भारतीय सनातन संस्कृति और लोक परंपराओं में सुहाग के प्रतीक पर्व करवा चौथ (Karwa Chauth 2026) का विशेष और ऐतिहासिक महत्व है। सनातन पंचांग के अनुसार, इस साल सुहागिन महिलाओं के सबसे बड़े पर्व करवा चौथ का यह पवित्र व्रत 29 अक्टूबर 2026 (गुरुवार) के दिन श्रद्धा और उत्साह के साथ रखा जाएगा। पति-पत्नी के बीच अटूट प्रेम, समर्पण और विश्वास का यह पर्व सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक बिना अन्न और जल के (निर्जला) रखा जाता है। हालांकि करवा चौथ मूल रूप से उत्तर भारत के राज्यों का प्रमुख त्योहार माना जाता है, लेकिन समय के साथ अब यह देश के कोने-कोने में और यहां तक कि विदेशों में भी पूरी भव्यता के साथ मनाया जाने लगा है। पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों में इस पर्व को मनाने के अपने-अपने अनूठे और सुंदर रीति-रिवाज हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि भारत के विभिन्न राज्यों में करवा चौथ का यह पावन पर्व किस प्रकार मनाया जाता है।पंजाब में करवा चौथ: उमंग, उल्लास और पारंपरिक व्यंजनों की मिठासपंजाब में करवा चौथ का त्योहार एक पारिवारिक उत्सव की तरह बेहद धूमधाम से मनाया जाता है। यहां सुहागिन महिलाएं सूरज निकलने से पहले उठकर सरगी खाती हैं और पारंपरिक सोलह श्रृंगार कर तैयार होती हैं। शाम के समय मां द्वारा अपनी बेटी के लिए 'बायना' भेजा जाता है, जिसमें नए वस्त्र, नारियल, फल, मिठाइयां और सिंदूर जैसी पवित्र वस्तुएं शामिल होती हैं।चांद निकलने के वक्त पंजाब की महिलाएं चलनी और पूजा की थाली लेकर छत पर आती हैं। थाली में आटे का दीपक, मिठाइयां और जल से भरा गिलास होता है। चंद्रमा को निहारने के बाद उसे कच्ची लस्सी (दूध-पानी का मिश्रण) अर्पित की जाती है, जिसके बाद पति अपनी पत्नी को जल पिलाकर और मिठाई खिलाकर व्रत का पारण कराते हैं। पंजाब में करवा चौथ की रात के भोजन में पारंपरिक और पौष्टिक व्यंजनों जैसे राजमा, हरी मूंग दाल, पूड़ी और चावल का विशेष महत्व होता है।उत्तर प्रदेश और बिहार में करवा चौथ की पारंपरिक रौनकउत्तर प्रदेश और बिहार में करवा चौथ की शुरुआत भोर के समय सरगी खाने से होती है, जिसमें खीर, सेवइयां, विभिन्न प्रकार की मिठाइयां, नमकीन, नारियल और सूखे मेवे शामिल होते हैं। संध्याकाल में सुहागिनें सोलह श्रृंगार करती हैं—हाथों में मेहंदी रचाती हैं, पैरों में आलता लगाती हैं और कांच की चूड़ियां पहनकर खुद को सजाती हैं।शाम होते ही महिलाएं अपने आस-पड़ोस की महिलाओं के साथ मिलकर सामूहिक पूजा में हिस्सा लेती हैं और पति की लंबी उम्र की प्रार्थना करती हैं। उत्तर प्रदेश और बिहार के कई क्षेत्रों में इस दिन चावल के आटे से जमीन पर चंद्रमा की आकृति बनाई जाती है। इसके बाद सुहागिनें अपने करवे से चंद्रमा को अर्घ्य देती हैं और पारंपरिक कथा सुनकर अपने व्रत को पूरा करती हैं।राजस्थान का अनूठा अंदाज और मध्य प्रदेश का सांस्कृतिक उल्लासअपनी समृद्ध और गौरवशाली विरासत के लिए मशहूर राजस्थान में करवा चौथ का रंग काफी अलग और पारंपरिक होता है। यहां की महिलाएं पारंपरिक राजस्थानी पोशाक, विशेष आभूषणों और पोषाक-ओढ़नी में सजती हैं। दिनभर पूजा-पाठ और व्रत के नियमों का पालन करने के बाद, वे रात को चांद के दीदार के साथ ही अपना उपवास तोड़ती हैं।