पटियाला पुलिस धर्मशाला पुलिस स्टेशन से अग्निवीर भर्ती ठगी मामले के 2 आरोपियों को अपने साथ ले गई है। इन आरोपियों को धर्मशाला में चल रही अग्निवीर भर्ती रैली के दौरान संदिग्ध गतिविधियों में पकड़ा गया था। पटियाला पुलिस ने इन्हें वहां दर्ज मुख्य मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए हिरासत में लिया है। आर्मी इंटेलिजेंस यूनिट की सटीक सूचना पर धर्मशाला पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपियों को अभ्यर्थियों को विजिटिंग कार्ड बांटते समय दबोचा था। इस अंतरराज्यीय ठग गिरोह का पर्दाफाश पटियाला के पोलो ग्राउंड में चल रही अग्निवीर भर्ती के दौरान हुआ था। पटियाला पुलिस के एएसआई दीपक शर्मा की अगुवाई में की गई चेकिंग के दौरान इस साजिश का खुलासा हुआ।पुलिस अब दोनों गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेगी। इससे इस गिरोह के पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ करने में मदद मिलेगी। आरोपी हरियाणा के रहने वाले थाना सिविल लाइन्स पटियाला में एफआईआर नंबर 0196 दर्ज की गई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया है। इस एफआईआर में करनाल निवासी संजीव कुमार और विशाल कुमार सहित अन्य अज्ञात साथियों को नामजद किया गया है। ये आरोपी हरियाणा नंबर की हुंडई क्रेटा कार (HR 05 BP 5645) व अन्य वाहनों में आकर युवाओं को झांसा दे रहे थे। आरोपियों की पहचान रमन (27 वर्ष) पुत्र बलवान सिंह, निवासी गांव पिछोलिया, डाकघर जुंडला, करनाल (हरियाणा) और शुभम (30 वर्ष) पुत्र रमेश, निवासी गांव अपराणा, डाकघर मूनक, करनाल (हरियाणा) के रूप में हुई है। गिरोह भर्ती स्थल के आसपास सक्रिय रहता था पुलिस जांच और दर्ज एफआईआर के अनुसार, यह गिरोह भर्ती स्थल के आसपास सक्रिय रहता था। गिरोह का मुख्य लक्ष्य वे युवा होते थे जो फिजिकल टेस्ट में असफल हो जाते थे या मेडिकल जांच में अनफिट/रिजेक्ट कर दिए जाते थे।आरोपी अपनी 'ऊंची पहुंच' का झूठा दावा कर अनफिट युवाओं को पास करवाने का लालच देते थे और उनसे मोटी रकम ऐंठ लेते थे।
देशभर में स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाने और हर घर तिरंगा अभियान को लेकर उत्साह है लेकिन पंजाब के लुधियाना शहर में प्रशासन की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। शहर के सबसे प्रमुख और व्यस्त स्थानों जगराओं पुल,सिद्धवां नहर और मॉडल टाउन के गोल मार्केट पार्क से राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) गायब है। इन स्थानों पर पहले झंडे लगाए गए थे,लेकिन बार-बार क्षतिग्रस्त होने के बाद उन्हें उतार लिया गया और अब तक दोबारा स्थापित नहीं किया गया है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए लुधियाना के सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद शर्मा ने 9 अगस्त को सीधे देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को एक आपातकालीन पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। क्वालिटी और टेंडर प्रक्रिया पर उठे गंभीर सवाल शिकायतकर्ता अरविंद शर्मा ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि इन प्रमुख स्थानों पर राष्ट्रीय ध्वज का बार-बार क्षतिग्रस्त होना कोई सामान्य बात नहीं है। यह सीधे तौर पर झंडों की क्वालिटी,उनकी खरीद के मानकों और रखरखाव की प्रक्रिया पर बड़े सवाल खड़े करता है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि,यद्यपि मैं किसी व्यक्ति विशेष पर आरोप नहीं लगा रहा हूं, लेकिन हालात यह मांग करते हैं कि झंडों की खरीद, सप्लायर के चयन, निरीक्षण और रखरखाव प्रक्रियाओं की उचित प्रशासनिक और वित्तीय समीक्षा की जाए। राष्ट्रीय सम्मान का अपमान पत्र में फ्लैग कोड ऑफ इंडिया, 2002 (भारतीय ध्वज संहिता) और 'प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर एक्ट, 1971 का भी हवाला दिया गया है। इन कानूनों के तहत राष्ट्रीय ध्वज को पूरे सम्मान और उचित तरीके से फहराना अनिवार्य है। किसी भी क्षतिग्रस्त झंडे को फहराया हुआ या लावारिस नहीं छोड़ा जा सकता। ऐसे में 15 अगस्त से ठीक पहले शहर के मुख्य स्थानों का बिना तिरंगे के होना राष्ट्रीय सम्मान के लिहाज से बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। एक्टिविस्ट ने पत्र के जरिए रखीं ये 7 प्रमुख मांगें: तत्काल बहाली: 15 अगस्त 2026 से पहले उपरोक्त सभी स्थानों पर राष्ट्रीय ध्वज तुरंत फिर से स्थापित किए जाएं। निरीक्षण: लुधियाना में स्थापित सभी झंडों की स्थिति का तुरंत निरीक्षण किया जाए। क्षतिग्रस्त झंडे हटाना: शहर में जहां भी झंडे क्षतिग्रस्त स्थिति में हैं, उन्हें बिना किसी देरी के ससम्मान हटाया जाए। उच्च स्तरीय जांच: झंडों के बार-बार क्षतिग्रस्त होने और खरीद की गुणवत्ता (Procurement Quality) की जांच हो। रिकॉर्ड की समीक्षा: सप्लायर, टेंडर और रखरखाव से जुड़े सभी रिकॉर्ड्स की बारीकी से जांच की जाए। जिम्मेदारी तय हो: इस मामले में जिस भी स्तर पर लापरवाही हुई है, उसकी जिम्मेदारी तय की जाए। कार्रवाई रिपोर्ट (ATR): इस पूरे मामले में 'एक्शन टेकन रिपोर्ट' (ATR) पेश की जाए। मुख्यमंत्री को भी भेजी गई कॉपी सामाजिक कार्यकर्ता ने इस पत्र की एक प्रति पंजाब के मुख्यमंत्री को भी चंडीगढ़ भेजी है, ताकि राज्य सरकार भी इस मामले का संज्ञान ले सके। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि 15 अगस्त से पहले लुधियाना प्रशासन नींद से जागता है या नहीं और क्या इन प्रमुख स्थानों पर एक बार फिर पूरे सम्मान के साथ तिरंगा लहराता हुआ नजर आएगा।
सिवनी शहर में मॉडिफाइड साइलेंसर लगे दोपहिया वाहनों के खिलाफ कोतवाली और यातायात पुलिस की कार्रवाई जारी है। शनिवार रात विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने एक बुलेट की जांच की। इसमें कंपनी के निर्धारित मानकों के विपरीत मॉडिफाइड साइलेंसर लगा मिला। पुलिस ने साइलेंसर जब्त कर वाहन चालक से मोटर व्हीकल एक्ट के तहत 2 हजार रुपए का समन शुल्क वसूला। तेज धमाके जैसी आवाज से लोगों को परेशानी कोतवाली थाना प्रभारी सतीश तिवारी ने रविवार सुबह बताया कि शहर में मॉडिफाइड साइलेंसर को लेकर लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं। पुलिस के अनुसार, कुछ वाहन चालक बुलेट सहित अन्य दोपहिया वाहनों में कंपनी के निर्धारित साइलेंसर हटाकर तेज और धमाके जैसी आवाज निकालने वाले साइलेंसर लगवा रहे हैं। इससे सड़क पर चलने वाले लोगों और आसपास के रहवासियों को परेशानी होती है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों, विद्यार्थियों और मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। पहले छह बुलेट से भी जब्त किए थे साइलेंसर यातायात थाना प्रभारी निरीक्षक विजय बघेल के नेतृत्व में कुछ दिन पहले बाबरिया रोड सहित नगर क्षेत्र में वाहनों की जांच की गई थी। इस दौरान छह बुलेट मोटरसाइकिलों में निर्धारित मानकों के विपरीत मॉडिफाइड साइलेंसर मिले थे। पुलिस ने मौके पर साइलेंसर जब्त कर वाहन चालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की थी। 65 साइलेंसर रोड रोलर से किए नष्ट पुलिस पहले भी मॉडिफाइड साइलेंसर के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है। पिछले कुछ महीनों में जब्त किए गए 65 अवैध मॉडिफाइड साइलेंसरों को रोड रोलर से नष्ट किया गया था। पुलिस का कहना है कि अभियान का उद्देश्य ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण रखना और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। वाहन मालिकों और मैकेनिकों को चेतावनी पुलिस अधीक्षक कृष्ण लाल चंदानी ने वाहन मालिकों के साथ वाहन मरम्मत करने वाले मैकेनिकों को भी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि वाहनों में केवल कंपनी द्वारा स्वीकृत और निर्धारित मानकों वाले साइलेंसर का उपयोग किया जाए। पटाखे जैसी आवाज उत्पन्न करने वाले मॉडिफाइड साइलेंसर नियमों के विपरीत हैं। पुलिस ने ऐसे वाहनों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।
सीहोर में होटल में आधी रात आग लगी:फायर ब्रिगेड ने समय रहते काबू पाया, एक लाख रुपए का सामान जला
सीहोर जिले के सराय इलाके में स्थित होटल नाज में शनिवार देर रात अचानक आग लग गई। यह घटना रात करीब 2 बजे की बताई जा रही है, जब आसपास के लोग सो रहे थे। आग की लपटें और धुआं उठता देख इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। जानकारी के अनुसार, होटल के मालिक जावेद खान हैं। रात के समय होटल से अचानक धुएं का गुबार निकलने लगा, जो देखते ही देखते आग की लपटों में बदल गया। आग लगने की खबर से आसपास अफरा-तफरी मच गई। फायर ड्राइवर आरिफ खान और फायरमैन कमरुद्दीन अपनी टीम के साथ तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। दोनों कर्मचारियों ने बिना समय गंवाए कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया। इससे एक बड़ा हादसा टल गया और आग को आसपास की दुकानों व इमारतों तक फैलने से रोका जा सका। हालांकि, आग लगने से होटल का काफी सामान जलकर खाक हो गया। होटल मालिक के अनुसार, हादसे में लगभग 1 लाख रुपए के नुकसान का अनुमान है। आग लगने के सही कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है और मामले की जांच की जा रही है।
नागौर में होटल संचालक को गोली मारने वाला शराब कारोबारी अब तक फरार है। जांच में सामने आया है कि पहले जोधपुर में उसके शराब के ठेके थे। बाद में वह शराब तस्करी करने लगा। उस पर शराब तस्करी के 3 केस दर्ज हैं। वह सोशल मीडिया पर रील बनाने का भी शौकीन है। उसके सोशल मीडिया अकाउंट पर फॉर्च्यूनर-स्कॉर्पियो के साथ स्टंट की ढेरों रील मौजूद हैं। 7 अगस्त को आरोपी महिपाल विश्नोई ने मजाक में देसी कट्टा दिखाते समय होटल संचालक रामकुमार उर्फ रामदास (40) को गोली मार दी थी। घायल रामकुमार की हॉस्पिटल ले जाते समय एंबुलेंस पलटने से मौत हो गई थी। पुलिस की जांच में हथियार दिखाते वक्त गोली चलने की बात सामने आई है। रामकुमार के सीने में गोली आर-पार हो गई थी। पुलिस आरोपी पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच कर रही है। देसी कट्टा दिखाते वक्त चली गोली ASP आशाराम चौधरी ने बताया- 7 अगस्त को सुबह करीब 3:30 बजे भोपालगढ़ (जोधपुर) के नांदिया गांव का रहने वाला महिपाल विश्नोई खरनाल में नीलकंठ होटल पहुंचा था। महिपाल का इस होटल में लगातार आना-जाना था। बिहार निवासी होटल संचालक रामकुमार पहले से महिपाल से परिचित था। महिपाल ने होटल में खाना खाया और चाय बनाने के लिए कहा। बातचीत के दौरान वह जेब से देसी कट्टा निकालकर रामकुमार को दिखा रहा था, तभी अचानक उससे फायर हो गया। गोली रामकुमार के सीने में लग गई और वह घायल होकर वहीं गिर गया। आरोपी पर तस्करी के 3 मामले दर्ज ASP आशाराम चौधरी ने बताया- आरोपी महिपाल को डिटेन करने के लिए पुलिस की 5 टीमें लगाई गई हैं। होटल के आसपास हथियार की तलाश भी की थी। जोधपुर समेत आरोपी के अन्य ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। मामले में 103 (1) हत्या और 3/25 की गैर-इरादतन हत्या की धारा लगाई गई है। आरोपी पर भोपालगढ़ थाने में शराब तस्करी के 3 मामले दर्ज हैं। लाइसेंसी दुकान नहीं, तस्करी कर रहा था जानकारी के अनुसार, आरोपी के पास पहले शराब की दुकानें थीं। पिछले 2-3 साल से उसके पास कोई वैध लाइसेंस की दुकान नहीं थी। ऐसे में वह शराब तस्करी में लिप्त था। वह अक्सर होटलों में शराब की तस्करी करने जाता था। रील बनाने का शौकीन आरोपी सोशल मीडिया पर खासा एक्टिव है। उसने पिछले महीने फॉर्च्यूनर खरीदी थी। रील बनाने के शौकीन महिपाल के फॉर्च्यूनर, स्कॉर्पियो और थार से स्टंट के वीडियो भी हैं। वहीं बुलेट से स्टंट करने के वीडियो भी सामने आए हैं। गलती से गोली चलने की क्या सजा? बार संघ अध्यक्ष पवन श्रीमाली ने बताया- यदि कोई व्यक्ति वास्तविक हथियार से दूसरे व्यक्ति की ओर तानकर ‘गोली मार दूं क्या’ जैसे शब्द कहता है। उसी दौरान गोली चलने से उस व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है, तो भले ही हत्या करने का पूर्व नियोजित आशय न हो, मृत्यु होने की संभावना तो रहती है। हालांकि, पुलिस जांच, पोस्टमॉर्टम, FSL रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर निर्धारित होगा कि हत्या इरादतन थी या गैर-इरादतन। … हादसे से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… शराब कारोबारी ने होटल संचालक को गोली मारी:नागौर से जोधपुर ले जाते समय एंबुलेंस पलटी, हॉस्पिटल पहुंचने से पहले मौत; आरोपी फरार नागौर में शराब कारोबारी ने मजाक में देसी कट्टा दिखाते समय होटल संचालक को गोली मार दी। होटल संचालक को गंभीर हालत में नागौर से जोधपुर के हॉस्पिटल लेकर जा रहे थे। पढ़ें पूरी खबर…
सहारनपुर में हिंदू रक्षा दल उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा ने एक वीडियो जारी कर दारुल उलूम देवबंद में शिवालय होने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि संगठन की ओर से पहले जिला प्रशासन और सरकार से दारुल उलूम देवबंद परिसर में कथित शिवालय की जांच कराने की मांग की गई थी। दो बार ज्ञापन देने के बावजूद जांच नहीं होने का आरोप लगाते हुए अब उन्होंने शिवरात्रि पर दारुल उलूम देवबंद में गंगाजल चढ़ाने का ऐलान किया है। ललित शर्मा के इस वीडियो के सामने आने के बाद सहारनपुर प्रशासन और पुलिस अलर्ट हो गई है। बोले- दो ज्ञापन देने के बाद भी जांच की जानकारी नहीं मिली वीडियो में ललित शर्मा ने कहा कि हिंदू रक्षा दल ने दारुल उलूम देवबंद को लेकर पहले मांग उठाई थी। जिला प्रशासन और सरकार से मांग की गई थी कि दारुल उलूम देवबंद में शिवालय होने के दावे की जांच कराई जाए। उनका कहना है कि दो बार ज्ञापन देने के बाद भी न तो जांच की गई और न ही इस संबंध में कोई जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि अब हिंदू रक्षा दल के योद्धाओं ने राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी के नेतृत्व में निर्णय लिया है कि वे दारुल उलूम देवबंद में जल चढ़ाएंगे। बोले- हरिद्वार की हरकी पैड़ी से गंगाजल लेकर निकलेंगे ललित शर्मा ने वीडियो में कहा कि हिंदू रक्षा दल उत्तराखंड की टीम हरिद्वार की हरकी पैड़ी से गंगाजल लेकर देवबंद के लिए रवाना होगी। उन्होंने संगठन के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से भी वहां पहुंचने की अपील की। साथ ही उन्होंने सनातनी समाज के लोगों से इस अभियान में सहयोग करने और ताकत देने की अपील की। ‘रास्ते में विडंबनाएं आएंगी, लड़ाई अंतिम क्षण तक जारी रहेगी’ ललित शर्मा ने कहा कि उन्हें पता है कि रास्ते में कई तरह की विडंबनाएं और परेशानियां आ सकती हैं, लेकिन उनकी लड़ाई अंतिम क्षण तक जारी रहेगी। उन्होंने इसे जिंदगी और मौत की लड़ाई बताते हुए कार्यकर्ताओं से साथ देने की अपील की। वीडियो में उन्होंने कहा कि यह यात्रा उनकी अंतिम यात्रा भी हो सकती है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं और इंटरनेशनल कॉल के जरिए भी धमकी दिए जाने की बात कही। हालांकि, वीडियो में उन्होंने इन धमकियों की कोई ठोस जानकारी या प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया। ललित शर्मा ने कहा कि उन्हें अपनी जान की परवाह नहीं है। उन्होंने देश और सनातन के लिए अपना तन, मन और जीवन समर्पित करने की बात कही। वीडियो में उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य महादेव के नाम पर आगे बढ़ना है और 'विजय मिले या वीरगति' के संकल्प के साथ वे पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे उनका साथ देने के लिए पहुंचें और पूरी ताकत के साथ दारुल उलूम देवबंद की ओर बढ़ें। उन्होंने कहा कि यदि वे जल चढ़ाकर वापस आते हैं तो यह विजय होगी और यदि मृत्यु हो जाती है तो वे वीरगति को प्राप्त होंगे। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस-प्रशासन अलर्ट ललित शर्मा के इस वीडियो के सामने आने के बाद सहारनपुर प्रशासन और पुलिस अलर्ट हो गई है। दारुल उलूम देवबंद और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस स्तर पर निगरानी बढ़ाई जा रही है। पुलिस-प्रशासन की नजर हिंदू रक्षा दल के संभावित कार्यक्रम और कार्यकर्ताओं की गतिविधियों पर है। किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए प्रशासन सतर्क है। ललित शर्मा ने वीडियो के अंत में हिंदू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी के नेतृत्व में आगे भी इस तरह के अभियान जारी रखने की बात कही। उन्होंने लोगों से सहयोग करने की अपील करते हुए वीडियो का समापन 'जय श्रीराम' के नारे के साथ किया।
दमोह जिले के सलैया गांव में शनिवार रात पुरानी रंजिश के चलते 52 वर्षीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पर लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हमला करने का मामला सामने आया है। गंभीर रूप से घायल महिला को जिला अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सहयोगी समिति की जानकारी लेने गई थीं घायल राधारानी लोधी ने बताया कि वह आंगनबाड़ी केंद्र के सामने गीता बाई लोधी (52) के घर सहयोगी समिति की जानकारी लेने गई थीं। इसी दौरान राहुल सिंह, वैजयंती बाई और रतन सिंह ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि हमले में लाठी-डंडों और लोहे की रॉड का इस्तेमाल किया गया। राधारानी के अनुसार, आरोपियों से उनका करीब 20-25 साल पुराना विवाद चल रहा है। उन्होंने बताया कि पांच दिन पहले आरोपियों का उनकी बहू से भी विवाद हुआ था। उस समय उन्होंने बीच-बचाव किया था। कंधे और रीढ़ में गंभीर चोटें घटना के बाद राधारानी के भाई संतोष सिंह उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल प्रबंधक डॉ. सुरेंद्र विक्रम सिंह के अनुसार, महिला के कंधे और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें आई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर बढ़ सकती हैं धाराएं हिंडोरिया थाना प्रभारी अंजलि अग्निहोत्री ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर प्रकरण में अन्य धाराएं बढ़ाई जा सकती हैं। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।
छतरपुर में कचरा डालने को लेकर विवाद:युवक के सिर पर धारदार हथियार से हमला, जिला अस्पताल में भर्ती
छतरपुर शहर की रघुनंदन बिहार कॉलोनी में कचरा डालने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। विवाद के दौरान एक युवक के सिर पर धारदार हथियार से हमला कर दिया गया। हमले में 24 वर्षीय नरेश साहू घायल हो गए। परिजनों ने उन्हें सिटी कोतवाली थाने पहुंचाया, जहां शिकायत दर्ज कराने के बाद जिला अस्पताल में उनका इलाज कराया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कचरा डालने को लेकर शुरू हुआ विवाद घटना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के सौरा रोड स्थित रघुनंदन बिहार कॉलोनी की है। जानकारी के अनुसार, सोना बाई साहू ने मोहल्ले में कचरा डालने के लिए निर्धारित स्थान पर अपने घर का कचरा डाला था। इसी बात को लेकर रामबाबू पटेल ने सोना बाई से विवाद शुरू कर दिया। आरोप है कि इस दौरान उनके साथ गाली-गलौज भी की गई। बेटों ने विरोध किया तो बढ़ गया विवाद सोना बाई के पुत्र संतोष साहू और नरेश साहू ने जब इस विवाद का विरोध किया तो दोनों पक्षों के बीच कहासुनी बढ़ गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद रामबाबू पटेल ने एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर नरेश साहू पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। सिर पर धारदार हथियार से किया वार हमले में नरेश साहू के सिर पर धारदार हथियार से चोट लगी। चोट लगने के बाद वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद परिजन नरेश को लेकर सिटी कोतवाली थाने पहुंचे और पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी। शिकायत दर्ज होने के बाद घायल नरेश को उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज कराया गया। पुलिस ने दर्ज किया मामला पुलिस ने घायल पक्ष की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब घटना के दौरान मौजूद लोगों से पूछताछ कर रही है। इसके साथ ही पुलिस आरोपियों की भूमिका और वारदात में इस्तेमाल किए गए धारदार हथियार के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है। घटना की जांच जारी पुलिस के अनुसार, कचरा डालने को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद मारपीट और धारदार हथियार से हमला किए जाने की बात सामने आई है। मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राजनांदगांव यातायात पुलिस ने आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देश पर चलाए गए अभियान में 1,035 वाहनों पर कार्रवाई कर 5 लाख 26 हजार 300 रुपए का जुर्माना वसूला गया। पुलिस टीमों ने नया बस स्टैंड चौक, महावीर चौक, खैरागढ़ रोड, रेलवे स्टेशन रोड, गंज चौक, पोस्ट ऑफिस चौक, मानव मंदिर चौक, फव्वारा चौक, सदर लाइन, मोतीपुर अंडरब्रिज और सर्विस रोड समेत शहर के प्रमुख और व्यस्त स्थानों पर चेकिंग की। चेकिंग के दौरान नो-पार्किंग क्षेत्र में वाहन खड़े करने वाले 556 चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई। पुलिस ने वाहन चालकों को निर्धारित पार्किंग स्थल का इस्तेमाल करने की हिदायत भी दी। शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर भी कार्रवाई शराब के नशे में वाहन चलाने वाले 18 चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई। पुलिस ने त्योहारी सीजन के दौरान नशे में वाहन चलाने वालों पर सख्ती जारी रखने की बात कही है। बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के ई-रिक्शा चलाने वाले 29 चालकों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई। वहीं, प्रतिबंधित नो-एंट्री क्षेत्र में प्रवेश करने वाले 3 वाहनों से 9 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया। यातायात के अन्य नियमों का उल्लंघन करने वाले 429 वाहन चालकों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। बाजारों में जाम से बचने पुलिस की अपील त्योहारों के दौरान बाजारों में बढ़ने वाली भीड़ और यातायात के दबाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से वाहन निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़े करने की अपील की है। व्यापारिक प्रतिष्ठानों से भी दुकानों के सामने वाहनों की बेतरतीब पार्किंग रोकने का आग्रह किया गया है, ताकि शहर में यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे। लगातार जारी रहेगा अभियान यातायात पुलिस ने कहा है कि यातायात नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ चेकिंग और कार्रवाई का अभियान लगातार जारी रहेगा।
लोक शिक्षण संचालनालय ने स्वच्छ एवं हरित विद्यालय मूल्यांकन 2025-26' के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रदेश के 20 स्कूलों की सूची शनिवार को जारी की है। इन स्कूलों के संस्था प्रमुखों को 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस पर सम्मानित किया जाएगा। टॉप-20 स्कूल में नर्मदापुरम जिले के तवानगर में स्थित शासकीय हायर सेकंडरी मॉडल स्कूल (आदर्श आवासीय विद्यालय) को भी शामिल किया है। नियमित स्कूल में स्वच्छता एवं परिसर में पर्यावरण संरक्षण के लिए किए कार्यों के चलते यह चयन हुआ है। आवासीय विद्यालय तवानगर 10 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। कैंपस कवर्ड है। छात्रावास में अलग-अलग शहर, जिलों के 245 विद्यार्थी रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। इन अच्छे कार्यों से टॉप-20 स्वच्छ स्कूलों में चयन स्कूल स्टॉफ, विद्यार्थी और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोगजनजातीय कार्य विभाग के सहायक आयुक्त विवेक नागवंशी ने बताया मॉडल स्कूल का प्रदेश स्तर के 20 स्वच्छ स्कूलों में शामिल होना विभाग के सभी गर्व की बात है। इस कार्य में सफलता के लिए पूर्व प्राचार्य एवं वर्तमान संभागीय उपायुक्त सिद्धार्थ मित्रा प्रभारी प्राचार्य दीपक सोनी, राम बाबू, जिला शिक्षा केंद्र के इंजीनियर दीपक वर्मा, बीएससी नरेश अहिरवार, प्रवीण यादव एवं संस्था के अधीक्षक भूपेंद्र साहू और स्कूल के सभी विद्यार्थियों का सहयोग रहा। जिससे टॉप-20 स्वच्छ स्कूलों में आदर्श आवासीय विद्यालय शामिल हुआ। प्रदेश के इन शहरों के स्कूल शामिलचयनित सूची में शाजापुर, बैतुल, सीहोर, उज्जैन, देवास, रायसेन, डिंडोरी, मुरैना, छिंदवाड़ा, भिंड, जबलपुर, नर्मदापुरम, कटनी, अनूपपुर, बालाघाट, शिवपुरी, रतलाम, इंदौर और भोपाल के नामचीन स्कूल शामिल हैं।
प्रयागराज में सुबह से बादल छाए, बारिश का अलर्ट:बीच-बीच में निकल रही धूप, शाम तक बदल सकता है मौसम
प्रयागराज में रविवार सुबह से मौसम का मिजाज सुहाना बना हुआ है। आसमान में बादल छाए हैं और बीच-बीच में हल्की धूप भी निकल रही है। एक दिन पहले हुई तेज बारिश के बाद फिलहाल मौसम साफ नजर आ रहा है। तेज हवाओं के चलने से तापमान में राहत महसूस हो रही है और लोगों को उमस भरी गर्मी से कुछ राहत मिली है। पिछले तीन-चार दिनों से लगातार बारिश के बीच रविवार को मौसम में थोड़ी नरमी देखने को मिली है। देखें तस्वीरें…. शाम को फिर बदल सकता है मौसम मौसम विभाग के मुताबिक रविवार को प्रयागराज का अधिकतम तापमान करीब 32C और न्यूनतम तापमान 26C के आसपास रहने का अनुमान है। हालांकि, मौसम पूरी तरह साफ रहने की उम्मीद नहीं है। शाम तक एक बार फिर मौसम में बदलाव हो सकता है। तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। अगले 5 दिनों का मौसम पूर्वानुमान
इटावा के बकेवर थाना क्षेत्र के सराय नौधना गांव में शनिवार रात अज्ञात कारणों से 28 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। रविवार सुबह युवक का शव घर के अंदर कमरे में पंखे से गमछे और रस्सी के फंदे पर लटका मिला। सूचना मिलने पर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। देखिए घटना की तस्वीरें… फांसी लगाकर की आत्महत्या मृतक की पहचान सराय नौधना निवासी सुखबीर सिंह पुत्र राजेश कुमार उर्फ कल्लू के रूप में हुई है। सुखबीर बस चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। वह करीब 15 वर्षों से घर से बाहर रहकर काम कर रहा था और एक सप्ताह पहले ही अपने गांव स्थित घर आया था। परिजनों के अनुसार, सुखबीर अविवाहित था और घर में सबसे बड़ा भाई था। उसके अन्य भाई भी बाहर नौकरी करते हैं। मुख्य गेट के बाहर सो रही थीं मां बताया गया कि शनिवार रात परिवार के सभी सदस्यों ने खाना खाने के बाद अपने-अपने स्थान पर सो गए थे। मृतक की मां अनिता देवी घर के मुख्य गेट के बाहर सो रही थीं, जबकि पिता कुछ दूरी पर थे। रविवार सुबह जब मां अनिता देवी मुख्य गेट खोलने पहुंचीं, तो वह अंदर से बंद मिला। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर उन्हें संदेह हुआ। इसके बाद वह मकान के दूसरे रास्ते से अंदर पहुंचीं और कमरे में सुखबीर का शव पंखे से रस्सी के फंदे पर लटका देखा। फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य घटना की सूचना मृतक के परिजनों ने ग्राम प्रधान पति लल्लन बाबू को दी, जिन्होंने पुलिस को सूचित किया। मौके पर महेवा चौकी प्रभारी रजनीश तिवारी और बाद में थाना प्रभारी विपिन कुमार मलिक पुलिस बल के साथ पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्रित किए। परिजनों के मुताबिक, सुखबीर का किसी से कोई विवाद नहीं था। आत्महत्या के वास्तविक कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बुलंदशहर में छह बेटों की मातृभक्ति की तस्वीर लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। छह भाइयों ने अपनी बुजुर्ग मां को पालकी में बैठाकर हरिद्वार से बुलंदशहर तक की करीब कई सौ किलोमीटर की यात्रा पूरी की। महादेव की भक्ति के साथ मां की सेवा और सम्मान का यह अनोखा अंदाज रास्ते में लोगों का ध्यान खींचता रहा। परिवार के मुताबिक, यात्रा 2 अगस्त को हरिद्वार से शुरू हुई थी। इसके अगले दिन यानी 3 अगस्त को छहों भाई अपनी मां को पालकी में बैठाकर बुलंदशहर के लिए रवाना हुए। यात्रा के दौरान भाइयों ने रोजाना करीब 40 किलोमीटर पैदल सफर तय किया। मां को पैदल चलने में परेशानी न हो, इसलिए बेटों ने उन्हें पालकी में बैठाया। सभी भाई बारी-बारी से पालकी को अपने कंधों पर उठाते रहे और यात्रा पूरी की। बारी-बारी से कंधे पर उठाई पालकी लंबी दूरी की इस यात्रा के दौरान भाइयों ने मां की सुविधा का पूरा ध्यान रखा। एक भाई थकता तो दूसरा पालकी संभाल लेता। इस तरह छहों भाई बारी-बारी से मां को कंधे पर लेकर आगे बढ़ते रहे। रास्ते में जब लोगों ने छह बेटों को मां की पालकी उठाकर पैदल चलते देखा तो वे भी रुककर इस दृश्य को देखने लगे। कई लोगों ने बेटों के समर्पण और संस्कार की सराहना की। बोले- मां की खुशी ही सबसे बड़ी पूजा बेटों का कहना है कि मां ने उन्हें जीवन दिया और उनके लिए मां की सेवा सबसे बड़ा धर्म है। उनका मानना है कि मां की खुशी से बढ़कर महादेव की कोई पूजा नहीं हो सकती। हरिद्वार से बुलंदशहर तक मां को पालकी में बैठाकर की गई यह यात्रा परिवार के लिए केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि मां के प्रति सम्मान, प्रेम और सेवा का संकल्प भी है। छहों भाइयों की मातृभक्ति की यह तस्वीर लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
