आज बसंत पंचमी है। मौके पर गुरुवार को प्रयागराज के माघ मेले में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। चौथे प्रमुख स्नान पर्व पर गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम की ओर सुबह से ही श्रद्धालुओं का रेला बढ़ता जा रहा है। संगम और आसपास के सभी घाटों पर भारी भीड़ देखी जा रही है। श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। मेला क्षेत्र में पुलिस, एटीएस और पैरामिलिट्री फोर्स के जवान तैनात हैं। एआई और आईटीएमएस कंट्रोल रूम से पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए कंट्रोल रूम को अलर्ट मोड पर रखा गया है। भीड़ नियंत्रण के लिए मेला क्षेत्र में वाहनों की एंट्री पूरी तरह बंद कर दी गई है। श्रद्धालुओं के स्नान के लिए 24 घाट तैयार किए गए हैं। बसंत पंचमी, अचला सप्तमी और सप्ताहांत को देखते हुए प्रशासन ने रूट डायवर्जन की व्यवस्था भी लागू की है। प्रशासन का अनुमान है कि इन तीन दिनों में करीब 3.5 करोड़ श्रद्धालु संगम में स्नान कर सकते हैं। बढ़ती भीड़ को देखते हुए लगातार अनाउंसमेंट कर श्रद्धालुओं से घाटों पर ठहराव न करने की अपील की जा रही है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार पंचमी तिथि गुरुवार रात 2:28 बजे से शुरू हुई है, जो 23 जनवरी की रात 1:56 बजे तक रहेगी। इस दौरान त्रिवेणी में स्नान, पीले वस्त्र और पीले अन्न का दान विशेष पुण्यकारी माना गया है। वहीं 25 जनवरी को अचला सप्तमी का पर्व मनाया जाएगा, जिसे पुत्र सप्तमी और भानु सप्तमी भी कहा जाता है।
साइबर अपराधियों ने एक सेवानिवृत्त महिला प्रोफेसर को शेयर बाजार में निवेश का झांसा देकर 78.60 लाख रुपए ठग लिए। जालसाजों ने पीड़िता को निवेश करने पर मोटा मुनाफा दिलाने का प्रलोभन दिया। पीड़िता की शिकायत पर साइबर अपराध थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सेक्टर-56 में रहने वाली नीरू मेहता ने पुलिस को बताया कि वह सेवानिवृत्त प्रोफेसर हैं। 16 नवंबर 2025 को उनके वॉट्सऐप पर रिया कपूर नामक महिला के मोबाइल से एक मैसेज आया। मैसेज में शेयर बाजार में निवेश करने पर मोटा मुनाफा दिलाने का प्रलोभन दिया गया था। मैसेज के साथ एक लिंक भी आया था। उस पर क्लिक करने पर वह एक वाट्स ग्रुप से जुड़ गईं। ग्रुप में 104 सदस्य जुड़े हुए थे। वॉट्सऐप ग्रुप पर लोग निवेश करने और लाभ की जानकारी साझा कर रहे थे। उस ग्रुप को 22 जुलाई 2025 को बनाया गया था। उस ग्रुप के एडमिन सहायक प्रोफेसर गगन जोशी था। उसने चैटिंग के जरिए शेयर बाजार में निवेश करने के बारे में जानकारी दी। 27 नवंबर को जालसाजों ने उन्हें बताया कि निवेश करने के बाद होने वाले लाभ पर उन्हें सिर्फ 15 प्रतिशत सेवा शुक्ल देना होगा। ऐप डाउनलोड कराकर खाता खोला10 दिसंबर को दिसंबर को रिया कपूर ने उनके मोबाइल फोन में एक ऐप डाउनलोड कराकर खाता खोलने की जानकारी दी। इसके बाद से उन्होंने जालसाजों द्वारा दिए गए बैंक खाते से ट्रांजैक्शन करना शुरू कर दिया। सबसे पहले उन्होंने 70 हजार रुपए 10 दिसंबर को ट्रांसफर किए। पीड़िता ने 29 दिसंबर तक 23 बार में कुल 78 लाख 60 हजार 80 रुपए विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। रकम वापस मांगने पर मांगा टैक्सजालसाज रकम वापस मांगने के नाम पर और टैक्स मांगने लगे। इसके बाद आरोपियों से संपर्क तोड़ लिया। तब जाकर पीड़िता को ठगी का एहसास हुआ। पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। जिन बैंक खातों में रकम ट्रांसफर हुई है,उन्हें फ्रीज कराने पर काम चल रहा है।
बीकानेर शहर को दो हिस्सों में बांटने वाली और दशकों से जाम का कारण बनी रेलवे लाइन को शहर से बाहर शिफ्ट करने की दिशा में एक नई उम्मीद जगी है। राजस्थान हाई कोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ में रेलवे विभाग ने पहली बार आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है कि वे शहर के बीचोंबीच से गुजरने वाले रेलवे ट्रैक को ही शिफ्ट करने की संभावना तलाशेंगे। जस्टिस विनीत कुमार माथुर और जस्टिस चंद्रशेखर शर्मा की खंडपीठ ने गुरुवार को रामकृष्ण दास गुप्ता बनाम राजस्थान राज्य की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए रेलवे के इस आश्वासन को रिकॉर्ड पर लिया है। फिजिबिलिटी मिली तो हट जाएगा ट्रैक सुनवाई के दौरान रेलवे की ओर से पैरवी कर रहे वकील ने कोर्ट को आश्वासन दिया कि वे रेलवे के सक्षम अधिकारियों के साथ मिलकर बीकानेर शहर से रेलवे ट्रैक को पूरी तरह हटाने/शिफ्ट करने की संभावना पर विचार-विमर्श करेंगे। वकील ने कोर्ट में स्पष्ट किया कि - यदि ट्रैक को शिफ्ट करना व्यावहारिक (फिजिबल) पाया गया, तो रेलवे द्वारा बीकानेर शहर से रेलवे ट्रैक को हटाने के लिए उचित कानूनी कार्यवाही शुरू की जाएगी। रेलवे के वकील ने इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर विभाग के साथ होने वाली चर्चा और उसके परिणामों को कोर्ट के सामने रखने के लिए समय मांगा। कोर्ट ने इसे स्वीकार करते हुए मामले की मामले की अगली सुनवाई 19 फरवरी तय की है। कोटगेट-सांखला फाटक: दशकों का दर्द बीकानेर शहर के बीच से गुजरने वाला यह ट्रैक पिछले 40 सालों से एक गंभीर समस्या बना हुआ है। यह ट्रैक शहर के मुख्य बाजारों, विशेषकर कोटगेट और शीतला गेट (सांखला फाटक) के बीच से गुजरता है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यहां से रोजाना 30 से 35 ट्रेनें गुजरती हैं, जिससे हर आधे-एक घंटे में फाटक बंद होते हैं और पूरा शहर जाम हो जाता है। एलिवेटेड रोड बनाम ट्रैक शिफ्टिंग अब तक इस समस्या के समाधान के लिए एलिवेटेड रोड या अंडरपास बनाने की बात होती रही है। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनावों में भी यह एक बड़ा मुद्दा था, जहां तत्कालीन नेताओं ने एलिवेटेड रोड का वादा किया था। लेकिन स्थानीय व्यापारी और निवासी इसे शहर के विकास में बाधा मानते हुए ट्रैक को ही बाहर शिफ्ट करने की मांग कर रहे थे। व्यापारियों व स्थानीय लोगों का कहना है कि मेडिकल इमरजेंसी में फाटक बंद होना जानलेवा साबित होता है। अब हाई कोर्ट में रेलवे के ताजा रुख से शहरवासियों को उम्मीद जगी है कि पुल या अंडरपास के बजाय, जो कि अस्थायी समाधान थे, अब ट्रैक शिफ्टिंग जैसा स्थायी समाधान मिल सकेगा। अन्य प्रोजेक्ट्स पर भी नजर इस मामले की सुनवाई अब दो अन्य पुरानी याचिकाओं के साथ 19 फरवरी को होगी। गौरतलब है कि रेलवे द्वारा बीकानेर में बाईपास के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे और मेड़ता रोड-बीकानेर लाइन के दोहरीकरण जैसी योजनाएं भी पाइपलाइन में हैं, जो ट्रैक शिफ्टिंग की दिशा में सहायक हो सकती हैं।
ऊपर तस्वीर में नजर आ रहे शख्स नसीबा खां जमींदार हैं। वहीं, 80 साल की मौजबी वार्ड पंच हैं। शर्मनाक लापरवाही है कि SIR की प्रक्रिया में इन्हें मरा हुआ मान लिया गया है। सिर्फ इन्हें ही नहीं, अलवर के एक गांव में 16 लोगों को इसी तरह कागजों में मरा हुआ मान लिया गया है। भास्कर की इन्वेस्टिगेशन में ये सच सामने आया है। इतना ही नहीं, एक युवती को 2 बार घर से भागी हुई बताकर लिस्ट से नाम काट दिया गया। इतनी शर्मिंदगी झेलनी पड़ी कि युवती ने घर से बाहर निकलना बंद कर दिया। एक केस में युवक के माता-पिता को मरा हुआ बता दिया। पत्नी को शिफ्टेड और अविवाहित बेटी को शादीशुदा बताकर नाम काट दिया। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… केस-1 : घर में चारपाई पर बीड़ी पीते मिले नसीबा खां बेरेबास गांव के नसीबा खां को SIR की प्रक्रिया में मृत मान लिया गया। भास्कर रिपोर्टर उनके घर पहुंचा तो वो चारपाई पर बीड़ी पीते मिले। रसोई में एक महिला खाना बना रही थी। रिपोर्टर ने नसीबा खां से बात की तो बोले- 68 साल का हूं। जिंदा भी हूं। पता नहीं कैसे लिस्ट में मरा हुआ मान लिया। घर पर बीएलओ आए तो उन्हें फाॅर्म भरकर भी दिया था। अब मैंने एसडीएम आफिस जाकर अपने दस्तावेज दिए हैं और आपत्ति दर्ज कराई है। नसीबा खां जमींदारी करते हैं और घर पर ही रहते है। लिस्ट में क्रम संख्या- 1027 में 83 बूथ नंबर पर नसीबा का नाम है। नसीबा का वोटर नंबर 535 है। इन्हें सूची में मृत माना गया है। बीएलए नवाब की ओर से लिस्ट दी गई है। केस-2 : जिस वार्ड पंच को मरा हुआ बताया, वो घर पर आराम करती मिलीं लिस्ट में बेरेबास गांव की वार्ड पंच मौजबी को मरा हुआ बताया गया है। भास्कर रिपोर्टर उनके घर पहुंचा। उस वक्त मौजबी आराम कर रही थीं। क्रम संख्या 1060 में उनका नाम लिखा हुआ है। बूथ नंबर 83 पर वोटर नंबर 301 पर उनका नाम रिकॉर्ड दर्ज है। उनके नाम पर नवाब खां ने आपत्ति लगाई है। 80 साल की मौजबी बोलीं- पता नहीं किसी ने क्या दुश्मनी निकाली है। बीएलए फाॅर्म भरवाने आया था। फाॅर्म भरवाकर जमा भी करवा दिया था। इसके बावजूद मेरा नाम मृतकों की सूची में डाल दिया। इसके बाद एसडीएम के पास गए थे, लेकिन वे मिले ही नहीं। गांव में हम दो वार्डपंच हैं। केस-3 : लिस्ट में युवती का 2 बार घर से भागना बताया इन्वेस्टिगेशन के दौरान भास्कर रिपोर्टर ने रामगढ़ विधानसभा के बूथ नंबर 93 की लिस्ट देखी। लिस्ट में एक युवती को घर से दो बार भागना बताया गया। रिपोर्टर युवती के पिता तक पहुंचा। पिता बोले- बच्ची घर पर ही मौजूद है। उसकी अभी शादी भी नहीं हुई है। बीएलए आए थे तो फार्म और फोटो भी लगाकर दी थी। न फिर भी घर से भागने का कारण बता कर नाम काटने की आपत्ति दर्ज कराई गई है। बच्ची का शर्म से घर से निकलना मुश्किल हो गया है। पूरे गांव में ये बात फैल गई है। केस-4 : माता-पिता को मृत, बेटी को विवाहित बताया गांव की पंचायत में हमीर मिले। हमीर ने बताया- मेरे परिवार के पांच लोगों के नाम काट दिए हैं। हमीर ने बताया कि उन्होंने बीएलए नवाब खां से बात की तो वो बोला कि मुझे कोई जानकारी नहीं है, जबकि नवाब के नाम से नाम काटने की एप्लीकेशन लगी हुई थी। उन्होंने बताया कि वे खुद इस बार सरपंच पद के लिए तैयारी कर रहे थे। पंचायत ही खत्म कर दी गई है और परिवार के ही नाम लिस्ट से काटे जा रहे है तो कैसे चुनाव लड़ पाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्यादातर एक ही पार्टी को सपोर्ट करने वाले लोगों के नाम काटे जा रहे है। भाजपा-कांग्रेस के बीएलए बोले-हमने कोई नाम नहीं काटे, न ही सूची भेजी बेरेबास गांव में कांग्रेस के बीएलए हकमुद्दीन का कहना है कि बीएलओ इस्लाम खां है। उनके साथ हमने घर-घर जाकर फाॅर्म बांटे थे। फाॅर्म पूरे करके जमा भी करवा दिए थे। अंतिम सूची में भी नाम सहीं थे। बाद में लिस्ट में काफी परिवर्तन मिला। लिस्ट में 106 नाम काटे गए हैं। 16 जिंदा लोगों को मृतक बता दिया। हमारी ओर से कोई आपत्ति नहीं लगाई गई है। मेरी मां वार्डपंच है। उनका नाम भी मृत बता कर काट दिया गया है। भाजपा के बीएलए नवाब खां ने बताया कि गांव के लोग काफी नाराज है। उनके नाम गलत तरीके से काट दिए गए हैं। मेरे परिवार के ही कई लोगों के नाम काट दिए गए है। मेरे नाम से एप्लीकेशन लगाई गई है, वो मैंने नहीं लगाई। मैंने एसडीएम से भी बात की है लेकिन उन्होंने भी कुछ नहीं बताया। अब हमने लोगों के नाम वापस जोड़ने को लेकर आपति दर्ज कराई है। बीएलओ इस्लाम बोले : मैंने सही फॉर्म भरकर भेजे, मृत कैसे माना, पता नहीं भास्कर ने मामले में बीएलओ इस्लाम से बात की। उनका कहना है कि मैंने तो सभी के नाम सही से भरकर जमा करवा दिए थे। बाद में उनके नाम मृतकों की सूची में कैसे आ गए, मुझे कोई जानकारी नहीं है। जिनके नाम से आपत्ति लगाई गई है, उन्हें भी नहीं पता है। सूची में केवल नाम और संख्या दी गई है जबकि पता और मोबाइल नंबर भी दिया जाना चाहिए। मैं नया हूं। आगे क्या होगा मुझे कोई जानकारी नहीं है। वोटर लिस्ट से नाम हटवाने के हजारों फाॅर्म मिले उल्लेखनीय है कि करीब एक सप्ताह पहले अलवर में रिटर्निग अधिकारी की टेबल पर काफी संख्या में फाॅर्म रखे हुए थे। अलवर के खैरथल-तिजारा के कांग्रेस जिलाध्यक्ष बलराम यादव ने बताया कि वे जब रिटर्निग अधिकारी के ऑफिस पहुंचे थे तो करीब 20 हजार से ज्यादा फाॅर्म रखे हुए थे। ये फाॅर्म वोटरों के नाम काटने के रखे हुए थे। किसी को पता ही नहीं था कि ये फाॅर्म कहां से आए? उनकी टेबल पर कैसे पहुंचे? पूछताछ करने पर कर्मचारी ऑफिस से निकलकर चले गए। किसी ने कोई जवाब नहीं दिया था। उन्होंने फार्म देखे तो पता लगा कि ज्यादातर की लिखावट एक जैसी थी और एक ही नाम से 300 से 500 तक आपत्तियां आई थीं। ये फार्म अलवर ग्रामीण, रामगढ़, तिजारा, किशनगढबास, थानागाजी से आए हुए थे। बेरेबास सरपंच बोले : पंचायत खत्म की, अब लोगों के नाम काटे अलवर की रामगढ़ विधानसभा के बेरेबास गांव के सरपंच विनय वर्मा का कहना है कि मैं गांव का पहला सरपंच हूं। अब आखिरी भी हो गया हूं। 2019 में परिसीमन के बाद बेरेबास को पंचायत बनाया गया था। हमने जमीन खरीद कर पंचायत भवन बनाने के लिए दान की। इसके बाद सरकार ने 70 लाख रुपए बजट पास किया। पंचायत भवन भी नया बनाया गया। पटवारी ऑफिस से लेकर मीटिंग हॉल और सोफे से लेकर सारा फर्नीचर नया लगाया गया। लेकिन अब सब बेकार हो गया है। वे बोले कि SIR प्रक्रिया में गांव के 106 लोगों के नाम काट दिए गए है। जीवित लोगों को मृत बता दिया। एक वार्डपंच को भी मृतक बता कर नाम काट दिया गया है जबकि वे हर मीटिंग और प्रशासन के सारे काम में आती जाती है। उनके गांव बेरेबास में पहले दो गांव शामिल थे और कुल 1364 वोटर्स थे। उनका बूथ नंबर 83 है। अब उनके गांव के 844 वोटर हैं। इनमें 400 महिलाएं और 444 पुरुष है। दूसरे गांव को अलग कर दिया गया है। गांव में कांग्रेस के बीएलए हकमुकद्दीन और भाजपा के नवाब खां हैं। 14 फरवरी को होगी फाइनल वोटर लिस्ट SIR प्रक्रिया में 7 फरवरी तक आपत्तियों का निपटारा किया जाएगा। इसके बाद 14 फरवरी को फाइनल वोटर लिस्ट का प्रकाशन किया जाएगा। वोटर लिस्ट से नाम कटने के बाद फाइनल लिस्ट में नाम नहीं आएगा। हालांकि इसके बाद बीएलओ के जरिए आप अपना नाम वोटर लिस्ट में अपने दस्तावेज देकर जुड़वा सकेंगे। पूरे राजस्थान में 41.85 लाख वोटर्स के नाम काटे राजस्थान में SIR प्रक्रिया में 41.85 लाख वोटर्स के नाम काट दिए गए है। वोटर लिस्ट को निर्वाचन विभाग की वेबसाइट पर अपलोड किया गया। लिस्ट में 29.6 लाख परमानेंट शिफ्ट बताए गए और 8.75 लाख को मृतक बताया गया है। लिस्ट आने के बाद वोटर्स के नामों को लेकर आपत्ति दर्ज कराई गई। लिस्ट में ज्यादातर वोटर्स पलायन, विवाहित, मृत्यु, गलत, दोहरीकरण वोट बता कर आपत्ति बताकर नाम काटे गए हैं। अलवर, डीडवाना-कुचामन, झुंझुनूं सहित कई जिलों में लोगों में इसे लेकर गुस्सा है। .... राजस्थान में SIR से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए... 15 मंत्रियों के इलाकों में जीत से ज्यादा वोट कटे:भजनलाल-गहलोत के इलाके में भी जीत से ज्यादा नाम कटे, जानिए वसुंधरा-पायलट के इलाके की स्थिति राजस्थान में स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (SIR) की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में सीएम, विधानसभा स्पीकर और 15 मंत्रियों के इलाकों में उनके जीत के अंतर से ज्यादा वोट कट गए हैं। सबसे ज्यादा दूसरी जगह शिफ्ट होने वाले और मृत वोटर्स के नाम हटाए गए हैं। पूरी खबर पढ़िए...
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का कानपुर में ऐसा स्वागत हुआ कि उन्होंने कार्यकर्ताओं के इस अद्भुत,अनुभूति पर धन्यवाद दिया। पंकज चौधरी ने यह भी कहा की उत्तर प्रदेश में अलग-अलग जगह पर रोड शो किया स्वागत हुआ लेकिन कानपुर बुंदेलखंड क्षेत्र के लोगों का स्वागत का तरीका अनोखा दिखा। जहां जल, थल और वायु सभी जगह से स्वागत किया। प्रदेश अध्यक्ष के प्रथम आगमन पर 20 किमी का रोड शो भी किया गया। इस रोड शो के दौरान शहर में अलग-अलग स्थान पर अलग-अलग तस्वीर दिखाईं दी। इन तस्वीरों में शहर के हालात और रोड शो के दौरान प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत के तरीके देखने को मिले, प्रदेश अध्यक्ष के किए गए स्वागत की तस्वीरें देखें...
राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टरबेंस के एक्टिव होने के साथ ही मौसम में बड़ा बदलाव हो गया है। जयपुर में शुक्रवार सुबह से धूल भरी हवा के साथ हल्की बारिश भी हो रही है। मौसम विभाग में ने आज 14 जिलों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, 11 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। कल से घने कोहरे और शीतलहर की भी चेतावनी है। गुरुवार को सरहदी जिले (जैसलमेर, बीकानेर, बाड़मेर, गंगानगर, जोधपुर) समेत उनके आसपास के कई जिलों में गुरुवार दोपहर बाद हल्की बारिश हुई। वहीं, नागौर, जोधपुर, चूरू, फलोदी, बीकानेर, सीकर, झुंझुनूं, अजमेर के अलावा जयपुर के कुछ हिस्सों में देर रात बादल छाए। बादल छाने के बाद रात के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज हुई। तेज सर्दी से राहत रही। गुरुवार को अधिकांश शहरों का न्यूनतम तापमान डबल डिजिट यानी 10 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज हुआ। जयपुर हल्की बरसात, आंधी भी चली शुक्रवार सुबह से जयपुर का मौसम बदला हुआ है। आंधी के साथ रुक-रुककर हो रही बूंदाबादी से अचानक मौसम बदल गया है। हवा ठंडी होने से एक बार फिर सर्दी लौटती महसूस हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में आज ओले भी गिर सकते हैं। गुरुवार को भी 5 से ज्यादा जिलों में हल्की बरसात हुई। इस नए सिस्टम का असर 24 जनवरी को खत्म होगा और प्रदेश में घना कोहरा पड़ेगा। इस दिन जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, सीकर, झुंझुनूं, नागौर, जयपुर, अलवर, दौसा, धौलपुर, करौली, भरतपुर और सवाई माधोपुर जिलों में कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया है। 25 जनवरी को जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, सीकर, झुंझुनूं, नागौर, जयपुर, अलवर, दौसा, भरतपुर जिलों में कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया है।
कॉलेज का माहौल खराब है। यहां आए दिन छात्रों को प्रताड़ित करने की घटनाएं आती हैं। सव्याश्री ने गुरुवार को फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। उसे भी वार्डन ने प्रताड़ित किया था। यह कहना है कॉलेज में सव्याश्री के सीनियर आर्यमन देशमुख का है। उन्होंने कहा कि हमें लगातार सूचनाएं मिल रही थीं कि सव्याश्री को वार्डन ने युवक के साथ देख लिया था। युवक के साथ उसके वीडियो भी वार्डन मैडम ने शूट कर लिए थे। इसके बाद छात्रा को फटकार लगाई थी। इतना ही नहीं, वीडियो भी उसके परिजन को सेंड कर दिए थे। इससे सव्याश्री तनाव में थी। आर्यमन देशमुख ने आगे कहा कि जब छात्रा को फटकार दिया था तो परिजन को वीडियो भेजने की क्या जरूरत थी? आखिर युवती को बदनाम कर वार्डन को क्या मिलने वाला था। इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होना चाहिए। सुसाइड की घटना के बाद दैनिक भास्कर की टीम मौके पहुंची और छात्रों से बातचीत कर वहां के माहौल जाना। यहां छात्रों ने कॉलेज प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाएं। दूसरे छात्र ने भी छात्रा को प्रताड़ित करने के आरोप लगाए कॉलेज छात्र समीर शुक्ला ने बताया कि वार्डन मैडम ने युवक से बात करते देखने के बाद सव्याश्री को फटकार लगाई थी। इस बात की चर्चा पूरे कॉलेज में थी। वे बदनामी के डर से तनाव में थी। समीर का दावा है कि वार्डन ने इस बात की शिकायत सव्याश्री के घर में भी की थी। उन्होंने भी छात्रा के परिजन को वीडियो सेंड करने के दावे किए हैं। वार्डन ने अपने कर्तव्य का पालन किया कॉलेज के एक अन्य स्टूडेंट संभव सिंह ने बताया कि मेरी जानकारी में है कि सव्याश्री का वार्डन मैडम ने लड़के के साथ कोई वीडियो बनाया था। हालांकि, वह अपने कर्तव्य का पालन कर रही थीं। क्योंकि छात्रा ने कॉलेज टाइमिंग में बिना बताए छुट्टी ली थी। उसने पहले से लीव अप्रूव नहीं कराई थी। मैं वार्डन के कदम को गलत नहीं मानता। उन्होंने छात्रा के परिजन को सचेत किया है। कैमरे पर बात करने से बचता रहा प्रबंधन जब भास्कर की टीम हॉस्टल पहुंची और पूरी घटना को वहां के जिम्मेदारों से बात करने का प्रयास किया तो उन्होंने ऑन कैमरा किसी भी तरह की बात करने से इनकार कर दिया। वहीं मौजूद कुछ छात्र भी तनाव में नजर आए, ऑफ कैमरा तो कई बातें की लेकिन ऑन कैमरा कुछ भी कहने से बचते रहे। जबकि कुछ छात्रों ने खुलकर प्रबंधन के खिलाफ अपनी बात रखी। हॉस्टल स्टाफ ने स्वीकारा कि लड़के के साथ देख समझाइश दी कॉलेज कैंपस में छात्रों से बातचीत के बाद भास्कर की टीम उस हॉस्टल में पहुंची जहां सव्याश्री ने सुसाइड किया था। जहां एक हरे रंग का कार्डिगन पहने एक महिला कर्मचारी वार्डन रूम में मौजूद थी। वहीं, कई महिलाएं कमरे के बाद बैठी हुईं थी। टीम ने जब इसी महिला कर्मचारी से सव्याश्री सुसाइड केस के बारे में बात की तो उसने कहा कि खुदकुशी के कारण के संबंध में जानकारी नहीं है। टीम ने अगला सवाल सव्याश्री को एक युवक के साथ देखे जाने के संबंध में पूछा तो उसने कहा कि मैंने नहीं, लेकिन हॉस्टल की मैडम ने उन्हें परिसर में साथ बैठे हुए देखा था। बच्ची डर गई थी, वो रो रही थी कि घर वालों को मत बताइए। हमने उसे समझाया था कि तुम इन सब चीजों से दूर रहो और अच्छे से अपना एग्जाम दो। वीडियो बनाने की बात गलत है। चाहें तो आप लोग घर वालों से पूछ सकते हैं। वो कमरे में अकेले रह रही थी। उसकी रूममेट 10 जनवरी को घर जा चुकी है। बीटेक छात्रा ने गर्ल्स हॉस्टल में फांसी लगाकर दी जान गुरुवार को UIT-RGPV गर्ल्स हॉस्टल गांधी नगर में बीटेक फर्स्ट ईयर की छात्रा ने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। बताया जा रहा है कि हॉस्टल की एक महिला स्टाफ और छात्रा के बीच नोक-झोंक हुई थी। इसके बाद ये घटना हुई। पुलिस और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची। शव को फंदे से उतारकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। छात्रा के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस का कहना है कि परिजन और साथियों के डिटेल बयान और पीएम रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। धार जिले की रहने वाली थी छात्रा एसआई कन्हैयालाल यादव ने बताया कि सव्याश्री मुनागला (19) धार जिले की रहने वाली थी। कॉलेज से कम्प्यूटर साइंस एण्ड बिजनेस सिस्टम (CSBS) की पढ़ाई कर रही थी। वह कॉलेज कैंपस में ही बने गर्ल्स हॉस्टल में रहती थी। बुधवार रात डिनर के बाद रूम में गई थी। जब गुरुवार दोपहर साढ़े 11 बजे तक बाहर नहीं निकली, तब साथी छात्राओं ने हॉस्टल स्टाफ को सूचना दी। मोबाइल किया जब्त, फिलहाल लॉक है वार्डन चेक करने के लिए छात्रा के कमरे तक पहुंची। काफी आवाजें देने पर भी जब अंदर से जवाब नहीं मिला तो पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने गेट खुलवाया। अंदर छात्रा दुपट्टे से बने फंदे पर लटकी हुई थी। पुलिस ने शव को नीचे उतारा और एफएसएल की टीम को मामले की सूचना दी गई। वहीं, टीआई विजेंद्र मर्सकोले ने बताया कि जब पुलिस मौके पर पहुंची तो गेट खुला हुआ था। उसका लॉक टूटा था। एफएसएल टीम ने कमरे की तलाशी ली, लेकिन कमरे से सुसाइड नोट नहीं मिला। छात्रा के मोबाइल फोन और लैपटॉप को पुलिस ने कब्जे में लिया है, दोनों लॉक हैं। इनकी जांच कराई जाएगी। पुलिस ने घटना की सूचना छात्रा के परिजन को दी है। धार से आने पर उनकी मौजूदगी में बॉडी का पीएम कराया जाएगा। पुलिस ने पंचनामा कर बॉडी को हमीदिया मर्चुरी पहुंचा दिया है। एक दिन की छुट्टी के बाद लौटी थी वार्डन ने पुलिस को बताया कि छात्रा एक दिन की छुट्टी लेकर गई थी। उसने घर जाने की बात कही थी। हालांकि, वह घर नहीं गई। लौटने के बाद उससे सामान्य पूछताछ की थी। बुधवार रात को उसका व्यवहार सामान्य था। उसकी साथी छात्रा 10 जनवरी से छुट्टी पर चल रही है। इसी के चलते वो रूम में अकेली थी। ये खबर भी पढ़ें... भोपाल के RGPV गर्ल्स हॉस्टल में छात्रा का सुसाइड भोपाल के RGPV गर्ल्स हॉस्टल गांधी नगर में बीटेक फर्स्ट ईयर की छात्रा ने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। हॉस्टल की एक महिला स्टाफ और छात्रा के बीच नोक-झोंक हुई थी। इसके बाद ये घटना हुई। 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आपको हम बता रहे हैं, भोपाल शहर में आज कहां-क्या हो रहा है। यहां हर वो जानकारी होगी, जो आपके काम आएगी। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट से लेकर मौसम, सिटी ट्रैफिक, बिजली-पानी की सप्लाई से जुड़ा हर अपडेट मिलेगा। काम की जरूरी लिंक्स
जोधपुर में रिंग रोड और हाईवे पर अवैध रूप से चल रहे धर्मकांटों (रॉयल्टी नाकों) के कारण हुए हाल ही में बस-ट्रेलर हादसे में 4 लोगों की मौत को राजस्थान हाई कोर्ट जोधपुर मुख्यपीठ ने गंभीरता से लिया है। जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी और जस्टिस संदीप शाह की खंडपीठ ने गुरुवार को एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए निर्देश दिया कि हाईवे के केंद्र बिंदु से 75 मीटर के दायरे में आने वाले सभी अवैध निर्माण 6 फरवरी तक हटा लिए जाएं। याचिकाकर्ता हिम्मतसिंह गहलोत की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि संबंधित पक्ष ने 6 फरवरी तक अवैध निर्माण नहीं हटाया, तो प्रशासन 9 फरवरी तक उसे ध्वस्त करके इसकी रिपोर्ट पेश करे। कोर्ट की तल्ख टिप्पणी, कहा- 4 जानें गईं, हम मूकदर्शक नहीं रह सकते आम तौर पर हम इस स्तर पर ऐसे मामलों में हस्तक्षेप नहीं करते, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिसमें दुर्घटना में चार लोगों की जान चली गई है, यह कोर्ट मूकदर्शक नहीं बना रह सकता। वकील ने दी अंडरटेकिंग: हम खुद हटा लेंगे मामले में एक नया मोड़ तब आया जब प्रतिवादी पक्ष (मैसर्स रिद्धि सिद्धि व अन्य) की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. सचिन आचार्य ने कोर्ट में अंडरटेकिंग दी। एडवोकेट आचार्य ने तर्क दिया कि अगर कोई निर्माण हाईवे के नियमों (मध्य बिंदु से 75 मीटर के भीतर) का उल्लंघन कर रहा है, तो उनकी पार्टी 6 फरवरी तक उसे स्वतः संज्ञान लेते हुए खुद हटा लेगी। इस पर कोर्ट ने आदेश दिया कि 6 फरवरी तक ऐसा नहीं होने पर, जिम्मेदार अधिकारी 9 फरवरी तक कार्रवाई सुनिश्चित करें। पुराना आदेश संशोधित, स्टे का लाभ नहीं मिलेगा गौरतलब है कि इससे पहले 20 जनवरी को एकल पीठ ने एक अन्य याचिका (मैसर्स रिद्धि सिद्धि हाउसिंग प्रा. लि. बनाम जेडीए) में 'दंडात्मक कार्रवाई' पर रोक लगा दी थी। खंडपीठ ने इस आदेश को संशोधित करते हुए स्पष्ट किया कि, लागू मानदंडों का पालन किए बिना किया गया कोई भी निर्माण गैरकानूनी है। कोर्ट ने कहा कि पुराने आदेश की आड़ में इंसानी जान लेने वाले हादसों की वजह बनने वाले निर्माणों को नहीं बचाया जा सकता। अधिकारियों की रिपोर्ट में खुलासा: अवैध था नाका कोर्ट के सामने सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), जेडीए और नेशनल हाईवे अथोरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के पत्र भी रखे गए, जिनसे अवैध गतिविधियों की पुष्टि हुई: पूरे राजस्थान में जांच के आदेश कोर्ट ने मामले का दायरा बढ़ाते हुए एनएचएआई और राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वे पूरे राजस्थान में नेशनल हाईवे के आसपास हो रहे अवैध निर्माणों (दूरी के नियमों का उल्लंघन) पर एक स्वतंत्र रिपोर्ट और शपथ पत्र पेश करें। कोर्ट ने पूछा है कि वे यह सुनिश्चित कैसे करेंगे कि भविष्य में ऐसे अवैध निर्माणों से हादसे न हों। मामले की अगली सुनवाई 9 फरवरी 2026 को होगी।
गोरखपुर के कैंट इलाके में युवक को गोली मारने की आरोपी अंशिका सिंह उर्फ अंतिमा के कारनामों की जांच शुरू हो गई है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि अंशिका के कई पुलिस कर्मियों से संबंध थे। वह थाने पर जाकर रील भी बनाती थी। उसने संतकबीरनगर के कोतवाली थाने में भी एक रील बनाई थी। जिसमे मार देब गोली थनवां में घेर कर गाना पर वह पुलिस की जीप के सामने खड़ी होकर रील बनाई है। पुलिस अब उसके मोबाइल फोन के साथ-साथ उसके बैंक खातों की भी गहन पड़ताल शुरू कर दी है। जांच का मकसद यह पता लगाना है कि उसके खाते में कहां-कहां से कितनी रकम आई और यह रकम किन कारणों से दी गई। 15 पुलिस कर्मियों से बातचीत के चैट मिले पुलिस सूत्रों के अनुसार अंशिका के बैंक अकाउंट का पूरा लेन-देन खंगाला जा रहा है। खाते में आए हर ट्रांजेक्शन की जांच की जा रही है कि पैसे भेजने वाला कौन है, कितनी रकम दी गई और किस उद्देश्य से दी गई। जिन लोगों ने अंशिका को पैसे ट्रांसफर किए हैं, उनके बयान दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं यह रकम ब्लैकमेलिंग या दबाव बनाकर तो नहीं वसूली गई। इसके साथ ही उसके मोबाइल की प्राथमिकी जांच में कई अहम डिजिटल साक्ष्य पुलिस के हाथ लगे हैं। सूत्रों के मुताबिक अंशिका के मोबाइल से व्हाट्सएप कॉल डिटेल और चैट खंगाली जा रही है। शुरुआती जांच में एक सीओ समेत करीब 15 पुलिस कर्मियों के साथ व्हाट्सएप चैट और वीडियो कॉल के जरिए बातचीत के साक्ष्य मिले हैं। पुलिस ने इन डिजिटल साक्ष्यों को केस डायरी में शामिल करने की तैयारी में है। इसके साथ ही ब्लैक मेलिंग में फंसे लोगों के तहरीर का भी इंतजार कर रही है।पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच शुरू पुलिस सूत्रों का कहना है कि जो भी पुलिसकर्मी अंशिका के संपर्क में थे, उनकी भूमिका की अलग से जांच शुरू कर दी गई है। यह देखा जा रहा है कि संपर्क केवल औपचारिक था या फिर इसके पीछे कोई निजी या संदिग्ध उद्देश्य छिपा हुआ था। जरूरत पड़ने पर संबंधित पुलिसकर्मियों से भी पूछताछ की जाएगी।सोशल मीडिया रील से लेकर नेताओं तक पहुंची जांच नेताओं के साथ भी बनाई थी रील जांच में यह भी सामने आया है कि अंशिका सोशल मीडिया पर सक्रिय थी और उसने कई पुलिसकर्मियों से लेकर नेताओं तक के साथ रील और वीडियो बनाए थे। इन रील्स और वीडियो को भी पुलिस ने साक्ष्य के तौर पर सुरक्षित किया है। जिन लोगों के साथ वीडियो बनाए गए हैं, उनसे भी पूछताछ की जाएगी कि उनका अंशिका से संपर्क किस स्तर का था और किस उद्देश्य से था।महराजगंज और गोरखपुर के लोग बने ठगी का शिकार पुलिस जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि ठगी के शिकार ज्यादातर लोग महराजगंज और गोरखपुर जिले के ही हैं। पुलिस इन पीड़ितों से संपर्क कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उन्हें किस तरह से झांसे में लिया गया और फायरिंग कांड से पहले या बाद में उनसे कोई आर्थिक लेन-देन हुआ था या नहीं। अंशिका के मोबाइल से मिले अश्लील वीडियो कैंट इलाके के सिंघड़ियां में अपने बर्थडे पर युवक को गोली मारने वाली अंशिका ब्लैकमेलर निकली। सूत्रों के मुताबिक, उसके मोबाइल से पुलिस को अश्लील वीडियो मिले हैं। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया- शौक पूरे करने के लिए मैं लोगों को फंसाती थी, फिर न्यूड होकर वीडियो कॉल करती। उसे रिकॉर्ड कर लेती थी। इसके बाद उनसे पैसे वसूलती थी। पुलिस के मुताबिक, ब्लैकमेलर अंशिका ने 5 साल में 150 लोगों से वीडियो कॉल पर संपर्क किया। इनमें अयोध्या के एक DSP और गीडा थाना प्रभारी समेत 12 से ज्यादा पुलिसवाले भी हैं। फिलहाल, पुलिस ने ब्लैकमेलर अंशिका को जेल भेज दिया है। वह 20 जनवरी को दोस्तों के साथ मॉडल शॉप के पास बर्थडे मना रही थी, तभी उसका एक प्राइवेट हॉस्पिटल के मैनेजर से विवाद हो गया। अंशिका ने उस पर पिस्टल तान दी। दोनों के बीच छीना-झपटी में गोली मैनेजर के दोस्त के पेट में जा लगी। भीड़ ने अंशिका और उसके साथियों को पकड़ लिया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल और लेन-देन से जुड़े साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उसके साथी बंटी वर्मा समेत 5 आरोपियों की तलाश में जारी है। अंशिका लोगों को कैसे फंसाती थी? चलिए पढ़ते हैं... रंगदारी न देने पर मैनेजर के दोस्त को गोली मारी, 5 पॉइंट में मामला जानिए पुलिस कर्मियों को कैसे फंसाया, पढ़िए पुलिस जांच में सामने आया है कि 5 जनवरी को अंशिका ने गीडा थाने के एक दरोगा से मैसेंजर ऐप पर बात की। इसके बाद उसने उनका मोबाइल नंबर लिया और वीडियो कॉल करने लगी। कॉल के दौरान उसने उनका वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। फिर उसी के आधार पर ब्लैकमेल कर पैसे वसूलने लगी। पुलिस के मुताबिक, इसी तरह उसने गोरखपुर के 12 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को फंसाया। अंशिका के मोबाइल से कई पुलिसकर्मियों के साथ फोटो और वीडियो भी मिले हैं। कुछ वीडियो आपत्तिजनक हैं। अब अंशिका के 3 बड़े कांड पढ़िए 1. संतकबीरनगर के युवक से 50 हजार वसूलेपुलिस के मुताबिक, अंशिका ने संतकबीरनगर के खलीलाबाद निवासी सूरज सिंह को भी इसी तरह फंसाया। पैसे न देने पर उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज करा दिया। खलीलाबाद के ही प्रियांशु सिंह से भी फर्जी केस की धमकी देकर 50 हजार रुपए वसूले गए। प्रियांशु ने सीएम पोर्टल पर इसकी शिकायत भी की थी। 2. मकान मालिक से 2 लाख की रंगदारी मांगीएसपी सिटी अभिनव त्यागी के मुताबिक, साल 2021 में अंशिका संतकबीरनगर के कोतवाली इलाके में किराए पर रहती थी। मकान मालकिन गुड़िया पीटर ने एसपी से शिकायत की थी कि अंशिका कमरे में लड़कों को बुलाती है, जिससे मोहल्ले में बदनामी हो रही है। जब उससे कमरा खाली करने को कहा गया तो उसने 2 लाख रुपए मांग लिए और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। डर के कारण मकान मालकिन ने घर में CCTV कैमरे लगवा दिए। कुछ दिन बाद अंशिका ने कमरा खाली कर दिया। 3. किराए की THAR लेकर भागी, फिर अंडरग्राउंड हुईकैंट सीओ योगेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि 12 अक्टूबर 2025 को अंशिका और उसके 6 साथियों पर THAR चोरी और फर्जी नंबर प्लेट लगाने का केस दर्ज हुआ था। जांच में सामने आया है कि सितंबर 2025 में अंशिका दोस्तों के साथ दिल्ली घूमने गई थी,जहां से उन्होंने THAR किराए पर ली और वापस नहीं लौटाई। पकड़े जाने से बचने के लिए फर्जी नंबर प्लेट लगाकर शहर में घूमते रहे। 13 अक्टूबर को पुलिस ने दो आरोपियों प्रिय प्रवास दुबे उर्फ विक्की और आकाश वर्मा उर्फ बंटी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। यह खबर मिलते ही अंशिका अंडरग्राउंड हो गई। पुलिस को गाड़ी से 4 फर्जी नंबर प्लेट मिली थीं- दो हरियाणा, एक बिहार और एक गोरखपुर की। रील बनाने की शौकीन, 700 से ज्यादा वीडियो पोस्ट किएअंशिका को सोशल मीडिया पर रील बनाने का शौक है। उसके इंस्टाग्राम अकाउंट पर 700 से ज्यादा वीडियो हैं। उसने संतकबीरनगर कोतवाली के सामने पुलिस जीप के पास भी रील बनाई थी, जिसमें आपत्तिजनक गाना लगाया गया था। ...................................... ये खबर भी पढ़िए- बर्थडे गर्ल ने युवक को गोली मारी, VIDEO:गोरखपुर में शराब की दुकान के सामने मारपीट; THAR चोरी कर फरार थी गोरखपुर में बर्थडे गर्ल ने एक युवक को गोली मार दी। दरअसल, युवती अपने दोस्तों के साथ एक मॉडल शाप के पास सड़क पर ही बर्थडे मना रही थी। उसी दौरान उसका परिचित युवक अपने दोस्तों के साथ आ गया। दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी होने लगी।पढ़ें पूरी खबर
मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। 'बात खरी है' मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। अतिथि शिक्षकों से जीतू पटवारी ने किया बड़ा वादामध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने लंबे समय से नियमितीकरण की मांग कर रहे अतिथि शिक्षकों को पहले खरी-खरी सुनाई, फिर भावुक होते हुए उनसे बीजेपी को हराने और कांग्रेस को जिताने की कसम दिलाई और फिर नियमित करने का बड़ा वादा कर दिया। पटवारी बड़वानी के सेंधवा के दौरे पर थे। उन्होंने मंच से अतिथि शिक्षकों से सीधे सवाल-जवाब किए। पूछा- आपको समय पर तनख्वाह मिलती है? इस पर जवाब आया- नहीं। फिर पटवारी ने अगला सवाल किया- क्या अब बीजेपी को वोट दोगे। पटवारी ने थोड़ा इमोशनल होते हुए कहा- आप हमें हराते हो और फिर हमसे ही न्याय मांगते हो। अगर हमें ताकत दोगे तो हम आपकी लड़ाई लड़ेंगे। इसके बाद उन्होंने अतिथि शिक्षकों से बीजेपी को हराने और कांग्रेस को जिताने की कसम दिलवाई और अतिथि शिक्षकों को नियमित करने का वादा कर दिया। पटवारी के ऐलान पर भले ही तालियां बजी। लेकिन सियासत की यादें कुछ और ही कहानी बयां करती हैं। 2018 के चुनाव में भी कांग्रेस ने अतिथि शिक्षकों को नियमित करने का वादा किया था। इसी बहाने सिंधिया सड़कों पर उतर आए थे और कांग्रेस सत्ता से बेदखल हो गई थी। खरी बात ये है कि अतिथि शिक्षकों का दर्द आज भी जस का तस है और नेताओं के वादे आज भी चुनावी भाषणों तक सिमटे हुए हैं। बीजेपी में नए बॉस का नाम ही गलत लिखा जा रहा भारतीय जनता पार्टी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल गया है- नितिन नवीन। लेकिन मध्य प्रदेश में पार्टी कार्यकर्ताओं और दफ्तरों की हालत ऐसी है कि नए बॉस का नाम ही सही-सही नहीं लिखा पा रहे। बीजेपी दफ्तर से लेकर चौक-चौराहों तक जगह-जगह पोस्टर और बैनर लगे हैं, लेकिन उनमें ‘नितिन नवीन’ की जगह बड़े-बड़े अक्षरों में ‘नितिन नबीन’ लिखा हुआ नजर आ रहा है। ये हालात तब है जब दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय से बाकायदा सर्कुलर जारी किया गया है कि पार्टी के नए अध्यक्ष का नाम ‘नितिन नवीन’ लिखा जाएगा, न कि ‘नबीन’। यह सर्कुलर मीडिया तक तो पहुंच गया, लेकिन लगता है कि एमपी के बीजेपी दफ्तर तक पहुंचने में अभी थोड़ा वक्त लगेगा। टीचर्स की अब 'कुत्ता भगाओ ड्यूटी' भी लग रही स्कूल में टीचर बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ कुत्तों को भगाने का काम भी करेंगे। छतरपुर जिले में शिक्षा विभाग ने बाकायदा आदेश जारी किया। जिसमें प्राचार्यों की कुत्ते भगाने में ड्यूटी लगाई है। स्कूल परिसरों में बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए प्राचार्यों और स्टाफ को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे यह भी सुनिश्चित करें कि स्कूल के अंदर कुत्ते न घुसें। मतलब साफ है- पढ़ाई भी कराओ और इस बात पर भी नजर रखो कि स्कूल परिसर में कोई आवारा कुत्ता न घुस जाए। एमपी में कुछ अन्य जिलों में भी इस तरह के आदेश जारी हो चुके हैं। जिस पर स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा था कि बच्चों की सुरक्षा के लिए जैसे माता-पिता आगे आते हैं, वैसे ही शिक्षक भी पालक की भूमिका में होते हैं। अगर कोई खतरा है तो उसे भगाना भी उनकी जिम्मेदारी है। यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वाला वीडियोभोपाल के वीआईपी रोड का एक वीडियो सामने आया है। जिसमें ट्रैफिक नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। वीडियो में एक बाइक पर एक-दो नहीं, बल्कि पूरे सात युवक सवार नजर आ रहे हैं। आम तौर पर जितने लोग एक कार में भी ठीक से नहीं बैठ पाते, उतने लोग इस बाइक पर लद गए। सड़क पर यह नजारा किसी स्टंट शो से कम नहीं लग रहा, लेकिन हकीकत में यह बड़ी और खतरनाक लापरवाही है। हैरानी की बात यह है कि यह सब कुछ शहर के वीआईपी रोड पर हुआ, जहां आमतौर पर पुलिस की गश्त रहती है। इसके बावजूद इन 'खतरों के खिलाड़ियों' पर किसी पुलिसकर्मी की नजर तक नहीं पड़ी। इनपुट सहयोग - विजय सिंह बघेल (भोपाल), शाकिब खान (भोपाल), सचिन राठौर (बड़वानी), राजेश चौरसिया (छतरपुर) ये भी पढ़ें - महापौर को कहा मुल्ला, चेहरे पर लगाई दाढ़ी: हिंदू सम्मेलन में जाने पर कांग्रेस विधायक की शिकायत हरदा जिले के टिमरनी से कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह इन दिनों अपनों के ही निशाने पर आ गए हैं। बीते दिनों वे एक हिंदू सम्मेलन में शामिल हुए थे, जिस पर कांग्रेस नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे पार्टी की घोषित विचारधारा के खिलाफ बताया है। पूरी खबर पढ़ें
नमस्कार, कानपुर में कल (गुरुवार) की बड़ी खबरें…कारोबारी के बेटे कुशाग्र की हत्याकांड में ट्यूशन टीचर समेत 3 को उम्रकैद की सजा हुई है। कोर्ट ने कहा कि तीनों दोषियों को मरते दम तक जेल में रखा जाए। मां सुनीता ने कहा कि मैं इस सजा से संतुष्ट नहीं हूं। तीनों को फांसी होनी चाहिए। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी कानपुर में 20 किलोमीटर लंबा रोड शो कर रहे हैं। स्वागत बैनर लगाने को लेकर भाजपाई आपस में भिड़ गए। रिटायर्ड महिला दरोगा और डिप्टी जेलर की पत्नी से चेन लूट करने वाले अपराधी को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। उसके पैर में गोली लगी। कानपुर की ऐसी ही 10 बड़ी खबरों से गुजरने के लिए ऊपर वीडियो पर क्लिक करें…। सिलसिलेवार 10 खबरें पढ़िए- 1. कानपुर में ट्यूशन टीचर, बॉयफ्रेंड समेत 3 को उम्रकैद:कारोबारी के बेटे की किडनैपिंग करके हत्या की, 30 लाख की फिरौती मांगी थी कानपुर में कारोबारी के बेटे कुशाग्र की हत्याकांड में ट्यूशन टीचर समेत 3 को उम्रकैद की सजा हुई है। कोर्ट ने कहा कि तीनों दोषियों को मरते दम तक जेल में रखा जाए। मां सोनिया कनोडिया रोते हुए बोलीं- तीनों को फांसी होनी चाहिए। अभी मेरा घाव भरा नहीं है, जैसे इन लोगों ने मेरे बच्चे का गला दबाकर मारा है। वैसे ही उनका भी गला दबना चाहिए। वहीं, कुशाग्र के चाचा ने कहा- मेरा तो बच्चा चला गया। ढाई साल से कोर्ट में दौड़ते-दौड़ते मेरे परिवार के आंसू सूख गए। हत्यारों को फांसी होगी तभी मेरे बेटे की आत्मा को शांति मिलेगी। हम फांसी की मांग के लिए हाईकोर्ट जाएंगे। कोर्ट ने मंगलवार को तीनों आरोपियों को किडनैपिंग और हत्या का दोषी करार दिया था। पढ़ें पूरी खबर 2. BJP प्रदेश अध्यक्ष ने 20 Km लंबा रोड शो निकाला:कानपुर में महाना-महेश त्रिवेदी के समर्थक भिड़े, क्रेन से 11 क्विंटल की माला पहनाई भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी कानपुर में 20 किलोमीटर लंबा रोड शो कर रहे हैं। इस दौरान जाजमऊ में स्वागत का पोस्टर लगाने के लिए भाजपाई आपस में भिड़ गए। पहले विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना का बैनर लगाया गया था, उसके ऊपर विधायक महेश त्रिवेदी का बैनर लगा दिया गया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हुई। प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद यह पंकज चौधरी का पहला कानपुर दौरा है। जगह-जगह कार्यकर्ताओं ने बुलडोजर पर चढ़कर फूलों की बारिश की। वहीं क्रेन के जरिए उन्हें मालाएं पहनाई गईं। कार्यकर्ताओं ने पंकज चौधरी को गदा भेंट कर सम्मानित किया। पढ़ें पूरी खबर 3. रिटायर्ड दरोगा से चेन लूटने वाले का एनकाउंटर:कानपुर पुलिस ने रोका तो फायर किया, जंगल में घेराबंदी; पैर में गोली मारकर पकड़ा कानपुर के रावतपुर में सीबीसीआईडी से रिटायर्ड महिला दरोगा और डिप्टी जेलर की पत्नी से चेन लूट करने वाले शातिर अपराधी को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। सघन चेकिंग के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। घटना में उसके दो साथी फरार हो गए, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। गुरुवार तड़के रावतपुर के सिलेंडर चौराहे पर पुलिस वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बाइक से दो युवक आते दिखे। पुलिस ने रुकने का इशारा किया तो दोनों भागने लगे। शक होने पर पुलिस ने पीछा किया। पढ़ें पूरी खबर 4. 51 लाख का 'सम्राट' आकर्षण का केन्द्र:मकनपुर मेले में शुद्ध अरबी नस्ल का घोड़ा और जलपरी शो को देखने उमड़ी भीड़ मकनपुर मेला अपनी ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान के साथ इस वर्ष आधुनिक आकर्षणों के कारण चर्चा में है। मेले में 51 लाख रुपये का शुद्ध अरबी नस्ल का घोड़ा 'सम्राट' मुख्य आकर्षण बना हुआ है। इसे देखने के लिए दूर-दराज से श्रद्धालु और दर्शक पहुंच रहे हैं। घोड़ा व्यापारी के अनुसार, 'सम्राट' शुद्ध अरबी नस्ल का घोड़ा है। इसकी ऊंची कद-काठी, मजबूत शरीर, चमकदार सफेद रंग और शाही चाल दर्शकों को आकर्षित करती है। घोड़े के शरीर पर कोई दाग-धब्बा न होना इसकी शुद्धता को दर्शाता है। पढ़ें पूरी खबर 5. कानपुर के ये 4 थाने क्राइम कंट्रोल करने में फेल:पुलिस कमिश्नर बोले- दोषी को बचाया तो छोड़ेंगे नहीं; साउथ जोन सबसे बेहतर कानपुर शहर में सचेंडी और बिल्हौर जैसी घटना दोबारा न हो, इसका विशेष ध्यान रखें। कानून सबके लिए एक है। चाहे वो आम नागरिक हो या पुलिसवाला, किसी को छोड़ेंगे नहीं… ये चेतावनी बुधवार को पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने क्राइम मीटिंग में दिए। उन्होंने कहा कि दोषी कोई भी हो उसे बचाने का प्रयास किया तो कार्रवाई होगी। पुलिस कमिश्नर ने कहा- रायपुरवा, कर्नलगंज, बिठूर और ककवन थाने क्राइम कंट्रोल नहीं कर पा रहे हैं। खुलासे और शिकायतों के निस्तारण में 6 थानेदार फेल हैं। ऐसे में अब कई थानेदारों पर एक्शन हो सकता है। पढ़ें पूरी खबर 6. पत्नी को धक्का दिया, दीवार से टकराकर सिर फटा, मौत:कानपुर में पति घर पहुंचा, फोन पर बीवी को बात करते देखा गुस्साया; अरेस्ट कानपुर में मोबाइल फोन को लेकर हुए झगड़े में पति के धक्का देने से पत्नी सोनी (35) की मौत हो गई। सिर में गंभीर चोट लगने के बाद महिला रात भर दर्द से तड़पती रही। बुधवार सुबह अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मृतका के भाई की तहरीर पर पति के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। वारदात महाराजपुर थाना क्षेत्र के महोली गांव की है। महोली गांव निवासी महेश प्रजापति चाट का ठेला लगाता है। परिजनों के मुताबिक मंगलवार शाम महेश घर पहुंचा तो उसकी पत्नी सोनी किसी से फोन पर बात कर रही थी। पढ़ें पूरी खबर 7. कानपुर में ज्वैलर कारीगर बोले- भट्ठियां ठंडी, मशीनें बंद:सोने चांदी के बढ़ते भाव ने चौपट किया कारोबार, भुखमरी की कगार पर पहुंचे सोने और चांदी के लगातार बढ़ते दामों ने शहर के थोक सर्राफा बाजार चौक और नयागंज की रौनक छीन ली है। कभी गहनों की खनक और मशीनों की आवाज से गुलजार रहने वाला यह बाजार इन दिनों सन्नाटे में डूबा है। महंगे भाव के कारण न तो थोक कारोबारियों को अपेक्षित ऑर्डर मिल रहे हैं और न ही कारीगरों के पास काम बचा है। हालात यह हैं कि कई कारीगर अपनी जमा पूंजी से घर-परिवार चला रहे हैं और अगर यही स्थिति बनी रही तो भुखमरी की नौबत आ सकती है। जिन दुकानों में नोटों की गिनने वाली मशीनें इन दिनों ठप पड़ी हैं। पढ़ें पूरी खबर 8. TAVI तकनीक से जांघ के रास्ते बदलेगा दिल का वाल्व:सीना चीरने की जरूरत खत्म, मरीजों को मिलेगी राहत दिल की गंभीर बीमारी वाले मरीजों के लिए एक अच्छी खबर है। अब पारंपरिक ओपन हार्ट सर्जरी (सीना चीरकर वाल्व बदलना) इसकी जगह TAVI (Transcatheter Aortic Valve Implantation) तकनीक यानी दूरबीन विधि से मरीज के हृदय का वाल्व सिर्फ जांघ के रास्ते बदल दिया जाएगा। कार्डियोलॉजी के हृदय रोग विशेषज्ञ व एसोसिएट प्रोफेसर डॉ.संतोष कुमार सिन्हा ने बताया कि, TAVI का पूरा नाम Transcatheter Aortic Valve Implantation है। यह एक आधुनिक और कम जोखिम वाली तकनीक है। पढ़ें पूरी खबर 9. कानपुर में 23-24 जनवरी को बारिश के आसार:सुबह हल्का कोहरा रहा, अलाव के पास बैठे लोग; 14 ट्रेनें लेट कानपुर शहर में बीते कई दिनों बाद गुरुवार सुबह ठंड एक बार फिर वापसी की है। सुबह से ही चल रही सर्द हवा ने बीते दिनों की अपेक्षा गलन को कई गुना कर बढ़ा दिया है। कई दिनों बाद कोहरा भी देखा गया, जिससे विजिबिलिटी कम हुई। बीते 48 घंटों से न्यूनतम तापमान 8.0 डिग्री सेल्सियस पर ठहरा हुआ है। यह तापमान सामान्य से 0.8 डिग्री सेल्सियस ज्यादा है। अधिकतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो कि सामान्य से 3.5 डिग्री ज्यादा है। पढ़ें पूरी खबर 10. SIR में गड़बड़ी का आरोप...कानपुर में कांग्रेस DM के द्वार:कार्यकर्ताओं ने जिला निर्वाचन अधिकारी से की शिकायत SIR (निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण) के दौरान नियमों के उल्लंघन और अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए कानपुर महानगर कांग्रेस ने जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी को शिकायती मांग पत्र सौंपा। यह मांग पत्र महानगर अध्यक्ष पवन गुप्ता के नेतृत्व में दिया गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बिना किसी ठोस कारण और स्पष्ट विवरण के बड़ी संख्या में फॉर्म-6 और फॉर्म-7 जमा किए गए हैं। कई आपत्तियों में विवरण अस्पष्ट और अपठनीय हैं, जिससे आशंका है कि नियमों का उल्लंघन कर वास्तविक मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए जा सकते हैं। पार्टी ने सभी प्रस्तुत फॉर्मों की संकलित सूची तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की। पढ़ें पूरी खबर
गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल विरासत गलियारे का स्वरूप अब धीरे-धीरे सामने आने लगा है। कई दिनों तक चले तोड़-फोड़ के काम के बाद अब इलाके के मकान मालिक और दुकानदार अपने घरों-दुकानों को नया लुक देने में जुट गए हैं। पहले देखिए 2 तस्वीरें... इसी क्रम में कुछ दिन पहले नगर निग सदन में व्यापारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक पाण्डेयहाता से धर्मशाला तक बन रहे विरासत गलियारे के निर्माण कार्य के दौरान दुकानों और मकानों के रंग और डिज़ाइन को लेकर हुई। बैठक में नगर निगम के अधिकारी, महापौर और क्षेत्र के व्यापारी मौजूद रहे।नगर निगम की ओर से साफ किया गया कि विरासत गलियारे में आने वाली सभी दुकानों और मकानों का रंग हल्का और देखने में आकर्षक होना चाहिए। साथ ही यह भी तय किया गया कि पूरे इलाके में एक ही रंग का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि गलियारा एकरूप और सुंदर दिखाई दे। इसके अलावा दुकानों पर लगने वाले साइन बोर्ड भी एक ही डिज़ाइन और तय मानकों के अनुसार लगाए जाएंगे। इससे पूरे इलाके में व्यवस्थित और विरासत से जुड़ा हुआ स्वरूप नजर आएगा।बैठक के बाद जब व्यापारियों से बात की गई तो कई लोगों ने अपनी राय रखी। सिंहोरे की दुकान चलाने वाले मनीष पटवा ने बताया कि वह भी बैठक में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि मेयर ने व्यापारियों को ऐसा रंग चुनने की छूट दी है जो हल्का हो और देखने में अच्छा लगे। मनीष का मानना है कि जैसे राजस्थान को पिंक सिटी के नाम से जाना जाता है, वैसे ही गोरखपुर के इस पूरे इलाके को भगवा रंग दिया जाए। वहीं व्यापारी उमर आलम ने बताया कि- मेरी दुकान करीब 100 साल पुरानी है, एक ही रंग होने से एकता का संदेश जाएगा। फिलहाल हल्के पिंक रंग की भी चर्चा चल रही है।मच्छरदानी के कारोबारी संजय कुमार ने कहा कि भगवा रंग किसी व्यक्ति विशेष का नहीं है, बल्कि यह सूर्य देव से जुड़ा रंग है। मेरे अनुसार यही रंग विरासत गलियारे के लिए सबसे ठीक रहेगा। व्यापारी विनोद कुमार चौधरी ने बताया कि विरासत गलियारे का काम बहुत तेजी से हो रहा है। चौड़ीकरण के दौरान व्यापारियों को थोड़ा नुकसान जरूर हुआ, लेकिन अब अच्छे दिनों की उम्मीद है। विनोद ने कहा कि- जो ग्राहक पहले गोलघर या दूसरे बाजारों में जाते थे, अब वे भी इस इलाके में खरीदारी करने आएंगे।कुल मिलाकर अधिकांश दुकानदारों की राय है कि पूरे इलाके का रंग एक जैसा होना चाहिए। इनमें से ज्यादातर व्यापारी भगवा रंग के पक्ष में हैं, जबकि कुछ लोग हल्के पिंक रंग को बेहतर विकल्प मान रहे हैं। आने वाले दिनों में विरासत गलियारा अपने नए रंग-रूप के साथ शहर की पहचान बनता नजर आएगा।
नगर निगम के इस हाउस के आखिरी मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के लिए नामांकन दाखिल हो गए हैं। मेयर और सीनियर डिप्टी मेयर के लिए तीन तीन प्रत्याशी तो डिप्टी मेयर के लिए चार प्रत्याशी खड़े हो गए हैं। आम पार्टी के 11 में से चार पार्षदों की तरफ से नामांकन दाखिल किया गया है। राम चंदर यादव की तरफ से पार्टी से अलग होकर डिप्टी मेयर के लिए नामांकन दाखिल कर सभी को चौंका दिया। दूसरी तरफ आप और कांग्रेस की तरफ से अलग अलग प्रत्याशी मैदान में उतारे गए हैं। अगले ही वर्ष पहले नगर निगम के हाउस चुनाव और बाद में पंजाब में विधानसभा चुनाव हैं तो पहले गठबंधन में चुनाव लड़ने वाली आप और कांग्रेस भाजपा को आसानी से मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर नहीं बनाने देना चाहती हैं। भले ही दोनों की तरफ से नामांकन अलग अलग भरे गए हैं मगर इसके पीछे भी शीर्ष नेतृत्व की स्ट्रेटजी दिख रही है। अलग अलग नामांकन भरने के पीछे के चार कारण आगे की संभावना क्या
बदायूं के फैजगंज बेहटा कस्बे में गुरुवार शाम माहौल बिगाड़ने की एक साजिश को पुलिस ने नाकाम कर दिया। इस मामले में नगर पंचायत अध्यक्ष इसरार अहमद समेत नौ लोगों के खिलाफ देर रात एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने आठ नामजद आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस के अनुसार, गुरुवार शाम करीब 7:30 बजे पूरी तैयारी के साथ एक जुलूस निकालने का प्रयास किया गया। इस जुलूस को हिंदू बहुल इलाके की ओर ले जाने की कोशिश की जा रही थी। समय रहते पुलिस ने मोर्चा संभाला और स्थिति को बिगड़ने से पहले ही नियंत्रित कर लिया। जांच में सामने आया है कि जुलूस में शामिल अधिकांश लोग कस्बे के निवासी नहीं थे। हिरासत में लिए गए लोगों में रामपुर, हल्द्वानी और बिल्सी के निवासी शामिल हैं। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया है कि उन्हें कस्बे में बुलाया गया था। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि उन्हें किस उद्देश्य से और किसके निर्देश पर बुलाया गया था। हिंदू पक्ष के लोगों की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की है। नगर पंचायत अध्यक्ष इसरार अहमद मौके पर मौजूद नहीं थे, लेकिन आरोपियों के बयानों के आधार पर उनका नाम मुकदमे में शामिल किया गया है। नामजद आरोपियों में कस्बा निवासी आशमी पत्नी गुलशेर, गुलशेर पुत्र जुम्मा, रामपुर के बिलासपुर निवासी यासीन, बिल्सी निवासी असदुद्दीन, रामपुर के स्वार निवासी उस्मान, हल्द्वानी निवासी अबरार शाह, रामपुर के स्वार निवासी निजाम अहमद और बिल्सी के गांव दिधोनी निवासी चमन शामिल हैं। सभी आरोपी फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं। थानाध्यक्ष राजकुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय और संबद्ध महाविद्यालयों के छात्र इन दिनों डिग्री में हो रही गलतियों को लेकर परेशान हैं। आएं दिन AD बिल्डिंग के परीक्षा विभाग में तमाम छात्र इस समस्या को लेकर पहुंच रहे हैं। ज्यादातर स्टूडेंट्स के हिंदी नामों में गड़बड़ियां देखी जा रही हैं। किसी की मात्रा गलत है, तो किसी का नाम ही। स्टूडेंट्स को इससे काफी दिक्क्तों का सामना कर पड़ रहा है। वहीं इस मामले कुलपति का कहना है कि डिग्री प्रिंट होने से पहले स्टूडेंट्स के पास सुधार के तीन मौके होते है। अगर वे ध्यान दे दें तो कोई गलती नहीं होगी। हिंदी नाम में गलती से 'छमा' की जगह 'कसमा' डिग्री सही करवाने आई DDU की छमा ने बताया कि उनके हिंदी नाम में गलती से छमा की जगह कसमा हो गया है। जबकि यह इंग्लिश की स्पेलिंग का उच्चारण है। उन्होंने कहा कि मुझे अब इसे लेकर यहां तक आना पड़ा है। जब मैंने गलती देखी तो घबरा गई क्योंकि नाम में गलती मतलब डिग्री बर्बाद। लेकिन फिर मैंने पता किया कि कैसे सही करवाना है और यहां आई हूं। 'श' के जगह 'स' से नाम में हुई गलती वहीं लहसड़ी के राम विलास कॉलेज के प्रियेश ने बताया कि उन्होंने बीएड की डिग्री के लिए अप्लाई किया था। जब डिग्री आई तो नाम में गलती मिला। उन्होंने बताया कि मैं सरकारी नौकरी की तैयारी करता हूं। अगर डिग्री में नाम मैच नहीं करता है तो फॉर्म ही रिजेक्ट हो जाएगा। इसलिए यहां सुधार करवाने आया हूं। अब कुछ दिन इंतजार करना पड़ेगा , तब फॉर्म डाल सकूंगा। 'इ' के बजाय 'ई' की मात्रा ऐसा ही कुछ समस्या है कौड़ीराम के सर्वोदय महाविद्यालय की प्रीति के साथ। प्रीति जब अपना M. A. का डिग्री कॉलेज से ली तो देखा कि उनके हिंदी नाम में मात्रा गलत है। 'त' पर 'इ' के बजाय 'ई' की मात्रा है, जबकि वह अपना नाम हिंदी में लिखने के लिए त पर छोटी ई का इस्तेमाल करती हैं। उन्होंने बताया कि अब कॉलेज वालों ने बताया कि डीडीयू में ही इसका सुधार होगा तुम्हें वहीं जाना पड़ेगा। बस इसी काम के लिए मुझे अपना काम छोड़ कर स्पेशली यहां आना पड़ा। सभी काम कम्प्यूटराइज होते, जो डेटा मिलेगा, वहीं प्रिंट होगा हालांकि इस मामले में कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन का कहना है कि विश्वविद्यालय छात्रों की ओर से प्राप्त जानकारी के हिसाब से ही काम करता है। DDU के स्टूडेंट्स खुद सभी जानकारी देते हैं, वहीं संबद्ध महाविद्यालयों से मिली डेटा के हिसाब से वहां के स्टूडेंट्स की डिग्री प्रिंट की जाती है। हमारे पास हिंदी और इंग्लिश दोनों टाइपिस्ट हैं। वे अपना काम डिग्री के लिए मिली जानकारी के हिसाब से अच्छे से करते हैं। सभी काम कम्प्यूटराइज होते हैं, तो जो डेटा मिलेगा, वहीं प्रिंट होगा। सही डेटा भरना छात्रों की पहली जिम्मेदारीउन्होंने बताया कि डिग्री प्रिंट करने से पहले स्टूडेंट्स के पास लगभग 3 मौके होते हैं, जिससे वे किसी भी तरह की गलती का सुधार करवा सकते हैं। पहला कि फॉर्म खुद स्टूडेंट्स या महाविद्यालय की ओर से भरा जाता है, जिसमें सही डेटा भरना उनकी पहली जिम्मेदारी है। करेक्शन के लिए मिलते करीब 15 दिन कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन का कहना है कि दूसरा कि डिग्री प्रिंट होने से पहले महाविद्यालयों के लिए पोर्टल खोला जाता है और करीब 15 दिनों का समय दिया जाता है कि उसमें करेक्शन कर लें। उनमें किसी भी तरह कि त्रुटि को पॉइंट आउट कर सकें और फिर उचित सुधार करके डिग्री प्रिंट की जाए। अब इन 15 दिनों में जब कोई गलती निकल कर नहीं आती तो यह मान लिया जाता है कि सब डेटा सही हैं। फिर डिग्री प्रिंट हो जाती है। डिजिलॉकर पर भी कर सकते चेक उन्होंने बताया कि तीसरी मौका तब होता है जब कॉन्वोकेशन के कुछ ही दिन बाद डिग्री पहले डिजिलॉकर पर अपलोड कर दी जाती है। उसके बाद प्रिंट होने में कम से कम डेढ़ से दो महीने लग जाते हैं। उस समय भी स्टूडेंट्स ध्यान नहीं देते कि अगर कोई गलती रह गई हो तो सुधार पोर्टल पर सही करवाने आवेदन डाल दें। ताकि प्रिंट होने से पहले उसमें सुधार करा दिया जाए। उन्हें सतर्कता से देखना चाहिए। जिससे उन्हें सहूलियत हो। इतने मौके मिलने के बाद भी जब स्टूडेंट्स ध्यान नहीं देते तो उन्हें कॉलेज का चक्कर न लगाना पड़ता। हालांकि विश्वविद्यालय की ओर से आवेदन पर उनकी डिग्रियां जल्द से जल्द सुधार करवा नई डिग्री प्रोवाइड करवाई जाती है। गूगल ट्रांसलेटर को करवाया बंद कुलपति ने आगे कहा- पहले इंफॉर्मेशन टाइप करने के लिए गूगल टाइपिंग का इस्तेमाल किया जाता था लेकिन हमने इसे बंद करवा कर हिंदी टाइपिस्ट को रखा। अब हिंदी के लिए यूनिकोड के माध्यम से होता है। हिंदी और इंग्लिश दोनों फॉर्मेट में शुरू करवाई फॉर्मकुलपति ने बताया कि डिग्री के अप्लाई करने के लिए स्टूडेंट्स जो फॉर्म भरते थे उसमें केवल इंग्लिश का ही ऑप्शन होता था। लेकिन हिंदी की मात्राओं और नामों में हो रही गलतियों को देखते हुए हमने 2024-25 सेशन से फॉर्म का फॉर्मेट हिंदी और इंग्लिश दोनों रखा है। जिसकी वजह से काफी हद तकइसमें सुधार देखा जा रहा।
''फिल्म डायरेक्टर काम करने के लिए इंडस्ट्री में आता है,ऑटोग्राफ देने और पहचान बनाने के लिए नहीं, एक्टर इसीलिए आता है। इसलिए उनके साथ मेरी कोई ऐसी सहानुभूति नहीं है। एक्टिंग दुनिया का सबसे आसान काम होता है।फिल्मों में आने के लिए बहुत जरूरी है किसी बड़ी संस्थान से ट्रेनिंग लेना। बिना ट्रेनिंग के फिल्म निर्माण का कोई भी विधा में सफलता का दर बहुत कम हो जाता है और जो कुछ बनता है, वह उत्कृष्ट तो नहीं ही होता है। '' यह बातें जाने-माने फिल्म डायरेक्टर और राइटर तिग्मांशु धूलिया ने गोरखपुर में सिने रंग फाउंडेशन की ओर से आयोजित लघु सिनेमा महोत्सव के दूसरे दिन विमर्श सत्र में अमित कुमार से बातचीत के दौरान कही। उन्होंने एक प्रश्न के जवाब में कहा कि रंगमंच से फिल्म में आने से बहुत सी चीजें कुछ आसान हो जाती हैं, मसलन कलाकारों से काम करना, फ्रेम की सेटिंग और अन्य। बहुत बड़ी गलती हो गई हिंदी सिनेमा मुंबई में बनती है दर्शकों की ओर से पूछे गए सवाल- बॉम्बे, बांग्ला और साऊथ जैसे इंडस्ट्री यूपी में डेवेलप होने की संभावना देखते हैं ? का जवाब देते हुए उन्होंने कहा- बहुत बड़ी गलती हो गई हिंदी सिनेमा मुंबई में बनती है। मुझे पता नहीं क्यों, जबकि ज्यादातर राइटर यूपी- बिहार के ही हैं। जब तक वे थे तब तक फिल्में अच्छी भी होती थी। हिंदी फिल्में इधर यूपी बिहार में बननी चाहिए। नई पीढ़ी से मुझे बहुत उम्मीद नहीं एक और प्रश्न के जवाब में कहा कि सिनेमा का भविष्य तो अभी है लेकिन नई पीढ़ी से मुझे बहुत उम्मीद नहीं है क्योंकि नई पीढ़ी रील, शॉट्स और मोबाइल में अपना समय बीता रही है, पढ़ना और सोचना उसने छोड़ दिया है। साथ ही उन्होंने भोजपुरी फिल्म बनाने के सवाल पर कहा कि मैं भोजपुरी कभी नहीं बनाऊंगा क्योंकि उसमें फूहड़ता बहुत होती है। उन्होंने कहा कि भोजपुरी मुझे आती भी नहीं, अवधि में कहोगे तो फिल्म बना दूंगा। जब तक जिंदा हूं उन्हें सिखाता रहूंगा वहीं दैनिक भास्कर से खास बातचीत में उन्होंने कहा कि जब तक हूं तब तक युवा पीढ़ी को ठीक करता हूं। उन्हें ध्यान केंद्रित करना सिखाऊंगा। मैं यूपी के मिट्टी से जुड़ा हुआ हूं। यहां के लोगों के लिए जो हो पाएगा वो करूंगा। मेरी आने फिल्म 'घमासान' है, यह एक मोटिवेशनल स्टोरी होगी जिसमें अरशद वारसी और प्रतीक गांधी मेन रोल में नजर आएंगे। उम्मीद है कि दर्शकों को यह अच्छी लगेगी। बेस्ट फिल्म 'प्लूटो' और बेस्ट एक्टर आलोक को मिला अवॉर्ड कार्यक्रम के अगले सत्र में प्रदर्शित फिल्मों को पुरस्कृत किया गया। जिसमें 'प्लूटो' को बेस्ट फिल्म का पुरस्कार मिला। द्वितीय और तृतीय सर्वश्रेष्ठ फिल्म क्रमशः हैप्पी बर्थ डे और मटर पनीर रही। सर्वश्रेष्ठ फिल्म की श्रेणी में सेकेंड चांस और थाली को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। बेस्ट डायरेक्टर का पुरस्कार डॉ चैतन्य प्रकाश को उनकी फिल्म 'अनहोल्ड स्टोरी' के लिए दिया गया। बेस्ट डेब्यू डायरेक्टर का पुरस्कार कुमारी सृष्टि को उनकी फिल्म 'ऊंची ताक' के लिए दिया गया। बेस्ट एक्टर का पुरस्कार आलोक सिंह राजपूत को फिल्म 'अल्टर' में अभिनय के लिए और बेस्ट एक्ट्रेस का पुरस्कार फिल्म 'सेकंड चांस' में मां की भूमिका के लिए दिया गया। बेस्ट चाइल्ड एक्टर का पुरस्कार मटर पनीर में तीनों बाल कलाकारों को दिया गया। बेस्ट चाइल्ड एक्ट्रेस को डोपेस्टिक फिल्म में काम करने वाली बाल कलाकार को दिया गया। बेस्ट नेगेटिव रोल के लिए अन्तस्थ में के कलाकार को दिया गया। बेस्ट राइटर का पुरस्कार अक्षय जाधव को दिया गया। पुरस्कार वितरण डॉ. महेंद्र अग्रवाल, राजकीय बौद्ध संग्रहालय के उप निदेशक यशवंत सिंह राठौड़, डॉ प्रतिभा गुप्ता, पंडित नरेंद्र उपाध्याय और जूरी के सदस्यों प्रोफेसर चंद्र भूषण अंकुर और प्रदीप सुविज्ञ के कर कमलों से हुआ। लघु फिल्में आज के समय की जरूरतसमापन वक्तव्य में डॉ. महेंद्र अग्रवाल ने कहा कि लघु फिल्में आज के समय की जरूरत है। लघु फिल्में संवेदना के स्तर पर हमें कहीं ज़्यादा उद्वेलित करती हैं और समाज में बदलाव लातीं हैं।हर्ष का विषय है कि गोरखपुर में भी अब कला, साहित्य और रंगमंच के साथ फिल्मों के क्षेत्र में भी काम होने लगा है।
