फिरोजाबाद के टूंडला में मंगल दोष दूर करने का झांसा देकर सोने की चेन ठगने वाले पिता-पुत्र को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे दोनों को पकड़ा। उनके पास से ठगी गई करीब 11.5 ग्राम की सोने की चेन और बिना नंबर की पल्सर बाइक मिली है। मामला 24 अगस्त का है। जीवनी नगर स्थित काजू कलेक्शन पर कार्तिक नौहवार की दुकान है। एक व्यक्ति कई दिनों से दुकान पर आ रहा था। उसने कार्तिक को मंगल दोष का डर दिखाया। इसके बाद आटे की लोई मंगवाई और उसमें सोने की चेन रखने को कहा। छत से चेन फेंकने के बहाने भागा आरोपी ने कार्तिक से कहा कि चेन को छत से बाहर फेंकने से मंगल दोष दूर हो जाएगा। कार्तिक उसकी बातों में आ गया। इसी दौरान आरोपी चेन लेकर मौके से भाग गया। शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। खंडहर के पास से पकड़े गए पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही थी। शुक्रवार को मुखबिर से सूचना मिली। इसके बाद पुलिस ने न्यू रेलवे कॉलोनी के पास खंडहर रेलवे टिन शेड के पास घेराबंदी की। यहां दो संदिग्धों को पकड़ लिया गया। पिता-पुत्र के पास मिली चेन पूछताछ और तलाशी में पुलिस को ठगी गई सोने की चेन मिल गई। वारदात में इस्तेमाल पल्सर बाइक भी बरामद हुई। आरोपियों की पहचान एटा के लालपुर निवासी गिरेन्द्र पुत्र स्वर्गीय सिपाहीराम और उसके बेटे रितेश के रूप में हुई है। रितेश पर कई मुकदमे दर्ज पुलिस के अनुसार, रितेश का आपराधिक रिकॉर्ड भी है। उसके खिलाफ लखनऊ, एटा और गाजियाबाद में कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस दोनों से अन्य वारदातों और उनके साथियों के बारे में पूछताछ कर रही है। कोर्ट में पेश किए जाएंगे आरोपी पुलिस दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रही है। कार्रवाई करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक बैजनाथ सिंह, उपनिरीक्षक प्रशांत कुमार समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
ललितपुर जेल में मना रक्षाबंधन:शाम 5 बजे तक 309 बहनें पहुंचीं जेल, भाइयों ने बंधवाई राखी
ललितपुर जिला कारागार में शुक्रवार को रक्षाबंधन का पर्व मनाया गया। इस अवसर पर सैकड़ों बहनें अपने भाइयों से मिलने और उन्हें राखी बांधने के लिए जेल पहुंचीं। शाम 5 बजे तक कुल 309 बहनों ने अपने भाइयों को राखी बांधी, जबकि 8 भाइयों ने भी अपनी बहनों से राखी बंधवाई। प्रभारी जेल अधीक्षक प्रशांत उपाध्याय ने इस आयोजन के लिए पुख्ता व्यवस्थाएं की थीं। जेल प्रशासन ने बहनों के लिए क्रमवार मुलाकात की व्यवस्था सुनिश्चित कराई। जेल के अंदर मिठाई, राखी और रोली भी उपलब्ध कराई गई थी। जेल के अंदर घर जैसा माहौल बनाने के लिए बंधनवार और गुब्बारों से सजावट की गई थी। रक्षाबंधन के गीत भी बजाए जाते रहे। जेल के बाहर एक हेल्प डेस्क स्थापित की गई थी, जिस पर महिला और पुरुष कांस्टेबल ड्यूटी पर तैनात थे। जेल के अंदर जाकर बंदियों से मुलाकात की जिला कारागार में शुक्रवार को कुल 420 पुरुष बंदी और 32 महिला बंदी थे। इनमें से 209 पुरुष बंदियों ने अपनी बहनों से मुलाकात की, जबकि 11 महिला बंदियों ने अपने भाइयों से राखी बंधवाई। कारागार में प्रवेश करने के बाद बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा, उन्हें मिठाई खिलाई और उनकी लंबी उम्र की कामना की। इस अवसर पर कई बंदियों ने अपनी बहनों से उपहार की जगह जीवन में सही मार्ग पर चलने का वचन दिया। भाई-बहन के मिलन का यह क्रम पूरे दिन अलग-अलग 5 शिफ्टों में चलता रहा। जेल प्रशासन के अनुसार, शाम 5 बजे तक कुल 309 बहनों ने अपने भाइयों से मुलाकात की। वहीं, 11 महिला बंदियों से मिलने के लिए 8 भाई पहुंचे। कुल 146 बच्चों ने भी जेल के अंदर जाकर बंदियों से मुलाकात की। दिन भर होती रही बारिश के बीच भी बहनें जेल में बंद भाइयों को राखी बांधने पहुंचीं।
झांसी के एरच थाना क्षेत्र के ढिकौली गांव में शुक्रवार सुबह बेतवा नदी किनारे नहाने गए 21 वर्षीय युवक पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया। मगरमच्छ युवक को जबड़े में दबोचकर गहरे पानी में खींच ले गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची और युवक की तलाश शुरू कर दी। घटना के करीब आठ घंटे बाद भी युवक का कोई सुराग नहीं मिल सका है। वहीं, घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार ढिकौली गांव निवासी रणवीर यादव (21) शुक्रवार सुबह अपने दोस्तों के साथ बेतवा नदी किनारे नहाने पहुंचा था। बारिश के चलते नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ था। साथ ही पानी मटमैला होने के कारण नदी में कुछ दूरी तक दिखाई देना भी मुश्किल था। इसी दौरान रणवीर पानी में नहाने के लिए उतरा। उसके दोस्तों के मुताबिक, इसी दौरान पानी में मौजूद मगरमच्छ ने अचानक रणवीर पर हमला कर दिया। मगरमच्छ ने रणवीर को अपने जबड़े में दबोच लिया और देखते ही देखते उसे गहरे पानी की तरफ खींच ले गया। उसके साथ मौजूद दोस्तों ने शोर मचाया, लेकिन पानी गहरा होने और तेज बहाव के कारण वह युवक को बचाने के लिए नदी में नहीं उतर सके। इसी दौरान घटना का वीडियो भी बनाया गया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। घटना की जानकारी ग्रामीणों को हुई तो उन्होंने एरच पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से रणवीर की तलाश शुरू कराई। नदी में नाव उतारकर आसपास के हिस्से में युवक को तलाशा जा रहा है। SDRF की टीम भी मौके पर पहुंच गई है और रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी है।बारिश के कारण बेतवा नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है और पानी का बहाव भी तेज है। मटमैले पानी में तलाश करने में रेस्क्यू टीम को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस और SDRF की टीम लगातार नदी के आसपास के हिस्से में सर्च ऑपरेशन चला रही है। हालांकि, घटना के आठ घंटे बाद तक रणवीर का कोई सुराग नहीं मिल सका है।
केंद्रीय जेल नरसिंहपुर में रक्षाबंधन के अवसर पर शुक्रवार को बंदियों के लिए विशेष खुली मुलाकात की व्यवस्था की गई। सुबह 8 बजे से शुरू हुई इस मुलाकात में कड़ी सुरक्षा के बीच कुल 757 बंदियों ने अपने परिजनों से भेंट की। इनमें खंड 'अ' और 'स' के 734 पुरुष बंदी तथा 23 महिला बंदी शामिल थे। इन बंदियों से मिलने के लिए 2428 बहनें, भाई और बच्चे पहुंचे। इस दौरान बहनों ने जेल में बंद अपने भाइयों को तिलक लगाकर रक्षासूत्र बांधा। उन्होंने भाइयों को बुराइयों से दूर रहकर सभ्य नागरिक बनने की प्रेरणा दी। बंदियों ने भी अपराध और बुराइयों को त्यागकर भविष्य का जीवन अच्छाई और सही मार्ग पर बिताने का संकल्प लिया। जेल प्रशासन ने बताया कि परिवार का प्रेम और अपनापन बंदियों को अपराध की दुनिया से वापस लाकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे आयोजन बंदियों के मनोबल और आत्मबल को बढ़ाने के साथ उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में प्रेरणा देते हैं। कार्यक्रम में जेल अधीक्षक अदिति चतुर्वेदी पाण्डेय, जेल उप अधीक्षक नरेन्द्र कुमार व्यास, सहायक जेल अधीक्षक आशीष कुमार खरे सहित जेल प्रशासन और सुरक्षा स्टाफ मौजूद रहा। जेल की अन्य तस्वीरें…
देश में डॉक्टरों की भारी कमी के बीच नई दिल्ली के गौतम नगर स्थित महाराजा रणजीत सिंह पार्क में नेशनल बोर्ड ऑफ एग्ज़ामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज के खिलाफ हजारों MBBS डॉक्टरों का विरोध प्रदर्शन जारी है। फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स एग्जामिनेशन में सुधार और पारदर्शिता की मांग को लेकर चल रहे इस आंदोलन में डॉक्टर भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर निशाना साधते हुए प्रदर्शनकारी डॉक्टरों को अपना पूर्ण समर्थन दिया है। भूख हड़ताल का 8वें दिन पर भड़के केजरीवाल आंदोलन के 8वें दिन डॉक्टर जसवंत यादव, डॉक्टर देवी मीणा, डॉक्टर शाहीन, डॉक्टर आर्यन यादव, डॉक्टर आशीष और डॉक्टर अजम भूख हड़ताल पर डटे हुए हैं। केजरीवाल ने कहा कि यह सिर्फ एक विरोध प्रदर्शन नहीं है, बल्कि देश में डॉक्टरों की गरिमा, पारदर्शिता और उनके भविष्य की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की मांगें पूरी तरह जायज हैं और आम आदमी पार्टी इस न्याय की लड़ाई में उनके साथ खड़ी है। पुलिस और MCD के जरिए प्रदर्शन दबाने की कोशिश अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी के दबाव में दिल्ली पुलिस और एमसीडी शांतिपूर्ण प्रदर्शन में बाधाएं पहुंचा रही हैं। उन्होंने कहा कि संविधान में हर नागरिक को शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार मिला हुआ है। AAP नेता और पूर्व विधायक सोमनाथ भारती लगातार धरना स्थल पर डॉक्टरों के संपर्क में हैं और स्थिति का जायजा ले रहे हैं।
रक्षाबंधन जैसे त्योहार के दिन भी पाली शहर के जवाहर नगर क्षेत्र में बार-बार बिजली कटौती होने से क्षेत्रवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। उनका आरोप है कि बिना पूर्व सूचना के मनमर्जी से बिजली आपूर्ति बंद की जा रही है। जिससे त्योहार के दिन परेशानी उठानी पड़ रही है। वही डिस्कॉम के अधिकारियों का कहना है कि लाइन में फॉल्ट आने से लाइट बाधित हुई। टीम भेज कर कुछ ही दिन में बिजली फिर से सुचारू कर दी गई। बिजली बंद से लोगों को हो रही परेशानी मोहल्ले के निवासी राजू तिवारी ने बताया- जवाहर नगर क्षेत्र में लगातार बिजली कटौती की जा रही है। रक्षाबंधन के दिन भी बिना सूचना बिजली बंद होने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जितेन्द्र शर्मा ने कहा- त्योहार के दौरान घरों में विशेष तैयारियां और पारिवारिक कार्यक्रम होते हैं। ऐसे में बार-बार बिजली जाने से लोगों की त्योहार की खुशियां प्रभावित हो रही हैं। क्षेत्रवासियों ने डिस्कॉम के अधिकारियों से निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा बिना पूर्व सूचना की जा रही अघोषित कटौती पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। इस दौरान जवाहर नगर के मनोहर शर्मा, विनोद शर्मा, पंकज जोशी, छत्तरसिंह राजपूत, गोपाल जाट, रफीक सिरोहा, राजू मेवाड़ा, मनीष कच्छवाहा सहित कई क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
बालाघाट। शुक्रवार को श्रावण मास की पूर्णिमा पर बौद्ध अनुयायियों ने श्रावण पूर्णिमा उत्सव मनाया। यह उत्सव नगर से लगे कोसमी बौद्ध नगर स्थित त्रिरत्न बौद्ध विहार में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में उपासक, उपासिकाएं और बौद्ध धर्म अनुयायी शामिल हुए। बहुजन संघ, धम्मराज एवं धम्म वर्ग के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान विहार परिसर में धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। उत्सव में परित्राण पाठ, बुद्ध वंदना, ध्यान साधना, धम्म परिक्रमा, धर्म प्रवचन और सामूहिक भोजनदान सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। दरअसल, त्रिरत्न बौद्ध विहार में प्रत्येक पूर्णिमा के अवसर पर धार्मिक एवं धम्म आधारित कार्यक्रम आयोजित करने की परंपरा है। श्रावण पूर्णिमा उत्सव भी इसी परंपरा के तहत मनाया गया। इस दौरान बौद्ध अनुयायियों को भगवान बुद्ध की शिक्षाओं से अवगत कराया गया और धम्म ज्ञान का प्रसार किया गया। प्रवचन में बताया गया कि बौद्ध धर्म मानवता, करुणा, मैत्री, प्रज्ञा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर आधारित जीवन पद्धति है। भगवान बुद्ध ने अंधविश्वास और कट्टरता से दूर रहकर विवेक, अनुभव और सत्य के आधार पर जीवन जीने का संदेश दिया था। उनके बताए मार्ग पर चलकर व्यक्ति अपने जीवन में शांति और समाज में समरसता स्थापित कर सकता है। कार्यक्रम में पूज्य भदंत धम्म शिखर ने उपस्थित बौद्ध अनुयायियों को धम्मोपदेश दिया। उन्होंने मनुष्य जीवन में शांति, संयम, करुणा और सदाचार के महत्व पर प्रकाश डाला। भदंत धम्म शिखर ने कहा कि व्यक्ति को अपने जीवन से नकारात्मक विचारों को दूर कर सकारात्मक चिंतन एवं धम्म के मार्ग पर चलने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने मन की शांति के लिए ध्यान साधना को अत्यंत उपयोगी बताया और कहा कि व्यक्ति को अपने आचरण में मैत्री, करुणा तथा मानवता के भाव को अपनाना चाहिए। प्रवचन के दौरान बौद्ध धर्म के मूल सिद्धांतों और मानव कल्याण के संदेश पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। उपासक-उपासिकाओं ने भदंत के प्रवचन को ध्यानपूर्वक सुना और धम्म के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
कोंडागांव पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 50.400 बल्क लीटर अंग्रेजी शराब बरामद की है। जब्त शराब की कीमत करीब 42 हजार रुपए है। शराब के साथ बाइक और मोबाइल समेत कुल 1 लाख 32 हजार रुपए का सामान जब्त किया गया है। पुलिस के मुताबिक 27 अगस्त को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो लोग बाइक CG 27 S 1740 से अंग्रेजी शराब लेकर बड़े कनेरा रोड बायपास स्थित शिव मंदिर के पास पहुंचने वाले हैं। वे यहां शराब बिक्री के लिए लाने वाले थे। सूचना मिलते ही कोंडागांव थाना और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर नाकाबंदी कर दी। कुछ देर बाद संदिग्ध बाइक को रोककर तलाशी ली गई। बाइक की सीट के बीच छिपाई थी शराब तलाशी के दौरान बाइक की बीच वाली सीट पर रखी प्लास्टिक बोरी मिली। बोरी खोलने पर उसमें 280 नग पौवा अंग्रेजी शराब बरामद हुई। पुलिस ने शराब और बाइक को जब्त कर दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में सामने आए अन्य नाम पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की। उनके मेमोरेण्डम कथन के आधार पर शराब को बाहर से लाकर बिक्री के लिए डंप करने में सहयोग करने वाले अन्य लोगों की जानकारी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने राजा सोनी उर्फ रूपेश सोनी (24), निवासी विकासनगर कोंडागांव; संजय सिंह (39), निवासी डीएनके आईआरएस कॉलोनी कोंडागांव और मनवीर कोर्राम (25), निवासी भिरावण्ड, थाना मांझीपारा को गिरफ्तार किया। आबकारी एक्ट में मामला दर्ज तीनों आरोपियों के खिलाफ कोतवाली कोंडागांव में अपराध क्रमांक 266/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने सभी के खिलाफ धारा 34(2) आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। 1.32 लाख का सामान जब्त पुलिस के अनुसार जब्त सामान में 50.400 बल्क लीटर अंग्रेजी शराब (42 हजार रुपए), एक मोबाइल (10 हजार रुपए) और मोटरसाइकिल CG 27 S 1740 (80 हजार रुपए) शामिल है। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 1 लाख 32 हजार रुपए है।
लखनऊ में रक्षाबंधन के मौके पर समाजवादी पार्टी ने बढ़ती चीनी की कीमतों के खिलाफ अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। सपा नेता प्रवक्ता पूजा शुक्ला ने रक्षाबंधन पर अपने भाई को राखी बांधी और बदले में उपहार के तौर पर 5 किलो चीनी ली। ‘महंगी ने मिठास को कम किया’ पूजा शुक्ला ने इस मौके पर बढ़ती महंगाई को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि महंगाई ने मिडिल क्लास और गरीब परिवारों की कमर तोड़ दी है। चीनी के लगातार बढ़ते दामों का असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है। चीनी त्योहारों में मिठास लाती है, लेकिन अब महंगाई ने त्योहारों कि मिठास को कड़वाहट में बदल दिया है। ‘किचन का बजट बिगड़ा’ पूजा शुक्ला ने कहा कि चीनी हमारे जीवन का अहम हिस्सा है और त्योहारों में मिठास लाने का काम करती है. लेकिन जिस तरह से चीनी के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, उससे आम लोगों के किचन का बजट बिगड़ रहा है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन के दिन उनके भाई ने उन्हें 5 किलो चीनी भेंट की महंगी होती चीनी के खिलाफ ये उनका सांकेतिक विरोध था। रसोई के सभी सामान हुए महंगे सपा प्रवक्ता ने उत्तर प्रदेश और देशभर के भाइयों से अपील की कि सरकार को आईना दिखाने के लिए रक्षाबंधन पर अपनी बहनों को चीनी उपहार में दें। पूजा शुक्ला ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार की नाकामी और गलत नीतियों की वजह से चीनी महंगी होती जा रही है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पहले गैस सिलेंडर की मार से जूझ रहा था अब चीनी से परेशान है। इसके अलावा आटा, दाल, चावल और सब्जियों के दाम भी आसमान छू रहे हैं।
6 दिन की बच्ची की मां ने की आत्महत्या:प्रयागराज में पति हिरासत में, एसीपी ने मौके का किया निरीक्षण
प्रयागराज के कोरांव थाना क्षेत्र की ग्राम सभा अल्हवा में छह दिन की बच्ची की मां ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पुलिस ने मृतका के पति को हिरासत में लिया है। मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी है। घटना देर रात करीब 12 बजे की बताई जा रही है। परिजनों के अनुसार, महिला ने कमरे का दरवाजा बंद कर साड़ी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। जानकारी होने पर परिजनों ने दरवाजा तोड़कर उसे नीचे उतारा। उस समय उसकी सांसें चल रही थीं। परिजन उसे अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतका की शादी पिछले साल जून में हुई थी। वह मध्य प्रदेश के सोहागी थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली थी। 21 अगस्त को नैनी के एक अस्पताल में ऑपरेशन से उसने बच्ची को जन्म दिया था। बच्ची के जन्म के बाद रक्षाबंधन पर छठी का कार्यक्रम भी निर्धारित था। परिजनों के अनुसार, पति-पत्नी के बीच अलग रहने को लेकर विवाद चल रहा था। बताया गया कि महिला पति से अलग रहने की बात कह रही थी, जबकि पति अपनी विधवा मां को अकेला छोड़ने के पक्ष में नहीं था। इसी बात को लेकर रात में विवाद होने की बात सामने आई है। हालांकि, आत्महत्या के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका के भाई ने कोरांव थाने में ससुराल पक्ष के खिलाफ तहरीर दी है। शिकायत के आधार पर पति को हिरासत में लिया गया है। कोरांव इंस्पेक्टर ने मायके पक्ष की मौजूदगी में घटनास्थल की जांच की। मेजा एसीपी ने भी मौके का निरीक्षण किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई और विवेचना की जाएगी। दहेज उत्पीड़न से जुड़े आरोपों की भी जांच की जा रही है।
प्रदेश के 55 जिलों से उज्जैन पहुंचे अतिथि प्रोफेसर मुख्यमंत्री को उनकी घोषणा याद दिलाने के लिए सीएम आवास के सामने विक्रमादित्य शोधपीठ के गेट पर धरने पर बैठ गए। बड़ी संख्या में महिला प्रोफेसर भी प्रदर्शन में शामिल हुईं। अतिथि प्रोफेसरों का कहना है कि मुख्यमंत्री ने 10 जुलाई को भोपाल के रविंद्र भवन में उच्च शिक्षा मंत्री की मौजूदगी में राखी पर्व तक उनके लिए नई नीति बनाने की बात कही थी। रक्षाबंधन बीतने के बाद भी नीति को लेकर कोई निर्णय नहीं होने पर वे मुख्यमंत्री को राखी बांधकर उनका वादा याद दिलाने पहुंचे। शुक्रवार को अलग-अलग विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से जुड़े अतिथि प्रोफेसर सीएम आवास के सामने बैठे नजर आए। उनका कहना है कि मध्य प्रदेश सरकार को हरियाणा समेत अन्य राज्यों की तर्ज पर ऐसी नीति बनानी चाहिए, जिससे विभागीय प्रक्रिया के तहत उन्हें स्थायी किया जा सके। शिवपुरी से आए डॉ. राकेश कुमार सिंह ने बताया कि वे मुख्यमंत्री को 10 जुलाई को भोपाल में किए गए वादे की याद दिलाने के लिए यहां पहुंचे हैं। वहीं, रतलाम से आईं डॉ. स्वाति गुप्ता ने कहा कि जब तक मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उन्हें राखी नहीं बांध देतीं, तब तक वे यहां से नहीं जाएंगी। इधर, सीएम आवास के सामने विक्रमादित्य शोधपीठ के गेट के बाहर बैठे अतिथि प्रोफेसरों को पुलिस और प्रशासन की टीम ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद सभी को शोधपीठ के अंदर भेज दिया गया।
मेरठ में घर के बाहर 6 फीट गहरे नाले में गिरकर डेढ़ साल के मासूम की मौत
मेरठ के सिवालखास में घर के बाहर खेलते समय डेढ़ वर्षीय मासूम मोहम्मद जेन की छह फुट गहरे नाले में गिरने से मौत हो गई। स्चजन ने नगर पंचायत की लापरवाही पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। नाला खुला हुआ था।
ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय ने स्नातक चतुर्थ सेमेस्टर (सत्र 2024-28) के मेजर और माइनर विषयों की प्रायोगिक एवं मौखिकी परीक्षा की तिथि 2 से 7 सितंबर तक घोषित कर दी है। अधिकांश छात्रों की परीक्षा उनके गृह केंद्र पर होगी।
रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सत्कार योजना के तहत 5.30 लाख महिलाओं के खातों में 181.50 करोड़ रुपये का शगुन भेजा। उन्होंने सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं।
