भारत के टॉप 10 सबसे अमीर मंदिरों के पास ₹9 लाख करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है। ग्लोबल वेल्थ इंडेक्स-2026 के मुताबिक तिरुपति बालाजी मंदिर ₹3.38 लाख करोड़ की चल-अचल संपत्ति के साथ दुनिया का तीसरा सबसे अमीर धर्मस्थल है। आईएमएफ और वर्ल्ड बैंक का डेटा देखें तो तिरुपति मंदिर की कुल संपत्ति साइप्रस, आइसलैंड, एस्टोनिया जैसे 100 छोटे देशों की GDP से भी ज्यादा है। यहां सामान्य और खास दिनों में औसतन ₹1 से 5 करोड़ तक का चढ़ावा आता है। इस साल 17 मार्च को एक ही दिन ₹4.88 करोड़ का चढ़ावा आया। इसी तरह प्राचीन खजाने के मामले में केरल का पद्मनाभस्वामी मंदिर सबसे अमीर है। इसकी संपत्ति का 99% हिस्सा ‘प्राचीन खजाने’ के रूप में है, जिसमें सोने की मूर्तियां, सिक्के और हीरे शामिल हैं। इसका आज बाजार मूल्य ₹2 लाख करोड़ से ज्यादा है। इसे सरकार और सुप्रीम कोर्ट का संरक्षण है। तिरुपति की संपत्ति 2 साल में 35% बढ़ी टॉप-3 धर्मस्थलों की कुल संपत्ति मार्च 2024 के बाद से अब तक काफी बढ़ी है। लेकिन इसकी बड़ी वजह सोना है। उस वक्त सोना ₹65 हजार प्रति 10 ग्राम के आसपास था। आज ₹1.50 लाख है। इस तरह तिरुपति मंदिर की संपत्ति इन दो साल में 35%, पद्मनाभस्वामी की 100% तो जगन्नाथ पुरी मंदिर की करीब 50% बढ़ चुकी है। जबकि इन मंदिरों के नकद दान में कुल 10 से 12% की ही बढ़ोतरी हुई है। मंदिर की आय का एक बड़ा हिस्सा उन 11 टन से अधिक सोने के भंडार पर मिलने वाले ब्याज से आता है, जो देश के विभिन्न बैंकों में जमा है। पुरी के जगन्नाथ मंदिर के पास 60 हजार एकड़ जमीन डेटा के मुताबिक पुरी के जगन्नाथ मंदिर के पास 60 हजार एकड़ से ज्यादा जमीन है। ये जमीन ओडिशा के 30 में से 24 जिलों में है। 6 राज्यों में भी मंदिर की 395 एकड़ जमीन है। मंदिर में मौजूद खजाना, जमीन और अन्य चल-अचल संपत्तियों का मूल्य ₹1.2 लाख करोड़ तक है। अयोध्या के राम मंदिर में रोज एक करोड़ रुपए से ज्यादा का दान दो वर्षों में अयोध्या स्थित श्रीराम जन्म भूमि मंदिर की तस्वीर तेजी से बदली है। मंदिर की आय का मुख्य स्रोत दान और बैंक डिपॉजिट पर मिलने वाला ब्याज है। मंदिर की अचल संपत्तियों में लगभग 70 एकड़ का मुख्य परिसर और उसके आसपास की अधिग्रहित भूमि है। साथ ही निर्माणाधीन मंदिर की भव्य संरचना (जिसकी निर्माण लागत ही ₹1,800 करोड़ से अधिक है), इसकी कुल संपत्ति को ₹6,000 करोड़ से ₹8,000 करोड़ के पार ले जाती है।
दैनिक भास्कर एप की ओर से करवाए गए सरपंच रेटिंग सर्वे के बाद उसका रिजल्ट जारी किया गया है। इस सर्वे के जरिए लोगों ने अपने गांव के सरपंच को उसके कामकाज के आधार पर रेटिंग दी। लोगों को सड़क, नाली, रोड लाइट, शौचालय और पानी जैसे पांच मुद्दों पर सवाल दिए गए थे। पूछा गया था कि इन सवालों पर वे अपने सरपंच को कितने (1 से 5 तक) नंबर देंगे। सर्वे में राजस्थान से आठ लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया। पूरे प्रदेश में टॉप-5 में 121 सरपंचों को जगह मिली है। प्रदेश में पहली रैंक हनुमानगढ़ जिले की राजपुरा पंचायत समिति में रासलाना के सरपंच भीम सिंह को मिली है। उन्हें पांच में से पांच नंबर मिले। प्रदेश स्तर पर सबसे अधिक 56 लोगों को पांचवीं रैंक मिली है। दूसरी रैंक में 8 सरपंचप्रदेश स्तर पर दूसरी रैंक में आठ सरपंचों को जगह मिली है। इनमें चार महिलाएं शामिल हैं। इन सभी को 4.9 नंबर मिले। तीसरी रैंक में 20 सरपंचराज्य में तीसरी रैंक में 20 सरपंच शामिल हुए हैं। इन सभी को 4.8 नंबर मिले। इनमें सबसे अधिक टोंक के तीन सरपंच शामिल हैं। चौथी रैंक में 36 सरपंचों के नामसरपंच सर्वे में राज्य स्तर पर चौथे स्थान पर 36 सरपंच रहे। इन सभी को 4.7 नंबर मिले हैं। पांचवी रैंक में 56 सरपंचों ने जगह बनाईदैनिक भास्कर सरपंच सर्वे में राज्य स्तर पर पांचवीं रैंक में सबसे अधिक 56 सरपंचों के नाम हैं। पूरे राजस्थान के सरपंच का रिजल्ट, एक क्लिक मेंदैनिक भास्कर एप में आप आसानी से अपने सरपंच का रिजल्ट भी देख सकेंगे। अगर आप पहले ही इस सर्वे में हिस्सा ले चुके हैं तो आपको अपनी पंचायत नहीं चुननी होगी। सीधे एक क्लिक पर अपनी पंचायत का परिणाम देखने को मिल जाएगा। अन्य पाठकों को एक बार अपना जिला और पंचायत को चुनना होगा। यहां क्लिक कर देखें रिजल्ट। दूसरे गांव के सरपंचों की रेटिंग भी देखेंअपने गांव के सरपंच का रिजल्ट देखने के बाद आप राज्य के किसी भी अन्य गांव के सरपंच की रेटिंग भी देख सकते हैं। जिस स्क्रीन पर आप अपने सरपंच की रेटिंग देखेंगे, उसी स्क्रीन पर आपको अन्य पंचायतों के सरपंचों की रेटिंग देखने का विकल्प भी मिल जाएगा। आपको सिर्फ जिले, पंचायत समिति और उस ग्राम पंचायत का चयन करना है, जहां के सरपंच की रेटिंग देखना चाहते हैं। सब्मिट बटन पर क्लिक करते ही आपको वहां के सरपंचों को जनता द्वारा दिए गए नंबर देख सकते हैं। दैनिक भास्कर एप पर अपने गांव के सरपंच का रिजल्ट देखने के लिए यहां क्लिक करें। अपने जिले के टॉप-10 सरपंचों की लिस्ट देखने के लिए यहां क्लिक करें : अजमेर । अलवर । बालोतरा । बांसवाड़ा । बारां । बाड़मेर । ब्यावर । भरतपुर । भीलवाड़ा । बीकानेर । बूंदी । चित्तौड़गढ़ । चूरू । दौसा । डीग । धौलपुर । डीडवाना–कुचामन । डूंगरपुर । हनुमानगढ़ । जयपुर । जैसलमेर । जालोर । झालावाड़ । झुंझुनूं । जोधपुर । करौली । खैरथल–तिजारा । कोटा । कोटपूतली–बहरोड़ । नागौर । पाली । फलोदी । प्रतापगढ़ । राजसमंद । सवाई माधोपुर । सीकर । सिरोही । श्रीगंगानगर । सलूंबर । टोंक । उदयपुर ।
रेगिस्तानी जिले बाड़मेर में इस साल मार्च का महीना मौसम के कई रंग दिखा रहा है। महीने की शुरुआत भीषण गर्मी के साथ हुई थी, जिससे लग रहा था कि इस बार लू समय से पहले पसीने छुड़ाएगी, लेकिन पिछले कुछ दिनों से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से परिदृश्य पूरी तरह बदल गया है। शनिवार को दिनभर आसमान में बादलों की आवाजाही रही और देर रात हुई हल्की बूंदाबांदी ने फिजा में ठंडक घोल दी। 6 साल बाद रिकॉर्ड तोड़ा, 3 दिन पहले 16.6 MM हुई थी बारिश मौसम ने साल 2020 के बाद एक नया रिकॉर्ड बनाया है। मार्च महीने में अब तक 16.6 एमएम बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो पिछले चार वर्षों में सबसे अधिक है। 2020 में 9.9 एमएम बारिश हुई थी। तापमान में गिरावट सूरज के तेवर फिलहाल ठंडे पड़ गए हैं। जिले का अधिकतम तापमान 32.2डिग्री और न्यूनतम तापमान 18.8 डिग्री दर्ज किया गया है। आगामी दिनों का पूर्वानुमान मौसम विभाग के विश्लेषण के अनुसार, मार्च का अंत उतार-चढ़ाव भरा रहने वाला है। 21-22 मार्च को हल्की बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने की प्रबल संभावना है। इससे एक बार फिर रबी की फसलों को नुकसान हो सकता है। 23 से 25 मार्च के बीच मौसम थोड़ा स्थिर हो सकता है, लेकिन 26 मार्च से एक और सक्रिय तंत्र के कारण मौसम फिर करवट लेगा।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) द्वारा सहायक अभियोजन अधिकारी (APO) 2025 के 182 पदों पर भर्ती के लिए प्रारंभिक परीक्षा आज रविवार को आयोजित की जा रही है। परीक्षा की पहली पाली सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक होगी। इस परीक्षा का आयोजन प्रदेश के 8 जिलों में कराया जा रहा। जिसमें अलीगढ़, बरेली, गोरखपुर, कानपुर नगर, लखनऊ, मेरठ, प्रयागराज और वाराणसी में कुल 210 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। पूरे प्रदेश में 93,420 अभ्यर्थियों ने इस परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया है। गोरखपुर में खास इंतजाम गोरखपुर जिले में 19 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 8,294 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा को पूरी तरह नकलविहीन और शांतिपूर्ण बनाने के लिए प्रशासन ने सख्त इंतजाम किए हैं। 19 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 19 स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। ट्रैफिक, पार्किंग और सुरक्षा की विशेष व्यवस्था की गई है। समय का रखें खास ध्यान परीक्षा नियंत्रक ने अभ्यर्थियों को समय को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं: इसलिए अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे समय से पहले केंद्र पर पहुंचें। जरूरी दस्तावेज साथ रखें प्रशासन की अपील जिला प्रशासन ने सभी अभ्यर्थियों से सहयोग की अपील की है, ताकि परीक्षा निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके। साथ ही अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी अपडेट के लिए यूपीपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट (uppsc.up.nic.in) पर नजर बनाए रखें। यह परीक्षा राज्य में सहायक अभियोजन अधिकारी जैसे महत्वपूर्ण पदों के लिए आयोजित की जा रही है, जिनका चयन होने के बाद अभ्यर्थी न्यायिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
50 हजार ईवी और अलग से चार्जिंग कमेशन महज 35:घरेलू बिजली कनेक्शन से ईवी चार्ज करना कितना सही
इंदौर के बृजेश्वरी एनेक्स में हुए अग्निकांड ने इलेक्ट्रिक व्हीकल के रखरखाव को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। हादसा ईवी की चार्जिंग के दौरान हुआ या फिर इलेक्ट्रिक पोल की वजह से इसे लेकर विरोधाभास है। इन सब के बीच भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि शहर के 50 हजार इलेक्ट्रिक व्हीकल में से 99 फीसदी की बैटरी असुरक्षित तरीके से चार्ज की जा रही है। जबकि, विद्युत वितरण कंपनी ईवी चार्ज करने के लिए अलग से कनेक्शन देती है। इसका टैरिफ भी कमर्शियल विद्युत कनेक्शन से कम है। आखिर लोग असुरक्षित तरीके से कैसे ईवी की बैटरी चार्ज कर रहे हैं? बिजली कंपनी जब अलग से कनेक्शन देती है, तो फिर कनेक्शन क्यों नहीं लिया जा रहा? बैटरी चार्ज करने का तरीका क्या है? इन सभी सवालों का जवाब जानने भास्कर ने एक्सपर्ट और बिजली कंपनी के अफसरों से बात की। पढ़िए रिपोर्ट ईवी चार्जिंग के लिए अलग कनेक्शन और टैरिफबिजली कंपनी के पास EV चार्जिंग के लिए एक समर्पित नीति मौजूद है। जिन घरों में इलेक्ट्रिक वाहन हैं, वे अलग से कनेक्शन ले सकते हैं। इसका टैरिफ भी घरेलू और कमर्शियल कनेक्शन से कम है। जहां घरेलू कनेक्शन पर 3.50 से 7 रुपये प्रति यूनिट (स्लैब के अनुसार) और कमर्शियल पर 8 रुपये प्रति यूनिट का चार्ज लगता है। वहीं EV चार्जिंग कनेक्शन के लिए यह दर मात्र 7.14 रुपये प्रति यूनिट है। इसका मतलब है कि अलग से कनेक्शन लेना न केवल सुरक्षित है, बल्कि कई मामलों में सस्ता भी पड़ सकता है। इस कनेक्शन के तहत अलग से वायरिंग, एक समर्पित मीटर और लोड ट्रांसफर की व्यवस्था होती है, जो घर के मुख्य इलेक्ट्रिकल सर्किट को ओवरलोड होने से बचाता है। ऐसे में आग लगने जैसे हादसों का खतरा लगभग खत्म हो जाता है। इंदौर बिजली कंपनी के अधीक्षण यंत्री दिलीप कुमार गाठे कहते हैं, हम EV चार्ज करने के लिए अलग से कनेक्शन देते हैं, लेकिन लोग आगे नहीं आते। कंपनी ने यह व्यवस्था कर रखी है कि एक ही घर में दूसरा कनेक्शन दे सकते हैं। अगर लोग चार्जिंग के लिए अलग कनेक्शन लें तो यह उनके लिए ही फायदेमंद और सुरक्षित होगा। इसका टैरिफ भी कम है। सामान्य वायरिंग से ईवी चार्ज करना खतरनाक-एक्सपर्टबिजली कंपनी के रिटायर्ड इंजीनियर जीके वैष्णव बताते हैं, लगभग पांच साल पहले जब EV आने शुरू हुए, तो इंदौर ने ही सबसे पहले छह इलेक्ट्रिक वाहन खरीदकर एक सकारात्मक संदेश दिया था। उसी समय यह पॉलिसी बनी थी कि EV को चार्ज करने के लिए 7 से 9 किलोवॉट का पावर चाहिए होता है। घरों की सामान्य वायरिंग और कनेक्शन इतना अतिरिक्त लोड उठाने के लिए नहीं बने होते। इसलिए अलग कनेक्शन की व्यवस्था की गई। लेकिन लोगों में यह भ्रम फैल गया कि इसमें ज्यादा पैसा लगेगा, और वे घरेलू कनेक्शन से ही वाहन चार्ज करने लगे, जिससे आग लगने का खतरा कई गुना बढ़ गया। लोगों को घरों में वाहन चार्ज करने से बचना चाहिए और चार्जिंग स्टेशनों का उपयोग करना चाहिए। 10 हजार बचाने के चक्कर में जान से खिलवाड़खतरे की एक और बड़ी वजह है सस्ते और गैर-प्रमाणित चार्जिंग उपकरणों का बढ़ता इस्तेमाल। चार पहिया वाहनों के साथ कंपनी जो ओरिजिनल चार्जर देती है, उसकी कीमत 35,000 रुपये से ज्यादा होती है। इसे कंपनी के विशेषज्ञ इंस्टॉल करते हैं और इसमें ऑटो-कटऑफ जैसे सेफ्टी फीचर्स होते हैं, जो ओवरलोडिंग होने पर चार्जर को बंद कर देते हैं। लेकिन जब यह चार्जर खराब हो जाता है, तो लोग 10-12 हजार रुपये बचाने के लिए बाजार से 25,000 रुपये वाला सस्ता चार्जर खरीद लेते हैं। यहीं से सुरक्षा के साथ सबसे बड़ा समझौता शुरू होता है। इससे भी बदतर स्थिति ई-रिक्शा और टू-व्हीलर सेगमेंट में है। इनके चार्जर बाजार में 3,000 से 8,000 रुपये में आसानी से मिल जाते हैं, जिनकी क्वालिटी और सुरक्षा मानकों का कोई भरोसा नहीं होता। 7 पॉइंट्स में समझिए चार्जिंग के समय बरती जाने वाली सावधानियां इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर और EV चार्जिंग व्यवस्था के विशेषज्ञ ईश्वर भारद्वाज कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह देते हैं। वायरिंग, अर्थिंग और प्रॉपर कनेक्शन जरूरी- एक्सपर्ट रिटायर्ड एई जीके वैष्णव हादसों की तकनीकी वजहों को और गहराई से समझाते हैं।
सेलिब्रिटी के बाद अब एमपी में कारोबारियों-व्यापारियों को लॉरेंस गैंग के गुर्गों की धमकियां मिल रही हैं। अशोकनगर से लेकर ब्यावरा, इंदौर, भोपाल के कारोबारी-व्यापारी इनकी लिस्ट में है। करीब एक महीने पहले अशोकनगर के एक बिल्डर व कारोबारी को धमकी दी थी। वहीं शनिवार को भोपाल के कारोबारी को भी धमकी दी है। बता दें कि एमपी के कारोबारियों को लॉरेंस गैंग से धमकी का यह एक महीने के भीतर यह चौथा मामला है। लगातार मिल रही इन धमकियों से जहां कारोबारी व व्यापारियों में डर का माहौल है। वहीं पुलिस भी हैरत में पड़ गई है। इंदौर में जिस रियल एस्टेट कारोबारी को धमकी मिली वह भी घबराए हुए हैं। धमकी मिलने के बाद इंदौर क्राइम ब्रांच ने मामले में अपनी जांच शुरू कर दी है। पुलिस सभी घटनाओं का पैटर्न समझ रहीएडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश दंडोतिया ने बताया कि इंदौर के जिस रियल एस्टेट कारोबारी को धमकी मिली है। उसमें क्राइम ब्रांच जांच कर रही है। जिस नंबर से कारोबारी को कॉल आया था उसकी जानकारी निकाल रहे हैं। अगर VPN (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) से आया तो इसका भी पता लगाया जाएगा कि कहां से ये आया है। वाइस की सैंप्लिंग कराई जाएगी। ये भी पता किया जाएगा कि सही में हरि बॉक्सर की आवाज है या नहीं। इसके साथ ही जिन-जिन जगह पर लोगों को धमकाया गया है वहां से भी जानकारी बुलवाई जा रही है, वहां किस तरह की मॉडस ऑपरेंडी रही है। इधर, देखा जाए तो कुछ जगह पर धमकाने का पैटर्न एक जैसा ही नजर आ रहा है। आपको बताते हैं कि कब किसे मिली धमकी... अशोकनगर: अंकित अग्रवाल से मांगे 10 करोड़ रुपए करीब एक महीने पहले अशोकनगर के बिल्डर व कारोबारी अंकित अग्रवाल को लॉरेंस गैंग के नाम पर धमकी मिली। अंकित से 10 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी गई। धमकाने वाले व्यक्ति ने खुद को गैंग का सदस्य “हरि बॉक्सर” बताया। व्हाट्सऐप वॉयस नोट के जरिए उसने कहा कि हमने एक बार जिसे फोन कर दिया उसे बगैर पैसे लिए नहीं छोड़ा। उसे मारा है या पैसे लिए हैं। तेरी हर एक डिटेल मेरे पास है। कोई गलतफहमी मत पालना। पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस और सायबर सेल ने मामले की जांच शुरू कर दी है। तीन अंतरराष्ट्रीय नंबरों से आए कॉलकारोबारी अंकित अग्रवाल के मुताबिक 11 फरवरी को उन्हें तीन अलग-अलग इंटरनेशनल नंबरों से व्हाट्सऐप कॉल और मैसेज मिले। फोन नहीं उठाने पर वॉयस नोट भेजे गए। कॉल करने वाला लगातार संपर्क करने की कोशिश कर रहा था। कॉलर ने खुद को लॉरेंस गैंग का सदस्य बताते हुए अपना नाम ‘हरि बॉक्सर’ बताया। उसने कहा कि गूगल पर नाम सर्च कर लो, सब पता चल जाएगा। धमकी देने वाले ने सीधे 10 करोड़ रुपए देने की मांग रखी। उसने कहा कि यह रकम दो दिन के अंदर पहुंच जानी चाहिए। कारोबारी को 2 मिनट का वाइस नोट भेजकर धमकी दी थी। ब्यावरा: आपत्तिजनक बातें भी लिखीं ब्यावरा शहर में चार दिन पहले मंगलवार को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से एक धमकी भरी चिट्ठी मिली। यह चिट्ठी अहिंसा द्वार के पास स्थित बीड़ी नंबर-2 कारखाने के गेट पर मिली, जिसमें प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री समेत कई बड़े अधिकारियों के लिए आपत्तिजनक बातें लिखी हुई थी। मंगलवार सुबह बीड़ी कारखाने के मैनेजर हेमराज मेहर काम पर पहुंचे, तो उन्हें दरवाजे के पास तीन पन्नों की एक फोल्ड की हुई चिट्ठी मिली। इसे खोलने पर इसमें प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री मोहन यादव, कलेक्टर और एसपी के नाम के साथ भद्दे शब्द लिखे हुए थे। इसके अलावा 'लाडली बहना योजना' को लेकर भी गलत बातें लिखी गई थीं। दुकान संचालक और गैंग का नाम आने से दहशत चिट्ठी में कारखाने के साथ-साथ पास ही दुकान चलाने वाले बंटी पालीवाल का नाम भी लिखा था। गैंग का नाम और जान-पहचान वालों के नाम सामने आने से इलाके के लोगों में डर का माहौल बन गया था। इंदौर: कारोबारी संजय जैन को मिली धमकी इंदौर के साउथ तुकोगंज इलाके में रहने वाले रियल एस्टेट कारोबारी संजय जैन को लॉरेंस के नाम से धमकी मिली। धमकी मिलने पर उन्होंने क्राइम ब्रांच में शिकायत की थी, जिसके बाद तुकोगंज थाने में FIR दर्ज की गई। गुरुवार को संजय को धमकी भरा कॉल आया, जिसे उन्होंने तुरंत डिस्कनेक्ट कर दिया। इसके बाद उनके मोबाइल पर वॉइस मैसेज आया, जिसमें मैसेज करने वाले ने खुद को लॉरेंस गैंग का साथी व हेरी बॉक्सर बताया और 15 करोड़ रुपए की मांग की। वॉइस मैसेज में कहा गया कि रकम नहीं देने पर हत्या कर दी जाएगी। इंटरनेशनल नंबर से वॉइस कॉल आया संजय ने पुलिस बताया कि 16 मार्च की सुबह करीब साढ़े आठ बजे मुझे एक इंटरनेशनल नंबर से वॉइस कॉल आया। कॉल करने वाले ने पूछा - क्या तू संजय जैन बोल रहा है, तू बिल्डर है ना? मैंने इससे इनकार किया तो उसने कहा - झूठ मत बोल, मुझे सब पता है। उसने अपना नाम हेरी बॉक्सर बताया और कहा कि वह लॉरेंस गैंग का मेंबर है, इंटरनेट पर उसकी जानकारी देख सकता हूं। इसके बाद मैंने फोन काट दिया और उस नंबर को ब्लॉक कर दिया। कुछ मिनट बाद उसी नंबर से वॉइस मैसेज आया और वीडियो कॉल भी किया गया, लेकिन मैंने नहीं उठाया। फिर एक दूसरे नंबर से कॉल आया, जिस पर बाबा महाकाल की डीपी लगी हुई थी। उस नंबर से भी वॉइस कॉल आया। पहले 10 करोड़, फिर 15 करोड़ मांगने लगा इसके बाद उसी नंबर से मुझे एक वॉइस मैसेज मिला, जिसमें कहा गया -“सुन संजय, फोन काटने, भागने या ब्लॉक करने से पीछा नहीं छूटेगा। पहले 10 करोड़ देने थे, अब 15 करोड़ देने होंगे। जितना लेट रिप्लाई करेगा, उतने ज्यादा पैसे देने होंगे। या तो पैसे देगा या जान देगा। तुझे जिसके पास जाना है चला जा, अब कोई नहीं बचा पाएगा।” इसके साथ ही कई ओर भी बातों का जिक्र इसमें था। खरगोन: कारोबारी दिलीप सिंह के घर हुई फायरिंग खरगोन जिले में किसान कारोबारी दिलीप सिंह राठौड़ के घर पर फायरिंग हुई है। बाइक सवार 3 नकाबपोश बदमाशों ने घर के बाहर गोलियां चलाईं। फायरिंग के बाद इंदौर की ओर भाग गए। वारदात CCTV कैमरे में कैद हो गई है। जानकारी के मुताबिक, फायरिंग की जिम्मेदारी लॉरेंस गैंग ने ली। गैंग के मेंबर हैरी बॉक्सर और आरजू बिश्नोई ने सोशल मीडिया के माध्यम से फायरिंग की पुष्टि की। कारोबारी के बेटे सत्येंद्र राठौड़ ने शिकायत दर्ज कराई थी। वॉइस नोट के जरिए मांगी फिरौती सत्येंद्र राठौड़ की शिकायत के अनुसार, 16 मार्च को परिवार इंदौर गया हुआ था। उनके पिता को इंटरनेशनल नंबरों से कई कॉल आए। कुछ अज्ञात लोगों से व्हाट्सऐप कॉल और वॉइस नोट के जरिए धमकियां मिलीं। आरोपियों ने 10 करोड़ की फिरौती की मांग की। सबूत के तौर पर घर के बाहर फायरिंग का वीडियो भी भेजा। आरोपियों ने फायरिंग के बाद 17 और 18 मार्च को विदेशी नंबरों से कई कॉल किए, जिन्हें उन्होंने रिसीव नहीं किया। इसके बाद वॉइस नोट के जरिए आरोपियों ने धमकाया। पैसे नहीं देने पर परिवार समेत घर को बम से उड़ाने की धमकी दी। भोपाल: कारोबारी से 10 करोड़ की रंगदारी मांगी भोपाल के कोलार रोड इलाके में एक कारोबारी को विदेशी नंबरों से कॉल कर 10 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया। उसने खुद को लॉरेंस गैंग से जुड़ा बताते हुए धमकियां दीं। पुलिस के अनुसार पार्वती नगर में रहने वाले रियल एस्टेट और सराफा कारोबारी गौरव जैन ने कोलार रोड थाने में लिखित शिकायत की है। उन्होंने बताया कि 18 मार्च की रात करीब 10:30 बजे उनके मोबाइल पर एक अंतरराष्ट्रीय नंबर से व्हाट्सऐप कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को “हैरी बॉक्सर” बताते हुए कहा कि वह लॉरेंस गैंग से जुड़ा है और गौरव जैन को 10 करोड़ रुपए तैयार रखने होंगे। साथ ही उसने उन्हें अपने परिचितों से मिल लेने और अपने बारे में इंटरनेट पर जानकारी जुटाने की बात भी कही। गौरव जैन ने पहले कॉल को फर्जी समझकर नजरअंदाज कर दिया था, लेकिन 20 मार्च की सुबह करीब 10:56 बजे दूसरे नंबर से दोबारा कॉल आया। इस बार आरोपी ने सीधे पैसों की मांग दोहराई। इनकार करने पर उसने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। उसने धमकी दी कि रकम नहीं देने पर उसके गुर्गे कहीं भी हमला कर सकते हैं, और अंजाम गंभीर होगा।। पीड़ित के अनुसार, कॉल के बाद व्हाट्सऐप पर लगातार धमकी भरे ऑडियो मैसेज भी भेजे गए, जिनमें रैकी कराने और हथियार से हमला करवाने की बात कही गई। हाल की प्रमुख धमकियां (2025-2026 में) • सिंगर-रैपर बादशाह: मार्च 2026 में सबसे ताजा मामला। उनके हरियाणवी गाने “टटीरी” (Tateeree) में आपत्तिजनक बोलों के आरोप के बाद गैंग ने फेसबुक पोस्ट में धमकी दी। पोस्ट में पानीपत फायरिंग की जिम्मेदारी लेते हुए लिखा गया कि “2024 में क्लब में ट्रेलर दिखाया था, अगली बार सीधे माथे में गोली मारेंगे”। • रनवीर सिंह: हाल ही में उनके मैनेजर को वॉइस नोट से 1-20 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की गई। मुंबई पुलिस ने गैंग के सदस्य हरि चंद्रा (हरि बॉक्सर) के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया। • सलमान खान: पुराना और लगातार चल रहा विवाद (1998 ब्लैकबक केस से जुड़ा)। हाल में उनके करीबी सहयोगी को ईमेल से धमकी मिली। पहले भी उनके घर के बाहर फायरिंग हुई थी, और Y+ सुरक्षा है।
हरियाणा में हालिया बारिश के बाद दिन के तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के 21 मार्च के बुलेटिन के अनुसार कई जिलों में अधिकतम तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई है, जिससे दिन में हल्की ठंडक महसूस की जा रही है। वहीं मौसम विभाग ने एक बार फिर हरियाणा में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। 25 मार्च रात से एक और पश्चिमी विक्षोभ हरियाणा में एक्टिव होगा जिसका असर 27 मार्च तक रहेगा। इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है और तेज हवाएं चल सकती हैं। अभी हाल ही में 19 और 20 मार्च को हरियाणा में करीब 200 एमएम तक बारिश दर्ज की गई थी। इसके कारण गेहूं की फसल में नुकसान देखने को मिला था। अब फिर बारिश और आंधी के कारण फसल को और नुकसान हो सकता है। एक्सपर्ट व्यू: 27 मार्च तक मौसम खराब रहेगाचौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के सीनियर साइंटिस्ट डॉ. चंद्रशेखर डागर के अनुसार, 26 मार्च तक मौसम लगातार बदलता रहेगा। 22 मार्च को एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसके प्रभाव से 23 से 25 मार्च के बीच आंशिक बादल छाए रहेंगे और हल्की हवाएं चलेंगी। इसके बाद 25 मार्च की रात दूसरा पश्चिमी विक्षोभ आएगा, जिससे 26-27 मार्च को कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी और बादल छाए रहने की संभावना है। उन्होंने बताया कि इस दौरान दिन के तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है। जानिए कैसा रहा दिन और रात का तापमान…
जबलपुर की वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमलता श्रीवास्तव की मौत के 33 दिन बाद उनके गायब मोबाइल से मैसेज भेजे जाने का मामला सामने आया है। यह मोबाइल उनके जीवित रहते ही गायब हो गया था। उन्होंने घर और बाहर काफी तलाश भी की, लेकिन मोबाइल नहीं मिला। इतना ही नहीं, जब वह वेंटिलेटर सपोर्ट से बाहर आईं, तब उन्होंने सबसे पहले अपने मोबाइल के बारे में ही पूछा था। मैसेज अंग्रेजी में भेजा गया था… माफ करें…मोबाइल कानूनी तौर पर मेरे पास है। डॉ. हेमलता के परिवार ने उन सभी को श्राप दिया है, जिन्होंने उन्हें अगवा किया, प्यास से तड़पाया। भूखा रखा, फिर वेंटिलेटर, पोस्टमार्टम और फिर मॉर्चरी में रखा। मानवता पर यह एक वास्तविक कलंक है। दरअसल, 16 फरवरी को इलाज के दौरान डॉ. हेमलता की मौत हो गई थी। इसके बाद उनकी संपत्ति नगर निगम के अधीन चली गई। वहीं, पुलिस लापता मोबाइल की तलाश में जुटी हुई थी। बताया जा रहा है कि उस मोबाइल में कई अहम राज छिपे हो सकते हैं। इसी बीच शनिवार (21 मार्च) की सुबह इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) जबलपुर की अध्यक्ष डॉ. रिचा शर्मा के व्हाट्सऐप पर उसी नंबर से एक मैसेज भेजा गया। प्रोफाइल में डॉ. हेमलता की ही फोटो (डीपी) लगी हुई है। सबसे पहले IMA ग्रुप में शेयर किया मैसेज मोबाइल पर मैसेज पढ़ने के बाद डॉ. रिचा शर्मा ने सबसे पहले इसे अपने आईएमए ग्रुप में साझा किया। इसके बाद उन्होंने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कर जांच की मांग की। उनका कहना है कि इस तरह के मैसेज भेजना गलत है, वह भी ऐसे मोबाइल से, जिसके मालिक की मृत्यु हो चुकी है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। डॉ. रिचा शर्मा ने साइबर पुलिस से शिकायत करते हुए मांग की है कि जल्द से जल्द यह पता लगाया जाए कि डॉ. हेमलता का मोबाइल किसके पास है। उन्होंने कहा कि संभव है मोबाइल में महत्वपूर्ण जानकारी हो, जो पुलिस जांच के लिए जरूरी साबित हो सकती है। डॉ. रिचा शर्मा के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 10:20 बजे डॉ. हेमलता के मोबाइल नंबर से दुर्भावनापूर्ण और बद्दुआओं से भरा एक मैसेज प्राप्त हुआ। मैसेज भेजने वाले ने खुद को मोबाइल का कानूनी धारक बताया है। जबकि मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इस संबंध में आईएमए सदस्यों से चर्चा के बाद, किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए उन्होंने अपनी सुरक्षा के मद्देनजर साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत दर्ज होने के बाद साइबर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। वेंटिलेटर सपोर्ट से हटाया तो मांगा मोबाइल डॉ. रिचा शर्मा ने बताया कि 2 फरवरी को मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान जब डॉ. हेमलता की तबीयत में सुधार हुआ और उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट से हटाया गया, तो उन्होंने सबसे पहले अपना मोबाइल मांगा। उन्होंने आसपास काफी देर तक उसे तलाश भी किया, लेकिन मोबाइल नहीं मिला। डॉ. रिचा शर्मा ने बताया कि उसी मोबाइल से एक बार उन्होंने अपने साथी डॉक्टर के जन्मदिन पर बातचीत भी कराई थी। इसके बाद डॉ. हेमलता मोबाइल ढूंढती रहीं, लेकिन यह नहीं बता पाईं कि वह किसके पास है। डॉ. रिचा शर्मा का कहना है कि डॉ. हेमलता की मौत से पहले ही उनका मोबाइल गायब हो गया था। ऐसे में पुलिस प्रशासन को सबसे पहले मोबाइल नंबर की लोकेशन के आधार पर उसकी तलाश करनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। अब तक उस नंबर पर डॉ. हेमलता की फोटो लगी हुई है। मैसेज की शिकायत करने के बाद मैंने उस नंबर को ब्लॉक कर दिया है। जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह को इस मैसेज की जानकारी दी है। उनसे कार्रवाई की मांग की है, जिस पर उन्होंने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। 27 जनवरी को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था आईएमए के सदस्यों ने 26 जनवरी को राइट टाउन स्थित उनके घर से उन्हें रेस्क्यू कर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। वेंटिलेटर पर रखने के बाद जब उनकी तबीयत में सुधार हुआ, तो 2 फरवरी को वेंटिलेटर हटा दिया गया और उन्होंने सभी से बातचीत की। इसके बाद 5 फरवरी की शाम को उनकी तबीयत फिर बिगड़ गई और 16 फरवरी को उनका निधन हो गया। यह खबर भी पढ़ें.. डॉ. हेमलता का निधन, 60 करोड़ की संपत्ति अब किसकी? जबलपुर की वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमलता श्रीवास्तव के निधन के बाद उनके 60 करोड़ रुपए मूल्य की संपत्ति पर विवाद बढ़ गया है। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में जमीन नगर निगम की पाई गई, कुछ हिस्सों को गिफ्ट और कुछ दान किया गया था। पूरी खबर यहां पढ़ें... रिटायर्ड महिला डॉक्टर को जबरन ले गए लोग जबलपुर जिला अस्पताल में पदस्थ रह चुकी वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमलता श्रीवास्तव को कुछ अज्ञात लोग जबरन अपनी कार में बैठाकर अपने साथ ले गए। मामला सामने आते ही इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने गंभीर चिंता जताते हुए कलेक्टर और एसपी को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत पर मदन महल थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पढ़ें पूरी खबर करोड़पति डॉक्टर को भूख से मारने की साजिश बार-बार कहा कि भूख लगी है, खाना दो, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं था। हालत यह थी कि जब एक दिन सात चम्मच पानी मिला, तब एहसास हुआ कि मैं तीन से ज्यादा चम्मच पानी भी पी सकती हूं। जबलपुर की बुजुर्ग सीनियर डॉक्टर हेमलता श्रीवास्तव के साथ हुई हैवानियत का खुलासा खुद उन्होंने रेस्क्यू के बाद किया है। डॉक्टर हेमलता ने बताया कि उन्हें पीने के लिए दिनभर में सिर्फ तीन चम्मच पानी दिया जाता था। खाना कभी नहीं दिया। पूरी खबर पढ़ें…
