हरदोई के क्षत्रिय भवन में रविवार दोपहर 1 बजे प्राइवेट बस मालिक एकता मंच की महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें सर्वसम्मति से संगठन की नई जिला कार्यकारिणी समिति का गठन किया गया। नाहर सिंह को मंच का जिलाध्यक्ष चुना गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य निजी बस संचालकों के हितों की रक्षा करना और संगठन को मजबूत बनाना था। नई कार्यकारिणी में नाहर सिंह को जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। कैप्टन अशोक कुमार अग्निहोत्री को जिला संयोजक और वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाया गया। करुणाशंकर मिश्रा, शरीफ हाशमी और अरुण त्रिवेदी को उपाध्यक्ष पद पर मनोनीत किया गया। संगठन के कार्यों को सुचारु रूप से चलाने के लिए पुष्पेंद्र बहादुर सिंह को महामंत्री, नौशाद उल्ला खान को संगठन मंत्री और गणेश मिश्रा को कोषाध्यक्ष का दायित्व दिया गया। कार्यकारिणी में पंकज पांडे, समीर गुप्ता, सोनी भाई, अंजनी सिंह, गुड्डू, हरिओम पिंटू शुक्ला, केडी, श्यामू गुप्ता और शब्बन भाई को मंत्री बनाया गया। नवनियुक्त जिलाध्यक्ष नाहर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि यह संगठन बस मालिकों के हितों की रक्षा के लिए पूरी मजबूती से कार्य करेगा और किसी भी मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बस संचालकों की विभिन्न समस्याओं और मांगों के समाधान के लिए जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेश सरकार के मंत्री नितिन अग्रवाल से मुलाकात करेगा। बैठक के समापन पर सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने संगठन को सशक्त बनाने और हर संभव सहयोग करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर जिले भर से बड़ी संख्या में निजी बस मालिक उपस्थित रहे।
बदायूं में हजरतपुर थाना पुलिस ने गंगा एक्सप्रेसवे पर अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने 23,952 बोतल अंग्रेजी शराब से लदा एक ट्रक जब्त किया और एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। हालांकि, ट्रक का चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस के अनुसार, शनिवार रात करीब 1:06 बजे हजरतपुर थाना पुलिस बिहारीपुर अव्वल गांव के पास गंगा एक्सप्रेसवे के पिलर संख्या 216.8 पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक अशोक लीलैंड ट्रक को रोका गया। तलाशी में ट्रक से इम्पीरियल ब्लू, रॉयल स्टैग और रॉयल चैलेंज ब्रांड की कुल 23,952 बोतलें, हाफ और पव्वे अंग्रेजी शराब बरामद हुए। पुलिस ने मौके से विवेक दुबे (43) निवासी लोचन नगर, थाना मुरार, जिला ग्वालियर (मध्य प्रदेश) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में फरार चालक का नाम मोहम्मद तौफीक सामने आया है, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस ने ट्रक और जब्त शराब को कब्जे में लेकर आबकारी अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया। थाना प्रभारी पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि बरामद शराब की अनुमानित कीमत लगभग डेढ़ करोड़ रुपये है। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ बोतलें और पव्वे टूटे हुए पाए गए थे। फरार चालक की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
सुल्तानपुर की अमहट मंडी में रविवार को हुई बारिश ने सफाई व्यवस्था की पोल खोल दी। बीते पांच महीने से सफाई का टेंडर न होने के कारण मंडी परिसर में जगह-जगह गंदगी और जलभराव की स्थिति है। नालियां जाम होने से पूरा मंडी परिसर पानी से भरा नजर आ रहा है। व्यापारियों ने आरोप लगाया है कि टेंडर न होने के बावजूद मंडी प्रभारी अपने निजी कर्मचारियों से सफाई का काम करवाकर केवल खानापूर्ति कर रहे हैं। उनका कहना है कि पहले टेंडर के तहत 12 मजदूर और मशीन के साथ चूना डालकर सफाई की जाती थी, लेकिन अब केवल 4-5 मजदूरों से काम चलाया जा रहा है। इसके बावजूद पूरे भुगतान का दावा किया जाता है। व्यापारियों ने यह भी बताया कि रविवार को मंडी में अवकाश न होने के बावजूद सफाई कर्मचारियों को छुट्टी दे दी जाती है। मंडी कार्यालय के बगल की नालियां महीनों से जाम पड़ी हैं और उनमें गंदा पानी भरा हुआ है। सफाई के अभाव में मंडी में कीचड़, बदबू और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इस संबंध में व्यापारियों ने रविवार दोपहर 1 बजे उप जिलाधिकारी सुल्तानपुर को एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग की है कि बरसात के समय मंडी का औचक निरीक्षण किया जाए, जिससे सच्चाई सामने आ सके। व्यापारियों ने जांच कराकर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने और सफाई टेंडर प्रक्रिया को जल्द शुरू कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है।
समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संभल दौरे और उनके भाषण पर तीखा पलटवार किया है। बर्क ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री जब भी संभल या मुरादाबाद आते हैं, तो विकास के बजाय सिर्फ तुर्क शब्द का जिक्र करते हैं, जबकि जनता रोजगार, उद्योग और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी घोषणाओं की उम्मीद करती है। रविवार दोपहर करीब तीन बजे संभल के थाना नखासा क्षेत्र स्थित अपने आवास 'बर्क मंजिल' पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सांसद बर्क ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को तुर्क शब्द से भय प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को तुर्कों का इतिहास पढ़ना चाहिए। उनके अनुसार, तुर्कों ने भारत पर शासन करने के साथ-साथ देश की आजादी की लड़ाई में भी योगदान दिया। उन्होंने संभल के मौलाना इस्माइल और अब्दुल कय्यूम का उदाहरण देते हुए कहा कि वे तुर्क समुदाय से थे और स्वतंत्रता संग्राम में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। ताजमहल-लालकिला का भी किया जिक्र बर्क ने ताजमहल, लालकिला और कुतुब मीनार जैसी ऐतिहासिक धरोहरों का उल्लेख करते हुए कहा कि इतिहास को मिटाया नहीं जा सकता। उन्होंने सवाल किया कि यदि मुख्यमंत्री तुर्कों के खिलाफ बोलते हैं, तो क्या वे इन ऐतिहासिक स्मारकों को भी खत्म कर देंगे। 'टोपी मेरी पहचान और शान' अपनी पहचान का जिक्र करते हुए सांसद ने कहा कि उनकी टोपी उनकी पहचान और शान है। उन्होंने कहा कि किसी में इतनी हिम्मत नहीं है कि उनकी टोपी उतार सके। मुख्यमंत्री के 100 साल बाद भी कब्र से निकाल लेंगे वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए बर्क ने कहा कि क्या मुख्यमंत्री के पास इस बात का कोई प्रमाण है कि वे 100 साल तक जीवित रहेंगे। उन्होंने इस तरह की भाषा को समाज में डर और नफरत पैदा करने वाला बताया। 'देश संविधान से चलता है' बर्क ने कहा कि भारत संविधान से चलता है, किसी धार्मिक विचारधारा से नहीं। उन्होंने बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर, महात्मा गांधी और डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का उल्लेख करते हुए कहा कि देश को उनके आदर्शों पर चलना चाहिए। विकास योजनाओं पर भी उठाए सवाल सांसद ने मुख्यमंत्री द्वारा संभल में करीब 500 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के शिलान्यास पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ये पहले की गई घोषणाओं को दोहराने जैसा है और चुनाव नजदीक होने के कारण इनके पूरा होने पर भी संदेह है। उन्होंने मांग की कि संभल में बड़े अस्पताल, विश्वविद्यालय, स्कूल-कॉलेज, उद्योग और रोजगार देने वाली परियोजनाएं शुरू की जाएं। प्रशासन पर उत्पीड़न का आरोप जियाउर्रहमान बर्क ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन उन्हें लगातार परेशान कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके घर पर आज भी कार्रवाई की जा रही है और यह गलत आरोपों के आधार पर हो रहा है। उन्होंने कहा कि यदि यही पैमाना अपनाया जाए तो भाजपा के 70-80 प्रतिशत नेताओं के घरों पर भी ऐसी कार्रवाई करनी पड़ेगी। 'पिटारा खाली निकला' मुख्यमंत्री के संभल दौरे पर टिप्पणी करते हुए बर्क ने कहा कि लोगों को उम्मीद थी कि जिले में उद्योग लगेंगे, नई फैक्ट्रियां आएंगी, किसानों की आय बढ़ाने की योजनाएं घोषित होंगी और युवाओं को रोजगार मिलेगा। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। उन्होंने कहा, पिटारा खाली निकला, सिर्फ हिंदू-मुस्लिम राजनीति की बातें की गईं। दादा से मिली प्रेरणा बर्क ने अपने दादा और पूर्व सांसद डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क को याद करते हुए कहा कि उन्होंने पांच दशकों तक संभल और देश की सेवा की तथा गरीबों और मजदूरों की आवाज विधानसभा से लेकर संसद तक उठाई। उन्होंने कहा कि उन्हीं से उन्होंने सीखा है कि सरकार और प्रशासन के सामने कभी घुटने नहीं टेकने चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता ने उन्हें संसद में अपनी आवाज बुलंद करने के लिए चुना है और वह गरीबों, मजदूरों तथा आम लोगों के मुद्दे सड़क से संसद तक उठाते रहेंगे।
रविवार (19 जुलाई) का दिन कोंडागांव के इतिहास में एक भावनात्मक और अविस्मरणीय अध्याय के रूप में दर्ज हो गया। करीब 40 वर्षों बाद नगर की बेटी साध्वी विराग ज्योति श्री म.सा. साध्वी स्वरूप में अपनी जन्मभूमि लौटीं। चातुर्मास के शुभ अवसर पर साध्वी विराग ज्योति श्री म.सा., साध्वी श्री जिनज्योति श्री म.सा. एवं साध्वी श्री विश्वज्योति श्री म.सा. का नगर प्रवेश अत्यंत श्रद्धा और भव्यता के साथ हुआ। गाजे-बाजे और जयघोष के साथ हुआ स्वागत नगर प्रवेश के दौरान गाजे-बाजे, भजन-कीर्तन और जय जिनेन्द्र के जयघोष से पूरा शहर भक्तिमय हो उठा। शोभायात्रा में जैन समाज के सैकड़ों श्रद्धालु, महिलाएं, युवा, बच्चे और बुजुर्ग पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। ढोल-नगाड़ों की गूंज, धार्मिक भजनों और मंगल गीतों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। दादाबाड़ी में हुई धर्मसभा नगर के विभिन्न स्थानों पर समाजजनों ने पुष्पवर्षा कर साध्वी भगवंतों का स्वागत किया। भव्य शोभायात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए श्री जैन श्वेताम्बर दादाबाड़ी पहुंची, जहां धर्मसभा का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु साध्वी भगवंतों के दर्शन और प्रवचन सुनने पहुंचे। जन्मभूमि लौटकर हुईं भावुक धर्मसभा को संबोधित करते हुए साध्वी विराग ज्योति श्री म.सा. भावुक हो गईं। उन्होंने कहा, यही मेरी जन्मभूमि है। जिन लोगों के साथ मैंने बचपन बिताया, खेली, पढ़ी और बड़ी हुई, आज उन्हीं के बीच धर्म, संयम और भक्ति का संदेश देने का अवसर मिला है। यह मेरे जीवन का सबसे सौभाग्यपूर्ण और अविस्मरणीय क्षण है। आत्मचिंतन का पर्व है चातुर्मास साध्वी विराग ज्योति श्री म.सा. ने कहा कि चातुर्मास केवल धार्मिक अनुष्ठानों का समय नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, साधना, संयम और आध्यात्मिक उन्नति का विशेष अवसर है। उन्होंने सभी से धर्म के मार्ग पर चलने और जीवन में संयम अपनाने का संदेश दिया।
बहराइच में जर्जर सड़क पर ग्रामीणों का प्रदर्शन:छह साल से बदहाल मार्ग की मरम्मत की मांग
बहराइच के फखरपुर विकास खंड में कोदही से कनेरा बाजार को जोड़ने वाला करीब दो किलोमीटर लंबा संपर्क मार्ग पिछले छह वर्षों से बदहाल है। इसी बदहाली के विरोध में रविवार दोपहर करीब दो बजे बारिश के बीच ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया और मार्ग को शीघ्र सही कराने की मांग की। कोदही-कनेरा संपर्क मार्ग पर जलभराव और बड़े-बड़े गड्ढों के कारण आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति से उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, कनेरा का साप्ताहिक बाजार और कोटवा धाम मंदिर जाने वाले श्रद्धालु भी इसी मार्ग का उपयोग करते हैं, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि यह मार्ग लगभग छह साल से खराब है। ग्रामीण निर्मल और कुलदीप ने जानकारी दी कि उन्होंने कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों से सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराने और जलभराव की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि क्षेत्र के लोगों को आवागमन में राहत मिल सके।
अम्बेडकर नगर में संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने कलेक्ट्रेट में एक बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। यह नियंत्रण कक्ष 18 जुलाई से 2 अक्टूबर 2026 तक चौबीसों घंटे संचालित रहेगा। इसका मुख्य उद्देश्य नदियों के जलस्तर की निगरानी करना, बाढ़ संबंधी सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान करना और आपदा की स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करना है। नियंत्रण कक्ष के लिए आपदा हेल्पलाइन (टोल फ्री) नंबर 1077 जारी किया गया है। आम नागरिक बाढ़ संबंधी किसी भी सूचना या आपात स्थिति में इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। जिला प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, नियंत्रण कक्ष में तैनात कर्मचारी समय पर अपनी उपस्थिति दर्ज करेंगे और प्राप्त होने वाली प्रत्येक शिकायत को एक पंजिका में दर्ज करेंगे। किसी भी क्षेत्र से जलस्तर बढ़ने, जनहानि या बाढ़ की सूचना मिलने पर संबंधित उपजिलाधिकारी, तहसीलदार एवं अन्य अधिकारियों को तत्काल सूचित किया जाएगा। नियंत्रण कक्ष के कर्मचारी बाढ़ संभावित गांवों के लेखपाल, ग्राम विकास एवं पंचायत अधिकारियों तथा ग्राम प्रधानों से नियमित संपर्क कर बाढ़ की स्थिति की जानकारी लेंगे। इसके अतिरिक्त, हर दो घंटे पर सिंचाई विभाग से नदियों के जलस्तर की जानकारी प्राप्त कर गेज रजिस्टर में दर्ज की जाएगी। यदि किसी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचता है, तो इसकी तत्काल सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी जाएगी। जिला प्रशासन ने चकबंदी अधिकारी महेंद्र प्रताप को इस बाढ़ नियंत्रण कक्ष का प्रभारी नामित किया है। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ज्योत्स्ना बंधु ने बताया कि उच्चाधिकारी किसी भी समय नियंत्रण कक्ष की कार्यप्रणाली का निरीक्षण कर सकते हैं।
पीलीभीत के बरखेड़ा थाना क्षेत्र में एक महिला को आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर शारीरिक शोषण और लाखों रुपये की रंगदारी वसूलने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेज दिया है। यह मामला करीब दो साल पहले का है। पीड़ित महिला द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, आरोपी ज्ञान सिंह (पुत्र किशनपाल, निवासी ग्राम देहला नगला, दातागंज, जिला बदायूं) महिला के गांव में टंकी निर्माण कार्य के सिलसिले में आया था। इस दौरान काम के बहाने उसका महिला के घर आना-जाना शुरू हो गया। आरोप है कि एक दिन जब महिला कपड़े बदल रही थी, तब आरोपी ने चुपके से उसकी तस्वीरें कैमरे में कैद कर लीं। इन तस्वीरों को इंटरनेट पर वायरल करने की धमकी देकर आरोपी ने महिला के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। इतना ही नहीं, आरोपी ने महिला के मोबाइल से उसकी कुछ अन्य अश्लील तस्वीरें और वीडियो भी अपने फोन में ले लिए थे। महिला का आरोप है कि फोटो और वीडियो सार्वजनिक करने का डर दिखाकर आरोपी ने उससे किश्तों में कुल 1,20,000 रुपये ऐंठे थे। इसके बावजूद आरोपी की मांगें खत्म नहीं हुईं और वह महिला को फोन कर लगातार एक लाख रुपये की अतिरिक्त रकम मांगते हुए मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। आरोपी की प्रताड़ना से तंग आकर आखिरकार पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता की लिखित शिकायत पर पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम लगातार आरोपी की तलाश में दबिश दे रही थी। थाना अध्यक्ष सत्येंद्र कुमार ने बताया, मुकदमा दर्ज कर मामले की सघन जांच की जा रही थी। रविवार को बरखेड़ा थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी ज्ञान सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया है।
सोनीपत जिले में पुलिस ने मारपीट कर नकदी लूटने के एक मामले का खुलासा करते हुए 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बहालगढ़ थाना पुलिस ने अजीत निवासी पुरनपुर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश और नितिन निवासी कुताना, बागपत, उत्तर प्रदेश को पकड़ा। उन्हें कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। पुलिस प्रवक्ता रविन्द्र सिंह ने बताया कि यह घटना 18 जुलाई 2026 को हुई थी। बादशाह कुरैशी, जो बरेली, उत्तर प्रदेश के निवासी हैं और वर्तमान में बहालगढ़ में किराए पर रहते हैं, ने थाना बहालगढ़ में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनका पुत्र जुनैद गांव खेवड़ा में फेरी लगाने गया था। मारपीट करके युवक से छीना था कैश शिकायत के अनुसार, 2 युवकों ने जुनैद को लोहे का स्क्रैप खरीदने का झांसा दिया। वे उसे एक सुनसान जगह पर ले गए, जहां उसके साथ मारपीट की और उसकी जेब से ₹4 हजार नकद छीन लिए। इसके बाद आरोपी बिना नंबर प्लेट वाली स्प्लेंडर बाइक पर फरार हो गए। इस संबंध में थाना बहालगढ़ में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। दोनों आरोपियों को एक दिन के रिमांड पर भेजा मामला दर्ज होने के बाद, थाना बहालगढ़ की अनुसंधान टीम, जिसमें सहायक उप निरीक्षक सुरजीत सिंह शामिल थे, ने तुरंत कार्रवाई की। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, साक्ष्य जुटाए और तकनीकी तथा गुप्त सूचना के आधार पर दोनों आरोपियों अजीत पुत्र संजीव कुमार और नितिन पुत्र राजेन्द्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों को माननीय कोर्ट में पेश किया गया। उन्हें आगे की पूछताछ और लूटी गई नकदी की बरामदगी के उद्देश्य से एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। मामले की जांच अभी जारी है।
कासगंज में रविवार को कछला गंगा घाट पर गंगा रक्षक दल द्वारा एक वृहद स्वच्छता एवं जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार बघेल के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान में बड़ी संख्या में गंगा भक्तों, पर्यावरण प्रेमियों, स्थानीय नागरिकों और युवाओं ने भाग लिया। सभी ने घाट की साफ-सफाई की और गंगा संरक्षण का संकल्प लिया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गंगा सहित देश की सभी नदियों और उनके घाटों को स्वच्छ, निर्मल और अविरल बनाए रखने के प्रति जन-जागरूकता फैलाना था। अभियान के दौरान राजकुमार बघेल ने स्वयं झाड़ू और कचरा संग्रहण बैग लेकर श्रमदान किया। कार्यकर्ताओं ने घाट पर फैली पॉलीथिन, प्लास्टिक, पुराने वस्त्र, पूजा सामग्री के अवशेष, खंडित मूर्तियां और फटे पोस्टरों को एकत्र कर उनका सुरक्षित निस्तारण सुनिश्चित किया। इस अवसर पर राजकुमार बघेल ने क्लीन गंगा, ग्रीन किनारा का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और करोड़ों लोगों की जीवनरेखा है। उन्होंने नदियों को प्रदूषण मुक्त रखने को प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी बताया और कहा कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक सभी नदी घाट स्वच्छ और हरित नहीं बन जाते। कार्यक्रम में अनिल यादव, डॉ. मनोज कुमार यादव, सलमान, रईस, रेशमा, जलज यादव, राजा बघेल, रश्मि बघेल, देवेंद्र कुमार, अजय सोलंकी, प्रशांत दुबे सहित अनेक स्वयंसेवकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। वक्ताओं ने जोर दिया कि स्वच्छ और निर्मल नदियां विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
माही परियोजना को मिली रफ्तार:जालोर-सिरोही तक पानी पहुंचाने की रणनीति पर सांसद ने किया मंथन
जालोर और सिरोही जिलों तक माही परियोजना का पानी पहुंचाने की महत्वाकांक्षी योजना को गति देने के लिए सिरोही स्थित सांसद जन सुविधा केंद्र में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। सांसद लुंबाराम चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में परियोजना के तकनीकी, भौगोलिक और जल संग्रहण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। नदियों के पानी के बेहतर उपयोग पर चर्चा बैठक में अनास, सोम, कमला और साबरमती नदियों के पानी का जालोर-सिरोही में अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने पर मंथन हुआ। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने इस बात पर चर्चा की कि पानी को दोनों जिलों तक सबसे प्रभावी तरीके से कैसे पहुंचाया जाए और किन स्थानों पर उसका संग्रहण किया जा सकता है। डीपीआर में शामिल होंगे तकनीकी सुझाव बैठक में बांधों की ऊंचाई बढ़ाने, जंवाई, कृष्णावती और लूनी बेसिन की अन्य नदियों को पुनर्जीवित करने सहित कई तकनीकी सुझावों पर गहन चर्चा हुई। इन सभी बिंदुओं को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) में शामिल करने पर भी सहमति बनी, ताकि परियोजना को अधिक प्रभावी और दीर्घकालिक बनाया जा सके। किसान संगठन और विभागीय अधिकारी रहे मौजूद बैठक में भारतीय किसान संघ, जालोर की ओर से जिलाध्यक्ष रतन सिंह, प्रांत युवा प्रमुख खीम सिंह, संभाग उपाध्यक्ष गणेशाराम, जिला मंत्री जगाराम, तहसील अध्यक्ष चक्रवर्ती सिंह तथा बागोड़ा तहसील अध्यक्ष चेलाराम और अमराराम मौजूद रहे। सिरोही से किसान संघ के जिलाध्यक्ष मावाराम चौधरी, संभाग मंत्री सुजान सिंह और केसाराम पुरोहित ने भाग लिया। सिंचाई विभाग की ओर से माही परियोजना के अधीक्षण अभियंता प्रकाश कुमार, जालोर के अधिशासी अभियंता विजेश कुमार, सहायक अभियंता महेंद्र सहित अन्य अधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहे।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु स्पॉट राउंड काउंसिलिंग की प्रक्रिया शुरू हो गई है। समर्थ पोर्टल से छात्रों का आवश्यक डेटा प्राप्त होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पॉट राउंड के पहले चरण की काउंसिलिंग शुरू कर दी है। इस प्रक्रिया के माध्यम से विभिन्न विभागों और संकायों में रिक्त पड़ी सीटों को भरने का प्रयास किया जाएगा। 2400 सीट अभी भी खाली विश्वविद्यालय की केंद्रीय प्रवेश समिति के समन्वयक प्रो. भास्कर भट्टाचार्य ने बताया कि स्पॉट राउंड के पहले चरण के दौरान पीजी पाठ्यक्रमों में खाली पड़ी करीब 2400 सीटों पर प्रवेश की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके लिए पात्र अभ्यर्थियों को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार काउंसिलिंग और प्रवेश संबंधी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। उन्होंने बताया कि यदि पहले चरण की काउंसिलिंग के बाद भी कुछ सीटें रिक्त रह जाती हैं, तो विश्वविद्यालय 21 जुलाई से स्पॉट राउंड काउंसिलिंग का दूसरा चरण शुरू कर सकता है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र छात्रों को प्रवेश का अवसर उपलब्ध कराना और रिक्त सीटों को भरना है। 2 दिन बाद मिला डाटा गौरतलब है कि विश्वविद्यालय ने स्पॉट राउंड की सीट आवंटन प्रक्रिया 16 जुलाई से शुरू करने की योजना बनाई थी, लेकिन समर्थ पोर्टल से सीट आवंटन संबंधी डेटा समय पर उपलब्ध नहीं हो सका। इसी कारण प्रवेश प्रक्रिया निर्धारित तिथि पर शुरू नहीं हो पाई और इसमें कुछ दिनों की देरी हुई। अब डेटा प्राप्त होने के बाद विश्वविद्यालय ने काउंसिलिंग प्रक्रिया को गति देते हुए प्रवेश कार्य शुरू कर दिया है।
