंने कुछ समुदाय विशेष के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि 'जिहादी अंडे फुदकने लगे हैं'। दावा किया कि कुछ लोग धर्मसभा रद्द होने का श्रेय ले रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, तुम लोगों को तुम्हारी भाषा में अच्छे से जवाब भी दिया जाएगा। टी राजा ने कहा कि “तुम्हारे ये जीजा राजा इस महीने के एंडिंग तक भोपाल आएंगे” और “आपकी बहनों से भी मिलेंगे”। उन्होंने कहा कि वे सरकार, न्यायालय और पुलिस प्रशासन का सम्मान करते हैं, इसलिए विरोध नहीं करेंगे। पढ़े पूरी खबर
सुरियावां थाना क्षेत्र के रामबाग निवासी विमल की पत्नी प्रियंका (25) की मंगलवार को संजीवनी हॉस्पिटल सुरियावां में प्रसव के बाद मौत हो गई। प्रियंका करीब तीन दिनों से अस्पताल में भर्ती थीं। परिजनों के अनुसार, सामान्य प्रसव के बाद प्रियंका ने एक बेटे को जन्म दिया था। इसके बाद अचानक उनकी हालत बिगड़ी और उनकी मौत हो गई। महिला की मौत की खबर मिलते ही परिजन गुस्से में आ गए। मंगलवार रात करीब 9:45 बजे परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया। हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने की कोशिश की। इस दौरान परिजनों और पुलिस के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई। मृतका के पति विमल ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी अस्पताल में भर्ती होने के समय ठीक थी। सामान्य प्रसव से बेटे को जन्म देने के बाद उसकी हालत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। विमल का आरोप है कि इलाज में लापरवाही के कारण उनकी पत्नी की जान गई। उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज कराकर पूरे मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही गुस्साए परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने कार्रवाई की मांग करते हुए आरोप लगाया कि शिकायत के बावजूद कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा है। परिजनों ने यह भी कहा कि जब अस्पताल में मरीजों को सिर्फ लूटा जा रहा है, तो स्वास्थ्य विभाग ऐसे अस्पताल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा है। फिलहाल पुलिस टीम अस्पताल में मौजूद है और मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है। मौत के असली कारणों का पता जांच और डॉक्टरी रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा। सुरियावां थाना अध्यक्ष असम त्रिपाठी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई करेगी।
गुरुहरसहाय में बिजली संकट को लेकर अकाली दल ने दिया धरना
गुरुहरसहाय में बिजली संकट को लेकर अकाली दल ने दिया धरना
मिर्जापुर में मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय से संबद्ध मिर्जापुर और सोनभद्र के महाविद्यालयों के प्रबंधकों और प्राचार्यों की एक बैठक हुई। यह बैठक मंगलवार को कुलपति प्रो. शोभा गौड़ की अध्यक्षता में विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित की गई। इसमें प्रवेश प्रक्रिया, परीक्षा, पाठ्यक्रम, शैक्षणिक गतिविधियों और छात्रों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। कुलपति प्रो. शोभा गौड़ ने कहा कि शासन द्वारा तय शैक्षणिक कैलेंडर का पूरी तरह पालन किया जाए। विश्वविद्यालय की पढ़ाई और परीक्षा से जुड़ी सभी गतिविधियां निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार ही चलनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों का हित विश्वविद्यालय की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। विद्यार्थियों को प्रवेश, पढ़ाई या परीक्षा से संबंधित किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। महाविद्यालय प्रशासन छात्रों की समस्याओं को समय पर हल करे। बैठक में महाविद्यालयों में चल रही प्रवेश प्रक्रिया की स्थिति की समीक्षा की गई। पात्र छात्रों को प्रवेश का पर्याप्त अवसर देने और किसी भी छात्र को अनावश्यक रूप से प्रवेश से वंचित न होने देने के उद्देश्य से प्रवेश की अंतिम तिथि 25 सितंबर तक बढ़ाने का फैसला लिया गया। कुलपति ने महाविद्यालयों को निर्देश दिया कि प्रवेश प्रक्रिया निर्धारित नियमों के तहत पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से पूरी की जाए। समस्याओं का जल्द समाधान करने को कहा इस दौरान महाविद्यालयों के प्रबंधकों और प्राचार्यों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने अपनी समस्याएं और सुझाव रखे। कुलपति ने संबंधित विषयों पर जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए और कुलसचिव को समस्याओं का जल्द समाधान करने को कहा। सत्र 2026-27 से लागू होने वाले चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. देवेंद्र पाण्डेय ने नए पाठ्यक्रम की संरचना, महत्वपूर्ण बिंदुओं और महाविद्यालयों में जरूरी शैक्षणिक व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने महाविद्यालयों से नए पाठ्यक्रम के अनुरूप सभी जरूरी तैयारियां समय से पूरी करने को कहा। बैठक में विश्वविद्यालय के कुलसचिव राम नारायण, परीक्षा नियंत्रक हरीश चंद, शिक्षा संकायाध्यक्ष प्रो. भवभूति मिश्र, समाज विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. अशोक सिंह, विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. देवेंद्र पाण्डेय, कृषि संकायाध्यक्ष प्रो. सूबेदार यादव, वाणिज्य संकायाध्यक्ष प्रो. राज मोहन शर्मा मौजूद रहे। इनके अलावा, विभिन्न महाविद्यालयों के प्रबंधक, प्राचार्य और विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
सांसद चंद्रशेखर के समर्थन में भीम आर्मी प्रयागराज में भी बुधवार को विरोध प्रदर्शन करेगी। भीम आर्मी के संस्थापक और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष व नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के साथ गोंडा जाते समय अभद्र व्यवहार के विरोध में आक्रोश जताते हुए प्रदर्शन की तैयारी है। सांसद चन्द्रशेखर के आह्वान पर सिविल लाइन स्थित धरना स्थल बुधवार को समर्थक जमा होंगे। इसके बाद राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा जाएगा। समर्थकों का कहना है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की जाए। पूर्व जिला प्रभारी एडवोकेट हाईकोर्ट आईपी रामबृज का कहना है कि नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद गोंडा जा रहे थे। इसी दौरान प्रशासन की मौजूदगी में कुछ लोगों द्वारा उनके साथ अभद्रता की गई। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के सम्मान और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि मामले का संज्ञान लेकर जांच कराई जाए। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों और अन्य दोषी लोगों की भूमिका की जांच कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाही की जाए।
खंडवा के गुड़ी रेंज के जंगलों में करीब 10 हजार एकड़ वनभूमि पर अतिक्रमण कर खेती शुरू करने वालों के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई ने एक ऐसी दुश्मनी को जन्म दिया, जिसका अंत बोरखेड़ा के सरपंच पति रूमसिंग की हत्या के रूप में हुआ। रूमसिंग की गर्दन पर कुल्हाड़ी से वार किया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों को शक था कि जंगल में अतिक्रमण के खिलाफ हुई कार्रवाई और उनके मकान तोड़े जाने के पीछे रूमसिंग की मुखबिरी थी। रूमसिंग राजनीति में आने से पहले वन विभाग में चौकीदार रह चुका था। जंगल और वन अमले से उसके पुराने संपर्क थे। यही वजह रही कि अतिक्रमणकारियों की नजर में वह प्रशासन का मददगार बन गया। दिलचस्प यह है कि हत्या का मुख्य आरोपी छतरसिंह खुद पुराने आपराधिक मामलों में पुलिस रिकॉर्ड में फरार है। पुलिस के मुताबिक उसी ने रूमसिंग की गर्दन पर कुल्हाड़ी का पहला वार किया। हत्या के बाद वह फिर फरार हो गया। इस पूरी कहानी को समझने के लिए दैनिक भास्कर को हत्या वाली रात से करीब छह साल पीछे जाना पड़ा। पढ़िए रिपोर्ट… 10 हजार एकड़ जंगल कैसे बना विवाद की जड़ कोरोनाकाल यानी 2019-20 के दौरान गुड़ी रेंज के जंगलों में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण शुरू हुआ। आरोप है कि झाबुआ, धार और बड़वानी क्षेत्र से आए लोगों ने जंगल में कब्जे करना शुरू किया। धीरे-धीरे अतिक्रमण बढ़ता गया। करीब चार साल में लगभग 10 हजार एकड़ जंगल साफ कर खेती शुरू कर दी गई। गुड़ी रेंज के बोरखेड़ा और भिलाईखेड़ा इलाके में इसका सबसे ज्यादा असर दिखाई दिया। 2022 के बाद अतिक्रमणकारियों ने जंगल साफ कर खेत तैयार कर लिए। स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू किया तो प्रशासन भी सक्रिय हुआ। 2023 से लगातार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई होने लगी। जेसीबी से कब्जे हटाए गए और जंगल में दोबारा अतिक्रमण रोकने की कोशिश की गई, लेकिन असली टकराव इसी साल जून में हुआ। 