इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ग्राम पंचायत की पूर्व प्रधान और वर्तमान प्रशासक हुस्नबानो को आंशिक राहत देते हुए उन्हें प्रशासक पद से हटाने वाले आदेश के हिस्से को रद्द कर दिया है। न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की एकल पीठ ने याचिका का निस्तारण करते हुए उनके प्रशासकीय अधिकार बहाल कर दिए। मामला अमरोहा जिले का है। क्या है मामला जानिये याची का प्रधान के रूप में कार्यकाल समाप्त हो चुका था, लेकिन 25 मई और 29 मई 2026 के शासनादेशों के तहत वह प्रशासक के रूप में कार्य कर रही थीं। इसी दौरान उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम, 1947 की धारा 95(1)(जी) के तहत उनके विरुद्ध कार्यवाही शुरू की गई। आरोप था कि प्रधान रहते हुए उन्होंने वित्तीय अनियमितताएं की थीं। उन्हें जवाब देने के लिए सात दिन का नोटिस दिया गया, लेकिन नोटिस देर से मिलने के कारण उनके पास वास्तव में केवल चार दिन बचे। जवाब दाखिल न होने पर 12 सितंबर 2026 के आदेश से उनके प्रशासकीय अधिकार छीन लिए गए और एक निश्चित धनराशि की देनदारी तय कर दी गई। नोटिस अधिकार क्षेत्र से बाहर याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि- नोटिस बिना अधिकार क्षेत्र के जारी किया गया और जांच संबंधित प्रावधानों के अनुरूप नहीं हुई।जवाब के लिए बेहद कम समय दिया गया।जवाब न देने मात्र के आधार पर सक्षम अधिकारी बिना स्वतंत्र विवेक का प्रयोग किए जांच रिपोर्ट स्वीकार नहीं कर सकता।अधिनियम की धारा 27 के तहत सरचार्ज लगाने के लिए ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर निर्धारित प्रक्रिया से स्वतंत्र जांच जरूरी है, जबकि यह केवल प्रारंभिक जांच थी।कार्यकाल पूरा हो चुका है, इसलिए इस स्तर पर उन्हें प्रशासक पद से नहीं हटाया जा सकता। कोर्ट ने सुना दिया आदेश कोर्ट ने कहा कि ऐसा कोई मामला नहीं है जिसमें याची ने प्रशासक बनने के बाद कोई अनियमितता की हो। चूंकि सरचार्ज की कार्यवाही अभी शुरू ही नहीं हुई है, इसलिए आक्षेपित आदेश के जरिए केवल एक प्रारंभिक जांच की गई है, जो सरचार्ज निर्धारण की जांच शुरू करने का आधार बन सकती है। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने 12.सितंबर .2026 के आदेश के केवल उस बाद के हिस्से में हस्तक्षेप किया, जिसमें याची को प्रशासक पद से हटाया गया था, और उनकी शक्तियां बहाल कर दीं। अन्य तर्कों पर कोर्ट ने कहा कि सरचार्ज की कार्यवाही शुरू होने पर, जब जरूरत होगी, उन पर विचार किया जा सकता है।
ब्लड कैंसर से पीड़ित दो माह के बच्चे को चढ़ाए जाने वाले खून की दो यूनिट के लिए 9 हजार रुपये वसूलने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निजी अस्पताल को राहत देने से इनकार किया। अदालत ने आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत अस्पताल का पंजीकरण समाप्त करने के राज्य सरकार के फैसले को बरकरार रखा। योजना के तहत पात्र मरीजों को निर्धारित उपचार और सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने अस्पताल की ओर से दाखिल याचिका खारिज की। अस्पताल ने राज्य स्वास्थ्य एजेंसी साचिस के तहत अपने पंजीकरण को समाप्त करने संबंधी राज्य पैनल समिति के 19 अगस्त 2026 के आदेश को चुनौती दी थी। क्या है मामला जानिये मामले के अनुसार अस्पताल को 18 जून 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद राज्य पैनल समिति ने 19 अगस्त को अस्पताल का पंजीकरण समाप्त करने का आदेश पारित किया। आदेश में कहा गया था कि बच्चे को खून चढ़ाने की प्रक्रिया का विवरण इलाज कर रहे डॉक्टर ने बेड हेड टिकट में दर्ज नहीं किया। अदालत के समक्ष यह बात भी सामने आई कि गहन चिकित्सा कक्ष में भर्ती मरीज के उपचार के दौरान इस तरह का विवरण दर्ज करना अनिवार्य था। आवश्यक प्रक्रिया का पालन नहीं किए जाने को अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई का आधार बनाया गया। हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई हाईकोर्ट ने राज्य पैनल समिति के आदेश की समीक्षा करते हुए कहा कि आदेश में कारणों का विस्तार से उल्लेख भले ही नहीं किया गया हो, लेकिन इससे अभिलेखों में सामने आए तथ्यों का महत्व कम नहीं हो जाता। पीठ ने यह भी ध्यान दिया कि अस्पताल की ओर से राज्य पैनल समिति के सामने पेश हुए डॉक्टर ने प्रक्रियागत चूक स्वीकार की थी। मामले के प्रथम दृष्टया तथ्यों पर विचार करते हुए अदालत ने अस्पताल और उसके प्रबंधन की कथित कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। पीठ ने कहा कि उपलब्ध सामग्री से योजना को लागू करने और उसके तहत इलाज के दौरान जरूरी प्रक्रियाओं का पालन करने में अस्पताल की ओर से गंभीर कमियां सामने आई हैं। कोर्ट ने कहा एक विशेषाधिकार है हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि साचिस या आयुष्मान भारत योजना के पैनल से हटाए जाने का अर्थ यह नहीं है कि अस्पताल या उसके डॉक्टर अपना पेशा जारी नहीं रख सकते। वे अस्पताल आने वाले अन्य मरीजों का उपचार कर सकते हैं। अदालत ने समझाया कि यह स्थिति ऐसी है जैसे कोई मरीज किसी डॉक्टर या विशेषज्ञ पर भरोसा नहीं रहने के कारण उसकी सेवाएं लेना बंद कर दे। पीठ ने कहा : “योजना के तहत पंजीकरण कोई न्यायिक रूप से लागू कराया जा सकने वाला अधिकार नहीं, बल्कि चुनिंदा अस्पतालों को दिया जाने वाला एक विशेषाधिकार है। हालांकि, राज्य को यह सुविधा बिना किसी भेदभाव के प्रदान करनी चाहिए।” अदालत ने दोहराया कि अस्पतालों को पैनल में शामिल करने की प्रक्रिया भेदभाव रहित होनी चाहिए, लेकिन मौजूदा मामले में उपलब्ध सामग्री योजना के क्रियान्वयन और निर्धारित प्रक्रियाओं के पालन में गंभीर कमियों की ओर संकेत करती है। इन परिस्थितियों में हाईकोर्ट ने राज्य पैनल समिति के आदेश में हस्तक्षेप करने का कोई आधार नहीं पाया और अस्पताल की याचिका खारिज की। इससे आयुष्मान भारत योजना के तहत अस्पताल का पंजीकरण समाप्त करने का फैसला बरकरार रहा।
भाजपा कार्यकर्ता संगठन की ताकत हैं और हर बूथ पर पार्टी को मजबूत बनाना उनकी प्राथमिकता होनी चाहिए। आगामी चुनावों में पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए कार्यकर्ता पूरी निष्ठा से जुटें। यह बात भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने इंदौर जिला ग्रामीण की बैठक में शुक्रवार को कही। बरसाना गार्डन में आयोजित बैठक में उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और राष्ट्रहित में पार्टी की विचारधारा को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। खंडेलवाल ने कहा कि आज कार्यकर्ता जिस विचारधारा और संगठन को मजबूत बनाने में योगदान दे रहे हैं, उसका लाभ आने वाली पीढ़ियों को मिलेगा। जिस तरह देश की आजादी के लिए बलिदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों का आज भी सम्मान किया जाता है, उसी तरह 50 से 100 साल बाद आने वाली पीढ़ियां भी उन कार्यकर्ताओं को याद करेंगी, जिन्होंने देश को मजबूत बनाने वाली विचारधारा और संगठन को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाई। इस दौरान जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, संभागीय संगठन प्रभारी रणवीर सिंह रावत, विधायक मधु वर्मा और उषा ठाकुर आदि मौजूद रहे। परिवार और व्यक्तिगत हितों से ऊपर रखें राष्ट्रहितप्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कार्यकर्ताओं को अपने परिवार और व्यक्तिगत हितों से आगे बढ़कर राष्ट्रहित के लिए काम करना चाहिए। पार्टी की विचारधारा को मजबूत करना, संगठन के नेताओं को मजबूती देना और प्रत्येक बूथ पर पार्टी को सशक्त बनाना समय की आवश्यकता है। आने वाली पीढ़ी भारत को सुरक्षित, आतंकवाद मुक्त, रोजगार के अवसरों से युक्त और खुशहाल राष्ट्र के रूप में देखे, इसके लिए आज संगठन को मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आगामी चुनावों में पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के संकल्प के साथ काम करने का आह्वान किया। सेवा संकल्प अभियान के कार्यक्रमों की दी जानकारीबैठक में भाजपा जिला अध्यक्ष श्रवण सिंह चावड़ा ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 17 सितंबर से शुरू हुए सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले में आयोजित सेवा गतिविधियों की जानकारी दी। चावड़ा ने बताया कि अभियान की शुरुआत ‘आशीर्वाद का दिया’ और ‘आंगन मिलन’ सहित विभिन्न सेवा कार्यक्रमों से की गई। इंदौर जिला ग्रामीण की चारों विधानसभा क्षेत्रों में अनेक आयोजन हुए। उन्होंने अभियान के दौरान कार्यकर्ताओं की ओर से किए गए सेवा कार्यों का भी ब्यौरा प्रस्तुत किया। संगठन के पदाधिकारियों ने भी किया संबोधितबैठक को संभागीय संगठन प्रभारी रणवीर सिंह रावत और जिला प्रभारी शैलेन्द्र डागा ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक जितू जिराती, विशाल पटेल और अंतर सिंह दरबार, अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भगवान परमार, जिला पंचायत अध्यक्ष रीना सतीश मालवीय सहित भाजपा के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मध्यप्रदेश में स्वामित्व योजना को लेकर पटवारियों और सरकार के बीच चल रहा गतिरोध खत्म हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से शुक्रवार शाम मुलाकात के बाद पटवारी संघ ने 12 अक्टूबर से योजना का काम दोबारा शुरू करने का ऐलान किया। संघ के प्रांतीय अध्यक्ष उपेंद्र सिंह बघेल के मुताबिक, योजना में न्यायिक संरक्षण के आदेश जारी किउ जाएंगे। वहीं, 17 सितंबर के बाद की गई कार्रवाइयों को शून्य करने पर भी सहमति बनी है। वेतन विसंगति पर आयोग के गठन के बाद विचार बैठक में पटवारियों की आर्थिक मांगों पर भी चर्चा हुई। भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री कुलदीप सिंह गुर्जर ने बताया कि सरकार ने वेतन विसंगति सहित अन्य मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाया है। वेतन विसंगति के मामले में आयोग के गठन के बाद विचार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने 27 अक्टूबर को होने वाले महासम्मेलन में आर्थिक मांगों पर घोषणा करने का आश्वासन दिया है। रजिस्ट्रियों से जुड़े कानूनी संरक्षण की मांग थी पटवारी संघ स्वामित्व योजना के तहत होने वाली रजिस्ट्रियों से जुड़े मामलों में कानूनी संरक्षण की मांग कर रहा था। पटवारियों को आशंका थी कि रजिस्ट्री से संबंधित विवादों में उन पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। गुर्जर के मुताबिक, इस संबंध में आ रही अड़चनों का समाधान कर दिया गया है और सरकार ने संरक्षण के प्रावधान किए हैं। बैठक में राज्य कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष रमेश चंद्र शर्मा, भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री कुलदीप सिंह गुर्जर, पटवारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र सिंह बघेल और प्रांतीय पटवारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष अश्विन सैनी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। 50 लाख रजिस्ट्रियों का है लक्ष्य मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी एक्स पर मुलाकात की जानकारी साझा की। इसके मुताबिक, संघ के पदाधिकारियों ने स्वामित्व योजना का काम पूरी निष्ठा से करने की बात कही है। सरकार इस योजना को प्राथमिकता दे रही है। इसके तहत करीब 50 लाख भूमि पंजीयन का लक्ष्य बताया गया है।
आगरा मंडल में रेल विकास और यात्री सुविधाओं के विस्तार को लेकर शुक्रवार को ताज कन्वेंशन होटल में उच्च स्तरीय बैठक हुई। बैठक में उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह की मौजूदगी में सांसदों और उनके प्रतिनिधियों ने रेल सुविधाओं को लेकर अहम सुझाव दिए। बैठक का उद्देश्य आगरा मंडल की उपलब्धियों को साझा करना और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करना था। महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने कहा कि उत्तर मध्य रेलवे उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान को देश से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रहा है। आगरा मंडल प्रमुख रूट पर होने से इसका विशेष महत्व है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में आगरा मंडल ने 353 लाख यात्रियों से 729 करोड़ रुपये की यात्री आय और 548 करोड़ रुपये की मालभाड़ा आय अर्जित की है। आगरा कैंट और मथुरा जंक्शन को स्टेशन पुनर्विकास योजना में शामिल किया गया है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चयनित 15 स्टेशनों में से 6 का काम पूरा हो चुका है, बाकी पर काम चल रहा है। सांसदों ने रखी ये मांगेंबैठक में सांसदों ने नई ट्रेन, ठहराव और सुविधाओं को लेकर कई सुझाव दिए। मथुरा सांसद हेमा मालिनी के प्रतिनिधि जनार्दन शर्मा ने मथुरा जंक्शन पर प्लेटफॉर्म 1,2,8,9,10 को जोड़ने के लिए नया फुट ओवरब्रिज और गतिमान एक्सप्रेस के ठहराव की मांग रखी। फतेहपुर सीकरी सांसद राजकुमार चाहर ने आगरा कैंट स्टेशन की व्यवस्था के लिए प्रधानमंत्री और रेल मंत्री का आभार जताया। उन्होंने बटेश्वर स्टेशन के 34 करोड़ के विकास कार्य के लिए महाप्रबंधक को धन्यवाद दिया। साथ ही इटावा-आगरा मेमू को बांदीकुई तक बढ़ाने और फतेहपुर सीकरी में OSOP स्टॉल लगाने की मांग की। आगरा सांसद और केंद्रीय राज्यमंत्री एसपी सिंह बघेल ने कानपुर-दिल्ली शताब्दी का टूंडला में ठहराव और आगरा-एटा ट्रेन की फ्रीक्वेंसी बढ़ाने का सुझाव दिया। इटावा सांसद जितेंद्र दोहरे ने उदिमोड स्टेशन पर शेड, इटावा में वंदे भारत और जम्मू मेल के ठहराव की मांग की। राज्यसभा सांसद नवीन जैन ने प्लेटफॉर्म पर कुर्सियां, आरओ वाटर कूलर और 24 घंटे सफाई व्यवस्था बढ़ाने को कहा। साथ ही आगरा-इंदौर और आगरा-उज्जैन के लिए नई ट्रेन की मांग रखी। राज्यसभा सांसद चौधरी तेजवीर सिंह ने वंदे भारत का मथुरा में ठहराव और राज्यसभा सांसद जयंत चौधरी के प्रतिनिधि कप्तान सिंह ने जलेसर रोड पर ट्रेनों के ठहराव और दो रेलवे क्रॉसिंग पर आरओबी बनाने की मांग की। बैठक का संचालन उप महाप्रबंधक अतुल मिश्रा ने किया। इस दौरान मंडल रेल प्रबंधक गगन गोयल समेत सभी विभागाध्यक्ष मौजूद रहे।
भोपाल-इंदौर मेट्रो के टिकट पर 25% की छूट:कल से लागू होगी नई व्यवस्था; बोनस-छूट से 44% तक फायदा
मध्य प्रदेश के 2 बड़े शहर- भोपाल और इंदौर में मेट्रो में घूमना अब फायदेमंद होगा। मेट्रो कॉरपोरेशन टिकट पर 25 प्रतिशत की छूट देने जा रहा है। 11 अक्टूबर से नई व्यवस्था के तहत टिकट मिलेगी। मेट्रो अफसरों का कहना है कि बोनस और छूट को मिला दें तो यात्रियों का 44% तक फायदा हो सकता है। मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) ने यात्रियों को मेट्रो यात्रा पर सीधा लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से भोपाल एवं इंदौर मेट्रो में टिकट पर अतिरिक्त छूट दी है। फेस्टिवल सीजन में शुरू की जा रही इस विशेष प्रमोशनल डिस्काउंट व्यवस्था के तहत यात्रियों को मौजूदा छूट के अतिरिक्त 25 प्रतिशत छूट का लाभ मिलेगा। यह व्यवस्था 31 दिसंबर 2026 तक लागू रहेगी। रिटर्न टिकट पर 30%, ग्रुप टिकट पर कुल 35% छूट ग्रुप टिकट के लिए अब 2 यात्री ही जरूरीग्रुप टिकट की सुविधा को भी यात्रियों के लिए आसान बनाया गया है। पहले ग्रुप टिकट लेने के लिए कम से कम 8 यात्रियों का होना आवश्यक था, जिसे अब घटाकर केवल 2 यात्री कर दिया गया है। इससे परिवार और दोस्तों के साथ यात्रा करने वाले यात्री भी ग्रुप टिकट का लाभ ले सकेंगे। ₹20 के सिंगल जर्नी टिकट पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत छूट लागू नहीं होगी। नई छूट से यात्रियों को होगा दोहरा फायदाMPMRCL मोबाइल ऐप के माध्यम से ई-वॉलेट रिचार्ज करने पर यात्रियों को पहले से ही रिचार्ज राशि के अनुसार 8 प्रतिशत से 15 प्रतिशत तक बोनस राशि का लाभ दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत ₹200 से ₹499 तक के रिचार्ज पर 8 प्रतिशत, ₹500 से ₹999 तक पर 10 प्रतिशत, ₹1,000 से ₹1,499 तक पर 12 प्रतिशत तथा ₹1,500 से ₹2,000 तक के रिचार्ज पर 15 प्रतिशत बोनस राशि मिलती है। अब इस मौजूदा ई-वॉलेट बोनस सुविधा के साथ नई प्रमोशनल टिकट छूट का लाभ मिलने से यात्रियों को टिकट पर अधिकतम लगभग 44 प्रतिशत का लाभ प्राप्त हो सकता है। डिजिटल टिकटिंग और कैशलेस भुगतान से स्मार्ट यात्राभोपाल एवं इंदौर मेट्रो में यात्रियों की सुविधा के लिए ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन (AFC) प्रणाली पहले से संचालित है। यात्री MPMRCL मोबाइल ऐप के माध्यम से डिजिटल टिकट प्राप्त कर सहज, सुरक्षित और कैशलेस यात्रा कर सकते हैं। टिकट का भुगतान UPI, QR कोड, ई-वॉलेट और MP Metro मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जा सकता है। इतना किराया1 से 2 स्टेशन के लिए ₹20, 3 से 5 स्टेशन तक ₹30, और 6 से 8 स्टेशन तक ₹40 किराया लिया जा रहा है। अधिकतम किराया (पूरे रूट पर) 80 रुपए तक है।
आगरा पुलिस ने चांदी लूटकांड का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वारदात में संजय ट्रेवल्स की बस के पूर्व ड्राइवर वैजनाथ की भूमिका सामने आई है। बस से बनारस के व्यापारी के लिए भेजी गई करीब 48 किलो चांदी चोरी की गई थी। आरोपियों ने इटावा के पास सफारी गाड़ी से वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 16 किलो चांदी, चार मोबाइल, दो गाड़ियां और 50 हजार रुपये बरामद किए हैं। बरामद गाड़ियों में महिंद्रा XUV कार भी शामिल है। एडीसीपी मनोज कुमार ने बताया कि संजय ट्रेवल्स की बस से चांदी के कट्टे बनारस के व्यापारी के पास भेजे जाते थे। चांदी से भरे कट्टे बस की सीट के नीचे रखकर ले जाए जाते थे। इसी व्यवस्था की जानकारी होने के कारण आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया। कुल दो कुंतल चांदी की खेप में से करीब 48 किलो चांदी चोरी हुई थी।27 तारीख को चांदी की खेप रिसीव होने के बाद चोरी का मामला सामने आया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान पूर्व बस ड्राइवर वैजनाथ और उसके साथियों की भूमिका सामने आई। पुलिस को गोविंद गुप्ता से पूछताछ में भी अहम सुराग मिले, जिसके आधार पर आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिली।पुलिस के मुताबिक, चोरी की गई चांदी को मध्य प्रदेश में गलवाने की बात भी सामने आई है। पुलिस इस संबंध में आगे की जांच कर रही है। मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस बरामदगी और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
लखनऊ में अखिल भारत हिंदू महासभा आगामी विधानसभा और नगर निगम चुनावों की तैयारियां तेज करेगी। संगठन ने लगभग सभी सीटों पर बैठकें कर मजबूत प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया जारी रखने का फैसला किया है। इसमें हिंदू समाज के हितों को प्राथमिकता देने पर प्रयास हैं। शुक्रवार को अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि महाराज का लखनऊ स्थित प्रदेश कार्यालय में स्वागत किया गया। स्वस्तिवाचन और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ उनका अभिनंदन किया गया। इस दौरान हिंदू समाज से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा हुई। राजनीतिक परिदृश्य, महासभा की राजनीतिक गतिविधियों और यूजीसी से संबंधित विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया। बैठक में आगामी चुनावों को लेकर संगठन की रणनीति पर चर्चा हुई। महासभा ने राजनीतिक गतिविधियों को गति देने और प्रत्याशियों के चयन की तैयारियां जारी रखने की बात कही। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष अनुपम मिश्रा, प्रदेश प्रवक्ता शेखर कुमार, प्रदेश संयोजक सांस्कृतिक प्रकोष्ठ आलोक श्रीवास्तव, दिल्ली के प्रदेश मंत्री कुलदीप, अमन राज सहित संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल रहे।
लखनऊ के बलरामपुर गार्डन, अशोक मार्ग पर चल रहा 23वां राष्ट्रीय पुस्तक मेला समापन की ओर बढ़ रहा है। 11 अक्टूबर तक चलने वाले मेले में शुक्रवार को नौवें दिन पुस्तक विमोचन, साहित्यिक चर्चा और सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। इस बार मेले की थीम वंदे मातरम् है। मेले में प्रेमचंद, महादेवी वर्मा, निराला, हरिवंश राय बच्चन, रवींद्रनाथ टैगोर, दिनकर और महाश्वेता देवी जैसे साहित्यकारों की किताबों की मांग है। वहीं, समकालीन समाज, राजनीति और मानवीय संवेदनाओं पर लिखी नई किताबें भी पाठकों को पसंद आ रही हैं। नई किताबों की बढ़ी मांग शैलेश कुमार का कविता संग्रह पहला पन्ना, अंबर पांडेय का कथा संग्रह लावारिस सामान का कमरा और हिमांशु श्रीवास्तव के उपन्यास नदी फिर बह चली व लोहे के पंख पाठकों को आकर्षित कर रहे हैं। दिव्य प्रकाश दुबे की टेंशन मत ले यार और नीलोत्पल मृणाल की विश्वगुरु भी पसंद की जा रही हैं। रेख्ता के स्टॉल पर गालिब, मीर, बशीर बद्र और निदा फाजली की शायरी की किताबें उपलब्ध हैं। हर मौके के लिए शेर और बेलगाम शायरी की भी मांग है। वाणी, ज्ञानपीठ, राजपाल, प्रभात और राजकमल समेत कई प्रकाशकों के स्टॉल पर साहित्य की विविध विधाओं की किताबें मौजूद हैं। न्यायिक सुधार पर चर्चा मुख्य मंच पर अधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद शर्मा की पुस्तक ‘ज्यूडिशियल रिफॉर्म थ्रू इंस्टीट्यूशनल इंट्रोस्पेक्शन’ का विमोचन न्यायमूर्ति रंगनाथ पांडेय ने किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में न्यायपालिका का मजबूत होना जरूरी है। वक्ताओं ने संस्थागत सुधार और संवैधानिक सिद्धांतों के पालन पर विचार रखे। कविता पाठ और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां कृति और कृतिकार कार्यक्रम में महेंद्र भीष्म समेत साहित्यकारों ने विचार रखे। डॉ. नीलम राकेश की तीन पुस्तकों का विमोचन किया। लेखक से संवाद में पूजा श्रीवास्तव की स्वबोध और स्व से समष्टि तक पर चर्चा हुई। क्रिएटर लाउंज में विद्यार्थियों ने ओपन माइक पर अपनी प्रतिभा दिखाई। बच्चों ने योग प्रदर्शन भी किया।
