मप्र में निगम मंडल और प्राधिकरणों में नियुक्तियां जारी हैं। अब तक करीब 30 नियुक्तियां हो चुकी हैं। संगठन और सरकार का दावा है कि इनसे जातिगत संतुलन, क्षेत्रीय असंतोष और पुराने-नए नेताओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की गई, मगर ऐसा नजर नहीं आता। एनालिसिस में ग्वालियर चंबल को ज्यादा तवज्जो मिली, जबकि सिंधिया समर्थकों को कम मौका मिला। 16 निगम मंडल और प्राधिकरणों में सवर्ण नेताओं को एडजस्ट किया गया, जबकि 5 में एससी-एसटी नेताओं को मौका मिला। ओबीसी और एसटी की एक-एक महिला नेता को जिम्मेदारी दी गई। जानकारों के मुताबिक ये नियुक्तियां अगले साल के नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव और 2028 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर की गईं। कुछ नेताओं को एडजस्ट करने के लिए क्राइटेरिया भी दरकिनार किया गया। मंडे स्पेशल में पढ़िए नियुक्तियों का राजनीतिक समीकरण.. ग्वालियर-चंबल का दबदबा, सिंधिया समर्थकों को तवज्जो नहीं अब तक की नियुक्तियों में ग्वालियर-चंबल संभाग का दबदबा दिखा। 12 निगम मंडल और प्राधिकरणों में यहां के नेताओं को जगह मिली। ज्यादातर नेता नरेंद्र सिंह तोमर के समर्थक हैं। सिंधिया समर्थकों को उम्मीद के मुताबिक तवज्जो नहीं मिली। साडा के अध्यक्ष अशोक शर्मा बनाए गए, जो सिंधिया गुट के माने जाते हैं, जबकि पहले सुरेश पचौरी समर्थक थे। उपाध्यक्ष सुधीर गुप्ता बने, जो पहले कांग्रेस में थे और बाद में बीजेपी में आए। 2020 में सिंधिया के बीजेपी में आने के बाद ग्वालियर चंबल की 16 सीटों पर उपचुनाव हुए थे। इनमें बीजेपी ने 9 सीटें जीतीं और 7 हारी। हारने वाले नेताओं को शिवराज सरकार ने निगम मंडल में एडजस्ट किया था। इस बार सिंधिया समर्थकों का वैसा दबदबा नहीं दिखा। सूत्रों के मुताबिक सिंधिया समर्थकों के लिए केंद्रीय स्तर पर लॉबिंग कर चुके हैं और 30 अप्रैल को नितिन नबीन से मुलाकात की थी। अध्यक्ष पद पर ब्राह्मण और ठाकुर नेताओं की संख्या ज्यादा जातिगत आधार पर अध्यक्ष पद पर ब्राह्मण और ठाकुर नेताओं की संख्या ज्यादा है। 8 में से 4 जगह यादव नेताओं को अध्यक्ष बनाया गया। केपी यादव को नागरिक आपूर्ति निगम का अध्यक्ष बनाया गया, जिन्होंने 2019 में सिंधिया को गुना-शिवपुरी सीट से हराया था। 2024 में उनका टिकट काट दिया गया। महेंद्र यादव अपेक्स बैंक के प्रशासक बने, जो पहले बीज निगम के अध्यक्ष थे और तोमर समर्थक माने जाते हैं। विजय यादव चित्रकूट विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष बने। कुशवाहा और बघेल समुदाय को प्रतिनिधित्व देकर ओबीसी वोट बैंक साधने की कोशिश की गई। ओबीसी और एसी वर्ग से महिलाओं को प्रतिनिधित्व मौजूदा नियुक्तियों में महिलाओं की संख्या ज्यादा नहीं है। पूर्व विधायक रेखा यादव को राज्य महिला आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है। 2008 में वे बीजेपी से विधायक बनी थीं। 2018 में टिकट नहीं मिला और 2023 में समाजवादी पार्टी ने बिजावर से टिकट दिया था, जिसे उन्होंने शिवराज के कहने पर वापस लिया था। पूर्व विधायक साधना स्थापक महिला आयोग की सदस्य बनी हैं। आयोग का कोरम पूरा नहीं हुआ है। कुल 6 पदों में 1 अध्यक्ष और 5 सदस्य हैं, जिनमें 4 पद खाली हैं। साधना गुप्ता का नाम ग्वालियर से ज्यादा नियुक्तियों और नारायण कुशवाह के विरोध के चलते होल्ड पर है। सहरिया विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष के तौर पर गुड्डी आदिवासी को जिम्मेदारी दी गई, जो तोमर समर्थक मानी जाती हैं। महाकौशल, बुंदेलखंड मालवा और विंध्य को तवज्जो नहीं नियुक्तियों में क्षेत्रीय असंतुलन दिखा। ग्वालियर-चंबल को ज्यादा तवज्जो मिली, जबकि मालवा से केवल उज्जैन संभाग से नियुक्तियां हुईं। सौभाग्य सिंह, रमेश शर्मा, ओम जैन और रविंद्र सोलंकी को पद मिले, जो मुख्यमंत्री मोहन यादव के समर्थक माने जाते हैं। पंकज जोशी की नियुक्ति भी मुख्यमंत्री और संघ की पसंद से हुई। महाकौशल से 5 नेताओं को जगह मिली, जिनमें संदीप जैन, विनोद गोटिया, रामलाल रौतेल, कैलाश जाटव और राजेंद्र भारती शामिल हैं। विंध्य में पंचूलाल प्रजापति, विजय यादव और वीरेंद्र गोयल को अध्यक्ष बनाया गया। बुंदेलखंड से रेखा यादव, संजय नगाइच, प्रभुदयाल कुशवाहा और महेश केवट को जगह मिली। जहां पेंच फंसा: गुटबाजी और खींचतान इंदौर और भोपाल में तालमेल की कमी से नियुक्तियां अटकी हैं। IDA में हरि नारायण यादव के नाम पर विरोध हुआ और अब सुदर्शन गुप्ता आगे हैं। BDA में चेतन सिंह के नाम पर सहमति नहीं बनी है। 16 नगर निगमों में एल्डरमैन के नाम एक महीने से अटके हैं, जहां सांसद, विधायक और संगठन के बीच खींचतान जारी है। 'डुअल कंट्रोल मॉडल': दिल्ली और भोपाल का समन्वय इन नियुक्तियों में राज्य सरकार ने स्थानीय समीकरण देखे, लेकिन अंतिम मुहर केंद्रीय नेतृत्व से लगी। राजनीतिक विश्लेषक इसे डुअल कंट्रोल मॉडल कह रहे हैं, ताकि असंतोष को समय रहते नियंत्रित किया जा सके। राजनीतिक नियुक्तियों का क्राइटेरिया 2023 के चुनाव में जिन्हें टिकट नहीं मिला या कट गया, उन्हें एडजस्ट करना जरूरी माना गया। इसमें पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक और प्रभाव वाले नेता शामिल हैं। कम अंतर से हारने वालों को 2028 के लिए एक्टिव रखने के लिए निगम-मंडल में पद दिए जा रहे हैं। लंबे समय से काम कर रहे लेकिन पद नहीं पाने वालों को छोटे या मध्यम बोर्ड-कॉर्पोरेशन में जगह दी जाएगी। संभावित नाम: जिन्हें अभी 'एडजस्ट' करना बाकी है पार्टी में कई बड़े नाम हैं जिन्हें अगली सूचियों में जगह मिल सकती है। इनमें अरविंद सिंह भदौरिया, कमल पटेल, ओ.पी.एस. भदौरिया, लोकेंद्र पराशर और रजनीश अग्रवाल शामिल हैं। सिंधिया गुट से इमरती देवी और महेंद्र सिंह सिसोदिया को भी बड़े पद की उम्मीद है।
भास्कर अपडेट्स:दिल्ली में 5 साल के बच्चे की चाइनीज मांझे से गर्दन कटी, मौत
दिल्ली के उस्मानपुर थाना इलाके में 5 साल के बच्चे की चाइनीज मांझे से गर्दन कटने से मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि बच्चे बाइक पर अपने परिवार के साथ था, वह सबसे आगे बैठा था। घटना रविवार को जग प्रवेश चंद्र अस्पताल के पास हुई। मामले की जांच जारी है।
अंबेडकरनगर जिले के जलालपुर थाना क्षेत्र में एक भीषण सड़क हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई। घटना रात करीब 12 बजे अकबरपुर-जलालपुर मार्ग पर अशरफपुर भुवा भट्ठे के पास हुई। जानकारी के अनुसार यह हादसा दो बाइक सवारों की टक्कर से शुरू हुआ। इस टक्कर में दोनों बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास के लोग घायलों की मदद के लिए मौके पर पहुंचे और उन्हें अस्पताल पहुंचाने का प्रयास कर रहे थे। इसी बीच जलालपुर की ओर से आ रही एक स्विफ्ट डिजायर कार अनियंत्रित होकर मौके पर खड़े लोगों से टकरा गई। इस टक्कर में छह अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी जलालपुर और थाना जलालपुर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों के सहयोग से सभी घायलों को सीएचसी जलालपुर नगपुर पहुंचाया। सीएचसी में डॉक्टरों ने छह व्यक्तियों को मृत घोषित कर दिया। दो गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया। बाद में उन्हें टांडा मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जंहा उपचार के दौरान उनकी भी मौत हो गई। इस हादसे में कुल आठ लोगों की जान चली गई। छह मृतकाें की पहचान कर ली गई है। खबर लगातार अपडेट की जा रही है…
चार साल की मासूम पर कुत्ते का हमला:घर के बाहर खेलते समय हमला, अस्पताल में भर्ती
बहराइच। जिले के दरगाह इलाके में रविवार शाम एक चार साल की बच्ची पर कुत्ते ने हमला कर दिया। बच्ची अपने घर के सामने खेल रही थी। चीख-पुकार सुनकर परिजन दौड़े, जिसके बाद कुत्ता भाग गया। घायल बच्ची को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना दरगाह थाना क्षेत्र के नूरुद्दीनचक गांव में हुई। गांव के एक ग्रामीण की चार वर्षीय बेटी जैनब अपने घर के बाहर खेल रही थी, तभी एक कुत्ते ने पीछे से उस पर हमला कर दिया। परिजनों के डंडे लेकर दौड़ने पर कुत्ता बच्ची को छोड़कर भाग गया। हमले में जैनब की कमर के निचले हिस्से में गहरा घाव हो गया है। जैनब को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों द्वारा उसका इलाज किया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, बच्ची की हालत स्थिर बनी हुई है। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन से इलाके में घूम रहे आवारा कुत्तों को पकड़ने की मांग की है।
12 जून से शुरू होने वाले विमेंस टी-20 वर्ल्डकप के लिए चुनी गई टीम इंडिया में चंडीगढ़ की नंदनी शर्मा भी जगह बनाने में कामयाब रही हैं। 15 सदस्यीय टीम में उन्हें तेज गेंदबाज के रूप में जगह मिली है। वह बिना किसी अंतरराष्ट्रीय मैच के अनुभव के सीधे विश्वकप जैसे बड़े टूर्नामेंट के लिए चुनी गई हैं। हालांकि, वह वीमेंस प्रीमियर लीग (WPL) में खेल चुकी हैं और विकेटों की हैट्रिक भी लगा चुकी हैं। टीम में सिलेक्शन को लेकर नंदनी ने कहा- बहुत अच्छा लग रहा है। यह फीलिंग मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकती। एक्साइटेड होने के साथ मैं नर्वस भी हूं। मिक्स फीलिंग है। दैनिक भास्कर से बातचीत में नंदनी ने बताया कि वह भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और साउथ अफ्रीका की ऑलराउंडर मारिजैन कप्प को अपना आदर्श मानती हैं। उनका सपना इंडिया के लिए कप लाना है और टीम में अपनी जगह बनाए रखना है। पढ़िए, नंदनी शर्मा के साथ बातचीत के मुख्य अंश… सवाल: क्रिकेट में करियर कहां से और कब से शुरू किया?जवाब: जब मैं 8-9 साल की थी, तब मैंने क्रिकेट खेलना शुरू किया था। सेक्टर-26 में एलआईसी एकेडमी थी। राजेश पाठक उस समय मेरे कोच थे। उन्होंने ही मुझे क्रिकेट की बारीकियां सिखाईं। सवाल: परिवार आपके सिलेक्शन पर कैसा महसूस कर रहा है?जवाब: परिवार बहुत खुश है। मतलब पेरेंट्स को इतना खुश देखना उनके बच्चे के लिए बहुत बड़ी बात है। मैं एक्साइटेड हूं। वह खुश हैं तो मैं भी खुश हूं। वह मेरे ऊपर प्राउड फील कर रहे हैं। सवाल: आप क्रिकेट में किसे अपना रोल मॉडल मानती हैं?जवाब: मुझे पुरुष क्रिकेट में इंडियन खिलाड़ी जसप्रीत बुमराह की बॉलिंग बहुत अच्छी लगती है। अगर महिला क्रिकेट की बात करें तो दक्षिण अफ्रीका की मारिजैन कप्प से प्रभावित हूं। मैं दोनों को अपना रोल मॉडल मानती हूं। मैं उन्हें एडमायर भी करती हूं। सवाल: पढ़ाई और क्रिकेट कहां से शुरू की?जवाब: मैंने अपनी पढ़ाई सेक्रेड हार्ट स्कूल चंडीगढ़ से की है। वहीं से क्रिकेट के गुर सीखे हैं। स्कूल में भी क्रिकेट खेलती थी। शाम को एकेडमी और वहां से ट्यूशन जाती थी। सब में बैलेंस बनाकर चलना थोड़ा कठिन होता है, लेकिन सौभाग्य से मैं सभी में अच्छे नंबरों से पास हो गई। मेरी ग्रेजुएशन भी पूरी हो चुकी है। सवाल: फैमिली में आपके परिजन क्या-क्या करते हैं?जवाब: मेरे पिता इंडस्ट्रियल एरिया में स्पेयर पार्ट्स की दुकान करते है। साथ में मुझे क्रिकेट भी सिखाते हैं। मां मेरी हाउसवाइफ हैं। सवाल: अपने इस सफर में किसकी भूमिका अहम मानती हैं?जवाब: मेरे जीवन में हर किसी का रोल अहम रहा है। हर चीज से मैंने कुछ न कुछ सीखा है। चाहे वह अच्छी हो या बुरी। इसीलिए मैं आज इस मुकाम पर पहुंची हूं। अब आगे कोशिश है कि अच्छा खेलती रहूं और टीम में बनी रहूं। टीम के लिए कप लाने में अहम रोल निभाऊं। सवाल: जीरकपुर की खिलाड़ी काशवी की जगह आपको टीम में जगह मिली है। उसके लिए क्या कहेंगी?जवाब: काशवी बहुत ही अच्छी प्लेयर है। उनके नाम कई रिकॉर्ड हैं। मैं तो चाहती हूं कि हम दोनों साथ में खेलें। हम सेम टीम में खेलते भी हैं। सवाल: आपको इंजरी हुई थी। क्या अब उससे रिकवर हो गई हैं?जवाब: थाईलैंड में मेरा इंडिया-ए का डेब्यू मैच था। कैच करते हुए मेरा हाथ कट हो गया था। वह मेरे लिए हार्टब्रेकिंग मोमेंट था। दो टूर्नामेंट डोमेस्टिक मिस किए थे। अब सीधे वर्ल्डकप में नाम आना बहुत अलग फीलिंग है। उस समय फैमिली और फ्रेंड्स ने मोटिवेट किया था।
प्रतापगढ़ जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी का तबादला:अभिषेक पांडेय बने जिले के नए डीएम
प्रतापगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। जिले के जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी का तबादला कर दिया गया है। उनकी जगह अभिषेक पांडेय को प्रतापगढ़ का नया जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है। शिव सहाय अवस्थी को मुख्य कार्यपालक अधिकारी, उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के पद पर भेजा गया है। अभिषेक पांडेय इससे पहले राजस्व परिषद में अपर भूमि व्यवस्था आयुक्त के पद पर कार्यरत थे। शासन के आदेश के बाद यह बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू माना जा रहा है। नए डीएम अभिषेक पांडेय जल्द ही अपना कार्यभार ग्रहण करेंगे। इस प्रशासनिक बदलाव से जिले में विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था और विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में नई गति आने की उम्मीद है।
गुरुग्राम में पत्नी और 4 बच्चों की हत्या मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव के चलते सभी की हत्या की। पिता ने पहले पत्नी-बेटी का गला घोंटा, फिर मासूमों को जहर दे दिया। उसके बाद खुद भी चाकू से अपने दोनों हाथों की नसें काट ली। हालांकि, वो बच गया। आरोपी निजाम ने पुलिस पूछताछ में कबूल किया कि वह पिछले काफी समय से आर्थिक दबाव में था। गुरुग्राम जैसे महंगे शहर में चार बच्चों और पत्नी के साथ गुजर-बसर करना उसके लिए चुनौती बन गया था। इसके लिए उसने कर्ज लिया और उस पर लगभग पांच लाख रुपए उधार हो चुका था। निजाम गढ़ी हरसरू में एक सैलून चलाता था, उसने हिंदू युवती का धर्म बदलवाकर निकाह किया था। इसके बाद दोनों में झगड़े होते रहे, फिर कर्ज और लड़ाई से वो परेशान रहने लगा। इसी हताशा में उसने पूरे परिवार को खत्म कर दिया। वहीं, पुलिस मामले में मैरिटल अफेयर एंगल भी खंगाल रही है। पहले जानिए क्या है पूरा मामला… अब पढ़ें, पुलिस जांच में क्या सामने आया… पहले बच्चों को फिर पत्नी को दिया जहर शुरुआती जांच के मुताबिक शनिवार को काम से लौटने के बाद पत्नी नजमा के साथ किसी बात को लेकर नाजिम का झगड़ा हो गया। इसके बाद उसने अपनी पत्नी नजमा (35) की गला दबाकर हत्या की। फिर बेटी इकरा (12), शिफा (8), बेटा आरम (8) और सबसे छोटी बेटी खतीजा (6) को जहर देकर मार दिया। तीन महीने पहले ही इस मकान में आयाउसके भाई ने बताया कि निजाम यूपी के मुरादाबाद से आकर पहले वजीरपुर में ही भूपेंद्र के मकान में परिवार के साथ रहता था, लेकिन फरवरी में वह रामनिवास के मकान में आ गए थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि नाजिम का अक्सर पत्नी के साथ झगड़ा होता रहता था। नाजिम की ये दूसरी शादी थी। बड़ी बेटी पहली पत्नी और अन्य तीन बच्चे नजमा के थे। शादीशुदा हिंदू लड़की से निकाह किया नजमा ओडिशा की रहने वाली थी और यह निजाम के साथ उसकी दूसरी शादी थी। मुरादाबाद में पड़ोस में रहने के दौरान निजाम और नजमा की मुलाकात हुई थी, जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। ओडिशा की रहने वाली नजमा को जब उसका पहला पति छोड़कर चला गया, तो वह अपनी बड़ी बेटी के साथ अकेली पड़ गई थी। जिसके लिए धर्म बदला, उसी ने ली जान उस मुश्किल वक्त में निजाम ने उसे सहारा दिया, जिसके बाद दोनों ने साथ रहने का फैसला किया।निजाम से निकाह करने के लिए नजमा ने अपना हिंदू धर्म छोड़कर मुस्लिम धर्म अपना लिया था। लव मैरिज के बाद दोनों गुरुग्राम के वजीरपुर आकर बस गए। किसे पता था कि जिस शख्स के लिए नजमा ने अपना धर्म और पिछला जीवन छोड़ दिया, वही आर्थिक तंगी के चलते एक दिन उसका और उसके बच्चों का काल बन जाएगा। मैरिटल अफेयर के एंगल की भी जांच वजीरपुर हत्याकांड की जांच में पुलिस अब मैरिटल अफेयर के एंगल को भी गंभीरता से खंगाल रही है। हालांकि आरोपी निजाम ने शुरुआती पूछताछ में कर्ज और आर्थिक तंगी को हत्या की मुख्य वजह बताया है, लेकिन पुलिस को संदेह है कि घरेलू विवाद के पीछे किसी तीसरे व्यक्ति की मौजूदगी या शक की स्थिति भी हो सकती है। अब क्या जांच रही पुलिस… विसरा जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा पत्नी और बड़ी बेटी की हत्या के बाद अन्य तीन बच्चों की मृत्यु के मामले में पुलिस अब वैज्ञानिक साक्ष्यों का सहारा ले रही है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के बाद तीनों बच्चों के विसरा के नमूने फॉरेंसिक जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। पुलिस का मानना है कि विसरा रिपोर्ट से मौत के सही कारणों और समय का सटीक पता चल सकेगा, जिससे मामले की चार्जशीट मजबूत होगी। कॉल डिटेल खंगाल रही पुलिस जांच अधिकारी नजमा और निजाम के मोबाइल कॉल डिटेल्स (CDR) की जांच कर रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि क्या उनके बीच किसी तीसरे को लेकर कोई तनाव था। पुलिस का मानना है कि केवल 5 लाख के कर्ज के लिए पूरे परिवार को खत्म कर देना एक बड़ा कदम है, इसलिए आपसी रिश्तों में आए तनाव और विश्वास की कमी के हर पहलू की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। अस्पताल से डिस्चार्ज के बाद अरेस्ट करेगी पुलिसपुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया क आसपास के लोगों और मकान मालिक से भी पूछताछ की जा रही है। ताकि घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ा जा सके। पुलिस इस मामले में हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। आरोपी निजाम अभी अस्पताल में भर्ती है। उसके डिस्चार्ज होने के बाद अरेस्ट किया जाएगा।
सैमुअल पॉल एन जौनपुर के नए डीएम बने:2013 बैच के IAS अधिकारी, कानपुर नगर में थे तैनात
सैमुअल पॉल एन को जौनपुर का नया जिलाधिकारी (डीएम) नियुक्त किया गया है। वह भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 2013 बैच के अधिकारी हैं और उत्तर प्रदेश कैडर में कार्यरत हैं। उनका जन्म 23 अगस्त 1985 को हुआ था। उन्होंने इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है, जो उनकी शैक्षणिक योग्यता का हिस्सा है। अपनी नई नियुक्ति से पहले, सैमुअल पॉल एन कानपुर नगर में प्रबंध निदेशक और अतिरिक्त आयुक्त श्रेणी के पद पर तैनात थे। उन्हें इस पद पर 21 फरवरी 2023 को नियुक्त किया गया था।
शहनाई की जगह गूंजी चीखें:जहां से निकलनी थी ननद की डोली, वहां से निकली भाभी की अर्थी
पीलीभीत पूरनपुर के मोहल्ला साहूकारा में रविवार को कुछ ऐसा ही मंजर देखने को मिला, जहाँ खुशियों की दस्तक मातम की चीख में बदल गई। एक ही आंगन में जहाँ पालने की डोरी और बेटी की डोली साथ-साथ सज रही थी, वहाँ अब सन्नाटा पसरा है और एक मासूम नवजात की सिसकियाँ व्यवस्था की संवेदनहीनता पर सवाल खड़ी कर रही हैं। सुरेंद्र कुमार के घर में रविवार को खुशियों का दोहरा संगम था। शुक्रवार को घर में लक्ष्मी (बेटी) के रूप में नई जान आई थी और रविवार को उनकी बहन चांदनी की बारात आनी थी। घर के एक कोने में मंगल गीत गाए जा रहे थे, तो दूसरे कोने में बेटी की विदाई की तैयारियाँ चल रही थीं। लेकिन शनिवार दोपहर तीन बजे अस्पताल के एक 'जानलेवा' इंजेक्शन ने इन तमाम अरमानों को आंसुओं के सैलाब में डुबो दिया। बेबस पति और पत्थर दिल सिस्टम हर्षवती की तबीयत बिगड़ी तो पति सुरेंद्र डॉक्टरों के पैरों में गिरकर अपनी पत्नी की जिंदगी की भीख मांगता रहा। आरोप है कि भीषण गर्मी में वार्ड का पंखा तक बंद था और स्टाफ का दिल पसीजने के बजाय और सख्त हो गया। निजी अस्पताल ले जाने की छटपटाहट और एम्बुलेंस के इंतजार के बीच, सिस्टम की बेरुखी ने एक मां को उसकी कोख से उपजी नन्हीं जान से हमेशा के लिए जुदा कर दिया। अधूरी रही विदाई, ठिठक गई शादी जिस घर के दरवाजे पर बारात का स्वागत होना था, वहाँ से रविवार को एक अर्थी निकली। इस हृदयविदारक घटना ने ननद चांदनी की शादी की खुशियों को रोक दिया है। भाई की कलाई पर राखी बांधने और अपनी नन्ही भतीजी को दुलारने वाली हर्षवती अब केवल यादों में है। आज उस आंगन में सन्नाटा है, जहाँ कल तक ठहाके थे। अस्पताल की एक कथित लापरवाही ने न केवल एक जान ली, बल्कि एक पूरे परिवार के संसार को उजाड़ दिया। वहीं दूसरी तरफ स्वास्थ्य विभाग में पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्य कमेटी गठित की है मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य संगीता अनेजा ने पूरी मामले की जानकारी दी है।
24 घंटे में पलटी कहानी, मां की भी लाश मिली:जिसे बताया गया 4 बेटों का कातिल; उसकी लाश पर चोट के निशान
अम्बेडकरनगर के अकबरपुर थाने के चार मासूमों की हत्या का सनसनीखेज मामला अब सिर्फ एक जघन्य अपराध नहीं, बल्कि पुलिस की कार्यशैली पर बड़ा सवाल बन गया है। महज 24 घंटे के भीतर पूरी कहानी उलटती नजर आ रही। जिस मां गाजिया खातून को पुलिस ने हत्यारोपी बताकर तलाश शुरू की, वही महिला अब खुद संदिग्ध हालात में मृत मिली है। बता दे कि बीते शनिवार को मुरादाबाद मोहल्ले के एक बंद कमरे में चार बच्चों के खून से लथपथ शव मिलने के बाद पुलिस ने तेजी दिखाते हुए मां को ही कातिल घोषित कर दिया। बिना ठोस फॉरेंसिक पुष्टि के यह मान लिया गया कि उसने बच्चों को पहले जहर दिया और फिर ईंट से कूचकर हत्या की। फोटो जारी हुई, तलाश शुरू हुई और कहानी लगभग तय कर दी गई, लेकिन रविवार को जो सामने आया, उसने पूरे घटनाक्रम की नींव हिला दी। घर से महज 100 मीटर दूर नाले के किनारे उसी महिला का शव मिला। शरीर पर चोट के निशान, हालात संदिग्ध। अब सवाल यह है कि क्या पुलिस ने जिस पर उंगली उठाई, वह खुद ही किसी साजिश का शिकार थी। यह मामला अब तीन बड़े सवालों में सिमट गया है क्या मां ही कातिल थी और बाद में उसकी हत्या कर दी गई। क्या वह निर्दोष थी और असली कातिल अब भी बाहर है। या फिर पूरी घटना के पीछे कोई गहरी साजिश है, जिसे समझने में पुलिस चूक गई। स्थानीय लोगों में आक्रोश है कि पुलिस ने पहले ही दिन निष्कर्ष निकालकर जांच की दिशा तय कर दी, जिससे अहम सबूत नजरंदाज होते गए। अब जब कहानी पलट चुकी है, तो वही पुलिस हर एंगल से दोबारा जांच की बात कर रही है। पुलिस ने महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। वहीं, घटनास्थल और आसपास के इलाकों को फिर से खंगाला जा रहा है। इस बीच सऊदी अरब में रह रहा पति सोमवार तक पहुंच सकता है। उसके बयान से पारिवारिक हालात, रिश्तों और संभावित वजहों पर नई रोशनी पड़ सकती है।
छत्तीसगढ़ के बालोद के रहने वाले कृषि विस्तार अधिकारी देवनारायण साहू को रेप के आरोप में उम्रकैद की सजा हुई है। आरोपी ने प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के दौरान अपनी कॉलेज की फ्रेंड से दोस्ती की थी, कई सालों के अफेयर के बाद उसे शादी का झांसा दिया और शारीरिक संबंध बनाए। 2024 में जब देवनारायण की गवर्नमेंट जॉब लगी तो उसने युवती को ‘नीची जाति’ की सतनामी कहकर शादी से साफ मना कर दिया। 2 मई को इस केस में रायपुर की स्पेशल कोर्ट ने आरोपी को SC/ST एक्ट समेत कई धाराओं में दोषी माना और उसे उम्रकैद की सजा सुनाई। जानिए क्या है पूरा मामला ? सरकारी वकील उमाशंकर वर्मा ने बताया कि, पीड़िता बिलासपुर जिले की रहने वाली है। वो देवनारायण साहू के साथ जगदलपुर के एग्रीकल्चर कॉलेज में साथ पढ़ती थी। बाद में दोनों रायपुर में एग्रीकल्चर कोचिंग भी करने लगे। इसी दौरान आरोपी ने युवती को प्रपोज किया। पीड़िता ने कोर्ट में बताया कि उसने शुरुआत में रिलेशनशिप से मना कर दिया था, क्योंकि दोनों की जाति अलग थी और उसे शादी होने की उम्मीद नहीं थी। लेकिन आरोपी ने भरोसा दिलाया कि नौकरी लगने के बाद शादी करेगा। रायपुर के किराए के मकान में पहली बार बनाया संबंध कोर्ट रिकॉर्ड के मुताबिक, फरवरी 2021 में आरोपी ने युवती को रायपुर के धरमपुरा स्थित अपने किराए के मकान में बुलाया। वहां शादी का भरोसा देकर उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाया। पीड़िता ने बयान में कहा कि, 2023-24 के दौरान भी आरोपी लगातार शादी का वादा कर संबंध बनाता रहा। नौकरी लगने के बाद बदल गया व्यवहार साल 2024 में आरोपी की नौकरी ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के पद पर लग गई। इसके बाद उसका व्यवहार बदलने लगा। कोर्ट में पीड़िता ने कहा कि आरोपी उसे ‘नीची जाति की सतनामी लड़की’ कहकर अपमानित करने लगा। इसके बावजूद नवंबर 2025 में आरोपी ने उसे मानपुर बुलाया और फिर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया। रायपुर बुलाकर कहा- ‘हमारे यहां सतनामी लड़की से शादी नहीं होती’ पीड़िता के मुताबिक, 4 दिसंबर 2025 को आरोपी ने उसे रायपुर बुलाया और साफ कहा कि, वह उससे शादी नहीं करेगा, क्योंकि वह सतनामी समाज से है। आरोपी ने यह भी कहा कि वह किसी दूसरी लड़की से शादी करना चाहता है। कोर्ट में मां और भाई ने भी किया समर्थन इस मामले में पीड़िता की मां और भाई ने भी अदालत में बयान दिया। दोनों ने कहा कि युवती ने उन्हें आरोपी की तरफ से शादी का झांसा देकर संबंध बनाने और बाद में जाति के नाम पर शादी से इंकार करने की जानकारी दी थी। मेडिकल रिपोर्ट में भी पुष्टि पीड़िता का मेडिकल परीक्षण करने वाली डॉक्टर ने कोर्ट में बताया कि युवती का हाइमन फटा हुआ था। डॉक्टर ने यह भी कहा कि परीक्षण के दौरान पीड़िता ने आरोपी द्वारा लंबे समय तक शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने की बात बताई थी। अदालत ने क्या कहा ? कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि, आरोपी शुरू से पीड़िता की जाति जानता था, फिर भी उसने धोखे से उसका शोषण किया। कोर्ट ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए उम्रकैद के साथ अन्य धाराओं में सजा और 6 हजार जुर्माना भी लगाया है। इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पंकज कुमार सिन्हा की अदालत में हुई। कोर्ट ने आरोपी को BNS की धारा 64(2)(M) में 10 साल कठोर कारावास, BNS की धारा 69 में 10 साल कठोर कारावास और SC/ST एक्ट की धारा 3(2)(5) में उम्रकैद की सजा सुनाई है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। ……………… इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… कृषि मंडी अधिकारी ने महिला अफसर से किया रेप: 6 फरवरी को शादी थी, फोन बंद कर बनाई दूरी; काम के दौरान हुई थी मुलाकात कोरबा जिले में पदस्थ कृषि मंडी अधिकारी को महिला अफसर से रेप के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया है। एक साल पहले राहुल साहू (33) और पीड़िता की काम के दौरान दोनों की मुलाकात हुई और दोस्ती प्यार में बदल गई। राहुल ने शादी का वादा कर लड़की से कई बार संबंध बनाए। पढ़ें पूरी खबर…
पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरलम और पुडुचेरी में कैंपेन के दौरान कई ऐसे नजारे दिखे, जो चुनाव से ज्यादा चर्चा में रहे। पीएम मोदी ने बंगाल में झालमुड़ी खाई, तो राहुल गांधी केरलम में साइकिल से घूमे। ममता ने सब्जी खरीदी तो मोदी ने नाव चलाने वाले को गले लगा लिया। 51 दिन के 8 बेस्ट मोमेंट्स…
बरगी बांध में हुए क्रूज हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई है। इनमें 8 महिलाएं, 4 बच्चे और एक पुरुष शामिल हैं। करीब 60 घंटे के रेस्क्यू के बाद सभी शवों को बाहर निकाल लिया गया। 22 लोग हादसे में सुरक्षित बचे हैं। इन 22 लोगों में एक नाम है- महेश पटेल का। महेश ही वह शख्स थे जिनके हाथों में 30 अप्रैल के दिन क्रूज की कमान थी। यही उसके को-पायलट थे। हादसे के बाद मुख्यमंत्री के आदेश पर महेश पटेल को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। दैनिक भास्कर ने महेश पटेल से बातचीत की है। हादसे के बाद महेश पटेल सहमे हुए हैं। कहते हैं- वो मंजर ऐसा था जिसे मैं कभी नहीं भूल सकता। मेरी गलती नहीं थी, लेकिन फिर भी सबसे माफी मांगता हूं। महेश का कहना है कि वे आखिरी दम तक क्रूज के अंदर फंसे रहे, किसी को छोड़कर नहीं भागे। सवाल: जब आप निकले थे तो उस समय क्या हुआ था?महेश: 30 अप्रैल गुरुवार शाम 5:16 पर बरगी बांध से एक क्रूज निकलता था। हमारा एक चक्कर लगभग 45 मिनट का होता है। इसमें हम 7 किलोमीटर का सफर तय करते हैं। इसमें 3:30 किलोमीटर जाना और 3:30 किलोमीटर आना होता है। हम लौट रहे थे, उस समय लगभग 6:45 का टाइम रहा होगा। हम किनारे से लगभग 50 मीटर की दूरी पर ही थे और जोर की हवा चलने लगी। हवा लगभग 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से थी। मैंने सोचा कि पास में ही चल रहे एलएनटी के ब्रिज के यहां क्रूज को पार्क किया जाए। मैंने अपने स्टाफ से कहा कि हवा तेज है, आप सभी को लाइफ सपोर्ट जैकेट बांट दीजिए। स्टाफ ने सभी को जैकेट बांट दिया। देखते ही देखते क्रूज में पानी भरने लगा। क्रूज का एक इंजन स्लो था जिसने काम करना बंद कर दिया और धीरे-धीरे क्रूज एक तरफ झुकते हुए नदी में गिरने लगा। जब क्रूज पानी में गिर रहा था तब भी मैं अंदर ही था, क्योंकि मेरा केबिन ऊपर की तरफ होता है। जब क्रूज पानी में गिर गया उसके बाद में लहरों ने मुझे बाहर फेंक दिया। मेरा पैर भी रैलिंग में फंस चुका था। मैं जैसे ही बाहर निकला किनारे पर लोगों ने मुझे बैठाया और अस्पताल पहुंचाया। महेश: क्रूज में 30 लोग सवार थे, जिसमें 6 बच्चे थे। 29 लोगों के पास टिकट था। एक के पास नहीं था। कुछ बच्चों के टिकट नहीं लगे थे। ऊपर से फोन आया कि 29 लोगों के टिकट हैं, एक फ्री है, आप निकल जाइए। यह हादसा होने के बाद मुझे बाद में पता चला कि चार-पांच लोग एक्स्ट्रा थे जिनके पास टिकट नहीं था। टिकट काटने और टिकट चेक करने का काम नीचे से ही होता है। महेश: 3 साल पहले क्रूज का मेंटेनेंस हुआ था। तब से क्रूज एकदम नया जैसा था। बाकी छोटे-मोटे मेंटेनेंस होते रहते थे। यदि कोई छोटी-मोटी खराबी होती थी तो हैदराबाद की कंपनी द्वारा हमें बताया जाता था कि किस तरह ठीक किया जा सकता है और क्या खराबी है। महेश: क्रूज को मैं पिछले 10 साल से चला रहा हूं। 2012 में ट्रेनिंग ली थी। ट्रेनिंग हमारी 28 दिन की थी। हमें क्रूज चलाना, क्रम में बैठे लोगों को आपातकाल स्थिति में कैसे बचाया जाता है, इसकी ट्रेनिंग दी जाती है। महेश: मुझे ऊपर से किसी भी तरह का कोई निर्देश नहीं मिला था कि क्रूज संचालन रोकना है या येलो अलर्ट जारी है। हमें इस बारे में स्पष्ट निर्देश दिए जाते तो हम कभी भी क्रूज को पानी में नहीं उतारते। पूरी खबर पढ़ें… क्रूज हादसे की पीड़िता बोलीं- दवा नहीं, पहले बिल थमाया मध्यप्रदेश के जबलपुर में क्रूज हादसे की चश्मदीद और पीड़िता वाराणसी की सविता वर्मा ने हादसे के बाद के हालात और सिस्टम की संवेदनहीनता को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि “हम मौत को छूकर वापस आए थे, लेकिन अस्पताल में हमारी हालत से ज्यादा बिल की चिंता दिखाई दी।”पूरी खबर पढ़ें
यूपी, राजस्थान, बिहार और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में आंधी-बारिश का दौर जारी है। राजस्थान में रविवार को खराब मौसम के कारण तीन लोगों की मौत हो गई। दौसा के लालसोट और कोटपूतली-बहरोड़ के नारायणपुर में ओले गिरे। यूपी के सुल्तानपुर में चक्की पर पेड़ की डाल गिरने से एक की मौत हो गई। फर्रुखाबाद में आंधी से पोल उखड़ गए, जबकि कानपुर में रेलवे ट्रैक पर पेड़ गिर गया। हरियाणा के सिरसा, भिवानी और महेंद्रगढ़ में रविवार को तेज बारिश के साथ ओले गिरे। उत्तराखंड के भी 11 जिलों में बारिश हुई। नैनीताल, देहरादून और अल्मोड़ा में ओले भी गिरे। जम्मू-कश्मीर के लघामा में लैंडस्लाइड के बाद बारामूला-उरी नेशमल हाइवे बंद कर दिया गया। ट्रैफिक को उरी की ओर बांदी-परानपिलन-दाची मार्ग से डायवर्ट किया गया है। रविवार को राजस्थान के फलोदी में 44.8C और महाराष्ट्र के वर्धा 43.5C तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने आज 13 राज्यों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, 10 राज्यों में आंधी के साथ बिजली गिरने की संभावना है। अगले 2 दिन के मौसम का हाल 5 मई: 6 मई: देशभर से मौसम से जुड़ी 3 तस्वीरें
हरियाणा में भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई अपनी ही पार्टी से नाराज हैं। इसकी वजह है भाजपा की राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल पर दिया गया बदमाशी वाला बयान। कुलदीप भाजपा को स्पष्ट रूप से कह चुके हैं कि अगर रेखा शर्मा ने माफी नहीं मांगी, तो यह मामला यहीं नहीं रुकेगा। कुलदीप के बागी तेवर देखते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली भी कह चुके हैं कि कुलदीप बिश्नोई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा। कुलदीप बिश्नोई का राजनीतिक सफर कई उतार-चढ़ावों से भरा रहा है। 2005 में कांग्रेस द्वारा भजनलाल को मुख्यमंत्री न बनाने पर उन्होंने 2007 में हरियाणा जनहित कांग्रेस (हजकां) का गठन किया। 2014 में हजकां ने भाजपा के साथ गठबंधन किया, लेकिन विधानसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे पर सहमति न बनने के कारण गठबंधन टूट गया। 2016 में कुलदीप ने अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय कर दिया, लेकिन 2021 में प्रदेश अध्यक्ष न बनाए जाने से नाराजगी और 2022 में राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के आरोपों के बाद भाजपा में शामिल हो गए। अब सबकी नजर इस बात पर है कि कुलदीप बिश्नोई आगे क्या फैसला करेंगे? पॉलिटिक एक्सपर्ट्स का माना है कि कुलदीप के पास भाजपा छोड़ने का विकल्प नहीं है। कांग्रेस में भूपेंद्र सिंह हुड्डा के होते हुए वे दोबारा वहां नहीं जाएंगे। भाजपा को भी पता है कि उनके लिए आगे की राह आसान नहीं है। रेखा शर्मा का वह बयान, जिससे कुलदीप बिश्नोई नाराज… जानिए हजकां बनाने के बाद भाजपा से गठबंधन कैसे हुआ… भजनलाल को सीएम न बनाने पर बनाई हजकां कांग्रेस ने साल 2005 के विधानसभा चुनाव में तत्कालीन प्रदेशाध्यक्ष भजनलाल के नेतृत्व में 67 सीटें जीती थी, लेकिन उनकी जगह भूपेंद्र सिंह हुड्डा को हाईकमान ने मुख्यमंत्री बनाया। हाईकमान ने भजनलाल के बड़े बेटे चंद्रमोहन को डिप्टी सीएम का ऑफर दिया। साथ ही कुलदीप को केंद्र में मंत्री पद का ऑफर। भजन लाल इस पर नाराज नहीं थे, लेकिन समर्थक विधायकों के टूटने का डर था। इसके बाद भजनलाल ने 2007 में हरियाणा जनहित कांग्रेस (हजकां) का गठन किया। 2009 में हजकां ने 6 सीटें जीतीं 2009 में विधानसभा चुनाव हुए तो हजकां ने 6 सीटें जीतीं। कांग्रेस को 40 सीटें मिलीं और वह बहुमत से दूर रह गई। सरकार बनाने के लिए 46 विधायक चाहिए थे, लेकिन हजकां के 5 विधायक कांग्रेस में शामिल हो गए। कुलदीप बिश्नोई ने सदस्यता रद्द करवाने के लिए हरियाणा विधानसभा में स्पीकर के पास याचिका दायर की, लेकिन स्पीकर ने यह मामला काफी समय तक लंबित रखा और बाद में खारिज कर दिया। इसके बाद कुलदीप पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में गए। कोर्ट ने अक्टूबर 2014 को पांचों विधायकों की सदस्यता दल बदल कानून के तहत रद्द कर दी। 3 जून 2011 को भजनलाल का निधन हो गया। इसके बाद पार्टी की कमान कुलदीप बिश्नोई के हाथ में आ गई। लोकसभा चुनाव में हजकां ने भाजपा से गठबंधन किया 2014 में हरियाणा जनहित कांग्रेस का भाजपा के साथ गठबंधन हुआ। मोदी लहर में 2014 के लोकसभा चुनाव में इस गठबंधन ने सभी 10 सीटों पर चुनाव लड़ा। भाजपा ने 7 सीटें जीतीं, जबकि एक सीट कांग्रेस और 2 सीटें इनेलो के पास आईं। हजकां अपने कोटे की हिसार और सिरसा लोकसभा सीट हार गई। 2014 में भाजपा से गठबंधन टूटने और फिर कांग्रेस में जाने की कहानी… विधानसभा चुनाव में 45-45 फार्मूला न मिलने पर गठबंधन तोड़ा 2014 के विधानसभा चुनाव में दोनों पार्टियों के बीच 45-45 सीटों पर चुनाव लड़ने का समझौता लागू न होने पर गठबंधन टूट गया। कुलदीप ने दावा किया कि भाजपा ने 20 से ज्यादा सीटें देने से मना कर दिया, जिसके कारण गठबंधन टूट गया। इसके बाद कुलदीप बिश्नोई की पार्टी ने 65 सीटों पर उम्मीदवार उतारे। इस चुनाव में आदमपुर से कुलदीप और हांसी से उनकी पत्नी रेणुका बिश्नोई को जीत मिली। 2016 में हजकां का कांग्रेस में विलय कुलदीप बिश्नोई ने 2016 में अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय कर दिया। 2019 में कुलदीप बिश्नोई ने कांग्रेस के टिकट पर आदमपुर सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। 9 अप्रैल 2021 को कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष कुमारी सैलजा के इस्तीफे के बाद कुलदीप बिश्नोई प्रदेशाध्यक्ष पद की दौड़ में थे। जानिए कांग्रेस छोड़कर दोबारा भाजपा में कैसे गए… 2021 में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष न बनने पर नाराज राजनीतिक गलियारों में चर्चा थी कि हुड्डा भी अपने बेटे दीपेंद्र हुड्डा को प्रदेशाध्यक्ष बनाना चाहते थे, परंतु राज्यसभा सांसद होने और खुद हुड्डा के नेता प्रतिपक्ष होने के कारण यह संभव नहीं था। इसलिए कुलदीप बिश्नोई इस दौड़ में सबसे आगे थे। हुड्डा ने उदयभान का नाम हाईकमान के सामने रख दिया और 27 अप्रैल 2021 को अपनी बात मनवाने में कामयाब रहे। क्रॉस वोटिंग के आरोपों पर 2022 में भाजपा में गए 2022 में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान कुलदीप बिश्नोई पर निर्दलीय उम्मीदवार कार्तिकेय शर्मा को वोट देने के आरोप लगे, जिसके बाद वह कांग्रेस से दूर होते चले गए। उन्होंने आदमपुर सीट से इस्तीफा दे दिया और भाजपा में शामिल हो गए। इसके बाद आदमपुर में उपचुनाव हुए, जिसमें उनके बेटे भव्य बिश्नोई ने जीत दर्ज की। अब जानिए पॉलिटिकल एक्सपर्ट ने क्या कहा… भाजपा छोड़ने का फैसला नहीं करेंगे हरियाणा की राजनीति के जानकार और पॉलिटिकल एक्सपर्ट सतीश त्यागी बताते हैं कि कुलदीप बिश्नोई अभी भाजपा छोड़ने का फैसला नहीं करेंगे, क्योंकि उनके पास फिलहाल कोई और विकल्प नहीं है। कांग्रेस में भूपेंद्र सिंह हुड्डा के होते हुए वह दोबारा वहां जाने की गलती नहीं करेंगे। हालांकि, कुमारी सैलजा की तरफ बिश्नोई परिवार का एक सॉफ्ट कॉर्नर है और चंद्रमोहन भी कांग्रेस में सैलजा खेमे में हैं। इस विकल्प का बिश्नोई परिवार इस्तेमाल कर सकता है। समर्थकों को आश्वसत करने के लिए बयान दिया सतीश त्यागी ने आगे बताया कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव 2029 में होंगे। ऐसे में वह भाजपा में ही रहकर अपनी लड़ाई जारी रख सकते हैं। जहां तक उनके बयान की बात है, तो हो सकता है कि वह अपने समर्थकों को आश्वस्त करने के लिए कड़े बयान दे रहे हों। भाजपा को भी कहीं न कहीं पता है कि कुलदीप बिश्नोई के लिए आगे की राह कठिन है। वहीं, इनेलो और जजपा अभी खुद ही जमीन पर संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे में भाजपा में बने रहने का विकल्प ही उनके पास है, क्योंकि वह खुद की हजकां पार्टी का कांग्रेस में पहले ही विलय कर चुके हैं। ----------------------------- ये खबर भी पढ़ें :- कुलदीप बिश्नोई को नोटिस जारी करेगी BJP:बड़ौली बोले- जरूरी नहीं जैसा बाप, बेटा भी वैसा हो; कुलदीप पिता भजनलाल पर बयान से नाराज हरियाणा में भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई के राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा से माफी मंगवाने की मांग को लेकर बनाए गए वीडियो पर विवाद बढ़ गया है। रविवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली ने कहा कि हम कुलदीप बिश्नोई को नोटिस जारी कर जवाब मांगेंगे। पढ़ें पूरी खबर…
हरियाणा में औसत अधिकतम तापमान में शनिवार के मुकाबले रविवार को 3.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। जिसके चलते राज्य में अधिकतम तापमान सामान्य से 4.4 डिग्री कम बना हुआ है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस नारनौल में दर्ज किया गया। हालांकि, तापमान में गिरावट के साथ मौसम का मिजाज बदला हुआ है और कई जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं तथा ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। आज कई हिस्सों में चलेंगी तेज हवाएं विभाग ने आज चार मई सोमवार को राज्य के विभिन्न हिस्सों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, बिजली चमकने और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि होने का अलर्ट जारी किया है। जिसके चलते पूरे हरियाणा में आज मौसम बदला नजर आएगा। 11 जिलों में ओलावृष्टि की संभावना पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, मेवात, पलवल, सिरसा और फतेहाबाद में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और ओलावृष्टि की संभावना है। इन जिलों में चलेंगी तेज हवाएं वहीं कैथल, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, रोहतक, सोनीपत, पानीपत, हिसार, जींद, भिवानी और चरखी दादरी में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, मेवात, पलवल, सिरसा, फतेहाबाद, कुरुक्षेत्र और करनाल सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं, जबकि अन्य जिलों में भी कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। अधिकतम तापमान की संभावना मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी 24 घंटों के दौरान तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट आने की संभावना है। सावधानी बरतने की अपील मौसम में इस बदलाव से किसानों को फसलों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि तेज हवाएं और ओलावृष्टि नुकसान पहुंचा सकती हैं। वहीं आमजन को भी खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील की गई है। 6 तक ऐसा ही रहेगा मौसम बारिश और तेज हवाओं के चलते प्रदेशभर में गर्मी का असर फिलहाल कम रहेगा, जिससे लोगों को मई माह की शुरुआत में राहत महसूस हो रही है। वहीं मौसम विभाग का कहना है कि 6 मई तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा।
मध्य प्रदेश में आंधी, बारिश और ओले का दौर जारी है। 4 दिनों से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। तेज गर्मी की बजाय बारिश हो रही है। ऐसा ही मौसम अगले 4 दिन तक बना रहेगा। मौसम केंद्र भोपाल (IMD) ने सोमवार को 34 जिलों में आंधी-बारिश और 6 में ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। आज भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और रीवा में ओले गिर सकते हैं। वहीं, भोपाल, रायसेन, सीहोर, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना और दमोह में आंधी-बारिश की चेतावनी जारी की गई है। आंधी की रफ्तार 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि प्रदेश में ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) की एक्टिविटी है। इस वजह से तेज आंधी, बारिश का दौर चल रहा है। कहीं-कहीं ओले भी गिर रहे हैं। 7 मई तक ऐसा ही मौसम बना रहेगा। भीषण गर्मी का ट्रेंड, लेकिन इस बार बदलाव जानकारों की माने तो मई महीने में भीषण गर्मी का ट्रेंड रहा है, लेकिन इस बार मई की शुरुआत आंधी-बारिश के साथ हुई है। अगले 4 दिन यानी 7 मई तक प्रदेश में ऐसा ही मौसम बना रहेगा। बता दें, गुरुवार को तेज आंधी के कारण जबलपुर के बरगी डैम में क्रूज डूब गया था। जिससे 13 जानें चली गईं। इसके बाद शनिवार को बैतूल में आंधी की रफ्तार रिकॉर्ड 85 किमी प्रतिघंटा दर्ज की गई थी। अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम… मई में MP के 5 बड़े शहरों में ऐसा ट्रेंड... भोपाल में गर्मी-बारिश का ट्रेंड भोपाल में मई में मौसम के ट्रेंड की बात करें तो 10 साल में तेज गर्मी और बारिश दोनों का ही दौर रहा है। 2016 में पारा 46.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका, जो ओवरऑल रिकॉर्ड है। यहां इस महीने बारिश भी होती है। 2014 से 2023 तक हर साल बारिश हुई। 2021 और 2023 में 2 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। इस बार भी मई में बारिश का अलर्ट है। इंदौर में 2023 में गिरा था 3 इंच पानी इंदौर में भी पारा 46 डिग्री के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, 31 मई 1994 को इतना तापमान दर्ज किया गया था। इस महीने यहां भी मौसम में बदलाव देखने को मिलता है। इसके चलते बादल छाए रहते हैं तो बौछारें भी गिरती हैं। पिछले साल पूरे महीने 3 इंच बारिश हुई थी। वर्ष 2014 से 2023 के बीच 9 साल बारिश हो चुकी है। ग्वालियर में 48 डिग्री के पार पहुंच चुका पारा ग्वालियर में गर्मी का ट्रेंड बाकी शहरों से अलग रहता है। यहां ज्यादा गर्मी पड़ती है। 10 साल में यहां पारा एक बार 47 डिग्री और 3 बार 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। 30 मई 1947 को 48.3 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया था। 17 मई 1953 को 24 घंटे में सर्वाधिक 41.9 मिमी, यानी डेढ़ इंच से अधिक बारिश हुई थी। 2023 में भी ढाई इंच पानी गिरा था। जबलपुर में 3 बार 45 डिग्री पार कर चुका तापमान जबलपुर की बात करें तो यहां 25 मई 1954 को पारा 46.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। 10 साल में 3 बार टेम्परेचर 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक भी रहा है। जबलपुर में मई में बारिश का ट्रेंड भी रहता है। 2014 से 2023 में हर साल बारिश हुई है। वर्ष 2021 में पूरे महीने 3 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। पिछले साल 2 इंच पानी गिरा था। उज्जैन में भी गर्मी, बारिश का ट्रेंड उज्जैन में भी इस महीने गर्मी और बारिश का ट्रेंड रहता है। 22 मई 2010 को रिकॉर्ड 46 डिग्री सेल्सियस तापमान पहुंचा था। वहीं, 2014 से 2023 के बीच एक बार पारा 45 डिग्री के पार रह चुका है। हालांकि, पिछले साल पारा 42.4 डिग्री से ज्यादा नहीं गया था। इस महीने पौन इंच के करीब बारिश भी हुई थी।
दिल्ली की IAS एकेडमी की डायरेक्टर को भोपाल में बदमाशों ने किडनैप कर लिया था। बुधवार दोपहर (29 अप्रैल) को 9 बदमाशों ने उन्हें 4 घंटे बंधक बनाकर रखा। पिस्टल अड़ाकर 1 करोड़ 89 लाख रुपए ट्रांसफर भी करा लिए। इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड प्रियंक शर्मा है। वह भोपाल में UPSC की कोचिंग चलाता था। 2019 तक उसने लगातार तीन बार यूपीएससी के लिए अटेम्प्ट दिए। तीनों बार सफलता नहीं मिली। इसके बाद उसने कोचिंग संचालन का प्लान बनाया। वह दिल्ली में रहकर आईएएस कोचिंग में पढ़ चुका था, लिहाजा डायरेक्टर शुभ्रा रंजन और अन्य स्टाफ से उसके अच्छे संबंध थे। कोविड के चलते कोचिंग बंद हो गई। उसका काफी पैसा डूब गया था, जिसे वह एकेडमी की डायरेक्टर शुभ्रा रंजन से वसूलना चाहता था। ऐसे में उसने दो महीने तक प्लानिंग की। साजिश में शामिल हर किरदार की स्क्रिप्ट तैयार की। एक साथी दीपक को मृत होने का नाटक करने की ट्रेनिंग तक दी। बार-बार रिहर्सल भी कराई, जिससे कोई चूक न हो। इसके बाद शुभ्रा को बहाने से भोपाल बुलाकर किडनैप कर लिया। पुलिस ने रविवार (3 मई) को मामले का खुलासा कर दिया। 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 3 फरार हैं। पूछताछ में आरोपियों ने कई खुलासे किए हैं। उसने कहा कि कोचिंग में बर्बाद हो गया था। पढ़िए, यह रिपोर्ट… कोविड के चलते बंद करनी पड़ी कोचिंग आरोपी प्रियंक ने दिल्ली में शुभ्रा को प्रपोजल दिया कि भोपाल में उनके संस्थान आईएएस एकेडमी की फ्रेंचाइजी नहीं है। अगर वह उसे फ्रेंचाइजी दें, तो संस्थान का विस्तार होने के साथ अच्छी कमाई भी होगी। शुभ्रा उसकी बातों में आ गईं और उसे फ्रेंचाइजी दे दी। इसके इनोग्रेशन में शामिल होने वह भोपाल भी आई थीं। इसके 7 महीने बाद ही कोविड का दौर शुरू हो गया। प्रियंक को कोचिंग पर ताला लगाना पड़ा। इसमें इन्वेस्ट की बड़ी रकम वह खो बैठा था। तब से उसके दिमाग में सिर्फ एक ही सनक सवार थी। वह किसी भी तरह डूबी रकम शुभ्रा से वसूलना चाहता था। वह जानता था कि आईएएस एकेडमी प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक है और शुभ्रा को इससे अच्छी कमाई होती है। इसी के चलते उसने शुभ्रा के अपहरण से लेकर फिरौती वसूलने तक का पूरा प्लान बनाया। इसकी स्क्रिप्ट भी तैयार की। सबसे पहले उसने अपनी साजिश में भरोसेमंद विक्की, दीपक और रोहित को शामिल कर लिया। हर हाल में बुलाना चाहता था भोपाल प्रियंक ने दो महीने तक पूरी प्लानिंग की। वह हर हाल में शुभ्रा को भोपाल बुलाना चाहता था। उसी ने होटल ताज में शुभ्रा और उनके साथ आए दो अन्य लोगों के ठहरने की व्यवस्था की। प्लानिंग के तहत उन्हें होटल से पिक कर बागसेवनिया स्थित फ्लैट तक ले गया। उसने अन्य सहयोगियों को भी पूरी प्लानिंग पहले से बता रखी थी। इसके चलते शुभ्रा और उनके दोनों सहयोगियों के फ्लैट में पहुंचते ही उन्हें एक कमरे में बंधक बना लिया गया। सभी पर पिस्टल तान दी गई। पहचान छिपाने के लिए आरोपियों ने चेहरों पर नकाब पहन रखे थे। जिस फ्लैट में शुभ्रा को बंधक बनाया गया, उसे दो दिन पहले ही किराए पर पूरी लिखा-पढ़ी के साथ लिया था। प्रियंक ने पहले से ही हर किरदार को उसकी भूमिका समझा दी थी। इसकी बाकायदा रिहर्सल भी कराई गई थी। दो महीने से पूरी प्लानिंग की जा रही थी, ताकि चूक की संभावना कम से कम रहे। लाश को बॉक्स में रखने का नाटक किया प्रियंक ने प्लान के तहत दीपक भगत को एक्टिंग सिखाई। इसकी बाकायदा रिहर्सल भी कराई गई। जब शुभ्रा और उनके साथियों को बंधक बनाया गया, तब दीपक पहले से उसी कमरे में मौजूद था। वह मरा हुआ होने की एक्टिंग कर रहा था। शुभ्रा को कमरे में लाते ही दीपक को शव बताकर एक बॉक्स में बंद किया गया। आरोपी आपस में बात करते रहे कि समय पर इसने बात मान ली होती, तो आज जिंदा होता। इसकी लाश को कहीं जंगल में ले जाकर ठिकाने लगा दो। यह सब करने के पीछे आरोपियों का मकसद था कि बिना किसी बल प्रयोग के पीड़िता और उनके साथियों में डर बैठाया जा सके। यह नजारा देखने के बाद ही पीड़िता घबरा गईं और तीन बार में प्रियंक के दो अलग-अलग खातों में 1 करोड़ 87 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। एम्स के ICU से मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी प्रियंक वारदात के बाद विदेश भागने की तैयारी में था। इसके लिए वह कई एजेंट्स के संपर्क में था। शिकायत के बाद पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी। उसके रिश्तेदारों की निगरानी शुरू की। गिरफ्तारी के डर से वह भोपाल में एम्स अस्पताल के आईसीयू में भर्ती हो गया। क्राइम ब्रांच को भनक लगते ही टीम ने अस्पताल पहुंचकर आईसीयू से ही उसे गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान उसकी मां और पत्नी ने गिरफ्तारी का विरोध किया, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई जारी रखते हुए उसे हिरासत में ले लिया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने अन्य 5 आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। यह खबर भी पढ़ें… दिल्ली की IAS एकेडमी डायरेक्टर का अपहरण भोपाल में 9 बदमाशों ने बुधवार दोपहर दिल्ली की IAS एकेडमी की डायरेक्टर को किडनैप कर लिया। 4 घंटे बंधक बनाकर रखा। कनपटी पर पिस्टल सटाकर करीब 1 करोड़ 89 लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए। पूरी खबर यहां पढ़ें...