वाराणसी के अहरक खास गांव में रास्ते के विवाद के बाद 50 वर्षीय कविता उपाध्याय की आत्महत्या ने घर तक आने-जाने के रास्ते को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर किसी मकान तक पहुंचने का रास्ता न हो या पुराना रास्ता बंद कर दिया जाए तो ऐसी स्थिति में कानून क्या कहता है? ऐसे मामलों में रास्ते के अधिकार से जुड़े कानूनी प्रावधान हैं, जिन्हें सुखाचार अधिनियम के तहत समझा जाता है। भारतीय सुखाचार अधिनियम में दूसरे की जमीन से रास्ते के अधिकार से जुड़े प्रावधान हैं। हालांकि हर व्यक्ति को पड़ोसी की जमीन से रास्ता अपने आप नहीं मिल जाता। इस मामले में अधिकारियों द्वारा जांच की जाती है और फिर सब स्पष्ट होने के बाद ही पीडि़त को रास्ते के अधिकार का लाभ मिलता है। इस बारे में उप जिलाधिकारी पिंडरा कुंदन राज कपूर ने बताया कि सुखाचार अधिनियम में जरूरत के आधार पर रास्ते का प्रावधान है। आसान भाषा में समझें तो कुछ परिस्थितियों में यदि किसी संपत्ति तक पहुंच का कोई रास्ता नहीं बचता है, तो कानून के तहत रास्ते के अधिकार का दावा किया जा सकता है। हालांकि यह अधिकार संपत्ति की स्थिति और उसके पुराने बंटवारे या हस्तांतरण जैसी परिस्थितियों पर भी निर्भर करता है। इसलिए किसी पड़ोसी की जमीन पर रास्ते का दावा होने मात्र से उसे मनमाने ढंग से इस्तेमाल करने का अधिकार नहीं मिल जाता। इसके अलावा कानून में लंबे समय से चले आ रहे रास्ते के इस्तेमाल को लेकर भी प्रावधान है। अगर कोई व्यक्ति किसी रास्ते का इस्तेमाल लंबे समय तक खुले तौर पर, शांतिपूर्वक और बिना रुकावट अपने अधिकार के तौर पर करता रहा है, तो कुछ शर्तें पूरी होने पर वह सुखाचार के अधिकार का दावा कर सकता है। रास्ता बंद होने से घर में मानों कैद था परिवारवाराणसी जिले की पिंडरा तहसील के अहरक खास गांव में ऐसे ही रास्ते और जमीन के विवाद को लेकर परेशान 50 वर्षीय गृहणी कविता उपाध्याय ने बुधवार को फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। परिजनों का आरोप है कि रास्ते की समस्या को लेकर वह काफी समय से अधिकारियों के यहां शिकायत कर रही थीं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। घटना के बाद परिवार ने रास्ते का विवाद सुलझने तक अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था। मृतका के पति संतोष उपाध्याय दिल्ली में नौकरी करते हैं, जबकि गांव में कविता उपाध्याय के साथ परिवार के अन्य सदस्य भी रहते हैं। परिजनों ने बताया कि घर के सामने करीब छह फीट के रास्ते को लेकर करीब दो साल से विवाद चल रहा था। इस रास्ते पर दीवार खड़ी कर दी गई है जिसके बाद घर से निकलने के लिए करीब दो फीट का वैकल्पिक रास्ता ही बचा। इसी रास्ते से आना-जाना हो रहा है। परिजनों का कहना है कि दो फीट का रास्ता इतना संकरा है कि घर तक बाइक या चारपहिया वाहन ले जाना मुश्किल है। परिजनों के अनुसार घर में होने वाले शादी के कार्यक्रमों में भी रास्ते की समस्या के कारण परेशानी हुई। परिवार का कहना है कि बड़े वाहन घर तक नहीं पहुंच पाने की वजह से कई काम घर के बाहर से करने पड़े। परिजनों का कहना है कि उन्होंने रास्ते की समस्या के समाधान के लिए तहसील और जनसुनवाई में कई बार प्रार्थना पत्र दिए। आखिरी बार 22 जुलाई 2026 को डीएम की जनसुनवाई में भी शिकायत की गई थी। आरोप है कि शिकायत के बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। 12 अगस्त को शिकायत पर आख्या लगाकर उसे निस्तारित दिखा दिया गया। नहीं निकला हल, दो फीट के रास्ते से निकाली लाशघटना के बाद परिजनों ने लाश को दरवाजे पर रखकर रास्ते की मांग को लेकर विरोध किया। सूचना मिलने के बाद एसडीएम पिंडरा कुंदन राज कपूर, एसीपी पिंडरा प्रशांत सिंह और फूलपुर व बड़ागांव थाने की पुलिस के साथ राजस्वकर्मी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने काफी देर तक परिजनों को समझाया, लेकिन वे अपनी मांग पर अड़े रहे। इसके बाद जमीन की नापी कराई गई। दो बार नापी करवाने के बाद भी मृतका के परिजन पड़ोसी के घर के सामने से रास्ता खुलवाने की मांग करते रहे। वहीं पड़ोसी की जमीन अभिलेखों में उसके नाम दर्ज थी। ऐसे में शाम तक रास्ते को लेकर कोई हल नहीं निकल सका। हालांकि बाद में अधिकारियों के समझाने के बाद परिजन मान गए। करीब 24 घंटे बाद मृतका की लाश को घर से बाहर निकालने के लिए वही करीब दो फीट का संकरा रास्ता इस्तेमाल करना पड़ा। लाश को इसी रास्ते से बाहर निकाला गया। इसके बाद पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। शुक्रवार को करीब चार बजे पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को शिवपुर पोस्टमार्टम हाउस से लाश मिली। उसके बाद परिजन घर लाने की बजाय वहीं से सीधे मणिकर्णिका घाट के लिए प्रस्थान कर गए। बेटे विशाल ने बताया मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस बारे में एसडीएम पिंडरा कुदन राज कपूर ने मृतका के परिवार को आश्वासन दिया कि तहसीलदार कोर्ट में चल रहे मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक में कराई जाएगी। साथ ही दोनों पक्षों के दावों और उपलब्ध कागजात के आधार पर मामले का नियमानुसार समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी।
जेल में बंद भाइयों को राखी बांधने पहुंची बहनें:अपराध न करने का दिलाया संकल्प, रक्षा का लिया वचन
पन्ना जिला जेल में रक्षाबंधन का पर्व मनाया गया। इस अवसर पर जेल में बंद कैदियों की बहनों, माताओं और परिजनों से मुलाकात की विशेष व्यवस्था की गई। बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधे, वहीं बंदियों ने अपराध न करने का संकल्प लिया। जेल प्रशासन ने मुलाकात के लिए अष्टकोण कार्यालय के पास एक पंडाल लगाकर बैठने की व्यवस्था की थी। मुख्य द्वार पर पहचान पत्र की जांच के बाद पर्ची जारी कर बहनों को अंदर जाने दिया गया, जिससे प्रक्रिया सुगम बनी। जेल विभाग की ओर से रक्षाबंधन पूजन की थाली भी उपलब्ध कराई गई, जिसमें चंदन, रोली, कुमकुम, राखी और सिंदूर शामिल थे। त्योहार को देखते हुए कैदियों के लिए विशेष भोजन का भी प्रबंध किया गया, जिसमें खीर, पूरी और सब्जी जैसे पकवान बनाए गए। उप जेल अधीक्षक गणेश कुमार सिंह ने बताया कि जेल में बंद बंदियों की माताओं और बहनों के लिए रक्षासूत्र बांधने की विशेष व्यवस्था की गई थी। उन्होंने पुष्टि की कि जेल विभाग द्वारा पूजन की थाली में चंदन, राखी, सिंदूर आदि उपलब्ध कराए गए थे और बंदियों के लिए खीर-पूरी व सब्जी जैसी विशेष डाइट बनवाई गई थी। एक बंदी मनोज बंसकर ने जेल प्रशासन की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि उनकी बहनें आसानी से उनसे मिल सकीं। उन्होंने अपनी बहनों से वादा किया कि जेल से बाहर निकलने के बाद वे कभी अपराध नहीं करेंगे, एक अच्छी जिंदगी बिताएंगे और उनकी हमेशा रक्षा करेंगे। इस अवसर पर जेल परिसर में भाई-बहन के पवित्र रिश्ते की झलक देखने को मिली, जहाँ राखी के धागों के साथ बंदियों ने सुधार और सकारात्मक बदलाव का संकल्प लिया।
ऑटो और कार की आमने-सामने टक्कर, 9 घायल:घायल मेडिकल कॉलेज में भर्ती, 6 गंभीर घायल हायर सेंटर रेफर
एटा। रिजोर थाना क्षेत्र के सिंहपुर गांव के पास शुक्रवार शाम करीब 4:32 बजे ऑटो और कार की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में 9 लोग घायल हो गए। टक्कर के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायलों को एटा के वीरांगना अवंती बाई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। इनमें 6 लोगों को बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है। अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पांडेय ने बताया कि ऑटो एटा से शिकोहाबाद की ओर जा रहा था। वहीं, शिकोहाबाद की तरफ से क्रेटा कार आ रही थी। सिंहपुर गांव के पास दोनों वाहनों की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे के बाद ऑटो क्षतिग्रस्त हो गया। आसपास के लोगों ने घायलों को बाहर निकाला। इसके बाद निजी वाहनों और एंबुलेंस से सभी को मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। पुलिस अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर हाल जाना हादसे की जानकारी मिलते ही सीओ सकीट नीतीश गर्ग और एएसपी श्वेताभ पांडेय अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों का हाल जाना। डॉक्टरों ने गंभीर हालत में 6 घायलों को हायर सेंटर भेज दिया। ये लोग हुए घायल घायलों में बंटी, रेशमा, सौरभ, रेखा देवी, प्रियांशी, अतीश और पंकज शामिल हैं। सभी एटा जिले के अलग-अलग गांवों के रहने वाले हैं। कार सवार राजेश और उनकी पत्नी नीलम भी हादसे में घायल हुए हैं। पुलिस ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। दोनों वाहनों की स्थिति और दुर्घटना के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है। देखें तीन फोटो…
महोबा ईदगाह में अश्लील रील्स बनाने का आरोप:मुस्लिम समाज में आक्रोश, AIMIM ने पुलिस से कार्रवाई मांगी
महोबा के सदर कोतवाली क्षेत्र में स्थित ईदगाह परिसर में अश्लील वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किए जाने का मामला सामने आया है। घटना की जानकारी के बाद मुस्लिम समाज के लोगों में आक्रोश है। आरोप है कि चौसियापुरा इलाके के कुछ युवक-युवतियां ईदगाह परिसर में अश्लील गतिविधियां और नृत्य करते हुए वीडियो बना रहे थे। इन वीडियो को इंस्टाग्राम और फेसबुक समेत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किए जाने का दावा किया गया है। फेसबुक आईडी से वीडियो वायरल करने का दावाशिकायतकर्ताओं के मुताबिक, ‘RAINA RANI_MAHOBA’ नाम की फेसबुक आईडी से ऐसे वीडियो वायरल किए गए हैं। मुस्लिम समाज के लोगों का कहना है कि ईदगाह हजारों लोगों की आस्था से जुड़ा धार्मिक स्थल है। यहां इस तरह की गतिविधियां धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली हैं। लोगों ने इलाके में गश्त करने वाली डायल-112 पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। AIMIM प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस को सौंपे वीडियो साक्ष्यमामले की जानकारी मिलने पर एआईएमआईएम ने भी संज्ञान लिया। बुंदेलखंड उपाध्यक्ष सैयद अदनान अली के नेतृत्व में पार्टी का प्रतिनिधिमंडल सदर कोतवाली पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने थाना प्रभारी को लिखित शिकायत के साथ वीडियो साक्ष्य भी सौंपे। शिकायतकर्ताओं ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने और शहर का माहौल खराब होने से रोकने की मांग की। वीडियो डिलीट कराने और कार्रवाई का आश्वासनपुलिस अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए वीडियो की जांच कराने और उन्हें हटवाने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही। साथ ही वीडियो में नजर आ रहे लोगों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया। शहर कोतवाली प्रभारी वीरेंद्र प्रताप ने बताया कि मामले में तहरीर मिली है और जांच की जा रही है।
निकाय चुनावों के मद्देनजर अवैध हथियारों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान में नागौर पुलिस की डीएसटी और खाटूबड़ी थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। संयुक्त टीम ने अवैध हथियार सप्लायर समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे और निशानदेही पर 6 अवैध पिस्टल और 24 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। एसपी आसाराम चौधरी ने बताया कि डीएसटी को सूचना मिली थी कि ओमप्रकाश पुत्र रामनिवास जाट, निवासी ढेहरी अवैध हथियारों की सप्लाई करता है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर हथियार खरीदने वाले श्रवणराम, सुरेश और ओमप्रकाश को भी गिरफ्तार किया गया। 2 साल से हथियारों की कर रहा सप्लाई प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि मुख्य आरोपी ओमप्रकाश करीब 2 साल से अवैध हथियारों की सप्लाई से जुड़ा हुआ था। हालांकि वह हथियार कहां से लाता था और अब तक कितने लोगों तक हथियार पहुंचा चुका है, इसका खुलासा जांच के बाद होगा। पुलिस सप्लायर से लेकर हथियार खरीदने वालों तक पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। डीएसटी की सूचना के आधार पर 27 अगस्त को कार्रवाई शुरू की गई थी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रकरण की आगे की जांच पुलिस थाना रोल को सौंपी गई है। चुनाव से पहले हथियारों पर पुलिस की नजर निकाय चुनावों को देखते हुए पुलिस की ओर से अवैध हथियारों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत हुई इस कार्रवाई में बड़ी संख्या में हथियार और कारतूस बरामद हुए हैं। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद हथियारों का इस्तेमाल किसी वारदात या चुनाव के दौरान किसी आपराधिक गतिविधि में किया जाना था या नहीं।
मंदसौर जिले के पिपलियामंडी में शुक्रवार को रक्षाबंधन के मौके पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बढ़ती महंगाई के विरोध में अनोखे तरीके से प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस महासचिव अनिल शर्मा ने शक्कर के पाउच से विशेष राखियां तैयार कीं। इन राखियों को बहनों के बीच वितरित किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी एक-दूसरे की कलाई पर शक्कर की राखियां बांधीं और महंगाई के खिलाफ विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र की मोदी सरकार की नीतियों पर निशाना साधा। जिला कांग्रेस महासचिव अनिल शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में महंगाई लगातार बढ़ी है, जिससे आमजन परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई के कारण गरीबों की थाली से शक्कर, दाल, तेल सहित अन्य जरूरी खाद्य सामग्री दूर होती जा रही है। शर्मा ने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण महंगाई बढ़ रही है और इसका सबसे ज्यादा असर गरीब, किसान और मजदूर वर्ग पर पड़ रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से आमजन की परेशानियों को देखते हुए महंगाई पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। शर्मा ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी महंगाई, गरीब, किसान और छात्रों के मुद्दों को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं। कांग्रेस बोली- मेहनत के बाद भी दो वक्त की रोटी मुश्किल प्रदेश कांग्रेस सचिव मुकेश निडर ने कहा कि महंगाई से आमजन त्रस्त है। उन्होंने कहा कि मेहनत-मजदूरी करने के बाद भी गरीब और मजदूर परिवारों को दो वक्त की रोटी जुटाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। उन्होंने भी केंद्र सरकार से बढ़ती महंगाई पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान राजीव गांधी पंचायत राज संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष श्यामलाल मालवीय, नगर अध्यक्ष भेरूपप्पू गुर्जर, पूर्व मंडलम अध्यक्ष दिनेश गुप्ता, एनएसयूआई ब्लॉक अध्यक्ष ओमप्रकाश ररोतिया, किसान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष दिनेश पाटीदार बालागुड़ा, राजेंद्र शर्मा, सुंदरलाल प्रजापत और हेमराज प्रजापति सहित कई कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
फरीदाबाद के सेक्टर-82 स्थित फ्लोरिडा अपार्टमेंट सोसायटी के आरडब्ल्यूए प्रधान अश्वनी शुक्ला पर कथित तौर पर जानलेवा हमला किया गया। आरोप है कि सेक्टर-30 में कुछ लोगों ने उनकी कार रोककर डंडे और रॉड से हमला कर दिया। हमले में उनके हाथ-पैर में गंभीर चोटें आई हैं। आसपास के लोगों ने उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। किरायेदारों के सत्यापन को लेकर हुआ विवाद अश्वनी शुक्ला के अनुसार, बीपीटीपी थाना पुलिस के निर्देश पर सोसायटी में रहने वाले किरायेदारों का चरित्र और पुलिस सत्यापन कराया जा रहा था। इसी बात को लेकर सोसायटी में रहने वाले राजीव अत्री और उसके साथियों ने आपत्ति जताई थी। अश्वनी का आरोप है कि उन्हें सत्यापन का काम बंद करने की धमकी भी दी गई थी। पहले भी पुलिस से की थी शिकायत आरडब्ल्यूए प्रधान का आरोप है कि राजीव अत्री और राहुल दूबे ने उन्हें पहले धमकी दी थी। इसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत बीपीटीपी थाना पुलिस से भी की थी। उनका आरोप है कि सत्यापन अभियान को लेकर ही उन्हें निशाना बनाया गया। पीछा कर रास्ते में घेरा शिकायत के मुताबिक अश्वनी शुक्ला अपनी कार से ड्यूटी से वापस लौट रहे थे। जब वह सेक्टर-30 में अदाणी गैस एजेंसी के पास पहुंचे तो राजीव अत्री, राहुल दूबे और आशीष पंडित ने कथित तौर पर स्कॉर्पियो और सेंट्रो कार से उनका पीछा किया। आरोप है कि दोनों वाहनों से उनकी कार को घेरकर रास्ता रोक दिया गया। डंडे और रॉड से पीटने का आरोप अश्वनी शुक्ला ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने कार से उतरने के बाद उन पर डंडे और रॉड से हमला कर दिया। इस दौरान उनके हाथ-पैर में चोट आई। उन्होंने आरोप लगाया कि हमलावरों ने पिस्टल भी दिखाई और जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा घटना की सूचना मिलने के बाद सेक्टर 31 थाना पुलिस ने अश्वनी शुक्ला की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इंचार्ज सतबीर का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है और उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
अयोध्या के पूराकलंदर थाना क्षेत्र के कन्दैला गांव में 25 अगस्त को हुए रामलगन मौर्या हत्याकांड में पुलिस ने तीन वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। स्वाट, सर्विलांस और पूराकलंदर पुलिस की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को राजमणि सिंह उर्फ राज सिंह उर्फ भोलू, दीपक प्रजापति और मनीष शर्मा को पकड़ा। आरोपियों के कब्जे से 7.65 बोर की पिस्टल, मैगजीन, चार जिंदा कारतूस, एक खोखा, काली हुंडई वरना कार और मोबाइल बरामद किया गया है। नहर की पुलिया पर गोली-बम से किया था हमला एसएसपी डॉ गौरव ग्रोवर ने बताया कि कन्दैला निवासी रामलगन मौर्या और आरोपियों के बीच जमीन और रास्ते को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। इसी रंजिश में हत्या की साजिश रची गई। 22 अगस्त को राजमणि सिंह और मनीष शर्मा ने लखनऊ के स्काईलाइन से फर्जी आईडी पर काली वरना कार किराए पर ली थी। इसके बाद 25 अगस्त की शाम करीब 6 बजे आरोपियों ने साथियों के साथ कन्दैला में नहर की पुलिया के पास रामलगन मौर्या पर गोली और बम से हमला कर दिया। मां भी गंभीर घायल, KGMU में चल रहा इलाज हमले में रामलगन मौर्या की मौके पर हालत गंभीर हो गई। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनकी मां पार्वती देवी भी हमले में गंभीर घायल हुईं। उनका लखनऊ के केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में इलाज चल रहा है। राजमणि पर पहले से दर्ज हैं 7 मुकदमे पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी राजमणि सिंह का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है। उसके खिलाफ पूराकलंदर और नगर कोतवाली में मारपीट, धमकी, आर्म्स एक्ट समेत सात मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर के निर्देश पर गठित संयुक्त टीम ने आरोपियों को गिरफ्तार किया। तीनों को न्यायालय में पेश करने के लिए रवाना कर दिया गया है।
हमीरपुर में रक्षाबंधन पर्व पर रोडवेज बसों में महिलाओं को मिली नि:शुल्क यात्रा सुविधा के कारण बस स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हमीरपुर बस स्टेशन पर सामान्य दिनों की तुलना में यात्रियों की संख्या लगभग दोगुनी दर्ज की गई। पर्याप्त बसें न मिलने से यात्रियों को एक से दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा। बस के पहुंचते ही सीट पाने के लिए यात्रियों में धक्का-मुक्की की स्थिति बनी रही। हमीरपुर डिपो के बेड़े में कुल 81 बसें हैं, जो विभिन्न रूटों पर संचालित होती हैं। त्योहार के मद्देनजर सभी बसों के अतिरिक्त फेरे बढ़ाने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद यात्रियों की संख्या इतनी अधिक थी कि बसें कम पड़ गईं। बस स्टेशन परिसर में यात्रियों के बैठने के लिए लगाई गई कुर्सियां पूरी तरह भर गईं, और बड़ी संख्या में यात्री सड़क किनारे खड़े होकर बसों का इंतजार करते दिखे। बस आते ही यात्री सीट पाने के लिए दौड़ पड़ते थे। कई बार यात्रियों के उतरने से पहले ही लोग बस में चढ़ने की कोशिश करने लगे, जिससे धक्का-मुक्की बढ़ गई। इस दौरान महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। बस स्टेशन पर बढ़ती भीड़ और अव्यवस्था को देखते हुए पुलिस अधीक्षक मृगांक शेखर पाठक के निर्देश पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। पुलिसकर्मी बस स्टेशन के अंदर से लेकर बाहर तक यात्रियों को व्यवस्थित तरीके से बसों में बैठाने का प्रयास करते रहे। हालांकि, यात्रियों की अत्यधिक संख्या के कारण पुलिस के प्रयासों के बावजूद भीड़ को पूरी तरह नियंत्रित नहीं किया जा सका। आधे घंटे से बस का इंतजार कानपुर देहात के दिबियापुर से आई महिला यात्री शांति देवी ने बताया कि वह करीब आधे घंटे से बस का इंतजार कर रही हैं। उन्हें छानी जाना है, लेकिन काफी देर से कोई बस नहीं मिल रही है। एआरएम आरपी साहू ने बताया कि त्योहार को देखते हुए विभिन्न रूटों पर बसों के अतिरिक्त फेरे बढ़ाए गए हैं। यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में करीब दोगुनी रही, जिससे कुछ परेशानी हुई। उन्होंने बताया कि वह खुद यात्रियों को बुलाकर बसों में बैठाते रहे। इन रूटों पर संचालित हुईं बसें - हमीरपुर वाया महोबा — 12 बसें- हमीरपुर वाया बांदा-कर्वी — 14 बसें- हमीरपुर वाया झांसी — 3 बसें- हमीरपुर वाया उरई — 8 बसें- हमीरपुर वाया राठ — 7 बसें- हमीरपुर वाया दिल्ली — 10 बसें- हमीरपुर वाया कानपुर — 6