मेरठ में कांवड़ यात्रा अब अपने चरम पर है। पूरा शहर भगवा रंग और हर हर महादेव के जयघोष से गूंज रहा है। इसके साथ ही लोग शिवभक्तों की सेवा करने में भी जुटे हैं। शनिवार को जहां एक और सूबे के मुख्यमंत्री ने कांवडियों पर पुष्प वर्षा की तो मेरठ में सपा कार्यकर्ताओं ने भी हाईवे पर शिवभक्त कांवड़ यात्रियों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। कार्यकर्ताओं ने हाईवे और कांवड़ मार्ग पर पहुंचकर हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे शिवभक्तों पर फूल बरसाए और उनकी यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं। समाजवादी पार्टी से सिवालखास विधानसभा से टिकट की दावेदारी कर रहे गौरव चौधरी ने पुष्पवर्षा करते हुए कहा, आज मेरठ में शिवभक्त कांवड़ यात्रियों पर पुष्पवर्षा करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। भगवान भोलेनाथ सभी शिवभक्तों की यात्रा मंगलमय करें। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा आस्था और श्रद्धा का पर्व है। शिवभक्तों की सेवा और स्वागत करना सभी के लिए सौभाग्य की बात है। पुष्पवर्षा के दौरान कार्यकर्ताओं ने कांवड़ियों का उत्साह बढ़ाया और उनके लिए सेवा व सहयोग का संदेश दिया। इसके अलावा भी शहरवासी अलग अलग प्रकार से शिवभक्तों की सेवा करने में जुटे हुए हैं। पुष्पवर्षा के दौरान कांवड़ियों का कार्यकर्ताओं ने हाथ जोड़कर अभिवादन किया और उन्हें यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं। कई स्थानों पर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारे भी गूंजते रहे। कार्यकर्ताओं ने कहा कि शिवभक्तों की सेवा और उनका स्वागत सामाजिक सद्भाव और भाईचारे का भी संदेश देता है। मेरठ में कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। कांवड़ मार्गों पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी बनी हुई है। बड़ी संख्या में शिवभक्त लगातार मेरठ से होकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं।
गाजीपुर की जमानियां नगर पालिका परिषद में सरकारी अनुदान हासिल करने के लिए एमएलसी विशाल सिंह चंचल के नाम और कथित हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर फर्जी लेटर तैयार करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि कूटरचित दस्तावेजों के जरिए पंडित दीनदयाल नगर विकास योजना के तहत 408.68 लाख यानी करीब 4.08 करोड़ रुपए के अनुदान का प्रस्ताव आगे बढ़ाने की कोशिश की गई। मामले में एमएलसी के प्रतिनिधि डॉ. प्रदीप पाठक की तहरीर पर जमानियां कोतवाली पुलिस ने नगर पालिका अध्यक्ष जयप्रकाश गुप्ता और उनके सहयोगियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अब कथित फर्जी दस्तावेज तैयार करने से लेकर उन्हें सरकारी प्रक्रिया में इस्तेमाल किए जाने तक की पूरी कड़ी की जांच कर रही है। 10 जून की तारीख वाले पत्रों पर कथित फर्जी हस्ताक्षर एमएलसी प्रतिनिधि की ओर से पुलिस को दी गई तहरीर के मुताबिक, कथित तौर पर तैयार किए गए दो पत्रों पर 45358 और 9484 क्रमांक दर्ज थे। इन पत्रों पर 10 जून 2026 की तारीख अंकित थी और आरोप है कि उन पर एमएलसी विशाल सिंह चंचल के नाम से कूटरचित हस्ताक्षर किए गए। इन पत्रों के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2026-27 में पंडित दीनदयाल नगर विकास योजना के तहत 408.68 लाख रुपए के सरकारी अनुदान की कार्रवाई आगे बढ़ाने का प्रयास किए जाने का आरोप है। मुख्य मार्गों पर लाइट लगाने का था प्रस्ताव कथित प्रस्ताव के अनुसार, अनुदान की रकम से जमानियां नगर क्षेत्र में प्रकाश व्यवस्था को मजबूत किया जाना था। इसके लिए मुख्य मार्गों पर 7 मीटर और 9 मीटर ऊंचे ऑक्टागोनल पोल और लाइटें लगाए जाने की योजना बताई गई। आरोप है कि इसी प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के लिए एमएलसी के नाम और हस्ताक्षर वाले पत्रों का इस्तेमाल किया गया। कथित फर्जी दस्तावेजों से संबंधित पत्र जब एमएलसी कार्यालय पहुंचे तो वहां उनकी जांच कराई गई। कार्यालय की ओर से पत्र को फर्जी बताया गया। इसके बाद नगर विकास मंत्री को मामले की जानकारी देते हुए प्रस्तावित अनुदान की कार्रवाई रोकने और कानूनी कार्रवाई की मांग की गई। इसके बाद एमएलसी प्रतिनिधि डॉ. प्रदीप पाठक ने जमानियां पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी। फर्जी लेटर से लेकर पूरी प्रक्रिया की जांच होगी एसपी ग्रामीण अतुल सोनकर ने बताया कि 7 अगस्त को प्राप्त तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2) और 3(5) के तहत कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि पुलिस की जांच केवल फर्जी लेटर पैड और कथित हस्ताक्षर तक सीमित नहीं रहेगी। शासन को भेजे गए दस्तावेज, प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया, पत्र किस स्तर पर तैयार हुआ और उसे किन-किन माध्यमों से आगे भेजा गया, इसकी भी जांच की जाएगी। पुलिस खंगालेगी दस्तावेजों की पूरी कड़ी एफआईआर दर्ज होने के बाद अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कथित फर्जी पत्र कहां तैयार किए गए, उन्हें किसने तैयार किया, किस माध्यम से शासन तक भेजा गया और सरकारी अनुदान के प्रस्ताव को आगे बढ़ाने में किन लोगों की भूमिका रही। पुलिस संबंधित दस्तावेज और सरकारी रिकॉर्ड भी जुटा रही है। जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल करीब 4.08 करोड़ रुपए के सरकारी अनुदान से जुड़े प्रस्ताव में एमएलसी के नाम और कथित हस्ताक्षर के इस्तेमाल के आरोप ने जमानियां नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कथित कूटरचित दस्तावेज किसने तैयार किए और सरकारी प्रक्रिया में उनका इस्तेमाल किस स्तर तक किया गया।
वाहन की टक्कर से बाइक सवार डॉक्टर की मौत:मैहर से घर लौटते समय हादसा; सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
मैहर जिले में शनिवार रात परसोखा मोड़ स्थित किशन ढाबे के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार डॉक्टर की मौत हो गई। हादसा रात करीब साढ़े 9 बजे हुआ। मृतक की पहचान सतना जिले के अतरहार निवासी डॉ. राजेंद्र सिंह उर्फ पप्पू (45) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, डॉ. राजेंद्र सिंह शनिवार रात मैहर से बाइक से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान परसोखा मोड़ के पास उनकी बाइक को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वे गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित किया हादसे की सूचना मिलने के बाद परिजन डॉ. राजेंद्र सिंह को सिविल अस्पताल मैहर लेकर पहुंचे। यहां जांच के बाद चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शव को फिलहाल अस्पताल की मर्चुरी में रखवाया गया है। घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। हादसे में शामिल वाहन की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस अज्ञात वाहन और उसके चालक की तलाश में जुटी है।
सतना जिले की कोठी तहसील के दिदौध गांव के भरसिहान टोला में सरकारी प्राथमिक शाला की स्थिति शिक्षा व्यवस्था के दावों पर सवाल खड़े कर रही है। वर्ष 1997 से संचालित यह स्कूल करीब 29 साल बाद भी अपने भवन का इंतजार कर रहा है। पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण बच्चों की कक्षाएं सड़क किनारे लगाई जा रही हैं। जिस सड़क पर बच्चे बैठकर पढ़ते हैं, वहां दिनभर दोपहिया वाहनों के साथ ट्रैक्टर, डंपर और अन्य भारी वाहन गुजरते हैं। ऐसे में छोटे बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा बना हुआ है। जगह कम पड़ी तो सड़क बनी क्लासरूम ग्रामीणों के मुताबिक, स्कूल के पास अपना भवन नहीं है। फिलहाल एक किराए के कमरे में स्कूल का संचालन किया जा रहा है, लेकिन वहां सभी बच्चों के बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। ऐसे में कई बार कक्षाएं सड़क किनारे लगानी पड़ती हैं। सड़क से लगातार वाहनों की आवाजाही के कारण पढ़ाई भी प्रभावित होती है। वाहन गुजरने के दौरान शोर और हॉर्न के बीच शिक्षकों को बच्चों को पढ़ाना पड़ता है। वहीं, सड़क पर बैठे छोटे बच्चों के लिए सबसे बड़ा खतरा तेज रफ्तार वाहनों से बना हुआ है। 1997 से भवन की मांग, तीन दशक में भी नहीं बदली तस्वीर ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल शुरू होने के समय से ही भवन निर्माण की मांग की जा रही है। करीब तीन दशक में कई सरकारें बदलीं, अधिकारी बदले और जनप्रतिनिधि भी बदले, लेकिन स्कूल की स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों के मुताबिक, जनपद पंचायत से लेकर जिला स्तर तक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को कई बार समस्या की जानकारी दी गई। इसके बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं निकला। उनका आरोप है कि हर बार भवन निर्माण का आश्वासन दिया गया, लेकिन जमीन पर काम शुरू नहीं हुआ। सड़क किनारे पढ़ाई, बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल सड़क किनारे कक्षाएं लगने से बच्चों की पढ़ाई के साथ उनकी सुरक्षा भी खतरे में है। इस रास्ते से दिनभर छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। ट्रैक्टर और डंपर जैसे भारी वाहनों की आवाजाही के बीच बच्चों का सड़क के किनारे बैठना किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। इसके अलावा सड़क पर पालतू जानवरों की आवाजाही भी बनी रहती है। इससे बच्चों और शिक्षकों को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ता है। बारिश में और बढ़ जाती है परेशानी बारिश के मौसम में स्कूल की स्थिति और ज्यादा खराब हो जाती है। ग्रामीणों के अनुसार, बारिश होने पर सड़क किनारे कक्षा लगाना संभव नहीं रहता। बच्चों और शिक्षकों को सुरक्षित जगह तलाशनी पड़ती है और कई बार पढ़ाई रोकनी पड़ती है। इससे बच्चों की नियमित पढ़ाई प्रभावित होती है। लगातार बारिश होने की स्थिति में स्कूल की शैक्षणिक गतिविधियां भी बाधित होने की आशंका बनी रहती है। डीपीसी बोले- घर में स्कूल चल रहा, सड़क पर कक्षाओं की जानकारी लेंगे मामले में डीपीसी सतना दिवाकर तिवारी ने बताया कि दिदौध के भरसिहान टोला में स्कूल भवन नहीं है और फिलहाल इसका संचालन कुशवाहा के घर में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्कूल सड़क पर किन परिस्थितियों में लगाया जा रहा है, इसकी जानकारी ली जाएगी। डीपीसी के मुताबिक, विद्यालय के लिए अतिरिक्त कक्ष स्वीकृत है और जल्द ही इसका निर्माण कराया जाएगा। ग्रामीणों ने दी प्रदर्शन और चक्काजाम की चेतावनी स्कूल भवन की समस्या को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल मौके का निरीक्षण कर बच्चों के लिए सुरक्षित भवन उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो वे बच्चों के साथ जिला मुख्यालय पहुंचकर प्रदर्शन और चक्काजाम करेंगे। 29 साल बाद भी सिर्फ इंतजार दिदौध के भरसिहान टोला की यह प्राथमिक शाला करीब 29 साल से भवन का इंतजार कर रही है। एक ओर सरकार बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने के दावे करती है, वहीं दूसरी ओर यहां मासूमों को सड़क किनारे बैठकर पढ़ना पड़ रहा है।
सिरसा जिले में उपमंडल डबवाली के तहत ओढ़ां थाने की 'डायल 112' (ERV) गाड़ी शनिवार रात एक हादसे का शिकार हो गई। गांव रामगढ़ से राजपुरा मार्ग पर गश्त के दौरान गाड़ी में अचानक आग लग गई। गनीमत यह रही कि गाड़ी में सवार तीनों पुलिसकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए समय रहते बाहर कूदकर अपनी जान बचा ली। मिली जानकारी के अनुसार, ओढ़ां थाने की डायल 112 की गाड़ी को रात के समय एक इमरजेंसी कॉल (इवेंट) मिली थी। गाड़ी में ड्राइवर सहित कुल तीन पुलिसकर्मी सवार थे। पुलिस टीम अपना इवेंट पूरा करके वापस ओढ़ां थाने की तरफ लौट रही थी। जैसे ही गाड़ी गांव रामगढ़ से राजपुरा रोड पर पहुंची, तभी अचानक गाड़ी के बोनट से तेज चिंगारियां निकलने लगीं। देखते ही देखते जली गाड़ी बोनट से चिंगारी निकलते ही ड्राइवर ने गाड़ी रोकने की कोशिश की, लेकिन देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी गाड़ी लपटों की चपेट में आ गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तीनों पुलिसकर्मियों ने तुरंत दरवाजे खोलकर बाहर छलांग लगाई और अपनी जान बचाई। सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक गाड़ी जलकर पूरी तरह खाक हो चुकी थी। प्राथमिक दृष्टि में आग का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। फिलहाल पुलिस हादसे के कारणों की गहनता से जांच कर रही है।
बार एसोसिएशन खेल संगम में बैडमिंटन के 17 मुकाबले:चंद्रसिंह बने विजेता, आज होगी क्रिकेट प्रतियोगिता
पाली में वकीलों के बीच आपसी मेल-मिलाप, सौहार्द और खेल भावना को बढावा देने के लिए बार एसोसिएशन की ओर से खेल संगम शुरू किया गया है। शनिवार को शहर के डिस्ट्रिक्ट क्लब में बैडमिंटन प्रतियोगिता हुई, जिसमें 17 मुकाबले खेले गए और 4 खिलाडियों को बाई मिली। फाइनल में अधिवक्ता चंद्रसिंह ने जीत दर्ज की। रविवार को पांच टीमों के बीच क्रिकेट प्रतियोगिता होगी, जबकि सोमवार को कैरम और शतरंज प्रतियोगिताएं होंगी। पहले दिन बैडमिंटन प्रतियोगिता में 17 मुकाबले खेल संगम के पहले दिन शनिवार को पाली के डिस्ट्रिक्ट क्लब में बैडमिंटन प्रतियोगिता कराई गई। इसमें कुल 17 मुकाबले खेले गए। प्रतियोगिता में 4 खिलाडियों को बाई मिली। मुकाबलों के दौरान अधिवक्ता जीत के लिए दमखम लगाते नजर आए। प्रतियोगिता में अधिवक्ताओं ने बैडमिंटन खेल में हिस्सा लिया। दोनों सेमीफाइनल में इन खिलाडियों के बीच मुकाबला बैडमिंटन प्रतियोगिता का पहला सेमीफाइनल मुकुल सोनी और रुपेश कुमार बिस्सा के बीच खेला गया। दूसरा सेमीफाइनल देवेंद्र और चंद्रसिंह के बीच हुआ। दोनों सेमीफाइनल मुकाबलों के बाद फाइनल के लिए खिलाडियों का चयन हुआ। चंद्रसिंह ने जीता बैडमिंटन फाइनल फाइनल मुकाबले में मुकुल सोनी और चंद्रसिंह के बीच मुकाबला हुआ। दोनों अधिवक्ताओं ने फाइनल में प्रदर्शन किया। अधिवक्ता चंद्रसिंह ने फाइनल मुकाबला जीतकर बैडमिंटन प्रतियोगिता अपने नाम की। गिरीश उपाध्याय, सुरेश राजपुरोहित और चन्द्रवीर सिंह ने किया संयोजन बैडमिंटन प्रतियोगिता का संयोजन गिरीश उपाध्याय, सुरेश राजपुरोहित और चन्द्रवीर सिंह ने किया। प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका कुसुम मेवाडा ने निभाई। इस दौरान डिस्ट्रिक्ट क्लब में अधिवक्ता मौजूद रहे और प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। रविवार को होगी क्रिकेट प्रतियोगिता, शाम 4 बजे होगा क्रिकेट का फाइनल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पीएम जोशी ने बताया कि रविवार को क्रिकेट प्रतियोगिता होगी। इसमें कुल पांच टीमें हिस्सा लेंगी। पहला मैच रुद्रा वारियर्स और एसोसिएशन चैलेंजर्स के बीच खेला जाएगा। दूसरा मैच ब्लैक कोट वारियर्स और अधिवक्ता रॉयल्स के बीच होगा। तीसरा मैच एडवोकेट वॉरियर्स और पहले मैच की विजेता टीम के बीच खेला जाएगा। क्रिकेट प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला शाम 4 बजे खेला जाएगा। इसमें पहले और तीसरे मैच की विजेता टीमों के बीच मुकाबला होगा। सोमवार को कैरम और शतरंज प्रतियोगिता खेल संगम के तहत सोमवार को न्यू चैम्बर्स हॉल में कैरम और शतरंज प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी। बार एसोसिएशन की ओर से खेल संगम का उद्देश्य पाली के अधिवक्ताओं के बीच आपसी सौहार्द, मेल-मिलाप और खेल भावना को बढावा देना है।
महिला पुलिस ने लोहिया पार्क में लोगों से संवाद किया:'गुड मॉर्निंग मैनपुरी' अभियान के तहत जनसंपर्क
मैनपुरी पुलिस ने जनता और पुलिस के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से गुड मॉर्निंग मैनपुरी अभियान शुरू किया है। इसी क्रम में रविवार को महिला थाना पुलिस ने लोहिया पार्क में पहुंचकर लोगों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना। यह अभियान पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद शाह की पहल पर चलाया जा रहा है। महिला थाना अध्यक्ष हेमलता के नेतृत्व में पुलिस टीम सुबह लोहिया पार्क पहुंची। यहां उन्होंने टहलने आए लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली। पुलिसकर्मियों ने विशेष रूप से यह पूछा कि क्या उन्हें किसी तरह की परेशानी, धमकी या उत्पीड़न का सामना तो नहीं करना पड़ रहा है। इस दौरान महिला पुलिसकर्मियों ने लोगों को पुलिस की विभिन्न सेवाओं और टोल फ्री हेल्पलाइन नंबरों के बारे में बताया। उन्हें आपात स्थिति में पुलिस से संपर्क करने के तरीके समझाए गए। महिलाओं और युवतियों को अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने और किसी भी समस्या की जानकारी तत्काल पुलिस को देने के लिए प्रेरित किया गया। गुड मॉर्निंग मैनपुरी अभियान का मुख्य उद्देश्य पुलिस और आम जनता के बीच संबंधों को मजबूत करना है। पुलिस का प्रयास है कि लोग बिना किसी डर या झिझक के अपनी शिकायतें या समस्याएं पुलिस तक पहुंचा सकें और आवश्यकता पड़ने पर मदद ले सकें। महिला थाना पुलिस प्रतिदिन सार्वजनिक स्थानों पर जाकर लोगों से संवाद कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि ऐसे अभियानों से पुलिस के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ेगा और वे अपनी समस्याएं खुलकर सामने रख पाएंगे। यह पहल पुलिस और जनता के बीच की दूरी कम करने तथा एक सुरक्षित और सहज माहौल प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
संभल में सरकारी टेंडर और नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक व्यापारी से 50.77 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित आढ़ती ने तीन लोगों पर रुपये लेने और वापस मांगने पर धमकाने का आरोप लगाया है। एसपी से शिकायत के बाद संभल कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। संभल कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नखासा निवासी आढ़ती रिजवान ने एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई से शिकायत की थी। रिजवान के मुताबिक, उनकी पहचान कुंदरकी निवासी लाला नाम के व्यक्ति से हुई थी। आरोप है कि लाला ने अपने भतीजे मोहम्मद रफी को लखनऊ में एक प्रभावशाली भाजपा नेता का करीबी बताया। रिजवान का आरोप है कि मोहम्मद रफी ने खुद को बड़ा अधिकारी बताते हुए सरकारी विभागों में टेंडर दिलाने और नौकरी लगवाने का भरोसा दिया। उसके झांसे में आकर उन्होंने अलग-अलग समय पर बड़ी रकम दी। 21.50 लाख नकद और 29.27 लाख बैंक खातों में ट्रांसफर पीड़ित के अनुसार, वर्ष 2022 में उन्होंने मोहम्मद रफी और उसकी मां को 21.50 लाख रुपये नकद दिए थे। इसके अलावा 29.27 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए। शिकायत के मुताबिक, यह रकम आमिर पुत्र तोफोक, फिरोज पुत्र तौफीक और शादाच पुत्र नामालूम के खातों में भी भेजी गई। पीड़ित ने इन लेनदेन को भी ठगी की रकम का हिस्सा बताया है। रिश्तेदारों से भी नौकरी के नाम पर दिलवाए रुपये रिजवान का आरोप है कि रफी ने लखनऊ के एक इंटर कॉलेज में क्लर्क की नौकरी लगवाने का भी भरोसा दिया था। इस पर उन्होंने अपने भतीजे नजम से 8 लाख रुपये और फिजा नाजल के पिता बबलू से 7 लाख रुपये भी रफी को दिलवाए। पीड़ित के मुताबिक, रुपये लेने के बावजूद न तो कोई सरकारी टेंडर दिलाया गया और न ही नौकरी लगवाई गई। पैसे वापस मांगे तो धमकाने का आरोप रिजवान का कहना है कि जब उन्होंने अपने रुपये वापस मांगे तो आरोपी टालमटोल करने लगे। आरोप है कि रकम वापस मांगने पर उन्हें धमकियां भी दी गईं। इसके बाद उन्होंने एसपी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, जांच शुरू संभल सीओ कुलदीप सिंह ने बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। रुपये के लेनदेन, बैंक खातों और लगाए गए अन्य आरोपों की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आरव के हत्यारोपी ने HC में की अपील:फिरोजाबाद में डेढ़ साल के मासूम की हत्या में मिली थी फांसी की सजा
फिरोजाबाद के बहुचर्चित आरव हत्याकांड में फांसी की सजा पाए दोषी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील दायर की है। जिला कारागार में बंद विराज ने अपने वकील के माध्यम से मृत्युदंड की सजा को चुनौती देते हुए राहत की मांग की है। उसने जेल प्रशासन को भी अपील दाखिल करने की लिखित सूचना दी है। विराज को शिकोहाबाद के यादव कॉलोनी में डेढ़ साल के मासूम आरव की हत्या के मामले में 10 जुलाई को जिला जज डॉ. बब्बू सारंग की अदालत ने दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई थी। फैसले के बाद से वह जिला कारागार में बंद है। टॉफी दिलाने के बहाने मासूम को ले गया था घटना 30 मई को शिकोहाबाद की यादव कॉलोनी में हुई थी। मूल रूप से अरांव निवासी रति देवी का अपने पति से विवाद चल रहा था और वह मायके में रह रही थीं। आरोप है कि पति के फुफेरे भाई विराज ने मदद करने के बहाने रति पर शादी का दबाव बनाया था। रति के शादी से इनकार करने पर वह नाराज था। 30 मई को रति कानूनी सलाह लेने शिकोहाबाद आई थीं। इसी दौरान विराज उनके डेढ़ साल के बेटे आरव को टॉफी दिलाने के बहाने अपने साथ गली में ले गया। आरोप है कि वहां उसने मासूम को सड़क पर पटक-पटककर मार डाला। 27 सेकंड में 8 बार सड़क पर पटका मासूम की हत्या की पूरी घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। फुटेज में करीब 27 सेकंड के दौरान विराज द्वारा मासूम को आठ बार सड़क पर पटकने की घटना सामने आई थी। गंभीर चोट लगने से आरव की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस ने घटना वाली रात ही मुठभेड़ के बाद विराज को गिरफ्तार कर लिया था। अदालत में पेश किए गए थे सीसीटीवी समेत अहम साक्ष्य मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य साक्ष्य और गवाह अदालत के सामने पेश किए। साक्ष्यों के आधार पर जिला अदालत ने 10 जुलाई को विराज को हत्या का दोषी करार दिया और उसे मृत्युदंड की सजा सुनाई। हाईकोर्ट की मंजूरी के बाद ही मृत्युदंड पर आगे की प्रक्रिया जिला जेल अधीक्षक अमित चौधरी ने बताया कि निचली अदालत से सुनाई गई मृत्युदंड की सजा की पुष्टि के लिए मामला हाईकोर्ट भेजा जाता है। इसी प्रक्रिया के बीच दोषी विराज ने भी अपने कानूनी अधिकार का इस्तेमाल करते हुए हाईकोर्ट में अपील दाखिल की है। अब हाईकोर्ट में अपील और मृत्युदंड की पुष्टि से जुड़ी न्यायिक प्रक्रिया के बाद मामले में आगे का फैसला होगा।
दहेज हत्या का आरोपी पति गिरफ्तार:रायबरेली पुलिस ने न्यायिक हिरासत में भेजा जेल
रायबरेली में दहेज हत्या के मामले में वांछित आरोपी पति को मिल एरिया थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। यह मामला डीह थाना क्षेत्र के ग्राम डेला निवासी मोतीलाल पुत्र स्व. राम आसरे की शिकायत पर दर्ज किया गया था। मोतीलाल ने 6 अगस्त को मिल एरिया थाने में तहरीर दी थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उसकी बहन को ससुराल वाले अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर लगातार प्रताड़ित कर रहे थे। शिकायत के अनुसार, दहेज की मांग पूरी न होने पर 5 अगस्त को ससुराल वालों ने उसकी बहन की कथित तौर पर फांसी लगाकर हत्या कर दी थी। तहरीर के आधार पर मिल एरिया पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस टीमों ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और धरातलीय साक्ष्यों का संकलन किया। 8 अगस्त 2026 को मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस ने वांछित अभियुक्त शिव लाल उर्फ लल्ली (पति), पुत्र छत्रपाल, निवासी ग्राम राघनपुर, थाना मिल एरिया को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में उप निरीक्षक कृष्ण चन्द्र, आरक्षी विश्वजीत सिंह और आरक्षी लोकेन्द्र कुमार शामिल थे।
कोन थाना क्षेत्र की एक महिला ने अपने पड़ोसी युवक पर घर में घुसकर छेड़खानी और मारपीट का आरोप लगाया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कोन पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। महिला ने एसपी को दिऐ तहरीर मे बताया कि उसके पति रोजगार के सिलसिले में गुजरात के सूरत में रहते हैं। घटना 19 जुलाई की रात करीब 10 बजे की है, जब वह अपने घर में सो रही थी। आरोप है कि इसी दौरान पड़ोस का अर्जुन पासवान उसके घर में घुस आया और उसके साथ अश्लील हरकतें करने लगा। महिला ने जब इसका विरोध किया, तो आरोपी ने कथित तौर पर उसका मुंह दबाया और उसके साथ मारपीट की। महिला के शोर मचाने पर उसकी सास, ससुर और आसपास के लोग मौके पर पहुंचने लगे। इसके बाद आरोपी वहां से भाग गया। अगले दिन सुबह जब महिला इस घटना की शिकायत दर्ज कराने जा रही थी, तभी अर्जुन पासवान, उसकी मां कौशिल्या, पत्नी कांती और बेटी ममता उसके दरवाजे पर पहुंच गए। आरोप है कि सभी ने महिला के साथ गाली-गलौज की, मारपीट की और शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी। महिला ने बताया कि उसने पहले थाना कोन में लिखित शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर उसने पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई। कोन थानाध्यक्ष अखिलेश मिश्र ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
मेरठ में बारिश के बाद भी कम नहीं हुई उमस:आज 34 डिग्री तक पहुंचेगा तापमान, मौसम में बदलाव के संकेत
मेरठ में दो दिन हुई बारिश के बाद भी लोगों को उमस से राहत नहीं मिल पा रही है। शनिवार को हुई बारिश के बावजूद रविवार सुबह से वातावरण में नमी बनी हुई है। उमस के कारण लोग गर्मी महसूस कर रहे हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार रविवार को मेरठ का अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 27 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार तापमान बढ़ने और वातावरण में नमी अधिक होने के कारण उमस बढ़ रही है। हालांकि, दिन के दौरान मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। आसमान में बादल छाने के साथ कुछ इलाकों में बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना बनी हुई है। बारिश के बाद बढ़ी नमी, उमस ने किया परेशान बारिश के बाद वातावरण में नमी बढ़ गई है। सुबह के समय बादल छाए रहने से तापमान में बहुत अधिक बढ़ोतरी नहीं हुई, लेकिन हवा में नमी के कारण लोगों को चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। धूप निकलने पर उमस और बढ़ने की संभावना है। तापमान बढ़ने के साथ फिर बनेंगे बारिश के हालात मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर बादल विकसित हो सकते हैं। ऐसे में दोपहर बाद या शाम के समय मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है। लगातार बदल रहे मौसम के कारण अगले 24 घंटे मेरठ के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे। दो दिन में 120 मिमी बारिश पिछले दो दिनों में लगातार रूक- रूक कर हो रही बारिश लगभग 120 मिमी रिकॉर्ड की गई। वहीं बीते पूरे महीने के आंकड़े देखे तो जुलाई में लगभग 585 मिमी बारिश हुई थी जिस से पिछले 24 साल का रिकार्ड टूटा था। अभी तक के हालात देख कर ऐसा ही इस महीने भी होने की उम्मीद है।
अमरोहा में सावन के दूसरे सोमवार पर जलाभिषेक के लिए ब्रजघाट और हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस ने हाईवे पर विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया है। इसके तहत आज रविवार दोपहर 12 बजे से 11 अगस्त की दोपहर 12 बजे तक हाईवे पर 'जीरो ट्रैफिक' व्यवस्था लागू रहेगी। इस व्यवस्था के दौरान हाईवे की दोनों लेन पर छोटे वाहनों का संचालन पूरी तरह बंद रहेगा। इन वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से गुजारा जाएगा, ताकि कांवड़ियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके। ट्रैफिक प्लान के अनुसार, मुरादाबाद से दिल्ली जाने वाली लेन का उपयोग कांवड़िये ब्रजघाट की ओर गंगाजल लेने के लिए करेंगे। वहीं, लौटते समय वे दिल्ली से मुरादाबाद की दिशा वाली लेन का इस्तेमाल करेंगे। इस प्रकार दोनों लेन कांवड़ियों के लिए सुरक्षित रहेंगी। व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए हाईवे की दोनों लेन पर लगभग 100 स्थानों पर ड्रम बैरियर लगाए गए हैं। साथ ही, पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया है, जो हाईवे की लगातार निगरानी करेंगे और प्रतिबंधित लेन में प्रवेश करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। एएसपी अखिलेश भदौरिया ने बताया कि एंबुलेंस सहित अन्य आपातकालीन वाहन भी हाईवे पर अधिकतम 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ही चल सकेंगे। यह 'जीरो ट्रैफिक' व्यवस्था 11 अगस्त की दोपहर 12 बजे तक प्रभावी रहेगी, जिसके बाद दोनों लेन पर सामान्य वाहनों का संचालन फिर से शुरू हो जाएगा। नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रामपुर के टांडा थाना क्षेत्र में शनिवार रात कोसी नदी में कूदकर आत्महत्या का प्रयास कर रही महिला को पुलिस ने समय रहते बचा लिया। लालपुर स्थित कोसी नदी पुल पर रात करीब 10 बजे गश्त कर रही पुलिस टीम ने महिला को पुल पर खड़े देखा। वह नदी में छलांग लगाने की कोशिश कर रही थी। स्थिति को भांपते हुए उपनिरीक्षक मनोज कुमार ने तत्काल कार्रवाई कर महिला को पकड़ लिया और उसे नदी में कूदने से रोक दिया। उपनिरीक्षक मनोज कुमार और कांस्टेबल राहुल कुमार सैदनगर चौकी क्षेत्र में शांति व्यवस्था और गश्त पर थे। लालपुर स्थित कोसी नदी पुल पर पहुंचने पर उन्हें महिला दिखाई दी। पुलिसकर्मी उसे सुरक्षित पुल से नीचे लेकर आए और बातचीत की। महिला ने बताया कि वह स्वार थाना क्षेत्र के नरपतनगर गांव की रहने वाली है। बच्चों को लेकर उसका अपनी देवरानी से विवाद हो गया था। विवाद के बाद वह गुस्से में घर से निकल आई और आत्महत्या करने के इरादे से कोसी नदी पुल पर पहुंच गई। फुफेरे भाई ने पुलिस को बताई पूरी बात महिला के घर से निकलने के बाद परिजन उसकी तलाश में जुट गए थे। उसका फुफेरा भाई मोटरसाइकिल से उसे खोजते हुए लालपुर पुलिस चेकपोस्ट तक पहुंचा। पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसने भी महिला के अपनी देवरानी से बच्चों को लेकर विवाद होने की पुष्टि की। इसके बाद पुलिस महिला को टांडा थाने लेकर पहुंची। मिशन शक्ति केंद्र में हुई काउंसलिंग टांडा थाने में महिला को मिशन शक्ति केंद्र में बैठाया गया। महिला उपनिरीक्षक आराधना तोमर ने उसकी काउंसलिंग की और उसे समझाया। इसके बाद महिला को सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। महिला के परिवार की ओर से घटना को लेकर फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की गई है। वहीं, इलाके के लोगों को जब पुलिस की तत्परता की जानकारी हुई तो उन्होंने महिला की जान बचाने के लिए पुलिस टीम की सराहना की।