मथुरा के थाना बरसाना क्षेत्र में पुलिस की रविवार की देर रात हत्या के प्रयास में फरार चल रहे आरोपी से मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ में आरोपी पैर में गोली लगने से घायल हो गया। जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। आरोपी ने 5 दिन पहले गाली गलौज देने से टोकने पर अपने ही ताऊ और चचेरे भाई पर जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया था। जिसके कारण दोनों गोली लगने से घायल हो गए थे। गाली गलौज देने को लेकर हुआ था विवाद थाना बरसाना क्षेत्र के गांव नगला इमाम खां के रहने वाले शाकिर ने पुलिस को सूचना दी कि 29 अप्रैल की शाम को चाचा बल्ली शराब के नशे में दूसरे चाचा हेलम के घर के सामने गाली गलौज कर रहा था। इसी दौरान हेलम के बेटे कप्तान और सलमान आ गए और वह भी गाली गलौज देने लगे। विवाद बढ़ता देख शाकिर के पिता हाकम और भाई मोमन भी मौके पर पहुंच गया और मामले को शांत करने का प्रयास करने लगा। कप्तान ने किया फायर शाकिर के अनुसार विवाद के दौरान कप्तान और सलमान दोनों घर के अंदर से अवैध तमंचा निकाल लाए।जिसके बाद हाकम और मोमन पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। इस हमले में हाकम और मोमन गोली लगने से घायल हो गए। जिससे मौके पर अफरा तफरी मच गई। तत्काल हाकम और मोमन को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। FIR दर्ज कर तलाश में जुटी पुलिस नगला इमाम खां में हुई इस वारदात के बाद पुलिस ने शाकिर की तहरीर पर मुकद्दमा दर्ज कर आरोपी कप्तान और सलमान की तलाश शुरू कर दी। घटना के 5 दिन बाद पुलिस ऊंचागांव रिथौरा जाने वाले रास्ते पर चैकिंग कर रही थी इसी दौरान सूचना मिली कि कलता। बंबे की पटरी के पास मौजूद है। सूचना पर पुलिस उसे गिरफ्तार करने पहुंच गई। जहां कप्तान ने पुलिस पर भी फायर कर दिया। जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की। जिसमें कप्तान गोली लगने से घायल हो गया। जिसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करा दिया। पुलिस ने आरोपी से तमंचा और कारतूस बरामद किए।
मरुस्थल में अंगूर... कल्पना भी नहीं कर सकते। लेकिन डीडवाना-कुचामन जिले के सूपका के धर्मपाल खालिया और चौधरी परिवार ने इसे हकीकत बना दिया है। ये लोग बारिश में बाजरा, मूंग–मोठ आदि की पारंपरिक खेती कर रहे हैं। कारण पानी की कमी। यहां की शुष्क जलवायु में भी धर्मपाल ने अंगूर की खेती के बारे में सोचा। चार साल पहले डीडवाना स्थित नर्सरी से अंगूर के पौधे लेकर आए और घर के परिसर में चार बेल लगाई। तापमान नियंत्रण के लिए जूट की बोरियों से छाया की। अब मेहनत रंग ला रही है। पहली बार फल उत्पादन शुरू हो गया है। धर्मपाल बताते हैं कि पहली बार पचास हजार की इनकम हुई है। यह इनकम बड़ी नहीं है लेकिन अंगूर की पौध पनपाने में सफल होना बड़ी बात है। हमने चार बेल ही लगाई थी। अब बड़ा बगीचा बनाएंगे। अंगूर के साथ साथ कुछ पौधे नींबू, चीकू, अनार व अमरूद के भी लगाए हैं। उनसे भी फल मिलने शुरू हो गए हैं। बागवानी के लिए कुछ जानकारी इंटरनेट से जुटाई। उन्होंने बताया कि अंगूर की बेल 40 डिग्री तक के तापमान में लग जाती है। बड़ी होने पर 45 डिग्री पारा भी सहन कर लेती है। यह शुष्क जलवायु में अच्छी तरह से उग जाती है। सुपका डीडवाना क्षेत्र में पानी की कमी है और खारे पानी की समस्या भी है। ऐसे में अंगूर की बेल एक विकल्प के तौर पर उगाने का प्रयास किया था। अंगूर को ज्यादा पानी की जरूरत नहीं है लेकिन इसके लिए विशेष देखभाल की जरूरत होती है। वे कई प्रगतिशील किसानों से मिले। उनके अनुभवों के आधार पर मिट्टी को विशेष रूप से तैयार किया। बकरी की मींगणी को चार महीने तक खड्ढे में भिगोकर रखा। फिर इसमें मिट्टी मिलाकर पौधे रोपे। आम तौर पर मई से जुलाई के बीच इसकी बेल लगाना उपयुक्त है। बेल को नियमित रूप से पानी और खाद देना जरूरी है लेकिन ज्यादा पानी की जरूरत नहीं है। फल को पकने में लगभग 100-120 दिन लगते हैं। अप्रैल से जून तक इसकी फसल आती है। इस दौरान कीट और रोग से बचाना भी चुनौती होता है। मगर गोबर की खाद या कंपोस्ट के साथ नियमित देखभाल से यह समस्या कम आई। कुछ छिड़काव जरूर करना पड़ा। छोटे स्तर पर देखभाल के लिए अलग से किसी व्यक्ति को रखने की जरूरत नहीं पड़ी। इसकी ऊंचाई दस से पंद्रह फीट तक पहुंचती है। दूसरी फसलों के बीच बेल लगाकर किसान अच्छा फायदा ले सकते हैं। बाजार में इस अंगूर का भाव 60 से 70 रुपए किलो के हिसाब से मिल जाता है। डीडवाना में सब्जी दुकानदार पहले ही ऑर्डर दे देते हैं। एक स्वस्थ बेल से एक क्विंटल तक अंगूर मिल जाते हैं। पूरी तरह पकने पर ही गुच्छे तोड़ते हैं। फल पकाने में किसी तरह की दवाइयों का इस्तेमाल नहीं किया। एक बेल अगले बीस से पच्चीस साल तक फल देती रहेगी।
आगरा के थाना बसई जगनेर अंतर्गत गांव रंधीरपुरा में शुक्रवार को खेत में तरबूज लेने गए बालक छोटू उर्फ अवनी की क्रूरतापूर्ण तरीके से हत्या के पीछे रुपये का विवाद था। बंटाई पर खेत लेने वाले रियाजुद्दीन और सिराजुद्दीन ने बालक की हत्या की थी। बालक के पिता द्वारा तकादा करने पर उनका रकम को लेकर विवाद हो गया था। पुलिस ने हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं,इस मामले अन्य दो आरोपियों को पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार किया। दोनों के पैर में गोली लगी है। बसई जगनेर के गांव रंधीरपुरा में किसान नरेश के बेटे छोटू उर्फ अवनी की हत्या के बाद से तनाव को देखते हुए पुलिस तैनात है। बालक की हत्या करके उसकी एक आंख निकाल ली थीं। परिजनों द्वारा शक जताने पर पुलिस ने बंटाई पर खेत लेकर तरबूत और खरबूजा की खेती करने वाले रियाजुद्दीन और सिराजुद्दीन को हिरासत में लेकर पूछताछ की। आरोपियों ने बताया कि बालक के पिता से खेत की रकम के बकाया को लेकर शुक्रवार सुबह विवाद हो गया था। उन्हें दो सप्ताह बाद खेत छोड़ना था। किसान से बदला लेने के लिए उन्होंने के बेटे के सिर पर प्रहार करके हत्या कर दी। शव को खेत में डाल दिया था। एसीपी प्रीता दुबे ने बताया कि आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। जिस पत्थर से हत्या की गई थी। उसे भी बरामद कर लिया है। इस मामले में अन्य दो आरोपी सद्दाम व राशिद निवासी शाहजहांपुर के नाम भी सामने आए थे। मुखबिर की सूचना पर चेकिंग के दौरान दोनों को पुलिस ने रोका। पुलिस पर तमंचे से फायर किया। जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैर में गोली लगी। दोनों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
आगरा ट्रांसयमुना क्षेत्र में ढाबा संचालक से 20 लाख रुपए की चौथ मांगने के मामले में फरार हिस्टीशीटर मोनू यादव की पुलिस से मुठभेड़ हो गई। आरोपी के पैर में पुलिस की गोली लगी है। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हिस्ट्रीशीटर मोनू पर टेढ़ी बगिया क्षेत्र में तीन माह पहले हुई राज चौहान की हत्या के मामले में पुलिस आयुक्त ने SIT गठित कर दी है। पीड़ित मां को पुलिस सुरक्षा दी गई है। मोनू पर 25 हजार का इनाम घोषित था। हिस्ट्रीशीटर मोनू यादव राज चौहान हत्याकांड में शक के दायरे में आया था। उसे पुलिस की कार्रवाई में मुठभेड़ का डर था। वह पुराने मामले में जमानत कटवाकर जेल चला गया था। मामला ठंडा पड़ते ही जमानत करवा ली थी। जेल से छूटते ही अपने ही गांव के रहने वाले ढाबा संचालक को रोककर 10 लाख की चौथ मांगी थी और जेब में रखे 30 हजार छीन लिए थे। मामले में मोनू और उसके परिजन पर थाना ट्रांसयमुना में प्राथमिकी दर्ज है। इस मामले में मोनू फरार चल रहा था। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने आरोपी मोनू यादव को झरना नाले के पास रोका। मोनू ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में पुलिस की गोली मोनू के पैर में लगी। राज हत्याकांड में मोनू आया चर्चा मेंहाथरस के सादाबाद स्थित बेदई गांव का मूल निवासी राज चौहान परिवार के साथ कालिंदी विहार में रहता था। 23 जनवरी की रात टेढ़ी बगिया के एक गेस्ट हाउस में राज की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उसे सात गोलियां लगी थीं। CCTV से पांच लोगों के शामिल होने की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने मुख्य आरोपी शाह नगर के अरबाज उर्फ मंसूरी को पकड़ा था। हथियार बरामदगी के दौरान पुलिसकर्मी की पिस्टल लेकर भागते समय मुठभेड़ में वह मारा गया। साजिश में शामिल राज के दोस्तों समेत आठ आरोपी जेल भेजे गए। राज की मां नीरज कुमारी शुरू से हिस्ट्रीशीटर मोनू यादव को मास्टरमाइंड बता रही थीं। उन्होंने पुलिस को बताया कि बेटे की जान बचाने के लिए मोनू से मिलकर मिन्नतें की थीं और शहर छोड़ने का वादा भी किया था। तीन माह बाद भी कार्रवाई से असंतुष्ट नीरज ने अधिकारियों से शिकायत की। पूर्व में ट्रांसयमुना थाने में तैनात इंस्पेक्टर पर मोनू से संबंध होने और बचाने का आरोप लगाया। जांच में गैंगस्टर आलोक यादव का नाम भी सामने आया था। मां ने एक जनप्रतिनिधि की मदद से मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंचकर मोनू यादव की शिकायत की और जान का खतरा बताया। शनिवार को पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने नीरज कुमारी को सुरक्षा देने के साथ दो IPS समेत 7 सदस्यों की SIT गठित कर पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए हैं।
शासन की ओर से देर रात जारी तबादला सूची में संभल के जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पेंसिया को मुरादाबाद का डीएम बनाया गया है। संभल जामा मस्जिद के पूर्व में हरिहर मंदिर होने के दावे के बाद उसका सर्वे कराने को लेकर राजेंद्र पेंसिया नेशनल लेवल पर सुर्खियों में रहे हैं। इधर, मुरादाबाद के जिलाधिकारी अनुज सिंह को मुख्यमंत्री के विशेष सचिव के रूप में महत्वपूर्ण तैनाती मिली है। अनुज सिंह 22 महीने तक मुरादाबाद के डीएम रहे। इस दौरान उन्होंने कई कड़े फैसले लिए। अपने फैसलों पर डटे रहने के लिए भी उन्हें याद किया जाएगा। अनुज सिंह के समय में कुंदरकी उपचुनाव हुआ। उन्हें शासन के भरोसेमंद अफसरों में गिना जाता है। आईएएस अनुज सिंह ने 25 जून 2024 को मुरादाबाद के जिलाधिकारी के रूप में चार्ज लिया था। इसके बाद सरकारी तंत्र को सुधारने की दिशा में एक के बाद एक कई कदम उठाए। सरकारी भूमि को संरक्षित करने के मामले में उनके कई डिसीजन सुर्खियों में रहे। पिछले कई महीनों से अनुज सिंह खुद शासन में पोस्टिंग चाहते थे। उनकी पत्नी हर्षिता माथुर भी आईएएस अधिकारी हैं। वह लंबे वक्त तक रायबरेली की डीएम रही हैं। पिछले सप्ताह ही शासन ने उन्हें रायबरेली डीएम पद से हटाकर निदेशक, बाल विकास एवं पुष्टाहार/राज्य पोषण मिशन के रूप में लखनऊ में तैनाती दी है। वह ढाई साल तक रायबरेली की डीएम रहीं। पति-पत्नी दोनों ही फील्ड पोस्टिंग के बजाए पिछले कुछ समय से शासन में पोस्टिंग की कोशिशों में लगे थे।
जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। निगम कमिश्नर व प्रमुख जनगणना अधिकारी क्षितिज सिंघल ने कार्य पर उपस्थित नहीं रहने वाले कुल 289 अधिकारी-कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। दरअसल जनगणना कार्य के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके बावजूद 1 मईसे लगातार सूचना दिए जाने के बाद भी कई कर्मचारी ड्यूटी पर उपस्थित नहीं हुए। प्रशासन ने इसे गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता मानते हुए कहा है कि यह मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के प्रावधानों का उल्लंघन है। इस मामले में दोषी पाए जाने पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। संबंधित कर्मचारियों को नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि अनुपस्थित कर्मचारियों के खिलाफ मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत विभागीय जांच प्रस्तावित की गई है। साथ ही जनगणना अधिनियम 1948 की संबंधित धाराओं के तहक FIR दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जा सकती है। सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे तत्काल ड्यूटी जॉइन करें और अपना संतोषजनक स्पष्टीकरण 4 मई शाम 5.30 बजे तक चार्ज अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करें। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय सीमा तक जवाब नहीं देने या ड्यूटी पर उपस्थित नहीं होने की स्थिति में एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी।
गोरखपुर में 17 मार्च की सुबह 6:15 बजे बरगदवा निवासी राजकुमार चौहान की चाकू मारकर हत्या की गई थी। इसमे आरोपी बनाए गए लालजी यादव उर्फ गट्टू की गिरफ्तारी को हाईकोर्ट ने अवैध घोषित कर दिया। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की सुनवाई में अहम फैसला देते हुए लालजी यादव को तत्काल रिहा करने का आदेश दिया है। वहीं यह गलती कैसे हुई है इसकी जांच का भी निर्देश दिया है। रिहाई का आदेश पहुंचते ही जेल प्रशासन ने लालजी को तत्काल प्रभाव से रिहा कर दिया। कानूनी प्रक्रियाओं का नहीं किया पालन न्यायमूर्ति सिद्धार्थ और न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए पाया कि गिरफ्तारी के दौरान निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। विशेष रूप से, गिरफ्तारी के कारणों की सूचना न तो आरोपी लालजी यादव को दी गई और न ही उसके परिजनों को उपलब्ध कराई गई। कोर्ट ने कहा कि यह चूक संविधान के अनुच्छेद 22(1) और स्थापित न्यायिक दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है। साथ ही, 21 मार्च 2026 को गोरखपुर के रिमांड मजिस्ट्रेट द्वारा पारित रिमांड आदेश को भी निरस्त कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि गिरफ्तारी की प्रक्रिया में पारदर्शिता और कानूनी प्रावधानों का पालन अनिवार्य है। सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न फैसलों का हवाला देते हुए कहा गया कि गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी आरोपी और उसके परिजनों को देना जरूरी है। लालजी यादव की ओर से अधिवक्ता करुणेश प्रताप सिंह और अमित कुमार यादव ने पैरवी की। जांच अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई का आदेशकोर्ट ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता को बिना किसी देरी के रिहा किया जाए और इसके लिए प्रमाणित प्रति का इंतजार भी न किया जाए। कोर्ट का आदेश मिलते ही जेल प्रशासन ने लाल जी यादव को तत्काल रिहा कर दिया। उधर, अदालत ने रिमांड मजिस्ट्रेट को भविष्य में आदेश पारित करते समय सतर्क रहने की सलाह दी है। वहीं, रजिस्ट्रार को निर्देश दिया कि आदेश की प्रति जिला जज और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर को भेजी जाए, ताकि इस गलती पर जांच अधिकारी के खिलाफ कर्तव्य में लापरवाही के आरोप में तीन दिन के भीतर कार्रवाई शुरू की जा सके। पत्नी की तहरीर पर दर्ज की गई एफआईआर राजकुमार की पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने दीपक गौड़, धर्मदेव चौहान, लालजी यादव उर्फ गट्टू, धरमपाल चौहान, अमर सिंह चौधरी, मोनू पांडेय, सत्येंद्र चौधरी उर्फ टिल्लू, अभय पांडेय समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। जांच के आधार पर हत्या में राज चौहान उर्फ निरहू और विपिन यादव का नाम सामने आया,जिन्हें पुलिस ने कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद साजिश और साक्ष्य छिपाने के आरोप में दीपक गौड़, लालजी यादव, शेषनाथ यादव, अंकित यादव, देवव्रत यादव और मनीष यादव और सचिन यादव को गिरफ्तार किया। इस संबंध में एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि उच्च न्यायालय ने रिमांड प्रक्रिया की कमी को इंगित करते हुए रिमांड खारिज किया है। विवेचनात्मक कार्यवाही पर कोई टिप्पणी नहीं की है। फिर नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्यवाही करते हुए शीघ्र ही मामले में नियमानुसार आरोप पत्र प्रेषित किया जाएगा l गोरखनाथ पुलिस को ट्रांसफर की गई है जांचचर्चित राजकुमार चौहान हत्याकांड केस गोरखनाथ पुलिस को ट्रांसफर कर दिया गया है। इस केस की जांच गोरखनाथ थाने के इंस्पेक्टर की निगरानी में की जा रही है। पार्षद सहित अन्य आरोपियों को बचाने के पीड़िता के आरोप पर यह फैसला लिया गया है। राजकुमार की पत्नी ने चिलुआताल थाने से विवेचना ट्रांसफर करने का आग्रह किया था। वह इस मामले में चिलुआताल पुलिस पर भरोसा नहीं कर पा रही थीं। फिलहाल इस केस में दो मुख्य आरोपियों सहित 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर चिलुआताल पुलिस पहले ही जेल भेजवा चुकी है। 17 मार्च की सुबह करीब 6:15 बजे बरगदवा निवासी राजकुमार चौहान पर गोली और चाकू से हमला किया गया था। गंभीर रूप से घायल होने पर उन्हें बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। इस मामले में राजकुमार की पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने दीपक गौड़, धर्मदेव चौहान, लालजी यादव उर्फ गट्टू, धरमपाल चौहान, अमर सिंह चौधरी, मोनू पांडेय, सत्येंद्र चौधरी उर्फ टिल्लू, अभय पांडेय समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। जांच के दौरान घटनास्थल का निरीक्षण, सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल के आधार पर राज चौहान उर्फ निरहू और विपिन यादव का नाम सामने आया। जिन्हें पहले ही गिरफ्तार कर पुलिस ने हत्या का खुलासा किया था। इसके बाद साजिश और साक्ष्य छिपाने के आरोप में दीपक गौड़, लालजी यादव, शेषनाथ यादव, अंकित यादव, देवव्रत यादव और एक बाल अपचारी को 21 मार्च को गिरफ्तार किया था।इसी क्रम में 26 मार्च को मनीष यादव और सचिन यादव को भी गिरफ्तार किया गया। घटना में प्रयुक्त पिस्टल मनीष यादव ने राज चौहान उर्फ निरहू को दी थी। जबकि वारदात के बाद पिस्टल और चाकू छिपाने के लिए आरोपियों ने सचिन यादव को सौंप दिया था। पुलिस ने सचिन की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त पिस्टल और चाकू बरामद कर लिया है। इन सभी आरोपियों के पकड़े जाने के बाद भी राजकुमार की पत्नी खुलासे से संतुष्ट नहीं हैं। उनका दावा है कि यह सभी आरोपी घटना में शामिल हो सकते हैं लेकिन मास्टरमाइंड पार्षद धर्मदेव चौहान हैं। पुलिस उन्हें बचा रही है। वादी मुकदमा ने इसी आधार पर केस ट्रांसफर करने की मांग की थी। जिसके बाद एसएसपी ने केस को गोरखनाथ थाने को ट्रांसफर कर दिया। गोरखनाथ थाने को ट्रांसफर करने से न सिर्फ थाना बल्कि सर्किल और उत्तरी क्षेत्र से भी केस ट्रांसफर हो गया। अब एसपी सिटी और सीओ गोरखनाथ इसकी मानिटरिंग करेंगे। एसपी नार्थ ज्ञानेन्द्र ने बताया कि वादी मुकदमा की मांग पर चिलुआताल थाने से केस ट्रांसफर कर दिया गया है। लारेंस विश्नोई गैंग के गुर्गे ने सप्लाई किया था असलहा गोरखपुर के चिलुआताल इलाके में 17 मार्च को भाजपा नेता राजकुमार चौहान की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में दो और आरोपियों को पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान चिलुआताल के बरगदवा निवासी मनीष यादव और गोरखनाथ क्षेत्र के लच्छीपुर के रहने वाले सचिन यादव के रूप में हुई है। इसमे मनीष यादव लारेंस विश्नोई गैंग के लिए भी काम करता है। पुलिस के मुताबिक इस घटना में इस्तेमाल किया गया असलहा मनीष यादव ने ही राज चौहान उर्फ निरहू को दिया था। जबकि घटना के बाद हत्या में इस्तेमाल असलहा और चाकू सचिन यादव ने छिपाया था। घटना वाले दिन असलहे से गोली चलाकर दहशत फैलाई गई थी, जबकि हत्या मुर्गा काटने वाले चाकू से की गई थी। हत्या करने के आरोपी राज चौहान और विपिन यादव के पकड़े जाने के बाद मनीष और सचिन बिहार भाग गए थे। इधर मामला ठंडा होने पर दोनों घर वापस आए थे, तभी दबोच लिए गए। पकड़े जाने पर पता चला कि मनीष यादव लारेंस विश्नोई गैंग के लिए काम करता है। पूछताछ के बाद पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर दोनों आरोपियों को देर शाम जेल भिजवा दिया। मनीष यादव पर तीन मुकदमे चिलुआताल, गोरखनाथ और हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के शाहाबाद थाने में दर्ज है। जबकि सचिन यादव पर पहला मुकदमा हत्या का दर्ज किया गया है। इससे पहले कोई मुकदमा नहीं था। इनके पास से पुलिस ने 32 बोर की पिस्टल, 2 मैगजीन और मोबाइल बरामद किया है। अभी इस राजकुमार हत्याकांड में 8 आरोपी गिरफ्तार कर जेल भिजवाए जा चुके हैं। लारेंस विश्नोई गैंग का सदस्य है मनीष यादव भाजपा नेता राजकुमार चौहान की हत्या में असलहा सप्लाई करने का आरोपी मनीष यादव लारेंस विश्नोई गैंग का सक्रिय सदस्य है। यह गैंग के लिए असलहा सप्लाई करता था। सिंगर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में मनीष यादव का भी नाम सामने आया था। साल 2024 के मई माह में गोरखपुर एसटीएफ ने चिलुआताल क्षेत्र से मनीष यादव को गिरफ्तार किया था। एसटीएफ की पूछताछ में मनीष यादव ने बताया था कि वह गोरखपुर के ही शशांक पांडेय के माध्यम से लारेंस विश्नोई गैंग से जुड़ा था। वह इंदौर में रहकर असलहा सप्लाई का काम करता था। सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या में पकड़े गए आरोपियों ने असलहा सप्लाई में मनीष यादव का नाम लिया था। इस घटना के बाद से ही चुपचाप मनीष गोरखपुर स्थित घर पर आ गया था। लेकिन वह ज्यादातर बिहार में ही अपना ठिकाना बनाया हुआ था। जबकि अंबाला एसटीएफ लगातार मनीष यादव की लोकेशन ट्रेस कर रही थी। इसी बीच उसकी लोकेशन गोरखपुर के बरगदवा में मिली। इसके बाद गोरखपुर एसटीएफ के साथ मिलकर मनीष यादव को गिरफ्तार कर अंबाला लेकर गई थी। इसके अलावा भी बिश्नोई गैंग द्वारा कई घटनाएं अंजाम दी गई थी। जिसमे मनीष यादव ने ही असलहा सप्लाई किया था। इस संबंध में एसपी उत्तरी ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके पास से पिस्टल, मैगजीन और गोलियां भी बरामद हुई हैं। 21 मार्च को पकड़े गए थे 6 आरोपी हत्या की साजिश रचने के आरोप में पुलिस ने शनिवार को 06 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिनकी पहचान चिलुआताल के बरगदवा निवासी दीपक गौड़, लालजी यादव उर्फ गट्टू, शेषनाथ यादव, अंकित यादव, देवव्रत यादव और एक बाल अपचारी के रूप में हुई। बाल अपचारी ने राज की खून से सनी जैकेट जलाई थी। इसके अलावा हत्या की घटना को अंजाम देने के आरोपी राज चौहान उर्फ निरहुआ और विपिन यादव को पहले ही पकड़े जा चुके हैं। साजिश रचने के आरोपियों ने राज चौहान उर्फ निरहुआ को मारने के लिए उकसाया था। मृतक राजकुमार के भतीजे नीरज चौहान ने 21 फरवरी को राज के भाई को मारा-पीटा था। शिकायत करने गई राज की मां का गाली देकर भगा दिया था। इसके बाद से ही राज चौहान नीरज को जान से मारना चाह रहा था। लेकिन सभी आरोपियों ने मिलकर उसे समझाया कि नीरज को मारोगे तो राजकुमार तुम्हें जिंदा नहीं छोड़ेगा, इसलिए राजा को मारो, मंत्री खुद ही खत्म हो जाएगा। राजकुमार को मारने के बाद नीरज को मारने का प्लान तैयार किया गया था। इस संबंध में एसपी उत्तरी ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि गीडा सीओ योगेंद्र सिंह और कैंपियरगंज सीओ अनुराग सिंह ने मेहनत कर कड़ी से कड़ी जोड़ी है। तब जाकर साजिश करने वालों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य मिले हैं। सभी आरोपियों की राज चौहान उर्फ निरहुआ से कई बार बात हुई है। सीडीआर से पूरा डिटेल निकाल लिया गया है। उन्होंने बताया कि एक साल से मारने की तैयारी चल रही थी। एक साल पहले असलहा भी खरीदा गया था। तभी से योजना बन रही थी, लेकिन घटना करने के लिए राज उर्फ निरहुआ हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। इसी बीच जब उसके भाई को मारा पीटा गया, तब उसके अंदर गुस्सा जागा। उसने कॉल करके दीपक से कहा कि किसी भी हाल में अब में राजकुमार को निपटाकर ही दम लूंगा। सबसे पहले 14 मार्च को रेकी कर राज उर्फ निरहुआ अपने दोस्त विपिन के साथ घटना स्थल पर गया था। लेकिन उस दिन राजकुमार टहलने नहीं गया, इसलिए प्लान फेल हो गया था। इसके बाद से लगातार राज सुबह वहां जा रहा था। 17 मार्च को जैसे ही राजकुमार भोर में वहां पहुंचा। उसपर हमला कर दिया। चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। 