पंजाब में लुधियाना के किला रायपुर ग्रामीण ओलंपिक में एक बार फिर से बैलगाड़ी दौड़ की वापसी होने जा रही है। अगर खेल शुरू होने तक दोबारा कोई कानूनी अड़चन न आई तो 11 साल बाद यह ऐतिहासिक खेल दोबारा शुरू होगी। जिला प्रशासन, आयोजक और ग्रामीणों में इसे लेकर उत्साह है। 30 जनवरी से एक फरवरी तक ये गेम्स करवाई जानी हैं। डीसी हिमांशु जैन इस संबंध में आज प्रेस कॉन्फ्रेंस करने जा रहे हैं।सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 2014 में किला रायपुर गेम्स में बैलगाड़ी की दौड़ बंद करवा दी थी। पंजाब सरकार ने 11 जुलाई को विधानसभा में बिल पास करके बैल गाड़ियों की दौड़ फिर से करवाने का रास्ता साफ कर दिया। सरकार के इस फैसले से इस बैलगाड़ी दौड़ शुरू होने का रास्ता साफ हुआ है। पिछले कुछ सालों से पंजाब सरकार इन खेलों का आयोजन कर रही है। किला रायपुर खेलों की रौनक हो गई थी खत्म बैल गाड़ियों की दौड़ शुरू से किला रायपुर खेलों में आकर्षण का मुख्य केंद्र रही हैं। जब किला रायपुर में बैलगाड़ियों की दौड़ पर प्रतिबंध लगा तो खेलों की रौनक ही खत्म हो गई। देश विदेश से पर्यटकों ने आना बंद कर दिया। इन शर्तों पर शुरू करवाई जाएगी बैलगाड़ियों की दौड़ दौड़ से पहले सभी बैलों की वेटरनरी डॉक्टर करेंगे जांच दौड़ के दौरान और बाद में भी वेटरनरी टीम मौजूद रहेगी किसी भी तरह की मारपीट, नुकीले औजार या क्रूरता पूरी तरह प्रतिबंधित होगी अत्यधिक गर्मी या खराब मौसम में दौड़ नहीं करवाई जाएगी सभी प्रतिभागियों और बैलों का पूर्व पंजीकरण जरूरी होगा नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई और प्रतिबंध लगाया जाएगा कैसे ग्रामीण ओलिंपिक बनीं किला रायपुर की खेलें, जानिए 1933 में इंदर ग्रेवाल ने शुरू किया: किला रायपुर की ग्रामीण खेलों की शुरुआत साल1933 में हुई। इनको शुरू करने का श्रेय लुधियाना के किला रायपुर के इंदर सिंह ग्रेवाल को जाता है। इन खेलों को शुरू करने के पीछे उद्देश्य पंजाब के किसानों को एक प्लेटफार्म पर एकत्रित करना था। इनके मनोरंजन के लिए खेलें शुरू की गईं जो आगे चलकर पूरे पंजाब में फेमस हो गईं और इन्हें पंजाब का मिनी ओलिंपिक कहा जाने लगा। रायपुर के हॉकी में सिल्वर कप जीतने से हुई शुरुआात: साल 1933 में पहली बार रायपुर की हॉकी टीम ने जालंधर में सिल्वर कप जीता। इसी जीत से प्रेरित होकर ग्रेवाल जट्ट समुदाय ने गांवों के बीच वॉलीबॉल, कबड्डी और एथलेटिक्स की शुरुआत हुई और उसी साल ग्रेवाल स्पोर्ट्स एसोसिएशन बनाई गई। 1944 में पहली बार हुई बैल दौड़: साल 1940 में 440 गज का ट्रैक बनाकर एथलेटिक्स के मुकाबले शुरू हुए और साल 1944 में बाबा बक्शी के प्रयासों से बैलगाड़ी दौड़ शामिल की गई। साल 1950 में महिलाओं के लिए खेल आयोजनों की शुरुआत हुई, जो साल 1953 में औपचारिक रूप से शामिल किए गए। दुनियाभर को दिखाई जाती है पंजाब की विरासत: इंदर सिंह ग्रेवाल के प्रयासों के कारण, यह खेलें त्योहार की तरह बन गईं और हर साल आयोजित होने लगीं। अब ये खेलें दुनिया भर से लोगों को आकर्षित करती हैं। यह न केवल एक खेल आयोजन है, बल्कि एक सांस्कृतिक उत्सव भी है जो पंजाब की समृद्ध विरासत को दुनियाभर में दिखाता है। बैलों को पिलाते हैं देसी घी, खिलाते हैं ड्राई फ्रूट्स: बैलगाड़ी दौड़ में हिस्सा लेने वाले बैलों की कीमत लाखों रुपए तक होती है और उनकी देखभाल बच्चों की तरह की जाती है। पंजाब के पशुपालक बताते हैं कि वे अपने बैलों को देसी घी, ड्राई फ्रूट्स, चुनिंदा अनाज और पोषक आहार खिलाकर उन्हें ताकतवर बनाते हैं। अब जानें क्यों लगा बैलों की दौड़ पर प्रतिबंध जीत के लिए बैलों को नशे की गोलियां खिलाने के लगे आरोप: इन खेलों में बैल दौड़ पर सवाल उठने शुरू हो गए। कुई पशु प्रेमियों ने पशु क्रूरता को लेकर कोर्ट का रुख किया। शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि कुछ मालिक अपने बैलों को दौड़ के दौरान तेज भगाने के लिए नशे की गोलियां खिलाते हैं और लोहे की नुकीली 'क्रिच' से मारते हैं, जिससे बैल दर्द से भागने लगता है। बैलों पर क्रूरता का हवाला देकर लगी थी रोक: साल 2014 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद किला रायपुर समेत देशभर में बैलगाड़ी दौड़ों पर रोक लग गई थी। अदालत ने पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 का हवाला देते हुए कहा था कि इस तरह की दौड़ों में जानवरों के साथ क्रूरता की आशंका रहती है। इसके बाद किला रायपुर रूरल ओलंपिक में यह प्रतियोगिता बंद कर दी गई। 2014 के बाद से फीका पड़ा खेल उत्सव: साल 2014 के आदेश और पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश के बाद कानूनी रूप से बैल दौड़ पर बैन लगने के बाद किला रायपुर में खलों का आकर्षण फीका पड़ने लगा। धीरे-धीरे यहां आने वाले लोगों की संख्या भी कम होने लगी। विवादों से भी जुड़ा किला रायपुर ग्रामीण ओलिंपिक: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की रोक के आदेश को 11 साल बीत चुके हैं और कभी भी यहां बैल दौड़ देखने को नहीं मिली। बैल दौड़ के जाने के बाद यहां और भी विवाद पैदा हुए और ये खेल आयोजन कुछ सालों में ही बंद हो गया। विवाद उस समय और गहरा गया जब आयोजन स्थल की जमीन को लेकर कानूनी मसला खड़ा हो गया, जिससे साल 2018 के बाद खेल आयोजन पूरी तरह रुक गया। साल 2023 में गांव के पट्टी सुहाविया गुट के पक्ष में फैसला आने के बाद आयोजन को दोबारा शुरू करने की राह साफ हुई। साल 2024 से पंजाब सरकार ने खेलों के आयोजन की जिम्मेदारी अपने हाथ में ली। पहले भी इसे शुरू करने के दो प्रयास हो चुके: पंजाब सरकार ने 2019 में विधानसभा में एक संशोधन विधेयक पारित किया था, जिससे बैल दौड़ को कानूनी मान्यता मिल सके। इसके तहत पशुओं की देखभाल और सुरक्षा से जुड़े विशेष प्रावधानों के साथ पारंपरिक खेल को संरक्षित करने की बात कही गई थी। 2024 में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी से मुलाकात कर इस खेल को दोबारा शुरू कराने की मांग भी की थी। अब 2025 में राज्य सरकार ने इस दिशा में अंतिम कदम बढ़ा दिया है। पंजाब विधानसभा ने सर्वसम्मति से विधेयक को पारित कर दिया है। राज्यपाल की मंजूरी मिलते ही बैल दौड़ को कानूनी दर्जा मिल जाएगा। बैल दौड़ के अलावा ये मुकाबले भी फेमस: बैल दौड़ के अलावा इस आयोजन में पुरुष और महिला हॉकी, अंडर-14 और अंडर-17 बालिकाओं के लिए कबड्डी, 60 मीटर तथा 100 मीटर दौड़, 1500 मीटर महिला-पुरुष रेस, 400 मीटर की हीट और फाइनल, खो-खो, पुरुष वॉलीबॉल, शूटिंग और पारंपरिक ग्रामीण खेलों की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं। ट्रैक्टर दौड़, कुत्तों की रेस, खच्चर रेस, निहंग सिंहों के घोड़ों पर करतब, करतब बाजों के करतब विशेष आकर्षण के केंद्र रहते हैं। रात को बड़े सिंगरों के अखाड़े लगते रहे हैं। देखना होगा कि प्रशासन इस बार किस तरह की तैयारियां करता है। हॉकी में जीत की हैट्रिक वाली टीम को मिलती है 1 किलो सोने की ट्रॉफी: बात साल 1956 की है, पाकिस्तान की टीम ने पहली बार किला रायपुर की खेलों में कबड्डी कर में भाग लिया। ग्रामीण खेलों में भाग लेने के वाली ये पहली विदेश की टीम बनी। इसके बाद नारंगवाल के प्रह्लाद सिंह गरेवाल ने अपने बेटे की भगवंत सिंह की याद में 100 तोले (1 किलो) सोने का कप दिया। तब से भगवंत गोल्ड कप हॉकी टूर्नामेंट शुरू हुआ। खेलों के वक्त ही बैंक लॉकर से निकाली जाती है ट्रॉफी: ग्रेवाल स्पोर्ट्स एसोसिएशन के पास दो बेशकीमती ट्रॉफी हैं, एक 100 तोले शुद्ध सोने का कप और दूसरा 50 तोले चांदी का कप। इन दोनों ट्राफियों को वर्षभर बैंक के लॉकर में सुरक्षित रखा जाता है और केवल पुरस्कार वितरण के दिन ही इन्हें बाहर निकाला जाता है।
मौसम विभाग:सात दिन में दो विक्षोभ, बारिश, मेघ गर्जना, ठिठुरन बढ़ेगी, पारा 5 डिग्री तक जाएगा
बसंत पंचमी आते ही लोगों के मन में यह धारणा रहती है कि अब सर्दी विदा होनी शुरू हो जाएगी, मगर इस बार मामला अलग है। शुक्रवार को बसंत पंचमी है, मगर मौसम विभाग ने इस दिन सर्दी बढ़ने के संकेत दिए हैं। लगातार दो विक्षोभ के कारण आने वाले दिनों में बारिश और बिजली चमकने के बाद तेज हवा चलने के संकेत हैं, जिसकी शुरुआत गुरुवार दिन में हो चुकी है। दरअसल बसंत पंचमी से अमूमन सर्दी विदा होनी शुरू हो जाती है। इस साल भी हालात तो वैसे ही थे, क्योंकि बीते तीन दिनों से लगातार तापमान बढ़ता जा रहा है। बीती रात का न्यूनतम तापमान 13.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसलिए सुबह सर्दी तेज नहीं थी, जबकि दो दिन पहले लगातार कोहरे के कारण सर्दी का असर ज्यादा था। शुक्रवार से एक पश्चिमी विक्षोभ का असर शुरू हो गया। सुबह से ही तेज हवा शुरू हो गई। धूल उड़ने लगी। शाम होते-होते हवा और तेज हो गई। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि 23 तक जिले में कहीं-कहीं हल्की बारिश होने के आसार हैं। बादलवाही के साथ बादल भी गरज सकते हैं। इस कारण आने वाले 3 से 5 दिन तक सर्दी कड़ाके की रह सकती है। तापमान 7 डिग्री तक नीचे आ सकता है। 23 और 26 जनवरी को बारिश की संभावना दरअसल दो विक्षोभ कट-टू-कट आ रहे हैं। पहला विक्षोभ गुरुवार से शुरू हो गया, जिसका असर बारिश के रूप में 23 जनवरी को देखने को मिल सकता है। दूसरा विक्षोभ 26 को आएगा। उसका असर 27 तक रहने के आसार हैं। इसलिए शादियों के सीजन में लोगों को सतर्क रहना होगा। दो विक्षोभ के कारण एक सप्ताह तक मौसम में उतार-चढ़ाव और बदलाव देखने को मिलेगा। फरवरी के पहले सप्ताह से मौसम सामान्य हो जाएगा। -राधेश्याम शर्मा, निदेशक, मौसम विभाग
राजस्थान के शिक्षा विभाग में शिक्षकों तथा स्कूलों की संख्या बढ़ने के बाद प्रत्येक सरकार के समय शिक्षकों के तबादलों की नीति बनाने की मांग तथा सरकारी स्तर पर केवल कार्रवाई होती रही है। अनेक स्तर पर कमेटियां बनीं, दिशा-निर्देश जारी हुए, लेकिन शिक्षकों की आज भी तबादला नीति नहीं बनी। इससे रसूखदार शिक्षक तो अपना काम निकाल रहे हैं, मगर सामान्य शिक्षक इनमें पिस रहा है। हैरानी इस बात की है कि प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक महिलाओं के हितों की बातें तो करते हैं, मगर ट्रांसफर में महिला हितों को दरकिनार किया जा रहा है। दरअसल 5 जनवरी 2024 को जयपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्ता परिवर्तन के बाद अफसरों के तबादलों को लेकर संदेश दिया था कि अधिकारी कभी किसी पार्टी के नहीं होते हैं। तबादलों में नेताओं की भागीदारी नहीं होनी चाहिए। पांच साल सत्ता में रहते हुए समय का सदुपयोग करें और बेहतर काम करें। मगर राजस्थान में शिक्षक ट्रांसफर का खेल ही अलग है। यहां राजनीति और राजनीतिक विचारधारा के आधार पर ही ट्रांसफर होते रहे हैं। पिछली सरकार ने आरएसएस विचारधारा वाले शिक्षकों को जमकर प्रताड़ित किया और अब मौजूदा सरकार उसी का बदला लेने में पीछे नहीं है। बिना नीति के तबादले राजनीतिक आधार पर होते जा रहे हैं। इस राजनीति में वे महिलाएं भी पिस रही हैं, जो किसी नेता को न तो जानती हैं और न ही उनकी विचारधारा से जुड़ी हैं। संभ्रांत परिवार की महिलाएं नेताओं के चक्कर लगाने से बेहतर ट्रांसफर को स्वीकार करना जरूरी समझती हैं। मौजूदा सरकार ने हाल ही में लेक्चरर के तबादले किए, उसमें महिलाओं को उनके ससुराल और पीहर से दूर फेंक दिया। महिला शिक्षकों का कहना है कि उनके लिए तबादला नीति अलग होनी चाहिए, क्योंकि दूर-दराज जगहों पर जाने से उन्हें शोषण होने का डर है। महिला शिक्षकों ने भास्कर को सुनाई आपबीती ये दर्द है …इधर राहत 5 कारण… जिससे नहीं हो रहे थर्ड ग्रेड शिक्षकों के तबादले इस सरकार में संघ पृष्ठभूमि की ही सुनवाई नहीं हाल ही में जारी हुई लेक्चरर ट्रांसफर सूची में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और उससे जुड़ी विचारधारा वाले शिक्षकों की ही सुनवाई नहीं हुई। भास्कर के पास पूरे प्रदेश में ऐसे एक-दो-तीन नहीं, बल्कि 40 से ज्यादा प्रमाण हैं, जो सीधे तौर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दायित्ववान कार्यकर्ता हैं, मगर उनके साथ उन्हें सजा जैसा सलूक किया गया। हालांकि ये नियम है कि जो महिला जहां तैनात है, वह उसी स्थान पर रहे, पर गांव में बच्चों को छोड़कर रहना मुश्किल होता है। पति-पत्नी को एक साथ रखने का भी प्रावधान है, मगर सरकारें मानती कहां हैं। मैं तो स्पष्ट स्थानांतरण नीति के पक्ष में हूं। सामान्य महिलाओं को भी पीहर-ससुराल के पास रखा जाए, बेहतर होगा। -महेंद्र पांडे, महामंत्री, राप्रामाशि संघ
भरतपुर में एक 10 साल के बच्चे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि बच्चा कमरे में अकेला मोबाइल पर गेम खेल रहा था। घर के सभी लोग बरामदे में बैठे थे। कुछ देर बाद जब वह कमरे में गए तो, बच्चा बेड पर बेहोश पड़ा हुआ था। जिसे लेकर तुरंत वह अस्पताल पहुंचे। जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। घटना चिकसाना थाना क्षेत्र के जिरौली गांव की गुरुवार रात 10 बजे की है। मोबाइल पर गेम खेल रहा था शिवा बच्चे के रिश्तेदार और नगर निगम के पार्षद श्याम सुंदर गौड़ ने बताया कि घटना के समय शिवा (10) कमरे में अकेले था। शिवा के पिता रवि शंकर मां, शिवा का बड़ा भाई सूर्यांश (11) बड़ी बहन जीया (14) घर के बरामदे में बैठे थे। कुछ देर पिता शिवा को बुलाने कमरे में गए तो वो बेड पर अचेत मिला। उसके गले में कपड़े का फंदा लगा हुआ था। शिवा के पिता ने उसे उठाने की कोशिश की लेकिन, शिवा नहीं उठा। वह उसे लेकर आरबीएम अस्पताल पहुंचे। जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। आखिर कैसे हुई शिवा की मौत? शिवा के परिवार को समझ नहीं आ रहा है कि कुछ मिनटों के दौरान क्या हुआ? शिवा जब कमरे में गया था तो वो काफी खुश था। उसके गले में कपड़ा फंदे की तरह क्यों लिपटा था? न कमरे से कोई आवाज आई, न ही परिवार के किसी मेंबर में कमरे में किसी को जाते हुए देखा। क्या मोबाइल गेम के कारण कुछ हुआ? ऐसे बहुत से सवाल परिवार को परेशान कर रहे हैं। मासूम बच्चे की मौत से परिवार सदमें है। मां बार-बार रोते हुए बेसुध हो रही है। .... ये खबर भी पढ़िए... मोबाइल गेम खेलने पर डांटा तो मासूम ने सुसाइड किया:पिता की फटकार से हुआ नाराज, फ्री-फायर गेम खेलने की थी लत धौलपुर में 8वीं क्लास के स्टूडेंट ने सुसाइड कर लिया। मासूम को पिता ने मोबाइल पर गेम खेलने पर डांटा था। इसी से नाराज होकर उसने घर में फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। पूरी खबर पढ़िए...
झारखंड में बीते 24 घंटों के दौरान दिन और रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कुछ दिनों पहले तक कई जिलों का न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे चला गया था। इससे लोगों को अच्छी-खासी ठंड महसूस हो रही थी। फिलहाल तापमान में बढ़ोतरी के संकेत हैं। हालांकि सुबह-शाम ठंड महसूस होगी। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में अगले 24 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में कोई बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। इसके 4 दिनों बाद इसमें धीरे-धीरे (3-4) डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो सकती है। सुबह हो सकता है हल्के दर्जे का कोहरा शुक्रवार को सुबह में कहीं-कहीं पर हल्के दर्जे का कोहरा/कुहासा और बाद में आसमान मुख्यत साफ रहेगा। वहीं, पिछले 24 घंटे में सबसे कम न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस गुमला में दर्ज किया गया। चाईबासा में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान पिछले 24 घंटे में राज्य में सबसे अधिक तापमान चाईबासा में 30.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम का रिकॉर्ड भी बताया जा रहा है। वहीं, राजधानी रांची का न्यूनतम तापमान 09.8 डिग्री सेल्सियस रहा। जमशेदपुर में न्यूनतम तापमान 13.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राज्य का सबसे ठंडा जिला गुमला रहा, जहां न्यूनतम तापमान 04.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पलामू में भी तापमान में रिकॉर्ड गिरावट देखी गई, जिससे सुबह और रात के समय ठिठुरन बढ़ गई है। 6 जिलों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कमपिछले 24 घंटे में राज्य में मौसम शुष्क रहा। राज्य में कहीं-कहीं पर हल्के दर्जे का कोहरा देखा गया। सबसे अधिक अधिकतम तापमान 30.4 डिग्री सेल्सियस चाईबासा में रिकॉर्ड किया गया। वहीं, 6 जिलों का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम रिकॉर्ड किया गया।
यूपी-नेपाल बॉर्डर से नेपाली लड़कियों की तस्करी की जा रही है। लड़कियां खाड़ी देशों तक में भेजी जा रही हैं। इस धंधे में महिलाएं भी शामिल हैं, जो नेपाली लड़कियों के लिए डील कर रही हैं। कल सुबह पढ़िए भास्कर इन्वेस्टिगेशन...
नवंबर 1971, पूर्वी पाकिस्तान यानी आज का बांग्लादेश। पाकिस्तान अपने ही बंगाली नागरिकों पर अत्याचार कर रहा था। गांव जलाए जा रहे थे, लोग मारे जा रहे थे। बंगाली बोलने वाले लाखों पाकिस्तानी जान बचाने के लिए भारत के बंगाल और असम में घुस रहे थे। 80 लाख लोग भारत की सीमा पर शरण लेने के लिए खड़े थे। ये शरणार्थी संकट नहीं, बल्कि जंग की आहट थी। सवाल ये नहीं था कि लड़ाई होगी या नहीं, बल्कि ये था कि कब होगी? बॉर्डर पार पाकिस्तानी सेना पूरी तरह तैयार थी, जबकि भारत अभी भी तैयारी में जुटा था। इसी के तहत 20, माउंटेन डिवीजन को एक अहम जिम्मेदारी दी गई। आमतौर पर इसे बॉर्डर के काफी ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाकों में तैनात किया जाता है, लेकिन खास रणनीति के तहत इसे पूर्वी पाकिस्तान की बोगुरा पोस्ट पर कब्जा करने की जिम्मेदारी मिली। इसी डिवीजन में एक छोटे से सेक्शन (सेना की सबसे छोटी यूनिट) की कमान संभाल रहे थे लांस नायक राम उग्रह सिंह। आने वाले दिनों में ये नाम ‘मोरापाड़ा’ की कठिन और दलदली जमीन पर लड़ते हुए इतिहास बनाने वाला था। कहानी शुरू होती है, 20 नवंबर 1971 से… लेकिन इससे पहले 20, माउंटेन डिवीजन के कुछ अधिकारियों को जान लेते हैं। ये वो किरदार हैं जिनके बूते इतिहास लिखा जाने वाला था। एक डिवीजन कई टुकड़ियों जैसे- ब्रिगेड, कंपनी, प्लाटून वगैरह में बंटी होती है। ऐसे ही 202, माउंटेन ब्रिगेड के कमांडिंग ऑफिसर थे ब्रिगेडियर फरहत भट्टी। इसकी सबसे अहम बटालियन 8 गार्ड्स इन्फैंट्री (पैदल सेना) की कमान लेफ्टिनेंट कर्नल शमशेर सिंह के हाथ में थी; और इसी 8 गार्ड्स की एक कंपनी (डी कंपनी) में एक सेक्शन का जिम्मा लांस नायक राम उग्रह सिंह के पास था। चलिए अब कहानी शुरू करते हैं… 20 नवंबर, 1971 ब्रिगेडियर फरहत भट्टी ने लेफ्टिनेंट कर्नल शमशेर सिंह को कमांड हेडक्वार्टर बुलाया। ब्रिगेडियर के केबिन में घुसते ही लेफ्टि. कर्नल सिंह ने सैल्यूट किया और सीना तानकर कहा- “जय हिंद…।” ब्रिगेडियर भट्टी ने पूछा- “तैयारी कैसी है…?” लेफ्टि. कर्नल सिंह ने जवाब दिया- “जवान देश के लिए मरने और मारने को तैयार हैं।” ब्रिगेडियर भट्टी ने फौरन कहा- “यही जोश बना रहना चाहिए। लेकिन देश के लिए मरना नहीं है, सिर्फ मारना है। मेरा कोई जवान शहीद नहीं होने चाहिए।” लेफ्टि. कर्नल सिंह ने मुस्कुराकर हां में सिर हिलाया और बोले- “ऐसा ही होगा सर…।” ब्रिगेडियर भट्टी- “पाकिस्तानी मजबूत है। हमें अभी हमला का आदेश नहीं मिला है। पाकिस्तानी पहले अटैक कर सकता है। यूनिट अलर्ट रहनी चाहिए।” लेफ्टि. कर्नल सिंह- “यूनिट तैयार है सर।” इस मुलाकात के बाद लेफ्टि. कर्नल शमशेर सिंह बटालियन के जवानों के साथ मीटिंग करने पहुंचे। ‘डी कंपनी’ के राम उग्रह सिंह भी वहां मौजूद थे। लेफ्टि. कर्नल सिंह ने ब्रिगेडियर से हुई बातचीत के बारे में बताया, बोले- “हमें बोगुरा पोस्ट फतह करनी है। इसके लिए हिली कस्बे पर कब्जा जमाना होगा। दुश्मन की तरफ खेत और दलदल हैं, काफी मुश्किलें आएंगी।” फिर अचानक जोश में भरकर बोले- “क्या हम चुनौती पार कर लेंगे?” सभी जवानों ने एक सुर में जवाब दिया- “इसमें कोई शक नहीं है साब। हम लड़ेंगे, हम जीतेंगे।” हिली, भारत और पूर्वी पाकिस्तान के बीच एक कस्बा था। भारतीय हिस्से में बस्तियां और सड़कें थीं, जबकि पाकिस्तानी हिस्से में धान के खेत, कीचड़ से भरे मैदान और मोरपारा, बसुदेवपुर, चंदीपुर जैसे छोटे गांव थे। 22 नवंबर की शाम। बॉर्डर पर तनाव था। जंग कभी भी शुरू हो सकती थी। भारतीय सेना तैयार थी। प्लान साफ था, बोगुरा पर कब्जा, ताकि पाकिस्तानी सेना को उत्तर-पूर्वी पाकिस्तान में अलग किया जा सके। सबसे सीधा रास्ता हिली से होकर जाता था। इसके लिए सबसे पहले मोरपारा गांव पर कब्जा करना था। लेफ्टि. कर्नल सिंह अपने साथियों को प्लान बता रहे थे। उन्होंने कहा- “पाकिस्तानी सेना की 205 इन्फैंट्री ब्रिगेड की यहां मजबूत तैयारी है। क्या आपको इसकी जानकारी है? किसी जवान ने जोश भरे लहजे में कहा- जी साब। लेफ्टि. कर्नल ने पूछा- क्या पता है? कोई कुछ नहीं बोला। तभी सेक्शन कमांडर राम उग्रह पांडे ने कहा- साब दुश्मनों ने कुछ भी तैयारी किया हो। हम उनके मंसूबों पर पानी फेर देंगे। लेफ्टि. कर्नल सिंह जवानों का जोश देखना चाह रहे थे। उन्होंने कहा- वक्त पास आ रहा है। देश के नमक का कर्ज उतारने का मौका है। मैं आप लोगों को कुछ बताना चाहता हूं। उन्होंने आगे बताना शुरू किया- दुश्मनों ने कंक्रीट के पक्के बंकर बनाए हैं। रेलवे की पुरानी बोगियों को फायरिंग पोजीशन में बदल दिया है। कई परतों में कांटेदार तार लगाए हैं। माइन बिछाई है। मशीन गन, रिकॉइललेस राइफल और टैंक तैनात हैं। उन्होंने एक नक्शा फैलाया। उसमें मोरपारा गांव लाल निशान से दिखाया गया था। लेफ्टि. कर्नल सिंह ने गंभीर आवाज में कहा- जवानों, मोरपारा दुश्मन की सबसे मजबूत चौकी है। आर्टिलरी पहले हमला करेगी, उसके बाद हम आगे बढ़ेंगे। रात का अंधेरा हमारी मदद करेगा।” जवानों का जोश उफान पर था। तभी पीछे से लांस नायक राम उग्रह पांडेय की आवाज आई- “बहादुरी हमारी पहचान है। इस बार ये पहचान और पुख्ता हो जाएगी साब।” प्लान मीटिंग खत्म हुई। शमशेर सिंह वापस चले गए, लेकिन राम उग्रह अपने साथियों के साथ वहीं खड़े रहे। उन्होंने अपने सेक्शन के जवानों को इकट्ठा किया। सभी की आंखों में आग जल रही थी। राम उग्रह ने पूरे दमखम से कहा- दुश्मन मजबूत है। फायरिंग भी तेज होगी, लेकिन हम गार्ड्स हैं। हम रेंगकर जाएंगे, ग्रेनेड का इस्तेमाल करेंगे और एक दूसरे को कवर देंगे। कोई भी पीछे नहीं रहेगा। कुछ जवान जंग के नाम से हिचकिचा रहे थे। किसी ने कहा- “दूसरी तरफ दलदल है। फंस गए तो?” राम उग्रह ने हल्की मुस्कान लेकिन कठोर आवाज में कहा- “आगे मैं रहूंगा, रास्ता मैं बनाऊंगा। अगर गिर जाऊं तब भी रुकना नहीं। तुम लोग आगे बढ़ते रहना।” 23 नवंबर, रात करीब 12 बजे। जंग के एलान यानी 3 दिसंबर से 10 दिन पहले भारतीय आर्टिलरी (तोपखाना) ने हिली पर कब्जे के लिए फायरिंग शुरू की। तोपों की गड़गड़ाहट से जमीन कांप उठी। पाकिस्तानी बंकरों पर गोले गिरने शुरू हो गए। उधर से भी जवाबी हमला शुरू हुआ। आग और धुआं चारों तरफ फैला था, लेकिन दुश्मन के बंकर अब भी खड़े थे। भारत का प्लान उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, सेना को काफी नुकसान हुआ। रात 1 बजे हमला और तेज किया गया। 8 गार्ड्स की दो कंपनियां आगे बढ़ीं। लांस नायक राम उग्रह पांडे की सेक्शन यूनिट रेंगते हुए आगे बढ़ रही थी। भारतीय जवान दुश्मन की सबसे मजबूत सिक्योरिटी लाइन के सामने खड़े थे। सबसे पहली बाधा कांटेदार तारों की थी। तार के उस पार दुश्मनों के बंकर थे। राम उग्रह पांडे ने वायर कटर निकाला, फिर आसपास देखा। सभी जवान जमीन पर लेटे थे। राम उग्रह ने एक-एक करके सारे तार काट दिए और जवानों के निकलने के लिए रास्ता बना दिया। साथी जवान आगे बढ़े, लेकिन सबसे आगे थे राम उग्रह पांडे। राम उग्रह ने फुसफुसाकर कहा- सावधान रहना। यहां माइन हो सकती है। जवान अब भी रेंगते हुए आगे बढ़ रहे थे, लेकिन पाकिस्तानी फौज भी सतर्क थी। उन्होंने अचानक मशीन गन से फायरिंग शुरू कर दी। सिर के ऊपर से दनादन गोलियां गुजरने लगीं। राम उग्रह ने चीखकर कहा- फौरन कवर लो…। सभी जवान जमीन से चिपक गए। सांसें तेज थीं, लेकिन उंगलियां सख्ती से ट्रिगर पर जमी थीं। कोई पीछे नहीं हटा। दुश्मन का पहला बंकर नजरों के सामने था। साफ दिखाई दे रहा था कि गोलियों की बौछार कहां से हो रही है। पूरी टीम वहीं फंसी थी। आगे बढ़ना मुश्किल हो गया था। राम उग्रह ने हालात के मुताबिक फैसला लिया। अपने पाउच से ग्रेनेड निकाला और कड़ककर बोले- “कवर फायर दो। मैं कुछ करता हूं।” साथी जवानों ने अपनी राइफलों से बंकर की ओर फायरिंग शुरू कर दी। गोलियां बिजली की लकीरों की तरह बंकर पर गिर रही थीं। कवर फॉयर के बीच राम उग्रह आगे बढ़ रहे थे। शरीर कीचड़ से लथपथ था। रेंगने में भी पूरी ताकत लगानी पड़ रही थी। कभी पैर दलदल में धंस जाते, तो कभी हाथ कीचड़ में फिसल जाते। अंधेरे में कुछ ठीक से दिख नहीं रहा था लेकिन लांस नायक रुके नहीं। बंकर अब भी करीब दस मीटर दूर था। बंकर के अंदर से पाकिस्तानी सैनिकों की आवाजें साफ सुनाई दे रही थीं। मशीनगन से फायर झोंक रहा पाकिस्तानी गुस्से और घबराहट में चिल्लाया- “ये हिंदुस्तानी कितने करीब आ गए। देखो, कीचड़ में रेंग रहे हैं कीड़ों जैसे…! फुल फायर करो, मार डालो इन काफिरों को, कोई @#₹@ बचना नहीं चाहिए।” तभी दूसरा पाकिस्तानी सिपाही बोला- “जनाब, मैगजीन खत्म हो गई। आर्टिलरी से कुछ नहीं होगा। क्या करें, पीछे हटें…?” पाकिस्तानी सेक्शन ऑफिसर गुर्राया- “चुप कर, हमारा बंकर मजबूत है। वो रेंगकर भी आएंगे तो हमारी मशीनगन उन्हें चीर देगी। बस गोलियों के ट्रेसर पर नजर रखो। वो ज्यादा नजदीक आएं, तो पूरा बर्स्ट मारो। कोई काफिर नहीं बचेगा, अल्लाह हमारे साथ है।” तभी राइफलमैन चिल्लाया- “अल्लाह… वो हिंदुस्तानी ग्रेनेड फेंकने वाला है। उस तरफ फायरिंग करो, उस तरफ…! जब तक वो कुछ करते, तब तक लांस नायक राम उग्रह ने ग्रेनेड फेंक दिया। सांस तेज हो गई। एक पल के लिए डर लगा कि ग्रेनेड सही जगह गिरेगा या नहीं? लेकिन अगले ही पल ग्रेनेड हवा में घूमता हुआ बंकर के मुंह के बिल्कुल पास गिरा। एक जोरदार धमाका हुआ। बंकर से धुएं का गुबार उठा और फायरिंग बंद हो गई। राम उग्रह को कवर फायर दे रहे एक जवान ने कहा- साब बंकर धंस गया है। जवानों में जोश भर गया। भारत ने पूर्वी पाकिस्तान का फर्स्ट लाइन ऑफ डिफेंस तोड़ दिया था। सभी को लगा कि रास्ता खुल रहा है, लेकिन राम उग्रह के कंधे में तेज दर्द हो रहा था। दरअसल, ग्रेनेड के कई स्प्लिंटर उनके शरीर में भी घुस गए थे। एक स्प्लिंटर उनके चेहरे में भी लगा था। दर्द इतना तेज था कि एक पल के लिए सांस रुक जाए, फिर भी उन्होंने दांत पीसकर खुद को संभाला। साथी जवानों को कुछ नहीं बताया। तभी एक जवान उनके पास पहुंचा- “अरे ये क्या साब… आप ठीक हो?” लांस नायक राम उग्रह ने जोश में कहा- “क्या मैं तुम्हें ठीक नहीं लग रहा?” सिपाही ने कहा- “साब,आप रुक जाइए।” लांस नायक ने उसे फटकारते हुए कहा- “अभी रुकने का वक्त नहीं है। तुम लोग इधर जाओ। वहां पाकिस्तानी फायरिंग को रोको ताकि दूसरा सेक्शन आगे बढ़े। मैं उन दो बंकरों को देखता हूं। चेहरा खराब हुआ है हौसला नहीं।” लांस नायक के घायल होने की बात बाकी साथियों को पता चली। एक दूसरे सिपाही ने राम उग्रह का हाथ पकड़ा और कहा- “साब, आपकी हालत देखिए... शरीर लहूलुहान है। आप यूनिट जाइए, मैं सेक्शन संभाल लूंगा।” राम ने सख्त आवाज में जवाब दिया- “नहीं… ये मेरा सेक्शन है। पीछे कायर जाते हैं।” एक और सिपाही ने आगे बढ़कर कहा- “साब, आप घायल हैं। अगर आप गिर गए तो हम सब टूट जाएंगे। कम से कम पीछे मेडिकल पॉइंट तक चलिए। हम यहां रुककर कवर देंगे। पीछे की पलटन बाकी सब देख लेगी।” लांस नायक राम उग्रह ने गहरी सांस ली। दर्द से चेहरा सिकुड़ गया, लेकिन आंखों में जुनून था। उन्होंने पहले जवान की ओर देखा और बोले- “सुनो, अगर मैं अब पीछे हटा तो ये लड़ाई लटक जाएगी। दुश्मन को लगेगा, हम कमजोर पड़ गए। हम इतना बढ़ चुके हैं कि पीछे जाना मुमकिन नहीं है। हम आगे जाएंगे या पीछे तो सिर्फ लाश ही जाएगी।” तभी दूसरे पाकिस्तानी बंकर से जोरदार फायरिंग हुई। गोली सीधे एक सिपाही के सीने में जा धंसी। 'फच्च' की आवाज आई और वो तुरंत लुढ़क गया। उसकी आंखें खुली रह गईं। अचानक हुई से गोलीबारी से पूरी टीम चौंक गई। लांस नायक राम उग्रम चीखते हुए जवान के पास गए। दांत पीसकर कहा- “@#₹@ पाकिस्तानी… आगे बढ़ों, कोई बचना नहीं चाहिए। हैवी फायर करो।” इतना सुनते ही पूरी यूनिट का खून खौल गया। जवानों ने हाथ में राइफलें कस लीं। एक सिपाही बोला- “साब, अब देखना इनको छोड़ेंगे नहीं। मरूंगा या सबको मार दूंगा” उसी पल दूसरे बंकर से पाकिस्तानी सैनिकों की आवाजें आईं- “मर गया @#₹#. अब सभी हिंदुस्तानी कुत्तों को जहन्नुम भेजेंगे।” उनकी गालियां और नारे हवा में गूंज रहे थे। ये सुनकर राम उग्रह गुस्से से उबल पड़े। जख्मी हालत में भी वो आगे बढ़ रहे थे। दुश्मन की कुछ गोलियां सिर के ऊपर से गुजर रही थीं। राम उग्रह ने सही मौका देखा, टार्गेट नजदीक था। उन्होंने एक ग्रेनेड बंकर के बाईं ओर फेंक दिया। रात के अंधेरे में पाकिस्तानी फौजियों को लगा भारतीय सैनिक उसी तरफ हैं। उन्होंने फायरिंग बाईं तरफ मोड़ दी। मौका देखकर राम उग्रह ने दूसरा ग्रेनेड फेंका। आग की लपट उठी, चारों तरफ धुआं फैल गया। लांस नायक ने पीछे मुड़कर टीम की तरफ देखा। उनकी आवाज में दोगुना जोश भरकर बोले- “दूसरा भी गया…।” अब बारी तीसरे बंकर को उड़ाने की थी। थोड़ी ऊंचाई पर होने की वजह से वो काफी खतरनाक था। उसे तबाह किए बिना, हिली पर कब्जा नहीं हो सकता था। राम उग्रह ने कुछ ही मिनट में एक नया प्लान बनाया। फिर अपने साथियों को बताया- “चार सिपाही चार तरफ से हमला करेंगे।” फिर सभी को उनकी पोजिशन बताई और तीसरे बंकर की ओर बढ़ने लगे। बंकर नजर आ रहा था। मशीन गन की नाल निकलने वाली गोलियों से चमक रही थी। तभी सिपाही ने कहा- “साब कारतूस और ग्रेनेड खत्म हो रहे हैं।” एक सिपाही की बंदूक पहले से ही बंद हो गई थी। हालांकि, आगे इतनी चढ़ाई हो चुकी थी कि पीछे लौटना मरने के बराबर था। कभी भी दुश्मन की गोली सीने में धंस सकती थी। लांस नायक राम उग्रह ने अपनी बंदूक दूसरे साथी को दे दी। उनके पास अब सिर्फ हैंड ग्रेनेड था। वो उसी के साथ आगे बढ़ने लगे। कुछ दूरी उनकी नजर एक पाकिस्तानी सिपाही की लाश पर गई। वो जोश में बंकर से काफी दूर आ गया और भारत की गोलीबारी में मारा गया। उसके पास एक रॉकेट लॉन्चर पड़ा था। राम उग्रह ने मन ही मन खुश होकर कहा- “अब उन्हीं के हथियार से उन्हें मारेंगे।” उन्होंने दोनों हथियार उठाए और तेजी से आगे बढ़े। उनके घायल शरीर से अब भी बहुत खून रिस रहा था, लेकिन मोर्चे पर वो सबसे आगे थे। दूसरी तरफ पाकिस्तानी बंकर से धुंआधार गोलियां चल रही थीं। दुश्मनों को जिस जगह पर भारतीयों की भनक लगती, वो बम फेंक देते। उस बंकर से हो रही गोलीबारी रोके बिना भारतीय जवान आगे नहीं बढ़ सकते थे। लांस नायक राम उग्रह ने एक जगह पर रॉकेट लॉन्चर के साथ पोजीशन ली। टारगेट सेट किया और ट्रिगर दबा दिया। एक तेज धमाके साथ तीसरा बंकर भी ध्वस्त हो गया। ठीक उसी पल एक गोली राम उग्रह की छाती में लगी और वे वहीं गिर पड़े। साथी जवान दौड़कर पहुंचे। खून तेजी से बह रहा था। राम उग्रह ने आखिरी ताकत जुटाई। साथियों की ओर देखा और टूटती आवाज में कहा- रुको मत, आगे बढ़ो… जंग जीतनी है। और फिर अचानक आंखें बंद हो गईं। लांस नायक राम उग्रह पांडेय शहीद हो चुके थे। उनकी टीम आगे बढ़ी। पाकिस्तानी फौज उस मोर्चे पर सिर्फ एक दिन और टिक सकी। 8 गार्ड्स इन्फैंट्री ने अपना काम पूरा कर दिया था। पाकिस्तान को दो हिस्सों में तोड़कर बांग्लादेश की नींव रखी गई और राम उग्रह की शहादत हमेशा के अमर हो गई। भारत सरकार ने वीरता के लिए साल 1972 में उन्हें मरणोपरांत महावीर चक्र से सम्मानित किया। राष्ट्रपति वीवी गिरि के हाथों वो सम्मान लेने के बाद उनकी पत्नी ने कहा- “वो अक्सर कहते थे फर्ज से बड़ा कुछ नहीं और परिवार से ज्यादा बड़ा है देश। उन्होंने अपना फर्ज निभाया। उनके न होने का दुख है लेकिन इसका फख्र भी है कि वो जो कहते थे, उन्होंने वही किया।” *** स्टोरी एडिट- कृष्ण गोपाल ग्राफिक्स- सौरभ कुमार *** कहानी को रोचक बनाने के लिए क्रिएटिव लिबर्टी ली गई है।
प्रयागराज में अविमुक्तेश्वरानंद और माघ मेला प्रशासन आमने-सामने है। इसी बीच सीएम योगी और डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने भी एक-दूसरे से हटकर बयान दिया है। योगी ने जहां कहा कि किसी को परंपरा बाधित करने का हक नहीं। ऐसे तमाम कालनेमि हैं, जो धर्म की आड़ में सनातन धर्म को कमजोर करने की साजिश रच रहे हैं। वहीं, केशव मौर्य ने कहा कि मैं ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के चरणों में प्रणाम करता हूं। उनसे प्रार्थना है कि वह स्नान कर इस विषय का समापन करें। VIDEO में देखिए सब कुछ...