विदिशा पुलिस ने कोतवाली थाना क्षेत्र के तोपपुरा में हुई चोरी का खुलासा कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर चोरी का फ्रिज, कूलर और मिक्सी एक कुएं से बरामद किए गए। पुलिस ने शनिवार को चोरी का तांबे का तार खरीदने वाले एक कबाड़ी को भी पकड़ा है। कोतवाली थाना क्षेत्र के तोपपुरा में 23 जुलाई को राज नारायण यादव के घर चोरी हुई थी। कोतवाली टीआई आनंद राज ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले और स्थानीय लोगों से पूछताछ की। पूछताछ में संदेहियों ने चोरी करना स्वीकाराजांच के दौरान बक्सरिया निवासी दीपक रैकवार और मोनू रैकवार के नाम सामने आए। संदेह के आधार पर दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने घर में चोरी करना स्वीकार किया। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि चोरी के बाद उन्होंने फ्रिज, कूलर और मिक्सी को गुठन के सुनसान इलाके में स्थित एक कुएं में फेंक दिया था। कुएं में पानी कम होने के कारण चोरों ने सामान वहीं छिपा दिया था। पुलिस दोनों आरोपियों को लेकर कुएं तक पहुंची, जहां तलाशी के दौरान चोरी का सामान मिल गया। सामान काफी नीचे होने के कारण एसडीआरएफ और होमगार्ड की मदद से फ्रिज, कूलर और मिक्सी को सुरक्षित बाहर निकाला गया। पुलिस ने कबाड़ी को भी आरोपी बनायाआरोपियों ने घर से चोरी किया गया तांबे का तार कबाड़ी साजिद खान को बेचा था। पुलिस ने साजिद से तांबे का तार बरामद कर उसे भी मामले में आरोपी बनाया और गिरफ्तार कर लिया। थाना प्रभारी का कहना है कि चोरी की वारदातों में चोरी का सामान खरीदने वालों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। चोरी का माल खरीदने वालों पर कार्रवाई होने से ऐसे मामलों में आरोपियों को चोरी का सामान खपाने में मुश्किल होगी और चोरियों पर अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है।
बुलंदशहर के ऐतिहासिक ममफोर्ड क्लब की प्रबंध समिति के चुनाव को लेकर चल रहा विवाद अब कोर्ट के फैसले के बाद खत्म होने की दिशा में है। विहित प्राधिकारी ने 14 अप्रैल 2025 को हुए क्लब के चुनाव को असंवैधानिक और अवैध ठहराते हुए रद्द कर दिया है। साथ ही क्लब से निष्कासित किए गए दो सदस्यों मुनेश कुमार और अजय अग्रवाल की सदस्यता तत्काल प्रभाव से बहाल करने के आदेश दिए गए हैं। न्यायालय ने डिप्टी रजिस्ट्रार को क्लब की नई मतदाता सूची तैयार कर नियमानुसार दोबारा चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं। फैसले के बाद क्लब की प्रबंध समिति के चुनाव की पूरी प्रक्रिया नए सिरे से होने का रास्ता साफ हो गया है। साधारण सभा बुलाए बिना चुनाव कराने का आरोप मामला डिप्टी रजिस्ट्रार (फर्म्स, सोसाइटीज एवं चिट्स, मेरठ) की ओर से भेजे गए पत्र के बाद सामने आया था। जांच में पाया गया कि 14 अप्रैल 2025 को हुआ चुनाव क्लब के संविधान में निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं कराया गया था। आरोप था कि पूर्व कार्यकारिणी ने साधारण सभा की बैठक बुलाए बिना ही चुनाव अधिकारी नियुक्त कर चुनाव की घोषणा कर दी। इस प्रक्रिया को लेकर क्लब के सदस्यों ने आपत्ति जताई थी। जिला जज के पदेन अध्यक्ष होने के नियम का भी पालन नहीं फैसले में क्लब के संविधान के उस प्रावधान का भी उल्लेख किया गया है, जिसके तहत जिला न्यायाधीश पदेन अध्यक्ष होते हैं। यदि पदेन अध्यक्ष क्लब की कार्यकारिणी में अध्यक्ष के रूप में कार्य करने से असहमति जताते हैं, तो अध्यक्ष पद समेत आम चुनाव कराया जाना जरूरी है। कोर्ट के समक्ष यह तथ्य सामने आया कि 14 अप्रैल 2025 के चुनाव में इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। इसके अलावा सभी सदस्यों के नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं किए गए थे और वोटर लिस्ट को भी नियमानुसार अपडेट नहीं किया गया था। AGM नहीं बुलाने पर दो सदस्यों ने की थी शिकायत क्लब की कार्यप्रणाली को लेकर सदस्य मुनेश कुमार और अजय अग्रवाल ने डिप्टी रजिस्ट्रार से शिकायत की थी। सदस्यों ने क्लब में कथित अनियमितताओं के साथ हर साल जनवरी में होने वाली वार्षिक साधारण सभा (AGM) नहीं बुलाए जाने का मुद्दा उठाया था। शिकायत के बाद 12 अप्रैल 2026 की बैठक में क्लब प्रबंधन ने दोनों सदस्यों पर दुष्प्रचार करने का आरोप लगाते हुए उनकी सदस्यता समाप्त कर दी थी। हालांकि, सुनवाई के दौरान न्यायालय ने इस कार्रवाई को दुर्भावनापूर्ण माना और दोनों सदस्यों की सदस्यता बहाल करने का आदेश दिया। क्लब पक्ष आरोपों का ठोस जवाब नहीं दे सका सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलों और उपलब्ध दस्तावेजों का परीक्षण किया गया। न्यायालय के अनुसार, क्लब पक्ष चुनाव प्रक्रिया और सदस्यों की सदस्यता समाप्त करने से जुड़े आरोपों का संतोषजनक खंडन नहीं कर सका। इसके बाद विहित प्राधिकारी ने 14 अप्रैल 2025 को हुई पूरी प्रबंध समिति के निर्वाचन को अवैध घोषित करते हुए रद्द कर दिया। साथ ही मुनेश कुमार और अजय अग्रवाल की सदस्यता तत्काल प्रभाव से बहाल कर दी गई। अब डिप्टी रजिस्ट्रार को नई मतदाता सूची तैयार कर क्लब का चुनाव नियमानुसार दोबारा कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ानी होगी।
गोरखपुर में आज छाए रहेंगे बादल:शाम तक बारिश के आसार, अब तक 21 प्रतिशत कम बरसात हुई
गोरखपुर में रविवार सुबह से मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है। आसमान में बादल छाए हुए हैं और रुक-रुककर हवा चल रही है। सुबह करीब 30 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज होने के कारण उमस बनी हुई है। मौसम विभाग के ने आज दिनभर बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश हो सकती है। शाम और रात के समय गरज-चमक के साथ कुछ स्थानों पर बौछार पड़ने की भी संभावना है। वहीं, IMD लखनऊ के अनुसार 1 जून से अब तक 21 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। सुबह से छाए बादल रविवार की सुबह गोरखपुर में बादलों के साथ हुई। आसमान में घने बादल होने के बावजूद सुबह के समय उमस महसूस की गई। तापमान करीब 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। बीच-बीच में चल रही हवा से थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन हवा में नमी अधिक होने की वजह से लोगों को उमस का सामना करना पड़ा। दिनभर बादल छाए रहने के आसार मौसम पूर्वानुमान के अनुसार रविवार को अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। पूरे दिन आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। दिन में हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की करीब 40 प्रतिशत संभावना जताई गई है। शाम और रात में गरज-चमक के साथ बारिश दिन के मुकाबले शाम और रात में बारिश की संभावना अधिक बनी हुई है। इस दौरान बादलों की गड़गड़ाहट के साथ कुछ स्थानों पर बौछारें पड़ सकती हैं। मानसूनी हवाओं के सक्रिय रहने से गोरखपुर शहर के साथ आसपास के इलाकों में भी मौसम बदलता रह सकता है। 80 प्रतिशत तक रह सकती है नमी हवा में नमी का स्तर काफी अधिक रहने का अनुमान है। रविवार को ह्यूमिडिटी करीब 77 से 83 प्रतिशत के बीच रह सकती है। पूर्व दिशा से करीब 19 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। अधिक नमी और गर्म तापमान के कारण बारिश के बावजूद उमस बनी रह सकती है। शनिवार को सुबह बादल, दोपहर में तेज धूप इससे पहले शनिवार को भी सुबह मौसम बदला हुआ नजर आया था। सुबह आसमान में बादल छाए रहे और मौसम सुहाना दिखाई दिया। हालांकि दोपहर होते-होते बादल छंटने लगे और तेज धूप निकल आई। तेज धूप के कारण तापमान बढ़ा और गर्मी के साथ उमस ने लोगों को परेशान किया। अगले एक-दो दिन ऐसा ही रहेगा मौसम मौसम वैज्ञानिक डॉ. कैलाश के अनुसार, गोरखपुर में अगले एक से दो दिनों तक मौसम में ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं है। इस दौरान कभी धूप निकलेगी तो कभी आसमान में बादल छाए रहेंगे। बीच-बीच में हल्की चिटफुट बारिश भी हो सकती है। जलवायु परिवर्तन के वजह से बारिश में अनियमियाता देखने को मिल रही है। 14 तारीख से पश्चिमी विछोभ के सक्रिय होने की वजह से मध्यमवर्षा की संभावना है।
मऊ के घोसी तहसील क्षेत्र के सरायसादी में शनिवार को 5 मेगावाट सोलर पार्क के शिलान्यास समारोह के दौरान पूर्व मंत्री स्व. कल्पनाथ राय के परिवार का कथित विवाद मंच पर सामने आ गया। पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा समेत जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान कल्पनाथ राय की बहू संबोधन करते हुए भावुक हो गईं। वह मंच पर ही रोने लगीं और बिना किसी का नाम लिए कथित अन्याय का जिक्र करते हुए न्याय की गुहार लगाने लगीं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने उनके घर को तोड़ा, उन्हीं लोगों को मंच पर सम्मान के साथ बैठाया गया है। भावुक होकर बोलीं- मेरे साथ अन्याय हुआ मंच से अपनी बात रखते हुए कल्पनाथ राय की बहू काफी भावुक नजर आईं। उन्होंने परिवार से जुड़े पुराने विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि उनके साथ अन्याय हुआ है। बोलते-बोलते उनकी आंखों से आंसू निकल आए। उनके इस बयान के बाद कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों के बीच चर्चाएं शुरू हो गईं। मंच पर मौजूद लोगों के साथ सामने बैठे दर्शकों का ध्यान भी उनके संबोधन की ओर चला गया। पति सिद्धार्थ ने कानों में उंगली डाली इसी दौरान उनके पति सिद्धार्थ राय मंच पर बैठे दिखाई दिए। पत्नी के भावुक संबोधन के बीच वह कथित तौर पर अपने कानों में उंगली डालते नजर आए। मंच पर मौजूद इस दृश्य को देखकर कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान भी उनकी ओर गया। कुछ देर बाद कल्पनाथ राय की बहू नाराज और भावुक अवस्था में माइक छोड़कर मंच से नीचे उतर गईं। इसके बाद वह कार्यक्रम स्थल से बाहर चली गईं। इस घटनाक्रम के बाद समारोह में मौजूद लोगों के बीच परिवार के कथित विवाद को लेकर चर्चा तेज हो गई। 74 एकड़ में लगाया गया था सौर ऊर्जा संयंत्र सरायसादी क्षेत्र का सौर ऊर्जा से पुराना जुड़ाव रहा है। वर्ष 1992 में तत्कालीन मंत्री स्व. कल्पनाथ राय की पहल पर करीब 74 एकड़ क्षेत्र में 100 किलोवाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया गया था। बताया जाता है कि यह संयंत्र करीब 17 वर्षों तक गांव और किसानों के घरों में बिजली पहुंचाने में सहायक रहा। अब इसी क्षेत्र में 5 मेगावाट क्षमता का सोलर पार्क विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। इसी परियोजना के शिलान्यास के लिए शनिवार को कार्यक्रम आयोजित किया गया था। विकास के मंच पर पारिवारिक विवाद ने खींचा ध्यान कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सरायसादी क्षेत्र को 5 मेगावाट के सोलर पार्क की सौगात देने की दिशा में आगे बढ़ना था। मंत्री ए.के. शर्मा समेत कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी कार्यक्रम में मौजूद थे, लेकिन मंच पर हुए पारिवारिक घटनाक्रम ने पूरे आयोजन को चर्चा में ला दिया। कल्पनाथ राय की बहू की ओर से लगाए गए आरोपों पर अभी संबंधित पक्ष की विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में आरोपों की वास्तविक स्थिति और परिवार के बीच विवाद की पूरी वजह संबंधित पक्षों के बयान सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
अजमेर में सुबह से ही बादल छाए हुए है। रात को कईं जगहों पर रिमझिम बरसात हुई। तापमान में हल्की गिरावट हुई है और मौसम सुहावना हो गया है। मौसम विभाग ने अजमेर में बारिश का अलर्ट भी जारी किया है। रात से सुबह साढे़ आठ बजे तक 3.4 एमएम बरसात दर्ज की गई। बीते 24 घंटों की बात करें तो तापमान में 1.6 डिग्री की गिरावट हुई। आज सुबह मिनीमम तापमान 22.6 डिग्री दर्ज किया गय। 10 अगस्त को हल्की बारिश के आसार मौसम विभाग के अनुसार, 10 अगस्त को जिले में रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कुछ जगहों पर मध्यम से तेज बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है। आने वाले दिनों में भी बरसात हो सकती है। मानसून सीजन में अब तक 368.2 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है, जबकि इस अवधि में सामान्य रूप से 266.2 मिमी बारिश होनी चाहिए थी। यानी अब तक सामान्य से करीब 38 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्ड हुई है। बता दें कि शनिवार को अजमेर का अधिकतम तापमान 31.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन में सापेक्षिक आर्द्रता 83 से 91 प्रतिशत के बीच रही। अगस्त के रिकॉर्ड दिला रहे उम्मीद मौसम विभाग के आंकड़े बताते हैं कि अगस्त महीना अजमेर के लिए कई रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कर चुका है। 31 अगस्त 1928 को एक ही दिन में 164.6 मिमी बारिश हुई थी, जो आज भी अगस्त में एक दिन की सबसे अधिक वर्षा का सर्वकालिक रिकॉर्ड है। पिछले 10 वर्षों के अगस्त माह के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2024 सबसे ज्यादा बारिश वाला अगस्त रहा, जब पूरे महीने 475.4 मिमी वर्षा दर्ज हुई थी। इसके बाद 2019 में 400.1 मिमी बारिश हुई। वहीं 2023 अगस्त सबसे सूखा रहा, जब पूरे महीने केवल 12.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। अगस्त में गर्मी और ठंड, दोनों के अनोखे रिकॉर्ड अजमेर में अगस्त ने सिर्फ बारिश ही नहीं, तापमान के भी कई अनोखे रिकॉर्ड बनाए हैं। 19 अगस्त 1987 को अधिकतम तापमान 42.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जबकि 19 अगस्त 1973 को न्यूनतम तापमान 18.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। यह तापमान अगस्त में दिसंबर जैसी ठंड का एहसास कराने वाला रिकॉर्ड माना जाता है।
काकोरी ट्रेन एक्शन डे के मौके पर आज रविवार को लखनऊ में तिरंगा यात्रा निकाली जा रही है। इसकी अगुआई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कर रहे हैं। वह मुख्यमंत्री आवास से कैबिनेट मंत्रियों और भाजपा नेताओं के साथ विधानभवन तक तिरंगा लेकर पैदल चलेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री काकोरी पहुंचकर काकोरी ट्रेन एक्शन से जुड़े अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने जाएंगे। तिरंगा पदयात्रा मुख्यमंत्री आवास 5, कालिदास मार्ग से तिरंगा पदयात्रा शुरू होगी। यात्रा सिविल अस्पताल और अटल चौक होते हुए विधानभवन के सामने पहुंचेगी। यहां मुख्यमंत्री लोगों को संबोधित करेंगे। यात्रा में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, सामाजिक संगठनों के सदस्य और युवा शामिल होंगे। तिरंगा यात्रा के पल-पल अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
साइबर धोखाधड़ी से ठगे गए रुपये कराए वापस:हाथरस पुलिस ने दो पीड़ितों की राशि बैंक खातों में लौटाई
हाथरस के सासनी थाना साइबर क्राइम पुलिस टीम ने साइबर धोखाधड़ी के दो मामलों में कुल 24,000 रुपये की ठगी गई धनराशि को वापस कराया है। यह राशि यूपीआई के माध्यम से गलत खातों में चली गई थी। पहला मामला 28 दिसंबर 2025 का है, जब हरिनगर कॉलोनी निवासी कौशलेंद्र शर्मा ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके खाते से साइबर धोखाधड़ी के जरिए 20,000 रुपये निकाल लिए गए थे। दूसरा मामला 23 जून 2026 का है, जिसमें ब्राह्मणपुरी, सासनी निवासी श्रवण गुप्ता ने बताया कि उनके खाते से 4,000 रुपये की धोखाधड़ी हुई थी। पुलिस ने दोनों शिकायतों को तत्काल एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज किया था। पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा के निर्देश पर और क्षेत्राधिकारी नगर के नेतृत्व में सासनी साइबर क्राइम पुलिस टीम ने सक्रियता दिखाई। टीम ने राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के माध्यम से प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने आवेदकों के बैंक खातों से ट्रांसफर हुए रुपयों का विवरण प्राप्त किया और सबसे पहले लाभार्थी के बैंक खातों को डेबिट फ्रीज कराया, जिससे धनराशि सुरक्षित हो गई। साइबर क्राइम टीम के सार्थक प्रयासों के परिणामस्वरूप शिकायतकर्ताओं कौशलेंद्र शर्मा और श्रवण गुप्ता की शत-प्रतिशत धनराशि 24,000 रुपये उनके बैंक खातों में सफलतापूर्वक वापस करा दी गई। अपनी धनराशि वापस पाकर आवेदक कौशलेंद्र शर्मा और श्रवण गुप्ता ने प्रसन्नता व्यक्त की और पुलिस को धन्यवाद दिया। थाना साइबर क्राइम, हाथरस ने आमजन से साइबर ठगी से बचने के लिए अज्ञात लिंक पर क्लिक न करने, तथा खाता संख्या, पिन, ओटीपी, सीवीवी जैसी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करने की अपील की है। साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने या 1930 पर कॉल करने की सलाह दी गई है।
आजमगढ़ में आसमान में छाए बादल:अगले 4-5 दिन फिर बारिश के आसार, घाघरा का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन अलर्ट
आजमगढ़ में रविवार को सुबह से बादल छाए हुए हैं। शनिवार को जहां दोपहर में मौसम बदला-बदला नजर आया। कभी काले बादल तो कभी धूप की लूका-छिपी का सिलसिला जारी रहा। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। वहीं लगातार छह दिन तक हुई बारिश के बाद शुक्रवार से मौसम ने थोड़ी राहत दी। शुक्रवार को पूरे दिन आसमान में काले बादल तो छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं हुई। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को जिले का अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लगातार बारिश और चल रही ठंडी हवाओं के कारण वातावरण अपेक्षाकृत सुहाना बना हुआ है। सुबह से बदलता रहा मौसम रविवार सुबह शहर और ग्रामीण इलाकों में बादलों की आवाजाही बनी रही। बीच-बीच में धूप निकलने से हल्की उमस जरूर महसूस हुई, लेकिन पिछले सप्ताह की तुलना में मौसम काफी राहतभरा रहा। मौसम विभाग का कहना है कि दिन में बादल छाए रहने और हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है। 2 अगस्त से लगातार सक्रिय रहा मानसून जिले में मानसून का असर 2 अगस्त से लगातार देखने को मिला। 2 अगस्त को करीब एक घंटे तक तेज बारिश हुई। 3 अगस्त को लगभग 45 मिनट तक पानी बरसा। 4 और 5 अगस्त को दोपहर और शाम के समय अच्छी बारिश दर्ज की गई। 6 अगस्त को सुबह से बादल छाए रहे और रात में फिर बारिश हुई। फिर 7 अगस्त (शुक्रवार) को ऐसा दिन रहा, जब बादल तो छाए थे, लेकिन बारिश नहीं हुई। 8 अगस्त रविवार को बादलों की लुकाछिपी का खेल चलता रहा। किसानों के लिए राहत, धान की रोपाई को मिलेगा फायदा बारिश का सबसे ज्यादा फायदा किसानों को मिलने की उम्मीद है। जिले के कई इलाकों में खेतों में पर्याप्त पानी भर गया है, जिससे धान की रोपाई का काम तेज होने की संभावना बढ़ गई है। किसान लंबे समय से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे थे और अब लगातार हुई वर्षा से खेती-किसानी को राहत मिली है। घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन सतर्क लगातार बारिश का असर नदियों पर भी दिखाई देने लगा है। घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए डीएम रविंद्र कुमार ने नदी किनारे के संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से भी सावधानी बरतने और अनावश्यक रूप से नदी के पास न जाने की अपील की है। जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। अगले 4-5 दिन फिर बारिश के संकेत मौसम विभाग का अनुमान है कि आज से अगले चार से पांच दिनों तक आजमगढ़ में फिर बारिश का दौर शुरू हो सकता है। बीच-बीच में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। डीएम ने मौसम को देखते हुए सभी संबंधित विभागों-राजस्व, सिंचाई, आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
दमोह शहर के बस स्टैंड पर शनिवार रात एक शख्स ने शराब के नशे में हंगामा किया। उसने खुद को पुलिसकर्मी बताया और काफी देर तक देशभक्ति गाने व शेर-शायरी सुनाता रहा। इस दौरान उसने दमोह एसपी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी भी की। घटना का वीडियो रविवार सुबह से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, व्यक्ति ने अपना नाम गंगाराम पटेल बताया। वह नशे की हालत में देशभक्ति गीत और शेर-शायरी सुनाता रहा। उसने लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया। एसपी को लेकर की आपत्तिजनक टिप्पणी प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नशे में शख्स ने दमोह एसपी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की और कार्रवाई न कर पाने की चुनौती दी। मौके पर मौजूद लोगों ने मोबाइल से पूरी घटना रिकॉर्ड कर ली। वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। घटना के बाद लोग सार्वजनिक स्थान पर नशे में हंगामा करने और खुद को पुलिसकर्मी बताने वाले शख्स पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि व्यक्ति वास्तव में पुलिस विभाग से जुड़ा है या नहीं। पुलिस ने वीडियो की जांच और संबंधित व्यक्ति की पहचान के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
रायबरेली के मिलएरिया थाना क्षेत्र में हुई ज्वेलरी चोरी के मामले में पुलिस और एसओजी/सर्विलांस की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने अंतरजनपदीय चोर गिरोह के एक और सदस्य को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही मामले में अब तक गिरफ्तार आरोपियों की संख्या छह हो गई है। इससे पहले बीते शुक्रवार 6/7 अगस्त की रात ग्राम लोनियन का पुरवा स्थित शारदा नहर पुल के पास पुलिस मुठभेड़ में गिरोह के पांच सदस्यों को पकड़ा गया था। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्धों और उसके नेटवर्क की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, शुक्रवार रात मिलएरिया पुलिस और एसओजी/सर्विलांस टीम को सूचना मिली थी कि शातिर चोर चोरी के माल का बंटवारा करने और अगली वारदात की योजना बनाने के लिए शारदा नहर पुल के पास एकत्र हुए हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने घेराबंदी की। पुलिस का आरोप है कि घिरने के बाद बदमाशों ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दो बदमाशों के पैर में गोली लगी, जबकि तीन अन्य को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। मुठभेड़ में गिरफ्तार और घायल आरोपियों की पहचान शिवकुमार पुत्र बाबूलाल निवासी पेन्दरई, महोली, सीतापुर, बबलू पुत्र भुलई निवासी पेन्दरई, महोली, सीतापुर, राकेश उर्फ छोटे पुत्र भुलई निवासी तेंदुआ, मितौली, लखीमपुर/पेन्दरई, महोली, सीतापुर, लवकुश पुत्र हिमाचल निवासी लोनियन का पुरवा, कोतवाली नगर, सीतापुर और सागर वर्मा पुत्र रघुनंदन प्रसाद निवासी लालपुर सिकडिहा, महोली, सीतापुर के रूप में हुई। सागर वर्मा सुनार बताया गया है। शिवकुमार के दाहिने पैर और बबलू के बाएं पैर में गोली लगी थी। 12 किलो 400 ग्राम चांदी के आभूषण समेत असलहा और कार बरामद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 12 किलो 400 ग्राम सफेद धातु यानी चांदी के आभूषण बरामद किए हैं। इनमें 4 किलो 460 ग्राम आभूषण थाना मोहनगंज, अमेठी में हुई चोरी से संबंधित बताए गए हैं। इसके अलावा दो 315 बोर के अवैध तमंचे, दो खोखा कारतूस, एक मिस कारतूस और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया है। घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार संख्या UP32NV1225 भी पुलिस ने कब्जे में ली है। स्विफ्ट डिजायर से निकलते, सुनसान ज्वेलर्स की दुकानों को बनाते थे निशाना पूछताछ में पुलिस के सामने गिरोह के काम करने का तरीका भी सामने आया। पुलिस के अनुसार, यह एक संगठित अंतरजनपदीय गिरोह है। इसके सदस्य स्विफ्ट डिजायर जैसे चार पहिया वाहनों से रात में निकलते थे। उनके पास लोहे की रॉड, सब्बल, असलहा और सेंधमारी के आधुनिक उपकरण रहते थे। रास्ते में पड़ने वाली सुनसान ज्वेलर्स की दुकानों की पहले रेकी की जाती थी। इसके बाद सुनियोजित तरीके से दुकान को निशाना बनाकर चोरी की जाती और आरोपी तत्काल वाहन से मौके से फरार हो जाते थे। मुख्य आरोपी पर 14, शिवकुमार पर 10 से अधिक मुकदमे पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार बदमाशों का लंबा आपराधिक इतिहास है। मुख्य आरोपी राकेश उर्फ छोटे के खिलाफ सीतापुर, हरदोई, खीरी, रायबरेली और अमेठी के विभिन्न थानों में करीब 14 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, घायल आरोपी शिवकुमार के खिलाफ भी 10 से अधिक मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और इससे जुड़ी वारदातों के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है। मिलएरिया पुलिस और एसओजी टीम की रही अहम भूमिका इस कार्रवाई में थाना मिलएरिया पुलिस टीम के साथ एसओजी/सर्विलांस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्रवाई में प्रभारी अरविंद यादव, उपनिरीक्षक चंद्र प्रताप सिंह और उनकी टीम शामिल रही। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों और उसके अंतरजनपदीय नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
शामली में शनिवार को कांवड़ यात्रा के दौरान आस्था और पारिवारिक संकल्प की अनोखी तस्वीर देखने को मिली। हरियाणा के पानीपत जिले के बापौली निवासी चार वर्षीय अक्षी अपनी बड़ी बहन साक्षी और पिता जोगिंदर के साथ हरिद्वार से कांवड़ लेकर शामली पहुंचा। नन्हे कांवड़िये को गंगाजल लेकर चलते देख रास्ते में श्रद्धालु रुककर उसे देखते और उत्साह बढ़ाते नजर आए। जोगिंदर ने बताया कि परिवार में लगातार तीन बेटियों के जन्म के बाद बड़ी बेटी साक्षी ने भगवान भोलेनाथ से मन्नत मांगी थी। उसने संकल्प लिया था कि अगर परिवार में बेटा हुआ तो वह अपने छोटे भाई के साथ हरिद्वार से कांवड़ लेकर आएगी। इसके बाद परिवार में अक्षी का जन्म हुआ। बेटे के जन्म के बाद परिवार ने मन्नत पूरी होने पर कांवड़ यात्रा करने का संकल्प लिया। बहन के साथ चार साल का अक्षी बना नन्हा कांवड़िया मन्नत पूरी होने के बाद जोगिंदर अपने चार वर्षीय बेटे अक्षी और बेटी साक्षी के साथ शनिवार को हरिद्वार पहुंचे। वहां से गंगाजल लेकर दोनों भाई-बहन कांवड़ यात्रा पर निकल पड़े। पिता भी पूरे रास्ते बच्चों के साथ रहे और उनकी हौसला-अफजाई करते रहे। चार साल की उम्र में अक्षी को कांवड़ लेकर चलते देख कांवड़ मार्ग से गुजर रहे श्रद्धालुओं का ध्यान उसकी ओर खिंच गया। कई लोगों ने नन्हे कांवड़िये का उत्साह बढ़ाया और उसके साथ फोटो भी खिंचवाए। बेटी के संकल्प से जुड़ी है परिवार की कांवड़ यात्रा जोगिंदर ने बताया कि यह यात्रा उनके परिवार के लिए केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है, बल्कि बेटी साक्षी के संकल्प से भी जुड़ी है। बेटे के जन्म के बाद परिवार ने भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था जताते हुए मन्नत पूरी करने का फैसला किया था। उन्होंने बताया कि अक्षी और साक्षी दोनों कांवड़ यात्रा को लेकर उत्साहित हैं। परिवार के सदस्य बच्चों के साथ यात्रा कर रहे हैं, ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो। चार वर्षीय अक्षी और उसकी बहन साक्षी की कांवड़ यात्रा ने शामली में श्रद्धालुओं का ध्यान खींचा। नन्हे कांवड़िये की यह यात्रा परिवार की आस्था, बेटी के संकल्प और मन्नत पूरी होने की खुशी की कहानी बयां करती नजर आई।
हरिद्वार से गंगाजल लेकर शिवभक्त शिवालयों की ओर बढ़ रहे हैं। बागपत के मार्गों पर कांवड़ियों के जत्थों से माहौल भक्तिमय हो गया है। हर ओर 'हर हर महादेव' और 'बम बम भोले' के जयकारे सुनाई दे रहे हैं। इस बार बागपत की सड़कों पर आकर्षक झांकियों वाली कांवड़ें विशेष चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं। इन कांवड़ों को देखने के लिए दिन के साथ-साथ रात में भी बड़ी संख्या में लोग सड़कों के किनारे पहुंच रहे हैं। झांकी वाली कांवड़ों में आकर्षक लाइटिंग की गई है, जो रात के समय दूर से ही लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रही है। इन झांकियों में कलाकार भगवान शिव, माता पार्वती और अन्य देवी-देवताओं के रूप में अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। कलाकारों की प्रस्तुति और सजावट को देखने के लिए स्थानीय लोगों की भीड़ जुट रही है। स्वागत के दौरान रुकते हैं कलाकार, सेल्फी और वीडियो बनाते दिखे लोग झांकियों वाली कांवड़ों के गुजरने के दौरान स्थानीय लोग जगह-जगह उनका उत्साहपूर्वक स्वागत कर रहे हैं। झांकियों पर मौजूद कलाकार भी स्वागत के लिए विभिन्न स्थानों पर रुकते हैं। इस दौरान लोग झांकियों के साथ फोटो और वीडियो बनाते नजर आते हैं। आकर्षक सजावट और कलाकारों की प्रस्तुति लोगों के लिए विशेष आकर्षण बनी हुई है। बागपत से हरियाणा-दिल्ली की ओर बढ़ रही झांकी वाली कांवड़ें कांवड़ियों के जत्थे बागपत से होते हुए हरियाणा और दिल्ली की ओर लगातार आगे बढ़ रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस वर्ष झांकी वाली कांवड़ों की संख्या पिछले वर्षों की तुलना में अधिक दिखाई दे रही है। रात के समय इनकी रंग-बिरंगी लाइटिंग और कलाकारों का अभिनय लोगों को खास तौर पर आकर्षित कर रहा है। यही वजह है कि ये कांवड़ें श्रद्धा के साथ-साथ लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र भी बनी हुई हैं।
बिजनौर शहर कोतवाली क्षेत्र के बुखारा रोड स्थित एक निजी अस्पताल में शनिवार देर शाम जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने एक महिला मरीज के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और गुस्साए लोगों को समझा-बुझाकर शांत किया। यह हंगामा देर रात 10 बजे तक चला। दरअसल, बिजनौर शहर कोतवाली के गांव भगैन निवासी महिपाल की पत्नी रीता का पित्त की थैली का ऑपरेशन जिले से बाहर एक अस्पताल में हुआ था। ऑपरेशन के बाद उन्हें दिक्कत होने लगी, जिसके बाद परिजन उन्हें 31 जुलाई को कामाख्या अस्पताल लाए। यहां डॉक्टरों ने बताया कि एक नस ब्लॉक हो गई है। इसके बाद 3 अगस्त को रीता का दोबारा ऑपरेशन कामाख्या अस्पताल में किया गया। शनिवार को रीता के परिजन पट्टी कराने अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने डॉक्टरों से शिकायत की कि टांके में लगातार पस आ रहा है और ऑपरेशन ठीक से नहीं हुआ है। परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों ने इलाज के नाम पर उनसे 2 लाख रुपये भी लिए, लेकिन ऑपरेशन सही नहीं किया। उनका यह भी आरोप है कि शिकायत करने पर डॉक्टर ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। वहीं, अस्पताल संचालक डॉ. भरत वीर ने इन आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने बताया कि महिला का पहला ऑपरेशन दूसरे अस्पताल में हुआ था। बाद में जब उन्हें दिखाया गया, तो नस ब्लॉक होने का पता चला। डॉ. भरत वीर के अनुसार, परिजनों की लिखित और वीडियो सहमति के बाद ही दूसरा ऑपरेशन किया गया था। डॉ. भरत वीर ने कहा कि महिला की हालत अब ठीक है और वह शनिवार को ड्रेसिंग कराने आई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद कुछ लोग ट्रॉली में भरकर आए और अस्पताल में हंगामा करने लगे। डॉ. वीर ने दावा किया कि इनमें से कुछ लोग पैसे की मांग कर रहे थे। उन्होंने लापरवाही के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यदि उनके अस्पताल को कोई नुकसान होता है, तो वे हंगामा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे।