इंदौर के 12 बड़े अस्पताल बिना फायर एनओसी के संचालित हो रहे हैं। इनमें से 11 का खुलासा आरटीआई से हुआ है। चौंकाने वाला नाम सरकारी अस्पताल पीसी सेठी हॉस्पिटल का है। इस अस्पताल के पास भी एनओसी नहीं है। जबकि बुधवार को ही एक भीषण अग्निकांड में शहर के 8 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो चुकी है। हाईकोर्ट अधिवक्ता चर्चित शास्त्री ने 100 बेड से ज्यादा क्षमता वाले अस्पतालों की फायर एनओसी की जानकारी मांगी थी। इसके जवाब में पता चला है कि कुछ अस्पतालों ने तो फायर सेफ्टी सिस्टम ही पूरा नहीं किया है, जबकि कुछ ने सालों से एनओसी का नवीनीकरण नहीं कराया है। महापौर बोले- स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी आरटीआई में हुए खुलासे को लेकर मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने इस पूरे मामले की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग और सीएमएचओ पर डाल दी। उनका कहना है कि अस्पतालों की निगरानी और कार्रवाई की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की है। वहीं, सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी का कहना है कि पीसी सेठी अस्पताल को तब तक फायर एनओसी नहीं मिलेगी, जब तक वहां का अतिक्रमण नहीं हटाया जाता। सरकार अभी तक अतिक्रमण हटाने का मामला सुलझा नहीं पाई है। अतिक्रमण के कारण पीसी सेठी में वर्ष 2018 से फायर एनओसी की समस्या बनी हुई है। विभागीय स्तर पर इस संबंध में सभी जगह पत्राचार किया जा चुका है। वहीं, अन्य 11 अस्पतालों पर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर-CMHO को भी दे चुका जानकारी आरटीआई लगाने वाले एडवोकेट चर्चित शास्त्री का कहना है कि जिन अस्पतालों में सैकड़ों मरीज भर्ती रहते हैं, वहां फायर सेफ्टी के बेसिक इंतजाम तक नहीं हैं। यानी अगर आग लगती है, तो मरीजों के पास बचने का कोई रास्ता नहीं होगा। चर्चित ने कहा कि उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर कलेक्टर और सीएमएचओ को जानकारी देते हुए शिकायत भी की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अस्पताल और कमर्शियल बिल्डिंग असुरक्षित मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता अमित चौरसिया ने बताया कि इंदौर कलेक्टर द्वारा अगस्त 2024 में कमर्शियल बिल्डिंग संचालकों को एक महीने के भीतर फायर सेफ्टी के सभी इंतजाम पूरे करने के सख्त निर्देश दिए गए थे। स्पष्ट चेतावनी दी गई थी कि नियमों का पालन नहीं करने पर बिल्डिंग्स को सील किया जाएगा। इसके बावजूद आज तक न तो पूरी तरह जांच हुई और न ही नियमों का पालन सुनिश्चित कराया गया। हाल ही में सामने आई आरटीआई जानकारी ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तत्कालीन कलेक्टर आशीष सिंह ने दिए थे निर्देश दो साल पहले इंदौर में पदस्थ तत्कालीन कलेक्टर आशीष सिंह ने सीएमएचओ और डीन, एमजीएम मेडिकल कॉलेज को प्राइवेट नर्सिंग होम और अस्पतालों में सुरक्षा की पुख्ता निगरानी के निर्देश दिए थे। निर्देश के मुताबिक, नर्सिंग होम और अस्पतालों के पास नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा जारी फायर सेफ्टी प्रमाण पत्र और बिजली सुरक्षा प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। सभी नर्सिंग होम, अस्पताल और मेडिकल कॉलेजों को ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था। उस समय सभी नर्सिंग होम और अस्पतालों को हर हाल में यह व्यवस्था पूरी करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन सिंह के इंदौर से जाते ही पूरा मामला ठंडे बस्ते में चला गया। MP के अस्पतालों में लगी आग की बड़ी घटनाएं ये खबरें भी पढ़ें… इंदौर में EV ब्लास्ट, एक साथ 7 चिताएं जलीं इंदौर में इलेक्ट्रिक कार टाटा पंच में चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई, जिसने तीन मंजिला मकान को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में रबर कारोबारी मनोज पुगलिया, उनकी गर्भवती बहू सिमरन समेत 8 लोगों की मौत हो गई। पूरी खबर पढ़ें… कारोबारी के बेटे का दावा- EV से नहीं लगी आग इंदौर में हुए EV हादसे ने एक खुशहाल परिवार को कुछ ही मिनटों में तबाह कर दिया। हादसे से बचकर निकले कारोबारी मनोज पुगलिया के बेटे सौमिल ने कहा- जब इलेक्ट्रिक कार में चार्जर ही कनेक्ट नहीं था, तो शॉर्ट सर्किट कैसे हो सकता है? हादसे के वीडियो में दिखाई दे रहा है कि इलेक्ट्रिक पोल के ऊपर शॉर्ट सर्किट से चिंगारियां उठ रही हैं। पढ़ें पूरी खबर…
पूर्वांचल की सियासत जाति और दबाव की पॉलिटिक्स के बिना अधूरी कही जाती है। इस बार इसी सियासी चक्रव्यूह में भाजपा फंसी हुई दिख रही है। पूर्वांचल में 5 जिलाध्यक्षों की नियुक्ति को उसके दिग्गजों ने अपनी प्रतिष्ठा से जोड़ लिया है। चंदौली में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष महेंद्रनाथ पांडे के बीच खुली रस्साकशी चल रही। देवरिया में 2 पूर्व प्रदेश अध्यक्षों (सूर्य प्रताप शाही और रमापति राम त्रिपाठी) का अहम टकरा रहा। जबकि गोरखपुर-वाराणसी में सीएम योगी और पीएम मोदी की पसंद-नापसंद ने मामला पूरी तरह अटका रखा है। इसका असर पार्टी के काम-काज पर भी पड़ रहा है। आखिर इस खींचतान की वजह क्या है? विधानसभा चुनाव में एक साल से भी कम का वक्त है, ऐसे में 5 जिलाध्यक्षों की घोषणा कब तक होगी? पढ़िए हमारी खास रिपोर्ट में… पहला जिला- चंदौली ब्राह्मण v/s ठाकुर में फंसी जिलाध्यक्ष की नियुक्तिचंदौली पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह का गृह जनपद है। पार्टी सूत्र बताते हैं, पांडेय वर्तमान जिलाध्यक्ष काशी सिंह को हटाना चाहते हैं। उनकी इच्छा किसी ब्राह्मण चेहरे को अध्यक्ष बनाने की है। उनके खेमे का मानना है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में काशी सिंह ने सही ढंग से काम नहीं किया। क्षत्रिय जिलाध्यक्ष होने के बाद भी ठाकुरों ने सपा को वोट दिया। इससे दो बार के सांसद डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय चुनाव हार गए। काशी सिंह रक्षामंत्री के खेमे के हैं। अब राजनाथ सिंह और डॉ. महेंद्रनाथ खेमे की खींचतान में जिलाध्यक्ष की घोषणा अटक गई है। खास बात यह है कि पार्टी ने पांडेय को प्रदेश संगठन चुनाव का प्रभारी बनाया था। उनकी देख-रेख में हुए संगठनात्मक चुनाव में 93 जिलाध्यक्ष घोषित हो चुके हैं। लेकिन, उनके गृह जनपद में ही जिलाध्यक्ष की नियुक्ति अटकी है। दूसरा जिला- देवरिया रमापति बोले- जिसकी पैरवी करूंगा, वो अध्यक्ष होगादेवरिया में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रमापति राम त्रिपाठी के करीबी और सदर ब्लॉक प्रमुख पिंटू जायसवाल का जिलाध्यक्ष बनना लगभग तय था। त्रिपाठी ने प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी को भी जायसवाल के नाम पर जारी कर लिया था। लेकिन, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, सांसद शशांकमणि त्रिपाठी और 2 स्थानीय विधायकों ने पिंटू इसका विरोध किया। हालांकि, मामले में रमापति राम त्रिपाठी का कहना है- मैंने पिंटू जायसवाल को जिलाध्यक्ष बनवाने के लिए किसी से नहीं कहा। जो ऐसा कह रहा, उससे पूछिए कि वो ऐसा क्यों कह रहा है? जहां तक पैरवी की बात है, तो अगर मैंने किसी की पैरवी की, तो वो अध्यक्ष बन ही जाएगा। पिंटू के विरोध में तर्क ये दिया गया कि वे 2021 में पंचायत चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हुए थे। पार्टी ने उन्हें ब्लॉक प्रमुख बना दिया था। अब अगर जिलाध्यक्ष बनाया, तो कार्यकर्ताओं में गलत मैसेज जाएगा। यही बात लखनऊ से लेकर दिल्ली तक गई और पिंटू जिलाध्यक्ष बनते-बनते रह गए। अब पार्टी ऐसा नाम खोज रही है, जिस पर सभी रजामंद हों। तीसरा जिला- अंबेडकरनगर प्रदेश अध्यक्ष को कुर्मी-ब्राह्मण चेहरे की तलाशभाजपा यहां जिला उपाध्यक्ष राणा रणधीर सिंह को प्रमोशन देकर अध्यक्ष बनना चाहती थी। लेकिन, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का तर्क था कि फैजाबाद मंडल कुर्मी और ब्राह्मण बहुल इलाका है। यहां सपा के पास कुर्मी और ब्राह्मण नेता हैं। पार्टी ने सिर्फ फैजाबाद मंडल के बाराबंकी में कुर्मी जिलाध्यक्ष बनाया है। एक भी ब्राह्मण को जिलाध्यक्ष नहीं बनाया। ऐसे में चौधरी ने राणा की जगह किसी कुर्मी या ब्राह्मण चेहरे को जिलाध्यक्ष बनाने का सुझाव दिया, जिससे वोटबैंक साधने में मदद मिले। यही वजह है कि अभी तक अंबेडकरनगर में भी जिलाध्यक्ष के नाम की घोषणा नहीं हो सकी है। चौथा जिला- वाराणसी PM की पसंद से ही बनेगा जिलाध्यक्षप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में हंसराज विश्वकर्मा जिलाध्यक्ष हैं। पार्टी ने उन्हें विधान परिषद सदस्य (MLC) भी बनाया है। 34 साल से राजनीति में सक्रिय हंसराज इलाके में पिछड़ों का अहम चेहरा हैं। ऐसे में उनकी जगह किसी मजबूत विकल्प की तलाश है। सूत्रों के मुताबिक, वाराणसी में जिलाध्यक्ष का फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हरी झंडी के बाद ही होगा। प्रधानमंत्री की मर्जी से ही हंसराज तीन बार से जिलाध्यक्ष की कुर्सी पर बने हुए हैं। पांचवां जिला- गोरखपुर पिछले साल जून में हुआ जिलाध्यक्ष का निधनमार्च, 2025 में गोरखपुर में देवेश श्रीवास्तव को जिलाध्यक्ष घोषित किया था। लेकिन उनका जून, 2025 में हार्ट अटैक से निधन हो गया था। अब यहां जिलाध्यक्ष का पद खाली है। यहां सियासी उठापटक जैसा कुछ नहीं है। सीएम योगी की पसंद से ही गोरखपुर जिलाध्यक्ष बनेगा। इसलिए उनके इशारे का इंतजार किया जा रहा है। अब-तक 93 नामों पर लगी मुहरभाजपा ने यूपी को 98 संगठनात्मक जिलों में बांट रखा है। पार्टी ने 16 मार्च, 2025 को 70 जिलाध्यक्षों की पहली सूची जारी की थी। इसमें शामिल गोरखपुर के जिलाध्यक्ष देवेश श्रीवास्तव का जून, 2025 में निधन हो गया था। वहीं, गोंडा जिलाध्यक्ष अमर किशोर कश्यप को पार्टी कार्यालय में एक महिला कार्यकर्ता के साथ वीडियो वायरल होने पर हटा दिया गया था। इस तरह 68 जिलाध्यक्ष रह गए। इसके बाद 26 नवंबर को 14 और इस साल 26 फरवरी को 11 जिलाध्यक्षों के नाम सामने आए। इसमें गोंडा में इकबाल बहादुर तिवारी को अध्यक्ष बनाया गया। लेकिन चंदौली, देवरिया, वाराणसी, अंबेडकरनगर और गोरखपुर में जिलाध्यक्षों की नियुक्ति अब-तक नहीं हो पाई है। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें… सपा का नारा PDA, 70% मुस्लिम-यादव जिलाध्यक्ष, अखिलेश को संगठन में क्यों किसी और पर भरोसा नहीं सपा 2022 में यूपी की सत्ता की दौड़ में पिछड़ने के बाद से PDA (पिछड़ा-दलित-मुस्लिम) का नारा दे रही है। 2024 में उसे इस नारे के बलबूते यूपी की 80 लोकसभा सीटों में 37 पर सफलता मिली। उसके साथ गठबंधन में लड़ी कांग्रेस के भी 6 सदस्य जीतने में सफल रहे थे। पूरी खबर पढ़ें…
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यूपी का 3 दिन का दौरा भक्ति से भरा रहा। पहले दिन उन्होंने जहां अयोध्या में रामलला के दर्शन किए, वहीं 2 दिन मथुरा में बिताए। इस दौरान उन्होंने प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की। प्रेमानंदजी ने राधे-राधे कहकर उनका अभिवादन स्वीकार किया। परिवार के साथ गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा की। थोड़ी दूर पैदल चलीं। फिर परिवार संग गोल्फ कार्ट में सवार होकर डेढ़ घंटे में परिक्रमा पूरी की। गिरिराज जी के दर्शन किए। सांसद हेमामालिनी भी राष्ट्रपित से मिलने पहुंचीं। VIDEO में देखिए राष्ट्रपति का यूपी दौरा…
एक नहीं 25 शादियां कर चुका है। फर्जी आईएएस बनकर पैसे ऐंठ लिए और बेटी की जिंदगी भी बर्बाद कर दी। हमलोगों को कहीं का नहीं छोड़ा। हर दिन उसकी नई कहानी सामने आ रही है। ये कहना है गोरखपुर के रहने वाले फर्जी IAS के ससुर का। उनका आधा शरीर काम नहीं करता है। वह बिस्तर पर ही पड़े रहते हैं। पैरालाइज्ड हुए कुछ ही साल बीते थे, तभी एक और विपत्ति सिर पर आ गिरी, पूरा परिवार टूट सा गया। पिता का कहना है कि बेटी की जिंदगी बर्बाद करने वाले को किसी भी हाल में सजा दिलाकर दम लूंगा। पहचान छिपाने की शर्त पर दैनिक भास्कर से उन्होंने सबकुछ बताया। कैसे वह फर्जी आईएएस के जाल में फंसे, कैसे रिश्ता जुड़ा और हकीकत कैसे सामने आई? पढ़िए रिपोर्ट… दो बेटियों की शादी कर चुके, तीसरी में फर्जी IAS दामाद मिलाफर्जी IAS के ससुर ने बताया- मेरी 3 लड़कियां और एक लड़का है। 2 लड़कियों की शादी कर चुका हूं। इसी बीच मैं पैरालाइज हो गया। आधा शरीर काम ही नहीं करता है, इसलिए छोटी बेटी की शादी ढूंढना शुरू किया। छोटी बेटी ग्रेजुएशन कर चुकी है। समाज के ग्रुप में रिश्ता आया, फंसते चले गएउन्होंने बताया कि मेरी बड़ी बेटी दिल्ली में रहती है। उसने कहा कि हमलोगों के समाज का एक ग्रुप है, इसमें अपने समाज के बहुत लोग जुड़े हैं। एक आईएएस लड़के की प्रोफाइल आई है। लड़का रहने वाला इटावा के लुधियात मोहल्ले का है। नाम प्रीतम कुमार निषाद है। उसकी उम्र 32 साल है। वह मनिकपुर में एसडीएम पद पर तैनात है। प्रोफाइल पर यह सब लिखा है। उन लोगों को दहेज भी नहीं चाहिए। बस लड़की सुंदर होनी चाहिए। बेटी की बात सुन मुझे लगा कि रिश्ता अच्छा है, मैंने बात आगे बढ़ाने के लिए कह दिया। बड़ी बेटी ने प्रीतम से बात की, हम इटावा पता करने भी गएउन्होंने बताया कि बड़ी बेटी ने प्रीतम से शादी के लिए बात की। इसके बाद मोबाइल से मुझसे भी बात कराई। बातचीत के बाद वह दिसंबर 2025 में गोरखपुर आया। उससे बातचीत हुई। उसने भी बेटी को देखते ही पसंद कर लिया। बात आगे बढ़ने पर मेरे परिवार के लोग उसके बारे में पता करने के लिए इटावा गए। इटावा के लुधियात मोहल्ले में स्थित घर पर मेरे परिवार के लोग पहुंचे। टू बीएचके घर था। प्रीतम ने बताया कि यह मेरी बहन का घर है। हम लोगों की स्थिति बहुत खराब थी। अब इस मकान को बेचकर नया मकान लेने वाला हूं। बोला-गांव पिछड़ा है इसलिए कम जाते हैंप्रीतम से गांव के बारे में पूछा गया तो उसने बताया कि यहां से 35 किमी है। लेकिन एक नदी पार करके जाना पड़ता है। बहुत पिछड़ा गांव है, इसलिए वहां कम आते-जाते हैं। मैं गांव का पहला लड़का हूं, जो आईएएस बना है। इस तरह उसने मेरे परिवार को विश्वास में ले लिया। घर के लोग भी संतुष्ट हो गए। 11 मार्च 2026 को शादी का दिन तय किया गया। पहले तो प्रीतम ने बोला कि वह दहेज नहीं लेगा। लेकिन शादी तय होने के बाद उसने शादी खर्च के नाम पर पैसे की डिमांड कर दी। उसने बोला कि शादी और बहूभोज में बड़े-बड़े लोग आएंगे, काफी पैसे खर्च होंगे। उसके कहने पर ही शादी के एक महीने पहले ही 15 लाख रुपए उसे दे दिए। कार पर लिख रखा था भारत सरकारपिता ने बताया कि प्रीतम शादी के चार दिन पहले 7 मार्च को गोरखपुर आया था। जिस कार से आया, उसपर भारत सरकार लिखा था। उसके साथ एक असिस्टेंट भी था। जो उसके पीछे-पीछे चल रहा था। उसने घर पर आकर अपनी शादी का कार्ड दिया। इसपर मैंने सवाल किया कि शादी का कार्ड देने आने की क्या आवश्यकता थी। इसपर उसने जवाब दिया कि गोरखपुर में अपने समाज के कैबिनेट मंत्री और सांसद को शादी का कार्ड देना है। इसके अलावा पुलिस के अधिकारियों को भी कार्ड देना था। इसलिए गोरखपुर आया था। यह सब कहकर वह चला गया। शादी के दिन पता चला, विश्वास नहीं हुआपिता ने बताया कि 11 मार्च को कैंट क्षेत्र के एक मैरिज हाउस से शादी होनी थी। वहीं बारात के ठहरने के लिए एक होटल किया था। शादी वाले दिन दोपहर बाद बारात आई। होटल में दूल्हा और बाराती ठहरे थे। हमारे कुछ रिश्तेदार बाहर से आए थे। उनलोगों को जब पता चला कि लड़का आईएएस है तो मिलने होटल चले गए। वहां पर काफी देर तक बातचीत हुई। प्रीतम से उन्होंने पूछा कि कहां पर तैनात हैं। इसपर उसने मनिकपुर का नाम लिया। बताया कि इटावा से 500 किमी दूर यूपी दिल्ली बॉर्डर पर है। मेरे रिश्तेदारों ने प्रीतम के घर इटावा में भी उसके बारे में पता किया, लेकिन कोई कुछ नहीं बता पाया। इस पर रिश्तेदार बहुत संतुष्ट नहीं थे। इन सब के बीच रातभर शादी का कार्यक्रम चला। सुबह मेरे भतीजे और रिश्तेदार को शक होने पर उसके गांव में फिर कॉल कर जानकारी हासिल करनी चाही। प्रीतम के पट्टीदारों से बात हुई। उन्होंने बताया कि वह कोई आईएएस नहीं है। वह फर्जीवाड़ा करता है। इतना सुनते ही मेरे भतीजे ने विदाई रुकवा दी। प्रीतम ने सफाई में वीडियो दिखाएलड़की के पिता ने बताया कि अपनी सफाई में प्रीतम ने एक वीडियो मंगाकर दिया। उस वीडियो में प्रीतम का इंटरव्यू था। एक यू-टयूबर ने एसडीएम बनने के बाद इंटरव्यू किया था। जो उसके चैनल पर चार साल से चल रहा था। इसके बाद प्रीतम ने बताया कि मेरे पट्टीदार जलते हैं। वह नहीं चाहते कि मेरी शादी हो। विश्वास होने पर 12 मार्च 2026 को विदाई की रस्म पूरी की गई। गांव वालों ने कॉल कर बताई सच्चाईलड़की के पिता ने बताया कि थोड़ी ही देर बाद प्रीतम के गांव से फिर कई कॉल आई। उन्होंने प्रीतम के फर्जीवाड़ा का सबूत भी दिया। उन्होंने बताया कि प्रीतम गांव से भागा हुआ है। उसने कई लोगों से फर्जीवाड़ा किया है। उसने 25 शादियां झूठ बोलकर की हैं। विदाई के दिन ही रात में पहुंचे ससुरालइसके बाद हमलोग बहुत डर गए। सबसे पहले बेटी को कॉल करके बताया गया कि वह रास्ते में से बार-बार लोकेशन भेजते रहे। इधर गोरखपुर से मेरा बेटा, भतीजा और बड़ी लड़की कार से विदाई के तीन घंटे बाद निकले। इटावा में प्रीतम अपने घर लुधियात मोहल्ले में रात करीब 9 बजे पहुंचा। उसके पीछे मेरे परिवार के लोग भी 11 बजे पहुंच गए। देखा कि प्रीतम के घर के सभी लोग शराब पी रखे थे। वह भी सड़क पर से आंख चढ़ाए पैदल ही आया। घर में नहीं था शौचालयपरिवार के लोगों ने उससे कड़ाई से पूछताछ की। पहले तो इधर-उधर की बात करके घुमाता रहा। बाद में जब उसे गांव के लोगों के भेजे वीडियो दिखाए तब उसके होश उड़ गए। पोल खुलती देख उसने बताया कि वह आईएएस नहीं है। एक कंपनी में काम करता था। शादी के लिए एक महीने से छुट्टी ली है। तब उसके खिलाफ इटावा के एकदिल थाने में शिकायत दर्ज कराई। वहां पता चला कि उसके खिलाफ दो और लड़कियों ने पहले से मुकदमा करा रखा है। यह सब देखकर परिवार के लोग डर गए। उन्होंने बताया कि बेटी को लेकर वे गोरखपुर वापस आ गए। यहां आकर कैंट थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया है। बेटी ने भी बताया कि इटावा के जिस घर में वह विदा कराकर ले गया था, उसमें शौचालय तक नहीं था। पूछने पर कहा कि यहां के लोग खेत में जाते हैं। ---------------------------- ये खबर भी पढ़ें… फर्जी IAS अपनी दुल्हन को गोवा में बेचने वाला था:गोरखपुर में धूमधाम से शादी रचाई, लड़की के परिवार को देखते ही भागा गोरखपुर में इटावा के रहने वाले युवक ने फर्जी IAS बनकर शादी रचाई। वह अपनी दुल्हन को गोवा में बेचने की फिराक में था। लेकिन इससे पहले परिवार को उसके फर्जी अफसर होने की भनक लग गई। लड़की वाले अपनी बेटी को बचाने के लिए जैसे इटावा पहुंचे। आरोपी उन्हें देखते ही अपने परिवार के साथ भाग निकला। दुल्हन के परिवार ने नंदानगर इलाके के एक लॉन से धूमधाम से शादी की थी। पढ़ें पूरी खबर
मथुरा में चंद्रशेखर सिंह (45) की मौत हादसा है या हत्या…इसकी गुत्थी सुलझती नजर नहीं आ रही है। गोसेवा के लिए जाने जाने वाले चंद्रशेखर सिंह ‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से मशहूर थे। पूरे घटनाक्रम को लेकर थ्योरी सामने आई है कि चंद्रशेखर सिंह गोतस्करों का पीछा कर रहे थे, उसी दौरान राजस्थान नंबर के ट्रक ने कुचल दिया। हालांकि बाबा के समर्थक इसे हत्या करार दे रहे हैं, जबकि पुलिस हादसा बता रही है। इस सबके बीच अहम कड़ी नागालैंड नंबर का वो कंटेनर है, जिसका चंद्रशेखर सिंह पीछा कर रहे थे। पुलिस का दावा है कि उसमें साबुन-सैंप था, लेकिन वो कंटेनर कहां है? पुलिस ने उसे कहां रखा है? अगर वाकई में उसमें साबुन-सर्फ ही था तो कंटेनर को अज्ञात जगह पर क्यों रखा गया? सबसे पहले पूरा मामला जानिए…. 45 साल के चंद्रशेखर उर्फ फरसा बाबा की शनिवार सुबह 5 बजे ट्रक से कुचलकर मौत हो गई। वह गो-तस्करी के शक में कंटेनर की जांच कर रहे थे, तभी पीछे से ट्रक ने टक्कर मार दी। बाबा के साथियों ने दावा किया कि गो-तस्करों ने ट्रक से कुचलकर हत्या की है। पुलिस इसे हादसा बता रही है। बाबा की मौत की खबर मिलते ही लोगों में गुस्सा फूट पड़ा। हजारों लोग मथुरा के छाता कस्बे में सड़क पर उतर आए। गुस्साए लोगों ने दिल्ली-कोलकाता हाईवे जाम कर दिया। झड़प हुई। प्रशासन ने बड़ी मुश्किल से हालात पर काबू पाया। हादसे के बाद एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें बाबा जमीन पर पड़े हैं और उनके पास म्यान के साथ एक तलवार भी पड़ी है। जबकि, राजस्थान नंबर का ट्रक के आगे का हिस्सा डैमेज दिख रहा है। जिस ट्रक ने टक्कर मारी उसके ड्राइवर अलवर निवासी खुर्शीद की भी आगरा में इलाज के दौरान मौत हो गई है। गोरक्षक बोला- जानबूझकर टक्कर मारी बाबा की गोशाला में रहने वाले गोरक्षक हरिओम ने बताया कि फरसा वाले बाबा के पास रात करीब 3 बजे किसी ने फोन किया। सूचना दी कि कोसी में नेशनल हाईवे से गोवंश उठाया जा रहा है। इस पर बाबा मुझे और एक और गोरक्षक कान्हा को अपनी बाइक से लेकर मौके पर पहुंचते हैं। बाबा के पहुंचते ही नागालैंड नंबर का कंटेनर दिल्ली की तरफ भागने लगता है। बाबा पीछा करते हैं और उसे नवीपुर इलाके में रोक लेते हैं। बाबा बाइक से उतरकर कंटेनर चेक कर थे इसी दौरान पीछे से आए राजस्थान नंबर के ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। गोरक्षक हरिओम ने बताया कि राजस्थान नंबर के ट्रक ने जानबूझकर टक्कर मारी है। बाबा किनारे खड़े नागालैंड नंबर के कंटेनर को चेक कर रहे थे, उसी दौरान बीच लेन में चल रहे ट्रक ने किनारे आकर टक्कर मारी है। मैं महाराज जी से चंद कदम दूर था। महाराज जी ने मुझे धक्का मार दिया नहीं तो मैं भी उस ट्रक की चपेट में आता। हरिओम ने बताया तस्करों को पुलिस का भी भय नहीं है। हरिओम का कहना है कि अगर उस कंटेनर में कुछ गलत नहीं था तो उसमें बैठे लोग भागे क्यों? हरिओम का कहना है कि कंटेनर में गाय थीं। यही वजह है कि बीच में चल रहे ट्रक ने जानबूझकर टक्कर मारी है। जिस जगह घटना हुई वहां पर्याप्त लाइट बाबा के साथ मौजूद दूसरे साथी कान्हा ने बताया कि जिस जगह घटना हुई वहां आप जाकर देख सकते हैं कि कितनी लाइट है। बीच में चल रहे ट्रक ने महाराज जी को देखकर डायरेक्ट टक्कर मारी है। महाराज जी को मौका नहीं दिया। टक्कर के बाद तीनों ऑन स्पॉट भागे हैं। तीनों मुसलमान थे इसलिए पुलिस ने निकाल दिया कि जनता मार देगी। कान्हा का कहना है कि हम दो बाइक पर छह लोग थे। महाराज जी रोज पहरे पर निकलते थे। कान्हा का कहना है कि ये केवल साजिश है। इसी पाइंट पर तीन साल पहले गोरक्षक सोनू सरपंच को भी मारा गया था। कान्हा का दावा है कि प्रशासन सीसीटीवी खंगालेगा तो दिखेगा कि उस वाहन में गाय थीं। पुलिस ने अब तक कंटेनर की बरामदगी क्यों नहीं दिखाई। जानिए कौन हैं फरसा वाले बाबा चंद्रशेखर बाबा का घर मथुरा में बरसाना रोड पर छाता इलाके के आजनौंख गांव में है। कई साल के गोसेवा कर रहे हैं। स्थानीय लोग बताते हैं कि फरसा वाले बाबा हमेशा गाय के लिए समर्पित रहे। शुरुआत में बरसाना इलाके में गायों को लेकर जब भी कोई समस्या सामने आती, लोग बाबा को ही बताते। वह गायों की मदद करके धीरे-धीरे इलाके में प्रसिद्ध हो गए। गोसेवा में अपना जीवन अर्पित करने वाले फरसा वाले बाबा का तस्करों में इस कदर खौफ था कि उनकी मौजूदगी का पता चलते ही वह अवैध रूप से ले जाए जाने वाले गोवंश को छोड़कर भाग खड़े होते थे। बाबा के बड़े भाई केशव सिंह बताते हैं- छोटे भाई की उम्र 45 साल थी। मूलरूप से फिरोजाबाद के सिरसागंज लंगड़ा के रहने वाले हैं। वह दस साल की उम्र में ही बाबा बन गए थे। परिवार में हम दोनों ही सगे भाई थे। मेरे 4 बेटे, 4 बहुएं, 7 पोते और 6 पोतियां हैं। बाबा ने शादी नहीं की है। केशव सिंह का कहना है कि हम लोग अयोध्या में रहते हैं। पहले बाबा भी हमारे साथ अयोध्या में रहते थे। बाद में वह मथुरा आ गए। केशव सिंह ने दोषियों को फांसी देने की मांग की है। हालांकि पूरे प्रकरण को लेकर DIG शैलेश पांडे ने बताया जिस ट्रक ने टक्कर मारी उसमें कोई गोवंश नहीं मिला। DM चंद्र प्रकाश सिंह ने भी बताया सुबह कोहरा बहुत था पीछे से आ रहे ट्रक ने कंटेनर में टक्कर मारी जिसकी बजह से बाबा दोनों के बीच आ गए और उनकी मौत हो गई। यह प्रथम दृष्टया हादसा नजर आता है। कोसी थाना प्रभारी राजकमल ने बताया कि कंटेनर पकड़ लिया गया है। हालांकि उन्होंने ये नहीं बताया कि कंटेनर कहां रखा गया है। बड़ा सवाल ये है कि अगर कंटेनर में वाकई साबुन और सर्फ था तो उसे छिपाया क्यों जा रहा है? ------------------------ ये खबर भी पढ़ें… मथुरा में साधु की मौत पर हंगामा, पथराव:पुलिस की गाड़ियां तोड़ीं; आरोप- गोतस्करों ने ट्रक से कुचला, पुलिस बोली- हादसा मथुरा में साधु चंद्रशेखर सिंह (45) की ट्रक से कुचलकर मौत हो गई। वह ‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से मशहूर थे। घटना के बाद जमकर हंगामा हुआ। गुस्साए लोगों ने बाबा का शव रखकर हाईवे जाम कर दिया। बाबा के एक साथी ने दावा किया- शनिवार तड़के बाबा 2 साथियों के साथ ट्रक का पीछा कर रहे थे। ट्रक में गोवंश होने की सूचना थी। ट्रक को ओवरटेक कर बाबा ने सामने बाइक खड़ी कर दी। तभी अचानक ड्राइवर ने रफ्तार बढ़ा दी और बाबा को कुचलते हुए भाग गया। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पढ़ें पूरी खबर