150 जेसीबी, तीन दिन की कार्रवाई और टूट गए मकान बारिश से पहले जून में प्रशासन ने गुड़ी रेंज के जंगल में बड़े स्तर पर कार्रवाई की। करीब तीन दिन तक 150 जेसीबी मशीनों से जंगल में कंटूर खोदे गए। कार्रवाई के दौरान वन विभाग की जमीन के साथ राजस्व भूमि पर बने अतिक्रमणकारियों के मकान भी प्रशासन की नजर में आए। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में मकानों को तोड़ा गया। यही कार्रवाई आगे चलकर हत्या की वजह बनी। पुलिस जांच के मुताबिक अतिक्रमणकारियों को शक था कि उनके मकान और कब्जे की जानकारी प्रशासन तक पहुंचाने में रूमसिंग की भूमिका थी। चौकीदार से राजनीति में आया रूमसिंग, इसलिए शक के घेरे में आया रूमसिंग करीब 12 साल से बोरखेड़ा की राजनीति में सक्रिय था। पहले वह खुद करीब सात साल तक सरपंच रहा। महिला आरक्षण लागू होने के बाद उसकी पत्नी ज्ञानीबाई को चुनाव लड़ाया और वह वर्तमान में सरपंच हैं, लेकिन राजनीति से पहले रूमसिंग वन विभाग में चौकीदार था। जंगल की भौगोलिक स्थिति, वन अमले की गतिविधियों और अतिक्रमण की स्थिति से वह परिचित था। पूर्व में वन विभाग से जुड़े होने के कारण उसके विभागीय कर्मचारियों से संपर्क भी थे। पुलिस के मुताबिक- इसी पुराने कनेक्शन को अतिक्रमणकारियों ने मुखबिरी से जोड़ लिया। उनके बीच यह शक मजबूत होता गया कि जंगल में उनके अतिक्रमण और बाद में मकानों पर हुई कार्रवाई की जानकारी रूमसिंग ने वन विभाग और प्रशासन को दी। वनकर्मी को धमकी मिली, फिर रूमसिंग बना आसान निशाना अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद तनाव इतना बढ़ा कि इसी सितंबर में वनकर्मी चंद्रपालसिंह तोमर को जान से मारने की धमकी भी दी गई। वन विभाग के अधिकारियों को अतिक्रमणकारियों की नाराजगी की जानकारी मिली तो कर्मचारियों को अकेले जंगल में जाने से रोक दिया गया। गश्त के दौरान चार-पांच वनकर्मी हथियारों के साथ जाने लगे। यानी वन विभाग के कर्मचारियों तक पहुंचना आसान नहीं था। पुलिस जांच में सामने आया कि इसके बाद आरोपियों ने रूमसिंग को निशाना बनाया। 15 दिन पहले शुरू हुई हत्या की तैयारी पुलिस जांच के मुताबिक आरोपियों ने बताया कि उन लोगों ने हत्या की साजिश करीब 15 दिन पहले की थी। आमाखुजरी में बैठकें हुईं। रूमसिंग की करीब एक सप्ताह तक रैकी की गई। उसकी रोजाना की गतिविधियों पर नजर रखी गई और यह पता लगाया गया कि वह कब अकेला घर से निकलता है। 9 सितंबर की रात भी आरोपी हत्या करने की कोशिश में थे, लेकिन रूमसिंग उस समय अकेला नहीं था। वह अपने साले के साथ घर जा रहा था। इसलिए आरोपी पीछे हट गए। इसके बाद अगले मौके का इंतजार किया गया। 10 सितंबर की रात रूमसिंग बाइक से अकेला निकला। उसके साथियों ने इसकी सूचना आरोपियों तक पहुंचाई। आरोपी पहले से ही खेत में छिपकर बैठे थे। रूमसिंग के वहां पहुंचते ही उस पर हमला कर दिया गया। हत्या वाली रात क्या हुआ? 10 सितंबर की रात रूमसिंग घर से निकला था। अगले दिन सुबह खेत के रास्ते पर उसकी लाश मिली। गर्दन पर धारदार हथियार के वार के निशान थे। पहली नजर में हत्या का शक गांव के उन लोगों पर गया, जो लंबे समय से रूमसिंग की सरपंची का विरोध कर रहे थे। परिजन भी गांव के कुछ लोगों पर शक जता रहे थे। उनका कहना था कि पहले धमकियां दी गई थीं। सूचना मिलते ही एडिशनल एसपी महेंद्रसिंह तारणेकर मौके पर पहुंचे। पुलिस ने जांच शुरू की। करीब 40 ग्रामीणों को पूछताछ के लिए थाने लाया गया, लेकिन पूछताछ में पुलिस को ऐसा कोई ठोस किरदार नहीं मिला, जिससे हत्या की कड़ी जुड़ती हो। डॉग स्क्वॉड ने बदला जांच का एंगल घटनास्थल पर डॉग स्क्वॉड पहुंचा। स्निपर डॉग की सर्चिंग के दौरान जांच टीम उन घरों तक पहुंची, जहां जंगल में अतिक्रमण करने वाले लोग रहते थे। यहीं से पुलिस ने हत्या की जांच को गांव की राजनीति से हटाकर जंगल में अतिक्रमण और प्रशासन की कार्रवाई वाले एंगल पर केंद्रित किया। जांच आगे बढ़ी तो पुराने वन अपराध, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई और आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाले गए। रिकॉर्ड में फरार था मुख्य आरोपी, अब हत्या में भी फरार पुलिस के मुताबिक हत्या में पांच आरोपियों को नामजद किया गया है- अनिल, दिनेश, सरदार, छतरसिंह और सुरमल। इनमें अनिल, सरदार और दिनेश को गिरफ्तार किया जा चुका है। मुख्य आरोपी छतरसिंह और सुरमल फरार हैं। जांच में सामने आया कि छतरसिंह पिता लाखासिंह भीलाला, निवासी आमाखुजरी, के खिलाफ पुलिस रिकॉर्ड में 2022 से 2026 के बीच छह मामले दर्ज हैं। इनमें मारपीट, गाली-गलौज, धमकी और हत्या के प्रयास जैसी धाराओं के मामले शामिल हैं। पुलिस रिकॉर्ड में पॉक्सो एक्ट से जुड़ा प्रकरण भी है। पुलिस के मुताबिक पुराने मामलों में भी छतरसिंह गिरफ्तारी से बचता रहा और जंगल में फरारी काटता रहा। अब रूमसिंग हत्याकांड में भी वह फरार है। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह पता चला है कि रूमसिंग की गर्दन पर कुल्हाड़ी का पहला वार छतरसिंह ने किया था। दूसरा फरार आरोपी सुरमल भी आपराधिक रिकॉर्ड वाला है। उसके खिलाफ तीन मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या का प्रयास, जान से मारने की धमकी, बलवा, मारपीट और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी धाराएं शामिल हैं। रूमसिंग की हत्या में मुखबिरी का पूरा खेल पुलिस के मुताबिक हत्या की साजिश में दिनेश की भूमिका भी सामने आई है। जांच में यह बात सामने आई कि रूमसिंग जब अकेला निकला तो दिनेश ने उसकी लाइव लोकेशन फोन के जरिए छतरसिंह तक पहुंचाई। छतरसिंह और उसके साथी पहले से खेत में छिपे हुए थे। लोकेशन मिलते ही रूमसिंग को घेर लिया गया और हमला कर दिया गया। यानी पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक हत्या अचानक हुए विवाद का नतीजा नहीं, बल्कि रैकी, लोकेशन और घात लगाकर किए गए हमले की साजिश थी। परिवार का दावा- गांव के लोगों ने अतिक्रमणकारियों को भड़काया रूमसिंग के बेटे राजू का आरोप है कि सरपंची के दौरान गांव के कुछ लोगों से उसके पिता का विवाद चलता रहा था। उसका कहना है कि इन्हीं ने अतिक्रमणकारियों को पिता के खिलाफ भड़काया। परिवार के मुताबिक उनसे कहा गया कि उनके मकान टूटने के पीछे सरपंच का हाथ है। पिपलोद टीआई विक्रम धारवे के मुताबिक जांच में अभी तक ग्रामीणों का हत्या से कोई कनेक्शन सामने नहीं आया है। एसपी बोले- मकान टूटने की मुखबिरी के शक में हत्या एसपी अगम जैन के मुताबिक रूमसिंग की हत्या के मामले में पांच आरोपी बनाए गए हैं। तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दो की तलाश जारी है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि वन विभाग ने जिन आरोपियों के मकान तोड़े थे, उन्हें शक था कि प्रशासन तक जानकारी पहुंचाने में रूमसिंग की भूमिका थी। इसी शक को हत्या की वजह माना जा रहा है।
पंजाब सरकार ने नशों और गैंगस्टरों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया है, जिसके तहत दुनिया भर से एक दर्जन से अधिक गैंगस्टरों को वापस लाया गया है।
सीकर में 30 साल की महिला के साथ रेप का मामला सामने आया है। आरोपी युवक ने अश्लील फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देकर महिला के साथ रेप किया। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है। पीड़िता ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि उनके पड़ोस में ही एक युवक रहता है। जिसने चोरी-छिपकर महिला का अश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। बाद में युवक महिला को अश्लील वीडियो से ब्लैकमेल कर धमकी देने लगा। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर युवक ने पीड़िता के साथ रेप किया। आरोपी के दबाव से परेशान होकर महिला ने घटना के बारे में अपने पति को बताया। अब पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज करके इन्वेस्टिगेशन शुरू कर दिया है। मामले की जांच इंस्पेक्टर लेवल ऑफिसर कर रहे हैं।
रायसेन के सागर रोड स्थित नकतरा कस्बे में मंगलवार रात निजी क्लीनिक संचालक का शव क्लीनिक के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। क्लीनिक पिछले दो-तीन दिनों से बंद था। रात करीब 9 बजे दुकान मालिक दिनेश साहू को शक हुआ तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस की मौजूदगी में क्लीनिक खोला गया, जहां संचालक सुनील सिलावट का शव मिला। 5-6 साल से चला रहे थे क्लीनिक सुनील सिलावट पिछले 5-6 साल से नकतरा में क्लीनिक चला रहे थे। वह क्लीनिक परिसर में ही रहते थे। वह मूल रूप से बैरसिया क्षेत्र के नजीराबाद के रहने वाले बताए गए हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, वह यहां अकेले रहते थे। कुछ लोगों ने सुनील के नशे का आदी होने की बात कही है। हालांकि, पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगी मौत की वजह शव मिलने की सूचना पर देवनगर पुलिस मौके पर पहुंची। क्लीनिक के बाहर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने मौके की जांच के बाद पंचनामा बनाया और शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। बुधवार को पोस्टमार्टम किया जाएगा। पुलिस ने परिजनों को सूचना दे दी है। फिलहाल सुनील की मौत की वजह साफ नहीं हुई है। पुलिस पिछले दो-तीन दिनों की उनकी गतिविधियों, क्लीनिक के अंदर की परिस्थितियों और अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह स्पष्ट होने की उम्मीद है। मामला देवनगर थाना क्षेत्र की नकतरा चौकी का है।