सदर क्षेत्र की भूसा मंडी स्थित मां दुर्गा मंदिर के पुजारी और स्थानीय हिंदू परिवारों ने मंदिर के सामने गंदगी फैलाने, कूड़ा और मांसाहारी अवशेष फेंकने का आरोप लगाते हुए थाना सदर में शिकायत दी है। शिकायत में कहा गया है कि बार-बार शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा है, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही ने कहा कि मंदिर के आसपास रहने वाले 15-20 हिंदू परिवार लंबे समय से परेशान हैं। उनका कहना है कि मंदिर के सामने कूड़ा डाला जाता है और कई बार मांसाहारी अवशेष भी फेंके जाते हैं। इससे मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को दिक्कत होती है। शिकायत में कैंट बोर्ड की सफाई व्यवस्था पर भी सवाल उठाए गए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद मंदिर के सामने बना कूड़ा स्थल नहीं हटाया गया। साथ ही उन्होंने मंदिरों से लाउडस्पीकर हटाए जाने का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि अन्य धार्मिक स्थलों पर नियमों का समान रूप से पालन नहीं कराया जा रहा। मंदिर के पुजारी ने आरोप लगाया कि कई बार विरोध करने पर विवाद की स्थिति बन जाती है और रास्ते में गंदगी डालने से श्रद्धालुओं को मंदिर आने-जाने में भी परेशानी होती है। उन्होंने प्रशासन से मंदिर परिसर के आसपास सफाई, अतिक्रमण हटाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि शिकायत प्राप्त हुई है और मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
लखीमपुर में सड़क हादसे में युवक की मौत:शव देखने अस्पताल जा रहे परिजनों का भी एक्सीडेंट, 4 गंभीर घायल
लखीमपुर खीरी के मालपुर गड़रिया गांव में रविवार को एक ही परिवार पर दो सड़क हादसों का कहर टूटा। पहले एक युवक की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई, और कुछ ही घंटों बाद उसे देखने अस्पताल जा रहे उसके परिजन भी एक अन्य हादसे का शिकार हो गए। इस घटना में चार लोग घायल हुए हैं। जानकारी के अनुसार, मालपुर गड़रिया निवासी बृजबिहारी (35) पुत्र शिवकुमार की रविवार सुबह कस्ता-सिकंदराबाद मार्ग पर ब्यासपुर गांव के पास एक अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत हो गई थी। इस सूचना के बाद परिजन बृजबिहारी का शव देखने के लिए बेहजम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जा रहे थे। ई-रिक्शा में किरन देवी पत्नी रामचंद्र, फूलमती पत्नी देवीदयाल, मैना देवी पत्नी श्रीकेशन और चालक सूरज पुत्र सीताराम सवार थे। ये सभी बृजबिहारी के परिजन थे और उसकी मौत की खबर सुनकर अस्पताल जा रहे थे। अमघट गांव के पास लखीमपुर की ओर जा रही एक रोडवेज बस सवारियां उतार रही थी। तभी पीछे से आ रहा ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर बस के पिछले हिस्से से टकरा गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि ई-रिक्शा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार सभी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटनास्थल पर तुरंत लोग जमा हो गए। स्थानीय लोगों ने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार, कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिन्हें बाद में जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। बेहजम पुलिस चौकी प्रभारी संदीप यादव ने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल में भर्ती कराया। एक ही परिवार पर हुए इन दो हादसों से गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण की मांग की है।
अजमेर जिले के नसीराबाद में एक घर में चोरों ने ताले तोड़कर 8 तोला सोने के जेवरात और 5 लाख की नकदी सहित अन्य सामान चोरी कर लिए। नसीराबाद के सरक्यूलर रोड स्थित एक सूने मकान में रविवार तड़के यह वारदात हुई। यह चोरी की वारदात मकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। इसमें मुंह पर कपड़ा बांधे और कैप पहने दो युवक चोरी की वारदात को अंजाम दे रहे हैं। परिवार बुटाटी धाम गया हुआ था। 8 तोले के जेवर सहित 5 लाख रुपए नकद चोरी सरक्यूलर रोड स्थित एमडी टावर के सामने रहने वाली महिला परवीन शनिवार को बुटाटी धाम गई थी। रविवार सुबह मकान के ताले टूटे देख पड़ोसी ने चोरी की वारदात की सूचना दी। इस पर पीड़ित महिला परवीन नसीराबाद पहुंची। महिला ने बताया- चोर आलमारी का ताला तोड़कर उसमें रखे 8 तोले सोने के जेवरात, करीब 5 लाख रुपए, लैपटॉप और अन्य सामान चुराकर ले गए। चोरों ने आलमारी का ताला तोड़ने के लिए बड़े पेचकस का उपयोग किया। चोरी की वारदात को अंजाम देकर चोर पेचकस मौके पर ही छोड़ गए। पीड़ित महिला ने सिटी थाने में चोरी की रिपोर्ट दी है। सूचना के बाद नसीराबाद सिटी थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सीसीटीवी खंगालते हुए मौका मुआयना किया। पुलिस चोरों की तलाश के प्रयास में जुटी है। (इनपुट-सुधीर मित्तल और रियाज अहमद) ………… पढे़ं ये खबर… नगर निकाय के पूर्व कमिश्नर से ठगी की कोशिश:ठग ने CI बनकर दी धमकी, 75 हजार का फर्जी मैसेज भेजा अजमेर में साइबर ठगों ने नगर निकाय के रिटायर्ड पूर्व कमिश्नर को निशाना बनाते हुए ऑनलाइन ठगी की कोशिश की। ठग ने पुलिस थाना प्रभारी की प्रोफाइल फोटो लगाकर कॉल किया और खुद को थाना प्रभारी बताकर धमकाने लगा। ठग ने पहले खुद को सरकारी स्कूल का टीचर बताकर टाइल्स का ऑर्डर दिया। पूरी खबर पढे़ं
गाजीपुर के बिरनो में वाराणसी-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित बिरनो-रानीपुर संपर्क मार्ग का अंडरपास मानसून की पहली तेज बारिश में जलमग्न हो गया। जलभराव के कारण अंडरपास पूरी तरह से बंद हो गया, जिससे हजारों लोगों का संपर्क टूट गया। यह स्थिति राहगीरों और वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा बन गई है। बिरनो थाने से लगभग 100 मीटर की दूरी पर स्थित यह अंडरपास दीदोहर, कहोतरी, रानीपुर और बौरी समेत दर्जनों गांवों को जोड़ता है। यह मार्ग आजमगढ़ जाने वाले लोगों के लिए भी एक महत्वपूर्ण और सुविधाजनक रास्ता है। अंडरपास में जलभराव के कारण आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। लोगों को अब राष्ट्रीय राजमार्ग पार करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। वाहनों को लगभग पांच किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी बचाई राम ने बताया कि अंडरपास से गुजरना जान जोखिम में डालने जैसा है। टोटो चालक महेंद्र ने कहा कि जलभराव के कारण उन्हें बिरनो से रानीपुर तक पहुंचने के लिए रास्ता बदलना पड़ता है, क्योंकि उनका वाहन पानी में आधा डूबने लगता है। बिरनो थाने के पास फल विक्रेता राजेश राम के अनुसार, अंडरपास बंद होने से ग्राहकों की आवाजाही कम हो गई है, जिससे उनके कारोबार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि अंडरपास में हर साल होने वाले जलभराव की समस्या के बारे में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को कई बार सूचित किया गया है। हालांकि, अभी तक इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। पहली ही बारिश में अंडरपास के जलमग्न होने से इसकी निर्माण गुणवत्ता और जल निकासी प्रणाली पर फिर से सवाल उठने लगे हैं।
मैनपुरी में कबाड़ बीनने गए किशोर के साथ बेरहमी से मारपीट का मामला सामने आया है। किशोर को अज्ञात लोग गंभीर रूप से घायल हालत में शहर के एक सुनसान पड़े स्कूल भवन में छोड़कर फरार हो गए। सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और घायल किशोर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका उपचार चल रहा है। पीड़ित के शरीर पर चोटों के गहरे निशान मिले हैं। परिजनों ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। घायल किशोर की पहचान 16 सागर पुत्र बृजेश निवासी मंडी गेट, गिहार कॉलोनी, शहर कोतवाली क्षेत्र के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक सागर रोज की तरह सुबह घर से कबाड़ बीनने के लिए निकला था, लेकिन दोपहर तक वापस नहीं लौटा। काफी तलाश के बाद आसपास के लोगों ने परिजनों को सूचना दी कि मधाऊ रोड स्थित एक स्कूल की पुरानी बिल्डिंग में एक किशोर बेसुध हालत में पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और उसकी पहचान सागर के रूप में की। परिजन आनन-फानन में घायल किशोर को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसका उपचार शुरू किया। परिजनों का कहना है कि अभी सागर की हालत ऐसी नहीं है कि वह पूरी घटना बता सके। इसलिए यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि उसे कौन लोग अपने साथ ले गए और किस वजह से उसके साथ इतनी बेरहमी से मारपीट की गई। परिवार का कहना है कि सागर का किसी से कोई विवाद भी नहीं था। घायल के शरीर पर चोटों के कई गहरे निशान मिले हैं। परिजनों का आरोप है कि निशानों को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि उसके साथ बेल्ट जैसी किसी वस्तु से बेरहमी से मारपीट की गई है। घटना के बाद परिवार में दहशत और आक्रोश का माहौल है। परिजनों ने शहर कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने तहरीर प्राप्त कर घायल किशोर का मेडिकल परीक्षण कराया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
हरियाणा के हांसी में रविवार को इनसो छात्र नेता हरिकेश ढांडा के नेतृत्व में युवाओं ने सोनम वांगचुक के समर्थन में पैदल मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की और पेपर लीक व जंतर-मंतर से सोनम वांगचुक की हिरासत का विरोध किया। इस मार्च में रोहित बेरवाल, अमित सिवाच, दीपक ठाकुर, जीवन, राहुल, कामराज, निशा और वैशाली सहित बड़ी संख्या में छात्र-युवा शामिल हुए। पैदल मार्च जाट धर्मशाला से शुरू होकर पुरानी सब्जी मंडी, उमरा गेट, बड़सी गेट, पुराना बस स्टैंड और अंबेडकर चौक होते हुए पुनः जाट धर्मशाला पर समाप्त हुआ। 'शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर हो रही' छात्र नेता हरिकेश ढांडा और अमित सिवाच ने कहा कि वे सोनम वांगचुक के समर्थन में सड़कों पर उतरे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर हो रही है और बड़े पैमाने पर पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे मेहनती छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था की खामियों और छात्रों के हितों को लेकर सोनम वांगचुक दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण धरना दे रहे थे। हालांकि, उन्हें सरकार के निर्देश पर पुलिस ने जबरन हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारियों ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। 'जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों की आवाज को दबाया' प्रदर्शनकारी दीपक ठाकुर ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर छात्रों की समस्याओं का समाधान करने में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने मांग की कि यदि शिक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं हो पा रहा है, तो शिक्षा मंत्री को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए और उनकी जगह ऐसे व्यक्ति को नियुक्त किया जाए जो छात्रों के हित में प्रभावी ढंग से कार्य कर सके। प्रदर्शनकारियों ने पेपर लीक की घटनाओं पर तत्काल रोक लगाने की मांग की, क्योंकि ऐसी घटनाओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों की आवाज को दबाया गया, जिसे उन्होंने लोकतंत्र की हत्या करार दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने का अधिकार है।
पार्षद, विधायक और महापौर को ढूंढ़कर लाने वाले को 500 रुपये का इनाम दिया जाएगा। यह संदेश लिखे पोस्टर और बैनर लेकर आगरा के थाना सदर क्षेत्र स्थित गुरु गोविंद नगर, राजपुर चुंगी (वार्ड-57) के लोग सड़क पर उतर आए। बदहाल सड़क, टूटी गलियों और जलभराव की समस्या से नाराज लोगों ने जनप्रतिनिधियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। रोड नहीं तो वोट नहीं के नारे लगाए गए। प्रदर्शन के दौरान लगाए गए इन पोस्टरों और बैनरों का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। गुरु गोविंद नगर, राजपुर चुंगी के लोगों ने हाथों में रोड नहीं तो वोट नहीं लिखे पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया। वहीं बीच सड़क पर लगाए गए बैनर पर लिखा था, पार्षद, विधायक और महापौर को ढूंढ़कर लाने वाले को 500 रुपये का इनाम दिया जाएगा। इस अनोखे विरोध प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हो रहा है, जिस पर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने कहा कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि वोट मांगने जरूर आते हैं, लेकिन जीतने के बाद इलाके की टूटी सड़क, खड़ंजा और जलभराव की समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं देता। बरसात में हालात और भी खराब हो जाते हैं। गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है और बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को परेशानी होती है। महिलाओं ने कहा कि उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई से यहां मकान बनाए हैं, लेकिन खराब सड़क और जलभराव के कारण रोजाना मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। उनका कहना था कि इलाके में पढ़े-लिखे और सम्मानित परिवार रहते हैं, फिर भी उनकी समस्याओं की कोई सुनवाई नहीं होती। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि जब उन्होंने अपनी परेशानी बताई तो उन्हें मकान बेचकर कहीं और चले जाने तक की बात कह दी गई। प्रदर्शन में महिलाओं का गुस्सा साफ दिखाई दिया। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सड़क, गली और जलनिकासी की व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
सवाई माधोपुर जिले के कुस्तला कस्बे में रविवार को श्री राधा गोविंद गोशाला के सामने कोटा-लालसोट मेगा हाईवे पर दो बाइक में आमने-सामने की भिड़ंत हो गई। हादसे में दोनों बाइक सवार संजय बैरवा (35) और प्रभुलाल बैरवा (50) गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों बाइक तेज गति से आ रही थी। गोशाला के सामने मोड़ पर अचानक आमने-सामने आने से दोनों की टक्कर हो गई। इससे दोनों बाइक सवार सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद ग्रामीणों ने तत्काल 108 एंबुलेंस को सूचना दी, लेकिन काफी देर तक एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। ऐसे में ग्रामीणों ने दोनों घायलों को टेंपो की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। कुस्तला में स्थाई एंबुलेंस की मांग ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुस्तला क्षेत्र में सड़क हादसों की संख्या बढ़ी है, लेकिन 108 एंबुलेंस की समय पर सुविधा नहीं मिल रही है। उनका कहना है कि कुछ दिन पहले हुए एक सड़क हादसे में भी एंबुलेंस करीब एक घंटे तक नहीं पहुंची थी। लोगों का कहना है कि श्री राधा गोविंद गोशाला के सामने स्थित मोड़ हादसा संभावित क्षेत्र बन चुका है। यहां न तो स्पीड ब्रेकर है और न ही पर्याप्त चेतावनी संकेतक बोर्ड लगे हैं, जिससे वाहन तेज रफ्तार में गुजरते हैं और आए दिन हादसे होते रहते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से यहां स्पीड ब्रेकर और चेतावनी संकेतक लगाने के साथ-साथ कुस्तला कस्बे में स्थायी रूप से 108 एंबुलेंस की व्यवस्था करने की मांग की है।
जबलपुर में 8.7 किलो गांजा जब्त:उड़ीसा से आ रही खेप पकड़ी, 2 महिला और एक तस्कर गिरफ्तार
जबलपुर में क्राइम ब्रांच, सिविल लाइन और गोसलपुर थाना पुलिस की संयुक्त टीमों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 8 किलो 765 ग्राम गांजा जब्त किया है। यह अवैध खेप उड़ीसा से जबलपुर लाकर शहर में खपाने की तैयारी थी, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है। इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अंतर्गत रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर पुलिस ने संदिग्ध हालत में खड़े नंदनी गढ़वाल (37) निवासी कटनी (वर्तमान पता प्रेमसागर, हनुमानताल) और महेंद्र भट्ट (27) निवासी झंडा चौक हनुमानताल को पकड़ा। तलाशी के दौरान नंदनी के बैग से खाखी टेप से लिपटे 5 पैकेट मिले, जिनमें कुल 5 किलो 700 ग्राम गांजा भरा था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि हनुमानताल निवासी दिलीप चौधरी ने उन्हें इस काम के लिए 10 हजार रुपए एडवांस दिए थे। पुलिस ने गांजे के साथ नगदी और मोबाइल भी जब्त किए हैं। जब्त गांजे की कीमत करीब 2 लाख 85 हजार रुपए आंकी गई है। इसी कड़ी में, गोसलपुर थाना पुलिस ने एनएच-30 हाईवे पर स्थित एक यात्री प्रतीक्षालय से 21 वर्षीय युवती कहकशा बानो निवासी डिंडोरी को गिरफ्तार किया। उसके थैले से 3 किलो 65 ग्राम गांजा बरामद हुआ। कहकशा बानो ने बताया कि वह रेलवे स्टेशन पर पकड़े गए नंदनी और महेंद्र के साथ ही उड़ीसा के झाड़सुगुड़ा गई थी। वहां उन्हें 3 हजार रुपए का लालच देकर गांजे के 2 पैकेट दिए गए थे। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं, इस गिरोह के मुख्य सरगना दिलीप चौधरी की तलाश की जा रही है। पकड़े गए सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामले दर्ज किए गए हैं।
मटरा धमऊर खेत से सात बोरा मटर बरामद:संदिग्ध परिस्थितियों में रखें गए थे, कस्टम विभाग को सुपुर्द
महाराजगंज के निचलौल थाना क्षेत्र के मटरा धमऊर गांव में पुलिस ने एक खेत से सात बोरा मटर बरामद किया है। यह कार्रवाई शितलापुर चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक सूरज तिवारी के नेतृत्व में की गई। बरामद मटर को आगे की कार्रवाई के लिए कस्टम विभाग को सौंप दिया गया है। पुलिस को सूचना मिली थी कि खेत में संदिग्ध परिस्थितियों में कुछ बोरे रखे गए हैं। इस सूचना पर उपनिरीक्षक सूरज तिवारी के नेतृत्व में एक टीम मौके पर पहुंची। टीम में हेड कांस्टेबल अक्षय कुमार, कांस्टेबल अजीत और कांस्टेबल विवेक पांडेय शामिल थे। जांच के दौरान टीम ने खेत से सात बोरा मटर बरामद किया। पुलिस ने तत्काल बरामद माल को अपने कब्जे में ले लिया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की गहन जांच जारी है। यह पता लगाया जा रहा है कि यह मटर किसका है, इसे खेत में क्यों रखा गया था, और इसका किसी अवैध गतिविधि या सीमा पार तस्करी से कोई संबंध है या नहीं। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों पर पुलिस का दबाव बढ़ा है।
पलवल जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर एक सड़क हादसे में 2 युवकों की मौत हो गई, जबकि 3 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा तब हुआ जब कार सवार वृंदावन और कोलीवन शनिदेव के दर्शन कर गौतमबुद्धनगर (यूपी) स्थित अपने घर लौट रहे थे। जानकारी के अनुसार, गौतमबुद्धनगर के दादरी निवासी 19 वर्षीय हिमांशु शनिवार रात करीब 8 बजे अपने दोस्तों के साथ वृंदावन और कोकलीवन शनिदेव के दर्शन के लिए निकला था। उसके साथ सौराजपुर निवासी निशांत, जुनपथ निवासी शिवम और निशांत और सादोपुर निवासी लकी भी कार में सवार थे। डिवाइडर कूदकर आई-10 कार से टकराई रविवार सुबह करीब साढ़े 6 बजे वापसी के दौरान होडल थाना अंतर्गत नेशनल हाईवे-19 पर उनकी तेज रफ्तार कार अचानक अनियंत्रित हो गई। कार डिवाइडर से टकराकर दूसरी लेन (दिल्ली से आगरा की ओर जाने वाली) में जा कूदी और वहां से आ रही एक आई-10 कार से टकरा गई। इस भीषण हादसे में हिमांशु और निशांत की मौके पर ही मौत हो गई। शिवम, दूसरे निशांत और लकी गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों ने तुरंत घायलों को एंबुलेंस की मदद से पलवल के जिला नागरिक अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने हिमांशु और निशांत को मृत घोषित कर दिया, जबकि अन्य तीनों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया गया। फिलहाल घायलों का इलाज नोएडा के विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। दूसरी कार सवार दिल्ली से जा रहे थे मथूरा होडल थाना पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 194 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराया है। दुर्घटना में दूसरी तरफ से आ रही आई-10 कार भी क्षतिग्रस्त हुई है, हालांकि उसमें सवार लोगों को ज्यादा चोटें नहीं आई हैं। वहीं, इस संबंध में आई-10 कार ड्राइवर जिला मथुरा (यूपी) के वृंदावन निवासी आकाश पवार ने पुलिस को शिकायत दी है कि वह रविवार सुबह अपनी पत्नी ज्योति और पुत्र शिवास के साथ अपनी कार में दिल्ली से वृंदावन जा रहा था। होडल पहुंचने पर मथुरा से पलवल जाने वाली लेन से अचानक एक तेज रफ्तार वरना कार डिवाइडर से टकराकर करीब 15 फीट ऊपर उछलकर दूसरी लेन में उसकी गाड़ी के ऊपर जा गीरी। इस दुर्घना में उसकी पत्नी ज्योति को चोटें भी आई है। जबकि इस दुर्घटना में 2 युवकों की मौके पर मौत हो गई व कुछ घायलों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया है।
मिर्जापुर में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने रविवार को एक संयुक्त समीक्षा बैठक का आयोजन किया। अष्टभुजा डाक बंगला में हुई इस बैठक में मिर्जापुर और सोनभद्र जिले के जिला स्तरीय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इसमें संगठन को सेक्टर और बूथ स्तर तक मजबूत करने पर विशेष बल दिया गया। बैठक के मुख्य अतिथि पूर्व एमएलसी, नेता सदन और बसपा के मुख्य मंडल प्रभारी दिनेश चंद्रा थे। उन्होंने मिर्जापुर और सोनभद्र के पदाधिकारियों से संगठनात्मक गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। चंद्रा ने कहा कि पार्टी की मजबूती बूथ स्तर के संगठन पर निर्भर करती है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को निर्धारित समय के भीतर सेक्टर और बूथ स्तर पर संगठन का गठन पूरा करने तथा कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर जनसंपर्क अभियान तेज करने का निर्देश दिया। चंद्रा ने कार्यकर्ताओं से पार्टी की नीतियों और बहुजन समाज के हितों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने जोर दिया कि संगठन को मजबूत करना ही आगामी राजनीतिक चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना करने का आधार बनेगा। इस बैठक में मुख्य मंडल प्रभारी अमरजीत गौतम, सोनभद्र जिलाध्यक्ष रामचंद्र रत्ना, मिर्जापुर जिलाध्यक्ष अलगू राम भारती, जिला उपाध्यक्ष सद्दाम राइन, कुंज बिहारी, नंदलाल भारती, महेश कुमार गौतम, सुरेंद्र प्रसाद मौर्य, पूर्व मझवा विधानसभा प्रत्याशी दीपू तिवारी और जैकी तिवारी सहित दोनों जिलों के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। बैठक के दौरान संगठन विस्तार, आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा और पार्टी को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने की रणनीति पर भी विस्तृत चर्चा हुई। नेताओं ने कार्यकर्ताओं से आपसी समन्वय के साथ संगठन को और अधिक सशक्त बनाने का आह्वान किया।