लखनऊ के ऐशबाग स्थित डीएवी कॉलेज में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत राधा रमण कथा के छठे दिन शुक्रवार को श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह उत्सव धूमधाम से मनाया गया। बैंड-बाजे, आतिशबाजी और भजनों के बीच श्रद्धालु भक्ति में झूम उठे। वृंदावन के डॉ. पुंडरीक गोस्वामी महाराज ने कथा के दौरान विवाह प्रसंग का आध्यात्मिक महत्व बताया। श्री राधा रमण सेवा समिति के सहयोग से पं. रास बिहारी तिवारी मार्ग स्थित कॉलेज परिसर में चल रही कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। विवाह उत्सव के दौरान पूरा पंडाल श्रीकृष्ण के जयकारों से गूंज उठा। अहंकार त्यागने से मिलेगा भगवान का प्रेम महाराज ने श्रीकृष्ण की रासलीला, गोपी गीत और उद्धव-गोपियों के संवाद की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि जब तक मनुष्य में अहंकार और मैं का भाव रहता है, तब तक वह भगवान के प्रेम को पूरी तरह अनुभव नहीं कर सकता। सच्ची भक्ति के लिए समर्पण, विनम्रता और निष्कपट प्रेम जरूरी है। उन्होंने बताया कि गोपी गीत जीवात्मा की परमात्मा से मिलने की व्याकुलता का प्रतीक है। ब्रज की गोपियों का निश्छल प्रेम देखकर उद्धव का ज्ञान का अभिमान भी दूर हो गया। भगवान को केवल बौद्धिक ज्ञान से नहीं, बल्कि सच्चे प्रेम और अनन्य भक्ति से पाया जा सकता है। युवाओं से बोले- चरित्र निर्माण पर दें ध्यान शुक्रवार सुबह 9 बजे से महाराज ने श्रद्धालुओं को दीक्षा दी। दोपहर 3 से 4 बजे तक युवाओं के साथ संवाद हुआ। युवाओं ने अपनी जिज्ञासाएं रखीं। महाराज ने कहा कि पढ़ाई के साथ आध्यात्मिक ज्ञान भी जरूरी है। प्रत्येक युवा को चरित्र निर्माण पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने प्रतिदिन भजन करने, गोसेवा अपनाने और साल में कम से कम एक बार पवित्र धाम की यात्रा करने की प्रेरणा दी। व्हीलचेयर पर पहुंची दिव्यांग कन्या भक्त आयोजक अमरनाथ मिश्र ने बताया कि कथा में एक दिव्यांग भक्त कन्या को वॉलंटियर्स ने व्हीलचेयर सहित उठाकर महाराज के दर्शन कराए। उन्होंने कहा कि हर श्रद्धालु को सम्मानपूर्वक दर्शन कराना ही सच्ची सेवा है। शनिवार सुबह 9 बजे से कथा से पहले पितरों की स्मृति में सामूहिक तर्पण होगा।
लखनऊ भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद और भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय की ओर से शुक्रवार को क्षितिज मासिक शृंखला के तहत सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम कैसरबाग स्थित राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में किया गया। इसमें श्रीलंकाई कलाकारों ने नृत्य प्रस्तुतिया दी। इसमें परिषद से छात्रवृत्ति प्राप्त श्रीलंकाई छात्र-छात्राओं ने श्रीलंका की पारंपरिक नृत्य शैलियों में भारतीय शास्त्रीय और लोक नृत्य की झलक भी देखने को मिली। कार्यक्रम में नौ नृत्य प्रस्तुतियां शामिल की गईं। इसकी शुरुआत ‘मंगलम’ से हुई। यह श्रीलंका की पारंपरिक कैंडी नृत्य शैली पर आधारित है। इसके माध्यम से बुद्ध, धम्म और संघ यानी त्रिरत्न का आशीर्वाद मांगा जाता है। शिव वंदना से लेकर तमिल लोक नृत्य तक ने मोहा मन इसके बाद भरतनाट्यम शैली में ‘कीर्तनम’ प्रस्तुत किया गया। इसमें भाव-भंगिमाओं और पद संचालन के जरिए भक्ति भाव को दर्शाया गया। ‘गहका वन्नामा’ में श्रीलंका की कैंडियन नृत्य परंपरा की लय और मुद्राओं को प्रदर्शित किया गया। प्रस्तुतियों में ‘शिव वंदना एवं तराना’ भी शामिल रहा। इसमें भगवान शिव के प्रति भक्ति के साथ कथक की तकनीकी विशेषताओं को दर्शाया गया। ‘कुराती नृत्य’ के जरिए तमिल कुरावर समुदाय के जीवन, संस्कृति और परंपराओं की झलक दिखाई गई। भारत-श्रीलंका की सांस्कृतिक एकता का संदेश श्रीलंकाई नृत्य में वहां की पारंपरिक कैंडियन और लो कंट्री शैलियों से प्रेरित प्रस्तुति दी गई। वहीं, त्रिधारा में कैंडियन, लो कंट्री और सवारागामुवा नृत्य शैलियों का संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में मल असना के जरिए श्रीलंका की लो कंट्री नृत्य परंपरा की अनुष्ठानिक विरासत को प्रस्तुत किया गया। समापन प्रणाम नृत्य से किया। इसमें भारत और श्रीलंका के ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाया गया। इन कलाकारों ने दी प्रस्तुति कार्यक्रम में इसुरु रुशन कपुदुवा, ए.डब्ल्यू.ए. चमीरा लक्षन और कवीश बंदारा दिसनायके ने हिस्सा लिया। इनके साथ वरुशिका पर्तिबन, एन.के. समंमाली, एच.डब्ल्यू.जी. यशिता जीवन और विजेसिंघे मिराशा मल्शानी विजेसिंघे ने भी नृत्य प्रस्तुतियां दीं।
लखनऊ में 3 से 5 दिसंबर तक एग्रो टेक 2026 का आयोजन होगा। इंडियन चैंबर ऑफ फूड एंड एग्रीकल्चर (ICFA) ने शुक्रवार को इसके 25वें संस्करण और सिल्वर जुबली समारोह की हजरतगंज स्थित निजी होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी। आयोजन ICAR-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ शुगरकेन रिसर्च में होगा। इसमें देश-विदेश के कृषि विशेषज्ञ, किसान, उद्योगपति, निवेशक और सरकारी प्रतिनिधि शामिल होंगे। ICFA के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एवं CEO संजय सेठी ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य किसानों को आधुनिक तकनीक, वित्तीय सहायता और बाजार से जोड़ना है। इससे कृषि क्षेत्र में नवाचार, निवेश और व्यावसायिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। कृषि तकनीक और आधुनिक मशीनों का प्रदर्शन संजय सेठी ने बताया कि तीन दिवसीय आयोजन में कृषि प्रदर्शनी, तकनीकी प्रदर्शन, विशेषज्ञों की चर्चा और कार्यशालाएं होंगी। इसमें बीज, उर्वरक, कृषि मशीनरी, सिंचाई, ड्रोन, AI, सैटेलाइट तकनीक और डिजिटल खेती से जुड़े समाधान प्रदर्शित किए जाएंगे। डेयरी, पोल्ट्री, मत्स्य पालन, खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग, वेयरहाउसिंग और कोल्ड चेन से जुड़ी तकनीकें भी दिखाई जाएंगी। कार्यक्रम में मिट्टी की सेहत, स्मार्ट सिंचाई, जलवायु अनुकूल खेती और जल-ऊर्जा के बेहतर इस्तेमाल पर चर्चा होगी। फसल कटाई के बाद प्रबंधन को भी प्रमुखता दी जाएगी। किसानों को कृषि ऋण, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), फसल बीमा और कृषि उपकरणों के लिए वित्तीय सहायता की जानकारी देने पर जोर रहेगा। किसानों को बाजार और निवेशकों से जोड़ेंगे ICFA के उप महाप्रबंधक अंकित कुमार ने बताया कि किसान उत्पादक संगठनों (FPOs), कंपनियों और निवेशकों के बीच बैठकें होंगी। क्रेता-विक्रेता संवाद के जरिए किसानों को नए बाजार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। कृषि निर्यात, खाद्य सुरक्षा, मूल्य संवर्धन और टिकाऊ खेती पर भी मंथन होगा। सिल्वर जुबली समारोह में प्रोग्रेसिव फार्मर अवॉर्ड्स और उत्तर प्रदेश स्टेट एग्रीकल्चर अवॉर्ड्स दिए जाएंगे। साथ ही ‘उत्तर प्रदेश स्टेट एग्रीकल्चर विजन 2047’ रिपोर्ट जारी होगी। इसमें कृषि विकास, किसानों की समृद्धि, निवेश और नवाचार को बढ़ावा देने की दीर्घकालिक योजना प्रस्तुत की जाएगी।
अमेठी में हत्या के दोषी सर्वेश कुमार उर्फ पिंटू को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगा। यह फैसला 'ऑपरेशन कनविक्शन' के तहत तीन साल में आया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय रायबरेली ने 9 अक्टूबर को यह सजा सुनाई। धारा 302 में आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये, धारा 201 में 7 साल सश्रम कारावास और 5 हजार रुपये का जुर्माना लगा। जुर्माना न देने पर एक साल अतिरिक्त कठोर कारावास की सजा होगी। यह मामला मोहनगंज थाने का है। मृतक रवींद्र प्रताप सिंह की पत्नी सरिता सिंह ने 12 अक्टूबर 2023 को शिकायत दर्ज कराई थी कि सर्वेश ने उनके पति को घर से बुलाकर चाकू मारकर हत्या कर दी थी। तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक धीरेंद्र कुमार यादव ने 9 दिनों में जांच पूरी कर 21 अक्टूबर 2023 को कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। अमेठी एसपी सरवणन टी. के निर्देश पर प्रभावी पैरवी से यह सजा संभव हो पाई।
लखनऊ विश्वविद्यालय की पुरुष और महिला कबड्डी टीमों के चयन के लिए शुक्रवार को प्रांजपे पवेलियन ग्राउंड में ट्रायल किया गया। इसमें करीब 190 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। चयनित खिलाड़ी नॉर्थ जोन और ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता 2026-27 में विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करेंगे। ट्रायल में करीब 120 पुरुष और 70 महिला खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा दिखाई। खिलाड़ियों ने तकनीक, फुर्ती, शारीरिक क्षमता और खेल कौशल का प्रदर्शन किया। इसके आधार पर योग्य खिलाड़ियों के चयन की प्रक्रिया पूरी की गई। पहले फिटनेस टेस्ट, फिर लगेगा कैंप लखनऊ विश्वविद्यालय एथलेटिक्स एसोसिएशन के महासचिव प्रो. अजय कुमार आर्य ने बताया कि चयनित खिलाड़ियों को पहले फिटनेस टेस्ट के लिए चुना जाएगा। इसके बाद उनका प्रशिक्षण कैंप लगाया जाएगा। कैंप में खिलाड़ियों को आगामी प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जाएगा। कबड्डी क्लब की अध्यक्ष प्रो. प्रतिभा राज ने बताया कि ट्रायल का उद्देश्य अंतर विश्वविद्यालयीय प्रतियोगिताओं के लिए मजबूत टीम तैयार करना है। चयनित खिलाड़ियों को नॉर्थ जोन और ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता 2026-27 में विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महराजगंज की विशेष अदालत (एससी/एसटी एक्ट) के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें एक सब-इंस्पेक्टर, एक कांस्टेबल और करीब 20 अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया गया था। न्यायमूर्ति संतोष राय ने राकेश कुमार यादव की आपराधिक अपील पर यह आदेश दिया। महाराजगंज का मामला थाना घुघुली (महराजगंज) क्षेत्र के बसंतपुर गांव की दो महिलाओं, शीला और अंजू, ने बीएनएसएस की धारा 173(4) के तहत अर्जी दी थी। उनका आरोप था कि 6-7 जून 2026 की रात करीब 1 से 2 बजे सब-इंस्पेक्टर राकेश कुमार यादव, कांस्टेबल अमित कुमार और लगभग 20 पुलिसकर्मी बिना महिला पुलिस और बिना तलाशी वारंट के उनके घर में घुस आए। आरोप है कि उन्होंने अभद्रता की, शौचालय जाने से रोका और जातिसूचक टिप्पणियां कीं। महिलाओं ने खुद को अनुसूचित जाति (चमार) का बताया। उनका कहना था कि एसपी महराजगंज को 12 जून को शिकायत देने पर भी कार्रवाई नहीं हुई। विशेष न्यायाधीश ने 11 अगस्त 2026 को अर्जी स्वीकार कर थानाध्यक्ष को एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। इसमें बीएनएस की धाराओं 74, 351, 333 और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1)(आर ), 3(1)(एस) का उल्लेख था। पुलिकर्मियों की अपील दलीलें अपीलकर्ता पुलिसकर्मियों का कहना था कि वे उसी दिन हुए झगड़े के बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने की ड्यूटी पर थे। उसी घटना को लेकर थाने में दो क्रॉस केस पहले ही दर्ज हो चुके थे, जिनमें आरोप-पत्र भी दाखिल हो चुका है। उनके मुताबिक नई शिकायत उसी का जवाबी हमला है। उन्होंने यह भी कहा कि घटना निजी आवास के भीतर की बताई गई है, इसलिए एससी/एसटी एक्ट के लिए जरूरी सार्वजनिक दृष्टि की शर्त पूरी नहीं होती। एसपी के पास जाना चाहिये कोर्ट ने कहा कि यह प्रावधान सिर्फ एसपी के पास जाने का उपाय देता है। जांच का न्यायिक निर्देश देने की शक्ति धारा 175(3) बीएनएसएस (पूर्व सीआरपीसी धारा 156(3)) से आती है। केवल अर्जी का नाम धारा 173(4) रख देने से विशेष अदालत को एफआईआर का आदेश देने का अधिकार नहीं मिल जाता। वरिष्ठ अधिकारियों को सुनना जरूरी कोर्ट ने कहा मजिस्ट्रेट को शपथपत्र सहित अर्जी पर विचार करना, आवश्यक जांच करना और पुलिस अधिकारी का पक्ष सुनना होता है। कोर्ट ने कहा कि विशेष न्यायाधीश ने न तो यह दर्ज किया कि जांच जरूरी क्यों नहीं समझी गई और न ही पुलिस की रिपोर्ट पर विचार किया, जबकि वह रिपोर्ट अदालत ने खुद मंगाई थी। कोर्ट ने कहा लोक सेवक के खिलाफ शिकायत में, यदि कार्य आधिकारिक ड्यूटी से जुड़ा प्रतीत हो, तो वरिष्ठ अधिकारी की रिपोर्ट मंगाना और संबंधित लोक सेवक का पक्ष सुनना जरूरी है। कोर्ट ने कहा कि उसी दिन परिवार के सदस्यों की गिरफ्तारी और जीडी एंट्री से पुलिस की मौजूदगी और ड्यूटी के बीच प्रथम दृष्टया संबंध दिखता है। शिकायतकर्ता अंजू क्रॉस केस की सूचनाकर्ता की पत्नी और दूसरे क्रॉस केस में आरोपी की पत्नी है, जबकि आरोपी सब-इंस्पेक्टर दोनों मामलों का विवेचक था। कोर्ट ने कहा कि इससे शिकायत के पीछे उद्देश्य या हित का अनुमान लगाया जा सकता है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसने आरोपों के सही या गलत होने पर कोई अंतिम राय नहीं दी है। आदेश को गंभीर चिंता का विषय बताते हुए कोर्ट ने कहा कि इसमें आपराधिक प्रक्रिया के बुनियादी सिद्धांतों की समझ का अभाव झलकता है। सभी कार्रवाई रद्द की गई हाईकोर्ट ने अपील स्वीकार करते हुए 11 अगस्त 2026 का आदेश और उससे उपजी सभी कार्यवाही रद्द कर दी। साथ ही उत्तर प्रदेश के सभी न्यायिक अधिकारियों के लिए ये निर्देश जारी किए: कोर्ट ने कहा सभी न्यायिक अधिकारियों के लिए धारा 173(4)/175(3) पर आदेश देने से पहले संबंधित पुलिस अधिकारी की रिपोर्ट या पक्ष पर विचार करना अनिवार्य है। अदालत यह जांचेगी कि आवेदक ने धारा 173 की वैधानिक प्रक्रिया अपनाई है या नहीं। धारा 175(4) स्वतंत्र प्रावधान नहीं है और धारा 175(3) की सुरक्षाओं को दरकिनार नहीं कर सकती। दोनों को साथ पढ़ा जाएगा।जहां कार्य आधिकारिक ड्यूटी के दौरान हुआ प्रतीत हो, वहां आदेश में स्पष्ट निष्कर्ष होना चाहिए कि कृत्य का ड्यूटी से उचित संबंध है या नहीं। जहां आरोपी पुलिसकर्मी पहले शिकायतकर्ता या उसके परिवार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर चुके हों, गिरफ्तारी कर चुके हों या क्रॉस केस की विवेचना कर रहे हों, वहां अतिरिक्त न्यायिक सावधानी बरती जाए। कोर्ट ने कहा कि पूर्व पुलिस कार्रवाई अपने आप में न शिकायत को झूठा साबित करती है, न सच।धारा 175(3) की जांच मिनी ट्रायल नहीं होगी, बल्कि सिर्फ उतनी होगी जितनी न्यायिक विवेक के लिए जरूरी हो। हर आदेश स्पष्ट और तर्कसंगत होना चाहिए।वरिष्ठ अधिकारी की रिपोर्ट उचित समय में न आए तो अदालत अनिश्चित प्रतीक्षा किए बिना आगे बढ़ सकती है। कोर्ट ने जारी किए दिशा निर्देश जिला एवं सत्र न्यायाधीश को निर्देशों के अनुपालन की निगरानी मासिक बैठकों में करने को कहा गया है। कोर्ट ने कहा कि फैसले की प्रति रजिस्ट्रार जनरल के माध्यम से सभी न्यायिक अधिकारियों और जेटीआरआई (लखनऊ) को भेजी जाएगी। साथ ही प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों, एसएसपी/एसपी और पुलिस आयुक्तों को भी जानकारी व अनुपालन के लिए प्रति भेजी जाएगी।
12 को होगी EVM की जांच:विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज ; राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि रहेंगे मौजूद
विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर तैयारी शुरू हो गई है। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) जिले में पहुंच चुकी है। अब उसकी प्रथम स्तर की जांच (FLC) शुरू की जाएगी। सोमवार, 12 अक्टूबर से यह जांच शुरू हो जाएगी। इसके लिए मान्यता प्राप्त दलों के प्रतिनिधियों को भी बुलाया गया है। जिससे उनकी मौजूदगी में प्रथम स्तर की जांच कराई जा सके। पुलिस बल की निगरानी में EVM पुराने कलेक्ट्रेट में बने निर्वाचन कार्यालय से असुरन स्थित वेयरहाउस में पहुंचाया जा चुका है। जांच के लिए आएंगे निर्माता कंपनी के इंजीनियर EVM निर्माता कंपनी के इंजीनियरों की ओर से यह जांच की जाएगी। पूरी प्रक्रिया एफएलसी सुपरवाइजर एवं अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) जयप्रकाश की निगरानी में होगी। इसमें राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रतिनिधियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। जिला निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों से अपने जिलाध्यक्ष के हस्ताक्षर से अधिकृत प्रतिनिधियों का नाम, पदनाम, पता और मोबाइल नंबर उपलब्ध कराने को कहा है। प्रत्येक प्रतिनिधि के दो पासपोर्ट आकार के रंगीन फोटो भी देने होंगे। यह विवरण शुक्रवार की सुबह 10 बजे तक जिला निर्वाचन कार्यालय में जमा करना अनिवार्य है। पिछले कई दिनों से चल रहा था EVM पहुंचाने का काम पुराने कलेक्ट्रेट स्थित भवन से असुरन स्थित वेयरहाउस में EVM पहुंचाने का काम पिछले कई दिनों से चल रहा था। पूरे दिन ट्रक पर EVM लोड किया जाता था और उसे असुरन पहुंचाया जाता था। इस काम की निगरानी उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं एडीएम वित्त व राजस्व जयप्रकाश करते थे। EVM को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए सुरक्षा के पर्याप्त उपाय किए गए थे। सशस्त्र पुलिस बल के जवानों को तैनात किया गया था। निर्वाचन आयोग के नियमों के मुताबिक EVM की पहली जांच हो या कोई और जांच, हर समय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि बुलाए जाते हैं। इस दौरान प्रक्रिया पूरी करने के बाद दलों के प्रतिनिधि हस्ताक्षर भी करते हैं। यही कारण है कि जब कभी EVM को लेकर आवाज उठाए जाते हैं तो प्रशासन इसपर ध्यान नहीं जाता।
आगरा में बीच सड़क ट्रैफिक पुलिसकर्मी के साथ मारपीट:पूर्व फौजी के साथ हुआ विवाद, वर्दी भी फटी
आगरा। एत्मादपुर थाना क्षेत्र में छलेसर चौकी के पास ट्रैफिक पुलिसकर्मी और एक पूर्व फौजी के बीच मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में दोनों के बीच हाथापाई होती दिखाई दे रही है। इस दौरान पुलिसकर्मी की वर्दी भी फट गई। जानकारी के अनुसार, पूर्व फौजी पर सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने का आरोप है। बताया जा रहा है कि ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने उसे ऐसा करने से रोका था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों के बीच मारपीट होने लगी। बीच सड़क हुई हाथापाईप्रत्यक्ष रूप से वायरल वीडियो में दोनों के बीच हाथापाई होती दिखाई दे रही है। इस दौरान पुलिसकर्मी की वर्दी फट गई। सड़क पर हुए विवाद के कारण मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियोघटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। हालांकि, घटना के संबंध में पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया, मारपीट के कारणों की विस्तृत जानकारी और किसी के खिलाफ की गई कार्रवाई की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
1983 के बांदा हत्याकांड में दो आरोपी बरी:हाईकोर्ट ने संदेह लाभ देते हुए ट्रायल अदालत की सजा रद्द
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 1983 में बांदा जिले के पैलानी थाना क्षेत्र में हुई दीनदयाल की हत्या के मामले में सात साल की सजा पाए दो अभियुक्तों जगनायक और संतोष को बरी कर दिया। न्यायमूर्ति तेज प्रताप तिवारी ने यह फैसला सुनाया। अदालत ने कहा कि अभियोजन आरोप को संदेह से परे साबित नहीं कर सका। क्या है मामला जानिये अभियोजन के अनुसार 27/28 सितंबर 1983 की रात गांव अलीना में दीनदयाल अपनी पत्नी धुरिया और बेटे रामाधार के साथ घर के बरोठे में सो रहे थे। आरोप था कि तीन लोग दीवार फांदकर घर में घुसे। जगनायक के पास तमंचा, संतोष के पास फरसा और रामराज के पास लाठी थी। विरोध करने पर दीनदयाल को गोली मारी गई और फरसे से हमला किया गया। बचाने आई धुरिया के सिर पर भी लाठी मारी गई। दीनदयाल की मौत हो गई।बांदा के विशेष न्यायाधीश ने 25 जनवरी 1985 को तीनों को भारतीय दंड संहिता की धारा 460 के तहत दोषी मानकर सात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी। कई बातें साबित नहीं हुईं मृतक को घातक चोटें आईं और धुरिया घायल हुईं, यह साबित है। लेकिन अपीलकर्ता धारा 460 के तहत रात में सेंधमारी या घर में चोरी-छिपे घुसने में संयुक्त रूप से शामिल थे, यह साबित नहीं हुआ। जांच अधिकारी ने बरोठे के दरवाजे के पास जमीन पर खून और खाट पर शव मिलने के बावजूद यह नहीं पूछा कि मृतक को खाट तक कैसे लाया गया। कोर्ट ने इसे अहम चूक माना। संदेह प्रमाण का स्थान नहीं ले सकता अदालत ने कहा, संदेह कितना भी प्रबल हो, प्रमाण का स्थान नहीं ले सकता। साक्ष्य से दो निष्कर्ष संभव होने पर अभियुक्त के पक्ष वाला निष्कर्ष अपनाया जाना चाहिए। अपील लंबित रहने के दौरान तीसरे अभियुक्त रामराज की मृत्यु हो गई थी, इसलिए उसके विरुद्ध अपील समाप्त मानी गई। दोनों बरी अभियुक्त जमानत पर थे, इसलिए उनके जमानत मुचलके रद्द कर दिए गए। सीआरपीसी की धारा 437-ए के तहत उन्हें दो सप्ताह में 50-50 हजार रुपये का निजी मुचलका और दो जमानती देने हों