बरेली जिले में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अनुराग आर्य ने बड़े पैमाने पर फेरबदल किया है। एसएसपी ने जिले के विभिन्न थानों, चौकियों और पुलिस शाखाओं में तैनात 25 निरीक्षकों (इंस्पेक्टर) और उपनिरीक्षकों (सब-इंस्पेक्टर) के तबादले कर नवीन तैनातियां प्रदान की हैं। लंबे समय से साइडलाइन चल रहे अमित पांडेय को फरीदपुर की कमान इस फेरबदल में सबसे प्रमुख नाम इंस्पेक्टर अमित पांडेय का है, जो लंबे समय से सोशल मीडिया सेल में तैनात थे। एसएसपी ने उन पर भरोसा जताते हुए बरेली की महत्वपूर्ण फरीदपुर तहसील स्थित कोतवाली का प्रभारी निरीक्षक नियुक्त किया है। वहीं, फरीदपुर कोतवाली में तैनात प्रभारी निरीक्षक राधे श्याम का तबादला कर उन्हें शहर की प्रमुख प्रेमनगर कोतवाली का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है। प्रेमनगर व किला थाने के प्रभारियों के दायित्व बदले प्रेमनगर थाने में तैनात रहे निरीक्षक सुरेंद्र सिंह को वहां से हटाकर किला थाने में निरीक्षक अपराध (क्राइम) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही, किला थाने के कार्यवाहक प्रभारी उपनिरीक्षक अचल कुमार को स्थानांतरित कर देवरनियाँ थाने का प्रभार दिया गया है। सर्विलांस, एसओजी और साइबर सेल में नई तैनातियां अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग को हाई-टेक बनाने के लिए विशेष विंगों में भी बदलाव किए गए हैं: एसओजी (SOG-02): रिजर्व पुलिस लाइन्स से निरीक्षक अमरीश कुमार को प्रभारी एसओजी-02 बनाया गया है। सर्विलांस सेल: उपनिरीक्षक धर्मेंद्र सिंह को प्रभारी सर्विलांस सेल नियुक्त किया गया है, जबकि पूर्व प्रभारी सत्येंद्र कुमार को सर्विलांस सेल में ही तैनात रखा गया है। साइबर थाना: निरीक्षक अभिषेक कुमार को साइबर थाने में निरीक्षक अपराध की जिम्मेदारी दी गई है। स्थानांतरित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की पूरी सूची
मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के अजयगढ़ इलाके में केन-बेतवा लिंक परियोजना, मझगाय बांध, रुंझ बांध और सिंगरौली-ललितपुर रेलवे लाइन के निर्माण से सैकड़ों परिवार विस्थापित हुए हैं। इन परियोजनाओं के कारण जलस्तर बढ़ने से कई गांव जलमग्न हो गए हैं। यहां लोग पानी में लकड़ी के ढांचों पर लेटकर जल-सत्याग्रह कर रहे हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं। तीन दिन से बिजली बंद होने का आरोप आंदोलनकारियों का आरोप है कि आंदोलन को दबाने के लिए तीन दिन से क्षेत्र की बिजली बंद कर दी गई है। इससे सरकारी दावों, वादों और आंकड़ों पर सवाल उठ रहे हैं। अजयगढ़ के डूब क्षेत्र में 'चिता आंदोलन' आज बुधवार को पांचवें दिन भी जारी है। तेज धूप और पानी की लहरों के बीच आदिवासी महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग पानी में रखी लकड़ी की चिताओं पर लेटे हैं। कई महिलाएं और पुरुष गले में सांकेतिक फंदा लगाकर न्याय दो या मार दो के नारे लगा रहे हैं। कई मकान ढह गए और खेती बर्बाद हो चुकी जय किसान संगठन के नेता अमित भटनागर ने आरोप लगाया है कि विकास के नाम पर आदिवासियों और किसानों के अधिकारों को अनदेखा किया गया है। कुंवरपुर, बालूपुर, बनेहरी और विश्रामगंज गांव डूब गए हैं। कई मकान ढह गए हैं और खेती बर्बाद हो चुकी है। ग्रामसभा की सहमति बिना जमीन लेने का आरोप किसानों का आरोप है कि ग्रामसभा की सहमति के बिना उनकी जमीनों पर कब्जा किया गया। विरोध करने पर धारा 163 के तहत कार्रवाई और मुकदमे दर्ज किए गए। उनका यह भी आरोप है कि राजस्व रिकॉर्ड में उपजाऊ सिंचित जमीन को असिंचित दर्ज किया गया, जिससे मुआवजे में उन्हें करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ। ₹12.50 लाख के पुनर्वास पैकेज पर विवाद आंदोलनकारियों का सबसे बड़ा सवाल पुनर्वास राशि को लेकर है। उनका कहना है कि छतरपुर जिले के कुपी गांव में जुलाई में हुए विरोध के बाद सरकार ने पुनर्वास पैकेज ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹12.50 लाख प्रति परिवार करने की घोषणा की थी। इसके बावजूद कई परिवारों को ₹12.50 लाख का नया पैकेज नहीं मिला है। 3 तस्वीरें देखिए… प्रशासन बोला- ₹5 लाख प्रति परिवार दिए जा चुके अजयगढ़ प्रशासन का कहना है कि पात्र विस्थापित परिवारों को नियमानुसार पुनर्वास राशि का भुगतान किया जा चुका है। एसडीएम के अनुसार रुंझ सिंचाई परियोजना के तहत विश्रामगंज के 670 विस्थापित परिवारों को ₹5 लाख प्रति परिवार दिए जा चुके हैं। वहीं, मझगाय मध्यम सिंचाई परियोजना के तहत बालूपुर, कुंवरपुर और बनेहरी के 1219 विस्थापित परिवारों को पात्रता के अनुसार भुगतान किया गया है। प्रशासन के मुताबिक अब तक कुल 1889 पात्र परिवारों के खातों में राहत राशि भेजी जा चुकी है। ₹5 लाख पाने वालों को मिलेंगे अतिरिक्त ₹7.50 लाख अजयगढ़ एसडीएम आलोक मार्को के अनुसार जिन विस्थापितों को पहले ₹5 लाख दिए जा चुके हैं, उन्हें नए नियम के तहत अतिरिक्त ₹7.50 लाख का अंतर भुगतान किया जा रहा है। इसके लिए कुंवरपुर, झगराहा और विश्रामगंज में विशेष प्रशासनिक कैंप लगाए जा रहे हैं। एसडीएम के मुताबिक पात्र ग्रामीणों को शपथ पत्र, लिखित सहमति और संयुक्त बैंक खाते की जानकारी जमा करनी होगी। इसके बाद राशि सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी। रिकॉर्ड और वास्तविक पात्रता को लेकर उठ रहे सवाल एक तरफ प्रशासन 1889 परिवारों को भुगतान का दावा कर रहा है, वहीं आंदोलनकारी परिवार अब भी पानी में उतरकर विरोध कर रहे हैं। विस्थापितों का कहना है कि सरकारी दावों और जमीन पर उनकी स्थिति में अंतर है। आंदोलन का केंद्र अब पुनर्वास राशि, जमीन के रिकॉर्ड और वास्तविक पात्रता को लेकर उठ रहे सवाल हैं।
रांची हाई कोर्ट ने दारोगा प्रोन्नति मामले में फैसला सुरक्षित रखा, सहायक प्राध्यापकों को राहत
झारखंड हाई कोर्ट ने दारोगा से इंस्पेक्टर प्रोन्नति मामले में पुलिस विभाग की वरीयता सूची को चुनौती देने वाली याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा है। साथ ही, अदालत ने आवश्यकता आधारित सहायक प्राध्यापकों को बिना अनुमति सेवा से न हटाने और उनके पारिश्रमिक का भुगतान करने का निर्देश दिया।
लखनऊ में 3 दिन बंद रहेगा राष्ट्र प्रेरणा स्थल:16 से 18 सितंबर की सुबह तक आम लोगों की एंट्री पर रोक
राजधानी के राष्ट्र प्रेरणा स्थल में आम लोगों का प्रवेश तीन दिन के लिए बंद रहेगा। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की ओर से जारी आदेश के मुताबिक 16 सितंबर से 18 सितंबर की सुबह तक राष्ट्र प्रेरणा स्थल आम जनमानस के लिए बंद रहेगा। आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। एलडीए ने बताया- अपरिहार्य कारणों से लिया फैसला एलडीए सचिव सुशील प्रताप सिंह ने इस संबंध में आदेश जारी किया। इसमें कहा गया है कि अपरिहार्य कारणों से 16 सितंबर से 18 सितंबर की सुबह तक राष्ट्र प्रेरणा स्थल को आम लोगों के लिए बंद रखा जाएगा। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। 18 सितंबर की सुबह तक रहेगा प्रतिबंध फिलहाल जारी आदेश के अनुसार दो दिन से ज्यादा समय तक लोगों को यहां प्रवेश नहीं मिलेगा। 18 सितंबर की सुबह के बाद राष्ट्र प्रेरणा स्थल को आम लोगों के लिए खोलने को लेकर एलडीए के अगले निर्देश का इंतजार रहेगा।
गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड पर बाइक सवार युवती को टक्कर मारने के मामले में मंगलवार शाम जिला अदालत में मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराते समय सिया ने कहा मैंने यदि सुरक्षा किट नहीं पहनी होती तो शायद मैं बच न पाती।