चंदौली में विंध्य एक्सप्रेस-वे परियोजना के विरोध में चल रहे अनिश्चितकालीन आंदोलन को रविवार को सातवें दिन भी किसानों का भारी समर्थन मिला। विकास भवन के पास आयोजित इस प्रदर्शन में विभिन्न इलाकों से आए किसानों ने हिस्सा लिया। इस दौरान किसानों ने आंदोलन का जमकर समर्थन किया और ऐलान किया कि परियोजना के खिलाफ जनपद के प्रत्येक गांव में जनसंपर्क करके किसानों को जागरूक किया जाएगा। उनका कहना है कि वे इस परियोजना के लिए अपनी उपजाऊ जमीन नहीं देंगे। परेवा गांव के किसान अशोक सिंह ने बताया कि विंध्य एक्सप्रेस-वे परियोजना चंदौली जिले के लिए गंभीर परिणाम ला सकती है। उन्होंने आशंका जताई कि यह परियोजना जिले की तीन नदियों के किनारे से होकर गुजरेगी, जिससे भविष्य में बाढ़ आने पर किसानों की फसलें बर्बाद हो सकती हैं। सिंह ने स्पष्ट किया कि किसान विकास विरोधी नहीं हैं, लेकिन परियोजना का वर्तमान रोडमैप किसानों के हितों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि परियोजना को धरातल पर उतारने से पहले इसके रोडमैप में बदलाव किया जाना चाहिए। किसानों ने गांव-गांव जाकर लोगों को इस परियोजना के खिलाफ आंदोलन में शामिल होने के लिए जागरूक करने का संकल्प लिया। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी उम्मीद जताई है, क्योंकि उनका मानना है कि यदि यह परियोजना वर्तमान स्वरूप में लागू होती है, तो 'धान का कटोरा' कहे जाने वाले इस जनपद के किसान भूमिहीन और बेरोजगार हो जाएंगे। इस दौरान गोपाल सिंह, अजय सिंह, विक्की, निखिल सिंह, मृत्युंजय, अभिषेक सिंह, छोटे सिंह, चंद्रशेखर सिंह और मणिदेव चतुर्वेदी सहित कई अन्य किसान उपस्थित रहे।
चलती इनोवा का टायर फटा, मिनी से टकराई:सिवनी में ट्रक में बैठे युवक की मौत, तीन लोग घायल
सिवनी जिले के छपारा थाना इलाके में बाईपास पर बने पेट्रोल पंप के पास रविवार दोपहर एक्सीडेंट में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल हो गए। घायलों में से एक की हालत नाजुक होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया है। मिली जानकारी के मुताबिक, आडेगांव से डाक विभाग के पांच कर्मचारियों को लेकर एक इनोवा गाड़ी सिवनी की तरफ जा रही थी। छपारा बाईपास पर पेट्रोल पंप के पास अचानक इनोवा का टायर फट गया। गाड़ी की रफ्तार तेज थी, जिसके कारण टायर का पिछला पहिया निकलकर सामने से आ रही एक आयशर गाड़ी से जा टकराया। एक युवक की मौके पर ही गई जान इस टक्कर में आयशर गाड़ी में बैठे 21 साल के राहुल जाट की मौके पर ही मौत हो गई। वह हरियाणा का रहने वाला था। हादसे में टिंकू झगड़ा (21 साल), अजय जाट और आकाश भी घायल हुए हैं। ये सभी घायल हरियाणा के हिसार और जींद जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। अजय जाट को ज्यादा गंभीर चोटें आई थीं, इसलिए प्राथमिक इलाज के बाद उसे सिवनी जिला अस्पताल भेज दिया गया। बाकी घायलों का इलाज छपारा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (अस्पताल) में किया गया। 108 एंबुलेंस और पुलिस ने संभाला मोर्चा घटना की खबर मिलते ही 108 एंबुलेंस के पायलट प्रकाश डहरिया और ईएमटी प्रतुल श्रीवास्तव तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिना देर किए घायलों को संभाला और अस्पताल पहुंचाया, जिससे उन्हें समय पर डॉक्टरी मदद मिल सकी। छपारा थाना पुलिस भी खबर मिलते ही मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घटनास्थल को देखा और जरूरी कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस हादसे की पूरी जांच कर रही है, हालांकि शुरुआती जांच में इनोवा का टायर फटना ही एक्सीडेंट की असली वजह माना जा रहा है।
सोनभद्र में 'पेड़ हैं तो प्राण हैं' अभियान:सैकड़ों परिवारों को आम के पौधे वितरित, बना जनांदोलन
सोनभद्र के चतरा ब्लॉक स्थित डुबटिया गांव में 'पेड़ हैं तो प्राण हैं' अभियान चलाया गया। इस दौरान सैकड़ों परिवारों को आम के पौधे वितरित किए गए। सभी उपस्थित लोगों ने पौधे लगाने और उनकी परिवार के सदस्यों की तरह देखभाल करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्र ने कहा कि आदिवासी समुदाय के लोग मिलकर पेड़ लगाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि केंद्र सरकार की सहयोगी कंपनियां, जैसे अडाणी, ग्रीनको या जेएसडब्ल्यू, यदि इन पेड़ों को काटती हैं, तो इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मिश्र ने जोर देकर कहा कि आदिवासी समुदाय सदियों से जल, जंगल और जमीन का रक्षक रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी आदिवासी का घर उजाड़ने नहीं दिया जाएगा। डुबटिया गांव के युवा साथी जितेंद्र लाकरा ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन हमारी पहचान हैं, और हम इन्हें किसी को भी काटने नहीं देंगे। इसी क्रम में नागेंद्र लाकरा ने कहा कि पेड़, पानी और पहाड़ हमारे पूर्वजों ने सहेज कर रखे हैं। हम इन्हें किसी भी कीमत पर बर्बाद नहीं होने देंगे। इस कार्यक्रम में राजा बाबू तिरकी, रामकरन गोंड तिरकी, लालबहादुर कुजुर, महेंद्र तिरकी, संतोष तिरकी, रामकेश, बलवंत, चंपा देवी लकड़ा, अंकित फुलवसिया लकड़ा, शांति लकड़ा, शीतल गोंड, आशीष तिरकी, अनिल लकड़ा, दीपक कुजुर, श्रीकांत गोंड, गणेश, अजीत सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे।
शिवपाल यादव मिर्जापुर दौरे पर:मां विंध्यवासिनी के दर्शन कर सक्तेशगढ़ आश्रम में करेंगे रात्रि विश्राम
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और जसवंतनगर (इटावा) से विधायक शिवपाल सिंह यादव 20 जुलाई को मिर्जापुर के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह मां विंध्यवासिनी के दर्शन करेंगे और चुनार क्षेत्र स्थित स्वामी अड़गड़ानंद आश्रम, शक्तेशगढ़ में रात्रि विश्राम करेंगे। जारी कार्यक्रम के अनुसार, शिवपाल सिंह यादव 20 जुलाई को सुबह 9 बजे लखनऊ से कार द्वारा मिर्जापुर के लिए प्रस्थान करेंगे। दोपहर करीब 2 बजे उनके विंध्याचल पहुंचने का कार्यक्रम है, जहां वह विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां विंध्यवासिनी मंदिर में विधि-विधान से दर्शन-पूजन करेंगे। मंदिर में दर्शन के बाद, वह दोपहर 3 बजे विंध्याचल से रवाना होकर शाम 4 बजे चुनार क्षेत्र के शक्तेशगढ़ स्थित स्वामी अड़गड़ानंद आश्रम पहुंचेंगे। आश्रम में संतों से मुलाकात और आध्यात्मिक कार्यक्रमों में सहभागिता के बाद वह वहीं रात्रि विश्राम करेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 21 जुलाई को दोपहर 1 बजे शिवपाल यादव शक्तेशगढ़ आश्रम से लखनऊ के लिए रवाना होंगे और शाम करीब 6 बजे राजधानी पहुंचेंगे। शिवपाल सिंह यादव के आगमन को लेकर समाजवादी पार्टी के स्थानीय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में उत्साह है। उनके दौरे के दौरान बड़ी संख्या में समर्थकों के विंध्याचल और शक्तेशगढ़ पहुंचने की संभावना है। प्रशासन ने भी वीआईपी आगमन को देखते हुए सुरक्षा एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
कानपुर के बिठूर स्थित एक होटल में रविवार को आयोजित भूजल संरक्षण एवं नदी पुनरोद्धार सेमिनार में प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पानी की हर बूंद अमूल्य है और इसे बचाना केवल सरकार नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण और ड्रिप सिंचाई को समय की जरूरत बताया। रविवार दोपहर करीब 3:30 बजे आयोजित सेमिनार में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि यदि हर व्यक्ति अपनी दैनिक दिनचर्या में सिर्फ दो लोटा पानी भी बचाए, तो यह आने वाली पीढ़ियों के लिए बड़ा योगदान होगा। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण करना ही सच्चे अर्थों में राष्ट्र सेवा है। वर्षा जल को नालों में बहने से रोकने की अपील मंत्री ने कानपुरवासियों से अपील करते हुए कहा कि बारिश का पानी व्यर्थ होकर नालों में नहीं जाना चाहिए। इसके लिए हर घर, संस्थान और व्यावसायिक भवन में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए। साथ ही भूजल पुनर्भरण के लिए भी सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। वृक्षारोपण और जल संचयन पर दिया जोर स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि भविष्य में जल संकट से बचने के लिए वृक्षारोपण और जल संचयन सबसे प्रभावी उपाय हैं। यदि आज से गंभीरता के साथ इन पर काम किया जाए तो आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य दिया जा सकता है। किसानों को दी ड्रिप सिंचाई अपनाने की सलाह सेमिनार में मौजूद किसानों को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि खेती में पानी का उपयोग सोच-समझकर करना चाहिए। उन्होंने ड्रिप इरिगेशन (बूंद-बूंद सिंचाई) जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि इससे पानी की बचत होगी, फसल उत्पादन बढ़ेगा और मिट्टी की उर्वरता भी बनी रहेगी। 'जनभागीदारी के बिना नहीं बचेंगी नदियां' जलशक्ति मंत्री ने कहा कि नदियों के पुनरोद्धार का काम केवल सरकारी योजनाओं से पूरा नहीं हो सकता। इसके लिए समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब तक आम लोग जल संरक्षण और नदी बचाने के अभियान से नहीं जुड़ेंगे, तब तक स्थायी और प्रभावी परिणाम हासिल नहीं किए जा सकते।
कानपुर के बिठूर स्थित एक होटल में रविवार दोपहर 3.30 बजे भूजल संरक्षण एवं नदी पुनरोद्धार सेमिनार में प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जल की हर बूंद अमूल्य है और उसका संरक्षण केवल सरकार या किसी एक विभाग की जिम्मेदारी के साथ ही, हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपनी दैनिक दिनचर्या में दो लोटा पानी भी बचाता है, तो यह आने वाली पीढ़ियों के लिए बड़ा योगदान होगा। जल संरक्षण करना ही सच्चे अर्थों में राष्ट्र सेवा है। वर्षा जल को नालों में न बहने देंजलशक्ति मंत्री ने कानपुरवासियों से अपील करते हुए कहा कि वर्षा का पानी व्यर्थ होकर नालों में नहीं बहना चाहिए। इसके लिए हर घर, संस्थान और भवन में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को बढ़ावा देना जरूरी है। साथ ही भूजल पुनर्भरण की दिशा में भी सामूहिक प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण और जल संचयन ही भविष्य में जल संकट से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है। यदि आज से इस दिशा में गंभीरता से काम किया जाए, तो आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य दिया जा सकता है। किसानों से बोले- बूंद-बूंद सिंचाई अपनाएंसेमिनार में मौजूद किसानों को संबोधित करते हुए स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि खेती में पानी का उपयोग सोच-समझकर करना चाहिए। उन्होंने ड्रिप इरिगेशन (बूंद-बूंद सिंचाई) जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाने की सलाह दी। इससे पानी की बचत होगी, फसल उत्पादन बेहतर होगा और मिट्टी की उर्वरता भी बनी रहेगी। नदी पुनरोद्धार में जनभागीदारी जरूरीमंत्री ने कहा कि नदियों को पुनर्जीवित करने का काम केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं है। इसके लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है। जब तक आम लोग जल संरक्षण और नदी बचाने के अभियान से नहीं जुड़ेंगे, तब तक स्थायी परिणाम हासिल नहीं किए जा सकते।
बलिया में बारिश से उमस घटी, जलभराव:सड़कों पर पानी भरा, मौसम हुआ सुहाना
बलिया के नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में रविवार को हुई बारिश से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और लगभग 10 बजे से जिले के विभिन्न हिस्सों में कहीं तेज तो कहीं रिमझिम बारिश शुरू हो गई। यह सिलसिला दोपहर करीब तीन बजे तक रुक-रुक कर जारी रहा। जिला मुख्यालय सहित कई इलाकों में अच्छी बारिश के कारण सड़कों और मोहल्लों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। कई प्रमुख मार्गों तथा कॉलोनियों की गलियों में पानी भर जाने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वालों को जलभराव वाले रास्तों से होकर गुजरना पड़ा। हालांकि, इस बारिश ने लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत दिलाई। पिछले कई दिनों से गर्मी और उमस से परेशान लोगों ने मौसम में आए इस बदलाव का आनंद लिया। तापमान में गिरावट दर्ज होने से वातावरण सुहाना हो गया और लोगों ने राहत की सांस ली। बारिश के दौरान कई जगहों पर साइकिल और बाइक सवार भी भीगते हुए सफर का आनंद लेते नजर आए। बच्चों और युवाओं में भी बारिश को लेकर खासा उत्साह देखा गया। ग्रामीण क्षेत्रों में भी यह बारिश किसानों के लिए लाभदायक मानी जा रही है, क्योंकि इससे खेतों में नमी बढ़ी है और खरीफ फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार, जिले में अगले तीन दिनों तक मौसम का यही मिजाज बने रहने की संभावना है। विभाग ने बीच-बीच में बारिश और बादल छाए रहने का पूर्वानुमान जताया है। इससे पहले शनिवार की रात में भी रुक-रुक कर बारिश होती रही।
अपराधी मोहम्मद गनी जिला बदर:3 महीने तक 6 जिलों में नहीं कर सकेगा प्रवेश, 18 केस दर्ज आरोपी पर
रायपुर में लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त आदतन अपराधी मोहम्मद गनी को जिला बदर कर दिया गया है। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपी को तीन महीने के लिए छह जिलों की सीमा से बाहर रहने का आदेश जारी किया है। पुलिस के मुताबिक, 29 वर्षीय मोहम्मद गनी, पिता मोहम्मद रफीक, टिकरापारा थाना क्षेत्र के संतोषी नगर स्थित गौसिया मस्जिद के पास का रहने वाला है। उसके खिलाफ वर्ष 2016 से लगातार गंभीर आपराधिक मामले दर्ज होते रहे हैं। आरोपी के विरुद्ध मारपीट, जान से मारने की धमकी, नकबजनी, आर्म्स एक्ट और जुआ अधिनियम समेत कुल 18 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। पुलिस उपायुक्त पश्चिम के प्रतिवेदन पर निर्णय पुलिस उपायुक्त पश्चिम क्षेत्र द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर मामले की जांच की गई। जांच में सामने आया कि आरोपी के खिलाफ कई बार प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई थी, लेकिन उसके आपराधिक व्यवहार में कोई सुधार नहीं आया। उसके लगातार अपराधों के कारण क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा प्रभावित होने की आशंका बनी हुई थी। इन जिलों में नहीं कर पाएगा प्रवेश आपराधिक रिकॉर्ड और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद पुलिस कमिश्नर ने छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम की धारा 5(ख) के तहत आदेश जारी किया। इसके तहत मोहम्मद गनी को तीन महीने के लिए रायपुर, दुर्ग, धमतरी, महासमुंद, बलौदाबाजार और गरियाबंद जिले की राजस्व सीमा से निष्कासित कर दिया गया है।
उज्जैन में 11 दिन बाद कई इलाकों में बारिश:तेज उमस से थोड़ी राहत, अगले तीन दिन बूंदा-बांदी के आसार
मालवा अंचल सहित बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन और आसपास के इलाकों में लम्बे समय से बारिश की राह देख रहे लोगों के लिए रविवार का दिन थोड़ी राहत लेकर आया। दिनभर की तीखी धूप और भारी उमस के बाद शाम होते ही मौसम ने करवट बदली। आसमान में काले बादलों का डेरा जमा और देखते ही देखते शहर के कई इलाकों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का दौर शुरू हो गया। शहर में ही रुक-रुक कर बारिश से सड़के गीली हो गई। कई इलाकों में तेज बारिश भी हुई, झमाझम फुहारों से मौसम में कुछ हद तक ठंडक घुल गई और लोगों को पिछले कुछ दिनों से जारी उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत मिली। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस मानसूनी सीजन में इससे पहले बीती 7-8 जुलाई की रात को शहर में 0.7 इंच बारिश दर्ज की गई थी। इसके बाद से ही लोग अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे थे। रविवार शाम हुई वर्षा के बाद अब उज्जैन में कुल बारिश का आंकड़ा 426 मिमी तक पहुंच गया है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह बारिश फसलों के लिए अमृत साबित होगी। अगले तीन चार दिन बारिश की संभावना मौसम केंद्र भोपाल के वैज्ञानिकों के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नमी के कारण मालवा क्षेत्र में एक मजबूत वेदर सिस्टम बन रहा है। इसके प्रभाव से आगामी एक सप्ताह तक उज्जैन में सावन जैसी झड़ी देखने को मिल सकती है, जो खेती-किसानी के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी। मौसम विभाग की माने तो सोमवार से आसमान में बादल छाए रहेंगे। दोपहर या शाम के समय गरज-चमक के साथ एक या दो बार तेज बौछारें गिरने की संभावना है। अधिकतम तापमान 30C और न्यूनतम तापमान 24C के आसपास रहने का अनुमान है। मंगलवार को शहर के अधिकांश हिस्सों में गरज के साथ तेज बारिश और आंधी चलने के आसार हैं। गुरुवार-शुक्रवार से लगातार मानसूनी सिस्टम सक्रिय रहने के कारण इन दोनों दिन भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
एलएचवी/एएनएम संघ ऑफ राजस्थान ने प्रदेश में प्रसूता मृत्यु के मामलों को लेकर प्रमुख शासन सचिव की ओर से दिए गए बयानों का विरोध किया है। संघ की प्रदेश अध्यक्ष कमला मीणा के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने कहा कि किसी भी स्वास्थ्य संबंधी घटना के बाद कई सालों से फील्ड में काम कर रही एएनएम को ही दोषी ठहरा दिया जाता है, जबकि ऐसा करना सही नहीं है। संघ ने बिना जांच एएनएम को जिम्मेदार ठहराने की प्रक्रिया बंद करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि अगर बयान वापस नहीं लिए गए और एएनएम को बेवजह जिम्मेदार ठहराया गया तो पूरे प्रदेश में धरना-प्रदर्शन और कार्य बहिष्कार किया जाएगा। एएनएम के कामों की जानकारी दी जिला अध्यक्ष शकुन्तला कुमारी, महामंत्री हेमलता, संरक्षक सुनीता, कोषाध्यक्ष जनक कुमारी, प्रचार मंत्री सूपा देवासी, सलाहकार मंत्री हेमलता सहित ब्लॉक अध्यक्षों और अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि एएनएम टीकाकरण, परिवार कल्याण कार्यक्रम, मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया नियंत्रण, अलग-अलग सरकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार, ऑनलाइन रिपोर्टिंग, पीसीटीएस, यू-विन, लाइन लिस्टिंग, सर्वे और दूसरी स्वास्थ्य सेवाओं का काम करती हैं। प्रसूताओं की गहन जांच एएनएम की जिम्मेदारी नहीं संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि एएनएम प्रयोगशाला तकनीशियन या विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं होती। इसलिए प्रसूताओं की गहन चिकित्सकीय जांच की जिम्मेदारी उन पर नहीं डाली जानी चाहिए। उनका कहना है कि एएनएम अपने तय दायित्वों के अनुसार स्वास्थ्य सेवाएं देती हैं। बिना जांच दोषी ठहराने की परंपरा बंद करने की मांग संघ ने कहा कि एएनएम स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ हैं और निस्वार्थ भाव से अपनी सेवाएं दे रही हैं। इसलिए प्रसूता मृत्यु जैसे मामलों में बिना जांच एएनएम को दोषी ठहराने की परंपरा बंद की जानी चाहिए। आंदोलन और कार्य बहिष्कार की चेतावनी एलएचवी/एएनएम संघ ऑफ राजस्थान ने प्रमुख शासन सचिव के बयानों का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि अगर इस तरह के बयान वापस नहीं लिए गए और एएनएम को अनावश्यक रूप से जिम्मेदार ठहराया जाता रहा, तो पूरे प्रदेश में धरना-प्रदर्शन और कार्य बहिष्कार किया जाएगा। संघ ने कहा कि ऐसी स्थिति में इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
पंचकूला के पिंजौर क्षेत्र के गांव जट्टा माजरी निवासी 28 वर्षीय युवक की सड़क हादसे में मौत हो गई। युवक अपने चचेरे भाई के साथ ढाबे पर खाना खाने जा रहा था। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार सफेद कार ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। मुख्यमंत्री आवास, चंडीगढ़ में कार्यरत कुलबीर सिंह ने बताया कि 16 जुलाई की शाम वह ड्यूटी से घर लौटा था। रात को चचेरे भाई नरेश ने साथ में खाना खाने चलने की बात कही। दोनों अलग-अलग बाइक पर गांव से गिल ढाबा की ओर रवाना हुए। नरेश आगे चल रहा था जबकि कुलबीर पीछे था। रात करीब 9 से 9:15 बजे के बीच गिल ढाबे से कुछ पहले सड़क के कट के पास पीछे से आई एक सफेद कार ने नरेश की बाइक को तेज रफ्तार और लापरवाही से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि नरेश बाइक सहित सड़क किनारे लगे पत्थर और लोहे के बैरिकेड से टकराकर नीचे जा गिरा। कार ड्राइवर मदद की बजाए भाग गया हादसे के बाद कार ड्राइवर कुछ देर के लिए नीचे उतरा, लेकिन घायल की मदद करने के बजाय मौके से फरार हो गया। शिकायतकर्ता ने कार का नंबर CH-01-CU-9292 नोट कर लिया। राहगीरों की मदद से घायल नरेश को पहले शौरी अस्पताल पिंजौर ले जाया गया। वहां से सेक्टर-6 पंचकूला और बाद में पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया। इलाज के दौरान वहां पर अब डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 3 बच्चों का पिता था मृतक कुलबीर ने बताया कि नरेश कुमार 3 बच्चों का पिता था। उसके पास 8 साल, 6 साल व 3 साल का बेटा है। जिनका पालन पोषण करने के लिए वह ऑटो चलाता था।
मिर्जापुर के विंध्याचल थाना क्षेत्र में एक महिला ने अपने पति की संदिग्ध मौत को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। पाकीजा बेगम ने पुलिस अधीक्षक को दिए प्रार्थना पत्र में पड़ोसी रेशमा बेगम सहित पांच लोगों पर पति मोहम्मद असलम की हत्या का आरोप लगाया है। उन्होंने शव को कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। पाकीजा बेगम का आरोप है कि रेशमा बेगम ने शव परिजनों को सौंपने से पहले पांच लाख रुपए की मांग की। 50 हजार रुपये ऑनलाइन देने के बाद ही उन्हें शव छूने दिया गया और शेष 4.50 लाख रुपये बाद में देने की बात पर शव को दफनाने की अनुमति मिली। पाकीजा के अनुसार, 11 जुलाई 2026 को रेशमा बेगम अपने परिवार के साथ मोहम्मद असलम को बहला-फुसलाकर बोलेरो से हैदराबाद ले गई थी। 13 और 14 जुलाई की रात असलम ने अपने भतीजे से बात की थी और खुद को स्वस्थ बताया था। इसके बावजूद 14 जुलाई को गांव में उनके निधन की खबर फैल गई। 15 जुलाई को रेशमा बेगम एंबुलेंस से शव लेकर गांव पहुंचीं। आरोप है कि उन्होंने हाथ में चाकू लेकर शव को एंबुलेंस से नीचे नहीं उतरने देने की धमकी दी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। मृतक की पत्नी ने रेशमा पर पहले भी फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी देकर असलम से कई बार पैसे वसूलने का आरोप लगाया है। पाकीजा का दावा है कि शव पर कई जगह चोट के निशान थे और शरीर का रंग नीला पड़ गया था। इन्हीं संदेहों के चलते उन्होंने शव के पोस्टमार्टम की मांग की है। थाना प्रभारी अजीत सिंह ने बताया कि मृतक मोहम्मद असलम की दो पत्नियां हैं। शिकायत मिलने के बाद मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