नमस्कार, कल की बड़ी खबर ईरान के न्यूक्लियर प्लांट पर हमले से जुड़ी है। वहीं, दूसरी खबर यूपी की महिला मंत्री के बयान को लेकर है। उन्होंने कहा कि मस्जिद में हड्डी फेंकने पर दंगे हो जाएंगे। ⏰ आज का प्रमुख इवेंट, जिस पर रहेगी नजर... 1. सोनम वांगचुक जेल से रिहाई के बाद पहली बार लेह जाएंगे। वे 170 दिन जेल में रहे थे। 2. IPL फ्रेंचाइजी चेन्नई सुपर किंग्स का शाम 7 बजे चेपॉक स्टेडियम में रियूनियन होगा। इसमें पुराने खिलाड़ी भी शामिल होंगे। कल की बड़ी खबरें... 1. ईरान के नतांज न्यूक्लियर प्लांट पर दूसरी बार हमला, रूस ने हमले की निंदा की अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के 22 दिन हो गए हैं। इस बीच शनिवार सुबह अमेरिका और इजराइल ने ईरान के नतांज न्यूक्लियर सेंटर पर हवाई हमला किया। इस हमले में किसी भी तरह का रेडियोएक्टिव (खतरनाक परमाणु) रिसाव नहीं हुआ है। पहली बार 2 मार्च को हमला हुआ था: इजराइल और अमेरिका ने इससे पहले 2 मार्च को भी इस प्लांट पर हमला किया था। यह ईरान का सबसे बड़ा न्यूक्लियर सेंटर है, यहां यूरेनियम इनरिचमेंट किया जाता है। इसकी एक खास बात यह है कि इसका बड़ा हिस्सा जमीन के नीचे बना हुआ है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि किसी हमले से इसे बचाया जा सके। रूस ने हमले की निंदा की: रूस ने इस हमले की कड़ी आलोचना की है। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा कि यह हमला अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन है। ईरान ने इस हमले की जानकारी अंतरराष्ट्रीय परमाणु एजेंसी को भी दी है। पूरी खबर पढ़ें... 2. मथुरा में साधु की मौत पर हंगामा, पुलिस की गाड़ियां तोड़ीं, आरोप- गोतस्करों ने ट्रक से कुचला मथुरा में साधु चंद्रशेखर सिंह (45) की ट्रक से कुचलकर मौत हो गई। वह ‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से मशहूर थे। घटना के बाद जमकर हंगामा हुआ। गुस्साए लोगों ने बाबा का शव रखकर हाईवे जाम कर दिया। गोवंश से लदे ट्रक का पीछा कर रहे थे बाबा: बाबा के साथी ने दावा किया- शनिवार तड़के बाबा 2 साथियों के साथ ट्रक का पीछा कर रहे थे। ट्रक में गोवंश होने की सूचना थी। ट्रक को ओवरटेक कर बाबा ने सामने बाइक खड़ी कर दी। तभी अचानक ड्राइवर ने रफ्तार बढ़ा दी और बाबा को कुचलते हुए भाग गया। पुलिस बोली- बाबा चेकिंग कर रहे थे: पुलिस का कहना है कि शक के आधार पर बाबा नगालैंड नंबर के ट्रक को रोककर चेकिंग कर रहे थे। सुबह कोहरा होने की वजह से पीछे से आ रहे राजस्थान नंबर के ट्रक ने खड़े ट्रक को टक्कर मार दी। बाबा इसकी चपेट में आ गए। वहीं, राजस्थान के घायल ट्रक चालक की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। पूरी खबर पढ़ें… 3. मंत्री बोलीं- मस्जिदों में हड्डी फेंको तो दंगे हो जाएंगे, ‘गंगा में मुर्गा खाकर टांग फेंकने की इजाजत किसने दी?’ झांसी में मंत्री बेबी रानी मौर्य ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा- गंगा हमारी मां हैं। गंगा मां पर जाकर रोजा इफ्तार पार्टी करते, लेकिन मु़र्गे खा-खाकर टांगे फेंकने की इजाजत किसने दे दी? ‘अखिलेश को केवल वोटबैंक की चिंता’: क्या इनकी मस्जिदों में जाकर जानवरों की हड्डी फेंक सकते हैं? दंगे हो जाएंगे। अखिलेश को हिंदुओं की आस्था की चिंता नहीं है। वे गलत बोल रहे हैं। तुष्टिकरण और वोटबैंक की राजनीति कर रहे हैं। दरअसल, 2 दिन पहले अखिलेश यादव ने गंगा नदी में नाव पर इफ्तार पार्टी को लेकर बयान दिया था। उन्होंने कहा था- नाव पर इफ्तार पार्टी क्यों नहीं कर सकते? इसी को लेकर बेबी रानी मौर्य ने निशाना साधा है। पूरी खबर पढ़ें… 4. ममता बोलीं- मोदी सबसे बड़े घुसपैठिए, बंगाल में अघोषित राष्ट्रपति शासन लगाया पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने शनिवार को कहा कि आप (मोदी) नाम हटाने और लोगों को घुसपैठिया बताने की बात करते हैं। मैं कहूंगी, आप सबसे बड़े घुसपैठिए हैं। जब आप विदेश जाते हैं तो नेताओं से हाथ मिलाते हैं और दोस्ती की बात करते हैं। लेकिन जब आप भारत लौटते हैं तो अचानक हिंदू-मुस्लिम नैरेटिव शुरू हो जाता है ममता बोलीं- बंगाल बांटने वाले जहन्नुम में जाएंगे: ममता ने आगे कहा कि आपने हमारी सरकार पर कब्जा कर लिया है और अनऑफिशियल प्रेसिडेंट रूल लगा दिया है। लेकिन हम डरेंगे नहीं। जो लोग बंगाल को निशाना बना रहे हैं और लोगों को बांटने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें जहन्नुम में जाना चाहिए। पश्चिम बंगाल में दो फेज में चुनाव: चुनाव आयोग ने 15 मार्च को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव का ऐलान कर दिया। बंगाल में दो फेज 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग होगी। रिजल्ट 4 मई को आएंगे। पूरी खबर पढ़ें... 5. पंजाब में अफसर ने मंत्री पर आरोप लगाकर जहर खाया, मौत; AAP मंत्री का इस्तीफा पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के परिवहन मंत्री लालजीत भुल्लर का नाम लेकर सरकारी एजेंसी, वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के अमृतसर में तैनात डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (DM) गगनदीप सिंह रंधावा ने सुसाइड कर लिया। रंधावा ने जहर खाकर जान दे दी। मरने से पहले उन्होंने 12 सेकेंड का वीडियो जारी किया। मंत्री बोले- आरोप झूठे, इस्तीफा दिया: इस घटना का पता चलते ही CM भगवंत मान ने मंत्री भुल्लर से इस्तीफा ले लिया। मामले की जांच चीफ सेक्रेटरी केएपी सिन्हा को सौंप दी गई है। वहीं, मंत्री लालजीत भुल्लर ने कहा कि आरोप झूठे हैं। जांच प्रभावित न हो, इसलिए मैंने पद छोड़ा है। आरोप- मंत्री के पिता को टेंडर नहीं मिला: मंत्री पर आरोप है कि जब पॉलिसी के हिसाब से मंत्री के पिता को टेंडर नहीं मिला तो उन्होंने घर बुलाकर DM गगनदीप सिंह रंधावा से मारपीट की। नंगा करके उसकी वीडियो बनाई। पत्नी-बच्चों को गैंगस्टरों से मरवाने की धमकी दी। पूरी खबर पढ़ें... 6. LPG संकट- राज्यों को 23 मार्च से 20% ज्यादा गैस मिलेगी, केंद्र बोला- ढाबे-होटलों को प्राथमिकता केंद्र ने देश में जारी गैस संकट के बीच राज्यों को LPG सप्लाई बढ़ाने का निर्देश दिया है। 23 मार्च से राज्यों को अब पहले के मुकाबले 20% ज्यादा गैस दी जाएगी। इसके बाद राज्यों को मिलने वाली कुल सप्लाई संकट से पहले के स्तर (प्री-क्राइसिस लेवल) के 50% तक पहुंच जाएगी। ढाबों-होटलों को प्राथमिकता मिले: पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव डॉ. नीरज मित्तल ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी। इसमें कहा गया कि सामुदायिक रसोई, रेस्टोरेंट, ढाबों, होटलों और इंडस्ट्रियल कैंटीन को प्राथमिकता दी जाए। क्या है 'प्री-क्राइसिस लेवल': 'प्री-क्राइसिस लेवल' का मतलब उस समय से है जब देश में गैस संकट शुरू नहीं हुआ था। फिलहाल राज्यों को बहुत कम सप्लाई मिल रही थी, जिसे अब बढ़ाकर पुरानी डिमांड का आधा (50%) किया गया है। पूरी खबर पढ़ें... 7. एक हफ्ते में चांदी ₹28 हजार गिरकर ₹2.32 लाख पर पहुंची, सोना ₹11 हजार सस्ता इस हफ्ते सोने-चांदी के दाम में गिरावट रही। सोना हफ्तेभर में 11 हजार रुपए गिरकर 1.47 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। 13 मार्च को 1.58 लाख रुपए पर था। वहीं, चांदी 2.60 लाख किलो से गिरकर 2.32 लाख रुपए पर पहुंच गई है। यानी इसकी कीमत 28 हजार रुपए कम हुई। सोना-चांदी के दाम क्यों गिरे: अमेरिका-इजराइल की ईरान से चल रही जंग की वजह से निवेशक अपनी 'गोल्ड होल्डिंग्स' बेचकर कैश (डॉलर) इकट्ठा कर रहे हैं, ताकि बाजार की अस्थिरता से निपट सकें। इससे डॉलर डिमांड बढ़ रही है और सोने-चांदी के दाम गिर रहे हैं। ऑलटाइम हाई से 1.53 लाख रुपए गिरी चांदी: चांदी की कीमत 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए थी, जो 29 जनवरी को 3.86 लाख रुपए के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गई थी। तब से अब तक 50 दिन में चांदी 1.53 लाख रुपए सस्ती हो गई है। पूरी खबर पढ़ें... 8. आसिम मुनीर की शिया धर्मगुरुओं को धमकी: बोले- ईरान से मोहब्बत तो वहीं चले जाओ पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने शिया धर्मगुरुओं से कहा कि जो लोग ईरान से इतना प्यार करते हैं, वे वहां चले जाएं। उनके इस बयान को शिया समुदाय के नेताओं ने अपमानजनक और भड़काऊ बताया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुनीर ने रावलपिंडी में शिया समुदाय की एक इफ्तार पार्टी में यह बात कही। शिया समुदाय बोला- यह देशभक्ति पर सवाल: इस बयान के बाद शिया समुदाय का कहना है कि यह उनकी देशभक्ति पर सवाल उठाने जैसा है। उनका मानना है कि यह बयान उनकी धार्मिक भावनाओं और पहचान को गलत तरीके से पेश करता है। पाकिस्तान में 15% शिया समुदाय की आबादी: पाकिस्तान में ईरान के बाद सबसे बड़ी शिया आबादी रहती है, जो कुल जनसंख्या का करीब 15 फीसदी (3.77 करोड़) मानी जाती है। यह विवाद उस समय सामने आया है जब मार्च में खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान के कई शहरों में प्रदर्शन शुरू हो गए थे। पूरी खबर पढ़ें... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… 1. नेशनल: मथुरा में साधु की मौत पर हंगामा, पथराव: पुलिस की गाड़ियां तोड़ीं, आरोप- गोतस्करों ने ट्रक से कुचला; ट्रक ड्राइवर की भी मौत (पढ़ें पूरी खबर) 2. नेशनल: भारत बिना आमने-सामने की जंग की तैयारी कर रहा: अनंत शस्त्र समेत 6 प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू, सरकार इन पर 2.19 लाख करोड़ खर्च करेगी (पढ़ें पूरी खबर) 3. नेशनल: राहुल बोले- तेल की कीमतें बढ़ना महंगाई का संकेत: कहा- सरकार भले ही इसे नॉर्मल बताए, लेकिन रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ेंगे (पढ़ें पूरी खबर) 4. बिजनेस: एयरलाइंस बढ़ा सकती हैं हवाई किराया: बोलीं- मजबूरन लेना पड़ेगा फैसला, एक्स्ट्रा-चार्ज ना लेने के सरकार के निर्देश का विरोध कर रहीं (पढ़ें पूरी खबर) 5. बिजनेस: अमेरिका की ईरानी तेल खरीद पर 30 दिन की छूट: ग्लोबल मार्केट में 14 करोड़ बैरल तेल आएगा; भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर रहेंगे (पढ़ें पूरी खबर) 6. बिजनेस: लोकलसर्किल्स का दावा- 20% लोग सिलेंडर ब्लैक में खरीद रहे: ₹4,000 तक ज्यादा देना पड़ रहा, 68% घरों में समय पर नहीं पहुंच रही गैस (पढ़ें पूरी खबर) 7. क्रिकेट: आकाश दीप IPL 2026 से बाहर हुए: KKR के पेसर इंजरी के कारण नहीं खेलेंगे; मेगा ऑक्शन में एक करोड़ में खरीदा था (पढ़ें पूरी खबर) 8. एंटरटेनमेंट: दावा- सलमान की फिल्म मातृभूमि की रिलीज डेट टली: स्क्रिप्ट में बदलाव और एक्टर प्रशांत तमांग के निधन से हो रही है देरी (पढ़ें पूरी खबर) ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... पैसे लेकर दुख सुन रहा है शख्स मुंबई के एक बीच पर एक युवक लोगों का दुख सुनने के लिए पैसे ले रहा है। इसका वीडियो वायरल है, जिसमें वह एक बोर्ड पकड़े है, जिस पर लिखा है, 'किसी को अपना दुख सुनाना है तो मैं सुन सकता हूं।' छोटी समस्याओं के लिए 250 रुपये, गंभीर मुद्दों के लिए 500 रुपये और साथ बैठकर रोने के लिए 1000 रुपये देने होंगे। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… 1. आज का एक्सप्लेनर- हर जंग में महंगा हुआ सोना, ईरान जंग में ₹12,000 क्यों गिर गया; क्या 1 लाख के नीचे जाएगा, खरीदें या इंतजार करें 2. ग्राउंड रिपोर्ट- CM हिमंता के बयान बदले, सियासत वही: कभी कहा गुजरात के पाइप में मुस्लिमों का खून, अब मियां मुस्लिमों पर असम की बर्बादी का ठीकरा 3. ग्राउंड रिपोर्ट- तरुण मर्डर केस-खून की होली की धमकी,शांति से मनी ईद: प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने खदेड़ा, चाचा बोले-हमारा बेटा गया, किसी और का न जाए 4. जरूरत की खबर- व्रत के फू़ड में होती ज्यादा कैलोरीज: बढ़ सकता है वजन, डाइटीशियन से जानें व्रत की थाली को कैसे बनाएं हेल्दी? 5. आपका पैसा- क्या बैंक ले रहा है ज्यादा स्प्रेड रेट: कैसे कराएं कम, जानें कैसे तय होता इंटरेस्ट रेट, कम ब्याज पर कैसे मिलेगा लोन ⏳आज के दिन का इतिहास ️ मौसम का मिजाज मेष राशि वालों के लिए कामकाज में सुधार के संकेत हैं। वृष राशि वालों को कारोबार में नया ऑर्डर मिल सकता है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
‘धुरंधरः द रिवेंज’ फिल्म में 7-8 मिनट अतीफ अहमद नाम का कैरेक्टर दिखता है। रील का अतीफ अहमद, रियल लाइफ में यूपी के प्रयागराज का माफिया अतीक अहमद से मिलता है। फिल्म में अतीफ अहमद का मर्डर ठीक वैसे ही दिखाया गया है, जैसे प्रयागराज में अतीक और उसके भाई अशरफ का हुआ था। फिल्म में ऐसा दिखाया कि ये सब राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजय सान्याल की प्लानिंग से हुआ। जबकि, यूपी में माना जाता है कि सीएम योगी के सख्त रवैए की वजह से माफिया का आतंक खत्म होता चला गया। फिल्म में अतीफ अहमद का कनेक्शन पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से दिखाया गया है। हथियारों का बड़ा सप्लायर, नकली नोट खपाने वाला, यूपी में किसकी सरकार बनेगी, इसमें हस्तक्षेप रखने वाला। शायद यही वजह है कि इस फिल्म को कांग्रेस और सपा के नेता प्रोपेगेंडा बता रहे हैं। सपा के पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन कहते हैं- अतीक अहमद के मामले में अब तक किसी भारतीय जांच एजेंसी ने ऐसा कोई खुलासा नहीं किया। विवाद खड़ा कर सिर्फ फिल्म चलाने की कोशिश की जा रही है। सियासी बयानों के बीच नया विवाद पैदा हो गया है। हकीकत क्या है? क्या अतीक का ISI से कनेक्शन था? क्या वो नेपाल के रास्ते नकली नोट यूपी में खपा रहा था? फिल्म में क्या दिखाया, हकीकत में क्या था? आज संडे बिग स्टोरी में समझते हैं… फैक्ट 1. पाकिस्तान की AK-47 इंडिया में सप्लाई करने वाला अतीफ फिल्म: इसमें शुरुआत में दिखाया गया है कि जसकीरत सिंह रांगी बदला लेने के लिए अपने दोस्त के साथ अतीफ अहमद के पास AK-47 खरीदने आता है। अतीफ के पास ये हथियार पाकिस्तान की एजेंसी ISI के इशारे पर बलूच माफिया सप्लाई करते हुए दिखाए गए हैं। हकीकत: हथियारों की तस्करी के मामले में माफिया अतीक की कहानी थोड़ा अलग नजर आती है। अतीक की हत्या 15 अप्रैल, 2023 को हुई थी। इसके ठीक 15 दिन पहले उमेश पाल हत्याकांड में प्रयागराज पुलिस ने चार्जशीट लगाई थी। उसमें अतीक और उसके भाई अशरफ को हथियारों की तस्करी का आरोपी बनाया गया था। चार्जशीट के मुताबिक, अतीक ने अपने बयान में कहा था कि उसके पास हथियारों की कोई कमी नहीं है। इसमें यह भी जिक्र है कि पाकिस्तान की ISI और लश्कर-ए-तैयबा से उसके कनेक्शन हैं। ISI के एजेंट से फोन पर बात होती थी। पाकिस्तान से हथियार ड्रोन के जरिए पंजाब में गिराए जाते थे। फिर वहां से लोकल एजेंट के जरिए हथियार अतीक गैंग के पास आते थे। जम्मू-कश्मीर में मौजूद आतंकियों को भी इसी खेप से हथियार मिलते थे। वहां के दशरथगढ़ से भी हथियार मिलते थे। अतीक ने जांच एजेंसी से यह भी कहा था कि अगर उन्हें इन जगहों पर लेकर चला जाए तो वह हथियार, गोला-बारूद बरामद करवाने में मदद कर सकता है। पुलिस ने इसी बयान के आधार उसके ISI से लिंक होने को लेकर एक FIR लिखी थी। इसमें लिखा गया था कि ISI ने अतीक अहमद को AK-47 हथियार, .45 बोर की पिस्टल, स्टेनगन और RDX सप्लाई किया था। उमेश पाल की हत्या में .45 पिस्टल का इस्तेमाल हुआ था। अतीक के पास से 58 कारतूस मिले थे। ये सभी पाकिस्तान मेड 9 एमएम के कारतूस थे। फैक्ट 2. जेल से चलता था अतीक का साम्राज्य फिल्म: इसमें दिखाया गया है कि अतीफ जेल के बरामदे में खाना खा रहा है। एक कॉन्स्टेबल उसको खाना परोस रहा। इस बीच ISI चीफ की कॉल उसके मोबाइल पर आती है। वह नेपाल के रास्ते हथियार और चरस सप्लाई की बात करता है। अतीफ कहता है कि आज उसका मेडिकल है, डॉक्टर से सेटिंग हो गई है। ऐसा दिखाया गया कि पूरे नेटवर्क की हैंडलिंग अतीफ जेल के अंदर से कर रहा था। हकीकत: ये फैक्ट सही लगता है। 2007 में राजू पाल की हत्या के बाद 2023 तक उसका ज्यादातर वक्त प्रयागराज की नैनी जेल, देवरिया, बांदा और चित्रकूट जेल में ही बीता। अतीक अहमद 3 अप्रैल, 2013 को देवरिया जेल में शिफ्ट किया गया था। अतीक के गुर्गे लखनऊ के आलमबाग के रियल स्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल का अपहरण करके उसके पास देवरिया जेल पहुंचे थे। यहां अतीक ने मोहित को बहुत पीटा था। इसमें मोहित के दाएं हाथ की उंगलियों की हड्डियां टूट गई थीं। उनकी एमजे इंफ्रा के नाम से जो पांच कंपनियां थीं, उसे फारुख और जकी के नाम करवा दिया था। यह मामला इतना हाईलाइट हुआ था कि 4 दिन बाद 30 दिसंबर, 2018 को अतीक अहमद को बरेली जेल भेज दिया गया था। 2019 में कोर्ट ने अतीक को गुजरात की साबरमती जेल में भेज दिया था। फैक्ट 3. पाकिस्तान के नकली नोट नेपाल के रास्ते यूपी में खपा रहाफिल्म: दिखाया है कि दाऊद इब्राहिम 60 हजार करोड़ रुपए के नकली नोट भारत में खपाने की तैयारी करता है। यह जानकारी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजय सान्याल को मिल जाती है। इसके बाद 8 नवंबर, 2016 की रात 8 बजे पीएम नरेंद्र मोदी 500 और 1000 रुपए के नोट बंद करने का ऐलान करते हैं। इसको ISI चीफ पाकिस्तान में टीवी पर देखता है। यूपी में अतीफ अहमद से टेलीफोन पर बात होती है। अतीफ कहता है- भट्ठा बैठा दिया इन हरा*** ने। दाऊद भाई से बोल दीजिए कि अब इनको रोकना नामुमकिन है। अगर रोकना है तो बहुत बड़ा करना पड़ेगा। चाय वाला घुस के फट गया है हमारे अंदर। हकीकत: माफिया अतीक अहमद पर पाकिस्तान से फर्जी नोटों को यूपी लाकर चलाने का कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ था। अतीक अहमद पर हवाला कारोबार के जरिए करोड़ों लेन-देन के मुकदमें जरूर दर्ज हुए थे। लोगों से वसूली करना और फिर उन पैसों को शेल कंपनियों में लगाकर विदेश भेजना। फिर दूसरे रास्ते से वापस लाने के काम में अतीक अहमद की मिलीभगत रही है। फैक्ट 4. यूपी की सरकार में दखलअंदाजी रखता था अतीकफिल्म: 500 और 1000 के नोट बंद होने के सीन के बाद ISI चीफ और माफिया की बातचीत होती है। अतीफ कहता है- यूपी गया हमारे हाथ से, हार जाएंगे इलेक्शन। अब अल्लाह ही मालिक है…। इसको देखकर लगता है कि यूपी में कौन मुख्यमंत्री होगा? इसमें अतीक का हस्तक्षेप था। हकीकत: अतीक 1989 में पहली बार इलाहाबाद पश्चिम सीट से विधायक बना था। विधायक के तौर पर उसका दबदबा था। 1989, 1991, 1993, 1996, 2002 के चुनाव भी उसने जीते थे। 2004 में वो सपा के टिकट पर फूलपुर सीट से सांसद बना। राजू पाल हत्याकांड में जेल जाने के बाद भी उसने राजनीति जारी रखी थी। लेकिन फिल्म से जुड़े 2 तरह के फैक्ट कभी भी सामने नहीं आए। पहला- उसके सियासी करियर के पीछे नकली नोटों का कारोबार था। दूसरा- यूपी की सत्ता में बड़े चेहरों को अतीक अहमद ही सेट करता था। फिल्म को प्रोपगेंडा क्यों बताया जा रहा… पूर्व IPS बोले- जो हिंसक, वह तस्कर भी हो सकता हैहमने इस फिल्म और अतीक के जीवन को लेकर पूर्व IPS लालजी शुक्ला से बात की। प्रयागराज में पोस्टिंग के दौरान लालजी ने अतीक से जुड़े कई मामलों की जांच की थी। नकली नोट की तस्करी को लेकर लालजी कहते हैं- इसमें कोई दो राय नहीं कि पाकिस्तान से नकली नोट भारत में आते हैं। इसके लिए बांग्लादेश और नेपाल सबसे आसान रास्ते हैं। जब मेरी तैनाती बहराइच में थी, हमने नेपाल के रास्ते आ रही नकली नोटों की कई बार खेप पकड़ी थी। हालांकि, कभी भी डायरेक्ट अतीक अहमद का नाम नहीं आया। हथियारों को लेकर लालजी कहते हैं- अतीक इसका बहुत शौकीन था। हथियार से ही तो वह अपनी ताकत स्थापित करता था। उसके पास से कई बार हथियार पकड़े गए थे। हमने एक बार उसके पास से .30 पिस्टल पकड़ी थी। यह प्रतापगढ़ के किसी व्यक्ति के नाम लाइसेंस पर थी। जहां तक फिल्म की बात है, वह वास्तविकता से प्रेरित होती है, लेकिन वास्तविक नहीं होती। बाकी जो हिंसा कर सकता है। लोगों की जमीनों पर कब्जा कर सकता है। धर्म के खिलाफ काम कर सकता है। वह हथियार और नकली नोट की तस्करी भी कर सकता है, क्योंकि कर तो यह सब पैसे के लिए ही रहा है। अतीक का पाकिस्तान कनेक्शन सामने क्यों नहीं आया?फिल्म के तमाम फैक्ट पर सीनियर जर्नलिस्ट और राइटर मनोज राजन त्रिपाठी कहते हैं- फिल्म जब शुरू होती है, तभी डिस्क्लेमर आता है कि फिल्म का किसी जीवित-मृत व्यक्ति से कोई संबंध नहीं है। अगर ऐसा होता है, तो यह एक संयोग है। ठीक इसी तरह से धुरंधर फिल्म में जो कुछ दिखाया गया है, वह पूरी तरह से सही नहीं है। मनोज कहते हैं- अतीक अहमद सांसद और विधायक रहा। पौने दो सौ से ज्यादा मुकदमे दर्ज हुए, लेकिन कोई एक भी मुकदमा पाकिस्तान से हथियारों की तस्करी से जुड़ा नहीं रहा। जांच एजेंसियां तो काफी वक्त तक अतीक के पीछे लगी रहीं, कहीं न कहीं से ऐसा पता चलता है। वह आगे कहते हैं- फिर इस फिल्म में जो दिखाया गया, वह 2016 के आसपास का दिखाया गया है। इसके बाद 7 साल तक अतीक जिंदा रहा। मरने से कुछ वक्त पहले पुलिस अपनी चार्जशीट में अतीक के पाकिस्तान से हथियार लाने की बात लिखती है। इस फिल्म में अतीक के कई अपराधों की चर्चा नहीं है। उसमें मदरसा कांड था, जहां बच्चियों के साथ रेप हुआ। राजू पाल, उमेश पाल हत्याकांड की भी कोई चर्चा नहीं हुई। इसलिए इसे फिल्म की ही तरह समझा जाए। ------------------------- यग खबर भी पढ़िए- धुरंधर-2 रिव्यू; रणवीर की फिर दमदार परफॉर्मेंस, नोटबंदी और राजनीतिक कड़ियों से जुड़ी कहानी रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ यानी धुरंधर 2 पहले पार्ट की ब्लॉकबस्टर सफलता के बाद बड़े स्केल पर लौटी है। इस बार फिल्म सिर्फ गैंगवार या बदले की कहानी नहीं रहती, बल्कि नोटबंदी से लेकर देश की कई बड़ी घटनाओं को जोड़ते हुए एक बड़ा नैरेटिव पेश करती है। उम्मीदें जितनी ऊंची थीं, फिल्म कई जगह उन्हें पूरा करती है, तो कुछ जगह थोड़ा चूक भी जाती है। पढ़ें पूरी खबर
कोटा रेल मंडल समेत देश के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और सुविधा व्यवस्था को हाईटेक बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। रेलवे अब स्टेशनों पर एआई आधारित निगरानी तंत्र लागू करेगा, जिसके तहत प्लेटफॉर्म, कॉनकोर्स और निकास द्वारों पर लगे कैमरे 24 घंटे नजर रखेंगे। लाइव फीड का विश्लेषण कृत्रिम बुद्धिमत्ता करेगी, जिससे किसी भी संदिग्ध, असामान्य या असुरक्षित गतिविधि की सूचना तुरंत कंट्रोल रूम तक पहुंचेगी। इसके साथ ही त्योहारों के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए क्यूआर कोड आधारित प्रवेश प्रणाली भी लागू की जाएगी, ताकि केवल वैध टिकटधारी यात्रियों को ही स्टेशन परिसर में प्रवेश मिल सके। रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव की वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक के बाद यह नई कार्ययोजना सामने आई है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्यिक प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि रेलवे 76 होल्डिंग एरिया के निर्माण की प्रगति की समीक्षा भी कर रही है, ताकि अनारक्षित यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर नियंत्रित तरीके से प्रवेश दिया जा सके। बड़े और स्पष्ट संकेतक, बेहतर ट्रेन सूचना प्रणाली और व्यवस्थित प्रवेश प्रबंधन के जरिए रेलवे स्टेशनों को अधिक आधुनिक और यात्री अनुकूल बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। भीड़ नियंत्रण और पहचान व्यवस्था भी होगी सख्त रेलवे ने सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कर्मचारियों, वेंडरों, संविदा कर्मियों और आईआरसीटीसी स्टाफ के लिए रंग-कोडेड फ्लोरोसेंट जैकेट और अनिवार्य पहचान पत्र की व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। इससे स्टेशन परिसर में तैनात हर व्यक्ति की पहचान आसान होगी और यात्रियों को भी अधिक भरोसेमंद माहौल मिलेगा। दीपावली और छठ पर उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर QR कोड आधारित प्रवेश प्रणाली का पायलट प्रोजेक्ट शुरू करेगा। स्टेशन से घर तक सफर आसान करने की तैयारी रेलवे यात्रियों की अंतिम मील कनेक्टिविटी सुधारने पर भी काम कर रही है। इसके तहत ‘रेलवन’ एप को ‘भारत टैक्सी’ सेवा से जोड़ा जा रहा है। रेलटेल के सहयोग से विकसित यह मॉडल स्टेशन से बाहर निकलने वाले यात्रियों को भरोसेमंद और पारदर्शी परिवहन सुविधा देगा। माना जा रहा है कि इससे स्टेशन के बाहर की भीड़भाड़ और अव्यवस्था में भी कमी आएगी। इस प्रणाली से वैध टिकटधारी यात्रियों को ही स्टेशन में प्रवेश दिया जाएगा। इससे भीड़ नियंत्रण में मदद मिलेगी और आरक्षित व अनारक्षित यात्रियों के लिए अलग-अलग व्यवस्था लागू करना आसान होगा।
इंदौर में हुए भीषड़ अग्निकांड को लेकर अब कांग्रेस हमलावर हो गई है। कांग्रेस ने इस पूरे मामले में अब बिजली कंपनी के अधिकारियों पर गंभीर सवाल उठाते हुए कलेक्टर से हाईकमेटी गठित कर जांच की मांग की है। दरअसल, बिजली कंपनी के अधिकारियों का दावा है कि घर में आग लगने की शुरुआत ईवी कार के चार्जिंग में शॉर्ट सर्किट से हुई है। वहीं परिवार का दावा है कि उन्होंने उस रात कार को चार्जिंग पर ही नहीं लगाया था। ऐसे में कांग्रेस का कहना है कि बिजली कंपनी अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए ईवी कार पर ठीकरा फोड़ रहे हैं। मप्र कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अमित चौरसिया ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग लगने के पीछे बिजली व्यवस्था की खामियां एक बड़ा कारण बनकर सामने आ रही हैं। क्षेत्र में बिजली के खंभों पर बेतरतीब तरीके से फैले इलेक्ट्रिक केबल के जाल, लगातार वोल्टेज फ्लक्चुएशन और अत्यधिक वोल्टेज के कारण शॉर्ट सर्किट होने की आशंका जताई जा रही है। यह स्थिति सीधे-सीधे बिजली विभाग की लापरवाही को दर्शाती है। हमने प्रदेश सरकार और इंदौर कलेक्टर से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए तथा दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। वहीं कलेक्टर को तत्काल ही इस मामले में कार्रवाई करते हुए बिजली कंपनियों के अधिकारियों पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज करना चाहिए। कांग्रेस ने फायर ब्रिगेड पर भी उठाए सवालकांग्रेस ने बिजली कंपनी के साथ ही फायर ब्रिगेड की कार्रवाई पर भी गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि घटना के दौरान फायर ब्रिगेड का समय पर न पहुंचना और मौके पर पहुंचने के बाद गाड़ी का खराब हो जाना अत्यंत चिंताजनक है। ऐसे संवेदनशील मामलों में इस तरह की लापरवाही न केवल गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि आम जनता की जान के साथ खिलवाड़ है। इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय रहवासियों में बिजली विभाग और फायर ब्रिगेड के प्रति गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि समय पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू होता तो नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता था। यह है बिजली कंपनी का दावाइंदौर में हुए ईवी हादसे को लेकर बिजली कंपनी ने दावा किया है कि आग की शुरुआत घर में लगे ईवी चार्जिंग पॉइंट से हुई थी। कंपनी के अधिकारियों का दावा है कि जांच में सामने आया है कि ओवरचार्जिंग के कारण इलेक्ट्रिक कार की बैटरी बम की तरह फट गई। घटना के समय कार चार्जिंग पर लगी हुई थी, जिसकी पुष्टि स्मार्ट मीटर के डिजिटल डेटा से हुई है। कंपनी ने पिछले तीन महीनों का मिनट-टू-मिनट डेटा निकालकर यह रिपोर्ट तैयार की है। कंपनी का दावा है कि अधिकारियों के मुताबिक, कार रोज रात 11 बजे से सुबह 3 बजे तक चार्जिंग पर रहती थी। हादसे वाली रात भी यही क्रम रहा। बताया गया कि तड़के चार्जिंग के दौरान कार में पावर ऑटो कट-ऑफ हुआ, लेकिन करीब आधे घंटे बाद फिर से चार्जिंग शुरू हो गई। इसके बाद जोरदार ब्लास्ट हो गया। परिवार के 8 लोगों की गई जानदरअसल, इंदौर में बुधवार तड़के इलेक्ट्रिक कार टाटा पंच में चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई, जिसने तीन मंजिला मकान को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में रबर कारोबारी मनोज पुगलिया, उनकी गर्भवती बहू सिमरन समेत 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 4 लोग घायल हुए थे।
निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल यानी निषाद पार्टी विधानसभा चुनाव 2027 के लिए रविवार से चुनाव प्रचार का आगाज करने जा रही है। गोरखपुर में इस पार्टी की नींव रखी गई, इसलिए यहीं से शंख्ननाद भी होने जा रहा है। प्रदेश के 4 बड़े शहरों में विशाल रैली का आयोजन किया जाएगा। प्रदेश की लगभग 160 विधानसभा सीटों पर निषाद मतदाता प्रभावी भूमिका में हैं। इसलिए 5 अप्रैल तक होने वाली इन 4 रैलियों के जरिए इन सीटों को साधने का प्रयास किया जाएगा। मंच पर सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर, अपना दल के आशीष पटेल उपस्थित रहेंगे। देश के कोने-कोने से निषाद नेताओं को आमंत्रित किया गया है। इसके साथ ही गठबंधन दलों की एकता का संदेश भी निषाद पार्टी के मंच से दिया जाएगा। मुख्यमंत्री सहित प्रदेश मंत्रिमंडल के कई साथियों को भी डा. संजय निषाद ने आमंत्रित किया। हालांकि कुछ व्यस्तताओं के कारण मुख्यमंत्री का आना मुश्किल है। जानिए गोरखपुर से क्यों शुरू हो रही रैलीडा. संजय निषाद कहते हैं कि गोरखपुर में हमारी जड़ें हैं। 2007 में यहां रामगढ़ताल का पानी और प्रयागराज में निषादराज के किले की मिट्टी लेकर मैंने यात्रा शुरू की थी। उस यात्रा को 19 साल पूरे हो गए हैं और निषाद पार्टी को 10 साल। वह मिट्टी व पानी प्रदेश की सभी विधानसभा क्षेत्रों के साथ 20 राज्यों तक पहुंच चुकी है। सबसे पहली जीत भी यहीं मिली थी। प्रवीण निषाद ने 2018 लोकसभा उपचुनाव जीता था। गोरखपुर में भाजपा को यह बड़ी चुनौती थी। इसके बाद प्रयागराज के श्रृगवेरपुर में रैली होग। यहां निषादराज की भव्य प्रतिमा लगी है और उनके नाम पर बड़ा पार्क भी बना है। यहीं निषादराज का किला भी है। तीसरी रैली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से होगी। वहां से बड़ा राजनीतिक संदेश देने की तैयारी है। यह रैली सफल हुई तो मैसेज सीधा प्रधानमंत्री तक जाएगा। इसके साथ ही मेरठ व आसपास के क्षेत्र कश्यप बहुतायत में हैं। उन्हें साधने के लिए मेरठ में रैली होने जा रही है। 4 मंडलों के बूथ अध्यक्ष शामिल होंगेड. संजय निषाद ने भारी भीड़ की भूमिका तैयार की है। उनक कहना है कि उनकी पार्टी के 8 जोनल अध्यक्ष, 18 मंडल अध्यक्ष, 40 सेक्टर अध्यक्ष, प्रदेश के 88 संगठनात्मक जिलों के प्रभारी एवं गोरखपुर, देवीपाटन, बस्ती व अजमगढ़, 4 मंडलों के बूथ अध्यक्ष भी इस रैली में शामिल होंगे। डा. संजय का दावा है कि 50 से अधिक विधायकों ने पार्टी के आरक्षण के मुद्दे को उठाया है। निषाद पार्टी ने निषाद समाज के लोगों को उनका खोया सम्मान दिलाया है। आज हर राजनीतिक दलों में उन्हें सम्मान मिल रहा है। 3000 बाइकों की रैली निकालेंगे निषाद पार्टी की इस रैली में शामिल होने के लिए संजय निषाद 3000 बाइकों की रैली निकालेंगे। पादरी बाजार स्थित निषाद पार्टी के कार्यालय से यह बाइक रैली सुबह 11 बजे शुरू होगी। उसके बाद पादरी बाजार पुलिस चौकी, जेल तिराहा, असुरन चौक, गोलघर काली मंदिर, शास्त्री चौक होते हुए अंबेडकर चौक पहुंचेगी। यहां से यात्रा पैडलेगंज होते हुए महंत दिग्विजयनाथ पार्क पहुंचेगी। जानिए क्या हैं प्रमुख मांगें मझवार/तुरैहा को अनुसूचित जाति में परिभाषित करनाकेवट, मल्लाह, बिंद, मांझी, कहार, धीवर, बाथम और कश्यप जैसी जातियों को पूर्व से अंकित मझवार और तुरैहा श्रेणी के अंतर्गत अनुसूचित जाति (SC) में शामिल करने की मांग उठाई जाएगी। पार्टी का तर्क है कि ये सभी समुदाय सामाजिक, आर्थिक और पारंपरिक रूप से एक ही वर्ग से जुड़े हैं, इसलिए इन्हें समान संवैधानिक अधिकार मिलना चाहिए। खनन, बालू और पुश्तैनी घाटों पर अधिकार बहालीमछुआ समाज को पहले नदी, बालू खनन और पुश्तैनी घाटों पर आसामी दर्ज के साथ अधिकार प्राप्त थे। किन्तु पूर्व की सरकारों द्वारा इन पारंपरिक अधिकारों को समाप्त कर दिया गया, जिससे समाज की आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। पार्टी इन अधिकारों की पुनः बहाली की मांग कर रही है। वर्ग-3 की भूमि को मछुआ समाज के लिए पुनः आरक्षित करनाउत्तर प्रदेश में वर्ग-3 की भूमि मछुआ समाज के लिए आरक्षित थी और उन्हें आसामी दर्ज प्राप्त था, क्योंकि समाज का 80% से अधिक हिस्सा भूमिहीन है। इसके बावजूद पूर्व सरकारों ने यह अधिकार समाप्त कर दिया। निषाद पार्टी की मांग है कि इस भूमि को पुनः समाज के लिए आरक्षित किया जाए, जिससे उन्हें स्थायी आजीविका मिल सके। विमुक्त जाति/जनजाति के अधिकारों की बहालीभारत सरकार के आदेशानुसार मछुआ समाज की कई उपजातियों को, क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट के पीड़ित होने के कारण, विमुक्त जाति एवं जनजाति के अधिकार प्राप्त थे। किन्तु वर्ष 2013 में समाजवादी पार्टी सरकार द्वारा इन लाभों को समाप्त कर दिया गया। पार्टी की मांग है कि इन अधिकारों को पुनः लागू किया जाए, जिससे समाज को न्याय मिल सके। ओबीसी से 9 प्रतिशत काटकर एससी में आरक्षण देने की मांग करेंगेडा. संजय निषाद का कहना है कि दूसरे नाम से निषाद समाज को एससी का आरक्षण् मिलता है। चाहे जिस दल में हों, निषाद नेताओं से अपील की गई है कि वे अपने बच्चों के भविष्य के लिए एकजुट हों। ओबीसी से 9 प्रतिशत काटकर एससी में जोड़ा जाए। जातीय जनगणना में अपनी जाति मझवार के रूप में एससी में दर्ज कराएं। जानिए यूपी में कितने प्रभावी हैं निषाद- उत्तर प्रदेश में निषाद समाज का वोट लगभग 4.5 प्रतिशत है। 80 ऐसी विधानसभा सीटें हैं, जहां उनकी संख्या 1 ला्ख के करीब है।- प्रदेश की लगभग 160 सीटों पर वे प्रभावी भूमिका में हैं।- निषाद समाज की सभी उपजातियों केा जोड़ दें तो उनकी संख्या लगभग 9 प्रतिशत हो जाएगी।-गोरखपुर, वारा्सी, आजमढ़, बलिया, मऊ, गाजीपुर, मिर्जापुर, भदोही, जौनपुर, प्रयागराज, सुल्तानपुर, फतेहपुर आदि जिलों में निषद बड़ी संख्या में हैं।- 2022 विधानसभा चुनावों पर गौर करें तो एनडीए में निषाद पार्टी को 15 सीटें मिली थीं। इनमें से 9 पर जीत मिली थी। 6 निषाद पार्टी के सिंबल पर थे, बाकी भाजपा।
प्रसिद्ध भजन गायक लखबीर सिंह लक्खा शनिवार को भोपाल पहुंचे। लखबीर सिंह ने दैनिक भास्कर से बातचीत की। लक्खा ने अपने एक सिख परिवार से होने के बावजूद हिन्दू भजन सम्राट बनने के सफर के बारे में भी बताया। लक्खा से भास्कर ने पूछा कि क्या भारत को हिन्दू राष्ट्र बनना चाहिए? इससे आप कितने सहमत हैं? लखबीर सिंह ने कहा - नहीं, नहीं… बनना चाहिए। हिन्दू राष्ट्र तो है ही भारत। आज से थोड़ी है। हिन्दू राष्ट्र अगर आप बनाएंगे तो और जो लोग यहां बस रहे हैं उनके दिमाग में भी आएगा। आगे तो कोई खालिस्तान मांगेगा कोई फिर पाकिस्तान मांगेगा। ऐसे तो फिर टुकडे़-टुकडे़ हो जाएगा। ये जैसा धर्म निरपेक्ष देश है, इसको वैसा ही रहना चाहिए। हम लोग सारे मिलकर रहें। एक दूसरे से प्रेम बनाएं सबसे सहानुभूति रखें। तभी हमारा देश तरक्की करेगा। अब लखबीर सिंह से हुई पूरी बातचीत को पढ़िए.. भास्कर: एक सिख परिवार में जन्म लेकर देश का प्रसिद्ध भजन गायक बनने का सफर कैसा रहा? भास्कर: आपका मशहूर करने वाला पहला भजन कौन सा है? मैंने महादेव जी के बहुत भजन गाए। शिव शंकर डमरू वाले, जयति, जयति जय काशी वाले। ये सब फेमस हैं। प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी ऐसे माता के भजन तो पूरी दुनिया में मशहूर हुए। अरे द्वारपालो कन्हैया से कह दो, लोगों ने बड़ा प्रेम स्नेह और आशीर्वाद दिया तो मन बढ़ता गया आगे बढ़ते रहे और आज सब आपके सामने है। भास्कर: आपका नाम लक्खा कैसे पड़ा? भास्कर: आपको सिख समाज के कार्यक्रमों में भी उतना ही रिस्पांस मिलता है? लोगों को अच्छा लगता है कि हम सिख समाज से आकर सनातन का प्रचार कर रहे हैं। एक्चुअली धर्म तो सनातन ही था। सिख तो हिन्दू से ही आए। बस विचारधारा में थोड़ा सा फर्क है। सिख समाज में एक अकालपुरख को माना जाता है कि एक अकालपुरख है जो आदमी को पालता भी है मारता भी है। बस विचारधारा थोड़ी सी अलग है बाकी कोई बात नहीं हैं। भास्कर: भारत को हिन्दू राष्ट्र बनना चाहिए? आप कितने सहमत हैं? लखबीर सिंह: नहीं, नहीं बनना चाहिए। हिन्दू राष्ट्र तो है ही भारत। आज से थोड़ी है। हिन्दू राष्ट्र अगर आप बनाएंगे तो और जो लोग यहां बस रहे हैं उनके दिमाग में भी आएगा। आगे तो कोई खालिस्तान मांगेगा कोई फिर पाकिस्तान मांगेगा। ऐसे तो फिर टुकडे़-टुकडे़ हो जाएगा। ये जैसा धर्म निरपेक्ष देश है इसको वैसा ही रहना चाहिए। हम लोग सारे मिलकर रहें। एक दूसरे से प्रेम बनाएं सबसे सहानुभूति रखें। तभी हमारा देश तरक्की करेगा। भास्कर: किसी नेता ने कहा तो होगा? भास्कर: आजकल रील का जमाना है लोग वायरल होने के लिए कुछ भी कंटेंट बनाते हैं। यंग जनरेशन को लेकर क्या कहेंगे? भास्कर: आपको अपने जीवन का सबसे चुनौती पूर्ण समय कब लगा? ऑर्केस्ट्रा के कार्यक्रम किए, फिल्मी गाने भी बहुत गाए। 1980 के बाद मेरा रुझान भजनों की तरफ ज्यादा बढ़ गया। फिर 1995 में गुलशन कुमार जी ने जमशेदपुर से बुलाया और दिल्ली में मैया का चोला है रंगला रिकॉर्ड किया। जिसे लोगों ने पसंद किया। 1997 में उनके निधन से पहले प्यारा सजा हैतेरा द्वार भवानी भजन गया, लेकिन वे दुर्भाग्य से उसे नहीं सुन सके। उसके बाद माता रानी, श्याम बाबा, हनुमान जी महाराज, भोले बाबा और गुरु महाराज की बहुत कृपा रही। जीवन में बड़ा आनंद ही रहा। बस चुनौती वही रही जब पिता जी अचानक चले गए। मेरी शादी 8-9 अप्रैल को हुई। हम लोग पंजाब से 17 अप्रैल को वापस आए और पिता जी 28 अप्रैल को चल दिए। जीवन में अंधकार हो गया। फिर ईश्वर को याद करके कदम बढ़ाए। भास्कर: आपको कभी वॉलीवुड़ की तरफ से ऑफर नहीं आया? भास्कर: सब अपने शिष्य चेले बनाते हैं, क्या लखबीर सिंह किसी को तैयार कर रहे हैं कि आपके बाद कौन आपकी इस परंपरा को आगे बढ़ाएगा? देखिए गाना एक अलग चीज है एक कलाकारी कैसी होनी चाहिए, कलाकार को कैसा होना चाहिए। उस पर चीजें बहुत निर्भर करती हैं। आदमी जैसा गायक है वैसी उसकी वेशभूषा रहन सहन बोली वैसी हो उसके काम भी अच्छे होने चाहिए। लोग ये सब देखते हैं। लोग मुझे बहुत सम्मान देते हैं कुछ न कुछ अच्छा तो होगा। ऐसा ही मैं अपने बच्चों को सिखाना चाहता हूं मुझे पूरी उम्मीद है कि बड़ा बेटा इ परंपरा को आगे लेकर जाएगा।
मध्य प्रदेश में पिछले 98 घंटे यानी, 4 दिन से एक्टिव स्ट्रॉन्ग सिस्टम से कुल 45 जिलों में आंधी-बारिश का दौर रहा। इनमें से 17 जिलों में ओले भी गिरे। यह सिस्टम अब आगे बढ़ गया है। ऐसे में बारिश की बजाय तेज गर्मी का अलर्ट है। अगले 4 दिन कहीं भी आंधी-बारिश का अलर्ट नहीं है। आखिरी सप्ताह में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की वजह से मौसम फिर से बदल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, 26 मार्च से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है। इस वजह से उत्तरी व पश्चिमी हिस्से में बूंदाबांदी या बादल छा सकते हैं। इससे पहले शनिवार को कुछ जिलों में मौसम बदला रहा। भोपाल में बादल छाए रहे। इस वजह से दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। सबसे कम पचमढ़ी में 25.6 डिग्री रहा। रीवा-दतिया में 28.2 डिग्री, नौगांव-सतना में 28.3 डिग्री, सिवनी में 28.4 डिग्री, टीकमगढ़-सीधी में 28.6 डिग्री, दमोह-उमरिया में 29 डिग्री, श्योपुर में 29.4 डिग्री, मंडला और खजुराहो में पारा 29.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पांच बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 29.4 डिग्री, जबलपुर में 29.5 डिग्री, इंदौर में 30.6 डिग्री, ग्वालियर में 28.4 डिग्री और उज्जैन में 31.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कई जिलों में फसलों को नुकसानतेज आंधी की वजह से केला, पपीता और गेहूं की फसलों पर असर पड़ा। ऐसे में अब किसान मुआवजे की मांग उठा रहे हैं। धार, खरगोन समेत कई जिलों में ज्यादा असर रहा। इन जिलों में बारिश का दौरमौसम विभाग के अनुसार, पिछले 4 दिन में इंदौर, धार, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, बुरहानपुर, खंडवा, भोपाल, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, ग्वालियर, मऊगंज, श्योपुर, मुरैना, दतिया, अशोकनगर, रतलाम, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, कटनी, उमरिया, मैहर, सतना, अनूपपुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, पांढुर्णा, मंडला समेत 45 जिलों में आंधी-बारिश का दौर रहा। वहीं, अलीराजपुर, बड़वानी, विदिशा बैतूल, झाबुआ, खंडवा, आगर-मालवा, छिंदवाड़ा, जबलपुर, सिवनी, छतरपुर, शिवपुरी, रायसेन, सागर, दमोह, पन्ना, मंडला जिलों में ओले गिरे हैं। फरवरी में 4 बार ओले गिरे, मार्च में तीन बारइस बार फरवरी में मौसम का मिजाज चार बार बदला। शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रह चुका है। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर रहा। मार्च में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो गई। पहले पखवाड़े में तेज गर्मी वाला मौसम रहा। इसी बीच अब मौसम का मिजाज बदल रहा है। मौसम विभाग की माने तो इस सीजन मार्च में पहली बार स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया है। जिसका असर चार दिन तक बना रहेगा। इसकी वजह से लगातार तीन दिन तक ओले गिर चुके हैं। मार्च के दूसरे सप्ताह में गर्मी का ट्रेंडप्रदेश में मार्च के दूसरे पखवाड़े में तेज गर्मी का ट्रेंड है। पिछले 10 साल में 15 मार्च के बाद ही तेज गर्मी पड़ी है, लेकिन इस बार ट्रेंड बदल गया है। दूसरे पखवाड़े की बजाय शुरुआत में ही पारे में उछाल आया है। वहीं, दूसरे पखवाड़े में ओले-बारिश का दौर रहा। अब आखिरी दिनों में गर्मी का असर बना रहेगा। अप्रैल-मई सबसे ज्यादा गर्म रहेंगेमौसम विभाग ने इस साल अप्रैल और मई में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ने का अनुमान जताया है। इन दो महीने के अंदर ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में पारा 45 डिग्री के पार पहुंच सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग भी गर्म रहेंगे। MP के 5 बड़े शहरों में मार्च में मौसम का ऐसा ट्रेंड... भोपाल में दिन में तेज गर्मी के साथ बारिशभोपाल में मार्च महीने में दिन में तेज गर्मी पड़ने के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च महीने में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। इसके चलते दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 30 मार्च 2021 को अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 41 डिग्री पहुंच चुका है। वहीं, 45 साल पहले 9 मार्च 1979 की रात में पारा 6.1 डिग्री दर्ज किया गया था। वर्ष 2014 से 2023 के बीच दो बार ही अधिकतम तापमान 36 डिग्री के आसपास रहा। बाकी सालों में पारा 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। इस बार भी बारिश का दौर रहा है। इंदौर में 41.1 डिग्री तक पहुंच चुका पाराइंदौर में मार्च से गर्मी का असर तेज होने लगता है। यहां दिन का पारा 41.1 डिग्री तक पहुंच चुका है, जो 28 मार्च 1892 को दर्ज किया गया था। 4 मार्च 1898 को रात में पारा 5 डिग्री सेल्सियस तक रहा था। 24 घंटे में करीब एक इंच बारिश होने का रिकॉर्ड है, जबकि पूरे महीने में दो इंच पानी गिर चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च में 2 से 3 दिन बारिश होती है। कभी-कभी धूल भरी हवा की रफ्तार भी तेज होती है। इस बार बारिश भी हो चुकी है। ग्वालियर में गर्मी, ठंड-बारिश का ट्रेंडमार्च महीने में ग्वालियर में गर्मी, ठंड और बारिश तीनों का ही ट्रेंड है। 31 मार्च 2022 को दिन का पारा रिकॉर्ड 41.8 डिग्री पहुंच गया था, जबकि 1 मार्च 1972 की रात में न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री रिकॉर्ड हो चुका है। साल 2015 में पूरे महीने 5 इंच से ज्यादा पानी गिरा। वहीं, 12 मार्च 1915 को 24 घंटे में करीब 2 इंच बारिश हुई थी। जबलपुर में मार्च की रातें रहती हैं ठंडीजबलपुर में मार्च में भी रातें ठंडी रहती हैं। पारा औसत 15 डिग्री के आसपास ही रहता है। वहीं, दिन में 36 से 40 डिग्री के बीच तापमान दर्ज किया जाता है। 31 मार्च 2017 को दिन का पारा 41.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है, जबकि 4 मार्च 1898 में रात का तापमान 3.3 डिग्री दर्ज किया गया था। यहां मार्च में मावठा भी गिरता है। पिछले 10 में से 9 साल बारिश हो चुकी है। उज्जैन में दिन रहते हैं गर्म, 6 दिन बारिश का ट्रेंड भीउज्जैन में दिन गर्म रहते हैं। 22 मार्च 2010 को पारा रिकॉर्ड 42.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। वहीं, 1 मार्च 1971 की रात में न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री रहा था। पिछले साल दिन में तापमान 36 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। उज्जैन में 2017 सबसे गर्म साल रहा था। मौसम विभाग के अनुसार, इस महीने बारिश भी होती है। एक दिन में पौने 2 इंच बारिश का रिकॉर्ड 17 मार्च 2013 का है।
उत्तर भारत के कई राज्यों में शनिवार को मौसम बदल गया। राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जिससे मौसम ठंडा हो गया। वहीं दिल्ली में सुबह कोहरा छाया रहा और ठंडी हवाएं चलती रहीं। राजस्थान के तीन जिलों में पिछले 24 घंटों में कई जगह बारिश हुई। झुंझुनू जिले के मंडावा में सबसे ज्यादा 18 मिमी बारिश दर्ज की गई। राज्य में तापमान सामान्य से 2 से 8 डिग्री तक कम रहा। मौसम विभाग ने रविवार को पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में फिर से हल्की बारिश और गरज की संभावना जताई है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी मौसम ठंडा रहा। यहां अधिकतम तापमान 25.9 डिग्री रहा, जो सामान्य से लगभग 8 डिग्री कम है। कई जिलों में हल्की बारिश दर्ज की गई। बिहार के सभी जिलों में शनिवार सुबह से रुक-रुककर बारिश हो रही है। पटना में तेज बारिश के साथ ओले गिरे। आंधी-बारिश और बिजली से 7 लोगों की मौत हुई है। हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार पांचवें दिन बर्फबारी हुई, जबकि निचले इलाकों में बारिश हुई। इससे तापमान में गिरावट आई। हालांकि शनिवार को कई जगह धूप निकलने से लोगों को थोड़ी राहत मिली। मध्य प्रदेश में बारिश और बादल की वजह से दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। शनिवार को राज्य के ज्यादातर जिलों में पारा 35 डिग्री से नीचे ही रहा। सबसे कम पचमढ़ी में 25.6 डिग्री रहा। उत्तराखंड के आठ जिलों में आज हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक का अलर्ट है, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के आसार हैं। बद्रीनाथ-केदारनाथ समेत चारों धाम बर्फ से ढके हुए हैं। वहीं, DGRE ने उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में एवलांच (हिमस्खलन) का खतरा भी जताया है। देशभर से मौसम की तस्वीरें… अगले 2 दिन मौसम का हाल
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (BSEH) द्वारा करवाई जा रही 10वीं, 12वीं एवं डीएलएड की परीक्षाओं में अब तक 291 नकलची पकड़े जा चुके हैं। वहीं ड्यूटी में कोताही बरतने पर 61 कर्मचारी कार्यभार मुक्त किए जा चुके हैं। हालांकि शिक्षा बोर्ड द्वारा नकल रोकने के लिए 320 उड़नदस्तों (फ्लाइंग) का गठन किया गया था। बता दें कि बोर्ड परीक्षाएं 25 फरवरी से आरंभ हुई थी। 25 फरवरी को पहली परीक्षा 12वीं कक्षा की थी और 26 फरवरी को पहली परीक्षा 10वीं कक्षा की हुई थी। दसवीं कक्षा की परीक्षाएं 20 मार्च को समाप्त हो चुकी हैं और 12वीं कक्षा की परीक्षाएं 1 अप्रैल को समाप्त होंगी। 24 को 2.29 लाख परीक्षार्थी देंगे पेपरहरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (BSEH) द्वारा 24 मार्च को 12वीं कक्षा की परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। मंगलवार को प्रदेशभर में संचालित होने वाली सीनियर सेकेंडरी (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) हिन्दी विषय की परीक्षा में 1163 सेंटरों पर होगी। जिसमें 2 लाख 29 हजार 206 परीक्षार्थी शामिल होंगे। ये हुए पेपर और पकड़े नकलची25 फरवरी : 12वीं की अंग्रेजी एवं डीएलएड द्वितीय वर्ष रि-अपीयर की परीक्षा में नकल के 17 मामले पकड़े गए हैं तथा 2 पर्यवेक्षकों को कार्यभार मुक्त किया गया।26 फरवरी : 10वीं की गणित विषय की परीक्षा में अनुचित साधन के 10 केस दर्ज हुए। जिला चरखी दादरी के रानीला परीक्षा केंद्र पर पेपर आउट हुआ। जिसे करने वाले परीक्षार्थियों व पर्यवेक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई।27 फरवरी : 12वीं एवं डीएलएड द्वितीय वर्ष (रि-अपीयर) की परीक्षा में अनुचित साधन प्रयोग के 36 मामले दर्ज किए गए तथा ड्यूटी में कोताही बरतने पर 4 पर्यवेक्षकों को कार्यभार मुक्त किया गया।28 फरवरी : 10वीं हिंदी एवं डीएलएड प्रथम वर्ष (रि-अपीयर) की परीक्षा में प्रदेशभर में कुल 14 अनुचित साधन के केस दर्ज किए गए तथा 4 पर्यवेक्षकों को परीक्षा ड्यूटी से कार्यभार मुक्त किया गया।2 मार्च : 12वीं भौतिक विज्ञान व अर्थशास्त्र विषय एवं डीएलएड (रि-अपीयर) की परीक्षा में नकल के कुल 28 मामले दर्ज किए गए तथा परीक्षा ड्यूटी में कोताही बरतने के कारण 1 केंद्र अधीक्षक, 2 पर्यवेक्षकों व 2 लिपिकों को कार्यभार मुक्त किया। 3 मार्च : 12वीं शारीरिक शिक्षा विषय व डीएलएड रि-अपीयर की परीक्षा में प्रदेशभर में अनुचित साधन प्रयोग के 11 मामले दर्ज हुए, जिसमें 1 केस प्रतिरूपण का शामिल है। इसके अतिरिक्त 1 केंद्र अधीक्षक, 1 उप-केंद्र अधीक्षक व 2 पर्यवेक्षक परीक्षा डयूटी में कोताही बरतने के कारण कार्यभार मुक्त किए गए।5 मार्च : 10वीं की अंग्रेजी एवं डीएलएड (रि-अपीयर) की परीक्षा में अनुचित साधन प्रयोग के 25 केस दर्ज किए गए तथा परीक्षा ड्यूटी में कोताही बरतने पर 1 उप-केंद्र अधीक्षक व 2 पर्यवेक्षकों को परीक्षा ड्यूटी से कार्यभार मुक्त किया।6 मार्च : 12वीं तथा डीएलएड (रि-अपीयर) की परीक्षा में अनुचित साधन के कुल 30 मामले दर्ज किए गए। परीक्षा ड्यूटी में लापरवाही बरतने के कारण 7 पर्यवेक्षक कार्यभार मुक्त किए गए।7 मार्च : 10वीं ऐच्छिक एवं डीएलएड (रि-अपीयर) विषय की परीक्षाएं में अनुचित साधन प्रयोग के कुल 2 मामले दर्ज किए गए, जिसमें 1 केस प्रतिरूपण का शामिल हैं। वहीं 1 केंद्र अधीक्षक को ड्यूटी में कोताही बरतने पर कार्यभार मुक्त किया गया।9 मार्च : 12वीं (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) रसायन विज्ञान, लेखांकन व लोक प्रशासन विषय एवं डीएलएड (रि-अपीयर) विषय की परीक्षा में नकल के 16 मामले दर्ज किए गए। परीक्षा ड्यूटी में कोताही बरतने पर 1 पर्यवेक्षक को रिलीव किया गया। 11 मार्च : 12वीं (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) कंप्यूटर विज्ञान व आईटी एवं आईटीईएस विषय व डीएलएड रि-अपीयर की परीक्षा में प्रदेशभर में अनुचित साधन प्रयोग के 2 मामले दर्ज हुए। अध्यक्ष विशेष आरएएफ उड़नदस्ता द्वारा जिला चरखी दादरी के परीक्षा केन्द्र राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बाढड़ा-03 पर छापेमारी के दौरान मोबाइल मिलने व केंद्र पर अनियमितताएं पाए जाने पर 1 पर्यवेक्षक, 1 लिपिक एवं 1 सेवादार को परीक्षा ड्यूटी से कार्यभार मुक्त किया गया। 12 मार्च : प्रदेशभर में सेकेंडरी (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) विज्ञान व सीनियर सेकेंडरी (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) कृषि व दर्शनशास्त्र विषय एवं डीएलएड (रि-अपीयर) की परीक्षाएं में उड़नदस्तों ने निरीक्षण के दौरान कुछ परीक्षा केंद्रों पर अनुचित साधन के कुल 16 मामले दर्ज किए। जिसमें 1 केस प्रतिरूपण के शामिल हैं। परीक्षा ड्यूटी में कोताही बरतने पर 8 पर्यवेक्षकों को कार्यभार मुक्त किया। 13 मार्च : शिक्षा बोर्ड द्वारा संचालित हुई सीनियर सेकेंडरी (शैक्षिक व मुक्त विद्यालय) की समाजशास्त्र व उद्यमिता एवं डीएलएड की परीक्षा में अनुचित साधन प्रयोग के कुछ केंद्रों पर कुल 13 मामले दर्ज किए गए। परीक्षा ड्यूटी में कोताही बरतने पर 1 पर्यवेक्षक को कार्यभार मुक्त किया गया। 16 मार्च : शिक्षा बोर्ड द्वारा प्रदेशभर में संचालित हुई सेकेंडरी (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) सामाजिक विज्ञान एवं डीएलएड की परीक्षा में अनुचित साधन के कुल 36 मामले दर्ज किए गए। परीक्षा ड्यूटी से 7 पर्यवेक्षक को कार्यभार मुक्त किया। 17 मार्च : शिक्षा बोर्ड द्वारा ली गई सीनियर सेकेंडरी (शैक्षिक व मुक्त विद्यालय) गणित विषय तथा डीएलएड रि-अपीयर की परीक्षा के दौरान प्रदेशभर में गठित उड़नदस्तों द्वारा कुछ परीक्षा केंद्रों पर नकल के कुल 13 मामले दर्ज किए गए। परीक्षा ड्यूटी में कोताही बरतने पर 3 पर्यवेक्षकों को कार्यभार मुक्त किया गया। 18 मार्च : शिक्षा बोर्ड द्वारा संचालित सेकेंडरी (शैक्षिक) की पंजाबी, आईटी/आईटीईएस एवं संस्कृत व्याकरण एवं सीनियर सेंकेडरी (शैक्षिक व मुक्त विद्यालय) की संस्कृत/उर्दू/जैव प्रौद्योगिकी एवं डीएलएड रि-अपीयर की परीक्षा में कुल 14 अनुचित साधन के मामले दर्ज हुए। 3 पर्यवेक्षक ड्यूटी से कार्यभार मुक्त किए गए।19 मार्च : शिक्षा बोर्ड द्वारा संचालित हुई सीनियर सेकेंडरी (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) गृह विज्ञान एवं डीएलएड (रि-अपीयर) विषय की परीक्षा में प्रदेशभर में कुछ परीक्षा केंद्रों पर अनुचित साधन प्रयोग के 8 मामले दर्ज किए गए। वहीं 1 पर्यवेक्षक व 1 लिपिक को ड्यूटी से कार्यभार मुक्त किया गया। 20 मार्च : शिक्षा बोर्ड द्वारा संचालित सेकेंडरी की राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क एवं सीनियर सेकेंडरी की सैनिक विज्ञान/नृत्य/मनोविज्ञान, संस्कृत व्याकरण भाग-1 (आर्ष पद्धति गुरूकुल/परंपरागत संस्कृत विद्यापीठ) एवं डीएलएड (रि-अपीयर) विषयों की परीक्षा हुई। सेकेंडरी की परीक्षा में अनुचित साधन का केवल 1 मामला दर्ज किया गया। वहीं परीक्षा ड्यूटी में लापरवाही के चलते 2 लिपिक व 1 पर्यवेक्षक को कार्यभार मुक्त किया गया।
ईरान-इजरायल और अमेरिका युद्ध के कारण आई दिक्कत का असर हरियाणा सहित हर जगह पड़ रहा है। पंचकूला माता मनसा देवी मंदिर भंडारा में कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिलने से रोटी मिलना बंद हो गई थी। लेकिन मेला शुरू होने के चलते कमेटी ने 3 ट्रक लकड़ी मंगवाई हैं। अब रोटी-पूड़ी का प्रसाद मिलता रहेगा। पंचकूला माता मनसा देवी सेवक दल ट्रस्ट साल 1978 से मंदिर परिसर में भंडारा चला रहा है। ट्रस्ट 8 मोबाइल वैन की सहायता से शहर के तीन अस्पतालों में मरीजों के अलावा अलग-अलग एरिया में निर्धारित स्थान पर लोगों को भोजन उपलब्ध करवा रहा है। करीब 20 हजार लोगों के लिए भंडारे की व्यवस्था हर रोज होती है। कमर्शियल सिलेंडर बंद हुए तो यहां दो-तीन दिन के लिए रोटी भंडारे की प्रसाद से बंद हो गई थी। 2 डीजल भट्ठी भी मंगवाईमंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को प्रसाद उपलब्ध करवाने के लिए वैकल्पिक तौर पर 2 डीजल भट्ठी भी यहां पर मंगवाई गई हैं। वहीं पूड़ी बेलने के लिए महिला लेबर को लगाया गया है। रोटियां मशीन के द्वारा तैयार होने के कारण यहां पर कोई ज्यादा लेबर की जरूरत नहीं होती थी। लेकिन अब लेबर की जरूरत बढ़ गई है। प्रसाद में हलवा-चावल और कढ़ी-दाल माता मनसा देवी आने वाले श्रद्धालुओं को प्रसाद में हलवा और चावल उपलब्ध करवाया जा रहा है। वहीं कढ़ी-दाल सब्जी के तौर पर मिलती है। वहीं जिन श्रद्धालुओं का उपवास होता है, उनके लिए अलग से सामक का प्रसाद और फ्रूट चाट भी यहां पर उपलब्ध है। कमेटी सदस्य बोले : घरेलू सिलेंडर उपलब्ध करवाए प्रशासन पंचकूला माता मनसा देवी सेवक दल ट्रस्ट सदस्य पंडित औमप्रकाश ने बताया कि हर रोज 6 कमर्शियल सिलेंडर की खपत है। कमर्शियल सिलेंडर बंद हो गए हैं तो प्रशासन उन्हें घरेलू सिलेंडर उपलब्ध करवा दे क्योंकि वे तो लोगों को खाना उपलब्ध करवाने का ही काम कर रहे हैं। उन्हें हर रोज 10 घरेलू सिलेंडर की आवश्यकता है।