फतेहाबाद के टोहाना में सिरसा ब्रांच भाखड़ा नहर में वीरवार रात एक अज्ञात व्यक्ति का शव पानी में बहता हुआ मिला। राहगीरों ने शव को नहर में बहते देखा, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही समाजसेवी और रेस्क्यू कार्यकर्ता नवजोत सिंह ढिल्लों अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने शव को नहर से बाहर निकाला। जानकारी के अनुसार, शव 14 नंबर पुल से करीब डेढ़ किलोमीटर आगे कूदनी गांव की दिशा में नहर के बीच मिला। प्रथम दृष्टया मृतक की उम्र लगभग 40 से 45 वर्ष और कद 6 फुट से अधिक होने का अनुमान है। शव काफी समय तक पानी में रहने के कारण उसकी स्थिति खराब हो चुकी थी, जिससे मृतक की पहचान करने में कठिनाई आ रही है। रेस्क्यू के बाद पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को पहचान के लिए 72 घंटे तक शवगृह में रखवाया है। पुलिस प्रशासन की ओर से आसपास के थानों और पुलिस चौकियों को भी सूचना भेजी गई है। शव के पंजाब से बहकर आने की आशंका रेस्क्यू कार्यकर्ता नवजोत सिंह ढिल्लों ने बताया कि प्रथम दृष्टया संभावना है कि शव नहर के तेज बहाव के साथ पंजाब की तरफ से यहां तक पहुंचा हो। हालांकि, इसकी वास्तविक पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। उन्होंने यह भी बताया कि शव के पास से कोई ऐसा स्पष्ट पहचान चिह्न नहीं मिला है, जिसके आधार पर मृतक की पहचान की जा सके। नवजोत सिंह ढिल्लों ने आमजन से अपील की है कि यदि उनके आसपास या परिचितों में कोई व्यक्ति लापता है, जिसकी उम्र और कद उक्त विवरण से मेल खाते हैं, तो वे टोहाना पुलिस चौकी अथवा नजदीकी पुलिस थाना से संपर्क करें। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और मृतक की पहचान के प्रयास जारी हैं।
पीलीभीत में नहर में डूबने से युवक की मौत:रक्षाबंधन पर बहनें बांधने वाली थीं राखी
पीलीभीत में रक्षाबंधन के पावन पर्व पर एक दुखद घटना सामने आई है। जहानाबाद थाना क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर सैंजना नहर में डूबने से 30 वर्षीय राजकुमार की मौत हो गई। घर पर उसकी चार बहनें राखी बांधने का इंतजार कर रही थीं, लेकिन उन्हें भाई की मौत की खबर मिली, जिससे खुशियों का माहौल मातम में बदल गया। जानकारी के अनुसार, राजकुमार सुबह करीब 6 बजे किसी काम से घर से निकला था। ललौरी खेड़ा के पास सैंजना नहर की पुलिया पार करते समय फिसलन के कारण उसका संतुलन बिगड़ गया। वह सीधे उफनती नहर में जा गिरा। पानी का बहाव तेज और गहरा होने के कारण वह खुद को संभाल नहीं पाया और तेज लहरों में बह गया। काफी देर तक राजकुमार के घर न लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। तलाश के दौरान नहर किनारे उसके गिरने की सूचना मिली, जिससे परिजनों में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही ललौरी खेड़ा चौकी इंचार्ज विवेक चौधरी और जहानाबाद थानाध्यक्ष जयशंकर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से घंटों चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद राजकुमार के शव को पानी से बाहर निकाला। शव देखते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक राजकुमार अपने परिवार का एकमात्र सहारा था। वह अपने पीछे पत्नी और चार छोटी बेटियों को छोड़ गया है। थानाध्यक्ष जयशंकर सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला पैर फिसलने से नहर में डूबने का प्रतीत होता है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
जौनपुर में भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष रागिनी सिंह ने अपने आवास पर सफाई कर्मचारियों के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाया। उन्होंने इस अवसर पर सफाई कर्मचारी भाइयों को राखी बांधी। रागिनी सिंह के आवास पर पर्व की तैयारियां सुबह से ही चल रही थीं। आंगन को फूलों और रंगोली से सजाया गया था। पूजा की थाली में रोली, अक्षत, दीपक, मिठाई और राखियां रखी गई थीं। सफाई कर्मचारियों के पहुंचने पर पर्व का माहौल और भी उत्साहपूर्ण हो गया। इस अवसर पर रागिनी सिंह ने कहा कि सफाई कर्मचारी समाज के कर्मठ सदस्य हैं, जो प्रतिदिन स्वच्छता बनाए रखने के लिए परिश्रम करते हैं। गर्मी, सर्दी या बारिश, वे अपने कर्तव्य का पालन करते हैं, जिससे हमारा वातावरण स्वच्छ और स्वस्थ रहता है। उन्होंने बताया कि सफाई कर्मचारियों के इसी योगदान के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने के लिए उन्हें रक्षाबंधन के अवसर पर विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। इस दौरान रागिनी सिंह ने सफाई कर्मचारियों के साथ बातचीत की और उनके कार्य एवं जीवन से जुड़ी बातों को सुना। इस आयोजन का उद्देश्य समाज में प्रत्येक व्यक्ति के सम्मान के महत्व को रेखांकित करना था। उन्होंने कहा कि यह पर्व केवल भाई-बहन के रिश्ते का नहीं, बल्कि सामाजिक सम्मान और भाईचारे की भावना को मजबूत करने का भी अवसर है।
सीतापुर में गुरुवार को हुई भारी बारिश ने पोस्टमार्टम हाउस तक पहुंचने वाले संपर्क मार्ग की हालत बिगाड़ दी थी। भारी वर्षा के कारण ग्रामीण अभियंत्रण विभाग द्वारा निर्मित पोस्टमार्टम हाउस संपर्क मार्ग की पुलिया बह गई, जबकि करीब 30 मीटर लंबाई में सड़क कटकर क्षतिग्रस्त हो गई थी। मार्ग कटने से पोस्टमार्टम हाउस तक वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई थी। हालात यह रहे कि शवों को पोस्टमार्टम हाउस तक पहुंचाने और वहां से ले जाने के लिए परिजनों व कर्मचारियों को स्ट्रेचर के सहारे खेतों से होकर गुजरना पड़ा। मामले की जानकारी मिलने पर डीएम राजा गणपति आर ने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को क्षतिग्रस्त मार्ग की मरम्मत कराने के निर्देश दिए। डीएम के निर्देश के बाद शुक्रवार को जिला पंचायत और संबंधित विभागों ने मौके पर पहुंचकर मरम्मत का काम शुरू करा दिया। जिला पंचायत की ओर से अस्थाई पुलिया का निर्माण कराने के साथ सड़क के कटे हुए हिस्से को दुरुस्त करने का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। प्रशासन के अनुसार 27 अगस्त 2026 को हुई भारी बारिश के कारण पोस्टमार्टम हाउस संपर्क मार्ग की पुलिया बहने और करीब 30 मीटर सड़क कट जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद डीएम के निर्देश पर जिला पंचायत ने तत्काल प्रभाव से अस्थाई पुलिया निर्माण और सड़क मरम्मत का कार्य शुरू कराया। अधिकारियों के मुताबिक मरम्मत का कार्य शुक्रवार शाम तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद पोस्टमार्टम हाउस तक वाहनों का आवागमन दोबारा सुचारु होने की उम्मीद है। भविष्य में बारिश या किसी अन्य विपरीत परिस्थिति में आवागमन प्रभावित न हो, इसके लिए भी प्रशासन ने अतिरिक्त व्यवस्था की है। जिला पंचायत द्वारा आगामी तीन दिनों में करीब 315 मीटर लंबाई में अतिरिक्त खड़ंजा निर्माण कराया जाएगा। इससे पोस्टमार्टम हाउस तक वाहनों की आवाजाही सुगम बनाए रखने और आपात स्थिति में लोगों को परेशानी से बचाने में मदद मिलेगी। मार्ग की मरम्मत शुरू होने के बाद स्थानीय लोगों और पोस्टमार्टम हाउस आने-जाने वाले लोगों ने राहत की उम्मीद जताई है।
कमल विहार वसुधम कुटुम्बकम वेलफेयर सोसायटी की ओर से सेक्टर-6 के गार्डन में नवनिर्मित कमलेश्वर महादेव मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम आयोजित किया गया। तीन दिनों तक चले धार्मिक अनुष्ठान के तीसरे दिन विधि-विधान से कमलेश्वर महादेव की प्राण-प्रतिष्ठा की गई। कार्यक्रम के पहले दिन वेदी पूजा और दूसरे दिन जलाधिवास की पूजा हुई। तीसरे दिन प्राण-प्रतिष्ठा के अवसर पर कॉलोनी की महिलाओं ने भव्य कलश यात्रा निकाली। कलश यात्रा आवासीय क्षेत्र से होकर गुजरी। इस दौरान लोगों ने श्रद्धा के साथ कलश यात्रा का स्वागत कर पूजा-अर्चना की। आपसी सहयोग से बनाया मंदिर कमलेश्वर महादेव मंदिर का निर्माण कॉलोनीवासियों ने आपसी सहयोग से कराया है। प्राण-प्रतिष्ठा और कलश यात्रा में बड़ी संख्या में कॉलोनी के लोग शामिल हुए। तीन दिनों तक चले आयोजन में महिलाओं और बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पदाधिकारी और महिलाएं रहीं शामिल कार्यक्रम में सोसायटी अध्यक्ष जितेन्द्र साहू, संरक्षक प्रकाश रबड़े, अश्विनी कुमार शर्मा, सचिव रितेश मिश्रा, मनीष मिश्रा, राणा कुमार सिंह और रवि ठक्कर सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। महिलाओं में इंदु, कुशराम, भूमिका ठक्कर, मोहनी, गुड़िया और सुष्मा सहित कॉलोनी की अन्य महिलाओं व बच्चों ने आयोजन में सहयोग किया।
मुजफ्फरनगर जिला कारागार में शुक्रवार को रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के मिलन का साक्षी बना। बंदी भाइयों की कलाई सूनी न रहे, इसके लिए उनकी बहनें सुबह से ही राखी और मिठाई लेकर जेल पहुंचने लगीं। लंबे समय बाद भाइयों से मुलाकात होने पर कई बहनों की आंखें नम हो गईं। बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक लगाया और कलाई पर राखी बांधी। इसके बाद मिठाई खिलाकर भाइयों की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रार्थना की। मुलाकात के दौरान बहनों ने भाइयों का हालचाल पूछा और उन्हें ढांढस बंधाया। भाइयों ने भी बहनों को देखकर खुशी जताई और उनके सुखी जीवन की कामना की। किसी ने हाथ थामा तो किसी ने पुराने दिन याद किए राखी बांधते समय कई बहनों की भावनाएं उमड़ पड़ीं। किसी ने भाई की कलाई पर राखी बांधते हुए उसका हाथ थाम लिया तो किसी ने मिठाई खिलाते हुए पुराने दिनों को याद किया। भाइयों ने भी बहनों से परिवार का हाल जाना। जेल की चारदीवारी के भीतर हुआ यह मिलन रिश्तों की अटूट डोर को बयां कर रहा था। बहनों ने कहा- भाई जल्द सामान्य जिंदगी में लौटें राखी बांधने के बाद बहनों ने भाइयों के बेहतर भविष्य की कामना की। उन्होंने प्रार्थना की कि भाई स्वस्थ रहें, जीवन में आगे बढ़ें और जल्द परिवार के साथ सामान्य जीवन बिताएं। कई बहनों ने भाइयों को जेल से बाहर निकलने के बाद जीवन को नई दिशा देने और परिवार के साथ बेहतर भविष्य बनाने की सीख दी। भाइयों ने परिवार की उम्मीदों पर खरा उतरने का वादा किया मुलाकात के दौरान भाइयों ने भी बहनों से वादा किया कि वे भविष्य में परिवार की उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे। कुछ बंदियों ने परिस्थितियों से सीख लेकर गलतियों को दोबारा न दोहराने और जीवन को बेहतर बनाने की बात कही। मिठाई खिलाकर मनाया रक्षाबंधन राखी बांधने के बाद बहनों ने भाइयों को मिठाई खिलाई। भाइयों ने भी बहनों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। मुलाकात के दौरान कहीं खुशी तो कहीं भावुकता का माहौल दिखाई दिया। त्योहार के दिन परिवार से मुलाकात बंदियों के लिए भावनात्मक सहारा भी बनी। जेल प्रशासन ने किए सुरक्षा के विशेष इंतजाम रक्षाबंधन को देखते हुए जिला कारागार प्रशासन की ओर से मुलाकात और सुरक्षा की विशेष व्यवस्था की गई। जेल में आने वाली बहनों की मुलाकात को व्यवस्थित तरीके से कराया गया और निर्धारित नियमों का पालन कराया गया। जेल कर्मचारियों ने व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में भूमिका निभाई। जेल अधीक्षक बोले- परिवार से जुड़ाव सुधार की भावना मजबूत करता है जेल अधीक्षक अभिषेक चौधरी ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और जिम्मेदारी का पर्व है। बंदियों के लिए परिवार और बहनों से मिलने का यह अवसर भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने कहा कि जेल प्रशासन की कोशिश रहती है कि त्योहारों पर बंदियों को परिजनों से सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से मिलने का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि परिवार से जुड़ाव और सकारात्मक रिश्ते बंदियों के जीवन में सुधार की भावना को मजबूत कर सकते हैं। ऐसे अवसर उन्हें परिवार, जिम्मेदारियों और भविष्य के बारे में सोचने का मौका भी देते हैं। चारदीवारी में दिखी रिश्तों की गर्माहट आम दिनों में जिला कारागार में सख्त सुरक्षा और अनुशासन का माहौल रहता है, लेकिन रक्षाबंधन पर भाई-बहन के रिश्ते की भावनाओं ने माहौल बदल दिया। राखी के रंग और मिठाई की मिठास के बीच बहनों और भाइयों के चेहरों पर अपनापन नजर आया। किसी बहन ने भाई की सलामती की दुआ की तो किसी ने उसे परिवार की जिम्मेदारियों का एहसास कराया। बहनों के लिए भी भावुक रहा दिन जेल में बंद भाई को राखी बांधने पहुंचीं बहनों के लिए यह दिन भावनात्मक रूप से खास रहा। जेल पहुंचने से लेकर भाई की कलाई पर राखी बांधने तक उनके मन में कई तरह की भावनाएं उमड़ती रहीं। राखी बांधने के बाद उन्होंने भाइयों की सलामती की दुआ की और परिवार के लिए बेहतर भविष्य की उम्मीद जताई। सलाखें रोक नहीं पाईं स्नेह की डोर रक्षाबंधन पर जिला कारागार में हुआ यह भाई-बहन का मिलन बताता है कि परिस्थितियां और जेल की दीवारें रिश्तों की भावनाओं को नहीं रोक सकतीं। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर प्रेम, विश्वास और अपनत्व का संदेश दिया। मुलाकात के बाद बहनें घर लौट गईं, लेकिन भाइयों की कलाई पर बंधी राखी पूरे दिन परिवार और रिश्तों की याद दिलाती रही।
संभल के चंदौसी में शुक्रवार को रक्षाबंधन का त्योहार भाईचारे के संदेश के साथ मनाया गया। माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री और चंदौसी विधायक गुलाब देवी ने मुस्लिम भाइयों को राखी बांधी। उन्होंने कहा कि त्योहारों में धर्म का भेद नहीं होता। भाई-बहन का रिश्ता सबसे ऊपर है। सलीम सैफी के घर पहुंचीं मंत्री गुलाब देवी ने पहले अपने आवास पर रक्षाबंधन मनाया। इसके बाद वह जारई गेट स्थित सलीम सैफी के घर पहुंचीं। यहां उन्होंने करीब 15 मुस्लिम भाइयों को राखी बांधी। इनमें जाकिर, सलीम सैफी, काले कुरैशी, मुन्ना कुरैशी, मोनू कुरैशी, अकील अहमद और पप्पू शेहरी शामिल रहे। बोलीं- सब मेरे भाई हैं गुलाब देवी ने कहा, मैं चंदौसी की बेटी हूं। यहां जात-पात का कोई मतलब नहीं है। सब मेरे भाई हैं। उन्होंने कहा कि वह बहन के रूप में अपने भाइयों की सेवा और सुरक्षा का वचन देती हैं। उनके मुताबिक हर जाति के लोग उनसे राखी बंधवाते हैं। 25 साल पुराना है रिश्ता गुलाब देवी और सलीम सैफी का भाई-बहन का रिश्ता करीब 25 साल पुराना है। दोनों पहले कांग्रेस में साथ रहे हैं। अब दोनों अलग-अलग राजनीतिक दलों में हैं। इसके बावजूद उनका रिश्ता कायम है। गुलाब देवी हर साल सलीम सैफी को राखी बांधती हैं। बेटियों की शादी में सलीम ने निभाई रस्म सलीम सैफी भी भाई का फर्ज निभाते रहे हैं। उन्होंने गुलाब देवी की तीन बेटियों की शादी में भात की रस्म निभाई थी। दोनों परिवार होली, दिवाली और ईद जैसे त्योहार भी साथ मनाते हैं।
सावन की हरियाली के बीच काशीपुराधीश्वरी माता अन्नपूर्णेश्वरी का गुरुवार को भव्य हरियाली शृंगार किया गया। हरी बनारसी साड़ी, हरी चूड़ियों और रंग-बिरंगे फूलों से सजीं मां अन्नपूर्णा का स्वरूप भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। शाम को काशी के कलाकारों ने भक्ति संगीत, वाद्ययंत्र और कथक की प्रस्तुतियों के जरिए मां के चरणों में संगीत की अंजलि अर्पित की। अन्न और समृद्धि की अधिष्ठात्री हैं मां अन्नपूर्णाकाशी की धार्मिक परंपरा में माता अन्नपूर्णा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि मां अन्नपूर्णा काशी में अन्न और समृद्धि की अधिष्ठात्री देवी के रूप में विराजमान हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान शिव की नगरी काशी में माता ने अन्नपूर्णा स्वरूप धारण कर संसार को अन्न का महत्व बताया। इसी वजह से काशी में मां अन्नपूर्णा की आराधना केवल देवी के रूप में ही नहीं, बल्कि अन्न और जीवन के आधार की देवी के रूप में भी की जाती है। माता अन्नपूर्णा के मंदिर में दीपावली के अवसर पर होने वाला अन्नकूट उत्सव भी विशेष प्रसिद्ध है। इस दौरान मां को विभिन्न प्रकार के व्यंजनों और अन्न का भोग अर्पित किया जाता है। फूलों और पत्तियों से सजा मंदिरगुरुवार को हरियाली शृंगार के लिए मंदिर को कामिनी और अशोक की पत्तियों के साथ बेला, जूही, अड़हुल, गेंदा, रातरानी और रजनीगंधा के फूलों से सजाया गया। भोर में महंत शंकर पुरी महाराज ने माता अन्नपूर्णा के विग्रह का पंचामृत स्नान कराया। इसके बाद नूतन वस्त्र और आभूषण धारण कराए गए। मां को हरी बनारसी साड़ी और हरी चूड़ियां पहनाकर हरियाली शृंगार किया गया। शाम होते ही मंदिर परिसर भक्ति संगीत से गूंज उठा। गीतकार कन्हैया दुबे ‘केडी’ के संयोजन में भक्ति संगीत का आयोजन हुआ। काशीनाद सोल ऑफ म्यूजिक समूह के पं. पंकज राय, डॉ. सनिश ज्ञावली, डॉ. संदीप केवले और डॉ. अंकुर मिश्रा ने वाद्ययंत्रों की प्रस्तुति दी। कथक और देवी गीतों ने बांधा समांइसके बाद पं. माता प्रसाद मिश्र, पं. रविशंकर मिश्र, डॉ. ममता टंडन और सोनी सेठ ने कथक की प्रस्तुति देकर मां की आराधना की। यथार्थ, रवींद्र सिंह, डॉ. अमलेश शुक्ला, व्यासजी मौर्य, महुआ बनर्जी और शैलबाला ने देवी गीत प्रस्तुत किए। वाद्ययंत्रों की मधुर धुन, कथक की भावपूर्ण प्रस्तुति और देवी गीतों से मंदिर परिसर का वातावरण देर शाम तक भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने हरियाली शृंगार में सजी मां अन्नपूर्णा के दर्शन कर सुख-समृद्धि और अन्न-धन की कामना की।
जौनपुर में जिलाधिकारी सैमुअल पाल एन. की अध्यक्षता में शुक्रवार को 3 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में कृषि विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस दौरान जिलाधिकारी ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत जनपद में एक भी आवेदन लंबित न रहने का निर्देश दिया। उन्होंने पात्र किसानों के आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए कहा। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि गांव-गांव और भीड़भाड़ वाले बाजारों में एलईडी या प्रचार वाहन के माध्यम से किसानों को जागरूक किया जाए। साथ ही, जनपद में मूली की फसल को बढ़ावा देने, किसानों को इसके उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने और जीआई टैग प्राप्त करने के प्रयास करने के निर्देश दिए गए। बैठक में डिजिटल क्रॉप सर्वे, फार्मर रजिस्ट्री, मृदा स्वास्थ्य परीक्षण और मृदा नमूना एकत्रीकरण सहित कृषि विभाग से संबंधित विभिन्न बिंदुओं की विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने भूमि संरक्षण अधिकारी को जनपद में जल संरक्षण की दिशा में तेजी से कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि जनपद के आठ ब्लॉक क्रिटिकल श्रेणी में हैं, इसलिए जल संरक्षण एवं भूजल स्तर में सुधार के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाकर कार्य किया जाए। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने इंटीग्रेटेड फार्मिंग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हो सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद के किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त हो, इसके लिए हर संभव प्रयास किए जाएं तथा किसानों को बाजार की उपलब्ध सुविधाओं और विभिन्न योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
