आगरा में पुलिस भर्ती परीक्षा के चलते सोमवार को शहर की ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई। करीब 25 हजार अभ्यर्थियों के एक साथ शहर में पहुंचने और परीक्षा खत्म होने के बाद अचानक लौटने की भीड़ ने एमजी रोड सहित प्रमुख चौराहों पर लंबा जाम लगा दिया। हालात यह रहे कि रोडवेज बसों के इंतजार में हजारों अभ्यर्थी घंटों तक सड़कों पर खड़े रहे और उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। परीक्षा छूटते ही शहर के अलग-अलग केंद्रों से निकले अभ्यर्थियों का सैलाब बस स्टैंड और मुख्य मार्गों की ओर उमड़ पड़ा। एमजी रोड, भगवान टॉकीज, सेंट जॉन्स चौराहा, प्रतापपुरा और आईएसबीटी के आसपास परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों की भीड़ देखने को मिली। सड़क किनारे खड़े अभ्यर्थी बसों का इंतजार करते रहे, लेकिन पर्याप्त संख्या में बसें समय पर नहीं पहुंच सकीं। इससे सड़क पर भीड़ बढ़ती गई और जाम की स्थिति विकराल हो गई। शाम को एमजी रोड पर वाहन रेंगते नजर आए। अभ्यर्थियों के साथ-साथ आम यात्री भी इस जाम में फंस गए। स्थिति इतनी खराब हो गई कि कई स्थानों पर एंबुलेंस तक जाम में फंसने की नौबत आ गई। जाम की मुख्य वजह परीक्षा केंद्रों के बाहर अव्यवस्थित पार्किंग, अचानक बढ़ी भीड़ और परिवहन व्यवस्था की कमी रही। शहर में पहले से चल रहे मेट्रो कार्य और बैरिकेडिंग के कारण सड़कें संकरी हो चुकी हैं, जिससे ट्रैफिक दबाव और बढ़ गया।
नीमच में गैस एजेंसी दिलाने और बिजनेस पार्टनरशिप के नाम पर एक शख्स से 60 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि जब उसने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने एक नाबालिग लड़की के जरिए उसे झूठे केस में फंसा दिया। कड़ेश्वर के रहने वाले पीड़ित कन्हैयालाल पुरोहित सोमवार को अपने समाज के लोगों के साथ नीमच एसपी दफ्तर पहुंचे। उन्होंने ज्ञापन सौंपा और झाबुआ एसपी के नाम भी एक शिकायत भेजी। कन्हैयालाल ने बताया कि थांदला इलाके के एक गैस एजेंसी मालिक से उनके कामकाजी संबंध थे। बिजनेस एग्रीमेंट के दौरान आरोपियों ने उनसे पहचान के दस्तावेज और फोटो ले लिए थे। इसके बाद गैस एजेंसी दिलाने के नाम पर उनसे करीब 60 लाख रुपए ठग लिए गए, जिसमें 10 जून 2025 के आस-पास किए गए कई ऑनलाइन ट्रांजैक्शन शामिल हैं। पहचान के दस्तावेजों के गलत इस्तेमाल की आशंका पीड़ित के मुताबिक, काफी समय बीतने के बाद भी न तो गैस एजेंसी का कोई काम हुआ और न ही उनके पैसे लौटाए गए। जब उन्होंने 27 सितंबर को अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपी बहाने बनाने लगे। कन्हैयालाल जब पैसे लेने झाबुआ पहुंचे, तो उन्हें गंभीर मुकदमों में फंसाने की धमकी दी गई। आरोप है कि इसी साजिश के तहत आरोपियों ने अपनी एक नाबालिग रिश्तेदार लड़की के जरिए 8 मार्च 2026 को थांदला थाने में कन्हैयालाल के खिलाफ शिकायत दर्ज करवा दी। कन्हैयालाल का दावा है कि वह उस लड़की या उसके परिवार को जानते तक नहीं हैं। उन्हें डर है कि एग्रीमेंट के नाम पर लिए गए उनके दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल किया गया है और आगे भी उन्हें मानसिक व आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया जा सकता है। सीनियर अधिकारी से जांच और सुरक्षा की मांग पीड़ित और उनके समाज के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच किसी सीनियर अफसर से कराई जाए। उन्होंने आरोपियों के मोबाइल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल, डिजिटल सबूतों, बैंक लेन-देन और दस्तावेजों के इस्तेमाल की टेक्निकल जांच करने की मांग की है।
गोरखपुर में ब्रेन ट्यूमर के मरीजों की संख्या पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ रही है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के न्यूरो सर्जरी विभाग की स्टडी में सामने आया है कि बड़ों से लेकर बच्चों तक में अलग-अलग तरह के ब्रेन ट्यूमर के केस मिल रहे हैं। वयस्क मरीजों में मैनिंजियोमा और एस्ट्रोसाइटोमा सबसे ज्यादा पाया जा रहा है, जबकि बच्चों में एस्ट्रोसाइटोमा और मेडुलोब्लास्टोमा के मामले सामने आ रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक समय पर जांच और शुरुआती स्टेज में पहचान होने पर इसका बेहतर इलाज संभव है। हर सप्ताह सामने आ रहे ब्रेन ट्यूमर के करीब 15 नए केस बीआरडी मेडिकल कॉलेज के न्यूरो सर्जरी विभाग के डॉ. अनिंदया गुप्ता ने बताया कि पहले के मुकाबले अब ब्रेन ट्यूमर के मरीज ज्यादा संख्या में अस्पताल पहुंच रहे हैं। वर्तमान में हर सप्ताह करीब 15 नए मरीज ओपीडी में ब्रेन ट्यूमर से जुड़ी समस्या लेकर आ रहे हैं। इनमें बच्चों से लेकर बड़े मरीज तक शामिल हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 से 2025 के बीच ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित करीब 200 मरीजों पर स्टडी की गई। इसमें मरीजों में पाए जाने वाले ट्यूमर के प्रकार और उनके असर का अध्ययन किया गया। यह स्टडी इंटरनेशनल जर्नल ऑफ मेडिसिन एंड पब्लिक हेल्थ में भी प्रकाशित हो चुकी है। बड़ों में मस्तिष्क की झिल्लियों से बनने वाला ट्यूमर सबसे ज्यादा स्टडी के मुताबिक वयस्क मरीजों में सबसे ज्यादा करीब 30 प्रतिशत मामले मैनिंजियोमा के पाए गए हैं। यह मस्तिष्क की झिल्लियों से विकसित होने वाला ट्यूमर होता है। इसके अलावा करीब 25 प्रतिशत मरीजों में एस्ट्रोसाइटोमा पाया गया, जो मस्तिष्क की सहायक कोशिकाओं से बनने वाला ट्यूमर है। वहीं बच्चों में एस्ट्रोसाइटोमा के साथ मेडुलोब्लास्टोमा के केस ज्यादा देखने को मिले हैं। यह तेजी से बढ़ने वाला ट्यूमर होता है और बच्चों को अधिक प्रभावित करता है। ग्रेड-4 एस्ट्रोसाइटोमा सबसे खतरनाकडॉ. अनिंदया गुप्ता ने बताया कि एस्ट्रोसाइटोमा का ग्रेड-4 सबसे गंभीर माना जाता है। यह तेजी से बढ़ने वाला ट्यूमर है, जिससे मरीज की स्थिति जल्दी खराब हो सकती है। कई बार शुरुआती लक्षण सामान्य बीमारी जैसे लगते हैं, जिसकी वजह से लोग जांच कराने में देरी कर देते हैं। उन्होंने बताया कि अगर लगातार सिर दर्द, उल्टी, दौरे या शरीर में कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। समय पर बीमारी पकड़ में आने पर इलाज के परिणाम बेहतर हो सकते हैं। गोला के 10 साल के बच्चे को मिला नया जीवनगोला क्षेत्र के रहने वाले 10 साल के बच्चे को लंबे समय से तेज सिर दर्द, उल्टी, सुस्ती और बार-बार बेहोशी की समस्या हो रही थी। इसके साथ बच्चे का शारीरिक विकास भी उम्र के हिसाब से नहीं हो पा रहा था। परिवार के लोग इलाज के लिए उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। जांच के बाद बच्चे में मेडुलोब्लास्टोमा ब्रेन ट्यूमर की पुष्टि हुई। डॉक्टरों की टीम ने बच्चे का सफल ऑपरेशन किया। इसके बाद उसे रेडिएशन थेरेपी दी गई। इलाज के बाद बच्चे की हालत में काफी सुधार हुआ है। बीआरडी में मौजूद हैं ब्रेन ट्यूमर के इलाज की सुविधाएंडॉ. अनिंदया ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में अब ब्रेन ट्यूमर की सर्जरी के लिए जरूरी उपकरण और सुविधाएं उपलब्ध हैं। मरीजों की जांच से लेकर ऑपरेशन तक की सुविधा मिलने से पूर्वांचल के मरीजों को बड़ी राहत मिल रही है। इन संकेतों को हल्के में न लेंलगातार तेज सिर दर्द, सुबह के समय ज्यादा दर्द होना, बार-बार उल्टी आना, आंखों से धुंधला या डबल दिखाई देना, दौरे पड़ना, बोलने या समझने में परेशानी होना और शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी ब्रेन ट्यूमर के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय तक बनी रहने वाली किसी भी न्यूरोलॉजिकल समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सही समय पर जांच, संतुलित खान-पान और जागरूकता से गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है। लक्षण दिखने पर विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
फर्रुखाबाद जनपद के कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव जिराऊ में भागवत कथा सामग्री विसर्जन के दौरान एक युवक की गंगा में डूबने से मौत हो गई। यह घटना सोमवार को शमशाबाद थाना क्षेत्र के ढाई घाट पर हुई। युवक का शव करीब पांच घंटे की तलाश के बाद मिल सका। जानकारी के अनुसार, कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव जिराऊ निवासी जगत के यहां 31 मई को भागवत कथा शुरू हुई थी, जिसका समापन 7 जून को भंडारे के साथ हुआ। सोमवार को जगत अपने परिवार, गांव के लोगों और रिश्तेदारों के साथ भागवत कथा की सामग्री विसर्जित करने ढाई घाट पर आए थे। खेती-बाड़ी करता था युवक विसर्जन के बाद सभी लोग गंगा में स्नान कर रहे थे। इसी दौरान जगत के सबसे छोटे बेटे संतोष गहरे पानी में चले गए और डूब गए। घटना के बाद गोताखोरों को बुलाया गया, जिन्होंने तलाश शुरू की। बताया गया कि रात करीब 9 बजे संतोष का शव बरामद कर लिया गया। मृतक संतोष की पत्नी का नाम गीता देवी है। उनके दो छोटे बेटे हैं, जिनकी उम्र आठ साल और छह साल है। परिवार खेती-बाड़ी करके अपना जीवन यापन करता था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, संतोष ने पहले अपने दोनों बेटों को गंगा में नहलाया। जब बेटे बाहर आ गए, उसके बाद वह स्वयं गहरे पानी की ओर बढ़ गए और डूब गए। घटना की सूचना मिलने पर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची।
छोटी काशी के नाम से विख्यात कानपुर के सुप्रसिद्ध परमट स्थित बाबा आनंदेश्वर धाम में सोमवार को एक अद्भुत और अलौकिक नजारा देखने को मिला। ज्येष्ठ के महीने में पड़ने वाले सोमवार को संध्या आरती के बाद बाबा आनंदेश्वर का विशेष 'अमराई शृंगार' किया गया। पूरा गर्भगृह ताजे रसीले आमों और रंग-बिरंगे फूलों की खुशबू से सराबोर हो उठा। इस अलौकिक रूप के दर्शन करने के लिए मंदिर परिसर में शिवभक्तों का तांता लग गया। चंदन की वेदी पर विराजे बाबा, बेलपत्र से सजा मस्तक सोमवार की शाम महाआरती के बाद जब बाबा के पट खुले, तो भक्त निहाल हो उठे। गर्भगृह के केंद्र में स्थित दिव्य शिवलिंग को सबसे पहले पीले चंदन और हल्दी से रंगा गया, जिससे एक भव्य गोलाकार वेदी जैसी दिव्य आकृति उभर कर आई। बाबा के ठीक ऊपर बेहद करीने से ताजे बेलपत्र और तुलसी दल अर्पित किए गए थे, जो उनकी सौम्यता को और बढ़ा रहे थे। सैकड़ों रसीले आमों से तैयार हुआ भव्य दरबार इस बार का शृंगार बेहद खास और मौसमी रंगत लिए हुए था। बाबा आनंदेश्वर के पूरे दरबार को भारी मात्रा में हरे और हल्के पीले रंग के रसीले आमों से सजाया गया था। ऐसा लग रहा था मानो साक्षात महादेव किसी आम महोत्सव (मैंगो फेस्टिवल) के बीच विराजमान हों। शिवलिंग के चारों ओर आमों को एक सुंदर चक्राकार घेरे में इस तरह सजाया गया था कि हर कोई इस अनोखी कलात्मकता को देखता रह गया। गेंदे और जरबेरा के फूलों से महकी छोटी काशी
मुजफ्फरनगर में उत्तर प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने प्रदेश के राशन डीलरों के कमीशन में वृद्धि की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र भेजा है। मंत्री ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के प्रभावी संचालन में उचित दर विक्रेताओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि राशन डीलर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने राशन वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और प्रभावी बनाए रखने में उनके योगदान की सराहना की। मंत्री ने पत्र में उल्लेख किया कि वर्तमान में राशन डीलरों को प्रति किलोग्राम मात्र 90 पैसे का लाभांश मिल रहा है। उन्होंने इसे बढ़ती महंगाई, परिवहन व्यय, दुकान संचालन खर्च, डिजिटल व्यवस्थाओं के खर्च और पारिवारिक आवश्यकताओं के मुकाबले बेहद कम बताया। इस कारण राशन डीलरों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कपिल देव अग्रवाल ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि राशन डीलरों के हितों की रक्षा और सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने के लिए उनके कमीशन में यथोचित वृद्धि की जाए। उनका मानना है कि इससे राशन विक्रेता आर्थिक रूप से सशक्त होंगे और अधिक निष्ठा के साथ जनता की सेवा कर सकेंगे। मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राशन डीलरों की मांगों पर सकारात्मक विचार करेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही ऐसा निर्णय लिया जाएगा जिससे प्रदेश के हजारों राशन डीलरों को राहत मिलेगी और सार्वजनिक वितरण प्रणाली और अधिक प्रभावी बन सकेगी।
बलौदाबाजार के ग्राम रवान स्थित सीमेंट संयंत्र में ऊंचाई से गिरने के कारण एक ठेका मजदूर की मौत हो गई। मृतक की पहचान हेमप्रकाश खुंटे के रूप में हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है कि यह दुर्घटना थी, आत्महत्या थी या सुरक्षा में लापरवाही का परिणाम। पुलिस की प्राथमिक पूछताछ और शुरुआती जानकारी के अनुसार, मजदूर ने संयंत्र की सातवीं या नौवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या की थी। संयंत्र में यह भी चर्चा है कि एक साथी मजदूर ने हेमप्रकाश को कूदने से रोकने की कोशिश की थी, लेकिन वह सफल नहीं हो सका। दूसरी ओर, मृतक के परिजनों ने आत्महत्या की बात से साफ इनकार किया है। परिजनों का कहना है कि हेमप्रकाश सुबह सामान्य मानसिक स्थिति में खाना खाकर काम पर निकला था और घर में कोई विवाद नहीं था। हेमप्रकाश अपने परिवार का इकलौता बेटा था। पीड़ित परिवार ने कंपनी प्रबंधन पर जानकारी छिपाने और असंवेदनशील रवैया अपनाने का गंभीर आरोप लगाया है। परिजनों के मुताबिक, उन्हें घटना की सूचना समय पर नहीं दी गई। जब वे प्लांट पहुंचे, तो उन्हें भीतर जाने से रोक दिया गया। इसी दौरान एक एम्बुलेंस संयंत्र से बाहर निकली, लेकिन परिजनों को उसमें बैठने नहीं दिया गया और न ही कोई स्पष्ट जानकारी दी गई। जानकारी के अनुसार, मजदूर की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। इसके बावजूद प्रबंधन ने शव को आनन-फानन में रायपुर भेज दिया। स्थानीय पुलिस और परिजनों को विश्वास में लिए बिना शव को इतनी दूर भेजने को लेकर क्षेत्र में आक्रोश है। परिजन पहुंचे कोतवाली थाना, निष्पक्ष जांच की मांग घटना से नाराज परिजन कोतवाली थाना पहुंचे और निष्पक्ष जांच व न्याय की मांग करते हुए लिखित आवेदन दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मौके पर सुरक्षा के लिए बल तैनात कर दिया है। घटनास्थल पर पुलिस की जांच जारी बलौदाबाजार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने कहा, पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर पूरे घटनास्थल की जांच कर रही है और वहां मौजूद लोगों से पूछताछ भी की जा रही है। डॉक्टरों की रिपोर्ट और मेडिकल मेमो का इंतजार है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कांग्रेस ने की मुआवजे की मांग सीमेंट प्लांट में काम करने वाले 22 वर्षीय मजूदर की संदिग्ध हालात में मौत मामले को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष सुमित्रा घृतलहरे ने सिटी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में कहा गया है कि हादसे के बाद परिजनों को समय पर जानकारी नहीं दी गई और बिना बताए घायल श्रमिक को इलाज के लिए रायपुर ले जाया गया। कांग्रेस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच की मांग की है। साथ ही मृतक के परिवार को 60 लाख रुपए मुआवजा, एक सदस्य को नौकरी और मासिक पेंशन देने की मांग भी की गई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो कंपनी के गेट के सामने आंदोलन किया जाएगा।
बरेली की कैंट पुलिस ने लव जिहाद के आरोपी बॉबी उर्फ अरबाज को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया है। सीओ सिटी आशुतोष शिवम ने बताया कि थाना कैंट पर दो दिन पूर्व एक महिला द्वारा आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दो टीमों का गठन किया। सोमवार को पुलिस टीमों ने सटीक सूचना के आधार पर घेराबंदी करके आरोपी अरबाज को धर दबोचा। पुलिस अब इस मामले की गहनता से जांच कर रही है और आरोपी से पूछताछ की जा रही है। पहचान छिपाकर दोस्ती और डेढ़ साल तक शोषणपकड़ा गया आरोपी अरबाज असल में बरेली के बारादरी थाना क्षेत्र का रहने वाला है। उसने अपनी असली पहचान छिपाकर अपना नाम बॉबी रखा था। उसने हाथों में कलावा बांधकर और माथे पर तिलक लगाकर कैंट की रहने वाली एक तलाकशुदा महिला को अपने जाल में फंसाया था। पीड़िता ने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले जब वह अपनी नानी के घर जाती थी, तब शहदाना इलाके में उसकी मुलाकात बॉबी से हुई थी। आरोपी ने करीब एक-डेढ़ महीने तक उसका लगातार पीछा किया और फिर दोस्ती का हाथ बढ़ाया था। शादी का झांसा देकर लिव-इन में रखादोस्ती आगे बढ़ने पर आरोपी ने महिला को शादी का झांसा दिया और अपने साथ चलने को कहा। पीड़िता उसके बहकावे में आ गई, जिसके बाद आरोपी ने उसे करीब एक साल तक नकटिया इलाके में एक किराए के मकान में रखा। आरोपी ने हमेशा साथ रहने और शादी करने का भरोसा दिया, लेकिन वह लगातार अपना वादा टालता रहा और इस दौरान उसने महिला का शारीरिक शोषण किया। इस बीच महिला 3 बार प्रेग्नेंट हुई तो उसका एबॉर्शन भी करवा दिया गया। अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग और जेवर हड़पनाआरोपी ने महिला को अपने चंगुल में फंसाए रखने के लिए उसकी कुछ अश्लील तस्वीरें और वीडियो बना लिए थे। इन वीडियो के दम पर वह महिला को लगातार ब्लैकमेल करने लगा कि अगर उसने बात नहीं मानी तो वह इन्हें सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा। इतना ही नहीं, आरोपी ने महिला के नाम पर प्लॉट खरीदने का झांसा देकर उसके सारे सोने-चांदी के जेवरात भी हड़प लिए थे, जिसमें सोने का हार, मंगलसूत्र, कान की झुमकी, अंगूठी और चांदी की पायल शामिल थी। दो बच्चों का बाप निकला असली अरबाज खानमहिला को तब बड़ा झटका लगा जब उसे आरोपी की असली पहचान का पता चला। महिला को मालूम हुआ कि जिसे वह बॉबी समझ रही थी, वह वास्तव में मुस्लिम है और उसका असली नाम अरबाज खान पुत्र कय्यूम है, जो पुराना शहर के रोहली टोला का रहने वाला है। जब महिला ने उस पर शादी का दबाव बनाया, तो यह भी खुलासा हुआ कि अरबाज पहले से शादीशुदा है और दो बच्चों का बाप है। दरगाह पर ले जाकर जबरन पढ़वाया कलमाअसलियत सामने आने पर जब महिला ने विरोध किया, तो अरबाज ने उसके साथ मारपीट की। बदनामी और वीडियो वायरल होने के डर का फायदा उठाकर अरबाज महिला को शाहदाना स्थित शराफत मियां की दरगाह पर ले गया। वहां उसने महिला से मुरीद करवाया, जबरन कलमा पढ़वाया और नमाज भी पढ़वाई। जब पीड़िता ने विरोध किया तो अरबाज ने धमकी देते हुए कहा कि उनका एक पूरा ग्रुप है, जिसका काम ही हिंदू लड़कियों को फंसाकर इस्लाम कबूल कराना है। पूरा परिवार दे रहा था जान से मारने की धमकीपीड़िता का आरोप है कि असलियत खुलने के बाद अरबाज ने उससे शादी करने से साफ मना कर दिया और उसे बीच मझधार में छोड़ दिया। जब उसने पुलिस में जाने की बात कही, तो अरबाज के साथ-साथ उसका दोस्त आरिश, उसकी बहन सिमरन और बहनोई राजा उसे लगातार बदनाम करने और जान से मारने की धमकी दे रहे थे। पीड़िता ने पुलिस को यह भी बताया है कि अरबाज का दोस्त आरिश गो-तस्करी के मामलों में भी लिप्त है और अरबाज भी उसके इन काले कारनामों में साथ रहता है। इसी प्रताड़ना से तंग आकर पीड़िता ने एसएसपी अनुराग आर्य से शिकायत की थी, जिसके बाद शनिवार को मुकदमा दर्ज हुआ और आज आरोपी की गिरफ्तारी हो सकी। सीओ सिटी आशुतोष शिवम ने बताया कि थाना कैंट पर दो दिन पूर्व एक महिला द्वारा बॉबी उर्फ अरबाज के खिलाफ लव जिहाद का मुकदमा दर्ज कराया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल दो टीमों का गठन किया गया। पुलिस टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सोमवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
राजगढ़ जिले में 14 साल की नाबालिग बालिका की मौत का मामला दुष्कर्म, गर्भावस्था और हत्या का निकला। आरोपी ने नाबालिग के गर्भवती होने के बाद शादी का दबाव बढ़ने पर पहले उसका गला घोंटा, फिर शव को इमली के पेड़ पर लटकाकर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की थी। सोमवार शाम राजगढ़ पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एएसपी के.एल. बंजारे ने मामले का खुलासा करते किया। मामला राजगढ़ कोतवाली थाना क्षेत्र का है। 26 मई को एक गांव में 14 वर्षीय बालिका का शव इमली के पेड़ पर उसके ही पजामे के फंदे से लटका मिला था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू की। शुरुआती हालात देखकर मामला आत्महत्या जैसा लग रहा था, लेकिन घटनास्थल की स्थिति और शव की हालत ने पुलिस को शुरुआत से ही शक में डाल दिया। गांव वालों ने युवक के घर आते-जाते देखा जाता थापुलिस ने मौके का बारीकी से निरीक्षण किया। फंदे की गांठ, शव की स्थिति और आसपास मिले परिस्थितिजन्य साक्ष्यों ने इशारा दिया कि मामला सामान्य आत्महत्या का नहीं है। इसके बाद पुलिस ने हर एंगल से जांच शुरू की। परिजनों और गांव के लोगों से पूछताछ में यह बात सामने आई कि बालिका को एक युवक के घर आते-जाते देखा जाता था, जिस पर परिवार को पहले से संदेह था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरे मामले की तस्वीर साफ कर दी। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि नाबालिग के साथ लंबे समय से यौन शोषण किया जा रहा था। वह गर्भवती भी थी और उसकी मौत फांसी से नहीं बल्कि गला घोंटने से हुई थी। रिपोर्ट सामने आते ही पुलिस ने संदेही मुकेश तंवर को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की। गर्भवती के बाद शादी का दवाब बनाने लगी थीपूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह लंबे समय से नाबालिग के साथ संबंध बना रहा था। जब बालिका गर्भवती हुई तो उसने शादी करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। आरोपी को डर था कि मामला खुलने पर वह फंस जाएगा। इसी डर में उसने नाबालिग की हत्या कर दी और सबूत छिपाने के लिए शव को पेड़ पर लटका दिया, ताकि मामला आत्महत्या लगे। पुलिस ने आरोपी मुकेश पिता चम्पालाल तंवर (26) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ हत्या, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से आगे की कार्रवाई जारी है। इस सनसनीखेज मामले के खुलासे में कोतवाली थाना पुलिस की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी के निर्देशन में चली जांच में थाना प्रभारी निरीक्षक मंजू मखेनिया, उप निरीक्षक सुभाष द्विवेदी सहित पुलिस टीम ने तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले का खुलासा किया।
सरगुजा प्रवास पर पहुंचे वित्तमंत्री एवं सरगुजा के प्रभारी मंत्री ओपी चौधरी ने अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करने की नसीहत दी। बैठक में सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो शामिल नहीं हुए। पत्रकारों से चर्चा करते हुए मंत्री ने कहा कि जो भी विपरीत परिस्थति कहीं बनी थी, इसे सरकार ने संजीदगी से लिया है। इस तरह की स्थिति उत्पन्न न हो इसके लिए पूरे प्रदेश में सरकार प्रयास कर रही है। इसके सकारात्मक काम भी हुए हैं। बैठक में मंत्री ने राजस्व मामलों का तेजी से निराकरण करने, किसानों के लिए धान-बीज वितरण की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने कहा। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति की जानकारी लेकर शेष निर्माण कार्यों को जल्द पूरा कराने का निर्देश दिया। शहरी क्षेत्र में बिजली, पेयजल की न हो समस्या मंत्री ओपी चौधरी ने अंबिकापुर शहरी क्षेत्र में लोगों को पेयजल, बिजली आपूर्ति की समस्या ना हो, इसके लिए ध्यान रखने का निर्देश दिया। उन्होंने आवश्यकतानुसार सड़कों का सुधार बारिश के पहले पूरा करने के निर्देश दिए। सुशासन के आवेदनों पर गंभीरता से करें काम प्रभारी मंत्री चौधरी ने जिले में सुशासन तिहार की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविरों में प्राप्त प्रत्येक आवेदन को गंभीरता से लिया जाए और निराकरण किया जाए। मंत्री ने राजस्व के समस्याओं का जल्द से जल्द निराकरण करने का निर्देश दिया। उन्होंने लापरवाही करने वालों पर आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया। समीक्षा बैठक में मंत्री चौधरी ने जिले में खाद-बीज की उपलब्धता, भंडारण एवं वितरण की जानकारी ली। मंत्री ने कहा कि किसानों को समय पर खाद -बीज उपलब्ध कराएं। समन्वय बनाकर काम करें अधिकारी-जनप्रतिनिधि समीक्षा बैठक में मंत्री चौधरी ने कहा कि सरगुजा के सर्वांगीण विकास के लिए जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय हो। बैठक में अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर तालमेल बनाकर काम करने के निर्देश दिए गए। मंत्री ने कहा कि शासन की योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचाना हमारा लक्ष्य है। बैठक में नहीं पहुंचे विधायक रामकुमार टोप्पो नायब तहसीलदार से हुए मारपीट के बाद सुर्खियों में आए सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो बैठक में शामिल नहीं हुए। बैठक में सांसद चिंतामणि महाराज, विधायक लुंड्रा प्रबोध मिंज, महापौर मंजूषा भगत, जिपं अध्यक्ष निरूपा सिंह सहित जनप्रतिनिधि, कलेक्टर अजीत वसंत, एसपी राजेश अग्रवाल, सीईओ जिला पंचायत विनय कुमार अग्रवाल सहित सभी विभागीय अधिकारी शामिल हुए। प्रदेश के मंत्री और अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल बाहर निजी प्रवास पर हैं। इसके कारण वे बैठक में शामिल नहीं हुए।