भिवानी के सेक्टर-13 स्थित श्रीराम सामाजिक सेवा समिति कार्यालय में बैठक का आयोजन किया। बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए समिति की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। नई कार्यकारिणी में नरेंद्र शर्मा के कार्यों को देखते हुए उपस्थित समिति सदस्यों ने लागतार 21वीं बार प्रधान पद की जिम्मेवारी सौंपी। इसके साथ ही दीपक बंसल को संरक्षक, संजय गोयल को उपप्रधान, बलदेव शर्मा को सचिव तथा संदीप सचदेवा को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई। कार्यकारी सदस्यों में ललित अग्रवाल, अजय बनारसीदास गुप्ता, विकास अग्रवाल, चार्टेडड अकाउंटेंट बजरंगलाल जैन, डॉ. संजीव शर्मा, अमित डालमिया, विनोद जिंदल, नवीन गोयल, सीनियर इंजीनियर ओमबीर सिंह, विजय टुटेजा, सुभाष वर्मा, विक्रांत वासन, मनीष वैद्य , सुधीर शर्मा, उमाकांत शर्मा, संदीप गर्ग, कमांडर सुनील शर्मा, रजनीश सोनी, अजय शर्मा तथा मंगेराम चावला शामिल हैं। 4 सितंबर को मनाएंगे श्रीकृष्ण जन्माष्टमीनरेंद्र शर्मा ने कहा कि वे उन पर जताए गए विश्वास पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे। समिति पूरे वर्ष धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी। समिति सदस्यों ने निर्णय लिया कि 4 सितंबर को सेक्टर 13 में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव को भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा। जिसमें लगभग 500 कलाकार प्रस्तुति देंगे। इस कार्यक्रम में भिवानी के बाहर से भी कलाकारों को आमंत्रित किया जाएगा। समिति का मानना है कि यह आयोजन जिले के सबसे बड़े और आकर्षक कार्यक्रमों में से एक होगा। क्योंकि इस कार्यक्रम में विभिन्न प्रकार की भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं पर आधारित अनेकों झांकियां व अनेक सामुहिक नृत्यों की प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
आजमगढ़ में आठ ईरिक्शा चालकों को सौंपे गए रिक्शे:वाहन स्वामियों ने जताया आजमगढ़ पुलिस का आभार
आजमगढ़ जिले में एसएसपी डॉक्टर अनिल कुमार के निर्देश पर अपराधियों के विरुद्ध अभियान चलाया हुआ है। इस अभियान के तहत आजमगढ़ पुलिस ने चोरी के 8 ई रिक्शा के साथ-साथ 36 बैटरी 7 जुलाई को बरामद की थी। जिनकी कीमत 20 लाख रुपए से अधिक की बताई जा रही है। जिले में लगातार ई रिक्शा चोरी की शिकायतें मिल रही थी। ऐसे में इस घटना के खुलासे के लिए विशेष अपराध नियंत्रण टीम और सर्विलांस सेल को एक्टिव किया गया। जिसके बाद पुलिस ने इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था। ऐसे सभी बरामद ई रिक्शा को रविवार दोपहर 4 बजे कोतवाली बुलाकर वाहन स्वामियों को उनके सुपुर्द किया गया। वाहन पाकर स्वामियों ने आजमगढ़ पुलिस का जताया आभार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में थाना कोतवाली पुलिस, विशेष अपराध नियंत्रण टीम, चोरी अनावरण टीम एवं सर्विलांस सेल की संयुक्त कार्रवाई में बरामद की गई 8 चोरी की ई-रिक्शाओं को आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत संबंधित वाहन स्वामियों को सुपुर्द किया गया। अपनी चोरी हुई ई-रिक्शा वापस प्राप्त कर वाहन स्वामियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। सभी ने आजमगढ़ पुलिस की त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की सराहना करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ सहित पूरी पुलिस टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। वाहन स्वामियों ने कहा कि पुलिस की सक्रियता और पेशेवर जांच के कारण उन्हें उनका आजीविका का प्रमुख साधन पुनः प्राप्त हो सका।
हरियाणा के नारनौल रेवाड़ी रोड स्थित एनएच-152डी के निकट एक स्कूटी सवार महिला पीटीआई को अज्ञात डंपर द्वारा टक्कर मारने का मामला सामने आया है। घायल महिला का जयपुर के निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। शहर थाना पुलिस ने पीड़िता के बयान के आधार पर अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 281 और 125(ए) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। राजस्थान की रहने वाली पुलिस को दिए बयान में राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले के गांव गंडाला निवासी 43 वर्षीय राजेश देवी ने बताया कि वह नारनौल स्थित आरपीएस स्कूल में पीटीआई के पद पर कार्यरत हैं। बीते दिनों वह अपनी स्कूटी से नारनौल-रेवाड़ी रोड से एनएच-152डी की ओर जा रही थीं। नीले डंपर ने मारी टक्कर सुबह करीब 11:30 बजे वह होंडा शोरूम से करीब 500 मीटर आगे पहुंचीं, तभी पीछे से तेज गति और लापरवाही से आए एक नीले रंग के डंपर ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद राहगीरों और पुलिस की सहायता से उन्हें नागरिक अस्पताल नारनौल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। जयपुर चल रहा इलाज इसके बाद परिजन उन्हें पहले शहर के ही एक निजी अस्पताल में लेकर गए, मगर वहां इलाज सही नहीं होने के कारण बेहतर उपचार के लिए जयपुर स्थित दुर्लभजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनका इलाज जारी है। नहीं देख पाई नंबर पुलिस के अनुसार, घायल महिला डंपर का नंबर नहीं देख सकीं, लेकिन उन्होंने वाहन का रंग और प्रकार नीले रंग के डंपर के रूप में बताया है। शहर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर अज्ञात चालक की पहचान और वाहन की तलाश शुरू कर दी है। मामले की जांच जारी है।
सीकर शहर में एक नाबालिग कंस्ट्रक्शन साइट की छत की दीवार पर करीब 1 घंटे तक खड़ा रहा। बड़ी मशक्कत के बाद सिविल डिफेंस टीम ने रेस्क्यू करके उसे नीचे उतारा। फिलहाल नाबालिग को बाल सुधार गृह भेज दिया गया है। ठेकेदार की डांट से नाराज होकर छत पर चढ़ा पुलिस के अनुसार नाबालिग लड़के की उम्र 15 साल है। जिसका भाई एक कंस्ट्रक्शन साइट पर मजदूरी का काम कर रहा था। आज दोपहर में वह अपने भाई से मिलने वहां गया था। इसी दौरान वहां मौजूद ठेकदार ने उसे डांट दिया। ऐसे में नाबालिग पांचवी मंजिल की छत की दीवार पर जाकर खड़ा हो गया। साइट पर मौजूद अन्य लोगों ने इसकी सूचना पुलिस और सिविल डिफेंस टीम को दी। दोनों ने मौके पर पहुंचकर काफी समझाइश की, लेकिन नाबालिग वहां से पीछे आने को तैयार नहीं हुआ। न ही वह किसी बात का कोई जवाब दे रहा था। ऐसे में सिविल डिफेंस की टीम ने पानी की बोतल देने के बहाने उसका ध्यान भटकाया। सिविल डिफेंस के चार आदमी पीछे से दीवार पर आए। इसके बाद नाबालिग को नीचे उतार लिया गया। इसके बाद नाबालिग को मेडिकल के लिए हॉस्पिटल ले जाया गया। जहां से उसे बाल सुधार गृह में शिफ्ट कर दिया गया है।
बालाघाट के वारासिवनी थाना इलाके में, कोपे और डोंगरमाली के जंगल में 14 जुलाई को मिले 40 साल के राजेंद्र शरणागत के शव के मामले को पुलिस ने सुलझा लिया है। रविवार को पुलिस ने राजेंद्र की हत्या के आरोप में उसके ससुर राजेश चौहान और ससुर के दोस्त प्रभुदयाल बिसेन को गिरफ्तार कर लिया है। एसडीओपी विवेक सिंह ने रविवार को कंट्रोल रूम में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे मामले की जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, राजेंद्र अक्सर अपनी पत्नी के साथ मारपीट करता था। साथ ही, उसने अपने ससुर राजेश चौहान से करीब एक लाख रुपए उधार ले रखे थे, जिसे वह लगातार वापस मांग रहा था। इन दोनों बातों से परेशान होकर ससुर राजेश ने अपने दोस्त प्रभुदयाल के साथ मिलकर दामाद को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। जंगल में पार्टी दी, फिर गमछे से घोंट दिया गला तय प्लान के मुताबिक, 13 जुलाई को राजेश और प्रभुदयाल, राजेंद्र को शराब पिलाने के बहाने एक ढाबे पर ले गए। वहां से उन्होंने मीट और शराब पैक कराई और कोपे समेत डोंगरिया के जंगल के बीच पहुंच गए। जंगल में तीनों ने बैठकर फिर से शराब पी और मीट खाया। इसी बीच, राजेंद्र का अपने ससुर से पत्नी के साथ मारपीट और उधार के पैसों को लेकर झगड़ा शुरू हो गया। बहस इतनी बढ़ गई कि राजेश ने अपने दोस्त प्रभुदयाल के साथ मिलकर राजेंद्र के गले को गमछे से कस दिया, जिससे दम घुटने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। दामाद की जान लेने के बाद दोनों आरोपी उसकी लाश को वहीं जंगल में छोड़कर भाग निकले। जमीन बेचने के बाद पैसों के लेनदेन पर बढ़ा था विवाद एसडीओपी विवेक सिंह ने बताया कि राजेंद्र की पत्नी हमेशा अपने पिता राजेश को बताती थी कि राजेंद्र शराब के नशे में उसे बहुत मारता-पीटता है। इसके अलावा, राजेंद्र ने हाल ही में अपनी खुद की जमीन लाखों रुपए में बेची थी, जिसमें से उसने करीब एक लाख रुपए राजेश को उधार दिए थे। राजेंद्र लगातार ससुर राजेश पर वे पैसे वापस करने का दबाव बना रहा था। बेटी की पिटाई और पैसे वापस मांगने की जिद से गुस्साए ससुर ने अपने दोस्त के साथ मिलकर दामाद की हत्या कर दी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को पकड़कर इस अनसुलझे मर्डर केस का खुलासा कर दिया है।
सोनभद्र में शहरों को साफ-स्वच्छ एवं सुंदर बनाने की प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप सोनभद्र जिला प्रशासन ने एक अनूठी पहल की है। सोनभद्र जिला प्रशासन ने रॉबर्ट्सगंज फ्लाईओवर के नीचे नगरीय सुविधाएं विकसित करने का निर्णय लिया है। यह पहल कनाडा के टोरंटो शहर में फ्लाईओवर के नीचे बने विश्व प्रसिद्ध अंडरपास पार्क की तर्ज पर की जा रही है। इस परियोजना पर लगभग चार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि सोनभद्र को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में रॉबर्ट्सगंज फ्लाईओवर के नीचे लगभग एक किलोमीटर क्षेत्र को संवारने का निर्णय लिया गया है। इस क्षेत्र को तीन मुख्य जोन में बांटा जाएगा। स्पोर्ट्स जोन में बच्चों के लिए आधुनिक झूले लगाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, बैडमिंटन कोर्ट, बास्केटबॉल कोर्ट और क्रिकेट नेट का निर्माण भी होगा। नगरवासियों के लिए एक ओपन जिम भी स्थापित किया जाएगा, जहाँ वे शारीरिक व्यायाम कर सकेंगे। फ्लाईओवर के नीचे एक फूड जोन भी विकसित किया जाएगा, जहाँ नगरवासी विभिन्न व्यंजनों का स्वाद ले सकेंगे। इसके साथ ही, एक ग्रीन जोन भी बनाया जाएगा, जिसमें सजावटी पौधे लगाए जाएंगे। इस जोन में 'ट्रिपल आर' (रिड्यूस, रियूज और रिसाइकल) के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्लास्टिक और रबर जैसी सामग्रियों से बने आकर्षक स्कल्पचर लगाए जाएंगे। इस स्थान को आकर्षक बनाने के लिए मनमोहक वॉल पेंटिंग की जाएगी। नगरवासियों के बैठने के लिए आरामदायक और सुंदर स्थान भी विकसित किए जाएंगे। स्पोर्ट्स, फूड और ग्रीन जोन को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया जाएगा ताकि यह स्थान शहर का प्रमुख आकर्षण केंद्र बन सके। यातायात बाधित न हो, इसके लिए फ्लाईओवर के नीचे ही उचित स्थान पर पार्किंग की व्यवस्था भी की जाएगी। जिलाधिकारी ने बताया कि समस्त कार्य नॉर्दर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) के सीएसआर मद के तहत कराए जाएंगे। विकसित की जाने वाली सभी सुविधाओं की कार्ययोजना तैयार कर ली गई है, जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
रेवाड़ी में शनिवार को रूटीन चैकिंग के दौरान एक स्कूल बस को ट्रैफिक पुलिस ने नंबर प्लेट न होने के कारण रोका। जांच के दौरान ड्राइवर नशे की हालत में पाया गया। बस में छुट्टी के बाद घर जा रहे बच्चे और एक शिक्षिका सवार थे। ट्रैफिक एसएचओ ताराचंद ने बताया कि गढ़ी बोलनी रोड स्थित पोसवाल चौक के पास पुलिस की नजर बिना नंबर प्लेट वाली स्कूल बस पर पड़ी। बस को तुरंत रोका गया। ड्राइवर के मुंह से शराब की तेज गंध आ रही थी। अल्कोहल मीटर से जांच करने पर उसके शरीर में 30 से अधिक यूनिट अल्कोहल पाई गई। 10 हजार रुपए का चालान काटा यह बस एक इंटरनेशनल स्कूल के बच्चों को छुट्टी के बाद घर छोड़ने जा रही थी। ड्राइवर पूरी तरह नशे में धुत था। पुलिस ने ड्राइवर का 10 हजार रुपए का चालान काटा, बस जब्त कर ली और उसके ड्राइविंग लाइसेंस को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक यह स्कूल की नई बस थी जिसका अभी तक पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) नहीं कराया गया था। पुलिस ने चेसिस नंबर के आधार पर चालान जारी किया। बस में सवार शिक्षिका और बच्चों को दूसरे वाहन की व्यवस्था कर सुरक्षित उनके घरों तक पहुंचाया गया। 'बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा' यह रेवाड़ी में इस तरह का पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी स्कूल बस चालकों के नशे में पकड़े जाने के कई मामले सामने आ चुके हैं। अभिभावकों ने स्कूल संचालकों के खिलाफ ठोस कार्रवाई न होने पर नाराजगी जताई है और स्कूल प्रबंधन पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने कहा है कि बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे चालकों और संबंधित स्कूलों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। अभिभावकों ने अपील की है कि स्कूल बसों के चालकों की नियमित जांच की जाए और बसों का पंजीकरण समय पर पूरा किया जाए, ताकि बच्चों की जान को कोई खतरा न हो।
झांसी में आईजी ऑफिस के पास 2 छात्रों को बेरहमी से पीटा गया, जबकि एक छात्र ने शॉप में घुसकर अपनी जान बचाई। तीनों छात्र कॉफी पीकर स्कूटी से घर लौट रहे। रास्ते में 10 से 15 आरोपी पीछे लग गए और 3 बाइकों और कार से स्कूटी को घेर लिया। यह देख एक छात्र दौड़कर शॉप के अंदर घुस गया। इसके बाद आरोपियों ने दो छात्रों पर जमकर लात-घुसे बरसाए और भाग गए। घटना 15 जुलाई की रात लगभग 12:30 बजे की है। जिसका सीसीटीवी फुटेज भी है। पीड़ित छात्र ने चौकी में तहरीर दी। कार्रवाई नहीं होने पर पीड़ित छात्र ने मारपीट का वीडियो रविवार दोपहर 2 बजे सोशल मीडियो पर वायरल कर दिया। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना नवाबाद थाना क्षेत्र की है। अब पूरा मामला विस्तार से पढ़िए खुशीपुरा मोहल्ला स्थित विपिन विहारी इंटर कॉलेज के पास रहने वाले दानिश बक्श (19) ने बताया- मैं एसआरजीआई इंजीनियरिंग कॉलेज में बीसीए थर्ड सेमेस्टर में पढ़ रहा हूं। 29 अप्रैल को कॉलेज में कॉन्सर्ट था। जहां मैं अपने दोस्त के साथ कार से पहुंचा था। कार्यक्रम खत्म होने पर पार्किंग में पहुंचे तो कार के पीछे बुलेट लेकर हर्ष नाम का युवक खड़ा था। जो हमारे कॉलेज में नहीं पढ़ता। बुलेट की वजह से कार नहीं निकल पा रही थी। तब उसे बुलेट हटाने को कहा तो झगड़ा हो गया। तभी से हर्ष रंजिश रखने लगा। घर जाकर पिता ने मांगी थी माफी दानिश के पिता इकराम ने बताया- विवाद बढ़ने पर मेरे बेटे दानिश ने मुझे पूरे मामले की जानकारी दी। तब मैं हर्ष के घर गया और उसे समझाया। हर्ष मेरे बेटे की गलती बताने लगा। तब मैंने बेटे की तरफ से माफी मांग ली थी। कहकर आया कि शाम को घर आना तो बेटे से भी माफी मंगवा देंगे। मगर वो घर नहीं आया। सोचा था कि सब निपट गया। इसके बाद बेटे ने बताया कि हर्ष अपने साथियों के साथ हमें घेरने की कोशिश कर रहा है। मगर मैंने ज्यादा गौर नहीं किया। सोचा कि जब माफी मांग चुके हैं, तो अब कुछ नहीं करेगा। कॉफी पीकर निकले तो पीछे लग गए छात्र दानिश ने आगे बताया- 15 जुलाई की रात लगभग 12:30 बजे अपने दो दोस्तों के साथ इलाहाबाद बैंक चौराहे से आगे आईजी ऑफिस के पास 247 शॉप में गए थे। वहां हम तीनों ने कॉफी पी और फिर बाहर आए। देखा तो हर्ष अपने साथियों के साथ खड़ा था। हम तीनों स्कूटी से घर के लिए निकल पड़े। तब वे हमारे पीछे लग गए और स्कूटी में लात मारने लगे। उनके हाथों में धारदार हथियार दिखे। तब हम तीनों ने कट से स्कूटी को मोड़ लिया और वापस 247 शॉप के पास पहुंच गए। वहां हर्ष और उसके साथियों ने 3 बाइकों और कार से हमारी स्कूटी को चारों तरफ से घेर लिया। तब मैं स्कूटी से नीचे उतरा और दौड़कर 247 शॉप के अंदर घुस गया। आरोपी मुझे पकड़ने दौड़े, लेकिन पकड़ नहीं पाए। इसके बाद मेरे दोनों दोस्तों को बुरी तरह पीटा। लात-घूसे मारे। दोस्तों से कहकर गए कि हम दानिश को छोड़ेंगे नहीं। इसके बाद भाग गए। घर से नहीं निकल रहा छात्र पिता इकराम ने बताया- मारपीट के बाद मेरा बेटा दानिश बुरी तरह सहमा हुआ है। डर के मारे वो घर से बाहर नहीं निकल रहा है। हम चाहते हैं कि मेरा बेटा सेफ हो जाए। आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई हो। ताकि आरोपी आगे से किसी छात्र के साथ इस तरह की हरकत न करें। मुझे पता चला कि हर्ष ने जनवरी 2026 में एक अन्य छात्र के साथ मारपीट की थी। उसमें भी एफआईआर हुई थी। अगर हम चुप हो गए तो वो आगे किसी और के साथ मारपीट करेगा। इसलिए कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। जांच कर रहे हैं नवाबाद थाना प्रभारी रवि श्रीवास्तव ने बताया कि वीडियो संज्ञान में आया। लेकिन अभी तक परिजनों ने तहरीर नहीं दी है। वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
आचार्य सुबल सागर महाराज का मंगल प्रवेश:इंदिरा नगर जैन मंदिर में शिष्यों और संतों संग पहुंचे
दिगंबर जैन परंपरा के आचार्य सुबल सागर महाराज ने रविवार को अपने शिष्यों और आठ संतों के साथ लखनऊ के इंदिरा नगर स्थित जैन मंदिर में मंगल प्रवेश किया। आचार्य संघ के स्वागत में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिससे पूरे मार्ग पर उत्साह का माहौल रहा। प्रवेश के दौरान हुई हल्की बारिश को श्रद्धालुओं ने शुभ माना। जयघोष और भजनों से पूरा इंदिरा नगर क्षेत्र भक्तिमय हो गया। आचार्य सुबल सागर महाराज इस वर्ष लखनऊ में ही चातुर्मास करेंगे। सिद्धचक्र महामंडल विधान का आयोजन किया जाएगा जैन समाज के महामंत्री अभिषेक जैन ने बताया कि आचार्य के सानिध्य में 21 जुलाई से जैन मंदिर में आठ दिवसीय 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन में देश-विदेश और स्थानीय स्तर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद है। जिनशासन प्रभावना चातुर्मास समिति के अध्यक्ष संजीव जैन के अनुसार, गुरु पूर्णिमा पर चातुर्मास कलश स्थापना का मुख्य कार्यक्रम इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान (IGP) में आयोजित होगा। पी.के जैन ने सभी श्रद्धालुओं से सपरिवार पहुंचकर गुरु का आशीर्वाद लेने की अपील की है। इस मंगल प्रवेश के अवसर पर लखनऊ के अलावा सिधौली, बाराबंकी, सीतापुर, बिसवां और हरदोई सहित कई जिलों से सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचे थे।
शहर के विभिन्न वार्डों में हुए जलभराव के पीछे नालों की ठीक से सफाई न होना भी कारण है। नगर निगम की ओर से पिछले कुछ वर्षों से शहर को सफाई की दृष्टि से 10 जोन में बांटा गया था। सफाई व्यवस्था से जुड़े कुछ कर्मचारी प्रमोट होकर इंसपेक्टर बन चुके हैं, उन्हें ही इन वार्डों की जिम्मेदारी दी गई। लेकिन कछ महीने पहले कुछ पार्षदों की ही मांग पर सफाई के जोन भी राजस्व जोन के बराबर कर दिए गए। राजस्व के लिहाज से नगर निगम 5 जोन में बंटा है। जोन कम होने से निरीक्षक भी कम किए गए। शुरू से जो लोग सफाई का जिम्मा संभाल रहे थे, उनकी जगह सीधी भर्ती से आए निरीक्षकों को जिम्मेदारी मिल गई। इनमें से कई निरीक्षक दूसरे जिलों के हैं, जिससे उन्हें पर्याप्त अनुभव नहीं था और उसका खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ा। पहले एक सफाई जोन में 8 वार्ड थे, अब 16 पहले एक सफाई जोन में 8 वार्ड थे। उस जोन के बारे में बेहतर तरीके से जानने वाले निरीक्षक ही वहां की जिम्मा संभालते थे। हर जोन के पास जेसीबी, पोकलेन एवं अन्य उपकरण मौजूद थे। सफाई के लिए पार्षदों से भी बेहतर संवाद हो जाता था। लेकिन बाद में यह व्यवस्था बदल दी गई। जब राजस्व की तरह 5 जोन ही हुए तो एक जोन में वार्डों की संख्या 16 हो गई। ऐसे में पार्षदों का आरोप है कि सफाई ठीक से नहीं हो पायी। उनका कहना है कि पुरानी व्यवस्था ही ज्यादे उचित थी। जानिए क्या कहते हैं पार्षद बेतियाहाता के पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी का कहना है कि सफाई को लेकर शहर को 10 जोन में बांटा गया था। वह व्यवस्था ठीक थी। लेकिन बाद में इसे 5 जोन में कर दिया गया। अब सफाई का मैनेजमेंट ठीक से नहीं हो पा रहा है। एक साथ 16 पार्षदों की बताई जगहों पर पहुंच पाना भी आसान नहीं है। एक बार फिर पुरानी व्यवस्था लागू की जानी चाहिए। बोर्ड ने फिर से दी है पुरानी व्यवस्था को मंजूरी पार्षद विश्वजीत कहते हैं कि यह मामला नगर निगम की सदन बैठक में रखा गया था। सभी पार्षदों की सहमति से इसे पास भी किया गया लेकिन अभी तक इसे लागू नहीं किया गया। जब यह पास हुआ, उस समय के अधिकतर अधिकारी ट्रांसफर हो चुके हैं। नगर आयुक्त अजय जैन का कहना है कि इस मामले को कल संज्ञान में लाया गया है। इस पूरी व्यवस्था का अध्ययन कर इसे लागू करने पर विचार किया जाएगा।
