दिल्ली: चार मंजिल से अधिक वाले अवैध निर्माण होंगे सील, सत्य निकेतन हादसे के बाद एक्शन में एमसीडी
दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में 30 साल पुरानी पांच मंजिला इमारत भरभराकर ढह गई।
जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने निकाय चुनाव से पहले एक बार फिर से भाजपा सरकार को निशाने पर लिया है। उन्होंने इस संबंध में अब एक्स के माध्यम से कहा कि ढाई साल का कुशासन, ठप पड़ा विकास और बेलगाम भ्रष्टाचार, यही है मौजूदा भाजपा सरकार की असली सच्चाई। टूटी सड़कों और बंद पड़ी जनकल्याणकारी योजनाओं ने शहरों को बर्बादी की कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है। अब समय आ गया है इस 'डबल इंजन' सरकार को नींद से जगाने का। इन स्थानीय निकाय चुनावों में इन्हें अपने वोट की चोट से इतना ज़ोर का झटका दें कि ये बचे हुए समय में काम करने को मजबूर हो जाएं। अपने शहर को बचाने, रुके हुए विकास कार्यों को फिर से शुरू करने और सुशासन की वापसी के लिए कांग्रेस को अपना बहुमूल्य वोट दें। हाथ के निशान पर बटन दबाएं, कांग्रेस को भारी मतों से विजयी बनाएं। वहीं अशोक गहलोत ने जातिगत जनणना को को लेकर भी बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा कि जातिगत जनगणना के नाम पर गलत प्रणाली अपना रही है सरकार। एक पत्रकार के सवाल पर गहलोत ने कहा कि इस विषय पर मैं पहले ही विस्तार से अपनी बात रख चुका हूं। दरअसल, जातिगत जनगणना को लेकर इस सरकार की नीयत साफ नहीं है। वरना जो सिस्टम प्रणाली इन्होंने अपनाई है, वह गलत प्रणाली है। SECC (सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना) का एक सर्वे हुआ था यूपीए गवर्नमेंट के वक्त में। हर घर-घर में गए, स्पेलिंग गलत लिखाई तो वो भी एक जाति हो गई। G-E-H-L-O-T मेरे नाम की स्पेलिंग मैं लिखता हूं, किसी ने G-A-H-L-O-T लिख दिया तो वो दो जाति हो गईं, गोत्र अलग हो गए। तो 46 लाख जातियां हो गईं। तो वो फिर जो डॉक्यूमेंट हैं, वो अब दबे पड़े हैं। SECC के डॉक्यूमेंट कोई काम नहीं आए। ये लोग अब जनता के सामने पूरी तरह एक्सपोज़ हो चुके हैं काम मोदी जी ने लिया उनको। मोदी जी ने पूरे देश में यह भ्रम फैला दिया कि वे सबको 5 लाख रुपए का स्वास्थ्य बीमा दे रहे हैं, जो बिल्कुल गलत है। यह बीमा सबको नहीं, बल्कि सिर्फ उन लोगों को मिल रहा है जो SECC के डेटा में शामिल थे। हमारी भोली-भाली जनता इनके बहकावे में आ जाती है। लेकिन अब लोगों का भ्रम टूट चुका है। अब जनता समझ गई है कि ये लोग असत्य बोलते हैं और सिर्फ झूठे वादे करते हैं। ना हर साल दो करोड़ नौकरियां मिलीं, ना अच्छे दिन आए, ना किसानों की आय दुगनी हुई, ना काला धन वापस आया और ना ही खातों में 15 लाख रुपये आए। ये लोग अब जनता के सामने पूरी तरह एक्सपोज़ हो चुके हैं और आगामी चुनावों में ये सारी बातें प्रमुखता से उठेंगी। PC: X अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
भांडई-कीठम बाईपास से आसान होगा ट्रेनों का सफर, 82 प्रतिशत सिविल कार्य पूरा, 53 छोटे और 13 बड़े पुल तैयार, नानपुर में बनेगा नया क्रॉसिंग स्टेशन।
मुख्यमंत्री भगवंत मान 100 करोड़ से ज्यादा के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसे कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा को मिलने आज गुरुग्राम की भोंडसी जेल जाएंगे। भगवंत मान दूसरी बार मंत्री अरोड़ा से मिलने जेल में जा रहे हैं। इससे पहले वो अरविंद केजरीवाल के साथ 23 मई को संजीव अरोड़ा से मिले थे। संजीव अरोड़ा को ईडी ने 9 मई को गिरफ्तार किया था और उसके बाद से वो जेल में हैं। निचली अदालत उनकी जमानत याचिका खारिज कर चुकी है जबकि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में संजीव अरोड़ा की जमानत याचिका पर अभी सुनवाई चल रही है। संजीव अरोड़ा के जेल जाने के बाद भी पंजाब सरकार उनके साथ खड़ी है। अरोड़ा चार महीने से जेल में हैं इसके बावजूद पंजाब सरकार ने संजीव अरोड़ा को अभी तक मंत्री पद से नहीं हटाया। आम आदमी पार्टी और खुद मुख्यमंत्री भगवंत मान लगातार केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते रहे हैं। मुख्यमंत्री का कहना है कि संजीव अरोड़ा को एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश के तहत झूठे मामले में फंसाया गया है ताकि पंजाब सरकार की छवि को धूमिल किया जा सके। चंडीगढ़ स्थित सरकारी कोठी से गिरफ्तारी प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने फर्जी बिलिंग और लेनदेन से जुड़े मामले में छापेमारी के बाद संजीव अरोड़ा को चंडीगढ़ स्थित उनके सरकारी आवास से 9 मई को गिरफ्तार किया था। इस कार्रवाई के दौरान ईडी ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए थे। गिरफ्तारी और शुरुआती पूछताछ के बाद कोर्ट के आदेशानुसार संजीव अरोड़ा को हरियाणा की भोंडसी जेल में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। फिलहाल वे वहीं बंद हैं और उनकी कानूनी टीम जमानत के लिए प्रयासरत है। भाजपा पर राजनीतिक षड्यंत्र का आरोप आम आदमी पार्टी और पंजाब सरकार ने इस पूरी कार्रवाई को भाजपा की साजिश करार दिया है। पार्टी का आरोप है कि केंद्र सरकार केंद्रीय जांच एजेंसियों का गलत इस्तेमाल करके गैर-भाजपा शासित राज्यों के नेताओं और मंत्रियों को निशाना बना रही है। मंत्रियों के विभागों में हुआ फेरबदल संजीव अरोड़ा के जेल जाने के बाद उनके अधीन आने वाले सभी प्रशासनिक विभागों को पंजाब सरकार ने अन्य कैबिनेट मंत्रियों में बांट दिया, ताकि राज्य के विकास कार्य और विभागीय कामकाज प्रभावित न हों। तमाम कानूनी और राजनीतिक विवादों के बावजूद पंजाब सरकार ने संजीव अरोड़ा का इस्तीफा नहीं लिया है। वे अभी भी भगवंत मान कैबिनेट में बतौर मंत्री शामिल हैं, जो यह दर्शाता है कि पार्टी उनके साथ मजबूती से खड़ी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान व आप का समर्थन मुख्यमंत्री भगवंत मान पहले भी संजीव अरोड़ा से जेल में जाकर मुलाकात कर चुके हैं। आज की मुलाकात भी उसी सिलसिले की एक कड़ी है, जिसके जरिए मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी यह संदेश देना चाहती है कि वे संकट की इस घड़ी में अपने नेता के साथ हैं। संजीव अरोड़ा पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला क्या है? ED का आरोप है कि संजीव अरोड़ा ने 2023-24 में कंपनी ने करीब ₹157.12 करोड़ के मोबाइल फोन की बिक्री दिखाई। इसमें लगभग ₹102.50 करोड़ के मोबाइल फोन UAE की दो कंपनियों को निर्यात दिखाए गए। ED का दावा है कि इन लेन-देन में असली माल की आपूर्ति के बजाय फर्जी बिल, शेल/डमी कंपनियों और कागजी निर्यात का इस्तेमाल किया गया। ED के मुताबिक संजीव अरोड़ा ने फर्जी खरीद के बिल बनाए। कागजों में मोबाइल एक्सपोर्ट किए और जीएसटी व अन्य फायदे सरकार से लिए। ED ने आरोप लगाया है कि करीब ₹102.5 करोड़ की रकम अवैध तरीके से कलेक्ट की। ED की चार्जशीट में अरोड़ा को इस मामले का किंग पर्सन बताया गया है।
मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी के बीच सहारनपुर में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की तस्वीरों वाले पोस्टर लगाए जाने का मामला सामने आया है। इन पोस्टरों में 7 सितंबर 2013 को हुए मुजफ्फरनगर दंगों से जुड़ी तस्वीरों के साथ अखिलेश यादव की तस्वीर भी लगाई गई थी। पोस्टरों पर “न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे...” जैसे संदेश लिखे गए थे। खास बात यह है कि ये पोस्टर ऐसे समय लगाए गए हैं, जब सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित करीब एक सदी पुरानी बताई जा रही मस्जिद को ध्वस्त किए जाने के दो दिन बाद 7 सितंबर को यह मामला सामने आया। कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद के ध्वस्तीकरण को लेकर पहले से ही राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में मुजफ्फरनगर दंगों की तस्वीरों और अखिलेश यादव की तस्वीर वाले पोस्टर लगाए जाने से इसकी राजनीतिक चर्चा और तेज हो गई। दंगों की तस्वीरों के साथ अखिलेश की तस्वीर पोस्टरों में वर्ष 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों से संबंधित तस्वीरें दिखाई गई थीं। इनके साथ अखिलेश यादव की तस्वीर लगाई गई थी। पोस्टर पर लिखा संदेश सीधे तौर पर वर्ष 2013 की घटना की याद दिलाने वाला था। “न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे...” जैसे शब्दों के जरिए दंगों की बरसी के मौके पर उस घटना को याद करने का संदेश दिया गया। 7 सितंबर 2013 को मुजफ्फरनगर और आसपास के क्षेत्रों में हिंसा हुई थी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति पर इस घटना का लंबे समय तक प्रभाव रहा है। ऐसे में दंगों की बरसी पर लगाए गए पोस्टरों को राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। पुलिस ने पोस्टर हटवाए पोस्टर लगाए जाने की जानकारी सामने आने के बाद इलाके में इसकी चर्चा शुरू हो गई। हालांकि, बाद में पुलिस ने इन पोस्टरों को हटवा दिया। पोस्टर किस व्यक्ति या संगठन की ओर से लगाए गए थे, इसकी आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। पुलिस की ओर से भी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि पोस्टर लगाने वालों की पहचान हुई है या नहीं और उनके खिलाफ कोई कार्रवाई की गई है अथवा नहीं। मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद पोस्टर से बढ़ी राजनीतिक चर्चा सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को लेकर पिछले कुछ समय से कानूनी विवाद चल रहा था। न्यायिक आदेश के बाद प्रशासन की कार्रवाई में मस्जिद को ध्वस्त कर दिया गया। इसके बाद से ही मामले को लेकर राजनीतिक दलों और विभिन्न संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। मस्जिद ध्वस्तीकरण के दो दिन बाद ही 7 सितंबर को मुजफ्फरनगर दंगों की तस्वीरों के साथ अखिलेश यादव के पोस्टर सामने आने से इसे मौजूदा राजनीतिक माहौल से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, इन पोस्टरों को किसने लगाया और क्या यह मस्जिद ध्वस्तीकरण के विरोध में राजनीतिक संदेश देने की कोशिश थी, इसकी पुष्टि किसी आधिकारिक पक्ष ने नहीं की है। बरसी के दिन पोस्टर, संदेश पर चर्चा मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी के दिन लगाए गए इन पोस्टरों ने सहारनपुर में राजनीतिक चर्चाओं को नया विषय दे दिया है। एक तरफ कलेक्ट्रेट मस्जिद के ध्वस्तीकरण को लेकर विवाद और प्रतिक्रियाएं चल रही हैं, वहीं दूसरी ओर दंगों की तस्वीरों के साथ अखिलेश यादव की तस्वीर वाले पोस्टर सामने आए हैं। फिलहाल पुलिस द्वारा पोस्टर हटाए जाने के बाद मौके पर पोस्टर दिखाई नहीं दे रहे हैं। पोस्टर लगाने वाले कौन थे, उनका उद्देश्य क्या था और क्या उनके खिलाफ कोई कार्रवाई होगी, इस पर पुलिस की आधिकारिक स्थिति सामने आना बाकी है।
प्रदेश के युवाओं के भविष्य निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का शुभारंभ करेंगे।
मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय सुरक्षा और पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया को चुनौती देने वाला बेहद गंभीर मामला सामने आया है।
उज्जैन के भाटपचलाना थाना क्षेत्र में सोशल मीडिया के जरिए नाबालिग लड़की से दोस्ती कर उसे ब्लैकमेल करने के आरोप में पुलिस ने 22 वर्षीय युवक को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। आरोपी लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। पुलिस टीम ने तीन दिन की रैकी के बाद उसे राजीव नगर, रोहिणी सेक्टर, बेगमपुर, दिल्ली से पकड़ा। आरोपी की पहचान अंशु पिता बबलू थामसन (22) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, नाबालिग ने 1 सितंबर को भाटपचलाना थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। फर्जी पहचान बताकर की थी दोस्ती नाबालिग ने पुलिस को बताया कि कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर उसकी एक व्यक्ति से पहचान हुई थी। आरोपी ने फर्जी पहचान बताकर उससे दोस्ती की। बाद में अलग-अलग मोबाइल नंबरों से मैसेज कर उसकी फोटोज वायरल करने की धमकी देने लगा। आरोपी लड़की से रुपए मांगकर उसे परेशान कर रहा था। शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पॉक्सो और आईटी एक्ट में केस दर्ज पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 78(2), पॉक्सो एक्ट की धारा 11/12 और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की धारा 67 व 67(B) के तहत मामला दर्ज किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी सबूतों के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू की। जांच में आरोपी की लोकेशन दिल्ली में मिली। दिल्ली पहुंची पुलिस टीम, 3 दिन रैकी लोकेशन मिलने के बाद उज्जैन पुलिस की टीम दिल्ली पहुंची। तीन दिन तक रैकी करने के बाद पुलिस ने आरोपी को राजीव नगर, रोहिणी सेक्टर, बेगमपुर से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी से पूछताछ की जा रही है। पुलिस इस मामले में अन्य लोगों के शामिल होने की भी जांच कर रही है।
पुलिस से की शिकायत, सीएमओ को जांच कराने के लिए भेजा पत्र।
बांदा जिले में नदियों का पानी बढ़ने लगा है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। जिलाधिकारी अमित आशेरी ने जिले के लोगों से बाढ़ की स्थिति में सावधानी बरतने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल सही जानकारी पर भरोसा करने की गुजारिश की है। बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से जरूरी दस्तावेज, दवाइयां, टॉर्च, मोबाइल फोन, चार्जर, सूखा भोजन और पीने का पर्याप्त पानी तैयार रखने को कहा है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि तेज बहाव वाले पानी, नालों और पुलों को पार करने की कोशिश न करें। बाढ़ के पानी में पैदल चलने या वाहन निकालने से भी बचें, क्योंकि पानी की गहराई और बहाव का सही अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। गिरे हुए बिजली के तारों से दूर रहने और बिजली के उपकरणों को न छूने की भी अपील की गई है। अपर जिलाधिकारी कुमार धर्मेंद्र ने बताया कि लगातार बारिश के कारण मकान खराब होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। राज्य आपदा राहत कोष के तहत, करीब 15 प्रतिशत तक थोड़ा बहुत खराब हुए कच्चे मकानों के लिए 4 हजार रुपये की मदद मिलेगी। घर से जुड़े पशुबाड़ों के खराब होने पर 3 हजार रुपये की आर्थिक मदद का भी प्रावधान है। प्रभावित लोग आपदा कंट्रोल रूम में जानकारी देकर मदद ले सकते हैं। आपदा में दूध देने वाले पशुओं जैसे गाय, भैंस, ऊंट और याक के मरने पर 37,500 रुपये की मदद मिलेगी। भेड़, बकरी और सुअर के मरने पर 4 हजार रुपये और दूध न देने वाले पशुओं जैसे ऊंट, बैल और घोड़े के मरने पर 32 हजार रुपये की सहायता का प्रावधान है। वहीं, बछड़ा, गधा और टट्टू के मरने पर 20 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। आपदा में किसी व्यक्ति की जान जाने पर मृतक के परिवार को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी।
जौनपुर में 1.11 करोड़ से बनेगी बरईपार-चकघसीटा सड़क:10 हजार से ज्यादा लोगों को मिलेगी राहत
जौनपुर में बरईपार-सुजानगंज मार्ग से चकघसीटा, कैथौली होते हुए चकनाबाद तक जाने वाली खराब सड़क अब नई बनेगी। इस सड़क के लिए सरकार ने 1 करोड़ 11 लाख 38 हजार रुपये मंजूर किए हैं। इस सड़क के बनने से 10 हजार से ज्यादा लोगों की आवाजाही आसान हो जाएगी। बरईपार-सुजानगंज से चकघसीटा, कैथौली होते हुए चकनाबाद तक हर दिन बड़ी संख्या में लोग सफर करते हैं। सड़क खराब होने की वजह से लोगों को काफी परेशानी होती है। बारिश के मौसम में सड़क पर कीचड़ होने से फिसलन बढ़ जाती है, जिससे लोग अक्सर गिरकर घायल हो जाते हैं। लोक निर्माण विभाग ने इस सड़क के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा था, जिसे अब मंजूरी मिल गई है। सड़क निर्माण के लिए पहली किस्त के तौर पर 36 लाख 32 हजार रुपये भी जारी कर दिए गए हैं। पीडब्ल्यूडी के निर्माण खंड के कार्यकारी अभियंता विशाल सिंह ने बताया कि सड़क को दोबारा बनाने के लिए सरकार ने बजट जारी किया है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण काम शुरू करा दिया जाएगा।
रायबरेली के सरेनी थाना इलाके में एक गंभीर मामले में पुलिस ने जल्दी कार्रवाई करते हुए 5 वांटेड आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई रायबरेली के पुलिस अधीक्षक रवि कुमार के निर्देश पर अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई है। जानकारी के मुताबिक, पीड़िता ने सरेनी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि 14 जुलाई 2026 को घरेलू विवाद को लेकर उसके पति और ससुरालियों ने उसके साथ मारपीट की थी। इस दौरान उन्होंने चाकू से भी हमला कर उसे घायल कर दिया था, जिससे उसके पेट में चोट लगी और गर्भपात हो गया। शिकायत के आधार पर सरेनी पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। 6 सितंबर 2026 को सरेनी पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें दिलीप (पति), राकेश कुमार (ससुर), दीपक (देवर), रुक्ममणि (सास) और अलका उर्फ मीनाक्षी (ननद) शामिल हैं। ये सभी पूरे औदान सिंह मजरा हथनासा, थाना सरेनी, जनपद रायबरेली के रहने वाले हैं। उन्हें थाना क्षेत्र के पूरे पाण्डेय मार्ग स्थित नहर पुलिया के पास से पकड़ा गया। कानूनी कार्रवाई के बाद सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक सत्येन्द्र कुमार, सिपाही शमीम अहमद, सिपाही आनंद चौहान, आरक्षी संजीव, आरक्षी शुभम यादव और महिला आरक्षी शिवांकी शामिल थीं।