12 घंटे में पकड़े गए आरोपी घटना के 12 घंटे बाद बाद बरगदवां के दो आरोपी राज चौहान और विपिन यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। हत्यारोपियों ने इस घटना में इस्तेमाल किया चाकू भी अब पुलिस का बरामद कराया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने मुर्गा काटने वाला चाकू से भाजपा नेता पर हमला किया था। दहशत फैलाने के लिए तमंचे से फायरिंग भी की थी। घटना के बाद दोनों आरोपियों ने खून से सने कपड़े बंधे के पास जला दिए थे। वहीं अपने एक परिचित के पास तमंचा छिपाया था। जिसको पकड़ने पुलिस उसके घर पहुंची तो वह पहले से ही फरार था। अब उसकी तलाश चल रही है। दीपक गौड़ और आरोपी के बीच 35 बार बात हुई बरगदवां के रहने प्रापर्टी डीलर राजकुमार चौहान हत्याकांड की जांच में पुलिस को अहम सुराग हाथ लगे। जांच के दौरान सामने आया है कि नामजद आरोपी दीपक गौड़ और मुख्य हत्यारोपी राज चौहान के बीच पिछले 6 महीनों में करीब 35 बार फोन पर बातचीत हुई थी। इस खुलासे के बाद पुलिस का शक और गहरा गया है कि हत्या की काफी पहले से साजिश रची गई थी। एपी नार्थ ज्ञानेंद्र कुमार के अनुसार, राज चौहान 6 माह पहले तक दीपक गौड़ का डंपर चलाता था। दोनों के बीच पुराने संबंध रहे हैं। इस बीच वह किसी और का एक हजार रुपए प्रतिदिन के हिसाब से डंपर चलाता था। वारदात की रात भी वह डंपर चलाने गया था। देर रात जब उसकी मां निर्मला देवी ने उसके मोबाइल पर काॅल कर आने की बात पूछी तो उसके डंपर मिट्टी में फंसने का हवाला देते हुए अगले दिन आने की बात कहते हुए फोन काट दिया था। मंगलवार यानी 17 मार्च की सुबह राज ने अपने दोस्त विपिन यादव के साथ मिलकर राजकुमार की हत्या कर मौके से भाग निकला था। पुलिस के अनुसार राज हाल ही में मछली पालन का व्यवसाय शुरू करने की तैयारी में था और इसी दौरान दोनों के बीच संपर्क फिर से बढ़ा। कॉल डिटेल्स से यह स्पष्ट हुआ है कि बीते छह महीनों में दोनों के बीच लगातार बातचीत होती रही, जिससे पुलिस इस एंगल को गंभीरता से जांच रही है। पुलिस ने हत्यारोपी राज के निशानदेही पर उसके घर से हत्या में प्रयुक्त मुर्गा काटने वाला चाकू भी बरामद कर ली है। जिसे जांच के लिए फाॅरेंसिक लैब भेजा गया है। सबूत मिटाने के लिए जला दिए थे खून से सने कपड़े पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद आरोपियों सबूत मिटाने की भी साजिश रची गई थी। जांच में यह बात सामने आई है कि वारदात के बाद राज और उसके साथी विपिन यादव ने खून से सने कपड़ों को नष्ट करने की योजना बनाई। दोनों ने एक परिचित के माध्यम से उन कपड़ों को जलवा दिया, ताकि पुलिस को कोई ठोस सबूत न मिल सके। इस मामले में पुलिस ने कपड़े जलाने में मदद करने वाले एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि इस साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे और हत्या के पीछे की असली वजह क्या थी। गांव के युवक के पास रखा था तमंचा पुलिस के अनुसार हत्यारोपियों ने प्रापर्टी डीलर पर पहले तमंचे से फायर किया था, लेकिन राजकुमार बचकर भागने लगे थे। इसके बाद दोनों हत्यारोपियों ने उन्हें 100 मीटर तक पीछा कर दबोच लिया। इसके बाद ताबड़तोड़ सीने, सिर, चेहरे, पेट व पीठ पर वार कर मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद वहां से भाग निकले थे। वारदात के बाद तमंचा उसने गांव के ही रहने वाले सचिन यादव को दे दिया था। मामला प्रकाश में आने के बाद पुलिस टीम सचिन की तलाश में दबिश देना शुरू किया था। आठ नामजद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भाजपा नेता राजकुमार चौहान की पत्नी सुशीला देवी ने कहा- 'पति पर चाकू से हमला कर मारने वाले केवल मोहरा हैं। हमला कराने वाला असली खिलाड़ी कोई और है, जिसने पैसा देकर मेरे पति को मरवाया। मैंने गांव के 8 लोगों के नाम पुलिस को बताए थे, वही पति के असली कातिल हैं। जब तक उन्हें सजा नहीं दिलाऊंगी, चैन से नहीं बैठूंगी। मेरा परिवार सड़क पर आ गया। सीएम योगी से मेरी अपील है कि आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलवाइए। जैसे मेरा पति मरा, वैसे ही उनका भी एनकाउंटर होना चाहिए। मामले की सीबीआई जांच कराई जाए।' परिवार की शिकायत पर पुलिस ने 8 लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की। 8 आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है। हालांकि, परिवार इस गिरफ्तारी पर खुश नहीं है। पत्नी और बहन का कहना है कि पुलिस ने जिन लोगों को गिरफ्तार किया है, वो केवल मोहरा हैं। साजिशकर्ता कोई और है। उकसा कर हमला कराया गया। घर में मातम, पत्नी-बेटियों का रो-रोकर बुरा हालगोरखपुर के बरगदवां में स्थित राजकुमार के घर पर मातम छाया है। पत्नी, दोनों बेटियां और बहन का रो-रोकर बुरा हाल है। पत्नी सुशीला कहती हैं- हमारा सब कुछ लुट गया। पति राजनीति में आगे बढ़ रहे थे। इससे जलने वालों ने उनके साथ पूरे परिवार को खत्म कर दिया। पति चुनाव हारे, उसके बाद रंजिश बढ़ीसुशीला कहती हैं- 3 साल पहले पार्षद का चुनाव हुआ था। उसमें पति हार गए थे, धर्मदेव चौहान जीत गए थे। उसके बाद से रंजिश बढ़ती गई। 2 साल पहले पार्षद धर्मदेव के लोगों ने भतीजे नीरज के साथ मारपीट की थी। इसमें भतीजे को पुलिस ने चौकी में बैठा लिया था। पति जब उसे छुड़ाने गए, तो उनको भी फर्जी केस में फंसाकर जेल भेज दिया गया था। वह एक महीना जेल काटकर आए थे। तब से ही ये लोग दुश्मनी निकालने में जुटे थे। परिवार बोला- अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुईपत्नी सुशीला ने बताया- बुधवार को डीएम और एसएसपी ने मिलने के लिए बुलाया था। उन्होंने कहा कि बच्चों को कहां पढ़ाना है, बताओ। बिजनेस के लिए लोन दिलाएंगे। मैंने उनसे कहा कि जब पति ही नहीं रहा, तो लोन लेकर क्या करेंगे? अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा- मुख्यमंत्री ने अपराधियों को मिट्टी में मिलाने की बात कही थी, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। मंत्री दारा सिंह चौहान ने 10 लाख रुपए की मदद देने की बात कही है। भतीजा बोला- चाचा ने दीपक का नाम लिया था…राजकुमार के भतीजे नीरज ने बताया- हमने जिनका नाम दिया, उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई। हम पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। कोई बड़ा विवाद नहीं था। लेकिन, चाचा की पहचान और दबदबे से लोग खुन्नस रखते थे। हमें यह तक नहीं पता कि आरोपी कहां रखे गए हैं? चाचा मरने से पहले दीपक का नाम लेकर चिल्ला रहे थे। आरोपी की मां बोली- तंग आ गया था बेटाराजकुमार के घर से करीब 100 मीटर दूर राज चौहान का घर है। उसके घर के सामने से ही रोज राजकुमार भोर में टहलने जाते थे। राज की मां निर्मला चौहान ने बताया- मेरे 3 बेटे हैं। राज डंपर चलाता था। राजकुमार का भतीजा नीरज मेरे बच्चों के साथ हमेशा मारपीट करता रहता था। पुलिस भी हमारी शिकायत नहीं सुनती थी। राज लंबे समय से इस प्रताड़ना को झेल रहा था। उसने हत्या की या नहीं, यह मुझे नहीं मालूम। नीरज ने मेरे तीनों बेटों को कई बार मारा। राज को मछली पालन का काम मिल गया था। घटना के दिन शाम 6 बजे उसने फोन कर बताया था कि वह मिट्टी गिराने का काम कर रहा है। लेकिन, उसकी गाड़ी कहीं फंस गई थी। इसलिए वह देर रात तक नहीं आया था। डॉक्टर बोले- चाकू से गोदकर हत्या की गईभाजपा नेता राजकुमार चौहान की हत्या धारदार हथियार से कई वार कर की गई थी। पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर ने भी यह दावा किया है। उधर, पुलिस ने हत्याकांड में शामिल 2 आरोपियों राज चौहान और विपिन यादव को बुधवार को कोर्ट में पेश किया। वहां से दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। पुलिस अभी तक हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद नहीं कर सकी है। भाजपा नेता को 2 हमलावरों ने घेरकर ताबड़तोड़ चाकू मारेगोरखपुर के भाजपा नेता और पूर्व पार्षद राजकुमार चौहान (38) की 17 मार्च (मंगलवार) की सुबह करीब 5 बजे हत्या की गई थी। वह मॉर्निंग वॉक के लिए घर से निकले थे। करीब आधे घंटे बाद उनकी हत्या की सूचना मिली। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घर से 500 मीटर दूर 2 हमलावरों ने उन्हें घेर लिया। जब तक वह कुछ समझ पाते, उन पर चाकू से हमला कर दिया। चाकू लगने के बाद वे खुद को बचाकर भागे, लेकिन हमलावरों ने दौड़ाकर उन्हें पकड़ लिया। करीब 100 मीटर दूर उन्हें पकड़कर ताबड़तोड़ चाकू से वार किए। उनके सिर, सीने और चेहरे पर 11 बार चाकू मारे गए। हमलावर कुछ देर तक वहीं रुककर उनके मरने का इंतजार करते रहे। तसल्ली होने के बाद वहां से भाग गए। सूचना मिलते ही भाजपा नेता के घरवाले पहुंचे और उन्हें बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मौत की सूचना मिलते ही पत्नी सुशीला बेहोश हो गईं। बहन मोहनी ने कहा था- जान के बदले जान चाहिए। परिवार कौन चलाएगा? भतीजी को सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए। वारदात से जुड़ी 2 तस्वीरें देखिए- भीड़ का हंगामा, पुलिस ने लाठी फटकार कर हटायावारदात के बाद 500 से ज्यादा लोग जुट गए और गोरखपुर-सोनौली रोड जाम कर हंगामा किया। सूचना पर 10 थानों की फोर्स पहुंची और लोगों को लाठी फटकार कर हटाया। पोस्टमार्टम के बाद शाम करीब 5 बजे शव घर पहुंचा, जिसके बाद परिजन अपनी मांगों पर अड़ गए। सांसद बोले- हत्यारों को बचाने वालों को राज्यसभा में नंगा कर दूंगाराज्यसभा सदस्य डॉ. राधा मोहन अग्रवाल और कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान के समझाने पर परिवार मान गया। देर रात मोहरीपुर के पास घाट पर दाह संस्कार किया गया। इस दौरान करीब 2000 से अधिक लोग मौजूद थे। डॉ. अग्रवाल ने कहा-पार्लियामेंट छोड़कर आया हूं, जो इस हत्याकांड के आरोपियों को बचाने आएगा, उसे राज्यसभा में नंगा कर दूंगा। भाजपा ने विधानसभा का टिकट मांग रहे थे भाजपा नेताराजकुमार चौहान बरगदवा इलाके में रहने वाले जंगी चौहान के इकलौते बेटे थे। उनकी 18 साल पहले शादी हुई थी। उनकी 2 बेटियां- सोनम (17) और प्रियंका (13) हैं, जबकि 12 साल का बेटा युवराज है। उनकी 4 बहनें हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। बताया जा रहा है कि ओबीसी समुदाय से आने वाले राजकुमार 2027 में बस्ती से विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। वह भाजपा से टिकट मांग कर रहे थे। राजकुमार साल- 2018 से 2023 तक पार्षद प्रतिनिधि रहे। उन्होंने अपने ड्राइवर वीरेंद्र चौहान की पत्नी रिंकी देवी को पार्षद बनवाया था। बाद में रिंकी देवी ने भाजपा को समर्थन दे दिया था। एक साल पहले राजकुमार मारपीट के मामले में जेल भी गए थे। राजकुमार ने फेसबुक पर 18 घंटे पहले पोस्ट किया था राजकुमार चौहान के फेसबुक पर 40K फॉलोअर्स हैं, जबकि वे 25 लोगों को फॉलो करते थे। उन्होंने 16 मार्च को सुबह 11 बजकर 5 मिनट पर आखिरी पोस्ट की थी। इसमें लिखा-अकेले चलने का हुनर रखता हूं, दिल और जिगर दोनों मजबूत रखता हूं। एक अन्य पोस्ट में उन्होंने अपने पिता के लिए लिखा था-पिता एक वट वृक्ष हैं, जो अपनी छांव में पूरे परिवार को सुरक्षित रखते हैं। 5 दिन पहले राज्यसभा सांसद के साथ रील पोस्ट की थीराजकुमार ने 5 दिन पहले राज्यसभा सांसद राधामोहन अग्रवाल के साथ एक रील पोस्ट की थी। इसमें लिखा था- हमारे प्रिय गुरुजी, राज्यसभा सांसद जी। इससे पहले 9 मार्च को उन्होंने कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान के साथ भी एक रील पोस्ट की थी। 16 मार्च को लाइव आए थे राजकुमार चौहानराजकुमार चौहान 16 मार्च को फेसबुक पर लाइव आए थे। वह 28 मिनट तक लाइव रहे। इस दौरान उन्होंने कहा- आप सभी साथियों को जय-जय श्रीराम। लाइव के दौरान एक युवक ने सवाल किया था- चौहानों में एकता नहीं है। इस पर उन्होंने जवाब दिया- ऐसा कुछ नहीं है, आपके साथ जो भी किसी जाति के लोग हों, वही अपने हैं। -------------------- ये खबरें भी पढ़ें- 1- आगे बढ़ता देखकर जलते थे, गांव में ही दुश्मन थे:पूर्व पार्षद राजकुमार की पत्नी का आरोप; कहा- अब हम कैसे रहेंगे पूर्व पार्षद राजकुमार चौहान की हत्या के बाद उनकी पत्नी सुशीला चौहान का रो-रो कर बुरा हाल है। वह सड़क पर बैठी रो रही हैं और परिवार की महिलाएं उन्हें संभालने में जुटी हैं। सुशीला ने बताया कि राजकुमार को आगे बढ़ता देखकर गांव के ही कुछ लोग जलते थे। इसी जलन में उन्होंने उनकी हत्या की है। पढ़ें पूरी खबर 2- BJP नेता का हत्या से पहले फेसबुक पर आखिरी पोस्ट, लिखा- अकेले चलने का हुनर रखता हूं, दिल और जिगर दोनों मजबूत रखता हूं गोरखपुर में मॉर्निंग वॉक पर निकले BJP नेता की हत्या कर दी गई। हमले के बाद पूर्व पार्षद राजकुमार चौहान करीब 100 मीटर तक भागे, लेकिन हमलावरों ने पीछा कर दोबारा हमला किया और मरने के बाद वहां से भागे। हत्या से18 घंटे पहले राजकुमार चौहान फेसबुक पर आखिरी पोस्ट किया। लिखा- अकेले चलने का हुनर रखता हूं, दिल और जिगर दोनों मजबूत रखता हूं। पढ़ें पूरी खबर
मध्य प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर के उभरते स्टार्टअप इकोसिस्टम और फैशन जगत के सितारों ने एक ही मंच पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। मौका था 'ऑर्बोसिस स्टार्टअप अवार्ड्स 2026' और 'फेलिना फैशन शो' के आयोजन का, जहां सफलता की कहानियों के साथ-साथ नारी शक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। इस फ्यूजन इवेंट ने न केवल सफल उद्यमियों के जज्बे को सलाम किया, बल्कि आधुनिक कला और महिला सशक्तिकरण को एक नई ऊंचाई दी। समारोह के मुख्य अतिथि और मोशन जिलिटी प्राइवेट लिमिटेड के फाउंडर हिमांशु चतुर्वेदी ने इंदौर के स्टार्टअप इकोसिस्टम की सराहना करते हुए कहा कि शहर के युवाओं की ऊर्जा और नए आइडियाज अद्भुत हैं। चतुर्वेदी ने कहा कि यहां जिन 30 प्रतिष्ठित स्टार्टअप्स को सम्मानित किया गया है, उन्होंने न केवल अपनी विशेषज्ञता साबित की है बल्कि 'आत्मनिर्भर भारत' के सपने को साकार करने की दिशा में प्रदेश का नाम पूरे देश में रोशन किया है। थीम महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित इवेंट के दूसरे बड़े आकर्षण 'फेलिना फैशन शो' के बारे में जानकारी देते हुए फैशन डायरेक्टर पल्लवी प्रजापत ने बताया कि अपने 5वें सफल एडिशन के साथ इस बार शो की थीम पूरी तरह महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित रही। इस दौरान रैंप पर 70 प्रोफेशनल मॉडल्स के साथ-साथ 20 से अधिक ऐसी महिलाएं भी उतरीं जो पहली बार किसी मंच का हिस्सा बनी थीं। इसके साथ ही ऑर्बोसिस ने सरकारी कॉलेज के छात्रों और नए फैशन डिजाइनर्स को भी अपनी कला प्रदर्शित करने के लिए नेशनल प्लेटफॉर्म मुहैया कराया, जिससे उन्हें भविष्य में बड़ी पहचान मिल सके। 50 से अधिक स्टार्टअप्स ने नामांकन कराया इस आयोजन के लिए शहर के 50 से अधिक ऊर्जावान स्टार्टअप्स ने नामांकन कराया था, जिनमें से कड़ी चयन प्रक्रिया के बाद 30 उत्कृष्ट स्टार्टअप्स का चुनाव किया गया। नवाचार और बेहतर प्रदर्शन के आधार पर सम्मानित हुए इन स्टार्टअप्स के साथ ही करीब 20 से अधिक मीडिया हाउस इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने। कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति ने इंदौर के स्टार्टअप कल्चर को वैश्विक स्तर पर ले जाने के संकल्प को दोहराया।
मध्य प्रदेश में राजनीतिक नियुक्तियों का सिलसिला जारी है। राज्य सरकार ने तीन अहम नियुक्तियां करते हुए रेखा यादव को राज्य महिला आयोग का अध्यक्ष और साधना स्थापक को सदस्य बनाया है। महिला आयोग को छह साल बाद अध्यक्ष मिली हैं। वहीं, रवि मालवीय को पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वित्त विकास निगम का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। महिला आयोग में कोरम अधूरा अध्यक्ष और एक सदस्य की नियुक्ति के बाद भी महिला आयोग की बेंच का कोरम अधूरा ही है। महिला आयोग में कुल 6 पद हैं, जिनमें से 1 एक अध्यक्ष और 5 सदस्यों के पद हैं। इस लिहाज से आयोग में अभी सदस्यों के 4 पद खाली हैं। समीक्षा का नाम होल्ड पर ग्वालियर की पूर्व महापौर साधना गुप्ता को सदस्य बनाया जा रहा था लेकिन, ग्वालियर से नियुक्तियों की संख्या ज्यादा होने और मंत्री नारायण कुशवाह के अंदरूनी तौर पर विरोध के चलते फिलहाल उनका नाम होल्ड कर दिया गया है। अब महिला आयोग में जल्द ही एक और सदस्य की नियुक्ति होने की संभावना हैं। आयोगों में हो चुकीं इनकी नियुक्तियां निगमों में नियुक्तियां बोर्ड में नियुक्तियां समिति, मंडल में नियुक्तियां
ग्वालियर के गुढ़ा स्थित इन्द्रलोक गार्डन के पीछे फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले तीन इनामी बदमाशों को माधौगंज थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों को उसी इलाके में पैदल घुमाया, जहां उन्होंने गोलियां चलाई थीं। पकड़े गए आरोपियों में एक दरोगा का भतीजा भी शामिल है। एसएसपी द्वारा घोषित 5-5 हजार रुपए के इनामी ये बदमाश पुलिस के सामने हाथ जोड़कर भविष्य में अपराध न करने की बात कहते नजर आए। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को घटना स्थल पर सीन रिक्रिएशन और जांच के लिए ले जाया गया था। विवाद के बाद की थी फायरिंग घटना 26 अप्रैल की है। पप्पू राजावत का अपने पड़ोसी से विवाद हुआ था। इसी दौरान दरोगा का भतीजा कैंडी तिवारी अपने साथियों के साथ वहां पहुंचा और मारपीट शुरू हो गई। इसके बाद बेटू चौरसिया, दीप राठौर और अन्य साथियों ने मौके पर ताबड़तोड़ फायरिंग की और फरार हो गए। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था। अब झुके सिर, लड़खड़ाते कदम पुलिस जब आरोपियों को सीन रिक्रिएशन के लिए मौके पर लेकर पहुंची तो कुछ दिन पहले दहशत फैलाने वाले बदमाश लंगड़ाते हुए चलते नजर आए। इलाके के लोगों ने उन्हें सिर झुकाकर पैदल चलते देखा। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य लोगों के मन से डर खत्म करना था। गिरफ्तार आरोपियों का रिकॉर्ड आरोपियों के अन्य साथियों की तलाश माधौगंज थाना प्रभारी दिव्या तिवारी ने बताया, तीनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनके अन्य साथियों की तलाश जारी है। अपराधियों में कानून का खौफ पैदा करना हमारी प्राथमिकता है।
उत्तर प्रदेश शासन ने प्रशासनिक फेरबदल करते हुए मऊ जनपद को नया जिलाधिकारी नियुक्त किया है। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) के उपाध्यक्ष रहे आईएएस आनंद वर्धन को मऊ की कमान सौंपी गई है। वर्तमान जिलाधिकारी प्रवीण मिश्रा का तबादला प्रदेश मुख्यालय कर दिया गया है। शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, 2017 बैच के आईएएस अधिकारी आनंद वर्धन मऊ के नए जिलाधिकारी होंगे। इससे पहले वे 6 सितंबर 2023 से गोरखपुर विकास प्राधिकरण में उपाध्यक्ष के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (NMRC) में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (ACEO) के रूप में भी सेवाएं दी हैं। वहीं, मऊ के जिलाधिकारी रहे 2012 बैच के आईएएस प्रवीण मिश्रा का तबादला प्रदेश मुख्यालय में विशेष सचिव, समाज कल्याण विभाग एवं अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग के पद पर किया गया है। प्रवीण मिश्रा ने जनवरी 2024 के अंत में मऊ के जिलाधिकारी का कार्यभार संभाला था। इससे पूर्व वे बिजनौर में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) और नमामि गंगे परियोजना से भी जुड़े रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, प्रवीण मिश्रा के कार्यकाल के दौरान मऊ में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल उठे थे। विकास कार्यों में अपेक्षित गति और निगरानी की कमी को लेकर चर्चाएं रहीं। राजस्व मामलों के निस्तारण और जनसुनवाई में सुस्ती के कारण आमजन में असंतोष देखा गया। तमसा नदी की सफाई और अन्य विकास परियोजनाओं में भी अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आ सके थे। बताया जा रहा है कि शासन स्तर पर उनके कार्यों को लेकर फीडबैक लिया गया था, जिसके बाद यह प्रशासनिक बदलाव किया गया। हालांकि स्थानीय स्तर पर कोई बड़ा विरोध नहीं हुआ, लेकिन आंतरिक रिपोर्टों और शिकायतों के आधार पर यह निर्णय लिया गया।
उत्तर प्रदेश में देर रात हुए बड़े प्रशासनिक फेरबदल में 38 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए गए। इसी क्रम में पीसीएस से आईएएस बने दयानंद प्रसाद को गोंडा का नया मुख्य विकास अधिकारी (CDO) नियुक्त किया गया है। प्रशासनिक बदलाव के तहत दयानंद प्रसाद को गोंडा का नया मुख्य विकास अधिकारी (CDO) बनाया गया है। वह इससे पहले प्रयागराज में माघ मेला के अपर मेला अधिकारी के पद पर तैनात थे। माघ मेले के सफल आयोजन में अहम भूमिका निभाने के बाद उन्हें यह नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। दयानंद प्रसाद 2008 बैच के पीसीएस अधिकारी रहे हैं, जिन्हें हाल ही में आईएएस संवर्ग में पदोन्नत किया गया। गोंडा की निवर्तमान सीडीओ अंकिता जैन 2 मई से मातृत्व अवकाश पर चली गई हैं। उन्होंने करीब 618 दिनों तक इस पद पर कार्य किया और इस दौरान जिले में कई महत्वपूर्ण विकास कार्य कराए। अंकिता जैन के अवकाश पर जाने के बाद सीडीओ का अतिरिक्त प्रभार जिला विकास अधिकारी को दिया गया था। अब दयानंद प्रसाद सोमवार, 4 मई या मंगलवार, 5 मई को गोंडा पहुंचकर अपना कार्यभार ग्रहण करेंगे। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने बताया कि मातृत्व अवकाश के कारण नए सीडीओ की तैनाती के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया था, जिसके आधार पर यह नियुक्ति की गई है। प्रशासनिक हलकों में दयानंद प्रसाद को तेज-तर्रार अधिकारी माना जाता है और उनके कार्यकाल से गोंडा में विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
ग्रेटर नोएडा के थाना बीटा-2 क्षेत्र में रविवार को पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। इस दौरान पुलिस ने एक शातिर चेन स्नैचर को गिरफ्तार किया है। जवाबी फायरिंग में बदमाश के पैर में गोली लगी, जबकि उसका दूसरा साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। पुलिस के अनुसार, बीटा-2 थाना पुलिस टीम ओमेक्स गोलचक्कर के पास संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक अपाचे मोटरसाइकिल पर दो संदिग्ध व्यक्ति आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन बदमाशों ने भागने का प्रयास किया और पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई के दौरान एक बदमाश गोली लगने से घायल होकर गिर पड़ा। उसकी पहचान सोनू श्रीवास्तव के रूप में हुई है, जो वर्तमान में भंगेल क्षेत्र में रह रहा था। पुलिस ने उसके पास से एक अवैध तमंचा, कारतूस, चोरी की मोटरसाइकिल और लूटी गई सोने की चेन बरामद की है। जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार बदमाश एक शातिर अपराधी है। उसने बीते 11 अप्रैल को जगतफार्म मार्केट से एक महिला से चेन लूटी थी। अभियुक्त पर गैंगस्टर एक्ट सहित चोरी और लूट के दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं। फरार हुए दूसरे बदमाश की तलाश में पुलिस द्वारा कॉम्बिंग की जा रही है। एडीसीपी ग्रेटर नोएडा सुधीर कुमार ने बताया कि यह शातिर किस्म का लुटेरा है। इसने कुछ दिन पहले ग्रेटर नोएडा के जगतफार्म मार्केट से एक महिला की चेन लूटी थी। अभियुक्त पर करीब एक दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस उसके दूसरे साथी को पकड़ने के लिए कॉम्बिंग कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इन लुटेरों के साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
ग्रेटर नोएडा में 17 शराब तस्कर गिरफ्तार:2387 लीटर अवैध शराब बरामद, 180 लोगों के खिलाफ हुई कार्रवाई
ग्रेटर नोएडा जोन में अवैध शराब की तस्करी और सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वालों के खिलाफ चलाए गए 15 दिवसीय विशेष अभियान में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान 17 तस्करों को गिरफ्तार किया गया और 2387 लीटर अवैध शराब बरामद की गई। वहीं, सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वाले 180 लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। पुलिस के अनुसार, अभियान के दौरान कुल 17 मुकदमे दर्ज किए गए। इन मामलों में अवैध शराब की तस्करी में शामिल 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से भारी मात्रा में शराब बरामद की गई। सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वालों पर भी शिकंजाइसके अलावा, पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों पर शराब का सेवन करने वाले 180 व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 292 और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 170 के तहत कानूनी कार्रवाई की है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अवैध शराब की तस्करी और सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वालों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और ऐसे मामलों पर अंकुश लगाया जा सके।