केंद्र सरकार द्वारा अमेरिका के साथ किए जा रहे प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के खिलाफ किसान संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। भारतीय किसान यूनियन (एकता डकौंदा) लुधियाना के ब्लॉक जगराओं की एक विशेष बैठक आज ब्लॉक अध्यक्ष तरसेम सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के आह्वान पर आगामी 22 जुलाई को चौकीमान टोल प्लाजा पूर्ण रूप से जाम करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। बैठक में विशेष रूप से पहुंचे बीकेयू (एकता डकौंदा) के जिला अध्यक्ष जगतार सिंह देहड़का ने किसानों को लामबंद होने का आह्वान किया। बैठक की जानकारी साझा करते हुए ब्लॉक सचिव रछपाल सिंह नवां डल्ला ने बताया कि केंद्र सरकार अमेरिका के कॉर्पोरेट दबाव में आकर यह व्यापार समझौता करने जा रही है। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि यदि यह फ्री ट्रेड एग्रीमेंट लागू होता है, तो इससे भारत के कृषि क्षेत्र, डेयरी सेक्टर और स्थानीय लघु उद्योगों पर बेहद नकारात्मक व विनाशकारी प्रभाव पड़ेगा। देश के किसानों और मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए इस समझौते का हर स्तर पर कड़ा विरोध किया जाएगा। लखीमपुर खीरी मामले के फैसले पर जताई गहरी नाराजगी बैठक के दौरान सिर्फ व्यापार समझौते का ही विरोध नहीं हुआ, बल्कि लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में आए हालिया फैसले को लेकर भी किसान नेताओं में भारी रोष देखा गया। मामले के आरोपियों को बरी किए जाने पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए किसान नेताओं ने इस फैसले की तीखी आलोचना की और न्याय प्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा। चौकीमान टोल प्लाजा तक निकाला मार्च, बड़ी लामबंदी की अपील बैठक की समाप्ति के बाद सभी किसान नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर एकजुटता का संदेश देते हुए चौकीमान टोल प्लाजा तक एक रोष मार्च भी निकाला। यूनियन नेताओं ने जगराओं और आसपास के क्षेत्रों के सभी किसानों, मजदूरों व आम जनता से अपील की है कि वे देश की खेती और भविष्य को बचाने के लिए 22 जुलाई को होने वाले टोल प्लाजा जाम प्रदर्शन में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों सहित बड़ी से बड़ी संख्या में भाग लें। इस महत्वपूर्ण बैठक और मार्च के दौरान निर्मल सिंह भम्मीपुरा, गुरतेज सिंह अखाड़ा, करमजीत सिंह काउंके, लखमेर सिंह देहड़का, गुरदीप सिंह लकी, बाबा लक्खा, सरूप सिंह, हरदेव सिंह अखाड़ा और कुंडा सिंह काउंके सहित बड़ी संख्या में स्थानीय किसान और यूनियन के पदाधिकारी मौजूद रहे।
सीतापुर के तंबौर नगर पंचायत के मोहल्ला अहमदाबाद गंज पूर्वी में बदहाल सड़क और जलभराव को लेकर स्थानीय लोगों द्वारा शनिवार को सड़क पर धान की रोपाई कर किए गए अनोखे विरोध प्रदर्शन का असर रविवार दोपहर करीब 2 बजे देखने को मिला। मामला सुर्खियों में आने के बाद नगर पंचायत प्रशासन हरकत में आया और अधिशासी अधिकारी सुभाष चंद्र सिंह करीब 20 कर्मचारियों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने सड़क का निरीक्षण कर स्थानीय लोगों से बातचीत की अस्थाई समाधान कराते हुए जल्द स्थाई राहत दिलाने का आश्वासन दिया। बताया जाता है कि अहमदाबाद गंज पूर्वी से होकर प्रतिदिन हजारों ग्रामीणों का आवागमन होता है। लंबे समय से सड़क जर्जर हालत में है और बरसात के दौरान जलभराव होने से राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने समस्या का समाधान नहीं कराया। इसके विरोध में ग्रामीणों ने शनिवार को सड़क के गड्ढों में धान की रोपाई कर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया था। विरोध प्रदर्शन की खबर सुर्खियां बनने के बाद तंबौर नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी सुभाष चंद्र सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और तत्काल राहत के लिए सड़क पर राविश और ईंट डलवाकर बरसात के दौरान आवागमन सुचारु रखने की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि बारिश समाप्त होने के बाद सड़क का स्थायी निर्माण कराया जाएगा। स्थानीय निवासी आकिब अंसारी और नफीस अहमद ने बताया कि वर्षों से खराब सड़क के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। बरसात में जलभराव से स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बार प्रशासन केवल आश्वासन नहीं, बल्कि स्थायी समाधान भी करेगा। फिलहाल नगर पंचायत ने अस्थायी मरम्मत की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि बरसात के बाद सड़क निर्माण का वादा कितना जल्द धरातल पर उतरता है।
सुल्तानपुर में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने राम मंदिर में चंदा चोरी के आरोपों को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर भगवान का घर सुरक्षित नहीं है, तो सरकार क्या कर रही है। कादीपुर विधानसभा क्षेत्र के दोस्तपुर में रविवार 3:30 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री को लिखी चिट्ठी और राम मंदिर में चंदा चोरी के आरोपों से जुड़े सवाल पर विश्वनाथ पाल ने अपनी क्षेत्रीय भाषा (अवधी) में तंज कसा। उन्होंने कहा, चोरी चाहे तोहरे घरे हुए, चाहे हमरे घरे हुए, ई तो भगवान के घरे होइ गइ। अगर भगवान के घर नहीं बच पावत है, तो यह सरकार का करती है, एकर आप ध्यान द्या। इसका अर्थ है कि चोरी चाहे आपके घर हो या हमारे, यहां तो भगवान के घर ही चोरी हो गई। अगर सरकार भगवान का घर भी सुरक्षित नहीं रख पा रही है, तो वह आखिर क्या कर रही है, इस पर ध्यान देने की जरूरत है। विश्वनाथ पाल ने बताया कि यह बैठक किसी विशेष सुरक्षित सीट के लिए नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में ओबीसी सामाजिक भाईचारा संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से की जा रही है। उन्होंने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनावों में बसपा को सत्ता में वापस लाने के लिए बहन कुमारी मायावती के निर्देशों पर पूरे प्रदेश में ऐसी बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इनका लक्ष्य ओबीसी और अन्य पिछड़े समाजों को बसपा द्वारा किए गए कार्यों के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि बसपा के बढ़ते जनाधार को देखकर मौजूदा सरकार घबरा गई है। इसी घबराहट के चलते बसपा के जिला संयोजकों और कार्यकर्ताओं को 'हाउस अरेस्ट' (नजरबंद) कर दिया गया था। विश्वनाथ पाल ने बताया कि उन्होंने इस मामले को लेकर कप्तान से बात करने की कोशिश की, लेकिन वे व्यस्त रहे। बाद में उन्होंने डीआईजी से संपर्क किया, जिसके बाद कार्यकर्ताओं को रिहा किया गया। उन्होंने इस घटना को लोकतंत्र के लिए बेहद दुखद बताया। उन्होंने साल 2024 के लोकसभा चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि एक तरफ एनडीए में 38 दल और दूसरी तरफ इंडिया गठबंधन में 28 दल मिलकर चुनाव लड़ रहे थे। उन्होंने कहा कि अलग-अलग दल इसलिए बनते हैं क्योंकि सबकी विचारधारा अलग होती है, लेकिन सिर्फ सत्ता की 'कुर्सी' के लिए सभी ने अपनी विचारधारा को ताक पर रखकर गठबंधन कर लिया। उन्होंने विपक्षी दलों को चुनौती देते हुए कहा कि अगर वे खुद को मजबूत समझते हैं, तो बसपा की तरह अकेले चुनाव लड़कर दिखाएं, जिससे सभी की असली हैसियत का पता चल सके।कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष सर्वेंद्र अंबेडकर, पूर्व लोकसभा प्रत्याशी अमेठी एवं जिला संयोजक नन्हे सिंह चौहान, पूर्व लोकसभा प्रत्याशी उदयराज वर्मा, पूर्व जिला अध्यक्ष सुरेश गौतम, दीपक भारती, वरिष्ठ बसपा नेता अली रिजवान राणा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष अजीत कुमार विक्की सहित पिछड़ा वर्ग के सैकड़ों कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर पिछड़े वर्ग के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अन्य दलों को छोड़कर बसपा की सदस्यता ग्रहण की। प्रदेश अध्यक्ष ने सभी नवागतों को पार्टी का पटका पहनाकर सदस्यता दिलाई।
अयोध्या में मिले शव की 3 दिन बाद हुई पहचान:बाराबंकी का रहने वाला था, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार
अयोध्या के रूदौली सर्किल के मवई थाना क्षेत्र में 16 जुलाई को नदी में मिले अज्ञात शव की पहचान तीन दिन बाद रविवार 19 जुलाई को हो गई है। मृतक की शिनाख्त बाराबंकी जिले के असंदरा थाना क्षेत्र के लोधपुरवा मजरे अमहिया निवासी 42 वर्षीय उत्तमचंद्र के रूप में हुई। उत्तमचंद्र बचपन से मानसिक रूप से विक्षिप्त थे और 14 जुलाई की रात अपने घर से लापता हो गए थे। परिजनों ने 15 जुलाई को असंदरा थाने में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। जानकारी के अनुसार, मवई थाना क्षेत्र के मल्लहन पुरवा मजरे द्वारिकापुर के निकट नदी में 16 जुलाई की दोपहर करीब एक बजे स्थानीय लोगों ने एक शव उतराता हुआ देखा था। सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष मनोज यादव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पहचान कराने का प्रयास किया। हालांकि, तत्काल शव की शिनाख्त नहीं हो सकी थी। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए पंचायतनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए मर्चरी हाउस भेज दिया था। साथ ही, शव की पहचान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर साझा की गईं। आसपास के थानों से भी संपर्क कर गुमशुदा व्यक्तियों की जानकारी जुटाई गई। लगातार प्रयासों के बाद रविवार, 19 जुलाई की शाम करीब चार बजे मृतक के बड़े भाई पुरुषोत्तम दास मर्चरी हाउस पहुंचे। उन्होंने शव की पहचान अपने भाई उत्तमचंद्र के रूप में की। पुरुषोत्तम दास ने पुलिस को बताया कि उत्तमचंद्र बचपन से मानसिक रूप से विक्षिप्त थे और अक्सर बिना बताए घर से निकल जाते थे। इस बार भी वह 14 जुलाई की रात घर से चले गए थे, जिसके बाद उनकी तलाश की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। थानाध्यक्ष मनोज यादव ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। पुलिस मामले के अन्य पहलुओं से भी जांच कर रही है।
बिजनौर के हल्दौर में रविवार को अपना दल (एस) का जिला स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में राष्ट्रीय सचिव अलका पटेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उनके साथ जिला अध्यक्ष शैलेंद्र चौधरी, जिला महासचिव शाहिद सिद्दीकी और बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के मद्देनजर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में, यह सम्मेलन रविवार दोपहर लगभग 2 बजे बिजनौर के हल्दौर क्षेत्र स्थित एक निजी बैंक्वेट हॉल में आयोजित किया गया। इसमें सैकड़ों की संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद थे। सम्मेलन को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष शैलेंद्र चौधरी ने घोषणा की कि अपना दल (एस) आगामी विधानसभा चुनाव में जिले की नजीबाबाद और नगीना सीटों पर अपनी दावेदारी पेश करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि गठबंधन के तहत ये दोनों सीटें पार्टी को मिलती हैं, तो वे भारी बहुमत से जीत दर्ज करेंगी। चौधरी ने यह भी कहा कि पिछली बार इन सीटों पर एनडीए का प्रत्याशी विजयी नहीं हुआ था, लेकिन इस बार पार्टी इन सीटों पर जीत हासिल करके दिखाएगी। उन्होंने नजीबाबाद विधानसभा सीट पर पार्टी के मजबूत संगठन का उल्लेख किया, जहां प्रत्येक बूथ पर कार्यकर्ता सक्रिय हैं। उन्होंने दावा किया कि अपना दल (एस) में अन्य पार्टियों की तुलना में सर्वाधिक महिला कार्यकर्ता हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने पार्टी को दलितों और वंचितों की आवाज उठाने वाली एकमात्र पार्टी बताया। नवनियुक्त जिला महासचिव शाहिद सिद्दीकी ने पार्टी और जिला अध्यक्ष के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार अपना दल (एस) एक दर्जन से अधिक विधायकों के साथ कार्य कर रहा है, उसी तरह पश्चिमी उत्तर प्रदेश और बिजनौर जिले में भी पार्टी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएगी। सिद्दीकी ने 2027 के चुनावों में जीत का भरोसा जताते हुए पार्टी के लिए कड़ी मेहनत, लगन और ईमानदारी से काम करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर अन्य प्रमुख उपस्थित लोगों में शमशेर, परवेज़ आलम, डॉ. अखलाक अहमद, यूसुफ अब्बासी, हाजी आरिफ अहमद, अनीस अहमद, रिजवान अहमद, जिला उपाध्यक्ष सरदार अभिषेक कुमार, मोहम्मद इरफान, नगर महासचिव जावेद सिद्दीकी, विधानसभा अध्यक्ष नरेश चौहान, किशोर कुमार और दुष्यंत कुमार शामिल थे।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में स्नेक बाइट से फर्जी मौत दिखाकर मुआवजा दिलाने के बहुचर्चित मामले में पुलिस ने सिम्स में पदस्थ रहीं महिला डॉक्टर डॉ. प्रियंका सोनी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने दो मामलों में स्नेक बाइट से मौत की फर्जी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट तैयार की थी। मामला तोरवा थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, तहसील कार्यालय के नायब नाजीर की शिकायत पर महमंद निवासी निसार खान और लता सूर्यवंशी की संदिग्ध मौत के मामलों में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच में सामने आया कि दोनों शवों का पोस्टमार्टम तत्कालीन सिम्स चिकित्सक डॉ. प्रियंका सोनी ने किया था और स्नेक बाइट से मौत होने की फर्जी रिपोर्ट तैयार की गई थी। इसी आधार पर पुलिस ने 18 जुलाई को फरार चल रही डॉक्टर को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। बता दें कि इससे पहले इस मामले में दो मृतकों के रिश्तेदार और एक वकील समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इसके अलावा स्नेक बाइट के 15 मामलों की जांच के दायरे में 4-5 और डॉक्टर भी हैं। रिश्तेदार और वकील पहले ही जा चुके हैं जेल इन दोनों मामलों में मृतक निसार खान की पत्नी सफीना बानो, लता सूर्यवंशी के पति संतोष सूर्यवंशी और वकील रंजीत कुमार चतुर्वेदी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। वहीं, इस पूरे नेटवर्क का मुख्य आरोपी बताए जा रहे वकील श्रवण वस्त्रकार अब भी फरार हैं। पुलिस के अनुसार, वह लंबे समय से गंभीर बीमारी का इलाज करा रहा है। सिविल लाइन थाने में भी दर्ज है मामला डॉ. प्रियंका सोनी के खिलाफ सिविल लाइन थाने में भी एक अलग मामला दर्ज है। आरोप है कि तालापारा निवासी पवन यादव की मौत को उन्होंने स्नेक बाइट बताया था, जबकि जांच में मौत का कारण हार्ट अटैक निकला। इस मामले में पवन यादव की पत्नी और एक अन्य आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है। सिविल लाइन पुलिस अब जेल से प्रोडक्शन वारंट पर डॉक्टर को हिरासत में लेकर पूछताछ करेगी। 2 दिन पहले 4 आरोपी गिरफ्तार 16 जुलाई को सरकंडा थाना पुलिस ने फर्जी स्नेक बाइट के पांच मामलों में कार्रवाई करते हुए वकील हीराप्रसाद खाण्डेकर, बैंककर्मी कुशकुमार गुप्ता, कथित वकील महेन्द्र कुमार और तहसीलदार के दैनिक वेतनभोगी चालक गोविंद विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। एक साल पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी साल 2025 में बिल्हा थाना क्षेत्र में जहर खाने से हुई एक मौत को स्नेक बाइट बताकर फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार करने का पहला मामला सामने आया था। उस मामले में भी डॉ. प्रियंका सोनी, मृतक के परिजन और एक वकील को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। कई डॉक्टर जांच के दायरे में पुलिस के मुताबिक जिले में फर्जी स्नैक बाइट से मौत दिखाकर मुआवजा दिलाने के 15 मामलों की जांच चल रही है। सभी मामलों की समीक्षा कर सबूत जुटाए जा रहे हैं। जांच के दायरे में सिम्स के 4 से 5 डॉक्टर भी हैं, जिन पर फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार करने का संदेह है। कुछ डॉक्टरों से पूछताछ की जा चुकी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।
बस्ती में जुलाई में कम बारिश:पंपिंग सेट से धान की रोपाई, किसान कर रहे अच्छी बरसात का इंतजार
बस्ती जिले में इस वर्ष जुलाई माह में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। इसके बावजूद धान की रोपाई का कार्य जारी है। पिछले वर्ष जुलाई में 247.00 मिलीमीटर वर्षा हुई थी, जबकि इस वर्ष अब तक केवल 151.7 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। बारिश की कमी के कारण किसानों को खेतों में पंपिंग सेट और नलकूपों से सिंचाई कर धान की रोपाई करानी पड़ रही है। जिले के अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में किसान समय पर रोपाई पूरी करने के लिए अतिरिक्त खर्च उठा रहे हैं। पर्याप्त वर्षा नहीं होने से किसान प्राकृतिक जल स्रोतों पर निर्भर रहने के बजाय डीजल और बिजली चालित पंपिंग सेट का सहारा ले रहे हैं। इससे खेती की लागत बढ़ गई है, लेकिन किसान फसल को समय पर तैयार करने में जुटे हैं। किसानों का कहना है कि अभी खेतों में सिंचाई की व्यवस्था कर रोपाई का कार्य किया जा रहा है, लेकिन यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो लगातार सिंचाई करना महंगा साबित होगा। डीजल, बिजली और मजदूरी का खर्च पहले ही बढ़ चुका है, ऐसे में बेहतर बारिश होने से किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। कृषि जानकारों, वीरेंद्र पांडेय और कल्याण चौधरी के अनुसार, धान की फसल के लिए शुरुआती चरण में पर्याप्त नमी आवश्यक होती है। फिलहाल सिंचाई के सहारे रोपाई जारी है, लेकिन मानसून की अच्छी बारिश होने से फसल की बढ़वार बेहतर होगी और किसानों की लागत भी कम होगी। बारिश की सुस्त रफ्तार के बीच जिले के अन्नदाता की निगाहें अब आसमान पर टिकी हैं। किसान झमाझम बारिश की कामना कर रहे हैं ताकि पंपिंग सेट पर निर्भरता कम हो, खेती की लागत घटे और धान की बेहतर पैदावार सुनिश्चित हो सके।
हापुड़ में मुख्यमंत्री के संभावित दौरे को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस महकमा अलर्ट हो गया है। संभावना है कि मुख्यमंत्री का कार्यक्रम इस सप्ताह हापुड़ में प्रस्तावित हो सकता है। हालांकि, शासन स्तर से अभी तक किसी आधिकारिक कार्यक्रम की पुष्टि नहीं हुई है। आनंद विहार में हो सकता है कार्यक्रम संभावित दौरे के मद्देनजर रविवार को प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने दिल्ली रोड स्थित आनंद विहार का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा, यातायात, पार्किंग, मंच व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक केजी सिंह और एडीएम/IAS संदीप कुमार समेत अफसरों का काफिला आनंद विहार पहुंचे। उन्होंने कार्यक्रम स्थल के विभिन्न हिस्सों का अवलोकन कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा भी की गई। मुख्यमंत्री के संभावित आगमन की चर्चा से प्रशासनिक अमले में हलचल बढ़ गई है। पुलिस विभाग भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी सतर्कता बरत रहा है। यदि कार्यक्रम को अंतिम स्वीकृति मिलती है, तो मुख्यमंत्री विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण या शिलान्यास कर सकते हैं। अपर जिलाधिकारी संदीप कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री के संभावित दौरे को देखते हुए प्रारंभिक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है, लेकिन प्रशासन हर स्थिति के लिए तैयार है। शासन से निर्देश मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि कार्यक्रम की पुष्टि होने के बाद ही विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।
बागपत में चार पशु तस्कर गिरफ्तार:दो गाड़ियों से 39 पशु बरामद, हाईवे से हो रही थी तस्करी
बागपत शहर कोतवाली पुलिस ने चेकिंग अभियान के दौरान चार पशु तस्करों को गिरफ्तार किया है। ये तस्कर दो बोलेरो पिकअप गाड़ियों में 39 पशुओं को भरकर ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के रास्ते गाजियाबाद ले जा रहे थे। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए इन्हें पकड़ा। बरामद गाड़ियों में पशुओं को क्रूरतापूर्वक भरा गया था। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। पुलिस मवीकला गांव के पास बागपत शहर कोतवाली क्षेत्र में चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बागपत से दिल्ली की ओर जा रही एक बोलेरो पिकअप को रोका गया। तलाशी लेने पर उसमें 39 पशु पाए गए, जिन्हें तस्करी के लिए ले जाया जा रहा था। पुलिस ने चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान बागपत पुराने कस्बे के निवासी रिहान, हारून, शकीरा और एहसान के रूप में हुई है। ये सभी पशु तस्करी में संलिप्त थे। कोतवाली प्रभारी मनोज चहल ने बताया कि दो गाड़ियों से 39 पशु बरामद किए गए हैं। ये पशु तस्करी के उद्देश्य से ले जाए जा रहे थे। उन्होंने कहा कि मामले की गहन छानबीन की जा रही है और अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
फतेहपुर के खागा तहसील में अखिल भारतीय श्रीमाली महासभा द्वारा एक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। रविवार दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक द्वरिका गेस्ट हाउस में आयोजित इस कार्यशाला में माली समाज के लिए 'पुष्प कला बोर्ड' के गठन की मांग प्रमुखता से उठाई गई। कार्यशाला में प्रदेश अध्यक्ष आर एन श्रीमाली ने कहा कि सरकार ने माली समाज को कभी किसी योजना का लाभ नहीं दिया है। उन्होंने प्रदेश सरकार से 'पुष्प कला बोर्ड' के गठन की मांग की, जिससे माली समाज हर जिले की मंडी में फूलों का कारोबार कर सके। श्रीमाली ने आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर भी अपनी रणनीति बताई। उन्होंने कहा कि संगठन समाज के 10 ऐसे लोगों को हर दल से टिकट दिलाने का प्रयास करेगा, जो चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंच सकें। राष्ट्रीय संगठन मंत्री कामता प्रसाद श्रीमाली ने समाज की राजनीतिक भागीदारी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमारा समाज राजनीति में बहुत पीछे है, इसलिए हमें इस क्षेत्र में आगे आना होगा, तभी समाज को उसका हक दिलाया जा सकता है। उन्होंने बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। इस अवसर पर नवनियुक्त जिलाध्यक्ष कुलदीप श्रीमाली और जिला सचिव मनीष श्रीमाली का समाज के लोगों ने फूल-माला पहनाकर स्वागत किया। कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश अध्यक्ष आर एन श्रीमाली, राष्ट्रीय संगठन मंत्री कामता प्रसाद और प्रदेश कोषाध्यक्ष विनोद श्रीमाली मौजूद रहे। पूर्व ग्राम प्रधान ललित कुमार सैनी, उमेश सैनी, गौरव सैनी, पवन शर्मा, राम सरन माली, अंशु शर्मा सहित संगठन के कई अन्य सदस्य और पदाधिकारी भी इस मौके पर उपस्थित थे।
पति ने दहेज की बाइक-जेवर बेचे, पत्नी को निकाला:पीलीभीत में शराब पीकर बच्चों समेत घर से बाहर किया
पीलीभीत में दहेज के लिए प्रताड़ना का एक मामला सामने आया है। सुनगढ़ी थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति पर दहेज में मिली बाइक और जेवर बेचकर शराब पीने का आरोप है। पत्नी द्वारा विरोध करने पर ससुराल वालों ने उसके साथ मारपीट की और दो बच्चों समेत उसे घर से निकाल दिया। पुलिस अधीक्षक (SP) के निर्देश पर सुनगढ़ी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सुनगढ़ी कोतवाली के गांव उगनपुर निवासी डालचंद ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी पार्वती की शादी 3 मार्च 2018 को जहांनाबाद के रामपुरा मिश्रा निवासी बुजमोहन से की थी। शादी के कुछ समय बाद ही बुजमोहन शराब पीने और नशा करने लगा। आरोप है कि उसने दहेज में मिली बाइक, सोने-चांदी के जेवर और अपनी जमीन भी बेचकर शराब पीने में खर्च कर दिए। इसके बाद वह पार्वती पर मायके से और पैसे लाने का दबाव बनाने लगा। मना करने पर वह कथित तौर पर रोज उसके साथ मारपीट करता और जान से मारने की धमकी देता था। पीड़िता के अनुसार, नवंबर 2024 में उसके छह वर्षीय बेटे अरविंद और चार वर्षीय बेटी कविता के सामने ही ससुराल वालों ने उसे प्रताड़ित किया। आरोप है कि पति बुजमोहन और जेठ सोमपाल सहित अन्य ससुराल वालों ने पार्वती के साथ मारपीट की, उसके कपड़े तक उतार दिए और बच्चों समेत उसे घर से बाहर निकाल दिया। पीड़ित पिता ने पहले 'सुलह समझौता केंद्र' में प्रार्थना पत्र देकर मामला सुलझाने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी पक्ष वहां उपस्थित नहीं हुआ। पीड़िता ने अपनी और बच्चों की जानमाल के खतरे की आशंका जताई है। सुनगढ़ी कोतवाली के थाना अध्यक्ष नरेश त्यागी ने बताया कि एसपी के निर्देश पर आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