संतकबीरनगर के मेंहदावल विकास खंड की जमोहरा और गुलहरिया ग्राम पंचायतों में 43.63 लाख रुपये के विकास कार्यों में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। इस मामले में डीपीआरओ ने एक माह पूर्व नोटिस जारी किया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों का आरोप है कि आर्थिक प्रभाव के कारण कार्रवाई धीमी पड़ गई है और वे डीपीआरओ की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। शिकायत मिलने और मौके पर जांच के बाद दोनों ग्राम पंचायतों के सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। उनसे तीन दिन के भीतर जवाब मांगा गया था। संतोषजनक जवाब न मिलने पर एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी भी दी गई थी, लेकिन अब यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया है। डीपीआरओ अरुण कुमार ने तीन अगस्त को जमोहरा और गुलहरिया ग्राम पंचायतों का दौरा कर जांच की थी। जमोहरा में पंचायत भवन अधूरा मिला। इसमें खिड़की-दरवाजे नहीं लगे थे और बिजली व शौचालय का काम भी पूरा नहीं हुआ था। पंचायत सचिवालय भी चालू नहीं था। पंचायत सहायक ने बताया कि सचिवालय में फर्नीचर, लैपटॉप, इंटरनेट और पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं हैं। जांच में सामने आया कि करीब 8.14 लाख रुपये का भुगतान बिना काम किए ही कर दिया गया था। सीसी रोड, इंटरलॉकिंग, हैंडपंप मरम्मत और रिबोर जैसे कई कामों पर 10.84 लाख रुपये का भुगतान दर्ज था, लेकिन ये काम मौके पर नहीं मिले। एक स्कूल में 15वें और पांचवें वित्त आयोग के पैसे से आरओ प्लांट और हाईमास्ट लाइटों पर नियमों के खिलाफ भुगतान पर भी जांच टीम ने आपत्ति जताई थी। गुलहरिया ग्राम पंचायत में भी विकास कार्यों की स्थिति ठीक नहीं मिली। जांच में साल 2025-26 के दौरान पांचवें और 15वें वित्त आयोग के 11.21 लाख रुपये से कराए गए नाला सफाई, सीसी रोड, अंडरग्राउंड नाली, स्ट्रीट लाइट और खड़ंजा मरम्मत जैसे कई कामों का सत्यापन किया गया था। कई कार्य मौके पर नहीं मिले। तकनीकी स्वीकृति, माप पुस्तिका, एस्टीमेट और स्वीकृति पत्र समेत जरूरी अभिलेख भी जांच टीम के सामने प्रस्तुत नहीं किए जा सके थे। इसके बावजूद अब तक सचिव, प्रधान और संबंधित फर्म के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होने से विभागीय कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। डीपीआरओ ने जमोहरा के सचिव सरमद खान और गुलहरिया के सचिव अवनीश गौड़ को नोटिस जारी कर तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा था। नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई थी कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विभागीय कार्रवाई के साथ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इसके बावजूद अब तक सचिव, प्रधान और संबंधित फर्म के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होने से विभागीय कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। डीपीआरओ अरुण कुमार ने कहा भ्रष्टाचार बर्दाश्त नही की जाएगी, पूरे प्रकरण को दोबारा दिखवा रहा हूं।
सीतापुर के तंबौर थाना इलाके में कस्बे के मोहल्ला आजाद नगर में चोरों ने शनिवार - रविवार मध्य रात्रि एक सूने घर को निशाना बनाकर लाखों रुपये की बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दे दिया। परिवार के इकलौते बेटे की मंगनी में शामिल होने के लिए घर से बाहर जाने के दौरान चोर पीछे के गेट का ताला तोड़कर अंदर दाखिल हुए और करीब 10 लाख रुपये की नगदी समेत लगभग 15 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण चोरी कर फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, मोहल्ला आजाद नगर निवासी जहीर हाशमी अपने इकलौते बेटे की शादी धूमधाम से करने की तैयारी कर रहे थे। इसके लिए उन्होंने अपना प्लाट बेचकर करीब 10 लाख रुपये की रकम घर में रखी थी। घर में पहले से सोने-चांदी के जेवरात भी मौजूद थे। रविवार को परिवार बेटे की मंगनी के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए घर पर ताला लगाकर बाहर गया था। बताया जा रहा है कि जब परिवार रविवार रात मंगनी कार्यक्रम से वापस लौटा, तो मुख्य गेट का ताला खोलकर जैसे ही परिजन अंदर पहुंचे, घर का सामान बिखरा पड़ा देखकर उनके होश उड़ गए। जांच करने पर नगदी और लाखों रुपये के जेवरात गायब मिले। इसके बाद घटना की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार राय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास के लोगों से जानकारी जुटाई और चोरी के तरीके समेत अन्य पहलुओं की जांच शुरू कर दी। बड़ी चोरी की जानकारी फैलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। कस्बे में हुई इस वारदात को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं। फिलहाल पुलिस ने पीड़ित की तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि चोरों का पता लगाने के लिए सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है और जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा
हाथरस के युवक को चलती ट्रेन से फेंका, मौत:मथुरा में हुई घटना, रेलवे पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
मथुरा के राया थाना क्षेत्र में एक युवक को चलती ट्रेन से फेंकने के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। सीट पर बैठने को लेकर हुए विवाद के बाद यह घटना हुई, जिसमें युवक की मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में आरोपी गजेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है। मृतक की पहचान हाथरस के रानी का नगला गांव निवासी जतिन (25) के रूप में हुई थी। जतिन मथुरा में वेल्डिंग का काम करता था। शुक्रवार को वह कासगंज-मथुरा पैसेंजर ट्रेन से मथुरा आ रहा था और ट्रेन के गेट के पास बैठा था। जब ट्रेन राया के पास पहुंची, तो गेट पर बैठने को लेकर जतिन की अलीगढ़ निवासी गजेंद्र से कहासुनी हो गई। देखते ही देखते यह कहासुनी मारपीट में बदल गई। विवाद के दौरान गजेंद्र ने जतिन को लात मार दी। इससे जतिन चलती ट्रेन से नीचे गिर गया। यात्रियों की मदद से ट्रेन रुकवाई गई, लेकिन तब तक जतिन की मौत हो चुकी थी।इस मामले की सूचना मिलने पर जतिन के परिवार के लोग भी मथुरा पहुंचे थे। अलीगढ़ का रहने वाला है आरोपी... घटना के बाद जतिन के भाई ने मथुरा जंक्शन स्थित जीआरपी थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी गजेंद्र के खिलाफ हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज किया। मथुरा जीआरपी ने अलीगढ़ के बरला थाना क्षेत्र के बभीगढ़ गांव निवासी 25 वर्षीय गजेंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया। जतिन अविवाहित था।
मऊ में सरयू नदी खतरे के निशान से ऊपर:24 घंटे में 13 सेमी बढ़ा जलस्तर, शहर में पानी घुसने का डर
नेपाल से छोड़े गए लाखों क्यूसेक पानी के कारण सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। रविवार शाम चार बजे तक नदी का पानी खतरे के निशान से 40 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। इससे तटवर्ती इलाकों में स्थिति खराब होने लगी है। पिछले 24 घंटे में जलस्तर में 13 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बाढ़ का पानी अब धीरे-धीरे गांवों की तरफ बढ़ने लगा है। रविवार सुबह से नाले के रास्ते दोहरीघाट कस्बे में भी बाढ़ का पानी आने लगा है। इससे कस्बे के तीन निचले वार्डों में चिंता बढ़ गई है। बंधों के नीचे और तटवर्ती गांवों के खेतों में किसानों की सैकड़ों एकड़ फसल डूब गई है। बाढ़ की आशंका से तटवर्ती गांवों में लोग डरे हुए हैं। सरयू नदी का जलस्तर शनिवार को 70.17 मीटर था, जो रविवार को बढ़कर 70.30 मीटर हो गया। नदी जिस तेजी से बढ़ रही है, उससे बहादुरपुर, पतनई, बीबीपुर, सरहरा और नईबाजार जैसे गांवों की तरफ बाढ़ का पानी तेजी से फैल रहा है। हालांकि, अभी पानी गांवों के खेतों तक ही पहुंचा है, जिससे सैकड़ों एकड़ फसलें डूब गई हैं। बीबीपुर गांव के खेतों में पानी भर गया है, जिससे पशुओं के चारे की समस्या बढ़ गई है। संभावना है कि सोमवार रात या मंगलवार तक गांवों में पानी घुसना शुरू हो जाएगा। इसे लेकर ग्रामीण चिंतित हैं। दोहरीघाट कस्बे के तीन मोहल्लों में नाले के रास्ते बाढ़ का पानी धीरे-धीरे आ रहा है, जिससे कस्बे के लोग परेशान हैं। सबसे पहले चमरौटी वार्ड, मल्लाह टोला और भगवापुरा वार्ड में पानी घुसने की आशंका है। जलस्तर बढ़ने से बीबीपुर-गोधनी रिंग बंधा और महुला-गढ़वल बंधा सहित अन्य बंधों पर दबाव बढ़ गया है। बंधों के नीचे की फसलें हफ्तों से बाढ़ के पानी में डूबी हैं, जिनके गलने का डर है। चिऊटीडांड से लेकर रामपुर धनौली तक नदी उफान पर है और सीधे ठोकरों से टकरा रही है। मुक्तिधाम स्थित भारत माता मंदिर, गौरीशंकर स्नान घाट, खाकी बाबा की कुटी, शाही मस्जिद, डीह बाबा मंदिर के पास बैकरोलिंग तेज हो गई है। जिसको देखते हुए सिंचाई विभाग के जेई जेपी यादव बोरियो में मिट्टी, बालू और ईट भरकर जगह जगह डंप करा रहे है। जिसे आवश्यकता पड़ने लगाया जाएगा।
लखीमपुर खीरी में लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश ने मौसम को सुहाना कर दिया है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सोमवार सुबह करीब चार बजे से एक बार फिर मूसलाधार बारिश शुरू हुई, जिससे जनजीवन पर असर पड़ा। कई गांवों में सड़कों पर पानी भर गया है, जबकि धान और गन्ने के खेत कई दिनों से पानी में डूबे हुए हैं। पिछले तीन दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश के चलते जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों में पानी भरा हुआ है। कई जगहों पर सड़कें पानी में डूबी दिखाई दीं। गांवों में निचले इलाकों में घरों और स्कूल परिसरों में भी पानी भर गया है। इससे बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। लगातार खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने पहले भी एक से तीन सितंबर तक कक्षा एक से आठ तक के स्कूलों में छुट्टी घोषित की थी। लगातार बारिश से किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। खेतों में करीब आठ दिनों से पानी भरा होने के कारण धान और गन्ने की फसलों को नुकसान होने का खतरा बना हुआ है। किसानों का कहना है कि यदि बारिश ऐसे ही होती रही और खेतों से पानी नहीं निकला तो फसलों में सड़न शुरू हो सकती है। खासकर धान की फसल में लगातार पानी भरा रहने से पौधे गिरने और उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है। गन्ने के खेतों में भी पानी भरने से फसल को नुकसान का खतरा बढ़ गया है। सोमवार सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे और तेज बारिश होती रही। बारिश के साथ कई इलाकों में बिजली सप्लाई पर भी असर पड़ा। सुबह से जारी बारिश के कारण सड़कों पर आवाजाही कम हुई। ग्रामीण क्षेत्रों में पानी भरने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।मौसम के लगातार खराब रहने से प्रशासन और ग्रामीण दोनों की निगाहें अब बारिश के अगले दौर पर टिकी हैं। यदि आने वाले दिनों में भी तेज बारिश हुई तो जलभराव की समस्या और गंभीर हो सकती है और किसानों की फसलों को भी बड़ा नुकसान होने की आशंका है।
औरैया के दिबियापुर में वरिष्ठ नागरिक कल्याण सेवा समिति की मासिक बैठक नगर पंचायत दिबियापुर के सभागार में हुई। इस दौरान अगस्त माह में दिवंगत हुए दो साथियों, ब्रह्म स्वरूप पाण्डेय और प्रकाश चतुर्वेदी को श्रद्धांजलि दी गई। बैठक की शुरुआत ईश वंदना से हुई। इसकी अध्यक्षता डॉ. धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने की, जबकि समिति के मंत्री रमेश कुमार शुक्ला ने संचालन किया। समिति के संस्थापक अध्यक्ष हरी कुमार पालीवाल ने सभी सदस्यों का स्वागत किया। सितंबर महीने में जन्मदिन वाले सदस्यों का चंदन लगाकर, माल्यार्पण और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मान किया गया। शिक्षक दिवस के मौके पर समिति के सभी सेवानिवृत्त प्रधानाचार्यों और शिक्षकों का भी सम्मान किया गया। इस बैठक में अवधेश कुमार शुक्ला को समिति की सदस्यता दिलाई गई। समिति के संरक्षक डॉ. अजब सिंह यादव, केके सिंह चौहान, राजेश कुमार अग्निहोत्री (प्रदेश अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद), पूर्व सैनिक रमेश कुमार अवस्थी, पूर्व सैनिक राम बाबू पाण्डेय, बलवान सिंह सेंगर, ओमकार भगवान गुप्ता और महेश चंद्र वर्मा ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में मौजूद सभी वरिष्ठजनों के लिए हरिशंकर ने जलपान की व्यवस्था की थी। इस दौरान रामकुमार त्रिवेदी, रामप्रकाश अग्निहोत्री, शंभू दयाल द्विवेदी, डॉ. रामचंद्र दीक्षित, धर्मेंद्र कुमार गुप्ता, बारेलाल पाल, अरुण कुमार त्रिपाठी, शिवकुमार द्विवेदी, सुरेश चंद्र दुबे, कमलेश नारायण द्विवेदी, रमेश चंद्र चतुर्वेदी, जमालुद्दीन सिद्दीकी, ब्रह्म प्रकाश शर्मा, भगवती प्रसाद पांडेय और उदय प्रताप सिंह सेंगर सहित कई अन्य वरिष्ठ नागरिक मौजूद रहे।
धार में इंदौर-अहमदाबाद नेशनल हाईवे पर रविवार देर रात ट्रक ने मजदूरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को पीछे से टक्कर मार दी। हादसा आतेड़ी फाटा और खाखेड़ी फाटा के बीच रात करीब 12:32 बजे हुआ। इसमें बच्चों समेत 10 से 12 लोग घायल हो गए। सभी मजदूर दाहोद से नागपुर मजदूरी करने जा रहे थे। टक्कर इतनी तेज थी कि ट्रैक्टर-ट्रॉली में बैठे कई लोग उछलकर नीचे गिर गए। हादसे की सूचना मिलते ही FRV-13 अमझेरा में तैनात सैनिक रतन भाभर और पायलट नरेंद्र सिंह पटेल मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायलों को FRV गाड़ी से अमझेरा अस्पताल पहुंचाया। यहां सभी को भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। पांच घायलों को धार भेजा घायलों में रमेश पिता अंबाजी भूरिया (40), रवि पिता रमेश (28), आकाश पिता रमेश (26), रुद्राक्ष पिता रवि (2), पूर्वी पिता रवि (3), सुशीला पति रवि, संपदा पति निलेश (32), मेघा पिता गणेश (25), सैजल पति राहुल (25) और मडी पति रमेश (38) सहित अन्य लोग शामिल हैं। अमझेरा अस्पताल में इलाज के बाद पांच घायलों को धार जिला अस्पताल भेजा गया है। इनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। बाकी घायलों का अमझेरा अस्पताल में इलाज चल रहा है। अमझेरा थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
ललितपुर के पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार वाजपेयी ने जिले की कानून-व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए रविवार रात बड़ा बदलाव किया है। उन्होंने 5 इंस्पेक्टर और 6 सब इंस्पेक्टरों के कार्यक्षेत्र में फेरबदल किया। इस बदलाव के तहत, इंस्पेक्टर रमेश चंद्र मिश्रा को थाना बार से तालबेहट का कोतवाली प्रभारी बनाया गया है। तालबेहट के प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार वर्मा का दूसरे जिले में ट्रांसफर कर दिया गया है। इसी तरह, थाना पाली के प्रभारी निरीक्षक दीपक कुमार को जखौरा का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है। जखौरा के प्रभारी निरीक्षक राजीव वैस का भी गैर जनपद ट्रांसफर हुआ है। पुलिस लाइन से विनय कुमार साहू को थाना पाली का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है। सब इंस्पेक्टरों में, राजघाट चौकी प्रभारी भूपेंद्र सिंह को बानपुर का थानाध्यक्ष बनाया गया है। बानपुर के थानाध्यक्ष अरुण तिवारी का दूसरे जिले में ट्रांसफर कर दिया गया है। सदर चौकी प्रभारी प्रशांत राणा को स्वाट टीम में भेजा गया है। पुलिस लाइन से बलराम शर्मा को बांसी चौकी प्रभारी बनाया गया है। बांसी चौकी प्रभारी अभिषेक पवार को सदर चौकी प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। विश्वदीप को थाना बार से राजघाट चौकी प्रभारी बनाया गया है।