लखीमपुर के 2 युवक बाइक से किशोरी को ले गए:40 हजार नकद-जेवर भी ले गई, चार सगे भाइयों समेत पांच पर केस
हरदोई के मझिला थाना क्षेत्र में 15 वर्षीय किशोरी को बहला-फुसलाकर भगाकर ले जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि बाइक सवार दो युवक किशोरी को अपने साथ ले गए। परिजनों का दावा है कि किशोरी घर से 40 हजार रुपये नकद और सोने-चांदी के जेवर भी साथ ले गई। बेटी की तलाश में आरोपियों के गांव पहुंचे पिता और परिजनों के साथ गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। पुलिस ने शनिवार शाम 6:28 बजे मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शाम घर से निकली थी किशोरीमझिला थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पिता ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि शुक्रवार शाम करीब 7:30 बजे लखीमपुर खीरी के पसिगवां थाना क्षेत्र के जमिरहा गांव निवासी अमर पाल पुत्र शिवराम और रती पुत्र विशन उनकी 15 वर्षीय बेटी को मोटरसाइकिल से अपने साथ ले गए। बाइक का नंबर UP 32 N 3962 बताया गया है। 40 हजार नकद और जेवर ले जाने का आरोपपिता के मुताबिक, किशोरी घर से जाते समय दो जोड़ी चांदी की पायल, एक जोड़ी सोने का झाला, एक सोने की अंगूठी और 40 हजार रुपये नकद भी ले गई। घटना की जानकारी होने के बाद परिजनों ने किशोरी की तलाश शुरू की। आरोपियों के गांव पहुंचे तो धमकी देने का आरोपपिता के मुताबिक, जब वह परिजनों के साथ आरोपियों के गांव जमिरहा पहुंचे तो अमर पाल के भाइयों और साथियों ने उनके साथ गाली-गलौज की। तहरीर में शेर पाल, ठाकुर, अनुज पुत्रगण विशन, रती पुत्र विशन और अरविंद पुत्र मकरंद के नाम भी बताए गए हैं। आरोप है कि विरोध करने पर इन लोगों ने लाठी-डंडे लेकर मारपीट का प्रयास किया और जान से मारने की धमकी देकर उन्हें वहां से भगा दिया। पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, किशोरी की तलाश शुरूपीड़ित पिता ने मझिला थाने पहुंचकर किशोरी की सकुशल बरामदगी और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस किशोरी की तलाश के साथ ही पूरे मामले की जांच कर रही है।
बदायूं में एक शराब कारोबारी के घर लूट की सूचना फर्जी निकली है। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह घटना लूट नहीं, बल्कि शराब बेचने को लेकर हुए विवाद के बाद मारपीट और फायरिंग का मामला था। पुलिस ने इस संबंध में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। कादरचौक थाना क्षेत्र के गनियाई गांव निवासी अमर सिंह का घर में ही देसी शराब का ठेका है। वह टेंट का कारोबार भी करते हैं। अमर सिंह और उनकी पत्नी तारावती ने दावा किया था कि शुक्रवार रात करीब 12 बजे उनके घर में बदमाश घुस आए और 38 हजार रुपये नकद सहित लगभग चार लाख रुपये के जेवरात लूट लिए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस को मामला संदिग्ध लगा। शनिवार को परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए गए, जिसमें पूछताछ के दौरान यह पुष्टि हुई कि लूट की कोई घटना नहीं हुई थी। बाद में शराब कारोबारी ने अपनी तहरीर में बताया कि रात को कुछ लोग उनके घर से शराब लेने आए थे। मना करने पर उनके साथ मारपीट की गई। शोर मचाने पर गांव वाले इकट्ठा हुए, जिसके बाद आरोपी फायरिंग करते हुए मौके से फरार हो गए। पुलिस ने इस मामले में अनिल, मनीराम, सतेंद्र और नीरज नामक चार लोगों को गिरफ्तार किया है। एसपी सिटी अभिषेक सिंह ने बताया कि यह लूट की घटना नहीं थी, बल्कि केवल मारपीट और फायरिंग हुई थी। आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
फर्रुखाबाद के राजेपुर थाना क्षेत्र में डकैती और जानलेवा हमले के मामले में जेल में बंद आरोपी सेठ की जमानत अर्जी अदालत ने खारिज कर दी है। विशेष न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र) शैलेंद्र सचान ने अपराध की गंभीरता और आरोपी के आपराधिक इतिहास को देखते हुए जमानत देने का पर्याप्त आधार नहीं पाया। यह घटना 17 मई की रात करीब 2:30 बजे गांव कुइयां निवासी राजेश पाठक के घर में हुई थी। बदमाश लूट के इरादे से घर में घुसे और लगभग पांच लाख रुपये नकद, सोने-चांदी के जेवरात तथा अन्य सामान लूट ले गए। शोर सुनकर राजेश पाठक के भतीजे वैभव उर्फ लालू और भानू जाग गए। बदमाशों ने दोनों युवकों पर हमला कर दिया। फायरिंग में भानू के बाएं कंधे में गोली लगी, जबकि वैभव पर धारदार हथियार से हमला किया गया। ग्रामीणों के मौके पर पहुंचने के बाद दो आरोपियों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के पास से तमंचा, कारतूस, चाकू, लोहे की रॉड और लूटी गई नकदी व दस्तावेज बरामद किए। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सीतापुर जिले के इम्लिया सुल्तानपुर थाना क्षेत्र के बीबीपुर गांव निवासी सेठ के रूप में हुई है। आरोपी सेठ के अधिवक्ता ने जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था, जिसका अभियोजन पक्ष ने गंभीर अपराध बताते हुए विरोध किया। अदालत ने पुलिस रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि आरोपी के खिलाफ हरदोई में एक, सीतापुर में तीन और खीरी में 15 मुकदमे दर्ज हैं। आपराधिक इतिहास को देखते हुए अदालत ने जमानत अर्जी निरस्त कर दी।
फर्रुखाबाद में गंगा नदी की बाढ़ और तेज कटान से दिलीप की मड़ैया और दौली की मड़ैया में हालात गंभीर बने हुए हैं। बीते पांच दिनों में अकेले दिलीप की मड़ैया में 17 मकान गंगा में समा चुके हैं। शनिवार को भी पांच और मकान नदी की धारा में बह गए। इससे कई परिवारों के सिर से आशियाने की छत छिन गई। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण ग्रामीण अब अपने बचे हुए मकानों को खुद तोड़कर ईंट, सरिया और अन्य सामान निकाल रहे हैं, ताकि कम से कम निर्माण सामग्री को सुरक्षित बचाया जा सके। शनिवार को दिलीप की मड़ैया में नरवीर का मकान कटान की चपेट में आ गया। इसके बाद दिनभर ग्रामीण अपने बचे हुए मकानों को तोड़कर सरिया और ईंटें निकालने में जुटे रहे। निर्माण सामग्री को बैलगाड़ियों और मोटरबोट की मदद से सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। शाम करीब चार बजे के बाद कटान और तेज हो गया। देखते ही देखते स्वर्गीय गंगा सिंह की पत्नी प्रेमलता, प्रेमचंद्र, उनके पुत्र श्याम और राजेश के पक्के मकान भी गंगा में समा गए। गांव में अब लगभग सभी मकानों को तोड़ने का काम चल रहा है। ग्रामीणों को आशंका है कि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो बचे हुए मकान भी सुरक्षित नहीं रहेंगे। एक गली का हिस्सा ही सूखा बचा बाढ़ और कटान के कारण गांव की एक गली का केवल कुछ हिस्सा ही सूखा बचा है। ज्यादातर घरों में अब खाना पकाने की जगह तक नहीं बची है। खूंटों पर बंधे पशु भी भोजन के अभाव में परेशान हैं। ग्रामीण एक ओर अपने घरों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं तो दूसरी ओर जरूरी सामान और निर्माण सामग्री निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में जुटे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने अपने घरों को बड़ी मेहनत और जमा-पूंजी लगाकर बनाया था, लेकिन अब मजबूरी में उन्हें खुद ही तोड़ना पड़ रहा है। मोटरबोट से गांव पहुंचीं नीरज इसी बीच गांव के महेंद्र के भाई स्वर्गीय अनेकराम की बेटी नीरज, जो शहर के मोहल्ला अमीन खां में रहती हैं, शनिवार को मोटरबोट से गांव पहुंचीं। उन्होंने अपनी चाची संतोषी देवी से मुलाकात की। नीरज ने बताया कि पिछले साल की बाढ़ में उनके पिता का मकान गिर गया था और उनके भाई राममूर्ति का निधन हो गया था। उनकी भाभी और मां अब कटरी धर्मपुर गोशाला के पास सड़क किनारे झोपड़ी में रहने को मजबूर हैं। उन्होंने बताया कि उनके चाचा का मकान भी इस समय कटान के मुहाने पर है। पांच दिन में 17 मकान गंगा में समाए दिलीप की मड़ैया में बीते पांच दिनों में 17 मकान गंगा में समा चुके हैं। कुछ मकान अभी बचे हैं, लेकिन ग्रामीण उन्हें भी खुद तोड़ रहे हैं। उनका कहना है कि मकानों से ईंट और सरिया निकालकर सुरक्षित स्थान पर ले जाएंगे। एक ग्रामीण ने कहा कि बर्बाद तो हम हो ही चुके हैं, अब कम से कम घर की निर्माण सामग्री ही बच जाए। ग्रामीणों के मुताबिक, किसी ने पिछले साल तो किसी ने दो साल पहले ही गांव में मकान बनवाया था। अब उन्हीं मकानों को अपने हाथों से तोड़ते समय उनका कलेजा कांप रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि घर तोड़ना उनकी मजबूरी है, क्योंकि गंगा का बढ़ता जलस्तर और तेज कटान किसी भी समय बचे हुए मकानों को भी अपनी चपेट में ले सकता है।
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार को प्रयागराज पहुंचे। यहां उनका दौरा सिर्फ राजनीतिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहा। गांधी परिवार की विरासत से जुड़े स्वराज भवन और आनंद भवन में बिताए कुछ पल भावुक कर देने वाले रहे। राहुल गांधी स्वराज भवन पहुंचे तो कुछ देर के लिए अपनी दादी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कमरे के बाहर रुक गए। वह चुपचाप कमरे को निहारते रहे। काफी देर तक उनकी निगाहें कमरे पर टिकी रहीं। स्वराज भवन राहुल गांधी के परिवार की कई पीढ़ियों की यादों से जुड़ा है। इसी भवन में इंदिरा गांधी का बचपन बीता था। मिराया ने देखीं इंदिरा, राजीव और सोनिया की तस्वीरें राहुल गांधी के साथ उनकी बहन प्रियंका गांधी की बेटी मिराया वाड्रा ने भी गांधी परिवार की विरासत को करीब से देखा। उन्होंने इंदिरा गांधी से जुड़ी तस्वीरों और स्मृतियों को देखा। इसके अलावा आनंद भवन में अपने नाना राजीव गांधी और नानी सोनिया गांधी की तस्वीरें भी देखीं। मिराया ने आनंद भवन का वॉक किया और भवन के अलग-अलग हिस्सों को देखा। उन्होंने उस चबूतरे को भी देखा, जहां गंगा में प्रवाहित किए जाने से पहले देश के तीन पूर्व प्रधानमंत्रियों पंडित जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की अस्थियां रखी गई थीं। गांधी परिवार की तीन पीढ़ियों की स्मृतियों से जुड़े इस स्थान पर मिराया ने काफी समय बिताया। स्वराज भवन में राहुल के लिए अलग सुइट, यहीं ठहरे प्रयागराज प्रवास के दौरान राहुल गांधी स्वराज भवन में गांधी परिवार के लिए बने अलग सुइट में ठहरे। उनके खाने-पीने की व्यवस्था के लिए कुक भी दो दिन पहले ही स्वराज भवन पहुंच गया था। राहुल ने यहां शाकाहारी भोजन किया। उनके खान-पान की व्यवस्था पहले से तय थी और कुक ने उसी के अनुसार भोजन तैयार किया। स्वराज भवन में राहुल गांधी ने कमला नेहरू ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ बैठक भी की। ट्रस्ट के सचिव मनीष उत्पल मौजूद रहे और भवन के भीतर की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभाली। एयरपोर्ट पर रोस्टेड ड्राईफ्रूट और चॉकलेट लेकर पहुंचे करीबी नेता राहुल गांधी के प्रयागराज पहुंचने पर एयरपोर्ट पर स्वागत के लिए पहुंचे कुछ करीबी कांग्रेस नेता उनके लिए रोस्टेड ड्राईफ्रूट और चॉकलेट लेकर आए थे। एयरपोर्ट पर राहुल ने ड्राईफ्रूट के साथ चॉकलेट भी खाई। स्वराज भवन में स्थानीय नेताओं की एंट्री पर रोक राहुल गांधी के स्वराज भवन पहुंचने के दौरान कांग्रेस के स्थानीय पदाधिकारियों और नेताओं को अंदर जाने की अनुमति नहीं थी। पहले योजना थी कि स्वराज भवन में ही पार्टी पदाधिकारियों को लाइनअप कराकर राहुल गांधी से मुलाकात कराई जाएगी। हालांकि समय की कमी के कारण यह कार्यक्रम नहीं हो सका। राहुल गांधी शाम करीब 6:55 बजे स्वराज भवन से केपी कॉलेज कार्यक्रम स्थल के लिए रवाना हुए। यहां उन्होंने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। कार्यक्रम के बाद करीब 7:55 बजे वह एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गए। दोपहर 1:35 बजे प्रयागराज पहुंचे, नेताओं ने किया स्वागत राहुल गांधी शनिवार दोपहर करीब 1:35 बजे बमरौली सिविल एयरपोर्ट पहुंचे। यहां कांग्रेस नेताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और बुके भेंट किए। स्वागत करने वालों में प्रभारी महासचिव राजेंद्र पाल गौतम, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय, सीएलपी लीडर आराधना मिश्रा, इलाहाबाद सांसद उज्ज्वल रमण सिंह, सांसद केएल शर्मा, राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत, पूर्व सांसद दानिश अली, एआईसीसी सचिव वरुण चौधरी, पूर्व एआईसीसी सचिव राजेश तिवारी, पूर्व विधायक विजय प्रकाश, शहर अध्यक्ष फुजैल हाशमी, पूर्व प्रवक्ता किशोर वाष्णेय, कौशांबी जिलाध्यक्ष गौरव पांडेय, मुकुंद तिवारी और सुधाकर तिवारी शामिल रहे। 35-40 हजार युवाओं के पहुंचने का अनुमान केपी कॉलेज ग्राउंड में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में करीब 35 से 40 हजार युवाओं के पहुंचने का अनुमान लगाया गया। हालांकि कार्यक्रम से पहले रजिस्ट्रेशन को लेकर किए गए दावों की तुलना में मौके पर भीड़ कम दिखाई दी। इसकी वजह स्पष्ट नहीं हो सकी। कार्यक्रम स्थल केपी कॉलेज ग्राउंड में तैयारियों में देरी के पीछे अनुमति को लेकर हुआ विवाद और बारिश प्रमुख कारण रहे। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, अनुमति कैंसिलेशन के विवाद से तैयारियां प्रभावित हुईं। इसके अलावा मैदान का एक हिस्सा काफी निचला होने के कारण बारिश का पानी भर गया था। इसे निकालने में आयोजकों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। शुक्रवार रात हुई तेज बारिश ने भी कार्यक्रम की तैयारियों में बाधा डाली। इसके बावजूद शनिवार को कार्यक्रम आयोजित हुआ और राहुल गांधी ने युवाओं से संवाद किया।
काशी में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से हालात गंभीर होते जा रहे हैं। रविवार को गंगा का जलस्तर 63.72 मीटर दर्ज किया गया। बीते 24 घंटे में करीब 46 सेंटीमीटर पानी बढ़ा है। शनिवार रात गंगा करीब 2 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही थीं। हालांकि केंद्रीय जल आयोग ने रविवार से जलस्तर बढ़ने की गति में कमी आने का अनुमान जताया है। गंगा के बढ़ते पानी से घाटों की तस्वीर बदल गई है। दशाश्वमेध, मीरघाट, ललिताघाट समेत कई प्रमुख घाटों का निचला हिस्सा पानी में डूब गया है। घाटों के बीच आने-जाने का संपर्क भी कई जगह टूट गया है। धार्मिक अनुष्ठान और अंतिम संस्कार के लिए पहुंचने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दशाश्वमेध घाट पर शनिवार को गंगा आरती का स्थान करीब 15 फीट पीछे करना पड़ा। पानी बढ़ने से मूल आरती स्थल जलमग्न हो गया। अब ऊंचाई वाले स्थान पर आरती कराई जा रही है। पुलिस और प्रशासन लगातार श्रद्धालुओं से निचले हिस्सों में नहीं जाने की अपील कर रहे हैं। मणिकर्णिका-हरिश्चंद्र घाट के निचले शवदाह स्थल तक पहुंचा पानी गंगा का पानी अब अंतिम संस्कार स्थलों तक पहुंच गया है। मणिकर्णिका घाट के निचले शवदाह स्थल तक पानी पहुंचने के बाद शनिवार देर शाम शवों के अंतिम संस्कार की तैयारी घाट की छत पर करनी पड़ी। हरिश्चंद्र घाट के निचले शवदाह स्थल तक भी पानी पहुंच गया है। इससे शवयात्रियों और अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में दोनों घाटों पर वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ सकती है। मीरघाट-ललिताघाट डूबे, कई रास्तों पर पानी बढ़ते जलस्तर का असर घाटों से जुड़े संपर्क मार्गों पर भी पड़ा है। मीरघाट और ललिताघाट का अधिकांश हिस्सा बाढ़ की चपेट में आ गया है। शीतला घाट से अहिल्याबाई घाट और वाराही घाट से त्रिपुराभैरवी घाट की ओर जाने वाले रास्तों पर पानी भर गया है। लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। फिलहाल दरभंगा घाट से बबुआ घाट तक का रास्ता खुला है। हालांकि जलस्तर और बढ़ने पर यह संपर्क मार्ग भी बंद होने की आशंका है। लाइफ जैकेट के बिना पर्यटक नहीं बैठेंगे गंगा में बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव को देखते हुए प्रशासन ने नाविकों के साथ बैठक की। नाव संचालन को लेकर सुरक्षा निर्देश जारी किए गए हैं। नाविकों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि लाइफ जैकेट के बिना किसी पर्यटक को नाव पर न बैठाया जाए। इसके अलावा नावों में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने पर भी सख्ती की चेतावनी दी गई है। अधिकारियों ने नाविकों से कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और किसी भी स्थिति में ओवरलोडिंग न की जाए। कई घाटों के बीच रास्ते बंद, पानी के बीच आवागमन को मजबूर लोग जलस्तर बढ़ने से मीरघाट और ललिताघाट का अधिकांश हिस्सा बाढ़ की चपेट में आ गया है। शीतला घाट से अहिल्याबाई घाट तथा वाराही घाट से त्रिपुराभैरवी घाट की ओर जाने वाले रास्तों पर पानी भर गया है। इन मार्गों से गुजरने वाले लोगों को पानी के बीच से होकर आवागमन करना पड़ रहा है। फिलहाल दरभंगा घाट से बबुआ घाट तक का रास्ता खुला हुआ है, लेकिन जलस्तर में और बढ़ोतरी होने पर यह संपर्क मार्ग भी बंद होने की आशंका है।
अम्बेडकरनगर में सरकारी स्कूलों की व्यवस्था में अब अभिभावकों की सीधी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। जिले के परिषदीय और पीएमश्री विद्यालयों में 1 नवंबर से नई विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) के गठन की प्रक्रिया शुरू होगी। यह समिति स्कूलों की व्यवस्थाओं, विकास कार्यों और संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल की प्राथमिकता तय करेगी, साथ ही अनुदान राशि के उपयोग पर भी नजर रखेगी। नई एसएमसी में कुल 15 सदस्य होंगे, जिनमें से 11 सदस्य विद्यार्थी-अभिभावक होंगे। समिति में महिलाओं की 50 प्रतिशत भागीदारी अनिवार्य की गई है। प्रत्येक कक्षा का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाएगा। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चयन अभिभावकों में से होगा, जिसमें एक पद महिला के लिए आरक्षित रहेगा। एएनएम और लेखपाल भी समिति के सदस्य होंगे, जबकि प्रधानाध्यापक सचिव की जिम्मेदारी संभालेंगे। जिले के 1591 परिषदीय और 20 पीएमश्री विद्यालयों में विद्यालय प्रबंधन समिति के नाम से संयुक्त बचत खाते खोले जाएंगे। इन खातों का संचालन समिति अध्यक्ष और प्रधानाध्यापक के संयुक्त हस्ताक्षर से होगा। समग्र शिक्षा के तहत मिलने वाली अनुदान राशि इन्हीं खातों में भेजी जाएगी, जिससे स्कूलों में छोटे-बड़े रखरखाव, मरम्मत और अन्य स्वीकृत कार्यों के लिए अलग से बजट का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। यह नई एसएमसी केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि विद्यालय की व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी भी करेगी। समिति स्कूल में बच्चों का नामांकन बढ़ाने और उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। शिक्षकों की उपस्थिति, मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता, आधारभूत सुविधाओं और विकास कार्यों की भी निगरानी की जाएगी। इसके साथ ही विद्यालय को मिलने वाली अनुदान राशि के सही इस्तेमाल पर भी समिति नजर रखेगी। बीएसए डॉ. पूनम मिश्रा ने बताया कि नई विद्यालय प्रबंधन समिति का चयन 1 नवंबर से खुली बैठक में सर्वसम्मति से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नवगठित समिति बच्चों के नामांकन, शिक्षकों की उपस्थिति और मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता में सुधार के साथ विद्यालय की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उन्नाव में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इससे तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। फतेहपुर चौरासी क्षेत्र के ग्राम दबौली के पास काली मिट्टी-शिवराजपुर मार्ग पर पिछले साल बाढ़ में कटा मुख्य रास्ता एक साल बाद भी नहीं बन पाया है। विभागीय अनदेखी के कारण हजारों ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले वर्ष बाढ़ के दौरान सड़क कटने के बाद सिंचाई विभाग ने कटान रोकने के लिए दीवार खड़ी कर दी, लेकिन लोक निर्माण विभाग (PWD) ने क्षतिग्रस्त मार्ग के पुनर्निर्माण पर ध्यान नहीं दिया। दबौली गांव के पास काली मिट्टी-शिवराजपुर मार्ग आसपास के ग्रामीणों के लिए कानपुर और कन्नौज से जुड़ने का प्रमुख रास्ता था। पिछले साल गंगा में आई बाढ़ के तेज बहाव के कारण सड़क का बड़ा हिस्सा कटकर नदी में समा गया था। ग्रामीणों की कई शिकायतों के बाद सिंचाई विभाग ने कटान रोकने के लिए दीवार तो बना दी, लेकिन सड़क का निर्माण नहीं कराया गया। मुख्य मार्ग बंद होने के कारण आसपास के गांवों के लोगों को अब आवागमन के लिए करीब 25 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। इसका सबसे अधिक असर किसानों, स्कूली बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और मरीजों पर पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग कई गांवों को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली जीवनरेखा है। एक साल बीत जाने के बाद भी रास्ता नहीं बनने से लोगों में नाराजगी है। गंगा फिर बढ़ी तो पुराने कटाव वाले स्थान पर बढ़ा खतरा ग्रामीण उमेश, सुरेश और महेंद्र ने बताया कि इस बार गंगा का जलस्तर फिर तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में पिछले वर्ष क्षतिग्रस्त हुए स्थान पर कटान दोबारा बढ़ने का खतरा बना हुआ है। अब कटान सड़क से आगे खेतों की ओर बढ़ने लगा है। यदि समय रहते बचाव कार्य नहीं किया गया तो खेतों को भी नुकसान हो सकता है। आसपास के आबादी क्षेत्र पर भी संकट बढ़ने की आशंका ग्रामीण जता रहे हैं। तटवर्ती इलाकों में बढ़ी दहशत, खेतों की ओर पहुंच रहा पानी डीएम घनश्याम मीणा के अनुसार, गंगा का जलस्तर बढ़ने से उन्नाव सदर, बांगरमऊ, सफीपुर और बीघापुर तहसील क्षेत्रों की गंगा कटरी में रहने वाले ग्रामीणों की चिंता बढ़ी है। तटवर्ती इलाकों में पानी बढ़ने के साथ ग्रामीण बाढ़ की आशंका को लेकर परेशान हैं। कई स्थानों पर गंगा का पानी खेतों की ओर बढ़ने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले अनुभव को देखते हुए इस बार भी बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन की तैयारियां पर्याप्त नजर नहीं आ रही हैं। अफसरों को सतर्क रहने के निर्देश, संवेदनशील क्षेत्रों का हो रहा निरीक्षण जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण कर मातहत अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जा रहे हैं। प्रशासनिक स्तर पर बाढ़ से निपटने की तैयारियां किए जाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, दबौली के ग्रामीणों का कहना है कि जब एक साल पहले बाढ़ में कटा प्रमुख मार्ग आज तक नहीं बन सका तो अचानक बढ़ते जलस्तर के बीच प्रशासन की तैयारियों पर भरोसा करना मुश्किल है। ग्रामीणों ने PWD और सिंचाई विभाग पर लगाया लापरवाही का आरोप स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण को लेकर PWD और कटान रोकने को लेकर सिंचाई विभाग ने गंभीरता नहीं दिखाई। ग्रामीणों के मुताबिक, यदि समय रहते सड़क का निर्माण करा दिया जाता और कटान रोकने के स्थायी इंतजाम किए जाते तो आज समस्या इतनी गंभीर नहीं होती। अब गंगा का जलस्तर फिर बढ़ने से पुराने कटाव वाले स्थान पर खतरा और बढ़ गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से काली मिट्टी-शिवराजपुर मार्ग के दबौली में क्षतिग्रस्त हिस्से का तत्काल निर्माण कराने की मांग की है। साथ ही गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए कटान रोकने के लिए प्रभावी और स्थायी बचाव कार्य कराने की मांग की है, ताकि सड़क के साथ खेतों और ग्रामीणों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके।
सुलतानपुर के धनपतगंज थाना क्षेत्र में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि गिरोह ने भारतीय खाद्य निगम (FCI) में नौकरी दिलाने का झांसा देकर अभ्यर्थियों से लाखों रुपये वसूले। ठगी को विश्वसनीय बनाने के लिए फर्जी मेडिकल और इंटरव्यू कराया गया। इसके बाद अभ्यर्थियों को जाली जॉइनिंग लेटर और गेट पास देकर गोंडा एफसीआई कार्यालय में जॉइन करने भेजा गया, जहां दस्तावेज फर्जी पाए गए। धनपतगंज थाना क्षेत्र के पीपरगांव निवासी गिरजाशंकर ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 19 दिसंबर 2019 को लखनऊ जाते समय बस में उनकी मुलाकात जयप्रकाश यादव निवासी वृंदावन योजना, लखनऊ और दिलीप कुमार मिश्रा से हुई। आरोप है कि जयप्रकाश यादव ने खुद को भारतीय खाद्य निगम का महामंत्री बताया। उसने दावा किया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर एफसीआई में 'सरदार मेडल हैंडलिंग श्रमिक' पदों पर सीधी भर्ती हो रही है। आरोपियों ने प्रति पद 3 लाख रुपये खर्च के बदले पक्की नौकरी, बैकडेट जॉइनिंग और एरियर दिलाने का भरोसा दिया। 11 परिचितों के साथ लखनऊ पहुंचा, 3-3 लाख में नौकरी का सौदा गिरजाशंकर अपने परिचितों गंगाराम, राकेश कुमार, राजेश कुमार, रातरानी, ताड़कनाथ, रविशंकर शर्मा, अखिलेश वर्मा, ओमप्रकाश, मिथलेश, धनंजय शर्मा और मंजीत कुमार के साथ आरोपियों के बताए पते पर लखनऊ के वृंदावन योजना क्षेत्र पहुंचे। वहां जयप्रकाश यादव के अलावा रामधवन पाल, सुरेशचन्द्र निवासी कुतुबपुर, जौनपुर, कैलाशचन्द्र निवासी सीतापुर, बृजेन्द्र श्रीवास्तव और बीरम सिंह चौधरी निवासी हाथरस भी मौजूद थे। आरोप है कि सभी ने अभ्यर्थियों को 3-3 लाख रुपये में नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया। एडवांस में लिए एक-एक लाख आरोप है कि 8 जनवरी 2020 को आरोपी स्कार्पियो से धनपतगंज के हड़ौरा बाजार पहुंचे और प्रत्येक अभ्यर्थी से एक-एक लाख रुपये एडवांस लिए। इसके बाद शेष रकम अलग-अलग तारीखों पर नकद, आरटीजीएस और फोन पे के माध्यम से ली गई। अभ्यर्थियों से रकम लेने के बाद उन्हें नौकरी मिलने का भरोसा दिलाया जाता रहा। गोंडा में कराया फर्जी मेडिकल पीड़ितों के मुताबिक, ठगी को वास्तविक भर्ती प्रक्रिया जैसा दिखाने के लिए 22 अगस्त 2022 को उन्हें गोंडा बुलाया गया। वहां जिला चिकित्सालय गोंडा में कथित तौर पर फर्जी तरीके से मेडिकल कराया गया। इसके बाद झूलेलाल धर्मशाला में फर्जी इंटरव्यू आयोजित किया गया। इस दौरान अभ्यर्थियों से एक-एक ब्लैंक चेक भी लिए गए। इसके बाद 20 सितंबर 2022 को अभ्यर्थियों को गांधी पार्क में बुलाया गया। आरोप है कि वहां फर्जी रजिस्टर तैयार कराए गए और 10 रुपये के स्टाम्प पेपर पर अभ्यर्थियों के हस्ताक्षर कराए गए। इसके बाद अभ्यर्थियों को फर्जी जॉइनिंग लेटर और गेट पास दिए गए और उन्हें गोंडा स्थित एफसीआई में जॉइन करने के लिए कहा गया। 30 सितंबर 2022 को जब पीड़ित भारतीय खाद्य निगम के गोंडा कार्यालय पहुंचे तो वहां अधिकारियों ने जॉइनिंग लेटर को फर्जी बताया। इसके बाद सभी आरोपियों के मोबाइल फोन बंद हो गए। कार्यालय पहुंचने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी का आरोप पीड़ितों के अनुसार, इसके बाद वे लखनऊ के वृंदावन चौकी क्षेत्र में आरोपियों के कार्यालय पहुंचे। आरोप है कि वहां आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की नीयत से दौड़ा लिया। हंगामा होने के बाद आरोपियों ने रविशंकर शर्मा को 30 लाख रुपये और कमलेश को 10 लाख रुपये का चेक दिया। हालांकि, बैंक खाते में पर्याप्त रकम नहीं होने के कारण दोनों चेक बाउंस हो गए। पीड़ितों का आरोप है कि लखनऊ की वृंदावन कोतवाली और धनपतगंज थाने में सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने उच्चाधिकारियों से शिकायत की। उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद धनपतगंज थाने में आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी समेत संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। उपनिरीक्षक राकेश कुमार मौर्य को सौंपी गई जांच धनपतगंज पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। विवेचना की जिम्मेदारी धनपतगंज थाने के उपनिरीक्षक राकेश कुमार मौर्य को सौंपी गई है। पुलिस आरोपों, पैसों के लेन-देन और फर्जी दस्तावेजों से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
फतेहाबाद जिले के भट्टू कलां थाना क्षेत्र के गांव किरढ़ान स्थित फोरमोस्ट मेडिटेक प्राइवेट लिमिटेड के गोपनीय डेटा, सॉफ्टवेयर, सोर्स कोड और डिजाइन फाइलों की चोरी कर हूबहू मेडिकल प्रोडक्ट तैयार करने के मामले में पुलिस ने 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। कंपनी के मैनेजर ओमप्रकाश की शिकायत पर कोर्ट में परिवाद दायर किया गया है। कोर्ट ने भट्टू कलां थाना पुलिस को एफआईआर दर्ज कर जांच के आदेश दिए। इसके बाद पुलिस ने अब केस दर्ज कर जांच शुरू की है। शिकायत में कंपनी मैनेजर ओमप्रकाश ने बताया कि उनकी कंपनी आईसीयू, वेंटिलेटर सहित मेडिकल प्रोडक्ट तैयार करती है और इनके निर्माण के लिए कंपनी ने अपना सॉफ्टवेयर विकसित किया हुआ है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि मामले में नामजद सभी आरोपी कभी न कभी कंपनी में कर्मचारी रहे हैं। आरोपियों में बिहार के सिवान जिले के बंगरा निवासी अभिषेक कुमार, पानीपत के काबड़ी रोड स्थित गोल्डन खैनी निवासी सन्नी कुमार, गुरुग्राम निवासी मुकेश कुमार, दिल्ली के दक्षिण-पश्चिमी जिले के भारथल-बगडोला निवासी दीपक कुमार, गुरुग्राम जिले के फर्रुखनगर तहसील के मेहचाना गांव निवासी जिले सिंह, गुरुग्राम के पटेल नगर महरौली रोड निवासी अश्वनी कुमार शामिल हैं। डीलर ने बताया- बाजार में कंपनी जैसा ही सामान बिक रहा शिकायत के मुताबिक, इसी साल मार्च महीने में कंपनी के एक डीलर ने बताया कि बाजार में उनकी कंपनी जैसा ही दूसरा सामान उपलब्ध है। इसके बाद कंपनी ने अपने स्तर पर जांच की। आरोप है कि पूर्व कर्मचारी अश्वनी कुमार ने गुरुग्राम में ब्रीथोवेंट मेडिटेक और मुकेश कुमार ने ब्रेथएक्स सिस्टम नाम से कंपनी बनाकर फोरमोस्ट मेडिटेक के समान प्रोडक्ट तैयार कर बाजार में बेचना शुरू कर दिया। 13 लाख रुपए में डेटा बेचने का आरोप लगाया अभिषेक कुमार ने कंपनी का गोपनीय डेटा, सॉफ्टवेयर, सोर्स कोड, डिजाइन फाइलें, तकनीकी जानकारी और ट्रेड सीक्रेट की पेन ड्राइव में अनधिकृत कॉपी तैयार की। आरोप है कि यह डेटा करीब 13 लाख रुपए में मुकेश कुमार और अश्वनी कुमार को बेचा गया। इतने कम समय में समान मेडिकल प्रोडक्ट के लिए नया सॉफ्टवेयर तैयार करना संभव नहीं था, इसलिए डेटा चोरी कर उसका इस्तेमाल किए जाने का संदेह हुआ। 6 अप्रैल को पुलिस को दी शिकायत, कार्रवाई नहीं होने पर कोर्ट पहुंचे कंपनी की ओर से 6 अप्रैल को थाना भट्टू कलां में शिकायत दी गई थी। शिकायत के अनुसार पुलिस ने आरोपियों को बुलाया, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इसके बाद सीएम विंडो फतेहाबाद में भी शिकायत दी गई, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर कंपनी के मैनेजर ने जुलाई महीने में कोर्ट में परिवाद दायर किया। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद अब भट्टू पुलिस को केस दर्ज कर जांच करने के आदेश दिए हैं। 11 धाराओं में दर्ज हुआ केस पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ 11 धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। जिनमें बीएनएस, आईटी एक्ट और कॉपीराइट एक्ट की धाराएं शामिल हैं। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(2), 318(4), 303, 61(2), 3(5), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 43, 66, 72 तथा कॉपीराइट एक्ट की धारा 51, 63 और 65 के तहत केस दर्ज किया है।