मुरैना के पोरसा कस्बे के वार्ड क्रमांक 13 स्थित अटेर रोड बंबा पर वाटर पंप के पास लगे विद्युत ट्रांसफॉर्मर में अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आग ने पास के कैफे हाउस को अपनी चपेट में ले लिया जिससे हाउस का फर्नीचर,निकल घास की टटिया जलकर खाक हो गया। इस आगजनी में कुल 2 लाख रुपए का नुकसान बताया गए है ।आनन फानन में दमकल को सूचना दी गई और दमकल के द्वारा मौके पर पहुंच आग पर काबू पाया गया। ट्रांसफार्मर से फैली आग पोरसा कस्बे में अटेर रोड बंबा पर लगे एक बिजली ट्रांसफॉर्मर से धुआं और आग की लपटें उठनी शुरू हुईं। कुछ ही मिनटों में आग काफी फैल गई और ट्रांसफार्मर के पास में स्थित मोनू पचौरी के कैफे हाउस को अपनी चपेट में ले लिया। इससे कैफे का फर्नीचर जल गया। स्थानीय लोगो ने कैफे संचालक को सूचना दी और उसकेबाद दमकल को बुलाया गया। आग फैलने से इलाके में अफरा तफरी फैल गई। दमकल ने मौके पर पहुंच आग पर काबू पाया। बिजली विभाग के एसई सुरेश कुमार के अनुसार पोरसा ट्रांसफार्मर में आग लगी थी अधिक लौड रहा होगा इसलिए आग लगी थी स्थानीय बिजली अधिकारी जांच और कार्यवाही कर रहे है।
जीरकपुर में आईटी कंपनी के मालिक का अपहरण:फोन, ज्वेलरी और नकदी लूटकर फरार, काफी देर तक शहर में घुमाया
मोहाली के ज़ीरकपुर में आईटी कंपनी के मालिक के अपहरण और लूटपाट की घटना सामने आई है। आरोप है कि एक मामूली सड़क हादसे के बाद चार कार सवारों ने कारोबारी को जबरन अपनी गाड़ी में बैठा लिया और उसके साथ मारपीट कर लाखों रुपये का सामान, ज्वेलरी व नकदी लूट ली। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है। अब सारे मामले को तीन पाइंट में जानिए हादसे के बाद तुरंत कार में बिठाया त्रिशला सिटी निवासी राहुल पाल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह वीआईपी रोड स्थित अपनी कंपनी चलाते हैं। 6 जून की रात करीब 11:30 बजे जब वह अपनी कार से कार्यालय जा रहे थे, तब माया गार्डन के पास पीछे से आई एक तेज रफ्तार बलेनो कार ने उनकी गाड़ी को टक्कर मार दी। राहुल के अनुसार, हादसे के तुरंत बाद कार से उतरे चार लोगों ने उन्हें जबरन अपनी गाड़ी में बैठा लिया। ज्वेलरी व सामान लूटकर हुए फरार : पीड़ित ने बताया कि आरोपियों ने रास्ते में उनके साथ मारपीट की और उनका मोबाइल फोन, लैपटॉप, हैंडबैग, लगभग 45 हजार रुपये नकद, दो सोने की अंगूठियां, एक सोने का कंगन और एक सोने का सिक्का छीन लिया। उन्हें जान से मारने और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकियां भी दी गईं।राहुल के अनुसार, आरोपी उन्हें काफी देर तक ज़ीरकपुर क्षेत्र में घुमाते रहे और बाद में सड़क किनारे छोड़कर फरार हो गए। इसके बाद उन्होंने अपने मित्र अमृतपाल सिंह को फोन कर मदद मांगी, जो उन्हें उपचार के लिए ढकोली के सिविल अस्पताल ले गए।तीन अज्ञात लोगों पर केसद दर्ज : पुलिस ने एक नामजद आरोपी और उसके तीन अज्ञात साथियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच अधिकारी एएसआई सतिंदर सिंह ने बताया कि घटना स्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।
गुरुग्राम जिले के नगर परिषद सोहना ने अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान चलाते हुए मंगलवार को धुनेला वार्ड में बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान लगभग सवा एकड़ जोहड़ भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। नगर परिषद की टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी मशीनों की सहायता से अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया। नगर परिषद के कार्यकारी अभियंता विक्की कुमार ने बताया कि धुनेला वार्ड स्थित जोहड़ की इस भूमि पर पिछले कई वर्षों से अवैध कब्जा किया गया था। कब्जाधारियों ने जोहड़ क्षेत्र में पक्के निर्माण कर लिए थे और मुख्य सड़क के किनारे करीब 20 अवैध दुकानें भी बना ली थीं। नगर परिषद द्वारा कब्जाधारियों को कई बार नोटिस जारी किए गए थे और अतिक्रमण हटाने के लिए चेतावनी भी दी गई थी। हालांकि, इन निर्देशों की अनदेखी किए जाने के बाद प्रशासन को यह कार्रवाई करनी पड़ी। अभियान के दौरान सड़क किनारे बनी अवैध दुकानों सहित अन्य सभी निर्माणों को जेसीबी मशीनों से ध्वस्त कर दिया गया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर तैनात रही। अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान जारी रहेगा कार्यकारी अभियंता विक्की कुमार ने स्पष्ट किया कि नगर परिषद की भूमि और सार्वजनिक उपयोग के लिए आरक्षित स्थानों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जोहड़ों, पार्कों और अन्य सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। नगर परिषद अधिकारियों के अनुसार, अतिक्रमण हटाए जाने के बाद इस जोहड़ भूमि को उसके मूल स्वरूप में विकसित करने की योजना बनाई जाएगी। इसके साथ ही जल संरक्षण और क्षेत्र के सौंदर्यीकरण से संबंधित कार्य भी कराए जाएंगे।
खनिज विभाग ने अवैध रेत से भरा हाइवा पकड़ा:ड्राइवर दस्तावेज नहीं दिखा सका; अमरपाटन बाईपास पर कार्रवाई
मैहर जिले में अवैध रूप से खनिजों की ढुलाई करने वालों के खिलाफ खनिज विभाग का एक्शन जारी है। सोमवार दोपहर को अमरपाटन बाईपास पर चेकिंग के दौरान विभाग की टीम ने अवैध रेत से लदे एक भारी हाइवा जब्त किया है। जानकारी के मुताबिक, खनिज विभाग की टीम अमरपाटन बाईपास इलाके में रूटीन चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान रेत से भरा एक हाइवा ट्रक (नंबर MP17HH6221) वहां से निकला। संदेह होने पर अधिकारियों ने ट्रक को रुकवाया और ड्राइवर से रेत ले जाने से जुड़े वैध कागजात, रॉयल्टी पर्ची और ट्रांजिट पास (टीपी) दिखाने को कहा। कागजात नहीं मिले, तो ट्रक को किया जब्त जब ड्राइवर रेत के परिवहन से जुड़ा कोई भी जरूरी दस्तावेज पेश नहीं कर सका, तो खनिज विभाग ने इसे अवैध रेत परिवहन का मामला माना। इसके बाद टीम ने तुरंत ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया। कार्रवाई पूरी होने के बाद हाइवा ट्रक को सुरक्षित रखने के लिए अमरपाटन थाने में खड़ा करवा दिया गया है। नियम तोड़ने वालों पर आगे भी होगी कार्रवाई खनिज विभाग के अधिकारी आशुतोष मिश्रा ने बताया कि जिले में अवैध रूप से होने वाले उत्खनन और परिवहन पर रोक लगाने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि नियमों को ताक पर रखकर काम करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। फिलहाल, जब्त किए गए वाहन के मालिक और ड्राइवर पर नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
नरैनी खदान हादसे में चौकीदार की मौत:जांच में अवैध खनन का हुआ खुलासा, पट्टाधारक को नोटिस दिया गया
बांदा के नरैनी तहसील क्षेत्र स्थित गोपरा बालू खनन क्षेत्र में हुए एक हादसे में 50 वर्षीय चौकीदार दिनेश कुमार त्रिवेदी की मौत हो गई। घटना की जांच के दौरान मौके पर अवैध खनन का मामला भी सामने आया है। यह घटना 7 जून 2026 की रात करीब 10 बजे रंज/बागै नदी के पास हुई। महोबा जनपद के पहरा निवासी दिनेश कुमार त्रिवेदी खनन क्षेत्र में चौकीदारी कर रहे थे, तभी वह पोकलेन मशीन की चपेट में आ गए। बालू-मोरम को छन्ना मशीन में लोड करते समय हुई इस दुर्घटना में दिनेश कुमार त्रिवेदी गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नरैनी पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज बांदा रेफर किया गया। हालांकि, रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की घटना की सूचना मिलने पर पुलिस, खनिज और राजस्व विभाग की एक संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। जांच में पाया गया कि गोपरा बालू खनन पट्टा मेसर्स मुरली कंस्ट्रक्शन के नाम 29 अप्रैल 2026 से 28 अप्रैल 2031 तक स्वीकृत है। जांच के दौरान एक और बड़ा खुलासा हुआ। अधिकारियों ने पाया कि खनन पट्टाधारक द्वारा खदान के ब्लॉक नंबर-03 तक पहुंच मार्ग बनाने के दौरान पट्टा क्षेत्र के बाहर लगभग 1265 घन मीटर बालू-मोरम का अवैध खनन और परिवहन किया गया है। इस गंभीर अनियमितता को देखते हुए, संबंधित पट्टाधारक के खिलाफ नोटिस जारी करने की कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। हादसे और अवैध खनन के खुलासे के बाद प्रशासनिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
मऊगंज जिले के भीर गांव में सोमवार दोपहर करीब तीन बजे एक 18 वर्षीय युवक का शव खेत पर बनी अहरी (मवेशी बांधने का स्थान) में फंदे पर लटका मिला। मृतक की पहचान सुजीत यादव के रूप में हुई है। युवक ने किन परिस्थितियों में यह आत्मघाती कदम उठाया, इसके कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। सुबह मवेशी लेकर खेत गया था युवक जानकारी के अनुसार, भीर गांव निवासी सुजीत यादव (18) पिता मोलई यादव सोमवार सुबह लगभग 9 बजे मवेशियों को लेकर खेत की ओर गया था। उसे खेत में बनी अहरी में मवेशियों को पानी पिलाना था, जिसके बाद से वह वापस नहीं लौटा था। परिजनों ने अहरी के कमरे में देखा शव काफी समय बीत जाने के बाद भी जब सुजीत घर नहीं लौटा, तो परिजनों को चिंता हुई। इसके बाद वे उसकी तलाश करते हुए खेत की तरफ पहुंचे। वहां अहरी के कमरे का दरवाजा खोलने पर परिजनों ने सुजीत को रस्सी के सहारे फंदे पर लटका हुआ पाया। केस दर्ज, पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव घटना की सूचना मिलने पर नईगढ़ी थाना पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतरवाकर पंचनामा कार्रवाई पूरी की और शव को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया है। पूछताछ के आधार पर होगी कार्रवाई नईगढ़ी थाना प्रभारी ऋषि कुमार द्विवेदी ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। युवक की मौत के असली कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट और परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
कोरबा।नगर पालिका परिषद दीपका की नेता प्रतिपक्ष हर्षित देवी राजपूत ने भ्रष्टाचार और सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कलेक्टर को दो अलग-अलग ज्ञापन सौंपे हैं। उन्होंने पार्षद निधि से निजी घरों में बोरवेल कराने और वार्ड 10 के बस स्टैंड पर माफियाओं के अवैध कब्जे का मुद्दा उठाया। कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। नेता प्रतिपक्ष ने सबूतों के साथ शिकायत की कि वार्ड क्रमांक 04, 05 और 18 में जनता की सहूलियत के लिए स्वीकृत पार्षद निधि का दुरुपयोग किया जा रहा है। सार्वजनिक स्थानों पर लगने वाले बोरवेल को पार्षदों ने अपने निजी घरों में करवा लिया है। हर्षित देवी राजपूत ने कहा कि जब जनता पानी की बूंद-बूंद को तरस रही है, तब जनता के टैक्स के पैसे से पार्षद अपने घर चमका रहे हैं। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बस स्टैंड की दुर्दशा पर सवाल उठाए दूसरे मामले में उन्होंने वार्ड 10 स्थित बस स्टैंड की दुर्दशा पर सवाल उठाए। बताया कि यह बस स्टैंड पिछले 20 वर्षों से निष्क्रिय है। इसका फायदा उठाकर कोल और कबाड़ माफियाओं ने परिसर और दुकानों पर अवैध कब्जा कर लिया है। वर्तमान में यह जगह शराबियों और असामाजिक गतिविधियों का अड्डा बन चुकी है। नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं। दोनों मामलों की लिखित शिकायत 8 जून 2026 को कलेक्टर कार्यालय कोरबा में दर्ज कराई गई है। नेता प्रतिपक्ष ने कलेक्टर से मांग की कि वे स्वयं या उच्च अधिकारियों की टीम भेजकर स्थलों का भौतिक निरीक्षण कराएं। दोषियों पर दंडात्मक कार्रवाई कर बस स्टैंड को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। हर्षित देवी राजपूत ने कहा कि यदि नगर पालिका प्रशासन और जिला प्रशासन ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाया तो वे जनता के हक के लिए सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को विवश होंगी। उन्होंने कहा कि यह केवल भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि जनता के संवैधानिक अधिकारों का हनन है।
जोधपुर में पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया और चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नाराजगी जताते हुए जल्द समाधान की मांग उठाई। अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। वहीं शहर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में संतों ने लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह देते हुए नाश्ते में गाय का दूध और जूस लेने की बात कही। वहीं काजरी में मंगलवार को खजूर दिवस मनाया जाएगा। इसमें खजूर की बेहतर किस्मों और तकनीकों पर चर्चा होगी। पढ़ें शहर की ऐसी ही प्रमुख खबरें एक नजर में। पढ़ें शहर की प्रमुख खबरें... प्रदेशभर में चल रहे ‘स्वाभिमान बचाओ आंदोलन’ के तहत सोमवार को जोधपुर और फलोदी जिले के पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर शक्ति प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष सोहनलाल चौधरी के नेतृत्व में सैकड़ों महिला-पुरुष कर्मचारी घूमर होटल से विशाल रैली के रूप में निकले और कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम संभागीय आयुक्त कन्हैयालाल स्वामी, अतिरिक्त जिला कलेक्टर जवाहर चौधरी और जिला परिषद सीईओ आशीष कुमार मिश्रा को ज्ञापन सौंपा। रैली के दौरान कर्मचारियों ने कर्मचारी एकता, बाबू एकता जिंदाबाज के नारे लगाते हुए अपनी मांगों को लेकर एकजुटता दिखाई। इस दौरान कलेक्ट्रेट परिसर कर्मचारियों के नारों से गूंज उठा। आंदोलन के समर्थन में दोनों जिलों की पंचायत समितियों में कार्यरत मंत्रालयिक कर्मचारी एक दिवसीय सामूहिक अवकाश पर रहे। विभाग की अनदेखी पर कर्मचारियों में भारी आक्रोश जोधपुर जिला अध्यक्ष सोहनलाल चौधरी ने रैली से पहले आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड पैटर्न लागू करने, कैडर रिव्यू, स्वतंत्र कार्य विभाजन, एलडीसी भर्ती-2013 सहित अन्य वर्षों में नियुक्त कर्मचारियों को नौशनल लाभ देने, अंतरजिला स्थानांतरण नीति लागू करने और बहुआयामी कार्य भत्ता देने जैसी मांगें वर्षों से लंबित हैं। विभाग द्वारा लगातार अनदेखी किए जाने से कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। प्रदेश महामंत्री शैतानसिंह, प्रदेश प्रतिनिधि पोलाराम चौधरी, फलोदी जिला अध्यक्ष हरीश व्यास सहित कई पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। आंदोलन के अगले चरण में 10 जून को पेन डाउन हड़ताल, 24-25 जून को जयपुर कूच और 6 जुलाई को मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। कर्मचारियों ने इसे अपने अधिकार, सम्मान और स्वाभिमान की लड़ाई बताया। प्रसन्नता और विनम्रता से करें दिन की शुरुआत संत चन्द्रप्रभ महाराज ने कहा कि दिन की शुरुआत प्रसन्नता और विनम्रता से करें। सुबह जल्दी उठने के बाद जो एक मिनट तक मुस्कुरा लेता है, वह 24 आनंद में रहता है। व्यक्ति सुबह जब भी उठे आलस्य से नहीं ताजगी के साथ उठें, बिस्तर को समेटकर साइड में रखे, बड़े-बुजुर्गों को श्रद्धापूर्वक घुटने टिकाकर प्रणाम करें। जोधपुर में यलाना रोड स्थित संबोधि धाम में आयोजित कैसे करें लाइफ का सही मैनेजमेंट प्रोग्राम का आयोजन किया गया था। इस दौरान उन्होंने कहा कि माता-पिता के सामने घुटने टिका देता है, उसे फिर कभी दूसरों के सामने घुटने टिकाने की नौबत नहीं आती है। प्रणाम करने से दुआएं मिलती है और दुआएं अपने आप में दौलत का काम करती है। नाश्ते में गाय का दूध और जूस लें संत चन्द्रप्रभ महाराज ने कहा कि व्यक्ति 15 मिनट योगासन, प्राणायाम और ध्यान कर स्वयं को ऊर्जावान बनाए, खुली हवा का सेवन करें, खाली पेट चाय न पिए, नाश्ते में गाय का दूध, फल और जूस लें। उन्होंने गाय पालने की सलाह देते हुए कहा कि आजकल लोगों के घरों में कार और कुत्ते पालने की जगह है, लेकिन गाय पालने की नहीं। एक गाय के हजार फायदे होते हैं। अगर हर हिंदू और जैन एक-एक गाय का पालन करना शुरू कर दे तो गायों के कत्लखाने अपने आप बंद हो जाएंगे। उन्होंने खान-पान को संयमित करने और मिर्च-मसालेदार-तली हुई चीजों और मिठाइयों से बचने की सलाह दी। उगता हुआ भाग्य देखना है तो जल्दी जगने की आदत डालें संत चन्द्रप्रभ महाराज ने युवाओं से कहा कि उगता हुआ भाग्य देखना है तो जल्दी जगने की आदत डालें। जो उगता हुआ सूरज देखते हैं उनका भाग्य सदा उदित रहता है। लेकिन डूबते हुए सूरज को देखने वालों का भाग्य भी डूब जाता है। चुटकी लेते हुए संत ने कहा कि भारत में स्कूलें सुबह जल्दी खुलती है अन्यथा आधा भारत 10 बजे तक बिस्तर में ही सोया पड़ा रहता। याद रखें, व्यक्ति ने जब भी कुछ पाया है तो जगकर ही पाया है। सोते-सोते आज तक किसी को कुछ नहीं मिला। उन्होंने अभिभावकों से कहा कि वे माता-पिता बच्चों के दुश्मन है जो सूर्योदय के बाद भी बच्चों को बिस्तरों में देखना पसंद करते हैं। समय प्रबंधन से 24 घंटों में कर सकता है 25 घंटों का काम समय-प्रबंधन की सीख देते हुए संत ने कहा कि 24 घंटों को 25 घंटे करना नामुमकिन है, लेकिन व्यक्ति समय-प्रबंधन करना सीख जाए तो 24 घंटों में 25 घंटों के काम अवश्य कर सकता है। उन्होंने कहा कि हाथ में पहनी जाने वाली घड़ी समय को देखने के लिए नहीं, समय पर चलने के लिए है। रूठे देवता को प्रयत्न करके प्रसन्न किया जा सकता है, लेकिन बीते हुए समय को वापस लौटाया नहीं जा सकता। उन्होंने कार्यक्रमों में होने वाली लेट-लतीफी व माला, साफे और तिलक की परम्परा को अनुचित बताते हुए कहा कि तीन लोगों को खुश करने के लिए तीन हजार लोगों का समय बर्बाद करना बेवकूफी है। याद रखें, समय उन्ही का साथ निभाता है, जो समय पर चलते हैं। व्यक्ति अपने कार्यों की लिस्ट बनाकर समयबद्ध ढंग से कार्य सम्पन्न करें। इससे पूर्व डॉ. मुनि शांति प्रिय सागर ने जब ‘मैं शुद्ध आत्मा हूं मैं पवित्र आत्मा हूं’ मंत्र मेडिटेशन करवाया तो साधक भाई-बहनों को आत्मबोध का अनुभव हुआ। इसके साथ उन्होंने पावर योगा के आठ चरण और क्लिपिंग रबिंग और स्माइलिंग थेरेपी का अभ्यास भी करवाया। प्रोग्राम में युवा पीढ़ी और श्रद्धालु बड़ी संख्या में मौजूद थे। थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए किया ब्लड डोनेट राष्ट्रपति पदक से सम्मानित पुलिस उप अधीक्षक स्वर्गीय जालम सिंह महेचा की याद में रविवार को ब्लड डोनेट किया गया। भारतीय सेना पुलिसकर्मी, चिकित्सा कर्मी, जोधपुर नागरिकों के द्वारा थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए सालासर सेवा संस्थान के द्वारा चौथा रक्तदान शिविर 7 जून रविवार को समय सुबह 8.30 से 5.00 बजे तक प्रताप नगर कायलाना रोड पर स्थित सिद्धार्थ इंटरनेशनल होटल में आयोजित हुआ। बाली एडिशनल एसपी चैन सिंह महेचा ने बताया कि रक्तदान शिविर में संस्थान के जोधपुर आईजी रेंज सत्येंद्र सिंह, बीएसएफ आईजी एम. एल गर्ग, ब्रिगेडियर प्रताप सिंह राणावत, चैन सिंह महेचा एडिशनल एसपी, एसएन मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. बी एस जोधा, एमजीएच अस्पताल अधीक्षक डॉ. फतेह सिंह भाटी, एमडीएम अस्पताल अधीक्षक विकास राजपुरोहित, एम्स हॉस्पिटल डॉक्टर सुरेंद्र देवड़ा, डॉ. राम गोयल, डॉ राकेश कानावत, कर्नल महेंद्र सिंह देवड़ा, शिव शंकर सिंह शेखावत, सुरेंद्र सिंह चौहान नरेंद्र सिंह चौहान,समाजसेवी जसवंत सिंह कच्छवाह, यातायात एडिशनल डीसीपी शालिनी राज, एडिशनल डीसीपी ईस्ट वीरेंद्र सिंह, एडिशनल डीसीपी वेस्ट नरेंद्र सिंह देवड़ा, एडिशनल डीसीपी जयदेव सियाग, एडिशनल डीसीपी धनाराम, एडिशनल डीसीपी रविंद्र बोथरा, समस्त थाना अधिकारी बीएसएफ, जवान, जोधपुर के युवा नागरिक एवं मातृशक्ति, कांग्रेस वरिष्ठ नेता राजेंद्र सोलंकी,व्यवसायी जे . एम बूब, उत्कर्ष क्लासेस निर्मल गहलोत,विनोद सिंघवी, समाजसेवी आदर्श शर्मा, भारत सिंह शेखावत एडिशनल कमिश्नर स्टेट जीएसटी, उद्योगपति व समाजसेवी जितेंद्र अग्रवाल, उमेश लीला, अनिल गर्ग, पूर्व पीआरो राजेंद्र सिंह ललिया, नरेंद्र सिंह नाथावत, नारायण सिंह कालवा,, भोम सिंह चंदावत ,रविंद्र सिंह राठौड़, आदि मीडिया कर्मी सभी का सम्मान किया गया। महिला शक्ति ने भी बढ़ चढ़कर भाग लिया। यातायात एडिशनल एसपी शालिनी राज, बाली एडिशनल एसपी चैन सिंह महेचा की धर्मपत्नी मधु शेखावत एवं समस्त महिला अधिकारी ने रक्तदान किया। संस्थान के अध्यक्ष अरविंद कछवाह ने कहा कि शिविर में एमजीएच अस्पताल, मथुरादास माथुर अस्पताल, उम्मेद अस्पताल, एम्स हॉस्पिटल, रोटरी ब्लड बैंक, ब्लड बैंक की टीम उपस्थित रहकर अपनी सेवाएं दी। हेल्थ चेकअप कर एसी हॉल में किया रक्तदान वहीं महेचा ने कहा कि इस रक्तदान शिविर में पुलिस कर्मी, बीएसएफ अधिकारी एवं यातायात अधिकारी, मानवता की सेवा और थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए और भीषण गर्मी में रक्त कमी को देखते रक्तदान की पूर्ति की गई। भीषण गर्मी को देखते हुए जोधपुर के डॉक्टरों की निगरानी में हेल्थ चेकअप कर एसी हॉल में रक्तदान लिया गया। जोधपुर के सभी युवा और रक्तदाताओं से अपील की। इस पुनीत सेवा कार्य में संस्थान के पदाधिकारी, समाजेवी, रक्तवीर, पुलिस पदाधिकारी बढ़ चढ़कर भाग लिया। भागवत कथा में सुनाया नृसिंह अवतार का प्रसंग पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर दी नारायण शिक्षण संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में जालोरी गेट स्थित महालक्ष्मी स्कूल प्रांगण में श्रीमद्भागवत कथा चल रही है। श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन सोमवार को नृसिंह अवतार सहित विभिन्न धार्मिक प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया गया। आयोजन समिति सदस्य ललित थानवी ने बताया कि कथा व्यास महामंडलेश्वर स्वामी शांतिस्वरूपानंद गिरी महाराज ने कथा के दौरान नृसिंह अवतार प्रसंग का संगीतमय वाचन करते हुए भक्त प्रहलाद की अटूट भक्ति का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि जब कोई भक्त सच्चे मन से भगवान का स्मरण करता है और विपत्ति में उनकी पुकार करता है तो भगवान उसकी रक्षा के लिए अवश्य प्रकट होते हैं। कथा के दौरान नृसिंह अवतार की जीवंत झांकी भी प्रस्तुत की गई, जिसने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। झांकी में कृष्णा थानवी ने भक्त प्रहलाद, वंश पुरोहित ने हिरण्यकश्यप और राजकुमार शर्मा ने भगवान नृसिंह का पात्र निभाया। कार्यक्रम के प्रारंभ में यजमानों द्वारा भागवत ग्रंथ और कथा व्यास का विधिवत पूजन-अर्चन किया गया। आयोजन समिति के अनुसार, कथा का आयोजन 12 जून तक रोजाना दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक किया जाएगा। भागवत कथा में रोजाना विभिन्न प्रसंगों का वाचन किया जा रहा है। इसी क्रम में 9 जून को गजेन्द्र मोक्ष, वामन अवतार, राम कथा, कृष्ण जन्म, 10 जून को नन्द महोत्सव, गिरिराज महोत्सव, 56 भोग, 11 जून को कंस वध, महा रासलीला, रुकमणि विवाह, 12 जून को सुदामा चरित्र, कथा पूर्ण आहुति, महाआरती, प्रसादी वितरण होगा। इसके अलावा रोजाना रात्रि 8 बजे से 10 बजे तक जोधपुर के विख्यात कलाकारों द्वारा भजन संध्या आयोजित की जा रही है। चार दिवसीय विशाल संत समागम 26 से, विद्यार्थियों का होगा सम्मान कबीर आश्रम माधोबाग में संत कबीर प्राकट्य दिवस एवं परम पूज्य महंत सुरजाराम महाराज साहब की 24वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित होने वाले चार दिवसीय विशाल संत समागम के पोस्टर का आज विमोचन किया गया। कार्यक्रम आश्रम के गादीपति डॉ. महंत रूपचंददास के सान्निध्य में आयोजित हुआ। आश्रम के प्रवक्ता लक्ष्मीचंद धारीवाल ने बताया कि 26 जून को महंत सुरजाराम महाराज साहब की 24वीं पुण्यतिथि पर विशाल संत समागम, भंडारा और कई सेवा कार्यों का आयोजन किया जाएगा। इसके अगले दिन आश्रम परिसर में विशाल चिकित्सा शिविर लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि 29 जून को संत कबीर प्राकट्य दिवस के अवसर पर कबीर आश्रम माधोबाग के तत्वावधान में भव्य संत समागम और शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा में 151 महिलाएं मंगल कलश धारण कर शामिल होंगी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं संत-महात्मा भाग लेंगे। यह शोभायात्रा सुबह 9 बजे गांधी स्कूल के पास से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए पुनः कबीर आश्रम पहुंचकर सम्पन्न होगी। समागम के दौरान आश्रम की ओर से प्रतिभावान विद्यार्थियों, समाजसेवियों और विभिन्न सेवा भावी संस्थाओं एवं विशिष्ट व्यक्तित्वों का सम्मान भी किया जाएगा। आयोजन को लेकर आश्रम एवं श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। काजरी में कल मनाया जाएगा खजूर दिवस केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (काजरी) जोधपुर में मंगलवार को ‘खजूर दिवस’ का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शुष्क क्षेत्रों में खजूर की खेती को बढ़ावा देना और किसानों को उन्नत तकनीकों एवं नई किस्मों की जानकारी उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम के दौरान काजरी के वैज्ञानिक क्षेत्र के लिए उपयुक्त खजूर की विभिन्न उन्नत किस्मों जैसे हलावी, बरही, मेजदूल, खुनेजी एवं एडीपी-1 के बारे में जानकारी देंगे। साथ ही इन किस्मों की वैज्ञानिक खेती, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और उनकी विशेषताओं का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया जाएगा। खजूर दिवस में संस्थान के वैज्ञानिक, अधिकारी, कर्मचारी और प्रगतिशील किसान भाग लेंगे। कार्यक्रम में रेगिस्तानी क्षेत्रों में खजूर उत्पादन की संभावनाओं, विपणन व्यवस्था और किसानों की आय बढ़ाने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। इस अवसर पर विभिन्न प्रकार के खजूरों की बिक्री भी की जाएगी। काजरी के निदेशक डॉ. एम. एस. जाट ने किसानों से अधिकाधिक संख्या में कार्यक्रम में भाग लेकर खजूर उत्पादन एवं प्रसंस्करण से जुड़ी नवीनतम जानकारी प्राप्त करने की अपील की है।