दुर्ग जिले के नेहरू नगर मुख्य मार्ग पर प्रस्तावित करीब 43 करोड़ रुपए के ओवरब्रिज का विरोध सामने आने लगा है। रविवार को सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोग नेहरू नगर के अग्रसेन चौक के पास एकत्रित हुए और ओवरब्रिज के खिलाफ प्रदर्शन किया। लोगों ने काली पट्टी बांधकर अपना विरोध जताया, जबकि इलाके के व्यापारियों ने दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक आधे शटर गिराकर प्रदर्शन का समर्थन किया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने कहा कि नेहरू नगर मुख्य मार्ग पर ओवरब्रिज बनने से पूरे इलाके की व्यवस्था बिगड़ जाएगी। उनका कहना है कि सड़क पहले से ज्यादा चौड़ी नहीं है। ऐसे में ओवरब्रिज के पिलर बनने के बाद सड़क और संकरी हो जाएगी। इससे रोजाना आने-जाने वाले लोगों, स्थानीय व्यापारियों और आसपास रहने वाले परिवारों को परेशानी होगी। लोगों ने कहा- ओवरब्रिज की जरूरत नहींप्रर्दशन कर रहे रहवासियों का कहना है कि प्रस्तावित ओवरब्रिज को सेक्टर-7 से नेहरू नगर को जोड़ने वाले ब्रिज से जोड़ा जाना है। योजना के मुताबिक यह ब्रिज नेहरू नगर मुख्य मार्ग से होते हुए केपीएस चौक तक जाएगा। लोगों का कहना है कि इस इलाके में इस तरह के ओवरब्रिज की जरूरत नहीं है। इसके बजाय किसी दूसरे स्थान पर यह परियोजना बनाई जा सकती है। विधायक रिकेश पहुंचे मौके पर, सुनी समस्याएंप्रदर्शन की जानकारी मिलते ही वैशाली नगर के विधायक रिकेश सेन धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत की और उनकी आपत्तियां सुनीं। विधायक ने कहा कि स्थानीय लोगों की भावनाओं का सम्मान किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नेहरू नगर मुख्य मार्ग पर ओवरब्रिज नहीं बनाया जाएगा। साथ ही इसे किसी दूसरे स्थान पर शिफ्ट करने का प्रयास किया जाएगा। विधायक के आश्वासन के बाद भी प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि उन्हें सिर्फ मौखिक भरोसे से संतोष नहीं है। उनका कहना है कि पहले भी उन्हें आश्वासन दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद ओवरब्रिज की फाइल लगातार आगे बढ़ती रही। ऐसे में जब तक योजना में आधिकारिक बदलाव नहीं होता, तब तक उनकी चिंता बनी रहेगी। कहा हादसों की संख्या में होगी बढ़ोत्तरीप्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना है कि अगर मुख्य मार्ग पर ओवरब्रिज बना तो घरों तक पहुंचना मुश्किल हो जाएगा। कई जगहों पर सड़क की चौड़ाई कम होने से ट्रैफिक की समस्या बढ़ सकती है। इसके अलावा स्थानीय कारोबार भी प्रभावित होगा। वहीं हादसों की संख्या में भी बढोत्तरी देखने मिलेगी।
कनाडिया पुलिस ने ई-रिक्शा से शराब ले जाने वाले दो को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 70 हजार रुपए कीमत की शराब भी जब्त की गई है। इसके साथ ही पुलिस ने 5 लाख रुपए कीमत का ई-रिक्शा भी जब्त कर लिया है। कनाडिया पुलिस के मुताबिक पुलिस को मुखबीर से सूचना मिली कि दो लोग ई-रिक्शा में अंग्रेजी शराब भरकर फिनिक्स मॉल की तरफ जा रहे है, जिस पर पुलिस ने घेराबंदी की और ई-रिक्शा को रोका। रिक्शा की तलाशी ली तो उसने पीछे की तरफ कार्टुन रखे हुए थे, जिसमें अंग्रेजी शराब व बीयर भरी हुई थी। पूछताछ में दोनों ने अपने नाम जगदीश (60) पिता सूरजमल वर्मा निवासी शिव मंदिर के पास ग्राम कनाडिया और हरदेवसिंह (29) पिता सुखसिंह परमार निवासी कस्वा दवोह जिला भिंड हाल पता स्कीम नंबर 134 वसुंधरा अपार्टमेंट के पीछे बताया। पुलिस ने दोनों के कब्जे से 8 पेटी अंग्रेजी शराब और बीयर कुल 72.93 लीटर 70 हजार रुपए की जब्त की। पुलिस ने 5 लाख रुपए कीमत की ई-रिक्शा भी जब्त की है। इधर, पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर जानकारी निकाल रही है कि वे शराब कहां से लेकर आए थे और कहां लेकर जा रहे थे।
प्रदेश सरकार द्वारा हर ग्रामीण परिवार तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित जल जीवन मिशन के तहत रविवार को जालौन के कदौरा विकास खंड स्थित चमारी गांव में जल अर्पण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने ग्राम पंचायत को नल-जल योजना का औपचारिक हस्तांतरण करते हुए ग्रामीणों से जल संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल घर-घर नल से जल पहुंचाना नहीं, बल्कि इस अमूल्य संसाधन का संरक्षण कर आने वाली पीढ़ियों के लिए भी सुरक्षित रखना है। जलशक्ति मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार गांवों तक विकास की हर मूलभूत सुविधा पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। आज ग्रामीणों को नल से शुद्ध पेयजल, निःशुल्क राशन, निर्बाध बिजली, बेहतर सड़कें, किसान सम्मान निधि तथा बच्चों के लिए पोषण आहार जैसी अनेक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि अब गांवों तक पानी पहुंचाने की जिम्मेदारी पूरी हो चुकी है और इसे सुरक्षित एवं सुचारु रूप से संचालित रखने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों और ग्रामीणों की है। स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना बुंदेलखंड के विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। दोनों नदियों के जुड़ने के बाद क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह बदल जाएगी और किसानों को पर्याप्त सिंचाई का लाभ मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में किसान वर्ष में तीन-तीन फसलें लेने में सक्षम होंगे, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और बुंदेलखंड की तस्वीर बदल जाएगी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि जल जीवन मिशन के माध्यम से बुंदेलखंड जैसे जल संकट वाले क्षेत्र में घर-घर नल से जल पहुंचाने का सपना साकार हुआ है। उन्होंने बताया कि सरकार प्रत्येक पात्र परिवार तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। जलशक्ति मंत्री ने बताया कि चमारी गांव में जिन 10 परिवारों का पुनर्वास किया गया है, उन्हें भी शीघ्र ही नल से जल की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
एटा पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट कर 8 लाख रुपये की ठगी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जैथरा थाना पुलिस ने इन अपराधियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस ने इनके पास से 40 हजार रुपये नकद, एक मोबाइल फोन, बैंक इंस्टा किट और एक एटीएम कार्ड बरामद किया है। पुलिस अब इस डिजिटल अरेस्ट धोखाधड़ी के मुख्य आरोपी की तलाश कर रही है। अपर पुलिस अधीक्षक (अपराध) योगेंद्र कुमार और क्षेत्राधिकारी नीतीश गर्ग ने पुलिस लाइन में एक प्रेस वार्ता कर इस मामले का खुलासा किया। 'ऑपरेशन सीवाई वज्र' के तहत, पुलिस ने खाताधारक नितेश बाबू (पुत्र रामवीर, निवासी नेहरू नगर, जैथरा) और शोभित चौहान (पुत्र राजू चौहान, निवासी सड़क मोर्चा, जैथरा) को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों ने चेक बुक के माध्यम से साइबर धोखाधड़ी की रकम खातों से निकाली थी। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों और सर्विलांस की मदद से इनकी गिरफ्तारी की। एटा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. इलामरन जी के निर्देश पर साइबर अपराधियों और म्युल बैंक खातों के विरुद्ध 'ऑपरेशन सीवाई वज्र' चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत, सीओ अलीगंज राजेश कुमार, सीओ नीतीश कुमार, स्वाट टीम और साइबर सेल एटा ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए राजकीय महाविद्यालय तरीगांवा के पास से दोनों अपराधियों को गिरफ्तार किया। एटा पुलिस को साइबर मुख्यालय से प्राप्त डिस्ट्रिक्ट इंटेलिजेंस पैक के आधार पर म्युल बैंक खातों की एनसीआरपी पोर्टल पर जांच की गई। हैदराबाद के एक व्यक्ति द्वारा दर्ज कराई गई साइबर धोखाधड़ी की शिकायत से पता चला कि सीबीआई अधिकारी बनकर पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट किया गया और उनसे 8 लाख रुपये ठगकर खातों में ट्रांसफर करवा लिए गए थे। पुलिस इस मामले के खुलासे के लिए बैंक स्टेटमेंट, केवाईसी अभिलेखों, बैंकिंग लेनदेन और ब्रांच डिटेल्स की जांच कर रही है।
इटावा में निर्माणाधीन मकान में युवक का शव मिला:परिजनों ने पड़ोसियों पर हत्या का आरोप लगाया
इटावा में ऊसराहार थाना क्षेत्र के भगवानपुरा रोड स्थित एक निर्माणाधीन मकान में रविवार सुबह 9 बजे एक युवक का शव फंदे से लटका मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। परिजनों ने पड़ोस में रहने वाले चार लोगों पर हत्या कर शव को फंदे पर लटकाने का आरोप लगाया है। सूचना पर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जानकारी के अनुसार भगवानपुरा निवासी जावेद खान (पुत्र शब्बीर हुसैन) शनिवार रात करीब 11 बजे पड़ोस में रहने वाले चार लोगों से मामूली बात पर कहासुनी हो गई। परिजनों का आरोप है कि दोनों पक्ष शराब के नशे में थे और विवाद के दौरान आरोपियों ने जावेद के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की तथा जान से मारने की धमकी दी। परिजनों के मुताबिक, विवाद के बाद देर रात जावेद घर से करीब 500 मीटर दूर स्थित अपने निर्माणाधीन मकान पर चला गया। रविवार सुबह करीब नौ बजे जब परिवार के लोग वहां पहुंचे तो मकान का दरवाजा बाहर से बंद मिला। अंदर जाकर देखा तो जावेद का शव रस्सी के फंदे से लटका हुआ था। मृतक के भाई आमिर खान ने आरोप लगाया कि रात में जिन लोगों ने जावेद के साथ मारपीट की थी, उन्हीं लोगों ने उसकी हत्या कर शव को फंदे से लटका दिया। उन्होंने बताया कि बाहर से दरवाजा बंद होना घटना को संदिग्ध बनाता है और मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। बताया गया कि जावेद उमरैन रोड पर बिरयानी का ठेला लगाकर परिवार का पालन-पोषण करता था। वह दो भाइयों में बड़ा था। अपने पीछे पत्नी और तीन मासूम बेटों को छोड़ गया है। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। ऊसराहार थाना प्रभारी एन.के. मिश्रा ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
सरगरा एज्युकेशन सोसायटी पाली की ओर से शिक्षा को बढ़ावा देने को लेकर रविवार को समाज की एक होनहार छात्रा को बीएसटीसी द्वितीय वर्ष की फीस के लिए रुपए का चेक दिया गया, जिससे वह अपनी फीस भरकर बीएसटीसी कर सके। सोसायटी के अध्यक्ष डीआर सागर ने बताया कि संस्था का उद्देश्य आर्थिक तंगी के कारण समाज का कोई भी स्टूडेंट शिक्षा से वंचित न रहे। इसी सोच के साथ सरगरा एज्युकेशन सोसायटी का गठन किया गया, जिसका संचालन सदस्यों के सहयोग से किया जाता है। संस्था जरूरतमंद और होनहार स्टूडेंट्स की फीस बिना ब्याज सीधे संबंधित शिक्षण संस्थान के नाम जमा करवाती है। संस्था के कोषाध्यक्ष प्रदीप कुमार कच्छवाह और सोसायटी के सचिव कन्हैयालाल चौहान ने बताया कि संस्था अब तक अनेक स्टूडेंट्स और उनके पेरेंट्स को बिना ब्याज फीस सहायता उपलब्ध करा चुकी है। कई स्टूडेंट्स ने सहायता राशि समय पर संस्था के खाते में वापस जमा कराई है, जिससे अन्य जरूरतमंद स्टूडेंट्स की भी मदद की जा रही है। उन्होंने समाज के अधिक से अधिक लोगों से शिक्षा कोष में सहयोग करने और सोसायटी से जुड़ने का आह्वान किया। इस अवसर पर संस्था के उपाध्यक्ष बद्रीलाल चौहान, बाबूलाल चौहान एवं जितेंद्र कच्छवाह सहित अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
मिर्जापुर के लालगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में शनिवार रात दस माह के एक बच्चे के साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। घटना के बाद बच्चे को गंभीर हालत में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। पुलिस के अनुसार, यह घटना शनिवार रात करीब नौ बजे लहंगपुर चौकी क्षेत्र के एक गांव में हुई। पीड़ित की पत्नी अपने दस माह के बच्चे के साथ सो रही थी। इसी दौरान पीड़ित का 22 वर्षीय चचेरा भाई बाली बच्चे को गोद में उठाकर घर से दूर नदी किनारे ले गया। नदी किनारे कुछ ग्रामीण धान की नर्सरी की सिंचाई कर रहे थे। उन्होंने मोबाइल टॉर्च जलती देखी और एक युवक को बच्चे के पास पाया, जो जोर-जोर से रो रहा था। ग्रामीणों ने तुरंत पीड़ित पिता के घर जाकर घटना की सूचना दी। लोगों को आता देख आरोपी युवक बच्चे को वहीं छोड़कर भाग गया। परिजनों ने देखा कि बच्चे के निजी अंगों से खून बह रहा था, जिसके बाद उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया। बच्चे के गुप्तांग वाले स्थान पर गहरा घाव हो गया है। बच्चे के पिता ने बताया कि उसकी हालत नाजुक है, लेकिन इलाज शुरू हो गया है। डॉक्टर ने तीन से चार दिन में स्थिति सामान्य होने का भरोसा दिया है। परिजनों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ रविवार देर शाम तक थाने में प्रार्थना पत्र दिया जाएगा। पीड़ित बच्चे के पिता ने बताया- बच्चे का इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है। ग्राम प्रधान प्रशासक सुरेंद्र यादव ने भी घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि बच्चे का इलाज निजी अस्पताल में जारी है।
बूंदी जिले के नमाना मंडल के मंगाल, तीखाबड़ा और भलस्वां गांवों में सड़क निर्माण के लिए 1.40 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए हैं। इस घोषणा के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने आतिशबाजी कर और मिठाई बांटकर खुशी मनाई। आजादी के 77 साल बाद इन गांवों को सड़क सुविधा मिलेगी। पहले सड़क न होने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब नई सड़क बनने से इन गांवों के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। बजट घोषणा 2026-27 के तहत बूंदी विधानसभा क्षेत्र में मंगाल वाया तीखाबड़ा से भलस्वा तक नवीन मिसिंग लिंक सड़क के लिए यह राशि स्वीकृत की गई है। ग्रामीणों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने यह राशि स्वीकृत करवाई। लोकसभा अध्यक्ष का आभार व्यक्त करने के लिए ग्राम तीखाबड़ा में देवनारायण जी के प्रांगण में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान तीखाबड़ा, मंगाल और भलस्वां के निवासियों ने आतिशबाजी की और एक-दूसरे का मुंह मीठा कराया। कार्यक्रम में बूंदी जिला उपाध्यक्ष उदय लाल गुर्जर, भाजपा नमाना मंडल अध्यक्ष नेतराम गुर्जर, मंडल उपाध्यक्ष बाबूलाल मीणा, दुर्गा लाल गुर्जर, भंवर लाल गुर्जर, सोजी लाल शर्मा, शंकर लाल गुर्जर, जगदीश शर्मा, हंसराज मीणा, मुकेश सोमानी, हंसराज चौधरी, राजवीर चौधरी और महावीर जी शर्मा सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष मौजूद रहे।
अयोध्या के कुमारगंज स्थित आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में रविवार को कृषि विश्वविद्यालय और अभिनव भारत न्यास के संयुक्त तत्वावधान में 'उन्नयन' कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में संवाद, चिंतन, आत्मबोध, व्यक्तित्व विकास और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना था। कार्यक्रम में कुलपति डॉ. ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह समेत विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने छात्रों को जीवन मूल्यों, नैतिकता, आत्मविश्वास और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका पर मार्गदर्शन दिया। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम में भाग लिया। दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया। आयोजन सचिव एवं अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. डी. नियोगी ने अतिथियों का स्वागत किया। इस दौरान अतिथियों को पुष्पगुच्छ, शॉल और स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया। कुलपति बोले- आत्मचिंतन से निखरता है व्यक्तित्व कुलपति डॉ. ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि छात्रों को शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ आत्मचिंतन, आत्मबोध और दार्शनिक दृष्टिकोण भी विकसित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ये गुण बेहतर व्यक्तित्व के निर्माण के साथ राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विशेषज्ञों ने जीवन मूल्यों पर किया संवाद कार्यक्रम में पद्मश्री डॉ. राजेश कुमार ग्रोवर, दार्शनिक डॉ. अरुण प्रकाश, इलाहाबाद विश्वविद्यालय की सहायक प्रॉक्टर डॉ. मीनाक्षी जोशी और इस्कॉन कुशीनगर के उपाध्यक्ष आचार्य गर्ग मुनि दास ने छात्रों से संवाद किया। वक्ताओं ने सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास, नैतिक मूल्यों और जीवन में सही दिशा चुनने के महत्व पर अपने विचार साझा किए। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं रहे मौजूद कार्यक्रम में अधिष्ठाता कृषि डॉ. प्रतिभा सिंह, अधिष्ठाता उद्यान एवं वानिकी डॉ. भगवान दीन, अधिष्ठाता पशुपालन एवं पशुचिकित्सा डॉ. नमिता जोशी, अधिष्ठाता मात्स्यकी डॉ. सी.पी. सिंह सहित विश्वविद्यालय के कई प्राध्यापक और अभिनव भारत न्यास के पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अजय त्रिपाठी और श्रीमती शशि साहू ने किया, जबकि अंत में अभिनव भारत न्यास के अध्यक्ष अभिनव सिंह राजपूत ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
देवास के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में 15 वर्षीय 11वीं कक्षा की छात्रा की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने पड़ोस में रहने वाले एक युवक पर घर में घुसकर छेड़छाड़, दुष्कर्म के प्रयास, मारपीट और जबरन जहरीला पदार्थ पिलाने का गंभीर आरोप लगाया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। परिजनों के अनुसार, यह घटना शनिवार दोपहर करीब 1 बजे हुई, जब परिवार के सदस्य पूजा का सामान लेने बाहर गए थे। उनका आरोप है कि इसी दौरान पड़ोस का 19 वर्षीय युवक घर में घुस आया। परिजनों ने आरोपी को भागते हुए देखाआरोप है कि युवक ने छात्रा के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की। कुछ देर बाद जब परिजन घर लौटे, तो उन्होंने आरोपी को मौके से भागते हुए देखा। उन्होंने उसे पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वह फरार हो गया। गंभीर हालत में छात्रा को उज्जैन रोड स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शनिवार देर रात इलाज के दौरान छात्रा की मौत हो गई। रविवार सुबह जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। एक माह पहले की थी छेड़छाड़परिजनों का यह भी आरोप है कि करीब एक माह पहले भी उक्त युवक ने छात्रा से छेड़छाड़ की थी। उस समय परिवार ने उसे समझाइश दी थी और उसने माफी मांग ली थी, जिसके बाद मामला शांत हो गया था। अब परिजन आरोप लगा रहे हैं कि उसी युवक ने दोबारा इस घटना को अंजाम दिया। स्कूल जाने के दौरान युवक ने पहले छेड़छाड़ की थी। परिजनों ने आरोप लगाया कि स्टूडेंट के सिर पर कुछ चोट के निशान भी है। गले में कुछ निशान भी है। जिसके उनके बाद वीडियो भी है। युवक परिजनों के साथ भागानाबालिग के परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद युवक फरार हो गया। कुछ ही घंटे बाद उसके माता-पिता भी घर से कहीं चले गए। परिवार कहीं घर छोड़कर चला गया। उनके नंबर भी बंद आ रहे हैं। सिविल लाइन थाना प्रभारी अमित सोलंकी ने बताया कि पुलिस को छात्रा द्वारा जहरीला पदार्थ सेवन किए जाने की सूचना मिली थी। हमने मौके पर जाकर जांच की थी। नाबालिग गंभीर अवस्था में थी, इसलिए बयान नहीं हो पाए। इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हुई है। पोस्टमार्टम कराया गया है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
मथुरा की बलदेव थाना पुलिस ने वाहन और ट्रांसफार्मर चोरी करने वाले एक सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी की स्विफ्ट डिजायर कार, तीन मोटरसाइकिलें, इन्वर्टर, बैटरी, बिजली के केबल और अन्य सामान बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह बलदेव, राया, महावन और जमुनापार समेत कई थाना क्षेत्रों में लगातार चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था। 17 जुलाई को चोरी हुई स्विफ्ट डिजायर कार की जांच के दौरान पुलिस इस गिरोह तक पहुंची। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पूरे गिरोह को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी के बाकी सामान की तलाश कर रही है। कार चोरी की जांच में खुला गिरोह का राज सीओ महावन संजीव कुमार राय ने बताया कि 17 जुलाई को सुरेंद्र बंसल की स्विफ्ट डिजायर कार चोरी होने के मामले में बलदेव थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना के खुलासे के लिए पुलिस की कई टीमें बनाई गई थीं। जांच, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर 19 जुलाई की देर रात पुलिस ने कार्रवाई कर गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया। सात आरोपी गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संजू उर्फ सूरज, दीपक, सोनू, दीपक उर्फ गूंगा, नरेश, मौसिम और आशीष के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने कई चोरी की वारदातों में शामिल होने की बात स्वीकार की है। कार, बाइक, इन्वर्टर और केबल बरामद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की स्विफ्ट डिजायर कार (UP-85 CM-9288), तीन मोटरसाइकिलें, एक्साइड बैटरी, सोलर हाइब्रिड यूपीएस इन्वर्टर, बिजली के केबल और अन्य चोरी का सामान बरामद किया है। कई थानों में दर्ज हैं मुकदमे पुलिस के मुताबिक, गिरोह सुनसान स्थानों पर खड़े वाहनों, ट्रांसफार्मरों और बिजली उपकरणों को निशाना बनाता था। गिरफ्तार अधिकांश आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी है। उनके खिलाफ चोरी, आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में पहले से मुकदमे दर्ज हैं। फरार आरोपियों की तलाश जारी पुलिस अब गिरोह के फरार सदस्यों की तलाश कर रही है। साथ ही चोरी के अन्य सामान की बरामदगी और गिरोह से जुड़ी अन्य वारदातों की भी जांच की जा रही है। पूछताछ में कई और मामलों के खुलासे की संभावना जताई जा रही है।