सच्ची बात, बेधड़क। दैनिक भास्कर भोपाल संस्करण के 68 वर्ष पूरे होने पर हम 11 दिन तक हर सुबह भोपाल की नई कहानी, अनदेखे पहलू की एक विशेष श्रृंखला लेकर आए हैं। हम आपको भोपाल के सबसे बड़े बदलावों, शहर को जीवन देने वाली धरोहरों पर विशेषज्ञों के मंथन, पुराने दस्तावेजों और दुर्लभ अभिलेखों की पड़ताल से निकले अनकहे सच, तथ्यों पर आधारित एक्सक्लूसिव खुलासों और दुर्लभ तस्वीरों के संग्रह से रूबरू कराएंगे। पढ़िए आज की कहानी… भोपाल की सबसे ताकतवर महिला शासक सिकंदर बेगम उस दिन अपने ही महल में घिर गई थीं। बाहर कोई दुश्मन सेना नहीं थी, बल्कि भोपाल रियासत के अपने सैनिक हथियार लेकर खड़े थे। मध्य दिसंबर 1857 में बागी फौजियों ने मोती महल (वर्तमान सदर मंजिल परिसर) को चारों ओर से घेर लिया। यह पहला अवसर था, जब रियासत की अपनी सेना ने सीधे सत्ता को चुनौती दी। सैनिकों ने बना ली सिपाही बहादुर सरकार 1857 की क्रांति की लपटें तब मध्य भारत तक पहुंच चुकी थीं। सीहोर में विद्रोही सैनिकों ने ‘सिपाही बहादुर सरकार’ बना ली थी और उसका असर भोपाल की सेना पर भी साफ दिखने लगा था। इसी माहौल में सैनिकों ने मोती महल के मुख्य द्वारों पर पहरा बैठा दिया और भीतर-बाहर आने-जाने पर रोक लगा दी। सैनिकों का गुस्सा सिर्फ अंग्रेज समर्थक नीति को लेकर नहीं था। महीनों से उनका वेतन और दैनिक भत्ता बकाया था। उस समय हवलदार को 2 आना, सिपाही को डेढ़ आना और खलासी को 1 आना प्रतिदिन भत्ता मिलता था। यह नाराजगी पहले ही खुलकर सामने आ चुकी थी। रिसालदार जुम्मन खान के नेतृत्व वाली टुकड़ी ने गढ़ी अंबापानी अभियान पर जाने से साफ इनकार कर दिया था। सैनिकों ने दो टूक कहा कि जब तक वेतन और दैनिक भत्तों का पूरा भुगतान नहीं होगा, वे कोई सैन्य सेवा नहीं देंगे। यही असंतोष कुछ दिनों बाद मोती महल की घेराबंदी में बदल गया। जब बेगम को खिड़की पर आना पड़ामहल चारों ओर से घिर चुका था। टकराव कभी भी हिंसक रूप ले सकता था। ऐसे में सिकंदर बेगम ने बल प्रयोग के बजाय बातचीत का रास्ता चुना। वे महल की खिड़की पर आईं और बागी सैनिकों से सीधे संवाद किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों पर तुरंत फैसला होगा। अगले ही दिन रियासत ने सैनिकों को ‘दो माहे’ यानी दो महीने का बकाया वेतन और अन्य देय राशि का भुगतान कर दिया। (स्रोत : शाहनवाज खान लिखित पुस्तक ‘सिपाही बहादुर’। इसे मप्र सरकार के स्वराज संस्थान संचालनालय ने प्रकाशित किया है।) ------------ कल पार्ट-4 में पढ़िए एक नई कहानी
हरदोई पुलिस श्रावणमास और महाशिवरात्रि पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रख रही है। इसी क्रम में, पुलिस अधीक्षक अशोक मीणा ने शनिवार 8 अगस्त की देर रात से रविवार 9 अगस्त की मध्य रात्रि तक कई थाना क्षेत्रों का औचक भ्रमण किया। उन्होंने पिहानी, हरियावां, बेहटागोकुल और शाहाबाद क्षेत्रों में सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया और ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। एसपी ने पिहानी और हरियावां थाना क्षेत्रों का दौरा कर कांवड़ यात्रा तथा सावन के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए की गई पुलिस तैयारियों का निरीक्षण किया। इसके उपरांत, उन्होंने बेहटागोकुल और शाहाबाद थाना क्षेत्रों में भी सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान, उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से उनकी तैनाती स्थलों और क्षेत्र में सुरक्षा इंतजामों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सावन और महाशिवरात्रि के दौरान मंदिरों, प्रमुख धार्मिक स्थलों और कांवड़ियों के आवागमन वाले मार्गों पर विशेष सतर्कता बरती जाए। उन्होंने भीड़भाड़ वाले स्थानों पर निरंतर निगरानी रखने और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रबंध करने पर जोर दिया। कांवड़ियों के मार्ग में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए पुलिसकर्मियों को लगातार भ्रमणशील रहने के निर्देश दिए गए। एसपी ने स्पष्ट किया कि ड्यूटी में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के आदेश दिए। किसी भी सूचना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो, इसके लिए स्थानीय पुलिस और संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करने को कहा गया। एसपी मीणा के इस देर रात के भ्रमण से स्पष्ट है कि पुलिस सावन और महाशिवरात्रि पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में कोई ढिलाई नहीं बरतना चाहती। अधिकारियों को लगातार क्षेत्र में भ्रमण करने और मौके की स्थिति पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस का मुख्य ध्यान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, कांवड़ियों की सुगम आवाजाही और कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर केंद्रित है।
हरदोई शहर से लगभग 8 किलोमीटर दूर बिलग्राम रोड पर स्थित फर्दापुरब्रम्हदेव आश्रम श्रावण मास में आस्था और सेवा का प्रमुख केंद्र बन जाता है, करीब 114 साल पुराने इस आश्रम में पिछले 14 वर्षों से लगातार पूरे श्रावण मास के दौरान भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। यह भंडारा एक महीने तक दिन-रात चलता है,जहां श्रद्धालुओं की सेवा की जाती है।श्रावण मास शुरू होते ही आश्रम में भक्तों और कांवड़ियों की भीड़ बढ़ जाती है। भगवान शिव के धाम की ओर जाने वाले कांवड़ यात्री यहां रुककर प्रसाद ग्रहण करते हैं। स्थानीय लोग भी इस सेवा कार्य में सक्रिय रूप से योगदान देते हैं। वे भंडारे की व्यवस्था संभालते हैं और आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा में लगे रहते हैं। आश्रम में पहुंचने वाले प्रत्येक व्यक्ति को श्रद्धापूर्वक भोजन कराया जाता है। कांवड़िये बिलग्राम थाना क्षेत्र के राजघाट गंगाजी से गंगाजल भरकर अपनी यात्रा प्रारंभ करते हैं। इसके बाद वे थाना बेहटागोकुल क्षेत्र में स्थित सुप्रसिद्ध शिव संकट सकाहा मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं। इस धार्मिक यात्रा के दौरान फर्दापुर का ब्रह्मदेव आश्रम कांवड़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण सेवा और विश्राम स्थल के रूप में कार्य करता है। फर्दापुर ब्रह्मदेव आश्रम की एक अनूठी विशेषता यह है कि यहां हिंदू समाज के साथ-साथ मुस्लिम समाज के लोगों की भी गहरी आस्था जुड़ी हुई है। श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर यहां आते हैं और मान्यता पूरी होने पर दोबारा आकर अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं। आश्रम में मुंडन संस्कार भी आयोजित किए जाते हैं। आश्रम के पास से गुजरने वाले राहगीर भी अपने वाहन रोककर ब्रह्मदेव बाबा के दरबार में मत्था टेकते हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि यहां माथा टेकने से यात्रा निर्विघ्न रहती है और किसी भी अनहोनी की आशंका नहीं रहती। श्रावण मास में कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन भी व्यवस्थाओं को लेकर सतर्क रहता है। इस प्रकार, फर्दापुर का यह प्राचीन आश्रम श्रावण मास में केवल भंडारे का केंद्र नहीं, बल्कि सेवा, विश्वास और सामाजिक सद्भाव की एक ऐसी परंपरा बन जाता है, जिसमें समाज के हर वर्ग के लोग अपनी भागीदारी सुनिश्चित करते हैं।
सावन का लगभग आधा महीना बीतने को है, लेकिन कोटावासियों को तेज बारिश का इंतजार अभी भी बना हुआ है। मौसम विभाग की ओर से लगातार भारी बारिश का अलर्ट किया जा रहा है, लेकिन हकीकत में मानसून कोटा में रिमझिम फुहारों तक सिमट कर रह गया है। वहीं, शनिवार को शहर में कहीं बारिश तो कहीं तेज धूप नजर आई। एक किलोमीटर के दायरे में कहीं लोग बारिश से बचने जगह ढूंढ रहे थे, तो थोड़ी ही दूरी पर तीखी धूप खिली हुई थी। रविवार को भी सुबह आसमान में बादल तो हैं लेकिन बारिश की उम्मीद कम ही है। बारिश न होने और बीच-बीच में धूप खिलने के कारण कोटा के तापमान में एक ही दिन में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शुक्रवार को जहां पारा 30.5 डिग्री था, वहीं शनिवार को करीब ढाई डिग्री उछलकर 33 डिग्री पर पहुंच गया। रात का तापमान भी 2 डिग्री बढ़कर 24.4 डिग्री से 26.8 डिग्री दर्ज किया गया।चौबीस घंटों में शहर में केवल 0.6 मिमी बारिश ही दर्ज हो सकी। कोटा में इस मानसून सीजन में अब तक कुल 222.3 मिमी बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है। जयपुर मौसम केंद्र के अधिकारियों के अनुसार, कोटा संभाग और आसपास के क्षेत्रों में वर्तमान में एक कम दबाव का परिसंचरण तंत्र बना हुआ है। इसके प्रभाव से मानसून लगातार सक्रिय बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बादलों की आवाजाही बनी हुई है और 12 अगस्त तक कोटा संभाग में बारिश की गतिविधियों में तेजी आने और मूसलाधार बारिश होने की संभावना है।
बीएचयू में पीजी की 356 सीटें खाली:52 आवेदन निरस्त, 304 ने प्रवेश नहीं लिया; अब वापस मिलेगी पूरी फीस
काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में स्नातकोत्तर (PG) पाठ्यक्रमों की प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो गई है। मुख्य परिसर और संबद्ध महाविद्यालयों में प्रवेश के अंतिम चरण के बाद कुल 356 सीटें खाली रह गईं। इनमें 52 अभ्यर्थियों के आवेदन अधूरे होने या प्रमाणपत्रों में त्रुटि पाए जाने के कारण प्रवेश निरस्त हुआ। वहीं 304 अभ्यर्थियों ने सीट आवंटित होने के बावजूद प्रवेश नहीं लिया। विश्वविद्यालय के अनुसार, कुछ छात्रों को मनचाहा विषय या ब्रांच नहीं मिली। कुछ को दूसरे केंद्र या संस्थान में प्रवेश मिल गया, जबकि कई छात्रों ने घर के नजदीक संस्थान को प्राथमिकता देते हुए BHU की सीट छोड़ दी। 150 PG पाठ्यक्रमों के लिए चार राउंड, स्पॉट और मॉपअप से भरने की कोशिश BHU ने इस साल 13 संकायों में संचालित करीब 150 PG पाठ्यक्रमों की प्रवेश प्रक्रिया को सामान्य और प्रैक्टिकल आधारित पाठ्यक्रमों में बांटकर पूरा किया। 123 सामान्य पाठ्यक्रमों के लिए चार सामान्य प्रवेश राउंड हुए। वहीं 27 प्रैक्टिकल आधारित पाठ्यक्रमों के लिए दो राउंड आयोजित किए गए। इसके बाद खाली सीटों को भरने के लिए दो स्पॉट राउंड और अंत में एक मॉपअप राउंड कराया गया। इसके बावजूद प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद 356 सीटें खाली रह गईं। 28 जुलाई तक विभागों में रिपोर्टिंग, 30 जुलाई से शुरू हुईं कक्षाएं प्रवेश के सभी चरण पूरे होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने 28 जुलाई तक चयनित अभ्यर्थियों की फिजिकल रिपोर्टिंग पूरी करा ली। इसके बाद नए शैक्षणिक सत्र की कक्षाएं 30 जुलाई से शुरू कर दी गईं। फिजिकल रिपोर्टिंग के दौरान उन अभ्यर्थियों की स्थिति स्पष्ट हुई, जिनका प्रवेश निरस्त हुआ या जिन्होंने आवंटित सीट पर प्रवेश नहीं लिया। BHU केंद्रीय प्रवेश समिति के समन्वयक प्रो. भास्कर भट्टाचार्य ने बताया कि प्रवेश के विभिन्न राउंड में अभ्यर्थियों को सीट कैंसिल करने का विकल्प भी दिया जाता है। सीट छोड़ने पर अगले चरण में वही सीट दूसरे पात्र अभ्यर्थी को आवंटित कर दी जाती है। उन्होंने बताया कि सीट छोड़ने के कारण अलग-अलग हो सकते हैं। कई अभ्यर्थियों को मनचाहा विषय नहीं मिलता, कुछ दूसरे केंद्र या संस्थान में प्रवेश ले लेते हैं, जबकि कुछ छात्र घर के नजदीक संस्थान को प्राथमिकता देते हैं। सामान्य वर्ग के 157 अभ्यर्थियों ने छोड़ी सीट, OBC के 52 आंकड़ों के अनुसार, प्रवेश नहीं लेने वाले 356 अभ्यर्थियों में सबसे ज्यादा 157 सामान्य वर्ग के हैं। इसके अलावा OBC के 52 और SC के 40 अभ्यर्थियों ने आवंटित सीट पर प्रवेश नहीं लिया। वहीं ST और EWS के 22-22 अभ्यर्थियों ने सीट छोड़ दी। दिव्यांग श्रेणी के 15 अभ्यर्थियों ने भी प्रवेश नहीं लिया। बाकी अभ्यर्थी BHU वार्ड समेत विश्वविद्यालय में लागू अन्य कोटे और श्रेणियों से संबंधित हैं। विश्वविद्यालय ने प्रवेश प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में खाली सीटों को अगले राउंड में पात्र अभ्यर्थियों को आवंटित करने की व्यवस्था की थी। फीस जमा कर सीट नहीं ली तो पूरी राशि वापस होगी BHU की प्रवेश नियमावली के तहत फीस वापसी का भी प्रावधान है। जिन अभ्यर्थियों ने प्रवेश प्रक्रिया के दौरान फीस जमा की, लेकिन बाद में किसी कारण से आवंटित सीट पर प्रवेश नहीं लिया, उन्हें नियमानुसार पूरी फीस वापस की जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, PG प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद सीट छोड़ने वाले अभ्यर्थियों की फीस वापसी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यानी फीस जमा करने के बावजूद प्रवेश नहीं लेने वाले छात्रों को नियमानुसार जमा पूरी राशि वापस मिलने का रास्ता साफ है।
रायगढ़ के SECL छाल उपक्षेत्र की धरमखदान में चोरों ने करीब 1.20 लाख रुपए के सामान पर हाथ साफ कर दिया। आरोपियों ने ट्रांसफार्मर के पार्ट्स, केबल, पानी पंप के पार्ट्स और लोहे के पाइप चोरी करने के साथ ट्रांसफार्मर को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। मामले में पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी का सामान और 3 बाइक बरामद की है। मामला छाल थाना क्षेत्र का है। छाल उपक्षेत्र के सुरक्षा प्रहरी दिलीप कुमार राठिया ने शुक्रवार को छाल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि गुरुवार रात करीब 8 बजे से 11 बजे के बीच धरमखदान में लगे ट्रांसफार्मर के पार्ट्स, ट्रांसफार्मर केबल, पानी पंप के पार्ट्स और लोहे के पाइप चोरी कर लिए गए। चोरी गए सामान की कुल कीमत करीब 1 लाख 20 हजार रुपए बताई गई। घटना के दौरान ट्रांसफार्मर को भी क्षतिग्रस्त किया गया था। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। खेदापाली चौक के पास मिले संदिग्ध जांच के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि खेदापाली चौक के पास कुछ संदिग्ध लोग लोहे के पाइप, ट्रांसफार्मर केबल और अन्य लोहे का सामान बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी कर 6 संदिग्धों को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों की पहचान दीपक पात्रो (42), निवासी राताखार वार्ड क्रमांक 3, कोरबा, शनिचराम अरमु (22), छतन धनवार (28), रूपभवन सिंह उइके (28), टुपाल सिंह मरावी (23) और भारत सिंह मरकाम, सभी निवासी जिला कोरबा, के रूप में हुई। मांड नदी किनारे छिपाया था चोरी का सामान पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने गुरुवार रात धरमखदान से ट्रांसफार्मर के पार्ट्स, केबल, पानी पंप की बॉडी और लोहे के पाइप चोरी करना स्वीकार किया। आरोपियों ने बताया कि चोरी के सामान को आपस में बांट लिया था। सामान और घटना में इस्तेमाल बाइक को चंद्रशेखरपुर (एडू) स्थित धरमखदान डंपिंग यार्ड के पीछे मांड नदी के किनारे छिपाकर रखा था। आरोपियों के बयान के आधार पर पुलिस ने मामले में संगठित अपराध से संबंधित धारा 112(2) और 3(5) BNS भी जोड़ी। आरोपियों की निशानदेही पर सामान बरामद छाल पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी का सामान और घटना में इस्तेमाल वाहन बरामद किए। शनिचराम अरमु के कब्जे से लोहे के पाइप और ट्रांसफार्मर केबल वायर, दीपक पात्रो के कब्जे से लोहे के पाइप, ट्रांसफार्मर केबल वायर, स्प्लेंडर बाइक और आरी ब्लेड बरामद किया गया। भारत सिंह मरकाम के कब्जे से लोहे के पाइप और बजाज बाइक, टुपाल सिंह मरावी के कब्जे से लोहे के पाइप और HF Deluxe बाइक, रूपभवन सिंह उइके के कब्जे से पानी पंप की 2 लोहे की बॉडी और छतन धनवार के कब्जे से ट्रांसफार्मर के 2 एंगल बरामद किए गए। पुलिस ने करीब 1 लाख 20 हजार रुपए का चोरी का सामान और 3 बाइक जब्त की हैं। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें रिमांड पर भेज दिया गया। चोरी और संगठित अपराध पर सख्त कार्रवाई SSP शशि मोहन सिंह ने कहा कि चोरी, संपत्ति संबंधी अपराध और संगठित अपराध में शामिल आरोपियों के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। ऐसे मामलों में शामिल लोगों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस टीमों को तत्काल पतासाजी कर आरोपियों की गिरफ्तारी और चोरी की संपत्ति की शत-प्रतिशत बरामदगी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
लुधियाना में भारत की सबसे प्रतिष्ठित और घरेलू नाम बन चुकी सिलाई मशीन कंपनी ऊषा के ग्राहकों के साथ एक बहुत बड़े धोखे का मामला सामने आया है। लंबे समय से बाजार में कंपनी के नाम पर एक बड़ा फर्जीवाड़ा चल रहा था, जिसका अब लुधियाना पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। ब्रांड के नाम का फायदा उठाकर ग्राहकों की जेब पर डाका डालने वाले इस विवादित सिंडिकेट का भंडाफोड़ तब हुआ, जब पुलिस ने शहर के एक पॉश इलाके में सीधे रेड मारी। पुलिस स्टेशन सराभा नगर की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। बीआरएस नगर के एल-ब्लॉक स्थित मकान नंबर 211 में यह गोरखधंधा चल रहा था। आरोपी की पहचान मुहम्मद रियाज़ के रूप में हुई है। कैसे हुआ इस बड़े विवाद का खुलासा? इस पूरे नेक्सस का पर्दाफाश तब हुआ जब ऊषा कंपनी के स्पेशल इन्वेस्टिगेशन में बतौर मैनेजर काम करने वाले अरुण माथुर को इस धोखाधड़ी की भनक लगी। उन्होंने पुलिस को दिए अपने बयान में स्पष्ट किया कि उन्हें पुख्ता खुफिया जानकारी मिली थी कि मुहम्मद रियाज, ऊषा कंपनी का जाली मार्का लगाकर नकली सिलाई मशीनें मार्केट में सप्लाई कर रहा है। यह सीधे तौर पर देश की इतनी बड़ी कंपनी की साख और ग्राहकों के भरोसे के साथ एक बड़ा खिलवाड़ था। पुलिस रेड में क्या-क्या हुआ बरामद? कॉपीराइट एक्ट के तहत FIR दर्ज, आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने तुरंत कड़ा एक्शन लिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में आरोपी मुहम्मद रियाज़ को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने 08 अगस्त 2026 को FIR नंबर 220 के तहत कॉपीराइट एक्टकी धारा 63 और 65 के तहत मामला दर्ज किया है। इस बड़े मामले की आगे की तहकीकात सब-इंस्पेक्टर (SI) राम किशन को सौंपी गई है।
टोंक में अवैध जल कनेक्शन काटने पहुंची जलदाय विभाग की टीम के साथ दिव्यांग टीचर और उसकी पत्नी ने मारपीट की। दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और एक कर्मचारी की बाइक गिरा दिया। टीम जान बचाकर वहां से लौट गई। इसके बाद देर शाम जेईएन ने पुलिस में रिपोर्ट दी, जबकि आरोपी पक्ष भी जलदाय विभाग की टीम के खिलाफ शिकायत लेकर थाने पहुंचा। घटना सदर थाना क्षेत्र की द्वारिका नगरी शनिवार शाम करीब 5 बजे हुई। फोटोज में देखें… अवैध कनेक्शन काटने पहुंची थी टीम जेईएन सुमन पटेल की रिपोर्ट के अनुसार, कुछ दिन पहले इलाके में अवैध नल कनेक्शनों का सर्वे किया गया था। इसमें कुछ कनेक्शन अवैध मिले थे। इन्हीं कनेक्शनों को काटने के लिए सुबह करीब साढ़े बजे जेईएन सुमन पटेल, फीटर सुशील कुमार वर्मा और सुपरवाइजर मोरवाल कुमावत गए थे। टीचर ने फीटर पर लकड़ी से हमला किया, टीम लौट गई टीम आरोपी टीचर नेनू लाल गुर्जर के मकान के सामने पहुंची और उसे आवाज लगाई। इसके बाद नेनू लाल और उसकी पत्नी कविता गुर्जर बाहर आए। टीम ने उन्हें बताया कि उनके मकान पर अवैध जल कनेक्शन लगा हुआ है। इस पर दोनों पति-पत्नी झगड़ा करने लगे। आरोप है कि टीचर नेनू ने फीटर सुशील कुमार वर्मा पर लकड़ी से हमला कर दिया। इसके बाद जलदाय विभाग की टीम वापस कार्यालय लौट गई। शाम को दोबारा पहुंची टीम, पति-पत्नी ने फिर मारपीट की जलदाय विभाग की टीम शाम करीब 4 बजे दोबारा मौके पर पहुंची और अवैध नल कनेक्शन काटने की तैयारी करने लगी। इसी दौरान नेनू लाल और उसकी पत्नी कविता वहां आ गए और टीम के साथ मारपीट शुरू कर दी। दोनों आरोपियों ने टीम के सदस्यों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। मारपीट के दौरान टीम के एक सदस्य की बाइक भी गिराकर नुकसान पहुंचाया गया। कर्मचारी किसी तरह जान बचाकर वहां से भागकर आए। टीचर की पत्नी ने इंजीनियर के साथ मारपीट की शाम को मौके पर पहुंची टीम में जेईएन सुमन पटेल के अलावा इंजीनियर अभिमन्यु जैना, इंजीनियर राहुल सांखला, इंजीनियर शिवराज पहाड़िया और इंजीनियर तुलसीराम चौधरी शामिल थे। आरोप है कि टीचर की पत्नी कविता ने इंजीनियर शिवराज पहाड़िया के साथ ज्यादा मारपीट की। JEN ने दी रिपोर्ट, आरोपी पक्ष भी थाने पहुंचा घटना के बाद देर शाम जलदाय विभाग की जेईएन सुमन पटेल ने सदर थाने में रिपोर्ट दी। सदर थाना प्रभारी अंकेश कुमार ने बताया कि जेईएन की रिपोर्ट पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। आरोपी पक्ष भी जलदाय विभाग की टीम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने थाने पहुंचा है। पुलिस दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर मामले की जांच कर रही है। टोंक सदर थाना प्रभारी अंकेश कुमार ने बताया कि नेनू लाल गुर्जर को बीती देर रात को ही शांति भंग करने पर। गिरफ्तार कर किया है। नेनू लाल इस कॉलोनी में किराए से सपरिवार रहता है। नेनू लाल ने तो रिपोर्ट नहीं दी, लेकिन नेनू लाल के मकान मालिक ने बीती देर रात को एक रिपोर्ट दी है। जिसमें बताया गया कि कई लोग उसके मकान में आए और मेरे किरायदार नेनू लाल और उसके परिवार के साथ मारपीट की। पुलिस ने इसकी भी जांच शुरू कर दिया है।
इंदौर के रेवती रेंज में रविवार को 51 हजार पौधों का रोपण किया जाएगा। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत होने वाले इस आयोजन में भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय समेत कई जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। खास बात यह है कि रेवती रेंज में साल 2024 में भी बड़े स्तर पर पौधारोपण किया गया था। उस दौरान इंदौर की जनता की भागीदारी से 12 लाख 41 हजार 17 पौधे लगाए गए थे, जिसके लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया था। 2024 में लगाए पौधों की री-काउंटिंग अब 2024 में लगाए गए पौधों की री-काउंटिंग कराई जा रही है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि इनमें से कितने पौधे सुरक्षित और जीवित हैं। यदि बड़ी संख्या में पौधे जीवित पाए जाते हैं तो इसे एक और विश्व रिकॉर्ड की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा सकता है। आयोजकों ने लोगों से अपील की है कि वे रेवती रेंज पहुंचकर 2024 में लगाए गए पौधों की री-काउंटिंग के साक्षी बनें और एक पौधा लगाकर हरित अभियान से जुड़ें। शनिवार को भी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत रेवती रेंज में पौधारोपण किया।
चर्चित जयपुर कॉट्योर शो सीजन-14 की मानसरोवर स्थित होटल में भव्य आगाज हुआ। रॉयल राजस्थान की विरासत, आधुनिक फैशन की क्रिएटिविटी और बॉलीवुड ग्लैमर से सजे पहले दिन के शो में देशभर से आए डिजाइनर्स ने अपने आकर्षक कलेक्शन प्रस्तुत किए। देशभर के डिजाइनर्स और 60 प्रोफेशनल मॉडल्स की भागीदारी वाले इस फैशन फेस्टिवल में अलग-अलग थीम और डिजाइन लैंग्वेज ने रैंप को फैशन की रंगीन दुनिया में बदल दिया। वहीं, बॉलीवुड और मनोरंजन जगत की चर्चित हस्तियों ने शोस्टॉपर के रूप में रैंप पर उतरकर आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया। एंकर ने दर्शकों का स्वागत करते हुए जयपुर कॉट्योर शो की शुरुआत की। शो के संस्थापक एवं निदेशक गौरव गौड़ ने आयोजन की रूपरेखा और इसकी खासियतों से परिचित कराया। क्रिएटिव फैशन ने रैंप पर दिखाई अपनी अलग पहचान पहले दिन के शो में डिजाइनर्स ने पारंपरिक भारतीय शिल्प, रॉयल एस्थेटिक्स और समकालीन फैशन को अलग-अलग अंदाज में प्रस्तुत किया। हर सीक्वेंस में डिजाइनर्स की अपनी क्रिएटिव सोच और कलेक्शन की अलग पहचान देखने को मिली। ट्रेडिशनल सिल्हूट से लेकर मॉडर्न स्टाइलिंग तक, रैंप पर फैशन के कई रंग नजर आए। पहले यहां देखिए फोटोज… चारू पाराशर के कलेक्शन से ग्रैंड ओपनिंग हुई, जिसकी शोस्टॉपर शेफाली बग्गा रहीं। इसके बाद ‘पांचे ब्यूटी बाय नीलम जांगीर’ के सीक्वेंस में सपना सिकरवार, ‘रुखनमन जोधपुर बाय दशरत सिंह सोढ़ा’ के कलेक्शन में ईशा शाह और मावली कॉट्योर के सीक्वेंस में अदिति सनवाल ने रैंप पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। फैशन सीक्वेंस आगे बढ़ने के साथ रैंप पर डिजाइन और स्टाइल की विविधता देखने को मिली। आलोक अग्रवाल के कलेक्शन में तनु चौधरी, विपिन अग्रवाल के सीक्वेंस में निशा चौहान, राग बाय रश्मि में श्रिष्टी केसी खत्री, हाउस ऑफ इंडिया में स्वाति जांगिड़ और शाहिद अफरीदी के सीक्वेंस में रिया सुलेड़िया शोस्टॉपर रहीं। बॉलीवुड शोस्टॉपर्स ने बढ़ाया फैशन का ग्लैमर जयपुर कॉट्योर शो सीजन-14 के पहले दिन का सबसे बड़ा आकर्षण डिजाइनर कलेक्शंस के साथ बॉलीवुड और मनोरंजन जगत की हस्तियों की मौजूदगी रही। सेलिब्रिटी शोस्टॉपर्स ने रैंप पर डिजाइनर कलेक्शन को अपने स्टाइल और स्क्रीन प्रेजेंस के साथ पेश किया। इससे फैशन सीक्वेंस में ग्लैमर और स्टार पावर का खास तड़का देखने को मिला। शो में शेफाली बग्गा, सपना सिकरवार, ईशा शाह, अदिति सनवाल सहित अन्य सेलिब्रिटी शोस्टॉपर्स ने अलग-अलग डिजाइनर्स के लिए रैंप वॉक किया। सेलिब्रिटीज की एंट्री के दौरान दर्शकों ने तालियों और उत्साह के साथ उनका स्वागत किया। प्री-फिनाले से ग्रैंड फिनाले तक बढ़ता गया रोमांच शो का रोमांच प्री-फिनाले और ग्रैंड फिनाले तक पहुंचते-पहुंचते और बढ़ गया। रिचुअल्स के प्री-फिनाले में शीना पाराशर ने रैंप संभाला। इसके बाद रात करीब 10 बजे फ्यूशिया ब्राइडल कॉट्योर के ग्रैंड फिनाले ने पहले दिन के शो को भव्य अंदाज में विराम दिया। ग्रैंड फिनाले की शोस्टॉपर आयेशा खान रहीं। उनके शानदार रैंप वॉक के साथ पहले दिन का फैशन शो दर्शकों के लिए यादगार बन गया। रॉयल विरासत और आधुनिक फैशन का मेल जयपुर कॉट्योर शो की खासियत हमेशा से जयपुर की रॉयल विरासत को आधुनिक फैशन से जोड़ना रही है। सीजन-14 के पहले दिन भी यही रंग दिखाई दिया। डिजाइनर कलेक्शंस में भारतीय परंपरा, शिल्प और आधुनिक डिजाइन सोच का मेल नजर आया। वहीं भव्य आयोजन स्थल, लाइटिंग, संगीत और सेलिब्रिटी शोस्टॉपर्स ने पूरे माहौल को फैशन और ग्लैमर से भर दिया। जयपुर की पहचान जहां एक ओर महलों, हवेलियों और राजसी संस्कृति से जुड़ी है, वहीं ऐसे आयोजन शहर को आधुनिक फैशन और लाइफस्टाइल के केंद्र के रूप में भी स्थापित कर रहे हैं। रैंप पर प्रस्तुत क्रिएटिव कलेक्शंस ने इस बात को मजबूती दी कि पारंपरिक भारतीय सौंदर्य और आधुनिक फैशन एक साथ मिलकर नया अंदाज तैयार कर सकते हैं। राष्ट्रीय फैशन मंच के रूप में मजबूत हो रहा जयपुर जयपुर कॉट्योर शो के संस्थापक एवं निदेशक गौरव गौड़ ने कहा कि इस वर्ष शो को पहले से अधिक भव्य और राष्ट्रीय स्तर का स्वरूप दिया गया है। देश के अग्रणी डिजाइनर्स, सेलिब्रिटीज, फैशन विशेषज्ञों और मॉडल्स की भागीदारी आयोजन को नई ऊंचाई दे रही है। उन्होंने कहा कि जयपुर कॉट्योर शो लगातार जयपुर को राष्ट्रीय फैशन मंच पर मजबूत पहचान दिलाने का काम कर रहा है।