नवजात के शव से नाल जुड़ी थी। उसमें अस्पताल में लगाई जाने वाली पिन भी लगी थी। पुलिस जन्म के दौरान ही मौत की आशंका जता रही है। साथ ही आसपास के अस्पतालों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। जन्म के कुछ देर बाद ही ममता का गला घोंटकर एक मां ने नवजात को डिब्बे में भरकर नाले में फेंक दिया। कसूर इतना था कि वो बेटी थी। सूखे नाले में गिरने से प्लास्टिक के डिब्बे का ढक्कन खुल गया और धड़ बाहर आ गया। कुत्ते शव को बाहर खींचने लगे तो लोगों ने देखा। अपनों की दुत्कार पाई नवजात के शव को भी सम्मान नहीं मिला। सूचना पर पहुंची दो थानों की पुलिस ने सीमा विवाद में उलझकर इंसानियत को शर्मसार कर दिया। करीब दो घंटे तक शव नाले में ही पड़ा रहा। अंत में कोतवाली थाना पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। शव को नोंच रहे थे कुत्तेयूपी के आगरा स्थित फ्रीगंज के नीम दरवाजा क्षेत्र में रेलवे पुल के पास सूखे पड़े नाले में रविवार शाम चार बजे लोगों ने एक प्लास्टिक के डिब्बे से आधा बाहर निकला नवजात का शव देखा। कुत्ते शव को खींच रहे थे। मौके पर भीड़ जुट गई। कोई मृत होने के कारण तो कोई जीवित ही नवजात को फेंके जाने की बात कर रहा था। घटना से लोगों में आक्रोश फैल गया। दो घंटे सीमा विवाद में उलझी रही पुलिससूचना मिलने पर थाना छत्ता की गुदड़ी मंसूर खां और कोतवाली थाना के पॉय चौकी की पुलिस पहुंच गई। दोनों थानों की पुलिस घटनास्थल अपने कार्यक्षेत्र में नहीं होने की बात कहकर पल्ला झाड़ रही थी। करीब दो घंटे बाद जब मामला अधिकारियों तक पहुंचा तो कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बच्ची का है शवथाना प्रभारी कोतवाली भानु प्रताप ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया था। शव नवजात बच्ची का है। पोस्टमार्टम के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। जिस जगह शव मिला वहां से थोड़ी दूरी पर हरीपर्वत, कोतवाली और छत्ता थाने की सीमा लगती है। लोगों को भी घटनास्थल की सही जानकारी नहीं थी। इसके कारण छत्ता थाना को सूचना दे दी। नहीं काटी गई थी नालनवजात के शव से नाल जुड़ी थी। उसमें अस्पताल में लगाई जाने वाली पिन भी लगी थी। पुलिस जन्म के दौरान ही मौत की आशंका जता रही है। साथ ही आसपास के अस्पतालों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
संभल डीएम को 17 बार फोन करने वाले युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया। इसके बाद शांतिभंग में चालान कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। युवक मानसिक रूप से बीमार बताया जा रहा है। मामला जनपद हयातनगर थाना क्षेत्र का है। उपनगरी सरायतरीन के मोहल्ला नवाबखेल कच्चा बाजार के रहने वाले एजाज का बेटा अराफात को रविवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, आरोप है कि उसने कल 2 मई को पूरे दिन में डीएम को 17 बार फोन किया और तरह-तरह की बातें करके परेशान करता रहा। पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद जिला संयुक्त चिकित्सालय में मेडिकल कराया, इसके बाद उसे सिटी मजिस्ट्रेट न्यायालय में पेश किया गया, जहां पुलिस की शांतिभंग की रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार ने 14 दिन के लिए जेल भेज दिया। डीएम को फोन कर बोला- डीएम साहब ठीक होअराफात ने कहा कि मैंने तो बस डीएम साहब को कॉल किया था, इतना ही तो कहा कि ‘डीएम साहब ठीक हो। पर पता नहीं वो किस बात पे नाराज हो गए और मुझे जेल भिजवा रहे हैं। मुझे क्या पता था कि हाल-चाल पूछने की इतनी बड़ी सजा मिलेगी। वो मुझे पागल खाने भी भेज रहें हैं, पहले भी एक बार भेज चुके हैं। आरोपी बोला- मैंने तो मजे-मजे में फोन कियामैं तो बस मजे-मजे में कॉल कर लिया था, उन्होंने मेरी एक न सुनी। मैंने उनसे ये भी पूछा था कि ‘आप मुझे कोई सजा तो नहीं दोगे?’ उन्होंने तो कह दिया था कि ‘नहीं देंगे’ पर अब देखो, पुलिस मुझे पकड़ के ले जा रही है, जेल भेज रहें है। जियाउर्रहमान बर्क के कार्यक्रम में पढ़ी थी शायरी2 मई को संभल के थाना नखासा क्षेत्र में एक कार्यक्रम का आयोजन हुआ था जिसके मुख्य अतिथि संभल के सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क थे, काफी लोग उसे कार्यक्रम में मंच पर संसद के साथ मौजूद थे। इस दौरान अराफात ने शायरी पढ़ी थी।
गोरखपुर के सेंट पॉल्स स्कूल में रविवार को देर शाम “अराउंड द वर्ल्ड इन अ डे” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गोरखपुर मंडल के आयुक्त अनिल धिंगरा (आईएएस) मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए विद्यार्थियों और शिक्षकों के प्रयासों को सराहा। कार्यक्रम की शुरुआत परिचयात्मक वीडियो से हुई, जिसके बाद छात्रों ने भव्य परेड प्रस्तुत की। परेड के माध्यम से “एकता में विविधता” का संदेश दिया गया। पूरे कार्यक्रम का संचालन विद्यार्थियों ने किया, जिससे मंच संचालन में आत्मविश्वास और उत्साह देखने को मिला। 10 देशों की संस्कृति पर आधारित नृत्य ने मोहा मन कार्यक्रम में नेपाल, इटली, यूएई, फ्रेंच पॉलिनेशिया, नॉर्वे, कोलंबिया, जॉर्जिया, मैक्सिको, ग्रीस और दक्षिण कोरिया की संस्कृति पर आधारित नृत्य प्रस्तुत किए गए। रंग-बिरंगी वेशभूषा और संगीत के साथ प्रस्तुतियों ने दर्शकों को बांधे रखा। विद्यालय परिसर में विभिन्न देशों के स्टॉल लगाए गए, जहां विद्यार्थियों और निर्णायकों ने भ्रमण कर अलग-अलग संस्कृतियों, परंपराओं और खानपान के बारे में जानकारी ली। यह गतिविधि दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र रही। ‘यूनिटी डांस’ ने दिया वैश्विक एकता का संदेश अंतराल के बाद छात्रों ने “यूनिटी डांस” प्रस्तुत किया, जिसमें विश्व एकता और सौहार्द का संदेश दिया गया। प्रस्तुति को दर्शकों ने सराहा। कार्यक्रम के अंत में कार्यकारी प्रधानाचार्य डॉ. अमरीश चंद्रा ने प्रतियोगिता के परिणाम घोषित किए। निर्णायकों द्वारा विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए गए और सभी निर्णायकों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। आयोजन में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी और शिक्षकों के समन्वय की सराहना की गई।
ग्रेटर नोएडा में तेज रफ्तार रेंज रोवर पलटी:पेड़ से टकराई कार, टायर निकला; दो युवक बाल-बाल बचे
ग्रेटर नोएडा में तेज रफ्तार रेंज रोवर कार अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसा सूरजपुर थाना क्षेत्र में ओमिक्रोन थर्ड के सामने हुआ, जहां कार सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई। गनीमत रही कि दुर्घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। पुलिस के अनुसार, कनिष्क सिरोही अपने एक दोस्त के साथ रेंज रोवर कार से बेनेट यूनिवर्सिटी, ग्रेटर नोएडा की ओर जा रहा था। इसी दौरान कार अचानक असंतुलित होकर पलट गई। दोनों युवक सुरक्षित हैं और किसी को चोट नहीं आई है। हादसा इतना भीषण था कि कार का एक टायर अलग होकर दूर जा गिरा और सभी शीशे टूट गए। कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार तेज रफ्तार में थी और अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई, जिसके बाद वह पेड़ से टकरा गई। दुर्घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला।
मथुरा में रविवार को श्री परशुराम शोभा समिति के तत्वावधान में भगवान परशुराम की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा का शुभारंभ कच्ची सड़क स्थित बाटी वाली कुंज से विधिवत पूजा-अर्चना और हवन के साथ हुआ। इस दौरान भगवान परशुराम के चित्र पर माल्यार्पण कर आशीर्वाद लिया गया। यह शोभायात्रा चौक बाजार, डोरी बाजार, छत्ता बाजार, होली गेट और भरतपुर गेट सहित शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। स्थानीय लोगों ने शरबत और जलपान की व्यवस्था भी की, जिससे यात्रा में शामिल लोगों को राहत मिली। महिलाओं-युवाओं की खास भागीदारीशोभायात्रा में मथुरा जनपद के विप्रबंधुओं के साथ अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। महिलाओं और युवाओं की भागीदारी विशेष रूप से देखने को मिली। युवाओं के हाथों में फरसा और अन्य धार्मिक प्रतीक शोभा बढ़ा रहे थे। जय परशुराम के जयघोष और बैंड-बाजों की धुन पर श्रद्धालु उत्साह के साथ आगे बढ़ते रहे। यात्रा का मुख्य आकर्षण भगवान परशुराम की सजीव झांकी रही। इसके अलावा कई अन्य आकर्षक झांकियां भी निकाली गईं, जिन्होंने लोगों का मन मोह लिया। प्रमुख हस्तियां रहीं मौजूदशोभा समिति के अध्यक्ष रामगोपाल शर्मा ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी शोभायात्रा को भव्य रूप दिया गया है, जिसमें समाज के सभी वर्गों की भागीदारी रही। इस अवसर पर पूर्व ऊर्जा मंत्री एवं मथुरा विधायक श्रीकांत शर्मा, कथा वाचक देवकीनंदन ठाकुर और मृदुल कृष्ण शास्त्री सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। शोभायात्रा के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा और पूरी यात्रा के साथ मौजूद रहकर व्यवस्था संभाली। श्रद्धा, उत्साह और अनुशासन के साथ संपन्न हुई यह शोभायात्रा शहर में आकर्षण का केंद्र बनी रही।
मथुरा के होटल में युवक ने जहर खाकर दी जान:दिल्ली में करता था नौकरी, फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
मथुरा के थाना जमुनापार क्षेत्र के पानीगांव स्थित एक होटल में ठहरे युवक ने संदिग्ध परिस्थितियों में विषाक्त पदार्थ का सेवन कर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कमरे का दरवाजा खुलवाकर शव को कब्जे में ले लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए। मृतक की पहचान पटना (बिहार) निवासी उदई कुमार पुत्र अर्जुन सिंह के रूप में हुई है। वह दिल्ली में एक निजी कंपनी में कार्यरत था और दो दिन पहले ही पानीगांव के इस होटल में ठहरा था। होटल कर्मचारियों के अनुसार, घटना वाले दिन काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला। कई बार आवाज देने पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, जिसके बाद मैनेजर को संदेह हुआ और पुलिस को सूचना दी गई। प्राथमिक जांच में जहर खाने की आशंकापुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा खुलवाया तो युवक कमरे में मृत अवस्था में मिला। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि युवक ने किसी विषैले पदार्थ का सेवन किया था। हालांकि, इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। फॉरेंसिक टीम ने कमरे से संदिग्ध पदार्थों के नमूने और अन्य साक्ष्य एकत्र किए हैं। परिजन पहुंचे, कारणों की जांच जारीपुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना की सूचना मिलते ही मृतक के परिजन भी मथुरा पहुंच गए। फिलहाल, आत्महत्या के पीछे के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और सभी पहलुओं पर पड़ताल जारी है।
योगी सरकार ने रविवार रात 38 आईएएस अधिकारियों के ट्रांसफर कर दिए। 8 जिलों के जिलाधिकारी और 5 जगहों पर मुख्य विकास अधिकारी बदले गए हैं। 20 अप्रैल को आईएएस पद से कंडीशनल इस्तीफा वापस लेने वाले रिंकू सिंह राही को पोस्टिंग दी गई है। उन्हें जालौन में संयुक्त मजिस्ट्रेट बनाया गया है। 44 साल के रिंकू सिंह राही 2021 बैच के IAS अधिकारी हैं। उनकी सेवा के अभी 16 साल बाकी हैं। 9 महीने पहले उन्हें शाहजहांपुर से हटाकर राजस्व परिषद भेजा गया था। तब से उन्हें कोई फील्ड पोस्टिंग नहीं दी गई थी। वकीलों के सामने उठक-बैठक करने पर शाहजहांपुर पुवायां तहसील से हटाया गया था। वहां वह SDM थे। आईएएस रमेश रंजन को फिरोजाबाद डीएम के पद से हटा दिया गया है। उन्हें राजस्व परिषद में भेजा गया है। टूंडला की तहसीलदार रहीं राखी शर्मा ने रमेश रंजन पर रिश्वत में 1.75 लाख का आईफोन, आईवॉच लेने और शोषण करने का आरोप लगाया था। किसे कहां भेजा गया, जानिए… पहले डीएम की बात… अब ट्रांसफर की वजह भी जानिए… अब 30 अधिकारियों के ट्रांसफर लिस्ट देखिए… ……………………..
गोरखपुर के तुर्कमानपुर और नौरंगाबाद में धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। जिसमें तालीम, संस्कार और धार्मिक ज्ञान के महत्व पर जोर दिया गया। तुर्कमानपुर में सालाना जलसा हुआ, वहीं दर्स-ए-कुरआन के दूसरे सप्ताह में सूरह फील पर चर्चा की गई। मकतब इस्लामियात फैजाने मुबारक खां शहीद की ओर से आयोजित जलसे में कुरआन-ए-पाक पूरा करने वाले उजैन, आतिफा खातून, माहिरा खातून, अफीना खातून, रयान और रेहान को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन हाफिज अशरफ रजा इस्माईली और हाफिज सैफ अली इस्माईली ने किया। तालीम और संस्कार दोनों जरूरीमुख्य अतिथि संतकबीरनगर के शहर काजी मुफ्ती अख्तर हुसैन अलीमी ने कहा कि शिक्षा और संस्कार दोनों एक बेहतर इंसान और समाज के निर्माण के लिए जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा ज्ञान देती है, जबकि संस्कार इंसान के व्यवहार और चरित्र को संवारते हैं। बच्चों में बचपन से अच्छे संस्कार देना जरूरी है ताकि वे जिम्मेदार नागरिक बन सकें। दूसरी ओर, तुर्कमानपुर और नौरंगाबाद में आयोजित दर्स-ए-कुरआन में मुख्य वक्ता हाफिज रहमत अली निजामी ने कहा कि अल्लाह की शक्ति सबसे बड़ी है और सत्य की जीत निश्चित होती है। सूरह फील का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे छोटे पक्षियों के जरिए एक बड़ी सेना को नष्ट किया गया। धैर्य और विश्वास का संदेशविशिष्ट वक्ता कारी मुहम्मद अनस नक्शबंदी ने कहा कि सूरह फील यह सिखाती है कि कोई भी ताकत अल्लाह के सामने टिक नहीं सकती। यह लोगों को धैर्य और विश्वास बनाए रखने का संदेश देती है। कार्यक्रमों के अंत में देश की खुशहाली और तरक्की के लिए दुआ की गई। दोनों आयोजनों में शहर काजी मुफ्ती मुहम्मद अजहर शम्सी, हाफिज रहमत अली निजामी, मुहम्मद अनस नक्शबंदी सहित कई लोग मौजूद रहे और इस्लामी बहनों ने भी सक्रिय भागीदारी की।
आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने बंगाल चुनाव के दौरान इटावा निवासी मौलाना जर्जिश अंसारी के बयान “मुसलमानों के रोने का वक्त आ गया” पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस बयान को मुस्लिम समाज को गुमराह करने और भड़काने वाला करार देते हुए सरकार से स्वतः संज्ञान लेकर उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि मौलाना जर्जिश का बयान पूरी तरह से उकसाने वाला है। उन्होंने कहा कि देश के उच्चतम न्यायालय ने इस तरह की टिप्पणियों को ‘हेट स्पीच’ की श्रेणी में रखा है, इसलिए प्रशासन को चुप्पी साधने के बजाय सख्त कदम उठाने चाहिए। उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में आयोग ने निष्पक्ष तरीके से चुनाव संपन्न कराए हैं और अब मतगणना की प्रक्रिया शेष है। ‘लोमड़ी बनने’ की सलाह पर विवादविवाद की जड़ मौलाना जर्जिश अंसारी की एक तकरीर का वीडियो है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह बंगाल के मुसलमानों से कहते नजर आ रहे हैं कि अब उनके रोने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि चुनाव में हुई गलती का खामियाजा मुसलमानों को भुगतना पड़ेगा। सबसे विवादित बात यह रही कि उन्होंने मुसलमानों को सलाह दी कि “शेर से बचने के लिए कुछ समय के लिए लोमड़ी बन जाओ।” हालांकि, उन्होंने डर के चलते ‘शेर’ का नाम लेने से इनकार किया और कहा कि नाम लेने पर जेल जाना पड़ सकता है। शांति बनाए रखने की अपीलमौलाना शहाबुद्दीन ने बंगाल के लोगों से मतगणना के दौरान शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि मतदान लोकतंत्र का अहम हिस्सा है और जीत-हार इसकी स्वाभाविक प्रक्रिया है।उन्होंने उम्मीद जताई कि मतगणना के दौरान किसी प्रकार की हिंसा या तनाव नहीं होगा और लोग शांतिपूर्वक परिणामों का इंतजार करेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों का समाज पर नकारात्मक असर नहीं पड़ना चाहिए, क्योंकि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत है।
पीलीभीत में एक बैंक शाखा प्रबंधक पर राइस मिल मालिक के साथ 4.15 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का आरोप लगा है। आरोप है कि पंजाब एंड सिंध बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक ने कम ब्याज और अधिक ऋण का लालच देकर पहले खाता ट्रांसफर कराया, फिर चेक की फोटो का उपयोग कर खाते से यह रकम निकाल ली। यह मामला 'उजैफा इग्रीटेग राइस मिल' के मालिक मोहम्मद जीशान से जुड़ा है, जो कोतवाली क्षेत्र की केजीएन टू कॉलोनी के निवासी हैं। पीड़ित के अनुसार, उनका खाता पहले इंडियन बैंक में था। कम ब्याज पर लोन देने का झांसा दियाआरोप है कि पंजाब एंड सिंध बैंक की टनकपुर बाइपास शाखा के तत्कालीन प्रबंधक राधेश्याम प्रभाकर ने मोहम्मद जीशान को कम ब्याज दर और 25 करोड़ रुपये तक की क्रेडिट लिमिट बढ़ाने का झांसा दिया। इसके बाद जीशान ने अपना खाता पंजाब एंड सिंध बैंक में स्थानांतरित कर दिया। साल 2024 में बैंक ने उनका 15 करोड़ रुपए का ऋण भी स्वीकृत किया था। व्हाट्सएप पर चेक की फोटो मंगाईदर्ज रिपोर्ट के अनुसार, शाखा प्रबंधक प्रभाकर ने क्रेडिट लिमिट बढ़ाने की प्रक्रिया के बहाने मोहम्मद जीशान से व्हाट्सएप के माध्यम से विभिन्न चेक की फोटो मंगवाईं। आरोप है कि 6 मई 2025 से 23 जनवरी 2026 के बीच जीशान ने लगभग 20 चेक की तस्वीरें भेजी थीं। पीड़ित ने बताया कि इन चेक पर उनके हस्ताक्षर नहीं थे और मूल चेक आज भी उनके पास सुरक्षित हैं। इसके बावजूद, बैंक प्रबंधक ने इन तस्वीरों का उपयोग कर धोखाधड़ी को अंजाम दिया। फोटो का इस्तेमाल कर रुपए निकालेजीशान का आरोप है कि शाखा प्रबंधक ने अन्य बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से केवल चेक की फोटो का इस्तेमाल कर खाते से 4.15 करोड़ रुपये निकाल लिए। जब उन्हें इस धोखाधड़ी का पता चला और उन्होंने शिकायत की, तो बैंक अधिकारियों ने ब्याज सहित रकम लौटाने का आश्वासन दिया। हालांकि, बाद में बैंक अपने आश्वासन से मुकर गया। इसके बाद, पीड़ित मोहम्मद जीशान ने न्याय के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश के बाद, थाना सुनगढ़ी पुलिस ने शाखा प्रबंधक राधेश्याम प्रभाकर और अन्य अज्ञात बैंक कर्मियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
बरेली में PNG गैस चोरी का खुलासा:पाइप जोड़कर बाईपास से लेते थे गैस, 3 आरोपी गिरफ्तार
बरेली के इज्जतनगर थाना पुलिस ने गैस चोरी के एक मामले का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से गैस चोरी में इस्तेमाल किया गया पाइप भी बरामद किया। पुलिस के मुताबिक, सेंट्रल यूपी गैस लिमिटेड के सीनियर मैनेजर जितेंद्र गौतम ने 28 अप्रैल को एक शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि पीरबहोड़ा क्षेत्र में पाइप नेचुरल गैस (PNG) लाइन को नुकसान पहुँचाकर और मीटर-रेगुलेटर को बाईपास करके अवैध रूप से गैस चोरी की जा रही है। इससे जान-माल को गंभीर खतरा हो सकता है। इस शिकायत के आधार पर इज्जतनगर थाने में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच अभियान के दौरान पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान सफरुद्दीन, मुस्तफा खां उर्फ मुस्ताक खां और अनुज सक्सेना के रूप में हुई है। उनकी निशानदेही पर गैस चोरी में इस्तेमाल किया गया पाइप भी बरामद किया गया। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों के गैस कनेक्शन बिल बकाया होने के कारण बंद हो गए थे। इसके बाद अनुज सक्सेना ने अपने साथी के साथ मिलकर अवैध रूप से पाइप के जरिए गैस लाइन जोड़ दी थी। इस अवैध कनेक्शन के बदले प्रति माह 500 रुपये वसूले जाते थे और चेकिंग की सूचना पहले से देने का आश्वासन भी दिया जाता था। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पिछले कई महीनों से इस अवैध तरीके से गैस का उपयोग किया। मुख्य आरोपी सफरुद्दीन के बेटे ने भी गैस लाइन जोड़ने का तरीका सीख लिया था और वह समय-समय पर कनेक्शन चालू कर देता था। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और उन्हें न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया जारी है। इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक सुरेश चंद्र गौतम, उपनिरीक्षक संजय कुमार और कांस्टेबल मनीष मलिक की टीम शामिल थी।
आगरा में पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरी करने वाले शातिर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से चोरी की बाइक, मोबाइल और नकदी बरामद हुई है। यह गिरोह बाइक चोरी कर उन्हें काटकर बेच देता था और मोबाइल के जरिए प्लानिंग करता था। आगरा के मलपुरा थाना क्षेत्र में पुलिस और सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक सक्रिय मोटरसाइकिल चोर गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से तीन मोटरसाइकिल (जिनमें दो चोरी की और एक घटना में इस्तेमाल), पांच मोबाइल फोन और 1350 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, मामला 25 अप्रैल 2026 की रात का है, जब एक व्यक्ति की बाइक और मोबाइल चोरी हो गए थे। पीड़ित की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस को सुराग मिले और रेलवे ओवरब्रिज के पास से चार आरोपियों को पकड़ लिया गया। इसके बाद एक अन्य आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे एक ही गांव के रहने वाले हैं और मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। ये लोग पहले मोबाइल के जरिए आपस में प्लानिंग करते थे, फिर सुनसान जगहों पर बाइक चोरी करते थे। चोरी के बाद बाइक को काटकर उसके पार्ट्स अलग-अलग बेच देते थे, ताकि पहचान न हो सके। गिरोह ने यह भी कबूला कि चोरी की बाइक का इंजन निकालकर एक आरोपी के घर में छिपाया जाता था। बाकी हिस्सों को कबाड़ियों को बेच दिया जाता था। आरोपियों ने हाल ही में 4-5 दिन पहले भी इसी तरीके से चोरी की घटना को अंजाम दिया था। गिरफ्तार आरोपियों में मनोज ठाकुर, मनीष डागर, गोविंद ठाकुर, उदय कुशवाह और आमिर खान शामिल हैं। पुलिस ने सभी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
सरकारी नौकरी से रिटायर होने का मतलब अब परेशानी नहीं, बल्कि सम्मान और सुकून बनता जा रहा है। प्रोजेक्ट वंदन के तहत अब कर्मचारियों को रिटायरमेंट के दिन ही पेंशन और बाकी भुगतान की प्रक्रिया पूरी करके दी जा रही है। इससे उन्हें बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे, जो पहले एक बड़ी समस्या हुआ करती थी।हाल ही में रायपुर में 44 रिटायर हुए अधिकारी और कर्मचारियों के लिए एक साथ सम्मान समारोह रखा गया। उन्हें शॉल, श्रीफल और प्रमाण पत्र देकर विदाई दी गई। खास बात ये रही कि कुछ कर्मचारियों को उसी दिन लाखों रुपए का भुगतान और जरूरी दस्तावेज भी मिल गए, जबकि बाकी लोगों को कुछ ही दिनों में सब देने की व्यवस्था की गई है। कर्मचारियों ने बताया-पहले होती थी परेशानीरिटायर हुए कर्मचारियों का कहना है कि पहले पेंशन के लिए महीनों तक परेशान होना पड़ता था, लेकिन अब सब कुछ समय पर मिल रहा है। कई लोगों ने बताया कि अपने पूरे करियर में पहली बार उन्हें इस तरह सम्मान के साथ विदाई मिली, जिससे रिटायरमेंट का दिन यादगार बन गया। अब अनुभव का भी मिलेगा समाज को लाभइसके साथ ही “प्रोजेक्ट सेकेंड इनिंग” भी शुरू किया गया है, ताकि रिटायर हो चुके लोग अपने अनुभव का उपयोग आगे भी कर सकें। जो लोग चाहें, वे पढ़ाई, मार्गदर्शन या सामाजिक कामों में योगदान दे सकते हैं। इससे उनका अनुभव समाज के काम आएगा और वे खुद भी सक्रिय बने रहेंगे।
