प्रदेश के सभी सरकारी कर्मचारियों की अब तक बढ़ी हुई सैलरी और वेतन निर्धारणों (पे-फिक्सेशन) की बारीकी से जांच की जाएगी। वित्त विभाग ने सभी कर्मचारियों के वेतन निर्धारणों की अगस्त तक जांच पूरी करने के आदेश दिए हैं। जिन कर्मचारियों का पे-फिक्सेशन गलत हो गया और ज्यादा वेतन उठाया तो उनसे वसूली की जाएगी। वित्त विभाग ने इसके लिए नए सिरे से सर्कुलर जारी किया है। वित्त विभाग ने सर्कुलर जारी कर सभी विभागों को अब तक किए वेतन निर्धारणों की बारीकी से जांच कराने के निर्देश जारी किए हैं। पदोन्नति, चयनित वेतनमान, एसीपी और एमएसीपी सहित दूसरे पे-फिक्सेशन के मामलों में जांच की जाएगी। वित्त विभाग ने जांच के लिए फार्मेट भी तय किया है। हर विभाग और हर दफ्तर में विभागाध्यक्ष, सीनियर अकाउंट्स ऑफिसर, एक वरिष्ठ अफसर का जांच दल बनाकर पे-फिक्सेशन की जांच करने के आदेश दिए हैं। विभाग ने इससे पहले 5 मई को सर्कुलर जारी किया था, लेकिन अब ताजा सर्कुलर में नए निर्देश जोड़े हैं। सितंबर के वेतन बिलों में जांच पूरी का सर्टिफिकेट देंगे वित्त विभाग ने अगस्त महीने तक जांच पूरी करने का टास्क दिया है। वहीं सभी कर्मचारियों के वेतन निर्धारण की जांच पूरी होने का जॉइंट सर्टिफिकेट सितंबर के वेतन बिलों में अनिवार्य रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। अफसरों को चेतावनी, गलती रही तो होगी वसूली वित्त विभाग ने वेतन निर्धारण की बारीकी से एररलेस जांच करने के आदेशों के साथ जिम्मेदारों को चेतावनी दी है। वित्त विभाग ने चेताया कि जांच के बाद भी भविष्य में यदि नियमों के खिलाफ वेतन भुगतान का मामला सामने आता है तो जांच से जुड़े अफसर, कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। जांच में शामिल अफसर, कर्मचारियों से ज्यादा किए गए भुगतान की वसूली की जाएगी और विभागीय कार्यवाही भी होगी।
इंदौर में घर के बाहर खड़ी बोलेरो चोरी करने के मामले में कोर्ट ने दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को डेढ़-डेढ़ वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोनों पर 500-500 रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। फरियादी हेमसिंह यादव ने 15 जून 2024 की रात अपनी महिंद्रा बोलेरो (एमपी-09 सीजे-0416) को रोजाना की तरह घर के सामने लॉक कर खड़ा किया था। अगले दिन सुबह करीब पांच बजे वाहन वहां नहीं मिला। परिजन के साथ गांव, आसपास के क्षेत्रों और बायपास पर तलाश करने के बावजूद वाहन का कोई सुराग नहीं मिला, जिसके बाद कनाड़िया थाने में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। रात में घर के सामने से चोरी हुई थी बोलेरो प्रभारी उपसंचालक अभियोजन राजेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि कोर्ट फैसला सुनाते हुए जितेंद्र कीर (32) और अशोक कीर (36), निवासी ग्राम जलेरिया, सोनकच्छ को भारतीय दंड संहिता की धारा 379 के तहत दोषी पाया। पुलिस जांच में खुला राज, आरोपियों से बरामद हुई गाड़ी मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए और गवाहों के बयान दर्ज किए। जांच के दौरान चोरी की गई बोलेरो आरोपियों के कब्जे से बरामद कर ली गई। इसके बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में चालान पेश किया गया। साक्ष्यों के आधार पर सुनाई सजा सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर कोर्ट ने दोनों आरोपियों को चोरी का दोषी माना। कोर्ट ने उन्हें एक वर्ष छह माह के सश्रम कारावास तथा 500-500 रुपए के अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया। मामले में शासन की ओर से रवि मोगा (सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी) ने पैरवी की।
बांसवाड़ा जिले में अवैध शराब माफियाओं के खिलाफ पुलिस ने 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' के तहत लोहारिया थाना पुलिस और जिला विशेष शाखा (DST) की संयुक्त टीम ने क्षेत्र के ओजरिया गांव में छापेमारी कर अवैध महुआ शराब के कारोबार का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से 125 लीटर तैयार महुआ शराब जब्त की है और 33 ड्रमों में भरकर रखा करीब 10,000 लीटर महुआवास व शराब बनाने की 8 भट्टियों को नष्ट कर दिया है। मकान के पीछे चल रहा था अवैध धंधा, ड्रमों में भरा था महुआवास पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस को ओजरिया गांव में अवैध शराब निर्माण की पुख्ता सूचना मिली थी। लोहारिया थानाधिकारी जयपाल सिंह और डीएसबी शाखा प्रभारी भंवरलाल के नेतृत्व में टीम ने ओजरिया निवासी सुभाष पिता मोहन सोलंकी के मकान के पीछे दबिश दी। वहां बड़े पैमाने पर कच्ची महुआ शराब बनाने का काम चल रहा था। पुलिस ने इसके साथ ही मौके से 8 बड़े डेगचे और 7 पीतल के घड़े भी जब्त किए गए हैं। केस दर्ज, जांच शुरू: पुलिस ने इस पूरी कार्रवाई के बाद लोहारिया थाने पर संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है और मामले की आगे की अनुसंधान (जांच) की जा रही है। कर्रवाई करने वाली टीम में ये रहे शामिल: इस कामयाबी को अंजाम देने वाली संयुक्त टीम में थानाधिकारी जयपाल सिंह, डीएसबी प्रभारी भंवरलाल, एएसआई सुरेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल पृथ्वीपाल सिंह, मोहनलाल, मानसिंह, हरीशचन्द्र, रमेशचन्द्र, बदामीलाल और कांस्टेबल रमेशचन्द, तरुण जोशी, महेश व श्रवण शामिल थे।
पन्ना जिले की इटवाकला ग्राम पंचायत में सोमवार शाम को आकाशीय बिजली गिरने से दो ग्रामीण गंभीर रूप से झुलस गए। तेज बारिश से बचने के लिए वे एक पीपल के पेड़ के नीचे खड़े हुए थे, तभी वे इस हादसे का शिकार हो गए। दोनों को बेहद नाजुक हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टर उनका इलाज कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, इटवाकला के रहने वाले मथुरा प्रसाद मिश्रा उर्फ बड्डे महाराज (48 साल) और चिरौंजी लाल चौधरी (50 साल) किसी निजी काम से गुनौर जा रहे थे। रास्ते में कोहनी इलाके में बने खेर माता मंदिर के पास अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। पानी से बचने के लिए दोनों पास ही मौजूद एक पीपल के पेड़ के नीचे जाकर खड़े हो गए। इसी बीच अचानक कड़कड़ाती हुई आकाशीय बिजली सीधे उसी पीपल के पेड़ पर आ गिरी। बिजली का झटका इतना जोरदार था कि दोनों ग्रामीण मौके पर ही बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े। कुछ देर बाद जब चिरौंजी लाल का बेटा उन्हें ढूंढते हुए वहां पहुंचा, तो उसने दोनों को अचेत हालत में पड़ा देखा। शरीर का आधा हिस्सा झुलसा, हालत गंभीर परिजन ने आनन-फानन में दोनों को बाइक पर लादकर इटवाकला पहुंचाया। वहां प्राथमिक इलाज देने के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टर ने तुरंत उन्हें जिला अस्पताल पन्ना के लिए रेफर कर दिया। अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि बिजली गिरने की वजह से दोनों ग्रामीणों के शरीर का लगभग आधा हिस्सा बुरी तरह झुलस गया है। जिला अस्पताल में उन्हें आईसीयू या स्पेशल वार्ड में रखकर लगातार इलाज दिया जा रहा है, लेकिन फिलहाल दोनों की हालत काफी चिंताजनक बनी हुई है।
भोपाल की बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी (BU) के छात्र सोमवार दोपहर 12 बजे से विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर भूख हड़ताल पर बैठ गए। छात्रों का कहना है कि हमने कुलपति के सामने युनिवर्सिटी में एथिलेटिक ट्रैक बनाने समेत तीन मांगें रखी, लेकिन अब तक किसी पर भी कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि 400 मी एथिलेटिक ट्रैक बनाने वाले प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल चुकी है। वीसी भी कहते हैं कि ट्रैक बनना चाहिए। लेकिन फिर भी नहीं बनाया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि अदंर हेलिपैड बने हैं वे नहीं हटाए जाएंगे। छात्रों का कहना है कि हमारे लिए हैलिपैड से ज्यादा ट्रैक जरूरी है। स्टूडेंट बोले- यहां 300 छात्रों के एक टीचर पढ़ा रहा वहीं दूसरी मांग युनिवर्सिटी में टीचर की कमी है। 300 छात्रों पर 1 टीचर है। जिसकी वजह से ठीक से पढ़ाई नहीं हो पाती है। पूरा विश्वविद्यालय गेस्ट फैक्लटी पर चल रहा है। छात्रों का कहना है कि इससे अच्छा तो इसे बंद कर दिया जाए। उनकी तीसरी मांग है कि सभी छात्रों का रिजल्ट समय पर निकाला जाए। ज्यादातर कोर्स में छात्रों का रिजल्ट लेट होता है। कई कोर्स जो 2 साल के हैं, उनकी डिग्री तीन साल में मिल रही है। शिक्षा मंत्री, राज्यपाल को भी दे चुके हैं ज्ञापन छात्रों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर पहले रजिस्ट्रार, कुलपति, उच्च शिक्षा मंत्री और राज्यपाल को ज्ञापन सौंप चुके हैं। इसके बावजूद कोई समाधान नहीं निकला। उनका कहना है कि यह इन मांगों को लेकर तीसरा आंदोलन है। छात्रों के मुताबिक, उनके दो प्रतिनिधि प्रशासन से चर्चा करने भी गए, लेकिन कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। उनका कहना है कि प्रशासन बजट नहीं होने का हवाला दे रहा है। सभी छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
कोरबा में सोमवार को लगातार बारिश और आंधी के बीच निहारिका स्थित बिलासा ब्लड बैंक के पास एक विद्युत खंभे में शॉर्ट सर्किट हो गया। इससे खंभे में आग लग गई और करीब 10 से 15 मिनट तक चिंगारियां निकलती रहीं, जिससे यह आतिशबाजी की तरह जलता रहा। घटना से आसपास के व्यापारियों और राहगीरों में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज बारिश के दौरान अचानक तेज आवाज के साथ खंभे में स्पार्किंग शुरू हुई और देखते ही देखते आग लग गई। खंभे से निकलती चिंगारियां आसपास की दुकानों और वाहनों पर गिर रही थीं, जिससे किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बढ़ गई। स्थानीय व्यापारियों ने तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी। दमकल ने पाया काबू सूचना मिलते ही दमकल वाहन मौके पर पहुंचा। दमकल कर्मियों ने जल रहे बिजली खंभे पर पानी का छिड़काव कर आग पर काबू पाया। लगभग आधे घंटे की मशक्कत के बाद स्थिति सामान्य हो सकी। हालांकि, इस घटना में कोई जनहानि या संपत्ति का नुकसान नहीं हुआ। सुरक्षा के मद्देनजर, आग लगने के तुरंत बाद विद्युत प्रवाह बंद कर दिया गया। इससे बिलासा ब्लड बैंक, आसपास के कॉम्प्लेक्स और मार्केट क्षेत्र की बिजली गुल हो गई, जिससे व्यापारियों को अपना काम बंद करना पड़ा। सूचना मिलने पर विद्युत विभाग के कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे और क्षतिग्रस्त खंभे व तारों को बदलने का सुधार कार्य शुरू किया। स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से जिले में बारिश और तेज हवा के कारण बिजली खंभों में लगातार शॉर्ट सर्किट की घटनाएं सामने आ रही हैं। उनका आरोप है कि विभाग द्वारा समय पर रखरखाव और जांच नहीं की जा रही है, जिसके कारण बारिश में ऐसी घटनाएं बढ़ गई हैं। व्यापारियों ने मांग की है कि बारिश के मौसम से पहले सभी विद्युत खंभों और तारों की विशेष जांच कराई जाए और जर्जर तारों को बदला जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव ने कहा कि प्रदेश के 72 जिलों में होने वाला शिक्षक और स्नातक एमएलसी चुनाव सिर्फ एक सामान्य चुनाव नहीं, बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल है। उन्होंने कहा कि छह शिक्षक और पांच स्नातक सीटों पर होने वाला यह चुनाव कार्यकर्ताओं की परीक्षा है। इसके तुरंत बाद उत्तर प्रदेश विधानसभा का फाइनल मुकाबला होगा, इसलिए सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरना होगा।उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का संदेश हर शिक्षक तक पहुंचाया जाए। शिक्षक समाज की समस्याओं को लेकर पार्टी की ओर से तैयार सामग्री भी कार्यकर्ताओं के बीच वितरित करने के निर्देश दिए। बैलेट पेपर पर हो रहे चुनाव का दिया हवाला, EVM पर भी कही बड़ी बातलाल बिहारी यादव ने कहा कि शिक्षक एमएलसी चुनाव बैलेट पेपर से हो रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि अगर समाजवादी पार्टी बैलेट पेपर से होने वाला यह चुनाव भी नहीं जीत पाती, तो भविष्य में ईवीएम पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार कमजोर पड़ जाएगा।उन्होंने कहा, जब बैलेट पेपर से चुनाव जीत नहीं पाएंगे तो फिर ईवीएम को दोष कैसे देंगे। इसलिए हर कार्यकर्ता और हर नेता को पूरी मेहनत से इस चुनाव को जिताना होगा। बरेली–मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सपा ने चुनावी तैयारियां तेज कींबरेली–मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी मोहम्मद दानिश अख्तर के चुनाव अभियान को गति देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव बरेली पहुंचे। इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय पर बरेली और बदायूं जनपद के प्रमुख पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव ने की। बैठक में महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी, एमएलसी चुनाव प्रभारी एवं पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार, सहसवान के विधायक ब्रजेश यादव, शेखूपुर के विधायक हिमांशु यादव, बदायूं के जिलाध्यक्ष आशीष यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रेमपाल सिंह यादव और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी मोहम्मद दानिश अख्तर सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बैठक को संबोधित करते हुए लाल बिहारी यादव ने कहा कि शिक्षक समाज लोकतंत्र की मजबूत आधारशिला है। समाजवादी पार्टी हमेशा शिक्षकों के सम्मान, अधिकारों और उनके हितों की लड़ाई लड़ती रही है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करते हुए शिक्षक मतदाताओं से व्यापक जनसंपर्क करने का आह्वान किया और कहा कि मोहम्मद दानिश अख्तर की जीत समाजवादी विचारधारा और शिक्षक हितों की जीत होगी। जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव ने कहा कि बरेली और बदायूं का संगठन पूरी मजबूती के साथ चुनाव मैदान में उतरेगा और प्रत्येक शिक्षक मतदाता तक समाजवादी पार्टी की नीतियों एवं प्रत्याशी का संदेश पहुंचाया जाएगा। महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी, पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार, विधायक ब्रजेश यादव, विधायक हिमांशु यादव, जिलाध्यक्ष आशीष यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रेमपाल सिंह यादव और प्रत्याशी मोहम्मद दानिश अख्तर ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए संगठन की एकजुटता पर बल दिया और शिक्षक वर्ग से समाजवादी पार्टी के पक्ष में मतदान करने की अपील की। बैठक का संचालन समाजवादी पार्टी के महानगर महासचिव पंडित दीपक शर्मा ने किया।अंत में सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने संगठन की रणनीति के अनुसार पूरी निष्ठा और ऊर्जा के साथ चुनाव प्रचार में जुटने का संकल्प लिया।बैठक के पश्चात् नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव ने पत्रकार वार्ता को सम्बोधित किया।बैठक में पूर्व विधायक विजयपाल सिंह, पूर्व महानगर अध्यक्ष कदीर अहमद,सुरेंद्र सोनकर,रविंद्र यादव, निवर्तमान जिला कोषाध्यक्ष अशोक यादव शहर विधानसभा प्रत्याशी रहे राजेश अग्रवाल, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य संजीव सक्सेना एवं सुरेश चौहान, महानगर उपाध्यक्ष शेर सिंह गंगवार, दिनेश यादव, समयुन खान, प्रमोद बिष्ट, राजेश मौर्या, शिव प्रताप यादव, सैफ वली खान, सिंपल कन्नौजिया, प्रमोद यादव, सय्यद हैदर अली, राकेश प्रजापति, साजिद रजा, कैंट विधानसभा अध्यक्ष हरिओम प्रजापति, आँवला विधानसभा अध्यक्ष इंद्रपाल यादव, दातागंज विधानसभा अध्यक्ष संजीव सिंह, प्रमोद आचार्य, शिक्षक सभा जिला अध्यक्ष हृदय यादव व महानगर अध्यक्ष के.पी राठौर, भद्रासेन गंगवार,सुनीता पाल, पल्ल्वी सक्सेना, अधिवक्ता सभा श्यामवीर सिंह,एजाज अहमद ,भुवनेश यादव, अविनाश मिश्रा, दीपक यादव, महानगर सचिव मो. वसीम, रमीज़ हाशमी, अमित गिहार, हैप्पी यादव, पार्षद मो. आरिफ़ कुरैशी, गंगा सिंह यादव, रेहान खान, जितेंद्र मुंडे, रामसेवक प्रजापति, ज्ञान यादव, नमित सिंह, प्रबल तिवारी, लक्ष्मण सिंह पाल, प्रशांत यादव,गंगा सिंह आदि लोग मौजूद रहे।
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में मिट्टी डालने को लेकर हुए विवाद में एक दंपति सहित चार लोग घायल हो गए। घटना सोमवार शाम करीब 7 बजे हुसैनगंज थाना क्षेत्र के किशुनदासपुर गांव में हुई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों के लोगों को हिरासत में लेकर थाने ले गई। घायलों की पहचान किशुनदासपुर गांव निवासी रामशंकर विश्वकर्मा (पुत्र स्व. घसीटा प्रसाद), नीरज कुमार (पुत्र रामशंकर), और निरंजन कुमार (पुत्र रामशंकर) व उनकी पत्नी प्रियंका (28) के रूप में हुई है। आरोप है कि गांव के रमेश विश्वकर्मा (पुत्र शीतल), अनूप (पुत्र रमेश) और शोभा देवी (पत्नी महेश) ने इन पर लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से हमला किया। निरंजन कुमार ने बताया कि उनके घर के सामने रमेश ने मिट्टी डाल दी थी। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो रमेश ने गाली-गलौज शुरू कर दी। इसी दौरान रमेश का पुत्र अनूप और शोभा देवी भी वहां आ गए और मारपीट करने लगे। बीच-बचाव करने आए नीरज कुमार, प्रियंका और निरंजन को भी लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से पीटा गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल वृद्ध को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हुसैनगंज थाना प्रभारी आलोक कुमार पांडेय ने बताया कि मारपीट के इस मामले में दोनों पक्षों के लोगों को थाने लाया गया है। तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कोरबा जिले में सोमवार सुबह से हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। करतला विकासखंड के ग्राम पंचायत भैसामुड़ा स्थित जोगीनाला पर करोड़ों रुपए की लागत से बनी पुलिया पहली ही बारिश में ध्वस्त हो गई। वहीं, कोरबा-बालको मुख्य मार्ग तालाब में तब्दील हो गया और बेलगरी नाला बस्ती जलमग्न हो गई। जोगीनाला पुलिया का एक हिस्सा तेज बहाव के कारण टूटकर बह गया, जिससे सड़क पर गहरे गड्ढे बन गए। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के दौरान अनियमितताओं की शिकायतें की गई थीं, लेकिन अधिकारियों ने उन्हें नजरअंदाज कर दिया। स्थानीय लोगों ने बताया कि निर्माण स्थल पर कोई सूचना पटल नहीं लगाया गया था। इससे पुलिया बनाने वाले विभाग, एजेंसी या ठेकेदार के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। निर्माण लागत, स्वीकृति तिथि और कार्यदायी संस्था जैसी महत्वपूर्ण जानकारी सार्वजनिक न होने से भ्रष्टाचार की आशंका बढ़ गई है। दूसरी ओर, कोरबा-बालको मुख्य मार्ग पर बालको चेकपोस्ट के पास घुटनों तक पानी भर गया। इससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। स्कूली बच्चे, कर्मचारी और अन्य राहगीर घंटों तक फंसे रहे और उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बालको की बेलगरी नाला बस्ती के आसपास भी जलभराव की गंभीर स्थिति बन गई है। नालियों का पानी घरों के पास तक पहुंच गया है। बस्ती के निवासियों का कहना है कि हर बारिश में यही स्थिति होती है, लेकिन जल निकासी की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे लोगों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है। नगर के कई अन्य प्रमुख मार्गों, चौराहों और निचले इलाकों में भी सड़कों और नालियों का पानी भर गया है। लगातार बारिश से पूरे जिले का जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने नागरिकों से सावधानी बरतने और निचले इलाकों में जाने से बचने की अपील की है।
मुंबई एवं पुणे क्षेत्र में भारी बारिश के कारण रतलाम मंडल से होकर गुजरने वाली कई ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ है। मुंबई से चलने वाली कई मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को निरस्त किया गया है। कुछ ट्रेनों को री-शेड्यूल और शॉर्ट टर्मिनेट किया गया है। कुछ ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित किया गया है। मुंबई मंडल में लगातार हो रही भारी वर्षा, जलभराव तथा मुंबई–पुणे घाट सेक्शन में भूस्खलन एवं रेलवे ट्रैक पर बोल्डर गिरने के कारण पश्चिम एवं मध्य रेलवे के विभिन्न रेलखंडों पर ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ है। रतलाम रेल मंडल होगा प्रभावित मुंबई एवं पुणे क्षेत्र में भारी बारिश की परिस्थितियों के कारण रतलाम मंडल से होकर गुजरने वाली अथवा मंडल में आने और जाने वाली कुछ अन्य ट्रेनें भी विलंब से चलने की संभावना है। इसके साथ ही उन्हें री-शेड्यूल व शॉर्ट टर्मिनेट भी किया जा सकता है। साथ ही उनका मार्ग भी परिवर्तित किया जा सकता है। इन ट्रेनों का बदला मार्ग 6 जुलाई को ट्रेन संख्या 22944 इंदौर-दौंड सुपरफास्ट एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग वाया सूरत-जलगांव-मनमाड-पुणे होकर चलेगी। 6 जुलाई को ट्रेन संख्या 12264 हजरत निजामुद्दीन–पुणे दुरंतो एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग वाया सूरत-पालधी-जलगांव-मनमाड-पुणे होकर चलेगी। इन ट्रेनों को किया निरस्त ट्रेन संख्या 12953 मुंबई सेंट्रल–हजरत निजामुद्दीन अगस्त क्रांति राजधानी एक्सप्रेस। ट्रेन संख्या 12925 बांद्रा टर्मिनस–अमृतसर पश्चिम एक्सप्रेस। ट्रेन संख्या 12471 बांद्रा टर्मिनस–श्री माता वैष्णो देवी कटरा स्वराज एक्सप्रेस। 6 जुलाई को इन ट्रेनों को किया री-शेड्यूल ट्रेन संख्या 12951 मुंबई सेंट्रल–नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस रात 21 बजे चलाई गई। ट्रेन संख्या 12955 मुंबई सेंट्रल–जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस रात 23 बजे चलेगी। ट्रेन संख्या 12961 मुंबई सेंट्रल–इंदौर अवंतिका एक्सप्रेस रात 23:30 बजे चलेगी। ट्रेन संख्या 12903 बांद्रा टर्मिनस–अमृतसर गोल्डन टेम्पल मेल रात 23:15 बजे चलेगी। ट्रेन संख्या 19037 बांद्रा टर्मिनस–बरौनी अवध एक्सप्रेस 7 जुलाई को रात 1:30 बजे प्रस्थान करेगी।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने मोरीवाले बाबा दरगाह से जुड़े विवादित निर्माण मामले में दायर याचिका को खारिज करते हुए याचिकाकर्ता पर 15 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। जस्टिस संदीप एन. भट्ट की सिंगल बेंच ने कहा कि याचिका में कोई ठोस आधार नहीं है और यह कार्रवाई लंबित जांच को प्रभावित एवं विलंबित करने के उद्देश्य से की गई प्रतीत होती है। कोर्ट ने यह आदेश 3 जुलाई को दिया है। दरगाह ख्वाजा सुल्तान मोहम्मद चिश्ती उर्फ मोरीवाले बाबा की ओर से दायर याचिका में 16 जून 2026 को पारित उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें एसडीओ द्वारा ऑर्डर-7 रूल-11 सीपीसी के तहत प्रस्तुत आवेदन खारिज कर दिया गया था। याचिकाकर्ता का तर्क था कि कलेक्टर और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को इस मामले में कार्रवाई का अधिकार नहीं है, तथा मध्यप्रदेश सार्वजनिक स्थान (धार्मिक भवन एवं गतिविधियों का विनियमन) अधिनियम, 2001 के तहत आवश्यक प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। दरगाह परिसर में 14 दुकानों के निर्माण पर सवाल सुनवाई के दौरान कोर्ट के समक्ष यह तथ्य सामने आया कि वर्ष 1986 में केवल 360.21 वर्गमीटर क्षेत्र का उपयोग करने की अनुमति दी गई थी, लेकिन बाद में परिसर में 14 दुकानों सहित अन्य निर्माण कर लिए गए। अदालत ने पूछा कि इन निर्माणों की अनुमति का कोई दस्तावेज उपलब्ध है या नहीं, लेकिन याचिकाकर्ता ऐसा कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सका। कोर्ट ने यह भी पाया कि संबंधित भूमि मूल रूप से नगर निगम और बाद में आईडीए के अधिकार क्षेत्र में रही है। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता संपत्ति पर अपना वैध अधिकार, स्वामित्व या हित साबित करने के लिए कोई ठोस दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाया। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि मध्यप्रदेश सार्वजनिक स्थान (धार्मिक भवन एवं गतिविधियों का विनियमन) अधिनियम, 2001 के प्रावधान इस मामले पर लागू होते हैं और कलेक्टर को जांच और कार्रवाई करने का अधिकार प्राप्त है। कोर्ट ने माना कि प्रशासन द्वारा की जा रही जांच विधिसम्मत है और उसे रोकने का कोई आधार नहीं बनता। याचिका दायर करने की वैधता पर भी उठे सवाल कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि याचिका दायर करने वाले व्यक्ति के पास समिति की ओर से अधिकृत होने का कोई वैध दस्तावेज रिकॉर्ड पर नहीं था। इस कारण याचिका की वैधता पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा हुआ। कोर्ट ने पूर्व के एक निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि किसी संस्था या समिति की ओर से याचिका दायर करने के लिए विधिवत अधिकृत प्रस्ताव आवश्यक होता है। न्यायिक समय की बर्बादी बताया कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि इस प्रकार की कार्यवाही से न केवल प्रशासनिक जांच प्रभावित होती है बल्कि कोर्ट का बहुमूल्य समय भी व्यर्थ होता है। हालांकि भारी जुर्माना लगाने के बजाय कोर्ट ने 15 हजार रुपए का दंड लगाया, जिसे सात दिन के भीतर इंदौर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन में जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। हाईकोर्ट ने अंततः याचिका को निराधार मानते हुए खारिज कर दिया और प्रशासनिक जांच को जारी रखने का मार्ग प्रशस्त कर दिया।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने हिसार और रोहतक के सरकारी अस्पतालों में वेंटिलेटर न मिलने के कारण एक नवजात की मौत के मामले में स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने हरियाणा के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर 2 सप्ताह के भीतर पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने कहा कि यदि मीडिया रिपोर्ट में सामने आए तथ्य सही पाए जाते हैं, तो यह मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मामला है। जानकारी के अनुसार, यह घटना तब हुई जब राकेश कुमार की पत्नी पूजा (26) को बीते बुधवार दोपहर करीब 3 बजे प्रसव के लिए हिसार के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिवार मूल रूप से बिहार के औरंगाबाद का रहने वाला है और रोजगार के सिलसिले में हिसार में रह रहा है। सिजेरियन डिलीवरी के बाद जन्मे नवजात को लगभग एक घंटे बाद सांस लेने में दिक्कत शुरू हो गई। उसे नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में भर्ती किया गया, लेकिन अस्पताल का एकमात्र वेंटिलेटर पहले से ही उपयोग में था। वेंटिलेटर नहीं मिलने से हुई थी नवजात की मौत परिजनों ने बताया कि डॉक्टर ने कहा कि अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में भी वेंटिलेटर उपलब्ध नहीं है । इसके बाद बुधवार शाम करीब 5 बजे नवजात को 106 किलोमीटर दूर रोहतक पीजीआई रेफर किया गया। वहां बच्चे को भर्ती तो कर लिया गया, लेकिन वेंटिलेटर के लिए रातभर इंतजार करने को कहा गया। गुरुवार सुबह भी वेंटिलेटर उपलब्ध न होने पर डॉक्टरों ने बच्चे को किसी अन्य अस्पताल ले जाने की सलाह दी। इसके बाद परिजन वापस हिसार लौटे और एक निजी अस्पताल पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और नवजात की मौत हो गई। राकेश कुमार ने बताया कि यह उनका चौथा बच्चा था, उनके पहले दो बेटे और एक बेटी हैं। परिवार का कहना है कि यदि समय पर वेंटिलेटर मिल जाता तो बच्चे की जान बचाई जा सकती थी। एनआईसीयू में केवल एक वेंटिलेटर है वहीं, हिसार नागरिक अस्पताल की पीएमओ डॉ. रीना जैन ने बताया था कि एनआईसीयू में केवल एक वेंटिलेटर है, जिस पर पहले से एक नवजात भर्ती था। अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में भी वेंटिलेटर उपलब्ध नहीं था, इसलिए बेहतर उपचार की उम्मीद में बच्चे को रोहतक रेफर किया गया था। अब इस पूरे मामले पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था और नवजात उपचार सुविधाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