पाली शहर के सुभाष नगर निवासी स्टूडेंट निशित कालानी ने यूरोप के लिथुआनिया की राजधानी विलनियस में हुए 37वें अंतरराष्ट्रीय बायोलॉजी ओलंपियाड (IBO-2026) में रजत पदक जीता है। प्रतियोगिता 12 से 19 जुलाई तक हुई, जिसमें 78 देशों के 307 स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया। भारतीय टीम ने इस प्रतियोगिता में एक स्वर्ण और तीन रजत पदक जीते। निशित की इस उपलब्धि से पाली जिले के साथ पूरे देश का नाम रोशन हुआ है। भारत ने जीते चार पदक भारतीय टीम ने अंतरराष्ट्रीय बायोलॉजी ओलंपियाड (IBO-2026) में शानदार प्रदर्शन किया। भारत की ओर से भाव्या गुणवाल ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि सोमिल, अनमोल और पाली के निशित कालानी ने रजत पदक अपने नाम किए। दो चरणों में हुई परीक्षा ओलंपियाड में स्टूडेंट्स को छह घंटे के प्रैक्टिकल लैब सेशन से गुजरना पड़ा। इसमें आणविक जीवविज्ञान, जैव रसायन, पशु शरीर क्रिया विज्ञान, पशु आकारिकी एवं वर्गीकरण और पादप जीवविज्ञान जैसे विषय शामिल थे। इसके अलावा छह घंटे की रिसर्च आधारित थ्योरी परीक्षा भी हुई। प्रतियोगिता में कुल 31 स्वर्ण, 61 रजत और 91 कांस्य पदक दिए गए। पहले भी जीत चुके हैं अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण पदक पाली के सुभाष नगर निवासी निशित कालानी के पिता विकास कालानी चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) हैं, जबकि उनकी माता नीलम जाजू एक स्कूल प्राचार्य हैं। निशित इससे पहले साल 2025 में रोमानिया में हुए इंटरनेशनल एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स ओलंपियाड में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। उस प्रतियोगिता में भी उन्होंने भारत का नाम रोशन किया था। निशित कालानी की इस उपलब्धि पर पाली जिले में खुशी है। शिक्षाविदों, सामाजिक संगठनों और शहरवासियों ने उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
उत्तर मध्य रेलवे ने यात्रियों और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रयागराज-यशवंतपुर साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन (गाड़ी सं. 04149/04150) चलाने का निर्णय लिया है। यह विशेष सेवा 5 अगस्त से प्रयागराज मार्ग से प्रत्येक बुधवार और 8 अगस्त से यशवंतपुर मार्ग से हर शनिवार को शुरू होगी । 23 व 26 सितंबर तक कुल आठ-दफे चलेगी। रेलवे के अनुसार नई स्पेशल ट्रेन 23 आईसीएफ कोचों से सजी रहेगी। जिसमें 2 एसी तृतीय, 1 एसी द्वितीय, 11 स्लीपर, 7 सामान्य और 2 SLR/डी-02 कोच शामिल हैं। रेलसेवा का उद्देश्य तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को सुविधा उपलब्ध कराना तथा दोनों शहरों जिसमें संगम नगरी प्रयागराज और सिल्क सिटी यशवंतपुर के बीच सांस्कृतिक और ऐतिहासिक मेल को बढ़ावा देना बताया गया है। प्रयागराज से यह ट्रेन बुधवार शाम प्रस्थान कर बैना, रानी कमलापति, इटारसी, नागपुर, सिकंदराबाद, येलहंका होते हुए यशवंतपुर शनिवार सुबह पहुंचती है। वापसी में यशवंतपुर से शनिवार प्रस्थान कर रविवार रात व सोमवार सुबह प्रयागराज पहुंचेगी। मार्ग में चित्रकुट धाम,बांदा, महोबा, खजुराहो, टिकमगढ़, ललितपुर, गुंटकल, अंन्तपुर और बयार प्रमुख स्टेशनों में ठहराव होंगे। जिससे मध्य और दक्षिण भारत के कई पर्यटन स्थलों से जुड़ाव सुगम होगा। रेल प्रशासन ने कहा है कि यह स्पेशल ट्रेन न सिर्फ तीर्थ और पर्यटन के लिए लाभदायक होगी। व्यापार यात्रियों और प्रवासियों के लिए भी किफायती और आरामदायक यात्रा विकल्प उपलब्ध कराएगी। यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि टिकट समय रहते आरक्षित कर लें क्योंकि सीमित दफे और कोच संरचना के कारण सीटें जल्द भर सकती हैं। प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के दृष्टिगत आवश्यक सेवाओं के साथ यात्रा सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है। आगामी हफ्तों में टिकट बुकिंग और आरक्षण से संबंधित जानकारी जारी की जाएगी।
दो दोस्तों को बचाने में छात्र की गई जान:कानपुर में गंगा की तेज धारा में डूबा, ढाई घंटे बाद मिला शव
कानपुर के जाजमऊ स्थित सिद्धनाथ घाट पर रविवार को गंगा में नहाने गए 11वीं के छात्र की दो दोस्तों को बचाने के प्रयास में डूबने से मौत हो गई। करीब ढाई घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद जल पुलिस और गोताखोरों ने उसका शव बरामद किया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। दोस्तों को बचाने के लिए गहरे पानी में उतरा चकेरी के घाऊखेड़ा निवासी 16 वर्षीय अंश गुप्ता अपने पांच नाबालिग दोस्तों के साथ साइकिल से सिद्धनाथ घाट पर गंगा में नहाने गया था। नहाने के दौरान उसके दो दोस्त गहरे पानी में डूबने लगे। उन्हें बचाने के लिए अंश भी गहराई में उतर गया, लेकिन तेज बहाव में खुद लापता हो गया। दो किशोर बच गए, अंश बह गया प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घाट पर मौजूद लोगों ने डूब रहे दोनों किशोरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन अंश गंगा की तेज धारा में बह गया। घटना की सूचना दोपहर करीब तीन बजे पुलिस को दी गई। ढाई घंटे चला सर्च ऑपरेशन सूचना मिलते ही जाजमऊ पुलिस, जल पुलिस और शुक्लागंज के गोताखोर मौके पर पहुंचे। करीब ढाई घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद शाम चार बजे अंश का शव गंगा से बाहर निकाला गया। उसे तत्काल कांशीराम अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। दोपहर में घर से निकला था अंश परचून कारोबारी भोलू गुप्ता का छोटा बेटा था और 11वीं कक्षा में पढ़ता था। परिवार में मां अर्चना गुप्ता और बड़ा भाई कृष्णा गुप्ता हैं। मां ने बताया कि अंश दोपहर करीब 12 बजे खाना खाने के बाद साइकिल लेकर घर से निकला था। उसने गंगा में नहाने जाने की जानकारी नहीं दी थी। थाना प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। घटना के समय साथ मौजूद किशोरों से पूछताछ की जा रही है। परिजनों की तहरीर मिलने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
हरदा जिले के छीपाबड़ थाना क्षेत्र में भिरंगी स्टेशन के पास रविवार सुबह एक 40 वर्षीय व्यक्ति का शव रेलवे ट्रैक पर मिला। मृतक की पहचान सिविल लाइन थाना क्षेत्र के ग्राम सुखरास निवासी संतोष पिता नर्मदा प्रसाद अटले के रूप में हुई है। संतोष के दो बेटे और दो बेटियां हैं। वह शनिवार को अपने गांव से बहन के गांव धनवाड़ा जाने के लिए निकला था। रात को घर नहीं लौटने पर रविवार सुबह उसका शव ट्रेन की पटरियों के बीच मिला। घटनास्थल से कुछ दूरी पर संतोष की बाइक और मोबाइल भी बरामद हुआ है। छीपाबड़ थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, प्रथमदृष्टया यह आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है, हालांकि मौत के सही कारणों का खुलासा विस्तृत जांच के बाद ही हो पाएगा। पुलिस को सुबह करीब सात बजे रेलवे ट्रैक पर शव पड़े होने की सूचना मिली थी। इस बीच, पोस्टमार्टम प्रक्रिया में लापरवाही का मामला भी सामने आया है। सामाजिक कार्यकर्ता योगेश अटले ने बताया कि शव को घटनास्थल से खिरकिया पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था, लेकिन उसे दोपहर एक बजे तक शव वाहन में ही रखा गया। अटले के अनुसार, जब इस संबंध में सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई, तब आनन-फानन में शव को पोस्टमार्टम रूम में रखकर प्रक्रिया पूरी की गई। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन और पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि शव को चार घंटे से अधिक समय तक वाहन से नीचे नहीं उतारा गया।
कटनी जिले के बरही नगर में रविवार को पर्यावरण और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक के समर्थन में युवाओं और प्रबुद्ध नागरिकों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने लद्दाख के पर्यावरण संरक्षण, उसे संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर एकजुटता दिखाई। रविवार दोपहर नगर के व्यस्त बस स्टैंड क्षेत्र में बड़ी संख्या में युवा और स्थानीय नागरिक एकत्रित हुए। उन्होंने करीब एक घंटे तक हाथों में तख्तियां लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। तख्तियों पर लद्दाख के पर्यावरण को बचाने और सोनम वांगचुक की मांगों को पूरा करने के नारे लिखे थे। प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने कहा कि सोनम वांगचुक देश की शिक्षा व्यवस्था मजबूत करने और प्रकृति को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं, जिसका समर्थन करना हर जागरूक नागरिक का कर्तव्य है। बस स्टैंड पर प्रदर्शन के बाद, प्रदर्शनकारियों ने एक शांति मार्च निकाला। यह मार्च नगर के मुख्य बाजार की विभिन्न गलियों और चौक-चौराहों से होकर गुजरा। इस दौरान नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होने की अपील भी की गई। मार्च का समापन नगर के ऐतिहासिक आजाद चौक पर हुआ, जहां उपस्थित लोगों ने वांगचुक के स्वास्थ्य और उनके आंदोलन की सफलता की कामना की। उल्लेखनीय है कि सोनम वांगचुक नीट परीक्षा रद्द होने और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के साथ-साथ लद्दाख को संवैधानिक सुरक्षा देने तथा वहां के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र को औद्योगिक दोहन से बचाने के लिए दिल्ली में भूख हड़ताल पर थे। स्वास्थ्य बिगड़ने के कारण उन्हें पुलिस प्रशासन द्वारा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसी के विरोध में और उनकी मांगों के समर्थन में अब देश के अलग-अलग हिस्सों से आवाजें उठने लगी हैं, जिसकी गूंज कटनी के बरही नगर में भी दिखाई दी। इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन में नगर के सामाजिक कार्यकर्ता, छात्र और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
एनएच-39 पर बोलेरो गड्ढे में गिरी:पुलिस ने कहा- नाबालिग कर रहा था ड्राइव, गड्ढे बने हादसे की वजह
सिंगरौली जिले के मोरवा थाना क्षेत्र में एनएच-39 स्थित भूसा मोड़ पर रविवार को एक बोलेरो (UP 64 Z 4884) सड़क किनारे गहरे गड्ढे में जा गिरी। इस हादसे में वाहन सवार सभी लोग सुरक्षित बच गए। घटना ने एक बार फिर निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था और वाहन चलाने में लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वाहन एक नाबालिग चला रहा था, जिसकी पुलिस जांच कर रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, भूसा मोड़ की टर्निंग पर निर्माण एजेंसी द्वारा खोदे गए गहरे गड्ढों के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और बोलेरो सीधे गड्ढे में उतर गई। हादसे के बाद आसपास के लोगों ने तुरंत मदद पहुंचाई। सूचना मिलने पर डायल-112 और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस स्थान पर कई दिनों से बड़े गड्ढे खुले पड़े हैं। यहां न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग की गई है और न ही रात में रिफ्लेक्टर या चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। इस लापरवाही के कारण यह स्थान लगातार दुर्घटनाओं का कारण बन रहा है। जियावान थाना प्रभारी डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची थी। चालक सुरक्षित है, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले वह मौके से चला गया। प्रारंभिक जांच में वाहन चालक के नाबालिग होने की बात सामने आई है। पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय नागरिकों ने निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने गड्ढों को तत्काल सुरक्षित करने, बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेत लगाने तथा जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि सुरक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो भविष्य में बड़े हादसे हो सकते हैं।
जननायक जनता पार्टी (JJP) के युवा प्रदेशाध्यक्ष दिग्विजय चौटाला ने रविवार को भिवानी के देवीलाल सदन में पत्रकार वार्ता की। इस दौरान उन्होंने भाजपा को हराने के लिए पूरे देश में विपक्ष को एकजुट होने की अपील की। साथ ही सीएम पर चुटकी ली और पीएम मोदी के दावे पर कांग्रेस को निशाने पर लिया। दिग्विजय चौटाला ने कहा कि देश में भाजपा को हराना है तो पूरे विपक्ष को अपने स्वार्थ छोड़ कर एक बैनर के नीचे आना होगा। वहीं भाजपा के 2047 तक सत्ता में रहने के दावे पर दिग्विजय ने कहा कि आपातकाल के समय कांग्रेस भी यही कहती थी, तब क्या हुआ। उन्होंने कहा कि भाजपा की जड़ें भी कमजोर हैं, ये अंहकारी लोग हैं, इनकी बुनियाद भी कमजोर है। संसद घेराव में जेजेपी का समर्थनदिग्विजय चौटाला ने कहा कि दिल्ली जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन पर कहा कि कल दुष्यंत चौटाला के नेतृत्व में जेजेपी सोनम वांगचुक की कॉल पर संसद घेराव में पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि राम के नाम पर बनी भाजपा की सरकार में भगवान राम का कोई गुण नहीं। गांव चनैत के आंदोलन पर दिग्विजय चौटाला ने चुटकी लेते हुए कहा कि प्रदेश का राज (CM) नियम बताता रहा और सुपर राजा ने आकर विधानसभा में बदले जाने वाले नियम 15 मिनट में चाय पर बदल दिये। चौटाला ने चुटकी लेते हुए कहा मैं भी हाइड्रोजन ट्रेन में सफर करना चाहता थाजींद से पीएम मोदी की सौगात व दावों पर दिग्विजय चौटाला ने कांग्रेस को निशाने पर लिया और कहा कि मैं भी हाइड्रोजन ट्रेन में सफर करना चाहता था, पर उसे तो डीजल इंजन से खींचकर दिल्ली ले गए। वहीं मोदी ने जींद जिला के तेवर बदलने के वादे पर कहा कि इसकी जिम्मेदार कांग्रेस है। उन्होंने कहा कि भाजपा के इस षड्यंत्र को पूरा करने के लिए जींद में कांग्रेस ने साथ दिया। यहां कांग्रेस ने अपने ही नेताओं को हराने के लिए निर्दलिय उम्मीदवार खड़े किए थे।
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत रविवार को बैतूल जिले के 260 श्रद्धालु हरिद्वार-ऋषिकेश की चार दिवसीय तीर्थ यात्रा पर रवाना हुए। इन श्रद्धालुओं को बैतूल रेलवे स्टेशन से केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उइके ने हरी झंडी दिखाकर विशेष ट्रेन से विदा किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री उइके ने बुजुर्ग तीर्थयात्रियों का पुष्पहार पहनाकर स्वागत किया और उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष हंसराज धुर्वे, अपर कलेक्टर वंदना जाट, जिला पंचायत की अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी इंदिरा महतो सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे। केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उइके ने इस पहल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में वरिष्ठ नागरिकों की आस्था और सम्मान से जुड़ी एक महत्वपूर्ण योजना बताया। उन्होंने कहा कि यह योजना जीवनभर परिवार और समाज की सेवा करने वाले बुजुर्गों को प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन कराने का अवसर देकर सरकार की संवेदनशील सोच को दर्शाती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से यात्रा के दौरान आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त करने, देश की सांस्कृतिक विरासत को जानने और प्रदेश व देश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करने का आग्रह किया। यह तीर्थ यात्रा 19 जुलाई से 22 जुलाई तक आयोजित की जा रही है। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के लिए एक चिकित्सक, पांच पुलिस आरक्षक और पांच अनुरक्षक तैनात किए गए हैं। इस विशेष ट्रेन में बैतूल के अलावा नर्मदापुरम और सागर जिले के श्रद्धालु भी शामिल हैं।
एक मां अपने बच्चे के दर्द को सबसे करीब से महसूस करती है। पाली जिले के मारवाड़ जंक्शन क्षेत्र के हेमलियावास खुर्द निवासी साइकोलॉजिस्ट नेहा सोलंकी ने भी अपने बेटे की तकलीफ को अपनी ताकत बना लिया। सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित बेटे के लिए उन्होंने ऐसी विशेष कुर्सी तैयार की, जिस पर दिव्यांग बच्चे बिना किसी सहारे के सुरक्षित और आरामदायक तरीके से बैठ सकें। उनके इस इनोवेशन ने उनके बेटे की जिंदगी आसान बनाई, साथ ही देशभर के विशेष बच्चों के लिए उम्मीद भी बनी हैं। अब नेहा सोलंकी का नीति आयोग के अटल इनोवेशन मिशन ने वर्ष 2026 के ‘ग्रासरूट्स इनोवेटर रिकग्निशन’ के लिए उनका चयन किया है। पूरे देश से चुने गए 26 इनोवेटर शख्सियतों में उन्हें स्थान मिला है। उन्हें 31 जुलाई 2026 को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सम्मानित करेंगी। बेटे की बीमारी बनी प्रेरणाजयपुर निवासी नेहा सोलंकी की करीब 15 साल पहले पाली जिले के हेमलियावास खुर्द निवासी डॉ. अभिषेक भाटी से शादी हुई। शादी के बाद बेटे के जन्म से परिवार में खुशियां आईं, लेकिन 6 महीने बाद पता चला कि उनका बेटा सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित है। नेहा बताती हैं कि इस बीमारी में मस्तिष्क का विकास होता है, लेकिन शरीर की गतिविधियों पर पूरा नियंत्रण नहीं रह पाता। बच्चे को बैठने, उठने और संतुलन बनाए रखने में काफी कठिनाई होती है। बेटे की परेशानी ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया और यहीं से दिव्यांग बच्चों के लिए कुछ करने का संकल्प जन्मा। स्कूलों के इनकार के बाद इनोवेशन करने का फैसला लियावर्तमान में जोधपुर में रह रही नेहा बताती हैं कि वर्ष 2023 में बेटे के स्कूल में प्रवेश के लिए कई निजी स्कूलों के चक्कर लगाए, लेकिन अधिकांश स्कूलों ने उसकी शारीरिक स्थिति का हवाला देते हुए प्रवेश देने से मना कर दिया। आखिरकार एक स्कूल ने शर्त रखी कि यदि बच्चा सुरक्षित तरीके से बैठ सके तो प्रवेश दिया जाएगा। इसी चुनौती ने नेहा को विशेष कुर्सी बनाने की प्रेरणा दी। 9 महीने की मेहनत से तैयार हुई स्पेशल कुर्सीनेहा ने करीब 9 महीने के रिसर्च और मेहनत के बाद ऐसी विशेष कुर्सी तैयार की, जिस पर सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित बच्चा बिना किसी सहारे के सुरक्षित बैठ सकता है। इस कुर्सी में बच्चे के शरीर को जरूरी सपोर्ट मिलता है, जिससे गिरने का खतरा भी नहीं रहता। इसी कारण उनका 10 वर्षीय बेटा सामान्य बच्चों के साथ स्कूल में पढ़ाई कर रहा है। यह कुर्सी 3 से 12 साल तक के बच्चों के लिए उपयोगी है और इसका पेटेंट भी भारत सरकार से प्राप्त हो चुका है। दिव्यांग बच्चों के लिए बनाई कंपनीअपने बेटे के अनुभव के बाद नेहा ने एक कंपनी की स्थापना की, जो विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए सहायक उपकरण विकसित करती है। अब तक वे दो प्रकार की विशेष कुर्सियां विकसित कर चुकी हैं। इसके अलावा ऐसे कई अन्य उपकरणों पर भी काम चल रहा है, जिनकी मदद से दिव्यांग बच्चे रोजमर्रा के कार्य अधिक आत्मनिर्भर होकर कर सकें। नेहा के पति एनजीओ चलाते है, जिसके जरिए नशा मुक्ति केंद्र का भी संचालन किया जाता है।
सांची पुलिस ने निर्माणाधीन होटल से बिजली के तांबे के तार चोरी के मामले का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने रविवार को आरोपियों के कब्जे से चोरी के बिजली तार, जला हुआ तांबा, नकदी तथा वारदात में प्रयुक्त ऑटो और बाइक सहित करीब 6.60 लाख रुपए का माल बरामद किया है। यह मामला 3 जुलाई 2026 को विदिशा निवासी अभिषेक महेश्वरी की शिकायत पर दर्ज किया गया था। महेश्वरी ने बताया था कि 2-3 जुलाई की दरमियानी रात सांची स्थित निर्माणाधीन मधुरम होटल के स्टोर रूम से हेवल्स कंपनी के तांबे के बिजली तार के बंडल चोरी हो गए थे। शिकायत के बाद सांची थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी निरीक्षक आर.बी. शर्मा के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने सांची, विदिशा, भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में गहन जांच की। मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। जला तांबा, नकदी, बाइक बरामदपूछताछ के दौरान आरोपियों ने चोरी करना स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि चोरी किए गए कुछ तांबे के तार जलाकर बेच दिए थे, जबकि बाकी माल छिपाकर रखा था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हेवल्स कंपनी के 35 बंडल बिजली तार, लगभग 10 किलो जला हुआ तांबा, 49 हजार रुपए नकद, एक ऑटो और एक बाइक बरामद की है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अभय सिंह (22), गौरव ठाकरे (18), प्रकाश मराठी (23) (सभी गांधीनगर नई बस्ती, भोपाल निवासी) और चन्द्रराज (50) (अंबेडकर नगर, भोपाल निवासी) शामिल हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी आर.बी. शर्मा सहित थाना सांची की टीम की भूमिका सराहनीय रही।
धौलपुर में डॉ. हैनिमैन चैरिटेबल ट्रस्ट ने शहीद महेंद्र सिंह दिवाकर स्मृति मंच और चंद्रमल फाउंडेशन के सहयोग से एक होम्योपैथिक चिकित्सा शिविर का आयोजन किया। यह शिविर रिजर्व पुलिस लाइन स्थित मंदिर प्रांगण में लगाया गया, जिसमें 319 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें मुफ्त दवाइयां दी गईं। एएसपी वैभव शर्मा ने फीता काटकर इसका शुभारंभ किया। शिविर का उद्घाटन करते हुए एएसपी शर्मा ने होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह रोगों के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है और इसमें दीर्घकालिक लाभ मिलने की बात कही जाती है। शर्मा ने लोगों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने का भी आह्वान किया। इस अवसर पर जगदीश प्रसाद जग्गा ने संतुलित खान-पान और बाजार की अस्वास्थ्यकर वस्तुओं से परहेज करने की सलाह दी। वहीं, डॉ. सी.पी. शर्मा ने बताया कि होम्योपैथिक उपचार में मरीज की संपूर्ण शारीरिक एवं मानसिक स्थिति का आकलन किया जाता है, जिससे इस पद्धति के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ रहा है। शिविर में आगरा से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों डॉ. उमेश कुमार, डॉ. राहुल कुमार, डॉ. सी.पी. सिंह, डॉ. विनोद कुमार और डॉ. रोहित वर्मा ने मरीजों का परीक्षण किया। कार्यक्रम में करौली डिप्टी फिजिकल विजय उदैनियां, मोहम्मद जाकिर हुसैन, जाहिद कुरैशी, शैलेंद्र यादव, अकील अहमद, मोहन सिंह, राजेश कुमार, जसराम, देवेंद्र राणा, रूपेंद्र सिंह नरवर सहित कई लोग मौजूद रहे।