देश के उच्च शिक्षा संस्थानों में बेहतर अकादमिक नेतृत्व और प्रशासनिक क्षमताएं विकसित करने के लिए आईआईटी कानपुर का नर्चरिंग फ्यूचर लीडरशिप प्रोग्राम (NFLP) बड़ी मिसाल बन रहा है। शिक्षा मंत्रालय के मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग प्रोग्राम (MMTTP) के तहत चलाए जा रहे इस खास कार्यक्रम से वर्ष 2026 में अब तक देशभर के 120 से ज्यादा शिक्षक और प्रोफेसर जुड़ चुके हैं। आईआईटी कानपुर के ऑफिस ऑफ आउटरीच एक्टिविटीज (OOA) द्वारा आयोजित यह 5 दिन का आवासीय (रेजिडेंशियल) कार्यक्रम है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रोफेसरों में संस्थान संचालन, वित्तीय फैसलों और पेशेवर क्षमताओं को मजबूत करना है, ताकि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के सपनों को साकार किया जा सके। आईआईएम, आईआईटी और केंद्रीय विश्वविद्यालयों के शिक्षक हुए शामिल मार्च से अगस्त 2026 के बीच आयोजित चार सत्रों में देश के नामी संस्थानों के प्रोफेसरों ने हिस्सा लिया। इनमें आईआईटी, एनआईटी, आईआईआईटी, आईआईएम, केंद्रीय व राज्य विश्वविद्यालयों और मेडिकल कॉलेजों के फैकल्टी सदस्य शामिल थे। इस दौरान प्रतिभागियों को आईआईटी कानपुर के निदेशक, उपनिदेशक, डीन और रजिस्ट्रार समेत कई वरिष्ठ अकादमिक हस्तियों से सीधे सीखने का मौका मिला। इसके अलावा बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित के. चतुर्वेदी, IISER भोपाल के संस्थापक निदेशक प्रो. वी. के. सिंह, TRAI के पूर्व अध्यक्ष प्रो. आर. एस. शर्मा और ABV-IIITM ग्वालियर के निदेशक प्रो. एस. एन. सिंह जैसे दिग्गजों ने अपने अनुभव साझा किए। बजट मैनेजमेंट से लेकर कैंपस में मेंटल हेल्थ तक की मिली ट्रेनिंग 5 दिनों की इस खास ट्रेनिंग के दौरान उच्च शिक्षा संस्थानों के कुशल संचालन से जुड़े कई गंभीर और व्यवहारिक विषयों पर बात की गई। सितंबर और नवंबर में होंगे अगले दो सत्र, पोर्टल से करें अप्लाईवर्ष 2026 के चार सफल सत्रों के बाद अब आईआईटी कानपुर इसके दो और सत्र आयोजित करने जा रहा है। अगला सत्र 14 से 18 सितंबर और उसके बाद 16 से 20 नवंबर को आयोजित किया जाएगा। संस्थान हर साल ऐसे 5 से 6 सत्र आयोजित करता है। आगामी सत्रों के लिए पात्र शिक्षक आईआईटी कानपुर के ऑफिस ऑफ आउटरीच एक्टिविटीज द्वारा संचालित NFLP पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।67 साल से अनुसंधान और शिक्षा में देश का नेतृत्व कर रहा IIT कानपुर1959 में स्थापित आईआईटी कानपुर भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय महत्व का अग्रणी संस्थान है। 1,050 एकड़ में फैले हरे-भरे कैंपस में 21 विभाग, 27 केंद्र और 3 विशेष स्कूल संचालित हैं। वर्तमान में 590 से ज्यादा पूर्णकालिक फैकल्टी और 9,500 से अधिक छात्र-छात्राएं यहाँ विज्ञान, इंजीनियरिंग, डिजाइन, मानविकी और प्रबंधन के क्षेत्रों में अनुसंधान और नवाचार को नई दिशा दे रहे हैं।
गांजा तस्करी में दो शातिर गिरफ्तार:5 किलो गांजा, 3200 रुपये नकद और बाइक बरामद
फतेहपुर जिले में पुलिस ने गांजा तस्करी के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 5 किलो 300 ग्राम अवैध गांजा, 3,200 रुपये नकद, एक मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल बरामद की है। दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की कार्रवाईकोतवाली प्रभारी हेमंत कुमार मिश्रा ने बताया कि शुक्रवार को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो युवक अवैध गांजा लेकर कहीं जाने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बक्थौरा ईदगाह के आगे मुगल रोड के पास घेराबंदी कर दोनों संदिग्धों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से गांजा, नकदी और अन्य सामान बरामद हुआ। शल्हा गांव के रहने वाले हैं दोनों आरोपीपुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोशन यादव (25) पुत्र श्यामलाल यादव और जीतू यादव (26) पुत्र राजेश यादव के रूप में हुई है। दोनों हुसैनगंज थाना क्षेत्र के शल्हा गांव के रहने वाले हैं। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे नौबस्ता स्थित भांग की दुकान के आसपास चोरी-छिपे गांजा बेचते थे। शहर में गांजा बेचने जा रहे थे आरोपीपुलिस के अनुसार दोनों आरोपी गांजा बेचने के लिए शहर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। पुलिस ने बरामदगी के आधार पर कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज किया है। धारा 8/20 और 29 में कार्रवाईपुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत कार्रवाई की है। बरामद गांजे के संबंध में धारा 29 भी लगाई गई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया है।
फर्रुखाबाद में पूर्व एमएलसी मनोज अग्रवाल को रक्षाबंधन के अवसर पर 500 से अधिक बहनों ने राखी बांधी। यह कार्यक्रम फतेहगढ़-फर्रुखाबाद मार्ग स्थित एक विद्यालय के प्रांगण में आयोजित किया गया। राखी बांधने वालों में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों की बहनें शामिल थीं। इस दौरान उनकी पत्नी वत्सला अग्रवाल भी मौजूद रहीं। मनोज अग्रवाल और उनकी पत्नी वत्सला अग्रवाल, जो नगर पालिकाध्यक्ष भी हैं, हर साल सामूहिक विवाह का आयोजन करते हैं। इस आयोजन में हिंदू लड़कियों का विवाह और मुस्लिम लड़कियों का निकाह होता है, जिसका पूरा खर्च वे स्वयं वहन करते हैं। इन सामूहिक विवाहों में शादी करने वाली लड़कियां हर साल रक्षाबंधन पर मनोज अग्रवाल को राखी बांधने आती हैं, जिससे बहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस वर्ष भी विद्यालय परिसर में बड़ी संख्या में बहनें राखी बांधने पहुंचीं। पूर्व एमएलसी मनोज अग्रवाल अपनी पत्नी वत्सला अग्रवाल और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, जहां बहनों ने पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। इसके बाद एक-एक कर बहनों ने मनोज अग्रवाल और उनकी पत्नी को राखी बांधी। राखी बंधवाने के बाद अग्रवाल दंपति ने सभी बहनों को रीति-रिवाज के साथ विदाई दी। इस अवसर पर पूर्व एमएलसी मनोज अग्रवाल ने कहा कि वे इन बहनों की शादी करते हैं और कन्यादान लेते हैं, इसलिए ये उन्हें सगे भाई जैसा प्रेम करती हैं। उन्होंने इसे भगवान की कृपा बताया और कहा कि आज वे जो कुछ भी हैं, वह इन बहनों के प्रेम और आशीर्वाद से ही है।
शिवपुरी में रक्षाबंधन के अवसर पर शुक्रवार को शिवपुरी सर्किल जेल में बंदियों और उनके परिजनों के बीच विशेष मुलाकात कराई गई। शासन की अनुमति के बाद बंदियों की माता और बहनों सहित अन्य परिजनों को जेल में प्रवेश दिया गया। उन्होंने बंदी भाइयों और परिजनों की कलाई पर राखी बांधकर रक्षाबंधन मनाया। जेल प्रशासन के अनुसार, रक्षाबंधन पर 272 बंदियों से कुल 1088 परिजनों ने मुलाकात की। इनमें 9 महिला बंदियों से हुई मुलाकातें भी शामिल रहीं। रक्षाबंधन पर बड़ी संख्या में परिजनों के पहुंचने को देखते हुए जेल प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। जेल गेट पर परिजनों की गहन जांच और तलाशी के बाद ही उन्हें प्रवेश दिया गया। मुलाकात के दौरान जेल अधिकारी और कर्मचारी लगातार निगरानी करते रहे। जेल प्रशासन ने बताया कि पूरी प्रक्रिया में विशेष सतर्कता बरती गई। जांच के दौरान किसी भी प्रकार की अवैध सामग्री बरामद नहीं हुई। राखी बांधकर मनाया पर्व, कई हुए भावुक मुलाकात के दौरान बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और उन्हें मिठाई खिलाकर रक्षाबंधन मनाया। लंबे समय बाद परिजनों से आमने-सामने मुलाकात होने पर कई बंदी और उनके परिवार के सदस्य भावुक नजर आए। पूरी मुलाकात जेल प्रशासन द्वारा निर्धारित नियमों के तहत कराई गई। मुलाकात का समय पूरा होने के बाद जेल प्रशासन ने सभी बंदियों की गिनती की और लॉकअप का मिलान किया। प्रक्रिया पूरी होने के बाद बंदियों को सुरक्षित रूप से उनके लॉकअप में वापस भेज दिया गया। जेल प्रशासन के अनुसार रक्षाबंधन पर आयोजित विशेष मुलाकात की पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
डीडवाना में नगर निकाय चुनावों को लेकर शिक्षा विभाग की ओर से स्वीप गतिविधियों के तहत मतदाता जागरूकता अभियान चलाया गया। इसी क्रम में पुरानी गोपाल गौशाला रोड के पास ‘एक राखी लोकतंत्र के नाम’ विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नागरिकों और राहगीरों को रक्षा सूत्र (राखी) बांधकर लोकतंत्र की रक्षा करने तथा योग्य और ईमानदार जनप्रतिनिधि चुनने का संदेश दिया गया। रक्षा सूत्र के साथ मतदान का संदेश कार्यक्रम के दौरान शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने लोगों से आगामी नगर निकाय चुनाव में बिना किसी भय, लालच या प्रलोभन के निष्पक्ष मतदान करने की अपील की। रक्षा सूत्र बांधने की पहल के जरिए मतदाताओं को लोकतांत्रिक व्यवस्था में उनकी जिम्मेदारी का अहसास कराया गया। तख्तियों के जरिए बच्चों ने किया जागरूक जागरूकता अभियान में बच्चों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। उन्होंने मतदान से जुड़े जागरूकता संदेशों वाली तख्तियां प्रदर्शित कर राहगीरों और नागरिकों को मताधिकार के महत्व से अवगत कराया। बच्चों ने लोगों को मतदान दिवस पर अनिवार्य रूप से अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया। शत-प्रतिशत मतदान की ली शपथ कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्थानीय नागरिक और बच्चे बड़ी संख्या में मौजूद रहे। समापन अवसर पर मौजूद सभी लोगों ने शत-प्रतिशत, निष्पक्ष और निर्भीक मतदान करने की शपथ ली। कार्यक्रम के माध्यम से आगामी नगर निकाय चुनाव में अधिक से अधिक मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का संदेश दिया गया।
अनूपपुर जिले में शुक्रवार को सावन पूर्णिमा के अवसर पर रक्षाबंधन का पर्व पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र की कामना की, जबकि भाइयों ने बहनों की रक्षा का संकल्प लिया। यह पर्व कोतमा, बदरा, भालूमाड़ा, राजनगर, बिजुरी, अमरकंटक, जैतहरी सहित जिले के विभिन्न ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में धूमधाम से मनाया गया। धार्मिक नगरी अमरकंटक में पूर्णिमा के अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं ने नर्मदा नदी में आस्था की डुबकी लगाई। उन्होंने मां नर्मदा के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि के लिए आशीर्वाद मांगा। इस दौरान बड़ी संख्या में पर्यटक भी अमरकंटक की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने पहुंचे थे। रक्षाबंधन को लेकर स्थानीय बाजारों में गुरुवार रात से ही रौनक थी। शुक्रवार दोपहर तक राखी और मिठाई की दुकानों पर लोगों की भीड़ खरीदारी करती दिखी। प्रशासन ने भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी। शुक्रवार सुबह से शाम तक नगरीय बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों पर बहनों की भीड़ अपने भाइयों के घर जाने के लिए उमड़ी रही। आवाजाही के कारण इन स्थानों पर काफी चहल-पहल देखी गई। अन्य वर्षों की तरह इस वर्ष भी अनूपपुर जेल में लगभग 500 बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने पहुंचीं। जेल प्रशासन ने सुरक्षात्मक व्यवस्थाओं के तहत कैंटीन से 250 रुपये की मिठाई सहित अन्य सामानों के पैकेट उपलब्ध कराए। बहनों ने जेल के अंदर भाइयों को राखी बांधी और उनका हालचाल जाना। जिला जेल अनूपपुर अधीक्षक इन्द्रदेव तिवारी ने बताया कि सुबह 9 बजे से शुरू की गई, जबतक बहनें आएंगी राखी बंधवाया जाएगा। दोपहर 2 बजे तक 380 बहनों ने राखी बांधे थे, इसके बाद भी 125 बहनें अपनी बारी का इंतजार कर रही थी। इस दौरान कई बहनों ने जेलर के साथ वहां मौजूद सुरक्षा प्रहरियों को भी राखी बांध उनको दुआएं दी।
गोविंद नगर स्थित संजय गेस्ट हाउस में 'बहन फाउंडेशन' के बैनर तले आयोजित नौ दिवसीय राखी महोत्सव के चौथे दिन शुक्रवार को बेहद भावुक और ऐतिहासिक नजारा देखने को मिला। पूर्व विधायक और वरिष्ठ भाजपा नेता अजय कपूर को राखी बांधने के लिए शहर के कोने-कोने से बहनों का सैलाब उमड़ पड़ा। चौथे दिन करीब 1350 बहनों ने अपने भाई अजय कपूर की कलाई पर रक्षा-सूत्र बांधकर जीवनभर सुरक्षा का वचन लिया। कार्यक्रम में बॉलीवुड की मशहूर फिल्म अभिनेत्री दीपशिखा नागपाल ने विशेष रूप से शिरकत की, जिन्हें देखकर महिलाओं और बहनों का उत्साह दोगुना हो गया। 'बहनें मेरी ताकत, यह सिर्फ राखी नहीं आपका अटूट विश्वास है', अजय कपूर सैकड़ों बहनों से मिले बेपनाह प्रेम और आशीर्वाद को देखकर पूर्व विधायक अजय कपूर मंच पर भावुक हो गए। उन्होंने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि बहनों के इस निस्वार्थ प्यार से उनकी आंखें भर आई हैं। अजय कपूर ने कहा कि यह केवल एक धागा या राखी नहीं है, बल्कि बहनों का उनके प्रति अटूट विश्वास और भरोसा है। उन्होंने कहा कि बहन फाउंडेशन कोई संस्था नहीं, बल्कि उनका अपना परिवार है। रक्षाबंधन हमारी भारतीय संस्कृति की आत्मा है और बहनों ने उन्हें इतना बड़ा परिवार देकर जीवनभर का ऋणी बना दिया है। बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपशिखा नागपाल बोलीं- 'मुंबई के बड़े इवेंट्स में भी नहीं देखा ऐसा सच्चा प्रेम' कार्यक्रम में पहुंचीं बॉलीवुड अभिनेत्री दीपशिखा नागपाल ने मंच से उतरकर बहनों के बीच पहुंचकर मुलाकात की और उनके साथ सेल्फी लीं। दीपशिखा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे मुंबई में कई बड़े-बड़े कार्यक्रमों में जाती हैं, लेकिन गोविंद नगर के इस राखी महोत्सव में जो सच्चा अपनापन और प्यार उन्होंने महसूस किया है, वह अविश्वसनीय है। उन्होंने अजय कपूर की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने राजनीति से ऊपर उठकर भाई-बहन के इस पवित्र रिश्ते को इतना बड़ा उत्सव बना दिया है। हर बहन के चेहरे की मुस्कान ही इस आयोजन की सबसे बड़ी सफलता है। ब्रह्माकुमारी बहनों और मंगलामुखी मन्नत मां ने भी बांधी राखीमहोत्सव के चौथे दिन प्रजापति ब्रह्माकुमारी आश्रम से आईं बहनों ने अजय कपूर को राखी बांधकर आशीर्वाद दिया। इसके अलावा मंगलामुखी मन्नत मां ने भी अजय कपूर की कलाई पर रक्षा-सूत्र बांधा और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।10 से ज्यादा इलाकों से पहुंचीं बहनें, गूंजते रहे राखी के गीतचौथे दिन शिव नगर गोविंद नगर, दादा नगर, हंसपुरम नौबस्ता, शास्त्री नगर, जूही लाल कॉलोनी, गुजैनी, कर्रही और जूही धोबी तालाब समेत कई इलाकों से महिलाएं पहुंचीं। इस दौरान मालती राजपूत, रानी कठेरिया, गीता सोनी, अरुणा तिवारी, चेतना, मीना शुक्ला, कुसुमा देवी, खुशी शर्मा, मुन्नी देवी मौर्या और खुशबू साहू समेत सैकड़ों बहनें मौजूद रहीं।
भिंड जिले के मेहगांव क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश के बाद झिलमिल और बैसली नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। जलस्तर बढ़ते ही ग्रामीण सड़कों पर बने चार पुल-पुलिया पानी में डूब गए हैं। इससे कई गांवों का सीधा संपर्क मेहगांव और आसपास के कस्बों से टूट गया है। ग्रामीणों को अब अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्गों से 20 से 30 किलोमीटर तक का अतिरिक्त सफर करना पड़ रहा है। खास बात यह है कि ये सभी पुल-पुलिया पिछले करीब दस साल के भीतर ही बनाए गए हैं। जलस्तर बढ़ने पर इनके डूबने से ग्रामीण विकास विभाग की निर्माण योजना और पुलों की ऊंचाई तय करने की इंजीनियरिंग पर सवाल खड़े हो रहे हैं। 1. गहेली कनाथर में झिलमिल नदी पर पुल डूबागहेली कनाथर के पास झिलमिल नदी का जलस्तर बढ़ने से पुल-पुलिया पानी में डूब गई है। इस मार्ग से सीधे मेहगांव जाने वाले ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हो गया है। अब लोगों को अमायन और मौ होकर गोरम-चिटावली के रास्ते मेहगांव पहुंचना पड़ रहा है। इससे ग्रामीणों का सफर पहले की तुलना में काफी लंबा हो गया है। 2. कुपावली में पानी पुल के ऊपरकुपावली के पास झिलमिल नदी पर बना पुल भी बढ़े जलस्तर की चपेट में आ गया है। सामान्य दिनों में ग्रामीण आजीमाता होते हुए सीधे मेहगांव पहुंच जाते हैं, लेकिन पुल डूबने के बाद यह रास्ता बंद हो गया है। अब गोरम-चिटावली होकर जाना पड़ रहा है। इससे मेहगांव पहुंचने की दूरी करीब 30 किलोमीटर से बढ़कर लगभग 50 किलोमीटर हो गई है। 3. बरासो में बैसली नदी पर बना पुल डूबाबरासो क्षेत्र में बैसली नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद नदी पर बना पुल डूब गया है। पहले ग्रामीण अमायन से सीधे मेहगांव पहुंच जाते थे, लेकिन पुल पर पानी आने के कारण सीधा रास्ता बंद हो गया है। अब लोगों को भिंड होकर मेहगांव जाना पड़ रहा है। इससे ग्रामीणों का सफर लगभग दोगुना हो गया है और समय के साथ ईंधन का खर्च भी बढ़ रहा है। 4. सुरूरू का पुल भी पानी में डूबासुरूरू गांव को जोड़ने वाला पुल भी बैसली नदी के बढ़े जलस्तर के कारण डूब गया है। पुल पर पानी आने से ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित है। मेहगांव जाने वाले लोगों को अब पहले भिंड और फिर वहां से मेहगांव जाना पड़ रहा है। इस वैकल्पिक रास्ते से करीब 20 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। ग्रामीण सुनील सिंह राजावत का कहना है कि इन क्षेत्रों में बने पुल-पुलिया कोई दशकों पुराने निर्माण नहीं हैं, बल्कि अधिकांश पुल पिछले करीब दस साल के भीतर बनाए गए हैं। इसके बावजूद बारिश के दौरान नदियों का जलस्तर बढ़ते ही इनके डूबने की स्थिति बन जाती है। इससे सवाल उठ रहा है कि पुलों की ऊंचाई तय करते समय नदी के कैचमेंट एरिया, पुराने बाढ़ स्तर और संभावित अधिकतम जलस्तर का पर्याप्त आकलन किया गया था या नहीं। रैलिंग और बाउंड्रीवाल तक नहीं, पानी आते ही खतरा बढ़ताइन पुलों पर एक और बड़ी खामी सामने आ रही है। कई पुल-पुलिया पर सुरक्षा के लिए पर्याप्त रैलिंग या बाउंड्रीवाल नहीं है। सामान्य दिनों में यह कमी भले ही नजर न आए, लेकिन नदी का पानी पुल के आसपास आते ही स्थिति खतरनाक हो जाती है। पानी बढ़ने के बाद पुल की चौड़ाई और सड़क का किनारा भी स्पष्ट दिखाई नहीं देता। ऐसे में दुर्घटना की आशंका को देखते हुए प्रशासन को आवागमन रोकना पड़ता है। पुल डूबते ही ग्रामीणों की बढ़ती परेशानीग्रामीणों के लिए इन पुलों का डूबना केवल रास्ता बंद होने तक सीमित नहीं है। किसानों को खेतों तक पहुंचने, विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज जाने और मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में परेशानी होती है। रोजमर्रा के काम के लिए मेहगांव आने-जाने वाले ग्रामीणों को भी लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ रहा है। इससे समय और परिवहन खर्च दोनों बढ़ रहे हैं। जलस्तर बढ़ने पर हर साल यही स्थितिग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में नदियों का जलस्तर बढ़ना सामान्य प्रक्रिया है। ऐसे में पुलों का निर्माण इस तरह होना चाहिए कि सामान्य बाढ़ के दौरान भी संपर्क मार्ग चालू रहे। यदि जलस्तर बढ़ने पर हर बार पुल डूब जाते हैं और कई दिनों तक रास्ता बंद रहता है तो निर्माण की गुणवत्ता के साथ-साथ पुल की डिजाइन और ऊंचाई की भी समीक्षा जरूरी है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से पुलों का तकनीकी निरीक्षण कराने और जरूरत के अनुसार ऊंचाई बढ़ाने की मांग की है।
खेत में काम कर रहे युवक को सांप ने डसा:सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर किया गया था
हाथरस में शुक्रवार दोपहर करीब 1 बजे खेत में काम कर रहे 24 साल के युवक को सांप ने डस लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे सीएचसी सादाबाद ले गए, जहां से जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामला सादाबाद कोतवाली क्षेत्र के नगला खाड़ा गांव का है। खेत में काम करते समय सांप ने डसा नगला खाड़ा गांव निवासी मनोज पुत्र नाहर सिंह दोपहर करीब 1 बजे खेत में काम कर रहा था। इसी दौरान सांप ने उसे डस लिया। सांप के डसते ही मनोज चीखने लगा और कुछ देर बाद बेहोश हो गया। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने घटना की जानकारी उसके परिवार को दी। सीएचसी के बाद जिला अस्पताल ले गए परिजन मनोज को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सादाबाद लेकर पहुंचे। उसकी हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे हाथरस के जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद मनोज को मृत घोषित कर दिया। मजदूरी करता था मनोज मनोज अविवाहित था और मजदूरी करके अपना जीवन चला रहा था। उसकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। अस्पताल प्रशासन ने घटना की जानकारी पुलिस को दे दी है। बरसात के मौसम में खेतों और आसपास के इलाकों में सांप निकलने के कारण सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं।