प्रदेश में पंचायत और निकाय चुनाव का मामला एक बार फिर हाईकोर्ट पहुंच गया हैं। हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी परिसीमन और चुनाव प्रक्रिया को समय पर पूरा नहीं करने पर राज्य चुनाव आयोग और सरकार के खिलाफ हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की गई है। पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने अवमानना याचिका में कहा कि हाईकोर्ट ने अपने फैसले में साफ कहा था कि शहरी निकायों का वार्ड परिसीमन और मतदाता सूची का संशोधन 20 जून 2026 तक पूरा किया जाए और सम्पूर्ण चुनाव प्रक्रिया 31 जुलाई 2026 तक पूरी कर ली जाए। इसके बावजूद अभी तक चुनाव प्रक्रिया आरंभ नहीं की गई है। याचिका में राज्य चुनाव आयुक्त राजेश्वर सिंह, सचिव राजेश वर्मा, पंचायती राज आयुक्त डॉ. जोगाराम, और स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक प्रतीक चंद्रशेखर जुईकर को पक्षकार बनाया गया है। कोर्ट से मांग की गई है कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करके उन्हें दंडित किया जाए और उन्हें 31 जुलाई तक चुनाव प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिए जाए। हाईकोर्ट आगामी दिनों में अवमानना याचिका पर सुनवाई करेगा। अधिकारी ओबीसी आयोग की रिपोर्ट का इंतजार कर रहेयाचिका में कहा गया कि विभिन्न विभागों के बीच हुए पत्राचार में अधिकारी अभी भी राजस्थान पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट का इंतजार करने पर अड़े हुए हैं, जबकि हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से कहा था कि आयोग की रिपोर्ट का इंतजार नहीं किया जाए और चुनावों को किसी भी आधार पर आगे नहीं टाला जाए। हाईकोर्ट का आदेश सभी अधिकारियों पर बाध्यकारी था, लेकिन अधिकारियों ने अपनी उदासीनता और गैर-जिम्मेदार रवैये से अदालत के आदेश की जानबूझकर अवहेलना की है। हमने 1 जुलाई को संबंधित अफसरों को अवमानना का कानूनी नोटिस भी दिया था, लेकिन उसका भी कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला हैं। कोर्ट ने दिए थे 31 जुलाई तक चुनाव कराने के आदेशराजस्थान हाईकोर्ट ने पहले आयोग और सरकार को 15 अप्रेल तक प्रदेश में निकाय और पंचायत चुनाव कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद सरकार और आयोग ने अदालत में प्रार्थना पत्र लगाकर चुनाव टालने की अपील की थी। प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने समय देते हुए 31 जुलाई तक हर हाल में चुनाव कराने के लिए कहा था। वहीं ओबीसी आयोग को भी 20 जून तक अपनी रिपोर्ट देने के लिए बोला था।
मुरैना जिले में इस बार मानसून की शुरुआत धीमी रही है। 1 जून से 6 जुलाई 2026 तक जिले में औसतन 92.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। यह पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 226.2 मिलीमीटर कम है। पिछले साल 1 जून से 6 जुलाई के बीच जिले में 318.4 मिलीमीटर औसत बारिश हुई थी। भू-संसाधन प्रबंधन विभाग के अनुसार, जिले में बारिश का वितरण भी असमान रहा है। इस अवधि में जौरा तहसील में सबसे अधिक 192 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं, अंबाह में सबसे कम 44.5 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके अलावा कैलारस में 127 मिलीमीटर, पोरसा में 72.5 मिलीमीटर, सबलगढ़ में 60 मिलीमीटर और मुरैना तहसील में 57 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। 6 जुलाई को मुरैना में सबसे ज्यादा बारिश सोमवार, 6 जुलाई को जिले में सबसे अधिक 19 मिलीमीटर बारिश मुरैना तहसील में दर्ज की गई। इसके अलावा सबलगढ़ में 10 मिलीमीटर, पोरसा और कैलारस में 6-6 मिलीमीटर तथा अंबाह में 0.5 मिलीमीटर बारिश हुई। जौरा में इस दिन बारिश दर्ज नहीं की गई। अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे किसान कृषि अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक संदीप तोमर ने बताया कि आने वाले दिनों में मानसून की सक्रियता पर जिले की कृषि और खरीफ फसलों की बुवाई काफी हद तक निर्भर करेगी। किसानों को अच्छी बारिश का इंतजार है, ताकि फसलों की बढ़वार और सिंचाई की जरूरत पूरी हो सके। उन्होंने कहा कि आगे बारिश होगी, लेकिन पिछले वर्ष की तुलना में कम रहने की संभावना है।
जोधपुर में पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा- छात्रसंघ को लोकतंत्र की फुलवारी कहते हैं। इसे सींचने वाले ओम माथुर यहां बैठे हैं। यहां कई तरह के पुष्प बैठे हैं। कुछ मेरी तरह पूर्व हो गए और कुछ सतीश पूनिया जैसे अभूतपूर्व हो गए। कुछ बाबू सिंह जैसे पूरे खिल गए। कुछ अरविंद सिंह जैसे कल खिलेंगे। इस पर सिक्किम के राज्यपाल ओम माथुर ने कहा- राजेंद्र रठौड़ हमारे यहां पुष्प खिलते ही रहते हैं। मैं तो उस पहाड़ी से हूं, जहां पत्थर पर भी पुष्प खिल जाते हैं। इसलिए राजेंद्र राठौड़ जी आप तो उस दुविधा से दूर हो जाएं, ये तो खिलते रहेंगे। ओम माथुर ने कहा- लगातार राजनीति में रहने के बाद, उतार-चढ़ाव देखना मुश्किल हो जाता है। लेकिन, उतार-चढ़ाव आने से ही व्यक्ति सक्षम बन जाता है। दोनों नेताओं ने ये बातें सोमवार को महाराजा जसवंत सिंह की प्रतिमा अनावरण के कार्यक्रम कही। राठौड़ ने कहा- ओमजी ने लोगों को पेट्रोल पंप और गैस एजेंसियां दी राजेंद्र राठौड़ ने कहा- मैं जयपुर से चलकर आ रहा था। एक पर ओम पेट्रोल पंप एंड फ्यूल सेंटर लिखा था। मैंने पूछा ये क्यों लिखा तो मुझे कहा- इसके जनक आपके ओमजी हैं। मेरे जैसे एक दो नहीं उस समय ओमजी ने 250 से ज्यादा लोगों को बुला- बुलाकर पेट्रोल और गैस एजेंसी दी। आप न केवल शिल्पकार हो, उन टैलेंट व्यक्ति का टैलेंट देखते हुए जीवन से जोड़ने का काम किया। ओम माथुर ने कहा- आपको भी तो पेट्रोल पंप दिया पेट्रोल पंप और गैस एजेंसी की बात पर ओम माथुर ने कहा-आपको भी तो दिया है। इस पर राठौड़ ने कहा- जयपुर के कानोता में पराक्रम पेट्रोल पंप भी आपकी कृपा से मिला है। पूनिया बोले-राजनीति में सीखने की पाठशाला राजेंद्र राठौड़ कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया भी मौजूद थे। सतीश पूनिया बोले- ओम माथुर हमारी राजनीति पाठशाला के पहले गुरु हैं। उन्होंने हमें चलना सिखाया है। वहीं, राजेंद्र राठौड़ से राजनीति में बहुत सीखने को मिला। भैरोसिंह के बाद कोई राजनीति की पाठशाला है तो वह राजेंद्र राठौड़ हैं। उन्होंने कहा - कागज का टुकड़ा किसी का भविष्य तय नहीं करता। बल्कि डिग्री से वह अपने पैरों पर खड़ा हो जाए। ऐसे संस्कार लेकर जाए जो समाज की समरसता, भाईचारा और देश के विकसित होने का कल्पना करते हैं, वह पूरे कर सके।
लखनऊ में 64 यूपी बटालियन एनसीसी कैंप:कुलपति प्रो. जय प्रकाश सैनी ने कैडेट्स का उत्साहवर्धन किया
लखनऊ में 64 यूपी बटालियन एनसीसी की ओर से आयोजित कंबाइंड एनुअल ट्रेनिंग कैंप के दौरान 'इंटरैक्शन एंड मोटिवेशनल एड्रेस' आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जय प्रकाश सैनी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और कैडेट्स का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में पहुंचने पर लखनऊ ग्रुप मुख्यालय के ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर पुनीत श्रीवास्तव (वीएसएम) ने कुलपति का स्वागत किया। इस अवसर पर डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. अमिता कनौजिया, चीफ प्रोवोस्ट प्रो. आशीष अवस्थी और चीफ प्रॉक्टर प्रो. राकेश द्विवेदी का भी सम्मान किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर आधारित फिल्म की प्रस्तुति कार्यक्रम की शुरुआत एनसीसी गान और वृक्षारोपण के साथ हुई। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। इसके बाद कैडेट्स ने एनसीसी की गतिविधियों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर आधारित एक विशेष फिल्म प्रस्तुत की, जिसकी अतिथियों ने सराहना की। कैंप का एक प्रमुख आकर्षण 'ऑपरेशन सिंदूर' पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुति रही। देशभक्ति और वीरता से परिपूर्ण इस प्रस्तुति में कैडेट्स ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी कैडेट्स को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। राष्ट्रभक्ति की भावना विकसित करने का प्रभावी मंच अपने संबोधन में कुलपति प्रो. जय प्रकाश सैनी ने कहा कि एनसीसी युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रभक्ति की भावना विकसित करने का प्रभावी मंच है। उन्होंने कैडेट्स से देशहित को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में लखनऊ ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर पुनीत श्रीवास्तव ने कैंप का निरीक्षण किया। उन्होंने व्यवस्थाओं, प्रशिक्षण गतिविधियों और कैडेट्स की तैयारियों की सराहना करते हुए सभी को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
बिलासपुर में खेलो इंडिया योजना के तहत 13.77 करोड़ रुपए की लागत से मल्टी-परपस हॉल का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना के लिए जारी निविदा को मंजूरी मिल गई है। इस राशि से हॉल के निर्माण के साथ-साथ विद्युतीकरण और बाउंड्रीवॉल का कार्य भी कराया जाएगा। राज्य के उपमुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने लोक निर्माण विभाग के बिलासपुर संभाग क्रमांक-2 के कार्यपालन अभियंता को निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और मापदंडों के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करने को कहा है। लोक निर्माण विभाग ने कार्यपालन अभियंता को अनुबंधित कार्य का संपादन और पर्यवेक्षण विभागीय मापदंडों के अनुसार करने का निर्देश दिया है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि ठेकेदार इस कार्य को किसी अन्य को सब-लेट नहीं कर सकेगा। इसके अतिरिक्त, कार्य संपादन के लिए पावर-ऑफ-अटॉर्नी मान्य नहीं होगी।
टोंक में भद्रकाली मंदिर के पीठाधीश्वर पर आरएसी कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा में डमी अभ्यर्थी बैठाकर नौकरी हासिल करने का आरोप लगा है। 15 साल बाद मिली शिकायत पर एसओजी ने एफआईआर दर्ज करवाई है। आरोपी श्रीराम मीणा टोंक के निवाई तहसील के कांटोली गांव का रहने वाला है। भर्ती में चयन के बाद भी उनकी नियुक्ति को लेकर विवाद हुआ था। बाद में हाईकोर्ट के आदेश के बाद उन्हें जॉइनिंग मिली थी। पिछले करीब एक साल से आरोपी कॉन्स्टेबल बिना अनुमति ड्यूटी से गैरहाजिर चल रहा है। पुलिस भर्ती से जुड़े मूल दस्तावेज मंगवाकर उनका सत्यापन करेगी। साथ ही आरोपी से पूछताछ कर उसके वर्तमान हस्ताक्षरों का भर्ती के समय के हस्ताक्षरों से मिलान भी कराया जाएगा। पहले पढ़ें… आरोपी बाबा ने क्या कहा? आरोपों पर बाबा ने कहा- मैं वर्ष 2006 से मंदिर में साधना कर रहा हूं, जबकि नौकरी बाद में लगी थी। पहले भी आरोप लगाए गए थे कि मैं अनपढ़ हूं और फर्जी तरीके से नौकरी हासिल की है। उस समय जांच के बाद ही मुझे जॉइनिंग मिली थी। लोगों ने मंदिर भी नहीं बनने दिया और जमीन पर कब्जा करने के आरोप भी लगाए थे, लेकिन जांच में सभी आरोप गलत पाए गए। अब एसओजी की जांच में भी सच्चाई सामने आ जाएगी। इस मामले में मैं मानहानि का दावा भी करूंगा। अब पढ़िए … सिलसिलेवार पूरा मामला एसपी रोशन मीणा ने बताया- मामला टोंक में 9वीं आरएसी बटालियन में तैनात कॉन्स्टेबल श्रीराम मीणा से जुड़ा है। एसओजी को शिकायत मिली थी, जिसमें 15 साल पहले भर्ती परीक्षा में डमी कैंडिडेट बैठाने का आरोप लगाया गया था। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद एसओजी ने आरएसी बटालियन कमांडेंट को मामला दर्ज कराने के निर्देश दिए। इसके बाद कमांडेंट राजेश चौधरी ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दी, जिस पर एफआईआर दर्ज की गई। 2011 की परीक्षा में डमी बैठाकर नौकरी पाने का आरोप कोतवाली थानाधिकारी भंवरलाल (बीएल) वैष्णव ने बताया - एसओजी परिवाद संख्या-3499 की प्रारंभिक जांच के बाद कार्रवाई के निर्देश दिए गए। आरोप है कि 23 जनवरी 2011 को आरएसी कॉन्स्टेबल भर्ती की लिखित परीक्षा के दौरान टैगोर बाल निकेतन उच्च माध्यमिक विद्यालय स्थित परीक्षा केंद्र पर श्रीराम मीणा ने खुद परीक्षा देने के बजाय डमी अभ्यर्थी को बैठाया। चयन होने के बाद उसने 2 जुलाई 2011 को बटालियन मुख्यालय टोंक में दस्तावेज जमा किए और बाद में 18 जुलाई 2014 को हाईकोर्ट के आदेश के बाद कॉन्स्टेबल के रूप में नियुक्ति मिली। तब से वह वेतन और अन्य भत्तों का लाभ लेता रहा। अब दस्तावेज और हस्ताक्षरों का होगा मिलान थानाधिकारी वैष्णव ने बताया - जांच के तहत आरएसी मुख्यालय जयपुर से भर्ती से जुड़े मूल दस्तावेज मंगवाए जाएंगे। उनके सत्यापन के बाद आरोपी को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। उसके वर्तमान हस्ताक्षरों का भर्ती के समय किए गए हस्ताक्षरों से मिलान भी कराया जाएगा। पुलिस भर्ती रिकॉर्ड, परीक्षा दस्तावेज और विभागीय अभिलेखों की भी जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित था या इसके पीछे कोई संगठित गिरोह भी सक्रिय था। 2024 से ड्यूटी से गैरहाजिर, गांव में पीठाधीश्वर के रूप में पहचान थानाधिकारी ने बताया कि श्रीराम मीणा 18 जुलाई 2014 से आरएसी में कॉन्स्टेबल के पद पर कार्यरत था, लेकिन 14 सितंबर 2024 से बिना अनुमति लगातार ड्यूटी से गैरहाजिर है। उसके खिलाफ 16 सीसीए के तहत विभागीय कार्रवाई भी चल रही है। पुलिस के अनुसार आरोपी की तलाश जारी है। दूसरी ओर श्रीराम मीणा पिछले दो-तीन वर्षों से कांटोली गांव स्थित प्राचीन मां भद्रकाली मंदिर का पीठाधीश्वर भी है। वह नशामुक्ति और कथित घर वापसी अभियानों को लेकर भी चर्चा में रहा है।
लखनऊ नगर निगम के प्रत्येक वार्ड में 'वार्ड कार्यालय/जनसुविधा केंद्र' स्थापित किए जाने का प्रस्ताव कार्यकारिणी में रखा गया है। प्रस्ताव में कहा गया है कि शहर की बढ़ती आबादी और नागरिक सुविधाओं की जरूरतों को देखते हुए अब वार्ड स्तर पर स्थायी कार्यालयों की व्यवस्था समय की मांग बन गई है। तिलक नगर वार्ड के पार्षद एवं कार्यकारिणी सदस्य राजीव बाजपेयी ने यह प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की अधिकांश ग्राम पंचायतों में, जहां आबादी 8 हजार से 15 हजार के बीच होती है, वहां पंचायत भवन स्थापित हैं। ये भवन स्थानीय प्रशासन, जनसुनवाई, विकास कार्यों की समीक्षा और सरकारी योजनाओं के संचालन का प्रमुख केंद्र होते हैं। आबादी 35 हजार से 50 हजार या उससे अधिक है वहीं दूसरी ओर, लखनऊ नगर निगम के एक-एक वार्ड की आबादी 35 हजार से 50 हजार या उससे भी अधिक है। इसके बावजूद वार्ड स्तर पर न तो कोई स्थायी कार्यालय है और न ही नागरिकों के लिए कोई समर्पित जनसुविधा केंद्र उपलब्ध है। इसका सीधा असर आम लोगों को मिलने वाली सेवाओं पर पड़ता है। प्रस्ताव में कहा गया है कि वर्तमान व्यवस्था में नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए नगर निगम मुख्यालय या अन्य कार्यालयों के कई चक्कर लगाने पड़ते हैं। वहीं पार्षदों को भी जनसुनवाई, अभिलेखों के रखरखाव, अधिकारियों से समन्वय और शिकायतों के समाधान में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। सरकारी योजनाओं से संबंधित सहायता उपलब्ध कराई जाए कार्यकारिणी के समक्ष रखे गए प्रस्ताव में मांग की गई है कि लखनऊ नगर निगम के प्रत्येक वार्ड में चरणबद्ध तरीके से 'वार्ड कार्यालय/जनसुविधा केंद्र' स्थापित किए जाएं। इन केंद्रों पर जनसुनवाई, शिकायत पंजीकरण, विकास कार्यों की जानकारी और सरकारी योजनाओं से संबंधित सहायता उपलब्ध कराई जाए। प्रस्ताव में यह भी सुझाव दिया गया है कि प्रत्येक वार्ड कार्यालय में आवश्यक फर्नीचर, कंप्यूटर, इंटरनेट सुविधा, अभिलेखों के रखरखाव की व्यवस्था और न्यूनतम आवश्यक स्टाफ की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि नागरिकों को अपने ही वार्ड में बेहतर, पारदर्शी और त्वरित सेवाएं मिल सकें।
सीतापुर के बिसवां कोतवाली क्षेत्र में सोमवार शाम करीब 6 बजे एक 15 वर्षीय छात्रा द्वारा शारदा सहायक नहर में छलांग लगाने की घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से छात्रा की तलाश शुरू कर दी। देर शाम तक उसका कोई पता नहीं चल सका। थाना क्षेत्र की रहने वाली नैंसी वर्मा (15), पुत्री राजेश, कक्षा 10 की छात्रा थी। परिजनों ने बताया कि सोमवार शाम को वह घर से सब्जी लेने की बात कहकर निकली थी। काफी देर तक वापस न लौटने पर परिवार के लोग उसकी तलाश कर ही रहे थे कि नहर में छलांग लगाने की सूचना मिल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार छात्रा नहर के पास स्थित एक बादाम शेक के ठेले पर पहुंची और वहां मौजूद व्यक्ति को अपने परिजनों का मोबाइल नंबर देते हुए कहा, मेरे परिवार वालों को बता देना, मैं जा रही हूं। इसके तुरंत बाद उसने शारदा सहायक नहर में छलांग लगा दी। घटना को देख आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया, लेकिन नहर के तेज बहाव के कारण उसे बचाया नहीं जा सका। सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। घटनास्थल से छात्रा का दुपट्टा और चप्पलें बरामद हुई हैं। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ कर छात्रा की तलाश शुरू करा दी है। गोताखोरों की टीम भी नहर में सर्च अभियान चला रही है। परिजनों का कहना है कि घर में किसी प्रकार का विवाद या तनाव नहीं था और उन्हें भी समझ नहीं आ रहा कि छात्रा ने ऐसा कदम क्यों उठाया। प्रभारी निरीक्षक राम राघव का कहना है कि फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। छात्रा के नहर में छलांग लगाने के कारणों का पता लगाया जा रहा है और तलाश अभियान जारी है।
कार ने बाइक को टक्कर मारी, महिला की मौत:शिवपुरी में हर्षी डेम के पास हादसा, पति गंभीर घायल
शिवपुरी जिले के नरवर थाना क्षेत्र में सोमवार शाम सड़क हादसे में बाइक सवार महिला की मौत हो गई, जबकि उसका पति गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा हर्षी डेम के पास हुआ, जहां पीछे से आ रही तेज रफ्तार कार ने बाइक को टक्कर मार दी। जानकारी के अनुसार, नरवर नगर के वार्ड क्रमांक-1 निवासी 35 वर्षीय अजमेर कुशवाह अपनी 32 वर्षीय पत्नी अनीता कुशवाह के साथ सोमवार शाम करीब 6 बजे बाइक से सीहोर में एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। तेज रफ्तार कार ने पीछे से मारी टक्करइसी दौरान हर्षी डेम के पास पीछे से आ रही तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने दोनों को तुरंत नरवर अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद अनीता कुशवाह को मृत घोषित कर दिया। वहीं, अजमेर कुशवाह का इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही नरवर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल के शवगृह में रखवाया गया है। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस कार चालक की तलाश कर रही है। साथ ही हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
शाजापुर में शाम को बारिश:24 घंटे में गुलाना में सबसे ज्यादा करीब 1.50 इंच पानी बरसा
शाजापुर में सोमवार को दिनभर उमसभरी गर्मी से परेशान होने के बाद रात करीब 8:30 बजे मौसम बदला। शहर के अलग-अलग इलाकों में कहीं तेज तो कहीं हल्की फुहारें पड़ीं। लगातार तीसरे दिन शाम के समय हुई इस बारिश से लोगों को झुलसाने वाली गर्मी और उमस से काफी राहत मिली है। मौसम विशेषज्ञ सत्येंद्र धनोतिया ने बताया कि अगले कुछ दिनों तक शाम के वक्त आधे से एक घंटे तक पानी गिरने का यह सिलसिला यूं ही जारी रह सकता है। उन्होंने आगे उम्मीद जताई कि 8 और 9 जुलाई को जिले में एक बार फिर अच्छी और तेज बारिश देखने को मिल सकती है। सोमवार को जिले का ज्यादा से ज्यादा तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस और कम से कम तापमान 22.4 डिग्री सेल्सियस रहा। हवा में नमी 57 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि पश्चिमी दिशा से औसतन 11 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। गुलाना तहसील में हुई सबसे ज्यादा बारिश कलेक्टर ऑफिस से जारी हुई रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में जिले में औसतन करीब 0.74 इंच बारिश दर्ज की गई है। इसमें गुलाना तहसील में सबसे ज्यादा करीब 1.50 इंच पानी बरसा। इसके अलावा शाजापुर में लगभग 1.02 इंच, मोहन बड़ोदिया में 1.10 इंच, शुजालपुर में 0.04 इंच, कालापीपल में 0.12 इंच, पोलायकलां में 0.71 इंच और अकोदिया बड़ोदिया में 0.71 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। अब तक का कुल आंकड़ा 1 जून से लेकर 6 जुलाई तक जिले में औसतन लगभग 8.38 इंच बारिश हो चुकी है। इस दौरान शाजापुर में 8.07 इंच, मोहन बड़ोदिया में 8.34 इंच, शुजालपुर में 8.54 इंच, कालापीपल में 8.07 इंच, गुलाना में 7.63 इंच, पोलायकलां में 10.13 इंच और अकोदिया बड़ोदिया में 8.03 इंच पानी गिर चुका है। पूरे सीजन में जिले की सामान्य औसत बारिश लगभग 38.88 इंच मानी जाती है।
जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के ओल्ड कैंपस में महाराजा जसवंत सिंह (द्वितीय) की प्रतिमा का अनावरण किया गया। समारोह में सिक्किम के राज्यपाल ओम माथुर ने कहा, अरविंद, कमाल कर दिया…ओल्ड को गोल्ड कर दिया। वहीं जोधपुर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य गजसिंह ने विश्वविद्यालय के पुराने परिसर का नाम बदलकर जसवंत कैंपस करने का सुझाव दिया। कैंपस में 132 साल बाद महाराजा जसवंत सिंह (द्वितीय) की प्रतिमा लगाई गई है। समारोह में कई जनप्रितिनिधि और गणमान्य नागरिक शामिल हुए। इस प्रतिमा को पूर्व विश्विविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अरविंद सिंह भाटी ने चार भामाशाहों की मदद से तैयार करवाई है। इस कार्यक्रम में जोधपुर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य गजसिंह, सिक्किम राज्यपाल ओम माथुर, राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया, विधायक बाबू सिंह राठौड़ और राजेंद्र राठौड़ समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। ओल्ड कैंपस का नाम जसवंत कैंपस हो समारोह में जोधपुर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य गजसिंह ने कहा- उस समय जसवंत सिंह मारवाड़ को आधुनिक रास्ते पर लेकर आए, डेवलपमेंट के काम करवाए। उनके समय एक्साइज, रेलवे, पीडब्ल्यूडी, एग्रीकल्चर, खनिज आदि में विकास करवाया। बड़े-बड़े बांध बनवाए और पानी की व्यवस्था करवाई। जसवंत सागर बांध उन्हीं के नाम से है। वे धार्मिक रूप से आर्य समाज के मुख्यिा को भी यहां लेकर आए और समाज सुधार का काम किया। इस कैंपस का नाम जसवंत कैंपस के नाम से होना चाहिए। गजसिंह ने कहा- महाराजा उम्मेद सिंह के नाम से एयरपोर्ट का नाम होना चाहिए। 100 साल पहले उन्होंने हवाई पट्टी बनवाई थी। एम्स का नाम भी..। जय नारायण व्यास यूनिवर्सिटी में राजस्थानी विभाग, राजस्थान को राज्य भाषा बनानी चाहिए। मैं आशा करता हूं ये काम जल्दी से जल्दी होगा। अरविंद तुमने ओल्ड को गोल्ड कर दिया वहीं, सिक्किम के राज्यपाल ओम माथुर ने कहा- अरविंद कमाल कर दिया- ओल्ड से गोल्ड कर दिया। जैसे ही आपने सोशल मीडिया पर डाला मेरे पास कई फोन आ गए कि भाईसाहब मैं भी उस कॉलेज से हूं। हमारी भी ये खोट रही हमें इतना समय लगा। भाई आपने गजब कर दिया। वास्तव में इसका स्वागत होना चाहिए। इस बच्चे ने इस इतिहास को याद किया। वहीं, राजेंद्र राठौड़ ने युग परिवर्तन की बात कहीं। उन्होंने कहा कि कल एक कॉलेज में गया तो वहां विजन 2026 रखा। देश बदल रहा है, अब हमें 2047 करके विजन रखना है। 2014 के बाद देश बदल रहा है। मोदी ने जो सपना देखा है वो इन युवा पीढ़ी के भरोसे देखा है। मेरे सामने बैठे सिपाही विजन 2047 देखेंगे। राठौड़ ने कहा- मेरी इच्छा है कि जसवंत सिंह द्वितीय की जयंती पर मेला भरना चाहिए और पुष्प अर्पित होने चाहिए। 1893 में हुई थी स्थापना, पहला हायर एजुकेशन कॉलेज था साल 1893 में जसवंत कॉलेज की स्थाना की गई थी। ये उस समय का जोधपुर का पहला कॉलेज था, जो इलाहबाद यूनिवर्सिटी से एफिलेटेड था। 1962 में ये जोधपुर यूनिवर्सिटी में आया और 1992 में इसका नाम जयनारायण व्यास यूनिवर्सिटी के तौर पर हुआ। जयपुर में तैयार हुई पंच धातु की प्रतिमा अरविंद सिंह भाटी ने बताया कि जयपुर से महाराज जसवंत सिंह (द्वितीय) की प्रतिमा को तैयार किया गया है। पंच धातु से बनी ये प्रतिमा 8:50 फीट की हाइट है। इसके साथ ही इसका वजन 350-400 तक है। उन्होंने बताया कि साल 2024 में यूनिवर्सिटी से परमिशन मिली थी। लेकिन आर्थिक सहयोग के लिए मना कर दिया था। इसके बाद 25 जनवरी 2025 में इसका भूमि पूजन हुआ।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचार अमर हैं: नितिन गडकरी - 125वीं जयंती पर युवा सम्मेलन में बोले केंद्रीय मंत्री; - मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा- डॉ. मुखर्जी के सपनों का भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर सोमवार को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविक सेंटर के केदारनाथ साहनी सभागार में युवा सम्मेलन एवं व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने दीप प्रज्वलित कर किया। अपने संबोधन में नितिन गडकरी ने कहा कि भले ही आज डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके विचार हमेशा जीवित रहेंगे। उन्होंने कहा, सत्ता किसी व्यक्ति या व्यवस्था को समाप्त कर सकती है, लेकिन विचारों को कभी समाप्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने भारतीय संस्कृति की समावेशी परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज में व्यक्ति का मूल्य उसके गुणों से तय होता है। 'डॉ. मुखर्जी के सपनों का भारत निरंतर आगे बढ़ रहा' मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि 125 वर्ष बाद भी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचार युवाओं को प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत की दिशा और स्वरूप को लेकर डॉ. मुखर्जी की स्पष्ट सोच थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उन्हें यह देखकर खुशी होती है कि डॉ. मुखर्जी के सपनों का भारत निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर से जुड़े मुद्दों पर डॉ. मुखर्जी के योगदान का भी उल्लेख किया। कार्यक्रम में भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने डॉ. मुखर्जी को पुष्पांजलि अर्पित की। इनमें प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा, संगठन महामंत्री पवन राणा, विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट, मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, योगेंद्र चांदोलिया, बांसुरी स्वराज, महापौर प्रवेश वाही और अन्य जनप्रतिनिधि शामिल रहे।
गुजरात के चर्चित गोधरा कांड के दौरान साबरमती एक्सप्रेस के मुख्य चालक रहे रतलाम रेल मंडल के सेवानिवृत्त सीनियर लोको पायलट राजेंद्र राव जाधव (67) का निधन हो गया। वे गोधरा कांड के मामले में शिकायतकर्ता भी थे। रविवार को तबीयत बिगड़ने के बाद उनका निधन हो गया। रतलाम के त्रिवेणी मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया। राजेंद्र राव जाधव वर्ष 2018 में रेलवे से रिटायर हुए थे। वे पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे और उनका इलाज जारी था। वे रतलाम के मराठों के वास क्षेत्र में रहते थे। परिवार में पत्नी सुमति जाधव, बेटे गौरव जाधव और तीन बेटियां हैं। तीनों बेटियों की शादी हो चुकी है। दिवंगत जाधव के दामाद पीयूष गायकवाड़ ने बताया कि बीमारी के कारण वे लंबे समय से अस्वस्थ थे। रविवार को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और उनका निधन हो गया। गोधरा कांड के प्रत्यक्ष गवाह थे 27 फरवरी 2002 को गुजरात के गोधरा रेलवे स्टेशन पर साबरमती एक्सप्रेस के एस-6 कोच में उग्र भीड़ ने आग लगा दी थी। इस घटना में 59 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद गुजरात में बड़े पैमाने पर दंगे भड़क गए थे। उस समय राजेंद्र राव जाधव साबरमती एक्सप्रेस के मुख्य चालक थे। वे इस मामले के प्रत्यक्ष गवाह और फरियादी भी थे। अपने लंबे रेलवे सेवाकाल में उन्होंने कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और समर्पण के साथ काम किया। रेलवे परिवार ने दी श्रद्धांजलि राजेंद्र राव जाधव के निधन की खबर से रेलवे परिवार और समाज में शोक की लहर फैल गई। त्रिवेणी मुक्तिधाम में बड़ी संख्या में समाजजन, रतलाम रेल मंडल के अधिकारी, कर्मचारी और लोको पायलट मौजूद रहे। सभी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनकी सेवाओं को याद किया।
बुलंदशहर में के दुल्हैरा गांव में सोमवार शाम एक युवक का हाथ में तमंचा लहराते हुए डांस करने का वीडियो सामने आया है। युवक भाजपा का कार्यकर्ता बताया जा रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि युवक डीजे की धुन तमंचा लहराते हुए नाच रहे हैं। इसमें बिना किसी डर के सरेआम अवैध हथियार हवा में लहराया जा रहा है। यह मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद पुलिस तुरंत हरकत में आ गई है। इस पूरे प्रकरण पर बुलंदशहर के एसपी सिटी अभिषेक प्रताप ने बयान जारी किया है। एसपी सिटी अभिषेक प्रताप ने कहा, “सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो का संज्ञान लिया गया है। यह वीडियो दुल्हैरा गांव का बताया जा रहा है। वीडियो की गहनता से जांच की जा रही है और इसमें दिख रहे युवकों की पहचान की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
नीमच के उत्कृष्ट सीनियर बॉयज हॉस्टल के अधीक्षक हरीश चौहान को लोकायुक्त पुलिस ने ₹1 लाख की घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। इस कार्रवाई को सोमवार को 10 दिन बीत चुके हैं, लेकिन आदिम जाति कल्याण विभाग ने आरोपी अधीक्षक को अब तक सस्पेंड नहीं किया है। विभाग के इस ढीले रवैये पर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि यही विभाग छोटी-मोटी गलतियों पर भी अधीक्षकों को तुरंत सस्पेंड कर देता है। लोकायुक्त उज्जैन की टीम ने हरीश चौहान को 25 जून को जिला संयोजक कार्यालय से रिश्वत लेते हुए दबोचा था। इसके बाद, 1 जुलाई को विभाग ने उन्हें हटाने और कॉलेज हॉस्टल के अधीक्षक चंद्रशेखर राठौर को अतिरिक्त प्रभार सौंपने का आदेश जारी किया। 10 दिन बाद छोड़ा पद, सबूत मिटाने का शक विभागीय आदेश होने के बावजूद हरीश चौहान कई दिनों तक अपनी कुर्सी पर जमे रहे और सोमवार सुबह ही उन्होंने अपना चार्ज नए अधीक्षक को सौंपा। चार्ज सौंपने में हुई इस देरी ने विभाग के काम करने के तरीके पर शक पैदा कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस 10 दिन की देरी का फायदा उठाकर हॉस्टल के रिकॉर्ड, पैसों से जुड़े कागजातों और स्टोर के सामान में हेरफेर की गई है, ताकि पुराने घपलों को छुपाया जा सके। 7 साल से चल रहा था वसूली का 'सिंडिकेट' विभागीय सूत्रों के मुताबिक, आदिम जाति कल्याण विभाग के पूर्व जिला संयोजक राकेश राठौर और आरोपी अधीक्षक हरीश चौहान का एक 'सिंडिकेट' पिछले 7 सालों से एक्टिव था। आरोप है कि यह गुट दूसरे अधीक्षकों के खिलाफ झूठी शिकायतें करवाकर उन्हें डराता था और फिर जिला दफ्तर बुलाकर उनसे मोटी वसूली करता था। इस सिंडिकेट ने विभाग के 7 अधीक्षकों से प्रमोशन की फाइलें आगे बढ़ाने के बदले ₹25-₹25 हजार वसूले थे। इसके अलावा, तबादलों के बाद कटे हुए वेतन को जारी कराने, छोटे कर्मचारियों की तनख्वाह क्लियर कराने और ट्रांसफर होने के बाद भी पुरानी जगह पर रोके रखने के लिए मोटी रकम ली गई थी। पुराना है विवादों से नाता आरोपी अधीक्षक हरीश चौहान साथी कर्मचारियों पर धौंस जमाता था कि वह राकेश राठौर को उज्जैन का डिप्टी कमिश्नर बनवाकर लाएगा और फिर विरोध करने वालों की नौकरी खा जाएगा। हरीश चौहान का विवादों से पुराना नाता रहा है। इससे पहले एक गर्ल्स हॉस्टल की दो नाबालिग लड़कियों ने उन पर एट्रोसिटी की शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन राजनैतिक पहुंच के चलते वह बच निकला। मामले में किसने क्या कहा? आरोपी और तत्कालीन अधीक्षक हरीश चौहान का कहना है कि लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद मैंने नए अधीक्षक को हॉस्टल का चार्ज सौंप दिया है। चार्ज देने में जानबूझकर देरी करने जैसी कोई बात नहीं है, जो भी कागजी प्रक्रिया थी उसके तहत ही प्रभार दिया गया है। वहीं कलेक्टर हिमांशु चंद्रा का कहना है कि यह मामला मेरे संज्ञान में आया है। मैं आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक को इस संबंध में निर्देश दे रहा हूं। पूरे मामले में नियम के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक मनोज लिथोरिया का कहना है कि हमें लोकायुक्त के ऑफिशियल लेटर का इंतजार है। पत्र मिलते ही निलंबन की कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि नियमों के मुताबिक निलंबित करने के बाद हरीश चौहान को जिले से बाहर भेजा जाना तय है।
कानपुर मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के कॉरिडोर-2 (सीएसए से बर्रा-8) के तहत रावतपुर से डबल पुलिया के बीच बनने वाले अंडरग्राउंड सेक्शन का काम अब आखिरी दौर में पहुंच गया है। करीब 4.10 किलोमीटर लंबे इस अंडरग्राउंड रूट पर सिविल कंस्ट्रक्शन (टर्मिनल और टनल बनाने) के बाद अब सिस्टम इंस्टॉलेशन यानी तकनीकी प्रणालियों को लगाने का काम शुरू हो गया है। सोमवार को 5 बजे यूपीएमआरसी (UPMRC) की सिग्नलिंग और टेलीकॉम टीम की मौजूदगी में रावतपुर अंडरग्राउंड स्टेशन के टेक्निकल रूम से सिग्नलिंग सिस्टम लगाने के काम की शुरुआत की गई। इस रूट पर कुल तीन स्टेशन रावतपुर, काकादेव और डबल पुलिया आने वाले हैं। इसी साल मार्च में पूरी हुई थी टनल की खुदाई आपको बता दें,कि इस अंडरग्राउंड सेक्शन के लिए सुरंग (टनल) बनाने का काम इसी साल मार्च में ही पूरा कर लिया गया था। टनल तैयार होने के बाद अब इन तीनों स्टेशनों पर तकनीकी कमरों को फिनिशिंग देने के साथ-साथ ट्रैक बिछाने, थर्ड रेल (बिजली की पटरी) और इलेक्ट्रिकल सिस्टम लगाने का काम दिन-रात चल रहा है। इसी कड़ी में अब ट्रेनों के सुरक्षित संचालन के लिए सबसे जरूरी 'सिग्नलिंग सिस्टम' पर काम शुरू कर दिया गया है। रावतपुर में सबसे ज्यादा 10 सिग्नल, जानें बत्तियों का मतलब इस पूरे अंडरग्राउंड रूट पर कुल 14 सिग्नल लगाए जाएंगे। इनमें से अकेले रावतपुर स्टेशन पर 10 सिग्नल लगेंगे, जबकि काकादेव और डबल पुलिया स्टेशनों पर 2-2 सिग्नल इंस्टॉल किए जाएंगे। मेट्रो के इन सिग्नलों में आम ट्रैफिक लाइट से अलग तीन रंग होंगे लाल, बैंगनी और हरा। लाल रंग ट्रेन को तुरंत रोकने के लिए होता है। बैंगनी रंग सबसे खास है, इसका मतलब होता है कि आगे का ट्रैक पूरी तरह साफ तो नहीं है, लेकिन मेट्रो एक तय स्पीड लिमिट (गति सीमा) के अंदर सुरक्षित आगे बढ़ सकती है। वहीं हरा रंग मिलने का मतलब है कि आगे का पूरा ट्रैक एकदम क्लियर है और मेट्रो अपनी फुल स्पीड में दौड़ सकती है। पटरियां बदलने के लिए लगेंगी 4 पॉइंट मशीनेंमेट्रो को बिना किसी दुर्घटना के एक लाइन से दूसरी लाइन पर ऑटोमैटिक तरीके से मोड़ने के लिए इस सेक्शन में 4 पॉइंट मशीनें लगाई जाएंगी। ये चारों मशीनें रावतपुर स्टेशन पर ही लगेंगी। इसके अलावा, ट्रैक पर ट्रेन कहाँ मौजूद है, इसकी सटीक लोकेशन जानने के लिए पूरे रूट पर 44 एक्सल काउंटर लगाए जा रहे हैं। साथ ही इमरजेंसी के लिए 9 इमरजेंसी स्टॉप लेंजर (ESP) और 3 इमरजेंसी की ट्रांसमीटर (EKT) भी लगाए जाएंगे। तय समय पर काम पूरा करने का लक्ष्ययूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने बताया कि कॉरिडोर-2 के इस अंडरग्राउंड हिस्से में काम बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। सिग्नलिंग के साथ-साथ ट्रैक बनाने का काम भी प्रगति पर है। उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि मेट्रो की पूरी टीम और काम कर रही एजेंसियां पूरे तालमेल और समर्पण के साथ जुटी हैं, ताकि तय समय सीमा के भीतर इस रूट पर भी कानपुर वाले मेट्रो का सफर तय कर सकें।
जयपुर के तेज गेंदबाज अशोक शर्मा का भारतीय क्रिकेट टीम में चयन हो गया है। अशोक शर्मा तेज गेंदबाज हैं। अशोक शर्मा ने तेज रफ्तार गेंदबाजी से घरेलू क्रिकेट और इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में खास पहचान बनाई है। उन्हें अब पहली बार टी-20 इंटरनेशनल टीम में चुना गया है। अशोक शर्मा जयपुर के रामपुरा गांव के रहने वाले हैं। पिछले साल गुजरात टाइटंस ने अशोक को 90 लाख रुपए में खरीदा और इस साल उन्होंने अपना डेब्यू किया। अशोक शर्मा 23 से 26 जुलाई तक जिम्बाब्वे के खिलाफ खेली जाने वाली टी-20 सीरीज में टीम इंडिया का हिस्सा होंगे। भारतीय टीम में जगह मिलने के साथ ही अशोक का सपना पूरा हो गया। टीम इंडिया में सिलेक्शन के बाद अशोक शर्मा ने कहा- यह मेरे जीवन का सबसे गौरवपूर्ण क्षण है। उन्होंने कहा- जब से क्रिकेट खेलना शुरू किया था, तभी से भारतीय टीम की जर्सी पहनने का सपना देखा था। अब वह सपना सच हो गया है। इस खुशी को शब्दों में बयां करना आसान नहीं है। मैं पूरी कोशिश करूंगा कि इस मौके का पूरा फायदा उठाऊं और प्रदर्शन से टीम इंडिया को सीरीज जिताने में अहम भूमिका निभाऊं। आईपीएल में कई टीमों में खेल चुके अशोक शर्मा ने IPL में राजस्थान रॉयल्स, कोलकाता नाइट राइडर्स और गुजरात टाइटंस का हिस्सा रह चुके हैं। आईपीएल के दौरान अशोक शर्मा ने 150 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से गेंदबाजी कर क्रिकेट विशेषज्ञों और प्रशंसकों का ध्यान अपनी ओर खींचा था। उनकी गति और लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन के कारण वे सिलेक्टर की नजर में आए। गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन का बने थे हिस्सा आईपीएल में शानदार प्रदर्शन के बाद गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन ने अशोक शर्मा को घरेलू क्रिकेट में अपने राज्य का प्रतिनिधित्व करने का प्रस्ताव दिया था। इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए अशोक शर्मा ने नए घरेलू सत्र से गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के बैनर तले खेलने का फैसला किया। अब भारतीय टीम में चयन के साथ अशोक शर्मा के करियर ने नई ऊंचाई हासिल कर ली है। राजस्थान के लिए यह उपलब्धि भी खास मानी जा रही है। क्रिकेट प्रेमियों को उम्मीद है कि अशोक शर्मा अपनी तेज गेंदबाजी से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रभाव छोड़ेंगे और भारतीय टीम के लिए मैच जिताऊ प्रदर्शन करेंगे। बता दें कि इससे पहले अशोक शर्मा को भारतीय-ए टीम के लिए सिलेक्ट किया गया था। जून महीने में श्रीलंका के खिलाफ खेली जा रही सीरीज में भारतीय-ए टीम के सदस्य युद्धवीर सिंह फील्डिंग के दौरान चोटिल हो गए थे। इसके बाद तेज गेंदबाज के तौर पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने अशोक शर्मा को उनकी जगह टीम में शामिल किया था।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के बाहर कई दिनों से चल रहा सफाई कर्मचारियों का आंदोलन सोमवार शाम समाप्त हो गया। रविवार देर रात पुलिस कार्रवाई के बाद तनाव बढ़ गया था, लेकिन सोमवार को प्राधिकरण और कर्मचारी प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता में सहमति बनने के बाद हिरासत में लिए गए सभी कर्मचारियों को रिहा कर दिया गया। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के गेट नंबर-2 पर सफाई कर्मचारी अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे थे। उनकी प्रमुख मांगों में वेतन वृद्धि, लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों को स्थायी किया जाना, ठेका प्रथा समाप्त करना और सफाई कार्य के लिए जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना शामिल था। कर्मचारियों का कहना था कि कई दौर की बातचीत के बावजूद उनकी मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया। पुलिस कार्रवाई के बाद बढ़ा विवाद रविवार देर रात पुलिस ने धरनास्थल से कई प्रदर्शनकारी कर्मचारियों को हिरासत में लेकर सूरजपुर पुलिस लाइन भेज दिया। इसकी जानकारी मिलते ही सोमवार सुबह सफाई कर्मचारी पहले सिटी पार्क के पास जुटे। उनका प्राधिकरण कार्यालय तक मार्च निकालने का कार्यक्रम था, लेकिन पुलिस कार्रवाई के चलते वे सुबह करीब 9 बजे सीधे सूरजपुर पुलिस लाइन पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे कर्मचारियों के खिलाफ जबरन कार्रवाई की गई। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शन जारी रहा। इस दौरान कुछ अन्य कर्मचारियों को भी हिरासत में लिया गया। कई घंटे चली वार्ता, बनी सहमति सोमवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों और कर्मचारी प्रतिनिधियों के बीच कई घंटे तक वार्ता चली। बातचीत के दौरान विभिन्न मुद्दों पर सहमति बनने के बाद विवाद समाप्त हो गया और कर्मचारियों ने आंदोलन खत्म करने का ऐलान कर दिया। सभी कर्मचारियों को किया गया रिहा एडीसीपी सेंट्रल नोएडा स्वतंत्र सिंह ने बताया कि प्राधिकरण और सफाई कर्मचारियों के बीच वार्ता सफल रही। दोनों पक्षों के बीच समझौता होने के बाद हिरासत में लिए गए सभी कर्मचारियों को रिहा कर दिया गया। उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने आवश्यक कदम उठाए।
फरीदाबाद के खेड़ी थाना क्षेत्र के बादशाहपुर गांव में 26 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। महिला 6 महीने की गर्भवती थी। परिजनों का आरोप है कि मायके में तय समय से 4 दिन ज्यादा रुकने के कारण ससुराल वाले उससे नाराज रहते थे और पिछले कई दिनों से उसे मानसिक रूप से परेशान कर रहे थे। घटना के बाद महिला का शव पोस्टमार्टम के लिए बीके सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा। मृतका के परिजनों के अनुसार अंजलि करीब 15 दिन पहले गर्मी की छुट्टियों में अपने मायके, पलवल के पास स्थित देवली गांव गई थी। बताया जा रहा है कि वह ससुराल वालों से 10 दिन में लौटने की बात कहकर गई थी, लेकिन 2-3 दिन अधिक रुक गई। इसी बात को लेकर उसके पति मनोज और परिवार के अन्य सदस्य उससे नाराज हो गए। परिजनों का आरोप है कि पिछले 4-5 दिनों से घर में इसी बात को लेकर झगड़ा हो रहा था और अंजलि को बार-बार ताने दिए जा रहे थे। चाची बोलीं- फोन पर रो रही थ बेटी अंजलि की चाची कविता ने बताया कि घटना वाले दिन सुबह करीब 9 बजे उनकी अंजलि से फोन पर बात हुई थी। बातचीत के दौरान अंजलि काफी परेशान थी और रो रही थी। उसने बताया कि घर में कोई उससे ठीक से बात नहीं कर रहा है। वह कई बार अपनी गलती मानकर माफी भी मांग चुकी है, लेकिन इसके बावजूद उसे लगातार परेशान किया जा रहा है। उसने यह भी कहा कि परिवार के लोग उसके हाथ का खाना तक नहीं खा रहे हैं और उससे दूरी बनाकर रख रहे हैं। चाची कविता ने बताया कि सुबह बातचीत के करीब आधे घंटे बाद ससुराल पक्ष की ओर से फोन आया। उन्हें बताया गया कि अंजलि पोछा लगाते समय सीढ़ियों से नीचे गिर गई है और उसे अस्पताल ले जाया गया है। जब परिवार के लोग अस्पताल पहुंचे तो अंजलि की मौत हो चुकी थी। परिजन बोले- चोट के निशान नहीं मिले मायके पक्ष का आरोप है कि अस्पताल में अंजलि के मुंह से झाग निकल रहा था और उसका शरीर फूला हुआ था। उनका कहना है कि यह देखकर उन्हें शक हुआ कि उसे कोई जहरीला पदार्थ खिलाया गया है। उनका यह भी कहना है कि यदि वह सीढ़ियों से गिरी होती तो उसके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान दिखाई देते, लेकिन उन्हें ऐसे निशान नहीं दिखे। इसी आधार पर परिजनों ने ससुराल पक्ष पर अंजलि की हत्या करने का आरोप लगाया है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। 6 महीने की गर्भवती थी अंजलि परिजनों ने बताया कि अंजलि की शादी करीब 6 साल पहले बादशाहपुर निवासी मनोज के साथ हुई थी। उसके 2 छोटे बच्चे हैं, जिनमें एक बेटा और एक बेटी शामिल हैं। अब अंजलि 6 महीने की गर्भवती भी थी। उसकी मौत से परिवार में मातम का माहौल है। परिजनों का कहना है कि उन्हें इंसाफ चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। पुलिस कर रही मामले की जांच वहीं, इस मामले में पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि महिला की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बीके सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। अभी तक मृतका के परिजनों की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि महिला की मौत किस कारण से हुई। यदि परिजनों की ओर से शिकायत दी जाती है तो उसके आधार पर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।
बिलासपुर रेल मंडल ने सभी महिला टिकट चेकिंग कर्मियों सहित कुल 140 टिकट चेकिंग कर्मचारियों को बॉडी वॉर्न कैमरे उपलब्ध कराए हैं। यह पहल टिकट चेकिंग स्टाफ को बॉडी वॉर्न कैमरों से लैस करने वाला बिलासपुर को मुंबई के बाद संभवतः देश का चौथा रेल मंडल बनाती है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अनुराग कुमार सिंह ने पहले 50 कर्मचारियों को बॉडी वॉर्न कैमरे दिए थे। हाल ही में, 90 अतिरिक्त कर्मियों को कैमरे वितरित किए गए। सिंह ने यह भी दावा किया कि टिकट चेकिंग कर्मियों को वॉकी-टॉकी से लैस करने वाला बिलासपुर रेल मंडल देश का पहला मंडल है। इन बॉडी वॉर्न कैमरों के उपयोग से टिकट जांच के दौरान होने वाली सभी गतिविधियों का रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा। इससे किसी भी विवाद की स्थिति में तथ्यों का निष्पक्ष सत्यापन संभव हो सकेगा। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक के अनुसार, यह कदम विशेष रूप से महिला कर्मचारियों की सुरक्षा और आत्मविश्वास बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा।
चंदेरिया थाना पुलिस ने सात दिन से लापता एक व्यक्ति के मामले में ऐसा खुलासा किया है, जिसने पूरी कहानी बदल दी। जिस व्यक्ति की तलाश में पुलिस ने दिन-रात मेहनत की, दो कुओं का पानी खाली करवाया, सिविल डिफेंस और गोताखोरों की मदद ली, वह नागौर जिले में अपने पुराने परिचित के यहां रह रहा था। पुलिस जांच में सामने आया कि वह फाइनेंस कंपनियों के कर्ज और दूसरे विवादों के दबाव से बचने के लिए खुद ही घर छोड़कर चला गया था। इतना ही नहीं, पुलिस का दावा है कि उसके परिवार को भी उसकी जानकारी थी और वह लगातार उनसे फोन पर बात कर रहा था, लेकिन यह बात पुलिस से छिपाई गई। आखिरकार तकनीकी जांच और लगातार पड़ताल के बाद पुलिस उसे नागौर से लेकर चित्तौड़गढ़ पहुंची। कुएं के पास मिला मोबाइल और बाइक, पुलिस ने हर संभावना पर किया काम चंदेरिया थानाधिकारी मोतीराम सारण ने बताया कि 40 वर्षीय रतनलाल गाडरी पुत्र ओंकार गाडरी 28 जून को घर से निकलने के बाद लापता हो गया था। परिजनों ने उसकी गुमशुदगी दर्ज करवाई और आशंका जताई कि वह किसी कुएं में गिर गया होगा। जांच के दौरान एक कुएं के पास उसका मोबाइल मिला, जबकि दूसरे कुएं के पास उसकी बाइक खड़ी मिली। इससे पुलिस को लगा कि मामला किसी हादसे से जुड़ा हो सकता है। उसी रात पुलिस मौके पर पहुंच गई और अगले दिन सिविल डिफेंस तथा गोताखोरों की टीम को बुलाया गया। दो बड़े मोटरों से दोनों कुओं का पानी घंटों तक बाहर निकाला गया और पूरी तलाशी ली गई, लेकिन वहां कोई नहीं मिला। इसके बाद भी पुलिस ने तलाश जारी रखी और हर संभावित सुराग पर काम करती रही। जांच में खुली पूरी सच्चाई, कर्ज से बचने के लिए रची गई थी योजना उन्होंने बताया कि लगातार जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि रतनलाल ने फाइनेंस कंपनियों से पांच ट्रैक्टर, एक पिकअप, एक कार, एक बुलेट, एक प्लेटिना बाइक सहित कई गाड़ियां फाइनेंस करवा रखे थे। इसके अलावा उस पर कई छोटे-बड़े लोन भी थे। पुलिस का कहना है कि इन कर्जों और फाइनेंस कंपनियों के दबाव से बचने के लिए उसने खुद ही गायब होने की योजना बनाई। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि उसका पड़ोसियों से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इस मामले में कोर्ट का फैसला भी उसके खिलाफ आया था, जिससे उस पर और दबाव बढ़ गया था। पुलिस के अनुसार इन सभी कारणों से उसने ऐसा माहौल बनाया कि लोगों को लगे उसके साथ कोई बड़ी घटना हो गई है। परिवार को थी पूरी जानकारी, फिर भी पुलिस को नहीं बताया पुलिस का दावा है कि रतनलाल घर छोड़ने के बाद भी लगातार अपने परिवार के संपर्क में था। वह फोन पर घरवालों से बात कर रहा था, लेकिन परिवार ने इसकी जानकारी पुलिस को नहीं दी। जांच में सामने आया कि उसके बेटे शंकरलाल और अन्य परिजनों को भी उसके सुरक्षित होने की जानकारी थी। इसके बावजूद वे लगातार गुमशुदगी की बात कहते रहे। इस दौरान परिवार की ओर से जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को कई ज्ञापन भी दिए गए। इतना ही नहीं, सोमवार को कलेक्ट्रेट पर धरना देने की तैयारी भी कर ली गई थी। आसपास के 15 से 20 गांवों में लोगों को बुलाने की सूचना भी दी गई थी। थानाधिकारी ने बताया कि अगर समय रहते सच्चाई सामने नहीं आती तो मामला और ज्यादा तूल पकड़ सकता था। पुराने परिचित के पास पहुंची पुलिस, नागौर से लेकर आई चित्तौड़गढ़ जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि रतनलाल पहले नागौर जिले के कुचेरा इलाके में रह चुका है और संभव है कि वहीं गया हो। इसके बाद चंदेरिया थाना पुलिस ने कुचेरा पुलिस से संपर्क किया। स्थानीय पुलिस की मदद से उसके पुराने परिचितों के बारे में जानकारी जुटाई गई। जांच करते हुए पुलिस नागौर जिले के कुचेरा क्षेत्र तक पहुंची, जहां रतनलाल मिल गया। इसके बाद पुलिस उसे अपने साथ चित्तौड़गढ़ लेकर रवाना हो गई। अधिकारियों का कहना है कि लगातार जांच, तकनीकी इनपुट और स्थानीय पुलिस के सहयोग से ही यह मामला सुलझ सका। सात दिन की मेहनत के बाद खुला मामला, अब आगे होगी कार्रवाई इस पूरे मामले में पुलिस ने सात दिन तक लगातार अलग-अलग स्तर पर जांच की। कुओं की तलाशी से लेकर तकनीकी जांच और दूसरे जिले तक पहुंचकर व्यक्ति को तलाशने तक हर पहलू पर काम किया गया। अब रतनलाल और उसके परिवार के खिलाफ पुलिस को गलत जानकारी देकर गुमराह करने और सरकारी संसाधनों का अनावश्यक इस्तेमाल करवाने के मामले में आगे कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस घटनाक्रम ने यह भी दिखाया कि झूठी जानकारी के कारण पुलिस और बचाव टीमों का कितना समय और संसाधन खर्च हो सकता है, जबकि उसी समय उनकी जरूरत किसी वास्तविक आपात स्थिति में भी पड़ सकती थी।