दंतेवाड़ा जिले के बारसूर इलाके में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान माओवादी कैडरों के डंप सामान को बरामद किया गया है। विस्फोटक और प्रतिबंधित सामग्री का जखीरा बरामद किया गया है। कार्रवाई के बाद सभी जवान सुरक्षित लौट आए हैं और बरामद सामग्री के संबंध में वैधानिक प्रक्रिया जारी है। जानकारी के मुताबिक, 2 मई को मिली सटीक खुफिया सूचना के आधार पर ग्राम तोडमा के जंगलों में सीआरपीएफ की 195वीं बटालियन और दंतेवाड़ा पुलिस की संयुक्त टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। तलाशी के दौरान सुरक्षाबलों ने अलग-अलग स्थानों पर छिपाकर रखी गई नक्सलियों की सामग्री बरामद की। भारी मात्रा में डेटोनेटर और कारतूस जब्त बरामद सामान में 75 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, 7.62 मिमी एसएलआर राउंड, 5.56 मिमी इंसास राउंड, 7.6239 मिमी राउंड, 12 बोर राउंड और खाली केस, .303 ब्लैंक कारतूस, बीजीएल कारतूस के खाली केस सहित विभिन्न हथियारों के राउंड शामिल हैं। इसके अलावा 500 ग्राम विस्फोटक, जिलेटिन, सेफ्टी फ्यूज वायर, इलेक्ट्रिक वायर, ग्रेनेड पिन, बैटरियां और कैमरा फ्लैश भी जब्त किए गए हैं। संचार उपकरण और नक्सली साहित्य मिले सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों को एक भरमार राइफल, संचार उपकरण जैसे डीएमआर और वायरलेस सेट, यूरिया पाउडर और नक्सली साहित्य भी मिला है। ऑपरेशन पूरा होने के बाद सभी जवान सुरक्षित कैंप लौट आए। पुलिस द्वारा बरामद सामग्री का जब्ती पंचनामा तैयार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
सीकर की अदालतों में पेंडिंग मुकदमों को राजीनामे से निपटाने लिए वनडे रोल प्ले ट्रेनिंग हुई। सुप्रीम कोर्ट की मध्यस्थता और कॉन्सिलिएशन प्रोजेक्ट कमेटी (MCPC), राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (RALSA) के तत्वावधान में रविवार को ट्रेनिंग हुई। रोल प्ले ट्रेनिंग में शेखावाटी क्षेत्र के फौजदारी, दीवानी, पारिवारिक विवाद, चेक बाउंस, बैंक रिकवरी, राजस्व और उपभोक्ता मामलों में कानूनी लड़ाई के बिना विवाद निपटाने का तरीका बताया गया। गौरतलब है कि 9 मई को इस साल की दूसरी लोक अदालत होगी। 55 मध्यस्थों को दी गई ट्रेनिंग सीकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष रूपा गुप्ता के निर्देशन में नवनियुक्त 55 मध्यस्थों के लिए रोल प्ले ट्रेनिंग दी गई। इसकी शुरुआत ट्रेनर जज बालकृष्ण गोयल और नीरज कुमार भारद्वाज ने की। DLSA सेक्रेटरी शालिनी गोयल ने दोनों ट्रेनर जज को पौधा भेंटकर स्वागत किया। इंचार्ज जज वीरेंद्र कुमार मीणा ने बताया- इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 55 नवनियुक्त मीडिएटर्स (47 एडवोकेट और 8 रिटायर्ड/वर्किंग अधिकारीगण) के स्किल्स का डवलपमेंट करना और उन्हें मीडिएटरशिप की नई टेक्नीक की प्रैक्टिस करवाई गई। ट्रेनिंग के विभिन्न सेशन में मीडिएटरशिप के सिद्धांतों, प्रैक्टिकल और टेक्निकल विषयों के बारे में डिटेल में जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान सीनियर ट्रेनर्स ने मीडिएटरशिप की जरुरत और कानूनी विवादों को आपसी समझ से सुलझाने के कौशल पर जोर दिया। DLSA सेक्रेटरी शालिनी गोयल ने आभार जताया। शुरुआती सत्र में CJM विकास कुमार स्वामी भी मौजूद रहे।
जिले के चिलवानी थाना क्षेत्र के देवरी गांव में रविवार दोपहर सरकारी जनगणना का काम कर रहे कोटवार मातादीन शाक्य पर गांव के ही कुछ लोगों ने जानलेवा हमला कर दिया। लाठी-डंडों और कुल्हाड़ी से किए गए इस हमले में कोटवार बुरी तरह घायल हो गए हैं। दोपहर करीब एक बजे कोटवार मातादीन, पटवारी रोहित तोमर और दो शिक्षकों के साथ जनगणना के काम में जुटे थे। इसी दौरान पुरानी रंजिश को लेकर गांव के ही छह लोग (रामनिवास, गिर्राज, नट्टू, सरनाम, गोपाल और वीरेंद्र सिंह यादव) वहां पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने कोटवार को जातिसूचक गालियां दीं और अचानक हथियारों से हमला बोल दिया। हमला इतना खौफनाक था कि टीम के बाकी सदस्य अपनी जान बचाकर वहां से भाग निकले। हालत गंभीर, ग्वालियर रेफर इस हमले में मातादीन के दोनों पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद डायल 112 की मदद से उन्हें विजयपुर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उन्हें ग्वालियर रेफर कर दिया है। पुलिस ने दर्ज किया मामला चिलवानी पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी छह आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों पर सरकारी काम में बाधा डालने (धारा 353, 332) और मारपीट के साथ-साथ SC-ST एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। फिलहाल सभी आरोपी फरार हैं और पुलिस उनकी सरगर्मी से तलाश कर रही है।
प्रयागराज में जल संकट से जूझ रहे नागरिकों को राहत देने के लिए नगर निगम ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। वार्ड संख्या 61 के अंतर्गत कटरा बैंक रोड क्षेत्र में एक नए बड़े ट्यूबवेल का विधिवत शिलान्यास किया गया। इस परियोजना का भूमि पूजन और शिलान्यास महापौर गणेश केसरवानी द्वारा संपन्न हुआ। इस अवसर पर महापौर ने कहा कि नगर निगम का मुख्य उद्देश्य शहर के प्रत्येक नागरिक को मूलभूत सुविधाएं, विशेषकर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि इस ट्यूबवेल के शुरू होने से क्षेत्र के 2000 से अधिक घरों को सीधा लाभ मिलेगा और उनकी लंबे समय से चली आ रही पानी की समस्या का जल्द समाधान होगा। महापौर ने आगे कहा कि नगर निगम जल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। शहर के विभिन्न वार्डों में नए ट्यूबवेल स्थापित किए जा रहे हैं, पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है और जल संरक्षण योजनाओं को तेजी से लागू किया जा रहा है, ताकि भविष्य में किसी भी क्षेत्र में जल संकट उत्पन्न न हो। शिलान्यास कार्यक्रम में क्षेत्रीय पार्षद श्रीमती सोनिका अग्रवाल सहित आनंद अग्रवाल, श्याम प्रकाश पांडेय, यश कौशल, श्रयम भार्गव, अमन केसरवानी और वैभव केसरवानी समेत कई गणमान्य लोग और स्थानीय निवासी उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल के लिए नगर निगम और महापौर का आभार व्यक्त किया। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि इस क्षेत्र में लंबे समय से पानी की गंभीर समस्या बनी हुई थी, जो गर्मी के मौसम में और भी विकट हो जाती थी। ऐसे में नए ट्यूबवेल का निर्माण उनके लिए बड़ी राहत साबित होगा।
पन्ना में ट्रक ने ऑटो को टक्कर मारी:दमोह के एक शख्स की मौत, 9 लोग घायल; खाई में गिरा वाहन
पन्ना-अमानगंज सड़क पर रविवार, 3 मई को ग्राम तारा के पास एक तेज रफ्तार ट्रक ने ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में दमोह के रहने वाले एक शख्स की मौत हो गई, जबकि एक ही परिवार के 9 लोग घायल हो गए हैं। दो घायलों की हालत काफी नाजुक बताई जा रही है। हादसे का शिकार हुआ परिवार दमोह और सिमरिया इलाके का रहने वाला है। ये लोग ऑटो से बरबसपुरा में अपने एक बीमार रिश्तेदार का हालचाल जानने गए थे। वहां से लौटते समय तारा गांव के पास सामने से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रक ने ऑटो को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो सड़क किनारे गहरी खाई में जा गिरा। ग्रामीणों ने की मदद, ड्राइवर हुआ फरार हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मदद के लिए दौड़े और खाई में गिरे ऑटो से घायलों को बाहर निकाला। वहीं, मौका पाकर ट्रक चालक वाहन समेत वहां से भागने में कामयाब रहा। अस्पताल में इलाज जारी सभी घायलों को तुरंत अमानगंज के स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से गंभीर रूप से घायल लोगों को पन्ना जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जहां घायलों का इलाज चल रहा है। पुलिस ने फरार ट्रक चालक के खिलाफ केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
शाहजहांपुर में गुब्बारा सांस की नली में फंसने से पांच साल के बच्चे की मौत हो गई। यह घटना कांट थाना क्षेत्र के खपटी गांव में हुई, जहां परिवार में चाचा की शादी की तैयारियां चल रही थीं। बच्चे को तत्काल चिकित्सक के पास ले जाया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। खपटी गांव निवासी श्यामा के पांच वर्षीय बेटे कनिष्क की सोमवार को चाचा सूरज की बारात जानी थी। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं और रिश्तेदार भी मौजूद थे। दोपहर करीब तीन बजे कनिष्क अन्य बच्चों के साथ घर से कुछ दूरी पर खेल रहा था। खेलते समय कनिष्क को एक गुब्बारा मिला। जब वह उसे फुला रहा था, तो गुब्बारा फट गया और उसका एक टुकड़ा उसकी सांस की नली में फंस गया। इससे कनिष्क वहीं गिरकर छटपटाने लगा। बच्चों ने दौड़कर घर पर परिजनों को सूचना दी। परिजन मौके पर पहुंचे और गुब्बारा निकालने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुए। वे मासूम को पास के गांव में एक चिकित्सक के पास ले गए, जहां कुछ देर बाद उसकी मृत्यु हो गई। देर शाम शव को दफना दिया गया। श्यामा और उनकी पत्नी राजमा देवी का बुरा हाल है। प्रभारी निरीक्षक राकेश मौर्या ने बताया कि इस घटना के संबंध में पुलिस को कोई सूचना नहीं दी गई थी।
मंदसौर में कल 4 घंटे बिजली कटौती:संजीत रोड, पुलिस कॉलोनी, जैन कॉलोनी समेत कई इलाके प्रभावित होंगे
मंदसौर शहर के कई इलाकों में कल (सोमवार) चार घंटे विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। सहायक यंत्री ने बताया कि 33/11 केवी विद्युत लाइनों के मानसून पूर्व रखरखाव कार्य के कारण यह निर्णय लिया गया है। यह बिजली कटौती 11 केवी मालगोदाम फीडर के अंतर्गत स्टेडियम उपकेंद्र पर किए जाने वाले कार्य के कारण होगी। सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक विद्युत प्रदाय पूरी तरह बंद रहेगा। बिजली कटौती से शुक्ला कॉलोनी, पुलिस कॉलोनी, दशरथ नगर, मालगोदाम रोड, माथुर कॉलोनी, जैन कॉलोनी, सेठिया विहार, भारत प्लाजा, संजीत रोड, संजय गांधी उद्यान, जनपद पंचायत और बंटी चौराहा क्षेत्र समेत आसपास के कई इलाके प्रभावित होंगे। विद्युत कंपनी ने उपभोक्ताओं से इस कार्य में सहयोग की अपील की। यह भी स्पष्ट किया है कि रखरखाव कार्य की आवश्यकता के अनुसार बिजली कटौती के समय में बदलाव (घटाया या बढ़ाया) किया जा सकता है। विभाग ने नागरिकों को होने वाली असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है और सलाह दी है कि वे अपने आवश्यक कार्य पहले ही निपटा लें।
‘सही दवा, शुद्ध आहार, यही छत्तीसगढ़ का आधार’ थीम पर चल रहे सघन जांच अभियान के तहत खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने शहर में बेकरी उत्पादों की गुणवत्ता की जांच तेज कर दी है। अभियान का उद्देश्य नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। खासकर गर्मी के मौसम में जब फूड प्वाइजनिंग और मिलावट का खतरा बढ़ जाता है। अभियान के छठवें दिन टीम ने रायपुर में 11 केक और बेकरी फर्मों का निरीक्षण किया। इस दौरान 5 खाद्य नमूने लेकर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे गए हैं। जांच के दौरान दो फर्मों में खामियां पाई गई, जिन्हें सुधार सूचना पत्र जारी किया गया है। एक जगह एक्सपायर्ड बर्गर बर्न और व्हाइट ब्रेड मिलने पर उन्हें मौके पर ही नष्ट कराया गया। जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि एक्सपायरी डेट के बाद खाद्य पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। ऐसे उत्पादों में बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं, जिससे फूड प्वाइजनिंग, उल्टी-दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए उपभोक्ताओं को पैक्ड फूड खरीदते समय निर्माण तिथि और एक्सपायरी जरूर जांचनी चाहिए। आम लोगों से अपील विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि वे संदिग्ध या खराब खाद्य पदार्थों की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें। जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित फर्मों पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। अभियान के जरिए न सिर्फ मिलावट पर रोक लगाई जा रही है, बल्कि लोगों में जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
कानपुर में युवती को बंधक बनाकर दुष्कर्म का आरोप:धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया, आरोपी हिरासत में
कानपुर के सजेती थाना क्षेत्र के एक गांव में युवती को बंधक बनाकर दुष्कर्म करने और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने पिता की तहरीर पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर युवती को मेडिकल परीक्षण के लिए भेज दिया है। आरोपी युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पीड़िता के पिता ने रविवार देर शाम सजेती थाने पहुंचकर दी गई तहरीर में बताया कि 28 अप्रैल की रात करीब आठ बजे जब वह घर लौटे, तो उनकी बेटी घर पर नहीं थी। इसके बाद उन्होंने थाने में गुमशुदगी की सूचना दी। काफी तलाश के बाद पता चला कि बरीपाल निवासी इरशाद उर्फ अब्दुल्ला पुत्र लाला मंसूरी ने उसे अपने घर में बंधक बना रखा है। पिता के अनुसार, जब वह अपने बेटे और गांव के लोगों के साथ बरीपाल पहुंचे, तो बेटी को मुक्त कराया गया। युवती ने बताया कि आरोपी उसे जबरन अपने घर ले गया था। आरोप है कि आरोपी ने घर में घुसकर उसके साथ मारपीट की और फिर उसे जबरन अपने साथ ले गया, जहां चार दिन तक बंधक बनाकर दुष्कर्म किया गया। विरोध करने पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया और शादी का झांसा दिया गया। साथ ही, किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी गई। रविवार को पिता बेटी को लेकर सजेती थाने पहुंचे, जहां पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। मामले की जानकारी मिलते ही बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद समेत अन्य हिंदू संगठन सक्रिय हो गए और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। पुलिस अधिकारियों ने जांच के आधार पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
गाजियाबाद में एक स्कूल के बेसमेंट में चल रही प्रार्थना सभा को लेकर विवाद खड़ा हो गया। रविवार शाम पूर्व पार्षद संजीव त्यागी और स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद नंदग्राम थाना पुलिस मौके पर पहुंची। बताया जा रहा है कि बेसमेंट में पिछले करीब तीन माह से प्रार्थना सभाएं आयोजित की जा रही थीं। मौके से प्रार्थना से संबंधित कागजात, फोटो और वीडियो सामग्री भी मिली है। इस मामले में पुलिस अंकुर मैसी नाम के व्यक्ति की तलाश कर रही है, जिसे अजराड़ा निवासी बताया जा रहा है। पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों को समझाकर स्थिति को शांत कराया। वहीं, स्थानीय लोगों ने विरोध के दौरान वहां लगे बैनर और होर्डिंग हटा दिए। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। रविवार को प्रार्थना में आते हैं महिलाएं और बच्चेराजनगर एक्सटेंशन की कृष्णा एनक्लेव सोसायटी में पूर्व पार्षद संजीव त्यागी और अन्य लोगों ने बताया कि कैंब्रिज नामक स्कूल के बेसमेंट में गोपनीय ढंग से चर्च चलाया जा रहा है, जहां धर्मांतरण किया जा रहा है। यहां गरीब महिलाएं और बच्चों को लालच देकर लाया जाता है। जहां हर रविवार को प्रार्थना की जाती है। जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों से पूछा। जहां प्रार्थना सम्बंधी सामग्री मिली। समाजसेवी दीपांशु मित्तल का कहना है कि इस तरह की अवैध गतिविधियों को नहीं होने दिया जागएा। पुलिस इस मामले में जांच कर कार्रवाई करे। स्कूल के बेसमेंट को खाली कराया जाए। एक व्यक्ति जो हिंदु से धर्म परिवर्तन कर चुका है, वह लगातार यहां माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहा है। किसी भी कीमत पर प्रार्थना नहीं होने देंगे अवैध चर्च एवं धर्मांतरण को लेकर गाजियाबाद में कृष्णा एनक्लेव सोसायटी के लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग है कि इस विषय की विस्तृत जांच की जाए एवं दोषियों के विरुद्ध सख्त कारवाई की जाए। जबतक इसकी जांच नहीं होती वे इसी प्रकार सोसायटी के गेट पर बैठ कर निगरानी करेंगे। हालांकि इसकी लिखित में शिकायत नहीं की गई है। जो अजराड़ा का पादरी बताया गया है वह फरार है। जिसकी तलाश पुलिस कर रही है। पूरे मामले में जांच कराई जा रहीडीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने बताया कि पूरे मामले में जांच कराई जा रही है। जो भी लोगों ने आरोप लगाए हैं उनकी जांच कराई जा रही है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों से पूछताछ की है। अभी तक शिकायत नहीं की गई है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गुना शहर के बड़े पुल के पास एक कार में अचानक आग लग गई। इंदौर का परिवार ओरछा से श्री राम राजा के दर्शन कर वापस इंदौर लौट रहा था, तभी गुना में ये हादसा हुआ। घटना में कार पूरी तरह जल गई। जाम के कारण फायर ब्रिगेड को पहुंचने में आधा घंटा लग गया। मिली जानकारी के अनुसार, इंदौर के रहने वाले अंशुल मांडलिक अपने परिवार के साथ ओरछा दर्शन करने के लिए गए थे। शनिवार को वह झांसी में रुके। रविवार को दर्शन करने के बाद वह वापस इंदौर लौट रहे थे। कार में इनके साथ तीन महिलाएं, दो बच्चे थे। रविवार शाम वह गुना पहुंचे। अचानक गाड़ी में से धुआं उठने लगारविवार शाम लगभग 8:50 बजे जैसे ही गाड़ी गुना शहर के बड़े पुल के पास पहुंची, अचानक गाड़ी में से धुआं उठने लगा। गाड़ी चला रहे अंशुल ने तत्काल गाड़ी सड़क किनारे लगाई और पूरे परिवार को गाड़ी से उतारा। देखते ही देखते गाड़ी ने आग पकड़ ली और पूरी गाड़ी आग का गोला बन गई। अंशुल ने राहगीरों से फायर ब्रिगेड को बुलाने का निवेदन किया, जिसके बाद राहगीरों ने फायर ब्रिगेड को कॉल किया। सड़क के दोनों तरफ जाम लग जाने के कारण फायर ब्रिगेड को गाड़ी तक पहुंचने में लगभग आधा घंटा लग गया। तब तक कार पूरी तरह जल गई। गाड़ी में CNG किट लगी हुई थी। हादसे में कार पूरी तरह जल गई। कार जल जाने के कारण परिवार पर आगे जाने को साधन नहीं बचा। ऐसे में पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह सलूजा के बेटे अक्कू सलूजा आगे आए और उन्होंने परिवार को अपने होटल में आश्रय दिया। देखिए तस्वीरें…
जबलपुर के बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे में 13 लोगों की जान जाने के बाद अब प्रशासन की लापरवाही के खिलाफ गुस्सा फूट रहा है। घटना के विरोध में रविवार शाम आलीराजपुर में युवक कांग्रेस ने कैंडल मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया। युवक कांग्रेस के जिला अध्यक्ष पुष्पराज पटेल की अगुवाई में यह मार्च मुर्गी बाजार चौराहा से शुरू होकर टाकीज चौराहे तक पहुंचा। हाथ में मोमबत्तियां लिए बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय युवा इस मार्च में शामिल हुए। राजीव गांधी प्रतिमा के पास पहुंचकर सभी ने दो मिनट का मौन रखा और हादसे में मारे गए लोगों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। अफसरों पर कार्रवाई की मांग हादसे पर दुख जताते हुए युवक कांग्रेस नेताओं ने इसे सीधे तौर पर प्रशासनिक लापरवाही बताया। उनका कहना था कि नाव चलाने में सुरक्षा नियमों की सरेआम अनदेखी की गई। अगर जिम्मेदार कर्मचारी अपनी ड्यूटी ठीक से निभाते और बोट पर सुरक्षा के इंतजाम होते, तो इतने लोगों की जान नहीं जाती। कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। सुरक्षा व्यवस्था की हो जांच जिला अध्यक्ष पुष्पराज पटेल ने मांग की है कि सरकार मृतकों के परिवारों को न्याय दे। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे प्रदेश के जितने भी जल पर्यटन केंद्र (वॉटर स्पॉट्स) हैं, वहां की सुरक्षा व्यवस्था की हाई-लेवल जांच होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सुरक्षा पुख्ता नहीं की गई, तो भविष्य में भी ऐसे हादसे होते रहेंगे। पीड़ित परिवारों के प्रति जताई संवेदना कैंडल मार्च के दौरान युवाओं ने मोमबत्तियां जलाकर पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी सहानुभूति जताई। इस विरोध प्रदर्शन में युवक कांग्रेस के कई पदाधिकारी और शहर के युवा बड़ी संख्या में मौजूद रहे, जिन्होंने एक सुर में दोषियों को सजा देने की मांग उठाई।
टीकमगढ़ के कलेक्टरेट रोड पर रविवार की रात उत्सव भवन मैरिज गार्डन के पास बिजली के खंभे में उतरे करंट की चपेट में आने से एक शख्स की जान चली गई। पुलिस ने शव को जिला अस्पताल भिजवा दिया है, हालांकि अभी तक मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। बताया जा रहा है कि उस शख्स ने अपनी साइकिल बिजली के एक खंभे के सहारे खड़ी की थी। इसी दौरान तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई और खंभे के पास पानी भर गया। जैसे ही वह अपनी साइकिल लेने पहुंचा और उसे हाथ लगाया, खंभे में उतरे करंट ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। करंट इतना जोरदार था कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई। लापरवाही आई सामने विद्युत कंपनी शहर इंचार्ज नितिन बाथम ने बताया कि उत्सव भवन में चल रहे शादी-ब्याह के कार्यक्रमों के लिए ठेकेदार ने बिजली के खंभे से तार बांध रखे थे। आशंका जताई जा रही है कि तेज हवा के कारण ये तार खंभे से रगड़ खा गए, जिससे पूरे खंभे में करंट फैल गया। पुलिस और बिजली कंपनी की टीमें अब इस लापरवाही की जांच कर रही हैं। बारिश में बरतें सावधानी इस हादसे के बाद बिजली कंपनी ने लोगों के लिए जरूरी चेतावनी जारी की है। कंपनी ने कहा है कि बारिश और तेज हवा के समय बिजली के पोल, झूलते तारों और गिरे हुए पेड़ों से दूर रहें। अक्सर हवा में उड़कर कोई सामान तारों पर गिर जाता है जिससे करंट फैलने का डर रहता है। कंपनी ने खास तौर पर बच्चों को बिजली के खंभों या खुले तारों के पास न जाने देने की सलाह दी है।
जोधपुर में जुआ खेलते पुलिस ने मारा छापा:19 जुआरियों को पकड़ा, 6 लाख रुपए सहित 4 लग्जरी कार जब्त
जोधपुर में पुलिस ने 19 जुआरियों को पकड़ा। आरोपियों से 6 लाख 49 हजार 220 रुपए सहित चार लग्जरी कारें जब्त की गई। करवड़ थाना पुलिस ने सरहद नेतड़ा के होटल सुरजगढ़ गार्डन के पीछे बने कमरे में कार्रवाई की। मुखबिर की सूचना पर एसीपी रेज मंडोर अनिल शर्मा और थानाधीक्षक परमेश्वरी के नेतृत्व में थाना करवड़, मंडोर व मथानिया की संयुक्त टीम ने रविवार रात छापा मारा। इस दौरान जुआ खेलते 19 आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा। जुआ खेलते पकड़े गए 19 आरोपी इरफान (35) पुत्र सहिद निवासी फुलगंज नसीराबाद जिला अजमेर, मोहन सोनी (56) पुत्र नवलकिशोर सोनी निवासी नल्ला बाजार जिला अजमेर, आबिद (36) पुत्र अकबर निवासी रिया बड़ी जिला नागौर, वजीर अली (49) पुत्र मजीद खान निवासी जोजुण्डा जिला नागौर, मेहबुब बेग (36) पुत्र मेहमुद बेग निवासी अंसल प्लाजा जोधपुर पूर्व, सुमेरसिंह माली (46) पुत्र मदनलाल निवासी मालियों की गली जोधपुर पूर्व, राजेन्द्र (50) पुत्र ईश्वरलाल माली निवासी ब्यावर, आबिद (52) पुत्र फारूख निवासी बासनी जिला नागौर, रईस मोहम्मद (41) पुत्र बाबू खान निवासी खेतानाडी जोधपुर पूर्व, लक्ष्मण (43) पुत्र प्रहलाद कलाल निवासी कलाल कॉलोनी गली नं. 11 जोधपुर पूर्व, अभिमन्युसिंह राजपूत (46) पुत्र जेतसिंह निवासी पावटा ए रोड जोधपुर पूर्व, अमराराम (32) पुत्र पेमाराम मेघवाल निवासी खियाला जिला नागौर, मोहम्मद साहिद (40) पुत्र अब्दुल वहाब निवासी बासनी जिला नागौर, वकार युनुस (30) पुत्र कालू खां निवासी जोजुण्डा जिला नागौर, श्रवणसिंह राजपूत (41) पुत्र बन्नेसिंह निवासी निम्बीजोधा जिला डीडवाना कुचामन, मनोज कुमार (45) पुत्र किशनलाल भील निवासी नागोरी गेट जोधपुर, अफजल (32) पुत्र मोहम्मद हनीफ निवासी स्टेडियम शॉपिंग सेन्टर जोधपुर पूर्व, बबलू (46) पुत्र बाबूशाह निवासी पंवारों का मोहल्ला जिला डीडवाना कुचामन और मोहम्मद इरफान (31) पुत्र अब्दुल कलाम निवासी रियाबड़ी जिला नागौर को गिरफ्तार किया।
रीवा के नेशनल हाईवे-30 पर रविवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका पति गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना शाम करीब साढ़े 5 बजे त्योंथर के घूमा ब्रिज के पास हुई, जहां पीछे से आ रही तेज रफ्तार आर्टिका कार ने ई-रिक्शा को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में मृतक की पहचान शीला साकेत, पिता सुनील साकेत के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दंपती लौरी से प्रयाग की ओर जा रहे थे, तभी यह हादसा हो गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ई-रिक्शा के परखच्चे उड़ गए और मौके पर चीख-पुकार मच गई। नेशनल हाईवे पर यातायात ठप हो गयाघटना के बाद आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने चक्का जाम कर दिया, जिससे नेशनल हाईवे-30 पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। करीब 4 घंटे तक हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को संभालते हुए लोगों को समझाइश दी। घायल पति को तत्काल अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। गढ़ थाना पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार को जब्त कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। तहसीलदार त्योंथर राजेंद्र शुक्ला ने बताया कि पीड़ित परिवार को शासन स्तर से आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया गया है। प्रशासन की समझाइश के बाद शाम को जाम खुलवाया गया और यातायात सामान्य किया गया।