महोबा के जिला महिला अस्पताल में डॉक्टरों की कथित लापरवाही से एक गर्भवती महिला की मौत हो गई। कबरई की रहने वाली 40 वर्षीय शकुंतला की सफाई के दौरान नस कटने से हालत बिगड़ गई थी। झांसी में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पति ने डॉक्टरों पर 10 हजार रुपये रिश्वत मांगने और पैसे न देने पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना महोबा जिले की है। कबरई के रानी लक्ष्मीबाई नगर के रहने वाले रामप्रकाश वर्मा की पत्नी शकुंतला तीन महीने की गर्भवती थीं। 7 सितंबर को पेट में तकलीफ होने पर रामप्रकाश अपनी पत्नी को लेकर जिला महिला अस्पताल पहुंचे थे। जांच और अल्ट्रासाउंड के बाद डॉक्टरों ने बताया कि गर्भ में बच्चा खराब हो चुका है और तुरंत सफाई करनी पड़ेगी। पति रामप्रकाश का आरोप है कि सफाई के नाम पर अस्पताल की महिला डॉक्टरों ने 10 हजार रुपये मांगे। मजदूरी करने वाले रामप्रकाश ने अपनी आर्थिक स्थिति बताई और किसी तरह 2 हजार रुपये का इंतजाम करके डॉक्टरों को दिए। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया रामप्रकाश का आरोप है कि पूरे पैसे न मिलने से नाराज महिला डॉक्टरों ने लापरवाही से ऑपरेशन कर सफाई की। ऑपरेशन के दौरान शकुंतला की हालत गंभीर हो गई। डॉक्टरों ने तुरंत मरीज को झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। परिजन महिला को झांसी ले गए, जहां एक निजी अस्पताल में जांच के दौरान पता चला कि सफाई के दौरान महिला की कोई अंदरूनी नस कट गई थी। इलाज के बावजूद शकुंतला ने दम तोड़ दिया। मौत के बाद परिजन शव लेकर वापस महोबा पहुंचे। मंगलवार शाम 5 बजे पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई की गई। पति रामप्रकाश ने बुधवार को पुलिस को लिखित शिकायत देकर दोषी डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।शकुंतला अपने पीछे चार बेटों, दो बेटियों और पति को छोड़ गई हैं। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारण साफ होंगे। उधर, जिला महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. रमाकांत चौरिया ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि मरीज को सरकारी मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया गया था, लेकिन परिजन उसे निजी अस्पताल ले गए। फिलहाल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग, दोनों ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, जिसके आधार पर आगे की कानूनी और विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी।
सहारनपुर में कस्बा सुल्तानपुर में सोमवार को गणेश चतुर्थी के अवसर पर भगवान गणेश की प्रतिमा की शोभायात्रा निकाली गई। जयपाल सिंह सैनी के मोहल्ला कोठी वाला स्थित आवास से गणेश प्रतिमा को श्रद्धा के साथ रवाना किया गया। कस्बे के विभिन्न मार्गों से परिक्रमा कराते हुए प्रतिमा को कंकरो वाला स्थित शिव मंदिर ले जाया गया। यहां विधि-विधान के साथ प्राण प्रतिष्ठा कर प्रतिमा स्थापित की गई। शोभायात्रा में उमड़े कस्बेवासी प्रतिमा स्थापना के दौरान बड़ी संख्या में कस्बेवासी मौजूद रहे। बच्चे, महिलाएं और पुरुष शोभायात्रा में शामिल हुए। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह नजर आया। हवन-पूजन में लिया हिस्सा प्रतिमा की स्थापना के बाद मंदिर परिसर में हवन-पूजन का आयोजन किया गया। योगेश पंडित ने हवन संपन्न कराया। इस दौरान आदेश सैनी, सचिन सैनी, सिट्टू सैनी, दिनेश सैनी, अंकित सैनी, रवि सैनी, मंघेराम धीमान, जयपाल सैनी, अंकुश सैनी, शिवकुमार सैनी, बसंत गुप्ता, निशांक जैन समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
सोनीपत के एक गांव में भारतीय वायु सेना में तैनात सैनिक के परिवार की जमीन में घुसकर फसल नष्ट करने और परिवार को धमकाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि प्रवीन उर्फ नाहना अपने 7-8 नकाबपोश हथियारबंद साथियों के साथ खेत में पहुंचा और करीब 1.5 एकड़ में खड़ी बाजरे की खड़ी फसल पर लाल महिंद्रा ट्रैक्टर चलाकर रौंद दिया। इससे पहले मई में भी उसके पिता के साथ हथियार लेकर खेत में पहुंचने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया था। पुलिस ने अब मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मई में पिता पर हमले के प्रयास का आरोप सोनीपत के गांव रिढाऊ के रहने वाले सैनिक सोनू ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 19 मई 2026 को शाम करीब 4 बजे उसके पिता राजबीर खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान प्रवीन उर्फ नाहना अपने 6-7 नकाबपोश हथियारबंद साथियों के साथ खेत में पहुंचा। आरोप है कि आरोपियों ने हथियार लहराते हुए उसके पिता को जान से मारने की धमकी दी। परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे और 112 पर कॉल की गई, जिसके बाद आरोपी वहां से चले गए। 20 मई को दी थी पुलिस शिकायत सोनू के अनुसार घटना के अगले दिन 20 मई को थाना खरखौदा में शिकायत दी गई थी। शिकायत की संख्या 13239051072600038 बताई गई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि उस समय पुलिस ने आरोपी प्रवीन को बुलाकर चेतावनी दी थी। इस घटना से संबंधित वीडियो और फोटो भी पुलिस को दिए गए हैं। 30 अगस्त को ट्रैक्टर से रौंदी बाजरे की फसल शिकायत के मुताबिक 30 अगस्त को दोपहर करीब 1 बजे प्रवीन उर्फ नाहना लाल रंग के महिंद्रा ट्रैक्टर के साथ खेत में पहुंचा। आरोप है कि उसने करीब 1.5 एकड़ में खड़ी बाजरे की फसल को ट्रैक्टर से कुचलकर नष्ट कर दिया। जमीन का विवरण ग्राम रिढाऊ, खेवट नंबर 215, किला नंबर 6/14/1 और 6/17 दिया गया है। 7-8 नकाबपोश साथियों पर धमकी देने का आरोप सोनू ने आरोप लगाया कि प्रवीन के साथ 7-8 नकाबपोश हथियारबंद लोग भी थे। परिवार के सदस्यों ने फसल नष्ट करने से रोकने का प्रयास किया तो आरोपियों ने गाली-गलौज की और पूरे परिवार को जान से खत्म करने की धमकी दी। घटना का वीडियो भी पेन ड्राइव में पुलिस को सौंपा गया है। ऑपरेशन सिंदूर में योगदान, सुरक्षा के लिए पुलिस के चक्कर सोनू ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी वह सक्रिय ड्यूटी पर तैनात था और अभियान से जुड़ी जिम्मेदारियों में उसकी भूमिका रही। उसके अनुसार, इस दौरान एयरक्राफ्ट में मिसाइल लगाने समेत अन्य तकनीकी एवं परिचालन गतिविधियों में उसने महत्वपूर्ण योगदान दिया। देश की सुरक्षा में ड्यूटी निभाने के दौरान वह अपने परिवार से दूर रहा, लेकिन इसी बीच उसके परिवार को गांव में विवाद और कथित धमकियों का सामना करना पड़ा। सोनू का आरोप है कि पहली शिकायत के बावजूद परिवार को समय पर कार्रवाई और सुरक्षा नहीं मिली और उन्हें पुलिस प्रशासन के पास बार-बार जाना पड़ा। अब दूसरी घटना के बाद करीब चार महीने पुरानी शिकायत के आधार पर FIR दर्ज हुई है। सैनिक ने परिवार की सुरक्षा को लेकर जताई चिंता शिकायतकर्ता ने बताया कि वह भारतीय वायु सेना में सार्जेंट के पद पर तैनात है और ड्यूटी के कारण घर से दूर रहता है। उसके पिता राजबीर वरिष्ठ नागरिक हैं और परिवार में विकलांग बड़ा भाई भी है। सोनू ने पिता और भाई की सुरक्षा को लेकर पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। वहीं सोनू ने बताया कि खरखौदा थाना पुलिस बार-बार चक्कर कटवाती रही। अंत में डीसीपी नरेन्द्र कादियान के पास शिकायत लेकर गए तो सभी दस्तावेज और वीडियो के आधार पर खरखौदा थाना पुलिस को मामला दर्ज कर कार्रवाई के आदेश दिए हैं। पुलिस ने मामला किया दर्ज पुलिस कार्रवाई के अनुसार शिकायत की जांच के बाद प्रथम दृष्टया धारा 329(3), 324(4) और 62 BNS के तहत मामला बनता पाया गया। इसके बाद चौकी फरमाणा से थाना खरखौदा में केस दर्ज करने के लिए तहरीर भेजी गई।पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार 15 सितंबर 2026 को थाना खरखौदा में मुकदमा दर्ज किया गया।
बलौदाबाजार के हिरमी स्थित अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी के माइंस क्रेशर में मंगलवार शाम करीब 5 बजे हादसे में श्रमिक मनोज साहू (37) की मौत हो गई। मनोज सकलोर का रहने वाला था और कंपनी में क्रेशर अटेंडर के पद पर काम करता था। हादसे के बाद कंपनी प्रबंधन और मृतक के परिवार के बीच बातचीत हुई। इसमें परिवार को 46 लाख रुपए मुआवजा देने और एक सदस्य को नौकरी देने पर सहमति बनी है। जानकारी के अनुसार, मनोज काम के दौरान कन्वेयर बेल्ट की जांच कर रहा था। इसी दौरान अचानक हादसा हो गया। घटना के बाद उसे तुरंत रामपुर स्थित नारायणन अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हालांकि, प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मनोज की मौत कंपनी परिसर में ही हो गई थी। कंपनी गेट के बाहर जुटे ग्रामीण हादसे की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और सामाजिक लोग कंपनी गेट के बाहर जमा हो गए। सुहेला थाना प्रभारी प्रमोद सिंह भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद कंपनी प्रबंधन और मृतक के परिवार के बीच बातचीत शुरू हुई। 46 लाख और नौकरी पर बनी सहमति बातचीत के बाद परिवार को 46 लाख रुपए मुआवजा देने और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने पर सहमति बनी। वहीं, श्रमिकों और ग्रामीणों ने कंपनी में सुरक्षा मानकों की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि काम के दौरान श्रमिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया की जा रही है।
गोरखपुर में प्रदेशीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता:अंडर-17 और अंडर-19 में टीमों का शानदार प्रदर्शन