रेवदर में टापू पर फंसे 3 लोगों का रेस्क्यू:सेलवाड़ा बांध पर सिविल डिफेंस-SDRF ने की मॉक ड्रिल
रेवदर के सेलवाड़ा बांध पर सोमवार को सिविल डिफेंस और SDRF ने मानसून के दौरान संभावित आपदा से निपटने की तैयारियों का आकलन करने के लिए एक मॉक ड्रिल आयोजित की। इस अभ्यास में टापू पर फंसे तीन लोगों को सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके अतिरिक्त, पानी में बहने की स्थिति का प्रदर्शन करते हुए दो अन्य लोगों को भी बचाया गया और एंबुलेंस से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। मॉक ड्रिल में सिविल डिफेंस, SDRF, पुलिस, चिकित्सा विभाग और अन्य संबंधित विभागों की टीमों ने समन्वय के साथ भाग लिया। इस दौरान जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर, जिला पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह, अतिरिक्त जिला कलेक्टर डॉ. राजेश गोयल और रेवदर उपखंड अधिकारी राजन लोहिया मौके पर उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बचाव एवं राहत कार्यों की तैयारियों का जायजा लिया तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली का परीक्षण किया। मॉक ड्रिल के समापन के बाद, जिला कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान किसी भी संभावित आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
रूपनगढ़ मेगा हाईवे पर सोमवार को नुवा चौराहे के पास तेज रफ्तार ट्रेलर ने दो वाहनों को टक्कर मार दी। हादसे में एक महिला सहित चार लोग घायल हो गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्विफ्ट कार और सवारी गाड़ी दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रेलर तेज गति से हाईवे पर दौड़ रहा था। नुवा चौराहे के पास चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा, जिसके बाद ट्रेलर पहले स्विफ्ट कार से और फिर सवारी गाड़ी से जा टकराया। जोरदार आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। देखिए घटना की PHOTOS- स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया सूचना मिलने पर समाजसेवी जगदीश (पावणा) मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तुरंत रूपनगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों की हालत सामान्य बताई और उन्हें छुट्टी दे दी। पुलिस ने ट्रैफिक सुचारु कराया घटना की जानकारी मिलते ही रूपनगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर यातायात को सुचारु कराया। हादसे के चलते कुछ समय के लिए मेगा हाईवे पर लंबा जाम लग गया था। तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण ट्रेलर की तेज रफ्तार और चालक का नियंत्रण खोना बताया जा रहा है। पुलिस ने ट्रेलर को जब्त कर चालक से पूछताछ शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों ने नुवा चौराहे को दुर्घटना संभावित क्षेत्र बताते हुए यहां ट्रैफिक नियंत्रण, स्पीड लिमिट और सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
बालेसर की सेखाला ग्राम पंचायत में रिनिया बालाजी मंदिर के पास 54 बीघा भूमि पर 'आराध्यम' का तीन दिवसीय लोकार्पण कार्यक्रम सोमवार को हुआ। इस दौरान नवनिर्मित पक्षी अस्पताल और गौशाला का भी शुभारंभ किया गया। लोकार्पण समारोह में संत महात्माओं के सानिध्य में जोधपुर प्रांत सेवा भारती मंत्री मंगलाराम, शेरगढ़ विधायक बाबूसिंह राठौड़, पीसीसी सदस्य उम्मेदसिंह राठौड़, ट्रस्टी जीवराज सिंह गोगादेव, ट्रस्ट अध्यक्ष नरेंद्र सुराणा, सचिव पायल चोपड़ा और विवेक लुकड़ के परिवारजन उपस्थित रहे। ट्रस्ट अध्यक्ष नरेंद्र सुराणा ने बताया कि आराध्यम में बना गज पक्षी अस्पताल राजस्थान का सबसे बड़ा और अत्याधुनिक सुविधा वाला होगा। वर्तमान में यहां 200 घायल पक्षी उपचाराधीन हैं। नए अस्पताल में सर्जरी, आईसीयू और रिकवरी वार्ड की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। ट्रस्ट सचिव पायल चोपड़ा ने कहा कि इस पहल से हजारों बेजुबान पक्षियों का जीवन बचेगा, जो जीव दया और अहिंसा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। ट्रस्ट ने आराध्यम को 'हरित परिसर' के रूप में विकसित किया है, जहां अब तक 200 वृक्ष लगाए जा चुके हैं और 10,000 वृक्ष लगाने का लक्ष्य है। परिसर में जल संचय, प्राकृतिक खेती और नेपियर-धामन चारागाह विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सचिव पायल चोपड़ा के अनुसार, गौशाला से प्राप्त गोबर और गोमूत्र का उपयोग वर्मी कम्पोस्ट और प्राकृतिक कीटनाशक बनाने में किया जाएगा। इससे स्थानीय महिलाओं को रोजगार मिलेगा और परिसर आत्मनिर्भर बनेगा, जो महिला सशक्तिकरण के ट्रस्ट के मॉडल का हिस्सा है। आराध्यम परिसर में किसी भी प्रकार के नशे का सेवन पूर्णतः वर्जित है, जो ट्रस्ट के 'व्यसन मुक्ति' अभियान का विस्तार है। इस अवसर पर केतु मदा पूर्व सरपंच कंवर सिंह गोगादेव, उम्मेदसिंह गोगादेव, कार्यकर्ता ज्योति तातेड़, मिताली, कोमल, नमन, अंकिता, प्रदीप, कृति सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।
मध्य प्रदेश की नगरीय प्रशासन राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी के जाति प्रमाणपत्र को लेकर कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार और मंत्री प्रतिमा ने राज्य स्तरीय छानबीन समिति के सामने अपने-अपने तथ्य रखे। अनुसूचित जाति आयोग के दफ्तर में मंत्री प्रतिमा बागरी के जाति विवाद मामले की सुनवाई हुई। उच्च स्तरीय जाति प्रमाणपत्र छानबीन समिति के अध्यक्ष और प्रमुख सचिव गुलशन बामरा ने समिति के सचिव सत्येंद्र सिंह, विषय विशेषज्ञ मातादीन कनेरिया और सुधीर श्रीवास्तव ने सुनवाई की। सबसे पहले शिकायकर्ता और कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार के साथ समिति ने एक घंटे तक बातचीत कर उनसे दस्तावेज लिए। पन्ना और सतना से कुछ दूसरे आपत्तिकर्ताओं ने भी अपनी आपत्ति के दस्तावेज समिति को दिए। इसके बाद मंत्री प्रतिमा बागरी ने भी अपने जाति प्रमाणपत्र और फैमिली ट्री यानी वंशावली से संबंधित दस्तावेज समिति को दिए। कांग्रेस नेता बोले- फर्जी मंत्री को हटाएं सीएम शिकायतकर्ता कांग्रेस नेता प्रदीप अहिरवार ने कहा- छानबीन समिति के सामने मैंने अपने दस्तावेज प्रस्तुत किए। 1950 की संवैधानिक स्थिति में तत्कालीन विंध्य प्रदेश में अनुसूचित जाति की सूची में बागरी जाति शामिल नहीं थी। 1961 की जातीय जनगणना में सतना जिले में बागरी जाति शामिल नहीं थी। 1976 में सीमा क्षेत्र का बंधन केंद्र सरकार ने एससी-एसटी वर्ग के लिए किया। उसके बाद बागरी जाति अनुसूचित जाति में दूसरे नंबर पर आ गई। ये लोग लगातार लाभ लेने लगे। शासन ने लगातार पत्राचार किए। टीआरआई की दो-दो रिपोर्ट यह कहतीं हैं कि अनुसूचित जाति में बागरी जाति नहीं है। बागरी राजपूत हैं। लेकिन, उसके बावजूद एसडीएम से मिलकर लेन-देन करके ये लोग लाभ लेते रहे। सरकार ने 2007 में गजट नोटिफिकेशन जारी करके यह कहा कि बागरी, बागड़ी की राजपूत उपजातियों को छोड़कर सरकार ने इन्हें संवैधानिक रूप से अमान्य किया है। कि बागरी जाति एससी में नहीं हैं। छानबीन समिति के अध्यक्ष गुलशन बामरा ने इस बात को दस्तावेजी स्वरूप में माना है कि बागरी जाति 1950 में विंध्य प्रदेश में एससी वर्ग की जातियों में शामिल नहीं थी। 1961 और 1971 की जातीय जनगणना के मूल आधार को भी मैने प्रस्तुत किया है। मुझे उम्मीद है कि छानबीन समिति मेरे पक्ष में निर्णय देगी और अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों की जीत होगी। प्रदीप अहिरवार ने कहा- सुनवाई पूरी परीक्षण के बाद आएगा फैसलासमिति में शामिल अफसरों के मुताबिक दोनों पक्षों की ओर से करीब 150 पन्नों से ज्यादा के दस्तावेज दिए गए हैं। आपत्ति के अनुसार दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद समिति अपना निर्णय देगी। समिति के सामने तथ्य प्रस्तुत करने के बाद मंत्री प्रतिमा बागरी ने दैनिक भास्कर से बातचीत की… सवाल: कांग्रेस आपके जाति प्रमाणपत्र पर सवाल उठा रही है। आखिर क्या है आपकी जाति?जवाब (प्रतिमा बागरी): मैं बागरी समाज से हूं और मध्य प्रदेश में बागरी समाज अनुसूचित जाति में है। मेरे पहले भी गुन्नौर और रैगांव विधानसभा में बागरी समाज से पांच विधायक रहे हैं। सबसे पहले बागरी समाज के विधायक काशी प्रसाद बागरी रहे हैं। उसके बाद मेरे छोटे दादाजी स्वर्गीय जुगल किशोर बागरी रहे हैं। वहीं, गुन्नौर से शिवदयाल बागरी और महेंद्र बागरी भी विधायक रहे हैं। इनमें कांग्रेस के भी बागरी विधायक रहे हैं। ऐसे में सिर्फ मेरे प्रमाणपत्र पर सवाल उठाना दर्शाता है कि उन्हें एक अनुसूचित जाति वर्ग की महिला का आगे बढ़ना स्वीकार नहीं हो रहा है। मैं प्रदेश की सबसे युवा मंत्री हूं और यही बात उन्हें पच नहीं रही। कि एक अनुसूचित जाति की महिला सरकार में काम कर रही है। मेरे दादा जी ने पांच बार इसी रैगांव विधानसभा का नेतृत्व किया है। ऐसे में यह आरोप लगाना कि फर्जी जाति प्रमाणपत्र है। सवाल: आप कांग्रेस पर महिला विरोधी होने का आरोप क्यों लगा रही हैं?जवाब: कांग्रेस के नेताओं के बयान उनकी मानसिकता दिखाते हैं। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां कर चुके हैं। जीतू पटवारी ने कहा था कि मप्र की महिलाएं सबसे ज्यादा शराब पीती हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि महिलाएं पैसे लेकर उसके अपने पोलके में रखकर वोट देती हैं। इस तरह के बयान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष देते हैं। अब प्रदीप अहिरवार मेरे जाति प्रमाणपत्र पर सवाल उठा रहे हैं, तो कहीं न कहीं इनकी मांग किसी और चीज के लिए थी। इनको मालूम होते हुए कि मैं अनुसूचित जाति की महिला हूं। यह सिर्फ मेरे खिलाफ राजनीतिक अभियान है। उनकी मंशा क्या है, यह आने वाले समय में सामने आ जाएगा। मैं बागरी समाज से हूं जो एससी वर्ग में आती है। सवाल: ऐसा पहली बार हुआ कि एक मंत्री को जाति साबित करने के लिए गांव में मुनादी कराई गई। इसे आप कैसे देखती हैं?जवाब: अपने जीवन में पहली बार किसी जनप्रतिनिधि के खिलाफ इस तरह मुनादी होते देखी। मुनादी तो अपराधियों या विशेष परिस्थितियों में होती है। मैं किसी प्रकार के अपराध में लिप्त नहीं हूं। मैंने कोई अपराध नहीं किया है। सवाल: क्या इस मामले को मुख्यमंत्री के सामने भी उठाएंगी?जवाब: हां, मैं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने यह मुद्दा जरूर रखूंगी। यदि किसी को दस्तावेज या साक्ष्य चाहिए तो मांगे, लेकिन इस तरह मुनादी कराना उचित नहीं है। संबंधित अधिकारियों से भी जवाब मांगूंगी कि ऐसा आदेश क्यों दिया गया? सवाल: कांग्रेस का कहना है कि 1950 के रिकॉर्ड में बागरी जाति का उल्लेख नहीं है। इस पर आपका पक्ष क्या है?जवाब: मैं बागरी समाज से हूं और मध्य प्रदेश की मूल निवासी हूं। मेरे पास 110 साल पुराने दस्तावेज हैं, जिनमें हमारा समाज बागरी ही दर्ज है। कहीं भी हमें राजपूत या ठाकुर नहीं लिखा गया है। हमारी शादियां भी बागरी समाज में ही होती हैं। इसलिए कांग्रेस के आरोप पूरी तरह निराधार हैं। सवाल: आपके मायके ससुराल और क्षेत्र के लोगों की क्या प्रतिक्रिया रही?जवाब: सतना जिले और मेरी विधानसभा के लोगों के लगातार फोन आए। सभी ने पूछा कि आखिर ऐसा क्या हो गया कि मुनादी करानी पड़ी। लोगों ने कहा कि जरूरत पड़े तो हम भी गवाही देने आएंगे। मैंने उनसे कहा कि फिलहाल जरूरत नहीं है। यदि समिति चाहेगी तो क्षेत्र के लोग खुद बताएंगे कि बागरी समाज अनुसूचित जाति में आता है। सवाल: राज्य स्तरीय छानबीन समिति के सामने आपने कौन-कौन से दस्तावेज पेश किए? सवाल: क्या एसडीएम स्तर पर मिलीभगत कर फर्जी जाति प्रमाणपत्र बनवाना संभव है?जवाब: एसडीएम सक्षम अधिकारी होता है और वह अपनी जिम्मेदारी पर प्रमाणपत्र जारी करता है। मेरे ही नहीं, मेरे पिता और दादाजी के समय से प्रमाणपत्र बने हैं। क्या यह माना जाए कि हर अधिकारी घूस लेकर प्रमाणपत्र जारी करता रहा? अगर कांग्रेस ऐसा कह रही है तो क्या वह अपने शासनकाल पर भी सवाल उठा रही है, क्योंकि उस समय भी यही व्यवस्था थी? यह आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं।
11 साल पुराने कोटकपूरा गोलीकांड मामले में सुखबीर बादल को चंडीगढ़ जिला अदालत से विदेश जाने की अनुमति मिल गई है। अदालत ने उन्हें 7 से 11 जुलाई तक विदेश यात्रा की इजाजत दी है। साथ ही स्पष्ट किया है कि उन्हें अगली सुनवाई से पहले भारत लौटना होगा। मामले की अगली सुनवाई 18 जुलाई को होगी। सुनवाई के दौरान सुखबीर बादल के वकील ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल की जान को खतरा है और उन्हें जेड श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है। सुरक्षा कारणों से उन्होंने उस देश का नाम सार्वजनिक नहीं किया, जहां सुखबीर बादल को जाना है। वहीं पंजाब सरकार की ओर से पेश वकील ने विदेश जाने की अनुमति का विरोध किया। सरकार की ओर से कहा गया कि आरोपी इस मामले के मास्टरमाइंड हैं। आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को दबाने के लिए गैरकानूनी तरीके अपनाए गए और राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर कई वर्षों तक जांच प्रभावित की गई। सरकार ने यह भी कहा कि विदेश यात्रा का कारण स्पष्ट नहीं बताया गया है, इसलिए अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने सुखबीर बादल की विदेश यात्रा की अर्जी मंजूर कर ली और उन्हें 18 जुलाई की सुनवाई से पहले लौटने के निर्देश दिए। 2015 में प्रदर्शन के दौरान हुई फायरिंग यह मामला 14 अक्टूबर 2015 का है। इस घटना के दौरान फरीदकोट जिले के बरगाड़ी बेअदबी कांड के विरोध में कोटकपूरा और बहिबल कलां में लोग प्रदर्शन कर रहे थे। आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग की थी। फायरिंग में बहिबल कलां के गुरजीत सिंह और कृष्ण भगवान सिंह की मौत हो गई थी, जबकि कोटकपूरा में कई लोग घायल हुए थे। Punjab and Haryana High Court के निर्देश पर इस मामले का ट्रायल चंडीगढ़ की अदालत में चल रहा है।
कानपुर के बिठूर थाना क्षेत्र में किराये के कमरे में रहकर बीएससी नर्सिंग की छात्रा ने सुसाइड कर लिया। सोमवार सुबह काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुलने पर पड़ोसी किरायेदारों ने झांककर देखा तो छात्रा का शव फंदे से लटका मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है। दरवाजा नहीं खुला तो रोशनदान से देखा, तब हुआ खुलासा कुशीनगर के टमकुही थाना क्षेत्र की रहने वाली आशिया खातून मंधना स्थित रामा मेडिकल कॉलेज में बीएससी नर्सिंग द्वितीय वर्ष की छात्रा थीं। वह बगदौधी बांगर में एक मकान की दूसरी मंजिल पर किराये के कमरे में रहती थीं। सोमवार सुबह पड़ोस में रहने वाली महिला ने काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर आवाज लगाई। अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर रोशनदान से देखा तो छात्रा का शव चुनरी के सहारे पंखे के हुक से लटका मिला। सूचना पर बिठूर पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। 12 जुलाई को था जन्मदिन, इससे पहले जान दी मृतका की मौसेरी बहन शमां परवीन ने बताया कि आशिया के पिता बस चालक हैं और परिवार में दो भाई व दो बहनें हैं। 12 जुलाई को आशिया का जन्मदिन था और परिवार उसकी तैयारियों में जुटा था। अचानक हुई इस घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और परिजन कानपुर के लिए रवाना हो गए। मोबाइल कब्जे में, सभी पहलुओं की जांच पुलिस ने छात्रा का मोबाइल फोन कब्जे में ले लिया है। शुरुआती जांच में मोबाइल पासवर्ड से सुरक्षित होने के कारण उसे तत्काल नहीं खोला जा सका। पुलिस परिजनों से पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई करेगी और मामले से जुड़े सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है। डीसीपी बोले- कारण स्पष्ट नहीं, जांच जारी डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि कमरा अंदर से बंद था। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके का निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए, लेकिन ऐसा कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं मिला जिससे मौत के कारण का तत्काल पता चल सके। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उमरिया में बोलेरो पलटी, एक युवक की मौत:चार गंभीर, वाहन के उड़े परखच्चे; पुलिस जांच में जुटी
उमरिया जिले के अमरपुर चौकी क्षेत्र में सोमवार शाम एक सड़क हादसा हो गया। छोटी बेल्दी नाला के पास एक बोलेरो वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया, जिसमें एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई और चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बोलेरो वाहन (क्रमांक एमपी 19 सीबी 1886) सड़क से उतरकर कई बार पलटा और खाई में जा गिरा। इस दुर्घटना में पिटौर निवासी 21 वर्षीय प्रभात जायसवाल, की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। ये हुए घायल घायलों में सुनील जायसवाल (पिटौर), रामराहीश जायसवाल (पिटौर) और सुखदास निवासी दिनेश जायसवाल सहित कुल चार लोग शामिल हैं। सूचना मिलते ही अमरपुर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरही पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद, घायलों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए कटनी रेफर कर दिया गया। हादसे में बोलेरो वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, उसके पुर्जे टूटकर दूर जा गिरे। फिलहाल दुर्घटना के कारणों का पता नहीं चल सका है। अमरपुर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि हम सभी को इतिहास का अध्ययन करना चाहिए। कई लोग अपनी पीठ थपथपाते हैं कि हमने बहुत कुछ किया है, कुछ नहीं किया उन्होंने, कुछ किया है तो राष्ट्रीय चरित्र युक्त नागरिकों ने किया है। इस देश को एक रखने के लिए अपना सर्वस्व समर्पण किया हैं। आज भी आप देखिए कि राष्ट्र के प्रति भावना किसके मन में है। राष्ट्र प्रथम का भाव किसके मन में है। यह सोच किसी और पार्टी में देखने को मिलती है क्या? राठौड़ आज जयपुर के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में बीजेपी युवा मोर्चा की ओर से डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर आयोजित 'छात्र सम्मेलन' को संबोधित कर रहे थे। उन्होने कहा कि आज हमारे विपक्षी दल के नेता जमानत पर हैं। सोनिया गांधी आर्थिक अपराध में जमानत पर हैं। राहुल गांधी भी जमानत पर है, रॉबर्ट वाड्रा भी जमानत पर है, केजरीवाल, संजय सिंह, लालू यादव की पार्टी के नेता और मुलायम सिंह यादव की पार्टी के नेता भी जमानत पर हैं। एकमात्र यदि कोई निष्कलंक व्यक्तित्व वाले लोग हैं तो आप सबके सामने हैं। आप सब जानते हैं कि इन पर कोई अंगुली भी उठा सकता हैं। कोई आपका क्या मुकाबला करेगा। कौन आपके सामने टिक सकता हैं। डॉ मुखर्जी सबसे युवा कुलपति बनेवहीं, सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रदेश संगठन महामंत्री अजेय कुमार ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि युवाओं को डॉ. मुखर्जी के जीवन और विचारों का अध्ययन करना चाहिए, ताकि उन्हें यह समझने का अवसर मिले कि अपनी ऊर्जा और युवावस्था को राष्ट्र निर्माण में किस प्रकार लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मात्र 33 वर्ष की आयु में डॉ. मुखर्जी कोलकाता विश्वविद्यालय के कुलपति बने और बाद में बंगाल सरकार में वित्त मंत्री और स्वतंत्र भारत की पहली सरकार में उद्योग मंत्री के रूप में काम किया। वहीं पूर्वी पाकिस्तान में हिंदुओं पर अत्याचार और नेहरू-लियाकत समझौते से असहमति के कारण उन्होंने केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा देकर राष्ट्रवादी राजनीतिक विकल्प के निर्माण का मार्ग चुना। मंडल स्तर तक होंगे छात्र सम्मेलनयुवाओं तक सरकार की योजनाएं पहुंचाएगा : युवा मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष शंकर गोरा ने कहा कि छात्र सम्मेलन केवल एक दिवसीय कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं से व्यापक संवाद अभियान की शुरुआत है। इससे पहले आदिवासी क्षेत्र से छात्र सम्मेलन आयोजित किए गए है। उन्होंने बताया कि यह अभियान संभाग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सभी जिलों और मंडलों तक चलाया जाएगा। युवा मोर्चा विभिन्न छात्र सम्मेलनों और संपर्क अभियानों के माध्यम से युवाओं को संगठन से जोड़ने के साथ केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी भी देगा।
चूरू के राजकीय डीबी अस्पताल में सोमवार शाम बिजली कनेक्शन का काम करते समय एक मजदूर की करंट लगने से मौत हो गई। हादसा पुरानी बिल्डिंग से नई बिल्डिंग में बिजली लाइन जोड़ने के दौरान हुआ। प्रारंभिक जांच में सुरक्षा उपकरणों की कमी और अस्पताल में पैनल व अर्थिंग का काम अधूरा होने जैसे गंभीर तथ्य सामने आए हैं। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन और संबंधित एजेंसी के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की, जबकि परिजनों को आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया गया है। बिजली कनेक्शन के दौरान हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, डीडवाना निवासी ओमप्रकाश (25) राजकीय डीबी अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग से नई बिल्डिंग में बिजली कनेक्शन जोड़ने का कार्य कर रहा था। इसी दौरान रेडियोलॉजी विभाग की गैलरी में उसे तेज करंट लगा और वह सीढ़ी से नीचे गिर गया। साथी मजदूर उसे तुरंत इमरजेंसी वार्ड लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने काफी देर तक इलाज किया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। अधिकारी मौके पर पहुंचे, जांच शुरू घटना की सूचना मिलते ही मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. रमाकांत वर्मा, अस्पताल अधीक्षक डॉ. दीपक चौधरी, आरएसआरडीसी के अधिकारी और अस्पताल चौकी से एएसआई सुरेश कुमार मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाया। मंगलवार को परिजनों के पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा। सुरक्षा उपकरण नहीं होने पर उठे सवाल इमरजेंसी वार्ड में मौजूद अन्य मजदूरों का कहना है कि यदि ओमप्रकाश ने सुरक्षा ग्लव्स और सेफ्टी शूज पहन रखे होते तो संभवतः उसकी जान बच सकती थी। डिस्कॉम के एईएन अशोक ढाका ने भी बताया कि एलटी लाइन पर कार्य करते समय सुरक्षा जूते और ग्लव्स अनिवार्य होते हैं। अधूरी अर्थिंग भी बनी जांच का विषय प्रारंभिक जानकारी में यह भी सामने आया है कि अस्पताल में पैनल और अर्थिंग का कार्य पूरा नहीं हुआ था। मजदूर पुरानी बिल्डिंग से नई बिल्डिंग की लाइन जोड़ रहे थे। अधिकारियों का मानना है कि यदि अर्थिंग का कार्य पूरा होता तो हादसे की गंभीरता कम हो सकती थी। मामले की जांच जारी है। परिजनों को आर्थिक सहायता का आश्वासन मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. रमाकांत वर्मा ने बताया कि ओमप्रकाश जिस फर्म के माध्यम से कार्य कर रहा था, उसके अधिकारियों को मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पूरे मामले की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
कांग्रेस के 'छात्रों की गूंज' अभियान के सातवें दिन सोमवार को शहर के विभिन्न कॉलेजों, शिक्षण संस्थानों और छात्रावासों में जनसंपर्क अभियान चलाया गया। शहर संयोजक अवनीश काजला के नेतृत्व में मेरठ टीम ने छात्रों से संपर्क किया। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्रों ने मिस्ड कॉल और पंजीकरण फॉर्म के माध्यम से अभियान से जुड़कर अपना समर्थन दर्ज कराया। शहर संयोजक अवनीश काजला ने कहा कि अभियान को मिल रहा लगातार जनसमर्थन इस बात का संकेत है कि प्रदेश का छात्र-युवा वर्ग शिक्षा, रोजगार और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर गंभीर और जागरूक है। उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाले पेपर लीक, बढ़ती बेरोज़गारी और शिक्षा व्यवस्था की खामियों के कारण छात्र खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि अब छात्र अपने अधिकारों और बेहतर भविष्य के लिए लोकतांत्रिक तरीके से एकजुट होकर अपनी आवाज़ बुलंद कर रहे हैं। अभियान के दौरान टीम ने छात्रों को 'छात्रों की गूंज' अभियान के उद्देश्य बताए और आगामी कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील भी की। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि आने वाले दिनों में भी जिले के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में जनसंपर्क अभियान जारी रहेगा। अभियान में शहर संयोजक अवनीश काजला के साथ अल्तमस त्यागी, सहरयाब मुखिया, अजय चौधरी, अज़ीम प्रधान, इमरान अख्तर, सुमित विकल, फरहान चौधरी, अफरोज सैफी, मुस्तजाब चौधरी, वासु चौधरी, आयुष कुमार, कुणाल पंडित, अनस चौधरी, हमजा चौहान, सोनम रानी, रवि कुमार सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मंगरोप ग्राम पंचायत में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर-2026 में 21 पात्र परिवारों को आवासीय पट्टे वितरित किए गए। इन पट्टों के मिलने से सालों से आवासीय भूमि पर वैधानिक अधिकार का इंतजार कर रहे परिवारों का सपना साकार हुआ। पट्टे मिलते ही लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। कई परिवारों ने इसे अपने जीवन का यादगार दिन बताया और प्रशासन का आभार व्यक्त किया। आवासीय पट्टा मिलने से इन परिवारों को न केवल कानूनी अधिकार मिला है, बल्कि भविष्य की सुरक्षा, सम्मान और आत्मविश्वास का भी आधार प्राप्त हुआ है। जिन लाभार्थियों को आवासीय पट्टे प्रदान किए गए, उनमें सत्यनारायण माली, मांगीलाल कोल, श्यामसुंदर, लाली देवी, उर्मिला मालवी, नारायणलाल, देवचंद गाड़री, कालूलाल गाड़री, गली देवी, खेतूलाल, फूली देवी, रेखा देवी, कमला देवी, रामलाल गाड़री, रूपाबाई, मनोज कुमार, केसरमल कुम्हार, इकबाल मेवाती, हंसा देवी गाड़री, जाफर मोहम्मद और कालूलाल कुम्हार शामिल हैं। इस मौके पर खंड अधिकारी झंवरलाल मित्तल, तहसीलदार भंवरलाल सेन, विकास अधिकारी जितेंद्र गुरू, अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी निजामुद्दीन नीलगर, ग्राम विकास अधिकारी रामभंवर सिंह, श्रीमती अलका हींगड़, भू-अभिलेख निरीक्षक एवं पटवारी चंद्रप्रकाश सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने लाभार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। यह आवासीय पट्टा वितरण प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली और प्रभावी क्रियान्वयन का उदाहरण बना। स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण विकास और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। शिविर के दौरान मंगरोप संघर्ष समिति ने श्मशान घाट के लिए 5 बीघा भूमि आरक्षित करने की मांग भी रखी।