सिद्धार्थनगर में रक्षाबंधन के अवसर पर कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय नौगढ़ में शुक्रवार को भाई-बहन के स्नेह का अनूठा दृश्य देखने को मिला। विद्यालय की छात्राओं ने जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन को तिलक लगाया और उनकी कलाई पर राखी बांधी। इस दौरान जिलाधिकारी ने छात्राओं को मिठाई खिलाकर पर्व की खुशियां साझा कीं। छात्राओं ने उत्साह के साथ जिलाधिकारी की कलाई पर रक्षासूत्र बांधा। डीएम ने सभी बालिकाओं को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं और पर्व की महत्ता बताई। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन आपसी स्नेह, विश्वास और जिम्मेदारी का संदेश देता है। उन्होंने छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। मिठाई और उपहार पाकर खिल उठे चेहरे जिलाधिकारी ने छात्राओं को मिठाई खिलाकर उनका उत्साह बढ़ाया और उपहार भी दिए। गिफ्ट मिलने के बाद छात्राओं के चेहरे खुशी से खिल उठे। डीएम ने बालिकाओं से उनकी पढ़ाई और विद्यालय से जुड़ी व्यवस्थाओं के बारे में भी जानकारी ली। 'शिक्षा से सपने पूरे करें, आत्मनिर्भर बनें' जिलाधिकारी ने कहा कि बेटियां शिक्षा के माध्यम से अपने सपनों को पूरा करें और आत्मनिर्भर बनें। उन्होंने कहा कि बेटियों को आगे बढ़ने के लिए परिवार, समाज और प्रशासन की ओर से हर स्तर पर प्रोत्साहन मिलना जरूरी है। शिक्षा विभाग के अधिकारी और विद्यालय स्टाफ रहा मौजूद कार्यक्रम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेश कुमार, खंड शिक्षा अधिकारी नौगढ़ राम कुमार सिंह और जिला समन्वयक (बालिका शिक्षा) सुरेंद्र श्रीवास्तव मौजूद रहे। विद्यालय की वार्डन, पूर्णकालिक शिक्षिका, लेखाकार, रसोइया, चौकीदार, चपरासी समेत अन्य स्टाफ सदस्य भी कार्यक्रम में शामिल हुए। पूरे दिन उत्सव जैसा रहा माहौल रक्षाबंधन के मौके पर विद्यालय में पूरे दिन उत्सव जैसा माहौल बना रहा। छात्राओं और जिलाधिकारी के बीच हुए इस आत्मीय कार्यक्रम ने बालिकाओं के मन में सुरक्षा, विश्वास और प्रोत्साहन का भाव मजबूत किया।
मेरठ के हस्तिनापुर में एक शिक्षक द्वारा कक्षा दस के छात्र को बेरहमी से पीटने का मामला सामने आया है, जिसका वीडियो वायरल हो गया है। उसके स्वजन ने प्रधानाचार्य से शिकायत कर थाने में शिक्षक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
सिद्धार्थनगर में एक महिला से मोबाइल झपटने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से छीना गया मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद की गई है। इस घटना के बाद महिला के पति ने बदमाशों का करीब दो किलोमीटर तक पीछा किया था, जिसमें वे घायल हो गए थे। यह घटना 19 अगस्त की सुबह करीब 4:15 बजे पटनी जंगल टोला बघिहवा क्षेत्र में हुई। मनीषा देवी सड़क पर मोबाइल लेकर टहल रही थीं, तभी पीछे से बाइक पर सवार दो युवक आए। आरोप है कि उन्होंने मनीषा देवी के हाथ से मोबाइल छीन लिया और तेजी से भाग गए। मनीषा के शोर मचाने पर उनके पति श्रवण कुमार गुप्ता अपनी बाइक से बदमाशों का पीछा करने लगे। श्रवण कुमार ने बदमाशों का लगभग दो किलोमीटर तक पीछा किया। इसी दौरान उनकी बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई, जिससे उन्हें काफी चोटें आईं। उपचार के बाद उन्होंने पुलिस को घटना की सूचना दी, जिसके बाद आरोपियों की तलाश शुरू की गई। जांच के उपरांत पुलिस ने विजय सोनकर उर्फ गोलू पुत्र श्याम प्रकाश, निवासी गोपीजोत, थाना मोहाना को गिरफ्तार किया। उसके पास से मनीषा देवी से छीना गया मोबाइल और वारदात में प्रयुक्त अपाचे मोटरसाइकिल (UP55 AY 9691) बरामद की गई। पुलिस के अनुसार, घटना में दो युवक शामिल थे। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर दूसरे युवक की भूमिका की भी जांच की जा रही है। विजय सोनकर को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद न्यायालय में पेश किया गया। यह कार्रवाई प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार सिंह के नेतृत्व में की गई। टीम में उप निरीक्षक सुरेश राम, हेड कांस्टेबल विवेक गुप्ता, कांस्टेबल अर्जुन यादव और कांस्टेबल अंकित कुमार शामिल थे।
चित्रकूट में शुक्रवार को शुक्लयजुर्वेदीय माध्यंदिनी शाखा के ब्राह्मणों ने प्राचीन वैदिक परंपरा के अनुसार श्रावणी उपाकर्म विधि-विधान से संपन्न किया। यह कार्यक्रम श्री भागवत मंडल संस्कृत विद्यालय मऊ के प्राचार्य आनंद राज त्रिपाठी के नगर पंचायत मऊ स्थित आवास पर आयोजित किया गया। इसमें बड़ी संख्या में ब्राह्मण, श्रद्धालु और प्रबुद्धजन शामिल हुए। धार्मिक अनुष्ठान वैदिक आचार्य चंदन देव त्रिपाठी के आचार्यत्व में संपन्न हुआ। सर्वप्रथम हेमाद्रि संकल्प कराया गया, जिसके बाद मां कालिंदी के तट पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दशविधि स्नान किया गया। देव, ऋषि और पितृ तर्पण के उपरांत, अनुष्ठान के अगले चरण में प्राचार्य आनंद राज त्रिपाठी के आवास पर अरुंधती सहित सप्त ऋषियों का विधि-विधान से पूजन किया गया। इसके पश्चात सामूहिक रूप से यज्ञोपवीत का पूजन कर उसे धारण किया गया। आचार्यों ने श्रावणी उपाकर्म के धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे सनातन ऋषि परंपरा, आत्मशुद्धि और वैदिक संस्कारों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण अवसर बताया। श्रद्धालुओं ने पूजन-अर्चन कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की तथा वैदिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। यह धार्मिक आयोजन श्री भागवत मंडल संस्कृत विद्यालय, धाता फतेहपुर के संस्कृत शिक्षक आचार्य चंदन देव त्रिपाठी के निर्देशन में संपन्न हुआ। इस अवसर पर राम भूषण मिश्र, चंद्रमा प्रसाद पांडेय, पं. नवल किशोर त्रिपाठी, पं. गुड्डन शास्त्री, आचार्य अम्बरीष जी, श्रवण पांडेय, लाला भार्गव, कपिल देव त्रिपाठी, विष्णु देव त्रिपाठी, अक्षय मिश्र उर्फ शंकुल, अवनीश पांडेय, प्रियांशु पांडेय, एडवोकेट आनंद राज मिश्र, आदित्य नारायण मिश्र, उदित मिश्र और सपा यूथ बिग्रेड के प्रदेश सचिव अजय राज त्रिपाठी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
स्पीड ब्रेकर पर बाइक फिसलने से महिला घायल:संभल मार्ग पर भाई के घर जाते समय हुआ हादसा
सम्भल। रक्षाबंधन के दिन भाई को राखी बांधने मायके जा रही एक महिला सड़क हादसे में घायल हो गई। संभल मार्ग पर लाडम सराय के पास स्पीड ब्रेकर पर बाइक का संतुलन बिगड़ने से वह सड़क पर गिर गई। परिजनों ने घायल महिला को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। थाना हयातनगर क्षेत्र के गांव फतेहपुर उतमा निवासी राजवीर अपनी पत्नी मलूकी के साथ शुक्रवार शाम करीब 4 बजे बाइक से ताजपुर स्थित अपने मायके जा रहे थे। मलूकी रक्षाबंधन पर अपने भाई को राखी बांधने जा रही थीं। संभल मार्ग पर लाडम सराय के पास बने स्पीड ब्रेकर पर अचानक बाइक का संतुलन बिगड़ गया। इससे बाइक पर पीछे बैठी मलूकी सड़क पर गिर गईं और घायल हो गईं। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर महिला को संभाला। हादसे की सूचना मिलते ही परिजन भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने घायल मलूकी को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। हादसे के कारण कुछ देर के लिए सड़क पर लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। घायल महिला का अस्पताल में उपचार जारी है। समय पर अस्पताल पहुंचने से उन्हें आवश्यक चिकित्सा सहायता मिल सकी।
कासगंज जिला कारागार में रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर बंदियों के परिजनों का स्वागत किया गया। यह कार्यक्रम अपराध निरोधक समिति, कासगंज द्वारा आयोजित किया गया, जिसका निर्देशन जेल अधीक्षक शैलेंद्र प्रताप सिंह ने किया। जेल अधीक्षक शैलेंद्र प्रताप सिंह ने इस मौके पर कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और सुरक्षा का पवित्र पर्व है। उन्होंने बहनों के सम्मान, सहयोग और उनके सुख-दुख में साथ देने को हमारा कर्तव्य बताया। लायंस क्लब अध्यक्ष, कर्मचारी संघ के राष्ट्रीय महासचिव और जिला अपराध निरोधक समिति के प्रभारी विजय राजपूत ने कहा कि रक्षाबंधन केवल रक्षा का वचन नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी का संदेश भी देता है। सचिव/जेल पर्यवेक्षक कौशल किशोर सिंघल ने अपने संबोधन में कहा कि बहनों के प्रति सम्मान और सेवा की भावना परिवार एवं समाज को मजबूत बनाती है। जेलर कमलेंद्र प्रताप सिंह ने निस्वार्थ भाव से जरूरतमंदों की सहायता को सच्ची मानव सेवा बताया। कार्यक्रम के दौरान कारागार में बंदियों के परिवारों से मिलने आईं बहनों को शरबत पिलाकर और बच्चों को बिस्कुट वितरित कर स्वागत किया गया। इस अवसर पर डिप्टी जेलर उमेश चंद शर्मा, विजय सिंह सहित जेल स्टाफ और अपराध निरोधक समिति के पदाधिकारी मौजूद रहे।
धार में शुक्रवार को भोजशाला परिसर और उससे सटी खसरा नंबर 612 की जमीन पर दोनों समुदायों के धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार मुस्लिम समुदाय ने खसरा नंबर 612 पर जुमे की नमाज अदा की, जबकि भोजशाला परिसर के अंदर हिंदू समुदाय ने हनुमान चालीसा का पाठ किया। दोनों आयोजनों में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए भोजशाला और आसपास के क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात रहा। इस बार जुमे की नमाज में शामिल होने वालों की संख्या पिछली बार की तुलना में अधिक नजर आई। देखिए चार तस्वीरें… रास्ते पर नमाज की कोशिश, पुलिस ने रोका जुमे की नमाज के दौरान कुछ नमाजी खसरा नंबर 612 के पास स्थित रास्ते पर दरी बिछाकर नमाज पढ़ने का प्रयास कर रहे थे। मौके पर मौजूद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने उन्हें रोकते हुए बताया कि यह रास्ता है और यहां नमाज अदा करने की अनुमति नहीं है। पुलिस के समझाने के बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों ने निर्धारित स्थान पर ही नमाज अदा की और स्थिति सामान्य रही। नमाज के बाद कमाल मौला की दरगाह पहुंचे भोजशाला परिसर में हिंदू समुदाय की ओर से हनुमान चालीसा का पाठ भी शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। जुमे की नमाज पूरी होने के बाद मुस्लिम समुदाय के लोग कमाल मौला की दरगाह पहुंचे और सजदा किया। भोजशाला-खसरा नंबर 612 से जुड़े मामले में मुस्लिम समुदाय की ओर से दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 29 अगस्त को निर्धारित है। प्रशासन ने दोनों आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया था।
ललितपुर के पार्श्वनाथ जैन अटा मंदिर में मुनि विशदसागर महाराज और मुनि शिवसागर महाराज के सानिध्य में वात्सल्य पर्व रक्षाबंधन संपन्न हुआ। इस अवसर पर आयोजित धर्म सभा को संबोधित करते हुए मुनि विशद सागर महाराज ने रक्षाबंधन के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जैन धर्म में रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का पर्व नहीं है, बल्कि यह धर्म, संयम और साधु-संतों की रक्षा का पावन संकल्प दिवस है। यह पर्व हमें अपने भीतर धर्म की रक्षा करने और दूसरों के जीवन में भी धर्म की ज्योति प्रज्वलित करने की प्रेरणा देता है। मुनि महाराज ने बताया कि श्रावण मास की पूर्णिमा का यह दिन जैन परंपरा में एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायी प्रसंग से जुड़ा है। प्राचीन काल में हस्तिनापुर में आचार्य श्री अकंपनाचार्य सहित 700 दिगंबर मुनिराजों पर राजा बलि आदि के मंत्रियों द्वारा घोर उपसर्ग (संकट) किया गया था। मुनिराजों ने उन प्रतिकूल परिस्थितियों में भी अपने संयम, धैर्य और आत्मबल को नहीं छोड़ा, तथा धर्म और साधना का मार्ग नहीं त्यागा। इस संकट की घड़ी में महामुनि विष्णु कुमार ने अपनी ऋद्धि और तपोबल के माध्यम से उन साधु-संतों की रक्षा की और राजा बलि के अहंकार को शांत किया। उपसर्ग समाप्त होने के बाद मुनिराजों को विधिपूर्वक आहार कराया गया, जिस पर श्रावकों ने हर्ष व्यक्त किया। इसी ऐतिहासिक घटना की स्मृति में जैन समाज में रक्षाबंधन पर्व को विशेष धार्मिक भावना के साथ मनाने की परंपरा चली आ रही है। श्रावकों ने प्रभु अभिषेक शांति धारा की और वात्सल्य महापर्व पर पूजन विधान संपन्न किए। यह पूजन पं. प्रदीप कुमार शास्त्री (बाहुबली नगर) की देखरेख में समर्पित किए गए। मुनि उपसर्ग निवारण विधान में द्रव्य पुण्यार्जक के रूप में जिनेंद्र जैन महेंद्र मयूर रहे। जैन पंचायत के अध्यक्ष डॉ. अक्षय टडैया ने वात्सल्य के महापर्व पर समाजजनों से धर्म एवं धर्मायतों की रक्षा के लिए एकजुट रहने का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम का संचालन प्रबंधक मनोज जैन बबीना द्वारा किया गया। धर्मसभा में प्रमुख रूप से जैन पंचायत के अध्यक्ष डॉ अक्षय जैन टडै़या, महामंत्री आकाश जैन, शीलचन्द अनोरा,अनिल जैन अंचल,अखिलेश गदयाना, सयोंजक सनत जैन खजुरिया, अटा मंदिर प्रबंधक अजय जैन गंगचारी मनोज जैन बबीना, त्यागीवृत्ति संयोजक अमित जैन सराफ, प्रतीक इमलिया,राकेश जैन रिंकू, सजल जैन जौली, सुमित खजुरिया, दिलीप चोधरी, अनन्त सराफ सहित जैन समाज की सभी श्रेष्ठीगण मौजूद रहे।
कानपुर में बारिश के बाद शहर में जगह-जगह जलभराव को लेकर अब जनप्रतिनिधि और नेता अलग-अलग अंदाज में विरोध जता रहे हैं। कोई सड़क पर जलभराव के बीच बैठकर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है तो कोई बारिश में भीगते हुए सड़क पर उतर रहा है। शुक्रवार को कांग्रेस जिलाध्यक्ष उत्तर पवन गुप्ता ने फूलबाग स्थित एलआईसी चौराहे पर जलभराव के बीच कागज की नाव चलाकर नगर निगम के दावों पर सवाल उठाए। भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष कौशल बाल्मिकी और भाजपा पार्षद ने भी जलभराव को लेकर अलग-अलग तरीके से विरोध जताया था। फूलबाग में कागज की नाव चलाकर प्रदर्शन कांग्रेस जिलाध्यक्ष उत्तर पवन गुप्ता शुक्रवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ फूलबाग स्थित एलआईसी चौराहे पहुंचे। यहां बारिश के पानी में जलभराव के बीच उन्होंने कागज की नाव चलाई। पवन गुप्ता ने कहा कि शहर में हुआ जलभराव नगर निगम के भ्रष्टाचार को उजागर कर रहा है। नगर निगम ने करोड़ों रुपए के टेंडर के जरिए नालों की सफाई कराने का दावा किया था। इसके बावजूद बारिश होते ही शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। उन्होंने कहा कि नगर निगम के इन्हीं दावों का विरोध करने के लिए कागज की नाव चलाकर अनोखा प्रदर्शन किया गया है। नगर निगम को जलभराव की समस्या खत्म करने के लिए ठोस प्लान तैयार करना चाहिए, जिससे शहर की जनता को राहत मिल सके। भीम आर्मी प्रदेश उपाध्यक्ष सड़क के जलभराव में बैठ गए गुरुवार को भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष कौशल बाल्मिकी ने काकादेव में जलभराव के बीच बैठकर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। बारिश के बीच जलभराव में बैठने का उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। कौशल बाल्मिकी ने सवाल उठाया कि काकादेव की सड़क पर बने गड्ढों और महज 30 मिनट की बारिश में सड़क के तालाब बन जाने का जिम्मेदार आखिर कौन है। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार और लापरवाही के कारण आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पार्षद बोले- नाला रोकने के लिए करोड़ों की दीवार, फिर भी जलभराव गुरुवार को ग्वालटोली वार्ड नंबर-4 के भाजपा पार्षद अंकित मार्य भी अपने वार्ड में जलभराव का जायजा लेने बारिश के बीच निकल पड़े। उन्होंने ग्वालटोली इलाके में जलभराव का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर कर नगर निगम की व्यवस्था पर सवाल उठाए। अंकित मार्य ने कहा कि इलाके में जलभराव की मुख्य वजह लापरवाही है। उन्होंने दावा किया कि एक नाले को रोकने के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर दीवार बना दी गई, लेकिन इसके बावजूद थोड़ी देर की बारिश में ही सड़क तालाब में तब्दील हो जाती है।
जालोर के आंवलोज गांव में श्री क्षत्रिय युवक संघ के चार दिवसीय शिविर का समापन हुआ। संभाग प्रमुख अर्जुनसिंह देलदरी ने कहा कि क्षत्रिय जीवन कर्तव्य और दायित्व पालन की कहानी है। क्षत्रियोचित गुणों को फिर से जागृत करने के उद्देश्य से शिविर में संस्कार और गुणों का अभ्यास कराया गया। उन्होंने शिविर में बने पारिवारिक भाव को जीवन में बनाए रखने और वर्तमान वातावरण से बचने की बात कही। शिविर के दौरान राष्ट्रनायक दुर्गादास राठौड़ की जयंती भी मनाई गई। अतिरिक्त कलेक्टर राजेंद्र सिंह चांदावत ने कहा कि महापुरुषों की जयंती तभी सार्थक है, जब उनके जीवन से प्रेरणा लेकर उसे आचरण में उतारा जाए। समारोह को मंगल सिंह सिराणा, गजेंद्रपाल सिंह पोषाणा, भंवर सिंह थलुन्डा, नरपत सिंह आंवलोज और गोविंद सिंह रटुजा ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में विभिन्न समाजों के लोग और मातृशक्ति मौजूद रहे। बागरा पुलिस ने स्थाई वारंटी पकड़ाबागरा थाना पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे स्थाई वारंटी विजेन्द्र कुमार उर्फ विजय कुमार उर्फ महावीर पुत्र भोमाराम माली, निवासी शंकर वाटिका के पास, जालोर को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपी थाना बागरा के प्रकरण संख्या 12/2025 में स्थाई वारंटी था। यह कार्रवाई जिला एसपी शैलेन्द्र सिंह इंदौलिया के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। एएसपी मोटाराम गोदारा और वृत्ताधिकारी गौतम जैन के सुपरविजन और थानाधिकारी मोहनलाल गर्ग के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी को गिरफ्तार किया। टीम में हेड कॉन्स्टेबल भंवरसिंह, कॉन्स्टेबल नरेन्द्रसिंह और अमन सहारण शामिल रहे।
ललितपुर में रक्षाबंधन के अवसर पर शुक्रवार सुबह से ही रोडवेज डिपो पर महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं को दी गई निशुल्क यात्रा सुविधा के बावजूद, बस अड्डे पर यात्रियों का भारी हुजूम देखा जा रहा है। शुक्रवार को बस स्टैंड पर तालबेहट, झांसी और महरौनी जैसे विभिन्न शहरों व कस्बों के लिए यात्रा कर रही महिलाओं की भारी भीड़ थी। रोडवेज बसों में सीट पाने के लिए महिलाएं और पुरुष एक-दूसरे के साथ धक्का-मुक्की करते नजर आए। बसें अपनी क्षमता से अधिक यात्रियों को लेकर चल रही थीं। यात्रियों को बसों में जगह नहीं मिल पा रही थी। चढ़ने के लिए लोग धक्का-मुक्की कर रहे थे। महिलाओं और बच्चों को भी काफी मशक्कत करनी पड़ रही थी। जब वे गेट से अंदर नहीं जा पाए, तो खिड़कियों का सहारा लिया। कई यात्री अपने बच्चों को खिड़की से अंदर बिठाते दिखे। उत्तर प्रदेश सरकार ने रक्षाबंधन के लिए 56 घंटे की निशुल्क यात्रा सुविधा प्रदान की है। यह सुविधा गुरुवार से शुरू होकर शनिवार दोपहर 12 बजे तक जारी रहेगी। इस योजना के तहत, महिलाओं के साथ यात्रा कर रहे एक पुरुष सहयोगी को भी निशुल्क यात्रा की अनुमति दी गई है। इन पुरुष यात्रियों को महिलाओं के साथ यात्रा करने पर टिकट नहीं लगेगा।
श्रावस्ती जिला कारागार भिनगा में शुक्रवार को रक्षाबंधन पर्व मनाया गया। जहाँ बड़ी संख्या में बहनें अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए कारागार पहुंचीं। सुबह से ही बहनों का आना जारी रहा। जेल प्रबंधन ने 4:00 बजे के बाद बताया कि करीब 600 महिलाओं ने अपने भाइयों को अब तक राखी बांधी है। जेल प्रशासन के अनुसार, शाम तक करीब 700 महिलाओं के कारागार पहुंचने की उम्मीद है, जो विभिन्न मामलों में निरुद्ध अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बंधेंगी। यह कार्यक्रम जेल अधीक्षक राजकुमार और जेलर अवधेश प्रसाद की मौजूदगी में आयोजित किया गया। श्रावस्ती सहित अन्य जिलों के बंदी भी इस कारागार में निरुद्ध हैं। लंबे समय बाद अपने भाइयों से मिलने पर कई बहनें भावुक हो गईं। उन्होंने भाइयों के सुखद भविष्य की कामना की। वही भाई भी अपने परिवार के गले लगकर भावुक दिखाई दिए। कारागार प्रशासन ने आने वाली बहनों और परिजनों के लिए शीतल जल और मिठाई की व्यवस्था की थी। पर्व को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। जेल के शिक्षा अध्यापक पंकज पांडेय भी व्यवस्थाओं में मौजूद रहे।
हरियाणा के पूर्व खेल मंत्री और भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान संदीप सिंह के खिलाफ चल रहे यौन उत्पीड़न मामले में अब दुष्कर्म के प्रयास की धाराएं जोड़ने की मांग की गई है। महिला कोच ने चंडीगढ़ जिला अदालत में अर्जी दाखिल कर IPC की धारा 376 और 511 जोड़ने की मांग की है। अदालत इस अर्जी पर 4 नवंबर को सुनवाई करेगी। महिला कोच का कहना है कि उसके साथ केवल छेड़छाड़ नहीं हुई थी, बल्कि दुष्कर्म का प्रयास भी किया गया था। इसलिए मामले में दुष्कर्म के प्रयास की धाराएं भी लगनी चाहिए। इससे पहले चंडीगढ़ पुलिस भी ऐसी ही मांग को लेकर अदालत में अर्जी दे चुकी है, लेकिन निचली अदालत ने उसे खारिज कर दिया था। अब पीड़िता ने खुद अदालत का रुख किया है। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला...