नागौर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में पुलिस ने अपराधियों और अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई की है। इस विशेष अभियान के तहत कुचेरा, मूंडवा, थांवला और भावंडा थाना पुलिस ने अलग-अलग मामलों में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने अवैध देशी शराब बेचने वालों, अवैध बजरी खनन और परिवहन करने वालों के साथ-साथ प्रसिद्ध बुटाटी धाम मंदिर के दानपात्र से चोरी करने वाले आरोपी को दबोचा है। पुलिस कार्रवाई से जुड़ी खबरें 1. अवैध शराब पर बड़ी चोट: 309 पव्वे जब्त, 3 तस्कर गिरफ्तार नागौर पुलिस ने अवैध शराब की रोकथाम के लिए विशेष दबिशें देकर आबकारी अधिनियम के तहत 3 मामले दर्ज किए हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और वृत्ताधिकारी के नेतृत्व में गठित 3 टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई कर कुल 309 पव्वे अवैध शराब और बिक्री राशि के 6130 रुपये नकद जब्त किए हैं। 2. अवैध बजरी खनन पर एक्शन: 6 टन बजरी सहित ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त थांवला थाना पुलिस ने गश्त के दौरान अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। पुलिस टीम ने सरहद देवगढ़ से नृसिंहबासणी की तरफ से आ रहे एक बिना नंबरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोककर चेक किया। बिना रवान्ना परिवहन: वाहन चालक के पास बजरी परिवहन का कोई वैध रवान्ना नहीं मिला। मुकदमा दर्ज: पुलिस ने करीब 6 टन अवैध बजरी से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर माइनिंग विभाग को सूचना दी। विभाग की रिपोर्ट पर बीएनएस और एमएमआरडी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। 3. बिना लाइसेंस अवैध खनन: दो खेत मालिकों पर एफआईआर भावंडा थाना पुलिस ने राजस्व और खनिज विभाग के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए बिना लाइसेंस अवैध खनन करने वाले दो खातेदारों के खिलाफ कार्रवाई की है। खेतों में चल रहा था अवैध खेल: सरहद भावंडा में सुरेन्द्र बिड़ियासर पुत्र भंवराराम और सरहद माणकपुर में प्रहलादराम पुत्र लाखाराम के खेतों में बिना अनुमति के अवैध खनन पाया गया। दर्ज हुए मामले: पुलिस ने दोनों भूमि स्वामियों के खिलाफ अलग-अलग दो प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया है। 4. बुटाटी धाम मंदिर में चोरी का पर्दाफाश: दीवार कूदकर दानपात्र तोड़ने वाला आरोपी अरेस्ट प्रसिद्ध श्री चतुरदासजी महाराज बुटाटी धाम मंदिर के दानपात्रों से चोरी करने वाले शातिर आरोपी रामकुंवार जाजड़ा (30) पुत्र भंवरलाल जाट को कुचेरा थाना पुलिस ने बाईपास से दस्तयाब कर गिरफ्तार कर लिया है। सीसीटीवी में कैद हुई थी करतूत: मंदिर समिति के अध्यक्ष की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी ने 29 अप्रैल 2026 की रात मंदिर की दीवार कूदकर गेट नंबर 2 के अंदर रखे गौशाला के दानपात्र को तोड़ा और नकदी चुरा ली। पहले भी की थी वारदात: आरोपी इससे पहले 24 अप्रैल 2026 की रात को भी गेट नंबर 1 के सामने से दानपात्र उठा ले गया था और पैसे निकालकर सुबह वापस रख गया था। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी, जिसके बाद पुलिस ने टीम गठित कर आरोपी को दबोच लिया।
चमराडा माइनर का पानी 1 साल से टेल तक नहीं:किसानों ने एसडीएम से की शिकायत, बोले-फसलें प्रभावित हो रही
पानीपत जिले के इसराना क्षेत्र में चमराडा माइनर में पिछले एक साल से पानी नहीं पहुंचने के कारण तीन गांवों के किसानों ने सिंचाई विभाग के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। किसानों ने एसडीएम नवदीप सिंह नैन को शिकायत पत्र सौंपकर माइनर के टेल तक पानी पहुंचाने की मांग की है। गांव पुठ्ठर, मांड़ी और बांध के सरपंचों और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि माइनर का पानी रास्ते में ही खत्म हो जाता है, जिससे उनकी फसलें प्रभावित हो रही हैं। उनका आरोप है कि सिंचाई विभाग की लापरवाही के कारण किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। धान को लेकर बढ़ी किसानों की चिंता ग्रामीणों ने बताया कि वे इस संबंध में पहले भी कई बार सिंचाई विभाग को शिकायत कर चुके हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। किसानों का कहना है कि विभाग ने माइनर तो बना दी है, लेकिन उसमें पानी न आने से वह बेकार पड़ी है और उसमें बड़ी-बड़ी घास उग आई है। धान (जिरी) का सीजन नजदीक आने से किसानों में सिंचाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। इस पर संज्ञान लेते हुए, एसडीएम नवदीप सिंह नैन ने सिंचाई विभाग को आदेश दिए हैं कि माइनर का पानी टेल तक पहुंचाया जाए और इस मामले में तुरंत कार्रवाई की जाए। एसडीएम को दी गई शिकायत पर हवा सिंह, हरिराम शर्मा, सतपाल, मदन शर्मा, नरेश कुमार, बबली, देवेंद्र, मनजीत, नरेश घणघस, सुखबीर सिंह, दिनेश कुमार और वेदपाल सहित कई ग्रामीणों ने हस्ताक्षर किए हैं।
मऊ के लधरपुर थाना क्षेत्र में दो दिन से लापता एक युवक का शव सोमवार सुबह एक कुएं में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान ग्राम पंचायत दतौड़ा निवासी 28 वर्षीय रामप्रवेश चौहान के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार रामप्रवेश मजदूरी का काम करता था और उसका मानसिक बीमारी का उपचार भी चल रहा था। वह 6 जून को मजदूरी करने के लिए घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल सका। कुएं में उतराता मिला शव सोमवार सुबह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पीछे स्थित एक कुएं में ग्रामीणों ने शव उतराता हुआ देखा। इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष भगवान राम, ग्राम प्रधान पारसनाथ यादव और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कुएं से बाहर निकलवाया और पहचान कराई, जिसमें मृतक की शिनाख्त रामप्रवेश चौहान के रूप में हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य भी जुटाए हैं। थानाध्यक्ष भगवान राम ने बताया कि मामले में अभी तक परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आहोर के चरली में सरकारी रास्ते से हटाया अतिक्रमण:दीवार को किया ध्वस्त; भारी पुलिस बल रहा तैनात
जालोर में आहोर क्षेत्र की चरली ग्राम पंचायत में सोमवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। सरकारी रास्ते पर किए गए अवैध अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार के विरोध से निपटने और शांति व कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। नोटिस के बाद भी नहीं हटाया था निर्माण ग्राम पंचायत प्रशासक डॉ. दिनेश चुंडावत ने बताया- स्थानीय निवासी राणाराम देवासी ने सरकारी रास्ते पर रात के समय अवैध निर्माण कर एक दीवार खड़ी कर दी थी। सार्वजनिक रास्ते को खिलाफ करने के इस मामले में ग्राम पंचायत की ओर से अतिक्रमणकारी को पूर्व में ही नोटिस जारी कर निर्माण हटाने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाए जाने पर सोमवार को प्रशासन को बलपूर्वक कार्रवाई करनी पड़ी। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में चली जेसीबी सोमवार दोपहर में तहसीलदार लाधाराम पंवार और आहोर थानाधिकारी करणसिंह मय पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों की कड़ी निगरानी में सरकारी रास्ते पर बनी अवैध दीवार को ढहा दिया गया। इस दौरान पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। कार्रवाई के समय ग्राम पंचायत प्रशासक डॉ. दिनेश चुंडावत, पटवारी पुष्पेंद्र सिंह, ग्राम विकास अधिकारी रणछोड़ाराम सहित पंचायत एवं राजस्व विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
उन्नाव के औरास थाना क्षेत्र में सोमवार शाम एक सर्राफा व्यापारी से लूट की वारदात हुई। दो बाइकों पर सवार चार हथियारबंद बदमाशों ने व्यापारी को तमंचा दिखाकर रोका और लाखों रुपये के सोना-चांदी के आभूषण लूटकर फरार हो गए। घटना के दौरान बदमाशों द्वारा फायरिंग किए जाने की भी सूचना है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, थाना औरास क्षेत्र के रामपुर खजड़ी गांव निवासी प्रभात सोनी उर्फ बउवा की सीसी चौराहे पर ज्वेलर्स की दुकान है। सोमवार शाम करीब सात बजे वह अपने छोटे भाई अतुल सोनी के साथ बाइक से दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। बताया गया कि जब दोनों भाई गांव से लगभग 800 मीटर पहले जंगल वाले क्षेत्र में पहुंचे, तभी दो बाइकों पर सवार चार बदमाशों ने उनका रास्ता रोक लिया। प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ित के अनुसार, बदमाशों ने तमंचा लगाकर दोनों भाइयों को धमकाया और उनके पास मौजूद आभूषणों से भरा बैग छीन लिया। सूत्रों के मुताबिक, बैग में लगभग 10 किलोग्राम चांदी और 20 से 25 ग्राम सोने के आभूषण थे। विरोध करने पर बदमाशों ने फायरिंग भी की, जिससे दोनों भाई सहम गए। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी शारदा नहर मार्ग की ओर भागे और लखनऊ दिशा की तरफ फरार हो गए। पीड़ितों ने बदमाशों का करीब डेढ़ से दो किलोमीटर तक पीछा करने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी अंधेरे और सुनसान रास्ते का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। सूचना पर थाना औरास के प्रभारी निरीक्षक संजीव कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ करने के साथ ही संभावित मार्गों पर नाकेबंदी कर बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है। अपर पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र लाल ने बताया कि सर्राफा व्यापारी से लूट की सूचना प्राप्त हुई है। पुलिस टीमों को जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगाया गया है। मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। जल्द ही घटना का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र की युवती ने एक युवक और उसके परिवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती का कहना है कि शादी का झांसा देकर 11 वर्षों तक उसका शारीरिक, मानसिक और आर्थिक शोषण किया गया। पीड़िता ने एसएसपी को शिकायत पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता के अनुसार, वर्ष 2015 में दिल्ली में मॉडलिंग के दौरान उसकी मुलाकात सरधना निवासी वसील से हुई थी। दोनों मॉडलिंग के क्षेत्र में काम करते थे। युवती का आरोप है कि वसील ने उसे हीरोइन और मॉडलिंग में बड़ा नाम दिलाने का सपना दिखाया। इसके बाद वह उसे अपने प्रभाव में लेकर मुंबई ले गया, जहां दोनों ने एक साथ रहकर मॉडलिंग का काम शुरू किया। युवती का आरोप है कि वसील ने शादी का वादा कर उसके साथ संबंध बनाए और लगातार विवाह का भरोसा दिलाता रहा। पीड़िता के अनुसार, इस दौरान वह गर्भवती भी हुई, लेकिन आरोपी ने तीन बार उसका गर्भपात करा दिया। युवती ने यह भी बताया कि उसने अपनी वर्षों की कमाई वसील और उसके परिवार पर खर्च की, जिससे उसे आर्थिक नुकसान हुआ। आरोपी पर दूसरी महिला से शादी का आरोप महिला का आरोप है कि हाल ही में उसे पता चला कि वसील ने उसे बताए बिना दूसरी मुस्लिम युवती से शादी कर ली है। जब उसने इसका विरोध किया, तो आरोपी और उसके परिजनों ने उसके साथ मारपीट की, गाली-गलौज की और उसे घर से निकाल दिया। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया और विवाह के लिए मुस्लिम धर्म अपनाने को कहा गया। खुद को बताया 'लव जिहाद' का शिकार शिकायत में युवती ने खुद को 'लव जिहाद' का शिकार बताते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उसने दोहराया कि वर्षों तक शादी का झांसा देकर उसका शारीरिक, मानसिक और आर्थिक शोषण किया गया। फिलहाल, पीड़िता की शिकायत एसएसपी कार्यालय पहुंच गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आजमगढ़ में चल रही पुलिस भर्ती परीक्षा को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो और फर्जी सूचनाओं प्रसारित करने वाले एक आरोपी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। हिरासत में लिए गया आरोपी की पहचान आशुतोष कुमार मौर्य के रूप में हुई है। आरोपी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम आईडी पर एक ऐसा वीडियो प्रसारित किया जिससे भ्रम पैदा होने लगा। हालांकि उसे वीडियो का किसी भी भर्ती परीक्षा से कोई संबंध नहीं पाया गया। मामले की जानकारी मिलने के बाद जिले के एसएसपी डॉक्टर अनिल कुमार के निर्देश पर मामले को संज्ञान में लेकर साइबर सेल द्वारा वीडियो का फैक्ट चेक और तकनीकी परीक्षण किया गया। साइबर सेल की जांच में पाया गया कि यह वीडियो 17 अप्रैल 2026 का है और नोएडा गौतम बुद्ध नगर से संबंधित है। इस वीडियो का किसी भी भर्ती परीक्षा और प्रतियोगी परीक्षा से कोई संबंध नहीं है। साथ ही इसका आजमगढ़ में आयोजित पुलिस भर्ती परीक्षा से भी कोई संबंध नहीं पाया गया। साइबर सेल द्वारा ट्रैक करते हुए इंस्टाग्राम आईडी संचालक की पहचान आशुतोष कुमार मोर्य पुत्र प्रेम शंकर मौर्य के रूप में हुई है। जिसे हिरासत में ले लिया गया है। आरोपी के विरुद्ध आईटी एक्ट में मुकदमा भी दर्ज कर लिया गया है। पुलिस कस्टडी में आते ही मांगी माफी पुलिस कस्टडी में आते ही आरोपी ने माफी मांगते हुए एक वीडियो भी बनाया है जिसमें आरोपी युवक ने इस बात को स्वीकार किया है कि अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर फॉलोवर बढ़ाने के लिए इस तरह की घटना को अंजाम दिया। जिले की पुलिस ने परीक्षाओं कानून व्यवस्था तथा सार्वजनिक व्यवस्था से संबंधित अफवाह फर्जी समाचार ब्राह्मण वीडियो बनाकर प्रसारित करने वालों की लगातार निगरानी कर रही है। ऐसे व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
फर्रुखाबाद के शमशाबाद क्षेत्र स्थित ढाई घाट पर सोमवार को कलश विसर्जन कार्यक्रम के दौरान एक युवक गंगा नदी में लापता हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस और स्थानीय गोताखोर मौके पर पहुंचे तथा उसकी तलाश शुरू कर दी गई। देखिए तस्वीरें... भागवत कथा के समापन के बाद पहुंचे थे घाट जानकारी के अनुसार, कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के ग्राम जीराऊ में सात दिवसीय भागवत कथा का आयोजन किया गया था। कथा के समापन के बाद सोमवार को कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें शामिल श्रद्धालु ढाई घाट पहुंचे थे। बच्चों को नहलाते समय हुआ हादसा बताया गया कि विसर्जन के बाद गांव निवासी संतोष (30) अपने बच्चों को गंगा में नहलाने के लिए नदी में उतरे थे। इसी दौरान वह गहरे पानी की ओर चले गए। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन वह नदी में लापता हो गए। गोताखोर और पुलिस कर रहे खोजबीन घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय गोताखोरों और पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर तलाश अभियान शुरू किया। दोपहर से लगातार खोजबीन जारी है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक युवक का पता नहीं चल सका था। युवक के लापता होने की सूचना के बाद परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में घाट पर मौजूद रहे। परिवार के सदस्यों में चिंता का माहौल बना हुआ है। पुलिस का बयान थाना अध्यक्ष सचिन सिंह ने बताया कि गोताखोरों की मदद से युवक की तलाश की जा रही है। उन्होंने कहा कि खोजबीन जारी है और फिलहाल स्थिति के बारे में कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
जींद जिले की उचाना मंडी में 3 करोड़ रुपए की लागत से विकास कार्य किए जाएंगे। इन कार्यों में वर्षों पुरानी शेड की चद्दर बदलने के साथ-साथ कपास मंडी गेट और फायर ब्रिगेड के पास वाली मंडी की जर्जर हो चुकी सड़कों का निर्माण भी शामिल है। इसके अतिरिक्त, पानी निकासी के लिए बने ड्रेन हॉल भी बदले जाएंगे। मार्केटिंग बोर्ड मुख्यालय को इन कार्यों के लिए 3 करोड़ रुपए का विस्तृत अनुमान (डिटेल एस्टीमेट) मंजूरी के लिए भेजा गया है। सीएम नायब सिंह सैनी ने उचाना विकास रैली में 3 करोड़ रुपए की विशेष मरम्मत के लिए घोषणा की थी। यह राशि मंजूर होने के बाद ही विस्तृत अनुमान मुख्यालय भेजे गए हैं। मंजूरी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। विधायक देवेंद्र अत्री का आभार व्यक्त किया आढ़ती, किसान और आमजन लंबे समय से कपास मंडी और फायर ब्रिगेड के पास स्थित शेड की पुरानी चद्दर बदलने, पुरानी मंडी की दोनों तरफ की जर्जर सड़कों के निर्माण और ड्रेन के मेनहॉल बदलने की मांग कर रहे थे। इन मांगों पर अब जल्द ही काम होता नजर आएगा। आढ़ती सुभाष, सतपाल और रामनिवास ने बताया कि ये मांगें वर्षों पुरानी थीं। उन्होंने विधायक देवेंद्र चतरभुज अत्री का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस मांग को सीएम के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि मंडी की सड़कें गड्ढों से भरी हैं और जगह-जगह मेनहॉल टूटे होने से दुर्घटना का डर बना रहता है। शेड पर लगी चद्दर भी वर्षों पुरानी होने के कारण जर्जर हो चुकी है। मंजूरी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी मार्केटिंग बोर्ड उचाना के एसडीओ रोशन लाल ने पुष्टि की कि 3 करोड़ रुपए की विशेष मरम्मत राशि मंजूर होने के बाद विभिन्न कार्यों के लिए विस्तृत अनुमान बनाकर मुख्यालय भेजा गया है। उन्होंने बताया कि मुख्यालय से मंजूरी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
हरियाणा के नारनौल में भाजपा जिला कार्यालय का उद्घाटन विवादों में आ गया। उद्घाटन के समय कई चूक हुई। जो अब सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं। पहली चूक कार्यालय के उद्घाटन पट्ट पर उद्घाटन की बजाए शिलान्यास लिखना व दूसरी चूक मंडल अध्यक्षों की नाराजगी है। आज नारनौल में भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय का उद्घाटन था। उद्घाटन करने के लिए मुख्यमंत्री नायब सैनी आए थे। वहीं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अर्चना गुप्ता भी कार्यक्रम में रही। इस दौरान सबसे पहले उद्घाटन पट्ट पर कार्यालय का उद्घाटन की जगह शिलान्यास लिखा था। हालांकि सीएम व वहां पर आए नेताओं ने भी इसको नहीं पढ़ा। सोशल मीडिया पर छाया शाम को डीआईपीआरओ व भाजपा की ओर से जब उद्घाटन के फोटो आए तो उसमें शिलान्यास लिखा दिखाई दिया। जिसके बाद यह फोटो सोशल मीडिया पर छाई रही। वहीं कई सोशल मीडिया इंफ्यूलेंसर ने भी इसको अपने प्लेटफार्म पर डाला। नाराज हुए मंडल अध्यक्ष वहीं दूसरी ओर मंडल अध्यक्षों को भी नाराजगी उद्घाटन समारोह में रही। मंडल अध्यक्षों का नाम सीएम के स्वागत के लिए लिया जा रहा था। मगर उनको मंच पर जगह नहीं मिली न ही उनका नाम पुलिस को दी गई सूची में शामिल किया गया। जिसके कारण मंडल अध्यक्ष नाराज हो गए तथा वहां पर धरने पर बैठ गए। जिला प्रधान ने मनाया बाद में जिला प्रधान यतेंद्र यादव ने धरने पर भाजपा कार्यालय में बैठे मंडल अध्यक्षों के सामने हाथ पैर जोड़कर उनको मनाया। जिसकी भी एक वीडियो बाद में वायरल हुई है। इससे भाजपा की फूट खुलकर सामने आई।
मानकनगर पुल पर डम्पर की टक्कर से बोलेरो पलटी:कार सवार युवक बाल-बाल बचे, जांच में जुटी पुलिस
लखनऊ के मानकनगर थाना क्षेत्र में रविवार को मानकनगर पुल पर नगर निगम के डम्पर और बोलेरो कार के बीच टक्कर हो गई। हादसे में बोलेरो अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। दुर्घटना में एक युवक घायल हो गया, जबकि वाहन में सवार अन्य छह लोग सुरक्षित बच गए। पुलिस के मुताबिक नगर निगम का डम्पर (UP35T2143) और बोलेरो (UK07FY3380) मानकनगर पुल से गुजर रहे थे। इसी दौरान डम्पर ने बोलेरो में साइड से टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही बोलेरो पलट गई। सूचना मिलते ही मानकनगर पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू कराया। हादसे के समय बोलेरो में सात लोग सवार थे। इनमें सहारनपुर के नवीन नगर निवासी शक्ति कुमार (23) घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए लोकबंधु अस्पताल भेजा गया। जहां उनका इलाज चल रहा है। पुलिस के अनुसार उनकी चोटें सामान्य हैं। अन्य सभी सवार सुरक्षित हैं। बोलेरो चालक विजय सैनी अपने साथियों राहुल सैनी, मोहित, शिवम, अब्दुल मन्नान, शुभम कुमार और शक्ति कुमार के साथ सहारनपुर से लखनऊ आए थे। वहीं डम्पर चालक की पहचान हरदोई जिले के तिलकखेड़ा निवासी मुकेश (36) के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है। घटना के बाद कुछ देर के लिए ट्रैफिक प्रभावित हुआ, लेकिन पुलिस ने व्यवस्था संभालते हुए ट्रैफिक को सामान्य करा दिया।
मोहाली के जगतपुरा इलाके में मारपीट और कथित लूटपाट की वारदातों में शामिल एक गैंग के दोबारा सक्रिय होने के आरोपों के बीच पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला 4 जून का है, जिसमें कुछ युवकों पर एक व्यक्ति की बेरहमी से पिटाई करने का आरोप है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब इलाके का एक निवासी पीड़ित को बचाने के लिए आगे आया तो हमलावरों ने उसके साथ भी मारपीट शुरू कर दी और सिर पर गंभीर वार किए। इसके बाद बीच-बचाव करने पहुंचे एक अन्य व्यक्ति को भी निशाना बनाया गया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने 5 जून 2026 को एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान छापेमारी कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार किए आरोपियों की पहचान करमजीत सिंह, करम कुमार, मनीष चंद और सोनू के रूप में हुई है। पीड़ित ने लगाए नशा तस्करी के आरोप घटना में घायल मोहित कुमार ने आरोप लगाया है कि हमला करने वाले युवक इलाके में नशा तस्करी का अवैध कारोबार चलाते हैं। उनका कहना है कि करीब छह महीने पहले उन्होंने कुछ लोगों को पकड़कर मोहाली के आईटी सिटी थाना क्षेत्र की पुलिस के हवाले किया था। हालांकि, आरोप है कि वे अगले ही दिन रिहा होकर वापस इलाके में आ गए थे। मोहित का दावा है कि पुरानी रंजिश के चलते ही उन पर हमला किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मामला दर्ज होने के बाद उन्हें अज्ञात नंबरों से लगातार धमकियां मिल रही हैं। डोप टेस्ट कराया जा रहा, जांच जारी सोहाना थाना के एसएचओ सिमरनजीत सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की गई थी। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि पीड़ित द्वारा लगाए गए नशा तस्करी के आरोपों की भी जांच की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों का डोप टेस्ट कराया जा रहा है। जांच रिपोर्ट और पूछताछ में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बिजनौर एससी/एसटी एक्ट कोर्ट के विशेष न्यायाधीश सुनील कुमार ने गुलशन कुमार हत्याकांड के पांच आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। कोर्ट ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए यह फैसला सुनाया। विशेष लोक अभियोजक शलभ शर्मा ने बताया कि मृतक गुलशन और दीपा ने परिजनों की मर्जी के खिलाफ कोर्ट मैरिज की थी। इससे आरोपी और उनके रिश्तेदार नाराज थे। घटना 29/30 अप्रैल 2026 की रात की है। गुलशन अपनी पत्नी दीपा का हालचाल जानने उसके घर गया था। आरोप है कि रजनीश, पंकज कुमार, अतर सिंह, पुष्पेंद्र और संजय कुमार ने मिलकर गुलशन का अपहरण किया और फिर उसकी हत्या कर दी। हत्या को दुर्घटना दिखाने के लिए आरोपियों ने गुलशन के शव को ट्रेन की पटरियों पर फेंक दिया था। हालांकि, विवेचक द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों और कड़ियों के आधार पर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पांचों आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी।
राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर ने उदयपुर की झीलों, तालाबों और अन्य जल निकायों के संरक्षण को लेकर स्वतः संज्ञान लिया। कोर्ट ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए उदयपुर जिला कलेक्टर से रिपोर्ट तैयार करने को कहा है। हाईकोर्ट में अवकाशकालीन खंडपीठ में जस्टिस डॉ पुष्पेन्द्र सिंह भाटी और जस्टिस रेखा बोराणा ने अपने आदेश में कहा- उदयपुर की झीलें केवल पर्यटन का केंद्र नहीं हैं, बल्कि भूजल पुनर्भरण, जैव विविधता संरक्षण, बाढ़ नियंत्रण और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। झीलों को लेकर ऐतिहासिक टिप्पणी करते हुए खंडपीठ ने कहा- शहर की पहचान और झीलें एक-दूसरे से अटूट रूप से जुड़ी हैं। कोर्ट ने शायर जयकृष्ण चौधरी 'हबीब' की नज्म उदयपुर का हवाला देते हुए झीलों के संरक्षण को पर्यावरणीय और संवैधानिक जरूरत बताया। इस नज्म का किया जिक्र हाईकोर्ट ने मशहूर कवि और विद्वान जयकृष्ण चौधरी 'हबीब' की नज्म उदयपुर का जिक्र किया। हबीब ने उदयपुर की दिव्य सुंदरता की तारीफ करते हुए लिखा था: खुशनुमा झीलों में लर्ज़ां जिन का है अक्स-ए-जमील यानी जिसकी खूबसूरत छवि सुहावनी झीलों में थरथराती है। खंडपीठ ने कहा- उदयपुर को रश्क-ए-फ़िरदौस-ए-ज़माना बताया गया यानी ऐसा स्थान जिसकी सुंदरता पर जन्नत भी रश्क करे। हाईकोर्ट ने कहा- ये शेर सिर्फ सौंदर्य की तारीफ नहीं है। ये उदयपुर की असली पहचान है। उदयपुर की झीलें, नहरें, पाल और इर्द-गिर्द का इकोलॉजिकल लैंडस्केप शहर से अलग नहीं किए जा सकते। हाईकोर्ट ने माना- ये जलाशय सिर्फ पानी के कुंड नहीं हैं। ये सदियों से क्षेत्र के इतिहास, अर्थव्यवस्था और लोगों की सामूहिक चेतना को आकार देते आए हैं। इन झीलों की वजह से भूजल रिचार्ज और वॉटर सिक्योरिटी जैव विविधता संरक्षण बाढ़ नियंत्रण और क्लाइमेट रेजिलिएंस इकोलॉजिकल बैलेंस बनाए रखने का काम हो रहा है। प्रस्तावित नाइट फूड हब भी शामिल हाईकोर्ट ने माना- उदयपुर की पहचान उसकी झीलों से जुड़ी हुई है और इन जल स्रोतों पर बढ़ता अतिक्रमण, प्रदूषण और अनियंत्रित विकास पर्यावरण, जल सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। इसलिए इनका संरक्षण वर्तमान और भावी पीढ़ियों के स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण के अधिकार से जुड़ा विषय है। इनमें रूपसागर तालाब की सीमाओं को लेकर लंबे समय से चल रही अनिश्चितता, मदार नहर की मरम्मत में सामने आई खामियां तथा फतहसागर झील के किनारे प्रस्तावित नाइट फूड हब से जुड़े पर्यावरणीय सवाल प्रमुख थे। कोर्ट ने माना कि ये घटनाएं केवल अलग-अलग मामले नहीं हैं, बल्कि उदयपुर की संपूर्ण झील प्रणाली और जल संसाधनों के संरक्षण से जुड़े व्यापक मुद्दों की ओर संकेत करती हैं। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार, पर्यावरण विभाग, जल संसाधन विभाग, नगरीय विकास विभाग, स्थानीय स्वशासन विभाग, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल, जिला प्रशासन और उदयपुर विकास प्राधिकरण सहित विभिन्न एजेंसियों को नोटिस जारी कर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट में झीलों की वर्तमान स्थिति, जल गुणवत्ता, अतिक्रमण, प्रदूषण, संरक्षण उपाय, सीमांकन, कैचमेंट क्षेत्र और विकास परियोजनाओं का पूरा ब्यौरा देने को कहा गया है। भौतिक स्वरूप में बदलाव की अनुमति नहीं दी जाए कोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए निर्देश दिए कि किसी भी झील, तालाब, नहर, फीडर चैनल या कैचमेंट क्षेत्र में नए अतिक्रमण, भराव, निर्माण या भौतिक स्वरूप में बदलाव की अनुमति नहीं दी जाए। साथ ही प्रमुख झीलों का निरीक्षण कर उनकी पारिस्थितिक स्थिति, जल गुणवत्ता और अतिक्रमण की जानकारी अदालत में प्रस्तुत करने को कहा गया है। इन जलाशयों की वर्तमान स्थिति जांचें और रिपोर्ट बनाएं हाईकोर्ट ने उदयपुर स्थित पिछोला झील, फतहसागर झील, स्वरूपसागर झील, रंगसागर झील, रूपसागर तालाब, दूध तलाई, गोवर्धन सागर झील, बड़ी झील, उदयसागर झील, मदार नहर, बड़ा मादर तालाब, छोटा मदार तालाब, कुम्हारिया तालाब और अन्य आपस में जुड़ी हुई झीलों व जलाशयों का निरीक्षण करने और उनकी वर्तमान पारिस्थितिक स्थिति, जल की गुणवत्ता, जलग्रहण क्षेत्र की स्थिति, अतिक्रमण की स्थिति तथा संरक्षण की आवश्यकताओं के संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। मांगी रिपोर्ट, अगली सुनवाई 13 जुलाई को राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल को झीलों के जल की गुणवत्ता की जांच कर प्रदूषण के स्तर और आवश्यक सुधारात्मक उपायों पर रिपोर्ट देने के निर्देश भी दिए गए हैं। वहीं जिला कलेक्टर उदयपुर को सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर समेकित रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई 2026 को होगी।
संभल में 700 बीघा जमीन कब्जा मुक्त:65 तालाब-नदियों को मूल स्वरूप में लाने का कार्य शुरू
संभल में नदियों और तालाबों पर हुए अवैध कब्जों को हटाया गया है। पिछले 10 दिनों में 700 बीघा से अधिक जमीन अवैध कब्जा मुक्त कराई गई है। जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल के अनुसार, मानसून से पहले जलीय स्रोतों को उनके मूल स्वरूप में लाने का कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को तालाबों और नदियों से अवैध कब्जे हटाने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में संभल में जिलाधिकारी के निर्देशन में यह कार्रवाई की जा रही है। जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने बताया कि शासन के निर्देशों के तहत जनपद के सभी जलीय स्रोतों को उनके मूल स्वरूप में लाया जा रहा है। पूरे जनपद में 2 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल वाले 65 तालाबों को चिह्नित किया गया है, जिन्हें कब्जा मुक्त कर पुनर्जीवित किया जाएगा। पुरानी नदियों और उनके स्रोतों पर भी कार्य किया जा रहा है। डीएम ने बताया कि पिछले लगभग 10 दिनों में 700 बीघा से अधिक जमीन कब्जा मुक्त कराई गई है। विकास विभाग द्वारा इसे मूल स्वरूप में लाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। ृ
उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा का पहला दिन सोमवार को जिले के पांच केंद्रों पर शांतिपूर्ण संपन्न हुआ। इस दौरान जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर और पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने किसान इंटरमीडिएट कॉलेज, साखोपार सहित अन्य केंद्रों पर पहुंचकर सीसीटीवी निगरानी, कंट्रोल रूम, मेटल डिटेक्टर, पेयजल और सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने केंद्र व्यवस्थापकों और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को शासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की अनियमितता, अफवाह फैलाने या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा ड्यूटी में लगे जवानों को सतर्कता बरतने और अभ्यर्थियों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। परीक्षा के पहले दिन दोनों पालियों को मिलाकर कुल 4224 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 3378 ने परीक्षा दी, जबकि 846 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। कुल उपस्थिति लगभग 79.97 प्रतिशत दर्ज की गई। प्रथम पाली में 2112 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 1661 परीक्षार्थी उपस्थित रहे, जिसकी उपस्थिति दर 78.65 प्रतिशत रही। द्वितीय पाली में भी 2112 अभ्यर्थियों में से 1717 ने परीक्षा दी, जिसमें उपस्थिति प्रतिशत 81.30 दर्ज किया गया। परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर मजिस्ट्रेट, पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती रही। प्रशासन के अनुसार, भर्ती परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और व्यवस्थित वातावरण में संपन्न हुई।
लखनऊ के गोमती नगर स्थित विराम खण्ड-5 जनकल्याण समिति की नई कार्यकारिणी का चुनाव शांतिपूर्ण और सफल माहौल में संपन्न हो गया। चुनाव परिणामों की आधिकारिक घोषणा निर्वाचन अधिकारी राजेन्द्र प्रताप सिंह और पर्यवेक्षक राजेन्द्र प्रसाद ने की। इस दौरान गोमती नगर जनकल्याण महासमिति के सचिव संजय निगम भी मौजूद रहे। चुनाव में डॉ. भरत राज सिंह को अध्यक्ष चुना गया। वहीं राज नारायण सिंह और विजय कुमार चोपड़ा को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। नित्यानन्द पाण्डेय सचिव, अतुल जौहरी कोषाध्यक्ष और प्रवीण कुमार मिश्र सहायक सचिव निर्वाचित हुए। इन पदाधिकारियों को मिला जिम्मेदारी नई कार्यकारिणी में प्रभात श्रीवास्तव को संगठन सचिव, अरुण त्रिवेदी को सांस्कृतिक सचिव और मनोज शर्मा को प्रचार सचिव बनाया गया। कार्यकारिणी सदस्य के रूप में राकेश श्रीवास्तव और चन्द्रशेखर सिंह का चयन हुआ। इसके अलावा डॉ. आर. पी. शर्मा और आलोक सिंह भदौरिया को मनोनीत सदस्य बनाया गया। परिणाम घोषित होने के बाद क्षेत्रवासियों और समिति के सदस्यों ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का स्वागत किया और उन्हें बधाई दी। कार्यक्रम में नई टीम से क्षेत्र के विकास और जनहित के कार्यों को आगे बढ़ाने की उम्मीद जताई गई। पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने का संकल्प नवनिर्वाचित अध्यक्ष डॉ. भरत राज सिंह ने सभी सदस्यों और क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें जो विश्वास और समर्थन मिला है, उस पर खरा उतरने का पूरा प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नई कार्यकारिणी क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने तथा विकास कार्यों में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करेगी।
फतेहाबाद डिस्ट्रीब्यूटरी में व्यक्ति का शव मिला:पंजाब से बहकर आने की आशंका; गले में काला धागा बंधा
टोहाना के गांव दमकोरा के पास फतेहाबाद डिस्ट्रीब्यूटरी नहर में सोमवार को एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला। शव देखकर राहगीरों ने तुरंत पुलिस और समाजसेवी नवजोत सिंह ढिल्लों को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही डायल 112 पुलिस टीम मौके पर पहुंची। एक राहगीर की मदद से शव को नहर से सुरक्षित बाहर निकाला गया। प्रारंभिक जांच में यह शव पंजाब की ओर से पानी के साथ बहकर आया प्रतीत हो रहा है। मृतक की नहीं हुई शिनाख्त समाजसेवी नवजोत सिंह ढिल्लों ने अपनी एंबुलेंस से शव को टोहाना के नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवाया। पुलिस ने शव की पहचान के लिए उसे 72 घंटे तक सुरक्षित रखा है। पहचान न होने की स्थिति में नियमानुसार उसका अंतिम संस्कार कर दिया जाएगा। मृतक की उम्र करीब 40 से 45 साल और कद लगभग 6 फुट है। उसके शरीर पर कोई विशेष पहचान चिन्ह नहीं मिला है, सिर्फ गले में काले रंग का धागा बंधा हुआ है। कपड़ों से भी उसकी पहचान नहीं हो पाई है। मामले की जांच कर रही पुलिस सिटी थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। थाना प्रभारी कुलदीप सिंह ने आसपास के क्षेत्र में लापता लोगों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी के परिजन या जानकार का हुलिया इस विवरण से मेल खाता हो, तो वे तुरंत सिटी थाना टोहाना से संपर्क करें। शिनाख्त के बाद ही मौत के कारणों का पता चल पाएगा।
अमरोहा में स्कॉर्पियो पर फायरिंग, 3 आरोपी गिरफ्तार:जांच में हुआ खुलासा, गलतफहमी में किया गया था हमला
अमरोहा में स्कॉर्पियो सवार युवकों पर फायरिंग के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि हमला गलतफहमी में किया गया था और आरोपियों का असली निशाना कोई और व्यक्ति था। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो तमंचे और वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद की है। यह घटना 3 जून की रात करीब 9 बजे डिडौली क्षेत्र में हुई थी। गांव सरकड़ी अजीज निवासी हिमांशु अपने दोस्त प्राशु के साथ स्कॉर्पियो से जोया से अमरोहा की ओर आ रहे थे। हिल्टन मोड़ से कल्याणपुर बाईपास की तरफ मुड़ते समय बाइक सवार युवकों ने उनकी गाड़ी पर फायरिंग कर दी और मौके से फरार हो गए। तीनों को जेल भेजा गया गोली स्कॉर्पियो के ड्राइवर साइड का शीशा तोड़ते हुए निकल गई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद अज्ञात आरोपियों के खिलाफ जानलेवा हमले की प्राथमिकी दर्ज की गई और पुलिस ने जांच शुरू कर दी। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने सोमवार को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शुभ चौधरी निवासी गांव हिसामपुर, नौगावां सादात अमरोहा, तथा दीपांशु चौहान और लक्ष्य चौहान उर्फ लकी निवासीगण सियाउ थाना चांदपुर बिजनौर के रूप में हुई है। तीनों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर शाम को परीक्षार्थियों की भीड़ उमड़ पड़ी। आज शहर के 56 केंद्रों पर 40 हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। वहीं रेलवे स्टेशन पर 1 लाख से अधिक लोगों की भीड़ पहुंची। जिसके लिए रेलवे ने कानपुर से झांसी रूट पर 2, कानपुर से लखनऊ रूट पर 1 ट्रेन और झांसी से कानपुर रूट पर 3 ट्रेनों का संचालन किया गया है। जरूरत पड़ने पर स्पेशल ट्रेनों के रैक अभी रिजर्व में खड़े हुए है। उनको भी चलाया जा सकता है। अभ्यर्थियों का आरोप है- रेलवे स्टेशन पर पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। वहीं ट्रेनें लेट होने से अभ्यर्थी परेशान दिखाई दिये। सबसे पहले तस्वीरें देखिए मुरैना से लखनऊ परीक्षा देने आए मोहित बताते है, हमारा सेंटर लखनऊ गया था। लेकिन लखनऊ से इटावा के लिए कोई सीधी ट्रेन नहीं मिली। जिसके बाद मैं कानपुर आया हूं । करीब दो घंटे से यहां खड़ा हुआ हूँ, लेकिन कोई ट्रेन नहीं है। इससे मैं पहले इटावा और उसके बाद मुरैना पहुंच पाऊंगा। रेलवे को अतिरिक्त ट्रेनें चलानी चाहिए थी। भिंड से कानपुर पेपर देने के लिए आये हुए अभय सिंह बताते है। हम प्लेटफॉर्म पर करीब 4 घंटे से खड़े हुए है, यहां ट्रेनों में बहुत भीड़ है। सरकार को पेपर से पहले स्पेशल ट्रेने चलानी चाहिए थी। यहां रेलवे स्टेशन पर ठंडे पानी की भी कोई व्यवस्था नहीं है। इस समय ट्रेनों की स्थित बहुत ही गंभीर है। प्रदीप कुमार बताते है, हमको लखनऊ जाना है, लेकिन कोई ट्रेन नहीं है, जो ट्रेन जा रही है। उसमें भीड़ बहुत भीड़ है । हम इस समय समझ में नहीं हम घर कैसे पहुंचे। इस समय हम यहां 5 बजे से इंतजार कर रहे है। जो भी ट्रेन आ रही है, उसमें बहुत भीड़ है। यहां कोई व्यवस्था नहीं है। कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन के डायरेक्टर आकांशु गोविल ने बताया लखनऊ और झांसी रूट पर कुल 6 एग्जाम स्पेशल ट्रेन संचालित की जा चुकी है। जरूरत पड़ने पर रिजर्व में खड़ी हुई रैक को संचालित किया जाएगा। एनाउंसमेंट और सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से नजर रखी जा रही है। सभी प्लेटफार्म पर अतिरिक्त GRP और RPF को तैनात किया गया है। कंट्रोल रूम 24 घंटे संचालित किया जा रहा है। रेल यात्री बगैर पैनिक हुए यात्रा करें। अन्य रूटों पर यात्री बढ़ते है तो और भी स्पेशल ट्रेने चलाई जाएगी।
पंचकूला के पिंजौर थाना क्षेत्र में दर्ज हत्या के एक मामले में गिरफ्तार चार आरोपियों द्वारा पुलिस हिरासत में प्रताड़ना, सिर मुंडवाने, नंगे पैर चलाने और सार्वजनिक रूप से अपमानित करने के आरोप लगाने के बाद कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजते हुए उनके विस्तृत चिकित्सकीय परीक्षण के लिए तीन डॉक्टरों और एक मनोचिकित्सक/मनोवैज्ञानिक वाले मेडिकल बोर्ड के गठन के आदेश दिए हैं।सोमवार को सुनवाई के दौरान आरोपी रोहित के वकील दीपांशु बंसल ने दावा किया कि पुलिस हिरासत के दौरान उनके साथ मारपीट की गई, सिर जबरन मुंडवाए गए, उन्हें नंगे पैर चलाया गया तथा उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए गए। उन्होंने इसे संविधान के अनुच्छेद 14, 21 और 22 का उल्लंघन बताते हुए आरोपियों की तत्काल रिहाई और जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने रखा ये पक्ष सुनवाई के दौरान राज्य पक्ष ने कहा कि दो आरोपी पुलिस हिरासत से भागने का प्रयास कर रहे थे, जिनके खिलाफ अलग से मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने यह भी कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई और घटना के CCTV फुटेज में उनकी भूमिका दिखाई दे रही है।अब जानिए कोर्ट आदेश की अहम बातें::::
जींद जिले में थाना अलेवा पुलिस ने एक चोरी के मामले में कोथ कलां निवासी विकास उर्फ धमाईनाथ को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर 20 हजार 600 रुपए बरामद किए हैं। थाना अलेवा प्रभारी आत्माराम ने बताया कि पेगा गांव निवासी प्रेमदास ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि गांव पेगा स्थित दादा खेड़ा के मंडप से अज्ञात चोर ने 8 मुकुट और 8 चांदी के सिक्के चुरा लिए थे। चोरी के 20 हजार 600 रुपए बरामद इस शिकायत के आधार पर अलेवा थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 305(2) और 331(3) के तहत मामला दर्ज किया गया था। तकनीकी जांच और साक्ष्यों के आधार पर, पुलिस ने 7 जून 2026 को आरोपी विकास उर्फ धमाईनाथ को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद, आरोपी की निशानदेही पर चोरी के 20 हजार 600 रुपए बरामद किए गए। आरोपी विकास उर्फ धमाईनाथ को माननीय कोर्ट में पेश किया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पद्मविभूषण तुलसीपीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य महाराज ने श्रीराम कथा के अष्टम दिवस नारी सम्मान, दाम्पत्य जीवन की मर्यादा और भारतीय संस्कृति के मूल्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में पत्नी केवल जीवनसंगिनी नहीं, बल्कि धर्मपत्नी होती है और माता का स्थान पिता से दस गुना बड़ा माना गया है। उन्होंने महिलाओं की भूमिका को परिवार, समाज और राष्ट्र निर्माण का आधार बताया। शबरी और आदिवासियों से मिलन प्रसंग का किया वर्णन सीतापुर रोड स्थित बृज की रसोई परिसर में चल रही नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के आठवें दिन स्वामी रामभद्राचार्य ने भगवान श्रीराम के वनवास काल के दौरान आदिवासियों, गिरिवासियों और शबरी से मिलन के प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। ऋषि शरभंग प्रसंग के माध्यम से उन्होंने नवधा भक्ति के छठे स्वरूप वंदन भक्ति की व्याख्या की। प्रेम वासनात्मक नहीं, उपासनात्मक होता है उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रेम वासनात्मक नहीं, बल्कि उपासनात्मक होता है। वनवास के दौरान भगवान श्रीराम द्वारा स्फटिक शिला पर पुष्पों से माता सीता का श्रृंगार करने का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसे सम्मान, समर्पण और आदर्श दाम्पत्य का प्रतीक बताया। जो पति को पतन से बचाए, वही पत्नी कहलाने योग्य रामभद्राचार्य ने कहा कि भारतीय संस्कृति में वाइफ या बीवी नहीं, बल्कि धर्मपत्नी की अवधारणा है। जो पति को पतन से बचा ले, वही पत्नी कहलाने योग्य है। उन्होंने कहा कि पति-पत्नी का संबंध परस्पर सम्मान और मर्यादा पर आधारित होना चाहिए। महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण भी कम नहीं उन्होंने कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए लाए गए नारी शक्ति वंदन प्रस्ताव का भी विरोध हुआ था, जबकि भारतीय संस्कृति के अनुसार महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण भी दिया जाए तो वह कम नहीं होगा। मनुस्मृति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि माता का स्थान पिता से दस गुना बड़ा माना गया है। पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र समेत कई गणमान्य पहुंचे कथा के दौरान पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र, भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम जाजू, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री भूपेंद्र चौधरी, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष ब्रजबहादुर, विधायक विनय वर्मा, गोविंद नारायण शुक्ल, संतोष सिंह, राजीव गुम्बर, शिव कुमार गुप्ता तथा पद्मश्री सुनील जोगी सहित अनेक गणमान्य लोगों ने व्यासपीठ का आशीर्वाद प्राप्त किया। विधायक डॉ. नीरज बोरा ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। मंगलवार को होगा कथा का समापन मीडिया प्रभारी डॉ. एस.के. गोपाल ने बताया कि श्रीराम कथा के समापन दिवस की कथा मंगलवार को सुबह 9 बजे आरंभ होगी। दोपहर में विशाल भंडारे के साथ कार्यक्रम का समापन होगा। समापन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कथा श्रवण कर व्यासपीठ का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।
झाबुआ जिला मुख्यालय से लगभग 12 किलोमीटर दूर खरडू छोटी गांव के माल फालिया इलाके में सोमवार को एक बिना मुंडेर के कुएं में बुजुर्ग महिला की लाश मिली। इस हादसे का पता तब चला जब कुछ बच्चे कुएं के पास लगे नीम के पेड़ पर खेल रहे थे। खेलते-खेलते जब बच्चों की नजर कुएं के अंदर गई, तो उन्हें वहां एक लाश तैरती हुई दिखाई दी। बच्चों ने तुरंत भागकर गांव वालों को इसके बारे में बताया, जिसके बाद मौके पर भारी भीड़ इकट्ठी हो गई। मानसिक रूप से अस्वस्थ थीं बुजुर्ग महिला ग्रामीणों ने फौरन गांव के तड़वी (प्रमुख) को मामले की जानकारी दी, जिन्होंने पुलिस को फोन किया। खबर मिलते ही झाबुआ कोतवाली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से शव को कुएं से बाहर निकाला। कोतवाली थाना प्रभारी आरसी भास्करे ने बताया कि मृतका की पहचान झकेला गांव की रहने वाली 70 साल की तितली बाई (पति दूला बामनिया) के रूप में हुई है। शुरुआती जांच में पता चला है कि बुजुर्ग महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। शादी में जाने के दौरान हुआ हादसा बताया जा रहा है कि वह रविवार शाम करीब 5:00 बजे एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए खरडू बड़ी गई थीं। इसी दौरान रास्ते में अनसिग नाम के व्यक्ति के खेत में बने बिना मुंडेर के कुएं में पैर फिसलने या बेकाबू होकर गिरने की वजह से मौत हो गई। हालांकि अभी तक इस बात की पृष्टि नहीं हो पाई है। पुलिस ने शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है और मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
मुजफ्फरनगर के छपार थाना क्षेत्र में दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे पर एक नॉनवेज ढाबे को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने देवी-देवताओं के नाम पर मांसाहारी भोजनालय चलाने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। उन्होंने मौके पर लगे फ्लेक्स बोर्ड फाड़कर जला दिए। यह घटना रविवार दोपहर की है, जिसका वीडियो सोमवार को सामने आने के बाद मामला गरमा गया। जानकारी के अनुसार, गांव सिसौना स्थित हाईवे पर मंसूरपुर निवासी आजाद 'किंग चिकन कॉर्नर' नाम से नॉनवेज ढाबा चला रहे हैं। इसी ढाबे के बगल में नरेश पाल की कन्फेक्शनरी की दुकान है, जिस पर 'बदरी विशाल शुद्ध भोजनालय' का बोर्ड लगा हुआ है। रविवार को हिंदू संगठनों के एक दर्जन से अधिक कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि देवी-देवताओं के नाम का इस्तेमाल कर नॉनवेज ढाबा चलाया जा रहा है। कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए ढाबे पर लगे फ्लेक्स बोर्ड उतारे, फाड़े और फिर उन्हें इकट्ठा कर आग लगा दी। इस दौरान ढाबा कर्मचारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच कहासुनी और धक्का-मुक्की भी हुई। गाली-गलौज व धक्का-मुक्की की गई हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने कहा कि कांवड़ यात्रा शुरू होने में लगभग एक माह का समय बचा है। उन्होंने चेतावनी दी कि कांवड़ मार्ग पर किसी भी प्रकार के नॉनवेज होटल या ढाबे नहीं चलने दिए जाएंगे। दूसरी ओर, ढाबा संचालक आजाद का कहना है कि वह किराए पर ली गई जगह में 'किंग चिकन कॉर्नर' नाम से ढाबा चला रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके ढाबे के बराबर में लगे 'बदरी विशाल शुद्ध भोजनालय' के बोर्ड को आधार बनाकर गलतफहमी फैलाई गई। आजाद के अनुसार, उनके प्रतिष्ठान को बेवजह निशाना बनाया गया और कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज व धक्का-मुक्की भी की गई। घटना की सूचना मिलने पर छपार पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई। क्षेत्राधिकारी सदर डॉ. रविशंकर मिश्रा ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