चित्तौड़गढ़ जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने सोमवार को रावतभाटा का व्यापक दौरा कर कानून-व्यवस्था, पुलिस व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की। इससे पहले रविवार देर रात उन्होंने भैंसरोड़गढ़ थाने का औचक निरीक्षण किया। इसके बाद सिविल ड्रेस में बाइक पर सवार होकर रावतभाटा शहर के ओल्ड बाजार से चारभुजा क्षेत्र तक रात्रिकालीन गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उनके इस अचानक निरीक्षण से पुलिस महकमे में भी हलचल रही। सोमवार सुबह एसपी धर्मेंद्र सिंह ने रावतभाटा परमाणु बिजलीघर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इसके बाद उन्होंने रावतभाटा थाने का निरीक्षण करते हुए मालखाना, कंप्यूटर कक्ष, रिकॉर्ड रूम और अन्य शाखाओं का अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पुलिस अधिकारियों और जवानों से संवाद कर कार्यप्रणाली, उपलब्ध संसाधनों और आवश्यकताओं की जानकारी ली। स्टाफ की कमी और थाना भवन की जरूरतों पर होगा काम निरीक्षण के बाद आयोजित प्रेसवार्ता में एसपी ने कहा कि रावतभाटा और भैंसरोड़गढ़ थानों के निरीक्षण के दौरान कई महत्वपूर्ण बिंदु सामने आए हैं। रात्रिकालीन भ्रमण के दौरान शहर की सुरक्षा व्यवस्था का भी आकलन किया गया। उन्होंने बताया कि सभी मुद्दों का विश्लेषण कर प्राथमिकताएं तय की जाएंगी और चरणबद्ध कार्ययोजना के तहत आवश्यक सुधार किए जाएंगे। उन्होंने माना कि रावतभाटा थाने में स्टाफ की कमी महसूस की गई है। इसके अलावा थाना भवन से जुड़ी आवश्यकताओं पर भी प्रस्ताव तैयार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी, ताकि पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। मजदूरों के शोषण की शिकायतों की होगी जांच एसपी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि रावतभाटा परमाणु बिजलीघर और अन्य औद्योगिक इकाइयों में ठेकेदारों द्वारा मजदूरों के कथित शोषण की शिकायतें सामने आई हैं। इन मामलों में तथ्यों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी श्रमिक के साथ अन्याय होने पर पुलिस आवश्यक कदम उठाएगी। नशा कारोबारियों को सख्त चेतावनी प्रेसवार्ता के दौरान एसपी ने नशे के कारोबार में लिप्त लोगों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति इस अवैध गतिविधि में शामिल पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को भी नशा तस्करों के खिलाफ प्रभावी अभियान चलाने के निर्देश दिए। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भगवत सिंह हिंगड़, डीएसपी शंकरलाल मीणा, रावतभाटा थाना प्रभारी संजीव स्वामी सहित अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।
लखनऊ में आयोजित BJP के एक रोड-शो में हनुमान का रूप धरे एक कलाकार के नाचने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। उदयपुर में कांग्रेस कार्यकर्ता पंकज सुखवाल ने इस आयोजन को लेकर नाराजगी जताई।कांग्रेस कार्यकर्ता सुखवाल ने इस संबंध में शिकायत देते हुए कहा कि भगवान के स्वरूप को इस तरह नृत्य के लिए प्रस्तुत करना उचित नहीं है। उन्होंने सूरजपोल थाने पहुंचकर बीजेपी के बड़े नेताओं के खिलाफ एक शिकायत पत्र (परिवाद) सौंपा है। इस शिकायत में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष और कार्यक्रम की आयोजन समिति के पदाधिकारियों को आरोपी बनाते हुए मामला दर्ज करने की मांग की। मामले में जल्द कार्रवाई नहीं तो करेंगे आंदोलन कांग्रेस कार्यकर्ताओं का साफ कहना है कि अगर पुलिस ने इस मामले में जल्द से जल्द कड़ी कार्रवाई नहीं की, तो वे सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन और प्रदर्शन करेंगे। इलाके में इस बात को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कांग्रेस कार्यकर्ता पंकज सुखवाल ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और अन्य नेताओं के रोड शो के दौरान भगवान हनुमान का वेश धारण किए एक व्यक्ति को उनके आगे नचाया गया। राजनीतिक फायदे के लिए भगवान का रूप बनाकर नचाना गलत सुखवाल ने कहा कि राजनीति के फायदे के लिए इस तरह भगवान का रूप बनाकर नचाना बिल्कुल गलत है। इससे देश के करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। राजनीति अपनी जगह है, लेकिन राजनीति के नाम पर किसी भी कीमत पर हमारे देवी-देवताओं का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बीजेपी नेताओं को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए और उन पर तुरंत कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। यह पूरी कार्रवाई कांग्रेस के जिलाध्यक्ष फतेह सिंह राठौड़ के निर्देश पर की गई है। उनके कहने पर कांग्रेस का एक पूरा प्रतिनिधिमंडल सूरजपोल थाने पहुंचा था। इस दौरान पुलिस को परिवाद सौंपकर तुरंत मुकदमा दर्ज करने की मांग दोहराई गई। थाने पर शिकायत देने पहुंचे इस प्रतिनिधिमंडल में सोहन सिंह सिसोदिया, हितेश साहू, जगदीश लोहार और मुकेश शर्मा सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।
लखनऊ के विकासनगर इलाके में हिंदू युवती का धर्म परिवर्तन कर निकाह करने और उसकी छोटी बहन से दुष्कर्म कर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ राजधानी के अलग-अलग थानों में लूट, चोरी, जालसाजी, गैंगस्टर और एनडीपीएस एक्ट समेत करीब 29 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। विकासनगर थाना प्रभारी आलोक सिंह ने बताया पीड़िता ने 3 जुलाई को मुकदमा दर्ज कराया था। शिकायत में बताया कि करीब नौ साल पहले जियाउद्दीन ने उसका धर्म परिवर्तन कराकर निकाह किया था। कुछ समय पहले उसकी छोटी बहन उनके घर आई थी। इसी दौरान आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की और ब्लैकमेल कर लगातार यौन शोषण करता रहा। पीड़िता की छोटी बहन ने परेशान होकर पूरी घटना अपनी बड़ी बहन को बताई। दोनों बहनों ने विरोध किया तो आरोपी ने उनके साथ मारपीट की, गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद पीड़िता ने विकासनगर थाने में तहरीर दी। पुलिस ने दुष्कर्म, मारपीट, गाली-गलौज, धमकी और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान उपनिरीक्षक जितेंद्र कुमार सिंह और उनकी टीम ने रविवार को आरोपी जियाउद्दीन को सीतापुर रोड से इटौंजा जाने वाले मार्ग पर रेलवे क्रॉसिंग के पास स्थित एक चाय की दुकान से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी मूल रूप से सीतापुर कमलापुर गवईया गांव का रहने वाला है और मौजूदा समय में लखनऊ के टेढ़ी पुलिया क्षेत्र में रह रहा था। उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में लूट, चोरी, जालसाजी, गैंगस्टर एक्ट, एनडीपीएस एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में करीब 29 मुकदमे दर्ज हैं।
मकराना के ग्राम पंचायत खारड़िया में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर एक परिवार के लिए खुशियों की सौगात बन गया। गांव निवासी 49 वर्षीय ओमप्रकाश पुत्र मदनलाल ब्राह्मण को वर्षों से लंबित उनके पुश्तैनी मकान का पट्टा जारी किया गया। इसके साथ ही केंद्र सरकार की स्वामित्व योजना के तहत उनकी पुश्तैनी आबादी भूमि का स्वामित्व कार्ड भी प्रदान किया गया। ओमप्रकाश ने बताया कि आजादी के बाद से उनके परिवार को पुश्तैनी मकान का पट्टा नहीं मिल पाया था। उन्होंने ग्रामीण सेवा शिविर में पट्टा जारी करने के लिए आवेदन किया था। आवेदन प्राप्त होने के बाद ग्राम पंचायत ने त्वरित जांच कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की और मौके पर ही पट्टा जारी कर दिया। साथ ही स्वामित्व योजना के तहत स्वामित्व कार्ड भी उपलब्ध कराया गया। पट्टा और स्वामित्व कार्ड मिलने से अब परिवार को अपनी संपत्ति का कानूनी अधिकार प्राप्त हो गया है। इससे भविष्य में विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के साथ ही संपत्ति संबंधी कार्यों में भी सुविधा मिलेगी। ओमप्रकाश ने राज्य सरकार और ग्राम पंचायत का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों पुरानी समस्या का समाधान होने से पूरे परिवार में खुशी का माहौल है।
मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) नूपुर गोयल की अध्यक्षता में सोमवार शाम 6 बजे विकास भवन सभागार में आगामी श्रावण कांवड़ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा बैठक हुई। बैठक का उद्देश्य यात्रा को सुरक्षित और सकुशल संपन्न कराना था। बैठक में नगर निगम, विद्युत विभाग, पुलिस विभाग, लोक निर्माण विभाग, वन विभाग, सिंचाई, आरआरटीएस, जल निगम, पंचायती राज, खाद्य एवं रसद, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य विभाग और एनएचएआई सहित कई संबंधित विभागों की तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा की गई। सीडीओ ने जोर देकर कहा कि कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और सकुशल संपन्न कराना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कांवड़ मार्ग और मंदिरों के आसपास विद्युत व्यवस्था, पथ प्रकाश, साफ-सफाई, सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा व्यवस्था जैसी सभी व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। नगर निगम, सभी बीडीओ, ईओ और डीपीआरओ को समुचित साफ-सफाई, शौचालय, मोबाइल टॉयलेट और डिवाइडर की व्यवस्था समय पर सुनिश्चित करने को कहा गया। सीडीओ ने एनएचएआई, लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग सहित संबंधित अधिकारियों द्वारा कांवड़ मार्ग पर गड्ढा मुक्त और पैचवर्क मरम्मत कार्य की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कार्य में तेजी लाने और सभी मार्गों पर साइनेज प्वाइंट्स का चिन्हांकन कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग को चिकित्सा शिविर, एम्बुलेंस प्वाइंट, आवश्यक स्वास्थ्य उपकरण, दवाइयां, मोबाइल बाइक एम्बुलेंस, मोबाइल लाइट वैन और कर्मचारियों की ड्यूटी की कार्य योजना तैयार कर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। विद्युत विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाले विद्युत पोल, ट्रांसफार्मर, विद्युत तार और खंभों का भौतिक निरीक्षण कर उन्हें पॉलिथीन से कवर करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कांवड़ मार्ग पर लगने वाले शिविरों में खाद्यान्न की गुणवत्ता और रेट लिस्ट के संबंध में भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। डीजे की ऊंचाई और ध्वनि मानक के अनुरूप हो, इसके लिए संबंधित पक्षों के साथ बैठक कर अभी से कार्रवाई करने को कहा गया।
राज्य सरकार की जनकल्याणकारी पहल “ग्रामीण सेवा शिविर-2026 (सेवा भी, समाधान भी)” के तहत ग्राम पंचायत भाटोली में एक शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर आमजन के लिए राहत और विश्वास का केंद्र बनकर उभरा, जहां राजस्व, कृषि और स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी वर्षों पुरानी समस्याओं का मौके पर समाधान किया गया। साथ ही, पात्र लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया गया। शिविर की प्रमुख उपलब्धियों में कमला उर्फ धन्ना बाई के राजस्व रिकॉर्ड में नाम शुद्धि का मामला शामिल रहा। अभिलेखों में गलत नाम दर्ज होने के कारण उन्हें भूमि संबंधी दस्तावेज, बैंकिंग कार्यों और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाई हो रही थी। राजस्व विभाग ने आवश्यक दस्तावेजों की जांच के बाद रिकॉर्ड में संशोधन कर सही नाम दर्ज किया, जिससे उन्हें भविष्य में सभी शासकीय योजनाओं का लाभ सहजता से मिलेगा। कृषि विभाग ने किसान बद्रीलाल पुत्र सुरजमल मेनारिया को पाइप लाइन अनुदान योजना के तहत 15 हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान की। अधिकारियों के अनुसार, इस सहायता से किसान की सिंचाई व्यवस्था मजबूत होगी, जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और खेती की लागत कम होकर उत्पादन में वृद्धि होगी। स्वास्थ्य विभाग की गतिविधियों में निक्षय मित्र अम्बालाल मेनारिया की पहल विशेष रही। उन्होंने टीबी मरीज केशुराम जटिया, ममता रावत और मनोहरलाल रावत को गोद लिया। अम्बालाल ने उनके उपचार के दौरान पोषण सहायता और सहयोग प्रदान करने का संकल्प लिया। इस पहल से मरीजों और उनके परिवारों को आर्थिक सहारा मिलने के साथ-साथ उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा। लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में संचालित ग्रामीण सेवा शिविरों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासन को आमजन के द्वार तक पहुंचा रहे हैं। शिविर में एसडीएम प्रवीण कुमार, तहसीलदार पंकज कुमार, विकास अधिकारी लक्ष्मण लाल मीणा, सरपंच प्रतिनिधि मुकेश जाट सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा में पूरे बिहार में प्रथम स्थान हासिल करने वाली प्रतापगढ़ की श्रद्धा पांडे को मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सम्मानित करेंगे। मुख्यमंत्री अपने प्रतापगढ़ दौरे के दौरान जीआईसी मैदान में आयोजित जनसभा के मंच से श्रद्धा पांडे को आईपैड भेंट कर उनका उत्साहवर्धन करेंगे। श्रद्धा पांडे प्रतापगढ़ जिले की रानीगंज तहसील के पचरास गांव की निवासी हैं। उनके पिता संतोष पांडे रानीगंज तहसील में अधिवक्ता हैं। श्रद्धा ने BPSC की 71वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में 593 अंक प्राप्त कर पहला स्थान हासिल किया है। इससे पहले वह उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPCS) परीक्षा उत्तीर्ण कर असिस्टेंट कमिश्नर (वाणिज्य कर) के पद पर चयनित हो चुकी हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में श्रद्धा पांडे ने बताया कि उत्तर प्रदेश में कार्य करने से उन्हें प्रशासनिक अनुभव मिला है। उन्होंने कहा कि यदि बिहार में सेवा करने का अवसर मिलता है, तो वह वहां की परिस्थितियों और लोगों की अपेक्षाओं को समझते हुए पूरी ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करेंगी। उन्होंने अपनी सफलता के पीछे लगातार मेहनत, अनुशासन और परिवार के सहयोग को सबसे बड़ी ताकत बताया। श्रद्धा ने बताया कि परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए वह अक्सर अपने पिता के साथ बाइक से जाती थीं। बारिश, लंबी दूरी और अन्य कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने कभी अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया। श्रद्धा ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि परिस्थितियां हमेशा अनुकूल नहीं होतीं, लेकिन यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो सीमित संसाधनों में भी बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। अपनी तैयारी की रणनीति बताते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने सबसे पहले बेसिक कॉन्सेप्ट मजबूत किए, नियमित रिवीजन किया, पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र हल किए, मॉक टेस्ट दिए और कमजोर विषयों पर विशेष ध्यान दिया। उनके अनुसार, पढ़ाई में निरंतरता बनाए रखना ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है।
हेड कांस्टेबल ने लौटाए लाखों के गहने, नकदी:ईमानदारी के लिए एसपी ने किया सम्मानित, प्रशंसा पत्र दिया
देवली पुलिस में कार्यरत हेड कांस्टेबल अब्दुल वहाब को उनकी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के लिए सम्मानित किया गया है। उन्होंने गश्त के दौरान मिले लाखों रुपये के गहने और नकदी से भरा लावारिस ट्रॉली बैग उसके मालिक को लौटा दिया था। इस सराहनीय कार्य के लिए जिला पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा ने उन्हें प्रशंसा पत्र प्रदान किया। पुलिस अधीक्षक ने उनके द्वारा किए गए इस कार्य की सराहना की और इसे कर्तव्यनिष्ठा का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया। हेड कांस्टेबल वहाब को यह ट्रॉली बैग गश्त के दौरान मिला था। इसमें लगभग 40 ग्राम सोने के आभूषण और नकदी सहित लाखों रुपये का कीमती सामान मौजूद था। उन्होंने पूरी ईमानदारी से यह सामान उसके मालिक तक पहुंचाया।
पीथमपुर के औद्योगिक नगर में मप्र गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल (संभाग धार) द्वारा आवासीय संपत्तियों के व्यावसायिक उपयोग को बंद करने का दिया गया। इसके लिए 5 दिवसीय अंतिम अल्टीमेटम समाप्त हो गया है। इसके परिणामस्वरूप, सैकड़ों परिवारों और छोटे दुकानदारों की आजीविका पर कानूनी कार्रवाई का खतरा मंडरा रहा है। वहीं रहवासियों ने मुख्यमंत्री से मदद मांगी है। संपदा अधिकारी कार्यालय ने पहले 12 जून 2026 को एक नोटिस जारी कर आवंटियों को 15 दिनों के भीतर व्यावसायिक गतिविधियां बंद करने का निर्देश दिया था। इस निर्देश का पालन न होने पर, विभाग ने 1 जुलाई 2026 को 'स्मरण पत्र-1' जारी किया, जिसमें केवल 5 दिन की अंतिम मोहलत दी गई थी। यह अंतिम मोहलत भी अब समाप्त हो चुकी है। आदेश में स्पष्ट किया गया था कि निर्धारित समय में दुकानें नहीं हटाने पर मंडल वैधानिक कानूनी कार्रवाई शुरू करेगा। प्रशासन ने समय-सीमा समाप्त होते ही सहायक यंत्री को मौके का मुआयना कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं, ताकि नियम उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जा सके। प्रभावित रहवासी प्रशासनिक कार्रवाई से बचने के लिए राजनेताओं से संपर्क कर रहे हैं। रहवासियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार और धार विधायक नीना विक्रम वर्मा से मुलाकात की। हालांकि, इन मुलाकातों के बाद भी उन्हें अब तक कोई ठोस समाधान नहीं मिला है। स्थानीय निवासी तेजराम राठौड़ ने बताया कि इस क्षेत्र के मजदूर और गरीब वर्ग के लोग पिछले 35 वर्षों से अपनी रोजी-रोटी चला रहे हैं। उन्होंने अपनी जीवन भर की कमाई और बैंकों से ऋण लेकर ये छोटे रोजगार स्थापित किए थे। अचानक मिले इस नोटिस से इन परिवारों पर गहरा आर्थिक संकट आ गया है। रहवासियों ने मुख्यमंत्री से इस कार्रवाई को तुरंत रोकने और कोई बीच का रास्ता निकालने की अपील की है।
हिंडौन सिटी में राज्य सरकार की ओर से संचालित शहरी सेवा शिविर 2026 का आयोजन सोमवार को नगर परिषद के अम्बेडकर भवन में किया गया। शिविर में वार्ड संख्या 44 और 45 के निवासियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और नागरिक सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने शिविर में पहुंचकर अपने लंबित कार्यों का निस्तारण कराया। शिविर के दौरान कार्यवाहक आयुक्त एवं एसडीएम हेमराज गुर्जर ने पात्र लाभार्थियों को कृषि भूमि के पट्टे, जन्म प्रमाण पत्र और विवाह प्रमाण पत्र वितरित किए। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के शिविरों का उद्देश्य लोगों को सरकारी सेवाएं उनके क्षेत्र में ही उपलब्ध कराना और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाना है। पीएम आवास और स्वनिधि योजना के आवेदनों का हुआ निस्तारण प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) 2.0 के तहत आवास के लिए 9 नए आवेदन प्राप्त हुए। वहीं प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के 15 आवेदनों का शिविर स्थल पर ही निस्तारण किया गया। इसके अलावा फायर एनओसी के लिए भी एक आवेदन प्राप्त हुआ, जिस पर आवश्यक कार्रवाई शुरू की गई। जन्म, मृत्यु और विवाह प्रमाण पत्र सहित कई सेवाएं मिलीं एक ही स्थान पर शिविर में जन्म प्रमाण पत्र के 25, मृत्यु प्रमाण पत्र के 2 और विवाह प्रमाण पत्र के 7 आवेदनों का निस्तारण किया गया। बिजली और सफाई से जुड़े 15 मामलों का भी मौके पर समाधान किया गया। इससे लोगों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिली। शिविर में कृषि भूमि से संबंधित 7 पट्टे लाभार्थियों को सौंपे गए। साथ ही नाम परिवर्तन, उपविभाजन पट्टों और कृषि भूमि से जुड़े अन्य मामलों में राशि भी जमा कराई गई। शिविर में जलदाय, बिजली, आंगनबाड़ी, चिकित्सा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, सार्वजनिक निर्माण, राजस्व और खाद्य सुरक्षा विभाग सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इस दौरान नगर परिषद आयुक्त एवं एसडीएम हेमराज गुर्जर, कैंप प्रभारी प्रेमराज मीना (लेखाधिकारी), सहायक अभियंता अरविंद कुमार मीना सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
सरदारशहर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन:लंबित मांगों को लेकर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
सरदारशहर में अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ, जिला चूरू शाखा के बैनर तले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और ग्राम साथिनों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने उपखंड अधिकारी (एसडीएम) के माध्यम से राज्य सरकार को एक ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने बताया कि वे लंबे समय से अल्प मानदेय पर काम कर रही हैं। पिछले चार माह से मानदेय का भुगतान न होने के कारण उन्हें गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। मंजू नाई ने आरोप लगाया कि मानदेय का भुगतान भी किस्तों में किया जाता है, जिससे परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। संघ ने ज्ञापन में चार माह से लंबित मानदेय का तत्काल भुगतान, वर्ष 2022 से लंबित PMMVY भुगतान, वर्ष 2024 से लंबित CBE प्रोग्राम एवं डेटा चार्ज का भुगतान और डेढ़ वर्ष से लंबित भवन किराया जारी करने की मांग की। इसके अतिरिक्त, कार्यकर्ताओं के स्थायीकरण, ग्रेच्युटी, सेवानिवृत्ति पर पेंशन तथा उन्हें राज्य कर्मचारी का दर्जा देते हुए न्यूनतम ₹26,000 मासिक वेतन निर्धारित करने की भी मांग की गई। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया और लंबित भुगतान जारी नहीं हुआ, तो जिले की सभी तहसीलों में तालाबंदी कर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही, ऑनलाइन और ऑफलाइन कार्य भी बंद कर दिए जाएंगे। ज्ञापन की प्रतिलिपि जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) चूरू, सीडीपीओ सरदारशहर, महिला पर्यवेक्षक और अन्य संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई। इस अवसर पर सावित्री, कमला, सुमित्रा, कौशल्या, ममता, मंजू, कांता सहित बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रहीं।
उमरिया के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में एक पर्यटक को जंगल के भीतर चीतल को केला खिलाना बहुत महंगा पड़ गया। वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर होने के बाद बांधवगढ़ पार्क प्रबंधन ने आरोपी पर्यटक को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला 27 जून 2026 का है, जब मगधी गेट के सामने सफारी के दौरान एक शख्स चीतल को केला खिला रहा था। पचपेढ़ी पर्यटन जोन से सफारी कर लौट रहे एक दूसरे पर्यटक ने इस हरकत का वीडियो बना लिया। जांच में सामने आया कि आरोपी का नाम अनूप मिश्रा (पिता रमाकांत मिश्रा) है, जो अनूपपुर जिले की कोतमा तहसील के ग्राम बेलिया बड़ी का रहने वाला है। सोमवार को पार्क प्रबंधन ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपी को कोर्ट में पेश किया। वन्यजीवों को कुछ भी खिलाना है गंभीर अपराध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने इस घटना के बाद पर्यटकों और आम जनता के लिए सख्त हिदायत जारी की है। नेशनल पार्क या कोर एरिया में किसी भी वन्यजीव को बाहरी खाने-पीने की चीजें देना पूरी तरह प्रतिबंधित है। ऐसा करना वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत एक बड़ा और गंभीर अपराध माना जाता है। पार्क प्रबंधन की अपील प्रकृति और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए नियमों का पालन करें। अगर कोई भी व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करता हुआ पाया गया, तो उसके खिलाफ बिना किसी ढिलाई के सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ग्राम पंचायत बंजारी में राज्य सरकार के ग्रामीण सेवा शिविर के तहत एक बहु-विभागीय शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में 22 विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना और कई मामलों का मौके पर ही त्वरित निस्तारण किया। इससे ग्रामीणों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिली। शिविर प्रभारी रोनक डंगारा ने बताया कि राजस्व विभाग से संबंधित कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया। इनमें 3 आबादी पट्टे, 5 नाम शुद्धिकरण और 9 नामांतरण के प्रकरणों का निस्तारण शामिल है। इसके अलावा, ग्रामीणों ने पेयजल, बिजली, सड़क सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित समस्याएं भी अधिकारियों के समक्ष रखीं। इनके समाधान के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी। पात्र लोगों को इन योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई। ग्रामीणों ने एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध होने पर सुविधा महसूस की।