हरियाणा राज्यसभा चुनाव के बाद हरियाणा कांग्रेस में सियासी भूचाल थमने का नाम नहीं ले रहा। क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों पर कार्रवाई की चर्चा के बीच अब कई विधायक खुलकर बयानबाजी कर रहे हैं, जिससे पार्टी में बगावत के संकेत दिखाई देने लगे हैं। हालात ऐसे बन गए हैं कि कांग्रेस नेतृत्व के सामने संगठन को एकजुट रखना बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।सूत्रों के मुताबिक, क्रॉस वोटिंग का मामला सामने आने के बाद कांग्रेस ने सख्त कार्रवाई के संकेत दिए थे, लेकिन अब जिन विधायकों के नाम सामने आए हैं, वे खुलकर पार्टी हाईकमान के फैसलों पर सवाल उठा रहे हैं। इससे साफ है कि अंदरखाने असंतोष गहराता जा रहा है और पार्टी अनुशासन कमजोर पड़ता दिख रहा है। हालांकि, कांग्रेस उम्मीदवार चुनाव जीतने में कामयाब रहे, लेकिन इस जीत ने पार्टी के भीतर की दरारों को उजागर कर दिया। खास बात यह है कि चार वोट रद्द होने और एक वोट तकनीकी कारणों से खारिज होने के बावजूद पार्टी को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। अब नेतृत्व के सामने सबसे बड़ी चुनौती भरोसे और विश्वसनीयता को दोबारा स्थापित करने की है। यह इसलिए भी जरूरी है कि यदि यह बगावत बढ़ी तो राज्यसभा में 2028 में खाली हो रही हरियाणा की दो सीटों पर अपना उम्मीदवार जीतना कांग्रेस के लिए बेहद मुश्किल हो जाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि कांग्रेस को इस घमासान को जल्द शांत करना होगा। 2028 में राज्यसभा की ये दो सीटें होंगी खाली… कार्तिकेय शर्मा का कार्यकाल 1 अगस्त 2028 को पूरा होगा हरियाणा से राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा का कार्यकाल 1 अगस्त 2028 को पूरा होगा। उन्होंने भाजपा-समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में 2 अगस्त 2022 को पदभार ग्रहण किया था। राज्यसभा सदस्य का कार्यकाल 6 वर्ष का होता है। इसी तरह हरियाणा से निर्विरोध चुनी गईं भाजपा की राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा का कार्यकाल भी 1 अगस्त 2028 में पूरा होगा। उन्होंने 13 दिसंबर 2024 को आधिकारिक रूप से राज्यसभा सांसद के रूप में कार्यभार संभाला था। यह उपचुनाव कृष्ण लाल पंवार के इस्तीफे के बाद खाली हुई सीट पर हुआ था। कांग्रेस में घमासान का असर, राजनीतिक विश्लेषक के 5 पॉइंट्स.. कार्रवाई हुई तो 2028 में दो सीटों का गणित बिगड़ सकता है पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ के प्रोफेसर डॉ. भारत कहते है कि अगर कांग्रेस हाईकमान क्रॉस वोटिंग करने वाले 5 विधायकों पर सख्त कार्रवाई करता है, जैसे निलंबन या निष्कासन, तो पार्टी की संख्या विधानसभा में घट सकती है। ऐसी स्थिति में 2028 के राज्यसभा चुनाव में दो सीटें जीतना कांग्रेस के लिए मुश्किल हो सकता है। कम संख्या के कारण पार्टी को दूसरी सीट के लिए अतिरिक्त समर्थन जुटाना पड़ेगा या समझौते की राजनीति करनी पड़ सकती है। बगावत बढ़ी तो संगठन में खुली टूट की आशंका जिन विधायकों के नाम सामने आए हैं, वे अब खुलकर बयान दे रहे हैं और कैंसिल वोट करने वालों के नाम सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं। अगर यह टकराव और बढ़ा तो पार्टी के भीतर गुटबाजी खुलकर सामने आ सकती है। बगावत की स्थिति में कांग्रेस को संगठनात्मक नुकसान के साथ-साथ राजनीतिक छवि का भी नुकसान उठाना पड़ सकता है। हाईकमान के सामने ‘अनुशासन बनाम संख्या’ की दुविधा कांग्रेस नेतृत्व के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि वह अनुशासन बनाए रखने के लिए कार्रवाई करे या फिर 2028 के चुनावी गणित को देखते हुए नरम रुख अपनाए। ज्यादा सख्ती करने से संख्या घट सकती है, जबकि नरमी दिखाने से पार्टी में अनुशासन कमजोर होने का संदेश जाएगा। यही दुविधा आने वाले फैसलों को प्रभावित कर सकती है। कैंसिल वोट वालों के नाम आए तो विवाद और गहराएगा यदि जांच में कैंसिल वोट करने वाले विधायकों के नाम भी सामने आते हैं, तो विवाद और बड़ा हो सकता है। इससे कार्रवाई का दायरा बढ़ेगा और पार्टी के भीतर असंतोष और फैल सकता है। ऐसे हालात में कांग्रेस को एक साथ कई मोर्चों पर राजनीतिक नुकसान झेलना पड़ सकता है। 2028 में गठबंधन या बाहरी समर्थन की मजबूरी बन सकती है अगर मौजूदा विवाद के कारण कांग्रेस की संख्या कमजोर होती है या कुछ विधायक अलग रास्ता चुनते हैं, तो 2028 के राज्यसभा चुनाव में पार्टी को दूसरी सीट जीतने के लिए गठबंधन या निर्दलीय विधायकों के समर्थन पर निर्भर रहना पड़ सकता है। यानी मौजूदा संकट भविष्य में राजनीतिक सौदेबाजी की मजबूरी पैदा कर सकता है। जिन्हें नोटिस मिला वह विधायक क्या कह रहे... कांग्रेस हाईकमान की ओर से जारी किया गया नोटिस… अब 3 पॉइंट में पढ़ें… नोटिस में क्या लिखा पार्टी प्रत्याशी की जगह दूसरे को वोट दियाः नोटिस में पार्टी लीडरशिप के संज्ञान में लाया गया है कि 16 मार्च को राज्यसभा के चुनाव में आपने अपना वोट कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी कर्मवीर बौद्ध को नहीं दिया। जिनका नाम बैलेट पर सीरियल नंबर-1 पर था। आपने दूसरे प्रत्याशी की फेवर में वोट दिया। जानबूझकर प्रत्याशी को हराने की कोशिशः इससे ऐसा लगता है कि पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी को हराने के लिए जानबूझकर ऐसा किया और पार्टी के अनुशासन को तोड़ा है। ऐसा करना पार्टी विरोधी गतिविधि है। ये पार्टी निष्ठा व आदर्शों के खिलाफ है। जवाब के लिए अतिरिक्त समय नहीं मिलेगाः 7 दिन में जवाब दें कि क्यों ने आपके खिलाफ इस अनुचित आचरण के लिए अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। यदि निर्धारित समय में जवाब नहीं है तो और अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा। ----------------------------- ये खबर भी पढ़ें… हरियाणा कांग्रेस के 5 विधायकों को नया नोटिस:अब क्रॉस वोटिंग शब्द जोड़ा; पार्टी विरोधी गतिविधि में सख्त कार्रवाई के संकेत हरियाणा राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने के मामले में कांग्रेस ने कुछ घंटे में ही अपने 5 विधायकों को नया नोटिस जारी कर दिया है। इस बार इस नोटिस में क्रॉस वोटिंग करने का जिक्र है। इससे पहले जो नोटिस था, उसमें कैंसिलेशन/इनवेलिडिटी लिखा गया था। (पूरी खबर पढ़ें)
हरियाणा के कैथल में पत्नी शालू की हत्या करने वाले अरुण के बारे में कई खुलासे हुए है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि अरुण ने शालू की हत्या की प्लानिंग पहले ही कर ली थी। इस बात का खुलासा शालू की मां सुनीता देवी की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत में भी हुआ है। सुनीता के मुताबिक, कुछ दिन पहले शालू मायके आई हुई थी। अरुण ने फोन करके उसे घर बुलाया कि नवरात्रों में कुलदेवी पर पूजा पाठ के लिए जाना है। इसी के चलते शालू ससुराल आ गई थी। मगर, उसे क्या पता था कि मायके से ससुराल तक का यह सफर उसका आखिरी साबित होगा। सुनीता ने बताया कि अरुण ने शुक्रवार की रात में ही उनकी बेटी को मार दिया था। सुबह करीब 11:30 बजे उन्हें फोन करके कहा कि आपकी बेटी इस दुनिया में नहीं रही। मैंने ही मारी है। जब मैंने कहा कि झूठ बोले रहे हो, तो बोला- फोटो भेजू क्या। इसके बाद मायके वाले कैथल पहुंचे तो बेटी की लाश उन्हें बेड पर पड़ी मिली। इसके अलावा भी सुनीता ने कई चौंकाने वाली बातें पुलिस को बताईं हैं। फिलहाल, पुलिस आरोपी अरुण की तलाश में लगातार दबिश दे रही है, लेकिन देर रात तक उसका पता नहीं चल सका था। साथ ही पुलिस सुनीता के आरोपों की भी पड़ताल कर रही है। शालू की मां पुलिस को बताईं कई बड़ी बातें… अब यहां जानिए कैसे हुई शालू की हत्या… ---------------------- ये खबर भी पढ़ें… हरियाणा में गला घोंटकर पत्नी का मर्डर:हत्या कर पति बोला- भाभी जी, पत्नी मार दी, अब आप संभाल लो; बठिंडा की रहने वाली थी हरियाणा के कैथल में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद वो हांफते-हांफते अपनी भाभी के पास पहुंचा और बोला- भाभी जी, मैंने पत्नी मार दी, अब आप संभाल लेना। इतना कहते ही वो घर से फरार हो गया। (पूरी खबर पढ़ें)
हरियाणा के नारनौल की बहू एक्ट्रेस भाषा सुंबली इन दिनों बॉलीवुड फिल्म ‘धुरंधर द रिवेंज’ में अपनी एक्टिंग से छाई हुई हैं। मूवी में उन्होंने रणवीर सिंह के कैरेकटर जसकीरत की एडवोकेट वीना का रोल निभाया है। कोर्ट रूम में उनके सीन की दर्शक भी जमकर सराहना कर रहे हैं। सुंबली मूल रूप से जम्मू कश्मीर की रहने वाली हैं। करीब छह साल पहले उनकी शादी नारनौल के रहने वाले एक्टर सुनील सोनी के साथ हुई थी। दोनों की मुलाकात NSD (नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा) में पढ़ाई के दौरान हुई थी। परिजनों का कहना है कि दोनों ने साथ में कई स्टेज परफॉर्मेंस की। इसके बाद धीरे धीरे दोनों के बीच गहरी दोस्ती हो गई। जिसके बाद दोनों ने 2016 में शादी की। भाषा सुंबली के बारे में जानिए… कई फिल्मों में किया अभिनय भाषा सुंबली ने अपने अभिनय करियर में कई महत्वपूर्ण फिल्मों में काम किया है। उन्हें सबसे अधिक पहचान वर्ष 2022 में आई फिल्म द कश्मीर फाइल्स में ‘शारदा पंडित’ की भूमिका से मिली। इसके अलावा उन्होंने छपाक (2020) में दीपिका पादुकोण के साथ काम किया, जबकि बारामूला (2025) में उन्होंने गुलनार सैयद का प्रमुख किरदार निभाया। बारामूला फिल्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई थी। थियेटर से जुड़ाव फिल्मों के साथ-साथ भाषा सुंबली थिएटर से भी जुड़ी रही हैं और टेलीविजन के कुछ प्रोजेक्ट्स में भी नजर आ चुकी हैं। उन्होंने मुंबई में कई बच्चों के शो किए। पति भी कई फिल्म, टीवी सीरियल में काम कर चुके भाषा के पति सुनील सोनी भी उनके साथ मुंबई शिफ्ट हो चुके हैं। वो मुंबई में एक्टिंग, डायरेक्शन का काम करते हैं। दैनिक भास्कर ऐप से बातचीत में पति ने क्या बताया… रिपोर्टर- क्या मुंबई जाने बाद कभी नारनौल आना हुआ? रिपोर्टर- घर में और कौन-कौन है? रिपोर्टर - आपने एक्टर के तौर पर कहां-कहां काम किया? रिपोर्टर - क्या किसी टीवी शो में भी काम किया? रिपोर्टर - भाषा सुंबली को 'धुरंधर द रिवेंज' फिल्म कैसे मिली? फिल्म की कास्टिंग टैलेंट बेस्ड है। उन्होंने पहले भी दिपिका पादुकोण के साथ छपाक, द कश्मीर फाइल्स, बारामूला में काम किया है। सुंबली के परिवार के बारे में जानिए…
सिविल जज परीक्षा का नया रिजल्ट जल्द, उत्तर पुस्तिका की दोबारा होगी समीक्षा होगी
जेपीएससी की सिविल जज (जूनियर डिवीजन) परीक्षा का नया परिणाम जल्द जारी किया जाएगा। आयोग ने झारखंड हाईकोर्ट को बताया है कि उत्तर पुस्तिका की दोबारा समीक्षा की प्रक्रिया चल रही है, जिसके आधार पर संशोधित रिजल्ट प्रकाशित होगा। इस मामले में हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायमूर्ति संजय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने अवमानना याचिका की सुनवाई करते हुए उसे निष्पादित कर दिया। सुनवाई के दौरान जेपीएससी की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरावाल ने कोर्ट को बताया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा आयोग की एसएलपी खारिज किए जाने के बाद अब पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू की गई है। हाईकोर्ट की प्रशासनिक समिति अपनी रिपोर्ट सौंप चुकी है, जिसके आधार पर नया परिणाम तैयार किया जा रहा है। आयोग ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ताओं संगीता कुमारी, जुली परवीन और लक्ष्मी कुमारी को ईबीसी-I और बीसी-II श्रेणी के तहत विचार किया जाएगा। यदि वे संबंधित श्रेणी के कट-ऑफ से अधिक अंक प्राप्त करती हैं, तो उन्हें सफल घोषित किया जाएगा। दरअसल, इन अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया था कि 24 जून 2025 के हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया गया। पहले जेपीएससी ने उन्हें सामान्य श्रेणी में रखते हुए अयोग्य घोषित कर दिया था, जिसके खिलाफ उन्होंने याचिका दायर की थी। अब नए परिणाम पर अंतिम निर्णय एक लंबित सिविल रिव्यू के निष्कर्ष पर भी निर्भर करेगा।
सामान्य स्नातक नियुक्ति... 40 का हुआ चयन, कई का परिणाम अभी भी होल्ड
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) द्वारा सामान्य स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2023 के तहत रिक्त पदों के विरुद्ध परीक्षा परिणाम जारी कर दिया गया है। इसमें अलग-अलग पदों पर 40 अभ्यर्थियों को चयनित किया गया है। जारी परिणाम के मुताबिक सहायक प्रशाखा पदाधिकारी के 7 अभ्यर्थी चयनित हुए हैं। वहीं कनीय सचिवालय सहायक पद के लिए 24 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। इसी प्रकार श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी पद के लिए 7 अभ्यर्थी चयनित हुए हैं। जबकि प्रखंड कल्याण पदाधिकारी के 1 अभ्यर्थी चयनित हुए हैं। वहीं अंचल निरीक्षक सह कानूनगो पद के लिए 1 अभ्यर्थी चयनित हुए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि कुछ अभ्यर्थियों द्वारा अभी तक अनिवार्य दस्तावेज जमा नहीं किए गए हैं, उनका परिणाम फिलहाल लंबित रखा गया है। दस्तावेज उपलब्ध कराने के बाद ही ऐसे मामलों पर विचार करते हुए संशोधित परिणाम जारी किया जाएगा। जेएसएससी ने संकेत दिया है कि शेष बचे पदों के लिए भी रिजल्ट जल्द जारी किया जाएगा।
केंद्रीय विद्यालयों में नामांकन प्रक्रिया हुई शुरू, दो अप्रैल तक ऑनलाइन आवेदन
निजी स्कूलों के बाद अब केंद्रीय विद्यालयों में सत्र 2026-27 के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। कक्षा-1 और बाल वाटिका में प्रवेश के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 20 मार्च से शुरू हो चुका है और 2 अप्रैल तक चलेगा। अभिभावक केंद्रीय विद्यालय संगठन की आधिकारिक वेबसाइट kvsangathan.nic.in और kvsonlineadmission.kvs.gov.in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के दौरान जन्म प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और जाति प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने होंगे। कक्षा-1 में प्रवेश के लिए बच्चे की आयु 31 मार्च 2026 तक 6 से 8 वर्ष के बीच होनी अनिवार्य है। कक्षा-1 और बाल वाटिका में नामांकन के लिए चयन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन लॉटरी सिस्टम के माध्यम से होगी। चयनित छात्रों की सूची पोर्टल और संबंधित केंद्रीय विद्यालय की वेबसाइट पर जारी की जाएगी। वहीं, कक्षा-11 में प्रवेश 10वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम जारी होने के बाद ही शुरू होगा। रांची जिले में कुल 6 केंद्रीय विद्यालय संचालित हैं, जिनमें केंद्रीय विद्यालय रांची (CCL), दीपाटोली, नामकुम, सीआरपीएफ (CRPF), एचईसी (HEC) और हिनू शामिल हैं। जिन विद्यालयों में बाल वाटिका संचालित है, वहां बाल वाटिका-1 (3+ वर्ष), बाल वाटिका-2 (4+ वर्ष) और बाल वाटिका-3 (5+ वर्ष) में भी नामांकन लिया जाएगा।महत्वपूर्ण तिथियां: आवेदन शुरू: 20 मार्च अंतिम तिथि: 2 अप्रैल पहली सूची जारी: 9 अप्रैल दूसरी सूची जारी: 16 अप्रैल तीसरी सूची जारी: 21 अप्रैल कक्षा-1 व बाल वाटिका में प्रवेश लॉटरी सिस्टम से होगा सभी आवेदन ऑनलाइन ही स्वीकार किए जाएंगे जरूरी दस्तावेज अपलोड करना अनिवार्य आयु सीमा का विशेष ध्यान रखना जरूरी कक्षा-11 में एडमिशन 10वीं के रिजल्ट के बाद होगा
सूर्यदेव, प्रकृति की देवी, ग्राम देवता की आराधना कर राज्य में खुशहाली व अच्छे मानसून की कामना
रांची | महापर्व सरहुल शनिवार को धूमधाम से मनाया गया। सरहुल का उद्गम स्थल मोरहाबादी स्थित हातमा सरना स्थल समेत सहित शहर के सभी सरना स्थलों में परंपरागत रीति-रिवाज से सरहुल की पारंपरिक पूजा की गई। मुख्य पाहन जगलाल ने उपवास रखकर सुबह 10 बजे विधि-विधान के साथ सरहुल पूजा कराई। मुख्य पाहन जगलाल ने सरई फूल, अक्षत, अरवा चावल, हडिया, लाल साग, धुवन पूजन सामग्री से पूजा की। फिर सरना स्थल में रखे दो घड़ों में पानी को देखकर बारिश की भविष्यवाणी की। कहा कि घड़ों में पानी का स्तर सामान्य है, इसलिए इस बार सामान्य यानि की अच्छी बारिश होने की संभावना है। इस बार खेती भी अच्छी होगी। खेतों में धान लहलाएंगे। फिर लोगों ने पाहन को स्नान कराया और उनके पैर धोए। मुख्य सरना स्थल सरना टोली हातमा में पूजा के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन व केंद्रीय सरना समिति अध्यक्ष बबलू मुंडा के साथ अन्य लोग शामिल हुए। पूजा के दौरान सृष्टिकर्ता, ग्राम देवता, पूर्वजों, धरती मां, सूर्य, जल, वायु, आकाश, पेड़-पौधों और पहाड़-पर्वतों का स्मरण किया गया। सभी जीव-जंतुओं और मानव जाति के लिए सुख-शांति, पर्याप्त जल-अनाज और सृष्टि के कल्याण की प्रार्थना की गई। दोपहर 2 बजे से हातमा से भव्य शोभायात्रा निकाली गई।जल-जंगल व जमीन को बचाएं : जगलाल मुख्य पाहन जगलाल ने कहा कि सरहुल शोभा यात्रा की शुरुआत लगभग 1967 में स्व. कार्तिक उरांव के नेतृत्व में हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य आदिवासियों की धर्म-संस्कृति और परंपराओं को दुनिया के सामने लाना और आपसी एकता को दर्शाना है। सरहुल पर्व प्रकृति की पूजा है। कहा कि जल, जंगल व जमीन का बचाव करें।
सूचना आयुक्त और लोकायुक्त चयन के लिए 25 को बैठक
राज्य में मुख्य सूचना आयुक्त, सूचना आयुक्त और लोकायुक्त के चयन के लिए 25 मार्च को बैठक होगी। सूचना आयुक्तों के लिए कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री के आवासीय कार्यालय में बुधवार शाम पांच बजे यह बैठक होगी। लोकायुक्त के चयन के लिए अलग से बैठक होगी। कार्मिक सचिव प्रवीण कुमार टोप्पो ने चयन समिति के सभी सदस्यों तक बैठक की जानकारी भेज दी है। सूचना आयुक्त के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय चयन समिति की बैठक होगी। इसमें नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और मंत्री हफीजुल हसन शामिल रहेंगे। उल्लेखनीय है कि दो मार्च को चयन समिति की बैठक बुलाई गई थी, लेकिन अपरिहार्य कारणों से इसे स्थगित कर दिया गया। पूर्व में भी घोषित बैठकें स्थगित होती रही हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या 25 मार्च को यह बैठक होगी या फिर कोई अपरिहार्य कारण इस बैठक का रास्ता रोकेगा।
रांची में भूजल स्तर प्रतिवर्ष 20 फीट नीचे खिसक रहा, कई क्षेत्र हो चुके हैं ड्राई जोन
रांची में गहराता जल संकट: 1000 फीट नीचे पहुँचा भूजल स्तर, कई इलाके 'ड्राय जोन' घोषित राजधानी रांची में भूजल स्तर (ग्राउंड वाटर लेवल) लगातार गिर रहा है। स्थिति इतनी विकट हो चुकी है कि शहर के कई इलाकों में 1000 फीट तक बोरिंग कराने के बावजूद पानी नहीं मिल रहा। विशेषकर कांके, डोरंडा, कोकर, तुपुदाना, हिनू, एयरपोर्ट, सुकुरहुटू और पुनदाग जैसे क्षेत्रों में भूजल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है। बोरिंग करने वाली एजेंसियों के अनुसार, पानी के लिए अब अलग-अलग क्षेत्रों में गहराई काफी बढ़ गई है: रातू रोड जोन: 1200 फीट कांके जोन: 900 फीट हरमू जोन: 800 फीट बरियातू, धुर्वा और तुपुदाना: 700 फीट तक बोरिंग करनी पड़ रही है। 'जल तनाव' की श्रेणी में झारखंड 16वें वित्त आयोग के समक्ष झारखंड सरकार द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, राज्य में भूजल भंडार घटकर 5.76 बिलियन क्यूबिक मीटर रह गया है। यहाँ प्रति व्यक्ति वार्षिक जल उपलब्धता मात्र 1341 क्यूबिक मीटर है, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार ‘जल तनाव’ (Water Stress) की श्रेणी में आता है। आयोग के मुताबिक, रांची में भूजल स्तर प्रतिवर्ष 20 फीट नीचे खिसक रहा है, जिसके कारण कई क्षेत्रों को 'ड्राय जोन' घोषित किया जा चुका है। मजबूत ग्राउंड वाटर पॉलिसी की दरकार पर्यावरणविद नीतिश प्रियदर्शी के अनुसार, रांची में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नगण्य है। बड़े भवनों में पानी का दोहन सबसे अधिक हो रहा है, लेकिन वाटर रिचार्ज के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। उन्होंने कहा, पहले तालाब, कुएं और नदियां जल संचयन का प्राकृतिक स्रोत थे, लेकिन आज तालाबों को भरकर निर्माण कार्य हो रहे हैं और नदियों की जमीन बेची जा रही है। ऐसे में जल पुनर्भरण (Recharge) कैसे होगा? सरकार को अविलंब एक प्रभावी ग्राउंड वाटर पॉलिसी बनानी होगी। भूजल निकासी में रांची राज्य में तीसरे स्थान पर झारखंड में सबसे अधिक भूजल का दोहन करने वाले जिलों में रांची तीसरे स्थान पर है: धनबाद: 74.34% कोडरमा: 66.44% रांची: 46.94%
गैस संकट... पांच जोन में बंटा शहर, मजिस्ट्रेट के सामने उपभोक्ताओं को मिलेगा सिलेंडर
गैस सिलेंडर लेने में लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, प्रशासन ने इसकी तैयारी कर ली है। इसके लिए राजधानी को 5 जोन में बांट दिया गया है। प्रत्येक जोन में एक-एक दंडाधिकारी के साथ एक दारोगा और 4-4 जवान मुस्तैद रहेंगे। ग्राहकों को अब दंडाधिकारी और दारोगा की मौजूदगी में ही लोगों को गैस सिलेंडर दिया जाएगा। इसके साथ ही 5 क्यूआरटी (क्विक रिस्पॉन्स टीम) भी बनाई गई हैं, जो जरूरत पड़ने पर तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालेंगी। क्यूआरटी में तैनात दंडाधिकारी और दारोगा को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने पर वे तत्काल अपने वरीय अधिकारियों से संपर्क कर पूरी जानकारी साझा करें। गैस मिलने में देरी से लोग हो रहे आक्रोशित हाल के दिनों में गैस वितरण के दौरान एजेंसियों के बाहर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो रही थी। गैस मिलने में देरी के कारण कई बार ग्राहक आक्रोशित हो रहे थे, जिससे स्थिति बिगड़ने की आशंका बनी रहती थी।प्रशासन ने यह व्यवस्था इसलिए लागू की है ताकि वितरण के दौरान बढ़ती भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। किस जोन में कौन-कौन इलाकें और वहां के कौन दंडाधिकारी-दारोगा जोन थाना क्षेत्र दंडाधिकारी दारोगा 1. कोतवाली, सुखदेवनगर, हिंदपीढ़ी, डेली मार्केट और पंडरा प्रशांत मेलगांडी सहाबीर उरांव 2. लालपुर, चुटिया, लोअर बाजार, नामकुम और गोंदा दिलीपी राज राजकुमार गुप्ता 3. बरियातू, सदर आैर खेलगांव डॉ. ललन कु. वैद्य भानु कुमार 4. डोरंडा, अरगोड़ा, जगन्नाथपुर, पुंदाग, एयरपोर्ट, तुपुदाना, विधानसभा डॉ. शिवानंद काशी नितेश टोपनो 5. कांके, धुर्वा, रातू, नगड़ी और दलादली मुकेश अग्रवाल विनित कुमार
रांची में तेज हवा के साथ झमाझम बारिश, आज 5 डिग्री तक गिरेगा तापमान
सरहुल के दिन शनिवार को झारखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली। दिन भर तेज धूप और गर्मी के बाद शाम होते-होते कई जिलों में गर्जन के साथ हल्के और मध्यम दर्जे की बारिश हुई। सबसे अधिक 50.6 मिमी बारिश पाकुड़ के पकुरिया में दर्ज की गई। बारिश व तेज हवा से लोगों को गर्मी से राहत मिली। रात में हवा चलने से सिहरन महसूस हुई। मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और स्थानीय गर्मी के कारण मौसम में यह बदलाव हो रहा है। अगले 24 घंटे में तापमान में 3 से 5 डिग्री तक की गिरावट आ सकती है। इधर, रांची में भी सरहुल की शोभायात्रा के दौरान ही झमाझम बारिश हुई। कई इलाकों में ओलावृष्टि के साथ तेज बारिश होने लगी। शहर में शाम तक 4.60 मिमी बारिश दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 36.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 5.6 डिग्री कम है, जबकि न्यूनतम तापमान 18.8 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं दुमका के डिगवाडीह गांव में ठनका की चपेट में आने 35 वर्षीय कन्हैया राय की मौत हो गई, जबकि उसके पिता झुलस गए। अलबर्ट एक्का चौक पर बना मंच गिरा, सरहुल शोभायात्रा में बड़ा हादसा टला राजधानी में शनिवार शाम सरहुल शोभायात्रा के दौरान बड़ा हादसा टल गया। अलबर्ट एक्का चौक पर स्वागत के लिए बनाया गया मंच अचानक गिर गया। उस समय मंच पर दर्जनों लोग मौजूद थे, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है, हालांकि कुछ लोगों को हल्की चोटें आई हैं। जानकारी के अनुसार, शाम करीब 5 बजे तेज बारिश शुरू हो गई, जिससे बचने के लिए बड़ी संख्या में लोग मंच पर चढ़ गए। क्षमता से अधिक लोगों के चढ़ने के कारण मंच दबाव नहीं झेल सका और गिर गया।
राजस्व विभाग में ज्यादा भ्रष्टाचार, 30-35 की उम्र वाले अफसर सबसे अधिक घूसखोर
झारखंड में भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी: नई पीढ़ी से लेकर अनुभवी अफसर तक एसीबी के जाल में झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जरूर तेज हुई है, लेकिन जमीनी हकीकत अब भी चिंताजनक है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में हर साल औसतन 30 से 35 सरकारी कर्मचारी और अधिकारी रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़े जा रहे हैं। इसके बावजूद निचले स्तर पर घूसखोरी थमने का नाम नहीं ले रही है। वर्ष 2025 में करीब 30 मामलों में गिरफ्तारियां हुईं, जबकि 2026 में महज ढाई महीने के भीतर ही 8 'ट्रैप' हो चुके हैं। यह संकेत देता है कि सिस्टम के भीतर ‘रूटीन भ्रष्टाचार’ ने गहराई तक जड़ें जमा ली हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि रिश्वतखोरी अब केवल वरिष्ठ अधिकारियों तक सीमित नहीं रही। 31 वर्ष तक के युवा कर्मचारी भी घूस लेते पकड़े जा रहे हैं, वहीं आरोपियों की अधिकतम उम्र 56 वर्ष तक पहुंच रही है। यानी नई पीढ़ी से लेकर अनुभवी अफसर तक, सिस्टम के हर स्तर पर भ्रष्टाचार का असर साफ दिख रहा है। जांच में यह भी सामने आया है कि रिश्वत की रकम भले ही 2 हजार से 60 हजार रुपए के बीच हो, लेकिन इसके पीछे की मानसिकता एक जैसी है— छोटे से छोटे काम के बदले भी ‘रिश्वत तय’। हालांकि, तस्वीर का दूसरा पहलू और भी अधिक निराशाजनक है। आंकड़े बताते हैं कि इन मामलों में 5 प्रतिशत आरोपियों को भी सजा नहीं मिल पा रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि इतनी कार्रवाइयों के बावजूद भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण क्यों नहीं हो पा रहा है? केस स्टडी: हालिया गिरफ्तारियां नाम: मनीष भारती (32 वर्ष), पद: निम्न वर्गीय लिपिक घटना: 1 मई 2025 को एसीबी धनबाद ने खोरी महुआ अनुमंडल कार्यालय के नाजिर मनीष कुमार भारती को 10 हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। उसने एक अपील वाद में उचित आदेश पारित कराने के एवज में यह रकम मांगी थी। नाम: दिलीप कुमार (34 वर्ष), पद: कंप्यूटर ऑपरेटर घटना: 26 मार्च 2025 को एसीबी रांची ने जिला निबंधन कार्यालय लोहरदगा के कंप्यूटर ऑपरेटर दिलीप कुमार को 5,000 रुपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। उसने जमीन का पट्टा निर्गत करने के बदले रिश्वत मांगी थी। नाम: नंदन कुमार (31 वर्ष), पद: ब्लॉक सप्लाई ऑफिसर (BSO) घटना: 19 मार्च 2026 को एसीबी दुमका की टीम ने साहिबगंज के बड़हरवा ब्लॉक में तैनात बीएसओ नंदन कुमार को 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा। उन पर डीलरों से अवैध वसूली (कलेक्शन) करने का आरोप था। पिछले साल से अब तक की गिरफ्तारियां (विभागवार) 2 हजार से 60 हजार तक का सौदा: वर्ष 2025 के मामलों पर नजर डालें तो न्यूनतम 2,000 रुपए जैसी मामूली रकम लेते हुए भी कर्मचारी पकड़े गए हैं, वहीं अधिकतम 60,000 रुपए तक की घूस लेते अधिकारी भी गिरफ्त में आए हैं। जहां जिला खनन कार्यालय के कंप्यूटर ऑपरेटर जैसे लोग छोटी रकम पर सौदा कर रहे थे, वहीं ग्रामीण विकास विभाग के कार्यपालक अभियंता जैसे अधिकारी बड़े भुगतान के बदले मोटी रिश्वत लेते पकड़े गए। 30 से 48 साल के बीच सबसे अधिक मामले: वर्ष 2026 के आंकड़ों का विश्लेषण बताता है कि रिश्वत लेने वालों में 31 से 52 वर्ष तक के कर्मचारी शामिल हैं, जिनमें सबसे अधिक मामले 40 से 48 वर्ष के आयु वर्ग के हैं। वहीं 2025 में यह दायरा 32 से 56 वर्ष के बीच था, जिसमें 35-50 वर्ष के अधिकारियों की संख्या सबसे अधिक रही। राजस्व विभाग सबसे आगे: आंकड़ों के अनुसार, राज्य में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार राजस्व और अंचल विभाग में है। वर्ष 2025 में इस विभाग के 7 कर्मी गिरफ्तार हुए। पंचायती राज (5 मामले) और ग्रामीण विकास (4 मामले) क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। इन विभागों में मनरेगा, बिल भुगतान और निर्माण कार्यों में सबसे ज्यादा घूसखोरी देखी गई। पुलिस विभाग में भी 3 कर्मियों को केस मैनेजमेंट और जब्ती के नाम पर रिश्वत लेते पकड़ा गया।
सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक स्कूलों में अब नियमावली से होगी शिक्षक भर्ती
दो माह में नियमावली को कैबिनेट से मंजूरी दिलाने की तैयारी में शिक्षा विभाग रांची: अब राज्य के गैर-सरकारी सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक हाईस्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति माध्यमिक शिक्षक नियुक्ति नियमावली के आधार पर ही हो सकेगी। शिक्षा विभाग इसके लिए नई नियमावली तैयार कर रहा है और अगले दो महीनों के भीतर इसे कैबिनेट से मंजूरी दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। इस नई व्यवस्था के तहत सरकार नियुक्ति प्रक्रिया की निगरानी करेगी ताकि नियमों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित हो सके। विभिन्न जिलों से प्राप्त फर्जी नियुक्तियों और भाई-भतीजावाद की शिकायतों के बाद पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग यह कदम उठा रहा है। अब प्रबंध समितियां मनमानी नियुक्तियां नहीं कर सकेंगी। नियुक्ति के सभी पहलुओं से संतुष्ट होने के बाद ही माध्यमिक शिक्षा निदेशक चयन पर अपनी अंतिम मुहर लगाएंगे। उपायुक्त के निर्देश पर जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) इसकी निरंतर मॉनिटरिंग करेंगे। बदलाव का कारण: विधानसभा में उठा था मामला झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में विधायक राजेश कच्छप और नमन विक्सल कोनगाड़ी ने इस विषय को उठाया था। राजेश कच्छप ने आशंका जताई थी कि नई नियमावली के माध्यम से सरकार अल्पसंख्यक स्कूलों पर अंकुश लगाना चाहती है। इस पर प्रभारी मंत्री सुदिव्य कुमार ने स्पष्ट किया कि न्यायालय के आदेश के आलोक में यह नियमावली बनाई जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन शिक्षकों की नियुक्ति का अनुमोदन अभी लंबित है, उनके प्रति सरकार का रवैया सकारात्मक है। वर्तमान व्यवस्था: प्रबंध समिति करती है नियुक्ति, वेतन देती है सरकार वर्तमान में सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक स्कूलों में नियुक्तियां प्रबंध समिति द्वारा की जाती हैं, जबकि उनके वेतन और भत्तों का भुगतान सरकार करती है। अभी तक आंतरिक चयन प्रक्रिया में सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं होता है। कुछ समितियां साक्षात्कार तो कुछ परीक्षाएं आयोजित करती हैं, जिसके लिए विज्ञापन प्रकाशन अनिवार्य होता है। अब विभाग इसी प्रक्रिया को अधिक जवाबदेह बनाने की तैयारी में है। आगे क्या... इन मुख्य बिंदुओं पर रहेगी नजर शिक्षक नियुक्ति को पारदर्शी बनाने के लिए आगामी नियमावली में निम्नलिखित पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा: योग्यता और आयु सीमा: क्या निर्धारित शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा का पूर्णतः पालन किया गया है? विज्ञापन: क्या प्रबंध समिति ने नियुक्ति हेतु सार्वजनिक विज्ञापन जारी किया था? समान अवसर: क्या सभी इच्छुक अभ्यर्थियों को आवेदन का अवसर मिला या किसी स्तर पर भेदभाव हुआ? (पारदर्शिता हेतु ऑनलाइन आवेदन का निर्देश भी दिया जा सकता है)। विभागीय अनुमति: क्या नियुक्ति प्रक्रिया के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) से आवश्यक अनुमति ली गई? चयन का आधार: चयन का आधार केवल साक्षात्कार था या लिखित परीक्षा भी आयोजित की गई? आरक्षण और मेरिट: मेरिट लिस्ट तैयार करने में आरक्षण रोस्टर और नियमों का पालन हुआ या नहीं? जानिए... क्या है शिक्षकों के लिए निर्धारित योग्यता पदनाम: हाईस्कूल और प्लस-टू स्कूलों के शिक्षकों के लिए मानक अब एक समान होंगे। शैक्षणिक योग्यता: संबंधित विषय में न्यूनतम 50% अंकों के साथ स्नातकोत्तर (PG) और बीएड (B.Ed) अनिवार्य। चयन प्रक्रिया: परीक्षा में दो प्रश्नपत्र होंगे। पेपर-1 (सामान्य ज्ञान) और पेपर-2 (विषय आधारित, 300 अंक)। आयु सीमा: 21 से 40 वर्ष (आरक्षित वर्गों को नियमानुसार छूट)।
झमाझम बारिश में खूब थिरका सरहुल
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी पत्नी कल्पना सोरेन और बच्चों के साथ आदिवासी कॉलेज छात्रावास करमटोली व मुख्य सरनास्थल सिरमटोली पहुंचे और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा, सरहुल महोत्सव प्रकृति से जुड़ाव और पूर्वजों की परंपराओं को आगे बढ़ाने का पर्व है। हमारे पूर्वजों ने जो परंपराएं हमें सौंपी हैं, उन्हें अगली पीढ़ी तक पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी है। प्रकृति से बड़ी कोई पूजा नहीं है। प्रकृति में ही सभी चीजों का सृजन होता है और अंततः उसी में विलय हो जाता है। अगर प्रकृति सुरक्षित रहेगी तभी मानव जीवन और संसार के जीव-जंतु सुरक्षित रहेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज के भौतिकवादी युग में भी हमें अपनी जड़ों से जुड़ा रहना होगा। बारिश भी नहीं रोक पाई उत्साह का सैलाब सखुआ के फूलों की महक और मांदर की गूंज के बीच शनिवार को रांची का हर अखरा जीवंत हो उठा। हातमा सरना स्थल पर मुख्य पाहन जगलाल ने घड़ों के पानी को देखकर अच्छी बारिश और बंपर फसल की भविष्यवाणी की, जिस पर मानों इंद्रदेव ने खुद मुहर लगा दी। दोपहर होते ही शहर में झमाझम बारिश और ओलों की फुहारें गिरने लगीं, लेकिन सरहुल का उत्साह कम नहीं हुआ। लाल पाड़ साड़ी में थिरकती युवतियां और पारंपरिक परिधानों में सजे युवाओं ने बारिश के बीच भी अपनी परंपरा का परचम लहराए रखा। अलबर्ट एक्का चौक से सिरमटोली तक निकले जुलूस में लोग भीगते हुए नाचते-गाते रहे। झांकियों के जरिए 'प्रकृति बचाओ, खुशियां मनाओ' का संदेश भी दिया गया।
झारखंड के अलग-अलग जिलों में सड़क हादसों में सात की मौत
झारखंड के इन दुर्घटनाओं में महिला समेत नौ लोग घायल, तीन रिम्स रेफर रांची: झारखंड के अलग-अलग जिलों में शनिवार को हुए सड़क हादसों में दो मासूमों समेत सात लोगों की मौत हो गई, जबकि 9 लोग घायल हैं। गंभीर रूप से घायल तीन लोगों को रिम्स (Ranchi) रेफर किया गया है। बालूमाथ-पांकी हाइवे पर दो बाइकों की टक्कर, तीन की मौत लातेहार के बरवाटोली के पास बालूमाथ-पांकी स्टेट हाइवे-10 पर शनिवार को दो बाइकों की आमने-सामने की टक्कर में तीन लोगों की मौत हो गई। हादसे में एक महिला समेत चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। बताया जाता है कि एक बाइक पर चार और दूसरी पर तीन लोग सवार थे। टक्कर इतनी जोरदार थी कि सरधाबार (हेरहंज) निवासी मोहन गंझू (22) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, तासु निवासी मन्नू भुइयां (20) और गुलाब भुइयां (22) ने बालूमाथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घायलों में विकास भुइयां (18), रंजीत भुइयां (17), कमलेश गंझू (21) और उनकी पत्नी शांति देवी (20) शामिल हैं। प्राथमिक उपचार के बाद रंजीत को छोड़कर अन्य तीनों घायलों को बेहतर इलाज के लिए रिम्स, रांची रेफर कर दिया गया है। पोटका: सड़क हादसे में दो की जान गई पोटका थाना क्षेत्र के हल्दीपोखर-कोवाली मुख्य पथ पर गाढ़ासाई में दो बाइकों की टक्कर में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल है। मृतक की पहचान लुपुंग गांव निवासी बिपिन मंडल के रूप में हुई है। घायल अमित सरदार का इलाज चल रहा है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। वहीं, कोवाली में एक अन्य हादसे में सवारी वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी। इससे बाइक पर पीछे बैठी महिला सड़क पर गिर गई और वाहन उसके ऊपर चढ़ गया। मृतका की पहचान पोटका निवासी खेलाराम बेसरा की पत्नी रिंती बेसरा (55) के रूप में हुई है। खोरीमहुआ: सड़क हादसों में दो मासूमों की मौत गिरिडीह के हीरोडीह और घोड़थंभा इलाके में हुए दो अलग-अलग हादसों में दो बच्चों की जान चली गई। पहली घटना हीरोडीह थाना क्षेत्र के करिहारी गांव की है, जहां 8 वर्षीय गोलू यादव को तेज रफ्तार बाइक ने टक्कर मार दी। अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने करीब चार घंटे तक गिरिडीह-कोडरमा मुख्य सड़क को जाम रखा। दूसरी घटना घोड़थंभा ओपी क्षेत्र की है। दो वर्षीय बच्ची प्रतिज्ञा कुमारी को इलाज के लिए एंबुलेंस से कोडरमा ले जाया जा रहा था। इसी दौरान नवलशाही थाना क्षेत्र के पहाड़पुर के पास एक तेज रफ्तार हाइवा ने एंबुलेंस को टक्कर मार दी। हादसे में बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एंबुलेंस में सवार महेश पांडेय, विनोद पांडेय, प्रमिला देवी और चंदन पांडेय घायल हो गए। सभी का कोडरमा में इलाज चल रहा है।
युद्ध के चलते दुनियाभर में महंगाई बढ़ने की आशंका के मद्देनजर इस सप्ताह शुद्ध सोना 13,700 रुपए प्रति दस ग्राम यानी 8.47% और चांदी 32,700 रुपए प्रति किलो यानी 12.40% सस्ती हो गई। इससे शनिवार को जयपुर में 24 कैरेट सोना 3,000 रुपए घटकर दो माह के निचले स्तर 1.48 लाख रुपए प्रति दस ग्राम और चांदी 6,000 रुपए सस्ती होकर ढाई महीने के निचले स्तर 2.31 लाख प्रति किलो तक उतर गई। इस साल 19 जनवरी को सोना 1.48 लाख और पिछले साल 25 दिसंबर को चांदी 2.26 लाख रुपए थी। इसके बाद जनवरी में तेजी के तूफान के बीच चांदी 29 जनवरी को 4 लाख रुपए किलो और सोना 1.84 लाख रुपए प्रति दस ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। इसके बाद से 51 दिन में सोना 36 हजार यानी 19.56 फीसदी और चांदी 1.69 लाख रुपए यानी 42.25% सस्ती हो चुकी है। ...और गिरावट संभव “ईरान-इजरायल युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से दुनियाभर में महंगाई बढ़ेगी। केंद्रीय बैंक ब्याज दर को मौजूदा स्तर पर रखेंगे या बढ़ाएंगे। मुद्राओं के मुकाबले डॉलर भी मजबूत हुआ। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस सप्ताह सोने में छह साल की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट रही। गिरावट का दौर अगले सप्ताह भी जारी रह सकता है।” एक्सपर्ट: मनीष खूंटेटा, उपाध्यक्ष, सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी
डॉक्टर को दिखाने के लिए गूगल सर्च इंजन पर नंबर खोजना एक व्यक्ति महंगा पड़ गया। गूगल से मिले नंबर पर कॉल करने पर साइबर ठग ने पांच रुपये का टोकन लेकर नंबर लगाने की सलाह दी, जिस पर पीड़ित ने पांच रुपये ऑनलाइन भुगतान कर दिया। जिसके बाद साइबर ठग ने पीड़ित के दो बैंक खाते से 11.44 लाख रुपए पार कर दिए। घटना के बाद पीड़ित 12 माह तक मुकदमा दर्ज कराने के लिए भटकता रहा। पुलिस के आलाधिकारियों से शिकायत के बाद नजीराबाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। 16 मार्च 2025 को गूगल से सर्च किया था नंबर कौशलपुरी निवासी विष्णु मोहन ठक्कर ने बताया कि बीते साल अस्वस्थ होने के कारण 16 मार्च 2025 को उन्होंने सनातन धर्म चिकित्सालय में कॉल की। कॉल रिसीव नहीं होने पर उन्होंने गूगल सर्च इंजन पर चिकित्सालय सर्च किया। उससे मिले मोबाइल नंबर पर संपर्क कर डॉक्टर के बारे में पूछा, तो उन्हें दूसरे दिन डॉक्टर के मिलने की जानकारी दी गई। इस बीच उन्हें सलाह दी गई कि अगर अभी पांच रुपए टोकन का देकर नंबर लेते है तो आपका नंबर लग जाएगा और आपको लाइन में नहीं लगना पड़ेगा, जिससे आप भीड़ से बच जाएगे। जिस पर उन्हें पांच रुपये ऑनलाइन करने के लिए बोला गया। जिसके बाद उन्होंने एटीएम कार्ड के जरिए पांच रुपये ट्रांसफर कर दिए। जिसके कुछ देर बाद उनके दो बैंक खाते से 11.44 लाख रुपये निकल गए। नजीराबाद थाना प्रभारी पवन कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर मुकदमा दर्जकर कार्रवाई की जा रही है।
जयपुर के जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग-द्वितीय ने एक चौंकाने वाला फैसला दिया है। आयोग के अध्यक्ष जीएल मीना और सदस्य सुप्रिया अग्रवाल ने 16 जनवरी 2026 को अलवर के सिलिसेढ़ बांध के भराव क्षेत्र में बने देसी ठाठ रिसोर्ट की सील खोलने के आदेश दिए, जबकि हाई कोर्ट यूआईटी की कार्रवाई को सही मान चुका है। यूआईटी ने जब इसे उपभोक्ता अदालत के क्षेत्राधिकार के बाहर का मामला बताया तो अध्यक्ष ने स्वयं विवादित संपत्ति का निरीक्षण करने व आदेश की पालना कराने का निर्देश जारी कर दिया। 13 फरवरी को वे स्वयं मौके पर पहुंचे और सील खुलने के बाद ही वहां से लौटे। यूआईटी ने इसके खिलाफ राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील की, जिसे इस आधार पर खारिज कर दिया कि जिला आयोग के आदेश की पालना की जा चुकी है। 1.10 हैक्टेयर में बना रिसोर्ट सरिस्का बाघ परियोजना के बफर जोन में भी आता है। इसकी जमीन को संदीप खंडेलवाल ने 2013 में खरीदा और उनकी कंपनी मैसर्स सैन रेजीडेंसी ने यूआईटी में कन्वर्जन के लिए आवेदन किया। यूआईटी ने इसे 2015 में खारिज कर दिया। कंपनी ने इसके खिलाफ 2019 में संभागीय आयुक्त (जयपुर) के कोर्ट में अपील की, जहां से 2022 में परिवादी को सुनवाई का अवसर देकर निर्णय करने के आदेश हुए। यूआईटी ने सुनवाई के बाद कन्वर्जन से इनकार करते हुए पिछले साल 13 दिसंबर को रिसोर्ट सील कर दिया। एडीजे कोर्ट ने सील खोलने की अंतरिम आदेश दिया जिस पर हाई कोर्ट ने रोक लगा दी। हाई कोर्ट ने अंतिम आदेश की कार्रवाई को सही माना। रेवेन्यू-सिविल कोर्ट जैसा फैसला, लिखा- रिसोर्ट बांध के भराव क्षेत्र में नहीं है
एक जिला-एक खेल 40 किलोग्राम में उत्कर्ष मिश्रा व सुषमा प्रथम रही
भास्कर न्यूज | जालोर राजस्थान सरकार की महत्वाकांक्षी योजना एक जिला एक खेल के तहत बॉक्सिंग खेल जिला स्तरीय एकदिवसीय प्रतियोगिता का आयोजन स्वर्ण गिरी स्पोर्ट्स फाउंडेशन पंच गौरव क्रीड़ा स्थल पर किया। जिला खेल अधिकारी अमित कुमार शर्मा ने बताया कि प्रतियोगिता में जिलेभर के बालक एवं बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मुख्य अतिथि विधानसभा संयोजक गणपत सिंह बगेडिया रहे। अध्यक्षता शंकर सिंह राजपुरोहित ने की। विशेष अतिथियों में जिला कोषाधिकारी भूपेंद्र कुमार मकवाना, एसीबीओ जबर सिंह देवड़ा एवं क्रीड़ा भारती के महासचिव भागीरथ गर्ग उपस्थित रहे। बॉक्सिंग प्रशिक्षक पुष्पेंद्र परमार ने प्रतियोगिता के परिणाम घोषित किए। प्रतियोगिता में 40 किग्रा में उत्कर्ष मिश्रा प्रथम, आदित्य सुंदेशा द्वितीय, ललित तृतीय रहे। इसी प्रकार 42 किग्रा में प्रीतम प्रथम, कुणाल सिंह द्वितीय, महिपाल तृतीय रहा। 44 किग्रा में अतुल गर्ग प्रथम, पीयूष मेवाड़ा द्वितीय, कुश गर्ग तृतीय, 46 किग्रा में अभिजीत सिंह प्रथम, अंकुश द्वितीय, भरत कुमार तृतीय रहे। 48 किग्रा में यशवीर सिंह प्रथम, लव गर्ग द्वितीय, गणेश तृतीय, 50 किग्रा में सचिन प्रथम , कृष्ण कुमार राणा द्वितीय रहे। 54 किग्रा में यश टॉक प्रथम, यशपाल द्वितीय, 57 किग्रा में कोहिनूर प्रथम, युवराज सिंह द्वितीय, 60 किग्रा में चंद्र मोहन प्रथम, हितेश द्वितीय, 63 किग्रा में लक्ष्मण प्रथम, सूरज द्वितीय, 66 किग्रा में भानाराम प्रथम, गौरव द्वितीय, 70 किग्रा में प्रिंस प्रथम, रुद्र प्रताप सिंह द्वितीय, 75 किग्रा में हिमांशु प्रथम, ध्रुव सिंह द्वितीय, 80 किग्रा में विकास जाट प्रथम, साहिल द्वितीय , 80 प्लस में मानवेन्द्र सिंह राजपुरोहित प्रथम, राघव द्वितीय रहे। इसी प्रकार बालिका वर्ग में 40 किग्रा में सुषमा प्रथम, भूमिका द्वितीय, 42 किग्रा में तनुजा प्रथम, ओजस्वी गर्ग द्वितीय, 44 किग्रा में सपना प्रथम, कविता द्वितीय, 46 किग्रा में विनीता कंवर प्रथम, करीना द्वितीय, 54 किग्रा में मनीषा प्रथम, मुस्कान द्वितीय, 60 किग्रा में भावना प्रथम, 70 किग्रा में खुशी शर्मा प्रथम 75 किग्रा में दृष्टि प्रथम रही। कार्यक्रम का संचालन कन्हैयालाल मिश्रा ने किया। प्रतियोगिता में रेफरी एवं जज की भूमिका ओमप्रकाश गर्ग, विजय सोलंकी, कुपाराम, विजयपाल, हितेश कुमार एवं कमल सिंह ने निभाई। इस अवसर पर मंगेश कुमार, सुरेश कुमार शर्मा, चंद्रकांत रामावत, भावेश कुमार, मुकेश राणा, दिलीप मेवाड़ा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
एक जिला-एक खेल 40 किलोग्राममें उत्कर्ष मिश्रा व सुषमा प्रथम रही
राजस्थान सरकार की महत्वाकांक्षी योजना एक जिला एक खेल के तहत बॉक्सिंग खेल जिला स्तरीय एकदिवसीय प्रतियोगिता का आयोजनस्वर्ण गिरी स्पोर्ट्स फाउंडेशन पंच गौरव क्रीड़ा स्थल पर किया।जिला खेल अधिकारी अमित कुमार शर्मा नेबताया कि प्रतियोगिता में जिलेभर के बालक एवं बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मुख्यअतिथि विधानसभा संयोजक गणपत सिंह बगेडियारहे। अध्यक्षता शंकर सिंह राजपुरोहित ने की। विशेष अतिथियों में जिला कोषाधिकारी भूपेंद्र कुमारमकवाना, एसीबीओ जबर सिंह देवड़ा एवं क्रीड़ाभारती के महासचिव भागीरथ गर्ग उपस्थित रहे। बॉक्सिंग प्रशिक्षक पुष्पेंद्र परमार ने प्रतियोगिता के परिणाम घोषित किए। प्रतियोगिता में 40 किग्रा मेंउत्कर्ष मिश्रा प्रथम, आदित्य सुंदेशा द्वितीय, ललित तृतीय रहे। इसी प्रकार 42 किग्रा में प्रीतम प्रथम,कुणाल सिंह द्वितीय, महिपाल तृतीय रहा। 44 किग्रामें अतुल गर्ग प्रथम, पीयूष मेवाड़ा द्वितीय, कुश गर्ग तृतीय, 46 किग्रा में अभिजीत सिंह प्रथम, अंकुशद्वितीय, भरत कुमार तृतीय रहे। 48 किग्रा में यशवीरसिंह प्रथम, लव गर्ग द्वितीय, गणेश तृतीय, 50 किग्रामें सचिन प्रथम , कृष्ण कुमार राणा द्वितीय रहे। 54किग्रा में यश टॉक प्रथम, यशपाल द्वितीय, 57 किग्रामें कोहिनूर प्रथम, युवराज सिंह द्वितीय, 60 किग्रा मेंचंद्र मोहन प्रथम, हितेश द्वितीय, 63 किग्रा मेंलक्ष्मण प्रथम, सूरज द्वितीय, 66 किग्रा में भानारामप्रथम, गौरव द्वितीय, 70 किग्रा में प्रिंस प्रथम, रुद्रप्रताप सिंह द्वितीय, 75 किग्रा में हिमांशु प्रथम, ध्रुवसिंह द्वितीय, 80 किग्रा में विकास जाट प्रथम,साहिल द्वितीय , 80 प्लस में मानवेन्द्र सिंहराजपुरोहित प्रथम, राघव द्वितीय रहे। इसी प्रकारबालिका वर्ग में 40 किग्रा में सुषमा प्रथम, भूमिकाद्वितीय, 42 किग्रा में तनुजा प्रथम, ओजस्वी गर्गद्वितीय, 44 किग्रा में सपना प्रथम, कविता द्वितीय,46 किग्रा में विनीता कंवर प्रथम, करीना द्वितीय, 54किग्रा में मनीषा प्रथम, मुस्कान द्वितीय, 60 किग्रा मेंभावना प्रथम, 70 किग्रा में खुशी शर्मा प्रथम 75किग्रा में दृष्टि प्रथम रही। कार्यक्रम का संचालनकन्हैयालाल मिश्रा ने किया। प्रतियोगिता में रेफरी एवंजज की भूमिका ओमप्रकाश गर्ग, विजय सोलंकी,कुपाराम, विजयपाल, हितेश कुमार एवं कमल सिंहने निभाई। इस अवसर पर मंगेश कुमार, सुरेशकुमार शर्मा, चंद्रकांत रामावत, भावेश कुमार,मुकेश राणा, दिलीप मेवाड़ा सहित अनेक गणमान्यव्यक्ति उपस्थित रहे। जालौर में “एक जिला एक खेल – बॉक्सिंग” केतहत जिला स्तरीय प्रतियोगिता सम्पन्न।
चामुंडा माता मंदिर सड़क किनारे गड्ढा
जालोर | शहर के बड़ी पोल के बाहर सड़क पर कचरे का ढेर लगा है। आसपास का क्षेत्र गंदगी से भरा है। आवारा पशु भोजन की तलाश में कचरे को और फैलाते नजर आ रहे हैं। राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों के अनुसार यहां नियमित सफाई नहीं हो रही है। सफाई व्यवस्था में लापरवाही के चलते हालात बिगड़ते जा रहे हैं। -राकेश जोशी जालोर | शहर के चामुंडा माता मंदिर रोड पर लंबे समय से सड़क किनारे गड्ढा खुला है। यह गड्ढा राहगीरों और वाहन चालकों के लिए खतरा है। गड्ढे के पास किसी प्रकार का बैरिकेड या चेतावनी चिन्ह नहीं है। रात के समय अंधेरा रहने से दुर्घटना की आशंका रहती है। प्रशासन गड्ढा भरवाए एवं चेतावनी संकेत और सुरक्षा इंतजाम करे। -दिलीप कुमार जालोर | धरड़ा पावटी रोड की हालत खराब है। जगह-जगह कंकड़ और गिट्टी फैली होने से पैदल चलना व वाहन चलाना जोखिम भरा है। राहगीरों को दुर्घटना का डर रहता है। सड़क निर्माण अधूरा छोड़ दिया है। यह सड़क आसपास के गांवों को शहर से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। - हीरालाल माली
गणगौर पर गवर ईसरजी का विवाह संपन्न हुआ
जालोर | श्रीमाली ब्राह्मण समाज की महिला मंडल की ओर से वैजनाथ महादेव मंदिर में गणगौर पर्व धूमधाम से मनाया गया। जिसमें 19 मार्च को हल्दी की रस्म रखी गई, 20 मार्च को मेहंदी रखी गई और 21मार्च को गवर ईसरजी का विवाह मना कर गणगौर पूजन का कार्यक्रम पूर्ण हुआ।
हीरा दे ग्रुप ने गणगौर पर किया सिंजारे का आयोजन
जालोर | हीरा दे ग्रुप की ओर से गणगौर पर सिंजारे का आयोजन किया। आयोजक शैलजा माथुर ने बताया कि यह सिंजारा कार्यक्रम गणगौर से एक दिवस पूर्व में परिवार की महिलाएं व सखियों के साथ गणगौर की पूजा अर्चना और कलश के घुडले उठाकर मनाया जाता है। सभी सखियों ने मिलकर गणगौर की मेहंदी और हल्दी की रस्म पूरी की। गणगौर के गीत गाकर ईश्वर गवरजा की पूजा अर्चना की। उन्होंने बताया कि ग्रुप की महिला सदस्यों ने गणगौर के पावन अवसर पर सिंजारा का आयोजन अपनी सभी महिला मित्रों के साथ मिलकर उत्साह और श्रद्धा के साथ किया। इस दौरान महिलाओं ने पूजा-अर्चना की, भजन गाए और गुडला, झाला वारणा जैसे पारंपरिक गीत गाकर कर इस पर्व की खुशियों को साझा किया। इस दौरान मधु भाटी, नीरा माथुर, मंजू चौधरी, प्रीति हाड़ा, सुनीता शर्मा, मीनाक्षी शर्मा, सुमित्रा चौधरी, शिवांगी माथुर, दमयंती वैष्णव, संगीता मिश्रा मौजूद रही।
शाही ईदगाह में सुबह 8 बजे सामूहिक नमाज अदा की
शहर सहित जिलेभर में ईद-उल-फितरका पर्व मनाया गया। शाही ईदगाह वसी मैदान मेंसुबह 8 बजे सामूहिक नमाज अदा की गई।नमाज में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकरअल्लाह की इबादत की।जामा मस्जिद के शाही इमाम मौलाना मुफ्तीमोहम्मद मारूफ साहब ने नमाज अदा कराई।नमाज के बाद देश में अमन-चैन और खुशहालीकी दुआ मांगी। साथ ही भाईचारे और सौहार्दबनाए रखने का संदेश दिया। ईद की नमाज केबाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकरमुबारकबाद दी। बच्चों और युवाओं में खासाउत्साह देखने को मिला। बाजारों में चहल-पहलरही। लोगों ने खरीदारी का आनंद लिया। घरों मेंमीठी सेवइयां और पकवान बनाए। परिवार औररिश्तेदारों के साथ खुशियां साझा की।।लोगों नेसमाज में एकता और भाईचारे को मजबूत करनेका संकल्प लिया। -पढ़ें पेज 21 भी।
गजेंद्र ने वागाराम और साथियों को शराब छुड़ाने की दवा तक दिलवाई
तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी,विभाग को पहुंचाएंगे डीईओ माध्यमिक भंवरलाल परमारने बताया कि पुनककला पीईईओ क्षेत्र में कार्यरत प्रधानाध्यापक कोलेकर विभिन्न समाचार पत्रों मेंसमाचार प्रकाशित होने के बादमामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट संबंधित सीबीईओ कार्यालय सेमांगी है। मामले की जांच करवाकरजो भी रिपोर्ट आएगी, उसे विभाग को भेजेंगे। शव उठाने से अंतिम संस्कार तक साथ रहा वागाराम जानकारी केअनुसारवागाराम पिछलेचार सालों सेसुरेंद्र के खेत परकाम कर रहाथा। इन 4सालों में वह सुरेंद्र के परिवार काविश्वासपात्र बन चुका था। इसी कारण गजेंद्र नेउसे वारदात में भी साथ रखा गया था। घटनाके अगले दिन शव मिलने की जैसे ही सूचनागांव में फैली, तो वागाराम भी घटना सेअनजान बनकर ग्रामीणों के साथ हो लिया।ग्रामीणों के अनुसार मौके पर पुलिस जांच केबाद शव उठाने में वागाराम ने ही मदद कीथी। जैसे ही शव को अस्पताल ले जायागया, वहां गाड़ी में से शव को मोर्चरी में भीवागाराम ने रखवाया था। पोस्टमार्टम के बादशव वाहन में भी रखवाया और बाद मेंअंतिम संस्कार तक वह साथ रहा था। इसदौरान वह लोगों के बीच रहकर चल रहीचर्चा की जानकारी जुटाता रहा था। मांडोली के बहुचर्चित गणपतसिंह हत्याकांडमें आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच में लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं। सामने आया हैकि मुख्य आरोपीगजेंद्रसिंह व उसके पितासुरेंद्र ने इस मामले कीजांच के तथ्यों को छिपाने, धरने में साथ रह करगुमराह करने की काफी कोशिश की थी।इसके अलावा सह आरोपी वागाराम किसीको बता ना दे, इसके लिए उसकी शराबछुड़ाने की भी कोशिश की।मुख्य आरोपी गजेंद्र व उसके पितासुरेंद्रसिंह पर आरोप लगे हैं कि उन्होंने जांचटीम में शामिल कुछ पुलिसकर्मियों के साथमिलकर पूरे मामले पर नजर रखी। यहआरोप भूख हड़ताल के दौरान गणपतसिंह केपरिजन लगा चुके हैं। आरोप लगाया था कि4 साल से पड़ा जीरा बेचा और गोल्ड लोनलेकर कुछ पुलिसकर्मियों दिया और अपनीओर मिला लिया। दोनों ने जांच टीम मेंशामिल कुछ पुलिसकर्मियों से संपर्क करमामले की पूरी जांच कार्रवाई पर नजर रखी।पहले जांच अधिकारी रामसीन के तत्कालीनथानाधिकारी थे। बाद में सांचौर के तत्कालीनडीएसपी शरण गोपीनाथ कांबले को सौंपीथी। उनकी जांच में सह आरोपी वागाराम कोभी संदिग्ध माना गया। चूंकि वागारामआदतन शराब पीता था, तो मुख्य आरोपीगजेंद्र और उसके पिता सुरेंद्र को डर था किवह किसी को बता नहीं दे। उन्हें आशंका थीकि वागाराम शराब के नशे में वारदात काराज खोल सकता है। ऐसे में मुख्य आरोपीगजेंद्र ने वागाराम की शराब छुड़ाने कीयोजना बनाई, लेकिन वह सिर्फ वागाराम कोले जाता तो शक गहराता। ऐसे में वागारामके साथ शराब पीने वाले अन्य 5 लोगोंसहित कुल 8 जनों को शराब छुड़ाने ले गए। गजेंद्र ने पांच जनों को अपने घर से व अन्यलोगों को गांव के बाहर से अपनी बोलेरोगाड़ी में बिठाया और आहोर के अगवरी गांवमें स्थित एक भोपा के पास ले गया। साथ मेंगए एक व्यक्ति ने नाम नहीं छापने की शर्तपर बताया कि वहां हमें करीब तीन घंटे तकरखा। जैसे-जैसे नंबर आया हमें दवा दिलाईगई। दवा की एवज में प्रति व्यक्ति 2500रुपए लिए गए। सभी लोगों के पैसे गजेंद्र नेही चुकाए थे। वहां बताया गया था कि दवालेने के बाद तीन दिन तक शराब पीने कीइच्छा नहीं होती है। हमने दवा ले ली। जबभी हम दवा लेने के बाद शराब पीते तो हमेंउल्टी हो जाती थी। गणपत सिंह
घरेलू गैस सिलेंडरों की डिमांड, पुलिसकी मौजूदगी में वितरित करवाने पड़े
पुलिस की मौजूदगी में सिलेंडर बांटे गए। भास्कर न्यूज | सियाणाघरेलू गैस सिलेंडरों की किल्लत के चलते शनिवारको कस्बे में पुलिस की मौजूदगी में 160 गैससिलेंडर बांटे। लोगों ने बताया कि बिना बुकिंग केपूर्व में गैस सिलेंडर उठा लिए, जबकिउपभोक्ताओं को जानकारी भी नहीं है। गैस सर्विस की ओर से शनिवार कोकस्बे के भट्टों के चौक पर पुलिस की मौजूदगी में एक बुकिंग काउंटर और एक गैस सिलेंडर सप्लाई काउंटर लगाए। शांति व्यवस्था के लिए सियाणापुलिस चौकी की ओर से कांस्टेबल भगारामदेवासी ने ग्रामीणों को लाइन लगाकर बुकिंगकरवाने एवं गैस सिलेंडर लेने के लिए कतार मेंखड़े रहने का निर्देश देते हुए व्यवस्था में सहयोगकिया। गैस सिलेंडर लेकर आई 2 गाडियों से160गैस सिलेंडर वितरित किए गए। मोटाराम प्रजापत,शंकरभाई घाची, भंवरसिंह गहलोत ने बताया किपिछले डेढ़ महीने से गैस सिलेंडर न बुकिंगकरवाया ना लिया है, फिर भी वो गैस सिलेंडर कीबुकिंग के लिए आए तो पहले से ही गैस सिलेंडरउनके खाते से किसी ने उठा लिया। उनको इसकीजानकारी नहीं है और ना उनके पास बुक में गैससिलेंडर ले जाने की कोई इंट्री है।
रात के पारे में 1.7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट, 15.4 रहा