कन्नौज के प्राथमिक विद्यालय रामपुर का गेट तालाब के पानी में डूबे होने की दैनिक भास्कर की खबर का समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने संज्ञान लिया है। फोन पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि जलभराव और रास्ते की समस्या की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान की है और उन्हें इस काम मे लगाया जाएगा। इसके अलावा स्कूल को बजट जारी कर वहां की स्थिति को बेहतर करने का काम करेंगे। सदर तहसील क्षेत्र के रामपुर गांव में प्राथमिक विद्यालय बदहाली का शिकार हैं। यहां तालाब के ओवरफ्लो होने से विद्यालय का आधा गेट पानी में डूब गया, जबकि जलभराव के कारण स्कूल में प्रवेश का रास्ता पूरी तरह बन्द हो गया। जिस कारण स्कूल के टीचर विद्यालय के बाहर कीचड़ के पास खुली जगह में क्लास चलाने को मजबूर हैं। यहां उमस और गर्मी से बच्चे परेशान नजर आते। उनके बीमार होने का खतरा भी मंडरा रहा है। जबकि स्कूल से हाजिरी रजिस्टर बाहर लाने के लिए प्रधानाध्यापक को सीढ़ी का सहारा लेकर बाउंड्री पार करनी पड़ रही। प्राथमिक विद्यालय रामपुर की इस विकट समस्या को लेकर दैनिक भास्कर ने 5 सितंबर को प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। रविवार को इस खबर का संज्ञान लेते हुए यूपी सरकार के समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने दैनिक भास्कर से बात की और कहाकि रास्ते व जलभराव की समस्या का समाधान वहां के प्रधान को करना चाहिए और उन्हें इस काम मे लगाया भी जाएगा। यदि इस काम मे कोई अड़चन आई तो फिर उसे अपने स्तर से देखेंगे। उन्होंने प्राथमिक विद्यालय रामपुर की स्थिति सुधारने के लिए बजट भी देने की बात कही है। पानी निकासी की व्यवस्था नहीं: दैनिक भास्कर ने रामपुर के ग्रामप्रधान रामप्रकाश वर्मा से मोबाइल पर सम्पर्क करने का प्रयास किया तो कॉल उनके बेटे दीपू ने रिसीव की। दीपू ने बताया कि तालाब का पानी निकालने की उनके पास कोई व्यवस्था नहीं है, न ही तालाब का पानी कहीं और ले जाया जा सकता है। मुख्य रास्ता भी लोगों ने प्लाटिंग कर के बन्द कर दिया है। रास्ता देने के लिए वहां बना मकान हटवाना पड़ेगा, जोकि मुश्किल है।
चित्रकूट के सदर ब्लाक क्षेत्र के चकजाफर गांव में 58 साल के एक पूर्व बीडीसी सदस्य की बुखार और पेट दर्द के इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने एक निजी अस्पताल के डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया और हंगामा किया। सूचना मिलने पर यूपी-112 पुलिस टीम मौके पर पहुंची और हालात को संभाला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। चकजाफर गांव के रहने वाले जागेश्वर प्रसाद ने बताया कि उनके भाई रामआसरे (58) पूर्व बीडीसी सदस्य थे। रामआसरे पिछले दो दिनों से बुखार और पेट दर्द से परेशान थे। रविवार को जब उनकी तबीयत ज्यादा खराब हुई, तो परिजन उन्हें इलाज के लिए मुख्यालय के शंकर बाजार स्थित एक निजी अस्पताल ले गए। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर ने पहले जांच कराने को कहा। इसके बाद डॉक्टर ने रामआसरे को चार इंजेक्शन लगाए। परिजनों के मुताबिक, इंजेक्शन लगने के बाद उनकी तबीयत और बिगड़ गई। कुछ ही देर में उनकी हालत गंभीर हो गई और उनकी मौत हो गई। रामआसरे की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में गुस्सा फैल गया। उन्होंने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे की सूचना पर यूपी-112 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सदर कोतवाली पुलिस मामले की जांच कर रही है। कोतवाल अभयराज सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह पता चलेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, परिजन डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। वहीं, पुलिस का कहना है कि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही मामले में आगे की कार्रवाई तय होगी।
धर्मशाला के घनियारा में करीब 84 कनाल सरकारी जमीन इंतकाल के जरिए निजी नामों पर दर्ज कर बेचने के मामले में 42 खरीदार और लाभार्थी विजिलेंस के रडार पर हैं।
बुलंदशहर के अनूपशहर मार्ग पर कोतवाली देहात क्षेत्र के कलौली गांव के पास सोमवार रात एक सड़क हादसा हुआ। रात करीब 10 बजे तेज रफ्तार स्विफ्ट और बलेनो कार की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों गाड़ियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। हालांकि, गनीमत रही कि कार में सवार यात्रियों को समय रहते बचा लिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और राहगीर तुरंत मौके पर जमा हो गए। चीख-पुकार सुनकर स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और क्षतिग्रस्त गाड़ियों में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाली देहात पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने राहगीरों की मदद से राहत कार्य शुरू कराया। इस बारे में सीओ सिटी प्रखर पांडेय ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर हालात संभाले। हादसे में घायल हुए लोगों को एम्बुलेंस से तुरंत जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। दुर्घटना के कारण अनूपशहर रोड पर कुछ देर के लिए ट्रैफिक रुक गया था और दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस ने क्रेन और राहगीरों की मदद से क्षतिग्रस्त दोनों कारों को सड़क से हटवाया, जिसके बाद ट्रैफिक फिर से शुरू हो सका। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है और हादसे के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की रकम चोरी किए जाने की घटना के करीब ढाई महीने बाद पूर्व महासचिव चंपत राय रविवार को फिर मंदिर परिसर पहुंचे।
कोटा संभाग में आज बारिश का अलर्ट, बादल छाए:अब तक सामान्य से 28% कम बारिश, जानें बांधों की स्थिति
कोटा में सुबह से बादल छाए है। बारिश की संभावना नजर आ रही है। मौसम विभाग ने कोटा संभाग के बारां व झालावाड़ जिले में आज बरसात का अलर्ट जारी किया हैं। अगले सप्ताह मानसून कमजोर रहने और मौसम ड्राई रहने की संभावना है। इससे पहले रविवार देर शाम को तेज हवा चली और रात में रुक रुक कर बारिश हुई। लोगों को गर्मी व उमस से राहत मिली। मौसम में बदलाव से तापमान 4 डिग्री तक बढ़कर अधिकतम 32 डिग्री पहुंच गया। वहीं न्यूनतम तापमान 25.5 डिग्री रहा। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार- इस मानसून सीजन में अब तक औसत से 28% कम बारिश हुई है। सामान्यतया जिले में 6 सितंबर तक औसत 674.6 मिमी बारिश होती है। इस सीजन में अभी तक 485 मिमी बारिश हुई है।
आजमगढ़ में रविवार की शाम जिले के आउटर वाले इलाके कप्तानगंज कंधरापुर में हुई बारिश के बाद सोमवार को सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए हैं। हालांकि शुक्रवार को दोपहर जिले में धूप निकली हुई थी।मौसम विभाग ने आज भी बारिश का अलर्ट जारी किया है। जिले में अब तक 592.1 प्रतिशत बारिश हो चुकी है जबकि जिले में 693.6एमएम बारिश होनी है। ऐसे में यदि आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो अभी 15 एमएम बारिश और होनी है। जिले का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। जबकि न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है। इसके साथ ही जिले में 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही है। मौसम विभाग का दावा है कि आने वाले दिनों में जिले में जोरदार बारिश होगी। बारिश से किसानों को राहत मिली है। खेतों में पानी पहुंचने से धान की रोपाई तेज होने की उम्मीद है। खरीफ की फसलों के लिए भी मौसम अनुकूल बना है। बारिश से घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ा है। इसके बाद प्रशासन ने नदी किनारे के संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। डीएम रविंद्र कुमार ने नदी किनारे के क्षेत्रों का निरीक्षण कर अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। लोगों से नदी के पास नहीं जाने की अपील की गई है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले चार-पांच दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। इस दौरान कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। प्रशासन ने राजस्व, सिंचाई, आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
आज उठेगा किसान मोर्चा!: सरकार ने मौखिक ताैर पर मानी अधिकतर मांगें, लिखित आश्वासन के इंतजार में किसान
चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर मांगों को लेकर पक्का मोर्चा लगाए संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) और पंजाब सरकार के बीच रविवार को हुई बैठक में अधिकतर मांगों पर मौखिक सहम
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान गुरुग्राम की भोंडसी जिला जेल में बंद अपनी सरकार के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा से मुलाकात करने पहुंच रहे हैं। मौजूदा राजनीतिक और कानूनी घटनाक्रमों के बीच मुख्यमंत्री की इस मुलाकात को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भगवंत मान दिल्ली के कपूरथला हाउस से अपने विशेष काफिले के साथ करीब एक बजे गुरुग्राम के लिए रवाना होंगे और दोपहर बाद जेल प्रशासन की अनुमति से यह मुलाकात होगी। तीन महीने पहले 23 मई 2026 को भी मुख्यमंत्री भगवंत मान और 'आप' के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अचानक भोंडसी जेल का दौरा किया था। उस दौरान दोनों वरिष्ठ नेताओं ने जेल के भीतर बंद कमरे में लगभग 20 मिनट तक संजीव अरोड़ा से मुलाकात की थी और कानूनी लड़ाई में पार्टी के उनके साथ डटकर खड़े होने का भरोसा दिया था। तीन महीने बाद आज एक बार फिर सीएम मान उनसे मिलकर आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे। मनी लांड्रिंग और जीएसटी बिलिंग धोखाधड़ी के आरोपपंजाब सरकार में मंत्री संजीव अरोड़ा को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग और ₹100 करोड़ के फर्जी जीएसटी बिलिंग घोटाले से जुड़े आरोपों में इस साल 9 मई को चंडीगढ़ स्थित उनके सरकारी आवास से गिरफ्तार किया था। ईडी का आरोप है कि अरोड़ा ने अपनी फर्जी शेल कंपनियों के नेटवर्क के जरिए अवैध वित्तीय लेनदेन किए और गुरुग्राम में करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्तियां खरीदीं। गिरफ्तारी के बाद अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भोंडसी जेल भेज दिया था। हालांकि, उनके विभागों को अन्य मंत्रियों को सौंप दिया गया है, लेकिन वे अभी भी मान कैबिनेट में मंत्री बने हुए हैं। राजनीतिक और कानूनी रणनीति पर चर्चाआज होने वाली इस उच्च स्तरीय मुलाकात के दौरान संजीव अरोड़ा के केस से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया और आगामी जमानत याचिकाओं को लेकर गहन चर्चा होने की संभावना है। आम आदमी पार्टी शुरू से ही ईडी की इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताती रही है। 'आप' का आरोप है कि केंद्र सरकार केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करके पंजाब में विपक्ष और उनके नेताओं को डराने का प्रयास कर रही है।
प्रतापगढ़ में डीएम अभिषेक पांडेय ने लंबे समय से लंबित 1500 शस्त्र लाइसेंस की पत्रावलियां रद्द कर दी हैं। जांच के दौरान इन पत्रावलियों में सरकार के तय मानक और जरूरी प्रक्रिया पूरी नहीं मिली। शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदक को तय प्रक्रिया पूरी कर अपनी फाइल कलक्ट्रेट के असलहा दफ्तर में जमा करनी होती है। इसके बाद संबंधित अधिकारी फाइल की जांच करते हैं और रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई होती है। बड़ी संख्या में फाइलें लंबित होने की जानकारी मिलने पर डीएम ने उनकी समीक्षा कराई। समीक्षा के दौरान करीब 1500 आवेदकों की फाइलों में सरकार के तय मानक अधूरे पाए गए। कई फाइलों में जरूरी प्रक्रिया और दस्तावेजों से जुड़ी कमियां भी सामने आईं। इन अधूरी फाइलों को डीएम ने रद्द करने का आदेश दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई से लंबे समय से शस्त्र लाइसेंस का इंतजार कर रहे 1500 आवेदकों को झटका लगा है। जिन आवेदकों की फाइलें रद्द हुई हैं, उन्हें शस्त्र लाइसेंस के लिए दोबारा पूरी प्रक्रिया करनी होगी। उन्हें जरूरी दस्तावेज और मानक पूरे करने के बाद नई फाइल तैयार करानी पड़ेगी। प्रशासन ने लंबित फाइलों के निस्तारण की प्रक्रिया को तेज करने के मकसद से यह कार्रवाई की है।
ललितपुर जिले में लम्पी बीमारी का प्रकोप फैल गया है। अब तक पांच जानवर इसकी चपेट में आ चुके हैं। ब्लॉक बार के आसपास के गांवों में यह बीमारी तेजी से फैल रही है। इसे देखते हुए पशुपालन विभाग ने गांवों में टीमें भेजकर टीकाकरण का काम शुरू कर दिया है। पशु चिकित्सकों के अनुसार, लम्पी बीमारी मुख्य रूप से गाय, बछिया और बछड़ों में होती है। यह एक वायरस से फैलने वाली संक्रामक बीमारी है, जो एक जानवर से दूसरे में फैल सकती है। इस बीमारी में पशु को तेज बुखार आता है, कंपकपी होती है और शरीर पर गांठें बन जाती हैं। कुछ समय बाद ये गांठें फूटकर घाव बन जाते हैं। लम्पी बीमारी के फैलने की आशंका को देखते हुए पशुपालन विभाग ने संभावित गांवों में टीमें भेजकर वैक्सीन लगाना शुरू कर दिया है। इसके साथ ही, सीमावर्ती इलाकों में भी टीमें तैनात की गई हैं, जो वहां मिलने वाले पशुओं में रिंग वैक्सीनेशन का काम कर रही हैं। पशु चिकित्सकों ने पशुपालकों को सलाह दी है कि वे अपनी गायों, बछियों और बछड़ों का टीकाकरण जरूर करवाएं। यदि किसी पशु में इस बीमारी के लक्षण दिखें, तो तुरंत नजदीकी पशु केंद्र पर ले जाकर उसका इलाज कराएं, ताकि बीमारी को फैलने से रोका जा सके। मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. भगवान सिंह ने बताया कि बार क्षेत्र और आसपास के गांवों में पांच जानवर लम्पी बीमारी से ग्रस्त पाए गए हैं। टीमों को भेजकर टीकाकरण का काम शुरू कराया गया है। साथ ही, सीमा पर भी टीमें लगाकर वैक्सीनेशन का काम जारी है।
कहने को तो दिल्ली देश की राजधानी है, लेकिन यहां जर्जर और कमजोर इमारतें लगातार लोगों की जान ले रही हैं। दमकल विभाग के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2022 से 2024 के बीच ही राजधानी में इमारत गिरने की 1133 घटनाएं सामने आईं।
उत्तर प्रदेश ग्राम रोजगार सेवक संघ के पदाधिकारियों ने सोनभद्र के सदर विधायक भूपेश चौबे से मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा 4 अक्टूबर 2021 को की गई घोषणाओं को लागू करने की मांग को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। संघ ने ग्राम रोजगार सेवकों को कैशलेस इलाज देने, न्यूनतम 24,000 रुपये मानदेय बढ़ाने और इसका भुगतान अलग बजट से करने की मांग की। उन्होंने मृतक आश्रितों के लिए जारी शासनादेश का पालन सुनिश्चित करने की भी बात कही। ग्राम रोजगार सेवकों ने 20 साल की सेवा को देखते हुए प्रशासनिक मद की व्यवस्था करने और 'बाबू शाही' खत्म करने की अपील की। उन्होंने राज्य सरकार के अलग बजट से हर महीने मानदेय भुगतान का आदेश जारी कर हजारों रोजगार सेवकों को प्रशासनिक उत्पीड़न से मुक्ति दिलाने की मांग की। वे स्थायी सेवा, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन का अधिकार चाहते हैं। इस मौके पर सदर विधायक भूपेश चौबे ने ग्राम रोजगार सेवकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वे उनकी लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की तरह ग्राम पंचायत में संविदा पर कार्यरत रोजगार सेवकों को सेवा, सुरक्षा और सुविधाओं का लाभ दिलाने का हर संभव प्रयास करने का आश्वासन दिया। विधायक चौबे ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जल्द ही ग्राम रोजगार सेवकों के जीवन में खुशी लाने के लिए एक बड़ी सौगात देंगे। उन्होंने कहा कि इससे सभी के चेहरे खिल उठेंगे। इसके बाद ग्राम रोजगार सेवक संघ के प्रदेश सचिव प्रभात सिंह चंदेल ने विधायक भूपेश चौबे से आग्रह किया कि वे ग्राम रोजगार सेवकों की समस्याओं को मुख्यमंत्री के सामने रखें। उन्होंने कहा कि विधायक के प्रयासों से सिर्फ सोनभद्र ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के हजारों ग्राम रोजगार सेवकों के जीवन में खुशी लौटेगी। इस अवसर पर प्रधान संघ अध्यक्ष सुरेश शुक्ला, प्रदेश कार्य समिति सदस्य सुरेश प्रसाद, जिला मीडिया प्रभारी दिवाकर तिवारी, श्याम मोहन पाण्डेय, नार सिंह पटेल, इंद्र भूषण मिश्र, शैलेश कुमार, सुरेश कुमार, प्रेम चंद्र गौतम समेत कई ग्राम रोजगार सेवक मौजूद रहे।
इंदौर के मरीमाता चौराहे के पास तेज रफ्तार कार ने एक्टिवा सवार दो दोस्तों को टक्कर मार दी। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई। हादसा रविवार रात करीब 11:30 बजे हुआ। बाणगंगा पुलिस ने मर्ग कायम करते हुए कार जब्त कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक मृतकों की पहचान सत्य साईं नगर निवासी राज (28) पुत्र रवि सोनेरे और नंदकिशोर सोलंकी (30) के रूप में हुई है। दोनों रात में घूमने निकले थे। मरीमाता चौराहे के पास सड़क पार करते समय तेज रफ्तार कार ने उनकी एक्टिवा को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों कई फीट दूर जा गिरे। लोगों ने कार को मौके पर रोका हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने कार को रोक लिया। बाद में कार को पुलिस थाने भेजा गया। पुलिस ने वाहन जब्त कर लिया है। हादसे के कारणों और कार की रफ्तार को लेकर जांच की जा रही है। राज ओवन का कारीगर, नंदकिशोर बेचता था सब्जी परिजनों के मुताबिक राज ओवन का काम करता था और कारीगर था। परिवार में उसकी पत्नी, दो भाई और माता-पिता हैं। वहीं नंदकिशोर सब्जी बेचने का काम करता था। परिवार में उसके पिता और एक बड़ा व एक छोटा भाई है।
हरियाणा में सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल बढ़ाई: सरकार भी सख्ती के मूड में, आज लग सकता है एस्मा
हरियाणा में सफाई कर्मचारियों ने नौ सितंबर तक के लिए हड़ताल बढ़ा दी है।