रक्षाबंधन के अवसर पर झुंझुनूं में शहीदों की प्रतिमाओं पर बहनों ने राखी बांधकर उन्हें याद किया। अणगासर और मेहरादासी गांव में हुए इन कार्यक्रमों में शहीदों के परिजन और ग्रामीण मौजूद रहे। इस दौरान माहौल भावुक हो गया। अणगासर गांव में शहीद दिलीप कुमार थाकन की बहन सुनीता ने शहीद स्मारक पहुंचकर भाई की प्रतिमा पर तिलक लगाया और माला पहनाई। इसके बाद उन्होंने प्रतिमा की कलाई पर राखी बांधी। शहीद की भांजियां भारती और ममता ने भी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। दिलीप कुमार थाकन सेना में भर्ती होने के करीब डेढ़ साल बाद कारगिल युद्ध के दौरान पुंछ जिले में आतंकियों से मुकाबला करते हुए शहीद हुए थे। उनकी शहादत के बाद से परिवार हर रक्षाबंधन पर स्मारक स्थल पहुंचकर उन्हें राखी बांधता है। अब देखिए- भावुक कर देने वाली 2 तस्वीरें सुरेंद्र मोगा की प्रतिमा पर भी बांधी राखीमेहरादासी गांव में 'ऑपरेशन सिंदूर' के शहीद सार्जेंट सुरेंद्र कुमार मोगा की प्रतिमा पर उनकी बहनों ने राखी बांधी। बहनें सुमन, सुनीता और विद्या स्मारक स्थल पहुंचीं। उन्होंने प्रतिमा पर तिलक लगाया, आरती उतारी और राखी बांधी। इस दौरान शहीद की माता नानू देवी, पत्नी सीमा देवी, पुत्र दक्ष और पुत्री वर्तिका ने भी प्रतिमा पर नमन किया। शहीद के चाचा प्यारेलाल और शिवचंद, भाई रवि, संजीव और राजेश सहित परिवार के अन्य सदस्य और ग्रामीण भी मौजूद रहे। शहीद सार्जेंट सुरेंद्र कुमार मोगा को वायु सेना मेडल से भी सम्मानित किया गया था। रक्षाबंधन पर शहीदों की प्रतिमाओं पर बांधी गई राखी ने उनके परिजनों और ग्रामीणों को उनके बलिदान की याद दिलाई। इस दौरान परिवार के सदस्यों की आंखें भी नम हो गईं।
रतलाम के जावरा क्षेत्र से चोरी हुई चार बाइक पुलिस को कंजर डेरो के पास खाई के अंदर झाड़ियों में से मिली है। चोरों ने बाइक चुराकर छिपाकर रखी थी। बरामद चारों बाइक की कीमत करीब 2 लाख 85 हजार रुपए है। पुलिस चोरों की तलाश में जुटी है। जावरा सीएसपी युवराजसिंह चौहान ने बताया 17 और 18 अगस्त की दरमियानी रात ग्राम केरवासा से दो बाइक चोरी हो गई थी। इसके बाद 23 और 24 अगस्त की मध्यरात्रि में ग्राम उपलई से भी अज्ञात बदमाश दो बाइक चुरा ले गए थे। फरियादियों की शिकायत पर थाना औद्योगिक क्षेत्र जावरा में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ केस दर्ज किया था। एसपी अमित कुमार के निर्देश पर फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम जांच में जुटी है। सीसीटीवी से मिला सुरागपुलिस टीम ने जांच के दौरान घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों खंगाले। संदिग्धों के हुलिए और उनकी गतिविधियों के आधार पर पुलिस ने राजस्थान की ओर जाने वाले सड़क मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फूटेच चैक किए। पुलिस टीम ने 26 और 27 अगस्त को लाखाखेड़ी क्षेत्र के कंजर डेरे के आसपास सर्चिंग करते दबिश दी। तलाशी के दौरान डेरे के समीप बनी एक खाई में झाड़ियों के बीच छिपाकर रखी गई चोरी की 4 बाइक पुलिस को मिल गई। सीएसपी के अनुसार बदमाशों की तलाश की जा रही है। यह बाइक मिली
‘ऑरा मिस एंड मिसेज इंडिया ग्रैंड फिनाले सीजन-9’ का आयोजन जयपुर के अनंत महल में हुआ। प्रतियोगिता के मिस कैटेगिरी में नेहा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑरा मिस इंडिया का खिताब अपने नाम किया। वहीं रशी फर्स्ट रनरअप और जसकीरत सेकंड रनरअप रहीं। मिसेज कैटेगरी में कल्पना अभिलाष ने ऑरा मिसेज इंडिया का खिताब जीता। इसके अलावा शमा सिंह और स्वीटी ने भी अपनी शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों और निर्णायकों का ध्यान आकर्षित किया और उन्हें सम्मानित किया गया। ऑरा प्रोडक्शंस की ओर से आयोजित ग्लैमर, फैशन और आत्मविश्वास से सजे इस ब्यूटी पेजेंट में देशभर से आईं करीब 50 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में युवा प्रतिभागियों के साथ महिलाओं ने भी पूरे आत्मविश्वास के साथ रैंप पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। ग्रैंड फिनाले का प्रमुख आकर्षण बॉलीवुड और साउथ इंडस्ट्री की अभिनेत्री निधि अग्रवाल की मौजूदगी रही। उन्होंने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया। देखिए इवेंट की PHOTOS निधि अग्रवाल ने कहा- महिलाओं का आगे आना खास बात अभिनेत्री निधि अग्रवाल ने प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि ऑरा मिस एंड मिसेज इंडिया महिलाओं और लड़कियों के लिए एक बड़ा प्लेटफॉर्म है। देशभर से महिलाएं और लड़कियां इसमें हिस्सा ले रही हैं। खास तौर पर महिलाओं का आगे आकर अपनी नई दिशा तय करना बेहद खास है। उन्होंने कहा कि इन प्रतिभागियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण पल है। परिवारों का उन्हें सपोर्ट मिलना भी बड़ी बात है। निधि ने सभी प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य और सफलता की कामना की। ‘मैं अग्रवाल हूं, इसलिए राजस्थान से जुड़ाव महसूस होता है’ जयपुर से अपने जुड़ाव को लेकर निधि अग्रवाल ने कहा कि वह खुद अग्रवाल हैं और राजस्थान से उनका एक खास जुड़ाव महसूस होता है। उन्होंने बताया कि जयपुर में उनका यह पहला दौरा है, लेकिन यहां आने के बाद उन्हें इस जगह से किसी न किसी तरह का अपना जुड़ाव महसूस हो रहा है। निधि ने कहा कि वह अगले महीने फिर जयपुर आने वाली हैं, जहां एक प्रोजेक्ट की शूटिंग होनी है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अब उन्हें लग रहा है कि वह जयपुर पहले क्यों नहीं आईं, उन्हें यहां पहले भी आना चाहिए था। फैशन और आत्मविश्वास का दिखा संगम ग्रैंड फिनाले के दौरान प्रतिभागियों ने अलग-अलग राउंड में अपनी प्रतिभा, व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और स्टेज प्रेजेंस का प्रदर्शन किया। रैंप पर प्रतिभागियों का ग्लैमरस अंदाज देखने को मिला। खास बात यह रही कि प्रतियोगिता में महिलाओं ने भी पूरे आत्मविश्वास के साथ हिस्सा लिया और यह संदेश दिया कि उम्र और जिम्मेदारियां किसी महिला के सपनों के रास्ते में बाधा नहीं बन सकतीं। ऑरा प्रोडक्शंस के डायरेक्टर पीयूष अग्रवाल ने बताया कि प्रतियोगिता का उद्देश्य महिलाओं और युवतियों को अपनी प्रतिभा और व्यक्तित्व को बड़े मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर देना है। ग्रैंड फिनाले में प्रतिभागियों के परिवार और अतिथियों ने भी उनका उत्साह बढ़ाया।
हिमाचल में राखी बांधने निकलीं बहनें, HRTC बसों में मुफ्त किया यात्रा; खाली घूमते रहीं प्राइवेट बसें
रक्षाबंधन पर हिमाचल प्रदेश में महिलाओं ने एचआरटीसी की बसों में मुफ्त यात्रा का लाभ उठाया, जिससे भाइयों के घर पहुंचने में आसानी हुई।
मंदसौर जिला जेल में रक्षाबंधन के अवसर पर शुक्रवार को बड़ी संख्या में बहनें अपने बंदी भाइयों से मिलने पहुंचीं। सुबह से ही जेल पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और उन्हें अच्छे मार्ग पर चलने तथा अपराध से दूर रहने का संकल्प दिलाया। जेल में बंद 800 से अधिक पुरुष बंदियों को उनकी बहनों ने राखी बांधी। वहीं, करीब 20 महिला बंदियों के भाई भी उनसे राखी बंधवाने के लिए जेल पहुंचे। रक्षाबंधन के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों से भी बहनें और उनके परिजन मंदसौर पहुंचे। जेल अधीक्षक यशवंत कुमार मांझी ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार रक्षाबंधन के लिए जेल में विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। बहनों को बंदी भाइयों से प्रत्यक्ष मुलाकात कर राखी बांधने की अनुमति दी गई। उन्होंने बताया कि दोपहर तक 1500 से अधिक बहनें अपने भाइयों को राखी बांध चुकी थीं। देर शाम तक यह संख्या 2 हजार से अधिक पहुंचने की उम्मीद थी। घर की मिठाई पर रोक, सिर्फ पैकिंग वाली मिठाई की अनुमति बंदियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को देखते हुए मिठाई को लेकर विशेष नियम बनाए गए थे। बहनों को मावा और घर पर बनी मिठाइयां जेल के अंदर ले जाने की अनुमति नहीं थी। वे केवल पैकिंग वाली मिठाइयां, जैसे बेसन के लड्डू और सोन पपड़ी ही भाइयों के लिए ले जा सकीं। बड़ी संख्या में लोगों के जेल पहुंचने को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। जेल बल के साथ पुलिस और ट्रैफिक पुलिस की भी तैनाती की गई। जेल परिसर में निर्धारित स्थानों पर बंदियों और उनके परिजनों की मुलाकात कराई गई, ताकि व्यवस्था सुचारु बनी रहे। तबीयत बिगड़ने पर डॉक्टर और एंबुलेंस की व्यवस्था रक्षाबंधन पर लंबे समय बाद बंदी भाइयों से मिलकर कई बहनें भावुक हो गईं। ऐसी स्थिति में किसी की तबीयत बिगड़ने पर तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के लिए जेल प्रशासन ने डॉक्टर और एंबुलेंस की व्यवस्था भी की थी। आगंतुकों की सुविधा के लिए जेल परिसर में शौचालय सहित अन्य जरूरी व्यवस्थाएं भी की गई थीं। जेल अधीक्षक ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार सुरक्षा, स्वास्थ्य और मुलाकात से जुड़ी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।
नेपाल में आए सैलाब में बलिया के एक परिवार की खुशियां छीन लीं। नुवाकोट जिले के त्रिशूली बाजार में करीब 40 वर्षों से रह रहे रसड़ा के पन्नालाल चौरसिया की पत्नी उषा और 18 साल का बेटा राहुल सैलाब की चपेट में आने के बाद लापता हैं। हादसे में पन्नालाल की कपड़े की दुकान, गोदाम, जरूरी कागजात और इंडियन एम्बेसी से संबंधित दस्तावेज भी बह गए। नेपाली प्रशासन और राहत-बचाव दल दोनों की तलाश में जुटे हैं। परिवार को अब भी उनके सकुशल मिलने की उम्मीद है। सिलसिलेवार जानिए पूरा मामला सुबह 6 बजे बेटे ने पिलाई चाय, फिर एक्सरसाइज के लिए निकले पन्नालाल के मुताबिक, 26 अगस्त की सुबह करीब छह बजे राहुल रोज की तरह उनके लिए चाय बनाकर लाया था। उन्होंने बेटे के हाथ की चाय पी। इसके बाद वह एक्सरसाइज और दवा संबंधी काम के लिए बाहर निकल गए। उस समय पत्नी उषा देवी और राहुल दुकान पर ही मौजूद थे। राहुल पढ़ाई के साथ पिता की कपड़े की दुकान में भी हाथ बंटाता था। पन्नालाल को क्या पता था कि बेटे के साथ यह उनकी आखिरी मुलाकात साबित होगी। सुबह की सामान्य दिनचर्या कुछ ही घंटों बाद परिवार के लिए सबसे भयावह घटना में बदल गई। करीब 9:26 बजे लौटते समय मिली सैलाब की खबर पन्नालाल ने बताया कि करीब 9:26 बजे जब वह वापस लौट रहे थे, तभी रास्ते में लोगों ने त्रिशूली नदी में अचानक आए भीषण सैलाब की जानकारी दी। वह घबराकर तेजी से दुकान की ओर बढ़े। वहां पहुंचने पर पता चला कि पानी के तेज बहाव में उनकी दुकान और आसपास का इलाका तबाह हो चुका है और पत्नी उषा देवी व बेटा राहुल सैलाब में बह गए हैं। परिवार के अनुसार, हादसे के दौरान पन्नालाल का मोबाइल दुकान में ही छूट गया था। उनका कहना है कि यदि मोबाइल उनके पास होता तो सैलाब की सूचना मिलते ही वह पत्नी और बेटे को फोन कर सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए कह सकते थे। 'अंकल जी, बचा लीजिए...' मलबे में फंसा राहुल लगाता रहा गुहार हादसे के एक चश्मदीद ने उस भयावह मंजर को याद करते हुए बताया कि पानी के साथ बालू और मलबे का बहाव इतना तेज था कि लोग जान बचाकर भाग रहे थे। पन्नालाल का परिवार और अन्य लोग भी वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे। चश्मदीद के मुताबिक, 18 वर्षीय राहुल तेज बहाव और बालू में फंस गया था। उसका चेहरा मलबे के ऊपर दिखाई दे रहा था। वह लगातार मदद के लिए 'अंकल जी...' कहकर पुकार रहा था। उसे बचाने के लिए हाथ बढ़ाकर कॉलर पकड़ने की कोशिश की गई, लेकिन पानी और बालू के दबाव के कारण उसे खींचना संभव नहीं हो सका। देखते ही देखते राहुल मलबे और सैलाब में ओझल हो गया। पहाड़ी पर शरण लेकर परिवार के अन्य सदस्यों ने बचाई जान सैलाब की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि परिवार के अन्य सदस्यों को अपनी जान बचाने के लिए पहाड़ियों की ओर भागना पड़ा। किसी तरह उन्होंने ऊंचे स्थान पर पहुंचकर जान बचाई। परिवार के सदस्यों के मुताबिक, कई लोग घंटों खुले में रहने और बारिश झेलने को मजबूर रहे। राहत सामग्री भी जरूरतमंद परिजनों तक समय से नहीं पहुंच पाने की बात सामने आई है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में पन्नालाल और उनके भाई अशोक चौरसिया इस त्रासदी को बताते हुए भावुक नजर आ रहे हैं। पन्नालाल का कहना है कि उन्हें रास्ते में ही तबाही की जानकारी मिली और देखते ही देखते उनका कारोबार और जीवन भर की जमा-पूंजी पानी में समा गई। त्रिशूली में 20 साल से था कारोबार, चार दुकान और दो गोदाम परिवार के मुताबिक, पन्नालाल करीब 40 वर्ष पहले रोजगार की तलाश में नेपाल गए थे। नुवाकोट जिले के त्रिशूली बाजार में पिछले करीब 20 वर्षों से उनका परिवार रह रहा था। उन्होंने वहां थोक और फुटकर कपड़े का कारोबार खड़ा किया था। परिवार की चार बड़ी दुकानें और दो गोदाम बताए जा रहे हैं। समय के साथ परिवार की अगली पीढ़ी भी नेपाल में ही पढ़ाई और कारोबार से जुड़ गई। राहुल भी पढ़ाई करने के साथ पिता की दुकान पर काम में हाथ बंटाता था। राहुल को गोद लिया था, बेटे की तरह पाला परिजनों के अनुसार पन्नालाल की अपनी कोई संतान नहीं थी। उन्होंने राहुल को नेपाल में ही गोद लिया था। पन्नालाल और उषा देवी ने उसे बेटे की तरह बेहद प्यार से पाला। राहुल परिवार का बेहद करीबी और लाड़ला था। वह अक्सर पिता के लिए चाय बनाकर देता था और दुकान के काम में भी उनकी मदद करता था। राहुल के लापता होने से पन्नालाल और उषा देवी के परिवार पर गहरा संकट टूट पड़ा है। दो बेटियां रसड़ा और वाराणसी में, मां-भाई की खबर का इंतजार पन्नालाल की दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी शिवानी चौरसिया वाराणसी में रहती हैं और उनका विवाह हो चुका है। छोटी बेटी दीक्षा चौरसिया रसड़ा में कॉस्मेटिक की दुकान चलाती हैं। दीक्षा का विवाह समीर प्रजापति से हुआ है। मां और भाई के लापता होने की खबर मिलने के बाद दोनों बेटियां गहरे सदमे में हैं। रसड़ा स्थित दुकान पर परिवार के सदस्य लगातार नेपाल में मौजूद परिजनों से संपर्क बनाए हुए हैं और राहत-बचाव दल से किसी सूचना की उम्मीद कर रहे हैं। सुबह 8:45 बजे हुई थी सामान्य बात, 15 मिनट बाद बदल गया सबकुछ दीक्षा के मुताबिक, 26 अगस्त की सुबह करीब 8:45 बजे परिवार से फोन पर सामान्य बातचीत हुई थी। तब किसी को भी इस भयावह आपदा का अंदाजा नहीं था। इसके कुछ ही देर बाद त्रिशूली में सैलाब की खबर आने लगी। करीब दोपहर 12 बजे काफी प्रयास के बाद अंतरराष्ट्रीय कॉल लग सकी, तब परिवार को पता चला कि बाकी लोग सुरक्षित हैं, लेकिन उषा देवी और राहुल का कोई सुराग नहीं मिला है। दीक्षा के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय कॉल की सीमित सुविधा के कारण ज्यादा देर तक बात नहीं हो सकी। परिजनों को यह भी जानकारी मिली कि आपदा के बाद कुछ लोग खुले में रहने और बारिश में भीगने को मजबूर हैं। छठ पर हर साल घर आता था पूरा परिवार परिजनों ने बताया कि नेपाल में रहने के बावजूद परिवार का रसड़ा से गहरा जुड़ाव बना हुआ था। छठ पर्व पर पूरा परिवार अक्सर रसड़ा आता था। इसी वर्ष जनवरी में भी परिवार के सदस्य वैष्णो देवी दर्शन के बाद घर आए थे। रसड़ा के पुरानी मस्जिद के पास पन्नालाल का पुश्तैनी मकान है। बताया गया कि करीब डेढ़ महीने पहले उन्होंने पुराने मकान को तुड़वाकर नया मकान बनवाया था। इसके बाद मकान में ताला लगाकर वह दोबारा नेपाल चले गए थे। पुश्तैनी घर में सन्नाटा, हर कोई कर रहा मां-बेटे की सलामती की दुआ नेपाल की त्रासदी की खबर रसड़ा पहुंचने के बाद पन्नालाल के पुश्तैनी घर और आसपास के इलाके में मातम का माहौल है। रिश्तेदार और परिचित लगातार परिवार के संपर्क में हैं। हर किसी की नजर नेपाल से आने वाली अगली सूचना पर टिकी है। परिजनों की सबसे बड़ी चिंता अब उषा देवी और राहुल का पता लगना है। राहत और बचाव दल की तलाश जारी है और परिवार को उम्मीद है कि सैलाब की तबाही के बीच मां-बेटे का कोई सुराग जरूर मिलेगा। ------------------------------- ये खबर भी पढ़ेंः- घर का आंगन 25 फीट धंसा, गिरकर लड़की की मौत:7 घंटे फंसी रही, 60 जवानों ने गड्ढा खोदकर निकाला, बोरवेल के ऊपर फर्श बना दी थी कानपुर में घर का आंगन अचानक धंसने से 25 फीट गहरे गड्ढे में गिरी लड़की को 7 घंटे के ऑपरेशन के बाद बाहर निकाल लिया गया। लेकिन अस्पताल में उसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। हादसा शुक्रवार सुबह 6:40 बजे हुआ। रक्षाबंधन पर 18 साल की यशी सविता नहाकर बाथरूम से बाहर निकली थी। जैसे ही उसने अपना एक कदम आंगन की तरफ बढ़ाया, नीचे की जमीन धंस गई। पूरी खबर पढ़ें…
राजस्थान के जयपुर में सीवर लाइन के लिए खोदे गए एक गहरे गड्ढे में डूबकर जान गंवाने वाले नवाबगंज क्षेत्र के लाड़पुर उस्मानपुर निवासी सगे भाई-बहन के शव शुक्रवार को उनके पैतृक गांव पहुंचे। एक ही घर से दो मासूमों के जनाजे उठने से पूरे गांव में मातम छा गया और हर आंख नम हो गई। लाड़पुर उस्मानपुर निवासी लियाकत हुसैन जयपुर में मजदूरी करते हैं। वह अपने परिवार के साथ जयपुर के सड़वा मोहल्ले में किराए के मकान में रहते थे। बताया गया कि उनके मकान से कुछ दूरी पर सीवर लाइन के लिए एक गहरा गड्ढा खोदा गया था, जिसे बाद में ढका नहीं गया और उसमें पानी भर गया था। परिजनों के अनुसार, बुधवार को खेलते समय छह वर्षीय आलिया और उसका पांच वर्षीय भाई अयान इसी पानी से भरे गड्ढे में गिर गए। काफी देर तक दोनों बच्चों का पता नहीं चलने पर पिता लियाकत ने उनकी तलाश शुरू की। तलाश के दौरान लियाकत को गड्ढे के पास बच्चों की चप्पलें मिलीं। इसके बाद वह खुद गड्ढे में उतरे और काफी मशक्कत के बाद दोनों बच्चों के शव बाहर निकाले। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। शुक्रवार को जब दोनों मासूमों के शव गांव पहुंचे, तो मां बदहवास हो गईं। खकर रिश्तेदारों और ग्रामीणों की आंखों से भी आंसू छलक पड़े। जुमे की नमाज के बाद दोनों भाई-बहन को गांव के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस घटना से पूरा गांव गम में डूब गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस बेहद गरीब परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है, उनका कहना है कि लियाकत हुसैन का सहारा छिन गया है।
गुरुग्राम में डीएलएफ फेज-तीन में मोलशरी रैपिड मेट्रो स्टेशन के पास देर रात सड़क हादसे में 28 वर्षीय मैकेनिकल इंजीनियर की मौत हो गई। मृतक तुषार कुमार बाइक पर रात करीब 11 बजे ड्यूटी खत्म करके सेक्टर-37 डी स्थित घर लौट रहा था। इसी दौरान एक बुलडोजर के ड्राइवर ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। वह साइबर सिटी स्थित टीसीएस कंपनी में जॉब करते थे। हादसे के बाद बुलडोजर का ड्राइवर मौके से फरार हो गया। मूल रूप से मथुरा के शांति नगर निवासी तुषार कुमार सेक्टर-37डी की रामप्रस्था सोसायटी में अपने ताऊ रिटायर इंजीनियर ओमप्रकाश सिंह के साथ रह रहे थे। तुषार अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे। उनके पिता हरीश कुमार मथुरा में रहते हैं। बिना हेलमेट नहीं चलता था, हेडइंजरी से मौत तुषार के ताऊ ओमप्रकाश सिंह का कहना है कि तुषार बिना हेलमेट पहने बाइक नहीं चलाते थे। ऐसे में उसके सिर में इतनी गंभीर चोट कैसे आई ये समझ में नहीं आया है। मौके पर उसका हेलमेट भी नहीं मिला है। ओमप्रकाश ने इस मामले की गहनता से जांच करने की मांग की है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उसकी मौत हेड इंजरी से होनी पाई गई है। बिना साइन बोर्ड के चल रहा था काम मृतक के परिजनों ने आरोप लगाा कि बीच रोड पर बिना किसी दिशा निर्देश और साइन बोर्ड के रात के समय रोड पर काम किया जा रहा था। जिसमें बुलडोजर ड्राइवर ने लापरवाही तो बरती ही है, काम करने वाली एजेंसी की भी लापरवाही सामने आई है।
रक्षाबंधन के मौके पर कोंडागांव जिले के बुनागांव जनपद प्राथमिक शाला के शिक्षक सूरज नेताम ने बेटियों की पढ़ाई को बढ़ावा देने के लिए एक अनूठी पहल की। उन्होंने स्कूल की सभी 35 छात्राओं को राखी और मिठाई दी। इसके जरिए उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र में ‘बेटी पढ़ाओ’ का संदेश दिया। शिक्षक सूरज नेताम पिछले करीब 15 साल से ग्रामीण बच्चों को पढ़ाई से जोड़ने के लिए अपने स्तर पर प्रयास कर रहे हैं। वे दीपावली, रक्षाबंधन, स्थानीय मेले और दूसरे खास मौकों पर अपने खर्च से बच्चों को नकद राशि, पेन, कॉपी, टाई, बेल्ट, कपड़े और दूसरी चीजें देते हैं। उनका मकसद बच्चों को स्कूल आने के लिए प्रोत्साहित करना और पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ाना है। उनकी मेहनत का असर स्कूल में बच्चों की संख्या पर भी दिखाई दिया है। इससे पहले जिस स्कूल में उनकी पदस्थापना थी, वहां बच्चों की संख्या 12 से बढ़कर 76 हो गई थी। तीन साल पहले जब सूरज नेताम की बुनागांव स्कूल में पदस्थापना हुई थी, तब स्कूल में 24 बच्चे दर्ज थे। इनमें सिर्फ 10-11 बालिकाएं ही नियमित रूप से स्कूल आती थीं। शिक्षक के प्रयासों के बाद दूसरे साल बच्चों की संख्या 35 और तीसरे साल 45 हो गई। इस सत्र में स्कूल में कुल 61 बच्चे दर्ज हैं, जिनमें 35 बालिकाएं हैं। यानी अब स्कूल में लड़कियों की संख्या आधे से ज्यादा है। शिक्षक सूरज नेताम के मार्गदर्शन में क्षेत्र की कई छात्राओं का नवोदय विद्यालय, एकलव्य, प्रयास और दूसरे अच्छे शैक्षणिक संस्थानों में चयन हुआ है। बोर्ड परीक्षाओं में भी छात्राओं ने अच्छा प्रदर्शन किया है। कई छात्राओं ने जिला स्तर की टॉप-10 सूची में जगह बनाई है।