दूसरी ओर, मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों जैसे भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में भी करवा चौथ का उत्सव बहुत उत्साह से मनाया जाता है। यहां भी सूर्योदय से चंद्रमा के उदय होने तक महिलाएं कठिन निर्जला उपवास रखती हैं और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करती हैं।महानगरों और दक्षिण भारत तक फैला करवा चौथ का विस्तारमूल रूप से उत्तर भारत का यह त्योहार अब अपनी सांस्कृतिक मिठास के कारण महाराष्ट्र और गुजरात जैसे बड़े महानगरों में भी बहुत लोकप्रिय हो चुका है। इसके अलावा, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश जैसे दक्षिण भारतीय राज्यों में रहने वाले उत्तर भारतीय परिवारों और स्थानीय समुदायों द्वारा भी अब करवा चौथ को पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाने लगा है। देश के किसी भी कोने में रीति-रिवाजों और खान-पान में भले ही थोड़ा बहुत क्षेत्रीय अंतर देखने को मिले, लेकिन सुहाग की लंबी उम्र और अटूट रिश्ते की कामना की यह भावना पूरे देश में एक जैसी ही रहती है।
साउथ इंडिया में फिर बिगड़ेगा मौसम, तमिलनाडु-केरल में भारी बारिश, दिल्ली में कब होगी बारिश?
नई दिल्ली: CNBC-TV18 की रिपोर्ट के अनुसार देश के कई राज्यों एक बार फिर तेज बारिश होने वाली है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, तमिलनाडु (Tamil Nadu), पुडुचेरी (Puducherry) और कराईकल (Karaikal) में 21 अक्टूबर को बहुत भारी बारिश हो सकती है। बंगाल की खाड़ी के पास अगले 24 घंटे में लो-प्रेशर एरिया बन रहा है, जिसकी वजह से ये बारिश होगी। तमिलनाडु (Tamil Nadu) में 22 अक्टूबर तक तेज बारिश का दौर रहेगा, तो वहीं कुछ जगहों पर 26 अक्टूबर तक रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी।केरल और कर्नाटक में भी अलर्टकेरल (Kerala) और माहे (Mahe) में भी मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी दी है। यहां 26 अक्टूबर तक बारिश हो सकती है। दक्षिण कर्नाटक (Karnataka) के अंदरूनी इलाकों में 21 से 24 अक्टूबर के बीच तेज बारिश का अलर्ट है।इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) और रायलसीमा (Rayalaseema) में भी आज भारी बारिश हो सकती है। अंडमान-निकोबार (Andaman and Nicobar) में भी 26 अक्टूबर तक बारिश का अनुमान है, जहां 24 अक्टूबर तक कुछ जगहों पर तेज बारिश होगी।एमपी और महाराष्ट्र में भी बरसेंगे बादलIMD का कहना है कि मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh), महाराष्ट्र (Maharashtra) और नॉर्थ-ईस्ट (North-East) के कुछ हिस्सों में भी बारिश हो सकती है। हालांकि हर जगह बारिश एक जैसी नहीं होगी। बारिश की वजह बंगाल की खाड़ी में बन रहा लो-प्रेशर सिस्टम है। इसके अलावा थाईलैंड की खाड़ी में बना एक और सिस्टम बुधवार को अंडमान सागर की तरफ बढ़ सकता है।दिल्ली-NCR में अभी मौसम साफ रहेगादिल्ली-NCR (Delhi-NCR) में अभी मौसम साफ रहेगा। यहां दिन का तापमान 31 से 33 डिग्री और रात का 18 से 20 डिग्री के आसपास रह सकता है। लेकिन हफ्ते के आखिर में मौसम बदल सकता है। दिल्ली (Delhi), हरियाणा (Haryana) और पंजाब (Punjab) में 24 और 25 अक्टूबर को बारिश होने की संभावना है।बंगाल की खाड़ी में एक और लो-प्रेशर बन सकता हैमौसम विभाग के मुताबिक, 23 अक्टूबर के आसपास बंगाल की खाड़ी में एक और लो-प्रेशर एरिया बन सकता है। ये सिस्टम धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिम की तरफ बढ़ेगा और मजबूत हो सकता है। अगले कुछ दिन साउथ इंडिया के लिए भारी रहने वाले हैं। अगर आप तमिलनाडु (Tamil Nadu), केरल (Kerala) या कर्नाटक (Karnataka) में हैं तो थोड़ा संभल कर रहें और IMD की सलाह का पालन करें। वहीं दिल्ली-NCR (Delhi-NCR) वालों को अभी 2-3 दिन राहत मिलेगी, लेकिन वीकेंड पर मौसम का मिजाज बदल सकता है, इसलिए थोड़ा अलर्ट रहना बेहतर होगा।