पानीपत जिले के समालखा में CIA-2 पुलिस टीम ने बहरामपुर गांव में एक घर से सोने-चांदी के गहने, नकदी और मोबाइल चोरी करने के आरोप में 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान अधमी निवासी आशीष और रिषभ के रूप में हुई है। CIA-2 प्रभारी इंस्पेक्टर विरेंद्र ने बताया कि उनकी टीम को रविवार शाम गश्त के दौरान सूचना मिली थी। इसके आधार पर पुलिस ने सनौली बाईपास फ्लाईओवर पुल के नीचे से दोनों संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया। आरोपियों ने चोरी की वारदात स्वीकार की पूछताछ में आशीष और रिषभ ने 15 अप्रैल को दिन के समय बहरामपुर गांव में एक घर से सोने-चांदी के गहने, मोबाइल फोन और नकदी चोरी करने की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। इस चोरी के संबंध में थाना बापौली में बहरामपुर गेट निवासी राजकुमार की शिकायत पर पहले ही मामला दर्ज है। राजकुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 15 अप्रैल को उनके बच्चे स्कूल गए थे और परिवार के अन्य सदस्य काम पर थे। इसी दौरान अज्ञात चोर उनके घर में घुस गए थे। चोरों ने घर से सोने की बाली, नथ, टीका, ताबीज, अंगूठी, चांदी का कड़ा, हथफुल, जुड़े की पिन, 20 हजार रुपए नकद और एक मोबाइल फोन चुरा लिया था। राजकुमार की शिकायत पर थाना बापौली में विभिन्न धाराओं के तहत अभियोग दर्ज कर पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी। नशे की लत पूरी करने को वारदात की प्रभारी इंस्पेक्टर विरेंद्र ने बताया कि पूछताछ में दोनों आरोपियों ने पुलिस को बताया वे नशा करने के आदी है। नशे की लत पूरी करने के लिए पैसों की जरूरत पड़ी तो उन दोनों ने मिलकर चोरी की उक्त वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी का मोबाइल फोन, चांदी का एक कड़ा और एक हथफुल बरामद कर सोमवार को दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया। जहां से उन्हें 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया। रिमांड के दोरान पुलिस आरोपी से चोरी के बचे गहने और नकदी बरामद करने का प्रयास करेगी। आरोपी आशीष का पहले भी आपराधिक रिकॉर्ड होना पाया गया है। आरोपी के खिलाफ थाना बापौली में मारपीट और चोरी की वारदातों के 3 मामलें दर्ज है। आरोपी आशीष करीब 1 साल पहले जेल से बेल पर बाहर आया था।
यूपी में 32,679 पदों के लिए सोमवार को सिपाही भर्ती परीक्षा हुई। पहली पाली सुबह 10 बजे से 12 बजे तक चली। वहीं दूसरी पाली दोपहर तीन से शाम पांच बजे तक चली। दोनों पालियों में कुल 16320 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, इनमें से 4611 ने परीक्षा छोड़ दी और 11709 परीक्षा में शामिल हुए। नौ और दस जून को भी 20 केंद्रों पर दो-दो पालियों में परीक्षा होगी। पहले दिन की परीक्षा का ANSWER KEY कोचिंग संस्थान ने जारी किया गया है। दोनो पालियों की परीक्षा के सवालों के सही जवाब देखने के लिए यहां पर क्लिक करें। इस ANSWER KEY की दैनिक भास्कर पुष्टि नहीं करता है। सिपाही भर्ती के बारे में जानिए…32,679 कॉन्स्टेबल और समकक्ष पदों के लिए 31 दिसंबर 2025 को नोटिफिकेशन जारी हुआ था। 30 जनवरी 2026 तक ऑनलाइन आवेदन हुए। 29 लाख 45 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। जांच के दौरान 60 हजार आवेदन निरस्त कर दिए गए। 28 लाख 85 हजार उम्मीदवारों के एडमिट कार्ड जारी हुए हैं। लिखित परीक्षा 300 नंबर की होगी। 150 सवाल पूछे जाएंगे। हर सवाल 2 नंबर का होगा। इस बार नेगेटिव मार्किंग व्यवस्था खत्म कर दी गई है। लिखित परीक्षा में पास होने वाले कैंडिडेट्स ही फिजिकल टेस्ट में शामिल हो सकेंगे। पुरुषों को 4.8 किलोमीटर की दौड़ 25 मिनट में और महिलाओं को 2.4 किलोमीटर की दौड़ 14 मिनट में पूरी करनी होगी। इसके बाद फाइनल रिजल्ट घोषित होगा। ----------------- ये खबर भी पढ़ें… यूपी पुलिस परीक्षा देकर निकली लड़की फूट-फूटकर रोई:अभ्यर्थी बोले- मैथ ने उलझाया; बाराबंकी में युवती की सड़क हादसे में मौत यूपी में 32,679 पदों के लिए सोमवार को सिपाही भर्ती परीक्षा हुई। दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 3 बजे से शुरू होकर शाम 5 बजे तक चली। इससे पहले, अभ्यर्थियों को कड़ी चेकिंग के बाद एग्जाम हॉल में एंट्री दी गई। एडमिट कार्ड, बायोमेट्रिक मिलान और रेटिना स्कैन किया गया। पढ़ें पूरी खबर…
बालाघाट में नीट (NEET) परीक्षा में हुई गड़बड़ी, पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस के लगातार बढ़ते दामों से बढ़ी महंगाई और लोकल समस्याओं को लेकर कांग्रेस पार्टी 9 जून को वारासिवनी में आंदोलन करने जा रही है। इस प्रदर्शन में वारासिवनी इलाके और पूरे जिले से दो हजार से ज्यादा लोगों के जुटने की उम्मीद है। वारासिवनी के जयस्तंभ चौक पर होने वाले इस आयोजन के लिए टेंट-पंडाल और मंच बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। विधायक विवेक विक्की पटेल ने बताया कि पेट्रोल-डीजल और गैस की बढ़ती कीमतों, नीट पेपर लीक मामले और वारासिवनी नगर पालिका में फैले भ्रष्टाचार जैसे बड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस यह एक दिन का धरना प्रदर्शन कर रही है। रैली निकालकर जुटेंगे कार्यकर्ता, विधायक बोले- लड़ाई जारी रहेगी विधायक पटेल ने जानकारी दी कि क्षेत्र के हजारों कांग्रेस कार्यकर्ता रैली निकालते हुए शहर के जयस्तंभ चौक पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि जनता के हक और हितों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठा रही है और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए उनका यह संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। इस एक दिवसीय धरने में बड़ी संख्या में व्यापारी, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल होंगे। कांग्रेस पार्टी ने जिले और क्षेत्र के लोगों से ज्यादा से ज्यादा संख्या में आकर जनहित की इस लड़ाई को मजबूत बनाने की अपील की है। नगर पालिका की मनमानी और वसूली भी बड़ा मुद्दा दरअसल, वारासिवनी नगर पालिका के कामकाज को लेकर जनता, व्यापारियों और अलग-अलग सामाजिक संगठनों में लंबे समय से नाराजगी है। दुकानदारों और व्यापारियों पर फालतू का दबाव बनाकर की जा रही वसूली, विकास कार्यों में गड़बड़ी और जनता की समस्याओं को दूर करने में बरती जा रही ढिलाई भी इस आंदोलन के मुख्य मुद्दे होंगे।
सामाजिक समारोह में गाड़ी घुमाने को लेकर विवाद हो गया। इसके बाद बदमाशों ने ट्रैक्टर रुकवा कर एक युवक पर फायरिंग कर दी। गोली युवक के अंगूठे पर लगी। गनीमत रही कि गोली शरीर पर नहीं लगी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। घटना बालोतरा जिले के धोरीमन्ना थाना इलाके रोहिला गांव सोमवार दोपहर 3.30 बजे हुई। वारदात के बाद पुलिस ने घटना स्थल से सबूत जुटाए। युवक का मेडिकल करवाकर मामला दर्ज कर लिया है। बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है। ऐसा बताया जा रहा है कि फायरिंग करने वालों में एक युवक पैरोल पर जेल से बाहर आया हुआ है। सामाजिक प्रोग्राम में ट्रैक्टर से जा रहे थे घायल हुआ अशोक कुमार बालोतरा के शोभाला जैतमाल गांव का रहने वाला है। अशोक ने बताया- शोभाला जैतमाल से रोहिला सामाजिक प्रोग्राम में ट्रैक्टर पर जा रहे थे। बीच रास्ते में फॉरच्यूनर से आए बुधराम उर्फ सुरेंद्र समेत चार युवकों ने ट्रैक्टर को रूकवाकर चाबी निकाल ली। इसके बाद फायरिंग कर दी। इस दौरान एक गोली मेरे हाथ के अंगूठे पर जाकर लगी। डीएसपी सुखराम विश्नोई ने बताया- धोरीमन्ना थाना पुलिस टीम मौके पर पहुंची। घायल युवक का मेडिकल करवाया। मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल बदमाशों की तलाश की जा रही है। जल्द ही उनको पकड़ लिया जाएगा। प्रारंभिक जांच में गाड़ी हटाने को लेकर विवाद होना सामने आया है। मौके पर मिला गोली का खोल सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। घटना स्थल का जायजा लिया। मौके से गोली जैसा खोल मिला है। फिलहाल इसकी पुलिस जांच कर रही है।
फर्रुखाबाद जनपद के फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र में एक व्यक्ति की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। मृतक की पत्नी ने बताया कि तीन दिन पहले उनकी बेटी की मौत हुई थी, जिसके बाद से वह परेशान थे और रविवार रात घर से चले गए थे। कन्नौज जनपद के गुरसहायगंज थाना क्षेत्र के निजामपुर निवासी 52 वर्षीय विजेंद्र अपने परिवार के साथ फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के वनखड़िया में किराए के मकान में रहते थे। रविवार रात को वह बिना बताए घर से निकल गए थे। बाद में उनका शव हनुमान मंदिर के रेलवे ट्रैक के किनारे मिला। शरीर पर चोट के निशान थे, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि उनकी मौत ट्रेन की चपेट में आने से हुई है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सोमवार को मृतक की शिनाख्त विजेंद्र के रूप में हुई। पोस्टमार्टम हाउस पर उनकी पत्नी पूनम और परिवार के अन्य सदस्य पहुंचे। मृतक की पत्नी पूनम ने बताया कि उनके दो बेटियां और तीन बेटे हैं। उनकी बेटी लक्ष्मी की शादी कन्नौज जनपद के रजुआपुर गांव निवासी सतीश से हुई थी। पूनम के अनुसार, लक्ष्मी पिछले करीब दो महीने से बीमार चल रही थी, जिसके चलते ससुराल पक्ष से कहासुनी हुई थी और बाद में बातचीत भी बंद हो गई थी। तीन दिन पहले लक्ष्मी की अचानक मौत हो गई थी। बेटी की मौत के बाद से विजेंद्र काफी परेशान रहने लगे थे। इसी परेशानी के चलते वह रविवार रात को बिना बताए घर से चले गए थे। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। ॉ
फतेहाबाद जिले के टोहाना में रविवार रात खेत में पानी लगाते समय 60 वर्षीय किसान सुरेश कुमार की करंट लगने से मौत हो गई। परिजनों ने सोमवार सुबह खेत में उन्हें बिजली के करंट की चपेट में पाया, जिसके बाद उन्हें नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार, गांव समैन निवासी सुरेश कुमार रविवार देर रात अपनी फसल को पानी देने के लिए खेत पर गए थे। जब वह सोमवार सुबह तक घर नहीं लौटे, तो परिजनों ने खेत पर जाकर उनकी तलाश की। वहां उन्हें सुरेश कुमार बिजली के करंट की चपेट में मिले। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा शव सूचना मिलने पर थाना सदर पुलिस से एसआई महेंद्र सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल टोहाना पहुंचाया। पंचनामा भरने और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। सुरेश कुमार खेतीबाड़ी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनके परिवार में 2 बेटे और एक बेटी हैं। वह लगभग ढाई एकड़ जमीन पर खेती का कार्य करते थे। उनकी आकस्मिक मौत से परिवार में दुख का माहौल है।
महोबा के बालाजी मंदिर में चोरी:दीवार फांदकर घुसा चोर, दानपेटी और प्रसाद भी ले गया
महोबा के जिला महिला अस्पताल के पास स्थित श्री बालाजी मंदिर में चोरी की घटना सामने आई है। एक अज्ञात चोर मंदिर की दीवार फांदकर अंदर घुसता है और दानपेटी से पैसे तथा भगवान का प्रसाद चोरी कर फरार हो जाता है। यह पूरी वारदात मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मंदिर के पुजारी गोकुल प्रसाद गौतम ने बताया कि चोर रात के अंधेरे में मंदिर की ऊंची दीवार लांघकर दाखिल होता है। वह न केवल दानपेटी से नकदी चुराता है, बल्कि भगवान का प्रसाद भी ले जाता है। इसके अलावा, चोर मंदिर के अंदर रखे धार्मिक सामान को भी इधर-उधर फेंककर नुकसान पहुंचा रहा है। सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पता चला कि आरोपी ने 31 मई और 4 जून की रात करीब 2 से ढाई बजे के बीच मंदिर में घुसकर तोड़फोड़ और चोरी की थी। इन घटनाओं की पूरी रिकॉर्डिंग कैमरे में दर्ज है। 5 जून की रात को भी चोर ने धावा बोला और नकदी समेत सामान चुरा लिया, लेकिन उस समय बिजली गुल होने के कारण उसका चेहरा सीसीटीवी में साफ नजर नहीं आ सका। पीड़ित पुजारी ने शहर कोतवाली पुलिस को लिखित शिकायत दी है। उन्होंने अज्ञात चोर की पहचान कर उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
भारतीय जनता पार्टी के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी सोमवार शाम ललितपुर के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे। तालबेहट के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 44 स्थित झररघाट पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इस दौरान उनके साथ कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल भी मौजूद रहे। स्वागत के बाद प्रदेश अध्यक्ष कस्बा तालबेहट पहुंचे। यहां उन्होंने प्रबुद्ध नागरिक राजेंद्र राजू खत्री के निवास पर उनके परिवार से मुलाकात की। चौधरी ने उन्हें भारतीय जनता पार्टी की नीतियों और सिद्धांतों से अवगत कराया। इस दौरान उन्होंने अन्य परिवारों से भी भेंट की। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष हरिश्चंद्र रावत, सदर विधायक रामरतन कुशवाहा एडवोकेट, जिला प्रभारी पं. सुरेश अवस्थी, जिला पंचायत अध्यक्ष कैलाश नारायण निरंजन, वरिष्ठ नेता अशोक गोस्वामी, बब्बू राजा बुंदेला, पूर्व अध्यक्ष जगदीश सिंह लोधी एडवोकेट, नगर पालिका अध्यक्ष सोनाली जैन, नगर पंचायत अध्यक्ष पुनीत सिंह परिहार, गंधर्व सिंह लोधी बाबू जी, जिला मीडिया प्रभारी देवेंद्र गुरु, पूर्व अध्यक्ष प्रदीप चौबे, जगदीश सिंह लोधी, हरीराम निरंजन, रमेश कुमार सिंह लोधी एडवोकेट, जिला उपाध्यक्ष उमाशंकर भोंडेले और सह-जिला मीडिया प्रभारी सोमेश गुप्ता सहित कई अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सिरसा में रानियां थाना प्रभारी (SHO) गुरविन्द्र सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया है। अब उनकी जगह एडिशनल एसएचओ एसआई मल सिंह को कार्यभार सौंपा गया है। स्थायी थाना प्रभारी की नियुक्ति के आदेश जारी नहीं हुए हैं। ये कार्रवाई आज आज सोमवार को सिरसा एसपी की ओर से की गई हैं। सूत्रों की मानें तो यह मामला रानियां हलके में संत नगर में नशे से हुई मौत से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि संत नगर में एक युवक की नशे से मौत हो गई थी। इसी मामले में परिजनों की ओर से सीएम ऑफिस में शिकायत भेजी गई थी, जिस पर संज्ञान लेते हुए ये कार्रवाई की गई। जानकारी के अनुसार, उस समय परिजनों की ओर से मृतक के बारे में न सूचना दी गई और न ही पोस्टमार्टम करवाया गया। आरोप ये है कि युवक की नशे की ओवरडोज से मौत हुई है। इस बारे में परिजनों ने बाद में चर्चा की तो यह मामला सरकार तक जा पहुंचा। वहीं, पुलिस का कहना है कि पहले मृतक के परिवार की ओर से कोई सूचना नहीं दी गई। अगर सूचना मिलती तो कार्रवाई करते। अब एसआई गुरविंदर सिंह को लाइन हाजिर कर दिया। रानियां एरिया में पहले भी नशे से कई युवाओं की मौत हो चुकी है। पिछले साल दो युवकों की नशे से मौत हुई थी। इस मामले में रानियां थाना के तत्कालीन प्रभारी इंस्पेक्टर दिनेश कुमार को लाइन हाजिर किया गया था और गुरविंदर सिंह को नया एसएचओ लगाया गया था। इसी के चलते बाद में सिरसा के तत्कालीन एसपी डॉ. मयंक गुप्ता का भी तबादला कर दिया था। इस बीच सिरसा एसपी का कार्यभार संभालने के बाद आईपीएस दीपक सहारन ने मृतकों के घर जाकर जायजा लिया था।
बिलासपुर जिले में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर अंकुश लगाने के लिए खनिज विभाग ने कार्रवाई की है। एक विशेष अभियान के तहत 5 हाइवा और 4 ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित कुल 9 वाहन जब्त किए गए। यह कार्रवाई कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर की गई। जानकारी के अनुसार, 6 जून से 8 जून तक जिले के सरकंडा, सीपत, करगी, कोटा, पोड़ी, कोनी और मंगला क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान अवैध रूप से रेत और चूना पत्थर का उत्खनन और परिवहन करते पाए गए वाहनों पर कार्रवाई की गई। जांच के दौरान करगी क्षेत्र से रेत का अवैध परिवहन करते एक हाइवा, कोनी क्षेत्र से चूना पत्थर का परिवहन करते एक हाइवा और सरकंडा क्षेत्र से चूना पत्थर परिवहन करते दो हाइवा जब्त किए गए। इसके अतिरिक्त, सीपत क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन करते एक अन्य हाइवा पर भी कार्रवाई की गई। इसी तरह, मंगला क्षेत्र के शिवघाट बैराज से अवैध रूप से रेत का उत्खनन करते हुए दो ट्रैक्टर-ट्रॉली और पोड़ी क्षेत्र में रेत का परिवहन करते हुए दो ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त की गईं। सभी जब्त वाहनों को संबंधित थाना क्षेत्रों कोनी, कोटा, सरकंडा और सीपत की अभिरक्षा में रखा गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खनिज संपदा के अवैध दोहन को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग के संयुक्त दल द्वारा जिले में लगातार निगरानी रखी जा रही है, और अवैध उत्खनन, परिवहन तथा भंडारण के मामलों में निरंतर कार्रवाई जारी रखने का दावा किया गया है।
मोबाइल कैंसर स्क्रीनिंग वैन का शिविर 9 जून को:30 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की होगी निःशुल्क जांच
देचू उप जिला अस्पताल में 9 जून को मोबाइल कैंसर स्क्रीनिंग वैन शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसका उद्देश्य आमजन को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक करना और समय रहते रोग की पहचान सुनिश्चित करना है। वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. कैलाश बिश्नोई ने बताया कि शिविर में मुंह, स्तन और बच्चेदानी के कैंसर की निःशुल्क जांच की जाएगी। विशेषज्ञ स्वास्थ्यकर्मी जांच के साथ-साथ लोगों को आवश्यक परामर्श भी देंगे। डॉ. बिश्नोई ने क्षेत्र के 30 वर्ष से अधिक आयु के महिला एवं पुरुषों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में शिविर में पहुंचकर जांच कराएं। इससे कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का समय रहते पता लगाकर प्रभावी उपचार शुरू किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त, 16 जून 2026 को जिले के लोहावट उपखंड मुख्यालय पर भी इसी तरह का शिविर लगाया जाएगा।
मोहाली के खरड़ में चंडीगढ़-खरड़ हाइवे पर ड्यूटी कर रहे एक ट्रैफिक पुलिस के असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) पर 10-12 युवकों ने सरेआम हमला कर दिया। आरोप है कि बिना हेलमेट बाइक चलाने पर जब ASI ने गाड़ी जब्त की, तो आरोपी युवक बदला लेने के लिए एक ऑटो में भरकर गुंडे ले आया। बदमाशों ने न सिर्फ पुलिस अधिकारी को बेरहमी से पीटा और उनकी वर्दी फाड़ दी, बल्कि सरकारी चालान मशीन भी छीनकर फरार हो गए। हालांकि, राहगीरों की बहादुरी से एक आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया गया। दविंदर सिंह, निवासी डेयरी कॉम्प्लेक्स सोसाइटी, मलोया (चंडीगढ़)। जनता ने आरोपी को पकड़कर तुरंत थाना सिटी खरड़ पुलिस के हवाले कर दिया। मोटरसाइकिल जब्त करने पर हुआ विवाद : ट्रैफिक पुलिस में तैनात एएसआई गरमेल सिंह (निवासी सूर्या एन्क्लेव, सेक्टर-115, खरड़) रविवार शाम करीब 5 बजे हाइवे पर ड्यूटी पर थे। इसी दौरान चंडीगढ़ की तरफ से एक होंडा शाइन मोटरसाइकिल (नंबर: CH01CU8197) आई, जिसका चालक बिना हेलमेट के था। उसने बाइक को रोककर चालक से ड्राइविंग लाइसेंस और गाड़ी के दस्तावेज मांगे। युवक कोई भी कागज पेश नहीं कर सका, जिसके बाद एएसआई ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उसकी मोटरसाइकिल को जब्त कर लिया। मोटरसाइकिल जब्त होने से बौखलाया युवक कुछ ही देर बाद एक ऑटो में अपने साथ 10-12 अज्ञात लड़कों को लेकर वापस मौके पर धमक गया। आते ही बदमाशों ने एएसआई को घेर लिया और गाली-गलौज करते हुए बाइक छोड़ने का दबाव बनाने लगे। वर्दी फाड़ी व चालान काटने की मशीन छीनी पीड़ित एएसआई गरमेल सिंह ने बताया कि मैंने उनसे कहा कि कार्रवाई कानून के तहत की गई है और गाड़ी अब कोर्ट या आरटीओ ऑफिस से ही छूटेगी। इतना सुनते ही वे भड़क गए और मुझ पर हमला कर दिया। उन्होंने मेरी वर्दी फाड़ दी और सरकारी चालान काटने वाली मशीन छीन ली। बदमाशों को पुलिसवाले पर हमला करते देख हाइवे से गुजर रहे लोग और स्थानीय लोग मदद के लिए आगे आए। पब्लिक को इकट्ठा होता देख हमलावर भागने लगे, लेकिन मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शी जस्सी और गुरबचन सिंह ने हिम्मत दिखाई। उन्होंने भाग रहे बदमाशों में से एक को दबोच लिया। 12 लोगों पर केस दर्ज किया थाना सिटी खरड़ पुलिस ने पीड़ित एएसआई के बयान पर आरोपी दविंदर सिंह, मोटरसाइकिल चालक और उसके 10-12 अज्ञात साथियों के खिलाफ सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने, पुलिस अधिकारी पर हमला करने और सरकारी संपत्ति (चालान मशीन) लूटने की गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पकड़े गए आरोपी दविंदर सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। मोटरसाइकिल के नंबर और दविंदर से पूछताछ के आधार पर फरार मुख्य बाइक चालक और उसके अन्य साथियों की पहचान की जा रही है। जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर चालान मशीन बरामद कर ली जाएगी।
मंदसौर में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत कार्यरत संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल सोमवार शाम तक सातवें दिन भी जारी रही। अपनी लंबित मांगों के समर्थन में, आंदोलनरत कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के नाम खून से पोस्टकार्ड लिखकर न्याय की गुहार लगाई। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के सदस्यों ने बताया कि यह विरोध प्रदर्शन उनकी वर्षों पुरानी समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने का एक प्रतीकात्मक तरीका है। उन्होंने मुख्यमंत्री से उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया। कर्मचारियों ने कहा कि वे वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन उन्हें आज भी नियमित कर्मचारियों के समान वेतन और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उनका आरोप है कि बार-बार मांग उठाने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। पदाधिकारियों ने अपनी प्रमुख मांगें गिनाईंसंघ के पदाधिकारियों ने अपनी प्रमुख मांगें गिनाईं। इनमें समान कार्य के लिए समान वेतन, 10 वर्ष से अधिक सेवा देने वाले कर्मचारियों का नियमितीकरण, नियमित कर्मचारियों के समान अवकाश की पात्रता, स्वास्थ्य बीमा सुविधा लागू करना और वर्ष 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा संविदा कर्मचारियों के हित में की गई घोषणाओं को पूरी तरह लागू करना शामिल है। कर्मचारियों ने शासन की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि नियमित कर्मचारियों को महंगाई भत्ते सहित विभिन्न सुविधाएं मिल रही हैं, जबकि संविदा कर्मचारियों को पहले से प्राप्त कुछ लाभ भी वापस लिए जा रहे हैं। उनका तर्क है कि जब कार्य और पद समान हैं, तो वेतन और सुविधाओं में भेदभाव उचित नहीं है। स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही इस हड़ताल के कारण एनएचएम से जुड़ी कई स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। संघ ने बताया कि प्रदेश स्तरीय आह्वान पर आगामी चरण में भोपाल स्थित एनएचएम मुख्यालय का घेराव भी किया जाएगा। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने कहा, “हम वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं में समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं। सरकार हमारी जायज मांगों पर शीघ्र निर्णय लेकर संविदा कर्मचारियों को न्याय प्रदान करे।”