भास्कर न्यूज | जालोर मौसम में आए बदलाव के बाद रात के पारे में गिरावट का दौर है। अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी है। रात का पारा लुढ़ककर 15.4 डिग्री सेंटीग्रेड पर आ गया। शनिवार को दिन में तेज धूप रही। दोपहर बाद बादलों की आवाजाही का दौर रहा। शाम को मौसम ठंडा हुआ। हवाएं चली। मौसम ठंडा हो गया। शाम को आकाश में बादलों ने डेरा डाला जिससे लोगों को बारिश का अंदेशा लगा लेकिन बारिश नहीं हुई। एक दिन में रात के पारे में 1.7 डिग्री की गिरावट हुई अधिकतम तापमान में 2 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई। शनिवार को दिन का तापमान 31.8 व रात का तापमान 15.4 डिग्री सेंटीग्रेड रिकॉर्ड किया गया।
यहां पर सीसीटीवी कैमरे की नजर में है पालना गृह
भास्कर न्यूज | जालोर पालना गृह का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित आश्रय देना है, लेकिन शहर के एमसीएच अस्पताल के मुख्य गेट पर बना पालना गृह व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। यह पालना गृह सीधे सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में है। पहचान उजागर होने के भय से कोई भी यहां शिशु नहीं छोड़ पाता। इस कारण जरूरतमंद लोग बच्चों को सुरक्षित स्थान पर छोड़ने से कतराते हैं। ऐसे में कई बार नवजात को झाड़ियों या सुनसान जगहों पर छोड़ने की घटनाएं सामने आती हैं। फोटो : साबिर अली नेपाली
बाजारों में लोगों ने खरीदारी का आनंद लिया, घरों में मीठी सेवइयां और पकवान बनाए
जालोर | शहर सहित जिलेभर में ईद-उल-फितर का पर्व मनाया गया। शाही ईदगाह वसी मैदान में सुबह 8 बजे सामूहिक नमाज अदा की गई। नमाज में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर अल्लाह की इबादत की। जामा मस्जिद के शाही इमाम मौलाना मुफ्ती मोहम्मद मारूफ साहब ने नमाज अदा कराई। नमाज के बाद देश में अमन-चैन और खुशहाली की दुआ मांगी। साथ ही भाईचारे और सौहार्द बनाए रखने का संदेश दिया। ईद की नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद दी। बच्चों और युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। बाजारों में चहल-पहल रही। लोगों ने खरीदारी का आनंद लिया। घरों में मीठी सेवइयां और पकवान बनाए। परिवार और रिश्तेदारों के साथ खुशियां साझा की।।लोगों ने समाज में एकता और भाईचारे को मजबूत करने का संकल्प लिया।
जिला परिषद भवन में होगी वोटिंग
बोकारो | बीएसएल अनाधिशासी कर्मचारी संघ (बीएकेएस) के 2026-29 सत्र का चुनाव 22 मार्च को होगा। यह चुनाव गुप्त मतदान के माध्यम से किया जाएगा।इसकी सभी तैयारियां चुनाव समिति ने पूरी कर ली है। बीएकेएस चुनाव समिति के मुख्य चुनाव पदाधिकारी रवि कुमार ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मतदान सेक्टर-1 स्थित जिला परिषद कार्यालय परिसर में होगा। मतदान सुबह 8 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक होगा। यह चुनाव न केवल एक संगठनात्मक प्रक्रिया है, बल्कि कर्मचारियों के लोकतांत्रिक अधिकार, सहभागिता एवं पारदर्शिता का एक महत्वपूर्ण उदाहरण भी है। उन्होंने सभी सदस्यों से अपील किया है कि वे समय पर मतदान स्थल पर पहुंचकर अपने मत का प्रयोग अवश्य करें और एक मजबूत नेतृत्व के चयन में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
पौंड में डूबे बालक का नहीं चला पता
बोकारो | बीते शुक्रवार की शाम सेक्टर-9 स्थित कूलिंग पौंड में डूबे 7 वर्षीय मासूम का दूसरे दिन शनिवार को भी पता नहीं चला। हालांकि एनडीआरएफ की टीम नहीं पहुंची, लेकिन खेतको के गोताखोरों को बुलाया गया था। सात सदस्यीय गोताखोर टीम ने मासूम की तलाश की, लेकिन करीब दो घंटे के प्रयास के बाद भी पता नहीं चला। बता दें कि सात वर्षीय उमर अपने पिता मुजाहिद अली के साथ घूमने के लिए निकला था। डैम के काफी किनारे जाने पर बच्चे का पैर फिसल गया, जिससे वह कूलिंग पौंड में डूब गया। रात में ही स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाश की गई, लेकिन अंधेरे के कारण मासूम का पता नहीं चला था। फिलहाल परिजनों में मातम का माहौल है।
पश्चिमी विक्षोभ से बोकारो में बदला मौसम, 25 मिनट में 3 एमएम बारिश
सिटी रिपोर्टर | बोकारो जिले में शनिवार को दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट बदली। बोकारो-चास समेत ग्रामीण इलाकों में शाम करीब 3.30 बजे से झमाझम बारिश हुई। करीब 25 मिनट में 3.02 मिमी बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली, वहीं तापमान में गिरावट के चलते देर शाम और रात में हल्की ठंड का अहसास भी हुआ। मौसम विभाग के अनुसार यह स्थिति 22 मार्च तक बनी रह सकती है। इस दौरान आसमान में बादल छाए रहने, मेघ गर्जन, 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। विभाग ने गरज-चमक और वज्रपात को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की आशंका के चलते ऑरेंज अलर्ट भी प्रभावी है। शनिवार सुबह जिले के कई हिस्सों में बादल छाए रहे और तेज हवाएं चलीं। दिन में धूप निकलने के बाद दोपहर से मौसम फिर बदला और शाम को बारिश के साथ तेज हवाएं चलीं। मार्च की तपिश के बीच आए इस बदलाव ने लोगों को चिलचिलाती गर्मी से राहत दी है। एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ और नमी से भरे सिस्टम की सक्रियता के कारण यह बदलाव देखने को मिल रहा है। शनिवार को जिले का अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पश्चिमी विक्षोभ से मौसम में लगातार हो रहे बदलाव मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। 22 मार्च को आंशिक बादल और हल्की बारिश की संभावना है। वहीं 23 और 24 मार्च को आसमान साफ रहेगा और मौसम शुष्क रहेगा। 25-26 मार्च को फिर से आंशिक बादल छा सकते हैं, लेकिन बारिश की संभावना नहीं है। मौसम में बदलाव को देखते हुए किसानों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। तैयार रबी फसलों को ओलावृष्टि और तेज हवाओं से नुकसान हो सकता है। ऐसे में फसलों की सुरक्षा, कटाई में सावधानी और मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखने की अपील की गई है। ऐसा रहेगा तापमान 22 मार्च को 31 अधिकतम 19 न्यूनतम 23 मार्च को 32 अधिकतम 19 न्यूनतम 24 मार्च को 34 अधिकतम 20 न्यूनतम 25 मार्च को 26 अधिकतम 20 न्यूनतम डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
दी पेंटिकॉस्टल में खेल प्रशिक्षण शिविर संपन्न
बोकारो | दी पेंटिकॉस्टल असेम्बली स्कूल में कक्षा छठी से 8वीं तक के विद्यार्थियों के लिए आयोजित खेल प्रशिक्षण शिविर का समापन किया गया। प्राचार्या डॉ. करुणा प्रसाद एवं अधिशासी निदेशक डेनियल माइकल प्रसाद ने स्वागत, उद्बोधन के साथ किया। उन्होंने विद्यार्थियों को खेलों के महत्व, अनुशासन, टीम भावना और स्वस्थ जीवन के लिए प्रेरित किया और कहा कि इस शिविर में आप नए कौशल सीखेंगे और आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच तथा नेतृत्व क्षमता भी विकसित करेंगे। शिविर में कुल 44 खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिए। शिविर का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के शारीरिक विकास, अनुशासन, सामूहिक दल भावना और खेल कौशल को बढ़ावा देना था। प्रशिक्षकों ने लड़कों के लिए फुटबॉल तथा लड़कियों के लिए बास्केटबॉल खेल का प्रशिक्षण दिया।
क्लर्क ने सीसीएल को ~29लाख की क्षति पहुंचाई, केस
ढोरी क्षेत्र में क्लर्क तैनात सीबीआई करेगी पड़ताल सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के ढोरी क्षेत्र (बोकारो िजला) के जीएम यूनिट में तैनात केटेगरी-1 क्लर्क वीरेंद्र हजम के िखलाफ धनबाद सीबीआई ने जालसाजी और कंपनी को क्षति पहुंचाने के आरोप में नामजद प्राथमिकी दर्ज की है। सीबीआई ने यह प्राथमिकी सीसीएल के सीवीओ पंकज कुमार की लिखित शिकायत पर दर्ज की है। प्राथमिकी के अनुसार, वीरेंद्र हजम ने िनजी लाभ के िलए कंपनी के साथ जालसाजी की। ठेकेदारों ने टेंडर के िलए जो बोली लगाई थी, उन कीमतों में हेरफेर कर मात्रा िबल (बीओक्यू) बनाया। िफर तुलनात्मक िववरणों में जालसाजी कर उसे परिवर्तित कर िदया। परिणामस्वरूप ठेकों को बढ़ी हुई दर पर सौंपा गया। सौंपे गए ठेके 42 लाख 48 हजार 229 रुपए थे। बाद में ठेकेदारों ने भी बढ़ी हुई दरों पर चालान जारी कर दिया। इस कारण ठेकेदारों को 29 लाख 60 हजार 996 रुपए का अतिरिक्त भुगतान िकया गया। सीबीआई ने दावा िकया िक इस जालसाजी से ठेकेदारों को अनुचित लाभ हुआ, जबकि सीसीएल को इतनी राशि की क्षति हुई। इस केस की जांच सीबीआई डीएसपी विकास कुमार पाठक करेंगे।
सिटी सेंटर में गंदे पानी की सप्लाई, लोगों में आक्रोश
भास्कर इनसाइट पिछले दो सप्ताह से बोकारो के हृदयस्थली माने जाने वाले सेक्टर-4 सिटी सेंटर क्षेत्र के कई ब्लॉक में गंदे पानी की सप्लाई की जा रही है। यह समस्या सिटी सेंटर के ब्लॉक जीबी, जीसी, जीडी, एचबी, एचसी, एचडी और एचए में है। यहां पिछले कई दिनों से गंदे पानी की सप्लाई हो रही है, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि नल से आ रहा पानी दूषित और बदबूदार है, जिससे दैनिक उपयोग के साथ-साथ स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। वर्षों पुरानी पाइप लाइन बीएसएल प्लांट के निर्माण के साथ-साथ टाउनशिप का भी निर्माण किया गया था। इस समय पाइप लाइन भी की गई थी। कई स्थानों पर अवैध टेपिंग व अवैध कनेक्शन की समस्या है। ऐसे में दूषित जल की आपूर्ति की संभावना बनी रहती है। जानकारों की माने को कई इलाके में पाइप लाइन 1970 व 1980 के दशक की है। आज वह जर्जर हो चुके हैं। अभी भी उसी पाइप लाइन से जलापूर्ति हो रही है। शिकायत के बाद भी नहीं किया गया समाधान स्थानीय लोगों ने इस को लेकर पब्लिक हेल्थ विभाग के अधिकारी तरुण श्रीवास्तव और वाटर सप्लाई जीएम को लिखित शिकायत की है। लेकिन समाधान नहीं किया गया। नल से निकला गंदा पानी शहर में जलापूर्ति का मुख्य स्रोत तेनुघाट डैम है। डैम से 35 किलोमीटर की नहर के माध्यम से पानी बोकारो स्टील के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पहुंचता है। यहां पानी को साफ करके पूरे बोकारो शहर में प्रतिदिन 24 मिलियन गैलन पानी की आपूर्ति की जाती है। पानी का सैंपल भाभा अनुसंधान केंद्र मुंबई भेजा जाता है।
मार्च में जनवरी सा कोहरा... दृश्यता 20 मीटर तक सिमटी
भास्कर न्यूज। धौलपुर पश्चिमी विक्षोभ के कारण दो दिन से मौसम में आए बदलाव के कारण शनिवार बर्फबारी घना कोहरा छा गया। बिल्कुल जनवरी जैसा। इससे सुबह 8 बजे तक दृश्यता 20 मीटर तक सिमट गई। जानकारों का कहना है कि पिछले दिनों पहाड़ी इलाकों में हुई बर्फवारी के कारण हवा में नमी बढ़ गई। जिससे घना कोहरा बना। दिन में बादल नहीं होने के कारण तापमान में इजाफा है। रविवार मौसम साफ रहने की संभावना है, लेकिन पिछले दिनों हुई बारिश के कारण सुबह-शाम अभी हल्की सर्दी का अहसास बना रहेगा। मौसम विभाग ने 26 मार्च बर्फबारी और विक्षोभ आने की संभावना जताई है, लेकिन यह कम दबाव का बताया जा रहा है। इस कारण अगले सप्ताह तक मौसम में नरमी बनी रहेगी। बता दें कि 19 व 20 मार्च को मौसम बदलाव से आंधी बारिश और ओले गिरने से मौसम में ठंडक घुली और कोहरा छाया। सुबह लोगों को एक बार फिर अलमारी से ऊनी कपड़े निकालने पड़े है। कई जगहों पर तो देर सुबह तक घना कोहरा छाया रहा, तो वहीं हल्की सर्दी का असर भी बना रहा। खास बात यह रही कि इस बार का कोहरा जनवरी माह से भी ज्यादा घना महसूस किया गया। वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर धीमी गति से चलना पड़ा, वहीं सुबह की सैर पर निकलने वाले लोगों को भी ठंडक का अहसास हुआ। मौसम में आए बदलाव का असर फसल पर पड़ सकता है। इस कारण किसान चिंतित हैं। क्योंकि गेहूं और सरसों की कटाई अभी जारी है। अचानक बढ़ी नमी और कोहरा, ठंडक फसलों के लिए मिश्रित प्रभाव ला सकती है। हालांकि ज्यादा नुकसान की आशंका कम है, लेकिन मौसम ने किसानों की चिंता ज्यादा बढा दी है, क्योंकि इससे पहले आंधी बारिश से सरसों की कटी व पकी गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। मौसम एक्सपर्ट एनके जैतवाल ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हिमालय क्षेत्र में जोरदार बर्फबारी हुई और बर्फीली ठंडी हवाओं के कारण राजस्थान के दो तिहाई भाग में पुनः ठंड लौट आई है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राजस्थान के कई हिस्सों में मध्यम दर्जे की वर्षा हुई एवं कई जगह ओले गिरे हैं। राज्य के तापमान में 10 से 12 डिग्री तक गिरावट हो गई है। उत्तरी राजस्थान में सर्दी का असर होने से रखे हुए गर्म कपड़े वापस निकालना पड़े है। विक्षोभ का प्रभाव 22 मार्च तक रहेगा इसके बाद धीरे-धीरे पुन: तापमान में वृद्धि होगी। परंतु मौसमी तंत्र की दशाओं मऊ के अनुसार 26 के पश्चात कम दबाव का पश्चिमी विक्षोभ आने की संभावना है जिससे 27 मार्च के बाद एक बार वापस तापमान कम होंगे, बादल छाएंगे और हल्की दर्जे की वर्षा होने एवं ओले गिरने संभावना हैं।
बीहड़ में आस्था का सैलाब: माता रेहना वाली के मेले में उमड़े 10 हजार से ज्यादा श्रद्धालु
धौलपुर| रेहना वाली का मेला में आस्था का सैलाब उमड़ने लगा है। शनिवार को उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे। एक ही दिन में करीब 10 हजार से अधिक भक्तों ने माता के दरबार में पहुंचकर ध्वजा,नारियल चढ़ाए तथा सुख-समृद्धि की कामना की। मनोकामना पूरी होने पर माता को ध्वजा चढ़ाते हैं, वहीं कुछ श्रद्धालु पीतल के घंटे अर्पित करते हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मंदिर परिसर सहित मुख्य रास्तों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिस का जाब्ता तैनात किया गया है,जो श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने में जुटा हुआ है। मेले में आसपास के ग्रामीणों द्वारा अस्थायी दुकानें भी लगाई गई हैं,जहां पूजा-सामग्री, प्रसाद और अन्य वस्तुएं उपलब्ध हैं। प्याऊ और ठहरने के लिए पांडाल... मरेना गांव से लेकर चंबल के बीहड़ों में स्थित मंदिर तक रास्ते में कई स्थानों पर प्याऊ की व्यवस्था की गई है, जहां श्रद्धालुओं को ठंडा पानी और शरबत उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही पदयात्रियों के विश्राम के लिए अस्थायी पांडाल भी लगाए गए हैं। कई स्थानों पर चाय,प्रसाद और हल्के नाश्ते की व्यवस्था भी की जा रही है।
पेयजल संकट की शिकायत के लिए कंट्रोल रूम शुरू
भास्कर न्यूज | भीलवाड़ा गर्मी की दस्तक के साथ ही शहर व जिले में पेयजल संकट की स्थिति बनने लगती है। कई बस्तियों में नलों से पर्याप्त पानी नहीं मिलने, कुछ जगह लीकेज पाइप लाइनों से पानी बहने, नलों से घरों में गंदा पानी पहुंचने के साथ ही हैंडपंप व ट्यूबवैल पानी देना बंद कर देता है, इसकी शिकायत के लिए जलदाय विभाग ने पुर रोड स्थित कार्यालय परिसर में 15 मार्च से कंट्रोल रूम का संचालन शुरू किया है। यह कंट्रोल रूम 24 घंटे खुला रहेगा तथा इस पर उपभोक्ता किसी भी वक्त पीने के पानी से संबंधित शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इस कंट्रोल रूम पर स्वयं पहुंचकर या फिर फोन नंबर 01482294320 से भी शिकायत नोट कराई जा सकती है। जलदाय विभाग के कंट्रोल रूम प्रभारी एईएन देवेंद्रकुमार के अनुसार जलदाय परिसर में ग्रीष्मकालीन ऋतु को देखते हुए शुरू किया कंट्रोल रूम 24 घंटे खुला रहेगा। यहां 8-8 घंटे की ड्यूटी पर कर्मचारियों की तैनाती की गई है। जिस भी क्षेत्र में पेयजल संकट की स्थिति है या हैंडपंप और ट्यूबवैल है तो यहां शिकायत की जा सकती है। एईएन दिलराज मीणा के अनुुसार वर्तमान में शहर के करीब 70 हजार उपभोक्ताओं के घरों में नल से पानी पहुंचा रहा है।
मारपीट करने का मामला:विंड कंपनी अफसरों व ग्रामीणों के बीच झड़प, मारपीट का मामला दर्ज
मौखाब में कंपनी के अधिकारी और ग्रामीणों के बीच हुई हाथापाई। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि बहसबाजी के दौरान अचानक हाथापाई शुरू हो जाती है। एक युवक कंपनी के अधिकारी को थप्पड़ मारता दिखाई दे रहा है फिर उन पर सेफ्टी हेलमेट भी मारता है। किसान श्रवण सिंह का आरोप है कि कंपनी के लोग उनकी मर्जी के बिना उनके खेत में विंड चक्की (पंखा) लगाने की कोशिश कर रहे थे। जिसका श्रवण सिंह ने विरोध किया तो कंपनी के अधिकारी खेत में जबरदस्ती घुसकर काम शुरू कर दिया। कंपनी के अधिकारियों को कई बार काम रोकने और खेत में विंड टावर नहीं लगाने की मांग की, लेकिन कंपनी के अधिकारियों ने ग्रामीण की कोई बात नहीं सुनी। इस वजह से हंगामा खड़ा हो गया। भास्कर न्यूज| बाड़मेर शिव उपखंड के मौखाब गांव में शनिवार को स्टेलिंग विंड एनर्जी कंपनी के अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच झड़प हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि किसानों ने कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर और कर्मचारियों के साथ मारपीट शुरू कर दी। ग्रामीणों द्वारा की गई हाथापाई के बीच जान बचाने के लिए कंपनी के अफसर व कर्मचारियों को बिना नंबर की स्कॉर्पियो में बैठकर मौके से भागना पड़ा। यह पूरी घटना का कैमरे में कैद हुई है। मौखाब गांव में पिछले लम्बे समय से गोचर जमीन में सड़कों के निर्माण और विंड टावर को लेकर ग्रामीणों और कंपनी के अधिकारियों के बीच विवाद चल रहा है। कंपनी के अधिकारियों ने गोचर जमीन पर ग्रेवल सड़कों का निर्माण कर दिया। जिसको लेकर भी किसानों और ग्रामीणों ने विरोध भी किया। “स्टर्लिंग एंड विल्सन कंपनी और किसानों के बीच गाड़ी लगाने को लेकर विवाद था। दोनों पक्षों के बीच हाथापाई का मामला दर्ज कर लिया है।” -सत्यप्रकाश, थानाधिकारी,शिव।
पीली कोठी के पीछे रास्ते में कीचड़
श्योपुर|पीली कोठी के पीछे से गांधी नगर की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर इन दिनों कीचड़ की समस्या बढ़ गई है। मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों और राहगीरों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रास्ते पर पहले से सीसी रोड बना हुआ है, लेकिन इसके जर्जर होने और जगह-जगह टूट जाने से पानी भरने की स्थिति बन जाती है। शुक्रवार को हुई बारिश से सड़क पर और ज्यादा कीचड़ हो गई है। इससे न केवल फिसलन बढ़ गई है, बल्कि आवागमन भी बाधित हो रहा है। इस रोड से कई वार्डों के लोग रोजाना आते-जाते हैं। बावजूद इसके, नगरपालिका द्वारा समस्या के समाधान की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। -महावीर शर्मा, निवासी गांधी नगर श्योपुर
हाईवे पर बंद स्ट्रीट लाइट, पसरा अंधेरा
नेशनल हाईवे 552 पर लाखों रुपये खर्च कर लगाई गई स्ट्रीट लाइटें शोपीस बनकर रह गई हैं। रायपुरा गांव से लेकर सोंईकलां और दांतरदा तिराहे तक कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइट लंबे समय से बंद पड़ी हैं, जिससे रात के समय हाईवे पर अंधेरा पसरा रहता है। इस मार्ग से रोजाना बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं, लेकिन पर्याप्त रोशनी नहीं होने के कारण चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर दोपहिया और छोटे वाहन चालकों के लिए यह स्थिति ज्यादा खतरनाक साबित हो रही है, क्योंकि अंधेरे में सड़क की स्थिति साफ नजर नहीं आती। लोगों का कहना है कि कई बार संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है। लाइट बंद होने से दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। -विक्रम बैरवा, निवासी श्योपुर
निर्माण सामग्री से पटी सड़कें, नपा की अनदेखी से लोगों की बढ़ रहीं मुश्किलें
शहर की सड़कों पर इन दिनों भवन निर्माण सामग्री का कब्जा है। इससे लोगों को सड़क पर चलने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबकुछ जानते हुए भी नपा लोगों की इस समस्या की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही है। हालत यह हैं की हर गली में मकान बनाने काम जोरों पर है। उनको बनाने में उपयोग होने वाली निर्माण सामग्री जहां- तहां सड़कों पर फैली पड़ी हुई है। इससे कई जगह तो हर कभी जाम की स्थिति बन रही है। वहीं पैदल चलने वालों को भी अपना रास्ता बदल कर जाना पड़ता है। शिवपुरी रोड हाइवे के दोनों तरफ जगह निर्माण सामग्री पड़ी है। नपा मकानों को बनाने की अनुमति तो लोगों को बड़ी आसनी से दे देती है, लेकिन इन मकानों के निर्माण से लोगों को क्या परेशानी होगी। इस आेर कभी भी गंभीरता से ध्यान नहीं देती। मकान बनने वाले निर्माण सामग्री को बेतरतीब तरीके से सड़कों पर रख देते हंै और जब तक मकान का निर्माण नहीं हो जाता तब तक उसे नहीं हटाते। ऐसे में आम लोगों को खासी परेशनियों का सामना करना पड़ता है। शहर की कई बस्तियों में इस समय सैकड़ों मकानों को बनाने का काम जोरों पर चल रहा है। मकानों के निर्माण में उपयोग होने वाली गिट्टी, ईंट और रेत सहित अन्य सामग्री सड़कों पर रखी हुई है। नगर पालिका का मदाखलत दस्ता सड़क पर रखे सामान को जब्त कर सकता है। सड़क पर अस्थायी अस्थायी दखल करने वाले व्यक्ति से नगर परिषद अस्थायी दखल कर की वसूली भी अतिक्रमण के अनुसार कर सकते हैं। शहर के शिवपुरी रोड पर यह है स्थिति शहर के शिवपुरी रोड पर स्थित पेट्रोल पंप के पास एक मकान का निर्माण कार्य चल रहा है। मकान के निर्माण में उपयोग की जाने वाली सामग्री सड़क किनारे डाल रखी गई है। यहां दो जगह रेत के ढेर लग रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ दो जगह गिट्टी का ढेर पड़ा है। इससे गुजरने वाले वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा बंजारा डैम, बायपास रोड पर भी जगह-जगह निमार्ण सामग्री का ढेर लगा हुआ है। निर्माण की सामग्री डालना गलत रोड पर मकानों का निर्माण की सामग्री डालना गलत बात है। इसको हम दिखवाते हैं, उनके हटवाने के लिए कहेंगे, अगर फिर भी नहीं माने तो जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी। -राधेरमण यादव, सीएमओ नगरपालिका श्योपुर
समाज को नई दिशा देने के लिए सामाजिक एकता जरूरी: मीणा
समाज को नई दिशा देने के लिए सामाजिक एकता अत्यंत आवश्यक है। जब तक समाज संगठित नहीं होगा, तब तक विकास की गति संभव नहीं है। यह बात राजस्थान के युवा नेता मनोज मीणा ने शनिवार को सलापुरा स्थित क्षेत्रीय मीणा समाज द्वारा सलापुरा स्थित समाज के छात्रावास भवन पर मनाई गई भगवान मीनेष की जयंती कार्यक्रम के दौरान कही। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान मीनेष का पूजन कर व दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। उन्होंने कहा कि आज का समय हमसे एक मजबूत संकल्प की मांग करता है। हमें समाज में फैली कुरीतियों, नशे की लत, संबंध-विच्छेद, मृत्युभोज, शादियों में डीजे का शोर, प्री-वेडिंग शूट जैसे अनावश्यक खर्चों को जड़ से खत्म करने का प्रण लेना होगा। ये बुराइयां न केवल हमारी सामाजिक एकता को कमजोर करती हैं, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती हैं। हमें यह समझना होगा कि समाज की असली ताकत दिखावे और फिजूलखर्ची में नहीं, बल्कि शिक्षा, संस्कार और आपसी सद्भाव में निहित है। विधायक बाबू जंडेल ने भगवान मीनेष के जीवन एवं उनके आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए समाज को उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। रामलखन हिरनीखेड़ा ने कहा कि भगवान मीनेष सामाजिक एकता का अद्वितीय उदाहरण रहे हैं। उन्होंने समाज को सदैव सत्य, धर्म और नैतिकता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उनका जीवन प्रकृति के प्रति गहरी आस्था और संरक्षण की भावना से ओत-प्रोत था। इसमें जल, जंगल और जमीन को जीवन का आधार माना गया। कार्यक्रम को मीणा समाज के अध्यक्ष हंसराज मीणा, रामलखन बछेरी, लक्ष्मण मीणा, महावीर मीणा ने भी संबोधित किया। इस दौरान समाज के ऐसे प्रतिभाशाली युवक, युवती, जिन्होंने सरकारी नौकरी हासिल कर समाज का गौरव बढ़ाया, उन्हें श्रीफल व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। समाज के भामाशाहों को भी श्रीफल व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
परीक्षित का जन्म धर्म की रक्षा के लिए हुआ: शास्त्री
भास्कर संवाददाता | श्योपुर कंवरसली गांव के हनुमान मंिदर पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन शनिवार को कथावाचक आचार्य रामलखन शास्त्री ने कथा में सुकदेव आगमन, परीिक्षत जन्म का प्रसंग सुनाया। कथावाचक शास्त्री ने कहा कि सुकदेव जब पांडवों के पास आए, तो वे केवल ज्ञान ही नहीं ले कर आए, बल्कि हमें यह भी सिखाया कि धर्म और कर्म के मार्ग पर चलना जीवन का सबसे बड़ा उद्देश्य है। आचार्य ने आगे बताया कि परीक्षत का जन्म कठिन परिस्थितियों में धर्म की रक्षा के लिए हुआ। परीक्षित का जीवन इस बात का संदेश है कि संकट और पाप के समय भी सत्य और धर्म की विजय संभव है। हमें अपने कर्तव्यों से पीछे नहीं हटना चाहिए। सुकदेव के आगमन और परीक्षित के जन्म के प्रसंग केवल इतिहास नहीं हैं, बल्कि आज भी हमारे जीवन के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। जिस प्रकार सुकदेव और परीक्षित ने धर्म और सत्य की रक्षा की, उसी प्रकार हमें भी अपने परिवार और समाज में नैतिकता और धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए। कथा का वाचन करते हुए शास्त्री।
यज्ञ से पापों का नाश, धर्म की होती है स्थापना: गोकुलोत्सव
शहर के बायपास रोड स्थित सुखधाम कॉलोनी में चल रहे श्री विराट सोमयज्ञ महोत्सव के तीसरे दिन शनिवार को श्रद्धा और भक्ति का माहौल रहा। सुबह 9 बजे प्रावर्ग-उपसाद, यज्ञभिक्षा, अक्षत वर्षा के अनुष्ठानों से शुरुआत हुई। इसके बाद पूज्य महाराजश्री ने श्रद्धालुओं को प्रवचन दिए। सुबह 9 बजे श्री विष्णु गोपाल यज्ञ में श्री यमुना महारानी जी का मनोरथ संपन्न हुआ। दोपहर 2 बजे विष्णु गोपाल यज्ञ हुआ। इसमें एक सैकड़ा से अधिक यजमान शामिल हुए। यजमानों ने विशेष आहुतियां दीं। अपने-अपने मनोरथों की पूर्ति की कामना की। यज्ञाचार्य सोमयाजी पूज्य ब्रजोत्सव जी महाराज के सानिध्य में संपूर्ण यज्ञ विधान कराया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यजमानों से आहुतियां दिलवाई गईं। यज्ञ परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा। श्री विराट बृहस्पति वाजपेय सोमयज्ञ महोत्सव की सर्वाध्यक्षता कर रहे जगतगुरु वल्लभ संप्रदाय आचार्य गोस्वामी श्री गोकुलोत्सव जी महाराज ने कहा कि सृष्टि में सुख, शांति, धर्म की स्थापना के लिए यज्ञ जरूरी हैं। यज्ञ से दुष्ट शक्तियों का नाश होता है। धर्म की ध्वजा मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय की परिस्थितियां और संघर्ष अंत में कल्याणकारी परिणाम देते हैं। यज्ञ केवल अनुष्ठान नहीं है। यह पाप और दोष के नाश का प्रभावी माध्यम है।
सफाई अभियान, जल संरक्षण का संदेश दिया
चिकलोद कलां| मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के तहत चल रहे जल गंगा संवर्धन अभियान–जल शक्ति से नव भक्ति कार्यक्रम में आमचोका धाम मंदिर परिसर में सफाई अभियान चला। नवांकुर संस्था रायसेन और राधा कृष्ण जन कल्याण समिति बर्रूखार ने अभियान कराया। समिति के सदस्य पहुंचे। स्थानीय नागरिक भी जुड़े। सभी ने मिलकर मंदिर परिसर की साफ-सफाई की। स्वच्छता का संदेश दिया। जल संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूक करना रहा। जल बचत पर जोर रहा। धार्मिक स्थलों की स्वच्छता पर फोकस रहा। अभियान में समिति अध्यक्ष मनफूल नायक मौजूद रहे। जगदीश महाराज, बटन लाल, बसंतीबाई, जसमंत नायक भी शामिल रहे। कई कार्यकर्ता भी पहुंचे। कार्यक्रम सेक्टर बनगांव-2 में हुआ। विकासखंड सांची में आयोजन हुआ। अंत में सभी ने जल संरक्षण और स्वच्छता को रोजमर्रा की जिंदगी में अपनाने का संकल्प लिया।
वैश्य समाज : वरिष्ठजनों का सम्मान