गोरखपुर में 70वीं प्रदेशीय माध्यमिक विद्यालयी बास्केटबॉल प्रतियोगिता के दूसरे दिन गोरखपुर, वाराणसी और मेरठ मंडल की टीमों का दबदबा रहा। अलग-अलग आयु वर्गों में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कई मुकाबले एकतरफा अंदाज में जीते। अंडर-14 बालिका वर्ग में गोरखपुर ने आगरा को 24-21 और वाराणसी ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय को 14-10 से हराया। प्रयागराज ने अलीगढ़ को 10-0 से पराजित किया। गोरखपुर और वाराणसी की टीमों ने दिखाया दम अंडर-14 बालक वर्ग में गोरखपुर ने आगरा को 27-11 और वाराणसी ने मिर्जापुर को 29-10 से हराया। प्रयागराज ने कानपुर को 36-0 से शिकस्त दी। अंडर-17 बालक वर्ग में गोरखपुर ने अलीगढ़ को 31-8, लखनऊ ने आगरा को 20-4 और मेरठ ने बरेली को 34-5 से हराया। अंडर-19 बालक वर्ग में गोरखपुर ने मिर्जापुर को 46-2 और आजमगढ़ ने बरेली को 27-0 से पराजित किया। अलीगढ़ ने मिर्जापुर को 26-15 से हराया। व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर दिए जरूरी निर्देश भारतीय बास्केटबॉल टीम के पूर्व खिलाड़ी अनंत सिंह ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर मुकाबलों का शुभारंभ कराया। संयुक्त शिक्षा निदेशक सतीश सिंह ने सैयद मोदी रेलवे स्टेडियम और महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज में चल रही प्रतियोगिता व आवासीय व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने आयोजन समिति को खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और प्रबंधकों को किसी तरह की असुविधा न होने देने के निर्देश दिए। इस दौरान मैच ऑब्जर्वर विभोर रघुवंशी, मिथिलेश शर्मा, डॉ. अरुणेंद्र राय, संतोष सिंह, अवनीश राय, अभय प्रताप सिंह सहित निर्णायक मौजूद रहे।
हमीरपुर जिले के मौदहा कस्बे में रेलवे अंडरपास में भरे पानी और कीचड़ से बचने के लिए रेलवे पटरी पार करना एक युवक को भारी पड़ गया। बुधवार सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकला युवक ट्रेन की चपेट में आकर गंभीर घायल हो गया।
बस्ती परिक्षेत्र के डीआईजी संजीव त्यागी ने मंगलवार को खलीलाबाद के सर्किट हाउस में एसपी संदीप कुमार मीना की मौजूदगी में जिले के सभी अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस बैठक में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिस के कामकाज की समीक्षा कर जरूरी निर्देश दिए गए। डीआईजी ने अपराधियों के खिलाफ गुंडा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और जिलाबदर की कार्रवाई तेज करने को कहा। उन्होंने लंबित जांचों, आगे की जांचों, विभागीय कार्रवाई और शुरुआती जांचों को समय पर और अच्छी गुणवत्ता के साथ निपटाने पर जोर दिया। गंभीर और अनसुलझे अपराधों को जल्द सुलझाने के निर्देश भी दिए गए। भूमि विवादों के स्थायी समाधान पुलिसिंग को और पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए यक्ष ऐप का शत-प्रतिशत सही उपयोग करने पर जोर दिया गया। भूमि विवादों के स्थायी समाधान के लिए राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम बनाकर उन्हें निपटाने को कहा गया। आगामी त्योहारों को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च निकालने, पीस कमेटी की बैठकें करने और सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। डीआईजी संजीव त्यागी ने मंगलवार शाम महुली थाने का औचक निरीक्षण भी किया। इस दौरान उन्होंने थाना परिसर, कार्यालय, मालखाना, बैरक और शस्त्रागार का जायजा लिया। उन्होंने रिकॉर्ड के रखरखाव, लंबित आवेदनों और जांचों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने लंबित जांचों को अच्छी गुणवत्ता के साथ निपटाने और लोगों की शिकायतों का निष्पक्ष और तुरंत समाधान करने के निर्देश दिए। फरार अपराधियों और वारंटियों की गिरफ्तारी, रात की गश्त और संदिग्ध वाहनों की चेकिंग तेज करने को भी कहा गया। निरीक्षण के दौरान थाना परिसर में बेहतर साफ-सफाई मिलने पर डीआईजी ने एसओ दुर्गेश पांडेय की तारीफ की। उन्होंने पुलिसकर्मियों को आम जनता से शालीन व्यवहार करने और शिकायतकर्ताओं की समस्या पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस दौरान एसपी संदीप कुमार मीना और सीओ धनघटा अभय नाथ मिश्र भी मौजूद थे। मंगलवार को जागरुकता कार्यक्रम आयोजित खलीलाबाद क्षेत्र के भुजैनी स्थित गंगा देवी कपिल देव तिवारी पीजी कॉलेज में मंगलवार को जागरुकता कार्यक्रम आयोजित हुआ। मुख्य अतिथि डीआईजी संजीव त्यागी व विशिष्ट अतिथि एसपी संदीप कुमार मीना रहे।डीआईजी ने छात्राओं व महिलाओं को आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112, 1090, 1076, 1098 और साइबर हेल्पलाइन 1930 की जानकारी दी। 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की अपील ओटीपी फ्रॉड, सोशल मीडिया हैकिंग और फाइनेंशियल फ्रॉड जैसे साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए और व्यक्तिगत डेटा सुरक्षित रखने को कहा। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की।एसपी ने मिशन शक्ति, पिंक बूथ और महिला अधिकारों के बारे में जागरूक किया। अधिकारियों ने छात्राओं के सवालों का जवाब देकर उनकी शंकाओं का समाधान किया। इस दौरान एएसपी सुशील कुमार सिंह, सीओ प्रियम राजशेखर पांडेय, कोतवाल जय प्रकाश दूबे, क्राइम इंस्पेक्टर जय प्रकाश चौबे आदि मौजूद रहे।
Kangra News: नगरोटा बगवां में 18 से दौड़ेंगी 10 ई-बसें, बाली करेंगे रवाना
विधानासभा क्षेत्र नगरोटा बगवां के लोगों को जल्द ही 10 इलेक्ट्रिक बसों की सुविधा मिलने जा रही है।
नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की सजा:बाराबंकी कोर्ट ने 70 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया
बाराबंकी में पॉक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश श्रीकृष्ण चंद्र सिंह ने एक नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को दोषी ठहराया है। मंगलवार शाम अदालत ने दोषी राका उर्फ राकेश कुमार को 20 साल जेल की सजा सुनाई। उस पर 70 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। यह जुर्माना पीड़िता को दिया जाएगा। विशेष लोक अभियोजक लव त्रिपाठी ने बताया कि बड्डूपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता के पिता ने 10 अगस्त 2023 को पुलिस को शिकायत दी थी। उन्होंने बताया था कि वह मजदूरी करने महमूदाबाद गए थे, जबकि उनकी पत्नी खेत पर काम कर रही थी। इस दौरान उनकी नाबालिग बेटी घर पर अकेली थी। परिजनों ने शुरू की तलाश दोपहर करीब दो बजे जब पत्नी खेत से घर लौटी, तो बेटी घर पर नहीं मिली। जानकारी करने पर पता चला कि वह दोपहर करीब 12 बजे घर से कहीं चली गई थी। परिजनों ने उसकी काफी तलाश की। जांच के दौरान पता चला कि पीड़िता जिस कोल्ड स्टोरेज में अपने पिता को खाना देने जाती थी, वहां काम करने वाला बिहार के खगरिया जिले का एक युवक उसे बहलाकर अपने साथ ले गया था। आरोप है कि उसे भगाने में खगरिया निवासी एक अन्य युवक ने भी मदद की थी। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने सात गवाह पेश किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने राका उर्फ राकेश कुमार को दोषी माना और उसे 20 साल जेल तथा 70 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
भदोही के सुरियावां थाना क्षेत्र के जीयनपुर गांव में मंगलवार रात मकान निर्माण के दौरान छत का लेंटर और शटरिंग अचानक गिर गई। हादसे में वहां मौजूद कुछ लोग मलबे के नीचे दब गए। घटना में बीरमपुर निवासी चंद्रेश कुमार उर्फ सभापति (50) की मौके पर मौत हो गई, जबकि बैरीपरवा निवासी बल्लू (40) को मामूली चोटें आईं। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के ग्रामीण राहत-बचाव के लिए पहुंच गए। पुलिस के अनुसार, मंगलवार रात करीब 8:20 बजे जीयनपुर में मकान निर्माण के दौरान लेंटर गिरने की सूचना मिली थी। जानकारी मिलते ही सुरियावां पुलिस मौके पर पहुंची। हादसे की गंभीरता को देखते हुए फायर ब्रिगेड और दुर्गागंज समेत अन्य थानों की पुलिस को भी बुलाया गया। पुलिस और ग्रामीणों ने मलबा हटाकर उसके नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला। मकान संतलाल पुत्र छोटेलाल का बताया गया है। यहां छत की ढलाई के लिए शटरिंग लगाई गई थी। निर्माण कार्य के दौरान अचानक शटरिंग और लेंटर नीचे आ गया। मलबे में दबने से चंद्रेश कुमार उर्फ सभापति की मौत हो गई। वहीं बल्लू को मामूली चोटें आईं और पुलिस के मुताबिक उनकी हालत खतरे से बाहर है। ढलाई के दौरान अचानक नीचे आ गया लेंटर जीयनपुर गांव में संतलाल के मकान का निर्माण कार्य चल रहा था। मंगलवार रात छत की ढलाई के दौरान शटरिंग और लेंटर अचानक गिर गया। तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और मलबे में दबे लोगों को निकालने में जुट गए। कुछ ही देर में पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गई। बचाव दल और ग्रामीणों ने मलबा हटाकर चंद्रेश कुमार उर्फ सभापति को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। चंद्रेश सुरियावां थाना क्षेत्र के बीरमपुर गांव के रहने वाले थे। हादसे की सूचना मिलते ही उनके परिजन भी मौके पर पहुंच गए। मौत की खबर से परिवार में मातम छा गया। हादसे में बैरीपरवा निवासी बल्लू पुत्र स्वर्गीय शमसुद्दीन भी घायल हुए। पुलिस के अनुसार, उन्हें मामूली चोटें आई हैं और उनकी हालत खतरे से बाहर है। एएसपी और सीओ ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा हादसे की सूचना के बाद अपर पुलिस अधीक्षक भदोही शुभम अग्रवाल और सीओ भदोही सुमित कुमार त्रिपाठी