जौनपुर के वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से जुड़े बीपीएड कॉलेजों में पहली काउंसिलिंग के बाद 409 सीटें खाली रह गईं हैं। इन खाली सीटों को भरने के लिए 18 और 19 सितंबर को दो और काउंसिलिंग की जाएंगी। इसके बाद भी सीटें खाली रहने पर समिति आगे का फैसला करेगी। गाजीपुर और जौनपुर के आठ कॉलेजों में बीपीएड की कुल 585 सीटें हैं। इन सीटों पर दाखिले के लिए 250 छात्रों ने आवेदन किया था। अगस्त महीने में पहली काउंसिलिंग हुई थी, लेकिन सिर्फ 176 छात्रों ने ही काउंसिलिंग में भाग लिया। इन 176 छात्रों का नाम दाखिले के लिए कॉलेजों को भेज दिया गया है। अब बची हुई सीटों के लिए 18 सितंबर को दूसरी काउंसिलिंग होगी, जिसमें 74 छात्रों को बुलाया गया है। इसके बाद 19 सितंबर को तीसरी काउंसिलिंग की जाएगी। दूसरी और तीसरी काउंसिलिंग के बाद भी करीब 409 सीटें खाली रहने की संभावना है। बीपीएड प्रवेश समिति के कोऑर्डिनेटर डॉ. संसार सिंह ने बताया कि 19 सितंबर को समिति की बैठक बुलाई जाएगी। इसमें खाली सीटों को भरने के लिए फैसला किया जाएगा। डॉ. सिंह ने बताया कि खाली सीटों को भरने के लिए पोर्टल से नए आवेदन भी लिए जा सकते हैं। अभी तक कुल 585 सीटों में से केवल 176 सीटों पर ही दाखिला हो पाया है। दूसरी और तीसरी काउंसिलिंग के बाद ही पता चल पाएगा कि कितनी सीटें भरी हैं और कितनी खाली रह जाती हैं।
पीलीभीत में तेज बारिश अब गरीब परिवारों के लिए परेशानी बन गई है। कलीनगर तहसील की ग्राम पंचायत दोदपुर कल्लियां में सोमवार सुबह 8 बजे एक कच्चे मकान की कमजोर दीवार अचानक गिर गई। इस हादसे में एक ही परिवार के पांच लोग मलबे में दब गए। गांव के बाबूराम पुत्र छबीलेलाल अपने परिवार के साथ घर के अंदर थे। इसी दौरान बारिश से कमजोर हुई दीवार अचानक गिर गई। हादसे में बाबूराम बुरी तरह घायल हो गए, जबकि उनकी पत्नी और तीन छोटे बच्चे भी मलबे में दब गए। चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने काफी कोशिश के बाद मलबा हटाया और सभी को बाहर निकाला। गनीमत रही कि पत्नी और बच्चों को सिर्फ हल्की चोटें आईं। बुरी तरह घायल बाबूराम को ग्रामीणों की मदद से तुरंत अस्पताल भेजा गया है। इस घटना से 'प्रधानमंत्री आवास योजना' की हकीकत सामने आ गई है। ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए बताया कि बाबूराम का परिवार बहुत गरीब है। वे लंबे समय से इसी कच्चे मकान में खतरे के बीच रहने को मजबूर हैं। पात्र होने के बावजूद उन्हें अभी तक सरकारी आवास योजना का फायदा नहीं मिला। लोगों का कहना है कि अगर समय पर पक्का मकान मिल गया होता, तो यह हादसा रोका जा सकता था। हादसे के बाद पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन से तुरंत आर्थिक मदद, घायल बाबूराम के सही इलाज और जल्द से जल्द पक्का मकान देने की मांग की है। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इलाके के सभी कच्चे और कमजोर मकानों का तुरंत सर्वे कराया जाए। साथ ही, जरूरतमंदों को समय पर मदद दी जाए, ताकि इस बारिश के मौसम में भविष्य में कोई बड़ा हादसा न हो।
दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में 30 साल पुरानी पांच मंजिला इमारत भरभराकर ढह गई।
रायबरेली में महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस ने रविवार देर रात शहर में पैदल गश्त की। महिला थाना प्रभारी पुष्पा शर्मा अपनी टीम के साथ मुख्य बाजारों, सड़कों, रेलवे स्टेशन, चौराहों और संवेदनशील इलाकों में पहुंचीं। पुलिस टीम ने देर रात आने-जाने वाली महिलाओं से बातचीत कर उनकी सुरक्षा से जुड़ी परेशानियों के बारे में जानकारी ली। इस दौरान पुलिस की मौजूदगी से शहर के प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था भी नजर आई। महिला थाना प्रभारी ने पुलिसकर्मियों के साथ शहर के प्रमुख बाजारों और सड़कों पर पैदल गश्त की। टीम रेलवे स्टेशन और चौराहों के अलावा उन जगहों पर भी पहुंची, जिन्हें संवेदनशील माना जाता है। पुलिस ने वहां के हालात देखे और किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी। देर रात महिलाओं से सीधे किया संवाद गश्त के दौरान पुलिसकर्मियों ने देर रात बाहर निकलने वाली महिलाओं से बातचीत की। उनसे आने-जाने में होने वाली परेशानी और सुरक्षा से जुड़ी जरूरतों के बारे में पूछा गया। पुलिस ने महिलाओं को भरोसा दिलाया कि किसी भी परेशानी में वे बेझिझक पुलिस से संपर्क कर सकती हैं। छेड़छाड़ या संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत बताएं थाना प्रभारी पुष्पा शर्मा ने महिलाओं को सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि अगर कहीं छेड़छाड़, उत्पीड़न, संदिग्ध गतिविधि या किसी तरह की असुरक्षा महसूस हो तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। उन्होंने कहा कि महिलाओं की शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा और जरूरत पड़ने पर तत्काल मदद की जाएगी। संवेदनशील इलाकों में दिखी पुलिस की मौजूदगी देर रात हुई पैदल गश्त के दौरान शहर के कई प्रमुख स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी दिखाई दी। संवेदनशील इलाकों में पुलिसकर्मियों की सक्रियता से महिलाओं में भी सुरक्षा का भरोसा बढ़ा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिला सुरक्षा को लेकर इस तरह की निगरानी और गश्त आगे भी जारी रहेगी।
अलवर में सोमवार सुबह मौसम साफ है। तीन दिन से बादल और बारिश के बाद आज धूप खिली है। मौसम विभाग के अनुसार जिले में सोमवार को हल्के बादल छाने और हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है। इस दौरान न्यूनतम तापमान करीब 22 डिग्री और अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। 8 सितंबर को भी बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश की संभावना है। तापमान 24 से 33 डिग्री के बीच रह सकता है। इसके बाद 9 और 10 सितंबर को आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। इन दिनों न्यूनतम तापमान करीब 24 और 25 डिग्री तथा अधिकतम तापमान 33 और 34 डिग्री के आसपास रह सकता है। 11 सितंबर को अधिकतम तापमान बढ़कर करीब 36 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है। वहीं 12 सितंबर को तापमान 26 से 32 डिग्री के बीच रह सकता है। विभाग ने अगले 7 दिनों के पूर्वानुमान में किसी तरह की चेतावनी जारी नहीं की है। बतादें, इससे पहले शनिवार को अलवर शहर सहित जिले के कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई थी। इसके बाद रविवार को भी मौसम का मिजाज लगातार बदलता रहा। कभी आसमान में बादल छाए तो कभी मौसम साफ रहा। रविवार को रिमझिम बारिश और बूंदाबांदी का दौर भी देखने को मिला। इसके चलते तापमान में गिरावट रही और मौसम सुहावना बना रहा। इधर, अलवर में मानसून सीजन में अब तक 486.5 मिमी बारिश दर्ज हो चुकी है। सामान्य तौर पर इस तारीख तक 489 मिमी बारिश होनी चाहिए थी। यानी बारिश सामान्य से करीब 1 प्रतिशत ही कम है। ऐसे में यदि सोमवार को मौसम बदला और जिले में बारिश होती है तो मानसून की बारिश सामान्य आंकड़े को पार कर सकती है। पिछले दिनों हुई बारिश के बाद फिलहाल मौसम में ठंडक बनी हुई है।
गोरखपुर में ट्रक पर अचानक गिरा बिजली का पोल:ड्राइवर-खलासी ने कूदकर बचाई जान; जमीन पर फैले तार
सोमवार की सुबह शास्त्रीपुरम कॉलोनी में उस समय अफरातफरी मच गई, जब सड़क किनारे लगा जर्जर बिजली का पोल अचानक एक ट्रक के ऊपर जा गिरा। पोल गिरते ही आसपास मौजूद लोग घबरा गए। ट्रक के अंदर बैठे ड्राइवर और खलासी भी कुछ देर के लिए समझ नहीं पाए कि अचानक क्या हुआ। हालांकि, दोनों ने सूझबूझ दिखाते हुए ट्रक से नीचे कूदकर अपनी जान बचा ली। गनीमत रही कि हादसे में कोई इसकी चपेट में नहीं आया और बड़ा हादसा टल गया। सुबह करीब 6 बजे हुआ हादसा जानकारी के मुताबिक ट्रक (UP53DT8202) सोमवार सुबह करीब 6 बजे शास्त्रीपुरम कॉलोनी के मोड़ पर पहुंचा था। ट्रक जैसे ही मोड़ से आगे बढ़ा, उसी दौरान सड़क किनारे लगा जर्जर बिजली का पोल अचानक टूटकर ट्रक के ऊपर गिर गया। पोल के ट्रक पर गिरते ही आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। अचानक पोल गिरने से घबरा गए ड्राइवर और खलासी जिस समय बिजली का पोल ट्रक पर गिरा, उस वक्त ड्राइवर और खलासी दोनों ट्रक के अंदर बैठे हुए थे। अचानक हुई इस घटना से दोनों घबरा गए। कुछ पल के लिए उन्हें समझ नहीं आया कि क्या किया जाए। इसके बाद दोनों ने तुरंत ट्रक का दरवाजा खोला और नीचे कूद गए। समय रहते ट्रक से बाहर निकलने की वजह से दोनों की जान बच गई। सड़क पर लटकने लगे बिजली के तार पोल गिरने के बाद उस पर लगे बिजली के तार भी सड़क की तरफ लटकने लगे। इससे मौके पर खतरा और बढ़ गया। पोल और तारों के सड़क पर आ जाने से रास्ता पूरी तरह ब्लॉक हो गया। आने-जाने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने लोगों को बिजली के तारों से दूर रहने की सलाह दी। सूचना मिलते ही बिजली विभाग ने कटवाई सप्लाई हादसे की जानकारी स्थानीय लोगों ने तत्काल बिजली विभाग को दी। सूचना मिलते ही बिजली विभाग ने संबंधित इलाके की बिजली सप्लाई बंद कराई, ताकि लटकते तारों की वजह से कोई दूसरा हादसा न हो। इसके बाद कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर बिजली के तारों और पोल को हटाने तथा शिफ्ट करने का काम शुरू किया। जर्जर पोल को लेकर उठे सवाल इस घटना के बाद सड़क किनारे लगे जर्जर बिजली के पोल को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पोल की हालत पहले से खराब थी तो उसे समय रहते बदला जाना चाहिए था। गनीमत रही कि पोल गिरने के समय वहां कोई राहगीर इसकी चपेट में नहीं आया। अगर उस वक्त सड़क से कोई व्यक्ति गुजर रहा होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। बाल-बाल टला बड़ा हादसा फिलहाल घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। ड्राइवर और खलासी दोनों सुरक्षित हैं। बिजली विभाग की टीम पोल और तारों को हटाने में जुटी रही।
इटावा में आगरा-कानपुर नेशनल हाईवे पर प्राइवेट डबल डेकर बस में आग लग गई। सिया देवी मेमोरियल हॉस्पिटल के सामने बस से आग की लपटें उठती देख करीब 40 यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। यात्रियों ने किसी तरह बस से बाहर निकलकर जान बचाई। यात्रियों का लाखों रुपए का सामान जलकर राख हो गया। घटना सोमवार सुबह करीब 4 बजे फ्रेंड्स कॉलोनी थाना क्षेत्र की है। बस दिल्ली से राठ जा रही थी। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका है। पुलिस, प्रशासन और दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने दो घंटे से अधिक मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। यात्रियों ने जेवरात समेत लाखों रुपए का सामान जलने का दावा किया। आग बुझने के बाद वे जले सामान की तलाश करते नजर आए। हादसे के बाद ड्राइवर और कंडक्टर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मामले में की जांच शुरू कर दी है। शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका प्रारंभिक जांच में बस में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की आशंका जताई जा रही है। देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी भीषण थी कि बस के अंदर रखा यात्रियों का सामान पूरी तरह जल गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासन और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। राहत और बचाव कार्य शुरू कर यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। दो घंटे से ज्यादा मशक्कत के बाद आग पर काबू आग पर काबू पाने के लिए मुख्यालय से दमकल की कई गाड़ियां घटनास्थल पर भेजी गईं। दमकल कर्मियों ने करीब दो घंटे से अधिक समय तक मशक्कत की, जिसके बाद आग बुझाई जा सकी। मौके पर सीओ सिटी अवनीश कुमार सिंह, कोतवाल, एसडीएम मनोज कुमार पाठक, थाना पुलिस, दमकल कर्मी और अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों की निगरानी में यात्रियों को सुरक्षित बस से बाहर निकाला गया। जेवरात समेत सामान जलने का यात्रियों ने किया दावा आग से प्रभावित यात्रियों ने बताया कि बस में उनका लाखों रुपए का सामान रखा था, जो पूरी तरह जल गया। कई यात्रियों ने दावा किया कि उनके सामान में सोने-चांदी के जेवरात और अन्य महत्वपूर्ण वस्तुएं भी थीं। आग बुझने के बाद यात्री बस के आसपास जले हुए सामान को तलाशते नजर आए। कुछ यात्री बस के अंदर से बचा हुआ सामान निकालने की कोशिश करते रहे। दूसरे वाहनों से यात्रियों को भेजा गया हादसे के बाद यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए दूसरे वाहनों की व्यवस्था की गई। पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में यात्रियों को सुरक्षित तरीके से रवाना कराया गया। घटना के बाद आसपास के लोग भी बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। इससे हाईवे पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। चालक और परिचालक मौके से फरार घटना के बाद बस का चालक और परिचालक मौके से फरार बताए जा रहे हैं। सीओ सिटी अवनीश कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट के चलते बस में आग लगने की जानकारी सामने आई है। बस दिल्ली से राठ जा रही थी। हादसे में किसी यात्री को नुकसान नहीं पहुंचा है। मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
मंडी: बीएससी-एमएससी इंटीग्रेटेड प्रोग्राम में नए दाखिले बंद
मंडी: बीएससी-एमएससी इंटीग्रेटेड प्रोग्राम में नए दाखिले बंद
डॉ.कविता शर्मा ने ली IMA अध्यक्ष पद की शपथ:फर्रुखाबाद में IMA के नियमों पर लिखी पुस्तक का विमोचन
फर्रुखाबाद में हाल ही में डॉ. कविता शर्मा को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) का अध्यक्ष चुना गया था। रविवार देर शाम शहर से सटे बघार स्थित एक गेस्ट हाउस में उनके शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन हुआ। यह कार्यक्रम रात 11 बजे तक चला। इसमें शहर के काफी संख्या में डॉक्टर शामिल हुए। इस दौरान IMA के नियमों पर लिखी एक पुस्तक का भी विमोचन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सिविल जज सीनियर डिवीजन ने मां सरस्वती की प्रतिमा के पास दीप जलाकर की। इसके बाद IMA की नई अध्यक्ष डॉ. कविता शर्मा ने पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन वैभव सोमवंशी ने किया। सबसे पहले पूर्व कमेटी के पदाधिकारियों ने अपने कार्यकाल में IMA के लिए किए गए कामों के बारे में बताया। IMA के पूर्व अध्यक्ष डॉ. विपुल ने संगठन के इतिहास की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि IMA 34 राज्यों में काम कर रहा है और इसके तीन लाख डॉक्टर हैं। देशभर में इसकी 1700 ब्रांच हैं। डॉ. विपुल ने बताया कि हॉस्पिटल रजिस्ट्रेशन हर साल कराना पड़ता था, यह एक बड़ी समस्या थी। फायर एनओसी को लेकर भी दिक्कतें आती थीं। कमेटी ने बड़े अधिकारियों को पत्र लिखकर इस मुद्दे को उठाया, जिसके बाद रजिस्ट्रेशन एक साल की जगह पांच साल का कर दिया गया। डॉ. अनुराग ने पूर्व अध्यक्ष को उनके कार्यकाल के लिए बधाई दी। रेड क्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष ने कहा कि दोनों संस्थाएं समाज के लिए काम करती हैं और मिलकर काम करेंगी। डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव ने सभी डॉक्टरों से एकजुट होकर काम करने की अपील की। इस मौके पर डॉ. बचानी, डॉ. प्रदीप, डॉ. चटवाल समेत कई अन्य डॉक्टर मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में स्वर्गीय की डॉक्टर रजनी सरीन के लिए 2 मिनट का मौन रखकर भगवान से प्रार्थना की गई। कार्यक्रम रविवार की रात 11 बजे तक चला। अंत में आईएमए की अध्यक्ष डॉक्टर कविता शर्मा के पति डॉक्टर अरविंद ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया और सभी से सहयोग करने की अपील की।
हरदोई के में 14 साल की किशोरी को बहला-फुसलाकर भगाने का मामला सामने आया है। किशोरी 31 अगस्त को मोबाइल बनवाने के लिए गौसगंज जाने की बात कहकर घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चल सका। पिता की शिकायत पर पुलिस ने रविवार सुबह 11:32 बजे समीर, उसके पिता रियासत और मां के खिलाफ अपहरण की धारा में किछौना कोतवाली में FIR दर्ज की है। परिजनों के मुताबिक, 31 अगस्त की दोपहर करीब 12 बजे किशोरी मोबाइल फोन बनवाने के लिए गौसगंज जाने की बात कहकर घर से निकली थी। आरोप है कि रास्ते में समीर नाम के युवक ने उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ भगा लिया। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। रिश्तेदारों और आसपास के इलाकों में भी खोजबीन किशोरी के घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने आसपास के इलाकों के साथ नाते-रिश्तेदारों के यहां भी तलाश की। कई जगह जानकारी करने के बावजूद उसका कोई पता नहीं चला। परिवार का आरोप है कि किशोरी को घर से ले जाने में समीर के माता-पिता भी शामिल हैं। जेवर, नकदी और दस्तावेज साथ ले जाने का दावा परिजनों के अनुसार, किशोरी घर से जाते समय अपनी मां की एक जोड़ी चांदी की पायल, एक जोड़ी सोने के झाले और 15 हजार रुपये नकद साथ ले गई है। इसके अलावा कुछ जरूरी पहचान संबंधी दस्तावेज भी उसके पास होने की बात कही गई है। पुलिस ने केस दर्ज कर तलाश शुरू की काफी तलाश के बाद किशोरी के पिता ने पुलिस को लिखित शिकायत दी। इसके आधार पर कछौना पुलिस ने समीर, उसके पिता रियासत और मां के खिलाफ अपहरण की धारा में केस दर्ज किया है। पुलिस किशोरी को सुरक्षित तलाशने के साथ आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