मुरैना जिले में इस बार मानसून की रफ्तार पिछले साल के मुकाबले काफी कमजोर बनी हुई है। 1 जून से 8 अगस्त 2026 तक जिले में औसतन 247.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 734.1 मिलीमीटर बारिश हो चुकी थी। यानी इस बार अब तक जिले में पिछले वर्ष की तुलना में 486.8 मिलीमीटर कम बारिश हुई है। जिले की औसत वार्षिक वर्षा 706.9 मिलीमीटर है। ऐसे में मानसून सीजन का बड़ा हिस्सा बीतने के बावजूद बारिश का आंकड़ा पिछले साल की तुलना में काफी पीछे है। हालांकि, हाल के दिनों में हुई बारिश से किसानों को कुछ राहत मिली है। 8 अगस्त को मुरैना में सबसे ज्यादा बारिश शनिवार, 8 अगस्त को जिले में औसतन 8.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वर्षामापी केंद्रों के आंकड़ों के अनुसार इस दिन सबसे ज्यादा बारिश मुरैना तहसील में 31 मिलीमीटर रिकॉर्ड हुई। 8 अगस्त को तहसीलवार बारिश की स्थिति देखें तो पोरसा में 8 मिमी, कैलारस में 7 मिमी और अंबाह में 4 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं जौरा और सबलगढ़ में बारिश नहीं हुई। जौरा में सबसे ज्यादा, अंबाह में सबसे कम बारिश 1 जून से 8 अगस्त तक तहसीलवार बारिश के आंकड़ों में जौरा 325 मिलीमीटर के साथ सबसे आगे है। इसके बाद कैलारस में 295 मिमी, पोरसा में 284.5 मिमी और मुरैना में 276 मिमी बारिश दर्ज की गई है। वहीं सबलगढ़ में अब तक 169 मिलीमीटर बारिश हुई है। अंबाह तहसील में सबसे कम 134.4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। पिछले साल की तुलना में 486.8 मिमी कम बारिश बारिश के आंकड़ों में इस बार पिछले वर्ष की तुलना में बड़ा अंतर सामने आया है। पिछले साल 8 अगस्त तक जिले में औसतन 734.1 मिलीमीटर बारिश हो चुकी थी। इसके मुकाबले इस साल इसी अवधि तक केवल 247.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है। इस तरह पिछले साल की तुलना में जिले में अब तक 486.8 मिलीमीटर बारिश की कमी दर्ज की गई है। जिले की औसत वार्षिक वर्षा 706.9 मिलीमीटर है, ऐसे में आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होना किसानों के लिए काफी महत्वपूर्ण रहेगा। हाल की बारिश से किसानों को मिली राहत मानसून कमजोर रहने के बावजूद हाल के दिनों में हुई बारिश से किसानों को कुछ राहत मिली है। बारिश होने से खेतों में नमी बढ़ी है और फसलों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, जिले के सभी क्षेत्रों में बारिश का वितरण एक जैसा नहीं रहा। जौरा और कैलारस जैसे क्षेत्रों में अपेक्षाकृत ज्यादा बारिश हुई है, जबकि अंबाह और सबलगढ़ में बारिश का आंकड़ा काफी कम बना हुआ है। अगले एक-दो दिन बारिश के आसार मौसम विभाग के वैज्ञानिक हरविन्द्र सिंह तोमर के अनुसार जिले में इस बार पिछले वर्ष की तुलना में काफी कम बारिश हुई है। उन्होंने बताया कि अभी एक-दो दिन बारिश होने के आसार बने हुए हैं।उन्होंने कहा कि यदि आने वाले दिनों में बारिश नहीं होती है तो आगे बारिश होने की उम्मीद कम हो सकती है। ऐसे में अगले एक-दो दिन जिले के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। 8 अगस्त को कहां कितनी बारिश 1 जून से 8 अगस्त तक तहसीलवार बारिश पिछले साल इसी अवधि में औसत बारिश: 734.1 मिमी इस साल बारिश की कमी: 486.8 मिमी फिलहाल जिले में किसानों और आम लोगों की नजर अगले एक-दो दिनों में होने वाली बारिश पर टिकी है। यदि अच्छी बारिश होती है तो मौजूदा कमी कुछ हद तक कम हो सकती है, लेकिन बारिश का दौर कमजोर रहा तो जिले में मानसून की कमी और बढ़ने की आशंका है।
सतना में दिनभर उमस, शाम से रिमझिम बारिश:32.7॰ तापमान दर्ज; सतना-मैहर में आज ऑरेंज अलर्ट
सतना में सावन के दौरान पिछले चार दिनों से मौसम में लगातार बदलाव देखा जा रहा है। दिन में तेज धूप और उमस के बाद शाम को रिमझिम बारिश का दौर शुरू हो रहा है। शनिवार को भी सुबह से तेज धूप और उमस के कारण लोग परेशान रहे, लेकिन शाम होते ही मौसम ने करवट ली और देर रात तक रुक-रुककर रिमझिम बारिश हुई, जिससे उमस से कुछ राहत मिली। शनिवार को अधिकतम तापमान 32.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा में नमी सुबह 89 प्रतिशत और शाम को 85 प्रतिशत रही। बारिश के बावजूद दिन में उमस का असर बना रहा। मौसम विभाग ने रविवार के लिए सतना और मैहर जिले में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम और कहीं-कहीं तेज बारिश की संभावना जताई गई है। अगले कई दिन तेज वर्षा की संभावनामौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी बारिश का यह दौर जारी रह सकता है। मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि पश्चिम बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके साथ ही, मानसून ट्रफ लाइन बंगाल की खाड़ी से ओडिशा, झारखंड होते हुए पूर्वी मध्यप्रदेश के सतना से राजस्थान तक सक्रिय है। इन मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी आ रही है। इसी कारण सतना समेत पूरे रीवा संभाग में अगले कई दिनों तक हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर तेज बारिश होने की संभावना है।
कटनी के जुहला बायपास पर राष्ट्रीय राजमार्ग-43 स्थित हाईवे सुरक्षा चौकी पिछले करीब एक साल से बंद पड़ी है। लाखों रुपए की लागत से बनाई गई इस चौकी का उद्देश्य हादसों पर तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध कराना, तेज रफ्तार और ओवरलोड वाहनों की जांच करना तथा हाईवे पर निगरानी रखना था। अब चौकी के मुख्य द्वार पर ताला लगा है और देखरेख के अभाव में भवन जर्जर होने लगा है। जुहला बायपास का सुरखी मोड़ दुर्घटना संभावित क्षेत्र माना जाता है। शहडोल और उमरिया को जोड़ने वाले इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही रहती है। इसी को देखते हुए तत्कालीन पुलिस अधीक्षक अभिजीत रंजन की पहल पर यहां हाईवे सुरक्षा चौकी शुरू की गई थी। शुरुआत में बढ़ी थी पुलिस की सक्रियता चौकी शुरू होने के बाद यहां पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। इसका उद्देश्य संदिग्ध वाहनों पर नजर रखने, तेज रफ्तार और ओवरलोड वाहनों की जांच करने तथा हादसे की स्थिति में घायलों को तत्काल मदद पहुंचाना था। स्थानीय लोगों के अनुसार, चौकी संचालित रहने के दौरान हाईवे पर पुलिस की मौजूदगी भी दिखाई देती थी। कर्मियों पर अवैध वसूली के आरोप शुरुआती अवधि के बाद चौकी पर तैनात कुछ पुलिसकर्मियों पर भारी और व्यावसायिक वाहनों से कथित अवैध वसूली की शिकायतें सामने आईं। शिकायतों के बाद विभाग ने कुछ पुलिसकर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की। इसके बाद चौकी की गतिविधियां सीमित होती गईं और आखिरकार इसका संचालन बंद कर दिया गया। 'गोल्डन आवर' में मदद मिलने पर सवाल चौकी बंद होने के बाद हादसे की स्थिति में मौके पर तत्काल पुलिस सहायता मिलने में देरी की आशंका है। दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा गंभीर घायलों के इलाज के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में सुरखी मोड़ जैसे संवेदनशील स्थान पर स्थायी पुलिस मौजूदगी नहीं होने से स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है। चौकी दोबारा शुरू करने की मांग एक साल से बंद पड़े चौकी भवन की देखरेख नहीं होने से खिड़कियों के कांच टूट गए हैं। परिसर में गाजरघास और झाड़ियां उग आई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी भवन का इस तरह अनुपयोगी पड़ा रहना भी चिंता का विषय है। क्षेत्रीय नागरिकों और राहगीरों ने पुलिस प्रशासन एवं जिला प्रशासन से हाईवे सुरक्षा चौकी को दोबारा शुरू करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि नियमित पुलिस बल उपलब्ध नहीं है तो यहां ट्रैफिक पुलिस या सीमित बल की तैनाती की जा सकती है। इससे हादसों की स्थिति में तत्काल मदद मिलने के साथ हाईवे पर निगरानी भी बढ़ेगी।
रतलाम में शादी के पांच दिन बाद तीसरी मंजिल से गिरकर हुई नवविवाहिता संध्या की मौत की जांच में कई सवाल सामने आए हैं। पुलिस को उसके मोबाइल की जांच में घटना वाली रात 1:37 बजे एक कॉल की जानकारी मिली है। इसके करीब 23 मिनट बाद रात 2 बजे संध्या बिस्तर पर नहीं मिली। बाद में वह घर के पीछे रेत के ढेर पर बेसुध मिली। मौके पर टूटी रस्सी भी मिली थी। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि संध्या ने रात 1:37 बजे किससे बात की थी और इसके 23 मिनट बाद वह तीसरी मंजिल से रस्सी के सहारे नीचे क्यों उतर रही थी। मोबाइल से कुछ डेटा डिलीट किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस सभी एंगल से जांच कर रही है। पति ने कहा- दिन में दो बार किसी से बात करती थी संध्या के पति मुकेश के मुताबिक, 25 जुलाई को संध्या को बिहार से रतलाम लाया गया था। शुरुआती पांच दिन तक उसका व्यवहार सामान्य था। वह घर का काम करती और खाना बनाती थी। उसके पास की-पैड मोबाइल था। वह दिन में करीब दो बार किसी से बात करती थी। पूछने पर वह मां से बात करने की बात कहती थी। 30 जुलाई की रात संध्या ने खाना बनाया। रात करीब 10:30 बजे वह तीसरी मंजिल पर सोने गई। करीब 15 मिनट बाद मैं भी वहां पहुंच गया। दोनों करीब 11:30 बजे तक जागते रहे। इसके बाद सो गए। रात करीब 2 बजे मेरी नींद खुली तो संध्या बिस्तर पर नहीं थी। मुझे लगा कि वह बाथरूम गई होगी। काफी देर तक नहीं लौटने पर तलाश शुरू की। घर के पीछे रेत के ढेर पर वह बेसुध मिली। पास में टूटी रस्सी पड़ी थी, जबकि रस्सी का दूसरा हिस्सा मकान पर लटक रहा था। 35 फीट की ऊंचाई से उतरने की कोशिश, 10 फीट पर टूटी रस्सी एफएसएल अधिकारी और थाना प्रभारी ने मौके का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि संध्या ने करीब 35 फीट ऊंची तीसरी मंजिल से रस्सी के सहारे नीचे उतरने की कोशिश की। करीब 10 फीट नीचे रस्सी टूट गई। इसके बाद वह करीब 25 फीट नीचे रेत के ढेर पर जा गिरी। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। अब पुलिस के सामने सबसे अहम सवाल यही है कि आधी रात में संध्या रस्सी के सहारे नीचे क्यों उतर रही थी? मौत से 23 मिनट पहले कॉल, मोबाइल से डेटा भी डिलीट पुलिस ने संध्या का मोबाइल जांच के लिए लिया है। इसमें रात 1:37 बजे एक कॉल की जानकारी सामने आई है। इसके करीब 23 मिनट बाद रात 2 बजे वह बिस्तर पर नहीं मिली। पुलिस अब कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के जरिए यह पता कर रही है कि कॉल किस नंबर पर हुई? बातचीत कितनी देर चली? जिस व्यक्ति से बात हुई, उसका संध्या से क्या संबंध था? जांच में मोबाइल से कुछ चीजें डिलीट किए जाने की बात भी सामने आई है। ऐसे में पुलिस मोबाइल की अन्य जानकारी भी खंगाल रही है। दूसरी लड़की से शादी करने से मना किया तो खतरा है…कहकर डराया संध्या की मौत के बाद उसकी शादी की कहानी भी जांच के दायरे में आ गई है। पति मुकेश के मुताबिक, उसे पहले एक दूसरी लड़की का फोटो दिखाया गया था। फोटो पसंद आने के बाद शादी तय हुई। इसके बाद वह अपने दोस्त सुरेश बौधा और दलाल मोहन के साथ बिहार गया। 22 जुलाई को रतलाम से रवाना होकर वे 23 जुलाई को रोहतास के कोचस पहुंचे। होटल ताज मैरिज गार्डन में ठहरने के दौरान दलाल मोहन ने बताया कि जिस लड़की का फोटो दिखाया गया था, वह बाहर चली गई है। इसके बाद दूसरी लड़की संध्या को सामने लाया गया। मुकेश का कहना है कि उसने दूसरी लड़की से शादी करने से मना किया था। इसके बाद वहां के लोगों से खतरे की बात कहकर उसे डराया गया। बाद में संध्या से उसकी शादी करा दी गई। शादी में आधार कार्ड नहीं मिला, फोटो-वीडियो बनाने से भी रोका मुकेश के मुताबिक, शादी में संध्या के साथ करीब 70 साल की महिला और 30-35 साल का युवक भी आया था। उन्हें संध्या की मां और भाई बताया गया था। इसके बाद वकील की ड्रेस में राजेश नाम का व्यक्ति आया। दोपहर बाद मुकेश और संध्या की वरमाला कराई गई। राजेश ने स्टांप पेपर पर शादी का एग्रीमेंट तैयार कराया और दोनों के साइन कराए गए। मुकेश ने संध्या का आधार कार्ड मांगा, लेकिन उसे नहीं दिया गया। उसके दोस्त ने शादी के फोटो-वीडियो बनाने की कोशिश की तो उसे रोक दिया गया। मुकेश के मुताबिक, बिहार के लोगों ने खुद फोटो-वीडियो बनाए और दोनों से अपनी मर्जी से शादी करने की बात कहलवाई। शादी के करीब एक घंटे बाद मुकेश संध्या को लेकर रतलाम के लिए रवाना हो गया। उसके मुताबिक, संध्या को सिर्फ एक साड़ी में भेजा गया था। मुकेश के पास मौजूद शादी के एग्रीमेंट पर 2025 की सील लगी है। इस बारे में पूछने पर दलाल मोहन ने सील गलती से लगने की बात कही। 3.50 लाख रुपए से शुरू हुई बात, 2.60 लाख में तय हुई शादी मुकेश के मुताबिक, शादी कराने वाले दलाल ने शुरुआत में 3.50 लाख रुपए की मांग की थी। उसने अपनी आर्थिक स्थिति बताते हुए 2 लाख रुपए देने की बात कही। बातचीत के बाद 2.60 लाख रुपए में सौदा तय हुआ। बिहार आने-जाने और वहां रुकने का खर्च अलग था। अब पुलिस के लिए शादी की रकम, लड़की बदले जाने की बात, दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया जाना और शादी के तुरंत बाद संध्या को रतलाम लाए जाने जैसे बिंदु भी जांच का हिस्सा हैं। शादी के फोटो, वीडियो, एग्रीमेंट की कॉपी भेजी, खुद नहीं आया संध्या की मौत के बाद पुलिस ने दलाल मोहन से संपर्क किया। उसने बिहार के राजेश का नंबर दिया और रतलाम आने की बात कही, लेकिन दो दिन तक नहीं आया। इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। पुलिस ने राजेश से संपर्क किया तो उसने शादी के फोटो, वीडियो और एग्रीमेंट की कॉपी भेजी। उसे संध्या की मौत की जानकारी देकर परिजन को रतलाम भेजने के लिए कहा गया, लेकिन कोई परिजन नहीं आया। इसके बाद राजेश का मोबाइल भी बंद हो गया। मुकेश का कहना है कि वह खुद बड़नगर में मोहन के घर पहुंचा, लेकिन वहां भी वह नहीं मिला। 12 दिन बाद भी संध्या का कोई परिजन रतलाम नहीं पहुंचा दो दिन इंतजार के बाद पुलिस ने शव पति मुकेश को सौंप दिया। इसके बाद उसने संध्या का अंतिम संस्कार कर दिया। घटना के 12 दिन बाद भी संध्या के परिवार का कोई सदस्य रतलाम नहीं पहुंचा है। दूसरी ओर शादी कराने वाले दोनों दलाल भी पुलिस के सामने नहीं आए हैं। दोनों के मोबाइल बंद बताए जा रहे हैं। ------------------------------------- शादी के 5 दिन बाद तिमंजिला बिल्डिंग से गिरी दुल्हन,मौत:नीचे उतर रही थी, रस्सी टूट गई मध्य प्रदेश के रतलाम में शादी के महज पांच दिन बाद एक नवविवाहिता की फिल्मी अंदाज में घर से भागने की कोशिश उसकी मौत का कारण बन गई। आधी रात दूसरी मंजिल से रस्सी के सहारे नीचे उतरते समय रस्सी टूट गई और वह करीब 25 फीट नीचे गिर गई। गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हो गई। पूरी खबर पढ़ें
रीवा में विंध्य क्षेत्र के लिए हवाई कनेक्टिविटी के लिहाज से 9 अगस्त का दिन अहम होने जा रहा है। रीवा एयरपोर्ट से 9 अगस्त से दो नई हवाई सेवाओं की शुरुआत होगी। एलायंस एयर भोपाल-रीवा-कोलकाता के बीच 72 सीटर एटीआर-72 विमान का संचालन करेगी। नई सेवाओं के शुरू होने के बाद रीवा एयरपोर्ट से संचालित होने वाली हवाई सेवाओं की संख्या बढ़कर पांच हो जाएगी। इससे विंध्य क्षेत्र सीधे देश के प्रमुख शहरों से हवाई मार्ग से जुड़ जाएगा। नई उड़ान सेवा शुरू होने के बाद भोपाल से रीवा का हवाई सफर करीब डेढ़ घंटे में पूरा होगा, जबकि रीवा से कोलकाता पहुंचने में करीब चार घंटे का समय लगेगा। इससे यात्रियों को लंबी सड़क या रेल यात्रा के विकल्प के मुकाबले तेज और सुविधाजनक हवाई कनेक्टिविटी मिलेगी। 9 अगस्त से भोपाल-रीवा-कोलकाता के बीच उड़ान भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की ओर से नई हवाई सेवा का शेड्यूल जारी किया गया है। नियमित रूप से भोपाल-रीवा-कोलकाता सेवा सप्ताह में तीन दिन मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को संचालित होगी। उड़ान संख्या 9आई-795 कोलकाता से दोपहर 1.10 बजे रवाना होगी और दोपहर 3.15 बजे रीवा पहुंचेगी। इसके बाद यही विमान रीवा से दोपहर 3.40 बजे रवाना होकर शाम 5.10 बजे भोपाल पहुंचेगा। वापसी में उड़ान संख्या 9आई-796 भोपाल से शाम 5.35 बजे रवाना होगी और शाम 7.05 बजे रीवा पहुंचेगी। इसके बाद विमान रीवा से शाम 7.30 बजे कोलकाता के लिए रवाना होगा और रात 9.40 बजे कोलकाता पहुंचेगा। इस तरह एक ही हवाई सेवा के जरिए भोपाल, रीवा और कोलकाता के बीच यात्रियों को सीधा कनेक्शन उपलब्ध होगा। पहले दिन अलग रहेगा उड़ान का शेड्यूल 9 अगस्त को नई सेवा के शुभारंभ के कारण पहले दिन उड़ान का शेड्यूल नियमित दिनों से अलग रहेगा। प्रस्तावित उड़ान संख्या 9आई-735 भोपाल से दोपहर 3 बजे रीवा पहुंचेगी। इसके बाद शाम 4 बजे यही विमान रीवा से भोपाल के लिए रवाना होगा। शुभारंभ के बाद नियमित सेवा निर्धारित दिनों यानी मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को जारी रहेगी। भोपाल से रीवा तक यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक तरफ का किराया करीब 3,543 रुपए रखा गया है। उप मुख्यमंत्री ने एयरपोर्ट की तैयारियों का लिया जायजा नई हवाई सेवाओं के शुभारंभ को लेकर रीवा एयरपोर्ट पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। शनिवार को उप मुख्यमंत्री एवं रीवा विधायक राजेंद्र शुक्ल ने एयरपोर्ट पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने एयरपोर्ट परिसर में यात्रियों के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। अधिकारियों को यात्रियों के स्वागत और विदाई सहित एयरपोर्ट की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान प्रशासन और पुलिस के अधिकारी भी मौजूद रहे। नई उड़ानों के शुभारंभ के दौरान यात्रियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी को देखते हुए एयरपोर्ट पर आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। भोपाल में होगा नई हवाई सेवाओं का शुभारंभ नई हवाई सेवाओं के शुभारंभ का मुख्य समारोह भोपाल एयरपोर्ट पर आयोजित किया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल रविवार सुबह 11.30 बजे रीवा एयरपोर्ट पहुंचेंगे और रीवा-भोपाल हवाई सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद वे दोपहर 1.30 बजे रीवा से एटीआर-72 विमान से भोपाल के लिए रवाना होंगे। भोपाल एयरपोर्ट पर आयोजित समारोह में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नई हवाई सेवाओं का शुभारंभ करेंगे। 10 अगस्त से भोपाल-पटना के बीच भी सीधी उड़ान रीवा के साथ ही भोपाल एयरपोर्ट से भी यात्रियों के लिए नई कनेक्टिविटी उपलब्ध होने जा रही है। एलायंस एयर 10 अगस्त से भोपाल और पटना के बीच सीधी हवाई सेवा शुरू करेगी। यह सेवा सप्ताह में रविवार, सोमवार और बुधवार को संचालित होगी। इस रूट पर भी 72 सीटर एटीआर विमान चलाया जाएगा। उड़ान संख्या 9आई-734 भोपाल से शाम 4.25 बजे रवाना होगी और शाम 6.40 बजे पटना पहुंचेगी। वापसी में उड़ान संख्या 9आई-733 पटना से दोपहर 1.45 बजे रवाना होकर शाम 4 बजे भोपाल पहुंचेगी। भोपाल-पटना रूट पर एक तरफ का किराया 4,622 रुपए निर्धारित किया गया है। रीवा से अब पांच शहरों के लिए हवाई कनेक्टिविटी नई उड़ानों के शुरू होने के बाद रीवा एयरपोर्ट से संचालित होने वाली हवाई सेवाओं की संख्या बढ़कर पांच हो जाएगी। वर्तमान में रीवा से दिल्ली, इंदौर और रायपुर के लिए हवाई सेवाएं संचालित हो रही हैं। अब भोपाल और कोलकाता से कनेक्टिविटी मिलने के बाद रीवा एयरपोर्ट विंध्य क्षेत्र के यात्रियों के लिए और महत्वपूर्ण हो जाएगा। रीवा से भोपाल और कोलकाता के लिए सीधी उड़ान शुरू होने का फायदा सिर्फ रीवा जिले तक सीमित नहीं रहेगा। विंध्य के आसपास के जिलों से आने वाले यात्रियों को भी बड़े शहरों तक पहुंचने के लिए एक अतिरिक्त और तेज विकल्प मिलेगा। 2,300 मीटर रनवे से बढ़ीं बड़े विमानों की संभावनाएं रीवा एयरपोर्ट के रनवे की लंबाई बढ़ाकर 2,300 मीटर की गई है। रनवे के विस्तार के बाद एयरपोर्ट पर बड़े विमानों के संचालन की संभावनाएं भी बढ़ी हैं। एयरपोर्ट की क्षमता और कनेक्टिविटी में विस्तार को विंध्य क्षेत्र के विकास से जोड़कर देखा जा रहा है। नई हवाई सेवाओं से क्षेत्र में आने-जाने वाले यात्रियों के साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। पर्यटन और उद्योग को मिल सकती है रफ्तार रीवा और पूरे विंध्य क्षेत्र में पर्यटन, उद्योग और व्यापार की संभावनाएं हैं। ऐसे में सीधे हवाई संपर्क से इन क्षेत्रों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। कोलकाता जैसे बड़े महानगर से सीधी कनेक्टिविटी मिलने से विंध्य क्षेत्र के लोगों को पूर्वी भारत की ओर यात्रा के लिए बेहतर विकल्प मिलेगा। वहीं भोपाल से सीधा जुड़ाव राज्य की राजधानी तक तेज पहुंच सुनिश्चित करेगा। व्यापारिक यात्राओं, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और पर्यटन के लिए यात्रा करने वाले यात्रियों को भी इसका लाभ मिल सकता है। उड़ानों का शेड्यूल एक नजर में भोपाल-रीवा-कोलकाता पहले दिन 9 अगस्त का शेड्यूल भोपाल-पटना विंध्य की हवाई कनेक्टिविटी में बड़ा विस्तार रीवा एयरपोर्ट से नई उड़ानों की शुरुआत विंध्य क्षेत्र की हवाई कनेक्टिविटी में एक महत्वपूर्ण विस्तार के रूप में देखी जा रही है। पहले जहां रीवा से दिल्ली, इंदौर और रायपुर के लिए सेवाएं उपलब्ध थीं, वहीं अब भोपाल और कोलकाता से जुड़ाव होने जा रहा है। रनवे विस्तार, नई उड़ानों और बढ़ती कनेक्टिविटी के साथ रीवा एयरपोर्ट आने वाले समय में क्षेत्रीय विकास के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। पर्यटन, उद्योग, व्यापार और आम यात्रियों के लिए हवाई सफर के विकल्प बढ़ने से विंध्य क्षेत्र के देश के अन्य हिस्सों से सीधे जुड़ने की प्रक्रिया और मजबूत होने की उम्मीद है।
दैनिक भास्कर के 30वें गौरवशाली वर्ष में प्रवेश के अवसर पर जोधपुर में सनबर्न रीलोड का भव्य आयोजन किया गया। शहर के शास्त्रीनगर स्थित द लॉन, म्यूजिकल पार्क में आयोजित इस म्यूजिक इवेंट को लेकर युवाओं में खासा उत्साह नजर आया। तेज म्यूजिक व शानदार प्रस्तुतियों के बीच पूरा माहौल उत्सव में बदल गया। देश के जाने-माने डीजे मास्क बॉक्स, डीजे संकेत और डीजे ताशा ने अपनी प्रस्तुतियों से युवाओं में जोश भर दिया। ‘लड़की ब्यूटीफुल’, ‘हुक्का बार’ से ‘अभी तो पार्टी शुरू हुई है’ तक, गानों पर झूमे युवा डीजे सुकेतु ने एक के बाद एक लोकप्रिय गानों की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में रंग जमा दिया। ‘लड़की ब्यूटीफुल कर गई चूल’, ‘क्या हसीना थी क्या दीवाना था’, ‘तेरा प्यार प्यार हुक्का बार’, ‘मैंने तो तेरे नाम नचना’, ‘अर्जुन बैली ने गंडासी मारी’, ‘अभी तो पार्टी शुरू हुई है’, ‘तू चंडीगढ़ से आई नी’, ‘यारी यारी’, ‘एक जिंदगी’, ‘चल छैया छैया’ और ‘ओम शांति ओम’ जैसे गानों पर युवाओं ने जमकर डांस किया। सनबर्न रीलोड के इस आयोजन में संगीत, रोशनी और मनोरंजन का शानदार संगम देखने को मिला और देर शाम तक पूरा म्यूजिकल पार्क युवाओं के जोश से गूंजता रहा। वहीं डीजे ताशा ने ‘दुनिया की सुनता है क्यूं मतलबी’, ‘लव यू जिंदगी’ और ‘उड़ता पंजाब’ जैसे गानों से माहौल में और जोश भर दिया। सनबर्न रीलोड के इस आयोजन में संगीत, रोशनी और मनोरंजन का शानदार संगम देखने को मिला और देर शाम तक पूरा म्यूजिकल पार्क युवाओं के जोश से गूंजता रहा। ब्लैक थीम में सजा सनबर्न रीलोड, आतिशबाजी ने बांधा समां सनबर्न रीलोड को लेकर इवेंट स्थल की खास सजावट की गई थी। पूरे परिसर को ब्लैक थीम और सनबर्न के अंदाज में सजाया गया, जो युवाओं के बीच आकर्षण का केंद्र रहा। इवेंट में पहुंचने वाला हर शख्स सजावट के बीच सेल्फी और फोटो खिंचवाता नजर आया। वहीं म्यूजिक और रोशनी के बीच हुई शानदार आतिशबाजी ने माहौल में चार चांद लगा दिए। आसमान में रंग-बिरंगी रोशनी का नजारा देख कार्यक्रम में मौजूद हर कोई कुछ देर के लिए थम सा गया और आतिशबाजी को अपने कैमरों में कैद करता नजर आया। युवाओं का बढ़ाया उत्साह कार्यक्रम के दौरान शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी भी स्टेज पर पहुंचे। उन्होंने युवाओं के बीच पहुंचकर उनका उत्साह बढ़ाया और दैनिक भास्कर के 30वें संस्करण में प्रवेश के अवसर पर सभी को शुभकामनाएं एवं धन्यवाद दिया। रविंद्र सिंह भाटी के स्टेज पर पहुंचते ही युवाओं में खासा जोश देखने को मिला। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों ने जमकर उत्साह दिखाया और संगीत के साथ इस खास शाम का आनंद लिया।
ग्वालियर में एक 16 वर्षीय स्कूली छात्रा ने टॉयलेट क्लीनर (तेजाब) पीकर जान देने की कोशिश की। समय रहते परिजनों की नजर उस पर पड़ गई और वे उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे। जांच में सामने आया कि करीब आठ दिन पहले स्कूल जाते समय रास्ते में दो परिचित युवकों ने उसका रास्ता रोक लिया था। एक युवक ने उसे जबरन पकड़ लिया, जबकि दूसरे ने इसका वीडियो बना लिया। इसके बाद दोनों युवक वीडियो वायरल कर बदनाम करने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल कर रहे थे। परेशान होकर छात्रा ने शनिवार को यह कदम उठाया। पुलिस ने छात्रा की शिकायत पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। ग्वालियर से करीब 35 किलोमीटर दूर बिजौली थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 16 वर्षीय छात्रा कक्षा 10वीं में पढ़ती है। पुलिस के मुताबिक, निरबोध कुशवाह और कोमेश कुशवाह काफी समय से छात्रा का पीछा कर रहे थे और उसके साथ छेड़छाड़ करते थे। आरोप है कि दोनों ने छात्रा के कुछ अश्लील फोटो और वीडियो भी बना लिए थे। इसके बाद से वे उसे ब्लैकमेल कर परेशान कर रहे थे। स्कूल जाते समय रास्ता रोका शनिवार 1 अगस्त की सुबह करीब 10:30 बजे छात्रा स्कूल जा रही थी। इसी दौरान रास्ते में कोमेश कुशवाह और निरबोध कुशवाह ने उसे रोक लिया। आरोप है कि कोमेश ने छात्रा को जबरन पकड़ लिया। जब उसने मदद के लिए चिल्लाने की कोशिश की तो निरबोध ने धमकी दी कि कोमेश के पास उसकी तस्वीरें हैं। किसी को बताने या पुलिस में शिकायत करने पर फोटो वायरल करने और जान से मारने की धमकी दी। तंग आकर टॉयलेट क्लीनर पी लिया किसी तरह आरोपियों के चंगुल से निकलकर छात्रा घर पहुंची। दोनों युवकों की हरकत और धमकियों से वह मानसिक तनाव में आ गई। बदनामी के डर से उसने शनिवार को घर में रखा टॉयलेट साफ करने वाला तेजाब पी लिया। कुछ देर बाद तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां पूछताछ के दौरान घटना की जानकारी सामने आई। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और जांच के बाद मामला दर्ज किया। फिलहाल छात्रा का अस्पताल में इलाज चल रहा है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने दोनों आरोपी कोमेश कुशवाह और निरबोध कुशवाह को गिरफ्तार कर लिया है। बिजौली थाना प्रभारी सौरभ श्रीवास्तव ने बताया पीड़िता की शिकायत पर दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है। किशोरी का फिलहाल अस्पताल में उपचार चल रहा है।
सीकर में रोजमर्रा की सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं। कई लोग 72 दिन से पानी आने का इंतजार कर रहे हैं, तो कहीं सड़क टूटने और जलभराव के कारण आवागमन प्रभावित है। सांवली रोड पर तेज रफ्तार वाहनों से हादसे का खतरा बना हुआ है, वहीं नानी गेट इलाके में अंडरग्राउंड फॉल्ट के बाद खोड़ी गई सड़क अब तक ठीक नहीं हुई। इन समस्याओं के बीच 'भास्कर समाधान' के जरिए सामने आई कुछ समस्याओं पर कार्रवाई भी हुई है। सबलपुरा बस स्टैंड के पास जलभराव खत्म कराया गया, जबकि शेखपुरा मोहल्ले में बंद स्ट्रीट लाइट ठीक करवाई गई। दैनिक भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… करीब 50 घरों के लोगों को हो रही समस्या सीकर शहर के राधा किशनपुरा के गणेश विहार कॉलोनी से आर ए सैनी ने पानी की समस्या पोस्ट की है। आर ए सैनी ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर लिखा कि पिछले 72 दिन से पानी नहीं आ रहा है। जिसके कारण लगभग 50 घरों के लोगों को समस्या हो रही है। रानी सती रोड से लेकर सांवली सर्किल तक समस्यासांवली रोड के रहने वाले विकास शर्मा ने पोस्ट कर बताया कि रानी सती रोड से लेकर सांवली सर्किल के बीच ट्रैफिक की समस्या है। उन्होंने लिखा कि वाहन काफी तेज स्पीड से निकलते है, जिससे आस-पास से गुजरने वालों को खतरा रहता है। श्याम टावर के पास सड़क की समस्यासीकर के नानी गेट नाला का बास, श्याम टावर के पास से सड़क की समस्या सामने आई है। इलाके के रहने वाले राहुल ने पोस्ट कर बताया कि एक-डेढ़ महीने पहले डीपी में अंडरग्राउंड फॉल्ट हुआ था, जिसके लिए सड़क तोड़ी गई थी। उस दिन से लेकर आज तक रोड को ठीक नहीं किया गया है। बारिश के दिनों में आवागमन होता है बाधितसबलपुरा के शिव कॉलोनी में रहने वाले सैयद मकसूद ने सड़क की खराब हालत के बारे में पोस्ट किया है। मकसूद ने लिखा कि रोड की सफाई की जरूरत है और नाली की भी सफाई नहीं हो रही है। थोड़ी सी बारिश में ही पानी जमा हो जाता है, जिसके कारण आने-जाने में समस्या खड़ी हो जाती है। सबलपुरा बस स्टैंड के पास जलभराव खत्मफतेहपुर रोड के सबलपुरा बस स्टैंड से राजकुमार जाट ने कुछ समय पहले 'भास्कर समाधान' पर समस्या पोस्ट की थी। जिसमें लिखा था कि इलाके में रोड कच्ची थी और पानी की निकासी के लिए जगह न होने के कारण पानी जमा हो रहा था। ये समस्या पोस्ट होते ही संबंधित विभाग ने कार्रवाई की और समाधान करवा दिया है। शेखपुरा मोहल्ले में ठीक हुई स्ट्रीट लाइटसीकर के सिल्वर जुबली रोड, शेखपुरा मोहल्ले से मनोज कुमार मिश्रा की समस्या का समाधान हो गया है। कुछ दिनों पहले स्ट्रीट लाइट की समस्या लिखी थी, उन्होंने बताया था कि नवजीवन हॉस्पिटल की गली में अंधेरे से समस्या आ रही थी। हालांकि, समस्या पोस्ट होने पर JEN ने समाधान करवा दिया है। निधि चौहान बनीं 'स्टार ऑफिसर'सीकर शहर के शेखपुरा मोहल्ले के रहने वाले मनोज कुमार मिश्रा ने खराब रोड लाइट की समस्या 'भास्कर समाधान' पर साझा की थी। जिसपर विभाग की JEN निधि चौहान ने एक्शन लिया और समाधान करवाया है, जिससे लोगों को काफी राहत मिली है। ‘भास्कर समाधान’ की ये खबरें भी पढ़िए… 1.एईएन वाजिद अहमद बने आज के 'स्टार ऑफिसर':जलभराव, अधूरी सड़क, टूटी नाली और पाइपलाइन लीकेज की समस्याएं आई सामनें 2.एईएन अमित स्वामी बने आज के 'स्टार ऑफिसर':बंद स्ट्रीट लाइट, बेसहारा पशुओं का जमावड़ा, स्पीड ब्रेकर जैसी समस्याओं पर समाधान जारी 3.सीकर के चरण सिंह नगर में लीकेज:जाट कॉलोनी में बंद रोड लाइट, तो किसान कॉलोनी में सड़क न होने से आवागमन बाधित 4.जेईएन सुरेंद्र गोदारा बने आज के 'स्टार ऑफिसर':टूटी सड़क, सीवरेज लीकेज और स्ट्रीट लाइट की समस्याओ पर समाधान जारी 5.सीवर चैंबर और पाइपलाइन लीकेज का समाधान:बिजली-सड़क की समस्याएं भी आई सामने, एईएन अमित स्वामी बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 6.जेईएन पिंकी मीणा बनी 'स्टार ऑफिसर':टूटी सड़क, जलभराव, सीवर जैसी जनसमस्याओं पर समाधान जारी 7.सीवर लाइन और पेयजल पाइपलाइन की समस्या हुई हल:खुले चैंबर, जाम नाली, टूटी पाइपलाइन जैसी समस्याओं पर समाधान जारी, एईएन अमित स्वामी बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 8.ट्रैफिक इंचार्ज मनोज कुमार भाटीवाड़ बने 'स्टार ऑफिसर':सीवर चैंबर, पाइपलाइन लीकेज और गंदगी जैसी समस्याओं पर प्रशासन एक्टिव 9. जीवन नगर में स्ट्रीट लाइट हुई ठीक:जलभराव, बंद नालियों, बिजली कटौती और गंदगी जैसी समस्याएं भी आई सामनें, अमित स्वामी बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 10.सीकर के राधा किशनपुरा में जलभराव से परेशानी:राज नगर 3 में कचरे से बीमारियों का खतरा, बारिश के बीच बढ़ीं शहर की नागरिक समस्याएं