चंडीगढ़ के धनास लेक क्षेत्र में सोमवार एक 7 साल के बच्चे का शव मिला। शव को सबसे पहले वहां घूमने आए एक व्यक्ति ने देखा, जिसके बाद पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस स्टेशन-11 की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मृतक की उम्र करीब 7 और 8 साल के बीच की बताई जा रही है। हालांकि उसकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। शव के पास से कोई पहचान पत्र या अन्य दस्तावेज बरामद नहीं हुआ, जिससे पुलिस को पहचान करने में कठिनाई हो रही है। फोरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच की। टीम ने पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी करवाई और वहां से कुछ नमूने जुटाए। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है। गुमशुदगी रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस पुलिस स्टेशन-11 ने मामले में जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के इलाकों और विभिन्न थानों में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्टों का मिलान कर रही है, ताकि मृतक की पहचान की जा सके। यह भी पता लगाया जा रहा है कि हाल के दिनों में किसी परिवार ने अपने बच्चे के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई है या नहीं। CCTV फुटेज भी खंगाली जा रही मृतक की पहचान और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने के लिए पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। इसके अलावा क्षेत्र के लोगों और लेक पर आने-जाने वालों से भी पूछताछ की जा रही है। जानकारी के अनुसार धनास लेक पर रोजाना बड़ी संख्या में लोग सैर और घूमने के लिए आते हैं। सोमवार सुबह भी एक व्यक्ति लेक के आसपास घूम रहा था। इसी दौरान उसकी नजर शव पर पड़ी। उसने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में माइनिंग कारोबारी सुनील भाटिया उर्फ बंटी पर हुए जानलेवा हमले के मामले में सोमवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। मामले के मुख्य आरोपी रोबिन उर्फ मोनू निवासी शहजादपुर और मुख्य शूटर अमन निवासी बड़ोत (करनाल) पुलिस पर फायरिंग कर भागने की कोशिश करते हुए घायल हो गए। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपियों की टांग में गोली लगी। घटना पिपली बस स्टैंड के पीछे की है। दोनों आरोपियों को घटना में इस्तेमाल किए गए हथियारों की बरामदगी के लिए CIA-1 की टीम पिपली बस स्टैंड के पीछे लेकर गई थी। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने वहीं हथियार छिपा रखे थे। निशानदेही के लिए लेकर आई टीम सीआईए-1 के इंचार्ज प्रतीक कुमार ने बताया कि मामले में पकड़ गए आरोपियों का रिमांड चल रहा है। आज पुलिस टीम मोनू और अमन को हथियार की निशानदेही के लिए पिपली बस स्टैंड के पीछे लेकर आई थी। रिमांड के दौरान इन्होंने कबूल किया था कि वारदात के बाद यहां हथियार छिपाए थे। वेपन से टीम पर फायरिंग की टीम ने उनसे छुपाए हथियारों की निशानदेही करवाई तो दोनों ने उसी वेपन से टीम पर फायरिंग कर दी। आरोपी फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश करने लगे। टीम ने उनको रोकने की कोशिश की। हालात को देखते हुए टीम ने जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान रोबिन उर्फ मोनू और अमन के पैर में गोली लगी। दोनों को पहुंचाया अस्पताल उसके बाद दोनों को काबू कर लिया गया। घायल आरोपियों को उपचार के लिए LNJP अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शाहाबाद के माइनिंग कारोबारी सुनील भाटिया पर रोबिन उर्फ मोनू ने पुरानी रंजिश में हमला करवाया था। उसी ने अपने जीजा विजय और तुर्की में अपने भाई साहिल और यूके में एक दोस्त की मदद से साजिश रची थी। अमन ने राहुल के साथ मारी गोलियां अमन वारदात को अंजाम देने वाला मुख्य शूटर है। उसने अपने साथ राहुल के साथ कारोबारी सुनील भाटिया पर गोलियां चलाई थी। इस मामले में पुलिस पुलिस इन घायल आरोपियों के साथ-साथ राहुल और विजय को पकड़ चुकी है। घटना के बाद पुलिस ने फोरेंसिक टीम को सूचना देकर बुलाया है। पहले से चल रही थी रंजिश रोबिन का सुनील भाटिया के साथ लंबे समय से कारोबार को लेकर विवाद चल रहा था। जांच में पता चला है कि दोनों के बीच पहले भी कई बार कहासुनी हो चुकी थी। इसी दौरान सुनील की शिकायत पर माइनिंग विभाग ने रोबिन की एक गाड़ी जब्त कर ली थी। इस घटना के बाद रोबिन की रंजिश और गहरी हो गई। रेकी कर जुटाई जानकारी पुलिस जांच के दौरान यह भी सामने आया कि वारदात से पहले सुनील भाटिया की पूरी रेकी करवाई गई थी। आरोपियों ने उसकी दिनचर्या, आने-जाने के रास्ते और ठिकानों की जानकारी जुटाई। रेकी के दौरान एक मोटरसाइकिल का इस्तेमाल किया गया, जबकि हमले वाले दिन दूसरी बाइक लेकर आरोपी मौके पर पहुंचे, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके। मिट्टी डलवाने के बहाने आए शूटर 31 मई को दोनों शूटर सुनील भाटिया का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने मिट्टी डलवाने के बहाने सुनील से बातचीत शुरू की। चूंकि वे उसे जानते और पहचानते नहीं थे, इसलिए पहले उसका नाम पूछा गया और मोबाइल नंबर लेकर पहचान की गई। जब उन्हें यकीन हो गया कि सामने खड़ा व्यक्ति सुनील भाटिया ही है, तब उन्होंने बातचीत बंद कर दी। जाते हुए मारी गोलियां सुनील जैसे ही वहां से वापस मुड़कर जाने लगा तो आरोपियों ने उसे दोबारा आवाज देकर बुलाया। पीछे मुड़ते ही उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी गई। फायरिंग में एक गोली उसकी जांघ में लगी, जबकि दूसरी गोली गर्दन में जा फंसी। गंभीर हालत में उसे अस्पताल पहुंचाया गया।
जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाले में गिरफ्तार पीएचईडी के तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव सुबोध अग्रवाल को एसीबी कोर्ट से राहत नहीं मिली हैं। जयपुर महानगर द्वितीय की एसीबी कोर्ट संख्या-2 ने पूर्व आईएएस की जमानत याचिका को खारिज कर दिया हैं। जज राजेश कुमार दड़िया ने अपने आदेश में कहा कि चार्जशीट में लगाए गए आरोपो को देखकर प्रथमदृष्ट्या लगता है कि जिम्मेदार लोकसेवक के पद पर रहते हुए आरोपी ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग किया। 'हर घर नल से जल' जैसी योजना में आमजन की भावनाओं और विश्वास के साथ भी खिलवाड़ हुआ। ऐसे में इस स्टेज पर आरोपी को जमानत का लाभ दिया जाना उचित प्रतीत नहीं होता हैं। आरोपी ने शिकायतों को जानबूझकर अनदेखा कियाजमानत याचिका में सुबोध अग्रवाल की ओर से कहा गया कि याचिकाकर्ता ने केवल 4 कार्य आदेशों को वित्त समिति के माध्यम से मंजूरी दी थी और विभाग को फर्जीवाड़े का पता चलने पर उन्होंने स्वयं पेमेंट रोककर फर्मों को ब्लैकलिस्ट किया था। उन्होंने यह भी दलील दी कि चालान पेश हो चुका है और 100 से अधिक गवाह होने के कारण ट्रायल में लंबा समय लगेगा, इसलिए उन्हें जमानत का लाभ दिया जाए। वहीं, लोक अभियोजक मंजूला जैन ने कहा कि आरोपी वित्त समिति के अध्यक्ष और विभाग के मुखिया के रूप में दोहरी भूमिका में थे और उन्होंने शिकायतों को जानबूझकर अनदेखा किया। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपी की याचिका को खारिज कर दिया। कार्यकाल में मनमाने बदलाव किए गएएसीबी ने सुबोध अग्रवाल के खिलाफ पेश चार्जशीट में किए खुलासे किए। चार्जशीट में कहा गया कि तत्कालीन एसीएस सुबोध अग्रवाल को फरवरी 2023 से जून 2023 के बीच मैसर्स श्री गणपति ट्यूबवैल कंपनी और मैसर्स श्री श्याम ट्यूबवैल कंपनी के खिलाफ फर्जी प्रमाण पत्र की कई शिकायतें मिली थी। इसके बावजूद, आरोपी ने फर्मों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई करने के बजाय, विभागीय अधिकारियों से मिलीभगत कर गलत ईमेल आईडी पर फर्जी सत्यापन करवाया और फर्मों को निविदा प्रक्रिया के अगले चरण के लिए योग्य मानते हुए करोड़ों के कार्य आदेश जारी रखे।
नर्मदापुरम में राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने सोमवार को सेठानी घाट के पास स्थित कोरी घाट का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर नर्मदा नदी में मिल रहे गंदे नाले को लेकर चिंता जताई। उन्होंने नगर पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि शहर का मलमूत्र और गंदा पानी सीधे नाले के माध्यम से नर्मदा नदी में मिल रहा है। कानूनगो बोले- लाखों गैलन गंदा पानी नदी में जा रहा प्रियंक कानूनगो ने कहा कि कोरी घाट पर नाले के मिलने से दलदल जैसी स्थिति बन गई है। उनके अनुसार, प्रतिदिन लाखों गैलन गंदा पानी नर्मदा में पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि यहां नदी के पानी से अधिक शहर का मलमूत्र दिखाई देता है और बदबू इतनी अधिक है कि वहां खड़ा होना भी मुश्किल है। उन्होंने इसे चिंताजनक स्थिति बताते हुए तत्काल सुधार की आवश्यकता बताई। प्रियंक कानूनगो ने कहा कि नर्मदापुरम जिले में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा अरबों रुपये उपलब्ध कराए गए, लेकिन स्थानीय नगर पालिका की लापरवाही के कारण नालों के पानी के उपचार का काम अब भी अधूरा है। उन्होंने इस पर गंभीर चिंता जताई। पांच दिन पहले भी जताई थी नाराजगी गौरतलब है कि प्रियंक कानूनगो पांच दिन पहले नर्मदापुरम दौरे पर आए थे। इस दौरान उन्होंने सेठानी घाट, पर्यटन घाट सहित अन्य स्थानों का निरीक्षण किया था। बाद में कलेक्ट्रेट में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी उन्होंने नर्मदा में मिल रहे गंदे नालों और खुले में लग रही मीट दुकानों को लेकर नाराजगी व्यक्त की थी। प्रियंक कानूनगो ने कहा था कि नालों का गंदा पानी नर्मदा नदी में मिलना गंभीर प्रकार की महामारी का कारण बन सकता है। यह लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। उन्होंने जिला प्रशासन को ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरतने के निर्देश दिए थे। कोरी घाट पर निरीक्षण के दौरान प्रियंक कानूनगो ने नाले के पास खड़े होकर स्थिति का जायजा लिया और अपनी आपत्ति दर्ज कराई। इस दौरान उनके निरीक्षण की पूरी गतिविधि की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई।
गुरुग्राम में पुलिस ने राजीव चौक फ्लाईओवर पर एक महिला से अभद्रता, मारपीट और वाहन क्षतिग्रस्त करने के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई कार भी बरामद कर ली है। पुलिस के अनुसार, 7 जून को थाना सदर गुरुग्राम में एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने बताया कि 6 जून की रात करीब 8:10 बजे वह अपनी कार से राजीव चौक फ्लाईओवर से गुजर रही थी। इसी दौरान पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने कई वाहनों को टक्कर मार दी, जिससे उसकी कार भी क्षतिग्रस्त हो गई। आरोपियों ने महिला के साथ गाली-गलौज की दुर्घटना के बाद, दूसरी कार में सवार व्यक्तियों ने महिला के साथ गाली-गलौज की, अभद्र व्यवहार किया और उसे जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने महिला का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी भी दी और उसके वाहन को नुकसान पहुंचाया। शिकायत के आधार पर थाना सदर में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस टीम ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान कमल वर्मा (22) निवासी नहारा, सोनीपत और सुजल वर्मा (29) निवासी बख्तावरपुर, दिल्ली के रूप में हुई है। दिल्ली से मानेसर की ओर जा रहे थे पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे दिल्ली से मानेसर की ओर जा रहे थे। सड़क दुर्घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जो बाद में विवाद में बदल गई। आरोपियों ने महिला के साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार करने की बात स्वीकार की है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपियों के खिलाफ सोनीपत जिले में सार्वजनिक मार्ग में बाधा डालने और सार्वजनिक स्थान पर गाली-गलौज करने का एक मामला पहले से दर्ज है। पुलिस ने आरोपियों को सोमवार को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मामले की आगे की जांच जारी है।
9 से 13 जून तक इंदौर में आयोजित होने वाले ब्रिक्स देशों के कृषि सम्मेलन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए प्रशासनिक अमला पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। सोमवार को एआईसीटीएसएल कार्यालय में विभिन्न विभागों की बैठक आयोजित कर यातायात, सुरक्षा, आवागमन, स्वागत व्यवस्था और अन्य जरूरी तैयारियों की समीक्षा की गई। सम्मेलन में शामिल होने के लिए सोमवार को साउथ अफ्रीका, इंडोनेशिया और इथोपिया से डेलीगेट्स इंदौर पहुंचे। विदेशी प्रतिनिधियों ने शहर की प्रसिद्ध 56 दुकान पहुंचकर इंदौरी खानपान का स्वाद चखा। उन्होंने दही-बड़े, कचोरी, जलेबी, गराड़ू, नमकीन और शिकंजी का आनंद लिया। विदेशी मेहमानों ने शहर की स्वच्छता और खाद्य संस्कृति की सराहना भी की। डेलीगेट्स की मौजूदगी से 56 दुकान क्षेत्र में उत्साह का माहौल बना रहा। मध्यप्रदेश के किसानों को मिलेगा लाभ कृषि उप संचालक ने बताया कि ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों और प्रतिनिधियों की बैठक वैश्विक कृषि परिदृश्य, खाद्य सुरक्षा, कृषि नवाचार और किसानों की आय बढ़ाने जैसे विषयों पर केंद्रित रहेगी। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे संघर्षों और संकटों का असर कृषि क्षेत्र पर भी पड़ रहा है। ऐसे में ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग बढ़ने से कृषि व्यापार, तकनीक और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं, जिसका लाभ मध्यप्रदेश के किसानों को भी मिलेगा। सम्मेलन के दौरान कृषि नवाचार, आधुनिक तकनीक, सतत कृषि विकास और खाद्य सुरक्षा जैसे विषयों पर विभिन्न तकनीकी सत्र और विशेषज्ञ परिचर्चाएं आयोजित की जाएंगी। इसमें सदस्य देशों के प्रतिनिधि अपने अनुभव और सफल मॉडल साझा करेंगे। विरासत से परिचित कराया जाएगा सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि यह सम्मेलन देश और प्रदेश दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण अवसर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ब्रिक्स देशों से जुड़े सम्मेलन देश के अलग-अलग शहरों में आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि विदेशी प्रतिनिधियों को इंदौर की सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक धरोहरों से भी परिचित कराया जाएगा। इसके तहत उन्हें राजवाड़ा, सराफा, कृष्णपुरा छत्रियां सहित शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। सांसद ने कहा कि सम्मेलन के दौरान कृषि क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा होगी। ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्री, नीति-निर्माता और विशेषज्ञ कृषि नवाचार, खाद्य सुरक्षा, आधुनिक तकनीक और किसानों की आय बढ़ाने जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे। सम्मेलन के अंत में एक साझा घोषणा-पत्र भी तैयार किया जाएगा, जो भविष्य की वैश्विक कृषि नीतियों के लिए दिशा-निर्देशक साबित हो सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि इंदौर में आयोजित यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन शहर और देश की वैश्विक प्रतिष्ठा को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। ये खबर भी पढ़ें… इंदौर में कल से शुरू होगा ब्रिक्स देशों का सम्मेलन भारत इस साल ब्रिक्स (BRICS) की अध्यक्षता कर रहा है। इसी क्रम में मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में ब्रिक्स कृषि मंत्रियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होने जा रही है । केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इस बड़े आयोजन की विस्तृत रूपरेखा साझा की।पूरी खबर पढ़ें
अंबाला के शहजादपुर माजरा में बंद पड़े मकान को निशाना बनाकर लाखों की चोरी करने के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। चोरों ने घर की छत का जाल उखाड़कर अंदर घुसकर वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में जेवरात और नकदी बरामद की है। मामले की जानकारीशहजादपुर माजरा निवासी विवेक बरार ने थाना शहजादपुर में शिकायत दी थी कि 30 मई 2026 की रात को वह परिवार सहित घर से बाहर गए हुए थे। इसी दौरान अज्ञात चोरों ने उनके सूने मकान को निशाना बनाया। घर का सामान बिखेरकर चोर लाखों के जेवरात और नकदी लेकर फरार हो गए। घटना का पता चलने पर 1 जून 2026 को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। छत के रास्ते घुसे थे आरोपीजांच के दौरान सामने आया कि आरोपी बेहद शातिर तरीके से चोरी करते थे। वे पहचान छिपाने के लिए मुंह ढककर रखते थे। विवेक बरार के घर में उन्होंने छत के रास्ते प्रवेश किया और लोहे का जाल उखाड़कर अंदर सेंध लगाई। इसके बाद पूरे घर में तलाश कर कीमती सामान समेटकर फरार हो गए। तकनीकी जांच से मिली सफलतापुलिस अधीक्षक अंबाला अजीत सिंह शेखावत के निर्देश पर सीआईए-02 की टीम ने मामले की जांच शुरू की। उप-निरीक्षक रवि कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई। टीम में सहायक उप-निरीक्षक राजेश कुमार, सहायक उप-निरीक्षक निर्मल सिंह और मुख्य सिपाही संदीप कुमार शामिल रहे। तकनीकी संसाधनों और मजबूत सूचना तंत्र की मदद से दोनों आरोपियों को काबू किया गया। दोनों आरोपी डेहा कॉलोनी के रहने वालेपुलिस ने डेहा कॉलोनी शहजादपुर निवासी महबूब उर्फ काला और मुकेश कुमार को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से करीब 40 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवरात और 4 लाख 15 हजार रुपए नकद बरामद किए गए हैं। पहले से दर्ज हैं कई केसपुलिस रिकॉर्ड के अनुसार दोनों आरोपी आदतन अपराधी हैं। इनके खिलाफ यमुनानगर, शहजादपुर और नारायणगढ़ के विभिन्न थानों में चोरी समेत करीब 8 मामले दर्ज हैं। रिमांड पर लेकर पूछताछ जारीफिलहाल दोनों आरोपी पुलिस रिमांड पर हैं। सीआईए-02 टीम उनसे गहन पूछताछ कर रही है ताकि क्षेत्र में हुई अन्य चोरी की वारदातों का खुलासा किया जा सके और गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंच बनाई जा सके। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के लोगों ने राहत महसूस की है और पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना की है।
देवास में 73 वर्षीय माहेश्वरी बाई को अपने दिवंगत पति स्व. नग नारायण सिंह के बैंक खाते में जमा राशि प्राप्त करने के लिए लगभग पांच साल तक संघर्ष करना पड़ा। बैंक ऑफ इंडिया की औद्योगिक क्षेत्र शाखा ने उनसे पति की मृत्यु के बाद राशि निकालने के लिए 'पत्नी होने का प्रमाण' मांगा था। माहेश्वरी बाई ने बैंक द्वारा मांगे गए सभी आवश्यक दस्तावेज जमा किए, लेकिन इसके बावजूद उन्हें राशि नहीं मिली। इस दौरान, माहेश्वरी बाई ने अपनी बेटी और परिवार के सहयोग से लगातार प्रयास जारी रखे। उन्होंने कई बार बैंक के चक्कर लगाए, जनसुनवाई में आवेदन दिए और सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। हार नहीं मानी, कोर्ट गईंउम्र के इस पड़ाव में भी उन्होंने हार नहीं मानी और अंततः न्याय के लिए न्यायालय की शरण ली। मामले में अधिवक्ता हकीम बेग और अधिवक्ता शाहिद मंसूरी ने पैरवी की। जिला उपभोक्ता आयोग देवास ने सोमवार को फैसला सुनाते हुए बैंक को 45 दिनों के भीतर स्व. नागनारायण सिंह के खाते में जमा 15,686 रुपए की राशि 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित माहेश्वरी बाई के खाते में जमा करने का निर्देश दिया। बैंक पर जुर्माना भी लगायाइसके अतिरिक्त, आयोग ने बैंक पर 5 हजार रुपए का अर्थदंड और 3 हजार रुपए वाद व्यय के रूप में देने का आदेश भी पारित किया। लगभग तीन वर्षों तक चले इस कानूनी संघर्ष के बाद, बुजुर्ग महिला को आखिरकार न्याय मिला और उन्हें अपने अधिकार की राशि प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त हुआ।
अयोध्या में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा रविवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुई। जिले के 12 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा दो पालियों में हुई। इनमें 8197 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। जबकि 2075 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। नकलविहीन और पारदर्शी परीक्षा के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे। केंद्रों पर प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की सघन जांच की गई। वहीं परीक्षा केंद्रों के आसपास पुलिस बल तैनात रहा। अयोध्या मंडलायुक्त राजेश कुमार उप महानिरीक्षक सोमेन वर्मा, जिलाधिकारी शशांक तिवारी, एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर समेत प्रशासनिक अधिकारियों ने भी विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कठिन सवालों ने अभ्यर्थियों को उलझाया परीक्षा समाप्त होने के बाद बाहर निकले अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी। अधिकांश अभ्यर्थियों का कहना था कि पेपर का स्तर सामान्य रहा और अधिकतर प्रश्न पाठ्यक्रम के अनुरूप पूछे गए। हालांकि सामान्य ज्ञान और रीजनिंग के कुछ सवालों ने अभ्यर्थियों को उलझाया। एक महिला अभ्यर्थी ने बताया- परीक्षा अच्छी रही, लेकिन सामान्य ज्ञान के कुछ प्रश्न कठिन थे। दूसरी अभ्यर्थी ने कहा कि गणित और हिंदी के प्रश्न अपेक्षाकृत आसान रहे, जिससे उन्हें काफी राहत मिली। वहीं एक अन्य अभ्यर्थी के अनुसार समय प्रबंधन महत्वपूर्ण रहा और जिन्होंने नियमित तैयारी की थी, उनके लिए पेपर ज्यादा कठिन नहीं था। अभ्यर्थी बोले- पेपर ज्यादा कठिन नहीं था परीक्षा देकर बाहर निकले एक अभ्यर्थी ने बताया कि रीजनिंग सेक्शन में कुछ प्रश्न सोचने पर मजबूर करने वाले थे, जबकि गणित का स्तर अपेक्षाकृत सरल था। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनका प्रदर्शन अच्छा रहा है। जिले में परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने पर प्रशासन ने संतोष जताया। अब अभ्यर्थियों की निगाहें आगामी पालियों की परीक्षा और परिणाम पर टिकी हुई हैं।
मनेंद्रगढ़ के जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल दो लड़कों की जान बचा ली। नेशनल हाईवे-43 पर हुए हादसे में दोनों की हालत बेहद नाजुक थी, लेकिन डॉक्टरों की तत्परता और सही समय पर किए गए इलाज से उन्हें नया जीवन मिला। फिलहाल दोनों युवक खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। दरअसल, सोमवार को नेशनल हाईवे-43 पर एक बाइक गैस पाइपलाइन के काम में लगे कंटेनर से टकरा गई। हादसे में बाइक सवार तीन युवक घायल हो गए, जिनमें दो की हालत काफी गंभीर थी। हादसे के बाद दोनों बाइक सवार की हालत थी गंभीर घायलों में 15 वर्षीय विनीत इक्का के सिर में गंभीर चोट लगी थी और उसकी गर्दन की हड्डी टूट गई थी। अस्पताल पहुंचने पर उसे सांस लेने में भी दिक्कत हो रही थी। डॉक्टरों ने तुरंत उसकी गर्दन को सपोर्ट देकर सुरक्षित किया और इलाज शुरू कर उसकी हालत को संभाला। वहीं 22 वर्षीय अविनाश के सीने में गंभीर चोट आई थी। हादसे के बाद उसके शरीर के अंदर हवा भरने लगी थी, जिससे उसकी जान को खतरा था। डॉक्टरों ने तुरंत जरूरी मेडिकल प्रक्रिया अपनाकर उसके फेफड़ों पर पड़ रहा दबाव कम किया और उसकी जान बचाई। डेढ़ घंटे के भीतर दोनों मरीजों की हालत स्थिर डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह के गंभीर मामलों का इलाज आमतौर पर मेडिकल कॉलेज स्तर के अस्पतालों में होता है। लेकिन मनेंद्रगढ़ जिला अस्पताल की टीम ने करीब डेढ़ घंटे के भीतर दोनों मरीजों की हालत स्थिर कर दी। इस इलाज में डॉ. राजीव गुप्ता, डॉ. विनीत विश्वकर्मा, ईएमटी मुकेश शर्मा, आकांक्षा और हर्ष की अहम भूमिका रही। स्वास्थ्य विभाग ने इस सफलता का श्रेय सीएमएचओ डॉ. अविनाश खरे के मार्गदर्शन और अस्पताल अधीक्षक डॉ. स्वप्निल तिवारी के नेतृत्व को दिया है। फिलहाल दोनों युवक खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। यह सफलता मनेंद्रगढ़ जिला अस्पताल में बेहतर होती स्वास्थ्य सेवाओं का एक अच्छा उदाहरण मानी जा रही है।
अमरोहा जिले के थाना रहरा क्षेत्र में एक 8 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना सामने आई है। आरोप है कि गांव का ही एक 20 वर्षीय मुस्लिम युवक खेल रही बच्ची को बहला-फुसलाकर अपनी बैलगाड़ी से खेत ले गया और वारदात को अंजाम दिया। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए अमरोहा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए भेजा है और साक्ष्य जुटाकर मुख्य आरोपी की तलाश तेज कर दी है। इधर, उत्तर प्रदेश सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के घर पर बुलडोजर चलाकर उसे ध्वस्त कर दिया है। पुलिस के आला अधिकारियों की मौजूदगी में आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की तैयारी चल रही है, वहीं गांव में किसी भी प्रकार के तनाव को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई हैदेखें खबर से सम्बन्धित 3 तस्वीरें… जानिए पूरा मामला…. थाना रहरा क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली 8 वर्षीय नाबालिग बच्ची अपने घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान गांव का ही रहने वाला लगभग 20 वर्षीय एक मुस्लिम युवक वहां आया। वह बच्ची को बहला-फुसलाकर अपनी बैलगाड़ी में बैठाकर सुनसान खेत की तरफ ले गया, जहां उसने मासूम के साथ कथित रूप से दुष्कर्म किया। वारदात के बाद आरोपी बच्ची को छोड़कर भाग निकला। कुछ देर बाद पीड़िता अत्यंत गंभीर हालत में रोते-बिलखते हुए अपने घर पहुंची। मासूम के कपड़ों पर खून के गहरे निशान देखकर परिजनों के होश उड़ गए। बदहवास परिजन तुरंत बच्ची को लेकर थाना रहरा पहुंचे और पुलिस को मामले की तहरीर दी। एक 8 साल की बच्ची के साथ हुई इस बर्बरता की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एसपी सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा मामले की गंभीरता को देखते हुए अमरोहा के पुलिस अधीक्षक (SP) लखन सिंह यादव स्वयं भारी पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाने के निर्देश दिए। इस दौरान हसनपुर के क्षेत्राधिकारी (CO) पंकज कुमार त्यागी और धनौरा की क्षेत्राधिकारी (CO) अंजलि कटारिया भी पुलिस टीम के साथ मौके पर तैनात रहीं। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और सख्त से सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया। आरोपी के घर पर चला बुलडोजर इस संवेदनशील मामले में मुख्यमंत्री की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत प्रशासन ने त्वरित और बेहद सख्त कार्रवाई की है। पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज किए जाने के तुरंत बाद राजस्व विभाग और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर आरोपी के घर पहुंच गया। प्रशासन ने बिना वक्त गंवाए आरोपी के ठिकाने पर बुलडोजर चलाकर उसे जमींदोज कर दिया है। इस बड़ी कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप मच गया है। रहरा थाना प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार प्रधान ने बताया कि पीड़ित बालिका को चिकित्सीय परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसके घर पर ध्वस्तीकरण (बुलडोजर) की कार्रवाई की गई है। फिलहाल गांव में शांति व्यवस्था पूरी तरह बनी हुई है और फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं, उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पहाड़ा पुलिस ने 4801 लीटर अवैध शराब नष्ट की:23 मामलों में जब्त शराब को जेसीबी से गड्ढे में दबाया