ऊना में अचानक छाई घनी धुंध, विजिबिलिटी हुई बेहद कम, वाहनों की लाइटें बनी सहारा
ऊना में अचानक छाई घनी धुंध, विजिबिलिटी हुई बेहद कम, वाहनों की लाइटें बनी सहारा
भिलाई स्टील प्लांट से लोहा चोरी के मामले में अब सियासत भी तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने इस मामले को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि BSP से हजारों करोड़ रुपए का लोहा चोरी हुआ है और इसके तार सीधे सीएम हाउस से जुड़े हैं। बैज ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के साथ CBI और ED से जांच कराने की मांग की है। दीपक बैज ने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार के दौरान कोयला चोरी से लेकर बस्तर में आयरन की चोरी तक के मामले सामने आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भिलाई स्टील प्लांट से भी हजारों करोड़ रुपए का लोहा चोरी हुआ है। बैज ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस सरकार में क्या नहीं चल रहा है और क्या चोरी नहीं हो रही है? बैज बोले- जांच नहीं करवा रहे, मतलब चोर की दाढ़ी में तिनका है भिलाई स्टील प्लांट से लोहा चोरी के मामले में वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन लगातार आवाज उठा रहे हैं। इसके बावजूद सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं किए जाने को लेकर दीपक बैज ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा विधायक खुद इस मामले को उठा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद सरकार उनकी बात नहीं सुन रही है। दीपक बैज ने कहा कि इस मामले की CBI और ED से जांच होनी चाहिए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सवालों के जवाब देने से बच रहे हैं। इसका मतलब है कि चोर की दाढ़ी में तिनका है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोहा चोरी के तार सीएम हाउस से जुड़े हैं और यह चोरी भाजपा सरकार के संरक्षण में हुई है। देवेंद्र यादव के मुद्दा नहीं उठाने पर बोले- उनसे पूछिए BSP भिलाई नगर विधानसभा क्षेत्र में आता है। यहां से कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव हैं। निजीकरण और हाउस लीज जैसे मुद्दों को लेकर सत्याग्रह और भूख हड़ताल कर चुके देवेंद्र यादव के लोहा चोरी के मुद्दे पर चुप रहने को लेकर भी सवाल उठे। जब दीपक बैज से पूछा गया कि भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव इस मुद्दे को क्यों नहीं उठा रहे हैं, तो उन्होंने इसका जवाब देने से इनकार कर दिया। बैज ने कहा कि यह सवाल देवेंद्र यादव से ही पूछा जाना चाहिए कि वे इस मुद्दे को क्यों नहीं उठा रहे हैं। पुलिस की कार्रवाई के बाद सामने आया था मामला भिलाई स्टील प्लांट से स्क्रैप चोरी का मामला उस समय सामने आया, जब दुर्ग पुलिस ने अकलोरडीह स्थित एक कबाड़ यार्ड में कार्रवाई कर बड़ी मात्रा में लौह स्क्रैप बरामद किया था। पुलिस के मुताबिक, करीब 250 टन लौह स्क्रैप बरामद हुआ था, जिसकी कीमत करीब 3.22 करोड़ रुपए बताई गई थी। जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस ने मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया। BSP के अधिकारी हिमांशु भूषण मल्लिक और इंजीनियरिंग एसोसिएट मनोज देवांगन समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया गया। बाद में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 18 तक पहुंचने की जानकारी सामने आई। सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही के आरोप में CISF के जवानों पर भी कार्रवाई की गई। इस मामले में अब तक 5 से ज्यादा आरोपियों को जमानत मिल चुकी है। इनमें कथित मास्टरमाइंड संजय सिंह भी शामिल है। ………………… इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… रिकेश बोले-लोहा चोरी के पैसों से अफसरों ने की अय्याशी:भाजपा MLA ने कहा- नेताओं के बच्चों की शादियां हुईं, चुप्पी साधने बंधे हैं मंथली छत्तीसगढ़ के भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) में लोहा चोरी को लेकर वैशाली नगर से बीजेपी विधायक रिकेश सेन ने कहा कि, चोरी के पैसों से अफसरों ने अय्याशी की है। नेताओं के बच्चों की शादियां की और जन्मदिन पार्टी किए गए। लेकिन किसी का भी नाम लेने से इनकार करते हुए कहा कि, यह काम जांच एजेंसियों का है। पढ़ें पूरी खबर…
PG हादसे का खौफनाक CCTV! पलभर में ढही बिल्डिंग
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राज्यमंत्री ने पोस्ट में बताया कि डॉ. लहरी की आंखों में कुछ लालिमा दिखाई दी। उन्होंने इस बारे में डॉ. लहरी से पूछा तो उन्होंने इशारों में बताया कि आंख में कोई परेशानी नहीं है और वह स्वस्थ हैं।
बारिश की वजह से स्कूलों में छुट्टी:मुरादाबाद में DM ने घोषित किया अवकाश, 12वीं तक के स्कूल बंद
लगातार हो रही बारिश की वजह से मुरादाबाद में जिलाधिकारी ने 12वीं तक के सभी बोर्ड के स्कूलों को सोमवार 7 सितंबर को बंद रखने का आदेश दिया है।
गोंडा में घाघरा नदी पूरी तरह उफान पर है। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण नदी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। सोमवार सुबह 8:30 बजे एल्गिन ब्रिज पर घाघरा नदी का जलस्तर 106.420 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान 106.070 मीटर से 35 सेंटीमीटर ऊपर है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार देर शाम तक जलस्तर खतरे के निशान से करीब 40 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच सकता है। घाघरा में कुल 3,78,800 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसमें गिरजा बैराज से 1,83,738, शारदा बैराज से 1,90,278 और सरयू बैराज से 4,784 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। पानी का दबाव बढ़ने से तरबगंज तहसील क्षेत्र के कई गांवों में बाढ़ का खतरा गहरा गया है। 20 गांवों की 15 हजार आबादी प्रभावित तरबगंज तहसील क्षेत्र के ऐली परसौली, गढ़ी, जबर नगर, पारस पट्टी पुरवार, पारस पट्टी मझवार और दत्त नगर समेत करीब 20 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। इन गांवों की करीब 15 हजार आबादी पर बाढ़ का असर पड़ा है। गांवों में पानी पहुंचने के बाद ग्रामीण जरूरी सामान लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। कई लोग अपने रिश्तेदारों के घर जा रहे हैं। जान जोखिम में डालकर स्कूल जा रहे बच्चे ऐली परसौली, जबर नगर, गढ़ी, पारस पट्टी और दत्त नगर समेत कई गांवों के मुख्य मार्गों पर पानी भर गया है। इससे आवागमन मुश्किल हो गया है। ग्रामीण इसी पानी से होकर घर का जरूरी सामान लाने-ले जाने को मजबूर हैं। बाढ़ के पानी के बीच स्कूली बच्चे भी जान जोखिम में डालकर स्कूल जा रहे हैं। नवाबगंज के दत्त नगर के कई मजरों में संपर्क मार्ग पूरी तरह पानी में डूब गए हैं। 100 बीघा से ज्यादा फसल डूबी, गन्ना खराब बाढ़ के पानी में किसानों की 100 बीघा से अधिक फसल डूबी हुई है। फसलें बर्बाद होने की कगार पर हैं। गन्ने के खेतों में पानी भरने से फसल गिरने लगी है, जिससे किसानों को भारी नुकसान की आशंका है। वहीं, खेतों में पानी भरे होने के कारण पशुओं के लिए भूसे और चारे का संकट भी खड़ा हो गया है। किसानों को अपने पशुओं के लिए पर्याप्त चारा नहीं मिल पा रहा है। फूस के मकानों पर मंडरा रहा खतरा बाढ़ प्रभावित गांवों में फूस के मकानों पर भी खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों को आशंका है कि नदी का कटाव किसी भी वक्त फूस के मकानों को अपने आगोश में ले सकता है। लगातार बढ़ते पानी और कटान से लोगों में दहशत का माहौल है। प्रशासन नाव से पहुंचा रहा राहत सामग्री जिला प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत पहुंचाई जा रही है। हनुमान रथ और नाव के माध्यम से गांवों में पहुंचकर लंच पैकेट वितरित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही दवाइयां भी बांटी जा रही हैं। पशुओं के लिए भूसे और चारे का भी वितरण किया जा रहा है। बाढ़ की स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।
अमरोहा के गजरौला थाना क्षेत्र में एक युवती ने रजबपुर थाना क्षेत्र के युवक पर शादी का वादा कर दो साल तक दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। युवती का कहना है कि आरोपी उसे मिलने के बहाने अलग-अलग होटलों और गेस्ट हाउस में बुलाता था। इस दौरान वह दो बार गर्भवती हुई। आरोप है कि युवक ने ठंडे पेय में दवा मिलाकर उसे पिला दी, जिससे उसका गर्भपात हो गया। शिकायत के बाद पुलिस ने युवक समेत उसके माता-पिता और भाई के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता के मुताबिक, पिछले दो साल से उसका कोमल नाम के युवक से प्रेम संबंध था। युवक ने उससे शादी करने का भरोसा दिया था। इसी भरोसे पर वह उसके साथ मिलती रही। आरोप है कि युवक कभी होटल तो कभी गेस्ट हाउस में मिलने के लिए बुलाता और वहां उसके साथ दुष्कर्म करता था। इनमें एक होटल भाजपा नेता का भी बताया जा रहा है। दो बार गर्भवती हुई, ठंडे पेय में दवा देने का आरोप युवती का कहना है कि जब उसने कोमल पर शादी के लिए दबाव बनाया तो वह बात टालने लगा। इसी दौरान वह दो बार गर्भवती हुई। आरोप है कि दोनों बार कोमल ने ठंडे पेय में दवा मिलाकर उसे पिला दी, जिससे उसका गर्भपात हो गया। इसके बाद भी युवक शादी करने के लिए तैयार नहीं हुआ। परिवार से शिकायत की तो मारपीट और धमकी पीड़िता ने बताया कि उसने कोमल के माता-पिता हरि सिंह और मिथलेश तथा भाई कौशल से शिकायत की। आरोप है कि तीनों ने उसके साथ मारपीट की। युवती का कहना है कि जब उसने दोबारा शादी की बात उठाई तो उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई। चार लोगों पर केस, पुलिस कर रही जांच युवती की शिकायत पर पुलिस ने कोमल, हरि सिंह, मिथलेश और कौशल के खिलाफ केस दर्ज किया है। सीओ अंजलि कटारिया ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस सभी आरोपों की जांच कर रही है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ में जलभराव से राहत के नाम पर सीधे मुख्य सड़क पर बहाया जा रहा नाली का पानी
लखनऊ में जलभराव से राहत के नाम पर सीधे मुख्य सड़क पर बहाया जा रहा नाली का पानी
कैथल में नगर पालिका कर्मचारी संघ से जुड़े सफाई कर्मचारियों की हड़ताल तीन दिन और बढ़ गई। कर्मचारियों ने नौ सितंबर पर हड़ताल पर रहने की बात कही है। ऐसे में शहर में सफाई का कार्य नहीं हो रहा है। सड़कों पर कचरा फैला हुआ है और बड़े बड़े ढेर लगे हुए हैं। कर्मचारी नगर परिषद कार्यालय में प्रदर्शन कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। हर जगह फैला कचरा दूसरी ओर कुछ दिनों तक तो प्रशासन की ओर से अपने स्तर पर शहर में सफाई का कार्य करवाया गया, लेकिन अब वह भी बंद हो गया है। ऐसे में हर दिन हालात और ज्यादा खराब हो रहे हैं। रेलवे गेट, डोगरा गेट, माता गेट, कमेटी चौक, पुराना बस स्टैंड, ढांड रोड, अंबाला रोड और छात्रावास रोड पर कचरे के बड़े बड़े ढेर लगे हुए हैं। मांगें पूरी होने तक हड़ताल रहेगी जारी नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य मुख्य संगठन कर्ता, एसकेएस के जिला सचिव शिवचरण और सचिव विक्की टांक का कहना है कि नगर पालिका व फायर के कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर लम्बी हड़ताल की थी। मुख्य मांगों के परिपत्र जारी नहीं किए उसके बाद 13 मई को हरियाणा भवन चंडीगढ़ में विभागीय मंत्री विपुल गोयल और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव आर के खुल्लर की अगुवाई में अन्य अधिकारियों ने संघ की राज्य कमेटी के साथ लगभग 6 घंटे मीटिंग की और मांग पत्र में सभी मांगों को मानकर 20 जून तक परिपत्र जारी करने का ठोस आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक मुख्य मांगों के परिपत्र जारी नहीं किए। सरकार पर आरोप उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार अपने वादों से पीछे हट कर वादा खिलाफी कर रही है। अपने 12 साल के कार्यकाल में आज तक एक भी सफाई, सीवर और फायर के कर्मचारी पक्का नहीं किया, जिससे भाजपा सरकार की दलित विरोधी मानसिकता साफ तौर पर झलकती है। कर्मचारी इन्हीं मांगों को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे हैं।
सतना में 7.90 लाख की अवैध शराब और कार जब्त:3 पर एफआईआर, आरोपी फोर व्हीलर से कर रहे थे सप्लाई
सतना में आबकारी विभाग ने अवैध शराब की तस्करी और बिक्री के खिलाफ कार्रवाई की है। विभाग ने रविवार रात एक मकान से 90 हजार रुपए की अवैध शराब और बिना नंबर की एक कार जब्त की है। इस कार्रवाई में कुल 7.90 लाख रुपए का माल जब्त किया गया है। तीन आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले, जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर तलाश शुरू कर दी गई है। सहायक आबकारी आयुक्त सुरेंद्र कुमार उरांव ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से सूचना मिल रही थी कि शामू खान, विक्की उर्फ राहुल सिंह और पप्पू सिंह सटोरिया बाहर से शराब लाकर अवैध विक्रेताओं के ऑर्डर पर बिना नंबर की कार से शहर के अलग-अलग इलाकों में सप्लाई कर रहे थे। आरोपियों ने आदर्श नगर को अपना अड्डा बनाया हुआ था। सूचना की पुष्टि के बाद शनिवार रात को आदर्श नगर-हवाई पट्टी में देवी मंदिर के पास बने एक मकान पर दबिश दी गई। टीम को देखते ही तीनों आरोपी अंधेरी गली में भाग निकले और पीछा करने पर भी हाथ नहीं आए। अलग-अलग ब्रांड की शराब मिलीआबकारी टीम ने घर के कमरों की तलाशी ली तो अलग-अलग ब्रांड की अंग्रेजी शराब और बीयर मिली। इसकी कुल मात्रा 105.5 लीटर और कीमत लगभग 90 हजार रुपए है। मकान के दूसरे हिस्से में बिना नंबर की एक कार भी खड़ी मिली, जिसका बाजार मूल्य 7 लाख रुपए बताया गया है। फरार आरोपियों की पहचान शामू, राहुल और पप्पू सिंह के रूप में हुई है, जिनके खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह मकान पिंटू सटोरिया का बताया जा रहा है।
गोंडा में ऑनलाइन निवेश के नाम पर छह गुना मुनाफे का झांसा देकर 5.25 करोड़ रुपए की ठगी के मामले में नगर कोतवाली पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस दुबई में बैठे आरोपी लविश चौधरी के नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि गोंडा और आसपास के इलाकों में उसके साथ कौन-कौन लोग काम कर रहे थे। सोमवार सुबह करीब 8 बजे पुलिस ने शिकायतकर्ता वीरेंद्र प्रकाश पांडे और सच्चिदानंद पाठक से मामले से जुड़े दस्तावेज और सबूत मांगे हैं। शिकायत के मुताबिक, लविश चौधरी और उसके साथियों ने निवेश पर कई गुना मुनाफा देने का भरोसा देकर लोगों से रकम जमा कराई। निवेशकों का विश्वास जीतने के लिए उन्हें थाईलैंड और दुबई की यात्रा भी कराई गई। शुरुआत में कुछ समय तक निवेशकों को मुनाफा दिया गया, जिससे उनका भरोसा और बढ़ गया। बड़ी रकम जमा होने के बाद आरोपियों ने लाभ देना बंद कर दिया। रिश्तेदारों और परिचितों से भी जुटाए करोड़ों पुलिस के अनुसार, गोंडा के वीरेंद्र प्रकाश पांडे और बहराइच के सच्चिदानंद पाठक को भी इसी तरह निवेश के लिए तैयार किया गया था। आरोप है कि लविश चौधरी के साथ सरयू प्रसाद मिश्रा, रजत चौरसिया, संजय जायसवाल, रेख चंद्र मौर्य उर्फ रजत मौर्या और अन्य लोगों ने मिलकर रकम हड़पी। पीड़ितों के रिश्तेदारों और दर्जनों परिचितों से भी करीब 5 करोड़ रुपए लिए जाने की बात सामने आई है। 74 दिन बाद 30 अगस्त को दर्ज हुआ मुकदमा इस मामले में पुलिस ने 74 दिन बाद 30 अगस्त को नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया था। अब पुलिस बैंक खातों में हुए लेनदेन, ट्रांजैक्शन की जानकारी और आरोपियों के आपसी नेटवर्क की जांच कर रही है। लविश चौधरी के खिलाफ देश के अलग-अलग हिस्सों में दर्ज मुकदमों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। दुबई में बैठा आरोपी, पहले से जारी है रेड कॉर्नर नोटिस बताया जा रहा है कि लविश चौधरी पर देशभर में करीब 3200 करोड़ रुपए की ठगी का आरोप है और वह दुबई में बैठा है। भारत सरकार और मध्य प्रदेश एसटीएफ की ओर से उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस और रेड कॉर्नर नोटिस पहले ही जारी किया जा चुका है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी मामले की जांच कर रहा है। नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि शिकायतकर्ताओं से लेनदेन की डिटेल मांगी गई है। वादी के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
मैनपुरी में तमंचा लहराते युवक की फोटो डाली:पुलिस जांच में जुटी, दो महीने पहले भी चला था अभियान