जयपुर की गलियों और कॉलोनियों से एक साथ कई तस्वीरें सामने आ रही हैं—कहीं अंधेरा है, कहीं सड़क पर सीवर का गंदा पानी बह रहा है और कहीं महीनों से कचरा जमा है। 'भास्कर समाधान' पर पहुंची इन समस्याओं में जयसिंहपुरा खोर की स्ट्रीट लाइट से लेकर गांधी पथ पश्चिम की खराब सड़क और मालवीय नगर के सीवर ओवरफ्लो तक की समस्याएं शामिल हैं। वहीं, हर शिकायत सिर्फ परेशानी की कहानी नहीं है। जगतपुरा में महीनों पुराना कचरा हटाया गया, जबकि बजाज नगर में नाली और सीवर की समस्या पर पूर्व पार्षद ने कार्रवाई कर लोगों को राहत दिलाई। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… कई शिकायतों के बाद भी समाधान नहींजयपुर के जयसिंहपुरा खोर निवासी शम्मी सोनी ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर स्ट्रीट लाइट की समस्या पोस्ट की है, जिसमें लिखा कि नूतन स्कूल के कोने पर लाइट नहीं है, जिसके कारण काफी समस्या होती है। उन्होंने बताया कि इस मामले में कई शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है। सड़क और सीवर से परेशान लोगचांदपोल के गणगौरी बाजार से हितेश ने सीवर लाइन की समस्या पोस्ट की है। हितेश ने लिखा कि ब्रह्मपुरी से रामगढ़ मोड़ जाने वाले रास्ते पर ये समस्या आ रही है। साथ ही बताया कि इस इलाके में रोड भी टूटी हुई है। गांधी पथ पश्चिम में परेशान हो रहे लोगजयपुर के वैशाली स्टेट गांधी पथ पश्चिम से शंकर साहू ने सड़क की समस्या के बारे में पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा कि इलाके में सड़क की हालत काफी खराब है और हर तरफ गड्ढे हो रहे हैं। इसी के साथ लाइट की समस्या भी लिखी है। रोड पर गंदा पानी बहने से आ रही बदबूमालवीय नगर, महाराजा अग्रसेन मार्ग से भारत सरदाना ने लिखा कि रोड पर सीवर का पानी बह रहा है। कई दिनों से बह रहे पानी से बदबू भी आ रही है। लोगों ने इस समस्या के जल्द समाधान की मांग की है, ताकि आस-पास वालों को राहत मिल सके। महीनों पुरानी कचरे की समस्या का समाधानजगतपुरा के 'करोलां का बाढ़' निवासी उमंग अग्रवाल ने कुछ समय पहले 'भास्कर समाधान' पर कचरे की समस्या पोस्ट की थी। मामले में उन्होंने लिखा था कि खाली जगह पर पिछले 10 महीनों से कचरे का ढेर लगा था। समस्या पोस्ट होने के कुछ समय के बाद मामले में कार्रवाई कर राहत पहुंचाई गई है। कॉलोनी में नाली ओवरफ्लो की समस्या का समाधानबजाज नगर निवासी राकेश यादव ने भी अपनी समस्या दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर पोस्ट की थी। जिसमें लिखा कि कॉलोनी में नाली ओवरफ्लो हो रही थी और सीवर का पानी भी दुकान के बाहर तक आने लगा था। इस मामले में पोस्ट होने पर पूर्व पार्षद ने साफ-सफाई करवाकर समाधान कर दिया है। नीरज अग्रवाल बने 'पब्लिक के स्टार'जयपुर के बजाज नगर से सीवर लाइन ओवरफ्लो और नाली की समस्या सामने आ रही थी। जिसमें क्षेत्रवासी राकेश यादव ने पोस्ट में लिखा था कि नाली ओवरफ्लो होने पर गंदगी दुकान ने बाहर जमा हो गई थी। समस्या के सामने आने पर पूर्व पार्षद नीरज अग्रवाल ने एक्शन लिया और समाधान करवा दिया है। भास्कर एप से समस्याओं के समाधान की ये खबरें भी पढ़िए… 1.न्यू इंद्रपुरी में कचरे के ढेर से बढ़ी आफत:आवारा मवेशियों का जमावड़ा और गंदगी, हरमाड़ा में सीवर चोक, सड़क पर बहते गंदे और बदबूदार पानी से खतरा 2.जयपुर की सड़क पर गड्ढे, जर्जर छज्जा और डंपिंग यार्ड:जनता ने उठाई आवाज, प्रशासन हुआ सतर्क 3.जयपुर शहर में समस्याओं का अंबार:मानसरोवर में दो महीने से पेयजल किल्लत, मीनावाला सिरसी रोड पर भरा गंदा पानी, जगतपुरा में टूटा सीवर चैंबर 4.बारिश और लापरवाही से बढ़ी शहरवासियों की मुश्किलें:सीवर ओवरफ्लो और टूटी सड़कों ने बढ़ाई चिंता, कई जगहों पर लोगों को मिली राहत 5.निवर्तमान मेयर कुसुम यादव बनीं आज की 'स्टार ऑफिसर':जलभराव, कचरा और टूटे चैंबर से बढ़ी परेशानी, कई समस्याओं पर समाधान जारी 6.जयपुर में बारिश में सड़कें बनीं मुसीबत:कही बिल आने पर भी पानी नहीं, तो कहीं खाली प्लॉट बना 'कचरा घर', गिरधारीपुरा, पालड़ी मीणा और जगतपुरा से आईं समस्याएं 7.जयपुर के जगतपुरा और खातीपुरा में समाधान:शहर में दिखने लगा बदलाव, कहीं पार्क संवरे, तो कहीं सड़कों से गड्ढे हुए गायब 8.जयपुर में खाली प्लॉट में पड़ा कचरा:सड़कों पर बहता सीवर, टूटी सड़क और अंधेरी गलियों से लोग परेशान, कार्रवाई के बाद कुछ मामलों में लोगों को मिली राहत 9.खातीपुरा रोड पर कचरे की समस्या हुई हल:फेरो कवर में बढ़ा गैप, टूटा चैंबर, जलभराव और सीवर ओवरफ्लो जैसी समस्याओं पर कार्रवाई 10.जयपुर के मानसरोवर में कचरे से बढ़ी परेशानी:मुरलीपुरा में सालों से जलभराव की समस्या, केशुपुरा में एक ही दिन में साफ हुआ कचरा, अशोक बोहरा बने 'पब्लिक के स्टार'
मऊगंज जिले के लौर थाना क्षेत्र के सीतापुर के पास स्थित महादेवन झरने में शनिवार दोपहर करीब 2 बजे हादसा हो गया। जन्मदिन मनाने और पिकनिक के लिए पहुंचे छह दोस्तों में से दो युवक नहाते समय गहरे पानी में चले गए और डूब गए। करीब तीन घंटे चले सर्च ऑपरेशन के बाद दोनों के शव बरामद किए गए। जानकारी के अनुसार, छह युवक तीन बाइकों से महादेवन झरने पर पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि इनमें से एक युवक का जन्मदिन था। सभी दोस्त झरने में नहाने के लिए उतरे थे। इसी दौरान आशीष जायसवाल और आयुष द्विवेदी गहरे पानी की ओर चले गए और डूब गए। SDERF टीम ने चलाया सर्च ऑपरेशन दो युवकों के डूबने के बाद उनके साथ आए दोस्तों में अफरा-तफरी मच गई। उन्होंने दोनों को बचाने और पानी में तलाशने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद लौर थाना पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। हादसे की गंभीरता को देखते हुए रीवा से एसडीईआरएफ की पांच सदस्यीय टीम को बुलाया गया। टीम ने करीब तीन घंटे तक जलक्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसके बाद दोनों युवकों के शव बरामद कर लिए गए। दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए रखवाए पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान आशीष जायसवाल (17), निवासी पैपखार, थाना मऊगंज और आयुष द्विवेदी (18), निवासी पचगढ़ा, थाना शाहपुर, जिला मऊगंज के रूप में हुई है। दोनों के शव पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल के शवगृह में रखवाए गए हैं। रविवार सुबह पोस्टमार्टम कराया जाएगा। जन्मदिन की खुशियां मातम में बदलीं जिस जन्मदिन को यादगार बनाने के लिए दोस्त महादेवन झरने पहुंचे थे, कुछ ही देर में वहां मातम छा गया। दोनों युवकों की मौत की सूचना मिलते ही उनके परिवारों में शोक का माहौल है। पुलिस ने मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे।
जोधपुर शहर में ‘भास्कर समाधान’ पर सड़क, सीवरेज, सफाई, पेयजल और बिजली से जुड़ी समस्याएं लगातार सामने आ रही हैं। कहीं सड़क पर खुले गड्ढे से हादसे का खतरा है तो कहीं सीवरेज जाम और गंदे पानी की सप्लाई से लोग परेशान हैं। वहीं, कचरा उठाव और बिजली कटौती जैसी समस्याओं पर कार्रवाई भी हुई है। लक्ष्मण नगर में बिजली कटौती की समस्या का समाधान कराने वाले डिस्कॉम टीम लीडर दिलीप सिंह राजपुरोहित आज के ‘पब्लिक के स्टार’ बने हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… पहले एक नजर उन समाधानों पर जिनसे लोगों को राहत मिली… टीम लीडर दिलीप बने 'पब्लिक के स्टार' लक्ष्मण नगर से हेमेंद्र सिंह नरुका ने प्लॉट नंबर 139 क्षेत्र में बार-बार बिजली कटौती की समस्या ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट की थी। शिकायत सामने आने के बाद डिस्कॉम टीम लीडर दिलीप सिंह राजपुरोहित ने तुरंत संज्ञान लेकर संबंधित टीम से समन्वय कर समस्या का समाधान करवाया। बिजली आपूर्ति सुचारु होने से क्षेत्रवासियों को राहत मिली। त्वरित कार्रवाई के लिए दिलीप सिंह राजपुरोहित को आज का ‘पब्लिक के स्टार’ चुना गया। लंबे समय से नहीं उठ रहा था कचरा सरदार मार्केट गिरदीकोट क्षेत्र से मोहम्मद फरहान ने लंबे समय से कचरा नहीं उठने की समस्या पोस्ट की थी। सड़क किनारे बड़ी मात्रा में कचरा जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समस्या सामने आने के बाद संबंधित टीम ने मौके पर पहुंचकर सफाई का काम शुरू किया। जमा कचरे को हटाकर क्षेत्र की सफाई की गई। सफाई होने से स्थानीय लोगों को राहत मिली है। बार-बार बिजली कटौती की समस्या का समाधान लक्ष्मण नगर से हेमेंद्र सिंह नरुका ने समस्या पोस्ट की थी कि प्लॉट नंबर 139 क्षेत्र में बार-बार बिजली कटौती की समस्या बनी हुई है। क्षेत्र में रोजाना 2 से 4 घंटे तक बिजली कटौती होती है। समस्या को लेकर डिस्कॉम की ओर से कार्रवाई की गई। 29 जुलाई को डिस्कॉम कॉल सेंटर की टीम लीडर नवीन वर्मा ने बताया कि सप्लाई अब सुचारू कर दी गई है और समस्या पर काम किया गया है। अब उन समस्याओं पर एक नजर जिनके समाधान होना अभी बाकी हैं… सड़क पर बने खुले गड्ढे से परेशानी भगत की कोठी से प्रकाश बेनीवाल ने समस्या पोस्ट कर बताया कि पाली रोड पर रेलवे स्टेशन के पास सड़क पर बड़ा खुला गड्ढा बना हुआ है। इस मार्ग से रोजाना बड़ी संख्या में लोग गुजरते हैं, लेकिन सड़क पर बने गड्ढे के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने संबंधित विभाग से सड़क की मरम्मत कर गड्ढे को जल्द भरवाने की मांग की है। सीवरेज लाइन जाम होने से सड़क पर जमा पानी पाल रोड से अशरफ नस्रानी ने समस्या पोस्ट कर बताया कि सीवरेज लाइन लंबे समय से जाम होने की समस्या बनी हुई है। सीवरेज लाइन जाम होने से सड़क पर पानी जमा हो रहा है, जिससे पूरे मोहल्ले के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार नगर निगम कार्यालय में दो-तीन बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है। लोगों ने संबंधित विभाग से सीवरेज लाइन की सफाई करवाकर जलभराव की समस्या दूर करने की मांग की है। स्ट्रीट लाइट नहीं होने से 600 परिवार परेशान रामनगर से गीतांजलि ने समस्या पोस्ट कर बताया कि सोसायटी में लंबे समय से स्ट्रीट लाइट की समस्या बनी हुई है। सोसायटी में करीब 600 परिवार रहते हैं, लेकिन इंडिया ग्रीन होटल के आगे सड़क पर पर्याप्त स्ट्रीट लाइट नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय सड़क पर अंधेरा रहने से आने-जाने में परेशानी होती है। लोगों ने संबंधित विभाग से सड़क पर स्ट्रीट लाइट लगवाने की मांग की है, ताकि रात में लोगों को परेशानी न हो। गंदे पानी की सप्लाई से लोग परेशान डिप्टी फिरोज खान मार्ग से अमित कुमार भाटी ने भिस्तियों का बास क्षेत्र में पानी की गुणवत्ता को लेकर समस्या पोस्ट की है। उन्होनें बताया कि पिछले कुछ दिनों से नलों में गंदा पानी आ रहा है। पानी की सप्लाई का समय सुबह 6 से 8 बजे तक है, लेकिन आने वाला पानी साफ नहीं है। गंदे पानी के कारण उन्हें काफी परेशानी हो रही है। लोगों ने जलदाय विभाग से पाइपलाइन की जांच करवाकर साफ और स्वच्छ पानी की सप्लाई सुनिश्चित करने की मांग की है। 'भास्कर समाधान' से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… 1.'भास्कर समाधान' का असर:एक महीने से जाम सीवरेज लाइन और बिजली की समस्या सुलझी, डिस्कॉम टीम लीडर अमित बने 'पब्लिक के स्टार' 2.'भास्कर समाधान' पर जोधपुर का भरोसा कायम:जोधपुर में एक ही दिन में सफाई और पॉवर कट की पांच समस्याओं का हुआ समाधान, डिस्कॉम के सौरभ बने 'पब्लिक के स्टार' 3.'भास्कर समाधान': एक पोस्ट में समस्या का हल:जोधपुर में सीवरेज, लो पॉवर और कचरा उठाने की समस्या हुईं हल, डिस्कॉम के महिपाल सिंह बने ‘पब्लिक के स्टार’ 4.भास्कर समाधान: लो वोल्टेज की समस्या का हुआ समाधान:सीवर ओवरफ्लो, झुके ट्रांसफॉर्मर, गंदगी से भरी नहर और जर्जर सड़कों की समस्याएं आई सामने 5.नांदड़ा कलां में तीन साल पुरानी बिजली समस्या का समाधान:जर्जर सड़क, क्षतिग्रस्त सीवरेज लाइन और कचरे के ढेर से लोग परेशान 6.भास्कर समाधान : सीवरेज पाइपलाइन की रुकावट हुई दूर:गंदगी और जलभराव से राहत की उम्मीद, भास्कर समाधान पर उठी जनता की आवाज 7.जोधपुर में बिजली विभाग और डिस्कॉम का एक्शन:दो बड़ी समस्याओं का हुआ स्थाई समाधान, एग्जीक्यूटिव कुंदन बने 'पब्लिक के स्टार 8.जोधपुर के लक्ष्मण नगर में सीवर ब्लॉकेज खुला:जुनावो की ढाणी को मिली बिजली-पानी के संकट से मुक्ति, डिस्कॉम के सूर्यभान बने ‘पब्लिक के स्टार’ 9.भास्कर समाधान: कचरा हटा, रोड लाइट चालू; लोगों को राहत:गंदे पानी, जाम सीवर और खुले चैंबर की समस्या, दिव्या दैया बनी आज की ‘स्टार ऑफिसर’ 10.'भास्कर समाधान' पर एक पोस्ट से हल:3 साल से 500 घर जी रहे अंधेरे में, सरकारी पाइपलाइन पर लगाए अवैध वॉल्व, सप्लाई में आ रहा गंदा पानी
कोटा में भास्कर समाधान पर पोस्ट हुई समस्याओं के समाधान का सिलसिला जारी है। ब्लड बैंक रोड की खराब रोड लाइट ठीक होने से लोगों को राहत मिली, वहीं नालियों की सफाई करवाकर हैल्थ इंस्पेक्टर अरविन्द कुमार बुर्ट ने समस्या का समाधान कराया। दूसरी ओर शहर के अलग-अलग इलाकों से रोड लाइट, कचरा, टूटी सड़क और जाम नालियों की समस्याएं सामने आई हैं, जिनके समाधान का इंतजार है। पहले एक नजर उन समाधानों पर जिसने लोगों को राहत दी… पोस्ट के बाद रोशन हुआ ब्लड बैंक रोड दादाबाड़ी के ब्लड बैंक रोड, बसंत विहार स्पेशल से पवन गोयल ने खराब रोड लाइट की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा कि बीते 8–10 दिन से कॉलोनी के पास ब्लड बैंक रोड की लाइट खराब है। ठीक करने के लिए कई बार निगम और बिजली विभाग को शिकायत कर चुके लेकिन समाधान नहीं हो रहा है। समस्या ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट होने के बाद निगम ने इसका समाधान कर दिया है। हैल्थ इंस्पेक्टर अरविन्द कुमार बुर्ट बने ‘पब्लिक के स्टार’ कसवा से नंद सिंह कसवा ने नालियों से जुड़ी समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने बताया कि इलाके के प्रेम नगर मेन रोड, जेके कॉलोनी में नालियों की सफाई नहीं हुई है। एसएफ चौराहा में सेंट टेरेसा स्कूल के पीछे वाली लाइन में दो महीने से नालियां साफ नहीं हुई हैं। इस वजह से गंदा पानी नालियों में जमा रहता है। समस्या के सामने आने के बाद वार्ड 62 के हैल्थ इंस्पेक्टर अरविन्द कुमार बुर्ट ने नालियाें की सफाई करवाकर समाधान करवा दिया। दैनिक भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… अब उन समस्याओं पर एक नजर जिनके समाधान होना अभी बाकी हैं… बिजली के तीन पोल पर लाइट नहीं दिनेश सिंह राठौड़ ने शिवाजी नगर से रोड लाइट नहीं होने की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि मकान संख्या 79, 80 और 81 की ट्रांसफॉर्मर वाली गली में बिजली के तीन पोल लगे हैं लेकिन इनमें से किसी पर भी लाइट नहीं है। अंधेरे के कारण कॉलोनी के लोगों को बहुत असुविधा हो रही है। अंधेरे में जहरीले जीवों का डर हमेशा बना रहता है। खुले में कचरा, बेसहारा पशु बने समस्या ‘भास्कर समाधान’ पर भीमगंज मंडी से रीना ने कॉलोनी में खुले में पड़ा कचरा और बेसहारा पशुओं की समस्या पोस्ट की है। पोस्ट में रीना ने बताया कि हमारी कॉलोनी के गेट पर हमेशा कचरा पड़ा रहता है। बेसहारा पशु इन्हें यहां वहां फैलाते हैं। इस कचरे के पास अक्सर कई बेसहारा पशु खड़े रहते हैं जिनसे बच्चों के लिए डर बना रहता है। जगह-जगह टूटी सड़कें बनी परेशानी अजय आहूजा नगर से अनिल कुमार ने समस्या पोस्ट कर बताया कि गणेश्वर ग्रुप हाउसिंग स्कीम में जगह-जगह सड़कें टूटी हुई है। 5 बहुमंजिला इमारतों में 5 हजार से अधिक लोग रहते हैं। इसके बावजूद सोसायटी की कई सड़कें लंबे समय से टूटी हुई हैं। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे और उखड़ी हुई होने के कारण वाहन चालकों को परेशानी होती है। बारिश के दौरान स्थिति और खराब हो जाती है। नालियां जाम होने से फैल रही गंदगी पार्श्वनाथ नगर के सहारा एनक्लेव से अमित मेहरा ने समस्या पोस्ट कर बताया कि बोरखेड़ा क्षेत्र में नालियों की सफाई नहीं होने से उनमें कचरा और मिट्टी जमा हो गयी है। लंबे समय से नालियों की सफाई नहीं हुई है। सड़क निर्माण कार्य के दौरान निकला मलबा भी नालियों में जमा हो गया है। इससे सड़क पर जलभराव के साथ आसपास के लोगों को परेशानी हो सकती है। लोगों ने संबंधित विभाग से नालियों की सफाई और जमा मलबा हटाने की मांग की है। ‘भास्कर समाधान’ की ये खबरें भी पढ़िए… 1. 'भास्कर समाधान' बना प्रभावी जनमंच:कुन्हाड़ी में सड़क से हटा मलबा, केशवपुरा में नाली का अधूरा काम हुआ शुरू, हैल्थ इंस्पेक्टर रवि बने 'पब्लिक के स्टार' 2.*'भास्कर समाधान' में सुरेन्द्र बने 'पब्लिक के स्टार':* निगम को मृत गाय उठाने की फुर्सत नहीं, जाम ड्रेनेज सिस्टम से कॉलोनी परेशान 3.*'भास्कर समाधान': आपकी समस्या एक पोस्ट में हल:* कोटा में टूटी सड़क, बिजली और गड्ढे बड़ी समस्या, 15 दिन पुराना गड्ढा भरा, प्लॉट का कचरा उठा 4.*'भास्कर समाधान' पर प्रेमचंद बने 'पब्लिक के स्टार':* जिस नाले में गिरा बछड़ा, उसे अब तक नहीं ढका, पार्किंग में स्टॉल लगाई, गाड़ी भी नहीं खड़ी करने देते 5.*पार्षद तबस्सुम बनीं 'पब्लिक की स्टार':* पार्क में टूटे झूले, ग्राउंड पर कचरा, कहां खेलें नौनिहाल, 15 दिन से नहीं हटाया रास्ते पर गिरा पेड़ 6. *कोटा में रोड लाइट और नाली की समस्या का समाधान:* जर्जर मकान, कचरा और अधूरी नाली से बढ़ी परेशानी, अरुण झावा बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 7. *भास्कर समाधान: बंद स्ट्रीट लाइट का हुआ समाधान:* झूलते बिजली के तार, अधूरी सड़क-नाली जैसी समस्याओं से परेशान लोग, धर्मेंद्र कुमार बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 8. *हैल्थ इंस्पेक्टर मनोज बने 'स्टार ऑफिसर':* नयागांव में लगी रोड लाइट, बोरखेड़ा में साफ हुई नालियां; मगरमच्छ और बंद वॉटर कूलर जैसी समस्या अब भी लंबित
चित्तौड़गढ़ जिले में ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। हाल के दिनों में ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी से जुड़े मामलों में बढ़ोतरी के बीच साइबर थाना और जिला विशेष टीम (डीएसटी) ने एक और कार्रवाई करते हुए कपासन से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि आरोपी मोबाइल और इंटरनेट के जरिए लोगों को सट्टा खेलने के लिए आईडी उपलब्ध कराता था और ऑनलाइन लेन-देन के माध्यम से पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा था। शुरुआती जांच में उसके मोबाइल से डिजिटल सबूत मिलने के बाद अब पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई है। मुखबिर की सूचना पर कपासन में कार्रवाई एसपी धर्मेंद्र यादव ने बताया कि शनिवार सुबह डीएसटी प्रभारी सुरज कुमार को सूचना मिली कि कपासन निवासी राकेश (47) जागेटिया पुत्र मदन लाल लंबे समय से ऑनलाइन सट्टे का कारोबार चला रहा है और उस समय कपासन क्षेत्र में मौजूद है। सूचना मिलते ही डीएसटी और साइबर थाना पुलिस की टीम मौके के लिए रवाना हुई। दोपहर करीब 12.15 बजे कपासन बायपास स्थित जावा पेट्रोल पंप के पास संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया। पुलिस ने उसे रोककर पूछताछ की तो वह मोबाइल में क्या काम कर रहा था, इसका स्पष्ट जवाब नहीं दे सका। उसके व्यवहार पर संदेह होने के बाद पुलिस ने मौके पर ही मोबाइल की जांच शुरू की। मोबाइल में मिला BMWEXCH-99 से जुड़ा रिकॉर्ड पुलिस का कहना है कि मोबाइल की जांच में 'BMWEXCH-99' नाम के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़े रिकॉर्ड मिले। आरोप है कि आरोपी इसी प्लेटफॉर्म की मास्टर आईडी के जरिए अन्य लोगों को सट्टा खेलने के लिए आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराता था। इसके माध्यम से लोगों से ऑनलाइन दांव लगवाए जाते थे और पैसों का लेन-देन भी कराया जाता था। पूछताछ में आरोपी कोई वैध लाइसेंस या अनुमति नहीं दिखा सका। पुलिस के मुताबिक शुरुआती जांच से यह भी सामने आया कि यह काम अकेले नहीं, बल्कि अन्य लोगों के साथ मिलकर किया जा रहा था। दो अन्य लोगों के नाम आए सामने, साइबर जांच शुरू पूछताछ के दौरान आरोपी ने कपासन निवासी राजवीर पुत्र करण सिंह और चित्तौड़गढ़ के सहनवा निवासी कन्हैयालाल वैष्णव के नाम बताए। पुलिस का कहना है कि ऑनलाइन लेन-देन में इन दोनों के बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता था। इसके बाद आरोपी के दो मोबाइल साइबर थाने लाए गए और साइबर विशेषज्ञों से उनकी जांच कराई गई। जांच में एक मोबाइल के क्रोम ब्राउजर में BMWEXCH-99 से जुड़ी सर्च हिस्ट्री और कुकी मिलने की पुष्टि हुई। पुलिस ने आरोपी और उसके दोनों साथियों के खिलाफ राजस्थान पब्लिक गैंबलिंग ऑर्डिनेंस (आरपीजीओ) एक्ट, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। अब मोबाइल का विस्तृत फॉरेंसिक और साइबर विश्लेषण कराया जाएगा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस नेटवर्क से कितने लोग जुड़े हैं, कितना पैसा घूम रहा था और जिले में इसका दायरा कितना बड़ा था। पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर इस मामले में और लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। यह शामिल थे टीम में इस कार्रवाई का नेतृत्व डीएसटी प्रभारी सुरज कुमार ने किया। उनके साथ कांस्टेबल अरविंद, अशोक, कृष्णकांत, देवेंद्र और रामकेश की टीम मौजूद रही। थाना प्रभारी प्रशिक्षु आईपीएस मनीष शर्मा के निर्देश पर साइबर विशेषज्ञ कांस्टेबल रामनिवास ने मोबाइल की तकनीकी जांच की।
उदयपुर में ‘भास्कर समाधान’ से लोगों को घर बैठे ही अपनी समस्याओं के समाधान एक पोस्ट से मिल रहे हैं। शहर के अलग–अलग इलाके में पोस्ट के बाद एक ही दिन में रोड लाइट से जुड़ी दो समस्याएं सुलझ गईं। एक महीने से बंद रोड लाइट फिर से रोशन करने वाले लाइनमैन जालम सिंह आज ‘पब्लिक के स्टार’ चुने गए हैं। पहले एक नजर उन समाधानों पर जिनसे लोगों को राहत मिली… पोस्ट के बाद फिर से रोशन हुई रोड लाइट उदयपुर के कबूतर खान के पास, डागियों की पचौली से तुषार पटेल ने रोड लाइट खराब होने की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने बताया था कि वार्ड 62 के डागियों की पचौली में रोड लाइट्स कई दिनों से खराब हैं। जो सही हैं वो 24 घंटे चालू रहती हैं। टूटी सड़क के कारण अंधेरे में लोगों के गिरने का डर बना रहता है। इस समस्या के ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट होने के बाद निगम के लाइनमैन मीठालाल ने तुरंत इसका समाधान कर दिया है। लाइनमैन जालम सिंह बने 'पब्लिक के स्टार' उदयपुर के सेक्टर 09, गोकुल विलेज में रहने वाले मनीष चौबीसा ने उनके घर के बाहर लगे रोड लाइट के खराब होने की समस्या 'भास्कर समाधान' पर पोस्ट की थी। उन्होंने बताया था कि उनके घर के बाहर लगी यह रोड एक महीने से खराब है लेकिन कोई कर्मचारी इसका समाधान नहीं कर रहा है। उनकी पोस्ट के बाद नगर निगम के लाइनमैन जालम सिंह ने इसका समाधान करवा दिया जिससे गली में फिर से रोशनी हो गई है। एप से लोगों को मिल रहा समाधान अपने क्षेत्र की समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों और जिम्मेदारों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर, गांव या गली की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… अब उन समस्याओं पर एक नजर जिनके समाधान होना अभी बाकी हैं… गंदे पानी के बीच से गुजरने को मजबूर किशन वागावत ने गिरवा से अपने क्षेत्र की समस्या पोस्ट कर समाधान की अपील की है। उन्होंने पोस्ट में लिखा कि कानपुर के पुष्करणा का मोहल्ला, देवरा की भागल में आम रास्ता कीचड़ और गंदे पानी से भरा रहता है। इसी रास्ते से होकर महिलाएं, स्कूली बच्चे और बुजुर्ग आते–जाते हैं। घरों से निकलने वाले गंदे पानी की निकासी न होने से सारा पानी आम रास्ते पर जमा है। इसका समाधान करवाएं। बेसहारा पशु बने कॉलोनीवासियों की समस्या उदयपुर ‘भास्कर समाधान’ पर आभा गुप्ता ने सैफून चौक, महावीर कॉलोनी पार्क के पास बेसहारा पशुओं की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि कॉलोनी में बेसहारा पशुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। आए दिन इनके लड़ने से गाड़ियों और लोगों की संपतियों का भी नुकसान होता है। निगम पशुओं की रोकथाम के लिए कोई कदम नहीं उठा रहा है। खुले प्लॉट में डाल रहे कचरा, सफाई नहीं होती यश दशोरा ने बोहरवाड़ी से खाली प्लॉट में कचरा डालने की समस्या पोस्ट कर समाधान की अपील की है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि हमारे घर के पास मौजूद खाली प्लॉट को लोगों ने कचरा डिपो बना दिया है। स्थानीय ही नहीं बाहर के लोग भी सहां आकर अपना कचरा डाल रहे हैं। बरसात में कचरा सड़ने से दुर्गंध के कारण बहुत परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि निगम को सूचित करने के बाद भी कर्मचारी इसकी सफाई नहीं करते। सड़कों के गड्ढे दे रहे वाहन चालकों को दर्द मांगीलाल दवे ने पटेल सर्किल, दीवान शाह कॉलोनी से सड़क पर हुए बड़े गड्ढों की परेशानी हमसे शेयर की है। उन्होंने पोस्ट कर बताया कि मुख्य सड़क पर बड़े–गहरे गड्ढों की वजह से वाहन चालकों को काफी परेशानी हो रही है। आए दिन इसमें फंसकर टू–व्हीलर वाले गिरकर चोटिल हो जाते हैं। बारिया में गड्ढों में पानी भरने से फोर–व्हीलर भी फंस जाते हैं। इस समस्या का समाधान करवाकर लोगों को राहत दें। 'भास्कर समाधान' से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… 1.चोक नाली और बदहाल टॉयलेट से परेशानी:'भास्कर समाधान' पर उठीं कई नागरिक समस्याएं, लाइनमैन रोशनलाल की कार्रवाई से लोगों को मिली राहत 2.उदयपुर में जगमगाई स्ट्रीट लाइटें और हटा कचरा:जर्जर सड़कों और स्पार्किंग पर कार्रवाई की मांग, जमादार सुनीता लोट बनीं ‘पब्लिक की स्टार’ 3.शिकायतें भी पहुंचीं, समाधान भी मिला:उदयपुर में कार्रवाई के बाद कई जगह हालात सुधरे, मोहम्मद रशीद बने ‘पब्लिक के स्टार’ 4.जेईएन रघुनाथ पुरी बने आज के 'स्टार ऑफिसर':बेसहारा पशु, बंद स्ट्रीट लाइट, कचरा और अधूरी सड़क की समस्याएं आई सामने 5.उदयपुर में गंदगी और टूटे सीवर ढक्कन की समस्या:सुभाष शर्मा की पहल से लोगों को मिली राहत, शिकायतों के बाद कई मामलों में हुआ समाधान 6.उदयपुर में बारिश से बढ़ीं मुश्किलें:मूलभूत सुविधाओं पर सवाल, कहीं जलभराव, कहीं स्पार्किंग का खतरा 7.उदयपुर से 'भास्कर समाधान' पर लोगों ने रखी अपनी बात:सड़क, सीवर और बिजली से जुड़ी परेशानियां की साझा, कई मामलों में विभागों ने दी राहत 8.झुके बिजली के पोल की समस्या का हुआ समाधान:कचरा, झुके बिजली के पोल, बंद स्ट्रीट लाइट और टूटी पाइपलाइन जैसी समस्याएं भी आई सामनें 9.उदयपुर के शिकारबाड़ी में हुआ सड़क निर्माण:कुछ जगहों पर बंद लाइट और गंदगी से जूझ रहे लोग, आदित्य आमेटा की पहल से लोगों को मिली राहत 10.उदयपुर के गणेशपुरा में स्ट्रीट लाइट हुई ठीक:कई मामलों में विभागों ने किया समाधान, मल्ला तलाई और संतोष नगर में कचरे और जलभराव की समस्या जारी
सतना जिले के नागौद थाना क्षेत्र में 25 वर्षीय युवक राजा यादव की हत्या के मामले में पुलिस ने पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया है। राजा का शव शनिवार सुबह सेमरवारा गांव के पास सड़क किनारे मिला था। पुलिस संदिग्धों से पूछताछ कर रही है। पुलिस के अनुसार, मृतक राजा को उसका दोस्त रवि पाल बाइक से अपने साथ ले गया था। रवि ने देर रात राजा के बड़े भाई को फोन पर बताया कि नागौद से निकलने के बाद उसने राजा को एक पिकअप वाहन में बैठा दिया था। रवि के मुताबिक, मड़वा दुर्गापुर के पास कुछ लोगों ने रास्ता रोककर राजा के साथ मारपीट शुरू कर दी, जिसके बाद वह अपनी बाइक से भाग निकला। रवि पाल से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया है। वारदात में इस्तेमाल किया गया पिकअप वाहन भी पन्ना जिले के गुनौर से बरामद कर लिया गया है। पिटाई-घसीटने के गंभीर निशान मिलेएडिशनल एसपी ग्रामीण प्रेमलाल कुर्वे और वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. महेंद्र सिंह की मौजूदगी में फिंगर प्रिंट विशेषज्ञ, डॉग स्क्वाड और साइबर टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। टीम ने मृतक के साथ हुई मारपीट और शव मिलने, दोनों स्थानों से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने बताया कि हत्या की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। मृतक के शरीर पर पिटाई और घसीटने के गंभीर निशान मिले हैं। पुलिस आशंका जता रही है कि आरोपियों ने हत्या के बाद शव को दूसरे स्थान पर ले जाकर फेंका और फिर पन्ना की ओर भाग गए, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके। क्या है घटनासलैया निवासी राजा पुत्र स्व. श्याम यादव शुक्रवार को नागौद क्षेत्र के बल्लाधार के पास कृषि कार्य कर रहे जीजा से मिलने आया था। रात करीब 10.30 बजे उसका दोस्त रवि पाल किसी काम के लिए बाइक से बुलाकर ले गया। इसके बाद राजा घर नहीं लौटा। शनिवार सुबह करीब 9 बजे सेमरवारा गांव के बाहर खेत जा रहे मजदूरों ने झाड़ियों में युवक का शव देखा और डायल-112 को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को बुलाया। शिनाख्त राजा यादव के रूप में होते ही पुलिस ने शव मरचुरी भेज दिया। नागौद में कायमी, सिंहपुर में जांचदो थानों के बीच हुए इस हत्याकांड की जीरो पर कायमी नागौद थाने में हुई है। जबकि मामले की विवेचना सिंहपुर थाना पुलिस कर रही है। दरअसल, मृतक के साथ वारदात सिंहपुर क्षेत्र में होने के बाद उसका शव नागौद क्षेत्र के सेमरवारा गांव के पास फेंका गया था।
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भारत में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स को लेकर भिवानी में चरखी दादरी के विधायक सुनील सांगवान और लोहारू के विधायक राजबीर फरटिया अपनी अपनी बयानबाजी को लेकर आमने-सामने आ गए हैं। कांग्रेस विधायक राजबीर फरटिया ने कहा कि सबसे ज्यादा मेडल हम लाते हैं और खेल बजट दूसरे प्रदेशों को दिया जाता है, जहां जीरो मेडल आते हैं। जबकि चरखी दादरी विधायक सुनील सांगवान ने कहा कि विपक्षियों का काम विरोध करना है। मेडलों के मुकाबले बजट आधा लोहारू विधायक राजबीर फरटिया ने कहा कि हमारे देश में मेडलों की भागेदारी 70-80 प्रतिशत है। जबकि हमारा खेल का बजट उन प्रदेशों से जहां मेडलों की संख्या 0 है, उनसे आधा बजट है। यह खिलाड़ियों के साथ दुर्भावना रखी जा रही है। हर बार हरियाणा में मेडलों की झड़ी लगती है। कॉमनवेल्थ व ओलिंपिक की मेजबानी गुजरात को देने पर विधायक राजबीर फरटिया ने कहा कि जब बजट की बात आती है तो मेडलों के मुकाबले आधी है। पूरे देश में मेडलों का नाम है तो वह हरियाणा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश ही नहीं देश में भी भिवानी के खिलाड़ी सबसे ज्यादा मेडल जीतकर लाए हैं। यहां पर खेल यूनिवर्सिटी मिलनी चाहिए। वहीं खिलाड़ियों के चोटिल होने पर मेडिकल की सुविधा भी मिलनी चाहिए। भिवानी को खेल नगर बनाने की मांग विधानसभा में उठाएंगे। ताकि भिवानी के खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और खिलाड़ी देश का नाम रोशन करें। विपक्षियों का काम विरोध करना : सुनील सांगवान वहीं, चरखी दादरी से भाजपा विधायक सुनील सांगवान ने कहा कि 2036 में ओलिंपिक गेम होने है, सरकार ने उस पर अभी से शुरूआत कर दी है। 2036 ओलिंपिक में सबसे ज्यादा पदक हरियाणा के होंगे। विपक्षी पार्टियों द्वारा गुजरात में होने वाले 2030 कॉमनवेल्थ गेम गुजरात की बजाय हरियाणा में होने की मांग पर विधायक सुनील सांगवान ने कहा कि उन पार्टियों का काम विरोध करना है। भाजपा विधायक ने कहा कि, वे हर चीज में विरोध देखते हैं और क्षेत्रवादी लोग हैं। गुजरात पाकिस्तान में है या अफगानिस्तान में, हिंदुस्तान का हिस्सा नहीं है क्या। इससे क्या फर्क पड़ता है। वे क्षेत्रवादी लोग हैं, उनको हमेशा क्षेत्रवाद दिखता है। जब सत्ता में थे, तब भी क्षेत्रवाद किया और अब भी। तीन बार हरियाणा की जनता ने उसी क्षेत्रवाद के कारण उन्हें नकार दिया है। इसलिए तिलमिला रहे हैं।