स्विमिंग पूल में डूबा 7 साल का बच्चा, मौत:मेरठ में हादसा, बच्चे की शिनाख्त में जुटी पुलिस
मेरठ के लिसाड़ी गेट थानाक्षेत्र में रविवार को स्विमिंग पूल में डूबने से 7 साल के मासूम बच्चे आकिल की मौत हो गई। घटना पिल्लोखड़ी पुल के पास निजी स्विमिंग पूल की है। स्विमिंग पूल कोतवाली थानाक्षेत्र के जाटव गेट के रहने वाले वासेगाजी का बताया जा रहा है। बताया जा रहा है वासेगाजी ने यह स्विमिंग पूल श्याम नगर गली नंबर-2 के रहने वाले वसीम को ठेके पर दे रखा है। रविवार देर शाम तारापुरी आरा मशीन वाली गली निवासी युसूफ उर्फ लाल का 7 साल का बेटा आकिल खेलते हुए अचानक स्विमिंग पूल के पास पहुंच गया। जहां पूल में डूबने से आकिल की मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बच्चा काफी देर तक पानी से बाहर नहीं निकला, जिस पर ठेकेदार वसीम को शक हुआ। वसीम ने तुरंत स्विमिंग पूल के अंदर जाकर देखा तो बच्चा पानी में डूबा हुआ मिला। यह देखकर मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में बच्चे को निकालकर हापुड़ रोड स्थित मैक्स हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची है मामले की जांच कर रही है। मृतक बच्चे की शिनाख्त आकिल पुत्र युसूफ उर्फ लाल के रूप में हुई है। पुलिस ने ठेकेदार को हिरासत में लिया पुलिस ने स्विमिंग पूल के ठेकेदार वसीम को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि स्विमिंग पूल में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं यह भी जांच हो रही है। युसूफ के तीन बच्चे हैं। सबसे बड़ी एक बेटी है, उसके बाद आकिल था इसके बाद तीसरे नंबर पर भी आकिल से छोटा एक और बेटा है। आकिल मानसिक दिव्यांग बताया जा रहा है। जो घर से बिना कुछ बताए अचानक बाहर निकल गया। बाद में उसकी मौत का समाचार परिवार को मिला है। बच्चे की मौत की सूचना से मां नरगिस, पिता युसूफ का रो रोकर बुरा हाल है। दोपहर से ही घर से गायब था आकिलमृतक आकिल के मौसेरे भाई सोहेले ने बताया कि हमें अचानक पता चला कि आकिल दोपहर से गुम था। गली में हमारे मास्टरजी रहते हैं उन्होंने हमें बताया कि हमारे खालू का बेटा इस तरह स्विमिंग पूल में डूबकर मर गया। हमने सोशल मीडिया पर भी आकिल की फोटो देखकर उसकी पहचान की है। अब हम सभी रिश्तेदार और मोहल्ले वाले यहां अस्पताल में पहुंचे हैं।
कलेक्टर की फटकार के बाद मैहर अस्पताल में सफाई:बाथरूम, वार्ड और परिसर की नालियां से निकाला कचरा
मैहर के सिविल अस्पताल में कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी के निरीक्षण के बाद अब व्यवस्थाएं सुधरने लगी हैं। कलेक्टर ने अस्पताल में गंदगी देख जो सख्ती दिखाई थी, उसका असर रविवार को साफ नजर आया। अस्पताल प्रबंधन ने अपनी गलतियों को सुधारते हुए पूरे परिसर को चमकाने का काम शुरू कर दिया है। कलेक्टर के कड़े रुख के बाद सफाई ठेकेदार ने रविवार को सुबह से ही मोर्चा संभाल लिया। अस्पताल के बाथरूम, वार्ड और लॉबी की सफाई के लिए प्रेशर पंप मशीनों का इस्तेमाल किया गया। लंबे समय से जमी गंदगी और दाग-धब्बों को हटाने के लिए खास तरह के सैनिटाइजर और केमिकल का प्रयोग किया गया। करीब आधा दर्जन सफाईकर्मी दिनभर पसीना बहाते रहे, जिससे अस्पताल का कोना-कोना साफ नजर आने लगा। कचरे और गंदगी का हुआ निपटारा अस्पताल परिसर में इधर-उधर बिखरी सूखी पत्तियों, पुराने कचरे और गंदगी को भी पूरी तरह हटा दिया गया है। सफाईकर्मियों ने कचरा इकट्ठा कर उसे निर्धारित डंपिंग यार्ड में भिजवाया। कलेक्टर की इस सख्ती से अस्पताल अब पहले के मुकाबले काफी ज्यादा व्यवस्थित और साफ-सुथरा दिखने लगा है। दलालों पर लगाम कसने की तैयारी सफाई के साथ-साथ अस्पताल में एक और बड़ी समस्या पर नजर रखी जा रही है। अस्पताल परिसर में कुछ ऐसे लोग सक्रिय हैं, जो सरकारी अस्पताल आए मरीजों को बहला-फुसलाकर प्राइवेट अस्पतालों में ले जाते हैं। इस दलाली की शिकायतों को देखते हुए अब परिसर में सुरक्षा गार्डों की तैनाती की गई है। प्रशासन की कोशिश है कि गरीब मरीजों को इलाज के नाम पर गुमराह न किया जा सके और उन्हें सरकारी अस्पताल में ही पूरी सुविधाएं मिलें।
कोटा शहर के नयापुरा थाने के आसूचना अधिकारी मुनेश चौधरी को लाइन हाजिर किया गया है। यह कार्रवाई सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम के निर्देश पर की गई। मामले की जांच डीएसपी पूनम चौहान को सौंपी गई है। जानकारी के अनुसार- भरतपुर जिले के भुसावर थाना क्षेत्र में कुछ दिन पहले जाट और सैनी समाज के बीच विवाद हुआ था। इसी दौरान नाकाबंदी के समय पुलिस ने एक स्कॉर्पियो गाड़ी को रोकने का प्रयास किया। आरोप है कि वाहन में सवार लोगों ने पुलिसकर्मियों से बहस और झगड़ा किया। इस मामले में मुनेश चौधरी का नाम भी सामने आया है। भुसावर थाना अधिकारी रामदयाल मीणा ने बताया- शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच की जा रही है। सैनी समाज की ओर से भी शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसके आधार पर तथ्यों की पड़ताल जारी है। कोटा सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम ने बताया कि प्रारंभिक शिकायतों और जांच के मद्देनजर मुनेश चौधरी को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर किया गया है। जांच पूरी होने तक उन्हें वर्तमान पद से हटाया गया है। डीएसपी पूनम चौहान ने बताया- मुनेश चौधरी के खिलाफ दुराचरण की शिकायत प्राप्त हुई है। मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में पति को दूसरी महिला के साथ होटल में पकड़ने पहुंची पत्नी के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़िता ने पति, उसकी महिला मित्र और अन्य लोगों पर मारपीट, अभद्रता, जान से मारने की धमकी और सोने का ब्रेसलेट छीनकर फरार होने का आरोप लगाया है। आलमबाग के चित्रगुप्त नगर निवासी पीड़ित महिला ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसका प्रेम विवाह आकाश कनौजिया से 5 फरवरी 2022 को हिंदू रीति-रिवाज से हुआ था। एक पांच माह की बेटी है। पीड़िता के मुताबिक बेटी के जन्म के बाद पति के व्यवहार में बदलाव आने लगा, जिससे उन्हें पति के किसी अन्य महिला से संबंध होने का शक हुआ। आरोप है कि रविवार को उन्हें जानकारी मिली कि उनका पति सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र स्थित ओमैक्स मिनी में बने होटल मेपल ट्री में एक महिला के साथ ठहरा हुआ है। इसके बाद वह अपनी मा, मां की मित्र और एक अधिवक्ता के साथ होटल पहुंचीं। पीड़िता के अनुसार होटल के एक कमरे का दरवाजा काफी देर तक खटखटाने के बाद खोला गया। कमरे के अंदर उनके पति के साथ एक महिला मौजूद थी, जो जल्दबाजी में कपड़े पहन रही थी। आरोप है कि उन्हें देखते ही पति आगबबूला हो गया और उसने महिला के साथ मिलकर उनकी मां के साथ मारपीट शुरू कर दी। दरवाजे में दबाकर जान से मारने की कोशिश की गई। धक्का-मुक्की में वह फर्श पर गिर गईं। इसी दौरान महिला उनके हाथ से सोने का ब्रेसलेट लेकर फरार हो गई। इस मामले में सुशांत गोल्फ सीटी इंस्पेक्टर का कहना है कि पीड़िता की तहरीर पर जांच की जा रही है।
डॉ अंबेडकर नर्सेज वेलफेयर सोसायटी (अनवस) राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव आज जयपुर के झालाना डूंगरी अंबेडकर मेमोरियल संस्थान में हुए। इस चुनाव में पाली के सुगन राम गौड़ सर्वसम्मति से निर्विरोध प्रदेशाध्यक्ष चुने गए। निर्वाचन मंडल के चेयरमैन शेरसिंह मोरदिया ने बताया- चुनाव प्रक्रिया में प्रदेशाध्यक्ष पद के लिए कुल 6 आवेदन मिले, जिसमे से दो आवेदन पत्र में गलत प्रविष्ठि और दस्तावेज कमी के कारण निरस्त कर दिए। शेष 4 में से 3 उम्मीदवारों ने अपनी दावेदारी वापस ले ली। अंतिम शेष एक आवेदन पत्र सुगन राम गौड़ का रहा जिनको सर्वसम्मति से निर्विरोध प्रदेशाध्यक्ष चुना गया। निर्वाचन मंडल के शेरसिंह मोरदिया, सुनीता बैरवा और गुलाब सिंह कुलदीप ने नव निर्वाचित प्रदेशाध्यक्ष गौड़ को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। चुनाव प्रक्रिया में पूर्व प्रदेशाध्यक्ष शुगर सिंह जाटव, जयश्री यादव, अनिता उदावत समेत प्रदेश के समस्त जिलों के लगभग 400 से अधिक नर्सेज ने भाग लिया।
गोरखपुर में सोमवार को कई इलाकों में बिजली कटौती:मोहद्दीपुर और खोराबार में होगा काम, सहयोग की अपील
गोरखपुर में सोमवार को विद्युत व्यवस्था से जुड़े रखरखाव और विकास कार्यों के कारण कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। मोहद्दीपुर और खोराबार उपकेंद्रों पर होने वाले कार्यों के चलते उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। मोहद्दीपुर उपकेंद्र पर नए पैनल लगाने का कार्य किया जाएगा। इस वजह से उपकेंद्र से जुड़े क्षेत्रों में सुबह 11:00 बजे से शाम 3:00 बजे तक विद्युत आपूर्ति बंद रहेगी। इसी तरह, खोराबार में रोड चौड़ीकरण और लाइन शिफ्टिंग का काम होगा। इसके चलते खोराबार विद्युत उपकेंद्र के 11 केवी सूबा बाजार फीडर से जुड़े इलाकों में सुबह 11:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे पानी जैसी दैनिक जरूरतों के लिए पहले से आवश्यक इंतजाम कर लें। विभाग के अनुसार, दोनों स्थानों पर कार्य पूरा होने के बाद आपूर्ति सामान्य रूप से बहाल कर दी जाएगी।
राष्ट्रहित व्यापार मंडल का शपथ ग्रहण समारोह:लखनऊ के यूपी प्रेस क्लब में प्रेसवार्ता हुई
लखनऊ के यूपी प्रेस क्लब में राष्ट्रहित व्यापार मंडल का शपथ ग्रहण समारोह और प्रेस वार्ता आयोजित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय अध्यक्ष सर्वजीत सिंह सूर्यवंशी ने दीप प्रज्वलित कर की। समारोह में नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह सहित सभी पदाधिकारियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। शपथ ग्रहण के बाद सुनील सिंह ने संगठन को प्रदेश के हर कोने तक मजबूत करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि संगठन व्यापारियों के हितों की रक्षा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाएगा। राष्ट्र निर्माण में भागीदारी ही संगठन का मुख्य उद्देश्य इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष सर्वजीत सिंह सूर्यवंशी ने कहा कि व्यापारियों के हितों की रक्षा करते हुए राष्ट्र निर्माण में भागीदारी ही संगठन का मुख्य उद्देश्य है। संगठन के उपाध्यक्ष रामनरेश आरती ने व्यापारिक एकता को समय की आवश्यकता बताया। वहीं, संगठन महामंत्री मनोज सिंह रघुवंशी ने विश्वास दिलाया कि संगठन गांव से लेकर प्रदेश स्तर तक हर व्यापारी की आवाज बनेगा। ये मौजूद रहे कार्यक्रम का संचालन मंडल अध्यक्ष लखनऊ संजय वर्मा ने किया, जबकि अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह ने की। अंत में उन्होंने सभी आगंतुकों, पदाधिकारियों और मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर संजय वर्मा, मलिक मोहम्मद, मोहम्मद हनीफ, विनोद वर्मा, राजदीप श्रीवास्तव, किरण शुक्ला, अनुपमा सिंह, अतुल सिंह, विनीता श्रीवास्तव, बबिता ओबेरॉय सहित सैकड़ों व्यापारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
बोरवेल वाहन ने तीन लोगों को कुचला:शहडोल में मां-बेटे की मौत; 10 साल की बच्ची की हालत नाजुक
शहडोल जिले के ब्यौहारी इलाके में रविवार की शाम एक तेज रफ्तार बोरवेल मशीन (गाड़ी) ने सड़क पर पैदल जा रहे एक परिवार को अपनी चपेट में ले लिया। इस भीषण टक्कर में एक महिला और उसके 6 साल के बेटे की जान चली गई, जबकि एक 10 साल की बच्ची की हालत नाजुक बनी हुई है। सूखा गांव की रहने वाली अंशु उर्मिलिया (30 वर्ष) अपने बेटे राधा रमन और एक रिश्तेदार की बच्ची आस्था तिवारी के साथ पैदल घर की तरफ जा रही थीं। इसी दौरान पीछे से आ रही एक अनियंत्रित बोरवेल गाड़ी ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि महिला गाड़ी के टायर के नीचे ही दब गई और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। अस्पताल में मासूम ने तोड़ा दम हादसे के तुरंत बाद घायल 6 साल के मासूम राधा रमन को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर की लाख कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। वहीं, घायल बच्ची आस्था तिवारी का इलाज अभी अस्पताल में चल रहा है, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। एक ही परिवार के दो लोगों की मौत की खबर सुनते ही पूरे गांव में मातम है। पुलिस ने शुरू की चालक की तलाश हादसे की खबर मिलते ही ब्यौहारी थाना पुलिस और एसडीओपी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने महिला का शव गाड़ी के नीचे से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस ने फरार गाड़ी चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश में जुट गई है।
लखनऊ में गोमतीनगर स्थित गायत्री शक्तिपीठ परिसर में रविवार को आध्यात्मिक माहौल के बीच पांच बालकों का उपनयन संस्कार विधि-विधान से संपन्न हुआ। संस्कार में पहुंचे परिवारों ने ब्रह्मचारियों को आशीर्वाद दिया। संस्कार को आचार्य विश्वनाथ शुक्ला ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराया। इस दौरान उपस्थित अभिभावकों ने इस पावन परंपरा की सराहना करते हुए इसे बच्चों के जीवन में संस्कारों की मजबूत नींव बताया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में परिवारों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। सभी ने पूरे उत्साह के साथ संस्कार की प्रत्येक विधि में सहभागिता निभाई, जिससे माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।स अवसर पर आचार्य विश्वनाथ शुक्ला ने उपनयन संस्कार के महत्व को समझाते हुए कहा कि यह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि बच्चों को अनुशासन, ज्ञान और जिम्मेदारी की ओर अग्रसर करने का महत्वपूर्ण संस्कार है।
दंगे की सूचना पर 10 मिनट में पहुंची पुलिस:एसएसपी ने परखी जिले पुलिस की आपातकालीन तत्परता
फिरोजाबाद में रविवार देर शाम पुलिस ने एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया, जिसमें सांप्रदायिक दंगे की फर्जी सूचना पर पुलिस की प्रतिक्रिया का परीक्षण किया गया। थाना दक्षिण क्षेत्र की नई बस्ती में दंगे की सूचना मिलते ही जनपद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। कई थानों का पुलिस बल 5 से 10 मिनट के भीतर मौके पर पहुंच गया और क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। यह मॉक ड्रिल एसएसपी आदित्य लांग्हे के निर्देशन में आयोजित की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य संवेदनशील परिस्थितियों में पुलिस की त्वरित कार्रवाई, समन्वय और भीड़ नियंत्रण क्षमताओं का परीक्षण करना था। नई बस्ती में सांप्रदायिक तनाव और दंगा भड़कने की सूचना वायरलेस सेट के माध्यम से प्रसारित होते ही कंट्रोल रूम से सभी संबंधित थानों को तुरंत अलर्ट कर दिया गया। सूचना मिलते ही थाना दक्षिण, थाना उत्तर और आसपास के कई थानों की पुलिस टीमें सायरन बजाती हुई घटनास्थल पर पहुंचीं। पुलिसकर्मियों ने तुरंत क्षेत्र की घेराबंदी की, अपने मोर्चे संभाले और स्थिति को नियंत्रित करने की रणनीति अपनाई। पुलिस की इस त्वरित प्रतिक्रिया को देखकर स्थानीय लोग भी कुछ देर के लिए सहम गए और बड़ी संख्या में अपने घरों से बाहर निकल आए। इस अभ्यास के दौरान एसपी सिटी रविशंकर प्रसाद और सीओ सिटी प्रवीण तिवारी मौके पर मौजूद रहे। दोनों अधिकारियों ने पुलिस बल की गतिविधियों, घटनास्थल पर पहुंचने में लगे समय, भीड़ नियंत्रण की तैयारियों, वायरलेस रिस्पॉन्स और आपसी तालमेल का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने यह भी परखा कि किसी भी संभावित सांप्रदायिक स्थिति में बल को कैसे तैनात किया जाए और हालात बिगड़ने से पहले नियंत्रण कैसे स्थापित किया जाए। सूत्रों के अनुसार, एसएसपी आदित्य लांग्हे जनपद पुलिस को हर परिस्थिति के लिए हाई अलर्ट मोड में रखना चाहते हैं। इसी उद्देश्य से बिना पूर्व सूचना के यह मॉक ड्रिल आयोजित की गई, ताकि पुलिसकर्मियों की सतर्कता और तत्परता का आकलन किया जा सके। अभ्यास के दौरान यह भी जांचा गया कि सूचना मिलने के बाद कौन सी टीम कितनी जल्दी घटनास्थल तक पहुंचती है और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का पालन किस दक्षता से होता है।
बढ़ती महंगाई के विरोध में दुर्ग जिले में कांग्रेस ने एक दिवसीय प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग (ग्रामीण), दुर्ग शहर और भिलाई नगर ने चंडी मंदिर चौक पर विरोध जताया। शाम 5 बजे शुरू हुए इस प्रदर्शन में कांग्रेस के विभिन्न प्रकोष्ठों और संगठनात्मक इकाइयों के पदाधिकारियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया, जिसका उद्देश्य केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जनआक्रोश व्यक्त करना था। कार्यक्रम में दुर्ग ग्रामीण जिलाध्यक्ष राकेश ठाकुर ने केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार लगातार आम जनता पर महंगाई का बोझ डाल रही है और हर महीने की पहली तारीख को कीमतें बढ़ाई जा रही हैं। राकेश ठाकुर ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि मार्च में कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में 114.50 रुपए, अप्रैल में 195.50 रुपए और मई की शुरुआत में 993 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। उनके अनुसार, तीन महीनों में करीब 1300 रुपए की यह वृद्धि छोटे व्यवसायियों और आम लोगों के लिए बड़ी समस्या बन गई है। चुनाव के बाद बढ़ी महंगाई दुर्ग शहर कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल ने अपने संबोधन में कहा कि चुनाव खत्म होते ही महंगाई बढ़ने लगी है। उन्होंने राहुल गांधी के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें पहले ही चेतावनी दी गई थी कि चुनाव के बाद पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतें बढ़ेंगी। बाकलीवाल ने बताया कि दिसंबर 2023 में कमर्शियल सिलेंडर का जो दाम था, वह अब पांच महीनों में लगभग दोगुना होकर करीब 3100 रुपए तक पहुंच गया है। उन्होंने इसे आम जनता और छोटे व्यापारियों पर सीधा असर बताया। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि कमर्शियल सिलेंडर की कीमत बढ़ने का सीधा असर रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है। इससे चाय, नाश्ता, होटल और रेस्तरां के दाम बढ़ना तय है, जिसका बोझ अंततः आम उपभोक्ता पर पड़ेगा।
दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने रविवार शाम को गेहूं खरीदी की व्यवस्थाओं को लेकर अफसरों के साथ बड़ी बैठक की। कलेक्टर ने कहा कि गेहूं बेचने आने वाले किसानों को किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने साफ किया कि गेहूं की तौल सही हो, काम के बदले कोई पैसा न मांगे और किसानों को उनकी रसीद तुरंत दी जाए। कलेक्टर ने बताया कि शनिवार को जब उन्होंने केंद्रों का दौरा किया, तो वहां काफी अव्यवस्था मिली थी। किसानों ने शिकायत की थी कि उन्हें परेशान किया जा रहा है और काम में लापरवाही हो रही है। इसे गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने समिति प्रबंधक, कंप्यूटर ऑपरेटर, वेयरहाउस मालिक और वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज करवा दी है। चंपत पिपरिया केंद्र में बदला पूरा स्टाफ निरीक्षण के दौरान चंपत पिपरिया केंद्र में जगह की काफी कमी पाई गई थी, जिसे देखते हुए कलेक्टर ने तुरंत वहां एक बड़ा परिसर उपलब्ध कराया। इतना ही नहीं, वहां के पुराने स्टाफ को हटाकर नए प्रबंधक और ऑपरेटरों की नियुक्ति कर दी गई है, ताकि किसानों को किसी भी तरह की असुविधा न हो और काम समय पर पूरा हो सके। किसानों से की कंट्रोल रूम में शिकायत की अपील कलेक्टर यादव ने किसानों से सीधे कहा है कि अगर उनसे कोई अवैध वसूली (पैसे की मांग) करता है या गेहूं की तौल में हेराफेरी करता है, तो वे डरे नहीं। किसान तुरंत कंट्रोल रूम में इसकी शिकायत करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शिकायत मिलते ही दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। केंद्रों पर सुविधाएं देने के निर्देश बैठक में कलेक्टर ने सभी प्रभारियों को निर्देश दिए कि केंद्रों पर भीषण गर्मी को देखते हुए छाया और ठंडे पानी का इंतजाम रखा जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कहीं भी नियमों की अनदेखी मिली, तो जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। बैठक में अपर कलेक्टर मीना मसराम और अन्य विभागों के बड़े अधिकारी भी मौजूद रहे।
ग्रेटर नोएडा के दनकौर कोतवाली क्षेत्र के देवटा गांव में एक जन्मदिन पार्टी के दौरान एक युवक पर फायरिंग की गई। युवक बाल-बाल बच गया। रविवार को पीड़ित पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने एक नामजद सहित चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। देवटा गांव निवासी जगतपाल भाटी ने पुलिस को बताया कि शनिवार रात उनके बेटे मयंक का जन्मदिन था। घर पर परिवार और परिचितों के बीच जन्मदिन की पार्टी चल रही थी। इसी दौरान एक कार में सवार होकर चार युवक वहां पहुंचे। आरोप है कि कार से उतरे युवकों ने मयंक के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर एक आरोपी ने मयंक पर जान से मारने की नीयत से गोली चला दी। हालांकि, गोली मयंक को नहीं लगी और वह सुरक्षित बच गया। फायरिंग की आवाज सुनते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। परिवार के लोग और आसपास के ग्रामीण बाहर निकल आए। खुद को घिरता देख आरोपी कार में सवार होकर मौके से फरार हो गए। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि भागने के दौरान मयंक ने एक आरोपी को पहचान लिया, जिसकी पहचान हापुड़ निवासी अरुण नागर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह मामला पुरानी रंजिश का सामने आया है। इसी रंजिश के चलते घटना को अंजाम दिया गया। कोतवाली पुलिस ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर अरुण नागर सहित चार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है और उन्हें जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
राजनांदगांव जिले के गैंदाटोला थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मातेखेड़ा में एक 13 वर्षीय नाबालिग की ट्रैक्टर ट्रॉली पलटने से मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ट्रैक्टर ड्राइवर और मालिक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों पर गैर-इरादतन हत्या और सबूत छुपाने जैसी गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थी रघुवीर सिंह मंडावी ने 30 अप्रैल को अपने बेटे भावेश मंडावी के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पता चला कि गांव का ही जशवंत नेताम उसे बिना बताए ट्रैक्टर में बैठाकर ले गया था। सुबह तक बालक के घर न लौटने पर परिजनों ने अपहरण की आशंका जताई थी। जांच के दौरान पुलिस ने संदेही जशवंत नेताम को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जशवंत ने बताया कि वह ट्रैक्टर मालिक ओमप्रकाश साहू के खेत समतलीकरण के लिए मिट्टी लोडिंग-अनलोडिंग का काम कर रहा था। नाबालिग से जोखिम भरा काम कराया आरोपियों ने जोखिम भरा काम जानते हुए भी नाबालिग भावेश से ट्रॉली का हुक खुलवाया। इसी दौरान ट्रैक्टर को आगे-पीछे करते समय ट्रॉली पलट गई और बालक उसके नीचे दब गया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद शव को खेत में फेंका हादसे के बाद आरोपी ड्राइवर जशवंत और मालिक ओमप्रकाश साहू ने पकड़े जाने के डर से शव को ठिकाने लगाने की साजिश रची। दोनों ने बालक के शव को ट्रैक्टर ट्रॉली में लादा और घटनास्थल से करीब 3 किलोमीटर दूर ग्राम केशोटोला के एक खेत में फेंक दिया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर क्षत-विक्षत शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देश पर टीम ने घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए लोगों में जशवंत नेताम (25 वर्ष) ट्रैक्टर ड्राइवर और ओमप्रकाश साहू (35 वर्ष) ट्रैक्टर मालिक शामिल हैं। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल दोनों ट्रैक्टर भी जब्त कर लिए हैं।