मैनपुरी में सोशल मीडिया पर अवैध हथियारों का प्रदर्शन थम नहीं रहा है। पुलिस की सख्ती और अभियान के बावजूद एक बार फिर तमंचा हाथ में लिए युवक की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। फोटो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है। युवक की पहचान और वायरल फोटो से जुड़ी अन्य जानकारी जुटाई जा रही है। वायरल फोटो में एक युवक हाथ में तमंचा पकड़े नजर आ रहा है। उसकी पहचान कृष्णा के रूप में बताई जा रही है। वह शहर कोतवाली क्षेत्र के गोला बाजार का रहने वाला बताया गया है। वायरल तस्वीर में युवक की उम्र करीब 20 से 22 साल के बीच बताई जा रही है। फोटो को लेकर चर्चा है कि इसे इलाके में डर का माहौल बनाने के मकसद से सोशल मीडिया पर डाला गया। हालांकि, पुलिस ने अभी यह पुष्टि नहीं की है कि फोटो कब और कहां की है। पुलिस कर रही युवक और हथियार की जांच फोटो वायरल होने के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि तस्वीर में दिख रहा युवक वास्तव में कृष्णा ही है या नहीं। इसके साथ ही फोटो में दिखाई दे रहे हथियार के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता कर रही है कि फोटो हाल की है या पुरानी और इसे सोशल मीडिया पर किसने और कब पोस्ट किया था। दो महीने पहले भी चला था अभियान करीब दो महीने पहले भी मैनपुरी पुलिस ने सोशल मीडिया पर अवैध हथियारों का प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया था। एसपी गणेश प्रसाद साहा ने ऐसे मामलों में सख्ती से कार्रवाई के निर्देश दिए थे। अभियान का असर कुछ समय तक देखने को मिला था। अब दोबारा तमंचे के साथ फोटो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर हथियारों के प्रदर्शन को लेकर पुलिस की निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं। सीओ बोले- पहचान की जा रही, सही मिला तो कार्रवाई होगी सीओ सिटी अशोक कुमार ने बताया कि मामला सोशल मीडिया के जरिए सामने आया है। वायरल फोटो में दिखाई दे रहे युवक की पहचान की जा रही है। जांच में मामला सही पाए जाने पर नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अवैध हथियारों के प्रदर्शन को रोकने के लिए मैनपुरी पुलिस एक बार फिर अभियान चलाएगी।
गाजीपुर के बारिश के बाद नगर पालिका की जल निकासी व्यवस्था की पोल खुल गई। शहर के कपूरपुर, रायगंज और नौरंगाबाद समेत कई इलाकों में कमर तक पानी भर गया। सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो गईं और कई घरों में पानी घुस गया। कुछ मकानों में बिस्तर तक पानी पहुंचने से लोगों को रात जागकर गुजारनी पड़ी। स्थानीय लोगों का कहना है कि जलभराव की समस्या वर्षों पुरानी है और हर बरसात में हालात बिगड़ जाते हैं। मानसून से पहले नगर पालिका प्रशासन ने जलभराव रोकने के लिए नाला सफाई अभियान चलाया था। 15 जून से पहले 38 नालों की सफाई के लिए करीब 5 लाख रुपए का टेंडर जारी किया गया था। सफाई के लिए बाहर की कंपनी से नाला गैंग बुलाया गया था। वहीं, बाकी नालों की सफाई नगर पालिका ने अपने संसाधनों से कराई, जिस पर करीब 3 लाख रुपए खर्च होने की बात कही गई है। बताया गया था कि नाला सफाई का काम नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल और ईओ धीरेंद्र कुमार राय की देखरेख में कराया गया। प्रशासन का लक्ष्य बारिश से पहले शहर की जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करना था। इसके बावजूद बारिश होते ही कई पुराने जलभराव वाले इलाकों में स्थिति जस की तस नजर आई। 15 से 20 दिन तक जमा रहता है पानी नौरंगाबाद निवासी छट्टू लाल ने बताया कि बारिश के बाद पानी निकलने में 15 से 20 दिन तक लग जाते हैं। इस दौरान दोबारा बारिश होने पर स्थिति और खराब हो जाती है। उन्होंने बताया कि कई बार पानी बिस्तर तक पहुंच जाता है। घर में पानी भरने के कारण लोगों को रातभर जागकर गुजारना पड़ता है। जलभराव के साथ मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ जाता है। छट्टू लाल के मुताबिक, कई लोगों ने घरों के दरवाजे पर पानी रोकने के लिए घुटने तक ऊंची दीवार बनवा रखी है। इसके बावजूद बारिश के दौरान पानी दीवार को पार कर घर के अंदर पहुंच जाता है। उनका आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। रायगंज में सड़क और घरों में कमर तक पानी रायगंज निवासी इंदु देवी ने बताया कि बारिश होते ही सड़क और घरों में कमर तक पानी भर जाता है। उनका कहना है कि अगर नालियों की नियमित और प्रभावी सफाई होती तो स्थिति इतनी खराब नहीं होती। जलभराव के कारण लोगों को दिन-रात परेशानी झेलनी पड़ती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे नियमित रूप से नगर पालिका को टैक्स देते हैं, लेकिन जल निकासी जैसी बुनियादी सुविधा के लिए हर साल बारिश में परेशानी उठानी पड़ती है। एमएएच इंटर कॉलेज से तुलसी का पुल तक भी जलभराव शहर के एमएएच इंटर कॉलेज से तुलसी का पुल और जुड़न शहीद क्षेत्र तक भी बारिश के बाद जलभराव की स्थिति बनी हुई है। कई जगह सड़क पर पानी जमा होने से आवागमन प्रभावित हुआ। बारिश के बाद सामने आई तस्वीरों में सड़कों पर भरा पानी और उससे लोगों को हो रही परेशानी साफ दिखाई दी। सफाई के बाद भी नहीं सुधरी जल निकासी व्यवस्था नगर पालिका की ओर से हर साल मानसून से पहले नाला सफाई अभियान चलाया जाता है। इस बार भी टेंडर के जरिए 38 नालों की सफाई कराई गई। इसके अलावा नगर पालिका कर्मचारियों को भी सफाई कार्य में लगाया गया और बाहरी नाला गैंग की मदद ली गई। इसके बावजूद बारिश के बाद पुराने जलभराव वाले इलाकों में समस्या बनी हुई है। ऐसे में नाला सफाई और नगर की जल निकासी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। वर्षों से जलभराव झेल रहे स्थानीय लोगों को अब समस्या के स्थायी समाधान का इंतजार है।
मुज़फ़्फ़रनगर के रतनपुरी थाना क्षेत्र के मंडावली बांगर गांव में शराब की दुकान को निशाना बनाने वाले चोरों की करतूत CCTV कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में चोरों द्वारा दुकान में घुसकर चोरी करने की घटना सामने आई है। चोर दुकान से शराब और नकदी चोरी कर फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामला मंडावली बांगर स्थित शराब की दुकान का है। पुलिस के अनुसार, बिजनौर के थाना रेहड़ क्षेत्र के फतेहपुर गांव निवासी रवि कुमार ने एक सितंबर को रतनपुरी थाने में शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि रात के समय अज्ञात चोरों ने उनकी शराब की दुकान का ताला तोड़कर चोरी की घटना को अंजाम दिया, जिसका पता 2 सितंबर की सुबह उस वक्त चला, जब वो लोग दुकान खोलने पहुंचे। शिकायत के मुताबिक, चोर दुकान से दो पेटी देशी शराब, एक पेटी बडवाइजर बीयर, 12 क्वार्टर एंटीक्विटी ब्लू और 9 हजार रुपये नकद चोरी कर ले गए। घटना से जुड़ा CCTV वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में चोरों की गतिविधियां कैद होने का दावा किया जा रहा है। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद रतनपुरी थाना पुलिस ने रविवार रात करीब 11:30 बजे इस संबंध में प्रेस नोट जारी कर स्पष्टीकरण जारी किया। बताया गया कि शराब की दुकान में चोरी की घटना के बाद मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है। घटना के जल्द खुलासे के लिए दो पुलिस टीमों का गठन किया गया है। पुलिस अब CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर चोरों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।
सतना में दो बाइक चोरी का खुलासा:19 साल का आरोपी गिरफ्तार; दोनों मोटरसाइकिल बरामद
सतना के कोलगवां पुलिस ने बाइक चोरी के दो मामलों का खुलासा किया है। पुलिस ने 19 साल के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसकी निशानदेही पर चोरी की दोनों मोटरसाइकिलें बरामद कर ली गईं। आरोपी को पूछताछ के बाद रविवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। घर और चौक से चोरी हुई थीं बाइक टीआई सुदीप सोनी ने बताया कि 24 जून को पीएम आवास कॉलोनी निवासी पुष्पेंद्र तिवारी (46) की बाइक (एमपी 19 एनए 0392) घर के बाहर से चोरी हो गई थी। वहीं, पुरैनिहा-कृपालपुर निवासी लल्लू प्रजापति (48) की बाइक (एमपी 19 एमक्यू 0561) 1 सितंबर को सेमरिया चौक से चोरी हुई थी। दोनों मामलों में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। CCTV फुटेज से आरोपी तक पहुंची पुलिस जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज देखे। मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर आदर्श नगर-नईबस्ती निवासी अंश उर्फ दादा वर्मा (19) को हिरासत में लिया गया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने दोनों बाइक चोरी करने की बात कबूल की। उसकी निशानदेही पर दोनों मोटरसाइकिलें बरामद कर ली गईं। पुलिस को आरोपी से पूछताछ में कुछ और संदिग्ध बदमाशों के बारे में भी जानकारी मिली है। पुलिस उनकी भूमिका की जांच कर रही है। जल्द ही उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
लखीमपुर खीरी के सिंगाही थाना क्षेत्र में एक मासूम से दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। उसे मेडिकल जांच के लिए ले जाया जा रहा था, तभी उसने भागने की कोशिश की। करीब 12 घंटे बाद पुलिस ने आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। जवाबी फायरिंग में उसके बाएं पैर में गोली लगी है। 12 घंटे में पुलिस ने आरोपी को दबोचा पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान खलील अहमद (55) पुत्र अशर्फी के रूप में हुई है। उसके पास से 315 बोर का देशी तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किया गया है। पुलिस ने बताया कि 6 सितंबर को खलील अहमद को मेडिकल जांच के लिए सीएचसी निघासन ले जाया जा रहा था। रास्ते में आरोपी ने पेशाब करने का बहाना बनाकर पुलिस वाहन रुकवाया। वाहन रुकते ही उसने एक पुलिसकर्मी को धक्का दिया और जंगल की तरफ भाग निकला। एसओजी की टीमें कर रही थीं तलाश पुलिस ने उसका पीछा किया, लेकिन जंगल, झाड़ियों और गन्ने के खेतों का फायदा उठाकर वह फरार हो गया। फरार आरोपी के खिलाफ निघासन थाने में धारा 262 बीएनएस के तहत एक और मुकदमा दर्ज किया गया। सिंगाही पुलिस और एसओजी की टीमें उसकी तलाश कर रही थीं। पुलिस के अनुसार रविवार की देर रात सिंगहा कलां के बगिया मोड़ के पास आरोपी नजर आया। पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की तो उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी फायरिंग में उसके बाएं पैर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर कुल तीन मामले दर्ज घायल आरोपी को सीएचसी निघासन में भर्ती कराया गया है। मुठभेड़ के संबंध में सिंगाही थाने में धारा 109(1)/351(3) बीएनएस और 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। खलील अहमद के खिलाफ सिंगाही और निघासन थाने में कुल तीन मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई में सिंगाही थानाध्यक्ष राजबहादुर, उपनिरीक्षक प्रदीप कुमार दूबे और एसओजी प्रभारी जय प्रकाश यादव समेत पुलिस टीम शामिल रही। परिजनों ने सिंगाही-बेलरायां मार्ग किया था जाम घटना से आक्रोशित स्थानीय लोगों और संगठनों ने आरोपी पर कठोर कार्रवाई और बुलडोजर एक्शन की मांग की थी। लोगों ने सिंगाही-बेलरायां मार्ग जाम कर दिया था। जिसके बाद मौके पर पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने चार थानों की फोर्स के साथ स्थिति को संभाला। पुलिस अधिकारियों का कहना था कि आरोपी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। घटना के बाद इलाके में भारी तनाव है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं पीड़िता को गंभीर हालत में इलाज के लिए लखनऊ रेफर किया गया। देखिए जाम की तस्वीरें-
अजमेर नगर निगम के 80 वार्ड में महिलाओं के लिए 27 सीट रिजर्व थी, लेकिन भाजपा-कांग्रेस ने इससे ज्यादा सीटों पर महिलाओं को अपना प्रत्याशी बनाया है। दोनों ही पार्टी की कुल 70 महिला कैंडिडेट्स चुनाव मैदान में हैं, इसमें भाजपा की 36 व कांग्रेस की 34 महिलाएं शामिल हैं। वार्ड संख्या 40 अनारक्षित ओपन व 61 एसटी ओपन के लिए आरक्षित था, इसके बावजूद दोनों ही पार्टी ने महिला कैंडिडेट्स पर ही भरोसा जताया। इसके अलावा 14 अलग अलग वार्ड, जो महिलाओं के लिए आरक्षित नहीं थे, उन पर भी भाजपा व कांग्रेस ने महिलाओं को चुनाव मैदान में उतारा। इसके अलावा निर्दलीय व अन्य पार्टी उम्मीदवार में 81 महिला उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इसलिए नगर निगम में मेयर की सीट का अनारक्षित महिला के लिए रिजर्व होना माना जा रहा है। इन 2 वार्ड में दोनों पार्टी ने महिलाओं को दिया टिकट… अब जानते है वो वार्ड जो महिलाओं के लिए ही रिजर्व थे…. ……….. पढ़ें ये खबर भी… अजमेर में भाजपा के 17-कांग्रेस के 4 उम्मीदवार करोड़पति:कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आई मोनिका सबसे अमीर; एक प्रत्याशी ने जीरो दिखाई संपत्ति अजमेर में पार्षद का चुनाव लड़ रहे भाजपा-कांग्रेस के 156 उम्मीदवारों में से 21 उम्मीदवार करोड़पति हैं। इसमें भाजपा के 17 और कांग्रेस के 4 प्रत्याशी हैं। दोनों दलों में सबसे अमीर प्रत्याशी कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुई मोनिका जैन हैं। (पूरी खबर पढें)
इटावा शहर के रिहायशी इलाकों में रविवार रात करीब 9 बजे पांच-पांच फीट लंबे दो अजगर निकलने से लोगों में हड़कंप मच गया। पहला अजगर पुरबिया टोला में चूना चक्की के पास गली में नाली के नीचे छिपा मिला, जबकि दूसरा पक्का तालाब कॉलोनी में सरकारी क्वार्टर के पीछे दिखाई दिया। सूचना पर ओशन संस्था के महासचिव एवं सर्पमित्र डॉ. आशीष त्रिपाठी मौके पर पहुंचे और दोनों अजगरों को सुरक्षित रेस्क्यू किया। डॉ. आशीष त्रिपाठी ने दोनों स्थानों पर पहुंचकर सावधानीपूर्वक अजगरों को रेस्क्यू किया। अजगरों के दिखाई देने की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर एकत्र हो गए थे। सर्पमित्र ने लोगों को दूर रहने की सलाह देते हुए दोनों वन्यजीवों को बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला। रेस्क्यू किए गए दोनों अजगरों को सामाजिक वानिकी विभाग, इटावा के दिशा-निर्देशन में देर रात फिशर वन क्षेत्र में सुरक्षित छोड़ दिया गया। प्राकृतिक आवास में छोड़े जाने के बाद रिहायशी इलाके के लोगों को भी राहत मिली और दोनों वन्यजीवों की जान भी बच गई। संरक्षित वन्यजीव हैं अजगर दोनों अजगर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत संरक्षित वन्यजीव हैं। ऐसे में इन्हें पकड़ने, मारने या नुकसान पहुंचाने के बजाय वन विभाग को सूचना देना जरूरी है। रिहायशी क्षेत्रों में इनके पहुंचने पर प्रशिक्षित सर्पमित्र की मदद से सुरक्षित रेस्क्यू कराकर प्राकृतिक आवास में छोड़ा जा सकता है। सांप दिखे तो न करें छेड़छाड़ डॉ. आशीष त्रिपाठी ने लोगों से अपील की कि रिहायशी क्षेत्र में सांप या अजगर दिखाई देने पर उसे मारने अथवा खुद पकड़ने का प्रयास न करें। तत्काल वन विभाग या प्रशिक्षित सर्पमित्र को सूचना दें। उन्होंने सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक के बजाय बिना देरी किए जिला अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकीय उपचार कराने की अपील की।
एटा में मिरहची थाना पुलिस ने 25 हजार रुपए की इनामी महिला को गिरफ्तार किया है। महिला पर फर्जी आधार कार्ड और दस्तावेजों के जरिए प्लॉट का बैनामा कर 9 लाख रुपये हड़पने का आरोप है। कोतवाली नगर में केस दर्ज होने के बाद से वह फरार चल रही थी। पुलिस ने रविवार शाम करीब 4 बजे उसे पकड़ लिया। कोर्ट में पेश करने के बाद महिला को जेल भेज दिया गया। मामला फरवरी 2022 का है। कासगंज के अमापुर थाना क्षेत्र के नगला टुंडा निवासी महावीर पुत्र ख्यालीराम ने कोतवाली नगर में एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें लक्ष्मण सिंह, आशीष और उसकी पत्नी रविता के खिलाफ जालसाजी का आरोप लगाया गया था। शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर प्लॉट का बैनामा कराया और 9 लाख रुपये ले लिए। दूसरी महिला के आधार कार्ड का इस्तेमाल करने का आरोप पुलिस के अनुसार, जिस प्लॉट का बैनामा कराया गया, वह किसी दूसरी महिला का था। आरोपियों ने रेखा नाम की महिला के आधार कार्ड का इस्तेमाल कर फर्जी तरीके से दस्तावेज तैयार किए थे। केस दर्ज होने के बाद रविता लगातार फरार चल रही थी। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। मुखबिर की सूचना पर मिरहची पुलिस ने पकड़ा इनामी महिला की तलाश में पुलिस लंबे समय से जुटी थी। मिरहची थाना पुलिस ने मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर रविवार शाम उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी महिला को हिरासत में लेने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई पूरी की। सीओ ने दी गिरफ्तारी की जानकारी, टीम को शाबाशी क्षेत्राधिकारी सदर संकल्प दीप कुशवाहा ने रविवार रात करीब 10 बजे गिरफ्तारी की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रविता के खिलाफ कोतवाली नगर में जालसाजी का केस दर्ज था। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक सुमित कुमार, उपनिरीक्षक सुवेंद्र कुमार, कांस्टेबल सुशीला, महिला कांस्टेबल शालू चौधरी और महिला कांस्टेबल शिखा शामिल रहीं।
Kangra News: बारिश थमी तो शक्तिपीठों में उमड़े श्रद्धालु, 12 हजार ने झुकाए शीश
कांगड़ा जिले में पिछले कुछ दिनों से जारी मूसलाधार बारिश का दौर थमते ही प्रमुख शक्तिपीठों में रविवार को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
काला ताजमहल कहां हैं? खूबसूरत स्मारक देखने पहुंचे लोग पूछ रहे गाइड से कई सवाल
करन ने अपनी पत्नी परिधि के साथ आगरा में ताजमहल का दीदार किया। उन्होंने सेंट्रल टैंक स्थित डायना बेंच पर अन्य पर्यटकों को पहले तस्वीरें लेने दीं।
Income Tax Audit: टैक्स ऑडिट रिपोर्ट 30 सितंबर तक कर दें जमा, नहीं तो 1.50 लाख तक लगेगा जुर्माना