उज्जैन में श्रावण माह के दौरान रविवार शाम शक्ति पथ पर भक्ति और संगीत की खास महफिल सजेगी। प्रसिद्ध गायक बी प्राक भगवान शिव पर आधारित भजनों की प्रस्तुति देंगे। मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग के समन्वय से ‘शिवतत्व-श्रावण कला उत्सव’ का आयोजन शाम 7 बजे शक्तिपथ, त्रिवेणी संग्रहालय के सामने, श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर में किया जाएगा। कार्यक्रम में बी प्राक और उनके साथी मुंबई भगवान शिव की आराधना और भक्ति से जुड़ी लोकप्रिय प्रस्तुतियां देंगे। इसके साथ ही निवाड़ी के पवन तिवारी और साथी सांस्कृतिक एवं भक्तिमय प्रस्तुतियां देंगे। बी प्राक बोले- एक सपना पूरा हुआ बी प्राक उज्जैन पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि भगवान महाकाल के आंगन में प्रस्तुति देने का वह कई दिनों से इंतजार कर रहे थे। अब उनका यह सपना पूरा हो गया है। उन्होंने कहा कि संगीत और सुरों के माध्यम से सभी को भगवान महाकाल का आशीर्वाद मिलेगा। श्रावण मास की आध्यात्मिक ऊर्जा और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को समर्पित यह आयोजन भक्ति, संगीत और संस्कृति का संगम होगा। कार्यक्रम में श्रद्धालुओं और नागरिकों की एंट्री फ्री रहेगी। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने श्रद्धालुओं और नागरिकों से बड़ी संख्या में पहुंचकर ‘शिवतत्व-श्रावण कला उत्सव’ की इस भक्तिमय शाम में शामिल होने की अपील की है।
रीवा शहर में जमीन में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी का आरोप लगाते हुए कई लोग शनिवार रात मऊगंज निवासी विवेक तिवारी को पकड़कर सिविल लाइन थाने ले पहुंचे। पीड़ितों का आरोप है कि विवेक ने जमीन में निवेश कर बेहतर मुनाफा दिलाने का भरोसा देकर कई लोगों से लाखों रुपए लिए, लेकिन बाद में न तो उन्हें जमीन मिली और न ही रकम वापस की गई। पीड़ितों के मुताबिक, अलग-अलग लोगों से ली गई रकम मिलाकर यह राशि करीब 1 करोड़ 30 लाख रुपए तक पहुंचती है। हालांकि, पुलिस ने अभी आरोपों की जांच शुरू की है। किसी से 5 लाख तो किसी से 10 लाख लेने का आरोप पीड़ित आशीष मिश्रा ने आरोप लगाया कि विवेक तिवारी ने उनसे 8 लाख रुपए लिए थे। इसी तरह अन्य लोगों से किसी से 5 लाख तो किसी से 10 लाख रुपए तक लिए जाने की बात सामने आई है। पीड़ितों का कहना है कि उन्हें जमीन में पैसा लगाने पर अच्छा रिटर्न मिलने का भरोसा दिलाया गया था। इसी विश्वास में कई लोगों ने आरोपी को बड़ी रकम दी, लेकिन बाद में न तो जमीन मिली और न ही निवेश की गई राशि वापस की गई। पीड़ित की पहचान से सामने आया आरोपी आशीष मिश्रा के मुताबिक, विवेक तिवारी दुबई से लौटने के बाद शनिवार रात एक चाय की दुकान पर खड़ा था। इसी दौरान एक पीड़ित के दोस्त की पत्नी की नजर उस पर पड़ गई। उसने विवेक को पहचान लिया और इसकी जानकारी अन्य लोगों को दी। सूचना मिलते ही जमीन में निवेश के नाम पर रकम देने वाले कई लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने विवेक को पकड़ लिया और उसे सिविल लाइन थाने लेकर पहुंचे। थाने पहुंचकर पीड़ितों ने दी शिकायत पीड़ितों ने सिविल लाइन थाने पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की। उनका आरोप है कि विवेक तिवारी ने कई लोगों से निवेश के नाम पर रकम ली और बाद में वापस नहीं की। पीड़ितों ने पुलिस के सामने अपने-अपने लेनदेन और रकम से संबंधित जानकारी भी रखी है। उनका दावा है कि कई लोगों से रकम लेने के कारण कुल राशि एक करोड़ रुपए से अधिक है और यह करीब 1.30 करोड़ रुपए तक पहुंच सकती है। पुलिस बोली- आरोपों की जांच जारी सिविल लाइन थाना प्रभारी विजय सिंह ने बताया कि मामले में शिकायत प्राप्त हुई है। पीड़ितों की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। पुलिस शिकायत में बताए गए तथ्यों और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच करेगी। लेनदेन, रकम और जमीन में निवेश से संबंधित दावों की पुष्टि के बाद मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि कितने लोगों से कितनी राशि ली गई और इस पूरे मामले में आरोपी की भूमिका क्या रही है।
फतेहाबाद में भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश पदाधिकारियों और हरियाणा सरकार के चेयरमैन एवं सदस्यों के स्वागत को लेकर रविवार को जिला भाजपा कार्यालय में समारोह आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम सुबह 10.30 बजे बाद शुरू होगा। समारोह में संगठन के नए पदाधिकारियों का अभिनंदन करने के साथ संत रविदास की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में चल रही कलश वंदन यात्रा को लेकर मंडल अध्यक्षों को कलश भी वितरित किए जाएंगे। कार्यक्रम में भाजपा हरियाणा के नवनियुक्त प्रदेश उपाध्यक्ष सुनीता दुग्गल और प्रो. रविंद्र बलियाला तथा प्रदेश महामंत्री वेद फूलां का स्वागत किया जाएगा। हरियाणा सरकार में नवनियुक्त चेयरमैन सरदार बलदेव सिंह ग्रोहा और राजपाल बेनीवाल तथा सफाई कर्मचारी आयोग हरियाणा के सदस्य चंद्रप्रकाश बोसती भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। बीजेपी जिलाध्यक्ष प्रवीण जोड़ा ने बताया कि भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की ओर से इन नेताओं का सम्मान किया जाएगा। कलश वंदन यात्रा को लेकर भी कार्यकर्ताओं को जोड़ा जाएगा समारोह के दौरान संत शिरोमणि गुरु रविदास की कलश वंदन यात्रा को लेकर मंडल अध्यक्षों को कलश वितरित किए जाएंगे। कार्यकर्ताओं से यात्रा को सफल बनाने में सहयोग देने का आह्वान किया गया है। यह कलश आगे मंडल स्तर पर जाएंगे। इसका उद्देश्य यही है कि संत रविदास के विचारों को जन-जन तक पहुंचाया जाए।
सतना में सिविल लाइन थाना क्षेत्र में सतना-चित्रकूट मार्ग पर खाम्हा-खूजा के पास शनिवार रात एक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौत हो गई। इस दुर्घटना में उसका बड़ा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। टक्कर मारने के बाद बोलेरो चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। पुलिस के अनुसार, बदबदा मुर्रा निवासी दीपक सिंह (25) शनिवार रात करीब 9 बजे अपने बड़े भाई अमित सिंह (35) के साथ बाइक से सतना से अपने गांव लौट रहे थे। खाम्हा-खूजा के पास सामने से आ रही एक तेज रफ्तार बोलेरो ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दीपक सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, अमित सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों की सूचना पर सिविल लाइन थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायल अमित सिंह को तुरंत अस्पताल पहुंचाया और दीपक सिंह के शव को पोस्टमार्टम के लिए मरचुरी में रखवाया। पुलिस ने बोलेरो वाहन और फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है।
भिंड के रौन थाना क्षेत्र के मछंड में वर्ष 2023 में हुए छह वर्षीय एकांश उर्फ गुल्लू त्रिपाठी के चर्चित हत्याकांड में न्यायालय ने मुख्य आरोपी उदित उर्फ गुंडा चौरसिया को आजीवन कारावास और 20 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। मामले में आरोपी की मां अनीता को तीन वर्ष के सश्रम कारावास और पांच हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया गया है, जबकि आरोपी के पिता संतोष को न्यायालय ने दोषमुक्त कर दिया। पुलिस जांच में सामने आया था कि उदित आईपीएल में सट्टा खेलने का आदी था और बड़ी रकम हार चुका था। इसी रकम की भरपाई के लिए उसने मासूम के अपहरण के बाद परिवार से फिरौती वसूलने की साजिश रची थी। इकलौता बच्चा होने से फिरौती की उम्मीदपुलिस जांच के अनुसार, उदित उर्फ गुंडा चौरसिया सट्टा खेलने का आदी था। आईपीएल के दौरान वह बड़ी रकम हार गया था। सट्टे में हारी रकम की भरपाई के लिए उसने गुल्लू के अपहरण की योजना बनाई। गुल्लू अपने परिवार का इकलौता बच्चा था। आरोपी को उम्मीद थी कि बच्चे को बंधक बनाकर उसके परिवार से बड़ी रकम फिरौती के रूप में वसूली जा सकती है। ट्यूशन से लौटते समय मासूम को बनाया निशानाघटना 19 अप्रैल 2023 की है। मछंड निवासी सुशील त्रिपाठी का छह वर्षीय पुत्र एकांश उर्फ गुल्लू शाम को पड़ोस में ट्यूशन पढ़ने गया था। ट्यूशन खत्म होने के बाद अन्य बच्चे अपने-अपने घर पहुंच गए, लेकिन गुल्लू घर नहीं पहुंचा। उसकी मां अनामिका ने साथ पढ़ने वाले बच्चों से पूछताछ की। बच्चों से जानकारी मिलने के बाद परिजनों को पता चला कि गुल्लू आरोपी उदित उर्फ गुंडा चौरसिया के साथ था। परिजन आरोपी के घर पहुंचे तो उसने घर में ताला लगा दिया। इसके बाद तलाश के दौरान आरोपी के घर की दूसरी मंजिल पर रखे कूलर के अंदर गुल्लू मिला। उसके हाथ-पैर बंधे हुए थे और मुंह कपड़े से बांधा गया था। परिजन उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मुंह बांधने से दम घुटा, कूलर में छिपाया शवपुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने मासूम के हाथ-पैर रस्सी से बांध दिए थे और मुंह कपड़े से बांध दिया था। इसी दौरान दम घुटने से उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी ने शव को कूलर के अंदर छिपा दिया था। मासूम की निर्मम हत्या की जानकारी सामने आने के बाद मछंड कस्बे में आरोपियों के खिलाफ भारी आक्रोश फैल गया था। मां ने दिया साथ, पिता को किया दोषमुक्तरौन थाना पुलिस ने जांच के बाद उदित उर्फ गुंडा चौरसिया, उसकी पत्नी अनीता और पिता संतोष के खिलाफ चालान न्यायालय में पेश किया। मामले की सुनवाई प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश भिण्ड के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने साक्ष्यों के आधार पर उदित को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 20 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं अनीता को तीन वर्ष के सश्रम कारावास और पांच हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया गया। संतोष को न्यायालय ने दोषमुक्त कर दिया। अभियोजन की ओर से पैरवी मध्यप्रदेश शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक अवधेश चौधरी ने की।
भिंड में नेशनल हाईवे-552 पर स्थित उमरी टोल प्लाजा एक बार फिर विवादों में है। उमरी कस्बे के दूसरी ओर करीब तीन किलोमीटर की दूरी पर एमपीआरडीसी द्वारा दूसरा टोल बूथ तैयार कराया जा रहा है। निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। जैसे ही इसकी जानकारी स्थानीय लोगों को मिली, ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि इतनी कम दूरी पर दूसरा टोल बूथ बनाना नियमों के विपरीत है और इससे किसानों समेत स्थानीय वाहन चालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है। मामले को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन देकर निर्माण की जांच की मांग की है। उमरी-अकोड़ा के बीच पहले से हो रही टोल वसूली फिलहाल नेशनल हाईवे-552 पर उमरी और अकोड़ा के बीच टोल प्लाजा संचालित है। इसी मार्ग पर अब उमरी कस्बे के दूसरी ओर एक और टोल बूथ तैयार किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों बूथों के बीच दूरी बेहद कम है। स्थानीय लोगों को आशंका है कि नया टोल शुरू होने के बाद क्षेत्र के किसानों और रोजाना आवाजाही करने वाले वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। MP-RDC ने राजस्व नुकसान को बताया वजह एमपीआरडीसी अधिकारियों के मुताबिक, लहार की ओर से आने वाले कई वाहन मौजूदा उमरी-अकोड़ा टोल प्लाजा से होकर नहीं गुजरते। ये वाहन कनावर के रास्ते सीधे उत्तर प्रदेश सीमा की ओर निकल जाते हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस वैकल्पिक मार्ग के कारण मौजूदा टोल प्लाजा को लगातार राजस्व का नुकसान हो रहा था। इसी राजस्व क्षति की भरपाई के उद्देश्य से दूसरा बूथ तैयार कराया जा रहा है। एमपीआरडीसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि दूसरे बूथ पर दोहरा टोल नहीं वसूला जाएगा। यदि किसी वाहन से उसी यात्रा में पहले टोल प्लाजा पर शुल्क लिया जा चुका है, तो दूसरे बूथ पर उससे दोबारा शुल्क नहीं लिया जाएगा। ग्रामीणों का सवाल- तीन किलोमीटर में दूसरा बूथ क्यों? ग्रामीणों ने शुल्क नियम-2008 के नियम 8(8) का हवाला देते हुए दूसरे बूथ के निर्माण पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि एक ही राष्ट्रीय राजमार्ग और एक ही दिशा में लगातार दो टोल प्लाजा के बीच निर्धारित न्यूनतम दूरी का पालन किया जाना चाहिए। ग्रामीणों के मुताबिक, करीब तीन किलोमीटर की दूरी पर दूसरा बूथ बनाना नियमों की भावना के विपरीत है। इसका सबसे ज्यादा असर स्थानीय किसानों पर पड़ेगा, जिन्हें ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहनों से आसपास के गांवों में आने-जाने के लिए इस मार्ग का इस्तेमाल करना पड़ता है। उमरी सरपंच बोले- नियमों की जांच हो उमरी सरपंच वीरेंद्र यादव ने कहा कि एक ही मार्ग पर इतनी कम दूरी में दूसरा टोल बूथ बनाया जाना समझ से परे है। उनका कहना है कि इससे स्थानीय लोगों और किसानों को परेशानी होगी। उन्होंने मांग की कि नियमों की जांच कराकर बूथ का निर्माण रुकवाया जाए। सरपंच ने चेतावनी दी कि यदि टोल शुरू किया गया तो ग्रामीण आंदोलन करेंगे। गोविंद सिंह ने भी उठाए सवाल पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने भी मामले को स्थानीय लोगों के हित से जोड़ते हुए जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि निर्धारित नियमों के विपरीत कम दूरी पर दूसरा टोल बूथ बनाया जा रहा है तो इसकी जांच जरूरी है। उनके मुताबिक राजस्व की बात अपनी जगह है, लेकिन नियमों और स्थानीय लोगों के हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। MP-RDC महाप्रबंधक बोले- दोबारा टोल नहीं लिया जाएगा एमपीआरडीसी के महाप्रबंधक राजेश दाहिमा ने बताया कि दूसरा बूथ राजस्व क्षति की भरपाई के लिए तैयार कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन वाहनों से एक टोल प्लाजा पर शुल्क लिया जा चुका होगा, उनसे उसी यात्रा में दूसरे टोल पर दोबारा शुल्क नहीं लिया जाएगा। कलेक्टर बोले- नियमों के दायरे में है या नहीं, जांच होगी कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि टोल टैक्स के मामले को दिखवाया जाएगा। जो चेक पोस्ट तैयार की जा रही है, वह नियमों के दायरे में आती है या नहीं, इसकी जांच कराई जाएगी। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। एक साल पहले मिहोना में भी हुआ था विरोध ऐसा ही मामला करीब एक साल पहले मिहोना थाना क्षेत्र में भी सामने आया था। उस समय एमपीआरडीसी ने निर्धारित दूरी के आसपास दूसरा टोल बूथ तैयार कराने का प्रयास किया था। बताया गया कि रातों-रात अस्थायी बूथ तैयार किया गया था। जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया था। ग्रामीणों ने टोल प्लाजा के बीच निर्धारित दूरी के नियम का हवाला देते हुए आपत्ति दर्ज कराई थी। विरोध के बाद एमपीआरडीसी और टोल संचालन एजेंसी को अपना कदम पीछे खींचना पड़ा था। नई एजेंसी के बाद उमरी में फिर उठा विवाद अब टोल संचालन की एजेंसी का टेंडर बदलने के बाद उमरी में इसी तरह का विवाद दोबारा सामने आया है। नई एजेंसी के प्रस्ताव के बाद दूसरा बूथ लगभग तैयार हो चुका है। ऐसे में अब पूरे मामले में प्रशासन की जांच और ग्रामीणों के विरोध पर नजर बनी हुई है। फिलहाल एमपीआरडीसी राजस्व नुकसान की भरपाई को निर्माण की वजह बता रहा है, जबकि ग्रामीण इसे नियमों और स्थानीय हितों से जोड़कर विरोध कर रहे हैं।
राजस्थान के कारोबार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जोड़ने की पहल शुरू हुई है। जयपुर में ‘एआई व्यापारम् 2026’ के तहत व्यापारियों और उद्यमियों को बताया गया कि AI का इस्तेमाल केवल बड़ी टेक कंपनियों तक सीमित नहीं है। छोटे और मध्यम कारोबारी भी इसका इस्तेमाल अपने रोजमर्रा के काम को आसान बनाने और कारोबार बढ़ाने में कर सकते हैं। एमआई रोड स्थित राजस्थान चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री में हुए कार्यक्रम में व्यापार जगत से जुड़े प्रतिनिधियों ने AI के व्यावहारिक इस्तेमाल पर चर्चा की। इसमें कस्टमर सर्विस, मार्केटिंग, डेटा एनालिसिस, खर्च कम करने, काम की रफ्तार बढ़ाने और बिजनेस एक्सपेंशन जैसे क्षेत्रों में AI की भूमिका बताई गई। राजस्थान AI समिट के बाद व्यापार पर फोकस ‘एआई व्यापारम् 2026’ की शुरुआत 31 मई को जयपुर में हुए ‘राजस्थान AI समिट 2026’ के बाद की गई है। पहले कार्यक्रम में AI और भविष्य की तकनीक पर चर्चा हुई थी। अब इसी पहल को व्यापार से जोड़ते हुए कारोबारियों को यह समझाने पर फोकस किया जा रहा है कि AI का इस्तेमाल उनके काम में किस तरह किया जा सकता है। छोटे कारोबार में भी AI का इस्तेमाल कार्यक्रम में एक्सपर्ट्स ने बताया कि AI से ग्राहक की जरूरत समझने, मार्केटिंग को बेहतर बनाने, डेटा का विश्लेषण करने और बिक्री बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा रोजाना होने वाले कई काम ऑटोमेट किए जा सकते हैं, जिससे समय और खर्च दोनों बचेंगे। एक्सपर्ट का कहना है कि पारंपरिक व्यापारिक अनुभव के साथ AI को जोड़कर कारोबारी अपने बिजनेस को ज्यादा प्रतिस्पर्धी बना सकते हैं। व्यापार मंडलों के प्रतिनिधि भी जुड़े जयपुर व्यापार मंडल और राजस्थान दुकानदार महासंघ के प्रतिनिधियों ने भी AI के इस्तेमाल को लेकर चर्चा में हिस्सा लिया। जयपुर व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुभाष गोयल और महामंत्री सुरेश सैनी सहित अन्य व्यापारिक प्रतिनिधि मौजूद रहे। व्यापारियों की AI को लेकर झिझक दूर करने पर जोर आयोजकों ने कहा कि कई व्यापारियों के लिए AI अभी नई और जटिल तकनीक है। इस पहल का उद्देश्य उनकी झिझक दूर करना और यह बताना है कि AI को आसानी से रोजमर्रा के कारोबार में इस्तेमाल किया जा सकता है। राइट कोड सोसाइटी के अध्यक्ष गौरव शर्मा और महासचिव अजीत कौशिक के नेतृत्व में यह पहल की गई। मार्कनप्रे के सीईओ विक्रम जैन और जीएम ऑपरेशन्स विनीत जोशी ने भी सहयोग किया।
कोटा में नगर निकाय-पंचायत चुनावों की तैयारी तेज हो चुकी है। नगर निकाय और पंचायतीराज चुनावों के तहत इस बार कुल 15.29 लाख मतदाता वोट करेंगे। ये मतदाता गांव और शहर की सरकार बनाने के लए 2559 जनप्रतिनिधियों का चुनाव करेंगे। चुनाव का सबसे बड़ा आकर्षण नवगठित पंचायत समिति चेचट और नई नगर पालिका सुल्तानपुर होंगे, जहां पंचायत समिति बनने के बाद पहली बार मतदान होने जा रहा है। वर्तमान में सभी राजनीतिक दलों और भावी प्रत्याशियों की धड़कनें अगले सप्ताह प्रस्तावित आरक्षण लॉटरी पर टिकी हुई हैं। कोटा नगर निगम में कार्यकाल दिसंबर 2025 में समाप्त हो चुका था। इस बार नगर निगम का पूरा स्वरूप बदल चुका है। पहले कोटा उत्तर (70 वार्ड) और कोटा दक्षिण (80 वार्ड) मिलाकर कुल 150 पार्षद चुने जाते थे। दोनों निगमों के मर्ज और नए परिसीमन के बाद अब कोटा नगर निगम में कुल 100 वार्ड ही रह गए हैं। यानी इस बार सीधे 50 पार्षदों के पद समाप्त हो गए हैं, जिससे राजनीतिक गलियारों में टिकट पाने के लिए प्रतिस्पर्धा बेहद कड़ी हो गई है। जन-प्रतिनिधियों का गणित: कौन-कहां चुना जाएगा शहरों की कमान- कोटा नगर निगम के 100 वार्ड पार्षद (मेयर व डिप्टी मेयर सहित) और 5 नगर पालिकाओं (रामगंजमंडी, सुकेत, सांगोद, इटावा, सुल्तानपुर) में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष सहित 160 पार्षद चुने जाएंगे। गांवों का राज- जिला प्रमुख, उप जिला प्रमुख, 25 जिला परिषद सदस्य, 6 प्रधान, 6 उप प्रधान, 118 पंचायत समिति सदस्य, 210 सरपंच, 210 उप सरपंच और 1946 वार्ड पंच चुने जाएंगे। मतदान केंद्रों की संख्या शहरी क्षेत्र में कुल 260 वार्डों के लिए 884 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं, जिनमें अकेले कोटा नगर निगम के 100 वार्डों के लिए 721 बूथ शामिल हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में 6 पंचायत समितियों (लाडपुरा, सुल्तानपुर, खैराबाद, सांगोद, इटावा व चेचट) की 210 ग्राम पंचायतों के लिए 717 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्र में सर्वाधिक 160 बूथ अकेले इटावा में बनाए गए हैं। वोटर्स की संख्या शहरी निकाय (कुल 9.33 लाख मतदाता)
इंदौर में रहने वाले 37 वर्षीय जितेंद्र कुमार की जिंदगी बीमारी ने पूरी तरह बदल दी। दोनों किडनी खराब होने के बाद पिछले चार साल से वे डायलिसिस पर हैं। सप्ताह में तीन दिन डायलिसिस के लिए अस्पताल जाना पड़ता है। आर्थिक परेशानियों और लगातार बिगड़ती सेहत के बावजूद जितेंद्र ने हिम्मत नहीं छोड़ी। अब वे अपनी क्षमता के अनुसार फल का ठेला लगाकर परिवार की जिम्मेदारी उठाने की कोशिश कर रहे हैं। इस काम के लिए उन्हें इंदौर के समाजसेवियों से मदद मिली है। जितेंद्र मूल रूप से अशोक नगर के रहने वाले हैं। साल 2017 में रोजगार की तलाश में इंदौर आए और यहां इलेक्ट्रिशियन का काम करने लगे। काम के दौरान होने वाली थकान और दर्द के कारण उन्होंने पेनकिलर लेना शुरू किया। जितेंद्र के मुताबिक, करीब एक महीने तक लगातार पेनकिलर लेने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। साल 2021 से स्वास्थ्य संबंधी परेशानी बढ़ी और डॉक्टरों ने दोनों किडनी खराब होने की जानकारी दी। डायलिसिस का सामान भी खुद खरीदना पड़ा इसके बाद उन्होंने भोपाल और अहमदाबाद में भी इलाज कराया। फिलहाल सप्ताह में तीन बार डायलिसिस कराना पड़ता है। कई बार डायलिसिस में इस्तेमाल होने वाला डाइलाइजर, ट्यूबिंग और केमिकल उपलब्ध नहीं होने पर उन्हें ये सामान खुद खरीदना पड़ता है। बीमारी का असर इतना है कि वे करीब आधा किलोमीटर भी ठीक से नहीं चल पाते। नौकरी नहीं कर सके तो शुरू किया फल का ठेला जितेंद्र ने बताया कि बीमारी के कारण नौकरी करना मुश्किल हो गया। परिवार की आर्थिक स्थिति को लेकर वे कई बार रातभर सो नहीं पाते थे। उनके पिता मुन्नालाल विश्वकर्मा फर्नीचर का काम करते हैं और परिवार की जिम्मेदारी मुख्य रूप से उन्हीं पर है। छोटा भाई भी उनके साथ रहता है। परिवार पर आर्थिक बोझ कम करने के लिए जितेंद्र रोजगार की तलाश में कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंचे। अधिकारियों ने उनकी बीमारी और बार-बार अस्पताल जाने की जरूरत को देखते हुए नौकरी के बजाय खुद का काम शुरू करने की सलाह दी। इसके बाद रेडक्रॉस के माध्यम से उन्हें 20 हजार रुपए की सहायता मिली, जिससे उन्होंने फल का ठेला खरीदा। हालांकि, इसके बाद उनकी तबीयत फिर बिगड़ गई और उन्हें करीब डेढ़ महीने अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा। समाजसेवियों ने की मदद अस्पताल से लौटने के बाद ठेले पर फल लगाने के लिए उनके पास पैसे नहीं थे। ऐसे में महाकाल संस्था के जय्यु जोशी और करीम खान ने 10 हजार रुपए की मदद की। इससे जितेंद्र ने ठेले पर फल रखना शुरू किया और दोबारा काम की शुरुआत की। जितेंद्र कहते हैं कि बीमारी ने शरीर को कमजोर जरूर किया है, लेकिन परिवार की जिम्मेदारी उठाने का हौसला अभी भी कायम है। उनका कहना है कि जितना संभव होगा, उतना काम करेंगे और परिवार के लिए अपने पैरों पर खड़े होने की कोशिश जारी रखेंगे।
सागर में देवरी थाना क्षेत्र के ग्राम पुरैनाकरन में सर्पदंश से महिला की मौत हो गई। सूचना पर पुलिस ने शव का पंचनामा बनाया है। शव पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। जानकारी के अनुसार, स्वाति पति संजू सौर उम्र 30 साल निवासी पुरैनाकरन शनिवार को अपने घर में सो रही थीं। रात में जहरीले कीड़े ने डस लिया। तबीयत बिगड़ने पर परिजन देवरी स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। जहां महिला को भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने इलाज किया। हालत में सुधार होने पर अस्पताल छुट्टी कर घर भेज दिया गया। घर जाकर स्वाति खाना खाकर सोने चली गई। जिसके बाद वह उठी नहीं। मृतका के देवर झुन्नीलाल सौर ने बताया भाभी स्वाति सौर को घर में सोते समय सांप ने डस लिया। रात करीब 3 बजे तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टर ने इलाज किया तो उनका स्वास्थ्य ठीक हो गया। अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, जिन्हें लेकर घर आ गए। घर पर भाभी ने खाना खाया और नींद आने पर वह सो गई। शाम को बेटी ने बताया कि मां उठ नहीं रही है। हम लोग मौके पर पहुंचे और भाभी को दोबारा अस्पताल लाए। जहां डॉक्टर ने चेकअप के बाद मृत घोषित कर दिया। मृतका का एक बेटा और एक बेटी है। शव को मोर्चरी में रखवाया गया है। रविवार को पोस्टमार्टम किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर एक्टिव हो गया है। पिछले 24 घंटे में प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। बलरामपुर और बीजापुर में कुछ स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई। प्रदेश में 1 जून से अब तक हुई मौसमी बारिश सामान्य से 7% कम है। मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम बंगाल और उससे लगे उत्तर ओडिशा के ऊपर सिस्टम बना हुआ है। इसके असर से 9 अगस्त को भी प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। उत्तर छत्तीसगढ़ में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी है। शनिवार शाम रायपुर में झमाझम बारिश हुई। इसके बाद रात भर रुक-रुककर बारिश होती रही। कुछ इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया। इससे लोगों को आने-जाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। बलरामपुर के कुसमी में 110 MM बारिश पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश बलरामपुर जिले के कुसमी में 110 MM दर्ज की गई। दौरा कोचली में 90 MM, भोपालपट्टनम और बलरामपुर में 70-70MM, बरमकेला में 60 MM बारिश हुई। रामानुजगंज, कुकदूर, लटोरी, जशपुरनगर, नया बरादवार, चांपा, सरिया, लखनपुर, शिवरीनारायण, सन्ना और पेंड्रा में 50-50 MM बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा प्रदेश के कई अन्य इलाकों में 30 से 40 MM तक बारिश हुई। रायपुर में आज भी बारिश के आसार राजधानी रायपुर में 9 अगस्त को दिनभर बादल छाए रहने की संभावना है। एक-दो दौर की बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। अधिकतम तापमान करीब 31C और न्यूनतम तापमान 25C के आसपास रहने का अनुमान है। दुर्ग सबसे गर्म, पेंड्रा रोड सबसे ठंडा प्रदेश में शनिवार को सबसे अधिक अधिकतम तापमान 31.6C दुर्ग में दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.4C पेंड्रा रोड में रिकॉर्ड हुआ। अगले 2 दिन भी बारिश का दौर जारी रहेगा मौसम विभाग के अनुसार अगले 2 दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को विशेष रूप से बारिश और गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की सलाह दी है।
उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में रविवार तड़के भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया। सुबह 4 बजे मंदिर के पट खुलने के बाद पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी देव प्रतिमाओं का पूजन किया। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया। भगवान महाकाल को त्रिशूल, त्रिपुंड और डमरू के साथ भांग अर्पित कर श्रृंगार किया गया। हरि ओम का जल अर्पित करने के बाद कपूर आरती की गई। इसके बाद ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से ढककर भस्म अर्पित की गई। भस्म अर्पित करने के बाद भगवान महाकाल को शेषनाग का रजत मुकुट, चांदी की मुंडमाला और रुद्राक्ष की माला पहनाई गई। इसके साथ ही मोगरे और गुलाब के सुगंधित फूलों से बनी मालाएं भी अर्पित की गईं। भगवान को फल और मिष्ठान का भोग लगाया गया। भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। मान्यता है कि भस्म अर्पित करने के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।
डिंडोरी में जिले में पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण रविवार सुबह नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ गया। नर्मदा पर बने दोनों पुल पानी में डूब गए, जिससे डिंडोरी का जबलपुर से सड़क संपर्क बाधित हो गया। जोगी टिकरिया स्थित जबलपुर-अमरकंटक नेशनल हाईवे का पुल और नगर के भीतर बना करीब 25 फीट ऊंचा पुल जलमग्न हो गया। पहली बार दोनों पुल एक साथ डूबे जोगी टिकरिया स्थित नर्मदा पुल पर सुबह से पानी बढ़ता रहा। स्थानीय लोग सुबह करीब 6 बजे से ही मौके पर पहुंचकर जलस्तर पर नजर रख रहे थे। पानी पुल के ऊपर आने के बाद लोगों ने बैरिकेड्स लगाकर आवागमन बंद कर दिया। बताया गया कि बारिश के दौरान पहली बार दोनों पुल एक साथ पानी में डूबे हैं। जबलपुर जाने वाला रास्ता बंद दोनों पुलों के जलमग्न होने से डिंडोरी से जबलपुर की ओर सड़क मार्ग से आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। इससे वाहन चालकों और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नदी के निचले इलाकों में बैकवाटर का स्तर भी लगातार बढ़ रहा है। पुलिस ने संभाली स्थिति पुलों के डूबने की सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। निरीक्षक दुर्गा प्रसाद नगपुरे ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और बाढ़ के हालात पर नजर बनाए रखी। पुलिस की निगरानी में पुलों पर आवागमन बंद रखा गया है।