सीतापुर में तंबौर थाना क्षेत्र के नौव्वानपुरवा गांव में शुक्रवार देर शाम करीब 8 बजे नाली के विवाद में दो पक्षों के बीच मारपीट और पथराव हुआ। आरोप है कि एक पक्ष के घर को घेरकर ईंट-पत्थर और लाठी-डंडों से हमला किया गया। घटना में दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। नाली के विवाद में घर घेरकर हमला करने का आरोप पीड़ित भगौती प्रसाद के मुताबिक, गांव में नाली को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा था। आरोप है कि शुक्रवार को आजम की तरफ से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और उनके घर को घेर लिया। इसके बाद ईंट-पत्थर फेंके गए और लाठी-डंडों से हमला किया गया। अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। 108 एंबुलेंस से अस्पताल भेजीं घायल महिलाएं मारपीट में घायल दोनों महिलाओं को परिजनों और ग्रामीणों ने 108 एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया। वहां उनका उपचार कराया जा रहा है। पीड़ित पक्ष ने पुलिस को घटना की जानकारी देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने की कार्रवाई की मांग घटना की जानकारी मिलने पर बजरंग दल के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने नाराजगी जताते हुए पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बताया जा रहा है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। पथराव और मारपीट किन परिस्थितियों में हुई और इसमें कौन-कौन शामिल था, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
कानपुर देहात में रसूलाबाद में शनिवार, 10 अक्टूबर को करीब 4 हजार उपभोक्ताओं को चार घंटे बिजली कटौती का सामना करना पड़ेगा। विद्युत विभाग 33 केवी लाइन पर अनुरक्षण और मरम्मत का काम कराएगा। इसके चलते सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक संबंधित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। लाइन के तार और इंसुलेटर किए जाएंगे दुरुस्त दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के रसूलाबाद विद्युत वितरण उपखंड की ओर से जारी सूचना के अनुसार, मेंटेनेंस के दौरान ढीले तारों को दुरुस्त किया जाएगा। बिजली लाइनों के आसपास पेड़ों की कटाई-छंटाई होगी। खंभों पर लगे खराब इंसुलेटर भी बदले जाएंगे। त्योहारों से पहले होगी मरम्मत विद्युत विभाग के मुताबिक, आगामी त्योहारों के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए यह काम कराया जा रहा है। मेंटेनेंस के कारण रसूलाबाद तहसील क्षेत्र के संबंधित इलाकों में सप्लाई बाधित रहेगी। जरूरी काम पहले निपटाने की सलाह चार घंटे की कटौती को देखते हुए उपभोक्ताओं को जरूरी काम पहले निपटाने और पानी समेत अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं करने की सलाह दी गई है। विभाग ने बिजली कटौती से होने वाली असुविधा के लिए खेद जताया है।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एटा जिले में भ्रष्टाचार के एक मामले में कहा है कि जांच में दोषी पाए जाने के बावजूद भ्रष्टाचारियों का अपने पदों पर बने रहना अधिकारियों की घोर निष्क्रियता तथा व्यवस्था की गंभीर शिथिलता को उजागर करता है। मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान यह कड़ी टिप्पणी करते हुए इस बात पर गहरा आश्चर्य व्यक्त किया कि 27 नवंबर 2024 की जांच रिपोर्ट, जिसमें क्षेत्र पंचायत के प्रशासक को दोषी ठहराया गया था, वह रिपोर्ट याचिका दाखिल होने के लगभग दो साल बाद जिला मजिस्ट्रेट के संज्ञान में आई। क्या है मामला जानिये मामले के क्रम के अनुसार, राम कुमार द्वारा इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दाखिल कर एटा जिले के क्षेत्र पंचायत प्रशासक के खिलाफ भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए गए थे। याचिका पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से प्रस्तुत निर्देशों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने पाया कि जांच रिपोर्ट आने के बावजूद लंबे समय तक जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया था। पीठ ने उठाए सवाल सुनवाई के दौरान जब पीठ ने इस पर सवाल उठाए, तो सरकार के स्थायी अधिवक्ता ने कोर्ट को अवगत कराया कि अब आरोपी प्रशासक को पद से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हालांकि, प्रशासक द्वारा अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर और नियुक्ति आदेश के प्रतिबंधों का उल्लंघन कर बड़े नीतिगत फैसले लेने के आरोपों पर अभी अधिकारियों की ओर से स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई अदालत ने इस पूरे मामले में सख्त रुख अपनाते हुए निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई से पूर्व प्रतिवादी संख्या 4 (प्रशासक) को पद से हटाने की कार्रवाई पूरी की जाए तथा उनके कार्यकाल के दौरान की गई सभी गतिविधियों का पूरा विवरण अदालत के सामने प्रस्तुत किया जाए। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने अधिकारियों से यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि 2024 की जांच आख्या के क्रम में वित्तीय गबन या नुकसान की वसूली के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। पीठ ने इस जनहित याचिका पर अगली सुनवाई के लिए 4 नवंबर 2026 की तिथि नियत की है।
पीथमपुर की 2 स्टील कंपनियों को हाईकोर्ट से झटका:प्रदूषण नियंत्रण के उपकरण बंद मिले, याचिकाएं खारिज
पीथमपुर की दो स्टील कंपनियों को प्रदूषण नियंत्रण संबंधी अनिवार्य शर्तों का पालन नहीं करना भारी पड़ गया। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने मुद्रा स्टील इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड और पेंसोल इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड की उन याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिनमें मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण मंडल के बंदी आदेश और संचालन की सहमति से जुड़े फैसलों को चुनौती दी गई थी। जस्टिस सुबोध अभ्यंकर और न्यायमूर्ति जय कुमार पिल्लई की बेंच ने 28 सितंबर को पारित आदेश में स्पष्ट किया कि पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य के मामलों में प्रदूषण नियंत्रण के निर्धारित मानकों का पालन अनिवार्य है। केवल प्रदूषण नियंत्रण उपकरण स्थापित कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उत्पादन के दौरान उनका प्रभावी ढंग से संचालन भी जरूरी है। छह महीने में लगाना था विशेष सिस्टम, शर्त पूरी नहीं हुई दरअसल, 2025 में उद्योगों को संचालन की सहमति देते समय दोनों इंडक्शन भट्टियों पर छह महीने के भीतर धुआं निष्कर्षण प्रणाली स्थापित करने की शर्त रखी गई थी। निर्धारित समय में इस शर्त का पालन नहीं होने पर संचालन की सहमति के नवीनीकरण से इनकार कर दिया गया। इसके बाद उद्योगों के खिलाफ बंदी की कार्रवाई की गई। प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था में सुधार के लिए उद्योगों को अस्थायी राहत देते हुए बैंक गारंटी भी ली गई थी। हालांकि, कलेक्टर द्वारा गठित समिति के निरीक्षण में प्रदूषण नियंत्रण उपकरण चालू हालत में नहीं मिले। निरीक्षण के दौरान सक्शन पाइप के जोड़ भी खुले पाए गए। इन निष्कर्षों के आधार पर प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने बंदी आदेश जारी किया और संचालन की नई सहमति के आवेदन भी अस्वीकार कर दिए। कंपनियों ने उठाए नोटिस और निरीक्षण रिपोर्ट पर सवाल याचिकाकर्ता कंपनियों की ओर से दलील दी गई कि बंदी आदेश जारी करने से पहले उन्हें कारण बताओ नोटिस नहीं दिया गया और न ही सुनवाई का पर्याप्त अवसर मिला। उन्होंने मंडल के एक अधिकारी की निरीक्षण रिपोर्ट का हवाला देते हुए यह सवाल भी उठाया कि उपकरणों की स्थापना का उल्लेख होने के बावजूद प्रतिकूल रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई क्यों की गई। इसके जवाब में शासन और अन्य प्रतिवादियों की ओर से कहा गया कि उद्योगों की संचालन अनुमति 31 मार्च 2026 को समाप्त हो चुकी थी। इसके बावजूद प्रदूषण नियंत्रण संबंधी आवश्यक शर्तों का पालन नहीं किया गया। निरीक्षण में उपकरण बंद मिलने और पाइप के जोड़ खुले होने से स्पष्ट था कि प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था प्रभावी ढंग से काम नहीं कर रही थी। वैध अनुमति के बिना उद्योग चलाने का अधिकार नहीं बेंच ने प्रदूषण नियंत्रण मंडल की कार्रवाई को वैधानिक मानते हुए उसमें हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने माना कि पर्यावरण की सुरक्षा के लिए प्रदूषण नियंत्रण मंडल आवश्यक कार्रवाई कर सकता है और वैध संचालन अनुमति के बिना उद्योग चलाने का अधिकार नहीं माना जा सकता। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों की स्थापना के साथ उनका सही तरीके से काम करना भी जरूरी है। पर्यावरणीय शर्तों की अनदेखी को केवल उपकरण लगाए जाने के आधार पर उचित नहीं ठहराया जा सकता। शर्तें पूरी करने पर नए आवेदन की छूट हाई कोर्ट ने दोनों कंपनियों की याचिकाएं खारिज करते हुए बंदी आदेश और संचालन की सहमति से संबंधित आवेदनों को अस्वीकार करने के फैसलों में दखल नहीं दिया। हालांकि, कंपनियों को यह स्वतंत्रता दी गई है कि वे सभी तकनीकी आवश्यकताओं और प्रदूषण नियंत्रण संबंधी शर्तों का पूर्ण पालन करने के बाद सक्षम प्राधिकारी के समक्ष संचालन की सहमति के लिए नया आवेदन पेश कर सकती हैं। ऐसे आवेदन पर प्रदूषण नियंत्रण मंडल को लागू कानून और पर्यावरणीय नियमों के अनुसार विचार करना होगा।
मैहर की पुरानी बस्ती मानपुर में उत्तर दरवाजा के पास स्थित करीब 100 साल पुराने खेर माई मंदिर परिसर और मूर्ति को नुकसान पहुंचाया गया। घटना गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात की बताई जा रही है। शुक्रवार को जानकारी मिलने पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कोतवाली थाने पहुंचकर विरोध जताया। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बजरंग दल ने दोषियों पर कार्रवाई की मांग की शुक्रवार दोपहर बजरंग दल के जिला संयोजक शिव चौरसिया के नेतृत्व में कार्यकर्ता कोतवाली थाने पहुंचे। उन्होंने आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इस दौरान थाने में जय श्रीराम के नारे भी लगाए गए। टीआई अभिषेक सिंह ने लोगों को समझाकर शांत कराया। शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ केस पुलिस ने मामले में दीपक मलिक पिता धनीराम मलिक की शिकायत पर शुक्रवार देर शाम अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया। पुलिस फिलहाल मंदिर परिसर और मूर्ति को नुकसान पहुंचाने की घटना की जांच कर रही है।
मंडला जिले के नैनपुर ब्लॉक स्थित मक्के गांव में स्वास्थ्य विभाग का फर्जी अधिकारी बनकर वसूली करने वाले पकड़ाए हैं। डॉक्टर की शिकायत पर बम्हनी बंजर पुलिस ने शुक्रवार शाम नाकाबंदी कर तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मध्यप्रदेश शासन का स्टीकर लगी बोलेरो गाड़ी भी जब्त की है। मामला तब सामने आया जब मक्के गांव में 'गोस्वामी आरोग्य निकेतन क्लिनिक' चलाने वाले बीएमएस डॉक्टर युवराज पूरी गोस्वामी के पास दोपहर में बोलेरो से चार लोग पहुंचे। उन्होंने खुद को स्वास्थ्य विभाग का अधिकारी बताते हुए क्लिनिक के रजिस्ट्रेशन और डिग्री को फर्जी करार दिया और क्लिनिक सील करने की धमकी दी। इसके बाद क्लिनिक सील न करने के बदले 20 हजार रुपए की मांग की। डॉक्टर ने डर के मारे पैसे दे दिए, लेकिन बाद में जिला स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करने पर उन्हें ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। नाकाबंदी कर पुलिस ने पकड़ा सूचना मिलते ही नैनपुर बीएमओ डॉ. राजीव चावला और पुलिस टीम ने साझा रणनीति बनाकर घेराबंदी की। जामगांव की तरफ बोलेरो जाने की खबर मिलते ही बम्हनी बंजर पुलिस को अलर्ट किया गया। पुलिस ने घेराबंदी की और गाड़ी रोककर तीन संदिग्धों को हिरासत में ले लिया। वारदात में शामिल एक अन्य व्यक्ति मौका पाकर भागने में सफल रहा, जिसकी तलाश जारी है। एसडीओपी मनीष राज ने बताया कि हिरासत में लिए गए तीनों संदिग्धों से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
मैहर जिले के अमरपाटन थाना क्षेत्र में किरहाई बंधा के पास शुक्रवार शाम सड़क किनारे एक अज्ञात अधेड़ का शव मिला। मृतक की उम्र करीब 50 साल बताई जा रही है। शुरुआती जांच में किसी अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत होने की आशंका है। पुलिस अब तक मृतक की पहचान नहीं कर सकी है। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस स्थानीय ग्रामीणों की सूचना पर डायल-112 और अमरपाटन थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल अमरपाटन पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पहचान नहीं होने के कारण शव को अस्पताल की मरचुरी में रखवाया गया है। पहचान और अज्ञात वाहन की तलाश जारी अमरपाटन थाने के एसआई मिथलेश त्रिपाठी ने बताया कि पहली नजर में मामला सड़क दुर्घटना का लग रहा है। पुलिस मृतक की पहचान कराने के लिए उसका फोटो प्रसारित कर रही है। साथ ही, अज्ञात वाहन की तलाश की जा रही है।
इंदौर नगर निगम के सफाईकर्मियों की नियमितीकरण सहित अन्य मांगों को लेकर चल रहा आंदोलन शुक्रवार को और तेज हो गया। वाल्मीकि समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कल्याणे ने गांधी प्रतिमा परिसर में विरोध स्वरूप मुंडन कराया और राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त प्रताप करोसिया का पिंडदान किया। सफाईकर्मी संगठन लंबे समय से स्थायी नियुक्ति, समान कार्य-समान वेतन, ठेका प्रथा खत्म करने, जोखिम भत्ता और बेहतर चिकित्सा सुविधाओं की मांग कर रहा है। संगठन का कहना है कि कर्मचारी करीब 28 साल से स्थायी नियुक्ति की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि मांगों पर बातचीत करने के बजाय आंदोलन खत्म कराने के लिए दबाव बनाया गया। इंदौर को आठ बार नंबर-1 बनाया, फिर भी हमारी सुनवाई नहीं संगठन के प्रतिनिधि ने कहा कि इंदौर को स्वच्छता में आठ बार नंबर-1 बनाने में सफाईकर्मियों की मेहनत और योगदान रहा है। इसके बावजूद उन्हें स्थायी नौकरी और सम्मानजनक वेतन नहीं मिल पा रहा है। प्रतिनिधि के मुताबिक, करीब 10 हजार रुपए महीने में परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि सफाईकर्मी शहर की सड़कों और घरों के आसपास सफाई रखते हैं, लेकिन उनकी अपनी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। संगठन ने Gen-Z और Gen-Alpha के युवाओं से भी अपील की है कि वे सफाईकर्मियों की मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने में मदद करें। निगम कमिश्नर से मुलाकात नहीं होने का आरोप संगठन के प्रतिनिधि ने दावा किया कि वे नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल से मिलने के लिए तीन बार गए, लेकिन उन्हें समय नहीं दिया गया। मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए भी पिछले 20 दिनों से प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। संगठन का कहना है कि वह अपनी मांगें प्रशासन और सरकार तक पहुंचाना चाहता है। 17 कर्मचारियों पर दबाव बनाकर आंदोलन खत्म कराने का दावा संगठन के प्रतिनिधि ने आरोप लगाया कि तीन दिन के आंदोलन के बाद आयोग के अध्यक्ष प्रताप करोसिया ने निगम आयुक्त और कलेक्टर के साथ बैठक की थी। इसके बाद कर्मचारियों पर आंदोलन खत्म करने के लिए दबाव बनाया गया। प्रतिनिधि का दावा है कि कर्मचारियों के घरों पर पुलिस, सीएसआई और दरोगा भेजे गए तथा एफआईआर की धमकी दी गई। इसके बाद 17 कर्मचारियों को आंदोलन खत्म करने के लिए मजबूर किया गया। प्रतिनिधि ने यह भी आरोप लगाया कि कलेक्टर ने कर्मचारियों से हड़ताल बंद करने को कहा। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने नहीं आया है। उज्जैन में आमरण अनशन की चेतावनी संगठन ने चेतावनी दी है कि मांगों पर सुनवाई नहीं होने पर अब उज्जैन में आमरण अनशन किया जाएगा। प्रतिनिधि ने कहा कि इंदौर में लगातार प्रयासों के बावजूद समाधान नहीं निकला, इसलिए आंदोलन को उज्जैन तक ले जाने का निर्णय लिया गया है। संगठन ने मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रखने की बात कही है।
गोरखपुर मंडल में आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी है। कमिश्नर इंद्र विक्रम सिंह ने शुक्रवार को अधिकारियों के साथ बैठक कर मंडल के हर जिले में एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) सेंटर बनाने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि गोरखपुर में ABC सेंटर संचालित है, जबकि महराजगंज, देवरिया और कुशीनगर में इसके लिए जमीन चिह्नित की जा चुकी है। कमिश्नर ने निर्देश दिया कि स्थायी सेंटर बनने तक इन जिलों में किसी अनुपयोगी सरकारी भवन में अस्थायी व्यवस्था शुरू की जाए। कमिश्नर ने आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण अभियान तेज करने के साथ कुत्ता काटने की घटनाओं पर तत्काल इलाज सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस काम में लापरवाही मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों, कर्मचारियों और चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नसबंदी और टीकाकरण अभियान में तेजी लाने के निर्देश कमिश्नर ने कहा कि गली-मोहल्लों, पार्कों और राजमार्गों के आसपास घूमने वाले कुत्तों का टीकाकरण कराया जाए। सचल श्वान मोबाइल वैन से कुत्तों को पकड़कर एंटी रेबीज टीका लगाने, उपचार और नसबंदी की व्यवस्था की जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि कुत्तों को पकड़ने से लेकर उपचार, नसबंदी और उसी स्थान पर छोड़ने तक की प्रक्रिया की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई जाए। इसका रिकॉर्ड भी सुरक्षित रखा जाए। डीएम अपने जिले के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को इस काम का नोडल अधिकारी नामित करेंगे। कुत्ता काटने की सूचना के लिए बनेंगे कंट्रोल रूम कमिश्नर ने नगर निकायों में कंट्रोल रूम बनाने के निर्देश दिए। यहां कुत्ते, बंदर, गधा और सांप काटने की घटनाओं की सूचना दर्ज की जाएगी। पीड़ितों को तत्काल इलाज और एंटी रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने अस्पतालों को इस मामले में संवेदनशील रहने और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाने को कहा। कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि मरीजों की संख्या बढ़ने का इंतजार करने या इलाज में लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई होगी। हाईवे और सार्वजनिक स्थलों पर निगरानी नेशनल हाईवे पर निराश्रित पशुओं और आवारा कुत्तों की निगरानी के लिए जिले स्तर पर टीमें गठित की जाएंगी। घायल या मृत पशुओं को निर्धारित प्रक्रिया के तहत तत्काल हटाया जाएगा। विद्यालयों, अस्पतालों, खेल परिसरों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और मंदिरों में कुत्तों के प्रवेश पर रोक लगाने की जिम्मेदारी संबंधित संस्थानों को दी जाएगी। डीएम हर महीने इन निर्देशों की समीक्षा कर अनुपालन रिपोर्ट कमिश्नर को भेजेंगे। बैठक में गोरखपुर के डीएम दीपक मीणा समेत करीब 12 विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। महराजगंज, देवरिया और कुशीनगर के डीएम ऑनलाइन बैठक में शामिल हुए।