आयकर टैक्स ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर है, जिसके चूकने पर डेढ़ लाख रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। कारोबारियों और पेशेवरों को अपनी लेखाबहियों का ऑडिट कराकर समय पर रिपोर्ट अपलोड करनी होगी।
अमेठी में पैसे को लेकर बवाल, तीन गिरफ्तार:लाठी-डंडा और लोहे की पाइप से मारा, दो घायल लखनऊ रेफर
अमेठी के जायस थाना क्षेत्र में पैसे के लेनदेन के विवाद में एक परिवार पर हमला करने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस घटना में इस्तेमाल की गई लाठी, डंडा और लोहे की पाइप भी बरामद कर ली गई है। हमले में घायल सदाब्रिज, रवि और रामदेवी को गंभीर चोटें आई हैं। इनमें से दो घायलों का लखनऊ में इलाज चल रहा है, जिनकी हालत गंभीर बनी हुई है। यह घटना चार सितंबर की रात करीब साढ़े 10 बजे की है। सदाब्रिज और रवि दुकान पर सामान लेने गए थे। इसी दौरान पैसे के लेनदेन को लेकर उनका विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने परिवार पर हमला कर दिया। हमले में सदाब्रिज, रवि और रामदेवी को गंभीर चोटें आईं। प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें लखनऊ रेफर किया गया था। वहां रवि और सदाब्रिज का इलाज अभी भी चल रहा है। पुलिस ने इस मामले में तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इनमें संजय कुमार (50 वर्ष) पुत्र रामनरेश सोनकर, अजय शंकर उर्फ गुड्डू (50 वर्ष) पुत्र स्व. हरीशंकर सोनकर और सानू उर्फ निर्भय सोनकर (32 वर्ष) पुत्र रामनरेश शामिल हैं। ये सभी जायस कस्बे के मोहल्ला चौधराना और मुशर्फनगर चौधराना के रहने वाले हैं। पुलिस ने एक बाल अपचारी को भी नियमानुसार निगरानी में लिया है। आरोपियों की निशानदेही पर एक लाठी, दो डंडा और एक लोहे की पाइप बरामद की गई है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में थानाध्यक्ष अमरेंद्र सिंह, उपनिरीक्षक सतीश कुमार दीक्षित, कांस्टेबल शुभम कुमार, अतुल कुमार और सर्वेश कुमार शामिल रहे।
मंदसौर के पिपलियामंडी पुलिस ने अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक युवक को 1 किलो अफीम के साथ गिरफ्तार किया है। जब्त अफीम की कीमत करीब 1 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस ने आरोपी के पास से एक कीपेड मोबाइल भी जब्त किया है। पुलिस के अनुसार, रविवार को पिपलियामंडी पुलिस टीम गांवों में गश्त कर रही थी। इसी दौरान नगर परिषद पिपलियामंडी के संपवेल के पास आम रोड पर ओवरब्रिज की तरफ से एक युवक पीठ पर काले रंग का पिट्ठू बैग लेकर आता दिखाई दिया। पुलिस की गाड़ी देखकर भागने लगा युवकपुलिस की गाड़ी देखकर युवक अचानक वापस मुड़ा और हाईवे रोड स्थित ओवरब्रिज की तरफ भागने लगा। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में युवक की पहचान करण पिता कान्तीलाल भील (23), निवासी धामेड़ी, थाना पिपलौदा, जिला रतलाम के रूप में हुई। उसके बैग की तलाशी लेने पर 1 किलो अफीम मिली। पुलिस ने अफीम और कीपेड मोबाइल जब्त कर उसे गिरफ्तार कर लिया। NDPS एक्ट के तहत केस दर्जपुलिस ने पिपलियामंडी थाने में केस नंबर 264/2026 दर्ज किया है। आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 8/18 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई है। थाना प्रभारी विक्रम सिंह इवने ने बताया कि आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी अफीम कहां से लाया था और इसे किसे देने जा रहा था। मामले में आगे और खुलासे हो सकते हैं।
Kangra News: पॉलिएस्टर और नायलॉन पर भारी पड़े प्लास्टिक रेनकोट, बाजारों में बढ़ी मांग
बरसात के मौसम में इस बार बाजारों में पॉलिएस्टर और नायलॉन के रेनकोट तथा छातों के मुकाबले प्लास्टिक के रेनकोट की मांग तेजी से बढ़ी है।
मोगा के जीरा रोड पर ई-रिक्शा और मोटरसाइकिल की टक्कर, बाइक में लगी आग
मोगा के जीरा रोड पर ई-रिक्शा और मोटरसाइकिल की टक्कर, बाइक में लगी आग
मुरैना में रविवार को हुई तेज बारिश के बाद कई इलाकों में नदी-नाले उफान पर आ गए। कैलारस, सबलगढ़, पहाड़गढ़ और जौरा क्षेत्र में सोन नदी, क्वारी नदी, पगारा डेम और नालों का जलस्तर बढ़ गया। निचले इलाकों में पानी पहुंचने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई। नेहरावली गांव में क्वारी नदी का पानी घरों तक पहुंच गया। पानी बढ़ने के बाद ग्रामीण जरूरी सामान लेकर घरों की छतों पर पहुंच गए। सूचना मिलने पर प्रशासन ने मौके की स्थिति पर नजर रखना शुरू कर दिया। काबिल गांव में 50 लोगों का रेस्क्यूदेवगढ़ क्षेत्र के काबिल गांव में जलस्तर बढ़ने के बाद करीब 50 महिला, पुरुष और बच्चों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। जिले के 50 से अधिक गांवों में प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। 6 सितंबर को 27.9 मिमी बारिशजिले में 6 सितंबर को औसतन 27.9 मिमी बारिश दर्ज की गई। 1 जून से 6 सितंबर तक जिले में कुल 531.2 मिमी औसत बारिश हुई है। वर्षामापी केंद्रों में कैलारस में सबसे ज्यादा 50 मिमी बारिश दर्ज की गई। तहसीलवार बारिश के आंकड़े जिले की सामान्य औसत वर्षा 706.9 मिमी है। अब तक हुई बारिश सामान्य औसत का करीब 75 प्रतिशत है। पिछले साल इसी अवधि में 913.4 मिमी बारिश हुई थी। इस साल पिछले साल की तुलना में 382.2 मिमी कम बारिश हुई है। कलेक्टर बोले- पैनिक की स्थिति नहीं कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने कहा कि फिलहाल पैनिक होने की स्थिति नहीं है। सभी लोग धैर्य रखें। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। जहां जरूरत हो रही है, वहां प्रशासन राहत और बचाव के लिए पहुंच रहा है। कलेक्टर ने लोगों से नदी, नाले और डेम के आसपास नहीं जाने की अपील की है। अतिवृष्टि वाले क्षेत्रों का निरीक्षण किया जा रहा है। बारिश से हुए नुकसान का सर्वे भी जल्द शुरू कराया जाएगा।
लखनऊ में बारिश के बाद इंदिरा नगर के सेक्टर-9 में जलभराव
लखनऊ में बारिश के बाद इंदिरा नगर के सेक्टर-9 में जलभराव
आगरा के थाना एत्माद्दौला क्षेत्र के कछपुरा में रविवार रात 40 साल पुराने मंदिर में दो युवकों पर देव मूर्तियों के साथ आपत्तिजनक कृत्य करने और उन्हें क्षतिग्रस्त करने का आरोप लगा है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, दोपहर के समय दोनों युवक मंदिर में घुसे। आरोप है कि उन्होंने हनुमान जी की मूर्ति को अपवित्र किया और शिव परिवार की मूर्तियों को उनके स्थान से खिसका कर क्षतिग्रस्त करने की कोशिश की। जब मंदिर के महंत हकीम सिंह की बेटियों ने इसका विरोध किया तो युवकों ने उनके साथ अभद्रता की। शोर सुनकर आसपास के लोग दौड़कर मंदिर पहुंचे। लोगों ने दोनों युवकों को पकड़कर जमकर पिटाई की और फिर पुलिस को सौंप दिया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। सूचना मिलते ही थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मंदिर का निरीक्षण किया। पुलिस का कहना है कि मौके पर किसी भी मूर्ति के खंडित होने की पुष्टि नहीं हुई है। कुछ मूर्तियां अपने स्थान से हटी हुई जरूर मिलीं, लेकिन सभी सुरक्षित हैं। इधर, घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता थाने पहुंच गए। केशव कुशवाहा, दीपक परमार, हर्ष चौहान, हिमांशु शर्मा, आदित्य शर्मा, दीपक वर्मा, अंकित, सोनू समेत कई महिलाएं भी मौजूद रहीं। सभी ने करीब एक घंटे तक हंगामा करते हुए आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। महंत हकीम सिंह ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। सीपी छत्ता श्वेता वर्मा ने बताया कि दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है। मामले में प्राथमिकी दर्ज की जा रही है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पंजाब सरकार के विरोध के बावजूद, जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा आज पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ लेंगे।
गोरखपुर में सोमवार सुबह मौसम पूरी तरह बदलता हुआ नजर आया। आसमान में घने और हल्के बादलों की परतें छाई रहीं, जबकि बीच-बीच में निकल रही धूप ने लोगों को कभी राहत तो कभी परेशानी का एहसास कराया। सुबह से ही 15 से 18 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाओं ने माहौल को थोड़ा सहज जरूर बनाया, लेकिन हवा में 85 प्रतिशत से अधिक नमी होने के कारण उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया। घर से बाहर निकलने वाले लोग पसीने और चिपचिपी गर्मी से जूझते दिखे। मौसम विभाग के मुताबिक आज गोरखपुर का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 26 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि दोपहर के बाद बादलों का असर और बढ़ सकता है, जिससे धूप का असर कम होगा और मौसम थोड़ा नरम पड़ेगा। शाम होते-होते बदलेगा मौसम दिनभर की उमस और गर्माहट के बाद शाम के समय मौसम राहत दे सकता है। अनुमान है कि शहर के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कहीं-कहीं गरज और चमक के साथ बूंदाबांदी के भी आसार हैं। यह बारिश न सिर्फ तापमान को नीचे लाएगी, बल्कि उमस से परेशान लोगों को बड़ी राहत भी देगी। बारिश के बाद हवाओं में ठंडक बढ़ेगी और रात का मौसम अपेक्षाकृत सुहावना हो सकता है। आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा बदलता मौसम मौसम वैज्ञानिक डॉ. कैलाश पांडेय के अनुसार गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों में आने वाले 2 से 3 दिनों तक मौसम का यही मिला-जुला रुख बना रहेगा। आसमान में बादलों की मौजूदगी बनी रहेगी और बीच-बीच में धूप निकलती रहेगी। हालांकि नमी का स्तर अधिक रहने से उमस पूरी तरह खत्म नहीं होगी, लेकिन हल्की बारिश और चलती हवाएं राहत देती रहेंगी। अनुमान है कि इस दौरान दिन का तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा, जबकि रात का तापमान 25 से 27 डिग्री के आसपास बना रहेगा। खासकर शाम और रात के समय हल्की से मध्यम बारिश की संभावना लगातार बनी हुई है। कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश का दौर भी देखने को मिल सकता है। मौसम बना रहेगा संतुलित गोरखपुर में फिलहाल मौसम एक संतुलित लेकिन अनिश्चित स्थिति में है। न तो तेज धूप लोगों को झुलसा रही है और न ही पूरी तरह से ठंडक का एहसास हो रहा है। बादल, धूप और बारिश का यह मिश्रण लोगों को हर पल बदलते मौसम का अनुभव करा रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह के मौसम में स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहना बेहद जरूरी है। उमस और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण सर्दी-जुकाम, वायरल बुखार और त्वचा से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं। लोगों को अधिक पानी पीने, हल्का भोजन करने और अनावश्यक रूप से धूप या बारिश में भीगने से बचने की सलाह दी गई है।
गोंडा में पीआरवी पर पथराव और पुलिस टीम पर हमला करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार
गोंडा में पीआरवी पर पथराव और पुलिस टीम पर हमला करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार
गोंडा में शराब दुकान के सेल्समैन से लूट का खुलासा, मुठभेड़ में बदमाश गिरफ्तार
गोंडा में शराब दुकान के सेल्समैन से लूट का खुलासा, मुठभेड़ में बदमाश गिरफ्तार
दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक इमारत ढहने से पूरी राजधानी दहल गई है। यह बहुमंजिला इमारत पीजी के तौर पर उपयोग की जा रही थी। रविवार को यह इमारत अचानक ताश के पत्तों की तरह भरभराकर गिर गई।
नगरीय निकाय चुनाव-2026 को शांतिपूर्ण और भयमुक्त माहौल में कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह तैयार है। जिले में 9 और 11 सितंबर को होने वाले मतदान से पहले पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है। इसी कड़ी में रविवार देर शाम खैरथल और किशनगढ़बास कस्बों में पुलिस बल ने फ्लैग मार्च निकाला। पुलिस ने अपनी तैयारी का संदेश दिया। सुरक्षा का भरोसा दिलाया खैरथल नगर परिषद में 9 सितंबर को होने वाले मतदान से पहले यह फ्लैग मार्च निकाला गया। इसमें एडिशनल एसपी जयसिंह और खैरथल थाना अधिकारी रामकिशन यादव समेत कई पुलिस जवान शामिल थे। पुलिसकर्मियों ने कस्बे के मुख्य रास्तों और संवेदनशील इलाकों में पैदल मार्च किया। उन्होंने लोगों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया। पुलिस की मौजूदगी से असामाजिक तत्वों को साफ संदेश दिया गया कि चुनाव के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं होगी। संवेदनशील इलाकों में मार्च किया वहीं, किशनगढ़बास में आरपीएस अधिकारी नेहा मीणा के नेतृत्व में पुलिस बल ने फ्लैग मार्च निकाला। पुलिस जवानों ने तिजारा रोड, तोप सर्किल, खैरथल रोड, गंज रोड, अलवर रोड और मुख्य बाजार समेत कई प्रमुख और संवेदनशील इलाकों में मार्च किया। पुलिस बल की मौजूदगी ने कस्बे में कानून-व्यवस्था के लिए पुलिस की तैयारी बताई। फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे बिना किसी डर, दबाव या लालच के अपने वोट का इस्तेमाल करें। साथ ही, लोगों से चुनाव के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने को कहा। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या विवाद की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील भी की गई। खैरथल-तिजारा जिले में निकाय चुनाव के तहत 9 सितंबर को खैरथल, तिजारा और भिवाड़ी नगर परिषदों में मतदान होगा। वहीं, 11 सितंबर को कोटकासिम, टपूकड़ा, किशनगढ़बास और मुण्डावर नगरपालिकाओं में वोट डाले जाएंगे। चुनाव को लेकर पुलिस सभी क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की लगातार जांच कर रही है।
उन्नाव में गंगा नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है। सोमवार को भी इसमें बढ़ोतरी दर्ज की गई। पानी बढ़ने से गंगा किनारे बसे गांवों और बस्तियों के लोगों की चिंता फिर बढ़ गई है। बीते दिनों जलस्तर में गिरावट आने के बाद लोगों ने राहत ली थी, लेकिन अब दोबारा पानी बढ़ने से बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार, जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है और फिलहाल इसमें कमी के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। गंगा का पानी बढ़ने के साथ ही नदी का फैलाव भी बढ़ रहा है। तटवर्ती इलाकों में पानी तेजी से आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है। नदी के किनारे स्थित निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इसी तरह जलस्तर बढ़ता रहा, तो आने वाले दिनों में खेतों और संपर्क मार्गों पर भी पानी पहुंच सकता है। इससे आवागमन के साथ खेती-किसानी पर असर पड़ने की आशंका है। गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन और स्थानीय स्तर पर निगरानी बढ़ाई जा रही है। तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि स्थिति बिगड़ने पर समय रहते राहत और बचाव के इंतजाम किए जा सकें। इधर, गंगा के बढ़ते जलस्तर का नजारा ड्रोन कैमरे में भी कैद हुआ है। ड्रोन से बनाए गए वीडियो में गंगा का पानी दूर तक फैला नजर आ रहा है। नदी का तेज बहाव और बढ़ा हुआ जलस्तर देखकर इसकी विकराल स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। पानी का फैलाव तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। लोगों का कहना है कि पिछले दिनों जलस्तर कम होने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि अब बाढ़ का खतरा टल जाएगा। लेकिन सोमवार को फिर बढ़ोतरी होने से उनकी चिंता बढ़ गई है। ग्रामीण लगातार जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं और प्रशासन भी स्थिति पर निगरानी रख रहा है।
अजमेर की रामगंज थाना पुलिस ने क्षेत्र के 7 रेलवे क्वार्टरों में चोरी के मामले में पुलिस ने सरगना समेत 2 आरोपियों को पकड़ा है। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 2 चार्जर सहित लैपटॉप, 2 स्पीकर, हैमर टर्मिंग मशीन, एलईडी और इलेक्ट्रॉनिक सामान सहित अन्य माल बरामद किया गया। पुलिस वारदात में फरार चल रहे आरोपियों की तलाश कर रही है। एसएचओ हरिपाल सिंह ने बताया कि 29 और 30 अगस्त की रात 7 रेलवे क्वार्टर्स में चोरी हुई थी। इनमें रेलवे क्वार्टर नंबर 1662-बी, 1653-बी और 1766-बी शामिल हैं। आवास नंबर 1662-बी, कसारी नाडी रामगंज निवासी शिवराम मीणा ने मामले में शिकायत दर्ज कराई थी। एसएचओ के अनुसार पुलिस ने संदिग्ध स्थानों पर दबिश देने के साथ गिरोह के सरगना देवप्रकाश उर्फ दांतला सहित 2 अन्य लोगों को पकड़ा है। पुलिस ने सरगना को डिटेन कर पूछताछ की, उसने चोरी करना स्वीकार किया और उसकी निशानदेही पर चोरी का माल बरामद किया। पूछताछ में उसने अन्य साथियों के नाम-पते भी बताए। इसके बाद पुलिस ने चोरी में शामिल एक अन्य आरोपी इंद्राज रैगर निवासी दीपदर्शन कॉलोनी, रामगंज को गिरफ्तार कर लिया। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। कम उम्र में बनाया गिरोह, पुलिस कर रही पूछताछ पुलिस के मुताबिक गिरोह का सरगना देवप्रकाश उर्फ दांतला 19 साल का है। उसने कम उम्र में ही चोरी शुरू कर दी थी। पहले वह अकेले वारदात करता था। बाद में उसने अन्य आरोपियों को साथ जोड़कर गिरोह बना लिया। कोली बस्ती रामगंज निवासी देवप्रकाश के खिलाफ रामगंज थाने में पहले भी एक मामला दर्ज है। दूसरे आरोपी इंद्राज के खिलाफ भी पहले से मामले दर्ज हैं। पुलिस दोनों से अन्य साथियों और दूसरी वारदातों के बारे में पूछताछ कर रही है।