मौनी अमावस्या पर संगम स्नान के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों से कथित बदसलूकी और मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शिष्यों का आरोप है कि पुलिस ने न सिर्फ शंकराचार्य का राजदंड छीना, बल्कि कुछ बटुकों को शिखा (चोटी) पकड़कर घसीटा। उन्हें कमरे में बंद किया और मारपीट की। इस घटना के बाद शिखा को लेकर चर्चा तेज हो गई है। ऐसे में सवाल उठता है कि सनातन धर्म में लोग शिखा क्यों रखते हैं? इसका धार्मिक महत्व क्या है? क्या इसके पीछे कोई वैज्ञानिक कारण भी है? चोटी से जुड़ी सबसे रोचक कहानी क्या है? इस पर जानकार क्या कहते हैं? सारे सवालों के जवाब भास्कर एक्सप्लेनर में सवाल: सिर पर चोटी क्यों रखते हैं? जवाब: लखनऊ विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अशोक कुमार शतपथी के अनुसार, सनातन धर्म में कई लोग सिर पर चोटी रखते हैं। इसे शिखा कहा जाता है। चोटी सिर के जिस हिस्से पर रखी जाती है, उसे सहस्रार चक्र माना जाता है। मान्यता है, इसी जगह के पास आत्मा का संबंध होता है। चोटी रखने से यह हिस्सा सक्रिय रहता है। लोग मानते हैं कि चोटी रखने से ध्यान लगाने में मदद मिलती है। इंसान बुद्धि, मन और शरीर पर बेहतर नियंत्रण रख पाता है। इसी वजह से सनातन धर्म में चोटी रखने की परंपरा चली आ रही है। चाणक्य की शिखा प्रतिज्ञा सवाल: क्या है चोटी रखने का महत्व? जवाब: हिंदू धर्म में व्यक्ति के जन्म से लेकर मरण तक 16 प्रकार के संस्कार बताए गए हैं। इनका अपना-अपना महत्व है। इन्हीं में से एक है मुंडन संस्कार। बच्चे के पहले, तीसरे या पांचवें साल में मुंडन किया जाता है। इस संस्कार के दौरान बच्चे के थोड़े से बाल छोड़ दिए जाते हैं। सिर पर शिखा रखने का संस्कार यज्ञोपवीत या उपनयन संस्कार में भी किया जाता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, पूजा, कर्मकांड और यज्ञ कराने के लिए चोटी रखना जरूरी है। प्रयागराज के महाराज हरिचैतन्य ब्रह्मचारी बताते हैं- जहां शिखा रखी जाती है, उसे परंपरा में ब्रह्मांड से जुड़ा प्रतीकात्मक स्थान माना जाता है। मान्यता है कि शिखा, नाभि और हृदय का आपसी संबंध होता है। इसलिए शिखा को महत्वपूर्ण माना गया है। कई धार्मिक क्रियाओं में स्मरण या संकल्प करते समय सबसे पहले शिखा को हाथ लगाकर प्रणाम किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हर हिंदू को शिखा रखना चाहिए। जबकि वैदिक ब्राह्मणों के लिए इसे विशेष रूप से आवश्यक माना जाता है। वहीं, विरक्त ब्राह्मण (जो संसारिक जीवन से अलग होकर संन्यास मार्ग अपनाते हैं) कई बार चोटी नहीं रखते। सवाल: सनातन धर्म में चोटी रखने की परंपरा कब से चली आ रही? जवाब: बीएचयू के एस्ट्रोलॉजर प्रो. विनय पांडे बताते हैं- सनातन धर्म में चोटी/शिखा रखने की परंपरा हजारों साल पुरानी मानी जाती है। इतिहासकारों और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह परंपरा वैदिक काल से चली आ रही है। उस समय गुरुकुल शिक्षा, यज्ञ और उपनयन संस्कार का खास महत्व था। उस दौर में चोटी रखना संस्कार, अनुशासन और धार्मिक पहचान का प्रतीक माना जाता था। आज भी कई लोग इसे अपनी आस्था और परंपरा से जोड़कर अपनाते हैं। सवाल: चोटी रखना धर्म का नियम है या सिर्फ परंपरा? जवाब: सनातन धर्म में चोटी रखना धर्म का सख्त नियम नहीं है। इसे एक प्राचीन वैदिक परंपरा और संस्कार माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उपनयन संस्कार के बाद शिखा रखने की परंपरा रही है। खासकर पूजा-पाठ, यज्ञ और वैदिक कर्म करने वालों में। सवाल: शिखा कितनी बड़ी होनी चाहिए? जवाब: विनय पांडे बताते हैं- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सहस्रार चक्र का आकार गाय के खुर (पैर का सबसे निचला, कठोर, नाखून जैसा हिस्सा) जैसा माना गया है। इसी वजह से कई लोग चोटी भी गाय के खुर के बराबर रखते हैं। वहीं, ज्योतिष शास्त्र में कहा जाता है कि अगर किसी की कुंडली में राहु का बुरा असर चल रहा हो, तो सिर पर चोटी रखना लाभकारी माना जाता है। इससे राहु की दशा में राहत मिलती है और अच्छे परिणाम आने लगते हैं। सवाल: चोटी रखने का वैज्ञानिक कारण क्या है? जवाब: लखनऊ विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अशोक कुमार शतपथी बताते हैं- चोटी रखने के पीछे वैज्ञानिक कारण भी है। जिस स्थान पर चोटी रखी जाती है, वह मस्तिष्क का केंद्र होता है। इसी स्थान से शरीर के अंग, बुद्धि और मन नियंत्रित होते हैं। चोटी रखने से सहस्त्रार चक्र जागृत रहता है। इससे बुद्धि, मन और शरीर पर नियंत्रण रखने में सहायता मिलती है। हमारे शरीर में उपस्थित 7 चक्र जाग्रत होते है। इससे हमारे शरीर में संतुलन बना रहता है। जहां चोटी रखने की जगह होती है, वहां सुषुम्ना नाड़ी होती है, जो शरीर को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है। पूरे शरीर का विकास सुषुम्ना नाड़ी से संबंधित माना जाता है। सवाल: चोटी रखने के क्या नियम है? जवाब: डॉ. अशोक कुमार शतपथी के अनुसार, चोटी रखने के भी नियम होते हैं। चोटी रखते समय सिर से सारे बाल काट देना चाहिए। केवल सिर के बीचोंबीच ही चोटी रखनी चाहिए। धार्मिक शास्त्रों में चोटी का आकार गाय के खुर के समान बताया गया है। साथ में दान धर्म, पूजा, भोजन करते समय चोटी को गांठ बांधकर रखनी चाहिए। इसके अलावा नित्य क्रिया करते समय चोटी को बंधन मुक्त रखना चाहिए। --------------------------- ये खबर भी पढ़ें... अविमुक्तेश्वरानंद को चेतावनी- माघ मेले से बैन कर देंगे, योगी बोले- कई कालनेमि सनातन को कमजोर करने की साजिश रच रहे प्रयागराज में अविमुक्तेश्वरानंद और माघ मेला प्रशासन के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। 48 घंटे के अंदर प्रशासन ने अविमुक्तेश्वरानंद को दूसरा नोटिस भेजा है। इसमें मौनी अमावस्या के दिन बैरियर तोड़ने और जबरन भीड़ में बग्घी घुसाने को लेकर सवाल किए हैं। पूछा है कि क्यों न आपको हमेशा के लिए माघ मेले से बैन कर दिया जाए? अगर 24 घंटे के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो संस्था को दी गई जमीन और सुविधाएं वापस ले लेंगे। पढ़िए पूरी खबर...
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भोपाल का क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में है। आरोप है कि दलालों के जरिए बिना वाहन मालिक की जानकारी और उपस्थिति के 13 लाख कीमत की टाटा 407 को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दूसरे व्यक्ति के नाम ट्रांसफर कर दिया गया। मामला सामने आने के बाद आरटीओ ने कागजों में तो वाहन को असली मालिक के नाम वापस कर दिया, लेकिन न तो आरोपी पर कार्रवाई हुई और न ही वाहन अब तक मालिक को वापस मिल सका। आरटीओ जितेंद्र शर्मा का कहना है कि वाहन स्वामी की ओर से ऑनलाइन आवेदन किया गया था। उसी आवेदन के आधार पर उस समय पदस्थ आरटीओ द्वारा वाहन के ऑनलाइन ट्रांसफर की सूचना दर्ज की गई थी। 2016 में खरीदी थी टाटा 407सिद्धार्थ लेक सिटी निवासी धीरेन्द्र सिंह चौहान ने वर्ष 2016 में टाटा 407 खरीदी थी। उस समय वाहन की कीमत करीब 8.50 लाख रुपए थी। वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर MP04 GB 0670 है। धीरेन्द्र ने यह वाहन दानिश नगर स्थित केरी सॉफ्ट लिमिटेड में किराए पर लगाया था। किराया विवाद के बाद खुला फर्जीवाड़ाधीरेन्द्र के अनुसार, शुरुआत में किराया समय पर मिलता रहा, लेकिन बाद में कंपनी संचालक विमल शुक्ला टालमटोल करने लगे। जब वाहन वापस मांगा गया तो बहाने बनाए जाने लगे। इसी बीच दिल्ली में कार बम धमाके की खबरें देखने के बाद उन्होंने एहतियातन अपने वाहन के ऑनलाइन दस्तावेज चेक किए। तब पता चला कि वाहन मार्च 2023 में मनोज कुमार पांडे के नाम ट्रांसफर हो चुका है। न आरटीओ गए, न हस्ताक्षर किएधीरेन्द्र का कहना है कि उन्होंने न तो आरटीओ जाकर कोई प्रक्रिया पूरी की और न ही किसी ट्रांसफर दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए। इसके बावजूद वाहन किसी और के नाम दर्ज हो गया। इसके बाद उन्होंने थाना कटारा हिल्स और आरटीओ में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद कई दिनों तक थाने के चक्कर काटने पड़े, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जांच में यह सामने आया कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए वाहन का ट्रांसफर किया गया था। इसके बाद आरटीओ ने कागजों में वाहन को दोबारा धीरेन्द्र सिंह चौहान के नाम कर दिया। ऑनलाइन आवेदन के आधार पर ट्रांसफरआरटीओ जितेंद्र शर्मा के मुताबिक, वाहन अंतरण की प्रक्रिया ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से की गई थी। आवेदन के आधार पर तत्कालीन आरटीओ ने सिस्टम में ऑन ट्रांसफर की सूचना दर्ज कर दी। बाद में जब दोनों पक्ष आमने-सामने आए और मामला संदिग्ध पाया गया, तो पूरे प्रकरण की दोबारा सुनवाई की गई। आरटीओ का कहना है कि दोनों पक्षों को सुनवाई का अवसर दिया गया। मोटर यान अधिनियम के प्रावधानों के तहत वाहन अंतरण की सूचना को निरस्त कर दिया गया है और वाहन को फिर से असली मालिक के नाम दर्ज कर दिया गया। मगर इसमें वह दोबारा फिर से अपील कर सकते हैं। इसलिए पहले गड़बड़ी संभव थीओटीपी की व्यवस्था आज से 6 महीने पहले ऑनलाइन प्रक्रिया में अलग थी, पहले आप अपना नंबर डालकर खुद ओटीपी लेकर वाहन को ट्रांसफर कर सकते थे, पिछले 6 महीने पहले इस व्यवस्था को बदला गया और अब रजिस्टर्ड मोबाइल पर ही ओटोपी आता है। जिससे इस तरह की गड़बड़ियों को रोका जा सके।इसलिए पुराने वाहन मालिक को वाहन किया ट्रांसफरपरिवहन अधिकारियों के अनुसार जब दोनों पक्षों को सुना गया तो दोनों ही पक्षकारों ने आरटीओ में शपथ पत्र दिए हैं कि एक बोल रहा है कि हमने गाड़ी कैश देकर खरीदी है और दूसरा कह रहा है कि हमने गाड़ी नहीं बेची, इस बीच जब खरीदार कैश देने का कोई दस्तावेज नहीं दिखा सके तो गाड़ी को वापस पुराने ऑनर के नाम पर ट्रांसफर किया। आरटीओ ने यह भी स्पष्ट किया कि इस आदेश के खिलाफ परिवहन आयुक्त के यहां अपील की जा सकती है। यदि किसी पक्ष को आदेश से आपत्ति है तो वह उच्च स्तर पर अपनी बात रख सकता है।
मध्य प्रदेश के धार की भोजशाला में बसंत पंचमी पर आज पूजा और नमाज दोनों एक साथ की जाएंगी। सूर्योदय के साथ ही भोजशाला में हिंदू समाज का पूजन शुरू होगा, जो सूर्यास्त तक चलेगा। वहीं, दोपहर में 1 से 3 बजे तक भोजशाला परिसर में ही मुस्लिम समाज नमाज भी अदा करेगा। इस मौके पर किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए जिला प्रशासन ने धार को छावनी में तब्दील कर दिया है। स्थानीय पुलिस, सीआरपीएफ और रैपिड एक्शन फोर्स के 8 हजार से ज्यादा जवान शहरभर में तैनात हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की मौजूदगी है। ड्रोन और एआई की मदद से कोने-कोने पर नजर रखी जा रही है। इससे पहले गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने भोजशाला में पूजा और नमाज के मुद्दे पर बड़ा आदेश दिया। इसमें आज के लिए हिंदू पक्ष को सूर्योदय से सूर्यास्त तक मां सरस्वती (वाग्देवी) की पूजा की पूरी छूट दी गई है, जबकि मुस्लिम पक्ष को दोपहर 1 से 3 बजे तक जुमे की नमाज अदा करने की अनुमति दी है। कोर्ट ने प्रशासन को दोनों के लिए अलग-अलग जगह तय करने, विशेष पास व्यवस्था करने और शांति-सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने यह व्यवस्था हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की याचिका पर सुनवाई करते हुए दी। मामले की सुनवाई CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की पीठ ने की। देखिए, भोजशाला में पूजन की तैयारियों की दो तस्वीरें... दोनों पक्षों के लिए अलग-अलग जगह उपलब्ध कराने के आदेशसुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा- इस बार बसंत पंचमी शुक्रवार को है। ऐसे में प्रशासन को व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। हमने याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद, भारत सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज और मध्य प्रदेश राज्य की ओर से महाधिवक्ता को सुना। केएम नटराज ने ASI की ओर से भी पक्ष रखा। इसी प्रकार, आवेदक की ओर से अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन की दलीलें भी सुनी गईं। अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) और महाधिवक्ता ने सुझाव दिया कि जब यह स्पष्ट हो जाए कि शुक्रवार को दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच जुमे की नमाज के लिए मुस्लिम समुदाय से कितने लोग आने वाले हैं, तो उसी परिसर के भीतर एक अलग और विशिष्ट स्थान उपलब्ध कराया जाए, ताकि निर्धारित समय में नमाज अदा की जा सके। इसी प्रकार पूर्व प्रथा के अनुसार, बसंत पंचमी के अवसर पर पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान करने हेतु हिंदू समुदाय को भी अलग स्थान उपलब्ध कराया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने ये फैसला हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की 20 जनवरी को लगाई गई उस याचिका पर दिया, जिसमें भोजशाला में 23 जनवरी को बसंत पंचमी पर पूरे दिन अखंड सरस्वती पूजा की अनुमति मांगी गई थी। 2006, 2013 और 2016 में भी बसंत पंचमी शुक्रवार को आई हर मंगलवार को सुंदरकांड, शुक्रवार को नमाज होती हैधार के भोजशाला परिसर में मंगलवार को ढोल, झांझ, मंजीरे के साथ हिंदू समाज के लोग सुंदरकांड का पाठ करते हैं। वहीं, शुक्रवार को मुस्लिम समाज जुमे की नमाज अदा करता है। बाकी दिनों में परिसर सभी धर्म के लोगों के लिए खुला रहता है। कोई भी टिकट लेकर अंदर जा सकता है। हिंदू पक्ष ने कहा- बसंत पंचमी पर दिनभर अखंड पूजन भोजशाला मुक्ति यज्ञ के संयोजक गोपाल शर्मा ने कहा- भोजशाला में सूर्योदय से सूर्यास्त तक अखंड पूजा होगी। हिंदू समाज ने अखंड पूजा का संकल्प लिया था। इसी भावना को लेकर हम सुप्रीम कोर्ट तक गए थे। इसमें कहीं भी विघ्न नहीं होगा। पूजा का कोई समय निर्धारित नहीं है यानी पूजा सूर्याेदय के साथ ही शुरू होगी और सूर्यास्त तक चलेगी। मस्जिद कमेटी बोली- हम सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करेंगे कमाल मौलाना मस्जिद कमेटी अध्यक्ष जुल्फिकार पठान ने कहा- सुप्रीम कोर्ट का फैसला हमें सर्व सम्मति से स्वीकार है। जो आदेश है, उसका हम निश्चित तौर पर पालन करेंगे। कोर्ट ने प्रशासन को आदेश दिए हैं कि भोजशाला के भीतर ही सुरक्षा के बीच नमाज करवाई जाए। वहीं, पूर्व सदर अब्दुल समद ने कहा- 23 जनवरी को बसंत पंचमी के बाद 26 जनवरी हमें एक साथ मनाना है। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में स्पष्ट किया है कि 1 से 3 बजे तक वहीं नमाज हो, जो स्थान मुकर्रर किया गया है। दोनों समाजों को अलग-अलग रास्ता देने की बात कही गई है। हम लिमिटेड संख्या में वहां जाएंगे ताकि किसी तरह का टकराव न हो। दिग्विजय सिंह बोले- कोर्ट ने पूर्व की व्यवस्था कायम रखीपूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा- कोर्ट के फैसले का स्वागत है। इसमें साल 2003, 2013 और 2016 की व्यवस्था ही कायम रखी गई है। अब प्रशासन की जिम्मेदारी है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पालन करे। दर्शन के लिए जिग-जैग बैरिकेडिंग, छत पर भी टेंटभोजशाला में ज्योति मंदिर के सामने मेन गेट से लेकर मुख्य परिसर तक करीब 300 मीटर लंबे रास्ते में जिग-जैग बैरिकेडिंग की गई है। दर्शन के बाद पिछले हिस्से से भक्तों के बाहर निकलने के लिए व्यवस्था है। परिसर के अंदर और छत पर भी बेरिकेडिंग के साथ चार छोटे टेंट लगाए गए हैं। विक्रम नगर से लकड़ी पीठा मार्ग को टीन शेड से पूरी तरह सील कर दिया गया है। पूरा क्षेत्र सीसीटीवी निगरानी में है। समितियों और सेवकों की ड्यूटी भी तयभोजशाला परिसर भगवा ध्वज और फूलों से सजा है। हवन कुंड गुरुवार शाम को ही विधिवत रूप से तैयार कर लिया गया था। हवन में उपयोग होने वाली लकड़ी और अन्य आवश्यक पूजन सामग्री भी सुरक्षित रूप से भोजशाला परिसर में पहुंचा दी गई थी। आयोजन को लेकर संबंधित समितियों और सेवकों की ड्यूटी भी तय कर दी गई थी। सोशल मीडिया पर भी पुलिस की नजरआईजी अनुराग सिंह और एसपी मयंक अवस्थी ने गुरुवार को भोजशाला में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। आईजी ने अधिकारियों के साथ फोर्स की तैनाती, प्रवेश-निकास व्यवस्था और सुरक्षा घेराबंदी की समीक्षा की। उन्होंने कहा- इस बार ड्रोन कैमरों से भीड़ की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम लोगों की संख्या, भीड़ की दिशा और किसी स्थान पर अतिरिक्त पुलिस बल की जरूरत जैसी जानकारियां रियल टाइम पर उपलब्ध करा रहा है। भोजशाला की सुरक्षा को 6 लेयर में बांटा गया है। शहर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात है। सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी भ्रामक या आपत्तिजनक गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। परिसर का 300 मीटर क्षेत्र नो-फ्लाई जोनभोजशाला क्षेत्र के 300 मीटर के दायरे में नो-फ्लाई जोन घोषित किया गया है। इस दायरे में ड्रोन, यूएवी, पैरा ग्लाइडिंग, हॉट एयर बैलून सहित ऐसी किसी भी गतिविधि पर पूरी तरह पाबंदी है। सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर भवन निर्माण सामग्री, मलबा, टायर और लावारिस गुमटियां रखने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। पीजी कॉलेज में अस्थाई जेल, तीन बड़े हॉल रिजर्वकिसी भी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए इस बार पीजी कॉलेज में अस्थाई जेल तैयार की गई है। विधिक कक्षा संचालित परिसर में तीन बड़े हॉल रिजर्व किए गए हैं। 21 से 27 जनवरी तक कॉलेज को अस्थाई जेल के रूप में उपयोग करने के लिखित आदेश भी जारी किए गए हैं। भोजशाला से जुड़ी ये खबर भी पढे़ं... भोजशाला पर अलाउद्दीन खिलजी के हमले के 700 साल धार की भोजशाला का इतिहास करीब 990 साल पुराना है। 1034 ई. में राजा भोज ने इसका निर्माण कराया था और यहां वाग्देवी की प्रतिमा स्थापित की थी। 200 साल से ज्यादा समय तक भोजशाला का वैभव कायम रहा, लेकिन 1305 ई. में मोहम्मद खिलजी ने भोजशाला पर आक्रमण कर इसे नेस्तनाबूत करने की कोशिश की। पढ़ें पूरी खबर...
मथुरा के वृंदावन में ढाबा संचालक की खुली गुंडई देखने को मिली। यहां ढाबा संचालक और उसके साथियों ने मध्य प्रदेश से आये श्रद्धालुओं के साथ जमकर मारपीट की। इस दौरान दबंगों ने श्रद्धालुओं की होटल के बहार खड़ी गाड़ियों के शीशे भी तोड़ दिए। खुलेआम हुई इस गुंडई का विडियो वायरल हुआ तो पुलिस हरकत में आई और 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सागर से आये थे श्रद्धालु सागर मध्य प्रदेश निवासी आनंद, आदर्श, सोनू विश्वकर्मा अपने 24-25 अन्य साथियों के साथ वृंदावन की धार्मिक यात्रा पर आए थे। वह लोग परिक्रमा मार्ग गोपाल खार स्थित एक होटल में ठहरे हुए थे। वह लोग होटल के सामने स्थित एक ढाबे पर खाना खाने जा रहे थे, तभी वहां से निकल रहे स्विफ्ट कार सवार ने उनके एक साथी के पैर पर गाडी चढ़ा दी। इसको लेकर जब उन्होंने विरोध जताया तो कार सवार उनसे झगड़ा करने लगे। कार सवार युवक पवन, ढाबा संचालक अंकित और पुनीत का जानकार था। पवन से झगड़ा होता देख ढाबा संचालक भी वहां आ गया । श्रद्धालुओं के साथ की मारपीट ढाबा संचालक ने मामले को सुलझाने के बजाय और बढ़ा दिया। ढाबा संचालक और उसके साथियों ने श्रद्धालुओं के साथ झगड़ने लगे और देखते ही देखते दोनों ओर से मारपीट होने लगी। इस दौरान राहगीरों द्वारा बीच बचाव कराए जाने के बाद दोनों पक्ष के लोग शांत हो गए। लेकिन कुछ देर बाद ढाबा संचालक द्वारा करीब 40 - 50 लोगों को वहां बुला लिया गया और होटल में रह रहे श्रद्धालुओं पर हमला बोल दिया। जिसमें दोनों पक्षों के पांच लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने मुकदद्मा दर्ज कर की कार्यवाही सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को जिला संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया। जहां उनकी हालत गंभीर होने पर उन्हें हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया। कोतवाली प्रभारी संजय कुमार पांडे ने बताया कि घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार जांच की । पुलिस ने श्रद्धालुओं की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ धारा 191(2)/115(2)/351(3)/127(2)/333/324(5)/109(1) BNS 5 नामजद और 15 के खिलाफ पंद्रह अज्ञात के विरुद्ध मुकद्दमा पंजीकृत कर लिया। पुलिस ने इस मामले में करन उर्फ राकेश सिंह पुत्र बच्चू सिंह निवासी पानीगांव थाना जमुनापार उम्र करीब 25 वर्ष व अंकित पुत्र श्याम वीर सिंह निवासी ग्राम सरदारगढ़ थाना राया हाल निवासी होटल लड्डू गोपाल परिक्रमा मार्ग उम्र करीब 28 वर्ष को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने हमलावरों द्वारा तोड़ी गई गाड़ियों को अपने कब्जे में ले लिया है।
लोंग हो रहे परेशान:10 साल पहले कोटड़ा के लिए 27 बसें थीं, अब तीन, ओवरलोड जीपों में सफर मजबूरी
जिला मुख्यालय से 120 किमी दूर स्थित कोटड़ा आने-जाने के लिए ग्रामीण आज भी निजी बसों और टैंपों पर निर्भर हैं। इनकी संख्या भी सीमित है। ऐसे में लगभग हर वाहन ओवरलोड चलता है।इस रूट पर रोडवेज की महज तीन बसें ही उपलब्ध हैं। जबकि, कोटड़ा रूट से रोज हजारों लोग रोजगार, इलाज और अन्य कामों के लिए शहर आते हैं। 10 साल पहले कोटड़ा के लिए रोजाना 27 बसें चलती थीं। रोजाना 5 हजार से ज्यादा लोग इनमें सफर करते थे। फिर धीरे-धीरे बसों की संख्या घटती गई। इन्हीं हालातों के चलते बुधवार को कोटड़ा क्षेत्र में ससरेठी घाटा में एक ओवरलोड जीप खाई में उतर गई। हादसे में एक मासूम सहित तीन लोगों की मौत हो गई और 17 लोग घायल हुए। यह जीप 20 साल पुरानी थी। घाटे से उतरते समय इसके ब्रेक फेल हो गए थे। इसमें 27 लोग सवार थे। नौ लोगों को गंभीर हालत में रेफर किया गया था। गत वर्ष भी बेकरिया थाना क्षेत्र में ओवरलोड टैंपों की ट्रेलर से टक्कर होने से 5 लोगों की मौत और 10 घायल हो गए थे। 5 सीटर ऑटो में 15 सवारी बैठी थी। ओगणा, पानरवा के लिए चार माह बस चलाई, फिर बंद जून 2025 में गोगुंदा, ओगणा, पानरवा रूट पर रोडवेज बस शुरू की गई थी। यह 4 माह तक चली। फिर इसे बंद कर दिया गया। यह सुबह 5:30 बजे पानरवा से रवाना होकर 9 बजे उदयपुर पहुंचती थी। दोपहर 3:15 बजे उदयपुर से रवाना होकर शाम 6:30 बजे पानरवा पहुंचती थी। उदयपुर से सुबह 7:30 व कोटड़ा से दोपहर 2:15 बजे बाद कोई बस नहीं वर्ष 2013-14 में कोटड़ा के लिए 10 ग्रामीण बसें शुरू की गई थीं। ये बसें साल 2016 में बंद हो गईं। 2017 तक रोडवेज की 17 गाड़ियां चलती थीं। अभी पहली बस सुबह 5:45 बजे वाया झाड़ोल होकर जाती है। इसके बाद वाया देवला होते हुए सुबह 6:45 बजे रवाना होती है।तीसरी बस सुबह 7:30 बजे झाड़ोल-पानरवा होते हुए जाती है। वापसी में ये बसें सुबह 11:30, दोपहर 1 बजे, दोपहर 2:15 बजे रवाना होती हैं। इसके बाद उदयपुर आने के लिए कोई बस नहीं है। उदयपुर से कोटड़ा जाने वाली बसें 3:30 से 4 घंटे का समय लेती हैं। ये सभी 48 सीटर हैं। इस मामले को लेकर आगार प्रबंधक हेमंत शर्मा से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
आतंक का खौफनाक अंत:अनल पर 149 केस, इनमें 3 दर्जन मामले हत्या व हत्या के प्रयास के
ऑपरेशन मेगाबुरू... नक्सलियों के खिलाफ बड़ी सफलता तीन होमगार्ड जवानों व एक आम नागरिक की हत्या कर लूटा था 2000 कारतूस व 183 राइफल अनल उर्फ पातीराम मांझी पर झारखंड के विभिन्न थानों में 149 केस दर्ज हैं। इनमें तीन दर्जन मामले हत्या व हत्या के प्रयास के हैं। इसके अलावा उसके खिलाफ लूट, आर्म्स एक्ट, लेवी वसूली, रंगदारी समेत कई मामले दर्ज हैं। पश्चिम सिंहभूम में उसके विरुद्ध 92, सरायकेला में 23 रांची में एक, हजारीबाग में 2, बोकारो में तीन, गिरिडीह में 32 और ओडिशा में एक मामला दर्ज है। अनल ने 11 नवंबर 2005 को गिरिडीह स्थित होमगार्ड प्रशिक्षण संस्थान पर हमला किया था। हमले में 3 होमगार्ड जवान व एक आम आदमी की हत्या कर 183 राइफल, दो रिवाल्वर और 2000 कारतूस लूटा था। इसके बाद 2006 में अनल दस्ते ने बोकारो स्थित सीआईएसएफ कैंप पर 3 मार्च को हमला किया था। इस हमले में जिला बल के पांच जवान शहीद हो गए थे। सीआईएसएफ के 2 जवान गंभीर रूप से घायल हुए थे। नक्सलियों ने विस्फोटक लगाकर बैरक को उड़ा दिया था। 2018 में कुचाई थाना क्षेत्र के कसरौली पहाड़ी क्षेत्र में पुलिस के साथ अनल दस्ते की मुठभेड़ हुई थी। इस घटना में एक पुलिस कर्मी व एक कोबरा जवान की मौत हुई थी। मई 2019 में खरसावां थाना क्षेत्र के रहेसुरू डैम की सुरक्षा में लगे हुड़गदा पुलिस पिकेट पार्टी पर घात लगाकर आईईडी ब्लास्ट की घटना को अंजाम दिया था। इस घटना में 2 जवान गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मई 2019 में ही अनल दस्ते ने कुचाई थाना क्षेत्र के रायसिंदरी में पुलिस पर घात लगाकर आईईडी से हमला किया था। इस घटना में कोबरा व झारखंड जगुआर के 15 पदाधिकारी व जवान गंभीर रूप से घायल हो गए थे। 1987 से नक्सल नेटवर्क का सूत्रधार: गिरिडीह में नक्सलवाद की पैठ जमा कर सारंडा में सक्रिय हुआ भाकपा माओवादी की केंद्रीय कमेटी में शामिल रणनीतिकार अनल तीन दशकों तक झारखंड-बिहार में नक्सली नेटवर्क का सबसे प्रभावशाली चेहरा बना रहा। अनल का मुख्य रूप से कोल्हान और सारंडा के जंगलों में अपना साम्राज्य चला। गिरिडीह के पीरटांड़ थाना क्षेत्र से निकला यह उग्रवादी 1987 से सक्रिय था। उसने पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, गिरिडीह में संगठन की जड़ें इतनी गहरी कर दीं थी कि यह इलाका लंबे समय तक नक्सल हिंसा का केंद्र बना रहा।अनल ने 1987 से 2000 के बीच ‘गोपाल दा’ के नाम से पीरटांड़, टुंडी और तोपचांची इलाके में अपनी धमक कायम की। इसी दौर में नक्सली संगठन ने इस पूरे क्षेत्र में अपनी मजबूत पकड़ बनाई और कई बड़े हमलों को अंजाम दिया। पुलिस के बीच उसका नाम दहशत का पर्याय बन चुका था। अनल ने सरायकेला, रांची, हजारीबाग, बोकारो, गिरिडीह और पश्चिम सिंहभूम के दुर्गम जंगलों में नक्सली नेटवर्क को संगठित करने में अहम भूमिका निभाई। वह सिर्फ एक फील्ड कमांडर नहीं, बल्कि संगठन की रणनीतियों को जमीन पर उतारने वाला प्रमुख योजनाकार था। कई बड़े हमलों की रूपरेखा उसी ने तैयार की, जिससे उस दौर में नक्सलवाद झारखंड के इस हिस्से में चरम पर पहुंच गया। रणनीतिक कौशल के कारण केंद्रीय कमेटी में शामिल था अनल माओवादी संगठन ने वर्ष 2000 में अनल को बिहार के जमुई भेजा था। वहां वह एक बार गिरफ्तार हुआ और बाद में उसे गिरिडीह जेल स्थानांतरित किया गया। जेल से जमानत पर रिहा होने के बाद उसने अपनी गतिविधियां फिर शुरू कर दीं। जमानत के बाद अनल को रांची और गुमला जिलों की कमान सौंपी गई। यहां उसने संगठन को नई दिशा दी और तेजी से उसका प्रभाव बढ़ता चला गया। अपने रणनीतिक कौशल और संगठनात्मक क्षमता के कारण अनल को भाकपा माओवादी की केंद्रीय कमेटी में शामिल किया गया। वह संगठन के उन गिने-चुने नेताओं में रहा, जो बड़े फैसले लेने वाली कोर टीम का हिस्सा थे।
कोलकाता की शेल कंपनियों से 450 करोड़ की फर्जी बिलिंग
फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), ईटानगर ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल, मणिपुर और झारखंड में 10 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई 658 करोड़ रुपए की जाली बिलिंग और करीब 100 करोड़ रुपये के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई। ईडी ने यह कार्रवाई मेसर्स सिद्धि विनायक ट्रेड मर्चेंट, अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई जांच के तहत की। जांच में सामने आया कि फर्म ने अक्टूबर 2023 से मार्च 2024 के बीच छह माह में 11 राज्यों की 58 कंपनियों को 15,258 फर्जी चालान जारी किए, जिनके जरिए वित्त वर्ष 2023-24 में करीब 99.31 करोड़ रुपये के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट का गलत लाभ उठाया गया। तलाशी के दौरान सामने आया कि दयाल कमर्शियल, एपी एंटरप्राइजेज, फीनिक्स हाइड्रोलिक्स, राम अवतार बंसल एंड कंपनी और भीमा शंकर इंडस्ट्रीज जैसी कोलकाता आधारित कंपनियां केवल बिल बनाने और इनपुट टैक्स क्रेडिट पास करने का काम कर रही थीं। इन संस्थाओं ने करीब 450 करोड़ रुपये के फर्जी बिल बनाए और वाहन खरीद-बिक्री के नकली रिकॉर्ड दिखाकर जीएसटी रिफंड का दावा किया।
प्रस्तावित 100 सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस का फील्ड निरीक्षण करेंगे विभागीय अधिकारी
झारखंड में प्रस्तावित 100 सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का मॉडल बनाने की दिशा में सरकार ने प्रक्रिया तेज कर दी है। झारखंड शिक्षा परियोजना निदेशक (एसपीडी) शशि रंजन ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे 27 जनवरी तक फील्ड निरीक्षण का कार्य अनिवार्य रूप से पूरा कर विस्तृत रिपोर्ट राज्य कार्यालय को सौंपें। एसपीडी की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में इस योजना को लेकर समय-सीमा तय की गई। शशि रंजन ने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तय समय-सीमा के भीतर सभी जिलों से फील्ड अनुश्रवण रिपोर्ट प्राप्त करें। रिपोर्ट के आधार पर सभी प्रस्तावित विद्यालयों में अत्याधुनिक आधारभूत संरचना के निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। बैठक में राज्य के सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, सहायक जिला कार्यक्रम पदाधिकारी तथा अभियंत्रण विभाग के कनीय और सहायक अभियंता मौजूद थे। प्रत्येक विद्यालय का गहन निरीक्षण कर बनाएं रिपोर्ट एसपीडी शशि रंजन ने अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे प्रत्येक विद्यालय का गहन निरीक्षण कर कक्षा कक्षों की स्थिति, अतिरिक्त भवन निर्माण की आवश्यकता और बुनियादी सुविधाओं का यथार्थ आकलन करें। उन्होंने पेयजल, शौचालय, विद्युत व्यवस्था, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, खेल सुविधाएं और आईसीटी इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी आवश्यकताओं का विस्तृत के विवरण रिपोर्ट में शामिल करने के निर्देश दिए।
डोरंडा बाजार के 200 दुकानदारों ने खाली कीं दुकानें, बोले- जगह नहीं दी तो सड़क पर उतरेंगे
राजधानी को स्वच्छ, सुंदर एवं जाम मुक्त बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अतिक्रमण मुक्त अभियान के तहत गुरुवार को डोरंडा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। हाईकोर्ट के निर्देश पर रांची नगर निगम की इंफोर्समेंट टीम ने पुराने हाईकोर्ट के पास से अंबेडकर चौक, डोरंडा बाजार होते हुए एजी मोड़ तक कार्रवाई की। डोरंडा बाजार के करीब 200 अस्थायी दुकानदारों ने बताया कि उनके पास नगर निगम द्वारा जारी वेंडिंग सर्टिफिकेट है। उनका कहना है कि राज्य सरकार और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार पहले बसाने की व्यवस्था होनी चाहिए थी। दुकानदारों ने चेतावनी दी कि यदि व्यवसाय के लिए जगह नहीं दी गई तो वे आंदोलन को मजबूर होंगे। अभियान के दौरान पूरे क्षेत्र में 500 से अधिक अवैध संरचनाएं हटाई गईं। नगर निगम की टीम जैसे ही दल-बल के साथ मौके पर पहुंची, पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई। दुकानदार सामान समेटते और अपनी दुकानें बचाने की कोशिश करते नजर आए। अभियान में 10 ट्रैक्टर और 6 पोकलेन लगाए गए। सड़क के दोनों ओर दुकानों के छज्जे, ठेले, खोमचे, अस्थायी बांस-बल्ली की दुकानें, नाली के ऊपर बने स्लैब और अन्य अवैध संरचनाओं को हटाया गया। दुकानदारों ने कहा कि अतिक्रमण मुक्त किया जा रहा ठीक है। 2017 में राज्य सरकार ने भी निर्देश दिया था कि पहले बसाएं, फिर उजाड़ें। 2013 में कानून पास हुआ, 2014 में वेंडर मार्केट बना कर देना था। आज तक नगर निगम ने नहीं दिया, लेकिन उजाड़ने आ गए। हम लोगों को पहले कारोबार के लिए नगर निगम वेंडर मार्केट बना कर दे, फिर हटाएं। पूरे घर परिवार की रोजी रोटी का सवाल है। ऐसे हटाया जा रहा है, हम लोग सड़क पर उतरेंगे। डोरंडा बाजार में अपनी दुकान टूटते ही दुकानदार ने कहा कि वह 40 वर्षों से यहां व्यवसाय कर रहा है, लेकिन हटाने से पहले समय तक नहीं दिया गया। अपनी दुकानें टूटते देख महिलाएं, लड़कियां और बुजुर्ग सिसकते नजर आए। दुकानदारों ने कहा कि अतिक्रमण हटाना न्यायसंगत है, लेकिन पहले वैकल्पिक व्यवस्था होनी चाहिए थी। कई लोगों ने नगर निगम पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि अमीरों को छोड़ा जा रहा है और गरीबों को उजाड़ा जा रहा है।
नमस्कार, कल की बड़ी खबर जम्मू में सेना की गाड़ी खाई में गिरने की रही। हादसे में 10 जवानों की जान चली गई। वहीं, दूसरी बड़ी खबर योगी के बयान को लेकर रही। उन्होंने बीजेपी के फायर ब्रांड नेता से पीछे हटने को कहा। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. जम्मू में सेना की गाड़ी खाई में गिरी, 10 जवानों की मौत, 11 घायल; बर्फ के चलते फिसली गाड़ी जम्मू-कश्मीर में ऊपरी पोस्ट पर जाते वक्त सेना का वाहन खाई में गिर गया। घायल जवानों को हेलिकॉप्टर से एयरलिफ्ट किया गया। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में सेना की गाड़ी 400 फीट गहरी खाई में गिर गई। हादसे में 10 जवानों की मौत हो गई, जबकि 11 घायलों को एयरलिफ्ट कर उधमपुर भेजा गया। अधिकारियों ने बताया कि उपरी पोस्ट पर रोड पर बर्फ जमी थी, जिस वजह से गाड़ी अनियंत्रित हो गई। बर्फबारी के बाद रास्ता खतरनाक हुआ: हादसा भद्रवाह-चंबा इंटरस्टेट रोड पर खन्नी टॉप के पास हुआ। यह रोड जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश को जोड़ता है। रास्ते में ऊंचे पहाड़, गहरी खाइयां और घने जंगल हैं। सड़क बेहद संकरी है और कई जगह तीखे मोड़ (हेयरपिन बेंड) हैं। पढ़ें पूरी खबर... 2. अविमुक्तेश्वरानंद को चेतावनी- माघ मेले से बैन कर देंगे, प्रशासन ने दूसरा नोटिस भेजा प्रयागराज प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को दूसरा नोटिस भेजा है। इसमें मौनी अमावस्या के दिन बैरियर तोड़ने और जबरन भीड़ में बग्घी घुसाने को लेकर सवाल किए गए हैं। साथ ही हमेशा के लिए माघ मेले से बैन करने की चेतावनी दी गई है। इस पर अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि उनके पास बग्घी नहीं थी। वो पालकी से गए थे। प्रशासन के सारे आरोप गलत हैं। केशव बोले- शंकराचार्य को प्रणाम: आजमगढ़ पहुंचे डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने कहा- मैं ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के चरणों में प्रणाम करता हूं। उनसे प्रार्थना है कि वह स्नान कर इस विषय का समापन करें। पढ़ें पूरी खबर... 3. योगी ने संगीत सोम को पीछे हटाया, बोले- मंत्रीजी को आगे आने दो; सोम ने पुलिस से कहा था- खुराक दूं क्या? मेरठ में गुरुवार दोपहर सीएम योगी ने स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का निरीक्षण किया। इसका मॉडल देखते वक्त सीएम ने संगीत सोम की ओर इशारा करते हुए कहा- मंत्री जी को आगे आने दो। उनको पीछे हटने का इशारा किया। फिर हस्तिनापुर से विधायक और राज्यमंत्री दिनेश खटीक को उनके बगल में खड़ा किया गया। सीएम योगी के खेल विश्वविद्यालय पहुंचने से 30 मिनट पहले भाजपा नेता संगीत सोम की पुलिसकर्मियों से झड़प हुई। उन्होंने कहा- आप बिना खुराक लिए नहीं मानोगे। हालांकि अधिकारियों ने उन्हें शांत कराया। दरअसल सरधना के पूर्व विधायक सीएम के कार्यक्रम में जा रहे थे। तभी पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोका, तो वह गुस्सा हो गए थे। पढ़ें पूरी खबर... 4. राहुल ने सिर पर गमछा बांधा, कंधे पर कुदाल रखी, कहा- VB-GRAM-G जुमला है, गरीबों के हक पर हमला है कांग्रेस नेता राहुल गांधी मनरेगा श्रमिक सम्मेलन में शामिल हुए। इस मौके पर राहुल और मल्लिकार्जुन खड़गे सिर पर गमछा बांधे और कुदाल लिए नजर आए। राहुल ने मनरेगा के नाम बदलने पर कहा- ‘VB-GRAM-G’ जुमला है, गरीबों के हक पर हमला है।' राहुल ने गरीबों से अपील की कि वे इस नए बिल के विरोध में एकजुट हों। कांग्रेस बजट सत्र में इस मुद्दे को उठाएगी: खड़गे ने आरोप लगाया कि सरकार का मनरेगा को निरस्त करना महात्मा गांधी के नाम को लोगों की यादों से मिटाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी संसद के बजट सत्र में इस मुद्दे को मजबूती से उठाएगी। पढ़ें पूरी खबर... 5. चांदी ₹19,386 सस्ती, एक किलो चांदी घटकर ₹3 लाख पर आई; सोना ₹3,099 घटा सोने चांदी की कीमत में गिरावट देखने को मिली। 1 किलो चांदी की कीमत ₹19 हजार रुपए सस्ती होकर ₹2,99,711 रुपए पहुंच गई। वहीं, सोना ₹3,099 रुपए गिरकर ₹1,51,128 रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। सोना-चांदी सस्ते होने की तीन वजहें पढ़ें पूरी खबर... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... स्टूडेंट ने AI तस्वीरें फाड़कर खाईं अमेरिका की अलास्का यूनिवर्सिटी में एक स्टूडेंट ने कैंपस में लगी AI से बनी तस्वीरें फाड़कर खा लीं। दरअसल, ग्राहम ग्रेंजर कह कहना है कि आर्ट्स में AI का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। लेकिन विरोध प्रदर्शन के दौरान उसने जो तस्वीरें खाईं, उसकी कीमत 220 डॉलर थी। शिकायत पर पुलिस ने युवक को अरेस्ट किया। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… करेंट अफेयर्स ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज कर्क राशि वालों को रुका पैसा मिल सकता है। बिजनेस के लिहाज से भी अनुकूल दिन है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...