उदयपुर जिले की पहाड़ा थाना पुलिस ने 23 विभिन्न प्रकरणों में जब्त 4801 लीटर अवैध शराब को नष्ट किया है। यह कार्रवाई पुलिस मुख्यालय के विशेष दिशा-निर्देशों और न्यायालय के आदेश पर की गई। नष्ट की गई शराब में अंग्रेजी, देशी मदिरा और बीयर शामिल थी। इस प्रक्रिया के दौरान आबकारी अधिकारी जितेंद्र सिंह राठौड़ और पहाड़ा थाना अधिकारी उम्मेदीलाल मीणा मौजूद रहे। जब्त की गई शराब को मालखाने से निकालकर जेसीबी की मदद से एक बड़ा गड्ढा खोदकर उसमें नष्ट किया गया। इस दौरान सीएलजी सदस्य और पुलिस स्टाफ भी उपस्थित था। थानों के मालखानों में लंबे समय से जमा अवैध शराब को नष्ट करने की यह कार्रवाई 'मालखाना निस्तारण अभियान' के तहत की जाती है। इसका उद्देश्य लंबित मामलों का निपटारा करना और मालखानों में जगह बनाना है।
खंडवा की किल्लौद पुलिस ने 3 दिन से लापता नाबालिग बालिका को खोज लिया। अपहरण के मामले में कार्रवाई करते हुए इंदौर से बालिका को सुरक्षित बरामद किया। मामले में पुलिस ने सोमवार को हरदा के युवक को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, 4 जून को नाबालिग के पिता की ओर से शिकायत मिली थी कि उसकी नाबालिग बेटी को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए किल्लौद पुलिस ने विशेष टीम गठित कर तकनीकी साक्ष्यों और साइबर सहायता के आधार पर बालिका की तलाश शुरू की। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने 7 जून को बालिका को इंदौर जिले के सुमठा क्षेत्र से सुरक्षित बरामद कर लिया। युवक पर दुष्कर्म का केसपुलिस ने बताया कि बरामदगी के बाद बालिका के कथनों और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर मामले में दुष्कर्म और पाक्सो एक्ट की धाराएं बढ़ाईं गई। इसके बाद आरोपी चंदन पिता हीरालाल खींचे (18 ), निवासी ग्राम रहनाई कला, जिला हरदा को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसका जेल वारंट जारी होने के बाद उसे जिला जेल खंडवा भेज दिया गया। एसपी बोले- महिला संबंधी अपराधों में पुलिस तेजी कार्रवाई कर रही खंडवा एसपी अगम जैन का कहना है कि, जिले में महिला संबंधी अपराधों, अपहरण और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों के मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई की जा रही है। ऐसे मामलों में आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। ना केवल नाबालिग बालिका को सुरक्षित बरामद किया गया, बल्कि आरोपी को भी कानून के शिकंजे में लाकर न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया गया।
कटनी के एनकेजे थाना इलाके में एक 17 साल के लड़के की पुलिस की पिटाई के बाद गांव वालों का गुस्सा फूट पड़ा है। सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जुहला चौराहे पर चक्काजाम कर दिया, जिससे गाड़ियों का आना-जाना पूरी तरह बंद हो गया। परिवार वालों का आरोप है कि लड़का किसी काम से थाने में पावती (रसीद) लेने के लिए गया हुआ था। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की, जिसकी वजह से लड़के को गंभीर चोटें आई हैं। दोषी पुलिसवालों पर कार्रवाई की मांग गांव वालों ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि जब तक मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होगी और दोषियों को सजा नहीं मिलेगी, तब तक वे चक्काजाम खत्म नहीं करेंगे और उनका विरोध जारी रहेगा। मौके पर पहुंचा भारी पुलिस बल, तनाव बरकरार हंगामे और चक्काजाम की खबर मिलते ही प्रशासन और पुलिस के अफसर तुरंत मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाने की कोशिश की। हालांकि, इस पूरे मामले पर पुलिस विभाग की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इलाके में बने तनाव को देखते हुए जुहला चौराहे पर अतिरिक्त पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। अब इस पूरी घटना का सच पुलिस की जांच के बाद ही साफ हो पाएगा।
मैहर जिले में अमरपाटन के एक युवक से साइबर ठगों ने 50 हजार रुपए की धोखाधड़ी की है। ठगों ने युवक के विदेश में रहने वाले दोस्त को वीजा शुल्क जमा न करने पर गिरफ्तार कर जेल भेजने का डर दिखाया। इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अमरपाटन निवासी राकेश त्रिपाठी (35), जो एक फाइनेंस कंपनी में कार्यरत हैं, उनके दोस्त अखिलेश तिवारी साउथ अफ्रीका में रहते हैं। 16 मई को राकेश को एक अज्ञात नंबर (7704807810) से व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाले ने बताया कि वीजा शुल्क जमा न होने के कारण अखिलेश को गिरफ्तार कर लिया गया है। ठग ने दो पुलिसकर्मियों के साथ अखिलेश की हथकड़ी लगी फोटो भी भेजी। ठग ने राकेश पर अखिलेश को जेल जाने से बचाने के लिए तुरंत 85 हजार रुपए जमा करने का दबाव बनाया। घबराकर राकेश ने ठग द्वारा दिए गए मोबाइल नंबर (9166009984) पर पहले 10 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर किए। इसके बाद ठग ने बातों में उलझाकर दो किस्तों में 40 हजार रुपए और ट्रांसफर करवा लिए, जिससे कुल 50 हजार रुपए की धोखाधड़ी हुई। तीन बार में 50 हजार रुपए भेजने के बाद भी जब ठग ने 35 हजार रुपए और भेजने की मांग की, यह कहते हुए कि अफ्रीकी पुलिसकर्मी नहीं मान रहे हैं, तब राकेश को संदेह हुआ और उन्होंने पैसे नहीं भेजे। इसके बावजूद, ठग अगले दिन भी व्हाट्सएप कॉल और मैसेज के जरिए राकेश को डराता रहा कि पैसे न मिलने पर अखिलेश को 5 साल के लिए जेल भेज दिया जाएगा। राकेश ने अपने परिजनों और दोस्त के परिवार से संपर्क किया, तब उन्हें पता चला कि अखिलेश अफ्रीका में सुरक्षित हैं। इसके बाद राकेश ने राहत की सांस ली और 17 मई को अमरपाटन थाने में शिकायत दर्ज कराई। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने कल रविवार शाम को इस मामले में अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। टीआई विजय सिंह परस्ते ने बताया कि मामले की जांच जारी है।
उत्तर प्रदेश में ऊर्जा क्षेत्र में सोमवार को एक नया आयाम जुड़ गया। घाटमपुर थर्मल पावर प्लांट की 660 मेगावाट क्षमता वाली तीसरी यूनिट से कमर्शियल उत्पादन (बिजली उत्पादन) शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही योगी सरकार के पिछले चार वर्षों में 11वीं नई 660 MW यूनिट शुरू हो गई है। बिजली उत्पादन ढाई गुना बढ़ा 2017 की तुलना में उत्तर प्रदेश की तापीय बिजली उत्पादन क्षमता लगभग ढाई गुना हो गई है। ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया। कहा कि तापीय ऊर्जा की मेजा और मिर्जापुर की 4000 MW की क्षमता आने वाले दिनों में स्थापित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। उत्तर प्रदेश में भवनों पर सोलर प्लेट के माध्यम से कुल 3,573 मेगावाट सौर क्षमता स्थापित की जा चुकी है। इसके बड़े प्रोजेक्ट के तहत 3,054 मेगावाट सौर क्षमता कमीशन की जा चुकी है। साथ ही वर्तमान में राज्य में लगभग 6,639 मेगावाट क्षमता की सौर परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
चित्तौड़गढ़ शहर के पाड़नपोल इलाके में तीन दिन पहले लड़की की लाश मिलने के मामले में जांच तेजी से बढ़ रही है। शव झरने के पास मिला था। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच के बाद अहम सुराग मिले है। जल्द खुलासा खरेंगे। फिलहाल पुलिस की जांच का केंद्र वह लड़का है जो लड़की के साथ आखिरी बार देखा गया था। कोतवाली थानाधिकारी तुलसीराम प्रजापत ने बताया- अभी तक आरोपी पकड़ में नहीं आया है। कई संदिग्धों से पूछताछ की है। एक संदिग्ध की तलाश जारी है। फिलहाल मामले में एक आरोपी के इन्वॉलमेंट की सूचना है। आरोपी को गिरफ्तार कर खुलासा करेंगे। जल्द हो सकता है खुलासा पुलिस का कहना है कि जांच में अहम सुराग मिले हैं। ऐसे में मामले का खुलासा जल्द हो सकता है। पुलिस को उस युवक की तलाश है जिसे आखिरी बार लड़की के साथ देखा गया था। कई जगह दबिश दी गई है। घटना सामने आने के बाद पुलिस ने युवती की गतिविधियों, उसके मोबाइल कॉन्स्टेक्ट और पिछले कुछ दिनों के मूवमेंट की बारीकी से जांच की। इसी दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए जिन्होंने जांच को नई दिशा दी। पुलिस का मानना है कि घटना से पहले और बाद की गतिविधियों को जोड़ने पर पूरे मामले की तस्वीर काफी हद तक साफ हो रही है। सीसीटीवी कैमरों को खंगाला पुलिस के अनुसार- जांच के दौरान शहर और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। सूत्रों के अनुसार इन्हीं फुटेज में एक युवक मृतका युवती के साथ दिखाई दिया है। पुलिस को शक है कि घटना के बाद से युवक लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा है। जिले के बाहर भी तलाश की जा रही है। पुलिस टीम मध्यप्रदेश के कुछ इलाकों में भी जानकारी जुटा रही हैं। पुलिस आरोपी तक पहुंचने के लिए तकनीकी सबूतों के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर भी लगातार सूचनाएं जुटा रही है। पुलिस ने जांच के कई पहलुओं पर एक साथ काम शुरू किया है। गहने-स्कूटी भी जांच के दायरे में जानकारी में यह बात भी सामने आई है कि घटना के बाद युवती के कुछ गहने गायब थे। आरोपी गहनों को लेकर युवती की स्कूटी से दो दिनों तक शहर में घूमता रहा ताकि गहने बेच सके। लाश मिलने के बाद से ही आरोपी मोबाइल बंद कर भाग निकला। स्कूटी शहर के हॉस्पिटल परिसर में खड़ी मिली। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की टाइमलाइन तैयार कर रही है ताकि घटना से लेकर आरोपी के फरार होने तक की हर कड़ी स्पष्ट हो सके। गौरतलब है कि युवती का शव शुक्रवार सुबह पाड़नपोल क्षेत्र में मिला था, जिसके बाद पूरे शहर में यह मामला चर्चा का विषय बन गया। फिलहाल पुलिस आधिकारिक रूप से ज्यादा जानकारी साझा नहीं कर रही है, लेकिन जांच से जुड़े संकेत बता रहे हैं कि मामले के खुलासे की दिशा में जरूरी प्रगति हो चुकी है और जल्द ही बड़ा खुलासा सामने आ सकता है। यह खबर भी पढ़ें चित्तौड़गढ़ में युवती की हत्या, पत्थर से चेहरा कुचला:झाड़ियों में मिली 3-4 दिन पुरानी लाश; बॉडी पर नहीं थे कपड़े, रेप की भी आशंका चित्तौड़गढ़ में युवती की हत्या कर शव झाड़ियों में फेंक दिया गया। युवती की पहचान छुपाने के लिए चेहरे को पत्थर से कुचला गया है। बॉडी पर कपड़े नहीं थे और टी-शर्ट से उसका मुंह ढका हुआ था। शव के पास पानी की बोतल, चिप्स और नमकीन के पैकेट पड़े थे। (पढ़ें पूरी खबर)
बलरामपुर जिले के चांदो थाना क्षेत्र के नवाडीह गांव में घरेलू विवाद के दौरान अपने दादा की हत्या कर फरार हुए युवक को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को पकड़कर कोर्ट में पेश किया है। इस मामले में आरोपी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। जानिए पूरा मामला जानकारी के मुताबिक, 7 जून 2026 को नवाडीह गांव निवासी भुवनेश्वर केरकेटा (65) अपने घर पर थे। इसी दौरान उनका 20 वर्षीय नाती अरुण केरकेटा घर पहुंचा। बातचीत के दौरान भुवनेश्वर ने अरुण को नहाने, अपने कपड़े साफ रखने और कोई कामकाज करने की समझाइश दी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। इस बात से नाराज होकर अरुण ने घर के कमरे में रखे बसुला (धारदार हथियार) से अपने दादा के सिर और गले पर ताबड़तोड़ वार कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और आरोपी को भागते हुए देखा। परिवार के लोगों ने उसे पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वह वहां से फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही चांदो पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर आरोपी की तलाश के लिए कई टीमों को लगाया गया। तलाश के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी अरुण केरकेटा राजपुर-बरियों इलाके की ओर भागने की कोशिश कर रहा है। इसके बाद चांदो और राजपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर उसे राजपुर क्षेत्र से पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी की भूमिका सामने आने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया। मामले की जांच अभी जारी है।
स्कॉर्पियो से 25 पेटी शराब जब्त:रीवा में घेराबंदी कर पुलिस ने ड्राइवर को पकड़ा, बोला- ठेकेदार की है
रीवा जिले में अवैध शराब के परिवहन के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने कटरा क्षेत्र में घेराबंदी कर एक स्कॉर्पियो वाहन से 25 पेटी शराब बरामद की है। कार्रवाई के दौरान वाहन चालक को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि शराब और वाहन को जब्त कर लिया गया है। जानकारी के अनुसार, पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक स्कॉर्पियो वाहन में बड़ी मात्रा में शराब लोड कर ले जाई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस ने कटरा के पास घेराबंदी कर संदिग्ध वाहन को रोक लिया। तलाशी के दौरान वाहन से 25 पेटी शराब बरामद हुई। जब्त शराब की कीमत 1 लाख 12 हजारपुलिस ने बताया कि जब्त स्कॉर्पियो का नंबर MP 17 CC 8377 है। बरामद शराब की अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 12 हजार रुपए आंकी गई है। वाहन चालक सिद्धार्थ सिंह को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। शराब और स्कॉर्पियो को जब्त कर आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। एडिशनल एसपी संदीप मिश्रा ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में चालक ने शराब को एक ठेकेदार की बताया है, जिसे वाहन के माध्यम से ले जाया जा रहा था। पुलिस शराब के स्रोत और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शराब के परिवहन से संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। यदि किसी प्रकार की अनियमितता या अवैध परिवहन की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जिले में अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसी सूचनाओं पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी और कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
जोधपुर शहर के आधे इलाकों में 10 जून को पानी बंद रहेगा, जिससे शहरवासियों को किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। जलदाय विभाग पिछले 45 दिनों में आठवीं बार कटौती घोषित की गई है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। विभाग के अनुसार, आवश्यक मरम्मत और तकनीकी कार्यों के चलते सप्लाई रोकी जाएगी। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) नगर वृत्त जोधपुर के अधीक्षण अभियंता (सुपरिन्टेंडिंग इंजीनियर) राजेंद्र मेहता ने बताया कि ग्रीष्म ऋतु के लिए जल भंडारण और जोधपुर शहर के फिल्टर प्लांट, पंप हाउस और पाइप लाइनों के अति आवश्यक रखरखाव और सफाई के लिए सभी फिल्टर हाउस से जलापूर्ति बंद रहेगी। सप्लाई शेड्यूल में बदलाव कायलाना, चौपासनी व सूरपुरा फिल्टर हाउस- इन फिल्टर हाउस से जुड़े सभी क्षेत्रों में 10 जून को होने वाली पानी की सप्लाई 11 जून को और 11 जून को होने वाली जलापूर्ति 12 जून को की जाएगी। झालामंड और तख्त सागर फिल्टर हाउस- इन फिल्टर हाउस से जुड़े क्षेत्र (सरस्वती नगर, कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड के विभिन्न सेक्टर, पाल बाईपास और शिल्पग्राम के आसपास) में 10 जून को सुबह 10 बजे तक की जाने वाली जलापूर्ति सामान्य रूप से होगी। इसके बाद इन क्षेत्रों में 11 जून को की जाने वाली जलापूर्ति 12 जून को और 12 जून को की जाने वाली जलापूर्ति 13 जून को होगी।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में एक युवती को शादी का झांसा देकर युवक ने दुष्कर्म किया। बाद में उसने शादी करने से इनकार कर दिया और दूसरी लड़की से शादी की तैयारी करने लगा। पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को पुणे से गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला चक्रधर नगर थाना क्षेत्र का है। मिली जानकारी के अनुसार, जशपुर जिले की रहने वाली 26 वर्षीय युवती कुछ सालों से चक्रधरनगर थाना क्षेत्र में रह रही थी। पीड़िता ने 19 अप्रैल को महिला थाना में शिकायत दी। उसने बताया कि जून 2021 में मोबाइल पर रॉन्ग नंबर आने पर उसकी बातचीत आनंद सिंह नाम के युवक से शुरू हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत और वीडियो कॉल होने लगी, और युवक ने उसे शादी का वादा किया। इसी भरोसे पर दोनों के बीच संपर्क बढ़ता गया। इसके बाद दिसंबर 2024 में आनंद सिंह रायगढ़ आया और शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। शारीरिक संबंध बनाता रहाइसके बाद आनंद सिंह कई बार रायगढ़ आकर युवती के साथ संबंध बनाता रहा। जब युवती ने उससे शादी की बात की तो वह टालमटोल करने लगा और बाद में शादी करने से साफ इनकार कर दिया। इसके साथ ही उसने युवती से बातचीत भी बंद कर दी। दूसरी युवती से शादी करने की थी तैयारी तभी युवती को पता चला कि आरोपी किसी दूसरी लड़की से शादी करने की तैयारी कर रहा है। इसके बाद उसने थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में धारा 69 बीएनएस के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला दर्ज होने के बाद महिला थाना की टीम ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी। आरोपी को जेल भेजा गया जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी आनंद सिंह (36) उत्तर प्रदेश के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के गड़ा गौतम गांव का रहने वाला है और फिलहाल महाराष्ट्र के पुणे जिले के मरुंजी इलाके में रह रहा था। इसके बाद पुलिस की टीम पुणे भेजी गई और वहां से आरोपी को तलाश कर गिरफ्तार कर लिया गया। फिर उसे रायगढ़ लाया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इसके बाद पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के प्रशासनिक ढांचे में अब तक का सबसे बड़ा बदलाव होने जा रहा है। केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने राजधानी के नगर निगम जोनों के नाम बदलने और उनकी सीमाओं के पुनर्गठन को औपचारिक मंजूरी दे दी है। यह बदलाव दिल्ली सरकार द्वारा स्वीकृत राजस्व जिलों के पुनर्गठन के अनुरूप किया जा रहा है, ताकि निगम प्रशासन और राजस्व व्यवस्था के बीच बेहतर तालमेल स्थापित हो सके। दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 की 14वीं अनुसूची में संशोधन के बाद शहर के लगभग सभी जोन नई पहचान और नई प्रशासनिक सीमाओं के साथ काम करेंगे। एमसीडी ने अधिसूचना को आधिकारिक राजपत्र (गजट) में प्रकाशित कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। राजस्व जिलों की सीमाओं को एक समान किया जाएगा निगम अधिकारियों के अनुसार, यह बदलाव केवल नाम बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि दिल्ली के शहरी प्रशासन को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। नए ढांचे के तहत निगम जोनों और राजस्व जिलों की सीमाओं को एक समान किया जाएगा, जिससे प्रशासनिक भ्रम और अधिकार क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं को काफी हद तक समाप्त किया जा सकेगा। जनता को क्या होगा फायदा एमसीडी का मानना है कि इस पुनर्गठन का सबसे बड़ा लाभ आम नागरिकों को मिलेगा। अभी तक कई क्षेत्रों में लोगों को यह स्पष्ट नहीं होता था कि उनकी शिकायत किस जोन या कार्यालय के अधिकार क्षेत्र में आती है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद यह भ्रम खत्म होगा और शिकायतों के निस्तारण में तेजी आएगी। कचरा प्रबंधन, सड़क मरम्मत, स्ट्रीट लाइट, पार्कों के रखरखाव और अन्य स्थानीय विकास कार्यों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी स्पष्ट होगी। इससे कार्यों की निगरानी बेहतर होगी और लोगों को बार-बार निगम कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। निगम कार्यालयों, वार्ड स्तर के प्रशासन और राजस्व विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होने से नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार की उम्मीद है।
हरियाणा की भूमि को बंजर होने से बचाने और किसानों को अधिक समृद्ध बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा और दूरगामी फैसला लिया है, जिसके तहत प्रदेश में ऑर्गेनिक कार्बन एनालिसिस किट खरीदी जाएंगी ताकि अब सटीक रूप से यह पता चल सके कि किसान के किस खेत में कितना ऑर्गेनिक कार्बन मौजूद है। हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार की इस विशेष मुहिम का मुख्य उद्देश्य खेतों की सेहत को सुधारना और जमीन को बंजर होने से रोकना है। उन्होंने ऑर्गेनिक कार्बन एनालिसिस किट खरीदने के लिए आज हाई पॉवर्ड परचेज कमेटी की बैठक की अध्यक्षता की। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री महीपाल सिंह ढांडा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे, जबकि विभागीय अधिकारियों की तरफ से कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेंद्र कुमार सहित कई अन्य उच्च अधिकारी भी शामिल हुए।2.5 करोड़ रुपए खर्च होंगेबैठक के विवरण और सरकार की योजना को साझा करते हुए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि प्रदेश सरकार ने कुल 332 ऑर्गेनिक कार्बन एनालिसिस किट की खरीद को मंजूरी दे दी है, जिन पर राज्य सरकार द्वारा लगभग 2.5 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जाएगी। इन आधुनिक किट्स के माध्यम से हरियाणा राज्य में सक्रिय कुल 106 सरकारी लैबोरेट्रीज (प्रयोगशालाओं) में किसानों के खेतों से लिए गए मिट्टी के सैंपलों की गहन जांच की जाएगी, जिससे किसानों को यह स्पष्ट रिपोर्ट मिल सकेगी कि उनकी मिट्टी में ऑर्गेनिक कार्बन की वास्तविक मात्रा कितनी है।0.5 श्रेणी कम वाली जमीनें खराबवैज्ञानिक और कृषि मानकों का हवाला देते हुए उन्होंने आगे समझाया कि किसी भी खेत में अच्छी और भरपूर फसल उगाने के लिए मिट्टी के भीतर ऑर्गेनिक कार्बन की मात्रा कम से कम 0.5 से 0.75 प्रतिशत के बीच होनी ही चाहिए, जबकि एक आदर्श, सेहतमंद और बेहद उपजाऊ मिट्टी के लिए इस स्तर का 1 प्रतिशत या उससे अधिक होना सबसे उत्तम माना जाता है।उन्होंने चिंता जताते हुए यह भी कहा कि यदि मिट्टी की जांच के दौरान ऑर्गेनिक कार्बन का स्तर 0.5 प्रतिशत से कम पाया जाता है, तो उस जमीन को बेहद कमजोर और बीमार श्रेणी में रखा जाता है क्योंकि ऐसी स्थिति आने पर मिट्टी की पौधों को जरूरी पोषण देने की प्राकृतिक क्षमता धीरे-धीरे पूरी तरह खत्म होने लगती है।कृषि मंत्री ने बताई ये जानकारीभूमि की उर्वरता में कार्बन की भूमिका को रेखांकित करते हुए कृषि मंत्री ने विस्तार से बताया कि ऑर्गेनिक कार्बन को वास्तव में मिट्टी की आत्मा या उसकी रीढ़ की हड्डी कहा जाता है, क्योंकि यह जमीन के भीतर छिपे रहने वाले केंचुओं और पौधों के मददगार सूक्ष्मजीवों का मुख्य भोजन होता है। जब किसी खेत की मिट्टी में इसकी सही और पर्याप्त मात्रा बनी रहती है, तो मिट्टी की पानी सोखने की शक्ति बढ़ जाती है और वह नमी को लंबे समय तक अपने भीतर संजोकर रख सकती है, जिसका सीधा फायदा यह होता है कि फसलें कम पानी या सूखे जैसी विषम परिस्थितियों को भी आसानी से झेल जाती हैं।जमीन के लिए पोटाश बेहद जरूरीइसके साथ ही, यह जैविक कार्बन नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटाश जैसे बेहद जरूरी और मुख्य पोषक तत्वों को मिट्टी में मजबूती से बांधकर रखता है और उन्हें सीधे पौधों की जड़ों तक आसानी से पहुंचाने का काम करता है, जिसके परिणामस्वरूप फसलों की जड़ें जमीन में गहराई तक जाकर अच्छी तरह फैल पाती हैं और किसानों की रासायनिक खादों पर से निर्भरता भी काफी हद तक कम हो जाती है।
बिलासपुर में कांग्रेस ने पेयजल समस्या को लेकर नगर निगम कार्यालय के सामने मटकाफोड़ प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेसियों ने महापौर और बिलासपुर विधायक से इस्तीफे की मांग की। उन्होंने निगम कमिश्नर को 10 दिनों के भीतर व्यवस्था सुधारने का अल्टीमेटम भी दिया। घेराव की सूचना पर निगम कार्यालय के गेट पर पुलिस बल तैनात था, जिसने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को अंदर जाने से रोका। इसके बाद प्रदर्शनकारी पोर्च पर ही बैठ गए और शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं और पार्षदों ने निगम गेट के सामने मटकियां फोड़कर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन से पहले कांग्रेसजन कांग्रेस भवन में एकत्र हुए और जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए निगम कार्यालय पहुंचे। उनके हाथों में वार्डों से लाई गई गंदे और मटमैले पानी की बोतलें, खाली मटकियां और स्वच्छ पानी की मांग संबंधी तख्तियां थीं। प्रदर्शन का नेतृत्व शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा, पूर्व विधायक शैलेश पांडेय, जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष विजय केशरवानी, विजय पांडेय, पूर्व मेयर रामशरण यादव, पूर्व सभापति शेख नजीरूद्दीन, निगम में नेता प्रतिपक्ष भरत कश्यप, पार्षद पुष्पेंद्र साहू, जुगल गोयल, राजेश शुक्ला, शहजादी कुरैशी, महेश दुबे, देवेंद्र सिंह, पंकज सिंह, समीर बबला और राजेंद्र शुक्ला सहित अन्य कर रहे थे। इस दौरान वार्ड क्रमांक 62 के पूर्व पार्षद राजेश शुक्ला ने नगर निगम के जल विभाग के प्रभारी को चुनौती दी। उन्होंने कहा कि यदि प्रभारी उनके वार्ड में सप्लाई हो रहा पानी पीकर दिखाएं, तो वह उन्हें 25 हजार रुपये का नकद इनाम देंगे। शुक्ला ने आरोप लगाया कि उनके वार्ड में पिछले एक महीने से गंदे पानी की आपूर्ति हो रही है, जिसके प्रमाण के तौर पर वह गंदे पानी की बोतल भी लाए थे। सप्लाई नहीं सुधरी तो उग्र आंदोलन करेंगे: सिद्धांशु शहर कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने कहा कि कई वार्डों में लगातार गंदा और मटमैला पानी आ रहा है, जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही पेयजल सप्लाई में सुधार नहीं हुआ तो कांग्रेस उग्र आंदोलन करेगी। उनका कहना है कि उनका मकसद सिर्फ जनता को साफ पानी दिलाना है। विधायक सो रहे हैं: पांडेय इधर, पूर्व विधायक शैलेष पांडेय ने भी सवाल उठाते हुए कहा कि जब लोगों को गंदा पानी मिल रहा है तो विधायक क्या कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास पानी, बिजली और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं को सुधारने की कोई ठोस योजना नहीं है। व्यवस्था सुधारने कमिश्नर को 10 दिनों का अल्टीमेटम इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निगम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया, जिसके बाद वे गेट के बाहर ही धरने पर बैठ गए। बाद में निगम प्रशासन की ओर से अधिकारी मौके पर पहुंचे और ज्ञापन लिया गया। कांग्रेस ने निगम कमिश्नर को 10 दिन का अल्टीमेटम दिया है कि अगर व्यवस्था नहीं सुधरी तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