गोरखपुर में जेसीआई मिडटाउन की ओर से एक होटल में “चार्टर नाइट 2026” का आयोजन किया गया। गोवा थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में संस्था के सदस्य, पदाधिकारी और अतिथि बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम स्थल को गोवा थीम के अनुसार सजाया गया था, जहां रंग-बिरंगी सजावट और संगीत ने माहौल को खास बना दिया। आयोजन की शुरुआत से लेकर अंत तक उत्साह बना रहा। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समा कार्यक्रम के दौरान बच्चों की नृत्य प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। प्रस्तुति के दौरान दर्शकों ने तालियों से उत्साह बढ़ाया और पूरे आयोजन में ऊर्जा बनी रही। कार्यक्रम में संस्था के पूर्व अध्यक्षों और पूर्व चेयरपर्सन्स की मौजूदगी रही। साथ ही अध्यक्ष सीए सौरभ अग्रवाल, चेयरपर्सन तान्या जायसवाल सहित अन्य पदाधिकारी और सदस्य भी उपस्थित रहे। प्रतियोगिताओं और गतिविधियों में दिखी भागीदारी कार्यक्रम में किंग व क्वीन प्रतियोगिता, सर्वश्रेष्ठ दंपत्ति सम्मान, तंबोला और उपहार वितरण जैसी गतिविधियां आयोजित की गईं। प्रतिभागियों ने इन कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम का संचालन अभय अग्रवाल, रौनक केजरीवाल, प्रियांका अग्रवाल, काजल जायसवाल और बितू जालान ने किया। आयोजन को सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया गया। आयोजन के दौरान आपसी सहयोग और सामाजिक जुड़ाव का संदेश दिया गया। उपस्थित लोगों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे सफल बताया। संस्था के सचिव किशन अग्रवाल ने सभी अतिथियों और मीडिया प्रतिनिधियों का धन्यवाद दिया। कार्यक्रम की जानकारी जनसंपर्क अधिकारी एचजीएफ विकास स्वरूप ने दी।
ललितपुर में रविवार को नीट की परीक्षा दो केंद्रों पर आयोजित की गई। इसमें कुल 14 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा को शांतिपूर्ण और नकलविहीन संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए थे। परीक्षा दोपहर में शुरू होकर शाम पांच बजे समाप्त हुई। जनपद में राजकीय इंटर कॉलेज ललितपुर और जवाहर नवोदय विद्यालय दैलवारा को परीक्षा केंद्र बनाया गया था। राजकीय इंटर कॉलेज ललितपुर केंद्र पर कुल 475 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें से 466 ने परीक्षा दी, जबकि 9 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। इसी तरह, जवाहर नवोदय विद्यालय दैलवारा केंद्र पर पंजीकृत 336 परीक्षार्थियों में से 331 उपस्थित हुए और 5 परीक्षार्थी अनुपस्थित पाए गए। वहीं अभ्यर्थियों ने कहा बढ़िया पेपर आया था। परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक सहित ड्यूटी पर लगाए गए अधिकारी लगातार केंद्रों का जायजा लेते रहे, ताकि परीक्षा सकुशल संपन्न हो सके।
पूर्व सीएम अशोक गहलोत के समर्थकों ने 75वां जन्म दिन अलग अंदाज में बाड़मेर जिले के हापों की ढाणी गांव लीला कंवर के साथ मनाया। समर्थकों ने करंट से दोनों हाथ गवा चुकी लीलाकंवर से गहलोत के जन्मदिन का केक कटवाया। वहीं लीला कंवर ने पैर से पूर्व सीएम अशोक गहलोत की तस्वीर भी बनाई। इसके बाद पूर्व सीएम ने लीला कंवर से वीडियो कॉल से बात की। उसने बताया कि 2013 में उसके दोनों हाथ खुले तारों से करंट आने से कट गए थे। लेकिन इसके बाद साढे चार लाख मुआवजा मिला था। कुछ घर की बचत मिलाकर 5.50 लाख रुपए डबल करने के लालच में क्रेडिट कॉ-ऑपरेटिव सोसायटी में जमा करवा दिए। लेकिन सोसायटी ने पैसे नहीं दिए। लीला कंवर ने पूर्व सीएम को बताया कि मैंने 12 तक पढ़ाई की। फिर बीएसटीएसी कर ली। जब कॉलेज बिलाड़ा में मिली। जब वहां पर रिपोर्टिग करने के लिए गई तो उस कॉलेज ने मना कर दिया। पूर्व सीएम ने वीडियो कॉल में बच्ची को आश्वासन दिया कि आपकी हर संभव मदद की जाएगी। वहीं गहलोत के समर्थकों को बच्ची का पूरा डिटेल भेजने के लिए कहा गया है। पूर्व सीएम गहलोत से जुड़े किशोर राजपुरोहित ने बताया- मैं किसी काम से बाड़मेर आया हुआ था। तब मुझे मेरे परिचित दें लीलाकंवर की पेटिंग का वीडियो भेजा। मैंने पूर्व सीएम अशोक गहलोत को भेजा तब मुझे आज उन्होंने उसके घर पर जाने के लिए कहा गया। तब बच्ची को पूर्व सीएम अशोक गहलोत को जन्मदिन की जानकारी थी, तब उसने केट काटने की इच्छा जाहिर की। केक मंगवाया गया। सीएम ने लीला कंवर से की बातचीत सीएम अशोक गहलोत ने लीला कंवर और उसके पिता से वीडियो कॉल के जरिए बात की। पिता हाथीसिंह ने पूर्व सीएम से मदद करने का निवेदन किया। तब सीएम ने आश्वासन दिया कि पूरी मदद करेंगे।
सागर में देवरी के झुन्नकू वार्ड में 13 वर्षीय नाबालिग झूला झूलते समय हादसे का शिकार हो गया। गले में फंदा लगने से उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा बनाया है। जानकारी के अनुसार, झुनकू वार्ड निवासी 13 वर्षीय देवांश उर्फ देव यादव रविवार को अपने घर के बाजू में लगे पीपल के पेड़ की डाली पर रस्सी बांधकर झूला झूल रहा था। इसी दौरान रस्सी गले में फंस गई। जिससे वह बेहोश हो गया। घटना देख परिजन तत्काल उसे समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले पहुंचे। जहां डॉक्टर ने चेकअप के बाद देव को मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया है। पुलिस मामले में जांच कर रही है। परिचितों ने बताया कि मृतक देव के पिता का भी कुछ साल पहले निधन हो गया था। वह अपनी मां का अकेला सहारा था।
देवरिया में हर्ष फायरिंग का VIDEO:तिलक में राइफल लहराते दिखे, पुलिस ने हिरासत में लिया
देवरिया के भटनी थाना क्षेत्र के नोनापार गांव में एक तिलक समारोह में हर्ष फायरिंग का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वीडियो में कुछ युवक भोजपुरी गीत पर राइफल लहराते और फायरिंग करते दिखाई दे रहे हैं। एसपी से शिकायत के बाद भटनी पुलिस ने मामले में शामिल आरोपितों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। घटना 28 अप्रैल को नोनापार गांव निवासी राममनु यादव (स्वर्गीय नन्हू यादव के पुत्र) के भतीजे के तिलक समारोह में हुई थी। आरोप है कि इसी दौरान हर्ष फायरिंग की गई। समारोह में किसी व्यक्ति ने मोबाइल से वीडियो बना लिया, जिसमें भोजपुरी गीत “राइफल से खुटा ठोकाई” पर हथियार लहराते हुए फायरिंग करते युवक दिख रहे हैं। बाद में यह वीडियो मोबाइल स्टेटस पर साझा किया गया, जिसके बाद यह तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद गांव सहित पूरे क्षेत्र में इसकी व्यापक चर्चा हो रही है। स्थानीय लोगों ने शादी-विवाह और तिलक जैसे आयोजनों में हर्ष फायरिंग की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि ऐसी घटनाएं कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं, और उन्होंने इस पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। वीडियो वायरल होने के बाद एक व्यक्ति ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की। शिकायत मिलते ही भटनी पुलिस सक्रिय हुई और संबंधित लोगों को थाने बुलाकर पूछताछ शुरू कर दी। पुलिस ने मामले की जांच में तेजी लाई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वायरल वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है। इसमें शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध हथियारों के उपयोग और हर्ष फायरिंग को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और वायरल वीडियो को साक्ष्य के तौर पर देख रही है।
जौनपुर के जलालपुर थाना क्षेत्र में रविवार दोपहर एक सड़क हादसे में 30 वर्षीय युवक अरविंद कुमार की मौत हो गई। रेहटी गांव के पास वाराणसी-लखनऊ हाईवे पर एक ट्रक ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। इसमें युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जलालपुर थाना प्रभारी प्रशांत सिंह ने बताया कि मृतक अरविंद कुमार (निवासी ग्राम चेती, थाना सुजानगंज, जौनपुर) अपने दोस्त मुनीर निषाद के साथ अपाची मोटरसाइकिल से जलालपुर क्षेत्र में अपनी बुआ के घर आए थे। वे त्रिलोचन बाजार की ओर से जौनपुर लौट रहे थे, तभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेहटी के सामने यह दुर्घटना हुई। ट्रक की चपेट में आने से अरविंद कुमार की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना की सूचना मृतक के परिजनों को दे दी गई है।
राजगढ़ में रविवार को NEET (UG) 2026 परीक्षा चार केंद्रों पर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। जिलेभर से आए अभ्यर्थियों ने परीक्षा में हिस्सा लिया। कुल मिलाकर 1594 में से 1561 परीक्षार्थी उपस्थित रहे, जबकि 33 अनुपस्थित रहे। पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय में 480 में से 470, पीएमश्री शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ब्यावरा में 480 में से 472, शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज जुगलपुरा में 384 में से 377 और शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय राजगढ़ में 350 में से 342 परीक्षार्थी शामिल हुए। परीक्षा देकर निकले छात्रों ने पेपर को कुल मिलाकर मध्यम स्तर का बताया। अधिकांश अभ्यर्थियों के अनुसार बायोलॉजी सेक्शन आसान रहा, जबकि फिजिक्स और केमिस्ट्री के प्रश्न हल करने में समय की कमी महसूस हुई। छात्रों ने कहा- समय कम पड़ा परीक्षार्थी आयुष शर्मा ने बताया कि बायोलॉजी सेक्शन जल्दी पूरा हो गया, लेकिन फिजिक्स में समय कम पड़ गया। उनका कहना है कि आधा घंटा और मिलता तो 10-12 सवाल और हल कर सकते थे।जीरापुर की हेमलता दांगी ने बताया कि यह उनका दूसरा प्रयास है और पेपर अच्छा रहा, हालांकि फिजिक्स थोड़ा लंबा था। खिलचीपुर की कृति सोनी ने भी समय की कमी की बात कही, जबकि राजगढ़ की शिरीन खान ने पेपर समय पर पूरा करने और चयन की उम्मीद जताई। गर्मी में अभिभावकों ने किया इंतजार परीक्षा के दौरान केंद्रों के बाहर अभिभावक तेज गर्मी में बच्चों का इंतजार करते नजर आए। करीब 40 डिग्री तापमान में कोई पेड़ों की छांव में खड़ा रहा तो कुछ केंद्रों पर बैठने की व्यवस्था भी की गई थी। परीक्षा का संचालन डिप्टी कलेक्टर डॉ. ज्योति राजोरे, एसडीएम गोविंद दुबे, निधि भारद्वाज, एसडीओपी अरविंद सिंह सहित केंद्राध्यक्षों और पुलिस बल की निगरानी में हुआ। कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा और एसपी अमित तोलानी ने सफल आयोजन पर टीम की सराहना की।
कौशांबी जिला प्रशासन ने मिट्टी धंसने से हुई दुर्घटना के 12 घंटे के भीतर मृतकों के परिजनों को सहायता राशि वितरित कर दी है। प्रदेश सरकार के आदेश पर यह राशि जारी की गई। दैवीय आपदा राहत कोष के तहत तीनों मृतकों - गीता देवी, उत्तरा देवी और बालिका अंकिता - के वैध वारिसों के बैंक खातों में 4-4 लाख रुपये (कुल 12 लाख रुपये) की धनराशि सीधे हस्तांतरित (DBT) की गई है। प्रशासन ने रविवार सुबह 7 बजे हुई दुर्घटना के बाद तेजी से कागजी कार्रवाई पूरी की। जिलाधिकारी कौशांबी डॉ. अमित पाल ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्रशासन आपदा की स्थिति में पीड़ितों के साथ खड़ा है और भविष्य में भी ऐसी घटनाओं में त्वरित और पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उल्लेखनीय है कि कौशांबी के मंझनपुर तहसील क्षेत्र के चक थांबा गांव में रविवार सुबह तालाब से मिट्टी खुदाई के दौरान मां-बेटी सहित तीन लोगों की मौत हो गई थी।
हरदोई में अधेड़ का शव खाई में मिला:बाग की रखवाली करने गया था, हत्या की आशंका
हरदोई में एक अधेड़ व्यक्ति का शव सड़क किनारे खाई में पड़ा मिला है। मृतक बाग की रखवाली करने के लिए घर से निकला था। उसके सिर और पेट पर चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है। बेनीगंज कोतवाली के भैनगांव निवासी 58 वर्षीय दुलारे पुत्र हुलासी हत्याहरन में एक बाग की रखवाली करते थे। शनिवार शाम को वे रोज की तरह घर से निकले थे। रविवार सुबह उनका शव भैनगांव के रास्ते में पड़ने वाली खाई में पड़ा मिला। बेनीगंज के उल्जा गांव निवासी दुलारे के दामाद मनसुख ने बताया कि उनके ससुर के सिर के पीछे और पेट पर चोटें देखकर लगता है कि उनकी हत्या की गई है। हालांकि, पुलिस का प्रारंभिक कहना है कि अधेड़ नशे का आदी था और यह एक हादसा हो सकता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा और आगे की कार्रवाई की जाएगी। दुलारे के परिवार में उनकी पत्नी और चार विवाहित बेटे हैं, जिनमें से संजय और सीटू हैदराबाद में, जबकि मनोज और विनोद दिल्ली में नौकरी करते हैं।
रावतसर में हल्की बारिश, गिरे ओले:हनुमानगढ़ में मौसम बदला, गर्मी से मिली राहत; किसानों को फायदा
हनुमानगढ़ के रावतसर क्षेत्र में रविवार शाम मौसम ने अचानक करवट बदली। दिनभर की गर्मी के बाद कुछ मिनट के लिए हल्की बारिश हुई, जिसके साथ एक-दो मिनट तक ओलावृष्टि भी दर्ज की गई। इस बदलाव से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। रावतसर और आसपास के गांवों में गिरे ओले तपती जमीन पर पड़ते ही पिघल गए। बारिश के बाद भी तेज हवाएं चलती रहीं, जिससे इलाके में हल्की ठंडक महसूस की गई। किसानों ने बताया कि बिजाई का सीजन जारी होने के कारण यह बारिश उनके लिए फायदेमंद साबित हुई है। वहीं, जिला मुख्यालय हनुमानगढ़ में दिनभर आंधी का दौर जारी रहा, लेकिन बारिश नहीं हुई। हालांकि, बारिश न होने से मंडियों में रखी गेहूं की फसल को कोई नुकसान नहीं हुआ, जो एक सकारात्मक पहलू रहा। जिला मुख्यालय पर बदले मौसम का असर तापमान पर भी दिखा। दिनभर की तेज धूप और भीषण गर्मी से लोगों को निजात मिली, जिससे उन्होंने राहत की सांस ली। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह मौसमी बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हो रहा है। आगामी दिनों में भी कुछ स्थानों पर आंधी, हल्की बारिश और बादल छाए रहने की संभावना बनी हुई है।
जोधपुर में पिकअप के सामने नीलगाय आने से ट्रक की टक्कर हो गई। इसके चलते पिकअप क्षतिग्रस्त हो गई। इस दौरान पिकअप गाड़ी में रखी कोल्ड ड्रिंक को लोग उठाकर कर ले गए। इसका एक वीडियो भी सामने आया है। यह हादसा विवेक विहार थाना क्षेत्र में मोगड़ा एनआरआई योजना के पास शनिवार रात 10 बजे हुआ। विवेक विहार थाना अधिकारी दिलीप खदाव ने बताया- एक पिकअप जोधपुर से पाली की तरफ जा रही थी। अचानक उसके आगे नीलगाय आ गई। इसके चलते ड्राइवर ने ब्रेक लगाए तो गाड़ी का टायर फट गया। इस दौरान पीछे से आ रहे ट्रक की पिकअप से टक्कर हो गई। पिकअप में कोल्ड ड्रिंक भरी हुई थी, इसके चलते कोल्ड ड्रिंक सड़क पर बिखर गई। पुलिस मौके पर पहुंची। उससे पहले कई लोग कोल्ड ड्रिंक उठाकर ले गए। घटना के बाद पुलिस ने हाईवे से दोनों वाहनों को हटाया और थाने लेकर आई। दोनों पक्षों की ओर से कोई रिपोर्ट नहीं दी गई है।
जगराओं नगर कौंसिल चुनावों से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं। इसी बीच, कोठे अठ चक्क गांव में आम आदमी पार्टी (आप) के एक फैसले ने सियासी भूचाल ला दिया है। गांव का नाम बदलने की कोशिश अब आप के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका साबित हो रही है। दरअसल, आप सरकार ने कोठे अठ चक्क गांव का नाम बदलकर बलदेव सिंह वाला करने का फैसला किया था। इस निर्णय से गांववासियों में भारी गुस्सा भड़क उठा। लोगों ने न केवल इस फैसले का विरोध किया, बल्कि सड़कों पर उतरकर नाम वाले बोर्ड तक उखाड़ दिए। यह विरोध सीधे तौर पर आप नेतृत्व के खिलाफ जनाक्रोश में बदल गया। इस विवाद के बाद आम आदमी पार्टी को बड़ा नुकसान हुआ है। पार्टी से जुड़े कई परिवारों ने 'आप' छोड़कर शिरोमणि अकाली दल का दामन थाम लिया। इसे आगामी चुनावों से पहले आप के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक क्षति माना जा रहा है। आप के संस्थापक सदस्य और पूर्व ब्लॉक प्रधान जगरूप सिंह ने पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विधायक सरबजीत कौर मानूंके ने बिना किसी सलाह-मशवरे के गांव की पहचान से छेड़छाड़ की, जिससे लोगों की भावनाएं आहत हुईं और पार्टी के भीतर भी नाराजगी पैदा हुई। इस मौके का फायदा उठाते हुए अकाली दल ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। पूर्व विधायक एस.आर. क्लेर के नेतृत्व में आयोजित एक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने अकाली दल में शामिल होकर पार्टी को मजबूती दी। गांव में हुए इस शक्ति प्रदर्शन को आने वाले चुनावों से पहले अकाली दल की बड़ी बढ़त के तौर पर देखा जा रहा है। अकाली नेता सिवराज सिंह ने सत्ताधारी दल पर निशाना साधते हुए कहा कि यह घटना दर्शाती है कि सरकार को अपने ही कार्यकर्ताओं और जनता की भावनाओं की कोई परवाह नहीं है। एस.आर. क्लेर ने भी आप पर हमला बोलते हुए कहा कि गांव का नाम केवल एक शब्द नहीं, बल्कि उसकी पहचान और इतिहास होता है, जिसे बदलने की कोशिश जनता कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। गांववासियों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वे अब ऐसे फैसलों के खिलाफ एकजुट होकर खड़े होंगे और आने वाले चुनावों में अपने वोट के जरिए इसका जवाब देंगे।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा शहर के 10 परीक्षा सेंटर पर NEET परीक्षा हुई। परीक्षा में 95.83% परीक्षार्थियों की उपस्थिति रहे। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की गई। इस परीक्षा के लिए 10 परीक्षा केंद्र बनाए गए। परीक्षा के लिए रजिस्टर्ड 3240 परीक्षार्थी में से 135 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षार्थियों का कहना है कि बायो के प्रश्नों को छोड़कर अन्य सवाल ज्यादा कठिन नहीं आए। निवाई के अभिषेक शर्मा पुत्र अनिल शर्मा और विकास शर्मा ने बताया कि बायो का पेपर थोड़ा हार्ड था, बाकी सब ठीक था। इस बीच परीक्षा सेंटर्स में प्रवेश से पहले और परीक्षा संपन्न होने के बाद काफी भीड़ रही। कई जगह जाम जैसे हालात बन गए। पुलिस को कड़ी मशक्कत कर परीक्षार्थियों को उनके गंतव्य स्थान के लिए सकुशल रवाना किया गया। बस स्टैंड पर भी शाम को काफी भीड़ रही। रोडवेज प्रबंधन की ओर से परीक्षार्थियों के लिए अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की गई थी, इसलिए स्टूडेंट्स को ज्यादा परेशानी नहीं हुई। एक एक करके सभी को देर शाम तक घर भेजा गया। परीक्षा केंद्रों के 300 मीटर दायरे में भीड़ पर प्रतिबंध की पालना के लिए पुलिस की पुख्ता व्यवस्था रही। मोबाइल, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध रहा। परीक्षार्थियों की प्रवेश से पूर्व केंद्र के दरवाजे पर और भीतर जांच करके ही एग्जाम रूम तक प्रवेश दिए गए। महिला अभ्यर्थियों के कानों से कुंडल, नाक से नाथ, चूडियां, गले की चेन आदि बाहर ही उतरवा दी गई। सभी परीक्षार्थियों की बायोमैट्रिक जांच करने के बाद परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया। सभी परीक्षा केंद्रों पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट और सतर्कता दल तैनात रहे। गर्मी के मौसम को देखते हुए सभी परीक्षा केंद्रों पर जनरेटर, पानी के कैंपर, प्राइमरी मेडिकल व्यवस्था भी की गई थी।
बहरोड़ सदर थाना क्षेत्र के गांव कारोड़ा में एक शराब ठेके के पास अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से हड़कंप मच गया। रविवार को स्थानीय लोगों ने शव पड़ा देखा, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर बड़ी संख्या में भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही थानाधिकारी दिनेश मीणा पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर बहरोड़ के जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। प्रारंभिक जांच में मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और शव की शिनाख्त के प्रयास जारी हैं। मौत के कारणों का पता लगाने के लिए घटनास्थल के आसपास के क्षेत्र की भी जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार, शव का पोस्टमार्टम शिनाख्त होने के बाद ही करवाया जाएगा। शुरुआती तौर पर मौत का कारण अत्यधिक शराब का सेवन बताया जा रहा है। पुलिस मामले की हर पहलू से गहनता से जांच कर रही है।
शादी समारोह में खूनी वारदात:साडू ने पेट में मारा चाकू, इलाज के दौरान मौत; आरोपी मौके से फरार
झालावाड़ के मंडावर थाना क्षेत्र के कोथला घट्टी गांव में शादी की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं, जब रविवार सुबह एक युवक पर उसके ही साडू ने चाकू से हमला कर दिया। पेट में गंभीर चोट लगने से घायल युवक को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां रविवार शाम इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी है। शादी में शामिल होने आया था मृतक पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान बबलू भील (36) पुत्र नानूराम भील निवासी मोड़क, जिला कोटा के रूप में हुई है। बबलू दो दिन पहले अपने ससुराल कोथला घट्टी गांव में आयोजित शादी समारोह में शामिल होने आया था। परिवार में शादी का माहौल था, लेकिन अचानक हुई इस वारदात ने सबको स्तब्ध कर दिया। सुबह सोते समय किया हमला जानकारी के मुताबिक रविवार सुबह करीब 5 बजे बबलू भील सो रहा था। इसी दौरान उसके साडू कमलेश पुत्र कन्हैयालाल भील, निवासी संजय कॉलोनी, झालावाड़ ने उस पर चाकू से हमला कर दिया। आरोप है कि कमलेश ने बबलू के पेट में चाकू मारा और घटना को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गया। अस्पताल में चली जिंदगी की जंग हमले के बाद परिजनों ने गंभीर हालत में बबलू को तुरंत झालावाड़ के एसआरजी अस्पताल पहुंचाया। यहां सर्जिकल वार्ड में उसका इलाज शुरू किया गया। डॉक्टरों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन शाम करीब सवा 7 बजे उसकी हालत बिगड़ गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद होगी आगे की कार्रवाई अस्पताल चौकी पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाकर मंडावर थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने बताया कि सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा और इसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हमले की वजह अब तक साफ नहीं पुलिस मामले की जांच में जुटी है। फिलहाल दोनों साडू के बीच विवाद किस बात को लेकर हुआ, इसका स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। परिजनों के अनुसार, दोनों का ससुराल कोथला घट्टी गांव में एक ही घर में है। ऐसे में आपसी कहासुनी या पुरानी रंजिश की आशंका भी जताई जा रही है। आरोपी की तलाश जारी घटना के बाद से आरोपी कमलेश फरार है। मंडावर थाना पुलिस उसकी तलाश में दबिश दे रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
करौली के हिंडौनसिटी में 40 फीट गहरे कुएं में गिरने से मां-बेटे की मौत हो गई। बेटा खेलते-खेलते घर के पीछे खेत में बने कुएं में गिर गया था। बच्चे के पानी में गिरने की आवाज सुनकर उसे ढूंढ रही मां भी वहां पहुंची। बच्चे को कुएं में देख वह भी कूद गई। घटना में दोनों की मौत हो गई। मामला नई मंडी थाना क्षेत्र के जगदीशपुरा गांव का रविवार दोपहर 3 बजे का है। पीहर से सुबह ही ससुराल आई थी विवाहिता नई मंडी थाना प्रभारी नरेश पोसवाल ने बताया-घटना में जगदीशपुरा गांव निवासी खुशबू जाटव (22) और उसके तीन वर्षीय बेटे वंश की मौत हुई है। पूछताछ में पति सूरज ने बताया- खुशबू रविवार सुबह 8.30 बजे ही अपने पीहर जटवाड़ा से वापस आई थी। मैं मजदूरी करने गया हुआ था। दोपहर में उन्हें खुशबू और वंश के कुएं में डूबने से मौत की सूचना मिली। ग्रामीणों ने मुझे बताया कि मौके से गुजर रहे एक ग्रामीण ने खुशबु को कुएं में कूदता देख शोर मचाया, जिसके बाद कुछ ग्रामीण वहां पहुंचे और दोनों को कुएं से बाहर निकाला। तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। चाचा भरतलाल ने दी रिपोर्ट थानाप्रभारी ने बताया-दोनों शवों को लाने की सूचना के बाद पुलिस अस्पताल पहुंची। मृतका के पीहर पक्ष से चाचा भरत लाल सहित कई लोग भी अस्पताल में मौजूद थे। चाचा भरतलाल ने इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई है। सोमवार को पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। भरतलाल ने बताया कि खुशबू के माता-पिता का निधन काफी वर्ष पहले हो चुका था। करीब चार वर्ष पूर्व उन्होंने ही खुशबू की शादी जगदीशपुरा निवासी सूरज जाटव से कराई थी। खुशबू कुछ दिन पहले पीहर जटवाड़ा आई थी। रविवार सुबह करीब 8:30 बजे ही उसे ससुराल जगदीशपुरा भेजा था। दोपहर करीब 3 बजे उन्हें खुशबू और वंश के कुएं में डूबने से मौत की सूचना मिली।