भोपाल मे 50 स्थानों पर निकला राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का पथ संचलन
Bhopal , 20 अक्टूबर . विजयादशमी के अवसर पर Madhya Pradesh की राजधानी Bhopal में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा शस्त्र पूजन किया जाने के साथ पथ संचलन निक्ला…
विधायक पुत्र के शोक में रावण दहन निरस्त, पुतले को सुरक्षित रखा: मध्य प्रदेश के भिंड का मामला
<
दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा उज्जैन से अयोध्या के लिए रवाना
उज्जैन, 20 अक्टूबर . Madhya Pradesh के पूर्व Chief Minister दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन यात्रा का दशहरे के दिन Tuesday को उज्जैन से आगाज हो गया. यह…
सतना जिले के कोठी पुलिस स्टेशन में सुरक्षित रखा गया है। इसकी लंबाई 25 फीट और चौड़ाई 22 फीट है।
राजगढ़, 20 अक्टूबर . Madhya Pradesh के राजगढ़ जिले में एक ऐसा गांव है जहां दशहरे की परंपरा बाकी पूरे देश से बिल्कुल अलग है. जहां पूरे देश…
Vijayadashami 2026: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शस्त्र-पूजन भारतीय सेना के पराक्रम, राष्ट्रीय सुरक्षा और स्वतंत्रता के प्रति सम्मान का प्रतीक है।
छिंदवाड़ा में कांग्रेस कार्यकर्ता से मारपीट करने वालों पर कार्रवाई हो: नकुलनाथ
छिंदवाड़ा, 19 अक्टूबर . Madhya Pradesh के छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा क्षेत्र में कांग्रेस कार्यकर्ता से भाजपा विधायक के निवास में हुई मारपीट की घटना की निंदा करते…
इंदौर में ऑनलाइन ठगे गए डेढ़ लाख रुपये पुलिस ने 24 घंटे में वापस दिलाए
इंदौर, 19 अक्टूबर . Madhya Pradesh की व्यापारिक नगरी इंदौर में कपड़ा व्यापारी से ऑनलाइन डेढ़ लाख रुपए की ठगी की गई. Police की सक्रियता से व्यापारी को…
हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सेमीफाइनल में पहुंचे
हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सेमीफाइनल में पहुंचे
नलखेड़ा स्थित बगलामुखी मंदिर के पास चार और निर्माण तोड़ने पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की रोक
Baglamukhi Temple Nalkheda: मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए निजी जमीन पर बने यज्ञ, हवन और पूजन कराने के उद्देश्य से बनाए गए अस्थायी ढांचों को हटाने के लिए नलखेड़ा नगर परिषद ने नोटिस जारी किए थे।
मध्य प्रदेश सरकार ने किया बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, भोपाल के नगर आयुक्त बने रामप्रकाश अहिरवार
Bhopal , 19 अक्टूबर . Madhya Pradesh Government ने एक आदेश जारी कर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है, जिसके तहत नगर निगमों और शहरी विकास से जुड़े अहम…
महानवमी पर मां शारदा शक्तिपीठ धाम में मां सिद्धिदात्री के स्वरूप की विधि-विधान से की गई पूजा-अर्चना