मंदसौर जिला कोर्ट ने शुक्रवार को दो अलग-अलग मामलों में पांच आरोपियों को सजा सुनाई। डोडाचूरा तस्करी के मामले में दो आरोपियों को 5-5 साल की जेल और 25-25 हजार रुपए जुर्माने की सजा मिली। वहीं, मुल्तानपुरा में युवक की हत्या के मामले में तीन आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। इस मामले में दो अन्य आरोपी शाहरुख और शकील फैसले के दिन फरार हो गए। 26 किलो 400 ग्राम डोडाचूरा ले जा रहे थे आरोपी पुलिस मीडिया सेल प्रभारी बलराम सोलंकी ने बताया कि 16 जनवरी 2019 को सुवासरा पुलिस को डोडाचूरा तस्करी की सूचना मिली थी। हंसपुरा गांव के कृपाल सिंह (35) और भंवर सिंह (56) दो मोटरसाइकिलों से 26 किलो 400 ग्राम डोडाचूरा लेकर सुवासरा रेलवे स्टेशन जा रहे थे। पुलिस ने पेट्रोल पंप चौराहे पर घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया। मोटरसाइकिल चालक मौके से भाग निकले थे। जांच के बाद कोर्ट में चालान पेश किया गया। अतिरिक्त विशेष न्यायाधीश मुनेन्द्र सिंह वर्मा ने दोनों को दोषी मानते हुए 5-5 साल की जेल और 25-25 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक चौपसिंह ठाकुर ने पैरवी की। जीजा को गाली देने के आरोप पर हुआ था विवाद दूसरा मामला 10 जून 2021 की रात मुल्तानपुरा का है। अभियोजन के अनुसार, आबिद गुटी अपने दोस्त सादिक के साथ गांव के सरकारी स्कूल के गेट के बाहर पंचायत के पास बैठा था। तभी लतीफ सुसाडिया और सद्दाम कोका वहां पहुंचे। उन्होंने आबिद पर अपने जीजा शाहरुख को गाली देने का आरोप लगाते हुए विवाद शुरू कर दिया। इसके बाद दोनों ने लोहे के पाइप से आबिद की पिटाई की। बीच-बचाव करने आए सादिक के साथ भी मारपीट की गई। कुछ देर बाद शाहरुख, फिरोज और शकील भी वहां पहुंचे। उन्होंने लकड़ियों और लोहे के पाइप से आबिद को पीटा। इस घटना में आबिद के हाथ-पैर में चोटें आईं। उसे मंदसौर जिला अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर इंदौर के एमवाय अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने हत्या की धारा जोड़कर जांच पूरी की और कोर्ट में अभियोग पत्र पेश किया। पंचम अपर सत्र न्यायाधीश मंजू सिंह ने मुल्तानपुरा निवासी लतीफ सुसाडिया (47), फिरोज झोपड़ी (21) और सद्दाम कोका (34) को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई। अभियोजन के अनुसार, शाहरुख और शकील फैसले के दिन से फरार हैं। शासन की ओर से सहायक निदेशक अभियोजन गजराज सिंह चौहान ने पैरवी की।
कौशांबी में पितृ विसर्जन के मौके पर शनिवार, 10 अक्टूबर को जिले के सभी माध्यमिक विद्यालय बंद रहेंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय ने शुक्रवार रात करीब यह आदेश जारी किया। अवकाश जिलाधिकारी की अनुमति के बाद घोषित किया गया है। सभी माध्यमिक विद्यालयों पर लागू होगा आदेश जिला विद्यालय निरीक्षक एलबी मौर्य ने 9 अक्टूबर की रात जारी आदेश में जिले के सभी माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए हैं। इसमें 10 अक्टूबर को पितृ विसर्जन के अवसर पर एक दिन का अवकाश रखने को कहा गया है। अधिकारियों को भेजी गई आदेश की कॉपी आदेश की प्रतिलिपि जिलाधिकारी कौशांबी, शिक्षा निदेशक (माध्यमिक), उत्तर प्रदेश, लखनऊ, संयुक्त शिक्षा निदेशक, प्रयागराज मंडल और जिले के सभी प्रधानाचार्यों को भेजी गई है। उनसे आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
कानपुर के घाटमपुर में शुक्रवार देर शाम तेज रफ्तार ईंट लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली ने बाइक सवार को टक्कर मारकर कुचल दिया। हादसे में प्रहलाद कश्यप की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद चालक ट्रैक्टर छोड़कर भाग निकला। हादसे से गुस्साए ग्रामीणों ने परास-अमौली लिंक मार्ग पर जाम लगा दिया। वे गांव में स्पीड ब्रेकर बनवाने और कार्रवाई की मांग कर रहे थे। ग्रामीणों का कहना था कि मार्ग पर दिनभर तेज रफ्तार डंपर और दूसरे भारी वाहन दौड़ते हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को समझाकर जाम खुलवाया। करीब 3 घंटे बाद मार्ग पर यातायात बहाल हो सका। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से मौत सजेती थाना क्षेत्र के किराव गांव के रहने वाले प्रहलाद कश्यप (50) शुक्रवार शाम परास गांव में अपने पारिवारिक चाचा राजेंद्र कश्यप से मिलने आए थे। देर शाम वह बाइक से घर लौट रहे थे। गांव के किनारे पहुंचते ही तेज रफ्तार ईंट लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी और उन्हें कुचल दिया। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों ने परास-अमौली लिंक मार्ग पर जाम लगा दिया। उनका कहना था कि गांव में स्पीड ब्रेकर बनने से तेज रफ्तार वाहनों पर अंकुश लगेगा। ट्रैक्टर हटाने पहुंची पुलिस तो आगे बैठीं महिलाएं घाटमपुर पुलिस जब ट्रैक्टर-ट्रॉली को घटनास्थल से हटाकर थाने ले जाने लगी, तो कुछ महिलाएं उसके आगे बैठ गईं। वे गांव में स्पीड ब्रेकर बनवाने की मांग पर अड़ी थीं। इंस्पेक्टर मनोज सिंह भदौरिया ने महिलाओं को आश्वासन देकर शांत कराया। इसके बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली को हटाकर चौकी में खड़ा कराया गया। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल प्रहलाद की मौत के बाद पत्नी बिट्टन, बेटों प्रशांत और अंकुर तथा बेटी आरती का रो-रोकर बुरा हाल है। पत्नी बार-बार कह रही थी कि अब परिवार का सहारा छिन गया है और वह बच्चों का पालन-पोषण कैसे करेगी। मौके पर मौजूद लोग परिजनों को सांत्वना देते रहे। घाटमपुर इंस्पेक्टर मनोज सिंह भदौरिया ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। परिजनों और ग्रामीणों को समझाकर यातायात बहाल कराया गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। तहरीर मिलने के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में मवेशी तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए रघुनाथनगर पुलिस ने फरार आरोपी जितेंद्र जायसवाल (34) को गिरफ्तार किया है। वह केसारी गांव का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक, वह स्थानीय स्तर पर मवेशियों की खरीद और सप्लाई करने का काम करता था। उसके खिलाफ पहले से मवेशी तस्करी के तीन अन्य मामले भी दर्ज हैं। 34 भैंसों को ले जाते समय पुलिस ने की थी कार्रवाई पुलिस के मुताबिक, 16 सितंबर 2026 को रघुनाथनगर पुलिस इलाके में गश्त कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग केसारी गांव से मवेशियों को पैदल अवैध रूप से उत्तर प्रदेश ले जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने गांव में घेराबंदी की। पुलिस को देखकर तस्करी में शामिल लोगों ने भागने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस ने दीपक सोनवानी (24), निवासी केसारी को मौके से गिरफ्तार कर लिया, जबकि बाकी आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले। मौके से पुलिस ने 34 भैंस जब्त की थीं। मुखबिर की सूचना पर पकड़ा गया मुख्य आरोपी घटना के बाद से पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही थी। इसके लिए विशेष टीम बनाई गई थी, जो उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। इसी दौरान मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने जितेंद्र जायसवाल को हिरासत में लिया। पूछताछ और पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की गई। पुलिस का आरोप है कि जितेंद्र गांव के किसानों और ग्रामीणों से कम कीमत पर मवेशी खरीदकर उन्हें एक जगह इकट्ठा करता था। इसके बाद जंगल के रास्तों से मवेशियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने में उसकी भूमिका रहती थी। पुलिस इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की भी तलाश कर रही है। पहले से दर्ज हैं मवेशी तस्करी के 3 मामले पुलिस के अनुसार, जितेंद्र जायसवाल के खिलाफ रघुनाथनगर थाने में मवेशी तस्करी से जुड़े तीन अन्य मामले दर्ज हैं। इनमें अपराध क्रमांक 26/2026, 127/2021 और 124/2025 शामिल हैं। इन मामलों में छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस अब इस मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।
कानपुर के घाटमपुर के परास गांव में शुक्रवार देर शाम तेज रफ्तार ट्रैक्टर ट्रॉली ने बाइक सवार युवक को टक्कर मारते हुए कुचल दिया। हादसे में युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद ट्रैक्टर छोड़कर चालक मौके से भाग निकला। मौके पर पहुंचे घाटमपुर इंस्पेक्टर मनोज सिंह भदौरिया परिजनों को समझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। लगभग तीन घंटे लिंक मार्ग पर यातयात प्रभावित रहा। सजेती थाना क्षेत्र के किराव गांव निवासी 50 वर्षीय प्रहलाद कश्यप बाइक से शुक्रवार शाम परास गांव निवासी अपने पारिवारिक चाचा राजेंद्र काश्यप के यहां पर आए थे, देर शाम बाइक से वापस घर लौट रहे थे, तभी गांव के किनारे पहुंचते ही तेज रफ्तार ईंट लोड ट्रैक्टर ट्रॉली ने बाइक सवार को टक्कर मारते हुए कुचल दिया, हादसे में युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गईं। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने परास बरीपाल लिंक मार्ग पर जाम लगाकर कार्रवाई की मांग शुरू कर दी। जानकारी मिलते मौके पर पहुंचे घाटमपुर इंस्पेक्टर मनोज सिंह भदौरिया परिजनों और ग्रामीणों को समझाने के साथ मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पुलिस घटना की जांच पड़ताल कर रही है। ग्रामीण ब्रेकर बनवाने की मांग पर अड़े घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने ब्रेकर बनवाने की मांग को लेकर हंगामा कर रहे है। उनके आरोप है, कि लिंक मार्ग पर दिनभर तेज रफ्तार डंपर दौड़ते है, गांव में स्पीड ब्रेकर बनने से वाहनों की रफ्तार कर अंकुश लगेगा। पुलिस ने समझाकर लिंक मार्ग पर यातयात बहाल कराया है। घाटमपुर इंस्पेक्टर मनोज सिंह भदौरिया ने बताया कि सूचना मिली थी, परिजनों को समझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सिंहस्थ-2028 की तैयारियों और शहर की यातायात व्यवस्था सुचारू बनाने के लिए देवास गेट बस स्टैंड बंद किया जा रहा है। प्रशासन ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं। 12 अक्टूबर से सभी बसों का संचालन नानाखेड़ा बस स्टैंड से होगा। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी और उज्जैन संभागायुक्त ने स्थानीय विभागों के प्रतिनिधियों और बस संचालकों के साथ बैठक में मिले सुझावों के बाद यह आदेश जारी किया है। इसके तहत 12 अक्टूबर से देवास गेट बस स्टैंड पर बसों के संचालन पर पूरी तरह रोक रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले बस संचालकों के खिलाफ न्यायालयीन कार्रवाई, परमिट निरस्तीकरण, आरसी निरस्त करने और चालानी कार्रवाई सहित अन्य वैधानिक कदम उठाए जाएंगे। सिंहस्थ-2028 के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और यात्रियों के उज्जैन पहुंचने की संभावना है। वहीं, शहर में सड़क चौड़ीकरण, एलिवेटेड ब्रिज निर्माण और सौंदर्यीकरण के काम भी चल रहे हैं। ऐसे में यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए बसों का संचालन नानाखेड़ा बस स्टैंड से करने का निर्णय लिया गया है। नानाखेड़ा बस स्टैंड पर बसों की पार्किंग के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध कराने के साथ यात्रियों के लिए पेयजल, शौचालय और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं नगर निगम के माध्यम से विकसित की जाएंगी। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत बस स्टैंड के संचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी भी नगर निगम को सौंपी जाएगी।
बेमेतरा जिले के मरका प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के दौरान नवजात की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा करते हुए नर्सिंग स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया। परिजनों का कहना है कि प्रसव के दौरान महिला के पेट पर बार-बार दबाव बनाया गया और बच्चे की स्थिति के बारे में सही जानकारी भी नहीं दी गई। उन्होंने जिम्मेदार स्वास्थ्य कर्मियों पर कार्रवाई करने और उन्हें अस्पताल से हटाने की मांग की। मामले की जानकारी मिलने पर सीएमएचओ डॉ. शरद कोहड़े अस्पताल पहुंचे। उन्होंने जांच के लिए कमेटी बनाने और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई करने की बात कही है। अब जानिए पूरा मामला मामला गुरुवार का है। जानकारी के मुताबिक, ग्राम बाराडेरा की रहने वाली नीतू साहू को प्रसव पीड़ा होने पर दोपहर करीब 2 बजे मरका प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था। परिजनों का कहना है कि शुरुआती जांच के दौरान उन्हें बताया गया था कि बच्चे की स्थिति ठीक है। इसके बाद रात करीब 9 बजे प्रसव कराया गया, लेकिन नवजात की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि कई घंटे तक उन्हें बच्चे की स्थिति के बारे में साफ जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने मरीज को छुट्टी देने की मांग भी की, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। उनका कहना है कि प्रसव के दौरान महिला के पेट पर बार-बार दबाव बनाया गया। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। डिलीवरी तक कहते रहे- सब ठीक है नवजात के चाचा गजानंद साहू ने बताया कि वे दोपहर 2 बजे से ही अस्पताल में मौजूद थे। जांच के बाद स्वास्थ्य कर्मचारियों ने उन्हें बताया था कि बच्चे की स्थिति ठीक है। उनका आरोप है कि प्रसव के दौरान महिला के पेट पर दबाव बनाया गया। बाद में जब उन्होंने मरीज को छुट्टी देने की मांग की, तो उनकी बात नहीं सुनी गई। गजानंद के मुताबिक, रात करीब 10 बजे 112 की टीम को बुलाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि बच्चे के जन्म के बाद भी परिजनों को उसकी स्थिति के बारे में सही जानकारी नहीं दी गई। उनका यह भी कहना है कि जब पुलिसकर्मियों ने अस्पताल में डॉक्टर के बारे में पूछा, तब वहां डॉक्टर मौजूद नहीं थे। परिजनों ने प्रसव कराने वाले कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग की है। मां बोलीं- 8 साल बाद घर में खुशियां आने वाली थीं नवजात की नानी साधना साहू ने बताया कि अस्पताल में भर्ती कराने के बाद उन्हें करीब दो घंटे का समय दिया गया था। उनका आरोप है कि प्रसव के दौरान महिला के पेट पर बार-बार हाथ से दबाव बनाया गया। परिवार को बच्चे की धड़कन और उसकी स्थिति के बारे में भी साफ जानकारी नहीं दी जा रही थी। साधना साहू ने कहा कि शादी के आठ साल बाद परिवार में बच्चे के आने की उम्मीद जगी थी। लेकिन नवजात की मौत से परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। उन्होंने संबंधित स्वास्थ्य कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और उन्हें तत्काल अस्पताल से हटाने की मांग की। उनका कहना है कि अगर पहले भी ऐसी घटनाएं हुई हैं, तो उनकी भी जांच होनी चाहिए। सीएमएचओ बोले- जांच कमेटी बनाई, दोषियों पर होगी कार्रवाई मामले की जानकारी मिलने पर सीएमएचओ डॉ. शरद कोहड़े अस्पताल पहुंचे और परिजनों से बात की। समझाइश के बाद परिजन शांत हुए। सीएमएचओ ने बताया कि शुरुआती स्तर पर परिजनों के आरोप सही नजर आए हैं। मामले की पूरी जांच के लिए कमेटी गठित की गई है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट उच्च कार्यालय को भेजी जाएगी। संबंधित नर्सिंग स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रस्ताव भी भेजा जाएगा। इसके अलावा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ स्वास्थ्य अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। परिजनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मंदसौर में शनिवार को 4 घंटे बिजली बंद रहेगी:17 से ज्यादा इलाकों में सप्लाई ठप रहेगी
मंदसौर शहर में शुक्रवार को बिजली सप्लाई चार घंटे बंद रहेगी। बिजली कंपनी 1 नंबर फीडर पर मानसून मेंटेनेंस का काम करेगी। इसके चलते सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक बिजली बंद रहेगी। इसका असर चंबल कॉलोनी उपकेंद्र से जुड़े इलाकों पर पड़ेगा। इनमें इंदिरा कॉलोनी, खाटू श्याम मंदिर, जिला पंचायत, एसपी निवास, जज क्वार्टर, राम टेकरी, शिव मंदिर, नयापुरा रोड, कर्मचारी कॉलोनी, मेवाती पूरा, श्याम नगर, नाकोडा नगर, जमींदार कॉलोनी, सुंदरम विहार, अंबा पैलेस, सत्यम विहार और श्री जी पार्क शामिल हैं। बिजली कंपनी के अनुसार, शटडाउन से करीब 2,656 ग्राहक प्रभावित होंगे। विभाग ने लोगों से जरूरी काम पहले ही निपटाने की अपील की है। मेंटेनेंस का काम पूरा होने पर बिजली सप्लाई तय समय से पहले भी शुरू हो सकती है। कंपनी ने असुविधा के लिए नागरिकों से माफी मांगी है।
कानपुर में शुक्रवार शाम एक युवक ने दो मंजिला छत से छलांग लगा दी। गंभीर हालत में उसे हैलट अस्पताल में भर्ती कराया गया है। युवक के दो भाइयों की करीब 6 महीने के भीतर मौत हो गई थी। इसके बाद से वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगा था। परिवार का दावा है कि वह अपने मृत भाई की आत्मा दिखाई देने की बात कहता था। युवक का कई जगह इलाज कराने के साथ झाड़-फूंक भी कराई गई, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। सूचना पर पहुंची पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना जाजमऊ थाना क्षेत्र के वाजिदपुर गांव की है। दो भाइयों की मौत के बाद से परेशान था विकास वाजिदपुर गांव निवासी किसान रामशंकर कुमार ने बताया कि उनके बेटे गोविंद कुमार की करीब छह महीने पहले घर में फांसी लगाने से मौत हो गई थी। इसके बाद दूसरे बेटे अमन कुमार की भी दो मंजिला छत से गिरने से मौत हो गई। दोनों बेटों की मौत के बाद से तीसरा बेटा विकास कुमार (27) मानसिक रूप से परेशान रहने लगा था। परिजनों के मुताबिक, शुक्रवार को विकास टेनरी में काम करने गया था। शाम को घर लौटने के बाद वह छत पर चला गया। कुछ देर बाद उसने अचानक छलांग लगा दी। चीख-पुकार सुनकर मोहल्ले के लोग मौके पर पहुंचे। परिजन और स्थानीय लोग उसे अस्पताल ले गए। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे हैलट अस्पताल रेफर कर दिया। कई जगह कराई झाड़-फूंक, नहीं मिली राहत विकास की बहन करिश्मा ने बताया कि गोविंद की मौत के बाद से विकास अपने मृत भाई की आत्मा दिखाई देने की बात कहता था। परिजनों का दावा है कि वह इसी परेशानी से जूझ रहा था। करिश्मा के मुताबिक, परिवार ने पिछले छह महीने में उन्नाव, हमीरपुर और बांदा समेत कई जगह बाबाओं के पास जाकर झाड़-फूंक कराई, लेकिन विकास की हालत में सुधार नहीं हुआ। जाजमऊ थाना प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
क्राफ्ट पेपर के दाम 30% बढ़ने और कच्चे माल की कमी से हापुड़ समेत देशभर का पेपर कोन उद्योग मुश्किल में है। पिछले दो महीनों में क्राफ्ट पेपर की कीमतों में करीब 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। तैयार पेपर कोन की कीमतों में लागत के अनुरूप बढ़ोतरी न होने से उत्पादन जारी रखना चुनौती बन गया है। इस पर चर्चा के लिए नई दिल्ली के होटल हॉलीडे इन में देशभर के पेपर कोन निर्माताओं की बैठक हुई। बैठक में कच्चे माल की बढ़ती कीमतों, आपूर्ति में कमी और उत्पादन लागत पर असर पर बात हुई। लागत बढ़ने से छोटी इकाइयों पर आर्थिक दबाव है; जल्द सुधार न होने पर उत्पादन बंद हो सकता है। तय हुआ कि अगर क्राफ्ट पेपर की नियमित आपूर्ति और बिक्री मूल्य में बदलाव नहीं हुआ, तो फैक्ट्रियां एक सप्ताह तक बंद रखी जा सकती हैं। निर्माताओं ने सरकारों से तुरंत दखल और निर्यात पर रोक लगाने की अपील की है।
बुलंदशहर में खुर्जा देहात पुलिस ने युवती पिंकी की हत्या के मामले में वांछित आरोपी रिंकू को शुक्रवार रात मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ में गोली लगने से रिंकू घायल हो गया। उसे इलाज के लिए सीएचसी खुर्जा में भर्ती कराया गया है। आरोपी के पास से अवैध तमंचा, कारतूस और मोबाइल फोन बरामद हुआ है। एसपी देहात अंतरिक्ष जैन के अनुसार, 9 अक्टूबर को पुलिस को सूचना मिली कि 27 अगस्त को हुई पिंकी की हत्या का आरोपी रिंकू शहबाजपुर क्योलीकलां के पास आम के बाग में छिपा है। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे घेर लिया। पुलिस का कहना है कि खुद को घिरा देखकर आरोपी ने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से वह घायल हो गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान रिंकू पुत्र प्रताप सिंह, निवासी शहबाजपुर बहाल, थाना खुर्जा देहात के रूप में हुई है। प्रेम-प्रसंग में हत्या करने का आरोप पुलिस पूछताछ के अनुसार, रिंकू का पिंकी (पत्नी रामकुमार) से करीब एक साल से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। 25 अगस्त को वह अपने साढ़ू राजेश निवासी रामपुर लधउवा, थाना अकराबाद, अलीगढ़ की मदद से पिंकी को अलीगढ़ ले गया था। पुलिस के मुताबिक, दो दिन बाद रिंकू राजेश के ट्यूबवेल पर पिंकी से मिलने पहुंचा और उसे घर वापस चलने के लिए कहा। पिंकी ने जाने से मना कर दिया। इसके बाद रिंकू और राजेश पर पिंकी की गला दबाकर हत्या करने का आरोप है। दोनों ने शव को पास में गड्ढा खोदकर दबा दिया था। साढ़ू की निशानदेही पर निकाला शव पुलिस ने अलीगढ़ के अकराबाद थाना पुलिस के साथ मिलकर कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, सह-आरोपी राजेश को गिरफ्तार करने के बाद उसकी निशानदेही पर पिंकी का शव/कंकाल जमीन से बाहर निकाला गया। इसके बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस के मुताबिक, घायल रिंकू के खिलाफ खुर्जा देहात थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