रीवा में देर रात पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह कांग्रेस के जयस्तंभ चौराहे पर आयोजित धरने में शामिल हुए। यह धरना संजय गांधी अस्पताल में कल्पना मिश्रा और उनके नवजात बच्चे की मौत के विरोध में कांग्रेस ने आयोजित किया गया है। वहीं, कल्पना मिश्रा के पिता सिरमौर चौराहे पर अलग से धरना दे रहे हैं। धरने को संबोधित करते हुए दिग्विजय सिंह ने उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, स्वास्थ्य मंत्री को इसके लिए जिम्मेदार नहीं माना जाए तो किसे माना जाए? उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है और स्वास्थ्य मंत्री अपने ही गृह जिले में व्यवस्था नहीं सुधार पा रहे हैं। संजय गांधी अस्पताल को लेकर साधा निशानादिग्विजय सिंह ने कहा कि रीवा के सबसे बड़े संजय गांधी अस्पताल में कभी जीवित व्यक्ति का पोस्टमॉर्टम करने की कोशिश की जाती है तो कभी प्रसूता और नवजात की जान चली जाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि कहीं यह व्यापमं से हुई भर्तियों का नतीजा तो नहीं है, जिनकी वजह से ऐसी गंभीर गलतियां सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की असफलता के कारण प्रदेशभर में कई बच्चों की मौत हो रही है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की। दिग्विजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि जनता के लिए लड़ाई लड़ रही है। नर्सिंग भर्तियों को लेकर सरकार पर हमलादिग्विजय सिंह ने नर्सिंग भर्तियों को लेकर भी प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2004 से प्रदेश में भाजपा की सरकार है। इस दौरान प्रदेश में जिस तरह नर्सिंग भर्तियां हुईं और लगातार नर्सिंग घोटाले सामने आए, उसी का नतीजा है कि इस तरह के डॉक्टर और नर्स निकल रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार को जवाबदेही तय करनी होगी।
दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने का सामने आया सीसीटीवी फुटेज
दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने का सामने आया सीसीटीवी फुटेज
रायबरेली के जफरापुर गांव में पुरानी रंजिश को लेकर युवक को गोली मारने का मामला सामने आया है। घायल धर्मराज को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टर उसकी हालत गंभीर बता रहे हैं। परिवार ने गांव के ही चार लोगों पर गोली मारने का आरोप लगाया है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं जांच के दौरान पुलिस को कुछ ऐसे तथ्य मिले हैं, जिनसे घटना को साजिश के तहत अंजाम दिए जाने का शक भी सामने आया है। परिवार बोला- चार लोगों ने मारी गोली परिजनों का आरोप है कि गांव के ही चार लोगों ने धर्मराज को गोली मारी। परिवार के मुताबिक, आरोपियों से पुरानी रंजिश चली आ रही है। चारों आरोपी धर्मराज के परिवार से ही संबंध रखते हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर घटना की जांच शुरू कर दी है। हत्या के केस में जेल जा चुका है धर्मराज पुलिस के मुताबिक, घायल धर्मराज साल 2024 में हत्या के एक मामले में जेल गया था। वह करीब एक साल पहले जेल से बाहर आया था और हाल ही में जमानत पर बाहर आया है। इसी वजह से पुलिस घटना के पीछे की पुरानी रंजिश समेत अन्य कारणों की भी पड़ताल कर रही है। घटनास्थल से फॉरेंसिक टीम ने जुटाए सबूत घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जरूरी सबूत जुटाए हैं। जांच के दौरान कुछ तथ्य सामने आए हैं, जिनके आधार पर पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं धर्मराज ने खुद किसी साजिश के तहत तो गोली नहीं मारी। पुलिस बोली- सभी पहलुओं से जांच जारी क्षेत्राधिकारी सदर आशीष निगम ने बताया कि धर्मराज वर्ष 2024 में हत्या के मामले में जेल गया था और हाल ही में जमानत पर बाहर आया है। घटना के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की। परिवार चार लोगों पर गोली चलाने का आरोप लगा रहा है, लेकिन पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। घायल का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली के रेड फोर्ट ब्लास्ट के बाद जांच एजेंसियों के रडार पर आई फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। अब यूनिवर्सिटी के चांसलर और अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन-मैनेजिंग ट्रस्टी जवाद अहमद सिद्दीकी को नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) से जुड़े कथित धोखाधड़ी के मामले में कोर्ट से झटका लगा है। दिल्ली द्वारका कोर्ट ने उनकी न्यायिक हिरासत 14 दिन के लिए बढ़ा दी है। उन्हें अब 19 सितंबर को संबंधित कोर्ट में पेश किया जाएगा। NMC को गलत रिकॉर्ड देने का आरोप मामला अल-फलाह स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर को NMC से मान्यता दिलाने और उसे बरकरार रखने के लिए कथित तौर पर गलत जानकारी और रिकॉर्ड पेश करने से जुड़ा है। जांच एजेंसी का आरोप है कि मेडिकल कॉलेज के निरीक्षण के दौरान NMC के सामने डॉक्टरों, मरीजों और कॉलेज की व्यवस्थाओं से संबंधित रिकॉर्ड में गड़बड़ी की गई। एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ डॉक्टरों को कागजों पर कॉलेज का नियमित स्टाफ दिखाया गया, जबकि वे वास्तव में नियमित रूप से काम नहीं कर रहे थे। ‘कागजों पर डॉक्टर और मरीज’ दिखाने का आरोप जांच में कथित तौर पर यह बात सामने आई कि NMC के मानकों को पूरा दिखाने के लिए कुछ डॉक्टरों को केवल रिकॉर्ड में कर्मचारी बताया गया। इसी तरह अस्पताल में मरीजों से जुड़े आंकड़ों में भी कथित गड़बड़ी के आरोप हैं। एजेंसी का दावा है कि ऐसे रिकॉर्ड का इस्तेमाल मेडिकल कॉलेज के निरीक्षण और मान्यता प्रक्रिया में किया गया। हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम फैसला कोर्ट की न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा। रेड फोर्ट ब्लास्ट जांच में भी यूनिवर्सिटी आई थी चर्चा में नवंबर 2025 में दिल्ली के रेड फोर्ट के पास हुए विस्फोट की जांच के दौरान अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े कई डॉक्टर जांच के दायरे में आए थे। जांच एजेंसियों के मुताबिक, कुछ डॉक्टरों पर आतंकी मॉड्यूल से जुड़े होने के आरोप लगे थे। इसी जांच के बाद यूनिवर्सिटी और उससे जुड़े लोगों की गतिविधियां केंद्रीय एजेंसियों की जांच के दायरे में आईं। हालांकि, जवाद सिद्दीकी के खिलाफ मौजूदा NMC मामले में लगाए गए आरोपों को आतंकी मामले का दोष सिद्ध होना नहीं माना जा सकता। अपराध से धन अर्जित करने का आरोप अल-फलाह मामले की जांच सिर्फ मेडिकल कॉलेज की मान्यता तक सीमित नहीं है। ED ने अपनी जांच में आरोप लगाया है कि 2016-17 से 2024-25 के बीच यूनिवर्सिटी और ट्रस्ट से जुड़े मामलों में करीब 493.24 करोड़ की अपराध से अर्जित आय पैदा हुई। एजेंसी का आरोप है कि यह रकम छात्रों से फीस और अन्य शुल्क के जरिए कथित तौर पर गलत दावों के आधार पर जुटाई गई। ₹39.45 करोड़ की संपत्तियां अटैच ED ने अप्रैल 2026 में अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट और जवाद अहमद सिद्दीकी से जुड़ी करीब 39.45 करोड़ की चल-अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की थीं। इनमें दिल्ली की संपत्ति, धौज में यूनिवर्सिटी कैंपस से सटी जमीन, बैंक बैलेंस, एफडी और अन्य वित्तीय संपत्तियां शामिल थीं। इससे पहले यूनिवर्सिटी कैंपस की करीब 144.09 करोड़ की जमीन और इमारत भी अटैच की गई थी। कोर्ट ने क्यों बढ़ाई हिरासत कोर्ट के सामने जांच एजेंसी की ओर से आशंका जताई गई कि सिद्दीकी अपने प्रभाव और पद का इस्तेमाल कर गवाहों को प्रभावित या सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उनकी न्यायिक हिरासत आगे बढ़ाने का फैसला किया। कोर्ट ने NMC से कथित धोखाधड़ी को सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा से सीधे जुड़ा गंभीर मामला भी माना है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई पेशी रिपोर्ट के मुताबिक, सिद्दीकी को जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट के सामने पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें अगले 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया है। मामले में अगली पेशी 19 सितंबर को होगी। जांच का दायरा बढ़ा अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े मामलों में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच, प्रवर्तन निदेशालय और अन्य जांच एजेंसियां अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रही हैं। NMC से जुड़ा मामला मेडिकल कॉलेज की मान्यता और कथित गलत रिकॉर्ड से संबंधित है, जबकि रेड फोर्ट ब्लास्ट से जुड़ी जांच अलग आपराधिक और राष्ट्रीय सुरक्षा जांच का हिस्सा है।
बिलासपुर में रविवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने झीरम घाटी नरसंहार मामले में NIA के फैसले को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि NIA की जांच और अदालत के फैसले पर सवाल उठाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सत्ता के दौरान उनके नेता झीरम कांड से जुड़े सबूत अपनी जेब में होने की बात कहते थे। अगर उनके पास मामले से जुड़े कोई ठोस सबूत थे, तो उन्हें जांच एजेंसी के सामने रखना चाहिए था। अब न्यायालय का फैसला आ चुका है, इसलिए उस पर सवाल उठाने के बजाय कांग्रेस को न्यायालय के निर्णय का स्वागत करना चाहिए। अदालत ने 100 से अधिक गवाहों की गवाही सुनने के बाद मामले में दोषियों को लेकर फैसला सुनाया है। तीजा-पोरा प्रोग्राम में पहुंचे थे CM साय बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित तीजा-पोरा कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे सीएम साय ने कहा कि झीरम कांड की सुनवाई करीब 13 सालों तक चली। इस दौरान अदालत में 100 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इसके बाद अदालत ने 10 आरोपियों को दोषी ठहराया है। अब 16 सितंबर को दोषियों की सजा पर फैसला होना है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि झीरम कांड में छत्तीसगढ़ के कई वरिष्ठ नेताओं और नेतृत्वकर्ताओं की जान गई थी। इस घटना का दुख सभी को है। मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपी गई थी और लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाया है। बांग्लादेशियों को किया जाएगा डिपोर्ट बिलासपुर में संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों की गिरफ्तारी के मामले में भी मुख्यमंत्री ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 23 संदिग्धों को फिलहाल रायपुर के डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। उनका परीक्षण और सत्यापन किया जाएगा। जांच में यदि उनके बांग्लादेशी नागरिक होने की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार उन्हें डिपोर्ट किया जाएगा। महतारी वंदन योजना पर बोले- नारी शक्ति को प्रणाम महतारी वंदन योजना को लेकर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नारी शक्ति सदैव पूजनीय रही है। केंद्र और राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सशक्तिकरण और उनके हितों के लिए लगातार काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के कल्याण और उन्हें सशक्त बनाने के लिए सरकार की योजनाएं लगातार जारी हैं। अब जानिए झीरम घाटी हमले के बारे में ? दरअसल, 2013 के आखिर में छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव होने थे। रमन सिंह मुख्यमंत्री थे। 10 साल से विपक्ष में बैठी कांग्रेस जीत के लिए जोर लगा रही थी। पार्टी पूरे राज्य में परिवर्तन यात्रा शुरू करने वाली थी। 25 मई को सुकमा में परिवर्तन रैली की गई। रैली के बाद कांग्रेस नेताओं का काफिला सुकमा से जगदलपुर जा रहा था। इसमें करीब 25 गाड़ियां थीं। इन गाड़ियों में 200 नेता-कार्यकर्ता थे। सबसे आगे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, उनके बेटे दिनेश पटेल और कवासी लखमा थे। कांग्रेस की पूरी टॉप लीडरशिप एक काफिले में थी साथ ही उनके पीछे महेंद्र कर्मा और मलकीत सिंह गैदू की गाड़ी थी। उनके पीछे बस्तर के कांग्रेस प्रभारी उदय मुदलियार चल रहे थे। यानी छत्तीसगढ़ कांग्रेस की पूरी टॉप लीडरशिप इस काफिले में थी। दोपहर करीब 3:40 बजे काफिला झीरम घाटी में पहुंचा। यहीं नक्सलियों ने पेड़ गिराकर रास्ता बंद कर दिया। गाड़ियां रुकते ही 200 से ज्यादा नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। हमले में नंदकुमार पटेल और उनके बेटे दिनेश की मौके पर ही मौत हो गई। करीब डेढ़ घंटे तक फायरिंग होती रही। महेंद्र कर्मा को नक्सलियों ने मारी थी 100 गोलियां शाम करीब 5:30 बजे नक्सली पहाड़ों से उतरकर नीचे आए और एक-एक गाड़ी चेक की। एक गाड़ी में उन्हें सलवा जुडूम आंदोलन शुरू करने वाले महेंद्र कर्मा मिल गए। आंदोलन की वजह से नक्सली महेंद्र कर्मा को दुश्मन समझते थे। उन्होंने बेरहमी से महेंद्र कर्मा की हत्या कर दी। उन्हें करीब 100 गोलियां मारी गईं। चश्मदीदों के मुताबिक, नक्सलियों ने कुछ नेताओं को नाम लेकर पहचाना और उन्हें गोली मारी। हमला पूरी योजना के साथ किया गया। नक्सलियों ने जगह का चुनाव, बम लगाने और भागने तक की पूरी तैयारी कर रखी थी। खुफिया एजेंसियों को हमले की कोई भनक नहीं थी। NIA ने 2013 में केस रजिस्टर्ड किया था एनआईए ने 2013 में केस रजिस्टर्ड किया, जिसका नंबर RC-06/2013/NIA/DLI है। 23 दिसंबर 2023 को एनआईए ने राष्ट्रीय अखबारों में ‘झीरम घाटी हत्याकांड एनआईए केस में वांछित’ शीर्षक से विज्ञापन जारी किया था। इसमें 19 आरोपी नक्सलियों के नाम, पते समेत तमाम जानकारी जारी की थी। इसमें पहला नाम नक्सली लीडर देवजी का था। इसके अलावा बारसे सुक्का ऊर्फ देवा का भी नाम उस सूची में था। एनआईए ने विज्ञापन में लिखा- इन माओवादी के संबंध में किसी भी प्रकार की सूचना देने या गिरफ्तार करवाने में सहयोग करने वाले को उचित इनाम दिया जाएगा। 2 जांच आयोग, NIA-SIT की जांच अलग नरसंहार में अब तक दो न्यायिक जांच आयोग बने हैं। 2013 में विशेष न्यायिक जांच आयोग जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में बना था। उसे सुरक्षा में चूक, एसओपी, रैली आयोजकों की भूमिका, पुलिस-बलों का समन्वय की जांच करना था। 2013 में ही राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए को इसकी जांच सौंप दी गई थी। 2018 में कांग्रेस सरकार आने पर एसआईटी बनी। इसमें कथित राजनीतिक षड्यंत्रों की जांच करने का दावा किया गया था। फिर 2021 में दूसरा न्यायिक जांच आयोग बना। इस आयोग की जिम्मेदारी जस्टिस सतीश अग्निहोत्री और जस्टिस गुलाम मिन्हाजुद्दीन को सौंपी गई थी। …………………… झीरम कांड से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… झीरम घाटी में 32 कत्ल, नक्सली हमला या सुपारी किलिंग:12 साल से जांच ही चल रही, पीड़ित बोले- असली कातिल अब भी बाहर ‘मेरा बेटा मनोज सुबह सोकर उठा था। तभी तीन लोग बुलाने आए। बोले, फूल लेने जगदलपुर चलना है। बेटे ने मुझसे कहा- जगदलपुर जा रहा हूं। बस यही उससे आखिरी बात थी। मैं आखिरी बार उसका चेहरा भी नहीं देख पाई। आज भी लगता है कि वो आएगा और कहेगा- मम्मी, जल्दी से खाना दे दो।’ पढ़ें पूरी खबर…
Kangra News: खाली परिसर को मिले प्रशासनिक भवन का दर्जा, सीएम से उठाई मांग
नगरोटा सूरियां से ब्लॉक मुख्यालय के जवाली शिफ्ट होने के बाद खाली हुए दो मंजिला परिसर को प्रशासनिक भवन का दर्जा देने की मांग उठी है।
कानपुर देहात के संदलपुर ब्लॉक में सरकारी योजना की ऐसी तस्वीर सामने आई है, जहां करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी ग्रामीणों की प्यास नहीं बुझ सकी। लौवा गांव में करीब 3 करोड़ 23 लाख 13 हजार रुपये की लागत से बनाई गई पानी की टंकी चार साल बाद भी ग्रामीणों के लिए महज शोपीस बनी हुई है।टंकी खड़ी है, पाइप लाइन बिछी है,करीब 450 घरों में कनेक्शन भी कर दिए गए, लेकिन नलों से पानी की एक बूंद तक नहीं पहुंची। राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के तहत जौरवा, लौवा, लौवा का पुरवा,मल्हानपुरवा और बंजारा डेरा के ग्रामीणों को पाइप लाइन के जरिए शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की योजना शुरू की गई थी।निर्माण कार्य 21 सितंबर 2022 को शुरू हुआ। उम्मीद थी कि योजना पूरी होने के बाद ग्रामीणों को घर बैठे पानी मिलेगा और उन्हें दूर-दराज से पानी ढोने की मजबूरी खत्म होगी। लेकिन समय बीतता गया और ग्रामीणों की उम्मीदें भी सूखती चली गईं। टंकी बनकर तैयार होने के बावजूद पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य से संबंधित बोर्ड पर योजना के पूरा होने की तारीख अंकित थी,जिसे बाद में सफेदी लगाकर मिटा दिया गया। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर योजना कब पूरी हुई और अगर पूरी हो गई थी तो अब तक पानी की सप्लाई क्यों नहीं शुरू हुई?
Kangra News: झीरबल्ला से टीएमसी के लिए ई-बस सेवा शुरू
कांगड़ा विधानसभा क्षेत्र की पंचायतों को रविवार को नई इलेक्ट्रिक बस की सुविधा मिली है। एचआरटीसी के उपाध्यक्ष अजय वर्मा ने बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