मैहर, 19 अक्टूबर . शारदीय नवरात्रि के अंतिम दिन महानवमी पर Madhya Pradesh के मैहर में स्थित मां शारदा शक्तिपीठ धाम में मां सिद्धिदात्री के स्वरूप की विधि-विधान…
MP Weather Update: मध्य प्रदेश में बदला मौसम का मिजाज, भोपाल-इंदौर समेत 15 जिलों में बारिश का अलर्ट
मौसम केंद्र ने सोमवार को भोपाल, सीहोर, विदिशा, राजगढ़, उज्जैन, शाजापुर, आगर मालवा, देवास, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, सागर, दमोह, टीकमगढ़ और छतरपुर समेत 15 जिलों में हल्की वर्षा की संभावना जताई है।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास वर्ष में प्रदेश सरकार पशुओं को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए 178 नई एंबुलेंस खरीदने जा रही है।
ग्वालियर हादसे पर गृह मंत्रालय ने जताया दुख, मृतकों की संख्या 14 पहुंची
New Delhi, 18 अक्टूबर . Madhya Pradesh के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास हुए सड़क हादसे पर केंद्रीय गृह मंत्रालय समेत अन्य लोगों ने दुख जताया…
पश्चिम बंगाल जैसी घटना भविष्य में ना हो, सरकार कर रही सुरक्षा इंतजाम: शाहनवाज हुसैन
New Delhi, 18 अक्टूबर . भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ और Madhya Pradesh के ग्वालियर में ट्रक की चपेट में…
ग्वालियर हादसा: खड़गे बोले- ‘तय होनी चाहिए सरकार और प्रशासन की जवाबदेही’, राहुल ने भी जताया दुख
New Delhi, 18 अक्टूबर . Madhya Pradesh के ग्वालियर में हुए दर्दनाक हादसे पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और Lok Sabha में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी…
मध्य प्रदेश: तेज रफ्तार कार ने बाइक को टक्कर मारी; दंपति की मौत, 3 नाबालिग बेटियों की हालत गंभीर
पांढुर्ना, 18 अक्टूबर . Madhya Pradesh के पांढुर्ना में दर्शन करके घर लौट रहे एक दंपति की मोटरसाइकिल को एक तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी. हादसे…
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शनिवार देर रात शीतला माता मंदिर के पास बड़ा हादसा हो गया। पुलिस के मुताबिक, एक ट्रक ने श्रद्धालुओं को रौंद दिया और इसके बाद मंदिर के प्रवेश द्वार से जा टकराया। हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई और 27 लोग घायल हुए हैं। टक्कर इतनी तेज थी कि मंदिर के प्रवेश द्वार की दीवार का एक हिस्सा गिर गया। इसके मलबे में कई लोग दब गए। पुलिस और बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकाला। ट्रक का नियंत्रण बिगड़ने से हुआ हादसा ग्वालियर के पुलिस अधीक्षक धर्मवीर यादव ने बताया कि शुरुआती जांच में हादसे की वजह ट्रक में आई तकनीकी खराबी सामने आई है। इसके कारण चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया। पुलिस ने ट्रक मालिक मोहित सिंह और चालक दिलबाग सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। भारी भीड़ के बीच श्रद्धालुओं को रौंदता हुआ निकला ट्रक पुलिस अधीक्षक यादव ने बताया, सप्तमी के मौके पर शनिवार रात ग्वालियर और आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में लोग मंदिर पहुंचे थे। भीड़ को देखते हुए भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई थी। उन्होंने बताया, रात करीब 1:30 बजे चिनोर की तरफ से धान से भरा एक ट्रक आया। पुलिस ने उसे बैरिकेड पर रोकने की कोशिश की, लेकिन ढलान