श्रावस्ती में त्योहारों को देखते हुए डीएम अन्नपूर्णा गर्ग ने 10 अक्टूबर से 28 नवंबर तक कुछ पाबंदियां लगाई हैं। इसका मकसद जिले में शांति बनाए रखना और किसी तरह की परेशानी रोकना है। इस दौरान बिना अनुमति जुलूस, धरना-प्रदर्शन और सार्वजनिक सभा नहीं की जा सकेगी। जिले में पांच या उससे ज्यादा लोग एक जगह इकट्ठा नहीं हो सकेंगे। हालांकि, परंपरागत पूजा स्थलों, मेलों, शवयात्राओं और बारातों को छूट दी गई है। कोई भी व्यक्ति लाठी-डंडा, बंदूक या दूसरे खतरनाक हथियार और विस्फोटक सामान लेकर नहीं चल सकेगा। अफवाह फैलाने, भड़काऊ संदेश भेजने, धर्म के नाम पर तनाव बढ़ाने और जबरदस्ती चंदा वसूलने पर भी रोक रहेगी। धार्मिक जुलूस निकालने या उसमें बदलाव करने से पहले अनुमति लेनी होगी। जुलूस या धरना-प्रदर्शन के लिए एसडीएम से कम से कम 48 घंटे पहले अनुमति लेनी जरूरी है। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर पर रोक लाउडस्पीकर और डीजे बजाने के लिए पहले अनुमति लेनी होगी। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक इन्हें बजाने की इजाजत नहीं होगी। आवाज भी तय सीमा के अंदर रखनी होगी। कोई भी व्यक्ति या संगठन जबरदस्ती दुकान, कार्यालय या गाड़ियों का आना-जाना बंद नहीं करा सकेगा। सरकारी और सार्वजनिक जगहों पर बिना अनुमति पोस्टर, बैनर, झंडे लगाने और दीवारों पर कुछ लिखने पर भी रोक रहेगी। परीक्षा में रुकावट डालने पर होगी कार्रवाई किसी को परीक्षा देने से रोकना या परीक्षा के काम में बाधा डालना मना है। आदेश नहीं मानने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, खास जरूरत पड़ने पर ड्यूटी पर तैनात कार्यकारी मजिस्ट्रेट नियमों के अनुसार कुछ छूट दे सकते हैं। जिले में दशहरा, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भैयादूज, छठ पूजा, गुरु नानक जयंती और दूसरे त्योहार आने वाले हैं। इन्हीं को देखते हुए प्रशासन ने ये पाबंदियां लगाई हैं, ताकि सभी लोग त्योहार शांति से मना सकें।
बेमेतरा में दुकान में हुए विवाद के बाद घर में घुसकर गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के मामले में सिटी कोतवाली पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों को न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया है। इस मामले में एक आरोपी को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस के मुताबिक, पण्डरभट्ठा के डोमेश साहू (22) ने 27 अगस्त 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि 26 अगस्त को दोपहर करीब 1:30 बजे वह अपनी दुकान पर था। इसी दौरान अजय दुबे और संतोष साहू ने दुकान के सामने उससे गाली-गलौज की। इस बात पर विवाद हो गया। आरोप है कि उसी विवाद को लेकर शाम करीब 5 बजे अजय दुबे, संतोष साहू और महेश यदु उसके घर में घुस आए। तीनों ने गाली-गलौज करते हुए उसे जान से मारने की धमकी दी। इस दौरान महेश यदु ने डोमेश के साथ हाथ-मुक्कों से मारपीट की। घटना के समय डोमेश की मां और पड़ोसियों ने बीच-बचाव किया। पहले एक आरोपी हो चुका है गिरफ्तार डोमेश की शिकायत पर सिटी कोतवाली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 333, 296, 115(2), 351(3) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस ने इस मामले में पण्डरभट्ठा निवासी अजय दुबे (40) को 27 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान पुलिस ने महेश यादव उर्फ मंत्री (33) और संतोष साहू (24), दोनों निवासी पण्डरभट्ठा, को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया है।
मऊगंज में रेस लगा रही बाइक ऑटो से भिड़ी:दूसरा बाइक सवार मौके से भागा, दो घायल रीवा रेफर
मऊगंज जनपद कार्यालय के सामने शुक्रवार शाम करीब 6 बजे एक ऑटो और बाइक की जोरदार भिड़ंत हो गई। इस हादसे में ऑटो चालक चंद्रभान यादव और बाइक चालक अंशु कोल घायल हो गए। दोनों को गंभीर हालत में सिविल अस्पताल मऊगंज से संजय गांधी अस्पताल रीवा रेफर किया गया है। जानकारी के अनुसार, चंद्रभान यादव ऑटो लेकर मऊगंज आ रहे थे। इसी दौरान जनपद कार्यालय के सामने दो बाइक सवारों के बीच रेस चल रही थी। बताया जा रहा है कि एक बाइक चालक नियंत्रण खो बैठा और सामने से आ रहे ऑटो से टकरा गया। टक्कर इतनी तेज थी कि सड़क से गुजर रहीं कुछ महिलाएं भी चपेट में आने से बाल-बाल बचीं। ग्रामीणों ने बताया कि हादसे के बाद दूसरी बाइक पर सवार युवक अपनी गाड़ी मौके पर छोड़कर भाग निकला। घटना के बाद वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई।
लखनऊ के CSIR-केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान (CDRI) के वैज्ञानिक प्रो. कोनेनी वी. शशीधरा को रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री, यूके का फेलो चुना गया है। उन्हें औषधीय रसायन विज्ञान और नई दवाओं की खोज के क्षेत्र में योगदान के लिए यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिला है। प्रो. शशीधरा CDRI में वैज्ञानिक-जी, एकेडमी ऑफ साइंटिफिक एंड इनोवेटिव रिसर्च (AcSIR) में प्रोफेसर और मेडिसिनल एंड प्रोसेस केमिस्ट्री प्रभाग के प्रमुख हैं। उन्हें 25 साल से ज्यादा का रिसर्च अनुभव है। उनके 155 से अधिक रिसर्च पेपर प्रकाशित हो चुके हैं। वहीं, उनके नाम 20 पेटेंट भी हैं। कई बीमारियों की दवाओं पर रिसर्च प्रो. शशीधरा का रिसर्च चयापचय संबंधी बीमारियों, संक्रामक रोगों और कैंसर जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित है। वह प्राकृतिक उत्पादों से प्रेरित जैव-सक्रिय अणुओं और लैब में तैयार किए गए यौगिकों की खोज और विकास पर काम कर रहे हैं। उनके काम से नई दवाओं की खोज और उन्हें इलाज में इस्तेमाल करने की संभावनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिली है। CDRI निदेशक ने दी बधाई CDRI की निदेशक प्रो. राधा रंगराजन ने प्रो. शशीधरा को इस उपलब्धि पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनके रिसर्च की गुणवत्ता को दर्शाता है। साथ ही, मानव स्वास्थ्य से जुड़ी जरूरतों के समाधान के लिए नई दवाओं और इलाज के विकल्पों पर रिसर्च करने की संस्थान की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है। रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री की फेलोशिप रसायन विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए दी जाती है। प्रो. शशीधरा का चयन दवा खोज और औषधीय रसायन विज्ञान के क्षेत्र में उनके काम को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाएगा।
एसपी ऑफिस और कलेक्ट्रेट में विरोध के बाद कांग्रेस नेताओं और पार्षदों ने नगर निगम का घेराव किया। खस्ताहाल सड़कों, जल संकट और भ्रष्टाचार मुख्य मुद्दे थे। आरोप है कि 2200 करोड़ के बजट के बावजूद विकास ठप है, केवल 600 करोड़ उपयोग हुए। प्रदर्शन में कांग्रेस नेता महेश पटेल ने महापौर का मुखौटा पहनकर और गले में नोटों की माला डालकर अनोखा विरोध किया। कांग्रेसियों ने कहा कि ट्रिपल इंजन सरकार और महापौर के वादों के बावजूद जनता समस्याओं से जूझ रही है। शुरुआत में प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, कांग्रेसी ज्ञापन सौंपकर लौटने वाले थे। पर जब निगम से पुराने अधिकारी ज्ञापन लेने आए, तो नेता गुस्सा हो गए। उनका आरोप था कि इन अधिकारियों ने पुराने ज्ञापनों पर कोई कार्रवाई नहीं की। अधिकारी बदलने की मांग पर कोई दूसरा अधिकारी बाहर नहीं आया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। तेज बहस के बीच पार्षद अमरीश मिश्रा गुस्से में मुख्य गेट फांदकर अंदर कूद गए। उन्हें वापस बुलाया गया, जिससे निगम परिसर में अफरा-तफरी मच गई। आखिरकार दूसरे वरिष्ठ अधिकारी के मौके पर पहुंचने पर कांग्रेस नेताओं ने नकली नोटों की माला और ज्ञापन नगर निगम आयुक्त के नाम सौंपा। ज्ञापन के जरिए राइट टाउन, नेपियर टाउन और गोलबाजार को लीज फ्री-होल्ड करने, 312 करोड़ की अमृत 2.0 जल योजना की अनियमितता, अवैध अतिक्रमण के नाम पर गरीबों के उत्पीड़न और संपत्ति नामांतरण में हो रही देरी जैसे मुद्दे उठाए गए। इसके साथ ही आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए शहर में हो रही अघोषित बिजली कटौती, गहराते जल संकट और जल भराव की समस्या पर त्वरित ठोस कार्य योजना बनाने की चेतावनी दी गई। कांग्रेसियों ने स्पष्ट किया कि यदि जनता पर दोहरी टैक्स पेनल्टी और नागरिक समस्याओं का तत्काल समाधान नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप धारण करेगा।
गौरेला-पेंड्रा मुख्य मार्ग पर पेंड्रा के नए बस स्टैंड के आगे एक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक आशीष माइकल की मौत हो गई। उनकी बाइक की सामने से आ रही छोटा हाथी मैजिक गाड़ी से टक्कर हो गई थी। जानकारी के अनुसार, ज्योतिपुर निवासी आशीष माइकल गौरेला की ओर जा रहे थे। इसी दौरान पेंड्रा नए बस स्टैंड के आगे यह हादसा हुआ। टक्कर के बाद आशीष सड़क पर गिर गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। मृतक के भाई ने बताया कि आशीष अमरपुर रिवाल्विंग चेयर रिपेयरिंग करने गए थे और वापस आते समय यह हादसा हुआ। एक प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, टक्कर के बाद बाइक सवार युवक का सर फट गया था। पुलिस को घटना की सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है।
पन्ना-कटनी मार्ग पर खमतरा के पास शुक्रवार की शाम एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। सड़क पर अचानक आई एक गाय को बचाने के प्रयास में एक ट्रेलर (क्रमांक NL 01 AC 3355) गलत दिशा (रॉन्ग साइड) में चला गया। इसी दौरान सामने से आ रहे एक अन्य ट्रक से ट्रेलर की आमने-सामने की भिड़ंत होने की गंभीर आशंका बन गई। हालांकि, चालकों की मुस्तैदी से सीधी टक्कर तो टल गई, लेकिन इसके बाद सड़क पर भारी हंगामा खड़ा हो गया। हादसा टलते ही दोनों वाहनों के चालकों और उनके साथियों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष बीच सड़क पर ही आपस में भिड़ गए। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें चालक और उनके साथी एक-दूसरे के साथ हाथापाई करते और हाथों में लाठी-डंडे लेकर मारपीट करते नजर आ रहे हैं। इस हिंसक झड़प के कारण सड़क से गुजर रहे अन्य वाहन चालकों और राहगीरों के बीच हड़कंप मच गया। सड़क सुरक्षा और संयम पर उठे सवाल इस पूरी घटना ने सड़क सुरक्षा और चालकों के संयम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सड़क पर अचानक आई गाय को बचाना संवेदनशीलता का परिचय है, लेकिन तेज रफ्तार वाहन को अचानक गलत दिशा में ले जाने से सामने से आ रहे वाहनों और दूसरे लोगों की जान सीधे जोखिम में पड़ गई। मामूली कहासुनी के बाद बीच सड़क पर लाठी-डंडे निकालना और मारपीट करना कानून-व्यवस्था के लिए खुली चुनौती है।
बेमेतरा जिले के ग्राम राजकुड़ी में स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल बढ़ने की शिकायत सामने आई है। ग्रामीणों का दावा है कि पहले उनके घरों में 200 से 300 रुपए तक बिजली बिल आता था, लेकिन अब किसी को 64 हजार, किसी को 45 हजार तो किसी को 40 हजार रुपए तक का बिल मिल रहा है। इतनी बड़ी रकम देखकर ग्रामीण परेशान हैं। शुक्रवार को ग्रामीण बिजली कार्यालय पहुंचे और सहायक अभियंता को ज्ञापन सौंपकर स्मार्ट मीटर हटाकर पुराने मीटर लगाने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि घरों में बिजली का सामान्य इस्तेमाल होने के बावजूद हजारों रुपए का बिल आ रहा है। उनका सवाल है कि जब पहले बिजली बिल कुछ सौ रुपए आता था, तो अब इतनी बड़ी रकम कैसे हो गई? ग्रामीणों ने कहा कि उनकी आमदनी इतनी नहीं है कि वे हजारों रुपए का बिल चुका सकें। किसी को 64 हजार तो किसी को 40 हजार का बिल ग्राम राजकुड़ी के लीलाराम निषाद ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद से गांव के लोग परेशान हैं। उनके मुताबिक, गांव के रतीराम निषाद को 64 हजार रुपए, विशाल साहू को 45 हजार रुपए और नरेश यादव को 40 हजार रुपए का बिजली बिल मिला है। उन्होंने कहा कि सामान्य आमदनी वाले परिवारों के लिए इतनी बड़ी रकम चुकाना मुश्किल है। इसलिए बिजली विभाग को स्मार्ट मीटर हटाकर पुराने मीटर लगाने चाहिए। गांव की सावित्रीबाई ने भी बताया कि उनके घर का बिजली बिल 64 हजार रुपए आया है। उन्होंने भी स्मार्ट मीटर हटाकर पुराना मीटर लगाने की मांग की है। तीन दिन में मीटरों की जांच करेगा बिजली विभाग इस मामले में सहायक अभियंता गुलाब राम साहू ने बताया कि ग्राम राजकुड़ी के ग्रामीण स्मार्ट मीटर में ज्यादा बिजली खपत दर्ज होने की शिकायत लेकर कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि अगले तीन दिनों के भीतर संबंधित मीटरों की जांच की जाएगी। जांच में जो भी गड़बड़ी सामने आएगी, उसके आधार पर जरूरी सुधार किया जाएगा। जांच के बाद पता चलेगी ज्यादा बिल की वजह ग्रामीणों की शिकायत के बाद अब बिजली मीटरों की जांच और बिलों का मिलान किया जाएगा। इससे पता चलेगा कि ज्यादा बिल आने की वजह मीटर में तकनीकी गड़बड़ी है, बिल बनाने में कोई गलती हुई है या बिजली की खपत वास्तव में ज्यादा हुई है। फिलहाल ग्रामीणों को जांच पूरी होने और बिजली बिल में सुधार का इंतजार है।
स्वामित्व योजना के 22 दिन गुजर चुके हैं लेकिन मध्य प्रदेश में एक भी रजिस्ट्री नहीं हुई है। न तो सरकार मानती दिख रही है और न ही पटवारी झुक रहे हैं। इसके बीच टीकमगढ़ में एक महिला पटवारी की तबीयत बिगड़ गई। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बेटी का आरोप है कि तहसीलदार ने पटवारी पर काम का दबाव बनाया, जिसके चलते मां की ऐसी हालत हुई है। वहीं, कटनी के बहोरीबंद में पटवारी संघ के ब्लॉक अध्यक्ष नवीन गर्ग ने एसडीएम श्लोक वायकर पर चार पटवारियों को बंधक बनाने, जबरन काम कराने और उनके मोबाइल जब्त करने का आरोप लगाया है। उन्होंने बहोरीबंद थाने में लिखित शिकायत भी दी है। टीकमगढ़ में काम का दबाव बनाने का आरोप टीकमगढ़ में शुक्रवार शाम पटवारी निधि तिवारी को जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया। जांच में उनका ब्लड प्रेशर हाई मिला। निधि बल्देवगढ़ तहसील के देवीनगर हल्का में तैनात हैं। उनकी बेटी सान्या का आरोप है कि तहसीलदार प्राची जैन ने शाम 5 बजे तक 5 रजिस्ट्री कराने का दबाव बनाया था। इसी तनाव की वजह से मां की तबीयत बिगड़ी। पटवारी संघ ने कहा- बर्खास्तगी की धमकी दी जा रही जिला पटवारी संघ के अध्यक्ष चंद्रिका प्रसाद समारी ने कहा कि पटवारी स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री के काम से खुद को अलग कर चुके हैं। इसके बावजूद अधिकारियों की ओर से दबाव बनाया जा रहा है और बर्खास्तगी की धमकी दी जा रही है। दैनिक भास्कर ने तहसीलदार का पक्ष जानने के लिए उन्हें दो-तीन बार फोन लगाया लेकिन कॉल रिसीव नहीं किया गया। SDM की शिकायत- पटवारियों को बंधक बनाया कटनी जिले के बहोरीबंद में पटवारी संघ के ब्लॉक अध्यक्ष नवीन गर्ग ने एसडीएम श्लोक वायकर पर पटवारियों को बंधक बनाकर काम कराने का आरोप लगाया है। संघ के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को बहोरीबंद थाने में लिखित शिकायत भी दी। गर्ग का आरोप है कि एसडीएम वायकर ने 4 पटवारियों को शाम 6 बजे तक दफ्तर से बाहर नहीं जाने दिया। उनके मोबाइल भी जब्त कर लिए। उन्होंने कहा- स्वामित्व योजना को लेकर शासन स्तर पर बातचीत चल रही है। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर पटवारियों पर काम करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। मामले में बहोरीबंद एसडीएम श्लोक वायकर से कई बार फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। क्या है स्वामित्व योजना स्वामित्व योजना के तहत गांवों की आबादी भूमि का ड्रोन सर्वे कर वहां रहने वाले लोगों के संपत्ति संबंधी अधिकारों का रिकॉर्ड तैयार किया गया है। सरकार अब ऐसे लोगों को घर-जमीनों की मुफ्त रजिस्ट्री दे रही है। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘स्वामित्व योजना’ के तहत मध्य प्रदेश में करीब 50 लाख संपत्तियों की रजिस्ट्री की जानी है। खास बात यह है कि हितग्राहियों से स्टाम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क नहीं लिया जा रहा है। सरकार ने इसका खर्च खुद उठाने का फैसला किया है। प्रदेश में अब तक 68.11 लाख अधिकार अभिलेख तैयार किए जा चुके हैं, जिनमें 48.32 लाख निजी संपत्तियां शामिल हैं। पटवारियों को क्या आपत्ति स्वामित्व योजना में ग्रामीण को ‘क्रेता’ और पटवारी को ‘विक्रेता/निष्पादक’ की भूमिका दी गई है, यानी दस्तावेज पर पटवारी के हस्ताक्षर से यह दर्ज होता है कि वह सरकारी जमीन का हस्तांतरण कर रहा है, जबकि पटवारी खुद उस जमीन का मालिक नहीं है। पटवारियों की आपत्ति यही है कि भविष्य में जमीन की सीमा, हिस्सेदारी या कब्जे को लेकर कोई विवाद हुआ तो निष्पादक के तौर पर उनकी कानूनी जिम्मेदारी तय हो सकती है, जबकि जमीन के मालिकाना हक का फैसला करने या रिकॉर्ड में बदलाव करने का अधिकार उनके पास नहीं है। पटवारियों को रिकॉर्ड की गड़बड़ियां मिली हैं। गुना में पटवारी संघ का आरोप है कि कई मामलों में मौके पर कब्जा सिर्फ एक भाई का है, जबकि पट्टे में तीन भाइयों के नाम दर्ज हैं- यानी भविष्य में विवाद की आशंका सिर्फ अंदेशा नहीं, रिकॉर्ड में पहले से दिख रही है। इसी वजह से पटवारी संघ का कहना है कि उन्हें योजना से आपत्ति नहीं है, लेकिन ‘निष्पादक’ की भूमिका और उससे जुड़ी जिम्मेदारी साफ होनी चाहिए। पटवारियों की मांग है कि कार्रवाई वापस हो, कानूनी जिम्मेदारी स्पष्ट की जाए और निजी पहचान संबंधी डेटा सुरक्षित रखे जाएं। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… 29 की नौकरी गई, फिर भी नहीं मान रहे पटवारी; ऐसा भी क्या डर, एक दस्तखत से क्या हो जाएगा मध्य प्रदेश में स्वामित्व योजना की 50 लाख मुफ्त रजिस्ट्रियों पर एक दस्तखत का पेंच फंसा है। 24 हजार पटवारी हड़ताल पर हैं। मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल का दावा है कि सरकार ने पटवारियों की मांग मान ली है। फिर भी पटवारी काम पर नहीं लौट रहे। अब तक कुल 3588 पटवारियों पर एक्शन हुआ है। पढ़ें पूरी खबर…
मध्यप्रदेश के धार जिले के धरमपुरी में 2017 की डकैती के मामले में पुलिस की जांच पर कोर्ट ने गंभीर सवाल उठाए हैं। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी विवेक जैन ने पुलिस की खात्मा रिपोर्ट खारिज कर दी। कोर्ट ने तत्कालीन थाना प्रभारी कुशलसिंह रावत और विवेचक एएसआई प्रकाश सरोदे की कार्यशैली पर कड़ी टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि दोनों ने अकर्मण्यता, बेईमानी और जालसाजी की हदें पार कर दीं। कोर्ट ने आदेश दिया कि मामले की दोबारा जांच कर 30 दिन के भीतर रिपोर्ट पेश की जाए। मामले में कोर्ट का आदेश 22 सितंबर का है। इसकी कॉपी 8 अक्टूबर को सामने आई। घर में घुसकर पति-पत्नी से मारपीट, जेवर और नकदी लूटी घटना 16 दिसंबर 2017 की देर रात ग्राम टवलाई की है। फरियादी शंकरलाल जायसवाल के घर में 10 से 12 बदमाश घुस आए थे। उन्होंने पति-पत्नी के साथ मारपीट की और अलमारी व गल्ले तोड़कर सोने-चांदी के जेवर, नकदी और मोबाइल लूट लिए थे। फरियादी ने उसी रात डायल-100 पर सूचना दी थी, लेकिन पुलिस ने अगले दिन दोपहर में जाकर रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस ने मुख्य गवाह का बयान नहीं लियाअदालत के सामने सुनवाई के दौरान पुलिस की जांच में कई गंभीर खामियां सामने आईं। पुलिस ने डकैती के मामले में केवल चार लोगों के खिलाफ मामूली धाराओं में केस दर्ज किया। मेडिकल रिपोर्ट में कई चोटों का जिक्र होने के बावजूद मारपीट की धारा नहीं लगाई गई। विवेचक एएसआई प्रकाश सरोदे ने पीड़ित की पत्नी, जो मामले की मुख्य गवाह थीं, उनका बयान तक दर्ज नहीं किया। केस डायरी में फरियादी के बयानों में काट-छांट किए जाने की बात भी सामने आई। मोहर्रिर ने कहा- FIR मैंने नहीं लिखी, हस्ताक्षर भी मेरे नहीं अदालत में तत्कालीन मोहर्रिर राकेश कुमार शुक्ला ने बयान दिया कि FIR उन्होंने न तो लिखी थी और न ही उस पर उनके हस्ताक्षर थे। उनके मुताबिक, तत्कालीन थाना प्रभारी कुशलसिंह रावत के कहने पर कंप्यूटर ऑपरेटर ने रिपोर्ट तैयार की थी। पुलिस ने घटना के करीब तीन महीने बाद खात्मा रिपोर्ट तैयार कर ली थी, लेकिन उसे सात साल तक थाने में लंबित रखा। यह रिपोर्ट 26 अप्रैल 2025 को अदालत में पेश की गई। कोर्ट ने कहा- कार्रवाई नहीं हुई तो कोर्ट खुद कराएगा FIR अदालत ने टिप्पणी की कि ऐसे मामले सिस्टम पर लोगों के भरोसे को कमजोर करते हैं। कोर्ट ने खात्मा रिपोर्ट खारिज करते हुए वर्तमान थाना प्रभारी को 15 दिन के भीतर नए विवेचक की नियुक्ति करने और 30 दिन के भीतर नए सिरे से जांच रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया। अदालत ने चेतावनी दी कि यदि पुलिस विभाग दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई नहीं करता है, तो न्यायालय उनके खिलाफ FIR या परिवाद दर्ज कराने की कार्रवाई करेगा।
कटनी जिले के बहोरीबंद में स्वामित्व योजना के काम को लेकर पटवारी संघ और स्थानीय प्रशासन के बीच विवाद हो गया। संघ के ब्लॉक अध्यक्ष नवीन गर्ग ने एसडीएम श्लोक वायकर पर चार पटवारियों को बंधक बनाने, जबरन काम कराने और उनके मोबाइल फोन जब्त करने का आरोप लगाया है। संघ के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को बहोरीबंद थाने में लिखित शिकायत दी। दोपहर 1 से शाम 6 बजे तक कार्यालय में रोकने का आरोप पटवारी संघ के अनुसार, शुक्रवार दोपहर करीब 1 बजे यह घटनाक्रम शुरू हुआ। संघ का आरोप है कि चार पटवारियों को शाम 6 बजे तक कार्यालय से बाहर नहीं जाने दिया गया और उनके निजी मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए गए। संघ का कहना है कि स्वामित्व योजना को लेकर शासन स्तर पर बातचीत चल रही है। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर पटवारियों पर काम करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी पटवारी संघ के पदाधिकारियों ने पुलिस से मामले में हस्तक्षेप करने और अपने साथियों को रिहा कराने की मांग की। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। एसडीएम का पक्ष नहीं मिल सका मामले में बहोरीबंद एसडीएम श्लोक वायकर से कई बार फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