बंदर के बच्चे के सिर में फंसा तांबे का लोटा:दो दिनों से परेशान, ग्रामीणों ने वन विभाग से मांगी मदद
उदयपुर जिले की ग्राम पंचायत विजनवास स्थित भैरुजी मंदिर की पाल पर रहने वाले बंदरों के बीच एक चिंताजनक मामला सामने आया है। यहां एक बंदर के बच्चे के सिर में तांबे का लोटा फंस गया है, जिससे वह पिछले लगभग दो दिनों से परेशान है। ग्रामीणों के अनुसार, लोटा सिर में फंस जाने के कारण बंदर का बच्चा ठीक से खाना-पीना नहीं कर पा रहा है और लगातार असहज दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों ने पशु बचाव से जुड़ी टीमों और ऐनिमल रेस्क्यू कर्मियों से संपर्क किया, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण उन्हें मौके पर आने से मना कर दिया गया। ग्रामीणों ने स्वयं बच्चे को बचाने का प्रयास किया, लेकिन जैसे ही कोई उसके पास जाने की कोशिश करता है, अन्य बंदर उसे अपने साथ लेकर पेड़ों पर चढ़ जाते हैं। इससे रेस्क्यू कार्य और अधिक कठिन हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही वन विभाग या पशु बचाव दल द्वारा कार्रवाई नहीं की गई तो बंदर के बच्चे की जान को खतरा हो सकता है। ग्रामीणों ने संबंधित विभागों से तत्काल मौके पर पहुंचकर सुरक्षित बचाव करने की मांग की है।
मुरैना मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने चंबल संभाग के मुरैना, भिण्ड और श्योपुर जिलों में रेत के अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चंबल अभ्यारण क्षेत्र सहित नदियों से होने वाले अवैध रेत उत्खनन पर पूर्ण रोक लगाने और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में हुई समीक्षा मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चंबल संभाग के कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों की बैठक लेकर अवैध रेत उत्खनन और परिवहन की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने बिना नंबर वाले वाहनों को तत्काल जब्त करने, अवैध परिवहन मार्गों पर नाकेबंदी बढ़ाने और संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। CCTV और आधुनिक तकनीक से होगी निगरानी मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि चंबल अभ्यारण क्षेत्र की चंबल नदी और अन्य नदियों में अवैध रेत उत्खनन रोकने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाए। संवेदनशील घाटों और मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं तथा प्रभावी चौकिंग नाके बनाकर निगरानी तंत्र को मजबूत किया जाए। उन्होंने कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और वनमंडल अधिकारियों को समन्वय के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। संयुक्त टीम चलाएंगी अभियान उन्होंने कहा कि पुलिस, परिवहन, खनिज, राजस्व और वन विभाग की संयुक्त टीमें नियमित निरीक्षण और सघन अभियान चलाएं। साथ ही सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर प्रभावी कार्रवाई की जाए। नदियों के किनारे या अन्य स्थानों पर अवैध रूप से डंप की गई रेत का नियमानुसार विनिष्टीकरण भी सुनिश्चित किया जाए। बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में एनआईसी कक्ष मुरैना से चंबल संभाग के आयुक्त सुरेश कुमार, पुलिस महानिरीक्षक सचिन कुमार अतुलकर, कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़, पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा, वनमंडलाधिकारी हरीशचंद्र बघेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार डाबर, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी विक्रम कंग और जिला खनिज अधिकारी सुखदेव निर्मल शामिल हुए। वहीं भिण्ड और श्योपुर के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और वन विभाग के अधिकारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े। बैठक के बाद कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने संबंधित अधिकारियों को रेत के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सतत अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिना नंबर वाले वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग तत्काल कार्रवाई करे और चंबल नदी के घाटों पर विशेष निगरानी रखते हुए संयुक्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाएगा प्रशासन कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने कहा कि जिले में अवैध खनन के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बारिश ने रोका रोमांचक मुकाबला:अडिंदा, बरोड़िया, मेनार संयुक्त विजेता; 15 टीमों ने लिया भाग
मेनार गांव में बालाजी क्लब मेनार द्वारा आयोजित एक दिवसीय सुपर संडे क्रिकेट प्रतियोगिता बारिश के कारण बाधित हुई। रोमांचक मुकाबलों के बीच, अडिंदा, बरोड़िया और मेनार की टीमों को संयुक्त विजेता घोषित किया गया। इस प्रतियोगिता में क्षेत्र की 15 टीमों ने भाग लिया। रविवार को आयोजित इस प्रतियोगिता का शुभारंभ लीग चरण से हुआ, जिसमें सभी टीमों ने उत्साहपूर्वक प्रदर्शन किया। दिनभर चले मुकाबलों में खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों का जोश देखने लायक था। लीग मैचों के बाद पहला सेमीफाइनल मुकाबला अडिंदा और बरोड़िया-बी के बीच खेला गया, जिसमें अडिंदा ने जीत दर्ज कर फाइनल में जगह बनाई। दूसरा सेमीफाइनल बरोड़िया और मेनार के बीच होना था, लेकिन तभी मौसम ने करवट ली और तेज बारिश शुरू हो गई। आयोजकों ने बारिश रुकने का इंतजार किया, लेकिन लगातार वर्षा के कारण मैच शुरू नहीं हो सका। समय की कमी और प्रतिकूल मौसम को देखते हुए, आयोजन समिति ने खेल भावना का सम्मान करते हुए अडिंदा, बरोड़िया और मेनार तीनों टीमों को संयुक्त रूप से विजेता घोषित किया। प्रतियोगिता के समापन समारोह में सुनील कूकड़ा मुख्य अतिथि थे, जबकि दिनेश मेनारिया ने अध्यक्षता की। विशिष्ट अतिथियों में सूरज मेनारिया और मुकेश जाट शामिल थे। सुनील कूकड़ा ने खिलाड़ियों और आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि खेल प्रतियोगिताएं सामाजिक समरसता और भाईचारे को मजबूत करती हैं। उन्होंने बालाजी क्लब मेनार के सफल आयोजन की प्रशंसा की और भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। समारोह का संचालन नितेश लोहार ने किया। सुनील मेनारिया ने बताया कि बालाजी क्लब का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना और युवाओं में खेल भावना को बढ़ावा देना है।
जयपुर SOG ने एसआई भर्ती परीक्षा-2021 का पेपर खरीदने वाले सरकारी कर्मचारी को सीकर से गिरफ्तार किया है। आरोपी सहायक लेखाधिकारी नागेश कुमार यादव (32) लंबे समय से फरार चल रहा था। नागेश ने अपने भाई सुरजीत सिंह यादव को सब-इंस्पेक्टर बनाने के लिए साढ़े 7 लाख रुपए में अपने सहयोगी से पेपर खरीदा था। नागेश पर 10,000 रुपए का इनाम घोषित किया गया था। आरोपी के भाई को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी को सोमवार को एसओजी ने पकड़ा। एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने बताया- जांच में सामने आया कि RPSC के तत्कालीन सदस्य बाबूलाल कटारा से कुंदन कुमार पांडिया ने एसआई भर्ती परीक्षा-2021 के पेपर और आंसर लेकर परिचित संदीप कुमार लाटा और पुरुषोत्तम दाधीच को दिए थे। उस समय पुरुषोत्तम दाधीच स्थानीय निधि अंकेक्षण विभाग उदयपुर में सहायक लेखाधिकारी द्वितीय पद पर कार्यरत था। पुरुषोत्तम के साथी नागेश काम करता था। लीक पेपर पढ़कर परीक्षा दी, मेरिट में 18वां स्थान हासिल किया विशाल बंसल ने बताया- नागेश कुमार यादव ने भाई सुरजीत सिंह यादव को एसआई भर्ती परीक्षा पास कराने के लिए 7.50 लाख रुपए में सौदा कर पुरुषोत्तम दाधीच से पेपर के सेट लिए थे। यह सामग्री वॉट्सएप से पुरुषोत्तम ने भेजी थी। नागेश कुमार यादव ने परीक्षा से पहले भाई सुरजीत सिंह को पेपर उपलब्ध कराए। सुरजीत ने हिंदी विषय में 200 में से 190.79 अंक और सामान्य ज्ञान में 200 में से 158.27 अंक प्राप्त किए और मेरिट सूची में 18वां स्थान हासिल कर सब-इंस्पेक्टर पद पर अंतिम रूप से चयनित हो गया। नागेश कुमार यादव तब पंचायत समिति अजीतगढ़ जिला सीकर में सहायक लेखाधिकारी द्वितीय के पद पर कार्यरत था। घटना के बाद वह ड्यूटी से अनुपस्थित होकर फरार हो गया था। एसओजी ने सीकर पुलिस के सहयोग से नागेश को गिरफ्तार कर लिया। भाई सुरजीत को 2024 में किया था गिरफ्तार मामले में सुरजीत सिंह यादव को 9 अक्टूबर 2024 को और पुरुषोत्तम दाधीच को 2 जून 2025 को गिरफ्तार किया जा चुका है। दोनों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र भी प्रस्तुत किए जा चुके हैं। एसओजी के अनुसार- उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक मामले में अब तक कुल 144 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। मामले की जांच जारी है। वहीं अन्य आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। …………………………………… यह खबर भी पढ़ें… 50 लाख में पेपर खरीदा, अफसर ने बेटे-बेटी को पढ़ाया:SI भर्ती रिटन में पास हुए, फिजिकल में फेल; बाबूलाल कटारा से ही लिया था सब इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक मामले में राजस्थान राज्य बेवरेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (RSBCL) के डिपो मैनेजर को अरेस्ट किया था। स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने 26 मई 2026 को लोकेंद्र पंडया (58) निवासी वरदा (डूंगरपुर) को उसके घर से गिरफ्तार किया था। (पूरी खबर पढ़ें)
अधिकमास की परिक्रमा में 27 रुपए का भोजन मैन्यू:350 हलवाई-स्टाफ ने तैयार किया 50 हजार लोगों का भोजन
पाली में अधिकमास की 3 दिवसीय परिक्रमा सोमवार से शुरू हुई। चर्चा है 27 रुपए के भोजन मैन्यू की। इसमें 5 रुपए का कोफ्ता, 10 रुपए की दो बालूशाही, 10 रुपए की सब्जी-पुड़ी, 2 रुपए की चाय और 2 रुपए की मसाला छाछ शामिल है। शहर के मानपुरा भाकरी में सोमवार को दर्जनों भटि्टयों पर 350 हलवाई और स्टाफ ने 50 हजार लोगों के लिए यह भोजन तैयार किया। श्रद्धालुओं को कूपन से भोजन मिला। हालांकि परिक्रमा में इतने श्रद्धालु शामिल नहीं। लेकिन सस्ते भोजन के लिए शहरवासी कूपन लेने उमड़ पड़ते हैं। दोपहर 2 बजे मानपुरा भाकरी पर कूपन के लिए कतार लग गई। परिक्रमा के मानपुरा भाकरी पहुंचने पर भोजन वितरण आरंभ हुआ। कूपन से मिठाई, नमकीन, सब्जी-पूड़ी का वितरण हुआ। महंगाई के इस दौर में भोजन-नाश्ते की रेट पर यकीन कर पाना मुश्किल है। अधिकमास परिक्रमा आयोजन समिति से जुड़े लोग कहते हैं- भोजन-नाश्ते की सामग्री में दानदाता आर्थिक मदद करते हैं। इसलिए हम बिना किसी स्वार्थ के इतने कम रेट में पैकेट उपलब्ध करवाते हैं। आस्था के साथ स्वाद की परंपरा तस्वीरों में देखें तैयारी.. यह खबर भी पढ़ें पोते-पोतियों के साथ दादी पहुंचीं अधिकमास परिक्रमा करने:40 डिग्री तापमान में भी उमड़े श्रद्धालु, सोमनाथ मंदिर में आरती के बाद पाली से शुरू हुई यात्रा तीन दिवसीय अधिकमास परिक्रमा सोमवार को सोमनाथ महादेव मंदिर में आरती के बाद शुरू हुई। हाथ में ध्वजा लिए हजारों श्रद्धालु भगवान के नारे लगाते हुए चलें। परिक्रमा में शामिल होने के लिए बुजुर्ग महिला अपने चार पोते-पोतियों के साथ यात्रा में शामिल हुई। वहीं घुटनों में दर्द होने के बावजूद एक रिटायर्ड बैंककर्मी भी पैदल यात्रा में पहुंचे। (पढ़ें पूरी खबर)
चंडीगढ़ में चलती CNG कार में लगी आग:हादसे में ड्राइवर बाल-बाल बचा, पेट्रोल पंप के सामने हुई घटना
चंडीगढ़ के मौली जागरां में सोमवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहां पेट्रोल पंप के सामने चलती CNG कार में अचानक आग लग गई। आग लगते ही कार में सवार लोगों ने तुरंत वाहन रोका और बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। देखते ही देखते आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार मौली जागरां स्थित पेट्रोल पंप के सामने से गुजर रही थी। इसी दौरान वाहन से धुआं निकलना शुरू हुआ और कुछ ही पलों में उसमें आग भड़क उठी। चालक ने तुरंत कार रोकी और अंदर बैठे लोगों को बाहर निकाला। आग तेजी से फैलने लगी और कुछ ही देर में पूरी कार आग की लपटों में घिर गई। पेट्रोल पंप के सामने होने से बढ़ा खतरा हादसा पेट्रोल पंप के बिल्कुल सामने होने के कारण मौके पर मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। लोगों को आशंका थी कि यदि आग पर समय रहते काबू नहीं पाया गया तो बड़ा हादसा हो सकता है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कार को पेट्रोल पंप से कुछ दूरी तक धकेला गया, ताकि किसी प्रकार का खतरा न रहे। इसके साथ ही आसपास मौजूद लोगों को भी सुरक्षित दूरी पर भेजा गया। बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए थे और आग लगी कार को देखने के लिए रुक रहे थे, जिससे कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। CNG सिलेंडर फटने का था खतरा फायर ब्रिगेड अफसर मुल्तानी ने बताया कि गाड़ी को ड्राइवर अशोक चला रहा था। वो प्राइवेट कंपनी की गाड़ी चलाता है और किसी काम से जा रहा था। जानकारी के अनुसार आग जिस वाहन में लगी वह CNG कार थी। ऐसे में लोगों को लगातार सिलेंडर फटने का डर बना हुआ था। इसी कारण पुलिस और अन्य लोगों ने भीड़ को वहां से हटाने का प्रयास किया और इलाके को खाली कराया। कार चालक ने शुरुआती स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया। पेट्रोल पंप कर्मचारियों की ओर से भी मदद की गई, लेकिन आग इतनी तेजी से फैल चुकी थी कि उस पर काबू नहीं पाया जा सका। कुछ ही मिनटों में वाहन पूरी तरह आग की चपेट में आ गया। फायर ब्रिगेड ने पाया काबू घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक कार पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी। राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई और सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल आए। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। आशंका जताई जा रही है कि वाहन में तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी हो सकती है।
नर्मदापुरम की सीवरेज लाइन, पेयजल व्यवस्था, ट्रैफिक अव्यवस्था और किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर सोमवार शाम 5 बजे कांग्रेस नेताओं ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपे। नगर कांग्रेस और ग्रामीण कांग्रेस कमेटी ने तीन अलग-अलग पत्रों के माध्यम से समस्याओं के निराकरण की मांग की। सीवरेज और पेयजल परियोजना पर उठाए सवाल नेता प्रतिपक्ष अनोखी राजौरिया और अजय सैनी ने शहर में सीवरेज लाइन और अमृत 2.0 पेयजल परियोजना के कार्यों पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि शहर में कई स्थानों पर खुदाई के बाद रेस्टोरेशन का कार्य घटिया गुणवत्ता का किया गया है। बारिश के दौरान खुदी हुई जगहों पर वाहन फंस रहे हैं। आरोप है कि फंसे वाहनों को निकालने के बदले ठेकेदार के कर्मचारी रुपए मांगते हैं। ट्रैफिक व्यवस्था पर भी जताई नाराजगी जिला अध्यक्ष शिवकांत पांडे ने शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि ट्रैफिक पुलिस केवल चालानी कार्रवाई पर ध्यान दे रही है, जबकि जाम और अव्यवस्थित पार्किंग की समस्या लगातार बनी हुई है। उन्होंने शहर में पार्किंग व्यवस्था विकसित करने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने एसडीएम और तहसील कार्यालय को रसूलिया शिफ्ट करने का भी विरोध किया। उनका कहना है कि कोर्ट और कलेक्ट्रेट सहित अधिकांश सरकारी कार्यालय एक ही क्षेत्र में हैं। ऐसे में कार्यालयों को रसूलिया स्थानांतरित करने से आम लोगों, अधिवक्ताओं और कर्मचारियों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी। नगर कांग्रेस की प्रमुख मांगें किसानों के मुद्दे भी उठाए ग्रामीण ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने मूंग खरीदी और खाद वितरण से जुड़े मुद्दों पर ज्ञापन सौंपा। इसमें जियो टैगिंग आधारित गिरदावरी व्यवस्था को अव्यवहारिक बताते हुए सुधार की मांग की गई। साथ ही मूंग की खरीदी 12 क्विंटल प्रति हेक्टेयर के मान से करने तथा खाद वितरण में ई-टोकन व्यवस्था को सरल बनाने की मांग भी उठाई गई। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि शहर में सीवरेज, पेयजल, ट्रैफिक और सड़क संबंधी समस्याओं से आम लोग परेशान हैं, जबकि किसान मूंग खरीदी और खाद वितरण की प्रक्रियाओं में कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। इन्हीं मुद्दों के समाधान की मांग को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया।
मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के चितरंगी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में सिक्योरिटी गार्ड के मरीजों को इंजेक्शन लगाने और ड्रिप चढ़ाने का मामला सामने आया है। अस्पताल में मरीजों की भीड़ थी, लेकिन डॉक्टर और नर्स मौजूद नहीं थे। घटना का वीडियो भी सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, घटना दोपहर करीब 2 बजे की है। उस समय ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर और अन्य जरूरी स्वास्थ्यकर्मी अपने कार्यस्थल पर नहीं थे। ऐसे में सिक्योरिटी गार्ड ही मरीजों का इलाज करता नजर आया। गार्ड की ड्रिप और इंजेक्शन लगाते तस्वीरें देखिए- गार्ड बोला- जो कर सकते हो कर लो वीडियो बनाने वाले राकेश मौर्य ने बताया कि उन्होंने सिक्योरिटी गार्ड को मरीजों को इंजेक्शन लगाते और ड्रिप चढ़ाते देखा। आपत्ति जताने पर गार्ड ने कहा, जो कर सकते हो कर लो, हटवा दो मुझे। राकेश मौर्य का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी अस्पताल में वार्ड बॉय मरीजों को इंजेक्शन लगाते और ड्रिप चढ़ाते दिखाई दिए हैं। इसके कई वीडियो भी सामने आ चुके हैं। घटना के समय स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी से गायब थे। डॉक्टरों की जगह अन्य लोग कर रहे इलाज मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि अस्पताल में कई बार डॉक्टर और जरूरी स्टाफ समय पर उपलब्ध नहीं रहते। इससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मियों की जगह अन्य कर्मचारियों द्वारा इलाज किए जाने से मरीजों की सुरक्षा पर सवाल खड़े होते हैं। CMHO ने दिए जांच के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) पुष्पराज सिंह ने बताया कि वायरल वीडियो और शिकायत की जानकारी मिली है। मामले की जांच कराई जाएगी और वीडियो की सत्यता समेत सभी तथ्यों की पड़ताल होगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई CMHO ने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह पता लगाया जा रहा है कि वीडियो कब का है, उसमें दिख रहा व्यक्ति किस जिम्मेदारी पर तैनात था और किन परिस्थितियों में वह मरीजों को इंजेक्शन और ड्रिप लगाता नजर आ रहा है।
फर्रुखाबाद के नवाबगंज क्षेत्र में देवर-भाभी परिजनों ने एक कमरे में पकड़ लिया, जिसके बाद कथित तौर पर उन्हें जूतों की माला पहनाकर गांव में घुमाया गया और अपमानित कर गांव से निकाल दिया गया। महिला ने इस संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, एक युवक का अपनी पारिवारिक भाभी से मेलजोल बढ़ गया था। दोनों अक्सर मिलते थे। इसकी भनक महिला की देवरानी और परिवार के अन्य सदस्यों को लगी। परिवार के लोगों ने महिला को युवक से दूरी बनाने की हिदायत दी और उसकी निगरानी शुरू कर दी। देखिए 2 तस्वीरें… युवक बोला-मुझे जानबूझकर बंद किया गया युवक ने बताया की वो 17 मई को भाभी के घर ठंडा पानी लेने गया था। देवरानी और सास ने उसे कमरे में रखे फ्रिज से पानी लेने को कहा। जैसे ही युवक कमरे में घुसा, देवरानी और सास ने बाहर से कुंडी लगा दी। कमरे में भाभी को देखकर युवक सन्न रह गया। इसी बीच देवरानी और सास ने शोर मचाना शुरू कर दिया। तमंचे से गोली मारने की दी धमकी महिला के अन्य परिजन मौके पर पहुंचे और कमरे की कुंडी खोलकर देखा, तो देवर और भाभी अंदर बंद मिले। इस पर महिला के परिजनों ने युवक को पीटना शुरू कर दिया। महिला के भाई ने मौके पर पहुंचकर महिला की भी पिटाई की और तमंचे से दोनों को गोली मारने की धमकी दी। जूतों की माला पहनाकर गांव में घुमाया आरोप है कि इस दौरान परिजनों ने देवर और भाभी को घर के आंगन में लाकर जूतों की माला पहनाई। उन्हें अपमानित करते हुए गांव में घुमाया गया। इसके बाद गांव के बाहर मुख्य मार्ग पर लाकर लगभग डेढ़ घंटे तक जूतों की माला पहनाकर खड़ा रखा गया। आने-जाने वाले लोगों को उनके कृत्य के बारे में बताकर शर्मसार किया गया। इसके बाद दोनों को सड़क पर छोड़ दिया गया और धमकी दी गई कि दोबारा गांव में नजर आने पर जान से मार दिया जाएगा। गांव से अपमानित होने के बाद दोनों मथुरा चले गए। कुछ दिन रहने के बाद वे अपनी रिश्तेदारी में हाथरस ठहरे। रविवार शाम देवर, भाभी को लेकर फर्रुखाबाद पहुंचा। यहां देवर को भाभी के परिजनों के होने की जानकारी मिली, जिस पर वह भाभी को फर्रुखाबाद छोड़कर कासगंज लौट गया। महिला ने थाने में दी तहरीर महिला ने थाना कादरीगेट पहुंचकर घटना की तहरीर पुलिस को दी। कादरीगेट पुलिस ने घटनास्थल नवाबगंज का होने पर उसे नवाबगंज भेज दिया। नवाबगंज थाने पहुंचकर महिला ने पुलिस को घटना की तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। मामले की हो रही है जांच क्षेत्राधिकारी अजय वर्मा ने बताया कि दोनों में प्रेम प्रसंग चल रहा था। परिजनों ने महिला को रिश्ते के देवर के साथ लगभग दो सप्ताह पूर्व कमरे में पकड़ लिया था। परिजनों ने महिला के भाई को बुलाया और घरवालों ने महिला व देवर को घर से बाहर निकाल दिया। जिस पर दोनों मथुरा व मेरठ आदि में घूमते रहे। रविवार को महिला ने थाने आकर शिकायत की और अपने तीन बच्चों को दिलाने की मांग की। फिलहाल जूते पहनाने की घटना की पुष्टि नहीं हो सकी है। घटना की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
मध्यप्रदेश के भिंड में सड़क हादसे में युवक की मौत के बाद लोग भड़क गए। लोगों ने पुलिस के सामने ट्रक ड्र्राइवर को जमकर पीटा। वह जान बचाने के लिए डायल-112 में छिपा था, लेकिन भीड़ ने उसे वहां से भी निकाल कर थप्पड़ बरसाए। इसके बाद ट्रक में आग लगा दी। घटना दबोह के अमाहा गांव के पास रविवार सुबह की है। इसका वीडियो सोमवार को सामने आया है। पुलिस ने अब 13 नामजद और 5 अज्ञात समेत 18 लोगों पर केस दर्ज किया है। ट्रक की टक्कर से बाइक सवार की गई थी जान उत्तर प्रदेश के कैलिया थाना क्षेत्र के सलैया गांव निवासी हिम्मत रजक की बाइक सामने से आ रहे ट्रक (MP07HB4805) से टकरा गई। हादसे में हिम्मत रजक की मौके पर मौत हो गई, जबकि उनके चाचा दिनेश रजक गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने ट्रक चालक सोनू रायकवार को पकड़ लिया था। देखिए तस्वीरें पुलिस वाहन से खींचकर निकाला सूचना मिलने पर डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची। ड्राइवर सोनू रायकवार भीड़ से बचने के लिए पुलिस वाहन में जाकर बैठ गया। आरोप है कि भीड़ ने वाहन को घेर लिया और उसे जबरन खींचकर बाहर निकालकर दोबारा पीटना शुरू कर दिया। तीन थानों का बल बुलाना पड़ा प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी और एसआई रविंद्र मांझी बीच-बचाव नहीं कर सके। इसके बाद उपद्रवियों ने ट्रक के डीजल टैंक को तोड़कर उसमें आग लगा दी। स्थिति बिगड़ने पर आलमपुर, असवार और रावतपुरा थानों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। पुलिस ने भीड़ को खदेड़कर हालात पर काबू पाया। VIDEO के आधार पर कार्रवाई दबोह थाना प्रभारी रवि उपाध्याय ने बताया कि चालक सोनू रायकवार की शिकायत पर 13 नामजद और 5 अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। वायरल वीडियो की भी जांच की जा रही है और आरोपियों की पहचान कर आगे कार्रवाई की जाएगी।