शिवपुरी जिले के रन्नौद-पिछोर क्षेत्र में शुक्रवार को हुई तेज बारिश के बाद मुतलेड़ी नदी उफान पर आ गई। रन्नौद थाना क्षेत्र में पिछोर-रन्नौद मार्ग पर बनी पुलिया के ऊपर से पानी बहने लगा। इसके बावजूद रक्षाबंधन के पर्व पर लोग जल्द घर पहुंचने की जल्दबाजी में उफनते पानी को पार करने का जोखिम उठाते रहे। इसी दौरान एक बाइक सवार युवक अपनी बाइक समेत तेज बहाव में बह गया। हालांकि कुछ दूरी तक बहने के बाद वह किसी तरह सुरक्षित पानी से बाहर निकल आया, लेकिन उसकी बाइक नदी में डूब गई। तीन युवकों ने बाइक से नदी पार करने की कोशिश की जानकारी के मुताबिक, पुलिया पर तेज बहाव के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं। इसी बीच तीन युवकों ने एक बाइक से नदी पार करने का प्रयास किया। तीनों बाइक लेकर पानी में उतर गए। तेज बहाव के कारण बाइक का संतुलन बिगड़ा और वह बहने लगी। स्थिति बिगड़ती देख दो युवकों ने बाइक छोड़ दी, जबकि तीसरा युवक बाइक के साथ ही तेज बहाव में बह गया। कुछ दूरी तक बहने के बाद युवक किसी तरह पानी से बाहर निकल आया और उसकी जान बच गई। हालांकि, बाइक नदी में डूब गई। दूसरी बाइक पर सवार युवकों को ग्रामीणों ने बचाया इसी दौरान एक अन्य बाइक पर सवार दो युवकों ने भी उफनती नदी को पार करने की कोशिश की। दोनों बहाव में फंसने लगे तो मौके पर मौजूद करीब 7-8 ग्रामीण तुरंत उनकी मदद के लिए पहुंचे। ग्रामीणों ने दोनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उफनती नदी में स्टंट करने की भी कोशिश इसी दौरान एक ग्रामीण ने उफनती नदी में छलांग लगाकर स्टंट करने का प्रयास किया। हालांकि वह भी सुरक्षित बाहर निकल आया। लगातार बारिश और नदी के तेज बहाव के बीच लोगों की इस तरह की लापरवाही से किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रही। जिला प्रशासन की ओर से लगातार जलभराव वाले स्थानों और उफान पर चल रहे नदी-नालों के पास नहीं जाने की अपील की जाती रही है। इसके बावजूद रक्षाबंधन के पर्व पर जल्द घर पहुंचने की कोशिश में लोग अपनी जान जोखिम में डालते नजर आए।
जेएसएससी सीजीएल पेपर लीक मामले में दिल्ली से गिरफ्तार सोमांश प्रकाश और राहुल कुमार के खिलाफ सीआईडी को पुख्ता सबूत मिले हैं। दोनों आरोपी परीक्षा संचालित करने वाली एजेंसी के सहयोगी संस्था के कर्मचारी हैं और अब पांच दिन की रिमांड पर हैं।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र के राजेश हत्याकांड में पेट से निकाले गए अंगों को जांच के लिए पंचकूला के मोगीनंद लैब में भेजा गया है। पोस्टमॉर्टम के समय शव के साथ कुछ अंग नहीं मिले थे। रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा कि राजेश के शरीर के सभी अंग पूरे हैं या अभी भी कोई अंग गायब है। पुलिस के मुताबिक, शव के अंदर से किडनी, लीवर का कुछ हिस्सा और छोटी-बड़ी आंत के कटे हुए हिस्से मिले थे। पुलिस ने मिले अंगों को नमक वाले पानी में रखकर मोगीनंद की लैब भेजा है। वहां अंगों की जांच और मिलान होगा। रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा कि राजेश के शरीर के सभी अंग पूरे हैं या नहीं। पेट पर 37 सेंटीमीटर का चीरा राजेश के शव के पोस्टमॉर्टम में पेट पर करीब 37 सेंटीमीटर लंबा और साढ़े 3 सेंटीमीटर चौड़ा गहरा चीरा मिला था। इस चीरे से उसकी आंतें बाहर निकाली गई थीं। पोस्टमॉर्टम के समय ये आंतें शव के साथ नहीं थीं। इसके अलावा राजेश के शरीर से एक किडनी और लीवर का करीब आधा हिस्सा भी नहीं मिला था। इसी वजह से पुलिस अब मिले अंगों की जांच करवा रही है। विमला को चंडीगढ़ PGI भेजा वहीं राजेश की हत्या के मामले में आरोपी उसकी पत्नी विमला को चंडीगढ़ PGI भेज दिया गया है। LNJP अस्पताल में इलाज के दौरान मनोरोग डॉक्टर ने उसकी मानसिक हालत देखी। डॉक्टर के मुताबिक, फिलहाल विमला मानसिक रूप से पूरी तरह ठीक नहीं है। इसी वजह से उसे PGI भेजने की सलाह दी गई। मैथिली में कर रही थी बात PGI में मनोरोग डॉक्टर उसकी काउंसलिंग करेंगे और उसकी मानसिक हालत की जांच करेंगे। इसके बाद डॉक्टर तय करेंगे कि उसका आगे किस तरह इलाज किया जाना है। अस्पताल में इलाज के दौरान विमला मैथिली भाषा में बात कर रही है। उसकी बात समझने में डॉक्टरों को परेशानी हो रही थी। इसी दौरान इलाज के लिए आई एक महिला उसकी भाषा समझ गई। उसने विमला की बात डॉक्टरों को बताई। इससे डॉक्टरों को उससे बात करने में मदद मिली। बता दें 21 अगस्त को राजेश की उसकी पत्नी विमला ने हत्या कर दी थी। पोस्टमॉर्टम के समय उसकी आंतें, दाईं किडनी और लीवर का हिस्सा नहीं मिला था। कट्टे में भरी थे अंग- सुरेंद्र केयूके थाना के SHO सुरेंद्र सिद्धू ने बताया कि आरोपी महिला ने प्लास्टिक के कट्टे में ही आंत के साथ अन्य अंग रखे थे। पुलिस ने उनको बरामद कर जांच के लिए लैब भेज दिया। अभी उसकी रिपोर्ट नहीं आई है। रिपोर्ट से साफ स्थित साफ होगी, कि उसे नशीला पदार्थ दिया था या नहीं।
देहरादून: तेज रफ्तार बाइक डिवाइडर से टकराई, टूट गया हेलमेट... हरिद्वार के युवक की मौत
देहरादून के विकासनगर में बल्लूपुर दून पांवटा फोरलेन पर एक तेज रफ्तार स्पोर्ट्स बाइक डिवाइडर से टकरा गई। इस दर्दनाक हादसे में हरिद्वार के बहादराबाद निवासी आस मोहम्मद की मौके पर ही मौत हो गई।
सोनीपत जिले के गोहाना उपमंडल के गांव मुंडलाना में रक्षाबंधन के दिन बिजली का करंट लगने से दो युवकों की मौत हो गई। आरोप है कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण ट्रांसफार्मर की मरम्मत के दौरान अचानक बिजली सप्लाई चालू कर दी गई। मृतक युवकों की पहचान प्रशिक्षु सौरभ निवासी सिवानका और किसान जोगिंद्र निवासी मुंडलाना के रूप में हुई है। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। किसान को मदद के लिए बुलाया मृतक सौरभ के परिजनों ने आरोप लगाया है कि रक्षाबंधन का त्योहार होने के बावजूद सहायक लाइनमैन मोहित (एएलएम) ने फोन पर दबाव बनाकर सौरभ को मुंडलाना गांव में बिजली ठीक करने के लिए भेजा था। सौरभ बिना किसी सुरक्षा उपकरण के ट्रांसफार्मर पर चढ़ा था। काम अकेला न हो पाने के कारण उसने खेत में काम कर रहे जोगिंद्र को मदद के लिए ऊपर बुला लिया। समय से पहले शुरू की गई बिजली सप्लाई परिजनों के अनुसार, बिजली सप्लाई चालू होने का निर्धारित समय सुबह 11:00 बजे था। लेकिन जब दोनों युवक ट्रांसफार्मर पर काम कर रहे थे, तभी कथित तौर पर बिजली विभाग की लापरवाही के चलते समय से पहले ही पीछे से पावर सप्लाई चालू कर दी गई। तेज करंट की चपेट में आने से जोगिंद्र और सौरभ दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद जब परिजनों ने लाइनमैन को फोन किया तो उसने कॉल उठाना बंद कर दिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि घटना के 4-5 घंटे बीत जाने के बाद भी बिजली विभाग का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी पीड़ितों का हाल जानने मौके पर नहीं पहुंचा। इस घटना से ग्रामीणों में गहरा गुस्सा फैल गया। लाइनमैन, जेई और एसडीओ पर मुकदमा दर्ज घटना की सूचना मिलने पर कांग्रेस विधायक इंदु राज भालू और गोहाना के पूर्व विधायक जगदीश सिंह मलिक मुंडलाना पहुंचे। दोनों नेताओं ने ग्रामीणों से बात कर हादसे की जानकारी ली और इसके लिए बिजली निगम की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया। घटना की सूचना मिलने पर गोहाना पुलिस की टीम नागरिक अस्पताल पहुंची और शवों को कब्जे में लिया। मृतक जोगिंद्र के पिता बलवान सिंह की शिकायत पर गोहाना सदर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने लाइनमैन मोहित, संबंधित जेई (JE), एसडीओ (SDO) और अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106 (लापरवाही से मौत) के तहत मामला दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है।
नोएडा के सेक्टर-49 थाना क्षेत्र के बरोला गांव में शुक्रवार शाम मेडिकल स्टोर में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। शॉर्ट सर्किट से लगी आग कुछ ही देर में दुकान में रखी दवाइयों और दूसरे सामान तक पहुंच गई। मेडिकल स्टोर के ऊपर ही एक परिवार रहता है। ऐसे में आग फैलती तो बड़ा हादसा हो सकता था। दमकल की गाड़ी पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोगों ने आग पर काबू पा लिया। इससे जनहानि होने से बच गई। दवाइयां और सामान जलकर खराब हुए आग लगने की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। दुकान के अंदर से धुआं और आग की लपटें निकल रही थीं। ग्रामीणों ने पानी और दूसरे साधनों से आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। आग से मेडिकल स्टोर में रखी दवाइयां और अन्य सामान जलकर खराब हो गया। शुरुआती अनुमान के मुताबिक चार से पांच लाख रुपये का नुकसान बताया जा रहा है। आग बढ़ती तो हो सकता था बहुत बड़ा हादसा मेडिकल स्टोर के ठीक ऊपर एक परिवार रहता है। आसपास कई दूसरी दुकानें भी हैं। आग बढ़ती तो लपटें मकान और आसपास की दुकानों तक पहुंच सकती थीं। स्थानीय लोगों ने समय रहते आग बुझाकर बड़ा हादसा टाल दिया। सूचना मिलने पर दमकल विभाग को भी बताया गया था। दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंचती, उससे पहले ही ग्रामीणों ने आग पर काबू पा लिया। शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका घटना के बाद पुलिस और दमकल विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया। प्राथमिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की वजह माना जा रहा है। अधिकारियों की ओर से आग लगने की परिस्थितियों और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। थाना सेक्टर-49 क्षेत्र के बरोला गांव में शुक्रवार शाम को एक मेडिकल स्टोर में अचानक आग लग गई। आग लगने से दुकान में रखा दवाइयों समेत अन्य सामान जलकर खराब हो गया। आग लगने की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि आग मेडिकल स्टोर में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी। कुछ ही देर में आग ने दुकान के अंदर रखे सामान को अपनी चपेट में ले लिया। दुकान के ऊपर ही एक परिवार भी रहता है। ऐसे में आग फैलने की स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता था। स्थानीय लोगों ने पाया काबूमेडिकल स्टोर के आसपास भी कई दुकानें हैं। आग बढ़ने पर आसपास की दुकानों और ऊपर बने मकान तक पहुंचने का खतरा था। इसे देखते हुए ग्रामीणों ने समय रहते आग पर काबू पाने का प्रयास किया। दमकल विभाग की गाड़ी मौके पर पहुंचती, उससे पहले ही स्थानीय लोगों ने आग बुझा दी। आग की सूचना दमकल विभाग को भी दी गई थी। लाखों का हुआ नुकसानआग में मेडिकल स्टोर में रखा काफी सामान जलकर खराब हो गया है। शुरुआती अनुमान के मुताबिक करीब चार से पांच लाख रुपये का नुकसान हुआ है। घटना के बाद पुलिस और दमकल विभाग की टीम ने मौके का जायजा लिया। प्राथमिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। अधिकारियों की ओर से नुकसान और घटना की परिस्थितियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
बिजली की हाईटेंशन लाइन के तार चोरी करने वाली अंतरराज्यीय गैंग का खुलासा किया है। पुलिस ने 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला सीकर जिले के नीमकाथाना के सदर इलाके का है। डीएसटी सीकर और सदर थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई को अंजाम दिया। सीकर एसपी प्रवीण नायक नूनावत ने बताया- सदर नीमकाथाना और डाबला क्षेत्र में करीब 103 किलोमीटर लंबी हाईटेंशन लाइन से करीब 5 से 6 करोड़ रुपए कीमत के तार चोरी किए हो गए। यह लाइन 765 KV D/C सीकर-II से नरेला TL प्रोजेक्ट के तहत बिछाई जा रही है। चार जगह हुई चोरी की रिपोर्ट से शुरू हुई जांच 9 अगस्त 2026 को स्किपर लिमिटेड नीमकाथाना के असिस्टेंट मैनेजर दीपाशंकर देवनाथ ने सदर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार 11 जुलाई को कैरवाली गांव के पास, 12 जुलाई को बांधला-भोपालपुरा गांव के पास, 5 अगस्त को सेड़ूका बास गांव के पास और 6 अगस्त को मावंडा खुर्द गांव से अज्ञात चोर कंडक्टर तार और उससे जुड़े अन्य सामान चोरी कर ले गए थे। वारदात की जांच के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। टीमों ने वारदात स्थल और आरोपियों के आने-जाने वाले रास्तों के CCTV फुटेज खंगाले, आपराधिक सूचना जुटाई। जांच में सामने आया कि गैंग बांधला, भोपालपुरा, मावंडा खुर्द, सेफरा गुवार, गांवली और आसपास के क्षेत्रों में बिजली के तार चोरी कर रही थी। 8 थानों के सीआई, डीएसटी टीमें लगीं कार्रवाई में सदर थाना नीमकाथाना के सीआई जयसिंह बसेरा, डाबला थाना अधिकारी सुनीता बायल, खंडेला थाना अधिकारी सुरेंद्र डेगरा, कोतवाली नीमकाथाना थाना अधिकारी विक्रम सिंह, श्रीमाधोपुर थाना अधिकारी दिनेश मीणा, थोई थाना अधिकारी नेकीराम, जाजोद थाना अधिकारी गिरधारी लाल तथा जिला स्पेशल टीम प्रभारी वीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीमें गठित की गईं। इन टीमों ने घटनाओं से जुड़े CCTV फुटेज, तकनीकी जानकारी और आपराधिक रिकॉर्ड के आधार पर गैंग का पता लगाया। 12 आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने धीरज बगड़िया निवासी वार्ड नंबर 14 खेतड़ी मोड़ नीमकाथाना, मोहित जाखड़ निवासी कुंभाकला कोटड़ा, लोकेश मेहरानिया निवासी ढाणी चारोड़ा कोटड़ा, विजय कुमार मेहरानिया निवासी चारोड़ा कोटड़ा, राहुल यादव निवासी खिदरपुर खैरथल-तिजारा, हनुमान मीणा उर्फ अभी निवासी छाड़गांव बूंदी, सचिन कुमार सैनी निवासी गुहाला, दीपक मीणा निवासी वार्ड नंबर 8 गुहाला, जगदीश बावरिया निवासी बसई, हिमांशु नायक निवासी राजपूतों का मोहल्ला बुहाना, मोनू जाट निवासी एलाखर मेहाड़ा और सुनील गुर्जर निवासी खेताली की ढाणी गांवली को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में काम ली गईं 2 बाइक, 1 पिकअप, 1 कार और 1 थार जीप बरामद की गई है। वहीं चोरी की रकम से खरीदे गए 2 आइफोन भी जब्त किए गए हैं। पुलिस के अनुसार आरोपियों से पूछताछ जारी है। पूछताछ में चोरी किए गए तार, अन्य सामान और चोरी का माल खरीदने वालों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस को गैंग से जुड़ी अन्य वारदातों और आरोपियों के बारे में भी महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है। पुलिस के अनुसार कार्रवाई में डीएसटी सीकर से सुभाष,जयसिंह और हरीश, जिला स्पेशल टीम और सदर थाना नीमकाथाना सहित संबंधित थाना पुलिस की अहम भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि अंतरराज्यीय गैंग के खुलासे से क्षेत्र में हाईटेंशन लाइन से तार चोरी की वारदातों पर प्रभावी अंकुश लगेगा। … यह खबर पढ़ें जयपुर में 10-महीने बाद खुला करोड़ों के खजाने का राज:जंगल में दबा रखी थी 66 किलो से ज्यादा चांदी; मुख्य आरोपी समेत 5 गिरफ्तार जयपुर पुलिस ने करीब 10 महीने पुराने एक बड़े खजाना चोरी मामले का खुलासा किया है। माणक चौक थाना पुलिस और DST नॉर्थ की टीम ने मिलकर इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से करीब पौने दो करोड़ रुपए कीमत की 66.400 किलो चांदी बरामद की है। (यह खबर पढ़ें)
कानपुर विमान हादसे की जांच करने पहुंची DGCA Delhi Team, 4 घंटे से मानवीय और तकनीकी पहलूओं की जांच
डीजीसीए की दिल्ली टीम कानपुर में प्रशिक्षण विमान हादसे की जांच के लिए घटनास्थल पहुंची, जहां प्रशिक्षक और प्रशिक्षु की मौत हो गई थी। टीम ने मानवीय और तकनीकी पहलुओं की चार घंटे तक गहन जांच की।
अमृतसर के बाबा बकाला साहिब में 'रक्खड़ पुन्निया' मेले में आस्था संग सियासत का जमावड़ा दिखा। आप, बीजेपी और अकाली दल सहित कई पार्टियों के राजनेता यहां पहुंचें और जनता को संबोधित किया।
झांसी जिला कारागार में शुक्रवार को रक्षा बंधन पर बहनें अपने बंदी भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए जेल पहुंचने लगी थीं। जेल प्रशासन ने भी बहनों की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए व्यापक इंतजाम किए थे। यहां एक भावुक करने वाला नजारा भी देखने को मिला, जब 9 महीने की बेटी अपने बंदी पिता को राखी बांधने पहुंची। हालांकि इस बार जेल में बहनों की भीड़ पिछले वर्षों की तुलना में कम रही। वहीं, जेल प्रशासन ने आज सिर्फ बहनों को ही मुलाकात की इजाजत दी है। पहले 3 तस्वीर देखिए… जिला कारागार में अपने बंदी भाइयों को राखी बांधने के लिए झांसी के अलावा दूसरे जिलों और राज्यों से भी बहनें पहुंचीं। जेल प्रशासन ने भी रक्षा बंधन पर आने वाली बहनों की सुविधा के लिए खास इंतजाम किए थे। जेल के मुख्य गेट के सामने टेंट लगाया गया था, जहां बहनों को इंतजार करने और पीने के पानी की व्यवस्था की गई। मुलाकात के लिए पर्ची भी उपलब्ध कराई गई। इस बार हालांकि जेल में पिछले वर्षों जैसी भीड़ नजर नहीं आई। जेल प्रशासन ने शुक्रवार को सिर्फ रक्षा बंधन पर बंदियों से मिलने आने वाली बहनों को ही मुलाकात की अनुमति दी थी। सुबह के समय संख्या कम रही, लेकिन दोपहर बाद भाई की कलाई पर राखी बांधने पहुंचने वाली बहनों की संख्या बढ़ गई। दोपहर 3 बजे तक 432 बंदियों को उनकी करीब एक हजार बहनों से मिलवाया जा चुका था। मोबाइल जमा कराया, मिठाई की जांच हुई जेल में प्रवेश से पहले बहनों को सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ा। जेल गेट पर पहुंचते ही सुरक्षा कर्मियों ने उनके मोबाइल फोन जमा करा लिए। इसके बाद भाई के लिए लाई गई मिठाई की जांच की गई। सुरक्षा कर्मियों ने यह सुनिश्चित किया कि मिठाई के साथ कोई संदिग्ध या प्रतिबंधित वस्तु अंदर न पहुंच पाए।इसके बाद बहनों के आधार कार्ड समेत जरूरी दस्तावेजों की जांच की गई। पूरी जांच प्रक्रिया के बाद ही उन्हें अंदर जाने की अनुमति दी गई। जेल के बाहर इंतजार करती बहनों में भाई से मिलने की उत्सुकता साफ नजर आ रही थी। अंदर पहुंचने के बाद किसी ने भाई की कलाई पर राखी बांधी तो किसी ने मिठाई खिलाकर उसके जल्द घर लौटने की दुआ की। बंदी पिता को 9 महीने की बेटी ने बांधी राखी जिस बंदी को राखी बांधने के लिए उसकी 9 महीने की बेटी जेल पहुंची, उसकी दादी ने बताया कि हर साल रक्षा बंधन घर पर ही मनाया जाता था। इस बार बेटा जेल में है, इसलिए परिवार को मजबूरी में जेल आना पड़ा।उन्होंने बताया कि जैसे ही उनके बेटे ने अपनी 9 महीने की बेटी को देखा, वह भावुक हो गया। उसने बेटी को गोद में लिया और काफी देर तक दुलार करता रहा। परिवार के लिए यह रक्षा बंधन खुशियों के साथ-साथ दर्द भी लेकर आया था। 'इस बार राखी के बदले भाई से लेंगे वचन' कुलपहाड़ और उरई से अपने भाई को राखी बांधने झांसी जेल पहुंचीं बहनों ने बताया कि वह पिछले तीन साल से रक्षा बंधन पर जेल आ रही हैं। उन्होंने कहा कि हर साल भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसकी सलामती की कामना करती हैं, लेकिन इस बार उससे एक वचन भी लेंगी। बहनों ने कहा कि भाई जेल से बाहर आने के बाद ऐसा कोई काम नहीं करेगा, जिससे उसे दोबारा जेल जैसी जगह पर आना पड़े। उन्होंने कहा कि वह चाहती हैं कि भाई बाहर निकलकर परिवार के साथ सामान्य जिंदगी जिए और अगली बार रक्षा बंधन घर पर ही मनाए। हालांकि, बहनों ने अपने भाई को निर्दोष बताते हुए आरोप लगाया कि उसे ग्राम प्रधान ने फंसवाया है। उनका कहना था कि उन्हें उम्मीद है कि भाई जल्द जेल से बाहर आएगा। जेल की दीवारों के बीच रिश्तों की गर्माहटरक्षा बंधन पर जिला कारागार में सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच भाई-बहन का रिश्ता भी दिखाई दिया। बाहर से देखने पर यह जेल का सामान्य दिन था, लेकिन अंदर बहनों के लिए यह सिर्फ मुलाकात नहीं बल्कि अपने भाइयों तक राखी का धागा पहुंचाने का दिन था।किसी बहन ने भाई की कलाई पर राखी बांधकर मिठाई खिलाई, किसी ने उसके जल्द घर लौटने की कामना की और किसी ने भाई से अपनी जिंदगी बदलने का वचन लिया। वहीं, 9 महीने की बेटी और उसके पिता का मिलन इस पूरे दिन का सबसे भावुक दृश्य बन गया।
मध्यप्रदेश के दमोह-कटनी रेलमार्ग पर एक ही परिवार के 3 लोगों ने ट्रेन से कटकर मौत हो गई। पहले 30 साल के बेटे मुकेश अहिरवार ने करैया फाटक के पास ट्रेन के सामने कूदकर जान दी। शुक्रवार सुबह करीब 10:40 बजे माता-पिता को बेटे के सुसाइड की खबर मिली। दोनों मौके पर पहुंचे और बेटे का शव देखा। इसके करीब एक घंटे बाद वे घटनास्थल से 2 किमी आगे धरमपुरा फाटक पहुंचे और रेलवे पटरी पर लेट गए। ट्रेन की चपेट में आने से दोनों की भी मौत हो गई। सूचना मिलने पर RPF और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। तीनों शवों को जिला अस्पताल के शवगृह में रखवाया गया है। पुलिस मौत के कारणों की जांच कर रही है। प्रारंभिक तौर पर पारिवारिक विवाद की आशंका जताई जा रही है। छोटा बेटा बहन के लेने गया था सागर मृतकों की पहचान हिंडोरिया थाना क्षेत्र के करैया गांव निवासी भरत अहिरवार (58), उनकी पत्नी उमा अहिरवार (55) और बेटे मुकेश अहिरवार (30) के रूप में हुई है। परिवार में कुल पांच सदस्य हैं—माता-पिता, दो बेटे और एक बेटी। घटना के समय छोटा बेटा दौलत अपनी बहन को लेने सागर गया हुआ था। 10 मिनट पहले पड़ोसी को बुलाने गया था मुकेश पड़ोसी मनोज अहिरवार ने बताया कि घटना से करीब 10 मिनट पहले मुकेश उनके घर आया था। उसने घर में समस्या होने की बात कहते हुए साथ चलने को कहा था। उस समय मनोज के घर पूजा चल रही थी, इसलिए उन्होंने कुछ देर बाद आने की बात कही। करीब 10 मिनट बाद उन्हें मुकेश की मौत की जानकारी मिली। दो साल पहले हुई थी शादी, पत्नी गर्भवतीभरत अहिरवार जिला अस्पताल में सिक्योरिटी गार्ड थे। उनके साथी भागचंद अहिरवार ने बताया कि दोनों करीब 7 साल से साथ काम कर रहे थे। परिजनों के मुताबिक, मुकेश की शादी करीब 2 साल पहले हुई थी। उसकी पत्नी गर्भवती है। मुकेश निजी काम करता था।
सुखबीर बादल ने माझा को अकाली दल का मजबूत गढ़ बताते हुए कहा कि पार्टी को कमजोर करने से पंजाब के अधिकारों और पंथक संस्थाओं को नुकसान पहुंचता है।
सांस्कृतिक अहिरवाल संस्था की बैठक:संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाने का आह्वान किया
कोटपूतली के चौकी गोवर्धनपुरा में सांस्कृतिक अहिरवाल संस्था की बैठक हुई। इसका मुख्य उद्देश्य संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करना तथा युवा पीढ़ी तक पहुंचाना था। बैठक की अध्यक्षता पूर्व तहसीलदार रामनिवास ने की, जबकि सत्यव्रत शास्त्री मुख्य अतिथि रहे। आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा बनाई बैठक में अहीरवाल क्षेत्र के शौर्य, संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहर पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही, आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर जिला संयोजक डॉ. रामकुमार यादव ने अहीरवाल क्षेत्र की समृद्ध संस्कृति और वीरता की परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सभी समाजों से एकजुट होकर अपनी संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। ये रहे मौजूद बैठक में जिला संयोजक डॉ. रामकुमार यादव के साथ सहसंयोजक अशोक मेहता, महेंद्र गोयल, कोटपूतली खंड संयोजक सत्यपाल, शुक्लाबास खंड संयोजक रामोतार यादव, पावटा खंड संयोजक बनवारी लाल, विराटनगर इकाई संयोजक कृष्ण यादव, बानसूर से कालूराम भगत, शंभू पीटीआई, जयसिंह, रामकुमार यादव, अभय सिंह, राव मनोज महेश और जगमाल यादव सहित कई सदस्य उपस्थित रहे।
खान सर vs रौशन सर: पहले पढ़ाई की जंग, अब 5-5 किलो राखियों की टक्कर! कौन पड़ा भारी?