सीकर में मोबाइल हैक करके अकाउंट से 1.97 लाख रुपए निकालने का मामला सामने आया है। पीड़ित के खाते से 2 दिन में 3 ट्रांजेक्शन से यह रुपए निकाले गए। पीड़ित को मैसेज आने पर इसका पता चला। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है। नेछवा पुलिस थाने में मंगलूणा निवासी ताहिरद्दीन ने रिपोर्ट देकर बताया कि उनका स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में बैंक अकाउंट है। वह बैंक अकाउंट उनके फोनपे से लिंक है। किसी ने उनका मोबाइल हैक कर लिया और फिर फोनपे से 5 अक्टूबर को एक बार में 88 रुपए, दूसरी बार 98,888 रुपए निकाले। इसके बाद 6 अक्टूबर को 98,888 रुपए निकाले। इस तरह से उनके बैंक अकाउंट से 2 दिन में 3 ट्रांजेक्शन में कुल 1.97 लाख रुपए निकल गए। हालांकि अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि अनजान लिंक पर क्लिक करने या किसी फाइल को डाउनलोड करने से मोबाइल हैक हुआ और उसके बाद साइबर फ्रॉड हुआ।
धन-धन बाबा दीप सिंह जी शहीद गुरुद्वारा में 31 कन्याओं के सामूहिक विवाह को लेकर चल रही असमंजस की स्थिति खत्म हो गई है। विवाह समारोह रविवार(11 अक्टूबर) को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित होगा। गुरुद्वारा में विवाह कार्यक्रम स्थगित होने की चर्चाओं के बीच सेवादार सतनाम सिंह लाडा ने कहा कि सभी 31 कन्याओं के विवाह तय तिथि और समय पर संपन्न होंगे। सतनाम सिंह लाडा ने बताया- सामूहिक विवाह कार्यक्रम में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। सर्वधर्म की कन्याओं के विवाह की तैयारियां पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही रहेंगी। गुरुद्वारा में शादी की तैयारी चल रही हैं। सभी शादियां सर्वधर्म रीति रिवाजों के साथ ही करवाई जाएंगी। परिजनों को इनकी सूचना दे दी गई है। टिम्मा की गिरफ्तारी के बाद असमंजस थी दरअसल, गुरुद्वारा के सचिव तेजेंद्र पाल सिंह टिम्मा को इमिग्रेशन संचालक के साथ मारपीट और लूट के मामले में पुलिस ने गुरुद्वारा के गेस्ट हाउस से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया। इस दौरान पुलिस पर गुरुद्वारा में बेअदबी करने के आरोप भी लगाए गए, जिन्हें लेकर मामला चर्चा में रहा। इसके बाद टिम्मा को अदालत के आदेश पर जेल भेज दिया गया। इस घटनाक्रम के बीच गुरुद्वारा में 31 कन्याओं के सामूहिक विवाह को लेकर भी असमंजस की स्थिति बनने लगी थी। विवाह कार्यक्रम स्थगित होने की चर्चाएं सामने आने के बाद गुरुद्वारा कमेटी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कार्यक्रम की जानकारी दी। ये खबर भी पढ़िए… श्रीगंगानगर में गुरुद्वारा के सचिव गिरफ्तार:गेस्ट हाउस में बेड के नीचे छिपे थे; महिलाओं ने पुलिस पर हमला किया, समर्थकों ने किया प्रदर्शन श्रीगंगानगर में गुरुद्वारा धन-धन बाबा दीप सिंह जी सभा के सचिव और सिख धर्म प्रचार कमेटी के चेयरमैन तेजिंदर पाल सिंह टिम्मा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इससे आक्रोशित टिम्मा के समर्थक भड़क गए और गुरुद्वारा परिसर में तोड़फोड़ कर दी। श्रीगंगानगर-पदमपुर स्टेट हाईवे पर धरने पर बैठ गए। पूरी खबर पढ़िए
मध्यप्रदेश में स्वामित्व योजना के तहत काम करने से इनकार करने वाले पटवारियों के खिलाफ बालाघाट जिला प्रशासन ने कार्रवाई की है। 7 अक्टूबर से काम बंद कर शासकीय वॉट्सऐप ग्रुप छोड़ने और सामूहिक छुट्टी पर जाने वाले पटवारियों पर एक्शन लिया गया। प्रशासन ने 7 पटवारियों को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जबकि 72 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस थमाया है। पटवारी शासन की स्वामित्व योजना में खुद को विक्रेता (निष्पादक) बनाए जाने का विरोध कर रहे हैं। काम में हो रही देरी को देखते हुए प्रशासन ने यह सख्त रुख अपनाया है। इसके अलावा तीन पटवारियों के तबादले के बाद उन्हें पुरानी जगह से कार्यमुक्त (रिलीव) भी कर दिया गया है। 7 निलंबित और 72 पटवारियों को नोटिस प्रशासन ने अलग-अलग अनुभागों में कार्रवाई करते हुए अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। वारासिवनी अनुभाग से पटवारी सोमराज बघेल व अंकुश भलावी, किरनापुर से साधना लिल्हारे, विनीत नागवंशी व कविता राजपूत और बालाघाट अनुभाग से संजय चतुर्वेदी व उमा यादव को तुरंत निलंबित कर दिया गया है। योजना का काम न करने पर वारासिवनी, परसवाड़ा, बैहर, कटंगी, किरनापुर, लांजी और बालाघाट अनुभाग के कुल 72 पटवारियों को नोटिस जारी कर पूछा गया है कि उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए। ट्रांसफर होने के बाद पटवारी गिरधारी भगत (बिरसा), मयंक राजावत (बैहर) और पवन रावत (लांजी) को उनकी पुरानी पदस्थापना से कार्यमुक्त कर दिया गया है।
राजगढ़ जिले के जीरापुर क्षेत्र में पुश्तैनी जमीन पर फसल बोने को लेकर हुए विवाद में सूजन बाई गुर्जर की मौत हो गई। उनके बेटे प्रेम सिंह गुर्जर ने अपने पिता उदयराम गुर्जर, बुआ के बेटे सचिन समेत पांच लोगों पर मां के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है। वहीं, परिवार के दूसरे पक्ष का दावा है कि अस्पताल ले जाते समय महिला बाइक से ब्रेकर के पास गिर गई थीं। पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बेटे का आरोप- आधे घंटे तक लाठियों से पीटाप्रेम सिंह के मुताबिक, गुरुवार रात करीब 10 बजे आरोपियों ने उसकी मां सूजन बाई और उसके साथ लाठियों से मारपीट की। उसने आरोप लगाया कि दोनों को करीब आधे घंटे तक पीटा गया, जिससे मां को गंभीर चोटें आईं। इसके बाद वह मां को बाइक से इलाज के लिए जीरापुर अस्पताल ले जा रहा था। रास्ते में खारपा जोड़ के पास उनकी हालत बिगड़ गई और मौत हो गई। कर्ज के चलते जमीन पर फसल बोना चाहता था बेटाप्रेम सिंह ने बताया कि परिवार पर कर्ज था, इसलिए वह पुश्तैनी जमीन पर फसल बोना चाहता था। आरोप है कि उसकी बुआ का बेटा सचिन इस जमीन पर पहले से फसल लगा रहा था। प्रेम सिंह के पिता और अन्य लोग उसे फसल बोने से रोक रहे थे। इसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। दूसरे पक्ष का दावा- ब्रेकर पर बाइक से गिरने से हुई मौतमहिला की मौत को लेकर परिवार के दूसरे पक्ष की कहानी अलग है। उनका कहना है कि प्रेम सिंह अपनी मां को बाइक से अस्पताल ले जा रहा था। इसी दौरान ब्रेकर के पास महिला बाइक से नीचे गिर गईं, जिससे उनकी मौत हो गई। इस तरह एक पक्ष ने मारपीट के बाद मौत होने का आरोप लगाया है, जबकि दूसरे पक्ष ने इसे हादसा बताया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होंगी मौत की परिस्थितियांप्रेम सिंह के अनुसार, खारपा जोड़ के पास मां की हालत बिगड़ने पर उसने वहां मौजूद दो लोगों से पानी लाने को कहा था। उसके मुताबिक, उस समय मां शांत हो गई थीं। शुक्रवार सुबह जीरापुर अस्पताल में महिला के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर लिए हैं। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर महिला की मौत की परिस्थितियों का पता लगाया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश के 18 शहरों में 1725 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को स्वीकृति मिली है।
देवास के सयाजी द्वार पर मां दुर्गा की प्रतिमा के जुलूस की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान आतिशबाजी करते समय अचानक प्रतिमा में आग लग गई। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत आग बुझाने की कोशिश शुरू कर दी। कुछ लोगों ने बाल्टियों से पानी डाला, जबकि अन्य ने कपड़ों की मदद से आग बुझाई। लोगों की कोशिश से कुछ ही मिनटों में आग पर काबू पा लिया गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें लोग बाल्टियों से पानी डालकर आग बुझाते दिखाई दे रहे हैं। समय रहते आग बुझने से प्रतिमा सुरक्षित रही और कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
मैनपुरी के आगरा रोड स्थित रामलीला मैदान में शुक्रवार शाम श्री रामलीला कमेटी ने नारद मोह, रावण जन्म, रावण अत्याचार और आकाशवाणी लीला का मंचन किया। श्री कृष्णानंद रामलीला-रासलीला मंडल वृंदावन के कलाकारों ने दिखाया कि लंका में ऋषि विश्वा के यहां रावण और कुंभकरण का जन्म हुआ। राजा बनने के बाद रावण साधु-संतों और देवी-देवताओं पर अत्याचार करने लगा। वह ऋषि-मुनियों के धार्मिक अनुष्ठानों में भी बाधा डालता था। उसके अत्याचारों से परेशान देवताओं के आग्रह पर भगवान विष्णु के पृथ्वी पर आने की आकाशवाणी हुई। रामलीला का शुभारंभ कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष वीर सिंह भदौरिया, मंत्री सुरेश चंद्र बंसल बीनू और कोषाध्यक्ष अशोक गुप्ता पप्पू ने भगवान के स्वरूपों की आरती उतारकर किया। नरेंद्र राठौर, अजय गुप्ता, ओमकुमार चौहान, मनोज चौहान, कुलदीप सिंह, वंश तिवारी, उदय प्रताप और रवि श्रीवास्तव सहित अन्य लोग मौजूद थे।
बुलंदशहर में डायल-112 में तैनात एक हेड कांस्टेबल पर उसकी लिव-इन पार्टनर ने मारपीट का आरोप लगाया है। महिला की शिकायत पर पहासू थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने शुक्रवार रात 8:30 बजे आरोपी पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया। उसके खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दिए गए हैं। महिला ने थाने पहुंचकर दी थी शिकायत आरोपी हेड कांस्टेबल की पहचान कृष्ण कुमार के रूप में हुई है। महिला के मुताबिक, वह कृष्ण कुमार के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी। आरोप है कि 7 अक्टूबर को कृष्ण कुमार ने उसके साथ गाली-गलौज की और मारपीट की। इसके बाद महिला ने पहासू थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दी। एसएसपी ने किया निलंबित महिला की शिकायत के आधार पर पहासू थाना पुलिस ने कृष्ण कुमार के खिलाफ संबंधित आपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। मामले की जानकारी मिलने पर एसएसपी दिनेश कुमार सिंह ने आरोपी हेड कांस्टेबल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। उसके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कराई जा रही है। जांच के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
महू स्थित भगवान परशुराम की जन्मस्थली जानापाव पहाड़ी पर शुक्रवार रात भूतड़ी अमावस्या मेले में जा रहे श्रद्धालुओं से भरी एक पिकअप अनियंत्रित होकर घाट पर पलट गई। हादसे में 7 से 8 श्रद्धालुओं को मामूली चोटें आई हैं। गनीमत यह रही कि पिकअप पहाड़ी के किनारे स्थित गहरी खाई में नहीं गिरी, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। जानापाव दर्शन करने जा रहे थे जानकारी के मुताबिक, धार जिले के धानी गांव से करीब 15 श्रद्धालु पिकअप में सवार होकर जानापाव दर्शन के लिए जा रहे थे। रात करीब 8 बजे जानापाव घाट के आखिरी हिस्से में चढ़ाई के दौरान पिकअप की रफ्तार धीमी हो गई और वाहन पीछे की ओर फिसलने लगा। ड्राइवर ने ब्रेक लगाकर गाड़ी को रोकने की कोशिश की, लेकिन मोड़ पर संतुलन बिगड़ने से पिकअप सड़क पर ही पलट गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी पिकअप के अचानक पलटते ही मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही राहत कार्य शुरू किया गया। हादसे में घायल 7 से 8 श्रद्धालुओं को तुरंत मानपुर स्वास्थ्य केंद्र भेजकर प्राथमिक इलाज कराया गया। मानपुर थाना प्रभारी अरुण कुमार सोलंकी ने बताया कि पिकअप में करीब 15 लोग सवार थे। सभी घायलों की हालत सामान्य है और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।
ग्वालियर जिले के डबरा के टेकनपुर में शुक्रवार शाम जमीन विवाद में दो पक्षों के बीच गोलीबारी हुई। इसमें संदीप परिहार की मौत हो गई। संदीप भाजपा नेता और जिला पंचायत सदस्य आलोक शर्मा के भाई नवीन शर्मा का कर्मचारी था। उसके पेट में चार गोलियां लगी थीं। दूसरे पक्ष के एक युवक के भी घायल होने की जानकारी है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विवाद हाईवे से लगी 4 बीघा जमीन को लेकर था, जिसकी कीमत करीब 8 करोड़ रुपए बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों और राहगीरों के मुताबिक, मौके पर ताबड़तोड़ फायरिंग हुई। पुलिस को घटनास्थल पर मौजूद थार गाड़ी से करीब 50 कारतूस मिले हैं। बाउंड्री वॉल बनाते समय आमने-सामने आए दोनों पक्ष टेकनपुर बस स्टैंड के पास पुरानी रोड पर स्थित इस जमीन को लेकर नवीन शर्मा और श्याम गुर्जर के बीच विवाद चल रहा था। जानकारी के मुताबिक, नवीन शर्मा का इस जमीन पर पिछले तीन वर्षों से कब्जा था। शुक्रवार को जमीन पर बाउंड्री वॉल का निर्माण किया जा रहा था। इसी दौरान श्याम गुर्जर पक्ष के लोग मौके पर पहुंच गए। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ा और गोलीबारी शुरू हो गई। पांच महीने पहले श्याम और विनय गुर्जर के नाम हुई रजिस्ट्री जानकारी के अनुसार, करीब पांच महीने पहले जमीन की रजिस्ट्री श्याम गुर्जर और विनय गुर्जर के नाम हुई थी। रजिस्ट्री के बाद जमीन का नामांतरण भी हो गया था। इससे पहले करीब आठ महीने पहले जमीन का एग्रीमेंट यानी इकरारनामा होने के समय भी दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। जमीन पहले डबरा निवासी हरीबाबू सेठ की थी, जिसे गुर्जर पक्ष ने खरीद लिया था। स्कूल के अंदर घायल मिला कर्मचारी, अस्पताल में मौत गोलीबारी की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। जांच के दौरान संदीप परिहार स्कूल के अंदर घायल अवस्था में मिला। उसके पेट में चार गोलियां लगी थीं। पुलिस उसे ग्वालियर लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दूसरे पक्ष के एक युवक को भी गोली लगने की जानकारी सामने आई है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। थार पर गोलियों के निशान, करीब 50 कारतूस मिले घटनास्थल पर मिली थार जीप पर गोलियों के निशान थे। पुलिस ने गाड़ी से करीब 50 कारतूस बरामद किए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों और राहगीरों के मुताबिक, मौके पर ताबड़तोड़ फायरिंग हुई थी। घटना के बाद एसपी धर्मवीर सिंह यादव, ASP देहात जयराज कुबेर और आसपास के थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंचा। एसपी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। मृतक के भाई ने कई लोगों पर लगाए आरोप मृतक के भाई ने विनय गुर्जर, सोनेराम गुर्जर, लालो गुर्जर, बाबा समेत अन्य लोगों पर गोली मारने का आरोप लगाया है। ASP देहात जयराज कुबेर ने बताया कि जमीन विवाद में गोली लगने से एक युवक की मौत हुई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। घटना के समय तक मामले में FIR दर्ज नहीं हुई थी
झांसी-मानिकपुर रेलखंड पर ट्रेन की चपेट में आने से 82 वर्षीय बुजुर्ग शंकर गुप्ता की मौत हो गई। वह चित्रकूट अमावस्या मेले में जाने के लिए घर से निकले थे। सूचना मिलने पर जीआरपी मौके पर पहुंची। जेब में मिले आधार कार्ड से बुजुर्ग की पहचान हुई और परिजनों को घटना की जानकारी दी गई। बिसंडा थाना क्षेत्र के सिकलोढ़ी गांव निवासी शंकर गुप्ता अतर्रा कस्बे के बिसंडा रोड के पास रेलवे पटरी पार कर रहे थे। इसी दौरान कर्वी से बांदा जा रही अहमदाबाद-बरौनी एक्सप्रेस की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। शंकर गुप्ता पांच बीघा खेत में खेती करते थे। उनके परिवार में पत्नी चंद्रकली और पुत्र ओमप्रकाश हैं। जीआरपी थाना प्रभारी हरीनाथ सिंह ने बताया कि रेलवे पटरी पार करते समय ट्रेन की चपेट में आने से बुजुर्ग की मौत हुई है।
मुरादाबाद के के.जी.के. पीजी कॉलेज में एनएसएस इकाई ने 'नशा मुक्ति युवा संवाद मेला' किया। इसमें विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक, गीत और शपथ से नशामुक्त समाज का संदेश दिया। मुख्य अतिथि राज्य संपर्क अधिकारी प्रो. विशेश कुमार गुप्ता ने युवाओं से नशे से दूर रहने और समाज में जागरूकता फैलाने को कहा। जिला युवा अधिकारी भी खास मेहमान के तौर पर मौजूद थे। प्रो. जगदम्बे यादव, प्रो. मीरा कश्यप, कैप्टन ममता रानी, प्रो. योगेंद्र और प्रो. सोनकर ने नशे को विकास में रुकावट बताते हुए अच्छी गतिविधियों में भाग लेने की सलाह दी। प्रो. गुप्ता ने कहा कि देश के अच्छे भविष्य के लिए युवाओं का नशामुक्त होना जरूरी है। उन्होंने एनएसएस स्वयंसेवकों से नशामुक्त भारत का संकल्प लोगों तक पहुंचाने को कहा। आखिर में प्रतिभागियों को इनाम और प्रमाण-पत्र दिए गए।
बदायूं के धर्मपुर टप्पा वैश गांव में पागल कुत्ते के काटने से एक गाय की मौत के बाद पूरे परिवार में दहशत का माहौल बन गया। गाय का दूध इस्तेमाल करने की वजह से अनहोनी के डर से परिवार के 18 सदस्यों ने शुक्रवार को दहगवां स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर रेबीज का टीका (वैक्सीन) लगवाया। पीड़ित परिवार ने पशु डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की है। 20 सितंबर को कुत्ते ने काटा था, गलत इलाज का आरोप गाय के मालिक विनोद कुमार ने जरीफनगर पुलिस को दी तहरीर में बताया कि गत 20 सितंबर को उनकी गाय को एक पागल कुत्ते ने काट लिया था। इसके बाद उन्होंने इलाज के लिए पशु चिकित्सक डॉ. विजय राठौर से संपर्क किया। आरोप है कि डॉक्टर के सहयोगी रूप किशोर ने 500 रुपए लेकर गाय को केवल एक इंजेक्शन लगाया, लेकिन उसके बाद कोई उचित इलाज या फॉलो-अप नहीं दिया। इलाज के अभाव में तड़पकर गाय की मौत सही समय पर पूरा इलाज न मिलने के कारण गाय की तबीयत बिगड़ती चली गई और अंततः उसकी मौत हो गई। गाय की मौत के बाद परिजनों को समझ आया कि कुत्ता रैबिड था, जिससे पूरे परिवार में हड़कंप मच गया। दूध पीने वाले 18 सदस्यों की सूची पुलिस को सौंपी गाय का दूध परिवार के छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने पीया था। रेबीज के संक्रमण के डर से घबराया परिवार तुरंत दहगवां सीएचसी पहुंचा और सभी 18 लोगों ने रेबीज वैक्सीन की खुराक ली। विनोद कुमार ने पुलिस को उन सभी 18 परिजनों की सूची सौंपी है, जिन्होंने गाय का दूध पीया था। परिवार ने लापरवाही बरतने वाले स्वास्थ्य कर्मी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। सीओ अशोक कुमार सिंह ने बताया- मामले में गाय मालिक की ओर से तहरीर प्राप्त हुई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है, जांच के आधार पर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एसजीपीजीआई लखनऊ में प्रदेश की पहली अत्याधुनिक हाइब्रिड कैथ लैब बनेगी, जिससे हृदय रोगियों को उच्चस्तरीय क्वाटरनरी कार्डियक केयर मिलेगी।
कानपुर के घाटमपुर में धरमपुर बंबा से भीतरगांव जाने वाले मार्ग पर रेलवे लाइन के नीचे बने अंडरपास में जलभराव से आवागमन प्रभावित हो रहा है। शुक्रवार दोपहर भीतरगांव ब्लॉक का निरीक्षण कर लौट रहे जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) आत्म प्रकाश रस्तोगी की गाड़ी भी पानी के बीच अचानक बंद हो गई। अंडरपास में लंबे समय से पानी भरा होने के कारण बाइक सवारों और अन्य राहगीरों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लगने से दोपहिया वाहन चालकों के लिए यहां से गुजरना जोखिम भरा बना हुआ है। डीडीओ की गाड़ी बंद होने की घटना से अंडरपास में जलभराव की समस्या एक बार फिर सामने आई है। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से पानी निकलवाने और जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है। लंबे समय से भरा है पानी स्थानीय लोगों के मुताबिक, धरमपुर बंबा से भीतरगांव जाने वाले मार्ग पर बने अंडरपास में काफी दिनों से पानी जमा है। इससे रोजाना इस रास्ते से गुजरने वाले लोगों को परेशानी होती है। कई बार वाहन पानी में फंसने की स्थिति बन जाती है। शुक्रवार दोपहर डीडीओ आत्म प्रकाश रस्तोगी भीतरगांव ब्लॉक का निरीक्षण कर लौट रहे थे। इसी दौरान अंडरपास से गुजरते समय उनकी गाड़ी अचानक बंद हो गई। इससे उन्हें भी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थायी समाधान की मांग स्थानीय लोगों का कहना है कि अंडरपास में जलभराव की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हुआ है। लोगों ने संबंधित अधिकारियों से पानी की निकासी का इंतजाम करने की मांग की है, ताकि आवागमन सुचारु हो सके और राहगीरों को राहत मिल सके।