हर वार्ड में समाज के प्रत्याशी, जीत सुनिश्चित करने का चलेगा अभियान
अखिल भारतीय कायस्थ महासभा झारखंड प्रदेश की बैठक बुधवार को प्रदेश कार्यालय कडरू में प्रदेश अध्यक्ष डॉ सीबी सहाय और प्रदेश महामंत्री सुशील कुमार लाल की अध्यक्षता में हुई। इसमें प्रदेश में आने वाले वार्ड चुनाव में अपने समाज के लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए वार्ड चुनाव में प्रत्येक वार्ड से एक प्रत्याशी को उम्मीदवार बनाने का निर्णय लिया गया है। कहा गया कि हर जिलों से सभी वार्ड में अपने समाज के प्रत्याशी को विजयी बनाने के लिए प्रयास किया जाएगा। इसके लिए 11 सदस्यीय प्रचार प्रसार कमेटी और ग्यारह सदस्यीय बूथ कमेटी का गठन करने का निर्देश प्रदेश के सभी जिला इकाइयों को दिया गया है। सभी जिलो के अध्यक्षों से आग्रह है कि इस अभियान में शामिल होकर संगठन के लिए अपना प्रत्याशी खड़ा करें और समाज को मजबूत करने में अपना योगदान दें। सभी जिलो के अध्यक्ष से आग्रह है कि वो सभी वार्ड के प्रत्याशी का नाम चयन कर प्रदेश को भी सूचित करे, ताकि प्रदेश उन लोगों को वहाँ के लोगो को उनके पक्ष में वोट देने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। मौके पर झारखंड प्रदेश अध्यक्ष डॉ सीबी सहाय , प्रदेश महामंत्री सुशील लाल, प्रदेश कोषाध्यक्ष मनीष कुमार सिन्हा, युवा कार्यकारी अध्यक्ष राजेश सिन्हा, झारखंड प्रदेश युवा अध्यक्ष दीपक मल्लिक, सजल सिन्हा , रवि कुमार, मनीष सिन्हा, सुबोध कुमार, पवन किशोर सहित सभी सदस्य और पदाधिकारी मौजूद थे।
मंत्री सुदिव्य ने युवाओं को वैश्विक अवसरों से जोड़ने पर दिया जोर
लंदन प्रवास के दौरान झारखंड सरकार ने शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की। गुरुवार को आयोजित झारखंड-यूके उच्चस्तरीय राउंड टेबल संवाद में राज्य के युवाओं को वैश्विक मानकों के अनुरूप कौशल, व्यावहारिक प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय अवसरों से जोड़ने की रणनीति पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ। बैठक की अध्यक्षता पर्यटन, युवा कार्य एवं उच्च शिक्षा विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार और अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल ने की। मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि यह संवाद शिक्षा को रोजगार से और कौशल को अवसर से जोड़ने की सरकारी सोच को मजबूती देता है। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार युवा शक्ति को भविष्य के लिए तैयार करने के लिए ठोस और दूरगामी कदम उठा रही है। संवाद में यूके के प्रमुख विश्वविद्यालयों, स्किलिंग संगठनों, अवार्डिंग बॉडीज और अप्रेंटिसशिप पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इससे पहले झारखंड ने संतुलित व समावेशी अंतरराष्ट्रीयकरण की आवश्यकता पर बल दिया। पूर्वी भारत को वैश्विक शिक्षा साझेदारियों के अगले चरण का प्रमुख गंतव्य बनाने का आह्वान किया।
नगड़ी में ट्रांसपोर्टर के घर डाका, सात डकैतों ने बंधक बनाकर 3.5 लाख लूटे
नगड़ी थाना क्षेत्र के मनोकामना नगर स्थित टिकरा टोली में बुधवार देर रात हथियारबंद डकैतों ने एक ट्रांसपोर्टर के घर धावा बोलकर पूरे परिवार को बंधक बना लिया और करीब साढ़े तीन लाख रुपए की डकैती की। वारदात के दौरान प|ी और 13 वर्षीय बेटे को बेरहमी से पीटा गया। गंभीर रूप से घायल बेटे समेत तीनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित ट्रांसपोर्टर का नाम सुमेश महतो है। वे पत्नी लक्ष्मी देवी और बेटे प्रिंस के साथ टिकरा टोली में रहते हैं। सुमेश के पास चार ट्रक हैं, जिनसे वे सीमेंट ढुलाई का काम करते हैं। ट्रक का चालक और खलासी भी घर के बाहर बने कमरे में ही रहते हैं। पीड़ित के मुताबिक, रात करीब 2 बजे सात डकैत खेत के रास्ते घर पहुंचे। सबसे पहले बाहर के कमरे में सो रहे चालक विजय महतो और खलासी बसंत महतो के साथ मारपीट की। इसके बाद उसी कमरे का गेट तोड़कर बदमाश अंदर घुस गए। अंदर पहुंचते ही सुमेश, उनकी पत्नी और बेटे को बंधक बनाकर एक-एक कमरे की तलाशी शुरू कर दी। आलमीरा से 50 हजार रुपए नकद और करीब 3 लाख रुपए के जेवरात हाथ लगे। रकम कम मिलने पर बदमाश भड़क गए और सुमेश के सामने ही पत्नी और बेटे की पिटाई शुरू कर दी। स्टाफ की भूमिका संदिग्ध, 25 दिन पहले रखा था पुलिस को घर के बाहर रहने वाले विजय और बसंत की भूमिका संदिग्ध लग रही है। आधिकारिक तौर पर पुलिस कुछ भी कहने से बच रही है, लेकिन दोनों के मोबाइल का सीडीआर खंगाला जा रहा है। जांच में सामने आया है कि सुमेश ने दोनों को 25 दिन पहले काम पर रखा था और तभी से वे घर के बाहर बने कमरे में रह रहे थे। पुलिस का मानना है कि अगर दोनों स्टाफ परिवार के साथ मिलकर विरोध करते तो बिना हथियार के घर में घुसे बदमाशों को रोका जा सकता था। हालांकि दोनों के रहते हुए अपराधी आराम से अंदर तक घुस गए। जांच में यह भी सामने आया है कि स्टाफ के साथ बदमाशों की केवल हल्की हाथापाई हुई, जो संदेह बढ़ा रही है। सादरी भाषा में बातचीत, सभी के पास लाठी-चाकू पीड़ित ने पुलिस को बताया कि सभी डकैत आपस में सादरी भाषा में बातचीत कर रहे थे। उनकी उम्र करीब 22 से 28 वर्ष के बीच थी। दो बदमाश लगातार परिवार की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। तीन कमरे की तलाशी ले रहे थे। एक बाहर पहरा दे रहा था और एक स्टाफ को कंट्रोल में रखे हुए था। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी जा रही थी। सभी के पास लाठी और चाकू थे।
भोपाल के जिंसी स्थित आधुनिक स्लॉटर हाउस से निकले मीट में गोमांस मिलने के मामले में अब उच्च स्तरीय जांच होगी। अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी के आसंदी से आदेश के बाद निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग के आयुक्त को पत्र लिख दिया है। इसमें शासन की उच्च स्तरीय कमेटी बनाने का अनुरोध किया है। इससे निगम के जिम्मेदारों की भूमिका की जांच होगी। मामले को 1 महीने से ज्यादा बीत चुका है। बावजूद यह शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को तो हिंदूवादी संगठनों ने ही महापौर मालती राय के बंगले का घेराव कर दिया था। वहीं, 'मुल्ला' कहकर संबोधित किया था। दूसरी ओर, गुरुवार को हिंदू उत्सव समिति ने स्लॉटर हाउस पहुंचकर पड़ताल की। देर रात स्लॉटर हाउस में अवैध गतिविधियां होने या सबूत छिपाए जाने की खबरों के बाद समिति अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी समेत कई पदाधिकारी-कार्यकर्ता पहुंचे थे। हालांकि, पुलिस ने किसी को अंदर नहीं जाने दिया। महापौर को बर्खास्त करने की मांग करेंगेशुक्रवार को निगम में कांग्रेस के पार्षद संभागायुक्त संजीव सिंह से मिलेंगे। नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी के नेतृत्व में पार्षद महापौर राय को बर्खास्त करने की मांग करेंगे। पार्षदों का आरोप है कि गौकाशी मामले में जिम्मेदारी भी तय हो। नेता प्रतिपक्ष जकी ने कहा कि जो लोग न तो सही से ड्यूटी करते हैं, न ही पूरे मामले के असली जिम्मेदार हैं, उन्हें जानबूझकर इस प्रकरण में घसीटा गया। कुछ कर्मचारियों को बखार्स्त कर दिया गया। वहीं, कुछ को नोटिस थमा दिए गए। हकीकत यह है कि जो सब कुछ हुआ, वह मेयर-इन-काउंसिल (MIC) के सदस्यों की जानकारी और सहमति से हुआ, लेकिन जवाबदेही तय करने के बजाय अब 8-9 हजार रुपए की नौकरी करने वाले विनियमित कर्मचारियों को बलि का बकरा बनाया गया है। ये खबर भी पढ़ें… क्या नगर निगम के कत्लखाने में कटी गायें? भोपाल में एक बार फिर गायों की मौत और गोमांस मिलने का मुद्दा सुर्खियों में है। नगर निगम के आधुनिक 'कत्लखाना' यानी, स्लॉटर हाउस की जिस गाड़ी से 26 टन मांस जब्त हुआ, उसमें गोमांस की पुष्टि हुई है। इसे लेकर शुक्रवार को कांग्रेसियों ने नगर निगम का दफ्तर घेरा और सवाल पूछा कि भोपाल में गोमांस कैसे बिक रहा है? उन्होंने ठेकेदार के घर पर बुलडोजर चलाने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की।पूरी खबर पढ़ें
कल्पना संग लंदन पहुंचे सीएम हेमंत का आदिवासी परंपरा से हुआ स्वागत
प्रवासियों से बोलीं कल्पना- लंदन में झारखंडी संस्कृति को जीवित रखना गर्व की बात है मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और झारखंड विधानसभा की महिला एवं बाल विकास समिति की अध्यक्ष व विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्यों के साथ दावोस से लंदन पहुंच गए हैं। लंदन पहुंचते ही वहां निवास कर रहे झारखंड के स्कॉलर्स और डायसपोरा के सदस्यों ने मुख्यमंत्री और उनकी प|ी का पारंपरिक जनजातीय गीत-संगीत के साथ स्वागत किया। झारखंडी समुदाय के लोगों ने ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक गीतों से अपने स्नेह और सम्मान का इजहार किया। स्वागत के इस दृश्य ने विदेश की धरती पर झारखंड की सांस्कृतिक पहचान को जीवंत कर दिया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वागत से अभिभूत होते हुए कहा कि इस सम्मान ने उन्हें निशब्द कर दिया है। उन्होंने कहा, “मेरे प्रति आपके इस स्नेह और आदर को देखकर गर्व महसूस कर रहा हूं। लंदन में रहकर भी आप सभी झारखंड का नाम रोशन कर रहे हैं। इसके लिए आप सभी का हार्दिक आभार।”वहीं विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन ने भी झारखंड के स्कॉलर्स और डायसपोरा के सदस्यों को धन्यवाद देते हुए सभी को “झारखंडी जोहार” कहा। उन्होंने कहा कि विदेश में रहकर भी झारखंड की संस्कृति और परंपरा को जीवित रखना गर्व की बात है। पिस्कानगड़ी की अल्फा टोप्पो ने सीएम दंपती का परछन किया, कांसे की थाली में हाथ धुलवाए लंदन में रह रहीं पिस्कानगड़ी के कोलांबी गांव निवासी अल्फा टोप्पो ने कांसे की थाली में कांसे के लोटे से मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी के हाथ धुलवाए। झारखंडी पड़िया गमछे से हाथ पोंछवाया और विधिवत परछन कर सम्मान प्रकट किया। अल्फा टोप्पो को लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस से पब्लिक पॉलिसी में मास्टर डिग्री के लिए प्रतिष्ठित चेवनिंग स्कॉलरशिप प्रदान की गई है। ब्रिटिश सरकार का यह स्कॉलरशिप दुनियाभर के उभरते नेतृत्वकर्ताओं को दी जाती है। अल्फा ने कहा कि पढ़ाई पूरी करने के बाद वे भारत लौटकर झारखंड में काम करेंगी। उन्होंने कहा, “आदिवासी समुदाय का जल, जंगल और जमीन से गहरा जुड़ाव यह अहसास कराता है कि हाशिए पर खड़े लोगों की सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों का समाधान शिक्षा के माध्यम से ही संभव है।”
झारखंड हाईकोर्ट में गुरुवार को पंडरा बाजार समिति के टर्मिनल मार्केट यार्ड में चुनावी कार्य संपन्न कराने के खिलाफ दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद बाजार समिति के टर्मिनल यार्ड में चुनाव से संबंधित कार्य करने पर रोक लगा दी है। अदालत ने कहा कि भविष्य में मार्केट यार्ड का उपयोग किसी भी प्रकार की चुनाव संबंधित गतिविधियों के लिए नहीं किया जाएगा। अदालत ने राज्य के मुख्य सचिव और मुख्य निर्वाचन अधिकारी को आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही अदालत ने याचिका को निष्पादित कर दिया। फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (एफजेसीसीआई) ने जनहित याचिका दाखिल की थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने मौखिक कहा कि राज्य सरकार ने न्यायालय की उदारता को हल्के में लिया है। बार-बार आदेश देने के बावजूद बाजार समिति के टर्मिनल यार्ड का उपयोग चुनाव कार्य के लिए जारी रखा गया। आदेश का पालन नहीं होना अवमानना का मामला बनता है। ऐसे में अवमानना की कार्रवाई भी हो सकती थी। लेकिन यह राष्ट्रीय महत्व से जुड़ा है, इसलिए अवमानना की कार्रवाई नहीं की गई। अदालत ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से दाखिल किए गए शपथ पत्र में कहा गया है कि उसने कुछ अन्य संस्थानों की पहचान कर ली है, जहां चुनाव से संबंधित कार्य कराए जा सकते हैं। अदालत ने कहा कि ऐसा प्रयास सिर्फ एक बहाना है। इसलिए इस मामले में कड़ा रुख अपनाया जाना आवश्यक है। अदालत ने कहा कि कनीय अधिकारी केवल अपने वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों का पालन करने में रुचि रखते हैं। उन्हें न्यायालय के आदेशों का पालन करने में रूचि नहीं है। हाईकोर्ट के इस आदेश से पंडरा बाजार समिति के 800 से अधिक व्यापारी करोड़ों के नुकसान से बचेंगे। निकाय चुनाव की काउंटिंग नई जगह पर करानी होगी, नगड़ी में ईवीएम के लिए रूम तैयार हाईकोर्ट के आदेश का असर नगर निकाय चुनाव पर दिखेगा। निकाय चुनाव के लिए नई जगह की तलाश करनी होगी। क्योंकि, नगर निकाय चुनाव बैलेट पेपर से होना है। ऐसे में चुनाव में सैकड़ों बड़े बॉक्स लगेंगे। इसे रखना प्रशासन के लिए चुनौती होगी। नगड़ी में ईवीएम रखने के लिए रूम बनाए गए हैं। लेकिन वहां मतगणना नहीं होगी। ऐसे में नया स्थल बनाना होगा। अब चुनाव से जुड़े कार्य नए स्थल पर ही कराने होंगे हाईकोर्ट ने चैंबर ऑफ कॉमर्स की याचिका पर महत्वपूर्ण आदेश दिया है। यह व्यापार जगत की जीत है। चुनाव के दौरान उत्पीड़न का सामना करने वाले व्यापारियों के लिए यह राहत भरा आदेश है। इस आदेश से पंडरा बाजार समिति में व्यापार अनुकूल वातावरण बनेगा। व्यापारियों को करोड़ों रुपए का नुकसान होता था, वह बचेंगे।पंडरा बाजार समिति में चुनावी कार्य होने से बाजार समिति का कारोबार पूरी तरह ठप हो जाता है। क्योंकि, ईवीएम जमा करने से लेकर काउंटिंग तक काफी गहमा-गहमी रहती है। ट्रैफिक भी ब्लॉक कर दिया जाता है। ऐसे में बाजार समिति में कारोबार बंद रहता है। रांची चैंबर के अध्यक्ष संजय माहुरी ने बताया कि बाजार समिति में करीब 800 दुकानदार है। रोजाना लगभग दस करोड़ रुपए का कारोबार होता है। अगर तीन- चार दिन बाजार समिति में कारोबार बंद हो गया तो लगभग 40 से 50 करोड़ का कारोबार प्रभावित होता है।
430 बिल्डरों ने नहीं दिया ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट 700 ने छिपाई प्रोग्रेस रिपोर्ट, 10% तक जुर्माना
वह सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है रांची सहित राज्य के विभिन्न जिलों में बिल्डरों की मनमानी पर अब लगाम लगाने की तैयारी हो रही है। समय पर फ्लैट देने का वादा करने वाले अधिकतर बिल्डरों के प्रोजेक्ट कम से कम एक साल की देरी से चल रहे हैं। इसका खुलासा झारेरा के आंकड़ों से हुआ है। 430 बिल्डरों ने अभी तक अपने प्रोजेक्ट का कंप्लीशन और ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट नहीं दिया है। वहीं, करीब 700 बिल्डरों ने प्रोजेक्ट के प्रोग्रेस की तिमाही रिपोर्ट नहीं दी है। अब ऐसे बिल्डरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी हो रही है। झारेरा ने ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट और तिमाही रिपोर्ट नहीं देने वाले बिल्डरों को रिपोर्ट जमा करने का अंतिम मौका दिया है। इसके लिए झारेरा के पोर्टल को 30 जनवरी तक के लिए खोला गया है। निर्धारित अवधि में 1 अक्टूबर 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक की तिमाही रिपोर्ट को अपलोड करना होगा। कोई तकनीकी समस्या आती है तो झारेरा कार्यालय में जाकर इसे दूर किया जा सकता है। क्योंकि, तकनीकी समस्याओं को दूर करने के लिए टेिक्नकल लोगों की टीम बनाई गई है। निर्धारित समय पर रिपोर्ट जमा नहीं करने वाले बिल्डरों के खिलाफ झारेरा केस दर्ज करेगा। ऐसे बिल्डरों पर प्रोजेक्ट कॉस्ट का 10% तक जुर्माना लगाने की तैयारी की जा रही है। एक्सपर्ट व्यू... िबना ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट फ्लैट हैंडओवर नहीं होगा आर्किटेक्ट, सुजीत भगत के मुताबिक बहुमंजिले भवनों के लिए ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य है। ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट के बिना खरीदारों को फ्लैट हैंडओवर नहीं करने का नियम है। क्योंकि, बिल्डिंग का निर्माण नक्शा के अनुरूप हुआ है या नहीं और फ्लैट लोगों के रहने के लायक है या नहीं, यह ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट से तय होता है। इसलिए बिल्डर द्वारा कंप्लीशन सर्टिफिकेट जमा किया जाता है। नक्शा के अनुसार नहीं बन रही बिल्डिंग, इसलिए नहीं लेते ऑक्यूपेंसी झारेरा में रजिस्टर्ड करीब 400 पुराने प्रोजेक्ट का ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट जमा नहीं हुआ है। इसके पीछे बिल्डरों का तर्क है कि नगर निगम से ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट नहीं मिलता है। लेकिन जब इसकी पड़ताल की गई तो पता चला कि 80 प्रतिशत प्रोजेक्ट ऐसे हैं जिसका निर्माण स्वीकृत नक्शा के अनुरूप नहीं होता है। इस वजह से बिल्डर नगर निगम में कंप्लीशन सर्टिफिकेट जमा नहीं करते हैं। इसलिए निगम भी ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट जारी नहीं करता है। तिमाही रिपोर्ट नहीं देने का सीधा असर फ्लैट खरीदारों पर झारेरा की वेबसाइट पर सभी बिल्डरों को रजिस्टर्ड प्रोजेक्ट की तिमाही प्रगति रिपोर्ट और खर्च का ब्योरा अपडेट करना अनिवार्य है। खर्च के अनुसार प्रोजेक्ट की रफ्तार नहीं है, मतलब बिल्डर फंड को डायवर्ट कर रहा है। जिसके कारण प्रोजेक्ट समय पर पूरा नहीं हो सकता। इसका खामियाजा फ्लैट खरीदारों को भुगतना पड़ेगा। क्योंकि, उन्हें निर्धारित समय पर फ्लैट नहीं मिलेगा। झारेरा के अनुसार, अभी तक मात्र 26 प्रोजेक्ट की रिपोर्ट ही अपडेट हुई है। तिमाही रिपोर्ट नहीं देने वाले बिल्डरों पर प्रति तिमाही 25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगता है।
उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) ने राजस्व ग्राम सरे, मोहनपुरा और कैलाशपुरी में अवैध निर्माण (होटल्स-रिसॉर्ट, विला व भवनों के निर्माण) करने वाले भूमाफियाओं के आवंटन (पट्टे) रद्द करने की कागजी कार्रवाई शुरू कर दी है। यूडीए की जांच में सामने आया है कि कई भूमाफियाओं ने आवासीय स्वीकृति की आड़ में ये निर्माण किए। जिनमें व्यवसायिक गतिविधियां संचालित मिली, उन्हें सीज कर दिया गया है। अब ऐसे 6 भूमि मालिकों के आवंटन रद्द कराने के लिए यूडीए ने फाइलें कलेक्टर नमित मेहता के पास भेज दी हैं। कलेक्टर नमित विधिक परीक्षण के साथ इन आवंटनों को रद्द करेंगे। कलेक्टर मेहता ने बताया कि पूर्व में जारी गलत स्वीकृति कराने वाले और आवासीय स्वीकृति की आड़ में व्यावसायिक गतिविधि संचालित करने वालों के भूमि आवंटन रद्द किए जाएंगे। नई हिल पॉलिसी के नियमानुसार 15 डिग्री से ऊंचे पहाड़ों को काटकर किसी भी सूरत में नए निर्माण नहीं करने दिए जाएंगे। यूडीए पिछले 4 दिन में सरे, मोनहपुरा, कैलाशपुरी में 22 रिसॉर्ट एवं विला सीज कर चुका है। इन क्षेत्रों में निर्माणाधीन व तैयार हो चुके 25 से ज्यादा रिसॉर्ट, होटल, विला व अन्य भवनों को नोटिस देकर आगामी 7 दिवस के भीतर मय दस्तावेज जवाब मांगा है। अब यूडीए हर निर्माणकर्ता को नोटिस देकर 7 दिन के भीतर जवाब मांग रहा है ताकि वह संबंधित दस्तावेजों का वेरिफिकेशन कर सीज, आवंटन निरस्ती और निर्माण रोकने जैसी कार्रवाई कर सके। कन्वर्जन को ऐसे गलियां ढूंढते रहे यूडीए तहसीलदार अभिनव शर्मा ने बताया कि सरे स्थित नंदा हिल रिसॉर्ट के मालिक ने कन्वर्जन के लिए सरे खुर्द-कैलाशपुरी होकर गुजरने वाला पीछे वाला मार्ग दिखाया। यह रास्ता खराब व घुमावदार है, इसलिए यहां पर्यटक पहुंचते नहीं है। ऐसे में रिसॉर्ट मालिक ने भी लाभगढ़ रिसॉर्ट की ओर बने रास्तों से ही खुद का आवागमन शुरू कर दिया। बड़ी बात यह है कि इस रिसॉर्ट मालिक ने यूडीए की बिलानाम भूमि पर ही गार्डन बनवा लिया, जिसे अब बुधवार को बाउंड्री हटाकर मुक्त किया है। पंचायतें बिना अधिकार देती रहीं मंजूरी, आंखें मूंदे रहे अधिकारी यूडीए तहसीलदार अभिनव शर्मा ने बताया कि सरे, मोहनपुरा, कैलाशपुरी सहित 70 गांवों को जून-2025 में यूडीए में शामिल किया गया। 15 अगस्त 2025 को जोन आवंटन जारी किया गया। इसके बाद 16 अगस्त, 2025 से जांच शुरू की। पड़ताल में पता चला कि पहले निर्माण स्वीकृति पंचायतों ने जारी कर दी, जबकि पंचायतों को इसका अधिकार नहीं हैं। यूडीए के अधीन आने से पूर्व इन गांवों में भी निर्माण स्वीकृति के लिए कलेक्टर की अध्यक्षता वाली टाउन प्लानिंग कमेटी अधिकृत थी। ऐसे सवाल यह उठता है कि क्या पंचायतों की इस अंधेरगर्दी की जिम्मेदारी तत्कालीन जिला परिषद सीईओ, तहसीलदारों, उपखंड अधिकारियों की थी? जो आंखों पर पट्टी बांधकर बैठे रहे। अनंता और वैष्णोदेवी मंदिर के बीच हाईवे से सटे पहाड़ों की कटाई जारीराजसमंद की सीमा में अनंता हॉस्पिटल-वैष्णो देवी मंदिर के बीच हाईवे के बगल से सटे पहाड़ों की कटाई जारी है। गुरुवार को भी दो अलग-अलग जगहों पर जेसीबी से पहाड़ों को काटा जा रहा था। मोरिंगा वैली में भी पहाड़ों को काटकर निर्माण किए जा रहे हैं। यहां बताया गया कि राजसमंद के इस ग्रामीण क्षेत्र में नई हिल पॉलिसी लागू ही नहीं होती है।
मुक्ति गैस एजेंसी के उपभोक्ता दूसरी एजेंसियों से ले सकेंगे गैस
मुक्ति गैस एजेंसी के बंद होने से उपभोक्ताओं को आ रही समस्या को लेकर रांची डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने पहल की है। जिला प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए आम उपभोक्ताओं के हित में आईओसीएल द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। कंपनी ने मुक्ति गैस एजेंसी से संबद्ध कुल 17,162 घरेलू गैस उपभोक्ताओं को निर्बाध गैस आपूर्ति उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उन्हें नजदीकी अन्य एलपीजी गैस एजेंसियों के साथ जोड़ा है। इस संबंध में सभी संबंधित उपभोक्ताओं को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से आवश्यक जानकारी उपलब्ध करा दी गई है, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। जिला प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्था के तहत उपभोक्ता अब ऑनलाइन बुकिंग कर संबद्ध गैस एजेंसी से गैस सिलेंडर प्राप्त कर सकते हैं। वैकल्पिक गैस एजेंसी व एरिया इस प्रकार होंगे झलक इंडेन गैस एजेंसी मोबाइल नंबर : 9431169469 क्षेत्र : हरमू हाउसिंग कॉलोनी, हरमू, न्यू एरिया पिपरटोली उरांव गैस डिस्ट्रीब्यूटर मोबाइल नंबर : 9431170156 क्षेत्र : अपर बाजार, इरगू टोली एवं चुना भट्ठा जयंत गैस कंपनी मोबाइल नंबर: 9470193803 क्षेत्र: पुरानी रांची, हरमू रोड, भुइयां टोली, मुक्ति गैस गोदाम के आसपास का क्षेत्र, निजाम नगर एसके. गैस सर्विस मो.नं.: 9431115677, क्षेत्र: आनंद नगर, भवानी नगर
अब जल्द ही होगी ठंड की विदाई... फिर बहेगी वसंती बयार
कंपकपाती ठंड की लंबी रातों के बाद जब धूप में हल्की ऊष्मा घुलने लगती है। हवा में फूलों की सुगंध तैरने लगती है और प्रकृति नवजीवन का संदेश देने लगती है, तब समझ लेना चाहिए कि ऋतुराज वसंत का आगमन हो चुका है। यही वह ऋतु है जिसे भारतीय परंपरा में ऋतुओं का राजा कहा गया है। भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में कहा है ‘ऋतुओं में मैं वसंत हूं।’ इसी पावन ऋतु के स्वागत में शुक्रवार को वसंत पंचमी का त्योहार मनाया जाएगा। वसंत ऋतु का आगमन केवल मौसम के बदलने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका प्रभाव जीवन के हर क्षेत्र में दिखाई देता है। प्रकृति में जहां पेड़-पौधे नए पत्तों और फूलों से सुसज्जित होते हैं, वहीं किसानों के लिए यह समय फसलों के बेहतर विकास का संकेत देता है। शिक्षा, ज्ञान के क्षेत्र में वसंत पंचमी को शुभारंभ का प्रतीक माना जाता है। इसी दिन बच्चों के लिए विद्या की शुरुआत, पुस्तक पूजन और नई सृजनात्मक गतिविधियों की शुरुआत की परंपरा है। वसंत ऋतु के आगमन के साथ ही रांची में मौसम भी अंगड़ाई लेने लगा है। कंपकपाती ठंड से लोगों को राहत मिल गई है। सुबह और शाम अब हल्की सिहरन हो रही है, लेकिन दिन में धूप गर्माहट का अहसास कराने लगी है। सरस्वती पूजा के दिन हल्की ठंड का अहसास होगा, पर इसके बाद मौसम में तेजी से बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग रांची केन्द्र के अनुसार वसंत पंचमी के बाद अगले चार दिनों में न्यूनतम तापमान में लगभग 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी होगी। इसका मतलब है कि अब ठंड की विदाई शुरू हो गई है। इस बदलाव के साथ शुक्रवार को शहर के विभिन्न मुहल्लों में विद्या की देवी मां सरस्वती की अराधना होगी। 600 पूजा पंडालों में कहीं एआई आधारित तो कहीं श्रृंगार करते हुए मां सरस्वती विराजेंगी। तीन दुर्लभ संयोग में होगी मां शारदे की आराधना ज्योतिष शालिनी वैद्य ने बताया कि तीन दुर्लभ योग में मां सरस्वती की आराधना होगी। इस दिन लक्ष्मी नारायण योग, बुधादित्य योग, परिघ योग बन रहे हैं। पूरे दिन बुध, सूर्य और शुक्र का युति गुरुदीक्षा और विद्यारंभ मुहूर्त रहेगा। ऋषिकेश पंचांग के अनुसार वसंत पंचमी 22 जनवरी 2026 को रात्रि 01.16 बजे से शुरू हो जाएगी। पंचमी तिथि का समापन 23 जनवरी को रात्रि 12.08 बजे पर होगा। उदयातिथि के चलते पंचमी का त्योहार 23 फरवरी को मनाया जाएगा। सुबह से शाम तक माता की पूजा होगी, लेकिन पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 09.27 से दोपहर 02.34 बजे तक है। किशोरगंज स्थित रोड नंबर 5 में बनाए गए पंडाल में एआई से निकाली गई तस्वीर के आधार पर मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित की गई है। आयोजक संदीप ने बताया कि फिलहाल एआई ही सबसे अधिक चर्चा में है। इसलिए एआई थीम की प्रतिमा बनाने का निर्णय लिया गया। इस स्वरूप में मां बाल रूप में नजर आएगी। उनके साथ हंस भी बाल स्वरूप में है। 9.5 फीट ऊंची इस प्रतिमा की कीमत 31 हजार रुपए है। वहीं, मधुकम स्थित नारिया नगर में फूलों से बने पंडाल में शृंगार करते हुए मां विराजमान हुई हैं। प्रतिमा में इतना अधिक आकर्षण है, जिसकी भी नजर पड़ रही, उसकी पलकें नीचे नहीं हो रही है। मां की आभा देखते ही बन रही है। 30 हजार में प्रतिमा का निर्माण कराया गया है।
डीआईटी धनबाद में नामांकन विवादमामले की सीबीआई जांच पर हाईकोर्ट की अस्थायी रोक
झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने गुरुवार को धनबाद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (डीआईटी), झारखंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (जेयूटी) और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के खिलाफ सीबीआई जांच के आदेश पर अस्थायी रोक लगा दी। इस मामले की अगली सुनवाई 29 जनवरी को होगी। यह विवाद शैक्षणिक सत्र 2025-26 में छात्रों के नामांकन और प्रवेश नियमों से जुड़ा है। इससे पहले 13 जनवरी को हुई सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने जेयूटी, एआईसीटीई और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सीबीआई जांच का आदेश दिया था। इसके बाद जेयूटी की ओर से जांच पर रोक के लिए याचिका दायर की गई, जिस पर सुनवाई हुई। यह है पूरा मामला : एआईसीटीई ने डीआईटी में प्रवेश सीटों की संख्या 60 से बढ़ाकर 120 कर दी थी। इसके आधार पर झारखंड कंबाइंड एंट्रेंस के जरिए सीट आवंटन कर छात्रों का नामांकन लिया गया। इधर, जेयूटी की एफिलिएशन कमेटी ने डीआईटी के इंफ्रास्ट्रक्चर की जांच के बाद उसे अपर्याप्त बताते हुए केवल 60 सीटों के लिए ही संबद्धता दी। इसके विरुद्ध डीआईटी हाईकोर्ट चली गई। इधर, छात्रों व अभिभावकों की चिंता है कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकला तो पूरे सत्र पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
सज्जनगढ़ सेंचुरी में तैयार की गई लॉयन सफारी से जुड़ा चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एनक्लोजर में छोड़ी गई शेरनी सुनैना 4 दिन से लापता है। वह होल्डिंग एरिया में नहीं लौटी है। इससे वन विभाग की चिंता बढ़ गई है। सुनैना की तलाश में कर्मचारी पहाड़ी पर बने क्लाउड-9 के कमरों की छत पर बैठकर निगरानी कर रहे हैं। ढोल बजाने के साथ ड्रोन उड़ाकर भी शेरनी को खोजा जा रहा है। शेर सम्राट और शेरनी सुनैना को सोमवार को ही होल्डिंग एरिया से खुले बाड़े में छोड़ा गया था। सम्राट तो नाइट शेल्टर में लौट आया, लेकिन सुनैना अब तक नहीं आई। विभाग का दावा है कि वह एनक्लोजर के भीतर ही मौजूद है। गुजरात से लाए जाने के बाद सुनैना 18 माह तक पिंजरे में बंद रही। विभाग पर यह सवाल उठ रहा है कि शेरों को एनक्लोजर में छोड़ने से पहले वहां मौजूद 5 से 7 चीतलों को बाहर क्यों नहीं निकाला गया। जब तक चीतलों का शिकार नहीं कर लेती, उसके शेल्टर में लौटने की संभावना कम है। विभाग का दावा है कि बुधवार को सुनैना को क्लाउड-9 के पास देखा गया था। बता दें कि 5.19 वर्ग किमी क्षेत्र में फैली सज्जनगढ़ सेंचुरी के 20 हेक्टेयर में लॉयन सफारी तैयार की गई है। इस पर 3.50 करोड़ रु. खर्च किए गए हैं। छह माह पहले भी हवाला गांव की ओर फेंसिंग के पास तेंदुआ चहलकदमी करता नजर आया था। डीएफओ बोले- जंगल रास आया, कुछ दिन बाद खुद ढूंढ लेगी ठिकाना डीएफओ यादवेंद्र सिंह चूंडावत ने बताया कि अगले माह लॉयन सफारी के उद्घाटन की तैयारी को देखते हुए शेरों के जोड़े को रिलीज किया गया। शेर नियमित रूप से शेल्टर में लौट रहा है, जबकि शेरनी को जंगल रास आ गया है। सफारी क्षेत्र में घास और झाड़ियां अधिक होने के कारण वह बार-बार छिप जाती है। कुछ दिन एनक्लोजर में घूमने के बाद उसे अपने खाने-पीने की जगह का पता चल जाएगा। निर्माण पर उठ चुके सवाल.. तेज हवा से उड़ गई थी फेंसिंगगत वर्ष 20 मई को तेज हवा के चलते क्लाउड-9 के पास सफारी की फेंसिंग गिर गई थी। भास्कर ने 28 मई को इसका खुलासा किया था। इसके बाद वन विभाग ने ठेकेदार और तत्कालीन अधिकारियों को नोटिस जारी किया था। उस समय निर्माण गुणवत्ता पर भी सवाल उठे थे। पड़ताल में सामने आया था कि फेंसिंग के नीचे कई स्थानों पर गैप था, जिससे तेंदुए और कुत्तों का आना-जाना संभव था।
रायपुर में कमिश्नरी व्यवस्था लागू होने के साथ ही प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया गया है। वर्ष 2004 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी संजीव शुक्ला को रायपुर का पहला पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है। इससे पहले वे आईजी, बिलासपुर रेंज के रूप में सेवाएं दे रहे थे। वहीं श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा रायपुर ग्रामीण की SP बनाई गई हैं। अमित तुकाराम कांबले (IPS-2009) को कांकेर से अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, रायपुर नगरीय बनाया गया है। रायपुर SSP डॉ लाल उमेद सिंह को जशपुर भेजा गया है। जशपुर SSP शशिमोहन सिंह को रायगढ़ भेज दिया गया है। इसी आदेश के तहत रामगोपाल गर्ग (IPS-2007) को दुर्ग रेंज से स्थानांतरित कर बिलासपुर रेंज आईजी बनाया गया है। अभिषेक शांडिल्य (IPS-2007) को राजनांदगांव रेंज से दुर्ग रेंज आईजी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा बालाजी राव सोमावर (IPS-2007), जो अब तक पुलिस मुख्यालय रायपुर में कानून व्यवस्था संभाल रहे थे, उन्हें आईजी, राजनांदगांव रेंज नियुक्त किया गया है। इसके अलावा 24 और पुलिस अधिकारियों के तबादले हुए हैं। देखिए ट्रांसफर लिस्ट- रायपुर कमिश्नरी में DCP की नियुक्ति रायपुर में कमिश्नरी व्यवस्था लागू होने के बाद नगरीय पुलिस ढांचे को मजबूत करते हुए पुलिस उपायुक्त (DCP) स्तर पर अहम नियुक्तियां की गई हैं। इसके तहत वर्ष 2020 बैच के आईपीएस अधिकारी उमेश प्रसाद गुप्ता को पुलिस उपायुक्त (मध्य) रायपुर, संदीप पटेल को पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) रायपुर और मयंक गुर्जर को पुलिस उपायुक्त (उत्तर) रायपुर नगरीय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा विकास कुमार (IPS-2020) को पुलिस उपायुक्त (ट्रैफिक एवं प्रोटोकॉल) और राजनाला स्मृतिक (IPS-2020) को पुलिस उपायुक्त (क्राइम और साइबर) रायपुर नगरीय नियुक्त किया गया है। वहीं ईशु अग्रवाल (IPS-2022), जो अब तक नगर पुलिस अधीक्षक, आजाद चौक रायपुर थे, उन्हें पुलिस सहायक आयुक्त, आजाद चौक, रायपुर नगरीय पदस्थ किया गया है। आधे जिले पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू रायपुर के आधे जिले में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम आज यानी 23 जनवरी 2026 से प्रभावी हो गई है। रायपुर के 21 थाने कमिश्नर और 12 थाने SP संभालेंगे। गृह विभाग ने इसे लेकर बुधवार शाम नोटिफिकेशन जारी किया गया था। रायपुर में कमिश्नरेट सिस्टम लागू करने के लिए शहर की पुलिस फोर्स को 2 हिस्सों में बांटा गया। भोपाल-इंदौर मॉडल की तर्ज पर कमिश्नरेट सिस्टम लागू कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने से पहले यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि इसे पूरे जिले में लागू किया जाएगा। ये अटकलें तब और तेज हो गईं जब गृहमंत्री विजय शर्मा ने इस सिस्टम के लिए अपना समर्थन जताया। गृहमंत्री विजय शर्मा ने यह प्रस्ताव मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सामने पेश किया था। इस मामले पर 21 जनवरी को हुई कैबिनेट मीटिंग में चर्चा होनी थी, लेकिन IAS लॉबी के विरोध के कारण इस मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई। हालांकि बाद में लॉबी भोपाल और इंदौर मॉडल की तर्ज पर कमिश्नरेट सिस्टम लागू करने पर सहमत हो गई। उसी के अनुसार फैसला लिया गया। 2 अलग-अलग स्ट्रक्चर बनाने होंगे वहीं IPS लॉबी कमिश्नरेट सिस्टम को लागू करने को फेलियर बताया था, क्योंकि इसे पूरे जिले में लागू नहीं किया गया है। नाम न बताने की शर्त पर डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने बताया था कि अधूरे सिस्टम के लिए दो अलग-अलग स्ट्रक्चर बनाने होंगे। डिपार्टमेंट के पास इन स्ट्रक्चर को बनाने के लिए न तो मैनपावर है और न ही रिसोर्स। नतीजतन जिले पर दो अधिकारियों का कंट्रोल होने से कमिश्नरेट सिस्टम जिले के लिए सिर्फ एक औपचारिकता बनकर रह जाएगा। कमिश्नरी सिस्टम जिले के लिए खानापूर्ति साबित होगा। सीमा को मनमाने ढंग से बांटा गया IPS अधिकारियों के मुताबिक जब जिले में कमिश्नरेट और पुलिसिंग सेटअप को एक साथ लागू किया गया, तो दोनों की सीमाएं तय की गईं। हालांकि, सीमाओं का यह बंटवारा मनमाने ढंग से किया गया था। इससे IPS लॉबी में नाराजगी देखने को मिली थी। विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीण इलाका होने के बावजूद उरला इलाके को कमिश्नरी के अंदर दिया गय। इसको देने के पीछे तर्क है, कि पंचायत एरिया पर नियंत्रण लग सके। इन्हीं अफसरों ने मुजगहन, समेत 10 थानों को ग्रामीण थाने में शिफ्ट किया है। यहां की पंचायतों से अफसरों को मतलब नहीं है। कमेटी की बात की भी अनदेखी एडीजी प्रदीप गुप्ता की अध्यक्षता वाली कमेटी ने भी रायपुर के क्षेत्रफल, जनसंख्या और क्राइम रेट के आधार पर पूरे जिले में कमिश्नरी सिस्टम लागू करने का प्रस्ताव भेजा था, क्योंकि रायपुर जिला इतना बड़ा नहीं हैं, जहां पुलिस की दो तरह की व्यवस्था रहे। उन्होंने भुवनेश्वर के कमिश्नरी सिस्टम की अनुशंसा की है। लेकिन उनके प्रस्ताव पर आज तक कोई चर्चा नहीं हुई। न ही गृह विभाग से कमेटी को बुलाकर रिपोर्ट पर जानकारी ली गई और चर्चा की गई। एक थाने में 30 बल, 75 की जरूरत रायपुर में पुलिसिंग के लिए कम से कम 75 का स्टाफ होना चाहिए। जबकि वर्तमान में थानों में औसतन 30 से 35 का बल है। अब मौजूदा बल का भी बंटवारा होगा, जिससे फील्ड में फोर्स की कमी आएगी। जिले में दो तरह की पुलिसिंग और अधिकारियों की संख्या बढ़ने पर थानों में बल कम होगा और अधिकारियों के दफ्तरों में कर्मचारियों की संख्या बढ़ेगी। रायपुर जिले में 7500 से अधिक पुलिस बल की जरूरत बताई जा रही है। ................................. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें... रायपुर के 90% लोग चाहते हैं कमिश्नरी सिस्टम लागू हो:लोग बोले- पुलिस को पूरे अधिकार दिए जाएं; IG रैंक के अधिकारी होंगे कमिश्नर छत्तीसगढ़ राज्य का पहला और देश का 87वां पुलिस कमिश्नरी सिस्टम 11 दिन बाद 23 जनवरी से रायपुर में लागू होने वाला है। इसे लेकर दैनिक भास्कर ने एक सर्वे किया है। सर्वे में शामिल 90 फीसदी लोगों का कहना है कि पुलिस कमिश्नरी सिस्टम पूरे रायपुर जिले में लागू होना चाहिए। एक ही जिले में दो तरह की पुलिसिंग होने से अपराध बढ़ेगा और आम लोगों को भी दिक्कत होगी। पढ़ें पूरी खबर...