पटना में खान सर और रौशन आनंद को रक्षाबंधन पर छात्राओं ने 5-5 किलो राखियां बांधीं, जिससे उनके हाथ उठाना मुश्किल हो गया। दोनों शिक्षकों के बीच पढ़ाई के बाद अब राखियों में भी दिलचस्प मुकाबला देखने को मिला।
देवास जिला जेल में शुक्रवार को रक्षाबंधन का पर्व भावनाओं के बीच मनाया गया। जेल में बंद भाइयों से मिलने के लिए बड़ी संख्या में बहनें पहुंचीं। उन्होंने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी सलामती की कामना की। लंबे समय बाद एक-दूसरे को सामने देखकर कई भाई-बहन भावुक हो गए। रक्षाबंधन के मौके पर सुबह 8 बजे से ही जिला जेल के बाहर बहनों की कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। हाथों में राखी और भाइयों के लिए स्नेह लिए बहनें जेल पहुंचीं। मुलाकात के दौरान कई बहनों की आंखें नम हो गईं। भाइयों के लिए भी भावनाओं पर काबू रख पाना मुश्किल रहा। मुलाकात के दौरान बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और उनकी सलामती की प्रार्थना की। कुछ बहनों ने भाइयों के आंसू पोंछे तो कुछ भाइयों ने बहनों को आशीर्वाद दिया। कुछ देर की इस मुलाकात में भाई-बहन के रिश्ते का भावनात्मक जुड़ाव साफ नजर आया। सुबह 8 से दोपहर 3 बजे तक विशेष व्यवस्था जिला जेल अधीक्षक विद्याभूषण प्रसाद ने बताया कि रक्षाबंधन को लेकर सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। जेल प्रबंधन की ओर से बहनों के लिए राखी बांधने की थाली और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई गई। सुरक्षा और स्वास्थ्य कारणों से बाहर से मिठाई लाने की अनुमति नहीं थी। इसके लिए जेल कैंटीन में विशेष व्यवस्था की गई थी। रक्षाबंधन के इस पर्व ने कुछ घंटों के लिए ही सही, जेल की सलाखों के बीच भाई-बहन को एक-दूसरे के करीब ला दिया। मुलाकात के दौरान पूरे परिसर में भावुक माहौल नजर आया।
बाबा साहब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय (BBAU) में 11वें दीक्षांत समारोह की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शुक्रवार को विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह की फुल ड्रेस रिहर्सल हुई। इसमें छात्रों ने निर्धारित दीक्षांत पोशाक में हिस्सा लिया। इस दौरान डिग्री और मेडल वितरण समेत समारोह की पूरी प्रक्रिया का अभ्यास किया गया। कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने रिहर्सल के दौरान समारोह की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने छात्रों के बैठने की व्यवस्था, मंच तक पहुंचने की प्रक्रिया, डिग्री और मेडल लेने के क्रम, प्रवेश और निकास मार्ग समेत अन्य व्यवस्थाओं को देखा। संबंधित अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं तय कार्यक्रम और प्रोटोकॉल के अनुसार पूरी करने के निर्देश दिए। छात्रों को दिए गए जरूरी निर्देश रिहर्सल के दौरान छात्रों को उनकी निर्धारित सीट, प्रवेश और निकास मार्ग के साथ मंच पर जाने और डिग्री-मेडल प्राप्त करने की प्रक्रिया समझाई गई। समारोह के अलग-अलग चरणों के बीच समन्वय भी परखा गया, ताकि मुख्य कार्यक्रम के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। 29 अगस्त को होगा 11वां दीक्षांत समारोह BBAU का 11वां दीक्षांत समारोह 29 अगस्त को आयोजित होगा। इसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। समारोह में वर्ष 2023, 2024, 2025 और 2026 में पास आउट हुए छात्रों को डिग्रियां प्रदान की जाएंगी। बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्रों को गोल्ड मेडल और अन्य सम्मान भी दिए जाएंगे। विश्वविद्यालय ने छात्रों और उनके अभिभावकों की सुविधा के लिए कार्यक्रम से जुड़ी जरूरी जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध कराई है। इसमें कार्यक्रम स्थल, रिपोर्टिंग और प्रवेश का समय समेत अन्य दिशा-निर्देश शामिल हैं।
Meerut News: मेरठ के पल्लवपुरम स्थित विशाल मेगा मार्ट में गुरुवार शाम एक महिला चिकित्सक, छात्रा और दो अन्य लोग लिफ्ट में फंस गए। तकनीकी खराबी के कारण लिफ्ट तीसरी मंजिल पर जाकर रुक गई और दरवाजा नहीं खुला।
ग्वालियर शहर में शुक्रवार सुबह हुई झमाझम बारिश ने एक बार फिर नगर निगम के जल निकासी के दावों की पोल खोल दी। वार्ड क्रमांक 64 के शंकरपुर में कुछ ही देर में सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया। जलभराव के कारण स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। समस्या के विरोध में कांग्रेस के ग्रामीण विधायक साहब सिंह गुर्जर बारिश के बीच जलमग्न सड़क पर धरने पर बैठ गए। विधायक ने मौके से फेसबुक लाइव कर नगर निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि शंकरपुर में पिछले दो साल से जलभराव की समस्या बनी हुई है और वह लगातार इसे अधिकारियों के सामने उठा रहे हैं, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया। 'दो साल से उठा रहा हूं आवाज, फिर भी अफसर बेखबर' फेसबुक लाइव के दौरान विधायक साहब सिंह गुर्जर ने कहा कि पिछले दो वर्षों से शंकरपुर की जलभराव की समस्या को हर स्तर पर उठाया जा रहा है। इसके बावजूद नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी समस्या का स्थायी समाधान नहीं कर सके। नालियों की सफाई और जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से हर बारिश में स्थानीय लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। 'नगर निगम होश में आओ' के लगाए नारे विधायक के धरने में स्थानीय नागरिक भी शामिल हो गए। लोगों ने नगर निगम प्रशासन के खिलाफ 'नगर निगम होश में आओ' के नारे लगाए। जलभराव के बीच किए गए विरोध प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में जल निकासी की स्थायी व्यवस्था होने तक वे समस्या के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे।
इंदौर के राजकीय बाल संरक्षण आश्रम में शुक्रवार को अलग ही माहौल और नजारा देखने को मिला। यहां कलेक्टर शिवम वर्मा और विधायक गोलू शुक्ला पहुंचे और उन्होंने निराश्रित बच्चों के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाया। इस दौरान यहां मौजूद बच्चों ने विधायक और कलेक्टर के हाथों पर राखियां बांधी। पूरा माहौल खुशीमय नजर आया। कार्यक्रम आयोजक विनोद खंडेलवाल ने बताया कि भाई-बहन के पवित्र प्रेम, स्नेह और विश्वास का पर्व रक्षाबंधन राजकीय बाल संरक्षण आश्रम में मनाया गया। इसमें कलेक्टर वर्मा और विधायक शुक्ला शामिल हुए। यहां निराश्रित बच्चों के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाकर उन्हें अपनत्व और स्नेह का अनुभव कराया। इस दौरान कलेक्टर और विधायक ने बच्चों को उपहार स्वरूप शिक्षण सामग्री दी। साथ ही आश्रम की आवश्यकताओं को ध्यान रखते हुए पानी की टंकी भी उपलब्ध करवाई। वहीं यहां पर मॉड्यूलर किचन बनाने की भी घोषणा की। विधायक गोलू शुक्ला ने कहा कि बहनों का स्नेह हमेशा प्रेरणा और शक्ति का स्त्रोत रहा है। रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते का पर्व नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, अपनत्व, संवेदना और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का अवसर भी है। निराश्रित बच्चों के साथ पर्व मनाना उनके जीवन में खुशियां और अपनत्व का भाव लाने की दिशा में एक छोटा सा प्रयास है। वहीं कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि बच्चों प्रशासन का उद्देश्य आश्रम में रह रहे बच्चों को बेहतर सुविधाएं, सुरक्षित वातावरण और शिक्षा के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना है। बच्चों की आवश्यकताओं के अनुरूप आश्रम में सुविधाओं के विस्तार के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। कलेक्टर, विधायक ने इन बच्चों के बीच काफी समय बिताया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
एफएनजी पर छिजारसी पर लगने वाले रोजाना के जाम से करीब तीन लाख लोगों को राहत दिलाने के लिए 12 लेन का फ्लाईओवर बनाने की तैयारी है। यह फ्लाईओवर छह-छह लेन के दो हिस्सों में बनाया जाएगा। प्राधिकरण ने इसकी तकनीकी जांच पूरी कर ली है। फ्लाईओवर की लंबाई करीब 1200 मीटर होगी। यह छिजारसी चौक के आगे से शुरू होकर इंदिरापुरम में सीआईएसएफ ग्राउंड के पास तक जाएगा। रास्ते में एनएच-9 और डीएमई के ऊपर से फ्लाईओवर निकालने की योजना है। करीब 2 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसके लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से भी अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना होगा। इससे नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद के लोगों को फायदा मिलेगा। तीन कंपनियां सोमवार को देंगी प्रेजेंटेशन जीएम एसपी सिंह ने बताया कि फ्लाईओवर के प्रस्ताव को अंतिम रूप देने से पहले तीन कंपनियां सोमवार को प्राधिकरण के अधिकारियों के सामने प्रेजेंटेशन देंगी। कंपनियां परियोजना से जुड़ी तकनीकी जानकारी और निर्माण की योजना प्रस्तुत करेंगी। प्रेजेंटेशन के बाद अधिकारियों की ओर से सभी प्रस्तावों का परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद फ्लाईओवर की डिजाइन और निर्माण से जुड़ा अंतिम फैसला लिया जाएगा। छिजारसी पर फ्लाईओवर बनाने की कवायद नई नहीं है। 2013 में भी छिजारसी चौक से एनएच-9 तक फ्लाईओवर बनाने की योजना तैयार हुई थी। उस समय एनएचएआई से अनापत्ति नहीं मिलने के कारण परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी। इसके बाद एनएच-9 के चौड़ीकरण के चलते योजना ठंडे बस्ते में चली गई। अब एक बार फिर बढ़ते यातायात और जाम को देखते हुए प्राधिकरण ने नए सिरे से परियोजना पर काम शुरू किया है। एफएनजी पर बढ़ता यातायात बना चुनौती एफएनजी मार्ग नोएडा और गाजियाबाद के बीच महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। रोजाना बड़ी संख्या में वाहन यहां से गुजरते हैं। छिजारसी पर सड़क की क्षमता कम पड़ने और आसपास अतिक्रमण के कारण पीक आवर में लंबा जाम लगता है। प्राधिकरण का मानना है कि नया फ्लाईओवर बनने के बाद इस मार्ग पर यातायात का दबाव कम होगा और लाखों लोगों को रोजाना जाम से राहत मिल सकेगी।
रोहतक में फांसी के फंदे पर लटका युवक:कामकाज सही न चलने से था परेशान, कमरे में लटका मिला शव
रोहतक के बाबरा मोहल्ला में एक युवक ने फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना पाकर ओल्ड सब्जी मंडी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए डेड हाउस भेज दिया। मृतक की पहचान 34 वर्षीय राजिंद्र पुत्र रामकुमार के रूप में हुई, जो पिछले कई दिनों से कामकाज सही न चलने के कारण परेशान था। इसी परेशानी के चलते राजिंद्र ने फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर एफएसएल टीम को बुलाया और जांच शुरू की। 2 बच्चों का पिता था मृतक मृतक राजिंद्र के 2 बच्चे है, जिनके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया। राजिंद्र ने आत्महत्या जैसा कदम कामकाज में चल रही परेशानियों के चलते उठाया बताया जा रहा है। पिछले कई दिनों से वह आर्थिक तंगी के कारण परेशानी से जूझ रहा था। पुलिस मामले में जांच कर रही ओल्ड सब्जीमंडी थाना एसएचओ सुशील ने बताया कि एक युवक के आत्महत्या करने की सूचना मिली थी। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले में जांच कर रही है।
अशोकनगर जिले में रक्षाबंधन के पर्व पर शुक्रवार को दिनभर रिमझिम बारिश होती रही। सुबह से शाम तक कभी हल्की तो कभी मध्यम बारिश का दौर जारी रहा। लगातार बारिश से मौसम सुहावना हो गया और शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी ठंडक महसूस की गई। लंबे समय बाद जिले में कई घंटों तक लगातार बारिश देखने को मिली। बारिश का असर बाजारों और सड़कों पर भी नजर आया। वहीं, किसानों के लिए यह बारिश राहत भरी मानी जा रही है। खेतों में नमी बढ़ने से फसलों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। शनिवार से बारिश थमने का अनुमान मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार से जिले में बारिश का दौर कुछ दिनों के लिए थमने का अनुमान है। हालांकि, आसमान में बादल छाए रहने की संभावना बनी रहेगी। ऐसे में मौसम पूरी तरह साफ होने के बजाय बादलों की आवाजाही जारी रह सकती है। इस मानसून सीजन में जिले में अब तक कुल 556.50 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है। तहसीलवार आंकड़ों के मुताबिक मुंगावली में सबसे ज्यादा 782 मिमी, चंदेरी में 651 मिमी, अशोकनगर में 407 मिमी और ईसागढ़ में सबसे कम 386 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई है। पिछले 24 घंटों में जिले में 10.25 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
हनुमानगढ़ में रक्षाबंधन पर भाई-बहन के स्नेह के साथ पुलिस और वंचित परिवारों की बच्चियों के बीच अपनत्व और सुरक्षा का भाव भी देखने को मिला। हनुमानगढ़ टाउन थाने में विश्व हिंदू परिषद के नेता राजेंद्र स्वामी और कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचीं वंचित परिवारों की बच्चियों ने थानाधिकारी लखवीर सिंह सहित पुलिसकर्मियों की कलाई पर राखियां बांधीं। पुलिसकर्मियों ने भी बच्चियों को उपहार देकर उनका उत्साह बढ़ाया और हर परेशानी में मदद व सुरक्षा का भरोसा दिलाया। घर-घर में दिखी रक्षाबंधन की रौनक हनुमानगढ़ में शुक्रवार को रक्षाबंधन का पर्व उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही घरों में पर्व की रौनक नजर आई। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना की। भाइयों ने भी बहनों को उपहार देकर उनकी रक्षा और हर सुख-दुख में साथ खड़े रहने का वादा किया। नन्हे भाई-बहनों में दिखा खास उत्साह रक्षाबंधन को लेकर छोटे बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला। नन्हे भाई-बहनों ने नए कपड़े पहनकर खुशियां मनाईं। घरों में सुबह से ही तैयारियां शुरू हो गई थीं। बहनों ने पूजा की थाली सजाई, भाइयों के माथे पर तिलक लगाया, आरती की और फिर राखी बांधकर मिठाई खिलाई। कार्टून वाली राखियों ने खींचा बच्चों का ध्यान कई घरों में नन्ही बच्चियां अपने छोटे भाइयों की कलाई पर राखी बांधती नजर आईं। राखी बांधते समय बच्चों के चेहरों पर खुशी देखते ही बन रही थी। कई बहनों ने भाइयों की कलाई पर रंग-बिरंगी और कार्टून वाली राखियां बांधीं। इसके बाद भाइयों ने भी अपनी बहनों को पसंद के उपहार दिए। उपहार पाकर खिल उठे बच्चियों के चेहरे उपहार मिलने के बाद बच्चियों की खुशी देखते ही बन रही थी। किसी को खिलौना मिला तो किसी को पसंद की अन्य चीज उपहार में मिली। बहनों ने उत्साह के साथ अपने उपहार परिजनों को दिखाए और खुशी जाहिर की। परिवार के सदस्यों ने बच्चों को रक्षाबंधन के महत्व के बारे में भी बताया। थाने में पुलिसकर्मियों की कलाई पर सजी राखियां रक्षाबंधन के अवसर पर वंचित परिवारों की बच्चियां विश्व हिंदू परिषद के नेता राजेंद्र स्वामी और कार्यकर्ताओं के साथ टाउन थाने पहुंचीं। यहां बच्चियों ने थानाधिकारी लखवीर सिंह सहित पुलिसकर्मियों को राखियां बांधीं। राखी बंधवाने के बाद थानाधिकारी ने बच्चियों को उपहार दिए और कहा कि पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए हमेशा तत्पर है। 'परेशानी हो तो बिना झिझक पुलिस से संपर्क करें' थानाधिकारी लखवीर सिंह ने बच्चियों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई और रुचियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम और सुरक्षा के संकल्प का पर्व है। ऐसे अवसर पर बच्चियों के साथ समय बिताना और उन्हें सुरक्षा का भरोसा देना समाज के लिए सकारात्मक संदेश है। उन्होंने बच्चियों से कहा कि किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर वे बिना झिझक पुलिस से संपर्क कर सकती हैं। बच्चियों को बताई थाने की कार्यप्रणाली पुलिस की ओर से बच्चियों को थाने की कार्यप्रणाली की जानकारी भी दी गई। उन्हें बताया गया कि शिकायत कैसे दर्ज की जाती है, पुलिस लोगों की किस तरह मदद करती है और आपात स्थिति में पुलिस से किस प्रकार संपर्क किया जा सकता है। बच्चियों ने भी पुलिस अधिकारियों से थाने और पुलिस की कार्यप्रणाली से जुड़े सवाल पूछे। समाज की मुख्यधारा से जोड़ना उद्देश्य विश्व हिंदू परिषद नेता राजेंद्र स्वामी ने बताया कि वंचित परिवारों की बच्चियों के साथ रक्षाबंधन मनाने का उद्देश्य उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उनके भीतर सुरक्षा व अपनत्व की भावना मजबूत करना है। कार्यक्रम के दौरान बच्चियों के चेहरों पर खुशी साफ नजर आई। पुलिस और बच्चियों के बीच हुए इस आत्मीय संवाद ने रक्षाबंधन के पर्व को खास बना दिया।
प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र के सोनार का तारा बाजार में शुक्रवार शाम बेकाबू मैजिक ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में पिता की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बेटा और नाती गंभीर रूप से जख्मी हो गए। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रक्षा बंधन के दिन बाजार में हादसे से कोहराम मच गया। परिवार के लोग बिलख रहे हैं। 2 तस्वीरें देखिए… जानिये क्या है पूरा मामलामेजा थाना क्षेत्र के उचडीह (तिवारी का पूरा) गांव के रहने वाले रमेश चंद्र तिवारी (45) शुक्रवार शाम बाइक से रिश्तेदारी में गए थे। उनके साथ बड़ा बेटा राहुल तिवारी (27) और नाती रुद्रांश तिवारी (3) पुत्र राहुल तिवारी भी थे। शाम करीब चार बजे तीनों लोग बाइक से घर लौट रहे थे। सोनार का तारा बाजार के पास सामने से तेज रफ्तार से आई मैजिक ने बाइक में टक्कर मार दी। जोरदार टक्कर लगने से तीनों दूर जा गिरे। हादसे में रमेश की मौत हो गई, जबकि बेटे राहुल और नाती रुद्रांश को गंभीर चोट आई। आसपास के लोगों ने दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। मैजिक चालक भाग चुका था। जेवानिया चौकी प्रभारी सुमित त्रिपाठी ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे की खबर पाकर परिजन भी रोते बिखलते पहुंच गए। मृतक की पत्नी उषा तिवारी और बेटे राशु आदि का रो रोकर बुरा हाल है।
पलवल सीआईए स्टाफ की टीम ने एक युवक को अवैध देसी कट्टे सहित गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान रजपुरा गांव निवासी मुबारिक के रूप में हुई है। वह अवैध हथियार के बल पर किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था। सीआईए प्रभारी जगमिंद्र सिंह ने बताया कि, 28 अगस्त को सीआईए स्टाफ पलवल की टीम गश्त पर थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी मुबारिक अवैध देसी कट्टा लेकर पीयूष सिटी के पास किसी वारदात के लिए इंतजार में खड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर दबिश दी। पुलिस को अपनी तरफ आते देख आरोपी ने भागने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने उसे मौके पर ही काबू कर लिया। तलाशी लेने पर आरोपी के कब्जे से एक अवैध देशी कट्टा बरामद हुआ। पुलिस ने दर्ज किया आर्म्स एक्ट में मुकदमा पुलिस टीम ने अवैध हथियार को कब्जे में लेकर आरोपी मुबारिक के खिलाफ शहर थाने में शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है कि वह किस वारदात या किसके इंतजार में अवैध हथियार लेकर खड़ा था। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के बाद किसी बड़े मामले का भी खुलासा हो सकता है। पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि जिले में अवैध हथियारों की तस्करी और इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ जिला पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी। उन्होंने बताया कि अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ धरपकड़ का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
करनाल में गुरुद्वारा प्रबंधन की ओर से रात के अंधेरे में दो सिख दुकानदारों की दुकानों पर जेसीबी चलाने का मामला सामने आया है। इनमें एक चश्मे की दुकान और दूसरी इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान थी। दुकानदारों का आरोप है कि कार्रवाई के समय दुकानों के अंदर सामान रखा हुआ था, जिससे उन्हें भारी नुकसान हुआ। दुकानदारों के अनुसार, दुकान खाली करवाने को लेकर प्रबंधन से पिछले कुछ वर्षों से बातचीत चल रही थी। जब प्रबंधन की तरफ से कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिल रहा था तो कोर्ट से स्टे ले लिया था। लेकिन स्टे के बावजूद भी बुलडोजर चला दिया गया। कोर्ट के आदेशों की अवहेलना हुई है। 20 साल से दुकान चला रहे थे मनजीत सिंहदुकानदार मनजीत सिंह ने बताया कि वह करीब 20 साल से यहां दुकान चला रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों से गुरुद्वारा प्रबंधन दुकान खाली करवाने की बात कह रहा था। प्रबंधन का तर्क था कि यहां गुरुद्वारा बनाया जाना है। दुकानदारों ने प्रबंधन से पूछा था कि दुकान खाली करने के बाद उन्हें दोबारा दुकान दी जाएगी या नहीं। मनजीत सिंह के अनुसार, प्रबंधन ने कहा था कि जो लोग 10-10 लाख रुपए सिक्योरिटी फीस देंगे, उन्हें ही दोबारा दुकान दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इतनी बड़ी रकम देना उनके लिए संभव नहीं था। इसलिए उन्होंने प्रबंधन से जायज रास्ता निकालने और किराये के साथ धीरे-धीरे राशि लेने का सुझाव दिया, लेकिन उनकी बात नहीं मानी गई। स्टे के बावजूद रात में कार्रवाई का आरोपमनजीत सिंह ने कहा कि सिख समाज लंगर सेवा के लिए जाना जाता है और वे भी इसी कौम से हैं। उनका कहना है कि छोटी सी दुकान को लेकर भी उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि दुकानदारों ने कोर्ट से स्टे ले रखा था, इसके बावजूद रात में जेसीबी चलाकर दुकान तोड़ दी गई।ऑप्टिकल दुकान के मालिक मनमीत सिंह ने भी कहा कि उनकी दुकान रात में तोड़ी गई और अंदर रखा सामान भी प्रभावित हुआ है। दुकानदारों ने कहा कि कार्रवाई से उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ है। अब वे इस मामले को लेकर दोबारा कोर्ट का रुख करेंगे और न्याय की मांग करेंगे।
सड़क हादसे में घायल महिला की इलाज के दौरान कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में शुक्रवार को मौत हो गई। बच्चों की नौकरी के लिए बारां जिले से झालावाड़ के कामखेड़ा बालाजी मंदिर जाते समय 26 अगस्त को अकलेरा रोड पर हादसा हुआ था। महिला सुंदरी बाई (35) निवासी बारां जिले के सारथल से करीब 20-22 लोगों के साथ पिकअप में कामखेड़ा बालाजी मंदिर जा रही थी। पिकअप ड्राइवर के तेज चलाने से गाड़ी खेत में पलट गई थी। इसमें 20 लोग घायल हुए थे। सुंदरी को गंभीर चोट आने पर इलाज के लिए कोटा लाया गया था। खेत में पलट गई थी गाड़ी, 22 लोगों को आई थी चोट सारथल निवासी बद्रीलाल ने बताया- मैंने बच्चों की नौकरी लगने की मन्नत (बोलरी बोल रखी) मांग रखी थी। उसी मन्नत की रसोई लेकर 26 अगस्त को परिवार और मोहल्ले के 20-22 लोगों को किराए की पिकअप में बैठाकर झालावाड़ जिले के कामखेड़ा बालाजी ले जा रहे थे। अकलेरा रोड पर पिकअप ड्राइवर ने गाड़ी को स्पीड से चलाया। इस कारण पिकअप लहराते हुए तीन-चार पलटी खाकर पास के मक्का के खेत में पलट गई थी। हादसे में पिकअप सवार 20-22 लोगों के चोट लगी। उन्हें इलाज के लिए तुरंत झालावाड़ और अकलेरा ले जाया गया। गांव की सुंदरी बाई के सिर, मुंह और कान पर गंभीर चोट लगी थी। इलाज के दौरान कोटा में सुंदरी की मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम कराकर शव परिजनों को सौंपा सरथल थाना ASI रमेशचंद ने बताया- पिकअप सवार सभी लोग सारथल गांव के रहने वाले हैं। वे कामखेड़ा बालाजी जा रहे थे। रास्ते में गाड़ी पलट गई। 20 लोग घायल हुए थे। 3-4 लोग अभी भी झालावाड़ हॉस्पिटल में भर्ती हैं। सुंदरी बाई की कोटा में इलाज के दौरान शुक्रवार को मौत हो गई। इसके बाद पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। इस संबंध में बद्रीलाल की शिकायत पर मामला दर्ज किया है।