पाली नगर निगम में महापौर चुनाव के दौरान सामने आई बगावत और भीतरघात के बाद कांग्रेस में सियासी भूचाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। पार्टी से बगावत कर राजबाला हिंगड़ को निर्दलीय महापौर प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतारने वाले वरिष्ठ नेता 29 पार्षदों के साथ जयपुर पहुंचे। शुक्रवार को एसएमएस हॉस्पिटल के पीछे स्थित कांग्रेस के प्रदेश वॉर रूम में पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश जांच कमिटी के सचिव रामसिंह कस्वा और शकुंतला राव से मुलाकात की। करीब एक घंटे तक चली इस उच्चस्तरीय बैठक में बागी नेताओं ने अपना पक्ष मजबूती से रखा। जांच कमेटी के समक्ष अपनी बात रखने वाली पांच सदस्यीय टीम में प्रदीप हिंगड़, राकेश भाटी, मेहबूब टी, हकीम भाई और एक निर्दलीय पार्षद शामिल थे। बैठक में उठाई गईं प्रमुख मांगें और गंभीर आरोप निष्पक्ष जांच और निष्कासन की मांगनेताओं ने जांच कमिटी से मांग की है कि जयपुर से सिंबल जारी होने से लेकर पाली में जमा होने तक के पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए। सिंबल में हेरफेर करने और पार्टी को नुकसान पहुंचाने वाले दोषियों को चिन्हित कर उन्हें तुरंत कांग्रेस से निष्कासित किया जाए। पंचायत चुनाव पर असर की चेतावनीप्रतिनिधिमंडल ने संगठन को आगाह किया कि यदि पाली कांग्रेस में पनपी इस अंदरूनी गुटबाजी और धांधली पर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो इसका सीधा नकारात्मक असर आने वाले पंचायत चुनावों पर भी पड़ेगा। इसलिए दोषियों के खिलाफ अविलंब अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
बुरहानपुर जिले के डोईफोड़िया गांव में मंडी के बाहर मक्का खरीदने का मामला सामने आया है। शिकायत मिलने पर शुक्रवार को मंडी सचिव भूपेंद्र सिंह सोलंकी टीम के साथ गांव पहुंचे। यहां मातापुर रोड पर सुरेश पाटिल और विनोद महाजन के पास 150 क्विंटल मक्का मिली। इसकी कीमत करीब 2 लाख 47 हजार 500 रुपए है। जांच में पता चला कि सुरेश पाटिल के पास बुरहानपुर कृषि उपज मंडी का लाइसेंस नहीं था। टीम ने मक्का जब्त कर पंचनामा बनाया। मंडी सचिव के मुताबिक, बिना लाइसेंस मक्का खरीदने पर 21 हजार 37 रुपए का पांच गुना मंडी शुल्क लगाया गया है। शुल्क जमा नहीं करने पर मामला कोर्ट में भेजा जाएगा। जब्त मक्का पंचनामा बनाने के बाद सुरेश पाटिल को ही सौंप दी गई है। दो साल पहले 29 किसानों से हुई थी 3 करोड़ की ठगी दो साल पहले ग्राम फोपनार, बड़सिंगी और तुरकगुराड़ा के 29 किसानों से बाहरी व्यापारियों ने महाराष्ट्र की आरंभ ट्रेडिंग कंपनी के जरिए करीब 3 करोड़ रुपए की ठगी की थी। इस मामले में जितेंद्र वल्लभ महाजन और डॉ. प्रफुल्ल पाटिल समेत अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। आरोपी अब तक फरार हैं। मंडी सचिव ने किसानों से अपील की है कि वे धोखाधड़ी से बचने के लिए अपनी उपज कृषि उपज मंडी में ही बेचें।
मंदसौर में शुक्रवार को भक्तामर महास्त्रोत विश्व दिवस पर सकल जैन समाज ने सामूहिक भक्तामर स्तोत्र का पाठ किया। जीवागंज स्थित श्री जैन दिवाकर मूल तपो भवन स्थानक के सभागृह में संतों और बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने इसमें हिस्सा लिया। इस दौरान मंदसौर में सद्भावना, शांति और समृद्धि के साथ विश्व कल्याण की कामना की गई। कार्यक्रम की शुरुआत दिगंबर जैन मुनिराज श्री शुद्धसागरजी महाराज के मंगलाचरण से हुई। श्वेतांबर जैन आचार्य श्री विजय सागरचंद्रसागर सूरीश्वरजी महाराज ने नवकार मंत्र और मांगलिक पाठ कराया। सकल जैन समाज अध्यक्ष लोकेन्द्र जैन गोटावाला और संयोजक सुरेन्द्र लोढ़ा ने दीप जलाया। पंडित अरविंद जैन और सुधा पाटनी ने स्तोत्र पाठ शुरू किया, जिसके बाद सभी ने सामूहिक पाठ किया। जैनाचार्य श्री सागरचंद्रसागर सूरीश्वरजी महाराज ने बताया कि इसके पाठ से कर्मों का क्षय होता है। मुनिराज श्री प्रत्यक्षरत्नविजयजी महाराज ने इसे कल्पवृक्ष के समान बताया, जो चिंता मुक्त कर सुख देता है। उन्होंने समाज की एकता के लिए ऐसे आयोजन हर साल करने का सुझाव दिया।
योगी कैबिनेट ने महिलाओं को राहत देने वाले दो अहम फैसले लिए हैं। उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को दो मुफ्त एलपीजी सिलेंडर और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अतिरिक्त साड़ी मिलेगी।
लखनऊ के डॉ.राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के यूरोलॉजी विभाग ने रोबोटिक सर्जरी के क्षेत्र में अहम उपलब्धि हासिल की है। विभागाध्यक्ष डॉ. ईश्वर राम दयाल ने अब तक 200 रोबोटिक सर्जरी पूरी की हैं। इनमें 80 फीसदी ऑपरेशन कैंसर मरीजों के किए गए। जबकि 20 फीसदी सर्जरी यूरोलॉजी से जुड़ी अन्य बीमारियों के इलाज के लिए हुईं। तेजी से होती है रिकवरी डॉ.ईश्वर राम दयाल के मुताबिक उत्तर प्रदेश के किसी दूसरे मेडिकल संस्थान में यूरोलॉजी से जुड़ी इतनी बड़ी संख्या में रोबोटिक सर्जरी नहीं हो रही हैं। रोबोटिक तकनीक से जटिल ऑपरेशन अधिक सटीकता के साथ करने में मदद मिलती है। इससे चुनिंदा मरीजों में छोटे चीरे, कम रक्तस्राव और तेजी से रिकवरी जैसे फायदे मिल सकते हैं। उन्होंने बताया कि रोबोटिक सर्जरी में सर्जन विशेष कंसोल के जरिए रोबोटिक उपकरणों को नियंत्रित करते हैं। इससे शरीर के भीतर छोटे और सटीक मूवमेंट करना आसान होता है। कैंसर सर्जरी में ट्यूमर निकालने के साथ आसपास के महत्वपूर्ण अंगों और ऊतकों को बचाने में भी मदद मिल सकती है। डॉ. राम दयाल के अनुसार रोबोटिक तकनीक का इस्तेमाल मरीज की बीमारी, कैंसर की अवस्था और स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर किया जाता है। हर मरीज के लिए यह सर्जरी जरूरी या उपयुक्त नहीं होती। उपलब्धि से संस्थान में आधुनिक यूरोलॉजी उपचार की बढ़ती क्षमता का पता चलता है।
सिरसा जिले के डबवाली में किसान नेता राकेश फगोड़िया को जंतर-मंतर पर होने वाले 'वोट चोरी के खिलाफ' आंदोलन से पहले उनके घर पर नजरबंद कर दिया गया है। फगोड़िया ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक आवाजों को दबाने की कोशिश बताया। फगोड़िया के मुताबिक, इस आंदोलन में किसान, मजदूर, नौजवान और छात्र एकजुट होकर मताधिकार की रक्षा और निष्पक्ष चुनाव की मांग करेंगे। उनकी मुख्य मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करना शामिल है। आंदोलनकारी मतदाता सूची से हटाए गए वास्तविक मतदाताओं के नाम दोबारा जोड़ने की मांग कर रहे हैं। वे मतदाता सूची की जांच प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और हर नागरिक के मताधिकार की रक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग कर रहे हैं। फगोड़िया ने सवाल उठाया कि लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए आवाज उठाने वालों को नजरबंद क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नेताओं को घरों में कैद करके या पुलिस के पहरे से जनता की आवाज को खामोश नहीं किया जा सकता। दमन से नहीं रुकेगा संघर्ष किसान नेता ने कहा कि प्रत्येक नागरिक का वोट उसकी आवाज और लोकतंत्र की बुनियाद है। मताधिकार पर किसी भी तरह का हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नजरबंदी और अन्य दबाव के तरीकों के बावजूद किसान, मजदूर, नौजवान और छात्र अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे।फगोड़िया ने कहा कि मतदाता सूची में पारदर्शिता, वास्तविक मतदाताओं के नामों की बहाली और निष्पक्ष चुनाव की मांग को लेकर आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि “इंकलाब की आवाज को पहरे में कैद नहीं किया जा सकता।” वोट चोरी के खिलाफ जारी रहेगा संषर्ष : भूपेंद्र शर्मा वहीं, कांग्रेस नेता भूपेंद्र शर्मा ने कहा है कि वोट चोरी के आरोपों के खिलाफ कांग्रेस और INDIA गठबंधन का संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और INDIA गठबंधन के दिल्ली में हो रहे प्रदर्शन का समर्थन किया। शर्मा ने बताया कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए यह संघर्ष आगे भी चलेगा। उन्होंने जोर दिया कि लोकतंत्र में जनता के वोट की ताकत सबसे ऊपर है। हर नागरिक को अपने मताधिकार से सरकार चुनने का अधिकार है। यदि चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं, तो उनका सही हल निकलना चाहिए। राहुल गांधी के नेतृत्व में उठ रही इस आवाज को दबाया नहीं जा सकता। भूपेंद्र शर्मा अपने साथियों के साथ सुबह दिल्ली के लिए रवाना होंगे। वे वहां वोट चोरी के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष चुनाव और मताधिकार का सम्मान लोकतंत्र को मजबूत बनाता है। यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा पक्की नहीं होती। दिल्ली जा रहे युवा कार्यकर्ताओं को रोका, हिरासत में लिया इसके अलावा, शुक्रवार को डबवाली से दिल्ली जा रहे कांग्रेस नेताओं और युवा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोककर हिरासत में ले लिया। वे राहुल गांधी के समर्थन में और कथित 'वोट चोरी' के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे। जग्गा सिंह बराड़ ने बताया कि पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोका। इसके विरोध में कार्यकर्ताओं ने मौके पर बैठकर प्रदर्शन किया। पैदल दिल्ली की ओर बढ़ने पर पुलिस उन्हें मंडी डबवाली के सिटी थाने ले गई। बराड़ ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है। इस दौरान सगनदीप सिंह, समनदीप बराड़, भोला सिंह और विक्की भाऊ समेत कई कार्यकर्ता मौजूद थे। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए ट्रेनों के चलने पर भी असर पड़ा। बराड़ ने प्रशासन से रेल सेवाओं की स्थिति साफ करने और 'वोट चोरी' के मुद्दे पर निष्पक्ष जांच की मांग की।
बांदा में नरैनी थाना क्षेत्र के नंदवारा गांव में दो मासूम भाइयों की हत्या के मामले में जांच तेज हो गई है। शुक्रवार को झांसी की फोरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) को पत्र भेजकर पांच सदस्यीय टीम बुलाने का अनुरोध किया गया। टीम घटनास्थल का निरीक्षण कर वैज्ञानिक तरीके से सबूत जुटाएगी। एसआईटी ने 50 से ज्यादा लोगों से की पूछताछ विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने शुक्रवार को नंदवारा गांव पहुंचकर जांच की। टीम ने 50 से ज्यादा लोगों से पूछताछ कर घटना से जुड़े तथ्य जुटाए। एसआईटी में सीओ नरैनी प्रवीण कुमार और विवेचक सुरेश कुमार सैनी शामिल हैं। पहले भी कराया गया था सीन रीक्रिएशन पुलिस इस मामले की लगातार जांच कर रही है। बुधवार को घटनास्थल पर सीन रीक्रिएशन भी कराया गया था। अब एफएसएल टीम की मदद से घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जाएंगे, जिससे जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिल सके। नरैनी से गिरवां थाने को सौंपी गई जांच मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच नरैनी कोतवाली से गिरवां थाने को सौंप दी गई है। सीओ सिटी सौरभ सिंह ने बताया कि झांसी एफएसएल को पांच सदस्यीय टीम भेजने के लिए पत्र लिखा गया है। टीम के निरीक्षण से मामले की जांच में मदद मिलेगी।
जमशेदपुर में पीएंडएम मॉल की मापी के बाद बड़ा एक्शन, टाटा स्टील और JNAC की टीम ने सील किया गेट
जमशेदपुर के पीएंडएम हाईटेक सिटी सेंटर मॉल में जमीन के कथित अतिक्रमण और टाटा स्टील के बकाये को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई हुई।
झाबुआ जिले के बामनिया क्षेत्र में हुए हाई-प्रोफाइल अपहरण केस का खुलासा करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुक्रवार को पुलिस ने बताया कि लगभग 1 करोड़ रुपए के लेन-देन के पुराने विवाद के चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया था। घटना 28 अगस्त की है। खवासा निवासी योगेश व्यास ने पेटलावद थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके रिश्तेदार अपूर्व शर्मा रक्षाबंधन पर घर आए हुए थे। जब अपूर्व बामनिया में मंचूरियन खाने गए, तब मारुति वैगनआर कार में आए तीन बदमाशों ने उन्हें जबरन अगवा कर लिया। पुलिस ने बामनिया से लेकर उज्जैन तक आरोपियों का पीछा किया। पुलिस की घेराबंदी और दबाव को देखकर अपहरणकर्ता अपूर्व शर्मा को इंदौर के देवास नाके पर छोड़कर फरार हो गए थे। इसके बाद से पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थी। 8 अक्टूबर को मुखबिर से सूचना मिली कि मुख्य आरोपी प्रकाश पटेल अपने साथियों के साथ इंदौर के विजय नगर और महालक्ष्मी नगर इलाके में घूम रहा है। पुलिस ने तुरंत तीनों को पकड़ा और वारदात में इस्तेमाल कार भी जब्त कर ली। ये पकड़ गए पुलिस पूछताछ में सामने आया कि अपूर्व शर्मा और आरोपियों के बीच कारोबारी रिश्ते थे और उनके बीच लंबे समय से पैसों का विवाद चल रहा था। पुलिस ने प्रकाश कुमार पटेल (36 वर्ष, निवासी तुलसी नगर, इंदौर), आयुष तिवारी (26 वर्ष, निवासी चित्रा नगर, इंदौर) और सुनील कुमार पटेल (30 वर्ष, निवासी गणेशपुरी, इंदौर) को गिरफ्तार किया है।
CJP प्रोटेस्ट के चलते तेजस और लखनऊ मेल सहित कई ट्रेनें रद, दिल्ली जाने से पहले देखें लिस्ट
CJP Protest: दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के चलते शुक्रवार और शनिवार को लखनऊ मेल, तेजस समेत कई ट्रेनें रद कर दी गई हैं। इससे हजारों यात्रियों को सड़क और हवाई मार्ग का सहारा लेना पड़ रहा है।
आगरा खंड शिक्षक चुनाव में तीन ने नाम लिए वापस:अब 12 प्रत्याशी मैदान में, स्नातक से 13 लडेंगे चुनाव
आगरा खंड की विधान परिषद (MLC) की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन सीट के लिए नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी हो गई। खंड शिक्षक निर्वाचन में तीन निर्दलीय प्रत्याशियों ने पर्चा वापस ले लिया है, जबकि स्नातक में किसी ने नाम वापस नहीं लिया। अब शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के सभी 12 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। खंड स्नातक में 13 प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगे। इन्होंने लिए नाम वापसखंड शिक्षक में निर्दलीय भोज कुमार शर्मा, निर्दलीय मदनमोहन शर्मा और निर्दलीय सुनील कुमार ने अपना नाम वापस ले लिया है। इस प्रकार अब 12 प्रत्याशी ही मैदान में हैं। 8 दिन में 35 नामांकन दाखिल हुए थेआगरा खंड की दोनों MLC सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया 8 दिन चली। इस दौरान कुल 35 नामांकन पत्र दाखिल किए गए। इनमें स्नातक सीट के लिए 20 और शिक्षक सीट के लिए 15 प्रत्याशियों ने नामांकन किया था। सघन जांच के बाद स्नातक सीट के 20 नामांकनों में से 7 पर्चे रद कर दिए गए थे। इन प्रत्याशियों के पर्चे हुए थे रद्दस्नातक निर्वाचन क्षेत्र में रद किए गए नामांकन में बहुजन क्रांति दल के आनंद कुमार शामिल हैं। इसके अलावा निर्दलीय प्रत्याशियों अंबेडकरी हसनूराम, भूपेंद्र सिंह, मानवेंद्र सिंह चौहान, राम किशन द्विवेदी, रनवीर सिंह और धर्मपाल सिंह के नामांकन भी रद कर दिए गए। वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के किसी भी प्रत्याशी के नामांकन पत्र में कोई कमी नहीं मिली। सभी 15 नामांकन वैध पाए गए थे। 23 अक्टूबर को होगा मतदानआगरा खंड की दोनों MLC सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होगा। प्रशासन ने चुनाव की तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मनीष बंसल ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए 11 जोनल मजिस्ट्रेट और 3 आरक्षित जोनल मजिस्ट्रेट, जबकि 27 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 10 आरक्षित सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त किए हैं। जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट मतदान पार्टियों को पोलिंग पार्टी प्रस्थान स्थल से सुरक्षित रूप से मतदेय स्थल तक पहुंचाएंगे। मतदान पार्टियों के मतदेय स्थल पर पहुंचने की सूचना और चुनाव आयोग की ओर से मांगी जाने वाली अन्य जानकारियां समय से निर्वाचन कंट्रोल रूम और जिला निर्वाचन कार्यालय को उपलब्ध करानी होंगी। मतदान के दिन सभी जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट अपने-अपने आवंटित मतदान केंद्रों पर मौजूद रहेंगे और समय से मतदान शुरू कराएंगे। मतदान समाप्त होने के बाद मतदान पार्टियों को सुरक्षित स्ट्रांग रूम तक वापस लाने की जिम्मेदारी भी इन्हीं अधिकारियों की होगी। बैठकों और कार्यक्रमों की होगी वीडियोग्राफीजिला निर्वाचन अधिकारी ने आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों की ओर से आयोजित बैठकों और चुनावी कार्यक्रमों की वीडियोग्राफी कराई जाएगी, ताकि चुनाव प्रक्रिया पर नजर रखी जा सके। दो प्रेक्षक नियुक्त किए गएआगरा खंड स्नातक एवं शिक्षक चुनाव के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने दोनों सीटों के लिए अलग-अलग प्रेक्षक नियुक्त किए हैं। स्नातक सीट के लिए IAS हीरालाल एवं शिक्षक सीट के लिए IAS अभिषेक प्रकाश को प्रेक्षक के रूप में नामित किया गया है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी/अपर जिलाधिकारी (नगर) यमुनाधर चौहान ने बताया, प्रेक्षक अभिषेक प्रकाश मंगलवार को यहां पहुंच गए। उन्होंने बताया कि प्रेक्षक का प्रवास स्थल सर्किट हाउस कक्ष संख्या-4 निर्धारित किया गया है। निर्वाचन से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत अथवा सुझाव के लिए जनसामान्य प्रेक्षक से मोबाइल नंबर 9286549524 अथवा दूरभाष नंबर 0562-2991067 पर संपर्क कर सकते हैं।
देवास में पति की मौत के सदमे से जूझ रही एक महिला अपनी तीन माह की बेटी को लेकर घर से निकल गई और भटकते हुए बस से देवास पहुंच गई। जामगोद के पास बीएनपी थाना पुलिस को वह बच्ची के साथ मिली। महिला अपनी पहचान और पते के बारे में सही जानकारी नहीं दे पा रही थी, जबकि बच्ची को बुखार था। पुलिस ने महिला के हाथ पर गुदे नाम और कंट्रोल रूम से मिले सुरागों के आधार पर उसकी पहचान की। इसके बाद मां-बेटी को सुरक्षित विदिशा जिले के सुआखेड़ी क्षेत्र में उनके परिजनों तक पहुंचाया गया। हाथ पर गुदे नाम से शुरू हुई पहचान की तलाशबीएनपी थाना प्रभारी प्रीति कटारे और उनकी टीम ने महिला से धैर्यपूर्वक बातचीत की। महिला अपनी पहचान और पते के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रही थी। पुलिस ने उसके हाथ पर गुदे नाम को आधार बनाया और महिला व बच्ची की तस्वीरें अलग-अलग कंट्रोल रूम में भेजीं। इन प्रयासों के बाद विदिशा जिले के क्षेत्र में उसके घर का पता चला। बच्ची को बुखार, पुलिस ने कराया इलाजमहिला के साथ मौजूद तीन माह की बच्ची को बुखार था। पुलिस ने बच्ची को अस्पताल में दिखाया और महिला की भी जांच कराई। दोनों की देखभाल के लिए महिला पुलिसकर्मी कृष्णा सूर्यवंशी को साथ रखा गया। पुलिस ने मां-बेटी के लिए नए कपड़ों और भोजन की व्यवस्था भी की। परिजनों की पुष्टि के बाद विदिशा पहुंची टीममहिला की मानसिक स्थिति को देखते हुए पुलिसकर्मियों ने उससे धैर्य के साथ बातचीत की और बच्ची को भी संभाला। पहचान की पुष्टि होने और परिजनों से संपर्क स्थापित होने के बाद पुलिस टीम मां-बेटी को लेकर विदिशा रवाना हुई। वहां महिला की बहन और अन्य परिजनों को दोनों सुरक्षित सौंप दिए गए। टीआई बोलीं- मासूम की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता थीबीएनपी थाना प्रभारी प्रीति कटारे ने बताया कि महिला अलग-अलग बातें बता रही थी, जिससे उसकी पहचान करना मुश्किल हो रहा था। कई कंट्रोल रूम से संपर्क करने और हाथ पर गुदे नाम सहित अन्य सुरागों के आधार पर उसकी पहचान की पुष्टि हुई। बच्ची को बुखार होने पर उसका इलाज कराया गया। महिला पुलिसकर्मी और थाने की टीम लगातार मां-बेटी की देखभाल में लगी रही। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी प्रीति कटारे, महिला पुलिसकर्मी कृष्णा सूर्यवंशी, उमेश, संदीप सहित बीएनपी थाने की टीम की भूमिका रही।
रतलाम रेल मंडल के मोरवानी रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार सुबह सिग्नल फेलियर का मेमो देने की बात पर स्टेशन मास्टर और जूनियर इंजीनियर (JE) के बीच विवाद हो गया। कहासुनी के दौरान स्टेशन मास्टर ने JE की टी-शर्ट की कॉलर पकड़कर खींच दी। मौके पर मौजूद रेलवे कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर दोनों को अलग किया। पूरी घटना स्टेशन पर लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई। विवाद स्टेशन मास्टर सुभाष यादव और सिग्नल विभाग के JE यश व्यास के बीच हुआ। शुक्रवार सुबह रेलवे ट्रैक पर लगे सिग्नल में तकनीकी खराबी की जानकारी मिलने पर यश व्यास और अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे। जांच में सिग्नल फेल होने का पता चला। कर्मचारियों ने सिग्नल में सुधार किया। इसके बाद वे स्टेशन मास्टर के कक्ष में पहुंचे। मेमो देने की बात पर हुई कहासुनी JE यश व्यास ने स्टेशन मास्टर सुभाष यादव से सिग्नल फेलियर का मेमो देने को कहा। मेमो विभागीय दस्तावेज होता है। इसी बात पर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर स्टेशन मास्टर ने JE की कॉलर खींची और उसका गला पकड़ने की कोशिश की। वहां मौजूद कर्मचारियों ने बीच-बचाव किया। जानकारी के अनुसार, नियमों के तहत काम शुरू करने से पहले स्टेशन मास्टर को सिग्नल फेलियर का मेमो दिया जाना था। इसी प्रक्रिया को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। RPF मौके पर पहुंची, दोनों ने शिकायत नहीं की विवाद की सूचना रतलाम DRM कार्यालय के कंट्रोल रूम को दी गई। कंट्रोल रूम से सूचना मिलने के बाद रेलवे सुरक्षा बल (RPF) मौके पर पहुंचा। हालांकि, दोनों कर्मचारियों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत नहीं की। दोनों ने लिखित में दिया कि वे कोई कार्रवाई नहीं चाहते। मामले की जानकारी रतलाम DRM कार्यालय तक भी पहुंच गई है। विभागीय स्तर पर इसकी जांच हो सकती है।