भी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लिया और पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मौके पर सुरियावां, दुर्गागंज और अन्य थानों का पुलिस बल मौजूद रहा। अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने बताया कि 15 सितंबर की रात करीब 8:20 बजे जीयनपुर में मकान निर्माण के दौरान छत का लेंटर गिरने की सूचना मिली थी। सूचना पर स्थानीय पुलिस, फायर ब्रिगेड और अन्य थानों की पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। उन्होंने बताया कि लेंटर और शटरिंग गिरने से चंद्रेश कुमार उर्फ सभापति की दबकर मौत हुई है, जबकि बल्लू को मामूली चोटें आई हैं। शव कब्जे में लेकर शुरू की कानूनी कार्रवाई घटना के बाद पुलिस ने चंद्रेश के शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा समेत आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी। हादसे के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए। पुलिस ने मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखी। पुलिस के अनुसार, फिलहाल गांव में स्थिति सामान्य है। हादसे से जुड़े आवश्यक तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है। निर्माण के दौरान शटरिंग और लेंटर गिरने की इस घटना के बाद ग्रामीणों के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा बनी हुई है।
PGI चंडीगढ़ में इलाज के दौरान बुजुर्ग की मौत:यमुनानगर में ट्रक ने बाइक को मारी थी टक्कर; साथी घायल
यमुनानगर शहर के भोजपुर रोड पर जगदंबा प्लाई बोर्ड के सामने तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक को साइड से टक्कर मार दी। हादसे में बाइक पर सवार 61 वर्षीय व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके सिर, कान और मुंह से खून निकलने लगा। गंभीर हालत में उसे पहले सिविल अस्पताल यमुनानगर, फिर GMCH सेक्टर-32 चंडीगढ़ और इसके बाद PGI सेक्टर-12 चंडीगढ़ रेफर किया गया, जहां मंगलवार शाम को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। हादसे में बाइक चला रहा 37 वर्षीय बंटी शर्मा भी घायल हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंच शव कब्जे में लिया और आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। टक्कर लगने से दोनों बाइक सहित सड़क पर गिरे जगाधरी के अमर विहार निवासी बंटी शर्मा ने बताया कि वह गांव सुघ-अमादलपुर रोड स्थित चैम्पियन प्लाई बोर्ड कंपनी में काम करता है। उसके साथ पुराना हमीदा निवासी विनोद कुमार भी काम करता था। सोमवार सुबह करीब 9 बजे दोनों फैक्ट्री के मुंशी की स्प्लेंडर बाइक लेकर फैक्ट्री का सामान लेने तेजली की तरफ जा रहे थे। बाइक वह चला रहा था। करीब साढे नौ बजे जब वे भोजपुर रोड पर जगदंबा प्लाई बोर्ड के सामने मोड़ पर पहुंचे, तो सामने से तेज रफ्तार ट्रक आया। आरोप है कि ड्राइवर ने गफलत और लापरवाही से ट्रक चलाते हुए बाइक को साइड से टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही दोनों बाइक समेत सड़क पर गिर गए। विनोद का सिर सड़क से टकराया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। वहीं उसके बाएं पैर और दाएं कूल्हे में चोट लगी। ट्रक ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज हादसे के बाद ट्रक ड्राइवर ने कुछ देर के लिए ट्रक रोका, लेकिन इसके बाद ट्रक लेकर भोजपुर की तरफ फरार हो गया। राहगीरों ने दोनों घायलों को उठाकर एक कार से सिविल अस्पताल पहुंचाया।विनोद की हालत गंभीर होने के कारण उसे GMCH सेक्टर-32 चंडीगढ़ रेफर किया गया। वहां से उसे PGI सेक्टर-12 चंडीगढ़ भेज दिया गया। पीजीआई में इलाज के दौरान मंगलवार को विनोद कुमार की मौत हो गई। जगाधरी सिटी थाना प्रभारी विरेंद्र सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। वहीं बंटी शर्मा के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर अज्ञात ट्रक ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस आरोपी ट्रक ड्राइवर की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई कर रही है।
जौनपुर के लाइन बाजार थाना क्षेत्र के हुसेनाबाद में पुलिस ने राजस्व रिकॉर्ड में गलत नाम दर्ज करने के आरोप में FIR दर्ज की है। यह मुकदमा उस समय के राजस्व निरीक्षक और लेखपाल के खिलाफ हुआ है, जो अब रिटायर हो चुके हैं। यह मामला साल 2014 का है। लेखपाल अरुण कुमार यादव ने थाने में शिकायत दी थी। शिकायत के अनुसार, हुसेनाबाद पर हवेली स्थित कायस्थ पाठशाला और मुक्तेश्वर प्रसाद के नाम पर जमीन दर्ज थी। आरोप है कि उस समय के राजस्व निरीक्षक जयसिंह मौर्य और लेखपाल फूलचंद यादव ने कब्जे के आधार पर कायस्थ पाठशाला और मुक्तेश्वर प्रसाद की जगह कमला देवी पत्नी रतन बहादुर सिंह का नाम दर्ज कर दिया। कमला देवी बदलापुर के गजाधर की रहने वाली हैं। पुलिस कर रही मामले की जांच इस नाम बदलने को लेकर उपा देवी पत्नी हरेंद्र प्रताप सिंह ने कई स्तरों पर शिकायत की थी। उपा देवी केराकत के लकठेपुर की निवासी हैं। बड़े अधिकारियों से बातचीत के बाद, संबंधित राजस्व निरीक्षक और लेखपाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया गया। लाइन बाजार के थानाध्यक्ष केके सिंह ने बताया कि पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज में मरीजों के लिए केंद्रीय प्रयोगशाला शुरू कर दी गई है। इससे मरीजों को आधुनिक और तुरंत जांच की सुविधाएं मिलेंगी। अब उन्हें खास जांचों के लिए निजी पैथोलॉजी सेंटर या दूसरे शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। इस पहल से जांच में लगने वाला समय और खर्च दोनों कम होने की उम्मीद है। यह केंद्रीय प्रयोगशाला आधुनिक मशीनों से लैस है। इसमें जल्द ही कई जरूरी और खास जांचें शुरू की जाएंगी। इनमें रेटिकुलोसाइट काउंट, एचएस-सीआरपी, पीसीटी, डी-डाइमर, एंटी-टीपीओ, फ्री पीएसए, फ्री टी-3, एएफपी, सीईए, सीए-125, सीए 19-9, एनटी-प्रोबीएनपी और थैलेसीमिया प्रोफाइल जैसी जांचें शामिल हैं। पेशाब संबंधी जांच की सुविधा इसके साथ ही यूरिनरी माइक्रोएल्ब्यूमिन, माइक्रोप्रोटीन और यूएसीआर जैसी पेशाब संबंधी जांच की सुविधा भी 24 घंटे मिलेगी। इन जांचों से डॉक्टरों को दिल की बीमारी, संक्रमण, थायरॉयड संबंधी बीमारी, कैंसर के ट्यूमर मार्कर, किडनी की बीमारी और थैलेसीमिया का पता लगाने में मदद मिलेगी। केंद्रीय प्रयोगशाला के नोडल अधिकारी प्रो. मनोज कुमार गुप्ता और को-नोडल अधिकारी डॉ. आमोद कुमार ने बताया कि इसका मकसद मरीजों को अच्छी क्वालिटी वाली और जरूरी खास जांचें एक ही जगह उपलब्ध कराना है। इससे मरीजों को जांच के लिए बाहर जाने की जरूरत कम होगी। केंद्रीय प्रयोगशाला शुरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मुकेश यादव ने कहा कि केंद्रीय प्रयोगशाला शुरू होने से मरीजों को बहुत राहत मिलेगी। संस्थान में ही आधुनिक जांच सुविधाएं मिलने से डॉक्टरों को बीमारी पहचानने और इलाज करने में भी आसानी होगी।
मुरैना में चंबल नदी से अवैध रेत उत्खनन, परिवहन और भंडारण रोकने के लिए पुलिस ने रात में निगरानी और चेकिंग बढ़ा दी है। मंगलवार रात पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीना ने जिले में बनाए गए स्थायी और अस्थायी नाकों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की सतर्कता और संदिग्ध वाहनों की चेकिंग व्यवस्था देखी। देवरी से रेलवे स्टेशन तक व्यवस्था देखी SP ने रात के निरीक्षण के दौरान वन विभाग चेक पोस्ट देवरी, देवपुरी मंदिर और अल्लावेली चौकी पोस्ट समेत कई संवेदनशील इलाकों का दौरा किया। इसके अलावा शहर के रेलवे स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में भी पुलिस व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने नाकों पर तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से रात की ड्यूटी और निगरानी व्यवस्था की जानकारी ली। रेत से भरे वाहनों के दस्तावेज जांचने के निर्देश SP ने चंबल नदी के घाटों से निकलने वाले संभावित रास्तों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रात में आने-जाने वाले संदिग्ध वाहनों की सघन जांच की जाए। रेत परिवहन करने वाले वाहनों के दस्तावेज और रेत ले जाने की अनुमति भी जांचने के निर्देश दिए गए हैं। किसी तरह की अनियमितता मिलने पर संबंधित विभाग से समन्वय कर कार्रवाई करने को कहा गया है। संवेदनशील रास्तों पर लगातार पेट्रोलिंग SP ने रात्रि ड्यूटी में तैनात पुलिस बल को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। संदिग्ध वाहन या अवैध रेत उत्खनन-परिवहन से जुड़ी जानकारी मिलने पर तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देने को कहा। संवेदनशील इलाकों और रेत परिवहन के संभावित रास्तों पर लगातार पेट्रोलिंग के साथ अचानक चेकिंग करने के निर्देश भी दिए गए हैं। अवैध रेत पर कार्रवाई जारी रहेगी SP धर्मराज मीना ने कहा कि चंबल नदी से अवैध रेत उत्खनन और परिवहन को रोकने के लिए पुलिस की निगरानी लगातार जारी रहेगी। स्थायी और अस्थायी नाकों पर खासकर रात के समय चेकिंग बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि अवैध रेत उत्खनन, परिवहन या भंडारण में संलिप्त पाए जाने वाले लोगों और वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मुजफ्फरनगर में शहर कोतवाली क्षेत्र के बुढ़ाना-पीनना गांव में मंगलवार सुबह गार्ड सुभाष बालियान की गोली मारकर हत्या के बाद परिवार में गम और गुस्सा है। मृतक के छोटे बेटे सागर ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस से एनकाउंटर करने की मांग की है। सागर का कहना है कि जिस तरह उसके पिता की गोली मारकर हत्या की गई, उसी तरह पुलिस को भी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। उसका यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बेटे ने कहा- कातिलों का एनकाउंटर हो शाहपुर थाना क्षेत्र के किनोनी गांव निवासी सुभाष बालियान के छोटे बेटे सागर ने वायरल वीडियो में कहा, “जिस तरह से मेरे पिता को गोली मारकर मारा गया है, ठीक उसी तरह से पुलिस भी एनकाउंटर में कातिलों को गोली मारे। उनका 100 के 100 परसेंट एनकाउंटर हो।” सागर ने कहा कि अगर आरोपियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई नहीं हुई तो उसे अपनी जान का खतरा है। उसका कहना है कि ऐसी स्थिति में वह अपने पिता की मौत का बदला लेने के लिए मजबूर हो सकता है। बेटे का आरोप- पिता और मुझे दोनों को मारने की थी प्लानिंग सागर ने दावा किया कि हत्या से पहले आरोपियों की ओर से उसे और उसके पिता को घर बुलाया जा रहा था। उसके मुताबिक, “वो लोग मुझे और मेरे पिता को अपने घर बुला रहे थे। उनकी प्लानिंग दोनों को मारना था। इत्तेफाक से हम नहीं गए।” सागर का आरोप है कि दोनों के वहां नहीं जाने के बाद आरोपियों ने उसके पिता को ड्यूटी जाते समय रास्ते में घेर लिया और गोली मार दी। हालांकि, इन आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। बोला- अगर मैं उन्हें नहीं मारूंगा तो वो मुझे मार देंगे सागर ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। उसने कहा, “अगर मैं उन्हें नहीं मारूंगा तो वो मुझे मार देंगे। आज भी वो ऐसा ही करते। अब वो लोग वैसे भी मेरे पीछे पड़ गए हैं। एक ना एक दिन वो मुझे भी मार ही देंगे।” उसके बयान के बाद परिवार की सुरक्षा और हत्या के पीछे की वजह को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। बड़े बेटे के प्रेम प्रसंग को लेकर पहले से चल रहा था विवाद बताया जा रहा है कि सुभाष के बड़े बेटे आकाश का गांव की ही एक लड़की से प्रेम प्रसंग था। दोनों के घर से चले जाने के बाद विवाद शुरू हुआ था। पुलिस ने आकाश को जेल भेज दिया था, जबकि लड़की को मेरठ स्थित नारी निकेतन भेजा गया था। इसी मामले को लेकर दो दिन पहले किनोनी गांव में पंचायत भी हुई थी। पंचायत में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत भी पहुंचे थे। बताया गया कि पंचायत में दोनों पक्षों से अपने-अपने बच्चों को समझाने और एक-दूसरे से अलग रहने की बात कही गई थी। पंचायत के दो दिन बाद सुभाष की गोली मारकर हत्या पंचायत के दो दिन बाद मंगलवार सुबह सुभाष की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों और सागर के बयान की पुलिस जांच कर रही है। पुलिस की विवेचना में यह स्पष्ट होगा कि हत्या के पीछे वास्तविक वजह क्या थी और सागर की ओर से हत्या की साजिश को लेकर लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
गोरखपुर में तीखी धूप से उमस बढ़ी:सुबह से ही लोगों का हाल- बेहाल, 18 सितंबर को तेज बारिश के आसार
गोरखपुर में बुधवार को सुबह से ही तीखी धूप निकली हुई है। हवाओं की रफ्तार बिल्कुल धीमी होने की वजह से काफी ज्यादा उमस महसूस की जा रही है। मौसम वैज्ञानिक कैलाश पांडेय ने बताया कि दो दिनों तक मौसम ऐसे ही मिलाजुला बना रहेगा। इस दौरान शहर और आसपास के इलाकों में छिटपुट बरसात हो सकती है, जिससे उमस और बढ़ने की संभावना है। वहीं 18 सितंबर को गरज- चमक के साथ तेज बारिश का अनुमान है। जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। आज शहर का अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। सितंबर में अब तक 20 प्रतिशत बारिश हुईमौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक सितंबर के महीने अब तक औसत 221 मिमी से 20% यानी 44 मिमी बारिश हुई है। वैज्ञानिक का कहना है कि इस महीने में कुछ दिन रुक-रुक कर 2-3 दिन तक लगातार तेज बारिश की संभावना है, जिससे यह कमी दूर हो सकती है। अगस्त में सिर्फ 47% बारिश हुईवहीं अगस्त के महीने में भी औसत से कम बरसात देखने को मिला। इस महीने का औसत बारिश 332 मिमी है जबकी सिर्फ 155 मिमी बरसात ही रिकॉर्ड किया जा सका है। जो कि टोटल का 47% प्रतिशत है। हैं। जुलाई में टूटा 5 सालों का रिकॉर्डजुलाई महीने में सबसे अच्छी बारिश दर्ज की गई है। जिले में कुल 350 मिमी बारिश हुई। जबकि इस महीने का औसत अनुपात 354 है। यानी कि 99% बारिश रिकॉर्ड की गई थी। इसी महीने में पिछले 5 सालों के बरसात का रिकॉर्ड टूटा था। डॉ. कैलाश पांडेय का कहना है कि इस साल अल नीनो के प्रभाव की वजह से इस तरह की बेतरतीब बारिश देखने को मिली है। हालांकि बहुत ज्यादा असर न पड़ने से काफी ज्यादा राहत है।
जबलपुर के तिलवारा थाना क्षेत्र में 12वीं के छात्र से रुपए और मोबाइल लूटने वाले आरोपी को पुलिस ने वारदात के चंद घंटे बाद गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से लूटे गए 800 रुपए, आईफोन और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल बरामद की गई है। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। भाई को कॉल करने मोबाइल निकाला तो छीना तेवर भेड़ाघाट निवासी 19 वर्षीय रोहित सिंह लोधी ने पुलिस को बताया कि वह आदर्श ज्योति स्कूल, धनवंतरी नगर में कक्षा 12वीं का छात्र है। 14 सितंबर की रात करीब 8:45 बजे वह लम्हेटा बायपास चौराहे पर भेड़ाघाट मोड़ के पास खड़ा था। इसी दौरान चौकीताल निवासी गोलू उर्फ अर्पित पटेल बाइक से वहां पहुंचा। उसने रोहित की जेब से 800 रुपए निकाल लिए। विरोध करने पर थप्पड़ मारे। रोहित ने भाई को कॉल करने के लिए मोबाइल निकाला तो आरोपी ने धक्का देकर आईफोन भी छीन लिया और बाइक से भागने लगा। भागते समय उसकी बाइक डिवाइडर से टकरा गई और वह गिर गया। इसके बाद आरोपी बाइक लेकर मौके से फरार हो गया। केशर बस्ती मोड़ से दबोचा मामला दर्ज होने के बाद पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने आरोपी की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए। तिलवारा थाना पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और आसपास के रास्तों की जांच के साथ मुखबिर तंत्र सक्रिय किया। सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने केशर बस्ती मोड़ पर दबिश देकर अर्पित उर्फ गोलू पटेल (29) निवासी चौकीताल को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने लूट की वारदात स्वीकार की। उसकी निशानदेही पर जेडीए गार्डन के पास छिपाकर रखी मोटरसाइकिल बरामद की गई। आरोपी के कब्जे से 800 रुपए और आईफोन भी जब्त कर लिया गया। पहले से 9 अपराध दर्ज पुलिस के अनुसार आरोपी आपराधिक प्रवृत्ति का है। उसके खिलाफ मारपीट, जुआ एक्ट, हत्या के प्रयास, आबकारी एक्ट और अवैध वसूली सहित 9 मामले पहले से दर्ज हैं। आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी तिलवारा बृजेश मिश्रा के नेतृत्व में उप निरीक्षक उमंग अग्रवाल, प्रधान आरक्षक जयशंकर चौहान, सतीश शुक्ला और आरक्षक शैलेंद्र पाटकर की भूमिका रही।
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में रुद्री थाना पुलिस ने गंगरेल बांध इलाके में हथियार दिखाकर लूट करने वाले गिरोह को पकड़ा है। पुलिस ने मामले में 2 नाबालिग समेत 4 आरोपियों को पकड़ा है। आरोपियों के पास से लूटी गई नकदी, मोबाइल, चाकू और वारदात में इस्तेमाल वाहन बरामद किए गए हैं। घटना मानव वन मोड़ के पास हुई थी। जानकारी के मुताबिक, ढालसिंग नेताम (27), निवासी ग्राम खिरकीटोला, शाम को मानव वन के आगे तालाब मोड़ के पास से गुजर रहे थे। इसी दौरान दो मोटरसाइकिलों पर सवार अज्ञात लोगों ने उनका रास्ता रोक लिया। आरोपियों ने धारदार हथियार दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद जेब से 6 हजार रुपए नकद और मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए। पूछताछ में जुर्म कबूल करने का दावा ढालसिंग नेताम की शिकायत पर रुद्री थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने लूट करना स्वीकार किया। इसके बाद कार्यपालिक दंडाधिकारी (तहसीलदार) के सामने उनकी पहचान कराई गई। नकदी, मोबाइल और हथियार बरामद पुलिस ने आरोपियों के पास से लूटी गई नकदी, मोबाइल फोन, वारदात में इस्तेमाल चाकू, मोटरसाइकिल और स्कूटी बरामद की। इन सामानों को गवाहों के सामने जब्त किया गया। 