जबलपुर में आज शुक्रवार को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत विवाह और निकाह होना है, जिसमें केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह सहित कई सांसद और विधायक शामिल होंगे। शहर के शहर के गैरीसन मैदान में होने वाले इस कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए करीब एक एकड़ में टेंट लगाकर सजाया गया है। मंच पर केंद्रीय मंत्री और सीएम के साथ नवविवाहित जोड़े भी रहेंगे। इसके साथ ही अलग-अलग 118 मंडप बनाए गए है, इसके साथ ही मुस्लिम रीति रिवाज से होने वाले तीन निकाह की भी व्यवस्था की गई है। नवविवाहित जोड़ों के लिए मंडप बनाए गए है, जहां ये सात फेरे लेंगे। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना कार्यक्रम दोपहर 12 से शुरू होगा। विवाह कार्यक्रम में शामिल होने से पहले सीएम मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा नेताजी सुभाषचंद्र बोस केंद्रीय जेल जाकर उस स्थान पर श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे, जहां पर कि कभी शहीद सुभाषचंद्र बोस ने सजा काटी थी। इसके बाद दोनों ही नेता बंगाली क्लब होने वाले कार्यक्रम में शामिल होकर शाम को गौरीघाट में होने वाली महाआरती में शामिल होंगे। निगम अध्यक्ष रिंकू विज का कहना है कि नगर निगम जबलपुर यह आयोजन कर रहा है। इस दौरान 118 जोड़ों का विवाह और 3 का निकाह होगा। विवाह के बाद मुख्यमंत्री मंच से ही सिंगल क्लिक से 49000 रुपए प्रत्येक जोड़े को देंगे, जो सीधे उनके अकाउंट में आरटीजीएस से पहुंचेंगे। उन्होंने बताया कि दुल्हन को चांदी का मंगलसूत्र दिया जाएगा, जिस पर सोने का पानी चढ़ा रहेगा। इसके अलावा गिफ्ट हैंपर, कपड़े दिए जा रहे हैं। 121 शादियों के लिए 121 घोड़े और विवाह संपन्न कराने के लिए 121 पंडित भी होंगे। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में घराती और बारातियों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है।
काठीटांड़ मामले में प्रशासन जल्दबाज़ी न करे : कांग्रेस
काठीटांड़ क्षेत्र में बैरिकेड हटाने को लेकर कांग्रेस नेता राजीव रंजन राजू ने प्रशासन को जल्दबाज़ी न करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में काठीटांड़ क्षेत्र के अधिकांश कट बंद हैं, जिससे स्थानीय व्यापार के साथ-साथ आम जनता को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। राजीव रंजन राजू ने स्पष्ट किया कि जब तक बैरिकेड हटाने से पहले कोई ठोस और स्थायी वैकल्पिक यातायात व्यवस्था तैयार नहीं हो जाती, तब तक बैरिकेड खोलना जनहित में नहीं है। उन्होंने कहा कि पूर्व में जब-जब बैरिकेड खोला गया है, तब-तब क्षेत्र में गंभीर जाम की स्थिति बनी है। इससे मांडर, लोहरदगा और पलामू की ओर से आने-जाने वाले लोग घंटों तक जाम में फंसे रहे हैं। उन्होंने मांग की कि काठीटांड़ क्षेत्र से पहले अतिक्रमण हटाया जाए। इसके साथ ही बड़े गोलचक्कर का निर्माण कर ट्रैफिक लाइट की व्यवस्था की जाए, ताकि यातायात सुचारू हो सके।
जिला मुख्यालय से मात्र 16 किलोमीटर दूर स्थित राजेश्वर नगर को हाल ही में राज्य सरकार की ओर से नई ग्राम पंचायत का दर्जा दिया गया है। खेती-बाड़ी व पशुपालन आधारित इस गांव को प्रशासनिक पहचान मिलने से क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं सृजित हुई हैं। ग्राम पंचायत बनने के बाद ग्रामीणों में खुशी का माहौल है और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की उम्मीदें बढ़ गई हैं। बालोतरा–सिवाना मार्ग से ब्रह्मधाम आसोतरा जाने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित राजेश्वर नगर यातायात की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। गांव से मात्र पांच किलोमीटर की दूरी पर भारतमाला परियोजना के तहत निर्मित जामनगर–अमृतसर नेशनल एक्सप्रेस-वे गुजर रहा है, जिससे गांव का सीधा संपर्क देश के प्रमुख शहरों से स्थापित हो गया है। यहां से जोधपुर, जयपुर, अहमदाबाद, डीसा, सूरत और मुंबई के लिए सीधी बस सेवाएं उपलब्ध हैं, जिससे आवागमन व व्यापार को नई गति मिली है। प्राकृतिक दृष्टि से भी राजेश्वर नगर समृद्ध है। गांव की परिधि में रेतीले धोरे, मैदानी क्षेत्र, नाड़ियां और नया तालाब इसकी सुंदरता को बढ़ाते हैं। पोशलनगर क्षेत्र में अनार की खेती, अणियाला नाड़ा सहित अनेक जलाशय गांव की प्राकृतिक छटा को चार चांद लगाते हैं। गांव में राधा-कृष्ण मंदिर भरखाली, मामाजी का मंदिर, गोगाजी का मंदिर, जुंजार छतरी सहित कई प्राचीन मंदिर हैं, जो आस्था के प्रमुख केंद्र बने हुए हैं। राजेश्वर नगर क्षेत्र में पर्यावरण, प्रकृति और पक्षी संरक्षण का एक प्रेरणादायक केंद्र भी विकसित हुआ है। निम्बली नाडी और अणियाला नाडा के तट पर स्थित मामाजी के थान में वर्षों से पक्षी सेवा और हरियाली संरक्षण का सतत कार्य किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र की पहचान पर्यावरण अनुकूल गांव के रूप में बनी है। कृषि के क्षेत्र में राजेश्वर नगर के किसानों की विशेष पहचान है। यहां के किसान हाईटेक तकनीक से थार अनार का उत्पादन कर रहे हैं, जिसका निर्यात देश-विदेश तक किया जा रहा है। इसके साथ ही गेहूं, जीरा, ईसबगोल, अरंडी तथा वर्षा आधारित फसलों का भी उत्पादन लिया जाता है।
भागीरथपुरा दूषित पानी कांड के मामले में क्षेत्र के 30% हिस्सों में रोज एक दिन छोड़कर पानी सप्लाय शुरू हो गया है। इसके साथ ही नियमित टेस्टिंग हो रही है। हालांकि अभी रहवासियों का विश्वास कायम होने में समय लगेगा। अधिकांश रहवासी तो आरओ और टैंकर का पानी ही उपयोग कर रहे हैं। बाकी 70% हिस्सों में जो पाइप लाइन का काम चल रहा है वो इस माह पूरा हो जाने की उम्मीद है। दरअसल हादसे के बाद यहां जो काम शुरू हुआ उसमें 30% हिस्सा वह है जहां दो साल पहले मुख्य पाइप लाइन डाली गई थी। फिर भी हादसे के बाद यहां हर लीकेज चेक करने के साथ एक दिन छोड़कर पानी सप्लाई शुरू हो गया है। क्षेत्रीय पार्षद कमल वाघेला के मुताबिक बाकी 70% हिस्से में खास काम नई मेन पाइप लाइन डालने का तेजी से चल रहा है। जनवरी अंत तक उसे पूरा कर लिया जाएगा। क्षेत्र में रोज 50 से ज्यादा टैंकरों से पानी वितरण किया जा रहा है। कुछ हिस्सों में पाइप लाइन काम के चलते टैंकर गलियों के नजदीक तक पहुंचाए जा रहे हैं ताकि लोगों को कम दूरी तक आकर पानी भरना पड़े। उधर, इस मामले में अब तक 25 मौतें हो चुकी हैं, लेकिन पहले प्रशासन ने 4 मौतें, फिर 6 मौतें मानी थी। इसके बाद हाई कोर्ट में पेश रिपोर्ट में 21 मौतों में से 15 मौतें मानी। अभी अगली स्टेटस रिपोर्ट 27 जनवरी को पेश किया जाना है। सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी के मुताबिक वर्तमान में अपोलो हॉस्पिटल में 58 वर्षीय पुरुष का पैर में गंभीर इंफेक्शन और किडनी की बीमारी का इलाज जारी है। केयर सीएचएल अस्पताल में 23 वर्षीय महिला एमचीबी, बेसल मेनेजाइटिस विथ हाईड्रोसिफेलस से ग्रस्त है। अरबिंदो अस्पताल में 63 साल के पुरुष कई चिकित्सकीय जटिलताओं जैसे एमटीबी., हाई ब्लड प्रेशर , वायरल हैपेटाइटिस के कारण एडमिट है। 66 वर्षीय महिला लिवर में सूजन और संक्रमण से पीड़ित हैं। 70 वर्षीय पुरुष गंभीर चोटों के कारण और एसडीएच से ग्रस्त है। दो अन्य मरीज जो कि वार्ड में एडमिट हैं और डायरिया से पूर्ण स्वस्थ होकर डिस्चार्ज होने की प्रक्रिया में हैं। ऐसे बी बॉम्बे हॉस्पिटल में 65 वर्षीय पुरुष मल्टी ऑर्गन डिस्फंक्शन सिंड्रोम और इनसेफेलोपैथी से ग्रस्त है। 65 वर्षीय महिला और 72 वर्षीय पुरुष सेंसरी पॉलीन्युरोपैथी से पीड़ित है। 67 वर्षीय महिला हायपोक्सिक इस्कीमिक इनकिफेलोपैथी यानी ब्रेन में ऑक्सीजन की कमी के कारण हुई अस्वस्थता से एडमिट है। ये खबर भी पढ़ें... इंदौर में दूषित पानी ने चार बेटियों का पिता छीना इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी के चलते चार बेटियों के सिर से पिता का साया उठ गया। घर के कमाने वाले मुखिया की तबीयत दूषित पानी के कारण बिगड़ी और कुछ ही दिनों में उन्होंने दम तोड़ दिया। पिता की मौत के बाद परिवार के सामने सवाल है- अब क्या होगा...? हेमंत गायकवाड़ (50) की मंगलवार (20 जनवरी) रात को अस्पताल में मौत हो गई। पहले तबीयत ज्यादा बिगड़ी तो उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया। थोड़ी देर बाद डॉक्टरों ने उन्हें घर ले जाने को कह दिया।पूरी खबर पढ़ें
कान्हा की नगरी ब्रज में आनंद और उल्लास का महापर्व होली ने दस्तक दे दी है। यहां होली केवल एक दिन का त्योहार नहीं, बल्कि पूरे 40 दिनों तक चलने वाला एक अलौकिक उत्सव है। यहां बसंत पंचमी के साथ ही हवाओं में अबीर- गुलाल की खुशबू घुलने लगती है। बसंत पंचमी से ब्रज में होली के उल्लास की विधिवत शुरुआत हो गयी । योगी सरकार ने ब्रज की इस अलौकिक परंपरा को वैश्विक पटल पर पहचान दिलाने के लिए 'रंगोत्सव 2026' की भव्य तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद एवं जिला प्रशासन इस बार भी होली को दिव्य और भव्य बनाने में जुटा है। देश-विदेश के श्रद्धालु इस दिव्य रंगोत्सव में शामिल होंगे। बसंत पंचमी पर गड़ेगा होली का डांडा ब्रज में होली की विधिवत शुरुआत बसंत पंचमी से मानी जाती है। इस दिन ब्रज के प्रमुख मंदिरों और सार्वजनिक स्थानों पर विधिवत पूजा-अर्चना के साथ 'होली का डांडा' गाड़ा जाएगा। यह प्रतीक है कि कान्हा की नगरी में अब रंगों के त्योहार होली का आगमन हो चुका है। बसंत पंचमी से ही मंदिरों में ठाकुर जी को गुलाल लगाया जाना शुरू हो जाएगा और समाज गायन के साथ फाल्गुन के गीतों की स्वर लहरियां गूंजने लगेंगी। अगले 40 दिनों तक भक्त और भगवान प्रेम और भक्ति के रंगों में सराबोर रहेंगे। रंगोत्सव में सजेगा ब्रज रंगोत्सव 2026 को ऐतिहासिक बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए मथुरा के विभिन्न स्थानों पर 23 भव्य प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे। इनमें बरसाना में 5, नंदगांव में 4, मथुरा में 5, रावल, गोकुल, बलदेव और फालैन में 2- 2 तथा महावन में 1 द्वार शामिल है। इसके अलावा, बरसाना, नंदगांव और मथुरा के प्रमुख स्थानों पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के लिए 25 छोटे स्टेज भी बनाए जाएंगे। पर्यटकों के लिए मथुरा के प्रमुख स्थलों पर 12 सेल्फी प्वाइंट भी स्थापित किए जाएंगे। प्रमुख मंदिरों में होगी विशेष लाइटिंग योगी सरकार ने इस बार लाइटिंग व्यवस्था पर विशेष जोर दिया है। श्री राधा रानी मंदिर (बरसाना) और श्री नंद मंदिर (नंदगांव) में विशेष फसाड लाइटिंग ) की जाएगी। इसके अलावा, मथुरा के होली गेट, विश्राम घाट, गाजीपुर मंदिर, संकेत मंदिर, रावल स्थित राधा रानी मंदिर, गोकुल के नंद किला, फालैन के प्रहलाद मंदिर और बलदेव के दाऊजी मंदिर पर भव्य सजावट की जाएगी। 800 कलाकार बिखेरेंगे संस्कृति के रंग रंगोत्सव केवल रंगों का ही नहीं, बल्कि ब्रज की लोक कला का भी उत्सव है। 24 और 25 फरवरी को बरसाना स्थित राधा बिहारी इंटर कॉलेज में दो दिवसीय भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। इस बार 70 से अधिक सांस्कृतिक समूहों के 800 से ज्यादा कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। इसमें स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का भरपूर मौका मिलेगा, जिससे ब्रज की लोक संस्कृति जीवंत हो उठेगी। 25 फरवरी को लठ्ठमार होली होली के कार्यक्रमों का मुख्य आकर्षण बरसाना की विश्व प्रसिद्ध लठ्ठमार होली होगी, जो इस बार 25 फरवरी 2026 को खेली जाएगी। इससे एक दिन पहले, 24 फरवरी को राधारानी मंदिर में 'लड्डू होली' का आयोजन होगा, जहां भक्तों पर प्रसाद रूपी लड्डुओं की बरसात की जाती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं रंगोत्सव में गहरी रुचि रखते हैं और अक्सर इसमें शामिल होकर संतों के साथ होली खेलते हैं। इस बार भी मुख्यमंत्री के आने की संभावना है। प्रशासन को स्पष्ट निर्देश हैं कि लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, साफ-सफाई और यातायात व्यवस्था को चाक-चौबंद रखा जाए।
एमपी में ग्वालियर शहर की सड़कों की बदहाली लगातार चर्चा में बनी हुई है। पिछले कुछ समय से शहर की सड़कें लोगों के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही हैं। महल रोड कई बार धंस चुकी है, वहीं शहर के अलग-अलग इलाकों में बने गहरे गड्ढे लोगों को दर्द और बीमारियां दे रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि महज छह महीने में ही वाहन दो-तीन साल पुराने नजर आने लगे हैं। स्कूल जाने वाले बच्चे धूल के गुबार में सफर करने को मजबूर हैं, जिससे सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इन्हीं हालातों से परेशान होकर एक मासूम ने अब सोशल मीडिया के जरिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मदद की गुहार लगाई है। 10 वर्षीय प्रिंस गुप्ता ने फेसबुक पर पोस्ट कर सीएम से अपील की है कि बेटी बचाओ चौराहे की सड़क जल्द ठीक कराई जाए। प्रिंस ने लिखा कि स्कूल जाते समय ऑटो में बहुत झटके लगते हैं, जिससे दर्द होता है और रोजाना परेशानी झेलनी पड़ती है। गौरतलब है कि सड़कों की खराब स्थिति को लेकर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी हाल ही में समीक्षा बैठक कर चुके हैं। उन्होंने बताया था कि शहर की 359 सड़कों को चिह्नित किया गया है, जिनमें 125 ग्रीन जोन, 63 येलो जोन और 171 सड़कें रेड जोन में शामिल हैं। रेड जोन की सड़कों की हालत बेहद खराब बताई गई है। वर्तमान में ऐसी सड़कों की संख्या करीब 160 तक पहुंच चुकी है, जो शहर की यातायात व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। शहर के लोग से लेकर सिंधिया तक चर्चा कर चुके हैं ग्वालियर में केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, प्रदेश सरकार में मंत्री नारायण सिंह, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, सांसद भारत सिंह कुशवाह जैसे दिग्गज होने के बाद भी ग्वालियर में सड़कों को लेकर जो हाल है वह अपने आप में पोल खोलता नजर आ रहा है, यह सभी दिग्गजों के बीच में तालमेल ठीक नहीं है। यही कारण है कि शहर के लोग जो आए दिन इन सड़कों की समस्याओं से दो चार हो रहे हैं, बल्कि केन्द्रीय मंत्री सिंधिया व सांसद भारत सिंह कुशवाह की समीक्षा बैठकों में भी 80 फीसदी समय शहर की सड़कों पर चर्चा में गुजर रहा है, लेकिन हालात जस के तस हैं। अभी भी रेड जोन में हैं 160 से अधिक सड़कें शहर की वीवीआईपी मार्ग मतलब गांधी रोड को छोड़ दिया जाए तो पूरे ग्वालियर में सड़कों पर इतने गड्ढे हैं कि लोग सड़कों पर कम गड्ढों में ज्यादा वाहन दौड़ा रहे हैं। यही कारण है कि ग्वालियर की 359 में से 160 सड़क अभी भी रेड जोन में हैं। इनमें सचिन तेंदुलकर मार्ग की हालत बेहद नाजुक है। इसके अलावा ईदगाह रोड, बेटी बचाओं चौराहा रोड, सिंहपुर रोड मुरार, गोला का मंदिर रोड, एमएच चौराहा रोड, सिरोल रोड, सिरोल बायपास रोड, चेतकपुरी रोड, बसंत विहार, बहोड़ापुर, शिंदे की छावनी, बहोड़ापुर तिराहा रोड थाटीपुर, रामकृष्ण आश्रम रोड, सरस्वती नगर रोड, कैलाश विहार रोड का यही हाल है। बच्चों ने की सीएम से अपील, सड़क सही करा दो सोशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक पर संदीप गुप्ता के नाम से बनी फेसबुक अकाउंट से एक वीडियो अपलोड हुआ है। इसमें 10 वर्षीय प्रिंस गुप्ता सीएम डॉ. मोहन यादव से कह रहा है कि ईदगाह कंपू से बेटी बचाओ चौराहा की रोड बेहद खराब है। बच्चा कह रहा है कि सीएम अंकल यह सड़क सही करा दो, जब स्कूल जाते हैं तो ऑटो में बहुत झटके लगते हैं दर्द होता है। इतनी धूल उड़ती है कि सांस लेना मुश्किल हो जाता है। ओपीडी में हर दिन आ रहे 100 पेशेंट जेएएच की ओपीडी में हर दिन 300 से ज्यादा मरीज आते हैं। इनमें 100 मरीज ऐसे होते हैं जिनको पीठ में दर्द, कंधे में दर्द, सांस की बीमारी होती है। जब इनकी केस स्टडी की जाती है तो पता लगता है इनके घर के आसपास जर्जर व खुदी सड़कों के कारण हर दिन कई बार इन सड़कों से गुजरने पर यह इन बीमारी के शिकार हो रहे हैं। जेएएच के प्रबंधक डॉ. मेवाफरोश ने बताया कि स्लीप डिस्क के केस बहुत ज्यादा आ रहे हैं। दो पहिया वाहन लेकर जर्जर सड़क से गुजरने के कारण सबसे ज्यादा लोग इसी बीमारी का शिकार हो रहे हैं। बीते चार माह में 200 से ज्यादा केस स्लीप डिस्क के आए हैं। इसके अलावा फेंफड़ों में हवा के साथ धूल जाने से अस्थमा जैसी बीमारी आम होती जा रही है। छह पहले खरीदे वाहन लगते हैं पुराने शहर की सड़कों की हालत से सिर्फ लोगों के स्वास्थ पर असर नहीं पड़ रहा है बल्कि जेब पर भी असर पड़ रहा है। शहर की सड़कों पर लगातार चलने के कारण वाहनों में कमी आ रही है। शिंदे की छावनी ऑटो शॉप के संचालक व हेड मैकेनिक अनिल अग्रवाल ने बताया है कि जर्जर सड़कों पर चलने वाले वाहनों के सोकर में लगातार परेशानी आ रही है। छह महीने में ही गाड़ी के सोकर काम मांगने लगे हैं। क्लच प्लेट तो दो से तीन महीने में ही बदलवा पड़ रही है। चार पहिया वाहनों पर सस्पेंशन खराब हो रहे हैं। छह महीने में वाहन की हालत ऐसी हो रही है, जैसे दो से तीन साल पुराना है। बच्चे बोले- स्कूल पहुंचा मुश्किल दैनिक भास्कर से बात करते हुए बच्चे अनूप ने बताया कि सड़क खुदी होने कारण उससे धूल उठाती है और हमें सांस लेने में दिक्कत होती है, सड़क पर गड्ढे होने कारण हमें बस में चोट भी लग चुकी है। गड्ढे के कारण बस बहुत हिलती है, इसलिए हम कलेक्टर मैडम से निवेदन करना चाहते हैं कि खुदी पड़ी सिरोल रोड को सही करवा दें। बच्चे शुभ प्रभात का कहना है कि वह 5 साल का है और पांचवी कक्षा पड़ता है, जब हम खुदी हुई सड़क से गुजरते हैं तो हमें सांस लेने में दिक्कत होती है। सड़क पर इतने बड़े-बड़े गड्ढे होते हैं कि बस हिल कर चलती है इसी कारण हमें कई बार चोट भी लग जाती है। सिरोही रोड पर स्थित एक समिति में रहने वाली नेहा उपाध्याय ने बताया कि ग्वालियर में आने का हमारा उद्देश था कि ग्वालियर काफी डेवलप हो रहा है। क्योंकि यहां अच्छी-अच्छी सोसाइटी डेवलप हो रही थी। पर यहां पर आकर हमें पता चला है कि रोड़ों की कंडीशन कितनी खराब है। बच्चे बसों में जाते हैं इसलिए हमें फिक्र लगी रहती है कि हमारे बच्चे सुरक्षित घर पर आ जाएं। वही एक अन्य महिला ने बताया कि रोड पर गड्ढों के कारण उनके पति को कमर में दर्द की शिकायत हो गई है। उन्होंने कई बार अपना ट्रीटमेंट करवा लिया है लेकिन अभी तक उनकी प्रॉब्लम खत्म नहीं हुई है क्योंकि सड़कों पर इतने गड्ढे हैं कि अगर उनके पति को दर्द में आराम भी आ जाता तो दुबारा गड्ढे में जर्क लगने से वही प्रॉब्लम फिर से खड़ी हो जाती है।
कफ सिरप कांड हो या जिला अस्पताल से मिले माउथ वॉश में कीड़ा निकलने का मामला, यह केस मध्यप्रदेश में मरीजों को दी जा रहीं दवाओं के गिरे हुए स्तर को उजागर करता है। लेकिन, चिंता का विषय यह है कि साल 2025 में खराब क्वालिटी वाली दवाओं के 4 से 5 ही चर्चित केस लोगों के सामने आए। जबकि हकीकत में स्थिति इसके कई गुना अधिक चिंताजनक है। मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड में बीते साल एक नहीं बल्कि अमानक दवाओं के 25 केस दर्ज हुए। इनमें मल्टी विटामिन, ओआरएस, दर्द की दवा से लेकर ह्रदय और किडनी रोगियों को दी जाने वाली लाइफ सेविंग ड्रग्स तक शामिल हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों व फार्मेसी के कुल दवा कारोबार को देखें, तो यह आंकड़ा 10 हजार करोड़ से अधिक का है। पूरे प्रदेश से आ रहे अमानक दवाओं के मामले मध्यप्रदेश में अमानक दवाओं के मामले सतना, कटनी, जबलपुर, शाजापुर समेत प्रदेश के अन्य जिलों से आए हैं। इनके अलावा हाल ही में राजधानी के जिला अस्पताल में दो शिकायतें दर्ज हुईं। जिसमें एक केस में फफूंद लगी दवा मरीजों को दे दी गई तो दूसरे मामले में अस्पताल से जो माउथ वॉश दिया गया, उसमें कीड़ा होने की बात कही गई। दोनों मामलों में अस्पताल प्रबंधन ने दवाओं के सैंपल जब्त कर लिए थे। शिकायतकर्ता को एक सप्ताह में इनकी रिपोर्ट बताने की बात कही गई थी। लेकिन, अब तक इन दवाओं की रिपोर्ट नहीं आई है। मामले में भोपाल सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने कहा कि माउथ वॉश में कीड़े होने की शिकायत मिली थी। सैंपल को जांच के लिए भेज दिया गया है। जल्द ही रिपोर्ट आने से स्थिति साफ हो जाएगी। मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हाल ही में जेपी अस्पताल में क्वालिटी इंस्पेक्शन कराया गया था। सबसे ज्यादा अमानक दवाएं मई माह में मिली मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड में सबसे ज्यादा 7 अमानक दवाओं के मामले साल 2025 के मई माह में मिले। जिसमें कार्रवाई करते हुए संबंधित बैच की दवा पर तत्काल रोक लगा दी गई थी। वहीं, खराब दवाएं सप्लाई करने वाली कंपनियों को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई भी की गई। मई माह के बाद दिसंबर में चार दवाएं अमानक मिली थी। वहीं, अगस्त और अक्टूबर में 3-3 दवाएं खराब क्वालिटी की होने की बात सामने आई थी। ये दवाएं टाइफाइड, फेफड़ों व मूत्र संक्रमण, खांसी, अस्थमा, एलर्जी और पाचन तंत्र से जुड़ी बीमारियों के इलाज में दी जाती हैं। एक साल में 25 दवाएं मिली अमानक यह भी पढ़ें... 1. 60 हजार मेडिकल स्टोर…जांचने वाले सिर्फ 79 ड्रग इंस्पेक्टर मध्यप्रदेश में करीब 10 हजार करोड़ का दवा कारोबार है। यह हर साल 5.7% यानी लगभग 600 करोड़ की दर से बढ़ रहा है। इतने बड़े मार्केट की मॉनिटरिंग के लिए राज्य में सिर्फ 79 ड्रग इंस्पेक्टर (DI) हैं। जबकि दवाओं के सैंपल की जांच के लिए केवल 3 एक्टिव लैब हैं। इनमें भी सिर्फ भोपाल की लैब पूरी तरह फंक्शनल है। इसी कमजोर सिस्टम के कारण कोल्ड्रिफ, रीलाइफ और रेस्पिफ्रेस टीआर जैसे जहरीले सिरप बाजार में बेरोक-टोक बेचे जाते रहे। हालात इतने गंभीर हैं कि मध्यप्रदेश में जहरीले कफ सिरप से छिंदवाड़ा, बैतूल, नागपुर और पांढुर्णा में अब तक 23 बच्चों की मौत हो चुकी है। पढ़ें पूरी खबर 2. मरीजों को घटिया दवाओं से बचाएगा सेंट्रल वेयरहाउससरकारी अस्पतालों में इलाज के नाम पर मरीजों को सुरक्षित और असरदार दवाएं मिलने का भरोसा अब सवालों के घेरे में है। तमाम दावों और निगरानी तंत्र के बावजूद मध्यप्रदेश के सरकारी अस्पतालों में लगातार अमानक दवाएं सामने आ रही हैं। जनवरी से अब तक करीब दो दर्जन दवाएं गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतर पाईं। चिंता की बात यह है कि जांच रिपोर्ट आने तक हजारों मरीज इन दवाओं का सेवन कर चुके होते हैं। यानी नुकसान सामने आने के बाद ही सिस्टम हरकत में आता है। पढ़ें पूरी खबर 3. जेपी अस्पताल… फफूंद लगी दवा के बाद माउथवॉश में कीड़ा मध्यप्रदेश के 25 से ज्यादा बच्चों की जान लेने वाले कोल्ड्रिफ सिरप के बाद भी अस्पतालों में खराब क्वालिटी वाली दवाएं लगातार सामने आ रहीं हैं। स्थिति यह है कि जेपी अस्पताल में मरीजों को इलाज के नाम पर दी जा रहीं दवाएं खुद ही बीमार हैं। साल 2026 में अभी 9 दिन ही बीते हैं और राजधानी के जिला अस्पताल से मरीजों को खराब दवा देने के दो केस सामने आ चुके हैं। पढ़ें पूरी खबर
मध्यप्रदेश के 8 जिलों में अगले 24 घंटे में बारिश का अलर्ट है। इनमें ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिले शामिल हैं। वहीं, भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग में बादल छा सकते हैं। इससे पहले गुरुवार को भी भोपाल समेत कई जिलों में बादल छाए रहे। इससे दिन में गर्मी का असर कम हुआ है। देश के पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी होने के बाद बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी है। वहीं, वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) भी असर दिखा रहा है। इस वजह से एमपी में भी मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। गुरुवार को भोपाल, नर्मदापुरम, सीहोर, रायसेन, विदिशा समेत कई जिलों में बादल छा गए। वहीं, सर्द हवा चलने लगी। शुक्रवार को भोपाल में बारिश होने का अलर्ट नहीं है, लेकिन बादल जरूर छाए रहेंगे। यदि बारिश होती है तो इस सीजन में पहली बार मावठा गिरेगा। मानसूनी सीजन खत्म होने के बाद नवंबर-दिसंबर में प्रदेश के किसी भी हिस्से में बारिश नहीं हुई, लेकिन जनवरी में मावठा गिरने के आसार हैं। एक और सिस्टम कराएगा बारिशसीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, गुरुवार से ही मौसम में बदलाव देखने को मिला है। शुक्रवार के लिए उत्तरी हिस्से में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। उत्तर-पश्चिम भारत को 26 जनवरी से एक और वेस्टर्न डिस्टरबेंस प्रभावित कर सकता है। फिलहाल यह सिस्टम स्ट्रॉन्ग दिखाई दे रहा है। जिससे एमपी में भी बारिश होने का अनुमान है। दो दिन तेज ठंड का अनुमान नहींमौसम विभाग ने अगले दो दिन तक तेज ठंड पड़ने का अनुमान नहीं जताया है। वहीं, सुबह के समय हल्के से मध्यम कोहरा छाया रह सकता है। गुरुवार को ग्वालियर, सतना, रीवा, गुना, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, उज्जैन, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, नौगांव, सिवनी में कोहरे की स्थिति देखने को मिली थी। कटनी का करौंदी सबसे ठंडा, पारा 5 डिग्री से नीचेमौसम विभाग के अनुसार, बुधवार-गुरुवार की रात में कटनी का करौंदी प्रदेश में सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, छतरपुर के नौगांव में 6.5 डिग्री, उमरिया में 6.9 डिग्री, रीवा में 7 डिग्री, खजुराहो में 7.4 डिग्री, दतिया में 7.6 डिग्री, दमोह-सतना में 8.8 डिग्री, मंडला में 9 डिग्री, राजगढ़-सीधी में तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर में 9 डिग्री, जबलपुर में 10.9 डिग्री, भोपाल में 11.2 डिग्री, इंदौर में 13.6 डिग्री और उज्जैन में तापमान 13.8 डिग्री दर्ज किया गया। क्या होता है वेस्टर्न डिस्टरबेंसमौसम विभाग के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टरबेंस पश्चिम से आने वाली हवा और बादलों का एक सिस्टम होता है। इसके एक्टिव होने से पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी, मैदानी क्षेत्रों में बारिश होगी। सिस्टम आगे गुजर जाने के बाद उत्तर से आने वाली हवा ठंडी रहती है। जिससे दिन-रात ठंड का असर रहता है। ठंड के लिए इसलिए खास है जनवरी मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त अहम रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं, इसलिए टेम्परेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से जनवरी में मावठा भी गिरता है। पिछले साल कई जिलों में बारिश हुई थी। इस बार साल के पहले ही दिन बादल भी छाए रहे। वहीं, आखिरी सप्ताह में भी बारिश-बादल वाला मौसम शुरू हो गया है। MP के 5 बड़े शहरों में जनवरी में ऐसा रहा सर्दी का ट्रेंड... भोपाल में 0.6 डिग्री पहुंच चुका टेम्परेचरभोपाल में जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। वहीं, दिन में गर्मी का एहसास और बारिश का ट्रेंड भी है। 18 जनवरी 1935 को रात का टेम्परेचर रिकॉर्ड 0.6 डिग्री सेल्सियस रहा था। वहीं, 26 जनवरी 2009 को दिन में तापमान 33 डिग्री दर्ज किया गया था। पिछले 10 में से 7 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सबसे ज्यादा 2 इंच बारिश 6 जनवरी 2004 को हुई थी। वहीं, सर्वाधिक मासिक 3.8 इंच बारिश जनवरी 1948 में हुई थी। इंदौर में माइनस 1.1 डिग्री पहुंच चुका पाराइंदौर में जनवरी में सर्दी का रिकॉर्ड माइनस में पहुंच चुका है। 16 जनवरी 1935 में पारा माइनस 1.1 डिग्री दर्ज किया था। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 27 जनवरी 1990 को दिन का तापमान 33.9 डिग्री रहा था। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 6 जनवरी 1920 के नाम है। इस दिन 3 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। वहीं, वर्ष 1920 में सर्वाधिक मासिक बारिश 4 इंच दर्ज की गई थी। जबलपुर में 1946 में रिकॉर्ड 1.1 डिग्री रहा था पाराजबलपुर में भी जनवरी में ठंड-बारिश का ट्रेंड है। इस महीने सबसे ज्यादा ठंड पड़ती है। 7 जनवरी 1946 को रात का पारा रिकॉर्ड 1.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। वहीं, दिन का उच्चतम तापमान 33.4 डिग्री 7 जनवरी 1973 को रहा था। इस महीने बारिश भी होती है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश 24 जनवरी 1919 को 2.5 इंच हुई थी। इसी साल पूरे महीने 8 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। उत्तरी हवा आने से ग्वालियर सबसे ठंडाउत्तरी हवाओं की वजह से प्रदेश का ग्वालियर-चंबल सबसे ठंडा रहता है। जनवरी में यहां कड़ाके की ठंड का ट्रेंड है। पिछले 10 साल का रिकॉर्ड देखें तो 2018 में तापमान 1.9 डिग्री और 2019 में 2.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया था। 24 जनवरी 1954 को रात का तापमान माइनस 1.1 डिग्री रहा था। ग्वालियर में जनवरी में बारिश भी होती है। साल 2014 से 2024 के बीच 9 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड 8 जनवरी 1926 को है। इस दिन 2.1 इंच पानी गिरा था। वहीं, 1948 को कुल मासिक बारिश 3.1 इंच हुई थी। उज्जैन में जीरो डिग्री रह चुका पाराउज्जैन में भी उत्तरी हवा का असर रहता है। इस वजह से यहां कड़ाके की ठंड पड़ती है। 22 जनवरी 1962 को पारा 0 डिग्री सेल्सियस रहा था। पिछले 10 साल में टेम्परेचर 2 से 5.8 डिग्री सेल्सियस तक रह चुका है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 11 जनवरी 1987 के नाम है। इस दिन सवा इंच पानी गिरा था। वहीं, सर्वाधिक कुल मासिक 2.2 इंच 1994 को हुई थी।
भिवानी के जिला कोर्ट को उड़ाने की धमकी के बाद पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी हैं। अब ई-मेल भेजने वाले की तलाश करके कार्रवाई की जाएगी। जिसमें जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि धमकी भरी ई-मेल किसके द्वारा भेजी गई थी। इधर, वीरवार को सुबह जिला एवं सत्र न्यायाधीश को ई-मेल पर कोर्ट उड़ाने की धमकी मिली थी। जिसके बाद पुलिस बल मौके पर पहुंचा और पूरा कोर्ट परिसर खंगाला। लेकिन इस दौरान कोई ऐसी आपत्तिजनक या खतरे वाली चीज नहीं मिली। पहचान करके होगी तलाशभिवानी डीएसपी क्राइम अनूप कुमार ने कहा कि ई-मेल के माध्यम से कोर्ट को उड़ाने की धमकी देने वाले की तलाश की जाएगी। जिसके लिए पुलिस टीम जांच में जुटी हुई है। अभी तक की जांच में धमकी की बात झूठी निकली। वहीं बिना नाम से धमकी भरी ई-मेल भेजी गई थी। जिसकी पहचान करके तलाश की जाएगी। यह था मामलाडीएसपी क्राइम अनूप कुमार ने बताया कि वीरवार सुबह जिला पुलिस को एक सूचना मिली, जिसमें जिला न्यायालय परिसर में बम रखे जाने की धमकी दी थी। यह सूचना जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर चालिया की आधिकारिक ई-मेल पर प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही जिला पुलिस द्वारा मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल उच्च स्तरीय सुरक्षा एवं सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। कार्रवाई के दौरान सीआईए स्टाफ प्रथम भिवानी, सीआईए स्टाफ द्वितीय भिवानी, कमांडो क्विक रिस्पांस टीम, डॉग स्क्वॉड भिवानी, बम डिस्पोजल स्क्वॉड रेवाड़ी और थाना सिविल लाइन भिवानी, सुरक्षा शाखा प्रभारी की टीमें अपने-अपने अधिकारियों के नेतृत्व में जिला न्यायालय परिसर में पहुंची। जिला पुलिस की विभिन्न विशेष इकाइयों द्वारा न्यायालय परिसर की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे परिसर के प्रत्येक कोने, कक्षों, गलियारों एवं खुले क्षेत्रों की बारीकी से सघन तलाशी ली गई। इस व्यापक सर्च अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की कोई संदिग्ध वस्तु, विस्फोटक सामग्री अथवा अन्य खतरे से संबंधित वस्तु बरामद नहीं हुई। पुलिस कर रही जांचडीएसपी क्राइम अनूप कुमार ने बताया कि जिला पुलिस एहतियातन के तौर पर हर पहलू से जांच कर रही है। सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। न्यायालय परिसर में आने-जाने वाले सभी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही। जिला पुलिस आमजन को आश्वस्त कर रही है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। कानून-व्यवस्था एवं सार्वजनिक सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सुरक्षा में चूक की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी जा रही है।