इंदौर में मानसून के दौरान सड़कों पर बने गड्ढों से आम नागरिकों को होने वाली परेशानियों को रचनात्मक अंदाज में सामने लाने के उद्देश्य से 94.3 MY FM के विशेष अभियान मानसून दरबार की शुरुआत आज वार्ड क्रमांक 13, ज़ोन क्रमांक 4 से की गई। इस अनूठे अभियान के तहत MY FM के लोकप्रिय RJ अभि, RJ कृषी और RJ प्रियदर्शी शहर के विभिन्न क्षेत्रों में ऐसे स्थानों पर पहुंचेंगे, जहां बारिश के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हैं और गड्ढों से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन स्थानों पर MY FM अपने खास अंदाज में चाय पार्टी, पोहा पार्टी, मनोरंजक गतिविधियों और लोगों की सहभागिता के साथ मानसून दरबार सजाएगा, ताकि इस समस्या की ओर प्रशासन और आमजन का सकारात्मक ध्यान आकर्षित किया जा सके। इस अभियान के दौरान चिन्हित किए जा रहे गड्ढों को नगर निगम इंदौर की टीम के साथ मिलकर गड्ढों को भरने की प्रक्रिया भी सुनिश्चित की जा रही है, ताकि शहरवासियों को जल्द से जल्द राहत मिल सके और सड़कें सुरक्षित बन सकें। जनता की भागीदारी से होगा समाधान जहां हर गड्ढा अपना एक सुर लगाएगा और MY FM नगर निगम के साथ मिलकर उसके दर्द को मिटाएगा इसी संदेश के साथ MY FM शहरवासियों की आवाज को एक मंच प्रदान कर रहा है। यह अभियान केवल समस्या को उजागर करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उसके समाधान की दिशा में भी एक सार्थक पहल है। 94.3 MY FM का मानना है कि जब सभी लोग मिलकर सकारात्मक प्रयास करते हैं, तो शहर की समस्याओं का समाधान अधिक प्रभावी ढंग से संभव होता है। मानसून दरबार इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए आने वाले दिनों में इंदौर के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित किया जाएगा। 94.3 MY FM शहरवासियों से अपील करता है कि वे इस अभियान का हिस्सा बनें। आप अपने एरिया की जानकारी इस नंबर पर 7770943943 watsapp कर सकते हैं और सुरक्षित, गड्ढा-मुक्त इंदौर के निर्माण में अपनी सहभागिता निभाएं।
जाजमऊ में सड़क चौड़ीकरण का रास्ता साफ:नगर निगम का बुलडोजर गरजा, 13 दुकानें और अतिक्रमण ध्वस्त
कानपुर के जाजमऊ स्थित ओमपुरवा इलाके में सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत सोमवार शाम 4:30 बजे नगर निगम ने अवैध अतिक्रमणों पर कार्रवाई की। इस दौरान सड़क चौड़ीकरण में बाधा बन रही 13 दुकानें, घरों के बाहर लगी जालियां और फुटपाथ पर किए गए अन्य अतिक्रमण ध्वस्त कर दिए गए। मौके पर नगर निगम, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौजूद थीं। वार्ड 29 के पार्षद जितेंद्र चौरसिया ने बताया कि यह सड़क चौड़ीकरण दिवंगत श्रीप्रकाश जायसवाल के आवास से पेप्सिक लॉन तक किया जाना है। उन्होंने बताया कि सड़क किनारे बनी अवैध दुकानें और फुटपाथ पर किए गए कब्जे लंबे समय से इस परियोजना में बाधा डाल रहे थे। कई बार नोटिस जारी करने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिसके बाद सोमवार शाम करीब 4:30 बजे यह ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया। नगर निगम की टीम जेसीबी और बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंची। टीम ने सड़क किनारे बनी 13 दुकानों और अन्य अस्थायी कब्जों को एक-एक करके हटाया। कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने विरोध करने का प्रयास किया, लेकिन भारी पुलिस बल की तैनाती के कारण अभियान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। पार्षद चौरसिया ने बताया कि सड़क चौड़ी होने से ओमपुरवा और आसपास के क्षेत्रों में वर्षों पुरानी जाम की समस्या से निजात मिलेगी। इससे स्थानीय लोगों और राहगीरों को बेहतर यातायात सुविधा उपलब्ध होगी। नगर निगम के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शहर में सड़क, नाला और अन्य विकास कार्यों में बाधा डालने वाले अवैध अतिक्रमणों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। उन्होंने लोगों से स्वयं अतिक्रमण हटाने की अपील की है, अन्यथा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश शासन द्वारा प्रदेश में 35 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य निर्धारित किए जाने के तहत ललितपुर जिले को 1 करोड़ 4 लाख 53 हजार 400 पौधे लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस विशाल वृक्षारोपण अभियान को सफल बनाने के लिए जिलाधिकारी ने सोमवार शाम संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में जिलाधिकारी ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्धारित लक्ष्य को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि केवल पौधारोपण ही नहीं, बल्कि लगाए गए पौधों का संरक्षण सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है। डीएम ने प्रकृति संरक्षण के महत्व पर विशेष जोर दिया। 10 जुलाई तक हर हाल में पूरा हो पौधों का उठान बैठक में निर्देश दिए गए कि सभी विभाग 10 जुलाई तक हर हाल में पौधों का उठान पूरा करें। साथ ही चिन्हित स्थलों पर जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में पौधारोपण कराया जाए। इसके बाद सभी स्थलों की जियो-टैग्ड फोटो केंद्र सरकार के ‘मेरी लाइफ’ पोर्टल पर अपलोड करने के लिए नोडल विभाग को भेजी जाएगी। साथ ही ‘हरितिमा ऐप’ के माध्यम से पौधारोपण स्थलों की जियो-टैगिंग भी सुनिश्चित की जाएगी। वन विभाग को सबसे बड़ा लक्ष्य डीएफओ ने बैठक में जानकारी दी कि जिले को मिले कुल लक्ष्य में से वन विभाग को 51 लाख 80 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है, जबकि शेष 52 लाख 73 हजार 400 पौधे अन्य विभागों द्वारा लगाए जाएंगे। विभागवार लक्ष्य इस प्रकार अन्य विभागों को भी अलग-अलग लक्ष्य दिए गए हैं— ग्राम्य विकास विभाग: 26 लाख 23 हजार पंचायती राज विभाग: 2 लाख 88 हजार पर्यावरण विभाग: 2 लाख 7 हजार राजस्व विभाग: 2 लाख 2 हजार नगर विकास विभाग: 98 हजार 600 लोक निर्माण विभाग: 52 हजार औद्योगिक विकास विभाग: 25 हजार 900 आवास विकास विभाग: 25 हजार 400 अभियान को सफल बनाने पर जोर प्रशासन ने सभी विभागों को निर्देशित किया है कि पौधारोपण अभियान को केवल लक्ष्य पूर्ति तक सीमित न रखते हुए इसे जनभागीदारी से जोड़कर सफल बनाया जाए, ताकि हरित प्रदेश के लक्ष्य को मजबूती मिल सके।
संभल में 101 करोड़ रुपये की 38 बीघा जमीन हड़पने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई टल गई है। प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ सात आरोपियों की याचिका पर अब अगले हफ्ते सुनवाई होने की उम्मीद है। इस मामले में तत्कालीन अधिशासी अधिकारी को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि रिटायर्ड मानचित्रकार और पैरोकार सहित अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। यह मामला संभल तहसील के थाना रायसत्ती क्षेत्र के गांव तख्तगोसाईन में मुरादाबाद रोड पर स्थित पांच गाटा संख्या 206, 207, 238, 242/378, 279 से संबंधित है। जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने 28 जून को इस जमीन का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के बाद 29 जून को लेखपाल स्पर्श गुप्ता की शिकायत पर पुलिस ने 31 नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। 1 जुलाई को सीओ ने लेखपाल स्पर्श गुप्ता के साथ मिलकर मुक्त कराई गई भूमि का नक्शा तैयार किया और बयान दर्ज किए। इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने वालों में आलम वारसी, आजम खान, मुजाहिद, शाकिर अली, मो. रफीक, मो. कासिम और शाकिर सबूर शामिल हैं। ये सभी संभल के विभिन्न मोहल्लों के निवासी हैं। लेखपाल की जांच में सामने आया कि इस जमीन की हेराफेरी की गई थी। दस्तावेजों की पड़ताल से खुलासा हुआ कि वर्ष 2008 में उपसंचालक चकबंदी द्वारा इस भूमि का नामांतरण एक फर्जी व्यक्ति के नाम कर दिया गया था। यह नामांतरण फर्जी पट्टे के आधार पर किया गया था, जिस पर नगर पालिका का कोई अधिकार नहीं था। इस मामले में नगर पालिका परिषद संभल के तत्कालीन अधिशासी अधिकारी राजकुमार गुप्ता को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। राजकुमार गुप्ता वर्तमान में शाहजहांपुर नगर निगम में सहायक आयुक्त के पद पर कार्यरत हैं। हालांकि, पालिका के रिटायर्ड मानचित्रकार शहाबुद्दीन और पैरोकार माजिद खान सहित अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं।
कर वसूली पूरी, सुविधाएं शून्य:व्यापारी नगर निगम पर भड़के, बोले नगर निगम को 'नरक निगम' बना दिया
कानपुर में जलभराव, चोक नालियों, ओवरफ्लो सीवर और शहर में फैली गंदगी के विरोध में उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल ने नगर निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार दोपहर दो बजे संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने नगर निगम मुख्यालय पहुंचकर अपर नगर आयुक्त संतोष यादव और महाप्रबंधक जलकल आनंद कुमार त्रिपाठी को ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने शहर की बदहाल सफाई व्यवस्था पर नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की मांग की। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि नगर निगम संपत्ति कर, स्वच्छता शुल्क, नाली कर, पार्किंग और विज्ञापन सहित विभिन्न मदों में करोड़ों रुपये की वसूली करता है। इसके बावजूद शहरवासियों और व्यापारियों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। संगठन ने कहा कि स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि लोग नगर निगम को व्यंग्य में 'नरक निगम' कहने लगे हैं, जिससे शहर की छवि प्रभावित हो रही है। ज्ञापन में जोन-2 के वार्ड-11 सफीपुर, वार्ड-24 कृष्णा नगर, वार्ड-26 गांधी ग्राम, वार्ड-46 यशोदा नगर और वार्ड-62 स्वर्ण जयंती विहार की समस्याओं का विशेष रूप से उल्लेख किया गया। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि इन क्षेत्रों में नियमित सफाई नहीं होती, नालियां और नाले सिल्ट से भरे हैं, सीवर ओवरफ्लो कर रहे हैं। कई स्थानों पर चेंबरों की टूटी या खुली पट्टियां हादसों का कारण बन रही हैं। बरसात में जलभराव और कूड़े के ढेर से संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। संगठन ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि हर वर्ष बरसात शुरू होने के बाद सड़कों की खुदाई और इंटरलॉकिंग उखाड़ने का काम शुरू कर दिया जाता है। इससे आम जनता और व्यापारियों की परेशानी कई गुना बढ़ जाती है। इसके अलावा, शिकायतों के बावजूद अधिकारी फोन नहीं उठाते और कंट्रोल रूम भी प्रभावी ढंग से काम नहीं करता। जिलाध्यक्ष महेश वर्मा ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो व्यापारी लोकतांत्रिक आंदोलन करेंगे। इस पूरे मामले को नगर आयुक्त, जिलाधिकारी और शासन स्तर तक उठाया जाएगा। इस दौरान संगठन के रवि सिंह, श्याम सुंदर, आनंद गुप्ता, विष्णु सोनी, अभय सिंह सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
CBSE ने कक्षा 8वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए बड़ी पहल की है। बोर्ड अब छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), पायथन, कोडिंग, साइबर सिक्योरिटी और वेब डिजाइनिंग जैसे 19 आधुनिक टेक्नोलॉजी कोर्स मुफ्त में उपलब्ध कराएगा। इन ऑनलाइन कोर्स के लिए छात्र बिना किसी शुल्क के रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को डिजिटल स्किल्स से लैस करना और भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार करना है। आमतौर पर AI, पायथन या साइबर सिक्योरिटी जैसे कोर्स सीखने के लिए निजी संस्थानों में हजारों रुपए खर्च करने पड़ते हैं। लेकिन अब CBSE से संबद्ध स्कूलों के छात्र घर बैठे इन विषयों की पढ़ाई कर सकेंगे। बोर्ड ने सभी स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे इस पहल की जानकारी छात्रों और उनके अभिभावकों तक पहुंचाएं। NIELIT का लिया जाएगा सहयोग इन कोर्स को तैयार करने में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (NIELIT) का सहयोग लिया गया है। सभी पाठ्यक्रम डिजिटल यूनिवर्सिटी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगे। बोर्ड का मानना है कि स्कूल स्तर पर ही नई तकनीकों की जानकारी मिलने से छात्रों को कॉलेज और रोजगार के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी। CBSE ने बेसिक से लेकर एडवांस स्तर तक के कोर्स शामिल किए हैं। कई कोर्स हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध होंगे, ताकि भाषा किसी भी छात्र के लिए बाधा न बने। सभी कोर्स पूरी तरह लचीले होंगे और छात्र अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी समय ऑनलाइन पढ़ाई कर सकेंगे। छात्रों को डिजिटल दुनिया की दी जाएगी सीख कोर्स की अवधि विषय के अनुसार अलग-अलग होगी। कुछ शुरुआती कोर्स 15 घंटे के हैं, जबकि कोडिंग, वेब डिजाइनिंग और एडवांस तकनीकी विषयों के लिए 100 घंटे से अधिक अवधि वाले विस्तृत पाठ्यक्रम भी उपलब्ध हैं। CBSE का कहना है कि यह पहल छात्रों को भविष्य की डिजिटल दुनिया के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उचाना माइनर में मिले जेठ-बहू के शव:दोनों के हाथ बंधे, आत्महत्या की आशंका; सड़ी-गली हालत में थे
जींद जिले में उचाना के बरसोला माइनर में एक जेठ और बहू के शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। दोनों के हाथ आपस में बंधे हुए थे, जिससे शुरुआती जांच में आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है। शवों की पहचान गांव पालवा निवासी 32 वर्षीय राहुल और 28 वर्षीय सलीता के रूप में हुई है। यह घटना बरसोला और बड़ौदा गांव के बीच बरसोला माइनर में सामने आई। मृतक राहुल टेकचंद के पुत्र थे, जबकि सलीता कप्तान की पत्नी थीं। पुलिस के अनुसार, दोनों रिश्ते में जेठ-बहू थे। दोनों शव सड़ी-गली हालत में मिले पुलिस ने बताया कि शव माइनर से बरामद किए गए थे और काफी समय तक पानी में रहने के कारण बुरी तरह सड़-गल चुके थे। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) और क्राइम सीन टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मृतकों के परिजन भी घटनास्थल पर मौजूद रहे। नरवाना में नहीं हुआ पोस्टमार्टम, खानपुर भेजे शवों की अत्यधिक खराब स्थिति के कारण नागरिक अस्पताल नरवाना में पोस्टमार्टम नहीं हो सका। इसके बाद, दोनों शवों को विस्तृत पोस्टमार्टम के लिए पीजीआईएमएस खानपुर भेजा गया। पुलिस की शुरुआती जांच आत्महत्या की ओर इशारा कर रही है, लेकिन मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही होगी। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है।
प्रतापगढ़ में करंट लगने से महिला की मौत:खेत में काम के दौरान हुआ हादसा, अस्पताल में मृत घोषित
प्रतापगढ़ जिले के धमोत्तर थाना क्षेत्र के चित्तरवा बारावरदा गांव में सोमवार दोपहर खेत पर कृषि कार्य के दौरान करंट लगने से एक महिला की मौत हो गई। घटना के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई। जानकारी के अनुसार, चित्तरवा बारावरदा निवासी सुनीता (25) पत्नी भगवतीलाल मीणा सोमवार करीब दो बजे अपने खेत पर काम कर रही थीं। इसी दौरान वह अचानक करंट की चपेट में आ गईं और मौके पर ही अचेत हो गईं। परिजन उन्हें तुरंत बारावरदा से प्रतापगढ़ जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शुरू की जांच घटना की सूचना मिलने पर धमोत्तर थाना पुलिस जिला चिकित्सालय की मोर्चरी पहुंची और शव को रखवाया। पुलिस ने परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। मृतका अपने पीछे दो पुत्र और एक पुत्री को छोड़ गई हैं, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और जन-आकांक्षाओं को पूरा करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2026-27 के लिए प्रयागराज मंडल के चारों जिलों प्रयागराज, प्रतापगढ़, फतेहपुर और कौशाम्बी के लिए 16,015.13 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित 3,094 विकास कार्यों को अपनी वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। मेला प्राधिकरण स्थित आईसीसीसी सभागार में आयोजित लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 15 अगस्त तक सभी स्वीकृत परियोजनाओं का शिलान्यास कर धरातल पर निर्माण कार्य अनिवार्य रूप से शुरू करा दिया जाए। गंगा और यमुना पर नए पुलों की सौगात, सुगम होगा सफरमुख्यमंत्री ने बैठक में प्रयागराज मंडल की कनेक्टिविटी को विश्वस्तरीय बनाने वाली कई बड़ी और महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को प्राथमिकता पर रखने के निर्देश दिए। सलोरी और बघाड़ा से हेतापट्टी मार्ग पर बनने वाले इस पुल की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों ने बताया कि साइट मोबिलाइजेशन का काम पूरा हो चुका है और डिजाइन-ड्राइंग तैयार है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इस परियोजना को तय समयसीमा में पूरा किया जाए और आईआईटी (IIT) से आवश्यक तकनीकी परीक्षण कराते हुए इसकी सर्वोच्च गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। पुराने नैनी पुल के समानांतर नया यमुना पुलकरैलाबाग से मड़ौका मार्ग पर प्रस्तावित इस नए पुल की सबसे खास बात यह है कि इसे भविष्य में बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे से जोड़ने की परिकल्पना है। बैठक में जनप्रतिनिधियों द्वारा इसके अलाइनमेंट (रास्ते की रूपरेखा) में सुधार के सुझाव दिए गए, जिस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को व्यावहारिक और जनहितकारी दृष्टिकोण से अलाइनमेंट का पुनः परीक्षण कर शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए। हंडिया से मेजा को जोड़ने वाला महत्वाकांक्षी पुलहंडिया (लाक्षागृह घाट) को यमुनापार स्थित मेजा (परानीपुर घाट) से जोड़ने वाले इस प्रस्तावित पुल पर विस्तार से चर्चा हुई। यह पुल हंडिया, लाक्षागृह, पृथ्वीपुर, मुगलिया और दुल्लापुर सहित दर्जनों ग्रामीण क्षेत्रों को सीधे मेजा एवं मिर्जापुर मार्ग से जोड़ेगा। मुख्यमंत्री ने इस परियोजना का विस्तृत और तकनीकी रूप से सक्षम प्रस्ताव तुरंत तैयार कर आगे बढ़ने को कहा। शास्त्री पुल पर कांवड़ पथ का निर्माणआगामी कांवड़ यात्रा के दौरान शास्त्री पुल पर बढ़ने वाले भारी यातायात के दबाव को देखते हुए, पुल के समानांतर एक विशेष कांवड़ पथ विकसित करने का प्रस्ताव दिया गया। मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव का परीक्षण कर जल्द कदम उठाने के निर्देश दिए ताकि कांवड़ यात्रियों को सुविधा मिले और सामान्य यातायात व व्यापारिक गतिविधियां भी निर्बाध रूप से चलती रहें। चारों जनपदों के लिए विकास कार्यों और बजट का लेखा-जोखामुख्यमंत्री ने चारों जिलों के 3,094 कार्यों की स्वीकृत किए। मंडल के सबसे बड़े जनपद प्रयागराज को 9,668.27 करोड़ रुपये की लागत से 1,168 विकास कार्यों की सबसे बड़ी सौगात मिली है। प्रतापगढ़ के लिए ₹2,053.36 करोड़ की अनुमानित लागत से 1,092 विकास कार्यों को मंजूरी दी गई है। फतेहपुर के विकास की रफ्तार बढ़ाते हुए यहाँ ₹3,378.37 करोड़ की लागत से 521 कार्य स्वीकृत किए गए हैं। कौशाम्बी के बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए ₹915.13 करोड़ की लागत से 313 विकास कार्यों को हरी झंडी दिखाई गई है। जनप्रतिनिधियों को प्राथमिकता तय करने के निर्देशबैठक की शुरुआत में लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव ने पिछले वर्ष की स्वीकृत परियोजनाओं की मौजूदा प्रगति की जानकारी दी और वर्ष 2026-27 के लिए विधानसभा-वार प्रस्तावित कार्यों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज मंडल की सभी 28 विधानसभा सीटों (प्रयागराज की 12, प्रतापगढ़ की 7, फतेहपुर की 6 और कौशाम्बी की 3) से प्राप्त प्रस्तावों की क्रमवार समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने बैठक में मौजूद सभी सांसदों और विधायकों से सीधा संवाद कर उनके महत्वपूर्ण सुझाव और जमीनी फीडबैक लिए। उन्होंने कहा कि सभी जनप्रतिनिधि अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों की स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करें। निर्माण कार्य सबसे अधिक जरूरी हो, उसका प्रस्ताव सबसे पहले दें। यदि किसी प्रस्ताव में कोई संशोधन या नया सुझाव देना हो, तो उसे भी तत्काल उपलब्ध कराएं ताकि समय पर मंजूरी दी जा सके। विकास योजनाओं में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं, होगी सतत निगरानीमुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासनों को सख्त लहजे में सचेत किया कि विकास कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की शिथिलता या समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों के गांवों और उनके क्षेत्रों की सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाए और उनका निर्माण मानकों के अनुरूप हो। सभी परियोजनाओं की नियमित और प्रभावी मॉनीटरिंग (निगरानी) के लिए एक सुदृढ़ तंत्र विकसित करने की हिदायत दी गई है ताकि सभी कार्य समय सीमा के भीतर पूरे हो सकें। बैठक में ये रहे मौजूदबैठक में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी, फूलपुर सांसद प्रवीण पटेल, भदोही सांसद विनोद कुमार बिंद, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. बीके सिंह और प्रयागराज के महापौर उमेश चन्द्र गणेश केसरवानी उपस्थित रहे। इसके अलावा शहर पश्चिम विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह, विधायक हर्ष वर्धन वाजपेयी, विधायक दीपक पटेल आदि थे। प्रशासनिक स्तर पर प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग अजय चौहान, मण्डलायुक्त सौम्या अग्रवाल, जिलाधिकारी प्रयागराज मनीष कुमार वर्मा, नगर आयुक्त सीलम सांई तेजा, प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) के उपाध्यक्ष ऋषिराज और पीडब्ल्यूडी के तमाम वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।
डबवाली के स्नेकमैन को कोबरा ने डंसा:हालत गंभीर, बठिंडा रेफर; रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ने जा रहे थे
सिरसा जिले के डबवाली शहर के स्नेक रेस्क्यू विशेषज्ञ खुशी मोहम्मद कुरैशी आज सोमवार को एक रेस्क्यू अभियान के दौरान कोबरा सांप ने काट लिया। कोबरा के काटने से वे घायल हो गए। अभी उनको इलाज के लिए पंजाब के बठिंडा में ले जाया गया है। जानकारी के अनुसार, खुशी मोहम्मद कुरैशी को एक क्षेत्र में कोबरा सांप निकलने की सूचना मिली थी। वह सांप को सुरक्षित पकड़कर आबादी से दूर छोड़ने के लिए मौके पर पहुंचे। रेस्क्यू के दौरान कोबरा ने उन्हें काट लिया। इसके बावजूद उन्होंने सूझबूझ से सांप को दोबारा सुरक्षित काबू कर लिया। स्थानीय लोगों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया। सिविल अस्पताल में डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार किया। चिकित्सकों ने उनकी स्थिति का आकलन करने के बाद बेहतर इलाज और निगरानी के लिए उन्हें बठिंडा रेफर कर दिया। फिलहाल उनका उपचार बठिंडा के अस्पताल में जारी है। रेस्क्यू के बाद ग्लब्स निकाल पकड़ने लगे तो अंगूठे पर डसा जानकारी के अनुसार, आज सोमवार करीब ढाई से तीन बजे, एनएच 9 पर भारतमाला रोड पर कैंटीन के पास स्थित वर्कशॉप से कोबरा सांप देखे जाने की सूचना मिली थी। इसी पर स्नेकमैन कुरैशी सांप पकड़ने गए थे। कोबरा के देखे जाने से लोगों में भय का माहौल बना हुआ था। सांप को पकड़ने के बाद सभी ने राहत की सांस ली। हालांकि, सांप रेस्क्यू करते हुए ग्लब्स पहने हुए थे। वहीं रोड के पास में सुनसान जगह पर सांप को छोड़ते समय ग्लब्स निकाल लिए और मुंह से पकड़ने लगे। तभी सांप ने मौका पाकर अंगूठे के पास डस लिया। विशेषज्ञ देखरेख में इलाज जारी सूचना मिलते ही मंडी डबवाली एंबुलेंस सेवा ट्रस्ट की एंबुलेंस तत्काल मौके पर पहुंची। ट्रस्ट की टीम ने बिना देरी किए उन्हें सुरक्षित बठिंडा पहुंचाया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज किया जा रहा है। कुरैशी लंबे समय से सांप रेस्क्यू कर रहे खुशी मोहम्मद कुरैशी लंबे समय से डबवाली और आसपास के क्षेत्रों से सांपों का रेस्क्यू कर रहे हैं। वह अब तक सैकड़ों जहरीले और गैर-जहरीले सांपों को सुरक्षित पकड़कर जंगलों में छोड़ चुके हैं। उनकी इस सेवा के कारण कई लोगों की जान बच चुकी है और वन्यजीव संरक्षण में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को प्रयागराज पहुंचे, जहां उन्होंने कालीघाट स्थित प्रेरणास्थल पार्क में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, अटल बिहारी वाजपेयी और अशोक सिंघल की प्रतिमाओं का अनावरण किया तथा 37वीं राष्ट्रीय कयाकिंग प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अयोध्या में बना भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर करोड़ों रामभक्तों के त्याग, तप और लंबे संघर्ष का परिणाम है। उन्होंने अशोक सिंघल के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देशभर में सांस्कृतिक जनजागरण का बड़ा आंदोलन खड़ा हुआ। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री योगी ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के साथ लेटे हनुमान मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना और आरती की। इस दौरान मंच पर स्वतंत्र देव सिंह, नंद गोपाल गुप्ता नंदी और विधायक पूजा पाल सहित कई जनप्रतिनिधि व भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहे। देखें तस्वीरें…….