पर चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया और ट्रक सड़क किनारे लगी दुकानों और श्रद्धालुओं को टक्कर मारता हुआ आगे बढ़ गया। इसके बाद ट्रक बैरिकेड तोड़कर मंदिर के प्रवेश द्वार से जा टकराया। इस दौरान उसने कई श्रद्धालुओं और दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। #WATCH | Madhya Pradesh | Early morning visuals from the spot where a truck ran over several people near Sheetla Mata Mandir in Gwalior, claiming the lives of 11 people and leaving 29 people injured https://t.co/zyoabIhQ8a — ANI (@ANI) October 18, 2026 इसे भी पढ़ें: Chorbagan Durga Puja Pandal Stampede: अमित शाह ने घायलों से की मुलाकात, कार्यक्रम किए स्थगित प्रसाद की 5-6 दुकानें भी टूटीं पुलिस के मुताबिक, हादसे में 5-6 प्रसाद की दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं। दुर्घटना में करीब 41 लोग ट्रक की चपेट में आए। घायलों में से पांच लोगों को गंभीर चोटें आई हैं। उन्हें ग्वालियर के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। बाकी लोगों को मामूली चोटें आई हैं। हादसे में जान गंवाने वाले सभी लोग ग्वालियर और आसपास के जिलों के रहने वाले थे। इसे भी पढ़ें: Kolkata हादसे में 19 मौतों के बाद Yogi Adityanath का निर्देश, UP के दुर्गा पूजा पंडालों की सुरक्षा जांचें प्रधानमंत्री कार्यालय ने मुआवजे का किया ऐलान प्रधानमंत्री कार्यालय ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर हादसे पर दुख जताया। पोस्ट में कहा गया, ग्वालियर, मध्य प्रदेश में हुए हादसे में लोगों की मौत की खबर से दुखी हूं। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। वहीं, घायलों को 50 हजार रुपये दिए जाएंगे। रेड क्रॉस फंड से घायलों का इलाज जिला कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि घायलों का इलाज रेड क्रॉस के फंड से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि घायलों को जरूरी सभी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मध्य प्रदेश: ग्वालियर हादसे में दो और लोगों की मौत, मरने वालों की संख्या 14 पहुंची
ग्वालियर, 18 अक्टूबर . Madhya Pradesh के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास ट्रक की चपेट में आने से दो और लोगों की मौत हो गई है.…
मध्य प्रदेश की सियासत में इन दिनों फिर वही पुराना सवाल सिर उठाने लगा है कि क्या सूबे की राजनीति में शिवराज सिंह चौहान का दखल अब भी उतना ही दमदार है, या मुख्यमंत्री मोहन यादव अपनी अलग लकीर खींचने में जुटे हैं? ऊपर से सब कुछ भाजपा के अनुशासित कुनबे जैसा दिखता है, लेकिन बुधनी के कोसमी गांव से लेकर किसानों की मूंग खरीदी और लाड़ली बहना योजना तक, कुछ ऐसे मामले सामने आए हैं, जिन्होंने भोपाल के सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। उल्लेखनीय है कि ताजा चिंगारी सीहोर जिले के कोसमी गांव से उठी है। यह वही इलाका है, जहां शिवराज सिंह चौहान की बरसों पुरानी राजनीतिक जमीन रही है। गांव में आदिवासी परिवारों के मकान हटाए जाने, फसलों को नुकसान पहुंचने और कुओं को मिट्टी से भरने की शिकायतों पर शिवराज ने अपनी ही पार्टी की सरकार के अधिकारियों को कठघरे में खड़ा कर दिया। उनका रुख साफ था कि सरकार किसी की भी हो, गरीब और आदिवासी परिवारों