एसआईआर यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के तहत वोटर्स के नाम जोडने, काटने और संशोधन के लिए आज दावे-आपत्तियों का आखिरी दिन है। भोपाल सहित एमपी के अलग-अलग जिलों से वोटर्स के नाम हटाने के लिए बड़ी संख्या में ऐसे गुमनाम आवेदन बीएलओ तक पहुंचे हैं जिनमें शिकायतकर्ता का नाम, पता मोबाइल नंबर और दस्तखत तक नहीं हैं। कांग्रेस का आरोप है कि ये मतदाताओं के नाम कटवाने के लिए जो फॉर्म-7 बीएलओ के पास भेजे गए हैं। वो बीजेपी ने छपवाए हैं। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के ऑफिस पहुंचकर लिखित में शिकायत की है। कांग्रेस के आरोपों की दैनिक भास्कर ने पड़ताल की तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। भोपाल: शिकायतकर्ता का नाम नहीं फिर भी आपत्ति दर्ज भोपाल जिले की बैरसिया विधानसभा के नायसमंद में 86 वोटर्स के नाम काटने के लिए फॉर्म 7 बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) को भेजे गए हैं। चौंकाने वाली बात ये है कि इन फॉर्म में शिकायतकर्ता का नाम पता और मोबाइल नंबर नहीं लिखा है। न ही शिकायतकर्ताओं के साइन हैं। कांग्रेस का आरोप है कि इन फॉर्म 7 को किसी सॉफ्टवेयर के जरिए टाइप किया गया है। इसमें अधिकांश अल्पसंख्यक वर्ग के मतदाताओं के नाम काटने के लिए आपत्ति लगाई गई है। जिन वोटर्स के नाम काटने के लिए आपत्तियां लगाई गईं हैं कांग्रेस के बूथ लेवल एजेंट ने उन मतदाताओं के घर जाकर बातचीत करके वीडियो जारी किया है। जिसमें मतदाता कह रहे हैं कि वे पीढ़ियों से यहां रहते हुए आ रहे हैं। राजगढ़: फर्जी साइन कर की गई शिकायतेंराजगढ़ के ब्यावरा में कांग्रेस की ओर से रिटर्निंग ऑफिसर को शिकायत की गई है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा संगठन द्वारा ब्यावरा विधानसभा के हर बूथ पर वैध मतदाताओं के नाम पर झूठी आपत्तियां पेश की जा रही हैं। इन आपत्तियों की पुष्टि किए बिना इन्हें पॉलिटिकल प्रेशर के कारण निर्वाचन कार्यालय में लिया जा रहा है। जबकि नियमानुसार आपत्तियां बीएलओ के पास दर्ज होनी चाहिए। टीकमगढ़: एक पंचायत के 300 वोटर्स के नाम काटने लगाई आपत्तिटीकमगढ़ के खरगापुर विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत बड़ाघाट के तीन गांव हनुमतपुरा, बड़ाघाट, तमोरा के ग्रामीणों से बल्देवगढ़ एसडीएम से शिकायत की है। ग्रामीणों का आरोप है कि बीजेपी की ओर से भेजे 300 लोगों के नाम काटने के लिए आवेदन दिए गए हैं। भागीरथ यादव, राममिलन यादव, खुम्मन रैकवार, दशरथ रैकवार, बृजराज यादव , विक्रम यादव द्वारा फर्जी शिकायतें करके ग्रामीणों के नाम मतदाता सूची से कटवाने की साजिश की जा रही है। एसडीएम को दिए ज्ञापन में झूठी आपत्ति दर्ज कराने वालों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की गई है। पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष दिग्विजय सिंह गौर का कहना है कि खरगापुर विधानसभा की ग्राम पंचायत गणेशपुरा में कुशवाहा समाज के 39 लोगों के नाम काटने के लिए आपत्तियां दी गई हैं, जबकि वो लोग पीढियों से गांव के निवासी है। हम एक भी पात्र मतदाता का नाम नहीं कटने देंगे। सीधी: बीजेपी नेता ने अल्पसंख्यकों के नाम कटवाने दिए आवेदनसीधी के जिला निर्वाचन अधिकारी से अल्पसंख्यक वर्ग के मतदाताओं ने शिकायत की है कि बीजेपी के बीएलए बृजेश सिंह ने 4-5 बार फार्म-7 भरकर मुस्लिम समुदाय के लोगों के नाम कटवाने के लिए आवेदन दिए हैं। हम लोग यहां के निवासी हैं। इसके बावजूद बीएलओ के माध्यम से बीजेपी नेता शपथ पत्र मांगकर परेशान कर रहे हैं। जबकि, बीजेपी के बीएलए बृजेश सिंह के परिवारजनों के नाम भाग संख्या 272 और भाग संख्या 69 पटेहरा में भी दर्ज हैं। अल्पसंख्यक वर्ग के मतदाताओं ने निर्वाचन अधिकारी से मांग की है कि जो व्यक्ति आपत्ति लगाने के लिए फॉर्म 7 जमा करे उससे हलफनामा लिया जाए। पटवारी बोले: तीन दिन में 11 लाख फॉर्म कैसे आ गए जीतू पटवारी ने कहा कि सारे जिला निर्वाचन अधिकारियों, रिटर्निंग ऑफिसर से लेकर बीएलओ से प्रार्थना करता हूं कि 11 लाख नाम तीन दिन में बढ़ गए। 4 लाख से सीधे 11 लाख फॉर्म 7 दिए गए। ये बीजेपी की साजिश की ओर इशारा कर रहा है। चूंकि बीजेपी का राज है तो फिर बीजेपी की सरकार में मंत्रियों की ड्यूटी क्यों लगाई?पटवारी ने कहा- राजस्थान और कई राज्यों में ऐसे घटनाक्रम सामने आए हैं कि भाजपा एससी,एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक वर्ग के नाम कटवा रही है। कांग्रेस के जो परिवार हैं उनके नाम कटवाए जा रहे हैं। फॉर्म 7 का दुरुपयोग किया जा रहा फाॅर्म 7 का दुरुपयोग किया जा रहा है। फाॅर्म 7 के अंतर्गत एक व्यक्ति एक आपत्ति दर्ज करा सकता है लेकिन, बीजेपी के एक-एक कार्यकर्ता ने 25-25 आपत्तियां दर्ज कराईं। इसके प्रमाण हमने निर्वाचन आयोग को दिए हैं। मैं निर्वाचन में काम करने वाले अधिकारियों से निवेदन करता हूं कि एक बूथ पर भी आपने भाजपा का साथ दिया? एक भी सही नाम काटा, या एक भी अवैध नाम जोड़ा तो हम आपके खिलाफ पुलिस में एफआईआर कराएंगे। यही निर्देश कोर्ट ने बिहार असम के संदर्भ में दिए हैं। बीजेपी के प्रभाव में गलत काम करने वाले बीएलओ जेल जाएंगेजीतू पटवारी ने कहा- 95 प्रतिशत बीएलओ ईमानदारी से काम कर रहे हैं। 5 प्रतिशत बीएलओ बीजेपी के नेताओं के प्रभाव में आकर दुरुपयोग कर रहे हैं, अगर आपने एक भी नाम गलत तरीके से काटा तो भाजपा के लोग आपके भविष्य के लिए हथेली लगाने नहीं आएंगे। अगर बीजेपी नेताओं के प्रभाव में आकर कोई काम किया तो थाना और जेल की सलाखें आपका रास्ता देख रहीं हैं। रायसेन में 200 लोगों के नाम कटने की आपत्तिरायसेन में एक व्यक्ति ने 200 लोगों के नाम कटवाने के लिए आपत्ति ली। जिन लोगों ने आपत्ति ली उनसे पूछा तो उन्हें पता ही नहीं था। उनके नाम से नकली आपत्ति दर्ज कराई गई थी। ऐसी कई बातें आदिवासी क्षेत्रों में सामने आईं हैं। खासकर जो आदिवासी पलायन कर गए वे अपना नाम एसआईआर में सत्यापन करवाकर वापस चले गए उनके नाम काटने के लिए आपत्तियां दर्ज कराई जा रहीं हैं। ये खबर भी पढ़ें…भोपाल में 4.38 लाख वोटर्स के नाम कटे...जुड़ेंगे 50 हजार भोपाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) सर्वे में कुल 4.38 लाख वोटर्स के नाम कटे हैं, लेकिन नए नाम सिर्फ 50 हजार ही जुड़े हैं। गुरुवार को वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने, घटाने और संशोधन का आखिरी दिन है। इसके चलते टीमें वार्डों में जाकर कैम्प भी लगा रही है।पूरी खबर पढ़ें
जिला स्तरीय स्किल एग्जीबिशन:विद्यार्थियों ने मोबाइल से चलाई कार, चोरी रोकने को लेजर तकनीक बनाई
मुभीछाराउमावि गांधी चौक में जिला स्तरीय स्किल एग्जीबिशन में जूनियर वैज्ञानिकों ने आधुनिक तकनीकी के मॉडल विकसित प्रदर्शित किए। इनमें मॉडल ऐसे थे, जिन्हें देखकर हैरत होती है कि इतनी कम उम्र में भी आइडिया लेवल पर बच्चों की सोच कितनी विकसित है। 292 बच्चों ने अपने अपने मॉडल प्रस्तुति किए। इनमें से यह चार मॉडल जो वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए अत्यंत उपयोगी है और जीवन को सरल बनाने वाले हैं। मोबाइल एप से कार कंट्रोल करने का मॉडल पीएमश्री सिंधासवा के 11वीं कक्षा के इंसाफ खां ने मोबाइल टेक्नोलॉजी और कार को आपस में जोड़कर अपना मॉडल बनाया है। इंसाफ ने एआई एप से कार को सेल्फ ड्राइव मोड पर चलाने के लिए एप तैयार किया। इसे उसने अपने मोबाइल में इंस्टॉल किया है। इसके साथ ही कार में मोबाइल कनेक्टिविटी के लिए चिप भी डाली। इससे मोबाइल में इंस्टॉल एप से कार को ड्राइविंग मोड पर चला सकते हैं। इसके साथ ही कार को ड्राइवर के बिना कंट्रोल किया जा सकता है। अल्ट्रा सोनिक होम सिक्योरिटी सिस्टम बनाया पीएमश्री राउमावि भाडखा के 10वीं कक्षा के विद्यार्थी मोतीलाल ने अल्ट्रा सोनिक आधारिक होम सिक्योरिटी सिस्टम का मॉडल बनाया। कॉलोनी, घर या खेत में होने वाली चोरियों को रोकने के लिए विशेष मेथर्ड यूज किया गया। रात में कॉलोनी का मेन गेट लगा होने के बाद इस सिस्टम को चालू कर देते हैं। उसके बाद इस सिस्टम के आगे कोई भी वाहन आकर रुकेगा तो सिस्टम की अल्ट्रा रैन डिटेक्टर मॉडल,बारिश आने की सूचना देगा राउमावि कांकराला कल्याणपुरा के 9 वीं कक्षा के विद्यार्थी विक्रम प्रजापत ने रैन डिटेक्टर मॉडल बनाया। विक्रम ने अपने मॉडल में बारिश की सूचना के साथ ही घरों में उपयोग होने वाला सिस्टम भी डवलप किया। मॉडल में घर के बाहर सूख रहे कपड़ों की रॉड को इस मॉडल से जोड़ दिया। जैसे ही इस रैन डिटेक्टर पर बारिश की बूंदें पड़ती है तो कपड़ों को सुखाने वाली रॉड अपने आप ही घर में ले लेती है। वहीं जब बारिश बंद होती है और डिटेक्टर सूख जाता है तो वापस पहले वाली स्थिति में आ जाती है।
महेंद्रगढ़ जिले में जमीन खरीद-फरोख्त के नाम पर दो करोड़ 40 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आर्थिक अपराध शाखा नारनौल की जांच के बाद मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी गई है। गांव खातोद निवासी राकेश देवी ने पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में बताया कि गांव रिवासा निवासी सुरेश व हरिओम ने अपनी कृषि भूमि बेचने का सौदा उसके साथ किया था। आरोप है कि आरोपियों ने खुद को खेवट-खतौनी में बराबर का मालिक बताते हुए वर्ष 2023-24 की जमाबंदी के अनुसार 3 कनाल 3 मरला भूमि का सौदा 2 करोड़ 40 लाख रुपये में तय किया। इस संबंध में 28 जुलाई 2025 को 101 रुपए के स्टांप पर इकरारनामा तैयार किया गया। 20 लाख बयाना के लिए पीड़िता के अनुसार आरोपियों ने सौदे के तहत 20 लाख रुपए की राशि बतौर बयाना चेक के माध्यम से प्राप्त की, जबकि शेष 2 करोड़ 20 लाख रुपए 30 अक्टूबर 2025 तक देने की बात तय हुई थी। आरोपियों ने इकरारनामा में बयाना राशि प्राप्त होने की पुष्टि भी की और हस्ताक्षर किए। बाद में पीड़िता को जानकारी मिली कि उक्त जमीन का सौदा आरोपियों ने अन्य लोगों से भी किया हुआ है, जिसको लेकर अलग-अलग मामले चल रहे हैं। हड़प ली राशि राकेश देवी का आरोप है कि आरोपियों ने धोखाधड़ी कर उससे ली गई राशि हड़प ली और न तो जमीन का कब्जा दिया और न ही रकम वापस की। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी उसे जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। आर्थिक अपराध शाखा ने की जांच मामले की शिकायत आर्थिक अपराध शाखा नारनौल को सौंपी गई थी। जांच के बाद शाखा की रिपोर्ट पर संबंधित थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
पानीपत जिला कोर्ट परिसर में मोबाइल नेटवर्क में आ रही दिक्कतों से परेशान वकीलों ने खुद कोर्ट में केस दायर कर दिया। टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो के खिलाफ लोक अदालत में दायर याचिका में कंपनी के चेयरमैन आकाश अंबानी और मैनजिंग डायरेक्टर ईशा अंबानी तक को पार्टी बनाया है। याचिका में वकीलों ने कहा कि उनके चैंबरों में रेंज नहीं आती। मुवक्किल से बात करने के लिए खुले मैदान में जाना पड़ता है। याचिकाकर्ता ने कहा कि इससे अदालती कामों में अनावश्यक देरी होती है। याचिकाकर्ता एडवोकेट अमित राठी ने बताया कि अदालत ने याचिका पर सुनवाई करते हुए सभी को समन जारी कर जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 20 फरवरी को होनी सुनिश्चित की गई है। पूरा मामला: फेसबुक से लोक अदालत तक का सफरपानीपत कोर्ट परिसर में प्रैक्टिस करने वाले एडवोकेट अमित राठी (43) पिछले काफी समय से जियो नेटवर्क की खराब सेवाओं से जूझ रहे थे। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि कोर्ट परिसर, विशेष रूप से वकीलों के चेंबर, दो मुख्य कोर्ट बिल्डिंग और टाइपिस्ट कॉम्प्लेक्स में जियो का नेटवर्क पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है। अमित राठी ने 'लीगल सर्विसेज अथॉरिटीज एक्ट, 1987' की धारा 22-C के तहत यह आवेदन दायर किया है, जो सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं में विवाद निपटान से संबंधित है। उनका कहना है कि एक बार किसी मामले में क्लाइंट ने फेसबुक से कुछ सबूत दिखाने थे। लेकिन नेटवर्क की दिक्कतों के चलते वे उस समय वह नहीं देख सके। इसके बाद उन्होंने मन बना लिया था कि वे अदालत का रुख करेंगे। याचिका में नेटवर्क की खराबी के कारण होने वाली 4 बड़ी समस्याओं का जिक्र... अंबानी परिवार को क्यों बनाया पक्ष?एडवोकेट अमित राठी ने इस मामले में रिलायंस जियो के हेड ऑफिस (नवी मुंबई) को संबोधित करते हुए कंपनी के चेयरमैन आकाश अंबानी और मैनेजिंग डायरेक्टर ईशा अंबानी को प्रतिवादी बनाया है। इसके अलावा, पानीपत के जीटी रोड स्थित ब्रांच मैनेजर को भी इसमें पक्षकार बनाया गया है। शिकायतकर्ता का तर्क है कि कंपनी के शीर्ष अधिकारी अपनी सेवाओं की गुणवत्ता के लिए जिम्मेदार हैं और ट्राई के नियमों के तहत ग्राहकों को बेहतर सेवा प्रदान करने के लिए बाध्य हैं। कोर्ट परिसर में रोष का माहौलपानीपत कोर्ट के अन्य वकीलों ने भी इस पहल का समर्थन किया है। एडवोकेट जुगविंद्र मलिक, सुनील वधवा, अशोक, विनय, दीपक मलिक, आजम खान, अजय, गौरव का कहना है कि बार-बार कस्टमर केयर और स्थानीय अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। वकीलों का आरोप है कि रिलायंस जियो जैसी बड़ी कंपनी का नेटवर्क एक जिला मुख्यालय के न्यायालय परिसर में विफल होना प्रशासनिक लापरवाही का चरम है। इस मामले की अगली सुनवाई स्थायी लोक अदालत में होगी, जहां रिलायंस जियो को अपना पक्ष रखना होगा। यह मामला न केवल पानीपत बल्कि देश भर के उन उपभोक्ताओं के लिए एक मिसाल बन सकता है जो टेलीकॉम कंपनियों की खराब सेवाओं से त्रस्त हैं, लेकिन कानूनी रास्ता अपनाने से हिचकिचाते हैं।
हरियाणा के पंचकूला में बुजुर्ग दंपती पुलिसिया जुल्म का शिकार बने। कहानी 6 जनवरी की रात की है, लेकिन अब 15 दिन बाद भी न्याय नहीं मिला। बुजुर्ग दंपती ने FIR कराने के लिए हाईकोर्ट जाने का फैसला लिया है। पंचकूला के सेक्टर-4 एमडीसी निवासी राकेश सूद ने बताया कि पत्नी के साथ 6 जनवरी की रात को एयरपोर्ट से लौट रहे थे। पंचकूला सेक्टर-6 के एरिया में दो पुलिसकर्मियों ने उनकी टैक्सी रोक ली। चेकिंग के नाम पर ड्राइवर से पैसे मांगे। पैसे नहीं देने पर बुजुर्ग दपंती को रात के एक बजे ठंड में सड़क पर 40 मिनट तक खड़े रखा। इस दौरान पुलिस कर्मियों से बहस हुई। इसके बाद घर जाने दिया। राकेश सूद बिजनेसमैन रहे हैं, जो अब रिटायरमेंट ले चुके हैं। उनकी पत्नी चंडीगढ़ शिक्षा विभाग में अधिकारी रहीं हैं। एक बेटा बैंक में जॉब करता है और दूसरा बेटा बेंगलुरु में जॉब करता है। 4 प्वाइंट में समझिए बुजुर्ग ने जो बताया... अब जानिए शिकायत पर अफसरों ने क्या किया... चल रही है मामले की जांच : डीसीपी पंचकूलाडीसीपी सृष्टि गुप्ता ने मामले को लेकर बताया कि शिकायत मिली है। उसकी जांच की जा रही है। पंचकूला पुलिस की ओर से उस दिन उस प्वाइंट पर कोई नाका नहीं लगाया गया था। अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। जांच के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में गुरुवार को सेना की गाड़ी 400 फीट गहरी खाई में गिर गई। इसमें 10 जवानों की मौत हो गई, जबकि 11 को एयरलिफ्ट कर उधमपुर मिलिट्री हॉस्पिटल भेजा गया। शहीद हुए जवानों में हरियाणा के झज्जर जिले का आर्मी जवान मोहित भी शामिल। इसकी सूचना गुरुवार की देर शाम को परिजनों को मिली। सूचना मिलने के बाद मोहित के पैतृक गांव गिजाड़ौध में मातम छा गया। परिवार के मुताबिक, मोहित 5 साल पहले आर्मी में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। करीब एक साल पहले ही मोहित की शादी हुई थी। उनकी पत्नी ढाई महीने की प्रेग्नेंट हैं। मोहित नवंबर में शादी की सालगिरह मनाने के लिए छुट्टी आए थे। जल्द आने का वादा कर ड्यूटी पर लौटे थे। वे तो नहीं आए, उनके शहीद होने की खबर आ गई। सरपंच नरेश ने बताया कि मोहित की पार्थिव देह आज शुक्रवार को सेना द्वारा पूरे सैन्य सम्मान के साथ गांव लाई जाएगी, जहां अंतिम संस्कार किया जाएगा। प्रशासन की ओर से भी देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले जवान मोहित को अंतिम विदाई दी जाएगी। जम्मू कश्मीर में हुए हादसे के 2 PHOTOS... पहले जानिए जम्मू-कश्मीर में कैसे हुआ हादसा... अब शहीद मोहित के बारे में जानिए...
हलैना के गांव झालाटाला के ग्रामीणों ने पीएचसी प्रभारी डॉक्टर से इलाज कराने आई लड़की से अश्लील हरकत करने और बात करने के लिए पर्ची पर निजी मोबाइल लिखकर देने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने गुरुवार दोपहर को डॉक्टर को 7 दिन में निलंबित करने की मांग करते हुए पीएचसी पर ताला जड़ दिया। पीएचसी पर करीब 2 घंटे हंगामा रहा। हलैना के एक गांव की 20 वर्षीय लड़की 19 जनवरी को दोपहर करीब 12 बजे पीएचसी पर इलाज कराने दादी के साथ गई। ग्रामीणों का कहना है कि डॉक्टर ने दादी को ओपीडी पर पर्ची लेने भेज दिया। तभी डॉक्टर ने चेकअप के बहाने लड़की से अश्लील हरकत की। दादी के पर्ची लाने पर डॉक्टर ने दवाएं लिख दी। डॉक्टर ने लड़की की पर्ची पर नम्बर लिखते हुए बात करने को कहा। युवती ने घर आकर लड़की ने मां को घटना बताई, लेकिन पिता घर पर नहीं था। पिता के आने पर परिजन 20 जनवरी को पीएचसी पहुंचे लेकिन डॉक्टर 2 दिन की छुट्टी पर जाने से पीएचसी पर नहीं मिला। सूचना पर वैर तहसीलदार व बीसीएमएचओ भुसावर पहुंचे। जिन्होंने 7 दिन में जांच करवाकर कार्रवाई का आश्वासन दिया तो ग्रामीण माने। डॉक्टर के निलंबन की मांग, ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन प्रभारी बोले - मारने की मिल रही धमकी, इसलिए नहीं आ रहा अस्पताल... पीएचसी प्रभारी डॉक्टर धर्मेंद्र का कहना है कि लड़की से मैंने कोई अश्लील हरकत नहीं की उल्टा मुझे जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। कमेटी गठित की है। जांच करवाकर 7 दिवस में निष्पक्ष कार्रवाई कि जाएगी। - मनोज भारद्वाज, नायब तहसीलदार युवती ने शिकायत दी है। सीएमएचओ ने जांच कमेटी गठित कर दी है। - योगेश शुक्ल, BCMHO भुसावर।
आरयूएचएस और कैंसर हॉस्पिटल के मरीजों को अब सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी जांच कराने 14 किमी दूर एसएमएस नहीं जाना पड़ेगा। आरयूएचएस में जल्द सीटी स्कैन के लिए मॉडर्न टेक्नोलॉजी की मशीन लगेगी। वहीं, पहली बार हॉस्पिटल ने 1.5 टेस्ला की एमआरआई मशीन लगाने की भी तैयारी कर ली है। दोनों मशीनों के लिए वर्कऑर्डर दे दिया है। 3 महीने में दोनों जांचें शुरू हो जाएंगी। गौरतलब है कि भास्कर ने खबर प्रकाशित कर मामला उठाया था। जिसमें बताया था कि मरीज 14 किमी दूर जाकर एसएमएस में सीटी स्कैन कराते हैं, वहीं आरयूएचएस में एमआरआई आजतक शुरू नहीं हुई थी और सीटी स्कैन मशीन भी 3 महीने से बंद पड़ी है। इसके बाद विभाग ने कार्रवाई की है। आरयूएचएस में रोजाना करीब 25 सीटी स्कैन होती थी। आरयूएचएस में 16 स्लाइस की सीटी स्कैन मशीन लगी थी, जिसका टेंडर पिछले साल खत्म हो गया। इसके बाद 3 महीने से जांच नहीं होने की वजह से मरीज परेशान हो रहे थे। अब 128 स्लाइस की मशीन लगेगी। टेक्नोलॉजी अपडेट हाेने से मरीजों को बेहतर रिपोर्ट मिलेगी। हाई रेजोल्यूशन इमेज मिलेगी, गुणवत्ता बढेगी, समय भी कम लगेगा। कैंसर हॉस्पिटल में एबीजी मशीन लगेगी आरयूएचएस के पास स्टेट कैंसर हॉस्पिटल में आईसीयू में भर्ती गंभीर मरीजों की एबीजी जांच नहीं हो रही है। इसको लेकर हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ. संदीप जसूजा का कहना है कि एबीजी जांच के लिए मशीन के टेंडर प्रक्रिया में है। वहीं, कैंसर हॉस्पिटल में भी सीटी स्कैन, एमआरआई के लिए प्रपोजल भेज दिए गए हैं। नई टेक्नोलॉजी की सीटी स्कैन और एमआरआई मशीन के लिए ऑर्डर कर दिए हैं। पहले हॉस्पिटल में 16 स्लाइस की सीटी स्कैन मशीन थी। अब 128 स्लाइस की लगाई जाएगी। जिससे मरीजों की हाई रेजोल्यूशन इमेज से माइनर डिटेल्स भी देख पाएंगे। - डॉ. अनिल कुमार गुप्ता, अधीक्षक आरयूएचएस हॉस्पिटल
राजस्थान हाईकोर्ट में प्रतापगढ़ में पुलिस की कथित बर्बरता का गंभीर मामला सामने आया है। याची युवक शाकिर शेख के साथ मारपीट, घर में जबरन घुसपैठ, लूट और बाद में झूठे एनडीपीएस केस में फंसाने के आरोपों पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। जस्टिस फरजंद अली की पीठ ने घायल युवक की तस्वीरें देखकर इसे प्रथम दृष्टया कस्टोडियल टॉर्चर और जानवरों जैसा सुलूक बताते हुए नाराजगी जाहिर की है। कोर्ट ने इस मामले में सएचओ को तत्काल हटाने के आदेश दिए हैं। याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि 31 दिसंबर 2025 और 1 जनवरी 2026 की दरमियानी रात आरोपी पुलिस अधिकारी दीपक बंजारा और उनकी टीम ने घर में घुसकर याचिकाकर्ता के पिता व एक अन्य व्यक्ति पर घातक हथियारों से हमला किया। आरोप है कि इसके बाद युवक के हाथ-पैर तोड़ दिए गए और उसे फंसाने के लिए उसकी जेब में एक मोबाइल फोन प्लांट किया गया, जिसे चार साल पुराने एनडीपीएस मामले (धारा 29) से जोड़कर झूठी बरामदगी दिखाई गई। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज को संरक्षित व प्रस्तुत करने की मांग की गई थी, जिसे निचली अदालत ने स्वीकार करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। हाईकोर्ट ने भी इन निर्देशों को दोहराते हुए सबूतों मौखिक, दस्तावेजी और इलेक्ट्रॉनिक के संरक्षण पर विशेष जोर दिया। कोर्ट ने एसपी प्रतापगढ़ को आदेश दिया कि आरोपी एसएचओ दीपक बंजारा को तत्काल थाने से हटाया जाए, उसे किसी भी ड्यूटी से दूर रखा जाए। एसपी व्यक्तिगत रूप से निगरानी करेंगे कि कोई सबूत नष्ट या प्रभावित न हो। कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि यदि आरोप सही पाए गए, तो जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी या सीबीआई को सौंपने पर विचार किया जा सकता है। मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार को होगी। बाल संरक्षण संस्थानों में लंबे समय से रिक्त पड़े पदों पर सरकार से मांगी ताजा रिपोर्ट जोधपुर | हाईकोर्ट ने राज्य के बाल अवलोकन गृहों और चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशंस में लंबे समय से रिक्त पड़े पदों को गंभीरता से लेते हुए सरकार से ताजा स्थिति रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। वरिष्ठ न्यायाधीश विनीत कुमार माथुर एवं न्यायाधीश चंद्र शेखर शर्मा की खंडपीठ ने कहा कि पूर्व आदेशों के बावजूद कई पद अब भी खाली हैं, जो बच्चों के संरक्षण व पुनर्वास व्यवस्था के लिए चिंताजनक है। बीकानेर में रेलवे ट्रैक शिफ्टिंग के मामले में रेलवे को संभावना तलाशने के निर्देश जोधपुर | हाईकोर्ट ने बीकानेर शहर से होकर गुजर रहे रेलवे ट्रैक को स्थानांतरित करने की मांग से जुड़ी जनहित याचिका पर रेलवे प्रशासन को संभावना तलाशने के निर्देश दिए हैं। इससे पूर्व इसी विषय से संबंधित जनहित याचिकाओं को वर्तमान मामले के साथ कनेक्ट करने के निर्देश भी कोर्ट ने दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 19 फरवरी को होगी।
ब्यूरो क्रेसी:41 जिलों में नए प्रभारी सचिव, इनमें 13 महिला आईएएस
राज्य सरकार ने ब्यूरोक्रेसी में बड़ा फेरबदल करते हुए सभी 41 जिलों के प्रभारी सचिवों की अदला-बदला कर दी है। इसमें 13 जिलों की जिम्मेदारी महिला आईएएस अधिकारियों को दी गई है। सभी संभागीय आयुक्तों को उनके ही क्षेत्र के किसी एक जिले का प्रभार दिया गया है। वहीं, एपीओ चल रहे दो अधिकारियों को प्रभार दिया गया है, ऐसे में अनुमान है कि उन्हें भी जल्द ही कोई जिम्मेदारी मिलने वाली है और तबादल सूची संभावित है। गौरतलब है कि इससे पहले दो साल पहले फरवरी,2024 में प्रभारी बदले गए थे। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी सूची में महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव भवानी देथा को जोधपुर, खान विभाग के प्रमुख सचिव टी. रविकांत को उदयपुर, यूडीएच के प्रमुख देबाशीष पृष्टि को बीकानेर, खेल सचिव नीरज के. पवन को अजमेर व डीओआईटी सचिव रविकुमार सूरपुर को कोटा की जिम्मेदारी दी गई है। केंद्र से प्रतिनयुक्ति पर लौटे आईएएस पीसी किसन को दौसा और एपीओ खजान सिंह को सलूंबर का प्रभारी सचिव बनाया गया है। 13 महिला अधिकारी अब प्रभारी सचिव राज्य सरकार ने 13 महिला आईएएस अधिकारियों को भी जिला प्रभारी बनाया है। इसमें जयपुर, भरतपुर जैसे संभाग मुख्यालय भी शामिल हैं। प्रमुख सचिव गायत्री राठौड़ को जयपुर व सहकारिता सचिव आनंदी को भरतपुर की जिम्मेदारी दी गई है। राज्य भंडारण निगम की सीएमडी आरूषि अजेय मलिक, प्रमुख सचिव मंजू राजपाल को भीलवाड़ा, पर्यटन आयुक्त रूक्मणि रियार को बूंदी, भरतपुर की संभागीय आयुक्त नलिनी कठोतिया को डीग, आजीविका निदेशक नेहा गिरी को डूंगरपुर, परिवहन सचिव शुचि त्यागी को करौली, राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा अनुपमा जोरवाल को कोटपूतली-बेहरोड़ एवं जयपुर की संभागीय आयुक्त पूनम को खैरथल-तिजारा का प्रभारी सचिव बनाया गया है। इसी तरह उदयपुर की संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी को प्रतापगढ़, रीको एमडी शिवांगी सवर्णकार को सवाई माधोपुर व जोधपुर की संभागीय आयुक्त डा. प्रतिभा सिंह को सिरोही की जिम्मेदारी दी गई है।
आमेर महल में चल रहे लाइट एंड साउंड शो में बड़ा परिवर्तन किया जा रहा है। इसके लिए पर्यटन विकास निगम ने 18 करोड़ का टेंडर लगाया है, जिसमें देश की 6 बड़ी कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई है। हालांकि इसके साथ विवाद भी शुरू हो गए हैं। तीन बड़ी कंपनियों ने टेंडर को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई हैं। विवाद की जड़ बजट और फर्म विशेष को लाभ पहुंचाने को लेकर रस्साकशी है। 7-8 माह से यही चल रहा है कि शो को इतने भारी बजट पर बदला ही क्यों जा रहा है, जबकि इसे लेकर कोई शिकायत ही नहीं है? पड़ताल में आया कि मशहूर लेखक, गीतकार गुलजार द्वारा लिखी शो की स्क्रिप्ट में बदलाव की तैयारी है। अभी स्क्रिप्ट में आमेर के तत्कालीन शासकों की बजाए मुगलों को ज्यादा वजन मिला है। इसमें अकबर से वैवाहिक संबंध के लिए पहल और फिर पुश्त दर पुश्त वफादारी जैसी बातों को हटाया जा सकता है। राजपूत शासकों और खासकर मानसिंह के सम्मान-योगदान को तरजीह मिल सकती है। विभागीय बैठकों में मिले संकेत के बाद टेंडर के दस्तावेज में स्क्रिप्ट बदलने की बात है। जब इसमें बदलाव होगा तो वॉयस ओवर भी नए सिरे से रिकॉर्ड होगी। फिलहाल स्क्रिप्ट को अमिताभ बच्चन ने नवाजा है। यही दोनों बातें इसे देश के दूसरे लाइट एंड साउंड शो से अलग मुकाम पर खड़ा करती हैं। शिकायत... आखिर शिवाजी के पहले छत्रपति क्यों नहीं? आमेर महल के नीचे मावठे के बीच बनी केसर क्यारी से महल की लंबी-चौड़ी दीवारों पर लाइट एंड साउंड के जरिए शो को देखना-सुनना काफी लोकप्रिय है। इनमें कई लोगों खासकर महाराष्ट्र से आने वालों ने शिवाजी के नाम को कई जगह बगैर छत्रपति की महिमा के बोलने को लेकर महल प्रशासन से लिखित में आपत्तियां की हैं। इतनी दरें, समय पर एसीएस का गोलमोल जवाब मेरे पास टेंडर को लेकर फर्मों की अपील आई है। (आखिर इतना बजट?) 18 करोड़ का टेंडर है, अभी रेट नहीं खोली। संभव है दरें कम भी जाएं। वैसे मुझे इसके अलावा जानकारी नहीं है। मंत्री से बात करेंगे। -प्रवीण गुप्ता, एसीएस, पर्यटन शो में यह सब, चित्तौड़ के काम की मनाही शो 52 मिनट का है। इसे थोड़ा कम कर अतिरिक्त शो पर भी विचार है। स्क्रिप्ट में ‘मुगलों से वैवाहिक संबंध जैसे समझौते’, पहले अकबर के दरबार में बेटी का हाथ देने की बात, राजा भारमल की वफादारी की सौगंध, ‘अकबर के सेनापति मानसिंह के साथ महाराणा प्रताप का भोजन से इंकार’, ‘बगावतों से निपटने को मानसिंह को अकबर की जिम्मेदारियां’ आदि को कम किया जा सकता है। सरकार ने चित्तौड़ में लाइट एंड साउंड शो को अपग्रेड करने की बात बजट में कही थी, लेकिन विभाग ने इंकार कर दिया। 2006-07 में शो शुरू किया था तब सरकार और फर्म ने बजट लगाया था। अब फर्म और उनके भरोसे निगाहें शो में बदलाव के लिए भारी-भरकम बजट पर भी निगाहें मानी जा रही हैं।
झांसी जेल में लूट और रंगदारी मांगने के मामले में बंद समाजवादी पार्टी के नेता और गरौठा विधानसभा से विधायक रहे दीपनारायण सिंह यादव को जमानत मिलने के बाद जेल से रिहा कर दिया गया। देर शाम वह जेल परिसर में ही पहुंचे कार में बैठे और तेजी से अपने घर की तरफ बढ़ गए। इससे पहले एमपी/एमएलए कोर्ट से जमानत मंजूर होने के बाद जमानतदारों का सत्यापन किया गया। इसके बाद गुरुवार को सबकुछ ठीक रहने के बाद उन्हें शाम को रिहा कर दिया गया। कोर्ट में सरेंडर किया था रंगदारी और डकैती के मामले में जेल में बंद सपा के पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह यादव और उनके करीबी अनिल यादव उर्फ मामा की जमानत अर्जी 19 जनवरी को विशेष न्यायाधीश (एमपीएमएलए) जितेंद्र यादव ने मंजूर कर ली थी। इसके बाद उन्हें जमानत देने वाले जमानतदारों का सत्यापन होना बाकी था। गुरुवार को जमानत की यही औपचारिकता पूरी होते ही उन्हें रिहा कर दिया गया। बता दें कि 14 दिन पहले पूर्व विधायक के वकीलों ने अर्जी दाखिल की थी। इससे पहले पूरे मामले में पुलिस ने कोर्ट से लूट के रुपए बरामद करने के लिए पूर्व विधायक की रिमांड मांगी थी। जिसे कोर्ट ने मंजूर करते हुए 8 घंटे की रिमांड दी थी। पुलिस ने आठ घंटे की रिमांड पर लिया था पुलिस भारी सुरक्षा के बीच उन्हें मोठ लेकर पहुंची थी। इस दौरान पूर्व विधायक के पैतृक गांव बुढावाली में बने मकान से पुलिस ने लूट के 15 हजार रुपए बरामद कर लिए थे। हालांकि, इस पूरी प्रक्रिया के दौरान पुलिस पर गांव के लोगों ने मारपीट करने का आरोप भी लगाया था। एक महीना चार दिन बाद जेल से रिहा हुए दीपनारायण सिंह यादव जेल से कब निकले, ये उनके समर्थकों को भी जानकारी नहीं हुई। हालांकि, अपने नेता की जमानत अर्जी मंजूर होने के बाद समर्थक लगातार उनके जेल से बाहर आने का इंतजार कर रहे थे। पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में किया था सरेंडर लूट और रंगदारी के मामले में वांछित पूर्व विधायक दीपनारायण सिंह यादव ने पुलिस की गिरफ्तारी से बचते हुए 18 दिसम्बर को एमपीएमएलए कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। वह कोर्ट खुलने से पहले ही सुबह लगभग 9:45 बजे पूर्व विधायक बुलेट बाइक से कोर्ट पहुंच गए थे। वे हेलमेट और मुंह पर मास्क लगाए थे। तब पुलिस का इतना सख्त पहरा नहीं था। यहां पहुंचते ही वकीलों ने उनको घेर लिया और सीधे अपर सत्र न्यायाधीश एवं एमपी एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश जितेंद्र यादव की कोर्ट में ले गए थे। यहां उनके वकील जाहिद मंसूरी और मनीष यादव ने सरेंडर की अर्जी दाखिल की। जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया था। दोपहर लगभग 2 बजे कोर्ट ने पूर्व विधायक दीपनारायण यादव को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड:SOG का भोपाल-सीहोर सर्च; सीए ऑफिस से गायब हुए दस्तावेज जब्त
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की पीटीआई भर्ती-2022 में फर्जी डिग्री लगाकर नौकरी हासिल करने के मामले में एसओजी का भोपाल और सीहोर में बुधवार को शुरू हुआ सर्च गुरुवार को पूरा हो गया। श्री सत्यसाईं यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मेडिकल साइंस कैंपस सहित चार ठिकानों पर 5 टीमों के 40 सदस्यों ने छापेमारी शुरू की थी। सर्च के दौरान चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ, जब यूनिवर्सिटी के सीए के ऑफिस से कुछ रिकॉर्ड गायब मिला। टीम ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की गहन जांच की। इसमें एक व्यक्ति सीपीयू और लैपटॉप लेकर निकलता दिखा। उसकी पहचान कर लैपटॉप और सीपीयू बरामद कर लिया। टीम ने करीब 10 साल पुराना रिकॉर्ड भी लिया है। अब इसकी जांच की जाएगी। अब तक की जांच में सामने आया है कि भर्ती में 67 उम्मीदवारों को इसी यूनिवर्सिटी की डिग्री के आधार पर नौकरी मिली। ये दस्तावेज व डिग्रियां फर्जी तरीके से ली गई हैं। अब दस्तावेज सत्यापन के समय यूनिवर्सिटी की डिग्री नहीं मिली।
सर्वार्थ सिद्धि योग में पीले कपड़े पहनकर सुबह 7:15 बजे से करें मां शारदे की पूजा
भास्कर न्यूज | रामगढ़ बसंत पंचमी पर विद्या दायिनी मां सरस्वती की पूजा के लिए भव्य तैयारी की गई है। 23 जनवरी को मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित कर पूजा की जाएगी। स्कूल, कॉलेज, कोचिंग सेंटर सहित अनेक जगहों पर पंडाल बनाकर मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित की गई है। इधर, उत्साहित छात्र-छात्राएं अपने घरों से लेकर मुहल्ले में प्रतिमा स्थापित कर पूजा करेंगे। इसे लेकर विद्यार्थी अपने मुहल्लों में पूजा करने की तैयारी में जुटे हैं। इस संबंध में शिवाजी रोड के किला मंदिर के ज्योतिषाचार्य गोविंद वल्लभ शर्मा ने बताया कि बसंत पंचमी तिथि पर शुक्रवार को सूर्योदय से ही पूजा का मुहूर्त है। सूर्यास्त तक पूजा की जा सकेगी। पूजा करने वाले विद्यार्थियों के अलावा लोग मां सरस्वती की मूर्ति व फोटो रख कर पूजा कर सकते हैं। सर्वार्थ सिद्धि योग में पीले कपड़े पहनकर सुबह 7:15 बजे से मां शारदे की पूजा करें। मां सरस्वती से ज्ञान की कामना करें। ज्योतिषाचार्य गोविंद वल्लभ शर्मा ने बताया पूजा करने के बाद मां सरस्वती के समक्ष बैठकर ऊं ऐं सरस्वत्यै नमः मंत्र का जाप करें। इस मंत्र के जाप से एकाग्रता और बुद्धि बढ़ती है। यह बच्चों की पढ़ाई में रुचि और बुद्धि को भी मजबूत करता है। जो लोग नई विद्या सीखना चाहते हैं या अध्ययन कर रहे हैं, उन्हें वसंत पंचमी पर सरस्वती की पूजा जरूर करनी चाहिए। इस दिन से नए कोर्स की शुरुआत भी कर सकते हैं। शहर के सभी गली-मुहल्लों में बच्चे पूजा को लेकर पंडाल बनाने में जुटे हैं। वहीं, बाजार में भी पूजा सामाग्री व सजावट के सामान को लेकर दुकानें सजी हुई है। शहर के बंगाली टोला, गोला रोड, थाना चौक में मां सरस्वती की मूर्तियां बनाई गई। मूर्तिकारों ने वस्त्र व शृंगार के सामान मिट्टी व चट से बनाए हैं। वहीं बच्चों ने मां सरस्वती की प्रतिमा में अपनी पसंद की साड़ी व शृंगार के लिए सामाग्री की खरीदारी की है। मूर्तिकारों ने बताया कि इस वर्ष 750 छोटी से बड़ी मूर्तियां बनाई गई है। सभी मूर्तियों की खरीदारी की जा चुकी है।
अवैध ढुलाई कर रहे तीन हाइवा को पकड़ा, 2400 सीएफटी बालू जब्त