गोरखपुर स्थित होटल प्रदीप इन में पूउरे पेंशनर्स एसो. बक्शीपुर शाखा द्वारा आयोजित वार्षिक अधिवेशन का शुभारंभ मुख्य अतिथि अमिय रमण, कार्यकारी अध्यक्ष, भारत पेंशनर्स समाज, नई दिल्ली एवं विशिष्ट अतिथि डॉ नीरज कुमार श्रीवास्तव, प्राचार्य महात्मा गांधी इंटर कालेज, गोरखपुर ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। शाखा अध्यक्ष प्रेम प्रकाश दूबे एवं शाखा मंत्री रनधीर कुमार श्रीवास्तव ने अतिथियों का स्वागत किया। अधिवेशन में सेवानिवृत्त कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते हुए भानु प्रकाश नारायण, केंद्रीय महामंत्री (संग.) ने सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने की अपील की। मुन्नी लाल गुप्ता, केंद्रीय महामंत्री ने पेंशनर समस्याओं के निवारण, स्वास्थ्य सेवाओं के सरलीकरण, और पेंशनभोगियों के कल्याणकारी मुद्दों को उठाया। प्रेम प्रकाश दूबे ने शाखा द्वारा विगत वर्ष में किए गए कार्यों एवं गतिविधियों का विवरण प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि रमण ने शाखा की गतिविधियों की प्रशंसा की। अधिवेशन में बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त रेल कर्मचारियों एवं पेंशन भोगियों ने सहभागिता की।
कटनी जिले के कैमोर में दशकों पुराने एस्बेस्टस कचरे से स्वास्थ्य पर खतरे का मुद्दा फिर उठा है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खुले में फैले एस्बेस्टस कचरे से गंभीर बीमारियां हो रही हैं। वहीं, कलेक्टर ने शिकायत मिलने पर संबंधित विभागों से जांच कराने और कचरे को सुरक्षित करने की बात कही है। खेल मैदान और आबादी के पास फैला है कचरा स्थानीय लोगों के मुताबिक, कैमोर में खेल मैदानों, आवासीय इलाकों और खुली जमीनों पर एस्बेस्टस कचरा फैला है। उनका आरोप है कि एवरेस्ट कंपनी ने एस्बेस्टस फाइबर खुले में फेंके थे। इससे सांस संबंधी बीमारियों, फेफड़ों के संक्रमण और कैंसर के मामले बढ़े हैं। लोगों का दावा है कि कई लोगों की मौत हो चुकी है और दर्जनों परिवार इलाज का खर्च उठाने में परेशान हैं। करीब 10 लाख टन कचरा होने का दावा उमंग सिंघार ने बताया कि एक रिपोर्ट के अनुसार कैमोर में अब भी करीब 10 लाख टन एस्बेस्टस-दूषित कचरा मौजूद है। उनके मुताबिक, ब्रिटेन से आई मीडिया टीम ने भी इस मामले की जांच की थी। सिंघार ने बताया कि ब्रिटेन से आए विशेषज्ञों ने करीब 700 पूर्व मजदूरों और उनके 800 परिजनों की जांच की थी। इनमें कई लोगों के कैंसर से पीड़ित पाए जाने और उन्हें अंतरराष्ट्रीय मुआवजा मिलने की बात भी उन्होंने कही। 5 हजार से ज्यादा लोगों के प्रभावित होने का दावा रिपोर्ट्स के मुताबिक, कैमोर में 5 हजार से अधिक लोग एस्बेस्टस से जुड़ी बीमारियों से प्रभावित हैं। पिछले साल आयोजित मेडिकल कैंप में 1,200 से अधिक लोगों में गंभीर लक्षण मिलने का दावा भी किया गया है। विदेशी मीडिया की रिपोर्ट्स में 1970 के दशक के कंपनी के आंतरिक दस्तावेजों का हवाला देते हुए कहा गया है कि कंपनी के डॉक्टरों को एस्बेस्टस के खतरों की जानकारी थी। इसके बावजूद मजदूरों को सुरक्षा उपकरण और जोखिम के बारे में चेतावनी नहीं दिए जाने के आरोप हैं। कचरे की सफाई पर बड़ा खर्च आने का अनुमान स्थानीय लोगों की समस्या को सामने रखने के लिए 40 वर्षीय सोमेश का उदाहरण भी दिया गया है। बताया गया है कि बचपन में खेल के मैदान में एस्बेस्टस के संपर्क में आने के बाद वे गंभीर बीमारी की चपेट में आ गए। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उनका परिवार कैमोर छोड़कर दूसरी जगह नहीं जा पा रहा है। जानकारी के मुताबिक, टर्नर एंड न्यूऑल के बाद औद्योगिक संपत्ति का हस्तांतरण हुआ और वर्तमान में यह सोमानी ग्रुप के पास बताई जा रही है। हालांकि, पुराने एस्बेस्टस कचरे के सुरक्षित निस्तारण की जिम्मेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। विशेषज्ञों के अनुमान के मुताबिक, पूरे कैमोर क्षेत्र को एस्बेस्टस-मुक्त और सुरक्षित बनाने में 100 मिलियन पाउंड यानी करीब 1,000 करोड़ रुपए से अधिक खर्च हो सकता है। 8 अक्टूबर को कानूनी विशेषज्ञों, बैरिस्टर और डॉक्टरों की एक टीम भी कैमोर पहुंची। टीम ने स्थानीय लोगों से मुलाकात कर स्वास्थ्य और कानूनी पहलुओं का अध्ययन किया। कलेक्टर बोले- शिकायत पर कराएंगे जांच कटनी कलेक्टर के मुताबिक, पहले फैक्ट्री की ओर से खेल मैदान में फेंके गए कचरे को मिट्टी की मोटी परत से ढककर सुरक्षित करने का प्रयास किया गया था। उन्होंने कहा कि यदि कचरा दोबारा सामने आने या उससे स्वास्थ्य को नुकसान होने की शिकायत मिलती है, तो संबंधित विभागों को मौके का निरीक्षण कर कचरे को फिर से सुरक्षित तरीके से ढकने के निर्देश दिए जाएंगे। कलेक्टर ने यह भी कहा कि शिकायत मिलने पर प्रभावित लोगों का मेडिकल परीक्षण कराकर उचित इलाज की व्यवस्था की जाएगी।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव शुक्रवार शाम गोरखपुर एयरपोर्ट पहुंचे। इस दौरान उन्होंने गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से सपा के एमएलसी प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी का हाथ पकड़कर कार्यकर्ताओं से कहा- इन्हें चुनाव जितवाना है। आप लोग तैयारी में लग जाइए। अब बहुत जल्द बदलाव आएगा। अखिलेश यादव ने एयरपोर्ट पर पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी और पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी समेत अन्य नेताओं से भी मुलाकात की। इस दौरान शिक्षक एमएलसी चुनाव की तैयारियों और गोरखपुर में हुए थप्पड़ कांड को लेकर चर्चा हुई। अखिलेश की सबसे ज्यादा देर तक संजयन त्रिपाठी और नगीना साहनी से बातचीत हुई। अखिलेश यादव बलिया, आजमगढ़ और देवरिया में कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद लखनऊ लौट रहे थे। इसी दौरान गोरखपुर एयरपोर्ट पर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनसे मुलाकात की। संजयन त्रिपाठी से चुनावी तैयारियों का जायजा लिया अखिलेश यादव ने डॉ. संजयन त्रिपाठी से शिक्षक एमएलसी चुनाव की तैयारियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कार्यकर्ताओं से चुनाव के लिए जुटने और बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने को कहा। साथ ही मतदाताओं से संपर्क बढ़ाने और संगठन को सक्रिय रखने पर जोर दिया। अखिलेश ने कार्यकर्ताओं से संजयन त्रिपाठी को चुनाव जिताने के लिए पूरी ताकत से जुटने की अपील की। उन्होंने संगठन की तैयारियों का जायजा लेते हुए चुनावी अभियान तेज करने का संदेश दिया। थप्पड़ कांड पर नगीना साहनी से बोले- सही समय का इंतजार करिए गोरखपुर में हुए थप्पड़ कांड के बाद अखिलेश यादव ने पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी से भी बातचीत की। इस दौरान उन्होंने उनका हौसला बढ़ाया और कहा, “सही समय का इंतजार करिए, पूरी पार्टी आपके साथ है।” उन्होंने नगीना साहनी से मनोबल और हिम्मत बनाए रखने को भी कहा। एयरपोर्ट पर अखिलेश यादव से मिलने वालों में पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी समेत सपा के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल रहे। नेताओं ने उनका स्वागत किया और संगठन से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की। इस मुलाकात में शिक्षक एमएलसी चुनाव की तैयारियों के साथ थप्पड़ कांड के बाद पार्टी नेताओं के बीच आगे की रणनीति पर भी चर्चा हुई।
बारूदखाना स्थित एसए अपार्टमेंट में अब रहना सुरक्षित नहीं है। बिल्डिंग का एक हिस्सा झुकने के बाद कराई गई जांच में इसे रहने के लिए असुरक्षित पाया गया है। जांच करने वाली एजेंसी ने भवन को गिराने की सिफारिश भी की है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने 28 सितंबर को बिल्डिंग का हिस्सा झुकने की घटना के बाद क्यूए टेस्टिंग लैबोरेटरीज प्राइवेट लिमिटेड से स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट कराया था। 28 सितंबर को झुक गया था बिल्डिंग का हिस्सा वजीरगंज के 179/30च, कृष्ण कुंज, बारूदखाना स्थित एसए अपार्टमेंट का एक हिस्सा 28 सितंबर को अचानक एक तरफ झुक गया था। घटना के बाद बिल्डिंग की सुरक्षा को लेकर खतरा बढ़ गया। लोगों की जान को खतरा न हो, इसके लिए एलडीए ने तत्काल कदम उठाए। एजेंसी की सलाह पर उसी दिन बिल्डिंग में अस्थायी जैकिंग की व्यवस्था कराई गई, ताकि स्थिति को संभाला जा सके। जांच में असुरक्षित मिली बिल्डिंग एलडीए ने बिल्डिंग की मजबूती की जांच के लिए एजेंसी से स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट कराया। इसके तहत नॉन-डिस्ट्रक्टिव टेस्टिंग भी की गई। जांच की अंतिम रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि बिल्डिंग में रहना सुरक्षित नहीं है। एजेंसी ने इसे ध्वस्त करने की सिफारिश की है। अब बिल्डिंग पर कार्रवाई का फैसला अहम जांच रिपोर्ट में बिल्डिंग को असुरक्षित बताए जाने के बाद अब उसके भविष्य पर फैसला अहम होगा। सबसे बड़ी चिंता यहां रहने वाले लोगों की सुरक्षा है। तकनीकी जांच में भवन को गिराने की सिफारिश की गई है, हालांकि उपलब्ध जानकारी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू होने की पुष्टि नहीं है।
सरगुजा पुलिस ने शुक्रवार को पुलिस लाइन में 800 मॉडिफाइड साइलेंसरों पर रोड रोलर चलवाया। ये मॉडिफाइड साइलेंसर पुलिस जांच के दौरान जब्त किए गए थे। पुलिस ने ऑटो पार्ट्स संचालक, मैकेनिक और गैरेज स्वामियों को मॉडिफाइड साइलेंसर बेचते या लगाने पर सख्त कार्रवाई होगी। सरगुजा में बुलेट सहित अन्य बाइक में चालाकों द्वारा नियमों के विपरीत साइलेंसर बदलकर पटाखे जैसी तेज एवं कर्कश आवाज निकालने वाले साइलेंसर लगवाने पर लगातार कार्रवाई की जा रही थी। एसएसपी राजेश अग्रवाल के निर्देश पर यातायात पुलिस सहित थानों एवं चौकियों की पुलिस ने ऐसे मॉडिफाइड साइलेंसर लगे वाहन चालकों के विरुद्ध पिछले कुछ माह से लगातार कार्रवाई की जा रही थी। वाहनो से मोडिफाइड साइलेंसर निकलवाए गए थे। पुलिस ने साइलेंसरों पर चलवाया रोलर पुलिस ने जब्त किए गए लगभग 800 अवैध मॉडिफाइड साइलेंसरों को नष्ट करने के लिए पुलिस लाइन में एकत्र किया। मॉडिफाइड साइलेंसरों पर रोड रोलर चलवाकर उन्हें पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया। सरगुजा पुलिस ने हिदायत दी है कि वाहन कंपनी द्वारा वाहन में लगाए गए मूल साइलेंसर में किसी भी प्रकार का बदलाव करना मोटर व्हीकल एक्ट का उल्लंघन है। इसके लिए वाहन चालकों पर भारी समन शुल्क की कार्रवाई के साथ ही प्रकरण को न्यायालय भी पेश किया जा सकता है। पुलिस आटो पार्ट्स दुकानों की भी जांच करेगी और अवैध साइलेंसर बेचने पर कार्रवाई होगी। गैरेजों को भी निर्देश दिया गया है कि उन्होंने मॉडिफाइड साइलेंसर लगाया तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
पंचायतीराज चुनाव 2026 के चुनावों को लेकर राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने समन्वयकों की नियुक्ति की है। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने खंडेला विधानसभा क्षेत्र में एडवोकेट संदीप कलवानिया को समन्वयक नियुक्त किया गया है। संदीप कलवानिया वर्तमान में राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता हैं। कलवानिया नगर निकाय चुनाव में आदर्श नगर विधान सभा में प्रभारी का दायित्व निभा चुके है। इस विधानसभा में कांग्रेस ने 17 में से 10 वार्ड जीते थे। 6 बीजेपी और एक निर्दलीय ने जीता था।
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. के.पी. सिंह ने विभागों की समीक्षा बैठक में प्राचीन इतिहास एवं पुरातत्व विभाग और राजनीति विज्ञान विभाग की अकादमिक गतिविधियों, शोध कार्यों और भावी योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने विभागों की उपलब्धियों की सराहना की और अकादमिक गतिविधियों को और प्रभावी बनाने तथा शोध एवं अध्ययन की नई संभावनाओं को विकसित करने पर जोर दिया। कुलपति ने निर्देश दिया कि विभाग में पूर्व में प्रकाशित होने वाली प्रतिष्ठित शोध पत्रिका पूर्वा का प्रकाशन पुनः जारी किया जाए। उन्होंने कहा कि शोध पत्रिकाएं किसी भी अकादमिक विभाग की बौद्धिक पहचान और शोध परंपरा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कुलपति ने संग्रहालय को विकसित करने और उसकी गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्राचीन इतिहास एवं पुरातत्व से संबंधित धरोहरों के संरक्षण, अध्ययन और प्रदर्शन के माध्यम से संग्रहालय को अकादमिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र बनाया जाना चाहिए। इस अवसर पर अधिष्ठाता कला संकाय प्रो. राजवंत राव, विभागाध्यक्ष प्रो. प्रज्ञा चतुर्वेदी सहित विभाग के सभी शिक्षकों ने विभागीय गतिविधियों, उपलब्धियों और भावी योजनाओं पर प्रस्तुतीकरण दिया। राजनीति विज्ञान विभाग की समीक्षा के दौरान विभागाध्यक्ष प्रो. रजनीकांत पांडेय ने विभाग की शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों का प्रस्तुतीकरण किया। इस अवसर पर अन्य शिक्षकों ने भी अपने-अपने विषयों से संबंधित प्रस्तुतीकरण दिया। कुलपति ने इलेक्शन स्टडीज प्रोग्राम को फिर से जारी रखने और स्थायी स्वरूप प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनावों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
'देश छोड़ दूंगा...', भारत को ओलंपिक कोटा दिलाने वाले कोच हुए आगबबूला, सैलरी न मिलने पर दी खुली धमकी
कंपाउंड तीरंदाजी के मुख्य कोच डेव कजिंस ने तीन महीने से वेतन न मिलने पर देश छोड़ने की चेतावनी दी है, जबकि उन्होंने हाल ही में भारत को एशियाई खेलों में ओलंपिक कोटा दिलाया था।
मऊगंज पुलिस ने बरहटा गांव से चोरी हुआ करीब 9 लाख का ट्रैक्टर सीधी जिले के कमर्जी थाना क्षेत्र से मिला है। पुलिस ने रोटावेटर समेत जब्त किए गए इस ट्रैक्टर को शुक्रवार की शाम अदालत के आदेश पर उसके असली मालिक को सौंप दिया। बरहटा के रहने वाले शिवराज पटेल (34) ने 6 अक्टूबर को मऊगंज थाने में ट्रैक्टर चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस को बताया था कि 4 अक्टूबर की रात 11 बजे से 5 अक्टूबर की तड़के 3:30 बजे के बीच उनका पावरट्रैक यूरो 50 प्लस 52 मॉडल का ट्रैक्टर (MP 17 ZQ 8180) रोटावेटर के साथ घर के सामने से गायब हो गया था। पुलिस टीम ने शुक्रवार को सीधी के कमर्जी थाना क्षेत्र से चोरी गया ट्रैक्टर ढूंढ निकाला। इसके बाद पुलिस वाहन को मऊगंज ले आई और कागजी कार्रवाई पूरी की। आरोपी की तलाश जारी ट्रैक्टर मिलने के बाद पुलिस अब इस चोरी में शामिल आरोपियों की तलाश कर रही है और आसपास के इलाकों और संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दे रही है।
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के भौतिकी एवं खगोल विज्ञान क्षेत्र से जुड़े वैज्ञानिक डॉ. अम्बरीष कुमार श्रीवास्तव को स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और एल्सेवियर की ओर से जारी विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की वैश्विक सूची में स्थान मिला है। उन्होंने वर्ष 2023 के साथ 2025 और 2026 के सिंगल-ईयर डेटा में भी सूची में जगह बनाई है। डॉ. श्रीवास्तव को वर्ष 2023 में राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी का युवा वैज्ञानिक पुरस्कार मिल चुका है। इसके अलावा, विश्वविद्यालय ने उन्हें लगातार दो वर्षों तक आउटस्टैंडिंग रिसर्चर अवार्ड से सम्मानित किया है। उनकी उपलब्धि से विश्वविद्यालय और पूर्वांचल का नाम अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक जगत में रोशन हुआ है।
मुजफ्फरनगर में नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के मखियाली गांव में रास्ते को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। कहासुनी के बाद मकान की छत पर दोनों पक्षों में लाठी-डंडे चले। शुक्रवार शाम करीब 7 बजे पुलिस ने बताया कि मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। घटना में कुछ लोगों को चोटें आई हैं। रास्ते को लेकर शुरू हुआ विवाद सीओ नई मंडी राजू कुमार साव के मुताबिक, गौरव और राजीव पक्ष के बीच रास्ते को लेकर कहासुनी हुई थी। इसी दौरान छत से ईंट फेंकने की बात सामने आई। इसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया और छत पर लाठी-डंडे चलने लगे। इस दौरान राजीव पक्ष के कुछ लोगों को चोटें आईं। मोबाइल से बनाया वीडियो, सोशल मीडिया पर वायरल मारपीट के दौरान किसी ग्रामीण ने मोबाइल से वीडियो बना लिया। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया गया और मारपीट से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। दो आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी सीओ नई मंडी राजू कुमार साव ने बताया कि वायरल वीडियो मखियाली गांव का है। रास्ते को लेकर कहासुनी और छत से ईंट फेंकने की बात पर दोनों पक्षों में झगड़ा हुआ था। पुलिस ने मारपीट के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार कर वैधानिक कार्रवाई की है। मामले की आगे जांच की जा रही है।
जीवनशैली और खानपान की वजह से डायबिटीज तेजी से बढ़ रही है। हर उम्र के लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। बीमारी के शुरुआती लक्षण नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। वहीं, समाज में बदनामी और शादी में परेशानी के डर से कई परिवार बेटियों की डायबिटीज छिपा रहे हैं। इससे समय पर इलाज नहीं मिल पाता और ब्लड शुगर बेकाबू होने का खतरा बढ़ जाता है। यह बात शुक्रवार को लोहिया संस्थान के निदेशक डॉ. सीएम सिंह ने कही। वह उत्तर प्रदेश डायबिटीज एसोसिएशन की ओर से लोहिया संस्थान के प्रेक्षागृह में आयोजित यूपीडाकॉन-2026 कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। समय पर पहचान और इलाज जरूरी डॉ.सीएम सिंह ने कहा कि डायबिटीज के प्रति जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है, ताकि लोग समय पर इलाज करा सकें। बीमारी की पहचान, डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाओं या इंसुलिन का इस्तेमाल और जीवनशैली में सुधार से ब्लड शुगर को कंट्रोल रखा जा सकता है। नियमित जांच, संतुलित खानपान और शारीरिक गतिविधियों को दिनचर्या में शामिल करके मरीज सामान्य जीवन जी सकते हैं। इलाज में देरी से दूसरे अंगों पर असर लोहिया संस्थान के कुलसचिव डॉ. सुब्रत चन्द्रा ने कहा कि डायबिटीज की समय पर पहचान और सही इलाज से बीमारी को कंट्रोल किया जा सकता है। इलाज में देरी घातक हो सकती है। उन्होंने जीवनशैली में सुधार पर भी जोर दिया। डीन डॉ.राजन भटनागर ने कहा कि दवाओं के साथ खानपान और नियमित कसरत पर ध्यान देना जरूरी है। वहीं, KGMU के फिजियोलॉजी विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. नरसिंह वर्मा ने कहा कि डायबिटीज के इलाज में शर्म और झिझक की कोई जगह नहीं है। देरी से इलाज कराने पर बीमारी दूसरे अंगों को भी प्रभावित कर सकती है। शादी में परेशानी के डर से छिपा रहे बीमारी उत्तर प्रदेश डायबिटीज एसोसिएशन के डॉ.अजय तिवारी ने कहा कि समाज में बदनामी और शादी में परेशानी के डर से कई माता-पिता बेटियों की डायबिटीज छिपाते हैं। दूसरों को बीमारी का पता न चले, इस वजह से वे इलाज कराने से भी बचते हैं। इसका नुकसान बेटियों को उठाना पड़ता है। समय पर इलाज न मिलने से ब्लड शुगर बेकाबू हो सकती है और दूसरी गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
नर्मदापुरम में पितृ मोक्ष (भूतड़ी) अमावस्या का पर्व शनिवार को मनाया जाएगा। इस मौके पर मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम, हरदा, जबलपुर, डिंडौरी समेत अन्य जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां नर्मदा में स्नान करने पहुंचेंगे। शुक्रवार शाम से ही श्रद्धालुओं का सेठानी घाट समेत अन्य घाटों पर पहुंचना शुरू हो गया। चौदस और अमावस्या की रात नर्मदा के घाटों पर कथित प्रेतबाधा दूर कराने और देवी-देवताओं को मनाने के लिए लोग पहुंचेंगे। उनके साथ परिजन और पडिहार यानी तांत्रिक-ओझा भी रहेंगे। रात 11 बजे से अलग-अलग टोलियों में भजन-कीर्तन होगा। ढोलक, झांझ और मंजीरों की थाप पर पडिहार और महिलाएं झूमेंगे। इस दौरान कुछ महिला-पुरुषों की डरावनी आवाजें भी सुनाई देंगी। सुबह 4 बजे से मां नर्मदा में स्नान शुरू होगा। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने घाटों पर सुरक्षा के इंतजाम किए हैं। नर्मदा के घाटों पर 100 जवान तैनात सेठानी, पर्यटन, कोरी, विवेकानंद और बांद्राभान घाट समेत अन्य घाटों पर करीब 100 पुलिस और होमगार्ड जवान तैनात किए गए हैं। इनके साथ सिटी मजिस्ट्रेट, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और पटवारी भी व्यवस्थाएं संभालेंगे। शुक्रवार शाम सिटी मजिस्ट्रेट सीमा बडोले ने सेठानी घाट पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। सुरक्षा के लिए राजस्व, पुलिस और होमगार्ड की टीम तैनात रहेगी। श्रद्धालुओं को गहरे पानी में जाने से रोका जाएगा।