ग्वालियर के थाटीपुर थाना क्षेत्र के इंद्रा नगर में पुलिस की लापरवाही का बड़ा खमियाजा एक रिटायर्ड फॉरेस्ट रेंजर को भुगतना पड़ा है। साइबर ठगों ने पुलिस को ठेंगा दिखाते हुए इसी बुजुर्ग को तीन महीने में दूसरी बार ठगा है। हैरान करने वाली बात यह है कि इस बार ठगों ने बिना किसी कॉल या ओटीपी (OTP) के ही पीड़ित का बैंक खाता पूरी तरह खाली कर दिया। तीन माह पहले रिटायर्ड रेंजर के अकाउंड से लगभग 12 लाख रुपए ठगे गए थे। तब से वह बार-बार पुलिस के यहां चक्कर काट रहा है, लेकिन थाटीपुर थाना पुलिस सुनवाई करती ही नहीं है। जिस कारण ठगों ने एक बार फिर रिटायर्ड रेंजर के अकाउंट से 80 हजार रुपए ठगे हैं। अब बुजुर्ग ने फिर पुलिस को मामले की सूचना दी है। 3 महीने पहले गिरे मोबाइल से लगी थी 11.74 लाख की चपत इंद्रा नगर, थाटीपुर निवासी 67 वर्षीय रामलखन शर्मा फॉरेस्ट विभाग से रिटायर्ड रेंजर हैं। इसी साल फरवरी महीने में उनका मोबाइल रास्ते में कहीं गिर गया था। उस गिरे हुए मोबाइल का फायदा उठाकर साइबर ठगों ने उनके खाते से 11.74 लाख रुपए ठग लिए थे। इस बड़ी ठगी के बाद पीड़ित ने तुरंत वह मोबाइल नंबर बंद करवा दिया था और बैंक खाते में नया नंबर दर्ज करवाकर सुरक्षा के सारे इंतजाम कर लिए थे। साथ ही थाटीपुर थाना पहुंचकर मामले की शिकायत की थी। पर पुलिस ने गंभीरता से सुनवाई ही नहीं की। बिना कॉल और OTP के 5 किस्तों में उड़ाए ₹79,443 पीड़ित को लगा था कि नंबर बदलने के बाद उसका खाता सुरक्षित है, लेकिन 30 जून की दोपहर करीब 3 बजे उनके मोबाइल पर अचानक पैसे कटने का मैसेज आया। जब वे दौड़ते हुए बैंक पहुंचे, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। ठगों ने यूपीआई (UPI) के जरिए उनके खाते से 79,443 रुपए साफ कर दिए थे। पीड़ित का दर्द: 'मैंने ठगों के खातों की डिटेल दी, पर पुलिस सोती रही' रिटायर्ड रेंजर रामलखन शर्मा का दर्द है कि पहली ठगी के बाद वे लगातार थाटीपुर थाने के चक्कर काटते रहे। उन्होंने अपनी सूझबूझ से उन सभी बैंक खातों की डिटेल भी निकाल कर पुलिस को सौंपी थी, जिनमें उनका 11.74 लाख रुपया ट्रांसफर हुआ था। इसके बावजूद पुलिस ने कोई गंभीरता नहीं दिखाई। पुलिस हर बार 'टीम बनाकर भेजने' का झांसा देती रही। पुलिस की इसी सुस्ती का फायदा उठाकर ठगों के हौसले बुलंद हो गए और उन्होंने दोबारा रेंजर का खाता खंगाल दिया। हेल्पलाइन 1930 पर दर्ज कराई शिकायत, जांच शुरू बैंक खाता खाली होने के तुरंत बाद पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद थाटीपुर थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अब देखना यह है कि पहली ठगी की जानकारी होने के बाद भी सोती रही पुलिस इस बार आरोपियों तक पहुंच पाती है या नहीं। थाटीपुर थाना प्रभारी विपेन्द्र सिंह चौहान का कहना बुजुर्ग के अकाउंट से ऑनलाइन कैश ठगी के मामले में जांच जारी है। तीन महीने पहले जो रुपए ठगे गए थे वह करीब 200 के लगभग अकाउंट में ट्रांसफर हुए हैं। टीम लगातार फर्स्ट, सेकंड लेयर के अकाउंट होल्डर को पकड़ने भेजी जा रही हैं।
सरगुजा कांग्रेस ने गंभीर अपराधों में शामिल भाजपा नेताओं के खिलाफ पुलिस की ढिलाई पर नाराजगी जताते हुए न्याय यात्रा निकाली। बारिश के बावजूद कार्यकर्ता आईजी कार्यालय तक पहुंचे और वहां धरना देकर नारेबाजी की। इसके बाद कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने आईजी को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस की न्याय रैली जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक, पूर्व मंत्री अमरजीत भगत और निगम में नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद के नेतृत्व में गुरुनानक चौक से निकाली गई। बारिश के बीच यह रैली आईजी कार्यालय तक पहुंची। वहां पुलिस ने गेट बंद कर दिया और रैली को रोक दिया। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता वहीं जमीन पर बैठ गए और प्रदेश सरकार व पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। आईजी के समक्ष रखी कार्रवाई की मांग कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल को सरगुजा आईजी दीपक कुमार झा से मिलने के लिए बुलाया गया। मुलाकात के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि भिट्ठीकला जमीन घोटाले में 16 जून को कलेक्टर ने 6 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए तहसीलदार को निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक केस दर्ज नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि अब सुनने में आ रहा है कि सत्ता के दबाव में कलेक्टर सभी पक्षों को बैठाकर समझौता कराने की कोशिश कर रहे हैं। बालकृष्ण पाठक ने कहा कि अगर पुलिस भाजपा नेता से जुड़े मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं करेगी, तो कांग्रेस मुख्यमंत्री और मंत्रियों के सरगुजा आने पर उनका कड़ा विरोध करेगी। पूर्व केबिनेट मंत्री अमरजीत भगत ने प्रशासनिक अधिकारी के साथ मारपीट के मामले में विधायक रामकुमार टोप्पो की अब तक गिरफ्तारी नहीं होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद इस घटना दुष्प्रभाव सीतापुर क्षेत्र के शायकीय कर्मचारियों में देखने को मिल रहा है। कलाकेन्द्र मैदान के आवंटन में भ्रष्टाचार को लेकर निगम में नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने आईजी से चर्चा में कहा कि इस मामले में स्वयं महापौर की शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होना बड़े प्रश्न खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि एक मीडिया संस्थान से बातचीत में तो अब भाजपा जिलाध्यक्ष ने यह स्वीकार कर लिया है वायरल ऑडियो में हुई बातचीत का वो हिस्साा हैं। ऐसे में पुलिस किस दबाव में है। उन्होंने इस मामले में एसआईटी गठित कर इसके त्वरित निपटारे की मांग भी की। कांग्रेस ने सबूतों के साथ ज्ञापन सौंपा कांग्रेस ने ज्ञापन के साथ एक वायरल ऑडियो और न्यूज क्लिप भी सौंपे। इसके अलावा लखनपुर के चांदो क्षेत्र के मस्तराम मझवार नाम के एक बुजुर्ग के साथ हुई जमीन धोखाधड़ी के मामले में, उनके द्वारा थाने से लेकर पुलिस अधीक्षक तक दिए गए आवेदन की कॉपी भी दी गई। आईजी दीपक झा ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया है कि इन मामलों में शीघ्र कार्रवाई की जाएगी। कांग्रेस के रैली और ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस, महिला कांग्रेस एवं युवक कांग्रेस के पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल थे।
प्रयागराज में एफसीआई के डिवीजनल कार्यालय में मैनेजर (अकाउंट्स) के पद पर तैनात कृष्ण कुमार की आत्महत्या के मामले में कैंट पुलिस ने सोमवार को उनकी पत्नी नेहा प्रकाश को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। अदालत से उन्हें जमानत मिल गई। मामले में पत्नी के अलावा उसकी मां बिंदुवाला सिन्हा, पिता सत्य प्रकाश सिन्हा और बहन श्रेया प्रकाश भी नामजद हैं। पुलिस अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। 6 मई को फ्लैट में मिला था शवकृष्ण कुमार ने 6 मई को प्रयागराज के अशोक नगर स्थित अपने फ्लैट में जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी। घरेलू सहायक राजीव पासवान जब सब्जी लेकर लौटा तो उसने कृष्ण कुमार को बाथरूम में मृत अवस्था में पड़ा देखा। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पोस्टमार्टम के बाद 7 मई को शव बेगूसराय (बिहार) ले जाया गया, जहां अंतिम संस्कार किया गया। पिता ने चार पर लिखाई थी FIRघटना के बाद मृतक के पिता राम बहादुर महतो ने कैंट थाने में तहरीर देकर पत्नी नेहा प्रकाश, उसकी मां बिंदुवाला सिन्हा, पिता सत्य प्रकाश सिन्हा और बहन श्रेया प्रकाश के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया। पैसों की मांग की जाती थीएफआईआर में मृतक के पिता ने आरोप लगाया कि बेटा पिछले कई महीनों से पत्नी और उसके मायके वालों की प्रताड़ना झेल रहा था। कई बार परिवार को बताया था कि आरोपी लगातार फोन, व्हाट्सएप कॉल और वीडियो कॉल के जरिए उसे परेशान करते थे। बातचीत के दौरान अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया जाता था, पैसों की मांग की जाती थी और पूरे परिवार को झूठे मुकदमों में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी जाती थी। उनका आरोप है कि लगातार मानसिक उत्पीड़न के कारण बेटा गहरे तनाव में रहने लगा था और इसी वजह से उन्होंने आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया। झूठा मुकदमा दर्ज कराने का भी आरोपतहरीर में यह भी आरोप लगाया गया कि नेहा प्रकाश ने पटना में एक शिकायत वाद दर्ज कराया था। परिजनों का कहना है कि इसी मुकदमे और लगातार मिल रही धमकियों ने कृष्ण कुमार पर मानसिक दबाव बढ़ा दिया था। घरेलू सहायक ने भी बताई थी तनाव की बातपिता के अनुसार, घरेलू सहायक राजीव पासवान ने पुलिस को बताया कि घटना से पहले करीब एक सप्ताह तक कृष्ण कुमार को उनकी पत्नी के लगातार फोन आते थे। फोन पर हुई बातचीत के बाद वह काफी तनाव में रहते थे। उसी ने सबसे पहले कृष्ण कुमार को बाथरूम में मृत अवस्था में देखा और पुलिस व परिजनों को सूचना दी। अंतिम संस्कार में नहीं पहुंची पत्नीपिता ने बताया, बेटे की मौत की सूचना दिए जाने के बावजूद बहू अंतिम संस्कार में शामिल होने नहीं पहुंचीं। इसके बाद मृतक के बड़े भाई ने उन्हें मुखाग्नि दी। पुलिस का क्या कहना हैकैंट थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अमरनाथ राय ने बताया कि आरोपी पत्नी को सोमवार को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जमानत मिल गई। उन्होंने बताया कि मामले की विवेचना जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
जयपुर में मालवीय नगर स्थित महिमा ग्रुप के क्रिस्टल कोर्ट मॉल में दो दिनों से 300 से ज्यादा दुकानों पर ताले लटके हैं। व्यापारी मॉल के बाहर धरने पर बैठे हैं। व्यापारियों का आरोप है कि लाखों रुपए किराया, हर महीने हजारों रुपए मेंटेनेंस चार्ज और अलग से बिजली बिल देने के बावजूद मॉल में एसी बंद हैं। एस्केलेटर दो महीने से ठप पड़ा है। सफाई और सुरक्षा व्यवस्था बदहाल है। कई बार शिकायत के बाद भी मैनेजमेंट ने कोई सुनवाई नहीं की। इसके बाद व्यापारियों ने दुकानें बंद कर आंदोलन शुरू कर दिया। धरने की वजह से मॉल का कारोबार प्रभावित हो गया है। व्यापारियों ने कहा- दो दिनों में करीब एक करोड़ रुपए के कारोबार पर असर पड़ा है। गंदगी और अव्यवस्था होने से ग्राहक नहीं पहुंच पा रहे। व्यापारियों ने कहा- जब तक सभी सुविधाएं बहाल नहीं होंगी, तब तक दुकानें नहीं खुलेंगी। दो दिन से पूरा मॉल बंद क्रिस्टल कोर्ट मॉल में रेडीमेड गारमेंट्स, फैशन, फुटवियर, कॉस्मेटिक्स समेत कई तरह के रिटेल कारोबार होते हैं। यहां बड़ी संख्या में दुकानें किराए पर संचालित हैं। व्यापारियों ने कहा- लाखों रुपए निवेश और भारी खर्च के बावजूद ग्राहकों को बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं। इससे कारोबार लगातार प्रभावित हो रहा है। दो महीने से एस्केलेटर बंद, ग्राहक ऊपर नहीं पहुंचते रेडीमेड गारमेंट्स शॉप संचालक बंटी ने बताया- मॉल का मेंटेनेंस महिमा ग्रुप की कंपनी के पास है, लेकिन सुविधाओं की हालत बेहद खराब है। पिछले करीब दो महीने से एस्केलेटर बंद पड़ा है। एसी सही तरीके से नहीं चल रहे हैं। पूरे मॉल में केवल पांच-छह गार्ड हैं। सफाई व्यवस्था खराब है। वॉशरूम भी गंदे पड़े रहते हैं। उन्होंने कहा कि ग्राहक रोज इन समस्याओं की शिकायत करते हैं, लेकिन मैनेजमेंट कोई ध्यान नहीं देता। डेढ़ लाख तक किराया, 23 हजार मेंटेनेंस... फिर भी सुविधा नहीं गारमेंट्स व्यापारी मनोहर लाल ने बताया- एक दुकान का मासिक किराया एक लाख से डेढ़ लाख रुपए तक है। इसके अलावा हर महीने 22 से 23 हजार रुपए मेंटेनेंस चार्ज और अलग से बिजली बिल देना पड़ता है। इसके बावजूद बिजली कटने पर बैकअप नहीं मिलता और जनरेटर भी काम नहीं करता। कई बार लिखित शिकायत देने के बाद भी मैनेजमेंट की ओर से कोई जवाब नहीं मिला। व्यापारियों की चेतावनी, पहले सुविधा, फिर कारोबार धरने पर बैठे व्यापारियों ने कहा- जब तक एसी, एस्केलेटर, सुरक्षा, सफाई और बिजली बैकअप जैसी सभी व्यवस्थाएं ठीक नहीं होंगी, तब तक कोई भी दुकानदार अपनी दुकान नहीं खोलेगा। उनका आरोप है कि मैनेजमेंट बातचीत करने तक नहीं आ रहा और शिकायतों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। धरने पर पहुंचीं कांग्रेस की पूर्व प्रत्याशी अर्चना शर्मा मालवीय नगर विधानसभा सीट से कांग्रेस की पूर्व प्रत्याशी अर्चना शर्मा भी व्यापारियों के बीच पहुंचीं। उन्होंने कहा- यह शहर के सबसे प्रमुख व्यावसायिक इलाकों में से एक है। जहां अच्छी-खासी फुटफॉल रहती है। व्यापारियों ने मुझे बताया कि दो दिनों में करीब एक करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित हुआ है। अर्चना शर्मा ने कहा- व्यापारी नियमित रूप से मेंटेनेंस चार्ज देते हैं, लेकिन सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। अगर चार्ज जमा नहीं करें तो बिजली काट दी जाती है, लेकिन एसी और एस्केलेटर चालू रखने की जिम्मेदारी कोई नहीं निभा रहा। उन्होंने कहा कि मैंने मैनेजमेंट से बात करने की कोशिश की, लेकिन वहां से भी कोई जवाब नहीं मिला। कंज्यूमर कोर्ट के आदेश का भी दिया हवाला अर्चना शर्मा ने कहा- व्यापारियों के पास कंज्यूमर कोर्ट का स्टैंडिंग ऑर्डर है, जिसमें साफ तौर पर मॉल मालिक की जिम्मेदारी तय की गई है कि वह मेंटेनेंस और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराए। उन्होंने कहा कि अगर जल्द समाधान नहीं निकलता है तो व्यापारी दोबारा कंज्यूमर कोर्ट जाएं और जरूरत पड़ने पर सरकार और जनप्रतिनिधियों के सामने भी अपनी बात रखें। व्यापारियों की मांग दो महीने से बढ़ती गई परेशानी व्यापारियों ने कहा- पिछले दो महीने से लगातार शिकायतों के बावजूद हालात नहीं सुधरे। गर्मी में एसी बंद होने से लोग खरीदारी किए बिना लौट रहे हैं। कारोबार लगातार गिर रहा है। उनका कहना है कि जब तक मैनेजमेंट सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं करेगा, तब तक मॉल की एक भी दुकान नहीं खुलेंगी।
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के यूनेस्को चेयर फॉर पीस एंड इंटरकल्चरल अंडरस्टैंडिंग तथा मालवीय सेंटर फॉर पीस रिसर्च के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी एवं लोकनायक जयप्रकाश नारायण की विरासत के आलोक में इक्कीसवीं सदी के लिए शैक्षिक सुधार : शिक्षा की पुनर्कल्पना विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारम्भ मालवीय मूल्य अनुशीलन केन्द्र में हुआ। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के भारतीय राष्ट्रीय यूनेस्को सहयोग आयोग के सहयोग से आयोजित यह सम्मेलन डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी एवं लोकनायक जयप्रकाश नारायण की 125वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। शिक्षकों को उत्तरदायी भी बनना होगा - राज्यपाल बिहारउद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैय्यद अता हसनैन ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा के केन्द्र नहीं, बल्कि राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करने वाले रणनीतिक संस्थान हैं। उन्होंने विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए अनुसंधान, नवाचार, अंतर्विषयी अध्ययन और उद्योग-जगत से सहयोग पर आधारित शैक्षिक सुधारों की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार नहीं, बल्कि विश्लेषणात्मक सोच, नैतिक मूल्यों और उत्तरदायी नागरिकों का निर्माण होना चाहिए। जलवायु परिवर्तन सबसे बड़ी चुनौती विशिष्ट अतिथि यूनेस्को महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन फॉर पीस एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट के निदेशक प्रो. ओबिजियोफोर अगिनम ने शिक्षा को पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि करुणा, सहानुभूति और समालोचनात्मक चिंतन से युक्त नागरिक तैयार करना शिक्षा का मूल उद्देश्य होना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की सराहना करते हुए शिक्षार्थी-केंद्रित शिक्षा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जलवायु परिवर्तन तथा सामाजिक असमानताओं जैसी चुनौतियों के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था विकसित करने पर बल दिया। बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और तीव्र तकनीकी बदलाव के दौर में शिक्षण पद्धति, पाठ्यक्रम, परीक्षा प्रणाली तथा कक्षा सहभागिता की पुनर्समीक्षा समय की आवश्यकता है। उन्होंने विश्वविद्यालयों को शैक्षिक सुधारों का नेतृत्व करने वाला संस्थान बताते हुए विद्यार्थियों के बीच संवाद, शांति और संघर्ष-समाधान की संस्कृति विकसित करने पर जोर दिया।
नर्मदापुरम में सोमवार को राजस्व विभाग में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया। कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने प्रशासनिक और कानून व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से एडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट, तहसीलदार और नायब तहसीलदारों के तबादले और नई पदस्थापना के आदेश जारी किए। कई तहसीलों में बदले तहसीलदार और नायब तहसीलदार जारी आदेश के अनुसार, नगर तहसील की तहसीलदार सरिता मालवीय को सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख कार्यालय भेजा गया है। उनकी जगह सुनील शर्मा को नगर तहसीलदार बनाया गया है। नगर तहसील में सुरेखा यादव, मिट्ठूलाल पवार और हंस कुमार ओनकर को नायब तहसीलदार नियुक्त किया गया है। नर्मदापुरम ग्रामीण तहसील में अंकित मौर्य को तहसीलदार और दिव्यांशु नामदेव को नायब तहसीलदार बनाया गया है। माखननगर में सुनीता साहनी को तहसीलदार तथा सुनील गढ़वाल और श्रद्धा गोस्वामी को नायब तहसीलदार नियुक्त किया गया है। डोलरिया तहसील में रुचि गोयल को तहसीलदार और रविंद्र सोमनकर को नायब तहसीलदार बनाया गया है। इटारसी में रामकिशोर झरबड़े को तहसीलदार, जबकि स्वीटी चौहान और कृष्णकांत उइके को नायब तहसीलदार का दायित्व दिया गया है। पिपरिया में वैभव बैरागी को तहसीलदार तथा पूनम सिंह सलामे और नीरज बैस को नायब तहसीलदार नियुक्त किया गया है। बनखेड़ी में अंजू लोधी को तहसीलदार, जबकि मनोज कुमार नामदेव और शैलेश श्रीवास्तव को नायब तहसीलदार बनाया गया है। सोहागपुर में शक्तिसिंह तोमर को तहसीलदार और रामसिपाही मरावी को नायब तहसीलदार नियुक्त किया गया है। सिवनीमालवा में नितिन कुमार झोड़ को तहसीलदार, जबकि कीर्ति प्रधान और आलोक भद्र को नायब तहसीलदार बनाया गया है। शिवपुर तहसील में हीरू कुमरे को तहसीलदार की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राजेश शुक्ला बने एडीएम, नितिन टाले को सिटी मजिस्ट्रेट का प्रभार कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने भारतीय प्रशासनिक सेवा और राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के बीच भी विभागों और शाखाओं का कार्य विभाजन किया है। राजेश शुक्ला को अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (एडीएम) नर्मदापुरम बनाया गया है। अपर कलेक्टर अनिल जैन को भू-अभिलेख एवं भू-प्रबंधन, भू-अर्जन, वन व्यवस्थापन, जनगणना सहित अन्य शाखाओं की जिम्मेदारी दी गई है। संयुक्त कलेक्टर नितिन टाले को स्थापना शाखा, जिला शहरी विकास अभिकरण (डूडा), नजूल अधिकारी, सिटी मजिस्ट्रेट, जिला अस्पताल और रोगी कल्याण समिति सहित अन्य शाखाओं का प्रभार सौंपा गया है। डिप्टी कलेक्टर नीता कोरी को विधि शाखा, सूचना का अधिकार (आरटीआई), स्वेच्छानुदान, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व, संस्थागत वित्त, आयोग शाखा और योजना शाखा की जिम्मेदारी दी गई है। डिप्टी कलेक्टर सरोज परिहार को शिकायत एवं सतर्कता शाखा, लोकायुक्त एवं मॉनिटरिंग शाखा, सीएम मॉनिट, पुरातत्व, टीएल एवं जनसुनवाई तथा लोक सेवा गारंटी सहित अन्य शाखाओं का प्रभार सौंपा गया है।
सिद्धार्थनगर में सड़क हादसे में दो युवकों की मौत:जनाजे में शामिल होने जा रहे थे, एक घायल
सिद्धार्थनगर में सोमवार की सुबह करीब 7 बजे शिवनगर डिडई थाने के सामने दो बाइकों की आमने-सामने की टक्करहो गई। इस टक्कर में दो युवकों की मौके पर मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। यह दोनों मृतक बस्ती के गौर थाना क्षेत्र स्थित धोबहा गांव में एक जनाजे में शामिल होने जा रहे थे। मृतकों की पहचान सिद्धार्थनगर के मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के जिगिना गांव निवासी मोहम्मद आरिफ (30) पुत्र अतिकुर रहमान और मोहम्मद जीशान (16) पुत्र अब्दुल करीम के रूप में हुई है। वहीं, दूसरी मोटरसाइकिल पर बस्ती जिले के सोनहा थाना क्षेत्र के आदमपुर गांव निवासी अनुराग (27) पुत्र रामविलास सवार थे। अनुराग तुरकौलिया की ओर जा रहे थे। शिवनगर डिडई थाने के सामने दोनों मोटरसाइकिलों की जोरदार टक्कर हुई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों मोटरसाइकिलें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। तीनों युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही शिवनगर डिडई पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने मोहम्मद आरिफ और मोहम्मद जीशान को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल अनुराग का उपचार जारी है। थानाध्यक्ष बृजेश सिंह ने बताया कि दोनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है और आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
लुधियाना जिले की पायल नगर कौंसिल में सोमवार को होने वाले प्रधान और उपप्रधान पद के चुनाव ऐन मौके पर हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद स्थगित कर दिए गए। आम आदमी पार्टी (आप) के एक पार्षद, जिन्हें उपप्रधान पद का मजबूत दावेदार माना जा रहा था, के अचानक गायब हो जाने के कारण आवश्यक कोरम पूरा नहीं हो सका। नगर कौंसिल के प्रशासक एवं एसडीएम (SDM) प्रीतइंद्र सिंह बैंस ने उपस्थित पार्षदों को केवल पद की शपथ दिलाई और घोषणा की कि चुनाव की अगली तारीख की सूचना 48 घंटे पहले दी जाएगी। इस घटनाक्रम ने आम आदमी पार्टी के लिए एक बड़ा झटका साबित किया है। क्योंकि 11 में से तीन पार्षद जीतने वाली आप ने एक निर्दलीय और एक कांग्रेस विधायक को अपने पाले में लेकर बहुमत की फिराक में था। ऐन मौके पर 'आप' का दावेदार पार्षद लापता, फोन भी बंद सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आम आदमी पार्टी के जिस पार्षद को उपप्रधान पद की रेस में सबसे आगे माना जा रहा था, वह बैठक शुरू होने से ठीक पहले रहस्यमयी ढंग से गायब हो गया। पार्टी नेताओं और रणनीतिकारों ने उससे संपर्क साधने की हरसंभव कोशिश की, लेकिन उसका मोबाइल फोन लगातार बंद आता रहा। काफी तलाश के बावजूद जब वह बैठक में नहीं पहुंचा, तो 'आप' खेमे में खलबली मच गई। कोरम की शर्त अटकने से रुकी प्रक्रिया नियमों के अनुसार, नगर कौंसिल में चुनाव प्रक्रिया शुरू करने के लिए कुल पार्षदों के न्यूनतम 50 प्रतिशत (आधे से अधिक) की उपस्थिति यानी कोरम पूरा होना अनिवार्य है। निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी जब यह कोरम पूरा नहीं हो पाया, तो चुनाव अधिकारी को बैठक स्थगित करने का फैसला लेना पड़ा। बहुमत के बावजूद बिगड़ गया 'आप' का राजनीतिक समीकरण पार्टी ने चुनावों में केवल 3 सीटों पर जीत दर्ज की थी। बाद में 'आप' ने रणनीतिक बढ़त लेते हुए एक निर्दलीय और कांग्रेस के एक पार्षद को अपने पाले में कर लिया था। इसके बाद पार्टी का बहुमत के साथ प्रधान और उपप्रधान पद पर कब्जा लगभग तय माना जा रहा था। लेकिन ऐन मौके पर अपने ही सिपहसालार के गायब हो जाने से पूरी राजनीतिक बिसात पलट गई और 'आप' के भीतर व बाहर कई तरह की चर्चाएं और सवाल शुरू हो गए हैं। खामोश हुए ढोल-नगाड़े, समर्थकों में छाई मायूसी इस अप्रत्याशित घटनाक्रम के चलते नगर कौंसिल कार्यालय के बाहर सुबह से जमी समर्थकों और लोगों की भारी भीड़ के बीच गहमागहमी बढ़ गई। जो कार्यकर्ता और समर्थक हाथों में लड्डू और ढोल-नगाड़ों के साथ जीत का जश्न मनाने पहुंचे थे, उनके चेहरों पर मायूसी छा गई। ढोल-नगाड़े धरे के धरे रह गए और समर्थकों को बिना किसी नतीजे के बैरंग लौटना पड़ा। फिलहाल, पायल की सियासत में सबसे बड़ा सस्पेंस यही बना हुआ है कि जिस पार्टी ने बहुमत जुटाने के लिए इतनी गोटियां फिट की थीं, उसका अपना ही मुख्य पार्षद चुनाव के दिन क्यों और किसके इशारे पर गायब हुआ?