मध्य प्रदेश का सबसे ऊंचा 'बहुती जलप्रपात' इस साल जुलाई के महीने में ही पूरी तरह सूख गया है। करीब 650 फीट की ऊंचाई से गिरने वाली इसकी सफेद पानी की धार मानसून की बेरुखी की वजह से रुक गई है, जिससे यहां घूमने आ रहे लोग मायूस होकर लौट रहे हैं। महीने की शुरुआत में जो थोड़ी-बहुत बारिश हुई थी, उससे कुछ दिनों के लिए झरने में पानी आया था, लेकिन अब पानी का बहना पूरी तरह बंद हो गया है। ओडडा नदी में पानी कम होने से झरने से गिरने वाली सफेद चादर जैसी खूबसूरत जलधारा अब दिखाई नहीं दे रही है। सूखी चट्टानें देखकर लौट रहे सैलानी आम तौर पर जुलाई से नवंबर के बीच हजारों लोग बहुती जलप्रपात की 198 मीटर (करीब 650 फीट) ऊंची जलधारा, उसकी गूंज और ठंडी फुहारों का मज़ा लेने आते हैं। लेकिन इस बार लोग पहुंच तो रहे हैं, पर झरने की सूखी चट्टानों को देखकर उन्हें निराशा हो रही है। रविवार को यहां घूमने आए रमेश कुशवाहा ने बताया कि वे हर साल बारिश के मौसम में कई बार यह झरना देखने आते हैं। उन्होंने कहा कि इस साल कम बारिश होने की वजह से ही पानी सूख गया है। रमेश को उम्मीद है कि जल्द ही अच्छी बारिश होगी और यह झरना फिर से अपनी पुरानी खूबसूरती पा लेगा। ओडडा नदी पर बना है यह झरना यह मशहूर बहुती जलप्रपात ओडडा नदी पर बना है, जो तमसा (टोंस) नदी में जाकर मिलती है। आम दिनों में मानसून के समय इसकी गिरती हुई धार दूर-दूर से लोगों को अपनी तरफ खींचती है। जुलाई में ही इसके सूख जाने से यहां के लोकल पर्यटन पर भी बुरा असर पड़ रहा है। अब सबको बस एक अच्छी और तेज बारिश का इंतजार है, ताकि बहुती जलप्रपात एक बार फिर अपनी रौनक बिखेर सके।
दुर्ग पुलिस ने रविवार को नीट परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं का सम्मान किया। पुलिस लाइन दुर्ग में आयोजित कार्यक्रम में सफल विद्यार्थियों को स्मृति चिन्ह देकर उनकी उपलब्धि की सराहना की गई। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने कहा कि किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास सबसे जरूरी होते हैं। कार्यक्रम में NEET की तैयारी कर रहे कई छात्र-छात्राएं और उनके अभिभावक भी शामिल हुए। पांच विद्यार्थियों का हुआ सम्मानसम्मान समारोह में पांच विद्यार्थियों को उनके NEET परीक्षा के प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। इनमें अभिनाश ने 651 अंक हासिल किए। आर्नव ने 629 अंक, भव्यांश ने 597 अंक, नूरी शफ़त ने 534 अंक और मोहम्मद अरशद ने 479 अंक प्राप्त किए। सभी विद्यार्थियों को स्मृति चिन्ह दिया गया। पैरेंट्स भी पुलिस अफसरों ने की बातकार्यक्रम में मौजूद अभिभावकों से भी अधिकारियों ने बातचीत की। उन्होंने कहा कि बच्चों पर जरूरत से ज्यादा दबाव बनाने के बजाय उन्हें सकारात्मक माहौल देना चाहिए। परिवार का सहयोग और विश्वास बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाता है, जिससे वे बेहतर प्रदर्शन कर पाते हैं। दुर्ग पुलिस ने इस मौके पर यह भी कहा कि प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने और सकारात्मक शैक्षणिक माहौल तैयार करने के लिए विभाग लगातार ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा। छात्रों को मोटिवेट करने किया सम्मानितकार्यक्रम का उद्देश्य सिर्फ सफल विद्यार्थियों को सम्मानित करना ही नहीं था, बल्कि उन छात्रों को भी प्रेरित करना था जो मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। अधिकारियों ने विद्यार्थियों से कहा कि परीक्षा में सफलता एक दिन में नहीं मिलती। इसके लिए नियमित पढ़ाई, सही योजना और धैर्य के साथ लगातार प्रयास करना पड़ता है। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) सुखनंदन राठौर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मणिशंकर चंद्रा, उप पुलिस अधीक्षक लाइन चंद्र प्रकाश तिवारी, रक्षित निरीक्षक नीलकंठ वर्मा और रक्षित केंद्र की सूबेदार कविता साहू सहित पुलिस विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
डिंडोरी में रविवार को भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई। इस्कॉन ट्रस्ट के तत्वावधान में पुरानी डिंडोरी चौक से शुरू हुई यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। भगवान जगन्नाथ के दर्शन और रथ की रस्सी खींचने के लिए श्रद्धालुओं में उत्साह रहा। पूजा के बाद रवाना हुई यात्रा दोपहर करीब 2:30 बजे नगर परिषद अध्यक्ष सुनीता सारस और अन्य जनप्रतिनिधियों ने भगवान जगन्नाथ की पूजा-अर्चना कर रथ यात्रा को रवाना किया। यात्रा पुरानी डिंडोरी चौक से शुरू होकर नगर के प्रमुख रास्तों से होते हुए कॉलेज तिराहे और कॉलेज ग्राउंड तक पहुंची। भजन-कीर्तन पर झूमे श्रद्धालु पूरे मार्ग में श्रद्धालु 'हरे राम, हरे कृष्ण' के भजनों पर नृत्य करते और जयघोष लगाते हुए आगे बढ़ते रहे। भगवान जगन्नाथ के दर्शन और रथ की रस्सी खींचने के लिए कई श्रद्धालु कतार में अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। रथ यात्रा के दौरान कई श्रद्धालु हाथों में झाड़ू लेकर मार्ग की सफाई करते हुए चल रहे थे, जबकि अन्य भक्त रथ की रस्सी खींचकर सेवा भाव से शामिल हुए। नगर के अलग -अलग जगहों पर सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम रथ यात्रा के दौरान एसडीओपी सतीश द्विवेदी, टीआई दुर्गा प्रसाद नगपुरे और यातायात निरीक्षक सुभाष उइके पुलिस बल के साथ पूरे मार्ग पर तैनात रहे। शाम करीब 7:30 बजे कॉलेज ग्राउंड में यात्रा का समापन हुआ, जहां श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।
बिहार से लापता किशोरी भोपाल में मिली:युवक से जबरन शादी कराई गई, एक साल तक रेप करता रहा तथाकथित पति
भोपाल की शाहपुरा पुलिस ने एक 16 साल की किशोरी की शिकायत पर उसके कथित पति के खिलाफ रेप की एफआईआर दर्ज की है। पीड़िता का आरोप है कि एक साल तक उसे शाहपुरा की एक मल्टी में जबरन बंधक बनाकर रखा गया। यहीं आरोपी ने उसके साथ जबरन शादी की थी। उसे मारा-पीटा जाता और घरेलू काम कराया था। शादी करने वाला युवक उसके साथ कई बाार संबंध बना चुका है। मौका मिलते ही वह आरोपी के चुंगल से छूटकर थाने पहुंची। पुलिस इस मामले में मानव तस्करी के एंगल पर भी जांच कर रही है। सीडब्ल्यूसी के समक्ष सोमवार को पीड़िता के बयानों को दर्ज कराया जाएगा। एसआई हरीश ने बताया कि 16 वर्षीय पीड़िता 1 मार्च 2025 को सेरसा जिला बिहार से स्थित अपने घर से मां-पिता से नाराज होकर निकली थी। पुनिया जिला बिहार में ट्रेन में सफर के दौरान उसकी मुलाकात ट्रेन में दंपती से हुई। दोनों फुसला कर और सहारा देने के नाम पर उसे भोपाल ले आए। यहां दो दिन के भीतर जबरन उसकी शादी शाहपुरा की एक मल्टी में रहने वाले युवक से कराई गई। एक साल तक आरोपी उसके साथ संबंध बनाता रहा। युवक से विवाद के बाद वह शनिवार की रात को किसी तरह से थाने आई। काउंसलिंग के बाद रविवार तड़के एफआईआर दर्ज कर ली। आरोपी युवक को रविवार की दोपहर को गिरफ्तार कर लिया गया है। जिसे मेडिकल परिक्षण के बाद कोर्ट में पेश कर दिया गया है। अंकल-अंटी की तलाश में जुटी पुलिस पुलिस आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि किशोरी को उस तक पहुंचाने वाले अंकल-अंटी कौन थे। उनका आरोपी से क्या रिश्ता था। क्या लड़की उस तक पहुंचाने के एवज में रकम ली गई है। जांच में मानव तस्करी के प्रमाण मिलने पर धाराओं में इजाफा किया जाएगा। फिलहाल रेप और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। लड़की ने भोपाल में तथा कथित पति के अलावा अन्य किसी से संबंध बनाने की बात पुलिस से नहीं कही है। पिता ने दर्ज नहीं कई थी शिकायत पीड़िता के पिता से पुलिस ने संपर्क कर लिया है। उन्हें भोपाल बुलाया गया है। अब तक की चर्चा में पिता ने इस बात की पुष्टि पुलिस के समक्ष की है कि बेटी के लापता होने के बाद उन्होंने संबंधित थाने में गुमशुदगी अथवा अपहरण का केस दर्ज नहीं कराया था। उनके आने के बाद पुलिस आगे की पूछताछ करेगी।
छतरपुर के बड़ामलहरा में राष्ट्रीय राजमार्ग-934 (NH-934) पर मुंगवारी-सरगुवां मार्ग पर प्रस्तावित ओवरब्रिज नहीं बनने के विरोध में रविवार को ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। करीब एक हजार से अधिक ग्रामीणों ने हाईवे पर चक्काजाम कर निर्माण एजेंसी के खिलाफ नारेबाजी की। इस प्रदर्शन के कारण हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी ने ओवरब्रिज बनाने के बजाय मार्ग पर मिट्टी डालकर आवागमन बाधित कर दिया है। इससे स्कूली बच्चों, किसानों, मरीजों और दैनिक यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार अधिकारियों और निर्माण कंपनी को इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। जल्द ओवरब्रिज का निर्माण शुरू करने की मांगप्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि मुंगवारी-सरगुवां मार्ग पर जल्द से जल्द ओवरब्रिज का निर्माण शुरू किया जाए। इसके साथ ही, सड़क पर डाली गई मिट्टी को हटाकर आवागमन तत्काल बहाल किया जाए और निर्माण कार्य में हुई कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। चक्काजाम की सूचना मिलते ही गुलगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस ने ग्रामीणों से चर्चा कर यातायात सामान्य कराने की कोशिश की।
6208 गर्भवतियों की जांच, 225 हाई रिस्क मिलीं:चूरू में सुरक्षित प्रसव के लिए घर-घर पहुंच रही टीम
चूरू जिले में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत अब तक 6208 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई है। जांच के दौरान 225 उच्च जोखिम (हाई रिस्क) वाली गर्भवतियों की पहचान कर उनका पंजीकरण किया गया है। इन महिलाओं की नियमित निगरानी, समय पर उपचार और सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 15 जुलाई से विशेष अभियान शुरू किया है। 15 जुलाई से चल रहा विशेष अभियान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मनोज शर्मा ने बताया कि उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की जांच और उपचार के लिए 15 जुलाई से विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य ऐसी गर्भवतियों की समय रहते पहचान कर उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। आशा-एएनएम करेंगी नियमित फॉलो-अप डॉ. शर्मा ने बताया कि आशा सहयोगिनी और एएनएम सप्ताह में दो बार हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं से संपर्क करेंगी। वहीं जुलाई और अगस्त में प्रसव संभावित महिलाओं की निगरानी चिकित्सा अधिकारी स्तर पर भी नियमित रूप से की जाएगी, ताकि किसी भी जटिलता की स्थिति में तुरंत उपचार मिल सके। घर-घर पहुंच रही स्वास्थ्य टीम अभियान के तहत जिले में 620 निरीक्षण किए गए हैं तथा 560 गर्भवती महिलाओं के घरों का दौरा किया गया है। सीएमएचओ ने सभी स्वास्थ्य संस्थानों को निर्देश दिए हैं कि हाई रिस्क गर्भवतियों को स्वास्थ्य संस्थानों तक लाकर उनकी आवश्यक चिकित्सकीय जांच और उपचार सुनिश्चित किया जाए। मातृ मृत्यु दर रोकना सर्वोच्च प्राथमिकता जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी (आरसीएचओ) डॉ. शशांक चौधरी ने कहा कि जिले में मातृ मृत्यु दर को रोकना स्वास्थ्य विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सेक्टर स्तर पर सभी संबंधित कर्मियों को जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। इन बिंदुओं पर रहेगा विशेष फोकस फील्ड में कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी गर्भवती महिला प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) से वंचित न रहे। प्रसव पूर्व और प्रसवोत्तर सेवाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं तथा उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था (एचआरपी) की शीघ्र पहचान की जाए। एनीमिया, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, पूर्व सी-सेक्शन, जुड़वां गर्भ, कम या अधिक उम्र की गर्भवती महिलाएं और अन्य गंभीर लक्षणों वाली गर्भवतियों को एचआरपी श्रेणी में चिन्हित किया जाएगा। चार एएनसी जांच अनिवार्य डॉ. चौधरी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक गर्भवती की कम से कम चार एएनसी जांच सुनिश्चित की जाए। साथ ही हीमोग्लोबिन, रक्तचाप, वजन, लंबाई, यूरिन एल्ब्यूमिन, एचआईवी और ब्लड शुगर जैसी जरूरी जांच समय पर कराई जाए, ताकि मां और शिशु दोनों का स्वास्थ्य सुरक्षित रखा जा सके।
बैतूल में राष्ट्रपति के हालिया दौरे के दौरान यातायात व्यवस्था के लिए हटाए गए स्पीड ब्रेकर अब सड़क हादसों का कारण बन रहे हैं। रविवार को चक्कर रोड पर तेज रफ्तार वाहनों से दो अलग-अलग दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें एक महिला और उसका बच्चा घायल हो गए, जबकि एक गाय की मौके पर ही मौत हो गई। इन घटनाओं ने स्थानीय निवासियों की चिंता बढ़ा दी है। पहली घटना में, एक कार ने स्कूटी सवार महिला और उसके बच्चे को टक्कर मार दी, जिससे वे घायल हो गए। दूसरी घटना में, एक पिकअप वाहन की चपेट में आने से एक गाय की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। ये दोनों हादसे चक्कर रोड पर हुए। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय निवासियों के अनुसार, राष्ट्रपति के दौरे की तैयारियों के तहत चक्कर रोड से कई स्पीड ब्रेकर हटा दिए गए थे। तब से इस मार्ग पर वाहनों की गति काफी बढ़ गई है, जिसके परिणामस्वरूप लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। उनका कहना है कि पहले स्पीड ब्रेकर होने से वाहन चालक गति नियंत्रित रखते थे, लेकिन अब तेज रफ्तार के कारण सड़क पर चलना जोखिम भरा हो गया है। इन लगातार हो रहे हादसों के बाद, स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से तत्काल चक्कर रोड पर दोबारा स्पीड ब्रेकर बनाने या अन्य प्रभावी यातायात नियंत्रण उपाय लागू करने की मांग की है। उनका तर्क है कि यदि वीआईपी दौरा समाप्त होने के बाद भी सड़क सुरक्षा व्यवस्था बहाल नहीं की गई, तो भविष्य में और बड़े हादसे हो सकते हैं।
सीधी जिले के दूर-दराज और आदिवासी इलाके भुईमाड़ में रविवार को एक खास स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। जिला मुख्यालय से करीब 130 किलोमीटर दूर बसे इस गांव में कलेक्टर विकास मिश्रा खुद व्यवस्थाएं देखने पहुंचे। इस कैंप में भुईमाड़ और आसपास के गांवों से आए 197 ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की गई। कैंप में आए मरीजों को मुफ्त में दवाइयां दी गईं और बड़े डॉक्टर्स ने उन्हें सेहत से जुड़ी सलाह दी। इंसानों के साथ-साथ पशुपालन विभाग की टीम ने भी यहां मवेशियों की जांच की और उनका इलाज किया। दौरे के दौरान कलेक्टर ने ग्रामीणों से सीधे बातचीत की और उनकी दिक्कतें जानीं। ग्रामीणों ने सबसे ज्यादा शिकायत पीने के पानी की किल्लत और पीएचई (PHE) विभाग की ढीली कार्यप्रणाली को लेकर की। इस पर कलेक्टर ने जुड़े हुए अफसरों को तुरंत काम सुधारने और हर ग्रामीण तक साफ पानी पहुंचाने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का फायदा आखिरी व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन का सबसे पहला काम है। 15 गांवों को मिलेगा फायदा, मौके पर ही निपटाईं समस्याएं भुईमाड़ के आसपास करीब 15 ऐसे गांव हैं, जहां आज भी बुनियादी सुविधाओं की कमी है। इन पिछड़े और दुर्गम इलाकों में रहने वाले लोगों को इलाज के लिए दूर न जाना पड़े, इसीलिए प्रशासन ने खुद गांव पहुंचकर यह पहल की है। इन लोगों की सड़क-पानी और बिजली जैसी समस्याएं अधिकारियों ने सुनी। भुइमाड़, कुसमी, भदौरा, रूदा समेत 15 गांवों में अभी तक सड़क और बिजली नहीं है। लगभग सभी गांवों में हर मोहल्ले तक पक्की सड़क नहीं बनी है। कलेक्टर विकास मिश्रा ने बताया कि यह कैंप सिर्फ इलाज तक सीमित नहीं था। इसमें पशु चिकित्सा, राजस्व और पंचायत जैसे दूसरे विभागों के अफसर भी मौजूद थे, ताकि लोगों की बाकी समस्याओं को भी वहीं का वहीं सुलझाया जा सके। कैंप के दौरान आए 150 से ज्यादा आवेदनों और शिकायतों का तुरंत निपटारा कर दिया गया। इस मौके पर सीएमएचओ (CMHO), बीएमओ (BMO) कुसमी, तहसीलदार और जनपद सीईओ (CEO) सहित कई विभागों के कर्मचारी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस कोशिश की खूब तारीफ की और कहा कि ऐसे कैंप यहां हमेशा लगने चाहिए।
टोंक में रविवार को ग्रामीणों ने टोडारायसिंह स्टेट हाईवे पर एक घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया। हमीरपुर के ग्रामीणों ने यह प्रदर्शन तीन दिनों से लगातार अघोषित बिजली कटौती और जर्जर ट्रांसफॉर्मर के विरोध में किया। इससे परेशान होकर ग्रामीणों ने बिजली निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान ग्रामीणों ने नियमित एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति की व्यवस्था सुचारू करने और जर्जर ट्रांसफॉर्मर को तत्काल बदलने की मांग की। अघोषित कटौती से आमजन का जनजीवन प्रभावित ग्रामीणों ने बताया कि 17 से 19 जुलाई तक हर रोज रात 8 बजे से रात 11 बजे तक तीन घंटे बिना सूचना के बिजली कटौती की जाती है। इस अघोषित कटौती से आमजन का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। किसान सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं, विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित हो रही है, छोटे व्यापारियों का काम प्रभावित हो रहा है। भीषण गर्मी और उमस के कारण बुजुर्गों, महिलाओं एवं बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि विद्युत विभाग को इसे लेकर शिकायत भी की थी, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। वहीं ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। आश्वासन के बाद भी आज तक समाधान नहीं हुआ धरने के दौरान ग्रामीणों ने हमीरपुर बस स्टैंड स्थित ट्रांसफॉर्मर (डीपी) की जर्जर स्थिति का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि डीपी का एक तार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इस संबंध में पूर्व में सहायक अभियंता दीपक मीणा को अवगत कराया गया था। उन्होंने ट्रांसफॉर्मर बदलने का आश्वासन दिया, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। ट्रांसफॉर्मर बदलने की मांग धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व जितेंद्र सिंह पीपला, पंचायत समिति सदस्य, टोडारायसिंह ने किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण लंबे समय से बिजली व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं, लेकिन विभाग द्वारा समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से तत्काल प्रभाव से बिजली आपूर्ति नियमित करने और क्षतिग्रस्त ट्रांसफॉर्मर को बदलने की मांग की। प्रदर्शन में ये मौजूद रहे इस प्रदर्शन में बाबू बैरवा, गोपाल महाराज, सुनील बैरवा, बबलू, ललित कुमार बैरवा, गणेश मोरवाल बैरवा, सूरज बैरवा, रामनिवास, सत्यनारायण, छोटूलाल गुर्जर, लालचंद जैन, राजाराम गुर्जर, पप्पू बैरवा, रामेश्वर सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री, बिजली निगम अधिकारी के नाम ज्ञापन सरपंच गीता देवी को सौंपी। बाद में सरपंच प्रतिनिधि गोवर्धन लाल जाट ने ज्ञापन को उच्च अधिकारियों को भेज दिया है।
छत्तीसगढ़ के पेंशनरों के लिए राहत की खबर है। अब महंगाई राहत (DR) बढ़ाने के लिए मध्यप्रदेश सरकार की सहमति का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मध्य प्रदेश वित्त विभाग ने पुरानी व्यवस्था में बदलाव करते हुए दूसरे राज्य की मंजूरी लेने की अनिवार्यता खत्म कर दी है। 17 जुलाई को जारी आदेश के बाद अब छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश सरकार अपने-अपने पेंशनरों के लिए महंगाई राहत बढ़ाने का फैसला खुद ले सकेंगी। इससे पेंशनरों को DR का लाभ पहले की तुलना में जल्दी मिलने की उम्मीद है। पहले क्या था नियम? राज्य बनने के बाद छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के पेंशनरों की महंगाई राहत बढ़ाने के लिए दोनों राज्यों के बीच सहमति की प्रक्रिया अपनाई जाती थी। इस वजह से कई बार फैसला लेने में देरी होती थी और पेंशनरों को बढ़ी हुई राहत का लाभ समय पर नहीं मिल पाता था। नई व्यवस्था में अब दोनों राज्य सीधे आदेश जारी कर सकेंगे। हालांकि, महंगाई राहत की दर केंद्र सरकार द्वारा तय दर से ज्यादा नहीं होगी। साथ ही दोनों राज्य एक-दूसरे को इससे होने वाले वित्तीय भार की जानकारी देंगे। फेडरेशन ने लंबे समय से उठाई थी मांग छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन और पेंशनर्स फोरम ने इस फैसले का स्वागत किया है। फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा और पेंशनर्स फोरम के संयोजक बीपी शर्मा ने कहा कि पेंशनरों को DR मिलने में देरी से आर्थिक नुकसान हो रहा था। इसे लेकर संगठन लगातार सरकार से मांग कर रहे थे। संगठन ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव के साथ ही केंद्र सरकार को भी पत्र लिखकर इस व्यवस्था में बदलाव की मांग की थी। लाखों पेंशनर्स को होगा फायदा फेडरेशन का कहना है कि नई व्यवस्था से छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के लाखों पेंशनरों को समय पर महंगाई राहत मिल सकेगी। वर्षों से चली आ रही प्रक्रिया की वजह से होने वाली देरी अब कम होगी। संगठन ने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी का आभार जताया है।
धौलपुर में पुलिस अब सोशल मीडिया पर कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखेगी। जिले में 20 जुलाई से 20 अगस्त तक विशेष अभियान चलाकर आपत्तिजनक, भ्रामक और हथियारों के साथ फोटो-वीडियो पोस्ट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। धौलपुर पुलिस 20 जुलाई से 20 अगस्त तक जिलेभर में विशेष अभियान चलाएगी। इस अभियान का उद्देश्य सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक, भ्रामक एवं कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली सामग्री के प्रसार पर रोक लगाना है। एसपीविकास सांगवान के निर्देशन और एएसपी वैभव शर्मा व एएसपी (एडीएफ) बाड़ी श्रवण कुमार झोरड़ के सुपरविजन में यह अभियान चलाया जाएगा फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स और व्हाट्सऐप पर रहेगी नजरअभियान के दौरान पुलिस की सोशल मीडिया सेल और सभी थाना पुलिस टीमें फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स (ट्विटर) और व्हाट्सऐप सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार निगरानी रखेंगी। अफवाह फैलाने, सामाजिक एवं साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने, किसी व्यक्ति की छवि धूमिल करने या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली पोस्ट, वीडियो और संदेश साझा करने वालों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस विशेष रूप से हथियारों के साथ फोटो, वीडियो या रील पोस्ट कर अपराध का महिमामंडन करने, आमजन में भय का माहौल बनाने अथवा युवाओं को गलत दिशा में प्रेरित करने वाले व्यक्तियों पर भी कड़ी नजर रखेगी। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। एसपी सांगवान ने युवाओं और आमजन से सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की भ्रामक, आपत्तिजनक या कानून विरोधी सामग्री साझा न करें। यदि ऐसी कोई पोस्ट, वीडियो या स्टोरी दिखाई दे तो उसकी सूचना पुलिस सोशल मीडिया सेल के व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 87645 11201 पर या धौलपुर पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स के डायरेक्ट मैसेज के माध्यम से दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