हिंदू नव वर्ष के मौके पर वैश्य समाज बम्हौरी ने कार्यक्रम किया। समाज के वरिष्ठजनों का सम्मान किया गया। बुजुर्गों को शॉल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह दिए गए। उनके सामाजिक योगदान की सराहना की गई। कार्यक्रम में समाज अध्यक्ष दिलीप गुप्ता ने कहा कि वरिष्ठजन समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके अनुभव, ज्ञान, मार्गदर्शन से नई पीढ़ी को दिशा मिलती है। ऐसे आयोजन भाईचारा बढ़ाते हैं। सम्मान की भावना मजबूत होती है। कार्यक्रम का संचालन व्यापार संघ अध्यक्ष विवेक जैन ने किया। अंत में सुनील नेमा ने आभार जताया।
सिर पर ईसर-गौरा, ढोल पर नाचीं महिलाएं
भास्कर संवाददाता | रायसेन शहर में शनिवार शाम गणगौर पर्व पारंपरिक उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। माहेश्वरी समाज की महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा पहनी। सिर पर ईसर-गौरा की सजी-धजी प्रतिमाएं रखीं। भव्य शोभायात्रा निकाली। ढोल की थाप पर महिलाओं ने जमकर नृत्य किया। माहौल उत्सवमय रहा। शोभायात्रा शाम करीब 5:30 बजे मुखर्जी नगर से शुरू हुई। यह शहर के प्रमुख मार्गों से निकली। प्राचीन मिश्र तालाब पहुंची। यहां महिलाओं ने विधि-विधान से ईसर-गौरा की पूजा-अर्चना की। सुख-समृद्धि की कामना की। पूजा के बाद परंपरा अनुसार गणगौर का विसर्जन किया गया। आयोजन में महिलाओं में खासा उत्साह दिखा। कई महिलाओं ने सेल्फी लीं। समाज की महिलाओं ने बताया कि पिछले 16 दिनों से घरों में गणगौर की विधिवत पूजा-अर्चना चल रही थी। उन्होंने बताया कि सुहागन महिलाएं पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए पूजा करती हैं। कुंवारी कन्याएं अच्छे वर की कामना करती हैं। पूरे आयोजन में श्रद्धा, परंपरा, उत्साह का संगम दिखा।
ईद की नमाज में उमड़ा जनसैलाब, अमन-चैन की मांगी दुआएं:भाईचारा और सद्भाव ही समाज की असली ताकत
भास्कर संवाददाता | रायसेन पवित्र रमजान माह के 30 रोजों की समाप्ति के बाद शनिवार को रायसेन में ईद का पर्व पूरे उत्साह और धार्मिक श्रद्धा के साथ मनाया गया। सांची मार्ग स्थित ईदगाह पर हजारों मुस्लिम समुदाय के लोग पहुंचे। ईद की विशेष नमाज अदा की। देश में अमन-चैन, खुशहाली, तरक्की की दुआ मांगी। सुबह 7:30 बजे मुफ्ती सलमान साहब ने नमाज अदा कराई। नमाज के बाद 7:40 बजे हजारों हाथ एक साथ उठे। देश की शांति, समृद्धि, आपसी भाईचारे के लिए दुआ की गई। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। शहर काजी जहीरुद्दीन ने दरगाह शरीफ पर नमाज अदा कराई। उन्होंने कहा कि जिले में हिंदू-मुस्लिम सभी समुदायों के त्योहार आपसी सम्मान, शांति के साथ मनाए जाते हैं। उन्होंने इसे गंगा-जमुनी संस्कृति की पहचान बताया। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन मुस्तैद रहा।
बर्रुखार में 6 लाख बकाया पर बिजली कटी, पानी पर संकट
भास्कर संवाददाता | चिकलोद कलां विद्युत वितरण केंद्र खरबई के अंतर्गत बर्रुखार गांव में सोमवार से बिजली आपूर्ति ठप है। गांव अंधेरे में डूबा है। पीने के पानी का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीण देर रात तक पानी के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। गांव के अधिकांश परिवार मजदूर वर्ग से जुड़े हैं। दिनभर मेहनत के बाद घर लौटते हैं। बिजली नहीं मिलती। पानी नहीं मिलता। बिजली बंद होने से हैंडपंप और मोटर ठप हो गए। जलसंकट गहरा गया। महिलाओं और बच्चों को ज्यादा परेशानी हो रही है। नवरात्रि के पहले दिन खेड़ापति मंदिर में श्रद्धालु जल चढ़ाने तक नहीं पहुंच सके। बिजली संकट का असर धार्मिक आस्था पर भी पड़ा। ग्रामीणों के अनुसार गांव पर करीब 6 लाख रुपए का घरेलू बिजली बिल बकाया है। इसी बकाया के चलते सोमवार से बिजली विभाग ने आपूर्ति बंद कर दी। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना पूर्व सूचना बिजली काटी गई। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले एक वर्ष से नियमित रूप से बिजली बिल नहीं दिए गए। इसी वजह से एक साथ बड़ी राशि बकाया हो गई।
मीणा समाज ने मनाया भगवान मीनेश जी का प्रकट उत्सव
भास्कर संवाददाता | रायसेन मध्य प्रदेश मीणा समाज सेवा संगठन, जिला रायसेन के बैनर तले भगवान विष्णु के प्रथम अवतार भगवान मीनेश जी का प्रकट उत्सव शनिवार को श्री कृष्ण गौशाला, भोपाल बायपास रोड पर मनाया गया। आयोजन में समाज के बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। धार्मिक अनुष्ठान हुए। सामाजिक एकता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम की शुरुआत श्री सत्यनारायण भगवान की कथा से हुई। इसके बाद गौ माता का पूजन हुआ। गौ-ग्रास अर्पित किया गया। फिर भगवान मीनेश जी का विधि-विधान से पूजन-अर्चन हुआ। माल्यार्पण किया गया। आरती उतारी गई। पूरे समय भक्तिमय माहौल रहा।
अंग्रेजी ओलिंपियाड के लिए दल रवाना
आलीराजपुर | राज्य स्तरीय अंग्रेजी ओलिंपियाड प्रतियोगिता एवं सम्मान समारोह 2025-26 के लिए जिले से 12 सदस्यीय दल को कलेक्टर नीतू माथुर ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह समारोह 22 एवं 23 मार्च को ग्वालियर में होगा। जिले से चयनित कक्षा 2 से 5वीं के चार छात्र-छात्राओं, मार्गदर्शक शिक्षकों एवं उनके अभिभावकों को भी सम्मानित किया जाएगा। 16 एवं 17 जनवरी को आयोजित जिला स्तरीय आलंपियाड प्रतियोगिता में अंग्रेजी विषय में इन छात्र-छात्राओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। अब वे राज्य स्तरीय अंग्रेजी ओलिंपियाड प्रतियोगिता ग्वालियर में सम्मिलित होंगे।
विधायक पटेल की आपत्ति के बाद हटे झंडे, कलेक्टर से की शिकायत
भास्कर संवाददाता | आलीराजपुर ग्राम उदयगढ़ के बावड़ी खुर्द स्थित मॉडल हायर सेकंडरी शासकीय स्कूल में भाजपा का प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाने पर राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद खड़ा हो गया है। जोबट विधायक सेना महेश पटेल ने विद्या के मंदिर में राजनीतिक दल के कार्यक्रम पर नाराजगी जताते हुए इसे शिक्षा की गरिमा और निष्पक्षता के खिलाफ बताया है। दरअसल, शनिवार को हुए प्रशिक्षण शिविर में स्कूल परिसर में कई जगह भाजपा के झंडे भी लगे हुए थे। विधायक सेना महेश पटेल ने मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि सरकारी शिक्षण संस्थाओं पर किसी भी राजनीतिक दल का झंडा या कार्यक्रम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शासकीय स्कूलों का मूल उद्देश्य बच्चों को शिक्षा देना है न कि उन्हें राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बनाना। मामले को गंभीरता से लेते हुए विधायक पटेल ने कलेक्टर से शिकायत कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने नियमों की अनदेखी के लिए बावड़ी खुर्द मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य और उदयगढ़ बीईओ को पूर्ण रूप से जिम्मेदार ठहराया है। विधायक ने दोनों अधिकारियों के तत्काल निलंबन की मांग की है। विधायक की आपत्ति और शिकायत के बाद स्थानीय प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए स्कूल परिसर में लगे भाजपा के सभी झंडे, बैनर और प्रचार सामग्री को तुरंत हटवा दिया।
दिव्यांग शिविर : 77 यूडीआईडी कार्ड बने
उदयगढ़ | शुक्रवार को जपं कार्यालय परिसर के प्रांगण में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने जिला स्तरीय दिव्यांग शिविर लगाया। स्क्रीनिंग एवं आकांक्षी ब्लॉक अंतर्गत संपूर्णता अभियान 2.0 के संबंध में चर्चा हुई। शिविर में 18 वर्ष तक के दिव्यांगों की पहचान कर यूडीआईडी कार्ड बनाए गए। स्क्रीनिंग शिविर में जिला मेडिकल बोर्ड एवं डीडीआरसी की टीम ने करीब 77 हितग्राहियों का पंजीयन कर कार्ड बनाकर बांटे । डॉ. चेतन सोलंकी, डॉ. दीपक रावत, डॉ. सुरेश सिंह बघेल, डॉ. पुष्पा अखाडिया, सावन सिंह रावत, सुगंधी मुझाल्दा, सतीश मालवीय, रिंकू मालवीय आदि का सहयोग रहा। शिविर में भाजपा के जिला महामंत्री राजू मुवेल, नायब तहसीलदार गजराज सिंह चौहान, खंड पंचायत अधिकारी मोनू चौहान, बीआरसी रामसिंह सोलंकी, कृषि अधिकारी संदीप रावत सहित पंचायत सचिव, रोजगार सहायक आदि मौजूद रहे।
बाड़ियों में उमड़ी महिलाओं की भीड़, ईशर-गौरा का पूजन किया
शहर में सुखी दांपत्य जीवन और अखंड सौभाग्य की मंगल कामना का पर्व गणगौर तीज अपार श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। पारंपरिक परिधानों में सजी-धजी महिलाओं और कुंवारी कन्याओं ने सोलह शृंगार कर भगवान शिव (ईशरजी) और माता पार्वती (गौरा) की विशेष पूजा-अर्चना की। ‘गौर..गौर .गणपति... ईशर पूजे पार्वती, पार्वती का आला टीला...’ जैसे पारंपरिक लोकगीतों से माता की बाड़ियां और गली-मोहल्ले गूंज उठे। महिलाओं ने विधि-विधान से व्रत रखकर माता से सुखी जीवन का आशीर्वाद मांगा। आयोजन में बढ़-चढ़कर सहभागिता की। शनिवार को शहर के विभिन्न समाजजनों ने गणगौर तीज उत्साह के साथ मनाई। सुबह सूर्य की किरण फूटते ही माता की बाड़ियों में महिलाओं की कतारें लग गईं। मन्नत मांगने वाली महिलाएं अपनी गणगौर पातियों को पूरे सम्मान के साथ बाड़ी तक लाईं। पूजन-अर्चन के पश्चात उन्हें वापस घर ले गईं। नीम चौक वीटी मार्ग पर रमेश महाराज, गोपाल मंदिर में श्यामलाल शर्मा के निवास पर और माली समाज धर्मशाला में माता की विशेष बाड़ियां सजाई गई थीं। इसके अतिरिक्त एमजी रोड पर रामकिशन जोशी परिवार द्वारा भी बाड़ी का श्रद्धापूर्वक पूजन किया गया। सुबह 6 बजे से लगी कतार पूजन के लिए सुबह 6 बजे से ही महिलाओं का आना शुरू हो गया था। यहां बोए गए जवारों की विधिपूर्वक पूजा की गई। महिलाओं ने गणगौर की प्राचीन कथाएं सुनी गईं। पारंपरिक गीत गाए गए। आज होगा माता का विसर्जन : गणगौर पर्व के चलते विभिन्न समाजों द्वारा प्रतिदिन धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन किए जा रहे थे। माहेश्वरी समाज, दशा वैष्णव पोरवाल समाज और वाणी समाज आदि द्वारा रोजाना माता की पाती को आकर्षक रूप से सजाया जा रहा था। उसे सिर पर रखकर भ्रमण कराया जा रहा था। भजन-कीर्तन के साथ-साथ कई प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। रविवार को पर्व का समापन होगा। समाजजन अपनी-अपनी परंपराओं और रीति-रिवाजों के अनुसार गणगौर माता का विसर्जन करेंगे। राठौड़ समाज महिला मंडल के तत्वावधान में नगर में गणगौर पर्व उत्साह के साथ मनाया गया। इसमें समाज की सैकड़ों महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सहभागिता की। इस दौरान नगर में चल समारोह निकाला गया। सांस्कृतिक एकता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम की शुरुआत बाहरपुरा क्षेत्र से हुई। ढोल-धमाकों, मंगल गीतों और गणगौर माता की जय के जयघोष के साथ महिलाओं ने सिर पर गणगौर माता की पाती धारण की। शोभायात्रा निकाली। यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। रामदेव मंदिर, झंडा चौक, पोस्ट ऑफिस चौराहा, नीम चौक और बस स्टैंड होते हुए राठौड़ समाज भवन पहुंची। वहां विधिवत पूजा-अर्चना की गई। गणगौर माता की आरती की गई। रास्ते में जगह-जगह महिलाओं ने समूह बनाकर नृत्य किया। राठौड़ समाज महिला मंडल की मीडिया प्रभारी ज्योति कांतिलाल राठौड़ ने बताया कि यह आयोजन मंडल अध्यक्ष कीर्ति मनीष राठौड़ के नेतृत्व में पहली बार इतने बड़े स्तर पर किया गया। गुड़ और आटे के जेवर से माता रानी का शृंगार किया यह पावन पर्व मुख्य रूप से दशा वैष्णव पोरवाल, माहेश्वरी, माली, वाणी, राठौड़ और ब्राह्मण समाज द्वारा मनाया गया। महिलाओं ने मिट्टी से भगवान शंकर और माता पार्वती की प्रतिमाएं बनाईं। उनकी और जवारों की पूजा की। पूजन के पश्चात महिलाओं ने गुड़ और आटे से बने विशेष जेवर माता रानी को अर्पित किए। इस दौरान दिनभर भजन और कीर्तन का दौर चलता रहा।, पारंपरिक गीत गाए।
‘छपरी’ बाइकर्स का भरे बाजार में निकाला जुलूस, पुलिस ने कसम खिलाई; बोलो अब नहीं दौड़ाओगे
भास्कर संवाददाता | आलीराजपुर जिले के नानपुर में अब तेज रफ्तार और फर्राटे भरती बाइकों का शोर थमने वाला है। सड़कों पर लापरवाही से वाहन दौड़ाकर राहगीरों की धड़कनें बढ़ाने वाले 'छपरी' बाइकर्स को पुलिस ने ऐसा सबक सिखाया कि अब वे कान पकड़कर माफी मांग रहे हैं। शनिवार को नानपुर पुलिस ने 20 से अधिक बाइक सवारों को धरदबोचा, उनका बाजार में जुलूस निकाला। दरअसल, जिले में लंबे समय से तेज रफ्तार बाइक सवारों का आतंक है। दिन हो या रात, ये युवा सड़कों पर फर्राटे भरते हुए हादसों को न्योता देते हैं। ऐसी ही स्थिति नानपुर में भी है। इन पर लगाम कसने के लिए नानपुर पुलिस ने मुख्य चौराहों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले 20 से ज्यादा युवाओं को मौके पर ही रोक लिया गया। पुलिस ने सार्वजनिक रूप से दंडित करते हुए बीच बाजार में इनका जुलूस निकाला और उठक-बैठक लगवाई ताकि इन्हें अपनी गलती का पूरा अहसास हो सके। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद ग्रामीणों का कहना है कि इस सकारात्मक पहल से सड़क हादसों में कमी आएगी और आम जनमानस बाजार में खुद को सुरक्षित महसूस करेगा। लोगों ने मांग की है कि जिले के अन्य थानों में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाए ताकि लापरवाह चालकों में कानून का भय पैदा हो सके। थाने में ट्रैफिक नियमों का पाठ पढ़ाया, शपथ दिलाई सड़क पर सरेआम कार्रवाई के बाद पुलिस सभी युवाओं को थाना परिसर लेकर पहुंची। यहां पुलिस ने उन्हें यातायात नियमों का पाठ पढ़ाया और भविष्य में ऐसी लापरवाही न दोहराने की कड़ी नसीहत दी। इसके साथ ही पुलिस ने सभी बाइकर्स को एक अनोखी शपथ दिलाई। शपथ में कहा-हम छपरी लोग, आज के बाद बाजार में तेज रफ्तार से अपनी मोटरसाइकिल नहीं दौड़ाएंगे। गाड़ी लेकर अनावश्यक किसी को परेशान नहीं करेंगे और नानपुर बाजार में वाहन नहीं दौड़ाएंगे। अगर हम आगे से यह गलती करते हैं, तो पुलिस हमारी गाड़ी जब्त कर लेगी। हम अपनी गलती की माफी मांगते हैं और आज के बाद ऐसी लापरवाही कभी नहीं करेंगे।
ढोल-ताशों और मंगल गीतों के बीच माताजी की बाड़ी का हुआ पूजन
नानपुर | चैत्र मास और सनातन नववर्ष के उपलक्ष्य में नानपुर में गणगौर पर्व का उत्साह देखा जा रहा है। बाड़ी पूजन के पश्चात श्रद्धालु माताजी के ज्वारों की टोकरियां रथ में रखकर अपने घर लाए। गुड़ी पड़वा से बाड़ी बोने और अमावस्या से माताजी के खेलने का क्रम शुरू हुआ था, जो तीज पर पूजन के साथ संपन्न हुआ। ढोल-ताशों और पारंपरिक गीतों के बीच सज-धज कर महिलाएं पाती लेकर निकल रही हैं और घर-घर मेहंदी के गीत गाए जा रहे हैं। नगर में माली समाज (बुदिया बाबा माली के निवास) और सार्वजनिक बाड़ी (पंडित ओमप्रकाश नागर के यहां) दो मुख्य स्थानों पर बाड़ी बोई गई है। समाज के अध्यक्ष मनीष माली व पुजारी राजेश माली के अनुसार माताजी को घर लाकर केले के पत्ते पर खीर-भात का भोग लगाते हैं। दो दिन मेहमान (पावनी) रहने के बाद रविवार को माताजी का विसर्जन होगा। वहीं घनश्याम माली ने बताया कि कालिका मंदिर परिसर में सात दिवसीय भागवत कथा का आयोजन भी किया जा रहा है।
जामा मस्जिद चौक से निकला जुलूस, ईदगाह में अकीदत के साथ अता की ईद की नमाज
माह-ए-रमजान की इबादत के बाद शनिवार को ईद-उल-फितर का उल्लास नजर आया। मुस्लिम समाजजनों ने पूरी अकीदत के साथ ईदगाह मैदान में सामूहिक नमाज अदा कर देश-प्रदेश में खुशहाली की दुआ मांगी और एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद पेश की। शनिवार सुबह 8 बजे समाजजन जामा मस्जिद चौक पर एकत्रित हुए। यहां से शहर काजी अल्हाज सैयद अफजल मियां, सैयद फरीद मियां, सैयद आरिफ मियां और ओलमाओं की अगुवाई में एक जुलूस निकाला गया। नगर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ यह जुलूस ईदगाह मैदान पहुंचा। यहां जामा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना नौशाद आलम साहब ने सभी को नमाज अदा कराई और खुतबा पढ़कर सुनाया। ईदगाह पर कब्रिस्तान कमेटी द्वारा की गई माकूल व्यवस्थाओं की समाजजनों ने काफी सराहना की। ईद मिलन का दौर जारी- नमाज के बाद शहर भर में ईद मिलन का सिलसिला शुरू हो गया। पारंपरिक लिबास में सजे लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर बधाइयां दीं, वहीं नए कपड़ों में चहकते बच्चे विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। बुजुर्गों ने बच्चों को ईदी देकर उनकी खुशियां दोगुनी कर दीं। घरों में मेहमानों का इस्तकबाल शीर खुरमा और सेवइयों से किया गया। इस खास मौके पर पूर्व विधायक मुकेश पटेल, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष ओमप्रकाश राठौर और समाजसेवी एडवोकेट सुधीर जैन ने शहर काजी साहब के निवास पर पहुंचकर उन्हें ईद पर्व की शुभकामनाएं दीं।
चिकलोद कलां | नवरात्रि, रामनवमी, दशहरा को लेकर थाना गौहरगंज पुलिस अलर्ट रही। उद्देश्य रहा कि त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हों। पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता के निर्देशन में सुरक्षा इंतजाम तेज किए गए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खरपुसे की निगरानी रही। एसडीओपी औबेदुल्लागंज शीला सुराना के नेतृत्व में फ्लैग मार्च निकला। थाना प्रभारी विनोद परमार साथ रहे। पुलिस बल ने संवेदनशील इलाकों में गश्त की। प्रमुख मार्गों पर पुलिस वाहन चलाए गए। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में भ्रमण हुआ। नागरिकों से अफवाहों से दूर रहने की अपील की गई। असामाजिक तत्वों को सख्त चेतावनी दी गई। शांति भंग करने पर कड़ी कार्रवाई का संदेश दिया गया।
वन विभाग शुरू करेगा ठंडे पानी की प्याऊ
भीषण गर्मी को देखते हुए वन विभाग ने राहगीरों की सुविधा के लिए ठंडे पानी की प्याऊ शुरू करने का फैसला किया है। डीएफओ प्रतिभा शुक्ला के निर्देश पर रेंजर शिरोमणि मीणा के मार्गदर्शन में वन परिसर के सामने यह व्यवस्था जल्द शुरू होगी। प्याऊ से राहगीरों, स्थानीय लोगों, वन परिसर में आने-जाने वालों को शीतल पेयजल मिलेगा। तापमान लगातार बढ़ रहा है। यह सुविधा लोगों को राहत देगी। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गर्मी में स्वच्छ, ठंडा पानी उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। प्याऊ की नियमित देखरेख होगी। साफ-सफाई पर भी ध्यान रहेगा। लोगों को साफ पेयजल मिल सकेगा।
हाइवे पर गंदगी का अंबार, सफाई न होने से राहगीरों का निकलना दूभर
श्योपुर-कोटा हाइवे पर ढोटी, बगवाडा गांव के पास कूड़े-कचरे के ढेर जमा होने से राहगीरों और वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सफाई न होने से कचरा अब सड़क तक फैल गया है। इससे बदबू और गंदगी के कारण हालात बिगड़ते जा रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, हाइवे किनारे गोबर और कचरे का ढेर लंबे समय से जमा हो रहा है। ग्राम पंचायत द्वारा सफाई व्यवस्था की अनदेखी के कारण समस्या लगातार बढ़ रही है। कई महीनों से कचरा न उठाए जाने से मच्छर पनप रहे हैं। बीमारियां फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। गंदगी के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को बदबू और अव्यवस्था के बीच से गुजरना पड़ता है। इससे सफर बेहद असुविधाजनक हो गया है। खासकर रात के समय कचरे के बीच से निकलना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि समय रहते सफाई नहीं की गई, तो समस्या और गंभीर हो सकती है। श्योपुर- कोटा हाइवे पर रोड किनारे लगा कचरे का ढेर।
मानपुर के मैन बाजार में पार्किंग का अभाव, राहगीर और व्यापारी परेशान
भास्कर संवाददाता | मानपुर कस्बे का मुख्य बाजार इन दिनों अव्यवस्थित पार्किंग के कारण जाम की समस्या से जूझ रहा है। संकरी सड़क और दुकानों के सामने खड़े दोपहिया वाहनों के चलते दिनभर यातायात बाधित रहता है। हालात ऐसे हैं कि जैसे ही कोई वाहन बाजार में प्रवेश करता है, कुछ ही मिनटों में जाम लग जाता है। बाजार में प्रतिदिन आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग खरीदारी के लिए पहुंचते हैं, लेकिन सुनियोजित पार्किंग व्यवस्था के अभाव में लोग अपने वाहन सड़क किनारे या दुकानों के सामने ही खड़े कर देते हैं। इससे रास्ता संकरा हो जाता है और पैदल चलने वालों तक को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। दुकानदारों का कहना है कि जाम के कारण ग्राहकों को भी परेशानी होती है, जिससे व्यापार पर असर पड़ रहा है। कई बार ग्राहकों को वाहन पार्क करने की जगह नहीं मिलने के कारण बिना खरीदारी किए ही लौटना पड़ता है। इस समस्या को लेकर नागरिकों और व्यापारियों द्वारा कई बार प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। लोगों का मानना है कि यदि पंचायत या प्रशासन द्वारा अलग से पार्किंग स्थल विकसित किया जाए और बाजार क्षेत्र में वाहनों की पार्किंग को व्यवस्थित किया जाए, तो जाम की समस्या काफी हद तक खत्म हो सकती है।
सेंचुरियन क्रिकेट अकादमी ने रिक्की इलेवन की टीम को 265 रन से हराया
शहर के बीएसआई मैदान पर नगर सेठ स्व. गेंदालाल राय स्मृति लेदर बाल क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। शनिवार को खेले गए इस मैच में कई रिकार्ड बने है। जिसमें इस मैदान पर सेंचुरियन क्रिकेट अकादमी की तरफ से खेलते हुए बल्लेबाज अतुल कुशवाहा ने मात्र 69 गेंद पर नाट आउट 190 रन की पारी खेली। इस पारी में उन्होंने सात चौके के साथ 21 छक्के लगाए। इसके अलावा सौरभ वर्मा ने 23 गेंद पर 41 रन बनाए थे। अकादमी ने 20 ओवर में चार विकेट खोकर 318 रन का स्कोर खड़ा किया था। वहीं लक्ष्य का पीछा करने उतरी रिक्की इलेवन की टीम 53 रन पर ढेर हो गई। इस संबंध में जानकारी देते हुए आयोजन समिति के अतुल त्रिवेदी ने बताया कि शनिवार सुबह पहले बल्लेबाजी करने उतरी सेंचुरियन क्रिकेट अकादमी टीम ने 20 ओवर में चार विकेट खोकर 318 रन का स्कोर खड़ा किया। इधर रिक्की इलेवन की ओर से गेंदबाजी करते हुए रविंद्र सिंह ने दो विकेट, दीपक तोमर, गोलू राठौर ने एक-एक विकेट हासिल किया। एक को छोड़कर दहाई का आंकड़ा पार नहीं कर सका रिक्की इलेवन का खिलाड़ी: वहीं लक्ष्य का पीछा करने उतरी रिक्की इलेवन की पूरी टीम 11 ओवर में 53 रन पर ढेर हो गई। इसमें एक मात्र देवेंद्र चंद्रवंशी ने 18 रन की पारी खेली। इसके अलावा कोई बल्लेबाज दहाई के आंकड़े को नहीं छू सका। सेंचुरियन क्रिकेट अकादमी की तरफ से गेंदबाजी करते हुए आकाश ने चार ओवर में 14 रन देकर पांच विकेट, अविनाश बैरागी-यश लोधी ने दो-दो विकेट हासिल किए। मैच के अंत में आयोजन समिति की तरफ से बल्लेबाज अतुल कुशवाहा को 190 रन की रिकार्ड पारी की
ईदगाह पर सुबह 8:15 बजे विशेष नमाज अदा की, अमन-शांति व खुशहाली की दुआ मांगी
भास्कर संवाददाता | भैरूंदा नगर में ईद-उल-फितर का पर्व इस साल भी उत्साह, श्रद्धा के साथ मनाया गया। रमजान के पूरे महीने रोजा रखने के बाद जैसे ही ईद का चांद नजर आया, पूरे नगर में खुशी का माहौल छा गया। लोगों ने एक-दूसरे को बधाइयां दीं और त्योहार की तैयारियों में जुट गए। ईद के दिन सुबह से ही मस्जिदों और ईदगाहों में रौनक देखने को मिली। बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग नमाज अदा करने पहुंचे। नगर के ईदगाह पर सुबह 8:15 बजे ईद की विशेष नमाज अदा की गई, जिसमें सैकड़ों लोगों ने एक साथ नमाज पढ़कर देश में अमन, शांति और खुशहाली की दुआ मांगी। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद मुबारक कहा और भाईचारे का संदेश दिया। इसके बाद सुबह 9:45 बजे जामा मस्जिद में भी ईद की नमाज अदा की गई, जहां बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति रही। यहां भी नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को बधाई दी और आपसी प्रेम एवं सौहार्द को मजबूत किया। गुनाहों की माफी मांगी ईद-उल-फितर रोजे के समापन का प्रतीक होने के साथ-साथ अल्लाह की नेअमतों के प्रति शुकराना अदा करने का दिन है। इस अवसर पर लोगों ने अपने गुनाहों की माफी मांगी और समाज में शांति और सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लिया। जरूरतमंदों को जकात और फितरा देकर उनकी मदद की गई, जिससे समाज में समानता और सहयोग की भावना को बल मिला।
चल समारोह निकला, गोर-गोर गोमती, ईसर पूजे पार्वती जैसे लोकगीतों से गूंज उठा नगर
भास्कर संवाददाता | भैरूंदा नगर में हर साल की तरह इस बार भी गणगौर पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। महिलाओं और युवतियों ने पारंपरिक वेश में सोलह शृंगार किया। शिव-पार्वती के रूप ईसर-गणगौर का विधिवत पूजन किया। समापन पर नगर गोर-गोर गोमती, ईसर पूजे पार्वती जैसे लोकगीतों से गूंज उठा। छोटा बाजार स्थित मारवाड़ी वैश्य धर्मशाला, शास्त्री कॉलोनी, मामा कॉलोनी, गुड़ मंडी सहित कई जगह आयोजन हुए। महिलाएं एक साथ जुटीं। पूजन-अर्चना की। झालों के साथ भजन-कीर्तन हुआ। अग्रवाल समाज और वैश्य समाज महिला मंडल के संयुक्त तत्वावधान में विशेष कार्यक्रम भी हुए। सौभाग्य सुंदरी व्रत पर पर्व का समापन किया गया। इसके बाद दुर्गा मंदिर से रॉयल मार्केट, जेपी मार्केट, शास्त्री कॉलोनी होते हुए हाई स्कूल ग्राउंड तक चल समारोह निकला। इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। वैश्य महासम्मेलन की जिला अध्यक्ष ज्योति अग्रवाल ने बताया कि नगर के सभी महिला मंडलों के सहयोग से पर्व मनाया गया। नवविवाहिताओं और विवाह योग्य युवतियों ने सिंजारा मनाया। ससुराल पक्ष से घेवर, मेवा, आभूषण, साड़ियां, सोलह शृंगार की सामग्री भेजी गई। 16 दिन तक चलता है पर्व पौराणिक मान्यता के अनुसार पर्व होली के दूसरे दिन से शुरू होता है। 16 दिन तक चलता है। महिलाएं रोज सुबह दूब और फूल लाती हैं। मिट्टी से बने ईसर-पार्वती का पूजन करती हैं। शाम को आरती होती है। भजन-कीर्तन होता है। चैत्र शुक्ल तृतीया को माता गणगौर की विदाई के साथ पर्व का समापन होता है। कार्यक्रम में ज्योति अग्रवाल, बबीता चाची, बबीता अग्रवाल, रीना अग्रवाल, गोरी अग्रवाल, प्रीति, सीमा, मंजू, सपना, रानू, बुलबुल, मोना, पूजा सहित सैकड़ों महिलाएं मौजूद रहीं।
लाड़कुई सेवा केंद्र में नवदुर्गा पर शिव बाबा का ध्वज फहराया
भैरूंदा| लाड़कुई स्थित सेवा केंद्र में नवदुर्गा पर्व पर शिव बाबा का ध्वज फहराया गया। कार्यक्रम श्रद्धा और भक्ति के माहौल में हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कार्यक्रम में सीहोर से बड़ी दीदी पहुंचीं। आष्टा से कुसुम दीदी, माला दीदी, उर्मिला दीदी, ज्योति दीदी भी मौजूद रहीं। पिंकी दीदी ने सभी अतिथियों का ताज, चुनरी, पुष्पमालाओं से स्वागत किया। ध्वज फहराने के बाद सेवा केंद्र में भक्ति गीत हुए। प्रार्थना हुई। आध्यात्मिक प्रवचन हुए। श्रद्धालुओं ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति के लिए प्रार्थना की। पूरे परिसर में भक्तिमय माहौल रहा। नवरात्रि की आस्था और उत्साह साफ दिखा।
तैयारी: पंचमुखी हनुमान मंदिर में 31 मार्च से तीन दिन जन्मोत्सव
सीहोर| पावर हाउस कॉलोनी स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर में इस साल भी हनुमान जन्मोत्सव तीन दिन मनाया जाएगा। इसकी तैयारी को लेकर मंदिर समिति की बैठक पूर्व विधायक रमेश सक्सेना के निवास पर हुई। बैठक में रमेश सक्सेना, तरुण गौसाई, अशोक राजपूत के मार्गदर्शन में सर्वसम्मति से कार्यक्रम तय किया गया। कार्यक्रम के पहले दिन 31 मार्च को सुबह 9 बजे अखंड रामायण पाठ शुरू होगा। 1 अप्रैल को सुबह 11 बजे रामायण का समापन होगा। इसके बाद पंचमुखी हनुमान का रुद्राभिषेक होगा। हवन होगा। शाम 4 बजे प्रसादी वितरण होगा। 2 अप्रैल को सुबह 6 बजे से विशेष श्रृंगार दर्शन शुरू होंगे। शाम 7:30 बजे महाआरती होगी। आरती के बाद महाप्रसादी बांटी जाएगी। रात 8:30 बजे से स्थानीय कलाकारों की भजन संध्या होगी। बैठक में मंदिर में रंग-रोगन शुरू कराने का फैसला हुआ। आकर्षक विद्युत सजावट कराने का निर्णय लिया गया। सभी धार्मिक आयोजन मुख्य पुजारी अशोक जोशी, कमला प्रसाद शर्मा, पुजारी अरुण जोशी के मार्गदर्शन में कराए जाएंगे। बैठक में विनय सक्सेना, विशाल परदेशी, तिलक दांगी, कालू शर्मा, महेन्द्र वर्मा, आशीष गेहलोत, नरेन्द्र राजपूत, अजय पाल, माखन परमार, सुशील ताम्रकार, पंकज मालवीय, सौरभ शर्मा, नितेश सेन मौजूद रहे।