के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की और मुख्यमंत्री मोहन यादव से बात करने की बात कही। इसे भी पढ़ें: अपनी ही पार्टी की मध्य प्रदेश सरकार के खिलाफ Shivraj Singh Chouhan ने क्यों खोला मोर्चा? Madhya Pradesh BJP में सब ठीक है? देखा जाये तो राजनीति में बात सिर्फ इतनी नहीं है कि किसी गांव में मकान टूटे और एक नेता ने नाराजगी जता दी। सवाल यह है कि शिवराज ने यह आवाज उस सरकार के खिलाफ उठाई है, जिसके मुखिया उनकी ही पार्टी के मुख्यमंत्री हैं। मोहन यादव ने भी मामले को हल्के में नहीं लिया। उन्होंने मुख्य सचिव से जांच कराने और प्रभावित परिवारों के लिए अस्थायी आवास तथा भोजन की व्यवस्था करने की बात कही। दूसरी तरफ, कलेक्टर की रिपोर्ट में वन भूमि पर अतिक्रमण और सागौन के पौधों को नुकसान पहुंचाने के आरोप सामने आए। यानी मामला केवल सियासी बयानबाजी का नहीं, बल्कि वन संरक्षण, प्रशासनिक कार्रवाई और आदिवासी परिवारों के अधिकारों का भी है। लेकिन मध्य प्रदेश की राजनीति में हर घटना का एक स्थानीय और एक राजनीतिक अर्थ होता है। कोसमी का मामला इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि शिवराज ने जिस इलाके में लंबे समय तक अपनी राजनीतिक पकड़ बनाई, वहीं की घटना पर उनका इस तरह सामने आना कई सवाल खड़े करता है। सवाल उठ रहा है कि क्या यह केवल अपने पुराने मतदाताओं के प्रति जवाबदेही है, या इसके पीछे भोपाल की सत्ता के साथ तालमेल का कोई बड़ा सवाल भी छिपा है? इस कहानी का दूसरा सिरा लाड़ली बहना योजना से भी जुड़ता है। शिवराज की राजनीति की पहचान बनी इस योजना ने प्रदेश में महिलाओं के बीच उनकी अलग छवि बनाई। अब मुख्यमंत्री मोहन यादव की ओर से योजना के खर्च को भारी बताने वाली टिप्पणी ने पुरानी राजनीतिक विरासत और मौजूदा सरकार की आर्थिक प्राथमिकताओं पर बहस छेड़ दी है। शिवराज के लिए यह योजना महज सरकारी खर्च का हिसाब नहीं, उनकी राजनीतिक पहचान का भी हिस्सा है। वहीं, मौजूदा सरकार के सामने बजट, दूसरी योजनाओं और विकास कार्यों के बीच संतुलन बैठाने की चुनौती है। तीसरा मोर्चा किसानों का है। मूंग की खरीदी को लेकर जब किसान परेशान हुए, तब केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर खरीद तेज करने की मांग की। राज्य सरकार को आखिरकार खरीदी बढ़ाने की मांग पर सहमति देनी पड़ी। देखा जाये तो यहां भी तस्वीर दिलचस्प है। केंद्र में मंत्री शिवराज, राज्य में मुख्यमंत्री मोहन यादव और बीच में किसान, जिनकी फसल और भुगतान का सवाल सीधे सरकार की जवाबदेही से जुड़ा है। शिवराज का हस्तक्षेप किसानों के लिए मददगार हो सकता है, लेकिन राजनीतिक तौर पर यह राज्य सरकार पर दबाव भी बनाता है। यही वजह है कि शिवराज बनाम मोहन की चर्चा बार-बार लौट आती है। एक तरफ शिवराज हैं, जिनकी पहचान लंबे मुख्यमंत्री कार्यकाल, जनकल्याणकारी योजनाओं और प्रदेश के गांव-गांव में बने पुराने संपर्कों से जुड़ी है। दूसरी तरफ मोहन यादव हैं, जिन्हें अपनी सरकार की नीतियों, प्रशासनिक फैसलों और नेतृत्व की अलग पहचान स्थापित करनी है। दोनों की भूमिकाएं अलग हैं, मगर प्रदेश की राजनीति में उनका असर एक-दूसरे से पूरी तरह अलग नहीं किया जा सकता। फिर भी, हर मतभेद को मुख्यमंत्री की कुर्सी की लड़ाई मान लेना जल्दबाजी होगी। भाजपा में संगठन का अपना अनुशासन और केंद्रीय नेतृत्व की भूमिका है। अभी तक सामने आई