2 बालिग आरोपी जेल भेजे गए बालिग आरोपियों में निशांत उर्फ दीपू ध्रुव (23), निवासी दानीटोला और भरत यादव (22), निवासी दानीटोला महिमासागर वार्ड शामिल हैं। दोनों को आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। दो नाबालिगों को भी संरक्षण में लिया गया है। धमतरी में जंगल में जुआ खेलते 5 गिरफ्तार धमतरी के नगरी थाना क्षेत्र में पुलिस ने नंगरानाला जंगल में जुआ खेलते 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से 16 हजार रुपए नकद, 7 मोबाइल फोन और 4 मोटरसाइकिलें जब्त की हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 1.43 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस को सूचना मिली थी कि नंगरानाला जंगल के अंदर कुछ लोग जुआ खेल रहे हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी। यहां 5 लोग जुआ खेलते मिले। पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया और उनके पास से नकदी, मोबाइल और मोटरसाइकिलें जब्त कीं। 16 हजार नकद, 7 मोबाइल और 4 बाइक जब्त पुलिस के मुताबिक, मौके से 16 हजार रुपए नकद मिले। इसके अलावा करीब 27 हजार रुपए कीमत के 7 मोबाइल फोन और लगभग 1 लाख रुपए कीमत की 4 मोटरसाइकिलें जब्त की गईं। इस तरह कुल 1 लाख 43 हजार रुपए का सामान जब्त किया गया। पुलिस ने गिरफ्तारी और जब्ती की जानकारी प्रेस विज्ञप्ति के जरिए दी है। हालांकि, जब्त किए गए 7 मोबाइल और 4 मोटरसाइकिलों की तस्वीरें जारी नहीं की गई हैं। जुआ एक्ट के तहत कार्रवाई गिरफ्तार आरोपियों में भानेंद्र कुमार साहू (21), दिनेश तिवारी (55), राजकुमार भारद्वाज (54), प्रकाश नेताम (40) और संदीप छत्तर (45) शामिल हैं। सभी नगरी थाना क्षेत्र, जिला धमतरी के रहने वाले हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ जुआ एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई की है।
वाराणसी के गंगा घाट पर 5 फीट सिल्ट जमा:गंगा का जलस्तर घटने लगा, अगले 3-4 दिन तेज धूप होगी
वाराणसी में बुधवार को मौसम बदला नजर आया। आसमान में हल्के बादल छाए रहे और दिन का तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की रफ्तार करीब 6 किलोमीटर प्रति घंटा रही। मौसम विभाग ने दिनभर हल्की बारिश की संभावना जताई है। गंगा के जलस्तर में लगातार गिरावट से तटवर्ती इलाकों में राहत की उम्मीद बढ़ी है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार प्रयागराज में गंगा का जलस्तर करीब 1 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घट रहा है, जिसका असर वाराणसी में भी दिखाई दे रहा है। अस्सी घाट पर बाढ़ का पानी ‘सुबह-ए-बनारस’ मंच से पूरी तरह हट गया है। हालांकि, घाटों पर करीब 5 फीट तक जमा सिल्ट, मिट्टी और कचरे से श्रद्धालुओं, दुकानदारों और नाविकों की मुश्किलें अभी बनी हुई हैं। घटने के बाद घटने लगा गंगा का जलस्तर केंद्रीय जल आयोग के अनुसार प्रयागराज में गंगा का जलस्तर करीब एक सेंटीमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से घट रहा है। इसका असर वाराणसी में भी दिखाई दे रहा है। जलस्तर में गिरावट के साथ ही कई घाटों पर पानी पीछे हटने लगा है। अस्सी घाट पर बाढ़ का पानी अब ‘सुबह-ए-बनारस’ मंच से पूरी तरह हट चुका है। मंच और आसपास के हिस्से की सफाई का काम शुरू कर दिया गया है। बाढ़ के दौरान जमा हुई मिट्टी, कचरे और गाद को हटाने में स्थानीय लोग और दुकानदार जुटे हैं। लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया- यूपी में मानसून अभी सक्रिय है। बंगाल की खाड़ी में सिस्टम बना हुआ है। इसके चलते अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। पूर्वी यूपी में बारिश की ज्यादा संभावना है। घाट पर जमे सिल्ट ने बढ़ाई मुश्किल घाट किनारे दुकान लगाने वाले लोगों की परेशानी भी बढ़ गई है। दुकानदारों का कहना है कि वे अपने स्तर पर पंप लगाकर सिल्ट और पानी की सफाई कर रहे हैं। उनका कहना है कि घाटों की सफाई की जिम्मेदारी प्रशासन और नगर निगम को उठानी चाहिए, क्योंकि बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक यहां स्नान और भ्रमण के लिए पहुंच रहे हैं। सफाई नहीं होने से कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। 90 फीसदी नाविकों की आजीविका संकट में शम्भू निषाद ने बताया कि 90 फीसदी नाविक हर दिन गंगा में नाव संचालन करके अपनी आजीविका चलाते हैं। लेकिन अब उन्हें अपनी जिंदगी उधार के पैसों पर चलानी पड़ रही है। इतना ही नहीं, कई परिवार किराए के मकान में रहते हैं जो अपने घर का किराया भी नहीं दे पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 30 दिन हो गये लेकिन एक रूपया नहीं कमा पायपाते है लोग। शम्भू निषाद ने बताया कि बाढ़ के कारण नाविक घर को छोड़कर रातभर नाव पर रहकर ही देखभाल कर रहे हैं ताकि उनकी नावें बाढ़ में बहकर कहीं और न चली जाएं बाकायदा इसके लिए शिफ्ट में नाविक नाव पर ड्यूटी दे रहे हैं।
पंचकुला पुलिस की एंटी नारकोटिक सैल ने अफीम के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले का रहने वाला है और फिलहाल पंचकुला के शाहपुर गांव में किराए के मकान में रहकर कालका, पिंजौर और मढ़ावाला इलाके में अफीम की सप्लाई करता था। एंटी नारकोटिक सैल में तैनात ASI प्रदीप कुमार ने बताया कि उन्हें मुखबिर खास से पक्की सूचना मिली थी कि बदायूं निवासी रणवीर (30), पुत्र प्रेम राज, हाल निवासी गांव शाहपुर, शाम करीब 4 बजे टिपरा गांव के पीछे खाली मैदान में किसी को अफीम देने आने वाला है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए रणनीति बनाई। टिपरा गांव से पकड़ापुलिस टीम चालक सिपाही कुलवंत की गाड़ी में मुखबिर को साथ लेकर मौके पर पहुंची। शिमला-जीरकपुर हाईवे से टिपरा गांव के पीछे खाली मैदान की तरफ जाने पर एक युवक दिखाई दिया, जिसकी पहचान मुखबिर ने रणवीर के रूप में की। जब आरोपी की तलाशी ली गई, तो उसकी टी-शर्ट के नीचे पेट पर बंधे सफेद डिब्बीदार कपड़े में से पारदर्शी पॉलीथिन में रखी 682 ग्राम अफीम बरामद हुई। रिमांड पर लेकर होगी पूछताछपंचकूला के कालका थाना में आरोपी रणवीर के खिलाफ धारा 18 NDPS ACT के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच कर रहे ASI नरेश कुमार ने बताया कि आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। रिमांड के दौरान आरोपी से पूछताछ होगी कि उसने कहां से अफीम खरीदी थी।
जौहर ट्रस्ट पर आयकर विभाग का शिकंजा, 500 करोड़ से अधिक की वसूली की तैयारी
आयकर विभाग ने जौहर ट्रस्ट से 450 करोड़ रुपये की अघोषित आय पर कर, जुर्माना और ब्याज वसूलने की तैयारी शुरू कर दी है, जिसकी कुल राशि 500 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है।
चित्रकूट में चाय-नाश्ते की दुकान पर हमला:6 आरोपी गिरफ्तार; पिस्टल-कट्टा और 8 कारतूस जब्त
सतना जिले के चित्रकूट थाना क्षेत्र में चाय-नाश्ते की दुकान चलाने वाले पिता-पुत्र और उनके कर्मचारी से मारपीट के मामले में पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक फोर व्हीलर, 32 बोर की पिस्टल, 315 बोर का देशी कट्टा और 8 जिंदा कारतूस जब्त किए हैं। घटना 13 सितंबर की शाम करीब 7 बजे की है। बृजनरेश सिंह परिहार (53), निवासी वार्ड क्रमांक-11, अपनी चाय-नाश्ते की दुकान पर काम कर रहे थे। उनका बेटा अंकित कुछ दोस्तों के साथ गणेश प्रतिमा स्थापित करने की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान गुड्डू यादव और शिवम पाल सहित करीब डेढ़ दर्जन लोग दो फोर व्हीलर गाड़ियों से वहां पहुंचे। पुलिस के अनुसार, पुराने विवाद को लेकर आरोपियों ने अंकित और उसके दोस्त मनीष के साथ लाठी-डंडों से मारपीट शुरू कर दी। बृजनरेश और दुकान कर्मचारी दयाराम सेन बीच-बचाव करने पहुंचे तो उनके साथ भी मारपीट की गई। आरोपियों ने दुकान में तोड़फोड़ भी की। सीसीटीवी में कैद हुई घटना मारपीट और तोड़फोड़ की पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। आसपास के लोगों के इकट्ठा होने पर हमलावर गाड़ियों में बैठकर वहां से भाग गए। पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ था। बगदरा घाटी के जंगल में मिली आरोपियों की लोकेशन पुलिस को तलाश के दौरान मुखबिर से आरोपियों के बारे में सूचना मिली। इसके बाद पुलिस ने बगदरा घाटी के जंगल में छापेमारी कर 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में वरुण सेन (31), निवासी कैलहा, थाना बहिलपुरवा, हाल सती अनुसुइया; सुमित उर्फ मथुरिया पांडेय (18), निवासी लालापुर, हाल गुप्त गोदावरी; योगेन्द्र (23), निवासी सिरसावन; देवांश उर्फ लल्ला (25), निवासी गुप्त गोदावरी; कार्तिक यादव (21), निवासी नादी, थाना पहाड़ी और शिवम पाल (19), निवासी कर्वी, जिला चित्रकूट-यूपी शामिल हैं। पिस्टल और कट्टे के साथ 8 कारतूस मिले पुलिस के अनुसार, वरुण सेन के पास से 32 बोर की पिस्टल और 6 जिंदा राउंड से लोड मैग्जीन मिली। सुमित उर्फ मथुरिया के पास से 315 बोर का देशी कट्टा और 2 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। अन्य आरोपियों के पास से हॉकी और बेसबॉल बैट मिले। पुलिस ने एक बोलेरो गाड़ी भी जब्त की है। दो आरोपी जेल भेजे, चार की रिमांड मंजूर पूछताछ के बाद कार्तिक यादव और शिवम पाल को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया। वहीं, अन्य चार आरोपियों की पुलिस रिमांड मंजूर कराई गई है।