भास्कर न्यूज | रामगढ़ जिले में अवैध खनन, खनिजों के परिवहन पर पूरी तरह से रोक लगाने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के लिए गुरुवार को पतरातू क्षेत्र में कार्रवाई की गई। खनन विभाग के खान निरीक्षक राहुल कुमार ने 12:30 बजे औचक जांच की। इस दौरान पतरातू थानान्तर्गत रेलवे फाटक के पास सौंदा की ओर से आते हुए तीन बालू लदे हाइवा को पकड़ा। तीनों में करीब 2400 सीएफटी बालू लोड था। तीनों हाइवा की जांच के क्रम में बालू से संबंधित परिवहन चालान नहीं पाया गया। इसके बाद वाहनों को बालू खनिज सहित जब्त किया गया। वाहन मालिक, चालक तथा अन्य संलिप्त लोगों के विरुद्ध सरकारी संपत्ति की चोरी, खनन राजस्व का क्षति, खान एवं खनिज पतरातू थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई। इस दौरान वहां के चालक फरार हो गए।
तीन महीने में नहीं भगाए जा सके 23 हाथी, 50 एकड़ फसल रौंदी, दहशत
भास्कर न्यूज | रामगढ़ रामगढ़ जिले में तीन माह से 23 जंगली हाथी उत्पात मचा रहे हैं। जिले के सभी क्षेत्र में अलग-अलग जगहों पर हाथियों का झुंड पहुंच रहा है। इससे गांव ही नहीं रामगढ़ शहर के लोगों में भय का माहौल है। शहर के निकटवर्ती गांव कांकेबार में हर एक दिन बाद हाथी पहुंच रहे हैं और नुकसान फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। हाथियों ने करीब 50 एकड़ भूमि में लगी करीब 11 लाख से अधिक की फसलों को नष्ट किया है। जबकि 30 से अधिक घरों को भी क्षतिग्रस्त किया है। शहर के कांकेबार, रामगढ़ प्रखंड के दोहाकातू क्षेत्र के चुटूपालू, वनखेता, पतरातू प्रखंड के सिऊर कंडेर, कच्चूदाग, मांडू प्रखंड के घाटो, लाइयो, आरा, ओरला, चितरपुर प्रखंड के मायल, भुचुंगडीह, जनियामारा, गोला के रकुवा, सुतरी, हैसापोड़ा, बंदा, संग्रामपुर, बेटुलकला, चोकाद, कोरांबे, दुलमी प्रखंड के कुल्ही, बयांग, उरबा, कारो में हाथी नुकसान पहुंचा रहे हैं। दहशत के कारण गांवों में लोग रतजगा कर रहे हैं ताकि, घरों, फसलों के साथ खुद को सुरक्षित रख सके। वहीं वन विभाग के 15 से अधिक कर्मी प्रतिदिन हाथियों को भगाने में लगे हैं। इसके बावजूद हाथी गांवों में घुस रहे हैं। बरकाकाना में कंडेर पंचायत के कच्चुदाग गांव में बड़े इलाके में लोग हाथियों की डर से छत के ऊपर मचान बनाकर रह रहे हैं ताकि हाथी आए तो उन्हें नुकसान न पहुंच सके। लोगों ने बताया कि हाथी के डर से गांव में मेहमान भी नहीं आ रहे हैं। स्कूली बच्चे डर से शाम में कोचिंग भी करने नहीं जा रहे हैं। कच्चुदाग गांव में एक महीने में चार बार हाथी आकर दरवाज़ा तोड़ कर अनाज व खेतों में लगी फसल को बर्बाद कर दिया है। वन विभाग के रेंजर बटेश्वर पासवान ने बताया कि हाथियों को भगाने के लिए वन विभाग की टीम लगातार प्रयासरत है। हाथी कई ग्रुप में बट कर जगह-जगह पहुंच जा रहे हैं। लोगों के घर और फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। प्रतिदिन दो टीम में 15 लोग शामिल हाथियों को भगाने में लगे हैं। करीब 20 हजार से अधिक प्रतिदिन खर्च हो रहा है। गोला की रकुआ पंचायत में बुधवार की रात तीन की संख्या में आए जंगली हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया। इस दौरान हाथियों ने गांव में प्रवेश करते ही किसानों के खेत में लगी फसल को रौंदते हुए चट कर गए। जिसमें सिकंदर महतो, सुगनी देवी, जगदेव महतो के खेत में लगे फसलों को बर्बाद कर दिया।
कर्मचारी चयन बोर्ड:11 साल से कर रहे थे खेल; 5 चेयरमैन मिले, फिर भी OMR शीट स्कैन का घपला नहीं पकड़ा
एसओजी की गिरफ्त में आए तत्कालीन उपनिदेशक (सिस्टम एनालिस्ट) संजय माथुर और प्रोग्रामर प्रवीण गंगवाल 2014 से कर्मचारी चयन बोर्ड में जमे हुए थे। इन्होंने 2018 की भर्तियों में ओएमआर शीट स्कैनिंग और अंकों में हेरफेर कर अभ्यर्थियों को फायदा पहुंचाया। यह हेराफेरी बिना सिस्टम तक सीधी पहुंच के संभव ही नहीं थी। एडीजी विशाल बंसल ने बताया 2014 से अब तक की भर्तियों की जानकारी जुटाई जा रही है। इन दोनों कर्मचारियों के कार्यकाल में बोर्ड को 5 चेयरमैन मिले, लेकिन सिस्टम में गड़बड़ चल रही थी, किसी को भनक नहीं लगी। एसओजी की कार्रवाई ने भी बोर्ड के कामकाज पर गंभीर सवाल उठाए हैं। 2018 की तीन बड़ी भर्ती परीक्षाओं-सुपरवाइजर (महिला अधिकारिता), प्रयोगशाला सहायक और कृषि पर्यवेक्षक में ओएमआर शीट में मनमर्जी से नंबर बढ़ाए। 2014 से चेयरमैन बदलते रहे, पर दोनों जमे रहे कंपनी बदली, लेकिन स्टाफ वही बोर्ड में चार चेयरमैन बदलने के बावजूद सिस्टम सेक्शन में अधिकारी-कर्मचारी वही थे। इनकी गतिविधियों पर कोई प्रभावी निगरानी नहीं की गई। नतीजा यह हुआ कि शिकायतें आती रहीं, लेकिन फाइलों में दबी रहीं और घपले चलते रहे। इसके बाद 3 अन्य कंपनियां काे काम मिला। आशंका है कि उनसे भी यह गठजोड़ चलता रहा।
लातेहार में बिजली तार गिरने से बैल की मौत
लातेहार | सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत पांडेय पुरा पंचायत के कढ़िमा गांव में गुरुवार को 11 हजार वोल्ट के बिजली तार गिरने से एक किसान का बैल करंट की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पीड़ित किसान विश्वामित्र यादव ने बताया कि 11 हजार वोल्ट का बिजली तार ट्रांसफार्मर से जुड़ा हुआ था। अचानक तार टूटकर नीचे गिर गया, जिसकी चपेट में आने से उनके बैल की मौत हो गई। बैल की कीमत करीब 25 हजार रुपये थी। ग्रामीणों ने भी जर्जर बिजली तारों की जांच कर जल्द मरम्मत कराने की मांग की है।
पराक्रम दिवस के रूप में मनी नेताजी की जयंती
मेदिनीनगर | लेखक व पाठक संवाद कार्यक्रम को लेकर सुबह की धूप मासिक पत्रिका ने ऑनलाइन बैठक की। बैठक की अध्यक्षता करते हुए शिवशंकर प्रसाद ने बताया कि इस कार्यक्रम में पाठकों से विशेष संवाद में देश के जाने-माने पत्रकार, इतिहासकार एवं द क्रेडिबल हिस्ट्री यूट्यूब चैनल के संचालक अशोक कुमार पांडेय शामिल होंगे। कार्यक्रम आगामी 1 फरवरी को होगी। स्थल चयन बाकी है। संचालन रवि शंकर ने किया। पंकज श्रीवास्तव ने अशोक कुमार पांडे की पुस्तकों पर चर्चा की। कार्यक्रम के सहयोगी संगठनों में इप्टा, प्रगतिशील लेखक संघ और ज्ञान विज्ञान समिति को भी जोड़ा जाएगा। ऑनलाइन बैठक में सूरज नाथ पांडे, रामप्रवेश सिंह, राशिद आलम, शैलेंद्र कुमार शर्मा एवं ललन प्रजापति शामिल थे। मेदिनीनगर | मेरा युवा भारत ने सुभाषचंद्र बोस की जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाई। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की तस्वीर पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का आयोजन उंटारी रोड प्लस टू उवि में किया गया। विद्यालय प्राचार्य अजीम अंसारी ने कहा कि युवाओं को सुभाष चंद्रबोस से सीख लेकर राष्ट्र राष्ट्रप्रथम का भाव रखकर काम करने की आवश्यकता है। कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों के बीच क्वीज और भाषण प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। क्वीज में प्रथम, द्वितीय और तृतीय क्रमश: रीना कुमारी, रागिनी कुमारी एवं अर्चना कुमारी रही। भाषण प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान क्रमशः नंदनी कुमारी, जिया कुमारी एवं कुमकुम सिंह को प्राप्त हुआ। पाटन| पाटन प्रखंड के नावा जयपुर (पलामू) स्थित होली चाइल्ड पब्लिक स्कूल में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस संबंध में विद्यालय के निदेशक वीरेंद्र प्रसाद ने जानकारी देते हुए बताया कि 15 फरवरी तक सभी कैटेगरी के बच्चों का नामांकन पूरी तरह निःशुल्क किया जाएगा। निदेशक ने बताया कि यह विद्यालय क्षेत्र का एकमात्र सीबीएसई पैटर्न पर आधारित इंग्लिश मीडियम स्कूल है, जहां नर्सरी से आठवीं कक्षा तक की पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध है। बीते 13 वर्षों से विद्यालय क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करता आ रहा है। विद्यालय का संचालन होली चाइल्ड एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी द्वारा किया जाता है। ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए समय रहते नामांकन कराएं और विद्यालय द्वारा उपलब्ध कराई जा रही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ उठाएं।
मवि सिक्की खुर्द में विद्यालय प्रबंधन समिति का पुनर्गठन, ग्रामसभा में चयन
भास्कर न्यूज | पाटन पाटन प्रखंड अंतर्गत राजकीय मध्य विद्यालय सिक्की खुर्द में बुधवार को विद्यालय प्रबंधन समिति का पुनर्गठन ग्रामसभा के माध्यम से शांतिपूर्ण ढंग से किया गया। इस प्रक्रिया में पर्यवेक्षक के रूप में सीआरपी विनोद यादव उपस्थित रहे। ग्रामसभा के दौरान विधि-व्यवस्था एवं सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पाटन थाना के एसआई जितेन्द्र यादव पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। ग्रामसभा का संचालन विद्यालय के प्रधानाध्यापक रामस्वरूप राम के द्वारा किया गया। इस अवसर पर सीआरपी विनोद यादव ने उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए समिति गठन की प्रक्रिया एवं नियमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा िक विद्यालय प्रबंधन समिति का गठन पूरी तरह पारदर्शी और नियमसम्मत तरीके से किया गया है। समिति का उद्देश्य विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, बच्चों की सुरक्षा एवं विकास कार्यों को मजबूती देना है। जनभागीदारी से ही सरकारी विद्यालयों को बेहतर बनाया जा सकता है। ग्रामसभा के तहत वीरेंद्र सिंह को अध्यक्ष, संगीता देवी को उपाध्यक्ष एवं प्रमीला देवी को संयोजिका चुना गया। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ मुखिया प्रतिनिधि जितेन्द्र सिंह, शिक्षक पियूष रंजन मौजूद थे।
पटना में लॉरेंस गैंग के शूटर की पुलिस से मुठभेड़ में लगी गोली
भास्कर न्यूज | लातेहार लातेहार जिले के चंदवा थाना क्षेत्र अंतर्गत सुखलकट्ठा गांव निवासी और कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग के शूटर परमानंद यादव की पटना पुलिस के एसटीएफ टीम के साथ मुठभेड़ हो गई। इस एनकाउंटर में परमानंद यादव के पैर में गोली लगी है। घायल अवस्था में उसे पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, परमानंद यादव लॉरेंस बिश्नोई गैंग का बिहार प्रभारी बताया जा रहा है और वह बिहार व झारखंड में हत्या, रंगदारी और लूट जैसी आपराधिक घटनाओं को अंजाम देता रहा है। उसके खिलाफ बिहार और झारखंड में 24 से अधिक संगीन मामले दर्ज हैं। परिवार का नक्सली इतिहास परमानंद यादव का पारिवारिक आपराधिक इतिहास भी रहा है। उसका चाचा सुकुल यादव नक्सली था, जो प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन झारखंड संघर्ष जनमुक्ति मोर्चा से जुड़ा था। सुकुल यादव को पुलिस ने वर्ष 2003 में एनकाउंटर में मार गिराया था। फिलहाल पुलिस परमानंद यादव से पूछताछ की तैयारी में जुटी है और उसके नेटवर्क को खंगालने में लगी हुई है। पुलिस ने 20 किमी तक चला पीछा : पटना पूर्वी सिटी एसपी परिचय कुमार ने अनुसार बुधवार की देर शाम बेऊर थाना पुलिस ने कुछ बदमाशों को गिरफ्तार किया था। इसी दौरान परमानंद यादव पुलिस को चकमा देकर जहानाबाद की ओर भाग निकला। पुलिस टीम ने मसौढ़ी थाना को सूचना दी और एसटीएफ के साथ मिलकर करीब 20 किलोमीटर तक पीछा किया।
स्कूल से 49 यूकेलिप्टस पेड़ों की कटाई मामले में केस दर्ज
भास्कर न्यूज | लातेहार शहर के धर्मपुर स्थित बुनियादी विद्यालय परिसर में खड़े 49 यूकेलिप्टस पेड़ों की अवैध कटाई के मामले में वन विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। लातेहार रेंजर नंदकुमार महतो के द्वारा इस मामले में पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। उन्होंने बताया कि प्राथमिकी में विद्यालय के प्रधानाध्यापक सुरेश कुमार लकड़ा, विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष प्रदीप वर्मा, पेड़ कटाई करने वाला संवेदक रघुनाथ प्रसाद, ड्राइवर एवं वाहन मालिक को आरोपी बनाया गया है। सभी के खिलाफ कांड संख्या 49/2026, सीएफ एक्ट की धारा 41 एवं 42 के तहत मामला दर्ज किया गया है। गौरतलब है कि इस पूरे मामले को दैनिक भास्कर ने 20 जनवरी को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर में खुलासा किया था कि विद्यालय प्रबंधन समिति और प्रधानाध्यापक द्वारा करीब चार लाख रुपये मूल्य के यूकेलिप्टस पेड़ों को मात्र 25 हजार रुपये में बेच दिया गया। बिना निविदा प्रकाशित किया ही पेड़ों की कटाई की और सेटिंग के तहत बेच दी गई। 4 लाख के पेड़ 25 हजार में बेचे
भास्कर न्यूज | चतरा शहर को हरित एवं जल-संरक्षण के दृष्टिकोण से सशक्त बनाने की दिशा में जिला प्रशासन लगातार सक्रिय है। इसी क्रम में बुधवार देर शाम उपायुक्त कीर्तिश्री जी ने विनय भारती पार्क के पीछे स्थित तालाब का स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने तालाब में चल रहे गहरीकरण, सौंदर्यीकरण एवं मरम्मती कार्यों की प्रगति का बारीकी से जायजा लिया।उपायुक्त ने कार्यों की गुणवत्ता, उपयोग की जा रही सामग्री तथा कार्य की गति की गहन समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं संवेदक को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तालाब का गहरीकरण एवं सौंदर्यीकरण निर्धारित मानकों के अनुरूप ही किया जाए, जिससे वर्षा जल संचयन को बढ़ावा मिले और जलस्तर में सुधार हो सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता अथवा गुणवत्ता से समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। सभी कार्य समय सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं, ताकि आमजन को इसका शीघ्र लाभ मिल सके। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने तालाब के आसपास साफ-सफाई, संरचनात्मक मजबूती तथा भविष्य में इसके संरक्षण को लेकर भी आवश्यक सुझाव दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि तालाब के संरक्षण हेतु दीर्घकालीन योजना पर भी ध्यान दिया जाए, जिससे यह जलस्रोत आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रह सके।
मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर झामुमो की बैठक कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने का लिया संकल्प
कोडरमा| राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर जिले के सभी थाना परिसरों एवं पुलिस इकाइयों में मतदाता शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न स्तर के पुलिस पदाधिकारी एवं जवान बड़ी संख्या में शामिल हुए।सभी उपस्थित पुलिसकर्मियों ने सामूहिक रूप से शपथ ली कि वे भारत के नागरिक के रूप में लोकतंत्र में पूर्ण आस्था रखते हुए देश की लोकतांत्रिक परंपराओं की मर्यादा बनाए रखेंगे तथा स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन की गरिमा को अक्षुण्ण रखते हुए निर्भीक होकर, धर्म, वर्ग, जाति, समुदाय, भाषा अथवा किसी भी प्रकार के प्रलोभन से प्रभावित हुए बिना सभी निर्वाचनों में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अनुदीप सिंह ने जिलेवासियों को राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शुभकामनाएं दीं। कोडरमा| जिले में 5 फरवरी को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आगमन को लेकर झामुमो की एक बैठक गुरुवार को सरना धर्मस्थल के पास आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष वीरेंद्र पांडे और मंच संचालन जिला सचिव पवन माइकल कुजूर एवं जिला उपाध्यक्ष मोहम्मद खलील ने संयुक्त रूप से किया। बैठक में मुख्य रूप से मुख्यमंत्री के प्रस्तावित आगमन कार्यक्रम की तैयारी तथा आगामी नगर निकाय चुनाव में झुमरी तिलैया नगर परिषद, कोडरमा नगर पंचायत एवं डोमचांच नगर पंचायत क्षेत्रों में झामुमो कार्यकर्ताओं को चुनाव मैदान में उतारने को लेकर व्यापक चर्चा की गई। उपस्थित पदाधिकारियों एवं प्रखंड अध्यक्ष-सचिवों ने बारी-बारी से अपने विचार रखे और सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि फरवरी के प्रथम सप्ताह में होने वाली मुख्यमंत्री की सभा को ऐतिहासिक बनाया जाएगा। बैठक में झामुमो केंद्रीय समिति सदस्य संजय पांडे, इस्लाम अंसारी, पूर्व जिला सचिव श्यामदेव यादव, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष ओणम प्रिया, पूर्व महिला अध्यक्ष निर्मला तिवारी, जिला उपाध्यक्ष अशोक सिंह, जिला प्रवक्ता वीरेंद्र मिश्रा, युवा मोर्चा अध्यक्ष मोहम्मद सद्दाम, सचिव छोटू यादव, कोषाध्यक्ष अमर परमार सहित अन्य मौजूद थे।
जन्म–मृत्यु प्रमाण पत्र जागरूकता अभियान की शुरुआत, उपायुक्त ने वाहन को दिखाई हरी झंडी
कोडरमा | जिले में जन्म–मृत्यु प्रमाण पत्र के प्रति आम नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से समाहरणालय परिसर से जन्म–मृत्यु पंजीकरण जागरूकता वाहन को रवाना किया गया। उपायुक्त ऋतुराज ने वाहन को हरी झंडी दिखाकर अभियान की शुरुआत की। यह जागरूकता वाहन जिले के सभी प्रखंडों एवं सुदूरवर्ती क्षेत्रों में जाकर जन्म–मृत्यु पंजीकरण से संबंधित जानकारी का व्यापक प्रचार–प्रसार करेगा। अभियान के दौरान लोगों को समय पर जन्म एवं मृत्यु का पंजीकरण कराने, प्रमाण पत्र की आवश्यकता तथा इससे मिलने वाले सरकारी लाभों की जानकारी दी जाएगी। उपायुक्त ने कहा कि जन्म–मृत्यु का समय पर पंजीकरण प्रत्येक नागरिक के लिए आवश्यक है। इससे सरकारी योजनाओं, पहचान पत्र, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य सेवाओं का लाभ लेने में सुविधा होती है। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि अभियान के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक जानकारी पहुंचाकर शत-प्रतिशत जन्म–मृत्यु पंजीकरण का लक्ष्य हासिल किया जाए। भास्कर न्यूज| कोडरमा राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की ओर से गांधी उच्च विद्यालय, झुमरी तिलैया तथा राजकीय मध्य विद्यालय सह प्लस टू उच्च विद्यालय, चंदवारा में जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान छात्रों को तंबाकू सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों की जानकारी दी गई। साथ ही क्षय रोग (टीबी) के कारण, लक्षण और बचाव के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि तंबाकू न केवल स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि परिवार और समाज पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है। विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संदेश दिया गया। जागरूकता को प्रभावी बनाने के लिए स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में नशामुक्ति का संदेश गूंजता रहा।विद्यालय के शिक्षकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और शिक्षक उपस्थित रहे।
बैठक में सरस्वती पूजा शांतिपूर्ण मनाने की अपील
झुमरी तिलैया| श्री सत्यनारायण मंदिर परिसर में राम संकीर्तन मंडल की ओर से दो दिवसीय बसंत महोत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। प्रथम दिन शुक्रवार को पूजा-अर्चना होगी। इसके पश्चात दोपहर 2 बजे से अखंड ज्योत प्रज्वलन के साथ सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद स्थानीय कलाकारों द्वारा भजन-कीर्तन प्रस्तुत किया जाएगा। संध्या 5:30 बजे से गायत्री दीप यज्ञ होगा, जिसके उपरांत पुनः भजन-कीर्तन का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। द्वितीय दिन 24 जनवरी को सुबह 9 बजे से सुंदरकांड पाठ होगा। इसके पश्चात भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाएगा। दोपहर 3 बजे से श्रद्धालुओं के बीच भोग प्रसाद (खिचड़ी) का वितरण किया जाएगा। वहीं विशेष आकर्षण के रूप में 24 जनवरी को दोपहर 2 बजे से गजरा एवं होली कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में समय पर पहुंचकर इस धार्मिक महोत्सव को सफल बनाने की अपील की है। इटखोरी| मां सरस्वती की पूजा शांतिपूर्ण माहौल में मनाने को लेकर इटखोरी थाना परिसर में शांति समिति की बैठक संपन्न हुई। इसकी अध्यक्षता प्रमुख प्रिया कुमारी ने की। बैठक में कहा गया कि 23 जनवरी को आयोजित होने वाली मां सरस्वती की पूजा शांतिपूर्ण माहौल और सौहार्द वातावरण में मनाएं। जिससे क्षेत्र की सुख समृद्धि और शांति बनीं रहे। बैठक में कहा गया कि डीजे साउंड पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा। साथ ही हुड़दंगियों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी। बैठक में जीप प्रतिनिधि भरत साव, मुखिया रामदेव यादव, विकास सिंह, मुखिया प्रतिनिधि अशोक यादव, मुकेश साहू एवं टुन्नी सिंह तथा नगीन सिंह समेत कई जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। कोडरमा| झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से आयोजित इंटर डिस्ट्रिक्ट अंडर-16 क्रिकेट टूर्नामेंट में गुरुवार को पुलिस लाइन मैदान, चंदवारा में रांची और पलामू के बीच मुकाबला खेला गया। शानदार प्रदर्शन करते हुए रांची ने पलामू को 238 रन से पराजित किया।पहले बल्लेबाजी करते हुए रांची की टीम ने निर्धारित 50 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 343 रन बनाए। रांची की ओर से शिवांक ने शानदार 155 रन, वैभव ने 83 रन और आयुष ने 36 रन का योगदान दिया। पलामू की गेंदबाजी में आशीष ने 4 विकेट, जबकि प्रकाश और सुमित ने 1-1 विकेट लिया। जवाबी पारी में पलामू की टीम 19.4 ओवर में मात्र 105 रन पर सिमट गई। पलामू की ओर से दौलत ने 51 रन और नमन ने 15 रन बनाए। रांची की गेंदबाजी में अतुल्य लाल ने घातक प्रदर्शन करते हुए 7 विकेट झटके, जबकि राजकुमार गिरी ने 3 विकेट लिए। बेहतर खेल के लिए रांची के अतुल्य लाल को मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया।मौके पर टीआरडीओ विनोद खुल्लर, अंपायर हेमंत ठाकुर व शशि रंजन झा, स्कोरर गजेंद्र प्रसाद, सचिव दिनेश सिंह, मनोज सहाय, पिंकू, उमेश सिंह, आलोक पांडे सहित अन्य मौजूद थे।
परीक्षा देने जा रहे दो छात्र सड़क दुर्घटना में जख्मी, हालत नाजुक
भास्कर न्यूज | चतरा शहर के चतरा कॉलेज रोड़ में फैशन वर्ल्ड के पास गुरुवार की सुबह हुई सड़क दुर्घटना में दो छात्र गंभीर रूप से जख्मी हो गए। यहां बाइक व टेंपो के बीच आमने सामने टक्कर हो गई। घायलों में प्रतापपुर थाना क्षेत्र के महुगई निवासी अरुण साव का पुत्र अंकित कुमार व प्रतापपुर देवी मंडप निवासी बिनोद माथुर के पुत्र पीयूष कुमार का नाम शामिल है। दोनों युवक एक बाइक से सेमेस्टर फोर की परीक्षा देने महिला कॉलेज जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार दोनों युवक हवा में उछलकर सड़क पर जा गिरे। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से दोनों लहूलुहान युवकों को आनन-फानन में चतरा सदर अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में मौजूद चिकित्सकों ने बताया कि दोनों युवकों के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। आंतरिक चोटों और अत्यधिक रक्तस्राव को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें प्राथमिक उपचार देकर तत्काल हजारीबाग मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। इधर पुलिस मौके पर पहुंचकर दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को कब्जे में ले लिया है।
जनवरी में ही चतरा का तापमान 27 पर पहुंचा... गर्मी की आहट
भास्कर न्यूज |चतरा जनवरी माह, जो आमतौर पर कड़ाके की ठंड के लिए जाना जाता है, इस बार असामान्य गर्मी के संकेत देने लगा है। जिले में जनवरी के तीसरे सप्ताह में ही अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव साफ तौर पर देखा जा रहा है। दिन के समय हल्की गर्मी का एहसास होने लगा है, जबकि सुबह और शाम की ठंड भी धीरे-धीरे कमजोर पड़ती जा रही है।मौसम में आए इस बदलाव को लेकर विशेषज्ञों ने चिंता जताई है। पिछले सालों में इस महीने में अधिकतम तापमान 20 से 22 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया था। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता कमजोर रहने और उत्तरी हवाओं की कमी के कारण तापमान में यह बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। जलवायु परिवर्तन का असर भी अब साफ नजर आने लगा है, जिसका परिणाम है कि सर्दियों का दायरा लगातार सिमटता जा रहा है। अचानक बढ़ती गर्मी का असर कृषि पर भी पड़ सकता है। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक एसके दुबे ने बताया कि तापमान में असंतुलन से रबी फसलों की पैदावार प्रभावित होने की आशंका है। कुल मिलाकर, जनवरी में ही गर्मी के इस तेवर ने आने वाले समय को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौसम का यही रुख रहा, तो इस साल गर्मी लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है। मौसम विभाग रांची के सेवानिवृत्त मौसम विशेषज्ञ डॉ. अब्दुल वदूद ने बताया कि जनवरी में 27 डिग्री सेल्सियस का तापमान सामान्य से काफी अधिक है। यह संकेत देता है कि आने वाले महीनों में गर्मी जल्दी शुरू होगी और इसका असर अधिक तीव्र हो सकता है। फरवरी और मार्च में ही लोगों को तेज गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि चार - पांच दिनों के अंदर एक बार फिर ठंड लौटेगी, जो अत्यधिक होगी।
चतरा कॉलेज का स्टाफ क्वार्टर तोड़ कर बनाया जा रहा है डिजिटल मूवी थिएटर
भास्कर न्यूज| चतरा चतरा जिले के लोगों के लिए उच्च शिक्षा के लिए एक मात्र शैक्षणिक संस्थान चतरा कॉलेज चतरा है। 1961 में स्थापित इस कॉलेज का अस्तित्व संकट में आ गया है। चतरा कॉलेज सिर्फ चतरा जिला ही नहीं बल्कि पुरे लोकसभा क्षेत्र में एकमात्र अंगीभूत डिग्री कॉलेज है। जहां इंटरमीडिएट से लेकर एमए तक की पढ़ाई की व्यवस्था है। 14.30 एकड़ भूमि पर फैले इस कॉलेज का लीज 17 दिसबंर 2024 को समाप्त हो गया है। अब जिला प्रशासन कॉलेज कैंपस को छोड़कर अन्य जमीन पर लीज विस्तारीकरण करने से साफ इंकार कर दिया है। चतरा कॉलेज शहर के नगवां मौजा में खाता नंबर 68 के प्लौट नंबर 673,1178 रकबा 8.92 एकड़, खाता नंबर 68 के प्लौट नंबर 85,1177 रकबा 3.06 एकड़ तथा खाता नंबर 93 के प्लौट नंबर 101,1179 रकबा 2.32 पर संचालित है। इसमें 8.92 एकड़ एरिया में प्रशासनिक भवन, क्लास रूम, परीक्षा भवन आदि निर्मित है। जबकि 5.92 एकड़ एरिया में पहले से स्टाफ क्वार्टर बना हुआ है। जबकि खाली जमीन खेल मैदान के रूप में परती पड़ा हुआ है। जिला प्रशासन ने स्टाफ क्वार्टर सहित सभी खाली जमीन का लीज विस्तारीकरण करने से इंकार कर दिया है। 29 सितंबर 1964 को बिहार सरकार के राजस्व विभाग ने तत्कालीन उपायुक्त के माध्यम से चतरा कॉलेज को शैक्षणिक उद्देश्य के लिए यह जमीन लीज में दिया था। जिला प्रशासन ने कॉलेज प्रबंधन के द्वारा लीज विस्तारीकरण के लिए दिए गए आवेदन को खारिज करते हुए उसपर अपना निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। कॉलेज के कर्मियों के लिए बनाए गए क्वार्टर को जेसीबी से तोड़ दिया गया है। इस जमीन पर डिजिटल मूवी थिएटर का निर्माण कराया जा रहा है। चतरा कॉलेज के प्राचार्य डॉ मुकेश कुमार झा ने बताया कि चतरा जिले के छात्र छात्राओं के लिए यह दुर्भाग्य की बात है कि पढ़ाई लिखाई के लिए उपलब्ध जमीन पर फिल्म के लिए थिएटर बनाया जा रहा है। जिला प्रशासन के द्वारा शैक्षणिक संस्थान के जमीन का लीज विस्तारीकरण नहीं किया जाना समझ से परे है। उन्होंने कॉलेज की जमीन बचाने के लिए जिले के उपायुक्त से लेकर गवर्नर, विनोबा भावे विश्वविद्यालय के कुलपति, स्थानीय सांसद, विधायक, एचआरडी सहित अन्य जन प्रतिनिधियों को आवेदन दिया है। लेकिन कोई भी इस जनहित के मुद्दे पर सामने नहीं आ रहे हैं। चतरा कॉलेज यहां के छात्र छात्राओं के लिए पढ़ाई का एक मात्र साधन है। इस कॉलेज में वर्तमान समय में 10 हजार से अधिक छात्र छात्राएं पढ़ते हैं। यहां इंटरमीडिएट, स्नातक, स्नातकोत्तर के अलावा व्यवसायिक पाठ्यक्रम में बीएड व बीसीए की पढ़ाई होती है। इसके अलावा कॉलेज में इग्नू का भी अध्ययन केंद्र संचालित होता है। चतरा कॉलेज कैंपस के पूर्वी भाग में बने हॉस्टल भवन पहले ही कब्जा किया जा चुका है। वर्ष 2005-06 में उग्रवाद की दंश झेल रहे चतरा जिले को उग्रवाद से बचाने के लिए चतरा में सीआरपीएफ की तैनाती हुई थी। तत्कालीन उपायुक्त ने सीआरपीएफ को चतरा कॉलेज का हॉस्टल एलॉट कर दिया। तब से लेकर 2025 तक कॉलेज हॉस्टल में सीआरपीएफ के जवान रह रहे थे। सीआरपीएफ के जाने के बाद वर्तमान समय में एसएसबी के जवान इस हॉस्टल भवन में अपना कैंप बनाकर रह रहे हैं।
बैंक खाते से डेढ़ लाख से अधिक की अवैध निकासी
मरकच्चो |नवलशाही थाना क्षेत्र के बाराडीह मसमोहना निवासी कपिलदेव महतो व सुनीता देवी ने नवलशाही थाना मे आवेदन देकर बैंक खाते से राशि कट जाने के मामले को लेकर आवेदन दिया है। आवेदन मे बताया है की उनका बैंक मे जॉइंट अकॉउंट है जिसका ख़ाता नंबर 489610100003476 है। उस खाते से एकाएक 162714 रूपया कट गया. जबकि बैंक से उनका कोई लेनदेन नहीं हुआ है।आवेदक ने कार्यवाई की मांग की है। इटखोरी| इटखोरी में गणतंत्र दिवस को लेकर झंडोत्तोलन का समय निर्धारित कर दिया गया है। इसके लिए गुरुवार को प्रखंड सभागार में बीडीओ सोमनाथ बांकिरा की अध्यक्षता में संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। इसमें प्रखंड मुख्यालय में 8:30 बजे पूर्वाह्न, गांधी स्मारक 9 बजे पूर्वाह्न, इटखोरी पंचायत भवन 9:10 बजे पूर्वाह्न, प्रखंड पशु चिकित्सा कार्यालय 9:20 बजे, राजकीय औषधालय इटखोरी 9ः25, जेएसएलपीएस कार्यालय 9ः40, पुलिस निरीक्षक कार्यालय इटखोरी 9ः50, इटखोरी थाना परिसर 9ः55, झंडा चौक इटखोरी में 10:10 बजे एवं भद्रकाली महाविद्यालय में 10:25 पूर्वाहन झंडोत्तोलन किया जाएगा। बैठक में मुख्य रूप से बीडीओ सोमनाथ बांकिरा, प्रमुख प्रिया कुमारी, जिप प्रतिनिधि भरत साव, मुखिया विकास सिंह, संतोष सोनी, नगीन सिंह, झामुमो प्रखंड अध्यक्ष बबलू केसरी और बीसी प्रमोद कुमार आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे। गिद्धौर | थाना क्षेत्र के आमीन गांव के समीप चतरा चौपारण सड़क पर गुरुवार को सीएनजी लदा ट्रक से अचानक गैस रिसने लगा।जिससे सड़क में गुजरने वाले राहगीरों के साथ साथ आसपास गांव के लोगों में अफरा तफरी मच गई।ग्रामीणों ने बताया कि गैस रिसने की आवाज काफी तेज थी जिससे ग्रामीण तथा राहगीर काफी भयभीत हो गए।स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना गिद्धौर थाना को दी। थाना ने तत्काल अग्निशमन चतरा को इसकी खबर दी। हालांकि अग्निशमन वाहन जबतक स्थल पर पहुंचा तब तक स्थिति सामान्य हो गई थी। चतरा| झारखंड क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से सीनियर जिला क्रिकेट लीग मैच का आयोजन 01 फरवरी 2026 से होगा। इस प्रतियोगिता के लिए चतरा सीनियर क्रिकेट टीम के चयन के लिए ट्रायल का आयोजन 24 जनवरी 2026 (शनिवार) को किया गया है। चयन ट्रायल दोपहर 12 बजे से बाबा घाट मैदान चतरा में आयोजित होगा। इसमें भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों को निर्धारित तिथि एवं समय पर अपने सभी आवश्यक दस्तावेज, क्रिकेट किट एवं ड्रेस के साथ उपस्थित होना अनिवार्य है। जिला क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष विनय सिंह ने बताया कि ट्रायल प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी और योग्य खिलाड़ियों का चयन प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा। चयन ट्रायल के लिए आवश्यक दस्तावेज जैसे पैन कार्ड, आधार कार्ड (आधार हिस्ट्री सहित), माता-पिता का वोटर आईडी कार्ड एवं डिजिटल जन्म प्रमाण पत्र खिलाड़ियों को साथ लेकर आना होगा।
लोहरदगा में सात राज्यों के नागरिक समाज संगठनों के साथ विकास पर मंथन
भास्कर न्यूज | लोहरदगा जिला प्रशासन की ओर से लोहरदगा सर्किट हाउस में देश के सात राज्यों से आए नागरिक समाज संगठनों (सिविल सोसाइटी ऑर्गनाइजेशन) के प्रतिनिधियों के साथ विचार–विमर्श कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त डॉ. कुमार ताराचंद ने की। बैठक के बाद उपायुक्त के आमंत्रण पर सभी संगठनों और जिला अधिकारियों के साथ सर्किट हाउस में सामूहिक रात्रि भोज भी आयोजित किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और कहा कि लोहरदगा रांची से सबसे निकटवर्ती जिला है, जहां रेल सुविधा भी उपलब्ध है। ऐसे में यह जिला विकास की असीम संभावनाओं वाला क्षेत्र है।
जेएससीए इंटर डिस्ट्रिक्ट अंदर-16 क्रिकेट: जमशेदपुर ने गुमला की टीम को 6 विकेट से रौंदा
सिसई | प्रखंड के लरंगो महादेव टोंगरी में शिव मंदिर निर्माण को लेकर गुरुवार को भूमि पूजन किया गया। इससे से पूर्व भव्य कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा लरंगो कोयल नदी से महादेव टोंगरी तक निकली गई, जिसमें करीब तीन सौ पचास महिला व बालिका शामिल हुई। जिन्हें विधिवत पूजा अर्चना कर जल भरवाई गई। महादेव टोंगरी में कलश स्थापना कर पंडित कृष्ण चैतन्य ब्रह्मचारी जी ने भूमि पूजन कराया।कार्यक्रम में लोगो के बीच भंडारे का प्रसाद वितरण किया गया। गुमला | झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन के तत्वावधान में गुमला जिला क्रिकेट संघ द्वारा आयोजित इंटर डिस्ट्रिक्ट अंडर-16 क्रिकेट टूर्नामेंट में गुरुवार को जमशेदपुर का दबदबा देखने को मिला। स्थानीय मैदान पर खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में जमशेदपुर ने शानदार खेल दिखाते हुए मेजबान गुमला को 6 विकेट से करारी शिकस्त दी। जमशेदपुर की इस जीत के हीरो कुमार सिद्धांत रहे, जिन्होंने अपनी धारदार गेंदबाजी से विपक्षी टीम की कमर तोड़ दी। प्रतियोगिता के अगले चरण में शुक्रवार को जमशेदपुर और सिमडेगा की टीमें आमने-सामने होंगी। खेल विशेषज्ञों की मानें तो फॉर्म में चल रही जमशेदपुर की टीम को सिमडेगा से कड़ी टक्कर मिल सकती है।