घटनाएं प्रशासन, किसान नीति और राजनीतिक विरासत पर मतभेद दिखाती हैं; मगर वे किसी औपचारिक सत्ता-संघर्ष को साबित नहीं करतीं। फिलहाल मध्य प्रदेश की राजनीति का असली इम्तिहान बयानों से आगे होगा। कोसमी की जांच में क्या कार्रवाई होती है, प्रभावित परिवारों को क्या राहत मिलती है, लाड़ली बहना योजना को लेकर राज्य सरकार क्या फैसला करती है और किसानों की खरीदी व्यवस्था कितनी दुरुस्त होती है, इन सवालों के जवाब ही आगे की तस्वीर साफ करेंगे। बहरहाल, भोपाल की सियासत में मामा शिवराज की हुंकार अब भी गूंज रही है, तो मुख्यमंत्री मोहन यादव भी अपने फैसलों से सत्ता पर अपनी पकड़ और नेतृत्व की लकीर खींचने में जुटे हैं। दोनों के बीच सियासी खिंचाव की आहट साफ सुनाई दे रही है, लेकिन इसे खुली जंग का नाम देना अभी जल्दबाजी होगी। असली तस्वीर तब खुलेगी जब यह सामने आये कि कोसमी के मामले में सरकार के कदम क्या होते हैं, लाड़ली बहना योजना पर क्या रुख अपनाया जाता है और किसानों के सवाल पर किसका पलड़ा भारी पड़ता है। क्योंकि मध्य प्रदेश की राजनीति में सियासी इरादे सिर्फ बयानों से जाहिर नहीं होते, उनका असली रंग फैसलों में दिखता है। भोपाल में फिलहाल बयान गूंज रहे हैं, लेकिन निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अगली चाल कौन चलता है और बाजी किस करवट बैठती है? -नीरज कुमार दुबे
हिंदी मेटा डिस्क्रिप्शन: मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ने समूह तीन उपयंत्री और अन्य पदों की भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया आज, 13 अक्तूबर 2026 से दोबारा शुरू कर दी है।
MP High Court Recruitment 2026: मध्य प्रदेश जिला कोर्ट में 418 पदों पर सीधी भर्ती शुरू, देखें डिटेल्स
Madhya Pradesh Famous Devi Temples: मैहर का मां शारदा मंदिर, सलकनपुर का विजयासन देवी मंदिर, उज्जैन का हरसिद्धि मंदिर, दतिया का पीतांबरा पीठ और सतना क्षेत्र का चित्रकूट धार्मिक आस्था के लिहाज से प्रमुख स्थानों में गिने जाते हैं।
Ujjain Minar Demolish: Shahi Masjid के बाद अब मीनार गिराने की तैयारी, उज्जैन सील | Madhya Pradesh
मध्यप्रदेश के उज्जैन में सिंहस्थ 2028 कुंभ के चलते सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रही 650 साल पुरानी शाही मस्जिद के कुछ हिस्से के ध्वस्तीकरण के बाद अब मीनार हटाने की तैयारी शुरू हो गई है। मीनार पर मचान बांधने का काम हो चुका है।
UNESCO की लिस्ट में भारत की 5 नई जगहें, 4 मध्य प्रदेश से
भारत की यूनेस्को टेंटेटिव लिस्ट में 5 नई जगहें जुड़ी हैं। इनमें 4 जगहें मध्य प्रदेश की हैं। इनमें पुरानी गुफाएं, मंदिर और किला शामिल हैं। एक एंट्री महात्मा गांधी के सत्याग्रह से जुड़ी जगहों की है।
एमपी पुलिस में 7500 कांस्टेबल पदों पर भर्ती के लिए कल से आवेदन शुरू, जानें पूरी डिटेल्स
madhya pradesh police constable GD recruitment 2026 for 7500 posts application starts september 22
Ujjain Khade Hanuman News: उज्जैन में खड़े हनुमान डटे, उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब | Madhya Pradesh
महाकाल की नगरी उज्जैन के खड़े हनुमान की चर्चा सड़क से सोशल मीडिया तक हो रही है. दावा किया जा रहा है कि प्रशासन और उनकी मशीनें कई दिनों की कोशिश के बाद भी इस प्रतिमा को हिला नहीं पाईं और श्रद्धालु इसे चमत्कार बता रहे है.