उदयपुर में पिछले दिनों मूसलाधार बारिश और अंधड़ से मदार नहर में पांच बड़े पेड़ टूटकर गिर गए थे। इस पर नगर निगम की टीम ने सोमवार को दिनभर अभियान चलाकर इन सभी पेड़ों को बाहर निकाला। जेसीबी और क्रेन की मदद से रास्ता पूरी तरह साफ कर दिया गया, जिससे नहर में पानी का बहाव फिर से सुचारु हो गया है। दरअसल, पिछले दिनों बारिश और तेज हवाओं के कारण मदार नहर में कई जगहों पर भारी-भरकम पेड़ ढह गए थे। पेड़ गिरने से पानी आगे नहीं बढ़ पा रहा था और जलभराव की आशंका लगातार बढ़ती जा रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने तुरंत एक्शन लिया। उन्होंने अधिकारियों को मौके पर जाकर मदार नहर को साफ करने के कड़े निर्देश दिए। इसके बाद सोमवार सुबह ही निगम की टीम भारी मशीनों के साथ मौके पर पहुंच गई। नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने बताया कि नहर से इन भारी पेड़ों को हटाना आसान नहीं था। इसके लिए निगम ने मौके पर जेसीबी, क्रेन और डंपर जैसे बड़े संसाधनों को काम पर लगाया। टीम ने सबसे पहले क्रेन की मदद से पेड़ों की बड़ी-बड़ी टहनियों और शाखाओं को काटकर अलग किया। इसके बाद भारी तनों को खींचकर नहर से बाहर निकाला गया। पेड़ों के साथ-साथ नहर में जमा दूसरे कचरे और अवरोधों को भी पूरी तरह साफ किया गया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया ताकि कोई हादसा न हो। आयुक्त खन्ना का कहना है कि मानसून के इस मौसम में शहर की जल निकासी व्यवस्था को एकदम सही रखना नगर निगम की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसी वजह से उदयपुर शहर के सभी नालों, नहरों और पानी बहने वाले रास्तों की लगातार सफाई की जा रही है और अधिकारी खुद इसका निरीक्षण कर रहे हैं। शहर में जहां से भी पानी रुकने या पेड़ गिरने जैसी रुकावट की खबर मिलती है, वहां निगम की टीम तुरंत पहुंचकर कार्रवाई कर रही है। नगर निगम आयुक्त ने उदयपुर के आम लोगों से भी इस व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बारिश के दिनों में कोई भी नागरिक नालों या नहरों में कचरा और गंदगी न फेंके। अगर किसी भी इलाके में जलभराव या नहर जाम होने जैसी समस्या दिखाई दे, तो इसकी सूचना तुरंत नगर निगम को दें। इससे समय रहते कदम उठाए जा सकेंगे और पूरे शहर की जल निकासी व्यवस्था बेहतर बनी रहेगी।
उदयपुर शहर के शोभागपुरा से युनिवरर्सिटी जाने वाली 100 फीट सड़क पर बनने जा रहे नए चौराहा पर आर्किटेक्ट्स टॉवर का निर्माण किया जा रहा है। ये करीब 35 फीट ऊंचा होगा। यह टॉवर मेवाड़ के महान सूत्रधार और वास्तुशास्त्री मंडन की स्मृति को समर्पित होगा। उदयपुर विकास प्राधिकरण के इस चौराहा पर उदयपुर के आर्किटेक्ट सुनील लड्ढा ने अपने स्तर पर इसका निर्माण करने का मन बनाया। यूडीए के साथ हुए अनुबंध के तहत यह निर्माण किया जा रहा है। आर्किटेक्ट लड्ढा ने बताया कि यह टॉवर केवल एक आर्किटेक्चरल संरचना नहीं होगा, बल्कि देश के आर्किटेक्ट्स, शिल्पियों और डिजाइनर्स के योगदान को सार्वजनिक सम्मान देने का प्रतीक बनेगा। वे बताते है कि मंडन 15वीं शताब्दी में महाराणा कुंभा के प्रधान आर्किटेक्ट थे। उनके मार्गदर्शन में विश्व प्रसिद्ध कुंभलगढ़ दुर्ग का निर्माण हुआ। उन्होंने प्रासादमंडन, राजवल्लभ, रूपमंडन और वास्तुमंडन जैसे वास्तुशास्त्र के महत्वपूर्ण ग्रंथ भी लिखे, जिन्हें आज भी अध्ययन का आधार माना जाता है। उन्होंने बताया कि मेवाड़ के महान सूत्रधार मंडन को यह विरासत समर्पित होगी। टॉवर की खास बात इसमें लगाया जाने वाला वर्टिकल सन डायल (ऊर्ध्वाधर सूर्य घड़ी) होगा, जो सूर्य की रोशनी से समय बताएगा। इस प्रोजेक्ट की टेक्निकल सहयोगी युवा आर्किटेक्ट प्रियंका कोठारी ने बताया कि यह भारतीय ज्ञान परंपरा, विज्ञान और आधुनिक आर्किटेक्चर का अनूठा संगम होगा। सुनील लड्ढा के अनुसार, दुनिया में राजाओं और ऐतिहासिक व्यक्तियों के सम्मान में कई स्मारक हैं, लेकिन सभ्यताओं को आकार देने वाले आर्किटेक्ट्स और शिल्पियों के लिए सार्वजनिक स्मारक बहुत कम हैं। इसी सोच के साथ इस टॉवर की कल्पना की गई है। वे बताते है कि रात में आकर्षक लाइटिंग और अनोखी डिजाइन के कारण यह टॉवर पर्यटकों, आर्किटेक्ट्स, इंजीनियरों, विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा। भविष्य में इसे उदयपुर की नई पहचान और आर्किटेक्चर टूरिज्म के प्रमुख लैंडमार्क के रूप में विकसित करने की योजना है। लड्ढा कहते है कि उनकी इच्छा थी कि वे आर्किटेक्ट्स से जुड़ी चीज इस शहर में सार्वजनिक स्थान पर दिखाए और इसी के तहत उन्होंने अपने स्तर पर ये काम हाथ में लिया और करीब सवा महीने में ये तैयार हो जाएगा। उन्होंने बताया कि इस पर करीब 32 से 35 लाख रुपए खर्च होंगे।
गुरु तेग बहादुर क्रिकेट एकेडमी में सोमवार को जीटीबी क्रिकेट एकेडमी और ऋषभ क्रिकेट एकेडमी के बीच खेला गया मुकाबला रोमांच की चरम सीमा तक पहुंचा। निर्धारित 20-20 ओवर में दोनों टीमों ने 200-200 रन बनाए, जिसके बाद मैच का फैसला सुपर ओवर से हुआ। इसमें जीटीबी क्रिकेट एकेडमी ने 22 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए जीटीबी ने 19.5 ओवर में 200 रन बनाए। हिमांशु ने 44, दिव्य ने 42 और अभिजीत ने 40 रन की अहम पारियां खेलीं। जवाब में ऋषभ क्रिकेट एकेडमी ने अजय (48), आयुष (47) और कुश (38) की बदौलत 20 ओवर में 200 रन बनाकर मैच बराबर कर दिया। जीटीबी की ओर से श्रेष्ठ ने चार विकेट झटके। सुपर ओवर में पहले बल्लेबाजी करते हुए ऋषभ क्रिकेट एकेडमी ने 21 रन बनाए। जवाब में जीटीबी की ओर से अभिजीत ने 13 और दिव्य ने 9 रन बनाकर टीम को 22 रन तक पहुंचाया और रोमांचक जीत दिलाई। क्रिकेट कोच अतहर अली ने बताया कि 15वें विवेक पांडेय मेमोरियल क्रिकेट टूर्नामेंट का सीनियर वर्ग का फाइनल बुधवार को खेला जाएगा। इसके बाद मुख्य अतिथि विवेक कोहली विजेता और उपविजेता टीम को सम्मानित करेंगे।
रीवा में शातिर बाइक चोर गिरफ्तार:पल्सर, रायडर, अपाचे समेत पांच लाख की 5 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद
रीवा की सिरमौर थाना पुलिस ने वाहन चोरी के मामलों में बड़ी सफलता हासिल करते हुए सोमवार शाम एक शातिर बाइक चोर को गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से और उसकी बताई जगहों से करीब पांच लाख रुपए कीमत की पांच चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। बरामद वाहनों में एचएफ डीलक्स, पल्सर 220, अपाचे, रायडर और हीरो स्प्लेंडर शामिल हैं। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पांच चोरी की बाइक बरामदपुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान ग्राम कोहरी निवासी 40 वर्षीय ओझा कोल पिता गणेश कोल के रूप में हुई है। वाहन चोरी की शिकायतों के बाद पुलिस संदिग्धों पर नजर रखे हुए थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी चोरी की मोटरसाइकिलों के साथ घूम रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने वाहन चोरी करना स्वीकार किया। इसके बाद उसकी बताई जगहों से अलग-अलग स्थानों से पांच चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। यह गाड़ियां बरामद कीबरामद वाहनों में एमपी 17 एमडब्ल्यू 1065 नंबर की एचएफ डीलक्स, यूपी 70 एचए 3570 नंबर की पल्सर 220, बीआर 24 एजे 2439 नंबर की अपाचे, यूपी 70 एचडब्ल्यू 7215 नंबर की रायडर और यूपी 70 एचवाई 0484 नंबर की हीरो स्प्लेंडर शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, बरामद सभी वाहनों की कुल अनुमानित कीमत करीब पांच लाख रुपए है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने ये वाहन किन-किन क्षेत्रों से चोरी किए थे और क्या उसके साथ कोई अन्य साथी भी इस गिरोह में शामिल है। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ जारी है और उससे वाहन चोरी के अन्य मामलों का भी खुलासा हो सकता है। बरामद मोटरसाइकिलों से जुड़े मामलों का मिलान किया जा रहा है, ताकि उन्हें उनके असली मालिकों को लौटाया जा सके। पुलिस अन्य राज्यों से जुड़े वाहन चोरी के मामलों की भी जांच कर रही है। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई में थाना सिरमौर पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वाहन चोरी या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा सके। साथ कोई अन्य साथी भी इस गिरोह में शामिल है।
यूपी बार काउंसिल चुनाव की मतगणना में सोमवार 7 जुलाई को 9वें दिन भी प्रयागराज के वोट गिने गए। वैध मतों में कानपुर के अधिवक्ता अनुराग पांडेय को 338 वोट मिले, जिसके बाद वह 4105 वोट पाकर पहले स्थान पर बने हुए है। चुनाव में हिस्सा ले रहे कानपुर के 26 अधिवक्ताओं में सबसे सबसे अधिक वोट अनुराग पांडेय ने हासिल किए है। जिसके बाद बीजेपी लीगल सेल के प्रदेश अध्यक्ष प्रशांत सिंह अटल को अनुराग पांडेय ने 700 मतों से पछाड़ दिया है। गृह जनपद में देवेंद्र सिंह को मिले 1800 वोट बार काउंसिल चुनाव में 333 प्रत्याशियों में अनुराग पांडेय पहले स्थान पर हैं, जबकि प्रशांत सिंह अटल 3405 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर बने हुए है। निवर्तमान अध्यक्ष शिव किशोर गौड़ (बुलंदशहर) 3447 मतों के साथ तीसरे और देवेंद्र मिश्र नगरहा 3251 वोटों के साथ चौथे स्थान पर हैं, हालांकि देवेंद्र मिश्र को गृह जनपद में रहने का फायदा भी मिला, जिसका नतीजा यह रहा कि 9वें दिन की मतगणना में उन्हें 1800 वोट हासिल हुए। बता दें कि अनुराग पांडेय यूपी बार काउंसिल के चुनाव में अब तक 59 जिलों की मतगणना पूरी हो चुकी है। जिसमें अनुराग पांडेय लगातार बढ़त हासिल किए हुए हैं। उनको जौनपुर में सर्वाधिक 346, फर्रूखाबाद में 206, बंदायू में 180 मत मिले है। गृह जनपद कानपुर में उनको 1575 वोट प्राप्त हुए थे।
सलूम्बर में मुस्लिम समाज ने सोमवार को तहसील कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन सोशल मीडिया पर प्रसारित एक कथित आपत्तिजनक वीडियो के संबंध में था, जिस पर समाज ने सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन नायब तहसीलदार हरि प्रकाश मीणा के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा गया। ज्ञापन में समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि उक्त वीडियो में आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई हैं। इन टिप्पणियों से मुस्लिम समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। समाज ने इसे सामाजिक सौहार्द और शांति व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बताया। समाज ने संबंधित महिला के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की प्रासंगिक धाराओं के तहत तत्काल मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की। इसके अलावा, ऐसे आपत्तिजनक वीडियो और संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट्स पर प्रतिबंध लगाने तथा भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने की भी मांग उठाई गई। मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से निष्पक्ष एवं त्वरित कार्रवाई कर कानून व्यवस्था बनाए रखने और सामाजिक सौहार्द कायम रखने की अपील की।
उदयपुर के नवानिया स्थित वेटरनरी महाविद्यालय में वर्ल्ड जूनोसिस डे पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य मानव और पशुओं के बीच फैलने वाले संक्रामक रोगों के बारे में जानकारी बढ़ाना था। इस अवसर पर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, नवानिया में जूनोटिक रोग जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ। डॉ. अभिषेक गौरव, प्रभारी पब्लिक हेल्थ, और डॉ. दीपक कुमार शर्मा, प्रभारी सेंटिनल सर्विलेंस साइट (वन हेल्थ), ने विद्यार्थियों को विभिन्न जूनोटिक रोगों जैसे रैबीज, ब्रुसेलोसिस, ट्यूबरकुलोसिस, लेप्टोस्पायरोसिस, एन्थ्रेक्स, एवियन इन्फ्लुएंजा और स्वाइन फ्लू के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने इन रोगों के कारण, संक्रमण के तरीके, लक्षण, बचाव और नियंत्रण के उपाय बताए। डॉक्टरों ने व्यक्तिगत स्वच्छता, पशुओं के नियमित टीकाकरण और संदिग्ध रोग की स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेने का आह्वान किया। वेटरनरी महाविद्यालय में भी शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए एक सेमिनार का आयोजन किया गया। महाविद्यालय के अधिष्ठाता प्रो. (डॉ.) शिव शर्मा ने सेमिनार की अध्यक्षता की। अपने संबोधन में उन्होंने जूनोटिक रोगों को मानव स्वास्थ्य, पशु स्वास्थ्य और पर्यावरण तीनों के लिए गंभीर चुनौती बताया। प्रो. शर्मा ने 'वन हेल्थ' की अवधारणा पर जोर देते हुए कहा कि इन रोगों की प्रभावी रोकथाम और नियंत्रण सभी के समन्वित प्रयासों से ही संभव है। उन्होंने विद्यार्थियों से समाज में जागरूकता फैलाने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आग्रह किया। सेमिनार में डॉ. अभिषेक गौरव ने विभिन्न आंकड़ों के माध्यम से जूनोटिक रोगों की व्यापकता, उनके सामाजिक-आर्थिक प्रभावों और रोकथाम पर प्रकाश डाला। डॉ. दीपक कुमार शर्मा ने जूनोटिक रोगों की निगरानी, शीघ्र पहचान और सेंटिनल सर्विलेंस साइट (वन हेल्थ) के तहत संचालित विभिन्न सर्विलेंस गतिविधियों की जानकारी दी। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के संकाय सदस्य और विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आयोजन और समन्वय डॉ. अभिषेक गौरव और डॉ. दीपक कुमार शर्मा द्वारा किया गया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. हेमन्त जोशी, सहायक अधिष्ठाता छात्र कल्याण, ने किया।
बरेली में सोमवार को समाजवादी पार्टी के नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव ने भाजपा पर हमला बोला। शिक्षक एमएलसी चुनाव की तैयारियों को लेकर पार्टी कार्यालय में आयोजित बैठक में उन्होंने दावा किया कि अगर उत्तर प्रदेश में दोबारा भाजपा की सरकार बनी तो 2029 का लोकसभा चुनाव नहीं होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा संसद में दो-तिहाई बहुमत जुटाकर संविधान और लोकतंत्र खत्म करने की तैयारी कर रही है। साथ ही राम मंदिर चंदा, ईवीएम, टीईटी और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी कई बयान दिए। लाल बिहारी यादव ने कहा कि शिक्षक एमएलसी चुनाव आगामी विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर संगठन मजबूत करने और पार्टी का संदेश लोगों तक पहुंचाने की अपील की। शिक्षक एमएलसी चुनाव को बताया सेमीफाइनल लाल बिहारी यादव ने कहा कि प्रदेश की शिक्षक और स्नातक एमएलसी सीटों का चुनाव सामान्य चुनाव नहीं है। यह आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी का पहला चरण है। उन्होंने कहा कि सभी कार्यकर्ताओं को पूरी ताकत के साथ चुनाव में जुटना होगा और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का संदेश हर शिक्षक तक पहुंचाना होगा। राम मंदिर चंदे को लेकर लगाया आरोप बैठक में उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर में आया सोना, चांदी और नकदी चुनाव में इस्तेमाल की जाएगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे इस मुद्दे को लेकर गांव-गांव जाएं और लोगों को अपनी बात बताएं। ईवीएम पर भी दिया बयान लाल बिहारी यादव ने कहा कि शिक्षक एमएलसी चुनाव बैलेट पेपर से हो रहा है। उन्होंने कहा कि यदि समाजवादी पार्टी बैलेट से होने वाला चुनाव भी नहीं जीतती है तो भविष्य में ईवीएम पर सवाल उठाने का नैतिक आधार कमजोर हो जाएगा। इसलिए सभी कार्यकर्ताओं को पूरी मेहनत करनी होगी। 2029 के चुनाव को लेकर किया दावा नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि अगर उत्तर प्रदेश में फिर भाजपा की सरकार बनी तो संसद में दो-तिहाई बहुमत के आधार पर संविधान में बड़े बदलाव किए जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा संविधान और लोकतंत्र खत्म कर चीन और रूस जैसी व्यवस्था लागू करना चाहती है। इसी संदर्भ में उन्होंने दावा किया कि 2029 का लोकसभा चुनाव नहीं होगा। अखिलेश यादव को बताया विकल्प उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव केवल उत्तर प्रदेश का चुनाव नहीं, बल्कि पूरे देश की दिशा तय करेगा। उनका कहना था कि अगर अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बनते हैं तो संविधान और लोकतंत्र सुरक्षित रहेगा। टीईटी खत्म करने का किया दावा लाल बिहारी यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर टीईटी व्यवस्था खत्म की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि मदरसों को जांच के नाम पर बदनाम किया जा रहा है। साथ ही कहा कि सरकार बनने पर शिक्षकों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। कार्यकर्ताओं से गांवों में सक्रिय होने की अपील बैठक के अंत में उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर संगठन मजबूत करने, गरीब, पिछड़े, दलित और उपेक्षित वर्ग के लोगों से संवाद बढ़ाने और विधानसभा चुनाव की तैयारी अभी से शुरू करने की अपील की।
मुंगेली में भारी बारिश, आगर नदी का जलस्तर बढ़ा:आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा, प्रशासन अलर्ट पर
मुंगेली जिले में सुबह से हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। इसके चलते इलाके के नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। वनांचल से निकलने वाली आगर नदी का जलस्तर बढ़ने से आसपास बसे लोगों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन भी अलर्ट मोड पर आ गया है। मुंगेली जिले में सोमवार को लगभग 531.1 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जो इस पूरे सीजन का सर्वाधिक आंकड़ा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले 3 से 4 दिनों तक इसी तरह बारिश की संभावना जताई जा रही है। जिले में सोमवार को दर्ज की गई कुल 531.1 मिलीमीटर वर्षा के अलावा, 1 जून से अब तक के आंकड़े भी जारी किए गए हैं। मुंगेली तहसील में 76.5 मिलीमीटर, पथरिया तहसील में 118.4 मिलीमीटर, लोरमी तहसील में 95.6 मिलीमीटर, लालपुर थाना तहसील में 70.3 मिलीमीटर, जरहागांव में 50.3 मिलीमीटर और सरगांव में 120 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। जिले में 1 जून से अब तक कुल 1463.4 मिलीमीटर बरसात हो चुकी है।
उदयपुर में बुजुर्ग के सिर पर सरिए से हमला:दो भाइयों के परिवार के बीच जमीन को लेकर चल रहा विवाद
उदयपुर में एक बुजुर्ग के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। बुजुर्ग के सिर पर सरिए से हमला किया गया। इससे वे घायल हो गए। तुरंत एमबी हॉस्पिटल भर्ती कराया गया। घटना बड़गांव थाना क्षेत्र के वरडा गांव की है। थानाधिकारी हितेश यादव ने बताया- दो परिवारों का आपसी झगड़ा है। इसमें दो भाइयों के परिवार के बीच जमीन और अन्य कारणों से विवाद चल रहा है। इसके चलते प्रताप सिंह पर उन्हीं के बड़े भाई के परिवार ने हमला कर दिया। मामले में मुकदमा दर्ज करते हुए आगे जांच जारी है। बेटा बोला-मेरी मां को बचाने दौड़े पिता पर हमला किया घायल बुजुर्ग के बेटे लक्ष्मण सिंह देवड़ा ने बताया- मेरे ताउजी का कुछ साल पहले निधन हो चुका है। ताईजी और उनके बेटे ने मेरे माता-पिता पर हमला किया। मेरी मां बाड़े में कुछ काम से गई थी। तभी इन्होंने मेरी मां को मारने का प्रयास किया। बीच बचाव में पिताजी दौड़कर गए तो उनके साथ भी मारपीट की। वीडियो बनाने के डर से पिताजी का मोबाइल छीन लिया। लक्ष्मण ने बताया- हमारा कच्चा घर है और ताईजी का पक्का घर है। उनके बाथरूम से गंदा पानी हमारे घर की तरफ आता है। इससे हमें परेशानी होती है। साथ ही इन्होंने हमारी हिस्से की कुछ जमीन भी दबाई हुई है। इसके लिए हमने कई बार बोला, लेकिन उन्होंने इसे अन्यथा लेकर झगड़ा किया। हमे मारने की धमकी दी।
नर्मदापुरम जिला मुख्यालय में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी का एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां कुछ युवक निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाली जेसीबी में सवार होकर शहर में घूमने निकल पड़े। वीडियो वायरल होने के बाद ट्रैफिक पुलिस ने जेसीबी को रोककर कार्रवाई की। जानकारी के अनुसार, शाम के समय जेसीबी मालाखेड़ी क्षेत्र स्थित कलेक्टर बंगले के सामने से मीनाक्षी चौक की ओर जा रही थी। जेसीबी में कुल छह लोग सवार थे। एक युवक जेसीबी चला रहा था, जबकि अन्य युवक केबिन और बकेट के पास बैठे थे। किसी ने हेलमेट नहीं पहन रखा था और न ही कोई सुरक्षा व्यवस्था थी। राहगीरों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया। मामला ट्रैफिक विभाग तक पहुंचा। जैसे ही जेसीबी यातायात थाने के सामने पहुंची, पुलिस ने उसे रोक लिया और थाने ले गई। जांच में पता चला कि जेसीबी किसी निर्माण कार्य के लिए नहीं, बल्कि घूमने के लिए निकाली गई थी। वीडियो वायरल होने के बाद हुई कार्रवाई ट्रैफिक डीएसपी संतोष मिश्रा ने बताया कि जेसीबी का उपयोग केवल निर्माण कार्य के लिए किया जाता है। युवक जिस तरह से बाजार की ओर जा रहे थे, उससे साफ था कि वे तफरी करने निकले थे। उन्होंने बताया कि जेसीबी क्रमांक UP 81 DT 3861 लक्फर कंस्ट्रक्शन, अलीगढ़ के नाम पर पंजीकृत है। इसे आमिर पिता इंतजार (20), निवासी मुजफ्फरपुर चला रहा था। चालक के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184 के तहत 3 हजार रुपये का चालान किया गया है। साथ ही उसका ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने के लिए आरटीओ को पत्र भेजा जाएगा। इन नियमों का हुआ उल्लंघन पुलिस के अनुसार, इस मामले में निर्धारित क्षमता से अधिक लोगों को बैठाया गया। जेसीबी का निर्माण कार्य के बजाय घूमने के लिए इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा खुले बकेट और केबिन में लोगों को बैठाकर वाहन चलाना सुरक्षा नियमों का भी उल्लंघन है। डीएसपी संतोष मिश्रा ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने या शौक के लिए इस तरह की हरकत न करें। ऐसा करने पर वाहन जब्त करने सहित सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आगामी कांवड़यात्रा को लेकर मेरठ में तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। सोमवार को मेरठ रेंज के डीआईजी कलानिधि नैथानी ने कांवड़ यात्रा की तैयारियों व सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। थाना सिविल लाईन, लालकुर्ती, देहली गेट, रेलवे रोड़, सदर बाजार का निरीक्षण किया। डीआईजी पहले घंटाघर होते हुए दिल्ली रोड की तरफ गए। इसके साथ ही उन्होंने औघड़नाथ मंदिर व कैंटक्षेत्र में कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं को चैक किया और दिशानिर्देश दिए। पार्किंग, बैरिकेडिंग के लिए भी निर्देश दिए घंटाघर में एसपी सिटी कार्यालय में बने कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। कई जगहों पर कैमरे बंद मिलने पर उनको तुरंत ठीक कराने को कहा। औघड़नाथ मंदिर में पार्किंग, बैरिकेडिंग व्यवस्था देखी। साथ ही दर्शन एकेडमी व नैंसी चौराहे पर पार्किंग बनाने के लिए कहा। औघड़नाथ मंदिर में प्रवेश, निकास की सही व्यवस्था रखें डीआईजी ने कहा कि नीचे लटके बिजली के तारों को टाइट व कैमरा के व्यू बाधित करती घास/ व्यू को समय से ठीक कराएं। जहां अधिकारी बैठकर जनसुनवाई कर रहे है, उस स्थान को भी मिनी कंट्रोल रूम के रूप में तैयार करें, जिसे अधिकारियों द्वारा नियमित ip camera cctv से निगरानी के लिए प्रयोग में लाया जा सके। कांवड़ मार्ग वाले क्षेत्रों में ड्यूटी पर लगे ट्रैफिक पुलिस के TI/ TSI एवं एलआईयू कर्मियों की चौकी व कंट्रोल रूम पर नाम के साथ लिस्टिंग करें। औघड़नाथ मंदिर के प्रवेश द्वार व निकाश द्वार पर जलाभिषेक एवं कांवड़ का जल चढ़ाने को लेकर व्यापक प्रबंध करें।
पश्चिमी राजस्थान में मानसून एक्टिव है। सोमवार दोपहर बाड़मेर और बालोतरा जिलों में ज्यादातर हिस्सों में आंधी के साथ बारिश हुई। बाड़मेर में सबसे ज्यादा बारिश नोखड़ा तहसील में 38 एमएम दर्ज की गई। वहीं बालोतरा में सबसे ज्यादा बारिश कल्याणपुर 56 एमएम हुई। बालोतरा के गिड़ा इलाके को छोड़कर करीब-करीब पूरे इलाके में बारिश हुई। इधर बाड़मेर में बारिश के बाद शहर की सड़कें पानी से लबालब हो गईं। कलेक्ट्रेट परिसर और विवेकानंद सर्किल के आसपास 2 फीट पानी बहने लगा। मौसम विभाग ने 10 जुलाई तक बारिश का अलर्ट जारी किया है। बाड़मेर शहर में 6-7 मिमी बारिश इन दिनों भीषण गर्मी-उमस से लोगों के हाल बेहाल हैं। सोमवार सुबह से बादलों की आवाजाही थी। दोपहर बाद अचानक मौसम बदला। तेज हवा के साथ आंधी शुरू हो गई। इसके बाद रिमझिम बारिश हुई। बाड़मेर के धनाऊ, नोखड़ा, चौहटन, शिव और सेड़वा इलाकों में बारिश हुई है। बाड़मेर शहर व आसपास के इलाकों में 6-7 एमएम बारिश हुई है। इधर बालोतरा जिले में सिणधरी, सिवाना, समदड़ी, पाटौदी, कल्याणपुर, पचपदरा, बालोतरा, गुड़ामालानी, धोरीमन्ना में अच्छी बारिश हुई है। गिड़ा इलाके में बारिश नहीं हुई। बालोतरा शहर में भी अच्छी बारिश हुई है। सोमवार को बाड़मेर का अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 30.4 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने 10 जुलाई तक बारिश का अलर्ट जारी किया है। बाड़मेर जिले में तहसील अनुसार बारिश बालोतरा जिले में तहसील अनुसार बारिश
बिलासपुर के सकरी थाना क्षेत्र में एक ढाबा संचालक को गिरफ्तार किया गया है। उस पर बीच-बचाव करने आए ट्रक ड्राइवरों पर तलवार से हमला करने और उनके वाहन में तोड़फोड़ करने का आरोप है। आरोपी को रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। यह घटना संबलपुरी के पास खालसा ढाबा में हुई। ट्रेलर ड्राइवर मख्खन सिंह ने पुलिस को बताया कि वह 4 जुलाई की रात रायगढ़ से लोहा लोड कर पंजाब जा रहा था और रास्ते में ढाबे पर रुका था। रविवार दोपहर करीब 12:30 बजे मख्खन सिंह खाना खाने ढाबे की ओर जा रहे थे, तभी ढाबा संचालक हैप्पी का कुछ लोगों से विवाद हो रहा था। विवाद शांत कराने के लिए मख्खन सिंह के साथ सरदारा सिंह और ईशहाक खान भी वहां पहुंचे। आरोप है कि बीच-बचाव करने पर हैप्पी भड़क गया और तीनों से गाली-गलौज करने लगा। इसके बाद वह ढाबे से तलवार लेकर आया और सरदारा सिंह और ईशहाक खान पर तलवार के चपटे हिस्से से हमला कर दिया। हमले में सरदारा सिंह की पीठ और ईशहाक खान के सिर में चोटें आईं। आरोपी ने मख्खन सिंह के ट्रेलर का शीशा भी तोड़ दिया और तीनों को तलवार दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। शिकायत के आधार पर सकरी पुलिस ने आरोपी हैप्पी के खिलाफ शस्त्र अधिनियम की धारा 25 और 27 सहित भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2), 296, 324(4) और 351(3) के तहत मामला दर्ज किया है। उसे रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