बहुमुखी अभिनेता आशुतोष राणा को गुरुवार सुबह उज्जैन के प्रतिष्ठित महाकालेश्वर मंदिर में पूजा करते देखा गया। वह मंदिर में भस्म आरती में भी शामिल हुए। उन्हें नेहरू जैकेट के साथ सफेद कुर्ता पहने देखा गया और गले में लाल रंग का शॉल भी डाला हुआ था। मंदिर के पुजारियों के मुताबिक परंपरा का पालन करते हुए ब्रह्म मुहूर्त में बाबा महाकाल के पट खोले गए और उसके बाद दूध, दही, घी, चीनी, शहद और पंचामृत से भगवान महाकाल का अभिषेक किया गया। इसके बाद ढोल-नगाड़ों और शंख बजाने के साथ भस्म आरती हुई। इसे भी पढ़ें: Deepika Padukone का Deewani Mastani गाना ऑस्कर के आधिकारिक इंस्टाग्राम पेज पर हुआ प्रदर्शित | Watch Video आशुतोष राणा दुश्मन और संघर्ष जैसी फिल्मों में अपनी भूमिकाओं के लिए प्रसिद्ध हैं और उन्होंने पठान, वॉर, हम्प्टी शर्मा की दुल्हनिया, धड़क, सिम्बा और राज जैसी कई अन्य फिल्मों में भी काम किया है। इसे भी पढ़ें: क्या सरबजीत के लिए ऐश्वर्या राय बच्चन के पुरस्कार लेकर चले जाने से नाराज थे रणदीप हुडा? जानें उन्होंने क्या कहा आशुतोष राणा के भविष्य के प्रोजेक्ट वह अगली बार निर्देशक अयान मुखर्जी की एक्शन थ्रिलर फिल्म वॉर 2 में दिखाई देंगे, जिसमें ऋतिक रोशन और एनटीआर जूनियर भी मुख्य भूमिकाओं में हैं। अयान मुखर्जी द्वारा निर्देशित, वॉर 2 स्वतंत्रता दिवस 2025 पर सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। हाल ही में, यशराज फिल्म्स ने सलमान खान-कैटरीना कैफ-स्टारर टाइगर 3 के एक पोस्ट-क्रेडिट दृश्य में ऋतिक रोशन के चरित्र को पेश किया, जिससे प्रशंसकों के बीच उत्साह पैदा हुआ। यह फिल्म 2019 की एक्शन थ्रिलर फिल्म वॉर का सीक्वल है, जिसमें ऋतिक, टाइगर श्रॉफ और वाणी कपूर मुख्य भूमिका में थे। इसके अलावा, उनके पास पाइपलाइन में रश्मिका मंदाना-स्टारर छावा और उमेश शुक्ला द्वारा निर्देशित फिल्म भी है। Madhya Pradesh, Ujjain: Actor Ashutosh Rana visits the shrine of Baba Mahakal and sought blessings. pic.twitter.com/a4UPcEN5sz — IANS (@ians_india) April 3, 2024

